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मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन

लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवाकाल में सर्वाधिक सम्मान मिला जबलपुर में : जस्टिस कैत मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन जबलपुर महाधिवक्‍ता कार्यालय ने किया अभिनंदन समारोह आयोजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय पालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर निरूपित करते हुये कहा कि कार्यरत प्रधानमंत्री के विरूद्ध फैसला करने का जज्बा केवल भारतीय न्याय पालिका में ही है। उन्होंने न्याय करने में मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में महाधिवक्‍ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा कि उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में जितना सम्मान नहीं मिला, उससे अधिक सम्मान मात्र तीन महिने की अल्पावधि में ही जबलपुर में मिला है। अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस कैत के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्‍यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था विश्‍व में भारत को अलग पहचान देती है और गौरव भी बढ़ाती है। न्‍यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये हैं जो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्‍याय पालिका यह तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्‍से हैं। कानून निर्माण का काम कार्यपालिका करती है तो उसकी व्‍याख्‍या करने का काम न्‍यायपालिका द्वारा किया जाता है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ कई बदलाव आते हैं, बदलते हुए युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ही हमारी न्‍याय पालिका की विशिष्ट पहचान है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्‍याय व्‍यवस्था ने ऐसे कई फैसले लिये हैं जिनमें योग्‍यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्‍यों को भी तरजीह दी गई है। महाभारत काल में पांडवों और कौरवों में यही अंतर था कि पांडव जीवन मूल्‍य एवं नैतिकता समाहित किये हुए थे। ठीक उसी तरह कर्ण की योग्‍यता किसी से कम नहीं थी किन्‍तु उनमें नैतिकता के स्थान पर प्रतिशोध की भावना प्रबल होने के साथ जीवन मूल्‍यों का अभाव था। मुख्‍य न्‍यायाधिपति जस्टिश कैत ने कहा कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और अन्‍य हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। सम्पूर्ण सेवाकाल की अवधि में जितना सम्‍मान प्राप्‍त हुआ उससे भी अधिक सम्‍मान मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में मिला है। यहां पर वरिष्‍ठ एवं सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों से न्‍यायिक व्‍यवस्‍था को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मिले हैं। हम पूरी तरह आशान्वित हैं कि बेहतर न्याय व्यवस्था के लिये हमें प्रदेश सरकार का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का किया अभिनंदन अभिनंदन समारोह में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव, मुख्‍य न्‍यायाधीश मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय कैत एवं अन्‍य अधिवक्‍ताओं द्वारा सतीशचंद्र दत्‍त, राजेन्‍द्र प्रसाद जायसवाल, रवीशचंद्र अग्रवाल, वी रमेशराव, रविनंदन सिंह, गणेश नारायण पुरोहित, त्रिलोचन सिंह रूपराह, इम्तियाज हुसैन, श्रीर वी.एस. श्रोत्रीय एवं मोहनलाल जायसवाल को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया। लोक नर्तक दल को मिलेंगे एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रसिद्ध अहीर नृत्य की प्रस्तुति देने वाले शैलेंद्र पांडेय के दल की सराहना की। उन्होंने नर्तक दल को पुरस्‍कार स्‍वरूप एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की। समारोह में न्‍यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड. राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड संजय अग्रवाल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड धन्य कुमार जैन, जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा एवं सीनियर एडवोकेट काउंसिल के महासचिव एड आदित्य धर्माधिकारी समारोह में मंचासीन थे। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। समारोह का संचालन उप महाधिवक्‍ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने किया। आभार प्रदर्शन उप महाधिवक्‍ता विवेक शर्मा ने किया। समारोह में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशगण, अधिवक्‍तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री ने की सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों की समीक्षा

प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर प्रदेश को मिली नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगातें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मालवा और बुंदेलखण्ड में सिंचाई सुविधा के साथ ही उपलब्ध होगा पर्याप्त पेयजल मुख्यमंत्री ने की सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर ही पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो अभियान के लिए एमओए हुआ और उनके नेतृत्व में ही 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ हो रहा है। दोनों ही परियोजनओं का लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसम्बर को खजुराहो आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों के अधिक से अधिक नागरिक खजुराहो पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन तथा आभार व्यक्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सागर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में संचालित जनकल्याण शिविरों की प्रगति के संबंध में समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन हो सका है। इससे मालवा और बुंदेलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विस्तार के साथ ही पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल के उपयोग पर स्कूलों में चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को जोड़ते हुए जन-जन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। इन परियोजनाओं से लाभान्वित हो रही विधानसभाओं के विधायक परियोजनाओं के क्रियान्वयन से होने वाले लाभों की जानकारी स्थानीय नागरिकों को दें और जल का मितव्ययी उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। प्रदेश की नदियों को जोड़ने के लिए भी बनाएं प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों परियोजनाएं अंतर्राज्यीय हैं। जरूरत है कि प्रदेश की नदियों को भी उपयोगिता के आधार पर जोड़ने के लिए प्रस्ताव बनाए जाएं। दोनों परियोजनओं के लाभ लेने के लिए भी जिला स्तर पर कार्य योजना बनाई जाएं। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में जन हितैषी कार्य लंबित न रहें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में जन कल्याण अभियान संचालित किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर जन हितैषी कार्य लंबित न रहें। अभियान में बने दल, घर-घर सर्वे कर आवेदन प्राप्त करें। सभी शिविरों में जनप्रतिनिधि भी सक्रिय सहभागिता करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे को प्राथमिकता से लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर बैठक कर अब तक हुए जनकल्याणकारी कार्यों और विकास गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विषयों के निराकरण में जिला स्तर पर कठिनाई आ रही है उन्हें राज्य स्तर पर अविलंब प्रस्तुत किया जाए। सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में लगेंगे 12 हजार से अधिक शिविर बैठक में जानकारी दी गई कि सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत 12 हजार से अधिक शिविर लगाए जा रहे हैं। शाजापुर, गुना, मंदसौर, उज्जैन और पन्ना जिलों में अब तक प्रस्तावित शिविरों में से 75 प्रतिशत से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं। अभियान के अंतर्गत सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में हुए शिविरों में अब तक 72 हजार 600 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41 हजार 381 को स्वीकृति प्रदान की गई। सर्वाधिक आवेदन उज्जैन, छतरपुर, अशोक नगर, ग्वालियर, सागर, रतलाम और गुना जिलों में प्राप्त हुए हैं। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सर्वाधिक प्राप्त 20 हजार 134 आवेदनों में से 15 हजार 138 (75.2) प्रतिशत को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार निर्माण श्रमिकों के पंजीयन संबंधी आवेदनों में से 51 प्रतिशत और चालू खसरा/ खतौनी की प्रतिलिपियों के प्रदाय संबंधी 64 प्रतिशत आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में दिए सुझाव बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एंदल सिंह कंसाना,खाद्य आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप,उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति राज्य मंत्री ध्रमेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, ओमप्रकाश सखलेचा सहित सागर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में विद्यमान विधानसभाओं के विधायक उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित मंत्रीगण तथा विधायकों ने भी सुझाव प्रस्तुत किए। संबंधित संभागायुक्त, जिला कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।  

CM डॉ. मोहन यादव आज पन्ना में करेंगे करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास, जल कलश यात्रा का होगा समापन

पन्ना पन्ना जिले में आज जल संरक्षण और विकास कार्यों के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नगर के पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जल कलश यात्रा का समापन और करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल दोपहर 3:30 बजे हेलीकॉप्टर से पन्ना पहुंचेंगे। इसके बाद वे पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के तीनों विधायक और स्थानीय सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने आज स्थानीय पॉलिटेक्निक मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जिले के कार्यकर्ताओं और जनता से समय पर कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की। जल संरक्षण और विकास पर जोर यह कार्यक्रम जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभूतपूर्व प्रयासों और क्षेत्र के विकास कार्यों को समर्पित होगा। प्रदेश के मुखिया करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे, जो जिले के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट शामिल

भोपाल भोपाल में फरवरी 2025 में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का आयोजन । जीआईएस-2025 समिट का उद्देश्य निवेशकों को राज्य की क्षमताओं, प्रचुर संसाधनों एवं अनुकूल औद्योगिक वातावरण से अवगत कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिये आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिए औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा देश के विभिन्न शहरों में इन्टरेक्टिव सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्य प्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 10 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ। वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा है, “25 दिसंबर को नदी जोड़ो परियोजना का खाका देने वाले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती (Atal Bihari Vajpayee 100th Birth Anniversary) है। इस उपलक्ष में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर तक राज्य सरकार जन कल्याण पर्व मना रही है। सरकार हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएगी।” रोजगार के बेहतर अवसर पर बल मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही. निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है. औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं. नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है. मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं. इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे.इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा. निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है. प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है.

डिजिटल ठगी का केंद्र बना मध्य प्रदेश, अपराध में 130% की वृद्धि पुलिस के लिए बनी चुनौती

भोपाल मध्य प्रदेश साइबर फ्रॉड करने वाले डिजिटल ठगों के निशाने पर है. हालत ये है कि यहां डिजिटल ठगी के मामलों में 130% की वृद्धि दर्ज की गई है. फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने नागरिकों के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं. इसी कड़ी में सितंबर में भोपाल की श्वेता सेंगर मोबाइल रिचार्ज करने के नाम पर 61,000 रुपये की ठगी का शिकार हो गईं.उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और अनजाने में एक साइबर अपराधी से संपर्क कर लिया. वह व्यक्ति खुद को कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव बता रहा था. इसके बाद उसने बैंक बैलेंस चेक करने और पिन डालने को कहा. जैसे ही महिला ने पिन डाला, महिला के खाते से कुछ ही सेकंड में 61,000 रुपये निकल गए. साथ ही मेरे फोन में एक ऐप इंस्टॉल हो गया, जिसके बारे में महिला को जानकारी नहीं थी. उसने बताया कि यह रकम उनकी मेहनत की बचत थी, जिसे बच्चों की स्कूल फीस और घर के खर्चों के लिए रखा गया था. उन्होंने निराशा जताई कि मुझे नहीं लगता कि ये पैसे कभी वापस आएंगे. साल भर में ठगी की राशि में 80% का इजाफा गृह विभाग की जानकारी के मुताबिक, 2023 में ऑनलाइन ठगी के भोपाल में 53, इंदौर में 184 मामले सामने आए। पूरे मध्यप्रदेश में साल 2023 में 444 मामलों में 19 करोड़ रुपए की ठगी हुई। इस साल 2024 में ठगी की राशि बढ़कर 94 करोड़ हो गई। 2024 में भोपाल में 77, इंदौर में 141, जबलपुर में 94, उज्जैन में 44 मिलाकर प्रदेश में कुल 521 मामले सामने आए। ऑनलाइन ठगी के मामलों में 2023 की तुलना में 2024 में 20% की बढ़ोत्तरी हुई, लेकिन ठगी की राशि पांच गुना ज्यादा बढ़ी है। साइबर अपराध के चौंकाने वाले आंकड़े विधानसभा में पेश मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री और गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल पर राज्य में बढ़ते साइबर अपराध के आंकड़े साझा किए. डिजिटल अरेस्ट के मामले     2024 में: 26 मामले दर्ज हुए, जिनमें 12.60 करोड़ रुपये की ठगी की गई.     2023 में: केवल 1 मामला था, जिसमें ₹96,968 का नुकसान हुआ था.     रिकवरी: 2024 में कुल ठगी की राशि में से सिर्फ ₹72.38 लाख (5.74%) की ही वापसी हो पाई. साइबर अपराधियों की गिरफ्तारियां अब तक 38 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से ज्यादातर आरोपी राजस्थान, बिहार, गुजरात, केरल और जम्मू-कश्मीर से हैं. कुल साइबर फ्रॉड के आंकड़े     2023 और 2024 में साइबर फ्रॉड से राज्य के लोगों को ₹150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ.     2023 में 444 मामले दर्ज हुए, जिनमें ₹44.26 करोड़ का नुकसान हुआ.     2024 में मामलों की संख्या बढ़कर 521 हो गई, जो 17% की वृद्धि है.     नुकसान बढ़कर ₹93.60 करोड़ हो गया, यानी 111% की वृद्धि दर्ज है.     2023 में 20% की रिकवरी हुई थी, जबकि 2024 में यह घटकर केवल 9% रह गई. प्रमुख प्रभावित क्षेत्र इंदौर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 2023 में 184 और 2024 में 141 मामले दर्ज हुए. राजधानी भोपाल में 2023 में 53 और 2024 में 77 मामले सामने आए. श्वेता सेंगर का अनुभव और विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि मध्य प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है. फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती दी है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग ऑनलाइन जानकारी साझा करने में सतर्क रहें और संदिग्ध कॉल्स से बचें. 510 साइबर अपराधी गिरफ्तार मध्यप्रदेश में 2023 और 2024 में ऑनलाइन ठगी के 965 मामलों में 138 करोड़ और डिजिटल अरेस्ट के 27 मामलों में 14 करोड़ रुपए की ठगी हुई। गृह विभाग के अफसरों ने बताया कि साइबर अपराधियों से 18 करोड़ रुपए की राशि जब्त की गई है। 510 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ज्यादातर मामलों में पुलिस, बैंक, आयकर विभाग, सीबीआई, कस्टम, ट्राई के अधिकारी बनकर लोगों से ठगी की गई थी। साल 2023 में डिजिटल अरेस्ट का 1 केस डिजिटल अरेस्ट का साल 2023 में केवल एक मामला दर्ज हुआ था। भोपाल के साइबर पुलिस हेड क्वार्टर ने डिजिटल अरेस्ट का एक केस दर्ज किया था। इसमें ठगों ने 96,968 रुपए की ठगी की थी। साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 26 मामले दर्ज किए गए, जिनमें ठगों ने 12 करोड़ 60 लाख 71 हजार 802 रुपए की ठगी की। पुलिस ने 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर 72 लाख 38 हजार 927 रुपए की राशि पीड़ितों को वापस कराई है। राजस्थान से केरल तक के अपराधियों ने एमपी में की ठगी साल 2024 में 9 मामले भोपाल के साइबर पुलिस हेड क्वार्टर में दर्ज किए गए। इन 9 मामलों में 3 करोड़ 4 लाख 77 हजार 626 रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस ने दौसा (राजस्थान), ग्वालियर, नीमच, देवास, मंदसौर, डीडवाना (राजस्थान) से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों को 14 लाख 33 हजार 720 रुपए की राशि वापस दिलाई है।

इंदौर में 1 जनवरी से भीख देने वालों पर होगी FIR, नए साल तक Indore होगा भिखारी मुक्त शहर

इंदौर  मध्य प्रदेश का शहर इंदौर, जो सफाई के लिए पूरे देश में विख्यात है। अब भिखारी मुक्त शहर की पहल करने जा रहा है। प्रशासन ने इसके लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जिसके तहत भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। यह नया नियम 1 जनवरी से लागू होगा। इंदौर में जल्द ही भिखारियों को पैसे देना दंडनीय अपराध होगा। 1 जनवरी 2025 से पुलिस भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी। इस नियम के पीछे शहर में भीख मांगने की प्रथा को खत्म करने का मकसद है। फिलहाल, इस बदलाव के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। भिक्षुक मुक्त शहर बनाने का चलेगा अभियान नए साल से इंदौर में भीख मांगने और भीख देने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। स्वच्छ शहर इंदौर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाने के लिए जारी अभियान में एक जनवरी से तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसमें भिक्षावृत्ति को प्रोत्साहित कर भीख देने वालों पर कार्रवाई शुरू होगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षा देने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश पूर्व में जारी किए जा चुके है। 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू किया गया तीन चरणो में शुरू हुए अभियान का दूसरा चरण रेस्क्यू किया जा रहा है। इसमें अब तक तीन सौ से अधिक बुजुर्गो और व्यस्कों का रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा जा चुका है। वहीं 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू भी किया गया है। कलेक्टर ने अब तीसरे चरण का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के दस शहरों को भिखारी मुक्त बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।इसमें इंदौर को भी शामिल किया गया है। इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए सात विभागों को शामिल कर दल नियुक्त किए गए है। इनके द्वारा शहर में सतत कार्रवाई की जा रही है। इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। इसे लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें। इसी के साथ उन्होंने पिछले आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शहर में भिक्षा देने को भी प्रतिबंधित किया था।अब इस महीने के अंत तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और माह के अंत में आदेश फिर जारी किया जाएगा। इसके बाद भिक्षा देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब ये हुआ कि अब अगर नए साल में एक जनवरी से कोई व्यक्ति किसी भिखारी को भीख देते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ़  एफआईआर की जाएगी। प्रशासन चला रहा है जागरूकता अभियान बता दें कि काफी समय से शहर में ये अभियान चलाया जा रहा है और पिछले दिनों इसी सिलसिले में कुछ भिखारियों को पकड़ा भी गया था। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि उनके पास कुछ ऐसे केस भी आए हैं जहां भीख में मिलने वाले पैसों का उपयोग ड्रग्स के लिए किया जाता था। वहीं कुछ ऐसे परिवार सामने आए जहां बड़े बुजुर्गों से कोर्स करके भिक्षावृत्ति कराई जाती है। आसपास के कुछ गाँव और राजस्थान से गैंग भीख मांगने के धंधे को ऑपरेट करती है। कलेक्टर ने बताया कि वहां से बस भरकर लोग आते हैं और यहां भिक्षावृत्ति करते हैं। इस तरह ये सामाजिक बुराई अब एक धंधे में भी बदलती जा रही है और प्रशासन ने इसे समाप्त करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत अब भीख मांगने वालों पर तो प्रशासन की नजरें रहेंगी ही, लेकिन अगर कोई भीख देते हुए पाया गया तो उसपर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

कैंसर मरीजों के लिए गुड न्यूज: रूस ने दुनिया को दिया बड़ा तोहफा, कैंसर वैक्सीन बनाने का किया दावा, कहा – फ्री में बांटेंगे

मॉस्को रूस ने अभी तक कैंसर के वैक्सीन का नाम तय नहीं किया है। अगर दावा सच है तो पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी राहत है। कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जाती है। यह एक गंभीर बीमारी है, जो पूरी दुनिया में तेजी से फैल रही है। इस बीच एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। रूस ने दावा किया है कि उसने कैंसर के मरीजों के लिए वैक्सीन बना ली है। यह वैक्सीन साल 2025 की शुरुआत में बाजार में आ जाएगी। इसके साथ ही रूस ने ऐलान किया है कि यह वैक्सीन सभी लोगों को फ्री में दी जाएगी। अगर रूस का यह दावा सच है, तो पूरी दुनिया के लिए यह वैक्सीन किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के जनरल डायरेक्टर एंड्री काप्रिन (Andrey Kaprin) ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि देश ने कैंसर के खिलाफ अपना स्वयं का mRNA वैक्सीन बना लिया है। यह वैक्सीन लोगों को फ्री में दी जाएगी। हालांकि अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई कि यह वैक्सीन कैंसर के किस इलाज में काम आएगी और यह कितना प्रभावी रहेगी। साल 2025 के शुरुआत में होगी लॉन्च रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐलान किया है उसने कैंसर के खिलाफ एक वैक्सीन बनाई है। इसे साल 2025 की शुरुआत से रूस के कैंसर रोगियों को फ्री में लगाया जाएगा। वहीं, गामांटा नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के डायरेक्टर एलेग्जेंडर गिंट्सबर्ग का कहना है कि कैंसर वैक्सीन के प्री-क्लिनिकल ट्रायल में पता चला है कि यह कैंसर के विकास और उसके फैलाव को रोकती है। इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूसी वैज्ञानिक कैंसर के लिए वैक्सीन बना रहे हैं। जल्द ही यह वैक्सीन कैंसर मरीजों को मुहैया कराई जाएगी। कहा जा रहा है कि अन्य देश भी कुछ इसी तरह की वैक्सीन बनाने में जुट गए हैं। किस कैंसर का इलाज करेगी वैक्सीन? इस वैक्सीन का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से कैंसर रोगियों के इलाज के लिए किया जाएगा। रूसी सरकारी वैज्ञानिकों ने इसे लेकर ऐसी टिप्पणी की है कि, प्रत्येक शॉट व्यक्तिगत रोगी के लिए रजिस्टर्ड है, जो पश्चिम में विकसित किए जा रहे कैंसर टीकों के समान है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह वैक्सीन किस कैंसर के इलाज के लिए बनाई गई है, यह कितनी प्रभावी है या रूस इसे कैसे लागू करने की योजना बना रहा है। वैक्सीन का नाम सामने नहीं आया है। 2022 में बढ़े थे कैंसर के मामले दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह, रूस में भी कैंसर की दर बढ़ रही है, 2022 में 635,000 से अधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। माना जाता है कि कोलन, स्तन और फेफड़ों का कैंसर देश में इस बीमारी का सबसे आम रूप है।उसी तरह पारंपरिक टीके बीमारी को रोकने के लिए वायरस का इस्तेमाल करते हैं, ये कैंसर कोशिकाओं की सतह से हानिरहित प्रोटीन का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें एंटीजन के रूप में जाना जाता है। जब इन एंटीजन को शरीर में पेश किया जाता है, तो इसे उनके खिलाफ एंटीबॉडी डेवलप करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करना चाहिए। अन्य देश भी अपने स्वयं के व्यक्तिगत कैंसर टीके विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं। AI से तेजी से बनेगी पर्सनलाइज्ड वैक्सीन रूस के वैक्सीन विशेषज्ञ गिन्ट्सबर्ग (Gintsburg) ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन बनाने में एक घंटे से कम समय लगेगा। मौजूदा समय में यह प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसकी वजह ये है कि यह वैक्सीन कैसी हो, इसके लिए मैट्रिक्स मैथेड का इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि मैट्रिक्स गणित के कैलकुलेशन करने का एक तरीका है। लेकिन AI और न्यूरल नेटवर्क कंप्यूटिंग की मदद से इसे महज 30 मिनट से 1 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

मेहुल चोकसी मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और उन्हें नीलाम किया जाएगा : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीड़ितों या सही दावेदारों को 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां वापस कर दी हैं और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। सीतारमण ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भगोड़े विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी मामले में 1,052.58 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी बैंकों को वापस कर दी गई है। वित्त मंत्री के जवाब के अनुसार, मेहुल चोकसी मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और उन्हें नीलाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) मामले में, धोखाधड़ी के शिकार वास्तविक निवेशकों को 17.47 करोड़ रुपये की संपत्तियां वापस कर दी गईं। उन्होंने कहा, ‘पीएमएलए के मामले में, ईडी ने प्रमुख मामलों में कम से कम 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां सफलतापूर्वक वापस हासिल की हैं… हमने किसी को नहीं छोड़ा है, भले ही वे देश छोड़कर भाग गए हों, हम उनके पीछे पड़े हैं। ईडी ने यह पैसा इकट्ठा किया है और बैंकों को वापस दे दिया है।’ सीतारमण ने कहा, ‘इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि हमने आर्थिक अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा है। हम उनके पीछे पड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो पैसा बैंकों में वापस जाना है, वह वापस आ जाए।’ विदेशों में जमा काले धन के संबंध में कुछ सांसदों के सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि 2015 का काला धन अधिनियम वास्तव में बहुत से करदाताओं पर निवारक प्रभाव डाल रहा है और वे अपनी विदेशी संपत्ति का खुलासा करने के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी संपत्ति का खुलासा करने वाले करदाताओं की संख्या 2021-22 में 60,467 से बढ़कर 2024-25 में दो लाख हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया ने बताया-इस साल 2.68 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके, जिनमें से 73 प्रतिशत महिलाओं के नाम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत इस साल 13 दिसंबर तक 2.68 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें से 72.66 लाख घर पूरी तरह महिलाओं के नाम पर हैं और 1.22 करोड़ घर पत्नी और पति के नाम पर हैं। लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पीएमएवाई-जी के तहत महिलाओं के स्वामित्व वाले घरों की कुल संख्या 1.95 करोड़ हो गई है, जो कि पूरे हो चुके घरों का 73 प्रतिशत है। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने निचले सदन में एक लिखित जवाब में कहा कि पीएमएवाई-जी दिशा-निर्देश महिलाओं के नाम पर या उनके पति के साथ मिलकर घर को मंजूरी देने का प्रावधान करते हैं। महिलाओं के सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने के लिए, एक परामर्श जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि पीएमएवाई-जी के तहत सभी घरों में स्वामित्व के लिए स्वीकृत की गई डिटेल्स (अकेले या संयुक्त स्वामित्व में) में परिवार की महिला सदस्यों के नाम शामिल होने चाहिए। इसी के साथ महिला सदस्य को स्वीकृति पत्रों में सेकंडरी ओनर के रूप में जोड़ा जा सकता है, जहां प्रारंभिक स्वीकृति पहले से ही पुरुष सदस्य के नाम पर दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, ग्रामीण विकास मंत्रालय 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) लागू की है। इस योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करना है, जिसका लक्ष्य मार्च 2029 तक बुनियादी सुविधाओं के साथ 4.95 करोड़ पक्के घरों का निर्माण करना है। केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 3.33 करोड़ घरों का आवंटन किया गया है, जिनमें से 3.22 करोड़ घरों को मंजूरी दी गई है और 2.68 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, पीएमएवाई-जी की महिला लाभार्थी आजीविका और रोजगार के अवसरों के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि डीएवाई-एनआरएलएम योजना स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सहायता करती है। इन एसएचजी के सदस्य अपने व्यवसायों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए ऐसे ऋणों का उपयोग करते हैं। इस मिशन की शुरुआत से लेकर अब तक महिलाओं के नेतृत्व वाले एसएचजी को कुल 9.74 लाख करोड़ रुपये के बैंक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, डीएवाई-एनआरएलएम ने देश भर में 10.05 करोड़ ग्रामीण परिवारों को 90.87 लाख एसएचजी में संगठित किया है।  

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बुज़ुर्गों के लिए एक स्पेशन स्कीम का ऐलान किया, बुज़ुर्गों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना का ऐलान किया है। इस योजना में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुज़ुर्गों का इलाज फ्री में होगा। ये केजरीवाल की गारंटी है।  केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के बुज़ुर्गों के लिए एक स्पेशन स्कीम का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में 60 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों का इलाज मुफ्त होगा। ये केजरीवाल की गारंटी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे 100 बीमारियों आकर घेर लेती हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चिंता इलाज की होती है। मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूं, जो काफी अच्छे परिवार से आते हैं, लेकिन फिर भी उनके बच्चे उनका ख्याल नहीं रखते। उन्होंने कहा कि रामायण में एक प्रसंग है जब लक्ष्मण मूर्च्छित हो गए थे और हनुमान ने उनके लिए संजीवनी बूटी लाकर उन्हें जीवनदान दिया। आज, मैं दिल्ली सरकार के लिए बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना का ऐलान कर रहा हूं। इस योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का इलाज पूरी तरह से निशुल्क होगा। चुनाव के बाद हम इस योजना को पारित करेंगे और इसमें किसी भी तरह की आय सीमा नहीं होगी। आपको एक कार्ड दिया जाएगा, जिसे संभालकर रखना होगा। जैसे ही आम आदमी पार्टी चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी, यह योजना पारित कर लागू की जाएगी। जानते हैं क्या है संजीवनी स्कीम- संजीवनी स्कीम 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए लाई गई है। इस योजना के तहत बुजुर्गों का इलाज निशुल्क होगा। वे सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा सकते हैं। इस स्कीम के तहत आप पार्टी के कार्यकर्ता अगले दो से तीन दिनों में घर-घर जाकर बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करेंगे। इस स्कीम इलाज करवाने वाले बुज़ुर्गों का पूरा खर्चा दिल्ली सरकार करेगी। महिलाओं के लिए भी लाई गई थी स्कीम- जानकारी के लिए बता दें कि बीते सप्ताह केजरीवाल ने महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना भी पेश की थी। इस स्कीम में दिल्ली की 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये जबकि चुनाव जीतने के बाद 2100 रुपये मिलना शुरू हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है। नदियों का संगम भूमि को पावन बनाने के साथ ही सभ्यताओं को नवजीवन भी देता रहा है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना के लिए एमओए और आधारशिला रखे जाने के अवसर को उन्होंने ऐतिहासिक और अदभूत बताया। डॉ. यादव ने दोनों प्रदेशों की 20 साल की प्रतीक्षा समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्हें आधुनिक युग के भगीरथ की संज्ञा दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी समारोह में संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को “लाड़ला” कहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान को सिंचाई का पानी भी मिलेगा और पेयजल भी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पीकेसी परियोजना दोनों राज्यों की नदियों को सदानीरा बनाए रखेगी, इससे इन नदियों से संबद्ध भूमि शस्य-श्यामला बनेगी। पीकेसी परियोजना से मध्यप्रदेश को 3,000 और राजस्थान को 4,103 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की मौजूदगी में केन्द्र सरकार और दोनों राज्य सरकारों के अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए 17 दिसंबर 2024 को एमओए के साथ योजना के प्रथम चरण की आधारशिला रखी गई। परियोजना का क्रियान्वयन आगमी 8 वर्षों में किये जाने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश के इन जिलों को मिलेगा लाभ पीकेसी परियोजना से प्रदेश के गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों में 22 परियोजनाओं से 3217 गांवों को लाभ मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत 17 बांध एवं 4 बैराज समेत 21 जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मालवा और चंबल क्षेत्र की 6.13 लाख हेक्टेयर भूमि हरीभरी हो जाएगी। साथ ही 40 लाख से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। पुरानी चंबल दायीं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली का होगा नवीनीकरण पीकेसी परियोजना में लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दायीं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली का नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण भी किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश भिंड, मुरैना एवं श्योपुर के 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जायेगा। 25 दिसम्बर को मिलेगी केन-बेतवा परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 दिसम्बर 2024 को मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी खजुराहों (छतरपुर) में योजना के प्रथम चरण का शिलान्यास करेंगे। इससे मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड अंचल के लोगों को सिंचाई और पेयजल प्राप्त होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सर्वोत्तम तरीके से खिलाड़ी ही करते हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सर्वोत्तम तरीके से खिलाड़ी ही करते हैं। प्रतिभा का प्रदर्शन खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से कठिनाइयों में भी सर्वोत्तम प्रदर्शन करने की कला सीखी जा सकती हैं। उन्होंने वर्तमान में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तो हमारे खिलाड़ी निशाना भी सीधे पदक पर ही लगाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टीटी नगर स्टेडियम में ‘खेल प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। समारोह में 1 हजार 786 खिलाड़ियों को 25.389 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गयी। खिलाड़ियों को किट भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। नयी शिक्षा नीति में खेलों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। स्पोटर्स् टीचर की पदोन्नतियों के रास्ते खोले गये हैं। उच्च शिक्षा में स्पोटर्स् टीचर सहायक प्राध्यापक एवं उसके बाद की भी पदोन्नतियां पा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है, जिससे कि वे उनके प्रशिक्षण में सहायक सिद्ध हो सकें। इससे खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन कर सकेंगे। उन्होंने अपेक्षा की कि अपनी प्रतिभा के दम पर और बेहतर प्रदर्शन के लिये संकल्पित होकर खिलाड़ी निरन्तर प्रयत्नशील रहेंगे। अभाव और प्रभाव में भी हॉकी के सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कभी भी कमी नहीं रही है। जब खिलाड़ियों के पास संसाधनों की कमी होती थी, तब भी मेजर ध्यानचंद जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों ने नंगे पैर खेलकर भी देश को स्वर्ण पदक दिलाये हैं। आज जब हमारा देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रभावशाली देश बनकर उभर रहा है। तब हमारे खिलाड़ियों की प्रतिभा और निखरकर सामने आ रही है और हम विभिन्न खेलों में नये कीर्तिमान रचते हुए पदक प्राप्त कर रहे हैं। इसमें हमारा देशी खेल कुश्ती भी शामिल है, जिसमें हमने लगातार 4 स्वर्ण पदक प्राप्त किये हैं। खिलाड़ियों के साथ ली सेल्फी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे खिलाड़ियों के साथ स्वयं सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ व्हील चेयर क्रिकेटर श्री शैलेन्द्र यादव ने भी सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों के साथ अन्य फोटोग्राफ भी क्लिक करवाए। साथ ही खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग ने भी समूह छायाचित्र क्लिक करवाए। स्वर्ण पदक विजेताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। इनमें वेटलिफ्टिंग में हिमांशु कुशवाह, मलखंब में युवराज राव धाडगे, हैण्डबाल में ध्रुव दुबे, सॉफ्टबाल में तिलक लोट, जूडो में उज्जवल कुमार प्रसाद, तैराकी में अन्वी खण्डूरी, हैण्डबाल में श्रुति पाल, ताईक्वांडो में राही पाठक जूडो में श्रेया यादव और पेंचक सिलाट में ख्याति पाण्डेय को सम्मानित किया गया। ओलंपिक पदक विजेताओं द्वारा हस्ताक्षरित हॉकी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेल मंत्री श्री सारंग ने स्मृति चिन्ह के रूप में हॉकी भेंट की। उल्लेखनीय है कि पेरिस ओलंपिक-2024 की पदक विजेता हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने हॉकी पर अपने हस्ताक्षर अंकित किये हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में होगा खेल परिसर खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वे खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को समझते हैं। उनके नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये निरन्तर समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक शासकीय खेल परिसर स्थापित करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। जल्द ही इस योजना को मूर्तरूप प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष श्री सनवर पटेल, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, अन्य वरिष्ठ खेल अधिकारी, खेल प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।  

नगरीय क्षेत्र में बिना अनुमति दीवार लेखन पर पांच हजार रुपये जुर्माना, ऊर्जा, नगरीय विकास, सहकारिता और श्रम विभागों में जुर्माने में वृद्धि की गई

भोपाल बिना अनुमति नगरीय क्षेत्र में भूस्वामी की अनुमति के बिना दीवार लेखन या पर्चा चस्पा किया तो अब पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगेगा। ऐसे मामले न्यायालय नहीं जाएंगे। अधिकारियों को अर्थदंड लगाने का अधिकार रहेगा। इसका प्रविधान सरकार ने जन विश्वास विधेयक में किया है, जिसे मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। जन विश्वास विधेयक भारत सरकार ने कामकाज में अनावश्यक लंबी प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए वर्ष 2023 में जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत किया था। इसी तरह प्रदेश सरकार ने भी विधेयक तैयार किया है। इसमें विभागों के विभिन्न अधिनियमों के उन प्रविधानों को शामिल किया है, जिनमें जुर्माने का प्रविधान था। इसके लिए संबंधित विभाग को प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत करने होते थे, जबकि इनका निराकरण समझौते के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। पांच हजार रुपये अर्थदंड ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वयं के उपयोग के लिए कैप्टिव पावर प्लांट लगाने वाले व्यक्तियों को उत्पादन और खपत का लेखा-जोखा रखना होता है और इसका लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं करने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान था। इसे अब पांच हजार रुपये अर्थदंड कर दिया है ताकि किसी को यह अवसर न रहे कि वे मर्जी से दो, तीन या फिर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगे सके। कई विभागों में संसोधन इसी तरह नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने यह प्रविधान प्रस्तावित किया है कि पानी की नाली या सड़क को अपने उपयोग के लिए क्षतिग्रस्त किया या फिर निजी भूमि पर मार्ग के लिए चूने की लाइन डालकर प्लाटिंग की जाती है तो अर्थदंड पांच सौ के स्थान पर पांच हजार रुपये लगेगा। इसी तरह के प्रविधान सहकारिता, श्रम सहित अन्य विभागों के अधिनियम में संशोधन करके किए गए हैं।

उज्जैन में CM यादव 21 दिसंबर को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे, प्रथम चरण में 46 करोड़ रुपए की लागत से पार्क निर्मित होगा

उज्जैन उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 दिसंबर को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। प्रथम चरण में 46 करोड़ रुपए की लागत से आईटी पार्क निर्मित होगा। आईटी पार्क के बनने से कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस उज्जैन में खुल सकेंगे। उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजेश राठौर, जिला पंचायत सीओ जयती सिंह, एडीएम अनुकूल जैन, निगम कमिश्नर आशीष पाठक ने इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बनने वाले आईटी पार्क की जमीन को देखने के लिए पहुंचे। सीएम मोहन यादव यहीं पर शनिवार को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। इसके लिए साइट को क्लियर करवाने का काम शुरू हो चुका है। दो फेज में आईटी पार्क का निर्माण होगा – राजेश राठौर ने बताया कि उज्जैन शहर के लिए आईटी पार्क की सौगात बहुत ही महत्वपूर्ण है। आईटी पार्क बनने से छात्रों को बेहतरीन उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त होगी और उज्जैन शहर के लिए औद्योगिक विकास को भी निरंतर वृद्धि होगी। उज्जैन में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप आईटी पार्क का निर्माण किया जाएगा। आईटी पार्क शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में बूम आएगा। आवंटित भूमि में दो फेज में पार्क का निर्माण होगा। प्रथम चरण में लगभग 5400 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। जिससे लगभग 1.2 लाख वर्ग फुट आवंटन योग्य आईटी स्पेस का निर्माण किया जाएगा। लगभग 30 आईटी इंडस्ट्री अपना प्लग एंड प्ले आधारित मॉडल पर कार्य प्रारंभ कर सकेगी। उज्जैन में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए दो साल की डेडलाइन आते की गई है। ऐसा होगा उज्जैन का आईटी पार्क एमपीआईडीसी के राजेश राठौर ने बताया कि हम इस आईटी पार्क में टेक कंपनियों और स्टार्टअप को सभी तरह की एडवांस सुविधाएं देंगे। यह उज्जैन का अपने आप में पहला पार्क होगा। सरकार का इस बात पर जोर है कि स्थानीय युवाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाए। आईटी पार्क से उज्‍जैन में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। आईटी पार्क 2.161 हेक्टर जमीन पर बनेगा। इसमें 11239 स्केयर मीटर में बिल्डिंग बनेगी, बिल्डिंग की ऊंचाई 31.7 मीटर होगी। जिसमें हर फ्लोर पर टॉयलेट के साथ कैफेटेरिया ड्रिंकिंग वाटर, लिफ्ट के साथ ऑफिस के लिए हाईटेक सुविधा भी मिल सकेगी। इस बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर 59 कार पार्क हो सकेगी।

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