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भोपाल : बड़े तालाब पर रोपैक्स सेवा शुरू करने का नितिन गडकरी का प्रस्ताव

Nitin Gadkari proposes to start Ro-Pax service on Bada Talab in Bhopal भोपाल । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने भोपाल दौरे के दौरान बड़े तालाब में रोपैक्स (रो-रो फेरी) सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा। यह योजना मुंबई, गुजरात और ओडिशा जैसे शहरों की तर्ज पर तैयार की गई है, जहां पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस नई सेवा का उद्देश्य भोपाल के यातायात को सुगम बनाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और शहर के पर्यटन को एक नई दिशा देना है। रोपैक्स सेवा: एक क्रांतिकारी कदम भोपाल के बड़े तालाब में प्रस्तावित रोपैक्स सेवा से भदभदा से बैरागढ़ तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क मार्ग से तय करने में 30 मिनट से अधिक समय लेती है, जबकि रोपैक्स सेवा के माध्यम से यह यात्रा महज 5 से 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इस परियोजना पर 15 से 20 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव है। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी, जो यातायात के दबाव को कम करने में मदद करेगा। परियोजना के प्रमुख लाभ: 1. यातायात का सुधार और समय की बचत: मौजूदा समय में भदभदा से बैरागढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रोपैक्स सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी तालाब के जरिए सीधा तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों का कीमती समय बचेगा। 2. पर्यावरण अनुकूल समाधान: इस सेवा से सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, जिससे वाहनों द्वारा उत्पन्न ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, डीजल और पेट्रोल के उपयोग में भी कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 3. पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन: बड़ा तालाब भोपाल का एक प्रमुख आकर्षण है, और रोपैक्स सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक न केवल स्थानीय सुंदरता का आनंद ले सकेंगे, बल्कि तालाब के माध्यम से यात्रा का एक नया अनुभव भी प्राप्त करेंगे। 4. आर्थिक और सामाजिक विकास: इस परियोजना से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग में भी वृद्धि होने की संभावना है। अन्य शहरों के अनुभव: एक सीख गडकरी ने बताया कि मुंबई, ओडिशा और गुजरात में पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। इन शहरों में इस सेवा ने न केवल यातायात का दबाव कम किया है, बल्कि लोगों को जल परिवहन के प्रति जागरूक भी किया है। इन स्थानों पर रोपैक्स सेवा के माध्यम से न केवल स्थानीय यातायात का संचालन आसान हुआ है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। भोपाल में इस सेवा को शुरू करने से ऐसे ही लाभ की अपेक्षा की जा रही है। परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ हालांकि रोपैक्स सेवा के कई फायदे हैं, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं: तालाब के जल स्तर का प्रबंधन: रोपैक्स सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बड़े तालाब का जल स्तर पर्याप्त होना आवश्यक है। सूखे के मौसम में तालाब का जल स्तर कम होने पर सेवा में रुकावट आ सकती है। पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन: जलमार्ग में चलने वाली फेरी सेवाओं से मछलियों और अन्य जलजीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका गहन अध्ययन आवश्यक है ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था: यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फेरी सेवाओं के संचालन में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। अधिकारियों पर तंज और काम की गति अपने भाषण में नितिन गडकरी ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में लगने वाले समय पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने वाले अधिकारियों को पद्मश्री और पद्म विभूषण जैसे सम्मान दिए जाने चाहिए क्योंकि उनकी धीमी गति काम में देरी का कारण बनती है। उनका इशारा इस ओर था कि अगर योजनाओं को समय पर लागू किया जाए, तो लोगों को जल्द ही इसका लाभ मिल सकता है। रोपैक्स सेवा क्या है? रोपैक्स (रो-ऑन/रो-ऑफ) एक प्रकार की फेरी सेवा है जिसमें यात्रियों के साथ-साथ वाहन भी यात्रा कर सकते हैं। यह सेवा उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होती है जहां जलमार्ग के जरिए यातायात का संचालन संभव है। वाहन सवार यात्री अपनी गाड़ी के साथ फेरी पर सवार हो सकते हैं और दूसरे किनारे पर उतर सकते हैं, जिससे सड़क यात्रा की तुलना में समय और ईंधन की बचत होती है। भोपाल में रोपैक्स की संभावनाएँ भोपाल के बड़े तालाब में रोपैक्स सेवा शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। यह सेवा न केवल सड़क यातायात को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, यह भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

कथावाचक चिन्मयानंद बापू ,ने साधा निशाना, बोले- ‘ज्यादातर मूर्ख लोग ही राजनीति में आते हैं’

Storyteller Chinmayanand Bapu took aim, said – ‘Mostly fools come into politics’ MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां भागवत कथा करने पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने श्योपुर विधायक के भगवान शंकर पर दिए आपत्तिजनक बयान के वीडियो के बारे में बड़ी कही है। उन्होंने कहा कि मूर्ख लोग राजनीति में आ गए हैं। क्या बोले चिन्मयानंद बापूशिवपुरी में आयोजित कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि ज्यादातर मूर्ख लोग राजनीति में आ गए है, जिन्हें धर्मशास्त्र एवं धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। वह राजनीति में आकर कुछ भी बोल सकते है।यह वीडियो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर पोस्ट किया है। बीजेपी इस मामले को भूनने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। श्योपुर विधायक के विवादित बयान को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। मंच के द्वारा एफआईआर करने का आवेदन दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

सिंहस्थ के लिए 5900 करोड़ मंजूर, 568 प्रस्तावों पर सीएम ने दी मंजूरी

Rs 5900 crore approved for Simhastha, CM approves 568 proposals Ujjain Simhastha: सिंहस्थ 2028 के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है। परियोजनाओं में घाटों का निर्माण, नदी डायवर्जन, बांध, बैराज, सबस्टेशन, सड़कें और पुल शामिल हैं। 18 विभागों से 560 से अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है। सरकार 15 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उज्जैन: सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यह मंजूरी इस महीने की शुरुआत में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट कमेटी की बैठक में मिली। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सीएम ने कहा कि हर 12 साल में सिंहस्थ सभी को एक साथ लाता है। दुनिया भर से करीब 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में कुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इन योजनाओं को मिली मंजूरीकैबिनेट समिति ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी। जिसमें 778.91 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण होगा। 1,024.95 करोड़ रुपये की लागत से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। क्षिप्रा पर होगा बांध का निर्माणक्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 14 और कान्ह नदी पर 11 प्रस्तावित बैराजों को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत क्रमशः 74.67 करोड़ रुपये और 43.51 करोड़ रुपये है। नए ईएचवी सबस्टेशन की सौगातअन्य स्वीकृत परियोजनाओं में 198 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना और 250 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन शामिल है। स्वीकृत अतिरिक्त परियोजनाओं में शंकराचार्य चौराहे से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यहां भी होंगे विकास कार्यसाथ ही खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका और भरथरी गुफा से रणजीत हनुमान मार्ग का उन्नयन और क्षिप्रा नदी पर एक पुल भी शामिल है, जिसकी लागत भी 18 करोड़ रुपये है। सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक एक सस्पेंशन ब्रिज के साथ-साथ ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग और कावेरी नदी पर एक फुटब्रिज जैसे सुरक्षात्मक कार्यों को भी मंजूरी दी गई। 18 विभागों से 568 परियोजनाओं के प्रस्तावनगरीय प्रशासन और आवास के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि 18 विभागों में 568 परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगे घोषणा की कि इंदौर के लवकुश चौराहे को उज्जैन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन के सर्वेक्षण का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।

अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

एमपी गजब : महाकाल मंदिर नियमों की धज्जियां उड़ाते नेता, गाज गिरी कर्मचारियों पर ,एक कर्मचारी को हटाया, तीन को नोटिस

MP Amazing: Leader flouting Mahakal Temple rules, got angry on employees, removed one employee, notice to three ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में राजनीतिक हस्तियों के प्रवेश पर एक बार फिर मंदिर प्रबंध समिति सवालों के घेरे में है। गुरुवार शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए और पांच मिनट से भी अधिक समय तक पूजन करते रहे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार रोका जाना चाहिए था। उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे और परिजनों सहित 4 लोगों के प्रवेश करने के मामले में एक कर्मचारी को हटाया गया। साथ ही सुरक्षा एजेंसी सहित तीन कर्मचारियों को नोटिस थमाया गया। नोटिस का जवाब 24 घंटे में मांगा गया है। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने मंदिर समिति के कर्मचारी विनोद चौकसे को हटाया। विनोद की ड्यूटी मंदिर के सभामंडप व जलद्वार पर प्रभारी के रूप में थी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह और नंदीहॉल निरीक्षक, प्रोटोकॉल कर्मचारी और क्रिस्टल कंपनी को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। आम भक्तों में आक्रोशआम भक्त लंबे समय से महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जब प्रवेश की अनुमति ना होने के बाद भी वीआईपी अंदर जाते हैं, तो आम भक्त खुद को ढगा सा महसूस करते हैं। कई बार श्रद्धालु इसको लेकर आक्रोश भी जता चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदमसहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने बताया महाकाल मंदिर में सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से मंदिर के आंतरिक क्षेत्र अर्थात गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम, सभा मंडप, गर्भगृह का गलियारा तथा संपूर्ण परिसर में व्यावसायिक दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी करने पर रोक लगा दी गई है। पूर्व में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया था। पहले कम था शुल्कमहाकाल महालोक को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, यहां कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क चुकाकर वीडियोग्राफी कर सकता है। प्रबंध समिति की बैठक में वीडियोग्राफी के शुल्क में वृद्धि की गई है। पहले मंदिर में वीडियोग्राफी करने पर 5100 रुपये शुल्क चुकाना होता था। लेकिन अब महाकाल महालोक में वीडियोग्राफी के लिए 51000 रुपये शुल्क चुकाना होगा।

मुरैना में पटाखा फैक्ट्री और गोदाम में जोरदार धमाका, गिर गए कई मकान… रेस्क्यू जारी

Huge explosion in firecracker factory and warehouse in Morena, many houses collapsed…Rescue continues मुरैना ! (Morena Pataka Factory Blast)। मुरैना के इस्लामपुरा में एक मकान में विस्फोट हो गया। जिससे एक मकान पूरी तरह से जमीदोज हो गया और उसके आसपास के तीन मकान और क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोट में मकान के मलबे में दो लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम का अमला रेस्क्यू करने में लगा हुआ है। अभी यह भी साफ नहीं हुआ है कि विस्फोट किस वजह से हुआ है। हालांकि मोहल्ले के कुछ लोगों का कहना था सिलेण्डर में विस्फोट हुआ है। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि मकान में पटाखे बनाए जाते थे और उन्हें स्टोर कर रखा हुआ था। उनमें आग लगने से विस्फोट हुआ। घटनाक्रम के मुताबिक इस्लामपुरा में रहने वाले गजराज राठौर के मकान में शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे विस्फोट हो गया। जिससे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गजराज के बगल के दोनो घर व पीछे बना घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ लोगों का कहना है कि मकान गैस सिलेण्डर में आग लगने से विस्फोट हुआ है तो लोगों का यह भी कहना था कि गजराज सिंह पटाखे बनाने व स्टोर करने का काम करता था। पटाखों में आग लगने की वजह से विस्फोट हुआ। जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। Morena News: महिला व एक बच्चे सहित कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंकाविस्फोट के बाद मकान के मलबे में महिला व एक बच्चे सहित और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम के कर्मचारी मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि खबर लिखे जाने तक मलबे से किसी को भी निकाला नहीं जा सका था। प्रशासन ने एसडीआरएफ को भी बुलाया है जिससे रेस्क्यू आपरेशन में तेजी लाया जा सके। Morena Blast: धमाका इतना तेज कि कांप गया मोहल्ला, मकानों में आई दरारइस्लामपुरा में मकान के धमाका इतना तेज था कि पूरा मोहल्ला कांप गया। लोगाें का कहना था कि धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे भूकंप आ गया हो। कई मकानों में धमाके की वजह से दरारें भी आ गई हैं। Morena Latest News: पहले भी इस्लामपुरा में हो चुके हैं विस्फोटपहले भी इस्लामपुरा में आतिशबाजी में विस्फोट होने की कई घटनाएं हो चुकी है। जिसमें आतिशबाजी बनाने वाले लोग न केवल जल गए थे, बल्कि मकान के मलबे में भी दब गए थे। इसके बाद भी इस्लामपुरा में पटाखे बनाने का काम लगातार जारी रहा।

एमपी में खाद की कमी पर कांग्रेस का हल्ला, कृषि मंत्री ने यूक्रेन-रूस युद्ध को ठहराया जिम्मेदार

Congress protests over fertilizer shortage in MP, Agriculture Minister blames Ukraine-Russia war भोपाल ! किसानों को खाद उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है. घंटों कतार में लगने के बावजूद पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है. बुआई के मौसम में खाद की किल्लत जी का जंजाल बन गयी है. सीहोर जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में खाद के लिए किसानों की भीड़ देखी गई. आधार कार्ड की फोटोकॉपी लिये किसान कतारबद्ध नजर आए. किसानों का दर्द है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि खाद के लिए जद्दोजहद करने का अंदेशा था. इसलिए घर से रोटी बांधकर साथ लाए थे. भूख लगने पर पेड़ के नीचे बैठकर खाया है. नाराज किसानों ने सरकार के दावे पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि सरकार हर साल ऐलान करती है कि प्रदेश में खाद की समस्या नहीं होने दी जायेगी. लगता है कि अधिकारियों को मुख्यमंत्री के आदेश की परवाह नहीं है. धूप में भूखे प्यास खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है. खाद बांटने वाले कर्मचारी-अधिकारियों की डांट भी खाने को किसान मजबूर हैं. खाद की किल्लत पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने सफाई दी है. उन्होंने माना कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण खाद आने में देरी हो रही है. कृषि मंत्री ने खाद की कमी के पीछे यूक्रेन-रूस युद्ध को कारण बताया. खाद की किल्लत पर कांग्रेस हमलावर प्रदेश में खाद संकट पर विपक्ष लगातार हमलावर है. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खाद संकट का जिम्मेदार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव को ठहराया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1993 से लेकर 2003 तक कांग्रेस की सरकार थी. उस दौरान खाद के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ा. खाद की कालाबजारी नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया. आज खाद की ब्लैकमार्केटिंग और नकली खाद मामले में बीजेपी से जुड़े नेताओं का नाम सामने आ रहा है.

डी-नोटिफिकेशन के बाद भी चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में नहीं होगा रेत खनन

Sand mining will not happen in Chambal sanctuary area even after de-notification उदित नारायणभोपाल। राज्य सरकार द्वारा 31 जनवरी 2023 को मुरैना वनमंडल में स्थित राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य का 207.049 हेक्टेयर क्षेत्र स्थानीय निवासियों को उनकी आजीविका हेतु रेत आपूर्ति हेतु डिनोटिफाई किया गया था, परन्तु अब इस डिनोटिफिकेशन को निरस्त किया जायेगा। अब यह मामला राज्य शासन स्तर पर है जहां वन मंत्री रामनिवास रावत से डिनोटिफिकेशन की सूचना निरस्त करने का प्रशासकीय अनुमोदन मांगा गया है।दरअसल सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने इस डिनोटिफिकेशन की प्रक्रिया कोरह रहे घड़ियालों, डाल्फिन एवं कछुओं के रहवास के प्रतिकूल माना है। मप्र के स्टेट वाईल्ड लाईफ बोर्ड की 11 जून 2024 को हुई बैठक में यह प्रकरण आया था जिसमें निर्णय लिया गया था कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के अंतर्गत स्थानीय लोगों की रेत आपूर्ति हेतु किये गये डिनोटिफाई क्षेत्र के संबंध में सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी द्वारा रेत आपूर्ति के संबंध में चम्बल अभयारण्य की नदी में दिये गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव का पुनः परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाये। इस पर राज्य के वन मुख्यालय की वन्यप्राणी शाखा ने प्रस्ताव का परीक्षण कर अब रिपोर्ट दी है कि डिनोटिफिकेशन की सूचना निरस्त किया जाये। शुरु से ही हुई गड़बड़ी दरअसल स्थानीय लोगों को रेत की आपूर्ति हेतु हेतु 31 जनवरी 2023 को चम्बल नदी का 207.049 हेक्टेयर क्षेत्र डिनोटिफाई किया गया था। इसके बाद मुरैना डीएफओ ने आपत्ति ली कि डिनोटिफिकेशन क्षेत्र इको सेंसेटिव जोन में आता है जहां रेत की आपूर्ति नदी से नहीं हो सकती है। इस पर इको सेंसेटिव जोन को खत्म करने का प्रस्ताव लाया गया परन्तु सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने इस प्रक्रिया को गलत माना। अब डिनोटिफिकेशन निरस्त करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है। साल भर पहले एनजीटी ने भी दिया निर्देश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (एनसीएस) में अवैध खनन को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों से रेत खनन संबंधी दिशा-निर्देशों को भी लागू करने को कहा है। यह निर्देश न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने दिया है। इस मामले में कोर्ट ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एसपीसीबी के साथ भिंड, मुरैना, ग्वालियर, आगरा, इटावा, झांसी, धौलपुर और भरतपुर के पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट से अवैध खनन को नियंत्रित करने, उस पर निगरानी रखने और तीन महीनों के भीतर इस मामले में क्या कार्रवाई की गई, उस पर रिपोर्ट सबमिट करने को कहा था किन्तु आज तक उत्तर प्रदेश राजस्थान और मध्य प्रदेश के डीजीपी ने अपनी रिपोर्ट सबमिट नहीं की। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाया था मामला कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने भी चंबल अपहरण क्षेत्र में हो रहे रेट उत्खनन को लेकर एक अभियान चलाया था। डॉक्टर सिंह ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा था पर उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि डॉ सिंह विधानसभा से लेकर सड़क तक जल जीवों की सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद किया था।

सरकारी स्कूल में शराबी हेडमास्टर की हरकत, कार्रवाई की तैयारी

Drunk headmaster’s actions in government school, preparation for action सिंगरौली ! सरकारी स्कूल में हेडमास्टर शराब के नशे में पहुंचा. इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया. अब इस मामले में शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की बात कही है. मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल से शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. सिंगरौली जिले के ग्रामीण क्षेत्र बिंदुल संकुल केंद्र, पुरा गांव के प्राथमिक स्कूल में एक टीचर शराब के नशे में धुत नजर आया. शराब पीकर स्कूल आने की वजह भी शिक्षक ने बताई. उसने कहा कि मेरा मोबाइल गुम हो गया, दिमाग डिस्टर्ब है, इसलिए थोड़ी बहुत शराब पीकर आया हूं. स्कूल में सिर्फ एक टीचरपुरा गांव में सरकारी स्कूल में तैनात इस टीचर का नाम अर्जुन सिंह है. इसी प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर भी है, जो लंबे समय से इसी स्कूल में है और अक्सर स्कूल में शराब के नशे में ही आता है. इस प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ यही एक शिक्षक है. ग्रामीणों ने बनाया वीडियोरोजाना की तरह बुधवार (16 अक्टूबर) को जब शराबी हेडमास्टर स्कूल पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाया और पूछा कि आप शराब पीकर क्यों आये हो? तो जवाब भी ऐसा दिया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. शराबी हेडमास्टर ने कहा कि मेरा मोबाइल गुम गया है, इसलिए शराब पीकर स्कूल आया हूं. शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?ग्रामीणों ने नशे में धुत्त शराबी हेडमास्टर का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी एसबी सिंह ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही.

भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का सफल समापन, 20 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव

Successful completion of Mining Conclave in Bhopal, investment proposal of Rs 20 thousand crores Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव का समापन हो चुका है. इसमें मध्य प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेशन का प्रस्ताव मिला है. MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव का शुक्रवार को समापन हो गया. समापन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2 दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव सफल रहा है. इसमें मध्य प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेशन का प्रस्ताव मिला है. सीएम मोहन यादव ने उद्योगपतियों से अपील की कि आप सरकार के साथ खड़े हों, हम आपके साथ खड़े हैं. खनिज की दृष्टि से मध्य प्रदेश भाग्यशाली. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार चलाने वाला कैसा है, यह मायने रखता है, सीएम ने पीएम मोदी की नीति का दिया हवाला. उन्होंने कहा कि भारत पर ईश्वर और मां वसुधा की विशेष कृपा है, हम दोहन में विश्वास रखते हैं, शोषण में नहीं. मीनिंग सेक्टर रिर्फांम पुस्तिका का विमोचनसीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भारत विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है. आयोजन के दौरान मप्र माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 में मीनिंग सेक्टर रिर्फांम पुस्तिका का विमोचन भी किया गया. इस अवसर पर एमओआईएल (भारत सरकार के उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के बीच ब्लॉकों के व्यवसायिक दोहन के लिए संयुक्त उद्यम समझौता भी संपन्न हुआ. ‘मध्य प्रदेश की खदानों से निकले पत्थर उच्च कोटि के’सीएम ने कहा कि हमारे मध्य प्रदेश की खदानों से निकले पत्थर की गुणवत्ता उच्च कोटि की है. केन्द्र सरकार की ओर से माइनिंग नीलामी को लेकर प्रदेश को नंबर वन का पुरस्कार मिला है. खनिजों से भरपूर हमारा मध्य प्रदेश निरंतर खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है. वहीं उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार जहां घपलों-घोटालों की लिप्तता से बाहर नहीं निकल सकी थी, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में माइनिंग क्षेत्र में अभूतपूर्व कीर्तिमान रचे गए हैं, कहीं कोई घोटाला नहीं हुआ.

महर्षि वाल्मिकी की पूजा अर्चना कर किया विशाल भंडारे का आयोजन ।

A huge feast was organised after worshipping Maharishi Valmiki. हरिप्रसाद गोहे आमला। नगर के रेल्वे दवाखाने के पास स्थित महर्षि गुरु माल्मिकी मंदिर में गुरुवार वाल्मीकि जयंती के मौके पर वाल्मिक समाज संगठन द्वारा विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तो एवं नगर की धर्म प्रेमी जनता ने पहुंच प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। वाल्मीकि मंदिर समिति प्रमुख राम मैहर सिंग डिंग्या ने बताया वाल्मीकि मंदिर में लगातार 28 वर्षो से वाल्मिकी जयंती के मौके पर धार्मिक आयोजनों के साथ भंडारे का आयोजन किया जाता है इस वर्ष भोजन प्रसादी के रूप में महा भंडारे का आयोजन किया गया था जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तो ने पहुंच प्रसाद ग्रहण किया वही क्षेत्रीय विधायक डाक्टर योगेश पंडाग्रे ने भी पहुंच मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर समिति प्रमुख  राम मेहर सींग डिंगिया ने आयोजन को सफल बनाने में सभी का आभार जताया है ।

स्वर्णकार समाज ने धूमधाम से मनाई अजमीढ़ देव महाराज की जयंती ।

The goldsmith community celebrated the birth anniversary of Ajmidh Dev Maharaj with great pomp. शोभायात्रा निकाल किया सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन । हरिप्रसाद गोहे  आमला। समाज के आराध्य महाराज अजमीढ़ देव जी की जयंती गुरुवार स्वर्णकार समाज आमला द्वारा धूमधाम एवं हर्षउल्लास से मनाई गई। इस मौके पर संगठन के बैनरतले नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का नगर वासियों द्वारा जगह जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। शोभा यात्रा पर की गई फूलो की वर्षा, मधुर संगीत पर बजते बैंड बाजो की धुन मुख्य आकर्षण का केंद्र रही । प्राप्त जानकारी अनुसार  स्वर्णकार समाज द्वारा रविवार को एकता का परिचय देते हुए शहर के के.सोनी स्कूल से भव्य शोभायात्रा निकाली,जो कि शहर के विभिन्न मुख्य मार्गो से होते हुए रतेड़ा रोड स्थित दादाजी दयालु लॉन पहुंची। शोभा यात्रा में सामाजिक बन्धु पूरी तरह पंक्तिबद्ध चल रहे थे, ड्रेसकोड का भी विशेष ध्यान रखा गया, समाज की महिलाएं पीले रंग के परिधान में एवं पुरुष श्वेत परिधान में थे, वहीं अंधारिया से आई बेंड पार्टी ने मधुर धार्मिक संगीत व धुनों से सबका ध्यान आकर्षित किया। गौरतलब हो की आजकल शोभायात्राओ,चल समारोह व जुलुसो में उपयोग होने वाली पन्नियों व कागज की कतरनों से परहेज किया गया, पन्नियों की कतरन की जगह फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग शोभायात्रा में किया गया, ज्ञात हो कि आमला के सफाईकर्मी भाइयों द्वारा विगत दिनों पन्नियों की इन कतरनों का उपयोग बंद करने के लिए एसडीएम आमला को ज्ञापन सौंपा था,ये कतरन सफाई कार्यो में भी बाधक है एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक भी, प्रशासन ने भले इस पर निर्णय नही लिया,परन्तु स्वर्णकार समाज द्वारा सफाईकर्मी भाइयों की भावना का सम्मान करते हुए इन कतरनों की जगह फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग शोभायात्रा में किया। शोभायात्रा में बग्घी में विराजे अजमीढ़जी का प्रतिरूप सबसे ज्यादा लोगो को मोह रहा था। दादाजी लॉन में आयोजित कार्यक्रम में बच्चो द्वारा विभिन्न धार्मिक गीतों पर नृत्य व अन्य प्रस्तुति दी गई, स्वर्णकार समाज आमला के अध्यक्ष लोकेश सोनी ने जानकारी दी कि स्वर्णकार समाज का प्रत्येक सदस्य महाराज अजमीढ़जी का सैनिक बनकर मानवसेवा व धार्मिक मूल्यों की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है, और हम सिर्फ स्वर्णकार समाज के लिए ही नही  बल्कि पूरी मानव जाति की सेवा के लिए संकल्पित है,यही भाव हमने महाराज अजमीढ़ देव जी से सीखा है। लोकेश सोनी द्वारा बताया गया कि आजकल के धार्मिक आयोजनों में जिस तरह फूहड़ व फिल्मी गीतों का समावेश होने लगा वो बहुत गलत है, स्वर्णकार समाज द्वारा शोभायात्रा एवं नृत्य कार्यक्रम में फिल्मी गीतों की बंदिश रखी गई थी,एवं केवल धार्मिक गीतों को जगह दी गई। दादाजी लॉन में आयोजित इस भव्य आयोजन में बैतूल,मुलताई, सारणी, आठनेर मोरखा के साथ पूरे जिले से आये सामाजिक बन्धुओ ने अपनी उपस्थिति दर्ज  की उन्हें भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया । महाराज अजमीढ़ देव जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे भी पहुँचे एवं अजमीढ़जी की पूजा अर्चना की,इस अवसर पर स्वर्णकार समाज की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया, विधायक महोदय ने स्वर्णकार समाज को भरोसा दिलाया कि समाज के हित मे जो भी अपेक्षा मुझसे की जाएगी उससे पूर्ण करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूँ। कार्यक्रम में आमला थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना का भी शॉल व श्रीफल से सम्मान किया गया। वहीं स्वर्णकार समाज के वयोवृद्ध सदस्यों का सम्मान भी इस कार्यक्रम में कर उनसे आशीर्वाद लिया गया।स्वरूचि भोज के साथ इस विशेष कार्यक्रम का समापन हुआ, हालांकि बारिश ने आयोजन में खलल डालने की बहुत कोशिश की,पर सामाजिक बन्धुओ के उत्साह के आगे बारिश भी बेअसर नजर आईं।

महसूस करो तो सबका है एक-दूसरे से इंसानियत का रिश्ता।

If you realize then everyone has a human relationship with each other. वरना नही तो इस स्वार्थी दुनिया में किसका कौन लगता है। हरिप्रसाद गोहे  आमला । ईश्वर के कार्य मे हाथ बंटाने का एक मौका आज और मिला जनसेवा कल्याण समिति को। आज ग्राम खजरी डेहरी निवासी संगीता पति पिंटू नवड़ेती(उम्र 30 वर्ष) का आमला हॉस्पिटल में निधन हो गया, पिंटू नवड़ेती की आर्थिक स्थिति ऐसी नही थी कि वे उनकी पत्नी का शव गांव ले जा सके और अंतिम संस्कार करवा सके। इस दुखद प्रसंग की सूचना जनसेवा कल्याण समिति को मिली, और बिना विलम्ब किये समिति सदस्य बंटी मिश्रा, नितिन ठाकुर,अमित यादव, पवन मसतकर, वंश सोनी, मोना कनोजे, सुजल साहू और प्रणव मिश्रा सुजल चौहान हॉस्पिटल पहुँचे एवं अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। मृतिका संगीता जी का अंतिम संस्कार आदिवासी समाज के रीति रिवाजों द्वारा समिति सदस्यों ने करवाया, और अथाह दुख अनुभव कर रहे परिवार की परेशानी कम करने की कोशिश की।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आमला का खंड स्तरीय पथ संचलन संपन्न

Block level path sanchalan of Rashtriya Swayamsevak Sangh Amla concluded नगर के विभिन्न मार्गों से निकले पथ संचलन पर पुष्प वर्षा के साथ हुआ स्वयं सेवको का स्वागत हरिप्रसाद गोहे  आमला ।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयदशमी उत्सव के अवसर पर प्रति वर्ष की भांति आमला खंड स्तरीय पथ संचलन संपन्न हुआ । पथ संचलन से पूर्व स्थानीय पुलिस ग्राउंड में स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ। इस अवसर पर अमृत वचन और एकल गीत प्रस्तुत किए गए। मुख्य वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और चेतना पर जोर दिया एव स्वयंसेवक  के रुप में समाज के प्रति दायित्व और कर्तव्य विषय पर संबोधित किया। पथ संचलन स्थानीय पुलिस ग्राउंड से शुरू हुआ एव बस स्टैण्ड जनपद चौक , मेन मार्केट रतेड़ा रोड़ समेत नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः पुलिस ग्राउंड  पहुंचा जिसमें बड़ी संख्या में गणवेशधारी स्वयंसेवक शामिल हुए। आमला नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते समय, पथ संचलन का जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मार्ग पर पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत गाए, जिससे नगर का माहौल और भी उत्साहपूर्ण बन गया ।

विकासखंड समन्वयक अशासकीय विद्यालय  समीक्षा बैठक संपन्न 

Block coordinator non-government school review meeting concluded 

Block coordinator non-government school review meeting concluded  हरिप्रसाद गोहे  आमला । शिक्षा विभाग द्वारा विकासखंड  आमला अंर्तगत विभिन्न अशासकीय शालाओं की आहुत समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक विकासखंड स्रोत समन्वयक मनीष घोटे द्वारा स्थानीय सेंट थॉमस स्कूल में अशासकीय शालाओं के प्रतिनिधियों की  समीक्षा बैठक ली । समीक्षा बैठक में पुर्व निर्धारित मुख्य बिंदु जैसे आवंटित एमपीटास छात्राओं के रजिस्ट्रेशन की स्थिति एव समेकित छात्रवृत्ति की स्थिति, त्रैमासिक परीक्षा परिणाम का विश्लेषण ,विमर्श पोर्टल पर डाटा अपलोड की स्थिति, यूडाइज पर छात्र छात्राओं के इंपोर्ट अपडेशन की स्थिति,बोर्ड परीक्षा आवेदनों की स्थिति, आधार रजिस्ट्रेशन की स्थिति, आई एस टी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के अध्यापन कार्य का विश्लेषण, छात्राओं की उपस्थिति का विश्लेषण व सिलेबस की स्थिति समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए दिशा निर्देश का पालन करने  के साथ समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।  समीक्षा बैठक में आमला ब्लॉक के सभी अशासकीय शालाओं के संचालक  एव शालाअध्यक्ष उपस्थित रहे ।

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