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87 लाख के इनामी 24 नक्सलियों ने किया समर्पण

बीजापुर बड़े नक्सली लीडर बसवराजु के मौत के बाद दो दिन बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. कंपनी नंबर 02 के डिप्टी कमांडर राकेश सहित कुल 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. दस लाख के ईनामी कंपनी कमांडर सहित 24 नक्सलियों पर 87.05 लाख का ईनाम घोषित था. आत्मसमर्पण करने वाला सभी 24 माओवादी फायरिंग,आईडी ब्लास्ट,आगजनी जैसे अन्य घटनाओं में शामिल थे. सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ.जितेन्द्र यादव,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल,उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपये नगद राशि प्रदान किया. बता दें कि वर्ष 2025 में अब तक कुल 227 माओवादियों ने किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण. वहीं वर्ष 2025 में अब तक कुल 237 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं 119 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया गया है.

21 मई को 27 माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री साय ने जवानों को दी बधाई

नारायणपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को हुई डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 को मार गिराया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे ने माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 को माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना संबंधी कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह ले जाएगा। गृह मंत्री श्री शर्मा ने उम्मीद जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बस्तर अंचल में स्कूल आंगनबाड़ी भवन, सड़कों का विस्तार एवं बिजली की सुविधाओं से गांवों को रोशन किया जाएगा। इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने भी जवानों की पराक्रम की सराहना करते हुए इसे माओवाद के विरूद्ध ऐतिहासिक कामयाबी बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैम्प के जवानों को एलईडी सेट और प्रशस्ति पत्र भेंट किया तथा नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों को ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन पर जल्द विचार करने की बात भी कही। इस अवसर पर जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से बरामद किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुबोध कुमार सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम काम्बले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम साय पहुंचे नारायणपुर के बासिंग स्थित BSF कैंप, DRG जवानों के साथ खाया खाना

नारायणपुर बस्तर के नक्सल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में चलाया गया, जिसमें नक्सली लीडर बवस राजू समेत 27 नक्सली मारे गए। इस ऐतिहासिक अभियान के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नारायणपुर के बासिंग स्थित BSF कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान DRG के जवानों को गश्त के लिए 200 मोटरसाइकिलें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों के परिवारों से मुलाकात की और DRG के जवानों के साथ बैठकर भोजन भी किया, जिससे उनका मनोबल और भी ऊंचा हुआ। DRG की महिला कमांडो ने बताया कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री उनके बीच आया, उनके साथ बैठकर भोजन किया और यह अनुभव उनके लिए गर्व का क्षण रहा। इस अभियान में उन्हें कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता मिली और बीती रात उन्होंने अपनी जीत का जश्न भी मनाया। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को नारायणपुर के एसपी ने बताया कि यह सफलता किस तरह कठिन परिस्थितियों में हासिल हुई, कैसे उन्होंने 15 घंटे में 32 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया, नदी-नालों को पार किया और सीधे बसव राजू के डेरे तक पहुंचे। इस अभियान की रणनीति और साहसिकता की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने आपका सरकार, आपका ग्राम अभियान के तहत जनचौपाल लगाकर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि क्या उन्हें राशन मिल रहा है, बिजली की व्यवस्था है या नहीं, क्या महतारी वंदन योजना का लाभ उन्हें समय पर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे यही देखने और सुनने के लिए आए हैं कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर पहुंच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील दोहराई सीएम साय ने कहा कि यह क्षेत्र नक्सलवाद से लंबे समय से प्रभावित रहा है। जब से उनकी सरकार सत्ता में आई है वे शांति बहाली के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, लेकिन नक्सल प्रभाव के कारण विकास अवरुद्ध था। अब जब केंद्र और राज्य दोनों में उनकी सरकार है तो बाकी क्षेत्रों की तरह यहां भी विकास होगा। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील दोहराई और बताया कि अब तक 1300 लोग नक्सली विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। महिलाओं ने हाथ उठाकर कहा – महतारी वंदन योजना का मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जवानों की प्रतिबद्धता से उन्हें पूरा विश्वास है कि यह क्षेत्र जल्द ही नक्सलमुक्त होगा और सरकार का संकल्प 31 मार्च 2026 तक पूर्ण विकास और शांति की स्थापना अवश्य पूरा होगा। ग्रामीणों को अपने मंत्रियों से परिचय कराते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या सरकार बनने के बाद उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर महतारी वंदन योजना की पुष्टि की। एक महिला माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अब 4,000 से 5,000 तक की मासिक आमदनी कर रही है। सीएम साय ने ग्रामीणों को दी ये सौगातें मुख्यमंत्री ने मौके पर ही विकास कार्यों की कई घोषणाएं की। पुलिया निर्माण के लिए 20 लाख, खेल मैदान के लिए 10 लाख, सीसी रोड के लिए 25 लाख और घोटुल के लिए 15 लाख कुल 1 करोड़ 4 लाख की योजनाएं घोषित की। इसके अलावा गढ़ बंगाल से डोनर तक 30 किलोमीटर सड़क और डोंगरगढ़ से ओरछा तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की।

25 मई से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा , रोज 20-25 किमी चलेंगे

 विदिशा ‘पांव पांव वाले भैया’ और ‘मामा’ के नाम से मशहूर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करीब 25 साल बाद एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं. शिवराज यह पदयात्रा अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में निकालने वाले हैं. शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में यह पदयात्रा 25 मई से शुरू होने वाली है, जिसमें वो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे. यह पदयात्रा विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में होगी, जो हफ्ते में दो दिन चलेगी. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान अधिकतम 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा करेंगे. पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में साल 1991 में पदयात्रा निकाली थी और पूरा संसदीय क्षेत्र नाप डाला था. तब उनका नाम ‘पांव-पांव वाले भैया’ पड़ गया था. शिवराज की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा 25 मई से, रोज 20-25 किमी चलेंगे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 मई से अपने विदिशा संसदीय क्षेत्र में ऐतिहासिक पदयात्रा प्रारंभ कर रहे हैं. यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यह पदयात्रा निरंतर चलेगी और प्रारंभ में विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में यात्रा निकलेगी. तत्पश्चात, देश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी शिवराज सिंह पदयात्रा निकालेंगे. शिवराज सिंह प्रतिदिन 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे. इस यात्रा के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारेंगे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की ओर अग्रसर है. मेरी पदयात्रा का उद्देश्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव, हर किसान, हर महिला सशक्त बने. इसके लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे. केंद्र की योजनाओं का प्रचार-प्रसार पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. लाभार्थियों से करेंगे प्रत्यक्ष संवाद शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. इसमें स्थानीय भागीदारी भी रहेगी. साथ ही, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल आदि को भी यात्रा में शामिल कर सबकी सहभागिता की जाएगी और योजनाओं के प्रभाव को व्यापक बनाया जाएगा. आगे की योजना अन्य क्षेत्रों की     विदिशा के बाद अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी इसी तरह की पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में विकास की नई गाथा लिखी जा सके.     यात्रा का होगा सामाजिक और आर्थिक प्रभाव     आत्मनिर्भर भारत मिशन को बल: कृषि, ग्रामीण उद्योग, महिला उद्यमिता, और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान.     गरीबीमुक्त गांव: केंद्र की योजनाओं के माध्यम से आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों का विस्तार.     महिला सशक्तिकरण: विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना.     युवाओं के लिए अवसर: स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना.   बहनों से मिलेंगे किसानों से करेंगे संवाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गांव लाडक़ुई से भैरूंदा तक दो दिवसीय पदयात्रा निकाल रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान यह उनकी पहली पदयात्रा होगी। इसके बाद वह देश के कई गांवो में जाकर यात्रा के माध्यम से किसानों, महिलाओं व युवाओं से सीधे जुड़ेगें। इस यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण सरंक्षण, जल सरंक्षण, उन्नत, जैविक व प्राकृतिक खेती, नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान, भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के प्रयास, वॉटर हार्वेस्टिंग को अपनाने, पॉलीथिन के उपयोग को कम करने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दो को अमलीय जामा पहनाकर आम लोगों को जागरूक करना है। इस दौरान वह ग्रामीणों को चौपाल के माध्यम से विकसित भारत में अपने योगदान को लेकर संकल्प भी दिलाएंगे। चौपाल के माध्यम से योजनाओं की जानेंगे हकीकत, ग्रामीणों से लेंगे फीडबैक उनकी यात्रा 25 मई को शाम 4 बजे लाडक़ुई से शुरु होगी। यहां पर वह प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, वन विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग योजना के संबंधित हितग्राहियों से संवाद करेंगे। इसके बाद वह पदयात्रा कर लाडक़ुई व भादाकुई के बीच पड़ने वाले खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें जैविक खेती को बढ़ावा देने, कीटनाशक एवं रासायनिक खाद का उपयोग कम करने, नरवाई नहीं जलाने का संकल्प दिलाएंगे। साथ ही उद्यानिकी एवं वाणिज्यिक खेती पर भी चर्चा करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे भादाकुई पहुंचकर चौपाल में शामिल होंगे और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत लाड़ली बहना व लखपति दीदी से संवाद … Read more

उपराष्ट्रपति धनखड़ नरसिंहपुर में 26 मई को करेंगे कृषि उद्योग समागम का शुभारंभ

 भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत अनंत संभावनाओं के दृष्टिगत नरसिंहपुर में 26 मई को कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मई को  कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। तीन दिन के कृषि उद्योग समागम में कृषि अधारित उद्योग इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र एवं आशय पत्रों का वितरण भी होगा। साथ कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 26 मई को नरसिंहपुर जिले में किसान उद्योग समागम मेले का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस मेले में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। आने वाले समय में रीवा सतना और चंबल में भी ऐसे ही मेले आयोजित किये जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने हर खेत में सिंचाई के लिये पानी पहुचाने का संकल्प लिया है। पहले प्रदेश के 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित कर ली गई है। आने वाले समय में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य- “कृषि उद्योग समागम 2025” का आयोजन मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने, और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। यह समागम उद्योगपतियों कृषक उत्पादक संगठनों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद, नीति प्रस्तुति एवं सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समागम में कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।  

गढ़चिरौली में हुआ बड़ा एनकाउंटर, पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार हार्डकोर नक्सली ढेर

गढ़चिरौली गढ़चिरौली में महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सीमा पर पुलिस ने मुठभेड़ में चार खतरनाक नक्सलियों को ढेर कर दिया. साथ ही पुलिस ने एक सेल्फ लोडिंग राइफल, दो 303 राइफल बरामद किया गया. इसके अलावा मौके से वॉकी-टॉकी, कैंपिंग का सामान भी जब्त किया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों के समूहों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर, एडिशनल एसपी रमेश और 12 सी60 पार्टियों (300 कमांडो) और सीआरपीएफ के एक कंपोनेंट के नेतृत्व में गुरुवार (22 मई) को दोपहर को कवांडे और नेलगुंडा से इंद्रावती के तट की ओर भारी बारिश के बीच एक अभियान शुरू किया गया था. गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक शुक्रवार (23 मई) की सुबह, माओवादियों ने सी60 कमांडो पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण फोर्स ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की. लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही. इस फायरिंग में चार माओवादी मारे गए. उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक मुठभेड़ चली और बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी ली, जिसमें चार माओवादियों के शव बरामद हुए। बयान के अनुसार, घटनास्थल से एक ऑटोमैटिक सेल्फ-लोडिंग राइफल, दो .303 राइफल, एक भारमार बंदूक, वॉकी-टॉकी, कैंप सामग्री और नक्सली साहित्य समेत अन्य सामान बरामद किया गया. महाराष्ट्र में यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है, जब दो दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने पड़ोसी छत्तीसगढ़ में 27 नक्सलियों को मार गिराया था, जिनमें उनका शीर्ष नेता बसवराजू भी शामिल था.

यूनुस के प्रोजेक्ट को आर्मी चीफ ने कह दिया ‘Bloody corridor’, ढाका के गलियारों में सत्ता के लिए जोर आजमाइश!

 ढाका बांग्लादेश की राजनीति में फिर एकबार तख्तापलट की आहट सुनाई देने लगी है। खबर है कि मुहम्मद यूनुस ने इस्तीफे का मन बना लिया है। इस बीच  ढाका में एक बड़ी घटना देखने को मिली। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने विदेश मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर बदलाव करते हुए विदेश सचिव जाशिम उद्दीन को अस्थायी रूप से कार्यमुक्त कर दिया। विदेश मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, ‘‘यह निर्णय लिया गया है कि विदेश सचिव जाशिम उद्दीन को जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की पृष्ठभूमि में अग्रिम आदेश तक एम रुहुल आलम सिद्दीक विदेश सचिव के नियमित कामकाज संभालेंगे।’’ विदेश मंत्रालय के एक महानिदेशक के हस्ताक्षर वाले संक्षिप्त आदेश में कहा गया कि यह 23 मई से प्रभावी होगा और इसे जनहित में जारी किया गया है। खबरों के मुताबिक, सरकार ने जाशिम उद्दीन को करीब दो सप्ताह पहले अज्ञात कारणों से हटाने का फैसला किया था। दो दिन पहले ‘द डेली स्टार’ अखबार ने लिखा कि विदेश मंत्रालय में इन खबरों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि जाशिम उद्दीन को हटाया जाएगा, वहीं जूनियर मंत्री के ओहदे के साथ विदेश मामलों के लिए मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक नियुक्त किए गए एक अन्य सेवानिवृत्त राजनयिक सूफीउर रहमान ने अभी तक कामकाज नहीं संभाला है। हालांकि विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने बुधवार को कहा कि हाशिम उद्दीन ने अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों को छोड़ने की मंशा जताई है और यह उन्हें पद से हटाने जैसा नहीं है। आपको बता दें कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि राजनीतिक दलों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण उन्हें काम करना मुश्किल लग रहा है। बीबीसी बांग्ला सेवा ने देर रात नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख नाहिद इस्लाम के हवाले से यह खबर दी। इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला से कहा, ‘‘हम आज सुबह से ही सर (यूनुस) के इस्तीफे की खबर सुन रहे हैं। इसलिए मैं इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सर से मिलने गया था। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सोच रहे हैं। उन्हें लगता है कि स्थिति ऐसी है कि वह काम नहीं कर सकते।’’ छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक ने कहा कि मुख्य सलाहकार यूनुस ने आशंका जताई कि देश की मौजूदा स्थिति में वह काम नहीं कर पाएंगे। इस्लाम के मुताबिक यूनुस ने कहा, ‘‘जब तक राजनीतिक दल सहमति नहीं बना लेते, मैं काम नहीं कर पाऊंगा।’’ इस साल फरवरी में यूनुस के मार्गदर्शन में राजनीतिक पटल पर उभरे एनसीपी के नेता ने कहा कि उन्होंने यूनुस से कहा कि ‘‘देश की सुरक्षा और भविष्य के लिए मजबूत बने रहें और जन-विद्रोह की उम्मीदों पर खरा उतरें।’’ इस्लाम के मुताबिक, उन्होंने मुख्य सलाहकार से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राजनीतिक दल एकजुट होकर उनके साथ सहयोग करेंगे और ‘‘मुझे उम्मीद है कि हर कोई उनके साथ सहयोग करेगा’’। आर्मी चीफ ने कह दिया ‘Bloody corridor’   बांग्लादेश की राजनीति उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. आखिर क्या हुआ कि मोहम्मद यूनुस अपनी जिम्मेदारी छोड़ना चाह रहे हैं. बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की उनकी पेशकश बांग्लादेश में पावर स्ट्रगल की कहानी बता रही है. बांग्लादेश आर्मी इस सत्ता संघर्ष का एक प्रमुख घटक है. बांग्लादेश आर्मी के चीफ जनरल वकार उज जमा ने मोहम्मद यूनुस को तीन ऐसे संदेश दिए जिस राजनीतिक गलियारों में चेतावनी समझा गया. वकार उज जमान ने मोहम्मद यूनुस को कहा कि दिसंबर तक देश में चुनाव कराएं, सैन्य मामलों में दखल न दें और म्यांमार के साथ Bloody corridor को बंद करें. देश की अंतरिम सरकार के चीफ के फैसले के लिए Bloody corridor जैसे शब्दों का इस्तेमाल ने मोहम्मद यूनुस को अपनी कमजोरी का एहसास करा दिया. मोहम्मद यूनुस पर ये राजनीतिक हमला तो सेना की ओर से था दूसरी ओर छात्रों के नए नए बने राजनीतिक दल एनसीपी के लगातार प्रदर्शन ने मोहम्मद यूनुस को कुंठा में डाल दिया. अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस पिछले 9 महीने से राजनेता यूनुस बनने की अपनी कोशिशों में लगातार असफल हो रहे थे. ‘Bloody corridor’ की कहानी क्या है? मोहम्मद यूनुस की मुश्किलों में उस कॉरिडोर का अहम रोल था जो बांग्लादेश को म्यांमार से जोड़ रहा था. इस कॉरिडोर का नाम चटगांव-राखिन कॉरिडोर है. ये कॉरिडोर बांग्लादेश से म्यांमार में रोहिंग्याओं तक सामान की सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाए जाने की योजना है मोहम्मद यूनुस के विदेशी मामलों सलाहकार तौहीद हुसैन ने सेना को विश्वास में लिए बिना एकतरफा घोषणा कर दी थी कि अंतरिम सरकार ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित राखिन गलियारे पर सहमति व्यक्त की है. तौहीद हुसैन का ये बयान बांग्लादेश की आर्मी को नकारने जैसा था. इससे बांग्लादेश में यह चिंता बढ़ गई कि यह गलियारा उसकी संप्रभुता पर असर डाल सकता है. बांग्लादेश में एक थ्योरी यह भी चल रही है कि अमेरिका अपने सामरिक और भू-रणनीतिक फायदे के लिए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है. बांग्लादेश के सुरक्षा विशेषज्ञों ने राखिन गलियारे पर चिंता जताई है. सुरक्षा विशेषज्ञों को चिंता है कि राखिन क्षेत्र में अराकान आर्मी जैसे विद्रोही समूहों की बढ़ती गतिविधियां और म्यांमार की सीमा पर उनके नियंत्रण से बांग्लादेश में अस्थिरता फैल सकती है. उदाहरण के लिए, अराकान आर्मी ने हाल ही में बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है, जिससे सीमा पार से हथियारों, आतंकवादी गतिविधियों और घुसपैठ का जोखिम बढ़ गया है. दूसरा डर रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर है. सुरक्षा विशेषज्ञों को डर है कि राखिन गलियारा रोहिंग्या शरणार्थियों की स्थिति को और जटिल कर सकता है. बांग्लादेश पहले से ही 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं, और गलियारे के खुलने से म्यांमार से और अधिक शरणार्थी बांग्लादेश में प्रवेश कर सकते हैं. इस गलियारे को लेकर बांग्लादेश की इस तरह की व्याख्या की जा रही है कि यूनुस और उनके वफादार चुनाव के बिना सत्ता में बने रहने की अमेरिकी मांग के आगे झुक रहे हैं. बांग्लादेश आर्मी का स्पष्ट और मुखर विरोध लेकिन बांग्लादेश की आर्मी ने इस कॉरिडोर को अंतरिम सरकार द्वारा रेड लाइन क्रॉस करना समझा और इसका … Read more

इंदौर में बनेगा भव्य रणजीत लोक, पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक

इंदौर इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर का कायापलट होने जा रहा है। यहां रणजीत लोक बनाकर मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पर कुल 7 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्लान तैयार हो चुका है, टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने कहा- रणजीत हनुमान मंदिर 135 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां इंदौर ही नहीं, आस-पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। मंदिर प्रशासक एनएस राजपूत ने बताया कि रणजीत लोक तैयार होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के पास बने बड़े मैदान से प्रवेश करेंगे। वहां से एक पाथ-वे के माध्यम से छोटी पार्किंग तक पहुंचेंगे। पाथ-वे में जिग-जैग पैटर्न पर रेलिंग लगाई जाएंगी। इनकी संख्या भीड़ के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकेगी।इसके बाद श्रद्धालु दत्त मंदिर से होते हुए दर्शन की मुख्य लाइन में पहुंचेंगे। भगवान के दर्शन कर वहीं से वापस बाहर निकलेंगे। पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- यहां सभी तरह के मौसम के मुताबिक व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी ताकि सर्दी, गर्मी और बारिश में भक्तों को परेशानी न हो। बैठने के लिए नई बेंच लगेंगी। बाउंड्रीवाल भी बनाई जाएगी।25 फीट का पाथ-वे बनेगा, इसकी दीवारों पर पत्थरों से भगवान हनुमान से जुड़े दृश्य उकेरे जाएंगे। रामायण और सुंदरकांड को तस्वीरों में दर्शाया जाएगा। छत पर कशीदाकारी, बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी रोशनी रणजीत लोक की छत पर भी कशीदाकारी की जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी लाइटिंग लगेगी। यहां भी सुंदरकांड का चित्रण होगा। मंदिर का एक्सटेंशन 40 फीट आगे तक होगा। नया मुख्य द्वार बनेगा। शेड तैयार किए जाएंगे।मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी बनाई जाएगी। नया जूता स्टैंड, पेय जल की व्यवस्था की जाएगी। बेबी फीडिंग रूम और बुजुर्गों के लिए अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। भक्त पाथ-वे के जरिए दर्शन करने जाएंगे। यहां एलईडी पर भगवान के लाइव दर्शन होंगे।स्मार्ट सिटी संभाल रहा निर्माण की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- रणजीत लोक निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी इंदौर स्मार्ट सिटी को दी गई है। इसके लिए मंदिर के फंड और दान की राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते इसका काम शुरू किया जा चुका है। पांचवीं पीढ़ी संभाल रही पूजा-अर्चना का काम वर्तमान पुजारी पं. दीपेश व्यास के परदादा स्व. पं. भोलाराम व्यास इस मंदिर के संस्थापक पुजारी थे। उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही है। व्यास ने कहा- शुरुआत में बाबा रणजीत टीन से बने शेड में विराजमान थे। 1960 में गार्डर-फर्शी से पक्का निर्माण किया गया। 1992 में आरसीसी छत डाली गई। व्यास के अनुसार, होलकर राजा जब भी युद्ध के लिए जाते थे तो यहां पूजा-हवन करते थे। विजय की कामना के साथ यहां आते और फिर युद्ध के लिए जाते थे इसलिए मंदिर का नाम रणजीत हनुमान पड़ा। उन्होंने कहा- पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर यहां रणजीत अष्टमी मनाई जाती है। सुबह 5 बजे प्रभात फेरी निकाली जाती है। दिनभर पूजा-अर्चना और विशेष आरती की जाती है। 21 लाख रुपए के रथ पर सवार होकर रणजीत हनुमान नगर भ्रमण करते हैं। महाकाल लोक के बाद अब मध्यप्रदेश में हनुमान लोक नजर आएगा। इसका निर्माण सौंसर के जाम सांवली में होगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड 314 करोड़ की लागत से करीब 30 एकड़ में इसका निर्माण करवा रहा है। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 6 फेज में हनुमान लोक कॉरिडोर का काम होगा। फर्स्ट फेज में 35 करोड़ की लागत से एंट्रेंस प्लाजा से हनुमान लोक तक का काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय बोले – व्यर्थ नहीं जाएगा शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान, नक्सलवाद के समूल नाश का संकल्प करेंगे पूरा

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।   मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।           इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

मोहसिन खान के खिलाफ तीन युवतियों ने शारीरिक शोषण का केस दर्ज करवाया, एकेडमी के बाहर हुई नारेबाजी, परिवार भी फरार

इंदौर दौर में शूटिंग एकेडमी के संचालक मोहसिन खान ने निशानेबाजी सिखाने के बहाने कोच बनकर कई हिंदू लड़कियों को सुनियोजित ढंग से शारीरिक शोषण का शिकार बनाया। उसके मोबाइल से पुलिस ने 10 अलग-अलग युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं। उसके खिलाफ फिलहाल तीन युवतियों ने प्रकरण दर्ज कराए हैं। एक पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी है कि आरोपित मोहसिन हिंदू युवतियों को जबरदस्ती नानवेज खिलाने और उन्हें पूजा-पाठ से दूर रहने का दबाव भी बनाया करता था। महू के प्रजापत मोहल्ला निवासी मोहसिन खान अन्नपूर्णा क्षेत्र की सिल्वर ऑक्स कॉलोनी में ड्रीम ओलंपिक शूटिंग एकेडमी का संचालन कर रहा था। रायफल पकड़ने का तरीका बताने के बहाने गलत ढंग से छुआ मंगलवार को मल्हारगंज क्षेत्र निवासी एक युवती ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। निशानेबाजी सीखने गई युवती को मोहसिन ने रायफल पकड़ने का तरीका बताने के बहाने गलत ढंग से छुआ। विरोध करने पर उसको धमकाया तो पीड़िता ने एकेडमी आना छोड़ दिया। इसके बाद बाकी पीड़िताएं भी सामने आईं। नेशनल लेवल पर खिलाने का झांसा देकर शोषण किया अगले ही दिन गुरुवार को विदुरनगर क्षेत्र की एक अन्य युवती थाने पहुंची और मोहसिन खान के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई। 23 वर्षीय इस युवती के अनुसार, वह साल 2022 से निशानेबाजी सीखने आ रही थी। इस बीच आरोपित मोहसिन राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खिलाने का झांसा देकर उसका शोषण करने लगा। परेशान होकर गत दो मई से उसने एकेडमी में जाना बंद कर दिया। रिसेप्शनिस्ट पर बनाता था युवतियों को लाने का दबाव दो युवतियों के सामने आने के बाद लालबाग क्षेत्र में रहने वाली एक और युवती ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया वह मोहसिन की एकेडमी में रिसेप्शनिस्ट थी। उसका आरोप है मोहसिन द्विअर्थी बातें करता था। एकेडमी के नीचे ही उसका फ्लैट है। बहाने से वह फ्लैट में बुला लेता था। निशानेबाजी सीखने वाली युवतियों को उसके करीब लाने का दबाव बनाता था। शूटिंग एकेडमी के बाहर नारेबाजी, महू से मोहसिन का परिवार भागा एडीसीपी आनंद यादव ने कहा आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके मोबाइल से मिले वीडियो की फोरेंसिक जांच की जाएगी। गुरुवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और रहवासियों ने ड्रीम ओलंपिक शूटिंग एकेडमी के बाहर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बिल्डिंग मालिक प्रहलाद मिश्रा पर भी कार्रवाई की मांग की। मोहसिन के भाई शाहिद, इमरान, भानजे दानिश और दोस्त फैजान (ट्रेनर) की भूमिका की जांच की मांग की। इसके बाद महू से मोहसिन का परिवार गायब हो गया। एसीपी शिवेंदु जोशी के मुताबिक एकेडमी की जांच होगी। हिंदू संगठनों ने थाने पर किया हंगामा  हिंदूवादी संगठनों ने पहले आरोपी की एकेडमी के सामने नारेबाजी की। इसके बाद वे अन्नपूर्णा थाने भी पहुंच गए। यहां नारेबाजी कर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि मोहसिन का एक भाई भी राऊ इलाके के एक नामी स्कूल में शूटिंग की कोचिंग देता है। डीसीपी बोले- नकली नोट की डील भी करता था डीसीपी ऋषिकेश मीना के मुताबिक, अन्नपूर्णा थाने में कोच मोहसिन के खिलाफ दो युवतियां और शिकायत लेकर पहुंची थी। उनकी शिकायत के बाद रेप और छेड़छाड़ का केस दर्ज कर लिया है। एकेडमी कोच मोहसिन नकली नोट की डील भी कर रहा था। पुलिस को इसकी चैटिंग भी मिली है। मामले में आरोपी से पूछताछ की जाएगी। पीड़िता बोली- कोच कहता था, जैसा कहूं वैसा करना पड़ेगा नाबालिग छात्रा ने पुलिस को अपने बयान में बताया कि वह इस एकेडमी में निशानेबाजी सीखती है। यहां कोच सलीम शूटिंग राइफल चलाने की ट्रेनिंग देता है। साल 2021 से साल नवंबर 2023 तक मोहसिन खान की एकेडमी में शूटिंग की। सुबह 12 बजे से शाम 6 बजे तक वहीं रहकर प्रैक्टिस करती थी। जब कोच से प्रैक्टिस के लिए और समय की मांग करती तो वह कहता था कि मैं जैसा कहूं वैसा करना पड़ेगा, तभी अतिरिक्त समय दूंगा। पीड़ित छात्रा ने बताया कि शूटिंग में ज्यादा समय बिताने और करियर बनाने की बात कहकर वह युवतियों से मनचाहा काम कराता है। न करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी देता था। 2 पीड़िताएं पहुंची थाने गुरुवार शाम दो अन्य पीड़िताएं अन्नपूर्णा थाने पहुंचीं। युवतियों ने बताया कि उन्होंने राइफल शूटिंग की ट्रेनिंग के लिए ड्रीम ओलंपिक अकादमी ज्वाइन की थी, जहां कोच मोहसिन ने एक के साथ दुष्कर्म और दूसरी के साथ छेड़छाड़ की। मामले में बजरंग दल की मदद से एफआईआर दर्ज कराई गई है। बजरंग दल के जिला प्रमुख अनिल पाटिल ने बताया की मोहसिन खान लंबे समय से युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर उनका शोषण कर रहा था। उसके मोबाइल से 150 से ज्यादा अश्लील चैट और कई वीडियो मिले हैं। सिल्वर ऑक्स कॉलोनी के लोगों ने खोला मोर्चा वहीं सिल्वर ऑक्स कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने मोहसिन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रहवासियों का कहना है कि जिस मकान में शूटिंग अकादमी चलाई जा रही थी, वहां छत पर अवैध रूप से पेंटहाउस बनाकर लड़कियों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं की गईं। स्थानीय लोगों ने मकान मालिक पर भी कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम करेगा कार्रवाई रहवासी शिवानी पटेरिया ने बताया की बिना अनुमति के पेंटहाउस बनाकर वहां कोचिंग चलाई जा रही थी। मोहसिन को मकान किराए पर दिया गया और वहीं ये सब हो रहा था। मकान मालिक पर भी FIR होनी चाहिए। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पूरा मामला सामने आया है, तो प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए। इस पूरे मामले में नगर निगम ने भी संज्ञान लिया है। क्षेत्रीय पार्षद अभिषेक बबलू शर्मा ने बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर पेंटहाउस की जांच करवाई जा रही है और यदि निर्माण अवैध पाया गया, तो उसे तोड़ा जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आशंका है कि मोहसिन खान से जुड़ी और भी पीड़िताएं सामने आ सकती हैं। जानिए FIR में छात्रा ने क्या आरोप लगाए सिखाने के बहाने कोच ने किया बैड टच नाबालिग छात्रा ने शिकायत में बताया- मै इंदौर की रहने वाली हूं। ड्रीम ओलिंपिक एकेडमी सिल्वर ऑक्स कॉलोनी में प्रैक्टिस करती हूं। मेरी एकेडमी का कोच मोहसिन खान पिता सलीम खान उम्र 38 साल निवासी … Read more

‘यदि हिन्दुस्तान हमारा पानी रोक देंगा , तो हम आपकी सांस बंद कर देंगे -लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी

लाहौर पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत के खिलाफ जहर उगला है. भारत को लेकर उनकी हालिया तकरीर वैसी ही है, जैसी आतंकवादी हाफिज सईद की होती है. 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में कई जगहों पर हुए आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का भारत और अमेरिका के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का इतिहास रहा है. पाकिस्तानी सेना के प्रोपेगेंडा विंग ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ के डीजी (ISPR DG) अहमद शरीफ चौधरी ने हालिया भारत विरोधी बयानबाजी पाकिस्तान के एक विश्वविद्यालय में भाषण के दौरान की. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने का जिक्र करते हुए ने चौधरी ने कहा, ‘यदि आप (हिन्दुस्तान) हमारा पानी रोक देंगे, तो हम आपकी सांस बंद कर देंगे.’ इंडस वाटर ट्रीटी भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी पांच सहायक नदियों- सतलुज, ब्यास, रावी, झेलम और चिनाब- के जल बंटवारे और प्रबंधन की शर्तों से संबंधित है. यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नियमित रूप से सूचनाओं के आदान-प्रदान को भी अनिवार्य बनाती है. विश्व बैंक इस संधि में बतौर मध्यस्थ शामिल है. इस बीच, भारत ने विभिन्न अवसरों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने 23 अप्रैल को पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था. भारत ने इस संधि को तब तक स्थगित रखने का फैसला किया है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं कर देता. इसके अलावा अटारी सीमा पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को भी तत्काल बंद कर दिया गया था. इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई थी. भारत की इस कार्रवाई में बहावलपुर में जैश और मुरीदके में लश्कर के हेडक्वार्टर नेस्तनाबूद हो गए. पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए थे. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर हमले की नाकाम कोशिश की.  पाकिस्तान के ड्रोन्स और मिसाइल हमलों को भारत ने अपने मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम से न सिर्फ निष्क्रिय कर दिया बल्कि भारतीय वायुसेना ने उसके एयर डिफेंस सिस्टम को 23 मिनट तक जाम करके 11 एयरबेसों पर बम बरसाए. भारत ने सरगोधा, नूर खान, जैकबाबाद और रहरयार खान एयरबेसों पर सटीक हमले करके पाकिस्तान की सैन्य ताकत की दुनिया के सामने पोल खोल दी. भारत के हमले इतने कारगर और प्रभावी थे कि पाकिस्तान को दो दिन में ही अपने घुटनों पर आना पड़ा और सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी.    

पेशियों की न दें बार-बार तारीख, फील्ड में दिखे सक्रियता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, राम कुमार टोप्पो, भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सौभाग्य है कि महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा -CM

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की ऐसी महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को कालिदास संस्कृत अकादमी के पण्डित सुर्यनारायण व्यास संकुल सभा गृह में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर अहिल्या बाई होलकर महानाटय – जीवन, अवदान और वैभव का गान के मंचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. साधना बलवटे की लिखी पुस्तक ‘’अहिल्या रूपेण संस्थिता’’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, संस्कार भारती के सह कोषाअध्यक्ष श्रीपाद जोशी, विशाल राजोरिया, जगदीश अग्रवाल, देवी अहिल्या बाई जयंती समारोह के जिला संयोजक उमेश सेंगर, जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और देवी अहिल्या बाई के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति संचलनालय के संचालक एन.पी. नामदेव और कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक ड़ॉ. गोविंद गंधे ने अतिथियों का स्वागत किया। केन्द्र और राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करा रही हैं। देवी अहिल्याबाई ऐसी बेटी थीं, जो विवाह के बाद सास-ससुर की भी बेटी ही बन कर रहीं। बचपन में देवी अहिल्याबाई ने बाजीराव जी की सवारी निकलने पर अपने स्थान से हटने से मना कर दिया था, क्योंकि वे उस समय भगवान शिव की पूजा कर रही थीं, यह प्रसंग उनके साहस को दर्शाता है। देवी अहिल्या बाई सदगुणों की खान थीं। उन्हें शास्त्रों के साथ शस्त्रों की भी शिक्षा प्रदान की गई थी। पति द्वारा युद्ध में जीती गई धन राशि को उन्होनें शासकीय खजाने में जमा करने के लिए कहा था, जो कि उनकी उदारता को दर्शाता है। देवी अहिल्याबाई ने प्राचीन सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उन्होंने सनातन धर्म की ध्वजा को धारण करके एक आदर्श जीवन जिया है, जो सबके लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कष्ट सहकर भी सुशासन की मिसाल पेश की। देवी अहिल्याबाई ने आमजन के लिये रोजगार के अवसर और उनकी बेहतरी के लिए महेश्वर में दक्षिण भारत के कारीगर बुलाकर हाथ से बुनी हुई साड़ी बुनने की कला से स्थानीय लोगों को परिचित करवाया। आज महेश्वर की साडि़यां विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने महेश्वर और इन्दौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक का आयोजन देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ही किया है। उन्होंने कहा कि आगामी 31 मई को शासन द्वारा भोपाल में नारी सशक्तिकरण पर आधारित कार्यक्रम का भव्य स्तर पर आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं और उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री निधि से कलाकारों को 5 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में देवी अहिल्या बाई पर केंद्रित नाटयों का मंचन किया जा रहा है। कालिदास संस्कृत अकादमी में महानाट्य की प्रस्तुति नागपुर के कलाकारों द्वारा सुप्रियंका ठाकुर के निर्देशन में दी गई।  

लखनऊ ने गुजरात टाइटंस को उसके ही घर में हराया, टॉप 2 की राह हुई मुश्किल

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-64 में गुजरात टाइटन्स (GT) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से हुआ. 22 मई (गुरुवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने 33 रनों से जीत हासिल की. मुकाबले में गुजरात टाइटन्स को जीत के लिए 236 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन वो 9 विकेट पर 202 रन बना सकी. लखनऊ की ओर से मिचेल मार्श ने शतकीय पारी (117 रन) खेली, जबकि तेज गेंदबाज विलियम ओरोर्के ने 3 विकेट लिए. मौजूदा सीजन में गुजरात टाइटन्स की ये 13 मैचों में चौथी हार रही. हालांकि गुजरात टाइटन्स पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और वो अंकतालिका में पहले नंबर पर कायम है. दूसरी ओर लखनऊ सुपर जायंट्स की 13 मैचों में ये छठी जीत रही. अंकतालिका में छठे स्थान पर काबिज लखनऊ सुपर जायंट्स का प्लेऑफ से पत्ता कट चुका है. टारगेट का पीछा करते हुए गुजरात टाइटन्स की शुरुआत अच्छी रही. ‘इम्पैक्ट सब’ साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 27 गेंदों पर 46 रनों की पार्टनरशिप की. तेज गेंदबाज विलियम ओरोर्के ने सुदर्शन (21 रन, 16 गेंद, 4 चौके) को आउट करके इस पार्टनरशिप को ब्रेक किया. सुदर्शन के आउट होने के बाद जोस बटलर संग शुभमन गिल की 39 रनों की साझेदारी हुई. शुभमन ने सात चौके की मदद से 20 बॉल पर 37 रन बनाए और उनका विकेट आवेश खान ने लिया. शुभमन के बाद जोस बटलर भी चलते बने, जिन्हें ‘इम्पैक्ट सब’ आकाश सिंह ने एक बेहतरीन इनस्विंगर पर बोल्ड किया. जोस बटलर ने 18 बॉल पर 33 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे. बटलर के आउट होने के बाद शेरफेन रदरफोर्ड और शाहरुख खान के बीच चौथे विकेट के लिए 86 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने गुजरात टाइटन्स की मैच में वापसी कराई. इस पार्टनरशिप को विलियम ओरोर्के ने तोड़ा, जिन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर रदरफोर्ड को आउट किया. रदरफोर्ड ने 3 छक्के और एक चौके की मदद से 22 गेंदों पर 38 रन बनाए. रदरफोर्ड के आउट होने के बाद विकेटों की झड़ी लग गई. 17वें ही ओवर में विलियम ओरोर्के ने राहुल तेवतिया (2 रन) को भी पवेलियन रवाना कर दिया. फिर 18वें ओवर में अरशद खान (1) को शाहबाज अहमद ने चलता किया. इसी बीच शाहरुख खान क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने 22 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की. शाहरुख खान को 19वें ओवर में आवेश खान ने आउट किया. शाहरुख ने 29 गेंदों पर 57 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. पारी के आखिरी ओवर में आयुष बदोनी ने कगिसो रबाडा (2 रन) और आर. साई किशोर (1 रन) को आउट करके लखनऊ को शानदार जीत दिलाने में मदद की.

आज आरसीबी हैदराबाद के खिलाफ भिड़ेगी, RCB जीत के साथ लीग चरण में शीर्ष दो में बनाना चाहेगी जगह

नई दिल्ली आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना चुकी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आज सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला जीतकर नौ साल में पहली बार लीग चरण में शीर्ष दो में जगह बनाना चाहेगी। आरसीबी 2016 सत्र में उप विजेता रही थी लेकिन इसके बाद से शीर्ष दो में नहीं पहुंची है। अभी टीम 12 मैच में 17 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है और अपने बचे हुए दो मैचों में जीत शीर्ष दो स्थान को सुरक्षित कर सकती है। शुक्रवार का मैच मूल रूप से बेंगलुरु की टीम का घरेलू मैच था लेकिन मानसून की शुरुआत के कारण इसे स्थानांतरित कर दिया गया।   भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के कारण लीग के हुए व्यवधान से पहले आरसीबी शानदार फॉर्म में थी और टीम ने लगातार चार जीत हासिल की थी। लेकिन लीग के फिर शुरू होने के बाद पहले मैच के बारिश से धुलने के कारण उसकी लय में बाधा आ गई। 20 दिन के ब्रेक के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम अपनी लय और प्रतिस्पर्धी बढ़त बरकरार रख पाती है या नहीं। आईपीएल खिताब जीतने की दौड़ में शामिल आरसीबी ने हाल के दिनों में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमेशा की तरह टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने 11 पारियों में सात अर्धशतक बनाए हैं। कप्तान रजत पाटीदार, टिम डेविड और रोमारियो शेफर्ड ने समय-समय पर पावरहिटिंग करके उनका अच्छा साथ दिया है। हालांकि ब्रेक से ठीक पहले पाटीदार की फॉर्म में गिरावट आई। वह अपने पहले पांच मैचों में 37.2 की औसत के बाद अगले पांच मैचों में 10.6 के औसत से सिर्फ 53 रन ही बना पाए। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान लगी उंगली की चोट से उबरने के बाद अब वह फिर नेट्स पर खुलकर बल्लेबाजी कर रहे हैं जो आरसीबी के लिए अच्छा संकेत है। क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा की स्पिन जोड़ी बहुत प्रभावी रही है जबकि जोश हेजलवुड और यश दयाल ने तेज गेंदबाजी विभाग में मुश्किल ओवरों को आसानी से पूरा किया है। हेजलवुड हालांकि अपने कंधे की चोट से उबरने की वजह से मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। आरसीबी के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी इस मैच और उसके बाद के लिए उपलब्ध हैं। पिछले साल फाइनल तक पहुंची सनराइजर्स हैदराबाद की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स पर छह विकेट की जीत के बाद इस मुकाबले में उतरेगी। टीम इसी लय को जारी रखने और इस सत्र को जीत से समाप्त करने की कोशिश करेगी। एसआरएच के अभियान में विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड ने बीच बीच में अच्छी पारियां खेली लेकिन लगातार अच्छा नहीं कर सके जिसके कारण टीम तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गई है। कप्तान पैट कमिंस और भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद उनकी गेंदबाजी इकाई संघर्ष करती दिखी है। टीम इस प्रकार हैं : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख दार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह। सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अथर्व तायडे, अभिनव मनोहर, अनिकेत वर्मा, सचिन बेबी, स्मरण रविचंद्रन, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रेविस हेड, हर्षल पटेल, कामिंडु मेंडिस, वियान मुल्डर, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, मोहम्मद शमी, राहुल चाहर, सिमरजीत सिंह, जीशान अंसारी, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा।  

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