LATEST NEWS

रायपुर में 15 साल बाद ढहा कांग्रेस का किला, 10 के 10 नगर निगम में भाजपा का कब्जा

रायपुर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है. 10 के 10 नगर निगमों में भाजपा ने कांग्रेस को मात देकर महापौर की कुर्सी पर कब्जा किया है. रायपुर में 15 साल बाद कांग्रेस का किला ढहा दिया गया है. यहां बीजेपी महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने करीब एक लाख 46 हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे को मात दी है. बता दें कि 11 फरवरी को 10 नगर निगमों में वोटिंग हुई थी. इनमें अंबिकापुर, कोरबा, चिरमिरी, जगदलपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और रायपुर नगर निगम शामिल हैं. इस चुनाव में महापौर के 79 प्रत्याशी मैदान पर थे. जानिए कहां-कौन कितने वोट से जीते रायपुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – दीप्ति दुबे भाजपा महापौर प्रत्याशी – मीनल चौबे कौन कितने वोट से आगे – एक लाख 46 हजार वोट से भाजपा की जीत दुर्ग नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – प्रेमलता साहू भाजपा महापौर प्रत्याशी – अल्का बाघमार रिजल्ट – 67 हजार वोट से भाजपा की जीत कोरबा नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – उषा तिवारी भाजपा महापौर प्रत्याशी – संजू देवी रिजल्ट – 52,000 वोट से भाजपा की जीत अंबिकापुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – अजय तिर्की भाजपा महापौर प्रत्याशी – मंजूषा भगत रिजल्ट – 11,063 वोट से भाजपा की जीत बिलासपुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – प्रमोद नायक भाजपा महापौर प्रत्याशी – पूजा विधानी कौन कितने वोट से आगे – 66,179 वोट से भाजपा की जीत राजनांदगांव नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – निखिल द्विवेदी भाजपा महापौर प्रत्याशी – मधुसूदन यादव कौन कितने वोट से आगे – 41 हजार से अधिक मतों से भाजपा की जीत रायगढ़ नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – जानकी काटजू भाजपा महापौर प्रत्याशी – जीववर्धन चौहान रिजल्ट – 34365 वोट से भाजपा की जीत जगदलपुर नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – मककीत सिंह गैदू भाजपा महापौर प्रत्याशी – संजय पांडेय रिजल्ट – 8772 वोट से भाजपा की जीत चिरमिरी नगर निगम कांग्रेस महापौर प्रत्याशी – विनय जायसवाल भाजपा महापौर प्रत्याशी – रामनरेश राय रिजल्ट – 4000 वोट से भाजपा की जीत धमतरी नगर निगम भाजपा महापौर प्रत्याशी – जगदीश रामू रोहरा रिजल्ट – 34085 वोट से भाजपा की जीत  

एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी सिर्फ ई-बैंक गारंटी के रूप में ही मिलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 19 पवित्र शहरों और गांवों में शराब दुकानों को एक अप्रैल से बंद किया जाएगा। उनसे होने वाली आय की भरपाई के लिए सरकार संबंधित जिले की बाकी दुकानों में 25 फीसदी तक की वृद्धि करेगी। रेस्तरांं में ओपन एरिया में बिकने वाली शराब के लिए भी फ्लोर एरिया बढ़ाने की सहमति दी गई है। विभाग ने कमर्शियल आयोजनों के लिए भी व्यक्तियों की संख्या के आधार पर लाइसेंस फीस तय की है। ई-बैंक गारंटी की वैधता 30 अप्रैल 2026 तक एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी सिर्फ ई-बैंक गारंटी के रूप में ही मिलेगी। इसके माध्यम से ही शराब दुकानों का आवंटन किया जा सकेगा। ई-बैंक गारंटी की वैधता अवधि कम से कम 30 अप्रैल 2026 तक होगी। इसके लिए एफडी स्वीकार नहीं की जाएगी और पहले से जमा एफडी का नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा। जो ई-बैंक गारंटी दी जाएगी उसका कहीं और प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। नई आबकारी नीति जारी करते हए आबकारी विभाग ने कहा है कि ई-बैंक गारंटी को लेकर ठेकेदार से प्रमाणित दस्तावेज भी लिए जाएंगे कि ई-बैंक गारंटी पर पहला हक उस ठेके के लिए होगा जो ठेकेदार को मिलेगा। यह बैंक गारंटी सिर्फ साइबर ट्रेजरी के माध्यम से जमा ई चालान या स्वीकार्य बैंकों की ई-गारंटी के रूप में मंजूर की जाएगी। पवित्र शहरों और गांवों के लिए भी बताए प्रावधान आबकारी नीति में प्रदेश के पवित्र शहरों और गांवों की शराब दुकानों को बंद किए जाने के बाद सरकार ने उसकी भरपाई के लिए विकल्प तैयार किए हैं। इसमें कहा है कि अगर किसी शराब दुकान का वार्षिक मूल्य 500 करोड़ रुपए है और इनमें से बंद की जाने वाली शराब दुकानों का वर्ष 2024-25 का वार्षिक मूल्य 100 करोड़ रुपए है तो ऐसी स्थिति में शेष वार्षिक मूल्य 400 करोड़ रुपए की शराब दुकानों के रिजर्व मूल्य की गणना नए फॉर्मूले के आधार पर की जाएगी। फॉर्मूले में कहा है कि बंद की जाने वाली दुकान के वर्ष 2024-25 के कुल वार्षिक मूल्य का जिले की शेष शराब दुकानों के इसी वर्ष के कुल वार्षिक मूल्य का प्रतिशत निकाला जाएगा जो 25 प्रतिशत होगा। विभाग ने इसे उदाहरण के साथ समझाते हुए कहा है कि अगर किसी दुकान का वर्ष 2024-25 में वार्षिक मूल्य 10 करोड़ रुपए है तो वर्ष 2024-25 के वार्षिक आधार मूल्य में 20 प्रतिशत वृद्धि कर उसका अंतरिम रिजर्व मूल्य निकाला जाएगा, जो 14.50 करोड़ रुपए होगा। दुकानों को कहीं शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा नई आबकारी नीति में कहा है कि 13 नगरीय निकायों और 6 ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से शराब दुकानों का संचालन नहीं किया जाएगा। यहां किसी भी प्रकार के बार और वाइन आउटलेट के लाइसेंस एक अप्रैल 2025 से नहीं दिए जाएंगे। इनके संचालन की भी अनुमति नहीं होगी। यहां की दुकानों को कहीं शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा। नीति में कहा है कि भौगोलिक एरिया के आधार पर अधिकतम चार शराब दुकानों को मिलाकर आवश्यकता के आधार पर एकल समूह बनाया जा सकेगा लेकिन इससे अधिक दुकानों के समूह के मामले में आबकारी आयुक्त ही फैसला करेंगे। नीति में यह भी कहा है कि सभी शराब दुकानों पर पाइंट आफ सेल (POS) मशीनें लगाई जाएंगी और शराब की बोतल पर चस्पा एक्साइज एडहेसिव लेवल को स्कैन कर ही बिलिंग और बिक्री की जाएगी। ऐसा नहीं किए जाने पर पहली बार 25 हजार रुपए और इसके बाद हर जांच में पांच हजार रुपए प्रति केस पेनल्टी में वृद्धि की जाती रहेगी। यानी दूसरी बार तीस हजार, तीसरी बार पैंतीस हजार रुपए पेनल्टी लगाई जाएगी। ओपन एरिया में शराब बांटने का दायरा बढ़ाया अभी रेस्त्रां बार लाइसेंस को अपने डाइनिंग एरिया के अतिरिक्त अन्य फ्लोर और खुली छत पर भी संचालित कर सकते हैं। ऐसे एक्स्ट्रा फ्लोर के लिए 500 वर्गफीट का एरिया जरूरी होता है और हर फ्लोर के लिए 10 प्रतिशत अधिक लाइसेंस फीस देना होती है। नए वित्त वर्ष में यह पात्रता एक्स्ट्रा फ्लोर और खुली छत के सात रेस्त्रां के उसी फ्लोर पर खुले स्थान को भी शर्तों के साथ दी जा सकेगी। यह पात्रता रेस्त्रां बार के साथ लो एल्कोहलिक बेवरेज बार को भी होगी। कमर्शियल आयोजनों के लिए लाइसेंस दिए जा सकेंगे आबकारी विभाग ने कहा है कि कमर्शियल किस्म के आयोजनों के लिए प्रासंगिक लाइसेंस दिए जा सकेंगे जिसके लिए अलग लाइसेंस फीस होगी। इस दौरान शराब का उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए जो फीस तय की गई है उसके मुताबिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या के आधार पर लाइसेंस फीस वसूली जाएगी।     500 व्यक्तियों के लिए 25 हजार लाइसेंस फीस होगी।     एक हजार व्यक्तियों के लिए 50 हजार रुपए लाइसेंस फीस होगी।     दो हजार व्यक्तियों के लिए 75 हजार रुपए लाइसेंस फीस होगी।     5 हजार व्यक्तियों के लिए 1 लाख रुपए लाइसेंस फीस होगी।     पांच हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए दो लाख रुपए लाइसेंस फीस होगी।

अमेरिका से आई फ्लाइट में हथकड़ी पहने भारतीयों को देख भड़कीं उमा भारती

भोपाल अमेरिका से अवैध भारतीय अप्रवासियों को बेड़ियों में जकड़कर भारत भेजा गया था. वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस तरीके को शर्मनाक और क्रूर बताते हुए शनिवार को अमेरिकी सरकार पर निशाना साधा. दरअसल 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान 5 फरवरी को अमृतसर पहुंचा, यह अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा निर्वासित भारतीयों का पहला ऐसा जत्था था. बेड़ियों में जकड़कर लाए गए भारतीय दावा किया कि पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ और पैर बेड़ियों में जकड़े रहे और अमृतसर में उतरने के बाद ही उनकी बेड़ियां खोली गईं. इस पर उमा भारती भड़क गईं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लगातार तीन पोस्ट किए. जिसमें उन्होंने लिखा कि, ”जिस तरह से अवैध भारतीय अप्रवासियों को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर अमेरिका से वापस भेजा गया, वह बेहद शर्मनाक और मानवता पर कलंक है. यह निर्दयता एवं हिंसक मनोवृति रेड इंडियंस के एवं अमेरिका में बसे हुए अफ्रीकी मूल के लोगों के मामले में अमेरिका की सरकारों ने कई बार दिखाई है.” ‘ऐसी क्रूरता इस भूमंडल पर महापाप’ उन्होंने लिखा, ”जब उनको हवाई जहाज से ही भेज रहे थे, हथकड़ी बेड़ी में उनको जकड़ कर रखना, अमेरिकी शासन की क्रूरता एवं अमानवीयता को दर्शाता है. अवैध तरीके से किसी देश में घुसना अपराध है, उसकी सजा के प्रत्येक देश में अपने कानून के अनुसार प्रावधान हैं. किंतु ऐसी क्रूरता इस भूमंडल पर महापाप है.” उमा भारती ने यह ट्वीट पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी टैग किए हैं. आज अप्रवासियों को लेकर अमृतसर आ सकती है एक और फ्लाइट बता दें कि 119 अवैध अप्रवासियों को लेकर एक और अमेरिकी विमान के शनिवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने की संभावना है. यह ट्रंप सरकार द्वारा निर्वासित भारतीयों का दूसरा ऐसा जत्था है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विमान के रात करीब 10 बजे हवाई अड्डे पर उतरने की उम्मीद है. PM मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बीच हुई ये कार्रवाई बता दें यह प्रक्रिया ऐसे समय में की जा रही है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की यात्रा के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर आव्रजन सहित कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी ने एक संयुक्त मीडिया सम्मेलन के दौरान सत्यापित भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी में सहयोग की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, लेकिन साथ ही प्रवासियों का शोषण करने वाले मानव तस्करी नेटवर्क से निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

प्रयागराज में भीषण सड़क दुर्घटना, बोलेरो और बस की टक्कर, 10 श्रद्धालुओं की मौत, 19 घायल

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी भीषण हादसे का शिकार हो गई। बोलेरो और बस से जोरदार टक्कर हुई है। हादसे में 10 लोगों की मौत की सूचना है। वहीं, इस भीषण एक्सिडेंट में 19 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसा प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर मेजा इलाके में हुआ है। पुलिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से श्रद्धालु संगम में स्नान करने आ रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। घायलों को तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल में भेजा गया है। सीएम योगी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। प्रयागराज के मेजा इलाके में भीषण हादसा शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 2 बजे हुआ। तेज रफ्तार बोलेरो की बस से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह से टूट गया है। बोलेरो पिचक गई। मरने वाले सभी श्रद्धालु बोलेरो में सवार थे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को गाड़ी से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। बस में सवार श्रद्धालु घायल भीषण हादसे में बोलेरो में सवार 10 श्रद्धालुओं की मौत का मामला सामने आया है। वहीं, बस में सवार 19 श्रद्धालु भी घायल हुए हैं। घायलों को लेकर जानकारी मिल रही है कि वे सभी संगम में स्नान करने के बाद वाराणसी जा रहे थे। बस में सवार श्रद्धालु मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले हैं। सभी घायलों को सीएचसी रामनगर में भर्ती कराया गया है। मलबे को हटाकर शुरू कराया यातायात प्रयागराज-मिर्जापुर हाइवे पर हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। वहां पर गाड़ियों का मलबा देखकर क्रेन को बुलवाया गया। पुलिस ने मलबे को हटाकर ट्रैफिक को शुरू कराया है। पुलिस मौके पर मौजूद है। वहीं, आसपास के लोगों का कहना है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि सोते लोग जाग गए। कई लोग घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सीएम योगी ने लिया संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज जिले में हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सीएम योगी ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। तरुण गाबा मौके पर पहुंचे मेजा कोतवाली क्षेत्र के ऊरुआ में बस और बोलेरो की टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी पिचक गई। बोलेरो इतनी जर्जर हो गई कि शवों को इससे बाहर निकालने में करीब ढाई घंटे का समय लग गया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से स्थिति के बारे में अपडेट जानकारी ली। UP बस्ती में भी बड़ा सड़क हादसा, 4 की मौत यूपी के बस्ती जिले से भी बड़े हादसे की खबर सामने आई है। तेज रफ्तार से जा रहे ट्रैक्टर ट्राली से एक कार की टक्कर हो गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्राली में टेंट का सामान लदा हुआ था. सामने से आ रही कार से ट्रैक्टर की भिड़ंत हो गई। हादसा बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र के बभनान हर्रैया मार्ग पर बेनीपुर तिराहे पर हुआ। हादसे के बाद बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त कार में फंसे शव को पुलिस ने काटकर निकाला है। हादसे की सूचना के बाद एसपी अभिनंदन सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। महाकुंभ में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे बता दें कि महाकुंभ का शनिवार को 34वां दिन है। आज भीड़ ज्यादा उमड़ी है। शहर के रास्ते जाम हैं। रविवार को भी भारी भीड़ रहेगी। 33 दिनों में 50 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। इतिहास में यह सबसे बड़ा आयोजन रिकॉर्ड किया गया। 45 दिन तक चलने वाले महाकुंभ के अभी 12 दिन और बचे हैं। आज करीब 15,000 सफाई कर्मचारियों की ओर से एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छता वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा। इससे पहले साल 2019 में लगे कुंभ के दौरान 10,000 सफाई कर्मियों ने सफाई की थी।

खड़िया समाज के वार्षिक सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। 13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मात्र 13 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतार दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की दर ₹3,100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जिससे पिछले दो खरीफ सीजन में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान बेचने का लाभ मिला है। इस वर्ष प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास मुख्यमंत्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा और समग्र विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे जनजातीय युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। इसके अलावा, बच्चों की उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए  राज्य में 341 विद्यालयों को पीएमयोजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि वे निजी स्कूलों के समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें। जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक श्रीमती गोमती साय विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

रायपुर में भाजपा महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे 27298 वोट से आगे, जीववर्धन चौहान रायगढ़ में 25 हजार वोट आगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है. सभी जगहों पर भाजपा आगे चल रही है. रायपुर में भाजपा महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे 27298 वोट से आगे चल रही हैं. कुल 87425 वोटों की गिनती हो चुकी है. इसमें मीनल चौबे को 54899 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे को 27601 वोट मिले हैं. रायगढ़ में भाजपा महापौर प्रत्याशी जीववर्धन चौहान ने 25 हजार वोट की बढ़त बनाई हुई है. इसके अलावा 37 वार्डों में भी भाजपा पार्षद प्रत्याशी आगे चल रहे. वहीं दुर्ग में भाजपा महापौर उम्मीदवार अल्का बाघमार भी 25 हजार वोट से आगे हैं. बता दें कि प्रदेश में चाहे सरकार भाजपा की हो या कांग्रेस की, लेकिन रायपुर नगर निगम के महापौर की कुर्सी पर कांग्रेस का ही कब्जा रहा. साल 2004 में सुनील सोनी को छोड़कर भाजपा कभी महापौर का चुनाव नहीं जीत पाई. इस बार के निकाय चुनाव की मतगणना जारी है. 70 हजार वोटों की गिनती पूरी हो गई है. इसमें से मीनल चौबे को 43 हजार वोट मिले हैं. जानिए, रायपुर नगर निगम का इतिहास ब्रिटिश शासन के दौरान 17 मई 1867 को रायपुर नगर समिति बनी. इसका प्राथमिक उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी बस्ती में बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करना था. इसके बाद साल 1973 में इसका स्वरूप बदला और रायपुर नगर निगम बना. उस समय रायपुर नगर निगम में कुल 40 वार्ड थे. 1980 में पहली बार हुए नगर निगम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के स्वरूप चंद जैन महापौर बने. इसके बाद 1981 से 82 तक कांग्रेस के एसआर मूर्ति महापौर बने. 1982 से 1983 तक फिर स्वरूपचंद जैन महापौर रहे. 1983 से 84 तक कांग्रेस के ही तरुण चटर्जी, 1984-85 तक कांग्रेस के संतोष अग्रवाल महापौर चुने गए. 1985 से लेकर 1995 तक रायपुर नगर निगम में प्रशासक बैठे थे. फिर 1995 में वार्डों की संख्या बढ़कर 60 कर दी गई . 1995-2000 तक कांग्रेस के बलबीर एस जुनेजा महापौर चुने गए. पहले नगर निगम कार्यालय जयस्तंभ के पास था. इसके बाद नया नगर निगम कार्यालय सीटी कोतवाली के पास भव्य रूप में बनाया गया है, जिसे व्हाइट हाउस के नाम से भी जाना जाता है. वर्तमान में रायपुर नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं. 2004 में पहली बार महापौर चुनाव में कांग्रेस को मिली थी हार साल 2000 में छत्तीसगढ़ गठन के बाद तरुण प्रसाद चटर्जी रायपुर के पहले महापौर थे. हालांकि बाद में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया था. छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहले स्थानीय निकाय चुनाव साल 2004 में हुआ. तब भाजपा के सुनील सोनी रायपुर नगर निगम के महापौर बने, जो वर्तमान में विधायक हैं. रायपुर नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था, जब कांग्रेस को महापौर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. 2010 से 2015 तक कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक महापौर रहीं. वे रायपुर नगर निगम की पहली महिला महापौर थीं. इसके बाद 2015 से 2020 तक कांग्रेस के प्रमोद दुबे महापौर रहे. 2020 से 2025 तक एजाज ढेबर महापौर रहे. भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में महापौर का अप्रत्यक्ष चुनाव हुआ. इस नियम को बदलते हुए वर्तमान साय सरकार ने इस बार महापौर का प्रत्यक्ष चुनाव कराया. सभी जगह ईव्हीएम से चुनाव संपन्न कराया गया.

मुख्यमंत्री ने किया यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 का वर्चुअल शुभारंभ उज्जैन में आरंभ हुआ तीन दिवसीय कॉन्क्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “वैश्विक चुनौतियों का समाधान युद्ध में नहीं बुद्ध में’’ मानते हैं। सनातन संस्कृति में कई सभ्यताओं के आविर्भाव से पहले ही वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री मोदी इसी भाव से विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास और विश्व के कल्याण में विश्वास रखती है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जहाँ युद्ध, आतंकवाद और संघर्ष ने पूरी दुनिया को तनावग्रस्त किया है, ऐसे में यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव जैसे आयोजन शांति, समरसता और मानवता की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए समाधान प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालिदास अकादमी उज्जैन में आरंभ यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 के तीन दिवसीय जीवन प्रबंधन कार्यशाला का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षणों में महाकालेश्वर जलाभिषेक, पृथ्वी तत्व का आव्हान, पंचमहाभूत आव्हान और विशेष सांस्कृतिक संध्या जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन अनुष्ठानों से सम्पूर्ण विश्व के बीच एकता और समरसता को प्रकट करने के प्रयास होंगे। कुल 22 देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने देशों की नदियों के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक करेंगे। यह कॉन्क्लेव भारत की प्राचीन संस्कृति, योग और आध्यात्मिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। यह भारत की पॉवर को और अधिक सशक्त करेगा तथा विश्व, भारत की आध्यात्मिक शक्ति से लाभान्वित हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के सहभागियों से वैश्विक शांति की स्थापना और विश्व में प्रेम, सौहार्द्र तथा सकारात्मकता के प्रसार में हरसंभव योगदान देने संकल्प लेने का आव्हान किया। उज्जैन में आरंभ हुए इस कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन, कॉन्क्लेव के समन्वयक विक्रांत सिंह तोमर सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव में 22 देशों के विद्वान, संत, आध्यात्मिक शिक्षक और लाइफ कोच विचारक वैश्विक शांति और समरसता के लिए अपने विचार साझा करेंगे।  

औद्योगिक निवेश और रणनीतिक नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश और रणनीतिक नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस बार की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट न सिर्फ अपनी भव्यता बल्कि गहरे रणनीतिक बदलावों और नए औद्योगिक विज़न से भी चर्चा में है। भोपाल, जो अब तक प्रशासनिक और सांस्कृतिक रूप से पहचाना जाता था, अब निवेश और व्यापार का नया ग्लोबल पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बनने जा रहा है। झीलों की नगरी भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट होने जा रही है। भोपाल का आकर्षण और राज्य सरकार की सहज एवं पारदर्शी उद्योग फ्रेंडली नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। नवाचारों का केन्द्र बनेगा जीआईएस इस वर्ष के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को ‘पॉलिसी-ड्रिवन इन्वेस्टमेंट समिट’ का नया मॉडल दिया गया है। पहली बार, सरकार 20 से अधिक नीतियों को एकसाथ प्रस्तुत कर रही है, जिससे निवेशकों को हर सेक्टर के लिए स्पष्ट रणनीति और अवसर मिलेंगे। अब इन्वेस्टर्स को केवल संभावनाएँ नहीं, बल्कि सरकार की ठोस योजनाओं और तत्काल प्रभावी पॉलिसी सपोर्ट का भरोसा मिलेगा। इस बार का GIS पारंपरिक कॉन्फ्रेंस से आगे बढ़कर “फोकस्ड इन्वेस्टमेंट डिस्कशन” का मंच बनने जा रहा है। यानी, आईटी, टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटोमोबाइल, ईवी, अक्षय ऊर्जा जैसे हर सेक्टर के लिए अलग सत्र होंगे, जहां इंडस्ट्री लीडर्स और सरकार के बीच प्रत्यक्ष संवाद और सेक्टर-केंद्रित समझौते होंगे। समिट में पहली बार ‘इंडस्ट्रियल एक्सपो’ और ‘मेक इन एमपी’ का संयोजन किया गया है, जहां प्रदेश की औद्योगिक ताकत, विनिर्माण क्षमता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उसकी स्थिति को प्रस्तुत किया जाएगा। जीरो अपशिष्ट समिट जीआईएस-2025 को ‘जीरो अपशिष्ट’ समिट बनाने की रणनीति तैयार हो चुकी है। समिट स्थल पर केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग होगा, आयोजन स्थल 100% अक्षय ऊर्जा से संचालित होगा और पूरे समिट में पेपरलेस ऑपरेशंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड इंटरेक्शन और डिजिटल टेक्नोलॉजी का समावेश होगा। औद्योगिक राजधानी के रूप में नई पहचान भोपाल को पहली बार औद्योगिक राजधानी के रूप में नई पहचान मिलने जा रही है। यह आयोजन प्रदेश की नई इंडस्ट्रियल जर्नी की आधारशिला साबित होगा। समिट न केवल बड़े निवेशकों के लिए बल्कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और स्टार्टअप्स के लिए भी एक बड़ा अवसर लेकर आ रही है। प्रदेश के स्थानीय उद्यमों को वैश्विक निवेशकों और तकनीकी साझेदारों के साथ जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे इनका विस्तार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक होगा। राजधानी के चारों ओर फैले औद्योगिक क्षेत्रों—मंडीदीप, गोविंदपुरा, बागरोदा, पिलुखेड़ी और अन्य औद्योगिक हब को इस समिट से नए निवेश, नई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल टाई-अप्स का फायदा मिलेगा। जीआईएस-2025 केवल निवेश ही नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के अवसर देने वाला मंच भी साबित होगा। इस समिट में आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में नई नौकरियों के अवसर पैदा करने वाले एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। औद्योगिक क्रांति का केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब केवल ‘संभावनाओं का प्रदेश’ नहीं, बल्कि ‘औद्योगिक क्रांति का अगला केंद्र’ बन चुका है। GIS 2025 के मंच से प्रदेश की आर्थिक शक्ति, नीति-संवर्धित औद्योगिक मॉडल और वैश्विक निवेश के प्रति प्रतिबद्धता पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी। भोपाल अब सिर्फ मध्यप्रदेश की राजधानी नहीं, बल्कि भारत के नए औद्योगिक भविष्य का प्रतीक बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस-2025 इसी परिवर्तन की मजबूत नींव रखने जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास से मुख्यमंत्री योगी ने भोजताल की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से  समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने उ.प्र. के मख्यमंत्री का अंगवस्त्रम ओढ़ाकर व राजाभोज की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास कार्यालय कक्ष से उ. प्र. मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल की बड़ी झील (भोजताल) की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान बड़ी झील सदियों पुरानी है। यहां के तत्कालीन शासकों ने उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर इसे जल संग्रहण के लिए निर्मित कराया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मध्यप्रदेश में होने वाले सिंहस्थ की चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें अवगत कराया कि वर्ष 2028 में उज्जैन शहर में सिंहस्थ का भव्य आयोजन होगा। सिहंस्थ आयोजन के प्रबंधों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए वर्तमान में प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के लिए हमने मध्यप्रदेश से अधिकारियों का दल भी प्रयागराज भेजा है। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश सरकार में जल शक्ति तथा बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, म.प्र. के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

कल 52 जिलों में होगी परीक्षा, 342 सेंटर में आएंगे 1 लाख 18 हजार उम्‍मीदवार, एमपीपीएससी ने की सभी तैयारियां

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 को लेकर तैयारी पूरी कर ली है। 16 फरवरी रविवार को आयोग ने 52 जिलों में परीक्षा आयोजित की है, जिसमें 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। 342 केंद्रों में दो सत्र में पेपर रखे गए हैं। अकेले इंदौर जिले में 72 सरकारी-निजी कॉलेज व स्कूलों को केंद्र बनाया है। आयोग ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था के लिए बेहतर संचालन को लेकर सेवानिवृत आईएएस-आईएफएस, पूर्व न्यायाधीश सहित 22 आर्ब्जवर बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रों पर निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी बनाए हैं। 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त 31 दिसंबर 2024 को आयोग ने परीक्षा को लेकर विज्ञापन निकाला। 18 विभागों में रिक्त 158 पद रखे हैं। परीक्षा के माध्यम से 10 एसडीएम, 22 उप पुलिस अधीक्षक, 10 अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त, 65 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 14 वित्त विभाग, 7 सहकारी निरीक्षक सहित पदों पर भर्ती की जाएंगी। आयोग ने सीटों का विभाजन कर दिया है। 38 अनारक्षित, 24 एससी, 48 एसटी, 35 ओबीसी और 13 ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें आरक्षित हैं। 17 जनवरी तक आयोग को 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, हरदा, सीहोर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर सहित 52 जिलों में परीक्षा केंद्र रखे गए है। 16 फरवरी को दो सत्रों में परीक्षा आयोजित होगी। पहला प्रश्न पत्र सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच सामान्य अध्ययन और दूसरा प्रश्न पत्र दोपहर 2.15 से 4.15 बजे के बीच सामान्य अभिरुचि परीक्षण का रखा है। न्यायालय के आदेश पर पंजीयन आयोग ने 17 जनवरी को पंजीयन की लिंक बंद कर दी। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी आवेदन से वंचित रह गए। उसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण की। अभ्यर्थियों के पक्ष में न्यायालय ने आदेश दिया। फिर आयोग को पंजीयन के लिए दो दिन लिंक खोली। बावजूद इसके अभी कई अभ्यर्थी जो फार्म नहीं भर पाए हैं। इन्होंने आयोग में भी अधिकारियों से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आवेदन के लिए सिर्फ 17 दिन दिए गए थे। जबकि पहले महीनेभर का समय दिया जाता था। कम हुए हैं आवेदक पिछले साल से राज्य सेवा में कम पद निकाले जा रहे हैं। इस वजह से अभ्यर्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। 2024 में 110 पद भर्तियां निकाली थी, जिसमें 1 लाख 84 हजार आवेदन आए थे। ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आने तक पद बढ़ाएं जा सकते है। इसके लिए अभ्यर्थियों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए।

सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर, उज्जैन में पहली बार मराठाकालीन इमारत को हेरिटेज होटल में बदला

 उज्जैन  सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। महाकाल लोक फेस-2 के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने की बेहतरीन सुविधाओं के तहत उज्जैन में पहली बार एक मराठाकालीन इमारत को हेरिटेज होटल में बदला गया है। महाकाल मंदिर से मात्र 500 फीट की दूरी पर स्थित ‘महाराजवाड़ा THE HERITAGE’ 18 करोड़ की लागत से एमपीटी (MP Tourism) द्वारा तैयार किया गया है। सीएम मोहन यादव 15 फरवरी को इसका लोकार्पण करेंगे। खास बात यह है कि यह AI संचालित होटल होगा, जहां श्रद्धालु आध्यात्मिक माहौल में लग्जरी सुविधाओं का अनुभव कर सकेंगे। 18 करोड़ की लागत से बना होटल मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक इमारत को एक लग्जरी हेरिटेज होटल में बदल दिया है। पहले यह इमारत एक स्कूल के रूप में उपयोग की जाती थी, लेकिन अब इसे सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। होटल में कुल 19 कमरे हैं, जिनमें 9 स्वीट, 6 डीलक्स और 2 सुपर डीलक्स रूम शामिल हैं। खासतौर पर “महाराजा” और “महारानी” नामक दो विशेष सूट पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा संचालित होंगे। इन कमरों में रोशनी, पर्दे, नल और गीजर वॉइस कंट्रोल से संचालित किए जा सकेंगे, जिससे मेहमानों को एक अनूठा डिजिटल अनुभव मिलेगा। रूफटॉप कैफे से मिलेगा महाकाल मंदिर के दिव्य शिखर का दृश्य इस भव्य होटल के परिसर का कुल क्षेत्रफल 5000 वर्ग फीट है और इसमें तीन रेस्टोरेंट के साथ एक शानदार रूफटॉप कैफे भी बनाया गया है। यह रूफटॉप कैफे पूरी तरह एयर-कंडीशनर और कांच से कवर होगा, जिससे यहां बैठकर श्रद्धालु महाकाल मंदिर के दिव्य शिखर के दर्शन कर सकेंगे। होटल में पारंपरिक मालवा व्यंजन भी परोसे जाएंगे, जिससे पर्यटक और श्रद्धालु उज्जैन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, रिसेप्शन लॉबी, वीआईपी लाउंज, लाइब्रेरी, पंचकर्म सुविधा, स्टेज और आध्यात्मिक पुस्तकों की दुकानें भी होंगी। सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष रूप से तैयार महाकाल लोक और भस्म आरती के दर्शन को आसान बनाने के उद्देश्य से यह होटल विशेष रूप से वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है। सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह होटल एक प्रमुख आकर्षण होगा। यहां एक रात ठहरने का किराया 50,000 रुपये तक हो सकता है, जो इसकी लग्जरी सुविधाओं और भव्यता को दर्शाता है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि यह होटल सिर्फ एक लक्जरी होटल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने वाला केंद्र होगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में इस तरह की और भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालु भव्य और दिव्य अनुभव प्राप्त कर सकें। आयरन वेस्ट से बनाईं पांच कलाकृतियां होटल से महाकाल लोक और महाकाल मंदिर का पूरा नजारा देखा जा सकेगा। यहां रुककर सुबह 4 बजे भस्म आरती में पहुंचना भी आसान होगा। रूफ टॉप से शिखर दर्शन के साथ होटल के राइट हैंड तरफ के कमरे से भी शिखर दर्शन हो सकेंगे। परिसर में आयरन वेस्ट से पांच कलाकृतियों का निर्माण भी किया गया है, जिसमें दो त्रिशूल, एक हाथी और दो अन्य मूर्तियां बनाई गई हैं। होटल में लोहे के भव्य गेट लगाए गए हैं। पहले से लगे मराठाकालीन दो भव्य दरवाजों को भी वैसा ही रखते हुए उन्हें पेंट कर सुंदर बना दिया है।

देश में पहली बार 21 राज्यों में भगवा, 92 करोड़ लोगों पर एनडीए का सीधा शासन… मैप में भारत की सियासी तस्वीर

नईदिल्ली लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन इस बार बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल नहीं हुई। लेकिन इस जीत के बाद कांग्रेस के साथ विपक्ष ने माना की अब मोदी लहर खत्म हो रही है लेकिन तीसरे कार्याकल के बाद हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम देखकर इस बात को नकारा नहीं जा सकता की मोदी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 8 राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव लड़ा। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा या गठबंधन की सरकार बनी है। 21 राज्यों में NDA की सरकार दिल्ली: दिल्ली चुनाव में भाजपा ने 26 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज करी है और अब सीएम के नाम का ऐलान करने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा: हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से भाजपा ने 48 सीटों पर दर्ज की थी। हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनी है। नायब सिंह सैनी हरियाणा के 19वें मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। वे 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने थे। अब अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं। अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। बिहार: बिहार में NDA सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। ओडिशा: 2024 में ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं। राजस्थान: राजस्थान में भाजपा ने 200 सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भजनलाल शर्मा राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। गुजरात: गुजरात में 182 सीटों में से 156 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भूपेंद्र पटेल मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 288 सीटों में भाजपा को 132 सीटों पर जीत मिली। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम है। गोवा: 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में भाजपा को 26 सीटे मिली और प्रमोद सावंत NDA के मुख्यमंत्री हैं। मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 230 में से 163 सीटों पर जीत मिली थी। मोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 विधानसभा सीटों में 54 सीटों पर जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में NDA की सरकार है और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है। मेघालय, सिक्किम और नगालैंड में एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं। 3 साल में 21 राज्यों में चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में चुनाव होंगे। 2027 में गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव है। 2 2028 में नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं। मध्य और पश्चिमी भारत में एनडीए का दबदबा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी की सरकार है. 2022 में गुजरात और 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने जीत हासिल की थी. महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में बीजेपी नीत एनडीए ने जीत हासिल की थी. इसी तरह उत्तर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए का कब्जा है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में इंडिया की सरकार है. दक्षिण भारत की 5 में से 4 राज्यों में इंडिया की सरकार है. केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंडिया तो आंध्र में एनडीए की सरकार है. 140 करोड़ आबादी, 92 पर NDA का शासन देश की आबादी अभी 140 करोड़ के आसपास है. दिल्ली में जीत के बाद एनडीए का शासन 92 करोड़ लोगों पर हो गया है. 10 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश (24 करोड़), महाराष्ट्र (12 करोड़) और बिहार (12 करोड़) में एनडीए का ही शासन है. 10 करोड़ या उससे ज्यादा की आबादी वाले किसी भी राज्य में इंडिया की सरकार नहीं है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले 7 में से 4 राज्यों में एनडीए की सरकार है. वहीं तीन राज्यों में इंडिया की सरकार है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले पश्चिम बंगाल (9 करोड़), तमिलनाडु (7 करोड़) और कर्नाटक (6 करोड़) में इंडिया गठबंधन की सरकार है. इसी तरह आंध्र प्रदेश (5 करोड़), गुजरात (6 करोड़), मध्य प्रदेश (8 करोड़) और राजस्थान (8 करोड़) में एनडीए की सरकार है. वहीं 1-5 करोड़ आबादी वाले राज्यों की बात की जाए तो 10 राज्यों में से 6 में एनडीए और 4 में इंडिया की सरकार है. असम (3.5 करोड़), छत्तीसगढ़ (3 करोड़), दिल्ली (1.87 करोड़), हरियाणा (2.8 करोड़) जैसे राज्यों में एनडीए की सरकार है. मेघालय में 33 लाख के आसपास आबादी है. यहां किसी भी गठबंधन की सरकार नहीं है. पहली बार 21 राज्यों में एनडीए की सरकार साल 2018 के मध्य में बीजेपी सत्ता के शीर्ष पर थी. उस वक्त पार्टी के पास 20 राज्यों की सरकार थी. इनमें पूर्वोंत्तर के सभी 7 राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र की सरकार शामिल थी. इसके बाद बीजेपी का परफॉर्मेंस लगातार गिरता ही रहा. 7 साल बाद अब बीजेपी ने अपने 20 राज्यों वाला रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. भगवा लहर में AAP के दिग्गज धराशायी भगवा लहर में आप के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री आतिशी को भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा, लेकिन वह लगभग 3,500 मतों से चुनाव जीतने में सफल रहीं। कांग्रेस को फायदा, मत फीसद बढ़ा कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उसका मत प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन लगातार तीसरे चुनाव में भी उसका खाता नहीं खुल सका। AAP के वोटरों में BJP ने ऐसे लगाई सेंध वर्ष 2014 व वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटें … Read more

सूर्य की किरणों से बिजली बनाने से पर्यावरण सुधार के साथ ही बिल में भी आई कमी, पश्चिम म.प्र. अव्वल

इंदौर सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर पर्यावरण सुधार के साथ ही बिजली बिल में कमी करने को लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश में अच्छा काम हुआ है. इस 12 फरवरी की स्थिति में वेस्ट एमपी यानी मालवा- निमाड़ में 25 हजार 250 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानी सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है. वेस्ट एमपी में सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली इंदौर शहर में 13 हजार 800 स्थानों पर तैयार हो रही है. PM सूर्य घर योजना लागू होने के बाद फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह तक पश्चिम मध्य प्रदेश में बारह हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन किया है. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25 हजार 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है. इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं. पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्यप्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई है. बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ है. प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय और कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं। पीएम सूर्यघर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्य प्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई हैं। बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ हैं। प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय, कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। कहां कितने स्थानों पर सोलर संयंत्र इंदौर शहर सीमा      13800 उज्जैन जिला              2525 देवास जिला              1525 रतलाम जिला            1060 खरगोन जिला            1050 नीमच जिला               680 मंदसौर जिला             670 बड़वानी जिला            650  

अब देश में तिथि मतांतर से दो दिन नहीं मनेंगे त्योहार, ‘एक देश-एक पंचांग’ पर मंथन, देश-विदेश के विद्वान होंगे शामिल

 उज्जैन  तिथि को लेकर मतांतर के कारण पर्व-त्योहार अलग-अलग दिन मनाए जाने की स्थितियां सामने आने के कारण ‘एक देश-एक पंचांग’ की बात फिर उभरी है। इस संदर्भ में अगुवाई करने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन में तैयारी हो रही है। काल गणना की नगरी उज्जैन में विक्रम उत्सव के अंतर्गत 29 मार्च से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, ज्योतिष व अंक गणित के जानकार, हस्त रेखा विशेषज्ञ, वेदाचार्य और पंचांग निर्माता शामिल होंगे। ये सभी ‘एक देश-एक पंचांग’ पर विचार करेंगे। इसके उपरांत सूर्य व चंद्र की गति की गणना से अखंड पंचांग की रचना होगी। भारतीय सनातन धर्म परंपरा में तिथि, वार और तीज-त्योहार का विशेष महत्व है। पंचांग की गणना के आधार पर इसका निर्धारण होता है। इसी के आधार पर हिंदू धर्मावलंबी व्रत, उपवास रखने के साथ तीज-त्योहार मनाते हैं। पंचांग की गणना में मतांतर से सनातन धर्म के कई प्रमुख पर्व-त्योहार दो दिन मनाए जा रहे हैं। इस विषमता को समाप्त करने के लिए ‘एक देश-एक पंचांग’ की अवधारणा पर चर्चा की जा रही है। 29 और 30 मार्च को होगा ज्योतिष सम्मेलन विक्रम उत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्वान पंचांग के पांच अंग वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण व मध्योदय के आधार पर विभिन्न पक्षों पर मंथन कर ‘एक देश-एक पंचांग’ की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करेंगे। विक्रम संवत बने राष्ट्रीय संवत विक्रम विश्वविद्यालय के पुराविद डॉ.रमण सोलंकी के अनुसार ज्योतिष सम्मेलन में विक्रम संवत को राष्ट्रीय संवत की मान्यता और देश का एकमात्र संवत विक्रम संवत हो इस पर शोधपरक व तथ्यात्मक चर्चा होगी। पाकिस्तान व नेपाल से भी आएंगे विद्वान ज्योतिष सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा पाकिस्तान व नेपाल से भी पंचांग निर्माता व ज्योतिष शास्त्र के जानकार शामिल होंगे। पाकिस्तान व नेपाल के साथ गुजरात, राजस्थान, हरियाणा तथा विदर्भ के अनेक विद्वानों ने आने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। पहले भी हो चुका मंथन ज्योतिष सम्मेलनों में ‘एक देश-एक पंचांग’ पर पूर्व में भी मंथन हो चुका है। उज्जैन में वर्ष 2019, 2021, 2023 में भी ज्योतिष सम्मेलनों पर इस तरह की चर्चा हुई थी। हालांकि सभी विद्वान एकमत नहीं हो पाए थे। काशी में भी विद्वानों में इस बात पर मंथन हो चुका है। आशा है कि इस बार उज्जैन में इसे तय कर लिया जाएगा। शासन स्तर पर पहली बार इस तरह का वृहद ज्योतिष सम्मेलन होने जा रहा है। ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन     सनातन धर्म परंपरा के सभी तीज-त्योहार पूरे देश में एक साथ एक दिन मनाए जाएं। विक्रम संवत भारत का राष्ट्रीय संवत हो। इस मंशा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुसार विक्रम उत्सव के अंतर्गत उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विद्वान उक्त दोनों महत्वपूर्ण विषयों के निर्धारण को लेकर मंथन करेंगे। – डॉ. श्रीराम तिवारी, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार व महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  

अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है : हाई कोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इसे तब तक व्यभिचार नहीं कहा जा सकता जब तक कि वह किसी और मर्द के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाती है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा कि व्यभिचार तभी होता है जब शारीरिक संबंध होते हैं। पति ने कोर्ट में दावा किया था कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करत है। ऐसे में वह मेंटिनेंस की हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 (5) और सीआरपीसी की धारा 125 (4) में कहा गया है कि अगर पत्नी पर व्यभिचार के आरोप सही साबित होते हैं तब ही उसे गुजारे भत्ते से वंचित किया जा सकता है। कोर्ट ने फैसले में कहा, व्यभिचार साबित करने के लिए शारीरिक संबंधों को सबित करना जरूरी है। अगर पत्नी किसी से प्यार करती है और शारीरिक संबंध नहीं रखती है तो इसे व्यभिचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि फैमिली कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पति को हर महीने 4 हजार रुपये का गुजारा भत्ता देना होगा। पति वॉर्ड बॉय की तौर पर का करता था और महीने में 8 हजार उसकी इनकम है। पति ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल की और दावा किया कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करती थी। कोरक्ट ने कहा कि सेक्शन 24 के तहत आदेश के बाद पत्नी को पहले से ही 4 हजार का गुजारा भत्ता मिल रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्पताल से दिया गया सैलरी सर्टिफिकेट वेरिफाइ नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा, सैलरी सर्टिफिकेट पर इसे जारी करने का स्थान और तारीख ही नहीं दी गई है। ऐसे में कोर्ट के लिए यह निर्णय करना मुश्किल है कि यह सर्टिफिकेट सही है या फर्जी है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि वह एक सक्षम व्यक्ति नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कम इनकम इस बात का आधार नहीं हो सकता कि वह मेंटिनेंस नहीं देगा। अगर पति को पता था कि वह उसकी रोजाना की जरूरत भी नहीं पूरी कर सकता तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। उसे पत्नी की जिम्मेदारी उठाने के लिए कमाना चाहिए था। पति ने यह भी दावा किया था कि उसकी पत्नी ब्यूटी पार्लर चलाती है। कोर्ट ने कहा कि पति को 4 हजार रुपये का मासिक गुजारा भत्ता देना ही होगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet