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MP के ग्वालियर शहर के विस्तार की योजना, 600 करोड़ खर्च कर 3 दिशाओं में बढ़ेगी सीमा

ग्वालियर  ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए ) ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने विकास का रोडमैप तैयार कर लिया है। मंगलवार को संभागीय आयुक्त मनोज खत्री की अध्यक्षता में आयोजित संचालक मण्डल की बैठक में 241 करोड़ का बजट पेश किया गया। बजट का फोकस शहर के बाहरी इलाकों को मास्टर प्लान- 2035 के अनुसार मुख्य शहर से जोडऩे और नई आवासीय योजनाओं को विकसित करने पर है। खास बात यह है कि प्राधिकरण ने रुद्रपुरा और बड़ागांव के रूप में दो नई बड़ी योजनाओं को हरी झंडी दे दी है, जिससे आने वाले समय में शहर का दायरा और बढ़ेगा। वहीं पूर्व में स्वीकृत 363 करोड़ से एयरपोर्ट कॉरिडोर को हरी झंडी मिलने से इस तरफ के 15 गांवों में नए आवासीय शहर बस सकेंगे। झांसी बायपास और मुरैना रोड की ओर शहर का दबाव शिफ्ट होगा। शहर का विस्तार, तीन दिशाओं में खुलेंगे विकास के द्वार ग्वालियर अब अपनी पुरानी सीमाओं को तोड़कर बाहर की ओर बढ़ रहा है। जीडीए ने नए आवासीय क्षेत्रों के लिए तीन प्रमुख रूट्स को चिन्हित किए हैं, जहाँ आने वाले समय में टाउनशिप और सरकारी आवासीय योजनाएं नजर आएंगी:     मुरैना रोड (उत्तर दिशा): इस रूट पर पुरानी छावनी, खिरियाभाग, बदनापुरा व अन्य क्षेत्रों को नए आवासीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां औद्योगिक और आवासीय विकास का संगम दिखेगा। 2. झांसी बायपास (दक्षिण दिशा): शहर का सबसे प्रीमियम विस्तार इसी ओर हो रहा है। वीरपुरा, खरियामोदी, रमौआ, गणेशपुरा और बन्हारपुरा क्षेत्रों में मास्टर प्लान के तहत नई कॉलोनियां विकसित होंगी।     डबरा रोड (दक्षिणपूर्व दिशा): तुरारी, बागौर और भाटखेड़ी क्षेत्रों को नए रिहायशी जोन के रूप में मंजूरी मिली है। यहाँ की कनेक्टिविटी मास्टर प्लान की प्रस्तावित सड़कों से सीधे बायपास से होगी। एक साल बाद बैठक, दो नई नगर विकास योजनाओं को स्वीकृति     टीडीएस-07 (रुद्रपुरा): एयरपोर्ट से साडा लिंक रोड के पास 165.40 हेक्टेयर में विकसित होने वाली इस योजना पर 238 करोड़ खर्च होंगे, जबकि इससे 366 करोड़ के मुनाफे का अनुमान है।     टीडीएस-08 (बड़ागांव): मुरैना-झांसी बायपास को जोडऩे वाली इस योजना में 164.33 हेक्टेयर जमीन विकसित होगी। 181 करोड़ की लागत के मुकाबले 374 करोड़ के लाभ की उम्मीद है। दोनों योजनाओं के लिए प्लानिंग और बिल्डिंग टीमें तैनात कर दी गई हैं। मेला प्राधिकरण और अनुकंपा नियुक्ति व्यापार मेला: ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिससे शहर की व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। हेल्थ सेक्टर: शताब्दीपुरम फेज-2 और यातायात नगर योजना में हेल्थ सेंटर और हेल्थ ब्लॉक के निर्माण को हरी झंडी मिली। इन सड़कों से सुधरेगी शहर की ‘रफ्तार’ मास्टर प्लान-2035 के तहत प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को बजट में जगह मिली है : भाटखेड़ी-रमौआ मार्ग: ग्राम भाटखेड़ी से ग्राम रमौआ तक विकास कार्य। ललियापुरा अंडरपास: झांसी रोड से ब्लू लोटस कॉलोनी तक नई सड़क का निर्माण। झांसी बायपास कनेक्टिविटी: सिरोल तिराहे से झांसी बायपास तक 30 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण। एयरपोर्ट-साड़ा कोरिडोर: टीडीएस-04 योजना के तहत इस लिंक कोरिडोर के विकास कार्यों के लिए 363.66 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। ये पहले से स्वीकृत है। एयरपोर्ट-साडा लिंक कॉरिडोर को मंजूरी के लाभ ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यटन को नई गति देने के लिए नगर विकास योजना टीडीएस-04 (एयरपोर्ट साडा लिंक कॉरिडोर) भविष्य के लिए बेहतर योजना है। फायदा: यह कॉरिडोर शहर के मुख्य हिस्सों को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे वीआइपी मूवमेंट और आम यात्रियों के समय की भारी बचत होगी। सड़कों का जाल: मास्टर ह्रश्वलान 2035 के तहत सिरोल तिराहे से झांसी बायपास और भाटखेड़ी से रामिया तक 30 मीटर चौड़ी सड़कों के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कुछ स्थानों पर 60 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण पर भी मुहर लगी है, जो लिंक रोड की तर्ज पर शहर के बाहरी ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगी। शताब्दीपुरम फेज-4: अब जमीन के बदले प्लॉट नहीं जीडीए की योजनाओं में अब तक ‘आपसी सहमति’ से जमीन के बदले भूखंड देने की जो परंपरा चली आ रही थी, उस पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। विशेष रूप से शताब्दीपुरम योजना फेज-4 के तहत अब तक किसानों या जमीन मालिकों को उनकी जमीन के बदले विकसित भूखंड दे दिए जाते थे। मंगलवार को हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब ऐसी किसी भी फाइल पर स्थानीय स्तर पर निर्णय नहीं होगा। अब जमीन के बदले मुआवजे या भूखंड के सभी प्रस्ताव ‘राज्य शासन’ को भेजे जाएंगे।   

बदलती तकनीक के साथ आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए भी होमगार्डस सक्षम बनें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या मानव निर्मित दुर्घटना के समय नुकसान को कम से कम करना और जनजीवन को पुनः पटरी पर लाना महत्वपूर्ण होता है। संकट के समय में धैर्य और साहस बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसी घड़ी में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों की तत्परता और सेवा भावना समाज के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। हमारे लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश में 82 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की एक विशाल और अनुशासित शक्ति विद्यमान है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में सिविल डिफेंस की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश में कोविड जैसे कठिन काल और आतंकी हमलों के विरूध हुई ठोस कार्रवाइयों से सिविल डिफेंस सिस्टम अधिक समर्थ बना है। हमारे सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स प्राकृतिक आपदाओं जैसे- बाढ़, भूस्खलन, अग्निकांड और राहत-बचाव के कार्यों में निरंतर प्रशिक्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में नागरिक सुरक्षा का इतिहास लंबा है। वर्ष 1968 में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर से आरंभ हुई यह यात्रा आज वट वृक्ष बन चुकी है। आज प्रदेश में मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा के 82 हजार से अधिक वॉलेंटियर्स हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी समागम- 2026 को होमगार्ड परेड ग्राउंड पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत आपदा में बचाव के तरीकों के डेमोंसट्रेशन का अवलोकन किया। मध्यप्रदेश सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर्स ने बाढ़ के दौरान रबर बोट तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों से फ्लोटिंग रॉफ्ट तैयार करने, रोप ब्रिज निर्माण, मुश्किल वक्त में सीपीआर देने की प्रक्रिया और हवाई हमलों के दौरान बचाव के तरीकों और रोप रेस्क्यू का प्रदर्शन किया। इंदौर सिविल डिफेंस की बेटियों ने सेल्फ डिफेंस का प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वॉलेंटियर्स को नागरिक सुरक्षा जैकिट वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डीजी होमगार्ड श्रीमती श्रीवास्तव ने इस अवसर पर स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। इस दिशा में की जा रही पहल की उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रमुख मार्गों के आसपास के थाना स्टॉफ को सड़क हादसे के घायलों की जान बचाने के लिए भी विशेष प्रशिक्षण देने की आवयकता बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों का जीवन सुरक्षित करने के लिए ‘राहवीर योजना’ और ‘पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ जैसी सुविधाओं की शुरुआत की है। मध्यप्रदेश यह पहल करने वाला देश का प्रथम राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों के साथ निडरता का वातावरण बना है। हमारे अभयारण्यों में टाइगर और चीतों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वन्य जीव प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा के लिए भी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक के बदलते दौर में नई कठिनाइयां भी सामने आ रही हैं। उन्होंने बीती रात इंदौर में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के चार्जर से आग लगने और बाद में डिजिटल डोर लॉक नहीं खुलने से कई नागरिकों की मृत्यु हो गई। होम गार्ड्स एवं सिविल डिफेंस, तेजी से बदलती तकनीक के साथ आ रही ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए भी स्वयं को सक्षम बनाएं। होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी समागम-2026 में 5 जिलों के 780 वॉलेंटियर्स शामिल हुए हैं। इन वॉलेंटियर्स को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्वयंसेवक आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के सजग प्रहरी हैं, जो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, यातायात सुरक्षा और सिविल डिफेंस की विभिन्न सेवाओं पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसमें आपदा के समय जीवन रक्षा, सम्पत्ति क्षति का न्यूनीकरण, उत्पादन बनाए रखना, जनमानस का मनोबल ऊंचा रखना, प्राथमिक उपचार, भीड़ नियंत्रण, राहत वितरण, संचार सहायता और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करने का प्रशिक्षण विशेष रूप से दिया जाता है। देश के प्रत्येक नागरिक को सिविल डिफेंस वॉलेंटियर होना आवश्यक है। एसडीआरएफ, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के डीआईजी श्री मनीष अग्रवाल ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर भी सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स तैयार हैं। सीनियर डिविजनल ऑफिसर श्री कमलेंद्र परिहार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में डिफेंस वालेंटियर्स, डिवीजन वार्डन आदि उपस्थित थे। सभी जिलों के सूचना केंद्रों में उपस्थित स्वयंसेवकों ने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।  

‘भयमुक्त प्रदेश बना यूपी’— 9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath ने गिनाईं उपलब्धियां

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं। उन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

रायपुर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।  मुख्यमंत्री  साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।  इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की। बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया। बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक  पुन्नूलाल मोहले,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  मुख्य सचिव  विकासशील, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम,  अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव  बसव राजू  सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

किसानों के लिए डबल खुशखबरी! PM Kisan के बाद कपास पर ₹1718 करोड़ MSP फंडिंग को मंजूरी

नई दिल्ली PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त के एक सप्ताह बाद मोदी सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने कपास के किसानों के लिए कपास सीजन 2023-24 के लिए 1718.56 करोड़ रुपये की MSP फंडिंग को मंजूरी दी। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह मंजूरी दी गई। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को इस मंजूरी के तहत 1718.56 करोड़ रुपये की MSP के लिए फंडिंग दी जाएगी। यह फंडिंग कपास वर्ष 2023-24 के लिए है। इस फंडिंग का लक्ष्य कपास के किसानों को सीधे तौर पर राहत देना है। एमएसपी का संचालन कपास के किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए विशेष तौर पर उस अवधि में किया जाता है जब मार्केट में कपास की कीमतें मिनिट सपोर्ट प्राइस से कम होती हैं। इस उपाय कपास की कीमतों को स्थिर करने, संकटपूर्ण बिक्री को रोकने और किसानों को लाभकारी प्रतिफल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कृषि बाजारों में समावेशिता को बढ़ाकर, MSP परिचालन कपास उगाने वाले समुदायों की आर्थिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। 60 लाख किसानों की आजीविका का आधार है कपास कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक बनी हुई है, जो लगभग 60 लाख किसानों की आजीविका का आधार है और प्रसंस्करण, व्यापार तथा वस्त्र उद्योग सहित इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों में लगे 400-500 लाख लोगों को सहारा देती है। 2023-24 के कपास सीजन के दौरान, इसकी खेती का रकबा लगभग 114.47 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान था, जबकि उत्पादन 325.22 लाख गांठ (बेल्स) आंका गया, जो वैश्विक कपास उत्पादन का लगभग 25% है। भारत सरकार, कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर, बीज कपास (कपास) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करती है। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया नोडल एजेंसी के रूप में नामित सरकार ने कपास के क्षेत्र में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए ‘कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (CCI) को केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है। जब भी बाज़ार में कपास की कीमतें MSP के स्तर से नीचे गिर जाती हैं, तो CCI किसानों से ‘फेयर एवरेज क्वालिटी’ (FAQ) वाले सभी कपास की खरीद बिना किसी मात्रात्मक सीमा के करता है; इस प्रकार, यह किसानों को एक सुनिश्चित सुरक्षा कवच प्रदान करता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पेशवाई टोपी पेश कर किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए मराठी भाषियों के समूहों ने भेंट की गुड़ी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सांस्कृतिक परंपरा, शुभता और नवचेतना का प्रतीक गुड़ी पड़वा हमें नए संकल्प लेने, अपने जीवन में लक्ष्यों को अपनाने और समृद्धि की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। गुड़ी पड़वा हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। हमें एकता, सद्भाव और समृद्धि का संदेश देता है। यह दिन नए संकल्प लेने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन को आगे बढाने का अवसर प्रदान करता है। चैत्र प्रतिपदा नव संवत्सर का यह पर्व प्रकृति की हरितिमा और नवजीवन का प्रतीक है। यह समय दो ऋतुओं का संधि काल है, जिसमें प्रकृति नया रूप धारण करती है। यह तिथि ऐतिहासिक भी है, इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत का प्रारंभ किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समग्र मराठी समाज द्वारा मुख्यमंत्री निवास में नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर्व के आरंभ के प्रतीक स्वरूप आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस अवसर पर ढोल ताशें के साथ परंपरागत रूप में स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन करते हुए उन्हें पेशवाई टोपी पेश की। इसके साथ ही उन्हें पटका और प्रतीक स्वरूप छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महाराष्ट्र मंडल, नई दिल्ली सहित इंदौर, जबलपुर, भोपाल ,सागर, दमोह, छतरपुर, बीना, देवास, उज्जैन से आए समूहों ने गुड़ी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मराठी साहित्य अकादमी की पत्रिका का अथर्वनाद का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले सौ -डेढ़ सौ वर्षों से मराठी कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं के प्रतिनिधियों का सम्मान भी किया। गुड़ी पड़वा उत्साह और उमंग का पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति की ध्वजा हर काल और हर युग में हमारी पहचान रही है। हमने कई आक्रांताओं का सामना किया, लेकिन कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। सम्पूर्ण विश्व भारतीय संस्कृति और परंपरा के महत्व को स्वीकार करती है। भगवा ध्वज और तिरंगे के साथ युद्ध काल में अपने स्वाभिमान और देश के गौरव की रक्षा के अनेक उत्कृष्ट उदाहरण इतिहास में मौजूद हैं। गुड़ी पड़वा और नववर्ष सभी के लिए उत्साह, उमंग और आनंद का पर्व है। इसीलिए राज्य सरकार ने इस पर्व पर अवकाश घोषणा की है। गुड़ी पड़वा अर्थात चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मंत्रीगण अपने प्रभार के जिलों में सूर्य को नमन करने के साथ गुड़ी पड़वा उत्सव के आयोजनों में सहभागिता करेंगे। सम्राट विक्रमादित्य और लोकमाता अहिल्याबाई ने स्थापित किया गुड़ी पड़वा का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के कालखंड में सनातन संस्कृति के देवालय भव्यता के साथ विकसित हुए। सम्राट विक्रमादित्य ने गुड़ी पड़वा का महत्व स्थापित किया। वे न्यायप्रियता, दानवीरता और सुशासन की उत्कृष्ट मिसाल हैं। वर्तमान दौर में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी भी इसी धारा को आगे बढ़ा रहे हैं। व्यक्तित्व में वीरता का गुण निडरता से आता है और निडरता के लिए मन का भय समाप्त करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री  मोदी के कुशल और सक्षम नेतृत्व ने भारतीयों को वैश्विक स्तर पर इस गुण धर्म की पहचान दिलाई है। पहले यूक्रेन और अब खाड़ी देशों में यह स्थिति सबके सामने है। राज्य सरकार देगी सम्राट विक्रमादित्य के नाम से एक करोड़ एक लाख रूपये का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1 करोड़ 1 लाख रुपए राशि का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान आरंभ किया है। यह देश का सबसे बड़ा पुरस्कार है। सम्राट विक्रमादित्य के बहुविध गुणों, भारतीय संस्कृति के उत्थान, सामाजिक नवोन्मेष, भारतीय दर्शन, धर्म, परम्परा के प्रचार-प्रसार, रचनात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्थापित इस पुरस्कार के लिए गुड़ी पड़वा से नामांकन आमंत्रित किये जा रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दानवीरता, सुशासन, मानव कल्याण, सर्वधर्म समन्वय जैसे मूल्यों को राज्य सरकार निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कार्यक्रम को मराठी साहित्य अकादमी के निदेशक तथा अथर्वनाद पत्रिका के प्रधान संपादक  संतोष गोड़बोले ने भी संबोधित किया।  

परंपरा, प्रकृति और प्रगति का संगम, नव संवत्सर 2083 पर CM मोहन यादव का बड़ा संदेश

भोपाल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाला भारतीय नववर्ष सांस्कृतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन पद्धति का प्रतीक है। विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ मध्यप्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उज्जयिनी की धरती से ही इस गौरवशाली कालगणना की शुरुआत हुई थी। यह अवसर हमारी समृद्ध परंपरा को याद करने का है। इसके अलावा विकास, कृषि सशक्तिकरण और जल संरक्षण जैसे अहम क्षेत्रों में नए संकल्प लेने का भी है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश लिखा है…. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला नवसंवत्सर हमारी सांस्कृतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टि और प्राकृतिक जीवन पद्धति का प्रतीक है। इस वर्ष विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ हुआ है। यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व और गौरव का विषय है कि भारतीय कालगणना की गौरवशाली परंपरा उज्जयिनी से प्रारंभ हुई है। सम्राट विक्रमादित्य के राज्याभिषेक से आरंभ हुआ विक्रम संवत् भारतीय संस्कृति की चेतना और राष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक है। सम्राट विक्रमादित्य न्यायप्रियता, पराक्रम, धैर्य, ज्ञानशीलता और सुशासन के आदर्श हैं। विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर उन्होंने राष्ट्र की रक्षा और भारतीय संस्कृति के गौरव को प्रतिष्ठित किया। उनके शासनकाल में सुशासन की आदर्श परंपराएं स्थापित हुईं। उन्होंने न्याय और नीति के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी शासन और प्रशासन के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विक्रमादित्य के सुशासन की परंपरा का उल्लेख ‘सिंहासन बत्तीसी’ की कथाओं में मिलता है। यह उस आदर्श शासन-व्यवस्था का प्रमाण है जिसमें योग्य मंत्रियों, विद्वानों और नीति-निपुण व्यक्तियों के सहयोग से राज्य संचालित किया जाता था। सम्राट विक्रमादित्य ने जिस तरह ज्ञान, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्था को विकसित किया, वह भारतीय राज्य परंपरा की श्रेष्ठता का प्रतीक है। सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश में ‘विक्रमोत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 फरवरी 2026 से 30 जून 2026 तक चलने वाला यह 139 दिवसीय उत्सव दीर्घ आयोजन का कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक कार्यक्रमों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, उनके आदर्श और उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उज्जयिनी प्राचीन काल से ही भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक चेतना का केन्द्र रही है। बाबा महाकाल की पावन नगरी का संबंध कालगणना, खगोल विज्ञान और आध्यात्मिक साधना से रहा है। हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्ष पहले ग्रहों की गति और नक्षत्रों की स्थिति का गहन अध्ययन कर जो कालगणना पद्धति विकसित की, वह आज भी विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है। उज्जैन की वेधशाला और वैदिक कालगणना हमारी ज्ञान परंपरा का प्रमाण है। हमारे लिए यह प्रसन्नता का विषय है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का पुनर्स्थापन किया गया। यह घड़ी भारतीय समय गणना की परंपरा को आधुनिक युग में पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। भारतीय नववर्ष प्रकृति के नवोदय का पर्व है। इस समय प्रकृति नवजीवन से समृद्ध होती है,पृथ्वी पर नवचेतना और नवसृजन का संचार होता है। देश भर में मनाए जाने वाले नवसंवत्सर के विभिन्न नाम हैं। कहीं इसे गुड़ी पड़वा, कहीं उगादि, कहीं चैती चांद और कहीं नवरोज के रूप में मनाया जाता है।इसी दिन से चैत्र नवरात्र का भी शुभारंभ होता है। नवरात्र के नौ दिन साधना, आत्मशुद्धि और शक्ति उपासना का अवसर है। भारतीय जीवन पद्धति में पर्व और परंपराएं व्यक्ति और समाज के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं। मध्यप्रदेश में नवसंवत्सर का आयोजन विकास और जनकल्याण के नए संकल्पों के साथ किया जा रहा है। नवसृजन के प्राकृतिक उत्सव अवसर पर मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश में यह वर्ष कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान अर्थव्यवस्था की आधारशिला है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। इस वर्ष हमने पहली कृषि कैबिनेट बैठक बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में की है। इसमें कृषि विकास और कल्याण के लिए 27 हजार 500 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृत किया गया। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए प्रदेश में योजनाएं लागू की गई हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ कृषि-आधारित उद्योगों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करें और आत्मनिर्भर बनें। यशस्वी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम विरासत के साथ विकास मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। इसी अनुरूप प्रदेश में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास पर कार्य किया जा रहा है। ओंकारेश्वर, उज्जैन, मैहर और अन्य प्रमुख तीर्थस्थल आध्यात्मिक पर्यटन स्वरूप में विकसित हो रहे हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ पर्व के लिए होने वाली समस्त तैयारियां प्रगति पर हैं। इसके साथ ही श्रीराम वनगमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय जैसी योजनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ा जा रहा है। भारतीय नववर्ष का आयोजन हमें प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देता है।हमारी परंपरा में गुड़ी पड़वा के दिन सूर्योदय से पहले स्वच्छ जल में स्नान करने और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। अर्घ्य देने की परंपरा में जल स्रोतों की पवित्रता और संरक्षण का संदेश है। जल संरक्षण के इसी भाव के साथ मध्यप्रदेश में आज से “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया जा रहा है। नववर्ष प्रतिपदा पर शिप्रा तट उज्जैन से प्रारंभ होने वालेइस तीसरे राज्य स्तरीय अभियान में जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धतियों और नवीन तकनीकी, नवाचारों के साथ प्रदेश के जल स्रोतों को सुरक्षित किया जायेगा। मेरा प्रदेशवासियों से आग्रह है कि जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाएं। प्रकृति के नवसृजन, अवसर पर आज हम विकसित मध्यप्रदेश निर्माण का संकल्प लें। नवचेतना, नवजागृति के साथ आइये हम सब मिलकर प्रदेश के नवकल्याण की ओर बढ़ें और विकसित भारत निर्माण में सहभागी बनें। मुझे विश्वास है कि नव संवत्सर मध्यप्रदेश की प्रगति, समृद्धि और नई उपलब्धियों का … Read more

इंतजार खत्म! जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 को उद्घाटन, सीएम योगी ने दी जानकारी

लखनऊ देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार खत्म हो गया है। इसी महीने 28 मार्च को एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार के नौ वर्ष के सफल कार्यकाल पूरे होने पर आयोजित समारोह में इसका ऐलान किया। यूपी में फिलहाल16 डोमेस्टिक और 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जेवर में बना एयरपोर्ट प्रदेश का 5वां और देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इस अवसर पर सरकार के नौ साल के कार्यकाल के दौरान की उपलब्धियों वाली एक किताब का भी विमोचन किया गया। योगी ने कल से शुरू हो रहे नवरात्र के नौ दिनों तक सरकार के नौ साल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की। सुशासन और सुरक्षा का नया मॉडल मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो भी परिवर्तन हुआ है, वह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा, “आज रमजान का महीना है, जल्द ही ईद आने वाली है, लेकिन कहीं कोई हलचल या दंगे का भय नहीं है। यही सुशासन है।” उन्होंने बताया कि २०१७ से पहले पुलिस भर्तियां रुकी हुई थीं, लेकिन उनकी सरकार ने 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की पारदर्शी भर्ती की है और वर्तमान में 60,240 जवान ट्रेनिंग ले रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट: एक लाख करोड़ की कमाई की उम्मीद जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का गेम-चेंजर बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इससे भविष्य में एक लाख करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। उन्होंने पिछली सरकारों पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग ‘नोएडा’ जाने से डरते थे, लेकिन हमारी सरकार ने वहां जाकर निवेश का माहौल बनाया। आज देश के 55 फीसदी मोबाइल फोन नोएडा में बन रहे हैं। यूपी में अब 16 डोमेस्टिक और 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स का जाल बिछ चुका है, जिसमें जेवर पांचवां और सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। विकास के आंकड़े: कृषि से लेकर रोजगार तक मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति के महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8.5% से बढ़कर 18% हो गई है। किसानों को अब तक 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। एमएसएमई (MSME) सेक्टर में लगभग 3 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। हर जिले में दो-दो कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे और संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने-खाने की मुफ्त व्यवस्था जल्द शुरू होगी। नौ दिन तक चलेगा जश्न, जनता से मांगे सुझाव सीएम ने घोषणा की कि नौ वर्ष पूरे होने का यह उत्सव नवरात्रि तक अनवरत चलेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांवों में जाएं और गरीब परिवारों, कारीगरों व महिलाओं को सरकार की लाभकारी योजनाओं के बारे में बताएं। उन्होंने कहा, “हमने प्रदेश को परिवार या जाति के चश्मे से नहीं देखा, बल्कि सबको समान अवसर और सुरक्षा दी है।”  

9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री

आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 9 वर्षों में राज्य में बदल गई कानून-व्यवस्था की तस्वीर  शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे त्योहार, नवरात्रि व रमजान में अब नहीं कोई तनाव: सीएम 9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री 60,244 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग अब प्रदेश में ही, कमिश्नरेट सिस्टम और साइबर थानों से आधुनिक हुई पुलिसिंग: सीएम योगी 2017 के बाद पीएसी को मिला पुनर्जीवन, महिला बटालियनों से बढ़ी ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ  ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में हुए उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं और कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का वास्तविक अहसास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल माहौल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत, नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं, जो सामाजिक विश्वास और सुरक्षा के मजबूत माहौल को दर्शाता है। आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा, यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में इस स्थिति को पूरी तरह बदला गया है। सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। यह अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन है, जिसने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने 2017 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। तब केंद्र सरकार के सहयोग से मिलिट्री, पैरामिलिट्री और अन्य राज्यों के प्रशिक्षण केंद्रों का उपयोग करना पड़ा था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पूर्ण कर नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में उतरेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और जनता में सुरक्षा का विश्वास और बढ़ेगा। सीएम ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी। लेकिन अब इन व्यवस्थाओं को सुधारते हुए पारदर्शी और समयबद्ध प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस को आधुनिक व सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश में कई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है, साथ ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का गठन किया गया है। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे प्रदेश की सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। पहली बार उत्तर प्रदेश पीएसी में तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नामकरण वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर किया गया है। इन बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं, जो नारी शक्ति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसडीआरएफ (SDRF) को भी सशक्त किया गया है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अपराध नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है, जहां नागरिकों का विश्वास सरकार और प्रशासन पर लगातार बढ़ रहा है।

CM का दावा, डबल इंजन सरकार ने 9 साल में सुशासन और विकास का नया मानक स्थापित किया

डबल इंजन सरकार ने 9 वर्षों में सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन का नया मॉडल स्थापित किया: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने विगत 9 वर्षों में बदले उत्तर प्रदेश की तस्वीर के साथ गिनाईं सरकार की उपलब्धियां यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम: मुख्यमंत्री संवाद के माध्यम से न सिर्फ 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि भावी विकास का विजन भी तय किया जाएगा: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। 2017 के पहले था पहचान का संकट मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।  9 वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। संवाद के माध्यम से 9 वर्षों की उपलब्धियों को करेंगे साझा मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 9 वर्ष में 9 लाख करोड़ का बजट किया प्रस्तुत मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

‘माओवादी अब लोकतंत्र पर भरोसा जता रहे’ – CM साय के बीच विधानसभा भ्रमण पर 140 आत्मसमर्पित नक्सली

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन सरकार की ओर से एक अहम पहल देखने को मिली। बीजापुर और कांकेर जिले के 140 आत्मसमर्पित नक्सली विधानसभा का भ्रमण करने पहुंचे। इनमें 54 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल रहे। विधानसभा पहुंचकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा और लोकतंत्र की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनर्वासित नक्सलियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में विकास और शांति के लिए पुनर्वास अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सली लोकतंत्र पर भरोसा जता रहे हैं, यह बेहद खुशी की बात है। बताया जा रहा है कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इंदौर अग्निकांड पर पीएम मोदी का शोक, गर्भवती बहू सिमरन सहित पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

इंदौर  इंदौर अग्निकांड की खबर ने देशभर को झकझोरकर रख दिया है। सुनते ही लोगों की रूह कांप रही है। पीएम नरेंद्र मोदी  इंदौर में आग लगने के कारण आठ लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजय वर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इस हादसे में गहरा दुख जताया है।   प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे  इंदौर की घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अग्नि दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों को दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है, हमारी संवेदनाएं सभी शोकाकुल परिजन के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है। गर्भवती थी पुगलिया परिवार की बहू सिमरन ब्रजेश्वरी कॉलोनी में पुगलिया परिवार के मकान में लगी आग ने दो परिवारों को तबाह कर दिया। पुगलिया परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन की इस हादसे में मौत हो गई। सिमरन, मनोज के बेटे सौरभ की पत्नी थी। वह तीन साल पहले ही इस घर की बहू बनकर आई थी और गर्भवती थी। उसने इस परिवार के साथ एक नई जिंदगी के सपने भी संजोए थे।   चार माह का गर्भ था चार महीने से अधिक की गर्भवती सिमरन अब इस दुनिया में नहीं रहीं और उनके साथ ही उस नन्ही जान ने भी दम तोड़ दिया, जो अभी इस दुनिया में आने वाली थी। गर्भवती होने के कारण डाॅक्टरों ने आराम की सलाह दी थी। इस कारण सिमरन नीचे की मंजिल पर थी।  जनवरी में हुई थी शादी, सामान लेने कमरे में गई थी हादसे में मृत कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटे की जनवरी माह में शादी हुई थी। उसकी पत्नी मायके में थी। तीसरे बेटे की शादी नहीं हुई है। बताया जाता है कि सौरभ ने अपनी पत्नी सिमरन को भी छत पर चलने के लिए कहा, लेकिन वह कुछ जरूरी सामान लेने कमरे के भीतर चली गई। इसके बाद पूरे घर में इतना धुआं भर गया कि नीचे के हिस्से में लोगों का दम घुटने लगा। मनोज के तीनों बेटे और पत्नी छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर चले गए, जबकि मेहमानों को छत पर जाने का मौका भी नहीं मिल पाया।  साले विजय सेठिया का परिवार रात में ही आया था मनोज के साले विजय सेठिया और उनका परिवार रात को ही घर आया था। खाना खाने के बाद रात 12 बजे तक सभी नीचे बैठकर बातें करते रहे। इसके बाद सभी अलग-अलग कमरों में सोने चले गए थे। बेटा आया कीमती सामान लेने आग लगने पर तीनों बेटों को भागने के अलावा कुछ नहीं सूझा। सबसे पहले उन्होंने अपनी जान बचाई। घर में कीमती सामान और जेवर रखे थे। इन्हें निकालने के लिए बेटा सौरभ सुबह आठ बजे अपने जले हुए घर पर फिर पहुंचा। सौरभ ने बताया कि जब आग लगी, तब पूरे घर में काला धुआं भरा हुआ था और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। 9 गैस सिलिंडर मिले, एक फूटा था फायर ब्रिगेड ने जले हुए घर से 9 गैस सिलिंडर भी निकाले, जिनमें कुछ खाली थे। आग उन सिलिंडर तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। हालांकि, रसोई  घर में रखे एक सिलिंडर में विस्फोट हुआ था।   गैस सिलिंडरों में धमाका हुआ  इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 8 लोग आग के चलते जान खो दी। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में कार को चार्ज किया जा रहा था, तभी चार्जिंग के दौरान आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरी इमारत में आग की लपटें नजर आने लगीं। इस आग की चपेट में घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी आ गए और एक-एक कर कई गैस सिलिंडर में धमाका हुआ। इसके चलते मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया। इस हादसे को लेकर जानें पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया? इस हादसे में आठ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन मंजिला मकान में पुगलिया परिवार रहता था।  इस परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिल में सो रहे थे जबकि इनके यहां बिहार से मनोज सेठिया का परिवार आया हुआ था जो ग्राउंड फ्लोर में सो रहा था। इसी सेठिया परिवार के छह लोगों की मौत हादसे में हुई है जबकि दो लोग पुगलिया परिवार के हैं। वहीं घटना में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा, रीवा-रायपुर हवाई सेवा से विकास में तेजी आएगी

रीवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ेगी विकास की रफ्तार : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ी नजदीकियां भोपाल /रायपुर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल दो दिवसीय रायपुर प्रवास में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और शिष्टाचार भेंट कार्यक्रमों में शामिल हुए। मंगलवार को रायपुर आगमन पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे क्वींस क्लब में विंध्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए शुरू हुई हवाई सेवा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों और रेल सेवाओं का बेहतर होना जरूरी है। इससे पहले रीवा से दिल्ली और इंदौर के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रीवा से दुर्ग तक ट्रेन सेवा जल्द शुरू करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विंध्याचल कल्याण सर्व समाज द्वारा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का अभिनंदन किया गया। यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का करेगी कार्य :  जायसवाल इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का कार्य करेगी। विधायक  किरण सिंहदेव ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए हवाई सेवा शुरू होना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आवागमन आसान हो गया है। कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, रीवा के पूर्व विधायक  के.पी. त्रिपाठी, समाज के संरक्षक  शंकर सिंह गहरवार, अध्यक्ष  कल्याण प्रसाद पांडेय, डॉ. व्यास मुनि द्विवेदी,  मधुकर द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

एमपी में LPG संकट गहरा, 70% बढ़ी मांग; होटल-रेस्टोरेंट को 10% कमर्शियल सिलेंडर देने की गाइडलाइन, आदेश का इंतजार

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है. घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है. इधर, एलपीजी संकट के बाद प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की डिमांड 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस वजह से वेटिंग 3 से 4 दिन तक चल रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में साढ़े 5 लाख घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर कनेक्शन हैं। इनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं। 7 दिन पहले तक भोपाल में हर रोज एवरेज 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब 14 हजार तक पहुंच गई है। डिमांड बढ़ने से 5 से 6 हजार सिलेंडर का अंतर आ गया। इस वजह से आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है। सिलेंडर सप्लाई बढ़ाई फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, पिछले 2-3 दिन में भेपाल में ही रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई कर रहे हैं। अगले 3 से 4 दिन में क्लियर कर देंगे। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं। गाइडलाइन आई, आदेश का इंतजार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मंगलवार को ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन आई। जिसमें 12 कैटेगिरी को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को खपत की 10% आपूर्ति भी शामिल हैं। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि विस्तृत आदेश आएंगे, तब सप्लाई शुरू कर देंगे। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा रहेगा। पिछले 8 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब तक कराई जा चुकी पांच लाख बेटियों की शादी

1.75 लाख से अधिक बेटियों को मिली सरकारी नौकरी  मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण के कार्यों को भी गिनाया  मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब तक कराई जा चुकी पांच लाख बेटियों की शादी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के महिला कल्याण के कार्यों को भी गिनाया। बताया कि प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी भर्ती हुईं। इसमें 1.75 लाख से अधिक बेटियों की भर्ती की गई। स्वयंसेवी समूह की 1.10 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रदेश में आजीविका दीदी के रूप में उद्यमी बनकर कार्य कर रहीं हैं। इस बार के बजट में महिला उद्मयी स्कीम के अंतर्गत अलग से पैसे की व्यवस्था की गई है। पीएम के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (जन्म से स्नातक तक) 25 हजार का पैकेज, बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये की सहायता सामूहिक विवाह योजना में दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक पांच लाख बेटियों की शादी संपन्न कराई जा चुकी है।  जल्द ही पेंशन में वृद्धि करेगी कैबिनेट सीएम ने निराश्रित महिला, वृद्ध व दिव्यांगजन पेंशन की भी चर्चा करते हुए बताया कि 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन उपलब्ध करा रही है। इनके कल्याण के लिए कैबिनेट जल्द ही इसमें वृद्धि का भी निर्णय लेगा। सरकार स्नातक व परास्नातक की मेधावी बेटियों को स्कूटी भी उपलब्ध कराएगी। बेटी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति का कार्यक्रम भी चल रहा है। उप्र के प्रतिभावान युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। एमएसएमई में तीन करोड़ से अधिक रोजगार, बड़े निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराईं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब तक 1.30 लाख से अधिक नए उद्यमी उत्तर प्रदेश में बने हैं। सरकार दो करोड़ से अधिक नौजवानों को टैबलेट देगी, इसमें से 50 लाख युवाओं को टैबलेट दिया जा चुका है, शेष को भी जल्द ही उपलब्ध होगा।

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