LATEST NEWS

नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है

 नवसारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), महिला दिवस के मौके पर गुजरात के नवसारी पहुंचे हैं. उन्होंने यहां पर महिलाओं को संबोधित किया. नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महिलाओं से प्रेरणा लेने और कुछ सीखने का दिन है. इस दिन मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं दुनिया का सबसे धनवान व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी जिंदगी के अकाउंट में करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद है, जो निरंतर बढ़ता जा रहा है.” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारे शास्त्रों में नारी को नारायणी कहा गया है. नारी का सम्मान समाज और देश के विकास की पहली सीढ़ी होती है, इसलिए विकसित भारत बनाने के लिए, भारत के तेज विकास के लिए आज भारत वीमेन लैंड डेवलप्मेंट की राह पर चल चुकी है. ‘करोड़ों महिलाओं का सम्मान बढ़ाया…’ नरेंद्र मोदी ने कहा, “2014 के बाद से अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं घर की मालकिन बन चुकी हैं. आज पूरी दुनिया में जल जीवन मिशन की भी बड़ी चर्चा है. जल जीवन मिशन के जरिए आज देश के गांव-गांव में पानी पहुंच रहा है.” उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. हमने करोड़ों महिलाओं के लिए शौचालय बनवाकर उनका सम्मान बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा, “हमने करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, उज्ज्वला सिलेंडर देकर धुएं जैसी तकलीफ से बचाया. तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाकर हमारी सरकार ने लाखों मुस्लिम बहनों का जीवन तबाह होने से बचाया. जब कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू था, तो वहां की बहनें-बेटियां कई अधिकारों से वंचित थीं. अगर वो राज्य के बाहर किसी से शादी कर लेती थी, तो पुश्तैनी संपत्ति पाने का उनका अधिकार छिन जाता था.” उन्होंने आगे कहा कि आर्टिकल 370 की दीवार गिरने के बाद जम्म-कश्मीर में भी महिलाओं को वे सारे अधिकार मिले हैं, जो भारत की बेटियों-बहनों को मिलते हैं. ‘2014 के बाद ही…’ नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजनीति का मैदान हो या खेल का मैदान, न्यायपालिका हो या फिर पुलिस, देश हर सेक्टर में महिलाओं का परचम लहरा रहा है. 2014 के बाद से देश के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ी है. 2014 के बाद ही केंद्र सरकार में सबसे ज्यादा महिला मंत्री बनीं. संसद में भी महिलाओं की मौजूदगी में बड़ा इजाफा हुआ. 18वीं लोकसभा में 74 महिला सांसद लोकसभा का हिस्सा हैं. न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी उतनी ही बढ़ी है.” उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सिविल जज के तौर पर नई भर्तियों में पच्चास फीसदी या उससे ज्यादा हमारी बेटियां चुनकर आई हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है. इनमें महिला निवेशकों की भूमिका है. पीएम मोदी ने कहा, “गांधी जी कहते थे कि देश की आत्मा ग्रामीण भारत में बसती है. आज मैं उसमें एक पंक्ति और जोड़ता हूं कि ग्रामीण भारत की आत्मा ग्रामीण नारी के सशक्तिकरण में बसती है. इसलिए हमारी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों को, महिलाओं के लिए नए अवसरों को बड़ी प्राथमिकता दी है.”  

मुख्यमंत्री ने नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़े आयोजनों के लिए जिस तरह के कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता थी, वह कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के विस्तारीकरण और नए कन्वेंशन सेंटर से पूर्ण हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन सफल रहा। इस अवसर पर भोपाल में एक कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता अनुभव की गई। इस तरह के सेंटर की स्थापना की घोषणा के कुछ दिन में ही केन्द्र सरकार से इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस तरह यह नए केन्द्रीय बजट के पहले महत्वपूर्ण प्रकल्प के रूप में सामने आया है और शीघ्र ही इस सेंटर के विकास का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के साथ ही शहरों में जनता से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। राजधानी भोपाल और प्रदेश का विकास प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर के मुख्य सभाकक्ष में कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर का भूमि-पूजन कर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को 100 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण में वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की वास्तुकला और आकल्पन की तरह कार्य सम्पन्न किए जाने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही व्यवसायिक आयोजनों और बड़े सम्मेलनों के लिए यह सेंटर उपयोगी सिद्ध होगा। भोपाल टाइगर कैपिटल भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन मध्यप्रदेश की पहचान है। हाल ही भोपाल में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से भोपाल की प्राकृतिक सुंदरता प्रतिभागियों के मध्य चर्चा का विषय रही। वन्य जीवन पर्यटन में प्रदेश की नई पहचान बन रही है। देश में सर्वाधिक टाइगर मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में माधव राष्ट्रीय उद्यान 9वां टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है। मानव और वन्य प्राणी के सह-जीवन का अनूठा उदाहरण राजधानी भोपाल में देखने को मिलता है, जहां रातापानी अभ्यारण्य के झिरी-द्वार की दूरी शहर से सिर्फ 4-5 किलोमीटर दूर है। यहां टाइगर की संख्या को देखते हुए भोपाल को टाइगर कैपिटल मान सकते हैं। भोपाल की झील में घड़ियाल भी मिलेंगे। हमारे देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा प्रदेश है जहां चीतों की बसाहट के साथ चम्बल क्षेत्र में घड़ियाल अभ्यारण्य और प्रदेश में अनेक टाइगर रिजर्व हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वामी विवेकानंद की उस उक्ति को चरितार्थ करने का कार्य किया है, जिसमें 21वीं सदी भारत की होने की भविष्यवाणी की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। आर्थिक शक्ति के रूप में भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में खजुराहो प्रथम एयरपोर्ट था। अब हवाई सेवाओं का प्रदेश में तेजी से विस्तार किया जाएगा। व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को इससे काफी लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों विशेष होटल और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि इस कन्वेंशन सेंटर के भूमि-पूजन से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 25 फरवरी की घोषणा का 10 दिवस के अंदर क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता से उत्साह का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं। निश्चित ही प्रदेश में औद्योगिक विकास का वातावरण बनेगा। जहां उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य के न्याय और विकास के दर्शन का प्रतीक है, वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल अत्याधुनिक सेवाओं के साथ नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। वरिष्ठ सांसद वी.डी शर्मा ने कहा कि विजनरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में इस तरह के सुविधाजनक कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आवश्यकता बताई थी। वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की क्षमता कम होने से कई आयोजनों में जो कठिनाई हो रही थी, वह नए सेंटर के निर्माण के बाद खत्म हो जाएगी। भोपाल की सुंदरता शहर की पहचान बनी है। प्रधानमंत्री मोदी भी भोपाल के सौन्दर्यीकरण को देखकर प्रभावित हुए थे। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने वीडियो संदेश द्वारा भोपाल को मिली इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए बधाई दी। कैसा होगा नया कन्वेंशन सेंटर वर्तमान सेंटर के परिसर में आधुनिक तकनीक से नया सेंटर निर्मित और सुसज्जित किया जाएगा। नवीन संरचना में भूतल, निचला तल, प्रथम एवं द्वितीय तल निर्मित होंगे। वर्तमान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार और प्रस्तावित भवनों के बीच सांस्कृतिक केन्द्र होगा, जिसमें कियोस्क होंगे, जो सम्मेलनों के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन और विक्रय करने में सहायक होंगे। नवीन सेंटर में करीब 1500 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, 300 व्यक्ति के लिये हॉल, 200 व्यक्तियों के लिये मीटिंग हॉल, भोजन के लिये 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला डाइनिंग हॉल एवं डाइनिंग सुविधा युक्त 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला लॉन, वर्तमान एवं नवीन भवन मिलाकर 3000 व्यक्तियों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल जिसमें 4500 व्यक्तियों के भोजन करने की क्षमता, अतिथियों के लिये सर्वसुविधायुक्त 15 कमरे जिनमें 5 सुइटस एवं 10 अतिरिक्त बड़े कुल 40 बेड क्षमता वाले कमरे, पुराने एवं नवीन भवनों के बीच बफर ओपन स्पेस (इनमें सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों की सुविधा), 300 व्यक्तियों के लिये डाइनिंग रेस्टोरेंट, बिजनेस सेंटर (प्रेस लॉन्ज, ट्रैवल डेस्क, मनी चेंजर, निजी लॉउन्ज एवं टी लॉउन्ज), मॉडर्न बिल्डिंग मैनेजमेंट, फायर फाइटिंग सिस्टम और ऑडियो-वीडियो युक्त आधुनिक तकनीक एवं एकॉस्टिक इंटीरियर्स के साथ ही 2000 व्यक्तियों की क्षमता का बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसमें 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी होगी। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर दोनों परिसरों को एक कॉरीडोर से जोड़ा जाएगा। वर्ष 2026 में बनकर तैयार होने वाला यह सेंटर निश्चित ही भोपाल के लिए यह अनूठी सौगात होगा। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल कृष्ण सूर्यवंशी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। प्रमुख सचिव पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। पर्यटन निगम के … Read more

मुख्यमंत्री यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी करेंगे। सीएम सिंगल क्लिक के जरिए लाड़ली बहनों के खाते में 1.27 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में लगभग 1552.73 करोड़ रुपये की राशि भेजेंगे। इसके साथ ही वे मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्य कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला, बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय पुरस्कार का वितरण करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्यमंत्री राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। उल्लेखनीय है कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाजसेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाजसेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं। नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ     मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजिटल ई-न्यूज लेटर ‘आजीविका अनुभूति’ का विमोचन किया जाएगा।     सीहोर जिले के समूह सदस्यों को आवागमन के लिए 200 ई-साइकिल का वितरण।     छह प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं धार में जैविक हाट का शुभारंभ।     वित्तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवतियों के लिए पांच प्रशिक्षण बैच।     आरसेटी के माध्यम से बालाघाट, डिंडोरी, अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्प के प्रोत्साहन के लिए कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ।     डीडीयूजीकेवाइ अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।     ‘पढ़ेंगे हम, बढ़ेंगे हम’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     भोपाल जिले के दो स्व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रुपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्वरूप दी जाएगी।  

मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला राज्य है। प्रदेश का चम्बल अंचल और निकटवर्ती क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस अंचल में जहां एशिया का प्रथम चीता प्रोजेक्ट लागू कर चीतों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है और अब चीतों की दूसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है। घड़ियाल प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और अब माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित होने से यह क्षेत्र पर्यटकों के और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में टी.वी. चैनल्स प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि माधव टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 1956 में स्थापित माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व होगा, जो प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देगा। दो वर्ष पूर्व माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो मादा और एक नर बाघ छोड़े गए थे। मादा बाघ ने दो शावकों को जन्म दिया है अब 2 बाघ और भी छोड़े जाएंगे, जिससे यहां 7 बाघ हो जाएंगे और प्राकृतिक ब्रीडिंग से बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। शिवपुरी शहर के पास होने से पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से आदर्श होगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता और माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ होने से पर्यटको को दो बड़े वन्य जीव देखने का अवसर प्राप्त होगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ के साथ ही तेंदुआ, भेड़िया, सियार, साही, अजगर, चिंकारा आदि वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। तीन माह में दूसरा टाइगर रिजर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन माह में प्रदेश में दूसरे टाइगर रिजर्व का प्रारंभ होना पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से रातापानी अभयारण्य 8वां टाइगर रिजर्व था। वर्ष 2025 शुरूआत से वन्य जीवन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और अनुकूल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के सह-जीवन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। वर्तमान में जितने भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां पर्यटन विभाग के होटलों सहित वाहनों की शत-प्रतिशत बुकिंग की स्थिति रहती है। प्रदेश में पर्यटक संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी।  

पर्यटन क्षेत्र महिलाओं के लिए बना रोजगार का मुख्य साधन, महिलाओं को नए काम देकर पर्यटन रोजगार से जोड़ा जा रहा

शिवपुरी शिवपुरी जिले में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की परियोजनाएं महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल कर रही हैं। महिलाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बन रहा है। विभिन्न स्तरों पर महिलाओं को नए काम देकर पर्यटन रोजगार से जोड़ा जा रहा है। जिले में सुरक्षित पर्यटन स्थल के अंतर्गत सहयोगी संस्था रागनी फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित महिला टूरिस्ट गाइड माधव राष्ट्रीय उद्यान में गाइड के रूप कार्य कर रही हैं, जो महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का मुख्य साधन बनी हैं। शिवपुरी में सुरक्षित पर्यटन परियोजना को बढ़ावा देने की पहल के पीछे मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां पर आएं। इसी क्रम में प्रशिक्षित महिला टूरिस्ट गाइड को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को पर्यटन प्रबंधन और देखभाल प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए नियोक्ता को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्यप्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही हैं एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं। ग्रामीण फार्मस्टे, होमस्टे से भी मिला रोजगार मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में मप्र पर्यटन बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे योजना से ग्रामीणों महिलाओ को जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा फार्म स्टे के माध्यम से देसी-विदेशी पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने की पहल की गई है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयासरत है। सशक्त ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग मध्य प्रदेश पर्यटन को भारतीय पर्यटन में एक नया मानक स्थापित कर रही हैं। इनवेस्टर्स समिट में आए मेहमानों को दी गई महिलाओं की बनाई जैकेट बीते दिनों भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय इनवेस्टर्स समिट में भी शिवपुरी की बदरवास क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई जाने वाले मोदी जैकेट भी यहां पर आए मेहमानों को दी गईं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट आधारित सत्र में भोपाल में एमएसएमई की तरफ से मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर बदरवास जैकेट दी गई। यह मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास में महिलाओ द्वारा बनाई गई थी। बदरवास की इन महिलाओं को आज जैकेट निर्माण से अच्छा खासा रोजगार मिल रहा है।  

भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल “नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति” “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें। ट्रांसफार्मर व खंभों से दूर होली जलाएं, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो। साथ ही सरकारी संपत्ति को किसी तरह की कोई क्षति न पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों, उपकरणों एवं खंभो से छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जरा सी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसी लाईनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, यदि ऑंधी तूफान या अन्य कारणों से अकस्मात टूट जाएं तो उनके समीप जाकर, उन्हें छूकर खतरा मोल न लें। लाईन टूटने की सूचना निकटस्थ कंपनी अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को शीघ्र दें, संभव हो तो किसी व्यक्ति को उस जगह, अन्य राहगीरों को चेतावनी देने के लिए रखें अथवा 1912 पर संपर्क कर सूचना जरूर देवें। नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाईन से समूचित दूरी रखें, यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कर्मचारी की सलाह लें। खेतों खलिहानों में ऊँची – ऊँची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी मकान तंबू आदि विद्युत लाईनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाईनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊंचाई तक भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है। गॉव और शहरों में होली का उत्‍सव मनाने के दौरान बहुत सी लकड़ियों को इकट्ठा कर चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है। यदि विद्युत लाईनें ऊपर से जा रही हों तो तारों के नीचे होली नहीं जलानी चाहिए। क्‍योंकि आग की लपटों से एल्यूमिनियम के तारों के गलने और टूटने की संभावना होती है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलने के दौरान तरह-तरह के धागे, डोर विद्युत की लाईनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाईनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर चढने ना दें। विद्युत लाईन पर तार या झाडियॉ न फेंके एवं लाईनों के नीचे ऊंचे तथा फलदार वृक्ष ना लगायें। यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में दें। विद्युत लाईनों के पास लगे वृक्ष या उसकी शाखा न काटें यदि कटी डाल लाईन पर गिरती है तो आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने खेत, खलिहान, घर या संपत्ति की सुरक्षा के लिये अवरोधक तारों (फेंसिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है इस प्रकार विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इस तरह से विद्युत सुरक्षा को लेकर आप भी सचेत रहें, और दूसरों को भी सचेत करें, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना घटित न हों। आवश्यक जानकारी के लिये कंपनी के टोल फ्री नं.1912 पर कॉल लगाएं या फिर वितरण केन्द्र से संपर्क स्थापित करें।  

अमेरिका के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव, इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव है. दो अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के ट्रंप के बयान ने हड़कंप मचा दिया है. इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक दूसरे की सफलता में योगदान दें. ड्रैगन और हाथी की कदमताल ही दोनों देशों के लिए सही विकल्प होगा. चीन ने कहा कि एक दूसरे के राह में रोड़े अटकाने के बजाए हमें एक दूसरे को आगे बढ़ने में सहयोग करना चाहिए. एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा. ऐसा करके ही दोनों देशों और उनके लोगों के हितों को साधा जा सकता है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि जब चीन और भारत हाथ मिलाते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक खुलापन आता है और ग्लोबल साउथ के और मजबूत होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे बातचीत से सुलझाया नहीं जा सकता और बिना सहयोग के किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता. दोनों देश मिलकर दुनिया को और बेहतर कर सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोल्ड फैसलों के बीच दुनियाभर में ट्रेड वॉर का आगाज हो गया है. ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगा दिया है. हालांकि, मेक्सिको को इससे कुछ समय के लिए राहत दी गई है. कनाडा को भी कुछ आंशिक राहत दी गई है. लेकिन ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के बयान के बाद दुनियाभर में सुगबुगाहट है. इसके बाद अमेरिका में चीन के दूतावास ने बयान जारी कर कहा था कि अगर अमेरिका युद्ध ही चाहता है, तो युद्ध सही. फिर चाहे वह ट्रेड वॉर हो या किसी दूसरी तरह का युद्ध. हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि हम पर जो भी देश जितना भी टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे. अन्य देश हम पर दशकों से बेइंतहा टैरिफ लगा रहे हैं. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अन्य देश हम पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए रहे हैं, जो गलत है. भारत हम पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है. ट्रंप ने कहा कि आगामी 2 अप्रैल से जो भी देश अमेरिकी आयात पर टैरिफ लगाएगा उस पर हम भी उतना ही टैरिफ लगाएंगे. दूसरे देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है. लेकिन अब हमारी बारी है कि हम इसी टैरिफ का उन देशों के खिलाफ इस्तेमाल करे.  

अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण आजीविका मिशन में कई नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्‍व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्‍त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्‍य कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्‍य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजीटल ई-न्‍यूज लैटर ‘’आजीविका अनुभूति’’ का विमोचन किया जायेगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन हेतु 200 ई-सायकिल का वितरण, प्रदेश के छह प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविका हाट बाजारों का शुभारंभ, वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच, आरसेटी के माध्‍यम से बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘’पढेंगे हम–बढेंगे हम’’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ और भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार हेतु तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया जायेगा। इस अवसर भोपाल जिले के 02 स्‍व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रूपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्‍वरूप दी जायेगी।  

जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह अवसर है उन उपलब्धियों को सराहने का, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हासिल हुई हैं। साथ ही, यह दिन हमें यह सोचने का अवसर भी प्रदान करता है कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए। भारत जैसे देश में, जहाँ नारी को शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है, वहाँ जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। जनजातीय महिलाएँ अपनी संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान की प्रतीक रही हैं। सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण जनजातीय वर्ग की महिलायें लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इस दूरी को समाप्त कर रही है। उद्देश्य यह नहीं कि वे केवल लाभार्थी बनें, बल्कि वे समाज की निर्णायक शक्ति बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करें। सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम सरकार की सोच यह नहीं कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि वे अपने निर्णय स्वयं ले सकें, अपने व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में मजबूती से खड़ी हो सकें। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत जनजातीय महिलाओं को उनके द्वारा संग्रहीत वन उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सशक्त तंत्र विकसित किया गया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे अब स्वयं का व्यवसाय भी कर रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा कर रही है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्व-रोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे खुद के व्यवसाय की स्थापना कर सकें। मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में भी आगे बढ़कर कार्य कर रही है। पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में राज्य सरकार महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना ने जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर घर जल योजना ने जल संकट से जूझ रही ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए राहत प्रदान की है, जिससे उनका दैनिक जीवन सरल हुआ है। पेसा अधिनियम ने ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती प्रदान की है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग और जागरूक हो रही हैं। अब वे अपनी ग्राम सभाओं में न केवल सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, बल्कि अपने समुदाय की नीतियाँ तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व तक का सफर मैं स्वयं एक जनजातीय महिला हूँ। जीवन में संघर्ष मेरे लिए नया नहीं है। बचपन में परिवार की मदद के लिए ईंट-भट्टों पर मजदूरी से लेकर सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और अब मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन मेरी पार्टी का संगठनात्मक सशक्तिकरण और मजबूत नेतृत्व ही है, जिसने मुझे और हमारे समाज की लाखों महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए। मेरी पार्टी ने सदैव जनजातीय समाज को प्राथमिकता दी है। जब देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मिलीं, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे जनजातीय समाज की उपलब्धि थी। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलें, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। महिला सशक्तिकरण कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, यह एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार है। महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय लेने में भागीदार बनाना ही सही मायनों में सशक्तिकरण है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आज, जब दुनिया नारी शक्ति का सम्मान कर रही है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज के सबसे वंचित वर्ग- जनजातीय और अनुसूचित जाति की महिलाएँ-विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। मेरा सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आग्रह है कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो समाज और देश भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।  

मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की अनुकूल नीतियां, विकसित अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी सुविधाएं राज्य को दवा कंपनियों और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के लिए फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना रही हैं। जीआईएस-भोपाल में हेल्थकेयर, फार्मा और मेडिटेक क्षेत्र की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उज्जैन में विकसित हो रहे 75 एकड़ के मेडिकल एवं फार्मास्यूटिकल पार्क को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों के लिए ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ करार दिया। ‘मॉलिक्यूल टू मशीन’ अवधारणा से आगे बढ़ता मध्यप्रदेश जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘मॉलिक्यूल्स-टू-मशीन (हेल्थकेयर, फार्मा, मेडिटेक)’ सत्र के दौरान, विशेषज्ञों ने इस अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश दवा निर्माण से लेकर चिकित्सा उपकरण उत्पादन तक पूरे हेल्थकेयर इको सिस्टम को मजबूत कर रहा है। राज्य में फार्मास्युटिकल कंपनियों, एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण इकाइयों और मेडिकल डिवाइस विनिर्माण में तेजी से वृद्धि हो रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क में बढ़ता निवेश एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के समन्वयक श्री राजीव छिब्बर ने बताया कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योग नगरी में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में 23 विनिर्माताओं ने निवेश करने की पुष्टि की है। सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत दी जा रही रियायतों और सुविधाओं के कारण निवेशकों की इकाइयां स्थापित करने की लागत काफी कम हो रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। मेडिकल टेक्सटाइल में अपार संभावनाएं जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को ‘मेडिकल टेक्सटाइल्स’ का प्रमुख केंद्र बताया। सर्जिकल गाउन, मास्क, पीपीई किट, सैनिटरी नैपकिन और अन्य उत्पादों के निर्माण में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। कोविड महामारी में भारत ने मास्क और पीपीई किट के उत्पादन में वैश्विक पहचान बनाई थी, जिसे मध्यप्रदेश आगे बढ़ा रहा है। ध्यप्रदेश, प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में से एक है। वर्तमान में प्रदेश में 270 से अधिक फार्मा कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें से 80 से अधिक पीथमपुर में स्थित हैं। राज्य में निर्मित दवाइयां 160 से अधिक देशों में निर्यात की जा रही हैं। प्रमुख निवेशकों में सनफार्मा, सिप्ला, लुपिन, एल्मेंबिक, टॉरेंट फार्मा और एल्केमिस्ट जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। हरसंभव सहायता और तय समय में मंजूरियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार फार्मा और मेडिकल उपकरण कंपनियों को निवेश के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की ओर से लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में सुनिश्चित की जा रही हैं। 17 हजार करोड़ का निवेश और 49 हजार रोजगार सृजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण इस जीआईएस-भोपाल में निवेशकों ने इस सेक्टर में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इससे लगभग 49 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। प्रदेश के फार्मा उद्योग को मिली ग्लोबल पहचान जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश के फार्मा, हेल्थकेयर और चिकित्सा शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमताओं का परिचय देश-विदेश के निवेशकों को मिला है। इससे यहाँ निवेश संभावनाओं को ग्लोबल पहुंच मिली है। भविष्य में प्रदेश को भारत में ही नहीं विदेश में भी इस सेक्टर में आदर्श निवेश स्थल की पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, 270 से अधिक दवा निर्माता कंपनियां और 250 से अधिक फार्मेसी संस्थान सक्रिय हैं, 160 से अधिक देशों में दवाइयों का निर्यात किया जाता है, 39 एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण की इकाइयां स्थापित हैं, राज्य के कुल निर्यात में 25% फार्मा उद्योग की हिस्सेदारी है और 5 वाणिज्यिक हवाई अड्डे और 6 अन्तर्देशीय कंटेनर डिपो उद्योग समूहों की सुविधा के लिये उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ग्लोबल-इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी जीआईएस-भोपाल में 300 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक मंच पर आए, जहां भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में नवाचार और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।  

3 लाख से कम होगी आय , तो दिल्ली की महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, आज से रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च यानीआज  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता महिला समृद्धि योजना का शुभारंभ करने वाली हैं। सीएम के ऐलान के बाद इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा और वैरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के खाते में 2500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। बीजेपी शासित दिल्ली की नई सरकार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला दिवस पर सरकार गरीब महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्कीम लॉन्च करके इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके पहले कैबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस योजना को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। । विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र का यह सबसे प्रमुख वादा था, जिसमें बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। महिला दिवस पर बड़े आयोजन की तैयारी सूत्रों से यह भी पता चला है कि दिल्ली बीजेपी ने आज 8 मार्च को दोपहर 12 बजे जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया है, जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल होंगे। पार्टी के महिला मोर्चे के बैनर तले आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में दिल्ली के अलग-अलग कोनों से महिलाओं को भी बुलाया जाएगा और नड्डा व सीएम के हाथों महिला समृद्धि योजना के तहत कुछ महिलाओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा। आज  होगा ऐलान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज  8 मार्च को International Women’s Day के मौके पर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम से इस योजना को लॉन्च करने वाली हैं। उनके साथ बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी होंगे। जानकारी के मुताबिक ऐलान होने के बाद ड्राफ्ट को मंजूरी मिलेगी और इसी के साथ ही योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कैसे होगा..ऑनलाइन या ऑफलाइन? महिला समृद्धि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने होंगे या फिर घर बैठे ही आवेदन हो जाएगा? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। माना जा रहा है कि महिला समृद्धि योजना के लिए एक अलग वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च किया जा सकता है। महिला समृद्धि योजना के लिए पात्रता क्या होगी?     इस योजना में आवेदन के लिए पहली शर्त तो यह होगी कि आवेदक महिला दिल्ली की नागरिक हो     वह किसी भी तरह की सरकारी नौकरी या रिटायर्ड कर्मचारी न हो     बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि महिला समृद्धि योजना गरीब महिलाओं के लिए है     महिला गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या EWS कैटेगरी में आती हो     माना जा रहा है कि परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से 3 लाख होनी चाहिए     महिला की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए     महिला पहले से किसी अन्य योजना का लाभ न उठा रही हो महिला सम्मान योजना के लिए होगा इनकम क्राइटेरिया इस योजना को लागू करने के लिए सरकार कुछ इनकम क्राइटेरिया भी निर्धारित करेगी और इस क्राइटेरिया में फिट बैठने वाली महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार, 18 से 60 साल की महिलाएं ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। लाभार्थियों का वेरिफिकेशन वोटर कार्ड, बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड और इनकम सर्टिफिकेट के आधार पर किया जाएगा। जिन महिलाओं की सालाना घरेलू इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है, वही इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगी। अनुमान है कि दिल्ली में ऐसी महिलाओं की संख्या दिल्ली में करीब 15 लाख हो सकती है। दिल्ली में महिलाएं 2500 रुपये मिलने से पहले उठा सकती हैं इन योजनाओं का लाभ सरकारी जॉब करने वाली, खुद का इनकम टैक्स भरने वाली, आर्थिक सहायता से जुड़ी दिल्ली सरकार की किसी भी अन्य योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं इस योजना के तहत लाभ नहीं ले सकेंगी। योजना का लाभ देने के लिए एक वेब-पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिस पर पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए खुद से आवेदन कर सकती हैं। एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। आवेदन करने वाली सभी महिलाओं के दस्तावेज गोपनीय रखे जाएंगे। वेरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में हर महीने 2500 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज, आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कभी भी हो सकता है. ऐसे में हर किसी की नजर नए अध्यक्ष पर है क्योंकि चर्चाओं में एक नहीं, कई नाम हैं. राज्य में बीजेपी के संगठन पर्व के तहत बूथ समिति, मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वहीं अब संभावना जताई जा रही थी कि जनवरी या फरवरी में प्रदेश अध्यक्ष का भी निर्वाचन हो जाएगा. हालांकि, दिल्ली के विधानसभा चुनाव के चलते निर्वाचन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और निर्वाचन अधिकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का दौरा तय नहीं हो पाया. राज्य में बीते एक पखवाड़े से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज है और संभावना इस बात की जताई जा रही है कि आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा हो सकता है. इस प्रवास के दौरान ही निर्वाचन प्रक्रिया भी पूरी कराई जा सकती है. राज्य के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को अध्यक्ष पद पर रहते हुए पांच साल से ज्यादा का समय हो गया है. शर्मा के नेतृत्व में विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े गए जिनमें बीजेपी को बड़ी सफलताएं मिलीं. इन नामों की चर्चा वहीं बूथ विस्तारक अभियान सहित कई अभियान देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बने हैं. राज्य की बीजेपी इकाई का नया अध्यक्ष कौन होगा? इसके लिए कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए संभावना इस बात की जताई जा रही है कि पार्टी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है. राज्य में सामान्य वर्ग से पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और विधायक हेमंत खंडेलवाल के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं. क्या कहते हैं जानकार? वहीं पार्टी का जोर अनुसूचित जनजाति वर्ग के वोट बैंक पर भी है और इसके लिए प्रमुख तौर पर सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते और गजेंद्र पटेल के नाम चर्चा में हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग से लाल सिंह आर्य का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वर्तमान में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल चल रहा है. आगामी चार साल तक कोई चुनाव नहीं है, लिहाजा पार्टी की कोशिश सत्ता और संगठन में समन्वय रहे, यह प्रयास किए जा रहे हैं. इसलिए ऐसे नाम पर मुहर लगने की ज्यादा संभावना है जो संगठन को बेहतर तरीके से चला सके, सभी में समन्वय रखे और उसका सत्ता से भी टकराव न हो.

सांसद विष्णु दत्त शर्मा और विधायक सबनानी ने जन औषधि केंद्रों के माध्यम से मिल रहे फायदों के बारे में की चर्चा

भोपाल प्रधानमंत्री जन औषधि दिवस के उपलक्ष्य में आज भोपाल के शिवाजी नगर स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा और विधायक श्री भगवान दास सबनानी शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद श्री शर्मा और विधायक श्री सबनानी ने जन औषधि केंद्रों के माध्यम से मिल रहे फायदों के बारे में चर्चा की। उन्होंने आम जन से भारतीय जन औषधि केन्द्र से मिलने वाली दवाइयों से होने वाले लाभ की भी जानकारी ली। इस दौरान  भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी राज्य कार्यालय में चिकित्सालय के पदाधिकारियों से विभिन्न विषयों पर बातचीत की। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश रेडक्रॉस राज्य शाखा के चेयरमैन डॉ. गगन कोल्हे एवं जनरल सेक्रेटरी श्री रामेन्द्र सिंह, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना मध्य प्रदेश के सहायक प्रबंधक अनुज तिवारी, मेडिकल संचालक श्रीमती अनिला गुप्ता भोपाल उपस्थित रहे ।  उल्लेखनीय है कि हर साल 7 मार्च को ‘जन औषधि दिवस’ मनाया जाता है ताकि इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और जेनेरिक दवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल को समर्थन देने के लिए 1 से 7 मार्च तक पूरे देश में सप्ताह भर के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अभी तक देश में 15 हजार से अधिक जनऔषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। जन औषधि केंद्रों पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक सस्ती दवाएं मिलती हैं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत 1158 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना विकासखंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे 1158 वर-वधु को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक साथ इतने जोड़ों का परिणय सूत्र में बंधना अपने आप में रिकॉर्ड बनने जैसा है। पाणिग्रहण संस्कार और निकाह के एक साथ आयोजन ने सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। विवाह के इस सामूहिक आयोजन से अपव्यय पर रोक लगती है और सामाजिक एकता का संदेश भी जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली शामिल हुए। पंधाना में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी पंधाना में हुए कार्यक्रम में 1158 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 1137 का विवाह एवं 21 जोड़ों का निकाह हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। उन्होंने कहा कि परिवार में आ रही वधू का बेटी के समान प्रेम और सम्मान दिया जाए तथा बेटी भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन की ओर से प्रत्येक वर-वधु को 51 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने नव-दंपतियों से आव्हान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लें और स्वयं के तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा की गोद में विराजित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले और पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की सुमधुर आवाज ने खंडवा जिले की विशेष पहचान दी है। विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी साहित्यिक प्रतिभा और वीर टंट्या मामा के अदम्य साहस ने इस धरा को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और खंडवा के अधिकारियों-कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet