मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, देखें सूची
Major administrative surgery in Madhya Pradesh Police Department, see list
Major administrative surgery in Madhya Pradesh Police Department, see list
Major administrative surgery in Madhya Pradesh Police Department, see list
Dewas Police’s ‘Operation Trinetram’, crime will be controlled with CCTV cameras worth Rs 10 lakh मध्य प्रदेश की देवास पुलिस ने अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्रम शुरू किया है. इस अभियान के तहत लोगों ने 10 लाख रुपए खर्च किए हैं. अभी भी अभियान जारी है. इस अभियान का उद्देश्य देवास जिले में अपराधों की रोकथाम करना है. एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि यह अभियान के जरिए पूरे जिले में 275 कैमरे लगाए गए हैं. देवास एसपी पुनीत गहलोद ने बताया कि देवास जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्रम के जरिए लोगों और व्यापारियों को सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पुलिस द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी कड़ी में लगभग 10 लाख रुपए कीमत के 275 नए कैमरे पूरे जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में स्थापित किए गए. उन्होंने बताया कि कैमरा कानून व्यवस्था का पालन करने और अपराधों पर नियंत्रण रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है. कैमरा स्थापित करने के लिए लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. इसके अलावा जो इस अभियान में आगे बढ़कर कैमरा लगा रहे हैं, उन्हें पुलिस सम्मानित भी कर रही है. यह अभियान 1 नवंबर से शुरू किया गया था. वैज्ञानिक साक्षी के रूप में अहम भूमिका पुलिस अधीक्षक में चर्चा के दौरान बताया कि सीसीटीवी कैमरा अपराध रोकने के साथ-साथ अपराध निराकरण एवं न्यायालयीन विचाराधीन प्रकरणों में वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में अहम भूमिका निभा रहा है. पुलिस द्वारा प्रतिदिन चौपाल के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक कैमरा स्थापित करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है, जिससे प्रभावित होकर लोगों द्वारा सकारात्मक सहयोग दिया जा रहा है. चोरी और गंभीर अपराधों पर नकेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरी और गंभीर अपराधों में सीसीटीवी कैमरा लगने से कहीं ना कहीं कमी आती है. इसके अलावा जहां अपराध घटित होता है, वहां सबूत के रूप में कैमरे के फुटेज सामने आ जाते हैं, जिससे आरोपी को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती है. इसके अलावा इसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में न्यायालय भी काफी महत्व दे रही है, इसलिए लोगों को लगातार सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
Big action by Jabalpur SP, 22 department lines involved simultaneously, were helping the criminal जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर ने एसपी संपत उपाध्याय ने क्राइम ब्रांच विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच किया है। बताया जा रहा है कि, इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। सूत्रों की माने तो, कई पुलिसकर्मियों पर आरोप था कि वे कार्रवाई होने से पहले ही मुखबिरी कर दिया करते थे। जिससे पुलिस के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। इन पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपियों को पहले ही कार्रवाई के बारे में बता दिया जाता था। जिससे पुलिस के पहुंचने के पहले ही आरोपी फरार हो जाते थे। या फिर अलर्ट हो जाते थे। ऐसे में पुलिस के बड़े-बड़े ऑपरेशन फेल हो रहे थे। लिहाजा इस स्थिति को देखते हुए एसपी ने ये कड़ा कदम उठाया। बतादें कि, यह पहली बार नहीं है जब जबलपुर क्राइम ब्रांच में इतनी बड़ी संख्या में तबादले हुए हों। इससे पहले भी कई पुलिसकर्मियों को एक साथ क्राइम ब्रांच से हटाया जा चुका है। पुलिस विभाग इस प्रक्रिया को सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई बता रहा है।
Security personnel beat the young man, then poured petrol and set him on fire जबलपुर: एक दिल दहला देने वाली घटना जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र से सामने आई है. जहां आए दिन शराब पीने बैठे युवक के बीच रोज-रोज की बेइज्जती से परेशान होकर निजी प्रेस बिल्डिंग के अंदर दो सुरक्षा कर्मियों ने 35 वर्षीय युवक की हत्या कर दी और शव को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया. वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने थाने जाकर सरेंडर कर दिया. जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है. क्या है पूरा मामला यह घटना एक निजी प्रिंटिंग प्रेस की बिल्डिंग में हुई. जो कई सालों से बंद पड़ी थी. बैंक ने इस बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए हेमराज सरिया और ज्ञानी सिंह ठाकुर को तैनात किया था. मृतक विकास पटेल इसी बिल्डिंग के पास पान की दुकान चलाता था. पिछले कुछ महीनों से विकास और दोनों सुरक्षा कर्मी अक्सर साथ में शराब पीते थे. घटना के दिन भी तीनों ने शराब पी. नशे की हालत में किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद हेमराज और ज्ञानी ने विकास पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया. विकास की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को बिल्डिंग के अंदर ले जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. आग की लपटें और धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, जबकि पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस का बयान ओमती थाना टीआई राजपाल बघेल ने बताया कि “दोनों आरोपी बैतूल और डिंडौरी के रहने वाले हैं. हत्या की मुख्य वजह आपसी विवाद है. आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही मृतक ओमती थाना जिला बदर यानी कि एनएसए का भी आरोपी था, जो पुलिस थाने जाकर हाजिरी लगाता था. इस बीच, घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी खुद ओमती थाना पहुंचे और सरेंडर कर दिया. प्रारंभिक पूछताछ में हत्या के पीछे आपसी विवाद की वजह सामने आई है. यह जघन्य घटना आपसी विवाद के गंभीर परिणामों को दर्शाती है. पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
Now public hearing will be held at police stations, DGP Kailash Makwana gave orders मध्य प्रदेश में अब पुलिस थानों पर ही लोगों की जनसुनवाई हो जाएगी. उन्हें पुलिस अधीक्षक के दफ्तर तक नहीं जाना पड़ेगा. प्रदेश के नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह निर्देश दिया है. उनका मानना है कि इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. इसके अलावा छोटी-छोटी शिकायतों का निराकरण पुलिस थाने पर ही हो जाएगा. मध्य प्रदेश के नए पुलिस मुखिया कैलाश मकवाना ने लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा, अब लोगों को जन सुनवाई के लिए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि पुलिस थाने में ही हर मंगलवार जनसुनवाई हो जाएगी. पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण किया जाएगा, यदि पुलिस थानों पर शिकायत का निराकरण नहीं होता तो फिर पीड़ित आगे शिकायत कर सकता है. अभी तक यहा होती थी जनसुनवाईअभी तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जन सुनवाई का सिलसिला मंगलवार को चलता था. इसके अलावा डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारी भी जनसुनवाई करते थे. नए आदेश से काफी बदलाव आने की संभावना है. जनसुनवाई के नए आदेश के बाद अब पुलिस थानों पर अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण करने की जिम्मेदारी रहेगी. इसके अलावा शिकायतकर्ता को न्याय मिलने में होने वाली देरी भी कम होगी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शिकायतों का पुलिस थाने पर जल्द ही निराकरण करने पर कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा. नई व्यवस्था को लेकर फिलहाल तारीख नहीं सामने आई है, लेकिन यह कहा जा रहा है कि अगले मंगलवार से ही नई व्यवस्था लागू हो सकती है.
मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरामध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है।सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामीबता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी।
MP Amazing: Public service outweighs wife’s service; police station in-charge suspended मुरैना ! जिले के एक थाना प्रभारी को बिना अनुमति पत्नी को शॉपिंग करना भारी पड़ गया. दरहअल, जिस मॉल में थाना प्रभारी शॉपिंग कर रहे थे. उसी मॉल में पुलिस अधीक्षक भी पहुंच गए. जैसे ही दोनों का आमना-सामना हुआ तो थाना प्रभारी ने डिसिप्लिन फॉलो करते हुए एसपी को सैल्यूट किया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पूछ लिया कि वह किसके आदेश से यहां आए हैं. थाना प्रभारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो एसपी साहब ने उन्हें निलंबित कर दिया. थाना छोड़ शॉपिंग करने मॉल पहुंचे टीआई आपको बता दें कि मुरैना जिले के रिठौराकलां थाना प्रभारी जितेंद्र दौहरे मंगलवार रात करीब 8 बजे पत्नी के साथ ग्वालियर मॉल पहुंचे थे. तभी अचानक से मॉल में घूम रहे मुरैना पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ पर उनकी नजर पड़ी, तो उन्होंने सैल्यूट भी किया. उसके बाद दोनों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और पुलिस अधीक्षक ने पूंछ लिया की आप किसकी परमिशन लेकर के थाने को छोड़कर आए हैं. थाना किसके हवाले कर के आए हैं? इसके बाद पुलिस अधीक्षक को संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने लौट कर के थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया. निलंबन का आदेश जारी पुलिस अधीक्षक ने निलंबन के आदेश में लिखा है, ” थाना प्रभारी द्वारा बिना किसी को सूचना दिए थाने को छोड़ना यह पद के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता है.” एसपी के आदेश के मुताबिक अब टीआई को पुलिस लाइन में सुबह शाम की गणना में शामिल होना होगा और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे. निलंबन के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा. निलंबन का आदेश अब सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है. थाना प्रभारी का निलंबन बना चर्चा का विषय एसपी द्वारा थाना प्रभारी को निलंबित करने के बाद राजनीतिक गजलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. हर ओर एक ही चर्चा हो रही है कि क्या पुलिस अधीक्षक भी किसी वरिष्ठ अधिकारी से परमिशन लेकर के जिला मुख्यालय को छोड़कर गए थे, या फिर किसी वीवीआईपी की ड्यूटी में तैनात किया गया था?
Cyber help desk will soon be set up in Bhopal police stations, skilled policemen will be deployed to assist the complainant. भोपाल। राजधानी की पुलिस साइबर ठगी की रोकथाम, इसका शिकार हुए लोगों की मदद के लिए एक और नवाचार करने जा रही है। अब राजधानी के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। एक दिसंबर से सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन शुरू हो जाएगा। यहां पर पांच लाख रुपये तक की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी। यह होगा लाभ इससे न सिर्फ साइबर ठगी के पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में सहूलियत होगी, बल्कि साइबर क्राइम सेल का भार भी कम होगा। साथ ही जल्द शिकायत होने से पीड़ितों की ठगी गई राशि भी साइबर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर होल्ड करेगी, जिससे रिफंड होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।थानों की साइबर डेस्क में साइबर अपराध की इस चुनौती से निपटने के लिए शहर के हर थाने से दस पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम में गुरुवार से छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से जुड़ी बारिकीयों की जानकारी दी जा रही है। साइबर विशेषज्ञ अधिकारी दे रहे प्रशिक्षण डीसीपी क्राइम अखिल पटेल ने बताया कि साइबर डेस्क संचालन के लिए तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है। फिलहाल छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 20 साइबर विशेषज्ञ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय पोर्टल एनसीसीआरपी, जेएमआईएस एवं सीईआइआर पर डाटा अपलोड करने के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही टेलीकॉम कंपनी एवं अन्य तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। बड़े मामले राज्य साइबर पुलिस ही संभालेगीसाइबर अपराध की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रहा है कि अब 5 लाख रुपय तक ऑनलाइन ठगी की शिकायत थानों में दर्ज कराई जा सकेगी। हालांकि पांच लाख रुपए से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की जांच स्टेट साइबर पुलिस ही करेगी। यानी बड़ी साइबर ठगी के शिकार लोगों को भदभदा स्थित राज्य साइबर पुलिस के कार्यालय में ही शिकायत दर्ज करानी होगी।
Fearless scoundrels, leave the common man, even the police are not safe here, a soldier was fatally attacked and looted. शहडोल ! मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था के दावों के बावजूद गुंडे-बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। आलम ये है कि, बदमाशों पर से कानून तक का खौफ मानों खत्म हो चुका है। यही वजह है कि बदमाश आमजन के साथ किसी जुर्म को अंजाम देना तो छोड़िए लोगों की सुरक्षा में लगी पुलिस तक को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली शहडोल जिले में, जहां कुछ बदमाशों ने एक पुलिसकर्मी पर ही न सिर्फ जानलेवा हमला किया, बल्कि लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हमले में पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि, ये हैरान कर देने वाला मामला अमलाई थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले बटुरा मौहरी दाई माता मंदिर के पास घटा है। यहां बुधवार रात अनूपपुर यातयात में पदस्थ आरक्षक सुखसेन कोल पर राजू सरंगिया ,संजय सूरज समेत अन्य बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पुलिस आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यही नहीं, जान से मारने की नियत से आए बदमाश पुलिसकर्मी को गंभीर हालत में पड़ा छोड़कर उसका मोबाइल, वायरलेस और कैश लूटकर भाग निकले। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इधर, घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने आरक्षक को गंभीर हालत में पड़ा देखा तो वो तत्काल ही उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरु कर दिया गया है। वारदात की सूचना मिलते ही अनूपपुर और शहडोल पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
Police station Tilajamalpura exposed Nakbajani in a few hours भोपाल ! पुलिस आयुक्त महोदय नगरीय पुलिस भोपाल श्रीमान हरिनारायण चारी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(का.व्य.) महोदय नगरीय पुलिस जिला भोपाल श्रीमान अवधेश कुमार गोस्वामी (भा.पु.से.) , पुलिस उपायुक्त महोदय जोन 03 भोपाल श्रीमान रियाज इकबाल(भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महोदय जोन 03 भोपाल श्रीमति शालिनी दीक्षित (रा.पु.से.), सहायक पुलिस आयुक्त महोदय शाह.बाद संभाग भोपाल श्रीमान निहित उपाध्याय (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन मे अपराधो की रोकथाम एवं चोरी/नकबजनी/वाहन चोरो की धडपकड का अभियान चलाया जा रहा है ।घटना का विवरण :- दिनांक 18/11/24 को फरियादिया श्रीमती लता सिरमोरिया पति मनोज सिरमोरिया उम 36 साल निवासी म.न. 365 गली न. 04 कबीटपुरा थाना टीलाजमालपुरा भोपाल ने थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट किया कि वह दिनाँक 17/11/2024 के रात्री नौ बजे मैं अपने पति के साथ घर के दरवाजे मे ताला लगाकर अपने अपने पति के साथ रिश्तेदार के यहाँ शादी में छोला भोपाल गऐ थे दिनांक 18/11/2024 को सुबह 06/00 बजे घर आए तो देखा की लगा हुआ दरवाजे पर ताला नही था दरवाजे खुले थे अन्दर जा कर देखा तो गोदरेज की अलमारी के लॉकर टूटा हुआ था लाकर में रखे हुए सोने चाँदी के नये व इस्तेमाली आभूषण कीमती करीबन 5,00,000/- रूपये कोई अज्ञात चोर चौरी करके ले गया है। कि रिपोर्ट पर थाना टीलाजमालपुरा में असल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। एवं सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया जिनके मार्गदर्शन में टीम घठित कर अज्ञात चोरो की तलाश मुखविर तंत्र विकसित कर निगरानी गुण्डा बदमाशो की चैकिंग व पूछताछ की गयी। संदेहियों (1)अजहर अली पिता अनवर अली, (2)सरवर अली पिता अनवर अली को अभिरक्षा मे लेकर हिकमतअमली व सख़्ती से पूछताछ करने पर संदेहियों के द्वारा उक्त चोरी नकबजनी की घटना कारित करना स्वीकार किए। आरोपीगणों से चोरी गये सोने चांदी के आभूषण व नगदी रूपये कुल कीमती 5,00,000/- रूपये बरामद किये गये।नकबजनों से बरामद नगदी व आभूषण –(01) मगलंसूत्र बडा लोकेट 06 चपटे मोती वाला (10 ग्राम करीबन)(02) मंगलसूत्र मिडियम लोकेट 06 चावल मोती 06 छोटे गोल मोती वाला। (6 ग्राम करीबन)(03) एक छोटे लोकेट वाला मंगलसूत्र 06 चावल दाने लगे है। (2 ग्राम करीबन)(04) 4 सोने के कडे (25 ग्राम करीबन)(05) सोने के एक जोड झुमकी (7 ग्राम करीबन)(06) सोने के एक जोड झुमकी (6 ग्राम करीबन)(07) सोने के एक जोड टॉप्स (4 ग्राम करीबन)(08) सोने के एक जोड टॉप्स (3 ग्राम करीबन)(09) दो लोकेट सोने के गणेश जी के छोटे बडे । (1 ग्राम करीबन)(10) नाक की चार नत्थ छोटी एक नाक की लोंग सोने की नग लगे हुए। (1 ग्राम करीबन)(11) एक मोती ढोलक सोने की परत चढी हुई । (1 ग्राम करीबन)(12) एक सोने की चेन (06 ग्राम करीबन)(13) एक सोनी हाय चंद्रमा लोकेट चार सोने की मोती छोटे । (1 ग्राम करीबन)(14) बडी पायल एक जोड (250 ग्राम करीबन)(15) मझौली पायल एक जोड (125 ग्राम करीबन)(16) छोटी पायल एक जोड (150 ग्राम करीबन)(17) एक जोड चाँदी के कढे एक जोड बडे एक जोड नग लगे (60 ग्राम करीबन)(18) एक जोड चाँदी के कढे एक जोड बडे एक जोड नग लगे (40 ग्राम करीबन)(19) चार चूडी पतली (20 ग्राम करीबन)(20) बच्चो के कडे 08 (50 ग्राम करीबन)(21) 01 हाफ करधन (250 ग्राम करीबन)(22) 01 पतला चाँदी का फुल करधन (50 ग्राम करीबन)(23) 01 जोड हाथ फुल (40 ग्राम करीबन)(24) 01 कमर गुच्छा चाँदी का (100 ग्राम करीबन)(25) 02 चाँदी की चेन (20 ग्राम करीबन)(26) 04 चाँदी की अंगुठी (10 ग्राम करीबन)(27) 11 जोड बिछिया (70 ग्राम करीबन)(28) 02 ब्रेसलेट चाँदी के बच्चो के (20 ग्राम करीबन)(29) 02 चाँदी के सिक्के (20 ग्राम करीबन)(30) 02 बच्चो के कंमर डोरा (50 ग्राम करीबन)(31) 5000/- रूपये नकदी (पांच हजार रूपये)(32) कुल कीमती 5,00,000/- रुपये (पांच लाख रूपये) का माल बरामद किया गया । गिरफ्तारशुदा आरोपी- सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी निरीक्षक सरिता बर्मन, उनि बी पी विश्वकर्मा, सउनि अमर सिंह, प्रआर 749 लोकेश जोशी, आर 4599 जितेन्द्र पाल, आर 1295 हरिओम, की सराहनीय भूमिका रही।
10 lakh rupees were cheated from businessman by digital arrest, threatened in the name of fake FIR रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में डेढ़ महीने के अंदर आनलाइन स्टोर कारोबारी को दूसरी बार ठगने का मामला सामने आया है। शिकायत पर समान थाना पुलिस ने शनिवार देर शाम प्रकरण दर्ज किया। फर्जी FIR की दर्ज10 नवंबर को हुई घटना में कारोबारी को ठगों ने सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक फर्जी एफआइआर के नाम पर डरा-धमकाकर डिजिटल अरेस्ट रखा और 10 लाख 73 हजार रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिए। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के अनुसार नेहरू नगर निवासी नितिन वर्मा से ठगों ने 19 अक्टूबर को आनलाइन कार्य के लिए 50 हजार रुपये ठग लिए थे।
Police Commissioner cheated with fake FB ID: Transaction worth Rs 92 lakh found in bank accounts भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल पुलिस कमिश्नर की फर्जी फेसबुक आईडी से ठगी मामले में अपडेट सामने आया हैं। दो बैंक खातों में 92 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। यह दोनों खाते किराये पर लिए गए थे। पकड़े गए आरोपियों से 10 खाते मिले है। आरोपियों ने पूछताछ में 100 से ज्यादा ठगी की वारदात कबूली है। लड़की की आवाज़ में बातचीत, फिर रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेल कर भी ठगी की गई। मध्य प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा और दिल्ली तक से अकाउंट में पैसे आने के सबूत मिले है। दरअसल, भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों के साथ ठगी करने वाले दो शातिर बदमाशों को भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान से गिरफ्तार किया था। दोनों ही आरोपी बड़े पदों पर पदस्थ अधिकारियों के फोटो और नाम से फर्जी फेसबुक ID बनाते थे। इसके बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट में जुड़े लोगों से फर्जी आईडी से दोस्ती कर लेते थे। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए आरोपी के नाम शकील पिता आशु उर्फ़ आश मोहम्मद (24) निवासी नगला बंजरिका सदन का बांस थाना बगड़ तिराहा। वहीं दूसरे का नाम सुनील कुमार पिता सूरज कुमार (26) निवासी नगला बंजरिका सदन का बांस थाना बगड़ तिराहा है। दोनों ठग इतने शातिर थे कि अधिकारियों को ट्रांसफर होने का बताकर सस्ते दामों में फर्नीचर बेचने का झांसा देते थे। इसके बाद बिल बनवाने और ट्रांसपोर्ट से भेजने के नाम पर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। भोपाल क्राइम ब्रांच को आरोपियों से लगभग 100 लोगों से धोखाधड़ी करने के सबूत मिले थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
Even khaki is not safe in the state: Youths beat up ASI on duty राजगढ़। मध्य प्रदेश में इन दिनों बदमाशों के हौसले बुलंद है। हाल ये हो गए हैं कि, सुरक्षा देने वाली पुलिस ही सुरक्षित नहीं रहे। ताजा मामला राजगढ़ से सामने आया है। जहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई के साथ बदमाशों ने मारपीट की। घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला जिले के शासकीय जिला अस्पताल का है। जहां दो दिन पहले अस्पताल की एक महिला डॉक्टर से अभद्रता का मामला सामने आने के डॉक्टरों की सुरक्षा में तैनात ASI के साथ अब मारपीट की गई। चार युवक डॉक्टर को दिखाने के नाम पर अस्पताल में घुसे और पुलिस अफसर की जमकर पिटाई कर दी। बतादें कि दो दिन पहले ही अस्पताल की एक महिला डॉक्टर से अभद्रता करने के मामले में दो लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग की थी। जिसके बाद अस्पताल ASI को तैनात किया गया था। लेकिन लगता है की जनता को सुरक्षा देने वाली पुलिस ही अब असुरक्षित है। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो गए की वर्दी वाले पर हाथ उठाने लगे हैं। मामले में पुलिस ने चार युवकों पर शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
CM Mohan Yadav’s action plan: Cyber police station in every district, help desk in every police station… fraudsters are in trouble मध्य प्रदेश के हर जिले में अब साइबर पुलिस स्टेशन खुलेंगे और हर थाने में हेल्प डेस्क बनेगी। अब तक यह सुविधा सिर्फ भोपाल में थी। अन्य जिलों में पुलिस थानों में साइबर ठगी की शिकायतें लिखी जाती थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेश के बाद यह फैसला लिया गया है। भोपाल ! मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर जिले में एक साइबर थाना और हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क होगी।यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। अभी तक सिर्फ भोपाल में ही एक साइबर थाना था, बाकी जिलों में साइबर क्राइम के मामले क्राइम ब्रांच में दर्ज होते थे। एक साल पहले आ गया था प्रपोजल साइबर हेल्प डेस्क बनाने का प्रस्ताव तो एक साल पहले ही आ गया था, लेकिन बजट नहीं होने की वजह से इस पर काम नहीं हो पाया था। अब राज्य साइबर मुख्यालय ने इसके लिए शासन से बजट की मांग की है और उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा सभी जिलों में शुरू हो जाएगी। पुलिसकर्मियों को मिलेगी ट्रेनिंग पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि साइबर हेल्प डेस्क में एक पुलिसकर्मी को साइबर क्राइम की जांच के लिए ट्रेनिंग देकर तैनात किया जाएगा। यह पुलिसकर्मी लोगों की शिकायतें सुनेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें साइबर थाने भेजेगा। इस साल में 250 करोड़ की ठगी साइबर क्राइम के मामलों में पिछले कुछ सालों में काफी तेजी आई है। पिछले पांच सालों में साइबर क्राइम की शिकायतें पांच हजार से बढ़कर तीन लाख से ज़्यादा हो गई हैं। साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। दूसरे देशों से ठगी कर लेते हैं लोग साइबर पुलिस के मुताबिक, दूसरे देशों में बैठे लोग भी इस तरह के अपराध में शामिल हैं। साइबर थाने बनने से साइबर कानून के जानकार पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकेंगे। इससे अपराध की घटनाओं पर कार्यवाई में तेजी आएगी। जांच से लेकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने तक का काम समय पर और अच्छी तरह से हो सकेगा। मध्य प्रदेश में बढ़े हैं ऐसे मामले मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, इसलिए हर जिले में एक अलग साइबर थाने की सख्त ज़रूरत है। उम्मीद है कि इससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोग साइबर ठगी से बच सकेंगे।