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इंदौर में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद प्रताप सारंगी को धक्का देने पर जताया विरोध

इंदौर भाजपा सांसद प्रताप सारंगी को राहुल गांधी द्वारा संसद के बाहर धक्का दिए जाने के विरोध में इंदौर में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। BJYM के कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में काली स्याही और चप्पलें भी फेंकी। इस प्रदर्शन को रोकने पहुंची पुलिस से कार्यकर्ताओं की झड़प भी हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का आचरण संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह आपत्तिजनक था। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी से माफी की मांग की है।   सदने के बाहर सांसदों में धक्का-मुक्की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को संसद के बाहर 70 वर्षीय भाजपा सांसद प्रताप सारंगी कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन के दौरान गिरकर घायल हो गए। सारंगी ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गए और उनके सिर से खून निकलने लगा।   संसद के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन यह घटना तब हुई, जब कांग्रेस सांसद संसद के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत संसद में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। धक्का-मुक्की में दोनों घायल हो गए। घायल होने के बाद प्रताप सारंगी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी करवाई गई है।

भारत मोबाइल बनाने के मामले में आत्मनिर्भर , चौंका देगा ये आंकड़ा; मंत्री जितिन प्रसाद ने दिया जवाब

नई दिल्ली मोबाइल फोन का इस्तेमाल वर्तमान समय में हर कोई रहा है। भारत जैसी बड़ी जनसंख्या वाले देश में ये आंकड़ा काफी अधिक है। मगर दिलचस्प बात ये है कि भारतमोबाइल यूज करने के साथ-साथ इसका उत्पादन करने में भी आगे है। जी हां, भारत ने मोबाइल हैंडसेट निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, देश में इस्तेमाल होने वाले लगभग 99% डिवाइस घरेलू स्तर पर बनाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद के साथ यह जानकारी साझा की, कि पिछले एक दशक में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काफी वृद्धि देखी गई है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष 2014-15 में 1,90,366 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 9,52,000 करोड़ रुपये हो गया। यह 17% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्शाता है। देश मोबाइल फोन के प्रमुख आयातक से निर्यातक बन गया है। मोबाइल विनिर्माण और निर्यात वृद्धि वित्त वर्ष 2014-15 में, भारत में बेचे गए लगभग 74% मोबाइल फोन आयात किए गए थे। अब, भारत अपने 99.2% मोबाइल हैंडसेट घरेलू स्तर पर बनाता है। यह बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की बढ़ती क्षमताओं और मोबाइल निर्यातक देश के रूप में इसके उभरने को दर्शाता है। प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। इस वृद्धि का श्रेय उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी पहलों को जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में पैदा हुईं 25 लाख नौकरियां वित्त वर्ष 2014-15 में भारत में बिकने वाले लगभग 74% मोबाइल फोन आयात किए गए थे। वहीं, अब भारत अपने 99.2% मोबाइल हैंडसेट घरेलू स्तर पर बनाता है। यह बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती क्षमताओं के साथ ही मोबाइल एक्सपोर्टर देश के रूप में इसके उभरने को दिखाता है। जितिन प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। इस वृद्धि का श्रेय उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई विभिन्न सरकारी पहलों को जाता है। मोबाइल फोन के इम्पोर्टर से एक्सपोर्टर बना भारत भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन मूल्य वित्त वर्ष 2014-15 में 1,90,366 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 9,52,000 करोड़ रुपये हो गया। यह 17% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दिखाता है। देश मोबाइल फोन के प्रमुख आयातक से निर्यातक बन गया है। 76 हजार करोड़ की लागत से शुरू हुआ ‘सेमीकॉन इंडिया’ सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्यूफैक्चरिंग इकोसिस्टम डेवलप करना है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग को समर्थन देने के लिए अन्य योजनाएं भी हैं। प्रोडक्शन लिंक्ड इनीशिएटिव स्कीम (PLI) और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर्स की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना (SPECS) इन्हीं कोशिशों में से एक है। इस तरह की तमाम पहलों का उद्देश्य ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में भारत की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। हालांकि, ग्लोबल प्लेयर्स के साथ क्वालिटी और प्राइसिंग कॉम्पिटीशन कई चुनौतियां भी पेश करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहल सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इसके अतिरिक्त, बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर विनिर्माण का समर्थन करने के लिए अन्य योजनाएं भी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की प्रगति पर चर्चा करते हुए प्रसाद ने इन मुद्दों पर प्रकाश डाला। इन चुनौतियों का समाधान विकास को बनाए रखने और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई , वो जमानती अपराध, क्या जाएगी सांसदी

नई दिल्ली संसद में हुए धक्का-मुक्की कांड के बाद बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बीजेपी ने हत्या की कोशिश का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115 और 117 के तहत केस दर्ज करवाया गया है। दरअसल, गुरुवार सुबह संसद में अमित शाह द्वारा आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही थी। बीजेपी सांसद भी प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांग्रेस और बीजेपी सांसद आमने-सामने आ गए और प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए। भाजपा ने राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है। संसद में शिकायत दर्ज करवाने के बाद बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमने राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उनके द्वारा शारीरिक हमला और उकसाने को लेकर है यह शिकायत हुई है। इसमें विस्तार में बताया है कि आज घटनाक्रम जो हुआ, जहां एनडीए के सांसद शांतिपूर्वक तरीके से कांग्रेस के झूठ के प्रोपेगैंडा को बेनकाब कर रहे थे, उसी समय राहुल गांधी अपने गठबंधन के सांसदों के साथ उस तरफ कूच करते हैं। जब सिक्योरिटी फोर्सेस के लोग कहते हैं कि ये संसद में जाने का रास्ता है तो जिस तरह का राहुल गांधी का रवैया था, उन्होंने गुस्सा दिखाया। इस परिवार को अपने आप को कानून से ऊपर मानने की आदत पड़ गई है। बीजेपी की महिला सांसद ने भी लगाया गंभीर आरोप वहीं, बीजेपी की नगालैंड से महिला सांसद फांनोन कोन्याक ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बेहद करीब आकर खड़े हो गए, जिससे मैं असहज हो गई थी। हम बेहद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी आए और मेरे ऊपर चिल्लाने लगे। किसी महिला सांसद पर इस तरह चिल्लाना राहुल को शोभा नहीं देता है। मैं बहुत दुखी हूं और सुरक्षा चाहती हूं। राहुल की गिरफ्तारी में हायर अथॉरिटी से लेनी होगी परमिशन अनिल सिंह कहते हैं कि पुलिस इस मामले में सीरियस धाराओं में केस रजिस्टर नहीं करेगी। यह सिंपल मारपीट का मामला बनेगा। इन सब मामले में 7 साल तक की जेल का प्रावधान है। हालांकि, राहुल गांधी को गिरफ्तार करने के मामले में हायर अथॉरिटी से परमिशन लेने की जरूरत है। अगर, ये तय हो जाए कि इससे शांति भंग हो सकती है और दंगे भड़क सकते हैं। ऐसे में पुलिस राहुल को अरेस्ट कर सकती है। केस दर्ज हुआ तो 7 साल तक की हो सकती है जेल एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, राहुल पर जो भी केस दर्ज होगा, वो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार होगा। पहले इंडियन पीनल कोड की धारा 151 के तहत जो केस दर्ज होता। वह अब BNS के 189(5) के तहत दर्ज होगा। यानी इसके तहत 5 से अधिक लोग गैरकानूनी तरीके से एक जगह जुटते हैं तो यह केस दर्ज होगा। सिंपल चोट लगने पर 115(2) और गंभीर चोट लगने पर 117(2) लगेगा। इन दोनों ही मामलों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदर्शन शाह के खिलाफ, चोट दूसरे सांसद को, ये जमानती अपराध सु्प्रीम कोर्ट में एडवोकेट अलिल कुमार सिंह श्रीनेत के अनुसार, धक्का-मुक्की के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जिन भी धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी, वो जमानती अपराध होंगे। दरअसल, राहुल गांधी अमित शाह के बयान को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में अगर किसी दूसरे सांसद को चोट लगती है तो यह संज्ञेय यानी जानबूझकर किया गया अपराध नहीं होगा। ऐसे अपराध में उन्हें तुरंत जमानत मिल सकती है। अगर, यही चोट अमित शाह को लगती तो यह माना जाता कि राहुल ने जान-बूझकर यह अपराध किया होगा। तब उन पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हो सकता था। सिंपल धाराओं में केस दर्ज तो 1 सााल तक की सजा वहीं, जान से मारने की धमकी या कोशिश पर बीएनएस की धारा 110 के तहत केस दर्ज होगा। इसमें 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। तुम्हारा जो है! वहीं, बीएनएस की धारा 115(2) के तहत सामान्य केस दर्ज हुआ तो 1 साल तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, ये भी जमानती ही होगा। संसद के सदस्यों को ये मिले हैं विशेषाधिकार, राहुल को भी मिले संसद के सदस्यों को ये विशेषाधिकार मिले हुए हैं। इनमें है-संसद में बोलने की स्वतंत्रता। संसद या उसकी किसी समिति में कुछ कहने या वोट देने पर सदस्य को अदालत में किसी भी कार्यवाही से छूट। संसद से प्रकाशित किसी रिपोर्ट, कागजात या कार्यवाही पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। ये भी विशेषाधिकार मिले हुए हैं संसद की कार्यवाही की वैधता को लेकर अदालतों की ओर से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। संसद की कार्यवाही को बनाए रखने के लिए जो अधिकारी या सांसद शक्तियों का प्रयोग करते हैं, वे अदालत के अधिकारक्षेत्र से बाहर होते हैं। संसद की कार्यवाही से संबंधित किसी सत्य रिपोर्ट का समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर उसे किसी न्यायिक कार्यवाही से छूट दी जाती है, जब तक यह साबित न हो कि यह बदनीयती से किया गया है। हालांकि, किसी भी ऐसे मामले में वीडियो सबूत जरूरी होता है।

राज्य शिक्षा केंद्र ने एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं और 8वीं वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं और 8वीं वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है। एमपी बोर्ड 5वीं, 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होंगी। 5वीं की परीक्षा 1 मार्च को और 8वीं की परीक्षा 5 मार्च को समाप्त 2025 होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही शिफ्ट दोपहर 2 बजे से साढ़े 4 बजे तक में होंगी। कुल ढाई घंटे का एग्जाम होगा। दिव्यांग विद्यार्थियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत अतिरिक्त समय और लेखक की सुविधा मिलेगी। प्रथम भाषा के रूप में हिंदी/ उर्दू/ मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी एवं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। 8वीं कक्षा का टाइम टेबल ( MP Board 8th Class Time Table 2025 ) परीक्षा तिथि                             विषय 24 फरवरी, 2025 – प्रथम भाषा : सहायक वाचन सहित हिंदी/अंग्रेजी/उर्दू/मराठी 25 फरवरी, 2025– गणित या संगीत (केवल दृष्टि बाधितों के लिए)) 1 मार्च, 2025 – सामाजिक विज्ञान 4 मार्च, 2025- दूसरी भाषा: अंग्रेजी (जिनकी प्रथम भाषा हिंदी /उर्दू /मराठी है) या हिंदी (जिनकी प्रथम भाषा अंग्रेजी है) 5 मार्च, 2025- तीसरी भाषा: संस्कृत/हिंदी/उर्दू/मराठी/पंजाबी/उड़िया/गुजराती। एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं का टाइम टेबल (MP Board Class 5th Time Table 2025) परीक्षा तिथि                                    विषय 24.02.2025 प्रथम भाषा: हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, मराठी 25.02.2025 गणित या संगीत (दृष्टिबाधितों हेतु) 27.02.2025 अतिरिक्त भाषा: हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, पंजाबी 28.02.2025 पर्यावरण अध्ययन 01.03.2025 द्वितीय भाषा: अंग्रेजी (जिनकी प्रथम भाषा हिन्दी/उर्दू/मराठी है) हिन्दी ((जिनकी प्रथम भाषा अंग्रेजी है) एमपी बोर्ड ने शुरू किया हेल्पलाइन नंबर 10वीं-12वीं की स्टेट और सेंट्रल बोर्ड की परीक्षाओं में अब सिर्फ दो माह का समय बचा है। ऐसे में परीक्षाओं से जुड़े डाउट क्लियर करने के लिए बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर 1800-233-0175 शुरू किया है। इस पर छात्र और उनके परिजन सुबह 8 से रात 8 बजे तक कॉल कर गाइडेंस ले सकते हैं। कब होगी एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल पहले ही एमपी बोर्ड परीक्षा 2025 कैलेंडर जारी कर चुका है। इसके अनुसार, प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 फरवरी से 15 मार्च 2025 तक चलेंगी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं 27 फरवरी, 2025 से 19 मार्च 2025 के बीच आयोजित की जाएंगी । वहीं, एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी से 25 मार्च 2025 के बीच होंगी । मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2025 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सिंगल शिफ्ट में होगी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा तिथियां – 27 फरवरी 2025 – हिंदी – 1 मार्च 2025 – NSQF के समस्य विषय व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – 03 मार्च 2025 – अंग्रेजी – 5 मार्च 2025 – मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी – 06 मार्च 2025 – संस्कृत – 13 मार्च 2025 – सामाजिक विज्ञान एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा तिथियां 25 फरवरी – हिन्दी 4 मार्च – फिजिक्स, इकोनॉमिक्स, भारतीय कला का इतिहास 6 मार्च – ड्राइंग एंड डिजाइन 11 मार्च – इंफोर्मेटिक प्रैक्टिस 17 मार्च – केमिस्ट्री, इतिहास, बिजनेस स्टडीज, ड्राइंग पेंटिंग 19 मार्च – शारीरिक शिक्षा, एनएसक्यूएफ 22 मार्च – एग्रीकल्चर, होम साइंस, बुक कीपिंग 24 मार्च – राजनीति शास्त्र

इजराइल-हमास जंग में अब तक 45000 मौतें, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई सच्चाई

गाजा गाजा में चल रहे इजराइल और हमास जंग को लेकर फिलिस्तीन के स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा दावा किया है. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि गाजा में इजराइल और हमास के बीच जंग में अब तक 45000 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में बमबारी वाले क्षेत्र के अस्पतालों में 50 से अधिक मृतकों को लाया गया. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से 45,028 लोग मारे गए हैं और 106,962 अन्य घायल हुए हैं. इसके अलावा चेतावनी दी है कि वास्तविक मौत का आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता है क्योंकि हजारों की संख्या में शव उन मलबे के नीचे दबे हुए हैं जहां पर डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंच पाई है. अमेरिका लगातार इजरायल को जंग के दौरान मदद मुहैया करा रहा है। इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए 5 फिलिस्तीनियों ने उस पर मानवाधिकार के हनन में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मंगलवार को घोषित किए गए इस मुकदमे में अमेरिका पर केंद्रीय कानून को लागू करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया गया है, जो न्यायेतर हत्याओं और यातना जैसे घोर उल्लंघनों में शामिल विदेशी सेनाओं को पैसा देने पर रोक लगाता है। मुकदमे में क्या लिखा है? मुकदमे में लिखा है, ”7 अक्टूबर, 2023 को गाजा जंग शुरू होने के बाद से इज़रायली मानवाधिकारों के उल्लंघन में तेजी आने के मद्देनजर लीही कानून को लागू करने में अमेरिका की तरफ से जानबूझकर की गई नाकामी चौंकाने वाली है।” मुकदमे में कहा गया है कि अक्टूबर 2023 की शुरुआत से गाजा में इज़रायल की बमबारी और जमीनी कार्रवाइयों में 45,000 से ज्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के प्रमुख अधिकार समूहों ने इज़रायली फौज पर नरसंहार समेत युद्ध अपराध करने का भी आरोप लगाया है। वादी शिक्षिका ने बयां किया दुख इस मामले में अमल गाजा नाम से जानी जाने वाली एक गाजा शिक्षिका वादी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जंग शुरू होने के बाद से उसे सात बार जबरन विस्थापित किया गया है और उसके परिवार के 20 सदस्य इजरायली हमलों में मारे गए हैं। मुकदमे के साथ दिए गए एक बयान में उसने कहा, ”अगर अमेरिका मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करने वाली इजरायली इकाइयों को सैन्य सहायता देना बंद कर दे, तो मेरी पीड़ा और मेरे परिवार को होने वाला अकल्पनीय नुकसान काफी हद तक कम हो जाएगा।” 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत पिछले 14 महीने से जंग में 45 हजार से अधिक फिलिस्तीनी इजरायली सैन्य कार्रवाई में मारे जा चुके हैं। वहीं, घायलों की तादाद भी एक लाख के ऊपर है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़े के मुताबिक इजरायली हमले में अब तक 45 हजार 25 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि एक लाख 9 हजार 62 घायल हुए हैं। मारे गए और घायलों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। स्वास्थ्य मंत्रालय का ये भी कहना है कि गाजा की 23 लाख की आबादी में से करीब 2 फीसदी आबादी को इजरायल मार चुका है, जबकि 4 फीसदी आबादी घायल है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा मौत को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो आंकड़े दिए गए हैं उसमें महिलाओं और पुरुषों की संख्या नहीं बताई गई है, लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि मरने वालों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं. दूसरी ओर से इजराइली सेना का कहना है कि उसने बिना कोई सबूत दिए 17,000 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है. यह युद्ध इजराइल और हमास के बीच लड़ाई का अब तक का सबसे बुरे दौर में है, जिसमें मरने वालों की संख्या गाजा की लगभग 2.3 मिलियन की युद्ध-पूर्व आबादी का लगभग 2 फीसदी है. इजराइल मौत के लिए हमास को ठहराता रहा है जिम्मेदार इजराइल का दावा है कि नागरिकों की मौत के लिए हमास जिम्मेदार है क्योंकि यह घनी आबादी वाले गाजा पट्टी में नागरिक क्षेत्रों के भीतर से काम करता है. अधिकार समूहों और फिलिस्तीनियों का कहना है कि इजराइल नागरिकों की मौतों से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतने में विफल रहा है. 7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुई थी जंग युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल में हमला किया, जिसमें लगभग 1200 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, और अन्य 250 का अपहरण कर लिया. इजराइल ने भारी बमबारी और फिलिस्तीनी क्षेत्र में जमीनी घुसपैठ का जवाब दिया. लगभग 100 बंधक अभी भी गाजा के अंदर हैं, कम से कम एक तिहाई को मृत माना जा रहा है. बाकियों में से अधिकांश को पिछले साल युद्धविराम के दौरान रिहा कर दिया गया था.  

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 57वां प्रांतीय अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया

गुना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 57वां प्रांतीय अधिवेशन गुना में गुरुवार से शुरू हुआ। तीन दिन चलने वाले इस अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया। इस मौके पर ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान भी मौजूद रहे। CM डॉ. यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि परिषद के अधिवेशन में आकर बोलना रोमांच पैदा करता है और आनंद देता है। इसका एहसास अलग प्रकार का होता है। हमारे अतीत के कालक्रम पर जो बात कही है, वह एक, एक बात एकदम सही है। दुनिया के कई देश अपनी शिक्षा को लेकर गौरवान्वित होते हैं कि हमारे पास सब है, लेकिन हम कहते हैं कि आपके कैंपस में विद्यार्थी परिषद नहीं है, तो सब फेल है। देश की आजादी के समय सत्ता के लालच में राष्ट्रवादी विचारधारा का दमन किया गया। इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद सिखाता है कि सच्चा देशभक्त बनना। अपने अतीत के गौरव से जुड़कर भविष्य के लिए सोचना, इसी दृष्टि से हम आगे बढ़ेंगे। सर्वे भवन्तु की सोच के साथ जीवन गुजारे, केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान के साथ हम आगे बढ़ें, इसी सोच के साथ विद्यार्थी परिषद काम करती है। दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा सीएम ने कहा- दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा है। आने वाले समय में जल की उपलब्धता के आधार पर मध्यप्रदेश इस नई पीढ़ी के माध्यम से आगे बढ़ेगा। सरकार का प्रयास है कि एक एक इंच जमीन पर सिंचाई का रकबा बढ़ना चाहिए। नदी जोड़ने की कल्पना अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। मोदी जी के नेतृत्व में इस योजना का अमल शुरू हो गया है। हमारी युवा पीढ़ी केवल रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बननी चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार काम कर रही है, इसलिए जगह-जगह इंडस्ट्रियल कॉनक्लेव किए हैं। आज की स्थिति में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज हैं। अगले एक साल में 52 मेडिकल कॉलेज हमारे यहां होंगे। केवल एलोपैथी में ही नहीं, आयुर्वेदिक में भी पांच मेडिकल कॉलेज जल्द शुरू हो रहे हैं। गुना में एग्रीकल्चर की सीट होगी, ये घोषणा यहीं से करते हैं, जो भी रोजगार देने वाले कोर्स हैं, वो खोलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह वीरों की धरती है – आशीष चौहान राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि यह बहुत सुंदर अवसर है। यह जगह चंबल और मालवा का द्वार कहा जाता है। यह टेकरी सरकार की धरती है। यह वीरों की धरती है। विद्यार्थी परिषद ने मांग उठाई कि देश का नाम भारत होना चाहिए। संविधान की चर्चा हिंदी में भी होना चाहिए। हम सभी को जोड़ने की कोई एक भाषा होनी चाहिए। अपने शैशव काल में ही विद्यार्थी परिषद ने इस पर चर्चा की। पहली विचार बैठक में ही शिक्षा परिवार का कॉन्सेप्ट लेकर आए। देश के सुदूर कोनों तक विद्यार्थी परिषद की पहुंच है। आज हम IIT, IIM, NIT सहित मेडिकल कॉलेजों के बीच में काम कर रहे हैं। हम कार्यकर्ता निर्माण का काम कर रहे हैं। अधिवेशन की स्वागत समिति के अध्यक्ष राजेश मोहन अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यहां उपस्थित इस छात्र शक्ति को ऐसा कोई मूल मंत्र दें कि गुना में आयोजित ये अधिवेशन राष्ट्र के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो। मुख्यमंत्री का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हाल ही में तात्या टोपे यूनिवर्सिटी की सौगात गुना जिले को मिली है। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से निवेदन किया कि हमारी भावी पीढ़ी को दूषित वातावरण से बचाते हुए विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए पुरजोर प्रयास करें। प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। छात्र शक्ति, राष्ट्र शक्ति के विचार के साथ विद्यार्थी परिषद आगे बढ़ता है। पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना अपनी स्थापना के बाद से पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना में आयोजित किया गया है। इसको लेकर दो महीने से तैयारियां शुरू हो गई थीं। तीन दिन तक यह सम्मेलन चलेगा। अधिवेशन स्थल से 20 दिसंबर को दोपहर बाद एक भव्य शोभा यात्रा शहर के विभिन मार्गों से होते हुए शास्त्री पार्क तक जाएगी। यह शोभा यात्रा लगभग 3 किमी लंबी रहेगी, जिसका स्वागत विभिन्न स्थानों पर शहर के नागरिकों द्वारा किया जाएगा। इसके समापन पर एक खुला अधिवेशन भी होगा। इस संपूर्ण व्यवस्था को संभाल करने के लिए अभाविप गुना विभाग के कार्यकर्ता लगे हुए हैं। इस अधिवेशन की व्यवस्था को 15 गट में विभाजित किया है, 15 गटों में 59 विभाग बनाए गए है। इन संपूर्ण व्यवस्था में 200 से अधिक वर्तमान कार्यकर्ता लगे हुए थे। इसके बाद डेलीगेट सत्र शुरू होंगे। इसमें कई प्रस्ताव पेश किए जाएंगे 20 दिसंबर की सुबह भी प्रस्ताव पेश होंगे और उन पर चर्चा होगी। 20 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से जुलूस निकाला जाएगा। स्टेडियम से शुरू होकर जुलूस शास्त्री पार्क पहुंचेगा। यहां एक मंचीय कार्यक्रम होगा। इसके बाद जुलूस वापस स्टेडियम पहुंचेगा, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 दिसंबर को सुबह के सत्र में पेश किए गए प्रस्तावों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित किया जाएगा। शाम के सत्र में संगठनात्मक घोषणाएं होंगी। इसमें कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।

कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि घुसपैठिए हिन्दू नामों का इस्तेमाल कर अपना आधार कार्ड बनवाते हैं

भोपाल ऐसे में जब राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए अभियान चला रही है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही अभियान चलाए जाने की संभावनाओं पर सूबे के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि ऐसे घुसपैठिए जो मध्यप्रदेश एवं अन्य क्षेत्रों में हैं, उनको बाहर निकाला जाना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की भी जोरदार वकालत की। मध्य प्रदेश के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठिए हिन्दू नामों का इस्तेमाल कर अपना आधार कार्ड बनवाते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कि भाजपा अन्य राज्यों में भी यूसीसी लागू करेगी। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह बिल्कुल सही है। बांग्लादेशी घुसपैठिए केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में ही मौजूद नहीं हैं। ये अन्य राज्यों में भी घुस चुके हैं। सनद रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि भाजपा पहले ही उत्तराखंड में यूसीसी ला चुकी है। वह इसे सभी राज्यों में लागू करेगी। कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि घुसपैठियों ने एक खतरनाक खेल यह भी खेला है कि उन्होंने हिन्दू नामों और पहचान से अपने आधार कार्ड बनवा लिए हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि यूसीसी लागू किया जाना चाहिए। उन तामाम घुसपैठियों को जो मध्य प्रदेश और दूसरे क्षेत्रों में हैं, बाहर निकाला जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान कर दिया है कि उनके राज्य में जनवरी से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हैं। इस कदम के साथ ही उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला सूबा बन जाएगा। यूनिवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यह भी बताया कि समान नागरिक संहिता उत्तराखंड अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली गई है।

टिकट है तो सफर आसान: भोपाल मंडल का व्यापक टिकट चेकिंग अभियान

 भोपाल भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना,बीना,इटारसी,हरदा,विदिशा,नर्मदापुरम स्टेशनों पर चला अभियान अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 1549 यात्री पकड़ कर, रूपये 866985/- का जुर्माना वसूला गया| मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है | इसी क्रम में आज दिनांक 19.12.2024  को  भोपाल मंडल के नौ स्टेशनों जैसे भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना, बीना, इटारसी, हरदा,विदिशा, नर्मदापुरम स्टेशनों पर एक साथ सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक वाणिज्य विभाग के 10 पर्यवेक्षक ,104 टिकट चेकिंग स्टाफ  के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें। इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशनों  पर आने-जाने वाली कुल 153 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 730 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 468395/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 806 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 396190/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए  13 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 2400/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार सभी नौ स्टेशनों  पर एक साथ चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 1549 मामलों से कुल रुपये 866985/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 1.भोपाल स्टेशन  : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान भोपाल स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 21 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 203 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 137470/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 161 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 81150/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार भोपाल स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 364 मामलों से कुल रुपये 218620/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 2.इटारसी स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान इटारसी स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 39 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 140 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 105145/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 212 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 106820/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार इटारसी स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 355 मामलों से कुल रुपये 212565/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 3.रानी कमलापति स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान रानी कमलापति स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 15 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 28 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 10460/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 7 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 3200/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 4 यात्रियों से 700/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार रानी कमलापति स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 39 मामलों से कुल रुपये 14360/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 4.संत हिरदाराम नगर स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 11 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 47 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 30850/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 21 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 9950/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 71 मामलों से कुल रुपये 41400/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 5.गुना स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान गुना स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 10 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 46 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 27405/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 58 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 28320/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 1 यात्रियों से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार गुना … Read more

विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला :राज्यपाल पटेल

साइबर क्राइम के बदलते स्वरूप से समाज को जागरूक करना जरूरी:राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आर.टी.आई.पी. 2 आर- 2024 का किया शुभारम्भ विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला :राज्यपाल पटेल मेनिट में तीन दिवसीय आयोजन गुरूवार से भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला है। साइबर अपराध के बदलते पैटर्न जैसे- डिजिटल अरेस्ट, हैकिंग, फिशिंग आदि से समाज को जागरूक करना बहुत जरूरी है। राज्यपाल पटेल मेनिट भोपाल में “रिसेंट ट्रेंड्स इन इमेज प्रोसेसिंग एण्ड पैटर्न रिकग्निशन” विषय पर 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आर.टी.आई.पी. 2 आर- 2024 के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में मेनिट परिसर में आयोजित किया गया है।    राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज का समय डिजिटल युग है। इसलिए समाज को विज्ञान और तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों के बारे में जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने विशेषज्ञों से कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित विज्ञान और तकनीकी ज्ञान की प्रगति का समाज और राष्ट्र के हित में विमर्श करे। सम्मेलन के माध्यम से तकनीक के परिवर्तनकारी क्षेत्रों के विकास में अपना योगदान देने आगे आए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है। राज्य में तकनीकी और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक दूरदर्शी दृष्टिकोण और अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नीति और रीति, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विषय के अनुरूप है। उन्होंने पारस्परिक सहयोग से डिजिटल क्रांति के मुख्य घटक इमेज प्रोसेसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सम्भावनाओं पर पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया। उनका पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में साऊथ डकोटा यूनिवर्सिटी यू.एस.ए. के विषय विशेषज्ञ के.सी. संतोष, दुबई में कार्यरत डॉ. विनयातोष मिश्रा ने इमेज प्रोसेसिंग और पैटर्न रिकग्निशन विषय पर शोध की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। मेनिट संस्थान के डायरेक्टर के.के. शुक्ला ने संस्थान के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में शोध, विकास और एम्स भोपाल के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। आईआईआईटी के डायरेक्टर प्रो. आशुतोष कुमार सिंह ने कॉन्फ्रेंस के आयोजन, उद्देश्य और विकसित भारत के निर्माण में तकनीक और शोध के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। आभार डॉ. दीप चन्द्र जोशी ने माना। सम्मेलन में देश-विदेश से आए विषय विशेषज्ञ, शोधकर्ता, विद्यार्थी गण उपस्थित रहे। उनके साथ दूरस्थ क्षेत्रों के विशेषज्ञ और विद्यार्थी भी ऑनलाइन शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना

बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता का आधार है आहार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्षय पात्र फाउंडेशन स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन से परोस रही है नवजीवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय अवसर पर रोहित नगर स्थित परिसर में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री भोजन बनाने और वितरित करने की प्रक्रिया में हुए सहभागी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। कार्यक्रम में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थीं। इस अवसर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन की गतिविधियों पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। भोपाल के 645 स्कूलों को उपलब्ध कराया जा रहा है शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्ममधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक सशक्त और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता राज्य के हर हिस्से में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को विस्तार देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रीवा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का कार्य करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार अंग प्रत्यारोपण जैसे जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक संसाधनों और विशेषज्ञता को हर मेडिकल संस्थान में सुलभ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि को रीवा और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना की। सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, रीवा में ट्रांसप्लांट फिजिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रोहन द्विवेदी और ट्रांसप्लांट सर्जन व यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में एक ही दिन में दो मरीजों का सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक महिला मरीज को उनकी माता द्वारा और एक पुरुष मरीज को उनके बड़े भाई द्वारा किडनी दान की गई। दोनों मरीज स्वस्थ हैं और 17 दिसंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। यूरोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. आशीष घनघोरिया, डॉ. बृजेश तिवारी और डॉ. विजय शुक्ला, निश्चेतना विभाग के डॉ. आलोक प्रताप सिंह, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. राजीव द्विवेदी, डॉ. रवि प्रकाश सिंह, और डॉ. एल. पी. सिंह सहित ओटी और केटीयू स्टाफ ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर आज शुभारंभ किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ हमारे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रतीक है।     इस सेवा का आरंभिक किराया मात्र 999 रुपये है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जो परिवर्तन आया है, उसका यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की सवारी करेगा और आज वह सपना साकार हो रहा है।     सरगुजा और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी से न केवल नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों में टूरिज्म और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने 80 करोड़ की  लागत  से अंबिकापुर के एयरपोर्ट का विकास किया है l माँ महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर को थ्री सी वीएफआर श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त हुआ है । यह एयरपोर्ट 72-सीटर एटीआर-72 विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंबिकापुर को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली और कोलकाता से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है।हमारे छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें, और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।     गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, रामगढ़ की पहाड़ियां, और एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात जैसे स्थलों तक अब देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।     इसके साथ ही, एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति में होम स्टे और रिसॉर्ट्स जैसे उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।     हमारी कोशिश है कि अगले चार वर्षों में छत्तीसगढ़ को विमानन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि    नया साल आने वाला है, और मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस नई विमान सेवा का लाभ उठाएं और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। फ्लाई बिग चार्टर कंपनी 19-सीटर ट्विन औटर विमानों के माध्यम से इन शहरों के लिए सेवाएं देगी।      विमान टेकऑफ़ को वाटर सेल्यूट दिया गया। आज प्रारंभ हुई विमान सेवा के पहले यात्री के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज सपत्नीक सवार हुए, जिनको मुख्यमंत्री साय ने बोर्डिंग पास देकर कहा कि आज आपने इतिहास बना दिया। आप इस रूट के पहले यात्री है, आपको शुभकामनाएं।  इस अवसर विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजु, संचालक विमानन विभाग संजीव झा, फ्लाई बिग कंपनी के सीएमडी संजय मांडविया उपस्थित थे।

हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन NEET PG काउंसलिंग पर सीटें भरने पर लगाई रोक

जबलपुर एनआरआइ (प्रवासी भारतीय) कोटे के नाम पर पसंदीदा ब्रांच में नीट पीजी की मनमानी सीटें भरने के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट के जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने मध्यप्रदेश में नीट पीजी काउंसलिंग से जुड़े केस में फैसला सुरक्षित रख कोटे की सीटों को भरने पर रोक लगा दी है। याचिका में क्या कहा गया? भोपाल निवासी डॉ. ओजस यादव ने सीट मैट्रिक्स को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने यह तर्क दिया कि निजी मेडिकल कॉलेजों में 15% सीटें एनआरआई कोटे के लिए निर्धारित हैं, लेकिन डीएमई ने इस आरक्षण को सही तरीके से लागू नहीं किया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि चुनिंदा 8 ब्रांचों में एनआरआई कोटे की सीटों का प्रतिशत 40-50% तक पहुंचा दिया गया, जबकि दूसरी ब्रांचों में यह सीमा 15% तक ही रखी गई।  सुनवाई में दौरान अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने तर्क दिया कि नियम में यह भी प्रावधान है कि समस्त निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआइ कोटे से संबंधित 15% सीटें समस्त पाठ्यक्रमों में आरक्षित होंगी। लेकिन डायरेक्टरेट मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) के चार्ट से स्पष्ट होता है कि कोटे की सीटों को सभी 22 ब्रांचों की जगह चुनिंदा 8 ब्रांचों में लागू किया गया है। इसके चलते कई पाठ्यक्रमों की 30-40% सीटें एनआरआइ कोटे में चली गईं। वहीं आरोप लगाया कि डीएमई ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की खाली सीटों की संख्या का प्रकाशन कर दावे-आपत्तियों के बिना सीधे काउंसलिंग प्रारंभ कर दी। ये है मामला हाईकोर्ट में एक चार्ट पेश कर बताया गया कि पीजी की सभी 22 ब्रांच में कुल सीटों का 15त्न एनआरआइ कोटे में ना बांट कर सिर्फ 8 प्रमुख ब्रांचों की कुल 591 सीटों में से 152 सीटों को आरक्षित किया गया। इससे इन 8 ब्रांच में कोटा 15 की जगह 30-40 प्रतिशत तक पहुंच गया। सीट भरने पर अंतरिम रोक अतिरिक्त महाधिवक्ता जानवी पंडित ने शासन की ओर से जवाब पेश करते हुए कहा, एनआरआइ कोटे के प्रावधान के अनुसार कार्यवाही हुई है। अरविन्दो कॉलेज की ओर से भी सीट मेट्रिक्स को सही ठहराया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा, केस का फैसला आने में समय लगने की संभावना है, इसलिए फैसला आने तक एनआरआइ कोटे की सीटों को नहीं भरा जाएगा। सरकारी पक्ष का क्या कहना है? सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जाह्नवी पंडित ने इस मामले में कहा कि सभी प्रक्रियाएं (Process) नियमों के मुताबिक पूरी की गईं। उन्होंने यह भी साफ किया कि 15% सीटें NRI कोटे के लिए तय हैं और उसी के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही थी।

भाजपा सांसद प्रताप सारंगी संसद में सीढ़ियों से गिरे, बोले- राहुल गांधी ने धक्का दिया

 नई दिल्ली बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी संसद में चोटिल हो गए हैं। सारंगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है।सारंगी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया जो मेरे ऊपर गिर गए जिसके बाद मैं नीचे गिर गया। उन्होंने बताया कि मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था जब राहुल गांधी आए और एक सांसद को धक्का दिया। राहुल गांधी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने मुझे रोका, मुझे सदन के भीतर जाने से रोका गया। मेरे साथ धक्का-मुक्की की और मुझे धमकाया गया। बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान को लेकर विवाद जारी है। विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी नीली कपड़े पहनकर पहुंचे। इस घटनाक्रम से जुड़े तमाम अपडेट – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रह्लाद जोशी राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच गए हैं. प्रताप सांरगी का हालचाल जानने दोनों अस्पताल पहुंच गए हैं. – संसद परिसर में बीजेपी सांसद से धक्का-मुक्की की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी गई है. – बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रताप सारंगी का हालचाल जाना. अस्पताल से आने के बाद पात्रा ने बताया कि फिलहाल प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत आईसीयू में हैं. दोनों का बहुत खून बह गया है. उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. – केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी सामंतवादी हैं. सामंतवादी राहुल ने धक्का दिया. ये देश उनकी जागीर नहीं है. ये परिवार करना क्या चाहता है. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में धक्का मुक्की को लेकर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी से सवाल करना चाहता हूं कि ये शारीरिक ताकत का प्रदर्शन करने की जगह नहीं है. अगर सब लोग अपनी ताकत का प्रदर्शन करने लगेंगे तो संसद कैसे चलेगी? पहलवानी दिखाने का क्या मतलब है? ये कराटे या कुंगफू की जगह नहीं है. ये किसी राजा की निजी संपत्ति नहीं है बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है. यह स्मार्टनेस दिखाने की जगह नहीं है. संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल ने शारीरिक ताकत दिखाई है. ये बॉक्सिंग का अखाड़ा नहीं है. मैं राहुल गांधी का धिक्कार करता हूं. – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद कोई कुश्ती का मंच नहीं है. राहुल गांधी को सांसदों के खिलाफ अपनी ताकत का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. – सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रताप सारंगी मामले में बीजेपी प्रोटेस्ट के वीडियो खंगाल रही है. धक्के के आरोप को वेरिफाई करने के लिए अगर राहुल द्वारा बीजेपी सांसद को धक्का देने का वीडियो मिलता है तो बीजेपी राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करा सकती है. – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी और कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल राम मनोहर लोहिया अस्पताल जा रहे हैं. प्रताप सिंह सारंगी का हाल-चाल जानने मंत्री अस्पताल पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कैमरे में सब कैद है. मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था. बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया. खड़गे जी को भी धक्का दिया. हमें धक्का-मुक्की से हमें कुछ नहीं होता है. बीजेपी रे सांसद हमें संसद में जाने से नहीं रोक सकते. राहुल ने कहा कि मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि ये संसद का एंट्रेंस हैं. बीजेपी के सांसद मुझे धकेल रहे थे, धमका रहे थे. बीजेपी के सांसदों ने एंट्रेंस रोक दी. वे मुझे लगातार धक्का दे रहे थे और धमका रहे ते. अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन कर रही कांग्रेस इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे. राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया प्रताप सारंगी के आरोप के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हां किया है, ठीक है.. धक्का मुक्की से कुछ होता नहीं है.  मैं संसद के भीतर जाना चाहता था. संसद में जाना मेरा अधिकार है मुझे रोकने की कोशिश की गई. हमें संसद के भीतर जाने से रोका गया. बीजेपी के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे थे. बता दें कि इस संबंध में आज इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में उनके इस्तीफे और माफी की मांग करते हुए इंडिया ब्लॉक प्रोटेस्ट मार्च कर रही है. यह मार्च संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है. इंडिया ब्लॉक के सांसद नीले कपड़े पहनकर आंबेडकर प्रतिमा से चलकर मकर द्वार जाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर का अपमान किया है. उनका अपराध अक्षम्य है. पूरा तंत्र उन्हें बचाने में लगा है. जो गृहमंत्री ने कहा है, हम वही बात कर रहे हैं. उनके शब्दों को तरोड़ा-मरोड़ा नहीं गया है. वे माफी मांगने के बजाए धमका रहे हैं. हम इनकी धमकियों से नहीं डरेंगे.

हिन्दुत्व के विकास मॉडल पर अग्रसर मोहन सरकार

-अनुज प्रताप सिंह भाजपा संगठन के कुशल सिपाही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का पहला वर्ष पूर्ण हो गया है। मोहन के मन में मोदी ही मोदी  की लाइन पर चलते मोहन यादव मध्य प्रदेश के लिए पारस बनकर उभरे हैं। हिन्दुत्व एवं सनातन के नए चेहरे के रुप में मोहन सरकार स्थायित्व की ओर बढ़ रही है। तमाम अशंकाओं को नकारते हुए डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा आलाकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। मोदी के मन में मध्यप्रदेश और मोहन के मन में मोदी की परिकल्पना डबल इंजन की मोहन सरकार के चेहरे पर साफ झलकती है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि तमाम दिग्गजों के मोहन कैबिनेट में होने से मुख्यमंत्री मोहन यादव को परेशानी होगी परंतु मुख्यमंत्री ने सभी के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए, सरकार का सफल संचालन कर दिखाया। केंद्रीय भाजपा संगठन से लेकर प्रदेश संगठन के साथ भी उनका बेहतर समन्वय रहा, जो उनकी असली ताकत बना। मुख्यमंत्री तमाम आयोजनों में प्रदेश भाजपा कार्यालय जाते रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा तथा विधानसभ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनका बेहतर समन्वय रहा है। तमाम सरकारी ताम-झाम से दूर मुख्यमंत्री मोहन यादव सहज और सरलता से एक आम आदमी की तरह चलना पसंद करते हैं। उनकी साधारण मानवी की शैली ने सभी का ध्यान आर्कर्षित किया। जमीन से जुड़ कर राजनीति करने वाले डॉ. मोहन यादव ने सरकार चलाकर यह साबित कर दिया की यदि आपके इरादे सच्चे और मजबूत हैं तो आप बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं। सरकार के कार्यकाल के शुरुआत में उनकी शैली से कभी-कभी ऐसा भी लगा की मुख्यमंत्री अकेले ही सरकार की गाड़ी खींच रहे हैं, परंतु समय के साथ मुख्यमंत्री के रुप में वे परिपक्व होते चले गए और आज उनकी स्वीकार्यता सभी के सामने है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उन्होंने अपने हर भाषणा में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र अवश्य किया है। आने वाले समय में यह भी एक रिकार्ड बनेगा कि मुख्यमंत्री के रुप में सबसे अधिक बार अपने भाषणों में प्रधानमंत्री का जिक्र करने वाले मुख्यमंत्रियों में उनका नाम पहले नंबर पर होगा। मुख्यमंत्री की यह खूबी रही है कि वे प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वे हमेशा डबल इंजन की भांति ही सरकार चला रहे हैं, यह संदेश अवश्य देते हैं। एैसा कोई कार्यक्रम नहीं होगा जब मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम का उल्लेख ना किया हो और उनका अभिनंदन जनता से तालियां बजबाकर ना किया हो। उनका यह भाव बताता है कि वे अपने उच्च नेत्तृव के पद चिन्हो पर चल रहे हैं । उनकी सौम्यता और सहजता और अति साधारण शैली उन्हे अन्य नेताओ से अलग बनाती है।     13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही डॉ. मोहन यादव ने पहला आदेश जारी कर मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर अंकुश लगा दिया था, इसके तहत अगर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया तो इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कदम को चौतरफा सराहा गया और देशभर में इसकी चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्होंने खुल में मास-मच्छी की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया। कार्यकाल की शुरुआती अंदाज में मुख्यमंत्री ने जनता का मन मौह लिया। मुख्यमंत्री यादव अपनी कार्यशैली को लेकर लगातर चर्चा में रहे, उन्होंने ने कैबिनेट की बैठक को लेकर भी नवाचार किया और नव वर्ष 2024 की पहली बैठक जबलपुर में रखी गई थी। इसके बाद प्रदेश के बजट में भी उनकी सरकार ने परिपक्वता दिखाई, 3 लाख 65 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया जो की अब तक का सबसे अधिक है। जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा को संस्कृति से जोड़कर सरकारी स्तर पर मनाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और गाय पालने वालों और गोशला में गाय चारे की राशि में बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री मोहन यादव हिन्दुत्व की लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मझे हुए खिलाड़ी के नाते ना केवल विधानसभा के अंदर अपने दल एवं सरकार का नेत्तृव किया बल्कि सभी मुद्दों पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबके सामने रखा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामले में यह कहा जाता था तथा ऐसा लगता भी था कि उनसे अच्छी सरकार कोई चला नहीं सकता, अब आगे क्या होगा। भाजपा के अंदर भी यह प्रश्न उठता था कि तमाम दिगगजों से सजी नई सरकार का नेत्तृव मोहन यादव कैसे करेंगे? शिवराज सिंह चौहान जैसी भाषण शैली का अभाव भी सामने था परंतु तमाम बातों को धीरे-धीरे मुख्यमंत्री ने समाधान कर दिया और एक साल सरकार का पूरा कर अपनी स्वीकार्यता को सिद्ध कर दिया। चाहे बात प्रशासनिक दक्षता की हो या राजनैतिक हो सभी मोर्चों पर मुख्यमंत्री ने अपनी पकड़ साबित कर दी है। मुख्यमंत्री प्रतिदिन सक्रिय रहते हैं, प्रदेश भर में वे निरंतर दौरे करते हैं, प्रतिदिन वे कार्यक्रमों और शासकीय बैठकों में शामिल होकर जनकल्याण के कार्यों को अंजाम देते नजर आते हैं। अपने पिता के देहांत के बाद भी उन्होंने राजधर्म को प्राथमिकता दी थी।     भाषण शैली के मामले में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री की कमी खलने नहीं दी है, हर विषय पर उनकी पकड़ उनकी भाषणों में दिखाई पड़ती है। भोपाल के नूतन कॉलेज में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का वह भाषण जिसमें उन्होंने इतिहास पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबको हैरत में डाल दिया था, वहां जिन लोगों को लगता था कि मोहन यादव में शिवराज जैसी बात नहीं वो भी कहने लगे वाह! मान गए मोहन जी को, भाजपा के तमाम मंत्री एवं विधायक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भाषण सुन एक-दूसरे का मुंह देखते नजर आए थे।  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने धर्म के आधार पर हुआ देश के विभाजन को भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया था।     लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री यादव ने अपनी राजनैतिक कौशल का परिचय भाजपा नेत्तृव को दिखाया और सिद्ध किया की वे उनके निर्णय पर फिट बैठते … Read more

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