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चुनावी रणभेरी: पांच राज्यों में मतदान की तारीखें तय, बंगाल में दो चरणों में चुनाव

नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो गई है। पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान होंगे, जबकि तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और केरल में सभी सीटों पर एक ही फेज में वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान चार मई को होगा। बंगाल में पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि दूसरे फेज में 29 अप्रैल को मतदान होगा। असम, केरल और पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि तमिलनाडु की सभी विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पांच राज्यों में कुल 17.4 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे और कुल विधानसभा सीटें 824 हैं। इन राज्यों में चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग 25 लाख कर्मचारियों की तैनाती करेगा। इस महीने की शुरुआत में चुनाव आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया था और चुनावी तैयारियों का जायजा लिया था। आयोग ने इन राज्यों में राजनीतिक दलों, सुरक्षा एजेंसियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है। किस राज्य में कब होगा मतदान पश्चिम बंगाल-दो फेज- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल- चार मई रिजल्ट तमिलनाडु- एक फेज- 23 अप्रैल- चार मई रिजल्ट असम- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट केरल- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट पुडुचेरी- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधु और विवेक जोशी भी उपस्थित थे। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आयोग प्रत्येक मतदाता का मतदान केंद्र पर स्वागत करने के लिए तैयार है। हम खासकर पहली बार वोट डालने वाले और युवा मतदाताओं से अपील करते हैं कि वे अपने मताधिकार का उत्साह, आत्म सम्मान और विवेक के साथ प्रयोग कर लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।” 17.4 करोड़ वोटर्स डालेंगे वोट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों में 17.4 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे। इन सभी राज्यों को मिलाकर कुल 824 विधानसभा सीटें हैं। 2.19 लाख पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। सीईसी के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की औसत संख्या 750-900 है। उन्होंने मतदाताओं के बारे में ब्योरा देते हुए बताया कि अंतिम सूची के अनुसार असम में लगभग 2.25 करोड़, केरल में 2.7 करोड़, पुडुचेरी में 9.44 लाख, तमिलनाडु में 5.67 करोड़ मतदाता होंगे। और पश्चिम बंगाल में, 28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में 6.44 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, माननीय न्यायाधीशों के निर्णय के बाद जो भी पूरक सूची आएगी, उसे भी इसमें जोड़ दिया जाएगा।” किस राज्य में कब खत्म हो रहा कार्यकाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC) ने कहा, ”असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाता। पिछले कुछ दिनों के दौरान, आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान, आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, एसपी, आईजी, डीआईजी और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की। आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ भी बैठकें कीं।” असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल विधानसभा का 23 मई को, तमिलनाडु विधानसभा का 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का सात मई को तथा पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। इन तारीखों से पहले ही यहां नई विधानसभा का गठन होना है।  

बंगाल में डबल फेज वोटिंग, चार राज्यों में एक चरण; 4 मई को रिजल्ट घोषित

नई दिल्ली चुनाव आयोग आगामी विधानसभा चुनावों के लिए आज शाम 4 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। इस दौरान पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी। इन पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है। पश्चिम बंगाल की विधानसभा 7 मई, तमिलनाडु की 10 मई, असम की 20 मई, केरल की 23 मई और पुडुचेरी की 15 जून 2026 को खत्म होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। चुनाव आयोग ने इन राज्यों में मतदाता सूची, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का आकलन पूरा कर लिया है, जिसके बाद यह ऐलान किया जाएगा। यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इनमें सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमके, केरल में वाममोर्चा, असम में भाजपा और पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस जैसी पार्टियां सत्ता बचाने या हासिल करने की कोशिश करेंगी। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में आचार संहिता लागू होने के साथ ही निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल—इन पांच राज्यों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले हैं, जहां 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 25 लाख ईवीएम मशीनों के माध्यम से 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है।’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए सूचना है कि पिछले कुछ दिनों में निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी मतदान वाले राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, एसपी, आईजी, डीआईजी तथा सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी भेंट की। साथ ही, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों तथा डीजीपी के साथ भी बैठकें की गईं।’ चुनाव आयोग ने पहले असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी का दौरा पूरा किया, उसके बाद केरल (6-7 मार्च) और पश्चिम बंगाल (9-10 मार्च) का निरीक्षण किया। इन दौरों में राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों से मुलाकात की गई ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। कितने चरणों में होगा चुनाव चुनावों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे विकास कार्यों और सरकारी घोषणाओं पर रोक लग जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव एक से अधिक चरणों में हो सकते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य में जहां हिंसा की आशंका रहती है।

नौसेना की कमान में कोई LPG कमी नहीं, होर्मुज से धड़ाधड़ निकलेंगे भारत के जहाज

नई दिल्ली/तेहरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी समुद्र में अपनी तैयारी तेज कर दी है. खबर है कि भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत फारस की खाड़ी के पास तैनात हैं और भारत की ओर आने वाले व्यापारी जहाजों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार रखे गए हैं. यानी हालात चाहे जितने तनावपूर्ण हों, भारत अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहता. न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी थी. यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान ने भारत के लिए राहत भरा संदेश दिया है. ईरानी अधिकारियों ने भारत की ओर आ रहे दो भारतीय झंडे वाले LPG जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है. ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण लगातार इन जहाजों पर खतरा बना है। शिवालिक जहाज कब पहुंचेगा भारत? इनमें से एक जहाज शिवालिक बताया जा रहा है, जो जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली साइट के मुताबिक ओमान की खाड़ी में दिखा था और 21 मार्च तक अपने गंतव्य पर पहुंच सकता है. इससे साफ है कि भारी तनाव के बावजूद भारत की ओर से समुद्री हितों को लेकर अलग तरह की संवेदनशीलता दिखाई जा रही है. लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू कहीं ज्यादा गंभीर है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है, जहां से हर दिन दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बन सकती है। फारस की खाड़ी में भारत के कितने जहाज मौजूद? केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दी थी. मंत्रालय के मुताबिक इस समय फारस की खाड़ी में 24 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक भी मौजूद हैं. यानी कुल मिलाकर बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मी इस संवेदनशील क्षेत्र में सक्रिय हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मूज से निकलेंगे भारतीय जहाज इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत की ओर आने वाले जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. उन्होंने भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती और साझा हितों का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि भारतीय जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा. इस बयान ने भारत के लिए कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन क्षेत्र की हालत ऐसी है कि भरोसे के साथ-साथ चौकन्नापन भी जरूरी है. वहीं ईरानी विदेश मंत्री ने साफ कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मूज पूरी दुनिया के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए नहीं।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव, आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

 नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। यहां पर 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। यहां पर मतगणना 4 मई को होगी। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्त सुखवीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। बता दें कि आयोग इस माह इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा कर चुनाव तैयारियों का जायजा ले चुका है। आयोग ने इन राज्यों में राजनीतिक दलों, सुरक्षा एजेंसियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है। चुनाव पर्व, हम सबका गर्व चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि पांच राज्यों के सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की गई है। सभी पार्टियों से सुझाव लिया गया है। इस दौरान चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पांच राज्यों में 17.4 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहाकि यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहाकि मैं युवाओं से अपील करना चाहूंगा कि वह चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि चुनाव पर्व हम सबका गर्व है। इन राज्यों के लिए भी घोषणा पश्चिम बंगाल के अलावा चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल विधानसभा का 23 मई को, तमिलनाडु विधानसभा का 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का सात मई को तथा पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। इन तारीखों से पहले वहां नई विधानसभा का गठन किया जाना है।  

बीजेपी ने थलापति विजय को दिया आकर्षक ऑफर, डिप्टी CM और 80 सीटें देने की पेशकश

 चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं और इसकी वजह से बातचीत में पेंच फंसा रहा है। मध्यस्थता करवा रही बीजेपी! बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. बताया जा रहा है कि वो एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए इस बातचीत में मध्यस्थता करवा रही है. बीजेपी की विजय में दिलचस्पी का सबसे बड़ा कारण उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है। क्यों विजय का साथ चाहती है बीजेपी? बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबलों में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत की दिशा बदल सकता है. राज्य के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला हुआ है, ऐसे में विजय का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं? दूसरी ओर, बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों के बीच चिंता बढ़ा दी है. उनके कुछ सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की ‘स्वतंत्र छवि’ को नुकसान पहुंच सकता है. विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में पेश किया है। सलाहकारों को डर है कि एनडीए में शामिल होने से उनकी पार्टी की साख और वह नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

सीएम का राहुल पर हमला: हल्की भाषा बोलने के आरोप, वैश्विक हालात पर ध्यान देने की सलाह, कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालातों के बीच राहुल गांधी को सच्चाई समझनी चाहिए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जनता सब समझ रही है। इन्हीं हरकतों की वजह से कांग्रेस सत्ता से लगातार दूर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से वैश्विक हालात गंभीर बने हुए हैं। हमारे एशिया के नजदीक घट रही घटनाओं के बीच दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े पद पर आसीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राहुल गांधी जिस प्रकार से हल्की भाषा बोलते हैं, मैं उनकी निंदा करता हूं। जब पूरा विश्व इन हालातों से जूझ रहा है, उसके बीच भारत सरकार और PM मोदी गैस सिलेंडर और तेल का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। भारत सरकार युद्ध की चुनौती के बीच तेल के जहाज निकालकर लाई है और सुव्यवस्था स्थापित की है। राहुल गांधी पर सीएम बोले     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा बोलते हैं नेता प्रतिपक्ष     युद्ध के हालातों में तेल-गैस का बेहतर प्रबंधन कर रही भारत सरकार     देश- प्रदेश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है कांग्रेस पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठना चाहिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और कांग्रेस के नेता जिस प्रकार से षडयंत्र कर रहे हैं, उसे जनता जानती है। इसी कारण से ये लगातार सत्ता से दूर हैं। मैं इनकी निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष को वर्तमान की सच्चाई समझ में आएगी। इस माहौल में कांग्रेस को पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठकर जनता को एकजुट करना चाहिए और उसके अंदर से डर की भावना को समाप्त करना चाहिए। कांग्रेस राज्य के साथ-साथ देश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है। मैं पुनः राहुल गांधी के बयानों की कठोर शब्दों में निंदा करता हूं।  

सीजफायर पर ट्रंप का स्पष्ट इनकार, जंग रोकने की शर्तें नहीं मानी जाएंगी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते पर बात नहीं बनी है. ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उसकी शर्तें अभी अमेरिका के लिए स्वीकार करने लायक नहीं हैं. ईरान की तरफ से उनके इस ताजा बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। NBC News को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन मैं अभी इसके लिए तैयार नहीं हूं, क्योंकि उसकी शर्तें अभी अच्छी नहीं हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई समझौता होता है तो उसकी शर्तें “बहुत मजबूत” होनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हाल-फिलहाल ईरान की तरफ से क्या शर्तें रखी गई हैं और समझौते के लिए किस तरह उनसे संपर्क किया गया है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि किसी भी युद्धविराम या समझौते की एक बड़ी शर्त यह होगी कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे. अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता रहा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल की जंग तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गई है. इन हमलों की वजह से मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। जंग की वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर पड़ा है और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का कारण बनती जा रही है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका उन देशों से मदद मांग रहा है जिनका तेल व्यापार होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है. उनका कहना है कि इन देशों को इस अहम समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने में योगदान देना चाहिए। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में तेल के टैंकर गुजरते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि कई देशों ने इस रास्ते की सुरक्षा में मदद करने का भरोसा दिया है, हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए। होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए दुनिया के अन्य देशों से ट्रंप की अपील राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी लिखा कि जो देश इस रास्ते से तेल हासिल करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि कई देश अपने युद्धपोत भेज सकते हैं ताकि इस मार्ग को खुला और सुरक्षित रखा जा सके। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी नौसेना जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देगी, तो ट्रंप ने सीधे जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा, लेकिन ऐसा होना संभव है।

8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 35% वृद्धि, जनवरी से एरियर का मिलेगा भुगतान

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के साथ ही लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह आयोग फिलहाल लागू 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा, जो साल 2016 से लागू है। नए वेतन आयोग का मकसद कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों की पूरी संरचना की समीक्षा करके उसे मौजूदा आर्थिक हालात के हिसाब से अपडेट करना है। मांगे गए हैं सुझाव वित्त मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है, जहां लोग अपनी राय और सुझाव भेज सकते हैं। यह सुविधा 30 अप्रैल 2026 तक खुली रहेगी। सरकार ने आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया है। इसके बाद सरकार रिपोर्ट का अध्ययन करके अंतिम फैसला लेगी। कितनी बढ़ेगी सैलरी अगर पिछली वेतन आयोगों की बात करें तो हर बार वेतन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दी गई थी, जबकि अधिकतम बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय की गई थी। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में उम्मीद है कि इस बार भी सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा सबसे बड़ी चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 20% से 35% तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। एरियर को लेकर भी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सरकार आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देने में समय ले, लेकिन वेतन संशोधन का असर 1 जनवरी 2026 से माना जाएगा। यानी जब भी नया वेतन लागू होगा, कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर लागू होने तक का एरियर भी मिल सकता है। एनालिस्ट ने क्या कहा फाइनेंस एनालिस्ट का कहना है कि अंतिम वेतन बढ़ोतरी कई आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें महंगाई की स्थिति, सरकार की वित्तीय क्षमता, टैक्स कलेक्शन और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें शामिल हैं। ऐसे में सरकार कोशिश करेगी कि कर्मचारियों को अच्छा वेतन बढ़ोतरी पैकेज मिले, लेकिन साथ ही सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ भी न पड़े। इसलिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अंतिम तस्वीर अगले 12–18 महीनों में ही साफ हो पाएगी।

नेपाल में मंदिर से लौट रही बस खाई में गिरी, 7 भारतीय श्रद्धालुओं की जान गई

कपिलवस्तु गोरखा जिले के प्रसिद्ध मनकामना मंदिर में दर्शन कर लौट रहे भारतीय श्रद्धालुओं की माइक्रो बस शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए।  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टूरिस्ट माइक्रो बस में 14 यात्री सवार होकर गोरखा में मनकामना मंदिर दर्शन के लिए गए थे। दर्शन के बाद लौटते समय कपिलवस्तु बॉर्डर से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर कांटार जिले के शहीद लखन गाऊ पालिका वार्ड नंबर-3 के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस सुपरिटेंडेंट भारत बहादुर बीका ने बताया कि मृतकों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। अभी उनके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।  इससे पहले अगस्त 2024 में भी अनबुखैरेनी क्षेत्र में भारतीय श्रद्धालुओं से भरी एक बस हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी. नेपाल में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में वृद्धि देखी गई है. नेपाल ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक एक दशक पहले देश में 4,999 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 7,669 हो गई. विश्व बैंक की एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद से तीन गुना बढ़ चुका है और यह अब देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का लगभग 1.5 प्रतिशत हो गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सड़क हादसों का सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्गों पर पड़ता है. नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक लोग पैदल यात्री, साइकिल चालक और मोटरसाइकिल सवार जैसे संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ता होते हैं.

आंधी-बारिश का अलर्ट: MP के 12 जिलों में अगले 4 दिन तक बारिश, ग्वालियर-जबलपुर भीगेंगे, भोपाल-इंदौर में गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर और दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव के मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम हैं। 17 मार्च को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ सकता है। इस प्रणाली के चलते अगले कुछ दिनों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग का कहना है कि 18 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मार्च महीने में इस बार पहली बार मावठा गिरने की संभावना भी जताई जा रही है। जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, 16 मार्च को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, 17 मार्च को सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और 18 मार्च को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना इन मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से मध्यप्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी और उत्तरी प्रदेश के जिलों में मौसम अधिक प्रभावित होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के कारण दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति देखने को मिल सकती है। तीन दिन का मौसम पूर्वानुमा 16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश के आसार। 17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में मौसम खराब रह सकता है। 18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर सहित 12 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बनी ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में बादल सक्रिय हो रहे हैं। 17 मार्च के आसपास एक और सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है। प्रदेश में गर्मी का असर बरकरार बारिश के अनुमान के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर तेज बना हुआ है। शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में भी पारा 39 डिग्री के करीब पहुंच गया।  तेज गर्मी का असर अब भी प्रदेश के कई हिस्सों में बना हुआ है। शनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में तीव्र लू चली और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खासकर, नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। यहां पिछले तीन दिनों से लू का प्रभाव बना हुआ था, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन से भी गर्म जबलपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नर्मदापुरम के बाद खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारा 37.2 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में 37.7 डिग्री रहा। अप्रैल-मई में और बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी का असर और बढ़ेगा। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, खासकर ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में। 

तेहरान से भागकर रूस पहुंचे मोजतबा खामेनेई, पुतिन के विमान से किया गया उड़ान

मॉस्को अब तक ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर रूस की भूमिका को लेकर सिर्फ बातें की जा रही थीं लेकिन अब एक ऐसी खबर आ रही है, जो सच निकली तो ये युद्ध की दिशा बदलने वाला मोड़ होगा. डोनाल्ड ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक उस दिन से मोजतबा खामनेई के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हैं, जब से उन्हें अपने पिता की जगह ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है. उनके घायल होने की भी खबरें आईं और ईरान की ओर से इससे इनकार भी किया गया. हालांकि अब कुवैती अखबार अल जरीदा ने दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई अपने देश में ही नहीं हैं।  अल जरीदा रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से एक बेहद गुप्त अभियान में रूस ले जाया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें रूसी सैन्य विमान से मॉस्को पहुंचाया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. बताया गया कि यह कदम उनकी खराब सेहत और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हालिया हमलों में उन्हें चोटें आई थीं, लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वह सुरक्षित और ठीक हैं और उनका इलाज जारी है।  कैसे तेहरान छोड़े पहुंच गए मॉस्को? रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गुरुवार को ही रूस के सैन्य विमान मोजतबा खामेनेई को लेकर मॉस्को आ गया. कहा ये भी जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रपति भवन में मौजूद अस्पताल में भर्ती कराया गया. बमबारी और हवाई हमलों के बीच उनका इलाज असंभव होने के कारण उन्हें ईरान से निकालने का निर्णय लिया गया. रिपोर्ट में दावा किया गया कि पुतिन ने उन्हें अपने यहां शरण देने की पेशकश की, जिसके बाद वे वहां पहुंचे और जाते ही उनकी सफल सर्जरी हुई. सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ईरानी सिक्योरिटी एजेंसीज को खामनेई की लोकेशन लीक होने का खतरा सबसे ज्यादा था, इसीलिए उन्हें मॉस्को में शिफ्ट किए जाने की सिफारिश पर सहमति जताई गई. दावा किया गया है कि खुद पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के साथ बातचीत के दौरान ये प्रस्ताव रखा था।  डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – ‘मैंने सुना मर गए मोजतबा’ इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर सवाल उठाए उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं. ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच उनके घायल होने की खबरें आईं. एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा – ‘मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं. अभी तक किसी ने उन्हें दिखाया नहीं है. मैं सुन रहा हूं कि शायद वह जिंदा नहीं हैं. अगर वह जिंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए समझदारी दिखाते हुए आत्मसमर्पण कर देना चाहिए.’ इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि खामेनेई किसी भी रूप में जिंदा हो सकते हैं लेकिन उनकी चोटों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। 

MP में LPG संकट, होटल में गैस खत्म; इंदौर-भोपाल में इंडक्शन पर पक रहा खाना, घरेलू सिलेंडर के लिए 8 घंटे लंबी कतार

भोपाल   प्रदेश के कई जिलों में घरेलू गैस की किल्लत अब आम लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है. शहडोल से लेकर जबलपुर तक गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी‑लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. हालात ऐसे हैं कि लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद सिलेंडर मिलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर एजेंसियों के बाहर भीड़ सड़कों तक फैल गई है, जिससे रोजमर्रा का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है. वहीं प्रशासन और गैस एजेंसी संचालक गैस आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में रुकावट को भी इस संकट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. बढ़ती भीड़ और लगातार मिल रही शिकायतों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है. प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट बढ़ता जा रहा है। छह दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल, इंदौर के कई होटल, रेस्टॉरेंट में गैस खत्म हो गई है। इसलिए वहां मेन्यू बदला है। कई रेहड़ी भी बंद हो गई है। इधर, घरेलू सिलेंडर को लेकर पूरे प्रदेश में मारामारी है। कॉमर्शियल के साथ घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी मची हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। छोटे बच्चे हो या बुजुर्ग, सब घंटों लाइन में लग रहे हैं। भोपाल में ऐसी तस्वीरें आम हो गई है। शनिवार को 8 घंटे तेज धूप में खड़े होने के बाद सिलेंडर नसीब हुआ। रविवार को भी किल्लत बनी रहेगी। ग्वालियर में हालात सामान्य: प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर; कहा– अफवाहों से बचें ग्वालियर जिले में हालात सामान्य हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर फैली आशंकाओं के बीच कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि ग्वालियर में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य विभाग की टीम निरंतर गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रही है। सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को सही जानकारी दें। स्टॉक व डिलीवरी में पारदर्शिता बरतें। कलेक्टर ने साफ किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक घबराएं नहीं। पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर विरतण इधर घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी प्रदेश के कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है। राजधानी भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर महिलाएं और युवा तक सिलेंडर के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। कहीं लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं तो कहीं पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने। शनिवार को भोपाल में कई गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती नजर आईं। प्रशासन को आशंका थी कि गैस की कमी को लेकर भीड़ में तनाव या हंगामा हो सकता है। शहर की करीब 23 गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। इस बीच गैस बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर भी ठप बताया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें 7 से 8 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, जिससे घरेलू रसोई भी प्रभावित हो रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई इस बीच राज्य सरकार ने स्थिति को लेकर सफाई दी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी को लेकर प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टरों को भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वितरण व्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके। भोपाल में एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतारें एलपीजी संकट की स्थिति को समझने के लिए द मूकनायक की टीम शनिवार सुबह भोपाल के जिंसी चौराहे स्थित इंडेन गैस एजेंसी पहुंची। यहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। कई लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े थे, तो कुछ लोग सिर्फ बुकिंग नंबर लगवाने के लिए एजेंसी के बाहर इंतजार कर रहे थे। लाइन में खड़े लोगों से बातचीत करने पर सामने आया कि गैस बुकिंग की प्रक्रिया भी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक ग्राहक ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से गैस सिलेंडर का नंबर लगाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। उसने बताया कि आज वह सुबह से ही एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा है, ताकि किसी तरह सिलेंडर का नंबर लग सके। जब ऑन कैमरा बुकिंग नम्बर पर ग्राहक ने किया कॉल एक युवक ने मौके पर ही गैस बुकिंग के लिए दिए गए फोन नंबर पर कॉल करके देखा। कॉल करने पर उसे सूचना मिली कि सेवाएं फिलहाल इनकमिंग के लिए बंद हैं। युवक ने बताया कि वह लगातार वेबसाइट और फोन के जरिए बुकिंग करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन न तो वेबसाइट काम कर रही है और न ही कॉल के जरिए नंबर लग पा रहा है। मजबूर होकर वह सुबह से एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा है, ताकि सिलेंडर के लिए अपना नंबर दर्ज करा सके। समस्या हो तो यहां करें फोन (कंट्रोल रूम) आम नागरिकों की सुविधा और बुकिंग से जुड़ी समस्याओं के तुरंत निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम का गठन किया है। यदि आपको सिलेंडर मिलने में कोई दिक्कत हो रही है, तो आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: मोबाइल नंबर 1: 7247560709 मोबाइल नंबर 2: 7000878489 प्रशासन की अपील: नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और समस्या होने पर सीधे कंट्रोल रूम को सूचित करें। भोपाल: अब इंडक्शन बना सहारा भोपाल में रसोई गैस की सप्लाई लड़खड़ाने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहांगीराबाद क्षेत्र के मोहम्मद रियाज ने … Read more

5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान आज, चुनाव आयोग से मिलेगी अहम जानकारी

नई दिल्ली असम, पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों की चुनाव तारीखों का ऐलान आज हो सकता है. चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पांच राज्यों की चुनाव तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी शामिल हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई, केरल का 23 मई, तमिलनाडु का 10 मई, पश्चिम बंगाल का 7 मई और पुडुचेरी का 15 जून को खत्म हो रहा है. यानी 7 मई से पहले-पहले पांचों राज्यों में चुनाव खत्म हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों का किया दौरा पिछले कुछ हफ्तों में चुनाव आयोग की टीम ने इन सभी राज्यों का दौरा किया था. फरवरी में असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी, 6-7 मार्च को केरल और 9-10 मार्च को पश्चिम बंगाल में तैयारियों का जायजा लिया गया. इन दौरों में राजनीतिक दलों, पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से मीटिंग हुई. आयोग ने हिंसा रोकने, मतदाता सूची सुधारने, EVM-VVPAT की जांच और CAPF तैनाती पर खास फोकस किया. मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, यह ऐलान आज ही होगा क्योंकि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के खिलाफ अपील की आखिरी तारीख 15 मार्च (आज) है और बाकी राज्यों में यह समयसीमा पहले ही खत्म हो चुकी है. राज्यों का कार्यकाल कब खत्म हो रहा है?     पश्चिम बंगाल: 7 मई 2026     तमिलनाडु: 10 मई 2026     असम: 20 मई 2026     केरल: 23 मई 2026     पुडुचेरी: 15 जून 2026   पिछली बार क्या रहे थे नतीजे?     असम: 126 सीटों के लिए पिछली बार तीन चरणों में चुनाव हुए थे. एनडीए ने 75 सीटें जीती थीं. लगातार दूसरी बार असम में बीजेपी की सरकार बनी थी।     पश्चिम बंगाल: राज्य की 294 सीटों के लिए पिछली बार 8 चरणों में चुनाव हुए थे. टीएमसी ने 215 और बीजेपी ने 77 सीटें जीती थीं. ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी थीं।     तमिलनाडु: 234 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में वोट डाले गए थे।  डीएमके ने 133 सीटें जीती थीं. अन्नाद्रमुक ने 66 और बीजेपी ने 5 सीटें जीती थीं. एमके स्टालिन सीएम बने थे।     केरल: 140 सीटों के लिए एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. एलडीएफ ने 99 और यूडीएफ ने 41 सीटें जीती थीं. पिनराई विजयन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे।     पुडुचेरी: 30 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में वोट पड़े थे. एनडीए ने 16 और यूपीए ने 9 सीटें जीती थीं. एनडीए के एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने थे।  

होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों के संबंध में की समीक्षा बैठक सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर दिया जाए विशेष ध्यान: सीएम योगी होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री  पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रियता से कार्य करने का निर्देश स्वच्छता के लिए आमजनों का जागरूक होना जरूरी, मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर पहुंचे और जनपद भ्रमण के दौरान सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मेला चैत्र नवरात्रि की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने 19 मार्च से प्रारम्भ होने वाली चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों की काउंसलिंग की जाए और उन्हें बेहतर व्यवहार के लिए सजग किया जाए। मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित किया जाए। बिना भेदभाव हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रियता से कार्य करे। परम्परा के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत सिविल डिफेन्स एवं एनजीओ को भी जोड़ा जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भी बैठक करने और डम्पिंग स्थल का चयन दूर क्षेत्र में करने का निर्देश दिया। सीएम योगी ने कहा कि मेले में प्लास्टिक को बैन किया जाए। जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले को सुव्यवस्थित सम्पन्न करवाने के लिए भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत कार्य किए जाएं। श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल एवं अच्छी गुणवत्ता का भोजन तथा प्रसाद मिले, जिसमें किसी प्रकार की मिलावट न हो, इसको सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला परिसर में पार्किंग की दर निर्धारित हो, जो कि साधारण रखी जाए। अवैध वसूली न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ई-रिक्शा, ऑटो के साथ ही दुकानदारों का भी सत्यापन करा लिया जाए। सरकारी विभागों के होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। निर्बाध विद्युत की व्यवस्था रहे। चैत्र नवरात्रि में लगने वाले मेले की व्यवस्थाएं अच्छी हों, इसको ध्यान में रखकर तैयारियां की जाएं। यह एक पौराणिक मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। दर्शनार्थी भक्तगणों के बीच सरकार का बेहतर संदेश प्रसारित हो।  बैठक में मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार एवं पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, महापौर डॉ. अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, एडीजी भानू भास्कर, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात सागर जैन उपस्थित रहे।

सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी

व्यक्ति, जाति, पंथ व संप्रदाय की आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीः मुख्यमंत्री  उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरमैन को दिया निर्देश  सीएम योगी ने रविवार सुबह पश्चिम उत्तर प्रदेश में हुई बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान की भी ली जानकारी  लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रवैया अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति/जाति/पंथ/सम्प्रदाय की मर्यादा एवं आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी न हो। ऐसी टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ⁠इसका संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को भी निर्देशित करें और ⁠हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाएं।  फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारीः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई वर्षा से फसलों को होने वाले नुकसान संबंधी जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारी समेत सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर किसानों से संवाद करने और उनकी फसलों के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राहत आयुक्त फील्ड के अधिकारियों से सीधा समन्वय रखें। साथ ही ⁠फसलों को होने वाली क्षति का आकलन प्राप्त कर ससमय मुआवजे के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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