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गर्माहट के बीच जेलेंस्की ने ट्रंप को कहा शुक्रिया, पर माफी मांगने से किया इनकार; खाली हाथ लौटना पड़ा

वाशिंगटन अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच व्‍हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. इसके बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि लगभग 3 साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध का क्‍या होगा? क्‍या यूक्रेन, बिना अमेरिका की मदद के रूस के सामने टिका रह सकता है? यूक्रेन को अभी यूरोपीय देशों का साथ मिल रहा है, क्‍या इनके दम पर वोलोदिमीर जेलेंस्की युद्ध में खड़े रह पाएंगे? रूस आखिर क्‍यों यूक्रेन के साथ अब समझौते को तैयार हो गए हैं? इन सभी सवालों के जवाब हमें आने वाले समय में मिल जाएंगे, लेकिन ट्रंप और जेलेंस्की के बीच इतनी दूरियां क्‍यों आती जा रही है… आखिर, क्‍यों सत्‍ता बदलते ही अमेरिका का नजरिया रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बदल गया है? आइए जानते हैं… क्‍या यहीं तक था यूक्रेन और अमेरिका का साथ? अभी तक सिर्फ ऐसी अटकलें लग रही थीं कि ट्रंप और जेलेंस्की में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन अब ये जगजाहिर हो गया है. ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान हुई गरमागरम बहस के बाद अमेरिका-यूक्रेन के बीच का मनमुटाव साफ हो गया है. पिछले दिनों ट्रंप द्वारा जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ कहे जाने के बाद हुई इस बैठक में दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि जेलेंस्की बैठक के लिए तय समय से पहले ही यूएस-यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण खनिज सौदे पर हस्ताक्षर किए बिना व्हाइट हाउस से चले गए. ट्रंप के साथ तीखी बहस के बाद जेलेंस्‍की ने कहा कि उनका मानना ​​है अमेरिका के साथ यूक्रेन के रिश्‍तों को बचाया जा सकता है. ‘उसी हाथ को काट रहे…’ रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, “ओवल ऑफिस में क्रूर तरीके से पिटाई की गई.” रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह चमत्कार था कि ट्रंप और वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की पर हमला करने से खुद को रोक लिया, जिसे दुनिया भर के समाचार चैनलों पर प्रसारित किया गया. उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे थे, जिसने उन्हें खिलाया था. रूस ने लंबे वक्त से ज़ेलेंस्की को एक अस्थिर और आत्म-मुग्ध अमेरिकी कठपुतली के रूप में चित्रित किया है. ज़ेलेंस्की ने उस कैरेक्टर को खारिज कर दिया है, उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के सहयोगियों की मदद से रूस से अपने देश की रक्षा करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं, जो वह कर सकते हैं. ‘चुनाव के बिना तानाशाह…’ मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच तेजी से हो रहे मेल-मिलाप से यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी चिंतित हो गए हैं, जिन्हें डर है कि ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन एक ऐसा सौदा कर सकते हैं, जो उन्हें दरकिनार कर देगा और उनकी सुरक्षा को कमजोर कर देगा. पुतिन ने बार-बार कहा है कि ज़ेलेंस्की वैध नेता नहीं हैं क्योंकि उनका पांच साल का कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया था. यूक्रेन चुनाव कराने में असमर्थ रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद से यह मार्शल लॉ के अधीन है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते पुतिन के बयान को दोहराते हुए ज़ेलेंस्की को ‘चुनाव के बिना तानाशाह’ बताया. व्हाइट हाउस में ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच टकराव ने यूक्रेनी नेता को तीन साल के युद्ध में पहले से कहीं ज़्यादा उजागर कर दिया है, जिसके दौरान उनका देश ट्रंप के पूर्ववर्ती जो बाइडेन द्वारा आपूर्ति की गई सहायता और हथियारों पर बहुत अधिक निर्भर रहा है. क्रेमलिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई मार्कोव ने कहा कि ओवल ऑफिस में टकराव से ज़ेलेंस्की के सियासी सफर के आखिरी में तेजी आने की संभावना है. कुछ रूसी अधिकारी कुछ समय से यह देखना चाहते थे, क्योंकि उनका मानना ​​था कि किसी और के साथ शांति समझौता करना आसान होगा. रूस के संसद के ऊपरी सदन के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाच्योव ने कहा कि गहमागहमी के बाद ज़ेलेंस्की को पहचाना जा चुका है, उनका असली रंग उजागर हो चुका है.

15 साल पुराने वाहनों पर सरकार का बड़ा फैसला, 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

 नई दिल्ली  दिल्ली की सरकार ने वाहनों को लेकर शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। जिसमें पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने कहा कि 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार 31 मार्च के बाद शहर भर के ईंधन स्टेशनों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को पेट्रोल देना बंद कर देगी। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम-सिरसा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद, सिरसा ने कहा कि सरकार वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। बैठक में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, अनिवार्य एंटी-स्मॉग उपाय और इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन में बदलाव सहित प्रमुख नीतिगत निर्णयों पर ध्यान केंद्रित किया गया. बैठक के बाद सिरसा ने कहा, “हम पेट्रोल पंपों पर गैजेट लगा रहे हैं जो 15 साल से ज़्यादा पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें कोई ईंधन नहीं दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस फ़ैसले के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को सूचित करेगी. पुराने वाहनों को ईंधन की आपूर्ति को प्रतिबंधित करने के अलावा, सिरसा ने घोषणा की कि राजधानी में सभी ऊंची इमारतों, होटलों और वाणिज्यिक परिसरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 90 प्रतिशत सार्वजनिक सीएनजी बसों को दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो सरकार के स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में उठाए गए कदम का हिस्सा है. यह घोषणाएं शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में की गई हैं. AAP सरकार पर साधा निशाना उन्होंने पूर्व के AAP सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पिछली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कोई भी कम नहीं उठाया. केंद्र सरकार की तरफ से जो भी फंड दिया गया उनका भी इस्तेमाल नहीं किया गया था. दिल्ली में तीन विषय हैं- एक डस्ट प्रदूषण है, एक व्हीकल प्रदूषण है , एक कंस्ट्रक्शन प्रदूषण है. दिल्ली में स्प्रिंकलर भी नहीं लगाए थे. पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हम एक टीम का गठन कर रहे हैं जो 15 साल पुराने व्हीकल को आईडेंटिफाई करेगी. हैवी व्हीकल को लेकर पहले जांच करेंगे कि आखिर कौन से व्हीकल दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं. जो तय नियम है क्या उसी के तहत दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं या नहीं. यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को प्लांटेशन के ड्राइव में जोड़ा जाएगा. दिल्ली में कई बड़े ऑर्गेनाइजेशन हैं, जिनकी वजह प्रदूषण होता है. हम उन्हें भी निर्देश जारी कर रहे हैं कि प्रदूषण को कम करने के लिए नए गैजेट्स को लगाए. दिल्ली की हाई राइज बिल्डिंग पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य होगा. होटलों को भी लगानी होगी स्मॉग गन मंत्री ने कहा कि दिल्ली में जितने कमर्शियल कंपलेक्स हैं, होटल हैं, उन्हें भी अनिवार्य होगा कि स्मॉग गन लगाई जाए. दिल्ली में जो खाली लैंड है, उसमें नए जंगल तैयार किए जाएंगे ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके. हम क्लाउड सीडिंग को लेकर भी काम करना शुरू करेंगे. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब दिल्ली में प्रदूषण सबसे अधिक होगा तब क्लाउड सीडिंग के माध्यम से प्रदूषण को कम किया जा सके. दिल्ली में जो नई हाई राइज बिल्डिंग बन रही है, उसके लिए भी नए नियम लागू होंगे. हमारा एक ही लक्ष्य है, जो प्रदूषण कर रहा है समाधान भी वही देगा. जब हम अपने राज्य का प्रदूषण कम करेंगे तभी हम दूसरे राज्यों को बोल पाएंगे. दिल्ली का अपना प्रदूषण भी 50 फ़ीसदी से ज्यादा है. हमने अपनी अथॉरिटी को कहा है कि सरकार पूरी तरीके से सपोर्ट करने के लिए तैयार है.

मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ राज्य में टैक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बना रही हैं। जीआईएस-जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को देश की ‘कॉटन कैपिटल’ घोषित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की प्रसिद्ध चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों, बाघ प्रिंट, छीपा हैंड-ब्लॉक प्रिंट और बटिक प्रिंट की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि देश के सात बड़े टैक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में स्थापित किया जा रहा है। भोपाल में राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशकों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि मध्यप्रदेश भारत के टैक्सटाइल और एपैरल हब के रूप में स्थापित हो रहा है। जीआईएस भोपाल में टैक्सटाइल निवेश को बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में टैक्सटाइल उद्योग में निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में अधिकांश टैक्सटाइल उद्योग को प्राप्त है। इससे युवाओं के लिये 1.3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत 8,616 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टैक्सटाइल मिलें संचालित हैं। साथ ही इंदौर के रेडीमेड गारमेंट और अपैरल क्लस्टर में 1,200 से अधिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पीएम मित्र पार्क: रोजगार और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मध्यप्रदेश के धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क देश का सबसे बड़ा टैक्सटाइल पार्क है। इसमें एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पीएम-मित्र पार्क प्रदेश को टैक्सटाइल उद्योग में नये सिरे से स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल क्षेत्र: महत्वपूर्ण तथ्य मध्यप्रदेश में भारत के 43% जैविक कपास का उत्पादन होता है। विश्व में प्रदेश के कपास उत्पादन का योगदान 24% है। प्रदेश में कपास का उत्पादन 31 हजार 700 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसलिए इसे कॉटन कैपिटल कहा गया है। मलबरी सिल्क को मिलाकर 200 मीट्रिक टन सिल्क का उत्पादन होता है। नवीन टैक्सटाइल नीति-2025 से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग के लिए नई नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों को कई वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीतिगत प्रावधानों में प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश पर 10 से 40% तक की राशि निवेश संवर्द्धन सहायता के रूप में उद्यमियों को दी जाएगी। इस पर 5 से 7% तक ब्याज अनुदान भी 5 वर्ष तक दिया जाएगा। इकाइयों में बिजली, पानी और सड़क अधोसंरचना निर्माण के के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही इकाइयों के परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए 1 करोड़ रुपये तक की ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन सब्सिडी भी दी जाएगी। एपैरल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पहली बार 5 लाख रुपये तक के पेटेंट शुल्क की 100% वापसी, पेटेंट मिल जाने पर दी जाएगी, साथ ही पेटेंट प्रक्रिया में भी सरकार आवश्यक सहायता करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ-विजन को मध्यप्रदेश ने दिया मूर्त रूप प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल में टैक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए “5-एफ विजन” फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन का मंत्र देते हुए कहा कि देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। इनमें फार्म के अंतर्गत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए कपास और रेशम किसानों से कच्चे माल के उत्पादकों को जोड़ना। ‘फाइबर’ में फाइबर निर्माण और प्र-संस्करण इकाइयों का प्रदर्शन सुधारना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जबकि, ‘फैक्ट्री’ के तहत प्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना शामिल है। ‘फैशन’ में परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना और ‘फॉरेन’ में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना आता है। मध्यप्रदेश ने विजन को साकार करते हुए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। टैक्सटाइल सेक्टर में पूर्व में प्राप्त हो चुका है 3,513 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश सरकार की नई टैक्सटाइल नीति से प्रदेश को पीएलआई योजना के अंतर्गत 3,513 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थापित मेगा टैक्सटाइल पार्कों के माध्यम से ब्यावरा और नीमच में बड़े निवेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल उद्योग के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक समृद्धि को बनाए रखते हुए आधुनिक औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के अनुकूल नीतियों, टैक्सटाइल पार्कों, और विशेष आर्थिक पैकेजों के माध्यम से राज्य न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। बड़ी कंपनियां कर रही हैं मध्यप्रदेश में निवेश ओबीटी प्रायवेट लिमिटेड के सीईओ इंगो सोयलर ने बताया कि उनकी कंपनी टेक्निकल नॉन वूवन फेब्रिक मैन्यूफैक्चरिंग में लीडिंग है। उन्होंने बताया कि ओबीटी कम्पनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर भोपाल में उद्योग स्थापित कर रही है। इसी तरह अरविंद ग्रुप के हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. परम शाह ने बताया कि उनकी कम्पनी मध्यप्रदेश में 800 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है।

उज्जैन में 2028 सिंहस्थ की तैयारी, शिप्रा नदी किनारे 2344.10 हेक्टेयर जमीन पर ‘सिंहस्थ नगर’ का निर्माण

 उज्जैन  धर्मधानी उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे 2344.10 हेक्टेयर जमीन पर ‘सिंहस्थ नगर’ का निर्माण होने जा रहा है। इसमें आश्रम, अस्पताल, स्कूल-कालेज, गुरुकुल, धर्मशाला एवं दर्शनीय स्थल बनाने को न्यूनतम एक हेक्टेयर के प्लाट कटेंगे। आसान पहुंच के लिए 18 मीटर चौड़े मार्ग बनाए जाएंगे। निवेशकों को साढ़े 12 मीटर ऊंचे भवन बनाने की अनुमति मिलेगी। प्लांट आवंटन की मुख्य शर्त यह होगी कि उन्हें न्यूनतम 10 मीटर सीमांत खुला क्षेत्र छोड़ना होगा और परिसर में कम से कम 75 पौधे प्रति हेक्टेयर के मान से लगाने होंगे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने प्रकाशित की पुस्तक दो दिन पहले महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित और विक्रमोत्सव के शुभारंभ समारोह में विमोचित पुस्तक ‘अलौकिक सिंहस्थ’ में सिंहस्थ नगर विकास का लेख है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा प्रकाशित 36 पेज की इस पुस्तक के शुरुआती पन्नों में यहां वर्ष 2028 में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ का महत्व बतलाया है। 15 करोड़ श्रद्धालुओं के समागम का अनुमान 14 पन्नों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन शहर में प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों की संक्षिप्त जानकारी शामिल की गई है। पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विरासत से विकास की अवधारणा को समर्पित है, जिसमें अलौकिक सिंहस्थ का लोकव्यापी आह्वान किया है। इसमें 15 करोड़ श्रद्धालुओं के समागम का अनुमान लगाया गया है। लेख है कि इस बार सिंहस्थ क्षेत्र के लिए आरक्षित 3061 हेक्टेयर भूमि में से 2344.10 हेक्टेयर भूमि पर ग्लोबल स्पिरिच्युअल सिटी के रूप में सिंहस्थ नगर का विकास किया जाएगा। ऐसा नगर जहां सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, उद्यान के कार्य स्थायी प्रकृति के किए जाएंगे। 1172 हेक्टेयर जमीन विकसित कर प्लाट आवंटित किए जाएंगे। 468.080 हेक्टेयर जमीन सड़क निर्माण में चली जाएगी। 117.20 हेक्टेयर क्षेत्र खुला रखा जाएगा। सिंहस्थ नगर का विकास, उज्जैन विकास प्राधिकरण करेगा। शिप्रा को निर्मल एवं अविरल करने का भी लेख पुस्तक में शिप्रा नदी को प्रवाहमान एवं अविरल करने के लिए स्वीकृत 919 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, 468 करोड़ रुपये की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी बांध परियोजना का भी लेख है। इसके साथ 37 करोड़ रुपये से कान्ह नदी पर पांच एवं शिप्रा नदी पर एक बैराज बनाने, 562 करोड़ रुपये से 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, 904 करोड़ रुपये से नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना करने, रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर तक का सफर श्रद्धालुओं को हवाई रास्ते से कराने को 199 करोड़ रुपये से रोप-वे की स्थापना कराने की बात है। वहीं 2836 करोड़ रुपये से उज्जैन-आगर-झालावाड़ रेल लाइन बिछाने, 140 किलोमीटर लंबी 33 सड़कें बनाने सहित 450 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, 46 करोड़ से निर्माणाधीन आइटी पार्क, सदावल में साढ़े 13 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन हेलीपैड की जानकारी भी शामिल है। प्रस्तावित इन कार्यों की जानकारी भी     30 करोड़ रुपये से रुद्रसागर के सामने 1600 व्यक्तियों की क्षमता के प्रवचन हाल का निर्माण।     159 करोड़ रुपये से कर्क राज, मंगलनाथ, कालभैरव मंदिर क्षेत्र में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण।     25 करोड़ रुपये से गोपाल मंदिर के सामने स्थित रीगल टाकीज की भूमि पर सरफेस पार्किंग संग 45 दुकानों के काम्प्लेक्स का निर्माण।     50 करोड़ रुपये से देवास गेट बस स्टैंड का पुनर्निमाण एवं 98 कमरों का होटल, 40 दुकान, बेसमेंट पार्किंग का निर्माण।     15 करोड़ रुपये से नगर निगम की रत्नाखेड़ी गांव में स्थित कपिला गोशाला का विकास।     30 करोड़ रुपये से मंगलनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार और साढ़े 15 करोड़ रुपये से 84 महादेव मंदिरों का विकास कार्य।     745 हेक्टेयर जमीन पर विक्रम उद्योगपुरी का विस्तार।  

मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट से मेरा अलग लगाव, नक्सलियों को भी दिया खुला चैलेंज

बालाघाट  मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव बालाघाट के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने बालाघाट को कई सौगातें दी हैं। सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में बालाघाट जिले की सूरत ही बदल जाएगी। किसान सम्मेलन के दौरान सीएम ने 326 करोड़ 60 लाख रुपए के विकासकार्यों का भूमिपूजन और 264 करोड़ रुपए के विकासकार्यों का लोकार्पण किया। इस राशि से जिले में स्कूल, अस्पताल और पुलों का निर्माण होगा। इसके साथ ही मोहन यादव ने नक्सलियों को भी चुनौती दी है। नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं सीएम मोहन यादव ने नक्सलवाद को खुली चुनौती देते हुए कहा कि नक्सलवाद के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। अगर बाहर से कोई नक्सली आएगा तो जिंदा वापस नहीं जाएगा। दरअसल, बालाघाट में लगातार हॉक फोर्स नक्सलियों को ढेर कर रही है। बालाघाट से अलग लगाव किसान सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेरा बालाघाट से अलग ही तरह का लगाव है। हमारे प्रदेश के 54 जिले एक तरफ और बालाघाट एक तरफ। बालाघाट खनिज का बड़ा केंद्र है। परमात्मा ने इस जिले पर प्रेम लुटाया है। यहां के चिन्नौर का चावल अलग ही महकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रेदश विकास के नई कीर्तिमान बना रहा है। बालाघाट में नए उद्योग लग रहे हैं। आजादी के बाद से मध्यप्रदेश की विकास दर माइनस में थी। लेकिन, अब हमारे राज्य की ग्रोथ 13 फीसदी है। जिले में विकास कार्यों की सौगात गौरतबल है कि सीएम डॉ. यादव की घोषणा के बाद बालाघाट जिले में कुल 326 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से 117 अलग-अलग काम होंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए की लागत से 39 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। 24 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी में विकास काम होंगे। 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। 9 करोड़ रुपए की लागत से लामदा में नवगठित तहसील कार्यालय भी बनाया जाएगा। 8 करोड़ रुपए की लागत से खरपड़िया-सिवनहेटी-कटंगी मार्ग बनाया जाएगा। 3 करोड़ रुपए की लागत से स्कूल-शिक्षा के काम होंगे। 2 करोड़ रुपए की लागत से कटंगीझरी-लोमता-डोरिया-बेलगांव में प्राथमिक स्कूल का निर्माण होगा। सीएम राइज स्कूल-हॉस्टल-पुल का भी निर्माण मोहन यादव ने कहा कि 264 करोड़ रुपए के 68 कामों का लोकार्पण भी किया। इसमें 145 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट-बिरसा-बारासिवनी-मलाजखंड-लालबर्रा में बना सीएम राइज स्कूल, 55 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट के बेहर-पसरवाड़ा-खेरलांजी में स्कूलों का उन्नयन-छात्रावासों का निर्माण, 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल-पुलियाओं का निर्माण, 9 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी-खंडवा पुल का निर्माण, 7 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से शहीद चंद्रशेखर आजाद एक्सट्रोटर्फ का लोकार्पण शामिल हैं। युवाओं-किसानों को लाभ इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार 5 साल में 2 लाख पद भरेगी। साल 2028 तक हम युवाओं को भरपूर रोजगार देंगे।

भोपाल में आप के ऑफिस पर मकानमालिक ने लगाया ताला, 3 महीने से नहीं दिया था किराया

भोपाल आम आदमी पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. अब इस हार का असर दूसरे राज्यों में भी देखने को मिलने लगा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आप पार्टी के ऑफिस में ताला लगा दिया गया है. मामला किराए से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आम आदमी पार्टी का प्रदेश कार्यालय सुभाष नगर में स्थित है. जहां पिछले लंबे समय से प्रदेश की आप की राजनीति चल रही थी. जहां अब मकान मालिक ने किराया नहीं मिलने से ऑफिस के गेट पर ताला लगा दिया. बताया जा रहा है कि पिछले 4 महीनों से आप पार्टी ने ऑफिस का किराया नहीं दिया है. मकान मालिक ने लगाए कई गंभीर आरोप मकान मालिक विवेक गंगलानी ने बताया कि पार्टी कार्यालय में चल रही गतिविधियों से आपत्ति है. पार्टी कार्यालय में शराब की पेटियां और दूसरी गतिविधियों पर मकान मालिक ने नाराजगी जताई है. मकान खाली कराने पर आम आदमी पार्टी के लोगों ने दी गंगलानी को धमकी भी दी है. मालिक का कहना है कि दफ्तर का किराया और बिजली बिल भी नहीं भरा है. विवेक ने कहा कि अब मैं पुलिस थाने में शिकायत करूंगा. कानून का सहारा लेना जरूरी है. मकान मालिक दिलीप मंगलानी ने बताया, आम आदमी पार्टी ने मेरा मकान किराए पर लिया था। 4-5 महीने हो गए, जिसमें से दो महीने का किराया बड़ी मुश्किल से दिया। फिर तीन महीने से किराया दिया ही नहीं। फोन लगाते हैं तो कहते हैं आ रहे हैं। ये रात में आकर चोरों की तरह बिना पूछे आधा सामान निकाल कर ले गए। दिलीप ने कहा, अगर कमरा खाली करना है तो हिसाब क्लियर करके सामान ले जाओ। चोरों की तरह सामान ले गए और पैसा देने भी नहीं आ रहे। तीन महीने का 60 हजार रुपए किराया और 13 हजार बिजली का बिल अभी तक नहीं दिया इसलिए ताला लगाया है। बता दें, दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामने करना पड़ा है। केजरीवाल के नाम से धमकाते हैं दिलीप मंगलानी ने कहा- मैंने आम आदमी पार्टी के लोगों से कहा आप तो मेरा पैसा दे दो, खाली कर दो बात खत्म। उन्होंने अभी तक पैसे नहीं दिए। अब मैं पुलिस थाने में शिकायत करूंगा। कानून का सहारा लेना जरूरी है। कौन हैं आप का एमपी प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश में सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष हैं. उन्होंने निकाय चुनाव में आप के टिकट पर महापौर का चुनाव जीतकर एमपी में आप की एंट्री कराई थी. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमी के कारण ये हो रहा है. 5 तारीख को मैं वहां बैठक करूंगी और मीडिया से भी बात करेंगे.हालांकि पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों ने भी फिलहाल जानकारी से इंकार किया है. हाल ही में दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. ‘विधानसभा चुनाव के बाद अरेरा कॉलोनी से खाली किया था ऑफिस विधानसभा चुनाव 2023 के पहले आम आदमी पार्टी ने सुभाष नगर से प्रदेश कार्यालय को अरेरा कॉलोनी में शिफ्ट किया था। विधानसभा चुनाव के छह महीने पहले से आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में करीब 40 लोगों की टीम तैनात की गई थी। आप के प्रदेश कार्यालय में भोपाल और दिल्ली के पदाधिकारियों की टीम चुनावी तैयारियों में जुटी थी। लेकिन, जैसे ही चुनाव में आप की हार हुई तो अरेरा कॉलोनी से प्रदेश कार्यालय की बिल्डिंग खाली कर दी गई थी। चुनावी मैनेजमेंट और कामकाज के लिए रखे गए कर्मचारी भी हटा दिए थे। जल्द खुल जाएगा ताला’ उन्होंने कहा कि हमारे कार्यालय प्रभारी एक शादी समारोह में बाहर गए थे. कार्यालय में महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान रखा है इसलिए उन्होंने ताला लगा दिया था. अब वो वापस भोपाल आ गए हैं और शनिवार शाम तक ताला खुल जाएगा. प्रदेश कार्यालय हमारे संघर्षों का गवाह है और मैं जल्द ही भोपाल आकर प्रदेश कार्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी लेने वाली हूं.

चमोली हिमस्खलन में रेस्क्यू किए गए 50 में से चार मजूदरों की मौत, 5 मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी

चमोली उत्तराखंड के चमोली में हुए हिमस्खलन में मांड़ा गांव में 55 मजदूर फंस गए थे. मजदूरों के बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. अब तक 50 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. हालांकि, रेस्क्यू किए गए 50 में से चार मजूदरों की मौत हो गई. वहीं, फंसे हुए 5 मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. मजदूरों को बचाने के लिए आइबेक्स ब्रिगेड की बचाव टीम के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है. सड़कें अवरुद्ध होने के कारण लोगों को निकालने के लिए कुल 06 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं. हेलीकॉप्टरों में भारतीय सेना विमानन के 3 चीता हेलीकॉप्टर, वायु सेना के 2 चीता हेलीकॉप्टर शामिल हैं. वहीं, रेस्क्यू अभियान में एक नागरिक हेलीकॉप्टर को भी शामिल किया गया है. रेस्क्यू अभियान में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक 50 लोगों को बचाया जा चुका है. दुर्भाग्य से चार घायल व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है. घायलों को निकालने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है. सेना द्वारा लापता शेष पांच लोगों को बचाने के लिए खोज अभियान जारी है. वरिष्ठ सेना अधिकारी व्यक्तिगत रूप से चल रहे बचाव अभियान की निगरानी करने के लिए दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. वहीं,  मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. जोशीमठ के आर्मी हेलीपैड से चलाया जा रहा है रेस्क्यू अभियान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर जोशीमठ के आर्मी हेलीपैड से रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं. वर्ष 2013 की आपदा में भी यहीं से हेलीपैड से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था. उसे समय भी आईटीबीपी और भारतीय सेना देवदूत साबित हुई थी. हालांकि अभी भी बचे हुए 5 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. रेस्क्यू अभियान में खराब मौसम बांधा बन रहा है.

धनकुबेर सौरभ शर्मा ने नहीं कबूला आखिर संपत्ति किसकी, अब घोषित होगी सरकारी संपत्ति!

भोपाल भोपाल के मेंडोरी में इनोवा कार से जब्त किए गए 11 करोड़ रुपए कैश और 52 किलो गोल्ड के मामले में सबसे अहम किरदार चेतन सिंह गौर बनेगा। अब तक लोकायुक्त, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग सौरभ शर्मा से यह कबूल नहीं करा सके हैं कि यह सोना और कैश उसका है। सौरभ शर्मा द्वारा कैश और गोल्ड खुद का न मानने की स्थिति में चेतन को या तो उसे स्वीकार करना होगा कि यह सब उसका है अन्यथा उसे यह साबित करना होगा कि यह सौरभ शर्मा का है। इसके साथ ही आयकर विभाग के अफसरों की जिम्मेदारी होगी कि कैश और ज्वेलरी के असली मालिक की तलाश करें। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों से अब तक तीन एजेंसियों लोकायुक्त, ईडी और आयकर विभाग ने पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं कि अब तक हुई पूछताछ में सौरभ शर्मा ने यह स्वीकार नहीं किया है कि मेंडोरी में इनोवा कार में मिला सोना और कैश उसका है। ऐसे में आयकर अफसरों के समक्ष यह परेशानी है कि उसके मालिक को सामने लाएं और अपनी जांच रिपोर्ट फाइल करें। सोमवार से शुक्रवार तक लगातार चार दिन तक केंद्रीय जेल में पहुंचकर पूछताछ कर रहे अधिकारियों की आगे भी अभी पूछताछ चलते रहने की संभावना है। सौरभ ने नहीं स्वीकारा तो ये स्थितियां बनेंगी आरके पॉलीवाल बताते हैं कि एक स्थिति यह भी बन सकती है कि सौरभ की मनाही पर आयकर विभाग के समक्ष चेतन सिंह गौर यह साबित कर दे कि गाड़ी भले ही उसकी है लेकिन उसे उसने किराए पर दे रखा था और जिस व्यक्ति को दिया था, उसी की संपत्ति है लेकिन इसके लिए उसे यह साबित करने वाले प्रूफ जांच टीम को देने होंगे। पूरे मामले की जांच कर रहे अफसरों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे संपत्ति के असली मालिक की तलाश करें और इन्वेस्टिगेशन के हर एंगल का ध्यान रखें ताकि सच सामने आए। दूसरी स्थिति यह बनेगी अगर जांच के बाद किसी भी स्थिति में साबित नहीं होता कि संपत्ति किसकी है तो सरकार के कब्जे में आ चुकी यह राशि और सोना सरकारी घोषित कर दिया जाएगा लेकिन ऐसी स्थिति बनने पर जांच टीम पर सवाल उठेंगे। इसलिए आयकर विभाग हर हालत में पूछताछ करके इसके असली मालिक की तलाश करेगा। अगर सौरभ या चेतन में से किसी ने यह स्वीकार कर लिया कि जब्त किया गया कैश और गोल्ड उनका है तो जो जब्त हुआ है उसकी आय का स्त्रोत बताना होगा और इसके बाद 200 प्रतिशत पेनल्टी और अलग-अलग धाराओं में ईडी केस बना सकेगी। साथ ही आयकर विभाग में अलग से पेनल्टी और ब्याज की वसूली करेगा। जमानत याचिका हो चुकी है खारिज ईडी की अदालत ने 20 फरवरी को सौरभ शर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. सौरभ के वकील ने जमानत देने के पक्ष में कोर्ट में तर्क रखा था कि उनके मुवक्किल की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है. उनके पास से कोई जब्ती भी नहीं हुई. इसके साथ ही वह जांच एजेंसियों का वह पूरा सहयोग करेंगे. लिहाजा, उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. वहीं, सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया था. फार्म हाउस से मिला था 52 किलो सोना धनकुबेर सौरभ शर्मा के फॉर्म हाउस पर छापेमारी में 52 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ था. कई दिनों तक पुलिस से फरार चल रहे सौरभ शर्मा को लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया था. चेतन सिंह गौर की जिम्मेदारी बढ़ी यदि सौरभ शर्मा संपत्ति के मालिक होने से इनकार करते हैं, तो अब चेतन सिंह गौर को यह साबित करना होगा कि यह संपत्ति उसकी है। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि चेतन ने स्वीकार किया कि गाड़ी उसकी है, तो उसे यह साबित करना होगा कि वह संपत्ति किसी और को किराए पर दी गई थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि चेतन सिंह गौर पर अब इस मामले की जिम्मेदारी आ सकती है। क्या हो सकता है अगर मालिक सामने नहीं आया? अगर जांच के बाद यह साबित नहीं होता कि जब्त की गई संपत्ति किसकी है, तो उसे सरकार के कब्जे में लिया जाएगा और सरकारी संपत्ति घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में जांच अधिकारियों पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए आयकर विभाग हर हालत में असली मालिक की पहचान करने के प्रयासों में जुटा है। आयकर विभाग की अगली कार्रवाई और पेनल्टी की संभावना यदि सौरभ या चेतन में से किसी ने स्वीकार किया कि जब्त किया गया कैश और सोना उनका है, तो इसके आय के स्रोत को भी साबित करना होगा। इसके बाद आयकर विभाग 200 प्रतिशत पेनल्टी लगाएगा और ED केस भी बना सकता है। साथ ही, आयकर विभाग ब्याज और पेनल्टी की वसूली भी करेगा।

गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया में लगी भीषण आग, एक फैक्ट्री और कारों के शोरूम हुए राख

 भोपाल भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में शनिवार को दोपहर में भीषण आग लग गई। इससे दो फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि इनमें से एक कारों का शोरूम है, दूसरा एक पेंट फैक्ट्री बताई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए पूरे भोपाल की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई है। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र की दो फैक्ट्रियों में दोपहर में भीषण आग लग गई। घटना की जानकारी लगते हैं भोपाल की आधा दर्जन फायर ब्रिगेड गोविंदपुरा के लिए रवाना कर दी गई है। साथ ही 10 से अधिक टैंकर पानी डाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र के जेके रोड पर कई वाहनों के शोरूम है। और आग यदि फैली तो अन्य शोरूम तक भी फैल सकती है। फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक भारी पुलिस बल के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम आग को बुझाने का प्रयास कर रही थी। आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कई किलोमीटर दूर से नजर आया धुएं का गुबार आग इतनी भीषण थी कि औद्योगिक क्षेत्र में लगी इस आग का काला धुआं कई किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था। यहां तक कि नर्मदापुरम रोड क्षेत्र से भी आग का गुबार नजर आ रहा था।

सुकमा में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 2 नक्सलियों के शव बरामद

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के किस्टाराम में शनिवार की सुबह नक्सली  व जवानों के बीच मुठभेड़ हो गई। नक्सली और जवानों के बीच रुक रुककर गोलीबारी चल रही है। घटना को देखते हुए इलाके में सर्चिंग शुरू कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, 2 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, हथियार भी बरामद हुए हैं। तलाशी अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों के लीडर की सूचना पर पुलिस टीम को भेजा गया था। किस्टाराम क्षेत्र में नक्सलियों की सूचना पर निकली डीआरजी और कोबरा की संयुक्त पुलिस पार्टी का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। जिसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई। रुक-रुककर अब भी मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ स्थल और आसपास सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 

मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए 19 नीतियां बदली, निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश: CM यादव

इंदौर मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की अपेक्षा से बेहतर उपलब्धि ने मध्य प्रदेश की आंखों में नया सपना बसा दिया है, औद्योगिक निवेश में देश का नंबर एक प्रदेश बनने का सपना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहते हैं कि हर दृष्टि से अनुकूल वातावरण पाकर उद्योग जगत मध्य प्रदेश पर मोहित है। आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश अपनी निवेश संबंधी नीतियों और उपलब्धियों से बाकी प्रदेशों को रोशनी देगा। अब मध्य प्रदेश कई अन्य सेक्टरों की तरह औद्योगिक निवेश में भी देश का नंबर एक प्रदेश बनकर ही चैन लेगा। 26 लाख करोड़ रुपसे से ज्यादा का निवेश प्रस्ताव उल्लेखनीय है कि 24 और 25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश के निवेशकों ने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों पर भरोसा जताते हुए 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव रखे हैं। इससे पहले आयोजित कई क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों के प्रस्ताव जोड़कर यह आंकड़ा 30 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाया मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से इस उपलब्धि पर उल्लसित हैं यद्यपि इसके लिए उन्होंने अथक प्रयास किए। डॉ.मोहन यादव बताते हैं कि मुख्यमंत्री की भूमिका में अपने अब तक करीब 14 महीने के कार्यकाल में करीब तीन महीने की अवधि उन्होंने औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाने में समर्पित की। राज्य सरकार ने निवेशकों को सुविधाजनक माहौल देने के लिए अपने संबंधित विभागों की 19 नीतियां बदल दीं। खुद मुख्यमंत्री अपनी टीम के साथ विदेश, देश और मध्य प्रदेश के निवेशकों से मिले और उन्हें अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। दूसरे राज्यों में कम निवेश प्रस्ताव आए डॉ. यादव गर्व के साथ कहते हैं कि पिछले दिनों गैर भाजपा शासित राज्यों बंगाल और कर्नाटक में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गईं, यद्यपि इन राज्यों में मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों से भी कम निवेश प्रस्ताव आए। मुख्यमंत्री इस आशंका को आधारहीन ठहराते हैं कि पिछले कई अनुभवों की तरह निवेशक अपनी प्रतिबद्धता से मुकर जाएंगे। वह दावा करते हैं कि प्रदेश सरकार निवेशकों से कुछ भी नहीं छिपा रही। सरकार की कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी है। इस वजह से उद्योग जगत की नजर में सरकार की विश्वसनीयता बढ़ी है। सरकार निवेश को लेकर गंभीर निवेशक सभी पहलुओं पर सोच-समझकर प्रस्ताव दे रहे हैं, इसलिए उनके पीछे हटने का सवाल नहीं पैदा होता। उनका कहना है कि राज्य सरकार निवेश को लेकर बेहद गंभीर है और अपनी जवाबदेही समझती है। सरकार निवेशकों को लाभदायी और उत्साहवर्धक माहौल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री इस अभियान के भविष्य को लेकर अत्यधिक आशावान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहते हैं कि मध्य प्रदेश निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश है। अब तक सिर्फ गिने-चुने सेक्टरों में ही निवेश प्रस्ताव आए हैं जबकि इस दृष्टि से तमाम संभावनापूर्ण सेक्टर अब तक अछूते हैं। प्रदेश सरकार की टीम ऐसे सेक्टरों की स्थिति पर रिसर्च कर रही है। सरकार भविष्य में उद्योग जगत के सामने सभी संभावनाओं का विवरण रखेगी। वह बताते हैं कि निवेशकों के साथ संवाद अब लगातार जारी रहेगा। इस क्रम में अगले महीने इंदौर में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की तैयारी चल रही है।

राज्यपाल रमेन डेका को जन्मदिन पर मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना की

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका का आज जन्मदिन है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. राज्यपाल के रूप में आपके मार्गदर्शन में हमारी सरकार संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है. मां कामाख्या से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना करता हूं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप (असम) में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय चंपाबती डेका है. उनके परिवार में धर्म पत्नी रानी डेका काकोटी एवं दो बच्चे हैं. उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज, गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की. सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय रमेन डेका वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. वे 2021 अगस्त माह से असम राज्य के नवाचार एवं रूपान्तरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे है. वे दो बार सांसद रहे. पहली बार वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए असम के मंगलदोई सीट से सांसद चुने गये थे.

सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुंदेलखंड वीरों की धरती, वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री 2600 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर गेहूं उपार्जित करेगी सरकार:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री गढ़ाकोटा में सांस्कृतिक “रहस’’ मेले और किसान सम्मेलन में हुए शामिल सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के गढ़ाकोटा में तीन दिवसीय सांस्कृतिक “रहस’’ मेले में आयोजित किसान महा सम्मेलन में कहा कि बुन्देलखण्ड वीरों की धरती है। वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए कहा कि सरकार अब किसान भाईयों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सागर-दमोह रोड को फोरलेन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 5 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सीमा पर जवान और खेत पर किसान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। किसान की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बुंदेलखंड की लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाकर रखें, उन्हें उनकी जमीन का पूरा लाभ मिलेगा और उनकी कृषि समृद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के किये कार्यों का प्रभाव है कि काम के बल पर ही आज वो लगातार 9 बार से अपराजेय राजनेता बने हुए हैं। सरकार प्रदेश में बहनों को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार बहनों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, वहीं पूर्व मंत्री भार्गव के द्वारा 21 हजार से अधिक बेटियों की शादी कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी तक मैंने 9 रस ही देखे थे आज मैंने 10वां रस भी देख लिया। इस रहस मेला के आनंद में जो 10वां रस मिला है वह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष किसान भाइयों का गेहूं 2600 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी और अगले वर्ष यह बढा़कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का मैं वादा करता हूं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चावल पर 2000 रुपए प्रति हैक्टेयर बोनस दिया जाएगा। इसी प्रकार दूध का उत्पादन करने वालों को भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को प्रधानमंत्री मोदी पूरा कर रहे हैं। इसमें केन-बेतबा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार से मिलकर भी नदी जोड़ो अभियान प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने फूड इंडस्ट्रीज लगाने वालों को सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक युवाओं की आबादी वाला देश है। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी सभी योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने सागर के संपूर्ण विकास के लिये संकल्प लेते हुए कहा कि इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित के लिए लगातार कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसान खुशहाल होगा तो देश और प्रदेश खुशहाल होगा। किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए किसान मेला एवं कार्य-शालाओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। देश एवं विदेश के उद्योगपतियों को भोपाल-जीआईएस में आमंत्रित कर उद्योगों की नगरी बनाने के लिए बुंदेलखंड, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर क्षेत्र को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा “रहस मेला’’ 220 वर्ष पुराना मेला है। वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा ने कहा था इस मेले को और आगे बढ़ाएं। हमने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा को मेले का पूरा इतिहास बताया, तत्कालीन मुख्यमंत्री पटवा ने मेले को और समृद्ध बनाने के लिए निर्देशित किया था। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा कि विलुप्त हो रहे मेलों को आगे बढ़ाने का कार्य सरकार कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने “रहस मेले’’ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए लगातार कार्य किया है। विधायक भार्गव ने कहा कि “मैं रहूँ या न रहूँ’’ यह रहस मेला हमेशा चलता रहेगा। इस अवसर पर मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद श्रीमती लता वानखेडे, विधायक भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल थे। मेला अध्यक्ष अभिषेक दीपू भार्गव ने स्वागत भाषण में मेले की विस्तार से जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सागर में संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य में लगे शिल्पियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर के मॉडल का अवलोकन कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर निर्माण पर आधारित चलचित्र (वीडियो प्रदर्शनी) को देखा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को परिष्कृत करने, सहेजने और सामाजिक समरसता में संतों की भूमिका से लोगों को परिचित कराने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से आज संत रविदास मंदिर विशाल आकार में मूर्तरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह भव्य मंदिर और संग्रहालय आस्था के साथ-साथ देश-दुनिया के लोगों को भारत की महान संत परम्परा की विचारधारा और संत‍शिरोमणि रविदास जी के जीवन से परिचित कराने वाला अद्भुत केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश के प्राचीन महत्वपूर्ण शहर सागर में संत रविदास के जीवन मूल्य व विरासत को मंदिर संग्रहालय के माध्यम से देश-दुनिया में उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है। संत रविदास के ईश्वर के प्रति समर्पण भाव से लोगों को परिचित कराना मंदिर संग्रहालय का केंद्रबिंदु बनेगा। बगैर आयरन के तैयार किये जा रहे 66 फ़ीट ऊंचे संत रविदास मंदिर का लाल पत्थर से नागर शैली में निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का रोड से 5 फ़ीट ऊँचा फाउंडेशन बनने के बाद नक्कासीदार पत्थरों के 72 पिलर लगाए गये हैं। इन पिलरों पर मंदिर का ऊपरी ढांचा खड़ा किया जायेगा। मंदिर के आसपास चार गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है जहाँ संत रविदास के जीवन को विस्तृत और आधुनिक संसाधनों की मदद से प्रस्तुत किया जायेगा। पुस्तकालय में संत रविदास की आध्यात्मिक व धार्मिक पुस्तकों को संग्रहित किया जायेगा। बड़तूमा सागर में 101 करोड़ रूपए की लागत से कुल 11 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर प्रांगण में 9 हजार वर्गफ़ीट में मंदिर निर्माण, 15 हजार वर्गफ़ीट में म्यूजियम, 11 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 100 बिस्तरों वाली डॉर्मेटरी, 12 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 12 कमरों वाला भक्त निवास, लगभग 10 हजार वर्गफ़ीट एरिया में लाइब्रेरी और संगत हॉल, 2152 वर्ग फ़ीट एरिया में कैफेटेरिया, 2905 वर्गफ़ीट में हॉली जल कुंड, 538 वर्गफ़ीट एरिया में ग़जीवो निर्माण सहित संत रविदास मंदिर परिसर का निर्माण प्रगतिरत है। मंदिर परिसर के अंदर उक्त सभी संरचनाओं का ढांचा तैयार किया जा रहा है।  

उत्तराखंड : चमोली हिमस्खलन में मांड़ा गांव में 55 मजदूर में से 47 मजदूरों को रेस्क्यू कर लिया गया,जबकि 8 अभी फंसे हुए

चमोली उत्तराखंड के चमोली में एवलांच को आए 24 घंटे से ज्यादा हो गए. अभी भी 8 मजदूर फंसे हुए हैं. 47 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे, जिसमें से दो लोग छुट्टी पर थे. ये सभी एवलांच की चपेट में आ गए. हालांकि 47 लोगों को निकाल लिया गया है लेकिन 7 अभी भी फंसे हुए हैं. सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मौसम चुनौती बना हुआ है. सेना का Mi-17 हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय पर है. जैसे ही मौसम ठीक होता हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो जाएगा. वहीं, सीएम धामी चमोली में ग्राउंड जीरों पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं. फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जारी है रेस्क्यू अभियान बचाव अभियान की जानकारी अपडेट करते हुए उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. चमोली जिले के ऊंचाई वाले गांव मांड़ा में हिमस्खलन के कारण फंसे कुल 55 बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) श्रमिकों में से 47 को बचा लिया गया है. 14 मजदूरों को शनिवार सुबह निकाला गया. जबकि 8 मजदूर अभी फंसे हुए हैं. एवलांच शुक्रवार सुबह 6:30 के करीब आया था. गंभीर रूप से घायल 3 श्रमिकों को आर्मी चिकित्सालय में कराया गया भर्ती मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मांड़ा के निकट हुए हिमस्खलन में फंसे हुए श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान के क्रम में 14 अन्य श्रमिकों को भी सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. बाहर निकाले गए श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. गंभीर रूप से घायल 3 श्रमिकों को आर्मी चिकित्सालय, जोशीमठ में उपचार हेतु भेज दिया गया है. अभी तक कुल 47 श्रमिकों का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है. फंसे हुए अन्य श्रमिकों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कार्य किया जा रहा है. इन राज्यों के हैं मजदूर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सूची के अनुसार फंसे हुए मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों से हैं. ऋषिकेष-बद्रीनाथ हाइवे पर भी गिरा पहाड़ों का मलबा कर्णप्रयाग के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे पर भी पहाड़ों का मलबा गिर गया. जिससे ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे अवरुद्ध हो गया है.  इसका वीडियो भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि रास्ते पर बड़े-बड़े पत्थर गिरे हुए हैं. हालांकि, पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है.

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