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इंदौर के युगपुरुष धाम अनाथ आश्रम में 2 दिन में 2 बच्चों की मौत, 5 अस्पताल में भर्ती; क्या है कारण

Farming is being done on forest land in Chhatarpur under the cover of forest revenue border dispute.

 इंदौर    इंदौर जिले के मल्हारगंज स्थित श्री युगपुरुष धाम अनाथ आश्रम में दो दिन के अंदर सात बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, 5 अन्य बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बीमार पड़े बच्चों के खून में इंफेक्शन मिला है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बच्चों में किस तरह का इंफेक्शन मिला है। फिलहाल आश्रम के कर्ताधर्ताओं ने पांच बच्चों को मंगलवार सुबह अस्पताल भेजा है। इन बच्चों को अलग-अलग जिलों से लाकर आश्रम को सौंपा गयाा था। मल्हारगंज पुलिस के मुताबिक, आश्रम में रहने वाले 12 वर्षीय बच्चे करण बच्चे की सोमवार को तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई, जबकि मंगलवार को 7 वर्षीय आकाश की भी मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं 5 अन्य बच्चों को आश्रम द्वारा एमवाई अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों के खून में किसी तरह का इंफेक्शन होने की बात सामने आ रही है। इस मामले में मल्हारगंज पुलिस को जानकारी दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मृतकोंं में शामिल सोनकच्छ के रहने वाले करण को 15 महीने पहले चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से आश्रम में लाया गया था। वहीं नर्मदापुरम निवासी आकाश को 3 महीने पहले चाइल्ड हेल्पलाइन ने आश्रम को सौंपा था।  चाचा नेहरू अस्‍पताल पहुंचे कलेक्‍टर इसके बाद एक बच्‍चे की मौत रात में हुई। दूसरे बच्‍चे ने मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया। बच्‍चों की मौत की सूचना पर इंदौर कलेक्‍टर आशीष सिंह चाचा नेहरू अस्‍पताल पहुंचे। खून में संक्रमण से बीमार होने की आशंका जानकारी मिली है कि बच्‍चों के खून में संक्रमण के कारण तबीयत बिगड़ी है। बच्‍चों को एमवाय अस्‍पताल से चाचा नेहरू अस्‍पताल उपचार के लिए रेफर किया गया। मप्र के अलग-अलग जिलों के हैं बच्‍चे आश्रम में मप्र के अलग-अलग जिलों से लाए गए बच्‍चों को रखा गया है। मल्‍हारगंज पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 12 वर्षीय करण की सोमवार को अस्‍वस्‍थ होने के बाद मौत हो गई। पुलिस भी कर रही मामले की जांच इसके बाद आज सुबह सात वर्षीय आकाश नामक बच्‍चे की भी मौत हो गई। बच्‍चों की मौत के बाद पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। बच्‍चों की मौत के बाद आश्रम प्रबंधन ने बाल कल्‍याण समिति को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है। यह भी हो सकता है कारण इंदौर कलेक्‍टर के अनुसार बच्‍चों की मौत डायरिया अथवा डि‍हाइड्रेशन और मिर्गी जैसी बीमारी से होने की आशंका है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही स्‍पष्‍ट कारण पता चल सकेगा। कलेक्‍टर ने दो बच्‍चों की मौत की पुष्‍ट‍ि की है। उनके अनुसार एक बच्‍चे की मौत मिर्गी से होने का पता चला है। मानसिक दिव्‍यांग बच्‍चों को रखा जाता है आश्रम में शहर के पंचकुइया इलाके के इस आश्रम में मानसिक दिव्‍यांग बच्‍चों को रखा जाता है। इस आश्रम में वर्तमान में 200 से अधिक बच्‍चे हैं। इनमें 100 से अधिक बालक और इतनी ही बालिकाएं हैं। इस आश्रम की शुरुआत वर्ष 2006 में की गई थी। स्‍वामी परमानंद गिरी के सानिध्‍य में यह आश्रम संचालित होता है। मां का नाम प्राचार्य और पिता का नाम आश्रम सचिव के नाम पर पता चला है कि इस आश्रम में सभी बच्‍चों के पिता का नाम आश्रम के सचिव तुलसी शादीजा के नाम पर और मां का नाम प्राचार्य अनीता के नाम पर है। सभी के उपनाम स्‍वामीजी के नाम पर परमानंद ही रखे गए हैं।  

प्रधानमंत्री मोदी ने राजग के सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन के नियमों का पालन करें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों से संसदीय नियमों एवं आचरण का पालन करने तथा वरिष्ठ सदस्यों से सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के बारे में सीखने को कहा. राजग सांसदों के लिए प्रधानमंत्री मोदी की यह सलाह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस भाषण के एक दिन बाद आई है जिसे सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने ‘बेहद गैरजिम्मेदाराना’ करार दिया था. राजग बैठक को पीएम मोदी ने किया संबोधित सूत्रों के मुताबिक, राजग संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि विपक्ष इस बात से परेशान है कि पहली बार कोई गैर कांग्रेसी नेता लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बना है. सूत्रों ने बताया कि अपनी साधारण पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए मोदी ने यह कहकर परोक्ष रूप से नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा कि इसके सदस्य प्रधानमंत्री हुआ करते थे और इससे बाहर के लोगों को बहुत कम मान्यता देते थे. रीजीजू ने कही ये बात संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी ने सांसदों से संसदीय मुद्दों का अध्ययन करने, नियमित रूप से संसद की कार्यवाही में भाग लेने और अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मामलों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाने के लिए कहा. यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी ने राहुल गांधी के सोमवार को लोकसभा में दिए गए भाषण का जिक्र किया, रीजीजू ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया. हालांकि उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री बोलते हैं, तो संदेश सभी के लिए होता है. राहुल गांधी के हिंदू वाले बयान का सत्ता पक्ष ने किया था विरोध राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया था, जिसका सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता पर पूरे हिंदू समुदाय को हिंसक कहने का आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना की थी. रीजीजू ने कहा कि राजग संसदीय दल की बैठक में मोदी को राजग नेताओं ने ‘ऐतिहासिक’ तीसरे कार्यकाल के लिए सम्मानित किया. मंगलवार को संसद में पीएम मोदी का तालियों के साथ हुआ स्वागत 18वीं लोकसभा के गठन के बाद मंगलवार को संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में मोदी के पहुंचते ही सभी सांसदों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन तथा स्वागत किया. इसके बाद केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्यूलर) के एच डी कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री को माला पहनाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान जनता दल (यूनाईटेड) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल और तमिल मनीला कांग्रेस के जी के वासन मौजूद थे. राजग संसदीय दल की थी पहली बैठक संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को आम तौर पर भाजपा संसदीय दल की बैठक होती है लेकिन इस बार राजग संसदीय दल की बैठक की गई. पिछले दिनों संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से पीछे रह गई थी. रीजीजू ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह राजग संसदीय दल की पहली बैठक थी जिसमें राजग के नेताओं और सदस्यों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का, ‘ऐतिहासिक’ तीसरे कार्यकाल के लिए फूल माला के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया. पीएम मोदी ने सभी को दिया ‘महत्वपूर्ण मंत्र’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सारे सांसदों को ‘महत्वपूर्ण मंत्र’ देते हुए कहा कि वे सदन में देश सेवा के लिए आए हैं. रीजीजू ने कहा, “हमारे सांसदों के आचरण और व्यवहार के बारे में भी प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छी तरह मार्गदर्शन दिया. उन्होंने कहा कि हरेक सांसद को अपने-अपने क्षेत्र के मुद्दों को बहुत ही प्रभावी ढंग से सदन में रखना चाहिए. विषयों पर विशेषज्ञता हासिल करें.” राजग के सांसदों से पीएम मोदी ने किया ये आग्रह उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजग के सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन के नियमों का पालन करें और अच्छा सांसद बनने के लिए जिस आचरण की आवश्यकता है, उसे पूर्ण रूप से अपनाएं. रीजीजू के मुताबिक मोदी ने कहा, “सदस्यों को नियमों और संसदीय परंपराओं को ध्यान में रखना चाहिए.” संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से परिवार सहित प्रधानमंत्री संग्रहालय जाने का आग्रह किया.

धान-चावल चट करने से ग्रामीणों में दहशत, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में दंतैल हाथी ने किए घर क्षतिग्रस्त

Male Mental Health NGO organized a successful program on World Suicide Prevention Day in Betul

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दंतैल हाथी के उत्पात मचाने का वीडियो सामने आया है। इसी हाथी ने दो दिन पहले भी इसी गांव के दो ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ की थी। साथ ही साथ पांच किसानों की फसलों को रौंद डाला थआ। मंगलवार की सुबह गांव में हाथी के आमद से मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंगुरसिया-जुनवानी इलाके में बीते कुछ दिनों से 15 से अधिक की संख्या में हाथी जंगलों में विचरण कर रहे हैं। इन हाथियों के द्वारा क्षेत्र में लगातार लोगों के घरों के अलावा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी अक्सर सामने आते रही है। मंगलवार की सुबह पांच बजे जुनवानी गांव के ग्रामीण अपने-अपने कार्य में व्यस्त थे। इसी बीच जंगल से चिंघाड़ते हुए एक दंतैल हाथी ने गांव में दस्तक दी। सुबह-सुबह हाथी को अचानक गांव में देखते ही अफरा-तफरी की स्थित बन गई। इस हाथी ने एक मकान को तोड़ते हुए धान और चावल को चट कर दिया। साथी ही साथ तुलसी चवंरा के अलावा करुणासागर मालाकार के फसल को भी हाथी ने नुकसान पहुंचाया है। दो दिन पहले भी आया था यही हाथी बताया जा रहा है कि जिस हाथी ने जुनवानी गांव निवासी पंचराम उरांव के घर को तोड़फोड़ की है। दो दिन पहले भी पंचराम के घर के एक हिस्से को तोड़ डाला था। परंतु उस समय हाथी को यहां खाने को कुछ नहीं मिला था। लेकिन आज हाथी ने इसी घर के दूसरे हिस्से को तोड़ा है। जहां धान और चावल दोनों थे। अब दिन के उजाले में भी हाथी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले कई बार हाथी ने रात में ही गांव में आकर उत्पात मचाते हुए घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया था। लेकिन मंगलवार की सुबह हाथी के गांव में आ जाने से गांव में दहशत का माहौल बन गया था। गांव के ग्रामीण वन विभाग की टीम के साथ मिलकर हाथी को वापस जंगल में खदेड़ डाला।

राधारानी के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने तुलसीदास को गंवार कहा, विवादित टिप्पणी को लेकर संतों में नाराजगी

भोपाल  कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अब नए विवाद में घिर गए हैं। राधारानी का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद संतों में आक्रोश है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने गोस्वामी तुलसीदास को गंवार कहा है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते है। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी है। इसे लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने क्या कहा दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा कह रहे हैं कि हमें कुछ नहीं आता है, हम तो तुलसीदास जैसे गंवार हैं। केवल शिव का नाम ले लेते हैं और आपके सामने बैठ जाते हैं। हमको तो ये भी नहीं मालूम है, हमें कुछ नहीं आता है। 12 सेकंड का यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि ये वीडियो कब का है और कहां का है, यह साफ नहीं हो पाया है। पूरे प्रकरण पर पंडित प्रदीप मिश्रा की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। संतों में आक्रोश वीडियो वायरल होने के बाद प्रदीप मिश्रा को लेकर संतों में आक्रोश है। देश भर के संतों ने इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की है। टीवी चैनल पर एक संत कार्ष्णि नागेंद्र ने कहा कि सनातन धर्म को लेकर बहुत अनर्गल प्रलाप चल रहे हैं। यह कतई उचित नहीं है। व्यास पीठ सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ है, वहां से ऐसी बातें शोभा नहीं देती है। तुलसीदास जी महाराज परमज्ञानी हुए। वह महाविद्वान नहीं थे। ऐसे महापुरुषों को गंवार कहना अनुचित है। इसके साथ ही एक टीवी चैनल से बात करते हुए त्रिशुला बाबा ने कहा कि तुलसीदास को गंवार कहना अनुचित है। नाम शंकर का लेते हो और जहर उगलते हो। सनातन को स्थापित करने वालों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हो। त्रिशुला बाबा ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वाले कथावाचक प्रदीप मिश्रा का बहिष्कार करो। उनके पैर के बराबर भी नहीं वहीं, एक संत ने और कहा कि खुद की तुलना गोस्वामी तुलसीदास से करने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा उनके पैर के धुल के कण के बराबर नहीं हैं। तुलसीदास से तुलना पर इनको शर्म आनी चाहिए। प्रेमानंद महाराज भी लगा चुके हैं लताड़ गौरतलब है कि तुलसीदास से पंडित प्रदीप मिश्रा राधारानी पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। राधारानी विवाद को लेकर वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज जी ने भी प्रदीप मिश्रा को काफी लताड़ लगाई थी। इसके बाद उन्होंने माफी मांगी थी। बाद में एमपी सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों के बीच सुलह कराई थी।

राजस्थान-अजमेर के सब्जी मंडी में मांस के टुकड़े फेंकने पर गुस्साए लोगों ने किया बवाल

अजमेर. सब्जी मंडी में मांस के टुकड़े फेंके जाने से राजस्थान के अजमेर जिले में बवाल मचा है। मांस फेंके जाने का वीडियो वायरल होने के बाद गुस्साए लोगों ने बाजार बंद करा दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए लोगों को खदेड़ा। मामला किशनगढ़ सब्जी मंडी का है, जहां सब्जी की एक दुकान के सामने स्कूटी सवार एक शख्स द्वारा कुछ फेंके जाने का वीडियो वायरल हुआ। बताया गया कि स्कूटी सवार शख्स ने मांस के टुकड़े फेंके। वीडियो वायरल होते ही भारी हंगामा शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध-प्रदर्शन करते हुए दुकानें बंद कराने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को पहले समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोग अनियंत्रित होकर पथराव करने लगे। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। घटना के बाद किशनगढ़ में स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बताई जा रही है। विवाद की शुरुआत बुधवार दोपहर बाद वायरल हुई एक वीडियो से हुई, जिसमें एक स्कूटी सवार शख्स सब्जी मंडी में एक दुकान के सामने मांस फेंकते नजर आया। इस बात की खबर लगते ही कई हिंदूवादी संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए बाजार बंद कराने लगे। असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग घटना के बाद पिछले तीन घंटे से सब्जी मंडी में हिंदूवादी संगठनों का विरोध-प्रदर्शन चलता रहा। भीड़ ने बाजार बंद करा दिया है। लोग मांस फेंकने वाले असामाजिक तत्व पर कार्रवाई की मांग करते रहे।स्थिति को देखते हुए उपखंड अधिकारी अर्चना चौधरी, एडिशनल एसपी दीपक कुमार, सीओ सिटी महिपाल सिंह सहित कई थानों की पुलिस मौके पर लोगों को समझा रही है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है। सभी लोग अपना रोजमर्रा का काम करें।

प्रधानमंत्री मोदी जो कहते है, वो करके दिखाते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसपी में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना और किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने से किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी और उनके जीवन का एक नया अध्याय आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल जनकल्याण की भावना से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सिद्ध होगी। एमएसपी में इस वृद्धि से प्रधानमंत्री की अन्नदाताओं को दी गई पहली गारंटी पूर्ण होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने से किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी और उनके जीवन का एक नया अध्याय आरंभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल जनकल्याण की भावना से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सिद्ध होगी। एमएसपी में इस वृद्धि से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अन्नदाताओं को दी गई पहली गारंटी पूर्ण होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसपी में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना और किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दी। सुनिश्चित होगा उपज का लाभकारी मूल्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 प्रकार की फसलों के मूल्यों में वृद्धि की गई है। समर्थन मूल्य पर की गई यह वृद्धि सिद्ध करती है कि प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं। धान का समर्थन मूल्य 2 हजार 300 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, इसमें 117 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। अब कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 हजार 521 रुपये होगा, यह पिछली दर से 501 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। इसी प्रकार उत्पादकों को उनके उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, तुअर, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल आदि के न्यूनतम मूल्य में वृद्धि की गई है। तिल की दर में हुई 632 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा किसानों की आय बढ़ाना है, उन्होंने हाल ही में किसान सम्मान निधि जारी कर किसानों की मदद की है। समर्थन मूल्य पर की गई वृद्धि से हाईब्रि़ड ज्वार अब 3 हजार 371 रुपये, मालदंडी ज्वार 3 हजार 421 रुपये प्रति क्विंटल और बाजरा 2 हजार 625 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। रागी 4 हजार 290 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने के लिए दरों में 444 रुपये की वृद्धि की गई है। मक्का अब 2 हजार 225 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। सोयाबीन में 292 रुपये की वृद्धि की गई है, अब यह 4 हजार 892 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। तिल की दर में 632 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, अब यह 9 हजार 267 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लिया जाएगा।    

महाराष्ट्र के अमरावती में आंकड़ें डरा देने वाले, हर दिन एक किसान यहां कर हा आत्महत्या

The actions of a drug addict teacher came to light on Teachers Day

नागपुर किसानों की आत्महत्या मामले में महाराष्ट्र टॉप पर रहता है। पिछले कुछ वर्षों में कपास उत्पादक यवतमाल जिले को महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या की राजधानी के रूप में जाना जाता रहा है। अब यहां का सीन बदल रहा है। यवतमाल की जगहग इन दिनों पड़ोसी अमरावती जिले में किसानों की आत्महत्या की संख्या बढ़ रही है। आंकड़े देखें तो डरा देने वाले हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या अमरावती में ही की है। यवतमाल की सीमा से लगा अमरावती कपास और सोयाबीन का उत्पादक क्षेत्र है। इतना ही नहीं प्रसिद्ध नागपुर संतरे की खेती भी यहीं होती है। इस साल मई तक अमरावती में 143 किसानों ने आत्महत्या की है। यह भी आंकड़े महाराष्ट्र सरकार के हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पांच महीनों में 152 दिनों में लगभग हर दिन एक किसान ने आत्महत्या की है। दूसरे नंबर पर यवतमाल महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले में दूसरे नंबर पर यवतमाल है। हालांकि दोनों जिलों में किसानों की आंत्महत्या के आंकड़ों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। मई 2024 तक 132 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। जून के आंकड़े अभी संकलित किए जाने बाकी हैं। डरा देंगे आंकड़े अमरावती ने 2021 से आत्महत्या के मामले में यवतमाल को पीछे छोड़ दिया है। 2021 में यवतमानल में 370 किसानों ने आत्महत्या की थी। 2022 में 349 और 2023 में 323 किसानों ने आत्महत्या की। यवतमाल में 2021 से 2023 तक यह संख्या क्रमशः 290, 291 और 302 रही। क्यों आत्महत्या कर रहे महाराष्ट्र के किसान? कृषि कार्यकर्ता और किसानों पर महाराष्ट्र सरकार की टास्क फोर्स वसंतराव नाइक शेतकरी स्वावलंबन मिशन के पूर्व अध्यक्ष किशोर तिवारी ने इस पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अमरावती में स्थिति विशेष रूप से कठिन है। किसानों ने सोयाबीन की खेती की और उपज में उल्लेखनीय गिरावट देखी। पिछले साल दरें गिरकर 4,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं। पर्याप्त बैंकिंग ऋण की कमी के कारण, कई लोग छोटी वित्त कंपनियों या साहूकारों पर निर्भर हैं, और उन्हें कठोर वसूली का सामना करना पड़ता है। महाराष्ट्र के 6 जिलों पर खास नजर 2001 से राज्य सरकार विदर्भ के छह जिलों अमरावती, अकोला, यवतमाल, वाशिम, बुलढाणा और वर्धा में किसानों की आत्महत्याओं का डेटा रख रही है। दो दशकों में इन जिलों में 22,000 से ज़्यादा आत्महत्याएं हुई हैं। किसानों की आत्महत्याओं का इस तरह विभाजन आत्महत्याओं को उन किसानों के बीच विभाजित किया जाता है जो राज्य सरकार से 1 लाख रुपये के मुआवजे के पात्र हैं और जो नहीं हैं। एक जिला स्तरीय समिति यह जांच करती है कि आत्महत्या कृषि संकट या अन्य कारणों से हुई है या नहीं। मुआवजे के पात्र होने के लिए, पीड़ित को ऋण, वसूली दबाव, फसल की विफलता और खेती से संबंधित अन्य संकटों का सामना करना पड़ा होगा। अमरावती में मई तक दर्ज 143 आत्महत्याओं में से 33 में कृषि संकट का मामला दर्ज है। 10 मामले खारिज कर दिए गए हैं और 100 में जांच जारी है। यवतमाल में मई तक दर्ज 132 आत्महत्याओं में से 34 में कृषि संकट को आधिकारिक कारण बताया गया है। 66 मामलों में जांच जारी है और जिला प्रशासन ने 32 को खारिज कर दिया है।

भाजपा में गुटबाजी पर हाईकमान बेहद नाराज, मंथन में जारी

मेरठ मेरठ लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान होने के बाद भाजपा मंथन में जुटी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले में बैठक के दौरान गुटबाजी सामने आ रही है। ऐसा भाजपा में पहली बार देखने को मिल रहा है। शायद यही वजह है कि पार्टी को लोकसभा चुनाव में इतना नुकसान हुआ है। पार्टी में इस तरह की गुटबाजी पर हाईकमान बेहद नाराज है। ऐसे में हर लोकसभा वार समीक्षा कर मंडल स्तर तक के कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बात की जा रही है। इसमें पार्टी में भितरघात के साथ-साथ खराब रवैये वाले अधिकारियों के बारे में भी फीडबैक जुटाकर हाईकमान के सामने रखा जाएगा। पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करने के मूड में है। इसके साथ ही जनता से दूरी बनाने वाले अफसरों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 14 लोकसभा सीटों में से भाजपा और रालोद ने सात सीटों पर जीत हासिल की है। इस बार भाजपा दो जीती हुईं सीटों पर चुनाव हार गई। कैराना से प्रदीप चौधरी को हार का सामना करना पड़ा। मुजफ्फरनगर से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान चुनाव हार गए। मेरठ में रामायण धारावाहिक में श्रीराम का किरदार निभाने वाले वाले अरुण गोविल को प्रत्याशी बनाए जाने के बावजूद भाजपा को इसका जो माइलेज मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल पाया। जीत का अंतर बेहद कम रहा। मुजफ्फरनगर में संजीव बालियान और सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम के बीच बयानबाजी सारे नेताओं के संज्ञान में है। बागपत लोकसभा की बात करें तो मंगलवार को समीक्षा बैठक में फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी, लोकसभा संयोजक जितेंद्र सतवई और लोकसभा प्रभारी के सामने ही गुटबाजी सामने आ गई। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुदेश चौहान ने कह दिया कि सपा के प्रत्याशी को तीन लाख से ज्यादा वोट कैसे मिल गए, इस पर मंथन करें। भाजपा के एक बड़े नेता ने जिस तरह से भितरघात किया, उसकी रिपोर्ट भी दी गई। मेरठ में गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय और सहारनपुर से विधायक राजीव गुंबर ने समीक्षा की। समीक्षा में सभी 16 मंडल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री से पहले नेताओं ने अलग बात की। पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव में उनको कोई तवज्जो नहीं दी गई। उनके फोन तक रिसीव नहीं किए गए। बड़े पदाधिकारियों ने अवहेलना की। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत की गई। चुनाव में जीत के कम अंतर पर आपसी सामंजस्य नहीं होने के आरोप लगे। कई जनप्रतिनिधियों ने कई अधिकारियों के नाम लेकर कहा कि इस तरह के खराब रवैये वाले अधिकारी होंगे तो जनता कैसे नाराज नहीं होगी। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की हार की समीक्षा केे लिए गोरखपुर क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने बैठक की। इसमें भाजपा की गुटबाजी सामने आई। इसमें आधे पदाधिकारी पहुंचे ही नहीं। जनप्रतिनिधियों से दूरी रखने वाले अधिकारियों की भी बन रही रिपोर्ट चुनाव में हार और कम जीत के अंतर के पीछे सारे कारणों की रिपोर्ट तैयार हो रही है। प्रत्याशी चयन को लेकर भी कई जगह कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए। गाजियाबाद में प्रत्याशी को लेकर कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा मतभेद दिख रहे हैं। कैराना में भी ऐसा ही है। चुनाव में अपने नेताओं की गुटबाजी के अलावा सबसे ज्यादा शिकायत जनप्रतिनिधियों के खराब रवैये वाले अधिकारियों के बारे में की है। बताया गया है कि वे बात नहीं सुनते हैं तो लोगों के काम कैसे कराएं। जब काम ही नहीं होंगे तो लोगों में नाराजगी बढ़ेगी ही। कई विभागों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है, ऐसे में जनता में नाराजगी है। संघ की रिपोर्ट रहेगी अहम सभी लोकसभा सीट पर संघ के पदाधिकारियों की रिपोर्ट भी बेहद अहम मानी जा रही है। कार्यकर्ताओं के साथ संघ की रिपोर्ट भी हाईकमान को जल्द सौंपी जाएगी। जिसके बाद पार्टी बड़ा फेरबदल कर सकती है।  

चीनी सैनिकों पर फिलीपीन की नौसेना पर चाकू और कुल्हाड़ी लेकर हमला करने और जमकर लूटपाट करने का आरोप

मनीला दूसरे देशों की जमीन पर बुरी नजर रखने वाले चीन ने दक्षिणी चीन सागर में गलवान जैसी घटना दोहराई है। चीनी सैनिकों पर अपने पड़ोसी राष्ट्र फिलीपीन की नौसेना पर चाकू और कुल्हाड़ी लेकर हमला करने और जमकर लूटपाट करने का आरोप है। फिलीपीन सेना ने चीनी सैनिकों की इस करतूत के वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए हैं। फिलीपीन अधिकारियों ने चीन को लताड़ लगाते हुए इसे समुद्री लूट करार दिया। वीडियो में चीनी सैनिकों की लूटपाट देखी जा सकती है। वे फिलीपीन सैनिकों पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला कर रहे हैं। बुधवार को फिलीपीन के सैन्य प्रमुख ने मांग की कि चीन विवादित तटवर्ती क्षेत्र में चीनी तटरक्षक द्वारा जब्त किए गए हथियार और उपकरण लौटाए तथा हमले में हुए नुकसान की भरपाई करे। उन्होंने इस हमले की तुलना दक्षिण चीन सागर में समुद्री लूट की घटना से की। फिलीपीन के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को आठ से अधिक मोटरबोट पर सवार चीनी तटरक्षक कर्मियों ने फिलीपीन की नौसेना की दो नौकाओं को बार-बार टक्कर मारी और उन पर चढ़ गए। चीनी सैनिक चाकू और कुल्हाड़ी लेकर टूट पड़े, लूटपाट की फिलीपीन अधिकारियों के मुताबिक, चीनी तटरक्षक कर्मियों ने फिलीपीन नौसेना कर्मियों को दक्षिण चीन सागर में अपनी नावों से रोक दिया। इन क्षेत्रों पर चीन अपना दावा करता आया है। चीनी सैनिकों ने पहले फिलीपीनो सैनिकों की नावों को टक्कर मारी और फिर वे हथियार लहराते हुए उनकी नावों में कूद गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि चीनी कर्मियों ने नौकाओं को जब्त कर लिया और फिलीपीन सैनिकों पर हमला किया। चीनी सैनिक उनकी सेना के कई उपकरणों, आठ एम4 राइफलें भी अपने साथ लूटकर ले गए। फिलीपीन सैनिकों में मच गया हाहाकार फिलीपीन सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल रोमियो ब्रॉनर जूनियर ने बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन की सेना ने जो किया जो भुलाया नहीं जा सकता। यह दक्षिण चीन सागर में एक प्रकार की लूट थी। इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी। हम चीन से अपने हथियार वापस करने की मांग करते हैं।’’ उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने चाकुओं से हमारे जहाजों पर हमला बोल दिया। हथोड़े से जहाजों को नुकसान पहुंचा। हमले में कई फिलिपिनो नौसेना कर्मी घायल हो गए। एक का लड़ाई में दाहिना अंगूठा कट गया। फिलीपीन सेना द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में चीनी सैनिक फिलीपीनी नौसेना कर्मियों और उनके जहाजों पर चाकू से दो फिलीपीन नौसेना नौकाओं को घेरते हुए देखा जा सकता है। दोनों ओर से सैनिक एक-दूसरे पर चिल्लाते हैं। सायरन बजते हुए सुनाई दे रहे हैं। चीनी कर्मी फिलिपीन नौकाओं को तोड़ने की कोशिश करते हैं।  

राजस्थान-पाली में गोली मारकर सड़क किनारे फेंका महिला का शव

पाली. पाली जिले के सोजत में सड़क किनारे एक विवाहित महिला का शव मिला है, जिसकी गोली मारकर हत्या की गई है। मृतका के शरीर पर जो घाव हैं, वे रिवॉल्वर की गोली से हुए फायर के हैं। पुलिस ने अज्ञात महिला के शव को सोजत अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर शव की शिनाख्तगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, शव की प्रारंभिक जांच में सीने पर गोली लगने के दो निशान नजर आए हैं। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह खुलासा हो पाएगा कि महिला को कितनी दूर से और कितनी गोली मारी गई है। गौरतलब है कि पाली के सोजत सिटी थाना क्षेत्र में बिलाड़ा की तरफ जाने वाले मार्ग पर बुधवार को एक विवाहिता का शव मिला है। इस पर दो गहरे घाव के निशान हैं। सोजत सीओ देरावर सिंह सोढा के अनुसार, महिला की गोली लगने से मौत हुई है। मृतका ने लाल रंग का सलवार सूट पहन रखा है, जिसकी पुलिस शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। ताकि हत्या की इस अनसुलझी गुत्थी को सुलझाया जा सके। हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका मृतका के कपड़े देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह पंजाब अथवा हरियाणा की निवासी हो सकती है, जिसकी कहीं और हत्या कर उसके शव को यहां लाकर फेंक दिया गया है। इन परिस्थितियों में पुलिस को शव की शिनाख्त के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस ने राजस्थान, यूपी, एमपी, हरियाणा और पंजाब में मृतका का फोटो और डिटेल सभी पुलिस थानों में भेजी है।

MP के 13 जिलों में आज बारिश का अनुमान, ग्वालियर में 43 डिग्री के पार रहा तापमान

भोपाल र्मदापुरम में बुधवार को बारिश के चलते दिन में भी वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। रायसेन में नदी में पानी आने से जेसीबी डूब गई।मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी के चलते बुधवार को कई शहरों में मौसम बदला रहा। बारिश हुई, आकाशीय बिजली गिरने के मामले भी सामने आए और आंधी भी चली। ऐसा ही मौसम गुरुवार को भी रहेगा। जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत प्रदेश के 13 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। हल्की बारिश के साथ आकाशीय बिजली की कई घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने कहा, आसमान में गहरे काले बादल हों तो सुरक्षित स्थान पर जाएं। न पेड़ के नीचे खड़े न हों और न ही समूह में बैठें। ग्वालियर में 43 डिग्री रहा मध्यप्रदेश में बुधवार को सर्वाधिक 43 डिग्री तापमान ग्वालियर में दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, शहडोल, रीवा, चित्रकूट, कटनी, पृथ्वीपुर, नरसिंहपुर, राजगढ़ और सीधी भी सर्वाधिक गर्म रहे। गुरुवार को कहां कैसा रहेगा मौसम     गुरुवार को सागर, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, उमरिया छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, बालाघाट में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।     शहडोल, सिंगरौली, अनूपपुर, सिवनी, सीहोर, भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है।   किसान 23 जून तक तैयार करें धान की नर्सरी कृषि वैज्ञानिकों ने बताया, मानसून आने के बाद जून के आखिरी और जुलाई के दूसरे सप्ताह तक बोवनी के लिए बेहतर समय है। 4 इंच बारिश होने के बाद बोवनी की जा सकती है। सिंचाई की सुविधा है तो 23 जून तक धान की नर्सरी तैयार कर लें। कपास सोयाबीन की बोवनी खेत में पर्याप्‍त नमी होने पर ही करें। अरहर के लिए खेत तैयार कर लें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा है, वह हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी कर लें। किसानों को यह सलाह मानसून आने के बाद जून के आखिरी या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बोवनी कर सकते हैं। पर्याप्त बारिश होने या फिर सिंचाई की सुविधा होने पर 23 जून के बाद धान की नर्सरी के लिए किसान खेत तैयार कर लें। कपास या सोयाबीन की बोवनी मानसून आने के बाद खेत में पर्याप्‍त नमी होने पर ही करें। अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी करें।

NEET पेपर लीक कांड में अब आय तेजस्वी के PS का नाम, मास्टरमाइंड सिकंदर के लिए बुक करवाया था कमरा

नईदिल्ली /पटना नीट पेपर लीक मामले में एक तरफ सुप्रीम कोर्ट लगातार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है तो दूसरी तरफ इस लीक कांड में पकड़े गए आरोपियों द्वारा नए नए खुलासे किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नीट यूजी 2024 के संचालन में किसी भी लापरवाही की जिम्मेदारी लेने का आदेश दिया। इसके अलावा, एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय को बताया है कि कथित अनियमितताओं से लाभ उठाने के लिए जांच के दायरे में आए पटना और गोधरा के परीक्षार्थियों को उनके अंकों के विश्लेषण के अनुसार कोई असामान्य लाभ नहीं मिला है। इस बीच, शीर्ष अदालत ने एनटीए को परीक्षा समय के नुकसान से प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। NEET UG 2024 रीटेस्ट के लिए नए एडमिट कार्ड संबंधित छात्रों को सीधे उनके पंजीकृत ईमेल पते पर भेजे जाएंगे। दूसरी तरफ पकड़े गए आरोपियों अनुराग यादव, सिकंदर यादव और लीक कांड के मास्टरमाइंड अमित आनंद के कबूलनामे से कई बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर मिलने की बात को कबूल किया है। अगर आप ने या आपके परिवार में से किसी ने नीट एग्जाम दिया था. विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव का लिया नाम विजय सिन्हा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) के निजी सचिव प्रीतम ने यादवेंदु के स्वजनों के लिए गेस्ट हाउस का कमरा बुक कराया था। मैं बार-बार कहता रहा हूं और एक बार फिर कह रहा हूं कि राजद की मानसिकता ही भ्रष्टाचार, परिवारवाद एवं घोटाले की रही है। उल्लेखनीय है कि नीट परीक्षा मामले में एनएचएआई के गेस्ट हाउस में छात्रों के ठहराने में एक मंत्री का नाम सामने आ रहा है। वहां ठहरे छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में ‘मंत्रीजी’ लिखा हुआ था। ‘मंत्रीजी’ के पत्र की चर्चा सामने आने के बाद विजय सिन्हा ने बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने कहा है कि साल्वर गैंग के तार राजद से जुड़े हुए हैं। जो लोग पकड़े गए, वे तेजस्वी यादव से जुड़े हैं। अपराधियों को संरक्षण देना राजद की मानसिकता में है।

स्किल जनगणना कराई जाती है तो आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायड ने हाल ही में अपने राज्य में स्किल सेंसस कराने की बात कही है। चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन के एजेंडे की आलोचना करते हुए कहा कि जाति जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की ज्यादा जरूरत है। अगर नायडू की यह योजना रंग लाती है तो इस तरह की जनगणना कराने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। यह जनगणना हमें हमारे वर्कफोर्स की कैपेसिटी और खामियों को उजागर कर सकेगी। माना जा रहा है कि नायडू की इस पहल से मानव संसाधान का भरपूर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर नायडू की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। ज्यादातर लोग इसे पूरे भारत में लागू करने की बात कर रहे हैं। दरअसल, आज जब हर ओर जब जाति जनगणना, धर्म आधारित जनगणना की बात हो रही है तो ऐसे में नायडू की यह पहल बेहद क्रांतिकारी साबित हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, नायडू की यह पहल इतनी अच्छी है कि यह पूरे देश के लिए नजीर बन सकती है। भारत में डिग्रीधारी बहुत, मगर नौकरियों के लिए फिट नहीं कौशल के मामले में भारत में मिली-जुली स्थिति है। भारत में आधी से ज़्यादा आबादी 25 साल से कम उम्र की है। यह बहुत बड़ी संभावना है। हालांकि, भारतीय युवा बेरोजगारी और कम रोजगार के हाई रेट का सामना कर रहे हैं। बहुत से लोगों के पास डिग्री तो है, लेकिन उपलब्ध नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की कमी है। आागे बढ़ने से पहले ग्राफिक से ये समझते हैं कि देश में बेरोजगारी की क्या स्थिति है। ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी चरम पर पीरियड लेबर फोर्स सर्वे, 2022-23 के अनुसार, ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी की दर काफी ज्यादा है। इनमें 24 फीसदी के साथ आंध्र प्रदेश नंबर वन पर है। वहीं, बीमारू राज्यों में बेरोजगारी दर 16.6 फीसदी के साथ बिहार, 11 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश, 9.3 फीसदी के साथ मध्य प्रदेश और 23.1 फीसदी के साथ राजस्थान है। जरूरत के मुताबिक लोगों को स्किल ट्रेनिंग स्किल सेंसस से हम सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि देश भर की अलग-अलग इंडस्ट्री में किस तरह के कौशल की कितनी कमी है। इसे हम ट्रेनिंग देकर पूरी कर सकते हैं। मान लीजिए- किसी इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ट्रेंड लोगों की जरूरत है। ऐसे में हम ज्यादा लोगों को एआई की ट्रेनिंग देकर उस इंडस्ट्री की जरूरत पूरी कर सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले ये ग्राफिक देख लीजिए। वैश्विक कौशल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार स्किल सेंसस से वैश्विक स्तर पर किन स्किल्स की डिमांड ज्यादा है, इसका पता लगाया जा सकता है। इससे कोई भी देश अपने वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देकर इन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि के अनुसार, नायडू की इस पहल का पूरे देश में स्वागत होना चाहिए। पीएम मोदी को भी इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए, ताकि भारत को अपने मानव संसाधन के बारे में सटीक जानकारी हो। यह भी जानकारी हो पाएगी कि यह मानव संसाधन कितना स्किलफुल है। जो स्किल चाहिए, उसके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करना स्किल जनगणना से प्रभावी ट्रेनिंग प्रोग्राम डेवलप किया जा सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकते हैं, जो जरूरी स्किल्स को पूरी कर सके। ऐसा तभी किया जा सकता है, जब स्किल सेंसस से इस बारे में पता लग सके कि कितने लोग स्किल से लैस हैं। दुनिया में फिनलैंड ज्यादा स्किल वाला देश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ह्मून कैपिटल इंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा स्किल आबादी वाला देश फिनलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं, जो पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। इन देशों में प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था काफी अच्छी है। युवाओं की साक्षरता बेहद अच्छी है और ऐसी पढ़ाई या ट्रेनिंग दी जाती है, जो उन्हें हर तरह की स्किल के लिए तैयार करती है। प्रोफेसर गिरि के अनुसार, भारत भी अगर स्किल सेंसस कराए और अपनी आबादी को इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करे तो यह स्विट्जरलैंड या नॉर्वे जैसा देश बन सकता है। जाति-धर्म आधारित जनगणना से जरूरी है स्किल सेंसस दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि आंध्र प्रदेश में स्किल सेंसस की पहल काफी अच्छी योजना है। इससे सिर्फ आंध्र ही नहीं, पूरे भारत की तस्वीर बदल सकती है। जब हमें यह पता होगा कि हमारा वर्कफोर्स कितनी तरह की स्किल से लैस है तो हम दुनिया के दूसरे देशों को मनमुताबिक मानव संसाधनों को लेकर तोल-मोल कर सकते हैं। तब यह वर्कफोर्स सिर्फ लेबर नहीं रह जाएगा। वह अपनी शर्तों पर काम कर पाएगा। पीएम मोदी को स्किल सेंसस पूरे भारत में करानी चाहिए। जो मौजूदा राजनीति में जाति-धर्म आधारित जनगणना से इतर एक अलग नजीर पेश करेगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से आगे की बात प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को प्रधानमंत्री यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने इस योजना को जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है।  

अमरवाड़ा उपचुनाव : कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह ने नामांकन दाखिल किया, नेता प्रतिपक्ष शामिल

छिंदवाड़ा अमरवाड़ा उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह इनवाती ने गुरुवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे मौजूद रहे।कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार धीरेंद्र शाह ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित दिग्गज नेताओं और जिले के सभी विधायकों,वरिष्ठ नेताओं के साथ गुरुवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन रैली में नाथ परिवार के शामिल नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। नाम को लेकर गफलत अमरवाड़ा उपचुनाव के लिए कांग्रेस कैंडिडेट के नाम को लेकर काफी गफलत रही। कांग्रेस द्वारा जारी औपचारिक आदेश के अनुसार कांग्रेस के कैंडिडेट का नाम अंग्रेजी में Dhreeransha Invati लिखा हुआ था। अगर इस नाम को पढ़ा जाए तो यह धीरांशा इनवाती होता है, ऐस में लोग कांग्रेस नेताओं से कैंडिडेट के बारे में सवाल करने लगे। बाद में प्रदेश कांग्रेस की तरफ से एक्स पर पोस्ट किय़ा गया कि धीरेंद्र शाह इनवाती को कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले-उपचुनाव में कांग्रेस जीतेगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उपचुनाव में कांग्रेस जीतेगी। नेता प्रतिपक्ष सहित जिले भर के कांग्रेसी नेताओं का जमघट आज अमरवाड़ा में है। रैली में पूर्व सीएम कमल नाथ और पूर्व सांसद नकुल नाथ शामिल नहीं हुए है। पीसीसी द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया है कि पूर्व सीएम कमल नाथ और नकुल नाथ से चर्चा के बाद ही पार्टी प्रत्याशी घोषित किया गया है। उपचुनाव के लिए कांग्रेस से बुधवार को ही वे प्रत्याशी घोषित हुए हैं अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी धीरेंद्र शाह इनवाती ने गुरुवार को नामांकन कर दिया है। बुधवार को ही वे प्रत्याशी घोषित हुए हैं। नामांकन रैली थोड़ी देर में शुरू होगी। रैली मुख्य मार्गों से होते हुए गंज बाजार स्थित आमसभा स्थल पर पहुंचेगी। स्टेडियम में सभा के बाद आंचलकुंड धाम में जाकर दर्शन करेंगे मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे शामिल होंगे। नामांकन के बाद स्टेडियम में सभा होगी, इसके बाद सभी आंचलकुंड धाम में जाकर दर्शन करेंगे। BJP प्रत्याशी कमलेश शाह ने दाखिल किया नामांकन अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी की ओर से कमलेश शाह ने 18 जून को नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू मौजूद रहे। कांग्रेस विधायक के BJP में जाने से खाली हुई थी अमरवाड़ा सीट मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक कमलेश शाह के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। जिससे चुनाव आयोग ने इस सीट को खाली घोषित कर दिया था। BJP ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची सोमवार (17 जून) को भारतीय जनता पार्टी ने इस विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है। जिसमें डॉ. मोहन यादव और वीडी शर्मा के साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार, दुर्गादास उइके, सावित्री ठाकुर का नाम भी शामिल है। पार्टी ने यहां चुनाव प्रचार के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी स्टार प्रचारक घोषित किया है। इस सीट पर आगामी 10 जुलाई को मतदान होना है। उपचुनाव की जरूरी तारीखें नोटिफिकेशन जारी करने की तारीक – 14 जून, 2024 नामांकन करने की अंतिम तिथि – 21 जून, 2024 नामांकन पत्रों की जांच – 24 जून, 2024 नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 26 जून, 2024 उपचुनाव में मतदान की तारीख – 10 जुलाई, 2024 मतगणना की तारीख – 13 जुलाई, 2024

अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा- अडाणी

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ऊर्जा बदलाव में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा अडाणी समूह : गौतम अडाणी अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा- अडाणी ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत 63वें स्थान पर, स्वीडन सबसे आगे : डब्ल्यूईएफ नई दिल्ली  अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं और विनिर्माण क्षमता में 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने यह जानकारी दी। समूह का मकसद हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी सभी प्रमुख कलपुर्जों का विनिर्माण करना है। सूर्य की रोशनी से बिजली का उत्पादन करने के लिए सौर पार्क और पवन फार्म बनाने के अलावा समूह हरित हाइड्रोजन, पवन ऊर्जा टर्बाइन और सौर पैनल बनाने के लिए इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण सुविधाएं स्थापित कर रहा है। हरित हाइड्रोजन को स्वच्छ ऊर्जा द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से पानी से हाइड्रोजन को विभाजित करके बनाया जाता है। इसे उद्योग के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र को कॉर्बन-मुक्त करने के लिए एक संभावित उपाय के रूप में देखा जा रहा है। क्रिसिल द्वारा आयोजित ‘‘बुनियादी ढांचा-भारत के भविष्य के लिए उत्प्रेरक’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अडाणी ने कहा कि ऊर्जा बदलाव और डिजिटल बुनियादी ढांचा अरबों डॉलर के अवसर हैं जो भारत को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर बदल देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगले दशक में हम ऊर्जा बदलाव के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेंगे और अपनी एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला का और विस्तार करेंगे। हमारी मूल्य श्रृंखला में पहले से प्रत्येक प्रमुख कलपुर्जें का विनिर्माण शामिल है। कोयले-से-बंदरगाह क्षेत्र में कार्यरत समूह ‘दुनिया का सबसे कम महंगे हरित इलेक्ट्रॉन’ का उत्पादन करना चाहता है जो कई क्षेत्रों के लिए ‘फीडस्टॉक’ का काम करेगा। अडाणी ने कहा, ‘‘और ऐसा करने के लिए हम पहले से ही कच्छ जिले (गुजरात में) के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थल नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहे हैं। केवल इस एकल स्थान से 30 गीगावाट बिजली पैदा होगी, जिससे हमारी कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2030 तक 50 गीगावाट पर पहुंच जाएगी।’’ अडाणी ने कहा कि ऊर्जा बदलाव का क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को हमेशा के लिए मौलिक रूप से बदल देगा। उन्होंने कहा कि 2023 में वैश्विक ऊर्जा बदलाव बाजार का मूल्य लगभग 3,000 अरब डॉलर था, जिसके बढ़कर 2030 तक 6,000 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। उसके बाद 2050 तक यह हर 10 साल में दोगुना हो जाएगा। ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत 63वें स्थान पर, स्वीडन सबसे आगे : डब्ल्यूईएफ  विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा जारी वैश्विक ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत दुनिया में 63वें स्थान पर है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि भारत ने ऊर्जा समानता, सुरक्षा और स्थिरता के मामले में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस सूचकांक में यूरोपीय देशों का दबदबा है। स्वीडन सूचकांक में शीर्ष पर है। इसके बाद डेनमार्क, फिनलैंड, स्विटजरलैंड और फ्रांस शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। चीन का स्थान 20वां है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि भारत और कुछ अन्य विकासशील देशों मसलन चीन तथा ब्राजील द्वारा दिखाया गया सुधार महत्वपूर्ण है, क्योंकि 83 प्रतिशत देश तीन ऊर्जा प्रणाली प्रदर्शन आयाम – सुरक्षा, समानता और स्थिरता – में से कम-से-कम एक में पिछले साल की तुलना में पिछड़ गए हैं। भारत द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए डब्ल्यूईएफ ने कहा कि देश ऐसे नतीजे देने में अग्रणी रहा है जिन्हें अन्य स्थानों पर दोहराया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि सरकारें जागरूकता पैदा करने और नीतिगत हस्तक्षेप पर भी विचार कर सकती हैं। इसमें ऊर्जा-दक्ष निर्मित बुनियादी ढांचे के लिए दिशानिर्देश और रेट्रोफिटिंग के लिए प्रोत्साहन शामिल है। इसमें कहा गया, ‘‘विकासशील दुनिया के पास नियमों को फिर से लिखने और ऊर्जा मांग को सफलतापूर्वक बदलने का रास्ता दिखाने का अवसर है।’ चीन और भारत की भूमिका पर डब्ल्यूईएफ ने कहा कि वैश्विक आबादी की लगभग एक-तिहाई के साथ ये दोनों देश आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि दोनों ही देशों ने नवीकरणनीय ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा पहुंच में सुधार और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में प्रगति की है। इसके अलावा ये देश हरित प्रौद्योगिकी विनिर्माण के लिए भी मजबूत स्थिति में हैं।  

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