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भारत सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए

नई दिल्ली पाकिस्तान के निर्माण में मुहम्मद अली जिन्ना की टू नेशन थ्‍योरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी. इसी आधार पर 1947 में भारत के विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण की मांग की गई थी. यह सिद्धांत मुख्य रूप से यह तर्क देता था कि भारतीय उपमहाद्वीप के हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, जिनके धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान इतने भिन्न हैं कि वे एक साथ एक राष्ट्र में नहीं रह सकते. इस सिद्धांत ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग देश, पाकिस्तान, की स्थापना को औचित्य प्रदान किया. 1971 में ही इस सिद्धांत को तिलांजलि देते हुए पूर्वी पाकिस्तान ने पाकिस्तान से अलग होकर अलग देश बांग्लादेश बना लिया. कायदे से इस सिद्धांत का अंत उसी दिन हो गया था. पर पाकिस्तान के हुक्मरान आज भी अपनी गद्दी बचाने और पाकिस्तान को बिखरने से रोकने के लिए इस सिद्धांत की दुहाई देते हैं. पहलगाम अटैक से कुछ रोज पहले ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने प्रवासी पाकिस्तानियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए टू नेशन थियरी को सही बताया था. मुनीर ने इस सम्मेलन में हिंदुओं पर अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करते हुए भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था. यही कारण है कि पाकिस्तान में भी लोगों का मानना है कि मुनीर ने अपनी महत्वाकांक्षा के चलते पहलगाम अटैक को अंजाम दिया है. पर पहलगाम हमले का खामियाजा अब पूरा पाकिस्तान भुगत रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जैसी हरकतें की हैं उससे यही लगता है कि पाकिस्तान का भविष्य अधर में है. आइये देखते हैं कि भविष्य में पाकिस्तान का क्या हाल हो सकता है? 1-पाकिस्तान में मुनीर को हटाकर कोई सैन्य तानाशाह आ जाए, आंशिक लोकतंत्र भी खत्म हो जाए पाकिस्तान में मार्शल ला का इतिहास रहा है. यहां सेना ने अतीत में कई बार सत्ता हथियाई है जैसे 1958, 1977, 1999 में. वर्तमान में भी सेना का राजनीतिक प्रभाव मजबूत है. जिस तरह वर्तमान सेना प्रमुख असीम मुनीर के खिलाफ पाकिस्तान में हवा चल रही है उससे उनके लिए खतरा बढ़ रहा है. हो सकता है कि भारत के हाथों पाकिस्तानी सेना के मुंह की खाने के बाद सेना का कोई दूसरा सैन्य अधिकारी मुनीर को कैदकर खुद तानाशाह बन जाए. पिछले दिनों पाक सेना में आंतरिक असंतोष की तमाम खबरें आईं थीं. मार्च 2025 में, पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों (कर्नल, मेजर, कैप्टन रैंक) और जवानों ने असीम मुनीर के खिलाफ एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की गई. पत्र में उन पर सेना को राजनीतिक उत्पीड़न का हथियार बनाने, लोकतांत्रिक ताकतों को कुचलने और आर्थिक बर्बादी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया. पत्र में 1971 के युद्ध की तुलना की गई, जिसमें कहा गया कि मुनीर के नेतृत्व ने सेना की प्रतिष्ठा को गटर में डाल दिया और जनता के बीच सेना को बेगाना बना दिया. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और X पोस्ट्स में दावा किया गया कि 500 जवानों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया, हालांकि सेना मुख्यालय ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. जाहिर है कि पाक सेना में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि ऐसी स्थिति में नया नेतृत्व जन्म लेता है जो हमेशा तख्तापलट से ही आता है. आम जनता भी आर्थिक संकट, आतंकवाद, और राजनीतिक अस्थिरता के कारण सैन्य शासन को स्वीकर कर लेती है. 2-पाकिस्तान की स्थिति सीरिया जैसी हो सकती है पाकिस्तान के लिए युद्ध कितना मुश्किल है यह इससे समझा जा सकता है कि पाकिस्तान सरकार अभी से आर्थिक संकट में है. जाहिर है कि ऐसी दशा में कर्ज संकट ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और बेरोजगारी बढ़नी तय है. अगर ऐसा होता है तो सामाजिक अशांति (प्रदर्शन, हड़ताल) सीरिया जैसे विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे सकती है. बलूचिस्तान में BLA और KPK में PTM हिंसा को बढ़ा सकते हैं. सोशल मीडिया पर तमाम दावे हैं कि बलूचिस्तान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है, और भारत का समर्थन इस समस्या को और बढ़ा सकता है. TTP और ISIS-खोरासान जैसे समूह सीरिया के ISIS की तरह अराजकता फैला सकते हैं, विशेष रूप से KPK और बलूचिस्तान में. जाहिर है कि पाक सेना का पूरा ध्यान भारतीय सेना से बचाव पर रहेगा. इसका प्रभाव और सरकार की अक्षमता को बढ़ाएगा जो जनता के असंतोष को और बढ़ा सकती है, जैसा सीरिया में असद के खिलाफ हुआ. 3-भारत सीमित सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए भारत की रणनीति हो सकती है कि पाकिस्तान के साथ तनाव को सीमित सैन्य संघर्ष में बदल दिया जाए. पाहलगाम हमले के बाद जिस तरह के कदम भारत ने उठाए हैं वो कुछ ऐसा ही संकेत देते हैं. सिंधु जल संधि को निलंबित करना  और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम कुछ ऐसा ही फैसला है जो बताता है कि भारत सीधे जंग में उतरने की बजाय सीमित सैन्य संघर्ष को लंबा खींचना चाहेगा. भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से सीमा पर गोलीबारी, सर्जिकल स्ट्राइक, या हवाई हमले बढ़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, और ईरान ने संयम की अपील की है पर कोई भी खुलकर किसी भी पक्ष से सामने नहीं आना चाहता है. दरअसल सीमित संघर्ष से आर्थिक नुकसान विशेष रूप से पाकिस्तान को होगा. क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर है. भारत की सैन्य श्रेष्ठता (S-400, राफेल) उसे बढ़त दे सकती है. भारत यही चाहेगा कि पाकिस्तान युद्ध में इस तरह फंस जाए कि उसकी आर्थिक रूप से कमर टूट जाए. सेना भारतीय सीमा पर फंसेगी जिसके चलते पाकिस्तान में बलूच और खैबर पख्तुनवा, सिंध आदि में स्थिति अनियंत्रित हो जाएगी. 4-पाकिस्तान कम से कम 3 टुकड़ों में बंट जाए भारत जिस तरह की आक्रामकता इस बार दिखा रहा है उससे यही लगता है कि 1971 जैसे युद्ध के लिए वो तैयार है. अगर भारत और पाकिस्तान में सीधा मुकाबला होता है तो बलूचिस्तान, सिंध, और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्र अलग होने की उड़ान भर सकते हैं. कुछ लोगों का दावा है कि भारत, अफगानिस्तान और कुछ अन्य देश इन आंदोलनों को समर्थन दे सकते हैं. पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट में है. कर्ज का बोझ ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और … Read more

कुछ सेकेंड में तबाही मचा देता है भारत का स्वदेशी रॉकेट Pinaka, पाकिस्तान हो जाओ सावधान

नई दिल्ली  शांति का संदेश पूरे विश्व को देगा लेकिन साथ ही भारत आतंकवाद से लड़ेगा. भारत अपनी संप्रभुता को चुनौती देने वालों से लड़ेगा. भारत उसके नागरिकों का खून बहाने वालों से लड़ेगा. जो जिस जुबान में बात करेगा, उसे उसकी जुबान में जवाब देगा. इस बार इन सारे समीकरण में पाकिस्तान है जिसने न सिर्फ भारत की जमीं पर अटैक करने के लिए आतंकवादियों को पनाह और ट्रेनिंग दी बल्कि भारत के उनपर एक्शन लेने के बाद आम भारतीयों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. हवाई हमले के लिए ड्रोन भेजे और मिसाइल गिराने की जुर्रत की. लेकिन इन तमाम कोशिशों के बीच भारत की सेना और उनके हथियार डिफेंस की दीवार बनकर खड़े हैं. चलिए आपको मिलाते हैं पाकिस्तान जैसे हर विरोधी के लिए भारत के अस्त्र- पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम (Pinaka multi-barrel rocket launcher) से. आपको बताएंगे कि भारत के जखीरे में यह अस्त्र खास क्यों है, यह क्या करता है. गौरतलब है कि भारतीय सेना ने हाल ही में राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपने स्वदेशी रूप से विकसित पिनाका सिस्टम की लाइव फायरिंग ड्रिल का आयोजन किया. इसे ऑपरेशन सिंदूर के पहले पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तैयारियों का संदेश माना जा रहा था. पिनाका रॉकेट लॉन्चर: 44 सेकेंड में 72 रॉकेट लॉन्च आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि पिनाका का नाम आखिर पिनाका क्यों है. पिनाका दरअसल भगवान शिव का पौराणिक धनुष का नाम है इसी पर इस मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम का नाम रखा गया है. मल्टी बैरल सिस्टम होने का मतलब है कि इससे एक साथ कई रॉकेट को लॉन्च किया जा सकता है. यह भारत के तोपखाने की शक्ति का एक मुख्य घटक है. इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने डिजाइन किया है, और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लार्सन एंड टुब्रो जैसी भारतीय रक्षा कंपनियों ने इसे बनाया है. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाया गया है. यह डिफेंस सिस्टम में पहला पिनाक के रॉकेट में GPS भी लगा होता है और यह इसमें गाइडेड सिस्टम पहले से लगा होता है. विशेषज्ञों ने कहा कि पिनाका रॉकेट मैक 4.7 (5,800 किमी/घंटा) की गति तक पहुंच सकते हैं, जिससे उन्हें रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है. भारतीय सेना में चार पिनाका रेजिमेंट सेवा में हैं और छह और ऑर्डर पर हैं. किसी जंग की स्थिति में इसका सबसे बड़ा काम यही होता है कि यह दुश्मन के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में टारगेट पर बहुत कम समय में बड़े हमला करे. जनवरी में ही सरकार ने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए गोला-बारूद के 10,200 करोड़ रुपये के ऑर्डर को मंजूरी दे दी. भारत ने पहले ही आर्मेनिया को इसका निर्यात किया है और फ्रांस के साथ भी डील करने की बात चल रही थी.

भारतीय सेना के बेड़े में शामिल है ये खतरनाक टैंक और जहाज, जान लीजिए क्या है खासियत

नई दिल्ली India के पास कौन कौन से टैंक हैं और उनकी क्या ख़ासियत है? हम जानेंगे कि भारत के पास कौन से प्रमुख टैंक हैं? उनकी क्या विशेषताएं हैं और ये टैंक देशी हैं या विदेशी. भारत के पास तीन प्रमुख टैंक हैं. ये T-72, T-90 और अर्जुन टैंक हैं. भारत के कई टैंक, इन टैंकों के नए संस्करण हैं. इसके अलावा और भी कई टैंक हैं. T-72 से शुरू करते हैं. T-72 टैंक T-72 सोवियत ज़माने का टैंक है. माने रूसी टैंक. 1971 में इसका प्रोडक्शन शुरू हुआ था. इसे लियोनिद कार्तसेव और वलेरी वेनेदिक्तोव ने सबसे पहली बार डिजाइन किया था. इसका सेकेंड जेनरेशन T-72A टैंक 1979 में आया. थर्ड जेनरेशन टैंक 2010 में T-72B3 के नाम से आया. T-72 ब्रिज लेयर टैंक. T-72 को लाइटवेट टैंक में गिना जाता है. इसका वजन करीब 41 टन होता है. ये टैंक 5 मीटर की गहराई वाली नदियों से होकर गुजर सकते हैं. अगर पानी में इंजन बंद भी होता है, तो वह 6 सेकेंड्स में रीस्टार्ट हो जाता है. इस टैंक में न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल (NBC) सुरक्षा प्रणाली है. भारत के पास करीब 2400 T-72 टैंक हैं. भारत ने T-72 से 3 प्रमुख टैंक बनाए हैं भारत ने टी-72 टैंक से अपने 3 प्रमुख टैंक बनाए हैं. अजेय MK1, अजेय MK2, कॉम्बैट इमप्रूव्ड अजेय हैं. अजेय MK1, T-72M1 का भारतीय वर्जन है. ऐसे ही अजेय MK2, T-72M1 का ही एक वर्जन है. यह एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर के साथ आता है. ये दुश्मन टैंक के साथ ही गर्मी आदि से सुरक्षित रखते हैं. कॉम्बैट इमप्रूव्ड अजेय टैंक T-72 टैंक के सबसे आधुनिक संस्करणों में से है. भारत पहले इस टैंक पर बहुत फोकस नहीं कर रहा था, क्योंकि भारत की नज़रें देशी अर्जुन टैंक पर अधिक थी. लेकिन अर्जुन टैंक में अधिक वक्त लगने के कारण भारत ने इस पर काम करना मुनासिब समझा. इस टैंक में इज़रायल, पोलैंड, जर्मनी, साउथ अफ्रीका आदि देशों के टूल लगे हुए हैं, जो इस टैंक को सुपर टैंक बनाते हैं. Combat Improved Ajeya   T-90 टैंक T-90 टैंक भी रूसी टैंक है. यह थर्ड जेनरेशन रूसी बैटल टैंक है. यह T-72B और T-80U का मॉडर्न वर्जन है. इस टैंक को पहले T-72BU के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसे T-90 नाम दे दिया गया. अभी चीन के साथ तनाव को लेकर भारत ने लद्दाख के देपसांग इलाके में T-90 टैंक तैनात किए थे. T90 Tank इसका वजन करीब 46 टन है. यह डीजल इंजन पर चलता है. इसमें अधिकतम 1600 लीटर फ्यूल डाला जा सकता है. T-90 टैंक को सामान्य रास्ते पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है. जबकि उबड़खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटे के करीब होती है. इस टैंक में 125 मिलीमीटर की मोटाई वाली स्मूदबोर टैंक गन होती है. इसके जरिए कई तरह के गोले और मिसाइलें दागी जा सकती हैं. इस टैंक से एक राउंड में सात मिसाइल छोड़ी जा सकती हैं. इसमें मिसाइल ऑटोमैटिक लोड होती है. इस टैंक से एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल भी दागे जा सकते हैं. इससे 2 किलोमीटर तक की रेंज में हैलीकॉप्टर को भी मार गिरा सकते हैं. T-90 भीष्म टैंक साल 2001 में भारत ने पहली बार रूस से T-90 टैंक खरीदने का सौदा किया था. भारत ने रूस को 310 T-90 टैंक का ऑर्डर दिया. इनमें से 124 रूस से बनकर आए, जबकि बाकी को भारत में असेंबल किया गया. जिन T-90 टैंकों को भारत में असेंबल किया गया उन्हें ‘भीष्म’ नाम दिया गया. भीष्म को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए रूस के साथ ही फ्रांस की भी मदद ली जाती रही है. T90 Bhishma Tank पहले 10 भीष्म टैंक अगस्त 2009 में सेना में शामिल हुए. भारत ने सैकड़ों और भीष्म टैंक को शामिल करने का प्लान किया हुआ है. अभी भारत के पास 2000 के करीब T-90 सीरीज़ के टैंक है. अर्जुन टैंक अर्जुन टैंक को कतई देशी टैंक कह सकते हैं. इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO) और कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (CVRDE) द्वारा विकसित किया गया है. इसकी अधिकतम स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटे की है. उबड़खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम स्पीड 40 किलोमाटर प्रति घंटे की है. इस टैंक का वजन 58.5 टन है. इसमें कई अत्याधुनिक फीचर्स दिए गए हैं. जैसे कि थर्मल इमेजिंग के साथ नाइट विजन, डिजिटल बैलिस्टिक कंप्यूटर, एंटी एयरक्राफ्ट मशीन गन, हाई परफॉरमेंस इंजन. यह टैंक प्रति मिनट 6-8 राउंड फायर कर सकता है. भारत के पास अर्जुन टैंक के सभी मॉडल को मिलाकर करीब 370 टैंक हैं. अर्जुन टैंक को कई बार T-90 टैंकों के साथ तुलना किया गया और रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अर्जुन टैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा. शुरुआत में अर्जुन टैंक को बनाने के लिए भी कई पार्ट्स बाहरी देशों से मंगवाए गए, लेकिन बाद में इसे धीरे-धीरे कम किया जाता गया. Mbt Arjun Tank अर्जुन MBT MK1 हाल ही में पीएम मोदी ने सेना को अर्जुन टैंक का एक उन्नत संस्करण सेना को सौंपा है. इस टैंक को भी CVRDE और DRDO द्वारा विकसित किया गया है. DRDO के मुताबिक़ अर्जुन एमबीटी एमके 1ए, अर्जुन एमबीटी एमके 1 का उन्नत संस्करण है. इसमें 14 प्रमुख अपग्रेड किए गए हैं. यह टैंक बेहतर गोलाबारी, उच्च गतिशीलता, उत्कृष्ट सुरक्षा और चालक दल के नज़रिए से बेहतरीन बताया गया है. DRDO के सेक्रेटरी सतीश रेड्डी ने बताया था कि इस टैंक में 71 अतिरिक्त फीचर दिए हैं. उन्होंने बताया था कि 118 टैंकों का आर्डर 8500 करोड़ रुपए का है. लाइट टैंक में भारत थोड़ा पीछे चल रहा भारत के पास अभी कोई लाइट टैंक नहीं है. लाइट टैंक से मतलब है 20 से 30 टन के टैंक. लाइट टैंक होने से उनका पहाड़ी इलाकों में इस्तेमाल आसान हो जाता है. चीन के पास इस तरह के टैंक हैं. पिछले 10 साल से भारतीय सेना इस तरह के टैंक की तलाश में है, लेकिन अभी तक खरीद नहीं हो पाई है और न ही भारत ने अभी तक ऐसा कोई टैंक बनाया है. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस दिशा में काम ज़ारी है.

दिल्ली एयरपोर्ट पर 138 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, बढ़ते तनाव के बीच देशभर में 27 हवाईअड्डे बंद

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 138 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को विभिन्न एयरलाइनों ने दिल्ली हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 138 उड़ानें रद्द की हैं। हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं। मीडिया के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर देश के विभिन्न भागों में लगभग 27 हवाईअड्डे बंद हैं। सूत्रों ने कहा है कि शुक्रवार को सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाली कुल 66 घरेलू और 63 आने वाली उड़ानों के साथ ही पांच अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान और 4 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं। डीआईएएल ने एयरलाइन और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ सहयोग की अपील की दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने एक एक्स पोस्ट में लिखा है कि दिल्ली हवाई अड्डे पर परिचालन सामान्य बना हुआ है। हालांकि, हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों और सुरक्षा उपायों के कारण कुछ उड़ानों के समय पर असर पड़ सकता है। डीआईएएल ने यात्रियों को सुरक्षा चौकियों पर अतिरिक्त समय के लिए तैयार रहने और सुचारू प्रक्रिया के लिए एयरलाइन और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की भी सलाह दी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। जनजातीय समृद्ध कला विरासत और इसके कलाकारों को मां सरस्वती का आशीष प्राप्त है। जनजातीय कलाकारों की कल्पनाशीलता प्रशंसनीय है। एक सधे और गढ़े हुए हाथों से बारीक चित्रकारी कर जनजातीय कलाकारों ने पूरी दुनिया को अपना हुनर दिखाया है। हमारी सरकार सभी जनजातीय कलाओं के संरक्षण और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आदि शिल्पग्राम महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार विरासत से विकास की ओर बढ़ने के संकल्प के अनुरूप सभी प्राचीन कला, संस्कृति, परंपराओं और इनके कलाकारों को संरक्षण दे रही है। गोंड चित्रकला को जीआई टेग प्राप्त हो चुका है, जो इस चित्रकला और इससे संबंधित चित्रकारों को वैश्विक सम्मान मिलने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की जनजातीय शिल्प, चित्रकारी और कलाकारों को उनकी कला प्रदर्शन एवं बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न आयोजनों के जरिए समुचित मंच प्रदान करने का प्रयास कर रही है। हमने केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के संपूर्ण जनजातीय वर्ग को विकास मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इन योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पराक्रम, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह और राजा हृदय शाह के मंडला स्थित प्राचीन किले के जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की महान विभूतियों को समूचित सम्मान मिले, इसके लिए राजधानी भोपाल में अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन रखा गया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम से खरगौन में विश्वविद्यालय की शुरुआत भी की गई है। रानी दुर्गावती की धरती पर मंत्रि-परिषद की बैठक कर हमने उन्हें सम्मान दिया है। हमारी सेनाएं मजबूत, हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के सीमा पार से बढ़ती अतिवादी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए की जा रही प्रतिरक्षा कार्यवाही के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय सेना को बधाई और साधुवाद देते हुए कहा कि हमें अपनी सेना पर पूरा विश्वास है। हमारी सेना मजबूती से राष्ट्र की सीमाओं पर तैनात है। हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक है, जो हमारी संप्रभुता और नागरिकों पर आघात करेगा, हम बड़ी मजबूती से उसका जवाब देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश को आर्थिक रूप से मजबूती देते हुए तीनों सेनाओं को भी मजबूत और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमा पार अतिवाद को प्रतिकूल उत्तर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्र सरकार का अभिनंदन किया। उन्होंने दुनिया के सामने अतिवाद का काला चिट्ठा पेश करने वाली मध्यप्रदेश की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया की तीन पीढ़ियां सेना में रही हैं। वे देश में मध्यप्रदेश की शान बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में भगवान बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर 3 दिवसीय जनजातीय शिल्प ग्राम महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने महोत्सव में जनजातीय कला और खान-पान को प्रदर्शित करते स्टॉल्स का अवलोकन किया और यहां लकड़ियों पर चित्रकारी, मिट्टी से बनी आकृतियां और कपड़ों पर चित्रकारी और जनजातीय व्यंजनों की मुक्तकंठ से सराहना की। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 1000 जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला से जुड़े कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआई टेग प्राप्त गोंड पेंटिंग के 4 प्रमुख कलाकारों श्री आनंद श्याम, डिंडौरी जिले के श्री वेंकट, श्रीमती रामबाई और श्रीमती धनैया को अथॉराइज्ड यूजर कार्ड वितरित किए। इसी प्रकार जनजातीय कलाकारों श्री कुंवर बैगा, सुश्री अनिस बाई एवं श्रीमती कीर्ति किशन को विशेष प्रशिक्षण किट वितरित की। यह किट राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान भोपाल की ओर से जनजातीय कलाकारों के लिए तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा स्थित श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय पर केन्द्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में जल्द खोले जाएंगे ट्राइबल मार्ट्स जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि बदलते दौर में जनजातीय कला, संस्कृति और परम्पराओं के विलुप्त होने की आशंका बढ़ती जा रही है। इसीलिए हमारी सरकार जनजातीय महोत्सव, ट्राइबल आर्ट फेयर जैसे आयोजन कर जनजातीय कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

पाकिस्तानी सेना ने पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया, भारतीय सेना ने किया पर्दाफाश: सोफिया कुरैशी

नई दिल्ली कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, ‘8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया। भारत ने इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया।’ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान की कायरना हरकतों को लेकर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नापाक चेहरे और इरादों का पर्दाफाश कर दिया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह 8 से 9 मई की रात की पाकिस्तान के हमलों की जानकारी दी। इस दौरान सबसे बड़ी खुलासा यह हुआ कि पाकिस्तान ने अतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन से घुसपैठ की कोशिश की। ये ड्रोन तुर्किये के बताए जा रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से भारतीय इलाकों में हमला किया। पाकिस्तान ने 36 स्थानों पर घुसपैठ का प्रयास किया। पाकिस्तान की ओर से 300 से 400 ड्रोन्स भेजे गए। जांच में पता चला है कि ड्रोन तुर्किये निर्मित थे। इस तनाव की स्थिति और भारत के पलटवार की संभावना के बावजूद भी पाकिस्तान ने अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। वह उसका इस्तेमाल ढाल के तौर पर कर रहा है। हमने जवाबी कार्रवाई कर उसका एक और एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिया। ‘लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन से घुसपैठ का प्रयास’ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, ‘पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की नीयत से पूरी पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलाबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन का इस्तेमाल कर घुसपैठ का प्रयास किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने काइनेटिक और नॉन काइनेटिक साधनों से कई ड्रोन मार गिराए। बड़े पैमाने पर ड्रोन के जरिए हवाई घुसपैठ का संभावित उद्देश्य देश की वायुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण और खुफिया जानकारी जुटाना था। ड्रोन के मलबे की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में तुर्किये के ड्रोन होने बात पता चली है।’ ‘यात्री विमानों को ढाल बनाया’ उन्होंने बताया, ‘पाकिस्तान ने 7 मई को शाम 8:30 बजे एक असफल बेवजह ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बावजूद अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। पाकिस्तान नागरिक विमान को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, यह अच्छी तरह से जानते हुए कि भारत पर उसके हमले के बाद उसे तेज हवाई रक्षा प्रतिक्रिया मिलेगी। यह भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानों सहित सभी नागरिक विमानों के लिए सुरक्षित नहीं है। हमने आपको एक स्क्रीनशॉट भी दिखा रहे हैं, उसमें पंजाब सेक्टर में उच्च वायु रक्षा चेतावनी की स्थिति के दौरान एप्लीकेशन फ्लाइट रडार 24 का डेटा दिखाया गया है। जैसा कि आपने देखा है, हमारे घोषित बंद के कारण भारतीय पक्ष का हवाई क्षेत्र नागरिक हवाई यातायात से पूरी तरह से खाली है। हालांकि, कराची और लाहौर के बीच हवाई मार्ग पर नागरिक विमान उड़ान भर रहे हैं। भारतीय वायुसेना ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक वाहकों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।’ ‘जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का एक और एयर डिफेंस रडार नष्ट’ उन्होंने बताया, ‘पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार, उड़ी, पुंछ, मेंढर, राजौरी, अखनूर और उधमपुर में भारी कैलिबर आर्टिलरी गन और सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर नियंत्रण रेखा के पार गोलाबारी की। भारतीय सेना के कुछ जवान हताहत हुए। जवाबी कार्रवाई में भारत ने भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा रात में पाकिस्तान के सशस्त्र UAV (मानव रहित हवाई वाहन) ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश भी की जिसे पकड़ कर निष्क्रिय कर दिया गया। पाकिस्तानी हमले के जवाब में पाकिस्तान में चार हवाई रक्षा स्थालों पर सशस्त्र ड्रोन लॉन्च किए गए। इनमें से एक ड्रोन AD रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा।’

सुशासन तिहार : राज मिस्त्री बन सोखता गड्ढा के लिए मुख्यमंत्री ने जोड़ी ईट

बलौदाबाजार,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार अंतर्गत आज विकासखंड कसडोल के विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य गांव बल्दाकछार पहुंचे। उन्होंने मोर गांव, मोर पानी महाभियान अंतर्गत जल संचयन के लिए जल संचयन वाहिनी द्वारा निर्माण किये जा रहे सोखता गड्ढे का अवलोकन किया। उन्होंने  स्वयं कैचा लेकर निर्माणाधीन सोखता गड्ढा में ईंट जोड़ाई किया। पानी बचाने के लिए जल संचयन वाहिनी के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट से बचने इस तरह के प्रयास जरुरी है। जल संचयन वाहिनी के सदस्य ललिता ध्रुव ने बताया कि मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत बल्दाकछार में अब तक 10 नलकूपो के पास सोखता गड्ढे का निर्माण किया जा चुका है। इस अभियान के तहत तालाबों की सफाई, जागरूकता रैली, दीवाल  लेखन, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उल्लेखनीय  है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2025 को मोर गांव मोर पानी महाभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के सभी 519 ग्राम पंचायतों में अब तक नलकूपो के पास 2500 सोखता गड्ढे का निर्माण पूरा कर लिया गया है।इसके साथ ही करीब 1291 तालाबों की सफाई किया गया है। जल संचयन हेतु ग्राम स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें वर्षा पानी संचयन हेतु आवश्यक निर्माण का प्रस्ताव एवं जल संचयन हेतु निर्मित संरचनाओं का ग्रामवासियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। प्रत्येक पंचायत में 2 जल संचयन वाहिनी क़ा गठन किया गया है जो जल संचयन के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित कर रही हैं।

इंदौर शहर बना देश का पहला भिखारी-मुक्त शहर, भीख मांगने और देने पर भी लगा प्रतिबंध

 इंदौर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर मिसाल बन गया है. अब स्वच्छता के बाद यह शहर देश का पहला भिखारी-मुक्त शहर (Beggar-Free City) बन गया है. प्रशासन की पहल और योजनाबद्ध अभियान की बदौलत शहर की सड़कों से करीब 5000 भिखारियों को हटाकर उन्हें रोजगार और पुनर्वास दिया गया है. एजेंसी के अनुसार, इंदौर प्रशासन ने दावा किया है कि अब शहर में कोई भी व्यक्ति भीख मांगता नजर नहीं आता. कलेक्टर आशीष सिंह ने मीडिया को बताया कि एक साल पहले तक इंदौर की सड़कों पर करीब 5000 भिखारी थे, जिनमें 500 बच्चे शामिल थे. फरवरी 2024 में शुरू किए गए अभियान के तहत इन सभी को जागरूकता, पुनर्वास और शिक्षा के जरिये मुख्यधारा में लाया गया. इस मामले में कलेक्टर ने आगे कहा कि  बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया, जबकि वयस्क भिखारियों को विभिन्न रोजगार उपलब्ध करवाए गए. इस अभियान को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ-साथ विश्व बैंक की टीम ने भी सराहा है. जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) रामनिवास बुढोलिया ने बताया कि पहले चरण में शहरभर में जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके बाद भिखारियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं और एनजीओ के माध्यम से सहायता दी गई. उन्होंने कहा कि हमें यह भी पता चला कि कई भिखारी राजस्थान से इंदौर आकर भीख मांगते थे, जिन्हें वापसी का रास्ता दिखाया गया. प्रशासन ने न सिर्फ भीख मांगने पर रोक लगाई, बल्कि भीख देने और भिखारियों से सामान खरीदने पर भी पाबंदी लगा दी है. इस आदेश के उल्लंघन पर अब तक 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. प्रशासन ने यह भी ऐलान किया है कि यदि कोई व्यक्ति भीख मांगने वालों की जानकारी देता है तो उसे 1000 रुपये का इनाम दिया जाएगा. इस योजना के तहत कई लोगों ने अब तक इनाम का लाभ उठाया है.  

BCCI आईपीएल का अपडेटेड शेड्यूल एक हफ्ते बाद जारी करेगा, 12 मैच बाकी

मुंबई   इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 तत्काल प्रभाव से एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया है. भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण ये फैसला लिया गया है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इस बात की आधिकारिक जानकारी दी है. बीसीसीआई ने कहा कि उसने खिलाड़ियों की चिंता, प्रशंसकों की भावनाओं को ध्यान में रखकर ये फैसला लिया है. आईपीएल का अपडेटेड शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा. आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने यह निर्णय सभी प्रमुख हितधारकों के साथ उचित परामर्श के बाद लिया गया, जिसमें अधिकांश फ्रेंचाइजी ने अपने खिलाड़ियों की चिंता और इमोशन्स के साथ-साथ प्रसारक, प्रायोजकों और प्रशंसकों के विचारों को भी व्यक्त किया. बीसीसीआई देश के सशस्त्र बलों की ताकत और तैयारियों में पूर्ण विश्वास रखता है. बोर्ड ने सभी हितधारकों के सामूहिक हित में ऐसा करना उचित समझा.’          इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में 8 मई तक 58 मुकाबले हुए थे, जिसमें पंजाब किंग्स (PBKS) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) का मैच भी शामिल है. हालांकि 8 मई (बुधवार) को धर्मशाला में आयोजित यह मुकाबला बीच में ही रद्द कर दिया गया था. वहीं धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम को खाली करा दिया गया. खिलाड़ियों के धर्मशाला से दिल्ली लाने के लिए एक विशेष ट्रेन चलाई गई.      बयान में आगे कहा गया, ‘इस महत्वपूर्ण मोड़ पर बीसीसीआई राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा है. हम भारत सरकार, सशस्त्र बलों और हमारे देश के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं. बोर्ड हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी, साहस और नि:स्वार्थ सेवा को सलाम करता है, जिनके वीर प्रयासों ने देश की सेवा की है.’ पहले भी आईपीएल पर आ चुका संकट आईपीएल में अभी 12 लीग मैच तथा कोलकाता में होने वाले फाइनल सहित 4 नॉकआउट मैच खेले जाने बाकी थे. लीग का समापन 25 मई को कोलकाता में होना था. आईपीएल पर पहले भी संकट आ चुका है. कोरोना काल में आईपीएल के मुकाबलों को बीच में ही रोकना पड़ा था. 2021 में 29 मुकाबले होने के बाद आईपीएल को वहीं रोक दिया गया था और 2 मई के मुकाबले के बाद अगला चरण 19 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेला गया था. अब बीसीसीआई आईपीएल 2025 के बाकी 16 मैच (12 लीग और चार नॉकआउट) सही समय पर कराने की कोशिश करेगा. भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के एक पखवाड़े बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे. हवाई हमले के अलार्म और जम्मू में विस्फोट जैसी आवाजों की खबरों के बीच गुरुवार को पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, मोहाली और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ सहित भारत के कई जिलों में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया. इससे पहले दिन में, लाहौर और रावलपिंडी सहित अन्य शहरों में भारतीय ड्रोन हमलों के बाद पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थानांतरित कर दिया गया था. 2024 का आईपीएल का शेड्यूल दो हिस्सों आया था क्योंकि उसी समय लोकसभा चुनाव भी हो रहे थे. पहला हिस्सा 22 मार्च से 7 अप्रैल तक चला, जिसमें 21 मैच हुए. इसके बाद चुनाव की तारीखें तय होने पर बाकी मैचों और प्लेऑफ का शेड्यूल बनाया गया और खेले गए. इससे टूर्नामेंट आसानी से हो सका और किसी तरह की परेशानी नहीं हुई.  

पाक में आतंकियों के ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक : मोहन भागवत

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। आरएसएस ने मोहन भागवत के हवाले से कहा कि पहलगाम की कायरतापूर्ण आतंकवादी घटना के पश्चात पाक प्रायोजित आतंकवादियों एवं उनके समर्थक पारितंत्र पर की जा रही निर्णायक कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए भारत सरकार के नेतृत्व और सैन्यबलों का हार्दिक अभिनंदन। हिंदू यात्रियों के नृशंस हत्याकांड में आहत परिवारों को एवं समस्त देश को न्याय दिलाने हेतु हो रही इस कार्रवाई ने समूचे देश के स्वाभिमान एवं हिम्मत को बढ़ाया है। भागवत ने कहा कि हमारा यह भी मानना है कि पाकिस्तान में आतंकियों, उनका ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक एवं अपरिहार्य कदम है। राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में संपूर्ण देश तन-मन-धन से देश की सरकार एवं सैन्य बलों के साथ खड़ा है। पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत की सीमा पर धार्मिक स्थलों एवं नागरिक बस्ती क्षेत्र पर किए जा रहे हमलों की हम निंदा करते हैं और जो इन हमलों का शिकार हुए, उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। देश का स्वाभिमान, हिम्मत संघ के संदेश में कहा गया है कि पहलगाम की कायरतापूर्ण आतंकवादी घटना के पश्चात पाक प्रायोजित आतंकवादियों एवं उनके समर्थक पारितंत्र पर की जा रही निर्णायक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारत सरकार के नेतृत्व और सैन्यबलों का हार्दिक अभिनंदन। हिंदू यात्रियों के नृशंस हत्याकांड में आहत परिवारों को एवं समस्त देश को न्याय दिलाने हेतु हो रही इस कार्रवाई ने समूचे देश के स्वाभिमान एवं हिम्मत को बढ़ाया है। पाकिस्तानी गोलाबारी की निंदा संघ ने आगे कहा कि हमारा यह भी मानना है कि पाकिस्तान में आतंकियों, उनका ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक एवं अपरिहार्य कदम है। राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में संपूर्ण देश तन-मन-धन से देश की सरकार एवं सैन्य बलों के साथ खड़ा है। आरएसएस ने आगे कहा कि पाकिस्तानी सेना की तरफ से भारत की सीमा पर धार्मिक स्थलों एवं नागरिक बस्ती क्षेत्र पर किए जा रहे हमलों की हम निंदा करते हैं और जो इन हमलों का शिकार हुए, उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। सूचनाओं का पालन करने का आह्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर समस्त देशवासियों से आह्वान करता है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सभी सूचनाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करे। इसके साथ-साथ इस अवसर पर हम सबको अपने नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह भी सावधानी रखनी है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामाजिक एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें। संघ ने लिखा कि समस्त देशवासियों से अनुरोध है कि अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना एवं नागरी प्रशासन के लिए जहां भी, जैसी भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहे और राष्ट्रीय एकता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करे। अनिल कुमार उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर समस्त देशवासियों से आह्वान करता है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सभी सूचनाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करे। इसके साथ-साथ इस अवसर पर हम सबको अपने नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह भी सावधानी रखनी है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामाजिक एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें। समस्त देशवासियों से अनुरोध है कि अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना एवं नागरी प्रशासन के लिए जहाँ भी, जैसी भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहे और राष्ट्रीय एकता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारा परम धर्म है और ताज़ा हालातों को देखते हुए सभी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के सभी आवश्यक ऐहतियाती कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं। भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्‌टी पर रोक लगा दी है। वहीं छुट्‌टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लौटने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान न देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर अत्यंत विशेष ध्यान दिया जाये। आपदा प्रबंधन के सभी उपाय एवं आवश्यकताओं जैसे स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं को और मजबूत कर लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की अद्यतन सुरक्षा व्यवस्थाओं, नागरिक सुविधाओं की स्थिति और विभागीय समन्वय की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि किन्हीं भी आपातकालीन परिस्थितियों के लिए सभी विभाग तत्परता और सजगता के साथ तैयार रहें। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां सामान्य होने तक नागरिक सुविधाओं की सहज आपूर्ति से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी और फील्ड अमला अवकाश पर न जाये। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, डीजी होमगार्ड श्री अरविंद कुमार, एडीजी गुप्तवार्ता श्री ए. साईं मनोहर, सैन्य अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

ड्रोन हमले के बाद एमपी पुलिस सुरक्षा को लेकर बरत रही सतर्कता, सभी जिलों की फोर्स को किया अलर्ट

भोपाल  पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए पुलिस बल को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। सामान्य स्थिति में पुलिसकर्मियों को छुट्टियां नहीं देने को कहा गया है और पहले से अवकाश में चल रहे पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद करने पर विचार किया जा रहा है। सबसे पहले पहलगाम की घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया था। इसके बाद तनाव बढ़ने पर फिर अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं। आंतरिक कानून-व्यवस्था को लेकर भी पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। बुधवार को माकड्रिल के बाद रहीं कमियों को भी दूर किया जा रहा है। इसके लिए अनाउंसमेंट सिस्टम, इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलने से रोकने जैसे कदम शामिल हैं। उज्जैन में पुलिस ने निकाला फ्लैगमार्च उज्जैन शहर में 150 पुलिसकर्मियों ने फ्लैगमार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और महाकाल लोक के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु देशभर से यहां पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में पुलिस हाईअलर्ट पर है। ग्वालियर के हर वार्ड में सायरन लगाने के निर्देश इधर मंत्री तुलसी सिलावट ने ग्वालियर के हर वार्ड में सायरन लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि ग्वालियर में वायुसेना का एयरबेस है। ऐसे में यहां पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव के बीच भोपाल में मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर देशभक्ति का परिचय दिया

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर देशभक्ति का परिचय दिया. शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भोपाल की ऐतिहासिक ताज-उल-मसाजिद में मुस्लिम समाज के लोग तिरंगा लेकर पहुंचे और भारत की जीत, पाकिस्तान की हार के लिए सामूहिक दुआ की. नमाज के बाद मस्जिद परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया.उन्होंने ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, साथ ही भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की. मुस्लिम युवकों ने एक स्वर में कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे बॉर्डर पर जाकर न केवल पाकिस्तान को जवाब देंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में घुसकर आतंकियों को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं. ताज-उल-मसाजिद में नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में मुस्लिम समाज ने तिरंगे के साथ अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की करतूतों ने पूरे देश को आक्रोशित किया है. एक युवक ने कहा, “पाकिस्तान ने हमारे भाइयों को निशाना बनाया, लेकिन हमारा मजहब इंसानियत सिखाता है. हम भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा करेंगे.”  भोपाल में अलर्ट, चौराहों पर पुलिस तैनात, लोगों ने टैंक पर लहराया तिरंगा भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनाव की स्थिति के चलते राजधानी भोपाल में भी पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है। शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस नजर बनाए हुए है।शहर के 30 पॉइंट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर के प्रमुख चौराहे, वीवीआईपी इलाकों को कवर किया गया है। शहर के एंट्री पॉइंट पर चेकिंग शुरू कर दी गई। शहर में प्रवेश करने वाले हर वाहन की तलाशी ली गई। इधर बोट क्लब पर रखे टैंक पर तिरंगा फहराया है। इसी के साथ भोपाल के लोगों ने न सिर्फ भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया बल्कि देशभक्ति का भी जज्बा दिखाया है। सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर भोपालियों ने तिरंगा फहराया भोपालियों ने सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर तिरंगा फहराया है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच अद्भुत तस्वीरें सामने आई है। भोपाल का बच्चा-बच्चा युद्ध भूमि में जाने के लिए तैयार है। भोपाल के बोट क्लब पर सुदर्शन चक्र टैंक खड़ा है। टैंक पर शान से तिरंगा लहराया है। सेना के टैंक पर भोपाल के लोगों ने तिरंगा लहराया है। लोगों ने भारतीय सेना का उत्साहवर्धन किया है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से हो रही निगरानी राजधानी भोपाल के पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे जवान सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर स्थिति पर निगाह बनाए हैं। इससे पहले गुरुवार देर शाम पुलिस अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि संदेह होने पर संबंधित व्यक्ति की चेकिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर पूछताछ भी की जा सकती है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई भोपाल शहर पुलिस ने गुरुवार शाम बैठक में शहर के वीआईपी, व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों और चौराहों को चिह्नित किया। रात 11 बजते-बजते लगभग हर चौराहे पर 4 से 5 पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया। एयरपोर्ट रोड पर पुलिस ने आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर चेकिंग की। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ब्लैकआउट में जिन्होंने लाइट नहीं बंद की उनकी होगी जांच भोपाल में  जिन्होंने ब्लैक आउट में लाइट बंद नहीं की पुलिस उनको चिन्हित कर रही है। मॉक ड्रिल के समय पुलिस ने 34 थानों के बल को अलग-अलग जगह तैनात किया था। पुलिस सिमरी जानकारी के अनुसार हकीकत जानने के लिए कई जगह ड्रोन उड़ाए गए थे। इससे उन लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने लाइट बंद नहीं की। इन सभी को समझाइश देने के साथ सिविल डिफेंस का महत्व बताया जाएगा। पुलिस के पास मौजूद फोटो में सबसे ज्यादा दुकानों के बाहर लगे बोर्ड जलते मिले हैं। इन सभी को बताया जाएगा कि दोबारा ऐसा हुआ तो कार्रवाई होगी।    

पाकिस्तान से जंग ना करने की ‘इल्तिजा’, मुफ्ती ने PM मोदी से की अपील, विनाश के कगार पर…

श्रीनगर जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच अघोषित युद्ध जैसे हालात हैं. भारत ने पहलगाम हमले में 27 पर्यटकों की मौत का बदला पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर लिया. भारत की इस सैन्य कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने पिछले दो रात में दो दर्जन से अधिक शहरों पर मिसाइल, ड्रोन अटैक की नाकाम कोशिश की है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया है, मुंहतोड़ जवाब दिया है. उधर पाकिस्तान जंग पर उतारू है, इधर महबूबा मुफ्ती शांति का राग अलापने लगी हैं. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया को कहते हैं कि युद्ध मत करो. यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि यह युग युद्ध का नहीं, डायलॉग का है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तब कहा था कि पॉलिटिकल डायलॉग की जरूरत है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी को फोन उठाकर शहबाज शरीफ (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) से बात करनी चाहिए. उन्होंने दोनों देशों की लीडरशिप की शांति और बातचीत की अपील की और कहा कि खून बहना बंद होना चाहिए. जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम ने आम नागरिकों के मारे जाने का जिक्र किया और कहा कि इन हालात में महिलाओं और बच्चों का क्या कसूर है. महिलाओं और मासूम बच्चों को क्यों टार्गेट किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री एक्शन कभी बीमारी की जड़ तक नहीं पहुंच पाता है. पाकिस्तान के हालात भी ठीक नहीं है. इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप होना चाहिए. महबूबा मुफ्ती ने युद्ध तुरंत रोकने की अपील करते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद बालाकोट हुआ था. उससे क्या हुआ? उन्होंने कहा कि भारत ने कहा है कि हमने नौ आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया है, मकसद पूरा हुआ. पाकिस्तान भी भारत के फाइटर जेट मार गिराने, पूंछ में सेना के मुख्यालय को तबाह करने के दावे कर रहा है. महबूबा ने कहा कि दोनों ही देशों के नेतृत्व से अपील करना चाहता हूं कि आपका मकसद जब पूरा हो चुका है, तो फिर हमारा खून क्यों बहाया जा रहा है. यह लड़ाई बंद होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्न देश हैं. खुदा न खास्ता परमाणु हथियारों का उपयोग हुआ तो इस रीजन में कोई नहीं बचेगा. भारत-PAK टेंशन पर महबूबा मुफ्ती की PM मोदी से खास अपील पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच इस टेंशन को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरी चिंता जताते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से की अपील न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि शांति और संवाद के जरिए मामले को सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके. महबूबा मुफ्ती ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ’22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण हमले ने भारत-पाक संबंधों को ‘विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की दुखद मौतें और मानवीय कीमत दिल तोड़ देने वाली है. हर पल बढ़ते तनाव के साथ और अधिक जानें खतरे में पड़ती जा रही हैं.’ उन्होंने दो टूक कहा कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता और इससे केवल और अधिक पीड़ा ही बढ़ेगी. महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को अपनाने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘मैं विशेष रूप से भारत के प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं कि वो बातचीत का रास्ता अपनाएं और इस टेंशन को समाप्त करें. आज, पहले से कहीं अधिक, शांति और बातचीत ही हमारा एकमात्र उपाय होना चाहिए.’ भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए पाकिस्तानी आतंकी उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल ‘ईमानदार और निरंतर प्रयासों से ही हम तनाव कम कर सकते हैं और शांति बहाल करने के कठिन कार्य की शुरुआत कर सकते हैं.’ बता दें कि पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने बुधवार की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है. यह कार्रवाई रात डेढ़ बजे के आसपास की गई थी जिसमें कई आतंकी मारे गए हैं.    

MP में आज बिगड़ेगा मौसम, सनसनाती चलेंगी तेज हवाएं, 12 मई तक आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 9 से 12 मई तक पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का हाई अलर्ट जारी किया है। अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में 4 अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हो चुकी हैं, जिससे अगले चार दिन मौसम रहस्यमयी और अस्थिर बना रहेगा। कौन से 4 बड़े सिस्टम कर रहे हैं असर? वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवा में चक्रवात, गुजरात तक फैली द्रोणिका और पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन की वजह से अरब सागर से भारी मात्रा में नमी मध्य प्रदेश की ओर खिंच रही है। इसका असर सबसे ज्यादा इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, धार, श्योपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों के तापमान में आई गिरावट  मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को कई शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई। इंदौर में तामपान 3.8 डिग्री गिरकर 28.6 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।  बुधवार को किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 जिलों में बदला रहा मौसम इससे पहले इंदौर, ग्वालियर के साथ बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, श्योपुर, धार, उज्जैन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, मुरैना और शिवपुरी जिलों में गुरुवार को मौसम बदला रहा। यहां बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज आंधी का दौर रहा। राजधानी भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। शाम को धूप खिली। धार में करीब 1 इंच पानी गिर गया। वहीं, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, शिवपुरी, मंडला और सिवनी में भी हल्की बारिश हुई। तापमान में भारी गिरावट गुरुवार को कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को हल्की धूप निकली। तापमान 31.7 डिग्री रहा, वहीं इंदौर 30.8, उज्जैन 30.4 और जबलपुर 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 30 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। 9 से 12 मई तक कैसा रहेगा मौसम?     9 मई: पूरे प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की आंधी की चेतावनी।     10 मई: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित 20+ जिलों में हलचल।     11 मई: ग्वालियर, जबलपुर, रीवा संभाग में व्यापक असर।     12 मई: प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग समेत सभी जिलों में बारिश का एलर्ट हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विशेषज्ञतों ने दी क्या चेतावनी? मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला के अनुसार, “अरब सागर से आ रही नमी और उत्तरी ट्रफ की सक्रियता से यह सिस्टम अगले 4 दिन तक लगातार असर दिखाता रहेगा। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।” बारिश के चलते कई शहरों में दिन का तापमान लुढ़क गया। भोपाल में दिनभर बादल रहे। शाम को धूप खिली। यहां पारा 31.7 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 30.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.4 डिग्री, उज्जैन में 30.4 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार में 31.5 डिग्री, शाजापुर में 31.7 डिग्री, खंडवा में 32.1 डिग्री, रतलाम में 32.2 डिग्री, बैतूल में 32.4 डिग्री और नर्मदापुरम में पारा 32.5 डिग्री रहा। गुरुवार को एक भी शहर में तापमान 40 डिग्री या इससे पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। चार सिस्टम से बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला रहा। 12 मई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है। मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ है। पहले ही दिन कई जिलों में बारिश हुई। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अबकी बार ऐसा रहा अप्रैल का महीना अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, … Read more

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