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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर लगातार मिल रही सफलताओं पर खुशी की जाहिर, अफसरों को किया सम्मानित

रायपुर  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर लगातार मिल रही सफलताओं पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने शुक्रवार को सीएम साय और डिप्टी सीएम समेत अभियानों में शामिल प्रदेश के टॉप कॉप्स के साथ बैठक कर अब-तक मिली सफलताओं के लिए बधाई दी. इस बैठक का वीडियो उन्होंने आज अपने सोशल मीडिया (ट्वीटर) पर साझा करते हुए लिखा कि वे एंटी नक्सल ऑपरेशन्स को सफल बनाने वाले बहादुर जवानों से मिलने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने ट्वीट पर लिखा- “हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी. इन अभियानों को अपनी बहादुरी से सफल बनाने वाले जवानों से भी मिलने के लिए उत्सुक हूं और जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर उनसे भेंट करूंगा. मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है.” उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के निर्देशन में माओवादी विरोधी अभियानों का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में दिनांक 18.05.2025 से 21.05.2025 तक छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा (जिसमें जिला नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव एवं बीजापुर पुलिस के डीआरजी बल शामिल थे) संचालित अभियान में दिनांक 21.05.2025 को ग्राम बोटेर के जंगलों में हुए मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के महासचिव व पोलित ब्यूरो सदस्य बसवाराजू उर्फ गगन्ना सहित 27 नक्सली मारे गये तथा भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारूद बरामद हुए. बता दें, केंद्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित किए गए अफसरों में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान/ एसआईबी/ एसटीएफ) विवेकानंद, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव और नक्सल मुक्त जिला बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिंह शामिल हैं. अमित शाह ने इन अफसरों को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया और पीठ थपथपाकर शुभकामनाएं दी.

चिनाब ब्रिज में लगा भिलाई का इस्पात, दौड़ेगी वंदेभारत

दुर्ग जम्मू कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज के निर्माण में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित अन्य प्लांट से स्टील लगाया गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस ब्रिज के निर्माण के लिए 12 हजार से टन से अधिक स्टील उपलब्ध कराया है। पीएम मोदी ने 6 जून 2025 को चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को देश को समर्पित किया है। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अन्य इस्पात संयंत्रों ने इस पुल के निर्माण के लिए 16,000 टन स्टील की आपूर्ति की है। जिसके अंतर्गत प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। सेल के इस्पात संयंत्रों ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल में उपयोग के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेटों सहित कुल 16,000 टन इस्पात की आपूर्ति की है। पुल निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जानकारी के अनुसार, इस पुल के निर्माण में लगभग 29 हजार मीट्रिक टन स्टील, 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क, 66 हजार क्यूबिक मीटर से अधिक कंक्रीट तथा 84 किलोमीटर रॉक बोल्ट और केबल एंकर का उपयोग किया गया है। जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर है और पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है। यह पुल 266 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की रफ्तार और उच्चतम तीव्रता के भूकंपीय तरंगों का सामना करने में सक्षम है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के अंतर्गत यह पुल कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है, जिससे आवागमन सुलभ होगा। भिलाई इस्पात संयंत्र का योगदान सेल के स्टील प्लांट ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के लिए 6,690 टन टीएमटी उत्पाद, 1,793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7,511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट्स और चेकर्ड प्लेट्स सहित कुल 16 हजार टन इस्पात की आपूर्ति की है। इसमें भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5,922 टन टीएमटी स्टील, 6,454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी स्टील की आपूर्ति की है। नेशनल प्रोजेक्ट में सेल का योगदान स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) राष्ट्रीय महत्व की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बांधों, पुलों, सुरंगों, फ्लाईओवरों और एक्सप्रेसवे सहित ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र में उपयोग होने वाले विशेष ग्रेड के इस्पात की आपूर्ति करता है। सेल-बीएसपी में उत्पादित इस्पात का उपयोग ऊर्जा और बिजली क्षेत्र के साथ-साथ कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे पुलों, राजमार्गों, सुरंगों, फ्लाईओवरों, भूकंपीय संभावित क्षेत्रों में ऊंची इमारतों, औद्योगिक निर्माण, भारी मशीनरी, तेल और गैस क्षेत्र, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों आदि में किया जाता है। भारतीय रेल के लिए भिलाई का योगदान इंडियन रेलवे के लिए वांछित ग्रेड की रेल्स (पटरियों) के उत्पादन के अलावा, सेल-बीएसपी चौड़ी, मोटी और हेवी प्लेटों की विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करता है तथा विशेष मांग पर वैल्यू-एडेड स्पेशल स्टील ग्रेड की रोलिंग करता है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा तैयार किए गए टीएमटी उत्पादों की पूरी श्रृंखला भूकंपरोधी और जंगरोधी गुणों के साथ उच्च गुणवत्ता वाली है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र चैनल्स, एंगल्स और बीम्स सहित स्ट्रक्चरल ग्रेड स्टील का भी उत्पादन करता है। अन्य प्रमुख परियोजनाओं में भिलाई का स्टील भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक, मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के निर्माण में किया गया है। सेल-भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग युद्धपोतों और आईएनएस विक्रांत के निर्माण में भी किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सेल-बीएसपी द्वारा बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की गई है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की राजधानी में निर्मित सेंट्रल विस्टा परियोजना के लिए भी टीएमटी उत्पादों की आपूर्ति की है। भिलाई से किस-किस चीज की हुई सप्लाई? दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों ने बताया कि सेल के विभिन्न इस्पात संयंत्रों, जिसमें भिलाई भी शामिल है, ने इस पुल के लिए 16 हजार टन स्टील की सप्लाई की। इसमें प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस्पात किसी भी निर्माण और औद्योगिक कार्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामग्री में से एक है। जानकारी के अनुसार, इस पुल के निर्माण में लगभग 29 हजार मीट्रिक टन इस्पात, 10 लाख घन मीटर मिट्टी, 66 हजार घन मीटर से अधिक कंक्रीट और 84 किलोमीटर ‘रॉक बोल्ट’ (जमीन को स्थिर करने के लिए इस्पात के बोल्ट) तथा केबल एंकर का उपयोग हुआ। इतना खास क्यों है चिनाब नदी पर बना पुल? अधिकारियों ने बताया कि 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल चिनाब नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से 35 मीटर अधिक ऊंचा है। यह इंजीनियरिंग का एक अनूठा नमूना है, जो 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा और भूकंप के तेज झटकों को सहन करने में सक्षम है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के तहत कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है। यह क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाएगा। और कहां-कहां से की गई स्टील की सप्लाई? अधिकारियों ने बताया कि सेल के इस्पात संयंत्रों ने इस पुल के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेट्स सहित कुल 16 हजार टन इस्पात की आपूर्ति की। भिलाई इस्पात संयंत्र ने इसमें 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात दिया। उन्होंने बताया कि सेल के पश्चिम बंगाल के बर्नपुर स्थित इस्को इस्पात संयंत्र, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र, ओडिशा के राउरकेला इस्पात संयंत्र और झारखंड के बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी इस पुल के लिए स्टील की सप्लाई की गई। भिलाई से गया स्टील कई प्रोजेक्ट में लगा अधिकारियों ने कहा कि सेल ने पहले भी कई राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, जैसे बांध, पुल, सुरंग, फ्लाईओवर, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा … Read more

पंचायतों के पंच, सरपंचों अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, और जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य कराएं : मंत्री पटेल

पंचायतों में जल संरक्षण एवं पौधारोपण के कार्य कराएं पंच सरपंच : मंत्री पटेल नर्मदा परिक्रमा पथ की पंचायातों में रेवा आश्रम सामुदायिक भवन बनाएं जायेंगे : मंत्री पटेल  पंचायतों के पंच, सरपंचों अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, और जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य कराएं : मंत्री पटेल भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को टिमरनी में सरपंच सम्मेलन में कहा कि पंचायतों के पंच, सरपंचों अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, और जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य कराएं। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सरकार ने पंचायतो के अधिकार भी बढ़ाए हैं और खर्च की सीमा भी बढ़ाई है। पंचायतो को विकास कार्यों के लिए पहले से अधिक राशि आवंटित की जा रही है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरपंच ईमानदारी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नए प्रावधानों के तहत अब पुल पुलिया पहले से अधिक ऊंचाई के बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरदा जिले में 500 से अधिक आबादी की 15 बस्तियां चिन्हित की गई है जहां पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कें निर्मित की जाएगी। मंत्री पटेल ने कहा कि हरदा जिले में 14 नए पुल पुलिया भी इस योजना के तहत निर्मित करने के लिये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 247 नदियों का उद्गम स्थल है। इसके बावजूद प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में कुओं और ट्यूबवेल का जलस्तर गिरता जा रहा है। आज जरूरत जलस्रोतों के संरक्षण और पौधारोपण की है। मंत्री पटेल ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ की पंचायतो में “रेवा आश्रय सामुदायिक भवन” बनाए जाएंगे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कमल पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत, पूर्व विधायक संजय शाह, टिमरनी नगर परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज तथा उपाध्यक्ष राजा कौशल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे।  

Shooting Academy की आड़ में हो रहा था लव जिहाद, कोच मोहसिन पर 8वीं FIR

इंदौर इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में पहले से ही रेप, गैंगरेप, छेड़छाड़ और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में फंसे ड्रीम ओलंपिक शूटिंग एकेडमी के कोच मोहसिन खान के खिलाफ अब महू थाने में भी एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह 8वीं एफआईआर हिंदूवादी संगठन की पहल पर दर्ज की गई है। आरोपी मोहसिन खान पर ताजा शिकायत एक पूर्व शूटिंग खिलाड़ी द्वारा की गई है, जिसमें छेड़छाड़ और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाए गए हैं। महिला खिलाड़ी ने 2022 की घटना को लेकर दर्ज कराई शिकायत महू पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह वर्ष 2022 में ड्रीम ओलंपिक शूटिंग एकेडमी में ट्रेनर के रूप में कार्य कर रही थी। उसी दौरान आरोपी मोहसिन खान, जो कि सिल्वर ऑक्स कॉलोनी का निवासी है, उसने पहले उसे कॉफी पीने का ऑफर दिया, जिसे पीड़िता ने ठुकरा दिया। इसके कुछ दिन बाद जब वह एकेडमी में अपने बैग में रखे पैसों को देख रही थी, तब मोहसिन ने अशोभनीय टिप्पणी करते हुए कहा, “मुझे पता है पैसे कैसे कमाए जाते हैं, कभी जरूरत हो तो बताना।” इस घटना के बाद पीड़िता ने एकेडमी आना बंद कर दिया। एक दिन मोहसिन ने उसे कॉफी ऑफर की, लेकिन उसने मना कर दिया। कुछ समय बाद जब वह एकेडमी में अपने बैग में रखे पैसों को देख रही थी, तो मोहसिन ने कहा, मुझे पता है पैसे कैसे कमाए जाते हैं, कभी और पैसे कमाना हो तो मुझे बताना। कुछ दिन बाद, मोहसिन ने कॉल कर उसे धार नाका स्थित घर पर मिलने बुलाया। वहां बातचीत के दौरान वह छेड़छाड़ करने लगा। उसने गलत तरीके से छूने की कोशिश की। विरोध किया, तो उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। डर के कारण उस समय उसने किसी को यह बात नहीं बताई। पीड़िता ने यह भी बताया- मोहसिन अकादमी में अन्य लड़कियों से भी इसी तरह की अश्लील हरकतें करता था। हाल ही में जब उसके खिलाफ अन्य मामलों की जानकारी मिली, तो उसने अपने परिवार से बात कर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मोहसिन पर इंदौर में 7 और महू में 1 एफआईआर आरोपी मोहसिन पर अब तक रेप, गैंगरेप, छेड़छाड़ और धोखाधड़ी सहित 8 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। 7 एफआईआर इंदौर और 8वीं एफआईआर शुक्रवार रात महू में दर्ज हुई है। इस दौरान हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भी पीड़िता के साथ मौजूद थे। मोहसिन अपने भाई फैजान और एक अन्य आरोपी इरफान के साथ जेल में बंद है। शूटिंग सिखाने के नाम पर छात्राओं से रेप-अश्लील हरकत इंदौर में ये मामला 15 दिन पहले सामने आया। यहां ड्रीम ओंलिपिंक शूटिंग एकेडमी में निशानेबाजी सीख रही एक नाबालिग छात्रा हिंदूवादी संगठनों के साथ थाने पहुंची थी। उसने कोच मोहसिन खान के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराकर पुलिस को वीडियो सौंपे थे। उसका आरोप था कि कोच कई छात्राओं के साथ ऐसी हरकतें कर चुका है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अगले दिन दो और पीड़ित युवतियां थाने पहुंचीं और आरोपी कोच के खिलाफ रेप और छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया। धार नाका बुलाकर की अश्लील हरकतें और जातिसूचक टिप्पणी घटना के कुछ समय बाद, मोहसिन ने पीड़िता को कॉल कर धार नाका स्थित अपने घर पर मिलने बुलाया। वहां बातचीत के दौरान उसने उसे गलत तरीके से छूने की कोशिश की। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो मोहसिन ने उसके साथ जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। पीड़िता ने डर के कारण उस समय किसी को कुछ नहीं बताया। अन्य लड़कियों से भी की गई अशोभनीय हरकतें, अब खुली पोल पीड़िता ने आगे बताया कि मोहसिन एकेडमी में अन्य लड़कियों के साथ भी इसी प्रकार की अश्लील हरकतें करता था। हाल ही में जब मोहसिन पर पहले से दर्ज गंभीर मामलों की जानकारी उसे मिली, तो उसने अपने परिवार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। महू पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता बोली- कोच कहता था, जैसा कहूं वैसा करना पड़ेगा नाबालिग छात्रा ने पुलिस को अपने बयान में बताया था कि वह इस एकेडमी में निशानेबाजी सीखती है। यहां कोच सलीम शूटिंग राइफल चलाने की ट्रेनिंग देता है। साल 2021 से साल नवंबर 2023 तक मोहसिन खान की एकेडमी में शूटिंग की। सुबह 12 बजे से शाम 6 बजे तक वहीं रहकर प्रैक्टिस करती थी। जब कोच से प्रैक्टिस के लिए और समय की मांग करती तो वह कहता था कि मैं जैसा कहूं वैसा करना पड़ेगा, तभी अतिरिक्त समय दूंगा। पीड़ित छात्रा ने बताया कि शूटिंग में ज्यादा समय बिताने और करियर बनाने की बात कहकर वह युवतियों से मनचाहा काम कराता है। न करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी देता था। पीड़िता बोली- मेरे हाथ में बंधा कलावा खोला, मुझे नॉनवेज खिलाया एक पीड़ित ने कहा कि आरोपी मुझसे शादी करना चाहता था। वह जबरदस्ती मुझे मुस्लिम बनाना चाहता था। इसलिए उसने मेरे हाथ में बंधा कलावा तोड़कर फेंक दिया। पीड़िता ने ये भी बताया कि मोहसिन ने मुझे जबरन नॉनवेज भी खिलाया। वह कहता था तू जब मुस्लिम बन जाएगी तो ये सब खाना पड़ेगा। इसलिए अभी से इसकी आदत डाल ले। पीड़िता ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि मैंने मोहसिन का नंबर भी ब्लॉक कर दिया था, लेकिन वह मुझे दूसरे नंबरों से फोन करने लगा। गुरुवार को जब दैनिक भास्कर एप पर मैंने मोहसिन के बारे में पढ़ा तो मेरी भी एफआईआर दर्ज कराने की हिम्मत हो गई। इसके बाद पिता के साथ थाने पहुंची और मोहसिन पर रेप, धमकी, ब्लैकमेल और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कराया। महिला वकील को धमकी देकर रेप, कर्मचारी से अश्लील बातें अन्नपूर्णा थाने में मोहसिन के खिलाफ एक महिला वकील ने रेप और दूसरी महिला ने छेड़छाड़ का केस भी दर्ज कराया है। पुलिस दोनों मामलों में भी जांच कर रही है। पहली पीड़िता पेशे से वकील है और एलएलएम की पढ़ाई कर रही है। दूसरी शिकायतकर्ता आदिवासी है। वह मोहसिन की शूटिंग एकेडमी में नौकरी करती थी। पुलिस ने महिला वकील की शिकायत पर रेप, धमकी देने और ब्लैकमेलिंग … Read more

CCTV फुटेज मिला: सोनम रघुवंशी ने वैसी ही जैकेट पहनी जैसी पुलिस को खून से सनी मिली थी

इंदौर  मेघालय के सोहरा से लापता इंदौर के नवविवाहित दंपति राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी का एक और वीडियो सामने आया है। यह वीडियो 22 मई का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मेघालय पुलिस को राजा के शव के पास जो सफेद शर्ट मिला है, उसे सोनम ने पहन रखा था। जो रेनकोट पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया है, उसे सोनम ने अपनी गाड़ी में रखा था। NDRF कर रही सर्च ऑपरेशन सोनम रघुवंशी की रघुवंशी की तलाश के लिए एनडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इंदौर पुलिस भी सोनम को लेकर मेघालय पुलिस से लगातार अपडेट ले रही है। इंदौर पुलिस ने कहा कि 23 मई को मेघालय में लापता हुए इंदौर के जोड़े का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है । इस वीडियो में राजा और सोनम शिलांग के एक होमस्टे में स्कूटर पर अपना सामान छोड़ने और फिर से बाइक पर सवार होने के लिए आते हुए दिख रहे हैं। 4 मिनट 53 सेकेंड का है पूरा वीडियो 4 मिनट और 53 सेकंड के वीडियो में राजा और सोनम दोनों काले जैकेट में दिखाई दे रहे हैं, जो एक सफेद सूटकेस के साथ होमस्टे में पहुंच रहे हैं। राजा के रजिस्ट्रेशन डेस्क पर कर्मचारियों से बात करने जाता है। इससे पहले यह हनीमून कपल एक-दूसरे के साथ बातचीत करते हैं। सोनम अपनी जैकेट उतारते और अपने बाल ठीक करते हुए नजर आती है। कुछ देर बाद राजा बाहर आता है, सूटकेस से कुछ चीजें निकालता है और उन्हें सोनम को सौंप देता है। 23 मई को लापता कपल में से पति की लाश मिली बता दें कि राजा रघुवंशी (29) और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को सोहरा इलाके के नोंग्रियाट गांव में एक होमस्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद ही लापता हो गए थे। राजा का शव पिछले सोमवार को गुमशुदगी के 8 दिन बाद गांव से 20 किलोमीटर दूर एक खाई में मिला था। दूसरी तरफ सोनम की तलाश में टीम लगी हुई हैं। बता दें कि 11 मई 2025 को शादी के बंधन में बंधे राजा और सोनम 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय गए थे. 22 मई को वे शिलांग के मावलखियाट गांव के शिपारा होम स्टे में रुके थे. 23 मई को सुबह होम स्टे से चेकआउट करने के बाद दोनों लापता हो गए. 24 मई को उनकी स्कूटी सोहरिम में लावारिस हालत में मिली और 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा का शव बरामद हुआ, जिससे उसकी हत्या की पुष्टि हुई. हालांकि, सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. यह नया CCTV फुटेज पुलिस जांच के लिए अहम साबित हो सकता है, क्योंकि यह राजा और सोनम की आखिरी गतिविधियों को दर्शाता है. मेघालय पुलिस, एनडीआरएफ और विशेष जांच दल (SIT) सोनम की तलाश में जुटे हैं, लेकिन परिवार और रघुवंशी समाज ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है. सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी शिलांग में पुलिस के साथ बहन की तलाश में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सोनम जिंदा हैं. इस फुटेज ने एक बार फिर इस रहस्यमयी मामले को सुर्खियों में ला दिया है. बीजेपी नेता का दावा ‘जिंदा है सोनम’ मध्य प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने दावा किया है कि सोनम जिंदा है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि पुलिस को जो सफेद शर्ट मिली है, वो सोनम की गाड़ी की डिक्की में रखी एक्स्ट्रा शर्ट है। साथ ही, घटनास्थल से मिला रेनकोट भी सोनम की गाड़ी में ही था। इससे पता चलता है कि सोनम अभी भी जिंदा है। पुलिस को जो कपड़े मिले हैं, वो पुलिस और परिवार का ध्यान भटकाने की साजिश है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन किया है कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग करें। रघुवंशी समाज ने उठाई आवाज पूर्व मंत्री ठाकुर रामपाल सिंह राजपूत ने अखिल भारतीय अखंड रघुवंशी क्षत्रिय महापरिषद के प्रतिनिधिमंडल के साथ शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। उन्होंने पूरा घटनाक्रम सामने रखा, जिसके बाद शिवराज ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की। साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और मेघालय भजपा के प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत की और सोनम के भाई की शिलांग में मदद करने को कहा। सोनम के परिजनों की मांग- CBI करे जांच सोनम के देवर विपिन रघुवंशी ने कहा कि हत्यारे को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हम चाहते हैं कि सोनम के अपहरण और राजा की हत्या की गहराई से जांच हो। स्थानीय पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है, सिर्फ CBI ही सच्चाई सामने ला सकती है। पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अपनी बेटी सोनम रघुवंशी के साथ मजबूती से खड़ी है। हमने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गृहमंत्री अमित शाह जी से मिलने के लिए समय दिलाने की मांग की है, जिस पर शिवराज सिंह चौहान जी ने उनका समय दिलाने का आश्वासन दिया।   

गाजा में बद से बदतर होते हालात, 2300 में बिक रहा 5 रुपये का Parle-G, वायरल वीडियो ने दिखाई सच्चाई

रामल्ला  भारत में पारले-जी बिस्कुट एक सादगी का पर्याय है। यह चाय के साथ खाए जाने वाले सबसे पसंदीदा बिस्कुट में से एक है, जिससे लगभग हर भारतीय परिवार परिचित है। हालांकि, युद्ध से तबाह गाजा पट्टी में इस प्रतिष्ठित भारतीय बिस्कुट की एक अलग पहचान बन गई है, और वह है एक विलासिता की वस्तु की। जी हां, गाजा पट्टी में भारत में 5 रुपये में बिकने वाली पारले-जी बिस्कुट 2300 रुपये में बिक रही है। इसे अकाल के कगार पर खड़ी गाजा पट्टी के अवाम के लिए हताशा का प्रतीक माना जा रहा है। गाजा में हालात बेकाबू  रिपोर्ट के अनुसार, पारले-जी की नई कीमतों का खुलासा गाजा में रहने वाले एक फिलिस्तीनी मोहम्मद जवाद के वायरल सोशल मीडिया पोस्ट से हुई है। इस पोस्ट से दुनिया को यह पता चला है कि युद्ध से तबाह गाजा पट्टी में हालात कितने नाजुक हैं। संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही गाजा को अकाल के कगार पर खड़ा दुनिया का सबसे खतरनाक युद्धक्षेत्र घोषित किया है। हाल में ही एक राहत सामग्री डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर पर गोलीबारी के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। गाजा के वायरल वीडियो में क्या दिखा मोहम्मद जवाद के पोस्ट किए गए वीडियो में उनकी छोटी बेटी रफीफ पारले-जी बिस्कुट का एक पैकेट पकड़े हुए दिखाई दे रही है। जवाद ने बताया कि उन्होंने पैकेट के लिए €24 (लगभग 2,342 रुपये) से ज्यादा का भुगतान किया, जिसकी कीमत आमतौर पर भारतीय बाजारों में 5 रुपये से कम और अंतरराष्ट्रीय किराना स्टोर में लगभग 100 रुपये होती है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भले ही कीमत €1.5 से बढ़कर €24 से ज्यादा हो गई हो, लेकिन मैं राफिफ को उसकी पसंदीदा चीज देने से मना नहीं कर सका।” सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस इस पोस्ट ने दुनिया भर के लोगों के दिलों को जीत लिया और चौंक गए, खासकर उन भारतीय उपयोगकर्ताओं के बीच जिनके लिए पारले-जी किफ़ायती और बचपन का एक स्थायी प्रतीक है। उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और कई भारतीय उपयोगकर्ताओं ने सरकारी अधिकारियों और पारले कंपनी को मदद के लिए टैग किया। एक यूजर ने लिखा: “भारत ने सहायता के तौर पर फिलिस्तीनियों को पारले-जी भेजा, लेकिन सहायता ट्रक हमास द्वारा कब्जा कर लिए गए और उन्होंने भूखे फिलिस्तीनियों को भोजन और दवाइयां ब्लैक में बेच दीं। 5 रुपये का पारले-जी 2,500 रुपये में बेचा जा रहा है। यह मासूमों के दुख का शोषण करने वाले तथाकथित प्रतिरोध का असली चेहरा है।” गाजा में राहत सामग्री वितरण पर सवाल पोस्ट का जवाब देते हुए, जवाद ने कहा, “कुछ लोगों को लगता है कि गाजा के लोगों के लिए आने वाली सहायता निष्पक्ष रूप से वितरित की जाती है। लेकिन सच्चाई यह है कि कब्जे ने इस सहायता को चुराने और इसे आसमान छूती कीमतों पर बाजार में बेचने के लिए कई एजेंटों और चोरों की भर्ती की है। उदाहरण के लिए, आटा लगभग 500 डॉलर में बेचा जाता है, और चीनी लगभग 90 डॉलर प्रति किलोग्राम में बेची जाती है। सभी बुनियादी सामान पागल कीमतों पर बेचे जाते हैं। कुछ लोग, जो खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते, अपनी ज़रूरत की चीज़ें पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। इस बीच, अन्य लोग बड़ी मात्रा में चोरी करते हैं और उन्हें भारी मुनाफ़े के लिए बाजार में बेचते हैं।”  

मंत्री पटेल ने अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर किया पौध-रोपण

नदियों के उदगमों को करें संरक्षित, इनमें होती है भरपूर ऊर्जा : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अधिक नदियों के उद्गम स्थल हैं, हमारे प्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता  मंत्री पटेल ने अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर किया पौध-रोपण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को रहटगांव तहसील के ग्राम खूमी में स्थित अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। मंत्री पटेल ने अजनाल नदी के उद्गम स्थल पर वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों के साथ पीपल, बरगद एवं नीम के पौधे लगाए। उन्होंने अधिकारियों को नदी के उद्गम स्थल के आसपास और अधिक पौधे लगाने, तथा लगाए गए पौधों को संरक्षित करने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अधिक नदियों के उद्गम स्थल हैं। हमारे प्रदेश को “नदियों का मायका” कहा जाता है। हमें नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करना चाहिए, नदियों के उद्गम स्थल पर भरपूर ऊर्जा होती है। उन्होंने कहा कि नदियों के आसपास ट्यूबवेल उत्खनन तथा वृक्षों की कटाई के कारण कई नदियां नष्ट होने के कगार पर हैं। नदियों के स्रोतों को जिंदा रखना जरूरी है। मंत्री पटेल ने कहा कि हम नदियों के स्रोतों को नष्ट कर रहे हैं और नहरों का पानी नदियों में डालकर खुश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर नदियां होने के बावजूद यहां का जल-स्तर घटना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता नदियों के संरक्षण की है। ज़रूरी है कि नदियों के किनारे वृक्ष लगाएं। मंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़वानी से खूमी रोड के साइड शोल्डर भरवाएं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत, जिला पंचायत सदस्य ललित पटेल, पूर्व विधायक संजय शाह, वन मंडल अधिकारी अनिल चोपड़ा उपस्थित थे।  

स्कूल बसों के लिए 31 नए नियम आए, सेफ्टी डिवाइस, GPS और CCTV के बिना नहीं चलेंगी

 इंदौर नियम विरुद्ध स्कूल बसों का संचालन नहीं किया जा सकेगा। नया सत्र शुरू होने में अभी भी 10 दिन का समय है। इसके पहले आप बसों को ठीक करवा लें अन्यथा सीधे कार्रवाई होगी। स्कूल खुलते ही परिवहन विभाग नियमित जांच अभियान चलाएगा। चेतावनी के साथ यह सलाह आरटीओ प्रदीप शर्मा ने रेसीडेंसी कोठी में हुई बैठक में दी। परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा ली जा रही स्कूल संचालकों की बैठक में सतर्कता का पाठ भी पढ़ाया गया। स्कूली वाहनों से हर साल होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर परिवहन विभाग और पुलिस ने स्कूली वाहनों के नियमों की जानकारी देकर पालन की करने की हिदायत दी। इंदौर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को रेसीडेंसी कोठी में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रदीप शर्मा ने 100 से अधिक स्कूल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बगैर नियमों का पालन किए अब एक भी बस सड़क पर नहीं चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि किसी बस में खामी पाई गई, तो सत्र शुरू होने के बाद सीधे कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में स्कूल संचालक अभी से सभी बसों के कागजात और अन्य सुरक्षा मापदंड की जांच कर लें। दरअसल जून माह में खुलने वाले शिक्षा सत्र के पहले परिवहन विभाग द्वारा स्कूल संचालकों के साथ बैठक की गई। विभाग ने सभी स्कूलों को चेकलिस्ट का फार्म दिया है, जिसमें फिटनेस, परमिट, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे, अग्रनिशमन यंत्र आदि बिंदुओं को शामिल किया गया है। यह स्कूल संचालकों को यह फार्म भरकर परिवहन विभाग को देना होगा। स्कूल संचालकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय सभी सुरक्षा मानकों का पालन भी करना होगा। बैठक में एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक संतोष कुमार कौल, एसीपी मनोज खत्री, सुप्रिया चौधरी, सुदेश कुमार सिंह और रेखा परिवार सहित स्कूल संचालक मौजूद रहे। अनुपयोगी बसों का रजिस्ट्रेशन कराए निरस्त स्कूल संचालकों को परिवहन विभाग ने अनफिट बसों की सूची भी उपलब्ध कराई। इस पर बस संचालकों ने कहा कि ये बसें अब वे उपयोग नहीं करते हैं। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने कहा जो बसें उपयोग में नहीं की जा रही हैं, उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त कराएं और स्क्रैप में दें। एआरटीओ मिश्रा ने कहा कि जिन ट्रस्ट समितियों ने स्कूल ने पुराने वाहन बेच दिए हैं, लेकिन उनकी आनरशिप चेंज नहीं करवाई है, वे पुराने वाहनों की आनरशिप तुरंत ट्रांसफर करवाएं। पुलिस वेरिफिकेशन कराएं एसीपी सुप्रिया चौधरी ने कहा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। स्कूल संचालक ड्राइवरों और कंडक्टरों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल संचालकों से कहा कि स्कूल प्रबंधन अपने ड्राइवरों और परिचालकों को प्रशिक्षित करें और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। स्कूल बसों को लेकर यह हैं दिशा-निर्देश     स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए।     बसों के आगे-पीछे “स्कूल बस” लिखा होना चाहिए।     बसों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स होना चाहिए।     बस में स्वीकृत स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।     प्रत्येक बस में सुरक्षा के लिए हारिजेंटल ग्रिल लगे हों।     प्रत्येक बस में आग बुझाने के उपकरण हों।     स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा हो।     सीट के नीचे बैग रखने की व्यवस्था होना चाहिए।     ड्राइवर के पास पांच साल का भारी वाहन का अनुभव होना चाहिए।     बस में महिला चालक या परिचालक का होना आवश्यक है।     आपातकालीन निकास द्वार बसों में रहे।     बस में जीपीएस और सीसीटीवी अनिवार्य है।     स्कूल बस में परदे या शीशे में फिल्म नहीं होना चाहिए।     स्कूल बस के अंदर पर्याप्त रोशनी व सफाई हो।     बस में इमरजेंसी सायरन और अलार्म, पैनिक बटन रहे।     बरसात में पुल, पुलिया पर पानी होने पर पार न करें।     बसों में क्षमता के अनुसार ही विद्यार्थी रहें।  

मेघालय में सोनम रघुवंशी के लापता होने के मामले में अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सक्रिय हुए

इंदौर मेघालय में इंदौर के मैरिड कपल राजा रघुवंशी की हत्या और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी के लापता होने के मामले में अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और शिलांग में मौजूद सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी को फोन पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया. राजा रघुवंशी के परिवार ने इस मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मदद मांगी थी. रघुवंशी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल भी उनसे मिलने पहुंचा था, जहां उन्होंने शिलांग में सोनम की तलाश में जुटे उनके भाई गोविंद से फोन पर बात करवाई. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोविंद से कहा, ”मैं अमित शाह जी से इस पूरे मामले को लेकर बात कर रहा हूं. सोनम को ढूंढकर वापस लाएंगे.” केंद्रीय मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मामले में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और सोनम की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे. यह मामला अब केंद्रीय स्तर पर चर्चा में है और परिवार को उम्मीद है कि शीघ्र ही सोनम का पता लगाया जाएगा. बता दें कि सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी पुलिस के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन में शामिल हैं. बीते दिन उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ”मैं सोनम का भाई हूं. मुझे अंदर से फीलिंग आ रही है कि सोनम अभी जिंदा है. पुलिस यहां डेड बॉडी ढूंढ रही है, लेकिन मेरा निवेदन है कि डेड बॉडी न ढूंढे, बल्कि सोनम को तलाशे. इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए.” गोविंद ने बताया कि जहां राजा का शव मिला था, वहां गहरी खाई में SDRF और NDRF ने पूरे क्षेत्र की तलाशी ली, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला. सोनम के पास दो मोबाइल थे, जो अभी तक नहीं मिले. पुलिस के अनुसार, सोनम और राजा की आखिरी मोबाइल लोकेशन डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज के पास थी. गोविंद ने यह भी बताया कि 20 मई को उनकी सोनम से आखिरी बातचीत हुई थी. उन्होंने कहा, ”सोनम और राजा का असम के गुवाहाटी जाने का प्लान था, लेकिन पता नहीं वे शिलांग कैसे पहुंच गए और कब उन्होंने यह प्लान बनाया? हम लोग पहले कभी शिलांग नहीं आए, हां, कामाख्या देवी के दर्शन के लिए जरूर आए थे.” इस मामले में सोनम की तलाश जारी है, लेकिन परिवार और रघुवंशी समाज का मानना है कि बिना सीबीआई जांच के इस रहस्यमयी मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी. टूरिस्ट गाइड ने बताया लापता होने से पहले वाला सीन हनीमून के लिए निकले सोनम और राजा रघुवंशी 23 मई को मेघालय के शिलांग से लापता हो गए थे। राजा का शव 2 जून को मिला। पुलिस का कहना है कि राजा की हत्या की गई थी। इस मामले में एक टूरिस्ट गाइड, अल्बर्ट पडे ने कुछ जानकारी दी है। उसने बताया कि उसने सोनम और राजा को तीन अन्य लोगों के साथ देखा था। यह घटना मेघालय के नोंग रियात में डबल डेकर रूट ब्रिज के पास हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सोनम की तलाश जारी है। कौन हैं अल्बर्ट पडे? अल्बर्ट पडे, जो माव्लाखियात गांव का टूरिस्ट गाइड है, ने पहली बार पत्रकारों को यह जानकारी दी है। पडे ने बताया कि उसने सोनम और राजा को तीन आदमियों के साथ माव्लाखियात पार्किंग की ओर जाते हुए देखा था। बता दें कि राजा का शव एक खाई में मिला था। पुलिस ने बताया कि उसकी हत्या की गई थी और पास में एक बड़ा चाकू मिला था, जिसका इस्तेमाल हत्या के लिए किया गया था। पुलिस दर्ज कर चुकी है बयान पडे पहले बात करने को तैयार नहीं था, लेकिन बाद में गांव वालों के कहने पर उसने बात की। उसने बताया कि पुलिस ने पहले भी उसका बयान दर्ज किया था। यह पहली बार था जब उसने मीडिया से बात की। 22 मई की शाम को मिला था गाइड पडे ने बताया कि 22 मई की शाम को उसने सोनम और राजा से बात की थी और उनसे पूछा था कि क्या उन्हें गाइड की ज़रूरत है। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। यह जोड़ा शिलांग से किराए पर दोपहिया वाहन लेकर माव्लाखियात पहुंचा था। यह गांव नोंग रियात में डबल डेकर रूट ब्रिज का मुख्य प्रवेश द्वार है। भा वानसाई नाम के एक गाइड ने, जिसे इस जोड़े ने माव्लाखियात से छोड़ने के लिए किराए पर लिया था, उन्हें नोंग रियात में शिप्रा होमस्टे पहुंचाया, जहां वे उस रात रुके थे। अगले दिन सुबह 10 बजे फिर देखा पडे ने बताया कि उसने सोनम और राजा को अगले दिन सुबह करीब 10 बजे देखा था, जब वह डबल डेकर रूट ब्रिज की ओर जा रहा था। दोनों पार्किंग की ओर जा रहे थे। सोनम, राजा से पीछे चल रही थी। राजा तीन ‘टूरिस्टों’ के साथ दोस्ताना बातचीत कर रहा था और वे हिंदी में बात कर रहे थे। जब पडे से पूछा गया कि क्या उसने कुछ संदिग्ध देखा, तो उसने कहा, ‘मैं कह नहीं सकता क्योंकि वे हिंदी में बात कर रहे थे, जो मुझे ज़्यादा समझ में नहीं आती। अगर वे अंग्रेजी में बात कर रहे होते तो मैं समझ जाता। जब वे लौट रहे थे तो मैंने जोड़े से बात नहीं की, क्योंकि उन्हें गाइड की ज़रूरत नहीं थी।’ घटना से टूरिज्म पर बुरा असर इस घटना के बारे में बात करते हुए उसने कहा, ‘हमें बुरा लग रहा है, क्योंकि हमने बचपन से अपराध की ऐसी घटनाएं नहीं देखीं। हम भगवान से डरते हैं। गांव वाले इस बात से चिंतित हैं कि कहीं उनका नाम बदनाम न हो जाए, क्योंकि पुलिस ने बताया है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार नया था और पहले कभी लकड़ी काटने के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया था। दूसरे गाइड ने क्या बताया इस बीच, वानसाई ने कहा कि जोड़े ने उसे लिविंग रूट ब्रिज के पास एक गेस्ट हाउस में छोड़ने के लिए किराए पर लिया था। उन्होंने कहा, ‘राजा, अंग्रेजी में ज़्यादा बात नहीं करते थे। सोनम ज़्यादातर बात कर रही थी। उन्होंने आगे कहा कि जोड़े ने उनकी सेवाएं लेने … Read more

भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस में लापरवाही पर कार्रवाई थाना प्रभारी को हटाकर लाइन अटैच कर दिया

भोपाल  भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को पद से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। वह इस मामले में SIT जांच का हिस्सा थे। यह आदेश डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने जारी किया। बताया जा रहा है कि हेमंत श्रीवास्तव पर मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई न करने और जांच को सुस्त गति से आगे बढ़ाने के आरोप थे। राष्ट्रीय महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने भी जांच पर सवाल उठाए थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी थी, जिसमें आरोपियों की कार्यप्रणाली और पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं। मामले में फरहान खान, साहिल खान और अली खान नामक तीन युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पहले अपना धर्म छिपाकर छात्राओं से दोस्ती की। बाद में उन्हें महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर झांसे में लिया गया। आरोपियों ने छात्राओं को नशे का सेवन कराकर दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर धमकाया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई है। आयोग का मानना है कि आरोपी अकेले नहीं थे, बल्कि इनके पीछे एक सुव्यवस्थित गिरोह काम कर रहा है, जो भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है।  

बीजापुर में बड़ी मुठभेड़ पांच नक्सली हुए ढेर, सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी

छत्तीसगढ़  छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षा बलों ने 3 दिन पहले सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इलाके में सर्च अभियान जारी नक्सलियों के खिलाफ इस अभियान में कई सुरक्षा इकाइयां शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती वन क्षेत्रों में नक्सलियों की मौजूदगी और बुनियादी ढांचे को खत्म करना है। जानकारी के अनुसार, नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया गया है। ऑपरेशन में 10,000 सुरक्षाकर्मी शामिल पुलिस ने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद रोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसके विशिष्ट कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 10,000 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। तीन दिन पहले शुरू हुआ था अभियान पुलिस ने बताया कि माओवादियों के सबसे मजबूत सैन्य संगठन बटालियन नंबर 1 और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में मिली जानकारी के आधार पर सोमवार को अभियान शुरू किया गया और यह कई दिनों तक चलेगा। पुलिस ने आगे ये भी बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादियों की बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में 5 हजार से अधिक जवानों को नक्सलियों ने घेर लिया है। बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, 40 लाख का इनामी नक्सली सुधाकर मारा गया छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. डीआरजी और एसटीएफ ने नेशनल पार्क इलाके में नक्सलियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान जवानों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य सुधाकर मारा गया. सुधाकर पर सरकार ने 40 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. यह मुठभेड़ बीजापुर के घने जंगलों में हुई, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियां चल रही थीं. 40 लाख का इनामी नक्सली मारा गया बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है. हालांकि सुधाकर के मारे जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. जवान अभी भी इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि मुठभेड़ के बाद इलाके में लगातार तलाशी ली जा रही है. मुठभेड़ के दौरान भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं. मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान जारी सुधाकर नक्सली संगठन में एक अहम भूमिका निभाता था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था. उसकी मौत को सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन में जुटे हुए हैं और जंगल के हर हिस्से की बारीकी से जांच कर रहे हैं.  

Corona in India: देशभर में कोरोना के 5700 से अधिक मरीज, चौथी लहर की चर्चा!

नई दिल्ली देश भर में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल 15 दिनों में कोविड के सक्रिय मामलों में 20 गुना वृद्धि देखने को मिली है। देश में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या 5,755 हो गई है। वहीं, गत 24 घंटों में चार लोगों की जान गई है। भारत में कोराना वायरस (कोविड-19) के एक्टिव मामलों की संख्या 6,000 के करीब पहुंचने वाला है। देश में पिछले कुछ हफ्तों से संक्रमण में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। भारत में COVID-19 के एक्टिव मामलों की संख्या 5,700 के पार हो गई है। कोरोना वायरस के कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 5,755 हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के 7 जून, 2025 को सुबह 8:00 बजे तक के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, 24 घंटे के दौरान देश में कोरोना वायरस से चार मौतें हुई हैं। मध्य प्रदेश में नौ महीने की गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान दौरे पड़ने के बाद मौत हो गई। बाद में उसे COVID-19 पॉजिटिव पाया गया। महिला को इंट्रापार्टम दौरे पड़ते थे, जिसके लिए उको इंट्यूबेट किया गया। मंत्रालय ने बताया कि 5,484 से अधिक लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं। केरल अभी भी 1,806 मामलों के साथ COVID-19 चार्ट में सबसे ऊपर है। केरल में 24 घंटे में 127 मामले सामने आए हैं। चार मौतें केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान देश में 391 नए मामले दर्ज किए गए हैं। भारत में कोविड-19 ने एक महीने से भी कम समय में मामलों में 200% की वृद्धि देखी है। केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है। इसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर केंद्र अस्पतालों में कोविड-19 संबंधी तैयारियों की जांच के लिए ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित कर रहा है। सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे कोविड-19 के मामले बढ़ने के मद्देनजर ऑक्सीजन, आइसोलेटेड बेड, वेंटीलेटर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अधिकतर मरीजों में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। वे घर पर ही इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। जनवरी से 59 लोगों की मौत इस साल जनवरी के बाद से देश में कोविड-19 से 59 लोगों के मरने की सूचना है। 22 मई तक देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 257 थी। कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और तैयारी के उपायों का आकलन करने के लिए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपात प्रबंधन प्रतिक्रिया (ईएमआर) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) और दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रतिनिधियों तथा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो जून और तीन जून को कई तकनीकी समीक्षा बैठकें की गईं। आधिकारिक सूत्रों ने चार जून को बताया कि आईडीएसपी के तहत राज्य एवं जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों (आईएलआई) और गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों (एसएआरआई) की करीब से निगरानी कर रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया था, “दिशा निर्देश के अनुसार एसएआरआई के सभी मामलों में और आईएलआई से संबंधित पांच प्रतिशत मामलों में जांच की सिफारिश की गई है और एसएआरआई की पुष्टि वाले नमूनों को आईसीएमआर वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है।” एक्सपर्ट बोले- चिंता की बात नहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण समय के साथ कमजोर हो रहा है। लेकिन इसके मामलों में कभी-कभार वृद्धि होने की आशंका है जिससे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न भागों में बीमारी के बढ़ते मामलों संबंधी चिंता को लेकर कहा कि ऐसा लगता है कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी और तापमान में अत्यधिक वृद्धि जैसे उन मौसमी कारकों का परिणाम है। इनके कारण हम वातानुकूलित स्थानों पर रहते हैं। उन्होंने सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने पीटीआई से कहा, “कोरोनावायरस के कारण होने वाला संक्रमण हर गुजरते साल के साथ कमजोर हो रहा है। यह (अब) मात्र श्वसन संबंधी एक और बीमारी है तथा फ्लू से कम खतरनाक है। यह अब चिंता का विषय नहीं है।” हरियाणा स्थित अशोका विश्वविद्यालय के ‘त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज’ में जीव विज्ञान और स्वास्थ्य अनुसंधान के डीन अनुराग अग्रवाल ने कहा, ठइसके सभी उप स्वरूप एक जैसे हैं, जो अत्यधिक संक्रामक लेकिन कमजोर हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधी क्षमता अत्यंत कमजोर है वे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं लेकिन अधिकतर लोगों, खासकर पहले संक्रमित हो चुके या टीके लगवा चुके लोगों को अधिक खतरा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दो साल पहले मई 2023 में कोविड-19 को ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति’ घोषित किया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब इस बीमारी को ‘मौसमी’, ‘स्थानिक’ या ‘एक निश्चित क्षेत्र तक सीमित’ बीमारी के रूप में परिभाषित करते हैं। WHO के पूर्व स्टाफ सदस्य लहरिया ने कहा, “पहले से बीमार लोगों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान वे सभी मानक सावधानियां बरतनी चाहिए जो वे श्वास संबंधी अन्य संक्रमण के समय बरतते हैं।” भारत के अलावा सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और हांगकांग सहित दक्षिण पूर्व एशिया के कई देशों में कोरोनावारयस संक्रमण के मामले बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि चूंकि कोरोनावायरस संक्रमण अब स्थानिक हो गया है। उसके वेरिएंट में लगातार बदलाव हो रहा है। इसलिए संक्रमण के मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव की संभावना है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कैसे रखे खुद का ख्याल? मास्क पहनें, हैंड सैनिटाइजर रखें साथ अगर आप ट्रैवल कर रहे हैं तो आपको हर आधे घंटे में हाथों को सैनिटाइज करने की जरूरत है। खासकर कुछ खाने से पहले तो जरूर सैनि‍टाइज करें। इससे वायरस को रोकने में मदद म‍िलेगी। इसके साथ मास्क पहले ताकि संक्रमण से बचे रहें। बंद जगहों पर जाने से बचें कोव‍िड से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है क‍ि आप खुली जगहों पर रहें। अगर आप क‍िसी बंद जगहों पर या पार्टी में जाते हैं तो भी कोव‍िड की चपेट में … Read more

बीच सड़क पर हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: केदारनाथ धाम के लिए भरी थी उड़ान, सूझबूझ से बची यात्रियों की जान

रुद्रप्रयाग रुद्रप्रयाग जनपद के बडासू क्षेत्र में केदारनाथ के लिए जा रहा एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते अचानक सड़क पर लैंड हुआ। हेलिकॉप्टर श्रद्धालुओं को लेकर केदारनाथ धाम की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ते में आपात स्थिति के कारण पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को बडासू के पास सुरक्षित सड़क पर उतारा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। क्रिस्टल एविएशन कंपनी का हेली बताया जा रहा है। हेलिकॉप्टर ने बड़ासु हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी और टेकऑफ होते ही इमरजेंसी लैंडिंग सड़क पर करनी पड़ी। हेलिकॉप्टर में पांच यात्री, पायलट और सह पायलट सवार थे। सह पायलट को हल्की चोट की सूचना है। सीईओ यूकाडा सोनिका ने जानकारी दी कि क्रिस्टल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलिकॉप्टर ने यात्रियों को लेकर सिरसी से उड़ान भरते समय हेलीपैड के अलावा सड़क पर एहतियातन लैंडिंग की।किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। डीजीसीए को सूचित कर दिया गया है बाकी शटर ऑपरेशन तय कार्यक्रम के अनुसार सामान्य चल रहे हैं। यात्रियों में मची अफरा-तफरी, लेकिन कोई घायल नहीं हेलीकॉप्टर के अचानक नीचे उतरने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में हलचल मच गई। लेकिन जल्द ही राहत की सांस ली गई जब यह स्पष्ट हुआ कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है। हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें पायलट समेत छह यात्री थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर पहुंची प्रशासन और तकनीकी टीम हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और हवाई सुरक्षा संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। हेलीपैड से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया ताकि हेलीकॉप्टर की जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि तकनीकी खराबी की वजह क्या थी। फिलहाल हेलीकॉप्टर को उड़ान के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया है और उसे सड़क मार्ग से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कौन-कौन था हेलिकॉप्टर में? हेलिकॉप्टर में 5 यात्री, 1 पायलट और 1 सह पायलट सवार थे। सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन सह पायलट को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। इस घटना की जानकारी डीजीसीए (DGCA) को भी दे दी गई है। क्या बाकी हेलिकॉप्टर सेवाएं चालू हैं? यूकाडा (UCADA) की सीईओ सोनिका ने बताया कि बाकी सभी हेलिकॉप्टर सेवाएं तय समय पर सामान्य रूप से जारी हैं। ये लैंडिंग सिर्फ एहतियात के तौर पर की गई थी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पिछले माह भी हुआ था हेलिकॉप्टर हादसा पिछले महीने भी केदारनाथ धाम में लैंडिंग के समय हेली एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेली एंबुलेंस ऋषिकेश एम्स का था, जोकि ऋषिकेश से केदारनाथ जा रहा था। वहीं बीते आठ मई को ही गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलिकॉप्टर गंगनानी के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में पांच महिलाओं समेत छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंगनानी का हेलिकॉप्टर हादसा बहुत भयावह था। वहां पर खोज-बचाव अभियान चला रहे अधिकारी कर्मचारियों ने बताया कि घटना में हेलिकॉप्टर के भी दो टुकड़े हो गए थे। वहीं दो शव हेलिकॉप्टर में ही फंस गए थे। उन्हें निकालने के लिए हेली को काटना पड़ा था। वहीं करीब 200 मीटर गहरी खाई में रेस्क्यू अभियान चलाना बहुत मुश्किल था।    

ईरान को यूरेनियम नहीं… न्यूक्लियर डील में सपना दिखाकर तोड़ा!

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  एक सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते के तहत अमेरिका किसी भी स्तर पर यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की अनुमति नहीं देगा। हालांकि उन्होंने इस टिप्पणी के संबंध में और अधिक जानकारी नहीं दी। यह बयान उस समय आया है जब Axios की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी वार्ताकारों ने ईरान को एक ऐसा प्रस्ताव दिया है जिसमें सीमित और निम्न-स्तरीय यूरेनियम संवर्धन की अनुमति दी जाएगी। इस रिपोर्ट पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। ट्रंप इससे पहले भी बार-बार यह संकेत दे चुके हैं कि ईरान के साथ कोई समझौता अब जल्द हो सकता है, लेकिन अगर वार्ता विफल होती है तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह यह भी कहा था कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि इस समय ईरान पर सैन्य हमला “अनुचित” होगा क्योंकि “हम समाधान के बहुत करीब हैं।” नेतन्याहू और इजरायल की सरकार लंबे समय से यह मांग करती रही है कि ईरान को किसी भी स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, भले ही वह ऊर्जा उत्पादन और अन्य शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए क्यों न हो। उधर ईरान ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि वह ऐसा कोई भी समझौता स्वीकार नहीं करेगा जिसमें उसे कम-स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जाए। मौजूदा समय में ईरान अत्यधिक स्तर पर यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है, जो परमाणु हथियारों के निर्माण के लिए आवश्यक स्तर के बेहद करीब है। परमाणु संवर्धन के अलावा, ईरान की प्रमुख मांग यह भी है कि अमेरिका उसे यह स्पष्ट गारंटी दे कि समझौते के तहत उस पर लगे प्रतिबंध किस तरह और कब हटाए जाएंगे। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को कहा कि अमेरिका ने अभी तक इस पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह खींचतान न केवल पश्चिम एशिया की शांति के लिए एक चुनौती है, बल्कि वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता और संभावित युद्ध की आशंका भी बढ़ा सकती है। ईरान के बढ़ते यूरेनियम भंडार से जुड़ी रिपोर्ट पर ईरानी विदेश मंत्री ने आईएईए प्रमुख से की बात ईरान के विदेश मंत्री ने रविवार सुबह संयुक्त राष्ट्र (संरा) की परमाणु निगरानी एजेंसी आईएईए के निदेशक से फोन पर बात की। इसके पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार में बढ़ोतरी कर रहा है जो करीब-करीब हथियार बनाने योग्य स्तर का है। ‘टेलीग्राम’ ऐप पर अब्बास अराघची ने लिखा कि उन्होंने वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी के साथ अपनी बातचीत में ईरान के ‘निरंतर सहयोग’ पर जोर दिया। आईएईए ने फोन कॉल के बारे में पूछे जाने पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है। आईएईए की गोपनीय रिपोर्ट, जिसे शनिवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ ने देखा, में सख्त चेतावनी देते हुए कहा गया है कि ईरान अब ऐसी सामग्री का उत्पादन करने वाला परमाणु हथियार से रहित एकमात्र देश है। रिपोर्ट में इसे ‘गंभीर चिंता’ का विषय बताया गया है। अराघची ने ग्रॉसी से बातचीत में इस चीज पर जोर दिया कि ईरान की सभी परमाणु गतिविधियां समझौतों के ढांचे के भीतर हैं और आईएईए द्वारा उनकी निगरानी की जा रही है। आईएईए ने एक अलग रिपोर्ट में कहा कि ईरान के कई स्थानों पर (जिन्हें तेहरान परमाणु स्थल घोषित करने में विफल रहा है) आईएईए निरीक्षकों द्वारा यूरेनियम की मौजूदगी के निशानों का पता लगाए जाने के मामले में उसके (एजेंसी) साथ ईरान का सहयोग ‘संतोषजनक’ नहीं रहा है। अराघची ने ग्रॉसी से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि “कुछ पक्षकार ईरानी लोगों के खिलाफ राजनीतिक एजेंडे के लिए एजेंसी का दुरुपयोग ना करें।” यूरोपीय देश व्यापक रिपोर्ट के आधार पर ईरान के खिलाफ और कदम उठा सकते हैं, जिससे ईरान और पश्चिम के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। क्या होता है यूरेनियम संवर्धन? यूरेनियम संवर्धन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्राकृतिक यूरेनियम में मौजूद यूरेनियम-235 (U-235) आइसोटोप की सांद्रता को बढ़ाया जाता है। प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 की मात्रा केवल 0.7% होती है, जबकि बाकी हिस्सा यूरेनियम-238 होता है। यूरेनियम-235 ही वह आइसोटोप है जो परमाणु विखंडन के लिए उपयुक्त है, जिसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में ऊर्जा उत्पादन या परमाणु हथियारों में किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

सांदीपनी स्कूल एवं नवोदय विद्यालय के स्थापित होने से शिक्षा के नए कीर्तिमान बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य मार्ग से नवोदय विद्यालय तक सडक का निर्माण किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन रतलाम जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिले को दो सौगातें मिली हैं। आलोट में नवोदय विद्यालय के साथ ही सांदीपनी विद्यालय भवन का लोकापर्ण किया गया है, जो शिक्षा के क्षे़त्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहें है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र मे उत्तरोतर प्रगति कर रहा है। रतलाम के आलोट में 38.4 करोड़ लागत से बने पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय-2, छात्रावास और स्टॉफ क्वार्टरो तथा 35 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025 में 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में निजी स्कूलों के बजाए शासकीय स्कूल के बच्चों ने ज्यादा अच्छा प्रर्दशन किया है। नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नही छोडी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाहर नवोदय विद्यालय से मुख्य मार्ग से जोडने वाली सड़क का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्य क्षेत्रों में भी विकास के कार्य कर रही हैं। सिंचाई के लिए भी कई परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत हुई है। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की बेहतरी के लिए पार्वती, चंबल, कालीसिंध नदी जोडों परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे प्रदेश के कई गांव को पेयजय एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। मध्यप्रदेश मे लगभग 55 लाख हैक्टेयर में सिंचाई हो रही है। किसानों को विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पम्प देने की योजना है। इससे किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश में पर्यटन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर आ गया है। आलोट में क्षिप्रा-चंबल नदी संगम स्थल पर पर्यटन का विकास किया जाएगा। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नवोदय विद्यालय रतलाम में दूसरा है, पहला विद्यालय कालूखेड़ा में स्थित है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश में विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं नैतिक विकास कर रहे हैं। शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार है। भारत में साक्षरता दर निरंतर बढ़ रही है, जिसमें नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रतलाम जिले के आलोट में यह दूसरा नवोदय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर युवाओं को रोजगार मूलक शिक्षा देने में जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे नवोदय विद्यालयों में अध्ययन कर जेईई, नीट जैसी परीक्षाएं पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। लगभग 1 करोड़ 53 लाख बच्चे मध्यप्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से इन विद्यालयों में एआई की पढ़ाई भी प्रारंभ की गई है। स्कूल समाज को मजबूत बनाते है। मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त कर प्रदेश को विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक आलोट डॉ. चिंतामणि मालवीय उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पगड़ी, शॉल एवं पारंपरिक पेन्टिग भेंट कर किया गया। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में सर्व-सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए वर्ष 2022-23 में सीएम राइज विद्यालय की स्थापना की है, जो अब महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से पहचाने जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। सांदीपनि विद्यालय आलोट में आसपास के 1600 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस विद्यालय में 1 कि.मी. से 15 कि.मी. दूरी से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विषय-वार शिक्षकों के साथ-साथ संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, खेल शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, कॅरियर काउंसलर आदि भी नियुक्त किये गये है।  

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