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पन्ना तिराहे पर कुठला पुलिस एवं आरटीओ की संयुक्त कार्रवाई, गुना की घटना के बाद जागे जिम्मेदार.

After the incident in Guna, Panna Tiraha witnessed a joint operation by the police and the RTO, कटनी ! कुठला पुलिस द्वारा आरटीओ के साथ में पन्ना तिराहे पर संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग की गई ज्ञातव्य हो कि विगत दिवस को जिला गुना में हुई बस दुर्घटना की वजह से प्रशासन हरकत में आया है ! और इसी के चलते आज पन्ना तिराहे पर आरटीओ अधिकारी विमलेश गुप्ता एवं थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के द्वारा अपने अपने स्टाफ के साथ पन्ना तिराहे पर सघन वाहन चेकिंग की गई जिसमें कुल 30 बसों को चेक किया गया। चेकिंग के दौरान बसों में अलग-अलग कमियां पाई गई। जैसे ड्राइवर का वर्दी में ना होना, दस्तावेज की कमी, नंबर प्लेट सही ना होना, ओवरलोडिंग आदि। इन्हीं कमियों के कारण चालान किए गए तथा ₹10000 सामान शुल्क वसूल किया गया वाहन चेकिंग के द्वारा ई रिक्शा चालकों को भी पर भी कार्रवाई करते हुए चार ई रिक्शा जप्त किए गए।

एक रात में ही हूई चार दुकानों में चोरी हर्रई पुलिस की लापहरवाही का मामला

Theft in four shops in one night, case of negligence of Harrai police छिंदवाड़ा ! चन्द्रदीप तेकाम छिंदवाड़ा जिले के हर्रई नगर में चोरों ने एक रात में ही चार दुकानों के ताले तोड़े सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात ! हर्रई थाना पुलिस का लापरवाही का मामला किराना दुकान संचालक मोनू गुप्ता के किराना दुकान से 15000₹ केश एवं काजू किशमिश बादाम जिसे टोटल 40000₹ की चोरी हुई मोनू गुप्ता ने बताया कि हर्रई थाना पुलिस रात में गस्त नहीं लगती है नहीं हंड्रेड डायल नहीं पीसीआर गाड़ी हर्रई मे रात्रि को भ्रमण करती है अगर हर्रई पुलिस की लापहरवाही के चलते ऐसी घटनाऐ के अंन्जाम बढ़ते जा रहे हैं हर्रई पुलिस इस घटना को अपने संज्ञान में लेकर मामले की जांच में जुटी हुई है

अग्रवाल और सुबुद्धि को नए साल में प्रमोट करने विभाग ने मांगे पी.पी.सी.एफ के चार नए पद.

The department to promote Agarwal and Subuddhi has sought four new positions for the PPCF in the New Year. उदित नारायणभोपाल। वन विभाग ने सेवानिवृत होने से पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिए राज्य शासन से पीसीसीएफ के चार पद मांगे है। इस आशय का प्रस्ताव मंत्रालय वल्लभ भवन में भेज दिया गया है। राज्य शासन 6 महीने के लिए अस्थाई तौर पर पीसीसीएफ के चार पद स्वीकृत कर सकता है। पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी मिलने के बाद 1991 बैच के दो अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक (वन्य प्राणी) और एपीसीसीएफ (वित्त एवं बजट) पंकज अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के एपीसीसीएफ (विकास) यूके सुबुद्धि तथा वन विकास निगम में पदस्थ एपीसीसीएफ सुदीप सिंह पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी है। 1991 बैच के एपीसीसीएफ पंकज अग्रवाल मार्च 24 में और 1992 बैच के यूके सुबुद्धि नवम्बर 24 में रिटायर हो जाएंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार राज्य में पीसीसीएफ के निर्धारित मापदंड (2%) से अधिक पद पर कार्य कर रहें है। इसके पहले भी वन विभाग ने रिटायरमेंट के पहले के रमन को पीसीसीएफ पद पर प्रमोशन देने की मंशा से राज्य शासन ने पद मांगे थे, जिसे तत्कालीन मुख्य सचिव इक़बाल सिंह बैस ने ख़ारिज कर दिया था।आईएफएस के लिए डीपीसी टलीराज्य सरकार के गठन की प्रक्रिया के चलते 13 राज्य वन सेवा से आईएफएस अवार्ड के लिए 22 दिसंबर को प्रस्तावित पदोन्नति कमेटी की बैठक टल गई है। इस बैठक में 2009 बैच के राज्य वन सेवा के अधिकारी रामकुमार अवधिया को आईएफएस पद पर प्रमोट करने के लिए हरी झंडी मिलने की संभावना थी। कमेटी 2011 बैच के आशीष बांसोड़, विद्याभूषण सिंह, गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड के लिए हरी झंडी दे सकती है। गड़बड़ियों में उलझे रहने की वजह से 2011 बैच की डॉ कल्पना तिवारी और राजबेंद्र मिश्रा के नाम विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि 13 अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड देने के लिए 2011 बैच से 2013 बैच के करीब राज्य वन सेवा के 39 अफसरों के नाम पर मंथन होना था।

रिश्वत लेने के मामले में आरोपी सरपंच व रोजगार सहायक को चार वर्ष का कठोर कारावास

Four years rigorous imprisonment to accused Sarpanch and Employment Assistant in bribery case विषेश संवादाता छतरपुर। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार जैन की अदालत द्वारा आरोपी हीरालाल सौर, सरपंच एवं रोजगार सहायक राममिलन यादव को सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भुगतान करने के एवज में 15000 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 में चार वर्ष कठोर कारावास, व धारा 13 (1)(डी) में चार वर्ष की कठोर कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। प्राप्त जानकारी अनुसार फरियादी गोरेलाल अहिरवार ने दिनांक 23.11.2015 को लोकायुक्त पुलिस सागर को इस आशय की शिकायत की थी मैं मजदूरी का कार्य करता हूॅ मेरे द्वारा ग्राम पंचायत करकी के मजरा गंुजाई में सामुदायिक भवन का छाप एवं फर्स, गेट पुताई का कार्य किया गया था जिसकी लागत मय मटेरियल की एक लाख मंे तय हुई थी, मेरे द्वारा कार्य पूर्ण होने पर सरपंच हीरालाल सौर एवं रोजगार सहायक सचिव राममिलन यादव से मिला तो उन्होने कहा कि हम तुम्हारा पैसा निकलवा देगें लेकिन तुम्हे बाद में कमीशन 15000 लगेगा। सभी मजदूरो एवं सभी मटेरियल का पैसा मिल चुका है सरपंच एवं रोजगार सहायक द्वारा मुझ पर 15000 रूपये रिश्वत देने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, मैं उन्हे रिश्वत नही देना चाहता हूं बल्कि उन्हे रिश्वत लेते हुये रंगे हाथो पकडवाना चाहता हूॅ। आवेदन पत्र के जांच उपरांत फरियादी गोरेलाल अहिरवार को वॉयस रिकार्डर दिया गया जिसमें आरोपीगण द्वारा मांगी जा रही रिश्वत की मांगवार्ता रिकार्ड हो गई। आरोपी सरपंच हीरालाल सौर ने फरियादी से 11000 रूपये नगद रिश्वत सह आरोपी रोजगार सहायक राममिलन यादव को देकर टेªपदल को इशारा किया। ट्रेप दल ने अंदर जाकर आरोपी सरपंच हीरालाल सौर को रंगे हाथो पकड़ा। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया।अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एडीपीओ के.के. गौतम ने पैरवी करते हुए सभी सबूत एवं गबाह कोर्ट में पेश किये एवं आरोपी को कठोर से कठोर सजा की मांग की। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार जैन की कोर्ट ने फैसला सुनाया कि लोक सेवको द्वारा भ्रष्टाचार किया जाना एक विकराल समस्या हो गई है। जो समाज को खोखला कर रही है। भ्रष्टाचार लोकतंत्र और विधि के शासन की नीव को हिला रहा है। ऐसे आरोपियो को सजा देते समय नरम रुख दिखाना कानून की मंशा के विपरीत है और भ्रष्टाचार के प्रति कठोर रुख अपनाया जाना समय की मांग है। कोर्ट ने आरोपी सरपंच हीरालाल सौर एवं आरोपी राममिलन यादव, रोजगार सहायक को भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में चार वर्ष कठोर कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड, व धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) में चार वर्ष की कठोर कैद व 1000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

आठ किलो गाँजा व मोबाईल सहित, मोटर सायकल वाहन जप्त

Eight kilos of ganja and a motorcycle vehicle along with a mobile phone used in the crime were seized. सिवनी। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरुदत्त शर्मा के निर्देशन अनुसार अनुविभागीय अधिकारी को अवैध मादक पदार्थो की तस्करी पर कार्यवाही करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे थे! जो थाना कोतवाली प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर मुखबिर लगाकर गांजा तस्करो एवं बेचने वालो के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया! जिसमें दिनांक 27/12/23 को पुलिस को सफलता प्राप्त हुई मुखबिर से सूचना मिली की दो अलग-अलग रास्तो से गांजा तस्करी होने वाली है, जो थाना प्रभारी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर वरिष्ठ अधिकारियो को सूचना दी गई! कि पलारी तरफ से मरझोर रोड होते हुए सिवनी गांजा तस्करी होने वाली है,जो बताये मुखबिर के अनुसार बाईक पर आ रहे व्यक्ति को रोककर घेराबंदी कर विधिवत तलासी ली गई तो अवैध मादक पदार्थ गांजा तीन किलो राजा बघेल से मिला जिसकी विधिवत कार्यवाही की गई।इसी तारतम्य मे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई, कि नागपुर रोड से सिवनी भी गांजा आने वाला है, जो मुखबिर के बताए हुलिये के अनुसार नागपुर रोड थोक सब्जी मंडी के आगे जोडा फुल के पास एक पल्सर बाईक से आ रहे दो व्यक्तियों को रोका जिनका तलासी लेने पर अवैध मादक पदार्थ गांजा पांच किलो अजय उर्फ अज्जू कोष्ठा एवं अंकित मिश्रा से मिला जिसकी विधिवत कार्यवाही कर । 01. अपराध क्रमांक – 1104/23 धारा 8/20 एनडीपीएसएक्ट आरोपी-अजय उर्फ अज्जू पिता रमेश कोष्ठा उम्र 22 साल निवासी आजाद वार्ड सिवनी,अंकित पिता मायाराम मिश्रा उम्र 26 साल निवासी कबाडे के पीछे टपरा मोहल्ला भगतसिह वार्ड सिवनी, राजा बघेल पिता रघुनाथ बघेल उम्र 47 साल निवासी ग्राम पलारी थाना लखनवाडा 03 किलो गांजा एक पेशन मोटर सायकिल एवं मोबाईल फोन प्राप्त! (कुल मशरूका एक लाख पचास हजार) – 1106/23 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट, 05 किलो गांजा एक पल्सर मोटर सायकल एवं मोबाईल फोन प्राप्त (कुल मशरूका एक लाख पचहत्तर हजार) उक्त कार्यवाही में निरीक्षक सतीश तिवारी, उनि राहुल काकोडिया, सउनि विश्वरंजन रघुवंशी, प्र.आर. रामअवतार डेहरिया, प्र.आर. आत्माराम सिमोनिया, आर. नितेश राजपूत, आर. अमित रघुवंशी, आर. सतीश इनवाती, अभिषेक डेहरिया, महेन्द्र पटेल, शिवम बघेल, इरफान खान, सिध्दार्थ दुबे, मनोज हरिनखेडे, अरविंद मंडराह, अंकित देशमुख इत्यादि की भूमिका अहम रही!

अवैध तरीके से चल रहे ईट भट्टे, खनिज विभाग व पर्यावरण विभाग गहरी नींद में.  

Illegal brick kilns are operating, and the Mineral Department and Environment Department are in deep sleep. मलखान सिंह परमार मुरैना मुरैना ! मुरैना जिले भर में अवैध तरीके से चल रहे ईट भट्टे प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है ! लाल ईट बनाने वाले ईट भट्ठा संचालकों द्वारा कई जगह ईट भट्टे का निर्माण कर लाखों रूपयें की कमाई की जा रही है, वहीं पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है, जबकि ईट भट्ठा के लिए पहले खनिज विभाग व पर्यावरण से इसकी मंजूरी लेकर ईट बनाने का कार्य किया जाता है, लेकिन इस क्षेत्र के रसूखदारों द्वारा बिना स्वीकृति लिए ही ईट भट्ठे का संचालन किया जा रहा है। अवैध ईट भट्ठों से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि राजस्व एवं पानी, मिट्टी, चोरी की बिजली का जमकर इस्तेमाल जमकर किया जा रहा है। इसके कारण लगातार भू जल स्तर गिरता जा रहा है। माखननगर तहसील क्षेत्र के अधिकतर गांवों में जिसमे बागरा,मानागांव, मनबाड़ा,गुड़ारिया मोती , आंचलखेड़ा, पवारखेड़ा खुर्द आदि गांवो में अवैध ईंट भट्टों का संचालन जोरो पर है जिन पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नही होने से अवैध ईंट भट्ठा संचालकों के हौसले बुलंद है। राजस्व और खनिज विभाग की उदासीनता के चलते क्षेत्र में बेखौफ ईंट भट्टों की संख्या बढ़ती जा रही है। कार्रवाई नही होने से संचालकों के हौसले बुलंद अवैध ईट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के अभाव में इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इससे पर्यावरण तो प्रदूषित हो ही रहा है साथ ही राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। ये लोग बड़े पैमाने पर ईंट का निर्माण कर शासकीय व निजी जमीन के खनन करने में लगे हुए हैं। मगर कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबार फल फूल रहा है। अधिक मुनाफा के चलते अवैध करोबार ईंट के व्यपारियों से जुड़े लोगों का मानना है कि ईंट के व्यवसाय में काफी मुनाफा है यही कारण है कि सारे नियम कानून को ताक पर रख कर अवैध ईंट का भट्ठा संचालित किया जा रहा है। अवैध ईंट भट्ठों के चलते शासन को राजस्व नुकसान हो रहा है। भट्ठा संचालक ज्यादा कमाई के लिए सभी नियमों को ताक पर रखने से भी परहेज नही कर रहे है और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को यह नजर नहीं आ रहा है कि जब ईंट बनाने की अनुमति ही नहीं है फिर ये ईंटें कहां से और कैसे आ रही हैं यह जानने की फुरसत संबंधित विभागों को नहीं हैं।

ग्वालियर, जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की तैयारी

Preparation to implement police commissioner system in Gwalior, Jabalpur, decision may be taken in January भोपाल ! प्रदेश में भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने के बाद राज्य सरकार जल्द ही जबलपुर और ग्वालियर में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करेगी। गृह विभाग ने इसके संकेत दिए हैं कि इस मामले में जनवरी में ही सरकार निर्णय ले सकती है। उधर दोनों ही जिलों के पुलिस अधीक्षक को भी मैसेज किया गया है कि सरकार इसको लेकर जल्द फैसला करेगी। साथ ही आवश्यक जानकारी लेने का काम भी जिलों से शुरू किया गया है। बीजेपी के संकल्प पत्र 2023 में ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात कही गई है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में साफ कहा है कि संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करना है और इसके लिए सभी विभागों से सात दिन में आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर सीएम सचिवालय में देने के लिए कहा गया था। सूत्रों का कहना है कि वैसे तो संकल्प पत्र में पुलिस कमिश्नर प्रणाली सरकार बनने के बाद दो साल में लागू करने के लिए कहा गया है लेकिन इसके लिए किसी तरह के अतिरिक्त बजट की जरूरत नहीं है। इसलिए संकल्प पत्र को लेकर सीएम यादव द्वारा दिए गए निर्देश के बाद माना जा रहा था कि इस पर शीघ्र फैसला होगा। अब गृह विभाग ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट भी किया है। इसमें कहा गया है कि मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरी होने की गारंटी, हर नागरिक की सुरक्षा का संकल्प है। जल्द ही ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। इस ट्वीट के बाद यह माना जा रहा है कि मोहन यादव सरकार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले इन दोनों ही जिलों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर सकती है।

चंबल नदी में अवैध खनन, पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिलीभगत।

Illegal mining in the Chambal River, clash between police and forest officers पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिली भगत से चल रहा सारा खेल। Special Correspondent, Sahara Samachaar, Morena. मुरैना।अम्बाह चम्बल नदी मे रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद,की शासन प्रशासन रेत माफियाओं के सामने सरेंडर होता प्रतीत हो रहा है। अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले बीच का पूरा घाट से चंबल नदी के रेत का अवैध खनन रुकने का नाम ही नही ले रहा है अंबाह फॉरेस्ट अधिकारी अपनी चैंबर में कुंभ करन की नींद सो रहे है । फॉरेस्ट अधिकारी न तो किसी घाट का चक्कर लगाने जाते है और न ही किसी रेत माफिया पर कार्यवाई कर रहे है। जिसके चलते रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद होते नज़र आ रहे है बीच के पूरा घाट से चंबल नदी के रेत के अवैध खनन लगातार जारी हैं। क्या रेत माफियायों पर पुलिस प्रशासन और फॉरेस्ट अधिकारी कार्यवाई करने में असमर्थ है ? क्या रेत का अवैध खनन पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिलीभगत से हो रहा है ? ऐसे अनेके प्रकार के सवाल उठते नज़र आ रहे हैं अब देखना ये रहा की अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले बीच का पूरा घाट पर शासन और प्रशासन के द्वारा क्या कार्यवाई की जायेगी या यू ही खेल चलता रहेगा।

सीएम मोहन यादव गुना में घायलों से मिले, पीएम नरेन्द्र मोदी ने जताया दुख.

CM Mohan Yadav met with the injured in Guna; PM Narendra Modi expressed Grief. गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भ‍िंड़त के बाद बस में आग गई थीगुना। गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भ‍िड़ंत के बाद बस में आग गई थी, 13 यात्री जिंदा जल गए और 16 बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्‍यमंत्री डा. मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश दे द‍िए हैं और सम‍ित‍ि का गठन कर द‍िया है। मृतकों व घायलों के ल‍िए आर्थिक सहायता की घोषणा कर दी गई है। मुख्‍यमंत्री ने गुना में अस्‍पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। मुख्‍यमंत्री ने पर‍िजनों से भी मुलाकात की है, इस मौके पर भारी संख्‍या में भीड जमा हो गई थी। पीएम मोदी ने लिखा- हादसा हृदयविदारक हैप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा मध्य प्रदेश के गुना में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। इसके साथ ही इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।भाजपा नेता धर्मेंद्र सिकरवार की बस है और जिस डंपर से टकराई वो कांग्रेस नेता अनिल नायक का है ! इससे पहले गुना रवाना होने से पहले गुना हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गुना की घटना बहुत दुखःद है। मैंने रात में DM और SP से बात भी की थी। अभी मैं खुद जा रहा हूं। हम कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसी कोई घटना नहीं हो। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। जो भी कोई जिम्मेदार होगा किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। सभी मृतकों के परिवार और घायलों के साथ मेरी संवेदना है। सीएम ने कहा कि कल रात गुना जिले में हुई घटना अत्‍यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस विषय पर मैंने जिले के कलेक्टर, एसपी व अन्‍य अधिकारियों से बात कर घटना की विस्‍तार से जानकारी ली है।उन्‍होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा ना हो, इस बात की हम पूरी कोशिश करेंगे; इसके लिए सड़कों पर इस तरह के जो भी डेंजर जोन हैं, उनको चिन्हित कर आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

मध्य प्रदेश पुलिस ने किया डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन

Madhya Pradesh Police performed excellently in the digital field. एनसीआरबी, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया सम्मान, पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर डीजीपी श्री सक्सेना ने पुलिस टीम को दी बधाई भोपाल ! पुलिसिंग में तकनीकी पहल करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की एससीआरबी टीम ने नई दिल्ली में पुरस्कार प्राप्त करने के बाद आज मप्र पुलिस के मुखिया डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना से सौजन्य भेंट की। यह उपलब्धि प्राप्त करने पर डीजीपी श्री सक्सेना ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसके लिए पूरी टीम को बधाई दी व उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मध्य प्रदेश पुलिस को नवीन ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। जिन्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है, वे इसे कायम रखें और जो दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं, वे आगामी वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त करने का प्रयास करें।इस अवसर पर भोपाल के पुलिस मुख्यालय, एससीआरबी में पदस्थ एडीजी श्री चंचल शेखर, एआईजी प्रांजलि शुक्ला, निरीक्षक डॉली गोस्वामी, प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) अंकुश सोनी और अर्शदीप सिंह सहित पूरी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस को मिला प्रथम पुरस्कार :-उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में 21-22 दिसंबर 2023 को आयोजित “Conference on Good Practices in CCTNS/ICJS, 2023 ” में राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्‍यूरो (एनसीआरबी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं आईसीजेएस का उपयोग करते हुए अपराधों की रोकथाम करने के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। आईसीजेएस (इन्टर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य के लिए संपूर्ण देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मध्य प्रदेश पुलिस को यह ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही प्रदेश की फॉरेंसिक शाखा को देशभर में द्वितीय स्थान और मध्य प्रदेश पुलिस को e-Rakshak Mobile App की नई पहल के लिए भी तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। शीघ्र एवं पारदर्शी विवेचना के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है आईसीजेएस :-एडीजी एससीआरबी श्री चंचल शेखर ने बताया कि मध्यप्रदेश में आईसीजेएस के क्रियान्वयन में राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। एससीआरबी सभी पिलर्स के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करता है ताकि आईसीजेएस का सुचारू रूप से संचालन, अपराधों की शीघ्रता से विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। एससीआरबी द्वारा सभी पिलर्स की मासिक बैठक लेकर समस्याओं का समाधान करने के साथ ही इनकी रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय की ई-कमेटी को प्रेषित की जाती है।इन्टर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) माननीय सर्वाेच्च न्यायालय की ई-कमेटी की एक पहल है। यह आपराधिक एवं न्यायिक प्रणाली को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईसीजेएस मुख्यत: एक एकीकृत पोर्टल है, जो पुलिस, जेल, फॉरेंसिक, प्रॉसिक्यूशन और न्यायिक विभागों को संयुक्त स्थानीय न्यायिक प्रणाली से जोड़ता है और अपराधों की विवेचना व कार्रवाई में सुधार करने में सहायता करता है। इस प्रणाली का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार लाना है ताकि विभिन्न संगठनों और विभागों के बीच समन्वय बढ़े और कार्यप्रणाली में सुधार हो सके। पैन इंडिया क्रिमिनल रिकॉर्ड सर्च, आइडेंटिफिकेशन ऑफ क्रिमिनल नेटवर्क, 360 डिग्री प्रोफाइलिंग ऑफ सस्पेक्ट आदि इसकी विशेषताएं हैं। अपराधों पर नियंत्रण का मापदंड होता है चयन का आधार :-एडीजी एससीआरबी श्री चंचल शेखर ने बताया कि आईसीजेएस पोर्टल में उत्कृष्ट प्रदर्शन मुख्यत: चार बिंदुओं पर आधारित है, जिन पर मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सफलता पूर्वक कार्य किया गया है।प्रदेश में घटित होने वाली घटनाओं में संलिप्त लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच, जो कि जनवरी 2023 तक 3 लाख 50 हजार थीं, जो नवंबर में बढ़कर 56 लाख हो गई हैं।आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों में जानकारी का अधिक से अधिक आदान-प्रदान होना – एफएसएल की जांचों की जानकारियों का आदान-प्रदान देश में पहली बार मध्य प्रदेश में व्यवस्थित रूप से किया गया।आईसीजेएस के उपयोग से अपराधियों तक पहुंचनामध्य प्रदेश में पहली बार जिले एवं तहसील स्तर के न्यायाधीशों का आईसीजेएस में प्रशिक्षण एवं उपयोग किया गया।

कैमोर पुलिस की जिला बदर का उल्लंघन करने पर आरोपी के विरुद्ध की कठोर कार्यवाही

Severe action taken against the accused for trespassing by the Kamor Police. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Katni. कटनी, कैमोर पुलिस की जिला बदर का उल्लंघन करने पर आरोपी के विरुद्ध की कठोर कार्यवाही। 24/दिसम्बर को मुखबिर सूचना के आधार पर थाना कैमोर पुलिस द्वारा जिला दंडाधिकारी कटनी के जिलाबदर आदेश का उल्लंघन कर थाना कैमोर क्षेत्र मैं घूम रहे आरोपी दीपक उर्फ जानू गुप्ता पिता राजू उर्फ राजेश गुप्ता उम्र 20 साल निवासी ग्राम अमहेटा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

ग्वालियर के पुरानी छावनी में रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म.

Sexual assault on a 15-year-old female student residing in Old Cantonment, Gwalior. ग्वालियर । ग्वालियर के पुरानी छावनी में रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। छात्रा के साथ मौसेरे भाई ने ही ज्यादती की। इतना ही नहीं उसके फोटो भी खींच लिए। इन्हें बहुप्रसारित करने की धमकी देकर उसे दोबारा बुलाया। जब छात्रा ने इनकार किया तो फोटो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित कर दिए। छात्रा के परिजन उसे थाने लेकर पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करवाई है.पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव निवासी पन्द्रह वर्षीय छात्रा घर के पास कोचिंग पढ़ती है। उसकी मौसी की जेठानी के बेटे निवासी अलापुर, मुरैना से शादी में मुलाकात हुई। फिर फोन पर बात होने लगी। छात्रा कुछ दिन पहले अपनी कोचिंग पर थी। इसी दौरान शिवम का फोन आया। शिवम ने उसे मिलने के लिए बुलाया। शिवम ने कहा- उसका जन्मदिन है। जन्मदिन की पार्टी के लिए वह उसे बहोड़ापुर इलाके में रेस्त्रां पर ले गया। यहां दोनों ने बर्गर खाया। किशोरी ने बर्गर खाई तो उसकी आंख के सामने अंधेरा छाने लगा। छात्रा को वह अपने परिचित के घर लेकर पहुंचा। इसके बाद छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने विरोध किया तो उसे धमकाने लगा। उसने फोटो खींच लिए। इंटरनेट मीडिया पर फोटो बहुप्रसारित करने की धमकी देकर उसने छात्रा को चुप करा दिया। छात्रा ने किसी को कुछ नहीं बताया। उसने छात्रा के फोटो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड कर दिए। इसके बाद पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस  को दी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. बाईट अमृत मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

थाना कमला नगर पुलिस ने 06 घंटे मे मोबाईल लूट का किया पर्दाफास.

Kamla Nagar Police Station cracked the case of mobile phone robbery within 6 hours. • तीन आरोपियो को किया गिरफ्तार, लूटे गये दो मोबाईल व घटना मे प्रयुक्त मोटर सायकल तथा फोल्डिंग चाकू किया वरामद, दो आरोपियो का है पूर्व का आपराधिक रिकार्ड, अपने शौक को पूरा करने के लिये की लूट की वारदात, लूटे गये मोबाईल को थे बेचने की फिराक मे.     सैर सपाटा रोड पर हुई लूट के संबंध मे मुखबिर तंत्र विकसित कर शतप्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने पुलिस आयुक्त नगरीय भोपाल श्री हरिनारायणाचारी मिश्र व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल श्री अवधेश गोस्वामी द्वारा समुचित दिशा निर्देश दिये गये है ।                उक्त अनुक्रम मे श्री रामजी श्रीवास्तव पुलिस उपायुक्त जोन-01 भोपाल एवं अतिरिक्त पुलिसउपायुक्त जोन-01 श्रीमान शशांक एवं सहायक पुलिस आयुक्त टीटीनगर संभाग भोपाल श्रीमान चंद्रशेखर पाण्डेय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी थाना  कमला नगर निरीक्षक निरुपा पाण्डेय और उनकी टीम ने मुखबिर तंत्र विकसित करते हुए लूट के तीन आरोपियो को थाने पर प्राप्त सूचना के 06 घंटे के भीतर  गिरफ्तार कर लूटे गये दो मोबाईल घटना मे प्रयुक्त मोटर सायकिल व फोल्डिंग चाकू बरामद किया ।  घटना का संक्षिप्त विवरण – दिनांक 25.12.2023 को फरियादी अभिमन्यु पाण्डेय निवासी प्रेमपुरा अपने पिता व दोस्त के साथ थाना आया मौखिक बताया कि दिनांक 24.12.2023 का शाम 09.30 वजे मै अपने दोस्त कवीर के साथ जवाहर चौक से मोबाईल खरीद कर पैदल अपने घर वापस जा रहा था जैसे ही सयाजी होटल के आगे जंगल के पास मोड पर पहुंचे उसी समय तीन अज्ञात लडके मोटर सायकिल से हमारे पास आये जिसमे दो लडके मोटर सायकिल से नीचे उतरकर हमसे बात करने के लिये मोबाईल मांगने लगे हमने मोबाईल देने से मान किया तो उसमे से एक लडके ने मेरी गर्दन पर चाकू रख दिया तथा दुसरे लडके ने मेरे दोस्त कवीर के गाल पर चाटा मारकर हमारे मोबाईल छीन लिये तीसरा लडका मोटर सायकिल चालू करके खडा था उसकी गाडी मे बैठकर तीनो लडके मोबाईल लेकर भाग गये जाते जाते मैने मोटर सायकिल का नंवर देख लिया था की रिपोर्ट पर असल अपराध क्रमांक 739/2023 धारा 394 भादवि का कायम कर विवेचना में लिया गया ।    पुलिस के व्दारा जप्त किये गये मशरूका का विवरण- 1 रेडमी 9 पावर का टच मोबाईल          01 2 हिरो कंपनी का की-पेड मोबाईल         01 3  फोल्डिंग चाकू                               01 4 बजाज पल्सर एनएस    एमपी 04 जेडएन 0509                                                                                                                गिरफ्तार आरोपी का विवरण –  (1). संजू जाटव पिता संतोष जाटव उम्र 23 साल नि. म.न. 105 हनुमान मंदिर के पास नया वसेरा (2). सुमित चन्नाल पिता प्रकाश चन्नाल उम्र 18 साल नि. म.न. 3350 हनुमान मंदिर के पास नया वसेरा (3). हर्ष पाल उर्फ विट्टू पिता किश्वर पाल उम्र 18 साल नि. म.न. 120 छत्तीसगढ बरगद मंदिर के पास नया वसेरा  सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी निरीक्षक सुश्री निरूपा पाण्डेय  उनि अफसार खान  उनि शैलेन्द्र सिंह सउनि मो. सादिक प्रआर 1621 दिनेश सिंह , 947 मुकेश , 1651 छत्रपाल सिंह की सराहनीय भूमिका रही है ।

कम हुआ शोर, कहीं खुद ने तो कहीं पुलिस की मदद से हटे लाउड स्पीकर, जारी किया हेल्पलाइन नंबर 0755-2730395.

The noise reduced… Some removed loudspeakers on their own, while in other cases, with the assistance of the police. The helpline number 0755-2730395 has been issued for help. जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है , 0755-2730395, 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद 619 स्थलों से हटे. भोपाल। ध्वनि के मानक तय करने के बाद कलेक्टर की तरफ से जारी किए गए धारा-144 के आदेश का असर जिले में दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों में ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने 462 धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। कुछ लोगों ने खुद तो कहीं पुलिस की मदद से लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं। करीब 619 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर अब तक हट चुके हैं। वहीं 356 धार्मिक स्थल ऐसे थे जहां तय मानक से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर और डीजे बजाया जाता था, वहां की आवाज कम कराई गई है। 126 धार्मिक स्थल ऐसे हैं जहां पूरी तरह से लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। ये कार्रवाई शहर के 34 थाना क्षेत्रों में की गई है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि डीजे और लाउडस्पीकर को लेकर प्रशासन सख्ती बरत रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें धारा-144 के आदेश पर अमल करा रही हैं। तेज आवाज डीजे, लाउडस्पीकर बजे तो हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत, 0755-2730395 शादियों सहित अन्य कार्यक्रमों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे, लाउड स्पीकर और धार्मिक स्थलों पर बज रहे लाउडस्पीकर को लेकर जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जिस पर कॉल कर कार्रवाई करा सकेंगे। नंबर- 0755-2730395 जारी किया है।आम लोग साउंड संबंधी सभी तरह की शिकायत इस नंबर पर कर सकेंगे। यहां आने वाली शिकायत को संबंधित एसडीएम और थाने में ट्रांसफर की जाएगी। जिसके आधार पर धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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