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‘मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता Musk.. ट्रंप के ‘टैक्स बिल’ को लेकर भड़के, कह दी ये बड़ी बात

वाशिंगटन एलन मस्क ने ट्रंप के विशाल कर और खर्च बिल (Massive Tax and Spending bill) को ‘घृणित घृणा’ करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे घाटा 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा और अमेरिकियों पर भारी, अस्थिर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा। मंगलवार को, अरबपति ने ट्रंप प्रशासन के नवीनतम कर और खर्च बिल के खिलाफ़ तीखी आलोचना की। ‘मुझे खेद है, लेकिन मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता,’ मस्क ने एक्स के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किया, कांग्रेस द्वारा व्यापक रिपब्लिकन समर्थन के साथ पारित बिल पर नाराजगी व्यक्त की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस कानून को अपनी आर्थिक योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं, लेकिन राजकोषीय रूढ़िवादियों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। एलन मस्क की कठोर आलोचना विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि यह सरकार को खर्च सुधारों पर सलाह देने की अल्पकालिक भूमिका समाप्त करने के कुछ ही दिनों बाद आई थी। मस्क ने पिछले सप्ताह सरकारी दक्षता विभाग (DoGE) के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया, जिसे संघीय खर्च में कटौती करने का काम सौंपा गया था। 2.5 ट्रिलियन डॉलर घाटे की चेतावनी मस्क ने आगाह किया कि ये विधेयक अमेरिका के पहले से ही विशाल बजट घाटे को बढ़ाकर 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा देगा, जिससे देश पर अस्थिर कर्ज़ का बोझ और गहराएगा. ट्रंप की टीम से अलग हुए मस्क कुछ ही दिन पहले एलन मस्क ने ‘गवर्नमेंट एफिशिएंसी विभाग’ (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसकी जिम्मेदारी थी संघीय खर्च को कम करना. उन्होंने इस विवादित विधेयक से खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया है.  ट्रंप इस बिल पर कायमः व्हाइट हाउस व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने एलन मस्क की आलोचना को हल्के में लेते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले से जानते थे कि एलन मस्क इस बिल को लेकर क्या सोचते हैं, लेकिन एलन मस्क का ये कदम उनका (ट्रंप) नजरिया नहीं बदलेगा. यह बिग ब्यूटीफुल बिल है और राष्ट्रपति इसके साथ खड़े हैं. बता दें कि इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आर्थिक नीति की रीढ़ बताया है, जबकि मस्क इसे अनियंत्रित खर्च का प्रतीक मान रहे हैं. मस्क ने ट्रंप को दी थी 250 मिलियन डॉलर की मदद एलन मस्क ने 2024 में ट्रंप के चुनावी अभियान के लिए 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा का दान दिया था. इसके बाद उन्होंने ‘Deficit Optimization and Government Efficiency (DOGE)’ नामक पहल को भी लीड किया, लेकिन अब उसे बंद कर दिया गया है. इसका उद्देश्य सरकारी अपव्यय को जड़ से खत्म करना था. राजनीतिक प्रतिक्रिया केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने एलन मस्क का समर्थन करते हुए कहा कि वह सही हैं. जवाब में मस्क ने दो शब्दों में जवाब दिया- ‘Simple math’. बिल को समझ नहीं पा रहे मस्क: हाउस स्पीकर जॉनसन हालांकि, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने मस्क की आलोचना को बहुत निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने एलन मस्क से सोमवार को 20 मिनट तक बात की थी और समझाने की कोशिश की थी कि यह बिल भारी टैक्स में कटौती और चुनावी वादों की पूर्ति की दिशा में पहला मजबूत कदम है. लेकिन एलन इसे समझ नहीं पा रहे हैं.

राजा रघुवंशी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट खुलासा ! पेड़ काटने वाले चाकू से हत्या,सीबीआई जांच की मांग

इंदौर इंदौर के राजा रघुवंशी अपनी पत्नी के साथ शिलांग में हनीमून मनाने गए थे. अचानक दोनों लापता हो गए. 11 दिन बाद राजा का शव एक पेड़ पर लटका मिला. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी हत्या की पुष्टि हुई. पत्नी अभी भी लापता हैहनीमून मनाने मेघालय गए राजा रघुवंशी और सोनम के गायब होने के मामले में सोमवार को राजा का शव गहरी खाई में मिल गया है। पुलिस जांच में पता चला है कि राजा की हत्या की गई है। शिलांग एसपी विवेक ने कहा- यह मामला गंभीर है। जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जिसकी अगुआई एसपी सिटी करेंगे। इनके साथ चार डीएसपी और दो सब इंस्पेक्टर मामले की विवेचना करेंगे। यह स्पष्ट है कि हत्या का मामला है। जिस तरह से शव को छिपाने के लिए उसे खाई में फेंका गया है। पुलिस सभी संभावित उद्देश्यों को तलाश रही है कि क्या किसी विवाद के चलते हत्या हुई या लूट के उद्देश्य से वारदात की गई या कुछ और कारण है। डाव को ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं हत्या डाव (पूर्वोत्तर में इस्तेमाल होने वाला बड़ा चाकू) से की गई है। यह बहुत सहज उपलब्ध होता है। ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं। मौके से मिला हथियार नया है, जिससे लगता है कि इसे हाल ही में हत्या के उद्देश्य से खरीदा गया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि क्या हत्या के बाद शव खाई में फेंका गया है या युवक को मरा समझकर जीवित फेंक दिया गया। एसपी विवेक सिम ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। अब जल्द ही इस मामले में खुलासा किया जाएगा। बता दें कि हनीमून पर मेघालय के शिलांग गए इंदौर के राजा रघुवंशी का शव 11 दिन बाद सोमवार को एक गहरी खाई में मिला था। मंगलवार को शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी अभी भी लापता है। जिसकी तलाश में एनडीआरएफ भी सर्च ऑपरेशन चला रही है। परिजन राजा का अंतिम संस्कार इंदौर में ही करेंगे। शव लाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को टिकट नहीं मिली थी। संभावना है कि बुधवार या गुरुवार तक शव इंदौर लाया जाएगा। राजा के भाई ने की सीबीआई जांच की मांग राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अपहरण और हत्या की आशंका जताई है। विपिन ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही मेघालय पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। भाई विपिन ने कहा, राजा का पर्स, ब्रेसलेट, गले की चेन, बैग, अंगूठी और पावर बैंक आदि बरामद नहीं हुए हैं। पूरे मामले की अच्छे से जांच की जाए। हम चाहते हैं कि बहू सोनम जीवित मिले। जीपीएस ट्रैकर से पता चला, कुछ देर रुकी थी स्कूटी पुलिस के मुताबिक राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी 23 मई को नोंग्रियाट गांव के होटल से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। यह गांव उस जगह से 20 किलोमीटर दूर है। जहां सोमवार को राजा का शव मिला था। इसी के पास मावक्मा गांव में जीपीएस ट्रैकर से पता चला कि दंपती द्वारा इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी 23 मई को कुछ देर के लिए यहां रुकी थी। लेकिन, वेइसा डोंग इलाके से जहां राजा का शव बरामद हुआ था। वहां से 20 से 25 किलोमीटर दूर है। राजा रघुवंशी के भाई ने की सीबीआई जांच की मांग राजा का शव मिलने के बाद से स्वजन में आक्रोश है। उन्होंने शिलांग पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। राजा के भाई सचिन के मुताबिक शुरुआत से ही पुलिस का ढीला रवैया रहा है। जिन लोगों पर शक जताया, उनसे पूछताछ नहीं की। पुलिस ने सर्चिंग में भी लापरवाही की। ड्रोन कैमरे तीन दिन बाद मंगवाए। पुलिस सूचना मिलते ही अलर्ट हो जाती तो राजा जिंदा भी मिल सकता था। सचिन ने सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि एसआईटी पर भी निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं है। राजा के दूसरे भाई विपिन के अनुसार पुलिस गंभीर नहीं है। सोमवार को शव मिल गया था। मंगलवार को पोस्टमार्टम करने में भी देरी कर दी। दोपहर बाद नार्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस में पोस्टमार्टम करवाया गया। ‘स्थानीय पुलिस और सरकार मामले को दबा रही’ विपिन ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा से मांग की है कि दिल्ली से सीबीआई पूरे मामले की जांच करें। स्थानीय पुलिस को नहीं लगता कि यहां ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। अगर पुलिस का कहना सही है तो स्कूटी शव से 25 किलोमीटर दूर क्यों मिली। शव खाई में क्यों मिला, वहां पांच फीट की दीवार है। ऐसे में आत्महत्या नहीं कर सकता। विपिन ने कहा, राजा और सोनम इंदौर से आए थे, इसलिए किसी से किसी तरह की दुश्मनी नहीं हो सकती। अगर कुछ हुआ भी है तो स्थानीय लोगों का हाथ हो सकता है। राजा-सोनम की शादी उनकी मर्जी से हुई थी। शादी को लेकर दुखी होंगे ऐसी कोई बात नहीं है। मेघालय सरकार तथ्यों को दबाना चाहती है। राजा और सोनम के साथ गाइड था सोहरा के डबल डेकर (लिविंग रूट ) घूमने के लिए राजा ने एक गाइड को लिया था, वे नीचे गए और घूमकर ऊपर आए। वापसी के वक्त उन लोगों के साथ बातचीत हुई थी। राजा ने बताया था कि एक जगह कॉफी पी, लेकिन कॉफी अच्छी नहीं लगी तो फेंक दी और अब वे केले खा रहे हैं। इसके बाद लौटेंगे। आखिरी बार बातचीत जिस दिन गुम हुए उस दिन 01:43 पर हुई थी। 20 मई को हनीमून पर हुए थे रवाना राजा और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 20 मई को हनीमून के लिए रवाना हुए थे। राजा इंदौर में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते हैं। दंपती इंदौर से बेंगलुरु होते हुए गुवाहाटी पहुंचे, जहां मां कामाख्या के दर्शन करने के बाद 23 मई को मेघालय के शिलांग रवाना हुए। शुरुआत में परिवार की दोनों से बात होती रही, फिर संपर्क टूट गया। राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी को पहले लगा कि नेटवर्क का इश्यू … Read more

मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत अनुदान राशि का किया वितरण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्प विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की कलाकृतियों की मांग विदेशों तक है। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और हस्तशिल्पियों को उनके हुनर की उचित कीमत दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत पाँच पांच हजार रुपये की अनुदान राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ शिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों की बेहतरी के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक इलाके में हस्तशिल्पी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान मुझे कोंडागांव के शिल्पग्राम जाने का मौका मिला। वहाँ मैंने शिल्पकारों से मुलाकात की और उनकी कला को करीब से देखा। इसी प्रकार रायगढ़ के एकताल में भी शिल्पकार धातु से कलाकृतियाँ बनाते हैं। बस्तर में काष्ठशिल्प से लकड़ी की सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं। पूरे प्रदेश में हस्तशिल्पियों का हुनर अद्भुत है। आज इस कार्यक्रम में मुझे जो सुंदर टोपी भेंट की गई, वह छिंद और कांसा से बनाई गई थी। जशपुर में हमारे गाँव के नजदीक कोटामपानी में भी छिंद और कांसा से बहुत सुंदर-सुंदर कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिल्पकारों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि हस्तशिल्प का कार्य ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में होता है। इसलिए हस्तशिल्प विकास के द्वारा हम बहुत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। मुझे आशा है कि हस्तशिल्प विकास बोर्ड इस ओर कार्य करेगा और शिल्पकारों को प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें लोन-सब्सिडी भी अधिक से अधिक दिलाकर रोजगार से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव के डोकरा आर्ट की विदेशों में माँग है। यह जरूरी है कि शिल्पकारों को बाजार के साथ उत्पाद की उचित कीमत मिले। बिना बिचौलियों के हस्तशिल्पियों की पहुँच सीधे बाजार तक हो, ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिले। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के गढ़बेंगाल के पंडी राम मांझी को पद्मसे सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ की कला हमारे देश की शान है, इसे पूरी दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों के हाथ में चमत्कार है। चाहे वह मिट्टी के खिलौनों की बात हो या बेल मेटल, कसीदाकारी, गोदना और टेराकोटा की, प्रदेश के हस्तशिल्पी अपनी कला के बहुत सुंदर उत्पाद बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भागीदारी होनी चाहिए। हमारे शिल्पकारों के पास कुदरती हुनर है। बड़े पैमाने पर हस्तशिल्प उत्पादन के लिए डिज़ाइनरों को भी जोड़ने की जरूरत है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक धरमलाल कौशिक, सुनील सोनी, आशाराम नेताम, गजेंद्र यादव, विभिन्न निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक जेपी मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पीएम मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश आ रहे हैं, महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वे इस दौरान भोपाल में महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और राज्य के कई हिस्सों को बड़ी सौगात देंगे। भोपाल का कार्यक्रम सफल हो, इसकी जिम्मेदारी सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित महिला समागम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में प्रदेश भर की दो लाख महिलाएं हिस्सा लेने वाली हैं। इस आयोजन की सरकार और संगठन दोनों तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आयोजन की तैयारियों पर चर्चा हुई। साथ ही, प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिले में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बैठक की जानकारी देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मध्य प्रदेश में निवेश लाने के लिए अनुकूल चार्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही एक ऐसा पर्यटन स्थल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे दुनिया के पर्यटक आएं। इसके अलावा राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए नदी ग्रिड योजना बनाई जाएगी। शहरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए टू-टियर और थ्री-टियर शहरों की योजना बनेगी। आगामी कैबिनेट बैठक पचमढ़ी में होगी। इसके साथ ही सरकारी कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए टाइपराइटर जैसे पुराने पदों को हटाकर कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों का सृजन किया जाएगा। विजयवर्गीय ने बताया है कि खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के साथ निवेश बढ़ाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान भोपाल से उज्जैन के सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत नमामि क्षिप्रे परियोजना के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थ स्थलों दतिया और सतना को हवाई उड़ान की ऐतिहासिक सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल से वर्चुअली दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार भोपाल से वर्चुअली इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवा का शुभारंभ करेंगे। यह लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा येलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है।

RCB की लखनऊ पर एक जीत से कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त, रनचेज में बनाए ये 8 कीर्तिमान

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के आखिरी लीग मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को 6 विकेट से हराकर अंक तालिका में टॉप-2 में जगह बना ली है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर आरसीबी ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. टिम डेविड और जोश हेजलवुड इस मुकाबले में नहीं खेल रहे थे. लखनऊ की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी थी. लखनऊ ने पंत की नाबाद 118 रनों की तूफानी पारी के दम पर आरसीबी के सामने 228 रनों का लक्ष्य रखा थे. इसके जवाब में उतरी आरसीबी ने जितेश शर्मा की तूफानी 85 रनों की नाबाद पारी के दम पर ये टोटल 19वें ओवर में ही चेज कर लिया. ऐसी रही आरसीबी की पारी 228 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद शानदार रही. फिल साल्ट और विराट कोहली ने आक्रामक अंदाज में पारी का आगाज किया. लेकिन छठे ओवर में आरसीबी को पहला झटका लगा जब साल्ट 30 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन कोहली एक छोर पर टिके रहे. कोहली ने 27 गेंद में फिफ्टी लगाई. लेकिन 8वें ओवर में आरसीबी को दो झटके लगे, जब रजत पाटीदार और लिविंग्सटन एक ही ओवर में आउट हो गए. लेकिन 12वें ओवर में विराट कोहली 54 रन बनाकर आउट हो गए. कोहली ने 30 गेंद में 54 रन बनाए. लेकिन इसके बाद मयंक और जितेश शर्मा में शानदार साझेदारी हुई. दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की. एक समय आरसीबी को 30 गेंद में सिर्फ 51 रनों की दरकार थी. जितेश शर्मा ने 22 गेंद में तूफानी फिफ्टी जड़ी. इसके बाद जितेश ने शानदार अंदाज में बल्लेबाजी की. जितेश ने महज 33 गेंदों में 85 रनों की नाबाद पारी खेली. उन्होंने 8 चौके और 6 छक्के लगाए. वहीं, मयंक अग्रवाल ने 23 गेंदों में नाबाद 41 रनों की पारी खेली. इसकी बदौलत आरसीबी ने ये मैच जीत लिया. ऐसी रही लखनऊ की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में मैथ्यू ब्रिट्जके का विकेट गिर गया. उनके बल्ले से केवल 14 रन आए. लेकिन इसके बाद कप्तान ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए और वो इस मैच में अलग ही लय में दिखे. पूरे सीजन पंत के बल्ले से रन  नहीं निकले थे. लेकिन इस मैच में पंत अलग ही लय में दिखे. उन्होंने हर गेंदबाज के खिलाफ रन बनाए. 7 ओवर में लखनऊ का स्कोर 68-1 था. 10वें ओवर में ऋषभ पंत ने 29 गेंद में फिफ्टी जड़कर लखनऊ का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया. इस दौरान तक लखनऊ ने 3 छक्के लगाए थे. वहीं, 14वें ओवर में मिचेल मार्श ने 31 गेंद में फिफ्टी जड़ी. यह इस सीजन उनकी छठी फिफ्टी रही. लेकिन लखनऊ को दूसरा झटका तब लगा जब 16वें ओवर में मिचेल मार्श 67 रन बनाकर 177 के स्कोर पर आउट हुए. भुवनेश्वर कुमार ने उनका विकेट झटका. ऋषभ पंत ने 18वें ओवर में 54 गेंदों में शतक जड़ दिया. उनकी इस पारी के दम पर लखनऊ का स्कोर 200 के पार पहुंच गया. पंत ने 100 रनों की पारी में 6 छक्के जड़े. पंत ने 61 गेंद में 118 रनों की पारी खेली और 8 छक्के और 11 चौके लगाए. इसके दम पर लखनऊ ने आरसीबी के सामने 228 रनों का लक्ष्य रखा है. अब जानिए अंक तालिका का हाल अंकतालिका में अब टॉप पर 19 अंकों के साथ पंजाब किंग्स की टीम है. वहीं, आरसीबी भी 19 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर है. पंजाब का रन रेट अच्छा है. इसलिए वो पहले स्थान पर है. वहीं, गुजरात 18 अंकों के साथ तीसरे और मुंबई 16 अंकों के साथ चौथे पायदान पर है. बता दें कि आईपीएल में टॉप-2 में जगह बनाने वाली टीम को फाइनल खेलने के लिए दो मौके मिलते हैं. जानें प्लेऑफ में किसका मुकाबला किससे होगा 29 मई को आईपीएल का पहला क्वालिफायर खेला जाएगा. इस दिन टेबल की दो टॉप की टीमें यानी पंजाब किंग्स और आरसीबी के बीच टक्कर होगी. ये मैच चंडीगढ़ में होगा. जो टीम जीतेगी वह फाइनल में पहुंच जाएगी लेकिन हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा. वहीं, 30 तारीख को तीसरे और चौथे पायदान की टीम में भिड़ंत होगी. जो हारेगी उसका सफर खत्म हो जाएगा. लेकिन जीतने वाली मैच क्वालिफायर-1 की हारने वाली टीम से एक और मैच खेलेगी. ये मैच 1 जून को अहमदाबाद खेला जाएगा.वहीं, क्वालिफायर-2 की विजेता टीम 3 जून को फाइनल खेलेगी. RCB की लखनऊ पर एक जीत से कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त, रनचेज में बनाए ये 8 कीर्तिमान इस जीत के साथ RCB प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर रही और अब गुरुवार को लीग टॉपर पंजाब किंग्स से भिड़ेगी.  खास बात यह है कि RCB ने अब तक अपने सभी 7 बाहर (अवे) के मुकाबले जीतकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.   लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान ऋषभ पंत के नाबाद 118 रन (61 गेंद) और मिचेलल मार्श के तेजतर्रार 67 रन (37 गेंद) की बदौलत 3 विकेट पर 227 रन बनाए. पंत ने महज 54 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. जवाब में RCB ने विस्फोटक शुरुआत की. विराट कोहली ने सिर्फ 30 गेंदों में 54 रन ठोके, जबकि मिड‍िल ऑर्डर में कप्तान जितेश शर्मा (85 रन, 33 गेंद) और मयंक अग्रवाल (41 रन, 23 गेंद) ने पांचवें विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी कर टीम को आठ गेंद शेष रहते ही जीत दिला दी. अब RCB का सामना क्वालिफायर-1 में पंजाब किंग्स से होगा, जबकि एलिमिनेटर में गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगी. वैसे इससे पहले भी RCB ने 2009, 2011 और 2016 में फाइनल तक का सफर तय किया था. 2016 में तो कप्तान विराट कोहली के ऐतिहासिक फॉर्म ने टीम को फाइनल में पहुंचाया था, लेकिन खिताब हाथ नहीं लगा. तीनों मौकों पर टीम ने खिताब जीतने का सपना अधूरा छोड़ दिया. बहरहाल इस एक जीत से RCB की टीम ने टूर्नामेंट में रिकॉर्डों की झड़ी सी लगा दी, आइए उन पर एक नजर डाल लेते हैं … 1: तीसरी बार टॉप-2 में फिनिश: RCB लीग स्टेज में तीसरी बार टॉप-2 में रही है, इससे पहले 2011 … Read more

नारी सशक्तिकरण देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार, समाज में महिलाओं की भूमिका को मिला नया आयाम

भोपाल नारी सशक्तिकरण देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार है। महिलाएँ आत्म-निर्भर बनती हैं, तो सम्पूर्ण समाज और देश-प्रदेश सशक्त और समृद्ध बनता है। केन्द्र एवं राज्य सरकार निरंतर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नवाचार कर रही है। इससे महिलाएँ आत्म-निर्भरता की राह पर अग्रसर हैं। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक ये नायिकाएँ अपने परिवार का आर्थिक संबल बन रही हैं और साथ ही समाज के लिये प्रेरणा-स्रोत भी बन रही हैं। समाज में महिलाओं की भूमिका को नया आयाम मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आगर-मालवा जिले के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों की, जिन्होंने टोल प्लॉजा संचालन जैसा कार्य जो पारम्परिक रूप से पुरुष प्रधान कार्य है, इसकी जिम्मेदारी सरकार ने महिला समूह को सौंपी हैं। महिला समूह ने अपनी कार्य-कुशलता से डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में एक करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक का शुल्क संग्रह कर कीर्तिमान स्थापित किया है और उन्होंने अपने समन्वय प्रबंधन क्षमता की मिसाल पेश की है। स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती राजूबाई ने इस ऐतिहासिक अवसर एवं विश्वास के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना है। महिला समूह को मिली ऐतिहासिक जिम्मेदारी मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लेते हुए पहली बार महिला स्व-सहायता समूह को टोल प्लॉजा संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। शाजापुर-दुपाड़ा-नलखेड़ा मार्ग पर चाचाखेड़ी गाँव में स्थित इस टोल प्लॉजा का पूरा प्रबंधन ज्योति महिला स्व-सहायता समूह को सौंपा गया। समूह की महिला सदस्य इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने अपने समन्वय एवं प्रबंधन क्षमता, दृढ़ इच्छा-शक्ति और अनुशासित कार्यशैली से सरकार और आमजन का विश्वास जीता है। ज्योति महिला स्व-सहायता समूह को यह जिम्मेदारी 2 सितम्बर, 2023 को एक वर्ष के लिये सौंपी गयी थी। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने समूह के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए टोल संचालन के अनुबंध को एक सितम्बर, 2025 तक के लिये बढ़ाया है। डेढ़ साल में 1.13 करोड़ रुपये का शुल्क संग्रह ज्योति महिला स्व-सहायता समूह द्वारा पहले कार्यकाल में टोल प्लॉजा के माध्यम से एक करोड़ 13 लाख 54 हजार रुपये से अधिक का शुल्क संग्रह किया गया है। इसमें से समूह को 30 प्रतिशत कमीशन के साथ समूह की 15 सदस्यों को प्रतिमाह 9 हजार रुपये की नियमित आमदनी भी हो रही है। नेतृत्व में प्रेरणा और कृतज्ञता ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती राजूबाई ने कहा कि इस पहल से वह और उनकी साथी सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। समूह की सफलता प्रदेश के स्व-सहायता महिला समूह के लिये एक प्रेरणा-स्रोत बन गयी है।  

PM मोदी भोपाल से ‘नमामि क्षिप्रे परियोजना’ के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान से सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत ‘नमामि क्षिप्रे परियोजना’ के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। प्रधानमंत्री मोदी 83.39 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे का भी भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही कालियादेह स्टॉप डैम के 1.39 करोड़ रूपए लागत के मरम्मत कार्य भी शुरू होंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी के दोनों किनारों पर शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक कुल 29.21 किलोमीटर लम्बाई में घाट निर्माण कार्य किया जाएगा। घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिये आवश्यक जल स्तर और आवागमन बनाए रखने के लिये वेटेड कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए क्षिप्रा नदी को अविरल एवं प्रवाहमान बनाए रखने के लिये क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण एवं स्टॉप डैम का मरम्मत कार्य भी किया जाएगा। बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे निर्माण मंत्री सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग देवास द्वारा 2.53 करोड़ रुपए की लागत से गाजनोद खेडा बैराज ,3.23 करोड़ रूपए की लागत से दखनाखेड़ी बैराज, 3.15 करोड़ रूपए की लागत से पटाड़ा बैराज कम कॉजवे, 3.79 करोड़ रुपए की लागत से रनायर बैराज, 4.73 करोड रुपए की लागत से टिगरियागोगा बैराज, 6.74 करोड रूपए की लागत से सिरोंज बैराज कम कॉजवे और 2.57 करोड़ रूपए की लागत से बरोदपिपलिया बैराज का निर्माण किया जाएगा। नमामि क्षिप्रे परियोजना इकाई उज्जैन के द्वारा क्षिप्रा नदी पर 8.71 करोड़ रुपए की लागत से किट्ठोदाराव स्टॉप डैम तथा कान्ह नदी पर 5.74 करोड़ रुपए की लागत से पंथपिपलई स्टॉप डैम, 4.56 करोड़ रुपए की लागत से जमालपुरा स्टॉप डैम, 6.24 करोड़ रूपए की लागत से गोठड़ा स्टॉप डैम, 5.06 करोड़ रूपए की लागत से पिपलियाराघौ क्रमांक 02 बैराज और 6.34 करोड़ रूपए की लागत से रामवासा क्रमांक 02 बैराज का निर्माण किया जाएगा। जल संसाधन विभाग इंदौर द्वारा 2.69 करोड़ रुपए की लागत से ब्राम्हणपिपलिया स्टॉप डैम, 2.64 करोड़ रुपए की लागत से दर्जीकराड़िया स्टॉप डैम, 1.96 करोड़ रूपए की लागत से कुडाना स्टॉप डैम, 3.43 करोड़ रूपए की लागत से कायस्थ्खेड़ी स्टॉप डैम, 4.32 करोड़ रूपए की लागत से साहदा स्टॉप डैम, 0.53 करोड़ रूपए की लागत से लालखेडी स्टॉप डैम मरम्मत कार्य और 4.43 करोड़ रुपए की लागत से मेलकलमा बैराज सहपुलिया का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा नगर पालिका निगम उज्जैन द्वारा 1.39 करोड़ रुपए की लागत से कालियादेह स्टाप डैम का मरम्मत कार्य किया जाएगा। कान्ह नदी पर उज्जैन जिले में 5 बैराज एवं इंदौर जिले में 6 बैराज, इस प्रकार कुल 11 वैराजों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार क्षिप्रा एवं कान्ह नदीं पर कुल 21 बैराजों/स्टाप डैम का निर्माण किया जावेगा।  

भोपाल एम्स में लगातर सामने आ रहे खतरनाक और लाइलाज सुपरबग के मामले, कारण जानकर होंगे हैरान

भोपाल डॉक्टर से बिना परामर्श लिए एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक उपयोग या अनुचित तरीके से सेवन मुश्किलें पैदा कर सकता है। इससे शरीर में संक्रमण फैलाने वाले विभिन्न रोगजनक सुपरबग पैदा हो जाते हैं। विशेषज्ञ ने बताया कि ये लाइलाज हैं, क्योंकि इन पर कोई भी दवा असर नहीं करती जो जानलेवा हो सकता है। एम्स भोपाल सहित राजधानी और एमपी के अस्पतालोें में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। उपचार के लिए उपयोग की गई विभिन्न दवाइयों के ठीक से डिस्पोज नहीं करने से भी सुपरबग पैदा होते हैं। AIIMS की रिपोर्ट में हुआ था चौंकाने वाला खुलासा पिछले साल 2024 भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की रिपोर्ट में देश के 21 नामचीन हॉस्पिटल के ओपीडी वार्ड से लेकर आइसीयू में भर्ती एक लाख मरीजों के रक्त, मलमूत्र, पस, मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से संग्रह सीएसएफ नमूने की जांच में सुपरबग की श्रेणी के 10 तरह के घातक बैक्टीरिया पाए गए। सुपरबग के बढ़ने में मददगार आम एंटीबायोटिक शोधकर्ताओं ने एक आम एंटीबायोटिक की पहचान की है जो लगभग लाइलाज सुपरबग के बढ़ने में मददगार है.  प्रकाशित एक अध्ययन में अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने पाया कि आम तौर पर लीवर रोग के उपचार के लिए दिए जाने वाले एक एंटीबायोटिक से रोगियों को खतरनाक सुपरबग का जोखिम बढ़ सकता है. मेलबर्न विश्वविद्यालय के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में पीटर डोहर्टी इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शन एंड इम्युनिटी और ऑस्टिन हेल्थ भी शामिल थे. सुपरबग ऐसे बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या कवक को दिया गया नाम है, जिन्होंने उनके इलाज के लिए उपयोग किए जाने वाले एक या अधिक एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया है, जिसे रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) के रूप में भी जाना जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एएमआर को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास के लिए एक शीर्ष जोखिम बताया है. साथ ही यह अनुमान लगाया है कि 2019 में वैश्विक स्तर पर इसके कारण 49.5 लाख लोगों की मौत हुई. आठ साल तक चले नए अध्ययन में पाया गया कि एंटीबायोटिक रिफैक्सीमिन के कारण एएमआर सुपरबग वैनकॉमाइसिन-प्रतिरोधी एंटरोकोकस फेसियम (वीआरई) का लगभग लाइलाज वर्जन वैश्विक स्तर पर उभर आया है, जो एक संक्रामक जीवाणु संक्रमण है, जो अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. शोधकर्ताओं द्वारा किए गए प्रयोगशाला प्रयोग और नैदानिक ​​​​अध्ययनों में पाया गया है कि रिफैक्सिमिन के उपयोग से वीआरई के डीएनए में परिवर्तन हुआ है, जिससे यह डैप्टोमाइसिन एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोधी हो गया है, जो मल्टीड्रग-प्रतिरोधी रोगजनकों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रमुख आखिरी उपाय है.  यह अध्ययन पहले से चली आ रही इस धारणा को चुनौती देता है कि रिफैक्सीमिन से एएमआर होने का जोखिम कम है. उन्होंने कहा, “हमने दिखाया है कि रिफैक्सीमिन वीआरई को डैप्टोमाइसिन के प्रति प्रतिरोधी बनाता है, जो पहले कभी नहीं देखा गया. “यह भी चिंता का विषय है कि ये डैप्टोमाइसिन-प्रतिरोधी वीआरई अस्पताल में अन्य रोगियों में भी फैल सकते हैं. यह एक परिकल्पना है, जिसकी हम वर्तमान में जांच कर रहे हैं.” शोधकर्ताओं ने कहा कि निष्कर्ष उभरते एएमआर का पता लगाने के लिए प्रभावी जीनोमिक्स-आधारित निगरानी की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर प्रकाश डालते हैं.

मां पीताबरा और मैहर वाली मां शारदा समेत श्रीराम तीर्थ चित्रकूट के लिए तीर्थ यात्री ले सकेंगे फ्लाइट

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को करेंगे दतिया और सतना एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण दतिया और सतना को मिलेगी हवाई उड़ान की सुविधा, विकास को मिलेगी रफ्तार मां पीताबरा और मैहर वाली मां शारदा समेत श्रीराम तीर्थ चित्रकूट के लिए तीर्थ यात्री ले सकेंगे फ्लाइट   भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थ स्थलों दतिया और सतना को हवाई उड़ान की ऐतिहासिक सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल से वर्चुअली दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रारंभ से ही प्रदेश के प्रमुख शहरों को हवाई सुविधा से जोड़ने में जुटे हुये हैं। दतिया औऱ सतना शहर धार्मिक , औद्योगिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहां एयरपोर्ट्स की सुविधा आ जाने से तीर्थ यात्रियों को दतिया की मां पीतांबरा पीठ, सतना की मैहर वाली मां शारदा और श्रीराम के वनवास के साक्षी चित्रकूट धाम पहुंचने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इस सुविधा से तीर्थ यात्रा सुगम हो जाएगी, साथ ही दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी। दतिया को मिली हवाई सेवा की सौगात प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पीतांबरा की नगरी दतिया अब हवाई सेवा से देश से और भी बेहतर रूप से जुड़ सकेगी। प्रधानमंत्री मोदी के एयपरपोर्ट लोकार्पण के बाद 60 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 124 एकड़ में फैले एयरपोर्ट पर प्रारंभिक चरण में 19 सीटर एयरक्राफ्ट उतर सकेंगे। नया एयरपोर्ट पर 1.81 किलोमीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है। एयरपोर्ट की पार्किंग में लगभग 50 कारों की पार्किंग व्यवस्था है। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर दो चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं। यह एयरपोर्ट ATR 72 विमानों की क्षमता वाला है। यहां फ्लाई बिग एयरलाइन्स की उड़ानें सप्ताह में चार दिन संचालित होंगी। यह एयरपोर्ट दतिया वासियों के साथ-साथ देशभर से मां पीतांबरा के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक सुविधाजनक साधन बनेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। सतना एयरपोर्ट से विन्ध्य को मिलेगी नई पहचान विन्ध्य क्षेत्र की औद्योगिक राजधानी सतना में भी नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। 37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह एयरपोर्ट पूर्व निर्मित हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण कर आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया है। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (AAI) ने निर्माण कार्य को रिकॉर्ड समय में 31 अक्टूबर 2024 को पूर्ण कर लिया था और DGCA द्वारा 20 दिसंबर 2024 को लाइसेंस जारी कर दिया गया। इस एयरपोर्ट पर  12 सौ मीटर लंबा रनवे, 750 वर्गमीटर में निर्मित टर्मिनल बिल्डिंग, और एक समय में दो एयरक्राफ्ट पार्किंग की व्यवस्था है। यह एयरपोर्ट अब 19 सीटर विमानों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। एयरपोर्ट में सभी आधुनिक सुविधाएं – एटीसी टावर, फायर स्टेशन, वीआईपी लाउंज, दिव्यांग और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, ट्रांसफार्मर, डीजी सेट, एम्बुलेंस और सुरक्षा व्यवस्थाएं – छोटे स्वरूप में उपलब्ध कराई गई हैं। यह एयरपोर्ट सतना ही नहीं, बल्कि पूरे विन्ध्य क्षेत्र के उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाएगा। सतना के एयरपोर्ट के प्रारंभ होने से देश और दुनिया में प्रसिद्ध मैहर की शारदा देवी, भगवान राम की वनस्थली चित्रकूट और ज्ञान के तीर्थ के रूप में विकसित नानाजी देशमुख ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट आने वालों के लिए बड़ी सुविधा मिल जाएगी। सतना और आसपास का क्षेत्र खनिजों के साथ सीमेंट आदि कारखानों के लिए आने वाले उद्योगपतियों के लिए भी सुविधाजनक हवाई सफर सुनिश्चित हो सकेगा। सतना के एयरपोर्ट्स तीर्थ यात्रियों के आवागमन के लिए नए द्वार खोल रहा है। इससे प्रधानमंत्री मोदी का ‘नये भारत’ का वह विजन भी साकार हो रहा है, जिसमें छोटे शहरों को भी बड़ी उड़ान सुविधा दिये जाने का सपना संजोया गया है।  

सौगात : भोपाल-दतिया के बीच सिर्फ 999 रुपए में यात्री उड़ान भर सकेंगे, प्रदेश में अब आठ एयरपोर्ट हो जाएंगे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल आ रहे हैं। वे इस दौरान बड़ी सौगात देने वाले हैं। बता दें कि वे महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहीं से दतिया और सतना एयरपोर्ट व इंदौर मेट्रो का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।लोकार्पण वाले दिन सतना से हवाई सेवा शुरू करने पर कवायद तेज हो गई है। अभी लाइट के संचालन व किराया तय नहीं हुआ है। इसी तरह इंदौर के लोगों को दिल्ली और मुंबई की तरह मेट्रो की सेवाएं मिलने लगेंगी। हो जाएंगे आठ एयरपोर्ट मध्यप्रदेश में छह एयरपोर्ट कार्यरत हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, खजुराहो और ग्वालियर शामिल हैं। सतना, दतिया एयरपोर्टका लोकार्पण होने के बाद प्रदेश में आठ एयरपोर्ट हो जाएंगे। इंदौर मध्यप्रदेश का पहला मेट्रो रेल वाला शहर बनेगा। मोदी महिला सम्मेलन से ही करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। शिप्रा नदी के दोनों किनारों को मिलाकर 29 किलोमीटर में घाट निर्माण होना है। आधारशिला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही रखेंगे। इंदौर को मेट्रो की सौगात इंदौर अब मेट्रो शहर बनने जा रहा है. पीएम मोदी के इस दौरे पर इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया जाएगा. इंदौरवासियों को जल्द ही दिल्ली और मुंबई की तरह मेट्रो की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे शहर की ट्रैफिक समस्या को राहत मिलेगी और आवाजाही भी आसान हो जाएगी. मेट्रो परियोजना के साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर लगभग 29 किलोमीटर तक सुंदर घाटों का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री ही रखेंगे. उड़ेगा आम आदमी उड़ान योजना के तहत दतिया से हवाई सेवा शुरू करने का जिमा बिग चार्टर एयरलाइंस कंपनी को दिया गया है। लोकार्पण वाले दिन दतिया-भोपाल-दतिया हवाई सेवा शुरू होगी। कंपनी 2 जून से नियमित सेवा शुरू करेगी, जो सोम, मंगल, बुध और गुरुवार को मिलेगी। बिग चार्टर एयरलाइंस ये चार दिन भोपाल से रीवा, रीवा से भोपाल, भोपाल से दतिया, दतिया से खजुराहो, खजुराहो से दतिया और दतिया से भोपाल के बीच लाइट सेवा देगी। सिर्फ 999 रुपए में यात्री भर सकेंगे उड़ान भोपाल-दतिया के बीच सिर्फ 999 रुपए में यात्री उड़ान भर सकेंगे। बाकी के शहरों का किराया भी कुछ इसी तरह का होगा, लेकिन इसका लाभ पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर मिलेगा। यानी 50% सीटें ही 999 में मिलेंगी। बाकी पर लेक्सी फेयर सिस्टम के तहत 2500 से 3500 रुपए किराया लगेगा। ऐनवक्त पर मामूली बदलाव हो सकता है। रीवा को यह जरूरत डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से भेंट की। उन्होंने रीवा से इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली एवं प्रयागराज के लिए एटीआर-72 विमानों से उड़ानों की आवश्यकतासे मंत्री को अवगत कराया।  

PM मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्यबल के भरोसे नहीं बल्कि इसमें जनबल की भागीदारी होना भी जरूरी

गांधीनगर गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग ही रूप दिखाई दे रहा है, वो केवल पाकिस्तान को ही चेतावनी नहीं दे रहे बल्कि विश्व के देशों को भारत की ताकत का अहसास करा रहे हैं, विश्व की चौथी अर्थ व्यवस्था बन जाने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी ने देश को तीसरी अर्थ व्यवस्था बनाने पर फोकस शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी आज गांधीनगर पहुंचे यहाँ उन्होंने कहा मैं दो दिन से गुजरात में हूं। कल वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद और आज गांधीनगर में हूं। मैं जहां-जहां गया वहां गर्जना करता सिंदूरिया सागर और लहराता तिरंगा जन-जन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम और देशभक्ति का ज्वार देखने को मिल रहा है। ये दृश्य सिर्फ गुजरात में नहीं है, हिंदुस्तान के कोने-कोने में है, हर हिंदुस्तानी के दिल में है। ‘विदेशी सामान न बेचें व्यापारी’ पीएम मोदी ने कहा 2047 तक विकसित भारत बनाने और अर्थव्यवस्था को तत्काल चार से तीन नंबर पर ले जाने के लिए अब हम कोई विदेशी चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हमें गांव-गांव व्यापारियों को शपथ दिलवानी होगी कि विदेशी सामानों से कितना भी मुनाफा क्यों न हो, कोई भी विदेश चीज नहीं बेचेंगे. उन्होंने कहा कि आज छोटी आंखों वाले गणेश जी भी विदेश से आ जाते हैं, गणेश जी की आंख भी नहीं खुल रही हैं. होली पर रंग और पिचकारी तक विदेशों से आ रहे हैं. सीधे तौर पर यहां पीएम मोदी का इशारा चीन की तरफ था, जिसके प्रोडक्ट त्योहारों पर भारतीय बाजारों में धड़ल्ले से बिकते हैं. देशवासियों से अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश का नागरिक होने के नाते आप सभी को एक काम करना है. घरों में जाकर लिस्ट बनाएं कि आपके घर में सुबह से शाम तक कितनी विदेश चीजों का उपयोग होता है. घरों में हेयरपिन, टूथपिक तक विदेशी घुस गई है. उन्होंने कहा कि देश को बचाना है, बनाना है, आगे बढ़ाना है तो ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैनिकों के जिम्मे नहीं है, ऑपरेशन सिंदूर 140 करोड़ नागरिकों की भी जिम्मेदार है. ‘मेड इन इंडिया पर करें गर्व’ उन्होंने कहा कि जो आपके पास विदेशी सामान हैं, उन्हें फेंकने के लिए नहीं कह रहा हूं. लेकिन ‘वोकल फॉर लोकल’ के लिए आप नया विदेशी सामान नहीं लेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि एक-दो फीसदी ही ऐसी चीजें हैं जो आपको बाहर की लेनी पड़े जो हमारे यहां उपलब्ध न हों, बाकी सभी सामान आज हिंदुस्तान में बन रहे हैं. आज हमें अपनी ब्रांड मेड इन इंडिया पर गर्व होना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्यबल से नहीं जनबल से जीतना है और जनबल मातृभूमि में पैदा हुई हर चीज से आता है, जिसमें इस मिट्टी की सुगंध हो. इस देश के नागरिक के पसीने की सुगंध हो, ऐसे चीजों का इस्तेमाल करना है. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन तक जन-जन तक लेकर जाना है. इससे देश को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा होगा. ‘ये प्रॉक्सी वॉर नहीं, युद्ध है’ पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ जब भी युद्ध की नौबत आई तो तीनों बार भारत सैन्य शक्ति ने पाकिस्तान को धूल चटाई है. पाकिस्तान समझ गया कि वह लड़ाई में भारत से जीत नहीं सकता और इसीलिए उसने प्रॉक्सी वॉर शुरू किया. आतंकियों को सैन्य प्रशिक्षण देकर भारत भेजा जाता है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है. पाकिस्तान को जब भी मौका मिला वो मारते रहे और हम सहते रहे. उन्होंने कहा कि हम शांति प्रिय देश हैं लेकिन जब बार-बार हमारे सामर्थ्य को ललकारा जाए तो यह याद रखना चाहिए कि यह देश वीरों की भी भूमि है. पीएम मोदी ने कहा कि 6 मई के बाद जो देखा गया, उसके बाद इसे हम प्रॉक्सी वॉर कहने की गलती नहीं कर सकते. इसका कारण है, जब आतंकियों के 9 ठिकानों को सिर्फ 22 मिनट तबाह कर दिया और इस बार तो सब कैमरे के सामने किया ताकि हमारे घर में कोई सबूत न मांगे. अब हमें सबूत नहीं देना पड़ रहा, उधर वाला दे रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकियों के जनाजे को स्टेट ऑनर दिया गया, ताबूत पर पाकिस्तानी झंडे लगाए गए, उनकी सेना ने सलामी दी, ऐसे में अब इसे प्रॉक्सी वॉर नहीं कहा जा सकता. आतंकी गतिविधि अब प्रॉक्सी वॉर नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत युद्ध ही है और उसका जवाब वैसे ही दिया जाएगा. सरदार पटेल की बात मान ली होती तो आज ये देखने को नहीं मिलता मोदी ने कहा 1947 में मां भारती के टुकड़े हुए। कटनी चाहिए थी जंजीरें लेकिन काट दी गईं भुजाएं। देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ। मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर, मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया। अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये सिलसिला (आतंकी घटनाओं का) देखने को नहीं मिलता। पाकिस्तान पर गरजे, किया बेनकाब पहलगाम हमले के जवाबी कार्रवाई में  हमरी सेनाओं के शौर्य का यशगान करते हुए मोदी ने पाकिस्तान को बेनकाब किया, उन्होंने कहा 6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दिया गया। उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया। ये सिद्ध करता है कि आतंकवादी गतिविधि प्रॉक्सी वॉर नहीं है, ये आपकी (पाकिस्तान) सोची-समझी युद्ध की रणनीति है, आप वॉर ही कर रहे हैं, तो उसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा। 26 मई 2014 को याद किया जब पीएम पद की शपथ ली   पीएम मोदी ने कहा कल 26 मई थी, 2014 में 26 मई को मुझे पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का अवसर मिला। उस समय, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी। हमने कोरोना से लड़ाई लड़ी, पड़ोसियों से भी मुसीबतें झेलीं, प्राकृतिक आपदा भी झेली इसके बावजूद इतने कम समय में हम 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बने। क्योंकि हम विकास चाहते … Read more

राज्य कर्मचारियों का बीमा भी कराएगी सरकार, तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंगलवार को मंत्रालय परिसर में मंत्रालय कर्मचारी परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया। मंत्रालय परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कमल पुष्प की रजत प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राज्यकर्मी सम्मान और साधुवाद के पात्र हैं, क्योंकि इनकी कर्मठता और सामूहिक परिश्रम से ही मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। राज्यकर्मी सच्चे अर्थों में कर्म योगी है। ये प्रदेश की शासन और प्रशासन व्यवस्था की धुरी हैं। राज्यकर्मी पूरी निष्ठा और मेहनत से अपने पदीय दायित्व निभाएं, इनके सभी हितों और अनुलाभों (इंसेंटिव्स) का सरकार पूरा-पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को क्रमश: भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्दी ही सभी रिक्त पद भरे जाएंगे। पदोन्नति वाले मसले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के साथ चर्चा कर शासकीय सेवकों को पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से सभी जरूरी कदम उठा रही है। जल्द ही मामले का सकारात्मक समाधान निकालकर पात्रों को पदोन्नति दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी राज्य कर्मचारियों का बीमा कराने की मंशा से आगे बढ़ रही है। सरकार की मंशा है कि सभी राज्य कर्मियों के खुद के मकान भी हों। राज्य कर्मियों को अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में सरकार मदद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कर्मचारी-अधिकारी की क्षमता और योग्यता का पूरा लाभ लेंगे और प्रदेश की बेहतरी के लिए उसका सदुपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यकर्मी शासन व्यवस्था का अभिन्न अंग है इसलिए इनके हित संवर्धन के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में प्रदेश का हित है और प्रदेश के हित में ही राष्ट्र का हित है। कार्यक्रम के संयोजक श्री सुभाष वर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन देकर केन्द्र सरकार के समान राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, सचिवालय भत्ता व अन्य सभी कर्मचारी हितैषी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और अपना मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं भारत माता के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय परिवार द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया और यात्रा को उसके गंतव्य स्थल की ओर रवाना किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप, क्षेत्रीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री कुलदीप गुर्जर, श्री घनश्याम दास भकोरिया, श्री संजय राठौर, श्री जी.पी. सिंह सहित मंत्रालयीन अधिकारी कर्मचारी संघों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मंत्रालय के कर्मचारी बन्धु उपस्थित थे।  

स्टील्थ फाइटर जेट ने उड़ाई दुश्मनों की नींद, चीन-पाक डम-डम के बीच भारत का बड़ा दांव

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना को पांचवी जेनरेशन के अति आधुनिक डीप पेनेट्रेशन एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को स्वदेश में ही विकसित करने की मेगा परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। नए फाइटर जेट को मंजूरी: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पांचवी जनरेशन के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम (एएमसीए) परियोजना के कार्यान्वयन माडल को मंगलवार को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) उद्योग भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वित करने के लिए तैयार है। कितनी लगेगी लागत: परियोजना की शुरुआती विकास लागत करीब 15000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। घरेलू फर्म बनाएंगी: रक्षा मंत्रालय का यह कदम देश की सरकारी और निजी कंपनियों के लिए संयुक्त भागीदारी में देश में पांचवी पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू विमानों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।  एएमसीए के कार्यान्वयन मॉडल को रक्षा क्षेत्र से जुड़ी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों के लिए बेहतर बताते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसमें निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों को प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण से समान अवसर मिलेगा। विश्व के बदलते सामरिक परिदृश्य में युद्ध के बदलते आयामों में भारत के लिए पांचवी पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू जेट अनिवार्य जरूरत नजर आ रहे हैं। भारत अपनी वायु शक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए एडवांस्ड स्टील्थ फीचर्स के साथ मीडियम वेट डीप पेनेट्रेशन फाइटर जेट विकसित करने की महत्वाकांक्षी एएमसीए परियोजना पर काम कर रहा है। निजी कंपनियों की भागीदारी: निजी और सरकारी क्षेत्र की कंपनियां स्वतंत्र रूप से या संयुक्त उद्यम या कांर्सोटियम के रूप में बोली लगा सकती हैं। हालांकि, इसमें शर्त होगी कि संयुक्त उद्यम में बोलीदाता एक कंपनी अनिवार्य रूप से भारतीय होनी चाहिए जो देश के कानूनों और नियमों का अनुपालन करती हो। स्क्वाड्रन की कमी दूर होगी: भारतीय वायुसेना के पास मौजूदा समय में 31 स्क्वाड्रन हैं, जो स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन से काफी कम हैं। इसलिए भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और एक मजबूत घरेलू एयरोस्पेस औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वदेशी इंजन का विकास: भारत का रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अपने स्वदेशी विमान इंजन GTRE GTX-35VS कावेरी इंजन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। यह इंजन मुख्य रूप से  लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के लिए है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह एएमसीए विमानों का प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए स्वदेशी विशेषज्ञता, क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चीन की बढ़ती ताकत: हमारा पड़ोसी देश चीन अपनी वायुसेना का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसके साथ ही वह हमारे दुश्मन देश पाकिस्तान की भी खुलकर मदद कर रहा है। चीन ने अपनी छठवीं पीढ़ी का विमान J-36 बनाकर इसका परीक्षण भी कर लिया है। ऐसे में देश की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना का मजबूत करने के लिए यह जरूरी है। यह एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। बता दें कि कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति ने पिछले साल लड़ाकू जेट विकास कार्यक्रम को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। परियोजना की शुरुआती विकास लागत करीब 15000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। भारतीय वायुसेना एएमसीए परियोजना की दीर्घकालिक आवश्यकता को देखते हुए इस पर जोर दे रही है। लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के विकास के बाद एएमसीए के तहत लड़ाकू विमान विकास परियोजना का अगला चरण है।

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट”  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता “हम होंगे कामयाब अभियान” चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील  

बीते नौ दिनों में कोविड-19 से संक्रमित 11 लोगों की मौत, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा एक्टिव केस

नई दिल्ली  देशभर कोरोना के मामलों में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कई राज्यों में हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। देशभर में कोरोना से इस साल अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 1047 हो गई है। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा 430 एक्टिव केस केरल में हैं। महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104 और गुजरात में 83 केस हैं। कर्नाटक के 80 केसों में से सिर्फ 73 बेंगलुरु में हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। ठाणे में ही 25 मई  को अस्पताल में इलाज करा रहे 21 साल के युवक की मौत हो गई। उसका 22 मई से इलाज चल रहा था। वहीं, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी मौतें हुईं हैं। जयपुर में सोमवार को कोरोना के दो मरीजों की मौत हो गई। इनमें से एक रेलवे स्टेशन पर मृत मिला था। उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरी मौत प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 26 साल के युवक की हुई। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं। भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि, निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता। भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं। JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।  

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