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ग्राउंड रिपोर्ट: विकास को लेकर असंतोष, भाजपा को प्रत्याशी की कट्टर हिंदू नेता की छवि से फायदा

Ground report: Dissatisfaction over development, BJP benefits from candidate’s image of hardline Hindu leader मालवा अंचल की अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित देवास लोकसभा सीट से भाजपा ने अपने सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी को लगातार दूसरी बार मौका दिया है। क्षेत्र में महेंद्र की पहचान कट्टर हिंदूवादी नेता की है। वे अपने आसपास या मंच पर भी किसी मुस्लिम की मौजूदगी पसंद नहीं करते। कहा यहां तक जाता है कि यदि कोई पत्रकार मुस्लिम है तो वे उसको भी इंटरटेन नहीं करते। इसीलिए िवकास को लेकर असंतोष होने के बावजूद देवास में माहौल भाजपा के पक्ष में है। इसके विपरीत कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय की पहचान मात्र इतनी है कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे स्व राधाकिशन मालवीय के बेटे हैं। राजेंद्र का व्यवसाय इंदौर में है। इस नाते उनका संपर्क इंदौर में ही ज्यादा है। देवास से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनका प्रचार भी दो-चार दिन पहले ही प्रारंभ हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ही उनके लिए मेहनत करते दिख रहे हैं।           भोपाल। देवास लोकसभा सीट का गठन 2008 में हुए परिसीमन के बाद हुआ। परिसीमन में शाजापुर सीट को खत्म किया गया था। शाजापुर भी अजा वर्ग के लिए आरक्षित थी। यहां 1996 से लगातार भाजपा के दिग्गज दलित नेता थावरचंद गहलोत जीतते आ रहे थे। लेकिन देवास के गठित होने के बाद 2009 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने थावरचंद गहलोत को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 में भाजपा के सत्यनारायण जटिया और 2019 में भाजपा के ही महेंद्र सिंह सोलंकी ने जीत दर्ज की। इस लिहाज से सीट भाजपा के दबदबे वाली है।लगातार भाजपा का कब्जा होने के बावजूद विकास को लेकर यह क्षेत्र पिछड़ा माना जाता है। नौकरी और रोजगार के लिए देवास के लोग इंदौर पर आश्रित हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी यही स्थिति है। हर किसी को इंदौर की ओर देखना पड़ता है। ट्रेन के स्टापेज कम हैंे और देवास से इंदौर के व्यस्ततम रोड के आरओबी का काम अटका पड़ा है। मेट्रो इंदौर से महू पहुंच गई लेकिन देवास की ओर किसी का ध्यान नहीं। क्षिप्रा की सफाई और स्वच्छ करने की योजना उज्जैन और अन्य शहरों में बन रही है लेकिन देवास में कुछ नहीं हो रहा।  आज भी फैक्ट्रियों की गंदगी क्षिप्रा में आकर मिलती है। इन तमाम मुद्दों को लेकर लोगों में भाजपा के प्रति नाराजगी है। प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी की कट्टर हिंदू नेता की छवि विकास काे लेकर पैदा असंतोष पर भारी पड़ रही है। महेंद्र के अंदर कट्टरता इस कदर है कि वे कह चुके हैं कि उन्हें मुस्लिमों के वोट नहीं चािहए। एक बार उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा के मुस्लिम से अच्छा तो कांग्रेस का हिंदू है। पहले तो वे चाहते नहीं कि उनके कार्यक्रम में कोई मुस्लिम आए और आ गया तो उसका परिचय जरूर पूछते हैं। इसकी वजह से भाजपा देवास में इस बार रिकार्ड जीत का सपना देख रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय इंदैारी नेता हैं। देवास में उनका कोई बैकग्राउंड नहीं। भाजपा के साेलंकी का प्रचार काफी पहले प्रारंभ हो गया था क्योंकि वे पहली सूची में ही प्रत्याशी घोषित हो गए थे जबकि कांग्रेस के राजेंद्र ने अभी पांच दिन पहले अपना कार्यालय खोल कर प्रचार प्रारंभ किया है। मालवीय के तुलना में सोलंकी प्रखर वक्ता भी हैं। विकास पर भारी हिंदू-मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण  चुनाव के जो मुद्दे होते हैं वे देवास के लोगों के बीच भी हैं। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। अयोध्या में राम मंदिर का प्रचार हो रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्य गिनाए जा रहे हैं। इसके विपरीत कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार कर रही है। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस बता रही है कि विकास के मामले में इंदौर और दूसरे शहरों की तुलना में किस तरह देवास को उपेक्षित कर रखा गया है जबकि देश और राज्य में लगातार भाजपा की सरकार है। इन मुद्दों से अलग हटकर भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी की कट्टर हिंदू नेता की छवि के कारण देवास में हिंदू-मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण बड़ा मुद्दा बन रहा है। हिंदू साेलंकी के पक्ष में लामबंद हो रहा है जबकि मुस्लिम शत प्रतिशत कांग्रेेस के मालवीय के पक्ष में खड़ा है। इसकी वजह से पूरा चुनाव भाजपा की ओर झुका दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा की सभी सीटों पर भाजपा काबिज चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने देवास लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली सभी 8 सीटों में एकतरफा जीत दर्ज की थी। इनमें एक शाजापुर सीट ही ऐसी थी जिसमें भाजपा मात्र 28 वोटों के अंतर से जीती। इसके खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा कोर्ट भी गए हैं, पर जीत तो जीत है। भाजपा की सभी 8 सीटों में जीत का अंतर 1 लाख 2 हजार 893 वोटों का है। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले 2018 में कांग्रेस ने 8 में से 3 विधानसभा सीटों में जीत दर्ज की थी। फिर भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा लगभग पौने चार लाख वोटों के अंतर से जीती थी जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार क्षेत्र के चर्चित सख्श प्रहलाद सिंह टिपानिया थे। इस बार तो भाजपा के पक्ष में माहौल ज्यादा है। कांग्रेेस प्रत्याशी भी अपेक्षाकृत कमजोर और बाहरी है। ऐसे में भाजपा यदि रिकार्ड जीत का दावा करती है तो गलत नहीं। देवास क्षेत्र में तीन जिलों की विधानसभा सीटें देवास संसदीय सीट का भौगोलिक क्षेत्र तीन जिलों को छूता है। ये जिले देवास के अलावा शाजापुर और सीहोर हैं। शाजापुर जिले की सबसे ज्यादा 4 विधानसभा सीटें आगर, शाजापुर, शुजालपुर और कालापीपल देवास क्षेत्र में हैं। सीहोर जिले की एक सीट आष्टा इसमें शामिल है। इसके अलावा देवास जिले की तीन विधानसभा सीटें सोनकच्छ, हाटपिपल्या और देवास इस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो सभी विधानसभा सीटों में भाजपा का कब्जा है ही, लोकसभा सीट में आमतौर पर भाजपा ही जीतती है। 2009 में एक ही बार कांग्रेस के सज्जन वर्मा जीते हैं वर्ना लगातार भाजपा का कब्जा है। पहले … Read more

70 करोड़ लोगों के पास जितना धन, उतना हिंदुस्तान में 22 लोगों के पास संपत्ति : राहुल गांधी

22 people in India have as much wealth as 70 crore people: Rahul Gandhi बस्तर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। नपं मुख्यालय के लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जा कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं छत्‍तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में सिर्फ बस्‍तर लोकसभा सीट पर चुनाव हो रहा है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को प्रत्‍याशी बनाता है। लखमा के समर्थन में ही शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दंतेवाड़ा जिले के गीदम में सभा का आयोजन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी की सरकार पर जमकर आरोप लगाए। साथ ही कांग्रेस की सरकार बनने पर जनता के लिए कांग्रेस के वादों को याद दिलाया। उन्‍होंने अपने भाषण में कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। पूरा का पूरा फायदा 2-3 अरबपतियों को दे देते हैं। हिंदुस्तान में 22 लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ हिंदुस्तानी लोगों के पास है। पीएम मोदी 24 घंटा इन 22-25 लोगों की मदद करते रहते हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, हिंदुस्तान के सब बेरोज़गार युवाओं को सरकार ये अधिकार देगी कि एक साल के लिए निजी कंपनी में, PSUs में, सरकारी कार्यालयों में हिंदुस्तान के बेरोज़गार युवाओं को एक साल की नौकरी मिलेगी जिसमें उनका प्रशिक्षण होगा और 1 साल में उनके बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। अगर उन्होंने अच्छा काम किया तो उन्हीं संस्थाओं में उन्हें पक्की नौकरी मिलेगी। चुनावी सभा में राहुल गांधी ने बस्‍तर के विकास के लिए लोगों से कांग्रेस प्रत्‍याशी कवासी लखमा को वोट देने की अपील की। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, बस्तर में कांग्रेस हमेशा से मज़बूत रही है। भाजपा नेता 10 साल में उन्होंने क्या किया उसपर चर्चा नहीं कर रहे। उनका चुनाव प्रचार भी मुद्दों से हटकर जज़्बाती मुद्दों पर, धर्म, मंदिर-मस्जिद पर केंद्रित है। हम छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। सभा के एक दिन पहले शुक्रवार शाम को पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, लोकसभा चुनाव संचालन समिति के संयोजक व बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ बस्तर पहुंचे और सभा स्थल में तैयारियों का अवलोकन किया। बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जाबस्तर जिले का मुख्यालय जगदलपुर है तो बस्तर से 18 किलोमीटर दूर है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बस्तर आजादी से पहले रियासतकालीन राजधानी रही थी। लगभग 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी जनसभा भी इसी बस्तर विकासखंड के ग्राम छोटे आमाबाल में हुई थी। बस्तर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की चुनावी जनसभा के लिए इसी विकासखंड को चुना है। निरीक्षण के दौरान धनेन्द्र साहू, मोहन मरकाम, राजमन बेंजाम, मलकीत सिंह, मिथलेश आदि भी उपस्थित थे। प्रियंका भी इसी दिन आई थींराहुल गांधी की बहन कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं। वह जगदलपुर में आयोजित कांग्रेस के भरोसे के सम्मेलन में शामिल हुई थीं। प्रियंका गांधी के दौरे के ठीक साल भर बाद इसी तारीख को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं।

केजरीवाल से सामान्य अधिकारों को छीन कर सरकार उनके मनोबल को तोड़ना चाहती है : सांसद संजय सिंह

Government wants to break Kejriwal’s morale by snatching his normal rights: MP Sanjay Singh दिल्ली ! आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रताड़ित करना चाहती है। संजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर कहा कि अरविंद केजरीवाल से सामान्य अधिकारों को छीन कर सरकार उनके मनोबल को तोड़ना चाहती है।अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल व पंजाब के सीएम भगवंत मान गए थे। इस दौरान जेल प्रशासन ने कांच की दीवार के आर-पार से ही मिलने की अनुमति दी। यह नियमों का उल्लघंन है। जेल प्रशासन के पास अधिकार है कि वह सामने बैठाकर मुलाकात करवा सकता है। उन्होंने बताया कि जेल का नियम 602 व 605 इसका अधिकार जेल प्रशासन को देता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश के पिपरिया और 17 अप्रैल को दमोह में करेंगे सभा

Prime Minister Narendra Modi will hold meetings in Pipariya, Madhya Pradesh on Sunday and Damoh on April 17. एक सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्य प्रदेश में तीसरा दौरा। भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए सप्ताह में तीसरी बार रविवार को प्रदेश में आएंगे। वे होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में आने नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी प्रत्याशी हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 26 अप्रैल को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण के ही चुनाव में शामिल दमोह लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को दमेाह के इमलाई में सभा करेंगे। यह सभा पहले रहली विधानसभा के गढ़ाकोटा में प्रस्तावित थी, लेकिन शुक्रवार को स्थल परिवर्तन कर दमोह किया गया। यहां से राहुल लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। वह भी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके पहले सात अप्रैल को जबलपुर में रोड-शो किया था। इसके बाद बालाघाट में उनकी सभा हुई थी। पिपरिया में उनकी सभा से होशंबाद सीट के अतिरिक्त इससे लगी जबलपुर लोकसभा सीट को भी साधने की कोशिश है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रतलाम आ सकते हैं। प्रचार थमने के एक दिन पहले छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे अमित शाह प्रचार थमने के एक दिन पहले 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे। इसके पहले यहां 12 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा हो चुकी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पांच बार चुनाव प्रचार के लिए छिंदवाड़ा पहुंच चुके हैं। पिछली बार एकमात्र इस सीट पर कांग्रेस के नकुल नाथ जीते थे जो फिर मैदान में हैँ। कांग्रेस अपने इस गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है।

लोकसभा चुनाव 2024 : ग्राउंड रिपोर्ट: राजगढ़ लोकसभा

Lok Sabha Elections 2024 : Ground Report : Rajgarh Lok Sabha भोपाल। भाजपा के रोडमल नागर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उस स्थिति में सवा 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जब 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 2 विधानसभा सीटें मिली थी। चार माह पहले 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 8 में से 6 विधानसभा सीटें जीती हैं फिर भी रोडमल पिछली जैसी जीत के प्रति आश्वस्त नहीं है। जबकि पिछली बार की तुलना में भाजपा के पक्ष में ज्यादा माहौल है। वजह कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह का मैदान में होना है। राजगढ़ दिग्विजय का गृह क्षेत्र है। वे यहां से 1991 में भाजपा के स्व प्यारेलाल खंडेलवाल को हराकर सांसद बने थे। इसके बाद लगातार 10 साल तक वे प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। दिग्विजय को अच्छा राजनीतिक प्रबंधक माना जाता है। पुराने संबंधों को ताजा करने के लिए उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा की। इस दौरान वे हर दिन 20 किमी चले और जिस गांव में रात हो गई, वहीं डेरा डाल दिया। अपने पुराने मित्रों, परिचितों के परिजनों से संबंध ताजा किए। गांव के लोगों ने सामूहिक कलेक्शन कर भोजन की व्यवस्था की। दिग्विजय और उनकी पत्नी अमृता राय ने आईटी सेल को एक्टिव कर दिया है। एक अभियान ज्यादा नामांकन भराने का भी चल रहा है ताकि ईवीएम की बजाय मत पत्रों के जरिए मतदान हो। विधायक बेटे जयवर्धन सिंह ने राघौगढ़ और चाचौड़ा में डेरा डाल रखा है। दिग्विजय के समर्थन में समूची कांग्रेस एकजुट है, बस उनके अनुज लक्ष्मण सिंह प्रचार अभियान से दूरी बनाए दिख रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी शांत नहीं है। उसका फोकस विधानसभा सम्मेलनों और बूथ मैनेजमेंट में ज्यादा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित कई नेता इनमें हिस्सा ले चुके हैं। भाजपा की ओर से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे रोडमल के खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी देखने को मिल रही है। पार्टी के अंदर और बाहर उनसे नाराजगी भी है। इसके लिए वे कई बार माफी मांग चुके हैं। चूंकि दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा के साथ संघ, बजरंग दल और विहिप सहित सभी संगठन उनके खिलाफ एकजुट हैं। राजगढ़ में दिग्विजय का चुनाव लड़ना ही मुद्दाराजगढ़ लोकसभा सीट में दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा और कांग्रेस के लिए वे खुद मुद्दा हैं। उनकी वजह से ही कांग्रेस एकजुट है। दूसरी तरफ समूचा संघ अपने अनुषांगिक संगठनों के साथ मैदान में उतर गया है। दिग्विजय के कारण राजगढ़ में राम मंदिर, हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के मुद्दे को सबसे ज्यादा हवा दी जा रही है। आखिर, दिग्वजय को कहना पड़ा कि राम मंदिर के लिए उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से भी ज्यादा चंदा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रतिक्रिया थी कि वे अपना चंदा वापस ले लें। इसके अलावा भाजपा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही है तो दिग्विजय अपने कार्यकाल में कराए काम बता रहे हैं। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण बढ़ी महंगाई और बेरोजगारी को मुद्दा बना रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि देश में तानाशाही है और जांच एजेंसिया भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रही हैं। 8 में से 6 विधानसभा सीटों में भाजपा का कब्जाविधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा को अच्छी बढ़त है। पार्टी का क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर कब्जा है। ये विधानसभा सीटें चाचौड़ा, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर हैं। कांग्रेस सिर्फ दो विधानसभा सीटों राघौगढ़ और सुसनेर में ही जीत दर्ज कर सकी थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थिति इसके उलट थी। तब कांग्रेस ने 5 और भाजपा ने 2 सीटें जीती थीं। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी। इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 4 लाख 31 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीता था। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटें 1 लाख 78 हजार 967 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेेस का दो सीटों में जीत का अंतर महज 17 हजार 150 है। इस लिहाज से इस बार भी भाजपा की जीत बड़ी होना चाहिए लेकिन मुकाबला देखकर ऐसा लगता नहीं है। दिग्विजय द्वारा भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। तीन जिलों को मिलाकर बना गुना लोकसभा क्षेत्रप्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। इसके तहत तीन अंचल भी आ आते हैं। इसमें गुना जिले की दो विधानसभा सीटें चाचौड़ा और राघौगढ़ हैं। गुना को ग्वालियर अंचल का हिस्सा माना जाता है। राजगढ़ जिले की 5 विधानसभा सीटें नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर हैं। यह मध्य भारत अंचल का हिस्सा है। सातवीं विधानसभा सीट सुसनेर आगर मालवा जिले की है जो मालवा अंचल के तहत आती है। राजगढ़ में विधानसभा में ताकत के लिहाज से भले भाजपा बढ़त में है। पिछले दो लोकसभा चुनाव भाजपा के रोडमल नागर ने जीते भी हैं, लेकिन इस सीट का मिजाज भाजपाई नहीं है। 1991 में यहां कांग्रेस के दिग्विजय सिंह जीते तो 1996, 1998 और 1999 में लगातार दिग्विजय के अनुज लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद लक्ष्मण भाजपा में शामिल हो गए और 2004 का लोकसभा चुनाव भाजपा के  टिकट पर जीते। लेकिन 2009 में कांग्रेस के नारायण सिंह अमलावे ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद भाजपा ने लक्ष्मण सिंह का टिकट काट दिया तो वे फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। समाजों को देखकर तैनात किए जा रहे नेतालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और गुर्जर समाज के हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। भाजपा के पास हर प्रमुख जाति के विधायक जीत कर आए हैं। उन्होंने मोर्चा संभाल रखा है। कांग्रेस के नेता भले विधायक नहीं हैं लेकिन जातिगत आधार पर उन्हें भी मैदान में उतार रखा गया है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के … Read more

सांसद विवेक तन्खा ने कहा, देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है, यह तानाशाही है, मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता

MP Vivek Tankha said, human rights are being violated in the country, this is a dictatorship, I do not want to live in such a democracy. भोपाल। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है। यह तानाशाही है। मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि संवैधानिक न्याय को लेकर मैं खुद पीड़ित हूं। संसद में जिस प्रकार से कानून बना रहे हैं, वह प्रजातांत्रिक नहीं है। छोटी-छोटी बातों को लेकर (संभवत: राज्यसभा के सभापति) खफा हो जाते हैं। संसद नियम से नहीं चलता है। यह बात वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर भी कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जगह नहीं दिया जाता है, न हीं बोलने का मौका दिया जाता है, न ही विरोध करने का मौका दिया जाता है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज मंगलवार को राज्यसभा सांसद समेत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं ने एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान सांसद तन्खा ने भी यह बातें कही। उन्होंने कहा कि 100 दिन सदन चलाने का नियम है, लेकिन विपक्ष को मौका रखने का नहीं ही मिलता। विपक्ष के बोलने पर सांसदों को निलंबित किया जाता है। वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया को पत्र लिखा था। उसके सुझाव कांग्रेस पार्टी ने अपने न्याय पत्र में रखे हैं। हफ्ते में एक दिन विपक्ष को बोलने का मौका लोकसभा या सदन में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की बात कि जाए तो 3 करोड़ केस पेंडिंग हैं। गरीबों को न्याय नहीं मिल पाता जजों की कमी है। भाजपा इसलिए खुश है कि न्यायपालिका में न्याय की जगह बेल ना मिले। स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट में बेल के केस जाने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह को बेल दी थी अब अरविंद केजरीवाल भी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सांसद तन्खा ने कहा कि देश में ऐसे लोगों को जज बनना चाहिए, जो निष्पक्ष होना चाहिए। ईमानदार और निष्पक्ष जज का नाम भेज दो तो उसका नाम रोक दिया जाता है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई के लाॅ में संशोधन करने की जरूरत है। कांग्रेस के साथ भी यही हुआ। कांग्रेस पार्टी को अपील के लिए जाने पर पूरा पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है, जबकि 20 से 30 % जमा कर खाते को फ्रिज से हटाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद इनकम टैक्स 3,560 करोड़ के टैक्स के मामले को रिलैक्सेशन देती है। उन्होनंे कहा कि टैक्स भरने के लिए एनजीओ और अन्य लोगों को समय दिया, लेकिन कांग्रेस को समय नहीं दिया गया। जबकि 31 मार्च तक रिटर्न भरने का समय था। तन्खा ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को डरा धमका की कॉलर पकड़ के बाहर निकाला जा रहा हैं। लोकतात्रिक संस्थान को बचाने के लिए संस्थाओं को भी क्योर करना पड़ेगा।

लोकसभा चुनाव 2024: ग्राउंड रिपोर्ट ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से, सहारा समाचार टीम

Lok Sabha Elections 2024: Ground report from Gwalior parliamentary constituency, Sahara News Team ग्वालियर। ग्वालियर की लोकसभा सीट शुरू से ही काफी अहम रही है, क्योंकि विजयाराजे सिंधिया सहित राजघराने का हर सदस्य राजनीति से जुड़ा रहा। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत यहीं से की थी। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी हाल ही में की है, जबकि भाजपा पहले ही कर चुकी थी, लेकिन खास बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। भाजपा ने भारत सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें विवेक नारायण शेजवलकर के स्थान पर मैदान में उतारा गया है। भारत सिंह कुशवाहा अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ग्वालियर ग्रामीण से चुनाव हारे थे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जो विधानसभा चुनाव में ग्वालियर दक्षिण से पराजित हुए थे। दोनों उम्मीदवार पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की कुशवाह समाज के साढ़े तीन लाख वोटरों पर नजर है। वहीं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी होने का भी लाभ भारत सिंह कुशवाहा को मिला है। जबकि कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाकर शहर के वोटरों को साधने की कोशिश की है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस को विश्वास है कि विधानसभा चुनाव जीत दिलाने वाले लोकसभा में भी सहयोग करेंगे। इसलिए भाजपा को है जीत की उम्मीदग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में सिंधिया परिवार के अलावा ठाकुर क्षत्रिय वोटर की अहम भूमिका रही है और 19 लोकसभा चुनाव में से सिंधिया परिवार के सदस्यों ने 8 बार जीत दर्ज की है। जबकि इसमें भी ठाकुर क्षत्रिय वोटर ने सहयोग किया है। इस बार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं और नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक को ही उम्मीदवार बनाया गया हैं। यहां से माधवराव सिंधिया कांग्रेस और मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर पांच बार निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर यशोधरा राजे सिंधिया दो बार यहां से निर्वाचित हुईं। इसके अलावा विजयाराजे सिंधिया भी एक बार यहां से चुनाव जीती हैं। कांग्रेस ने अंतिम बार 2004 में जीत दर्ज की थी। जब रामसेवक सिंह निर्वाचित हुए थे। यह बात अलग है कि सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था लोकसभा चुनाव में दोनों नए चहरेलोकसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो इस बार कांग्रेस व भाजपा दोनों ने ही नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। दोनों के समीकरण भी एक समान हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के तुरंत बाद ही दोनों अपने लिए लोकसभा के लिए वोट मांग रहे हैं। भारत सिंह कुशवाहा राममंदिर और हमारा परिवार मोदी परिवार को लेकर आगे चल रहे हैं। वहीं प्रवीण पाठक लोकतंत्र बचाओ के साथ ही राहुल गांधी की यात्राओं में उठाए गए मुद्दों का वोटर के सामने रख रहे हैं। जातीय समीकरणभाजपा ने ग्वालियर में अपनी जीत के लिए जातिगत समीकरण पर दांव खेला है। इस संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाह को अपना उम्मीद्वार बनाया है। तकरीबन साढ़े तीन लाख कुशवाह वोटर के सहारे भाजपा जनाधार मजबूत करेगी। जबकि कांग्रेस ब्राह्मण व क्षत्रिय के गणित लेकर चल रही है। प्रवीण पाठक का मानना है कि 19.59 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के वोटर हैं, जिनका कांग्रेस पर पूरा भरोसा है। जबकि ब्राह्मण समाज के 18 प्रतिशत से ज्यादा वोटर पर भी उन्हें पूरा विश्वास है। वहीं 25 प्रतिशत से ज्यादा पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस का समर्थन देगा। क्योंकि इसका प्रभाव विधानसभा चुनावो में देखने को मिला है। इस जातीय समीकरण के कारण ही भाजपा के द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी आधी सीटें विधानसभा की तीने में सफलता मिली थी। ग्वालियर संसदीय सीट में 8 विधानसभाग्वालियर संसदीय क्षेत्र में आने वाली आठ विधानसभाओं में से कांग्रेस व भाजपा के पास चार-चार विधायक हैं। यदि विधानसभा चुनाव का ट्रेंड रहता है तो भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी कड़ा होगा और हार जीत का अंतर बड़ा नहीं होगा। इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6 लाख 96 हजार 246 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 6 लाख 82 हजार 233 वोट मिले हैं। इस हिसाब से मुकाबला कड़ा है। इसके अनुसार भाजपा को 14 हजार 13 वोट ही अधिक मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र की तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास दो सीट हैं। कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। वोट भी अधिक मिला है, लेकिन शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा मजबूत है। शहर में तीन सीटे हैं, जिनमें कांग्रेस के पास एक सीट है। पोहरी विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी ने 49 हजार 481 वोट से भाजपा के मंत्री को हराया था। जबकि भाजपा भितरवार और ग्वालियर विधानसभा में मजबूत है। इन विधानसभा को भाजपा ने बड़े अंतर से जीता था। डबरा, ग्वालियर दक्षिण व करैरा में मुकाबले करीबी रहे हैं। ग्वालियर संसदीय चुनाव में मुद्देइस संसदीय सीट की खास बात यह रही है कि यहां विकास के कोई मुद्दे नहीं रहे हैं। चाहे माधव राव सिंधिया ने विकास के नाम पर वोट मांगे हों। उस समय व्यक्ति के चेहरे पर लोगों ने वोट दिया था। क्योंकि मुद्दे विधानसभा चुनावो में ही इतने उठ जाते हैं कि लोकसभा में लोग सिर्फ चेहरे देखते हैं। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मुद्दे को लेकर ही वोटिंग होती रही है। इस बार प्रवीण पाठक शहर से और भारत सिंह कुशवाह ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। भाजपा हमेशा शहरी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाती रही है और लगातार जीतती रही है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा ने और शहरी क्षेत्र से कांग्रेस ने टिकिट दिया। यही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा, लेकिन यह मुद्दा कितना कारगर रहेगा यह तो चुनाव बाद ही मालुम होगा। क्योंकि माहौल इस समय भाजपा के पक्ष में है।

भाजपा ने प्रदेश में झोंकी ताकत, पीएम मोदी समेत शीर्ष नेताओं की लगातार रैलियां

BJP shows strength in Madhya Pradesh, continuous rallies of top leaders including PM Modi भोपाल ! प्रदेश में सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा ने यहां पर पूरी ताकत झोंक रखी है। पार्टी के सभी शीर्ष नेता लगातार प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। खुद पीएम मोदी एक दिन के अंतराल में दो बार आने के बाद एक बार फिर यहां पर चुनावी रैली करेंगे। जानिए कहां-कहां होंगी उनकी सभाएं। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मध्य प्रदेश में पूरा जोर लगाया हुआ है। इस बार पार्टी का लक्ष्य प्रदेश की सभी सीटों पर जीत दर्ज करने का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार यहां पर चुनावी अभियान में जुटे हुए हैं।पीएम ने एक दिन के अंतराल में दो बार महाकौशल अंचल का दौरा किया। अब 14 अप्रैल को मोदी फिर से प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वह नर्मदापुरम के पिपरिया में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने यहां से प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी को मैदान में उतारा है। प्रदेश में सबसे बड़ी जीत2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने इसी सीट से प्रदेश की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। यहां से बीजेपी के राव उदय प्रताप सिंह ने तेंदुखेड़ा से कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय शर्मा को चुनाव में हराया था। पीएम मोदी की रैली से नर्मदापुरम से जुड़ी बैतूल, विदिशा, जबलपुर, मंडला, दमोह एवं छिंदवाड़ा की सीटों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसके एक हफ्ते बाद मोदी वापस से मध्य प्रदेश में होंगे, जहां 20 अप्रैल को उनकी सागर में जन सभा प्रस्तावित है। यहां से भाजपा ने लता वानखेड़े को चुनाव में उतारा है। उनके विरुद्ध कांग्रेस के चंद्रभूषण सिंह बुंदेला मैदान में हैं। सागर लोकसभा सीट में तीसरे चरण के तहत सात मई को मतदान कराए जाएंगे। जेपी नड्डा भी करेंगे दौराइसके अलावा गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने भी मध्य प्रदेश में चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने मंडला और कटनी में जनसभा को संबोधित किया। इसके अलावा शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रदेश दौरे में होंगे। वह सीधी में प्रचार करेंगे।

‘मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ…’; पीएम ने करौली में कांग्रेस पर किया करारा वार

‘Modi was not born to rest…’; PM attacks Congress in Karauli राहुल गांधी की बीकानेर में सभा के बाद करौली-धौलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई। इसमें मोदी ने ईआरसीपी, किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ईआरसीपी का बड़ा लाभ करौली-धौलपुर को भी मिलेगा। यह इसलिए हल हुआ, क्योंकि हरियाणा में भी हमारी सरकार है और केंद्र में भी हम बैठे हैं। राजस्थान में लोकसभा चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को करौली-धौलपुर लोकसभा पहुंचे। बीजेपी ने यहां इंदू देवी जाटव को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात से आता हूं, पानी की दिक्कतों को भली भांति समझता हूं। हम हाथ जोड़कर बैठे नहीं रहते। मोदी बोले, कांग्रेस ने पानी में पैसा कमाने का काम किया। बीजेपी ने उसे जवाबदेही मानकर पूरा किया। मोदी ने कहा कि आने वाले सम में यहां घर-घर पानी पहुंचेगा, यह मोदी की गारंटी है। कांग्रेस ने नौकरियों में भी लूट के मौके तलाशे। कांग्रेस के राज में पेपर लीक इंडस्ट्री तैयार हो गई। मोदी ने गारंटी दी कि मोदी की सरकार आएगी तो पेपर लीक माफिया जेल जाएंगे। मोदी ने पूछा कि बताइए कि मोदी की गारंटी पूरी हो रही है कि नहीं। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ है। मैं काम करने के लिए पैदा हुआ हूं। पीएम मोदी ने इंडी अलायंस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग मोदी को कितनी गालियां दे दें, लेकिन जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। यह मोदी की गारंटी है। मोदी ने का कहा कि करौली-धौलपुर की यह धरती भक्ति और शक्ति की धरती है। यह उस बृज का क्षेत्र है, जहां की रज भी सर पर धारण करते हैं। यहां आपका यह आर्शीवाद देश के लिए बड़ा संदेश है। चार जून को क्या परिणाम होगा, वह आज करौली में स्पष्ट दिख रहा है। करौली बता रहा है, चार जून 400 पार। पूरा राजस्थान कह रहा है…फिर एक बार मोदी सरकार। 2024 का लोकसभा चुनाव, कौन सांसद बनेगा या कौन नहीं बन सकता है, इसके लिए नहीं है। यह चुनाव विकसित भारत को नई ऊर्जा देने का चुनाव है। समस्याओं के आगे कांग्रेस ने हाथ खड़े कर दिए। कांग्रेस दशकों को तक गरीबी हटाओ का नारा देती रही, लेकिन मोदी ने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। पीएम ने इन योजनाओं का किया जिक्रपीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि करौली-धौलपुर के सवा तीन लाख किसानों के खातों में 700 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। करौली में 80 हजार से ज्यादा किसानों को पशुओं के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा टीके मुफ्त टीके उपलब्ध करवाए हैं। राजस्थान में मोटा अनाज होता है। पहले मोटा अनाज पैदा करने वाले किसानों को कोई पूछता नहीं था। हमने दुनिया को बताया कि हमारा मोटा अनाज सुपर फूड है। आज वही मोटा अनाज श्री अन्न के रूप में जाना जा रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका में व्हाइट हाऊस में मुझे निमंत्रण मिला। वहां भोज में सब कुछ वेजिटेरियन था और वहां हमारा मोटा अनाज भी था। इससे राजस्थान के किसानों को बहुत बड़ा लाभ होने जा रहा है। एनडीए सरकार की तमाम योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें पक्के घर, शौचालय और उज्ज्वला सिलेंडर की बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम कर रहे हैं। मोदी ने पूछा कि यह काम पहले होने चाहिए थे कि नहीं होने चाहिए थे।

अपर कलेक्टर ने तीन एसएसटी चैक पोस्ट का किया निरीक्षण दिए दिशा निर्देश रंगोली बनाकर मतदाताओं को किया जागरूक

Additional Collector inspected three SST check posts, gave guidelines and made voters aware by making rangoli हरिप्रसाद गोहे आमला ! बैतुल हरदा संसदीय क्षेत्र लोकसभा 29 के लिए चुनाव की तारीख आगे बढ़ाई गई है। अब लोकसभा चुनाव 7 मई को सम्पन्न कराए जाएंगे। जिसके लिए सभी तैयारी लगभग पूरी की जा चुकी है। अपर कलेक्टर राजवीर नंदन श्रीवास्तव ने एसएसटी चैक पोस्ट हसलपुर, मोरखा खैरवानी का औचक निरीक्षण किया वही एसएसटी दल को वहानं चेकिंग के सम्बध में दिशा निर्देश दिए है। जानकारी देते हुए विधानसभा आमला 130 के सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा क्षेत्र 130 में तीन स्थानों में एसएसटी चैक पोस्ट बनाए गए है।जिनका आज अपर कलेक्टर राजवीर नंदन श्रीवास्तव द्वारा औचक निरीक्षण किया है। एसएसटी दल को वहानं सम्बंधित दिशा निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि एसएसटी चैक पोस्ट बड़े छोटे सभी वहानो की चेकिंग अनिवार्य रूप से की जाना है। वही वहानं एव सामग्री(वस्तु) नगद राशि(सोना,चांदी,जैसी वस्तु का बिल भी चैक किया जाना है अधिकारी मात्रा में नगद राशि या (सोना,चांदी)अवैध शराब परिवहन करते हुए कोई वहानं पकड़ाया जाता है। तो तत्काल ही चुनाव कन्ट्रोल रूम को सूचित किया जाए। आमला विधानसभा के सारणी क्षेत्र में रंगोली बनाकर किया मतदाताओं को जागरूक… विधानसभा आमला-सारणी के शॉपिंग सेंटर सारणी में नगर पालिका परिषद सारणी के द्वारा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रंगोली बनाकर जागरूक किया गया,निर्वाचन के द्वारा अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि सारणी के शॉपिंग सेंटर में रंगोली बनाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है।नवीन मतदाताओं का स्वागत कर उनको मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

छिंदवाड़ा जैसा जिला विश्व में कहीं नहीं है, जो प्यार आपने मुझे दिया है, वही नकुलनाथ को दीजिए

There is no district like Chhindwara anywhere in the world, give the same love you have given me to Nakulnath. भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेन्टरों वाला जिला हमारा है। जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिन्दवाड़ा आज उसी छिन्दवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में कही। चौरई एवं चांद में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं, ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे आज तक भाजपा पूरे नहीं कर पाई है, यह बात मत भूलिएगा। क्या कहा था 450 रुपए में सिलेण्डर देंगे, सस्ती दरों पर बिजली देंगे, माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के िलए कम ब्याज दरों पर लोन देंगे, ये सब झूठ साबित हुए हैं।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

मैदानी खबर: बालाघाट में भारती और सम्राट का खेल बिगाड़ने कंकर उतरे

Field news: In Balaghat, stones came to spoil the game of Bharti and Samrat बालाघाट में हमेशा की तरह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही संभावित है लेकिन इनका खेल बिगाड़ने बसपा ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। सांसद ढाल सिंह बिसेन का टिकट काट कर भाजपा ने पार्षद भारती पारधी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरसवार पर भरोसा किया है। क्षेत्र के तेजतर्रार समाजवादी नेता कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। देश, प्रदेश की तरह बालाघाट में माहौल भाजपा के पक्ष दिख रहा है लेकिन कई मसलों पर पार्टी का विरोध भी है।  भोपाल। महाकौशल अंचल की बालाघाट लोकसभा सीट का 2019 का चुनाव ढाल सिंह बिसेन ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीता था। बालाघाट में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी लेकिन पार्टी ने अपने इस सांसद का टिकट काट कर नगर पालिका की पार्षद भारती पारधी को दे दिया। प्रत्याशी घोषित होते ही लगाए गए पहले बैनर से ही ढाल सिंह बिसेन का फोटो गायब था। बिसेन की टिप्पणी थी, लीजिए अभी से मेरी फोटो हट गई। ऐसे में ढाल सिंह से ईमानदारी से काम की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रचार अभियान से वे दूरी बनाए दिख भी रहे हैं। बालाघाट भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन काम तो कर रहे हैं लेकिन पूरी ताकत से नहीं क्योंकि वे अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। बावजूद इसके माहौल भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रहा है।  कांग्रेस के सम्राट सरसवार भी कमजोर प्रत्याशी नहीं हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पिता विधायक रहे हैं। इस नाते उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे उस स्थिति में भी कांग्रेस का पूरी ताकत से प्रचार कर रही हैं जब उनके पति कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस चुनाव में पति-पत्नी में ऐसे मतभेद हुए कि कंकर मुंजारे अपना घर छोड़कर एक झोपड़ी में रहने पहुंच गए हैं। पहले उन्होंने पत्नी अनुभा से कहा था कि वे घर छोड़कर चली जाएं क्योंकि मेरे घर में रहकर वे मेरे खिलाफ प्रचार नहीं कर सकतीं। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कांवरे भी कांग्रेस के लिए मेहनत कर रही हैं। लिहाजा हार- जीत भाजपा-कांग्रेस के बीच ही तय है लेकिन कंकर मुंजारे के कारण मुकाबला तीन कोणीय दिखाई पड़ रहा है।  प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल 1999 में बालाघाट से सांसद रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। उनके प्रयास से जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे और एक अन्य नेता नगपुरे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है, वे इस समाज को साधने की कोिशश कर रहे हैं। कंकर मुंजारे और सामाजिक कारणों से यह वर्ग भाजपा से कटा दिखाई पड़ रहा है। वैसे भी आमतौर पर इस सीट में जातीय आधार पर भी वोट पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर पार्टियां टिकट देती हैं और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी होती है। चर्चा यह भी है कि जातीय समीकरणों के तहत भाजपा ने रणनीति के तहत कंकर मुंजारे को चुनाव लड़ाने में भूमिका निभाई है ताकि लोधी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकमुश्त न जा सके। किसानों में धान का समर्थन मूल्य भी मुद्दा बालाघाट संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी चुनाव लड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने यहां किसान कर्जमाफी और धान के समर्थन मूल्य को मुद्दा बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी और अन्य नेता प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो किसान पूछते हैं कि धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा का क्या हुआ। इसे लेकर एक किसान ने भाजपा की भारती पारधी की गाड़ी ही रोक ली थी। कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करती है और महिलाओं के बीच बताती है कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हुआ। भाजपा राम लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को गिना रही है। कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र में किए गए वादे बताए जा रहे हैं। 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार किया जा रहा है। विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस की ताकत बराबर विधानसभा में सदस्यता के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस की ताकत लगभग बराबर है। क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में दोनों दलों के पास 4-4 हैं। 4 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी भाजपा ने जीती थीं जबकि बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट और बारासिवनी में कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने चार सीटें 56 हजार 697 वोटों के अंतर से जीती है जबकि भाजपा की जीत का अंतर 60 हजार 203 वोटों का रहा है। इस दृष्टि से भाजपा की बढ़त महज 3 हजार 506 वोटों की ही है। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को कवर करना कठिन नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नतीजे लगभग इसी तरह के थे लेकिन भाजपा ने ढाई लाख वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीत लिया था। इसकी वजह राष्ट्रीय स्तर भाजपा के पक्ष में बना माहौल रहा है। यह माहौल इस चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। दो जिलों तक फैला है बालाघाट लोकसभा क्षेत्र महाकौशल की बालाघाट लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों तक फैला है। इसके तहत बालाघाट जिले की 6 एवं सिवनी जिलेकी 2 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी और सिवनी जिले की दो विधानसभा सीटें बरघाट, सिवनी शामिल हैं। जहां तक बालाघाट सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 और 1996 में यहां से कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत जीते थे। इसके बाद से लगातार भाजपा का कब्जा है। दो बार गौरीशंकर बिसेन और एक बार प्रहलाद पटेल बालाघाट से सांसद रहे हैं। केडी देशमुख, बोध सिंह भगत और ढाल सिंह बिसेने भी एक-एक बार चुनाव जीते हैं। आमतौर पर बालाघाट में हार-जीत का अंतर एक लाख से कम रहा है लेकिन 2019 में पहली बार भाजपा ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह रिकार्ड टूटता … Read more

चुनाव प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, दिए निर्देश

Election observer inspected the polling stations and gave instructions हरिप्रसाद गोहे आमला । लोकसभा चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारी जोर-शोर के साथ चल रही है। पोलिंग बूथो से लेकर रास्तों को अधिकारी परख रहे हैं। जिससे कि चुनाव के दिन पोलिंग पार्टियों के सामने कोई समस्या खड़ी ना हो। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ऑब्जर्वर(सामान्य प्रेक्षक) प्रदीप कुमार ठाकुर,(आईएएस) द्वारा हसलपुर स्थित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में चुनाव दल के साथ पहुचकर स्ट्रांग रूम निरीक्षण किया वही ऑब्जर्वर ने दर्जनों पुलिंग बूथों का भ्रमण किया। सबसे पहले चुनाव आब्जर्वर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम का जायजा लिया । शहर में बनने वाले पोलिंग बूथ पर गए। स्कूल के स्टाफ से उन्होंने पोलिंग बूथ की पूरी जानकारी ली। इस दौरान पोलिंग बूथ के आसपास आब्जर्वर ने साफ सफाई के निर्देश दिए। उसके बाद चुनाव आब्जर्वर पास के गांव पहुंचे। उन्होंने हाई स्कूल, प्राथमिक,माध्यमिक,विद्यालय एवं पंचायत आदि पर बनने वाले पोलिंग बूथ का जायजा लिया। इस दौरान बिजली व्यवस्था एवं पानी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। आब्जर्वर ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया को चुनाव से पहले पोलिंग बूथ पर सारे इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया,तहसीलदार पूनम साहू,थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना, बोडखी चौकी प्रभारी नितिन पटेल मौजूद थे। स्ट्रांग रूम के आस- पासअनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध आमला विधानसभा 130 के लिए चुनाव आयोग से द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर (सामान्य प्रेक्षक)आईएस अधिकारी प्रदीप कुमार ठाकुर ने चुनाव दल को निर्देशित करते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम के आस-पास अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा,किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां होने पर तत्काल ही कंट्रोल रूम को सूचना कर तत्काल कार्रवाई करने की दिशा निर्देश से दिए गए। वहीं उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम के पास किसी भी प्रकार के मोबाइल,सीसीटीवी,ड्रोन कैमरे से वीडियो ग्राफी करना आम लोगों के लिए प्रतिबधित किया गया है मतदान केंद्रों पर व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए आब्जर्वर (सामान्य प्रेक्षक) प्रदीप कुमार ठाकुर ने आमला विधानसभा 130 के सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया को निर्देश दिए कि मतदान केन्द्रों पर रोशनी की व्यवस्था के साथ साथ साफ सफाई मतदान केन्द्रों के पीने के पानी एवं लोगो के लिए छाव की व्यवस्था की जाए विकलांगों के लिए ट्राय साइकल,रेम्प की व्यवस्था करने के दिशा निर्देश दिए है।

कांग्रेस को एक और झटका, मुरैना से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में होंगे शामिल

Another blow to Congress, former MLA from Morena Ajab Singh Kushwaha will join BJP. मुरैना ! मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.मुरैना से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाएंगे. सीएम मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने के लिए मुरैना पहुंच रहे हैं. पहाड़गढ़ जनपद के मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की इस सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कुशवाह कांग्रेस के टिकट पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. बीजेपी के टिकट पर भी सुमावली से चुनावी जंग लड़ चुके थे.

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