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सीएम ने मंत्री टंक राम वर्मा की मांग पर बीएड कॉलेज खोलने और ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था करने की घोषणा

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)  के सीएम विष्णु देव साय ( CM Vishnu Dev Sai) ने बलौदा बाजार (Baloda Bazar)  जिले को बड़ा तोहफा (Gift) दिया. गुरुवार को सीएम बनने के बाद साय पहली बार बलौदा बाजार पहुंचे.इस दौरान सीएम ने दीपावली, राज्य स्थापना दिवस और छठ की बधाई देते हुए जिले वासियों की झोलियां भर दी. सीएम ने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया.  60.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न 48 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करने के बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया. जिले को मिली ये बड़ी सौगातें इस दौरान सीएम ने मंत्री टंक राम वर्मा की मांग पर बीएड कॉलेज (B.Ed College) खोलने और ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था करने की घोषणा की. गुरुवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य गोपाल नारायण व्यास के निधन के कारण प्रोग्राम कैंसल किया गया था. उन्होंने स्व. व्यास के निधन को छत्तीसगढ़ की बड़ी क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि 60.20 करोड़ रुपए के कामों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया. इनको सौंपी घर की चाभी सीएम ने आवास योजना में 2100 मकानों की स्वीकृति और 51 लाभान्वित हितग्राहियों को मकान की चाभी सौंपी. कलेक्टर बलौदा बाजार दीपक सोनी के नवाचार हम होंगे कामयाब से 51 बेटियां बैंगलोर में नौकरी करेंगी. उनको नियुक्ति पत्र दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री रहते डॉक्टर रमन सिंह ने जिला का निर्माण किया.इसे विकसित किया. ‘कोई परेशानी किसानों को नहीं होगी’ सीएम ने कहा- यहां बाबा गुरु घासीदास जी की तपोभूमि गिरौदपुरी में कुतुब मीनार से भी ऊंचा जैतखाम बनाया गया. यहां संत कबीर का आश्रम है, मावली माता और सिद्धेश्वर महादेव का मंदिर है. संस्कृति और उद्योग में भी यह जिला आगे है. नया उद्योग नीति से यह जिला और आगे बढ़ेगा. सिंगल विंडो सिस्टम से फायदा होगा. उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से होने वाली धान खरीदी में इतनी व्यवस्था होगी कि कोई परेशानी किसानों को नहीं होगी. ‘समितियों से सुलह कर लिया जाएगा’ इस बीच सीएम ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने यहां की मांग पर कहा कि बीएड कॉलेज और ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाने की घोषणा करता हूं. उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है. इसके लिए विधर्मी और असामाजिक तत्व के बातों से गुमराह नहीं होना है. वहीं, सहकारी समिति के हड़ताल से धान खरीदी प्रभावित होने के सवाल पर कहा कि 14  नवंबर से ही धान की खरीदी होगी, समितियों से सुलह कर लिया जाएगा.

टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी

अब ट्राइबल का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा जनजातीय विकास की अधोसंरचनाएँ प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी भोपाल प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा। विभाग में नये टेक्निकल विंग की स्थापना की गई है। राज्य शासन द्वारा ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिये 177 नये पद भी शासन ने स्वीकृत किये हैं। इसमें अधीक्षण यंत्री (एस.ई) का एक पद, कार्यपालन यंत्री (ई.ई) के 6, सहायक यंत्री (सिविल) के 25, सहायक यंत्री (विद्युत) के 3, उपयंत्री (सिविल) के 123, उपयंत्री (विद्युत) के 9, प्रगति सहायक के 7 तथा निर्माण सहायक, सहायक मानचित्रकार एवं अनुरेखक के एक-एक पद को मंजूरी दी गई है। पदों की मंजूरी मिलने के बाद अब जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विभागीय स्तर या अन्य शासकीय भर्ती एजेन्सीज के माध्यम से टेक्निकल विंग स्टॉफ की भी जल्द से जल्द भर्ती की जायेगी। ट्राईबल टेक्निकल विंग के हेड अधीक्षण यंत्री (एसई) होंगे, जो जनजातीय कार्य मुख्यालय से विभागीय निर्माण कार्यों का सुपर विजन करेंगे। इनके अधीन 6 ईई होंगे। एक ईई मुख्यालय के कार्यों के अलावा भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों का काम देखेंगे। एक ईई इंदौर मुख्यालय से इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिलों का काम संभालेंगे। सागर और जबलपुर संभाग के जिलों के कार्यों के लिये भी एक-एक ईई को दायित्व सौंपा गया है। ग्वालियर के ईई ग्वालियर के साथ-साथ चंबल संभाग तथा शहडोल में पदस्थ ईई शहडोल सहित रीवा संभाग के सभी जिलो में विभागीय निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने तथा मॉनीटरिंग के लिये उत्तरदायी होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक जनजातीय कार्य विभाग के अधीन स्कूल, छात्रावास, आश्रम शालाएँ, क्रीड़ा परिसर, कन्या शिक्षा परिसर, प्रशासनिक भवन आदि विभागीय संरचनाएँ पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, भवन निर्माण इकाई, एम.पी. हाऊसिंग बोर्ड जैसी निर्माण एजेंसियों से कराये जाते थे। इसमें बहुत समय ज्यादा लग जाता था और निर्माण कार्य की लागत भी बढ़ जाती थी। अब जनजातीय कार्य विभाग अपने खुद के टेक्निकल विंग के जरिये निर्धारित लागत तक के विकास एवं उन्नयन कार्य ओपन टेण्डर के जरिये अपने नियम-शर्तों एवं तय समय-सीमा में ही करा सकेगा। इस टेक्निकल विंग कितनी लागत के निर्माण कार्य कराये जाने हैं, यह जनजातीय कार्य विभाग तय करेगा।  

कांग्रेस घाटी में युवाओं के हाथ में फिर से पत्थर देना चाहती है उसे फिर से दहशतगर्दी चाहिए :वीडी शर्मा

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला किया है उन्होंने कहा कांग्रेस के समर्थन से बनी जम्मू कश्मीर की नेशनल कांफ्रेंस ने धारा 370 और 35 A की वापसी का प्रस्ताव लाकर ये साबित कर दिया है कि कश्मीर घाटी में शांति अमन चैन नहीं चाहिए, ये लोग तो युवाओं के हाथों में फिर से पत्थर देना चाहते हैं , ये दोनों पार्टिया देश विरोधी कुचक्र रच रही हैं और पाकिस्तान को ताकत देने की साजिश कर रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि अटल जी ने कहा था कि यदि मेरी सरकार पूर्ण बहुमत की सरकार होती तो मैं सबसे पहले धारा 370 हटाता और ये काम  भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया, प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 और 35 A को जम्मू कश्मीर से हटाकर पूरे देश को एक सूत्र में बंधने का काम किया लेकिन दुर्भाग्य है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के सहयोग से चल रही नेशनल कांफ्रेंस सरकार ने विधानसभा में असंवैधानिक तरीके से धारा 370 खत्म करने का प्रस्ताव लाया। फिर साबित हो गया कांग्रेस आरक्षण, संविधान और दलित विरोधी है वीडी शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव का लाना ये साबित करता है कि बार बार संविधान बात करने वाली दलितों की आरक्षण की बात करने वाली कांग्रेस, दलित विरोधी है, आरक्षण विरोधी है और संविधान विरोधी है, क्यों किजो प्रस्ताव है उसमें इसी तरह की बाते हैं, उन्होंने कहा किआज जम्मू के लाल चौक में तिरंगा फहराता है तो तो भाजपा के कारण से संभव हो पाया। नेशनल कांफ्रेंस से साथ मिलकर कांग्रेस देश विरोधी कुचक्र रच रही वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती जम्मू कश्मीर के युवा को नौकरी मिले, रोजगार मिले, वो नहीं चाहती कि कश्मीर घाटी में अमन चैन रहे, आतंकवाद, अलगाववाद कम हो वो तो युवाओं के हाथ में फिर से पत्थर देना चाहती है उसे फिर से दहशतगर्दी चाहिए , कांग्रेस द्वारा नेशनल कांफ्रेंस के साथ मिलकर देश को तोड़ने का कुचक्र धारा 370 वापस लागू करने के माध्यम से किया जा रहा है, कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का ये राष्ट्र विद्रोही एजेंडा है। क्या ये पार्टियाँ आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर फिर से लाना चाहती हैं वीडी शर्मा ने कहा कि आज जब कभी जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादी घटनाएँ होती है तो उमर अब्दुल्ला एक शब्द नहीं बोलते, आज पाकिस्तान की देश विरोधी ताकतों को पाकिस्तान को ताकत देने की कोशिश हो रही है क्या कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर फिर से लाना चाहते हैं। अमेरिका में ट्रंप जीतते हैं नारे मोदी मोदी के लगते हैं, ये है भारत का सम्मान   हिमाचल में समोसे मामले की CID से जाँच के सवाल पर वीडी शर्मा ने तंज कसा कि हम यहाँ धारा 370 जैसे गंभीर विषय को लेकर चिंतित हैं और वहां कांग्रेस समोसे कचौड़ी में लगी हुई है, कमलनाथ के आतंकवाद से जुड़े ट्वीट पर कहा कि कमलनाथ थक गए हैं मोदी सरकार में आतंकवाद,अलगाववाद ख़त्म हो गया और नक्सलवाद तो नेस्तनाबूत हो गया है , भारत का मान सम्मान दुनिया में इतना बढ़ा है कि अमेरिका में जब ट्रंप जीतते तो वहां मोदी मोदी  के नारे लगते हैं। दिग्विजय सिंह पर तो जनता ने ही प्रतिबंध लगा दिया है दिग्विजय सिंह पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कहा कि दिग्विजय सिंह पर प्रतिबंध तो जनता ने ही लगा दिया और जनता जिसे नकार चुकी है तो वे घूमते रहें, लोकतंत्र में जनता के प्रतिबंध से बड़ा कुछ नहीं है और वे तो खुद ही कहते थे मैं जाता हु तो जनता वोट नहीं देती काट देती है वे तो हमेशा से संस्कृति पर सनातन पर, देश पर आक्रमण करते हैं तो जनता उन्हें नकारेगी है।

मंत्री तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी की व्यक्त

करैना करैना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीज रात में अचानक अपने बीच शिवपुरी जिले के प्रभारी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को देखकर अचंभित हो गये। उन्होंने आश्चर्यचकित भाव से प्रभारी मंत्री को अपनी बीमारी के संबंध में जानकारी दी। तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया तो सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। प्रभारी मंत्री तोमर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने करैरा कृषि उपज मंडी पहुंचकर किसानों को खाद वितरण में आ रही समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लिया और किसानों को सुचारू एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तोमर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आपकी हर समस्या का समाधान आपके सेवक की पहली प्राथमिकता है। तोमर ने करैरा शहर में मोटर साइकिल से भ्रमण कर सफ़ाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और जन समस्याएँ सुनीं। साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति के लिये संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिला प्रशासन, पुलिस तथा स्थानीय निकाय और विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी भी ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।  

जहां अधिक फायदा मिले वहां फसल बेचे किसान, आने-जाने का खर्च देगी सरकारः शिवराज सिंह

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदकर खेती को लाभ का धंधा बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि किसान भाइयों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। उनके मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। किसानों के मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बता दें कि शिवराज विजयपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए थे। विजयपुर मंडी प्रांगण में आयोजित चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बड़ा एलान किया है। महिला आरक्षण पर भी बोले शिवराज केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान महिला आरक्षण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बहनों-बेटियों को शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का हमारा जो संकल्प था, उस पर अमल किया गया है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्रदेश पर लगातार बरस रहा है। विजयपुर में भी जनता को यह विश्वास है कि विकास होगा तो भाजपा की सरकार ही करेगी। कांग्रेस पर निशाना बीजेपी नेता ने मंच से कांग्रेस पर निशाना भी साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गई हैं।     कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। शिवराज ने आगे कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वादे किए थे। विपक्षी दलों ने एक भी वादे को पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने आप लोगों से 344 वादे किए थे, लेकिन वो एक भी वादा पूरा नहीं कर पाए। वहीं, बीजेपी अपने सभी वादों को पूरा करती है। कांग्रेस फुस्सी बम उन्होंने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गईं। कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया। रेहटी में किया रोड शो केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम बुधनी विधानसभा के रेहटी में पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में रोड शो कर जनता का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, विजयपाल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष रवि मालवीय उपस्थित रहे।  

देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही , कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती : सीएम यादव

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम पायलट के बयान पर पलटवार किया है। झारखंड प्रचार के लिए रवाना होने से पहले सीएम ने कहा – जहां कांग्रेस के लोग रहते हैं धर्मों के आधार पर बांटते हैं। दरअसल गुरुवार को भोपाल पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेताओं के बयान “बंटेंगे तो कटेंगे” पर कहा था कि- बडे़ पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों द्वारा इस तरह की हल्की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। हम कांग्रेस के लोग तो कहते हैं कि पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे। देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस पाल-पोस रही सीएम ने कहा- भाजपा के साथ बढ़िए देश के साथ रहिए, सनातन की जड़ों के साथ जुडिए। हमारे देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही है। क्यों कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती? क्योंकि उसे वोट बैंक का खतरा लगता है। किसी भी हालत में केवल हिंदुओं को टॉर्चर करना ये कांग्रेस की नीति ही मूलत: गलत है। भाजपा के सभी धर्मों का सम्मान करते हुए सबको साथ लेकर चलने सबका साथ सबका विकास जो भावना प्रधानमंत्री जी की है उसमें सबका विकास निहित है। अगर बांग्लादेश से घुसपैठ हो रही तो जिम्मेदार केन्द्र सरकार सचिन पायलट ने झारखंड में पीएम मोदी के रोटी-बेटी और माटी के अस्मिता के सवाल पर कहा- इन्फिलिटरेशन अगर सीमा के बाहर से हो रहा है। तो उसका जिम्मेदार कौन है? भारत की सीमाओं का संरक्षण करना, हमारे बॉर्डर्स को सिक्योर करना किसकी जिम्मेदारी है? अपनी जिम्मेदारी को छोड़कर आप कांग्रेस को आरोपी बनाते हैं। यह बड़ा प्रचलन चल रहा है चुनाव से ठीक पहले, वन नेशन वन इलेक्शन, यूसीसी, गौ माता के नाम पर, भगवान राम के नाम पर, वोट लेना। अपनी परफॉर्मेंस बताएं आपने निवेश कितना करवाया? रोजगार कितने दिए? उद्योग कितने लगवाए? पानी चिकित्सा शिक्षा इसकी कोई चर्चा नहीं है विवादित बयान देकर मीडिया और जनता का ध्यान भटकाना। वोट बटोर लेना और फिर कोई काम ना करना। यह मेरे ख्याल से एक पैटर्न बन गया है। पायलट ने कहा- झारखंड के चुनाव में 1,32,000 करोड रुपए जो झारखंड के लोगों को ड्यू था वह केंद्र सरकार रोक कर बैठी है। अब केंद्र सरकार पक्षपात करें भेदभाव करे विपक्ष की सरकार कहीं पर हो तो वहां पर बजट न दे विरोधियों की आवाज दबा दे। ईडी सीबीआई का दुरुपयोग करें। झारखंड में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वहां की सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है ।बहुत सारी स्कीम्स बनाई है जनता इसका लाभ ले रही है। और अंत में मुझे लगता है कि वहां पर पहले से ज्यादा बहुमत लेकर हम सरकार बनाएंगे।  

फिर करोड़ों लाड़ली बहनों को मिलेगा तोहफा, 9 नवम्बर को सीएम यादव जारी करेंगे क़िस्त, खाते में आएंगे 1250 रुपए

इंदौर  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की नवंबर माह की किस्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नौ नवंबर को इंदौर से डालेंगे। प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के बैंक खातों में कुल 1574 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे। लाड़ली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अलावा अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल दो बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण की गई है। अक्टूबर 2023 से 250 रुपये बढ़े थे योजना के प्रारंभ में पात्र हितग्राहियों को 1000 रुपये प्रतिमाह की राशि का भुगतान किया गया। अक्टूबर 2023 से मासिक आर्थिक सहायता की राशि में 250 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई और तब से अब तक 1250 रुपये की राशि दी जा रही है। सबसे बड़ी डीबीटी योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत लगभग 18 हजार 984 करोड़ रुपये की राशि का प्रविधान किया गया है। बता दें कि लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना में शामिल है। योजना के वृहद स्वरूप ने प्रदेश की महिलाओं के समग्र सशक्तीकरण में महती भूमिका निभाई है। महिलाओं के सम्मान में वृद्धि हुई इस योजना से न केवल महिलाओं ने अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा किया है बल्कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से सीधे परिचित हुई हैं। इससे परिवार के निर्णयों में भी उनकी भूमिका बड़ी है और सामाजिक रूप से महिलाओं के सम्मान में वृद्धि हुई है। 2023 से संचालित है लाड़ली बहना योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 का संचालन किया जा रहा है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत लगभग 18 हजार 984 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। योजना का प्रभाव लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना में शामिल है। योजना के वृहद स्वरूप ने प्रदेश की महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण में महती भूमिका निभाई है। इस योजना से न केवल महिलाओं ने अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा किया है बल्कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से सीधे परिचित हुई हैं। इससे परिवार के निर्णयों में भी उनकी भूमिका बड़ी है और सामाजिक रूप से महिलाओं के सम्मान में वृद्धि हुई है।

मोहन भागवत महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की लेंगे बैठक

जबलपुर संघ प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचे हैं। वे संस्कारधानी में पांच दिन तक रहेंगे। मोहन भागवत महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की बैठक लेंगे। वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यों की रूपरेखा बनेगी। RSS प्रमुख मोहन भागवत पांच दिवसीय जबलपुर प्रवास पर हैं। वे आरएसएस के महाकौशल प्रांत के मुख्यालय केशव कुटी में रूकेंगे। मोहन भागवत जबलपुर में महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की बैठक लेंगे। प्रवास के दौरान आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यों की रूपरेखा बनेगी। शताब्दी वर्ष में संघ का प्रत्येक मंडल के विस्तार का मुख्य लक्ष्य रहेगा। भागवत शहर में लगने वाली RSS की चुनिंदा शाखाओं में जा सकते हैं। आरएसएस प्रमुख 10 नवंबर को प्रबुद्धजन सम्मलेन में व्याख्यान देंगे। नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्वेशन एवं इन्फॉर्मेशन सेंटर ओमती में प्रबुद्धजन सम्मेलन आयोजित होगा।

AMUका अल्पसंख्यक दर्जा रहेगा बरकरार, नए सिरे से निर्धारण के लिए बनाई 3 जजों की बेंच

अलीगढ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसख्यंक दर्जे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को नए सिरे से तय करने के लिए तीन जजों की एक समिति गठित की गई है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है. कोर्ट का कहना है कि अब नई बेंच एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मानदंड तय करेगी. इस मामले पर सीजेआई समेत चार जजों ने एकमत से फैसला दिया है जबकि तीन जजों ने डिसेंट नोट दिया है. मामले पर सीजेआई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा एकमत हैं. वहीं, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का फैसला अलग है. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से अपने फैसले में 1967 के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जो एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने से इनकार करने का आधार बना था. कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने AMU को अल्पसंख्यक दर्जे की हकदार माना है. कोर्ट ने इस मामले में अपना ही 1967 का फैसला बदल दिया है जिसमें कहा गया था कि AMU अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जे का दावा नहीं कर सकती है. अन्य समुदायों को भी इस संस्थान में बराबरी का अधिकार है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने दिया है. इस बेंच में 7 जज शामिल थे जिसमें से 4 ने पक्ष में और 3 ने विपक्ष में फैसला सुनाया. इस फैसले को देते हुए मामले को 3 जजों की रेगुलर बेंच को भेज दिया गया है. इस बेंच को यह जांच करनी है कि एएमयू की स्थापना अल्पसंख्यकों ने की थी क्या? सीजेआई ने क्या कहा? सीजेआई ने कहा कि अनुच्छेद 30ए के तहत किसी संस्था को अल्पसंख्यक माने जाने के मानदंड क्या हैं? किसी भी नागरिक द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान को अनुच्छेद 19(6) के तहत विनियमित किया जा सकता है. अनुच्छेद 30 के तहत अधिकार निरपेक्ष नहीं है. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के विनियमन की अनुमति अनुच्छेद 19(6) के तहत दी गई है, बशर्ते कि यह संस्थान के अल्पसंख्यक चरित्र का उल्लंघन न करे. सीजेआई ने कहा कि धार्मिक समुदाय कोई संस्था स्थापित कर सकता है, लेकिन उसका एडमिनिस्ट्रेशन नहीं कर सकता. एक तर्क ये भी है कि विशेष कानून के तहत जिन संस्थानों की स्थापना हो उनको अनुच्छेद 31 के तहत कंवर्ट नहीं किया जा सकता. क्या है इतिहास और क्या है विवाद? अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा ‘अलीगढ़ मुस्लिम कॉलेज’ के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य मुसलमानों के शैक्षिक उत्थान के लिए एक केंद्र स्थापित करना था. बाद में, 1920 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और इसका नाम ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय’ रखा गया. एएमयू अधिनियम 1920 में साल 1951 और 1965 में हुए संशोधनों को मिलीं कानूनी चुनौतियों ने इस विवाद को जन्म दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 1967 में कहा कि एएमयू एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. लिहाजा इसे अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जा सकता. कोर्ट के फैसले का अहम बिंदू यह था कि इसकी स्थापना एक केंद्रीय अधिनियम के तहत हुई है ताकि इसकी डिग्री की सरकारी मान्यता सुनिश्चित की जा सके. अदालत ने कहा कि अधिनियम मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रयासों का परिणाम तो हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि विश्वविद्यालय की स्थापना मुस्लिम अल्पसंख्यकों ने की थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2005 में संशोधन को किया खारिज सर्वोच्च अदालत के इस फैसले ने एएमयू की अल्पसंख्यक चरित्र की धारणा पर सवाल उठाया. इसके बाद देशभर में मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किए जिसके चलते साल 1981 में एएमयू को अल्पसंख्यक का दर्जा देने वाला संशोधन हुआ. साल 2005 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 1981 के एएमयू संशोधन अधिनियम को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया. 2006 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी. फिर 2016 में केंद्र ने अपनी अपील में कहा कि अल्पसंख्यक संस्थान की स्थापना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के सिद्धांतों के विपरीत है. साल 2019 में तत्कालीन CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को सात जजों की बेंच के पास भेजा था, जिस पर आज फैसला आया है.  

खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम यहां राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर आयोजित छठ महापर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी और कहा कि सूर्य आराधना छठ पूजन मानव को प्रकृति से जोड़ने का पर्व है। मुख्यमंत्री साय खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में भी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन छठ पर्व आयोजन समिति महादेव घाट द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छठ महापर्व के इस कार्यक्रम में आकर मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली अनुभव कर रहा हूँ। इस भव्य आयोजन के लिए मैं आयोजन समिति को बहुत बहुत बधाई देता हूँ। छठ महापर्व की प्रतीक्षा उपासक वर्ष भर करते हैं। इस महापर्व पर दूर-दूर से लोग चाहे कहीं भी रह कर काम कर रहे हों, वे छठ पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं। सरकार के द्वारा भी छठ पर विशेष रेल आदि परिवहन की व्यवस्था की जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सूर्य भगवान की उपासना के इस पर्व में कठिन व्रत रखा जाता है। हमारी माताएं-बहनें निर्जला उपवास रखती हैं। छठ महापर्व हमें प्रकृति से भी जोड़ता है। नदी, तालाब आदि जल-स्त्रोत के करीब घाटों पर छठ की पूजा होती है, इस तरह इस पर्व में हम प्रकृति के समीप पहुंचते हैं। छठ पर्व पर हमें नदी और तालाब जैसे हमारे जल-स्त्रोतों के भी संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज दिवंगत गायिका श्रीमती शारदा सिन्हा को भी श्रद्धांजलि देना चाहूंगा। उनके छठ गीतों को हमारी पूरी पीढ़ी ने सुना है। मैं छठी मैया और सूर्य भगवान से सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूँ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि  जिन पंचमहाभूतों से हमारे शरीर का निर्माण हुआ है उनकी पूजा इस पर्व में होती है। छठ महापर्व ऐसा पर्व है जिसमें उगते सूर्य के साथ अस्त होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। सभी के ऊपर छठी माई की कृपा बनी रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पिछले 10-15 सालों से महादेव घाट समिति द्वारा लगातार छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। छठ में अस्त होते सूर्य की आराधना हमें जीवन जीने का तरीका सिखाती है। इस पर्व का संदेश है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से हमें कभी परेशान नहीं होना चाहिए। मैं सभी को छठ की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरन्दर मिश्रा, संपत अग्रवाल, अनुज शर्मा, पूर्व सांसद सुनील सोनी, स्वामी राजीवलोचन जी महाराज, रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, छठ समिति महादेव घाट के सदस्यगण व बड़ी संख्या में उपासक उपस्थित रहे।

अमित शाह ने कहा – सरकार जल्द लाएगी राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जल्द ही राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति और रणनीति लाएगी। आतंकवाद की कोई सीमा नहीं आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और राज्यों की भौगोलिक सीमाएं और संवैधानिक सीमाएं हैं, लेकिन आतंकवाद के मामले में ऐसी कोई सीमा नहीं है और इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों (केंद्र और राज्य) को निकट समन्वय में काम करना चाहिए, संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए और खुफिया जानकारी साझा करनी चाहिए। आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और आदर्श विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पर एक दृष्टिकोण तैयार किया है, जिसे अगर अपनाया जाता है तो यह आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए एक साझा ढांचे और मंच के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा, “हमें आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। हम जल्द ही एक नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति लाएंगे, जिसमें आप सभी की अहम भूमिका होगी। राज्यों के साथ मिलकर करेंगे काम सम्मेलन में राज्य पुलिस बलों के प्रमुख और राज्यों और केंद्र के अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा कि नई नीति राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को आतंकवाद से निपटने के लिए निकट समन्वय में काम करने में मदद करेगी। एटीएस और एसटीएफ मॉडल पर उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है और वे अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसमें बदलाव कर सकते हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए सभी को सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटना होगा और आतंकवाद से लड़ने के लिए एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा। इससे (एटीएस और एसटीएफ मॉडल को अपनाने से) राज्यों के अधिकार कम नहीं होंगे। आतंकवाद को करेंगे जड़ से खत्म गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार देश में आतंकवाद को खत्म करने और इसके खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को युवा अधिकारियों को अच्छी तरह से सुसज्जित करना होगा और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा।

भोपाल aiims की बड़ी पहल, जगह-जगह लगेंगे पैनिक बटन, प्रदेश के समस्त अस्पतालों में लगेगा Pink alarm panic button

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में किसी महिला से बदसलूकी या छेड़छाड़ की घटना पर तत्काल मदद पहुंचाने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। यह पैनिक बटन निकटतम पुलिस थाने से कनेक्ट होंगे। आपात स्थिति में बटन दबाने पर पुलिस का अमला थोड़ी ही देर में अस्पताल पहुंच जाएगा। इन पैनिक बटन को पिंक अलार्म नाम दिया गया है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद प्रदेश के अस्पतालों में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसके लिए सभी अस्पतालों में सुरक्षा की समीक्षा की गई थी। अस्पताल में कई जगह लगाया जाएगा अलार्म कुछ संवेदनशील स्थानों पर कुछ दिनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई, लेकिन इसे एक सिस्टम का रूप नहीं दिया जा सका, लेकिन अब पैनिक बटन के तौर पर एक अलार्म सिस्टम लगाने की कवायद शुरू हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पिंक अलार्म को अस्पताल में ओपीडी, ड्यूटी रूम, पार्किंग, कॉरिडोर जैसी कई जगहों पर लगाया जाएगा। जेपी अस्पताल में जगह चिह्नित, 12 से 13 स्थानों पर लगेंगे पिंक अलार्म भोपाल के जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पैनिक बटन लगने से महिलाओं के साथ अन्य मरीजों की सुरक्षा भी हो सकेगी। अस्पताल में कई प्रकार के व्यक्ति आते हैं, इससे एक डर तो बना रहता है। जगह पहले से चिह्नित कर ली है। यहां करीब 12 से 13 स्थानों पर पिंक अलार्म यानी पैनिक बटन लगाए जाएंगे। एम्स भोपाल पहले ही लगा चुका है एम्स भोपाल में रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर हड़ताल हुई थी। उसके बाद परिसर में कई स्थानों पर पैनिक बटन लगा दिए गए। एम्स में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम है। पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होता है, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही उस जगह पहुंच जाते हैं। अब ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगाने की तैयारी है। इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे।   दतिया अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘पिंक अलार्म’ की शुरुआत की मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार द्वारा संचालित दतिया जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ‘पिंक अलार्म’ स्थापित किए गए हैं। यह पहल सार्वजनिक अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को संबोधित करती है, खासकर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए दुखद बलात्कार और हत्या की घटना के बाद इस मुद्दे पर और अधिक ध्यान दिया गया है।     ‘पिंक अलार्म’ की स्थापना भारत के सार्वजनिक अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को हल करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।     हाल के दिनों में महिला स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।     ‘पिंक अलार्म’ की अवधारणा जिला कलेक्टर संदीप मकिन द्वारा पेश की गई है।     यह मध्य प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में स्थापित होने वाली अपनी तरह की पहली प्रणाली है। अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली     अलार्म को अस्पताल के प्रसूति वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और नए ओपीडी ब्लॉक के तीनों मंजिलों के स्टाफ ड्यूटी रूम में रणनीतिक रूप से लगाया गया है।     अलार्म सक्रिय होने पर एक सायरन बजता है, जिससे सुरक्षा कर्मियों को सतर्क किया जाता है।     सुरक्षा कर्मियों से उम्मीद की जाती है कि अलार्म बजने के पांच मिनट के भीतर संकट में पड़ी व्यक्ति तक पहुंच जाएं। पहल का महत्व     इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण बनाना है।     त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र प्रदान करके, यह अलार्म संभावित खतरों को रोकने और महिला कर्मचारियों की समग्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं. AIIMS भोपाल की में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लगाए जाएंगे. ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगेंगे. पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होगा, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही संबंधित कक्ष तक पहुंच पाएंगे. इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे. एम्स भोपाल में कई एक जगह पर पैनिक बटन लगे हुए हैं.

लाड़ली बहनाओं को Ladli Behna Yojana की किस्त 9 नवंबर को खाते में किस्त आयेगी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत सरकार 17 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त जल्द ही पात्र महिलाओं के खाते में आएगी। सरकार हर महीने की 10 तारीख को और कभी इससे पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की किस्त जारी करती है। नवंबर की 9 तारीख को आ रही है, ऐसे में जल्द महिलाओं के खाते में योजना की किस्त आ सकती है। मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ उठा रही हैं। पिछले महीने दमोह जिले के सिंग्रामपुर से सीएम ने महिलाओं के खाते में 1574 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए भेजी थी। इस बार किस्त जल्दी आने के कयास थे राखी के समय में एमपी सरकार द्वारा लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की किस्त के साथ 250 रुपये अलग से दिए गए थे। इस बार लाड़ली बहना यह कयास लगाए हुई थी कि दीपावली और छट पूजा को देखते हुए किस्त जल्दी जारी की जा सकती है। मध्य प्रदेश मार्च 2023 में हुई थी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत विधानसभा से पहले 5 मार्च 2023 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके जरिए परिवार में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना भी एक उद्देश्य है। कब आएगी 18 वीं किस्त बता दें कि दिवाली का त्योहार 31 अक्टूबर को होने के कारण मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 18वीं किस्त धनतेरस तक आने की अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि 18वीं किस्त जारी करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए अब माना जा रहा है कि ये किस्त हर महीने की तरह इस बार नवंबर की 10 तारीख को ही आएगी। ये है बैलेंस चेक करने का तरीका -सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। -अब मेन पेज पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। -इसके बाद दूसरे पेज पर आ जाएंगे, यहां पर अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक नंबर दर्ज करें। -कैप्चा कोड को सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। -मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करके वेरीफाई कर लें। -ओटीपी को वेरिफाई करने के बाद सर्च वाले ऑप्शन को क्लिक करते ही आपका पेमेंट स्टेटस ओपन हो जाएगा। ऐसे चेक करें किस्त मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही महिलाओं को www.cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति को देखना होगा। इसे देखने के लिए आवेदन नंबर या सदस्य समग्र आईडी डालकर सबमिट करना होगा। इसके बाद समग्र आईडी से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आए, जिसे साइट पर डालना होगा। इसके बाद किस्त की जानकारी सामने आ जाएगी। महिलाओं को इस योजना से मिला बल लाड़ली बहना योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को मिला है। 1250 रुपये से वे अपनी जरूरत का सामान लेने के साथ, इन रुपयों की बचत भी कर रही हैं। सरकार द्वारा दी जा रही इस राशि से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं।

77 बरस पुराने इज्तिमे के आयोजन में पहली बार किसी महिला मंत्री की सक्रियता बनी

भोपाल प्रदेश में जारी महिला सशक्तिकरण के सरकारी प्रयासों में आलमी तबलीगी इज्तिमा के जरिए एक और तहरीर जुड़ती दिखाई दे रही है। करीब 77 बरस पुराने इस आयोजन में पहली बार किसी महिला की सक्रियता बनी है। विभागीय मंत्री कृष्णा गौर के इज्तिमा प्रयासों को एक नई शुरुआत और इस आयोजन के बेहतर क्रियान्वयन से जोड़ा जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने गुरुवार सुबह ईंटखेड़ी स्थित इज्तिमगाह पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित विभागों को उन्होंने समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने देश दुनिया से आने वाली जमातों के लिए बेहतर इंतजाम करने के लिए कहा। ताकि यहां से लौटने वाले जमाती अच्छे अनुभव लेकर लौटें। इज्तिमा प्रबंधन कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ उमर हफीज और अन्य जिम्मेदारों ने मंत्री कृष्णा गौर को तैयारियों की जानकारी देते हुए चार दिन के दौरान रहने वाली व्यवस्था से अवगत कराया। इस मौके पर शहर के उलेमा और नागरिक भी मौजूद थे। इज्तिमा और महिला : पहली बार आमतौर पर इज्तिमा आयोजन के दौरान महिलाओं की सहभागिता प्रतिबंधित होती है। इस्लाम की पर्दा प्रथा के लिहाज से यह व्यवस्था प्रचलित है। लेकिन इस समय मप्र कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी कृष्णा गौर के हाथों में है। इससे पहले तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान की सरकार में इस विभाग की जिम्मेदारी ललिता यादव के पास रही है। लेकिन उस समय मुख्यमंत्री स्वयं ही इज्तिमा व्यवस्थाओं पर निगरानी रखा करते थे। इसके चलते ललिता यादव का इज्तिमा से सीधा ताल्लुक नहीं रहा। कहा जाता है कि चूंकि कृष्णा गौर का सीधा ताल्लुक भोपाल से है। उनके ससुर स्व बाबूलाल गौर भी ठेठ भोपाली कहे जाते थे। इसके चलते उनका मुस्लिम समुदाय और इज्तिमा आयोजन से लगाव और जुड़ाव रहा है। माना जा रहा है कि कृष्णा गौर की निगरानी में हो रहे इज्तिमा आयोजन में पहले से कुछ बेहतर व्यवस्थाएं दिखाई दे सकती हैं। 107 साल रहा बेगमों का शासन भोपाल रियासत पर रहे नवाब शासनकाल में सर्वाधिक समय बागडोर महिलाओं के हाथ रहा है। भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों को सहेजने वाली भोपाल रियासत में 107 साल तक नवाब शासन रहा है। इस बड़े कार्यकाल पर बेगमों की हुकूमत रही है। महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणीय रहीं बेगमों ने बरसों पहले 1910 में लेडिस क्लब की स्थापना कर दी थी। जिसकी पहली सेक्रेटरी मौलाना आजाद की बहन रही हैं। नवाब बेगमों ने महिला सशक्तिकरण की अवधारणा के साथ भोपाल में परी बाजार को भी आकार दिया था। जो महिलाओं की शॉपिंग के लिए मात्र महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जाता था।

अब तक 19 हजार 317 से अधिक गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके

भोपाल राज्य सरकार द्वारा भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को आयुष्मान ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके तहत गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। अब तक 19 हजार 317 से अधिक गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधीन संचालित 6 अस्पतालों एवं 9 औषधालयों में सभी प्रकार के उपचार एवं आवश्यकतानुसार सुविधाएँ निःशुल्क दी जा रही हैं। साथ ही आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी अनुबंधित अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष प्रकरणों में इस योजना में निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त इलाज पर खर्च होने पर संबंधित अस्पताल को उसकी प्रतिपूर्ति गैस राहत विभाग द्वारा की जाती है। गैस पीड़ित मरीज एवं उनके बच्चों को किडनी, लीवर ट्रॉन्सप्लांट एवं अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये विशेष प्रकरण मानते हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। भोपाल गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को कैंसर के उपचार के लिये गैस राहत विभाग द्वारा तीन निजी अस्पतालों एवं एम्स भोपाल के साथ अनुबंध भी किया गया है। यहाँ पीड़ितों को कैंसर के उपचार की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। गैस राहत विभाग के अधीन संचालित सभी अस्पतालों में गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के उपचार के लिये अत्याधुनिक इमरजेंसी यूनिट सातों दिन 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के किडनी रोग (सी.के.डी.- IV) व अतिगंभीर मरीजों के उपचार के लिये कमला नेहरू अस्पताल, भोपाल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना भी की गई है। इसमें 13 डायलिसिस मशीनें लगाकर मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणी), (जिनको राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती हैं), को इस पेंशन राशि के अलावा भोपाल गैस राहत विभाग द्वारा एक हजार रूपये प्रतिमाह अतिरिक्त पेंशन भी दी जा रही है। वर्तमान में करीब 4 हजार 406 गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणियों) को यह पेंशन दी जा रही है।  

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