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सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा- सहकारिता का संकल्प नए आयाम स्थापित करेगा

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सहकारिता का संकल्प नए आयाम स्थापित करेगा। सहकारिता के माध्यम से ही समृद्धि स्थापित होगी। जरूरत है मेहनत, लगन और पारदर्शिता की। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नवाचार से किये गये कार्य के जरिये व्यक्ति नई ऊंचाईयों को पा सकता है। मंत्री श्री सारंग बुधवार को अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में अपेक्स बैंक एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में पैक्स कम्प्यूटराईजेशन योजनांतर्गत ई-पैक्स प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम पर राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सहकारिता विभाग में 23 अनुकम्पा नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति आदेश भी प्रदान किये। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णबाल भी उपस्थित थे। ब्रांडिंग और दृढ़ता के साथ काम करने की भावना स्थापित करें मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में ब्रांडिंग और दृढ़ता के साथ काम करने की भावना स्थापित हो। नित नये नवाचार के जरिये अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा पूरी दुनिया में उदाहरण है जिन्होंने काम किया लोग उन्हें ही याद रखते है। इसलिये स्वयं अपने व्यक्तित्व निर्माण के साथ उत्कृष्ट कार्य करें, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिले और लोग उन्हें याद रखे। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश प्रथम मंत्री श्री सारंग ने कहा की सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सीखने की चाहत सफल बनाती है। सहकारिता के माध्यम से ही अर्थ-व्यवस्था का उन्नयन किया जा सकता है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। कम्प्यूटराइजेशन की इस बड़ी मुहिम में पारदर्शिता के साथ हमारा प्रयास सफल रहा। सीपीपीपी मॉडल की सराहना मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश का नया सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक पा्रयवेट पारटरशिप) मॉडल की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में सराहना हुई। यही नहीं राज्य सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में 2500 करोड़ के एम.ओ.यू. भी किये। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने वालों को भी जिम्मेदारी के साथ दिये गये काम को सम्पादित करने को कहा। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि पारदर्शिता, निपुणता और व्यावसायिकता के साथ काम करें। इस मौके पर उन्होंने एक मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया। अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में श्री अशोक वर्णवाल,  अपर मुख्य सचिव  सहकारिता, आयुक्त सह पंजीयक श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी.सरस्वती, अपर आयुक्त सहकारिता श्री बी.एस. शुक्ला, अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी के साथ पूरे प्रदेश के सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक के अधिकारी, जिला बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं पैक्स के प्रबंधक उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन श्री अरविंद बौद्ध,  सहायक आयुक्त ने किया, टेक्निकल प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर वेंडर टीम के प्रतिनिधियों द्वारा तथा बैंकिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर श्री के.टी.सज्जन, उप महाप्रबंधक अपेक्स बैंक द्वारा सेशन में  मॉडरेशन किया गया । अनुकंपा नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति पत्र मंत्री श्री सारंग ने इंदौर की कु. प्रेरणा सोनी, सागर के श्री ओजस्वा यादव, टीकमगढ़ की श्रीमती ऊषा सेन, नरसिंहपुर की कु. पूर्णिमा गहलोद, शाजापुर की कुमारी सौम्या मालवीय, महाराष्ट्र वर्धा की कु. योगिता सतपाल, सतना की श्रीमती शुभांगी श्रीवास्तव और श्रीमती सुभद्रा सिंह, जबलपुर की कु. कंचन दाहिया और श्रीमती भावना तिवारी, रतलाम की सुश्री नेहा सोलंकी, सागर के ओजस्वा यादव और श्री अमित जाटव, बालाघाट के श्री विजय राज सोनवे, सीहोर श्री मुकेश कुमार और श्री दीपेश सिसोदिया, विदिशा के विनोद रायकवार, बैतूल के श्री हेमंत प्रधान, मुरैना के श्री अक्षय चौहान, रीवा के श्री देशराज वर्मा, भोपाल के श्री शुभम पांचाल, श्योपुर के श्री जयकुमार रेगर, सिवनी के श्री आशीष कोरी और सीधी के श्री राजेश कुमार पटेल को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में चेंज मैनेजमेंट हेतु आयोजित किया गया।

पीएम मोदी ने दी राष्ट्रीय दिवस की बधाई- भारत मॉरीशस में नई संसद के निर्माण में सहयोग करेगा

मॉरीशस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी दो दिवसीय सरकारी यात्रा के दौरान मॉरीशस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत, मॉरीशस में एक नए संसद भवन के निर्माण में सहयोग करेगा। पीएम मोदी ने कहा, आज, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम और मैंने भारत-मॉरीशस साझेदारी को ‘बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने का फैसला किया। यह भारत की ओर से मॉरीशस को एक उपहार होगा।” उन्होंने इसे दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत संबंधों का प्रतीक बताया। भारत-मॉरीशस के मजबूत रिश्ते प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश न केवल हिंद महासागर के जरिए जुड़े हैं, बल्कि परंपराओं और संस्कृति के भी साझेदार हैं। भारत और मॉरीशस ने विभिन्न क्षेत्रों में एक-दूसरे का समर्थन किया है, जिसमें स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर बधाई प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से मॉरीशस के लोगों को उनके राष्ट्रीय दिवस पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें एक बार फिर मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर वहां आने का मौका मिला। भारत और मॉरीशस के रिश्ते वर्षों से प्रगाढ़ रहे हैं, और इस यात्रा के दौरान लिए गए नए फैसले दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे।

रान्या राव ने 138 करोड़ का घालमेल किया, किसने लीक की एक्ट्रेस की इंफॉर्मेशन, एयरपोर्ट पर कैसे बचती थीं?

बेंगलुरु वही गोल्ड, वही स्मगलिंग और वही दुबई से कनेक्शन. पांच साल पहले केरल में जो गोल्ड स्मगलिंग से जुड़ा विवाद हुआ, वही अब कर्नाटक में भी देखने को मिल रहा है. उस समय नेताओं की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठे थे और आज फिर नेताओं की भूमिका कठघरे में खड़ी की जा रही है. दरअसल, कर्नाटक में कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव स्मगलिंग केस चर्चा में है. रान्या राव को 3 मार्च को दुबई से सोने की तस्करी के आरोप में बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तारी किया गया. उनके कब्जे से 15 किलो सोना बरामद हुआ. इसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई. जांच में रान्या के राजनीतिक कनेक्शन सामने आए हैं. रान्या के फोन में कई नेताओं और पुलिस अफसरों के कॉन्टेक्ट नंबर मिले हैं, इनमें वर्तमान और पूर्व मंत्री के नाम भी शामिल हैं. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इन प्रभावशाली लोगों को रान्या की गतिविधियों के बारे में पता था. अब संगठित नेटवर्क से संभावित कनेक्शन खंगाला जा रहा है. कर्नाटक मामले में बीजेपी ने क्या दावा किया है? बीजेपी ने मांग की है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार तस्करी रैकेट से जुड़े उस मंत्री के नाम का खुलासा करे. प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तस्करी रैकेट में कथित रूप से शामिल मंत्रियों के नामों का खुलासा करें. उन्होंने दावा किया कि रान्या ने हाल के महीनों में 30 से ज्यादा बार विदेश यात्रा की और लौटने पर उसे पूरा प्रोटोकॉल दिया गया. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की बेटी होने के नाते रान्या के प्रभाव ने उसे एयरपोर्ट पर पुलिस एस्कॉर्ट समेत स्पेशल ट्रीटमेंट दिलाया. रान्या राव आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं. रामचंद्र, वर्तमान में कर्नाटक राज्य पुलिस आवास निगम के पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं. बीवाई विजयेंद्र ने आगे कहा कि अगर रान्या को सुरक्षा जांच से छूट दी गई थी तो यह मंत्रियों समेत शक्तिशाली व्यक्तियों की संलिप्तता को दर्शाता है. हवाला ऑपरेटरों, सोने की तस्करी करने वाले माफिया और राजनेताओं में विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं, जिन्होंने ऐसी गतिविधियों का सपोर्ट किया, उनके नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए. ‘रान्या ने कांग्रेसी मंत्रियों से संपर्क करने की कोशिश की’ बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दो मंत्रियों ने हस्तक्षेप किया और रान्या को कानूनी झमेले से बचाने में मदद करने की कोशिश की. उन्होंने कहा, अपनी गिरफ्तारी के दौरान रान्या ने कई कांग्रेसी मंत्रियों से संपर्क करने का प्रयास किया. अब यह लगभग सार्वजनिक हो चुका है कि उनमें से दो ने हस्तक्षेप किया था. सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी. बीजेपी ने इसे केरल जैसा मामला बताया बीजेपी नेता सीटी रवि ने मामले से जुड़े सभी पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच की मांग की और रान्या के तस्करी कारोबार से जुड़े 50 लाख रुपये के गिफ्ट की खबरों पर सवाल उठाए. उन्होंने इस घोटाले की तुलना केरल में हुए एक ऐसे ही मामले से की और पूछा कि क्या कर्नाटक में भी अब ऐसा ही मामला सामने आ रहा है. कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने अपने कार्यकाल के दौरान रान्या की फर्म को स्टील प्लांट के लिए जमीन आवंटित की थी. मंत्री एमबी पाटिल ने स्पष्ट किया कि रान्या से जुड़ी कंपनी क्षिरोडा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 12 एकड़ भूमि स्वीकृत की गई थी, लेकिन भूमि कभी आधिकारिक रूप से आवंटित नहीं की गई क्योंकि फर्म जरूरी भुगतान करने में विफल रही. कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और पूछा कि कंपनी को ट्रैक रिकॉर्ड ना होने के बावजूद जमीन क्यों दी गई. उन्होंने कहा, वो उद्योगपति है या तस्कर? इससे साबित होता है कि बीजेपी की उससे गहरी सांठगांठ है. कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले उन्हें इसका जवाब देना चाहिए. मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार एएस पोन्नन्ना ने भी कहा, जमीन का आवंटन बीजेपी के शासन में हुआ था. अगर विजयेंद्र कांग्रेस के मंत्रियों पर आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें पहले बीजेपी के उस मंत्री का नाम बताना चाहिए, जिसने इस सौदे को मंजूरी दी थी. रान्या के कॉल रिकॉर्ड खंगाल रहीं एजेंसी फिलहाल, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. रान्या के कॉल रिकॉर्ड और अन्य डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है. रान्या ने अदालत में दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया और उनकी सहमति के बिना दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन पर अनुपालन करने के लिए दबाव डाला. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि रान्या ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया. केरल का क्या मामला है? तारीख- 5 जुलाई, 2020. केरल का तिरुवनंतपुरम. यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने 30 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले सोने से भरे बैग को जब्त किया. इस गोल्ड की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये थी. सोना राजनयिक बैगेज के अंदर था और यूएई वाणिज्य दूतावास को भेजा गया था. आरोप था कि यूएई वाणिज्य दूतावास के एडमिन अताशे को सोने से भरी खेप दुबई से भेजी गई थी. मामले में एनआईए ने स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया. सीमा शुल्क ने पकड़ा था सोने से भरा बैग जांच में सामने आया कि ये गोल्ड एक तस्करी गिरोह का हिस्सा है जो राजनयिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहा है. सोने की जब्ती ने बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया और केरल की सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार की नींव हिला दी. खासकर तब जब शीर्ष नौकरशाह एम. शिवशंकर का नाम चर्चा में आया. सीमा शुल्क विभाग और एनआईए ने एम. शिवशंकर से लंबी पूछताछ की. 23 नवंबर को कस्टम ने शिवशंकर को गिरफ्तार किया गया. इससे पहले उन्हें सेवा से सस्पेंड किया गया. बाद में उन्हें जमानत मिल गई. केरल सीएम के करीबी अफसर पर गिरी थी गाज एम शिवशंकर, केरल के मुख्यमंत्री विजयन के करीबी अफसर रहे. उन्होंने सीएम के प्रधान सचिव और आईटी सचिव के तौर पर सेवाएं दीं. उनका मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के साथ कनेक्शन … Read more

आरबीआई ने कहा- जल्द ही बाजार में 100 और 200 रुपए के नए नोट जारी किए जाएंगे

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 100 और 200 रुपए के नोटों को लेकर अहम जानकारी साझा की है। जल्द ही बाजार में इन मूल्यों के नए नोट जारी किए जाएंगे, हालांकि इनके डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई ने बताया कि इन नए नोटों पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। यह प्रक्रिया हर नए गवर्नर की नियुक्ति के बाद की जाती है, जिसमें उनके हस्ताक्षर वाले नोट जारी किए जाते हैं। वैध रहेंगे पुराने नोट पुराने 100 और 200 रुपए के नोट पहले की तरह वैध रहेंगे और उन्हें बदलने की जरूरत नहीं होगी। RBI ने स्पष्ट किया है कि ये नए नोट जल्द ही बैंकों और एटीएम में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, यह भी देखा जा रहा है कि देश में किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नकदी का उपयोग किया जा रहा है।   भारत में कैश का उपयोग कितना बढ़ा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2,000 रुपए के नोट बंद होने के बावजूद देश में नकदी का प्रचलन पहले से ज्यादा बढ़ा है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 में कैश सर्कुलेशन 13.35 लाख करोड़ रुपए था, जो मार्च 2024 तक बढ़कर 35.15 लाख करोड़ रुपए हो गया। हालांकि, डिजिटल भुगतान भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। मार्च 2020 में UPI के जरिए डिजिटल लेन-देन 2.06 लाख करोड़ रुपए था, जबकि फरवरी 2024 तक यह बढ़कर 18.07 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। पूरे 2024 की बात करें तो अब तक डिजिटल ट्रांजैक्शन लगभग 172 बिलियन रुपये तक हो चुका है।

ग्वालियर में रील्स की सनक ने ले ली जान, लेगेसी प्लाजा ब्लास्ट में झुलसे युवक की मौत

ग्वालियर  6 दिन पहले रील बनाते समय लेगेसी प्लाजा के एक फ्लैट में ब्लास्ट हो गया था. इस घटना में एक महिला और युवक गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनका जयरोग्य अस्पताल में इलाज चल रहा था. मंगलवार को युवक अनिल राणा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं महिला की हालत भी गंभीर बताई जा रही है. रिश्तेदार महिला के साथ ब्लास्ट में झुलसा था युवक ये घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की है, जहां लेगेसी प्लाजा में 6 दिन पहले एक फ्लेट में ब्लास्ट हुआ था. हादसे में महिला रंजना राणा और उसके रिश्तेदार अनिल राणा गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनका इलाज जयरोग्य अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा था. दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी. डीप बर्न से इन्फेक्शन के चलते युवक अनिल राणा ने मंगलवार रात दम तोड़ दिया. वहीं, रंजना की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है. रील्स बनाने की सनक में हुआ था हादसा लगभग 6 दिन पहले लेगेसी प्लाजा में ये रहस्यमई विस्फोट हुआ था. विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी बिल्डिंग इससे हिल गई थी. जिस फ्लैट में विस्फोट हुआ था उसके साथ-साथ अन्य फ्लैट भी क्षतिग्रस्त हो गए थे. इस गंभीर विस्फोट में खिड़कियां उखड़ गईं थीं. पुलिस जांच में पता चला कि रंजना राणा को रील्स बनाने का काफी शौक था, जिसमें अनिल राणा भी उसका सहयोग करता था. रंजना 7वें फ्लोर पर रहती थी और उनका एक फ्लैट पहली मंजिल पर भी था जो कुछ दिन पहले ही किरायेदारों ने खाली किया था. ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक विस्फोट की रात दोनों रील बनाने के लिए धुएं का इफेक्ट देने एलपीजी गैस का प्रयोग कर रहे थे. तभी गैस रिसाव से पूरे फ्लैट में एलपीजी भर गई और हैलोजन लाइट का स्विच ऑन करते ही ब्लास्ट हो गया था, जिसमें अनिल और रंजना झुलस गए. इसके बाद सोसाइटी के लोगों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया था. गैस निकालते हुए वीडियो शूट कर रहे थे मामले का पता चलते ही उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां पर बीती रात करीब दो बजे अनिल राणा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बता दें यह हादसा रील बनाते समय हुआ था। रंजना और अनिल रील बनाते हुए एलपीजी गैस सिलेंडर से गैस निकालते हुए वीडियो शूट कर रहे थे। सीएफएल जलाते ही हो गया धमाका काफी मात्रा में गैस रिस जाने के बाद उन्होंने तेज रोशनी के लिए सीएफएल जलाने के लिए स्विच्ड दबाया और उसमें हुई स्पार्किंग से ब्लास्ट हो गया। इसमें पूरी बिल्डिंग के खिड़की, दरवाजे तथा ग्रिल उखड़ गए। रसोई गैस से वीडियो में डाल रहे थे स्पेशल इफेक्ट ब्लास्ट के बाद युवक अनिल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसने अपने मृत्यु पूर्व अंतिम बयान में पुलिस को यही बताया था कि रंजना को धुएं के बीच से निकलते हुए एक वीडियो शूट करना था। इसमें धुंए के हल्के बादलों का इफेक्ट डालने के लिए अनिल को यह विचार आया। उसने कुछ समय पहले भी गैस लीक कर ऐसा वीडियो बनाया था। उसकी बात सुनकर रंजना भी राजी हो गई। उन्होंने तय किया कि रात को सभी के सो जाने के बाद वो ऐसा वीडियो बनाएंगे, लेकिन वीडियो को आकर्षक बनाने के चक्कर में उन्होंने अधिक गैस उड़ा दी और यह धमाका हो गया। सात किलो एलपीजी रिसी, फिर हुआ धमाका जब इस मामले की जांच हुई तो यह तथ्य सामने आए कि रील वीडियो बनाने में स्पेशल इफेक्ट देने के चक्कर में दोनों ने मिलकर सात किलो एलपीजी लीक कर दी। गैस रिस कर पूरे फ्लैट में फैल गई और लाइट जलाते ही ब्लास्ट हो गया। जब उन दोनों के मोबाइल खंगाले गए तो सामने आया कि उन्होंने कुल 23 वीडियो बनाए हैं। इसमें कुछ वीडियो 30 से 40 सेकंड के थे, वहीं कुछ सिर्फ 15 से 20 सेकेंड के वीडियो बनाए थे। रात दो बजे तक उन्होंने कुल 23 वीडियो शूट किए थे।

7 महीने में सबसे कम, सब्जियां-दालें हुई सस्ती; जनवरी में महंगाई 4.31% पर थी

नई दिल्ली  आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर फरवरी में थोड़ी राहत मिलती हुई दिखाई दे रही है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर फरवरी में अपने 7 महीने के निचले स्तर पर आई. फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.61 फीसदी रही है. बता दें कि फरवरी में खुदरा महंगाई दर के 4 फीसदी रहने का अनुमान था. महंगाई के बास्केट में लगभग 50% योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है। इसकी महंगाई महीने-दर-महीने आधार पर 5.97% से घटकर 3.75% हो गई है। वहीं ग्रामीण महंगाई 4.59% से घटकर 3.79% और शहरी महंगाई 3.87% से घटकर 3.32% हो गई है। जून तक कम ही रहेंगी सब्जियों की कीमतें बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने कहा- सब्जियों के दाम में गिरावट आई है। सबसे ज्यादा टमाटर और आलू के भाव घटे हैं। यह स्थिति जून तक बने रहने की संभावना है। ये चीजें हुईं सस्‍ती टमाटर, प्‍याज, आलू और हरी सब्जियों के दाम में गिरावट देखी गई है, जिस कारण महंगाई दर में कटौती हुई है. वहीं कज्‍युमर प्रोडक्‍ट्स और खाने की चीजों में भी गिरावट देखी गई है. एनएसओ ने कहा कि फरवरी के दौरान महंगाई और खाद्य महंगाई में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दालों और उत्पादों; और दूध और उत्पादों की महंगाई में गिरावट के कारण हुई है. इसका मुख्‍य कारण सब्जियों और प्रोटीन युक्‍त वस्‍तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी में कमी आना है. आरबीआई कट कर सकता है रेपो रेट भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कटौती की थी, जिस कारण लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिली थी. वहीं अब महंगाई में बड़ी कमी आना ऐसा माना जा सकता है कि भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर अपनी अगली मॉनिटरी पॉलिसी में ब्‍याज दर में कमी कर सकता है. एक और राहत की खबर इस बीच मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर्स के अच्छे प्रदर्शन से देश के इंडस्‍ट्रीज प्रोडक्‍शन (IIP) में इस साल जनवरी में 5 फीसदी की वृद्धि हुई. इंडस्‍ट्रीज प्रोडक्‍शन इंडेक्‍स के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2024 में 4.2 प्रतिशत बढ़ा था. बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने दिसंबर, 2024 में 3.2 फीसदी वृद्धि के अस्थायी अनुमान को संशोधित किया है, इसे अब संशोधित कर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है. क्‍यों इतनी कम हुई महंगाई? गिरावट की एक बड़ी वजह खाने की कीमतों में गिरावट थी. फरवरी में कंज्‍युमर फूड प्राइस इंडेक्‍स (CFPI) महंगाई 3.75% रही, जो जनवरी से 222 आधार अंक कम है. यह मई 2023 के बाद से सबसे कम फूड महंगाई है. आंकड़ों से पता चला कि ग्रामीण इलाकों में महंगाई शहरी इलाकों से ज्‍यादा रही. ग्रामीण इलाकों में फरवरी में कुल महंगाई दर 3.79% रही, जो जनवरी में 4.59% थी. ग्रामीण भारत में खाद्य महंगाई दर जनवरी में 6.31% से घटकर फरवरी में 4.06% हो गई. शहरी क्षेत्रों में महंगाई जनवरी के 3.87 फीसदी से घटकर फरवरी में 3.32 फीसदी हो गई. जबकि खाद्य महंगाई 5.53 फीसदी से घटकर 3.20 फीसदी हो गई. गौरतलब है कि फरवरी में आवास महंगाई 2.91% थी, जो जनवरी में 2.82% से थोड़ी अधिक थी. ईंधन और एनर्जी महंगाई जनवरी में -1.49% की तुलना में -1.33% पर नकारात्मक रही. एजुकेशन में महंगाई 3.83% पर स्थिर रही, जबकि हेल्‍थ में महंगाई 3.97% से बढ़कर 4.12% हो गई. परिवहन और संचार सेक्‍टर्स में महंगाई 2.87% रही, जो जनवरी में 2.76% थी. महंगाई कैसे प्रभावित करती है? महंगाई का सीधा संबंध पर्चेजिंग पावर से है। उदाहरण के लिए यदि महंगाई दर 6% है, तो अर्जित किए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 94 रुपए होगा। इसलिए महंगाई को देखते हुए ही निवेश करना चाहिए। नहीं तो आपके पैसे की वैल्यू कम हो जाएगी। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी। इस तरह बाजार महंगाई की चपेट में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो बाजार में पैसों का अत्यधिक बहाव या चीजों की शॉर्टेज महंगाई का कारण बनता है। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। CPI से तय होती है महंगाई एक ग्राहक के तौर पर आप और हम रिटेल मार्केट से सामान खरीदते हैं। इससे जुड़ी कीमतों में हुए बदलाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI करता है। हम सामान और सर्विसेज के लिए जो औसत मूल्य चुकाते हैं, CPI उसी को मापता है। कच्चे तेल, कमोडिटी की कीमतों, मेन्युफैक्चर्ड कॉस्ट के अलावा कई अन्य चीजें भी होती हैं, जिनकी रिटेल महंगाई दर तय करने में अहम भूमिका होती है। करीब 300 सामान ऐसे हैं, जिनकी कीमतों के आधार पर रिटेल महंगाई का रेट तय होता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि, 23 हज़ार 535 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत 2025-26 का बजट सर्वसमावेशी और दूरदर्शी है। यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बजट में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन जैसे सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर कुल 23 हज़ार 535 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 2,992 करोड़ रूपये अधिक है। यह स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तृत और सुदृढ़ बनाने में सहयोगी होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सर्व-हितकारी और विकासोन्मुखी बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित एवं योजनाबद्ध विकास के लिए व्यापक बजटीय आवंटन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं उप मुख्यमंत्री (वित्त) देवड़ा के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का एक प्रभावी दस्तावेज है। यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। सरकार ने संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और अधोसंरचना विकास को भी समान रूप से प्राथमिकता दी है। प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्प और कला-संस्कृति को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाएँ शुरू की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया गया है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को भव्यता प्रदान की जा सके। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित एवं योजनाबद्ध विकास के लिए व्यापक बजटीय आवंटन किया गया है। ‘सीएम केयर योजना’ के तहत कैथ लैब और कैंसर उपचार सुविधाओं का किया जा रहा है विस्तार उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आयुष्मान भारत योजना के लिए इस वर्ष 2,039 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में 1,000 संजीवनी और 1,059 जननी एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से 22 लाख नागरिकों को आपातकालीन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 249 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित नागरिकों के लिए ‘सीएम केयर योजना’ के तहत कैथ लैब और कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए भी व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने व्यापक प्रयास किए हैं। इस वर्ष नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रदेश में 400 एमबीबीएस और 252 पीजी सीटों की वृद्धि की गई है। रीवा जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरों का नया वार्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के तहत नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना बनाई जा रही है। प्रत्येक विधानसभा में प्रस्तावित खेल स्टेडियमों में पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए बनाए जाएंगे हेलीपैड उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा’ की हर क्षेत्र में सहज उपलब्धता के लिये प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित खेल स्टेडियमों में हेलीपैड बनाए जाएंगे। सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य मानकों में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिये सरकार संकल्पित है। बजटीय प्रावधान और चिकित्सकीय, सहायक चिकित्सकीय अमले के प्रतिबद्ध और समर्पित प्रयासों से हम मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय में आदर्श राज्य बनाने में सफल होंगे।  

सलकनपुर देवीधाम के पास दुकानों में लगी आग, ढ़ाई घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया

 सलकनपुर सीहोर जिले के रहटी के पास स्थित सलकनपुर में मां विजयासन देवी धाम के पास आज सुबह 12 से ज्यादा दुकानों में अचानक आग लग गई। घटना सुबह 8.30 बजे की है। हालांकि ढ़ाई घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया।  सीहोर जिले के सलकनपुर देवी धाम में सुबह 8.30 बजे अचानक आग लग गई। सलकनपुर देवी मंदिर के ऊपर के रास्ते पर आग लगी और यहां की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयानक लपटें देख भक्त घबरा उठे, घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक रूप से शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात सामने आई है। दुकानों के बाहर पड़े कचरे से आग भड़क उठी और आसपास की दुकानों में फैल गई। भीषण आग से करीब 12 दुकानें जलकर राख हो गईं। आग पर काबू पाने में दो घंटे से भी ज्यादा समय लगा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण दुकानों के बाहर पड़ा कचरा और शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि सभी दुकानें जलकर राख हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम और थाना प्रभारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस बल की मौजूदगी में राहत टीम ने टैंकरों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। एसपी दीपक शुक्ला के अनुसार सीहोर जिले के थाना रेहटी अंतर्गत सलकनपुर मंदिर के ऊपर रास्ते पर स्थित दुकानों में आग लग गई। सूचना पर पुलिस तत्काल घटना स्थल पहुंची आग को बुझाया गया गहै। ।आग से दुकानों का सामान जल गया किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है। अभी तक दुकानों में हुए नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाया है। प्रशासन द्वारा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। इन दुकानदारों के दुकान में लगी आग     1 अखिलेश गोयल     2 अभिलाषा नाविक     3. राकेश रघुवंशी     4. मधु मालवीय     5. मंजू राठौर     6. विजय यादव     7. महेश केवट     8. जितेंद्र चौहान     9. राकेश गौड़     10. हेम नारायण वर्मा

वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्हा-किसली से माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व्स की 52 वर्ष की यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में आगे भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान

रायपुर : श्रीरविशंकर और उनके संस्थान के परोपकार और मानवता के कल्याण के कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रीरविशंकर द्वारा नक्सल विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीरविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीरविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीरविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीरविशंकर और मुख्यमंत्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीरविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीरविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीरविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों के कब्जे में पूरी ट्रेन, 200 लोग अभी भी बने हुए हैं बंधक, बंधकों को छुड़ाने में पाकिस्तानी सेना के छूट रहे पसीने

क्वेटा पाकिस्तान के बलूच अलगाववादी विद्रोहियों ने बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक ट्रेन पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया है। ट्रेन में 200 से ज्यादा बंधक मौजूद हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल जूझ रहे हैं। ये ट्रेन बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर के लिए जा रही थी। बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से 160 किमी की दूरी पर सिबी शहर के पास पहाड़ी इलाके में ट्रेन पर हमला किया, जब यह क्षेत्र में पड़ने वाली कई सुरंगों से गुजर रही थी। बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बंधकों के कब्जे में होने का दावा किया है। अब तक क्या हुआ? पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से 160 दूर सुरंगों की शृंखला से गुजर रही थी, उस दौरान उस पर हमला किया गया। 9 डिब्बों वाली ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान जारी है। अधिकारियों ने अब तक 104 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया है। क्वेटा में पाकिस्तान रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत लगभग 70 यात्री हमले की जगह से लगभग 6 किमी दूर पानिर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में नौ बोगियां जिनमें तकरीबन 500 लोग सवार हैं, जिनमें सेना और सीक्रेट एजेंट की भी अच्छी-खासी तादाद है. पेशावर जा रही ट्रेन जैसे ही टनल में घुसी, उसी वक्त घात लगाकर बैठे बलूच विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया. ताजा खबर के मुताबिक अभी तक 104 बंधकों को छुड़ा लिया गया है. रेस्क्यू कराए गए बंधकों में 50 से ज्यादा पुरुष, 30 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे भी हैं. पाकिस्तानी सेना के लिए कितना मुश्किल है रेस्क्यू ऑपरेशन? सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए हैं. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि पेहरा कुनरी और गदालर के बीच जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर फायरिंग कर बीएलए के आतंकियों ने उस पर कब्जा किया था. ठ्रेन को टनल नंबर 8 में रोका गया. बोलन के जिला पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद दिलावर का कहना है कि यह पूरा इलाका पहाड़ी है, जो सुरंगों से पटा पड़ा है. उन्होंने बताया कि हाईजैक हुई ट्रेन इस समय बोलन दर्रे में खड़ी है. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है, जिस वजह से मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है. इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें भी हैं. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इन सब चुनौतियों के बावजूद सेना का मनोबल बना हुआ है. बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. BLA की मांग है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग किया जाए. BLA की सबसे प्रमुख मांग है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार या सुरक्षा एजेंसी का कोई भी नुमांइदा वहां नहीं होना चाहिए. इसके अलावा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी बलूचिस्तान से होकर गुजरता है. BLA इसका विरोध करती है. पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने 16 बलूच चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों का खंडन किया है और इसे पाकिस्तानी आर्मी का प्रोपेगैंडा बताया है। बीएलए ने बंधकों को छुड़ाने की खबरों को भी खारिज किया और दावा किया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इंसानियत के नाते छोड़ा गया है। समूह ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है और उनका स्थिति पर पूरा नियंत्रण है। हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी समूह ने दावा किया कि उन्होंने कम से कम छह सैन्य कर्मियों को मार दिया और रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे ट्रेन को रुकना पड़ा। बीएलए ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई अभियान शुरू किया तो बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही बीएलए ने बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है और 48 घंटे तक इसके पूरा न होने पर हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी दी है। कैसे बीएलए की बढ़ी ताकत? विश्लेषकों का मानना है कि बीएलए की बढ़ती ताकत और उसका मुकाबला करने में राज्य की विफलता पुरानी रणनीतियों पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है। वाशिंगटन डीसी में स्थित बलूचिस्तान विशेषज्ञ मलिक सिराज अकबर ने कहा कि बीएलए छोटे पैमाने पर हमले करने से लेकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन करने तक विकसित हो गया है। समूह अब यात्री ट्रेन पर हमला कर रहा है, जो दिखाता है कि सरकार के पास उन्हें रोकने की क्षमता नहीं है। इसके साथ ही समूह अब मीडिया में बने रहने के तरीकों को सीख गया है, जो उसे नए लड़ाकों की भर्ती के लिए आकर्षित करने में मदद कर रहा है। ट्रेन पर हमले के बाद समूह ने लगातार सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, जिसमें लगातार घटनाक्रम पर अपडेट दिया है। यही नहीं, इसने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों को भी गलत ठहराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है। जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वह दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जहां मोबाइल नेटवर्क और संसाधन पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में पाकिस्तानी आर्मी के लिए एक कड़ा अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है। BLA ने बलूच कैदियों की रिहाई के लिए पाक सरकार को दिया 48 घंटे का … Read more

मोहन सरकार ने बजट में दी बड़ी सौगात, उद्योगों में 3 लाख नौकरियां मिलेंगी, सीएम किसान योजना के लिए 5220 करोड़ रुपये का प्रावधान

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपने बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. वित्त मंत्री ने जगदीश देवड़ा ने कहा कि 2025-26 को उद्योग वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा. अत्याचार अधिनियम के लिए 180 करोड़ का प्रावधान. एससी के विकास के लिए 32 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है. आहार अनुदान योजना में हर महिला को 1500 रुपये देने का प्रावधान. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के तहत 1 करोड़ 33 लाख परिवार को निशुल्क राशन दिया जा रहा है. प्रदेश के नागरिक को बीमा समिति का गठन किया जाएगा. लाडली बहना को केंद्र की योजना से जोड़ने का काम किया जाएगा. माना जा रहा है कि इस बार के बजट में किसानों, महिला और गरीबों पर फोकस हो सकता है. सरकार युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों को लेकर भी बड़े ऐलान कर सकती है. शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्टर के क्षेत्र में भी बड़ी सौगात मोहन सरकार की ओर से मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. आम बजट 4 लाख करोड़ से ज्यादा का हो सकता है. बुधवार को भी सदन के हंगामेदार होने के आसार हैं. विपक्ष लगातार अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बजट में किसानों को आर्थिक मदद, बीमा सुरक्षा और सौर ऊर्जा जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा। श्रीअन्न उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश में श्रीअन्न (मोटे अनाज) के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना लागू की गई है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और प्रदेश में पोषण सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। कृषि अनुसंधान को बढ़ावा, ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय को 40 करोड़ कृषि अनुसंधान और उन्नत तकनीकों के विकास को गति देने के लिए सरकार ने ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- हमने 2025-26 का बजट जीरो वेस्ट बजटिंग प्रक्रिया से तय किया है। सरकार का लक्ष्य है विकसित मध्यप्रदेश। इसका अर्थ है कि जनता का जीवन खुशहाल हो। महिलाओं का आत्मगौरव मिले। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा में मौजूद हैं। बजट की बड़ी बातें…     1 अप्रैल 2025 से सातवें वेतनमान के महंगाई भत्ते का पुनरीक्षण किया जाएगा।     मुख्यमंत्री किसान सहायता के लिए 5220 करोड़ का प्रावधान।     लाड़ली बहनों की राशि नहीं बढ़ेगी। पेंशन योजना से जोड़ी जाएंगी।     प्रदेश के 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों में 3 लाख नौकरियां मिलेंगी।     प्रदेश सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया।     22 नए आईटीआई खोले जाएंगे।     सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुविधायुक्त स्टेडियम खोला जाएगा।     प्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय खुलेगा।     धार में डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान और डिंडोरी में जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान शुरू होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में निरंतर वृद्धि हो रही है और पीएम मोदी ने 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी संकल्प के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘विकसित प्रदेश 2047’ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है. सरकार का लक्ष्य साल 2047 तक राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) को 250 लाख करोड़ तक बढ़ाना है.   इसके लिए 18 नई नीतियां जारी की गई हैं और उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है. पिछले एक साल में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया. फरवरी 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 26 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए, जिनमें से 21 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं. अब तक 1880 से अधिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं. ‘एक जिला एक उत्पाद’ और टियर-2 शहरों का विकास प्रदेश के प्रत्येक जिले के परंपरागत कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसमें रतलाम का नमकीन, सीहोर के लकड़ी के खिलौने, चंदेरी और महेश्वर की साड़ियां, बाग प्रिंट, मुरैना की गजक, शरबती गेहूं और कौन चित्रकला जैसे उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें भौगोलिक संकेतक (GI टैग) प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा, टियर-2 शहरों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, कॉमिक्स, सेमीकंडक्टर निर्माण और ड्रोन उद्योग के विस्तार के लिए नई नीतियां बनाई गई हैं. स्टार्टअप और युवा सशक्तिकरण मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत इस वर्ष 5675 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है. साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 लागू की गई है, जिसके तहत नए स्टार्टअप्स की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं, किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए संतुलित रूप से काम कर रही है. PM मोदी और CM यादव की सराहना जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है. यह बजट प्रदेश को औद्योगिक और सामाजिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. बजट सत्र के दौरान विधानसभा में इस प्रस्तुति को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं. सीएम किसान योजना के लिए 5220 करोड़ रुपये का प्रावधान वहीं, राज्य सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सीएम किसान योजना के तहत 5220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे लाखों किसानों को लाभ होगा। फसल बीमा योजना के लिए 2000 करोड़ का बजट फसल क्षति की भरपाई के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। वहीं किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने और उनके आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए 850 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सौर ऊर्जा योजनाओं के लिए 447 करोड़ रुपये किसानों को सौर ऊर्जा से लाभ दिलाने के लिए … Read more

प्रदेश की 18 यूनेस्को विश्व धरोहर में 15 टेंटेटिव और 3 स्थाई सूची में शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि यूनेस्को ने प्रदेश की चार ऐतिहासिक धरोहरों को सीरियल नॉमिनेशन के तहत टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया है। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेला शासकों के महल और किलो को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में घोषित होना प्रमाणित करता है कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश में विशेष स्थान रखता है। पिछले वर्ष भी यूनेस्को ने प्रदेश की 6 धरोहरों, ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खुनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक और धमनार का ऐतिहासिक समूह को टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया था। मध्यप्रदेश में अब यूनेस्को द्वारा घोषित 18 धरोहरों है। जिसमें से 3 स्थाई और 15 टेंटेटिव सूची में है। यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में प्रदेश के खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल स्थायी सूची में शामिल है। वहीं यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी भी शामिल है। यह उपलब्धि हमारी धरोहरों के संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर एमपी टूरिज्म बोर्ड, संस्कृति विभाग, पुरातत्वविदों, इतिहास प्रेमियो, संस्थाओं और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है जिन्होंने ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में अमूल्य योगदान दिया हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक नए आयाम तक पहुंचाएगी और हमारे गौरवशाली अतीत को नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि हम सब मिलकर अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध रहें और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख स्थल भारत के प्राचीनतम लिखित अभिलेख हैं। इन शिला और स्तंभ लेखों में सम्राट अशोक द्वारा बौद्ध धर्म, शासन और नैतिकता से संबंधित संदेश अंकित हैं, जो 2,200 से अधिक वर्षों से संरक्षित हैं। मध्य प्रदेश में पर्यटक साँची स्तंभ अभिलेख, जबलपुर में रूपनाथ लघु शिलालेख, दतिया में गुज्जरा लघु शिलालेख और सीहोर में पानगुरारिया लघु शिलालेख को शामिल किया गया हैं। चौंसठ योगिनी मंदिर प्रदेश में 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच निर्मित चौंसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक परंपराओं का प्रतीक हैं। इन मंदिरों की गोलाकार, खुले आकाश के नीचे बनी संरचनाएँ, जटिल शिल्पकला और आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय हैं। इसमें खजुराहो, मितावली (मुरैना), जबलपुर, बदोह (जबलपुर), हिंगलाजगढ़ (मंदसौर), शहडोल और नरेसर (मुरैना) के चौसठ योगिनी मंदिर को शामिल किया गया है। उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिर प्रदेश में सांची, उदयगिरि (विदिशा), नचना (पन्ना), तिगवा (कटनी), भूमरा (सतना), सकोर (दमोह), देवरी (सागर) और पवाया (ग्वालियर) में स्थित गुप्तकालीन मंदिर को यूनेस्को द्वारा शामिल किया गया है।  गुप्तकालीन मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं। मंदिर उत्कृष्ट नक्काशी, शिखर शैली और कलात्मक सौंदर्य को प्रदर्शित करते हैं। बुंदेला काल के किला-महल बुंदेला काल के गढ़कुंडार किला, राजा महल, जहाँगीर महल, दतिया महल और धुबेला महल, राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के बेहतरीन संगम को दर्शाते हैं। ये महल बुंदेला शिल्पकला, सैन्य कुशलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अद्भुत मिसाल हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण है। विभिन्न सूचकांक प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति के प्रतीक हैं। प्रदेश की प्रगति में सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों के सहयोग सकारात्मक दृष्टिकोण का भी योगदान शामिल है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहाँ एक ओर वर्ष 2023-24 में प्रचलित भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 13 लाख 53 हजार 809 करोड़ रूपए था, वहीं इसमें 11.05% की वृद्धि हो गई है। सकल घरेलू उत्पाद अब बढ़कर 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपए पहुँच गया है। यह प्रगति प्रदेश की सशक्त अर्थव्यवस्था और समग्र विकास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी दिशा में हमने वर्ष 2028-29 तक सकल घरेलू उत्‍पाद को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक सुदृढ़ता और समग्र प्रगति का द्योतक है। वर्ष 2023-24 में स्थिर भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 6 लाख 71 हजार 636 करोड़ रूपए था, जो 6.05% की वृद्धि के साथ वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7 करोड़ 12 लाख 260 करोड़ रूपए हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नव शक्ति प्रदान कर विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण नागरिकों की समृद्धि को परिभाषित करने वाला है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय का उल्लेख करें तो यह वर्ष 2024-25 में प्रचलित भावों पर 1 लाख 52 हजार 615 रूपए हो गई है। स्थिर भाव पर भी वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय 70 हजार 434 रूपए है। प्रदेश सरकार आर्थिक समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण प्रदेश सरकार की सशक्त आर्थिक नीतियों और निरंतर विकासशील अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब है। मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्यवर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। यह आंकड़े मध्यप्रदेश की संतुलित और निरंतर प्रगतिशील अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं, जहाँ सरकार के प्रयासों से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में समुचित विकास हो रहा है।  

एमपी के 2,383 स्कूलों में अभी व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देने की तैयारी में सरकार

भोपाल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। नए सत्र से प्रदेश के 700 हायर सेकंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में 700 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नए ट्रेड में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। प्रचार-प्रसार के निर्देश जारी     वर्तमान में 2,383 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम चल रहे हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या तीन हजार से अधिक हो जाएगी।     इन पाठ्यक्रमों में कृषि, डेयरी विकास, कंस्ट्रक्शन ट्रेड के तहत मेशन सहायक, कंस्ट्रक्शन पेंटर और फैशन डिजाइनिंग के तहत असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन डिजाइनर, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट पढ़ाया जाएगा।     इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। नौवीं व 12वीं में ये पाठ्यक्रम संचालित वर्तमान में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नौवीं व 10वीं में डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेक्नीशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेल स्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड, फूड एंड बेवरेज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फाइनेंस एग्जीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लंबर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजुकेशन जैसे विषय शामिल हैं। वहीं, 11वीं व 12वीं में जूनियर साफ्टवेयर डेवलपर, सोलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीवी व फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा प्रदेश में वर्तमान में 2,383 स्कूलों में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए 4700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।

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