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कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की

राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं और डिस्पोजल प्रतिशत बढ़ाएं : कलेक्टर कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा 70 प्रतिशत से कम निराकरण स्वीकार नहीं कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की तहसीलदार ग्रामीण छतरपुर, गौरिहार एवं सरबई, जुझारनगर नायब तहसीलदार को शोकॉज कलेक्टर ने अभिलेख दुरूस्ती के प्रकरण ऑनलाइन ही भेजने के निर्देश दिए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नौगांव एवं छतरपुर एसडीएम को 2 वर्ष से अधिक अवधि के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए और तहसीलदार छतरपुर ग्रामीण (ईशानगर) के प्रकरण अधिक लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही सरबई और जुझारनगर नायब तहसीलदार के अधिक केस लंबित होने एवं सरबई का सीमांकन निराकरण प्रतिशत 17.33 होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक वेतन वृद्धि रोके जाने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा 2 से 5 वर्ष वाले एक भी नहीं रहे। उन्होंने लवकुशनगर एसडीएम को प्रकरणों का निराकरण प्रतिशत बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने रिकॉर्ड सुधार, बंटवारा, तरमीम और नामांतरण के लंबित अपीलों को प्रमुखता से निराकृत करने और आबादी सर्वे के केस डिस्पोज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा एसडीएम अपने मुख्यालय पर रहें। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि राजस्व अधिकारी प्रकरणों का डिस्पोजल प्रतिशत बढ़ाएं और निराकरण में तेजी लाएं। उन्होंने कहा तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अंतर्गत 70 प्रतिशत से कम निराकृत प्रतिशत बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अंतर्गत न्यायालयवार नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 6 माह से लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अगले 10 दिनों में निराकरण के निर्देश कलेक्टर ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुई राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक में दिए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्रीमती विशा माधवानी सहित अनुभागों के एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। * एसडीएम छतरपुर को कैम्प लगाकर प्रकरणों के निराकरण के निर्देश * लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से ही आवेदन स्वीकार करें, ऑफलाइन नहीं * कलेक्टर ने पटवारियों से सख्ती से कार्य कराने के दिए निर्देश   कलेक्टर जैसवाल ने एसडीएम छतरपुर को कैंप लगाकर सीमांकन के प्रकरणों में गति लाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि पटवारी को सख्ती से इस काम में लगाए जिससे प्रकरणों के निराकरण में गति बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा सभी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदार सीमांकन के सभी आवेदन लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ही आवेदन लें, कोई भी आवेदन ऑफलाइन स्वीकार नहीं करे। कलेक्टर ने बंटवारा के प्रकरणों की समीक्षा में तहसीलदार गौरिहार के 6 माह से लंबित 3 प्रकरणों में कड़ी नाराजगी व्यक्त की और निर्देशित किया कि प्रकरणों का निराकरण कर प्रगति में सुधार लाएं। इसके अलावा छतरपुर नगर, बक्सवाहा, बिजावर तहसीलदार को भी लंबित प्रकरण शीघ्र निराकरण के लिए कहा। * नौगांव एवं ईशानगर रीडर को कारण बताओ नोटिस * भूमि बंधक प्रकरणों को पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश * समयसीमा से प्रकरण बाहर होने पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश कलेक्टर ने कहा कि अभिलेख दुरुस्ती के सभी केसों को आरसीएमएस पोर्टल पर भी दर्ज करें। उन्होंने कहा एक भी केस ऑफलाइन प्रेषित न किया जाए। कलेक्टर ने नौगांव एवं ईशानगर कोर्ट के रीडर लॉगिन पर केस लंबित होने पर रीडर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने भूमि बंधक के पटवारी एवं तहसीलदार स्तर पर लंबित प्रकरणों को पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लोकसेवा गारंटी के तहत प्रकरणों का निराकरण समय सीमा से बाहर होने पर नौगांव, लवकुशनगर तहसीलदार पर तीन-तीन हजार एवं बक्सवाहा पर एक हजार रूपए की पेनाल्टी अधिरोपित करने के निर्देश दिए। * स्वामित्व योजना में ग्रामीण आबादी सर्वे कार्य जून माह में पूरा करने के निर्देश * विशेष कैम्प लगाकर फॉर्मर आईडी, आधार से खसरा लिंकिंग एवं तरमीम में प्रगति प्रतिशत बढ़ाएं कलेक्टर ने साइबर तहसील अंतर्गत प्रकरणों में पटवारियों की लंबित रिपोर्ट को लगवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीण आबादी सर्वे कार्य को जून माह में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार छतरपुर ग्रामीण को ग्राउंड ट्रूथिंग में कुछ ग्राम लंबित होने होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही गौरिहार एवं छतरपुर ग्रामीण के संबंधित पटवारियों को तत्काल कलेक्ट्रेट तलब करते हुए एसएलआर की उपस्थिति में यह कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रथम एवं द्वितीय प्रकाशन के लिए लंबित ग्रामों का कार्य पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने फार्मर आईडी, आधार से खसरा लिंकिंग एवं तर्मीम के कार्य में विशेष कैम्प लगाकर 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। * राजस्व अधिकारी वसूली प्रतिशत बढ़ाएं, संबंधित को नोटिस जारी करें * केन बेतवा के लंबित पैकेज राशि के भुगतान के कलेक्टर ने दिए निर्देश कलेक्टर ने बकाया राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी वसूली का प्रतिशत बढ़ाए। उन्होंने कहा कि डायवर्सन की बकाया वसूली में सम्बंधित को नोटिस जारी करें और वसूली कराए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में सागर कबरई हाइवे से जुड़े ठेकेदारों से सर्विस चार्ज भी वसूल करे।  कलेक्टर ने केन बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से संबंधित भू अर्जन विस्थापन पैकेज की राशि के वितरण की समीक्षा करते हुए एसडीएम बिजावर को बकाया लोगों से बैंक खाता एकत्रित कर राशि का भुगतान कराने के निर्देश दिए है। * एसडीएम एवं तहसीलदार को दस्तावेज स्कैनिंग के लिए भू-अभिलेखों को एक सप्ताह में आंकलन करने के निर्देश कलेक्टर ने दस्तावेज स्कैनिंग (डिजिटाइजेशन) के संबंध में एसडीएम एवं तहसीलदार को निर्देश दिए कि रिकॉर्ड का सही तरीके से आंकलन करलें और रिकॉर्ड लॉकेट कर और बिन्दुवार जानकारी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा यह कार्य अनुमानित तौर पर नहीं चलेगा। इसमें लापरवाही पर एसडीएम एवं तहसीलदार स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा तहसील में एक कोर टीम बनाएं। जो भू अभिलेख से संबंधित दस्तावेज स्कैन कार्य देखेगी। उन्होंने कहा अधिकारियों को जानकारी रहे की उनका रिकॉर्ड कहा रखा है। कलेक्टर ने एक सप्ताह में रिकॉर्ड की जानकारी का पुनः आंकलन करने के निर्देश दिए … Read more

हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं: शशि थरूर

वाशिंगटन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पीएम मोदी पर दिये गए ‘सरेंडर’ वाले बयान पर लगातार चर्चा जारी है. अब इस बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एंट्री हो गई है. शशि थरूर ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के आउटरिच मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं. शशि थरूर की टीम अभी अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में है. इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में शशि थरूर ने राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस सांसद शशि थरूर से एक पत्रकार ने पूछा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों का मुद्दा लगातार उठ रहा है. इस महिला पत्रकार ने कहा कि ये एक ऐसा सवाल है जिस पर आपकी पार्टी लगातार प्रश्न पूछ रही है. कल ही आपकी पार्टी के नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया? इस सवाल के जवाब में शशि थरूर ने कहा कि हमारे मन में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के प्रति अगाध आस्था है, हम अमेरिका के राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं. ‘किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है’ ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिका के गए भारत के आउटरिच मिशन की अगुआई कर रहे शशि थरूर ने इस मसले पर भारत के रूख को स्पष्ट करते हुए साफ-साफ कहा, “जैसा मैंने कहा जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करता रहेगा, हमें पाकिस्तानियों के साथ वही भाषा बोलने में कोई परेशानी नहीं है. हम ताकत की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है…” थरूर ने कहा कि, “वहीं अगर दूसरी ओर अगर वे आतंकवाद के ढांचे को नष्ट करना चाहते हैं, हम उनसे बात कर सकते हैं, अगर वे गंभीर कदम उठाते हैं और ऐसा दिखाते हैं कि पाकिस्तान भारत के साथ सामान्य रिश्ते रखना चाहता है तो हम निश्चित रूप से बात करने को तैयार हैं और इसके लिए हमें किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी.” उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में भारत को रुकने के लिए मनाने की जरूरत नहीं थी. किसी को हमें रुकने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी क्योंकि हम उन्हें बता रहे थे कि जैसे ही पाकिस्तान रुकेगा, हम रुकने के लिए तैयार हैं. इसलिए अगर उन्होंने बदले में पाकिस्तानियों से कहा, बेहतर होगा कि आप रुक जाएं क्योंकि भारतीय रुकने के लिए तैयार हैं और उन्होंने ऐसा ही किया. और यह उनकी ओर से एक बढ़िया इशारा है. लेकिन सिर्फ पाकिस्तान और वही बता सकते हैं कि आखिरकार हुआ क्या था. कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत ने जो भी बात की सकारात्मक सोच के साथ की. उन्होंने कहा कि हमारे मन में अमेरिका के लिए बहुत सम्मान है, हमारी अमेरिका के साथ कहीं ज्यादा अहम रणनीतिक साझेदारी है. इसे हम एक मसले को लेकर क्या बात हुई उस पर इस रिश्ते को संकट में डालना नहीं चाहेंगे. क्या था राहुल गांधी का बयान बता दें कि राहुल गांधी 3 जून को मध्य प्रदेश में थे. उन्होंने वहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि, ‘मैं बीजेपी और आरएसएस वालों को अच्छे से जान गया हूं. इनको थोड़ा सा दबाओ तो डर कर भाग जाते हैं.’ राहुल ने आगे कहा, “उधर से ट्रंप ने फोन किया और इशारा किया कि मोदी जी क्या कर रहे हो? नरेंदर, सरेंडर. और ‘जी हुजूर’ कर के मोदी जी ने ट्रंप के इशारे का पालन किया.” बीजेपी ने कहा ये सेना का अपमान भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस बयान को देश और सेना का अपमान बताया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य एवं पराक्रम को ‘सरेंडर’ कहकर संबोधित करना, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र के साथ-साथ 140 करोड़ भारतवासियों का भी घोर अपमान है. नड्डा ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तानी भी ऐसा कहता तो हम उस पर हंसते भी लेकिन जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में तबाही मचाई, उसके बाद पाकिस्तान की जनता से लेकर उसकी सेना और उसके प्रधानमंत्री ने भी ऐसा कहने की हिम्मत नहीं की लेकिन राहुल गांधी ऐसा बोल रहे हैं!  यह देशद्रोह से कम नहीं है. बता दें कि 7 मई को भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर 10 मार्च तक चला. जब पाकिस्तान के अनुरोध को मानते हुए भारत ने युद्धविराम की बात मान ली.  

सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, एक करोड़ का इनामी नरसिम्हा चलम को सुरक्षाबलों ने मार गिराया

बीजापुर बीजापुर जिले के नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी सीसी मेम्बर नरसिम्हा चलम उर्फ गौतम उर्फ सुधारक को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। बताया जा रहा है कि नरसिम्हाचलम मूलतः आंधप्रदेश के चिंतापालुदी का रहने वाला है। वह नक्सल संगठन में शिक्षा विभाग के कामों को देखता था। ऑटोमेटिक हथियार बरामद होने की खबर है। मुताबिक इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में नक्सलियों के बड़े कैडर की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम को अभियान पर रवाना किया गया था। अभियान के दौरान आज सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों  के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से हो रही मुठभेड़ में जवानों द्वारा एक नक्सली को मार गिराने व ऑटोमेटिक हथियार बरामद किये जाने की खबर मिल रही है। मुठभेड़ अब भी जारी है। बीजापुर में आज सुबह से मुठभेड़ जारी है। मौके से एक ऑटोमेटिक हथियार बरामद किया है। मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ  के जवान लगातार नक्सलवाद के खिलाफ सर्चिंग ऑपरेशन कर माओवादियों का खात्मा कर रहे हैं।  दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। 

दिल्लीवासियों को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का मिला तोहफा, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली दिल्लीवासियों को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का तोहफा मिला है. गुरुवार को पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बसों का उद्घाटन किया. ये बसें न केवल दिल्ली के निवासियों को उनकी दैनिक यात्रा में सहायता करेंगी, बल्कि प्रदूषण से प्रभावित राजधानी को भी स्वच्छता प्रदान करेंगी. इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा उपस्थित रहे. बेहद खास हैं ये छोटी बसें ये बसें साधारण परिवहन साधन नहीं हैं, बल्कि DEVI स्कीम (दिल्ली इलेक्ट्रिक वीकल इंटरकनेक्टर) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. ग्रीन रंग की ये 9 मीटर लंबी मिनी इलेक्ट्रिक बसें न केवल आकर्षक हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अत्यंत अनुकूल हैं. ये जीरो-एमिशन वाली बसें पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हैं. इनकी एक विशेषता यह है कि इनका आकार छोटा है, जिससे ये लास्ट मील कनेक्टिविटी प्रदान करने में सक्षम हैं. इसका मतलब है कि ये बसें उन क्षेत्रों में भी पहुंच सकती हैं जहां सड़कें संकरी हैं. कहां से कहां तक चलेंगी ? ये बसें दिल्ली के चार मुख्य डिपो, कुशक नाला, द्वारका, ईस्ट विनोद नगर और गाजीपुर से संचालित होंगी. ये बसें साउथ दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, साउथ-वेस्ट दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर तेज़ी से चलेंगी. ‘एक पेड़ मां के नाम’- PM का खास संदेश पीएम मोदी ने बसों को हरी झंडी दिखाते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया. उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत एक पेड़ भी लगाया और लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की. इस अवसर पर दिल्ली के LG वीके सक्सेना, CM रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे.

ट्रंप प्रशासन ने 12 देशों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई घोषणा (प्रोक्लेमेशन) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत उन्होंने 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. इसके साथ ही 7 अन्य देशों से आने वाले लोगों पर आंशिक पाबंदियां लगाई गई हैं. ट्रंप ने ये कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उठाया है. ये जानकारी CBS न्यूज ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से दी. । ट्रंप ने ईरान, अफगानिस्तान समेत दुनिया के 12 देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर बैन लगा दिया है। उन्होंने बुधवार को इसकी घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में इससे जुड़े एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें यह कहा गया कि आतंकवादियों और अन्य खतरों से सुरक्षा के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। ट्रंप ने जिन देशों के नागरिकों पर यह प्रतिबंध लगाया है उनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन का नाम शामिल है। ट्रंप ने कहा है कि इन देशों के अलावा सात अन्य देशों, बुरुंडी, क्यूबा, ​​लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के लोगों के प्रवेश पर आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाया जाएगा। 9 जून 2025 से लागू होगा आदेश जानकारी के मुताबिक ट्रंप का यह आदेश 9 जून 2025 को आधी रात से लागू हो जाएगा। आदेश में बताया गया है कि इस तारीख से पहले जारी किए गए वीजा रद्द नहीं किए जाएंगे। ट्रंप ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि इन देशों की सूची में और भी नाम जोड़े जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा, “हम ऐसे लोगों को अपने देश में नहीं घुसने देंगे जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।” कोलोराडो हमले का जिक्र ट्रंप ने कहा कि जिन देशों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं वे आतंकवादियों को पनाह देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश वीजा सुरक्षा पर सहयोग करने में और अपने देश के नागरिकों की पहचान सत्यापित करने में भी विफल रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि इन देशों के नागरिक आपराधिक इतिहास का रिकॉर्ड रखते हैं और वीजा की अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रहते हुए पाए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में कोलोराडो में हुए हमले का भी जिक्र किया। पहले कार्यकाल में भी लगाए थे प्रतिबंध बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ऐसे कदम उठा चुके हैं। उन्होंने पहले कार्यकाल में सात मुस्लिम बहुल देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। हालांकि ट्रंप के बाद राष्ट्रपति बने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 में इन प्रतिबंधों को हटा दिया था। बाइडेन ने इस फैसले को अमेरिकी मूल्यों पर एक धब्बा भी बताया था।

देश में कोरोना के मामले तोड़ रहे रिकॉर्ड, कोविड मरीजों की संख्या 4000 पार; केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा

नई दिल्ली भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कम से कम 276 कोविड-19 मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 4,302 हो गई, जिसमें केरल में सबसे अधिक 1,373 संक्रमण के मामले हैं। महाराष्ट्र में 510 मामले, गुजरात में 461 और पश्चिम बंगाल में 432 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 457 कोविड-19 संक्रमण दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक कुल 44 कोविड से संबंधित मौतें हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। पिछले 24 घंटों में कम से कम सात मौतें हुईं, जिनमें से चार महाराष्ट्र में हुईं। गुजरात और दिल्ली में भी इस दौरान कोविड से संबंधित एक-एक मौत हुई। DGHS नें कोविड को लेकर की समीक्षा बैठक भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट के मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने 2 और 3 जून को कोरोना की वर्तमान स्थिति और तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, एमरजैंसी मैनेजमेंट रिस्पांस, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विस लांस प्रोग्राम (IDSP), दिल्ली में मौजूद केंद्रीय अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि कोरोना के वर्तमान मरीजों में हल्के लक्षण हैं और ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं. केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी राज्यों को आक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डा. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो और तीन जून को तकनीकी समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। भारत में कोरोना के मरीज हुए चार हजार से अधिक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबरों की माने तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में इस समय कोविड-19 के 4,300 से ज्यादा मरीज हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर के लक्षण हल्के हैं और उनका इलाज घर पर ही हो रहा है.  यह बयान दो दिन की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें देश की तैयारियों का जायजा लिया गया. सूत्रों ने बताया, 1 जनवरी 2025 से अब तक 44 लोगों से अधिक की कोविड-19 से मौत हुई है, लेकिन ये ज्यादातर वे लोग थे, जिन्हें पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियां थीं. आइए, पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों से समझते हैं कि भारत में कोरोना के हालात क्या सच में इतने गंभीर है, क्या वाकई चौथी लहर का खतरा है. कोरोना केस बढ़ने की रफ्तार में कमी 30 मई को देश में 2710 एक्टिव केस थे, जो 31 मई को 25% बढ़कर 3395 हो गए. लेकिन 1 जून को यह बढ़ोतरी घटकर 11% और 4 जून को सिर्फ 7% रह गई. यानी, नए मामलों की रफ्तार धीमी पड़ रही है, जो राहत की बात है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है. केरल में सबसे ज्यादा मामले, केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. 2 जून को यहां 1435 मामले थे, जो 4 जून को घटकर 1373 हो गए. 31 मई को केरल में केस 16% से ज्यादा बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 5% से कम हो गई और 4 जून को निगेटिव ग्रोथ देखी गई. यानी नए मामले कम हो रहे हैं. लेकिन 24 घंटे में मामले बढ़े और संख्या 1487 पहुंच गई. महाराष्ट्र में भी स्थिति नियंत्रण में महाराष्ट्र में 526 एक्टिव केस हैं. 31 मई को यहां मामले 10% बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 4% से कम और 4 जून को 3% रह गई. यह दिखाता है कि महाराष्ट्र में भी स्थिति धीरे-धीरे काबू में आ रही है. गुजरात में रफ्तार ज्यादा, फिर भी कमी गुजरात में 508 एक्टिव केस हैं. यहां 31 मई को मामले 19% और 1 जून को 21% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर घटकर 16% हो गई. हालांकि, यह देश के औसत से ज्यादा है, फिर भी रफ्तार कम होना एक दिल्ली में उतार-चढ़ाव दिल्ली में 2 जून को 483 एक्टिव केस थे, जो 3 जून को घटकर 393 हुए, लेकिन 4 जून को फिर बढ़कर 457 हो गए. 31 मई को यहां मामले 27% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर 16% रह गई. दिल्ली में स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है. लेकिन पिछले 24 घंटे में 105 केस बढ़े और 2 मरीजों की जान गई है. जिसमें एक 5 महीने बच्चे का बच्चा और 87 वर्षीय बुजुर्ग शामिल है. राज्यों को तैयारी पूरी करने का निर्देश DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वो अपने यहां ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिसिन की तैयारी पूरी रखें. बैठक में सभी को जानकारी दी गईं कि आईडीएसपी के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयाँ इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं. दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती एसएआरआई मामलों और 5% आईएलआई मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की गईं है. वहीं, पॉजिटिव एसएआरआई सैंपल को ICMR वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है. 4 और 5 जून को होगा मॉक ड्रिल सूत्रों के अनुसार, बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणालियों (पीएसए प्लांट, एलएमओ टैंक, एमजीपीएस लाइन) का आकलन करने के लिए 2 जून को एक मॉक ड्रिल की गईं थीं. लेकिन दोबारा तैयारियों को देखने के लिए 4 और 5 जून को एक और मॉक ड्रिल किया जाएगा. कोरोना से बचाव को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी इस बैठक में देश भर में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद पब्लिक एडवाइजरी भी जारी की गई ताकि लोग इस महामारी से बचाव कर सकें. पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग हाथ साफ रखें, मास्क पहने और … Read more

हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, गंगा में डुबकी लगाई

देहरादून गंगा दशहरा पर्व पर धर्म नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। धर्मनगरी में उमड़ी भीड़ के चलते हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर जाम लग गया। भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पोषक मां गंगा अवतरण दिवस ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। कई दशकों बाद इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिव्य संयोग पर गंगा दशहरा पर्व पर गंगा में स्नान, दान व तप करने के कई गुना फल की प्राप्ति होती है। राजा भगीरथ अपने पुरखों को तारने के लिए मां गंगा को धरती पर लाए थे। युगों-युगों से मां गंगा प्राणी मात्र को जीवनदान के साथ ही मुक्ति भी देती आ रही है। स्वर्ग लोक से देवी गंगा ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, बुधवार दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग की साक्षी में पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। ये है मान्यता मान्यतानुसार इस बार कई दशकों के बाद गंगा दशहरे पर पांच जून को कई दिव्य महायोग बन रहे हैंए जिन योगों में देवी गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इस साल गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इससे गंगा दशहरा पर्व की महत्ता और अधिक बढ़ गई है। इन दुर्लभ योगों के कारण गंगा दशहरा पर्व पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत व उपवास का बहुत महत्व है। गंगा दशहरा स्नान एवं दान के साथ ही तन-मन को शुद्ध करने का पर्व है। ज्योतिषाचार्य उदय शंकर भट्ट का कहना है कि विशिष्ट योग की साक्षी में गंगा माता का पूजन विशेष फल देने वाला होगा। कल्याण करने वाली माता के रूप में मां गंगा भारतीय संस्कृति की रीढ़ है। गंगा दशहरा पर क्या न करें गंगा दशहरा के दिन गंगा तटों पर जाने-अनजाने हम पुण्य के बजाए कई पाप कर्म करते हैं। जिसमें गंगा स्नान के दौरान शरीर के मैल को गंगा में नहीं धोना चाहिए। कपड़ों को गंगा में भी नहीं धोना चाहिए। यथाशक्ति दान के साथ ही गंगा में मिट्टी के दीपक में शुद्ध घी दीपक जलाकर अर्पण करना चाहिए। प्लास्टिक और अन्य अजैविक पदार्थों को गंगा में नहीं फेंकना चाहिए।  

रेलवे दलालों पर लगाएगा लगाम, अब घर बैठे बुक कर पाएंगे तत्काल टिकट; रेलवे ने बदले कई नियम

नई दिल्ली भारतीय रेलवे से तत्काल टिकट बुक करना आम यात्रियों के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा है। हर दिन लाखों यात्री IRCTC की वेबसाइट (irctc.co.in) पर कोशिश करते हैं, लेकिन वेबसाइट हैंग होने, धीमी स्पीड और बॉट्स की वजह से कई बार टिकट वेटिंग में ही रह जाती है। ऐसे में यात्रियों को भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। अब इस परेशानी को खत्म करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू करेगा। इसका मकसद फर्जी यात्रियों और दलालों को रोकना और असली यात्रियों को प्राथमिकता देना है। रेल मंत्री ने कहा, “भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन की शुरुआत करेगा। इससे जरूरतमंद और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।” क्या बदलेगा नए नियमों से?     सिर्फ आधार वेरिफाइड अकाउंट्स को तत्काल टिकट की इजाज़त मिलेगी।     बुकिंग के पहले 10 मिनट सिर्फ वेरिफाइड यूजर्स को प्राथमिकता मिलेगी।     IRCTC एजेंट्स को भी पहले 10 मिनट में टिकट बुक करने की इजाजत नहीं होगी।     काउंटर से टिकट लेने पर भी आधार सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है। क्यों जरूरी था यह कदम? वर्तमान में IRCTC के 13 करोड़ से ज्यादा यूजर्स में से केवल 1.2 करोड़ ही आधार वेरिफाइड हैं। रेलवे ने तय किया है कि जो अकाउंट आधार से लिंक नहीं होंगे, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी खाते में संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो उसे बंद कर दिया जाएगा। यह बदलाव आम यात्रियों को तत्काल टिकट के लिए उचित मौका देने की दिशा में अहम है। तत्काल टिकट बुकिंग में दिखा दिलचस्प पैटर्न रेलवे द्वारा 24 मई से 2 जून तक के बुकिंग डाटा के विश्लेषण से कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: एसी कैटेगरी:     पहले मिनट में औसतन सिर्फ 5,615 टिकट ही बुक हुए।     दूसरे मिनट में 22,827 टिकट बुक हुए।     कुल मिलाकर पहले 10 मिनट में 67,159 एसी टिकट बिके – जो कुल ऑनलाइन बुकिंग का 62.5% है। गैर-एसी कैटेगरी:     पहले ही मिनट में 4% टिकट (4,724) बुक हो गए।     पहले 10 मिनट में लगभग 66.4% टिकट बिके।     8 से 10 घंटे बाद भी लगभग 12% तत्काल टिकट बुक किए गए। यह डाटा साफ दिखाता है कि कैसे पहले कुछ मिनटों में ही अधिकतर टिकट हाथ से निकल जाते हैं – और यही वो समय है जब ऑटोमेटेड टूल्स का दुरुपयोग सबसे ज्यादा होता है। रेलवे अब इस पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और निगरानी तंत्र का उपयोग कर रहा है। अब तक क्या कार्रवाई हुई? रेलवे ने बीते 6 महीनों में 2.4 करोड़ फर्जी या संदिग्ध IRCTC अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। यह देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को सही दिशा में ले जाने की एक ऐतिहासिक पहल है। कैसे करेगा काम आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम? यात्री को आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा। OTP को IRCTC वेबसाइट पर डालकर वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। वेरिफाइड यूजर्स को तुरंत टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। IRCTC ने बताया कि जो यूजर्स आधार से वेरिफाई नहीं हैं, वे IRCTC पर रजिस्ट्रेशन के 3 दिन बाद ही तत्काल, प्रीमियम तत्काल या ARP टिकट बुक कर सकेंगे। जबकि आधार वेरिफाइड यूजर्स को ऐसी कोई रोक नहीं होगी। रेलवे ने यह भी बताया कि उसने AI तकनीक की मदद से 2.5 करोड़ से ज्यादा फर्जी और संदिग्ध IRCTC यूजर आईडी को पहचान कर निष्क्रिय कर दिया है। IRCTC के मुताबिक, तत्काल टिकट बुकिंग के पहले 5 मिनट में 50% लॉगिन प्रयास बॉट्स से होते हैं, जिससे असली यात्री टिकट नहीं बुक कर पाते। अब रेलवे ने एंटी-बॉट सिस्टम लागू किया है। एक बड़ी कॉन्टेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) सेवा के साथ साझेदारी की है। सर्वर को भी पहले से बेहतर किया है। नई व्यवस्था कब से लागू होगी? रेलवे मंत्रालय ने कहा है कि यह नियम बहुत जल्द लागू किए जाएंगे। फिलहाल तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यात्रियों को इससे पहले कुछ काम करने होंगे। अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक करें। सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हुआ हो। अगर आप नए यूजर हैं, तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि 3 दिन की वेटिंग से बच सकें।

रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न में भगदड़, 11 मौतें, CM सिद्धारमैया बोले- कुंभ में भी 50-60 की जान गई थी

बेंगलुरु बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट टीम की जीत के जश्न कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. हादसे के शिकार हुए क्रिकेट के शौकीन इन लोगों ने कभी सोचा नहीं होगा कि भीड़ के बीच उनका दम घुट जाएगा. अस्पतालों के बाहर रोते-बिलखते रिश्तेदारों की कतारें हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस दर्दनाक हादसे को लेकर कहा कि अधिकतर मृतक युवा हैं, जिनमें कई छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं. इस पूरी घटना की जांच हो रही है. बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मची भगदड़ के बीच मरने वालों में सबसे कम उम्र की दिवांसी थी, जिसकी उम्र महज 13 साल थी. वहीं, सबसे अधिक उम्र के मृतक 33 वर्षीय मनोज थे. हादसे में मारे गए लोगों में कई छात्र-छात्राएं, युवा कामकाजी लोग और स्थानीय निवासी शामिल हैं. 29 साल की लड़की आंध्र प्रदेश से आरसीबी टीम का जश्न देखने आई थी, तो वहीं 17 साल का शिवलिंग कर्नाटक के कन्नूर से था. कुछ की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. अधिकतर मौतें वायदेही और बोरिंग अस्पतालों में दर्ज हुईं. इस हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 14 वायदेही, 18 बोरिंग, 5 स्पर्श और 3 मणिपाल अस्पताल में भर्ती हैं. CM सिद्धारमैया ने कहा कि ‘मैं इस घटना का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन देश में पहले भी कई बड़े हादसे हुए हैं, जैसे कुंभ मेले में 50-60 लोगों की जान गई। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हम जिम्मेदारी से बचें।’ वहीं, भाजपा ने उनके इस्तीफे की मांग की है। बेंगलुरु भगदड़ में जान गंवाने वालों में कोलार की रहने वाली 24 वर्षीय साहना भी शामिल है. उसकी मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है. साहना ने हाल ही में एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की थी और परिवार उसकी कामयाबी पर गर्व कर रहा था. पड़ोसी बताते हैं कि साहना के माता-पिता सुरेश बाबू और मंजुला उनके करीबी मित्र हैं और यह दुख उनकी झुकी कमर और डबडबाई आंखों से साफ झलक रहा है. एक पड़ोसी ने कहा, ये हादसा दिल तोड़ देने वाला है. 11 मासूम जानें चली गईं, सब युवा थे… सरकार को अब तो सबक लेना चाहिए. साहना का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा, तो मातम की चीखों से मोहल्ला गूंज उठा. चार पॉइंट्स में समझें… इतना बड़ा हादसा क्यों और कैसे हुआ?     स्टेडियम में फ्री पास से एंट्री। पास आरसीबी की वेबसाइट से लेने थे। बुधवार को यह घोषणा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग वेबसाइट विजिट करने लगे तो साइट क्रैश हो गई। पास पाने वालों के साथ ही बिना पास के लोग भी स्टेडियम पहुंचे। इससे भीड़ का अंदाजा ही नहीं हो सका।     प्रारंभिक जांच के मुताबिक भीड़ ने स्टेडियम में घुसने के लिए गेट नंबर 12, 13 और 10 तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। नाले पर रखा स्लैब ढह गया। हल्की बारिश के बीच भगदड़ मच गई।     दोपहर लगभग 3:30 बजे भीड़ और बढ़ी तो सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे पास वाले भी अंदर नहीं घुस पाए। हंगामा शुरू हो गया। गेट नंबर 10 पर स्थिति ज्यादा बिगड़ी। पुलिस ने महिलाओं-बच्चों को पीछे धकेला, कुछ महिलाएं बेहोश होकर गिर गईं।     सरकार ने कहा, 5 हजार सुरक्षाकर्मी थे, लेकिन भीड़ बहुत थी। इसलिए विक्ट्री परेड नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी 36 घंटे से ड्यूटी पर थे। एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी बिना टिकट के स्टेडियम में घुसने की कोशिश करने लगे. जिनके पास वैध टिकट थे, वे पहले से ही स्टेडियम की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन तभी फ्री पास की जानकारी और सोशल मीडिया पर ‘विक्ट्री परेड’ की घोषणा ने भ्रम वाली स्थिति पैदा कर दी. RCB (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) टीम प्रबंधन ने दोपहर 3:14 बजे ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए घोषणा की थी कि शाम 5 बजे एक विजयी जुलूस (Victory Parade) निकाला जाएगा और इसके बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में सेलिब्रेशन होगा. पोस्ट में यह भी बताया गया कि फ्री पास सीमित संख्या में उपलब्ध हैं. इससे पहले बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 11:56 बजे यह साफ कर दिया था कि कोई परेड नहीं होगी और केवल स्टेडियम में ही एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, लेकिन RCB की पोस्ट के बाद हजारों की संख्या में फैंस परेड देखने और स्टेडियम में प्रवेश के लिए उमड़ पड़े. कैसे मची भगदड़? मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मुताबिक, स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 लोगों की है, लेकिन 2 से 3 लाख लोग आसपास पहुंच गए थे. लोग छोटे-छोटे गेटों से जबरन घुसने की कोशिश करने लगे. कई जगहों पर भीड़ ने गेट्स तोड़ दिए. इसी दौरान कुछ लोग नीचे गिर गए और उनके ऊपर भीड़ चढ़ गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि करीब 1 किलोमीटर की परिधि में 50,000 से अधिक लोग जमा हो गए थे और संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी. फ्री पास और टिकट के भ्रम में कई लोगों ने जबरन प्रवेश की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की और अंततः भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. कुछ वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठियां चलाते नजर आए. इसके बाद बेंगलुरु मेट्रो ने भीड़ को देखते हुए क्यूबन पार्क और डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेशनों पर ट्रेनों को नहीं रोकने का निर्णय लिया. पूरी घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा? भगदड़ की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि किसी ने इस तरह की भीड़ की कल्पना नहीं की थी, न ही सरकार ने और न ही क्रिकेट संघ ने. उन्होंने कहा कि विदान सौधा के सामने भी एक लाख से अधिक लोग थे, लेकिन वहां कोई हादसा नहीं हुआ. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अचानक आई इस भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया. मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्राथमिक दृष्टि से यह एक अव्यवस्था का मामला है, … Read more

किसानों को सिंचाई के लिए 5 रुपए में देंगे बिजली कनेक्शन, 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन में मिलेगा अतिरिक्त राशि का उपहार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए 5 रुपए में देंगे बिजली कनेक्शन, 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन चित्रकूट में रामलोक के निर्माण के साथ कामतानाथ परिक्रमा पथ का होगा विकास रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पहुंचाएंगे पानी भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा जिले के मनगवां में महिला स्वसहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। रीवा की धरती में बहनों का अभिनंदन करते हुए गर्व हो रहा है। बहनों के लिए लाड़ली बहना योजना लगातार जारी रहेगी। रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस योजना की राशि 3 वर्ष में बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक ले जाएंगे। महिलाओं को संपत्ति के पंजीयन में दो प्रतिशत की छूट दी जा रही है इसके फलस्वरुप पिछले एक साल में 70 प्रतिशत संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हुआ है। महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित है। महिला स्व-सहायता समूहों को उद्योग लगाने के लिए भी छूट का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजनकिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा तेजी से विकास कर रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पानी की सुविधा मिलेगी। हम किसानों को 5 रुपए में सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन देंगे। अगले 3 सालों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के बिल से मुक्ति दिलाएंगे। किसान सोलर से प्राप्त बिजली का उपयोग करेंगे और अतिरिक्त बिजली को सरकार खरीद कर किसानों को पैसा देगी। मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत गंगेव के भवन निर्माण तथा हिनौती गौधाम में बांध निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां में स्टेडियम निर्माण तथा देवास हाईस्कूल के हायर सेकेंडरी स्कूल का उन्नयन करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां तिवनी मोड़ से प्रयागराज रोड तक टू लेन सीसी रोड निर्माण की घोषणा की, इस 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 16.5 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा से मेरा दोहरा और मीठा नाता है। रीवा के सफेद बाघ और सुंदरजा आम विश्व प्रसिद्ध हैं। रीवा में महानगरों की तरह आईटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इस साल यूपीएससी की परीक्षा में प्रदेश के 60 उम्मीदवारों को सफलता मिली है जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ दूध उत्पादन के लिए भी विशेष प्रयास करेंगे। वर्तमान में देश के 9 प्रतिशत दूध का उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाएंगे। इसके लिए गौपालन करने वालों को अनुदान देंगे तथा सरकार दूध खरीद कर पशुपालकों को लाभान्वित करेगी। मध्यप्रदेश को दूध की राजधानी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा और आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। अब जो भी देश की ओर नजर उठाएगा उसको कड़ा जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। 2003 में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज थे। आज 27 मेडिकल कॉलेज हैं और तीन शीघ्र बनने वाले हैं। 2003 में प्रतिव्यक्ति वार्षिक आय 11000 रुपए थी जो अब बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश भर में सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इस साल कक्षा दसवीं और बारहवीं में परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मनगवां विधानसभा क्षेत्र को लगभग 50 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात मिली है। मनगवां विधायक प्रजापति ने अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किए हैं जिसके परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की गाड़ी सरपट दौड़ती रहेगी। समारोह में सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र को 6 लेन ओवरब्रिाज और हिनौती गोधाम की सौगात दी है। इसके साथ-साथ कई निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। सम्मेलन में विधायक मनगवां इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में रिमोट का बटन दबाकर 49 करोड़ 97 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों को हितलाभ वितरित किये। समारोह में विधायक गुढ़ नागेन्द्र सिंह, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं एवं आमजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर किया पौधरोपण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र के गंगेव स्टेडियम में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और उपस्थितों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य रोपित करके देखभाल कर उसे बड़ा बनाएं। मुख्यमंत्री ने बरैया तालाब के किनारे प्राचीन बम्बा देवी तथा काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।  

रेलवे प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, मध्य प्रदेश से गुजरने वाली सोगरिया-दानापुर स्पेशल ट्रेन में अब आसानी से मिलेगी टिकट.

भोपाल  राजस्थान के सोगरिया से बिहार के दानापुर तक जाने वाली सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन में अब आम लोग भी यात्रा कर सकेंगे. अब तक इसमें केवल खास लोग ही यात्रा कर सकते थे. दरअसल, इस ट्रेन में अब तक केवल एसी कोच की सुविधा ही उपलब्ध थी. जिसके कारण गरीब आदमी इस ट्रेन में यात्रा करने से कतराता था. हालांकि अब रेलवे प्रशासन ने इस स्पेशल ट्रेन में भी नॉन एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है. जिससे रेल यात्रियों को पर्याप्त संख्या में सीट मिल सके और उन्हें भीड़ में यात्रा न करना पड़े. 4 अगस्त से जुड़ेंगे स्लीपर और जनरल कोच बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार पहुंचने के लिए यह बहुत बढ़िया ट्रेन है, लेकिन इसमें स्लीपर और जनरल कोच नहीं होने से आर्थिक रुप से कमजोर लोग यात्रा नहीं कर पाते थे. साथ ही एसी कोच में कम सीटों के कारण लोगों को वेटिंग में टिकट लेना पड़ता था. लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने साप्ताहिक गाड़ी संख्या 09819/09820 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना में बदलाव का निर्णय लिया है. इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच का विस्तार 4 अगस्त 2025 से किया जाएगा. अभी 15 एसी कोच के साथ चलती है गरीब रथ वर्तमान में यह ट्रेन गरीब रथ स्पेशल के रूप में 15 एसी तृतीय श्रेणी इकोनोमी कोचों के साथ संचालित हो रही है, लेकिन यात्रियों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए इसे अब 22 एलएचबी कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है. ये कोच अत्याधुनिक हैं, जिनमें सामान्य कोच से अतिरिक्त सुविधाएं हैं. नए रेक में सभी श्रेणियों के कोच शामिल होंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा. अधिक कोच होने से खत्म होगी वेटिंग की समस्या वरिष्ठ मंडल प्रबंधक वाणिज्य सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे ने गरीब रथ स्पेशल ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच जोड़ने का निर्णय लिया है. ये सभी एलएचबी कोच होंगे. जो पारंपरिक कोचों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और गति में सक्षम होते हैं. इनमें बर्थ की संख्या अधिक होने से वेटिंग लिस्ट की परेशानी कम होगी.” इन स्टेशनों के यात्रियों को मिलेगा ट्रेन का लाभ यह ट्रेन मध्य प्रदेश में पश्चिम मध्य रेल के बारां, रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना स्टेशनों से होकर गुजरती है, जिससे इन स्टेशनों के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा. नई कोच संरचना के साथ गाड़ी संख्या 09819 और गाड़ी संख्या 09820 दोनों ओर से 5 अगस्त से अगली सूचला तक चलाई जाएगी.  बदलाव के बाद नई कोच संरचना इस प्रकार होगी     02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी     02 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी     07 एसी इकोनोमी कोच     05 स्लीपर कोच     04 सामान्य श्रेणी कोच     01 जनरेटर कार     01 एसएलआरडी (दिव्यांगजन और लगेज के लिए)

प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन पर अब सैटेलाइट से नजर रखने सरकार ने सैटेलाइट आधारित खनन निगरानी प्रणाली की विकसित

भोपाल प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन पर अब सैटेलाइट से नजर रखी जाएगी। सरकार ने सैटेलाइट आधारित खनन निगरानी प्रणाली विकसित की है। इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश की समस्त खदानों को जियो टैग किया गया है। सैटेलाइट से नजर रखने के लिए एक पोर्टल भी विकसित किया गया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव, खनिज उमाकांत उमराव की ओर से सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टरों को सैटेलाइट आधारित खनन निगरानी प्रणाली का जिले में तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। साथ ही अवैध उत्खनन पाए जाने पर परिवहन एवं भंडारण नियम के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए हैं। अलर्ट मैप पर चिह्नित किए जाएगें स्थान बता दें कि इस पोर्टल से सैटेलाइट के माध्यम से अवैध उत्खनन की पहचान कर अलर्ट जारी किया जाएगा। जिसे पोर्टल पर जिला कलेक्टर एवं जिला खनिज अधिकारी द्वारा लॉग-इन कर देखा जा सकेगा। जिला कलेक्टर एवं खनिज अधिकारी को अलर्ट की जानकारी एसएमएस द्वारा प्रत्येक माह पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी। जिले के अंतर्गत जारी किए गए अलर्ट मैप पर चिह्नित रहेंगे, जिनका अन्य स्थापित खदानों, जियोलॉजिकल लेयर एवं खसरेकी जानकारी के आधार पर परीक्षण किया जा सकेगा। मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा वेरीफाई बता दें कि जारी किए गए अलर्ट को खनिज अधिकारी द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन कर मोबाइल एप के माध्यम से वेरीफाई किया जाएगा। फील्ड वेरिफिकेशन के बाद अवैध उत्खनन पाए जाने पर अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण नियम-2022 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। पोर्टल के संबंध में वीसी के माध्यम से समस्त जिला कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

महू से मुख्तियारा के बीच रेल लाइन बिछाने में कटने वाले पेड़ों के बदले रेलवे दस गुना पौधे लगाएगा

इंदौर  महू-सनावद ब्रॉड गेज के तहत महू से मुख्तियारा बलवाड़ा के बीच पटरी बिछाई जाएगी। इसके लिए इंदौर-खरगोन वन मंडलों की 454 हेक्टेयर वनभूमि का अधिग्रहण होना है। वनमंडल स्तर पर इसका सर्वे पूरा हो गया है। पटरी बिछाने के लिए पूरे प्रोजेक्ट में करीब एक लाख 55 हजार पेड़ काटे जाएंगे। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान इंदौर वनमंडल को होगा। प्रक्रिया में चार-पांच महीने लग सकते हैं वनमंडल स्तर पर रिपोर्ट मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) कार्यालय को भेजी गई है। प्रोजेक्ट का आकलन करने के बाद वन विभाग मुख्यालय को देंगे। फिर पर्यावरण समिति की समीक्षा के बाद अनुमति के लिए वन व पर्यावरण मंत्रालय को भेजी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में चार-पांच महीने लग सकते हैं। सिंगल लाइन के हिसाब से पटरियां बिछेगी महू-मुख्तियारा बलवाड़ा के बीच 56 किमी की पटरियां बिछाई जाएंगी। यहां ब्रॉड गेज का काम अलग-अलग कारणों के चलते तीन वर्षों से अटका है। ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए पश्चिम रेलवे ने पहले अलाइनमेंट बदला। इसके बाद डबल लाइन को लेकर सर्वे किया। इंदौर वनमंडल की 407 और खरगोन वनमंडल की 46 हेक्टेयर वनभूमि अधिग्रहित होगी। महू वनक्षेत्र से एक लाख 40 हजार और बड़वाह वनक्षेत्र से 15 हजार पेड़ कटेंगे। अधिकारियों के मुताबिक भले ही पश्चिम रेलवे डबल लाइन के लिए सर्वे करवा रही है, लेकिन अभी सिंगल लाइन के हिसाब से पटरियां बिछाई जाएंगी। प्रोजेक्ट में 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे इंदौर-खरगोन वनमंडल के पेड़ों को काटकर लकड़ी डिपो भिजवाने का काम वन विभाग करेगा। इसका खर्च भी रेलवे ही उठाएगा। प्रोजेक्ट में 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। विभाग के मुताबिक प्रोजेक्ट को अनुमति मिलने के बाद रेलवे को राशि जमा करना होगी। जमीन नहीं, लेंगे पैसा ब्रॉड गेज के लिए भले ही पश्चिम रेलवे से जमीन नहीं लेंगे। मगर इन्हें जमीन का मूल्य जरूर देना होगा। प्रोजेक्ट में 454 हेक्टेयर वनक्षेत्र आएगा। इतनी ही जमीन का मूल्य पश्चिम रेलवे को जमा करना होगा। 13 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से रेलवे को 59 करोड़ 20 लाख रुपये वन विभाग को देना है। धार-झाबुआ में लगेंगे पौधे केंद्र की परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है। वनक्षेत्र के बदले रेलवे को जमीन नहीं देना है। बल्कि इंदौर-खरगोन वनमंडल से कटने वाले पेड़ों के बदले रेलवे दस गुना पौधे लगाएगा। यह काम भले ही वन विभाग करेगा, मगर पौधारोपण का खर्च रेलवे उठाएगा। पौधे लगाने के लिए धार-झाबुआ वनमंडल में वनक्षेत्र को चुना गया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सर्वे रिपोर्ट भेज दी इंदौर वनमंडल के डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने बताया कि महू-सनावद ब्राडगेज प्रोजेक्ट को लेकर इंदौर वनमंडल से सर्वे का काम पूरा हो चुका है। रिपोर्ट सीसीएफ कार्यालय को भेज दी। रेलवे लाइन बिछाने के लिए पेड़ों को काटा जाएगा। इन्हें चिह्नित कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ की सियासत, खासकर कांग्रेस में खलबली मची, दिग्गज कांग्रेसी अरविंद नेताम बनेंगे संघ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि

रायपुर  छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम को आरएसएस के नागपुर मुख्यालय में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है। इंदिरा गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके और बस्तर क्षेत्र से आने वाले नेताम आज 5 जून को संघ के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय समापन समारोह’ में मुख्य अतिथि होंगे। यह स्वयंसेवकों या संघ कैडर के लिए तीन साल के प्रशिक्षण अवधि का समापन है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी वोटों के महत्व को देखते हुए प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। 2018 में प्रणव मुखर्जी भी हो चुके शामिल यह वही कार्यक्रम है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2018 में शामिल हुए थे, जिसकी कांग्रेस के कुछ वर्गों ने आलोचना की थी। राजनीतिक उद्देश्यों के बारे में सवालों के बीच, 83 वर्षीय आदिवासी नेता ने कहा कि वह संघ के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने और बस्तर में आदिवासी अधिकारों के लिए काम करने के लिए भाग लेने की योजना बना रहे हैं। फिलहाल आरएसएस के निमंत्रण पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। आमंत्रण मिलने पर क्या बोले नेताम? अरविंद नेताम कहते हैं कि मैं आरएसएस कार्यक्रम में इसलिए जा रहा हूं क्योंकि मैं आदिवासी मुद्दों को समझाने के लिए आरएसएस के साथ मजबूत संचार चाहता हूं। बस्तर में अभी सबसे बड़ा मुद्दा धर्मांतरण है। मेरा मानना है कि अगर आरएसएस हमारा समर्थन करता है, तो भाजपा सरकार हमारी मांगों पर ध्यान देगी। हमने ही पिछले साल दिसंबर में अपने आदिवासी कार्यक्रम में आरएसएस नेताओं को आमंत्रित किया था। साथ ही, महीनों पहले, मैं रायपुर में मोहन भागवत से मिला और आदिवासी मुद्दों पर चर्चा की थी। आदिवासी समाज के लिए उठाई थी मांग नेताम ने जनगणना में आदिवासियों के लिए एक अलग कोड की आवश्यकता पर भी बात करने की बात कही। उन्होंने कहा ‘हमारी अपनी संस्कृति और धार्मिक प्रथाएं हैं। हम किसी भी धर्म के तहत परिभाषित नहीं होना चाहते हैं; हमें अपना कोड चाहिए। बातचीत के कारण धीरे-धीरे बदलाव हो रहे हैं। वे (आरएसएस) धीरे-धीरे हमें आदिवासी कह रहे हैं, वनवासी नहीं।’ अरविंद नेताम की आदिवासी इलाकों में अभी भी पैठ बस्तर में एक प्रभावशाली आदिवासी नेता के रूप में नेताम अभी भी राजनीतिक रूप से मजबूत पकड़ रखते हैं। 2023 में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले, उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। इससे पहले उन्होंने सर्व आदिवासी समाज (एसएएस) से अलग होकर अपनी राजनीतिक पार्टी हमर राज बनाई थी। उस समय, नेताम ने कहा था कि हमर राज का गठन संघ के समान है, जिसके तहत ‘बीजेपी सहित 50 से अधिक स्वतंत्र समूह हैं।’ संघ की नेताम से करीबी से कांग्रेस को क्या हैं नुकसान चुनावों में, हमर राज ने कम से कम दो विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया और लोकसभा चुनावों में कांकेर संसदीय सीट पर भी कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया। कांग्रेस पहले से ही आदिवासी वोटों को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है, ऐसे में नेताम का संघ की ओर झुकाव कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हो सकता है। 2018 के बाद से कांग्रेस को नुकसान 2018 में जब कांग्रेस सत्ता में आई थी, तो उसने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में 29 में से 25 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को तीन सीटें मिली थीं। हालांकि, आदिवासी मुद्दों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने में विफलता के कारण आदिवासियों के बीच कांग्रेस की पकड़ कमजोर हो गई और 2023 में कांग्रेस की एसटी सीटों की संख्या घटकर 11 हो गई, जबकि भाजपा ने 17 सीटें जीतीं। ‘बीजेपी में चले भी जाएं तो कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं’ कांग्रेस का तर्क है कि अगर नेताम भाजपा में जाते भी हैं, तो भी इसका उसकी राजनीतिक संभावनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, ‘उन्होंने (नेताम) एक अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया और पार्टी छोड़ दी। वह एक बड़े आदिवासी नेता हैं, लेकिन हम आदिवासियों के बारे में आरएसएस के विचार जानते हैं। आरएसएस आदिवासियों को वनवासी कहता है, आदिवासी नहीं। तो, क्या नेताम इससे सहमत हैं? राजनीतिक रूप से, इससे चुनावों में कोई फर्क नहीं पड़ेगा… बस्तर की जनता उनका समर्थन नहीं करती है।’ आलोचकों को भी आमंत्रित करता है संघ बस्तर में काम करने वाले आरएसएस के पदाधिकारी मानते हैं कि नेताम आदिवासियों के लिए ‘अच्छा काम’ कर रहे हैं। वह धर्मांतरण का विरोध करते हैं। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि ‘हम उन लोगों को भी आमंत्रित करते हैं जो हमारे आलोचक हैं। हजारों लोग कार्यक्रम में भाग लेंगे। कई लोग जो संघ को समझना चाहते हैं, वे भी वहां होंगे।’ बीजेपी का इस मामले पर क्या है रुख? हालांकि बीजेपी का इस मामले पर अलग रूख है। बीजेपी के एक नेता कहते हैं कि आरएसएस के निमंत्रण को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस में कोई राजनीतिक भेदभाव नहीं है। इससे पहले, प्रणब मुखर्जी को आमंत्रित किया गया था और उन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। यह एक राष्ट्रवादी संगठन है जो समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर काम करने में विश्वास करता है।’

मोदी सरकार CGHS के बदले लाएगी नई हेल्थकेयर योजना, अब निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी

नई दिल्ली  8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इस साल जनवरी में सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. इस आयोग का उद्देश्य मौजूदा आर्थिक हालातों को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में जरूरी बदलावों की सिफारिश करना है. 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। इस साल जनवरी में सरकार ने आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इस आयोग का का मकसद मौजूदा आर्थिक हालातों को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और पेंशन में जरूरी बदलावों की सिफारिश करना है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि वेतन आयोग केवल वेतन बढ़ोतरी के फार्मूले तय करता है, लेकिन इसकी जिम्मेदारियां इससे कहीं ज्यादा होती हैं। वेतन आयोग भत्तों, सुविधाओं और खासतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं की समीक्षा भी करता है। ऐसे ही एक सुधार की सालों से चर्चा हो रही है, जो है – केंद्रीय सरकार हेल्थ योजना (CGHS)। यह योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को किफायती दरों पर हेल्थ सर्विस उपलब्ध कराती है। क्या है CGHS? CGHS भारत सरकार की एक हेल्थ योजना है, जो कर्मचारियों और उनके परिवारों को डॉक्टर की सलाह, इलाज, जांच और दवाएं जैसी सर्विस कम लागत पर देती है। यह योजना मुख्य रूप से शहरी एरिया में केंद्रित है, जिससे इसकी पहुंच सीमित हो जाती है। CGHS को बदलने की सिफारिश पहले भी हुई है 6वें और 7वें वेतन आयोग ने भी CGHS की लिमिट को देखते हुए एक नई हेल्थ इंश्योरेंस योजना लाने की सिफारिश की थी। 6वें वेतन आयोग ने सुझाव दिया था कि एक वैकल्पिक योजना लाई जाए, जिसमें कर्मचारी अपनी इच्छा से योगदान देकर शामिल हो सकें। यह योजना भविष्य में नियुक्त होने वाले नए कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होनी चाहिए। 7वें वेतन आयोग ने तो और आगे बढ़ते हुए कहा था कि हेल्थ इंश्योरेंस सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दीर्घकालिक और बेहतर समाधान हो सकता है। उन्होंने CGHS के बाहर रहने वाले पेंशनरों के लिए यह भी सुझाव दिया था कि CGHS निकटवर्ती अस्पतालों को CS(MA) और ECHS जैसी योजनाओं के तहत सूचीबद्ध करे ताकि उन्हें भी कैशलेस इलाज मिल सके। क्या अब CGHS की जगह नई योजना आएगी? जनवरी 2025 में खबरें सामने आईं कि हेल्थ मंत्रालय CGHS को हटाकर एक इंश्योरेंस आधारित योजना लाने पर विचार कर रहा है। इसका नाम Central Government Employees and Pensioners Health Insurance Scheme (CGEPHIS) हो सकता है। यह योजना IRDAI से रजिस्टर इंश्योरेंस कंपनियों के माध्यम से लागू की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। CGHS स्कीम हो सकता है बदलाव! केंद्र सरकार ने 2025 के शुरुआत में 8वां वेतन आयोग बनाने का ऐलान किया है। वेतन आयोग सिर्फ वेतन और पेंशन बढ़ाने वाली समिति नहीं बल्कि इसका दायरा बहुत बड़ा है। यह भत्तों, सुविधाओं और स्वास्थ्य बीमा जैसी विषयों की समीक्षा भी करता है। सालों से चली आ रही CGHS स्कीम में कुछ बदलाव होने वाला है। क्या होगा नई हेल्थकेयर स्कीम का नया नाम बीते कुछ महीने से मीडिया में खबरे चल रही है कि स्वास्थ्य मंत्रालय CGHS को एक नई इंश्योरेंस आधारित योजना में बदल सकता है। इसका नाम CGEPHIS (Central Government Employees and Pensioners Health Insurance Scheme) हो सकता है। बताया जा रहा है कि इसको IRDAI द्वारा रजिस्टर्ड इंश्योरेंस कंपनियों के माध्यम से लागू किया जाएगा। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 8वें वेतन आयोग पर टिकी है सभी की नजरें इस प्रकार से सभी की नजर 8वां वेतन आयोग पर टिकी हुई है। सभी के मन में एक ही सवाल है क्या यह आयोग की सालों पुरानी CGHS बदल जाएगी। क्या CGEPHIS जैसे हेल्थ इंश्योरेंस मॉडल को लागू किया जाएगा। आने वाले समय में इस पर फैसला लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि ये बदलाव 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का हिस्सा हो सकते हैं। अब निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं अब जबकि 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और जल्द ही यह अपना काम शुरू करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आयोग CGHS से जुड़ी सालों पुरानी समस्या का समाधान कर पाता है या नहीं।

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