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तमिलनाडु बनेगा भारत की तरक्की का इंजन, पीएम मोदी का भरोसे भरा संदेश

मदुरै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ‘मेक इन इंडिया’ की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में अवसंरचना के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में हमने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  

आज नागलवाड़ी में लिए जायेंगे अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा यह संकल्प है कि प्रदेश के अन्नदाताओं को आत्म-निर्भर बनाते हुए उनकी आय को दोगुना किया जाये। इसी क्रम में सोमवार 2 मार्च को जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में किसान कल्याण वर्ष की पहली कृषि केबिनेट होने जा रही है। इस दिन नागलवाड़ी से ही सरकार किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। राज्य सरकार का मंत्री-मंडल पूरा दिन नागलवाड़ी में रहेगा, जहाँ कृषि केबिनेट सहित प्रबुद्धजन एवं किसानों के साथ संवाद होगा और कृषि एवं जनजातीय कल्याण पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। लगभग 6 हजार की जनसंख्या वाला ग्राम नागलवाड़ी जनजातीय बहुल ग्राम है। यहाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में होने वाली कृषि केबिनेट न केवल बड़वानी जिले अपितु पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक साबित होगी। नागलवाड़ी स्थित 800 वर्ष पुराना प्राचीन भिलट देव मंदिर जनजातीय आस्था में विशेष महत्व रखता है। कृषि केबिनेट के बाद पूरा मंत्री-मंडल इस मंदिर में दर्शन भी करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि केबिनेट के बाद किसानों और प्रबुद्धजन से संवाद भी करेंगे। संवाद के दौरान एक ओर प्रदेश एवं किसानों के हित में किये जा रहे कार्यों एवं योजनाओं को साझा किया जायेगा, वहीं क्षेत्र विकास के लिये किसानों एवं प्रबुद्धजन के विचारों और उनकी अपेक्षाओं को जाना जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय विकास और कृषि आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं मंत्रि-परिषद के सदस्य जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट की परम्परा में भी शामिल होंगे। केबिनेट के अलावा होने वाले सभी कार्यक्रमों में जनजातीय परम्परा की स्पष्ट झलक दिखाई देगी।

त्याग और साहस की परंपरा को नमन, मुख्यमंत्री ने किया सिख गुरुओं का स्मरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने सिख संगत द्वारा आयोजित होला मोहल्ला यात्रा के लिए निःशुल्क बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सिख संगत द्वारा आयोजित इस यात्रा में लगभग 1200 श्रद्धालु 17 बसों, 2 ट्रकों एवं अन्य वाहनों के साथ  हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब, बीदर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सिख समाज की आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने संगत को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं का त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े पवित्र स्थलों पर आयोजित होला मोहल्ला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत परंपरा का प्रतीक है। सिख गुरुओं द्वारा स्थापित शौर्य और समर्पण की विरासत सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सिख संगत द्वारा लगातार 25वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए सिख समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष  सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

एयरस्पेस क्लोजर का असर: भारत से और भारत के लिए 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द

नई दिल्ली अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद ईरान समेत 11 देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे भारत में 850 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड दिए गए है. इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. रविवार को 444 उड़ाने रद्द की गई हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं थी। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद हैं। जिसको देखते हुए डीजीसीए ने 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई है। डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि संभावित मार्ग परिवर्तन को प्रबंधित करने और यात्रियों की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हवाई अड्डे परिचालन अलर्ट पर हैं। आपको बता दें कि 28 फरवरी को एयरसेवा को 216 शिकायतें दर्ज की गईं थी और इसी अवधि के दौरान 105 शिकायतों का समाधान किया गया, जिससे प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता सुनिश्चित हुई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार मध्य पूर्व में लागू हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के मद्देनजर, एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्थापित आकस्मिक योजना प्रक्रियाओं के अनुसार, जहां भी आवश्यक हो, उड़ानों का समय पर पुनर्निर्देशन या मार्ग परिवर्तन सुनिश्चित करें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय सुरक्षित, सुचारू और कुशल हवाई संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है। स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार आगे की जानकारी दी जाएगी। भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को सलाह दी गई है कि वे ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग स्थल, यात्री सुविधाओं, चालक दल की व्यवस्था और आव्रजन सहायता के लिए आवश्यकतानुसार एयरलाइंस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि जरूर करें. एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड के विकल्प दिए हैं.

घड़ियालों से गुलजार होगा कूनो, जंगल सफारी में जुड़ा नया आकर्षण

भोपाल. कूनो नेशनल पार्क में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। कार्यक्रम कूनो नेशनल पार्क के भीतर पालपुर फोर्ट के सामने कूनो नदी तट पर आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सिर्फ पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। मध्यप्रदेश लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। कूनो जैसे संरक्षित क्षेत्र वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के तत्वावधान में आयोजित किया गया। छोड़े गए 53 घड़ियाल गेवेलियस गैंगेटिक्स प्रजाति के हैं, जिनमें 28 नर और 25 मादा शामिल हैं। वहीं 25 कछुए थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ टर्टल प्रजाति के हैं। सभी जीवों को वैज्ञानिक निगरानी और तय मानकों के अनुसार नदी में छोड़ा गया। विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण के लिए काम मुख्यमंत्री ने कहा कि विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण के संकल्प के साथ राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कूनो में चल रहे चीता प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ था। हाल ही में बोत्सवाना से आए 9 चीतों को छोड़ा गया है, जिससे कूनो में चीतों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है।  

सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, कर्मचारियों को मिला रंगों का डबल जश्न

भोपाल मध्य प्रदेश शासन ने होली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है। राज्य सरकार ने पहले से घोषित अवकाश में संशोधन करते हुए अब 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। पहली बार किसी त्योहार पर दो दिन की छुट्टी मध्य प्रदेश में पहली बार किसी त्योहार को लेकर दो दिन सरकारी छुट्टी रहेगी। 29 दिसंबर 2025 को सरकार ने 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में तीन मार्च मंगलवार को होली का सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया था। चूंकि, होली मनाने को लेकर अलग-अलग राय है इसलिए कर्मचारी संगठनों ने चार मार्च का अवकाश घोषित किए जाने की मांग की थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रस्ताव भेजा। 4 मार्च को भी सरकारी छुट्टी का एलान पूर्व में 29 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के अनुसार केवल 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली का अवकाश घोषित था। अब इसे संशोधित कर 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी छुट्टी का दिन तय किया गया है। यह अवकाश ‘निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेन्ट्स एक्ट 1881’ की धारा 25 के अंतर्गत घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह सार्वजनिक और सामान्य अवकाश की श्रेणी में आएगा। यह संशोधित अधिसूचना मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य द्वारा 1 मार्च 2026 को जारी की गई है शासन के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और बैंकों (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत) में बुधवार को भी अवकाश रहेगा । इस कदम से लोगों को होली का त्यौहार मनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी जानकारी समस्त विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु भेज दी गई है।  

भोपाल गैस कांड स्थल पर नया प्रोजेक्ट, 400 करोड़ की लागत से बनेगा ओपन थिएटर

भोपाल दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में शुमार 1984 की गैस त्रासदी का साक्षी रहा भोपाल का यूनियन कार्बाइड परिसर अब नए स्वरूप में विकसित किए जाने की तैयारी में है। राज्य सरकार यहां ओपन थिएटर, रिहायशी और व्यावसायिक परिसर के साथ एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र विकसित करने की योजना बना रही है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि परिसर में लगभग सात से 10 एकड़ क्षेत्र में गैस त्रासदी पीड़ितों की स्मृति में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जनवरी को स्थल का निरीक्षण कर इस दिशा में संकेत दिए थे। हालांकि, स्मारक निर्माण का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से लंबित है, जिसे अब नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।   पुनर्घनत्वीकरण के तहत विकास सरकार अब इस परियोजना को पुनर्घनत्वीकरण (रीडेंसिफिकेशन) योजना के तहत विकसित करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। स्मारक निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि परिसर में प्रस्तावित आवासीय और व्यावसायिक विकास से जुटाई जाएगी। मिट्टी का दोबारा परीक्षण स्मारक निर्माण से पहले परिसर की मिट्टी का परीक्षण राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी), नागपुर से पुनः कराया जाएगा। करीब 10 वर्ष पूर्व भी यहां परीक्षण हो चुका है। जनवरी 2025 में हाईकोर्ट के निर्देश पर 337 टन जहरीले कचरे को पीथमपुर भेजकर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया था। आधारभूत ढांचे पर जोर परिसर में पहले सड़क, ड्रेनेज और जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की जाएगी। वर्तमान में यहां फैक्ट्री का लोहे का ढांचा और प्रशासनिक भवन मौजूद हैं, जिन्हें हटाया जाना है। प्रस्तावित स्मारक में संग्रहालय, कांच से सुरक्षित प्रदर्शनी स्थल और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे, जबकि अनुसंधान केंद्र में लैब, सभागार और छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार, अनुमति के बाद मालवीय नगर तक विस्तार, खामियां दूर करने की कवायद जारी

इंदौर शहरी क्षेत्र में मेट्रो के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की जूनियर टीम निरीक्षण कर चुकी है। टीम द्वारा बताई गई कमियों को दूर कर सीएमआरएस के फाइनल निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने स्थलीय निरीक्षण किया। सीएमआरएस की स्वीकृति मिलते ही सुपर कारिडोर-2 से मालवीय नगर चौराहे तक मेट्रो का संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने दो दिवसीय स्थलीय निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति और संचालन की तैयारी को परखा। उन्होंने डिप्टी सीएमआरएस टीम द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक ने फिनिशिंग कार्यों में तेजी लाने, सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने तथा प्रत्येक स्थल पर पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित मॉनीटरिंग बढ़ाने और ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। खामियां दूर करने पर पूरा ध्यान शनिवार को मालवीय नगर चौराहे से शुरू हुए निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्टेशनों, अप्रोच मार्गों, यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया। संचालन से जुड़े प्रबंधकीय पहलुओं का भी आकलन किया गया। वहीं परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पैकेज आईएन-02, आईएन-03, आईएन-04, आईएन-05आर और आईएन-07 की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब पूरा ध्यान जूनियर टीम द्वारा बताई खामियों को दूर करने पर है।  

राजनांदगांव शहर में भव्य संत कबीर प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है, और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर आश्रम में विकास कार्य के लिए 11 लाख रुपए  स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की, साथ ही राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 202 साल पहले पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे गांव में कबीर मठ की स्थापना की। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने आश्रम की सेवा के लिए अपनी समस्त संपत्ति अर्पित कर दी।  साय ने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। हलबा समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ में सद्गुरु कबीर के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में सद्गुरु संत कबीर का बड़ा प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से ही कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है। बचपन से ही पंथ के रीति-रिवाजों से मैं भलीभांति परिचित रहा।छत्तीसगढ़ का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है। यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी का प्रभाव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कबीर दास जी के दोहों में जीवन का संदेश है। उन्होंने ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे कबीर संत के दोहों को दोहराया।  साय ने कहा कि संत कबीर कहते थे कि हमारे भीतर अपनी कमियों को सुनने का साहस होना चाहिए, ताकि हम खुद को बेहतर बना सकें। उनके दोहों में आदर्श जीवन और मानव समाज के हित के संदेश हैं, इसलिए हमें कबीरदास जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। हमने सुव्यवस्थित धान खरीदी की। धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया। शनिवार को हमने 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मोदी की गारंटी में हमने वादा किया था कि सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर 18 लाख आवास प्रदान करेंगे। हमने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही पहली कैबिनेट बुलाकर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दे दी। आज 8 लाख से ज्यादा मकान बन चुके हैं, जिनका गृह प्रवेश भी हो चुका है। इतना ही नहीं, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति हुई है। पीवीजीटी समुदाय के लोगों के लिए अलग से 32,000 पीएम आवासों की स्वीकृति हुई है।  मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास हो रहा है। जिन गांवों में कभी सर्वे नहीं होता था, आज वहां की 7,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में 32,000 से ज्यादा नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने 14 साल में सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में हमारे भांचा राम विराजमान हुए तो हमने छत्तीसगढ़ से राम लला दर्शन योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन कराया जा चुका है। हमने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भी पुनः शुरुआत की है, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषी जेल के भीतर हैं। आज राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए गरीब का बेटा भी बड़ा अधिकारी बन रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए, तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सम्मानजनक है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन और व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल, संवेदनशील और संस्कारों से परिपूर्ण हैं, यही इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का संत-महात्माओं के प्रति गहरा सम्मान और आस्था है। ऐसा कोई दिन शायद ही गुजरता हो, जब मुख्यमंत्री निवास में किसी संत, महात्मा या आध्यात्मिक व्यक्तित्व का आगमन न होता हो। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मार्गदर्शन और मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम भी है। सांसद  संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि हमारी धरती को समय-समय पर संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है। इस … Read more

होली से पहले डबल मार: सिलेंडर के दाम चढ़े, फ्लाइट टिकट महंगे, खर्चों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली हर महीने की तरह मार्च 2026 भी आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई अहम बदलाव लेकर आया है। गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग नियमों, रेलवे टिकटिंग सिस्टम और डिजिटल सुरक्षा मानकों तक कई नियम आज 1 मार्च से लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू बजट, यात्रा खर्च और ऑनलाइन लेनदेन पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं विस्तार से क्या-क्या बदला है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 31 रुपये की बढ़ोतरी की है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।   रेलवे टिकटिंग सिस्टम में बदलाव 1 मार्च से अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) एप बंद कर दिया गया है। अब यात्रियों को जनरल, प्लेटफॉर्म और लोकल ट्रेन की टिकट बुक करने के लिए ‘RailOne’ एप का इस्तेमाल करना होगा। रेलवे का दावा है कि नया एप अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा। सिम बाइंडिंग का नया नियम डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सरकार ने सिम बाइंडिंग का नियम लागू किया है। अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे एप मोबाइल सिम से लिंक रहेंगे। फोन से सिम हटाते ही ये एप काम करना बंद कर देंगे। बैंकिंग नियमों में संशोधन सरकारी बैंकों ने मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव किया है। अब औसत मासिक बैलेंस के आधार पर पेनल्टी लगेगी, जिससे ग्राहकों को एक दिन की कमी पर जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। CNG, PNG और ATF की कीमतें तेल कंपनियों ने एटीएफ (हवाई ईंधन) की कीमतों में 5,500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। साथ ही सीएनजी और पीएनजी की दरों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

महंगाई में राहत: होली पर फ्री LPG सिलेंडर योजना से करोड़ों को फायदा

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। होली के मौके पर एक बड़े वर्ग को फ्री में एलपीजी गैस सिलेंडर मिलने वाला है। ये फ्री सिलेंडर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों को मिलेगा। आइए इस योजना के बारे में जान लेते हैं। 1.86 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के रूप में 1,500 करोड़ रुपये जारी किए। इसके तहत लाभार्थी होली से पहले या बाद में अपनी नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि योगी सरकार ने रिफिल सब्सिडी योजना 2022 में शुरू की थी। इस योजना के तहत होली के अलावा दिवाली में भी लाभार्थियों को फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलता है। उज्ज्वला योजना के बारे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पूरे देश में लगभग 10.50 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं। हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को ज्यादा किफायती बनाने और उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, मई 2022 में सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) सब्सिडी देनी शुरू की। कुछ साल बाद में इसे बढ़ाकर 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) कर दिया गया। क्या है जरूरी दस्तावेज? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नामांकन प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड, पता प्रमाण, पासपोर्ट साइज का फोटो औ बैंक विवरण शामिल हैं। आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भरें। इसके बाद तेल कंपनी का नाम चुनना होगा। उदाहरण के लिए इंडेन / भारतगैस / एचपी गैस कनेक्शन का प्रकार चुनना होगा। इसके अलावा राज्य, जिला और वितरक का नाम चुनें। मोबाइल नंबर, कैप्चा और ओटीपी दर्ज करें। परिवार के सभी विवरण, व्यक्तिगत विवरण, पता विवरण, बैंक विवरण भरें, सिलेंडर के प्रकार चुनें, ग्रामीण या शहरी चुनें और घोषणा का चयन करके सबमिट करें। एलपीजी सिलेंडर के दाम बता दें कि होली से ठीक पहले कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं जबकि घरेलू सिलेंडर के मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर 1,768.50 रुपये का हो गया है। यह मार्च 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस साल लगातार तीसरी बार वृद्धि हुई है। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 08 अप्रैल 2025 के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है।  

2700 करोड़ की विकास योजनाएँ, पुडुचेरी में पीएम मोदी का कांग्रेस-डीएमके पर प्रहार

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने ‘BEST पुडुचेरी’ का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।  

17 कर्मचारियों की मौत और 18 घायल, नागपुर में डेटोनेटर बनाने वाली कंपनी में धमाका

नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल इलाके के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। राउलगांव स्थित ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ नामक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह कंपनी खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक तैयार करती है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच हुआ। उस समय फैक्ट्री में सुबह की शिफ्ट के कर्मचारी अपना काम शुरू कर चुके थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब डेटोनेटर बनाने की प्रक्रिया चल रही थी तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री के उस हिस्से की छत और दीवारें ढह गईं जहां धमाका हुआ था। आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। बताया जा रहा है कि धमाके के समय संबंधित यूनिट में 25 से 30 श्रमिक मौजूद थे। मलबे और आग के कारण अभी भी कुछ कर्मियों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुँच गईं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मलबे से लोगों को निकालने और आग पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है। अभी तक विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और ‘एसबीएल एनर्जी’ प्रबंधन से भी संपर्क किया गया है। यह जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों अनदेखी की गई थी या यह किसी तकनीकी खराबी का परिणाम था।

ईरान ने US बेस को भी बनाया निशाना, खामेनेई की मौत के बाद इजरायल पर मिसाइल अटैक

तेहरान. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ईरान ने अपना नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया है। ईरान ने खामेनेई की मौत के बगाद 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। वहीं इजरायल और अमेरिका के इस हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भी की है। वहीं ईरान ने नए सुप्रीम लीडर का भी ऐलान किया है। हमलों के बाद भड़के हुए ईरान ने भी पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेसों को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते थे। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। ईरान के हमलों की वजह से कतर, सऊदी अरब, ईराक और अन्य देशों में भी उसका विरोध हो रहा है। वहीं खबर के मुताबिक यूएई में ईरान के हमले में एक शख्स की मौत भी हो गई है। IRGC ने ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को नया कमांडर इन चीफ चुन लिया है। ऐसे में युद्ध अभी लंबा खिंचने की संभावना नजर आ रही है। खामेनेई के मारे जाने पर प्रदर्शन की आग भारत तक पहुंच गई है। भारत में कश्मीर, यूपी और कई अन्य जगहों पर शिया मुसलमान सड़कों पर उतर रहे हैं। यूएन ने की हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और ”क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने” के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ”वरना व्यापक संघर्ष होने की आशंका है जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।” यहां पढ़ें ईरान-इजरायल युद्ध का पूरा मामला… कैसे चुना जाएगा ईरान का सुप्रीम लीडर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की सभा) नये सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को जल्द से जल्द नये सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और ‘गार्जियन काउंसिल’ का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है।

सेमीफाइनल का टिकट दांव पर: वेस्टइंडीज से आर-पार की भिड़ंत में टीम इंडिया

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को ‘करो या मरो’ के मुकाबले में टीम इंडिया की भिड़ंत वेस्टइंडीज से होगी। कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को हर हाल में कैरेबियाई टीम के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। टीम इंडिया ने सुपर-8 राउंड का आगाज साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के साथ किया था। प्रोटियाज टीम के खिलाफ मिली 76 रनों की बड़ी हार से भारतीय टीम के नेट रन रेट पर भी बुरा असर पड़ा था। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को खेले गए मुकाबले में सूर्या की सेना ने शानदार वापसी की थी। भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को एकतरफा अंदाज में 72 रनों से हराया था। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा बेहतरीन लय में दिखाई दिए थे और उन्होंने टूर्नामेंट में अपना पहला अर्धशतक जमाया था। वहीं, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए बल्ले से अहम योगदान दिया था। भारतीय टीम की ओर से गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने सिर्फ 24 रन देकर 3 विकेट निकाले थे, जबकि वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने भी दमदार प्रदर्शन किया था। दूसरी ओर, सुपर-8 राउंड के पहले मैच में जिम्बाब्वे को 107 रनों से रौंदने के बाद वेस्टइंडीज को साउथ अफ्रीका के हाथों 9 विकेट की करारी हार झेलनी पड़ी थी। टीम के गेंदबाज 177 रनों के लक्ष्य का बचाव करने में नाकाम रहे थे। वहीं, कैरेबियाई टीम का टॉप ऑर्डर भी बुरी तरह से विफल रहा था। जेसन होल्डर ने 31 गेंदों में 49 रनों की दमदार पारी खेली थी, तो रोमारियो शेफर्ड ने 37 गेंदों में 52 रन बनाए थे। टी20 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक कुल 30 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 19 मैच में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। वहीं, वेस्टइंडीज ने 10 मैच जीते हैं। एक मुकाबला बेनतीजा रहा है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान की पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। ग्राउंड पर बढ़िया बाउंस होने की वजह से गेंद बल्ले पर काफी अच्छे से आती है। हालांकि, शुरुआती ओवर्स के बाद स्पिन गेंदबाजों को भी पिच से मदद मिलती है। ईडन गार्डन्स में पहली पारी का औसतन स्कोर 161 रन रहा है। वहीं, दूसरी पारी में औसत स्कोर 139 रन है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले अहम मुकाबले में बारिश होने की आशंका न के बराबर है। रविवार को यहां का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा और दिन में धूप खिली रहेगी। यानी फैंस को पूरे 40 ओवरों का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

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