LATEST NEWS

सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, प्रदेश के 55 हॉस्पिटल की लिस्ट जारी, निजी अस्पताल में करा सकेंगे इलाज

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट किया है। अब प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी इन अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे। इस फैसले से कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इन अस्पतालों में कर्मचारी भोपाल सीजीएचएस दरों पर इलाज करा सकेंगे। सरकार ने 55 अस्पतालों की लिस्ट जारी की है। ऑपरेशन से लेकर आईसीयू और नर्सिंग सेवाएं होंगी शामिल     सरकार द्वारा तय की गई पैकेज दरों में रजिस्ट्रेशन, एडमिशन, ऑपरेशन, जांच, दवाएं, आईसीयू, डॉक्टर की फीस, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग सेवाएं शामिल हैं। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी मरीज से अलग से दवाएं या चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए बाध्य न करें। सभी सेवाओं का खर्च तय पैकेज में शामिल होगा। इन 55 अस्पतालों का नाम शामिल बिना सूचना मान्यता होगी रद्द अगर कोई प्राइवेट अस्पताल तय की गई दरों से अधिक चार्ज लेते हैं या फैसलिटी सरकार द्वारा तय मानकों से नीचे पाई जाती हैं, तो उस अस्पताल की मान्यता बिना पूर्व सूचना के तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है। इसका उद्देश्य मरीजों के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना है। सीजीएचएस भोपाल ने अपने पैकेज में विभिन्न चिकित्सा सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित किए हैं।     रजिस्ट्रेशन शुल्क     एडमिशन शुल्क     भर्ती और मरीज का भोजन     ऑपरेशन शुल्क     ऑपरेशन थिएटर शुल्क     इंजेक्शन शुल्क     ड्रेसिंग शुल्क     डॉक्टर की फीस     दवाओं की लागत     प्रोसीजर फीस     सर्जन फीस     एनेस्थीसिया शुल्क     जांच शुल्क     सर्जिकल डिस्पोजेबल और अन्य सामग्री की लागत     फिजियोथेरेपी शुल्क     नर्सिंग देखभाल शुल्क इलाज के लिए जरूरी होंगे सरकारी पहचान पत्र और कर्मचारी आईडी सरकारी कर्मचारियों को इलाज के लिए अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड और कर्मचारी आईडी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही अस्पतालों को रिसेप्शन पर इलाज की सूची और मान्यता की वैधता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी, जिससे भ्रम की स्थिति न बने और मरीजों को पूरा लाभ मिल सके। रूम के हिसाब से दरें तय, जनरल और प्राइवेट वार्ड में होगा फर्क सीजीएचएस दरें सेमी प्राइवेट वार्ड के लिए मान्य होंगी। यदि मरीज जनरल वार्ड का चयन करता है तो 10% कम राशि प्रतिपूर्ति योग्य होगी। वहीं, प्राइवेट वार्ड में इलाज के लिए 15% अधिक राशि प्रतिपूर्ति के अंतर्गत आ सकती है। इससे कर्मचारियों को अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार विकल्प मिलेंगे। क्या हैं CGHS दरें केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है, जिसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके परिवार के सदस्य उठा सकते हैं। इस योजना के तहत, सरकारी कर्मचारियों को अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसमें केंद्र इलाज के लिए अस्पताल को शुल्क निर्धारित करता है। अब एमपी में भी केंद्र की दरों के बराबर ही दरों पर ही सरकारी कर्मचारियों का इलाज होगा।   50 से अधिक निजी अस्पतालों में एमपी सरकारी कर्मचारी अब इलाज करवा सकेंगे। सीजीएचएस भोपाल की दरों पर सभी सेवाएं पैकेज में शामिल रहेंगी। सरकारी पहचान पत्र और कर्मचारी आईडी दिखाना इलाज के लिए जरूरी होगा। दर से अधिक शुल्क लेने पर अस्पताल की मान्यता तुरंत रद्द की जा सकती है। जनरल, सेमी प्राइवेट और प्राइवेट वार्ड में प्रतिपूर्ति की दरें अलग-अलग तय होंगी। 17 तरह के चार्जेज CGHS भोपाल के पैकेज में शामिल CGHS भोपाल ने जो पैकेज बनाया है उसमें 17 तरह के फ़ीस जैसे रजिस्ट्रेशन फ़ीस , एडमिशन फ़ीस, भर्ती एवं मरीज का भोजन, ऑपरेशन चार्ज, ऑपरेशन थियेटर चार्ज, इंजेक्शन चार्ज, ड्रेसिंग, डॉक्टर की फ़ीस, दवाएं, प्रोसेस फ़ीस, सर्जन फ़ीस, एनेस्थीसिया चार्ज, जांच शुल्क,  अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल डिस्पोजेबल और सभी तरह के सामान का चार्ज फिजियोथेरेपी, नर्सिंग देखभाल शुल्क आदि शामिल हैं। लापरवाही पर इम्पेनल्ड सूची से बाहर हो जायेगा अस्पताल   विभाग ने निर्देशित किया है कि इलाज कराने वाले शासकीय कर्मचारी अथवा उसके आश्रित के सम्बन्ध में शासन द्वारा वांछित जानकारी समय पर न भेजने, शासकीय कर्मचारियों अथवा उनके आश्रितों के उपचार हेतु निर्धारित सीजीएचएस भोपाल के पैकेज दर से अधिक शुल्क लेने, अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं उपयुक्त/मानक स्तर का न पाए जाने पर अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर यह अधिमान्यता किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकेगी यानि अस्पताल को इम्पेनल्ड सूची से हटा दिया जायेगा। क्या-क्या मिलेगा इस योजना में इस योजना में किसी बीमा या एडवांस राशि की आवश्यकता नहीं होगी. सामान्य वार्ड में 10% कम राशि और निजी वार्ड में 15% अधिक राशि प्रतिपूर्ति योग्य है. डायलिसिस सहित डे केयर उपचार सुविधा शामिल है. सेमी प्राइवेट वार्ड के लिए CGHS दरें लागू होंगी

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने विकास रोडमैप के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री साय

रायपुर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम के नए टेस्ट कप्तान का ऐलान, धाकड़ खिलाड़ी की 8 साल बाद वापसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम को अगले महीने इंग्लैड का दौरा करना है। यह दौरा 20 जून से शुरू होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज के लिए BCCI ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद यह टीम इंडिया का पहला बड़ा दौरा है। ऐसे में भारतीय टीम के साथ-साथ नए टेस्ट कप्तान का ऐलान भी कर दिया गया है। शुभमन गिल को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है। गिल टीम इंडिया के 37वें टेस्ट कप्तान होंगे। 25 साल के गिल टीम इंडिया के 5वें सबसे युवा टेस्ट कप्तान हैं। गिल के सामने अब इंग्लैंड की सरजमीं पर बल्ले से ही नहीं बल्कि कप्तानी से भी कमाल करने की कठिन चुनौती होगी। अर्शदीप सिंह को पहली बार टेस्ट टीम में चुना गया है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने वाले सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी अपनी जगह बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि साई सुदर्शन और करुण नायर को भी टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन को IPL 2025 में गुजरात टाइटंस के लिए शानदार बल्लेबाजी का इनाम मिला है। करुण नायर की 8 साल बाद टीम इंडिया में वापसी हुई है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ की ओर से खेलते हुए 863 रन बनाए थे। यही वजह है कि अब सिलेक्टर्स ने उनको लंबे समय बाद मौका दिया है। टीम सेलेक्शन के लिए बैठक मुंबई स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में हुई.. बैठक में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया और अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के सदस्य शामिल हुए. मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजीत अगरकर ने भारतीय टीम का ऐलान किया. इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव. इंग्लैंड में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं इंग्लैंड की धरती पर भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड बेहतर नहीं रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में भारत ने अबतक (1932-2022) 67 टेस्ट मैच खेले है. इस दौरान उसे सिर्फ 9 टेस्ट में जीत मिली है, जबकि 36 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. 22 मैच ड्रॉ  भी रहे. एमएस धोनी (2011-2014) का कप्तान के तौर पर इंग्लैंड की धरती पर सबसे खराब रिकॉर्ड रहा. उनकी कप्तानी में इंग्लिश धरती पर भारत को 9 टेस्ट मैचों में से सिर्फ एक में जीत मिली, जबकि सात में हार का सामना करना पड़ा. एक मैच ड्रॉ पर छूटा. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन

देश के कई हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर तेज़ी देखी जा रही, अब तक 312 मामले

नई दिल्ली देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसको लेकर सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं. वहीं,  गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं और सरकार इस बात की पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं. क्या बोले दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा कि आज दिल्ली के तमाम अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ हमने बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की कोविड से लड़ने के लिए तमाम तैयारियां की जाए चाहे वह ऑक्सीजन बेड की हो ऑक्सीजन कंसंट्रेट की हो. उन्होंने बातचीत में ये भी बताया की पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अभी दिल्ली में कोरोना के जो केस आए हैं. उनकी संख्या में 23 है, सरकार मॉनिटरिंग कर रही है कि यह जो केस दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. वह बेशक प्राइवेट लैब के जरिए आए हो, लेकिन क्या वह दिल्ली के हैं या फिर वह बाहर से आए हैं. इन सब की मॉनिटरिंग सरकार कर रही है और जनता को वक्त-वक्त पर अपडेट दिया जाता रहेगा. दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 के सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है, ‘अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. सभी उपकरण जैसे वेंटिलेटर, बीआई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए (प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन) चालू स्थिति में होने चाहिए.’ एडवाइजरी के अनुसार, समर्पित कर्मचारियों को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा सकता है और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी रोग (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर सुनिश्चित की जानी चाहिए. पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी आईएचआईपी पर एल फॉर्म के तहत दर्ज किया जाना चाहिए. एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि अस्पताल कैंपस और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने समेत श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए. सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा, “जेएन.1 वेरिएंट और इसके सब-वेरिएंट से जुड़े कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के साथ, हमें सावधानी के साथ काम करना चाहिए. यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है. हालांकि, लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं. फिर भी,रोकथाम जरूरी है. दिल्ली में 23 नए केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइज़री में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं . सरकार यह पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है . स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है . उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं . दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है . सरकार निगरानी कर रही है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा . सभी कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने और सभी स्वास्थ्य डेटा की दैनिक रिपोर्टिंग ‘दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल’ पर अनिवार्य कर दी गई है . एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने सहित श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए . गुरुग्राम और अन्य राज्यों में भी दस्तक दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में भी कोरोना की दस्तक हुई है, जहां दो मरीज मिले हैं . दोनों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से एक मुंबई से गुरुग्राम आई थी . गुरुग्राम के सीएमओ ने बताया कि लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है . गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए . अहमदाबाद में 4 नए केस दर्ज हुए, जिनमें 84 साल के एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी होम आइसोलेशन में हैं . पूरे मई महीने में अहमदाबाद में 38 कोरोना केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 31 एक्टिव केस हैं . बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 21 मई को पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं . बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है . JN.1 वेरिएंट: तेजी से फैलने वाला, पर कम खतरनाक इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वेरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स .F.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं . विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था . विशेषज्ञ बताते … Read more

21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई

रायपुर : जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन 21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। मुख्यमंत्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सौगातों की बारिश से ग्रामीणों के चेहरे खिले

रायपुर सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक स्थित ग्राम बासिंग में बीएसएफ कैम्प परिसर में चौपाल लगाकर जनसंवाद किया। नीम वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों की घोषणा कर लोगों का दिल जीत लिया। चौपाल में मुख्यमंत्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 8 अप्रैल से पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसंवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा और कलगी पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समर कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों ने स्वहस्तनिर्मित गुलदस्ते भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और हॉफ मैराथन विजेता छात्र को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा की और कहा कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी। ग्रामवासी श्रीमती महेश्वरी दुग्गा और श्रीमती मनकाय ने योजना के लाभ साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर दो टूक कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प मार्च 2026 तक पूरा होगा। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनी पुनर्वास नीति को देश की सर्वश्रेष्ठ नीति बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नोनी सशक्तिकरण, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत हितग्राहियों को चाबियां, चेक और नकद सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने दिव्यांग हितग्राही को व्हीलचेयर भी सौंपी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मुरहापदर में पुलिया निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, बासिंग में खेल मैदान और बालक आश्रम/शाला मरम्मत हेतु 20 लाख रुपये,मुरहापदर और एहनार में आंगनबाड़ी भवन हेतु 24 लाख रुपये, बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक सीसी सड़क हेतु 25 लाख रुपये, कुंदला, बासिंग व मुरहापदर में नवीन घोटूल हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ओरछा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ की लागत से निर्मित 250 सीटर छात्रावास भवन, जल आपूर्ति एवं विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया।

पॉइंट टेबल में तीसरे स्थान पर खिसकी RCB की टीम, हैदराबाद ने 42 रनों से हराया

लखनऊ सनराइजर्स हैदराबाद ने शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2025 के 65वें मुकाबले में 42 रनों से हराया। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 231 रन बनाए। इसके जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 19.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 189 रन ही बना सकी। बेंगलुरु की जारी सीजन में चौथी हार है, जबकि हैदराबाद को पांचवीं जीत मिली है। इस हार के साथ बेंगलुरु की टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। गुजरात 18 अंक के साथ शीर्ष पर है। पंजाब 17 अंक के साथ बेहतर रन रेट के कारण दूसरे नंबर पर है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम पर आरसीबी को 42 रनों से करारी शिकस्त मिली। टीम को जीत के लिए 232 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला था। जवाब में आरसीबी ने विस्फोटक बैटिंग की। 15.3 ओवर के बाद आरसीबी का स्कोर 3 विकेट पर 173 रन था। आखिरी 27 गेंद पर टीम को जीत के लिए 59 रन चाहिए थे। जितेश शर्मा और रजत पाटीदार क्रीज पर थे। टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड और क्रुणाल पंड्या को आना था। 5 गेंदों में ही मैच खत्म हुआ 15.3 ओवर तक मुकाबला टक्कर का लग रहा था। लेकिन 5 गेंद में ही सनराइजर्स हैदराबाद की जीत पक्की हो गई। इन 5 गेंद पर हैदराबाद ने आरसीबी के तीन बल्लेबाजों को आउट कर दिया। 16वें ओवर की चौथी गेंद पर रजत पाटीदार रन आउट हुए। ईशान मलिंगा के डायरेक्ट थ्रो ने उनका काम तमाम किया। उसी ओवर की आखिरी गेंद पर विस्फोटक रोमारियो शेफर्ड गोल्डन हो गए। मलिंगा ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच लिया। 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर कप्तान जितेश शर्मा आउट हुए। जयदेव उनादकट ने उनका विकेट लिया। ईशान किशन शतक से चूके सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से ईशान किशन की ताबड़तोड़ नाबाद 94 रनों की पारी और फिर कप्तान पैट कमिंस की घातक गेंदबाजी की बदौलत एसआरएच ने आरसीबी को 42 रनों से हराया। 232 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की पूरी टीम बल्लेबाजी पारी में एक गेंद शेष रहते 19.5 ओवर में ही ऑल आउट हो गई। टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही। सलामी बल्लेबाज विराट कोहली (43) फिल साल्ट (62) ने आरसीबी के लिए तेजी से रन जुटाए। वहीं, उसके बाद कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पूरी टीम एक गेंद शेष रहते 189 रन बना सकी और ऑल आउट हो गई। 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फिल सॉल्ट और विराट कोहली ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी हुई। विराट कोहली 25 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। फिल सॉल्ट 32 गेंद में 62 रन बनाकर आउट हुए। मयंक ने 10 गेंद में 11 रन बनाए। रजत पाटीदार 16 गेंद में 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शेफर्ड खाता नहीं खोल सके। जितेश 15 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए। टिम डेविड 5 गेंद में एक रन, भुवनेश्वर तीन रन बनाकर आउट हुए। क्रुणाल 6 गेंद में 8 रन ही बना सके। हर्षल पटेल ने यश दयाल को आउट करके आरसीबी की पारी का अंत किया। सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी हुई। अभिषेक 17 गेंद में 34 और ट्रेविस हेड 10 गेंद में 17 रन बनाकर आउट हुए। हेनरिक क्लासेन 13 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए। अनिकेत वर्मा 9 गेंद में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे। नितीश रेड्डी ने 7 गेंद में 4 रन बनाए। अभिनव मनोहर 11 गेंद में 12 रन ही बना सके। ईशान किशन 48 गेंद में 94 रन और पैट कमिंस 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। बेंगलुरु के लिये रोमारियो शेफर्ड ने दो विकेट झटके जबकि सुयश शर्मा,कृणाल पांड्या,लुंगी एन्डिगी और भुवनेश्वर कुमार ने एक एक विकेट अपनी झोली में डाला।

शिवपुरी जिला मुख्यालय को कुछ महीनों में बड़ी सौगात मिलने वाली, शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में

शिवपुरी मध्यप्रदेश में जहां प्रमुख शहरों को मेट्रोपोलिटिन सिटी के रूप में डेवलप किया जा रहा है वहीं छोटे और मझौले शहरों का भी कायाकल्प किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश की कई पंचायतों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। 15 पंचायतों का नक्शा तो जल्द ही बदल जाएगा। यहां के गांव पंचायतों से निकलकर नगर निगम में आ जाएंगे। इन्हें शिवपुरी नगर निगम में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के अनुसार जिला मुख्यालय की नगर पालिका से नगर निगम बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जल्द ही कैबिनेट से पास होते ही सभी 15 पंचायतों के साथ शिवपुरी शहर को भी बड़ी सौगात मिलेगी। शिवपुरी जिला मुख्यालय को आगामी कुछ महीनों में ही यह बड़ी सौगात मिलने वाली है। शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने के लिए दो बार निरस्त होने के बाद कलेक्टर रविन्द्र चौधरी के माध्यम से संशोधित प्रस्ताव भोपाल स्थित नगरीय निकाय विभाग को भेज दिया गया है। तीसरी बार भेजे प्रस्ताव में 15 पंचायतों को जोड़ा गया है। नपा और जिला प्रशासन के अधिकारी बताते हैं कि प्रस्ताव को जल्द ही नगरीय निकाय विभाग से कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही शिवपुरी नगर निगम बन जाएगा। तीन साल पूर्व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसपर अभी तक अमल नहीं हो पाया। प्रशासनिक उदासीनता के फेर में इसके लिए प्रस्ताव बनाने में देरी हुई व कुछ कमियां भी रहीं। आबादी व क्षेत्रफल के हिसाब से शिवपुरी नगर पालिका को बहुत पहले ही नगर निगम का दर्जा मिल जाना चाहिए था। तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने नगर निगम बनाने के ठोस प्रयास शुरू किए। शुरुआती दो प्रस्तावों में कुछ ग्राम पंचायतों की सहमति न होने व दूरी अधिक होने के कारण प्रस्ताव भोपाल स्तर से निरस्त हो गए। इसके बाद नगर पालिका ने फिर इस प्रक्रिया को शुरू किया। जिन ग्राम पंचायतों की दूरी अधिक थी, उनको इस प्रस्ताव से हटाया तथा कुछ और बिंदुओं पर संशोधन किया। जो नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, उनमें सभी 15 ग्राम पंचायतों के अलावा हर शासकीय विभाग से सहमति पत्र लिया गया है। नगर निगम प्रस्ताव में झांसी रोड के वन ग्रामों को हटाया वर्तमान में नगर पालिका में 39 वार्ड हैं। नगर निगम बनते ही वार्डो की संख्या 50 से 50 के बीच हो जाएगी। इतना ही नहीं अभी नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ का पद है लेकिन नगर निगम बनते ही जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर व सीएमओ की जगह आयुक्त का पद होगा। नगर पालिका का हर साल का करोड़ों का बजट नगर निगम बनते ही अरबों रुपए में होगा। इससे न केवल ज्यादा विकास कार्य हो पाएंगे, बल्कि जिन 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा उनका भी कायाकल्प हो जाएगा। इस बार जो प्रस्ताव बना है, उनमें झांसी रोड स्थित वन क्षेत्र के ग्रामों को हटा दिया गया है। जल्द ​मिलेगी शिवपुरी नगर निगम की सौगात नपा के सीएमओ इंशाक धाकड़ बताते हैं कि हमने भोपाल में वरिष्ठ कार्यालय को इस बार संशोधित प्रस्ताव भेजा है जिसमें शहरी क्षेत्र के अलावा 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। पूरी प्रक्रिया अब अंतिम चरणों में है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट से पास होने और शिवपुरी को नगर निगम की सौगात मिलने की उम्मीद है। इन ग्राम पंचायतों को जोड़ा नया प्रस्ताव 6 मई को भोपाल भेजा गया। इसमें 15 ग्राम पंचायतों चंदनपुरा, सिंहनिवास, नोहरीकलां, ठर्रा, दर्रोनी, ईटमा, पिपरसमा, रायश्री, सतेरिया, बांसखेड़ी, बड़ागांव, रातौर, पड़ोरा सडक़,सेंसई सडक़, वेंहटा को जोड़ा गया है। इन ग्राम पंचायतों में कुछ मंझरे भी शामिल हैं। 3 लाख से अधिक हुई आबादी बड़ी बात यह है कि अभी नगर पालिका क्षेत्र 86 वर्ग किमी में है जोकि नगर निगम होते ही 241 वर्ग किमी हो जाएगा। नगर निगम की अधिकतम सीमा 18 किमी तक होगी। प्रस्ताव में जो ग्राम पंचायतें जोड़ी गई हैं, वह ग्राम पंचायत शहर से 7 किमी से लेकर 16 किमी दूरी तक की है। प्रस्ताव में नगर निगम बनाने के लिए 3 लाख की आबादी भेजी गई है। हालांकि आबादी इससे अधिक हो चुकी है।

अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर भोपाल आ रहे PM मोदी, महिलाएं संभालेगी सुरक्षा, मंच संचालन तक सारी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। पीएम मोदी 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को संबोधित करेंगे। महिलाओं के महाकुंभ की खासियत यह होगी कि पहली बार कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच संचालन तक सभी व्यवस्थाएं महिलाओं के ही हाथों में होंगी। कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाएं और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने गुरुवार को कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की। पांच किमी के दायरेमें ड्रोन प्रतिबंधित भोपाल पुलिस और एसपीजी ने प्लान बनाना शुरू कर दिया है। पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के निर्देशों के तहत होगी। कार्यक्रम स्थल को एसपीजी अपने घेरे में लेगी। पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। शहर के बाहरी इलाकों से आने वालों की जांच की जा रही है, वहीं होटल और लॉज की भी चेकिंग हो रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल में 1 घंटे का कार्यक्रम रहेगा। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव से सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। सम्मेलन की खास बात यह होगी कि पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, मीडिया और सुरक्षा तक का जिम्मा महिलाएं ही संभालेंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए 3000 जवान तैनात रहेंगे। महिला सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम आपको बता दें कि देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के मौके पर जंबूरी मैदान में महिला सम्मेलन किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी करीब एक लाख महिलाओं को संबोधित करेंगे। यह देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम चॉक चौबंद कर दिए हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने इसका नेतृत्व संभाल लिया है। पीएम के आगमन की ऐसी है तैयारी पीएम कए आगमन के चलते भोपाल शहर के सभी आउटर नाकों को सील कर दिया गया है। इन वाहनों की सख्त जांच के बाद ही शहर की सीमा में आने दिया जा रहा है। भोपाल की सभी होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह पता किया जा रहा है कि मोदी की यात्रा के दौरान कोई अपराधी किस्म का व्यक्ति या अनजान आदमी यहां न ठहर सके। बाहरी व्यक्तियों और किराएदारों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। यह जिम्मा भी महिला अफसरों को पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी जाएगी। खास बात यह है कि ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी महिला पुलिस के पास होगी। मंच का संचालन, अतिथियों का स्वागत और कार्यक्रम प्रबंधन महिलाएं ही करेंगी। पहली बार महिलाओं को सौंपे गए सभी दायित्व भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित इस महिला सम्मेलन को महिलाओं के महाकुंभ (Women’s MahaKumbh) के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 2 लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर मंच संचालन, ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा प्रबंधन और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और स्वयंसेवियों को दी गई है। पीएम मोदी का एक घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक घंटे तक इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को साझा करेंगे। वे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी कर सकते हैं। महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा SPG और भोपाल पुलिस का विशेष प्लान भोपाल पुलिस और एसपीजी (SPG) ने कार्यक्रम के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई है। कार्यक्रम स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित (Drone Ban in 5 KM Radius) रहेंगी। होटल, लॉज और बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की भी गहन जांच की जा रही है। महिला पुलिस का नेतृत्व करीब 3 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे, जिनमें से बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन जैसे प्रमुख कार्यों में महिला अफसरों को नेतृत्व (Women-led Security Management) की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण     2 लाख से अधिक महिलाओं की उपस्थिति     डाक टिकट और सिक्के का विमोचन     महिला सशक्तिकरण योजनाओं की प्रस्तुति     बीजेपी का “विकास-विरासत” जनजागरण अभियान   आदेश के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई ड्रोन, हॉट एयर बॅलून व फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होगा महिलाओं का अभिनंदन सम्मेलन में 2 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल होने की संभावना है। इस दौरान राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी। डाक टिकट, सिक्के का होगा विमोचन पीएम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट व सिक्के का विमोचन कर सकते हैं। बीजेपी चलाएगी जनजागरण अभियान बीजेपी 21 से 31 मई तक विकास, विरासत अभियान चलाएगी। इसमें देवी अहिल्या बाई के जीवन मूल्यों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

इंदौर : रिंग रोड बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा, 48 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता

 इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा। सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। करेंगे राशि जमा सड़क निर्माण का काम     अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर बजट आवंटित होगा। वैसे वनभूमि को लेकर प्रस्ताव वन विभाग की पर्यावरण समिति को भेजा है। पर्यावरण व वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पौधोरोपण को लेकर राशि जमा करेंगे। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई  

स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का गांव जल्द ही पर्यटन के राष्ट्रीय मैप का हिस्सा बनेगा

मुंबई/नाशिक  अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था। बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है। अब आगे क्या है तैयारी? सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है।

जिहादी मकड़जाल से बच्चियों का संघर्ष, भोपाल में सामने आया लव-जिहाद का सबसे बड़ा नेटवर्क

भोपाल  जिहादी मानसिकता के लव का मुख्य केंद्र (Centre) अब मध्यप्रदेश (MP) हो चुका (Become) है। दरअसल, सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 80 फीसदी जिलों (Districts) में लव (LOVE) जिहाद (JIHADI) से संबंधित शिकायत और मामले दर्ज किए गए हैं। भोपाल में हाई प्रोफाइल लव जिहाद के मामले के बाद अब इंदौर में लव जिहाद का चौकाने वाला मामला सामने आया है। प्रदेश में लगातार बढ़ते मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने शासन-प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं। आरएसएस के अनुषांगिक संगठनों की आंतरिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लव जिहाद का पूरा नेक्सिस काम कर रहा है। जिसके तार मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में है। वीएचपी लव जिहाद के लिए फंडिंग को लेकर कई बार सरकार को कटघरे में खड़ा चुकी है। पुलिस के बयानों में भी लव जिहाद के नेक्सेस होने की सामने आई, लेकिन एक भी मामले में खुलासा कर पाने में पुलिस नाकाम रही। लव जिहाद के हर महीने आ रहे 23 नए मामले 27 मार्च 2021…यह वह दिन है जब मध्यप्रदेश में मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 लागू किया गया था। प्रति माह मध्यप्रदेश में लव जिहाद के औसतन 23 नए मामले सामने आ रहे हैं। पहले भोपाल लव जिहाद के मामले में एक के बाद चौकाने वाले खुलासे हुए तो अब इंदौर लव जिहाद कांड सुर्खियों में है। यहां मोहसिन नाम के शातिर ने शूटिंग वर्किंग के नाम पर हिंदू युवतियों को शिकार बनाया। 100 से ज्यादा युवतियां इसका शिकार हुई तो आरोपी सलीम के मोबाइल ने कई आपत्तिजनक वीडियो भी उगले। आरएसएस के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रदेश संयोजक तौफीक अहमद ने आंतरिक संगठनात्मक रिपोर्ट को लेकर बताया कि प्रदेश में लव जिहाद का पूरा ब्लैक नेटवर्क काम कर रहा है। इन्हें फंडिंग की जा रही है। ट्रेनिंग दी जा रही है। लेकिन, पुलिस आज तक एक भी मामले की जड़ और उनके आकाओं तक पहुंच सकी। मुस्लिम मंच का यह भी दावा है कि लव जिहाद का नेक्सस बड़े पैमाने पर है। जिसके तार पश्चिम बंगाल, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं। ट्रेनिंग से फंडिंग तक उपलब्ध लव जिहाद को लेकर अकसर आवाज बुलंद करने वाले विश्व हिंदू परिषद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए। प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख, विश्व हिंदू परिषद जितेंद्र सिंह ने बताया कि लव जिहाद और फंडिंग के एंगल को लेकर कई बार सरकार को पत्र और ज्ञापन सौंपे गए। संगठन का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर मामले तब सामने आते हैं जब पूरा गिरोह एक ही उद्देश्य के लिए जुट जाता है। अब तक भोपाल समेत अन्य मामले सामने आए इसमें एक बात साफ है कि जिहादी मानसिकता के युवकों को ट्रेनिंग से लेकर फंडिंग भी उपलब्ध कराई जाती है। वीएचपी ने यह भी कहा कि इन मामलों के पीछे राजनीतिक हस्ताक्षेप भी है। वीएचपी ने यह भी कहा कि एक भी मामले में अब तक पूरा खुलासा न हो पाना सवाल खड़े करता है। 100 दिन में प्रदेश के बड़े लव जिहाद के मामले     भोपाल में संगठित रूप लव जिहाद को अंजाम देने का मामला सामने आया। एक निजी कॉलेज की हिंदू छात्राओं को लव जिहाद में फंसाया गया। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। भोपाल में लव जिहाद के 50 से ज्यादा मामले हैं।     इंदौर में शूटिंग के नाम पर मुस्लिम युवक ने सौ से ज्यादा हिंदू युवतियों को अपना शिकार बनाया। इंदौर में 40 से ज्यादा लव जिहाद के मामले हैं।     उज्जैन में 11 मुस्लिम युवकों द्वारा कई हिंदू युवतियों को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया। गुरुवार को 20 गांव के लोगों ने झालावाड़ नेशनल हाईवे को विरोध में जाम कर दिया।     मुरैना में हिंदू नाम से कोचिंग चलाने वाले असलम खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हिंडन कैमरा लगातार वीडियो फिर जिहादी मानसिकता को अंजाम देता था।     ग्वालियर में इवेंट कंपनी में बिहार निवासी सरफराज खान का मामला सामने आया।     बैरसिया में 11 कक्षा की छात्रा के साथ लव जिहाद का मामला सामने आया। फिर एक दर्जन से ज्यादा पीड़िता सामने आई।     मध्यप्रदेश के खंडवा, गुना, जबलपुर, रीवा, रतलाम, शुजालपुर, बैतूल, हरदा, शिवपुरी, अशोकनगर, बुरहानपुर, खरगौन, नीमच, सतना, सागर समेत कई जिलों में लव जिहाद के चौकाने वाले मामले सामने आ चुके हैं। कोई मुस्लिम संगठन नहीं- शमशुल मामले पर मुस्लिम स्कॉलर शमशुल हसन सहित मुस्लिम संगठनों का कहना है कि देश समेत प्रदेश में ऐसा कोई मुस्लिम संगठन नहीं है, तो संगठनात्मक रूप से किसी भी प्रकार के अपराधों को अंजाम दे रहा है। हिंदू हो या मुस्लिम, पहले लव होना फिर जिहाद यह संभव नहीं है। कांग्रेस ने सरकार को ठहराया दोषी लव जिहाद के लगातार सामने आ रहे मामलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को दोषी करार दिया है। प्रदेश प्रवक्ता फिरोज सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि बीते 20 सालों से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है तो आखिर यह नेटवर्क कैसे फैला। कांग्रेस का यह भी कहना है कि सांप्रदायिक रंग देकर सियासी फायदे के लिए राजनीति की जा रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन तमाम मामलों को पोर्न इंडस्ट्री बिजनेस से जोड़कर पुलिस को जांच करने की जरूरत है। उधर, बीजेपी ने कहा कि सरकार लगातार लव जिहाद के मामलों पर काम कर रही है। यदि प्रदेश में कोई संगठित गिरोह या फंडिंग लव जिहादियों को कर रहा है तो जल्द ही इन्हें सलाखों के पीछे फेंक दिया जाएगा। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। लव जिहादी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाए। पुख्ता और गहन जांच की जरूरत सिमी और पीएफआई जैसे प्रतिबंधित संगठनों का गढ़ रहे मध्यप्रदेश में एक बाद एक जिहादी मानसिकता के चौकाने वाले लव के इन मामलों ने कई सवाल खड़े किए हैं। तमाम जांचों के बाद भी पुलिस एक भी मामले की तह तक आखिर क्यों नहीं पहुंच पाई। आखिर क्यों पुलिस के बयानों में लव जिहाद और नेक्सेस की बात सामने आती है पर खुलासे नही। आखिर कड़े कानून के बाद भी इन मामलों पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। जरूरत जांच की है, पुख्ता जांच की, गहन जांच की है।

Donald Trump का ये विधेयक अमेरिका के लिए मुसीबत, जाएंगी 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां

वाशिंगटन डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका में एक नया प्रस्‍ताव पेश किया है, जो ‘One Big, Beautiful Bill Act’ है. यह एक ऐसा बिल है, जिसकी चर्चा सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है. यह बिल अमेरिका के 2017 के टैक्‍स कट को स्‍थायी बनाने का प्रयास है. यह एक व्‍यापक विधेयक है, जिसमें सीमा सुरक्षा, खर्च और टैक्‍स शामिल किए गए हैं. यह बिल कई चीजों को लेकर राहत भी देता है, लेकिन कुछ चीजों पर विवाद भी पैदा कर रहा है. सबसे ज्‍यादा विवाद का विषय अमेरिका में रह रहे दूसरे देश के लोगों द्वारा घर पैसा भेजने पर 5 प्रतिशत का टैक्‍स लगाने पर है. इसके अलावा, रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों के लिए सब्सिडी खत्‍म करना. वहीं इस बिल को लेकर कुछ रिपोर्ट का दावा है कि इससे अमेरिका पर भारी कर्ज बढ़ेगा, करीब 36 ट्र‍िलियन डॉलर तक कर्ज में इजाफा हो सकता है. इकोनॉमी पर भी गहरा असर होगा और 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां चली जाएंगी. वहीं अमेरिका में रहने वाले लोगों के घरों का बिल भी बढ़ जाएगा. बाइडेन के फैसले को बदलता है ये बिल ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन युग के उस आदेश को समाप्त कर देगा, जिसके अनुसार 2032 तक नई कार की बिक्री में दो-तिहाई इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. विधेयक में तेल, गैस और कोयला निकालने के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की जाने वाली रॉयल्टी रेट्स में कटौती का प्रस्ताव है. बाइडेन ने रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी लेकर आए थे, लेकिन अब इस विधेयक से सबकुछ समाप्‍त होने वाला है. खासकर रिन्‍यूवेबल एनर्जी सेक्‍टर्स पर इसका गहरा असर होगा.  830,000 से ज्‍यादा नौकरियां खतरे में द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि क्‍लीन एनर्जी प्रोत्साहन को खत्म करने के लिए रिपब्लिकन द्वारा किया गया प्रयास अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा, क्योंकि इससे 830,000 से अधिक नौकरियां खत्म हो जाएंगी, अमेरिकी घरों के लिए ऊर्जा बिल बढ़ जाएंगे और लाखों टन अधिक प्रदूषण फैलने का खतरा होगा, जो जलवायु संकट का कारण बन रहा है. रिन्‍यूवेबल एनर्जी के लिए सब्सिडी हो जाएगी खत्‍म ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन द्वारा हस्ताक्षरित जलवायु कानून के प्रमुख तत्वों को खत्म करता है, जिसने पूरे अमेरिका में रिन्‍यूवेबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश को बढ़ावा दिया था. ‘बिग, ब्यूटीफुल’ बिल इस साल इलेक्ट्रि कारों के लिए टैक्‍स क्रेडिट समाप्त कर सकता है. विंड, सोलर एनर्जी और यहां तक ​​कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन धीरे-धीरे कम हो जाएंगे और 2032 तक पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे. अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल द गार्जियन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह रिपोर्ट आपके सोच से भी बदतर है. इससे डेली के खर्च सैकड़ों डॉलर तक बढ़ सकता है और जलवायु परिवर्तन पर किसी भी तरह की कार्रवाई को कम करता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आप नहीं बता सकते हैं कि US की स्थिति कमजोर करने में यह कितना खास होगा. महंगाई, टैरिफ और बिजली के बढ़ते उपयोग के साथ यह प्रस्‍ताव आना नहीं चाहिए था. यह अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल है. अमेरिकी इकोनॉमी के लिए भी खतरा इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बदलावों से 10 सालों मे अमेरिका की GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा की कमी आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित बिल से ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. 2035 तक, औसत परिवार को ऊर्जा बिलों में 230 डॉलर से अधिक की वृद्धि का सामना करना पड़ने का अनुमान है.  

भारत से सिंधु जल संधि पर रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, वॉटर बम है, हम तो भूखे मर जाएंगे

इस्लामाबाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए। इसी में एक कदम सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी यह साफ कर दिया है कि यह जल संधि अभी आगे भी स्थगित रहने वाली है। ऐसे में इस नदी के पानी पर निर्भर पाकिस्तान ‘पानी-पानी’ करने लगा है। उसके सांसद भरी संसद में इस समझौते के रुकने को वॉटर बम बता रहे हैं और कह रहे कि इसे डिफ्यूज करना ही होगा। पाकिस्तानी सांसद सैयद अली जफर ने संसद में कहा है कि पाकिस्तान के डैम, पावर प्रोजेक्ट्स सब इसी नदी पर बने हुए हैं। ऐसे में अगर इस दिक्कत का हल नहीं निकाला गया तो पाकिस्तानी भूखे मर जाएंगे। जफर ने कहा, ”हम अगर पानी का क्राइसेस नहीं सॉल्व करेंगे तो हम भूखे मर सकते हैं, क्योंकि सिंधु बेसिन ही हमारी लाइफस्टाइल है। 3/4 पानी बाहर से आता है। हमारे 10 में से 9 लोग सिंधु जल संधि के जरिए ही अपनी जिंदगी गुजर बसर करते हैं। 90 फीसदी फसलें इस पानी पर निर्भर हैं। हमारे जितने पावर प्रोजेक्ट्स हैं, डैम हैं, सभी इसी पानी पर बने हुए हैं। यह हमारे लिए एक ‘वॉटर बम’ है, जिसे हमें डिफ्यूज करना है।” भारत से रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाक सिंधु जल संधि पर लगी रोक हटाने के लिए पाकिस्तान लगातार भारत के सामने गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन भारत ने दो टूक कह दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करेगा, तब तक यह रोक जारी रहने वाली है। चार दिनों तक चले भारत-पाक में तनाव के बाद जब सीजफायर लागू किया गया, उसके बाद भी पाकिस्तान ने भारत को पत्र लिखकर जल संधि से रोक हटाने की गुहार लगाई थी। यह अपील पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सैयद अली मुर्तजा द्वारा भारत के जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी को लिखे गए पत्र में की गई थी। सिंधु जल संधि पर क्या बोला भारतीय विदेश मंत्रालय भारत ने गुरुवार को एक बार फिर जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ देगा। जायसवाल ने कहा, ”मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।” सिंधु जल संधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लहार में नया औद्योगिक केंद्र स्थापित करने की घोषणा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लहार में नया औद्योगिक केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मछण्ड और असवार क्षेत्र को नगर परिषद बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान और कृषि हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। किसान को फसलों का उचित दाम मिले और फसल बर्बाद न हो, इसके लिए प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भिंड जिले के लहार में महिला स्व-सहायता समूह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भिंड के युवाओं का पराक्रम सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने शौर्य की गाथा लिखी है। भिंड के घर-घर से निकले जवान मां भारती की रक्षा में सीमाओं पर तैनात हैं। चंबल की धरती के सपूत लंबे समय से बॉर्डर पर दुश्मन का खात्मा करते आ रहे हैं। लहार का गौरवशाली अतीत महाभारत काल से भी जुड़ता है। ऐसा माना जाता है कि लहार में ही पांडवों के खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए लाक्षागृह बनवाया गया था। भिंड वो धरती है, जहां कभी किसी के साथ अन्याय नहीं हो सकता है। वो दिन लद गए जब चंबल क्षेत्र में दस्युओं का डर दिखाकर लोगों पर अत्याचार होते थे। अब भिंड की जनता ने परिवर्तन का रास्ता चुना है। मध्यप्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। यहां जनता का प्रेम और आत्मीयता से मन भाव-विभोर है। आलमपुर कॉलेज का नामकरण लोकमाता देवी अहिल्याबाई के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई का 300वां जयंती वर्ष चल रहा है। भिंड जिले के आलमपुर का कॉलेज अब लोकमाता देवी अहिल्याबाई के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भिंड में विकास को गति प्रदान करते हुए 117 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 33 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 17 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का सिंचित क्षेत्र वर्तमान में 55 लाख हेक्टेयर है, इसे निकट भविष्य में 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। राजस्थान के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना को 40 साल बाद मंजूरी मिली है। लगभग 70 हजार करोड़ की लागत से इस परियोजना का कार्य जारी है। इसी प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को पूरा करते हुए केंद्र सरकार की सहायता से केन-बेतवा लिंक परियोजना की नींव रखी गई है। बुंदेलखंड के कई जिले इससे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान की समृद्धि और जीवन सरल बनाने के लिए 5 रुपए में स्थायी बिजली कनेक्शन और 30 लाख सोलर पंप प्रदान करने की शुरुआत की गई है। किसानों को सिर्फ 10 प्रतिशत कीमत पर सोलर पंप मिल रहे हैं। किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। हर महीने माताओं-बहनों को लाड़ली बहना योजना की राशि भी मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। इनमें राहवीर योजना शामिल है। अब सड़क हादसों के घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके साथ ही प्रदेश में गंभीर बीमारियों के पीड़ितों को एयर एम्बुलेंस का लाभ दिया जा रहा है। अब गरीब के परिवार के किसी व्यक्ति की अस्पताल में मृत्यु हो जाए तो सरकार ने पार्थिव शरीर घर पहुंचाने के लिए नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये। । नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को स्वर्णिम राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। सांसद श्रीमती संध्या राय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लहार क्षेत्र की जनता को अनेक विकास कार्यों की सौगात दी है। लहार विधायक श्री अमरीश शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा, पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह आर्य एवं पूर्व मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet