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मध्य प्रदेश में 6वीं से 8वीं क्लास के बच्चों के लिए खुशखबरी, ‘नो बैग डे’ के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइन

भोपाल स्कूली शिक्षा में लर्निंग एजुकेशन और व्यवहारिक शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से सीएम डा. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नो बैग डे के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शिक्षा विभाग जारी की गई नई गाइडलाइन्स में बच्चों को माह में एक दिन बिना बैग के ही स्कूल आना होगा. मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों में व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ‘नो बैग डे’ को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यानी सरकारी स्कूलों में महीने के एक शनिवार ‘नो बैग डे’ रहेगा और बच्चों को स्कूल बिना बैग के ही स्कूल आना होगा. महीने के एक शनिवार को सरकारी स्कूलों में रहेगा नो बैग डे मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन्स के मुताबिक अब प्रदेश के सभी कक्षा 6वीं से 8वीं क्लास तक के स्कूलों कम से कम एक शनिवार को बैग लेस डे रहेगा. गाइडलाइन के मुताबिक नो बैग डे वाले दिन स्कूलों में पढ़ाई के अलावा बच्चों को विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक और व्यवहारिक गतिविधियां करवाई जाएंगी. बच्चों के तनाव को खत्म करने के लिए लिया गया फैसला मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने बच्चों के तनाव को दूर करने के लिए नो बैग डे कांसेप्ट लेकर आई है. बैग लेस डे को लेकर राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला शिक्षाधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं. शिक्षा विभाग का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा से इतर महीने के एक दिन व्यवहारिक गतिविधियों में संलग्न होने से बच्चों का तनाव कम होगा. नो बैग डे के लिए गतिविधियों का कैलेंडर शाला के प्राचार्य व शिक्षक मिलकर तैयार करेंगे. गतिविधि ट्रेनिंग में खेती की आधुनिक पद्धतियों जैसे पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियां और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी शामिल होंगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में रखा गया है नो बैग डे का प्रावधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित हो सकें, इसके लिए कक्षा-6 से 8 तक के स्कूल के बच्चों के लिए प्रत्येक माह में न्यूनतम एक शनिवार को बस्ते-विहीन दिवस का आयोजन हो, इन दिवसों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाए,  बैग लेस डे के बच्चों से कराए जाएंगे क्राफ्ट, ड्राइंग और पेंटिग नो बैग डे के लिए जारी दिशा-निर्देश में महीने के एक दिन होने वाले गतिविधियों में क्रॉफ्ट, ड्राइंग, पेंटिंग, मिट्टी के खिलौनों का निर्माण, मुखौटे, डॉल-मेकिंग और अनुपयोगी सामग्री से वस्तुओं का निर्माण शामिल है. वहीं साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों के बीच लोकगीत-नृत्य, लघु नाटिका, कविता पाठ, कहानी लेखन गतिविधियां करवाई जाएंगी.  बैग लेस डे के लिए प्राचार्य व शिक्षक तैयार करेंगे कैलेण्डर नो बैग डे के लिए गतिविधियों को कैलेंडर शाला के प्राचार्य और शिक्षक मिलकर तैयार करेंगे. गतिविधि ट्रेनिंग में बच्चों को खेती की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी भी जाएगी. इसके लिए पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियां और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी भी शामिल है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित कराने के लिए कक्षा-6 से 8 क्लास के बच्चों के लिए माह का एक दिन बस्ता-विहीन दिवस हो,जिसमें उनको व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाए. नो बैग डे के दिन ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे छात्र नो बैग डे के दिन छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण के अलावा लघु उद्योग व्यवसाय जैसे मधुमक्खी-पालन, मुर्गी एवं मछली-पालन इत्यादि की जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा बच्चों को स्थानीय बैंक, पुलिस थाना, अस्पताल और अनाज मण्डी का भ्रमण कराया जाएगा और बच्चों को हथकरघा, खिलौने निर्माण जैसी इकाइयों से परिचय कराया जाएगा.

हमें मुकदमा नहीं लड़ना समाधान खोजना है और जल्दी ही हम JC mill समाधान खोज लेंगे : मुख्यमंत्री यादव

ग्वालियर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज अल्प प्रवास पर ग्वालियर पहुंचे उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के साथ वर्षों से बंद पड़ी जेसी मिल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ जेसी मिल की जमीन का नक्शा भी देखा, मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे हमारी सरकार ने दूसरी बंद पड़ी मिलों का समाधान निकाला जल्दी ही जेसी मिल का समाधान भी निकालेंगे यहाँ के मजदूरों की देनदारी पर जल्दी ही फैसला होगा। मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुरूप गरीब, महिला, युवा और किसान चारों वर्गों का हित हमारी प्राथमिकता है इसलिए हमरी सरकार इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से और अन्य आयोजनों के माध्यम से इनके रोजगार और आमदनी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है साथ ही पुरानी बंद पड़ी इंडस्ट्री के मजदूरों के पैसों को चुकाना भी हमारी प्राथमिकता है इसलिए इस दिशा में तेजी काम कर रही है। हमारा फर्ज है हम देनदारी चुकाएं, लावारिस पड़ी कीमती जमीनों का उपयोग करें उन्होंने कहा,  मुझे बताया गया है कि जेसी मिल के 8 हजार से ज्यादा मजदूर कई वर्षों से उनकी देनदारी मिलने की  उम्मीद में हैं इनमे से कई तो काल कवलित हो गए लेकिन उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हमारा पहला फर्ज है हम देनदारी चुकाएं साथ ही ऐसी कीमती जमीन का उपयोग करें इससे विकास बढेगा, इसे लावारिस नहीं छोड़ सकते है मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं जल्दी इस विषय में निर्णय लिया जायेगा। हमें मुकदमा नहीं लड़ना समाधान खोजना है मुख्यमंत्री ने कहा हमने इंदौर की हुकुमचंद मिल का निराकरण किया है वहां भी इतने ही मजदूरों की देनदारी थी, उज्जैन की विनोद विमल बिल के मजदूरों का पैसा दिलवाया इसी तरह जल्दी ही जेसी मिल के लिए भी करेंगे, हम न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे वकीलों को एक्टिव कर रहे है, उन्होंने कहा, हमें मुकदमा नहीं लड़ना समाधान खोजना है और जल्दी ही समाधान खोज लेंगे। पीएम मोदी के कारण  दुनिया के बड़े देश भारत से जुड़ने में अपना हित देखते हैं   चुनावों से जुड़े सवाल पर सीएम ने कहा हमारे पीएम मोदी शुभंकर हैं आज भारत के बिना कोई भी महाशक्ति अपनी कल्पना नहीं कर सकती भारत के साथ जुड़कर ही वो अपना हित देखती हैं, अमेरिका हो या रूस, सबके शीर्ष नेता मोदी जी को चाहते है भारत में उनके नेतृत्व की गहराई की कल्पना नहीं की जा सकती इसलिए हम झारखंड और महाराष्ट्र जीत रहे हैं साथ ही मप्र की बुधनी और विजयपुर दोनों जीतने वाले हैं। रामनिवास रावत के मन में श्योपुर विजयपुर के पिछड़ने का दर्द था इसलिए कांग्रेस छोड़ी   मोहन यादव ने कहा कि जनता विकास चाहती है और केंद्र में और मप्र में भाजपा की सरकार है और विकास कर रही है, रामनिवास रावत कांग्रेस से कई बार विधायक रहे लेकिन विकास में श्योपुर पीछे रह गया , वे 6 बार जीते लेकिन उनके मन में विकास को लेकर दर्द था इसीलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ी, इसलिए चुने जाने के बाद भी भाजपा में आये अबकी बार वहां एक विधायक , मंत्री सांसद और मैं खुद वहां मौजूद रहूँगा। 23 नवम्बर से 1 दिसंबर तक जर्मनी और इंग्लैड के दौरे पर रहेंगे सीएम डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री ने कहा हम रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव के माध्यम से प्रदेश में आर्थिक मजबूती का माहौल बन रहे हैं 7 दिसंबर को प्रदेश की छठवीं इंडस्ट्री कॉनक्लेव नर्मदापुरम ने होगी और फिर जनवरी में शहडोल में होगी, हम फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में करने जा रहे हैं इसी सिलसिले में मैं 23 नवम्बर से 1 दिसंबर तक जर्मनी और इंग्लैड के दौरे पर जा रहा हूँ जिससे वहां के इन्वेस्टर को मप्र में उद्योग लगाने के लिए निवेदन कर सकूँ हमारा प्रयास है कि प्रदेश के हित में ये सकारात्मक माहौल बना रहे।

वाह मोहन भैया आपने जेसी मिल का निरीक्षण कर ग्वालियर मजदूरों, युवाओं और उद्योग जगत मे एक उम्मीद जगा दी

ग्वालियर ग्वालियर शहर की पहचान राजघराने सिंधिया के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी जाना जाता है I जिसमें जेसी मिल जैसे उद्योगों की पहचान किसी से छुपी नहीं है I मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका निरीक्षण करके एक सकारात्मक संदेश ग्वालियरवासियों को दिया है I जिससे उम्मीद की जा सकती है कि अब ग्वालियर को विकास और रोजगार भरपूर मिलेगा I मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज ग्वालियर में जे.सी. मिल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों / स्थानीय नेताओं और मन्त्रियों से मिल के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्वालियर के जे सी मिल और अन्य उपेक्षित मिलों के मजदूरों के हित में निर्णय लेकर एक उचित दिशा में काम कर सर्वजन हिताय की परिभाषा को चरितार्थ करेंगे I

रोहित पहले टेस्ट में कप्तान नहीं,बुमराह करेंगे कप्तानी, पोंटिंग ने ऐसा क्या कहा

मुंबई  भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पुष्टि की है कि अगर रोहित शर्मा निजी कारणों से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में नहीं खेल पाते हैं तो स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम की अगुआई करेंगे। सोमवार (11 नवंबर) को मुंबई में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए गंभीर ने कहा, “अगर रोहित शर्मा उपलब्ध नहीं होते हैं तो पर्थ में पहले टेस्ट मैच में जसप्रीत बुमराह भारत की कप्तानी करेंगे।” इस दौरान गंभीर ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ मेरी बातचीत केवल भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने को लेकर होती है। यही टीम खेल होता है। इसमें टीम पहले होती है। गंभीर ने कहा कि अगर रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध नहीं होते तो केएल राहुल और अभिमन्यु ईश्वरन सलामी बल्लेबाज के विकल्प होंगे। उन्होंने कहा कि मैं किसी तरह का दबाव महसूस नहीं कर रहा हूं, भारत का कोच बनना सम्मान और सौभाग्य की बात है। कोच ने कहा कि हम जिन आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं हमें वह स्वीकार हैं। हमें अब आगे बढ़ना होगा। ऑस्ट्रेलिया एक नई सीरीज है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की आलोचना के बाद सीनियर बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि रिकी पोंटिंग को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के बारे में सोचना चाहिए। वह भारतीय क्रिकेट को लेकर क्यों चिंतित हैं। विराट और रोहित वापसी करेंगे। पोंटिंग ने हाल ही में कहा था कि विराट ने पिछले पांच सालों में केवल दो टेस्ट शतक बनाए हैं। यह मुझे सही नहीं लगा, लेकिन अगर यह सही है, तो मेरा मतलब है, यह चिंता का विषय है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा, “पहली और सबसे बड़ी चुनौती निश्चित रूप से परिस्थितियां हैं। क्योंकि जब आप भारत में खेलते हैं तब ऑस्ट्रेलिया की तुलना में परिस्थितियां पूरी तरह से अलग होती हैं। मुझे लगता है कि अगर हम सीरीज शुरू होने से पहले 10 दिन अच्छी तैयारी कर पाते हैं, तो हम अच्छी स्थिति में होंगे। हमारे पास कई अनुभवी खिलाड़ी हैं जो कई बार ऑस्ट्रेलिया जा चुके हैं। इसलिए उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के काम आएगा। ये 10 दिन बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। 22 तारीख की सुबह हमें पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए और पहली गेंद से ही धमाकेदार शुरुआत करनी चाहिए।” न्यूजीलैंड के साथ सीरीज में टीम इंडिया के प्रदर्शन पर गौतम गंभीर ने कहा, “हमें जो आलोचना मिल रही है, हम उसे स्वीकार करते हैं। हम आगे बढ़ते रहते हैं, और हर दिन बेहतर होते रहते हैं। मुझे पता है कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन इससे कुछ भी नहीं बदलता। ऑस्ट्रेलिया एक नई सीरीज और एक नया प्रतिद्वंद्वी है। हम यह सोचकर मैदान पर उतरते हैं कि हम निश्चित रूप से उस सीरीज को जीतने की कोशिश करेंगे।” ‘सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं’ गंभीर ने हाल में खराब प्रदर्शन के कारण दबाव में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बचाव करते हुए कहा कि यह दोनों सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं और ऑस्ट्रेलिया में दमदार वापसी करेंगे। गंभीर ने इन बातों को भी खारिज कर दिया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में तीनों टेस्ट मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम दबाव में है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। गंभीर से जब पूछा गया कि क्या उन्हें डंकन फ्लेचर के समय जैसा दबाव महसूस होता है जब टीम बदलाव के दौर में थी, उन्होंने कहा, “मैं बदलाव के बारे में नहीं बल्कि पांच टेस्ट मैचों के बारे में सोच रहा हूं। बदलाव हो या न हो, अगर ऐसा होना है तो होगा, लेकिन मैं भारतीय टीम में कुछ ऐसे अविश्वसनीय खिलाड़ियों को देख रहा हूं जो अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब हैं।” भारतीय कोच ने यह भी पुष्टि की है कि अगर रोहित शर्मा निजी कारणों से पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाते हैं तो उप कप्तान जसप्रीत बुमराह टीम की कमान संभालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के पास सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए केएल राहुल और अभिमन्यु ईश्वरन के रूप में विकल्प के रूप में मौजूद हैं। हमें सही समय पर सही सवाल पूछने चाहिए: पोंटिंग अगर रोहित मैच में नहीं खेलते हैं तो टीम की अगुआई की जिम्मेदारी उप-कप्तान बुमराह पर होगी. पोंटिंग ने कहा कि 30 वर्षीय बुमराह के पास भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करते हुए टीम की कप्तानी की जिम्मेदारियों को संभालने का काफी अनुभव है. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में उसके लिये काफी सारे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं और मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप इस अनुभव का इस्तेमाल करें. भले ही आप कप्तान हों. पोंटिंग ने कहा कि हमें सही समय पर सही सवाल पूछने चाहिए, क्योंकि चाहे हमने कितना भी क्रिकेट खेला हो, हम हमेशा सही नहीं होते. बुमराह में है मुश्किल परिस्थितियों से उबरने की क्षमता खेल के लंबे प्रारूप में बुमराह अब भी भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज बने हुए हैं और वह आईसीसी टेस्ट सूची में तीसरे स्थान पर काबिज है. पोंटिंग का मानना ​​​​है कि बुमराह में मुश्किल परिस्थितियों से उबरने की काबिलियत है. उन्होंने यह भी कहा कि बुमराह जैसे खिलाड़ी अतिरिक्त दबाव और जिम्मेदारी में अच्छा खेल दिखाते हैं. वैसे भी वह हमेशा लंबे समय से तेज गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करते रहे हैं. भले ही यह लाल गेंद का क्रिकेट हो, टी20 हो या फिर वनडे. वह मुख्य खिलाड़ी हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम निकल चुकी है. भारत को लगभग 1.5 महीने के इस दौरे पर पांच टेस्ट खेलने हैं. टीम में कुछ नए खिलाड़ियों को भी मौका मिल सकता है. ऑस्ट्रेलिया दौरे के भारतीय टीम की स्क्वाड: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), शुभमन गिल, यशस्वी जयसवाल, अभिमन्यु ईश्वरन, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद … Read more

शहर के वार्ड 13 की बस्तियों में 3.19 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

ग्वालियर ग्वालियर में प्रगति की यात्रा इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगी। आमजन की सुविधा के लिये जहाँ जरूरत होगी, वहाँ विकास कार्य कराए जाएंगे। इसी कड़ी में वार्ड-13 की विभिन्न बस्तियों में 3 करोड़ 19 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया है । यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वार्ड-13 में विकास कार्यों के भूमि पूजन के अवसर पर कहीं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सीवर लाइन चोक न हो इसके लिए मेन ट्रंक लाइन डाली जा रही है। साथ ही कहा कि उपनगर ग्वालियर में पार्कों के सौंदर्यीकरण के साथ ही पार्कों में ओपन जिम व बच्चों के लिए झूले एवं अन्य खेलकूद उपकरण लगाए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि सिविल अस्पताल प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से बेहतर सेवाएं दे रहा है। वहां की ओपीडी में हजारों की संख्या में मरीज स्वास्थ्य सेवाएँ ले रहे हैं। शीघ्र ही यहाँ पर सीटी स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को हजार बिस्तर अस्पताल या अन्य जगहों पर सीटी स्कैन के लिए नहीं जाना पड़ेगा।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा हिनौती गोधाम में हजारों गौवंश को आश्रय मिलेगा

हिनौती गोधाम में गौवंश रखने के लिए तत्काल करें आवश्यक व्यवस्थाएँ – उप मुख्यमंत्री  उप मुख्यमंत्री ने कहा गौशालाओं संचालन तथा गौसेवा के लिए दान दी गयी राशि को आयकर की छूट में शामिल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा हिनौती गोधाम में हजारों गौवंश को आश्रय मिलेगा भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिनौती गोधाम में हजारों गौवंश को आश्रय मिलेगा। इसे आधुनिक गौशाला और गोसंवर्धन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। गौशाला में जारी बाउंड्रीबाल का निर्माण शीघ्र पूरा करायें साथ ही स्वीकृत प्लान के अनुसार गौवंश के रहने के लिए शेड तथा भूसा भण्डारण के लिए शेड का निर्माण भी तत्काल शुरू करायें। हिनौती गोधाम को माडल गौशाला के रूप में विकसित करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशालाओं संचालन तथा गौसेवा के लिए दान दी गयी राशि को आयकर की छूट में शामिल करें, जिससे इस पुनीत कार्य में बढ़चढ़कर सहयोग मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सतना को बगदरा गौ-अभयारण्य का निर्माण शीघ्र शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि चित्रकूट के समीप बगदरा घाटी हजारों गौवंश के प्राकृतिक रहवास का अनूठा स्थल है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा कमिश्नर कार्यालय में विभागीय समीक्षा कर रहे थे। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि बाउंड्रीबाल का निर्माण ग्रामीण यंत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। शेड का निर्माण भी दो दिन में शुरू हो जायेगा। गुढ़ में भैरव बाबा मंदिर के समीप स्वीकृत गौशाला में 50 एकड़ में 18 लाख रूपये की लागत से फेंसिंग का कार्य शुरू हो गया है। यहां भी शेड निर्माण के लिए राशि मंजूर कर दी गयी है। बैठक में राजेश पाण्डेय ने गौशाला संचालन समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया। जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी ने गौशाला संचालन के संबंध में सुझाव दिया। बैठक में विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, कमिश्नर बी.एस. जामोद, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, उप संचालक पशु पालन डॉ. राजेश मिश्रा, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत संजय सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

जनवरी से होंगे प्रदेश में एक लाख पदों पर भर्ती, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागों से मांगी जानकारी

भोपाल. प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है। रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई। उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं। बजट में किया जाएगा प्रविधान वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए सभी को स्थापना व्यय में प्रविधान करना है। एक लाख पदों पर भर्ती के हिसाब से सभी विभागों को बजट प्रविधान भी करना होगा। अभी लगभग 23 प्रतिशत बजट स्थापना व्यय के लिए रखा जाता है।

नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार सीटों में से 6 हजार से भी कम पर एडमिशन

भोपाल. सीबीआई और हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के परीक्षण में भले ही लगभग 175 नर्सिंग कॉलेज मान्यता के योग्य पाए गए हैं, पर सख्ती के चलते कई कॉलेज संचालक हाथ खींच रहे हैं। उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया है, मान्यता नवीनीकरण के लिए लगभग 300 आवेदन आए थे, जिनमें 125 के करीब ही मान्यता योग्य बताए जा रहे हैं। सीटों की बात करें तो इन 125 कॉलेजों में जीएनएम (डिप्लोमा पाठ्यक्रम) और बीएससी (नर्सिंग) मिलाकर लगभग छह हजार सीटें ही हैं, जबकि वर्ष 2020 के बाद एक समय ऐसी स्थिति थी कि प्रदेश में 670 नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार तक सीटें थीं। यह कॉलेजों और सीटों की अब तक की सर्वाधिक संख्या रही। सीटें कम होने का बड़ा नुकसान नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों का होगा। कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों ने बताया कि एक-दो दिन के भीतर मान्यता जारी होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने तय किया है वर्ष 2023 की तरह इस वर्ष भी कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पहले से संचालित कॉलेजों को ही मान्यता दी जाएगी। नवीनीकरण के लिए कॉलेजों से आवेदन मांगे गए थे, जिनके परीक्षण का काम लगभग पूरा हो गया है। मान्यता नवीनीकरण सूची जारी होने के बाद एमपी ऑनलाइन से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल पहले ही प्रवेश परीक्षा आयोजित कर चुका है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बंद हो जाएंगे 350 कॉलेज बता दें, लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने नर्सिंग कॉलेजों के संचालन में मापदंड को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। कुछ कॉलेजों का फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने पकड़ा। हाई कोर्ट ने अपात्र कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए। इस तरह लगभग 200 कॉलेज बंद हो गए। अभी 485 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 350 बंद हो जाएंगे क्योंकि वे मान्यता के लिए जरूरी सुविधाओं के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे। आगे भी यही स्थिति रही तो प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार नर्सिंग कर्मचारी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को नहीं मिल पाएंगे।

प्रदेश के स्कूलों में बैगलेस-डे में विभिन्न गतिविधियों के साथ बच्चों का बढ़ाया जायेगा कौशल

भोपाल. प्रदेश में कक्षा-6 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों का समग्र विकास हो, इसके लिये बैगलेस-डे के दिन बच्चों को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने का निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया है। इस दिन बच्चों के बीच पढ़ाई के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं व्यावहारिक गतिविधियाँ की जायेंगी। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला शिक्षाधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित हो सकें, इसके लिये कक्षा-6 से 8 तक के स्कूल के बच्चों के लिये प्रत्येक माह में न्यूनतम एक शनिवार को बस्ते-विहीन दिवस का आयोजन हो। इन दिवसों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाये। बैगलेस-डे के लिये शाला के प्राचार्य एवं शिक्षकों को चर्चा कर गतिविधियों का कैलेण्डर तैयार करने के लिये भी कहा गया है। गतिविधियों की जानकारी “एचडी जिओ टैगी फोटोग्रॉफ’’ राज्य शिक्षा केन्द्र के ई-मेल आईडी rsk.curriculum@gmail.com पर भेजने के लिये कहा गया है। बैगलेस-डे का उद्देश्य विद्यार्थियों को सफल, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है। इसी के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, साक्ष्य आधारित सोच और रचनात्मकता का विकास करना है। विद्यार्थियों में संवाद, विचार अभिव्यक्ति, स्वास्थ्य एवं पोषण, खेल सहयोग की भावना एवं नेतृत्व गुण के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा और पर्यावरणीय चेतना का विकास करना प्रमुख है। बैगलेस-डे में होने वाली गतिविधियाँ राज्य शिक्षा केन्द्र ने बैगलेस-डे में होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं। ऑर्ट और क्रॉफ्ट में बच्चों के बीच में ड्राइंग, पेंटिंग, मिट्टी के खिलौनों का निर्माण, मुखौटे, डॉल-मेकिंग और अनुपयोगी सामग्री से वस्तुओं का निर्माण प्रमुख है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों के बीच लोकगीत-नृत्य, लघु नाटिका, कविता पाठ, कहानी लेखन गतिविधियाँ की जायें। बच्चों को खेती की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी हो सके, इसके लिये पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियाँ और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जाये। साथ ही स्थल भ्रमण भी कराया जाये। बच्चों को ऐतिहासिक स्थलों, लघु उद्योग व्यवसाय, जिनमें मधुमक्खी-पालन, मुर्गी एवं मछली-पालन इत्यादि की जानकारी दी जाये। बच्चों को स्थानीय बैंक, पुलिस थाना, अस्पताल और अनाज मण्डी का भ्रमण कराया जाये। बच्चों को हथकरघा, खिलौने निर्माण जैसी इकाइयों का भ्रमण कराया जाये। इसी के साथ बच्चों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण की जानकारी देने के साथ खेल गतिविधियाँ भी करायी जायें।

रिपोर्ट में हुआ खुलासा, दिल्ली के अस्पतालों में पिछले साल 24 फीसदी मौतों के पीछे की वजह?

नई दिल्ली. दिल्ली में पिछले साल विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 88,628 मौतों में से लगभग 24 फीसदी हैजा, दस्त, टीबी और हेपेटाइटिस-बी समेत अन्य संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से हुईं। दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से जारी ‘द मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ्स’ (एमसीसीडी) रिपोर्ट-2023 में कहा गया है कि दिल्ली में पिछले साल कुल 88,628 मौतें अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों में हुईं। इनमें से लगभग 21,000 लोगों की जान संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से गई। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण अस्पतालों में 6,054 मौतें हुईं। यह आंकड़ा साल 2022 में रिकॉर्ड की गई कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण हुईं 5,409 मौतों से लगभग 12 फीसदी ज्यादा है। साल 2023 में शिशुओं के मामले में सबसे ज्यादा मौतें (1,517) भ्रूण के धीमे विकास और कुपोषण के कारण हुईं। इसमें कहा गया है कि निमोनिया ने 1,373, सेप्टीसीमिया ने 1,109 और हाइपोक्सिया, जन्म के समय सांस नहीं चलना और श्वास संबंधी अन्य विकारों ने 704 शिशुओं की जान ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में सबसे ज्यादा मौतें 45 से 64 साल के उम्र वालों की हुईं। इसमें बताया गया है कि पिछले साल हुई कुल मौतों में 32.28 फीसदी यानी 28,611 मृतक इस आयु वर्ग के, जबकि 29.44 प्रतिशत यानी 26,096 मृतक 65 साल और उससे अधिक उम्र के थे।

रीजनल इन्वेसटर्स समिट नर्मदापुरम में, सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में 7 दिसंबर को रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है ताकि उन्हें राज्य से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री आगामी फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए विदेश यात्रा पर भी जाएंगे और विदेशी निवेशकों से राज्य में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री  ने बताया कि इस समिट में आईटी, MSME और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समिट के माध्यम से प्रदेश में बड़े और छोटे उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं को विस्तार दिया जाएगा, जिससे न केवल राज्य का आर्थिक विकास होगा बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी मुख्यमंत्री यादव ने जानकारी दी कि वे फरवरी में मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे विदेशी निवेशकों से मिलकर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि यह समिट राज्य में औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए राज्य के बाहर न जाना पड़े। इसके लिए राज्य सरकार नए उद्योगों और निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने में जुटी है। “वन नेशन, वन इलेक्शन”  का समर्थन चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “वन नेशन, वन इलेक्शन” के विचार का समर्थन किया और कहा कि बार-बार चुनाव से ध्यान भटकता है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भाजपा महाराष्ट्र, झारखंड और मध्यप्रदेश के उपचुनावों में जीत हासिल करेगी। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वे झारखंड में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे और वहां से सीधे विजयपुर रवाना होंगे।

विवाह कानून में होगा संशोधन, अब इराक में 9 साल की बच्चियों से शादी कर सकेंगे पुरुष

इराक विवाह कानून में कानूनी संशोधन पारित करने की तैयारी कर रहा है। यह कानून पुरुषों को नौ साल की उम्र तक की बच्चियों से शादी करने की अनुमति देता है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं को तलाक, बच्चे की कस्टडी और विरासत के अधिकार से वंचित करने के लिए भी संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। यह विधेयक नागरिकों को पारिवारिक मामलों पर निर्णय लेने के लिए धार्मिक अधिकारियों या नागरिक न्यायपालिका में से किसी एक को चुनने की अनुमति भी देगा। शिया दलों के गठबंधन के नेतृत्व वाली रूढ़िवादी सरकार का लक्ष्य लड़कियों को अनैतिक संबंधों से बचाने के प्रयास में प्रस्तावित संशोधन को पारित करना है। कानून में दूसरा संशोधन 16 सितंबर को पारित किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 1959 में जब इसे कानून 188 नाम दिया गया था, तो इसे पश्चिम एशिया के सबसे प्रगतिशील कानूनों में से एक माना जाता था। इराक की गठबंधन सरकार ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन इस्लामी शरिया कानून की सख्त व्याख्या के अनुरूप है और इसका उद्देश्य युवा लड़कियों की सुरक्षा करना है। संसद में बहुमत वाली सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह इराकी महिला समूहों के विरोध के बावजूद इस कानून को पारित करेगी। यूनिसेफ के अनुसार, इराक में बाल विवाह की उच्च दर पहले से ही प्रचलित है। लगभग 28% इराकी लड़कियों की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले ही हो जाती है और प्रस्तावित संशोधनों से स्थिति और खराब होने की आशंका है। चैथम हाउस के वरिष्ठ शोध फेलो डॉ. रेनाड मंसूर ने द टेलीग्राफ को बताया कि यह कदम शिया इस्लामवादियों द्वारा सत्ता को मजबूत करने और वैधता हासिल करने का नवीनतम प्रयास है। उन्होंने कहा, “यह सभी शिया पार्टियों की बात नहीं है, यह केवल कुछ खास पार्टियां हैं जो सशक्त हैं और वास्तव में इसे आगे बढ़ा रही हैं।” मंसूर ने कहा, “धार्मिक पक्ष पर जोर देना उनके लिए वैचारिक वैधता को फिर से हासिल करने का एक तरीका है, जो पिछले कुछ वर्षों में कम होती जा रही है।”

मुख्यमंत्री यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं भर्ती की प्रक्रिया को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा

भोपाल प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है।   रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई। उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं। बजट में किया जाएगा प्रविधान वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए सभी को स्थापना व्यय में प्रविधान करना है। एक लाख पदों पर भर्ती के हिसाब से सभी विभागों को बजट प्रविधान भी करना होगा। अभी लगभग 23 प्रतिशत बजट स्थापना व्यय के लिए रखा जाता है।

रायपुर दक्षिण उपचुनाव के प्रचार के लिए मुख्यमंत्री साय करेंगे जन आशीर्वाद यात्रा, कई दिग्गज नेता होंगे शामिल

रायपुर रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव का प्रचार-प्रसार का शोरगुल सोमवार यानी कल थम जाएगा. प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस और भाजपा पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है. सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन आशीर्वाद यात्रा निकाला जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री साय, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव रैली का नेतृत्व करेंगे. इस जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सैकड़ों मोटरसाइकिल में रैली की अगुवाई महिला मोर्चा और युवा मोर्चा कार्यकर्ता करेंगे. जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत दोपहर 2 बजे जय स्तम्भ चौक पर शहीद वीर नारायण सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ होगी. यह यात्रा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के 58 से अधिक स्थानों से होते हुए नेताजी चौक, कटोरा तालाब पर समाप्त होगी. बता दें कि रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए कुल 30 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से भाजपा के सुनील सोनी और कांग्रेस से आकाश शर्मा प्रमुख उम्मीदवार हैं. उपचुनाव के लिए मतदान 13 नवंबर को होगा और इसके नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.

श्रीनगर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरा, मुठभेड़ जारी

श्रीनगर मध्य कश्मीर के श्रीनगर जिले के जबरवान वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया है और दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ चल रही है। पुलिस ने रविवार को बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम को उस क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने 3-4 आतंकियों को घेर लिया है, वहीं इस दौरान दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कई मुठभेड़ हुई, जिनमें कई आतंकवादी और उनके कमांडर मारे गए हैं। वहीं, कुछ सुरक्षा बलों के जवान भी हताहत हुए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि आतंकवादी गतिविधियां अब जम्मू-कश्मीर के उन इलाकों में भी हो रही हैं, जो इस तरह की घटनाओं से मुक्त माने जा रहे थे। इसमें कश्मीर में श्रीनगर और जम्मू में चेनाब घाटी, उधमपुर और कठुआ के इलाके शामिल हैं। जम्मू में अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकवादी वाहनों पर घात लगाकर हमला कर रहे हैं और ग्रेनेड और गोलियों के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बढ़ते आतंकवाद और आतंकवादियों द्वारा अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल से खतरे के स्तर में वृद्धि का संकेत मिलता है। लगातार हो रहे हमलों ने राजनीतिक आलोचना को जन्म दिया है और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में कश्मीर घाटी को जम्मू से विभाजित करने वाले पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकवाद में बढ़ोतरी को देखा गया है। कश्मीर में लगातार आतंकवाद विरोधी अभियानों ने आतंकवादियों को पहाड़ों और उन क्षेत्रों में धकेल दिया है, जो आतंकवाद से मुक्त थे और जहां वे छिपते हैं।

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