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ED का खुलासा PFI ने कैंप में हथियार चलाना सिखाया, हवाला के पैसे से भारत में फैला रहा था आतंक

 नई दिल्ली  प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सिंगापुर और खाड़ी देशों जैसे कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में 13 हजार से अधिक सक्रिय सदस्य हैं। ईडी ने बताया कि पीएफआई ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी मुस्लिमों के लिए जिला कार्यकारी समितियां (डीईसी) बनाई हैं। इन समितियों को फंड जुटाने का काम सौंपा गया है। प्रत्येक डीईसी को कई करोड़ रुपये फंड जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। विदेश से जुटाए गए फंड को गई धनराशि को बैंकिंग चैनलों के साथ-साथ हवाला चैनलों के माध्यम से भारत में ट्रांसफर किया गया था, ताकि उनके स्त्रोत का पता न लगाया जा सके। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ईडी समेत विभिन्न एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि पीएफआई की जड़ें भारत के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक फैली हुई हैं। इसके अलावा इसके पैसे के स्रोत को लेकर भी बड़ी जानकारियां सामने आई हैं। इस संगठन के खिलाफ जांच 2022 में शुरू हुई थी। इसका सिलसिला शुरू हुआ था दिसंबर 2020 से। तब ईडी ने कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के महासचिव केए रऊफ शेरिफ को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद पीएफआई के नेटवर्क के बारे में कई जानकारियां सामने आईं। यह संगठन भारत और विदेशों में धन इकट्ठा कर रहा है और देश में आतंकी गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है। चार साल की जांच के बाद ईडी द्वारा तैयार डोजियर में कई जानकारियां सामने आई हैं। इसमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू कश्मीर और मणिपुर में इसके सदस्य और ऑफिस होने की बात सामने आई है। ईडी के डोजियर के अनुसार, 2022 की जुलाई में संगठन द्वारा पीएम मोदी पर हमले का असफल प्रयास हुआ। इसके बाद इस पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया। इस सिंगापुर और पांच खाड़ी देशों में कम से कम 13,000 सदस्य हैं। यहां से अज्ञात लोगों से कैश लिया जाता है और हवाला के जरिए से भारत भेजा जाता है। इन पैसों को ट्रस्टों और संबद्ध संस्थाओं के 29 बैंक खातों में जमा किया गया। पिछले कुछ साल में ईडी ने भारत से पीएफआई के 26 शीर्ष पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उनकी संपत्ति और बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। ईडी के डोजियर के मुताबिक पीएफआई ने दिल्ली दंगों और हाथरस में अशांति फैलाने में भूमिका निभाई थी। 2020 के बाद से गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रमुख शामिल हैं रऊफ शेरिफ, सीएफआई के राष्ट्रीय महासचिव शफीक पायथ, कतर में स्थित एक पीएफआई सदस्य परवेज अहमद, दिल्ली पीएफआई के अध्यक्ष और साहुल हमीद शामिल हैं। साहुल हमीद सिंगापुर से पीएफआई के लिए हवाला का कारोबार कर रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक केरल के कन्नूर जिले के नारथ में एक हथियार प्रशिक्षण शिविर पाया गया। यहां पर फिजिकल एजुकेशन क्लास के नाम पर पीएफआई कैडरों को विस्फोटकों और हथियारों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही थी। पीएफआई और उसके सहयोगियों द्वारा अब तक 94 करोड़ से अधिक रुपए जुटाने की बात सामने आई है। ईडी ने 57 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियों को आपराधिक आय बताया है। यह संगठन कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में सक्रिय पाया गया है। इसे इन्हीं जगहों से सबसे ज्यादा पैसा पाया गया है। ईडी के मुताबिक पीएफआई का वास्तविक उद्देश्य जिहाद के माध्यम से भारत में इस्लामी आंदोलन को आगे बढ़ाना शामिल है। हालांकि पीएफआई खुद को एक सामाजिक आंदोलन के रूप में पेश करता है। साक्ष्य बताते हैं कि विरोध प्रदर्शनों का हिंसक तरीके से समर्थन करता है। ईडी ने बताया है कि पीएफआई ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी मुस्लिम प्रवासियों के लिए जिला कार्यकारी समितियां बनाई हैं। ED ने पीएमएलए के तहत पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के स्वामित्व वाली 56.56 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियां जब्त की हैं. 16 अक्टूबर 2024 को 35.43 करोड़ रुपये की 19 संपत्तियां जब्त की गईं, जबकि 16 अप्रैल 2024 को 21.13 करोड़ रुपये की 16 संपत्तियां जब्त की गईं. ईडी की जांच एनआईए और अन्य एजेंसियों द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें पीएफआई के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं. पीएफआई ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भारत और विदेश में बैंकिंग चैनलों, हवाला और दान के माध्यम से पैसे जुटाए. कई राज्यों में 29 पीएफआई बैंक खातों में 94 करोड़ रुपये जमा किए गए. इस बीच 26 पीएफआई सदस्य गिरफ्तार हुए. फरवरी 2021 और मई 2024 के बीच 9 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने पीएफआई के पूर्व नेशनल कॉओर्डिनेटर इब्राहिम पुथनाथनी की जमानत याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया. अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा है. कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को करेगी. ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी याचिका खारिज करने और उन्हें जमानत देने से इनकार करने के बाद इब्राहिम पुथानाथनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. एनआईए ने दाखिल की थी चार्जशीट एनआईए ने इब्राहिम पुथनाथनी और कुछ अन्य पीएफआई नेताओं के खिलाफ यूएपीए के तहत एक आतंकी मामले में चार्जशीट दायर की है. उन्हें 2022 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था. एनआईए ने आरोप लगाया था कि ये लोग कई राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत और विदेशों से फंड इकट्ठा कर रहे थे और साजिश रच रहे थे. PFI को बॉम्बे हाई कोर्ट से लगा झटका इससे पहले PFI के तीन कथित सदस्यों को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका लगा था. कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. अदालत ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामिक देश में बदलने की साजिश रची थी. जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की बेंच ने रजी अहमद खान, उनैस उमर खैय्याम पटेल और कय्यूम अब्दुल शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी.  

आबकारी विभाग को 16 हजार करोड़ रूपये का राजस्व लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री सख्ती से रोक लगाई जाए साथ संगठित अपराध पर कड़ी कारवाई की जानी चाहिए। देवड़ा ने सोमवार को भोपाल स्थित पर्यावरण अध्ययन संस्थान (इप्को) में आयोजित नवीन आबकारी नीति/आबकारी व्यवस्था वर्ष 2025-26 के निर्धारण के संबंध में मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के लायसेंसियों की कार्यशाला में कही। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने आसवक एवं देशी/विदेशी मदिरा विनिर्माताओं एवं बार-लायसेंसियों के साथ भी बैठक की। देवड़ा ने वाणिज्यक कर विभाग की उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनका कर्तव्य है कि अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहकर अवैध कार्यो के प्रति सजग रहें। उन्होने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मदिरा का अवैध परिवहन ना हो तथा संगठित अपराधियों के विरूद्व कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखी जाएगी और जहां भी अवैध कारोबार या कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजस्व देने में वाणिज्यकर विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 16 हजार करोड़ रूपये है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के समन्वित प्रयास से यह लक्ष्य भी हम प्राप्त कर लेगें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा निरंन्तर नए-नए नवाचार किये जा रहें हैं। विभिन्न राज्यों की आबकारी नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उनकी अच्छाईयों को प्रदेश की आबकारी नीति में संम्मिलित किया जाएगा। उन्होने कहा कि नीति तभी ठीक होगी जब अनुभवी लोगो से बात की जायेगी। कार्यशाला में प्रदेश के मदिरा व्यावसायियों एंव ठेकेदारों द्वारा उप मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से भी अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री देवडा ने कहा कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी सरकार करेगी। कठिनाईयों को दूर किया जायेगा। सरकार बहुत सजग है। उन्होनें विभागीय अधिकारियों का निर्देश दिये कि प्रदेश के शराब व्यावसायियों की समस्या को हल करने का प्रयास करे। देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के राजस्व प्राप्ति में आबकारी विभाग का अहम भागीदारी रहती है। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आबकारी विभाग के द्वारा ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से लायसेंसियों को अनेक सुविधाऐं प्रदान की गई हैं, जिससे अधिक पारदर्शिता के साथ कार्य संम्पादित किये जा रहें हैं तथा राजस्व में निरंन्तर वृद्धि हो रही है। लायसेंसी भी नियमानुसार अपनी दुकान एवं बार का संचालन करें, विभाग द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लायसेंसियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जावेगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि आप सभी जनप्रतिनिधियों/मंत्रियों/विधायकों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करें एवं निराकरण के बाद संबंधित को अवगत भी कराया जाए। आबकारी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर आबकारी अपराधों पर रोक लगाना हम सभी का दायित्व है। सभी के समन्वित प्रयास से वर्ष 2025-26 के लिए संतुलित आबकारी नीति बनाना ही विभाग का लक्ष्य है। आशा करता हूं कि हम इसमें पूरी तरह सफल होगें। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर ने कहा कि प्रदेश के राजस्व में मदिरा व्यावसायियों का बड़ा योगदान रहता है। उन्होने अपेक्षा कि जनता के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं मदिरा व्यावसायियों/लाइसेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।  

लेह-लद्दाख में तबियत बिगड़ने से हुई मौत, सैनिक सम्मान के साथ किया शहीद जवान का अंतिम संस्कार

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोड़िया के निवासी और भारतीय सेना के 19 महार रेजीमेंट के वीर जवान लांस हवलदार उमेश कुमार साहू 19 अक्टूबर को लेह-लद्दाख के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र में मां भारती की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को दुर्ग जिले के पैतृक गांव कोड़िया लाया गया। इस अवसर पर उनके बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए दुर्ग से कोरिया तक एक रैली निकाली गई। इस रैली में शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर चल रहे सेना के वाहन के आगे और पीछे युवा बाइक पर सवार होकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे और वीर जवान के सम्मान में नारे लगा रहे थे। नम आंखों से शहीद को दी गई अंतिम विदाई गांव पहुंचने पर शहीद उमेश के स्वजन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी गई। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने बताया कि शहीद उमेश कुमार साहू मध्यम वर्गीय परिवार से थे। उन्होंने कुछ वर्षों में अपने बड़े भाई और मां को खोया, और हाल ही में जून माह में छोटे भाई का भी निधन हुआ। भाई के दशगात्र कार्यक्रम के बाद वह ड्यूटी पर लौटने वाले थे, लेकिन अपने बीमार पिता की देखभाल के कारण छुट्टी बढ़ानी पड़ी। उन्होंने 30 अगस्त को फिर से ड्यूटी जॉइन की और अपने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनके घर में अब अस्वस्थ और आश्रित पिता, पत्नी और छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी वे निभा रहे थे। मौत से एक दिन पहले पत्‍नी से हुई थी बात उमेश की पत्नी ने बताया कि वे ड्यूटी से वापस लौटने के बाद रोज बात करते थे। घटना से एक रात पहले भी उनकी बात हुई थी, जब वे पूरी तरह स्वस्थ थे। शनिवार को आर्मी के अधिकारियों ने बताया कि वह अस्वस्थ हैं और शाम को स्थिति गंभीर बताई गई। रात 9 बजे उन्हें शहीद होने की सूचना मिली। शहीद उमेश साहू के मामा ने बताया कि उन्होंने कोटा जाकर 22 सितंबर 2009 में ड्यूटी जॉइन की थी। उनकी ट्रेनिंग सागर, जम्मू के अनंतनाग, हिमाचल प्रदेश, ग्वालियर (MP) और मेघालय में हुई थी, और हाल ही में वह लेह में ड्यूटी कर रहे थे। उनके दो बच्चे हैं, जिसमें 6 साल की बेटी और 3 साल का बेटा शामिल हैं।

प्रदेश के युवओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पुलिस में होंगी बंपर भर्तियां, इतने पद की मिली मंजूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी है। जल्द ही करीब साढ़े 7 हजार पदों पर पुलिस जवानों की भर्ती का विज्ञापन आने वाला है। यह भर्ती कांस्टेबल पद के लिए होगी। आपको बता दें कि वर्तमान में भी साढ़े 7 हजार पदों पर भर्ती अंतिम चरण में है। अभी शारीरिक दक्षता परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद इनकी फाइनल चयन सूची सामने आ जाएगी। इसके बाद फिर इतने ही पदों पर नई भर्तियां शुरू की जाएंगी। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच वर्ष पहले अपने अपने कार्यकाल के दौरान कहा था कि वे हर वर्ष 5000 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती करेंगे। लेकिन, सिर्फ एक बार ही 6000 आरक्षकों की भर्ती ही हो पाई है, जो अभी जारी है। मोहन यादव के पास है गृह विभाग अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस भर्ती के बाद एक के बाद एक भर्ती कराने के मूड में हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री के पास पास गृह विभाग भी है, मध्य प्रदेश पुलिस भी इसी विभाग का हिस्सा है। जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय एक-दो महीने बाद कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती का प्रस्ताव भेजेगा, जिसके बाद मंडल अगले वर्ष मार्च के पहले भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर सकता है। ऐसी होगी चयन प्रक्रिया कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा के लिए पहले लिखित परीक्षा होगी। उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। 50 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा के और इतने ही शारीरिक दक्षता परीक्षा के होंगे। अगर विज्ञापन वर्ष 2025 में जारी हुआ तो 2026 तक ही आरक्षकों की नियुक्ति हो पाएगी। सब इंस्पेक्टर का विज्ञापन भी आएगा पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार सरकार 500 पदों पर पुलिस सब इंस्पेक्टर की भर्ती करने का मन भी बना रही हे। पुलिस मुख्यालय ने एक प्रस्ताव भेजा है। गृह विभाग से अधिसूचना जारी होने के बाद कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। 5 वर्ष पहले हुई थी सब इंस्पेक्टर की भर्ती आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार करीब 5 वर्ष पहले सब इंस्पेक्टर की भर्ती हुई थी। उसके बाद से अब तक इस भर्ती में ब्रेक लगा हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, मध्यप्रदेश पुलिस के सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर है पुलिस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन उज्जैन में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देश की आन्तरिक सुरक्षा, एकता, अखण्डता के लिये अपने प्राणों की आहुति देकर कर्त्तव्य-परायणता का अनूठा उदाहरण देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। पुलिस देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर रहते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देती है। ऐसे सभी बलिदानी पुलिसकर्मियों को मैं सैल्यूट करता हूं। पुलिसकर्मी देश की सेवाओं के संचालन में मदद करते हैं और देश की आन्तरिक सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान देते हैं। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति उज्जैन श्रीमती कलावती यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना काल में कर्त्तव्य की वेदी पर पुलिस के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। पुलिसकर्मियों के इस अद्वितीय योगदान का स्मरण करते हुए देश-प्रदेश गौरवान्वित महसूस करता है। कोरोना काल में पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों व सफाईकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य से देश की आबादी सुरक्षित रही। आजादी से लेकर आज तक ऐसे कई कठिन मौकों पर पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी भूमिका को सार्थक सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि “हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, आपके सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं, आपके शौर्य को नमन, आपके प्रताप को प्रणाम है, आप हमारी शक्ति हैं, मध्यप्रदेश का अभिमान हैं।” कार्यक्रम में पुलिस जवानों द्वारा परेड प्रदर्शन कर वीर शहीदों को सलामी दी गई। परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक रणजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, जन-प्रतिनिधि और अधिकारियों ने पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजली अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वीर शहीद स्व. लालबहादुर सिंह, स्व. बलराम के परिजन को शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर से परिचय प्राप्त किया। आईजी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर पुलिसकर्मियों की याद दिलाता है, जिन्होंने समाज और देश की रक्षार्थ प्राण न्यौछावर किये हैं। आज से 65 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बर्फीले क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सशस्त्र सेना के साथ मुठभेड में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की पेट्रोलिंग पार्टी के 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। चार संभागों में सफल आरआईसी के बाद 23 अक्टूबर 2024 को रीवा में 5वीं आरआईसी आयोजित की जा रही है, जिसमें “वाइब्रेंट विंध्य” बायर-सेलर मीट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है। आरआईसी के माध्यम से प्रदेश औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रीवा में होने वाली आरआईसी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगी। रीवा में बायर-सेलर मीट: व्यापारिक अवसरों को नई दिशा रीवा में होने वाली बायर-सेलर मीट विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस मीट में 2500 से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के बीच महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें इस मीट का प्रमुख आकर्षण व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें हैं। जहां विंध्य क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी और बाहरी राज्यों के उद्यमी बिज़नेस अपॉर्चूनिटीज़ पर चर्चा कर करेंगे। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी इस बायर-सेलर मीट में 10 से अधिक राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा से उद्यमी शामिल होंगे। यह विविधता न केवल मौके को और रोचक बनाएगी, बल्कि व्यावसायिक नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर स्थानीय उद्यमियों को बाहरी राज्यों के उद्यमियों से सीधे मिलकर व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। यह मंच न केवल नई व्यापारिक संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध विंध्य अब व्यावसायिक अवसरों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यह बायर-सेलर मीट स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिससे व्यापारिक संभावनाएँ और मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।  मेहमान बघेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लेंगे आनंद रीवा में 23 अक्टूबर को होने जा रही कॉन्क्लेव की एक विशेषता होगी, जिसमें विंध्य क्षेत्र की समृद्ध और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से प्रतिनिधियों को परिचय कराया जायेगा। बघेलखंड के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर मेहमान स्थानीय स्वाद का आनंद उठाएंगे, जो न केवल स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक भी होंगे। बघेलखंड के प्रमुख व्यंजन      बगजा: बेसन से बनी जलेबी जैसी सेवई, जिसे दही के मट्ठे में डुबोकर तैयार किया जाता है, स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर।      पनबुड़ा: चावल के आटे से बनी रोटी, जिसमें दाल का मिश्रण भरकर भाप में पकाया जाता है।      रिचमच की सब्जी: विभिन्न दालों से बने पकौड़ों को दही की करी में पकाया जाता है, जो एक अनोखा और पौष्टिक व्यंजन है।      रसाज की कढ़ी: हल्की और पाचक बेसन और दही से बनी कढ़ी, जो स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।      महेरी: चावल और मट्ठे से तैयार एक हल्का और पौष्टिक व्यंजन, जो विंध्य क्षेत्र का विशेष भोजन है।      दरभरी पूरी और गुड़म: दरभरी पूरी के साथ गुड़ की पारंपरिक मिठाई, जो ठंड के मौसम में लाभकारी मानी जाती है।      खुरचन रोल: मलाई से बने इस मीठे रोल में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो इसे विशेष बनाती है।      लवंग लता: सूखे मेवों और घी से बनी यह मिठाई खास अवसरों पर बनाई जाती है।      लाटा: महुआ के फल और तिल से बना लड्डू, जो बघेलखंड की विशेष मिठाई के रूप में जाना जाता है। यह सभी व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ पोषक गुणों के कारण विंध्य क्षेत्र की खाद्य संस्कृति में खास स्थान रखते हैं। इनमें स्थानीय मसालों और शुद्ध सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्यवर्धक होते हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह कॉन्क्लेव औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों को बघेलखंड की समृद्ध खाद्य परंपरा से परिचित कराएगा, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।  

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- CM मोहन यादव

 रीवा /भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉर्पोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढांचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों तक पहुंच को और अधिक सुगम बनाएगा। यह कॉन्‍क्लेव कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्त पोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।

PM नरेंद्र मोदी ने सरकार में शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ाया, अब चौहान देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे

भोपाल / नई दिल्ली NDA सरकार में कृषि मंत्री की भूमिका निभा रहे शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत वह देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी ने एक नई टीम गठित की है, जिसकी कमान चौहान को दी गई है। हाल ही में इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सचिव स्तर के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे।टीम का क्या होगा काम हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्री बनने से पहले मध्य प्रदेश के तीन बार के मुख्यमंत्री रहे चौहान की अगुवाई में गठित समूह हर महीने समीक्षा बैठक करेगा। यह मीटिंग प्रधानमंत्री कार्यालय में होगी, जहां सभी सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में शामिल रहे अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी ने चौहान को घोषणा किए गए सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति देखने की शक्तियां दे दी हैं। इसके तहत केंद्रीय मंत्री साल 2014 यानी पहली एनडीए सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक घोषित परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। हालांकि, सरकार ने इस समूह को लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।शिवराज सिंह चौहान को ये जिम्मा खबर है कि चौहान प्रधानमंत्री को पोर्टल पर प्रकाशित सभी योजनाओं, वो परियोजनाएं जिनकी आधारशिला पीएम मोदी की तरफ से रखी गई है, बजट में की गई घोषणाओं, ऐसे कानून जिनपर नियम बनाए जाने बाकी हैं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। अगर किसी प्रोजेक्ट में देरी नजर आती है या वहां मंत्री स्तर पर किसी समर्थन की जरूरत होती है, तो इस संबंध में चौहान संबंधित सचिवों से संपर्क साधेंगे। पहली बैठक हुई खबर है कि 18 अक्टूबर को पीएम कार्यालय में इस समूह की पहली बैठक हो चुकी है, जहां सरकार के सभी सचिव शामिल हुए थे। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी सरकारी योजनाओं के लागू होने में हो रही देरी को लेकर चिंतित हैं और बंद दरवाजों के पीछे होने वाली बैठकों में इस संबंध में सचिवों और PMO के अधिकारियों को बता भी चुके हैं।

राज्यपाल पटेल ने शहीद परिजन से आत्मीय मुलाकात कर कहा – प्रदेश की जनता, सरकार, पुलिस और प्रशासन आपके साथ

आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि राज्यपाल पटेल ने शहीद परिजन से आत्मीय मुलाकात कर कहा – प्रदेश की जनता, सरकार, पुलिस और प्रशासन आपके साथ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस, सशक्त समाज का आधार होती है। पुलिस की सक्रियता और उसका व्यवहार आम आदमी को सुरक्षित महसूस कराता है। आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे। राज्यपाल पटेल पुलिस स्मृति दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्रांउड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित कर शहीद पुलिस कर्मियों के परिजन से आत्मीय मुलाकात की। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस, समाज का अभिन्न हिस्सा है। पुलिस की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास की सोच को फलीभूत करना संभव नहीं है। विकास के लिए समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सब के लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश पुलिस की गणना देश के श्रेष्ठ बलों में की जाती है। प्रदेश पुलिस ने ‘देशभक्ति-जनसेवा’ के सूत्र वाक्य को सार्थक किया है। कर्त्तव्यनिष्ठा के उच्च प्रतिमान के साथ कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बदलती परिस्थितियों में पुलिस स्वयं को निरंतर अपडेट रखे राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करते हुए देश-प्रदेश की अखंडता, सामाजिक और सांस्कृतिक सद्भाव को बनाए रखें। जनता से समन्वय बनाए रखना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप पुलिस स्वयं को निरंतर अपडेट रखे। राज्यपाल पटेल ने एक ही दिन में सवा लाख पौधे रोपने, सभी जिलों में पुलिस बैंड और महिला थाना की स्थापना, पुलिस परिवारों के लिए 25 हजार मकान बनाने के लक्ष्य एवं 950 महिला ऊर्जा डेस्क की स्थापना जैसे कार्यों के लिए प्रदेश पुलिस की सराहना की। राज्यपाल पटेल को कार्यक्रम में पाल-बेयरर पार्टी द्वारा शहीद जवानों की सम्मान सूची सौंपी गई। पार्टी द्वारा परेड सलामी की समस्त कार्यवाही की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। उन्होंने 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम इलाकों में हुई भारतीय जवानों के शौर्य और शहादत को नमन् किया। साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस के शहीद जवानों को भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों और विशिष्टजनों ने शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित की। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव एस.एन. मिश्रा, एडीजी शापू, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेनानिवृत्त पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा

ग्रामीण चिकित्सकीय सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा सीएचसी के सुदृढ़ीकरण के दिये निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे।  

सेना ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया, एक को मार गिराया, गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

 बारामुला जम्मू कश्मीर के बारामुला में सेना की एक संयुक्त टीम ने हथियारों से लैस आतंकी को मार गिराया। इसके साथ ही सेना ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान यहां पर गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सेना के बयान में कहा गया है कि इस जखीरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी युद्ध की तैयारी के लिए सामान जुटाया जा रहा है। मारे गए आतंकी के पास एक एके 47 राइफल, दो एके मैगजीन, 57 एके राउंड, दो पिस्टल मैगजीन के अलावा कई अन्य खतरनाक हथियार थे। इससे पहले आर्मी के चिनार कोर ने बताया कि घुसपैठ के खिलाफ इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया था। बयान के मुताबिक घुसपैठ को लेकर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस ने एलओसी के करीब स्थित उरी और बारामुला में यह अभियान चलाया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद सेना की चौकन्नी टुकड़ी ने चुनौती दी। इसके बाद सामने से फायरिंग होने लगे। जवाब में जवानों ने भी गोलियां बरसाईं। इससे पहले गांदरबल इलाके में आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना रविवार शाम को हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन हमलों की निंदा की है और इन्हें कायराना कृत्य बताया है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि गैर-स्थानीय मजदूरों पर सोनमर्ग इलाके के गगनगीर इलाके में कायराना हमला हुआ है। यह लोग इलाके में एक बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। आतंकी हमले में दो की हत्या की गई है, दो-तीन घायल हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि मैं इस हमले की निंदा करता हूं और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रेषित करता हूं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार शाम को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर गगनगीर के पास एक शिविर में हुआ जहां स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूर 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग परियोजना के निर्माण पर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार दो आतंकवादियों ने मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसके कारण दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित नौ अन्य घायल हो गए। डॉक्टर सहित पांच घायलों ने बाद में दम तोड़ दिया।

रोहिणी ब्लास्ट पर दिल्ली पुलिस एक्शन में, टेलीग्राम ऐप को लिखा लेटर, मांगी ये जानकारी

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने Telegram को एक पत्र लिखकर ‘Justice League India’ नामक चैनल से संबंधित जानकारी मांगी है. यह कार्रवाई रोहिणी में हुए ब्लास्ट के बाद की गई है. कल शाम, इस टेलीग्राम चैनल पर धमाके का सीसीटीवी फुटेज अपलोड किया गया, जिसमें इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली गई थी. हालांकि, Telegram की तरफ से अभी तक दिल्ली पुलिस को कोई जवाब नहीं मिला है. रोहिणी ब्लास्ट की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है. पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है. रविवार सुबह साढ़े सात बजे हुआ था ब्लास्ट बता दें कि रविवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब जब दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार में ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी तो इससे इलाके में दहशत फैल गई. इसके लगभग 20 मिनट बाद ही जैसे-जैसे एरिया में बड़ी-बड़ी जांच एजेंसियों का पहुंचना शुरू हुआ तो फिर इस मामले ने और भी चिंता बढ़ा दी. हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया है कि ब्लास्ट कैसे हुआ? क्यों हुआ? किसने किया? मकसद क्या था? लेकिन इस ब्लास्ट ने त्योहारी सीजन में माथे पर बल ला दिए हैं. 2 किमी दूर तक सुनाई दी ब्लास्ट की आवाज धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. घटनास्थल से ‘व्हाइट पाउडर’ बरामद किया गया है, और जांच के लिए पहुंची जांच एजेंसियों ने इस धमाके को ‘मिस्टीरियस ब्लास्ट’ यानी ‘रहस्यमयी धमाका’ करार दिया है. जांच एजेंसियों ने धमाके को इसलिए ‘मिस्टीरियस ब्लास्ट’ कहा है, क्योंकि मौके से किसी तरह का टाइमर, डेटोनेटर या कोई मेटल या फिर कोई इनेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं मिला है. अब सवाल ये है कि फिर विस्फोटक में ऐसा क्या ट्रिगर हुआ कि जोरदार धमाका हुआ? इसकी जांच की जा रही है. CCTV फुटेज खंगाल रही दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस ब्लास्ट साइट के आस-पास के कई किलोमीटर तक के CCTV फुटेज को खंगाल रही है, जिससे जानकारी मिल सके कि बम किसने रखा था. ब्लास्ट के आस-पास का मोबाइल का डंप डेटा भी कलेक्ट किया जा रहा है, जिसके जरिए ब्लास्ट पर संदिग्ध फोन नंबर जो एक्टिव थे उसका पता लगाया जा सके.  

एक नवंबर को होगी घोषणा! प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का बढ़ेगा महंगाई भत्ता

 भोपाल  भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 से बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश के कर्मचारियों को अभी 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसे बढ़ाने की मांग सभी कर्मचारी संगठन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव प्रदेश के स्थापना दिवस (एक नवंबर) पर इसे बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। अभी 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदेश में सात लाख से अधिक नियमित के साथ निगम, मंडल के कर्मचारियों को जुलाई 2023 से 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी इसी दर से वृद्धि की गई। जुलाई 2023 से फरवरी 2024 के बीच का एरियर तीन समान किस्तों में दिया गया। जबकि, पेंशनरों की महंगाई राहत मार्च 2024 से बढ़ाई गई। एरियर भी नहीं दिया गया। लंबे समय से हो रही थी DA हाइक की मांग दरअसल, मध्य प्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से महंगई भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने की मांग कर रहे हैं. कई संगठनों ने हड़ताल की भी चेतावनी दे दी थी. इस बीच मोहन यादव सरकार द्वारा डीए बढ़ाने का फैसला कर्मचारियों में खुशी की लहर लेकर आया है. मध्य प्रदेश में सात लाख से ज्यादा नियमित सरकारी कर्मचारी हैं. इसके अलावा, मंडल के कर्मचारियों को भी साल 2023 से 46 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है.  एक नवंबर को हो सकती है घोषणा प्रदेश के स्थापना दिवस (1 नवंबर) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, इसका लाभ जनवरी 2024 से दिया जाएगा या अक्टूबर से, यह फैसला होना बाकी है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछली बार की तरह इस बार भी एरियर तीन किस्तों में दिया जा सकता है। पेंशनरों को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट है। पिछली बार का एरियर देने पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि पेंशनरों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाकर 50 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा, लेकिन यह अक्टूबर से लागू होगा या जनवरी 2024 से, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। 58 प्रतिशत की दर से बजट में प्रविधान प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रविधान किया है। वर्तमान में 46 प्रतिशत की दर से भुगतान हो रहा है, जिससे यदि 12 प्रतिशत की वृद्धि भी होती है तो इसके लिए अलग से बजट प्रविधान की आवश्यकता नहीं होगी। अगले बजट वर्ष 2025-26 के लिए यह प्रविधान 64 प्रतिशत के हिसाब से किया जाएगा, जिसके लिए सभी विभागों को अपने स्थापना व्यय में राशि प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीए बढ़ोतरी के लिए बजट में प्रावधान मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने साल 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रावधान रखा है. अगर 46 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जाता है, तो 12 प्रतिशत की वृद्धि के लिए अलग से बजट प्रावधान की जरूरत नहीं होनी चाहिए. साल 2025-26 के बजट में इसे 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रस्तावित करने की योजना है. एक नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस है. इसी दिन मुख्यमंत्री महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं. या तो इसका फायदा जनवरी 2024 से दिया जाएगा या फिर अक्टूबर से ही वृद्धि लागू होगी, अभी इस पर फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि, माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी एरियर दिया जा सकता है.

इंदौर में चलेगी डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, 60 यात्री कर सकेंगे आलीशान सफर, जल्द ही ट्रायल रन पूरा कर शुरू किया जाएगा

इंदौर इंदौर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को सुविधा दिलाने के लिए लंबे समय से डबल डेकर बस चलाने का प्रयास हो रहा था. इस प्रयास को अब सफलता मिली है. इंदौर के महापौर पुष्पमित्र भार्गव ने बताया कि डबल डेकर बस का इंतजार खत्म हो गया है. डबल डेकर बस इंदौर पहुंच गई है, जिसे जल्द ही ट्रायल रन पूरा कर शुरू किया जाएगा. यात्रियों की संख्या में हुई बढ़ोतरी महापौर के मुताबिक, इंदौर की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है. इसके अलावा, बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है. डबल डेकर बस से दो बसों की सवारी एक ही वाहन में सफर करेगी, जिससे यातायात का दबाव भी कम होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए डबल डेकर बस चलाने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे थे. महापौर पुष्पमित्र भार्गव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की मदद से इंदौर के लोगों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. अभी तक महानगरों में ही डबल डेकर बस का चलन था. इंदौर प्रदेश का पहला ऐसा शहर होगा जहां डबल डेकर बस सड़कों पर चलेगी. बस की ऊंचाई 15 फीट इंदौर को समर्पित होने वाली डबल डेकर बस की लंबाई चौड़ाई भी आम बसों की तुलना में अधिक है. बस की लंबाई की बात की जाए तो यह 9 मीटर है जबकि ऊंचाई लगभग 15 फीट के आसपास है. इस बस में एक साथ 60 यात्रियों के बैठने की क्षमता है.  

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि प्रसूताओं को एक वर्ष से नहीं मिली है,लगभग एक लाख महिलाएं कर रही इंतजार

भोपाल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि प्रसूताओं को एक वर्ष से नहीं मिली है। लगभग एक लाख महिलाएं राशि की प्रतीक्षा कर रही हैं। राशि नहीं मिलने की 25 हजार से अधिक शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंच चुकी हैं। हर दिन 70 से 100 शिकायतें हो रही हैं। योजना के अंतर्गत महिलाओं को पहले प्रसव में पांच हजार रुपये तीन किस्तों में देने का प्रविधान है। तकनीकी समस्या से नहीं मिली राशि बताया जा रहा है कि योजना में कुछ बदलाव के साथ ही एनआईसी को इसका साफ्टवेयर संचालन करने के लिए दिया गया था। एनआइसी ने नया साफ्टवेयर तैयार किया, जिसमें नए हितग्राहियों को जोड़कर उन्हें लाभ दिया जा रहा है, लेकिन तकनीकी दिक्कत के चलते पुराने हितग्राहियों को पहले संचालित साफ्टवेयर से एनआइसी में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इस कारण उन्हें राशि नहीं मिल पा रही है। पुराने हितग्राहियों में कुछ की एक, कुछ को दोनों या फिर तीनों किस्त रुकी हुई हैं। दरअसल, भारत सरकार ने योजना में पात्रता की शर्तों में कुछ बदलाव किया था। पूर्व में यह प्रविधान था का पहले बच्चे में ही योजना का लाभ दिया जाएगा, बाद में यह जोड़ा गया कि दूसरी संतान बालिका है तो भी योजना का लाभ दिया जाएगा। दूसरा, पहले प्रसूता के परिवार की आय का कोई बंधन पात्रता के लिए नहीं था, पर बाद में आठ लाख रुपये की सीमा निर्धारित कर दी गई। इन बदलावों के साथ नए हितग्राहियों को जोड़कर लाभ दिया जा रहा है, पुराने हितग्राहियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रसूति सहायता योजना की राशि भी तीन माह से नहीं मिली मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को तीन माह से राशि नहीं मिली है। यह स्थिति पूरे प्रदेश की है। बताया जा रहा है बजट की कमी के चलते राशि नहीं मिल पा रही है। योजना के अंतर्गत असंगठित कामगार महिला श्रमिक को 16 हजार रुपये अलग-अलग किस्त में मिलते हैं।

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