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रीवा में तीन ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए सरलता से मिलेगी पराली : उप मुख्यमंत्री

भोपाल कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा, सतना और मऊगंज जिलों में बाणसागर बाध की नहरों से सिंचाई के बाद धान और गेंहू का विपुल उत्पादन हो रहा है। ग्रीन एनर्जी प्लांट में धान के पैरे (पराली) से बिजली और जैविक खाद बनायी जायेगी। रीवा जिले में तीन ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए पराली पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। गुढ़ में प्रस्तावित ग्रीन एनर्जी प्लांट का कार्य तत्काल शुरू करें। इस प्लांट के लिए कच्चा माल पराली और कम उपजाऊ क्षेत्र में नेवियर घास उगाकर आसानी से उपलब्ध हो जायेगा। ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित होने से किसानों की कम उपजाऊ और परती जमीनों से भी लाखों की आय होगी। कंपनी सर्वे का कार्य शीघ्र पूरा करके वास्तविक निर्माण कार्य शुरू करायें। इस प्लांट की स्थापना से जिले में नरवाई जलाने और पराली के समस्या का भी समाधान होगा। किसान के लिए अब धान के साथ-साथ उसका पैरा भी आमदनी देगा। मऊगंज जिले में प्लांट के लिए एक हजार हेक्टेयर की जमीन उपलब्ध है। जमीन प्राप्त करने तथा प्लांट के लिए 7 दिन में आवेदन करें। गुढ़ में दो और सिरमौर में एक प्लांट लगाने की कार्य योजना को मूर्त रूप दें। बैठक में कलेक्टर मऊगंज ने बताया कि ग्रीन एनर्जी प्लांट के लिए बदवार सीतापुर रोड में एक हजार हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है। इसमें से 95 प्रतिशत जमीन निजी भूमि है। किसान अच्छी आय प्राप्त होने पर सरलता से दे देगें। किसानों से अनुबंध के आधार पर जमीनें मिल जायेगी। बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि तीन प्लांट लगाने के लिए पर्याप्त पराली उपलब्ध है। गेंहू के फसल अवशेष तथा वनों से प्राप्त अनुपयोगी पौधों का भी ग्रीन एनर्जी प्लांट में उपयोग किया जा सकता है। गुढ़ प्लांट को सीधी जिले के धान उत्पादक चुरहट और रामपुर नैकिन क्षेत्र के रीवा से जुड़े हुए गांव से भी पराली मिल जायेगी। कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा ने बताया कि नगौद में ग्रीन एनर्जी प्लांट का कार्य जारी है। बैठक में रिलायंस ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के प्रतिनिधि अशोक खरे तथा विजित झा ने बताया कि हमारी कंपनी रीवा और सतना जिले में दस ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित करना चाहती है इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। इस प्लांट में कच्चे माल के रूप में गेंहू और धान के फसल अवशेष पराली का उपयोग किया जायेगा। एक प्लांट के लिए 22 हजार मैट्रिक टन पराली की आवश्यकता होगी। पराली के साथ परती तथा अनुपयोगी जमीन पर आसानी से उगने वाली नेपियर घास का भी कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जायेगा। ग्रीन एनर्जी प्लांट से कम्प्रेस, बायोगैस, हाइड्रोजन तथा मैथेलान का उत्पादन होगा। साथ ही इससे जैविक खाद का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। किसानों की पराली को कम्प्रेस करके कच्चा माल के रूप में बनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी। इससे रोजगार का सृजन होगा। किसानों की परती और कम उपजाऊ जमीन भी अच्छा लाभ देगी। किसानों से अनुबंध के आधार पर नेपियर घास की खेती करायी जायेगी। ग्रीन एनर्जी प्लांट ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों की तकदीर भी बदल देगा। बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद, डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गोखले, उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा, क्षेत्रीय प्रबंधक औद्योगिक विकास निगम यूके तिवारी, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत संजय सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनाया अंतिम फैसला?, ‘बुलडोजर जस्टिस मंजूर नहीं’

नई दिल्ली। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद से रिटायर हो गए। अब सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के आखिरी फैसले में CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने ‘बुलडोजर जस्टिस’ की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, ‘बुलडोजर न्याय’ कानून के शासन के तहत अस्वीकार्य है। अदालत ने कहा कि बुलडोजर न्याय न केवल कानून के शासन के विरुद्ध है, बल्कि यह मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है। अगर इसे अनुमति दी गई तो अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार की संवैधानिक मान्यता एक डेड लेटर बनकर रह जाएगी।’ कोर्ट ने कहा, बुलडोजर के माध्यम से न्याय न्यायशास्त्र की किसी भी सभ्य प्रणाली के लिए अज्ञात है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘एक गंभीर खतरा है कि यदि राज्य के किसी भी विंग या अधिकारी द्वारा उच्चस्तरीय और गैरकानूनी व्यवहार की अनुमति दी जाती है, तो नागरिकों की संपत्तियों का विध्वंस बाहरी कारणों से चुनिंदा प्रतिशोध के रूप में होगा।’ अदालत ने किसी भी संपत्ति को ढहाने से पहले छह आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया है – 0- अदालत ने कहा,अधिकारियों को पहले मौजूदा भूमि रिकॉर्ड और मानचित्रों को सत्यापित करना होगा। 0- दो, वास्तविक अतिक्रमणों की पहचान करने के लिए उचित सर्वे किया जाना चाहिए। 0- कथित अतिक्रमणकारियों को तीन लिखित नोटिस जारी किए जाने चाहिए। 0- आपत्तियों पर विचार किया जाना चाहिए और स्पष्ट आदेश पारित किया जाना चाहिए 0- स्वैच्छिक हटाने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए । 0- यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त भूमि कानूनी रूप से अधिग्रहित की जानी चाहिए। बता दें कि ये दिशानिर्देश सितंबर 2019 में यूपी के महाराजगंज जिले में पत्रकार मनोज टिबरेवाल आकाश के घर को ध्वस्त करने के मामले में सुनाए गए हैं, यह मानते हुए कि राज्य द्वारा अपनाई गई पूरी प्रक्रिया ‘क्रूर’ थी। अधिकारियों ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार के लिए विध्वंस आवश्यक था, वहीं जब इस मामले की जांच की गई तो जांच में उल्लंघन का एक पैटर्न सामने आया जिसे अदालत ने राज्य शक्ति के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। यूपी सरकार को 25 लाख का मुआवजा अदालत ने राज्य को याचिकाकर्ता को ₹25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया और यूपी के मुख्य सचिव को अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने और घर को ध्वस्त करने के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस और उसके साथी आदिवासियों को ऊंचाई पर नहीं देख सकते

गुमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को झारखंड के गुमला हवाई अड्डा मैदान में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस, झामुमो और राजद को आदिवासियों का दुश्मन करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी आदिवासियों को ऊंचाई पर नहीं देख सकते। भाजपा ने आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया, पर द्रौपदी मुर्मू के साथ कांग्रेस का क्या व्यवहार रहा है, ये पूरा देश जानता है। कांग्रेस ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी। झारखंड में चंपई सोरेन के साथ जो हुआ, ये उनकी इसी सोच का नतीजा है। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में झारखंड में मुझे जहां-जहां जाने का अवसर मिला, वहां हर रैली पहले वाली रैली का रिकॉर्ड तोड़ देती है। गुमला की रैली में आए लोगों की भीड़ बताती है कि हवा का रुख क्या है। उन्होंने कहा कि झारखंड में घुसपैठ रोकने और झारखंड की पहचान बचाने के लिए यहां भाजपा सरकार चाहिए। नौजवानों को नौकरी और महिलाओं को सुरक्षा मिले, इसके लिए भाजपा की सरकार चाहिए। आज आदिवासी, ओबीसी और दलितों की पहली पसंद भाजपा और एनडीए है। उन्होंने झामुमो और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों ने झारखंड को हमेशा पिछड़ा रखा है, जबकि भाजपा और एनडीए ने झारखंड को बड़ी-बड़ी योजनाओं का केंद्र बनाया है। पहले दिल्ली से योजनाएं शुरू होती थी। हमने बिना गारंटी के लोन देने वाली मुद्रा योजना दुमका से शुरू की थी। आयुष्मान भारत योजना रांची और पीएम जन मन योजना खूंटी से शुरू हुई थी। आदिवासी गांवों में भाजपा सरकार 80,000 करोड़ खर्च करने वाली है। इन पैसों से अच्छे स्कूल बनेंगे, अच्छे अस्पताल बनेंगे, यहां के बच्चों के लिए ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार सबका साथ, सबका विकास इस मूल मंत्र पर चल रही है। इसी रास्ते पर चलकर झारखंड और भारत विकसित होगा, लेकिन झामुमो-कांग्रेस के इरादे कुछ अलग हैं। कांग्रेस का शाही परिवार दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज की एकता को तोड़ना चाहता है। वे एससी-एसटी और ओबीसी को मिला आरक्षण छीनना चाहते हैं। कांग्रेस चाहती है कि आदिवासी समुदाय आपस में लड़ें और कमजोर हो जाएं। ये उरांव को मुंडा से और चीक-बड़ाइक को महली से लड़वाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड में कांग्रेस नेताओं के यहां छापेमारी में बरामद रकम का जिक्र करते हुए कहा कि आपने तो झामुमो और कांग्रेस के मंत्रियों के नोटों के पहाड़ देखे हैं, पर मोदी आपके पैसों को लूटने नहीं देगा। जिन्होंने आपका पैसा लूटा है, उन्हें लौटाना पड़ेगा और जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ेगी। झारखंड के नौजवानों का नुकसान झामुमो-कांग्रेस ने सबसे ज्यादा किया है। बीते पांच सालों में कोई ऐसा पेपर नहीं है, जो लीक नहीं हुआ है। ऐसी कोई सरकारी भर्ती नहीं है, जिसमें धांधली नहीं हुई है। भाजपा-एनडीए की सरकार इनके हर भ्रष्टाचार का हिसाब चुकता करेगी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने बीते दस सालों में छोटे किसानों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि गुमला के किसानों के खाते में पीएम सम्मान निधि के 500 करोड़ पहुंचे हैं। गुमला में रागी जैसा ‘श्री अन्न’ उगाया जाता है। हम ‘श्री अन्न’ के रूप में पूरी दुनिया में रागी की फसल को पहुंचाने जा रहे हैं। झारखंड भाजपा ने किसानों के लिए जो घोषणाएं की हैं, वो बहुत ही प्रशंसनीय हैं। 23 नवंबर के बाद एनडीए सरकार सभी गारंटियों को पूरा करेगी, ये मेरी गारंटी है। भारत तभी विकसित होगा जब नारी विकसित होगी। यही बात झारखंड की माताओं-बहनों के लिए भी है। पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड भाजपा ने भी ‘गोगो दीदी योजना’ का ऐलान किया है। ‘गोगो दीदी योजना’ के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने हजारों रुपये जमा होने वाले हैं। उन्होंने लोगों से भाजपा, आजसू, जदयू और एलजेपी के उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि आपका हर वोट ‘विकसित भारत, विकसित झारखंड’ के सपने को गति देगा। मुझे झारखंड में हर गरीब को पक्का घर देना है। यह आपके वोट की ताकत है कि मोदी हर गरीब को घर दे पा रहा है।

‘हम हिजबुल्ला के खिलाफ हैं, लेबनान के नहीं’, इस्राइल ने लेबनानी झंडा जलाने पर की सैनिकों की आलोचना

यरुशलम. बीते एक साल से ज्यादा समय से इस्राइल और हमास के बीच जंग जारी हैं। वहीं, इस युद्ध की लपटें लेबनान और ईरान तक पहुंच चुकी हैं। इस बीच, इस्राइली सेना ने शनिवार को सैनिकों के एक समूह पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समूह ने दक्षिणी लेबनान में लेबनानी झंडा जलाया, जहां वे ईरान समर्थित समूह हिजबुल्ला से लड़ रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सेना ने इसकी आलोचनी की। वीडियो में इस्राइल की वर्दी पहने करीब आधा दर्जन लोग धार्मिक नारा लगाते और नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनमें से एक लाइटर से झंडे में आग लगा रहा है। हमारी जंग आंतकवादी हिजबुल्ला के खिलाफ: अद्रेई सेना के प्रवक्ता अविचय अद्रेई ने कहा, ‘हम दक्षिणी लेबनान में कुछ सैनिकों द्वारा लेबनानी झंडे को जलाने के कृत्य को आदेशों का उल्लंघन, रक्षा बलों के मूल्यों के साथ असंगत तथा लेबनान में हमारी सैन्य गतिविधियों के लक्ष्यों के साथ गलत संरेखण के रूप में देखते हैं। हमारी जंग आंतकवादी हिजबुल्ला के खिलाफ है, जो पंथ, विचारधारा या पहचान में कभी भी सही मायने में लेबनानी नहीं रहा है।’ प्रतिबंध का कोई उल्लेख नहीं सोशल मीडिया पर दी गई प्रतिक्रिया में सैनिकों के खिलाफ किसी भी संभावित प्रतिबंध का उल्लेख नहीं किया गया था। हालांकि, एक वीडियो को जारी किया गया था, जिसमें कथित तौर पर हिजबुल्ला के एक आतंकवादी ने लेबनान के झंडे को फाड़कर उसकी जगह समूह का बैनर लगा दिया था। “”#هام منذ بدء الحرب على حزب الله، قلناها بوضوح: حربنا ليست ضد الشعب اللبناني، بل ضد من ينتهك أرض لبنان، ويحرق سيادته، ويدنس رموزه.     حربنا ضد حزب الله الإرهابي، الذي لم يكن يومًا لبنانيًا لا في العقيدة، ولا الفكر، ولا الهوية. ومن هنا، نعتبر قيام بعض الجنود على حرق العلم اللبناني في… pic.twitter.com/A1KtAcyOcn— افيخاي ادرعي”” – (@AvichayAdraee) November 9, 2024

विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है, पीएम मोदी ने की सराहना

नई दिल्ली कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हुए विशेष अभियान 4.0 के कार्यान्वयन चरण के सफल समापन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 2021-24 तक चलाए गए विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है। पीएम मोदी ने भी इन नतीजों की सराहना की है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान था और इसने कई बेहतरीन प्रथाएं और उपलब्धियां देखी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर, स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने के लिए ‘विशेष अभियान 4.0’ में संतृप्ति दृष्टिकोण को अपनाया गया और देश के दूरदराज के हिस्सों में 5.97 लाख से अधिक कार्यालयों को कवर किया गया। जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए भी जानकारी दी, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, विशेष अभियान 4.0, जो कि अपने प्रकार का भारत का सबसे बड़ा अभियान है, ने कई महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए हैं। 2021 से कबाड़ को हटाकर राज्य कोष में लगभग 2,364 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं।” पीएम मोदी ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “सही प्रबंधन और सक्रिय कदमों पर ध्यान देकर इस प्रयास ने बेहतरीन नतीजे हासिल किए हैं। यह दिखाता है कि मिलकर किए गए प्रयास स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जिससे साफ-सफाई और आर्थिक बचत दोनों को बढ़ावा मिलता है।” जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 ने 2-31 अक्टूबर, 2024 की अवधि में 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया। विशेष अभियान 4.0 के तहत 5.97 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और इसके परिणामस्वरूप कार्यालय उपयोग के लिए 190 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई। हर साल के साथ विशेष अभियान का आकार और पैमाना बढ़ता जा रहा है। विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और केन्द्र सरकार के सचिवों द्वारा की गई और इन्होंने कार्यान्वयन के मामले में नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पोर्टल पर मंत्रालयों द्वारा रिपोर्ट किये गए अभियान के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के परिणाम निम्नलिखित हैं: स्वच्छता अभियान स्थल (लाख में)- 5.97 अर्जित राजस्व (करोड़ रुपए में)- 650.10 मुक्त स्थान (लाख वर्ग फीट)- 190 रिकॉर्ड प्रबंधन फाइलों की समीक्षा की गई (भौतिक फाइलें + ई-फाइलें) (लाखों में)- 45.10 रिकॉर्ड प्रबंधन (भौतिक फाइलें हटाई गईं + ई-फाइलें बंद की गईं) (लाखों में)- 25.19 लोक शिकायतें + निपटाई गई अपीलें (लाखों में)- 5.55

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत, मां से बिछडने के बाद हो गया था बीमार

बांधवगढ़ मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले पथपना में एक छोटा हाथी मां से बिछड़ गया था, इसके बाद वह बीमार हो गया था। वन विभाग ने हाथी को उसके झुंड से अलग करके उसका रेस्क्यू किया और उसका उपचार शुरू किया था। रेस्क्यू करने के बाद छोटे जंगली हाथी को बांधवगढ़ के ताला स्थित रामा कैंप पहुंचा दिया गया था। जहां उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। बीमार हाथी के बारे में यह जानकारी सामने आई थी कि वह अपनी मां से बिछड़ गया है और भूख के कारण बीमार हो गय। बीमार हाथी की आयु तीन से चार महीने की बताई गई है। ताला कैंप में रखकर की जा रही थी देखभाल उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के ऊपर आपदा का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की सुबह पार्क प्रबंधन को पनपथा बफर इलाके के छतवा जमुनिहा के जंगल में जंगली हाथी शावक बीमार अवस्था में मिला था। बेहाल अवस्था में मिले जंगली हाथी को पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू कर अपने कब्जे में लिया है और उसका उपचार किया था। हाथी शावक को पार्क के ताला हाथी कैंप में रखकर देखभाल की जा रही थी। तेरह हाथियों का झुंड बताया गया था कि जिस झुंड का छोटा हाथी बीमार हुआ था, वह भी तेरह हाथियों का ही था। तेरह हाथियों में से बाकी के 12 हाथी स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं। हालांकि उन पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि छोटा जंगली हाथी किसी वस्तु को खाने से बीमार हुआ है या फिर किसी और कारण से वह अस्वस्थ्य हुआ था। यह जानकारी जरूर सामने आ रही है कि बीमार हुए छोटे हाथी के शरीर में कंपन हो रहा था। उसने कई जगह लीद भी भी की थी। बीमार हुए जंगली हाथी की जानकरी मिलने के बाद जब वन प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सबसे ज्यादा समय छोटे हाथी का रेस्क्यू करने में लगा था। दरअसल बीमार हाथी को उसके झुंड से अलग करना मुश्किल काम था।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुनाया भावुक किस्सा, ‘पिता ने रिटायरमेंट तक पुणे का फ्लैट बेचने से किया था मना’

नई दिल्ली/पुणे. मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए गए विदाई समारोह में शिरकत की। इस दौरान सीजेआई ने अपने पिता से जुड़ा एक किस्सा सुनाया और बताया कि किस तरह से उनके पिता और देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ ने उन्हें पुणे का एक फ्लैट रिटायरमेंट तक बेचने से मना किया था और इसकी वजह क्या थी। मुख्य न्यायाधीश ने विदाई समारोह के दौरान अपने संबोधन में उनके और उनके पिता के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि ‘उन्होंने (पिता वाईवी चंद्रचूड़) पुणे में एक छोटा सा फ्लैट खरीदा था। मैंने उनसे पूछा कि आपने पुणे में फ्लैट क्यों लिया? जबकि आप इसमें रहेंगे भी नहीं। इस पर उन्होंने मुझे कहा कि मुझे पता है कि मैं उसमें नहीं रह पाऊंगा और मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब तक तुम लोगों के साथ रहूंगा, लेकिन इस फ्लैट को तब तक अपने पास रखना, जब तक तुम बतौर जज सेवानिवृत्त न हो जाओ।’ सीजेआई ने कहा कि इस पर मैंने अपने पिता से इसकी वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि ‘अगर तुम्हें कभी लगे कि तुम्हारी नैतिक और बौद्धिक ईमानदारी से समझौता हो रहा है। तो मैं चाहता हूं कि तुम्हें ये पता रहे कि तुम्हारे सिर पर एक छत है। कभी भी बतौर वकील या न्यायाधीश इसलिए समझौता मत करना कि तुम्हे लगे कि तुम्हारे पास रहने के लिए अपनी कोई जगह नहीं है।’

मध्य प्रदेश में बंदियों को अब जेलों में मिलेगा दूध, दही और सलाद भी, नए साल से लागू हो सकती है व्यवस्था

भोपाल मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों को अब दूध, दही, छाछ और सलाद भी मिल सकेगा। एक जनवरी 2025 से प्रभावी होने जा रहे ‘मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम’ में इसका प्रविधान किया जा रहा है। बंदियों को मिलेगा बेहतर भोजन वित्त विभाग इस प्रस्ताव का परीक्षण कर रहा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अधिनियम प्रभावी होने के साथ ही खान-पान की व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएंगी। जेल में बंदी टीबी के मरीजों को पहले की तरह अंडा भी दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय त्योहार और सप्ताहांत में मिष्ठान्न देने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। पुराने कानून में व्यापक बदलाव अंग्रेजों के जमाने में बंदियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्हीं के जमाने का (वर्ष 1894) कानून भी अभी तक चलन में है। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जेलों में सुधारात्मक सेवाएं बढ़ाने के प्रयास में हैं। इसी कड़ी में पुराने कानून को बदला जा रहा है। प्रदेश में नए अधिनियम में लगभग एक हजार तरह के नियम शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 45 हजार बंदी उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में लगभग 45 हजार बंदी हैं। खतरनाक बंदियों को अलग अंडा सेल में रखा जा रहा है, लेकिन अब इसे नियम में भी उल्लेखित किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने कई प्रविधान हटा दिए गए हैं, जो अब अप्रासंगिक हो गए हैं। जेल में खाना बनाने के लिए बंदियों को उनकी रुचि के अनुसार लगाया जाएगा। इस पर कोई बंदी आपत्ति नहीं कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है के मप्र संभवत: पहला राज्य बन सकता है, जहां जेलों में बंदियों को दूध, दही और छाछ दिया जाएगा। बंदियों के खानपान की व्यवस्था बेहतर करने के लिए नियमों में कई प्रविधान किए जा रहे हैं। वित्त विभाग इसका अध्ययन कर रहा है कि खर्च कितना आएगा। सहमति मिलने पर व्यवस्था लागू होगी। – जीपी सिंह, जेल महानिदेशक, मप्र  

किश्तवाड़ में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू, 2 ग्रामीणों के हत्या में शामिल थे यही दहशतगर्द

किश्तवाड़ किश्तवाड़ में दो विलेज डिफेंस गार्ड्स की अगवा कर हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई थी. जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि इस इलाके में 3 से 4 आतंकवादी छिपे हैं. यह आतंकियों का वही ग्रुप है जिसने दो निर्दोष ग्रामीणों की हत्या कर दी थी. विलेज डिफेंस गार्ड्स को अगवा कर मारा इससे पहले किश्तवाड़ में गुरुवार (7 नवंबर 2024) को दो विलेज डिफेंस गार्ड्स की अगवा कर हत्या कर दी गयी थी. मृतकों की पहचान नसीर अहमद और कुलदीप कुमार के रूप में हुई थी. दोनों का शव 12 घंटे के गहन तलाशी अभियान के बाद शुक्रवार को कुंतवाड़ा जंगल के अंदर एक नाले के पास मिला. शवों का पोस्टमार्टम किया गया तो इस बात की पुष्टि हुई कि उनके सिर में पीछे से गोली मारी गई थी. अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी और उनके हाथ उनकी पीठ पर बंधे हुए थे. घटना के बाद सेना ने बढ़ाई घेराबंदी लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस घटना पर विरोध प्रदर्शन किया था. जम्मू में पाकिस्तान से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात ग्राम रक्षा गार्ड रोजाना की तरह सुरक्षा बलों के साथ ड्यूटी करते हैं. इस घटना के बाद थलसेना की व्हाइट नाइट कोर के कमांडर ने हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने के लिए जारी अभियानों की समीक्षा की. इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले आतंकवादियों की तलाश के लिए सेना की ओर से घेराबंदी बढ़ाने के लिए शनिवार (9 नवंबर 2024) को इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था. मृतक नजीर अहमद के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी के अलावा एक दिव्यांग भाई है, जबकि कुलदीप कुमार के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है. जब दोनों अपने मवेशियों को चराने के लिए वन क्षेत्र में गए तभी आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाया.

भाजपा बोली-कानून बनाकर क्रूरता खत्म करेंगे, केरल में 400 एकड़ जमीन पर वक्फ का दावा

तिरुवनंतपुरम. कर्नाटक में किसानों की जमीन पर वक्फ बोर्ड के दावे का विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ है कि अब केरल में भी 400 एकड़ से ज्यादा जमीन पर वक्फ बोर्ड ने दावा कर दिया है। वक्फ बोर्ड के इस दावे से केरल की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा है कि उनकी सरकार वक्फ विधेयक को संसद में पास कराकर इस क्रूरता को खत्म करेगी। केरल के कोचि के नजदीक मुनांबम इलाके में वक्फ बोर्ड ने 400 एकड़ से ज्यादा जमीन पर दावा कर दिया है। यह जमीन करीब 600 परिवारों के पास हैं, जिनमें से अधिकतर ईसाई समुदाय के हैं। केरल में उपचुनाव में वक्फ का यह मामला चर्चा में है। वायनाड में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि ‘यह सिर्फ मुनांबम की बात नहीं है…यह क्रूरता पूरे भारत में खत्म होगी। कड़े फैसले लिए जाएंगे और सच्चे संविधान को लागू किया जाएगा। यह विधेयक (वक्फ विधेयक) संसद में पास कराया जाएगा।’ सुरेश गोपी ने कहा कि ‘कल तो सबरीमाला भी वक्फ की संपत्ति हो जाएगा। भगवान अयप्पा को भी जगह खाली करनी पड़ेगी! क्या हम इसकी इजाजत दे सकते हैं? तमिलनाडु में वेलानकन्नी चर्च ईसाइयों के लिए बेहद अहम है, अगर वक्फ उस जमीन पर दावा कर दे तो वह चर्च भी वक्फ का हो जाएगा। हम इसके खिलाफ विधेयक लाए हैं। एलडीएफ और यूडीएफ गठबंधन ने इस विधेयक के खिलाफ विधानसभा में विधेयक पारित किया है। अगर आप नहीं चाहते कि सबरीमाला और वेलानकन्नी वक्फ के पास न जाएं तो भाजपा को वोट दें।’

आज ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा इतना भीषण था कि काफी देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह करीब 6 बजे ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क के अंतर्गत एक वैगनआर कार नंबर HR 51BY 1774 जिसमें 5 लोग सवार थे, उसने सेक्टर-146 मेट्रो स्टेशन के पास रोड के किनारे खराब खड़े ट्रक नंबर UP 85 CT 8591 में पीछे से तेज गति से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैगनआर कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने तत्काल राहत-बचाव कार्य करते हुए अन्य चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन सभी व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। पांचों मृतकों में 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। मृतकों की पहचान अमन पुत्र देवी सिंह उम्र करीब 27 साल; देवी सिंह पुत्र रामशाह उम्र करीब 60 साल; राजकुमारी पत्नी देवी सिंह उम्र करीब 50 साल; विमलेश पत्नी ज्ञानी सिंह उम्र करीब 40 साल और कमलेश पत्नी जीवन उम्र करीब 40 साल के रूप में हुई है। सभी मृतक दादरी के पास काशीराम कॉलोनी घोड़ी बछेड़ा के रहने वाले थे और हादसे के दौरान अपने घर वापस लौट रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने भी घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिय। हादसे के बाद दोनों वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटा दिया गया है। फिलहाल यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। वहीं परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद घोड़ी बछेड़ा की काशीराम कॉलोनी में मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस हादसे की जांच के लिए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

भारत को दूसरे टी20 में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी

गकेबरहा  संजू सैमसन अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे लेकिन भारत को अगर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। सैमसन ने डरबन में खेले गए पहले मैच में 50 गेंद पर 107 रन की शानदार पारी खेली थी जिससे भारत ने यह मैच 61 रन से जीता। भारत के अन्य बल्लेबाज हालांकि पर्याप्त योगदान नहीं दे पाए थे जो टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा।  सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा कई मौके मिलने के बावजूद उनका फायदा नहीं उठा पाए जो टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता है। वह इस साल के शुरू में जिंबॉब्वे के खिलाफ शतक बनाने के बाद रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारत की अंतिम एकादश में बदलाव की संभावना नहीं है लेकिन टीम प्रबंधन अभिषेक के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव को देखकर निराश होगा। विशेषकर तब जबकि वह रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस छोटे प्रारूप में सलामी बल्लेबाज के अन्य विकल्पों की तलाश कर रहा है। तिलक वर्मा ने 18 गेंद पर 33 रन की तूफानी पारी खेली लेकिन उन्हें इस तरह की शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है। भारतीय मध्य क्रम में एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है और अगर वर्मा को अपनी जगह पक्की करनी है तो उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पहले मैच में अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए जबकि ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे। भारतीय मध्यक्रम कागजों पर मजबूत नजर आता है लेकिन पहले मैच में वे साझेदारी निभाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। भारत ने 36 रन के अंदर छह विकेट गवाएं जिससे एक समय बेहद मजबूत स्थिति में होने के बावजूद वह आठ विकेट पर 202 रन तक ही पहुंच पाया। इससे भारत के मध्य और निचले क्रम की कमजोरी भी उजागर हुई। भारत को दूसरे मैच में इस क्षेत्र में सुधार करना होगा। भारत के गेंदबाजों ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया तथा दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में 17.5 ओवर में 141 रन पर आउट कर दिया। वरुण चक्रवर्ती ने तीन विकेट लेकर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा जबकि उनके स्पिन जोड़ीदार रवि बिश्नोई ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और आवेश खान ने भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई। जहां तक दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो वह इस साल जून में भारत के हाथों टी20 विश्व कप के फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने में असफल रहा। उसे अपने कई सीनियर खिलाड़ियों की कमी खल रही है। दक्षिण अफ्रीका को अगर भारत का विजय अभियान रोकना है तो उसके युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुरूप प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशक। आवेश खान, यश दयाल. दक्षिण अफ्रीका: एडेन मारक्रम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, गेराल्ड कोएत्जी, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसन, हेनरिक क्लासेन, पैट्रिक क्रुगर, केशव महाराज, डेविड मिलर, मिहलाली मपोंगवाना, नकाबा पीटर, रयान रिकेलटन, एंडिले सिमलेन, ट्रिस्टन स्टब्स। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।  

अमेरिका थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसा वैध आप्रवासियों की संख्या 2000 में 24.1 मिलियन से बढ़कर 2022 में 36.9 मिलियन हो गई

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में जनवरी 2025 में शपथ लेंगे। ट्रंप को जीत तो मिल गई लेकिन उनके सामने अब चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या अवैध प्रवासियों की अमेरिका में एंट्री है। नए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में हर चौथा प्रवासी अवैध है। भारतीयों सहित अधिक से अधिक लोग अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। आइए इसे आंकड़ों के साथ विस्तार से समझते हैं। अवैध अप्रवासियों की संख्या बढ़ी है अवैध आप्रवासन को लेकर राष्ट्रपति जो बिडेन पर हमला करते हुए, ट्रम्प ने अक्टूबर में कहा था कि उनके राष्ट्रपति रहते पिछले तीन वर्षों में 2 करोड़ 10 लाख लोग आए। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2020 के बाद से देश में अवैध प्रवासियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन यह आंकड़ा ट्रम्प के विचार के करीब नहीं है। हर चौथा प्रवासी अवैध है अमेरिका स्थित थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, पूर्ण संख्या में, वैध आप्रवासियों की संख्या 2000 में 24.1 मिलियन से बढ़कर 2022 में 36.9 मिलियन हो गई। सीमाओं पर बड़ा ढेर प्यू ने जुलाई 2024 की एक रिपोर्ट में कहा कि अवैध अप्रवासी आबादी संभवतः पिछले दो वर्षों में बढ़ी है। उस दृष्टिकोण के लिए उद्धृत कारकों में से एक 2022-23 में अमेरिकी सीमाओं पर प्रवासियों के साथ मुठभेड़ों का रिकॉर्ड स्तर है। अधिक भारतीय छिपने की कोशिश कर रहे हैं अक्टूबर 2023 और सितंबर 2024 के बीच, 90,000 से अधिक भारतीय मेक्सिको या कनाडा के साथ इसकी भूमि सीमाओं के पार अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़े गए थे। तथाकथित डंकी रूट, जिसमें भूमि सीमा का उपयोग करके अवैध रूप से टार्गेट के उद्देश्य से कई देशों से गुजरना शामिल है। यह भारतीयों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अमेरिकी सीमा अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार किए गए भारतीयों की संख्या 2021 और 2024 के बीच तीन गुना बढ़ गई है।  

पेप्सिको, यूनिलीवर और डैनोन पैकेज्ड फूड कंपनियां भारत में ऐसे प्रोडक्ट बेच रही हैं जो कम हेल्दी हैं: एटीएमआई रिपोर्ट

नई दिल्ली आपने पेप्सिको, यूनिलीवर, डैनोन आदि कंपनियों के नाम सुने होंगे। ये कंपनियां कई तरह के प्रोडक्ट भारत समेत दुनियाभर में बेचती हैं। अब इन कंपनियों पर आरोप लगा है कि ये भारत समेत कई देशों में खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट बेच रही हैं। ये आरोप एक एनजीओ एक्सेस टू न्यूट्रिशन इनिशिएटिव (ATNI) की नई इंडेक्स रिपोर्ट में लगाए गए हैं। पेप्सिको (PepsiCo) भारत में पेप्सी, सेवनअप, स्लाइस, स्टिंग, Lays चिप्स, कुरकुरे आदि बेचती है। वहीं यूनिलीवर (Unilever) हॉर्लिक्स, रेड लेवल चाय, ताज महल चाय, क्लोजअप टूथपेस्ट, क्लिनिक प्लस शैंपू और ऑइल, डव साबुन आदि बेचती है। इसके अलावा डैनोन (Danone) बेबी फूड आइटम्स बेचती है जिसमें प्रोटिनेक्स भी शामिल है। क्या है रिपोर्ट में? इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार एटीएमआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि पेप्सिको, यूनिलीवर और डैनोन जैसी विदेशी पैकेज्ड फूड कंपनियां भारत और अन्य कम आय वाले देशों में ऐसे प्रोडक्ट बेच रही हैं जो कम हेल्दी हैं। वहीं हाई इनकम वाले देशों में ये कंपनियां जो प्रोडक्ट बेच रही हैं, उनकी हेल्थ स्टार रेटिंग कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट में निम्न और निम्न मध्यम आय वाले देशों की लिस्ट में भारत के साथ इथियोपिया, घाना, केन्या, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस, तंजानिया और वियतनाम को शामिल किया गया है। क्वालिटी के साथ ऐसे कर रहीं खिलवाड़ रिपोर्ट में प्रोडक्ट की क्वालिटी को उदाहरण से समझाया गया है। इसके अनुसार Lays चिप्स और ट्रॉपिकाना जूस बनाने वाली पेप्सिको ने न्यूट्री-स्कोर A/B को पूरा करने वाले प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन यह केवल यूरोपीय संघ में इसके स्नैक्स पोर्टफोलियो पर लागू होता है। वहीं यूनिलीवर के फूड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में क्वालिटी वॉल्स और मैग्नम आइसक्रीम तथा नॉर सूप और रेडी-टू-कुक मिक्स शामिल हैं। डैनोन भारत में प्रोटीनेक्स सप्लीमेंट और एप्टामिल शिशु फॉर्मूला बेचता है। किसे कितने अंक मिले? अमेरिका की एटीएनआई इंडेक्स के अनुसार, हेल्थ स्टार रेटिंग सिस्टम के अनुसार, प्रोडक्ट्स को 5 अंकों में से उनके हेल्थ स्कोर के आधार पर रैंक किया जाता है। इसमें 5 को सर्वश्रेष्ठ स्कोर माना जाता है। 3.5 से ऊपर के स्कोर को स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। निम्न आय वाले देशों में फूड कंपनियों के पोर्टफोलियो का टेस्ट किया गया और उन्हें 1.8 अंक दिए गए। जबकि हाई इनकम वाले देशों में ऐसे प्रोडक्ट्स को औसतन 2.3 अंक दिए गए।

MGM Medical College के एमवाय अस्पताल में अब गोल्फ कार्ट स्ट्रेचर की सुविधा मिलेगी, ई-व्हीकल स्ट्रेचर से बिना किसी परेशानी के वार्ड तक पहुंचेंगे मरीज

इंदौर  अब तक हम सरकारी अस्पतालों में देखते थे कि मरीज को स्वजन या अस्पताल के कर्मचारी स्ट्रेचर पर धक्का लगाकर वार्ड में लेकर जाते थे। मगर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमवाय अस्पताल में अब गोल्फ कार्ट स्ट्रेचर की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन सीएसआर फंड से गोल्फ कार्ट खरीदने की तैयारी कर रहा है। इस तरह की सुविधा फिलहाल देश के चुनिंदा संस्थानों में ही मरीजों को मिल रही है। इसमें मरीज आराम से लेटकर लिफ्ट तक पहुंचेंगे और उसे वार्ड तक ले जाया जाएगा। इसके अलावा तल मंजिल के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर आदि में भी मरीजों को इसी की मदद से लेकर पहुंचेंगे। इसके साथ ही एमवायएच की कैजुअल्टी में आने वाले मरीज चाचा नेहरू अस्पताल, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, कैंसर अस्पताल, टीबी अस्पताल तक भी इसकी मदद से पहुंच जाएंगे।     अस्पताल में गोल्फ कार्ट स्ट्रेचर को सीएसआर से खरीदने की तैयारी की जा रही है। इससे मरीजों को सुविधा मिलने लगेगी। – डॉ. अशोक यादव, अधीक्षक, एमवायएच प्रदेश के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार ऐसी सुविधा दावा किया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां इस तरह की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। अधिकारियों ने बताया कि एमवायएच की केजुअल्टी में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां इंदौर के अलावा आसपास के जिलों से भी मरीज आते हैं। ऐसे में अब स्ट्रेचर धकाकर मरीजों को लिफ्ट तक और फिर लिफ्ट से वार्ड तक ले जाया जाता है। इसमें समय ज्यादा लग जाता है। लेकिन गोल्फ कार्ट स्ट्रेचर की मदद से मरीजों को पहुंचाने की सुविधा मिलने लगेगी। खास बात यह है कि इस सुविधा को कॉलेज परिसर के अन्य अस्पतालों में भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। मगर, यह तभी मिल पाएगी, जब इन अस्पतालों में सड़क निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। गोल्फ कार्ट स्ट्रेचर में क्या-क्या सुविधाएं यह ई-व्हीकल होगा, जो एक बार चार्ज होने के बाद कई घंटों तक चलेगा। इसमें बोतल टांगने की भी व्यवस्था रहेगी। इसकी मदद से मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान आसानी से ले जाया जा सकेगा। वहीं, स्वजन को इस स्ट्रेचर को धक्का देने की जरूरत नहीं होगी। वर्तमान स्थिति में कई बार स्वजन स्वयं मरीज का स्ट्रेचर ले जाते नजर आते हैं। वह ही मरीजों को वार्ड तक लेकर जाते हैं। ऐसे में उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, अस्पताल के कर्मचारी भी इस काम को करते हैं।

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