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एशिया में कोविड का नया वेरिएंट JN.1 से खतरे की घंटी? पिछले 1 साल में सबसे ज्यादा एक्टिव केस, डॉक्टर ने कही ये बात

नई दिल्ली कोरोना वायरस कहें या कोविड-19 साल 2020 के बाद से इसका खौफ लोगों के बीच खूब देखने को मिला. इस महामारी से दुनियाभर में सैंकड़ों लोगों ने जान गवाईं. अभी लोग ढंग से कोविड-19 द्वारा मचाई गई तबाही को भूले भी नहीं थे के इस बीच एशिया के कुछ देशों में कोरोना के केस फिर से बढ़ने लगे हैं. सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड में संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसकी वजह है ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट है जो बहुत जल्दी फैलता है और अब इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है. सिंगापुर में 3 मई तक के हफ्ते में 14,200 नए कोरोना केस मिले, जबकि पिछले हफ्ते यह संख्या 11,100 थी. वहां अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी 30% बढ़ोतरी हुई है. इस वजह से वहां के हेल्थ ऑफिसर ज्यादा सतर्क हो गए हैं. हांगकांग में भी हालात अच्छे नहीं हैं. वहां कोरोना का फैलाव काफी ज्यादा बताया जा रहा है. हेल्थ ऑफिसर अल्बर्ट औ के मुताबिक, इस साल अब तक सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं. एक ही हफ्ते में 31 लोगों की मौत भी हुई है, जो एक साल में सबसे ज्यादा है. कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. भारत में अभी कोरोना के मामले कम हैं, लेकिन थोड़ी बढ़त जरूर हुई है. 19 मई तक 257 एक्टिव केस सामने आए हैं. आसपास के देशों में मामले बढ़ने की वजह से भारत के डॉक्टर और हेल्थ ऑफिर्स अलर्ट पर हैं और हालात पर नजर रख रहे हैं ताकि समय रहते कोई जरूरी कदम उठाया जा सके. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर ओमिक्रॉन का ये नया वेरिएंट JN.1 क्या है? इसके लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है? चलिए जानते हैं. JN.1 वैरिएंट क्या है? JN.1 कोरोना वायरस का एक नया रूप है, जो ओमिक्रॉन से जुड़ा है. यह BA.2.86 नाम के पुराने वेरिएंट से निकला है, जिसे पिरोला भी कहा जाता है. इस वेरिएंट की पहचान सबसे पहले 2023 के आखिरी में हुई थी. इसके बाद यह अमेरिका, यूके, भारत, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में तेजी से फैल गया. इस वेरिएंट में स्पाइक प्रोटीन (वायरस का वो हिस्सा जिससे वह शरीर की सेल्स से चिपकता है) में एक खास बदलाव (म्यूटेशन) हुआ है. इस बदलाव की वजह से यह वायरस ज्यादा तेजी से फैल सकता है. यह शरीर की उस इम्युनिटी को भी बेद सकता है, जो वैक्सीन लगवाने या पहले कोविड होने के बाद बनी थी. कितना खतरनाक है JN.1? फिलहाल के आंकड़ों के मुताबिक, JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन के पुराने वेरिएंट्स की तरह ही है और इससे गंभीर बीमारी होने का खतरा बहुत कम है. अधिकतर लोगों में इसके लक्षण हल्के से मध्यम लेवल के ही देखे गए हैं. इनमें गले में खराश, बहती नाक, हल्का बुखार, थकान और खांसी जैसे लक्षण शामिल हैं. ये लक्षण पहले वाले ओमिक्रॉन वायरस से बहुत मिलते-जुलते हैं. हालांकि, JN.1 की सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से फैलने की क्षमता है. यह वेरिएंट बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए इसके केस तेजी से बढ़ सकते हैं. अभी तक डॉस्पिटल में एडमिट होने वालों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है, लेकिन फिर भी बुज़ुर्ग लोगों, पहले से बीमार लोगों और जिनकी इम्युनिटी कमजोर है उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है. इस वेरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और सतर्कता बहुत जरूरी है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके. कोविड का नया वेरिएंट JN.1 क्या खतरे की घंटी कोरोना एक बार फिर एशिया के कुछ हिस्सों में दस्तक दे रहा है। भारत में पिछले एक साल में सबसे अधिक 257 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, AIIMS के एक्सपर्ट डॉ संजय रॉय का कहना है कि JN-1 एक साल पुराना वेरिएंट है, कोई नया वायरस नहीं है। न ही यह कोई नया स्ट्रेन है। पॉजिटिव केस इसलिए सामने आ रहे हैं क्योंकि टेस्ट किए जा रहे हैं। मौजूदा हालात में JN.1 को लेकर घबराने वाली बात नहीं है। अभी तक इसको लेकर साइंस यही कहता है कि यह कॉमन कोल्ड है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। स्वास्थ्य मंत्रालय का भी कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के एक्सपर्ट और कोरोना वैक्सीन ट्रायल के प्रमुख रहे डॉक्टर संजय रॉय ने बताया कि कोरोना फैमिली के हजार से भी ज्यादा वेरिएंट हैं। लेकिन, मुख्य रूप से सात ऐसे वायरस हैं जो इंसानों को प्रभावित करते हैं। 2002 तक कोरोना वायरस (CoV) इंसानों के लिए मामूली वायरस माना जाता था। लेकिन पिछले 20 से 25 सालों में इसके इफेक्ट को देखें तो कोरोना परिवार का 5वां वायरस सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) आया। इसके बाद इस परिवार का छठा वायरस मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (MERS-CoV) आया। अब इसका 7वां वायरस कोविड-19 है। जहां तक वर्तमान हालात की बात है तो अब यह कॉमन कोल्ड है। इसके ज्यादा खतरनाक होने का कोई एविडेंस अभी नहीं है। वैज्ञानिक समझ के आधार पर करनी होगी बात डॉक्टर संजय ने कहा कि साइंस की बातें तो साइंस के आधार पर ही होनी चाहिए। वट्सऐप से जानकारी लेकर बातें नहीं करनी चाहिए। JN.1 वेरिएंट में नया कुछ नहीं है। एक साल पुराना है। इसको लेकर इतनी बातें करने के पीछे कोई साइंस तो नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी का कमर्शियल इंट्रेस्ट हो तो यह अलग बात है, लेकिन यह भी बहुत दिनों तक नहीं चलता है। अमेरिका जैसे देश ने अपने यहां छह महीने तक के बच्चों का भी कोविड वैक्सीनेशन करा दिया, जबकि हमने साइंस की बात की। हमारी सरकार ने भी इसे तवज्जो दिया और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को एक भी वैक्सीन नहीं लगी और वायरस का उनपर असर भी कुछ नहीं हुआ। हमें समझना होगा और वैज्ञानिक समझ के आधार पर ही बात करनी होगी। सिक्वेंसिंग में पहले भी मिला था वेरिएंट JN.1 दिल्ली में कोरोना वायरस पर नजर रखने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती थी, लेकिन सूत्रों का कहना है … Read more

तीन जून को राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, अयोध्या उत्सव की तैयारी में जुटी

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में इस समय तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तीन जून को अयोध्या एक बार फिर भव्य उत्सव मनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। तीन जून को राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस बार राम दरबार समेत अन्य मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक होगी। बैठक में समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा शामिल होंगे। राम मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हो रही तीन दिवसीय समीक्षा बैठक में पहले और दूसरे तल समेत परकोटा के छह मंदिरों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा होगी। सप्त मंडपम के मंदिरों की समीक्षा की जाएगी। राम मंदिर की लाइटिंग की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा राम मंदिर में आवागमन के लिए लगाई गई सीढ़ियों पर लगी रेलिंग के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर पत्थरों को रिप्लेसमेंट करने को लेकर भी समीक्षा होगी। राम मंदिर में दूसरी बार प्राण-प्रतिष्ठा के लिए साधु-संतों को निमंत्रण दिया जा रहा है। उत्तराखंड के संतों को निमंत्रण देने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय के अलावा अन्य पदाधिकारी हरिद्वार पहुंचे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि और योग गुरु बाबा रामदेव के अलावा अन्य संतों को निमंत्रण देंगे। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण 5 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा समारोह तीन जून से शुरू होगा। यह पांच जून तक चलेगा। पांच जून के बाद एक सप्ताह के अंदर सभी मंदिर दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार अतिथि अलग होंगे। बता दें कि पिछले साल 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा भव्य राम मंदिर में हुई थी। इसमें खेल, बिजनेस और राजनीति से जुड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया था।  

इंदौर शहर साइबर क्राइम के लिए हॉट स्पॉट बन गया है, जहां फर्जी खाते और सिमकार्ड आसानी से उपलब्ध

इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर साइबर स्कैम का नया गढ़ बन गई है। यहां फर्जी खाते-सिमकार्ड और एटीएम आसानी से मिल जाते हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने इंदौर को हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी) की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चिंतन हुआ। बैठक में जोन-2 के डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को भी बुलाया गया। दिल्ली में हाल ही में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र में देशभर की बैंक सेक्टर, साइबर पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी व साइबर अपराध से जुड़े अधिकारियों की बैठक हुई। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर होम सेक्रेटरी के नेतृत्व में हुई बैठक में साइबर अपराध से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।  इसमें बताया गया कि देशभर के 35 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में एमपी के इंदौर शहर का नाम भी सामने आ रहा है। बीते कुछ समय में यहां डिजिटल अरेस्ट से लेकर अन्य साइबर अपराध हुए हैं। बैठक में उन राज्यों पर भी बात हुई जहां के कुछ क्षेत्र में विशेष रूप से साइबर अपराध हो रहे हैं। इन अपराधों पर कैसे रोक लगाई जाए और एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ) में शिकायत दर्ज होने के बाद कैसे कार्रवाई हो सके, इस पर भी चर्चा हुई। भोपाल, इंदौर से भी अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे। इंदौर में फर्जी अकाउंट और सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी डीजीपी को इसके नियंत्रण के निर्देश दिए। शनिवार को दिल्ली में आई4सी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय में पदस्थ सचिव गोविंद मोहन द्वारा की गई। प्रदेश से इंटेलिजेंस एडीजी ए. साईं मनोहर, साइबर डीआइजी मोहम्मद यूसुफ कुरैशी और इंदौर से डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को बुलाया गया। इसमें बताया गया कि इंदौर में म्यू खाते, सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं। इंदौर में यहां होती है ठगों की डील फर्जी एडवाइजरी फर्म और एटीएम विड्राल के लिए भी सुरक्षित माना गया है। दुबई, लाओस, कंबोडिया जैसे शहरों में बैठे साइबर अपराधी पैडलर के माध्यम से फ्रॉड करते हैं। इंदौर के विजयनगर, तुकोगंज, तिलकनगर, पलासिया, एरोड्रम, अन्नपूर्णा, भंवरकुआं, खजराना, लसूड़िया, कनाड़िया जैसे क्षेत्रों में होटल, रेस्त्रां, कैफे पर ही डील हो जाती है। इसी तरह उत्तमनगर (दिल्ली), नुहू(हरियाणा), भरतपुर (राजस्थान), नालंदा (बिहार), देवगढ़ (झारखंड) भी कुख्यात हैं। बगैर सत्यापन के करंट खाते खोल रहे बैंक अफसर बैठक में सीबीआइ, आरबीआइ, ट्राई, साइबर सेल, ईडी सहित तमाम एजेंसियों के अफसर शामिल हुए। बैंक अफसरों की भूमिका पर चर्चा की गई। अफसरों ने कहा कि साइबर अपराधी किराए का अनुबंध करवा कर कंपनी रजिस्टर्ड करवा लेते हैं। उससे करंट खाता खुल जाता है। बैंक अफसर भौतिक सत्यापन नहीं करते। इसी तरह कैनोपी लगाकर चौराहों पर सिमकार्ड इशू करने वालों के लिए गाइड लाइन तैयार होना चाहिए। सिमकार्ड पोर्ट करने और नई सिम इशू करवाने पर दो-तीन कार्ड जारी हो जाते हैं। अफसरों ने कहा साइबर अपराधियों को पकड़ने और विवेचना के लिए भी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। खाते फ्रीज करने, सिमकार्ड ब्लाक करने और बैंक से जानकारी लेने के अधिकार और ज्यादा मजबूत करने की आवश्यकता है। दुकानदार, मजदूरों के नाम से खुल रहे करंट खाते शहर में कई गिरोह सक्रिय हैं, जो धड़ल्ले से फर्जी सिमकार्ड और फर्जी करंट खाते मुहैया करवा रहे हैं। इस गिरोह द्वारा दुकानदार, मजदूर, सब्जी बिक्रेताओं के नाम से भी खाते और सिम खरीदे गए हैं। लसूड़िया थाना क्षेत्र में तो कई होटलों में अपराधियों के रूम बुक रहते हैं। साठ फीट रोड पर तो कैफे हाउस में ही डील हो जाती है। साइबर अपराध के सेंटर पर इस तरह हुई चर्चा -इंदौर की बात की जाए तो यहां डिजिटल अरेस्ट, बैंक खातों से ठगी कर पैसा निकालने व अन्य साइबर फ्रॉड होते हैं। इंदौर को फर्जी सिम और फर्जी बैंक खाते का हॉटस्पॉट माना गया। ये भी चर्चा हुई कि मल्टीपल लेयर में खातों में पैसा ट्रांसफर होने पर पुलिस जांच धीमी हो जाती है। इस वजह से अपराधी तक पहुंचने में समय लगता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल की गैंग की घेराबंदी में मुश्किलें आती हैं। -सवाल उठे कि किराए के व्यापार पर गुमाश्ता बनाकर करंट अकाउंट खुल जाते है। बैंक अपने स्तर पर ऐसे खाताधारकों को वेरिफाई नहीं कर पाती। यही वजह है कि करंट खाते का साइबर ठगी में सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है। -फर्जी सिम का खेल भी जारी है। लोगों को पता नहीं चलता और ठग उनसे तीन-तीन बार फिंगरप्रिंट लेते हैं। एक ही व्यक्ति के नाम कई सिम अलॉट हो जाती हैं। इसे बाद में साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं। –मध्यप्रदेश में भोपाल भी साइबर ठगी के मामले में आगे हैं। उन शहरों पर भी चर्चा हुई जो राजस्थान और उप्र की बॉर्डर से लगे हैं। यहां भी साइबर फ्रॉड हो रहा है। किस राज्य में किस तरह का साइबर फ्रॉड गुजरात और केरल : यहां के कुछ स्थान से साइबर फ्रॉड हो रहे हैं। ठगी के बाद एटीएम से ठगी का पैसा निकाला जा रहा है। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली : यहां के कुछ इलाकों से फर्जी बैंक खाते तैयार कर उसे ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं। ठगी में विदेशी कनेक्शन डिजिटल अरेस्ट में विदेशी नेटवर्क की बात सामने आई। लाओस, कंबोडिया से ऐसे बैंक खाते संचालित हो रहे हैं, जिनमें चेन सिस्टम में ठगी का पैसा ट्रांसफर हो रहा है।

मध्य प्रदेश के वन विहार और इंदौर के जू में जल्द ही दर्शक गैंडे, जिराफ और जेब्रा का दीदार कर सकेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के वन विहार या फिर इंदौर के जू में जल्द ही लोग गैंडे, जिराफ और जेब्रा का दीदार कर सकेंगे. वन विभाग जल्द ही बोत्सवाना से जिराफ और जेब्रा लाने के लिए प्रक्रिया शुरू करेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई स्टेट वाइल्फ लाइफ बोर्ड की बैठक में इस पर सहमति बन गई है. इसी तरह असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से वन भैंसा और गैंडे लाए जाएंगे. इन्हें भोपाल के वन विहार या फिर इंदौर के जू में रखा जाएगा. बैठक में प्रदेश में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए दो कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. बैतूल और बालाघाट में बनेंगे कंजर्वेशन रिजर्व मध्य प्रदेश में टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क के बाद अब कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जा रहे हैं. सरकार ने प्रदेश के बैतूल में ताप्ती और बालाघाट के सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने को सहमति दे दी है. वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा ने तीन कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन राघौगढ़ में बनने वाले कंजर्वेशन रिजर्व पर फिलहाल फैसला नहीं हो पाया है. इसी तरह इंदौर के आसपास मौजूद वन्य क्षेत्र में अहिल्याबाई सेंचुरी और हरदा में बनने वाले डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सेंचुरी पर भी निर्णय नहीं हो सका है. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के वंतारा चिड़ियाघर से संपर्क कर मध्य प्रदेश के चिड़ियाघरों में बेहतर इंतजाम किए जाएं और ऐसे वन्यजीवों को यहां लाया जाए जो अभी प्रदेश के चिड़ियाघरों में नहीं हैं. कंजर्वेशन रिजर्व किस तरह अलग होगा राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य के मुकाबले कंजर्वेशन रिजर्व छोटे होते हैं. कंजर्वेशन रिजर्व में वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम ही लागू होगा. इसके चलते यहां कटाई, चराई और शिकार पर तो पूरी तरह रोक रहेगी, लेकिन स्थानीय लोगों को कुछ छूट दी जाएगी. इसके लिए अलग से संचालन समिति का गठन किया जाएगा. समिति में स्थानीय लोग और वन विभाग के अधिकारी रहेंगे.

मध्य प्रदेश में 42 जिलों की राशन की सैकड़ों दुकानों पर ताले…, पड़ताल में बड़ा खुलासा

भोपाल सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में बड़ी मनमानी सामने आई है। यह 42 जिलों में हुई। यहां 1 से 15 मई तक 370 राशन दुकानों के ताले नहीं खुले। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के गृह जिले जबलपुर की सर्वाधिक 91 दुकानें शामिल हैं तो खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के गृह जिले सागर की 43 दुकानें भी बंद मिलीं। अफसरों की उक्त मनमानी ऐसे समय में सामने आई जब केंद्रीय योजना के तहत राशन पाने वाले उपभोक्ताओं की ईकेवायसी की जा रही है। उक्त अवधि में हजारों गरीबों को राशन नहीं मिला। ये राशन नहीं मिलने से परेशान होते रहे। ऐसे पकड़ी गड़बड़ी राशन वितरण पीओएस लॉग-इन अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा ऑनलाइन निगरानी भी की जा रही है। इससे पता चल जाता है कि किस जिले में कितनी दुकानों ने लॉग-इन कर प्रतिदिन राशन वितरित किया और कितनी दुकानें नहीं खुली। यदि कोई दुकान नहीं खुलती तो ऑनलाइन निगरानी व पीओएस मशीन के लॉग-इन सिस्टम के जरिए पकड़ में आ जाती है। इन 370 दुकानों में यही हुआ था। कहां की कितनी दुकानें जबलपुर जिले में सर्वाधिक 91, सागर 43, मुरैना 20, भिंड 19, छिंदवाड़ा 16, देवास-नरसिंहपुर में 15-15, शिवपुरी में 13, राजगढ़ 11, उज्जैन में 9 दुकानें बंद मिलीं। रायसेन में 8, छतरपुर, पन्ना, सतना में 7-7, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ की 6-6, धार, श्योपुर, सीधी की 5-5, इंदौर, खंडवा, रीवा की 4-4, बालाघाट, भोपाल, दमोह, खरगोन, मऊगंज, सिवनी, उमरिया की 3-3, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, झाबुआ, मैहर, मंदसौर, रतलाम की 2-2, आलीराजपुर, डिंडौरी, ग्वालियर व सिंगरौली की 1-1 दुकान। तीसरी बार बढ़ाई समय सीमा, फिर भी ये हाल उपभोक्ताओं की पहचान और सही हाथों में राशन पहुंचे, इसके लिए केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत पात्र उपभोक्ताओं की ई-केवायसी की जा रही है। इसकी शुरुआत 9 अप्रेल से प्रदेशभर में हुई थी, जो 30 अप्रेल तक पूरी करना थी, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ तो अवधि 15 मई तक बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद शत-प्रतिशत उपभोक्ता ई-केवायसी के दायरे में नहीं आए तो यह तारीख 31 मई तक बढ़ा गई है। राशन दुकानों के तहत किए जाने वाले इस अहम काम के बावजूद 42 जिलों के 370 दुकानों को नहीं खोला गया। इस कारण इन दुकानों से न तो राशन बांटा गया न ही ईकेवायसी का काम पूरा किया। खाद्य आयुक्त ने कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिले की दुकानों के बंद रहने की वजह पता कर कार्रवाई करें। सूचना भी दें। साथ ही ईकेवायसी का काम भी तय डेडलाइन में पूरा कराएं। कार्रवाई करें खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (Food Civil Consumer Protection Department) की आधार बेस्ड ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था में गड़बड़ी पकड़ी गई। खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने इन जिलों के कलेक्टरों चेताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। कहा है कि दुकानें क्यों बंद रहीं, उपभोक्ताओं को राशन क्यों नहीं दिया, इस आधार पर जांच करें। जिमेदारों के खिलाफ कार्रवाई करें। ये गड़बड़ी जिला खाद्य अधिकारी व सेल्समैनों के स्तर पर होना बताया गया।

2,000 करोड़ रुपये की लागत से देश भर में 72,000 EV सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की जाएगी

नई दिल्ली सरकार ने  जानकारी दी कि 2,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ पीएम ई-ड्राइव योजना देश भर में लगभग 72,000 EV सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना का समर्थन करेगी.भारी उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन स्टेशनों को रणनीतिक रूप से 50 राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों, मेट्रो शहरों, टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, ईंधन आउटलेट और राज्य राजमार्गों जैसे उच्च यातायात स्थलों पर तैनात किया जाएगा. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत EV चार्जिंग बुनियादी ढांचे के कार्यान्वयन की समीक्षा और तेजी लाने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समन्वय बैठक की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को सक्षम बनाने और जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ईवी-तैयार पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है. कुमारस्वामी ने कहा कि “भारत संधारणीय परिवहन के लिए वैश्विक मॉडल बनने की राह पर है. पीएम ई-ड्राइव योजना एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य हमारे नागरिकों को स्वच्छ, किफायती और सुविधाजनक परिवहन विकल्पों तक पहुंच प्रदान करना है. हम केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं बना रहे हैं, हम ऊर्जा सुरक्षा और हरित आर्थिक विकास की नींव भी रख रहे हैं.” मंत्री ने इस पहल के क्रियान्वयन में विभिन्न हितधारकों की एकीकृत भूमिका को भी स्वीकार किया. बीएचईएल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) को मांग एकत्रीकरण और एकीकृत डिजिटल सुपर ऐप के विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में माना जा रहा है, जो पूरे भारत में EV यूजर्स के लिए एकल मंच के रूप में काम करेगा. ऐप में PM e-Drive योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर तैनाती को ट्रैक करने के लिए रियल-टाइम स्लॉट बुकिंग, भुगतान एकीकरण, चार्जर उपलब्धता की स्थिति और प्रगति डैशबोर्ड की सुविधा होगी. BHEL चार्जर स्थापना के प्रस्तावों को संकलित करने और उनका मूल्यांकन करने के लिए राज्यों और मंत्रालयों के साथ समन्वय भी करेगा. कुमारस्वामी ने कहा कि “स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण अकेले सफल नहीं हो सकता. यह बैठक एक सरकार के रूप में काम करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और राज्य सभी जमीनी स्तर पर परिणाम देने के लिए एकजुट हैं. हमें विश्वास है कि पीएम ई-ड्राइव नए उद्योगों को बढ़ावा देगा, हरित रोजगार पैदा करेगा और हर भारतीय को निर्बाध इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रदान करेगा.”

मिट्टी में मिल गये है वो, जिसने हमको ललकारा है, भारत ने गद्दारों को फिर घर में घुसकर मारा है: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि आपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं, यह भारत की नीति, नीयत और निर्णायक शक्ति की त्रिवेणी है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गुरुवार को इन्द्र‌पुरी गोविन्दपुरा भोपाल में भारतीय सेना के सम्मान में आयोजित सिंदूर यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मातृशक्ति को संबोधित कर रही थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मिट्टी में मिल गये है वो, जिसने हमको ललकारा है, भारत ने गद्दारों को फिर घर में घुसकर मारा है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है अपने देश की सेना पर, अभिमान है सेना के शौर्य और पराक्रम पर। आपरेशन सिंदूर की सफलता ने पूरे विश्व को दिखा दिया कि भारत की शक्ति, भारत की ताकत, भारत की क्षमता को कोई भी कम समझने की भूल नहीं करें। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज हम सब आपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता का उत्सव मनाने जुटे हैं। हमारी जाबांज सेना का यह एक ऐसा अभियान था, जिसने भारत की शक्ति, रणनीति और अदम्य इच्छाशक्ति को पूरी दुनियां के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आप सबने देखा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में जब आतंकवादियों ने हमारी बहनों, बेटियों के सिंदूर पर हमला किया तो हमारी भारतीय सेना ने आतंक का सिर कुचलने में देरी नहीं की। हमारी पराक्रमी सेना ने ये बता दिया कि जब अधर्म सिर उठाता है तो धर्म का रक्षक शस्त्र उठाता है। यही हमारी परंपरा है और इसी परंपरा का निर्वाह हम करते है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में जिस सिंदूर को मातृशक्ति अपनी, मांग में लगाते हुए अपने अमर सुहाग की कामना करती है, वही सिंदूर आज उन वीर सैनिकों की पत्नियों के मस्तक पर हमने लगाया, जिन्होंने अपने सुहाग को मातृभूमि की रक्षा के लिये समर्पित किया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि अगर पाकिस्तान ने फिर से आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस करने की कोशिश की तो हम उसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि हम अपनी सेना का अपने बहादुर सैनिकों का केवल युद्ध में नहीं बल्कि हर मोर्चे पर सम्मान और आदर देंगे। यात्रा को संबोधित करते हुए श्री हितानंद शर्मा ने कहा कि आपरेशन सिंदूर की सफलता के पश्चात् आयोजित सिंदूर यात्रा सेना के सम्मान में है। उन्होंने कहा कि हमारी बहनों के सिंदूर पर हमला करने वालों को हमारे सैनिकों ने घर में घुस कर मारा है। देश का एक-एक नागरिक सेना के अदम्य साहस के साथ है। हम सब मिल कर श्रेष्ठ भारत का निर्माण कर रहे है। यात्रा में उपस्थित मातृशक्ति को भोपाल नगर की महापौर श्रीमती मालती राय मे भी संबोधित किया। यात्रा पिपलानी गोविन्दपुरा में यादव टी स्टॉल से प्रारंभ होकर पिपलानी पेट्रोल पंप पर सम्पन्न हुई। यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में मातृ शक्ति ने भाग लिया।  

नर्मदापुरम जिले की भूमि उपजाऊ एवं समृद्ध है, यहां कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए शासन कृत-संकल्प: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  नर्मदापुरम जिले की भूमि उपजाऊ एवं समृद्ध है, यहां कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए शासन कृत-संकल्प है। नर्मदापुरम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर निवेश को प्रोत्साहित किया गया है। आने वाले समय में नर्मदापुरम औद्योगिक रूप से विकसित जिला बनेगा। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को सिवनी मालवा में 97.07 करोड़ के 31 कार्यों का लोकार्पण एवं 102.94 करोड के 48 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने सिवनी मालवा में खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम जिला ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हमारे देश की पहचान कृषि से होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं श्रमिक सभी वर्ग के लिए योजनाऐं बनाई हैं। मध्यप्रदेश शासन भी गरीब वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने दुश्मनों को परास्त किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति जियो और जीने दो पर आधारित है। पूरी पृथ्वी हमारा परिवार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में है इसलिए हमारी जवाबदेही और जिम्मेदारी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने इस बार 2600 रूपए प्रति क्विंटल के मान से किसानों से गेहूं खरीदा है। आने वाले समय में हम 05 लाख के सोलर पंप पर 90 प्रतिशत अनुदान देंगे। सोलर पंप में जो मीटर लगेगा उससे किसानों को नि:शुल्क में बिजली मिलेगी और आने वाले समय में सरकार किसानों से बिजली भी खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई को नरसिंहपुर जिले में किसान उद्योग समागम मेले का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस मेले में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। आने वाले समय में रीवा सतना और चंबल में भी ऐसे ही मेले आयोजित किये जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने हर खेत में सिंचाई के लिये पानी पहुचाने का संकल्प लिया है। पहले प्रदेश के 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित कर ली गई है। आने वाले समय में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाडियों को प्रोत्साहित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड रही है। नर्मदापुरम जिले के हॉकी खिलाडी विवेक सागर को ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने पर एक करोड की प्रोत्साहन राशि दी गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्गों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 01 लाख सरकारी पदों पर भर्तियां की जाएगी। साथ ही आगामी 5 वर्षों में ढाई लाख सरकारी पद भरे जाऐंगे। उन्होंने कहा कि विगत 15 वर्षों में इस वर्ष 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट सबसे बेहतर आया है। इस वर्ष सरकारी स्कूल के बच्चों ने प्रावीण्य सूची में अपना स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक अभिनव गोपालक योजना प्रारंभ की जाएगी। जो किसान 200 गिर गाय खरीदेंगे उन्हें 25 प्रतिशत तक की अनुदान राशि दी जाएगी। किसानों से दूध खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य परिवहन निगम की बसें गांव गांव तक जाऐंगी। उन्होने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब आयुष्मान कार्ड धारी गंभीर मरीजों को चिकित्सालय पहुंचाने के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट को अयोध्या की तरह ही भव्य बनाया जाएगा और जहां भगवान श्री राम के चरण पड़े हैं उन मार्गो पर तीर्थ स्थान बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र एवं उपकरण वितरित किये।       इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, नरसिंहपुर-होशंगाबाद सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह, पिपरिया विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित बडी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं महिलाऐं उपस्थित रहीं।

देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है

देश के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन के रूप में होंगे विकसित : प्रधानमंत्री मोदी देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण किया, इनमें मध्यप्रदेश के 6 स्टेशन शामिल यात्री ही रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं, ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो दुनिया और भारत के दुश्मनों ने देखा कि जब सिंदूर बारूद बनता है तो नतीजा क्या होता है – प्रधानमंत्री मोदी जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, न्याय का नया स्वरूप है अमृत स्टेशन देश के विकास का प्रवेश द्वार सिद्ध होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब आधुनिक रेल कोच भी मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का हुआ उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में भारत माता के जयकारों के बीच कहा कि विकसित भारत का संकल्प और मजबूत हो रहा है। देशभर में विकास का महायज्ञ चल रहा है, हमारी सड़कें और रेलवे नेटवर्क विकसित हों, इसके लिए 11 सालों में अभूतपूर्व काम हुआ है। विकास कार्यों पर देश पहले से 6 गुना ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है। भारत में विकास कार्यों को देखकर दुनिया हैरान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम से देश के 103 अमृत स्टेशनों के वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर उपस्थित हो कर उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। सभी स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन स्टेशनों में भारतीय संस्कृति, विरासत और यात्री सुविधाओं का समावेश किया गया है। बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेलमंत्री अश्विनी वैषव, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल उपस्थित थे। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन समारोह में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री डॉ. राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा तथा स्थानीय विधायक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में स्थित 103 अमृत स्टेशनों को 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी ट्रेनों के नेटवर्क को आधुनिक कर रहा है। वंदेभारत, अमृत ट्रेन और नमो ट्रेनें भारत की नई गति को दर्शाती है। देश के 70 रुटों पर वंदेभारत ट्रेन चल रही हैं। 34 हजार किलोमीटर से ज्यादा के नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। ब्रॉडगैज ट्रैकों पर मानव रहित क्रॉसिंग अब इतिहास बन चुका है। देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हम 1300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक बना रहे हैं। इन्हें अमृत भारत स्टेशन नाम दिया गया है, इनमें से 103 स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। इन स्टेशनों पर विकास भी और विरासत भी का नजारा दिखाई देता है। ओरछा स्टेशन पर भगवान श्रीराम की छवि दिखाई देगी। इसी प्रकार सभी स्टेशनों पर हजारों साल पुरानी विरासत के दर्शन होंगे। ये स्टेशन राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देंगे और युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। साथ ही देश के चिनाब नदी पर बना रेलवे ब्रिज, मुंबई में अटल सेतु, दक्षिण में पंबन ब्रिज देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यात्री रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं। ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो। सरकार हजारों करोड़ रुपए लगा रही है, ये पैसा मजदूर, स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। रेलवे स्टेशनों के उन्नयन से किसानों को माल ढुलाई में सहूलियत मिलती है। इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों से युवाओं को भी फायदा मिलता है। राजस्थान में सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने के साथ नदियों को जोड़ा जा रहा है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से कई जिलों के किसानों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरा सिखाती है कि देश से बड़ा कुछ नहीं है। पहलगाम आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। इसके बाद हर देशवासी ने संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी, सेनाओं ने ऐसा चक्र रचा कि पाकिस्तानियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने देख लिया कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो नतीजा क्या होता है। शौर्य के सम्मान में देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, यह न्याय का नया स्वरूप है। ये ऑपरेशन सिंदूर है, यह सिर्फ आक्रोश नहीं, ये समर्थ भारत का रौद्र रूप है, ये भारत का नया स्वरूप है। अब पाकिस्तान से कोई व्यापार नहीं होगा, सिर्फ पीओके पर बात होगी। पाकिस्तान को पानी नहीं मिलेगा। पाई-पाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। नए भारत के निर्माण में सुरक्षा और समृद्धि दोनों जरूरी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाने का संकल्प लिया हैं, बदलते दौर में उनके नेतृत्व में भारत तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच की बदौलत भारतीय रेल को नया स्वरूप मिला है। भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देशभर में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं। आजादी के बाद नैरोगेज से ब्रॉड गैज तक आने में रेलवे को 100 साल लग गए। लेकिन पिछले 11 साल में देशभर में हजारों किलोमीटर लंबे ट्रैक को 3 और 4 लेन रेलवे लाइन बनाया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने बीईएमएल को रेल कोच निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है, अब मध्यप्रदेश में आधुनिक रेल कोच भी बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश के 6 अमृत स्टेशनों सहित कुल 103 स्टेशनों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक क्षण है। यह रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से इन … Read more

बाग बगीचों को चिन्हांकित कर किया जा रहा हरित विकास

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल प्रदेश में जन सामान्य को पानी के महत्व को समझाने के लिये अनेक स्लोगन तैयार किये गये हैं। इन स्लोगन के पोस्टर और दीवार लेखन से समाज के सभी वर्गों में जन जागरूकता फैलाने के व्यापक स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी का प्रभाव है कि प्रदेश में जल संरचनाओं की साफ-सफाई में जनता की भागीदारी दिनोदिन बढ़ती जा रही है। ग्राम पंचायत धुलकोट में फार्म पौंड निर्माण बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान जल संरक्षण के सिद्धांत को अपनाने पर जोर देता है। इस अभियान में बुरहानपुर अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अभियान में ग्राम पंचायत धुलकोट में फार्म पौंड निर्माण कार्य जारी है। इस कार्य में ग्रामीणजन स्वयं आगे आकर सहभागिता कर रहे है। पौंड निर्माण कार्य से वर्षा का जल संचित किया जा सकेगा और आस-पास के भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। जिले में जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई इत्यादि कार्य प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। बाग बगीचों को चिन्हांकित कर किया जा रहा हरित विकास उमरिया जिले में जिला शहरी एवं विकास अभिकरण ने जन भागीदारी से नगरीय निकायों में शहरी क्षेत्रों और टाउनशिप के उजड़े बाग बगीचों को चिन्हांकित कर हरित विकास किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद उमरिया में अमृत 2.0 के अंतर्गत लालपुर पानी टंकी के पास 45 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क के निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वार्ड नंबर 14 में कन्या स्कूल के सामने 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 25 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी तरह वार्ड नंबर 12 सत्संग भवन के पास 50 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क का निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी तरह नगर पालिका परिषद पाली में अमृत 2.0 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 13 में सांई मंदिर के सामने 33.20 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 40 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नगर परिषद चंदिया के अंतर्गत अमृत 2.0 के तहत भरोसा तालाब के पास 21 लाख रूपये की लागत से बनने वाले पार्क निर्माण का कार्य 25 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नगर परिषद मानपुर अंतर्गत वार्ड क्रमांक एक पंचायत भवन सेमरा में पौधरोपण किया गया है। नगर परिषद नौरोजाबाद में अमृत 2.0 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7 में बागीचे का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उमरिया की नदी ग्राम पंचायत गौरय्या में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान नागरिकों ने नदी तथा उसके आस पास पड़े कचरे को एकत्र किया और जन जागरूकता का संदेश दिया।  पानी आप बचाओ, पानी आपको बचाएगा शहडोल जिले में जल संरचनाओं के कार्य में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी ली जा रही है। अभियान में नागरिकों को बताया जा रहा है कि पानी आप बचाओ, पानी आपको बचाएगा। सरकार और समाज दोनों को मिलकर जल के महत्व को समझना होगा। इसी से हम सबका भविष्य सुरक्षित होगा। जल चौपाल में बताया गया कि जल जीवन का अभिन्न अंग है, और इसके बिना न तो कृषि संभव है, न ही उद्योग, और न ही हमारी दैनिक आवश्यकताएँ पूरी हो सकती हैं। जनपद पंचायत बुढ़ार के ग्राम सिंघली में जल की एक-एक बूंद सहेजने के लिए चौपड़ा का निर्माण किया गया। चौपड़ा के निर्माण हो जाने से स्थानीय लोगों को जल की समस्या से निजात मिली, वहीं वर्षा जल का संचयन भी होगा। भीषण गर्मी में भी चौपडा पानी से लबालब भरा हुआ है। जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा शहडोल जिले में “जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा”, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 मार्च से 30 जून तक चलाये जाने का निर्णय लिया है। जिले में जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत बरमनिया, देवरी बुढार जनपद पंचायत के रूपौला सहित अन्य ग्राम पंचायतों में नवीन खेत तालाब के कार्य किये गए। नागौद के खजलइयां तालाब की हुई सफाई सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत नगर परिषद नागौद द्वारा वार्ड क्रमांक-3 स्थित खजलइयां तालाब में जल सहयोग से सामूहिक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नगर परिषद नागौद की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, शासकीय अमला और नागरिक शामिल हुए। जल गंगा संवर्धन अभियान की निगरानी के लिए 6 दल तैनात रीवा जिले में संभाग के सभी जिलों में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में नदियों के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण संरचनाओं में सुधार तथा नई जल संरचनाओं के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। रीवा कमिश्नर बीएस जामोद ने जल संरक्षण कार्यों की निगरानी के लिए संभागीय अधिकारियों के 6 दल तैनात किए हैं। सभी दल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलों का भ्रमण करके जल संरक्षण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। रैली के माध्यम से दिया गया जल संरक्षण का संदेश कटनी जिले में कलेक्‍टर दिलीप कुमार यादव के मार्गदर्शन में विकासखंड कटनी में छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से चौपाल एवं रैली के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्राकृतिक स्रोतों की गहरीकरण और साफ-सफाई जन भागीदारी से करने का संदेश दिया गया। ग्राम वासियों ने स्थानीय तालाब के घाट में कचरा और गंदगी की श्रमदान से साफ-सफाई में सहभागिता की और मानव श्रृंखला बनाकर तालाब से निकले कचरे को दूर फेंक दिया। तहसील विजयराघवगढ़ सेक्टर क्रमांक एक उबरा में ग्रामीण संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जागरूकता रैली द्वारा ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश देते हुए हैंडपंपों से पानी के अपव्यय को रोकने की प्रेरणा दी गई। ग्रामों में किए जा रहे जल संरक्षण के कार्य डिण्डोरी जिले में जल स्त्रोतो के जल संरक्षण एवं पुर्नजीवन के लिये विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। विकासखण्ड … Read more

मंत्री अहिरवार ने कहा हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे

जैव विविधता का संरक्षण जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण : राज्य वन मंत्री अहिरवार  मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण हमारे जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण  मंत्री अहिरवार ने कहा हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कार्यशाला एवं संगोष्ठी हुई भोपाल वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण हमारे जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे। मंत्री अहिरवार नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैव विविधता के संरक्षण के लिये सरकार के साथ मिलकर समाज को भी काम करना होगा। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि वन विभाग द्वारा संघर्ष एवं चुनौती के साथ प्रकृति और पेड़-पौधों को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पथरीली जमीन पर भी कठिन परिश्रम से पौधे लगाकर वन तैयार करने का प्रशंसनिय कार्य वन विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विलुप्त हो रहे किंग कोबरा को वन विहार में बेंगलुरू (कर्नाटक) से लाया गया है। वन विभाग गिद्ध, घड़ियाल और मगरमच्छ के भी संरक्षण का कार्य कर रहा है। मंत्री अहिरवार ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मंत्री अहिरवार ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार, राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार 2023-24 और मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जैव विविधता क्विज प्रतियोगिता के पुरस्कारों का वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर जैव विविधता पर आधारित पोस्टर का विमोचन भी किया। मंत्री अहिरवार ने कार्यक्रम स्थल पर जैव विविधता वनस्पति स्टॉल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मंत्री अहिरवार ने कार्यक्रम में जैव विविधता आधारित नुक्कड़ नाटक भी देखा। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने कहा कि जैव विविधता दिवस का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उसके महत्व को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत् विकास” है, जो हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाने और उसके संरक्षण के लिये प्रेरित करती है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग द्वारा जैव विविधता के क्षेत्र में कई नवाचार किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा जंगलों के संरक्षण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वनस्पति और जीव-जंतुओं का संरक्षण जैव विविधता के संरक्षण के लिये महत्वपूर्ण है। वन बल प्रमुख श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है, जिससे वन क्षेत्र में वृद्धि होगी और जैव विविधता का संरक्षण होगा। मुख्य वन संरक्षक एवं सदस्य सचिव मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड सुदीप सिंह ने जैव विविधता बोर्ड द्वारा की जा रही उपलब्धियों की जानकारी कार्यशाला में साझा की। उन्होंने कहा कि जैव विविधता बोर्ड द्वारा नये अभियान चलाकर जैव विविधता का संरक्षण का किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता कार्यशाला एवं संगोष्ठी में तकनीकी एवं विचार विमर्श सत्र आयोजित किये गए। इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों द्वारा जैव विविधता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में जैव विविधता पर केन्द्रीत थीम सॉन्ग की प्रस्तुति भी की गई। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, प्रकृ‍ति प्रेमी एवं नागरिक उपस्थित रहे।  

मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है : सीएम यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें एमपी के 6 स्टेशन- नर्मदापुरम, श्रीधाम, कटनी साउथ, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। कार्यक्रम में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा कि ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए हुए खर्च  एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के 6 स्टेशनों की खासियत नर्मदापुरम 1- लागतः संस्कृति और ‘नर्मदा थीम’ पर आधारित है जिसकी लागत लागत – 26 करोड़ रुपए खासियतः यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्गीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, 1000 वर्गमीटर में आधुनिक एलईडी लाइटिंग की सुविधा, मां नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। सुविधाएं: भोपाल मंडल का पहला सबसे चौड़ा 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और शौचालय की व्यवस्था 2- श्रीधाम रेलवे स्टेशन लागतः      24 करोड़ रुपए खासियतः शंकराचार्य स्वरूपानंद की तस्वीरें लगाई गई हैं। वास्तुकला में मध्यप्रदेश की लोककला झलकती है। जो इसे केवल यात्रा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनाती है। सुविधाएं: एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, पार्किंग और ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। 3- सिवनी रेलवे स्टेशन लागतः जंगल बुक पर आधारित 14.46 करोड़ रुपए खासियत: पेंच टाइगर रिजर्व और ‘जंगल बुक पर आधारित चित्रकारी, स्थानीय कला और भित्ति चित्र, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ के तहत स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन । सुविधाएं: भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेशन क्षेत्र का विस्तार, नई पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर, एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, भुवनेश्वर मॉडल पर आधारित शौचालय, हरित परिदृश्य और बगीचे, सीसीटीवी। 4- कटनी साउथ रेलवे स्टेशन लागतः 12.88 करोड़ खासियत: सर्कुलेटिंग एरिया में पार्क निर्माण व महाराणा प्रताप की प्रतिमा का निर्माण। प्लेटफॉर्म में शेल्टर व डिस्प्ले बोर्ड। सुविधाएं: स्टेशन भवन का निर्माण व भव्य प्रवेश द्वार, वीआईपी वेटिंग हॉल, पर्याप्त टिकट काउंटर, दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैम्प, हाई लेवल प्लेटफॉर्म कवर शेड, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्याकरण। 5- शाजापुर रेलवे स्टेशन लागतः 13 करोड़ रुपए खासियत: 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर जोन’ यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। सुविधाएं: नया फुट ओवर ब्रिज, छायादार क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, एलईडी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, VIP वेटिंग हॉल, सेकंड क्लास वेटिंग हॉल और पार्किंग। 6- ओरछा रेलवे स्टेशन लागतः 6.5 करोड़ रुपए,रामराजा की थीम पर डिजाइन खासियत: रामराजा मंदिर की थीम पर स्टेशन को डिजाइन किया गया है। रामराजा सरकार और हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई हैं। सुविधाएं: सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है। बाउंड्री वॉल पर रामायण के दृश्य बनाए। अलग पार्किंग। टिकट के लिए काउंटर के अलावा एटीवीएम। तीन मीटर चौड़ा एफओबी बनाया है। पे एंड यूज टॉयलेट बनाए।

मुख्यमंत्री यादव आज सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित “तिरंगा यात्रा” में शामिल हुए। अपार जोश और उल्लास के साथ तिरंगा यात्रा स्थानीय शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रारंभ हुई और नर्मदापुरम मार्ग से होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण में सम्पन्न हुई। तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगे फूलों से सजाए गए विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने इस दौरान हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया और आसमान “भारत माता की जय” और “वंदे-मातरम्” के उद्घोष से गुंजायमान हुआ। यात्रा में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लिए सभी समुदायों और सभी आयु वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में इस तिरंगा यात्रा में भरपूर उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान “तिरंगा यात्रा” में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनो द्वारा आतिशबाजी की गई और तिरंगा यात्रा में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा भी की गई।  

बांधवगढ़ में घास खाते बाघ को देखकर हैरान हुए लोग, Viral हुआ Video

उमरिया मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) में पर्यटक उस और वक्त टाइगर सफारी के दौरान रोमांचित हो उठे. जब एक बाघ को घास खाते हुए देखा गया. ये नजारा देख सफारी का लुत्फ उठा रहे पर्यटकों ने कहा- अरे वाह…ये कैसे..? इसके बाद पर्यटकों के समूह से एक पर्यटक ने अपना कैमरा ऑन किया. इस सुंदर दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया. खितौली जोन में दिखा है ये बाघ दरअसल, वीडियो में बाघ घास खाते हुए दिखाई दे रहा है. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो (Video Viral) उस समय का है, जब पर्यटक बांधवगढ़ के खितौली जोन में सफारी का लुत्फ उठा रहे थे. एक मिनट 40 सेकंड के इस वायरल हो रहे वीडियो में बाघ बड़े आराम से घास खाते हुए दिख रहा है. हालांकि, बाघ का घास खाने का यह मामला कोई असामान्य विषय नहीं है, कुत्ते, बिल्ली, बाघ समेत ऐसे कई जानवर होते हैं, जो कभी-कभी घास खाते हैं. वो ऐसा तब करते हैं जब उन्हें पाचन क्रिया में परेशानी होती है. डायरेक्टर अनुपम सहाय से ने  वीडियो की पुष्टि की  उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ डायरेक्टर अनुपम सहाय से बात हुई थी तो उन्होंने इस वीडियो की पुष्टि की है और बाघ को हरी घास खाने पर कहा कि जब उन्हें पाचन क्रिया में समस्या होती है तो घास खाते हैं. बाघ भी खाता है घास वायरल हो रहा वीडियो पीलीभीत के टाइगर रिज़र्व का है. यहां पर आपको एक टाइगर दिखाई दे रहा है, ज सड़क के किनारे टहल रहा है. उसके ठीक सामने एक मरा हुआ अजगर पड़ा हुआ है. वो उसके पास से निकलकर सामने मौजूद घास खाने लगता है. उसे इस तरह से घास चलते हुए देखकर आप भी आश्चर्य में पड़ जाएंगे. आखिर बाघ खास कैसे खा सकता है, जबकि वो विशुद्ध तौर पर मांसाहारी जानवर है. अजगर ने कर दिया बुरा हाल इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर lucknowfeed नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसके साथ जानकारी दी गई है कि पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के इस बाघ ने अजगर खा लिया था, जिसके बाद उसकी हालत खराब हो गई. उल्टी हुई लेकिन फिर भी ठीक नहीं लग रहा था. वीडियो पर कमेंट करते हुए कुछ लोगों ने बताया कि बाघ और कुत्ते भी कई बार पेट ठीक नहीं होने पर घास खाते हैं. वहीं कुछ यूज़र्स ने आश्चर्य जताया कि ये घास कैसे खा रहा है. घास चबाने से मिलता है राहत और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि घास में फाइबर और कुछ विशेष पोषक तत्व होते हैं जो शेर और बाघ जैसे जानवरों के पाचन को बेहतर बनाते हैं। घास चबाना केवल एक आदत नहीं बल्कि एक स्वास्थ्य लाभकारी प्रक्रिया है। यह आदत उनके पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए लाभकारी है। तनाव कम करने का प्राकृतिक तरीका विशेषज्ञों का मानना है कि घास चबाने का यह व्यवहार जानवरों को मानसिक राहत भी देता है। शेर और बाघ जैसे जानवरों का जीवन भी कई बार तनावपूर्ण हो सकता है खासकर जब वे अपने इलाके की सुरक्षा कर रहे होते हैं या अपने भोजन की तलाश में होते हैं। ऐसे में घास चबाना उनके लिए एक स्वाभाविक और कारगर तरीका है जिससे वे खुद को संतुलित और स्वस्थ महसूस करते हैं। बाघिन ने बहन के 3 शावकों को 4 साल पाला सीधी जिले के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व की मौसी बाघिन T28 ने करीब चार साल बाद अपने पांच शावकों को खुद से अलग कर दिया है। 19 मई को इसके शावक दुबरी रेंज में अलग-अलग नजर आए। वैसे तो बाघ वंश की ये सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन T28 के मामले में ये बिल्कुल अलग है।

मुख्यमंत्री साय बोले – अमृत स्टेशनों में दिखेगी विकसित भारत की झलक

6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया अम्बिकापुर में अमृत स्टेशन छत्तीसगढ़ को मिली 5 अमृत स्टेशनों की सौगात रायपुर, प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े। गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री  मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्री मंजूषा भगत मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर  दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।  अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा। रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक बड़ा तिरंगा झंडा लगाया गया है साथ ही स्टेशन में यात्रियों के लिए सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

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