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मध्यप्रदेश के नगरों के युगांतकारी परिवर्तन और आधुनिक अधोसंरचना का मार्ग प्रशस्त करेगा यह बजट : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के शहरी परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला एक दूरदर्शी रोडमैप बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास हेतु पूर्णतः संकल्पित है, जिसकी स्पष्ट झलक विभागीय बजट प्रावधानों में परिलक्षित होती है। यह बजट न केवल नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता को संवर्धित करेगा, बल्कि विकास की उपलब्धता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाकर नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करेगा। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि आगामी ‘सिंहस्थ-2028’ को वैश्विक भव्यता और दिव्यता प्रदान करने के लिए बजट में 3060 करोड़ रूपये का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन के प्रति शासन की अटूट आस्था को दर्शाता है। नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रवेश कर के हस्तांतरण हेतु 3600 करोड़ रूपये तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप स्थानीय निकायों हेतु 2057 करोड़ रूपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय स्वशासन की नींव और अधिक सुदृढ़ होगी। अधोसंरचना विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के मध्य अनूठे समन्वय पर बल देते हुए मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) बी.एल.सी. के अंतर्गत आवंटित 2000 करोड़ रूपये शहरी निर्धनों के ‘निज निवास’ के स्वप्न को साकार करने में निर्णायक सिद्ध होगी। साथ ही, अमृत 2.0 (मिलियन प्लस शहरों हेतु) 1418 करोड़ रूपये और स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 1058 करोड़ रूपये के विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। महानगरों में त्वरित, सुगम एवं प्रदूषण मुक्त यातायात सुनिश्चित करने हेतु मेट्रो रेल परियोजना के लिए 656 करोड़ रूपये तथा सांस्कृतिक-आध्यात्मिक केंद्रों के उत्थान हेतु गीता भवन योजना के अंतर्गत 60 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री  विजयवर्गीय ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के ‘सर्वस्पर्शी समावेशी विकास’ का आधार स्तंभ बनेगा और ‘समृद्ध मध्यप्रदेश @2047’ के दूरगामी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त एवं निर्णायक कदम सिद्ध होगा।  

स्टूडेंट्स से विकास तक लाभ, भविष्य निर्माण का बजट : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल. स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसे डॉ. मोहन यादव जैसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। उनके नेतृत्व में वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह बजट समाज के हर वर्ग का कल्याण करने वाला बजट है। चाहे किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों, सभी के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के विजनरी मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 11 फीसदी बढ़ा दिया है। यह बजट न केवल स्कूली विद्यार्थियों का भविष्य सुनहरा बनाएगा, प्रदेश और देश के विकास के लिए बच्चों को तैयार करेगा। यह छात्रों के बेहतर भविष्य और मध्यप्रदेश के समग्र विकास की नींव को मजबूती देने वाला बजट है। मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को भविष्य में नई दिशा मिलेगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है और उन्हें प्रदेश-देश के विकास के लिए तैयार करेगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा बजट में जो प्रावधान किए हैं, उनसे स्कूलों के नए भवन, सांदीपनि विद्यालय, खेलखूद भवन, प्रयोगशालाओं सहित कई नए निर्माण किए जाएंगे। इन नवाचारों से विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्राथमिक शालाओं के लिए 11 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट दिया है। यह बजट छात्रों की नींव मजबूत करेगा। इसी तरह माध्यमिक शालाओं के लिए 7 हजार 129 करोड़ रुपये का बजट है।  सिंह ने कहा कि भविष्य में सांदीपनि विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही कारण है कि इन विद्यालयों के लिए बजट में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की ट्यूशन फीस भी सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने 546 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि पीएम  योजना के लिए सरकार ने विभाग को 530 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 250 करोड़ रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय छात्राओं को 210 करोड़ की साइकिलें देगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर करने के लिए 101 करोड़ की पाठ्य सामग्री दी जाएगी। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को 100 करोड़ रूपये की स्कूटी प्रदान करेगी। सरकार 5 हजार 649 करोड़ रुपये से समग्र शिक्षा अभियान को और गति प्रदान करेगी। 4 हजार 233 करोड़ रुपये से शासकीय हाई-हायर सेकेण्डरी शालाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। उनके मानदेय के लिए 1141 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। गौरतलब है कि सरकार ने धरती आबा जन जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 208 करोड़ रुपये, शासकीय स्कूल-छात्रावास-पुस्तकालय-आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण-विस्तार के लिए 200 करोड़, हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए 200 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक-संविदा शाला शिक्षकों को वेतन-मानदेय के लिए 146 करोड़, अशासकीय शालाओं को अनुदान देने के लिए 120 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। परि‍वहन व्‍यवस्‍था पर विशेष जोर  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने परिवहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 230 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसानों की समृद्धि को समर्पित है बजट 2026-27 : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 -27 में प्रदेश के अन्नदाताओं के सशक्तिकरण और कृषि विकास को नई ऊँचाई देने का संकल्प है। बजट में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31 हजार 758 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कंषाना ने कहा कि प्रदेश में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य संवर्धन से जोड़कर किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। दाल उत्पादन में प्रथम, गेहूं, तिलहन में द्वितीय और सोयाबीन में 35 प्रतिशत योगदान के साथ मध्यप्रदेश अग्रणी है। औद्योगीकरण, अधोसंरचना, रोजगार, शिक्षा और किसान समृद्धि पर विशेष फोकस के साथ वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

विनिंग मोड में टीम इंडिया, नीदरलैंड के खिलाफ चौथी जीत का टारगेट

अहमदाबाद  टी20 विश्व कप के सुपर-8 में जगह बना चुकी भारतीय टीम बुधवार को नीदरलैंड के खिलाफ अपना आखिरी लीग स्टेज मैच खेलने उतरेगी। भारतीय टीम लगातार तीन मुकाबला जीतकर सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। जहां उसका पहली भिड़ंत साउथ अफ्रीका से होगी, जोकि शानदार फॉर्म में हैं। भारतीय टीम नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में कुछ खिलाड़ियों को आराम दे सकती है। वहीं दूसरी तरफ नीदरलैंड की टीम दो मैच हारकर बाहर होने के करीब है। भारत पहले ही टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंच चुका है और ऐसे में नीदरलैंड के खिलाफ मैच अभिषेक के लिए रन बनाने का शानदार अवसर होगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, इशान किशन, हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह। नीदरलैंड: स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान), कॉलिन एकरमैन, नोआ क्रोज़, बास डी लीडे, आर्यन दत्त, फ्रेड क्लासेन, काइल क्लेन, माइकल लेविट, ज़ैक लायन-कैशेट, मैक्स ओ’डोव्ड, लोगान वैन बीक, टिम वैन डेर गुगटेन, रूलोफ वैन डेर मेरवे, पॉल वैन मीकेरेन, साकिब जुल्फिकार। अभिषेक शर्मा का नहीं खुला है खाता भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा जारी टी20 विश्व कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। अभिषेक अमेरिका और पाकिस्तान के खिलाफ बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। नीदरलैंड के खिलाफ मैच में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है। अहमदाबाद में हो सकता है हाईस्कोरिंग मैच अहमदाबाद में टी20 विश्व कप के अब तक खेले गए मैचों में सबसे बड़ा स्कोर दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा के खिलाफ बनाया था। उसने तब चार विकेट पर 213 रन बनाए थे लेकिन पिछले दो मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई हैं।  भारतीय टीम भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, इशान किशन, हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह।  नीदरलैंड टीम नीदरलैंड – स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान), कॉलिन एकरमैन, नोआ क्रोज़, बास डी लीडे, आर्यन दत्त, फ्रेड क्लासेन, काइल क्लेन, माइकल लेविट, ज़ैक लायन-कैशेट, मैक्स ओ’डोव्ड, लोगान वैन बीक, टिम वैन डेर गुगटेन, रूलोफ वैन डेर मेरवे, पॉल वैन मीकेरेन, साकिब जुल्फिकार।

ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर छाने को तैयार भारतीय डेंटिस्ट, स्किल और प्रशिक्षण पर उप मुख्यमंत्री का जोर

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दंत चिकित्सा स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अच्छा मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रशिक्षित दंत चिकित्सक दंत चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एलएन मेडिकल कॉलेज भोपाल में “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्लोबल डेंटिस्ट्री–2026” के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि यह पहल “ब्रेन ड्रेन” नहीं बल्कि “ग्लोबल गेन” का उदाहरण है। सही मार्गदर्शन , पारदर्शी प्रक्रिया और नैतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय डेंटिस्ट वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं तथा देश की प्रतिष्ठा को सशक्त बना सकते हैं। सम्मेलन में पहली बार भारत में यूके डेंटल भर्ती एवं प्लेसमेंट पर संरचित मंच प्रस्तुत किया गया। ओआरई, एलडीसी, एमएफडीएस परीक्षाओं, जनरल डेंटल काउंसिल (जीडीसी) रजिस्ट्रेशन, वीज़ा/स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया, यूके क्लिनिकल स्टैंडर्ड्स, रोगी सुरक्षा और प्रोफेशनल एथिक्स पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को गलत सूचना और फर्जी एजेंसियों से बचने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया समझाई गई। सम्मेलन में भारत एवं यूके की आय संभावनाओं की तुलनात्मक जानकारी भी प्रस्तुत की गई। यूके से आए विशेषज्ञों द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन, पैनल डिस्कशन और दो दिवसीय सीपीडी एवं पर्सनलाइज्ड क्लिनिक का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में डेंटल सर्जन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला, डॉ. अनुपम चौकसे,  धर्मेन्द्र गुप्ता, सहित दंत चिकित्सा विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। लंदन से आए विशेषज्ञ डॉ. रूथ चेसमोर-होस्कर, डॉ. गौरी प्रधान, डॉ. शिवानी भंडारी, डॉ. दलिप कुमार,  विलियम नील कार्माइकल एवं डॉ. टिमोथी ओ’ब्रायन ने प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दंत छात्र-छात्राओं, इंटर्न्स, प्रैक्टिसिंग दंत चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने कैरियर संबंधी प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।

आधुनिक राजस्व तंत्र और मजबूत आपदा प्रबंधन पर जोर, सुशासन का रोडमैप है यह बजट : मंत्री वर्मा

भोपाल  राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश में सुशासन, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और राजस्व तंत्र के आधुनिकीकरण को समर्पित है।यह बजट सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प का सशक्त प्रमाण है और केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अनुरूप गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण को समर्पित है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को नई गति देगा। राजस्व मंत्री  वर्मा ने बताया कि बजट में राजस्व विभाग के लिए व्यापक एवं दूरदर्शी प्रावधान किए गए हैं। स्वामित्व योजना में अभिलेखों के पंजीकरण के लिए 3800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के लिए 2258 करोड़ रुपये और राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) के लिए 564 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।उप संभागीय स्थापना के लिए 2098 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन योजनाओं के निर्माण के लिए 1449 करोड़ रुपये और बाढ़ एवं अतिवृष्टि पीड़ितों को राहत के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला स्थापना के लिए 657 करोड़ रुपये और तहसील, जिला एवं संभाग स्तर पर भवन एवं आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि ओला पीड़ितों को राहत के लिए 363 करोड़ रुपये, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत क्षमता निर्माण के लिए 314 करोड़ रुपये और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में आपदा में आर्थिक सहायता के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आदेशिका वाहक स्थापना के लिए 252 करोड़ रुपये और डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के लिए 125 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।सर्पदंश पर आर्थिक सहायता के लिए 121 करोड़ रुपये और महामारी एवं रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपदाओं की रोकथाम संबंधी कार्यों के लिए 88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण निर्माण कार्यों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए 55 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि इन प्रावधानों से प्रशासनिक ढांचा मजबूत बनेगा और नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।  

कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने का संकल्प दोहराया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में राज्य सरकार निर्धन एवं कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर सरकार ”संकट को समाधान” में, ”मुश्किल को मुमकिन” में और ”असंभव को संभव” में बदल देगी। उन्होने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता तथा नारी को केन्‍द्र में रखकर प्रारंभ की गई यात्रा को और अधिक सार्थक व परिणामजनक बनाने के लिए क्रमश: “आई” फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन एवं “आई” फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया है, जिससे ज्ञान (GYAN) से प्रारंभ यात्रा का अगला पड़ाव ‘ज्ञानी’ (GYANII) के स्वरूप में लक्षित है। इसी इसी विचार को बजट का आधार बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर यह बात कही। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में कुल विनियोग की राशि 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ है। वर्ष के अंत में राजस्‍व आधिक्‍य रहना अनुमा‍नित है। पूंजीगत परिव्‍यय राज्‍य के सकल घरेलू उत्‍पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। बजट 2026-27 बजट का आकार 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ कुल राजस्‍व प्राप्तियां 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ राज्‍य कर एवं करेत्तर राजस्‍व 1 लाख 42 हजार 61 करोड़ केंद्रीय करों में हिस्‍सा 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ केन्‍द्र से सहायता अनुदान 54 हजार 504 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियां 80 हजार 694 करोड़ कुल राजस्‍व व्‍यय 3 लाख 8 हजार 658 करोड़ पूंजीगत परिव्‍यय 80 हजार 266 करोड़ राजस्‍व आधिक्‍य 44 करोड़ राजकोषीय घाटा 71 हजार 460 करोड़ जी.एस.डी.पी. 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ राजकोषीय घाटा का प्रतिशत जी.एस.डी.पी. से 3.87 प्रतिशत बजट में प्रतिशत वृद्धि :- ग्रामीण विकास विभाग 37 प्रतिशत नगरीय विकास एवं आवास विभाग 16 प्रतिशत महिला एवं बाल विकास विभाग 26 प्रतिशत राजस्‍व विभाग 43 प्रतिशत स्‍कूल शिक्षा विभाग 11 प्रतिशत बजट प्रावधान:- स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र 88 हजार 910 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र में गैर बजटीय स्‍त्रोतों को सम्मिलित करते हुए 1 लाख 15 हजार करोड़ प्रमुख योजनाओं में बजट प्रावधान:- लाडली बहना योजना लगभग 23 हजार 800 करोड़ वी.बी.जी. राम जी योजना लगभग 10 हजार 400 करोड़ मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना लगभग 5 हजार 500 करोड़ राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन लगभग 4 हजार 600 करोड़ सिंहस्‍थ आयोजन लगभग 3 हजार करोड़ प्रमुख नवीन योजनाओं में बजट प्रावधान:- द्वारका योजना अगले 3 वर्षों में 5 हजार करोड़ का निवेश स्‍वामित्‍व योजना लगभग 3 हजार 800 करोड़ यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना 700 करोड़ सामाजिक एवं आर्थिक उत्‍थान की योजनाओं में बजट प्रावधान :- कुल प्रावधान 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ अनुसूचित जनजाति वर्ग 47 हजार 428 करोड़ (कुल प्रावधान का 26 प्रतिशत) अनुसूचित जाति वर्ग 31 हजार 192 करोड़ (कुल प्रावधान का 17प्रतिशत) जी.एस.डी.पी. वर्ष 2025-26 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ वर्ष 2026-27 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ प्रतिबद्ध देयता ऋण भुगतान 34 हजार 437 करोड़ ब्‍याज भुगतान 33 हजार 735 करोड़ पेंशन भुगतान 29 हजार 449 करोड़ वेतन भत्ते लगभग 67 हजार करोड़ कर्ज की स्थिति (अनुमानित) 31 मार्च 2025 की स्थिति 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ 31 मार्च 2027 की स्थिति 5 लाख 59 हजार 336 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश का कुल कर्ज जी.एस.डी.पी का लगभग 29 प्रतिशत है। जो कि निर्धारित सीमा में है।

कौन सी योजना और सेक्टर में क्या मिला? मोहन सरकार ने किसानों, विद्यार्थियों और खेल प्रेमियों को दी बड़ी सौगात

भोपाल  मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया।  देवड़ा ने कहा- एमपी में यह पहला रोलिंग बजट है। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 3600 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। स्व-सहायता समूह, उज्ज्वला योजना समेत नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ के प्रावधान किए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40062 करोड़ रुपए की घोषणा की। लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ के प्रावधान का ऐलान किया। युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया। 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी के लिए 10428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वहीं, 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की। इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। वित्त मंत्री देवड़ा ने शायरी भी पढ़ी… “हर हाथ को काम, हर उपज को दाम। नारी को निर्णय का अधिकार, युवाओं के हौसलों का प्रसार। अब संरचना का विस्तार, हर घर जल आपके द्वार। स्वास्थ्य-सेवाओं में सुधार, जनकल्याण सुदृढ़।” “मौकों के घोड़े के इरादे, जो साहस पर एक बार चढ़ते हैं, वो लोग कभी अपनी मंजिल से नहीं उतरते हैं।” प्रजासुखे सुखम् राजः, प्रजानाम् च हितम् हितम्” अर्थात “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है, प्रजा के हित में ही राजा का हित है।” किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे 3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है।     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान   वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं।  इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।   महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का … Read more

टैरिफ पर नरमी के संकेत? 550 अरब डॉलर की US-जापान ट्रेड डील पर ट्रंप की टिप्पणी

वाशिंगटन  अमेरिका और जापान (US-Japan Trade Deal) में बात बन गई है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जापान के साथ हमारी बहुत बड़ी ट्रेड डील अभी शुरू हुई है और Japan अब आधिकारिक और वित्तीय रूप से अमेरिका में निवेश करने के अपने 550 अरब डॉलर के कमिटमेंट के तहत पहले सेट के साथ आगे बढ़ रहा है. जापान-अमेरिका के लिए ऐतिहासिक समय Donald Trump ने जापान द्वारा किए जाने वाले इस भारी-भरकम निवेश का ऐलान करते हुए इसे US-Japan के बीच हिस्टोरिक ट्रेड डील का हिस्सा बताया है. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकन इंडस्ट्रियल बेस को फिर से पुनर्जीवित करने, लाखों ग्रेट अमेरिकन जॉब्स बनाने और हमारी नेशनल और इकोनॉमिक सिक्योरिटी को पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत किया जा सकेगा. ट्रंप के मुताबिक, यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका और जापान के लिए ऐतिहासिक समय है. ‘टैरिफ के बिना ये संभव नहीं था…’ आज, मुझे ग्रेट स्टेट ऑफ टेक्सास में ऑयल और गैस, ग्रेट स्टेट ऑफ ओहायो में पावर जेनरेशन के साथ ही ग्रेट स्टेट ऑफ जॉर्जिया में क्रिटिकल मिनरल्स के स्ट्रेटेजिक एरिया में तीन जबर्दस्त प्रोजेक्ट्स की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. इन प्रोजेक्ट्स का स्केल बहुत बड़ा है और एक बहुत ही खास शब्द Tariffs के बिना ऐसा नहीं हो सकता था.  ट्रंप ने गिनाए जापान से डील के फायदे ट्रंप ने सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पने अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में लिखा, ‘ओहायो एक ऐसा राज्य जिसे मैंने 3 बार जीता है, वहां गैस पावर प्लांट इतिहास का सबसे बड़ा होगा, गल्फ ऑफ अमेरिका में LNG फैसिलिटी एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगी और हमारे देश के एनर्जी दबदबे को बढ़ाने का काम करेगी. इसके अलावा हमारी क्रिटिकल मिनरल्स फैसिलिटी विदेशी सोर्स पर हमारी निर्भरता को खत्म कर देगी.  

अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना है राज्य सरकार का यह बजट

भोपाल. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान (GYAN) के संकल्प में हमारी सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई (I) को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी (GYANII) के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है। जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है। वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट ”समृद्ध मध्‍यप्रदेश, सम्‍पन्‍न मध्‍यप्रदेश, सुखद मध्‍यप्रदेश, सांस्‍कृतिक मध्‍यप्रदेश” के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। सुशासन और सुप्रबंधन के लिए निरंतर नवाचार और विकास के सभी पैमानों को पूरा करता यह बजट अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद यह विचार व्यक्त किए। प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने रोलिंग बजट को अपनाते हुए वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा गया है। रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला संभवतः मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। इस बजट से अगले तीन वर्ष के विकास का खाका खीचा जाएगा और यह बजट विकास के लिए सतत् रूप से पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा। यह बजट अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना सिद्ध होगा। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलु उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो वर्ष 2025-26 के अनुमान में 10.69 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। कृषि वर्ष में किसान कल्याण के लिए किया गया 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के लिए 28 हजार 158 करोड़ रूपए, आदान व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 64 हजार 995 करोड़ रूपए, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 8 हजार 91 करोड़ रूपए, सुरक्षा चक्र के लिए 13 हजार 769 करोड़ रूपए सहित कृषि कल्याण के लिए कुल 1 लाख 15 हजार 13 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है, जो किसान कल्याण वर्ष के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट व्यवस्था राज्य की एक अभिनव और दूरदर्शी पहल है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास में बजट अनुमान 2026-27 का पूंजीगत परिव्यय रुपये 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। राज्य सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के समुचित प्रावधान किए हैं। प्रदेश के गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा फोकस सर्वस्‍पर्शी, समावेशी विकास, सुशासन, पर्यावरण, पर्यटन एवं सांस्‍कृतिक पुनर्उत्‍थान पर है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान है। राज्य सरकार ने विकसित भारत के लक्ष्य के साथ समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्‍य तय किए हैं और यह बजट इसे पूर्ण करने की ओर प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21 हजार 630 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 800 करोड़ का प्रावधान है। राज्य में क्षतिग्रस्त पुलों का पुर्ननिर्माण योजना” में  4 हजार 572 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 900 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ‘द्वारका योजना’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्‍थ महापर्व से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 3 हजार 60 करोड़ रूपये का प्रावधान है। शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ”द्धारका योजना” में आगामी तीन वर्षों में 5 हजार करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार की योजना है, जिसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए 3 हजार 800 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।    बच्चों को बेहतर पोषण के लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना में 700 करोड़ रूपए का प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रूपये का प्रावधान है। इस योजनातंर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। किसी भी लाड़ली बहना को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा और सरकार निर्धारित समय-सीमा में लाड़ली बहनाओं को दी जाने वाली राशि का लक्ष्य प्राप्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428  करोड़ रुपये का प्रावधान है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा तीन प्रदेशों में से एक है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम  महाविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों के लिए प्रदेश में पहली बार पीएम हेली … Read more

जल क्रांति की ओर बढ़ता प्रदेश, हर घर नल-जल के लिए अधोसंरचना सशक्त: मंत्री उइके

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त  मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  संपतिया उइके ने जनस्वास्थ्य और जल सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन के संकल्प को राज्य सरकार ने गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया है, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस बजट में दिखाई देता है। मंत्री  उइके ने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रु. का प्रावधान हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम है। ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिये 290 करोड़ रु. तथा जल प्रदाय गृहों की स्थापना एवं संधारण के लिए 229 करोड़ रु. का प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि जल आपूर्ति व्यवस्थाएं केवल निर्मित ही नहीं हों, बल्कि दीर्घकाल तक सुचारु रूप से संचालित भी रहें। ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना, नलकूप अनुरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के सौर ऊर्जा करण के लिए किए गए प्रावधान जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ और परिणामकारी बनाएंगे। मंत्री  उइके ने कहा कि यह बजट गरीब कल्याण, अन्नदाता, युवा और नारी शक्ति के साथ अधोसंरचना विकास को समन्वित करते हुए संतुलित और यथार्थवादी विकास की दिशा तय करता है। सिंहस्थ की तैयारियों, ग्रामीण अधोसंरचना और पूंजीगत निवेश पर विशेष ध्यान प्रदेश को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाएगा। मंत्री  उइके ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट समृद्ध, स्वस्थ और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति देगा।

किसानों को मिली बड़ी राहत: 25 हजार करोड़ ऋण, सोलर पंप और सालाना 12 हजार की सहायता तय

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए किसानों और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण की शुरुआत अर्थशास्त्र के श्लोक “प्रजा सुखम राजनाह…” से की और कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों और आमजन की समृद्धि है। बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।  दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण विकास पर जोर वित्त मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादन वाला प्रदेश है और सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री वृंदावन योजना लागू की गई है। वहीं, अहिल्या बाई कौशल विकास योजना के जरिए ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बजट पेश किए जाने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा भी किया, जिस पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है और कथनी-करनी में अंतर नहीं है। दाल उत्पादन में नंबर वन, किसानों को हर स्तर पर सहयोग वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दाल उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं और तिलहन उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है। संतरा, धनिया और लहसुन उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। सरकार किसानों को खेत में उत्पादन से लेकर उपज की बिक्री तक हर स्तर पर सहायता दे रही है। किसानों के लिए अल्पकालीन ऋण योजना भी उपलब्ध कराई जा रही है। 1 लाख सोलर पंप और 3 हजार करोड़ का प्रावधान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और बिजली पर निर्भरता कम होगी। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसान परिवारों को प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की नकद सहायता दी जा रही है। यह राशि छोटे और सीमांत किसानों को खाद और बीज खरीदने में सीधी मदद प्रदान कर रही है। भावांतर और कृषक उन्नति योजना भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। सरकार ने कृषक उन्नति योजना की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। साथ ही 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों के लिए 25 हजार करोड़ का ऋण प्रावधान किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को सुरक्षा मिलेगी। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और 6.69 लाख किसानों को यह राशि वितरित की जाएगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। गरीब कल्याण और आय बढ़ाने पर फोकस गरीब कल्याण के लिए 793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा बस जल्द शुरू की जाएगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और किसान योजनाओं को मूल्य संवर्धन योजनाओं से जोड़ा गया है। वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

2026 के राज्यसभा चुनाव की पूरी रूपरेखा, वोटिंग और रिजल्ट की तारीखें घोषित

नई दिल्ली राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीकों का ऐलान हो गया है. चुनाव आयोग ने आज यानी बुधवार को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी. राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने वाली हैं और 10 राज्यों से जुड़ी हैं. राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग है और नतीजे भी उसी दिन आएंगे. कुल 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में 233 चुने जाते हैं, और ये चुनाव छह साल के चक्र का हिस्सा हैं. चुनाव आयोग ने पहले ही इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर्स की नियुक्ति के लिए पत्र भेज दिए थे. चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी किया है. राज्यसभा चुनाव का नोटिफिकेशन 26 फरवरी 2026 को जारी होगा. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च 2026 है. नामांकनों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च 2026 है. राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग 16 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगी. इसके बाद रिजल्ट की बारी आएगी. मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे शुरू होगी. चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 20 मार्च 2026 है. ये चुनाव राज्य विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा कराए जाते हैं. इसलिए विधायकों की संख्या और पार्टियों की ताकत पर निर्भर करेंगे. प्वाइंटर्स में समझें राज्यसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल     राज्यसभा चुनाव RS चुनाव कार्यक्रम (Rajya Sabha Election 2026 Schedule)     नोटिफिकेशन जारी: 26 फरवरी 2026     नामांकन की आखिरी तारीख: 5 मार्च 2026     नामांकन की जांच (Scrutiny): 6 मार्च 2026     नाम वापसी की अंतिम तारीख: 9 मार्च 2026     मतदान (Polling): 16 मार्च 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)     मतगणना (Counting): 16 मार्च 2026, शाम 5 बजे     चुनाव पूरा करने की अंतिम तारीख: 20 मार्च 2026 किन राज्यों की हैं ये सीटें? राज्यसभा की कुल 37 सीटें 10 राज्यों से खाली हो रही हैं. महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 7 सीटें, तमिलनाडु और बिहार से 6-6, पश्चिम बंगाल से 5, ओडिशा से 4, असम से 3, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से 2-2, जबकि हिमाचल प्रदेश से 1 सीट. ये सीटें अप्रैल में रिटायर हो रहे सदस्यों की वजह से खाली होंगी. महाराष्ट्र में शरद पवार जैसे दिग्गज नेताओं की सीटें भी शामिल हो सकती हैं, जहां उन्होंने दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. महाराष्ट्र में 288 विधायकों वाली विधानसभा में एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोट चाहिए, जिससे यहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. जिन राज्यों की सीटें खाली हो रही हैं, उनकी रिस्ट महाराष्ट्र: 7 सीटें ओडिशा: 4 सीटें तमिलनाडु: 6 सीटें पश्चिम बंगाल: 5 सीटें असम: 3 सीटें बिहार: 5 सीटें छत्तीसगढ़: 2 सीटें हिमाचल: 1 तेलंगाना: 2 हरियाणा: 2 महाराष्ट्र से कौन-कौन हो रहे रिटायर?     डॉ. भगवत किशनराव कराड (02.04.2026)     डॉ. (श्रीमती) फ़ौज़िया तहसीन अहमद खान     प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी     शरदचंद्र गोविंदराव पवार     धैर्यशील मोहन पाटिल     रजनी अशोकराव पाटिल     रामदास बंदू अठावले ओडिशा:     ममता मोहंता     मुज़िबुल्ला खान     सुजीत कुमार     निरंजन बिशी तमिलनाडु     एन.आर. एलंगो     पी. सेल्वारासु     एम. थम्बिदुरई     तिरुची सिवा     डॉ. कनिमोझी एन.वी.एन. सोमू     जी.के. वासन पश्चिम बंगाल     साकेत गोखले     ऋतब्रत बनर्जी     बिकाश रंजन भट्टाचार्य     मौसम नूर (05.01.2026 से रिक्त)     सुब्रत बक्शी असम     रामेश्वर तेली (09.04.2026)     भुवनेश्वर कलिता     अजीत कुमार भुइयां बिहार     अमरेंद्र धारी सिंह     प्रेम चंद गुप्ता (09.04.2026)     रामनाथ ठाकुर     उपेन्द्र कुशवाहा     हरिवंश नारायण सिंह छत्तीसगढ़     कवि तेजपाल सिंह तुलसी (09.04.2026)     फूलो देवी नेताम हरियाणा     किरण चौधरी (09.04.2026)     राम चंदर जांगड़ा हिमाचल प्रदेश     इंदु बाला गोस्वामी (09.04.2026) तेलंगाना     डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी (09.04.2026     के.आर. सुरेश रेड्डी  

वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी भारत में? पाकिस्तान विवाद ने बढ़ाई अनिश्चितता

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का सबसे बड़ा नुकसान इंडियन क्रिकेट फैंस को होने वाला है. खबर है कि भविष्य में होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट भारत से बाहर ट्रांसफर हो सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एज’ में छपी रिपोर्ट की माने तो आईसीसी 2029 चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 वनडे विश्व कप को भारत से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है ताकि भारत और पाकिस्तान के एक-दूसरे के देशों में खेलने से इनकार करने के कारण पैदा होने वाली लॉजिस्टिक परेशानियों से बचा जा सके. भारत के टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया में होंगे! खबर के मुताबिक अगर भारत से 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 का वनडे वर्ल्ड कप शिफ्ट होता है तो इसकी मेजबानी के लिए ऑस्ट्रेलिया का नाम सबसे ऊपर होगा, जहां 2015 में वनडे विश्व कप और 2022 में टी-20 विश्व कप हो चुका है. भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता भारत और पाकिस्तान ने पहले आईसीसी के साथ एक समझौता किया था, जिसमें वैश्विक टूर्नामेंटों के दौरान एक-दूसरे के देशों में न खेलने पर सहमति बनी थी. यह फैसला भारत द्वारा 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार करने के बाद लिया गया था. मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह संभावना है कि 2027 तक किए गए इस समझौते को भविष्य के टूर्नामेंटों तक भी बढ़ाया जा सकता है. कोलंबो में हो रहे भारत-पाक मैच भारत-श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में जारी मौजूदा टी-20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान अपने सारे मैच कोलंबो में ही खेल रही है, पाकिस्तान से मैच खेलने के लिए भारतीय टीम ने श्रीलंका का दौरा किया था, इस मैच में पाकिस्तान की शर्मनाक हार हुई थी. अब अगर टूर्नामेंट में सेमीफाइनल या फाइनल में दोनों टीम टकराती है तब भी वो मुकाबले कोलंबो में ही खेले जाएंगे.

भूपेन बोरा के साथ हिमंत सरमा का कनेक्शन, कांग्रेस पर असर डालने वाली नई चुनौती

गुवाहाटी  असम विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. यह खबर आते ही कांग्रेस में भूचाल मच गया. पार्टी आलाकमान के एक्टिव होने और मान-मनौव्वल के बाद भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने जरूर कहा कि उन्हें मना लिया गया है और मामले को सुलझा लेंगे, लेकिन लगता है कि बात नहीं बन सकी है. यही वजह है कि अब भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने जा रहे है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को भपेन बोरा के घर जाकर मुलाकात किया. इसके बाद हिमंत ने मीडिया से कहा कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे.उन्होंने कहा कि बोरा को बीजेपी में लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हरी झंडी दे दी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया इस मामले में भूपेन बोरा से बात करेंगे. बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा.  असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने की बात मीडिया से कह रहे थे, तो उनके बगल में भूपेन बोरा बैठे हुए थे. कांग्रेस को झटका ऐसे समय लगा है, जब प्रियंका गांधी असम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि हेमंत सरमा और भूपेंद्र बोरा की यारी, असम में कितना पड़ेगी कांग्रेस पर भारी?  प्रियंका के दौरे से पहले कांग्रेस को लगा झटका कांग्रेस दस साल से असम की सत्ता से बाहर है और बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने के रोकने के लिए हरसंभव कोशिश में कर ही थी. कांग्रेस अपनी वापसी के लिए असम चुनाव की कमान प्रियंका गांधी के हाथों में सौंप रही है. प्रियंका असम चुनाव के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष हैं. प्रियंका असम के दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचेंगी.  प्रियंका गांधी अपने दो दिवसीय दौरा पर संगठन को सियासी धार देने की है. दोनों दिन प्रदेश नेताओं, जिला अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठकों करेंगी. मकसद साफ है, पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद सुलझाना,आपसी तालमेल बेहतर करना और उम्मीदवारों के चयन से पहले एकजुट ढांचा तैयार करना. इन कवायद के बीच भूपेन बोरा का कांग्रेस से इस्तीफा और अब बीजेपी के दामन थामने से प्रियंका गांधी के जरिए माहौल बनाने की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.  भूपेन बोरा और हिमंता सरमा से सियासी यारी भूपेन बोरा से कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद दूसरे दिन ही असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को उनके घर जाकर मुलाकात की. इसके बाद बोरा के साथ मीडिया के सामने आए उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे. हिमंत सरमा ने कहा कि दिलीप सैकिया भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करेंगे. उनके साथ गुवाहाटी और उत्तर लखीमपुर में कई कांग्रेस नेता भी बीजेपी में शामिल होंगे. वे कांग्रेस में आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता हैं. मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा को पूरा सम्मान और गरिमा दी जाएगी. बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें उनके जैसे कई लोग हैं, जिनके पिता किसी उच्च पद पर नहीं रहे. कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया लोगों की पार्टी नहीं रह गई है. उन्होंने कहा कि एक सच्चा कांग्रेसी नेता इस बात से दुखी होगा कि उसकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए संघर्ष नहीं कर रही है.  हिमंत सरमा ने कहा कि मैंने भी यही पीड़ा झेली थी.जब मैं बीजेपी में शामिल होने गया, तब मुझे भी ऐसे फोन आए थे.ये लोग सामंतों की तरह जीते हैं. उन्हें लगता है कि एक फोन करने से फैसला बदल जाएगा. भूपेन बोरा बीजेपी में शामिल होते हैं तो फिर उनकी और हिमंत की सियासी जोड़ी का मुकाबला कांग्रेस को असम में करना होगा?  भूपेन बोरा कौन है और क्या है सियासी आधार भूपेन बोरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और असम की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं. 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठनात्मक राजनीति में मजबूत पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं. भूपेन बोरा ऐसे नेता हैं, जिन्होनें जमीनी कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाला नेता माना जाता है. भूपेन बोरा का जन्म असम में हुआ और उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े और धीरे-धीरे पार्टी संगठन में अहम भूमिकाएं निभाते गए. वे चार बार विधायक रहे और आक्रामक राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं. एक संगठनकर्ता के रूप में बोरा की पहचान अनुशासित कार्यशैली, कैडर-बेस्ड राजनीति और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति के लिए होती है.  कांग्रेस को दोबारा से खड़े करने में रोल अदा किया 5 साल पहले 2021 में जब असम में लगातार दूसरी बार कांग्रेस को बीजेपी से करारी हार का सामना करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव के फौरन बाद जुलाई में दो बार के विधायक रह चुके भूपेन बोरा को असम प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. करीब चार साल साल तक बोरा ने पूरी मेहनत की. उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर पूरे असम में पदयात्रा भी की और हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर नज़र आए.प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने, बूथ-स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और युवाओं व अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ने पर खास जोर दिया. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में राहुल गांधी ने मणिपुर से मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाली थी. यात्रा जब गुवाहाटी पहुंची तो प्रशासन ने राहुल गांधी को शहर के अंदर से गुजरने से रोक दिया और बाहर से निकालने को कहा.इससे नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड पर आक्रामक प्रदर्शन किया जिसकी अगुवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा कर रहे थे. उस समय भूपेन बोरा महज प्रदर्शन की औपचारिकता नहीं कर रहे थे बल्कि वाक़ई में आरपार में मूड में थे.  भूपेन बोरा ks बीजेपी में जाने से क्या होगा नुकसान असम विधानसभा चुनाव … Read more

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