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आसिम मुनीर का नेतृत्व जारी रहा, तो पाकिस्तान का विखंडन और गृहयुद्ध जैसे हालात हो जाएँगे : माइकल रुबिन

नई दिल्ली पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान में सबसे बड़े खलनायक बन कर उभर रहे हैं. भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी लोग मान रहे हैं कि भारत-पाक के बीच युद्ध जैसी स्थिति के लिए मुनीर ही जिम्मेदार हैं. आज 1971 के बाद पहली बार पाकिस्तान इतना कमजोर नजर आ रहा है तो उसके पीछे भी मुनीर को ही कारण बताया जा रहा है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख के रूप में उन्होंने कई ऐसे कार्य किए हैं जिनके कारण पाकिस्तान को आंतरिक और बाह्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. जनरल आसिम मुनीर ने अपनी भड़काऊ बयानबाजी, आतंकवाद को बढ़ावा देने, और गलत रणनीतिक फैसलों के जरिए पाकिस्तान को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है . पहलगाम हमले और उनके टू-नेशन थ्योरी को बढ़ावा देने के कारण भारत के साथ तनाव को चरम पर पहुंच गया है. जबकि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, और पीओके में विद्रोह ने देश को अंदर से खोखला कर दिया है. माइकल रुबिन, एक पूर्व पेंटागन अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (AEI) के वरिष्ठ फेलो, ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तीखी आलोचना की है. रुबिन ने मुनीर को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला और अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के समकक्ष बताया है.  मुनीर की अलोकप्रियता, सेना के भीतर असंतोष, और जनता का गुस्सा दर्शाता है कि वह न केवल भारत के लिए, बल्कि पाकिस्तान के लिए भी खलनायक साबित हो रहे हैं. कहा जा रहा है कि मुनीर का नेतृत्व जारी रहा, तो पाकिस्तान का विखंडन और गृहयुद्ध जैसे हालात हो सकते हैं। 1. मुनीर के बयानों से आतंकवादियों को मिली हरी झंडी, पहलगाम हमला उसका परिणाम आसिम मुनीर पर आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले को प्रायोजित किया, जिसमें 26-27 हिंदू पर्यटकों की हत्या हुई. यह हमला उनके भारत-विरोधी जहरीले बयानों के ठीक बाद हुआ, जिसमें उन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत को बढ़ावा देते हुए कहा कि हिंदू और मुस्लिम पूरी तरह अलग हैं और कश्मीर पाकिस्तान की रगों का हिस्सा है. समझा जाता है कि उनका ये बयान आतंकवादियों के लिए इशारा था. माइकल रुबिन का कहना है कि मुनीर का बयान आतंकवादी समूहों के लिए हरी झंडी का काम किया. रुबिन ने कहा कि मुनीर के इन बयानों ने लश्कर-ए-तैयबा और उसकी प्रॉक्सी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे समूहों को पहलगाम हमले के लिए प्रेरित किया. भारत ने इस हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. इससे दोनों देश युद्ध के कगार पर पहुंच गए. यदि तनाव बढ़ता है, तो पाकिस्तान को सैन्य और आर्थिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर है. सऊदी अरब और यूएई जैसे सहयोगी देशों ने पहलगाम हमले के लिए मुनीर की आलोचना की, जिससे पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी नागरिकों ने चिंता जताई कि युद्ध के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 100 साल पीछे चली जाएगी. क्योंकि देश पहले से ही IMF, सऊदी अरब, और यूएई से लिए गए कर्ज पर निर्भर है. 2. पाकिस्तान में उभरते लोकतंत्र के दमन कारण बने, इमरान खान और PTI को कुचलने में बड़ी भूमिका मुनीर पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आरोप रहा है. खान 2023 से जेल में हैं, और उनके खिलाफ 200 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए. 2024 के आम चुनावों में कथित धांधली के जरिए PTI को सत्ता से दूर रखा गया. PTI नेताओं की गिरफ्तारी और सैन्य अदालतों में मुकदमे चलाने का आदेश भी मुनीर से जुड़े हैं. इमरान खान की लोकप्रियता के बावजूद उनके दमन से पाकिस्तान में राजनीतिक अशांति बढ़ी है. PTI समर्थकों और अन्य विपक्षी दलों जैसे मौलाना फजलुर रहमान ने मुनीर के खिलाफ आंदोलन शुरू किए, जिससे #MunirOut जैसे ट्रेंड सोशल मीडिया पर वायरल हुए. पाकिस्तान में मुनीर की नीतियों को अघोषित मार्शल लॉ के रूप में देखा जा रहा है. खान के समर्थकों और मुनीर के बीच बढ़ता तनाव सेना को कमजोर कर सकता है. 3. पूर्व सेना प्रमुखों के मुकाबले मुनीर कितने कुशल जनरल सैयद आसिम मुनीर, जो नवंबर 2022 से पाकिस्तान के सेना प्रमुख हैं, को उनके भड़काऊ बयानों, धार्मिक कट्टरता, और पहलगाम हमले में कथित भूमिका के कारण खलनायक माना जा रहा है. उनकी तुलना पूर्व सेना प्रमुखों जैसे परवेज मुशर्रफ, कमर जावेद बाजवा, राहील शरीफ, और अशफाक परवेज कयानी से करने पर उनकी नीतियों, नेतृत्व शैली, और पाकिस्तान पर प्रभाव में स्पष्टतया कमतर नजर आते हैं. बाजवा ने 2019 के पुलवामा हमले के बाद संयम बरता और भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान को लौटाकर युद्ध टाला. बाजवा का जोर क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीति पर था. परवेज मुशर्रफ ने करगिल युद्ध (1999) और संसद हमले (2001) के जरिए भारत के साथ तनाव बढ़ाया, लेकिन उनकी छवि उदारवादी थी. वे मुनीर की तरह इस्लामी कट्टरता और जिहादी बयानबाजी पर निर्भर नहीं थे. मुनीर का धार्मिक ज्ञान, ISI और मिलिट्री इंटेलिजेंस का अनुभव, और आंतरिक दमन की नीति उन्हें अपने पूर्ववर्तियों से अधिक खतरनाक बनाती हैं. मुनीर की रणनीति मुशर्रफ और कयानी की तरह आतंकवाद पर निर्भर है, लेकिन उनकी खुली धार्मिक बयानबाजी जैसे हिंदू और मुस्लिम अलग हैं और परमाणु धमकियां उन्हें अधिक आक्रामक बनाती हैं. उनकी परमाणु धमकियों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2025 में चर्चा की जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि खराब हुई है. मुशर्रफ और बाजवा ने अमेरिका और चीन के साथ संतुलन बनाया, लेकिन मुनीर ने CPEC हमलों (जैसे कराची में चीनी नागरिकों की हत्या, 2024) के कारण चीन को नाराज किया. FATF में ग्रे लिस्ट का खतरा उनकी कूटनीतिक विफलता को दर्शाता है. 4. बलूचिस्तान और गिलगित-बाल्तिस्तान में असंतोष की जड़ मुनीर ने बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलनों को कुचलने के लिए सैन्य कार्रवाई तेज की और क्षेत्र को पाकिस्तान के माथे का झूमर बताया. हालांकि, उनकी धमकियों, जैसे आतंकवादियों की 10 पीढ़ियां भी बलूचिस्तान को नुकसान नहीं पहुंचा सकतीं ने स्थानीय नेताओं को भड़काया. बलूच नेता सरदार अख्तर मेंगल ने 1971 की बांग्लादेश हार की याद दिलाते हुए सेना को चेतावनी दी. गिलगित-बाल्तिस्तान में … Read more

भारत-पाकिस्तान में युद्धविराम के चलते बीसीसीआई IPL के बाकी मैच अगले हफ्ते खेले जा सकते हैं

नई दिल्ली पिछले कुछ दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी चल रही थी। बीते कुछ दिन से पाकिस्तान के द्वारा भारत के कई शहरों और इलाकों में ड्रोन हमले किए गए। हालांकि, ज्यादातर हमलों को भारतीय सेना ने विफल कर दिया। 8 मई को आईपीएल 2025 मैच को रोक दिया गया था और 9 मई को आईपीएल 2025 को एक सप्ताह के लिए रोक दिया था। हालांकि, अब भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान हो गया है। ऐसे में अब संभावना है कि IPL 2025 के बाकी मैच अगले सप्ताह से खेले जा सकते हैं। दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों ने पर्टयकों पर हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसमें एक नागरिक नेपाल का भी शामिल था। इसके करीब 14 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के कई हिस्सों में एयर टू सरफेस मिसाइल से हमला किया, जिसमें दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है। भारत ने 9 हिस्सों पर बमबारी की थी। इस मिशन को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया था। इसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ था और उसे भारत के नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। भारत ने जब 6-7 मई की रात को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया था तो इसके बाद से पाकिस्तान ने कई हमले भारतीय नागरिकों पर किए। 7 मई की रात से ये सिलसिला शुरू हुआ, जो थमा नहीं। 8 मई को धर्मशाला में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आईपीएल 2025 का 58वां लीग मैच खेला जा रहा था। इस मैच को बीच में ब्लैकआउट के कारण रोक दिया गया था। अगले दिन बीसीसीआई ने लीग को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि, अब फिर से आईपीएल शुरू हो सकता है। टूर्नामेंट के 12 लीग मैच और फाइनल समेत प्लेऑफ्स के 4 मैच बाकी हैं। बीसीसीआई टीम इंडिया के इंग्लैंड के दौरे और इंटरनेशनल कैलेंडर को देखते हुए टूर्नामेंट को जल्द खत्म करने पर विचार करेगी। ऐसे में ये भी संभावना है कि जब आईपीएल 2025 फिर से शुरू हो तो कुछ ही शहरों तक इसे सीमित रखा जाए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 3 या 4 शहरों तक इसे सीमित रखा जा सकता है, ताकि ट्रेवल कम हो और कुछ डबल हेडर रखकर इस टूर्नामेंट को मई के आखिर तक कैसे भी खत्म किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र में 170.42 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री काल में मध्यप्रदेश बिजली आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था में आत्मनिर्भर बना। प्रदेश के गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा है। यह सिर्फ सामूहिक विवाह सम्मेलन का प्रसंग नहीं है, आज यहां बुधनी विधानसभा में विकास कार्यों को गति देने के लिए 170.42 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। यह इस क्षेत्र के विकास की ओर बढ़ाया गया एक और नया कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र के भेरूंदा स्थित ग्राम पिपलानी में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में क्षेत्रीय जनजातीय (गोंड) समाज के 572 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले बेटियों का विवाह कठिन प्रसंग होता था। बेटी की शादी के लिए गरीबों और किसानों को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ती थी, लेकिन केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले चंदा जुटाकर गरीब कन्याओं का विवाह कराने की शुरुआत की। बाद में शासन स्तर पर योजना तैयार की गई और सामूहिक विवाह सम्मेलनों की शुरुआत हुई। आज समाज का हर वर्ग इस योजना के जरिए न केवल फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से बच रहा है, वरन् सामूहिक विवाह सम्मेलनों से समाज में वित्तीय मितव्ययता की प्रवृत्ति को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। सनातन समाज में विवाह केवल दूल्हा-दुल्हन का रिश्ता नहीं है, यह दो परिवारों के लिए भी एक नए संबंध की शुरुआत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधनी में फोरलेन, मेडिकल कॉलेज और गारमेंट कारखाने स्थित हैं। सलकनपुर में देवीलोक का विकास कार्य भी प्रगति पर है। शुक्रवार को ही दमोह के बांदकपुर में भी देवश्री जागेश्वर महादेव लोक का भूमि-पूजन किया गया है। हमारी सरकार केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रारंभ सभी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। बुधनी क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है, जिसमें किसानों को 25 से 33 प्रतिशत अनुदान भी मिल रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने हर ब्लॉक में एक गांव को आदर्श वृंदावन ग्राम बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत एक शक्ति संपन्न देश है, जो किसी भी दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक बार नहीं तीन-तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक की हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर बहनों का सुहाग उजाड़ा है। अब ऑपरेशन सिंदूर से आतंकी और उनके ठिकानें ध्वस्त किए जा रहे हैं। भारत की शक्ति को दुनिया देख रही है। भारत अद्भुत देश है, शहनाई के साथ सीमा पर नगाड़े भी बज रहे : केंद्रीय मंत्री श्री चौहान केंद्रीय कृषि विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत देश अद्भुत है, जहां शहनाइयों के साथ-साथ सीमा पर नगाड़े भी बज रहे हैं। भारत की ओर कोई आंख उठाकर देखेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि आज हमारे नवदम्पत्ति भी भारतीय सेना के साथ खड़े हैं। विवाह एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें मिलकर चलना पड़ता है। बेटियों के साथ संकल्प लीजिए कि हम सब देशवासी सरकार और सेनाओं का साथ देकर उनका मनोबल बढ़ायेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी, लाडली बहना और कन्यादान योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाएं बखूबी संचालित हो रही हैं, जो पिछली सरकार में शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधनी विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत किसी पर हमला नहीं करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा था कि निर्दोष भारतीयों का खून बहाने वालों को मिट्टी में मिला देंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सेनाएं दुश्मन को माकूल जबाव दे रही हैं। सीमा पर जवान तैनात हैं तो खेतों में हमारे किसान खड़े हैं। उन्होंने कहा कि देश के अनाज भंडार खाद्यान्नों से भरे पड़े हैं, देशवासी कतई चिंता न करें और अपनी सेनाओं के साथ मजबूती से खड़े रहें। उन्होंने कहा कि जब देश के सम्मान का सवाल आता है, तो चैन से नहीं बैठा जा सकता है। हम भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे, लेकिन अपनी संप्रुभता और सम्मान हर हाल में बनाए रखेंगे। राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में गरीब, किसान और हर वर्ग के नागरिकों के बच्चों का नि:शुल्क विवाह हो रहा है। इस योजना समाज को आर्थिक शक्ति और संबल प्रदान करती है। इस अवसर पर बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक कन्नौद-खातेगांव श्री आशीष शर्मा, विधायक सीहोर श्री सुदेश राय, पूर्व विधायक श्री रज्जू भैया, समाजसेवी श्री देवीसिंह धुर्वे, श्रीमती दुलारी बाई, श्रीमती विनिता उइके सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, आयोजन समिति के पदाधिकारी, वर-वधू एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए दोनों देशों के बीच बनी सहमति

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीनों सेना के प्रमुखों के साथ बैठक खत्म हो गई है इस बैठक में सीडीएस अनिल चौहान भी मौजूद। इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने समकक्ष एस जयशंकर को फोन करके पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने की अपील की है। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई करते हुए जानबूझकर आम नागरिकों और चिकित्सा केंद्रों को निशाना बना रहा है। वहीं सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तान के ऊपर बड़ी कार्रवाई करते हुए सियालकोट के लूनी में आतंकी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया है। इसके साथ ही पाकिस्तानी आर्मी के एक कैंप का भी खात्मा कर दिया गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर से बात की है। उन्होंने मुनीर को भारत के साथ तनाव कम करने के लिए कहा है। इससे पहले पाकिस्तान की सीमा से सटे भारत के जम्मू, फिरोजपुर, सिरसा समेत 26 शहरों में धमाकों की खबर है। कल देर रात तक पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन और रॉकेट्स के जरिए हमले किए जाते रहे हैं। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम लगातार पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। पाकिस्तान की तरफ से देर रात को फतह मिसाइल के जरिए भारत पर हमला किया गया, जिसे भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सिरसा के पास ही हवा में नष्ट कर दिया। रात को पाकिस्तान की तरफ से की गई इस हिमाकत का जवाब भारतीय सेना ने भी दिया। सूत्रों के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेसों को निशाना बनाया है। हालांकि अल सुबह हुए कई धमाकों के रिहायशी इलाकों में टकराने की खबर है। इससे पहले गुरुवार रात को भी पाकिस्तान की तरफ से तमाम रॉकेट्स और ड्रोन्स के जरिए हमला किया गया था। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सभी को इंटरसेप्ट करके नष्ट करता रहा था। आपको बता दें कि यह पूरी परिस्थिति पहलगाम में हुए आतंकी घटना के बाद से निर्मित हो रही है। इस हमले में कुल मिलाकर 28 लोग मारे गए थे। भारतीय सेना ने इस हमले के जिम्मेदार आतंकियों से बदला लेते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसमें कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने लगातार सीमा पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी और गुरुवार शाम को रॉकेट्स से हमला कर दिया। गोलीबारी रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर बातचीत हुई। आज दोपहर पाक DGMO ने बातचीत की पहल की, जिसके बाद चर्चा हुई और सहमति बनी। किसी अन्य मुद्दे पर किसी अन्य स्थान पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। सूत्रों ने आज यह जानकारी दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने सीजफायर की पुष्टि की भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की पुष्टि पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भी कर दी है। उन्होंने शनिवार को एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘पाकिस्तान और भारत ने तत्काल प्रभाव से युद्धविराम पर सहमति जताई है। पाकिस्तान ने हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है!’ भारत और पाकिस्तान तत्काल युद्धविराम पर सहमत भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना से 10 से अधिक गांवों के 5,000 किसान होंगे लाभान्वित, सीएम ने कहा- क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। जिले के सुदूर वनांचल मड़ेली को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा की है। शुक्रवार को सीएम साय ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने को कहा। सीएम ने कहा कि यह घोषणा न केवल एक अधूरे वादे की पूर्णता है, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों के सपनों की भी पुनर्स्थापना है। 1977 में प्रारंभ हुई इस योजना को घुनघुट्टी नाला पर बांध बनाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन 1980 में वन अधिनियम लागू होने के कारण वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद की कई सरकारों ने इस ओर गंभीर पहल नहीं की, और किसानों की आशाएं धीरे-धीरे धुंधली पड़ती गईं। जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सीएम की घोषणा पर खुश हुए लोग अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय स्वीकृति देकर वर्षों पुरानी इस परियोजना को जीवनदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार समाधान शिविर में इस बहुप्रतीक्षित स्वीकृति की घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह ने खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने सीएम की इस घोषणा पर जमकर ताली बजाई। विकास की नई धारा बहेगी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, प्रतीक्षा और उम्मीद की जीत है। यह सुशासन तिहार का असली अर्थ है लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास की नई धारा बहेगी। बता दें कि सुशासन तिहार के मौके पर सीएम साय औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

7 दिन बाद शुरू होगा आईपीएल, सात टीमों के बीच प्‍लेऑफ की जंग, 3 टीमे हो चुकी हैं एलिमिनेट

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 को 7 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण बीसीसीआई ने शुक्रवार को यह फैसला लिया। बोर्ड की ओर से कहा गया कि हालात नॉर्मल होने पर नया शेड्यूल जारी किया जाएगा। आईपीएल के 18वें सीजन में अब तक 58 मुकाबले खेले जा चुके हैं। ऐसे में 16 मुकाबले अभी खेले जाने हैं। इनमें लीग स्‍टेज के 12 मैच हैं। IPL 2025 में कुल 74 मुकाबले होने थे। इस बीच आइए जानते हैं कि प्‍लेऑफ का समीकरण क्‍या कहता है। 3 टीमे हो चुकी हैं एलिमिनेट 58 मैच के बाद 3 टीम प्‍लेऑफ की रेस से बाहर हो गई हैं। साथ ही 7 टीमें अभी भी प्‍लेऑफ की दौड़ में शामिल हैं। चेन्‍नई सुपर किंग्‍स, राजस्‍थान रॉयल्‍स और सनराइजर्स हैदराबाद 18वें सीजन से एलिमिनेट हो चुकी हैं। चेन्‍नई और राजस्‍थान ने 12-12 मैच खेले हैं और 3-3 में जीत दर्ज की है। वहीं सनराइजर्स हैदरबाद ने 11 में से 3 मुकाबलों पर कब्‍जा जमाया है। भले ही इन टीमों का प्‍लेऑफ खेलने का सपना चूर हो पर यह अन्‍य टीमों का काम खराब कर सकती हैं। 7 टीम प्‍लेऑफ में जगह बना सकती हैं 7 टीम अभी भी प्‍लेऑफ में जगह बना सकती हैं। इनमें गुजरात टाइटंस, रॉयल चैलेंर्ज बेंगलुरु, पंजाब किंग्‍स, मुंबई इंडियंस, दिल्‍ली कैपिटल्‍स, कोलकाता नाइटराइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स शामिल हैं। गुजरात टाइटंस ने अब तक 11 मैच खेलकर 8 में जीत प्राप्‍त की है। 16 अंकों के साथ टीम टॉप पर है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी 11 में से 8 मैच जीते हैं और टीम दूसरे नंबर पर है। पंजाब ने 11 में 7 मैच अपने नाम किए हैं। 3 में उन्‍हें हार मिली है और 1 मैच बेनतीजा रहा। 12 में से 7 मैच जीतने वाली मुंबई इंडियंस चौथे, 11 में से 6 मैच जीत चुकी दिल्‍ली 5वें नंबर पर है। कोलकाता 12 में से 5 और लखनऊ सुपर जायंट्स 11 में से 5 मैच जीत पाई है। गुजरात-आरसीबी के 16-16 अंक आईपीएल में आमतौर पर 16 प्‍वाइंट्स में टीम प्‍लेऑफ में जगह बना लेती हैं। ऐसे में गुजरात और बेंगलुरु की जगह लगभग तय नजर आ रही है। पंजाब और मुंबई भी लगभग 1-1 जीत दूर दिख रही हैं। दिल्‍ली को अपने बचे हुए 3 में से 2 मैच जीतने होंगे। कोलकाता के 2 मैच बचे हैं और उनके 11 अंक हैं। अपने दोनों मैच जीतने के बाद भी कोलकाता को भाग्‍य के सहारे रहना होगा। जहां अन्‍य टीमों 18-20 अंक तक पहुंच सकती हैं, ऐसे में 15 प्‍वाइंट पर क्‍वालिफिकेशन काफी मुश्किल है। लखनऊ 11 मैच में 5 जीत चुकी है और उनके 10 अंक हैं। अगले 3 मैच में जीत लखनऊ को 16 अंक तक पहुंचा सकी है।

India Pakistan Tension के बीच IMF ने पाक को दिए 8500 करोड़ रुपए

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज प्रदान करने की घोषणा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी पुष्टि की। पीएमओ ने बताया कि आईएमएफ ने शुक्रवार (9 मई, 2025) को मौजूदा विस्तारित निधि सुविधा के तहत पाकिस्तान को तत्काल लगभग 1 अरब डॉलर की राशि देने की मंजूरी दे दी है। PMO के बयान के अनुसार, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान के लिए 1 अरब डॉलर की किस्त को मंजूरी देने और इसके खिलाफ भारत की मनमानी को विफल करने पर संतोष व्यक्त किया है।” बयान में कहा गया कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और देश विकास के पथ पर अग्रसर है। भारत ने जताया कड़ा विरोध भारत ने शुक्रवार को आईएमएफ के पाकिस्तान को 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर का नया ऋण देने के प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि इस धन का दुरुपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए हो सकता है। भारत ने इस मुद्दे पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की महत्वपूर्ण बैठक में मतदान से दूरी बनाए रखी। मतदान के परिणाम पाकिस्तान के पक्ष में रहे और उसे आईएमएफ से ऋण प्राप्त हो गया। भारत ने एक जिम्मेदार सदस्य देश के रूप में पाकिस्तान के खराब पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए आईएमएफ कार्यक्रमों पर चिंता व्यक्त की। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाली इस धनराशि का उपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। ‘आतंकी संगठनों को जा रहा IMF का पैसा’ भारत ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता अप्रत्यक्ष रूप से उसकी खुफिया एजेंसियों और आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की मदद करती है, जो भारत पर हमलों को अंजाम देते रहे हैं. IMF पर निर्भर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बता दें कि कंगाली से जूझ रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था IMF सहायता पर बुरी तरह निर्भर है. भारत के इस मतदान से दूरी बनाने को IMF और अन्य बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं को यह संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि पाकिस्तान को बिना ठोस कदम उठाए वित्तीय मदद देना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है. कैसे सोचता है अंतर्राष्ट्रीय समुदाय… जम्मू-कश्मीर के सीए उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय” कैसे सोचता है कि उपमहाद्वीप में मौजूदा तनाव कम हो जाएगा, जब आईएमएफ अनिवार्य रूप से पाकिस्तान को उन सभी आयुधों के लिए प्रतिपूर्ति करेगा, जिनका उपयोग वह पुंछ, राजौरी, उरी, तंगधार और कई अन्य स्थानों को तबाह करने के लिए कर रहा है। वैश्विक समुदाय के लिए खतरनाक संदेश- बोला भारत गौरतलब है कि विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) ऋण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आईएमएफ बोर्ड की शुक्रवार को बैठक हुई, जिसमें भारत ने अपना विरोध दर्ज किया। इस बैठक में पाकिस्तान के लिए एक नए लचीलापन और स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) ऋण कार्यक्रम (1.3 अरब डॉलर) पर भी चर्चा हुई। भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले को बार-बार पुरस्कृत करने से वैश्विक समुदाय को एक खतरनाक संदेश जाता है। इससे वित्तपोषण करने वाली एजेंसियों और दाताओं की प्रतिष्ठा खतरे में पड़ती है तथा वैश्विक मूल्यों का उपहास होता है।

भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई

नई दिल्ली भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान को यह एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई है. इतिहास पर गौर करें तो पाकिस्तान इस भरोसे से भारत के साथ टकराव में रहा है कि अगर हालात मुश्किल हुए तो अमेरिका उसकी मदद करेगा, जिसके पास वह SOS लेकर दौड़ा चला आएगा. लेकिन भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान से सॉफ्ट लैंडिंग की सुविधा अब छीन ली है. परमाणु हमले की खोखली धमकी पाकिस्तान की मानसिकता को समझने और अमेरिका पर उसकी निर्भरता को समझने के लिए साल 1999 की गर्मियों को याद करना अहम है, जब पाकिस्तान ने कारगिल की रणनीतिक रूप से अहम मानी जाने वाली पहाड़ियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी. पाकिस्तान को सजा दिए बिना जाने देने के लिए तैयार न होते हुए भी भारत ने एक साहसिक कदम उठाया. उस समय सेना की स्ट्राइक टुकड़ियों को अपने बेस कैंप छोड़ने की तैयारी करने को कहा गया था. लगभग उसी वक्त अमेरिकी स्पाई सैटेलाइट ने राजस्थान में ट्रेनों पर लोड किए जा रहे भारतीय टैंकों और भारी तोपों की तस्वीरें कैद कीं. मैसेज साफ था कि भारत कारगिल में घुसपैठ का बदला लेने के लिए पाकिस्तान पर हमला करने वाला था. सेना के इस कदम से पहले पाकिस्तान हमेशा की तरह ही इनकार और धमकी की रणनीति अपना रहा था. सार्वजनिक मंचों पर नवाज शरीफ सरकार कारगिल में पाकिस्तान की भूमिका से इनकार कर रही थी. साथ ही वह यह भी संकेत दे रही थी कि अगर भारत ने संघर्ष को बढ़ाने की हिम्मत की तो परमाणु विकल्प भी अपना सकती है. दूसरों से मदद मांगने की आदत लेकिन जैसे ही शरीफ को भारतीय सीमा पर हलचल के बारे में पता चला, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मिलने की इच्छा जताई. बैठक में शरीफ कारगिल से अपने लड़ाकों को वापस बुलाने और नियंत्रण रेखा (LoC) की पर स्थिति बहाल करने पर सहमत हो गए. 12 जुलाई को शरीफ टीवी पर देश को समझा रहे थे कि अब घुसपैठियों का कारगिल में रहना जरूरी नहीं रह गया है. इसके तुरंत बाद कारगिल में संघर्ष खत्म हो गया. कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के बर्ताव से हमें दो अहम बातें पता चलती हैं. पहली, अपने परमाणु ब्लैकमेल और शेखी बघारने के बावजूद पाकिस्तान भारत के साथ पारंपरिक युद्ध लड़ने से कतराता है. दूसरी, जब भी वह खुद को बचाना चाहता है, तो वह अपनी इज्जत बचाने के लिए वॉशिंगटन (या अंतरराष्ट्रीय समुदाय) पर निर्भर हो जाता है. अमेरिका ने दिया जोर का झटका लेकिन इस बार वॉशिंगटन ने सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का विकल्प बंद कर दिया है. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में वॉशिंगटन की भागीदारी से इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘हम जो कर सकते हैं, वह यह है कि इन लोगों को तनाव थोड़ा कम करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, लेकिन हम युद्ध के बीच में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, यह मूल रूप से हमारा कोई काम नहीं है और इसका अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है.’ वॉशिंगटन के इस साफ संकेत के बीच कि भारत और पाकिस्तान को मामले को सुलझाने के लिए छोड़ दिया गया है, रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने इस्लामाबाद पर एक और बम गिराया है. ट्रंप की पूर्व सहयोगी हेली ने एक्स पर एक पोस्ट में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के खुद का बचाव करने और जवाबी कार्रवाई करने के अधिकार का बचाव किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को पीड़ित की भूमिका निभाने का अधिकार नहीं है. पाकिस्तान का मददगार रहा है US इस बार वॉशिंगटन की तटस्थता पिछले संघर्षों के दौरान उसके ऐतिहासिक पाकिस्तान समर्थक रुख के बिल्कुल उलट है. साल 1971 में, अमेरिका ने भारत को रोकने के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर USS एंटरप्राइज के नेतृत्व में अपनी 7वीं फ्लीट को बंगाल की खाड़ी में तैनात किया था. इसी तरह 2001 में, जब भारतीय संसद पर आतंकी हमलों के बाद दोनों देश युद्ध की कगार पर थे, तो वॉशिंगटन ने संकट को कम करने के लिए अपने दूतों को नई दिल्ली भेजा था. कुछ साल पहले, जैसा कि रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने एक्स पर बताया था, जो बाइडेन प्रशासन ने F-16 बेड़े को अपग्रेड करने में पाकिस्तान की मदद की थी. लेकिन वेंस का बयान दिखाता है कि 1971 के बाद से वॉशिंगटन कितनी दूर आ गया है और वह भारत के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है. अब बचे हैं सिर्फ गिनती के दोस्त अब तक पाकिस्तान का समर्थन सिर्फ कुछ ही सहयोगी देशों तक सीमित रहा है, मुख्य रूप से चीन, तुर्की और अज़रबैजान. यह पाकिस्तान के बढ़ते अलगाव को दर्शाता है, क्योंकि सऊदी अरब और यूएई जैसे पारंपरिक सहयोगियों ने संतुलित या भारत समर्थक रुख अपनाया है. जी-20 और खाड़ी देशों को ब्रीफिंग सहित भारत के कूटनीतिक संपर्क ने उसकी आतंकवाद विरोधी कथनी के लिए काफी सहानुभूति जुटाई है. कारगिल के बाद से भारत ने रक्षात्मक रुख से हटकर आक्रमणकारी और जवाबी रणनीति अपनाई है, जैसा कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक में देखा गया. सीधी कार्रवाई की इस रणनीति ने भारत को हिम्मत दी है और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर उसकी निर्भरता कम की है. इस बीच पाकिस्तान अपने सहयोगियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर हो गया है. उसकी कमज़ोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज का बोझ, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में अशांति और कमज़ोर राजनीतिक नेतृत्व ने भारत के साथ पारंपरिक युद्ध को अस्थिर बना दिया है, जिसकी वजह से इस्लामाबाद को कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ रही है.  

बुंदेलखंड के किसानों की जिंदगी बदलेगी केन-बेतबा नदी जोड़ो परियोजना से +मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले के जागेश्वरनाथ मंदिर के नवनिर्माण का आज हम संकल्प ले रहे है। आज भगवान देवजागेश्वरनाथ का अभिषेक देश की पवित्र नदियों के जल और पवित्र धार्मिक स्थलों की मिट्टी से शिवलिंग का पूजन हुआ है। देवजागेश्वरनाथ मंदिर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कॉरिडोर से भगवान जागेश्वरनाथ मंदिर की भव्यता बढ़ेगी। मंदिर के कॉरिडोर बनने से मंदिर सहित क्षेत्र की भव्यता बढेगी, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के सुप्रसिद्ध देवजागेश्ववरनाथ मंदिर में 10 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रथम चरण के कॉरिडोर के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक नेता हैं। उनके नेतृत्व में बनारस में बाबा विश्वनाथ का धाम भव्य रूप ले चुका है। अयोध्या में भी भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। सनातन संस्कृति में 7 प्रमुख नगरियां हैं। जब अयोध्या का फैसला आया तो यह लोकतंत्र के गौरव का अवसर था, जिसका सभी धर्म के लोगों ने मिलकर स्वागत किया और एकजुटता दिखाई थी। इसी प्रकार आज जब सेना शौर्य दिखा रही है, तब भी देश एकजुट है। यही भारतीय लोकतंत्र की ताकत है, जिसे देखकर दुनिया अचंभित है। कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले के शिकार पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे धार्मिक पर्यटन केन्द्र युवाओं के लिए रोजगार के केन्द्र बनकर उभरेंगे। यहां आध्यात्म के साथ, शैक्षणिक और रोजगार मूलक गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इन कार्यों के लिए राज्य सरकार बजट की कोई कमी नहीं आने देगी। प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए अभियान चल रहा है। बुंदेलखंड के किसानों की स्थिति बेहतर करने और पेयजल संकट को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। मंदसौर में 3 मई को किसानों के लिए हुए कृषि मेले के ऐतिहासिक और सफल आयोजन के बाद अब 26 मई को नरसिंहपुर में कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। यहां खेती के आधुनिक उपकरण और खाद्य प्र-संस्करण की इकाइयों की जानकारी किसानों को मिलेगी। दमोह एवं निकटवर्ती जिलों के किसान बंधु भी नरसिंहपुर के कृषि मेले में आमंत्रित हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। अब घर-घर गाय होंगी और हर घर गोकुल होगा। प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गांव को आदर्श वृंदावन ग्राम बनाने का संकल्प लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और ज्ञान का प्रकाश चहुंओर फैलाने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन के निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गूगल पर सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला ग्रंथ पवित्र गीता है। निश्चित ही गीता एक अद्वितीय ग्रंथ है। पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वर धाम धार्मिक आस्था का केन्द्र है। कॉरिडोर की सौगात से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हुई है। लगभग 10 करोड़ की लागत से बनने वाले कॉरीडोर की नींव आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रखी है। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के आम नागरिकों, श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनायें दी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक व धर्मस्य विभाग राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा देवजागेश्वरनाथ धाम बहुत ही दिव्य और भव्य बनेगा। कॉरिडोर में दुकान, फूड कोर्ट, संस्कृत विद्यालय और 12 ज्योतिर्लिंगों की  प्रतिकृति भी बनेगी।   पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा सहज और सरल स्वभाव के धनी हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बिना मांगे ही डॉ. यादव इच्छा पूरी कर देते हैं। उन्होंने देव जागेश्वर धाम कॉरिडोर के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा देवजागेश्वरनाथ लोक की देश के 13 वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पहचान है। प्रथम चरण में लोक के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से आवश्यक कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक बुंदेलखंड की पहचान खजुराहो से थी आज से 5 साल बाद बुंदेलखंड देवजागेश्वर नाथ धाम के नाम से जाना जायेगा। बुंदेलखंड अब खजुराहो के साथ बांदकपुर धाम के नाम से भी जाना जाएगा। पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा कि देवजागेश्वर नाथ लोक बनने से सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत भी मजबूत होगी। साथ ही रोजगार व व्यापार के नए अवसर का सृजन होगा। मुख्यमंत्री ने भगवान जागेश्वरनाथ का किया पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांदकपुर में देवजागेश्वर नाथ की पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की। उन्होंने माता पार्वती का आर्शीवाद लिया। मंदिर कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश भर में पवित्र स्थलों पर बनाये गये कॉरीडोर की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बांदकपुर कॉरीडोर मॉडल को भी सराहा। मुख्यमंत्री ने साधु संतों का आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में साधु संतों का पुष्प वर्षा कर अभिनन्दन किया। उन्होंने संतो का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें, अधिकारी मैदान में दिखें, जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय परिस्थितियों और वर्तमान परिदृश्य के दृष्टिगत शुक्रवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक कर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधों पर गहन चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। शुक्रवार प्रात: भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा कर निर्देश दिए थे। प्रदेश के मैदानी अधिकारियों के साथ शाम को हुई बैठक में विभिन्न प्राथमिकताओं पर चर्चा की। बैठक में भारत सरकार से प्राप्त विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी से जिलों को अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। अधिकारी मैदान में दिखें। जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए और आवश्यक जनसहयोग प्राप्त किया जाए। आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने में भी वॉलिंटियर्स का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में रिटायर्ड फौजियों सहित सामाजिक कार्यों से जुड़े वॉलिंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अपराधियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए। घटना घटित होने के पूर्व आवश्यक सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि नागरिकों के लिए आवश्यक सेवाएं भी समानांतर रूप से प्रदान करने का कार्य होता रहे। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के अलावा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष कार्य करेंगे। सभी नियंत्रण कक्ष वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित होंगे। फायर ब्रिगेड सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली की सप्लाई, पेयजल व्यवस्था नियमित रूप से बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।  सभी जिलों में की जाएगी मॉक ड्रिल, भ्रामक कंटेंट पर होगी सख्त कार्रवाई बैठक में निर्देशित किया गया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट भेजने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। वरिष्ठ अधिकारी अवकाश पर नहीं जाएंगे। सभी जिलों में इमरजेंसी सेवाएं सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन का कार्य होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि आवश्यक सायरन की व्यवस्था भी जिलों में रहेगी। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नागरिकों को सुरक्षा के लिए सजग किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार वॉलिंटियर्स एवं नागरिकों को प्रशिक्षित करने का कार्य भी किया जाएगा। जिलों में मॉक ड्रिल भी समय-समय पर होगी और रात्रि गश्त पुलिस की ओर से निरंतर होगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, होमगार्ड महानिदेशक अरविंद कुमार, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साई मनोहर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

भारत-पाक तनाव के बीच प्रदेश में पुलिस समेत 13 सरकारी विभागों की छुट्टियां निरस्त, मंत्रालय से आदेश जारी

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है. मंत्रालय से जारी एक आदेश में पुलिस सहित 13 सरकारी विभागों के कर्मचारियों की सभी छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं. साथ ही, छुट्टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत अपने मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर चर्चा हुई. आदेश में कहा गया है कि सभी शासकीय सेवक अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. विशेष परिस्थितियों, जैसे स्वयं या परिवार में विवाह, प्रसव, संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, या अप्रत्याशित घटना के मामलों में ही जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर विभाग के भारसाधक सचिव द्वारा अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा. अन्य विभागों के कर्मचारियों के अवकाश आवेदनों पर भी केवल अति आवश्यक स्थिति में ही सक्षम स्तर से स्वीकृति दी जाएगी. यह कदम भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत उठाया गया है. सरकार ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और जरूरी सेवाओं को निर्बाध रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं. इस 13 विभागों की छुट्टियां निरस्त:-   लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग   गृह विभाग   ऊर्जा विभाग   नगरीय विकास एवं आवास विभाग   पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग   लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग   खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग   लोक निर्माण विभाग   राजस्व विभाग   सामान्य प्रशासन विभाग   जल संसाधन विभाग   नर्मदा घाटी विकास विभाग   परिवहन विभाग इन परिस्थितियों में मिलेगी छुट्टी     आवश्यक चिकित्सा उपचार या बीमरी     दुर्घटना या आपातकालीन स्वास्थ्य कारण     परिवार में विवाह या अत्यावश्यक घरेलू कारण नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति के लिए सभी विभाग सजगता के साथ तैयार रहें। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से लागू करें। राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाएं। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। इंटरनेट मीडिया पर पुलिस नजर रखे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को आदेश दिए कि सभी अधिकारी मुख्यालय पर रहें। केवल स्वयं या स्वयं के परिवार में विवाह, प्रसूति एवं संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, स्वयं के परिवार में घटित अप्रत्याशित घटना आदि के संबंध में कलेक्टर एवं राज्य स्तर पर विभाग के सचिव द्वारा ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर ध्यान दें मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो। आसपास पुलिस बल तैनात किया जाए। स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यकताओं को मजबूत कर लें। आपात स्थिति से निपटने के लिए सूक्ष्म स्तर पर तैयारी रखें और अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें। आवश्यकता पर सेवानिवृत्त सैनिकों और स्वयंसेवियों की सेवाएं भी लें। उन्हें पहले से चिह्नित करके रखें। समय-समय पर माकड्रिल आयोजित की जाए जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए। अपराधियों के साथ किसी तरह नरमी नहीं बरती जाए। जिलों में माकड्रिल भी समय-समय पर आयोजित की जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं। फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी की आपूर्ति नियमित रूप से बनी रहे, इसका प्रबंध किया जाएगा। पुलिस लगातार रात्रि गश्त करेगी। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल व दवाओं का रखें भंडार उधर, गृह विभाग ने देर रात सभी कलेक्टरों को दिशानिर्देश जारी किए। इसमें कहा गया कि अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयां व उपकरण उपलब्ध रहें। डॉक्टर मय स्टाफ उपस्थित रहें। ब्लड बैंक में सभी ग्रुपों के रक्त की पर्याप्त उपलब्धता रहे। सायरन व्यवस्था सहित माकड्रिल में रही कमियों को दूर किया जाए। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस इत्यादि उपलब्ध रहें। लोग खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। यह करना होगा     जिन अस्पतालों व स्कूलों में रहने की अस्थायी सुविधा हो सकती है, वहां जनरेटरों की व्यवस्था करें।     पीएचई विभाग की जिम्मेदारी होगी कि आपात स्थिति में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रहे।     जिलों के अतिसंवेदनशील स्थल जैसे अस्पताल, पावर प्लांट, तेल एवं गैस के डिपो, धार्मिक स्थल, भारत सरकार के संस्थान की जानकारी अद्यतन कर रखी जाए। उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए।     ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाए।     अग्निशमन, संचार सेवा, सार्वजनिक उद्घोषणा व्यवस्था दुरुस्त रखें। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करें : डीजीपी पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी जोनल आइजी, डीआइजी और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर चर्चा कर तैयारियां रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा-सायरन व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। असामाजिक तत्वों और माहौल खराब करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिले के प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। दीपावली के खिलौनों की तरह दुश्मनों के मिसाइल नष्ट कर रहा एयर डिफेंस सिस्टम उधर, भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के दुश्मन पाकिस्तान और सभी आतंकवादी द्वारा छोड़े गए घातक मिसाइल, राकेट को हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने दीपावली के खिलौनों की तरह हवा में ही नष्ट कर दिए। अभी हमारे जवान अपनी मर्यादा में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को जमीन में गाड़ने की जो बात कही थी, उसी क्रम में आतंकी अजहर मसूद के खानदान को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। हमारी सेना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है और पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देकर अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय दे रही है। दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है:मंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि “अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के तौर पर इस समय जो हमारी ड्यूटी है, उसकी पूरी तैयारी है. उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि 2023-24 में जो कुल खाद्यान्न का उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. वो अब तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है. देश में गेंहू, धान, दलहन और तिलहन समेत सब्जी तरकारी भी पर्याप्त मात्रा में है. कृषि मंत्री शिवराज का बयान, चिंता नहीं भंडार भरे हैं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्न की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कृषि विभाग के तौर पर हमारी जवाबदारी देश में खाद्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की इन परिस्थितियों में क्या ड्यूटी है. हमारी उसको लेकर पूरी तैयारी है. जवान भी तैयार हैं, किसान और वैज्ञानिक भी तैयार हैं. शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने आंकड़ें देकर बताया कि आज की स्थिति में देश में तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है. 2023-24 में कुल खाद्न्न उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. जो 2025-26 में बढ़कर तीन हजार 474 दशमलव 42 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. इसी तरह तरह से चावल की भी कोई कमी नहीं है. 2023-24 में एक हजार 378.25 मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल एक हजार चार सौ 64.02 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है. वही गेहूं पिछले वर्ष 1132 लाख मीटिक टन था, जो अब बढ़कर 1154 लाख मीट्रिक टन हो चुका है. शिवराज ने कहा कि विपरीत मौसम में भी अन्नदाता ने ये कमाल कर दिखाया है. उन्होंने बताया कि दलहन 250.97 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है. इसी तरह से तिलहन में 428.98 लाख मीट्रिक टन है. इसी तरह से बागवानी फसलें 3621 लाख मीट्रिक टन हुई हैं. मुख्य सब्जियों में आलू 595 लाख मीट्रिक टन, प्याज 288 लाख मीट्रिक टन, टमाटर 215 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है.” सीमा पर जवान तैनात खेत में किसान तैयार कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है. एक तरफ सीमा पर हमारे जवान तैनात हैं. पाकिस्तान के हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है. दूसरी तरफ खेतों में किसान तैयार है. शिवराज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने नारा दिया था. जय जवान जय किसान. फिर अटलजी ने जोड़ा जय जवान जय विज्ञान, पीएम मोदी ने जोड़ा जय जवान जय अनुसंधान. पूरा देश मां भारती की सेवा करने में तत्पर है. भंडार भरे हुए हैं. कृषि विभाग की बैठक में तय हुआ कि 14 मई को कृषि मंत्रालय के सभी अधिकारी कर्मचारी ब्लड डोनेट करेंगे.

भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया

नई दिल्ली हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. दोनों देश जंग के मुहाने पर खड़े हो गए हैं और सेनाएं लामबंद हैं. शुक्रवार की शाम पाकिस्तान ने भारत की 26 जगहों पर हमले की कोशिश की थी. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. वही, भारत पर पाकिस्तान की तरफ से फतह-1 मिसाइल दागी गई. शुक्रवार रात को पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का भारत की तरफ से जवाब दिया गया. पाकिस्तान के द्वारा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के कई इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है. पाकिस्तान के एयरबेस पर तबाही शनिवार की सुबह, भारत ने राजधानी इस्लामाबाद के करीब स्थित कुल चार एयरबेसों पर मिसाइलें दागी हैं और तबाही मचा दी है. देर रात टेलीविज़न पर दिए गए बयान में पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “भारत ने अपने विमानों के ज़रिए हवा से सतह पर मिसाइलें दागीं.” वहीं, बीती रात हुए हमलों से जुड़े सभी पहलुओं पर ताजा अपडेट देने के लिए सुबह 10 बजे भारत सरकार की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. शनिवार की सुबह तड़के क्या-क्या हुआ?     जम्मू-कश्मीर में वायुसेना स्टेशन को निशाना बनाने की पाकिस्तानी कोशिशें नाकाम कर दी गईं. पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं.     गुजरात के कच्छ में पाकिस्तान के ड्रोन हमले को भारत ने नाकाम कर दिया है.     पठानकोट में भी सुबह होते ही कई विस्फोट हुए. कम से कम आधे घंटे तक रुक-रुक कर विस्फोट होते रहे, जवाबी कार्रवाई में विमान-रोधी तोपों से भी गोलीबारी की गई.     अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं.     सुबह 5.20 बजे श्रीनगर, एयरपोर्ट के पास, सुबह 4.50 बजे बारामुल्ला और उधमपुर में भी धमाके की आवाज़ें सुनी गईं.     गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.     जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए: भारत ने पाकिस्तान के नूर खान (रावलपिंडी), मुरीद (चकवाल) और रफीकी (शोरकोट) एयरबेस को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया है. इन स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है और पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर यह हमला एक बड़ा झटका माना जा रहा है. ऐसे हमले से सीमा पर तनाव और भी तीव्र हो गया है. पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद किया: तनाव के कारण पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस आज सुबह 12 बजे तक के लिए पूरी तरह बंद कर दी है. इस दौरान पेशावर जाने वाली पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट PIA218 को क्वेटा के ऊपर उड़ते देखा गया. इस्लामाबाद और अन्य प्रमुख शहरों में धमाके: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और लाहौर समेत कई बड़े शहरों में धमाके की आवाजें सुनाई दी. पाकिस्तान सेना का दावा है कि भारत ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस घटना से दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ गया है. ड्रोनों के हमलों के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार ड्रोनों से कई हमले किए जाने के बाद, भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नीलम घाटी और सियालकोट में कड़ा जवाब दिया. सोशल मीडिया पर आईं वीडियोज में दिखा भारत का मिसाइल इंटरसेप्शन: कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें भारत ने सरसा क्षेत्र के ऊपर पाकिस्तानी लॉन्ग रेंज मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकते हुए दिखाया गया है. सरसा के जिला सूचना अधिकारी ने नागरिकों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है. भारत की एडवांस डिफेंस सिस्टम का प्रभाव: S-400, L-70, Zu-23 और शकिल्का जैसे आधुनिक वायु रक्षा उपकरण लगातार सीमा पर भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाए हुए हैं. इन सिस्टम्स ने पाकिस्तान की ड्रोन हमलों और अन्य कारगर हथियारों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोक रखा है.  

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के बीच होगा एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में आज 10 मई को भोपाल में ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज’ प्रोजेक्ट का एमओयू होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना’ पर कार्य होगा. इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गए हैं. CM यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज प्रोजेक्ट है. इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे. उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा. इस परियोजना में प्रस्तावित बांध और नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी. परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी जरूरत नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, इसी क्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है. इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे. साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.  

MP में सफर होगा आसान जल्द शुरू होगी सरकारी बस सेवा, इंदौर व उज्जैन जिलों में सर्वे हुआ पूरा

इंदौर / उज्जैन लोक परिवहन सेवाओं को जमीन पर उतारने से जुड़े पहले चरण के सर्वे का काम परिवहन विभाग ने इंदौर व उज्जैन संभाग में लगभग पूरा कर लिया है। अब यहां चिह्नित किए गए मार्गों को फाइनल किया जा रहा है। उधर आठ परिवहन कंपनियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मार्गों पर रिहर्सल पूरी होते व कंपनियों के अस्तित्व में आते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रयास है कि बारिश से पहले इंदौर व उज्जैन जिले की सड़कों पर लोक परिवहन सेवाओं से अनुबंधित यात्री बसें दौड़ने लगें। बसों(MP Government bus) के रूट को चिह्नित करने के लिए अगले चरण के सर्वे का काम जबलपुर व सागर संभागों के जिलों में शुरू होगा। यह मई के अंत तक शुरू हो जाएगा। इसके लिए एजेंसी तय कर दी है। इन संभागों में सर्वे का फोकस सबसे पहले परिवहन सेवा विहीन क्षेत्रों पर होगा। अलग-अलग चरणों में किए जा रहे काम 1. परिवहन विभाग अब तक सीमित क्षेत्रों में ही सर्वे करा रहा था, अब इसका दायरा बढ़ा दिया है। 2. कंपनी एक्ट के तहत कंपनियों के गठन की प्रक्रिया का जिम्मा अलग अफसरों को सौंपा है। 3. निष्क्रिय पड़े सड़क परिवहन निगम की संपत्तियों को नए सिरे से खंगाला जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवाओं के तहत उपयोगी बनाया जा सके। 4. कंपनियों के लिए ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर का खाका तैयार करेंगे। 5. सुझाव लेने संबंधी प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि नई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। 6. सर्वे में बस ऑपरेटरों से फीडबैक लिया जा रहा है, यात्रियों से उनकी राय पूछी जा रही है ताकि जिन मार्गों को चिह्नित किया जा रहा है या किया जाना है उन पर वस्तु स्थिति साफ हो सके। 7. इसी पूरी व्यवस्था में जिला स्तरीय समितियों का गठन होना है, इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 8. सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की चल-अचल संपति, नई गठित की जाने वाली कंपनियों को दी जाएगी। इस दिशा में भी काम शुरू किया है। 9. मौजूदा सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां करेंगी। जिला स्तर पर समितियां होंगी, समन्वयक कलेक्टर होंगे, सांसद, विधायकगण, महापौर, नगर पालिका, जिला पंचायत, नगर परिषद, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, आयुक्त नगर निगम, जिला व जनपद पंचायतों के सीईओ, नपा के सीएमओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, जिला परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण व कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रह सकेंगे। समितियों का गठन इसलिए पहले असल में जिला स्तरीय निगरानी समितियों को यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना होगा। जिसमें मुख्य काम अभी मार्गों को फाइनल करने से जुड़ा है। इन मार्गों में बदलाव भी संभव है, लेकिन यह बात का विषय है। इसके अलावा स्टापेज, बस फ्रीक्वेंसी, आईटी प्लेटफार्म का सुचारु संचालन, साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी सुझाव। 6 शहरों में दौड़ेगी ई-बस, हर किलोमीटर पर इतना देना होगा किराया  प्रदेश के 6 शहरों में जल्द ईलेक्ट्रिक बस चलने वाली है. बस सर्विस की शुरुआत सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है. दरअसल, ये केंद्र सरकार की योजना है. इस प्रोजेक्ट में देश के 88 शहरों में ई बसें चलाई जानी है. इसमें से 582 बसें मध्य प्रदेश के खाते में आई है. अब जल्द इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. ये बस पॉल्यूशन को काफी कंट्रोल करेगी. इसकी साथ ही ग्रीन परिवहन को भी बढ़ावा देगी. मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में 10 नए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड जैसी मॉर्डन सुविधाएं मिलेंगी. इसमें 472 मिडी बसें होंगी. इनमें से 26 यात्री सफर कर सकेंगे, तो वहीं 110 मिनी बसें 21 सीटर होंगी. यात्रियों को 2 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया देना होगा. केंद्र सरकार से मिलेगी सब्सिडी ई बसों के संचालन के लिए केंद्र सरकार से भी सब्सिडी मिलेगी. इसके लिए सरकार 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च करेगी, जिसमें से 22 रुपये केंद्र सरकार देगी. ई बसों का संचालन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल पर होगा. ऐसे में यात्रियों को 2 रुपये प्रति किमी का किराया देना होगा, जो सिटी बस सर्विस की तुलना में काफी सस्ती है.

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