LATEST NEWS

जब वोट लेना होगा तो गंगा भी जाएंगे, मंदिर भी जाएंगे, कोट पर जनेऊ भी पहनेंगे: रामेश्वर शर्मा

भोपाल  कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज महाकुंभ में नहीं जाने पर भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनकी जाति को लेकर सियासी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- राहुल गांधी असली हिंदू नहीं हैं, असली गांधी भी नहीं हैं। वे यहीं तक नहीं रूके उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी को भी नकली गांधी परिवार बताया है। कहा यह असली हिंदू परिवार ही नहीं है, यह चुनावी हिंदू हैं, इसलिए सनातनियों, हिंदुस्तान के हिंदू इनसे सावधान रहना। जब वोट लेना होगा तो गंगा भी जाएंगे, मंदिर भी जाएंगे, कोट पर जनेऊ भी पहनेंगे। ये नकली हिन्दू राम मंदिर भी नहीं गए। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि- प्रयागराज पावन धरती है हिंदुस्तान का परम सौभाग्य है। यहां गंगा, जमुना मां सरस्वती का संगम का पावन तट है। युगों युगों से इसका लाभ भारतवर्ष के लोग लेते आए हैं। जो-जो सौभाग्यशाली थे वह सब गंगा के तट पर गए और महाकुंभ में जाकर गंगा स्नान किया। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि, प्रयागराज पावन धरती है हिंदुस्तान का परम सौभाग्य है। यहां गंगा, जमुना मां सरस्वती का संगम का पावन तट है। युगों-युगों से इसका लाभ भारतवर्ष के लोग लेते आए हैं। जो-जो सौभाग्यशाली थे वह सब गंगा के तट पर गए और महाकुंभ में जाकर गंगा स्नान किया। बता दें कि राहुल ने कहा था कि बीजेपी और RSS असली हिंदू नहीं हैं। वे लक्ष्मी और दुर्गा का अपमान करते हैं। इस पर पलटवार करते हुए शर्मा ने जारी बयान में कहा- राहुल गांधी जी, आप भी हिंदू नहीं हैं। आपके पूर्वज भी हिंदू नहीं थे। हमें खुद को हिंदू कहने में शर्मिंदगी का अहसास नहीं होता। जब नेहरू प्रधानमंत्री थे, तभी देश का विभाजन हुआ था। हजारों हिंदुओं की मौत हुई थी। आपको तो शुक्रगुजार होना चाहिए कि आरएसएस अस्तित्व में आया। बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि राहुल गांधी की मां (सोनिया गांधी) ईसाई हैं। उनके बहनोई भी ईसाई हैं। लगता नहीं है कि राहुल गांधी में हिंदू खून है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के कारण ही आप (कांग्रेस) देश नहीं बेच पाए। बीजेपी डंके की चोट पर हिंदुओं की बात और काम करती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं होते तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होता। कश्मीर में धारा 370 नहीं हटती। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि आपके (राहुल गांधी) पुरखों ने मठ और मंदिर तुड़वाए। उनके शासनकाल में पाकिस्तान के नारे लगवाए गए। कांग्रेस ने किया पलटवार राहुल गांधी पर बीजेपी के आरोप पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया का कहना है कि बीजेपी के कितने नेता महाकुंभ गए बीजेपी इसकी लिस्ट जारी करे। कितने मंत्री गए कितने विधायक गए। बेरोजगारी जैसे असल मुद्दों से भटकाने के लिए बीजेपी इस तरह की बयानबाजी कर रही है।

सफाईकर्मियों को 10 हजार बोनस, अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे… सीएम योगी की घोषणा, 16 हजार रुपये मासिक मिलेंगे…

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के समापन के मौके पर सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को 10,000 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। 1 अप्रैल से हर सफाई कर्मचारी को 16,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। साथ ही, सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को 5,00,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा का भी ऐलान किया। वर्तमान समय में यूपी में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 14 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इस प्रकार इसमें दो हजार रुपये का इजाफा सरकार की ओर से किया गया है। संगम तट पर इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा की आरती की। इसके बाद विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया। महाकुंभ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले स्वच्छता कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हर किसी के सहयोग से यह महाकुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। सीएम योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ में काम कर रहे स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, मंच से ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम स्थल गूंज गया। वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित भव्य और दिव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच है। इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं। जैसा प्रयागराज महाकुंभ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं। आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है। सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है। स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा। आज हमने इसकी शुरुआत की है। अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें। मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है। स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा प्रयागराज सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे। उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत मार्गदर्शन दिया। भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को यूपी सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए जुटे थे। हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया। इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है। आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण किया पेश सीएम योगी ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की। एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की। दूसरी पुलिस के व्यवहार की। ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो। पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो। यही नहीं, प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया। जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया। अपनी परेशानी को भूल कर वे इस आयोजन का हिस्सा बने। सीएम ने कहा कि जिस शहर में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं, वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी? जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं। अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है। यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया। जिस मार्ग से तीर्थयात्री और श्रद्धालु, पूज्य संत गए, उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए प्रदेशवासी वहां नजर आए। प्रदेशवासियों ने आतिथ्य का जो उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसके लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त सीएम योगी ने प्रदेश में टूरिज्म की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं। एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना। जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे। इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे। एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का। सीएम ने … Read more

पाकिस्तान के सफर का बुरा अंत, अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रहे, आज बांग्लादेश के खिलाफ मैच हुआ रद्द

रावलपिंडी पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का नौवां मुकाबला बिना टॉस के समाप्त हुआ। बारिश की वजह से टॉस ही नहीं हो सका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं। पाकिस्तान बांग्लादेश मैच रद्द पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच ग्रुप-ए का मुकाबला बारिश की वजह से रद्द कर दिया गया। रावलपिंडी में बारिश की वजह से टॉस तक नहीं हो सका। इसी के साथ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में मेजबान पाकिस्तान के सफर का बुरा अंत हुआ है। टीम तीन में से एक भी जीत पाई। मैच रद्द होने की वजह से दोनों टीमों को एक-एक अंक तो मिला, लेकिन रिजवान की टीम ग्रुप-ए में आखिरी स्थान पर रही। बांग्लादेश ने उनसे ऊपर तीसरे स्थान पर रहते हुए सफर का अंत किया। ग्रुप-ए से भारत और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया है। बांग्लादेश की टीम तीन मैचों में दो हार और एक बेनतीजा मैच के साथ एक अंक और -0.44 नेट रन रेट लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं, पाकिस्तान की टीम -1.09 नेट रन रेट के साथ चौथे स्थान पर रही। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जबकि बांग्लादेश को भी इन्हीं दोनों टीमों के खिलाफ शिकस्त मिली। ग्रुप-ए का आखिरी मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो मार्च को खेला जाएगा। इस मैच को जीतने वाली टीम ग्रुप-ए में शीर्ष पर रहकर लीग राउंड को खत्म करेगी।   बारिश जारी रावलपिंडी में अभी तक बारिश हो रही है। इसकी वजह से टॉस नहीं हो सका है। मैदान पर कवर्स हैं और कवर्स पर काफी पानी है। इसे पूरी तरह से तैयार करने में भी काफी समय लग सकता है। हालांकि, उसके लिए बारिश का रुकना जरूरी है।

एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में निरंतर अभूतपूर्व उपलब्धियों के कीर्तिमान रचे जा रहे हैं। जीआईएस-भोपाल ने दो दिन में रिकार्ड 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। जीआईएस-भोपाल ने निवेशकों को रिझाने में कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। इन निवेश प्रस्तावों में विगत एक वर्ष में आयोजित 7 रीजनल कॉन्क्लेव, 6 रोड शो एवं इंटरैक्टिव सेशन्स में मध्यप्रदेश को कुल 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे युवाओं के लिए रोजगार के 21.40 लाख से अधिक अवसर सृजित होंगे। मध्यप्रदेश एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। जीआईएस-भोपाल के दो दिनों में अलग-अलग सेक्टर में 85 से अधिक एमओयू किए गए हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अच्छे परिणाम से उत्साहित राज्य सरकार अब सेक्टर्स और क्षेत्रीय औद्योगिक विशिष्टताओं को निवेश के लिये आधार बनाकर भविष्य में इंड्स्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किये जाने की रणनीति बना रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश ने निवेशकों को आकर्षित करने में कई राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य सरकार के कुशल प्रबंधन और मजबूत औद्योगिक नीतियों के कारण मात्र 2 दिनों में 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 1 वर्ष में कुल 30.77 लाख करोड़ का निवेश जीआईएस-भोपाल की अभूतपूर्व सफलता के साथ, बीते एक वर्ष में राज्य को कुल 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में पिछले वर्ष आयोजित 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, 6 रोड शो और इंटरैक्टिव सेशन्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश में 21.40 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। जीआईएस-2025 में प्राप्त हुए निवेश प्रस्ताव आयोजन में कार्यक्रम प्रस्तावित निवेश राशि (लाख करोड़ रुपये में) प्रस्तावित रोजगार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2.34 2.74 लाख इंटरैक्टिव सेशन 1.82 1.32 लाख जीआईएस-2025 26.61 17.34 लाख कुल निवेश प्रस्ताव 30.77 21.40 लाख प्रधानमंत्री श्री मोदी के निर्देशन से मिली सफलता जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ 24 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना करते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय है, सही समय है।” उनके उद्बोधन ने अतिथि उद्यमियों के मन में मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया। जीआईएस के दूसरे दिन निवेशकों को प्रोत्साहित करने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्री श्री के. राममोहन नायडू उपस्थित रहे। गृह मंत्री श्री शाह के उद्बोधन ने भी निवेशकों में मध्यप्रदेश की क्षमताओं के प्रति विश्वास जगाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य की 18 नई औद्योगिक नीतियों का शुभारंभ भी किया। इससे प्रदेश में व्यापार और निवेश को और अधिक गति मिलेगी। 85 से अधिक एमओयू पर हुए हस्ताक्षर जीआईएस-भोपाल में विभिन्न सेक्टर्स में 85 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों के माध्यम से राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टर्स में विकास को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश न केवल औद्योगिक दृष्टि से सशक्त हो रहा है, अपितु युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य निवेशकों की फेवरेट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है और देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विदेशी प्रतिनिधियों ने की निवेश संभावनाओं पर चर्चा जीआईएस-भोपाल में विभिन्न देशों के उच्चायुक्तों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें श्री राजेंद्र मोदी, उप मंत्री, उद्योग एवं वाणिज्य, जिम्बाब्वे, डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, राजदूत, नेपाल, श्री मोहम्मद रलीकी, राजदूत, तुर्की, सुश्री स्टेला न्केरा, राजदूत, जिम्बाब्वे, डॉ. निजायर निफेस, राजदूत, बुर्किना फासो, श्री यागी काजी, वाणिज्य दूत, जापान और श्री वाल्टर फेरारा, वाणिज्य दूत, इटली प्रमुख हैं। इन सभी ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण की प्रशंसा की और भविष्य में सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-भोपाल) का आयोजन मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। इसमें 60 से अधिक देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ हीकनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, तुर्की, पोलैंड, रूस, रवांडा और यूएई जैसे 9 देश कंट्री पार्टनर बने। इन देशों ने राज्य में निवेश और व्यापारिक सहयोग को लेकर विशेष रुचि दिखाई है। 25,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन और 600 से अधिक बी-टू-जी बैठकें जीआईएस-भोपाल को निवेशकों से भारी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 25,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए और 600 से अधिक बी-टू-जी (बिजनेस-टू-गवर्नमेंट) तथा 5000 से अधिक बी-टू-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और उद्यमियों के बीच निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। औद्योगिक दिग्गजों की भागीदारी समिट में भारत और विश्व के300 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियोंने भाग लिया। इनमेंगौतम अडानी (अडानी ग्रुप), कुमार मंगलम बिड़ला (आदित्य बिड़ला ग्रुप), नुपुर खंडेलवाल (रसना प्राइवेट लिमिटेड) और बाबा कल्याणी (भारत फोर्ज लिमिटेड) और सागर उद्योग समूह के श्री सुधीर अग्रवाल जैसे दिग्गज शामिल रहे। 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले जीआईएस-भोपाल में विभिन्न क्षेत्रों में26.61 लाख करोड़ रूपये, रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव से 2.34 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 2.74 लाख रोजगार, इंटरैक्टिव सेशन से 1.82 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 1.32 लाख रोजगार, यूके रोड़-शो से 1.25 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 1.10 लाख रोजगार, जर्मन टूर 1.50 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और 1.20 लाख रोजगार, जापान टूर से 2 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और 1.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस तरह विगत वित्तीय वर्ष में कुल 30.77 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 21.40 लाख रोजगार के अवसरसृजित होने की उम्मीद है। इस दौरान नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडियाऔर लोक निर्माण विभाग के बीच 1.30 लाख करोड़ के एमओयूपर भी हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य … Read more

हमेशा होने वाले चुनाव देश की प्रगति और विकास में बाधक : शिवराज सिंह चौहान

भोपाल  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं. सरकारें पूरे साल चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती हैं, जिससे प्रशासनिक अमला भी चुनावी गतिविधियों में लगा रहता है और विकास योजनाओं की गति धीमी हो जाती है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से सरकारें केवल चुनावी फायदों वाली योजनाएं बनाने में जुट जाती हैं और ऐसे में कई अहम और कड़े फैसले पीछे रह जाते हैं. इससे न केवल लॉन्गटर्म विकास प्रभावित होता है बल्कि जनता को भी वास्तविक सुधारों से वंचित रहना पड़ता है. बार-बार चुनाव से संसाधनों की भारी बर्बादी – शिवराज सिंह चौहान चौहान ने बार-बार होने वाले चुनावों को संसाधनों की भारी बर्बादी करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव में लाखों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. चुनाव आयोग की ओर से जब्त किए गए पैसों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश में एक साथ चुनाव कराए जाएं तो इस धन को विकास कार्यों में लगाया जा सकता है. एक साथ चुनाव से धन और संसाधनों की होगी बचत शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित समिति ने इस विषय पर व्यापक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें सभी संभावित समस्याओं के समाधान दिए गए हैं. उन्होंने जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे राजनीतिक दलों पर दबाव बनाएं ताकि धन और संसाधनों की बचत करते हुए देश में एक साथ चुनाव कराए जा सकें. सारे राजनैतिक दल अगले चुनाव की तैयारी में लगे रहते हैं शिवराज ने कहा, अपने देश में और कुछ हो या न हो लेकिन सारे राजनैतिक दल पांचों साल, 12 महीने, हर सप्ताह, 24 घंटे एक ही तैयारी करते हैं वो है अगला चुनाव। उसी तैयारी में लगे रहते हैं। अब एक साल ही देख लो पिछले साल नवंबर-दिसंबर में मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विधानसभा चुनाव हुए। विधानसभा चुनाव की थकान उतरी नहीं थी कि चार महीने बाद ही लोकसभा घोषित हो गया। विधानसभा चुनाव में 6 महीने तो कुछ हुआ ही नहीं था। आचार संहिता, कोड ऑफ कंडक्ट के कारण विकास के काम ठप थे। वो चुनाव संपन्न हुए और चार महीने बाद फिर लोकसभा के चुनाव आ गए। फिर चार-छह महीने नहीं गुजरे फिर हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र के चुनाव आ गए और नेता फिर चुनाव में भिड़ गए।   एक भी चुनाव हारे तो मीडिया कहता है जमीन खिसक गई शिवराज ने कहा, अभी एक चुनाव निपटा नहीं कि दिल्ली का दंगल शुरू हो गया। दिल्ली के चुनाव खत्म नहीं हुए कि हम लोगों ने बिहार के लिए कमर कस ली। चलो बिहार। और कोई काम हो न हो, चौबीसों घंटे चुनाव की तैयारी। ये हमेशा होने वाले चुनाव देश की प्रगति और विकास में कितने बाधक हैं। एक तो सभी की एनर्जी लगती है, जिसमें प्रधानमंत्री भी चुनाव की तैयारी में लगते हैं। एक भी विधानसभा चुनाव अगर हार गए तो मीडिया कहती है, पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। गए काम से। सबको लगता है कि कमर कस के चुनाव जीतना है। गवर्नेंस पर ध्यान नहीं रह पाता। तीन महीने सब छोड़कर झारखंड में पड़ा रहा शिवराज ने कहा, चुनाव में पीएम, सीएम सब लगे रहे। केन्द्रीय मंत्री मुझे बनाया गया कृषि और ग्रामीण विकास का और कहा गया झारखंड के चुनाव में जाओ । तीन महीने वहीं पड़े रहे। कृषि की तरफ ध्यान ही नहीं रहा। फोकस चुनाव पर हो गया। मेरे जैसे कितने लोग लगे रहे। ये केवल एक पार्टी में नहीं सभी पार्टियों के मंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक सांसद लगे रहते हैं। अभी कहा अब सब बिहार जाओ, चार महीने सब छोड़ो। आप गंभीरता से सोचकर देखिए। बार-बार चुनाव से गवर्नेंस पर ध्यान नहीं रहता। पैसा अलग खर्च होता है।   पैसा बर्बाद होता है सरकारें लंबी प्लानिंग नहीं करतीं शिवराज ने कहा- अलग-अलग चुनाव क्यों होने चाहिए? हर चार-छह महीने में चुनाव हो रहे हैं। गवर्नेंस प्रभावित होती है। धन का अपव्यय होता है। असल में तो औपचारिक खर्चा दिखता है, पीछे से और कितना खर्चा होता है। चुनाव आयोग ने इस चुनाव में गाडियों से पैसे पकड़े थे। अकेले पैसा नहीं कई और चीजें पकड़ी जाती हैं। एक तरफ धन का अपव्यय होता है दूसरी तरफ सरकारें लॉन्ग टर्म प्लानिंग नहीं करतीं। एक बार चुनाव कराने में साढ़े चार लाख करोड़ का खर्च आता है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर यह खर्च हो तो कितना फायदा होगा। चुनाव के डर से कई फैसले नहीं हो पाते केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने कई बडे़ और कड़े फैसले लिए हैं। लेकिन, कई बार चुनाव के डर में कई ऐसे फैसले नहीं हो पाते कि वोट बिगड़ गया और नुकसान हो गया तो वोट बचाओ। ऐसे कई फैसले प्रभावित होते है जो बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकते हैं प्रदेश का विकास कर सकते हैं। देश को आगे बढ़ा सकते हैं। वोट के डर में फैसले प्रभावित होते हैं। कितना विकास प्रभावित होता है। अगर संविधान में संशोधन करके लोकसभा विधानसभा के चुनाव एक साथ हो जाएं तो साढ़े चार साल जनता और विकास के लिए ईमानदारी से मिलेंगे। अपने देश में भी लोकसभा के चुनाव के साथ उड़ीसा और तीन विधानसभा के चुनाव हुए। मोदी की लोकप्रियता से घबराते हैं शिवराज ने कहा- मैं पूछता हूं कि एक साथ चुनाव से डरते क्यों हैं तो कुछ लोग कहते हैं कि मोदी जी बहुत लोकप्रिय हैं तो गड़बड़ हो जाएगी। जनता बहुत समझदार है वो लोकसभा में अलग वोट डालती है विधानसभा में अलग वोट डालती है। उड़ीसा में दो बार लोकसभा विधानसभा के एक साथ चुनाव हुए लेकिन उसी राज्य की जनता ने पिछले चुनाव में राज्य के लिए बीजेडी के नवीन पटनायक को चुना और देश के लिए मोदी जी को चुना। अब समय आ गया है कि देश ये तय करे कि फालतू का खर्चा चुनाव आचार संहिता के साथ विकास ठप होना, देश की प्रगति और … Read more

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि ‘एकता, समता, समरसता का महायज्ञ’ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विक्रमोत्सव एवं विक्रम व्यापार मेले का किया शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के महापर्व पर राजाधिराज भगवान महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि उज्जैन के आदर्श नायक सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष अपने अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। भारत की धरती के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर दुर्गादास राठौर को भी उन्होंने प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि हमारी धरती वीरों की धरती है। उज्जयिनी का हमेशा देश के नायकों में विशिष्ट स्थान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दशहरा मैदान, उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 के शुभारंभ अवसर पर कही।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य आदर्श व्यवस्था के पर्याय हैं। जब-जब सुशासन, धर्म, न्याय और कर्म की बात होती है, सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया जाता है। अदम्य वीरता के साथ ही साथ महाराजा विक्रमादित्य अपने श्रेष्ठ शासन-प्रशासन के लिए विख्यात रहे हैं। महाराजा विक्रमादित्य ने अपनी संगठन शक्ति और शौर्य से विदेशी बर्बर आक्रान्ताओं जैसे शक, हूण, कुषाण अक्रांताओं को पराजित कर उनका समूल नाश किया। सम्राट विक्रमादित्य ने भारत वर्ष में विक्रम संवत की शुरूआत की और भारतीय काल गणना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारतवंशी, विगत 2081 वर्षों से निरंतर विक्रम सम्वत् को अपनाए हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य और उनके नाम से चल रहे विक्रम संवत् की जैसी लोक ख्याति है, वैसी किसी दूसरे राजा या सम्वत्सर की नहीं है। सम्राट विक्रमादित्य की नवरत्न परंपरा आज तक हमारी स्मृतियों में है। कालिदास, वराहमिहिर, शंकु, क्षपणक, अमर सिंह, वररुचि, धनवंतरि, वेताल भट्ट, घटखर्पर जैसे श्रेष्ठ साहित्यकार, वैज्ञानिक और योद्धाओं के सहयोग और परामर्श से उन्होंने भारत की श्रेष्ठतम न्याय प्रणाली की स्थापना की। विक्रमादित्य हमारे लोकसिद्ध, कालसिद्ध जननायक हैं। ऐसे सम्राट जिनका नाम पदनाम बन गया। ऐसे नायक जिनकी गाथा विक्रम चरित्र, कालक-कथा, सिंहासन बत्तीसी, प्रबंध चिंतामणि जैसे ग्रंथों में मिलती है। देश के अनेक स्थानों पर सम्राट विक्रमादित्य ने मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण करवाया था।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शासन, प्रशासन, न्याय, अध्यात्म और कर्म प्रधानता के जो ऊंचे मापदंड स्थापित किए हैं, हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी उसी मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। महाकाल महालोक, काशी विश्वनाथ का कारिडोर, केदारनाथ के साथ 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान रामलला का उनके मंदिर में विराजित होना, प्रधानमंत्री मोदी के काल में ही संभव हो सका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2028 में कुम्भ का आयोजन उज्जैन में होना है, हम वृहद स्तर पर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारी में जुटी मध्यप्रदेश सरकार भी दुनिया को प्रयागराज की तरह ही भव्यता और दिव्यता का अनुभव दे पाएं, ये सुनिश्चित करने के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। सिंहस्थ-2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ में श्रद्धालु माँ क्षिप्रा के जल से ही स्नान करें। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाओं से यह संकल्प पूरा होने जा रहा है। यह उज्जैन के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के अंतर्गत वर्षा ऋतु में क्षिप्रा नदी के जल को सिलारखेड़ी जलाशय में एकत्र किया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार इसे वापस क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे क्षिप्रा नदी निरंतर प्रवाहित होगी। क्षिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के उद्देश्य से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य चल रहा है। ये सभी परियोजनाएं क्षिप्रा नदी के जल प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे नदी के जल स्तर को बनाए रखने और उसे प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों से श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए तेजी से नई अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। हाल ही मे उज्जैन में अशोक पुल का लोकार्पण किया गया है। 778 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से क्षिप्रा नदी के तट पर 29 किमी लंबे घाटों का निर्माण करवाया जा रहा है। इंदौर और उज्जैन के मध्य मेट्रो रेल भी चलाई जाएगी। बाबा महाकाल की धरती को नमन : केन्द्रीय मंत्री शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पद्मआनंद मणि, महाशिवरात्रि एवं विक्रम महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बाबा महाकाल के चरणों में नमन। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। महाकाल भगवान की उज्जैन की यह धरती ने अनादिकाल से भारत और संस्कृति को नए आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस धरती को नमन करते हुए अभिभूत हैं। जिम्बाब्वे के उप मंत्री को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव-2025 में पधारे जिम्बाब्वे के उद्योग एवं कॉमर्स उप मंत्री एम.के. मोदी का सम्मान किया। जिम्बाब्वे के उप मंत्री मोदी ने कहा कि इस धरती पर आकर में धन्य हो गया। यहां मिले प्यार और सम्मान पाकर अभिभूत हूँ। भारत की धरा के संस्कार महान है। विक्रमोत्सव-2025 की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विक्रम व्यापार मेला का भी शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर गायक हंसराज रघुवंशी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। हंसराज रघुवंशी एक प्रख्यात भारतीय भजन गायक, लेखक और संगीतकार हैं, जिन्हें विशेष रूप से भगवान शिव के भजनों के लिए जाना जाता है। पद्मसे सम्मानित आनंदन शिवमणि द्वारा भी कार्यक्रम में सांगीतिक प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के सभी प्रमुख 51 महाशिवरात्रि मेलों समारोह, सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का लोकार्पण भी किया गया, साथ ही सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवोsम-अनहद, शिवादल, भोपाल ने भी प्रस्तुति दी। इसी क्रम में विक्रम व्यापार मेला, वस्त्रोद्योग, हाथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी आदि शिल्प अंतर्गत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश कुशवाह, राजेश सोलंकी, राजेंद्र भारती,श्रीराम तिवारी आदि उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ने दमोह जिले के अजब धाम में पूज्य जय-जय सरकार के वार्षिक उत्सव को किया संबोधित

 दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखण्ड अंचल की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना मंजूर की है। इसके क्रियान्वयन से दमोह सहित प्रदेश के 10 जिले लाभान्वित होंगे। बुंदेलखण्ड अंचल के 8 लाख हेक्टेयर से अधिक इलाके को सिंचाई के लिए जल और पेयजल सहित उद्योगों के लिए भी पानी की आपूर्ति का कार्य हो सकेगा। मध्यप्रदेश का यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा। यहां पानी का सूखा खत्म होगा और किसान खुशहाल होंगे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपने स्वामित्व की भूमि का विक्रय नहीं किया जाना चाहिए। यह भूमि बहुमूल्य सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 51 करोड़ रुपए की लागत से पथरिया बायपास निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में हायर सेकेंड्री स्कूल का नाम राष्ट्रवादी विचारक के.सी. सुदर्शन जी के नाम से करने और मटकोलेश्वर सीतानगर बांध में पर्यटन की दृष्टि से “नौकायन’’ प्रारंभ करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार की शाम दमोह जिले के पथरिया के निकट अजबधाम में पूज्य जै-जै सरकार के वार्षिक उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश की धरती पर नदी जोड़ो जैसी परियोजनाएं क्रियान्वित करने की पहल हुई है, वहीं राज्य सरकार ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देते हुए दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी होने का संकल्प लिया है। इसके लिए 10 गायों के पालन पर सब्सिडी प्रदान करने और दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने का आव्हान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर दमोह जिले के इस पावन स्थल पर आने का अवसर मिला है। यहां निकट ही मड़मोलेश्वर धाम है, जहां सुनार,कोपरा और जूड़ी नदियों का संगम है। भगवान भोले नाथ की विशाल पिंडी श्रद्धा का केंद्र है। बुंदेलखण्ड में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उज्जैन में विक्रमोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। महाराजा विक्रमादित्य से विक्रम संवत प्रारंभ हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अजब धाम मंदिर परिसर में अनेक साधु-संत जन से भी भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने मंच से रिमोट का बटन दबाकर फतेहपुर गांव का नाम बदलकर अजब धाम किया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने सभा को संबोधित करते हुये कहा मेरे छोटे से आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव अजब धाम कार्यक्रम में पधारे और पर्याप्त समय दिया। उन्होंने 20 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजन यज्ञ और 27 कुंडीय यज्ञ में पधारे सभी धर्म प्रेमियों का अभिनन्दन किया। राज्यमंत्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आशीर्वाद और प्रेम हम सब पर है, हमारी छोटी सी मांग को स्वीकार करते हैं। इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धर्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह, पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, हटा विधायक श्रीमती उमादेवी खटीक, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह, श्याम शिवहरे सहित कार्यक्रम के आयोजक देव राम कुमार, मन्दिर के महंत रामनुग्रह दास छोटे सरकार सहित श्रद्धालुजन मौजूद थे।  

उज्जैन में हुआ विक्रम उत्सव व्यापार मेले का शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो आपके जीवन में सुरक्षा प्रदान करता है। मेले लोगों का जो उत्साह है वो अलग ही प्रतीत हो रहा है। प्रथम वर्ष में ही उज्जैन व्यापार मेले मे अनेक उपलब्धियां प्राप्त कर ली थी। इस वर्ष उज्जैन व्यापार मेले में उम्मीद से अधिक व्यापार होने का अनुमान है। उज्जैन में महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं जिंबॉब्वे के उप मंत्री मोदी के मुख्य अतिथ्य में उज्जैन के विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ हुआl इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह व्यापार मेला उज्जैन को व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। आज उज्जैन पर्यटन ,संस्कृति, धार्मिक नगरी के साथ व्यापार का भी बड़ा केंद्र बन गया है। उज्जैन विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहाँ आकर निवेश कर रही हैl मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ है। उज्जैन जिले को इसका लाभ मिलेगा उज्जैन में भी अनेक कंपनियों के द्वारा निवेश के प्रस्ताव आए हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का व्यापार विस्तृत प्रकार का रहा होगा, यह मेला उज्जैन के उस काल को याद दिलाता है, जब उज्जैनी को स्वर्ण नगरी भी कहा जाता था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के काल गणना केंद्र के महत्व को भी बताया और यह भी बताया कि राशियों के अध्ययन् केंद्र बिंदु भी उज्जैन रहा है। वैदिक घड़ी इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। राजस्थान के राजा जयसिंह के द्वारा यहां पर कॉल गणना केंद्र स्थापित किया गया जो वैज्ञानिकता का सर्वोच्च उदाहरण है। उज्जैन का हजारों वर्ष प्राचीन इतिहास है। यहां की धरा में अकूत रत्न स्वर्ण मुद्रा,वस्तुएं सोने के सिक्के हैं। उज्जैन व्यापार मेले में भी ऐसे ही सोने के सिक्के कर की छूट के रूप में प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो छूट आपको प्राप्त हो रही है, वह स्वर्ण के समान ही हैं। उज्जैन के नये युवा नवाचार करने के लिए आगे आए और व्यापार में नए आयाम स्थापित करें। उज्जैन नगरी को विक्रमादित्य की स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। व्यापार मेले के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राहकों को शुभकामनाएं देते हुए कार की चाबियाँ भी सौंपी। मेला परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा जिला पंचायत की ग्राम पंचायत को गीला-सूखा कचरा एकत्रित करने के लिए 10 कचरा वाहन की चाबी भी सौंपी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि आज उज्जैन का विकास दिख रहा है। उज्जैन नगरी का यह स्वर्णिम काल दिख रहा है आने वाले सिंहस्थ-2028 के पहले उज्जैन वास्तव में अपने उसे वैभव को प्राप्त कर लेगा जो हमने इतिहास में पढ़ा हैl उन्होंने उज्जैन के व्यापार मेले के नये आयाम स्थापित करने के लिये उज्जैन वासियों को शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच और उनकी परिकल्पना से प्रदेश सभी क्षेत्रों मे प्रगति कर रहा है। दो दिनों तक आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इसका उदाहरण है। जिम्बाब्वे के उप मंत्री एम.के. मोदी ने कहा कि यहां आकर लग रहा है कि सरकार के द्वारा आम जनता के लिए बेहतर काम किया जा रहा है। मैं पहली बार देख रहा हूँ कि सरकार टैक्स में भी 50% की छूट देती है। उज्जैन वास्तव में व्यापार का केंद्र बने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयास बहुत ही शानदार हैं। जिम्बाब्वे के लोगों को इसके फायदों से भी हम अवगत कराएंगेl आने वाले समय में जिम्बाब्वे और मध्यप्रदेश एक-दूसरे से सीख कर आगे बढ़ेंगे। उज्जैन विक्रम व्यापार मेले में 10 से अधिक कार कंपिनयों के द्वारा अपने स्टॉल यहां लगाए गए हैं। इसके साथ ही टू-व्हीलर ,इलेक्ट्रिक व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल कंपनी के द्वारा भी अपने स्टॉल लगाए गए हैं।  

सनातन के आधार महादेव है और हमारे महादेव की शक्ति हैं आदिशक्ति जगदंबा माता पार्वती:CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दमोह के नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव में महाशिवरात्रि महापर्व पर उज्जैन से देर रात 11:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव और शक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आदि और अंत महादेव है।सुंदर और सत्य महादेव है। सृजन और संहार महादेव है। सनातन के आधार महादेव है और हमारे महादेव की शक्ति हैं आदिशक्ति जगदंबा माता पार्वती। मैं गौरीशंकर के चरणों में शीश झुकाता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं भगवान महाकाल महाराज की उज्जयिनी से नोहटा में विराजे भगवान नोहलेश्वर महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ। ऐसी कृपा हुई भगवान भोलेनाथ की मुझ पर कि आज नोहलेश्वर महाराज ने भी मुझे अपनी शरण में बुलाया और बाबा महाकाल ने भी। भगवान शिव की कृपा से मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ है। आपके आशीर्वाद से हम मध्यप्रदेश की प्रगति का नया अध्याय लिख रहे हैं। विरासत को सहेज कर विकास का रथ दौड़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि बहुत समय से सभी की इच्छा थी कि यहां महाशिवरात्रि महापर्व पर महोत्सव का आयोजन हो। बेहद प्रसन्नता की बात है कि इस बार 10 दिन का महोत्सव आयोजित हो रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दमोह से धर्मस्व ,पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) धर्मेंद्र सिंह लोधी,दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी उपस्थित रहे।

चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला, अंग्रेजों को को देखना पड़ा हार मुँह

लाहौर अफगानिस्तान ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। अफगानिस्तान ने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया है। अफगानिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपनी पहली जीत हासिल करने के साथ ही खुद को सेमीफाइनल की रेस में बरकरार रखा है जबकि इंग्लैंड की टीम अंतिम-4 की दौड़ से बाहर हो गई है। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान की टीम ने सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान के 177 रनों की मदद से 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 325 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवर में 49.5 ओवरों में 317 रनों पर ऑलआउट हो गई और अफगानिस्तान ने 8 रनों से मैच अपने नाम कर लिया। इब्राहिम जादरान को रिकॉर्ड तोड़ 177 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड से नवाजा गया। इंग्लैंड के लिए जो रूट ने सबसे ज्यादा 120 रन बनाए। अफगानिस्तान की ओर से गेंदबाजी में अजमतुल्लाह उमरजई ने 5 विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद नबी ने 2 बल्लेबाजों का शिकार किया। अफगानिस्तान की टीम ने वनडे क्रिकेट में इंग्लैंड को लगातार दूसरी बार शिकस्त दी है। इससे पहले अफगान टीम ने वर्ल्ड कप 2023 में दिल्ली में खेले गए मैच में इंग्लैंड को 69 रनों से धूल चटाई थी। इंग्लैंड बाहर इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच खेला गया ये रोमांचक मैच करो या मरो का मुकाबला था। ऐसे में अफगानिस्तान ने जीत हासिल करते हुए चैंपियंस ट्रॉफी की सेमीफाइनल रेस में खुद को बनाए रखा है जबकि इंग्लैंड हार के साथ ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। इंग्लैंड चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर होने वाली तीसरी टीम है। इससे पहले मेजबान पाकिस्तान और बांग्लादेश सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। ग्रुप-ए से भारत और न्यूजीलैंड पहले ही सेमीफाइनल का टिकट कटा चुके हैं। अब ग्रुप-बी से 2 सेमीफाइनलिस्ट टीमों का तय होना बाकी है। सेमीफाइनल के 2 स्पॉट के लिए ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच टक्कर है। ग्रुप-बी में साउथ अफ्रीका 3 पाइंट के साथ पहले पायदान पर है जबकि वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया इतने ही पाइंट के दम पर दूसरे स्थान पर हैं। दोनों टीमों के बीच सिर्फ नेट रन रेट का अंतर है। तीसरे पायदान पर अफगानिस्तान है जिसके 2 मैचों में पहली जीत के बाद 2 अंक हो गए हैं। वहीं, इंग्लैंड का टूर्नामेंट से बोरिया बिस्तर बंध गया है। जादरान ने बनाया ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का सबसे बड़ा स्कोर अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने 146 गेंदों पर 177 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया, यह ICC चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. उनकी शानदार पारी ने इंग्लैंड के बेन डकेट के 165 रनों को पीछे छोड़ दिया और टूर्नामेंट में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. डकेट ने ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ लाहौर में यह पारी खेली थी. वैसे जादरान के ये 177 रन अफगान‍िस्तान के किसी भी बल्लेबाज द्वारा वनडे में बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्त‍िगत स्कोर भी है. एक छोर पर डटे रहे जादरान इब्राहिम जादरान ने इसके बाद अजमतुल्लाह उमरजई के साथ 72 रन की पार्टनरशिप की। 40वें ओवर की आखिरी गेंद पर उमरजई कैच आउट हुए। उन्‍होंने 31 गेंदों पर 41 की पारी खेली। इब्राहिम जादरान ने एक बाद फिर मोहम्‍मद नबी के साथ पार्टनरशिप की और 111 रन जोड़े। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर जादरान कैच आउट हुए। उन्‍होंने 146 गेंदों पर 177 रन की पारी खेली। इसी ओवर में लियाम लिविंगस्टोन ने मोहम्‍मद नबी को पवेलियन भेजा। नबी ने 24 गेंदों पर 40 रन ठोके। गुलबदीन नायब और राशिद खान 1-1 रन बनाकर नाबाद रहे। जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट चटकाए। जो रूट ने पारी को संभाला इंग्‍लैंड टीम को भी कुछ खास शुरुआत नहीं मिली। चौथे ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई ने फिल सॉल्‍ट को बोल्‍ड किया। उन्‍होंने 2 चौकों की मदद से 12 रन बनाए। 30 के स्‍कोर पर जेमी स्मिथ भी वापस लौट गए। जेमी ने 9 रन की पारी खेली। 2 विकेट जल्‍दी गिरने के बाद बेन डकेट और जो रूट क्रीज पर डटे। दोनों ने मिलकर 68 रन जोड़े। 17वें ओवर में राशिद खान ने डकेट को LBW आउट किया। इन फॉर्म डकेट ने 45 गेंदों का सामना किया और 38 रन बनाए। रूट ने खेली 120 रन की पारी 22वें ओवर में मोहम्‍मद नबी ने हैरी ब्रूक को कॉट एंड बोल्‍ड आउट किया। ब्रूक ने 3 चौकों की मदद से 21 गेंदों पर 25 रन जड़ दिए। 216 के स्‍कोर पर इंग्‍लैंड को 5वां झटका लगा। कप्‍तान जोस बटलर ने 2 छक्‍के की बदौलत 42 गेंदों पर 38 रन की पारी खेली। लियाम लिविंगस्टोन ने 10 रन बनाए। 46वें ओवर में इंग्‍लैंड को बड़ा झटका लगा। शतक लगा चुके जो रूट अजमतुल्लाह का शिकार बने। रूट ने 111 गेंदों पर 120 रन ठोक दिए। इसके बाद जेमी ओवरटन ने 32, जोफ्रा आर्चर ने 14 रन और आदिल राशिद ने 5 रन बनाए। उमरजई ने किए 5 शिकार अफगानिस्‍तान की ओर से अजमतुल्लाह उमरजई ने पंजा खोला। उन्‍होंने 9.5 ओवर में 58 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उनके अलावा मोहम्‍मद नबी को 2 सफलता मिलीं। फजलहक फारूकी, राशिद खान और गुलबीन के खाते में 1-1 विकेट आया।

मोहम्मद यूनुस की सत्ता में बने रहने की चाल होगी फेल, बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल जमान ने दी खुली चेतावनी

ढाका बांग्लादेश तेजी से अराजकता की ओर बढ़ रहा है। शेख हसीना को हटाने के लिए जो कट्टरपंथी कभी एक साथ आए थे, अब उनमें ही सत्ता को पाने के लिए संघर्ष शुरू हो गया है। राजनीतिक अंतर्कलह, निष्क्रिय पुलिस और कट्टरपंथी इस्लामिस्टों के उदय के साथ देश बिखराव की ओर चल पड़ा है। इस एक अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट हो कता है। इसी सप्ताह बांग्लादेश सेना प्रमुख ने देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए खतरे की चेतावनी दी है। बांग्लादेश में सेना के खिलाफ तेज होती आवाजों के बीच सेना प्रमुख वकार उज-जमान को कहना पड़ा कि उनकी कोई और इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं बस देश को सुरक्षित हाथों में देखा चाहता हूं। पिछले 7-8 महीनों में मैंने बहुत कुछ झेला है। मैं आपको पहले ही चेतावनी दे रहा हूं ताकि आप कल यह न कहें कि मैंने आपको नहीं बताया।’ चुनाव पर अल्टीमेटम आर्मी चीफ ने आगे कहा कि यदि आप अपने मतभेदों से आगे नहीं बढ़ सकते और एक दूसरे पर कीचड़ उछालना जारी रखते हैं, तो देश की स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘मुझे लगा कि मेरा काम पूरा हो गया है, लेकिन इसे सुलझाने में मुझे ज्यादा समय लगेगा। उसके बाद मैं छुट्टी ले लूंगा।’ आर्मी चीफ ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिसंबर तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने चाहिए बांग्लादेश की संप्रभुता का दिखाया डर इस बीच सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने चेतावनी दी है कि अगर लोग अपने मतभेदों को भुला नहीं पाए या एक-दूसरे पर कीचड़ उछालना बंद नहीं कर पाए तो बांग्लादेश की संप्रभुता दांव पर लग जाएगी। ढाका के रावा क्लब में 2009 में पिलखाना में बीडीआर नरसंहार को याद करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा, “अगर आप अपने मतभेदों को भुलाकर साथ मिलकर काम नहीं कर सकते, अगर आप कीचड़ उछालने और लड़ाई में शामिल होते हैं, तो इस देश और राष्ट्र की स्वतंत्रता और संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी।” बांग्लादेशी सेना ने संभाली देश की कानून-व्यवस्था जनरल जमान ने आगे कहा, “मैं आज आपको बता रहा हूं, अन्यथा आप कहते कि मैंने आपको आगाह नहीं किया।” इससे पहले बांग्लादेशी सेना प्रमुख ने कहा था कि जब तक चुनी हुई सरकार नहीं आ जाती, तब तक सेना ही बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था को देखेगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था को सेना देख रही है और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक एक चुनी हुई सरकार नहीं आ जाती है। उनके इस बयान को मोहम्मद यूनुस की कुर्सी के लिए खतरे के तौर पर देखा गया था। आर्मी चीफ की सीधी चेतावनी सीएनएन-न्यूज18 ने शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि वकार-उज-जमान को लग रहा है कि बांग्लादेश को बाहरी हाथों से नियंत्रित किया जा रहा है। सूत्र ने कहा, जनरल जमान ‘राजनीतिक नेतृत्व को चुनाव की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहे हैं, अन्यथा सेना का नियंत्रण एक और विकल्प है।’ बांग्लादेश में एक्टिव है आईएसआई असलियत में शेख हसीना के जाने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बांग्लादेश अपनी प्लानिंग में जुट गई है। आईएसआई के एजेंट समझे जाने वाली जमात-ए-इस्लामी के लोग बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में पैठ बनाए हुए हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार तो खुलकर अपना पाकिस्तान प्रेम दिखा रहे हैं। अगस्त में पद संभालने के बाद से वे कई बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। मोहम्मद यूनुस को सीधा संदेश इसके अलावा मोहम्मद यूनुस देश में आम चुनाव कराए जाने को लेकर हीलाहवाली कर रहे हैं। यूनुस प्रशासन सुधारों का हवाला देकर चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं कर रहा है। जबकि बांग्लादेश सेना प्रमुख ने शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद 18 महीने के अंदर चुनाव कराने की बात कही थी। ऐसे में बांग्लादेश सेना प्रमुख का ताजा बयान मोहम्मद यूनुस के लिए सीधी चेतावनी है कि सत्ता में बने रहने के लिए अगर चुनाव टाले गए तो उन्हें नई स्थिति के लिए तैयार रहना होगा और वह होगी देश पर सैन्य शासन। देश में सैन्य विद्रोह की जताई थी आशंका सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने कुछ महीने पहले देश में सैन्य विद्रोह की आशंका भी जताई थी। उन्होंने ढाका के रावा क्लब में 2009 के क्रूर पिलखाना नरसंहार के शहीदों की याद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर हमें कोई समस्या या मुद्दा आता है, तो हमें उसे बातचीत के ज़रिए सुलझाना चाहिए। बिना किसी मकसद के इधर-उधर भागने से सिर्फ नुकसान ही होगा। 25 फरवरी 2009 को बांग्लादेश में खूनी सैन्य विद्रोह हुआ था, जिसे बांग्लादेश राइफल विद्रोह या पिलखाना नरसंहार के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन ढाका में बांग्लादेश राइफल्स (BDR) की एक यूनिट ने विद्रोह किया था।

GIS के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आने से खुशी का माहौल, 26.61 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव

भोपाल राजधानी में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आने से खुशी का माहौल है। लेकिन साथ ही, पुराने सवाल भी उठ रहे हैं। क्या वाकई में इतना निवेश आएगा? और क्या इतनी नौकरियां मिलेंगी? मुख्य सचिव अनुराग जैन ने GIS में मंगलवार को भरोसा दिलाया कि सरकार निवेश के वादों को हकीकत में बदलने के लिए काम करेगी। 26.61 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश दो दिन चले GIS में 26.61 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह राशि राज्य के कुल कर्ज और बजट से कई गुना ज्यादा है। पिछले पांच सालों में मिले कुल निवेश प्रस्तावों से भी यह काफी ज्यादा है। सरकार का अनुमान है कि इससे 17.34 लाख नौकरियां पैदा होंगी। अगर ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश की बेरोजगारी की समस्या आधी से ज्यादा हल हो सकती है। राज्य में करीब 30 लाख बेरोजगार युवा हैं। राज्य की आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद GIS में मध्य प्रदेश को मिले निवेश प्रस्तावों से राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है। 26.61 लाख करोड़ रुपये का यह आंकड़ा राज्य के मौजूदा कर्ज 4.15 लाख करोड़ रुपये से छह गुना से भी ज्यादा है। यह राशि राज्य के बजट, जो इस साल 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है, से भी कई गुना ज्यादा है। इससे साफ है कि अगर ये निवेश प्रस्ताव हकीकत में बदलते हैं तो राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। 17.34 लाख नौकरियां मिलने की संभावना निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बड़ी संख्या में पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन प्रस्तावों से 17.34 लाख नौकरियां पैदा होंगी। मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या करीब 30 लाख है। ऐसे में अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो राज्य में बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने GIS में इस बात की उम्मीद जताई कि निवेश के इरादे राज्य में फलित हों। पिछले अनुभवों को देखते हुए बढ़ी चिंता हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए कुछ चिंताएं भी हैं। पहले के निवेश प्रस्तावों में से सिर्फ 10% ही जमीन पर उतरे हैं। इस बार सरकार का कहना है कि वह हर निवेश प्रस्ताव पर नजर रखेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि अधिकारी निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे ताकि उनके वादे पूरे हों। मुख्य सचिव हर महीने इसकी समीक्षा करेंगे। जैन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने GIS के समापन समारोह में यह जानकारी दी। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। बीजेपी ने 4 लाख नौकरियों का किया है वादा सरकारी नौकरियों की बात करें तो अगस्त 2022 से भाजपा सरकार ने 4 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया है। इनमें से करीब एक लाख नौकरियां देने का दावा किया गया है। सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों को मिलाकर मध्य प्रदेश में कुल 24 लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल के अनुसार, मंगलवार तक 29,68,663 युवा पंजीकृत थे। यह राज्य में बेरोजगार युवाओं की सही संख्या नहीं है, लेकिन इसे अनुमान का आधार माना जाता है। एक साल में एमपी में हुए 7 क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन एक साल में, राज्य को मध्य प्रदेश में 7 क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों के माध्यम से 4.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार ने कहा था कि क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों में, मध्य प्रदेश को 4.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 4.5 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद थी। अगर GIS और क्षेत्रीय औद्योगिक शिखर सम्मेलनों के आंकड़ों को मिला दिया जाए, तो राज्य को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 21 लाख से ज्यादा नौकरियों का आश्वासन मिला है।

धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिली, बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर

 धार मध्य प्रदेश के धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिल गई है। धार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इस साल 60 हजार नए मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य मध्य प्रदेश के किसी भी जिले से सबसे अधिक है, जिससे हजारों गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा। बता दें कि, धार में अबतक एक लाख 16 हजार से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन क्षेत्रों में बनेंगे मकान धार के 13 ब्लॉकों में नए आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बदनावर (6039 आवास) और सरदारपुर (5550 आवास) को सबसे अधिक मकान बनाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, धार शहर में 2860, धरमपुरी में 3376, मनावर में 3667, उमरबन में 3610 और अन्य जनपदों को भी अलग-अलग लक्ष्य मिले हैं। जिला पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की तैयारी चल रही है। बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि निर्माण सामग्री और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ लाख और शहरी क्षेत्रों में ढाई लाख रुपये की राशि दी जाती है, जो किश्तों में जारी होती है। गौरतलब है कि, आवास प्लस के दूसरे चरण के लिए साल 2024-25 के लिए धार को पहले 18 हजार का लक्ष्य मिला था। वहीं इसमें इजाफा करते हुए 42 हजार अतिरिक्त आवास का टारगेट दिया है।  5 साल में 10 लाख लोगों को मिलेगी पक्की छत प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0) के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई. इस योजना के अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा. इसमें 50 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे. बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा.     प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 1 करोड़ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 10 लाख आवास मध्यप्रदेश में बनाने का निर्णय लिया गया है। इनका रखा जाएगा विशेष ध्यान इस योजना के अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा. इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ISS) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा कितनी सब्सिडी मिलेगी? बीएलसी घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा एएचपी घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई. 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है. इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है. शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई. ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई. एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके.

भाजपा नेतृत्व अन्य राज्यों के अध्यक्षों के सामाजिक समीकरणों को देखकर मध्य प्रदेश में फैसला लेगा

नईदिल्ली भाजपा के संगठन चुनावों में राज्यों के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लगभग आधा दर्जन राज्यों में पार्टी को कुछ नेताओं को लेकर मुखर विरोध के साथ सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों को लेकर काफी पसीना बहाना पड़ रहा है। पार्टी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तभी हो सकता है, जबकि पचास फीसदी यानी आधे राज्यों के चुनाव हो जाएं। भाजपा के संगठन के 38 प्रदेश हैं और अभी लगभग 10 राज्यों के चुनाव ही पूरे हुए हैं। भाजपा को संगठन चुनावों में कर्नाटक में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र को बरकरार रखने के लिए राज्य के नेताओं के एक समूह के मुखर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। तमिलनाडु, केरल व पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को अब एक साल बचा है। ऐसे में वहां बदलाव किया जाए या नहीं और किया जाए तो किसे नेतृत्व दिया जाए, इस पर फैसला नहीं हो पा रहा। उत्तर प्रदेश में नए नेता की तलाश उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पद छोड़ने की पेशकश कर दी थी। चूंकि, संगठन चुनाव होने थे, इसलिए बदलाव नहीं किया गया था। सूत्रों का कहना है कि होली के बाद ही नए अध्यक्ष का फैसला हो पाएगा। सामाजिक व क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाब से नया अध्यक्ष चुना जाएगा। मध्य प्रदेश में दलित व आदिवासी चेहरे पर विचार मध्य प्रदेश में मौजूदा अध्यक्ष वीडी शर्मा को पांच वर्ष हो गए हैं। वहां राजपूत, ब्राह्मण के साथ दलित व आदिवासी नेताओं के नाम पर भी विचार किया गया है। भाजपा नेतृत्व अन्य राज्यों के अध्यक्षों के सामाजिक समीकरणों को देखकर फैसला लेगा। तेलंगाना-गुजरात में अहम हैं सामाजिक समीकरण तेलंगाना और गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। दोनों राज्यों में अभी चुनाव नहीं हैं, ऐसे में वहां पर भविष्य की चुनौती व संभावनाओं को देखते हुए बदलाव किए जाने हैं। दोनों ही राज्यों में सामाजिक समीकरण काफी अहम हैं। हालांकि, पार्टी में कुछ नेता इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि एक व्यक्ति, एक पद को लेकर भाजपा अपने रुख में कुछ लचीलापन रखे और कुछ राज्यों को इसका अपवाद बनाकर रखा जाए। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व इसके पक्ष में नहीं दिख रहा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet