LATEST NEWS

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले मुख्यमंत्री ने दिखाई छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर में शांति व्यवस्था, विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके साथ ही हाल ही में छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार की प्रधानमंत्री को जानकारी दी। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनके आवास पर मुलाकात की। जहां राज्य के विकास, नक्सल ऑपरेशन सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।   मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर का चेहरा बदल रहा है, जो कभी बंदूक और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, आज वहाँ मोबाइल टावर खड़े हो रहे हैं, जो सिर्फ संचार का माध्यम नहीं बल्कि विकास और विश्वास के प्रतीक बन चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा विगत डेढ़ वर्ष में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है। इन सुरक्षा चौकियों के आसपास गांवों में न केवल पुलिस की उपस्थिति से सुरक्षा की भावना बनी है, बल्कि इन इलाकों में अब नेटवर्क भी पहुंच गया है। सरकार ने अब तक कुल 671 मोबाइल टावर चालू कर दिए हैं, जिनमें से 365 टावरों में 4G सेवा उपलब्ध है। यह न सिर्फ तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह संकेत है कि अब आदिवासी क्षेत्रों में संचार क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर में सिर्फ मोबाइल टावर नहीं लग रहे हैं, बल्कि ये टावर इस बात का सबूत हैं कि वहां के बच्चे और युवा भी अब डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। पहले जहां बच्चों को पढ़ाई या नौकरी की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वही काम वे अपने गांव में मोबाइल नेटवर्क के ज़रिए ऑनलाइन कर पा रहे हैं। अब बस्तर का युवा भी स्मार्टफोन से अपनी दुनिया खुद बना रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बताया सुरक्षा कैंपों के इर्द-गिर्द बसते गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत चिन्हित 146 ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 तरह की सरकारी योजनाएं एक साथ क्रियान्वित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया सुशासन तिहार के तहत अब तक सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए गए हैं, जहां सांसद से लेकर विधायक तक गांव गांव पहुंचकर जनता की शिकायतों का समाधान किया। इन शिविरों में ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला गैस जैसी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए की जा रही योजनाओं और नवाचारों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है, और जनभागीदारी से लेकर तकनीकी उपायों तक, हर स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में अब बारिश के दिन कम हो गए हैं — पहले जहाँ लगभग 100 दिन बारिश होती थी, अब सिर्फ़ 65 दिन ही होती है। तकनीक के तहत गांव-गांव में पानी बचाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। जहां पहले पानी बरसकर बह जाता था, अब उसे रोकने और जमा करने की कोशिश हो रही है। इस काम में आधुनिक तकनीक जैसे GIS मैपिंग और ‘जलदूत’ नाम का मोबाइल ऐप इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह पता चलता है कि कहां कितनी ज़रूरत है। सबसे खास बात यह है कि इस अभियान में महिलाएं बड़ी भागीदारी निभा रही हैं। महिला समूह तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने, और पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने में आगे आ रही हैं। इस साझेदारी से गांवों में पानी की कमी दूर हो रही है और लोगों को अपने इलाके में ही साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को नालंदा परिसर की जानकारी भी दी, जो देश की पहली 24×7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी है। 18 करोड़ की लागत से बनी इस सुविधा में ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था है। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभांवित हो चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक छात्र यूपीएससी और सीजी पीएससी में सफलता पाई है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ मॉडल की भी जानकारी दी, जिसमें वंचित व आदिवासी बच्चों को आईआईटी, नीट, क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र चुनिंदा राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

बीजापुर में नेशनल पार्क मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर, अब तक 4 नक्सली ढेर, टॉप कमांडर भास्कर भी मारा गया, हथियार बरामद

 बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में दो दिन से जारी अभियान में सुरक्षा बलों ने 45 लाख रुपये के इनामी तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य व मंचेरियल कोमाराम भीम (एमकेबी) सचिव भास्कर उर्फ माइलारापु अडेल्लु (45) को मार गिराया है। छत्तीसगढ़ में उस पर 25 लाख व तेलंगाना में 20 लाख का इनाम घोषित था। वह तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के उरुमादला का रहने वाला था। मुठभेड़ स्थल से जवानों ने एके-47 असाल्ट राइफल व विस्फोटक भी बरामद किए हैं। शुक्रवार देर रात तक चली मुठभेड़ में 2 और नक्सली मारे जाने की खबर है. मौके से ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं. इससे पहले शुक्रवार को 25 लाख के इनामी नक्सली भास्कर और एक करोड़ के इनामी सुधाकर मारे जा चुके हैं. यानी अब तक इस ऑपरेशन में चार नक्सली, जिनमें दो टॉप कमांडर भी शामिल हैं, मारे जा चुके हैं. इस ऑपरेशन को DRG, STF और कोबरा बटालियन मिलकर अंजाम दे रही हैं. यह वही इलाका है जिसे कभी नक्सलियों का अभेद्य किला माना जाता था, लेकिन अब वही इलाका उनके लिए मौत का मैदान बनता जा रहा है. इंद्रावती नेशनल पार्क, जो करीब 2799 वर्ग किमी में फैला है, उसमें अब छिपने की जगह भी नहीं बची. पार्क का कोर जोन 1258 वर्ग किमी और बफर जोन 1540 वर्ग किमी में फैला है, लेकिन ड्रोन, सेटेलाइट और पैदल गश्त के दम पर जवानों ने हर कोने को कवर कर रखा है. जानकारी के अनुसार, जंगल में अभी भी 25 से 30 हार्डकोर नक्सली फंसे हुए हैं. वे इधर-उधर छिपने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फोर्स लगातार उन्हें ट्रैक कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि अगले 2-3 दिनों में और मुठभेड़ हो सकती है और यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. बस्तर के माड़ क्षेत्र के बाद अब नेशनल पार्क में नक्सलियों की ताकत लगातार कमजोर हो रही है. एक समय जो जगह रेड कॉरिडोर का दिल मानी जाती थी, वहां अब भारत के जवानों का कंट्रोल बनता जा रहा है. कल भी मारा गया एक ईनामी नक्सली एक दिन पहले गुरुवार को इसी क्षेत्र में 40 लाख रुपये के इनामी केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) माओवादी सुधाकर को भी मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। दो दिन के अंदर दो बड़े माओवादी आतंकियों के मारे जाने से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। डीआरजी और एसटीएफ ने चलाया संयुक्त ऑपरेशन सुधाकर की मौजूदगी की पक्की सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और विशेष कार्य बल (STF) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को नेशनल पार्क इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सघन जंगल और कठिन इलाके में हुई इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने बेहद सूझबूझ और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए सुधाकर को मार गिराया। इस अभियान में कई आधुनिक हथियार और दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बसव राजू के मारे जाने के बाद भगदड़ की स्थिति पिछले महीने 21 तारीख को नक्सल इतिहास की सबसे बड़ी सफलता फोर्स को मिली। अबूझमाड़ के जंगल में नक्सलियों का चीफ और सेंट्रल कमेटी का महासचिव बसव राजू ढेर कर दिया गया। उसके साथ 27 अन्य नक्सली भी मारे गए थे। बसव राजू के मारे जाने के बाद से नक्सल संगठन में भगदड़ की स्थिति है। नक्सली जिस भी इलाके में मूवमेंट कर रहे हैं वे फोर्स के निशाने पर आ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने की खोजबीन पुलिस के अनुसार अबूझमाड़ व इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) क्षेत्र में शीर्ष माओवादी तेलंगाना राज्य समिति बांदी प्रकाश व दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य (डीकेएसजेडसी) पप्पा राव समेत अन्य माओवादियों के छिपे होने की सूचना पर डिस्टि्रक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी), स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व कोबरा बटालियन के जवानों को अभियान पर भेजा गया था। इस दौरान गुरुवार को सुरक्षा बलों का सामना माओवादियों की एक टुकड़ी से हुआ था। जवाबी फायरिंग में शीर्ष माओवादी सुधाकर मारा गया था। इसके दूसरे दिन शुक्रवार को भाग रहे माओवादियों का पीछा करते हुए जवानों ने एक अन्य शीर्ष माओवादी को मार गिराया है। मुठभेड़ में कई अन्य माओवादियों के मारे जाने की बात कही जा रही है। सात माओवादियों ने किया समर्पण सुरक्षा बलों की ओर से जारी आक्रामक अभियान व सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित सात माओवादियों ने शुक्रवार को दंतेवाड़ा में समर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें जुगलू, दशा, भोजाराम माड़वी, लखमा उर्फ सुती, रातू उर्फ ओठे कोवासी, सुखराम पोडि़याम, पंडरुराम पोडि़याम शामिल हैं।  

Pakistan का हाल बदहाल… बढ़ रही है गरीबी, World Bank ने किया बड़ा खुलासा

कराची लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान (Pakistan Economic Crisis) में आईएमएफ (IMF) से लेकर तमाम वैश्विक निकायों से मिल रही वित्तीय सहायता के बाद भी हाल बदहाल हैं. लोग गरीबी में घुसते जा रहे हैं और महंगाई के कोहराम के चलते लोगों को खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझना पड़ रहा है. इन सबके बीच पाकिस्तान गीदड़भभकियां देते हुए भारत से पंगा लेता रहता है और हर बार उसे मुंह की खानी पड़ती है. Paksitan में लगातार गरीबी बढ़ रही है और ये हम नहीं कह रहे, बल्कि खुद विश्व बैंक (World Bank) की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है और साथ ही गरीबी बढ़ने का बड़ा कारण भी बताया गया है. खास बात ये है कि ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब जून में World Bank द्वारा पाकिस्‍तान के लिए 20 अरब डॉलर का अमाउंट अप्रूव करने की बातें कही जा रही हैं.  पाकिस्तान की करीब आधी आबादी गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रही है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान की 45 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रही है। वर्ल्ड बैंक के डेटा में यह जानकारी दी गई है। विश्व बैंक ने 2018-19 के सर्वे के अनुसार यह बात कही है। बैंक का कहना है कि गरीबी रेखा से जीवन स्तर ऊपर उठाने के मामले में पाकिस्तान की स्थिति लगातार खराब हो रही है। यही नहीं अति-निर्धनता में जीने वाले पाकिस्तानियों की संख्या बीते कुछ सालों में 4.9 फीसदी से बढ़कर 16.5 पर्सेंट हो गई है। विश्व बैंक ने वैश्विक गरीबी इंडेक्स को अपडेट किया है और उसमें पाकिस्तान की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी वजह यह है कि बीते कुछ सालों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कोई ग्रोथ नहीं है। विश्व बैंक का कहना है कि इंटरनेशनल पॉवर्टी लाइन 3 डॉलर मासिक की कमाई पर आधारित है। पाकिस्तान में ऐसे लोग 45 फीसदी हैं, जिनकी कमाई महीने में तीन डॉलर भी नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान अति निर्धन परिवारों की संख्या में इजाफे की एक और वजह है। वह है इंटरनेशनल पॉवर्टी इंडेक्स में बदलाव होना। पहले इंटरनेशनल पॉवर्टी इंडेक्स का मानक 2.15 डॉलर था, जो अब बढ़कर 3 डॉलर हो गया है। इससे पहले कम आय वाले देशों यानी LIC के लिए प्रति व्यक्ति आय की दर वर्ल्ड बैंक ने 2.15 डॉलर निर्धारित की थी। तब पाकिस्तान के 4.9 फीसदी लोग अति निर्धन माने गए थे। अब यह मानक बढ़कर 3 डॉलर प्रतिदिन हो गया है। इसके साथ ही आंकड़ा भी अब 16.5 पहुंच गया है। बता दें कि पाकिस्तान गरीबी के साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा के मानकों में भी फिसड्डी है। यहां तक कि पाकिस्तान में बीते करीब डेढ़ सालों में पोलियो के ही 81 केस मिल चुके हैं। ऐसा तब है, जब दुनिया के तमाम देश पोलियो मुक्त हो चुके हैं। वहीं अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अब भी पोलियो के केस पाए जाते हैं। मदद के बाद भी नहीं सुधरे PAK के हालात बीते कुछ सालों में सोशल मीडिया पर Pakistan की बदहाली की तमाम तस्वीरें वायरल हुईं और आर्थिक तंगी के बीच लोग आटा-दाल से लेकर गैस-पानी तक के लिए जान की बाजी लगाते हुए नजर आए. ये हाल पाकिस्तान में तब हैं, जब उस पर तरस खाते हुए IMF-World Bank ने बड़ी रकम दी है. लेकिन आतंक का पनाहगार देश आम लोगों के जीवन में बदलाव के बजाय इसे आतंकियों पर लुटाने में लगा है, हाल ही में पहलगाम हमले के बाद भारत से बढ़े तनाव के बीच ये खुलकर सबसे सामने आ गया और आईएमएफ को भी इसका एहसास हुआ. इसके चलते उसने जो 1 अरब डॉलर की अतिरिक्त आर्थिक मदद के साथ पाकिस्तान के लिए बेलआउट को मंजूरी दी थी, उसके तुरंत बाद 11 नई शर्तें लगातार पाकिस्तान को झटका दिया. पाकिस्तान की बदहाल की हाल ये है कि देश पर 131 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज है, जो इसकी जीडीपी (Pakistan GDP) का करीब 42 फीसदी है, तो महंगाई, भुखमरी और बेरोजगारी की मार से जनता कराह रही है.   पाकिस्तान में गरीबी बढ़ने के पीछे GST अब वर्ल्ड बैंक (World Bank) की एक नई रिपोर्ट आई है और इसमें पाकिस्तान में बढ़ती गरीबी के पीछे के कारणों के बारे में बड़ा खुलासा किया गया है. इसमें वैश्विक निकाय ने कहा है कि पाकिस्तान की गरीबी (Pakistan Poverty) बढ़ने के पीछे जनरल सेल्स टैक्स यानी GST अहम रोल निभा रहा है. ‘द इफेक्ट्स ऑफ टैक्सेज एंड ट्रांसफर्स ऑन इनइक्वलिटी एंड पावर्टी इन पाकिस्तान’ शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में वर्ल्ड बैंक ने दावा किया है कि जीएसटी भुगतान पाकिस्तानी परिवारों के प्री-टैक्स एक्सपेंडिचर का 7 फीसदी से ज्यादा है, जो गरीब और कमजोर परिवारों को और गरीब बनाने का काम कर रहा है. Dawn की एक रिपोर्ट में भी वर्ल्ड बैंक की रिसर्च का हवाला देते हुए कहा गया है कि व्यक्तिगत राजकोषीय साधनों के सीमांत योगदान का अनुमान और व्यक्तिगत राजकोषीय साधनों का गरीबी या असमानता पर अतिरिक्त प्रभाव जब अन्य सभी राजकोषीय साधनों को शामिल किया जाता है, तो यह साफ प्रदर्शित करता है कि जनरल सेल्स टैक्स का पाकिस्तान में राष्ट्रीय गरीबी वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान है. PAK Govt के लिए बड़ी सलाह वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान को इस खतरे से आगाह करने के बाद इससे बचाव का की सलाह भी दी है और सुझाव देते हुए कहा है कि पाकिस्तान सरकार को डॉमेस्टिक रेवेन्यू कलेक्शन और पब्लिक एक्सपेंडिचर में सुधार करना होगा. फिस्कल इक्विटी में सुधार के लिए ये करना जरूरी है. इसके अलावा वैश्विक निकाय ने पाकिस्तान में पब्लिक हेल्थ और एजुकेशन तक पहुंच बढ़ाने के लिए सुधार लागू करने पर भी जोर दिया है, जो देश में गरीबी और असमानता को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. इसके साथ ही World Bank ने पाकिस्तान के टैक्स सिस्टम की कमियों को उजागर करते हुए कहा है कि पाकिस्तान के लिए मुसीबत ये है कि उसने इनडायरेक्ट टैक्सों पर ज्यादा फोकस किया है और सब्सिडी एक्सपेंडिचर से रेवेन्यू अर्जित करने का रास्ता चुना है.  

इसबार क्या बढ़कर आएगी लाड़ली बहना योजना की किस्त ? 1250 का इंतजार

भोपाल  मध्य प्रदेश की करोड़ों बहनों के लिए जून का महीना बड़ी राहत लेकर आया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 25वीं किस्त जल्द जारी होने वाली है, जिसमें करीब 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹1250 ट्रांसफर किए जाएंगे। यही नहीं, इस बार 26 लाख से ज्यादा बहनों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी अतिरिक्त राशि दी जाएगी। यह खुशखबरी उन महिलाओं के लिए है जो इस योजना से हर महीने आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। 15 तारीख तक आएगी 25वीं किस्त अब तक हर महीने की 10 तारीख तक किस्त जारी की जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से सरकार ने तारीख को थोड़ा आगे बढ़ाया है। अब हर महीने की 15 तारीख के आसपास भुगतान किया जाएगा। अप्रैल में 16 और मई में 15 तारीख को किस्तें आई थीं, ऐसे में अनुमान है कि 25वीं किस्त 15 जून 2025 तक बहनों के खातों में पहुंच सकती है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। रक्षाबंधन पर पर बढ़ेगी राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में रीवा जिले के मनगवां में एक महिला सम्मेलन में ऐलान किया कि रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने वादा किया कि अगले 3 वर्षों में योजना की राशि को बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह कर दिया जाएगा। मई 2023 में हुई थी योजना की शुरूआत लाड़ली बहना योजना मई 2023 में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी, जिसका मकसद था महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। शुरुआती किस्त ₹1000 की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1250 किया गया। अब हर साल ₹15,000 तक की मदद मिलने लगी है। कौन महिलाएं हैं पात्र? जानिए नियम और शर्तें इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। केवल विवाहित महिलाएं, चाहे वे विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता हों, पात्र मानी जाती हैं। महिला या उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही परिवार में कोई टैक्सपेयर, सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी सदस्य नहीं होना चाहिए। जिन महिलाओं के पास ट्रैक्टर को छोड़कर चारपहिया वाहन हैं या 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है, वे भी इस योजना से बाहर हैं। रक्षाबंधन पर मिलेगा बहनों को उपहार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा जिले के मनगवां में महिला स्वसहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन में ऐलान किया है कि रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस योजना की राशि 3 वर्ष में बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक ले जाएंगे।इससे पहले सारणी में एक सभा के दौरान भी सीएम ने ऐलान किया था कि लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह तक की जाएगी। आने वाले 5 वर्षों में लाड़ली बहनों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। जब योजना शुरू की गई थी, तब सरकार ने वादा किया था कि 1000 रुपये का भुगतान धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 24 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। जानिए लाड़ली बहना योजना के लिए आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं     जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।     जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।     जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर … Read more

सुधाकर की पत्नी, ककरला गुरु स्मृति भी सक्रिय नक्सली, नक्सलियों का ‘माइंड’ था सुधाकर

रायपुर  पुलिस और सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के कम से कम 15 सदस्य अभी भी शामिल हैं। इन 15 सदस्यों पर जिनकी अलग-अलग भूमिकाएं काफी बड़ा इनाम है। इस लिस्ट के नक्सलियों पर ₹40 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक के इनाम घोषित हैं। सोमवार को बीजापुर में मुठभेड़ में मारा गया वरिष्ठ नेता सुधाकर इस लिस्ट में 16वें नंबर पर था। सबसे वांछित व्यक्ति मुप्पल्ला लक्ष्मणा राव उर्फ गणपति सेंट्रल कमेटी सदस्य और पूर्व महासचिव है। गणपति नंबला केशवा राव उर्फ बसवराजू से पहले केंद्रीय कमेटी का महासचिव था, जो 21 मई को एक मुठभेड़ में मारा गया था। लिस्ट में खूंखार महिला नक्सली भी लिस्ट में एक और नाम सुजाता उर्फ कल्पना का है, इसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक मानी जा रही है। वह माओवादी नेता किशन की विधवा है जो 2011 में पश्चिम बंगाल में एक मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने बताया कि सुजाता अभी भी सेंट्रल कमेटी सदस्य है और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी की प्रभारी भी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹40 लाख का इनाम घोषित किया है, लेकिन अन्य राज्यों से उनकी गिरफ्तारी पर कुल इनाम ₹1 करोड़ से अधिक हो सकता है। 2025 की नक्सली घटनाएं 5 जून – बीजापुर में 1 करोड़ इनामी नक्सली ढेर 21 मई – नारायणपुर में 27 नक्सली ढेर, डेढ़ करोड़ का इनामी बसवा राजू भी मारा गया। 14 मई – कुर्रेगुट्टा पहाड़ पर चला देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 31 नक्सली ढेर। 10 फरवरी – बीजापुर 31 नक्सली ढेर, इनमें 11 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल 2 फरवरी- बीजापुर के गंगालूर में मुठभेड़, 8 नक्सली ढेर 20-21 जनवरी- गरियाबंद जिले में मुठभेड़, 16 नक्सलियों के शव बरामद 16 जनवरी- छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर, कांकेर पुजारी गांव में 18 नक्सली ढेर 12 जनवरी- बीजापुर के मद्देड़ इलाके में मुठभेड़, 2 महिला नक्सली समेत 5 नक्सली ढेर 9 जनवरी- सुकमा-बीजापुर बॉर्डर में 3 नक्सली ढेर 6 जनवरी – IED ब्लास्ट की चपेट में जवानों की गाड़ी आई, 8 जवान शहीद, एक ड्राइवर की भी मौत 4 जनवरी- अबूझमाड़ के जंगल में मुठभेड़, एक महिला नक्सली समेत 5 नक्सली ढेर, एक DRG जवान शहीद पुलिस प्रशासन के प्रयास जारी सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भाकपा (माओवादी) के 15 सदस्य अभी भी शामिल हैं। इनमें गणपति, सुजाता और अभय जैसे बड़े नाम हैं। इन पर लाखों रुपये के इनाम हैं। ये लोग पार्टी के थिंक टैंक हैं और रणनीति बनाते थे। अब इनकी संख्या घट गई है। पुलिस इन लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। नक्सलियों के लिए बड़ा झटका सुधाकर की मौत को मध्य और दक्षिणी भारत में विद्रोही समूह के राजनीतिक और ऑपरेशनल कोर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। मौत के समय, सुधाकर CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी में तकनीकी टीम का प्रुमख था। साथ ही दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के तहत रीजनल पॉलिटिकल स्कूल (RePoS) चलाते था। ये दोनों ही कैडर को विचारधारा सिखाने और ट्रेनिंग देने के लिए बहुत जरूरी थे। आंध्र प्रदेश में हुआ था जन्म सुधाकर का जन्म आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के प्रागदावरम गांव में हुआ था। वह वेलामा परिवार से था। उसने एलुरु के सी. आर. रेड्डी कॉलेज में पढ़ाई की। फिर विजयवाड़ा में आयुर्वेदिक मेडिसिन कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई छोड़ दी। 1980 के दशक के मध्य तक, वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर 1986 में पीपुल्स वॉर ग्रुप में शामिल हो गया। इस तरह से वह माओवादी के रूप में 40 साल का सफर पूरा किया है। शांति वार्ता के दौरान लोगों के सामने आया सुधाकर 2004 में आंध्र प्रदेश सरकार और नक्सलियों के बीच हुई शांति वार्ता के दौरान लोगों के सामने आया। रामाकृष्ण और गणेश जैसे बड़े नेताओं के साथ, वह गुत्तीकोंडा बिलम में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए जंगलों से बाहर आया। हैदराबाद में 15 से 18 अक्टूबर, 2004 तक चली बातचीत में युद्धविराम, भूमि अधिकार और कैदियों की रिहाई पर ध्यान दिया गया। हालांकि, बातचीत जल्द ही टूट गई। इसके बाद सुधाकर वापस भूमिगत हो गया। इस बार वह मध्य भारत के घने जंगलों में शिफ्ट हो गया। माड क्षेत्र में एक्टिव था सुधाकर 2007 से, सुधाकर मुख्य रूप से माड क्षेत्र में सक्रिय था। वह माओवादी विचारधारा के प्रशिक्षण स्कूल RePoS और MoPoS (मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल) की देखभाल करता था। उसने CPI (माओवादी) के तकनीकी विंग में भी अहम भूमिका निभाई। वह संचार और उपकरण लॉजिस्टिक्स का काम संभालता था। जो गुरिल्ला युद्ध के लिए बहुत जरूरी था। उसे तेलुगु, हिंदी और गोंडी भाषाएं आती थी। माओवादियों को टेक्निकल एजुकेशन और तकनीकी ज्ञान से जुड़ा है। यह सुधाकर की दुर्लभ क्षमता थी। पत्नी भी है सक्रिय माओवादी सुधाकर की पत्नी, ककरला गुरु स्मृति उर्फ उमा भी एक सक्रिय माओवादी है। वह दंडकारण्य क्षेत्र में राज्य समिति की सदस्य है। आंध्र और ओडिशा में कई मामले दर्ज सुधाकर पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कई मामले दर्ज थे। इनमें मुठभेड़, विस्फोट और शस्त्र और विस्फोटक अधिनियमों के उल्लंघन जैसे मामले शामिल थे। ये मामले सिलेरू, पाडेरू और कोरापुट जैसे इलाकों में हुए थे। 2003 में, बल्लुनिरि गांव के पास एक मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए थे। इस मामले में सुधाकर का नाम भी था। मलकानगिरी और अन्य वन क्षेत्रों में समन्वित विस्फोटों और घात लगाकर किए गए हमलों में उनकी भूमिका ने उन्हें एक टॉप लेवल का ऑपरेटिव बना दिया। उस पर 50 लाख रुपए का नकद इनाम था। आंध्र प्रदेश के एक वरिष्ठ एंटी-नक्सल खुफिया अधिकारी ने बताया कि सुधाकर की मौत माओवादी आंदोलन के लिए एक गंभीर झटका है। खासकर राजनीतिक शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में। सुधाकर का एक छात्र विद्रोही से टॉप माओवादी रणनीतिकार बनने का सफर, नक्सली आंदोलन के इतिहास को दर्शाता है। यह राजनीतिक बातचीत और सशस्त्र विद्रोह के बीच झूलता रहा। उसकी मौत सुरक्षा बलों के लिए एक सामरिक जीत है। लेकिन इसका गहरा असर माओवादी रैंकों के भीतर वैचारिक गहराई और तकनीकी तालमेल की कमी के रूप में दिख सकता है।

अब नमक से सड़कों पर दौड़ेंगे स्कूटर! चीन में शुरू हुई Sea Salt बैटरी टेक्नोलॉजी की नई क्रांति,भारत में कब होगा लॉन्च?

नई दिल्ली जिस देश में अब तक पेट्रोल और लिथियम-आयन बैटरी से चलने वाले स्कूटर आम थे, अब वहां जल्द ही समुद्री नमक (Sea Salt) से चलने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स सड़कों पर नजर आने लगे हैं। यह तकनीक न केवल पर्यावरण के लिहाज से फायदेमंद है, बल्कि इसकी लागत भी पारंपरिक स्कूटर्स की तुलना में काफी कम है। क्या है Sea Salt बैटरी वाली तकनीक? इन स्कूटर्स में सोडियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो सी-सॉल्ट यानी समुद्री नमक से प्राप्त सोडियम से बनाई जाती है। यह बैटरी लिथियम-आयन या लेड-एसिड बैटरियों का सस्ता और किफायती विकल्प है, जो तेजी से चार्ज होती है और अच्छी परफॉर्मेंस देती है। हांग्जो में हुई लाइव टेस्ट ड्राइव चीन के हांग्जो शहर में एक शॉपिंग मॉल के सामने इन स्कूटर्स की लाइव टेस्ट ड्राइव का आयोजन किया गया। इसके लिए विशेष चार्जिंग स्टेशन लगाए गए, जिनमें बैटरी को सिर्फ 15 मिनट में 0 से 80% तक चार्ज किया जा सकता है। कीमत और उपलब्धता इन स्कूटर्स की कीमत लगभग $400 से $660 (यानी करीब ₹35,000 से ₹51,000) के बीच रखी गई है, जिससे यह आम लोगों के लिए भी सुलभ विकल्प बनते हैं। याडिया (Yadea) कंपनी ने इस तकनीक पर आधारित तीन अलग-अलग मॉडल्स बाजार में पेश किए हैं। सॉल्ट आयन बैटरी से कैसे चलती है गाड़ी? पारंपरिक इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आमतौर पर लिथियम-आयन या लेड-एसिड बैटरियों का उपयोग होता है, लेकिन नई तकनीक वाले स्कूटरों में सोडियम आयन बैटरी लगाई जा रही है, जिसे समुद्री नमक (सी-सॉल्ट) से तैयार किया जाता है. यह बैटरी तकनीक लिथियम के मुकाबले न केवल अधिक सुलभ है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित मानी जाती है. सोडियम बैटरियों की लागत लिथियम बैटरियों से कम होती है और ये बहुत तेजी से चार्ज हो सकती हैं. उदाहरण के लिए, इन्हें केवल 15 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है. इस नई तकनीक के कारण स्कूटर्स की कीमत भी काफी कम है, जो चीन में 35,000 से 51,000 रुपये (लगभग 400 से 660 अमेरिकी डॉलर) के बीच बेचे जा रहे हैं. पहली बार कहां हुआ इसका लाइव प्रदर्शन? इन नमक से चलने वाले स्कूटरों का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन चीन के हांग्जो शहर में एक शॉपिंग मॉल के बाहर किया गया. इस मौके पर खासतौर से डिजाइन किए गए चार्जिंग स्टेशन भी लगाए गए, जहां इन स्कूटर्स की बैटरी को सिर्फ 15 मिनट में 80% तक चार्ज किया गया. यह लाइव डेमो इस बात का प्रमाण था कि सोडियम बैटरी तकनीक न केवल व्यवहारिक है, बल्कि सामान्य उपयोग में भी पूरी तरह सक्षम है. लिथियम के मुकाबले सस्ता और स्मार्ट विकल्प आज के समय में जब दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लिथियम की सीमित उपलब्धता और ऊंची लागत एक बड़ी चिंता बन चुकी है. इसके अलावा, लिथियम खनन से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है. इसके उलट, सोडियम एक सस्ता, व्यापक रूप से उपलब्ध और पर्यावरण-सुलभ विकल्प है, जिससे यह तकनीक अधिक टिकाऊ (Sustainable) बन जाती है. भारत में कब आएंगे नमक से चलने वाले स्कूटर? फिलहाल भारत में सोडियम बैटरी पर रिसर्च इनिशियल स्टेज में है. हालांकि, सरकार और निजी कंपनियां जैसे Ola, Ather और Hero Electric अब वैकल्पिक बैटरी तकनीकों की ओर गंभीरता से ध्यान दे रही हैं. जैसे ही यह तकनीक भारत में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होती है, इसके कई बड़े फायदे हो सकते हैं. सस्टेनेबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम समुद्री नमक से बनी ये बैटरियां सिर्फ सस्ती ही नहीं, बल्कि इको-फ्रेंडली भी हैं। सोडियम एक ऐसा तत्व है जो पृथ्वी पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की निर्भरता कम होती है। यह तकनीक आने वाले समय में ईवी उद्योग की दिशा बदल सकती है। क्या भारत में भी आएंगे ऐसे स्कूटर? जहां चीन इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपना रहा है, वहीं भारत के लिए भी यह एक बड़ी प्रेरणा हो सकती है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में भारत में भी नमक से चलने वाले स्कूटर्स की एंट्री हो सकती है।

50,000 सरकारी कर्मचारियों को पिछले महीनों से सैलरी नहीं मिली, सामने आया 230 करोड़ का वेतन घोटाला

भोपाल मध्य प्रदेश में 230 करोड़ का वेतन घोटाला सामने आया है जिसमें 50,000 सरकारी कर्मचारियों को पिछले महीनों से सैलरी नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक एमपी के कार्यबल के लगभग 9 फीसदी हिस्से को सैलरी ना दिया जाने की समस्या ने बड़े घोटाले का रूप ले लिया है और माना जा रहा है कि राज्य का अब तक का सबसे बड़ा सैलरी स्कैम हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिन कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी गई उनके नाम सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद हैं। इन कर्मचारियों का नाम और कर्मचारी कोड सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। किन किसी कारण से पिछले साल दिसंबर से इनकी सैलरी इन्हें नहीं दी गई है। तीन बड़े सवाल ऐसी चीजें सामने आने के बाद अब तीन बड़े सावल खड़े हो गए हैं। क्या ये कर्मचारी अनपेड लीव पर हैं? क्या इन्हें निलंबित किया गया है? या ये महज़ घोस्ट कर्मचारी हैं यानी कागज़ों पर तो हैं, असल में नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक 23 मई को आयुक्त कोषागार एवं लेखा (CTA) ने सभी ड्रॉइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर्स (DDO) को लेटर भेजा था। इस लेटर में इस चौंकाने वाले मामले की जांच के लिए कहा गया था। इसमें कहा गया था, IFMIS के अंतर्गत रेगुलर/नॉन रेगुलर कर्मचारियों का डेटा, जिनका वेतन दिसंबर 2024 से नहीं निकाला गया है। हालांकि कर्मचारी कोड मौजूद हैं, लेकिन IFMIS में उनका वेरिफिकेशन अधूरा है, और एग्जिट प्रोसेस भी नहीं किया गया है। इस लेटर के बाद, 6,000 से ज्यादा DDO जांच के दायरे में हैं और उनसे 15 दिनों में संभावित 230 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसकी समय-सीमा आज समाप्त हो जाएगी।  

भोपाल में एक साल में 13 किमी ज्यादा नयी सड़कें शहरवासियों को मिलीं, बीते एक साल में 387 किमी सड़कों पर काम हुआ

भोपाल राजधानी भोपाल में आबादी और क्षेत्र विस्तार के साथ सड़कों की लंबाई और चौड़ाई भी बढ़ रही है। पीडब्ल्यूडी ने बीते एक साल में शहर में 25 किमी नई सड़क बनाई। हर साल करीब 12 किमी लंबाई की नयी सड़कें पीडब्ल्यूडी तैयार करता है। लेकिन इस साल 13 किमी ज्यादा नयी सड़कें शहरवासियों को मिलीं। बीते एक साल में 387 किमी सड़कों पर काम हुआ। सड़क पर सालाना 50 करोड़ खर्च सड़क नई बनाना हो या फिर नवीनीकरण, उन्नयन या फिर चौड़ीकरण करना हो शासन शहर पर औसतन 50 करोड़ रुपए खर्चें करता है। ये राशि सिर्फ पीडब्ल्यूडी की है। इसमें यदि बीडीए, हाउसिंग बोर्ड, नगरीय निकाय को भी शामिल करें तो बजट करीब 100 करोड़ के पास होगा। खराब सड़कों की हो जांच सालाना 300 किमी से अधिक लंबाई की सड़कों पर काम होता है। 50 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च की जाती है, बावजूद इसके आमजन टूटी सड़कों(News Road built in MP) से गुजरने को मजबूर हैं। शहर के लोगों का कहना है कि सड़के खराब हैं तो करोड़ों रुपए का खर्च कहां किया जा रहा, इसकी जांच की जरूरत है। नर्मदापुरम रोड की सर्विस लेन से लेकर करोद रोड, भानपुर सर्विस लेन, 11 मिल तिराहे की सड़कें सबसे अधिक खराब हैं। इनकी मरमत की ज्यादा जरूरत है। भोपाल में सड़कें     573 किमी सड़कें पीडब्ल्यूडी की     268 सड़कें हैं कुल पीडब्ल्यूडी की     400 किमी सड़कें परफॉर्मेंस गारंटी में     4000 किमी लंबी सड़कें नगर निगम की शहर में सड़क सुधार और निर्माण के लिए विभाग तय शहर में सड़क सुधार और निर्माण के लिए विभाग तय हैं। सभी के पास बजट है और लगातार प्रस्ताव व कार्य चलते रहते हैं। ये नियमित व सतत काम है। पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य लोगों को आवाजाही का बेहतर माध्यम देना है।– केपीएस राणा, इएनसी, पीडब्ल्यूडी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बूंद सहेजे बावड़ी पुस्तक का किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  जल गंगा संवर्धन अभियान में श्री चिंतामण गणेश मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मण बावड़ी से बावड़ी उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘बूंद सहेजे बावड़ी’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ में चिंतामण गणेश मंदिर परिसर में सिंदूर के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री चिंतामण गणेश के आशीर्वाद से देश-प्रदेश विकास की नई ऊंचाईयाँ छू रहा है। उज्जैन में आयोजित की गई वेलनेस समिट में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। उज्जैन देश-विदेश के लिए मानसिक शांति, आध्यात्म, वेलनेस केयर का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन-इंदौर नवीन फोरलेन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिंतामण गणेश रेलवे स्टेशन का उन्नयन भी किया जाएगा। मां क्षिप्रा को कान्ह क्लोज़ डक्ट परियोजना और सेवारखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना से स्वच्छ, निर्मल और प्रवाहमान किया जा रहा है। इससे सिंहस्थ स्नान मां क्षिप्रा के स्वच्छ जल से हो होगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नवीन क्षिप्रा घाटों का निर्माण किया जा रहा है। सभी सुविधा श्रद्धालुओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रदेश में जल संरक्षण का संदेश, जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और भू-जल स्तर में सुधार पर कार्य कर जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के उपाय किये गये हैं। बावड़ी-उत्सव जन अभियान परिषद द्वारा बताया गया कि बावड़ी उत्सव में बावड़ियों के स्थल की जन सहभागिता से जीर्णोद्धार, प्रकाश, साफ सफाई, साज-सज्जा, जल आने के मार्गो को खोलकर जल संरचनाओं को नव जीवन प्रदान किया जा रहा है। जीर्णोद्धार के बाद बावड़ी उत्सव अंतर्गत बावड़ी का परंपरागत पूजन भी किया जा रहा है और जलस्त्रोत संरक्षण केन्द्रित संदेश अथवा बावड़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी देकर, जल संचय का संदेश दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संपूर्ण अभियान में परिषद के प्रयासों से 36 लाख 34 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हुई है। परिषद् द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में 2139 बावड़ी सफाई, 4254 तालाब सफाई, 3468 नदी घाट सफाई,15913 जल संगोष्ठी,1677 नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन के कार्य किए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बावड़ी उत्सव में लक्ष्मण बावड़ी का पूजन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री पीयूष त्रिपाठी ने किया और आभार संभाग समन्वयक श्री शिवप्रसाद मालवीय ने किया। कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी, चिंतामण गणेश मंदिर प्रशासक श्री अभिषेक शर्मा, पुजारी श्री राजेश गुरु, जनअभियान परिषद के कार्यपालक निर्देशक डॉ बकुल लाड़,सदस्य श्रीमती अजीता परमार,जिला समन्वयक श्री देवेंद्र शर्मा और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की मुलाकात

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। मुख्यमंत्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।

कनाडा पीएम ने फोन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन का दिया न्योता, प्रधानमंत्री होंगे शामिल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा जाएंगे। पीएम मोदी को खुद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने फोन कर न्योता भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में एक्स पोस्ट में जानकारी दी है। दरअसल, इस बार जी-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन कनाडा में हो रहा है। पीएम मोदी ने इसी महीने के अंत में कनाडा के कनानैस्किस में आयोजित होने वाले इस शिखर सम्मेलन में मिले न्योता के लिए कनाडा के पीएम का आभार जताया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी से फोन पर बात करके खुशी हुई। हाल ही में हुए चुनाव में उनकी जीत पर उन्हें बधाई दी और इस महीने के अंत में कनानैस्किस में होने वाले जी 7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने मार्क कार्नी को दी बधाई इसके अलावा पीएम मोदी मोदी ने अपने पोस्ट के माध्यम से कनाडा के नवनिर्वाचित पीएम मार्क कार्नी को बधाई भी दी है। बता दें कि कार्नी के पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो की सरकार के दौरान देश में खालिस्तानी अलगाववादियों की गतिविधियों सहित कई मुद्दों पर भारत के कनाडा के साथ संबंध ठंडे पड़ गए थे।

लोन वर्राटू अभियान के तहत दो इनामी समेत सात नक्सलियों ने किया सरेंडर

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में जवानों के आक्रमक एंटी नक्सल ऑपरेशन का असर साफ नजर आ रहा है. नक्सली अब घुटने टेकने को मजबूर हो चुके हैं. दंतेवाड़ा में शुक्रवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. 2 इनामी समेत 7 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. इनमें से 2 पर कुल 1 लाख का इनाम घोषित था. समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प लेते हुए लोन वर्रा टू के तहत नकस्ल दन्तेवाड़ा डिप्टी आईजी, एसपी गौरव राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके साथ ही सरकार से स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण, कृषि भूमि जैसे अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 238 इनामी सहित कुल 991 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं। इन्होंने किया सरेंडर      जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी  23 वर्ष निवासी कुड़मेर थाना मिरतुर जिला बीजापुर, पोमरा आरपीसी सीएनएम सदस्य 50 हजार इनाम     विज्ञापन     दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम 26 वर्ष निवासी कुड़मेर थाना मिरतुर जिला बीजापुर, पोमरा आरपीसी सीएनएम सदस्य 50 हजार इनाम     भोजाराम माड़वी 48 वर्ष  निवासी सालेपाल भटवेड़ा थाना मालेवाही जिला बस्तर। बोदली आरपीसी जनताना सरकार सदस्य     लखमा उर्फ सुती उर्फ लखन मरकाम 26 वर्ष निवासी टेटम स्कूलपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा उतला आरपीसी मिलिशिया सदस्य     रातू उर्फ ओठे कोवासी 25 वर्ष निवासी कुड़मेर थाना मिरतुर जिला बीजापुर बेचापाल आरपीसी मूलवासी बचाओं मंच सदस्य     सुखराम पोड़ियाम 25 वर्ष निवासी करकावाड़ा थाना बांगापाल जिला बीजापुर, पल्लेवाया आरपीसी अन्तर्गत करकावाड़ा जीआरडी सदस्य     पण्डरू राम पोड़ियाम 45 वर्ष निवासी पुसालामा थाना ओरछा जिला नारायणपुर, डुंगा आरपीसी मिलिशिया सदस्य  

भगदड़ मामला : कर्नाटक हाईकोर्ट से केएससीए पर दंडात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक

बंगलूरू कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को कर्नाटक हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के अध्यक्ष रघु राम भट और कुछ अन्य पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कोर्ट से चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की। कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगा दिया। हाईकोर्ट की शरण में क्यों पहुंचा केएससीए? बता दें कि, कर्नाटक पुलिस ने गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, इवेंट मैनेजमेंट फर्म डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) हाईकोर्ट की शरण में पहुंचा था। इस मामले में अदालत की ओर से कहा गया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। मामले की सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति एस आर कृष्ण कुमार ने केएससीए अधिकारियों को अंतरिम राहत प्रदान की है। मामले की सुनवाई 16 जून तक के लिए स्थगित कर दी गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक हरनहल्ली और श्याम सुंदर पेश हुए, जबकि राज्य की ओर से महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने पैरवी की। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले द्वारा दायर एक अलग याचिका पर भी सुनवाई कर रही अदालत ने मामले की सुनवाई 9 जून तक के लिए स्थगित कर दी। निखिल सोसले की याचिका पर भी सुनवाई  कर्नाटक हाईकोर्ट ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले की याचिका पर भी सुनवाई की। जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि आज सुबह आरोपी निखिल को दुबई जाते समय एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि जांच जारी रहने दें, गिरफ्तारी तभी होगी जब जरूरत होगी। चार अधिकारियों को हिरासत में लिया गया इस बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और इवेंट मैनेजमेंट फर्म डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के चार अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आरसीबी के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सुनील मैथ्यू और किरण कुमार से पूछताछ की जा रही है। उनमें से कुछ को कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) से हिरासत में लिया गया था।   कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार बंगलूरू भगदड़ की घटना पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, ‘जो जिम्मेदार अधिकारी है, उन्हें हमने निलंबित कर दिया है… अभी न्यायिक जांच हो रही है। उसमें जो कुछ भी सबूत सामने आएंगे, उसके आधार पर हम कार्रवाई करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर भाजपा इस घटना को लेकर (राज्य के)गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रही है तो उसी मानदंड से, उसी नियम के अनुसार पहले योगी आदित्यनाथ, पहलगाम की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश नीति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री का भी इस्तीफा मांगना चाहिए। हमारे लिए अलग और भाजपा के लिए अलग नियम नहीं हो सकते। क्या है पूरा मामला? यह भगदड़ बुधवार शाम को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में लोग आरसीबी टीम की आईपीएल जीत के जश्न में शामिल होने के लिए उमड़े थे। इस दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 56 लोग घायल हो गए थे।

मस्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति पर लगाया गंभीर आरोप, एपस्टीन की फाइलों में है ट्रंप का नाम

वॉशिंगटन: अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए एलन मस्क ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइलों में है, इसीलिए उन्हें जारी नहीं किया जा रहा है. मस्क ने लिखा “अब समय आ गया है कि बहुत बड़ा बम गिराया जाए: डोनाल्ड ट्रम्प एपस्टीन फाइलों में हैं. यही असली कारण है कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है. आपका दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने आगे कहा, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें. सच्चाई सामने आ जाएगी.” वाकई बड़ा बम गिराने का समय आ गया एलॉन मस्क ने एक्स पर पोस्ट किया, “अब वाकई बड़ा बम गिराने का समय आ गया है, डोनाल्ड ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइलों में है.और यही असली वजह है कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है. आपका दिन शुभ हो, DJT!” कौन है जेफरी एपस्टिन जिसकी चर्चा कर मस्क ने अमेरिका की राजनीति में हलचल ला दी है. अमेरिका जैसे देश में बड़ी हस्तियों का सेक्स स्कैंडल से नाम जुड़ना नई बात नहीं है. बिल क्लिंटन- मोनिसा लेवेंस्की की सनसनीखेज कहानी इसका प्रमाण है. जेफरी एपस्टिन: दौलत और सेक्स क्राइम की काली दुनिया जेफरी एपस्टिन अमेरिका का एक अरबपति फाइनेंसर था. अकूत दौलत के दम पर इस शख्स ने दुनिया के अमीरों के साथ रिश्ते बनाए. एपस्टिन के रिश्तों के इस सर्किल में डोनाल्ड ट्रंप का भी नाम शामिल है. इतनी दौलत के अलावा एपस्टिन ने सेक्स क्राइम की काली दुनिया में भी घुसपैठ की. उस पर सेक्स ट्रैफिकिंग के भी आरोप लगे. 1953 में न्यूयॉर्क में जन्मे एपस्टिन ने बिना कॉलेज डिग्री के बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में अपनी फर्म स्थापित की. एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स तस्करी के गंभीर आरोप लगे. 2005 में एक 14 वर्षीय लड़की के शोषण की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें 36 नाबालिग पीड़िताओं की पहचान हुई. 2008 में उन्हें वेश्यावृत्ति से संबंधित दो आरोपों में दोषी ठहराया गया और 13 महीने की जेल मिली. जैसा कि हमने बताया जेफरी एपस्टिन की हाई-प्रोफाइल हस्तियों जैसे बिल क्लिंटन, डोनाल्ड ट्रंप और प्रिंस एंड्रयू से दोस्ती थी. जेल में रहस्यमयी मौत 2019 में, उन्हें फिर से मानव तस्करी और यौन अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया, लेकिन सुनवाई से पहले उनकी जेल में मृत्यु हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया, हालांकि इस पर कई साजिश सिद्धांत मौजूद हैं. अमेरिका में जेफरी एपस्टिन को यौन शोषण का आरोपी कहा जाता है. प्राइवेट आईलैंड और लोलिता एक्सप्रेस! जेफरी एपस्टिन अथाह दौलत का स्वामी था. उसने अमेरिका में प्राइवेट आईलैंड खरीद रखे थे. उसकी अपनी जेट थी. इस जेट पर अमेरिका के प्रभावशाली व्यक्ति सवार होकर उसके निजी द्वीप में पहुंचते थे और पार्टियां करते थे. एपस्टीन को यूएस वर्जिन आइलैंड्स में अपने द्वीप, लिटिल सेंट जेम्स पर मशहूर लोगों का मनोरंजन करने के लिए जाना जाता था. वह अक्सर लोगों को अपने निजी जेट से द्वीप पर ले जाता था और वहां यात्रा करने वालों का लिखित रिकॉर्ड छोड़ जाता था. अमेरिका में जेफरी एपस्टिन के इस निजी जेट विमान को पार्टी सर्किल में ‘लोलिता एक्सप्रेस’ कहा जाता था. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार इस लोलिता एक्सप्रेस में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रम्प ने यात्राएं की है.  एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1993 से 1997 के बीच निजी विमान से कम से कम 7 यात्राएं कीं. ट्रम्प उस समय एकबिजनेस टायकून और रियल एस्टेट डेवलपर थे और उन्हें एपस्टीन के सहयोगी के रूप में जाना जाता था. हालांकि ट्रंप ने इससे इनकार किया था, लेकिन एपस्टीन की साथी और गर्लफ्रेंड गिस्लेन मैक्सवेल के मुकदमे के तहत 2021 में जारी फ्लाइट लॉग से पता चला कि अमेरिकी राष्ट्रपति एपस्टीन के विमान में 7 बार सवार हुए थे. ट्रंप ने 2024 ट्रुथ सोशल पोस्ट में दावा किया, “मैं कभी एपस्टीन के विमान या उसके बेवकूफ़ द्वीप पर नहीं था.” पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिटंन की भी इस जेट पर कई बार तस्वीरें आई है. बता दें कि किसी मामले से संबंधित फाइलों में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होने का यह मतलब नहीं है कि उन पर किसी गलत काम का आरोप लगाया गया है. उन्हें भी उतनी ही सुंदर महिलाएं पसंद हैं जितनी मुझे हालांकि ट्रंप ने 6 जुलाई, 2019 को एपस्टीन की गिरफ्तारी के बाद से ही उनसे दूरी बना ली थी, लेकिन 1980 के दशक के अंत से लेकर 2000 के दशक की शुरुआत तक दोनों अच्छे दोस्त थे. हाल ही में एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें दोनों को मार-ए-लागो में एक पार्टी में एक-दूसरे से बात करते हुए दिखाया गया था. उन्हें विक्टोरिया सीक्रेट एंजेल्स पार्टी में भी साथ देखा गया था. ट्रंप ने अपने हमेशा की तरह ही जोरदार अंदाज में 2002 में न्यूयॉर्क पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में एपस्टीन की प्रशंसा की थी और उन्हें “शानदार व्यक्ति” कहा था जिन्हें वे 15 सालों से जानते हैं. तब ट्रंप ने जेफरी एपस्टिन के बारे में कहा था, “उनके साथ रहना बहुत मजेदार है. यह भी कहा जाता है कि उन्हें भी उतनी ही सुंदर महिलाएं पसंद हैं जितनी मुझे और उनमें से कई युवा हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है- जेफरी को अपना सोशल लाइफ पसंद है.” ट्रंप के साथ दोस्ती बिगड़ने के बाद मस्क ने इन्हीं मामलों का जिक्र किया है. ये मामले और कानूनी रिकॉर्ड जिन दस्तावेजों में जब्त हैं उन्हें एप्सटीन फाइल्स के नाम से जाना जाता है. इनमें से कुछ फाइलें सार्वजनिक की गई हैं, लेकिन कुछ अभी भी गोपनीय हैं, जिसके कारण कई साजिश सिद्धांत और अटकलें चल रही हैं. मस्क इन्हीं फाइलों को सार्वजनिक करने की बात कर रहे हैं. एलन मस्क का दावा कि डोनाल्ड ट्रम्प का नाम इन फाइलों में है, एक गंभीर लेकिन अपुष्ट बयान है. ट्रंप और एप्सटीन की पुरानी दोस्ती के कुछ सबूत हैं (जैसे, ट्रंप का उनके जेट में यात्रा करना), लेकिन ट्रंप के खिलाफ कोई ठोस आपराधिक सबूत सार्वजनिक नहीं हुआ है जो उन्हें एप्सटीन के अपराधों से सीधा जोड़ सके.   क्या है एपस्टीन मामला     ये सारा मामला … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में सांदीपनि विद्यालय और अन्य विद्यालयों के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.के. गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, रीवा को सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र से सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चनों को त्वरित रूप से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के समीपवर्ती क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के प्रस्तावित उन्नयन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण कर प्रस्तावों को सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि रीवा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के उन्नयन को प्राथमिकता से किया जाये, जिससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें शिक्षा के लिये शहर आने की असुविधा न हो। आयुक्त, स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता, पीआईयू, एवं एप्को के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet