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CM के फैसले से मंत्रीमंडल में हड़कंप: अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन

CM’s decision stirs cabinet: Now ministers, not officers, will have to give their own presentations. Madhya Pradesh Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 दिसंबर से मंत्रियों से पिछले दो साल का व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन देने को कहा है. यह कदम सिर्फ काम देखने के लिए नहीं, बल्कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार का आधार भी है. शीतकालीन सत्र के दौरान रिपोर्टिंग होगी, और अमित शाह के दौरे से पहले सरकार को पूरी तरह तैयार दिखाने की कवायद चल रही है. भोपाल ! मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन दिनों ज़ोरदार चर्चाएँ चल रही हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है. 1 दिसंबर से सभी मंत्री खुद सीएम के सामने अपने पिछले दो साल के काम का प्रेजेंटेशन देंगे. यह प्रेजेंटेशन मंत्री खुद देंगे, उनके विभाग के अफसर नहीं. दरअसल, 13 दिसंबर को मोहन यादव सरकार को दो साल पूरे हो जाएँगे. इस मौके पर सीएम जानना चाहते हैं कि किस मंत्री ने कितना और कैसा काम किया. यह प्रेजेंटेशन एक हफ्ते तक चलेगा. विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी 1 से 5 दिसंबर तक है, इसलिए मंत्रियों का शेड्यूल सीएम की उपलब्धता के हिसाब से तय होगा. सूत्रों के मुताबिक यह कवायद सिर्फ काम देखने के लिए नहीं है, बल्कि मंत्रिमंडल में बदलाव का आधार भी बनेगी. सीएम सचिवालय और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर हर मंत्री का परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर ही सीएम मोहन यादव ने संकेत दे दिया था कि मंत्रिमंडल में बदलाव होंगे. अभी तक मोहन सरकार में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है. सिर्फ एक अपवाद रहा – कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत अप्रैल 2024 में भाजपा में आए और जुलाई में मंत्री बने. लेकिन नवंबर में विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, यानी अभी चार और मंत्रियों की जगह खाली है. न सबके बीच एक और बड़ी बात है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 18 दिसंबर के आसपास मध्य प्रदेश बुलाया गया है. 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का सामूहिक शिलान्यास कार्यक्रम होना है. सीएम चाहते हैं कि उससे पहले सरकार का कामकाज पूरी तरह दुरुस्त दिखे और कमजोर कड़ी को बाहर कर नई टीम तैयार हो.राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम संतोषजनक नहीं रहा, उन्हें हटाया जा सकता है. साथ ही कुछ नए चेहरों को मौका मिलेगा. कुछ पुराने दिग्गजों की वापसी की भी बात चल रही है. कुल मिलाकर दिसंबर का महीना मोहन सरकार के लिए बहुत अहम होने वाला है. पहले मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, फिर अमित शाह का दौरा और उसके बाद संभावित मंत्रिमंडल विस्तार – मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है.

1 साल में नहीं हुआ कोई भी विकास का कार्य ,पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं करा पाई सरकार : पंकज उपाध्याय 

No development work was done in 1 year, government could not even provide drinking water: Pankaj Upadhyay जौरा | विधानसभा में जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने राज्यपाल की अभिभाषण में कहा कि , कल राज्यपाल जी का भाषण सुना आज बड़े ही दुखी मन से यहां अपनी बात रख रहा हूं . मैं पहली बार का विधायक हूं और बड़ी उम्मीद लेकर आया था . आपको देखा , प्रहलाद जी को देखा , कैलाश जी को देखा और बरिष्ठ लोगों को देखा तो लगा कि बिजली , पानी , सड़क सभी काम बड़ी आसानी से हो जाएंगे , मैं जो यहाँ पर बोलूंगा वह होगा , लेकिन मैं जहां एक साल पहले खड़ा था आज भी वहीं पर खड़ा हूं . पानी की समस्या की बात करें तो हमने लगातार नलजल योजना की यहां बात की है कैलाश विजयवर्गीय जी ने पिछली बार आश्वासन दिया कि जिले की एक समिति बनाएंगे जिन विधायकों को रखेंगे और वह गांव – गांव जाकर देखेंगे कि क्या स्थिति है . एक साल में कोई भी ऐसी कार्यवाही नहीं हुई ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम करे जा रहे हैं . पूरे विभाग का हर कर्मचारी अपनी मर्जी से काम किये जा रहा है . एक भी नल की टोंटी में से पानी नहीं निकल रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है . एक साल से हम प्रत्येक विधान सभा में इस प्रश्न को लगाते हैं और उत्तर मिल जाता है कार्यवाही जारी है , हो रहा है , होगा लेकिन काम कब होगा यह आज तक पता नहीं चल पाया है . ऐसे ही विकलांग हैं जिनके दोनों पैर खराब होते हैं उनको साठ प्रतिशत का प्रमाणपत्र पकड़ा दिया है और जो विकलांग नही थे , बहरे , अंधे नहीं थे उन लोगो को आपने फर्जी प्रमाण पत्र देकर नौकरियां दे दी हैं . आपने 100-100 प्रतिशत के प्रमाण पत्र दे दिये हैं लेकिन जिनके दोनों पैर नहीं हैं आज तक हम उन लोगों को सायकिल नहीं दे पाए . बहुत ही शर्म आती है जब वह लोग हमारे पास में आते हैं कि आप विधायक हो हमको सायिकल तो दिला दो . इस पर मेरा सदन से अनुरोध है कि यह बड़ी ही संवेदनशील बात है कि जिन लोगों के दोनों पैर नहीं हैं और हमें आंखों से दिख रहा है लेकिन हम उन्हें सायकिल नहीं दिला पा रहे हैं . इस पर आप कुछ कार्यवाही करें . खाद मांगने जाते हैं तो डंडे पड़ रहे हैं . किसान अपनी फसल बेचने जाता है तो वह लाईन में लगा रहता है . मेरा आपसे अनुरोध है कि जो खरीदी केन्द्र हैं उनकी संख्या बढ़ाई जाए .अध्यक्ष महोदय , राज्यपाल जी ने जो भाषण दिया पेज नम्बर 9 पर हमने अस्पतालों की बातें सुनीं हमारे जौरा में अस्पताल बने हैं लेकिन उनमें डॉक्टर नहीं हैं . स्टॉफ नहीं है , दवाईयां नहीं है . अभी आपने नये अस्पताल का उद्घाटन किया लेकिन 50 प्रतिशत डॉक्टर भी वहां पर उपलब्ध नहीं हैं . वहां पर तीन माह से महिलाओं की डॉक्टर नहीं हैं . जब डिलेवरी होने आती है तो वह पहले वहां पर आती हैं और फिर मुरैना पहुंचाई जाती हैं . आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गंभीर बात है . अगर तीन माह से वहां पर डॉक्टर नहीं हैं तो कैसे क्या व्यवस्था हो रही होगी यह बहुत ही गंभीर विषय है , लेकिन सरकार लगातार अपनी पीठ थपथपा रही थी और मैं सोच रहा था कि मेरे क्षेत्र का तो कुछ काम ही नहीं हुआ भवन बन गए हैं लेकिन डॉक्टर नहीं हैं . यहां पर अटल एक्सप्रेस वे की घोषणा हुई माननीय अध्यक्ष जी पहले आपने घोषणा की थी कि आप बीहड़ में से इस सड़क को निकालेंगे हमने बहुत स्वागत किया कई उत्साह मने कि बहुत ही बढ़िया काम हो रहा है लेकिन आप उपजाऊ भूमि में से अगर सड़क को निकालेंगे तो यह किसान कहां जाएंगे , जो सीमान्त किसान हैं वह कहां जाएंगे . मेरा आपने अनुरोध है कि हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा यदि हमने इन लोगों को आज बेरोजगार कर दिया तो आने वाले समय में हमें कोई माफ नहीं करेगा . वह जो हजारों एकड़ का बिहड़ पड़ा है आप उस बिहड़ पर सड़क निकालिए आपका स्वागत है . ऐसे ही आपने सोलर प्लांट की योजना ला दी सबने तारीफ की कि बहुत बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . जो पशुवन यहां वहां घूम रहा है वह कहां जाएगा , आपने यदि हमारी पच्चीस हजार बीघा जमीन ले ली और जहां जमीन पर सोलर प्लांट लग जाएगा तो जमीन में से पानी कम जो जाएगा . वहां के किसान कहां जाएंगे इस बारे में किसी ने कोई चर्चा नहीं की है . मैं फिर कहना चाहता हूं कि जो हमारा बिहड़ का इलाका है । चंबल के पास का वहां लाखों एकड़ भूमि खाली पड़ी हुई है वह आप इन उद्योगपतियों को दीजिए , अडानी , अम्बानी को हमारी उपजाऊ जमीन देने की पंकज उपाध्याय ने कहा कि लोगों को बिजली नहीं मिल रही हैं , लोग घंटों – दिनों तक खड़े रहते हैं . डीपी जल जाती है तो दो – दो माह तक बिजली नहीं आती है , जब तक रिश्वत नहीं दी जाती है , तब तक डीपी नहीं बदली जाती है , मेरा अनुरोध है कि ये बहुत ही गंभीर विषय है इस पर आपको चिंतन करना होगा .  यहां से सबसे ज्यादा लोग सेना में जाते हैं . इतने लोग शहीद हो जाते हैं . उसके बाद भी हम मुरैना जिले एक ट्रेनिंग सेंटर आज तक नहीं बना पाये कि जहां हमारे नए युवा ट्रेनिंग कर सकें , मैं , विगत एक वर्ष में 5 बार इस सदन में , इसकी मांग कर चुका हूं लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है . शहीदों की केवल एक बार तारीफ कर दो , फिर उन्हें भूल जाओ . वहां स्कूल नहीं हैं । हमारे युवाओं के साथ भेदभाव हो रहा है , वे सेना में भर्ती होने के … Read more

भाजपा-कांग्रेस नेताओं में विवाद, चलीं गोलियां, भारी पुलिस बल तैनात

Dispute between BJP-Congress leaders, bullets fired, heavy police force deployed mp news! मध्यप्रदेश के भिंड के गोहद मे भाजपा-कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर गोलियां चलीं। दोनों पक्षों की ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद शहर में सनसनी फैल गई और माहौल तनाव पूर्ण हो गया। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए चार थानों का पुलिस बल बुलाकर मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही कई लोगों के हथियार भी जब्त किए हैं। भाजपा-कांग्रेस नेताओं में विवादघटना गोहद चौराहे की जहां बुधवार की सुबह कांग्रेस नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह अपने खेतों की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि तभी भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर व उसके साथियों ने विश्वनाथ प्रताप सिंह को घेर लिया। इस दौरान भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर के साथियों ने फायरिंग भी की जिससे बचते हुए किसी तरह विश्वनाथ प्रताप सिंह घर पहुंचे और अपनी बंदूक निकाल कर वापस घटना स्थल पर लौटे। दोनों तरफ से चलीं गोलियांकांग्रेस नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह जब बंदूक लेकर मौके पर पहुंचे तो एक बार फिर भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर के साथियों ने गोलियां चलाईं जिसके जवाब में विश्वनाथ प्रताप सिंह के पक्ष की ओर से भी गोलियां चलाई गईं। सुबह-सुबह चौराहे पर हुई फायरिंग की इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है और ये घटना उसी का परिणाम है। हालात बिगड़ते देख चार थानों का पुलिस बल इलाके में तैनात किया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

संगम में अखिलेश यादव ने क्यों लगाई 11 डुबकी? खुद बताई वजह, 9वीं सबसे खास

Akhilesh Yadav in Mahakumbh: सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को महाकुंभ पहुंचे और उन्होंने संगम में डुबकी लगाई। स्नान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और बताया कि उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर संगम में 11 डुबकी लगाई। संगम स्नान से लौटने के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने 11 डुबकी क्यों लगाई है। आइए जानते हैं सपा प्रमुख की 11 डुबकी का मतलब… अखिलेश यादव ने क्यों लगाई 11 बार डुबकी?सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया हैंडल पर 11 डुबकी लगाने का रहस्य खोला है। उन्होंने बताया कि हर डुबकी अलग-अलग मकसद के लिए लगाई गई है। अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, महाकुंभ के पावन अवसर पर ‘संगम’ में:एक डुबकी मां त्रिवेणी को प्रणाम की…एक डुबकी आत्म-ध्यान की…एक डुबकी सर्व कल्याण की…एक डुबकी सबके उत्थान की…एक डुबकी सबके मान की…एक डुबकी सबके सम्मान की…एक डुबकी सर्व समाधान की…एक डुबकी दर्द से निदान की…एक डुबकी प्रेम के आह्वान की…एक डुबकी देश के निर्माण की…एक डुबकी एकता के पैगाम की!!! ‘संगम की तरह मेलजोल का संदेश देना चाहिए’अखिलेश यादव ने पोस्ट कर लिखा, “महाकुंभ की पुण्य-यात्रा! महाकुंभ 144 साल में एक बार आता है, वो भी संगम के किनारे ही मतलब जीवन में एक बार और वो भी नदियों के मिलन स्थल पर, इसलिए इससे ये संकल्प लेना चाहिए कि हमें जो जीवन मिला है वो अलग-अलग दिशाओं से आती हुई धाराओं के मिलन से ही अपना सही अर्थ और मायने पा सकता है। हमें संगम की तरह जीवन भर मेलजोल का सकारात्मक संदेश देना चाहिए। सद्भाव, सौहार्द और सहनशीलता की त्रिवेणी का संगम जब-जब व्यक्ति के अंदर होगा, तब-तब हम सब महाकुंभ का अनुभव करेंगे।”

अकेले पड़े जीतू यादव, खुद इस्तीफा नहीं देते तो पार्टी कर देती निलंबित

Jitu Yadav lying alone, had he not resigned himself, the party would have suspended him. पार्षद कालरा के घर हमले और उनके नाबालिग बेटे के साथ की गई हरकत के कारण एमआईसी मेंबर जीतू यादव की राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। अनुशासन समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संगठन यादव के खिलाफ एक्शन लेता, उससे पहले उन्होंने ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और एमआईसी मेंबर पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा जीतू के पास कोई चारा भी नहीं था,क्योकि संगठन की तरफ से भी जीतू के खिलाफ कार्रवाईकी तैयारी हो चुकी थी। पार्षद कालरा के घर हुए विवाद के बाद जीतू यादव को उनके राजनीतिक आका ही मदद के लिए तैयार नहीं थे, क्योकि घर में घुसकर नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत से वे खुश नहीं थे और पूरे मामले में चुप्पी साध रखी थी। मामला ज्यादा तूल नहीं पकड़ता, लेकिन यादव खेमे की तरफ से ही इस मामले को हवा दी गई। नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत की वीडियो उनके समर्थकों ने ही वायरल की। जब मालिनी गौड़ ने कालरा के परिजनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलवाया तो दूसरे दिन यादव भी अपने समर्थकों के साथ इंदौर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उसके वीडियो भी अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर खूब वायरल कराए। इसके बाद कालरा खेमे की तरफ से भी काॅल रिकार्डिंग वायरल करना शुरू हो गई और मामला भोपाल तक पहुंच गया। बताते है कि नाबालिग बच्चे को नग्न करने के मामले में पीएमअेा कार्यालय से भी रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद मामला और गंभीर होता गया। अतत: यादव को इस्तीफा देना पड़ा।

दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध!

delhi farmers whose cot will they destroy time fierce war of words between shivraj and atishi Delhi’s Farmers: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार किसान भी मुद्दा बन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में करीब 300 से ज्यादा गांव हैं। ये गांव करीब आधा दर्जन सीटों को प्रभावित करते हैं। इस बार किसान महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। भाजपा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूरी तरह से इस काम में लगा रखा है। चौहान दिल्ली के किसानों से लगातार मिल रहे हैं। वह आप सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप भी लगा रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और शिवराज सिंह में किसानों को लेकर बयानबाजी हो चुकी है। शिवराज के पत्र पर आतिशी ने किया पलटवार शिवराज ने पिछले दिनों आतिशी को पत्र लिखकर दिल्ली के किसानों की व्यथा बताई थी। पलटवार करते हुए आतिशी ने जवाब दिया था कि भाजपा का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है, जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। उन्होंने कहा कि जितना बुरा हाल किसानों का भाजपा के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। भाजपा के राज में किसानों पर गोलियां और लाठियां चलाई गई थीं। ‘शीशमहल’ पर सियासत…धरने पर बैठे आप नेता दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ‘शीशमहल’ मामले को लेकर सियासत गर्मा गई है। आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा को चुनौती दी कि वह 2700 करोड़ रुपए में बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलीशान राजमहल को दिखाए। संजय सिंह ने कहा था कि वह पहले मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री का आवास देखने जाएंगे। वह सौरभ भारद्वाज के साथ दिल्ली सीएम आवास पहुंचे। आप नेताओं को सीएम आवास में जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस पर आप नेता धरने पर बैठ गए। बाद में दोनों नेता पीएम आवास के लिए निकले। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और आप नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। दोनों आप नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए।

कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन का समीकरण, अब फैसला दिल्ली से

District presidents of BJP in Madhya Pradesh भोपाल (District presidents of BJP in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी यह चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। इन सब के बीच अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है।दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया।बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी।इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपादो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

kamal nath not getting respect in mp congress former cm broke silence on news भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। महू में होने वाला है कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। सभी लोग हैं एकजुट कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। मीडिया पैनलिस्टों की सूची हो गई थी वापस हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं।

चुनाव आयोग में ही गड़बड़ी… EVM का बचाव करने पर राजीव कुमार पर भड़के संजय राउत

sanjay raut said on evm hack election commission महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं. संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया कहती है कि ईवीएम में गड़बड़ी है. चुनाव आयोग कहता है कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें तो लगता है कि आयोग में ही सारी गड़बड़ी है. मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए संजय राउत ने कहा कि राजीव कुमार रिटायर होंगे, इसके बाद भी उनके पास बढ़िया काम रहेगा. रिटायरमेंट के बाद मोदी-शाह उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना देंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में ईवीएम में गड़बड़ी हुई है. चुनाव आयोग को गांवों में जाकर बैठना चाहिए, तभी उन्हें ईवीएम और बैलेट पेपर की सच्चाई उन्हें वाकई में समझ आएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है. हजारों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. चुनाव आयोग अब बीजेपी के ‘ताट के नीचे बैठा बिल्ली’ बन गया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के तिथियों के ऐलान के समय उन सभी सवालों का जवाब दिया, जिसके लेकर इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाए जा रहे थे. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव में वोट देने वाले किसी वोटर का नाम किसी भी तरीके से हटाया ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि अगर फॉर्म साथ में न हो. यहां तक कि अगर किसी की मौत हो गई हो तो उसका रिकॉर्ड भी इलेक्शन कमीशन की तरफ से रखा जाता है. इसके लिए सभी मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट को रिकॉर्ड में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी किसी का नाम गलती से हट जाता है तो हमारी तरफ से उसे नोटिस भेजा जाता है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक शायरी के जरिए कहा कि आरोपों और इल्जामातों का दौर चले कोई गिला नहीं…हर परिणाम में प्रमाण देते है…शक का इलाज तो हकिम लुकमान के पास भी नहीं है.

भाजपा: प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों का नाम तय, दिनभर चली बैठक ,अध्यक्ष का ऐलान

BJP: Names of state and district presidents decided, announcement of district president on January 5 and state president on January 15 भोपाल। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वे मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे। 15 जनवरी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय की भूमिका भी नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण होगी।पांच जनवरी तक जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्य सभा सदस्य रहे हैं। अब वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। मध्य प्रदेश से राज्य सभा रहने के कारण उनका प्रदेश से जुड़ाव रहा है । जिला अध्यक्ष के लिए पांच-पांच नामों का पैनल तैयार भाजपा संगठन चुनाव के तहत नए जिला अध्यक्षों के नामों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गुरुवार को दिनभर चली बैठकों में प्रदेश के चुनाव अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षकों से साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा प्रत्येक जिले के लिए प्रस्तावित पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें दो नामों के अलावा एससी, एसटी और महिला का एक-एक नाम शामिल हैं। कुल पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। शुक्रवार को इन नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली से नामों पर अंतिम निर्णय के बाद पांच जनवरी को जिला अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। दिनभर चली बैठक गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में दिनभर चली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला अध्यक्ष के नामों पर विचार विमर्श कर फाइनल पैनल तैयार किया। बताया जा रहा है कि 15 मौजूदा युवा जिला अध्यक्षों को रिपीट किया जा सकता है। हालांकि पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन जिला अध्यक्षों का कार्यकाल निर्विवाद रहा हो। चार साल से अधिक समय से जिला अध्यक्ष रहने वाले रिपीट नहीं किए जाएंगे। पार्टी ने इस बार जिला अध्यक्ष के महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा है। पैनल में महिला नेत्रियों का नाम शामिल है।

ग्वालियर में भाजपा की बड़ी मुश्किल ,सिंधिया और तोमर में तूफानी घमासान

Big trouble for BJP in Gwalior, stormy fight between Scindia and Tomar ग्वालियर ! भारतीय जनता पार्टी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अब गले की फांस बनती जा रही है. क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए अब नेता समर्थकों में खींचतान मची हुई है. वहीं मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में हुए फेरबदल के बाद अब सबकी निगाहें जिलाध्यक्ष के पद पर टिकी हुई हैं. ग्वालियर में मुकाबला सीधे तौर पर सिंधिया समर्थकों और नरेंद्र सिंह तोमर गुट के बीच देखा जा रहा है. बड़े स्तर पर नेता भले ही कुछ ना कह रहे हों पर अंदरूनी तौर पर खींचतान जारी है. अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी के दो गुट सामने? मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है. सभी जिलों के ऑब्जर्वर जिला अध्यक्ष के दावेदारों के नाम कुछ बंद लिफाफों में लेकर भोपाल पहुंच चुके हैं. वहीं प्रदेश स्तरीय बैठक में मंथन किया जा रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला अध्यक्ष के तौर पर घमासान मचा हुआ है. वजह है, सिंधिया गुट और नरेंद्र सिंह तोमर गुट के समर्थकों का आमने-सामने होना. कैसे तय होगा जिला अध्यक्ष का नाम? BJP के पास बंद लिफाफों में नाम पहुंच चुके हैं, जिन्हें अब भोपाल में फाइनल किया जाएगा. इन नामों को आगे बढ़ाने का काम पार्टी के बड़े नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाहा और सांसद भारत सिंह कुशवाहा की सहमति से किया जाएगा. बीजेपी की क्या है राय? बीजेपी में जिला अध्यक्ष के पद के लिए मचे घमासान में बीजेपी-कांग्रेस अपनी-अपनी राय दे रही है. पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा, “सभी कार्यक्रम केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्धारित टाइम लाइन के हिसाब से चल रहे हैं. कहीं भी खींचतान जैसी कोई स्थिति नहीं है. मैं खुद चुनावी प्रक्रिया की बॉडी मैं हूं और मुझे अब तक ऐसी कहीं भी स्थिति दिखाई नहीं दी है.” कांग्रेस का क्या है कहना? इधर कांग्रेस भी बीजेपी के हालातों पर तंज कसने में पीछे नहीं है. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा, ” भारतीय जनता पार्टी में पहले से ही श्रेय लेने के लिए प्रतिस्पर्धा और होड़ जैसी स्थिति हम सभी ने देखी है. वहीं दूसरी ओर जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी में एंट्री की है तभी से वर्तमान की भाजपा और पूर्व से स्थापित भाजपा में संघर्ष देखने को मिल रहा है. ऐसे में जो भारतीय जनता पार्टी खुद को सुचिता और अनुशासन का प्रतीक बताती है वहां ऐसी स्थिति आने के बातें दिल्ली तक पहुंच रही हैं. ये भारतीय जनता पार्टी में चिंगारी लग चुकी है और इसी तरह की स्थितियां बीजेपी और संगठन को समाप्त करने का काम करेगी.” किसके पाले में आएगी गेंद? जिला अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी में कितना भी घमासान मचा हो लेकिन अंतिम मुहर दिल्ली हाई कमान से ही लगेगी, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि जिला अध्यक्ष पद पर होने वाली नियुक्ति पर नाम किसका होगा. इसमें तोमर गुट को तवज्जो मिलेगी या सिंधिया समर्थक भारी पड़ेंगे, ये तो वक्त ही बताएगा.

मध्यप्रदेश बीजेपी में जबर्दस्त खींचतान, मोहन-शर्मा-सिंधिया सबके पावर खत्म, हाईकमान का सीधा हस्तक्षेप

Tremendous tussle in Madhya Pradesh BJP, Sharma-Scindia lose power, direct intervention of high command भोपाल ! मध्यप्रदेश में संगठन चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। पार्टी के भीतर मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर खींचतान साफ झलकी। पार्टी ने पहले पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा था कि नियुक्तियां किसी मंत्री, सांसद, विधायक, या जिलाध्यक्ष की पसंद से नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर होंगी। लेकिन व्यवहार में यह वादा अधूरा ही रहा। हाईकमान का नया निर्देश बीजेपी हाईकमान ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का जिला अध्यक्षों के चयन में सीधा हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है। हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि जैसे सांसद और विधायक के टिकट का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करता है, वैसे ही अब जिलाध्यक्षों का चयन भी दिल्ली से होगा। जिला अध्यक्षों के चयन प्रक्रिया में बदलाव मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिला स्तर पर चुनाव अधिकारियों ने तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश संगठन को सौंप दिया है। अब इन नामों पर अंतिम निर्णय हाईकमान करेगा। यह पहली बार है जब मध्यप्रदेश बीजेपी में जिलाध्यक्षों का निर्धारण सीधे दिल्ली से किया जाएगा। पारदर्शिता और योग्यता पर जोर इस बदलाव का उद्देश्य संगठन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। अब तक जिलाध्यक्षों का चयन स्थानीय नेताओं द्वारा किया जाता रहा, जिसमें कई बार सांसद और विधायकों ने अपनी पसंद के लोगों को ही प्राथमिकता दी। इससे योग्यता को दरकिनार किया गया। नई व्यवस्था के तहत काबिल और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मंडल अध्यक्षों के चुनाव में विवाद हाल ही में हुए मंडल अध्यक्षों के चुनावों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। पार्टी द्वारा तय किए गए क्राइटेरिया, जैसे 45 साल की आयु सीमा, आपराधिक रिकार्ड न होना, और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल न होना, का पालन कई जगहों पर नहीं हुआ। कई मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों पर विवाद हुआ, और कुछ को चयन के तुरंत बाद हटा भी दिया गया। नई व्यवस्था से उम्मीदें मंडल अध्यक्षों के चुनाव में सामने आए विवादों और शिकायतों के बाद हाईकमान ने जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सख्ती दिखाई है। अब दिल्ली से चयन होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद बढ़ गई है। इससे कार्यकर्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा और पार्टी संगठन को नई दिशा मिलेगी। यह कदम मध्यप्रदेश बीजेपी के संगठन को न केवल मजबूती देगा, बल्कि योग्यता और पारदर्शिता के नए मानदंड भी स्थापित करेगा।

निर्मला सप्रे की सदस्यता पर फैसला अगले हफ्ते

Decision on Nirmala Sapre’s membership next week भोपाल। रामनिवास रावत के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाली बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर निर्णय अगले सप्ताह होगा। विधानसभा सचिवालय ने उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, सप्रे ने कहा है कि वे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर से मांग की है कि 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। इसलिए आवेदन का निराकरण शीघ्र करें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल होने की घोषणा करके पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने वाली बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने का आवेदन दिया है। सदस्यता त्यागने का निर्णय नहीं कर पा रहीं सप्रे आवेदन में सप्रे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करने के साथ भाजपा का हाथ थामने की घोषणा करते हुए वीडियो, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर आदि दस्तावेज लगाए हैं। साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उनके शामिल होने के फोटो भी फिर से दिए आवेदन के साथ लगाए हैं। उधर, सप्रे सदस्यता त्यागने को लेकर निर्णय नहीं कर पा रही हैं। यही कारण है कि उन्होंने पहले दो बार के नोटिस पर विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगा और फिर कहा कि वे अध्यक्ष के समक्ष प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। अनाश्यक खींचा जा रहा मामला- उपनेता प्रतिपक्ष सूत्रों का कहना है कि इस मामले में निर्णय अध्यक्ष को ही करना है, इसलिए अगले सप्ताह सप्रे की बात सुनकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का कहना है कि इस मामले को अनाश्यक खींचा जा रहा है। दस्तावेज गुम होने की बात कहते हुए दोबारा आवेदन मांगा गया, जबकि स्थितियां बिलकुल स्पष्ट हैं। सभी प्रमाण विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यदि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले सप्रे की सदस्यता पर निर्णय नहीं लिया गया, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सप्रे ने अध्यक्ष से भेंट करके अपनी बात रखने का कहा है। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। टल सकता है निर्मला का मामला सूत्रों का कहना है कि रामनिवास रावत के उपचुनाव हारने के बाद अब निर्मला सप्रे का मामला टल भी सकता है। दरअसल, सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग कर रही थीं। सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी भी हो गई थी, पर खुरई में विरोध होने के कारण मामला टल गया। खुरई से विधायक पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह कह चुके हैं कि भले ही पार्टी कांग्रेस से आए लोगों को स्वीकार कर ले, पर वे नहीं करेंगे। सागर जिले में पार्टी के अधिकतर नेता व कार्यकर्ताओं के बीच सप्रे को लेने पर एकराय नहीं है।

विजयपुर में मुरझाया कमल, मंत्री रामनिवास रावत को मिली करारी हार, कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा जीते

Lotus withered in Vijaypur, Minister Ramniwas Rawat got a crushing defeat, Congress’s Mukesh Malhotra won. श्योपुर। Vijaypur By-Election Result 2024: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की विजयपुर (Vijaypur) विधानसभा सीट पर कांग्रेस (Congress) ने कब्जा कर लिया है। भाजपा प्रत्याशी (BJP candidate) और सरकार में वनमंत्री (Forest Minister) रामनिवास रावत (Ramniwas Rawat) की बड़ी हार हुई है। मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) ने रावत को 7 हजार 228 वोटों से हरा दिया।

‘उम्मीदवार की जाति, धर्म और नस्ल देखकर वोट…’, मतदाताओं से क्या बोले नितिन गडकरी?

‘Vote considering the caste, religion and race of the candidate…’, what did Nitin Gadkari say to the voters? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान को तोड़ा-मरोड़ा और अब वह इसका दोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मढ़ रही है. नितिन गडकरी ने काटोल में बीजेपी प्रत्याशी चरणसिंह ठाकुर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार (10 नवंबर, 2024) को कहा कि भाजपा न तो डॉ. बी आर आंबेडकर का संविधान बदलेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘हम न तो बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान बदलेंगे और न ही हमें किसी को ऐसा करने देंगे. संविधान की मूल संरचना को बदला नहीं जा सकता है.’ उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया. नितिन गडकरी ने कहा, ‘संविधान की मुख्य विशेषताएं जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के साथ-साथ मौलिक अधिकारों को कोई भी नहीं बदल सकता है. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संविधान को तोड़-मरोड़ा. देश के इतिहास में कांग्रेस ही थी जिसने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का पाप किया और अब वे हम पर दोष मढ़ रहे हैं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज ने लोगों को भगवान राम के राम राज्य के समान शिवशाही दी, जिसके बारे में महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि देश में इसे स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप राम राज्य स्थापित करना चाहते हैं तो यह नेताओं के हाथ में नहीं बल्कि जनता के हाथ में है. जाति, नस्ल, धर्म और भाषा के आधार पर मतदान न करें. कोई व्यक्ति अपनी जाति से नहीं बल्कि अपने गुणों से बड़ा होता है. छूआछूत और जातिवाद खत्म होना चाहिए.’ नितिन गडकरी ने कहा कि जो नेता अपनी योग्यता के आधार पर नहीं जीत सकते, वे चुनावी लाभ के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप भोजन और स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के पास उसकी जाति देखे बगैर जाते हैं. जब तक आप ईमानदार, गैर-भ्रष्ट नेताओं और दल को नहीं चुनते, तब तक आपका भविष्य नहीं बदलेगा.’ उन्होंने कहा कि महायुति सरकार लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है. नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या इनमें से कोई भी ऐसी योजना है जिसमें मुस्लिम और दलित आवेदन नहीं कर सकते?

Madhya Pradesh by-election : खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मुद्दे पर जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा

Jitu Patwari cornered Mohan government on fertilizer crisis and nursing college issue भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश में किसानों को हो रहे खाद संकट पर पटवारी ने कहा कि बुधनी जो केंद्रीय कृषि मंत्री का क्षेत्र है वहां भी लोगों को खाद की परेशानी हो रही है। बीजेपी के लोग बार-बार खाद की समस्या न होने की बात करते हैं, जबकि स्थितियां सबके सामने है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बीजेपी के नेता बताएं रवि और खरीफ के लिए कितना खाद चाहिए था, सरकार ने कितनी मांग की है और उसके एवज में कितनी आपूर्ति हुई है। यदि बुधनी में पर्याप्त खाद किसानों को मिला होगा तो पिछली बार एक लाख आठ हजार से बीजेपी जीती थी, इस बार 1 लाख 9000 से चुनाव जीतना चाहिए। नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी साधा निशाना पीसीसी चीफ ने नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि लंबी जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रदेश में केवल 200 कॉलेज ही ऐसे हैं, जो नियमों की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार भ्रष्टाचार की बात उठा रहे थे, वह सच साबित हुई। ऐसे में अब जिन लोगों ने इन कॉलेजों को मान्यता दी चाहे वह अधिकारी हो मंत्री हो या कर्मचारी हो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर इन सब पर कार्रवाई की मांग करता हूं और मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटवारी ने कहा कि बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है। लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस लूट के खिलाफ शासन प्रशासन और बीजेपी नेताओं से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने कहा मैं खुद 11 तारीख तक विजयपुर में रहूंगा उसके बाद विजयपुर के आसपास सबलगढ़ शिवपुरी और श्योपुर में डेरा डालूंगा। ताकि विजयपुर में जनमत के साथ लूट ना हो सके। उमंग सिंगार के आरोपों पर पटवारी ने कहा उमंग सिंगार के आरोपों पर जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद पर है। यदि उन्होंने कोई बात कही है तो बिल्कुल प्रमाणिक होगी। रही बात बीजेपी को प्रमाण देने की तो बीजेपी बताएं कि रामनिवास रावत क्या फ्री फोकट में बीजेपी गए हैं। 2020 में जो बड़ी संख्या में विधायक जॉइन कराए, क्या वह मुफ्त में बीजेपी ज्वाइन किया और समय आने पर प्रमाण भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीजेपी के नेता तो खुद ही इस बात को स्वीकारते हैं कि भाजपा नेता खरीद फरोख्त करते हैं। लाड़ली बहनों से की वादाखिलाफी लाड़ली बहन की किस्त जारी करने पर जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 3000 रुपए देने का वादा किया था। लेकिन केवल 1250 रुपए दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर महिलाओं के साथ छलावा है। महिलाएं भी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रही है। इन दोनों उप चुनाव में महिलाएं इसका जवाब देंगी। पीएम मोदी के “एक रहोगे सेफ रहोगे” के बयान पर किया पलटवार पीएम मोदी के एक रहोगे सेफ रहोगे वाले बयान पर भी पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की भी यही भावना है कि सब भारत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहे। लेकिन बीजेपी के लोग मंच से तो सबके एकजुटता होने की बात करते हैं। लेकिन पीछे के रास्ते समाज में बांटने का काम करते हैं। काम, संविधान को कमजोर करने का मोदी प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी भी यही कहते हैं कि भारत की अखंडता बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह नारा भी लगाना चाहिए कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम आपस में भाई-भाई। भारत की संस्कृति में सबको एकजुट रहने की बात कही गई है।

बीजेपी ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की, 22 नवंबर को दिल्ली में बड़ी बैठक

BJP speeds up the process of appointing a new president, big meeting in Delhi on November 22 बीजेपी ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है. 20 नवंबर को महाराष्ट्र और झारखंड में मतदान खत्म होते ही 22 नवंबर को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में बड़ी बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि जनवरी के तीसरे हफ्ते तक पार्टी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव खत्म होते ही बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तेज होगी. इस सिलसिले में बीजेपी ने 22 नवंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक 22 नवंबर को बीजेपी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों और सभी प्रदेश अध्यक्षों सहित संगठन से जुड़े लगभग सवा सौ शीर्ष नेताओं के साथ संगठन की चुनावी प्रक्रिया को लेकर वर्कशॉप किया जाएगा. ये बैठक बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाया है जिसमें गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रह सकते हैं. दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाली इस बैठक में बीजेपी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे. राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा इस बैठक में हर राज्य से प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री भी शामिल होंगे. सभी प्रदेशों के प्रभारी और सह प्रभारी के साथ साथ बीजेपी के सभी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बैठक में बुलाए गए हैं. प्रदेश चुनाव अधिकारी और सह अधिकारी भी बैठक में रहेंगे मौजूद संगठन में अध्यक्ष चुनाव के लिए नियुक्त किए गए राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण और तीनों सह चुनाव अधिकारी के अलावा सभी प्रदेशों में नियुक्त किए गए प्रदेश चुनाव अधिकारी और सह अधिकारियों को बैठक में रहना है. इस बैठक में देश भर से सक्रिय सदस्यता प्रमुखों को भी बैठक में बुलाया गया है. बैठक में बुलाए गए बीजेपी के सभी पदाधिकारियों और आगंतुक नेताओं को कहा गया है कि स्थानीय सक्रिय सदस्यता अभियान से लेकर अब तक की जितनी भी सांगठनिक चुनाव से संबंधित गतिविधियां चलाई गई हैं सबका विस्तृत विवरण लेकर आए. चुनाव के लिए नेशनल अपील कमेटी का गठन इससे अलग, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के मद्देनजर एक और अहम फैसला लिया है. बीजेपी संगठन चुनाव के केंद्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण ने नेशनल अपील कमेटी का गठन कर दिया है. इस कमेटी के कन्वीनर राधामोहन सिंह को बनाया गया है जबकि बीजेपी के तीन वरिष्ठ नेताओं को नेशनल अपील कमिटी का को-कन्वीनर विजयपाल सिंह तोमर, संजय भाटिया, गजेंद्र पटेल को बनाए गए हैं. ये अपील कमेटी बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव में किसी भी गड़बड़ी को रोकने का काम करता है साथ ही इस कमिटी के साथ चुनावी प्रक्रिया में की गई त्रुटियों की शिकायत भी की जा सकती है. दरअसल बीजेपी संविधान के नियम 4 के मुताबिक पार्टी के सांगठनिक चुनाव यानी अध्यक्षीय चुनाव के लिए एक नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति की जाती है. ये नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर अध्यक्ष के चुनाव के लिए अपनी टीम बनाता है, जो प्रत्येक राज्यों में रिटर्निंग ऑफिसर और को इंचार्ज बनाता है. इसी क्रम में बीजेपी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी एक नेशनल अपील कमेटी का गठन करता है जहां अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी की शिकायत और उसका निवारण किया जाता है. कैबिनेट मंत्रियों की बैठक शाह ने ली थी प्रगति रिपोर्ट बीजेपी अध्यक्ष पद चुनाव की गति में तेजी लाने को लेकर विगत मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने कैबिनेट मंत्रियों की बैठक बुलाई थी. बैठक में बीजेपी के संगठन मंत्री बीएल संतोष भी शामिल थे. मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्रियों के साथ की गई इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यवार सांगठनिक चुनाव की प्रगति रिपोर्ट लिया. उसके बाद अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को गति देने के लिए योजना बनाई गई. 22 नवबर को वर्कशॉप उसी बैठक में चर्चा के बाद ये निर्णय लिया गया कि 22 नवंबर को एक वर्कशॉप आयोजित कर पार्टी अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को तेज किया जाए और नेशनल अपील कमेटी का गठन कर चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाय। माना जा रहा कि बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जनवरी के तीसरे हफ्ते तक पूरी कर ली जाएगी यानी पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष 15 जनवरी के बाद कभी भी मिल सकता है.

राहुल गांधी की कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की चुनौतियों पर चर्चा और आर्थिक सशक्तिकरण की अपील

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

बुधनी विधानसभा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का दो दिवसीय जनसंपर्क अभियान, कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में मतदाताओं से संवाद

Public relations campaign of Congress President Jitu Patwari in Budhni Assembly: Two-day visit in support of Rajkumar Patel मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज, 27 अक्टूबर, से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क करेंगे और मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे। पटवारी का यह दौरा 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें वे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर कांग्रेस की नीतियों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से लोगों को अवगत कराएंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्यबुधनी विधानसभा क्षेत्र, जो प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, में कांग्रेस इस बार मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। जीतू पटवारी के इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय मतदाताओं के बीच कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल के प्रति समर्थन को बढ़ाना और जनता को कांग्रेस की योजनाओं से अवगत कराना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पटवारी इस दौरे में किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए पार्टी के एजेंडे पर विशेष रूप से जोर देंगे और क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। मतदाताओं से संवाददौरे के दौरान जीतू पटवारी विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर जनसभाएं करेंगे, जहां वे सीधे तौर पर मतदाताओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें कांग्रेस की ओर से समाधान का भरोसा देना है। इस अवसर पर पटवारी स्थानीय मुद्दों जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी चर्चा करेंगे। कांग्रेस की रणनीतिबुधनी विधानसभा पर कांग्रेस की नजर लंबे समय से है, और जीतू पटवारी का यह दौरा इस ओर एक अहम कदम है। पार्टी ने इस बार राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छा जनसमर्थन हासिल है। जीतू पटवारी का समर्थन भी उन्हें मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य क्षेत्र के लोगों के सामने कांग्रेस के विकल्प को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना है। कांग्रेस समर्थकों में उत्साहदौरे की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता जीतू पटवारी के नेतृत्व में बुधनी में नई ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क अभियानों से मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुल मिलाकर, जीतू पटवारी का यह दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इससे कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर समर्थन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। पटवारी के संवाद कार्यक्रम को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस बुधनी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्तिकेय कि मतदाताओं को वार्निंग : कांग्रेस का विधायक आ गया तो गांव में एक भी ईंट नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब

If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम.

अरविंद केजरीवाल करेंगे महाराष्ट्र-झारखंड में प्रचार, INDIA अलायंस और अपनी अन्य सहयोगी पार्टियों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे

Arvind Kejriwal will campaign in Maharashtra-Jharkhand, will campaign for INDIA Alliance and his other allies. Arvind Kejriwal Election Campaining Plan: अरविंद केजरीवाल महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव प्रचार करेंगे। कई दलों ने उन्हें अपना स्टार कैंपेनर बनाने के लिए संपर्क किया है, लेकिन अभी तक यह फाइनल नहीं हुआ है कि वे किसके लिए प्रचार करने जाएंगे? Arvind Kejriwal Election Campaining Plan: AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव प्रचार करने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे अपने सहयोगी INDIA अलायंस और अपनी अन्य सहयोगी पार्टियों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। केजरीवाल महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) के लिए प्रचार करेंगे। विशेष तौर पर शिवसेना UBT और NCP-शरद पवार के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। इसके लिए दोनों दलों ने AAP से संपर्क किया है। इनके लिए चुनाव प्रचार कर सकते केजरीवालअरविंद केजरीवाल उन विधानसभा सीटों पर ही चुनाव प्रचार करेंगे, जहां पार्टी के वॉलंटियर्स हैं। अरविंद केजरीवाल के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता भी दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार करते हुए रैलियां निकाल सकते हैं और जनसभाएं कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल झारखंड में भी चुनाव प्रचार करने जाएंगे। केजरीवाल झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवारों के लिए भी प्रचार कर सकते हैं। अरविंद केजरीवाल इंडिया बलॉक की शहरी सीटों पर प्रचार करेंगे। अरविंद केजरीवाल उन सीटों पर प्रचार करेंगे, जहां उनकी अपील इंडिया अलायंस के लिए वोटों में तब्दील होगी, खासकर शहरी सीटों पर। महाराष्ट्र में एक चरण में वोटिंगबता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने गत 15 अक्टूबर को किया था। महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी। 23 नवंबर को मतगणना के बाद परिणाम आएगा। महाराष्ट्र में मुख्य मुकाबल MAV और सत्तारूढ़ महायुति के बीच है। मुख्य चुनावी मुकाबला 2 गठबंधनों के बीच होगा। सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) शामिल हैं। दूसरा गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) है, जिसमें कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और NCP (शरद पवार) शामिल हैं। दोनों गठबंधनों में सीट शेयरिंग हो चुकी और दोनों उम्मीदवारों की घोषणा भी कर चुके हैं। चुनाव प्रचार भी शुरू हो गया है। झारखंड में 2 चरणों में होगी वोटिंगझारखंड विधानसभा चुनाव 2024 का ऐलान भी चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर को किया था। झारखंड में 13 नवंबर और 20 नवंबर को 2 चरणों में वोटिंग होगी। 23 नवंबर को मतगणना होगी। झारखंड में ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU), जनता दल (यूनाइटेड) (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनावी रण में उतरी है।

बुधनी में नाराजगी नहीं: भाजपा प्रत्याशी के विरोध पर VD शर्मा का बयान

No resentment in Budhni: VD Sharma’s statement on opposition to BJP candidate भोपाल। बुधनी विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव का विरोध होने पर बवाल मच गया। कांग्रेस इसे लेकर अब सत्ता पक्ष पर तंज कस रही है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस नाराजगी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि बुधनी में कोई नाराजगी नहीं हैं। बीजेपी में कभी ऐसा नहीं हुआ। शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में बुधनी लगातार जीतते आए हैं। बुधनी के साथ विजयपुर भारी बहुमत से जीत रहे हैं। 24 को विजयपुर और 25 अक्टूबर को बुधनी का नामांकन है। बुधनी और विजयपुर के लिए हम तैयार हैं। विजय का इतिहास भारतीय जनता पार्टी बनाएगी। गरीब कल्याण की योजना और हमारे विकास का काम ये हमारी ताकत है। विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि BJP हर जगह षड्यंत्र करने की कोशिश कर रही है। चाहे वो कुछ भी कर लें, दोनों ही सीटों पर कांग्रेस जीत रही है। कांग्रेस ईमानदारी के साथ इन सीटों पर जीत कर आएगी। जनता सब कुछ जानती है और वो उन्हें जवाब भी देगी। बुधनी में BJP की खुद की पार्टी के लोग उनका विरोध कर रहे हैं। वहां खुद अंदरूनी तौर पर षड्यंत्र चल रहा है। अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती: मंत्री राकेश शुक्ला पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के बयान पर मंत्री राकेश शुक्ला ने पलटवार किया है। उपचुनाव पर कांग्रेस के दावों पर उन्होंने कहा कि रामनिवास नामांकन भरेंगे और मुख्यमंत्री भी जा रहे हैं। हम भी जाएंगे। यहां पर लगातार प्रवास होते रहे हैं और वरिष्ठ नेता भी रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी विजयपुर विधानसभा से रामनिवास रावत प्रचंड बहुमत से जीतकर आ रहे हैं। वहीं बुधनी में विरोध के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती। पीड़ा उन्होंने अपनी कही है। नेताओं के सामने पीड़ा कहने का अधिकार सबको है। हम सभी लोग मिलकर काम करेंगे और एक साथ मिलकर काम करेंगे तो जीतेंगे।जीतू पटवारी और कांग्रेस क्या कहती है, हमें इस पर नहीं जाना। संगठन और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हम जीत रहे हैं।

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने भरा नामांकन, सोनिया, राहुल और खरगे ने दिखाई एकजुटता

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

कथावाचक चिन्मयानंद बापू ,ने साधा निशाना, बोले- ‘ज्यादातर मूर्ख लोग ही राजनीति में आते हैं’

Storyteller Chinmayanand Bapu took aim, said – ‘Mostly fools come into politics’ MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां भागवत कथा करने पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने श्योपुर विधायक के भगवान शंकर पर दिए आपत्तिजनक बयान के वीडियो के बारे में बड़ी कही है। उन्होंने कहा कि मूर्ख लोग राजनीति में आ गए हैं। क्या बोले चिन्मयानंद बापूशिवपुरी में आयोजित कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि ज्यादातर मूर्ख लोग राजनीति में आ गए है, जिन्हें धर्मशास्त्र एवं धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। वह राजनीति में आकर कुछ भी बोल सकते है।यह वीडियो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर पोस्ट किया है। बीजेपी इस मामले को भूनने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। श्योपुर विधायक के विवादित बयान को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। मंच के द्वारा एफआईआर करने का आवेदन दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

अखिलेश यादव का महाराष्ट्र प्लान: MVA में समाजवादी पार्टी की सीटों की मांग पर स्पष्टता

Akhilesh Yadav’s Maharashtra Plan: Clarity on Samajwadi Party’s demand for seats in MVA समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मालेगांव और धुले में रैली करने वाले हैं. सपा विधानसभा चुनाव में दो से अधिक सीटें एमवीए से लेने की कोशिश में है. इस समय सपा के दो विधायक हैं. MVA Seat Sharing In Maharashtra: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दिनों मिशन महाराष्ट्र में जुटे हैं. उनकी कोशिश महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में रहकर अधिक से अधिक सीटें सपा के पाले में लाने की है. इसी के मद्देनजर अखिलेश यादव आज (शुक्रवार, 18 अक्टूबर) महाराष्ट्र पहुंचे. यहां उन्होंने कहा कि हरियाणा का हारा हुआ चुनाव बीजेपी ने जीत लिया, लेकिन झारखंड और महाराष्ट्र INDIA गठबंधन ही जीतेगा. महाराष्ट्र में हमें महासावधान रहना पड़ेगा. अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र में सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी के साथ बैठक की. इसके बाद उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी से सपा की 12 सीटों की मांग बिलकुल सही है. महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी ज़्यादा से ज़्यादा सीटों पर जीतकर आएगी. हमें उम्मीद है कि जहां सपा जीतेगी, वहां एमवीए सीट देगा. सवाल संख्या का नहीं, जीत का है. अबू आजमी लगातार कोशिश कर रहे हैं. मालेगांव और धुले में भी हमारी दावेदारी है.” अखिलेश यादव दोनों जगह रैली करने वाले हैं. कौन-कौन सी सीटें चाहती है सपा? सपा ने अमरावती के रावेर से भी चुनाव लड़ने में रुचि दिखाई है. अन्य सीटें जो सपा चाहती है वे हैं मानखुर्द शिवाजी नगर, वर्सोवा, और अनुशक्ति नगर (मुंबई उपनगरीय जिला), भायखला (मुंबई शहर), भिवंडी पूर्व और भिवंडी पश्चिम (ठाणे), मालेगांव सेंट्रल (नासिक), औरंगाबाद पूर्व (छत्रपति संभाजी नगर), करंजा (वाशिम) और धुले शहर (धुले जिला). इस समय मानखुर्द शिवाजी नगर से अबू आजमी विधायक हैं. वहीं भिवंडी पूर्व से सपा के रईस शेख विधायक हैं. 2019 में कैसा रहा था सपा का हाल?288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 20 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होगा और परिणाम 23 नवंबर को आएंगे. 2019 में समाजवादी पार्टी ने महाराष्ट्र में सात सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से दो पर जीत हासिल हुई थी. अन्य पांच सीटों पर सपा उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन (एमवीए) में कांग्रेस, शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी और अन्य छोटी पार्टियां शामिल है. अखिलेश यादव कहते रहे हैं कि पूरी ताकत से इंडिया ब्लॉक के साथ खड़े रहेंगे. एमवीए का मुकाबला यहां महायुति से है. महायुति (एनडीए) में बीजेपी के साथ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल है. नाना पटोले ने क्या कहा? एमवीए में शामिल नेताओं का कहना है कि जल्द ही सभी सीटों पर बातचीत पूरी हो जाएगी.महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि एमवीए में 25 से 30 विधानसभा सीट को लेकर है गतिरोध, कांग्रेस आलाकमान फैसला लेगा. सीटों के बंटवारे पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब एक से अधिक दल गठबंधन के रूप में एक साथ आते हैं तो सीट बंटवारे को लेकर संघर्ष होगा, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि इसे तब तक नहीं खींचा जा सकता जब तक कि यह टूट न जाए. हालांकि, मुझे लगता है कि अभी ऐसा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. हम एक या दो दिन में अपनी सीट बंटवारे की बातचीत पूरी कर लेंगे, ज्यादातर कल तक, क्योंकि यह अंतिम चरण में पहुंच गया है.

कांग्रेस की कृषि यात्रा: जीतू पटवारी का बयान, दिग्विजय की चेतावनी

Congress’s Krishi Yatra: Jitu Patwari’s statement, Digvijay’s warning भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और सज्जन वर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में संयुक्त रुप से सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि बार-बार यह बात स्थापित होती जा रही है कि बीजेपी की सरकार शिवराज और मोहन यादव किसान विरोधी है। ऋण माफी योजना बंद की. कांग्रेस पार्टी जो योजना लेकर आई थी उन्हें बंद किया. जो वादा इन्होंने किया था समर्थन मूल्य का वह अब तक पूरा नहीं किया और किसानों को धोखा दिया है. गेहूं और धान का वादा के अनुरूप एमएसपी नहीं दिया। यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे यह राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का विषय है। सबसे बड़े किसान विरोधी शिवराज सिंह चौहान देश में मध्यप्रदेश की दुहाई देकर झूठ बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश से किसने की समस्याओं और दुर्गति की खबरें हैडलाइन बन रहीं. मैं हर मंगलवार को शिवराज से समय मानता हूं. अगला मंगलवार पांचवा होगा जब तक वह समय नहीं देंगे हम लगातार उनसे समय मांगेंगे. किसानों की समस्या को लेकर से मांग रहा हूं. कांग्रेस गांव, खेत यात्रा निकालेगी। आग्रह करेंगे सरकार से जो आपने बातें की है वह पूरी करो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करो. जल्द तारीख का ऐलान करेंगे. यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे.

निर्मला सप्रे का स्पष्टीकरण: विधानसभा अध्यक्ष को लिखित जवाब, कहा- ‘न मैंने कांग्रेस छोड़ी, न बीजेपी जॉइन की

भोपाल। मध्य प्रदेश की विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में जवाब दिया है। निर्मला ने कहा कि न मैंने कांग्रेस छोड़ी है और न बीजेपी ज्वाइन की है। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान निर्मला सप्रे ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुई थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसे लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा में आवेदन दिया था। विधानसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया था। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का दो बार जवाब नहीं दिया था। नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एक सप्ताह का समय दिया था। निर्मला ने 10 अक्टूबर को बंद लिफाफे में उत्तर भेजा। नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे ने जवाब देते हुए कहा था कि मैंने दलबदल नहीं किया है। इस मामले की सुनवाई अब विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर 21 अक्टूबर को कर सकते हैं। स्पीकर कांग्रेस से दलबदल के सबूत पेश करने को कह सकते हैं।

मध्य प्रदेश उपचुनाव: 13 नवंबर को 2 विधानसभा सीटों पर मतदान, EC ने किया शेड्यूल जारी

Madhya Pradesh by-election: Voting on 2 assembly seats on November 13, EC released schedule MP Bypoll 2024 Schedule: मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार (15 अक्टूबर) को प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के शेड्यूल की जानकारी विस्तार से दी है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आ जाएंगे. मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024 का शेड्यूलचुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी करने की तारीख 10 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन पत्रों की जांच 28 अक्टूबर 2024 को होगीनाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक होगीमतदान की तारीख 13 नवंबर 2024 होगीमतगणना 23 नवंबर 2024 को होगी इन वजहों से खाली हुईं बुधनी और विजयपुर सीटेंसीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. बुधनी सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक विधायक रहे. इस बार के लोकसभा चुनाव में विदिशा से सांसद चुने जाने के बाद शिवराज सिंह को केंद्रीय मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली और इसी के साथ बुधनी सीट खाली हो गई. वहीं, विजयपुर विधानसभा सीट रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद से खाली है. रामनिवास रावत अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी उन्हें ही इस सीट से फिर चुनाव में उतार सकती है. https://www.facebook.com/share/uhUckjZ3M64hNZUq बीजेपी और कांग्रेस की ओर से अभी बुधनी और विजयपुर सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. हालांकि, बीजेपी नेताओं की मांग है कि बुधनी से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह को टिकट दिया जाए. वहीं, विजयपुर सीट से रामनिवास रावत का टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है. वहीं, कांग्रेस में अभी नामों पर विचार मंथन चल रहा है. माना जा रहा है कि एक-दो दिन में दोनों ही पार्टियां प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगी. . राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन स्थित प्लेनरी हॉल में दोपहर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान उन्होंने यह भी बताया, “महाराष्ट्र में एक चरण में ही चुनाव होगा. 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 23 नवंबर, 2024 को मतगणना की जाएगी. झारखंड में दो चरण में मतदान होगा. पहले चरण के तहत 13 नवंबर को तो दूसरे फेज में 20 नवंबर, 2024 को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी.” उप-चुनावों का कार्यक्रम कुछ इस तरह रहेगा सीईसी राजीव कुमार ने आगे उप-चुनावों के बारे में भी जानकारी दी और कहा, “उत्तर प्रदेश (यूपी) की 10 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा. केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और उत्तराखंड में 20 नवंबर को बाई-इलेक्शन होगा.”

कैबिनेट मंत्री के बेटे का पुलिस पर हमला, वीडियो वायरल होने से सियासी तूफान

Video of cabinet minister’s son clashing with police goes viral, politics started over this मध्य प्रदेश के जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल पटेल का पुलिस से विवाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक मंत्री के बेटे की कार से बुजुर्ग दंपती को टक्कर लगी थी। इसके बाद सड़क पर हंगामा हो गया और पुलिस भी पहुंच गई। वहां मौजूद किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जबलपुर। जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल पटेल का पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन वह आक्रामक रूप से धौंस दिखाता रहा। जानकारी के मुताबिक प्रबल की कार से बुजुर्ग दंपती को टक्कर लगी थी, जिसके बाद दोनों में विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस भी वहां पहुंची थी। घटना के बाद मामले की पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम वीडियो देखकर जांच करवाएंगे। टक्कर के बाद जमा हो गई भीड़ दरअसल यह पूरा मामला बीते बुधवार का बताया जा रहा है। घटना यादव कॉलोनी लेबर चौक की है, जहां प्रबल पटेल कार से जा रहा था, उसकी कार से बुजुर्ग दंतपी को टक्कर लगती है। लोगों की भीड़ जमा होती है, आसपास मौजूद पुलिस भी पहुंच जाती है। मौके पर पहुंच गए थे प्रबल के साथी दंपती के साथ प्रबल की कहासुनी होती है। पुलिस युवक को समझाती है और भीड़ भी युवक पर दवाब बनाने लगती है। जिसके बाद प्रबल के कुछ साथी मौके पर आते हैं। प्रबल पुलिस को धौंस देते नजर आता है। उसने खुद को मंत्री पुत्र बताते हुए पुलिस कर्मियों पर दवाब बनाया। बुजुर्ग दंपती ने नहीं की कोई शिकायतइस मामले में बुजुर्ग दंपती की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं की गई है। सड़क पर हुए इस हंगामे का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले में अभी कोई जानकारी नहीं है लेकिन वे इसकी जांच करवाएंगे। वीडियो पर गर्माई सियासतमध्य प्रदेश कांग्रेस ने वीडियो को सोशल मीडिया एक्स पर शेयर कर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पोस्ट में लिखा है- ‘प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के बेटे प्रबल ने जबलपुर में बुजुर्ग दंपती को टक्कर मारने के बाद पुलिस वालों को इस अंदाज में धमकाया।’

युवा कांग्रेस ने महिला अपराधों के खिलाफ निकाला मशाल जुलूस

Youth Congress takes out torch procession against crimes against women हरिप्रसाद गोहेआमला/बैतूल । मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और मासूम बच्चियों के साथ हो रही जघन्य घटनाओं के विरोध में, मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के आव्हान पर 5 अक्टूबर को बैतूल मे युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय पारधी के नेतृत्व में बेटी बचाव अभियान के तहत मशाल जुलूस निकाला गया।,मशाल जुलूस शांति मार्च की शुरुआत अंबेडकर चौक से होकर बैतूल के मुख्य मार्ग से होती हुए लल्ली चौक स्थित शहीद स्मारक पर समापन किया गया। इस जुलूस के माध्यम से युवा कांग्रेस ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और बढ़ते यौन शोषण पर सरकार को चेताया। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने इस अवसर पर कहा, प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां लगातार असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों का बढ़ना प्रदेश की बीजेपी सरकार की नाकामी को दर्शाता है। अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवा कांग्रेस उग्र विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगी।जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय पारधी ने कहा, प्रदेश में लगातार महिलाओं और मासूम बच्चियों के साथ जघन्य अपराध हो रहे हैं। बीजेपी सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह विफल रही हैं! महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर इसी तरह विरोध करती रहेगी। यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो हम और भी बड़े आंदोलनों के लिए तैयार हैं। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता भी शामिल हुई। इस दौरान महिला सुरक्षा और न्याय की मांग के नारे गूंजते रहे। जुलूस के अंत में नेताओं ने संकल्प लिया कि महिला सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बर्दाश्त की जाएगी।इस जुलूस में प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, समीर खान, रामू टेकाम, नगर कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया, नगर कार्यवाहक अध्यक्ष प्रशान्त राजपूत,अरुण गोठी, नवनीत मालवीय, ऋषि दीक्षित, विजय पारधी, युवा कांग्रेस के ज़िला कार्यवाहक अध्यक्ष राहुल छत्रपाल, सलाम भाई, राकेश माझी, राजकुमार दीवान, राकेश गंगारे, प्रीतेश गंगारे, आकाश भाटिया, गोविंद साहू, संजय साहू, मनोज आहूजा, अमर मसकोले, शेख आकिब, जेयपाल यादव, अभिषेक पवार, चिंटू ठाकूर, जितेंद्र पवार, जीतेंद्र इवने,मनोज आठनकर, दीपू सावनेरे, राशिद खान, राजा सोनी, राजेश गावंडे, राहुल परते, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष जैद खान, सोनू राठौर, महेश थोटेकर, सरफराज खान, सेंटी वाघमारे, यसवंत हुडे, मोसिन खान, सनी मंडल, मोंटी जैन, निलेश बरड़े, प्रदीप कोकाटे,पंजाब अहाके, राजकुमार साहू, देवेश अठवेकर, निलेश धुर्वे, कुलदीप काजोड़े, राहुल चंदेलकर, गुलशन मिश्रा, बारस्कर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हरियाणा विधानसभा चुनाव: ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने युवाओं से ‘बाहर निकलकर मतदान करने’ का आग्रह किया

अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मनु भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाला। Haryana assembly elections: Olympic medallist Manu Bhaker urges youth to ‘come out and vote’ हरियाणा ! दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को युवाओं से बाहर निकलकर हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डालने का आग्रह किया।हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक में भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट और महिलाओं की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में दो कांस्य पदक जीतेअपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाला।भाकर ने एक्स पर लिखा, “मुझे स्याही लगी है! एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, मैंने आज सुबह हरियाणा विधानसभा चुनाव में गर्व के साथ अपना वोट डाला। मैं सभी युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बाहर निकलें और बड़ी संख्या में मतदान करें। आपका वोट मायने रखता है।”हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान शुरू हुआ और सुबह 11 बजे तक 22.70 प्रतिशत मतदान हुआ, भारतीय चुनाव आयोग ने कहा। चुनाव आयोग ने कहा कि हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों पर दोपहर 1 बजे तक 36.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोपहर 1 बजे तक अंबाला में 39.47 प्रतिशत, भिवानी में 38.27 प्रतिशत, फतेहाबाद में 40 प्रतिशत, हिसार में 38.34 प्रतिशत, करनाल में 39.74 प्रतिशत, रोहतक में 36.19 प्रतिशत, सोनीपत में 33.64 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान पंचकूला में हुआ, जहां दोपहर 1 बजे तक 25.89 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी सत्ता विरोधी लहर और किसान आंदोलन तथा पहलवानों के विरोध के मुद्दों पर सत्ता वापस लेने की कोशिश कर रही है। हरियाणा में मुख्य चुनाव लड़ने वाली पार्टियों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोकदल-बहुजन समाज पार्टी (आईएनएलडी-बीएसपी) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)-आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन शामिल है। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल के अनुसार, 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,07,75,957 पुरुष, 95,77,926 महिलाएं और 467 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल, 1,031 उम्मीदवारों के साथ 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 20,632 मतदान केंद्र स्थापित

कमल नाथ के गढ़ रहे छिंदवाड़ा में नगर निगम अध्यक्ष का तख्ता पलट करने की तैयारी में जुटी भाजपा

BJP is preparing to overthrow the Municipal Corporation President in Chhindwara

BJP is preparing to overthrow the Municipal Corporation President in Chhindwara, the stronghold of Kamal Nath. छिंदवाड़ा (Chhindwara News)। नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू बाबू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। कभी कमल नाथ के गढ़ रहे छिंदवाड़ा में बड़ा उलटफेर होने वाला है। नियमों के मुताबिक 48 पार्षद और एक वोट महापौर का है। ऐसे में 25 पार्षद के समर्थन के आधार पर अध्यक्ष के लाभ पर विश्वास प्रस्ताव पारित हो सकता है। 48 पार्षदों के सदन में बहुमत का आंकड़ा 25पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के गढ़ में भाजपा अंतिम किला फतह करने की तैयारी में है। भाजपा अब नगर निगम में सभापति का पद अपने कब्जे में लेना चाह रही है। इसी को लेकर बीती देर रात एक होटल में भाजपा के सभी पदाधिकारी और भाजपा समर्थित पार्षदों के बीच मंत्रणा हुई। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावनाएं प्रबलइस दौरान जहां भाजपा के नाराज पार्षदों को समझाइश दी गई, वहीं सभापति पद के लिए तय नाम (जो कि अभी तय नहीं हुआ है) का समर्थन करने के लिए कहा गया। इससे पहले सभी भाजपा समर्थित पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत किया गया। बता दें कि सदन में संख्या बल के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावनाएं प्रबल हैं। 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने कब्जा किया था2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने छिंदवाड़ा नगर निगम में महापौर पद पर कब्जा किया था। यहां उसके पार्षदों की संख्या भी अधिक रही, लिहाजा बिना किसी अड़चन के कांग्रेस के धर्मेंद्र सोनू बाबू को नगर निगम अध्यक्ष चुन लिया गया था। बदले राजनीतिक परिवेश में जहां महापौर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। कुछ कांग्रेसी व निर्दलीय पार्षद भी भाजपा के पक्ष मेंकुछ कांग्रेसी व निर्दलीय पार्षद भी भाजपा के पक्ष में आ गए हैं। ऐसे में अंकगणित मौजूदा सभापति के प्रतिकूल हो चुका है। इसलिए भाजपा जल्द ही उनके विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। गुरुवार की देररात इसे लेकर वरिष्ठ भाजपा के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ भाजपा-समर्थक पार्षदों की बैठक हुई। इस बैठक में 32 पार्षद शामिल हुए। ये है सदन का अंकगणितछिंदवाड़ा में कुल 48 पार्षद हैं और एक वोट महापौर का है। मौजूदा परिस्थिति में 32 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपनी सहमति दे दी। भाजपा जिला अध्यक्ष ने नाराज चल रहे सात पार्षदों को भी समझाइश देकर मना लिया गया है कि नया निगम अध्यक्ष सभी की सहमति से बनाया जाएगा। दो ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था2022 में हुए नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस के 26, भाजपा के 18 और चार निर्दलीय पार्षद जीते थे। दो निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा तो दो ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय महापौर विक्रम अहाके सहित कुछ अन्य पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया।

MP NEWS : सिंधिया बोले- ‘चप्पा-चप्पा बीजेपी’, कांग्रेस बोली, ‘ये पब्लिक है सब जानती है…’

Union Minister Scindia said - 'BJP, no matter what', Congress said, 'This is public, it knows everything…'

Union Minister Scindia said – ‘BJP, no matter what’, Congress said, ‘This is public, it knows everything…’ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश में चल रहे भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को “चप्पा-चप्पा बीजेपी” का नारा दिया है. दूसरी तरफ कांग्रेस ने एक बार फिर सदस्यता अभियान को लेकर सवाल खड़े करते हुए सरकारी कर्मचारियों और आउटसोर्स के कर्मचारियों के जरिए जबरन बीजेपी का सदस्य बनाने का आरोप लगाया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बढ़ाया हौंसला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान में बढ़ रहे सदस्यों को लेकर कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाया है. उन्होंने नारा दिया है कि चप्पा चप्पा बीजेपी. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी लिखा है कि 22 दिनों में कार्यकर्ताओं और नेताओं की मेहनत से भारतीय जनता पार्टी के एक करोड़ से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं. इस तरह मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी काफी कम दिनों में सबसे ज्यादा सदस्य बनाने वाली पार्टी बन गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निशाना साधा वहीं भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चर्चा के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल आंकड़ों पर चल रही है, मगर आंकड़े कैसे बढ़ाए जा रहे हैं, यह मध्य प्रदेश की जनता को अच्छी तरह पता है. उन्होंने कहा कि आउट सोर्स के कर्मचारियों को सदस्यता अभियान में लगा दिया गया है. सिंघार ने आरोप लगाया कि पीडीएस की दुकान पर राशन लेने आने वाले और सरकारी कर्मचारियों को भी बीजेपी का सदस्य बनाया जा रहा है. डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी ने इस साल डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी घूम रहे हैं. अभी तक एक करोड़ 14,429 सदस्य बना लिए गए हैं. पहले चरण में एक करोड़ का आंकड़ा पार हो जाने से भारतीय जनता पार्टी के नेता उत्साहित है.

नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर दिखे भूपेंद्र सिंह हुड्डा-कुमारी सैलजा

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करनाल के असंध में रैली को संबोधित किया. इस दौरान भूपिंदर सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा भी साथ नजर आए. हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा नजर आए. राहुल गांधी बारी बारी से दोनों को वक्त देते दिखे. करनाल में रैली के मंच से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का परचम इतना ऊंचा लहरा दिया है कि इनके सामने कोई और नेता टिक नहीं पा रहा है. कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों पर बीजेपी का कुशासन थोपा गया है. बीजेपी ने लोगों को धोखा देकर यहां राज किया. आज बदला लेने का समय आ गया है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के लोग सिर्फ कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं. लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस के 10-10 सालों के कार्यकाल को तौल लिया है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने हरियाणा को पीछे ले जाने का काम किया है. ये सिर्फ बातें बड़ी बड़ी करते हैं. हुड्डा ने किसानों की MSP को लेकर भी सैनी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के पक्ष में लहर चल रही है. कांग्रेस आ रही है और बीजेपी जा रही है. हरियाणा में चुनावी रैली में राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर प्रदेश को बर्बाद करने का आरोप लगाया. हरियाणा में बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रोजगार व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से खत्म कर दिया है.

जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.”

किसान आंदोलन, कृषि कानून; क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं कंगना रनौत ?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP? भोपाल ( कमलेश )। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के बयान बीजेपी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। कुछ ही समय में कंगना ने ऐसे दो बयान दिए हैं, जिससे बीजेपी ने तुरंत किनारा कर लिया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह बीजेपी की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पहले किसान आंदोलन और फिर अब तीनों कृषि कानूनों को लेकर कंगना ने जो कहा है, उससे पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ सुर उठने लगे हैं। कृषि कानूनों को लेकर कंगना रनौत ने पहले कहा कि मुझे पता है कि विवाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को भी इसकी मांग करनी चाहिए। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंगना ने खेत जताते हुए अपने शब्दों को वापस ले लिया। कंगना के बयान से बीजेपी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी। कंगना के बयान से हरियाणा में हो सकता था नुकसान हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर वोटिंग है, जिसके नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। राज्य में पिछले एक दशक से बीजेपी की सरकार होने से पार्टी को पहले से ही एंटी इनकमबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर, किसान संबंधी मुद्दे, बेरोजगारी आदि को लेकर राज्य की जनता में बीजेपी सरकार के खिलाफ कई बार नाराजगी भी देखी गई है। वहीं, टिकट कटने की वजह से बीजेपी कई नेताओं की बगावत भी झेल रही। ऐसे में चुनावी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कंगना के तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग करने वाला बयान हरियाणा में बीजेपी को और नुकसान पहुंचा सकता था। यही देखते हुए बीजेपी ने कंगना के बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान है। कुछ साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा के भी बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए लंबे समय तक बैठे थे। इसके बाद पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने मारा मौके पर चौका जैसे ही कृषि कानूनों पर कंगना रनौत ने बयान दिया, कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए उसे हरियाणा चुनाव में भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न रैलियों में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन कृषि कानूनों को फिर से वापस नहीं आने देंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने रैली में कहा, “750 किसानों ने अपनी शहादत देकर MSP और मंडी प्रणाली को भाजपा की तानशाही सरकार से बचाया है। काले कृषि कानून वापस लाने के मंसूबे रखने वाले तमाम भाजपा सांसदों को हमारी चुनौती है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में ऐसी कोई ताकत नहीं जो ये कानून वापस लागू कर सके।” कांग्रेस के ओर से मुद्दा उठाए जाने के बीच बीजेपी ने भी कंगना के बयान से अपने आप को अलग किया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान उन 3 कृषि कानूनों से संबंधित है, जिन्हें पहले बीजेपी सरकार ने रद्द कर दिया था। इस प्रकार, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है और किसी भी तरह से 3 कृषि कानूनों से संबंधित बयान में बीजेपी के विचारों को नहीं दर्शाता। मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत को बीजेपी द्वारा 3 कृषि कानूनों के विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।”

डंकी के चलते युवा क्यों हो रहे हैं पराए देशों में मजबूर, राहुल गांधी ने X पर किया पोस्ट

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में अमेरिका यात्रा से लौटे हैं। जिसके बाद वह पिछले दिनों हरियाणा में करनाल के घोघड़ीपुर गांव में पहुंचे थे, यहां उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अमित के परिजनों से मुलाकात की। जोकि, वहां सड़क हादसे में घायल हो गया था। अब राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि बड़ी संख्या में युवा बेहतर रोजगार और अवसरों की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में रोजगार के अवसरों की कमी के चलते यह स्थिति और गंभीर हो गई है। बेरोजगारी की इस बीमारी ने लाखों परिवारों को अपनों से दूर कर दिया है, जिससे न सिर्फ युवा बल्कि उनके परिजन भी पीड़ित हैं। पिछले एक दशक में भाजपा सरकार ने युवाओं से रोजगार के अवसर छीनकर उनके साथ गहरा अन्याय किया है। टूटी उम्मीदों और हारे मन से मजबूर होकर ये युवा यातनाओं की यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि अगर इन्हें अपने देश में, अपनों के बीच जीविका कमाने का पर्याप्त अवसर मिलता, तो ये कभी अपना वतन छोड़ने को तैयार न होते। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि सरकार बनने के बाद एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे हरियाणा के युवाओं को विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी। हम राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करेंगे, ताकि कोई भी युवा अपने सपनों के लिए अपनों से दूर न हो।

मंदिर-मस्जिद में जाकर पूजा या इबादत करना आध्यात्म नहीं: राजनाथ सिंह

Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh

Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh जयपुर ! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद में जाकर पूजा या इबादत करना आध्यात्म नहीं है. उन्होंने कहा कि मन जितना बड़ा होगा, जीवन में कष्ट उतना ही कम होगा. राजनाथ ने कहा कि हम हमेशा से नॉलेज बेस्ट सोसायटी हैं और आज भी हमारा भारत नॉलेज बेस्ड सोसायटी है. रक्षा मंत्री ने कहा कि दर्शनशास्त्र हो, गणित हो, मेडिकल साइंस हो, आर्किटेक्चर हो, नृत्य संगीत हो, मार्शल आर्ट हो या फिर अन्य कोई विधा हो, उन सब पर हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणालियों में विशेष ध्यान दिया गया है. ये और बात है कि किसी कारणवश या फिर मैकाले द्वारा निर्देशित शिक्षा पद्धतियों या फिर अन्य कारणों से ये बात दुनिया के सामने नहीं लाई गई कि हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली का ध्यान मैथ्स और साइंस पर भी उतना ही था. उन्होंने कहा कि एक कारण यह हो सकता है कि उनको अपनी शिक्षा प्रणाली को बेहतर दिखाना था और हमारी शिक्षा व्यवस्था को कमतर. दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के जयपुर में एक सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया. इसी के मौके पर उन्होंने ये बातें कहीं. इस मौके पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी भी मौजूद रहीं. राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह बिल्कुल भी नहीं था कि हमारा ध्यान केवल दर्शनशास्त्र और आध्यात्म पर था. हमारा ध्यान गणित और विज्ञान पर था. हमारा ध्यान खगोल और ज्योतिषशास्त्र पर भी था. रक्षा मंत्री ने कहा कि राजस्थान ऐतिहासिक रूप से भारत के इतिहास का एक केंद्र रहा है. यह धरती सिर्फ वीरता के लिए ही नहीं बल्कि अनोखी संस्कृति के लिए भी जानी जाती है.

चंद्रशेखर बने असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस जिला अध्यक्ष ।

Chandrashekhar became the District President of Unorganized Workers and Employees Congress.

Chandrashekhar became the District President of Unorganized Workers and Employees Congress. हरिप्रसाद गोहे आमला। राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉ उदित राज जी की अनुशंसा पर आमला निवासी चंद्रशेखर सिंह चंदेल (चंदू ठाकुर) को असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस बैतूल जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आशा है कि आप अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी, श्रीमती सोनिया गांधी जी, आदरणीय राहुल गांधी जी एवं मध्य प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय जीतू पटवारी जी की भावना एवं कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के अनुरूप सक्रियता के साथ कार्य करते हुए संगठन एवं कांग्रेस पार्टी को गतिशीलता प्रदान करेंगे और असंगठित कामगारों एवं कर्मचारीयों के कल्याण हेतु अपनी भूमिका सुनिश्चित करेंगे । आप अपने किए गए कार्यों के प्रतिवेदन से समय-समय पर प्रदेश कार्यालय को अवगत कराते रहेंगे । इनकी नियुक्ति पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ईस्ट मित्रों ने उन्हें बधाई प्रेषित कर नव दायित्व पर बधाई दी।

मप्र के 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced भोपाल। प्रदेश के 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्रो । इन केंद्रों पर लोगों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां बेहद सस्ती कीमतों में उपलब्ध होंगी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ किया। जन-औषधि केंद्रों का संचालन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने स्वच्छता से सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कचरा मुक्त शहर के आधार पर सफाई कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम ने सिंगल क्लिक से राशि खातों में ट्रांसफर की। कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में 5 स्टार रेटिंग मिलने पर नगर निगम के 8,117 सफाई मित्रों को 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।स्टार रेटिंग के हिसाब से मिलेगी प्रोत्साहन राशिमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कचरा मुक्त शहर स्टार प्रमाणीकरण के आधार पर सफाई मित्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिस निकाय को जितने स्टार मिलेंगे, उसमें कार्यरत उतने हजार रुपए की राशि दी जाएगी यानी एक स्टार हासिल करने वाले निकाय को एक-एक हजार, दो, तीन स्टार से लेकर 5 स्तर और 7 स्टार तक प्राप्त कर सकते हैं। 7 स्टार वालों को 7 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य को भी तरजीहकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारे 33 करोड देवी-देवताओं में एक देवी स्वच्छता की हैं शीतला माता। चेचक की बीमारी से बचाने टीकाकरण की शुरुआत हुई। चेचक का जिसे फोड़ा हुआ था, उसके मवाद से चेचक का टीका बनाया। ये हमारे प्राचीन चिकित्सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुजुर्गों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया। अब सस्ती दरों पर जेनेरिक दवा भी उपलब्ध होगी। सफाई मित्रों की स्वच्छता और स्वास्थ्य में बड़ी भूमिका है मैं आपको प्रणाम करता हूं।हेत्थ पैरामीटर्स में छुएंगे शिखरइससे पहले उप मुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसा वातावरण तैयार किया कि आमजन स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए है। सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हेल्थ के पैरामीटर के मामले में उच्च शिखर को प्रात करेगा।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र परियोजना का शुभारंभ वर्ष 2008 में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। वर्ष 2015 के बाद से इस योजना में और गति आयी। इसका उद्देश्य पूरे देश में सस्ती दवाइयों की पहुंच को व्यापक बनाना था। वर्तमान में इस परियोजना में देश में प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ उठा सकें।500 से अधिक जन-औषधि केंद्र खुलेवर्तमान में मध्य प्रदेश में 500 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित हैं। ये केंद्र शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोग सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां खरीद रहे हैं। उनके मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत हो रही है। अब सभी जिला चिकित्सालयों में भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं।जन-औषधि केंद्र खुलने से ये फायदेसभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध होंगी। मरीजों को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक कम दाम पर दवाइयां मिलेंगी।इससे लोगों के मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।सस्ती और सुलभ दवाओं के माध्यम से लोग अपने उपचार को निरंतर जारी रख सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार आएगा। खासकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में जन-औषधि केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।जन-औषधि केंद्र के माध्यम से जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को लेकर जागरूकता बढ़ेगी, जिससे लोग ब्रांडेड दवाओं पर निर्भरता कम करेंगे और सस्ती जेनेरिक दवाओं को अपनाएंगे।स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। प्रत्येक केंद्र के चालन के लिए फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी आवश्यक होंगे, जिससे राज्य में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

आतिशी मार्लेना होंगी दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में चुनी गईं

Atishi Marlena will be the next Chief Minister of Delhi, elected in the legislative party meeting

Atishi Marlena will be the next Chief Minister of Delhi, elected in the legislative party meeting नई दिल्ली । आतिशी मार्लेना दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री होंगी। मंगलवार को राजधानी में हुई विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों और बड़े नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया। अब शपथ ग्रहण की तारीख और समय तय किया जाएगा। इससे पहले आज शाम 4 बजे अरविंद केजरीवाल एलजी से मिलेंगे और उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपेंगे। आतिशी को इसलिए बनाया गया दिल्ली का मुख्यमंत्रीआतिशी का नाम नए मुख्यमंत्री की लिस्ट में सबसे आगे था। इसके पीछे कारण यह था कि शराब नीति कांड में अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद दिल्ली के एक दर्जन मंत्रालय आतिशी ने संभाले। जिन मंत्रालयों को लेकर केजरीवाल को सबसे ज्यादा चिंता थी, उन्हें आतिशी ने संभाले रखा।आतिशी कई बार जेल में केजरीवाल से मिलीं और उनका मार्गदर्शन लिया। केजरीवाल और अन्य बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी में दिल्ली की जनता से आतिशी ने ही संवाद किया। मीडिया का सामना भी किया।केजरीवाल की नजर में आतिशी का कितना महत्व है, यह इस बात से भी साफ होता है कि उन्हें 15 अगस्त को झंडा वंदन के लिए आतिशी का नाम आगे बढ़ाया। हालांकि वे झंडा नहीं फहरा सकीं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं से पूरे प्रदेश में एफआईआर दर्ज करने को क्यों कहा? जानिए वजह

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason भोपाल ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जीतू पटवारी ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं तथा सभी अनुसांगिक संगठन के नेताओं से आज अपने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने को कहा है. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज करने का एक फॉर्मेट भी कांग्रेस नेताओं को उपलब्ध कराया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं तथा मंत्रियों द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है. इस संबंध में महाराष्ट्र में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है जबकि महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है. शाम 4 बजे बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज कराएंगे केसइसी के चलते उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई के नेताओं, महिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आज अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर शाम 4:00 बजे भाजपा नेताओं द्वारा आपत्तिजनक बयान देने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराएं. जीतू पटवारी खुद भोपाल के टीटी नगर थाने में जाकर बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एक फॉर्मेट भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भेजा है. महाराष्ट्र में दर्ज केस के बाद गरमाई राजनीतिमहाराष्ट्र में शिवसेना विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इसी आधार पर मध्य प्रदेश में भी अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है. महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेताओं से जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है. उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये का ऐलान देने की घोषणा शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ने की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है. संजय गायकवाड ने राहुल गांधी द्वारा आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई थी. अभी इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीतिक गर्मा गई है.

भाजपा नेता ने वर्दी उतरवाने की धमकी दी, तो गुस्से में आकर ASI ने फाड़ी वर्दी

When BJP leader threatened to remove his uniform, ASI got angry and tore his uniform.

When BJP leader threatened to remove his uniform, ASI got angry and tore his uniform. सिंगरौली ! मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से बड़ा मामला सामने आया है। जहां एक ASI के वर्दी फाड़ने और बेल्ट-टोपी फेंकने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफतौर पर नजर आ रहा है कि एएसआई ने टीआई के केबिन में अपनी वर्दी फाड़ ली। केवल इतना ही नहीं एसआई ने अपनी टोपी-बेल्ट भी फेंक दिए। यह वीडियो सात महीने पहले का बताया जा रहा है। जो कि अब वायरल हो रहा है। क्या था मामला जानकारी के मुताबिक, सड़क और नाली को लेकर विवाद था। जिसका नगर निगम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था। इस मामले का हल निकलने के लिए कोतवाली थाने में बैठक बुलाई गई थी। इसी दौरान ज्यादा बहस होने के कारण एएसआई ने गुस्से में आकर अपनी वर्दी फाड़ दी। जिसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा एएसआई को शांत कराया गया। वर्दी फाड़ने के दौरान एएसआई ने अपनी टोपी-बेल्ट भी निकालकर फेंक दी। जिसका वीडियो थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।वर्दी का अपमान करने पर हुई थी कार्रवाई वर्दी का अपमान करने पर एएसआई पर कार्रवाई की गई थी। इस पर एसपी निवेदिता गुप्ता ने कहा कि यह वीडियो 7-8 महीने पुराना है। यहां पर मेरी ज्वाइनिंग हुई थी। तो यह मामला मेरे संज्ञान में आया था। उस समय जांच के बाद एएसआई विवेक मिश्रा को दंडित भी किया जा चुका है। वर्दी का अपमान करने पर उनकी वेतन वृद्धि रोकी गी थी। यह सीसीटीवी फुटेज कैसे बाहर आए। इसकी जांच की जाएगी। कांग्रेस ने खड़े किए सवाल मध्यप्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया कि यह सत्ता की हनक है…भाजपा के पार्षद की धमक देखिए। एक वर्दीधारी को अपनी वर्दी फाड़ना पड़ गई। प्रदेश में पुलिसिंग का स्तर जीरो हो गया है! अपराध अनियंत्रित हैं, अपराधी बेखौफ और पुलिस कहीं लाचार तो कहीं दबाव में है। यह वायरल वीडियो सिंगरौली के बैढन थाने का बताया जा रहा है, जहां BJP पार्षद के दबाव से एक पुलिसकर्मी इतने परेशान हो गए कि अपनी वर्दी तक फाड़ ली! यानि मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रभाव में गृह विभाग की दशा और दिशा दोनों बिगड़ चुकी है! जनता को न्याय कैसे मिलेगा, जब पुलिस को ही अपनी वर्दी फाड़नी पड़ रही है।

जबलपुर सांसद आशीष दुबे के जन्म दिवस पर सहारा समाचार की ओर से मंगल मय शुभकामनाएं दी गईं

Sahara News extended best wishes to Jabalpur MP Ashish Dubey on his birthday

Sahara News extended best wishes to Jabalpur MP Ashish Dubey on his birthday जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ‌। जन्म-दिन पर मिलकर हम सब, गीत समर्पण लाए हैं। शुभ भावों के शुभ सुमनों का, गुच्छ समर्पण लाए हैं।। गंगा-जमना के पावन सा, पय पवित्रतम लाये हैं।सागर की गहराई से ले, चिंतन पुष्प सजाये हैं।।प्रभु से मांग रची हमने, भाव भरी वृन्दा माला।स्नेह-हर्ष से सराबोर कर, हिय समर्पण लाए हैं।।जन्म-दिन पर मिलकर हम सब, गीत समर्पण लाए हैं।

फ्री स्कीम से राज्य के ‘कपड़े’ उतारना ठीक नहीं : कैलाश विजयवर्गीय

It is not right to take off the 'clothes' of the state through free scheme: Kailash Vijayvargiya

It is not right to take off the ‘clothes’ of the state through free scheme: Kailash Vijayvargiya भोपाल ! कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभिन्न राज्यों में चलाई जा रही मुफ्त की योजनाओं पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कुछ निर्णय होते हैं, जो लोकहित में नहीं होते, बावजूद इसके सिर्फ लोकप्रियता प्राप्त करने और चुनाव जीतने के लिए ले लिए जाते हैं। फिर भुगतना जनता को पड़ता है। यह ठीक नहीं है। सिर्फ कुर्सी प्राप्त करने के लिए इस प्रकार से किसी राज्य के ‘कपड़े’ उतार दें, यह नहीं होना चाहिए। विजयवर्गीय के इस बयान को पूर्व की शिवराज सरकार के समय शुरू हुई लाड़ली बहना योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विजयवर्गीय ने किसी योजना का नाम नहीं लिया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना शुरू की थी। इसकी वजह से प्रदेश पर प्रतिमाह करीब 2600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। विजवयर्गीय ने कहा कि मुफ्त की योजनाओं पर सवाल खड़े करना चाहिए। सरकार को सचेत करना चाहिए कि आप ऐसी घोषणाएं नहीं कर सकते, क्योंकि इनमें हमारा पैसा लगा है। यह समाज और देश के लिए चिंता की बात है।

इंदौर के उपचुनाव में जीती भाजपा, चार हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes इंदौर नगर निगम के वार्ड 83 के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। भाजपा के जीतू राठौर को 6490 और कांग्रेस के उम्मीदवार विकास जोशी को 2235 वोट मिले हैं। भाजपा उम्मीदवार 4255 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मतगणना के लिए 15 टीमें बनाई थी। 11 टेबलों पर गणना हुई और 4 टीमें रिजर्व में थीं। शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई। मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाईपार्षद कमल लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। बुधवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा से जीतू राठौर, कांग्रेस विकास जोशी सहित 6 उम्मीदवारों मैदान में थे। इस उप चुनाव में खास बात यह रही की भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले इस वार्ड में मतदाताओं ने चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 11 सितंबर को 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जो पिछली बार से कम है। 21 हजार 700 मतदाताओं में से महज 8900 वोटर्स ने ही वोट डाले। कमल लड्ढा 8 हजार वोट से जीते थेइंदौर नगर निगम चुनाव में कमल लड्ढा की जीत सबसे बड़ी जीत थी। बता दें कि इस वार्ड में अब लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ है। 2022 में हुए चुनाव में इस वार्ड से बीजेपी के कमल लड्ढा की जीत 8803 वोट से हुई थी। कमल लड्ढा को उस समय 11 हजार 280 वोट मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष लाहोटी को 2 हजार 477 वोट मिले थे। वहीं वार्ड 83 के बाद सबसे बड़ी जीत वार्ड 81 में बीजेपी के अभिषेक बबलू शर्मा की हुई थी। शर्मा 8 हजार 696 वोट से जीते थे।

शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट आबकारी नीति घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दो याचिकाओं पर आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया। पहली याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध माना। वहीं, दूसरी याचिका पर फैसला सुनाते हुए र्ब्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी। दरअसल, केजरीवाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों याचिकाओं पर फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया भी शामिल हैं। पीठ ने पांच सितंबर को केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख को 26 जून को गिरफ्तार किया था।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा का राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

To save their lives in the 1984 riots, people of the Sikh community shaved their beards and took off their turbans: VD Sharma

1984 के दंगों में अपनी जान बचाने सिख समुदाय के लोगों ने दाढ़ी कटवाई,पगड़ी उतारी: वीडी शर्मा To save their lives in the 1984 riots, people of the Sikh community shaved their beards and took off their turbans: VD Sharma भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर देश के खिलाफ दिए गए बयान की आलोचना करते हुए निंदा की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शर्मा ने कहा कि अमेरिकी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने भारत में रहने वाले सिखों के बारे में गलत बयान देकर अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय को गुमराह किया है। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा है कि भारत में सिख समुदाय तनाव में जीते हैं। उन्हें पगड़ी, कड़ा-कृपाण पहनने में दिक्कत होती है। जबकि सच्चाई यह है कि भारत में रहने वाले सिख समुदाय के लोग हमेशा से कड़ा-कृपाण पहन कर गर्व महसूस करते हैं और देश के हर हिस्से में भ्रमण करते हैं। शहरों से लेकर देश के दूरदराज इलाकों में भी सिख भाईयों को पगड़ी पहन कर अपना-अपना काम करते हम देखते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब भी गुरूद्वारा गए हैं, तब वे पगड़ी पहनकर गुरूद्वारा गए। सिख समुदाय को गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की सरकार में सिख समुदायों की लंबित मांगों को पूरा करते हुए करतारपुर साहिब जाने का रास्ता खुलवाया। दशम गुरू गोविंद सिंह के शहजादों के बलिदान को “वीर बाल दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया।कांग्रेस शासनकाल में अपनी जान बचाने सिख समुदाय ने पगड़ी उतारी व दाढ़ी कटवाई थीभाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि वर्ष 1984 में राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते सिख समुदाय का सामूहिक नरसंहार किया गया, जिसमें करीब 3000 से अधिक सिख भाई-बहनों का कत्लेआम किया गया था। उस समय आगजनी की गयी थी और सिखों को घरों से खींचकर जिंदा जला दिया गया था। उस वक्त कई सिख भाईयों ने जिंदा रहने के लिए अपनी पगड़ी तक उतार दी थी और दाढ़ी-बाल कटवा लिए थे। राजीव गांधी ने कहा था कि “बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।“ सिखों के नरसंहार में संलिप्त लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गयी थी और लंबे समय बाद सिख दंगे के दोषियों को तब सजा हुई, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार बनी।दुनिया को सिख दंगों की सच्चाई बताना चाहिए, लेकिन वे सिखों को गुमराह कर रहे हैंभाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर देश को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। वे दुनिया के समक्ष भारत की यह सच्चाई नहीं रखते हैं कि भारत में मजबूत लोकतंत्र है। भारत लोकतंत्र की जननी है। दुनिया को सच्चाई बताने के बदले राहुल गांधी अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। कभी राहुल गांधी कहते हैं कि भारत में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है, जबकि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राहुल गांधी अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को देश के प्रति भ्रमित कर रहें हैं। राहुल गाँधी को थोड़ा ज्ञान होता तो देश पर जब-जब मुसीबत आयी है, तब आगे बढ़कर देशहित में कार्य करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन के खिलाफ बयानबाजी नहीं करते। राहुल गांधी अब एक आम नागरिक नहीं हैं, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, फिर भी वे विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। राहुल गांधी भारत की न्यायिक व्यवस्था, निर्वाचन आयोग, प्रशासनिक व्यवस्था समेत देश के सभी संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ बोलते रहते हैं। राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के एकाउंट फ्रीज होने पर देश के प्रशासनिक तंत्र पर हमला बोला था, लेकिन उसकी सच्चाई लोगों के सामने नहीं बताई।राहुल गांधी देश की एकता व अखंडता के खिलाफ खतरनाक नैरेटिव सेट कर रहेराहुल गांधी के बयान के पीछे उनके सलाहकार सैम पित्रोदा हैं। पित्रोदा कहते हैं कि राहुल गाँधी अब पप्पू नहीं रहे। वे पप्पू रहें या न रहें, उनको क्यों इस तरह से अलंकृत किया गया, हमें इसमें कोई रूचि नहीं है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि राहुल गांधी के सलाहकार कहते हैं कि भारत एक देश नहीं है। उनके अनुसार, जो लोग नार्थ से आते हैं, वे अफगानिस्तान से आते हैं और नार्थ-ईस्ट के लोग चाइनीज के समकक्ष हैं। जिस तरह के विचार वाले लोगों के साथ राहुल गांधी रहते है, इसलिए जब राहुल गाँधी ओछी बातें करते हैं, तो आश्चर्य नहीं होता। पिछले कई सालों में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को एक दूसरे से जोड़कर देखें, तो उससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी को कई बातों की समझ नहीं है। कई ऐसे मुद्दे हैं, जिसमें राष्ट्र की पहचान, विविधता के साथ एकता और अखंडता के विषय शामिल होते हैं। राहुल गांधी देश की विविधता के साथ एकता और अखंडता के मुद्दों पर बहुत ही खतरनाक नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस भरेंगी हुंकार, 10 सितंबर को सीएम निवास का करेंगी घेराव

Chhattisgarh Mahila Congress will roar, will surround CM residence on September 10

Chhattisgarh Mahila Congress will roar, will surround CM residence on September 10 रायपुर । छत्तीसगढ़ की महिला कांग्रेस बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। महिला कांग्रेस जल्द ही मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगी। इसे लेकर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने राजीव भवन में प्रेस वार्ता की। इस दौरान फूलोदेवी ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी कांग्रेस प्रेस वार्ता में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, प्रदेश में आए दिन महिलाओं के साथ अत्याचार व गैंगरेप की घटनाएं बढ़ती जा रही है और पुलिस प्रशासन भी काम नहीं कर रही। इस कमजोर कानून व्यवस्था से महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रदेश की महिलाएं भयभीत है, डरी और सहमी हुई है। इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेगी कांग्रेस फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, रायपुर नया बस स्टैंड में 50 साल की महिला के साथ दुष्कर्म हुआ। 4 साल की के साथ भिलाई में दुष्कर्म हुआ। प्रदेश में दुष्कर्म के मामले बढ़ते ही जा रहे है। लेकिन राज्य सरकार कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखा जाता है और सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया गया। बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई और यहां पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। बस्तर, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं राजधानी रायपुर में दुष्कर्म की घटनाओं से महिलायें भयभीत है। महिलायें घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। सबसे चौकाने वाली घटना भिलाई में 5 जुलाई को डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया गया जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई भी घटना होने पर सबसे पहले एफआईआर लिखते है उसके बाद जांच की जाती है। भिलाई के बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि बच्ची के निजी अंगो में चोट आई है। डॉक्टरों ने गंभीर छेड़छाड़ की आशंका जताई। उसके बाद भी एसपी मामले को नकारते रहे। 5 जुलाई को घटना होती है लेकिन कांग्रेस पार्टी के द्वारा विरोध करने के बाद भाजपा सरकार दबाव में आकर अब जाकर लगभग दो महिने वाद 4 सितम्बर को एफआईआर दर्ज करती है। 10 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव प्रेस वार्ता में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कांग्रेस आवाज उठाएगी। महिला कांग्रेस स लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। नेताम ने बताया कि महिला कांग्रेस 10 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव क इस दौरान प्रदेश में जितने भी बलात्कार व अत्याचार के मामले उजागर हुए है उसे लेकर आवाज उठाएंगी।

उत्तर प्रदेश महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर मुलायम सिंह यादव की बड़ी बहु बबीता चौहान की नियुक्ति

Appointment of Babita Chauhan to the post of Chairperson of Uttar Pradesh Women's Commission.

Appointment of Babita Chauhan to the post of Chairperson of Uttar Pradesh Women’s Commission. रमेश अग्रवाललखनऊ ! उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा की बबीता चौहान को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही अपर्णा यादव और चारू चौधरी को उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है। मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। बबीता चौहान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की उत्तर प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष रही हैं और आगरा के हरिपर्वत की निवासी हैं। अपर्णा यादव, समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू और प्रतीक यादव की पत्नी हैं। वह विधानसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। वहीं, चारू चौधरी गोरखपुर की पूर्व महापौर अंजू चौधरी की पुत्रवधू हैं, जो पहले उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। महिला कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने इन सभी को एक वर्ष की अवधि के लिए पदभार सौंपा है, जिसे राज्य सरकार द्वारा बढ़ाया भी जा सकता है।

DNA का फुल फॉर्म तो जान लेते… योगी के आरोप पर अखिलेश यादव ने कसा तंज?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi's allegation?

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi’s allegation? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मैनपुरी में दिए ‘डीएनए’ वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते और अगर जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को सपा के गढ़ करहल विधानसभा क्षेत्र में बरनाहल स्थित इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में बोले थे कि गुंडई और अत्याचार सपा के डीएनए में है. कन्नौज का नवाब सिंह यादव इनका चेहरा है. भाजपा की सरकार में प्रदेश निवेश का हब बन रहा है. हम युवाओं को रोजगार दे रहे हैं, 2017 से पहले ऐसा नहीं होता था. सपा प्रमुख ने किया पलटवारइसी बयान पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि आरोप लगाने से पहले फुल फॉर्म तो जान लेते. इसके बाद उन्होंने डीएनए का फुल फॉर्म लिखा. इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि अगर मुख्यमंत्री फुल फॉर्म जानते भी होते तो बोल नहीं पाते. इस पोस्ट में सपा प्रमुख ये आरोप भी लगा रहे हैं कि अरबों-करोड़ों में सांसद-विधायक की भर्ती करवाने वाले लोग जितना कम बोलें, उतना ही उनके सम्मान के लिए अच्छा है. समाजवादी पार्टी के मुखिया का यह पलटवार प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से भी जोड़ के देखा जा रहा है. ज्ञात हो कि प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव भाजपा और सपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गए हैं. अक्सर होती है तीखी बहसअखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच अक्सर ऐसी तीखी बहस होती रहती है, जिसमें दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमला करने से भी नहीं चूकते हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक बार ऐसी ही बहस में योगी ने अखिलेश पर आरोप लगाया था कि अखिलेश ने सत्ता के लिए अपने पिता का अपमान किया है.

लोबिन हेम्ब्रम भाजपा में शामिल, बोले- तीर धनुष में अब वो दम नहीं

Lobin Hembram joined BJP, said- there is no power

Lobin Hembram joined BJP, said- there is no power in bow and arrow now रमेश अग्रवाल  रांची। झारखंड के बोरियो विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित पूर्व झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। राजधानी रांची के भाजपा के प्रदेश कार्यालय में हेम्ब्रम ने भाजपा की सदस्यता ली। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने लोबिन हेम्ब्रम का स्वागत किया। असम के मुख्यमंत्री और झारखंड विधानसभा चुनाव के सह-प्रभारी हिमंता बिस्व सरमा, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने लोबिन हेंब्रम को माला पहनाकर और अंगवस्त्र देकर भाजपा में शामिल करवाया। इस अवसर पर चंपाई सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी मौजूद थे। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने भी उन्हें भाजपा का पट्टा पहनाया। लोबिन हेम्ब्रम ने 5 बार विधायक रह चुके हैं। बोरियो के पूर्व झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने पार्टी में रहते हुए विगत लोकसभा चुनाव में दल के प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़े थे। इसके बाद उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था और कुछ दिन बाद विधानसभा से उनकी विधायिकी भी समाप्त कर दी गई थी।  भाजपा में शामिल होने के बाद लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि बचपन से अभी तक हमने जेएमएम में रहकर उसे सजाने संवारने का काम किया। ईमानदारी और वफादारी के साथ पार्टी को आगे बढ़ाया। इसके सुप्रीमो शिबू सोरेन ने हमें उंगली पकड़कर सिखाया था। उन्होंने कहा था कि जहां गलत हो विरोध करना है। आज हमारे साथ चंपाई बाबू है। झारखंड आदिवासी, मूलवासी के विकास के लिए बना। सरकार बनी, लेकिन शिबू सोरेन की जो स्थिति है आप सभी जानते हैं। हमने हेमंत सोरेन पर विश्वास किया। उनके एजेंडे पर पूरे झारखंड ने विश्वास किया। लेकिन शिबू सोरेन का जेएमएम आज नहीं है। तीर धनुष में वो दम अब नहीं है। गुरुजी हर तबके को प्रेरणा देते थे। शराब से दूर रहने को बोलते थे। लेकिन हेमंत सोरेन छत्तीसगढ़ वाले नीति को लाए, हमने तब सदन में विरोध किया। कहा था कि गुरुजी विरोध करते थे शराब, आप शराब बेचते हैं। गुरुजी को पता चला तो उन्होंने मेरा समर्थन किया। साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा का डेमोग्राफी बदल रहा। हमलोग के आवाज उठाने के बाद भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। सिर्फ आदिवासी को वोट बैंक बना कर रखा। आने वाले दिन में आदिवासी मूलवासी खत्म हो जाएगा। इसलिए सोचा कि जेएमएम से झारखंड बचने वाला नहीं है। पीएम और गृह मंत्री पर विश्वास जताते हुए भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया।

राम माधव की वापसी: भाजपा के लिए जम्मू-कश्मीर चुनाव में नए समीकरण

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

Ram Madhav’s return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections ” राजीव रंजन झा ” जम्मू-कश्मीर में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विशेष महत्व का है। अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा के लिए यह चुनाव एक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव की तैयारी को और भी गंभीरता से लेने के लिए भाजपा ने अपने पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव को संघ से वापस बुलाकर जम्मू-कश्मीर की कमान सौंपी है। राम माधव का राजनीतिक सफरराम माधव, जो पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से आते हैं। वह आरएसएस के पहले प्रवक्ता बने थे और उनका जम्मू-कश्मीर की राजनीति में गहरा हस्तक्षेप रहा है। जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब राम माधव राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर के प्रभारी थे। 2020 में जब जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने, तो राम माधव को नई टीम में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद वह संघ में वापस लौट गए थे। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राम माधव की भूमिकाराम माधव को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दो बड़े मामलों का श्रेय दिया जाता है। पहला, उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन कर भाजपा को जम्मू-कश्मीर में पहली बार सत्ता में आने में मदद की। हालांकि, यह सरकार 2018 में गिर गई। दूसरा, उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ भी गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैकआउट कर लिया। इसके बावजूद, राम माधव की वापसी को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा के लिए वर्तमान चुनौतियाँ2020 में पार्टी से हटाए जाने के बाद राम माधव ने संघ में वापसी की, लेकिन अब उन्हें फिर से भाजपा में लाया गया है। उनके वापसी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर यह कि उन्हें पहले क्यों हटाया गया और अब क्यों वापस बुलाया गया। लेकिन ऐसी खबरें हैं कि राम माधव स्वयं पार्टी में लौटने के इच्छुक थे और संघ से उन्हें अनुमति मिल गई। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अबकी बार भाजपा में जाने के बाद उनकी संघ में वापसी नहीं हो सकेगी। राम माधव की वापसी को लेकर पार्टी के भीतर भी कई चर्चाएँ हो रही हैं। भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि राम माधव का अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, खासकर जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव में। लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह चुनाव के बाद भी पार्टी में सक्रिय रहेंगे या नहीं। भाजपा के संगठन में कमियां और सुधार की आवश्यकता2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी, जिसका कारण बूथ स्तर की कमेटियों का निष्क्रिय होना माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी संगठन में एक अजीब तरह की बेचैनी, बिखराव और कर्तव्यबोध की कमी दिखाई दे रही है। भाजपा के संगठन में राम माधव की वापसी को पार्टी के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि उन्हें कितनी स्वतंत्रता और समय दिया जाएगा ताकि वह अपने अनुभव और क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें। भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएँराम माधव की वापसी के बाद यह देखना होगा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर चुनाव में कितनी सफलता प्राप्त कर पाती है और क्या राम माधव की वापसी से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होता है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सुधार की आवश्यकता को समझते हुए, राम माधव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। चुनावी नतीजे ही यह तय करेंगे कि राम माधव की वापसी भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है और क्या उनकी नियुक्ति से पार्टी को वह बढ़त मिल पाती है जिसकी उसे आवश्यकता है।

दिग्विजय सिंह ने की सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग, पीएम-सीएम से की यह अपील

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM भोपाल। सोयाबीन खेती की लागत वर्ष 2011 से दो-तीन गुना बढ़ गई है, पर इसका मूल्य 4300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। इसका न्यूनतम मूल्य प्रति क्विंटल छह हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए। यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से की है।13 साल पहले जो भाव था, आज भी वहीदिग्विजय ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक सोयाबीन का उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। वर्ष 2011 में प्रति क्विंटल भाव लगभग 4300 रुपये था। आज भी भाव इसके आसपास ही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन के उत्पादन पर भाव निर्भर करता है। इस वर्ष भी मूल्य में वृद्धि की संभावना नहीं है, इसलिए सरकार उपार्जन करे और लागत को देखते हुए न्यूनतम मूल्य 6000 रुपये प्रति क्विंटल से कम न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाने का लगाया आरोपदिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाए जाने का आरोप लगाया। इसमें बताया कि इन समूहों में ऐसे गांवों के किसानों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जो जैविक तो दूर साधारण कपास की खेती भी नहीं करते हैं।दिग्विजय ने कहा कि धार जिले के भीलकुंडा और उसके आसपास के गांवों के किसान इसका उदाहरण हैं। इन किसानों को उत्पादक बताकर उनसे खरीदी करना दर्शाया गया है। व्यापारियों के साथ मिलीभगत कर प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाण पत्र जारी कराए गए। इसको लेकर आयुक्त वाणिज्यिक कर इंदौर को करोड़ों रुपये के जीएसटी की चोरी की शिकायत भी की गई है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।

संगठन शास्त्र की सगुण मूर्ति कुशाभाऊ ठाकरे –सुरेन्द्र शर्मा

Kushabhau Thackeray, the embodiment of organization science – Surendra Sharma

Kushabhau Thackeray, the embodiment of organization science – Surendra Sharma जन्मदिवस (श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष)भारतीय जनता पार्टी 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ आज भारत ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है लगातार तीसरी बार केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तो मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों में भी भाजपा एवं उसके सहयोगी दलों की सरकार हैं संपूर्ण भारत के कोने-कोने तक आज कमल पुष्पित एवं पल्लवित हो रहा है भारतीय जनता पार्टी रूपी इस विशाल भवन को तैयार करने में जो नींव के पत्थर हैं उनमें शशिकांत सुंदर राव ठाकरे उपाख्य “कुशा भाऊ ठाकरे” अग्रणी हैं।राजा भोज की प्राचीन नगरी धार में 15 अगस्त 1922 को जन्माष्टमी के पावन पर्व पर डॉक्टर सुंदर राव ठाकरे एवं श्रीमती शांताबाई ठाकरे के घर एक बालक ने जन्म लिया जो अपनी प्रतिभा विनय शीलता और राष्ट्र को समर्पित व्यक्तित्व के कारण देश के लाखों कार्यकर्ताओं का चहेता कुशाभाऊ बन गया ।कुशा भाऊ के पिताजी एवं माताजी अपने सादा जीवन उच्च विचार तथा गरीबों की चिकित्सा के लिए विख्यात थे ।अपने अपने छात्र जीवन से ही कुशा भाऊ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिये जीवनदान करने का संकल्प लिया जिससे वह कभी नहीं डिगे ।1938 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने धार में हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त कर 1939 में ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (वर्तमान में महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय) में प्रवेश लिया ।इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज या संघ कार्य में से एक विकल्प चुनने को कहा गया उन्होंने संघ कार्य को चुना । 5 जुलाई 1942 को डाक्टरी की पढ़ाई का मोह छोड़कर देश सेवा करने के लिए वह संघ के प्रचारक बन गये।ठाकरे जी की उच्च शिक्षा ग्वालियर से हुई उन्होंने नीमच से अपने प्रचारक जीवन की शुरुआत की उसके बाद रतलाम विभाग प्रचारक उज्जैन विभाग प्रचारक रहे 1951 में जनसंघ के गठन के साथ ही उन्हें दक्षिण मध्य भारत के संगठन मंत्री का दायित्व दिया गया 1956 में जब मध्य प्रदेश बना तो उन्हें संपूर्ण मध्य प्रदेश के संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई 1967 में वह जनसंघ के अखिल भारतीय मंत्री के साथ-साथ उड़ीसा एवं गुजरात के प्रभारी भी बने 1974 में उन्हें अखिल भारतीय संगठन मंत्री बनाया गया 1975 में जब आपातकाल लगा तब अन्य विपक्षी नेताओं के साथ ठाकरे जी को भी जेल में बंद कर दिया गया वह 19 माह तक जेल में बंद रहे उसके बाद 1977 में जनता पार्टी का गठन हुआ और ठाकरे जी मध्य प्रदेश के पहले अध्यक्ष बने 1979 में खंडवा लोकसभा उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया और वह विजयी हुये।ठाकरे जी 1980 से 1984 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री तथा गुजरात एवं उड़ीसा व मध्य प्रदेश के प्रभारी रहे 1984 से 1986 तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष 1986 से 1992 तक राष्ट्रीय महामंत्री तथा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी भी रहे 1992 में उन्हें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई 1998 में श्री लालकृष्ण आडवाणी ने संगठन के आदर्शों का पालन करते हुए लगातार तीसरी बार अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया तब पार्टी के सामने आडवाणी जी के उत्तराधिकारी का प्रश्न था स्वाभाविक तौर पर सभी को कुशा भाऊ इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त लगे और 14 अप्रैल 1998 को उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया ।अपनी पढ़ाई के दौरान ठाकरे जी स्वामी विवेकानंद के विचारों से अत्यधिक प्रभावित हुए विवेकानंद के साहित्य ने उनकी जीवन धारा में मानवता,उष्मता त्याग, समर्पण,संवेदनशीलता की जो धारा प्रवाहित की वह उनमें जीवन भर अविरल बहती रही ।देश भक्ति ठाकरे जी में कूट-कूट कर भरी हुई थी जब वह ग्वालियर के विक्टोरिया महाविद्यालय (वर्तमान में महारानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय) में पढ़ाई कर रहे थे उसे समय महाविद्यालय के सभागार में मंच के ऊपर दोनों तरफ यूनियन जैक (ब्रिटिश ध्वज) लगे हुए थे ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने यूनियन जैक हटा दिया इस घटना से सनसनी फैल गई खूब-खोज बीन हुई लेकिन कुछ पता ना चल सका क्योंकि “पूर्व योजना पूर्ण योजना ” ठाकरे जी की कार्यशैली की विशेषता थी इससे उत्साहित होकर ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने कॉलेज लाइब्रेरी से महारानी विक्टोरिया एवं जॉर्ज पंचम के चित्र हटाने का निर्णय लिया निर्धारित योजना अनुसार यह काम भी संपन्न हो गया इस कांड की सख्ती से जांच हुई किंतु सीआईडी भी कुछ पता ना लगा सकी।इस घटना के बाद ठाकरे जी एवं उनके मित्रों ने एक प्रतिज्ञा पत्र लिखा और रक्त से हस्ताक्षर कर देश की स्वतंत्रता के लिए आजीवन लड़ने का संकल्पलिया ।ठाकरे जी के पिताजी उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे घर की आर्थिक स्थिति मेडिकल की पढ़ाई का बोझ उठाने की नहीं थी होल्कर रियासत से छात्रवृत्ति मिल सकती थी किंतु रियासत के अधिकारी की शर्त थी कि अगर रियासत की छात्रवृत्ति चाहिए तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को छोड़ना होगा ठाकरे जी ने स्पष्ट उत्तर दिया “श्रीमान जी संघ तो मेरी आस्था का विषय है श्रद्धा का विषय है उसे मैं किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकता ” संघ ठाकरे जी की आत्मा थी जिससे उनके साथ तव छूटा जब काया पंचभूत में विलीन हो गई ।व्यक्तिगत सुख सुविधा की दृष्टि से अलग-अलग घरौंदा बनाने की साधारण मानव की अभिलाषा उनके मन को छू भी ना सकी थी मां भारती की गोद यही उनका घर ईश्वर प्रदत्त नील गगन यही उनका छप्पर, भारत के समस्त नर नारी उनके भाई-बहन उनके सहोदर सगे संबंधी देश की एकता अखंडता स्वतंत्रता यही उनके मन की धुन समाज के हर व्यक्ति की खुशहाली के लिए अपना जीवन का हर पल दांव पर लगाना यही उनके मन की एक मात्र इच्छा आकांक्षा थी ।अपनी समग्र प्रतिभा,कर्म चेतना और जीवन का सब कुछ देश को न्योछावर करना यही भावना उनके मन में थी “राष्ट्रकाज कीजे बिना मोहि कहां विश्राम “की धुन उन्हें हमेशा लगी रहती थी ।जिस जिस निरपेक्ष और निस्वार्थ बुद्धि से उन्होंने अपने आप को संगठन के कार्य के लिए समर्पित किया था उसके कारण वह समस्त कार्यकर्ताओं का विश्वास अर्जित करने में सफल हुए थे कि “ठाकरे जी जो कुछ कहेंगे जो कुछ करेंगे वह संगठन हित में ही होगा उनका अपना कुछ है ही नहीं … Read more

सदस्यता अभियान के निमित्त भाजपा नगर मंडल आमला  की मंडल स्तरीय कार्यशाल संपन्न ।

Mandal level workshop of BJP Nagar Mandal Amla was concluded on the occasion of membership campaign.

Mandal level workshop of BJP Nagar Mandal Amla was concluded on the occasion of membership campaign. हरिप्रसाद गोहे  आमला । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान के निमित संगठन पर्व सदस्यता अभियान 2024 अंर्तगत भाजपा नगर मंडल आमला की मंडल स्तरीय कार्यशाला संपन्न हुई , नगर मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख की अध्यक्षता में आहुत कार्यशाला को मुख्य अतिथि भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढेकर, मंडल प्रभारी सतीश बड़ोनिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने संबोधित किया ।   जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढेकर ने कहा की विश्व के सर्वाधिक बड़े राजनितिक संगठन के रूप में भाजपा का सदस्यता अभियान सर्वसमावेशी है जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जाएगा । मंडल प्रभारी सतीश बड़ोनिया ने कार्यशाला में  सदस्यता अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा की आगामी एक तारीख को सर्वप्रथम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ नगर मंडल के सभी संगठनात्मक बूथ स्तर पर सदस्यता अभियान का भव्य  शुभारंभ कर व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन किया जाएगा । भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख ने मंडल कार्यशाला को संबोधित कर कहा की भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारिगण पूर्ण समर्पण के साथ संगठन पर्व अंतर्गत सदस्यता अभियान  को सफल बनायेगे। जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने कहा की सशक्त भारत का निर्माण सशक्त भाजपा से ही संभव है जो इस सदस्यता अभियान के माध्यम से सिद्ध होंगा। मंडल कार्यशाला का संचालन गोपेंद्र सिंह ने किया एव आभार भाजपा नेता रामपाल मोड़क ने जताया । मंडल कार्यशाला रखी अभियान की रूपरेखा और क्रियान्वयन की कार्ययोजना भाजपा नगर मंडल कार्यशाला में वक्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों  को 1 सितम्बर से प्रारंभ होने वाले सदस्यता अभियान की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया । साथ ही मंडल में सभी संगठनात्मक शक्ति केंद्र एव बूथ ईकाईयो पर चलने वाले सदस्यता अभियान की रूप रेखा भी बनाई गई । नगर मंडल सदस्यता अभियान टोली प्रभारी भाजपा नेता रामपाल मोड़क सह प्रभारी मोहन देवाड़े महिला प्रभारी श्रद्धा मालवीया को बनाया गया । इस दौरान जनपद पंचायत सदस्य देवकी हरी यादव भाजपा नेता अशोक नागले मंडल महामंत्री राजेश पंडोले राजेश झा आरती पाटिल समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारी  उपस्थित रहे ।

रायबरेली में दलित युवक की हत्या मामले पर नेता विपक्ष राहुल गांधी ने योगी सरकार को घेरा

Opposition leader Rahul Gandhi cornered Yogi government on the murder of Dalit youth in Rae Bareli.

Opposition leader Rahul Gandhi cornered Yogi government on the murder of Dalit youth in Rae Bareli. ये सभी लोग यहां न्याय मांग रहे हैं, क्योंकि एक दलित युवा को जान से मारा गया है। पूरे परिवार को धमकाया गया है।यहां कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां के SP मास्टरमाइंड पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़ रहे हैं।मैं चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में हर वर्ग का आदर हो और न्याय सबको मिले। जब तक इस परिवार को न्याय नहीं मिलेगा तब तक हम पीछे नहीं हटने वाले हैं।

आदिवासी युवक की पिटाई के मामले पर कांग्रेस ने मोहन सरकार सरकार को घेरा

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth भोपाल ! ट्रेनी अग्निवीर लूट का मास्टरमाइंड निकला और 50 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया. वहीं, इंदौर में आदिवासी युवक के साथ हुई मारपीट की घटना सामने आई. इसको लेकर अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा है. एमपी कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. दूसरी तरफ, बीजेपी दोनों ही मामलों में कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीटइंदौर के भंवर कुवा थाना क्षेत्र में आदिवासी युवक के साथ बाइक को कट करने की बात को लेकर मारपीट की घटना हुई. आरोपी रितेश राजपूत के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. वह इलाके का लिस्टेड गुंडा है. उसके एक साथी के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं नहीं रोक पा रही है. उन्होंने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीट करने और जूते के फीते बँधवाने के मामले पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू के होने के बाद आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं उन्होंने ज़िले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने लगाए आरोपये पूरी घटना सीसीटीवी में क़ैद हो गई सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आदिवासी उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि ‘इंदौर के भंवरकुआं इलाके में सड़क पर ठीक से न चलने की बात पर एक आदिवासी युवक के साथ अकारण मारपीट की गई। बदमाश ने आदिवासी युवक की पिटाई करने के साथ उससे अपने जूते के लेस भी बंधवाए। आश्चर्य है कि इस बदमाश पर दर्जनभर मुकदमें दर्ज हैं, फिर भी वो खुला घूम रहा था। इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद शहर में आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एमपी के गृहमंत्री का प्रभार सीएम के पास है और अब तो वे इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। इसके बाद भी शहर में कानून व्यवस्था की हालत कैसी है, इसे समझा जा सकता है!

हार के उपहार के बाद भी तारीफ…सीएम योगी को लेकर बदले केशव मौर्य के सुर तो अखिलेश ने कसा तंज

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya's tone changed regarding CM Yogi

Praise even after the gift of defeat… When Keshav Maurya’s tone changed regarding CM Yogi, Akhilesh took a jibe. उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच लोकसभा चुनाव में कम सीटें जीतने के बाद से ही तनाव देखा गया था, जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं, उन्होंने हाल ही में कहा, योगी आदित्यनाथ देश के सबसे अच्छे सीएम हैं. मौर्य के इस बयान पर अब अखिलेश यादव ने तीखा तंज किया है. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा था, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है, जिस पर अब अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर तंज करते हुए कहा, कोई उप डबल हार के उपहार के बाद भी डबल इंजन का प्रशंसा-प्रमाणपत्र बांट रहे हैं. अखिलेश यादव ने किया तीखा तंजयूपी में दो डिप्टी सीएम हैं, एक केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे ब्रजेश पाठक, जिस पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आगे कहा, अगर माननीय सही काम कर रहे होते तो दो उप मुख्यमंत्री की क्या जरूरत पड़ती, इसका मतलब या तो वो सही काम नहीं कर रहे हैं या फिर बाकी दो बेकाम हैं, नाकाम हैं, और उनका काम दरबारी चारण की तरह करना बस स्तुतिगान है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाध मौर्य पर हमला करते हुए आगे कहा, अगर उप सच में उपयोगी होते हैं, तो दिल्ली के मंडल में भी होने चाहिए थे, परंतु हैं नहीं! इसका जवाब देंगे उप या रहेंगे चुप? केशव प्रसाद मौर्य ने की सीएम योगी की तारीफउत्तर प्रदेश में बहुत जल्द उप चुनाव होने हैं, इसी के चलते रविवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मिर्जापुर के मझवां पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपने संबोधन में सीएम योगी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, देश में भी बीजेपी की सरकार है और राज्य में भी. आप भी यह जानते और मानते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है. उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, दुनिया में पीएम मोदी जैसा कोई दूसरा नेता है क्या, साथ ही मौर्य ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा, देश में योगी आदित्यनाथ जैसा कोई दूसरा मुख्यमंत्री है क्या? डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी के बीच लोकसभा चुनाव के बाद से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे थे, जिसके बाद अब मौर्य के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा, दुनिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली नेता हमारे पीएम मोदी हैं और देश में जब सभी मुख्यमंत्रियों की तुलना होती है तो सबसे अच्छा काम सीएम योगी की अगुवाई में किया जा रहा.

जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वालों नेताओं की लगा दी क्लास, बताई चुनाव में हार की वजह

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying the convoy. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस मैदान में नजर आ रही है. यही कारण है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले करीब 1 महीने से लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन कर रही है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान खूब वायरल हो रहा हे. जिसमें वो टिकट लेने वालों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं. क्या बोले जीतू पटवारी?दरअसल विधानसभा चुनाव के समय कई बीजेपी नेताओं बड़े दम-खम के साथ कांग्रेस ज्वाइन की थी. जिस वक्त वो पार्टी का दामन थामते उस वक्त लंबा काफिला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन जाता, जीतू पटवारी एक बार फिर पूरी तरीके से सक्रिय नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में जा रहे हैं. सरकार को घेरने के लिए मुद्दे उठा रहे हैं. लेकिन इस बार बीजेपी नहीं कांग्रेस के नेता उनके निशाने पर आ गए हैं. वे नेता जो काफिला लेकर चलते हैं. विधानसभा का टिकट मांगते हैं. सबके सामने जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वाले नेताओं को नसीहत दे दी है. यह भी कह दिया 100- 200 गाड़ी से आने वाले यह लोग टिकट मांगते हैं. जमीन पर हकीकम कुछ और ही होती है. यही कारण है कि हम आज 66 पर आ गए हैं. कब होगी जीतू की टीम तैयार?जीतू पटवारी ने अब एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन मजबूत कर रहे हैं. इसी को लेकर वे पूरे प्रदेश भर में दौरा कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस समय प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी की गठन के काम में जुटे हुए हैं. तो वहीं भी प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि पिछले दिनों भंवर जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि आने वाले 15 दिनों में प्रदेश कार्यकारिणी गठित हो जाएगी. लेकिन, इस बात को भी एक महीने से ज्यादा बीत गया है. अब देखना होगा कि जीतू अपनी टीम कब तक तैयार कर पाते हैं.

विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने सीएम राइज स्कूल ,और विधायक कार्यालय पर किया  ध्वजारोहण ।

MLA Dr Yogesh Pandagre hoisted the flag at CM Rise School and MLA office.

MLA Dr Yogesh Pandagre hoisted the flag at CM Rise School and MLA office. जनपद पंचायत में विधायक डॉ पंडाग्रे ने किया मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन , जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने फहराया तिरंगा । हरिप्रसाद गोहे  आमला । 78 वे स्वतंत्रता दिवस  के अवसर पर आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे विभिन्न आयोजन में सम्मिलित हुए एवं आमला सारणी विधानसभा क्षेत्र समेत जिले वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी । विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने सर्वप्रथम उपनगरी बोडखी हवाई पट्टी स्थित विधायक निवास सह कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारियों की उपस्थिति में विधिवत् पूजन कर ध्वजारोहण किया बाद जनपद पंचायत आमला में आयोजित कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया । जनपद पंचायत कार्यालय में स्थानीय जनप्रतिनिधियो कर्मचारियों की उपस्थिति में जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने  तिरंगा फहराया । सीएम राइज स्कूल आमला में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने तिरंगा फहराया इस दौरान एन सी सी कैडेट्स ने सलामी दी ।  अपने संबोधन में विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने कहा  देश को आजादी लम्बे संघर्ष व असंख्य वीर स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के बलिदान से मिली है आज का दिन उन वीरों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का दिन है । यह तिरंगा हमारी आन बान शान एवं एकता का प्रतीक है इस पावन पर्व पर हमे देश की समृद्धि एवं विकास में अपने योगदान का संकल्प लेना चाहिए ।  इस दौरान विधायक डॉ पंडाग्रे ने विभिन्न  प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्र छात्राओं का सम्मान किया व एन सी सी कैडेट्स के अनुशासन की प्रशंसा की एवं बच्चों के बीच जा कर उन्हे स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी ।  इस अवसर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव जनपद उपाध्यक्ष किसन सिंह रघुवंशी महामंत्री राजेश पंडोले, अशोक नागले समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारि गणमान्य नागरिकगण समेत  अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे ।

मध्य प्रदेश के मंत्रियों को मिला जिले का प्रभार, जानें- स्वतंत्रता दिवस पर आपके यहां कौन करेगा झंडारोहण?

Ministers of Madhya Pradesh got the charge of the district

Ministers of Madhya Pradesh got the charge of the district, know- who will hoist the flag in your place on Independence Day? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सोमवार (12 अगस्त) को जिले के प्रभारी मंत्रियों के नामों का ऐलान किया. मध्य प्रदेश के मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है. प्रदेश के के 32 मंत्रियों लगभग सभी जिलों की जिम्मेदारी मिल गई है. कई मंत्रियों को एक से ज्यादा जिले दिए गए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 8 महीने बाद मध्य प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री बनाने का ऐलान कर दिया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद जबलपुर, इंदौर जिले का प्रभार अपने पास रखा है. मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को जबलपुर और देवास और राजेंद्र शुक्ल को सागर और शहडोल की जिम्मेदारी दी गई है. जैसा कि पहले ही कहा जा रहा था कि सीनियर मंत्रियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, ठीक उसी प्रकार से प्रभार वितरित किए गए हैं. कैबिनेट मंत्रियों को किन जिलों का मिला प्रभार?कुंवर विजय शाह को रतलाम और झाबुआ, कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार, प्रहलाद सिंह पटेल को भिंड और रीवा, राकेश सिंह को छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम, करण सिंह वर्मा को मुरैना और सिवानी, उदय प्रताप सिंह को बालाघाट और कटनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह संपतिया उईके को सिंगरौली और अलीराजपुर, तुलसी सिलावट को ग्वालियर और बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना को दतिया और छतरपुर, निर्मला भूरिया को मंदसौर और नीमच, गोविंद सिंह राजपूत को नरसिंहपुर और गुना, विश्वास सारंग को हरदा और खरगोन का जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा नारायण सिंह कुशवाहा को शाजापुर और निवाड़ी, नागर सिंह चौहान को आगर और उमरिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर को शिवपुरी और पांढुरना, चैतन्य कश्यप को भोपाल और राजगढ़, इंदर सिंह परमार को पन्ना और बड़वानी, राकेश शुक्ला को श्योपुर और अशोक नगर, रामनिवास रावत को मंडला और दमोह का प्रभार मिला है. राज्य मंत्रियों को मिला इन जिलों का प्रभारमध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कृष्णा गौर को सीहोर और टीकमगढ़, धर्मेंद्र सिंह लोधी को खंडवा, दिलीप जायसवाल को सीधी और गौतम टेटवाल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिला उज्जैन का प्रभार दिया गया है. इसी क्रम मेंलखन पटेल को विदिशा और मऊगंज, नारायण सिंह पवार को रायसेन, नरेंद्र पटेल को बैतूल, प्रतिमा बागरी को डिंडौरी, दिलीप अहिरवार को अनूपपुर और राधा सिंह को मेहर का प्रभार दिया गया है.

अरविंद केजरीवाल ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

Will Arvind Kejriwal come out of jail? Appealed to the Supreme Court for bail

Will Arvind Kejriwal come out of jail? Appealed to the Supreme Court for bail दिल्ली ! अरविंद केजरीवाल ने अपनी सीबीआई गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. अरविंद केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जल्द सुनवाई की मांग की है. चीफ जस्टिस ने उनसे औपचारिक ईमेल भेजने को कहा है. ED वाले केस में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे रखी है. लेकिन CBI वाले केस में अभी तक उन्हें जमानत नहीं मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका खारिज कर दिया था. दिल्ली HC ने उन्हें जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने को कहा था. पीएमएलए केस में मिल गई थी जमानत मनी लॉन्ड्रिंग यानी पीएमएलए केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दे दी थी. हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 जून को इस आदेश पर रोक लगा दी थी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी, जहां से उन्हें 12 जुलाई को अंतरिम जमानत मिल गई थी. इस दौरान सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद से वो तिहाड़ जेल में ही बंद हैं. बता दें कि ईडी ने अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद इसी केस में 26 जून को सीबीआई ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया था.गौरतलब है कि CBI और ED ने दावा किया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की शराब नीति में घोटाला हुआ है. केंद्रीय जांच एजेंसियों के अनुसार, शराब कारोबारियों को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए उनसे रिश्वत ली गई थी. दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी इस दावों को बार-बार खारिज करती है.

शिवसेना UBT और MNS में ठनी, उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला करने वालों को राज ठाकरे ने दी शाबाशी

Shiv Sena clashed with UBT and MNS, Raj Thackeray praised those who attacked Uddhav Thackeray's convoy.

Shiv Sena clashed with UBT and MNS, Raj Thackeray praised those who attacked Uddhav Thackeray’s convoy. महाराष्ट्र में शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के काफिले पर राज ठाकरे की पार्टी मनसे के कार्यकर्ताओं ने गोबर, नारियल और चूड़ियां फेंकीं. इसके बाद राज ठाकरे ने सभी कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉल कर उन्हें शाबाशी दी और अभिनंदन किया. दूसरी तरफ मनसे ने उद्धव ठाकरे के काफिले पर गोबर और नारियल से हमला करने की जिम्मेदारी ली. मनसे का कहना है कि यह घटना पहले हुई थी, जब शिवसेना के सदस्यों ने राज ठाकरे के वाहन पर सुपारी फेंकी थी. मनसे नेता अविनाश जाधव ने आगे किसी भी उकसावे पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है. ‘कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त’उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमले को लेकर शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा अब हमें पता चल गया कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी को ‘सुपारीबाज’ क्यों कहा जाता है. उद्धव ठाकरे जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और वे बालासाहेब ठाकरे के बेटे हैं, अगर वे राज्य में सुरक्षित नहीं हैं तो वे (महायुति सरकार) आम लोगों की सुरक्षा कैसे करेगी. यह हमला राज्य सरकार की विफलता है. यहां कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. आनंद दुबे ने आगे कहा कि देवेंद्र फडणवीस की पुलिस, एकनाथ शिंदे की कथित शिवसेना और उनका ठाणे नगर जिला वहां ऐसे हमले हो रहे हैं. इसका मतलब ये सुपारी नहीं तो क्या है. पहले हम सुनते थे कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी सुपारियां लेते हैं. लेकिन अब तो स्पष्ट हो गया कि आप हमारे एरिये में आइये और हम आप ऊपर हमले करवाएंगे, पूरी की पूरी सरकार महायुति की फिर भी पुलिस की फैलीयर है. खुफिया एंजेसी की फैलीयर है तो किसपर विश्वास किया जाए आम इंसान कहां जाएगा. शिवसेना (UBT) नेता ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे जैसे बड़े नेता राज्य में सुरक्षित नहीं तो हम और आप कहां जाएं. क्या इसके लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को आप सत्ता देना चाहते हैं.

जन्मदिन पर सीएम हेमंत सोरेन का फोटो के साथ भावुक पोस्ट, ‘…वह है यह कैदी का निशान’

CM Hemant Soren's emotional post with photo on his birthday, '…that is the prisoner's mark'

CM Hemant Soren’s emotional post with photo on his birthday, ‘…that is the prisoner’s mark’ Hemant Soren Birthday: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) आज (10 अगस्त) अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. अपने जन्मदिन के मौके पर उन्होंने ‘एक्स’ पर बेहद भावुक पोस्ट लिखा है. इस पोस्ट में उन्होंने जेल में बिताए अपने अनुभवों को साझा किया है. हेमंत ने उस निशाना की तस्वीर भी शेयर की है जो जेल से उनकी रिहाई के दौरान लगाई गई थी. हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखते हैं, ”आज अपने जन्मदिन के मौके पर बीते एक साल की स्मृति मेरे मन में अंकित है – वह है यह कैदी का निशान – जो जेल से रिहा होते वक्त मुझे लगाया गया. यह निशान केवल मेरा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक है.” शोषितों के लिए लड़ने के संकल्प को मजबूत करता हूं- हेमंतउन्होंने आगे लिखा, ”जब एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना किसी सबूत, बिना कोई शिकायत, बिना कोई अपराध जेल में 150 दिनों तक डाल सकते हैं तो फिर ये आम आदिवासियों/दलितों/शोषितों के साथ क्या करेंगे – यह मुझे कहने की आवश्यकता नहीं है. इसलिए, आज के दिन मैं और ज़्यादा कृतसंकल्पित हूं हर शोषित, वंचित, दलित, पिछड़ा, आदिवासी, मूलवासी के पक्ष में लड़ने के अपने संकल्प को और मजबूत करता हूं.” एकजुट होकर करना है समाज का निर्माण – हेमंतहेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में आगे यह कहा कि वह दबे-कुचले और वंचितों की आवाज उठाएंगे. झारखंड के सीएम ने लिखा, ” मैं हर उस व्यक्ति/समुदाय के लिए आवाज उठाऊंगा जिसे दबाया गया है, जिसे न्याय से वंचित रखा गया है, जिसे उसके रंग, समुदाय, ख़ान पान, पहनावे के आधार पर सताया जा रहा है. हमें एकजुट होकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां कानून सभी के लिए समान हो, जहां सत्ता का दुरुपयोग न हो.” सोशल मीडिया पोस्ट के आखिर में हेमंत सोरेन लिखते हैं, ”हां, यह रास्ता आसान नहीं होगा. हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. लेकिन मुझे विश्वास है कि हम मिलकर इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं. क्योंकि हमारे देश की एकता, विविधता में ही हमारी शक्ति है. पुनः आप सब के स्नेह एवं आज के दिन दी जा रही दुआ, आशीर्वाद एवं अपनापन के लिए धन्यवाद.”

‘दुनिया की सारी ताकतें भी अगर…’, मनीष सिसोदिया का बीजेपी पर करारा हमला

'Even if all the powers in the world...', Manish Sisodia's scathing attack on BJP

‘Even if all the powers in the world…’, Manish Sisodia’s scathing attack on BJP दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने रिहाई के बाद शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान बीजेपी पर हमला करते हुए सिसोदिया ने कहा, ” दुनिया की सारी ताकतें भी अगर इकट्ठी हो जाएं तो सच्चाई को नहीं हरा सकती है.” सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है और साथ ही उन वकीलों को भी धन्यवाद कहा है जिन्होंने उनके लिए कोर्ट में केस लड़ा था. सिसोदिया ने कहा, ”बजरंगबली की कृपा है कि 17 महीने बाद मैं रिहा हो गया. एक ही सफलता का मंत्र है. दिल्ली के एक-एक बच्चों के लिए शानदार स्कूल बनाना है. हम तो रथ के घोड़े हैं. हमारा असली सारथी जेल में बंद है और वह बाहर आ जाएगा. जेल के ताले टूटेंगे और केजरीवाल छूटेंगे.” बीजेपी कुछ भी साबित नहीं कर पाई- सिसोदियापूर्व मंत्री सिसोदिया ने कहा, ”ED-CBI का ताना बाना इसलिए नहीं बना गया क्योंकि बेईमानी हो गई है, इसलिए बुना गया क्योंकि केजरीवाल का नाम पूरे देश में ईमानदारी का प्रतीक बन गया. बीजेपी जो ख़ुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, एक राज्य में यह साबित नहीं कर पाई कि उनके एक राज्य में ईमानदारी से काम हो रहा है.” सिसोदिया ने आगे कहा, ” भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं. उन्होंने तो बहुत कोशिश की मेरे ऊपर, संजय सिंह के ऊपर… ऐसी ऐसी धाराएं लगाने की जो आतंकियों, ड्रग माफिया पर लगाई जाती है ताकि जेल में सड़ जाएं. लेकिन आपके आंसुओं का असर है कि जेल के ताले पिघल गए. बजरंग बली का आशीर्वाद है कि मैं आज आपके सामने हूं. आज पंडित जी ने बजरंग बली की तरफ़ से आशीर्वाद दिया कि विजयी भवः” नेताओं को तोड़ना बीजेपी की विशेषज्ञता – सिसोदियामनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी की एक ही विशेज्ञता है. वह है कि नेताओं को तोड़ने, साम दाम दंड भेद लगाकर उन्हें जेल भेजना, उनपर हमले करवाना लेकिन उसके बावजूद एक-एक आदमी टिका रहा और ना टूटा और ना झुका. सिसोदिया ने वकील अभिषेक मनु सिंघवी का आभार जताते हुए कहा, ”उनका धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने बीजेपी के झूठ का पर्दाफाश किया.” बीजेपी की जमानत जब्त कराएंगे – सिसोदियासिसोदिया ने कहा कि मुझसे कहा गया कि 17 महीने बाद जेल से आए हैं तो कुछ दिन छुट्टी ले लीजिए. मैंने कहा कि छुट्टियां मनाने नहीं, खून पसीना बहाने आया हूं. हम बीजेपी की जमानत जब्त कराएंगे. बीजेपी वालों ढूंढते रह जाओगे कि वोट कहां चले गए. आज से ही लग जाना है. दिल्ली, हरियाणा और देश के एक-एक नागरिक को लगना होगा. तानाशाही की लड़ाई सिर्फ आप कार्यकर्ताओं की नहीं है बल्कि देश के एक-एक आम आदमी की है.

मनीष सिसोदिया को मिली जमानत, 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months

Manish Sisodia gets bail, will come out of jail after 17 months सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शुक्रवार (9 अगस्त 2024) को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत दे दी. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया. इससे पहले अदालत ने 6 अगस्त को सिसोदिया की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मनीष सिसोदिया को रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. जांच एसेंसी को बताया देरी के लिए जिम्मेदार सुनवाई के दौरान मनीष सिदोतिया के वकील ने कहा कि अक्टूबर में हमें बताया गया था कि 6-8 महीने में मुकदमा पूरा हो सकता है. हमने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो आरोपी दोबारा ज़मानत की मांग कर सकता है. आरोपी लंबे समय से जेल में है. ऐसे में इन्हें PMLA सेक्शन 45 में दी गई ज़मानत की कड़ी शर्तों से रियायत की मांग की गई. वहीं जांच एजेंसी ने आरोपी को मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार बताया. ED ने कहा कि आरोपी गैरजरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं. सैकड़ों आवेदन दाखिल किए, लेकिन कोई भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं दिखाते. ED और CBI दोनों मामलों में बहुत अधिक आवेदन दाखिल नहीं हुए, इसलिए मुकदमे में देरी के लिए आरोपी को ज़िम्मेदार मानने के निचली अदालत और हाई कोर्ट के निष्कर्ष से हम सहमत नहीं हैं. ‘आरोपी को दस्तावेज देखने का अधिकार है’ सिसोदिया के वकील ने आग कहा, ED के वकील ने 3 जुलाई तक जांच पूरी करने की बात कही गई थी. यह अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट को बताए गई 6-8 महीने की सीमा के परे है. इस देरी के चलते निचली अदालत में मुकदमा शुरू हो पाने का सवाल ही नहीं था. व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है. इसका बिना उचित वजह के हनन नहीं हो सकता है. डेढ़ साल से जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. ईडी ने उन्हें नौ मार्च 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

जमीन बेचना …. ‘अखिलेश यादव ने बीजेपी का किया नामकरण ? जाने नाम

Selling land…'Akhilesh Yadav named BJP? know name

Selling land…’Akhilesh Yadav named BJP? know name समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ बोर्ड संशोधक बिल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा इस वक्फ बोर्ड संशोधन के बहाने जमीन को हथियाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने नजूल संपत्ति और अन्य जमीनों को लेकर भी हमला किया. अखिलेश यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए एक्स पर लिखा- ‘वक्फ बोर्ड’ का ये सब संशोधन भी बस एक बहाना है. रक्षा, रेल, नज़ूल लैंड की तरह जमीन बेचना निशाना है. वक्फ बोर्ड की जमीनें, डिफेंस लैंड, रेल लैंड, नज़ूल लैंड के बाद ‘भाजपाइयों के लाभार्थ योजना’ की शृंखला की एक और कड़ी मात्र हैं. भाजपा क्यों नहीं खुलकर लिख देती:‘भाजपाई-हित में जारी’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि, ‘इस बात की लिखकर गारंटी दी जाए कि वक्फ बोर्ड की जमीनें बेची नहीं जाएंगी. भाजपा रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है. उसे अपने नाम में ‘जनता’ के स्थान पर ‘जमीन’ लिखकर नया नामकरण कर देना चाहिए: भारतीय जमीन पार्टी. #नहींचाहिएभाजपा.’ बता दें कि आज केंद्र सरकार लोकसभा में वक्फ बोर्ड में बदलाव के लिए संशोधन बिल पेश करेगी. इस विधेयक को लेकर आज सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है. किरण रिजिजु इस बिल को सदन में पेश कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि विधेयक वक्फ की संपत्तियों की देखरेख के लिए लाया जा रहा है. वहीं विपक्षी दलों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन ने वक्फ बोर्ड बिल का विरोध करने का फैसला किया है. जिसके बाद इस बिल को लेकर आज भी सदन में हंगामा देखने को मिल सकता है. विपक्षी दलों ने इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की अपील की. वहीं मुस्लिम संगठनों में इसका विरोध देखने को मिल रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वक्फ बोर्डों की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

गृह जिले के बाहर रहने वाले युवाओं को ऑनलाइन वोटिंग का अधिकार हो : गणेश सिंह

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh भोपाल। सतना सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में सरकार से आग्रह किया है कि गृह जिले से बाहर रह रहे युवाओं को बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। बीजेपी सांसद सिंह ने लोकसभा में कहा कि वोटिंग प्रतिशत गिरने के कारणों में एक वजह यह भी है कि अधिकांश युवा पढ़ने अथवा जॉब करने के सिलसिले में बाहर रहते है। वे वोटिंग नहीं कर पाते है। सतना सांसद गणेश सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा वर्ग जो नव मतदाता 18 से 25 साल तक के हैं, वे अपने गृह जिले से बाहर कोचिंग करने या पढ़ाई के लिये बड़े महाविद्यालयों में पढ़ने तथा निजी कम्पनियों में नौकरी करते हैं, जो घर से दूर रहने के कारण वोट करने नही आ पाते हैं। वोटिंग प्रतिशत कम होने का एक बड़ा कारण यह भी है। सिंह ने कहा कि ऐसे युवाओ को चुनाव के समय वापस घर आने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे कि तत्काल टिकट न मिल पाना, पढ़ाई के कारण समय का अभाव, छुट्टी न मिल पाना तथा आवागमन में आर्थिक व्यय की क्षति होती है। इसलिये वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाते है। सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि जिस प्रकार केन्द्रीय कर्मचारियों को गृह जिले से बाहर अन्यत्र स्थानों से वोटिंग के लिये बैलट पेपर की व्यवस्था की जाती है, उसी प्रकार यदि इन युवाओं के लिये उसी स्थान में बैलेट पेपर या ऑनलाइन वोटिंग अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से वोटिंग का अधिकार दिलाने की व्यवस्था की जाय। इससे निश्चित ही वोट प्रतिषत बढ़ेगा और युवाओं में चुनाव प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।

राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव, INDIA या NDA, किसका पलड़ा भारी?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand? Rajya Sabha Election 2024: राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 3 सितंबर को उपचुनाव होगा. 9 राज्यों की इन 12 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने बुधवार को कार्यक्रम का एलान किया. तारीखों की घोषणा के साथ ही अब राजनीतिक दल जीत का फॉर्म्युला निकालने में जुट गए हैं. इन 12 सीटों पर जीत किसकी होगी, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन इस बार इन 12 सीटों में से करीब 10 पर कड़े मुकाबले की बात कही जा रही है. हालांकि कुछ सीटों पर कांग्रेस का तो कुछ पर बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. आइए जानते हैं कि इस चुनाव के बाद कैसे बदलेगा राज्यसभा का गणित. पहले जानिए कहां-कहां खाली हैं ये सीटें महाराष्ट्र में राज्यसभा की 2 सीटें, बिहार में 2 सीटें, असम में 2 सीटें, त्रिपुरा में 1, हरियाणा में 1, राजस्थान में 1 और मध्य प्रदेश में 1, ओडिशा में 1 और तेलंगाना में 1 सीट खाली है. क्यों खाली हुईं ये सीटें? इन 12 खाली सीटों में 10 ऐसी हैं जो उच्च सदन के सदस्यों के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद खाली हुईं, जबकि तेलंगाना और ओडिशा से एक-एक राज्यसभा सदस्य ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी जॉइन की इसलिए राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया. पहले इन 12 सीटों में क्या थी स्थिति? अगर इन 12 सीटों पर पहले की स्थिति की बात करें तो बीजेपी सबसे आगे थी. उसके सात साज्यसभा सांसद थे. महाराष्ट्र की दोनों सीटों पर बीजेपी का कब्जा था. बिहार में एक सीट पर बीजेपी तो एक सीट पर आरजेडी का कब्जा था. असम की दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. मध्य प्रदेश की 1 सीट पर बीजेपी, त्रिपुरा की एक सीट पर बीजेपी, हरियाणा की एक सीट पर कांग्रेस और राजस्थान की एक सीट पर भी कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की थी. इसके अलावा तेलंगाना में हाल में के. केशव राव ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) छोड़कर कांग्रेस जॉइन किया था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया, जबकि ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) की सांसद ममता मोहंता ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद राज्यसभा सीट छोड़ दी थी. मध्य प्रदेश और त्रिपुरा में बीजेपी मजबूत राजनीतिक एक्सपर्ट बताते हैं कि बात लोकसभा चुनाव की हो या विधानसभा चुनाव की हो, जिस तरह से मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अब तक प्रदर्शन किया है, उससे साफ है कि यहां भी बीजेपी एकतरफा जीत दर्ज करते हुए एक सीट फिर से जीत दर्ज कर लेगी. इसके अलावा त्रिपुरा में भी बीजेपी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. असम में भी एकतरफा मुकाबले की बात राजनीतिक एक्सपर्ट कहते हैं कि बीजेपी असम में अभी काफी मजबूत स्थिति में नजर आती है. इसके अलावा पिछली बार भी दोनों सीटों पर उसी का कब्जा था. ऐसे में एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इस बार भी असम की दोनों सीटों पर बीजेपी जीत दर्ज कर सकती है. राजस्थान में बीजेपी आगे राजस्थान की एक सीट पर राज्यसभा के उपचुनाव होने हैं. इस सीट पर बीजेपी मजबूत बताई जा रही है. एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी ने जिस तरह राजस्थान में प्रदर्शन किया है उससे बीजेपी एक बार फिर यहां जीत दर्ज कर सकती है. महाराष्ट्र और बिहार में कड़ी टक्कर महाराष्ट्र और बिहार की बात करें तो यहां कड़े मुकाबले की उम्मीद है. पिछली बार बिहार में एक सीट पर आरजेडी और एक पर बीजेपी को जीत मिली थी. इस बार भी काफी कड़ा मुकालब हो सकता है. वजह है विपक्षी दलों के पास भी पर्याप्त सीट होना. ओडिशा में बीजेपी तो तेलंगाना में कांग्रेस को बढ़त राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी ने इस बार ओडिशा में बीजेडी को विधानसभा चुनाव में सत्ता से उखाड़ फेंका है. इस बार उसके पास नंबर ज्यादा हैं इसलिए ओडिशा में बीजेपी का पलड़ा भारी है. वहीं तेलंगाना की बात करें तो यहां रेवंत रेड्डी की अगुवाई में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी. पार्टी के पास विधायकों की अच्छी संख्या है. एक्सपर्ट कहते हैं कि तेलंगाना में कांग्रेस बाजी मार सकती है. हरियाणा में इसलिए सबसे कठिन मुकाबला सभी राज्यों में से हरियाणा में ही सबसे कठि मुकाबला माना जा रहा है. दरअसल, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में अब 87 सदस्य हैं. पार्टी के हिसाब से देखें तो भाजपा के पास 41 विधायक हैं. इनके अलावा दो विधायकों -निर्दलीय नयन पाल रावत और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) के गोपाल कांडा का भी भाजपा को समर्थन है. बीजेपी के पास कुल 44 विधायकों का समर्थन है. वहीं विपक्ष पर नजर डालें तो उनके पास 43 विधायक हैं. इनमें कांग्रेस के पास 28 विधायक, जननायक जनता पार्टी (जजपा) के पास 10 और तीन निर्दलीय (रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान), चौथे निर्दलीय बलराज कुंडू और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय चौटाला शामिल हैं. तीन निर्दलीय रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान ने पहले सरकार को समर्थन दिया था लेकिन हाल ही में उन्होंने कांग्रेस का समर्थन कर दिया.

गजब है बिहार! न सड़क, न नदी, 3 करोड़ की लागत से खेत में बना डाला पुल

Bihar is amazing! No road, no river, bridge built in the field at a cost of Rs 3 crore

Bihar is amazing! No road, no river, bridge built in the field at a cost of Rs 3 crore अररिया ! बीते कई महीनों से बिहार पुलों की वजह से बदनाम हो रहा है. आए दिन गिरते पुल भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं. पुल को लेकर अब एक नया मामला ऐसा सामने आया है जिसे सुन और देखकर लोग हैरान हो रहे हैं. राज्य के अररिया जिले के एक गांव में अनोखा पुल बना डाला. इसके लिए 3 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे. पुल के दोंनो ओर सड़क ही नहीं है. हैरान करने की दूसरी वजह ये है कि अक्सर पुलों का निर्माण नदी, नहर और नालों के लिए किया जाता है, लेकिन जिस जगह यह पुल बनाया गया है वहां इनमे से कुछ भी नहीं है. सोशल मीडिया पर इस अनोखे पुल की तस्वीरें जमकर शेयर हो रहीं हैं. अररिया के जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. पुल को एक खेत के बीच में बनाया गया है. उसके दोनों ओर ग्रामीणों की निजी जमीन है. ये पुल क्यों और किस लिए बनाया गया इसकी जांच की जा रही है. इसके लिए जिलाधिकारी ने जांच टीम बनाई है. मौके पर जाकर जानकारी इकट्ठा की जाएगी. उनका साफ कहना है कि जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. 6 महीने पहले हुआ अनोखे पुल का निर्माणयह अनोखा पुल जिले के रानीगंज ब्लॉक के गांव परमानंदपुर में किया गया है. सोशल मीडिया पर इस अनोखे पुल की तस्वीरें और वीडियो जमकर वायरल हो रही हैं. लोग इसको पोस्ट कर बिहार सरकार पर तीखे सवाल कर रहे हैं. गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, 6 महीने पहले इस पुल का निर्माण रुरल वर्क्स डिपार्टमेंट्स (RWD) ने किया था. हैरत की बात यह है कि इस पुल के लिए कोई कनेक्टिविटी नहीं है. दोनों ओर कोई सड़क नहीं बनाई गई है. विभाग द्वारा इस पुल के साथ करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क बननी थी. लेकिन पुल के आसपास सरकारी जमीन नहीं है बल्कि किसानों की निजी जमीन है. ऐसे में यहां पुल तो बन गया लेकिन कोई सड़क नहीं बनी. दोनों ओर नहीं हैं सड़कग्रामीणों का कहना है कि यह पुल किसी इस्तेमाल का नहीं है. 6 महीने से यह सिर्फ शोपीस बना हुआ है. उन्होंने बताया कि जहां पुल बना है एक मृत प्राय नदी दुलरदेई के लिए बनाया गया है. इस नदी में बरसात के दिनों में ही पानी नजर आता है. वहीं पुल निर्माण करने वाले विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि जमीनी विवाद के कारण आगे का काम रुका हुआ है. उनका कहना है कि यह पुल नहीं बल्कि एक बॉक्स कलवर्ट है जिसका इस्तेमाल जल मार्गों के लिए किया जाता है. उन्होंने बताया कि इसका निर्माण ग्रामीण सड़क योजाना के अंतर्गत किया गया है. अररिया जिलाधिकारी इनायत खान ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

भाजपा पार्षद के पति ने युवक को बेरहमी से पिटा, सड़क पर घसीटा

BJP councilor's husband beats young man brutally, drags him on the road

BJP councilor’s husband beats young man brutally, drags him on the road जबलपुर । जबलपुर में वार्ड नंबर 58 की भाजपा पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर ने युवक को जमकर पीटा। पिटाई का वीडियो इंटरनेट में बहुप्रसारित हो रहा है जिसके बाद पीड़ित के स्वजन पुलिस अधीक्षक से मिला। कर्मचारियों के साथ युवक की कहासुनी हुई थीवार्ड नंबर 58 की पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर पर 20 साल के अमन चौधरी को पीटने का आरोप है। युवक ने सोमवार को वार्ड में बन रही नाली निर्माण की सामग्री सड़क पर फैले होने पर अपत्ति की थी। जिसके बाद कर्मचारियों के साथ कहासुनी हुई। पार्षद पति पीटने के बाद सड़क पर घसीटापार्षद पति ने कर्मचारियों के साथ मिलकर उसे पीटना शुरू कर दिया। सड़क पर घसीटा गया। मारपीट में अमन बुरी तरह से घायल हो गया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से पीड़ित परिवार मिला। एसपी ने थाना हनुमानताल को इस मामले में कार्रवाई के लिए निर्देश दिए, जिसके बाद मामला दर्ज किया जा रहा है। अमन चौधरी पंखा बनवाने गया थापीडि़त के मुताबिक सोमवार को राधाकृष्णन वार्ड के रविदास नगर के पास नाली बन रही थी। समान सड़क पर पड़ा हुआ था। पिता श्यामलाल के कहने पर अमन चौधरी पंखा बनवाने गया था। लौटकर जब वह वापस आ रहा था, उसी दौरान नाली बनाने के लिए रखा रेत, सीमेंट सड़क पर फैला हुआ था। पीड़ित थाने गया था, लेकिन सुनवाई नहींअमन ने जैसे ही वहां पर काम करने वाले कर्मचारियों से कहा कि पूरे सड़क पर ये समान फैला हुआ है कहां से निकलें, कर्मचारियों ने पार्षद पति को बुला लिया, जिसके बाद अमन के साथ जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित थाने गया था, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई थी।

कॉलिंग दर को सस्ता किये जाय : गणेश सिंह

Youth living outside their home district should have the right to vote online: Ganesh Singh

Calling rates should be made cheaper: Ganesh Singh भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ सांसद गणेश सिंह ने मोबाईल फोन की कॉलिंग दर को सस्ता किये जाए। सतना सांसद सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज की सबसे बड़ी जरूरत मोबाईल फोन है, आज की दुनिया में मोबाईल फोन सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला गैजेट है, मोबाईल फोन गांव-गांव, हर घर, प्रत्येक व्यक्ति बच्चे से लेकर बड़े-बूढ़ों तक इसका उपयोग किया जाता है। अब तो शासकीय निजी दस्तावेजों में मोबाईल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है तथा शासन की अधिकांशतः हितग्राही योजनाओं का लाभ मोबाईल नम्बर के माध्यम से दिया जाता है। बीजेपी सांसद ने कहा है कि मोबाईल फोन की कॉलिंग दर दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जिस कारण ग्रामीणजन रिचार्ज की बजाय नया सिम ले लेते हैं, क्योंकि मोबाईल कम्पनियां शुरूआत में तो दो-तीन महीने तक फी ऑफर देते हैं, और फिर रिचार्ज में वसूलते हैं। सिंह ने कहा कि रिचार्ज पूरे महीने का न होकर 28 दिन 24 दिन या उससे भी कम दिनों का होता है। रिचार्ज न करने पर नम्बर बंद कर दिया जाता है, इसलिये नया सिम लेना सहज होता है। हितग्राहियों के नम्बर बदलने के कारण वे सरकार की योजनाओं से वंचित हो जाते हैं।

मुझे मालिक नहीं, भाई कहो.. क्या हुआ जब राहुल गांधी ने मोची रामचैत को किया फोन

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait?

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait? उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले सप्ताह एक मोची की दुकान पर गए थे. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने हाथ से जुते की सिलाई की थी और बाद में मोची को एक मशीन भेजी थी. अब मोची रामचैतने राहुल गांधी के लिए रिटर्न दिया है, जो राहुल गांधी को खूब पसंद आया है. मोची रामचैत ने चमड़े का काला जूता बनाकर भेजा है, जो राहुल को खूब पसंद आए. इसके बाद उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. हालांकि, इस दौरान जब रामचैत ने राहुल को मालिक कहकर संबोधित किया तो उन्होंने टोक दिया और कहा कि मुझे मालिक नहीं, भाई कहो. राहुल गांधी ने शेयर किया 5 मिनट का वीडियो राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है और लिखा कि पिछले दिनों सुल्तानपुर से वापस आते वक्त रास्ते में जूतों के कारीगर रामचेत जी से मुलाकात हुई थी, उन्होंने मेरे लिए प्रेम भाव से अपने हाथों से बनाया एक बहुत ही कम्फर्टेबल और बेहतरीन जूता भेजा है. राहुल गांधी ने कहा कि कामगार परिवारों के ‘परंपरागत कौशल’ में भारत की सबसे बड़ी पूंजी छिपी है. देश के कोने-कोने में अलग-अलग स्किल वाली ऐसी करोड़ों प्रतिभाएं हैं. अगर इन ‘भारत बनाने वालों’ को जरूरी समर्थन मिले तो वह अपनी ही नहीं, देश की भी तकदीर बदल सकते हैं. मुझे मालिक नहीं, भाई कहो: राहुल गांधी जब रामचैत ने राहुल गांधी के लिए 2 जोड़ी जूते भेजे तो उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. राहुल ने कहा, ‘आपने मेरे लिए बहुत सुंदर जूता भेजा है. बहुत बहुत धन्यवाद.’ इसके बाद रामचेत ने कहा कि आपने हमे बहुत ऊपर उठा दिया है मालिक. इस पर राहुल गांधी ने उन्हें टोका और कहा कि आप मालिक ना कहो, भाई कहो. मालिक शब्द अच्छा नहीं है. 26 जुलाई को रामचैत की दुकान पर गए थे राहुल बता दें कि राहुल गांधी 26 जुलाई को सुल्तानपुर गए थे. इस दौरान उन्होंने रामचेत नाम के मोची से मुलाकात कर उनके काम और मुश्किलों के बारे में जाना था. इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक चप्पल भी सिली थी. अब राहुल गांधी ने इस मुलाकात का पूरा वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर किया है. कुलियों के एक समूह ने सोमवार (5 अगस्त) को दिल्ली राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ अपनी परेशानियों को शेयर किया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं.

Pragya Thakur: के बयान से गर्मा गई मध्य प्रदेश की राजनीति , वह हिंदू नहीं

Politics of Madhya Pradesh heated up due to Pragya Thakur's statement. he is not a hindu

Politics of Madhya Pradesh heated up due to Pragya Thakur’s statement. he is not a hindu Pragya Thakur News: बीते कुछ दिनों से दुकानों पर नाम लिखे जाने की राजनीति ठंडी पड़ी थी, लेकिन अब इसे भोपाल से पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने फिर से हवा दे दी है. पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने हिंदू व्यापारियों से अपील की है कि वह अपने प्रतिष्ठान-दुकानों पर नाम लिखे. बता दें, पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दुकान/प्रतिष्ठान पर नाम लिखे जाने को लेकर कहा, ‘नाम लिखने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि देश आपका ही है, जो नाम लिखे वह हिंदू और जो नाम न लिखे वह हिंदू नहीं.’ सोशल मीडिया पर जारी अपीलपूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर दुकानदारों के नाम यह अपील जारी की है. उन्होंने कहा, ‘मेरा हर हिंदू से आव्हान है कि अपने प्रतिष्ठान पर अपना नाम अवश्य लिखें.’ पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की इस अपील के बाद राजनीति भी गर्मा गई है. बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के मार्ग पर दुकानदारों से नाम लिखने के आदेश दिए थे. इसके बाद नाम लिखने की यह राजनीति मध्य प्रदेश में भी सुर्खियों में आ गई.

जिस जमीन पर बैठकर विधायक जयवर्धन ने सुनी महिलाओं की समस्याएं, वहाँ लगेगा टीनशेड

A teen shed will be set up on the land where MLA Jaivardhan sat and listened to the problems of women.

A teen shed will be set up on the land where MLA Jaivardhan sat and listened to the problems of women. भोपाल/गुना। राघौगढ़ क्षेत्र के विधायक जयवर्धन सिंह इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर हैं। इसी सिलसिले में विधायक ग्राम इकोदिया पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के सामने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। इस मौके पर विधायक से मुखातिब होने वालों में पुरुषों से ज्यादा संख्या महिलाओं की रही। विधायक ने महिलाओं से लम्बी बातचीत की, इस दौरान वातावरण पारिवारिक नजर आया। जहां महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। इकोदिया में मंदिर परिसर में महिलाओं से चर्चा करने के दौरान जयवर्धन सिंह ने सबसे पहले उनके पारिवारिक हालचाल जाने। अधिकांश महिलाओं से गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर चर्चा की। विधायक ने स्पष्ट किया कि महिलाएं पारिवारिक सदस्य की तरह बात करें और अपनी समस्याएं बताएं। जयवर्धन सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि वे हर पंचायत अथवा गांव की एक महिला का मोबाइल नम्बर लेंगे, ताकि वे महिलाओं से उनकी समस्याएं जान सकें। इसकी वजह बताते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि मूलभूत समस्याओं से सर्वाधिक परेशान महिलाओं को ही होना पड़ता है। इसलिए वे सुनिश्चित करें कि गांव की महिलाएं अपनी परेशानी बताएं ताकि उनका त्वरित निराकरण किया जा सके। इकोदिया मंदिर के बाहर लगी पंचायत में विधायक ने पारिवारिक वातावरण में चर्चा कर रहीं महिलाओं ने बताया कि उन्हें मंदिर के बाहर एक टीनशेड चाहिए, ताकि वे बारिश और धूप में भी भजन-कीर्तन कर सकें। विधायक को महिलाओं की मांग और सुझाव पसंद आया। उन्होंने तत्काल मौके पर मौजूद ग्रामीणों से कहाकि वे इंदौर अथवा मालवा क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक परिसरों में लगे अच्छी गुणवत्ता के टीनशेड की जानकारी लें। आधुनिक टीनशेड कहां मिलते हैं, कितना खर्चा आएगा आदि उन्हें बताया जाए, ताकि जल्द से जल्द इकोदिया मंदिर के बाहर टीनशेड लगवा सकें।

राहुल गांधी की बात पर भरी संसद में शिवराज ने बोल दी बड़ी बात: देखें विडियो

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi's words

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi’s words राहुल की बात पर भरी संसद में शिवराज ने कह दी ऐसी बात कि कांग्रेसी बस सुनते रह गए…!

INDIA Alliance Rally: अरविंद केजरीवाल की हेल्थ और गिरफ्तारी पर INDIA गठबंधन की रैली

INDIA Alliance Rally: INDIA Alliance Rally on Arvind Kejriwal's health and arrest

INDIA Alliance Rally: INDIA Alliance Rally on Arvind Kejriwal’s health and arrestDelhi AAP Rally Live Updates: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की हेल्थ को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार बीजेपी पर हमलावर है। आप ने बीजेपी पर सीएम केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। अरविंद केजरीवाल की जेल में बिगड़ती सेहत और उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ आज मंगलवार यानी 30 जुलाई को इंडिया गठबंधन के तमाम नेता जंतर-मंतर पर रैली में हिस्सा लेंगे। यह रैली आज दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक होगी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर सोमवार को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर मंतर पर अरविंद केजरीवाल के समर्थन में INDIA ब्लॉक मंगलवार यानी 30 जुलाई को रैली करेगा। इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल के नेता हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का बार-बार गिर रहा शुगर लेवल- संजय सिंह आप सांसद ने कहा कि तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जेल में सीएम केजरीवाल का बार-बार शुगर लेवल गिर रहा है। वहीं, पार्टी ने केजरीवाल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके शुगर लेवल में 3 जून से 7 जुलाई के बीच 34 बार गिरावट आई है। अरविंद केजरीवाल को मारने की साजिश- आतिशी दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश है।

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कही ऐसी बात, निर्मला सीतारमण ने पकड़ लिया माथा

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget, Nirmala Sitharaman held her head लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के कई बयानों पर आपत्ति जताई. इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने भी नेता प्रतिपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने की बात कही. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. इस दौरान बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ओबीसी की भागीदारी का सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट बनाने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक या ओबीसी समुदाय से हैं. उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक मिनट से झेंप गई. उन्होंने आपना माथा पकड़ लिया. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से बजट के बाद हलवा समारोह की तस्वीर दिखाने की अनुमति मांगी लेकिन स्पीकर ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया. राहुल ने फिर तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2024 तैयार करने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि वे तस्वीर में मौजूद भी नहीं हैं. सदन में हंगामाकेंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में हंगामा हो गया. गांधी पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम नहीं जानते, आप सदन के अध्यक्ष को चुनौती देते हैं. राहुल गांधी ने बजट भाषण में पेपर लीक मुद्दे का जिक्र न करने के लिए निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश में पेपर लीक के 70 मामले सामने आए हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 99% युवा केंद्रीय बजट 2024 में पेश किए गए इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि आपने युवाओं के लिए क्या किया? इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हो गए. उन्होंने कहा कि अग्निवीर को लेकर नेता प्रतिपक्ष देश को गुमराह कर रहे हैं.

‘कोचिंग बिजनेस हो गए, छात्रों की मौत पर भड़के उप राष्ट्रपति धनखड़

Vice President Dhankhar angry over the death of students

‘Coaching has become a business, Vice President Dhankhar angry over the death of students दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से शनिवार को तीन छात्रों की मौत हो गई थी. राज्यसभा सभापति धनखड़ इस मामले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं. दिल्ली ! उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली की कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से 3 UPSC छात्रों की मौत पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि कोचिंग आजकल बिजनेस बन गए हैं. हम अखबार पढ़ते हैं, उनमें पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी. दरअसल, शनिवार को दिल्ली में हुई बारिश के दौरान इस बेसमेंट में पानी भर गया था. बेसमेंट में कोचिंग की लाइब्रेरी चल रही थी. ऐसे में घटना के वक्त बेसमेंट में करीब 30 छात्र मौजूद थे. तभी बेसमेंट में करीब 10-12 फीट पानी भर गया. इसके चलते कई छात्र इसमें फंस गए थे. इनमें से कुछ छात्रों को रस्सी डालकर निकाल लिया या था. जबकि तीन छात्रों की मौत डूबने से हो गई थी. राज्यसभा में 3 छात्रों की मौत पर होगी चर्चा राज्यसभा में 3 यूपीएससी छात्रों की मौत पर चर्चा होगी. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिला है. इसमें सदस्यों ने अधिकारियों की लापरवाही के चलते दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है. मुझे लगता है कि युवा जनसांख्यिकीय को देश में आगे बढ़ाना है. मैंने पाया कि कोचिंग व्यापार बन गया है. जब भी हम अखबार पढ़ते हैं, उनके पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. कोचिंग में 3 छात्रों की मौत के मामले में चर्चा के लिए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने नोटिस दिया है. लोकसभा में भी उठा मुद्दा इससे पहले ये मुद्दा सोमवार को लोकसभा में भी उठा. लोकसभा में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा. उन्होंने इस मामले में जांच की भी मांग की.

बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 65% आरक्षण आदेश पर रोक बरकरार

Shock to Bihar government from Supreme Court

Shock to Bihar government from Supreme Court, stay on 65% reservation order remains intact Bihar Reservation News: बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार (29 जुलाई) को बड़ा झटका लगा है. बिहार में आरक्षण को बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के खिलाफ पटना हाईकोर्ट का फैसला फिलहाल बना रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से मना कर दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा है कि वह सितंबर में मामले पर विस्तृत सुनवाई करेगा. पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के आरक्षण बढ़ाने के फैसले को रद्द कर दिया था. फिर राज्य सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के उस फैसले को रद्द किया था, जिसमें सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए पिछड़े वर्गों के आरक्षण में इजाफा किया गया था. बिहार सरकार ने पिछड़े वर्ग, एससी और एसटी समाज से आने वाले लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के लिए मिलने वाले आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी किया था. आरक्षण के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर हुई थीं याचिकाएं बिहार सरकार की तरफ से जब आरक्षण की सीमा बढ़ाई गई थी तो इस संबंध में पटना हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं, जिसमें राज्य के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई. हाईकोर्ट ने मार्च में इस संबंध में दायर रिट याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद 20 जून को हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को बड़ा झटका देते हुए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में राज्य द्वारा निर्धारित 65 फीसदी आरक्षण सीमा को रद्द कर दिया. सबसे ज्यादा आरक्षण देने वाला राज्य बन गया था बिहार बिहार सरकार ने पिछले साल नवंबर में आधिकारिक तौर पर राज्य गजट में दो विधेयकों को नोटिफाई किया था. इसका मकसद पिछड़े और वंचित समाज के लोगों के आरक्षण की सीमा को बढ़ाना था. विधेयकों के साथ बिहार में उन बड़े राज्यों में शामिल हो गया, जहां सबसे ज्यादा आरक्षण दिया जा रहा था. आरक्षण सीमा को 65 फीसदी करने पर राज्य में कुल आरक्षण 75 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसमें 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाला रिजर्वेशन भी शामिल था.

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता आरिफ अकील का निधन, मध्य प्रदेश में शोक की लहर

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away, wave of mourning in Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे आरिफ अकील का निधन हो गया। 72 साल के आरिफ अकील काफी समय से बीमार थे। आरिफ अकील को रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के चलते पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस से टिकट नहीं लिया था और अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। भोपाल उत्तर विधानसभा से लगातार अपनी जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता आरिफ अकील ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। उनके विधायक पुत्र आतिफ अकील ने उनके निधन की पुष्टि की है। रविवार शाम को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली। 40 साल तक रहा शेर ए भोपाल का जलवाशेर ए भोपाल नाम से चर्चित रहे पूर्व मंत्री आरिफ अकील भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर 40 सालों तक सक्रिय रहे। मिलन सार और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए हमेशा तैयार रहने वाले आरिफ अकील के बारे में कहा जाता है कि जो भी उनके घर किसी समस्या के लिए पहुंच जाता था, वो अपना सारा काम छोड़कर उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते थे।कांग्रेस शासन काल में वे दो बार मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, जेल खाद्य जैसे प्रमुख विभाग मिले थे। आरिफ अकील की शुरुआती राजनीतिक जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान भी उत्तर विधानसभा में आरिफ अकील की सीट को नहीं हिला पाए थे। कांग्रेस में शोक की लहरआरिफ अकील के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आरिफ अकील के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

ठगों के निशाने पर प्रदेश के नए मंत्री, रामनिवास रावत से फोन कर मांगे गए 5 लाख रुपये

Ramniwas Rawat was the target of thugs and demanded 5 lakh rupees by calling him.

The new minister of the state, Ramniwas Rawat was the target of thugs and demanded 5 lakh rupees by calling him. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश सरकार के नवागत मंत्री रामनिवास रावत से फ्रॉड करने की कोशिश की गई है. मंत्री रामनिवास रावत से बीजेपी संगठन महामंत्री बनकर पांच लाख रुपये की डिमांड की गई. मंत्री रावत की ओर से क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है आरोपी मध्य प्रदेश का ही निवासी है. वन और पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत ने 19 जुलाई को भोपाल पुलिस कमिश्रर हरिनारायणचारी मिश्र से शिकायत की थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में मंत्री रावत ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास मोबाइल नंबर 9285127561 से कॉल आया था. कॉलर ने खुद को बीजेपी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का पीए बताया. ठग ने पांच लाख रुपये की डिमांड कीउन्होंने आगे बताया कि “कॉलर ने कहा कि विजयपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में आपके लिए कुछ लोगों की व्यवस्था करा देंगे, जो आपका पूरा काम देखेंगे. हर व्यक्ति के हिसाब से पांच लाख रुपये लगेंगे. इसके बाद दो-तीन बार तो मैंने उसकी को टाल दिया, लेकिन कॉलर का कई बार फोन आया.” मंत्री को ऐसे हुआ शकमंत्री रावत के अनुसार कई बार फोन करने के बाद कॉलर ने किसी अन्य व्यक्ति से भी बात कराई, उसने खुद को बीजेपी का संगठन महामंत्री बीएल संतोष बताया. वह धीरे-धीरे गंभीर आवाज में बात कर रहा था. जब उसने संगठन महामंत्री का गलत नाम बताया तो मंत्री रावत समझ गए. इसके बाद मंत्री रावत ने फ्रॉड कॉल करने वाले की अपने स्तर पर जानकारी जुटाई. इसके बाद उन्होंने शिकायत की. क्राइम ब्रांच ने धारा 319(2) भारतीय न्याय संहिता और 66(सी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

बुधनी उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज, जीतू पटवारी ने बनाई जीत की रणनीति

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा सीट छोड़े जाने के बाद उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. शिवराज के गढ़ बुधनी में अब कांग्रेस भी एक्टिव मोड में आ गई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को बुधनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन पार्टी में शामिल हुए.बता दें बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से प्रभारी व सह प्रभारी की नियुक्ति की जा चुकी है. कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को प्रभारी और इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को सह प्रभारी बनाया है. वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को प्रभारी बनाया है और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को सह प्रभारी बनाया है. पटवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ किया संवादसलकनपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधनी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित रेहटी, बुधनी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी भावना प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखी. संवाद कार्यक्रम के बाद टिफिन पार्टी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें घर से टिफिन लेकर आये बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोजन किया. इस अवसर पर बुधनी विधानसभा सह प्रभारी शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, डॉ. बलवीर तोमर, जिला संगठन मंत्री गणेश तिवारी, दिनेश मेघवानी, महेश राजपुत, विक्रम मस्ताल, रेहटी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमनारायण गुप्ता, भैरूंदा ब्लॉक अध्यक्ष देवीसिंह थारोल, लाडक़ुई ब्लॉक अध्यक्ष चंदर मीणा, गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह भाटी, बुधनी ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र यादव, शाहगंज ब्लॉक अध्यक्ष बहादुर सिंह, मंगलसिंह ठाकुर, विष्णु ठाकुर, उमाशंकर नागर, राधेकिशन नागर, रामकरण यादव, इसरार खां, अर्जुन गौर एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्तागण मौजूद रहे. देवीधाम सलकनपुर मंदिर में पूजा-अर्जनाउपचुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधनी विधानसभा के दौरे पर थे. इस दौरान वे प्रसिद्ध देवी धाम सलकनपुर मंदिर पहुंचे. जहां उन्होंने मां बीजासन माता के दरबार में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की.

भाजपा नेता ने कलेक्टर अनुराग पांडे को धमकाया, कहा रिटायर्ड मेन से पहले घर भेज दूंगा, ऑडियो वायरल

BJP leader threatened collector Anurag Pandey

BJP leader threatened collector Anurag Pandey, said I will send him home before he retires, audio goes viral रायपुर। बीजापुर जिले में कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद का ऑडियो वायरल हो रहा है। फोन कॉल पर भाजपा नेता चार दिन में कलेक्टर को हटवाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, कलेक्टर भी जवाब देते हुए कह रहे हैं कि, तेरी इतनी औकात है क्या? विवाद बीजापुर के भाजपा नेता अजय सिंह और कलेक्टर अनुराग पांडे के बीच हुआ है। 7 जुलाई का है ऑडियो क्या है ऑडियो में भाजपा नेता अजय सिंह- मैं अपनी पर आ गया तो आपका रिटायरमेंट जो अगस्त को होना है, 4 दिन नहीं लगेगा हटने में… चैलेंज कर के देखो। कलेक्टर– तेरी इतनी औकात है, औकात है तो कर लेना। अजय सिंह– आप कलेक्टर हैं, आपकी कोई हैसियत नहीं है, सरकार के अधिनस्थ हो। आप नौकर हो पब्लिक के। खुली चुनौती दे रहा हूं, सबके साथ लगना मेरे साथ मत लगना। कलेक्टर– मैं भी बता दे रहा हूं, सबसे लगना, लेकिन मेरे साथ मत लगना। टेंडर से जुड़ा है मामला कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद टेंडर को लेकर है। बीजापुर और आस-पास के इलाकों में स्कूल बिल्डिंग का निर्माण होना है। अजय सिंह कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ा है। जिले में काम हासिल करने को लेकर अधिकारियों के साथ यह विवाद हुआ है। वायरल ओडियो में भी टेंडर मिलने की बात कलेक्टर और अजय के बीच होती सुनाई दी है। अजय सिंह– आपने पहले से कह रखा है कि रविंद्र झाड़ी को काम देना है। कलेक्टर– मैंने किसी को नहीं कहा है। PWD के ईई ने बोला होगा। मेरे रहते आप मेरे किसी अधिकारी को नहीं चमका सकते। भोपालपट्टनम के सभी आपके पार्टी के लोग कह रहे हैं कि आपने सबको काम बांटा है। वो तो कैंसिल होगा उसकी चिंता मत करो। अजय सिंह– हो जाए कैंसिल आप जाएंगे, दूसरा कलेक्टर आएगा, दूसरे से काम करवा लेंगे।

अखिलेश यादव की सपा नेताओं को चेतावनी : बीजेपी नेताओं की नो एंट्री, न करें उनकी पैरवी

Akhilesh Yadav's warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them

Akhilesh Yadav’s warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के नेताओं को बीजेपी नेताओं से दूर रहने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जो भी बीजेपी नेताओं को समाजवादी पार्टी में लेने की पैरवी करेगा, उसे वो बाहर कर देंगे. ऐसा कहकर अखिलेश अपना माहौल बनाए रखना चाहते हैं. वो ये बताना चाहते हैं कि बीजेपी में भगदड़ मची है. बीजेपी में सब अपने लिए बेहतर रास्ते तलाश रहे हैं. इस बीच उनके लिए चुनौती लोकसभा चुनाव वाले नतीजों को विधानसभा चुनाव में दोहराने की है. यूपी विधानसभा चुनाव साल 2027 की शुरुआत में होने हैं. तब तक समाजवादी पार्टी का माहौल टाइट कैसे रहे, इसीलिए अखिलेश ने चेतावनी वाला ये दांव चल दिया है. अखिलेश यादव दो साल के ब्रेक के बाद फिर से दिल्ली की राजनीति में हैं. सुबह जब वो संसद के लिए निकल रहे थे, पश्चिमी यूपी के एक नेता उनसे मिलने पहुंच गए. वो अखिलेश की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अखिलेश से मिलाने के लिए वो अपने साथ बीजेपी के एक नेता को लेकर गए थे. न टिकट की गारंटी दी और न मिलने को तैयार हुए अखिलेश वो चाहते थे कि बीजेपी के नेता को अखिलेश टिकट देने की गारंटी दें. मगर, अखिलेश दूसरे मूड में थे. न उन्होंने टिकट की गारंटी दी और न ही बीजेपी के नेता से मिलने को तैयार हुए. बीजेपी नेता दिल्ली में अखिलेश के घर के बाहर अपनी गाड़ी में बैठे रहे. अखिलेश ने तो समाजवादी पार्टी के उस नेता को दोबारा ऐसा काम न करने की नसीहत भी दे डाली. ये सच है कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही समाजवादी पार्टी कैंप का जोश हाई है. पार्टी ने अब तक का सबसे बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 37 सीटें जीती हैं. जबकि यूपी बीजेपी में घमासान मचा है. आपसी गुटबाज़ी चरम पर है. बीजेपी में एक नेता दूसरे का काम लगाने में जुटा है. ऐसे में बीजेपी के कुछ नेता अभी से समाजवादी साइकिल की सवारी के जुगाड़ में हैं. अचानक अखिलेश से मिलने पहुंचे थे फैजाबाद सांसद फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद इन दिनों हमेशा अखिलेश यादव के आसपास ही नजर आते हैं. अचानक से पार्टी के अंदर और बाहर उनकी अहमियत बढ़ गई है. एक दिन अचानक वो लखनऊ में अखिलेश से मिलने पहुंचे. वो बीजेपी के एक नेता को समाजवादी पार्टी में लेने की जिद करने लगे. अखिलेश ने बहुत समझाया लेकिन अवधेश मानने को तैयार नहीं हुए. अखिलेश यादव दोनों तरह के मजे लेने के मूड में हैं. वो चाहते हैं कि यूपी के गांव-गलियों तक ये बात फैल जाए कि बीजेपी अब डूबती नैया है. वहां नेताओं में पार्टी छोड़ने की होड़ मची है लेकिन लोगों को लेकर वो अपनी पार्टी की सेहत खराब नहीं करना चाहते हैं. दलबदलू नेताओं के कारण उनकी पार्टी में बवाल न हो जाए, इसका वो विशेष ध्यान रख रहे हैं. यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में इस तरह के आरोप अखिलेश पर लगे थे. इसका नुकसान भी उन्हें चुनाव में हुआ. इसीलिए इस बार वो कोई गलती दोहराने के मूड में नहीं हैं.

MSP किया जा सकता है लागू! मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये है राहुल गांधी का मेगा प्लान

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi's mega plan to put pressure on Modi government

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi’s mega plan to put pressure on Modi government Rahul Gandhi on MSP: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के किसान नेताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें अपने सामने आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। संसद भवन परिसर में अपने कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद, गांधी ने अपने घोषणापत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करने की कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। MSP की कानूनी गारंटी की जा सकती है लागू उन्होंने कहा कि एक आकलन से पता चला है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू की जा सकती है। गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस देश भर के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस महत्वपूर्ण उपाय के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं से समर्थन जुटाएगी।अपनी बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने अपने घोषणापत्र में कानूनी गारंटी के साथ एमएसपी का उल्लेख किया है। हमने आकलन किया है और इसे लागू किया जा सकता है।” राहुल गांधी ने कहा, “हमने अभी एक बैठक की, जिसमें हमने तय किया कि हम INDIA गठबंधन के दूसरे नेताओं से बात करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे कि देश के किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।” किसानों ने की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात बैठक में केसी वेणुगोपाल, राजा बराड़, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, धर्मवीर गांधी, डॉ. अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जय प्रकाश भी मौजूद थे। इससे पहले, कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा आमंत्रित किए गए किसान नेताओं को संसद परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में, किसान नेताओं को संसद में आने की अनुमति तभी दी गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे मिलने के लिए बाहर जाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि क्योंकि वे किसान हैं, इसलिए उन्हें संसद परिसर में प्रवेश करने दिया जा रहा है।उन्होंने कहा, “हमने उन्हें (किसान नेताओं को) हमसे मिलने के लिए यहां बुलाया था। लेकिन वे उन्हें यहां (संसद में) नहीं आने दे रहे हैं। क्योंकि वे किसान हैं, शायद यही कारण है कि वे उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं।” इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने सोमवार को घोषणा की कि वे पूरे देश में केंद्र सरकार के पुतले जलाएंगे और एमएसपी गारंटी को कानूनी बनाने की अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। 31 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ इस विरोध के हिस्से के रूप में, वे विपक्ष द्वारा निजी विधेयकों का समर्थन करने के लिए एक “लंबा मार्च” भी निकालेंगे। इसके बाद, प्रदर्शनकारी किसान 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, जब देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेताओं ने कहा कि किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च 31 अगस्त को 200 दिन पूरा करेगा और लोगों से पंजाब और हरियाणा सीमा पर खनौरी, शंभू आदि पहुंचने की अपील की। हरियाणा के जींद जिले में 15 सितंबर को एक रैली आयोजित की जाएगी और 22 सितंबर को पिपली में एक और रैली आयोजित की जाएगी।इससे पहले फरवरी में, हरियाणा सरकार ने अंबाला-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेड्स लगा दिए थे, जब किसान यूनियनों ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में दिल्ली तक मार्च करेंगे।

कांग्रेस विधायक के बंगले पर ईडी का छापा, 60 करोड़ के मामले की चल रही पूछताछ

ED raids Congress MLA's bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing

ED raids Congress MLA’s bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing टीकमगढ़ ! टीकमगढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा। ईडी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। ये कार्रवाई ईडी ने विधायक और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के निवास लाल दरवाजा पर बुधवार तड़के 5 बजे शुरू की थी। अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मामला करीब 60 करोड़ के फ्रॉड का बताया जा रहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भी असम पुलिस ने ऐसी ही दबिश दी थी। इस समय यादवेंद्र सिंह बुंदेला से पूछताछ किए जाने की जानकारी मिल रही है। पुलिस और सुरक्षा बल तैनात टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी जांच कर रही हैं। मकान के बाहर सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं, जो किसी को अंदर या बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद मामले की जानकारी दी जाएगी। जानें कौन हैं यादवेंद्र सिंह बुंदेला यादवेंद्र सिंह बुंदेला स्टूडेंट लाइफ से ही कांग्रेस में एक्टिव रहे हैं। 1983 के उपचुनाव में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985, 1993, 1998, 2008 और 2023 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। यादवेंद्र सिंह बुंदेला कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। वे पांचवीं बार टीकमगढ़ विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव जीते हैं। 1995 से 1998 तक दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। उमा भारती को दे चुके हैं चुनावी मात यादवेंद्र सिंह बुंदेला 2008 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे। तब विधानसभा चुनाव में उमा भारती अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव में उतरी थीं। जहां उन्होंने खुद अपने गृहनगर टीकमगढ़ से चुनाव लड़ा था। लेकिन यहां उन्हें यादवेंद्र सिंह बुंदेला से हार का सामना करना पड़ा था।

बजट 2024 : ‘हमें किसी की भीख नहीं चाहिए, बंगाल से जलते हैं पीएम मोदी’, ममता बनर्जी

Budget 2024: 'We do not want anyone's alms, PM Modi is jealous of Bengal', Mamata Banerjee

Budget 2024: ‘We do not want anyone’s alms, PM Modi is jealous of Bengal’, Mamata Banerjee कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को संसद में पेश आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनविरोधी व गरीब विरोधी बजट करार दिया है। विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि आम बजट में बंगाल के साथ फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल से जलते हैं। बंगाल की जनता जवाब देगीममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को किसी की भीख नहीं चाहिए। बंगाल की जनता फिर इसका जवाब देगी। ममता ने कहा कि बजट में आम आदमी व गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। बंगाल के साथ फिर पूरी तरह भेदभाव किया गया है। बंगाल का केंद्र पर 1.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है, पर हमारे राज्य को एक रुपया भी बजट में नहीं दिया गया है। दूसरे राज्यों से भेदभाव नहीं होना चाहिएबनर्जी ने कहा कि बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष तरजीह देने के सवाल पर ममता ने कहा कि हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन बंगाल सहित दूसरे राज्यों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह पूरी तरह राजनीतिक बजट है। ममता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल से जलते हैं।

सरकार बचाने के लिए, बिहार एवं आन्ध प्रदेश सरकार को दिया भारी-भरकम बजट: फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government: Faizabad MP Awadhesh Prasad Budget 2024: केंद्रीय बजट 2024 पेश होने के बाद पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश में विपक्ष यह आरोप लगातार लगा रहा है कि राज्य के हिस्से कुछ नहीं आया. इस बीच फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर कहा, ‘यह जो अल्पमत की सरकार है उसे बचाने का बजट है. इसमें लगभग पूरे देश की अनदेखी की गई है. इसमें अयोध्या, उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है. यह कुर्सी बचाने का बजट है इसलिए दो राज्यों को प्राथमिकता दी गई है और बाकी राज्यों की अनदेखी की गई है, यह भाजपा को महंगा पड़ेगा.”

बजट से किसानों को ज्यादा फायदा नहीं, कंपनियों को होगा मुनाफा- किसान नेता राकेश टिकैत

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit - farmer leader Rakesh Tikait

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit – farmer leader Rakesh Tikait वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम ने आज मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश कर दिया है. बजट में खेती और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं, लेकिन बजट से किसान ज्यादा खुश नहीं बताए जा रहे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जमीनी स्तर पर इस बजट से कोई फायदा नहीं होने वाला है. सरकार फसलों की उचित कीमत देनी चाहिए. बजट पर निराशा जाहिर करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें (केंद्र को) यह बजट कागजों पर तो ठीक लगता होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे किसानों को किसी तरह का कोई फायदा नहीं होने वाला है. कंपनियों को इसका लाभ जरूर होगा. जो आर्गेनिक या नेचुरल खेती की बात है तो इसके लिए कोई एनजीओ, कंपनी या फिर कोई संस्था होगी जो यह काम लेगी और कहेगी कि हमने इतने किसानों को खेती करना सिखाया. किसानों को सिखाने का इतना खर्चा आदि आएगा. मतलब यह कि सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. किसानों को लाभ पहुंचाया जाएः टिकैतराकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसानों को लाभ पहुंचाना है तो उसे उसकी फसलों की पूरी कीमत देनी होगी. इसके लिए खास प्रावधान करना पड़ेगा. किसानों को खेती के लिए मुफ्त में पानी चाहिए. मुफ्त में बिजली और सस्ती खाद चाहिए, किसानों के लिए खेती के उपकरणों पर जीएसटी कम करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि किसानों के स्वास्थ्य पर क्या किया गया. उनके लिए शिक्षा मुफ्त की जानी चाहिए. बजट में किसानों के लिए क्याइससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही सरकार जलवायु अनुकूल बीज विकसित करने के लिए अनुसंधान की व्यापक समीक्षा भी करेगी. बजट में किसानों के उत्पादकता बढ़ाने और खेती में सहनीयता लाने के उपायों के एक हिस्से के रूप में बजट में कृषि अनुसंधान पर जोर देने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और राष्ट्रीय सहकारिता नीति जैसे विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है. बजट में किसानों की फसलों की उच्च उपज वाली 109 नई किस्मों और जलवायु अनुकूल 32 नई किस्मों को जारी करने की घोषणा की गई है.

‘बेरोजगारी-महंगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्द गायब : बजट पर बोले अखिलेश यादव

'The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget

‘The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget Union Budget 2024 News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का पहला बजट मंगलवार (23 जुलाई) को पेश किया है. मोदी सरकार के पहले बजट को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता जमकर तारीफ कर रही हैं. तो वहीं विपक्ष के नेता मोदी सरकार पर हमला बोल रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव मोदी 3.0 के पहले बजट पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा है, ”ग्यारहवें बजट में बेरोज़गारी-महँगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है.” अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार के ग्यारहवें बजट में बेरोजगारी के मुद्दे गायब हो गए हैं. तो वहीं किसान, देश में बढ़ती महंगाई और महिला-युवा का मुद्दा भी गायब हो गया है.

किसान विरोधी एवं मोदी का सिंहासन बचाने वाला बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे

Budget that is anti-farmer and will save Modi's throne: Mallikarjun Kharge

Budget that is anti-farmer and will save Modi’s throne: Mallikarjun Khargeये बहुत ही निराशाजनक बजट है, जो नरेंद्र मोदी का सिंहासन बचाने के लिए पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए MSP की गारंटी या खाद में सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है। वहीं रेलवे में इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा, रेलवे भर्ती जैसी जरूरी चीजों की बात नहीं की गई। मोदी सरकार ने रेलवे का बजट बहुत कमजोर बनाया है।

BJP छोड़ेंगे मंत्री नागर सिंह चौहान? विभाग जाने से नाराज

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department MP Politics: मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग दिए जाने से मंत्री नागर सिंह चौहान नाराज हैं. अब तक यह विभाग नागर सिंह चौहान के ही पास था. अब नागर सिर्फ अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री रह गए हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई थी और रविवार को उन्हें वन एवं पर्यावरण विभाग आवंटित किया गया. नागर सिंह चौहान के पास वन पर्यावरण के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग था. वर्तमान समय में वह सिर्फ एक विभाग के मंत्री हैं. कांग्रेस से आए नेता को मिली जिम्मेदारी से नाराजवन एवं पर्यावरण विभाग लेकर रामनिवास रावत को दिए जाने से नागर सिंह चौहान नाराज हैं. कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी साफ जाहिर की और कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की बजाय कांग्रेस छोड़कर आए नेता को यह जिम्मेदारी दी गई है. कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं नागर सिंह चौहान?नागर सिंह चौहान ने कहा, “वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उनके पास जो विभाग रह गया है, वह अनुसूचित जाति वर्ग का है. वे इस फैसले से काफी आहत हैं क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे इस मसले पर कोई चर्चा नहीं की. हम आपको बता दें कि नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम झाबुआ संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद हैं. मंत्री चौहान का कहना है कि वह आने वाले समय में अपने करीबियों से चर्चा करने के बाद कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं.

मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराते हैं. मुझे नहीं लगता यहां जो कुछ हो रहा है, वह उसके मूल सिद्धांतों को भी समझते हैं? लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है.

‘अरविंद केजरीवाल को…’, संजय सिंह का केंद्र, BJP और एलजी पर बड़ा आरोप

'Arvind Kejriwal to…', Sanjay Singh's big allegation on Centre, BJP and LG

‘Arvind Kejriwal to…’, Sanjay Singh’s big allegation on Centre, BJP and LG आम आमदी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रविवार को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ गहरी साजिश रच रही है. उन्होंने कहा, “सीएम अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य की उपेक्षा केंद्र सरकार, बीजेपी और दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना की उन्हें मारने की साजिश है.” नई दिल्ली ! सीएम अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर एलजी विनय सक्सेना की ओर से दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र पर आप सांसद संजय सिंह ने कहा था कि ये क्या मजाक कर रहें हैं आप? क्या कोई आदमी खुद की रात में शुगर कम करेगा, जो बहुत खतरनाक है. एलजी साहब अगर आपको सीएम की बीमारी के बारे में पता नहीं तो आपको ऐसी लेटर नहीं लिखनी चाहिए. ईश्वर न करे कभी आप के साथ ऐसा समय आए. ‘बीजेपी और एलजी कर रहे गलत बयानबाजी’ संजय सिंह का आरोप है कि सीएम केजरीवाल के हेल्थ को लेकर गलत बयानबाजी की जा रही है. कभी एलजी और बीजेपी वाले ये कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल खाना नहीं खा रहे हैं. वह भूखे रहकर शुगर लेवल कम कर रहे हैं. कभी यह कहते हैं कि सीएम मिठाई खाकर अपना शुगर लेवल जान बूझकर बढ़ा रहे हैं. ‘जेल में CM के साथ कुछ भी हो सकता है’ संजय सिंह ने ये भी कहा, “किस तरह से बीजेपी, देश की सरकार और दिल्ली के एलजी मिलकर अरविंद केजरीवाल की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. किस तरह से जेल में उनको मारने की साजिश की जा रही है.” जेल अधीक्षक की मेडिकल रिपोर्ट से भी साथ है कि सीएम केजरीवाल के साथ जेल में किसी भी समय अनहोनी घटना हो सकती है. केंद्र सरकार से मिलीभगत कर एलजी और बीजेपी जिस तरह से साजिश कर रहे हैं, उससे सीएम के स्वास्थ्य को लेकर शक और ज्यादा मजबूत होता है. जेल अधीक्षक की रिपोर्ट में क्या है? इससे पहले तिहाड़ जेल अधीक्षक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर एलजी को बताया था कि वह जान बूझकर कम कैलोरी का सेवन कर रहे हैं. जेल अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया था कि निगरानी चार्ट से पता चलता है कि 6 जून, 2024 और 13 जुलाई, 2024 के बीच सीएम ने दिन के समय तीनों टाइम भोजन के लिए निर्धारित आहार का पूरा सेवन नहीं किया था. रिपोर्ट में उनके वजन के बारे में बताया गया है कि दो जून, 2024 को सीएम का 63.5 किलोग्राम था, जो अब 61.5 किलोग्राम हो गया है. ऐसा कम कैलोरी सेवन के कारण हुआ है. 18 जून, 2024 को उन्हें इंसुलिन नहीं दिया गया था या जेल के अफसरों ने तत्काल रिपोर्ट में इसे दर्ज नहीं किया. ज्यादातर दिनों में ग्लूकोमीटर टेस्ट रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच भी अंतर सामने आया है. ग्लूकोमीटर टेस्ट रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच विसंगतियों को चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जांच कराने की जरूरत है.

शरद खेमे में 29 पार्षद जाने के बाद हरकत में आए अजित पवार, पुणे के पार्टी नेताओं की बुलाई बैठक

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ के पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले, बुधवार को पुणे में शरद पवार की मौजूदगी में राकांपा के 29 पार्षद राकांपा (शरद चंद्र पवार) पार्टी में शामिल हुए।

अखिलेश यादव का बड़ा ऑफर… ‘सौ विधायक लाओ, सरकार बनाओ

Akhilesh Yadav's big offer…'Bring 100 MLAs, form government'

Akhilesh Yadav’s big offer…’Bring 100 MLAs, form government’ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा में राजनीतिक चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर कहा है कि मानसून ऑफर है-100 लाओ और सरकार बनाओ। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगर भाजपा में कोई भी नेता 100 विधायकों का समर्थन जुटा लेता है तो सपा मुख्यमंत्री पद के लिए उसे समर्थन दे सकती है। इसे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाओं के बीच दिल्ली से केशव के लखनऊ लौटने पर अखिलेश ने कटाक्ष भी किया है- लौट के बुद्धू घर को आए। यहां बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य ने भी बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक्स के जरिये हमला बोलते हुए उन्हें सपा बहादुर की संज्ञा देते हुए कहा था कि यूपी और केंद्र दोनों ही जगह मजबूत सरकार है। 2017 की तरह 2027 में भी हम यूपी में सरकार बनाएंगे। उन्होंने सपा के पीडीए को धोखा करार दिया था।

उत्तर प्रदेश में चौधराहट की जंग : योगी या मौर्य

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya

Battle of Leadership in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya राजीव रंजन झा लखनऊ ! केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली में जो पका रहे हैं , वह आश्चर्यजनक है । यूं तो पिछले एक साल से मौर्य और बृजेश पाठक दोनों ही दिल्ली में अमित शाह के दरबार में पड़े रहे हैं , लेकिन कार्यसमिति की लखनऊ बैठक में प्रकारांतर से योगी पर बरस कर उनके भाव पार्टी में और चढ़ गए हैं । मौर्य अब अमित शाह की मदद से योगी को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं । मौर्य ओबीसी कोटे से आते हैं और याद कीजिए कि यूपी में ओबीसी का वोट इस बार मोदी के बजाय सपा को गया । तो क्या यह केशव प्रसाद मौर्य के इशारे पर हुआ ?मौर्य यूपी भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं , संगठन पर उनका प्रभाव है , हालांकि 2022 में वे खुद अपनी विधानसभा सीट हार गए थे । एक सवाल यह भी कि क्या यूपी में बीजेपी को हरवाने के लिए केशव प्रसाद ने अखिलेश से सांठगांठ की और ओबीसी वोट इंडी गठबंधन को डलवा दिया ? क्या योगी को हटाकर खुद सीएम बनने के लिए भूपेंद्र चौधरी के साथ मिलकर यह खेल मौर्य ने खेला ? क्या योगी को मुख्यधारा से हटाने के लिए अमित शाह ने खुद ही मौर्य को मोहरा बनाया ? याद आता है केजरीवाल का एक बयानप्रचार के लिए जमानत पर बाहर आकर उन्होंने भाषण देते हुए कहा था कि चुनाव के बाद यूपी से योगी को हटा दिया जाएगा । तब सभी ने उनका उपहास उड़ाया था । अब लगता है कि बीजेपी में यदि भीतर कुछ पक रहा था तो केजरीवाल को कैसे पता था ? कल शाम मौर्य के साथ नड्डा और अमित शाह ने दो घंटों तक क्या बातचीत की ? क्या अमित शाह में चुनाव के बाद इतनी शक्ति बची है कि वे योगी को हटा सकें ? क्या केशव प्रसाद मौर्य में योगी की नाराजगी के साथ यूपी को संभालने की ताकत है ? लगता तो नहीं था , पर दिखाई कुछ और दे रहा है । यूपी के लिए योगी जरूरी हैंसच कहें तो भाजपा के पास योगी के स्तर का दूसरा नेता नहीं है । उन्हें मोदी के बाद केंद्र में पीएम पद पर लाने की अटकलों में केवल इतना दम है कि योगी युवा संत नेता हैं । अन्यथा राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अरसे से पीएम मैटीरियल के रूप में भाजपा के पास मौजूद हैं । खैर ! ये बातें अभी दूर की कौड़ी हैं चूंकि मोदी के पास अभी पांच साल सरकार चलाने का जनादेश मौजूद है । केशव प्रसाद को दिल्ली क्यों बुलाया गयापीछे पीछे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली क्यों आए , इसका खुलासा होने में अभी देर लगेगी । लेकिन एक बात समझ लीजिए । बीजेपी और देश की बहुसंख्यक जनता के लिए जैसे मोदी जरूरी हैं , वैसे ही यूपी के लिए योगी जरूरी हैं । चुनाव में बीजेपी बहुत जल चुकी है । ऐसे में योगी को छेड़ना आग से खेलने के समान है । बीजेपी आलाकमान लोकसभा चुनाव में काफी गंवा चुकी है । केशव प्रसाद मौर्य को ज्यादा हवा देना भाजपा के लिए एक और आत्मघाती कदम साबित हो सकता है ।

भाजपा में कुर्सी की लड़ाई में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया ; अखिलेश यादव

In the fight for chair in BJP, the governance and administration were put on the back burner; Akhilesh Yadav

In the fight for chair in BJP, the governance and administration were put on the back burner; Akhilesh Yadav सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में कुर्सी की लड़ाई चल रही है जिससे कि शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। जनता के लिए सोचने वाला भाजपा में कोई नहीं है। अखिलेश यादव ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि भाजपा की कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में, उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। तोड़फोड़ की राजनीति का जो काम भाजपा दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है, इसीलिए भाजपा अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। जनता के बारे में सोचनेवाला भाजपा में कोई नहीं है। बता दें कि भाजपा कार्यसमिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया था कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। इसे लेकर पार्टी में सियासी आग भड़क उठी। केशव मौर्य एक महीने में प्रदेश में कैबिनेट व अन्य बैठकों में भी नहीं पहुंचे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को दिल्ली बुलाकर भी बात की। इससे सरकार और संगठन में मनमुटाव होने की बात सामने आई।

शुभेंदु अधिकारी बोले, बंद करो सबका साथ-सबका विकास, अब जो हमारे साथ…

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us…

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us… पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने चौंकाने वाला बयान दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को भी बदलने की जरूरत बताई. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, हमें सबका साथ, सबके विकास की बात करने की जरूरत नहीं है. हम तय करेंगे कि जो हमारे साथ है, हम उसका साथ दें. इतना ही नहीं शुभेंदु ने कहा, हम जीतेंगे और हिंदुओं को बचाएंगे. खास बात ये है कि शुभेंदु अधिकारी जिस सबका साथ, सबका विकास को बंद करने की बात कह रहे हैं, वह नारा सबसे पहले पीएम मोदी ने ही दिया था. शुभेंदु अधिकारी ने एक कार्यक्रम में जय श्री राम का नारा लगाते हुए कहा, सबका साथ, सबका विकास बंद करो. इतना ही नहीं उन्होंने अल्पसंख्यक मोर्चे को भी बंद करने की बात कही. अधिकारी ने कहा, हम संविधान को बचाएंगे. उपचुनाव में हार की बताई वजह बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उपचुनाव में बीजेपी की हार की भी वजह बताई. उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव में हजारों लोग अपना वोट नहीं डाल सके. उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में भी लाखों हिंदुओं को वोट डालने नहीं दिया गया. माना जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण से साफ कर दिया कि बीजेपी बंगाल में हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की दिशा में काम करेगी. बंगाल बीजेपी का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटरों ने एकजुट होकर टीएमसी को वोट दिया. जबकि हिंदू वोटर अलग अलग पार्टियों में बंट गए. शुभेंदु ने पोर्टल किया लॉन्च इस मौके पर शुभेंदु अधिकारी ने एक पोर्टल भी लॉन्च किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, जैसा मैंने वादा किया था, मैंने एक पोर्टल लॉन्च किया है, जहां वे मतदाता अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिन्हें वोट नहीं डालने दिया गया. ऐसे लोगों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

महाराष्ट्र सरकार लाई ‘लाडला भाई योजना’… 12वीं पास को 6 हजार, ग्रेजुएट को 10 हजार रुपए महीना मिलेंगे

Maharashtra government brought 'Ladla Bhai Yojana

Maharashtra government brought ‘Ladla Bhai Yojana’… 12th pass will get Rs 6 thousand, graduate will get Rs 10 thousand per month मुंबई (Ladla Bhai Yojana)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘लाडली बहना योजना’ की तर्ज पर ‘लाडला भाई योजना’ का एलान किया है। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर के विट्ठल मंदिर में महापूजा के बाद शिंदे ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।सीएम शिंदे ने बताया कि ‘लाडला भाई योजना’ के तहत महाराष्ट्र सरकार 12वीं पास युवाओं को 6000 रुपए महीना देगी। इसके अलावा डिप्लोमा धारकों को 8000 रुपए और ग्रेजुएट को 10,000 रुपए महीना दिया जाएगा।एकनाथ शिंदे की इस घोषणा को इसी साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, विपक्ष युवाओं की बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बता रहा है। अब शिंदे सरकार ने इस योजना के तहत तोड़ निकालने की कोशिश की है।

‘ED को करने दीजिए अपना काम, हम नहीं करेंगे हस्तक्षेप…’; वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले पर सीएम सिद्दरमैया का बयान

'Let ED do its work, we will not interfere…'; CM Siddaramaiah's statement on Valmiki Corporation scam

‘Let ED do its work, we will not interfere…’; CM Siddaramaiah’s statement on Valmiki Corporation scam

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नर्सिंग परीक्षा का परिणाम शीघ्र जारी करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को लिखा पत्र।

Former Chief Minister Digvijay Singh wrote a letter to Chief Minister Dr. Mohan Yadav

Former Chief Minister Digvijay Singh wrote a letter to Chief Minister Dr. Mohan Yadav

मप्र विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह एवं मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक की संयुक्त पत्रकार वार्ता

Joint press conference of former leader of opposition in Madhya Pradesh Assembly

Joint press conference of former leader of opposition in Madhya Pradesh Assembly

केन्द्रीय जनजातीय (राज्य) कार्य मंत्री एवं बैतूल- हरदा-हरसूद सांसद दुर्गादास उइके जी का राजीव खंडेलवाल के निवास पर आत्मीय स्वागत 

Union Tribal (State) Affairs Minister and Betul-Harda-Harsud MP

Union Tribal (State) Affairs Minister and Betul-Harda-Harsud MP

यूपी में मोदी-योगी मैजिक फेल, इन बूथों पर 10 वोट भी नहीं ला सका ‘कमल’

Modi-Yogi magic failed in UP, 'Kamal' could not even get 10 votes at these booths

Modi-Yogi magic failed in UP, ‘Kamal’ could not even get 10 votes at these booths लोकसभा चुनाव में इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र की अगर कैंट विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दें तो अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को गठबंधन से सपा प्रत्याशी के समक्ष हार का सामना करना पड़ा है। बात किठौर विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा मात्र 2180 मतों से हार गई थी। मेरठ। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली किठौर विधानसभा क्षेत्र राजनीति चर्चाओं में हमेशा रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा यहां 16,737 मतों से गठबंधन से सपा के प्रत्याशी से पीछे रही। जबकि अभी दो साल पहले 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां सपा प्रत्याशी से भाजपा बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 2,180 मतों से हार गई थी। अब मात्र दो साल में ही भाजपा ने यहां करीब 14 हजार मत गवाएं हैं। भाजपा प्रत्याशी को 16737 मत मिले है। कई बूथों पर भाजपा को 10 से भी कम मत मिलेलोकसभा चुनाव में इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र की अगर कैंट विधानसभा क्षेत्र को छोड़ दें तो अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को गठबंधन से सपा प्रत्याशी के समक्ष हार का सामना करना पड़ा है। बात किठौर विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा मात्र 2,180 मतों से हार गई थी। लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां सिसौली गांव में जनसभा कर माहौल बनाने का खूब प्रयास किया, लेकिन बेअसर रहा। इस विधान सभा क्षेत्र के तमाम गांवों में सपा का पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) ने भी खूब रंग जमाया। यही परिणाम रहा कि मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्ग बहुल गांवों में गठबंधन प्रत्याशी के लिए खूब वोट हुआ। 109 बूथों पर सैकड़ा भी नहीं लगा सकी भाजपाकिठौर विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान की समीक्षा करते तो सामने आता है कि विस क्षेत्र के कुल 395 बूथों में से 109 बूथों पर भाजपा को 100 से कम वोट मिले। जबकि गठबंधन से सपा प्रत्याशी इस विधानसभा क्षेत्र में मात्र 63 बूथों पर सैंकड़ा नहीं लगा सकी। इस विधानसभा में सबसे खराब स्थिति बसपा की रहीं। यहां बसपा प्रत्याशी को 322 बूथों पर 100 से कम वोट प्राप्त हुए। मात्र 73 ही ऐसे बूथ थे जहां बसपा को 100 से अधिक मत प्राप्त हो सके।

‘नीतीश कुमार से बेहतर PM कौन हो सकता है’, JDU एमएलसी खालिद अनवर का बयान

'Who can be a better PM than Nitish Kuma

‘Who can be a better PM than Nitish Kumar’, JDU MLC Khalid Anwar’s statement चुनाव नतीजों के बीच जेडीयू के एमएलसी खालिद अनवर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से बेहतर पीएम कौन हो सकता है. जेडीयू बिहार में बीजेपी की सहयोगी है.

बीजेपी की मजबूरी गठबंधन है जरूरी : मोदी कि गारंटी फ़ैल

BJP's compulsion, alliance is necessary: ​​Modi's guarantee extended

BJP’s compulsion, alliance is necessary: ​​Modi’s guarantee extended करीब दो महीने चले लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha election 2024) के लिए आज नतीजों का दिन है। संसद के निचले सदन लोकसभा की कुल 543 में से 542 सीटों पर मतगणना जारी है। बहुमत के लिए 272 सांसदों का जीतना जरूरी है। सूरत लोकसभा सीट पर भाजपा पहले ही जीत दर्ज कर चुकी है, क्योंकि यहां भाजपा प्रत्याशी के सामने कोई उम्मीदवार नहीं था। अब तक के रुझानों और नतीजों से यह साफ है कि भाजपा को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने जा रहा है। नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन पहला मौका होगा, जब मोदी को गठबंधन की सरकार चलाना है। नई सरकार गठन की कवायद शुरू कर दी गई है।

इंदौर में नोटा ने बनाया रिकॉर्ड, एक लाख 85 हजार पार हुआ आंकड़ा

NOTA made record in Indore, figure crossed 1 lakh 85 thousand

NOTA made record in Indore, figure crossed 1 lakh 85 thousand मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट पर अलग ही नतीजे देखने को मिल रहे हैं। यहां नोटा को करीब दो लाख वोट मिले हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। 2019 के लोकसभा चुनाव में देश में नोटा को मतदाताओं ने 65 लाख 22 हजार 772 मत दिए थे, जो देश में डाले गए कुल वैध मतों का 1.06 प्रतिशत थे। देश में नोटा का प्रयोग करने में बिहार अग्रणी था। बिहार में आठ लाख 16 हजार 950 मतदाताओं ने नोटा में वोट दिया था। 2014 के लोकसभा के मुकाबले प्रदेश और देश में नोटा ने कम मत प्राप्त किए हैं, इससे स्पष्ट होता है कि मतदाता पसंद के उम्मीदवार को मत देना पसंद कर रहा है। वैसे वह कहीं भी मत दे पर अपने मत का उपयोग करना चाहिए। मतदान करना हमारा मौलिक अधिकार है। इंदौर में एक लाख 70 हजार से अधिक वोट मिल गए हैं। नोटा का सबसे अधिक वोट का रिकार्ड बिहार की गोपालगंज सीट का है। यहां पर नोटा को 51 हजार 660 वोट मिले थे। दूसरे क्रम पर पश्चिम चंपारण में 45,609 वोट नोटा को मिले थे।

मप्र में भाजपा का जलवा : विदिशा में श‍िवराज 4 लाख से ज्यादा मतों से आगे

BJP's dominance in MP: Shivraj ahead by more than 4 lakh votes in Vidisha

BJP’s dominance in MP: Shivraj ahead by more than 4 lakh votes in Vidisha मध्‍य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों में से भोपाल, गुना, सागर, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल, सागर की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर मुख्‍य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस का है। इन सीटों में से भी गुना, राजगढ़ और विदिशा सबसे हॉट सीट हैं। गुना से केंद्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, राजगढ़ से दिग्विजय सिंह और विदिशा सीट से पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान जैसे दिग्‍गज चुनाव मैदान में हैं। अब तक के रुझानों के मुताबिक विदिशा सीट पर शिवराज बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। सिंधिया भी गुना में भाजपा का परचम लहराने जा रहे हैं। दूसरी तरफ, दिग्‍विजय सिंह अपने गढ़ में पिछड़ गए हैं। उनके राजनीतिक करियर के लिए यह परिणाम एक प्रकार से निर्णायक हो सकता है। यहां देखें भोपाल, गुना, सागर, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल सीटों के परिणाम का हर लेटेस्‍ट अपडेट।

मप्र में सभी सीटों पर भाजपा उम्‍मीदवार आगे, श‍िवराज 3 लाख वोटों से आगे

BJP candidates ahead on all seats in MP

BJP candidates ahead on all seats in MP, Shivraj ahead by 3 lakh votes भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर वोटों की गिनती चल रही है। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 28 सीट पर जीत दर्ज की थी। छिंदवाड़ा सीट जीतकर कांग्रेस ने भाजपा को क्लीन स्वीप से रोका था। एग्जिट पोल में भाजपा के इस बार क्लीन स्वीप का अनुमान लगाया गया था। इस बार भाजपा मप्र में क्‍लीन स्‍वीप की ओर बढ़ रही है। यहां पढ़िए मध्य प्रदेश की सभी सीटों के चुनाव परिणाम का अपडेट

बैतूल से बीजेपी के दुर्गादास उईके एक लाख से अधिक वोटों से आगे

BJP’s Durgadas Uike is ahead from Betul by more than one lakh votes. बैतूल संसदीय क्षेत्र में हरदा जिले की दो, खंडवा जिले की एक और बैतूल जिले की पांच विधानसभा सीट शामिल हैं। इनमें भैंसदेही, घोड़ाडोंगरी, हरसूद और टिमरनी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। बैतूल संसदीय क्षेत्र में चार चरण की मत गणना के बाद बीजेपी प्रत्याशी दुर्गादास उईके एक लाख तीन हजार 92 वोट से आगे चल रहे हैं। चार चरण में हुई मतों की गिनती में बीजेपी के दुर्गादास उइके को कुल 2 लाख 27 हजार 408 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को चार चरण में कुल 1लाख 24 हजार 316 वोट प्राप्त हुए हैं। आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित बैतूल संसदीय क्षेत्र में पिछले करीब तीन दशक (28 वर्ष) से मतदाता भाजपा के साथ खड़े हैं। आठ विधानसभा क्षेत्र वाली बैतूल लोकसभा सीट में चार विधानसभा क्षेत्र एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। महाराष्ट्र की सीमा से सटे इस क्षेत्र को कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था लेकिन वर्ष 1996 में भाजपा ने जब स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारा तो जनता ने उसे विजयी बना दिया। इसके बाद से क्षेत्र में लगातार भाजपा ही परचम लहरा रही है।

रायबरेली सीट से राहुल गांधी एक लाख 20 हजार वोटो से आगे

Rahul Gandhi ahead from Rae Bareli seat by 1 lakh 20 thousand votes

Rahul Gandhi ahead from Rae Bareli seat by 1 lakh 20 thousand votes लोकसभा चुनाव के लिए हुए मतदान की गिनती जारी है। बता दें रुझानों में एनडीए ने बहुमत हासिल कर लिया है। खबर लिखे जाने तक एनडीए को 300 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं इंडी गठबंधन के पास 200 से ज्यादा सीटें जाती दिख रही हैं। हालांकि कुछ राज्यों में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता दिख रहा है।

नोटा ने तोड़ा रिकॉर्ड : इन्दौर में नोटा को 70,000 वोट मिले काउंटिंग जारी

NOTA broke record: NOTA got 70,000 votes in Indore, counting continues इंदौर में BJP के Shankar Lalwani, बसपा के संजय सोलंकी और जनहित पार्टी के अभय जैन के बीच मुख्य मुकाबला है। नोटा Nota भी रिकॉर्ड बनाने की ओर है।

मध्य प्रदेश में भाजपा क्लीन स्वीप की ओर

BJP towards clean sweep in Madhya Pradesh मध्यप्रदेश की 29 सीटों पर हुए मतदान की गणना शुरू हो गई है। इनमें से कुछ सीटें जैसे गुना, विदिशा, छिंदवाड़ा, राजगढ़ के परिणाम पर सभी की नजर बनी हुई है। यहां सीट के नाम पर एक क्लिक कर पढ़े पल-पल की अपडेट।

शहडोल से हिमाद्री सिंह को बढ़त, 94 हजार वोटों से आगे

Himadri Singh leads from Shahdol, ahead by 94 thousand votes मध्‍य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों में से जबलपुर, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, रीवा सीटें भी शामिल हैं। यहां फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते और ओंकार सिंह मरकाम के बीच रोचक मुकाबला है। श्‍हडोल में मतदाता भाजपा और कांग्रेस दोनों को अवसर देते आए हैं। सीधी में डॉ. राजेश मिश्रा और कांग्रेस से कमलेश्‍वर पटेल के बीच टक्‍कर है। जहां तक सतना की बात है, यहां पर लोकसभा सीट में से पांच विधानसभा सीटों पर बीजेपी और दो सीटों पर कांग्रेस का दबदबा है। यहां जानिये जबलपुर, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, रीवा सीटों का लेटेस्‍ट अपडेट।

भाजपा और नोटा के बीच, शंकर लालवानी 70000 वोट से आगे, नोटा 10000 पार

Between BJP and NOTA, Shankar Lalwani leads by 70000 votes, NOTA crosses 10000 मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, खरगोन और खंडवा लोकसभा सीट भी शामिल हैं। इन सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा। इंदौर सीट उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी, जब कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नाम वापस लेने की तारीख निकलने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया था। इस तरह इस सीट पर कांग्रेस की चुनौती खत्म हो गई थी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी की पत्रकार वार्ता

Press conference of Madhya Pradesh Congress Committee President Jitu Patwari

Press conference of Madhya Pradesh Congress Committee President Jitu Patwari 18 घंटे में खुल जायेगी एक्टिज पोल की पोल : जीतू पटवारी भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव बड़ा ही रोचक रहा, परंतु उसके बाद सबसे ज्यादा बेरोजगारी, सबसे ज्यादा महंगाई, सबसे ज्यादा कृषक यातना एवं सबसे ज्यादा परेशानियां इस देश के लोगों ने सही हैं। कोई भी ऐसा वर्ग नहीं है जो इस सरकार से पीड़ित नहीं रहा हो। इस स्थिति के बाद का यह चुनाव है।पटवारी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस का न्याय पत्र था जिसकी चर्चा देश के प्रधानमंत्री सहित देश के सभी नागरिक कर रहे थे, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई, अर्थव्यवस्था एवं किसानों के दर्द का समाधान था तथा पांच न्याय एवं 25 गारंटी के रूप में देश के नागरिकों की सभी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया गया था। परंतु देश के प्रधानमंत्री ने जो भाषा बोली जिसमें अपमानजनक एवं धमकाने वाले शब्द थे तथा मांस, मछली मंगलसूत्र से लेकर मुजरे तक पहुंच जाना, इन शब्दों के द्वारा प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम हुई है।पटवारी ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ कथित एक्जिट पोल भी सामने आये हैं, जिसमें कई सारी गफलतें हैं। आप सभी ने तथा जनता ने यह फीडबैक हमें दिया है कि हमने कई सीटों पर अच्छा चुनाव लड़ा परंतु कथित एक्जिट पोल में यह नहीं दिखता है। हमें जनता एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है। मैं यह कह सकता हूं कि इन एक्जिट पोल को लेकर हमारा कार्यकर्ता हताश व निराश नहीं है। इसलिए इन एक्जिट पोल की पोल 18 घंटे में खुल जायेगी।पटवारी ने कहा कि आज प्रदेश में अभूतपूर्व अत्याचार तीन सी की सरकार कर रही है। आज यहां दलित, आदिवासी होना अभिशाप हो गया है और अब सरकार महंगाई बढ़ाने की तैयारी कर रही है, क्योंकि आरबीआई ने अब सरकार को कर्ज देने से मना कर दिया है। इस महंगाई का पूरा बोझ मप्र की जनता पर आयेगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी लगातार अपनी आवाज को उठाती रहेगी, जिस तरीके से राहुल गांधी जी ने बिना डरे प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आवाज उठायी है, उसी तरीके से कांग्रेस अपने विपक्ष के धर्म को मध्यप्रदेश में निभाती रहेगी। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी तथा 295 से ज्यादा सीटें इंडिया गठबंधन को हासिल होंगी।पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार के.के. मिश्रा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक सहित मप्र कांग्रेस के सभी प्रवक्तागण भी उपस्थित थे।

‘INDI गठबंधन की बनेगी सरकार’,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

INDI alliance

‘Government will be formed by INDI alliance’, Congress President Mallikarjun Kharge इंडी गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन दलों को 295 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि लोगों से मिले फीडबैक के बाद वे इस आंकड़े पर पहुंचे हैं। सात चरणों में होने वाले आम चुनावों के लिए वोटों की गिनती 4 जून को होगी। नई दिल्ली। इंडी गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन दलों को 295 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि लोगों से मिले फीडबैक के बाद हम इस आंकड़े पर पहुंचे हैं। सात चरणों में होने वाले आम चुनावों के लिए वोटों की गिनती 4 जून को होगी। खड़गे ने कहा कि यह लोगों का सर्वे है। लोगों ने हमारे नेताओं को यह जानकारी दी है। सरकारी सर्वे मौजूद हैं और उनके मीडिया मित्र भी आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। इसलिए हम आपको हकीकत बताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक पार्टियों ने अपने कार्यकर्ताओं को फॉर्म 17 सी के बारे में भी निर्देश दिए हैं और कहा है कि जब तक उन्हें चुनाव का प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक वे मतगणना हॉल से बाहर न निकलें। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्ष के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (इंडिया) ब्लॉक की बैठक हुई। यह बैठक लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के दिन हुई। लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती 4 जून को होगी। टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बैठक में शामिल नहीं हुईं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी बैठक में शामिल नहीं हुईं। शनिवार को हुई इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकपा, भाकपा, द्रमुक, झामुमो, आप, राजद, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (शरद पवार) के नेता शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस संसदीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड़, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप नेता राघव चड्ढा, संजय सिंह शामिल थे। लोकसभा चुनाव 2024 से सातवें और अंतिम चरण के वोटिंग हो रही है। आज शाम 7 बजे के बाद से एग्जिट पोल के परिणाम आना शुरू हो जाएंगे। शुक्रवार को कांग्रेस ने फैसला किया था कि वह लोकसभा चुनाव के एक जून को विभिन्न समाचार चैनलों पर होने वाले एक्जिट पोल की चर्चाओं में शामिल नहीं होगी। लेकिन आज इंडी गठबंधन की मीटिंग के दौरान ही कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने साफ कर दिया कि कांग्रेस एग्जिट पोल्स की डिबेट्स में हिस्सा लेगी। पवन खेड़ा ने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एग्जिट पोल्स से संबंधित भाजपा व उसके तंत्र को बेनक़ाब करना आवश्यक है। एग्जिट पोल्स की डिबेट्स में भाग लेने के पक्ष और विरोध के तमाम पहलुओं पर चर्चा के पश्चात सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि इंडिया गठबन्धन के तमाम सदस्य दल एग्जिट पोल्स की डिबेट्स में हिस्सा लेंगे। शुक्रवार को कांग्रेस कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि वह टीआरपी के खेल की लड़ाई और अटकलबाजी में शामिल नहीं होना चाहती है। कांग्रेस के एग्जिट पोल से किनारा करने के बयान पर भाजपा ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इस बार हार के कारण को बयां ना कर पाने की स्थिति में कांग्रेस एक्जिट पोल का बहिष्कार कर रही है। इससे इस बात की भी साफ पुष्टि हो गई है कि विपक्षी दल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी हार मान ली है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को टीवी न्यूज चैनलों पर कांग्रेस के एक्जिट पोल का बहिष्कार करने के निर्णय पर कहा कि काफी समय से कांग्रेस पार्टी डिनायल मोड में ही है।

PM मोदी को हो गया है अहंकार, खुद को घोषित किया भगवान’, प्रधानमंत्री पर अरविंद केजरीवाल ने बोला हमला

PM Modi has become arrogant, declared himself God, Arvind Kejriwal attacked the Prime Minister आम आदमी पार्टी (आप) चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी मुद्दों की बात नहीं कर रहे हैं. वह पिछले दो महीने से इधर-उधर की बातें कर रहे हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकार हो गया है. इन दिनों उन्होंने खुद को भगवान घोषित कर दिया है. जब केजरीवाल से सवाल किया गया कि उन्होंने इंडिया गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार किया है. क्या इसका कोई फायदा होगा. इस पर उन्होंने कहा कि गीता में लिखा है कि कर्म करना चाहिए, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए. मैंने चुनाव प्रचार किया है. उसका रिस्पांस बहुत अच्छा रहा है. दिल्ली सीएम ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी महंगाई पर बात नहीं कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी को लेकर जनता में रोष है. लोग महंगाई और बेरोजगारी को लेकर बहुत त्रस्त हैं. बीजेपी से लोगों का मोहभंग हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन मुद्दों पर बात नहीं की है, बल्कि दो महीने से वह इधर-उधर की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शरद पवार को भटकती आत्मा कहते हैं तो उद्धव ठाकरे को बाला साहेब ठाकरे की नकली संतान बताते हैं. क्या जनता उनको इन मुद्दों पर वोट देगी. पीएम मोदी को हो गया है अहंकार: केजरीवाल केजरीवाल ने पीएम को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनमें अहंकार देखने को मिल रहा है. आम आदमी पार्टी (आप) मुखिया केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी को इन दिनों अहंकार हो गया है. वह कह रहे हैं कि वह अपनी मां के कोख से पैदा नहीं हुए हैं, बल्कि भगवान के अवतार हैं. वह अपने आप को भगवान को घोषित कर चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में खुद को प्रधान सेवक बताया, फिर 2019 में खुद को चौकीदार कहा और अब 2024 में खुद को भगवान घोषित कर दिया है. अमित शाह की धमकी का जवाब देगी जनता: अरविंद केजरीवाल आप चीफ से पूछा गया कि पंजाब में इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि भगवंत मान की जगह राघव चड्ढा को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? इस सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की बातें गृह मंत्री अमित शाह कह रहे हैं. उन्होंने पंजाब में जाकर कहा कि 4 जून को सरकार गिरा दूंगा और भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से हटा दूंगा. क्या आप सोच सकते हैं कि 75 साल में किसी गृह मंत्री ने इस तरह का गुंडागर्दी वाला बयान दिया हो. अमित शाह की धमकी जवाब जनता 1 जून को देगी.

केंट विधायक अशोक रोहाणी का करीम प्रेम

Karim Prem of Kent MLA Ashok Rohani

Karim Prem of Kent MLA Ashok Rohani आज रांझी थाना में विधायक अशोक रोहाणी ने धरना दिया , जनता को जानकारी दी गई की एक अनुसूचित जनजाति के युवक जो कि विधायक जी के करीबी हैं और रांझी भाजपा मंडल के पद अधिकारी हैं , को पुलिस कर्मियों ने वेरिफिकेशन के लिए जाने पर बहस होने के कारण मारा पीटा ।प्रथम दृष्टया मामला गड़बड़ दिखता है । जिस पर विधायक जी ने चंद एक भाजपा नेताओं के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया और पुलिस कप्तान जबलपुर को दबाव डालकर लाइन हाजिर करवा दिया। मुझे जानकारी प्राप्त होने पर जब पीड़ित की कुशल क्षेम जानने के लिए शाम को युवा क्रांति की टीम थाने पहुंची तोमामला बिलकुल फर्जी बना हुआ स्पष्ट प्रतीत होता है ।भाजपा पद अधिकारी एक यूसुफ नामक व्यक्ति को लेकर वेरिफिकेशन के लिए जाते हैं और जांच अधिकारी जांच में पाता है की वेरिफाई करके दोबारा जारी करने लाया गया दस्तावेज (जो की में यह पोस्ट कर रहा हूं ) फर्जी है तो अधिकारी दस्तावेज जब्त कर के आवेदक को रुकने बोलता है , फर्जी आवेदक भागकर भाजपा नेता को लेकर अंदर आता है ।जो की स्टाफ से हाथा पाई कर के यह दस्तावेज छीनने के लिए झपटता है , परंतु सफल नहीं होता है ।तब गुस्से में बाहर जाकर थाना परिसर में हाथापाई होने से चोटिल होता है ।जिसके साथ फर्जी दस्तावेज आवेदक यूसुफ के समर्थन में केंट विधायक जी ने थाना परिसर में धरना प्रदर्शन करके उल्टा पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच करवा दिया । इस सम्पूर्ण वारदात का प्रमाणित वीडियो जो की सूचना के अधिकार मे रॉंझी थाना से मिल रहा है , कल मैं स्वयं पोस्ट करूंगा । मेरा प्रश्न रांझी थाना प्रभारी और पुलिस कप्तान जबलपुर से है की क्या पुलिस इतनी कमज़ोर हो गई की जाली दस्तावेज बनाने वाले यूसुफ के दबाव में पुलिस कर्मचारी सस्पेंड किए जावेंगे । रांझी थाना का स्टाफ विधायक कि अन्यायपूर्ण कार्यवाही से घोर निराशा में है , यदी कोई निराश होकर आत्मघाती कदम उठाता है , तो केंट विधायक अशोक रोहाणी जिम्मेदार होंगे ।युवा क्रांति रांझी की जनता को लेकर निर्दोष पुलिस कर्मियों के समर्थन में शीघ्र जन आंदोलन करेगी । इस मामले की एक लाख कॉपीज बनाकर जबलपुर से लेकर भोपाल और दिल्ली भेजा जाएगा, जिससे केंट विधायक का रोहिंग्या प्रेम केंद्रीय नेतृत्व कीजानकारी में आए , साथ ही केंट विधानसभा की जनता के सामने भी आए ।

किसान सूखे से लड़ रहे और कृषि मंत्री विदेश में घूम रहे’, वडेट्टीवार ने राज्य सरकार को घेरा

Farmers are fighting drought and Agriculture Minister is roaming abroad, Wadettiwar cornered the state government. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि सूखे की इतनी विकट स्थिति है और सरकार लोगों और किसानों को यह बोलकर मूर्ख बना रही है कि आचार संहिता लागू है। महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब हमारे किसान सूखे से लड़ रहे हैं, तब कृषि मंत्री विदेश में घूमने चले गए। वड्डेवार जालना जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में मराठवाड़ा जिले में 267 किसानों ने आत्महत्या कर ली। मीडिया से बात करते हुए वड्डेटीवार ने कहा, “कृषि मंत्री को बीज उपलब्धता, उर्वरक और फसलों की समीक्षा रकनी चाहिए। लेकिन वह किसानों को उनके हाल पर छोड़कर विदेश घूमने चले गए। इस परिस्थिति में वह कैसे जा सकते हैं?” कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि बेमौसम बारिश और तूफान के कारण भी किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “सूखे की इतनी विकट स्थिति है और सरकार लोगों और किसानों को यह बोलकर मूर्ख बना रही है कि आचार संहिता लागू है। दूसरी तरफ उन्होंने चुनाव आयोग से 25,000 लाख रुपये का टेंडर जारी कर दिया। सरकार फसल क्षति सर्वेक्षण का आदेश देती है, लेकिन किसानों को कोई सहायता नहीं दी जाती। मराठवाड़ा में लोग सूखे से परेशान हैं। पिछले तीन महीनों में 267 किसानों ने आत्महत्या कर ली। यहां लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा।” किसानों के लिए बिजली बिल माफ करने की मांग वडेट्टीवार ने किसानों के लिए बिजली बिल लोन को माफ करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को बीच भी फ्री में उपलब्ध कराया जाए। मवेशियों को भी चारा और पानी उपलब्ध कराया जान चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा, सोने और हीरे पर दो-तीन रुपये सेवा कर लगाया जाता है। लेकिन ट्रैक्टर, बीज और खेती के उपकरणों पर 15 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि बीज के कीमतें 25 से 38 फीसदी तक बढ़ गई है।

विधायक मसूद ने CM यादव को लिखा पत्र, कहा- लाउडस्पीकर को लेकर पुलिस फैला रही भ्रम 

MLA Masood wrote a letter to CM Yadav, said- Police is spreading confusion regarding loudspeaker विधायक मसूद ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि पुलिस गृह विभाग द्वारा जारी आदेश का हवाला देकर भ्रम फैलाया रही है कि लाउड स्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसे में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें, जिससे किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।  भोपाल। चुनावी शोर खत्म होते ही प्रदेश में एक बार फिर ध्वनि विस्तारक प्रतिबंध की आवाज तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में इस बात पर फिर जोर दिया है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सीएम को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है। उन्होंने अदालत के आदेश का पालन कराने का निवेदन किया है। विधायक मसूद ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि आपके द्वारा 24 मई को कानून व्यवस्था की बैठक कर लाउडस्पीकर, डीजे पर नियंत्रण अभियान पुनः चलाए जाने संबंधी मौखिक निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का पालन करने के लिए पुलिस ग्रामीण अंचलों में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को बलपूर्वक हटाने का काम कर रही है। जबकि, फरवरी 2024 विधानसभा सत्र में उनके द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का नियम विरूद्ध प्रयोग विषयक प्रश्न क्र.196 लगाया गया था। जिसके उत्तर में सीएम द्वारा सदन को बताया गया था कि प्रशासन द्वारा समस्त संबंधित धर्मगुरूओं से संवाद और समन्वय के आधार पर लाउड स्पीकरों को हटवाए जाने पर प्रेरित किया गया है और स्वप्रेरणा से भी लाउडस्पीकरों को उतारा गया है। निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसिबल) का उल्लंघन करने वाले समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।  पुलिस फैला रही भ्रम विधायक मसूद ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि पुलिस गृह विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 13 दिसंबर 2023 का हवाला देकर भ्रम फैलाया रही है कि लाउड स्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया  कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72-98 In Re: Noise Pollution में पारित दिनांक 18 जुलाई 2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डीजे/सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने और आदेश का पालन करने के लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें, जिससे किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

किर्गिस्तान में फंसे उज्जैन के 10 से ज्यादा छात्र, जीतू पटवारी ने PM मोदी-CM मोहन से की अपील

More than 10 students of Ujjain stranded in Kyrgyzstan, Jitu Patwari appeals to PM Modi-CM Mohan MP News: जीतू पटवारी ने कहा कि किर्गिस्तान में हो रही हिंसा में उज्जैन के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं. वो किसी भी तरह भारत वापस आना चाहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की अपील की है. किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) में हो रही ‎हिंसा के बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे‎ हैं. ये स्टूडेंट्स इतने डरे और ‎सहमे हुए हैं कि किसी भी तरह ‎जल्द से जल्द भारत लौटना ‎चाहते हैं. छात्रों ने जानकारी दी है कि किर्गिस्तान के युवक हॉस्टल में घुसकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौच कर रहे हैं. इसके साथ ही उनका कमरे से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. वहीं छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से रेस्क्यू की गुहार लगाई है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी पीएम मोदी से छात्रों को बाहर इंडिया वापस लाने की अपील की है. जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा कि ‘किर्गिस्तान में हो रही हिंसा में उज्जैन के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं. वो किसी भी तरह भारत वापस आना चाहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की अपील की है.’ जीतू पटवारी ने क्या कहा?उन्होंने आगे कहा कि ‘मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है बिश्केक और आसपास के इलाकों में भारतीय स्टूडेंट्स को निशाना बनाया जा रहा है. यह बच्चे मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं. पीएम नरेंद्र मोदी जी मध्य प्रदेश के बच्चों के साथ उनके परिजन भी बहुत परेशान हैं. सरकार का त्वरित और प्रभावी दखल जरूरी है. उम्मीद है राज्य सरकार के जरिए भी आवश्यक सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी, ताकि बच्चों की जल्द और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके.’ बता दें किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक और आसपास के इलाकों में इन दिनों भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी स्टूडेंट्स को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है. भारत से कई स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं. इनमें उज्जैन के भी 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हैं. दरअसल, किर्गिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के मुकाबले काफी सस्ती है, इसीलिए इन देशों के स्टूडेंट्स वहां एमबीबीएस करने पहुंचते हैं.

बाराबंकी में सबसे अधिक, लखनऊ में सबसे कम ,यूपी में एक बजे तक 39.55% मतदान

Highest in Barabanki, lowest in Lucknow, 39.55% voting till 1 pm in UP पांचवें चरण में यूपी की 14 लोकसभा सीटों पर मतदान जारी है। इस चरण में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी, कौशल किशोर, निरंजन ज्योति व यूपी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सहित 144 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। जालौन सीट पर 39.50 फीसदी मतदानजालौन निर्वाचन क्षेत्र में कुल 39.50 प्रतिशत मतदान हुआविधानसभा भोगनीपुर- 41.68 प्रतिशतविधानसभा माधौगढ़- 37.93 प्रतिशतविधानसभा कालपी- 39.5 प्रतिशतविधानसभा उरई- 39.9 प्रतिशतविधानसभा गरौठा- 38.91 प्रतिशत झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट पर 43.61 प्रतिशत मतदान222 बबीना विधान सभा – 41.77223 झांसी नगर विधान सभा – 37.9224 मऊरानीपुर विधान सभा – 40.65226 ललितपुर विधान सभा – 46.96227 महरौनी विधान सभा – 49.2 यूपी में एक बजे तक 39.55 फीसदी मतदान अमेठी सीट पर 38.21 फीसदी मतदानकैसरगंज सीट पर 38.50 प्रतिशत वोटिंगकौशांबी सीट पर 36.25 फीसदी मतदानगोंडा सीट पर 36.67 प्रतिशत वोटिंगजालौन सीट पर 39.50 फीसदी मतदानझांसी सीट पर 43.61 प्रतिशत मतदानफतेहपुर सीट पर 39.85 फीसदी मतदानफैजाबाद लोकसभा सीट पर 40.77 प्रतिशत वोटिंगबांदा लोकसभा सीट पर 40.20 फीसदी मतदानबाराबंकी लोकसभा सीट पर 44.77 प्रतिशत वोटिंगमोहनलालगंज लोकसभा सीट पर 41.43 फीसदी मतदानरायबरेली लोकसभा सीट पर 39.69 प्रतिशत मतदानलखनऊ सीट पर 33.50 प्रतिशत वोटिंगहमीरपुर सीट पर 40.71 फीसदी मतदान

लोकसभा चुनाव 2024 की वोटिंग अपडेट : सुबह 11 बजे तक देश में 23.66 फीसदी मतदान

Voting update of Lok Sabha elections 2024: 23.66 percent voting in the country till 11 am लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में आठ राज्यों की 49 सीटों पर मतदान है। इस चरण में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर और महाराष्ट्र की 13 सीटों पर मतदान हैं। वहीं ओडिशा की 35 विधानसभा सीटों पर भी आज मतदान है। ओडिशा में इस दौरान 94,732 मतदान केंद्रों पर लगभग 9.47 लाख मतदान अधिकारी तैनात हैं। नई दिल्ली। सात चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 का पांचवें चरण में आज यानी 20 मई को आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 49 सीटों पर मतदान है। इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14, महाराष्ट्र की 13, पश्चिम बंगाल की सात, ओडिशा की पांच, बिहार की पांच, झारखंड की तीन, जम्मू कश्मीर की एक, लद्दाख की एक सीट पर वोटिंग है। पांचवें चरण में कई बड़े दिग्गजों की चुनावी प्रतिष्ठा दांव पर है। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, राहुल गांधी, चिराग पासवान, राजीव प्रताप रूडी, रोहिणी आचार्य,उमर अब्दुल्ला और पीयूष गोयल जैसे दिग्गज शामिल हैं। पांचवें चरण के साथ कुल 428 सीटों पर चुनाव संपन्न हो जाएगा।

5वें चरण में 49 सीटों पर पोलिंग आज, राहुल गांधी, राजनाथ सहित 11 हस्तियों की साख दांव पर

Polling on 49 seats in the 5th phase today, reputation of 11 celebrities including Rahul Gandhi and Rajnath is at stake लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सोमवार को सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक मतदान होगा. इस चरण में विभिन्न राजनीतिक दलों के 695 उम्मीदवार प्रतिद्वंद्विता कर रहे हैं. लोकसभा चुनाव के चार चरणों के मतदान के बाद अब सोमवार को पांचवें चरण का मतदान होगा. चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान के लिए पूरी तरह तैयार है. सोमवार को 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 49 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होंगे. इसके साथ ही ओडिशा विधानसभा की 35 विधानसभा सीटों के लिए भी एक साथ ही मतदान होगा. इस चरण में जिन 8 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान होना है, वे हैं-बिहार, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल. इन राज्यों में चुनाव आयोग ने मतदान को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए हर तरह की तैयारियां की हैं. मतदान आज सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे समाप्त होगा. पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश की 14 सीटों, महाराष्ट्र की 13 सीटों, पश्चिम बंगाल की सात सीटों, बिहार की पांच सीटों, ओडिशा की पांच सीटों, झारखंड की तीन और लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की एक-एक सीट पर मतदान होगा. पांचवें चरण के मतदान के लिए 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. पांचवें चरण में कुछ प्रमुख उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी सीट से, कांग्रेस के राहुल गांधी रायबरेली सीट से, कैसरगंज से बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह, राजद नेता और पार्टी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य सारण से, लखनऊ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हाजीपुर से चिराग पासवान, हुगली से लॉकेट चटर्जी,नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला बारामूला से और मुंबई उत्तर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल चुनाव लड़ रहे हैं. पांचवें चरण के मतदान को लेकर ECI की तैयारी चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि मतदान आरामदायक और सुरक्षित वातावरण में हो, मतदान केंद्र पर्याप्त छाया, पीने के पानी, रैंप, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई गई हैं. संबंधित सीईओ और डीईओ और राज्य मशीनरी को उन क्षेत्रों में गर्म मौसम की स्थिति का प्रबंधन करने के लिए पर्याप्त उपाय करने की सलाह दी गई है. बता दें कि अब तक लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान केंद्रों पर लगभग 66.95% मतदान हुआ है. शेष तीन चरणों का मतदान 1 जून तक चलेगा और वोटों की गिनती 4 जून को होगी. आम चुनाव के पहले चार चरणों में 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और 379 लोकसभा केंद्रों के लिए मतदान संपन्न हुआ है. इन सीटों पर होगी वोटिंग महाराष्ट्र: मुंबई उत्तर-पूर्व, मुंबई उत्तर-मध्य, मुंबई दक्षिण-मध्य, मुंबई उत्तर, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई दक्षिण, ठाणे, कल्याण, पालघर, धुले, डिंडोरी, नासिक, भिवंडी. उत्तरप्रदेश: जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, कौशांबी, फतेहपुर, लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, मोहनलालगंज, गोंडा, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज पश्चिम बंगाल: बनगांव, बैरकपुर, श्रीरामपुर, उलुबेरिया, हावड़ा, हुगली, आरामबाग, बिहार: हाजीपुर, सीतामढी, सारण मुजफ्फरपुर, मधुबनी झारखंड: कोडरमा, हजारीबाग, चतरा ओडिशा: कंधमाल, अस्का, बरगढ़, सुंदरगढ़, बोलांगीर, जम्मू और कश्मीर: बारामूला लोकसभा सीट लद्दाख: लद्दाख लोकसभा सीट

स्वाति मालीवाल मामले पर सियासी घमासान, आज AAP नेताओं के साथ BJP मुख्यालय जाएंगे सीएम

Political turmoil over Swati Maliwal case, CM will go to BJP headquarters with AAP leaders today दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर आम आदमी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ हुई मारपीट के मामले में बिभव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। सीएम केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह रविवार को अपने सभी बड़े नेताओं के साथ भाजपा मुख्यालय जाएंगे। AAP दफ्तर आना शुरू हुआ नेता और कार्यकर्ताआप मुख्यालय पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का आना शुरू हो गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। AAP के प्रदर्शन के चलते आईटीओ मेट्रो स्टेशन बंदआज आईटीओ मेट्रो स्टेशन बंद रहेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया कि अगली सूचना तक आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश/निकास बंद रहेगा। बता दें कि स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में आरोपी पीए बिभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल ने भाजपा के मुख्यालय जाने का ऐलान किया। जिसके चलते ये फैसला लिया गया है।

सीएम मोहन यादव के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस

Congress reached Election Commission against CM Mohan Yadav धर्म के आधार पर वोट मांगने का लगाया आरोप कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव को आगे चुनाव प्रचार करने से रोकने और आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। भोपाल । प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के हरियाणा के रेवाडी जिले के कौसली कस्बे में प्रचार के द्वारा धर्म के नाम पर वोट मांगने और कांग्रेस के लोगों के लिए अमर्यादित शब्दों के उपयोग पर प्रदेश कांग्रेस बिफर उठी है। इस मामले में कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की जनभावनाओं पर ठेस पहुंचाने वाली भाषा चुनाव आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है, इसलिए मुख्यमंत्री के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने के साथ चुनाव प्रचार करने से रोक लगाई जाए। यह कहा शिकायत मेंप्रदेश कांग्रेस के चुनाव आयोग संबंधी कार्यों के प्रभारी जेपी धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने हरियाणा में गुडगांव लोकसभा क्षेत्र के रेवाड़ी जिले के कौसली कस्बा में जनसभा को संबोधित करते हुए भगवान राम के नाम पर मतदाताओं से वोट मांगे और कांग्रेस पार्टी के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि राम मंदिर बनने पर खुशी तो जाहिर की, लेकिन उनकी छाती पर सांप लोट रहे थे, जब मंदिर बन गया तो कहने लगे हमारे राम, तुम्हारे राम। साथ ही अमर्यादित शब्दों का उपयोग किया है, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्हें आगे प्रचार करने से रोकने के साथ आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया जाए।

इंदौर: पुलिस को मिला बम का गिरफ्तारी वारंट , पुलिस बोली कभी भी गिरफ्तार कर सकते हैं

Indore: Police got arrest warrant for bomb, police said they can arrest him anytime इंदौर के फरार BJP नेता अक्षय बम को ढूंढ़ेगी कांग्रेस: कहा- पुलिस को पकड़ना है, वही उनकी ढाल बनी हुई है; पुलिस ने ये दिया इंदौर में चुनाव के बीच BJP में आए अक्षय बम के खिलाफ कांग्रेस ने फिर घेराबंदी की कोशिश की है। कांग्रेस का कहना है कि अक्षय बम के खिलाफ इंदौर कोर्ट ने धारा 307 के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बावजूद पुलिस उसे पकड़ने के बजाय ढाल बनकर अक्षय के घर पहरेदारी कर रही है। यह कोर्ट के आदेश के साथ कानून का भी मजाक है। इसलिए अब कांग्रेस अपने 55 नेता-कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अक्षय को ढूंढ़ने निकलेगी। जहां भी दिखाई देंगे, उनका पीछा करेंगे और वीडियो बनाकर पुलिस, मप्र सरकार के साथ कोर्ट को भी भेजेंगे। दरअसल, भाजपा नेता अक्षय बम के खिलाफ जमीन विवाद में 2007 में मारपीट, बलवे का केस दर्ज था। कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। चुनावी माहौल के बीच फरियादी के आवेदन पर पुराने मामले में अप्रैल 2024 में बम के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) की धारा बढ़ा दी गई। कथित दबाव और घेराबंदी होते देख अक्षय बम ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला के जरिए नाम + वापस लिया और 29 अप्रैल को ही भाजपा जॉइन कर ली थी। इस जमीन विवाद के केस में 10 मई को सुनवाई हुई तो अक्षय कोर्ट से गैरहाजिर रहे। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। बावजूद, 6 दिन बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। दूसरी तरफ, इंदौर पुलिस ही अक्षय बम के साकेत चौराहा स्थित घर की पहरेदारी कर रही है। कांग्रेस ने इन 55 नेताओं-कार्यकर्ताओं की बनाई टीम कांग्रेस के उड़नदस्ते में देवेंद्र सिंह यादव, विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी, मुकेश ठाकुर, हिमांशु यादव, गट्टू यादव, नीतिश भारद्वाज, राजू पाल, जय शुक्ला, भूपेंद्र केतके, जगदीश जाम्बेकर, दिलीप ठक्कर, दिनेश तंवर, विनोद जगताप, पी. के उपाध्याय, आलमगीर मंसूरी, राजीव शर्मा, यशपाल गहलोत, रमेश घाटे, चंदन सोनकिया, रवि विश्वकर्मा, पप्पू यादव, राजू बजरंगी, मोहन चौहान, अलीम शेख, सिराज खान, धर्मेंद्र ठाकुर, राजू यादव, सरफराज अंसारी, इसरार खान, राजीव शर्मा, पीयूष भीटे, शहजाद हुसैन, सुनील सिंह अवधिया, राजेश जायसवाल, विनोद वर्मा, ओमप्रकाश लाहौरी, संजय यादव, शकील ठेकेदार, घनश्याम जोशी, दानिश खान, हर्ष जैन, सरदारमल जैन, उमेश बघेल, सुधीर जैन, राजा जोगी, कालू रत्नाकर, दीपक छाबड़ा, दीपक वानखेड़े, विजय बौरासी, खलील मुल्तानी, यतींद्र वर्मा, शहजाद हुसैन और सुनील कश्यप शामिल है। सूचना के लिए पुलिस कमिश्नर का नंबर जारी किया इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं मप्र राजीव विकास केन्द्र के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने बताया अक्षय बम को गिरफ्तार करवाने के लिए कांग्रेस ने 55 सदस्यीय निगरानी उड़नदस्ता बनाया है। यह उड़नदस्ता अपने-अपने क्षेत्रों में अक्षय बम पर निगरानी रखेगा। उनके दिखते ही पुलिस कंट्रोल रूम नंबर पर 0731-2522500 या संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को या फिर पुलिस कमिश्नर नम्बर 7049100306, उप-पुलिस कमिश्नर नम्बर 7049100411 को देकर गिरफ्तार करवाने मे सहयोग करेगा। बम के पोस्टर भी लगाएगी शहर कांग्रेस कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आने वाले दिनों में अक्षय कांति बम अगर नहीं मिलता है तो लापता अक्षय बम के पोस्टर शहर में कांग्रेस द्वारा लगाए जाएंगे। इसके साथ साथ ही अक्षय बम के विदेश भागने के आसार को लेकर बम के पासपोर्ट को भी निरस्त करने की मांग की जा रही है। कोर्ट में पेश नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट इंदौर जिला कोर्ट ने अक्षय बम और उनके पिता कांति बम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। 17 साल पुराने मामले में उनके खिलाफ धारा 307 बढ़ाई गई थी, जिसके बाद उन्हें 10 मई को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वे नदारद रहे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा की 30 नंबर कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी थी। यह है 17 साल पुराना मामला दरअसल, अक्षय कांति बम पर जमीन विवाद में 4 अक्टूबर 2007 को यूनुस खान के ऊपर हमला करने, मारपीट और धमकाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय यूनुस पर गोली भी चलाई गई थी, लेकिन खजराना पुलिस ने तब FIR में हत्या के प्रयास की धारा नहीं जोड़ी थी। जिस दिन अक्षय कांति ने इंदौर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा उसी दिन कोर्ट के आदेश पर 17 साल पुराने इस मामले में अक्षय बम पर आईपीसी की धारा 307 लगाई गई। उन्हें इस मामले में 10 मई को कोर्ट में पेश करने का आदेश भी दिया गया था लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। पुलिस ने कहा- अब कभी भी गिरफ्तार कर लेंगे मामले में पुलिस यही कह रही है कि हमें अक्षय बम के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट नहीं मिला था। 15 मई की रात को ही वारंट प्राप्त हुआ है। जिसकी आमद 16 मई को ली है। कभी भी गिरफ्तार कर लेंगे। 8 जुलाई तक तारीख है। इधर, सुरक्षा क्यों दी जा रही है इस पर कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर सुरक्षा हटाने की मांग अक्षय बम के खिलाफ 2007 में केस दर्ज कराने वाले जमीन मालिक यूनुस पटेल ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन भी दिया। इसमें अक्षय बम और कांतिलाल बम को मिली पुलिस सुरक्षा हटाने की मांग की है। कहा कि आरोपितों पर हत्या के प्रयास का गंभीर मामला है। उन्हें पुलिस सुरक्षा दिए जाने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है।

गोहत्या करने वालों को उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे,’ अमित शाह की चेतावनी

We will hang those who kill cows upside down and make them straight, warns Amit Shah बिहार के मधुबनी में गृह मंत्री अमित शाह ने इंडिया गठबंधन पर भी जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने कोसी क्षेत्र में अपनी सरकार की ओर से किए गए कामों को भी गिनाया. लोकसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इस बीच गुरुवार (16 मई) को केंद्रीय गृह मंत्री बिहार के मधुबनी में रैली को संबोधित करने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने गोहत्या में शामिल रहने वालों को सख्त चेतावनी दी. साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि गोहत्या में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाएं. बिहार के मधुबनी में जनता को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इस क्षेत्र में पहले बड़ी मात्रा में गोहत्या के मामले सामने आते थे. आप मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बना दो, गोहत्या करने वालों को उल्टा लटकाकर, सीधा करने का काम हम करेंगे.” अमित शाह का इंडिया अलाइंस पर हमला गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “ये इंडिया अलायंस वाले आज कहते हैं कि पीओके (PoK) की बात मत करिए, पाकिस्तान के पास एटम बम है. मैं इन्हें कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान के एटम बम से आप डरो, मोदी जी के नेतृत्व में भारत इतना मजबूत है कि किसी को भी एटम बम से डरने की जरूरत नहीं है. मैं आज यहां से कहकर जाता हूं कि ये पीओके हमारा है और हम इसे लेकर रहेंगे.” ‘पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का काम किया’ रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “नरेंद्र मोदी जी देश के सबसे पहले अति पिछड़े प्रधानमंत्री हैं. 50-60 के दशक में एक चर्चा चलती थी कि लोहिया जी की थ्योरी देश में चलेगी या नहीं. मैं आज लोहिया जी को प्रणाम करके कहना चाहता हूं कि अति पिछड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को सबसे ज्यादा आगे बढ़ाने का काम किया है.” कर्पूरी ठाकुर को लेकर आरजेडी पर साधा निशाना गृह मंत्री अमित शाह आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं लालू यादव से सवाल पूछना चाहता हूं कि आप बिहार में 15 साल और केंद्र में 10 साल मुख्यमंत्री और मंत्री के पद पर रहे. आपने कर्पूरी ठाकुर को कभी भारत रत्न का सम्मान नहीं दिया. मोदी जी ने अभी-अभी कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न का सम्मान दिया. कर्पूरी ठाकुर जी ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के दलित, वंचित, आदिवासी, पिछड़ों, माताओं और किसानों की आवाज बुलंद करने का काम किया.”

सीएम केजरीवाल बोले- मोदी की सरकार बनते ही हटाए जाएंगे योगी, अखिलेश बोले – 140 सीटों से ज्यादा नहीं जीतेंगे

CM Kejriwal said – Yogi will be removed as soon as Modi government is formed, Akhilesh said – will not win more than 140 seats. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया और इंडिया गठबंधन की जीत का एलान किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लखनऊ के सपा कार्यालय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मीडिया को संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने लिए नहीं अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट मांग रहे हैं। अगर मोदी जी चुनाव जीतते हैं तो दो महीने में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटा देंगे। आरक्षण को खत्म कर देंगे। चार जून को इंडिया गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो रिटायरमेंट की आयु 75 साल रखी गई थी। सुमित्रा महाजन, मुरली मनोहर जोशी, लाल कृष्ण आडवाणी इसका उदाहरण हैं। अगले साल 17 सितंबर को मोदी 75 वर्ष के हो जाएंगे। मोदी ने धीरे-धीरे अमित शाह के रास्ते के कांटो को दूर कर किया। वसुंधरा राजे, सुमित्रा महाजन, शिवराज सिंह चौहान, डॉ. रमन सिंह को हटाया। अब केवल योगी ही बाधा हैं। उन्हें हटाया जाएगा। उन्हें मोदी हटाएंगे क्योंकि अपने बनाए नियम को वो नहीं तोड़ते। वरना लोग उन पर सवाल उठाएंगे। ये नियम उन्होंने आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को हटाने के लिए बनाए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा 220 सीटों से ज्यादा नहीं बढ़ेगी। राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, दिल्ली, पंजाब और बंगाल में भाजपा की सीटें कम हो रही हैं। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा हमेशा ही आरक्षण के खिलाफ रही है। भाजपा 140 सीटों से ज्यादा नहीं जीत पाएगीइस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि चार चरणों में अब तक भाजपा चित्त हो चुकी है। जनता में आंसुओं का उफान है। 400 पार का नारा इसलिए दिया गया है कि 140 सीटों से ज्यादा नहीं जीत रहे। इस बार जनता 140 सीटों के लिए तरसा देगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में भाजपा को करारी हार मिलेगी। रोटी, कपड़ा और मकान के साथ-साथ आरक्षण को बचाना होगा। हारने के बाद ये झूठ का विश्वविधालय खोलेंगे। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मणिपुर के अंदर एक कारगिल योद्धा की पत्नी को निर्वस्त्र कर घुमाया गया। प्रज्वल रमन्ना ने हजारों महिलाओं के साथ शोषण किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका समर्थन कर रहे हैं। महिला पहलवानों को घर से खींच कर मारा गया। मोदी खामोश रहे। स्वाति मालीवाल जब पहलवान बेटियों के साथ थी तो मारा गया। हालांकि, उन्होंने खुद मालीवाल प्रकरण में गोल मोल जवाब दिया।

खरगे बोले- चार चरणों के बाद इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में, मोदी की विदाई तय

Kharge said – India alliance is in a strong position after four phases, Modi’s departure is certain कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया और दावा किया कि अभी तक हुए चार चरणों के चुनाव में इंडिया गठबंधन काफी आगे है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के बारे में जानकारी देते हुए की। उन्होंने कहा कि अब तक चार चरणों के चुनाव हो चुके हैं। इंडिया गठबंधन काफी आगे है। जनता ने नरेंद्र मोदी की विदाई तय कर दी है। कहा कि ये चुनाव विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ वो लोग हैं जो कुछ अमीरों के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं और दूसरी तरह गरीबों और युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई आरक्षण और संविधान बचाने की लड़ाई है। ये चुनाव को देश के भविष्य को संविधान को बचाने के लिए है। संविधान बचेगा तो आरक्षण भी बचेगा। उन्होंने कहा कि तानाशाही में लोगों के वोट का अधिकार भी सुरक्षित नहीं रहेगा। भाजपा के लोग लोगों को डराकर नामांकन दाखिल नहीं कर दे रहे हैं। हैदराबाद में भाजपा प्रत्याशी मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर देख रही है। यहां तक की बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी डराया जा रहा है। इन सबके बावजूद इंडिया गठबंधन आगे है। भाजपा काफी पीछे है। खरगे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने संविधान को बदलने की बात की थी। भाजपा के कई नेता संविधान बदलने की बात करते रहते हैं लेकिन इन सब लोगों को मोदी कभी नहीं मना करते हैं। जातीय जनगणना हमारा एजेंडाकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम सत्ता में आने पर जातीय जनगणना करेंगे। इससे लोगों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति का अंदाजा लग सके। ये हम देश को कमजोर करने के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमारे घोषणा पत्र के बारे में झूठ फैला रहे हैं। वो बताते हैं कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति का सर्वे करवाएगी। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहा कि वो जितना कांग्रेस को गाली देते हैं उतना तो राम का नाम नहीं लेते हैं। हम सत्ता में आएंगे तो पांच की जगह 10 किलो अनाज देंगेउन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि देश के 80 करोड़ गरीबों को हम मुफ्त अनाज दे रहे हैं। उन्होंने ये नहीं बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून तो हम लेकर आए। इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम 10 किलो अनाज देंगे। हमने कर्नाटक में किया है तेलंगाना में किया है। प्रेसवार्ता के बाद खरगे अमेठी व रायबरेली में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। जबकि 17 मई को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अमेठी व रायबरेली में संयुक्त सभा भी प्रस्तावित है। भाजपा का झूठ जितना परवान चढ़ना था चढ़ चुका हैसपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा का झूठ जितना परवान चढ़ना था चढ़ चुका है। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने वाली है। 4 जून को प्रेस की स्वतंत्रता का दिन भी होगा। भाजपा 140 सीटें भी नहीं पा पाएगी। उनका रथ फंसा ही नहीं धंस गया है। वो अपने ही नकारात्मक नैरेटिव में फंस गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन यूपी में 79 सीटें जीत रहा है और क्योटो (काशी) में लड़ाई में है। 4 जून को किसानों की सरकार बनेगी। बेरोजगार युवाओं की सरकार बनेगी। अखिलेश बोले- अपना वोट बर्बाद न करें बसपा के लोगबसपा द्वारा इंडिया गठबंधन के खिलाफ प्रत्याशी चुनाव में उतारने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मैं यही अपील करूंगा कि बहुजन समाज के लोग जो बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर में आस्था रखते हैं, जो उनके बनाए हुए संविधान को बचाना चाहते हैं वे अपना वोट खराब न करें। इंडिया गठबंधन की मदद करें जिससे लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके। कांग्रेस अध्यक्ष बोले- भाजपा 200 पार नहीं कर पाएगीकांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल पूछने पर कहा कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए जितनी सीटें चाहिए वो हम लेकर आ रहे हैं। भाजपा 200 सीटें पार नहीं कर पाएगी। आरक्षण खत्म करने के लिए 400 का नारा दे रही भाजपाकांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भाजपा 400 सीटें जीतने का नारा इसलिए दे रही है जिससे कि आरक्षण को खत्म किया जा सके। इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम आरक्षण की सीमा बढ़ाएंगे और जो वर्तमान में है उसे जारी रखेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि बेरोजगारी एक मुद्दा है। भाजपा इस पर जवाब नहीं दे रही है इसलिए युवाओं में निराशा है। अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन की इस पर सहमति है कि जो सरकारी पद खाली हैं उन्हें भरा जाएगा।

कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला, घर में भी तोड़फोड़, लोगों के खिलाफ FIR

Deadly attack on Congress leader in Indore, house also vandalized, FIR against people बब्बू यादव का दावा है कि मतदान केंद्र पर उनका कुछ लोगों के साथ झगड़ा हो गया था, जो वहीं पर सुलझ गया था. हालांकि, शाम को कुछ लोग उनके घर पर आए और पत्थर से हमला किया. इंदौर ! सोमवार (13 मई) को वोटिंग थी जिसके बाद स्थानीय कांग्रेस नेता के घर पर दो दर्जन से ज्यादा हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि आरोपी घर में चाकू लेकर घुसे और उन्होंने बाहर से पत्थर उठाकर ऑफिस के दरवाजे पर दे मारे. इसका सीसीटीवी भी वायरल हुआ था. वहीं घर का कांच भी आरोपियों ने तोड़ दिया. बदमाशों द्वारा की गई यह घटना वहां पर लगे हुए कैमरा में कैद हो गई है. इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता ने हत्या की कोशिश करने का आरोप बदमाशों पर लगाया. वहीं, कांग्रेस नेता यादव देर रात पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई. मतदान के दौरान हुआ विवाद घर तक पहुंचासोमवार को इंदौर में मतदान वाली देर शाम नंदा नगर इलाके में वाद विवाद सामने आया. यहां पर परदेसीपुरा थाना क्षेत्र के कांग्रेस नेता बब्बू यादव की मतदान केंद्र पर कुछ लोगों से बहस हो गई थी. इस बहस के बाद मामला ठंडा हो गया लेकिन कुछ देर बाद हथियार लेकर कुछ बदमाश बब्बू यादव के घर पहुंच गए. वहां खड़े हुए लोग कुछ समझ पाते इससे पहले आरोपियों ने पत्थर और चाकू से हमला शुरू कर दिया और घर में जमकर तोड़फोड़ की. इधर हमले के बाद बब्बू यादव परदेशीपुरा पुलिस थाने पहुंचे और लखन जाट, सूरज जाट सहित दो दर्जन बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. राजू भदोरिया ने बचाई बब्बू यादव की जानशिकायत पर पुलिस ने लखन जाट, सूरज जाट, मंटू यादव, आशीष पाल, हेमंत पर नामजद कायमी की है. इस मामले में मीडिया से चर्चा करते हुए बब्बू यादव ने कहा कि जो लोग उनके घर हमला करने आए थे, वह उन्हें जान से मारना चाहते थे. इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय नेता चिंटू चौकसे और राजू भदोरिया ने उनकी जान बचाई. ऐसा बब्बू यादव ने मीडिया को बताया. इधर इस पूरे मामले में एक युवती ने भी सूरज जाट नामक आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ करने का आरोप दर्ज करवाया है. उसने कहा कि बदमाश ने हमला किया, उसका हाथ पकड़ा और उसके साथ छेड़छाड़ की और कपड़े खींच दिए. वहीं उसने खुद को जान से मारने की कोशिश का आरोप भी बदमाशों पर लगाया. बता दें कि लखन जाट और सूरज जाट क्षेत्र के नामी गुंडे हैं और इन पर कई बड़े मामले भी दर्ज हैं. कांग्रेस नेता के खिलाफ भी हुई शिकायतपरदेशीपुरा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने क्रॉस एफआईआर भी दर्ज की है और कांग्रेस नेता बब्बू यादव पर भी शिकायत दर्ज की गई है. बब्बू यादव पर धमकाने और मारपीट करने का केस अमन यादव द्वारा लगाया गया है. जिसमें यह शिकायत की गई. अमन का कहना है कि वह नंदा नगर कनकेश्वरी मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचा था इस दौरान वोट डालने के बाद जब वह बाहर आया तो बब्बू यादव से उसका आमना सामना हुआ अमन ने बब्बू यादव से पूछा कि वह यहां पर क्यों खड़ा है, जाकर अपना काम करें. इस बात को लेकर अमन और बब्बू में विवाद हुआ विवाद देखते हुए लोगों ने बीच बचाव किया और अमन को बब्बू यादव से बचाया.

पांचवें चरण में 159 दागी, 227 करोड़पति; उम्मीदवारों की सूची देखे

159 tainted, 227 millionaires in the fifth phase; See the list of richest candidates लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में कुल 695 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन सभी उम्मीदवारों के चुनाव हलफनामों का विश्लेषण किया है। 695 में से 227 उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, पांचवें चरण में चुनाव लड़ रहे 159 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। देश में इस वक्त चुनाव की सरगर्मी है। 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक सात चरणों में लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। तीन चरणों के लिए मतदान हो चुका है जबकि चौथे चरण का मतदान सोमवार को हो रहा है। पांचवें चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पांचवें चरण में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। इस चरण में कुल 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनके शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि 695 में से 159 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 122 (16 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। तीन उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दोषसिद्ध मामले घोषित किए हैं। चार उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या (आईपीसी-302) से जबकि 28 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी-307) से जुड़े मामले घोषित किए हैं। महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले घोषित करने वाले उम्मीदवार 29 हैं। इन 29 में से एक उम्मीदवार के ऊपर दुष्कर्म (आईपीसी-376) से जुड़ा मामला दर्ज है। इसके अलावा, भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले घोषित करने वाले कुल 10 उम्मीदवार हैं। दलवार आंकड़े क्या हैं? पांचवें चरण में सपा के सभी 10 में से पांच उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं, शिवसेना के छह में से तीन, एआईएमआईएम के चार में से दो, भाजपा के 40 में से 19, कांग्रेस के 18 में से आठ, टीएमसी के सात में से तीन, शिवसेना (यूबीटी) के आठ में से तीन और राजद के पांच में से एक उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उम्मीदवारों की संपत्ति का लेखा-जोखा 695 में से 33 प्रतिशत यानी 227 उम्मीदवार करोड़पति हैं। सबसे ज्यादा भाजपा के 36 उम्मीदवार करोड़पति हैं। एआईएमआईएम के चार में से दो उम्मीदवार करोड़पति हैं। चुनावी हलफनामों में इन प्रत्याशियों ने एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में हर उम्मीदवार के पास औसतन 3.56 करोड़ की संपत्ति है। दलवार आंकड़ों पर गौर करें तो एनसीपी (शरद गुट) के दो उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा औसतन संपत्ति 54.64 करोड़ की संपत्ति है। सबसे अमीर प्रत्याशी पांचवें चरण में सबसे ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार अनुराग शर्मा हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी से भाजपा प्रत्याशी ने कुल 212 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। इस मामले में दूसरे स्थान पर निर्दलीय नीलेश भगवान सांभरे हैं। महाराष्ट्र की भिवंडी सीट से चुनाव लड़ रहे सांभरे ने अपने हलफनामे में 116 करोड़ की दौलत बताई है। तीसरे सबसे धनी प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी पीयूष गोयल हैं। महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे गोयल की संपत्ति 110 करोड़ की है। उधर एक उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है। वहीं तीन उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति क्रमश 67 रुपये, 700 रुपये और 5427 रुपये बताई है। 42% उम्मीदवारों की पढ़ाई 5वीं और 12वीं के बीच तमाम उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता की बात करें तो 293 (42 प्रतिशत) उम्मीदवार 5वीं और 12वीं के बीच पढ़ाई किए हुए हैं। 349 (50 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा बताई है। 26 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं। 20 उम्मीदवार साक्षर जबकि पांच उम्मीदवार असाक्षर भी हैं। उम्मीदवारों की आयु के आंकड़े देखें तो 207 (30 प्रतिशत) उम्मीदवार 25 से 40 वर्ष के बीच के हैं। 384 (55 प्रतिशत) प्रत्याशी 41 से 60 वर्ष के बीच हैं। 103 (15 प्रतिशत) उम्मीदवारों की आयु 61 से 80 वर्ष है। एक प्रत्याशी ने अपनी आयु 82 वर्ष बताई है। पांचवें चरण के चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व देखें तो इसमें 695 में से 82 यानी महज 12 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं।

एमपी लोकसभा चरण चुनाव 4 : पांच बजे तक 68.01% मतदान, इंदौर कांग्रेस नेता के दफ्तर में तोड़फोड़

MP Lok Sabha phase election 4: 68.01% voting till 5 pm, vandalism in Indore Congress leader’s office लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का आज मतदान है। प्रदेश की आठ सीटों पर वोटिंग हो रही है। कांग्रेस नेता के मकान पर पथरावइंदौर में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद यादव के मकान पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। वे भाजपा के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। विनोद का दिन में नंदा नगर बूथ पर विवाद हुआ था। शाम को उनके घर पर 15-20 लोग आए। उन्होंने पथराव कर दिया। बाहर खड़ी कार के शीशे फोड़ दिए। दरवाजे व खिड़की पर भी पथराव हुआ। यादव ने कहा कि भाजपा के गुंडों ने घर आकर मारपीट की। मध्य प्रदेश में पांच बजे तक 68.01 प्रतिशत मतदान हो चुका है। मंदसौर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। वहीं इंदौर में सबसे कम मतदान हुआ है। कहां कितने फीसदी मतदान?देवास: 71.53धार: 67.55इंदौर: 56.53खंडवा: 68.21खरगोन: 70.80मंदसौर: 71.76रतलाम: 70.61उज्जैन: 70.64

राहुल गांधी बोले- रायबरेली मेरी दो माताओं की कर्मभूमि है इसलिए मैं यहां चुनाव लड़ने आया हूं

Rahul Gandhi said – Rae Bareli is the workplace of my two mothers, that is why I have come here to contest elections. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को रायबरेली में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रायबरेली इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी मेरी दोनों माताओं की कर्मभूमि है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी रायबरेली में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने जिले के महाराजगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी दो माताएं हैं। एक सोनिया गांधी और दूसरी इंदिरा गांधी जिन्होंने मेरी रक्षा की है। मुझे सिखाया है।रायबरेली मेरी दोनों माताओं की कर्मभूमि है। इसलिए मैं यहां से चुनाव लड़ने आया हूं। राहुल ने कहा कि रायबरेली से हमारे परिवार का रिश्ता 100 साल पुराना है। यह चुनाव इतिहास का पहला चुनाव है जिसमें संविधान की रक्षा की लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है। भाजपा और आरएसएस संविधान की किताब फाड़ डालेंगे और गरीबों के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। प्रधानमंत्री और भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह अडानी और अंबानी की सरकार बनाने जा रहे हैं। इन दो लोगों के लिए ही संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा नरेंद्र मोदी ने दस साल में 16 लाख करोड़ रुपया 22 अरबपतियों को दे दिया। यह पैसा 70 करोड़ लोगों की इनकम जितना है। यह लड़ाई गरीबों की रक्षा के लिए है। सरकार बनी तो हर महिला के खाते में प्रतिमाह 8500 रुपया भेजेंगे। हर माह की पहली तारीख को खटाखट पैसा खाते में गिरेगा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं को बेरोजगार कर दिया है। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर हर युवा को अप्रेंटिसशिप मिलेगी। इस तरह पहली नौकरी पक्की। पब्लिक सेक्टर हो या सरकारी विभाग सरकार बनते ही ठेकेदारी प्रथा बंद होगी। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जनसभा में एक साथ दिखे। दोनों को एक साथ मंच पर देख भीड़ का उत्साह हिलोरे लेता दिखा। जनसभा के जरिए राहुल और प्रियंका ने भाजपा को ताकत का अहसास कराया।

पीठासीन अधिकारी ने लगाए PM मोदी के नारे, BJP के पक्ष में वोट भी मांगे, वीडियो वायरल

Presiding officer raised slogans against PM Modi, also asked for votes in favor of BJP, video goes viral उज्जैन लोकसभा सीट पर मतदान के दौरान की एक वीडियो वायरल हो रही है. इस मामले में पार्टी विशेष के पक्ष में एक मतदान दल वोट करने की अपील कर रहा है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के शहर उज्जैन में पीठासीन अधिकारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में नारे लगाकर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील करने का आरोप लगा है. कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार के जरिये आरोप लगाए जाने और एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पीठासीन अधिकारी को हटा दिया है. इसके अलावा मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं. कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने आरोप लगाया कि बूथ क्रमांक- 37 पर जो पीठासीन अधिकारी मौजूद थी, वे मोदी मोदी के नारे लगाकर मतदाताओं को भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील कर रही थी. कांग्रेस ने दर्ज कराई आपत्तिइसके बाद जब कांग्रेस के नेताओं को कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई तो उन्होंने माफी मांग कर अपना गुनाह भी कबूल कर लिया. पूरा मामले की शिकायत निर्वाचन आयोग से की गई है. उज्जैन के जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है जिसके बाद पीठासीन अधिकारी को हटा दिया गया है. ‘गलती हो गई अब नहीं करेंगे’शिकायत पर जांच भी शुरू कर दी गई है. अगर पीठासीन अधिकारी दोषी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. महिला पीठासीन अधिकारी का सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें वह यह बोलती हुई नजर आ रही हैं कि अब नहीं करेंगे. इस वीडियो को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की है. कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पूरी मशीनरी तंत्र का उपयोग कर लोकसभा चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन जनता उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी.

केजरीवाल को CM पद से हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, पीठ ने कहा- हमारे पास कानूनी अधिकार नहीं

The petition to remove Kejriwal from the post of CM was rejected in the Supreme Court, the bench said – we do not have the legal right. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आप विधायक संदीप कुमार को फटकार लगाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि न्यायिक व्यवस्था का मजाक ना उड़ाएं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक और राहत मिली। दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है।शीर्ष अदालत का कहना है कि उसके पास केजरीवाल से सीएम पद से हटने के लिए पूछने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दिल्ली हाईकोर्ट में हुई थी याचिका खारिजइससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आप विधायक संदीप कुमार को फटकार लगाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही याचिकाकर्ता पर कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि न्यायिक व्यवस्था का मजाक ना उड़ाएं।दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि ऐसा कोई आदेश है कि जिसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने किसी सीएम को हटाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा था, ‘आप याचिका दाखिल कर कोर्ट का समय को बर्बाद कर रहे हैं। हम आप पर भारी जुर्माना लगा रहे हैं। कोर्ट के अंदर राजनीतिक भाषण न दें, भाषण देने के लिए गली के किसी कोने में जाएं।’ कोर्ट ने कहा था कि आपके याचिकाकर्ता राजनीतिक व्यक्ति होंगे, लेकिन अदालत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आधार पर नहीं चलता।

एमपी लोकसभा चुनाव चरण 4 : 11 बजे तक 32.38 फीसदी मतदान

MP Lok Sabha phase 4 elections: 32.38 percent voting till 11 am इन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक मतदान मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने मतदान को लेकर भोपाल में प्रेसवार्ता की। जिसमें उन्होंने बताया कि 11 बजे तक की स्थिति में सर्वाधिक मतदान वाली प्रथम तीन विधानसभाओं में रतलाम जिले की सैलाना में 40.13%, रतलाम ग्रामीण में 39.37% और उज्जैन के तराना में 39.04% मतदान हुआ है। वहीं, देवास 35.83%, उज्जैन 34.25%, मंदसौर 34.12%, रतलाम 34.04%, धार 32.62%, इंदौर 25.01%, खरगोन 33.52% और खंडवा में अब तक 31.87% मतदान हुआ है।

आडवाणी-जोशी-शिवराज के बाद अगला नंबर योगी का’, केजरीवाल का PM मोदी पर निशाना

After Advani-Joshi-Shivraj, Yogi’s next number, Kejriwal targets PM Modi अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. उन्होंने हमारे टॉप चार नेताओं को जेल में भेज दिया. दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शनिवार (11 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है. केजरीवाल ने कहा है कि पीएम मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं की राजनीति खत्म कर दी. तीसरी बार सरकार बनने पर अगला नंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का होगा. उनकी भी राजनीति खत्म कर दी जाएगी. आप मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारी आम आदमी पार्टी एक छोटी पार्टी है, जो दो राज्यों में मौजूद है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी पार्टी को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी और एक साथ चार टॉप नेताओं को जेल भेज दिया. उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टियों के चार टॉप नेता जेल चले जाएं तो पार्टी खत्म हो जाती है. प्रधानमंत्री AAP को कुचलना चाहते हैं. पीएम मोदी खुद मानते हैं कि AAP ही देश को भविष्य देगी. ‘वन नेशन, वन लीडर’ नाम का मिशन चला रहे पीएम मोदी: केजरीवाल प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा, “पीएम मोदी ने ‘वन नेशन, वन लीडर’ नाम से एक खतरनाक मिशन शुरू किया हुआ है. इस मिशन के तहत वह जितने भी विपक्ष के नेता हैं, उन्हें जेल भेजना चाहते हैं और जितने बीजेपी के नेता हैं, उनकी राजनीति खत्म कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी चुनाव जीत गए तो तेजस्वी यादव, एमके स्टालिन, उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी जैसे विपक्षी के सारे नेताओं को जेल में डाल दिया जाएगा. आडवाणी से लेकर शिवराज तक जैसे नेताओं की खत्म की राजनीति अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की राजनीति को खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा, “इन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन, शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं की राजनीति खत्म कर दी. मध्य प्रदेश चुनाव जीतने के बाद भी शिवराज को मुख्यमंत्री न बनाकर उनकी राजनीति खत्म की गई.” केजरीवाल ने आगे कहा, “वसुंधरा राजे, मनोहर लाल खट्टर और रमन सिंह जैसे नेताओं की भी राजनीति खत्म कर दी गई है.” योगी की राजनीति भी खत्म करने की हो रही साजिश: केजरीवाल आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगला नंबर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का है, जिनकी राजनीति खत्म की जाएगी. केजरीवाल ने कहा, “अगर ये चुनाव जीत गए तो दो महीने के भीतर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बदल दिया जाएगा. ये बात मैं लिखकर दे सकता हूं. योगी आदित्यनाथ की राजनीति खत्म करेंगे और उनको भी निपटा देंगे. ये लोग चाहते हैं कि देश में एक ही तानाशाह बचे.”

‘रायबरेली का MP देश का प्रधानमंत्री बनने वाला है’, पप्पू यादव

‘Rae Bareli’s MP is going to become the Prime Minister of the country’, Pappu Yadav Pappu Yadav Post: कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने पोस्ट कर जानाकरी दी है कि चुनाव प्रचार के लिए वो रायबरेली पहुंच गए हैं. उन्होंने दावा किया है कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. बिहार के कांग्रेस नेता पप्पू यादव (Pappu Yadav) यूपी के रायबरेली पहुंचे हैं, जहां वो कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. इस बात की जानाकरी शनिवार (11 मई) को उन्होंने खुद अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर दी है. रायबरेली में चुनाव प्रचार करेंगे पप्पू यादव दरअसल लोकसभा चुनाव को लेकर तमाम पार्टियां अपने पक्ष में वोट बटोरने के लिए इस शिद्दत की गर्मी में भी जी जान से जुटीं हैं. कांग्रस के चुनाव प्रचार में पप्पू यादव भी काफी एक्टिव हैं. पप्पू यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि वो 44 साल रायबरेली आए हैं, रायबरेली का एमपी देश का प्रधानमंत्री बनने वाला है. इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है. पप्पू ने अपनी पोस्ट में लिखा, रायबरेली आ गया हूं, 44 साल बाद रायबरेली का MP देश का प्रधानमंत्री बनने वाला है. जबरदस्त उत्साह है. राहुल गांधी जी पांच लाख से भी अधिक वोटों के अंतर से जीतेंगे! कोई अचरज नहीं होगा अगर सारे रिकॉर्ड टूट जाएं!” रायबरेली सीट से चुनावी मैदान में राहुल गांधी राहुल गांधी यूपी की रायबरेली सीट से चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला बीजेपी से दिनेश प्रताप सिंह से है. हालांकि पहले चर्चा थी कि वह अमेठी सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन अमेठी सीट कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा को दे दी गई है. राहुल गांधी भी वायनाड सीट से उम्मीदवार हैं. यह पहली बार है कि राहुल गांधी रायबरेली सीट से चुनाव लड़ेंगे. इस सीट से उनकी मां सोनिया गांधी हमेशा चुनाव लड़तीं थीं, लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद ये सीट खाली थी. रायबरेली में पांचवे चरण में 20 मई को मतदान होगा. बता दें कि पप्पू यादव बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय खड़े हुए थे, जहां दूसरे चरण में चुनाव संपन्न हो गया है. अब वो कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट गए है. उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक जिंदा रहेंगे कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे. हालांकि कांग्रेस से उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं मिल सका, क्योंकि महागठबंधन में आरजेडी ने वहां से अपना उम्मीदवार उतार दिया था, जिसके बाद पप्पू यादव ने मजबूरी में निर्दलीय चुनाव लड़ा.

अरविंद केजरीवाल की ज़मानत पर ममता बनर्जी ने कहा- ख़ुशी हुई

Mamata Banerjee said on Arvind Kejriwal’s bail – happy, will help in elections कथित भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिलने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ख़ुशी ज़ाहिर की है. ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “मुझे ये देखकर बहुत ख़ुशी मिली है कि अरविंद केजरीवाल को अंतरिम ज़मानत मिल गई है. मौजूदा चुनावों के संदर्भ में ये बहुत मददगार होगी.” वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को देश में तानाशाही शासन के ख़िलाफ़ राहत मिलना बदलाव की हवा का बड़ा संकेत है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सच बोल रहे थे और बीजेपी को यही पसंद नहीं है. आदित्य ठाकरे ने कहा, “भारत के लिए इंडिया गठबंधन और अरविंद केजरीवाल को इससे और शक्ति मिलेगी. हम अपने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करके रहेंगे.”

BJP सांसद नवनीत राणा के खिलाफ तेलंगाना में केस दर्ज, जानें क्या है आरोप

Case registered against BJP MP Navneet Rana in Telangana, know what are the allegations लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए हैदराबाद पहुंची बीजेपी सांसद नवनीत राणा अपने दिए गए बयान में कांग्रेस पर हमला बोल, उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वोट देना, मतलब पाकिस्तान को वोट देना. उनके इस बयान के लिए हैदराबाद के शादनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है. बीजेपी सांसद और महाराष्ट्र के अमरावती से पार्टी की प्रत्याशी नवनीत राणा के दिए गए बयान अब उनके लिए घातक साबित होते जा रहे हैं. कुछ समय पहले उनके दिए गए बयान से उनके और ओवैसी के बीच बयानबाजी चल ही रही थी कि अब नवनीत पर कांग्रेस के खिलाफ बयान देने के लिए हैदराबाद के शादनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है. लोकसभा चुनाव को लेकर जहां हर पार्टियों के बीच गर्मागर्मी का माहौल है तो वहीं हैदराबाद के चुनाव को लेकर भी भीड़ंत छिड़ी हुई है. साल 2004 से लगातार हैदराबाद से सांसद AIMIM चीफ असुदद्दीन ओवैसी ने जीत हासिल की है. इस बार बीजेपी ने भी हैदराबाद में अपना जोर आजमाया है. हाल ही में बीजेपी सांसद नवनीत राणा पिछले दिनों शादनगर में महबूबनगर लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी के उम्मीदवार डी के अरुणा के लिए चुनाव प्रचार के लिए पहुंची हुई थीं, प्रचार के दौरान उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ बयान दिया जिसके बाद से वह परेशानी में फंस गई हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि “कांग्रेस को वोट देना, मतलब पाकिस्तान को वोट देना”. ‘कांग्रेस को वोट देना मतलब पाकिस्तान को वोट देना’ नवनीत ने कहा था कि कांग्रेस को वोट देना मतलब अपना वोट बेकार करना है कांग्रेस को वोट देना मतलब पाकिस्तान को वोट देना है, क्योंकि पाकिस्तान से आवाज आ रही है कि राहुल गांधी बहुत अच्छे नेता है. भारत में फिर से उनकी सरकार बने, ताकि पाकिस्तान एक बार फिर यहां आतंकवाद फैला सके. नवनीत राणा के खिलाफ शादनगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 171-C r/w, 171-F, 171-G, 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

परशुराम जन्‍मस्‍थली जानापाव पहुंचे मुख्‍यमंत्री, दर्शन के बाद सभा को किया संबोधित

Chief Minister reached Parshuram birthplace Janapav, addressed the gathering after darshan परशुराम जयंती पर मुख्यमंत्री पहुंचे जानापाव, दर्शन-पूजन कर सभा को किया संबोधित। महू, खरगोन। भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव पहाड़ी पर शुक्रवार को भगवान परशुराम का प्रकटोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर पिछले पांच दिनों से चल रहे यज्ञ में पूर्णाहुति दी गई। आयोजन में शाम‍िल होने के लिए मप्र के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव जानापाव पहुंचे। मुख्‍यमंत्री के साथ ही मप्र भाजपा अध्‍यक्ष वीडी शर्मा भी जानापाव पहुंचे।मुख्यमंत्री यादव हेलीकाॅप्टर से नेट्रेक्स पर उतरे। वहां से वे जानापाव पहुंचे। मुख्यमंत्री जानापाव में करीब 55 मिनट रुके। इस दौरान यज्ञ में पूर्णाहुति देने के साथ ही उन्‍होंने भगवान परशुराम के पुराने और नए मंदिर में दर्शन किए। इसके साथ ही सीएम ने यहां सभा को भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र देने का प्रसंग बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जब युद्ध लड़ने जा रहे थे तब उनके पास कोई हथियार नहीं था। तब ऋषि सांदीपनी ने श्रीकृष्ण से कहा कि आप भगवान परशुराम जी के पास जाओ वह आपको युद्ध में लड़ने के लिए हथियार देंगे। तब वह जानापाव आए और भगवान परशुराम ने उन्हें सुदर्शन चक्र दिया। उन्‍होंने कहा कि अब भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार चुनाव आचार संहिता के बाद जहां भी श्रीकृष्ण और भगवान राम की लीलाएं या घटना घटित हुई हैं उसे तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए योजना बनाएगी। मुख्यमंत्री के साथ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक उषा ठाकुर, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला, जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा आदि मौजूद रहे। सीएम जानापाव से रवाना होकर मंडलेश्‍वर में रोड शो में शामि‍ल हुए।

यूपी में इंडिया गठबंधन का तूफान, नरेंद्र मोदी नहीं बनेंगे पीएम : राहुल गांधी

India alliance storm in UP, Narendra Modi will not become PM: Rahul Gandhi कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनने वाले हैं. इस बार विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की जीत होगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार (10 मई, 2024) को दावा किया कि यूपी में ‘इंडिया’ गठबंधन का तूफान आ रहा है. आप लिखकर ले लो कि बीजेपी की यूपी में सबसे बड़ी हार होने जा रही है. यूपी के कन्नौज में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ”10 साल नरेंद्र मोदी ने अडानी और अंबानी का नाम नहीं लिया, लेकिन जब डर गए तो अपने दो मित्रों का नाम लिया और कहा कि आकर मुझे बचाओ. ‘इंडिया’ गठबंधन ने मुझे घेर लिया है.” उन्होंने आगे कहा कि इस बार नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे. उन्होंने आगे कहा, ”10 से 15 दिन में आप देखना कि आपको भटकाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन भटकना मत. हमारा मुद्दा भारत का संविधान है. इस किताब ने दलित और पिछड़ो को अधिकार दिया है.” यूपी के कन्नौज में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ”10 साल नरेंद्र मोदी ने अडानी और अंबानी का नाम नहीं लिया, लेकिन जब डर गए तो अपने दो मित्रों का नाम लिया और कहा कि आकर मुझे बचाओ. ‘इंडिया’ गठबंधन ने मुझे घेर लिया है.” उन्होंने आगे कहा कि इस बार नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे. उन्होंने आगे कहा, ”10 से 15 दिन में आप देखना कि आपको भटकाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन भटकना मत. हमारा मुद्दा भारत का संविधान है. इस किताब ने दलित और पिछड़ो को अधिकार दिया है.”

‘जिसकी 2 पत्नियां उसे कांग्रेस हर साल देगी 2 लाख रुपये’, कांतिलाल भूरिया के बयान से गरमाई सियासत

‘Congress will give Rs 2 lakh every year to the one who has two wives’, politics heated up due to Kantilal Bhuria’s statement लोकसभा चुनाव के बीच मध्य प्रदेश में कांतिलाल भूरिया के दो पत्नियों को लेकर दिए बयान से सियासत गरमा गई है. कांतिलाल भूरिया रतलाम से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. रतलाम ! लोकसभा चुनाव के तीन चरणों का मतदान हो चुका है. चौथे चरण की वोटिंग से पहले राजनीतिक पार्टियों के नेता जोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगे हैं. जनता के बीच पहुंचकर उनसे वोट देने की अपील करते हुए बड़े-बड़े चुनावी वादे कर रहे हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के रतलाम से कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कांतिलाल भूरिया ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो जैसा कि हमारे घोषणापत्र में कहा गया है, प्रत्येक महिला को उसके बैंक खाते में 1 लाख रुपये मिलेंगे. घर की हर महिला को 1-1 लाख रुपये मिलेंगे, जिनकी दो पत्नियां हैं, उन्हें 2 लाख रुपए मिलेंगे.” कांतिलाल भूरिया के बयान का जीतू पटवारी ने किया समर्थनइसी सभा में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे. उन्होंने कांतिलाल भूरिया के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार घोषणा की है 2 पत्नियों वाले व्यक्तियों को 2 लाख रुप/s की सहायता मिलेगी. बता दें कि कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुसार महालक्ष्मी योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को इस कैटेगरी से बाहर निकलने तक 8 हजार 500 रुपये हर महीने मिलेंगे, जो एक साल में 1,02,000 रुपये होते है. क्या मतदाता आपकी जेब में है जो 400 पार कर देंगे?वहीं सभा को संबोधित करते हुए कांतिलाल भूरिया ने आगे कहा, “पीएम मोदी कहते हैं अबकी बार 400 पार तो क्या मतदाता उनकी जेब में है जो 400 पार कर देंगे.” कांतिलाल भूरिया ने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा कि पहले वे कहते थे मुझे प्रधानमंत्री बना दो 2 करोड़ युवाओं को नौकरी दूंगा. 15-15 लाख खाते में जमा करा दूंगा. 400-500 रुपये जमा करवा के खाते खुलवा लिए, लेकिन इन खातों में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ, बल्कि पीएम मोदी ने खाते खुलवाकर करोड़ों जमा कर लिए. बीजेपी ने साधा निशानाकांतिलाल भूरिया के बयान पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री जब कहते हैं कि आपका हक छीनकर मुसलमानों को दे दिया जाएगा तो वो इस बात को ऐसे ही नहीं कहते, कांग्रेस के नेता उनकी इस बात पर मुहर लगाते हैं और अपना असली रूप जनता को दिखाते हैं. जिस व्यक्ति की दो पत्नियां हैं, उसे दो लाख रुपये सालाना दिए जाएंगे. तुष्टिकरण के लिए बहुसंख्यक हिंदुओं को सरेआम बेइज्जत करने के लिए अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और विक्रांत भूरिया ने मंच का सहारा लेना शुरू कर दिया है.”

चुनाव आयोग से आज मिलेंगे इंडी गठबंधन के नेता, मतदान प्रतिशत सहित अन्य मुद्दों पर करेंगे चर्चा

Indi alliance leaders will meet the Election Commission today, will discuss voting percentage and other issues इंडिया गठबंधन के नेता बृहस्पतिवार दोपहर को चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मिलेंगे और एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विपक्षी नेता भाजपा के अपने चुनावी अभियान में कथित तौर पर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल का मुद्दा उठा सकते हैं। विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेता लोकसभा चुनाव में हर चरण के बाद पूर्ण मतदान प्रतिशत के आंकड़े तत्काल जारी करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी नेता भाजपा के अपने चुनावी अभियान में कथित तौर पर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इंडिया गठबंधन के नेता बृहस्पतिवार दोपहर को चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मिलेंगे और एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को अलग-अलग पत्र लिखकर पहले दो चरणों में मतदान के आंकड़ों को जारी करने में कथित देरी पर चिंता जताई है। पहले भी जता चुके हैं विरोधइससे पहले, पहले और दूसरे चरण के मतदान प्रतिशत को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडेय ने पूछा था कि चुनाव के 11 दिन बाद मत प्रतिशत 60 से बढ़कर 66 फीसदी कैसे हो गया? पांडेय ने इसे देश की आबादी के साथ छलावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि जो मतदान प्रतिशत वोटिंग वाले दिन फाइनल हो जाता है, वह मतदान के 11 दिनों के बाद कैसे बढ़ गया। भाजपा के ‘अबकी बार चार सौ के पार’ दावे पर कहा कि दो चरणों के चुनाव के बाद तस्वीर साफ हो रही है और पिछले आठ-दिनों से भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अपनी सभाओं में यह दावा करना भी बंद कर दिया है।

राजस्थान में सीटों को लेकर सचिन पायलट का बड़ा दावा, ‘BJP से ज्यादा सीटें लाएगी कांग्रेस’

Sachin Pilot’s big claim regarding seats in Rajasthan, ‘Congress will get more seats than BJP’ राजस्थान कांग्रेस नेता सचिन पायलट BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि जो बहुत ऊपर चले जाते हैं वो कभी न कभी नीचे भी आते हैं. वहीं, उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस की जीत का दावा किया है. लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं. पहले दो चरण में ही राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर वोटिंग संपन्न हो गई. ऐसे में अब राजस्थान के हर राजनीतिक दलों के नेताओं का ध्यान बाकी राज्यों पर आ गया है. इसी बीच राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता सचिन पायलट का बड़ा बयान आया है. उन्होंने दावा किया है कि इस बार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बीजेपी से ज्यादा सीटें लाने वाली है. सचिन पायलट ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘बहुत ऊपर जाने वाले एक न एक दिन नीचे भी आते हैं.’ यह बात उन्होंने बीजेपी के 400 पार के दावे को लेकर कही. सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पहले हारती थी तो 20-21 सीटें या 50-55 सीटें लाती थी, लेकिन इस बार 70 सीटें मिली हैं. इससे जाहिर है कि कांग्रेस जीत की ओर अग्रसर है.

चुनाव अपडेट 2024: प्रदेश की नौ सीटों पर मतदान खत्म, 63.03% हुई वोटिंग, 127 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद

Election Update 2024: Voting ends on nine seats of the state, 63.03% voting done, fate of 127 candidates captured in EVM भोपाल। प्रदेश की नौ लोकसभा सीटों पर मतदान प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। गुना से भाजपा प्रत्याशी एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विदिशा से पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और राजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव का तीसरा चरण संपन्न हो चुका है। नौ लोकसभा सीटों पर मतदान प्रक्रिया खत्म हो गई है। कुल 63.03 फीसदी मतदान हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कुल 127 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। चार जून को मतगणना होगी।  बता दें कि पहले और दूसरे चरण में प्रदेश की 12 लोकसभा सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुका है। बाकी बची आठ सीटों पर चौथे चरण में मतदान होगा।

हरियाणा में BJP कि बड़ी मुश्किलें सरकार से ,तीन निर्दलीय विधायकों ने वापस लिया समर्थन

BJP faces big problems in Haryana, three independent MLAs withdraw support from the government हरियाणा में नायब सिंह सैनी सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है। सरकार के सामने बहुमत साबित करने का संकट आ गया है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अल्पमत में आ चुकी हैं। चंडीगढ़ । हरियाणा में भाजपा सरकार संकट में आ गई है। राज्य में नायब सिंह सैनी की सरकार से 3 निर्दलीय विधायकों से सरकार ने समर्थन वापस ले लिया है। विधायक रणधीर गोलन, धर्मपाल गोंदर व सोमवीर सांगवान ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफा मांग लिया है। कुछ (निर्दलीय) विधायकों का हरियाणा सरकार से समर्थन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने की खबरों के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे यह जानकारी मिली है। शायद कांग्रेस कुछ लोगों की इच्छाओं को पूरा करने में लगी हुई है। अब कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से कोई लेना-देना नहीं है।

विधायक: पंडाग्रे ने सह परिवार उपनगरी बोड़खी में किया मतदान : लोगो को भी मतदान करने किया प्रेरित

MLA Pandagre along with his family cast his vote in the suburb of Bodkhi and also motivated people to vote. हरिप्रसाद गोहे आमला । विश्व के सर्वाधिक बड़े लोकतंत्र में अपनी आहुति के लिए लोकसभा चुनावों में लोगो के द्वारा दिन भर अपने मताधिकार का उपयोग किया गया इसी श्रृंखला में आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने भी उनकी धर्म पत्नी संजु पंडाग्रे के साथ पहुंच मतदान के प्रारंभिक चरण में ही उप नगरी बोड़खी के बूथ क्रमांक 127 पर अपने मताधिकार का उपयोग किया । विधायक डॉ पंडाग्रे ने किया मतदान का आग्रह विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने आमला सारणी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न बूथों पर प्रवास कर लोगो से अधिक से अधिक मतदान का आग्रह किया। इस दौरान बूथ पर उपस्थित भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारियों का उत्साह वर्धन कर अत्याधिक तापमान के बावजूद दिन भर बूथ कर कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया । चुनावो में भाजपा महिला मोर्चा की दिखी सक्रिय भागीदार लोकसभा चुनावों में भाजपा संगठन के सभी कार्यकर्ताओ ने बूथ ईकाई के रूप में उत्साह के साथ कार्य किया । संगठनात्मक कार्य में भाजपा महिला मोर्चा सदस्यो के द्वारा सभी दायित्वों में अपना सक्रिय योगदान दिया नगर मंडल के कार्यकर्ताओ के साथ बराबर सहयोगी के रूप में पार्षद शोभा देशमुख , मीडिया प्रभारी सपना सोनी, रीना कश्यप भाजपा बूथ अध्यक्ष तो पोलिंग एजेंट के रूप में मंडल उपाध्यक्ष अंबिका साबले ने कार्य किया ।इस दौरान लाजवंती नागले, संजू योगेश पंडाग्रे, सुषमा नरवरे, ओमवती विश्वकर्मा, आरती पाटिल, गीता ढोलेकर, भारती झा ,श्रृद्धा मालवीय ,गीता पंडोले ,गीता वर्मा , सपना सोनी, दीक्षा सुरजेकर, नीलम साहू ,रीना तोमर ,रजनी बनाईत समेत बड़ी संख्या में महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने दिन भर मतदान करवाने के लिए सक्रियता से कार्य किया ।

प्रदेश में मतदान को लेकर उत्‍साह, 11 बजे तक 30.21 प्रतिशत हुई वोटिंग

Enthusiasm regarding voting in the state, 30.21 percent voting took place till 11 am नौ लोकसभा सीटों पर 127 उम्मीदवार हैं चुनावी मैदान में।दिग्विजय, शिवराज और ज्योतिरादित्य के राजनीतिक भविष्य का होगा फैसला।तीसरे चरण में 1 करोड़ 77 लाख मतदाता चुनेंगे अपना सांसद। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत नौ लोकसभा क्षेत्रों में हो रही मतदान में खासा उत्साह नजर आ रहा है। मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्र पहुंचना शुरू हो गए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान कहीं मतदाताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, तो कहीं लकी ड्रॉ भी निकाला जा रहा है। बता दे कि इस चरण में 1.77 करोड़ से अधिक मतदाता 127 उम्मीदवारों में से अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए मतदान करेंगे। प्रदेश में 11 बजे तक के मतदान के आंकड़े बैतूल- 32.65% भिंड – 25.46%भोपाल- 27.46%गुना- 34.53%ग्‍वालियर- 28.55%मुरैना- 26.62%राजगढ़ – 34.81%सागर- 30.31%विदिशा- 32.64%

मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये माफ किए , राहुल गांधी

Modi government waived Rs 16 lakh crore of industrialists, Rahul Gandhi खरगोन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खरगोन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने आदिवासी मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, जातिगत जनगणना सहित कई मुद्दों पर बात रखी। राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें यह आरक्षण को बचाने का चुनाव है। जो भी देश के गरीब लोगों को मिला है, सारा का सारा संविधान ने गरीबों को दिया है। अगर संविधान खत्म हो गया तो जो भी आपको अधिकार मिल हैं, सारा का सारा खत्म हो जाएगा। आपकी जमीन, जंगल गायब हो जाएगा और भारत में 22-25 लोगों का राज होगा। इन लोगों को नजग आपके जंगल और जमीन पर है। मोदी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये उद्योगपतियों का माफ किया। लेकिन वे किसानों और गरीब का कर्ज माफ नहीं किया। हम देश में करोड़ों लखपति बनाने जा रहे हैं। आप जीएसटी और टैक्स देते हैं, लेकिन ये धन आपको नहीं दिया जाता। इसलिए इंडी गठबंधन सरकार महिलाओं को एक लाख रुपये सालाना देगी और तक तक दिया जाएगा तब तक परिवार गरीबी रेखा से बाहर नहीं आ जाता। हम निजी कपंनियों और सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करेंगे, जिससे आपको परमानेंट नौकरी मिलेगी। हम चुनाव के बाद गरीब किसानों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं। साथ ही एमएसपी के लिए कानून बनाएंगे। छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया गया। नोटबंदी और जीएसटी अमीरों के लिए किया गया था। दो करोड़ युवा आज पूछ रहे हैं हमें आपने झूठ क्यों कहा।

जिन नेताओं पर पीएम मोदी लगाते थे दाग, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में धुलते ही हो गए बेदाग

The leaders on whom PM Modi used to put allegations, became spotless as soon as they were washed in BJP’s washing machine! विषेश संवाददाता भोपाल। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। दरअसल शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं को चुन-चुनकर टारगेट कर रही है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं से भ्रष्टाचार के आरोप हटा लिए जा रहे है। है कि 2014 के बाद से कथित भ्रष्टाचार के लिए विपक्ष के 25 नेता जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे ये, बीजेपी में शामिल हुए और उनमें से 2.3 को राहत मिल गई। उनके खिलाफ जांच या तो बंद हो गई या ठंडे बस्ते में चली गई। 2014 के बाद जिन प्रमुख राजनेताओं का जिक्र किया जा राय है, वे विपक्षी दलों से बीजेपी में शामिल हो गए थे। इनमें से 10 कांग्रेस से हैं. एनसीपी और शिवसेना से चार-चार, टीएमसी से तीन, टीडीपी से वो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी से एक-एक नेता शामिल है। 2014 के बाद से भ्रष्टाचार की जांच का सामना कर रहे 25 विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो गए, उनमें से 23 को राहत मिली 3 मामले बंद, 20 रुके ,भाजपा में शामिल होने के बाद जांच एजेंसियों से राहत पाने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के 10, राकांपा और शिवसेना के चार-चार, तृणमूल कांग्रेस के तीन, टीडीपी के दो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी के एक- एक नेता शामिल हैं बीजेपी से हाथ मिलाते ही अजीत पवार की फाइल क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 और 2023 की राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान केंद्रीय कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र पर केंद्रित था। 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना से अलग होकर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली। एक साल बाद अजित पवार गुट एनसीपी से अलग हो गया और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल हो गया। अजीत पवार और प्रफुल पटेल के मामले भी बंद हो गए है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के 12 प्रमुख राजनेता 25 की सूची में है, जिनमें से 11 नेता 2022 या उसके बाद बीजेपी में चले गए, जिनमें एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के चार-चार शामिल है। इनमें से कुछ मामले गंभीर हैं। किन दो मामलों में कार्रवाई जारी है 25 मामलों में से केवल दो में कार्रवाई नहीं रुकी। इनमें पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा और पूर्व टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी का है। दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी ईडी द्वारा ढील दिए जाने का कोई सबूत नहीं है। कम से कम अभी तक तो कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से इस बारे में कमेंट मांगने पर द इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। हालांकि, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की सभी जांच सबूतों पर आधारित हैं। जब भी सबूत मिलते हैं उचित कार्रवाई की जाती है। उन मामलों के बारे में पूछे जाने पर जहां आरोपी के पक्ष बदलने के बाद एजेंसी ने अपना रास्ता बदल लिया है, अधिकारी ने कहा, ‘कुछ मामलों में विभिन्न कारणों से कार्रवाई में देरी होती है। लेकिन वे खुले हैं।’ ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मामले अन्य एजेंसियों की एफआईआर पर आधारित है। अगर अन्य एजेंसियां अपना मामला बंद कर देती हैं, तो ईडी के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, हमने ऐसे कई मामलों में आरोपपत्र दायर किए हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है, जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सूची में कुछ प्रमुख नाम पवारः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए प्रफुल्ल पटेलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए हिमेत बिस्वा सरमाः 2015 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए संजय सेठः 2019 में सपा से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारीः 2020 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए छगन भुजबलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुएअशोक चव्हाणः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएनवीन जिंदलः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएगीता कोड़ाः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईबाबा सिद्दीकीः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को शारदा घोटाले में क्लीन चिट शुभेदु अधिकारी इस समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष हैं। ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेदु से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में पूछताछ की थी। टीएमसी आरोप लगाती रही है कि जब अधिकारी टीएमसी में थे तो जांच एजेंसियां उन्हें परेशान करती थी लेकिन, बीजेपी में जाते ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई। विपक्ष को अकेले दोष नहीं देना चाहिए, खासकर तब जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दिखाया है कि उसे खराब रिकॉर्ड वाले राजनेताओं को गले लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। दाग धोना ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंग मशीन अब एक सौम्य घरेलू उपकरण नहीं रह गई है। एक तरह से कहें तो यह राजनीतिक क्षेत्र में एक उपयोगितावादी उपकरण बन गया है। भारत का विपक्ष अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को हथियार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की प्रवृत्ति के चारे में काफी मुखर रहा है। आरोप निराधार नहीं है. 2022 में, एक अखबार की जांच से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 95% राजनेता जी 2014 से प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो के रडार पर थे, विपक्ष के थे। लेकिन, जाहिर है, उनकी दुर्दशा से बाहर निकलने का एक रास्ता है। अब उसी अखबार के नए आंकड़ों से पता चलता है कि जिन 25 विपक्षी नेताओं ने एजेंसियों की सख्ती का सामना करने के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, उनमें से 23 राहत पाने में कामयाब रहे है। तीन मामले बंद कर दिए गए हैं, जबकि 20 अन्य में कार्यवाही प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भाजपा की शक्तिशाली वॉशिंग मशीन पर विपक्ष का तंज, जो भगवा पार्टी में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के दाग … Read more

वोट डालने वालों को मिलेगा होटलों में 10 फीसदी डिस्काउंट, ड्रा में जीत सकेंगे इनाम

Those who vote will get 10 percent discount in hotels, will be able to win prizes in the draw. भोपाल। लोकसभा चुनाव में मतदान करने वाले लोगों को लकी ड्रा में शामिल किया जाएगा। इसके साथ व्यापारी संगठनों ने शहर के होटलों में दस फीसदी डिस्काउंट देने का ऐलान किया है। सात मई को जिले के 2097 पोलिंग बूथ पर 3 ड्रा होंगे, जबकि एक बंपर ड्रा बाद में होगा। इसमें डायमंड रिंग से लेकर घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुएं जीत सकेंगे। वहीं, भोपाल की होटलों में 10 फीसदी तक डिस्काउंट भी मिलेगा। जिसको लेकर गुरुवार को कलेक्टोरेट में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जिपं सीईओ ऋतुराज सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण की मौजूदगी में बैठक रखी गई। बैठक में शहर के 92 व्यापारिक संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए नए-नए इनोवेशन करने की बात कहीं। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तेजकुलपाल ने कहा कि मतदान करने पर होटलों में 10 फीसदी का डिस्काउंट भी दिया जाएगा। ऐसे हो सकेंगे शामिलहर बूथ पर लकी ड्रा का एक बॉक्स रहेगा। मौके पर ही मतदाता को पर्ची मिलेगी, जो वोट डालने के बाद नाम, मोबाइल नंबर और मतदान केंद्र नंबर लिखकर बॉक्स में डालनी होगी। ड्रा में टी-शर्ट, टिफिन, लंच बॉक्स जैसे इनाम दिए जाएंगे। यदि कोई मतदाता वोट डालने के बाद घर चला भी जाता है तो उसे मोबाइल पर कॉल करके बुलाया जाएगा। दुकानों के आगे लगाएंगे पोस्टरबैनरसभी मार्केट व्यवसाय संघ ने यह निर्णय लिया कि वह अपने दुकान के आगे मतदान करने की अपील का एक बैनर लगाएंगे। डिजिटल मार्केटिंग के तहत 7 मई को मतदान करने के लिए अपील करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनके अधीनस्थ काम करने वाले स्टॉफ यदि वोट करके आते हैं, तो उन्हें अगले दिन सम्मानित करेंगे। ये व्यापारी संघ हुए शामिलभोपाल चेंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के अलावा एमपी होटल एसोसिएशन भोपाल, होटल एंड रेस्टोरेंट, मिष्ठान विक्रेता संघ, प्लायवुड एवं हार्डवेयर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टीम मर्चेंट एसोसिएशन, भोपाल आॅटोमोबाइल एसोसिएशन, रेडिमेड होजरी वस्त्र व्यवसाय संघ, इलेक्ट्रिकल मर्चेंट, प्लायवुड संगठन हमीदिया रोड, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भोज इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, भोपाल प्राइवेट कोचिंग वेलफेयर एसोसिएशन, कपड़ा व्यापारी संघ, टिंबर संगठन, लघु उद्योग भारती, महाराणा प्रताप व्यापारी उत्सव समेत कई संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

बनते बिगड़ते समीकरण..राजधानी में भाजपा-कांग्रेस के बीच बन गए कड़े मुकाबले के हालात

The equations are getting worse…conditions for a tough contest between BJP and Congress in the capital भोपाल। भोपाल का गढ़ बन चुकी भोपाल लोकसभा सीट में मुकाबला इस बार रोचक होता दिख रहा है। अब जबकि प्रचार में एक दिन का ही समय शेष है तब भाजपा के आलोक शर्मा और कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव के बीच कड़े मुकाबले के आसार बन गए हैं। वजह है जातीय और दलीय आधार पर मतदाताओं का लामबंद हो जाना। कांग्रेस के अरुण प्रारंभ में मुकाबले से बाहर दिख रहे थे लेकिन कायस्थ और मुस्लिम समाज के एकजुट हो जाने के कारण वे मुकाबले में आ गए। दलितों का बड़ा वर्ग भी कांग्रेस के अरुण के साथ नजर आ रहा है। दूसरी तरफ भाजपा भोपाल में बड़ी ताकत है ही। वह पिछले दो चुनाव साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीती है। ऐसे में उसकी पराजय के बारे में कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था। भाजपा के पक्ष में ब्राह्मण वर्ग के साथ पिछड़े वर्ग की तमाम जातियां एकजुट दख रही हैं। स्पष्ट है कि माहौल भाजपा में पक्ष में भले हो, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं है। अरुण का फोकस गांवों में, आलोक हर जगहचुनाव प्रचार पर नजर डालने से पता चलता है कि कांग्रेस के अरुण का ज्यादा संपर्क ग्रामीण क्षेत्रों में है। यहां उन्हें व्यक्ितगत तौर पर लोग जानते हैं और अच्छा इंसान मानते हैं। हालांकि शहर के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद उनके लिए काम कर रहे हैं। नरेला के विधानसभा प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने माेर्चा संभाल रखा है। उनके प्रयास से प्रभावी रोड शो हो चुका है। दूसरी तरफ भाजपा के आलोक का प्रचार हर जगह दिखता है। उत्तर भोपाल और भोपाल मध्य को छाेड़कर भाजपा का शेष 6 विधानसभा सीटों में कब्जा है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा का संगठन भी हर गांव और बूथ तक मजबूत है। इसका लाभ आलोक शर्मा को मिल रहा है। नेताओं-कार्यकर्ताओं की फौज के कारण भाजपा प्रचार में आगे दिखती है। मुद्दों के मसले पर भी वह कांग्रेस पर भारी है। जातिगत समीकरण ही ऐसे हैं, जिनकी बदौलत कांग्रेस के अरुण मुकाबले में हैं। दो-दो विधानसभा सीटों में भाजपा एक अदद जीत के लिए तरस रही कांग्रेसभोपाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस एक अदद जीत के लिए लंबे समय से तरस रही है। कांग्रेस हर तरह के प्रत्याशियों को आजमा चुकी लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी है। भोपाल में पहले स्व सुशील चंद्र वर्मा जीतते थे और उनकी जीत का अंतर कभी 1 लाख से कम नहीं रहा। उनके बाद उमा भारती और स्व कैलाश जोशी भी बड़े अंतर से जीते। जोशी दूसरा चुनाव 2009 में लगभग 56 हजार वोटों के अंतर से जीते थे। यह भाजपा की सबसे छोटी जीत थी। पिछले दो चुनाव तो भाजपा ने साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते। जबकि कांग्रेस की ओर से मैदान में क्रमश: भोपाल के स्थानीय लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह थे। कांग्रेस ने लंबे समय बाद किसी कायस्थ पर दांव लगाया है। इस समाज के मतदाताओं की संख्या ढाई से तीन लाख बताई जाती है। भोपाल में आमतौर पर कायस्थ प्रत्याशी हारता नहीं है। इसलिए भी पार्टी इस बार जीत की उम्मीद कर रही है। हालांकि यह आसान नहीं है।

प्रज्ज्वल रेवन्ना मामले में राहुल गांधी की CM को चिट्ठी, पढ़ें

Rahul Gandhi’s letter to CM regarding Prajjwal Revanna case, read सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने प्रज्जवल रेवन्ना की आलोचना की। साथ ही मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो। कर्नाटक की राजनीति में हलचल मची हुई है। कई महिलाओं से यौन शोषण के आरोप झेल रहे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्ज्वल रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पीड़ितों की हरसंभव सहायता की जाए। इस पत्र का सिद्धारमैया ने जवाब दिया है। सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाएराहुल गांधी ने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया आप सभी पीड़ितों की हरसंभव मदद करें। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।’ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साधीसिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने दक्षिणी राज्य से सांसद रेवन्ना की आलोचना की। इसके साथ ही उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्रछाया में रहने का आरोप लगाया। मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो।उन्होंने कर्नाटक के सीएम से अनुरोध किया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाए। गांधी ने कहा, ‘वे हमारी करुणा और एकजुटता की पात्र हैं क्योंकि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई लड़ रही हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।’ कठोर से कठोर सजा देने की जरूरतगांधी ने आरोप लगाया कि रेवन्ना ने कई वर्षों तक सैकड़ों महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि कई लोग जो उन्हें भाई और बेटे के रूप में देखते थे, उनके साथ सबसे हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा लूट ली गई। माताओं और बहनों के साथ दुष्कर्म किए जाने के लिए कठोर से कठोर सजा देने की जरूरत है। पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि पिछले साल दिसंबर में हमारे गृह मंत्री अमित शाह को देवराजे गौड़ा ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के घिनौने कारनामों के बारे में बताया था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा इन वीभत्स आरोपों को सामने लाए जाने के बावजूद मोदी ने एक दुष्कर्मी के लिए प्रचार किया। गांधी ने आगे कहा, ‘इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने जानबूझकर उसे भारत से भागने दिया। इन अपराधों की और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के आशीर्वाद से प्रज्ज्वल रेवन्ना को मिली छूट की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।’ मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही महिलाएंउन्होंने आरोप लगा, ‘दो दशकों में मैंने कभी ऐसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ लगातार चुप्पी साध रखी हो। हरियाणा में हमारे पहलवानों से लेकर मणिपुर में हमारी बहनों तक भारतीय महिलाएं ऐसे अपराधियों के लिए प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही हैं। गांधी ने कहा कि कांग्रेस का नैतिक कर्तव्य है कि वह हमारी माताओं और बहनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि कर्नाटक सरकार ने गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और प्रधानमंत्री से प्रज्ज्वल रेवन्ना के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने का अनुरोध किया है।’ सीएम सिद्धारमैया का जवाबकर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी के पत्र का जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रज्जवल रेवन्ना से जुड़े मामले ने देश को बुरी तरह झरझोर दिया है। हमारी कानूनी प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए पीड़ितों को न्याय को मिलना जरूरी है। राहुल गांधी ने पत्र लिखकर पीड़ितों के लिए समर्थन पर जोर दिया है। हम निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ यह है मामलाबता दें कि 33 वर्ष के प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के पोते और विधायक व पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। उनके खिलाफ कई महिलाओं के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं और कई इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो गए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है। प्रज्ज्वल कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 26 अप्रैल को मतदान हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जैसे ही सांसद से जुड़े वीडियो सामने आने लगे, वह वोटिंग खत्म होने के बाद वह देश छोड़कर भाग गए।

मतदान हमारा कर्तव्य और जवाबदारी भी ( लायंस, अनिल सोनी )

Voting is our duty and also our responsibility (Lions, Anil Soni) हरिप्रसाद गोहे आमला। मतदान जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत आज लायंस क्लब आमला सार्थक अध्यक्ष अनिल सोनी पटेल के नेतृत्व में आमला नगर सहित ग्रामीण अंचलों में रैली निकालकर लोगो को अधिक से अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित किया । चौपाल बैठको के माध्यम से लोगो को मतदान करने और अधिक से अधिक लोगो को मतदान के लिऐ प्रेरित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर लायंस क्लब आमला सार्थक के सदस्यों ने आमला नगर सहित ग्राम तोरनवाड़ा, बोरी, रतेड़ा सहित लगभग आधा दर्जन गावों में संपर्क कर बैठक की तथा लोगो को अधिक से अधिक मतदान के लिए कहा। इस अवसर पर सदस्यों के हाथ में मतदान प्रेरित करने के स्लोगन लिखे तख्तियां भी थी। साथ ही मतदान जागरूकता के प्रेरणादाई नारे भी लगा रहे थे। इस अभियान में गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला,हरी यादव जिला पंचायत सदस्य आमला सहित अन्य प्रभावी गणमान्य लोग भी साथ थे।इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए अनिल सोनी पटेल अध्यक्ष लायंस क्लब आमला सार्थक ने कहा की मतदान करना हमारा कर्तव्य भी है और हमारी जवाबदारी भी। यह मतदान देश के लिए ही नहीं बल्कि हमारे सर्वांगीण विकास के लिए भी जरूरी है।इसलिए अपने विकास के लिए वोट दे,देश की खुशहाली ओर तरक्की के लिए वोट दे।सभी अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करे। वोट दे ओर लोगो को वोटिंग के लिए प्रेरित करे।इस अवसर पर गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला ने कहा की हमारे एक वोट से न केवल हमारे गांव बल्कि देश की प्रगति के रास्ते खुलते है। इसलिए हमे वोट अवश्य डालना चाहिए। इस अवसर पर लायन अनिल सोनी पटेल,ला किशोर गुगनानी,ला चंद्रशेखर सोनी,ला जयंत सोनी,ला मनोज विश्वकर्मा,बंशीलाल पवार पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी आमला,गोपाल खतारे,नितेश साहू, डॉ नेपाल ठाकुर आदि उपस्थित थे ।

पाकिस्तान आतंकी हमले करता रहा, कांग्रेस सरकार लव लेटर भेजती रही; पीएम मोदी

Pakistan kept carrying out terrorist attacks, Congress government kept sending love letters: PM Modi पीएम मोदी ने कहा जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। एक ऐसा वक्त था जब भारत दूनियाभर में जाकर रोता था, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। झारखंड के पलामू में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचता था और कांग्रेस सरकार उन्हें लव लेटर भेजती थी और अमन की आस लगाती थी। उन्होंने कहा, वो जितने ज्यादा लव लेटर भेजते थे उतने ही आतंकी पाकिस्तान से भारत में आते थे। लेकिन फिर जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। पीएम मोदी ने कहा, एक ऐसा वक्त था जब दुनियाभर में कमजोर कांग्रेस सरकारी की बात होती थी, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। आज पाकिस्तान दूनिया भर में रो रहा है और बचाओ बचाओ चिल्ला रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में बम धमाके होते थे, आतंकवादी गोलियां चलाते थे और सरकार उन्हें प्रेम पत्र भेजती थी। उनके पास ‘अमन की आस’ थी। कांग्रेस जितने लव लेटर भेजती थी पाकिस्तान उससे ज्यादा आतंकी भेजता था। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपके एक वोट ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने आते ही कहा ‘बहुत हो गया’। ये नया भारत है, ‘घर में घुस के मारता है’। सर्जिकल और बालाकोट स्ट्राइक के तमाचे से पाकिस्तान हिल गया था। उन्होंने कहा, एक समय था जब किसी आतंकी हमले के बाद कमजोर कांग्रेस सरकार की पूरी दुनिया में दुहाई दी जाती थी। अब पाकिस्तान पूरी दुनिया में रो रहा है और चिल्ला रहा है ‘बचाओ, बचाओ’। पाकिस्तान में नेता दुआ कर रहे हैं कि कांग्रेस के शहजादा पीएम बनें। लेकिन सशक्त भारत अब केवल एक मजबूत सरकार चाहता है।”

समीकरण..राजगढ़ में दिग्विजय समर्थक कान्फिडेंट, भाजपा के रोडमल से उनके कार्यकर्ता नाराज

Equation…Digvijay supporters confident in Rajgarh, their workers angry with BJP’s Rodmal. भोपाल। छिंदवाड़ा के बाद राजगढ़ दूसरी ऐसी हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट है, जिस पर सभी की नजर है। छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कारण चर्चा में थी और राजगढ़ दिग्विजय सिंह के कारण। छिंदवाड़ा की ही तरह राजगढ़ का चुनाव भी रोचक और कड़े मुकाबले का है। छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में हैं जबकि राजगढ़ में खुद दिग्विजय कांग्रेस प्रत्याशी। छिंदवाड़ा के लिए पहले चरण में मतदान हो चुका है जबकि राजगढ़ में तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होना है। राजगढ़ में भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर फिर मैदान में हैं। दिग्विजय समर्थक सोशल मीडिया में कान्फिडेंट दिखते हैं और जीत का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा को नागर के जीत की उम्मीद है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस की प्रचार शैली अलगराजगढ़ में भाजपा के रोडमल और कांग्रेस के दिग्वजय की प्रचार शैली में बड़ा फर्क है। दिग्विजय सिंह जब से प्रत्याशी घोषित हुए तब से ही पदयात्रा कर रहे हैं। हर दिन वे 15 से 20 किमी तक पैदल चलते हैं और रात्रि विश्राम गांव में ही करते हैं। गांव में समर्थक चंदा कर सामूहिक भोजन की व्यवस्था करते हैं और साथ बैठकर खाते हैं। इस दौरान दिग्विजय लोगों से संपर्क और बातचीत करते हैं। दिग्विजय खासतौर पर भाजपा के गढ़ों को टारगेट कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के रोडमल नागर कभी पदयात्रा करते दिखाई नहीं पड़े। वे रोड शो पर भरोसा करते हैं और एक दिन में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कह सकते हैं कि दिग्विजय की प्रचार शैली भाजपा के रोडमल की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। नाराज लोगों को भी मना रहे हैं दिग्विजय राजगढ़ क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के नेता प्रत्याशियों के लिए एकजुट नजर आते हैं। सांसद रोडमल को प्रत्यााशी बनाए जाने से लोगों में नाराजगी है। पार्टी के एक पदाधिकारी का कहना है कि कार्यकताओं को रोडमल से नाराजगी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं। इसलिए बाद में सभी लोग वोट भाजपा को ही देंगे। दिग्विजय के लिए कांग्रेस नेता भी एकजुट हैं लेकिन उनके भाई लक्ष्मण सिंह प्रचार में नहीं दिख रहे थे। खबर है कि दिग्विजय ने उन्हें मना लिया है। अब वे प्रचार में जुट गए हैं। दिग्विजय ने भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना को भी अपने पक्ष में कर लिया है। चाचौड़ा क्षेत्र में वे कांग्रेस का काम कर रही हैं। बता दें, कि विधानसभा में टिकट न मिलने से ममता ने भाजपा छोड़ दी थी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। उन्हें लगभग 27 हजार वोट मिले थे। ममता के कांग्रेस के पक्ष में आने का लाभ दिग्विजय को मिल सकता है। राजगढ़ में इसलिए मुकाबला कड़ा लोकसभा के इस चुनाव में राजगढ़ में मुकाबला कड़ा दिख रहा है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गृह क्षेत्र है। वे यहां से सांसद रह चुके हैं और विधायक के साथ 10 साल तक मुख्यमंत्री। इस नाते क्षेत्र में उनके पास अच्छी टीम है और अच्छा संपर्क भी। कांग्रेस एकजुट है ही। दिग्विजय की इस टीम का मुकाबला सरकार, संघ और भाजपा के बड़े संगठन से है। संघ और दिग्विजय एक दूसरे के पसंदीदा हैं। इसीलिए दिग्विजय को हराने के लिए सरकार और भाजपा संगठन के साथ संघ ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है। दिग्विजय को राम द्रोही और मुस्लिम तुष्टिकरण का अगुवा बताया जा रहा है। जवाब में दिग्विजय खुद को सबसे बड़ा सनातनी बता रहे हैं। दिग्विजय यह भी कहते हैं कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है। उसका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। राजगढ़ की जय-पराजय इस मुद्दे पर जनता का फैसला माना जाएगा। अमित शाह ने विधायकों को दिया यह ऑफरजैसे कमलनाथ ने छिंदवाड़ा किसी बड़े कांग्रेस नेता को नहीं बुलाया था, उसी तरह दिग्विजय भी राजगढ़ में अकेले अपनी टीम के साथ प्रचार कर रहे हैं। आज जरूर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजगढ़ के जीरापुर में दिग्विजय के समर्थन में सभा की है और कल शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आ रहे हैं। भाजपा की ओर से लगभग हर प्रमुख नेता पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कई बार जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन कुछ क्षेत्रों में प्रचार के लिए गए हैं, उनमें राजगढ़ शामिल है। भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह भी राजगढ़ होकर गए हैं। उन्होंने मंच से ही विधायकों को ऑफर दिया कि जिनके क्षेत्र का परफारमेंस अच्छा होगा, आने वाले समय में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। शाह के इस ऑफर के बाद पार्टी के सभी 5 विधायक रोडमल के लिए प्राण-प्रण से जुट गए हैं। भाजपा- कांग्रेस के बीच जातियो का बंटवारालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और तंवर समाज के हैं। ये आमतौर पर भाजपा के साथ रहते हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। इनकी भी स्थित वही है। हालांकि दिग्विजय के कारण हर समाज मे बंटवारा देखने को मिल रहा है। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। कांग्रेस और भाजपा ने जातिगत आधार पर नेताओं को मैदान में उतार रखा है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के बीच बंटी दिखाई पड़ रही हैं। ऐसे में यह कहना कठिन है कि आखिर, जीत किसके पाले बैठेगी।

लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस का जनता को गारंटी पत्र, जाने क्या?

Lok Sabha Elections 2024: Congress’s guarantee letter to the public, know what? कांग्रेस की गारंटी युवा न्याय नारी न्याय किसान न्याय श्रमिक न्याय हिस्सेदारी न्याय 1.गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती2.आरक्षण का हक – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50% सीमा हटाकर SC/ST/OBC को आरक्षण का पूरा हक3.⁠SC/ST सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी SC/ST जनसंख्या, उतना बजट; यानी ज़्यादा हिस्सेदारी4.जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फैसला5.अपनी धरती, अपना राज – कांग्रेस उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित करेगी जहां आदिवासी सबसे बड़ा सामाजिक समूह हैं

आप सभी अवैध खनन करों हम तुम्हारे साथ है, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, विडियो वायरल

All of you do illegal mining, we are with you, Agriculture Minister Aidal Singh Kansana, video goes viral MP के मंत्री कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। ग्वालियर चंबल अंचल में लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना चुनावी पंचायत में कथित तौर से लोगों से कह रहे हैं कि चुनाव के बाद न तो किसी का पत्थर का ट्रैक्टर पकड़ा जाएगा न रेत का। अगर किसी का ट्रैक्टर पकड़ा जाए तो मुझे फोन करना, मेरी जवाबदारी है। कंसाना एक वायरल वीडियो में ये सब कहते दिख रहे हैं। वीडियो नूराबाद क्षेत्र स्थित करह धाम मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में वे लोगों से कह रहे हैं, ‘हमें मालूम है कि हमारे लोग धंधा करते हैं। पत्थर का, रेत का ये अपराध नहीं है। अगर इसको नहीं करेंगे तो हमारे समाज के लोग, रिश्तेदार गलत काम यानी चोरी- चपाटी में चले जाएंगे। उससे हमारे समाज की बदनामी होगी, बच्चों की जिंदगी खराब होगी।’ कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि चंबल रेत माफियाओं के लिए पूरे प्रदेश भर में जाना जाता है। सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बावजूद भी यहां पर आज तक सरकार से लेकर प्रशासन अवैध उत्खनन को नहीं रोक पाया है और जिस अधिकारी ने इन माफिया को रोकने की कोशिश की है उसे मौत के घाट उतार दिया गया है। मुरैना में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन को लेकर सबसे ज्यादा आवाज कृषि मंत्री कंसाना पर लगाते रहे हैं और विपक्ष भी लगातार इन्हीं पर आरोप लगाता रहा है। ऐसे में कृषि मंत्री कंसाना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और विपक्ष को इस चुनाव में एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

पीएम मोदी पर राहुल गांधी का आरक्षण वाला अटैक, ‘बैक डोर से नौकरियां खत्म ‘

Rahul Gandhi’s reservation attack on PM Modi, ‘Jobs are being destroyed through back door’ राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी देश के युवाओं के लिए है, जिसमें हम सभी युवाओं को भर्ती की गारंटी देते हैं. इसके तहत केंद्र में करीब 30 लाख खाली पदों को भरा जाएगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है. उन्होंने आरक्षण को लेकर जमकर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है- न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. वहीं, बीजेपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. साल 2013 में पब्लिक सेक्टर में 14 लाख स्थायी पद थे, जो 2023 तक आते आते सिर्फ 8.4 लाख ही बचे. 6 लाख पक्की नौकरियां पब्लिक सेक्टर से हुई खत्म- राहुल गांधी राहुल गांधी ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि बीएसएनएल, सेल, भेल जैसे टॉप PSU’s को बर्बाद कर लगभग 6 लाख पक्की नौकरियां सिर्फ पब्लिक सेक्टर से ही खत्म कर दी गई. उन्होंने कहा कि ये वही पद हैं जहां आरक्षण का लाभ मिलता है. सरकारी कामों को ठेके पर देकर रेलवे जैसे संस्थानों में जो नौकरियां बैक डोर से खत्म की जा रही हैं उनकी तो कोई गिनती ही नहीं है. भरे जाएंगे 30 लाख रिक्त पद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी मॉडल का निजीकरण देश के संसाधनों की लूट है, जिसके जरिए वंचितों का आरक्षण छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की गारंटी है कि हम पब्लिक सेक्टर्स को मजबूत करेंगे और 30 लाख खाली पड़े सरकारी पदों को भर कर हर वर्ग के लिए रोजगार के दरवाजे खोल देंगे. इसके साथ ही परीक्षा के आयोजन से भर्ती होने तक की एक निश्चित समयसीमा होगी.

श्याम रंगीला, ने वाराणसी से पीएम मोदी के सामने चुनाव लड़ने का किया है एलान

Shyam Rangeela has announced to contest elections from Varanasi against PM Modi. श्याम रंगीला स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही कॉमडी किया करते थे और लोगों की मिमिक्री करने में उन्हें महारत हासिल है। इसी काबिलियत की वजह से श्याम रंगीला द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज टीवी शो तक पहुंचे और इसी शो से वह देश के घर-घर में पहचाने गए। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है। इस एलान के साथ ही श्याम रंगीला चर्चा में आ गए हैं। श्याम रंगीला पीएम मोदी जैसी आवाज में बात करने के चलते काफी मशहूर हैं और सोशल मीडिया पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है। हालांकि कम ही लोग श्याम रंगीला की असल जिंदगी के बारे में जानते होंगे, तो आइए जानते हैं कि कौन हैं श्याम रंगीला और आखिर उन्होंने राजनीति के पिच पर उतरने के लिए वाराणसी लोकसभा सीट का ही चुनाव क्यों किया है। राजस्थान के निवासी हैं श्याम रंगीलाश्याम रंगीला राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा तहसील के मानकथेरी गांव के रहने वाले हैं। श्याम रंगीला का असली नाम श्याम सुंदर है और उनका जन्म 25 अगस्त 1994 को हुआ था। श्याम रंगीला स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही कॉमडी किया करते थे और लोगों की मिमिक्री करने में उन्हें महारत हासिल है। इसी काबिलियत की वजह से श्याम रंगीला द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज टीवी शो तक पहुंचे और इसी शो से वह देश के घर-घर में पहचाने गए। टीवी के बाद श्याम रंगीला ने सोशल मीडिया के जरिए कॉमेडी और मिमिक्री जारी रखी। खासकर पीएम मोदी की मिमिक्री करने के चलते श्याम रंगीला खूब मशहूर हुए। श्याम रंगीला साल 2022 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन कुछ समय बाद ही श्याम रंगीला ने स्वतंत्र रूप से काम करने की बात कहकर पार्टी से किनारा कर लिया। वाराणसी से ही चुनाव क्यों लड़ रहे श्याम रंगीला?श्याम रंगीला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान किया है। इस वीडियो में श्याम रंगीला ने बताया कि जैसा सूरत में हुआ, इंदौर में हुआ, वैसा वाराणसी में न हो, इसलिए मैंने वाराणसी से चुनाव लड़ने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि सूरत लोकसभा सीट पर कांग्रेस समेत कई अन्य उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हो गया। वहीं इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने नामांकन के बाद अपना नाम वापस ले लिया। इस तरह दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार के जीतने की राह साफ हो गई है। श्याम रंगीला का कहना है कि ऐसा वाराणसी में न हो, इसी लिए उन्होंने वाराणसी से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा ED से जवाब : चुनाव से पहले ही केजरीवाल को गिरफ्तार क्यों किया

Supreme Court seeks answer from ED: Why was Kejriwal arrested even before the elections? सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। बता दें कि शराब नीति घोटाला मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा हुई अपनी गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ‘आप इससे इनकार नहीं कर सकते’न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ‘जीवन और स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप इससे इनकार नहीं कर सकते।’ पीठ ने राजू से कई अन्य सवाल पूछे। जांच एजेंसी से केजरीवाल की इस याचिका पर भी मांगा जवाबबता दें कि 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत यहां तिहाड़ जेल में बंद हैं। शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को ईडी को नोटिस जारी किया और केजरीवाल की याचिका पर उससे जवाब मांगा है। केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रख रहे है।

महात्मा गांधी पर, कैलाश विजयवर्गीय ने कसा तंज

Kailash Vijayvargiya took a dig at Mahatma Gandhi इंदौर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विजयवर्गीय ने कहा कि आज कांग्रेस एसटी, एससी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे रही है। कर्नाटक में यह ऐसा कर चुकी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों, वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है, जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह बात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को इंदौर में कही।

कांग्रेस नेता मोती सिंह पहुंचे हाईकोर्ट, कहा- मुझे पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया जाए

Congress leader Moti Singh reached High Court, said- I should be declared the authorized candidate of the party कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी घोषित करने की मांग की है। इंदौर । इंदौर में कांग्रेस पर फूटे बम से घायल होने के बाद अब कांग्रेस के नेताओं ने मोती सिंह पर दाव लगाने पर जोर तो शुरू कर दिए है। मोती सिंह ने हाईकोर्ट में मंगलवार को याचिका लगाई है और अपील की है कि उन्हें कांग्रेस का चुनाव चिन्ह आवंटित कर उम्मीदवार माना जाए। याचिका पर आज दोपहर बाद सुनवाई होने की उम्मीद है । इस मुद्दे पर गए पटेल पटेल के अधिवक्ता विवरंडेलवाल ने बताया कि मोती सिंह ने कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर में अपना नामांकन भरा था, लेकिन अक्षय बम के होने के बाद उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया था। नियम अनुसार यदि फार्म वाले प्रत्याशी का नामांकन वापस हो जाता है तो वह फॉर्म भी दूसरे प्रत्याशी को मिलना चाहिए इसलिए उनका अधिकार बनता है कि वह कांग्रेस के औपचारिक प्रत्याशी माना जाए। इसी आधार पर हमने याचिका लगाई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है और यह दोपहर बाद बेंच में लिस्टेड होगी। 13 मई को होना है मतदान इंदौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए 26 प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म जमा किए थे। जांच के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकाटी आशीष सिंह ने तीन उम्मीदवारों सुनील तिवारी (निर्दलीय), रविंद्र लोखंडे (निर्दलीय) तथा मोती सिंह (इंडियन नेशनल कांग्रेस) के नामांकन निरस्त कर दिए थे। इसके बाद 23 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। आपको बता दें कि इंदौर में 13 मई को वोटिंग होना है। भाजपा ने षड्यंत्र कर बम को मजबूर किया नामांकन वापस लेने पर, यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।

दलबदलू देवाशीष ने बिगाड़ा फूल सिंह का गणित, कड़े मुकाबले में फंसी संध्या

Defector Devashish spoils Phool Singh’s mathematics, Sandhya trapped in tough competition मुरैना। चंबल-ग्वालियर अंचल की मुरैना सीट की तरह भिंड में भी कांग्रेस के बागी ने चुनावी समीकरण प्रभावित कर दिए हैं। मुरैना में कांग्रेस के रमेश गर्ग बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं तो भिंड से कांग्रेस के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुके देवाशीष जरारिया ने बागी होकर बसपा के हाथी की सवारी की है। दलबदलू देवाशीष के बसपा का प्रत्याशी घोषित हाेने से पहले तक भिंड का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में जाता दिख रहा था। पहली वजह भाजपा सांसद संध्या राय की निष्क्रियता से लोग नाराज थे और दूसरा वे पड़ोस के जिले मुरैना से हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया भिंड जिले से हैं। 4 माह पहले भांडेर से विधानसभा चुनाव बड़े अंतर से जीते हैं और उनकी छवि बड़े दलित नेता की है। अचानक देवाशीष की बगावत और बसपा के टिकट पर मैदान में उतरने से कांग्रेस का गणित गड़बड़ाया है। माना जा रहा है कि देवाशीष कांग्रेस का ज्यादा नुकसान करेंगे। बसपा ने प्रचार तेज भी किया है हालांकि तब भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। भाजपा की संख्या कड़े मुकाबले में फंसी दिख रही हैं। हार के बाद भी सक्रिय रहे थे बागी देवाशीषकांग्रेस छोड़कर बसपा से चुनाव लड़ रहे देवाशीष लोकसभा का पिछला चुनाव बड़े अंतर लगभग दो लाख वोटों से हारे थे। लेकिर हार कर वे घर नहीं बैठे थे। क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के नजदीक हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया तो उन्होंने बगावत कर दी। गोविंद सिंह ने भी अपनी पहली प्रतिक्रिया में टिकट वितरण पर नाराजगी व्यक्त की थी। कांग्रेस में लगातार काम करने के कारण वे चुनाव में इस पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे। लोगों से बातचीत में भी वे वोट काटने वाले बताए जा रहे हैं। वे मुकाबले में नहीं रहेंगे लेकिन नुकसान कांग्रेस का करेंगे। इसलिए भी क्योंकि वे भी भिंड जिले से हैं, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी बरैया हैं। विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग स्थितिदो जिलों भिंड और दतिया की विधानसभा सीटों को मिला कर बने इस लोकसभा क्षेत्र में कहीं भाजपा मजबूत दिखती है तो कहीं कांग्रेस। दतिया जिले की तीन सीटों में भांडेर से फूल सिंह खुद विधायक हैं इसलिए यहां कांग्रेस बढ़त में दिखती है। दतिया में कांग्रेस ने नरोत्तम मिश्रा जैसे दिग्गज को हराया था, इसलिए यहां भी पार्टी कमजोर नहीं है। सेवढ़ा में मुकाबला बराबरी का बताया जाता है। भिंड जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन भाजपा और दो कांग्रेस के पास हैं। लेकिन कांग्रेस के फूल सिंह और बसपा के देवाशीष यहां के रहने वाले हैं। भाजपा के अपने तीन विधायक हैं ही। ऐसी स्थिति में तीनों दलों को इस जिले में अच्छे वोट मिल सकते हैं पर मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही होना तय है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज, ब्राह्मण-वैश्य का समर्थनभिंड क्षेत्र के जातीय समीकरणों पर नजर डालने से पता चलता है कि यहां दलित, पिछड़े, क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य वर्ग के मतदाताओं का बोलबाला है। दलित मतदाताओं का ज्यादा हिस्सा कांग्रेस और बसपा के साथ दिखाई पड़ता है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज हैं। भिंड जिले में इनकी तादाद ज्यादा है। इनका झुकाव कांग्रेस की ओर है। ब्राह्मण और वैश्य के साथ पिछड़े वर्ग की ज्यादा जातियां भाजपा के साथ दिखाई पड़ती हैं। कांग्रेस के फूल सिंह बरैया पहले बसपा के प्रदेश प्रमुख हुआ करते थे। उन्होंने अपना अलग दल बनाकर भी दलितों के बीच ज्यादा काम किया है। हालांकि उनके कई बयान विवादास्पद रहे हैं। इसकी वजह से ब्राह्मण समाज बरैया को पसंद नहीं करता। चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और हेमंत कटारे समाज का कितना वोट बरैया को दिला पाते हैं। यह देखने लायक होगा। कई नेता सक्रिय, कई का रुख साफ नहीभिंड लोकसभा सीट में कड़ी टक्कर के बीच कांग्रेस- भाजपा नेताओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चा चलने लगी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह पहले प्रत्याशी चयन को लेकर नाराज थे लेकिन अब सक्रिय नजर आ रहे हैं। फूल सिंह बरैया की नैया पार लगाने की जवाबदारी उनके कंधों पर ही है। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि विधानसभा में हार का बदला इस चुनाव में लेंगे। चौधरी राकेश सिंह भी प्रचार में जुटे दिखते हैं। अटेर में अच्छे अंतर से जीते हेमंत कटारे भिंड की बजाय बाहर ज्यादा दिखाई पड़ते हैं। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव मे भाजपा से बसपा मे गए डॉ रामलखन सिंह वापस भाजपा मे आ गए हैं। भाजपा से बागी होकर बसपा से विधानसभा चुनाव लड़े रसाल सिंह ने भी बसपा छोड़ दी है। हालाकि रसाल सिंह और एक अन्य बागी मुन्ना सिंह भदौरिया का रुख अब तक साफ नही है। ये किसी का प्रचार करते नजर नहीं आ रहे हैं।

बलात्कार पीड़िता आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले भाजपा के मंत्री के रिश्तेदार इसलिए संबंधित मंत्री का इस्तीफा लें मुख्यमंत्री : जीतू पटवारी

Chief Minister: Jitu Patwari, relatives of the BJP minister who raped the tribal girl, hence the concerned minister should resign. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, रतलाम लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया एवं विधायक विक्रांत भूरिया ने आज अलीराजपुर के जोबट में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता 11 वर्षीय आदिवासी बच्ची के परिवारजनों से मुलाकात की एवं ढांढस बंधाया। पटवारी ने कहा कि दुख एवं पीड़ा के इस समय में पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है एवं हम सब इस परिवार के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। इसके पश्चात पटवारी एवं विधायक विक्रांत भूरिया ने एक अन्यत्र स्थान पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े बाहुबली राजनैतिक परिवार के सदस्य ने उस बेटी की अस्मत लूटी और यहां से उस बेटी को इंदौर रेफर करना पड़ा इतनी स्थिति भयावह है, क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव में इतनी सद्बुद्धि नही की राजनैतिक प्रभाव का दुरुपयोग हो रहा है और पीड़ित परिवार से जब मैं मिलने गया तो वहां बहनों ने मुझे बताया कि उनके साथ अक्सर ऐसी वारदातों को अंजाम दिया जाता है, इसका अर्थ यह है कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों की महिलाओं और बेटियों से होने वाली दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर आंख-कान बंद कर चुकी है। पटवारी ने कहा कि भाजपा और उसके विचार और हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव बार-बार एहसास कराते हैं कि वे आदिवासियों के विरोधी हैं। कुछ दिन पहले श्री राहुल गांधी आए थे उन्होंने महुआ बीनने वाली महिलाओं से बात की, उनके दर्द को समझा तो मोहन यादव जी ने आदिवासियों का अपमान किया, अभी 4 दिन पहले मोहन यादव जब झाबुआ में आए तो उन्होंने आदिवासियों को कहा है कि आपको फोकट का अनाज हम देते हैं यह कहकर फिर से अपमान किया, मोहन यादव बार-बार आदिवासियों का अपमान कर रहे हैं। मोहन यादव जी को माफी मांगनी चाहिए। आदिवासियों के इस अपमान के लिए आदिवासी समाज उनको कभी क्षमा नहीं करेगा। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश आज आदिवासी बच्चियों-महिलाओं के खिलाफ अपराध में सर्वप्रथम है, इसका कारण बीजेपी सरकार के लगातार कई वर्षों का जंगलराज है। मध्य प्रदेश में 17 बहनों की रोज अस्मत लूटी जाती है। बलात्कार में मामलों में मध्य प्रदेश टॉप 3 राज्यों में शामिल है, 3 हजार से ज्यादा महिलाओं से बलात्कार के मामले पिछले वर्ष आए एवं इसमें हर साल बढ़ोतरी हो रही है खासकर आदिवासी बहनों के साथ, पीड़ित बेटी के पिता रोजगार के लिए बाहर थे यहां को यह बड़ी समस्या है झाबुआ अलीराजपुर में पलायन करना पड़ता है रोजगार के लिए यह भाजपा की सरकार है। 6459 बालिका एवम बुजुर्ग महिलाओं से कुल दुष्कर्म के मामले हुए ऐसे में मोहन यादव सरकार को चुल्लूभर पानी में डूब जाना चाहिए, ये आदिवासियों को मुफ्त अनाज की बात कहते हैं परंतु खुद के मुफ्त के हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज, सरकारी आवास एवं अन्य सुविधाएं पर कुछ नहीं बोलते। पटवारी ने कहा कि मुझे पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी वेदना का एहसास हुआ, बोलते हुए भी रोना आ रहा है, सरकार का ऐसा रवैया है कि पीड़ित परिवार से कलेक्टर, एसडीएम मिलने तक नही गए। जिस परिवार ने वारदात की उस परिवार को भाजपा की सरकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है इसलिए मुख्यमंत्री को संबंधित मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए अन्यथा आदिवासी विरोधी भाजपा , आरक्षण विरोधी भाजपा, संविधान विरोधी भाजपा, लोकतंत्र विरोधी भाजपा, वोट के अधिकार की विरोधी से जनता बदले लेगी। आदिवासियों के अपमान का बदला लेगी, भाजपा के राज में 2 लाख आदिवासी बहने गायब हुई उसका बदले लेगी, रोजगार के लिए पलायन का बदला लेगी,बैकलॉग के पद 20 साल से नही भरे उनका बदला लेगी, आदिवासीयों के खिलाफ टिप्पणीका बदला लेगी।

बसपा प्रमुख मायवती की मध्य प्रदेश में दूसरी जनसभा रविवार को मुरैना में

BSP chief Mayawati’s second public meeting in Madhya Pradesh on Sunday in Morena भोपाल। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती की रविवार को मुरैना में दोपहर 12 बजे जनसभा होने जा रही है। प्रदेश में उनकी यह दूसरी सभा है। इसके पहले 19 अप्रैल को रीवा में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। पार्टी ने मुरैना से रमेश चंद्र गर्ग को उम्मीदवार बनाया है। वह इसी माह पार्टी में शामिल हुए थे। गर्ग पहले कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, पर पार्टी ने सत्यपाल सिंह सिकरवार को टिकट दे दिया तो वह बसपा से लड़ गए। भाजपा से यहां शिवमंगल सिंह तोमर उम्मीदवार हैं। कांग्रेस और भाजपा से क्षत्रिय वर्ग के उम्मीदवार होने पर बसपा ने जातिगत समीकरण देखते हुए ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से बसपा प्रत्याशी करतार सिंह को एक लाख 29 हजार 380 (11.38 प्रतिशत) मत मिले थे। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मुरैना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा हो चुकी हो तो कांग्रेस से दो मई को प्रियंका गांधी की जनसभा का प्रस्ताव है। भाजपा और कांग्रेस के बाद अन्य किसी दल से मायावती पहली बड़ी नेता हैं जिनकी प्रदेश में चुनावी सभा हो रही है। उनके बाद पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद की भी ग्वालियर -चंबल या मध्य भारत में सभा का प्रस्ताव है। मत प्रतिशत के हिसाब से प्रदेश में ‘आइएनडीआइए’ के सबसे बड़े घटक दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की प्रदेश में खजुराहो और अन्य सीटों पर कांग्रेस के समर्थन सभा का प्रस्ताव था पर अभी तक कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं हुआ है। तीसरे चरण में शामिल किसी सीट पर कांग्रेस के समर्थन में उनकी सभा हो सकती है।

अमित शाह को दिग्विजय सिंह का जवाब, कहा- आपने 17 बार मेरा नाम लिया, आठ बार झूठ बोला

Digvijay Singh’s reply to Amit Shah, said- You took my name 17 times, lied eight times कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमित शाह जी ने अपने भाषण में 17 बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। लेकिन, जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरु (पीएम मोदी) ने उन्हें दिये हैं वे उनके भाषण में 8 बार नजर आए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिन शुक्रवार को राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में जनसभा को संबोधित किया। भाजपा प्रत्याशी रोडमल नागर के समर्थन में सभा करते हुए शाह ने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह पर जमकर हमला बोला। अब दिग्विजय सिंह ने शाह पर पलटवार किया है।कांग्रेस प्रत्याशी सिंह ने एक्स कर लिखा- अमित शाह जी ने अपने भाषण में 17 बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। मैं उनका आभारी हूं, लेकिन जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरु (पीएम नरेंद्र मोदी) ने उन्हें दिये हैं वह उनके भाषण में 8 बार नजर आए। दिग्विजय सिंह का आरोप, अमित शाह ने यह 8 झूठ बोले झूठ: दिग्विजय सिंह की सलाह से राहुल गांधी ने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लोन डाला।तथ्य: कांग्रेस के घोषणा पत्र में कोई मुस्लिम पर्सनल लोन नहीं है। झूठ: दिग्विजय सिंह ने भगवा आतंकवाद कहा।तथ्य: मैंने कभी भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग नहीं किया। झूठ: दिग्विजय सिंह ने अफजल गुरु की फांसी का विरोध किया।तथ्य: मैंने अफजल गुरु की फांसी को जल्द करवाने के लिए पत्र लिखा था कि उसे जल्द फांसी दी जाए। झूठ: दिग्विजय सिंह ने PFI पर बैन लगाने का विरोध किया।तथ्य: मैंने कभी PFI पर बैन का विरोध नहीं किया। सिमी पर सबसे पहले प्रतिबंध मेरी ही सरकार ने लगाया था। सच्चाई यह है कि भाजपा ने PFI की राजनीतिक इकाई के साथ कर्नाटक में गठबंधन करके लोकल चुनाव लड़ा।झूठ: दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोरोना का टीका मत लगाओतथ्य: मैंने कभी भी कोरोना का टीका ना लगाने की अपील नहीं की। झूठ: कोरोना महामारी में राजनीति कीसच्चाई और तथ्य: जब राजगढ़ जिले के लोग ऑक्सीजन और सिलेंडर के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे थे, तब मैंने दिल्ली से ऑक्सीजन सिलेंडर भेजकर इलाज की व्यवस्था कराई।झूठ: मेडिकल कॉलेज हमने दियातथ्य: राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, जयवर्धन सिंह प्रभारी मंत्री थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजगढ़ जिला मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव केंद्र को भिजवाया। झूठ: भोपाल रामगंज मंडी रेलवे लाइन हमने 2000 करोड़ प्रस्तावित किया।तथ्य: 2000 – 2001 प्रस्ताव स्वीकृति वर्ष था, उस समय राज्य में कांग्रेस सरकार थी। लागत 2000 करोड़ नहीं, उस समय 3032 करोड़ रुपए रखी गई थी।

राहुल गांधी कि अमेठी से चुनाव लड़ने की सूगबूगाहट तेज , कांग्रेस की कोर टीम का अमेठी दौरा

Rumors of Rahul Gandhi contesting elections from Amethi intensify, Congress core team visits Amethi अमेठी की जंग: आज दिल्ली से आ सकती है कांग्रेस की कोर टीम, नामांकन के बाद पांच दिन खुद रहेंगे राहुल गांधी राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। इस बात की सुगबुगाहट के साथ ही अमेठी में कांग्रेस की पूरी टीम सक्रिय हो गई है। शनिवार को राहुल गांधी की कोर टीम अमेठी का दौरा कर सकती है। अमेठी के सियासी रण में दांवपेच तेज हो गया है। शनिवार को राहुल गांधी की कोर टीम का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अगले सप्ताह राहुल गांधी भी अमेठी पहुंचेंगे। हालांकि तिथि अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि कोर टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्यक्रम जारी किए जाएंगे। पांचवें चरण में 20 मई को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। अभी तक कांग्रेस से प्रत्याशी का एलान नहीं हो सका है, लेकिन माना जा रहा है कि राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ेंगे। इसे लेकर संगठन ने तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में 1923 बूथों की कमेटियों को प्रभावी कर दिया गया है। हर बूथ पर 10 सदस्यों की टीम बनाई गई है, जिसमें पहली बार चार सदस्यों को पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी दी जा रही है। पहले पोलिंग पर सिर्फ तीन कार्यकर्ता होते थे, इस बार इनकी संख्या बढ़ाई गई है। अमेठी संसदीय सीट की पांचों विधानसभाओं के 130 न्याय पंचायत प्रभारियों को सक्रिय कर दिया गया है। उनसे पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अनिल सिंह कहते हैं कि कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं। हर स्तर पर हमारी रणनीति तैयार है। अमेठी में पांच दिन रहेंगे राहुल गांधीनामांकन के बाद राहुल गांधी अमेठी में पांच दिन रहेंगे। इस दौरान पार्टी हर विधानसभाओं में उनके कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। कहीं पर सभा तो कहीं पर रोड शो…जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके लिए ब्लॉक अध्यक्षों से मंथन चल रहा है।

महाराष्ट्र में मतदान प्रतिशत कम, इस राज्य में हो रही सबसे ज्यादा वोटिंग

Voting percentage is low in Maharashtra, maximum voting is happening in this state दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत 19 अप्रैल को हो गई थी। आज इस महोत्सव का दूसरा चरण है। दूसरे चरण में 13 राज्यों के मतदाता 88 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिन 88 सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें आधी से अधिक सीटें यानी 52 भाजपा के पास हैं, वहीं कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक’पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने केरल के तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक है। मतदान करके हम लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं, सबको अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए ताकि वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।’ इसरो चीफ ने किया मतदानकेरल में ISRO प्रमुख एस.सोमनाथ ने मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे मतदान करके बहुत खुशी हो रही है… मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे आकर मतदान करें। जिन लोगों ने अब तक मतदान नहीं किया उनसे मैं कहना चाहूंगा कि संकोच न करें, आएं और मतदान करें।’ कर्नाटक सीएम ने डाला वोटकर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मतदान किया। सीएम ने चामराजनगर के वरुणा में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

‘वोट डालना है तो मोबाइल जमा करो…’ नोएडा में पुलिस और मतदाता के बीच झड़प

‘If you want to vote, submit your mobile…’ Clash between police and voters in Noida लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज यूपी की आठ सीटों पर मतदान जारी है। अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट पड़ेंगे। जयंत चौधरी ने पत्नी के साथ किया मतदानमथुरा में आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने मतदान किया। जयंत चौधरी ने कहा कि “मतदाताओं ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल को देखा है, 10 साल के कार्यों को देखा है और वे उससे प्रभावित हुए हैं… महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार जो भी फैसला लेगी उसमें हम उनके साथ हैं। गर्मी के साथ बढ़ा मतदाताओं का उत्साहधूप की तपिश बढ़ने के साथ ही मतदान का ग्राफ बढ़ने लगा है। सुबह 7:00 से मतदान सभी बूथों पर शुरू हो गया। पहले 2 घंटे में जहां मतदान का प्रतिशत 10.67 था, वहीं 9:00 बजे से 11:00 बजे के बीच 23. 19 फीसदी पहुंच गया है। करीब 13 फीसदी मतदान 2 घंटे में बढ़ गया है। धौलाना विधानसभा क्षेत्र मतदान में अभी तक नंबर एक पर चल रहा है। यहां 11:00 तक 27.65 फीसदी वोट पड़ चुके हैं। दूसरे नंबर पर लोनी विधानसभा क्षेत्र है। यहां 26.87 वोट 11:00 बजे तक पड़ चुके हैं। मुरादनगर में 24.39, गाजियाबाद में 20.09 प्रतिशत मतदान हो चुका है। वहीं, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी विधानसभा क्षेत्र साहिबाबाद में सबसे कम मतदान हुआ है। यहां सुबह नौ बजे तक 8.25 फीसदी मतदान हुआ था। 11 बजे तक 20.85 फीसदी वोट पड़े हैं। वहीं, बागपत लोकसभा क्षेत्र में आने वाली मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र में 11:00 बजे तक 24.45 फीसदी वोट पड़े हैं। नहीं दिखे मतदातालिंक रोड थाना इलाके के कड़कड़ मॉडल गांव में प्रेमवती जूनियर हाई स्कूल स्थित संवेदनशील पोलिंग बूथ पर सुबह 11:00 बजे तक मतदाता नहीं दिखे। आर के मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल खोड़ा में पांचों बूथ खाली पड़े हैं। मतदान करने के लिए एक दो मतदाता आ रहा है। मोदीनगर के गांव गदाना स्थित मतदान केंद्र पर बूथ खाली पड़े हैं। पसोंडा के कंपोजिट विद्यालय स्थित पांचों बूथ पर कुछ ही लोग मतदान करने आ रहे हैं। लोनी इंटर कॉलेज में लोग धूप में खड़े होकर वोट डालने की लाइन में खड़े दिखाई दिए। मसूरी के जूनियर स्कूल में सुबह 10:30 बजे बूथ संख्या 301 पर मतदाताओं की लंबी लाइन दिखाई दी। इस बूथ पर दो बार मशीन खराब हुई, जिससे कुछ देर मतदान प्रभावित हुआ। अब सब सामान्य चल रहा है।

‘SC, ST और OBC का अधिकार छीन मुस्लिमों को देना चाहती है कांग्रेस’, भाजपा अध्यक्ष नड्डा का दावा

‘Congress wants to snatch away the rights of SC, ST and OBC and give them to Muslims’, claims BJP President Nadda. जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे एससी, एसटी और ओबीसी लोगों का अधिकार छीन कर मुस्लिमों को देना चाहते हैं। यही इनका छिपा हुआ एजेंडा है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी तुष्टीकरण स्पष्ट दिखाई दे रहा है। लोकसभा चुनाव को लेकर देशभर में एक अलग माहौल बना हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुसलमानों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, नड्डा ने दावा किया कि यह विपक्षी दल का छिपा हुआ एजेंडा है। जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे एससी, एसटी और ओबीसी लोगों का अधिकार छीन कर मुस्लिमों को देना चाहते हैं। यही इनका छिपा हुआ एजेंडा है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी तुष्टीकरण स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मनमोहन सिंह के बयान का दिया हवालाभाजपा अध्यक्ष ने साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों को देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है। इस पर कांग्रेस ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने जनता के समर्थन की कमी को देखते हुए चुनाव के दौरान ध्रुवीकरण के लिए झूठ फैलाने और सांप्रदायिक बंटवारे का सहारा लिया है।

कहीं देरी से मतदान, कहीं चुनाव का बहिष्कार, नौ बजे तक 13.82 फीसदी वोटिंग

Late voting at some places, boycott of elections at some places, 13.82 percent voting till 9 o’clock प्रदेश चरण में आज छह सीटों पर मतदान है। सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ, नौ बजे तक 13.82 फीसदी वोटिंग हुई। मतदान से पहले शर्मा पहुंचे मंदिरखजुराहो सीट से प्रत्याशी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा अपने संसदीय क्षेत्र में मतदान से पहले मतंगेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के बाद शर्मा ने मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने अपील की। सतना प्रत्याशी ने किया मतदानसतना कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाह ने परिवार के साथ बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने लोगों से भी मतदान करने का आग्रह किया। इस दौरान उनके साथ पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। टीकमगढ़ प्रत्याशी ने किया मतदानटीकमगढ़ जिले से भाजपा प्रत्याशी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने मतदान किया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीर साझा कर वीरेंद्र ने लिखा- लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में मेरे संसदीय क्षेत्र टीकमगढ़ के सजग मतदाता अपना बहुमूल्य मतदान कर रहे हैं। मैंने अपनी सहधर्मिणी के साथ सर्वप्रथम आदिदेव भगवान भोलेशंकर के दर्शन किए। इसके उपरांत अपने पोलिंग बूथ पर सपरिवार पहुंचकर मैंने विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण तथा स्थिर सरकार के लिए मतदान किया।आप सभी से मेरा विनम्र आग्रह है कि ‘पहले मतदान और फिर जलपान’ का लोकतांत्रिक मंत्र अपनाते हुए हम सभी अपने बहुमूल्य वोट का उपयोग करें और साथ ही अपने आसपास के लोगों से भी शीघ्र और अनिवार्य रूप से मतदान करने का आग्रह करें। रोड नहीं तो वोट नहींदमोह लोकसभा क्षेत्र के पथरिया विधानसभा के भरोटा गांव की पोलिंग बूथ पर 9 बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा। ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं की बता कह रहे हैं। तहसीलदार के साथ अन्य अधिकारी मतदान स्थल मौके पर पहुंचे।

लोकसभा चुनाव 2024: प्रदेश की राजनीति में पोस्टर बना चर्चा का विषय

Lok Sabha Elections 2024: Poster becomes topic of discussion in state politics ‘मैं इमानदार मतदाता हूं, बिकाऊ हमें स्वीकार्य नहीं’ दमोह में मतदान से ठीक पहले लगे पेम्फलेट चर्चा का विषय बन गए हैं। इन पर लिखा है कि मैं एक इमानदार मतदाता हूं। बिकाऊ हमें स्वीकार्य नहीं। सीधे-सीधे तौर पर इसमें किसी का नाम नहीं लिखा है। दमोह ! मतदान से ठीक पहले एक पेम्फलेट से सियासत गरमा गई है। दमोह में बिकाऊ हमें स्वीकार्य नहीं, पेम्फलेट बाजार में चिपकाए गए हैं। यह पेम्फलेट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहे हैं। दमोह लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को मतदान होगा। केवल एक दिन का समय बचा है। इससे पहले दमोह में पोस्टर वार की तस्वीर सामने आई है। शहर के घंटाघर के पास कई दुकानों के बाहर बिकाऊ हमें स्वीकार्य नहीं है, स्लोगन के साथ पेम्फलेट चिपके हुए हैं। जो जन चर्चा का विषय बने हैं और लोग दबी जबान में कह रहे हैं कि यह पेम्फलेट किसके लिए चिपके होंगे। बुधवार शाम प्रचार-प्रसार भी थम गया। इसके बाद दमोह में पोस्टर वार शुरू हो गया है। दमोह शहर के घंटाघर के समीप यह पेम्फलेट चिपके हैं- बिकाऊ हमें स्वीकार्य नहीं। सोच समझकर वोट देना जिम्मेदारी हमारी भी है। अंगद जैसा पैर बताकर जनता से गद्दारी पद और पैसा लेकर दिखला दी मक्कारी। यह पेम्फलेट शहर के घंटाघर सहित कई स्थानों पर लगे हैं। इसके बाद लोग तरह-तरह से अपने प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। हालांकि, यह पेम्फलेट किसके लिए चिपकाए गए हैं, यह तो स्पष्ट रूप से नहीं लिखा है। जिस प्रकार से चुनाव प्रचार के दौरान बयानबाजी हुई है, उससे सभी लोग समझ रहे हैं कि यह किसे निशाना बनाते हुए लगाए गए हैं। 26 अप्रैल को है मतदानमतदान के लिए 24 घंटे से भी कम का समय अब बचा है और प्रत्याशी सोशल मीडिया व अपने-अपने समर्थकों के माध्यम से लोगों के घर-घर जाकर मतदान करने की अपील कर रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी की मौजूदगी में गुरुवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज से मतदान दलों को रवाना किया गया जो अपने-अपने निर्धारित मतदान केंद्र की ओर रवाना हो चुके हैं शुक्रवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा जो शाम 6:00 बजे तक चलेगा।

अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन दाख़िल किया

Akhilesh Yadav filed nomination from Kannauj Lok Sabha seat समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से गुरुवार को नामांकन दाख़िल कर दिया. इस सीट से पहले समाजवादी पार्टी की ओर से तेज प्रताप यादव के नाम की घोषणा की थी लेकिन अब अखिलेश यादव यहां से चुनावी मैदान में हैं. नामांकन दाख़िल करने के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि ‘कन्नौज के ज़िम्मेदार कार्यकर्ता और लोगों की भावना ये थी कि समाजवादी पार्टी की तरफ़ से मुझे चुनाव लड़ाया जाए. मैं जनता का आभार व्यक्त करता हूं जो उन्होंने कहा कि मुझे कन्नौज से एक बार फिर चुनाव लड़ना चाहिए.’ “मुझे उम्मीद है जनता का आशीर्वाद मुझे मिलेगा. मैं जब राजनीति में पहली बार आया था तब नेताजी ने मुझे यहां पहली बार चुनाव लड़ाने का फ़ैसला लिया था. आज फिर मैं कन्नौज की जनता के बीच में जा रहा हूं. उस समय भी जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया था और उम्मीद है कि एक बार फिर मुझे आशीर्वाद देगी.” “मैं कन्नौज के विकास के लिए काम करूंगा. इसकी पहचान और बड़ी बन जाए उसके लिए काम करूंगा. यहां पर दुनिया की बेहतरीन सड़क समाजवादियों ने दी.”

मुरैना ! विकास विरोधी कांग्रेस देश की बड़ी समस्‍या है ; पीएम मोदी

Morena! Anti-development Congress is a big problem of the country; PM Modi प्रधानमंत्री मुरैना पुलिस मैदान में बनाए गए मंच पर पहुंच गए है। पीएम मोदी ने कांग्रेस को देश की समस्‍या बताया। मुरैना । मुरैना में पीएम मोदी ने कहा विकास विरोधी कांग्रेस देश की बडी समस्‍या है। इसलिए इसे दूर करना हैा मुरैना में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुरैना ने हमेशा उन्हीं का साथ दिया है जिनके लिए राष्ट्र प्रथम है। आपका उत्साह देखकर मैं कह सकता हूं, मुरैना आज भी अपने संकल्प से डिगा है और न कभी डिगेगा। मुरैना ने मन बना लिया है। फिर एक बार मोदी सरकार। एमपी के लोग जानते हैं। कांग्रेस पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा एमपी के लोग जानते हैं. कि समस्या से एक बार पीछा छूट जाए तो उससे दूर ही रहते हैं। चंबल के लोग कांग्रेस का दौर कैसे भूल सकते हैं… खराब कानून व्यवस्था बना दी थी। कांग्रेस ने एमपी को बीमारू राज्य की श्रेणी में शामिल कर दिया था। मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार में.. चंबल.. पार्वती.. कालीसिंध नदी परियोजना से पानी समाप्त कर दिया… ग्वालियर श्योपुर रेलवे ट्रैक… ग्वालियर को मजबूत किया गया है। भाजपा के लिए देश एवं कांग्रेस के अपना परिवार ही सबकुछ है।

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज 8000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिला सकते हैं

Chief Minister Dr. Mohan Yadav can give membership of BJP to 8000 Congress workers today. यहां कांग्रेस के आठ हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता दिलवाई जाएगी। इंदौर। मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर में रहेंगे। वे कलेक्टर चौराहा के पास जनसभा को संबोधित करेंगे और रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी का नामांकन फार्म जमा कराएंगे। मुख्यमंत्री यहां से दलाल बाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां कांग्रेस के आठ हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता दिलवाई जाएगी। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वालों में इंदौर नगर निगम के कई वर्तमान पार्षद, मंडल अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष, सेवादल के पदाधिकारी, सरपंच, पूर्व पार्षद आदि शामिल हैं। भाजपा नगराध्यक्ष गौरव रणदिवे ने बताया कि मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचेंगे। वे एयरपोर्ट से सीधे कलेक्टर चौराहा पहुंचेंगे। यहां पंचायत भवन के पास मुख्यमंत्री की सभा आयोजित की गई है।

नरेंद्र सिंह तोमर की कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने इलेक्शन कमीशन से की शिकायत

Narendra Singh Tomar’s Congress candidate Satyapal Singh Sikarwar complains to the Election Commission श्यौपुर ! लोकसभा चुनाव के बीच एक बार फिर से विधानसभा अध्यक्ष नरेद्र सिंह तोमर की शिकायत इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में की गई है. कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने उनके खिलाफ संवैधानिक पद के दुरुपयोग की शिकायत की है. मध्य प्रदेश के श्यौपुर लोकसभा सीट का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. यहां विधान सभा अध्यक्ष व दिमनी विधायक नरेंद्र सिंह तोमर की मुश्किलें फिर बढ़ सकती है. एक बार फिर कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने विधान सभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की चुनाव आयोग में शिकायत की है और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. यह शिकायत 24 अप्रैल को की गई है.श्यौपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने बुधवार को निर्वाचन आयोग को भेजी शिकायत में लिखा है कि मप्र के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. बीती 16 अप्रैल का एक वीडियो भी इस शिकायत में सत्यपाल ने दिया है.  शिकायत के साथ वीडियो भी दियासत्यपाल का कहना है कि वीडियो शहर की पंचायती धर्मशाला का है. इसमें नव वर्ष मिलन समारोह के नाम पर व्यापारियों को एकत्रित किया गया और विधान सभा अध्यक्ष ने मंच से कहा कि पहले वह सिर्फ मंत्री थे तो दो चार विभाग ही उनके पास थे लेकिन अब मैं विधान सभा अध्यक्ष हूं और मेरे अंदर में सभी मंत्री आते है. मैं जब चाहूंगा उन्हें यहां बुलाकर आपका काम करवा सकता हूं. पद के दुरुपयोग की शिकायतकांग्रेस प्रत्याशी ने इस वीडियो को आधार बता कर कहा कि विधान सभा अध्यक्ष लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैंकांग्रेस प्रत्याशी ने इस वीडियो को आधार बता कर कहा कि विधान सभा अध्यक्ष लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. उनका सम्मान अधिक है. इसलिए वे बार बार ऐसा ना करें. उन पर अपने पद का प्रभाव दिखा कर लोगों को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है.

‘कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी : पीएम मोदी

‘Congress’ loot during life and even after life: PM Modi पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा में जनसभा को संबोधित करते हुए विरासत टैक्स का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि मिडिल क्लास पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। सरगुजा। पीएम मोदी आज छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विरासत टैक्स का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि मिडिल क्लास पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। कांग्रेस आप पर विरासत टैक्स का बोझ लाद देगी: पीएम मोदीप्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, जब तक आप जीवित रहेंगे, तब तक कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी और जब जीवित नहीं रहेंगे, तब आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। पूरी कांग्रेस पार्टी को अपनी पैतृक संपत्ति मानकर जिन लोगों ने अपने बच्चों को दे दी, अब वो नहीं चाहते कि भारतीय अपनी संपत्ति अपने बच्चों को दें।” पीएम मोदी का कांग्रेस पर वारवहीं, पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी गठबंधन की कमजोर सरकार चाहते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब कांग्रेस का कहना है कि वो माता-पिता से मिलने वाली संपत्ति पर टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी संपत्ति बनाते हैं वो आपके बच्चे को नहीं मिलेगी। उसे कांग्रेस का पंजा आपसे छीन लेगा। पीएम ने कहा कि कांग्रेस का कहना है कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी। सैम पित्रोदा के बयान से मचा हंगामाकुछ दिनों पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने संपत्ति वितरण को लेकर अमेरिका के शिकागो में एक बयान दिया डाला। कांग्रेस नेता ने कहा, “अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को ट्रांसफर कर सकता है।” उन्होंने आगे कहा,”55 फीसदी सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। यह एक दिलचस्प कानून है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए- पूरी नहीं, आधी। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।” सैम पित्रोदा के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता के बयान ने जब तूल पकड़ लिया तो कांग्रेस पार्टी और सैम पित्रोदा ने खुद इस मामले पर सफाई दी।

अगर कांग्रेस कुछ नहीं तो पीएम मोदी डरते क्यों हैं : मल्लिकार्जुन खरगे

If Congress is nothing then why is PM Modi afraid: Mallikarjun Kharge मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं। तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,”पिछले कुछ दिनों में मैंने दस-बारह राज्यों का दौरा किया। इन राज्यों से हमें अच्छे रिस्पॉन्स मिल रहे हैं। इन मतदाताओं के ज्यादा चर्चे नहीं हो रहे। पीएम मोदी इन ‘अदृश्य’ मतदाताओं से डर रहे हैं। भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही भाजपा: कांग्रेस उन्होंने आगे बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं, जैसी ही वो भाजपा में शामिल होते हैं उनके सारे दाग धुल जाते हैं।

प्रदेश के दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नड्डा, टीकमगढ़, रीवा और सतना में करेंगे सभाएं

During state tour, BJP President will hold meetings in Nadda, Tikamgarh, Rewa and Satna. दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है, इससे पहले आज जेपी नड्डा प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां तीन लोकसभा क्षेत्रों में सभा करेंगे। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है। इससे पहले राजनीतिक पार्टियां जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां तीन लोकसभा क्षेत्रों टीकमगढ़, रीवा और सतना में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करेंगे। इससे पहले जेपी नड्डा 12 अप्रैल को छिंदवाड़ा और सीधी में प्रचार करने के लिए आए थे। जहां नड्डा की सभा वहां कौन आमने-सामने?टीकमगढ़ सीट पर भाजपा के वीरेंद्र कुमार खटीक और कांग्रेस के पंकज अहिरवार के बीच मुकाबला है। रीवा लोकसभा सीट पर भाजपा के जनार्दन मिश्र की कांग्रेस की महिला प्रत्याशी नीलम मिश्रा से टक्कर हो रही है। वहीं, सतना सीट पर भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा आमने सामने हैं। जेपी नड्डा इन तीनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करेंगे।

26 से 30 अप्रैल तक चलेगा होम वोटिंग का प्रथम चरण, 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता करेंगे मतदान

The first phase of home voting will run from 26 to 30 April, voters above 85 years of age will vote. गुना में होम वोटिंग दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण 26 से 30 अप्रैल तक ताे वहीं दूसरा चरण एक से तीन मई तक चलेगा। गुना। घर से मतदान की सहमति देने वाले 85 वर्ष से अधिक आयु एवं पीडब्ल्यूडी वोटर्स के लिए घरों तक पहुंचकर मतदान करवाया जाएगा। गुना की सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए होम वोटिंग का प्रथम चरण 26 से 30 अप्रैल तक चलेगा। वहीं पहले चरण से छूटे मतदाताओं के लिए दूसरा चरण एक से तीन मई तक चलेगा, जिसमें घर से मतदान कराया जाएगा। वहीं होम वोटिंग को लेकर आयोजित बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. सतेंद्र सिंह ने सभी एएआरओ को घर-घर मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के लिए कहा है। इनमें पोलिंग पार्टियों का गठन, प्रशिक्षण, मतदान सामग्री वितरण व वापसी, सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी आदि शामिल है। बैठक के दौरान डाक मतपत्र, ईडीसी में मतदान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर द्वारा सभी एआरओ एवं नोडल अधिकारी डाक मतपत्र को निर्देशित किया कि आयोग के निर्देशानुसार डाक मतपत्र, ईडीसी प्रक्रिया विभिन्न निर्वाचन ड्यूटी में संलग्न अधिकारी-कर्मचारियों का मतदान कराया जाए। द्वितीय रेंडमाईजेशन होने के पश्चात मतदान दल से संबंधित मतदान दलों का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 26 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा, जो 30 अप्रैल तक संपन्न होगा। बैठक में चुनावी कार्यों जैसे ईवीएम कमिशनिंग कार्य, स्ट्रांग रूम व्यवस्था, मतदान सामग्री वितरण व वापसी स्थल पर व्यवस्थाएं, मतदान केंद्रों पर एएमएफ फैसिलिटी, कानून व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

प्रदेश में दूसरे चरण में 6 सीटों पर होगी वोटिंग, कहां किससे मुकाबला?

Voting will be held on 6 seats in the second phase in the state, where will there be competition with whom? प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 6 सीटों पर 80 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है. इसके लिए मतदान 26 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) को होगा. इस बार चुनाव मैदान में 75 पुरुष उम्मीदवार, 4 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी हैं. साल 2019 की तुलना में होशंगाबाद (नर्मदापुरम) छोड़ कर सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की सीट खजुराहो पर भी सेकंड फेज में ही वोटिंग होनी है. विधानसभा चुनाव में हारे सांसद इस बार मैदान मेंहोशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है. नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव हार चुके सांसद गणेश सिंह को सतना सीट से पार्टी ने एक बार फिर से मैदान में उतारा है. उनकी किस्मत का फैसला भी 26 अप्रैल को ईवीएम (EVM) में कैद होगा. बता दें, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मध्य प्रदेश की जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल संसदीय सीट पर मतदान 19 अप्रैल को हो चुका है. दूसरे चरण की 6 सीटों दमोह, टीकमगढ़, खजुराहो, सतना, रीवा और होशंगाबाद में 26 अप्रैल को मतदान होना है. इन सीटों पर कुल 80 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर ये नेतादूसरे चरण की 6 सीटों में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी शामिल हैं. खजुराहो सीट पर उनका मुकाबला फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के राजा भैया प्रजापति से है. शर्मा पहली बार साल 2019 में खजुराहो सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे. इसी तरह केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक टीकमगढ़ (एससी आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2008 में परिसीमन के बाद अलग हुए इस निर्वाचन क्षेत्र में हुए सभी तीन चुनावों में खटीक ने जीत हासिल की है. कांग्रेस ने इस सीट से पंकज अहिरवार को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने सतना से गणेश सिंह और रीवा से जनार्दन मिश्रा को फिर से टिकट दिया है. होशंगाबाद लोकसभा सीट से दर्शन सिंह और दमोह से राहुल लोधी जैसे नए चेहरों को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने सतना से मौजूदा विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, रीवा से पूर्व विधायक नीलम मिश्रा, होशंगाबाद से पूर्व विधायक संजय शर्मा और दमोह से पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी को मैदान में उतारा है. सतना में सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारनिर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि साल 2019 की तुलना में इनमें होशंगाबाद छोड़ सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि पिछले चुनाव में यहां से 14 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे थे. रीवा, सतना, खजुराहो और होशंगाबाद सीट पर एक-एक महिला प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं. इसी तरह दमोह से एक ट्रांसजेंडर दुर्गा मौसी भी चुनौती दे रही हैं. सबसे अधिक नौ निर्दलीय उम्मीदवार सतना में हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 101 उम्मीदवार इन छह सीटों पर मैदान में उतरे थे.इस बार इनकी संख्या 80 है,जबकि पहले चरण की छह सीटों जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल पर 88 उम्मीदवार मैदान में थे.साल 2019 में इनमें भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी छोड़ बाकी सभी की जमानत जब्त हो गई थी. 80 में से 26 उम्मीदवार करोड़पतिनिर्वाचन आयोग में कैंडिडेट द्वारा दिए गए हलफनामे से पता चला है कि दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले 26 प्रत्याशी करोड़पति हैं. जबकि,17 प्रत्याशी 10वीं पास भी नहीं हैं. होशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा 232 करोड़ की संपत्ति है. दूसरे नंबर पर रीवा से कांग्रेस प्रत्याशी नीलम मिश्रा हैं, जिनकी संपत्ति 34 करोड़ रुपये है. सतना से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी गणेश सिंह के पास 9 करोड़ रुपये की संपत्ति है. दूसरे चरण में दो डॉक्टर भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कुल 80 में से 9 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, पांच पर गंभीर आपराधिक केस हैं. इसके अलावा, तीन प्रत्याशी सिर्फ पांचवीं पास हैं. 9 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 12वीं पास हैं. 8 कैंडिडेट 10वीं पास हैं.13 प्रत्याशी स्नातक, 21 प्रत्याशी स्नातकोत्तर हैं. सात ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं.

रीवा सांसद ने एक भी आवाज रीवा के लिए संसद में नहीं उठाई, इन्हे वोट क्यों दें, रीवा के साथ केवल छल किया: जीतू पटवारी

Rewa MP did not raise even a single voice for Rewa in Parliament, why vote for him, only cheated Rewa: Jitu Patwari प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, राज्य सभा सांसद विवेक तंखा ने रीवा में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता में कांग्रेस रीवा जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक सुखेंद्र बना भी मौजूद थे। रीवा ! पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग लगातार 10 साल की सरकार के ट्रेलर की बात करते हैं और कहते हैं कि मोदी जी का 10 साल का शासन तो केवल एक ट्रेलर है पूरी पिक्चर अभी बाकी है तो हम यह पूछना चाहते हैं कि यदि ₹1200 का सिलेंडर इन्होंने बेचा, 115 एवं ₹100 का पेट्रोल बेचा गया, 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी रही, 50 साल में सबसे ज्यादा घरेलू बचत समाप्त हुई, 100 सालों में सबसे ज़्यादा बढ़ी अमीर और ग़रीब की खाई तो अब आप खुद ही सोचिए ये मोदी जी का ट्रेलर था तो पिक्चर में क्या होगा क्या 4000 का सिलेंडर एवम 400 का पेट्रोल – डीज़ल पूरी पिक्चर का हिस्सा होगा? पिछले 10 साल में महिला अपराध की यह स्थिति है कि 58000 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ, अमृत काल में आरक्षण संकट में है, भारतीय जनता पार्टी के सांसद 400 पार की बात इसलिए कर रहे हैं ताकि आरक्षण खत्म हो सके। 141 ईडी सीबीआई के छापे पड़े उनमें से 125 ने भाजपा ज्वाइन कर ली, प्रदेश में 225 से ज्यादा घोटाले हुए हमने सूची जारी करी, मध्य प्रदेश में 265 अधिकारियों पर एफआईआर हुई संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हुई इनमें से 52 केस सरकार ने वापस ले लिए बाकी में अनुमति नहीं दी गई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी का भी केस है जिसके लिए अनुमति नहीं दी गई। इस ट्रेलर में 2 लाख आदिवासी बहने गायब हुई। पटवारी ने कहा के रीवा की यदि बात की जाए तो रीवा में 10 साल में रीवा के सांसद ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य का एक भी काम नहीं किया, यही स्थिति रोजगार की है। राजेंद्र शुक्ला जी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट यहां बन रहा है उनको बताना चाहिए कि इसमें रीवा के कितने बच्चों को रोजगार मिला । मिर्जापुर रीवा लाइन को लेकर के इन्होंने एक भी सवाल नहीं किया लोकसभा में भी रीवा की आवाज एक बार नहीं उठाई। कुंवर रणजीत सिंह जी एवं सफेद शेर श्रीनिवास तिवारी जी इनका आदर पैरों में सर रख करके पूरी कांग्रेस पार्टी करती है इसके साथ ही आज रीवा की जनता को सोचना चाहिए की रीवा के भाजपा सांसद को जनता वोट क्यों दें, पटवारी ने जनता से आग्रह किया कि भारतीय जनता पार्टी के वह नेता जिन्होंने 2700 में गेहूं, 3100 में धान, 450 में सिलेंडर तथा ₹3000 लाडली बहन को देने के झूठे वादे करके आपसे वोट ले लिए उनसे अब हिसाब मांगने का समय है।

चुनावी सभा में गरजे कमल नाथ, बोले- राम मंदिर पर भाजपा का पट्टा नहीं, आपके-हमारे चंदे से बना

Kamal Nath roared in the election meeting, said – BJP does not have a lease on Ram temple, it is built with your and our donations. बैतूल संसदीय क्षेत्र के ग्राम चुटकी में कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम के पक्ष में सभा को संबोधित करते हुए कमल नाथ ने भाजपा और केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। बैतूल। भाजपा के नेता मंहगाई, रोजगार की बात नही करते हैं। वो आप सबको गुमराह करते हैं। वो भगवान राम की बात करते हैं। क्या राम मंदिर का पट्टा आपके (भाजपा) पास ही है। ये राम मंदिर आपके चंदे से बना है। ये राम मंदिर हम आपका और मेरा है। यह बात मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शनिवार को बैतूल संसदीय क्षेत्र के ग्राम चुटकी में कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही। राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं धर्मकमल नाथ ने कहा कि हम सबकी अपनी अपनी धार्मिक भावना है। धर्म आचार और विचार का विषय है। राजनीतिक प्रचार का विषय नही है। हम धर्म को राजनीतिक मंच पर नही लाते हैं। मैं हिंदू हूं और गर्व से कहता हूं। मैंने अपनी निजी जमीन पर छिंदवाड़ा में सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनाया, लेकिन मैंने उसका कभी प्रचार नही किया। मैंने सरकार से जमीन नहीं ली। प्रदेश में सर्वाधिक बेरोजगारीउन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा बेरोजगार मध्यप्रदेश में हैं। निवेश नही आ रहा है, मैने कई लोगों से निवेश करने के लिए कहा लेकिन सभी का कहना है कि मध्यप्रदेश में काम करना बेहद मुश्किल है। भ्रष्ट्राचार बहुत है। अब प्रयास किया जा रहा है संविधान से छेड़छाड़ कर उसको बदलने का। आप सब संविधान के रक्षक हैं, अपनी संस्कृति के रक्षक हैं। इस चुनाव में आप सब सच्चाई का साथ दें। भाजपा ने 20 साल में क्या किया, यह आप सब जानते हैं। भ्रष्ट्राचार का प्रदेश बनाया, घोटाला प्रदेश बनाया है। मैं प्रदेश में जाता हूं तो लोग बताते हैं कि पैसा दो, काम कराओ। बैतूल के लोगों को बंधुआ समझते हैं सांसदकमल नाथ ने सभा में कहा कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र में 30 साल से भाजपा का सांसद है। मैं भी 40 साल सांसद रहा, लेकिन मैंने ना कभी उसका नाम सुना और ना देखा। कैसा सांसद है। उसने मान लिया कि बैतूल लोकसभा के लोग तो उसके बंधुआ हैं। अब आपको तय करना है कि आपका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। पड़ोसी होने के नाते करूंगा विकासकमल नाथ ने कहा कि वो तो बैतूल के पड़ोसी हैं। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी को मैंने चुना है। पिछला चुनाव भी मैंने ही लड़वाया था। इस बार आप उसका सहयोग करें। मैं भरोसा दिलाता हूं कि पड़ोसी होने के नाते मैं भी क्षेत्र का भरपूर विकास करूंगा। आप 30 साल बंधुआ बनकर रहे हैं, अब स्वतंत्र हो जाइए। मंहगाई की गारंटी पक्की हैभाजपा पर कटाक्ष करते हुए कमल नाथ ने कहा कि चुनाव में भाजपा द्वारा ढेर सारी गारंटी की बात की जा रही है। आप याद रखना मंहगाई की गारंटी पक्की है।

यूपी के अमरोहा में आज राहुल – अखिलेश की संयुक्त जनसभा

Joint public meeting of Rahul-Akhilesh today in Amroha, UP अमरोहा। कांग्रेस व सपा की प्रदेश में पहली संयुक्त सभा शनिवार को अमरोहा के मिनी स्टेडियम में दोपहर 2 बजे होगी । लोकसभा चुनाव में यह पहला मौका होगा जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मिलकर जनसभा को संबोधित करेंगे । दोनों नेता प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के साथ ही विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइ की ताकत दिखाने का प्रयास भी करेंगे । अमरोहा चुनावी शोरगुल में जनसभाओं का क्रम जारी है। जिले में शनिवार को अमरोहा नगर में सपा कांग्रेस गठबंधन की चुनावी सभा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सपा जिला अध्यक्ष मस्तराम यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी शनिवार दोपहर 1:40 बजे डिडौली कोतवाली क्षेत्र में बबूगढ़ – जोया बाइपास पर गांव हुसैनपुर में बनाए गए। हेलीपेड पर पहुंचेंगे । कार द्वारा वहां से दोनों नेता दोपहर 2 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित मिनी स्टेडियम में पहुंच कर प्रत्याशी कुंवर दानिश अली के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के लिए यहां का आगमन होगा बंद उसके बाद 3:20 बजे दोनों नेता जन सभा स्थल से कार द्वारा हेलीपैड पहुंचेंगे तथा 3:30 गाजियाबाद के हिडन एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे । बताया कि इस दौरान बंबूगढ़ बाईपास से रवाना होने से पहले जनसभा स्थल तक पहुंचाने के लिए लगभग 5 किलोमीटर दूरी के लिए वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा

ग्राउंड रिपोर्ट: अरुण यादव के गृह क्षेत्र में भाजपा के गजेंद्र, कांग्रेस के पोरलाल में कड़ी टक्कर

Ground Report: Tough fight between BJP’s Gajendra and Congress’s Porlal in Arun Yadav’s home constituency. भोपाल। परिसीमन से पहले खरगौन लोकसभा सीट सामान्य थी, तब कभी भाजपा जीतती थी, कभी कांग्रेस। 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हुई, तब से यहां भाजपा काबिज है। 2009 से पहले लोकसभा सीट के लिए हुए उप चुनाव में कांग्रेस के अरुण यादव ने भाजपा के कृष्ण मुरारी मोघे को 1 लाख 18 हजार से ज्यादा मतों के अंतर हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद सीट आरक्षित हो गई। तब से यहां कांग्रेस नहीं जीती। 2019 में भाजपा के गजेंद्र पटेल ने कांग्रेस के डॉ गोविंद मुजाल्दे को 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। भाजपा की ओर से गजेंद्र फिर मैदान में हैं। वे पार्टी नेतृत्व के नजदीक हैं। कोरोना कॉल में सक्रिय रहकर उन्होंने अच्छी लोकप्रियता हासिल की थी। कांग्रेस ने पिछली बार की तरह इस बार भी नया चेहरा मैदान में उतारा है। पिछली बार क्षेत्र में लोकप्रिय एक डाक्टर को मौका दिया गया था जबकि इस बार 20 साल से आदिवासियों के बीच काम करने वाले युवा पोरलाल खरते पर दांव लगाया गया है। खरते आदिवासी युवा संगठन जयस से भी जुड़े हैं।लोगों से बातचीत करने पर जो तस्वीर उभरती है, उसके अनुसार देश की तरह खरगौन में भी माहौल भाजपा के पक्ष में है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और अयोध्या में राम मंदिर लहर का असर है। खरगौन में हिंदू- मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण भी होता है। यह भाजपा के पक्ष में जाता है। भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र पटेल के खिलाफ कोई एंटी इंकम्बैंसी देखने को नहीं मिलती। इसका मतलब यह कतई नहीं कि कांग्रेस मुकाबले में ही नहीं है। कांग्रेस के पोरलाल आदिवासी युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं। भाजपा प्रत्याशी पटेल भिलाला आदिवासी हैं और कांग्रेस के खरते बरेला। क्षेत्र में भिलाला 4 लाख के आसपास हैं और बरेला इनसे 2 लाख ज्यादा लगभग 6 लाख। क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की तादाद भी 2 लाख के आसपास है। यह कांग्रेस के पक्का वोट बैंक है। विधानसभा क्षेत्रों में भी कांग्रेस को बढ़त है। क्षेत्र में भाजपा का संगठन मजबूत है जबकि कांग्रेस बिखरी हुई। कांग्रेस के विधायक वैसा काम नहीं कर रहे जैसा करना चाहिए। अरुण यादव और उनके भाई सचिन यादव खरगौन के साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं। खरगौन में मोदी, मंदिर, हिंदू- मुस्लिम मुद्दा खरगौन लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिमों की तादाद काफी है। यहां सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसलिए लोकसभा के इस चुनाव में अयोध्या में राम मंदिर और हिंदू- मुस्लिम राजनीति को मुद्दे के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकप्रिय हैं ही, उनके नेतृत्व में भारत विश्व की ताकत बन रहा है, यह बात लोगों तक पहुंचाई जा रही है। भाजपा की केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिनाए जा रहे हैं। कश्मीर में धारा 370 का प्रचार कर यह बताया जा रहा है कि भारत अब पाक में घुसकर मार करने लगा है। दूसरी तरफ कांग्रेस केंद्र सरकार की नाकामियां गिना रही है। धर्म और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर लोगों को बांटने का आरोप भाजपा पर लगाया जा रहा है। महंगाई रोकने और बेराजगारी दूर करने में केंद्र को असफल बताया जा रहा है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल 5 न्याय और 24 गारंटियां बताई जा रही हैं। लोकसभा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर हुए काम और समस्याएं भी चुनाव का मुद्दा हैं। विधानसभा में कांग्रेस की भाजपा पर बढ़त खरगौन ऐसा लोकसभा क्षेत्र है जहां विधानसभा में ताकत के लिहाज से कांग्रेस को भाजपा पर बढ़त हासिल है। क्षेत्र की 8 लोकसभा सीटों में से 5 पर कांग्रेस का कब्जा है जबकि भाजपा के पास सिर्फ 3 विधानसभा सीटें हैं। चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 5 सीटों में 31 हजार 578 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी जबकि भाजपा का 3 सीटों में जीत का अंतर 33 हजार 126 वोट का था। इस लिहाज से भाजपा को कांग्रेेस पर लगभग 2 हजार वोटों की बढ़त हासिल है। यह अंतर लोकसभा चुनाव में कोई मायने नहीं रखता। भाजपा के गजेंद्र पटेल और पोरलाल खरते के बीच मुकाबले को देखकर भी लगता है कि विधानसभा की तरह कांटे की टक्कर हो सकती है। ध्यान देने की बात यह है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। विधानसभा की 6 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं और 2 सीटें निर्दलियों के खाते में गई थीं। लेकिन चार माह बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के गजेंद्र पटेल 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत गए थे। वजह साफ है विधानसभा और लोकसभा चुनाव के मुद्दों में फर्क होता है और मतदाताओं के रुख में भी। दो जिलों तक फैला है खरगौन लोकसभा क्षेत् रनिमाड़ अंचल की खरगौन लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों में फैला है। इसके तहत खरगौन और बड़वानी जिले की 4-4 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें खरगौन जिले की चार विधानसभा सीटें महेश्वर, कसरावद, खरगौन और भगवानपुरा हैं और बड़वानी जिले की सेंधवा, पानसेमल, बड़वानी और राजपुर। खरगौन जिले की 2 सीटों कसरावद और भगवानपुरा में कांग्रेस का कब्जा है और दो सीटों महेश्वर और खरगौन में भाजपा का। बड़वानी जिले की तीन विधानसभा सीटें सेंधवा, बड़वानी और राजपुर कांग्रेस के पास हैं जबकि भाजपा के पास सिर्फ एक पानसेमल। जहां तक खरगौन लोकसभा सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 से अब तक हुए 9 चुनावों में कांग्रेस सिर्फ 2 बार जीती है जबकि 7 बार भाजपा ने जीत का पताका फहराया है। इससे पता चलता है कि यहां के मतदाता विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अलग-अलग मतदान करते हैं। विधानसभा में वह कांग्रेस को ज्यादा सीटें देता है तो लोकसभा चुनाव में भाजपा को जिता देता है। जातीय-सामाजिक समीकरणों में भी बराबरी खरगौन लोकसभा क्षेत्र के जातीय और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी भाजपा और कांग्रेस में बराबरी का मुकाबला है। आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट में सर्वाधिक मतदाता भिलाला और बारेला हैं। भाजपा के दिलीप पटेल भिलाला और कांग्रेस के पोरलाल बारेला समाज से हैं। क्षेत्र में भिलाला लगभग 4 लाख और बारेला … Read more

CM मोहन यादव का रास्ते में खराब हुआ प्रचार रथ, सुरक्षाकर्मियों को देना पड़ा धक्का

CM Mohan Yadav’s campaign chariot broke down on the way, security personnel had to push it भिंड ! सीएम मोहन यादव का रथ लहार चौराहे से शुरू होकर जेल रोड की तरफ आगे बढ़ा, लेकिन जैसे ही किले रोड के पास सीएम का रथ पहुंचा तभी अचानक रथ में खराबी आ गई. यह देखकर सभी के हाथ पैर फूल गए. रथ के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने सीएम के रथ को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश भी की मध्य प्रदेश के भिंड में बीजेपी प्रत्याशी संध्या राय का नामांकन दाखिल करवाने पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव का रोड शो फ्लॉप हो गया. यहां रोड शो के दौरान बीच रास्ते में ही चुनावी रथ खराब हो गया. रथ को आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने धक्का भी दिया, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका. इस बात से नाराज होकर सीएम बीच रास्ते में ही रोड शो छोड़कर रथ से नीचे उतर आए और कार में सवार होकर हेलीपैड के लिए रवाना हो गए. गुरुवार को सीएम मोहन यादव भिंड से बीजेपी की लोकसभा प्रत्याशी संध्या राय का नामांकन दाखिल करवाने के लिए भिंड पहुंचे थे. वह हेलीपैड से कार के जरिए कलेक्टर कार्यालय रवाना हुए. नामांकन दाखिले के बाद सीएम का रोड शो लहार चौराहे से शुरू हो गया. सीएम मोहन यादव रथ में सवार हो गए.सीएम का रथ लहार चौराहे से शुरू होकर जेल रोड की तरफ आगे बढ़ा, लेकिन जैसे ही किले रोड के पास सीएम का रथ पहुंचा, तभी अचानक रथ में खराबी आ गई. यह देखकर सभी के हाथ पैर फूल गए. रथ के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने सीएम के रथ को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश भी की, लेकिन रथ आगे नहीं बढ़ सका सीएम रोड शो को बीच रास्ते में ही छोड़कर हेलीपैड के लिए रवाना हो गए. हालां,कि तय कार्यक्रम के तहत सीएम मोहन यादव को लहार चौराहे से रोड शो करते हुए शहर के बीचो-बीच परेड चौराहे तक पहुंचना था और यहां रथ में से ही खड़े होकर पब्लिक को संबोधित करने था, लेकिन रथ के खराब होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका. इस बारे में जब बीजेपी की लोकसभा प्रत्याशी संध्या राय से बातचीत की गई, तो उन्होंने पहले तो इस पूरी घटनाक्रम से खुद को अनभिज्ञ बताया, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि इसके वीडियो भी हमारे पास उपलब्ध है, तो उन्होंने इस बात को कबूल किया कि मशीनरी है इसलिए खराबी आ जाती है, टेक्निकल प्रॉब्लम हो जाती है. हम आपको बता दें कि सीएम का रोड शो फ्लॉप होने से पहले भी भिंड में ही बीजेपी का संयुक्त मोर्चा का कार्यक्रम भी फ्लॉप हो चुका है. पिछले दिनों भिंड में बीजेपी का संयुक्त मोर्चा का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कार्यकर्ता ही नहीं पहुंचे. इस वजह से कार्यक्रम से खुद संध्या राय ने भी दूरी बना ली थी

अपील: ” मुझे वोट देने की जरूरत नहीं है ” नितिन गडकरी

Request: “I don’t need to vote” Nitin Gadkari गडकरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में यदि मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव किया है या दलितों और मुसलमानों के साथ अन्याय किया है तो मुझे वोट देने की कोई जरूरत नहीं है। यदि मैंने निष्ठा से काम किया है तो कृपया मुझे वोट दें। गडकरी ने कहा कि मैं अपनी जीत को लेकर 101 प्रतिशत आश्वस्त हूं। नागपुर ! केंद्रीय मंत्री और लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नितिन गडकरी ने कहा है कि यदि किसी को लगता है कि मैंने कोई भेदभाव किया है तो मुझे वोट देने की जरूरत नहीं है। मुझे जो भी पहचान मिली है, वह नागपुर के लोगों की है। मैंने भेदभाव किया हो तो वोट न देनाः गडकरीगडकरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में यदि मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव किया है या दलितों और मुसलमानों के साथ अन्याय किया है तो मुझे वोट देने की कोई जरूरत नहीं है। यदि मैंने निष्ठा से काम किया है तो कृपया मुझे वोट दें। उन्होंने कहा कि पूरे देश के लिए यह बेहद खुशी की बात है कि भगवान राम की जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण हो गया है। आज हम देशभर में रामनवमी मना रहे हैं। भगवान राम हमारे संस्कृति के प्रतीक है। आज भगवान राम के आशीर्वाद से हमने राम राज्य की स्थापना का संकल्प लिया है। वचन नामा’ जारी कियामंगलवार को नितिन गडकरी ने नागपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए ‘वचन नामा’ जारी किया। उन्होंने कहा, ”हमारी योजना नागपुर में जैविक फल, सब्जियां और खाद्यान्न बाजार खोलने की है। गडकरी ने कहा कि मैं अपनी जीत को लेकर 101 प्रतिशत आश्वस्त हूं। इस बार मैं बहुत अच्छे अंतर से चुनाव जीतूंगा। जनता के समर्थन, उनके उत्साह, पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को देखते हुए, मैं 5 लाख से अधिक अंतर से जीतने की पूरी कोशिश करूंगा। 19 अप्रैल को होनी है वोटिंगमहाराष्ट्र के 48 संसदीय क्षेत्रों में से एक नागपुर में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा।इस सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी और वर्तमान में नागपुर पश्चिम से विधायक विकास ठाकरे के बीच मुकाबला होगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा के लिए कब्जा बरकरार रखना कठिन, भूरिया दे रहे कड़ी टक्कर

Ground report: It is difficult for BJP to retain control, Bhuria is giving tough competition लोकसभा सीट- रतलाम: प्रत्याशी- अनीता नागर सिंह चौहान भाजपा, कांतिलाल भूरिया कांग्रेस रतलाम में भाजपा मजबूत, झाबुआ में कांग्रेस को बढ़त- अलीराजपुर में अनीता- भूरिया में बराबरी का मुकाबला भोपाल। रतलाम संभवत: पहला ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां से भाजपा ने प्रदेश सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को टिकट दिया है। नरेंद्र मोदी-अमित शाह के युग में इस तरह परिवार में दो लोगों को टिकट देने की पंरपरा नहीं है। पार्टी के कई बड़े नेताओं के बेटे और परिजन टिकट का इंतजार ही कर रहे हैं। नियम तोड़ने की वजह है रतलाम सीट, जो कांग्रेस से ज्यादा कांतिलाल भूरिया का गढ़ है। भाजपा नेतृत्व किसी भी हालत में इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहता है। पहले सीट का नाम झाबुआ था लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद नाम बदलकर रतलाम कर दिया गया। इसके बाद हुए चार चुनावों में से दो बार कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया जीते और दो बार भाजपा। इनमें से एक बार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए स्व दिलीप सिंह भूिरया जीते और दूसरी बार 2019 के चुनाव में जीएस डामोर ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कांतिलाल भूिरया को हराने वाले डामोर का टिकट ठीक उसी तरह काट दिया जैसे गुना-शिवपुरी में ज्योतिरािदत्य सिंधिया को हराने वाले सांसद केपी सिंह यादव का काटा गया।भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही अनीता नागर सिंह चौहान भिलाला आदिवासी हैं जबकि कांतिलाल भूिरया भील आदिवासी। क्षेत्र में भील समाज की तादाद िभलाला से काफी ज्यादा है। इसके अलावा झाबुआ में ईसाई मिशनियों का काम भी काफी है। दो से ढाई लाख आदिवासी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। इसका सीधा लाभ कांग्रेस के भूिरया को मिलता है। दूसरी तरफ क्षेत्र में संघ का काम भी अच्छा है। रतलाम में विधायक चेतन कश्यप के कारण भाजपा को ताकत मिलती है। लोगों से बातचीत करने पर पता चलता है कि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला और पेटलावद में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है लेकिन पेटलावद कांग्रेस के हाथ से निकल सकता है। रतलाम जिले की तीन सीटों में से सैलाना और रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस- भाजपा के बीच अच्छी टक्कर है जबकि रतलाम शहर में भाजपा बढ़त में बताई जाती है। अलीराजपुर िजले के जोबट में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है जबकि अलीराजपुर में भाजपा मजबूत दिखती है। कुल मिलाकर रतलाम में भाजपा- कांग्रेस के बीच कडा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा-कांग्रेस लड़ रहे विकास के मुद्दे पर चुनाव रतलाम चूंकि आदिवासी बाहुल्य सीट है, इसलिए यहां राम मंदिर और हिंदू-मुस्िलम से जुड़े मुद्दों का ज्यादा असर नहीं है। यहां चुनाव का पहला मुद्दा आदिवासी विकास है। भाजपा और कांग्रेस दोनों बता रहे हैं कि उन्होंने इस वर्ग के लिए क्या-क्या किया है। भाजपा की अनीता केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही हैं तो कांतिलाल अपने कार्यकाल में किए कामों का प्रचार कर रहे हैं। शहरी इलाकों में जरूर राम मंदिर, धारा 370, भोजशाला जैसे मुद्दों का असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि रतलाम शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। यहां कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की आय दोगुनी न होने जैसे मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस घोषणा पत्र में किए वादों का भी प्रचार कर रही है। भाजपा के पास न मुद्दों की कमी है और नेताओं की। इसलिए उसका प्रचार ज्यादा व्यवस्थित और तेज दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा में कांग्रेस पर भाजपा को मामूली बढ़त रतलाम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली 8 विधानसभा सीटों के लिए 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा को कांग्रेस पर मामूली बढ़त हािसल है। क्षेत्र की तीन विधानसभा सीटें कांग्रेस जीती जबकि भाजपा के खाते में 4 सीटें गई हैं। एक सीट सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी ने जीत कर सबको चौंका दिया था। इस तरह विधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा-कांग्रेस में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। भाजपा ने चार विधानसभा सीटें 1 लाख 4 हजार 402 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेस की तीन सीटों में जीत का अंतर 55 हजार 808 वोट रहा है। सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी 4 हजार 618 वोटों के अंतर से जीतने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से यह अंतर इतना ज्यादा नहीं है कि इसे कवर न किया जा सके। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्षेत्र की 8 में से 5 सीटें जीती थीं और भाजपा सिर्फ 3 में सिमट गई थी। बावजूद इसके 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस नहीं जीत सकी थी। रतलाम में तीन जिलों की विधानसभा सीटें रतलाम लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। ये जिले झाबुआ, रतलाम और अलीराजपुर हैं। लोकसभा क्षेत्र में झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीटें झाबुआ, थांदला, जोबट और रतलाम जिले की भी तीन रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर और सैलाना आती हैं। अलीराजपुर की दो विधानसभा सीटें जोबट और अलीराजपुर भी इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। इनमें से झाबुआ जिले की 2 और अलीराजपुर की एक सीट कांग्रेस के पास हैं जबकि रतलाम जिले की 2 और झाबुआ-अलीराजपुर की एक-एक सीट पर भाजपा का कब्जा है। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो यहां कांग्रेस ज्यादा जीती है। जब सीट का नाम झाबुआ था तब कांग्रेस के दिलीप सिंह भूरिया यहां जीतते थे लेकिन परिसीमन के बाद जब सीट का नाम रतलाम हो गया तब वे भाजपा में चले गए। इसके बाद 2009 के पहले चुनाव में कांतिलाल ने दिलीप सिंह को हरा दिया जबकि 2014 में दिलीप ने कांतिलाल को हरा कर जीत दर्ज की। दिलीप सिंह के निधन के बाद 2015 के उप चुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया को टिकट दिया लेकिन वे कांतिलाल से हार गईं। सामाजिक, जातीय आधार पर होता रहा मतदान रतलाम लोकसभा सीट के कई हिस्सों में जातीय और सामाजिक आधार पर मतदान होता रहा है। इस बार भी ऐसा हो सकता है। जैसे अनीता नागर सिंह चौहान को आदिवासियों में भिलाला समाज का पूरा वोट मिलेगा और कांतिलाल भूरिया को भील समाज का। इन दोनों समाजों के वोट यहां ज्यादा हैं। झाबुआ जिले में ईसाई मिशनरियों का बड़ा नेटवर्क है। इनके प्रयास … Read more

सेक्टर ऑफिसरों को दिया प्रशिक्षण मतदान के लिए क्या क्या होगी मतदान केन्द्रों पर व्यवस्था 

Sector officers were given training regarding what arrangements will be made at the polling centres for voting. हरिप्रसाद गोहे  आमला । बैतूल हरदा हरसूद लोकसभा क्षेत्र 29 का मतदान 7 मई को होना है इसके लिए निर्वचन आयोग द्वारा व्यपाक स्तर पर तैयारियां पूण कर ली है। निर्भीक निष्पक्ष शांतिपूर्ण मतदान करने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षण के माध्यम से जानकारी दी जा रही है, इस क्रम में मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग के द्वारा नियुक्त आब्जर्वर प्रदीप कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में सेक्टर ऑफिसरों को एक दिवसीय प्रशिक्षण कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में दिया गया, जहां 26 सेक्टर आफिसर 2 आरक्षित सेक्टर आफिसर उपस्थित थे। जिला रिटर्निंग आफिसर नरेन्द्र सूर्यवंशी की उपस्थिति में प्रशिक्षण दिया गया ,प्रशिक्षण में सेक्टर आफिसर के दायित्व को निर्वाह करने एव समय के पाबंद होने के निर्देश दिए गए प्रशिक्षण में ‘आब्जर्वर प्रदीप कुमार ठाकुर’ ने कहा कि 26 अप्रेल से ऐसे मतदाताओं के निवास पर जाकर होम वोटिंग करना जो चल नही सकते है या जो मतदान केन्द्र तक जाने की स्थिति में नही है। ऐसे मतदाताओं के निवास पर पहुचकर होम वोटिंग के माध्यम में मतदान कराना सुनिश्चित किया जाए। वही सेक्टर ऑफिसरों के द्वारा समय का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाए कि मतदान दल एव रुतगाइड,पीठासीन अधिकारी, पीठासीन अधिकारी(1) पीठासीन अधिकारी(2) सभी अपने समय पर अपने अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा।रुटगाइड को समय पर पहुचकर वहानो को रवाना करना है। वही समय पर मतदान केन्द्र पर पहुचकर सेक्टर ऑफिसर को सूचित करना होगा। मतदान के एक दिन पूर्व ईवीएम का होगा परीक्षण………….. आमला विधानसभा 130 के लोकसभा चुनाव के लिए आमला विधानसभा में 276 पोलिंग बूथ बनाए गए है जिसमे कुल 331  इवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में रखा गया है। लोकसभा चुनाव के लिए 7 मई को मतदान कराया जाएगा। 6 मई को मतदान दल द्वारा ईवीएम मशीन हैंडवर्क की जाएगी। मतदान दल को ईवीएम मशीन हैंडवर्क करने के पूर्व सभी ईवीएम मशीनों का परीक्षण किया जाएगा। इसके पश्चात ही मतदान दल को ईवीएम मशीन दी जाएगी। पीठासीन अधिकारी करवाएंगे सबसे पहले माकपोल……. 7 मई को 276 मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे सबसे पहले पीठासीन अधिकारीरो द्वारा मतदान के पूर्व ही माकपोल(दिखावटी मतदान) कराकर ईवीएम मशीन अंतिम बार सही रूप से जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शरू कराई जाएगी। जानकारी देते हुए आमला विधानसभा 130 के सहायक रिटर्निंग आफिसर शैलेंद्र बडोनिया ने बताया कि मतदान के पूर्व पीठासीन अधिकारियों के द्वारा माकपोल (दिखावटी मतदान) कराकर ईवीएम मशीन अंतिम बार सही रूप से जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शरू कराई जाएगी।

आरोप: भाजपा कांग्रेस नेताओं पर ED / CBI का दबाव डाल कर आपने पालें में कर रहें है:पूर्व सीएम कमलनाथ

Allegation: BJP is trying to keep Congress leaders in its fold by putting pressure of ED/CBI: Former CM Kamal Nath पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी की जा रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं। छिंदवाड़ा । प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी और दूसरी कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस के आदिवासी विधायक नीलेश उइके पर इस तरह का दबाव डाला गया, लेकिन वे इसके आगे नहीं झुके तो उनके ऊपर छापे डाले गए। उनके आवास, निर्माणाधीन भवन, खेत खलिहान और अन्य स्थानों पर जिस तरह से छापेमारी की कार्रवाई की गई और घंटों तक तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला, उससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूँ और पार्टी के सभी कार्यकर्ता नीलेश उइके साथ हैं।उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं का आह्वान करता हूं कि इस तरह के दमन और उत्पीड़न से भयभीत न हों और पूरी तरह एकजुट होकर जनता के सामने जाएं। छिंदवाड़ा की जनता इस तरह के अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुझे आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि जीत सत्य की ही होगी।

ग्राउंड रिपोर्ट: विकास को लेकर असंतोष, भाजपा को प्रत्याशी की कट्टर हिंदू नेता की छवि से फायदा

Ground report: Dissatisfaction over development, BJP benefits from candidate’s image of hardline Hindu leader मालवा अंचल की अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित देवास लोकसभा सीट से भाजपा ने अपने सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी को लगातार दूसरी बार मौका दिया है। क्षेत्र में महेंद्र की पहचान कट्टर हिंदूवादी नेता की है। वे अपने आसपास या मंच पर भी किसी मुस्लिम की मौजूदगी पसंद नहीं करते। कहा यहां तक जाता है कि यदि कोई पत्रकार मुस्लिम है तो वे उसको भी इंटरटेन नहीं करते। इसीलिए िवकास को लेकर असंतोष होने के बावजूद देवास में माहौल भाजपा के पक्ष में है। इसके विपरीत कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय की पहचान मात्र इतनी है कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे स्व राधाकिशन मालवीय के बेटे हैं। राजेंद्र का व्यवसाय इंदौर में है। इस नाते उनका संपर्क इंदौर में ही ज्यादा है। देवास से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनका प्रचार भी दो-चार दिन पहले ही प्रारंभ हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ही उनके लिए मेहनत करते दिख रहे हैं।           भोपाल। देवास लोकसभा सीट का गठन 2008 में हुए परिसीमन के बाद हुआ। परिसीमन में शाजापुर सीट को खत्म किया गया था। शाजापुर भी अजा वर्ग के लिए आरक्षित थी। यहां 1996 से लगातार भाजपा के दिग्गज दलित नेता थावरचंद गहलोत जीतते आ रहे थे। लेकिन देवास के गठित होने के बाद 2009 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने थावरचंद गहलोत को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 में भाजपा के सत्यनारायण जटिया और 2019 में भाजपा के ही महेंद्र सिंह सोलंकी ने जीत दर्ज की। इस लिहाज से सीट भाजपा के दबदबे वाली है।लगातार भाजपा का कब्जा होने के बावजूद विकास को लेकर यह क्षेत्र पिछड़ा माना जाता है। नौकरी और रोजगार के लिए देवास के लोग इंदौर पर आश्रित हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी यही स्थिति है। हर किसी को इंदौर की ओर देखना पड़ता है। ट्रेन के स्टापेज कम हैंे और देवास से इंदौर के व्यस्ततम रोड के आरओबी का काम अटका पड़ा है। मेट्रो इंदौर से महू पहुंच गई लेकिन देवास की ओर किसी का ध्यान नहीं। क्षिप्रा की सफाई और स्वच्छ करने की योजना उज्जैन और अन्य शहरों में बन रही है लेकिन देवास में कुछ नहीं हो रहा।  आज भी फैक्ट्रियों की गंदगी क्षिप्रा में आकर मिलती है। इन तमाम मुद्दों को लेकर लोगों में भाजपा के प्रति नाराजगी है। प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी की कट्टर हिंदू नेता की छवि विकास काे लेकर पैदा असंतोष पर भारी पड़ रही है। महेंद्र के अंदर कट्टरता इस कदर है कि वे कह चुके हैं कि उन्हें मुस्लिमों के वोट नहीं चािहए। एक बार उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा के मुस्लिम से अच्छा तो कांग्रेस का हिंदू है। पहले तो वे चाहते नहीं कि उनके कार्यक्रम में कोई मुस्लिम आए और आ गया तो उसका परिचय जरूर पूछते हैं। इसकी वजह से भाजपा देवास में इस बार रिकार्ड जीत का सपना देख रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय इंदैारी नेता हैं। देवास में उनका कोई बैकग्राउंड नहीं। भाजपा के साेलंकी का प्रचार काफी पहले प्रारंभ हो गया था क्योंकि वे पहली सूची में ही प्रत्याशी घोषित हो गए थे जबकि कांग्रेस के राजेंद्र ने अभी पांच दिन पहले अपना कार्यालय खोल कर प्रचार प्रारंभ किया है। मालवीय के तुलना में सोलंकी प्रखर वक्ता भी हैं। विकास पर भारी हिंदू-मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण  चुनाव के जो मुद्दे होते हैं वे देवास के लोगों के बीच भी हैं। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। अयोध्या में राम मंदिर का प्रचार हो रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्य गिनाए जा रहे हैं। इसके विपरीत कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार कर रही है। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस बता रही है कि विकास के मामले में इंदौर और दूसरे शहरों की तुलना में किस तरह देवास को उपेक्षित कर रखा गया है जबकि देश और राज्य में लगातार भाजपा की सरकार है। इन मुद्दों से अलग हटकर भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी की कट्टर हिंदू नेता की छवि के कारण देवास में हिंदू-मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण बड़ा मुद्दा बन रहा है। हिंदू साेलंकी के पक्ष में लामबंद हो रहा है जबकि मुस्लिम शत प्रतिशत कांग्रेेस के मालवीय के पक्ष में खड़ा है। इसकी वजह से पूरा चुनाव भाजपा की ओर झुका दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा की सभी सीटों पर भाजपा काबिज चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने देवास लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली सभी 8 सीटों में एकतरफा जीत दर्ज की थी। इनमें एक शाजापुर सीट ही ऐसी थी जिसमें भाजपा मात्र 28 वोटों के अंतर से जीती। इसके खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा कोर्ट भी गए हैं, पर जीत तो जीत है। भाजपा की सभी 8 सीटों में जीत का अंतर 1 लाख 2 हजार 893 वोटों का है। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले 2018 में कांग्रेस ने 8 में से 3 विधानसभा सीटों में जीत दर्ज की थी। फिर भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा लगभग पौने चार लाख वोटों के अंतर से जीती थी जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार क्षेत्र के चर्चित सख्श प्रहलाद सिंह टिपानिया थे। इस बार तो भाजपा के पक्ष में माहौल ज्यादा है। कांग्रेेस प्रत्याशी भी अपेक्षाकृत कमजोर और बाहरी है। ऐसे में भाजपा यदि रिकार्ड जीत का दावा करती है तो गलत नहीं। देवास क्षेत्र में तीन जिलों की विधानसभा सीटें देवास संसदीय सीट का भौगोलिक क्षेत्र तीन जिलों को छूता है। ये जिले देवास के अलावा शाजापुर और सीहोर हैं। शाजापुर जिले की सबसे ज्यादा 4 विधानसभा सीटें आगर, शाजापुर, शुजालपुर और कालापीपल देवास क्षेत्र में हैं। सीहोर जिले की एक सीट आष्टा इसमें शामिल है। इसके अलावा देवास जिले की तीन विधानसभा सीटें सोनकच्छ, हाटपिपल्या और देवास इस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो सभी विधानसभा सीटों में भाजपा का कब्जा है ही, लोकसभा सीट में आमतौर पर भाजपा ही जीतती है। 2009 में एक ही बार कांग्रेस के सज्जन वर्मा जीते हैं वर्ना लगातार भाजपा का कब्जा है। पहले … Read more

70 करोड़ लोगों के पास जितना धन, उतना हिंदुस्तान में 22 लोगों के पास संपत्ति : राहुल गांधी

22 people in India have as much wealth as 70 crore people: Rahul Gandhi बस्तर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। नपं मुख्यालय के लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जा कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं छत्‍तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में सिर्फ बस्‍तर लोकसभा सीट पर चुनाव हो रहा है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को प्रत्‍याशी बनाता है। लखमा के समर्थन में ही शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दंतेवाड़ा जिले के गीदम में सभा का आयोजन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी की सरकार पर जमकर आरोप लगाए। साथ ही कांग्रेस की सरकार बनने पर जनता के लिए कांग्रेस के वादों को याद दिलाया। उन्‍होंने अपने भाषण में कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। पूरा का पूरा फायदा 2-3 अरबपतियों को दे देते हैं। हिंदुस्तान में 22 लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ हिंदुस्तानी लोगों के पास है। पीएम मोदी 24 घंटा इन 22-25 लोगों की मदद करते रहते हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, हिंदुस्तान के सब बेरोज़गार युवाओं को सरकार ये अधिकार देगी कि एक साल के लिए निजी कंपनी में, PSUs में, सरकारी कार्यालयों में हिंदुस्तान के बेरोज़गार युवाओं को एक साल की नौकरी मिलेगी जिसमें उनका प्रशिक्षण होगा और 1 साल में उनके बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। अगर उन्होंने अच्छा काम किया तो उन्हीं संस्थाओं में उन्हें पक्की नौकरी मिलेगी। चुनावी सभा में राहुल गांधी ने बस्‍तर के विकास के लिए लोगों से कांग्रेस प्रत्‍याशी कवासी लखमा को वोट देने की अपील की। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, बस्तर में कांग्रेस हमेशा से मज़बूत रही है। भाजपा नेता 10 साल में उन्होंने क्या किया उसपर चर्चा नहीं कर रहे। उनका चुनाव प्रचार भी मुद्दों से हटकर जज़्बाती मुद्दों पर, धर्म, मंदिर-मस्जिद पर केंद्रित है। हम छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। सभा के एक दिन पहले शुक्रवार शाम को पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, लोकसभा चुनाव संचालन समिति के संयोजक व बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ बस्तर पहुंचे और सभा स्थल में तैयारियों का अवलोकन किया। बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जाबस्तर जिले का मुख्यालय जगदलपुर है तो बस्तर से 18 किलोमीटर दूर है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बस्तर आजादी से पहले रियासतकालीन राजधानी रही थी। लगभग 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी जनसभा भी इसी बस्तर विकासखंड के ग्राम छोटे आमाबाल में हुई थी। बस्तर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की चुनावी जनसभा के लिए इसी विकासखंड को चुना है। निरीक्षण के दौरान धनेन्द्र साहू, मोहन मरकाम, राजमन बेंजाम, मलकीत सिंह, मिथलेश आदि भी उपस्थित थे। प्रियंका भी इसी दिन आई थींराहुल गांधी की बहन कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं। वह जगदलपुर में आयोजित कांग्रेस के भरोसे के सम्मेलन में शामिल हुई थीं। प्रियंका गांधी के दौरे के ठीक साल भर बाद इसी तारीख को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं।

केजरीवाल से सामान्य अधिकारों को छीन कर सरकार उनके मनोबल को तोड़ना चाहती है : सांसद संजय सिंह

Government wants to break Kejriwal’s morale by snatching his normal rights: MP Sanjay Singh दिल्ली ! आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रताड़ित करना चाहती है। संजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर कहा कि अरविंद केजरीवाल से सामान्य अधिकारों को छीन कर सरकार उनके मनोबल को तोड़ना चाहती है।अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल व पंजाब के सीएम भगवंत मान गए थे। इस दौरान जेल प्रशासन ने कांच की दीवार के आर-पार से ही मिलने की अनुमति दी। यह नियमों का उल्लघंन है। जेल प्रशासन के पास अधिकार है कि वह सामने बैठाकर मुलाकात करवा सकता है। उन्होंने बताया कि जेल का नियम 602 व 605 इसका अधिकार जेल प्रशासन को देता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश के पिपरिया और 17 अप्रैल को दमोह में करेंगे सभा

Prime Minister Narendra Modi will hold meetings in Pipariya, Madhya Pradesh on Sunday and Damoh on April 17. एक सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्य प्रदेश में तीसरा दौरा। भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए सप्ताह में तीसरी बार रविवार को प्रदेश में आएंगे। वे होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में आने नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी प्रत्याशी हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 26 अप्रैल को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण के ही चुनाव में शामिल दमोह लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को दमेाह के इमलाई में सभा करेंगे। यह सभा पहले रहली विधानसभा के गढ़ाकोटा में प्रस्तावित थी, लेकिन शुक्रवार को स्थल परिवर्तन कर दमोह किया गया। यहां से राहुल लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। वह भी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके पहले सात अप्रैल को जबलपुर में रोड-शो किया था। इसके बाद बालाघाट में उनकी सभा हुई थी। पिपरिया में उनकी सभा से होशंबाद सीट के अतिरिक्त इससे लगी जबलपुर लोकसभा सीट को भी साधने की कोशिश है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रतलाम आ सकते हैं। प्रचार थमने के एक दिन पहले छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे अमित शाह प्रचार थमने के एक दिन पहले 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छिंदवाड़ा में रोड-शो करेंगे। इसके पहले यहां 12 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा हो चुकी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पांच बार चुनाव प्रचार के लिए छिंदवाड़ा पहुंच चुके हैं। पिछली बार एकमात्र इस सीट पर कांग्रेस के नकुल नाथ जीते थे जो फिर मैदान में हैँ। कांग्रेस अपने इस गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है।

लोकसभा चुनाव 2024 : ग्राउंड रिपोर्ट: राजगढ़ लोकसभा

Lok Sabha Elections 2024 : Ground Report : Rajgarh Lok Sabha भोपाल। भाजपा के रोडमल नागर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उस स्थिति में सवा 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जब 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 2 विधानसभा सीटें मिली थी। चार माह पहले 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 8 में से 6 विधानसभा सीटें जीती हैं फिर भी रोडमल पिछली जैसी जीत के प्रति आश्वस्त नहीं है। जबकि पिछली बार की तुलना में भाजपा के पक्ष में ज्यादा माहौल है। वजह कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह का मैदान में होना है। राजगढ़ दिग्विजय का गृह क्षेत्र है। वे यहां से 1991 में भाजपा के स्व प्यारेलाल खंडेलवाल को हराकर सांसद बने थे। इसके बाद लगातार 10 साल तक वे प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। दिग्विजय को अच्छा राजनीतिक प्रबंधक माना जाता है। पुराने संबंधों को ताजा करने के लिए उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा की। इस दौरान वे हर दिन 20 किमी चले और जिस गांव में रात हो गई, वहीं डेरा डाल दिया। अपने पुराने मित्रों, परिचितों के परिजनों से संबंध ताजा किए। गांव के लोगों ने सामूहिक कलेक्शन कर भोजन की व्यवस्था की। दिग्विजय और उनकी पत्नी अमृता राय ने आईटी सेल को एक्टिव कर दिया है। एक अभियान ज्यादा नामांकन भराने का भी चल रहा है ताकि ईवीएम की बजाय मत पत्रों के जरिए मतदान हो। विधायक बेटे जयवर्धन सिंह ने राघौगढ़ और चाचौड़ा में डेरा डाल रखा है। दिग्विजय के समर्थन में समूची कांग्रेस एकजुट है, बस उनके अनुज लक्ष्मण सिंह प्रचार अभियान से दूरी बनाए दिख रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी शांत नहीं है। उसका फोकस विधानसभा सम्मेलनों और बूथ मैनेजमेंट में ज्यादा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित कई नेता इनमें हिस्सा ले चुके हैं। भाजपा की ओर से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे रोडमल के खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी देखने को मिल रही है। पार्टी के अंदर और बाहर उनसे नाराजगी भी है। इसके लिए वे कई बार माफी मांग चुके हैं। चूंकि दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा के साथ संघ, बजरंग दल और विहिप सहित सभी संगठन उनके खिलाफ एकजुट हैं। राजगढ़ में दिग्विजय का चुनाव लड़ना ही मुद्दाराजगढ़ लोकसभा सीट में दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा और कांग्रेस के लिए वे खुद मुद्दा हैं। उनकी वजह से ही कांग्रेस एकजुट है। दूसरी तरफ समूचा संघ अपने अनुषांगिक संगठनों के साथ मैदान में उतर गया है। दिग्विजय के कारण राजगढ़ में राम मंदिर, हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के मुद्दे को सबसे ज्यादा हवा दी जा रही है। आखिर, दिग्वजय को कहना पड़ा कि राम मंदिर के लिए उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से भी ज्यादा चंदा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रतिक्रिया थी कि वे अपना चंदा वापस ले लें। इसके अलावा भाजपा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही है तो दिग्विजय अपने कार्यकाल में कराए काम बता रहे हैं। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण बढ़ी महंगाई और बेरोजगारी को मुद्दा बना रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि देश में तानाशाही है और जांच एजेंसिया भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रही हैं। 8 में से 6 विधानसभा सीटों में भाजपा का कब्जाविधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा को अच्छी बढ़त है। पार्टी का क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर कब्जा है। ये विधानसभा सीटें चाचौड़ा, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर हैं। कांग्रेस सिर्फ दो विधानसभा सीटों राघौगढ़ और सुसनेर में ही जीत दर्ज कर सकी थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थिति इसके उलट थी। तब कांग्रेस ने 5 और भाजपा ने 2 सीटें जीती थीं। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी। इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 4 लाख 31 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीता था। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटें 1 लाख 78 हजार 967 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेेस का दो सीटों में जीत का अंतर महज 17 हजार 150 है। इस लिहाज से इस बार भी भाजपा की जीत बड़ी होना चाहिए लेकिन मुकाबला देखकर ऐसा लगता नहीं है। दिग्विजय द्वारा भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। तीन जिलों को मिलाकर बना गुना लोकसभा क्षेत्रप्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। इसके तहत तीन अंचल भी आ आते हैं। इसमें गुना जिले की दो विधानसभा सीटें चाचौड़ा और राघौगढ़ हैं। गुना को ग्वालियर अंचल का हिस्सा माना जाता है। राजगढ़ जिले की 5 विधानसभा सीटें नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर हैं। यह मध्य भारत अंचल का हिस्सा है। सातवीं विधानसभा सीट सुसनेर आगर मालवा जिले की है जो मालवा अंचल के तहत आती है। राजगढ़ में विधानसभा में ताकत के लिहाज से भले भाजपा बढ़त में है। पिछले दो लोकसभा चुनाव भाजपा के रोडमल नागर ने जीते भी हैं, लेकिन इस सीट का मिजाज भाजपाई नहीं है। 1991 में यहां कांग्रेस के दिग्विजय सिंह जीते तो 1996, 1998 और 1999 में लगातार दिग्विजय के अनुज लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद लक्ष्मण भाजपा में शामिल हो गए और 2004 का लोकसभा चुनाव भाजपा के  टिकट पर जीते। लेकिन 2009 में कांग्रेस के नारायण सिंह अमलावे ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद भाजपा ने लक्ष्मण सिंह का टिकट काट दिया तो वे फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। समाजों को देखकर तैनात किए जा रहे नेतालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और गुर्जर समाज के हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। भाजपा के पास हर प्रमुख जाति के विधायक जीत कर आए हैं। उन्होंने मोर्चा संभाल रखा है। कांग्रेस के नेता भले विधायक नहीं हैं लेकिन जातिगत आधार पर उन्हें भी मैदान में उतार रखा गया है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के … Read more

सांसद विवेक तन्खा ने कहा, देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है, यह तानाशाही है, मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता

MP Vivek Tankha said, human rights are being violated in the country, this is a dictatorship, I do not want to live in such a democracy. भोपाल। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है। यह तानाशाही है। मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि संवैधानिक न्याय को लेकर मैं खुद पीड़ित हूं। संसद में जिस प्रकार से कानून बना रहे हैं, वह प्रजातांत्रिक नहीं है। छोटी-छोटी बातों को लेकर (संभवत: राज्यसभा के सभापति) खफा हो जाते हैं। संसद नियम से नहीं चलता है। यह बात वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर भी कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जगह नहीं दिया जाता है, न हीं बोलने का मौका दिया जाता है, न ही विरोध करने का मौका दिया जाता है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज मंगलवार को राज्यसभा सांसद समेत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं ने एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान सांसद तन्खा ने भी यह बातें कही। उन्होंने कहा कि 100 दिन सदन चलाने का नियम है, लेकिन विपक्ष को मौका रखने का नहीं ही मिलता। विपक्ष के बोलने पर सांसदों को निलंबित किया जाता है। वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया को पत्र लिखा था। उसके सुझाव कांग्रेस पार्टी ने अपने न्याय पत्र में रखे हैं। हफ्ते में एक दिन विपक्ष को बोलने का मौका लोकसभा या सदन में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की बात कि जाए तो 3 करोड़ केस पेंडिंग हैं। गरीबों को न्याय नहीं मिल पाता जजों की कमी है। भाजपा इसलिए खुश है कि न्यायपालिका में न्याय की जगह बेल ना मिले। स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट में बेल के केस जाने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह को बेल दी थी अब अरविंद केजरीवाल भी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सांसद तन्खा ने कहा कि देश में ऐसे लोगों को जज बनना चाहिए, जो निष्पक्ष होना चाहिए। ईमानदार और निष्पक्ष जज का नाम भेज दो तो उसका नाम रोक दिया जाता है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई के लाॅ में संशोधन करने की जरूरत है। कांग्रेस के साथ भी यही हुआ। कांग्रेस पार्टी को अपील के लिए जाने पर पूरा पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है, जबकि 20 से 30 % जमा कर खाते को फ्रिज से हटाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद इनकम टैक्स 3,560 करोड़ के टैक्स के मामले को रिलैक्सेशन देती है। उन्होनंे कहा कि टैक्स भरने के लिए एनजीओ और अन्य लोगों को समय दिया, लेकिन कांग्रेस को समय नहीं दिया गया। जबकि 31 मार्च तक रिटर्न भरने का समय था। तन्खा ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को डरा धमका की कॉलर पकड़ के बाहर निकाला जा रहा हैं। लोकतात्रिक संस्थान को बचाने के लिए संस्थाओं को भी क्योर करना पड़ेगा।

लोकसभा चुनाव 2024: ग्राउंड रिपोर्ट ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से, सहारा समाचार टीम

Lok Sabha Elections 2024: Ground report from Gwalior parliamentary constituency, Sahara News Team ग्वालियर। ग्वालियर की लोकसभा सीट शुरू से ही काफी अहम रही है, क्योंकि विजयाराजे सिंधिया सहित राजघराने का हर सदस्य राजनीति से जुड़ा रहा। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत यहीं से की थी। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी हाल ही में की है, जबकि भाजपा पहले ही कर चुकी थी, लेकिन खास बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। भाजपा ने भारत सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें विवेक नारायण शेजवलकर के स्थान पर मैदान में उतारा गया है। भारत सिंह कुशवाहा अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ग्वालियर ग्रामीण से चुनाव हारे थे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जो विधानसभा चुनाव में ग्वालियर दक्षिण से पराजित हुए थे। दोनों उम्मीदवार पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की कुशवाह समाज के साढ़े तीन लाख वोटरों पर नजर है। वहीं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी होने का भी लाभ भारत सिंह कुशवाहा को मिला है। जबकि कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाकर शहर के वोटरों को साधने की कोशिश की है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस को विश्वास है कि विधानसभा चुनाव जीत दिलाने वाले लोकसभा में भी सहयोग करेंगे। इसलिए भाजपा को है जीत की उम्मीदग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में सिंधिया परिवार के अलावा ठाकुर क्षत्रिय वोटर की अहम भूमिका रही है और 19 लोकसभा चुनाव में से सिंधिया परिवार के सदस्यों ने 8 बार जीत दर्ज की है। जबकि इसमें भी ठाकुर क्षत्रिय वोटर ने सहयोग किया है। इस बार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं और नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक को ही उम्मीदवार बनाया गया हैं। यहां से माधवराव सिंधिया कांग्रेस और मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर पांच बार निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर यशोधरा राजे सिंधिया दो बार यहां से निर्वाचित हुईं। इसके अलावा विजयाराजे सिंधिया भी एक बार यहां से चुनाव जीती हैं। कांग्रेस ने अंतिम बार 2004 में जीत दर्ज की थी। जब रामसेवक सिंह निर्वाचित हुए थे। यह बात अलग है कि सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था लोकसभा चुनाव में दोनों नए चहरेलोकसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो इस बार कांग्रेस व भाजपा दोनों ने ही नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। दोनों के समीकरण भी एक समान हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के तुरंत बाद ही दोनों अपने लिए लोकसभा के लिए वोट मांग रहे हैं। भारत सिंह कुशवाहा राममंदिर और हमारा परिवार मोदी परिवार को लेकर आगे चल रहे हैं। वहीं प्रवीण पाठक लोकतंत्र बचाओ के साथ ही राहुल गांधी की यात्राओं में उठाए गए मुद्दों का वोटर के सामने रख रहे हैं। जातीय समीकरणभाजपा ने ग्वालियर में अपनी जीत के लिए जातिगत समीकरण पर दांव खेला है। इस संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाह को अपना उम्मीद्वार बनाया है। तकरीबन साढ़े तीन लाख कुशवाह वोटर के सहारे भाजपा जनाधार मजबूत करेगी। जबकि कांग्रेस ब्राह्मण व क्षत्रिय के गणित लेकर चल रही है। प्रवीण पाठक का मानना है कि 19.59 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के वोटर हैं, जिनका कांग्रेस पर पूरा भरोसा है। जबकि ब्राह्मण समाज के 18 प्रतिशत से ज्यादा वोटर पर भी उन्हें पूरा विश्वास है। वहीं 25 प्रतिशत से ज्यादा पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस का समर्थन देगा। क्योंकि इसका प्रभाव विधानसभा चुनावो में देखने को मिला है। इस जातीय समीकरण के कारण ही भाजपा के द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी आधी सीटें विधानसभा की तीने में सफलता मिली थी। ग्वालियर संसदीय सीट में 8 विधानसभाग्वालियर संसदीय क्षेत्र में आने वाली आठ विधानसभाओं में से कांग्रेस व भाजपा के पास चार-चार विधायक हैं। यदि विधानसभा चुनाव का ट्रेंड रहता है तो भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी कड़ा होगा और हार जीत का अंतर बड़ा नहीं होगा। इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6 लाख 96 हजार 246 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 6 लाख 82 हजार 233 वोट मिले हैं। इस हिसाब से मुकाबला कड़ा है। इसके अनुसार भाजपा को 14 हजार 13 वोट ही अधिक मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र की तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास दो सीट हैं। कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। वोट भी अधिक मिला है, लेकिन शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा मजबूत है। शहर में तीन सीटे हैं, जिनमें कांग्रेस के पास एक सीट है। पोहरी विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी ने 49 हजार 481 वोट से भाजपा के मंत्री को हराया था। जबकि भाजपा भितरवार और ग्वालियर विधानसभा में मजबूत है। इन विधानसभा को भाजपा ने बड़े अंतर से जीता था। डबरा, ग्वालियर दक्षिण व करैरा में मुकाबले करीबी रहे हैं। ग्वालियर संसदीय चुनाव में मुद्देइस संसदीय सीट की खास बात यह रही है कि यहां विकास के कोई मुद्दे नहीं रहे हैं। चाहे माधव राव सिंधिया ने विकास के नाम पर वोट मांगे हों। उस समय व्यक्ति के चेहरे पर लोगों ने वोट दिया था। क्योंकि मुद्दे विधानसभा चुनावो में ही इतने उठ जाते हैं कि लोकसभा में लोग सिर्फ चेहरे देखते हैं। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मुद्दे को लेकर ही वोटिंग होती रही है। इस बार प्रवीण पाठक शहर से और भारत सिंह कुशवाह ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। भाजपा हमेशा शहरी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाती रही है और लगातार जीतती रही है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा ने और शहरी क्षेत्र से कांग्रेस ने टिकिट दिया। यही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा, लेकिन यह मुद्दा कितना कारगर रहेगा यह तो चुनाव बाद ही मालुम होगा। क्योंकि माहौल इस समय भाजपा के पक्ष में है।

भाजपा ने प्रदेश में झोंकी ताकत, पीएम मोदी समेत शीर्ष नेताओं की लगातार रैलियां

BJP shows strength in Madhya Pradesh, continuous rallies of top leaders including PM Modi भोपाल ! प्रदेश में सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा ने यहां पर पूरी ताकत झोंक रखी है। पार्टी के सभी शीर्ष नेता लगातार प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। खुद पीएम मोदी एक दिन के अंतराल में दो बार आने के बाद एक बार फिर यहां पर चुनावी रैली करेंगे। जानिए कहां-कहां होंगी उनकी सभाएं। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मध्य प्रदेश में पूरा जोर लगाया हुआ है। इस बार पार्टी का लक्ष्य प्रदेश की सभी सीटों पर जीत दर्ज करने का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार यहां पर चुनावी अभियान में जुटे हुए हैं।पीएम ने एक दिन के अंतराल में दो बार महाकौशल अंचल का दौरा किया। अब 14 अप्रैल को मोदी फिर से प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वह नर्मदापुरम के पिपरिया में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने यहां से प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी को मैदान में उतारा है। प्रदेश में सबसे बड़ी जीत2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने इसी सीट से प्रदेश की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। यहां से बीजेपी के राव उदय प्रताप सिंह ने तेंदुखेड़ा से कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय शर्मा को चुनाव में हराया था। पीएम मोदी की रैली से नर्मदापुरम से जुड़ी बैतूल, विदिशा, जबलपुर, मंडला, दमोह एवं छिंदवाड़ा की सीटों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसके एक हफ्ते बाद मोदी वापस से मध्य प्रदेश में होंगे, जहां 20 अप्रैल को उनकी सागर में जन सभा प्रस्तावित है। यहां से भाजपा ने लता वानखेड़े को चुनाव में उतारा है। उनके विरुद्ध कांग्रेस के चंद्रभूषण सिंह बुंदेला मैदान में हैं। सागर लोकसभा सीट में तीसरे चरण के तहत सात मई को मतदान कराए जाएंगे। जेपी नड्डा भी करेंगे दौराइसके अलावा गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने भी मध्य प्रदेश में चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने मंडला और कटनी में जनसभा को संबोधित किया। इसके अलावा शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रदेश दौरे में होंगे। वह सीधी में प्रचार करेंगे।

‘मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ…’; पीएम ने करौली में कांग्रेस पर किया करारा वार

‘Modi was not born to rest…’; PM attacks Congress in Karauli राहुल गांधी की बीकानेर में सभा के बाद करौली-धौलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई। इसमें मोदी ने ईआरसीपी, किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ईआरसीपी का बड़ा लाभ करौली-धौलपुर को भी मिलेगा। यह इसलिए हल हुआ, क्योंकि हरियाणा में भी हमारी सरकार है और केंद्र में भी हम बैठे हैं। राजस्थान में लोकसभा चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को करौली-धौलपुर लोकसभा पहुंचे। बीजेपी ने यहां इंदू देवी जाटव को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात से आता हूं, पानी की दिक्कतों को भली भांति समझता हूं। हम हाथ जोड़कर बैठे नहीं रहते। मोदी बोले, कांग्रेस ने पानी में पैसा कमाने का काम किया। बीजेपी ने उसे जवाबदेही मानकर पूरा किया। मोदी ने कहा कि आने वाले सम में यहां घर-घर पानी पहुंचेगा, यह मोदी की गारंटी है। कांग्रेस ने नौकरियों में भी लूट के मौके तलाशे। कांग्रेस के राज में पेपर लीक इंडस्ट्री तैयार हो गई। मोदी ने गारंटी दी कि मोदी की सरकार आएगी तो पेपर लीक माफिया जेल जाएंगे। मोदी ने पूछा कि बताइए कि मोदी की गारंटी पूरी हो रही है कि नहीं। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ है। मैं काम करने के लिए पैदा हुआ हूं। पीएम मोदी ने इंडी अलायंस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग मोदी को कितनी गालियां दे दें, लेकिन जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। यह मोदी की गारंटी है। मोदी ने का कहा कि करौली-धौलपुर की यह धरती भक्ति और शक्ति की धरती है। यह उस बृज का क्षेत्र है, जहां की रज भी सर पर धारण करते हैं। यहां आपका यह आर्शीवाद देश के लिए बड़ा संदेश है। चार जून को क्या परिणाम होगा, वह आज करौली में स्पष्ट दिख रहा है। करौली बता रहा है, चार जून 400 पार। पूरा राजस्थान कह रहा है…फिर एक बार मोदी सरकार। 2024 का लोकसभा चुनाव, कौन सांसद बनेगा या कौन नहीं बन सकता है, इसके लिए नहीं है। यह चुनाव विकसित भारत को नई ऊर्जा देने का चुनाव है। समस्याओं के आगे कांग्रेस ने हाथ खड़े कर दिए। कांग्रेस दशकों को तक गरीबी हटाओ का नारा देती रही, लेकिन मोदी ने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। पीएम ने इन योजनाओं का किया जिक्रपीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि करौली-धौलपुर के सवा तीन लाख किसानों के खातों में 700 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। करौली में 80 हजार से ज्यादा किसानों को पशुओं के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा टीके मुफ्त टीके उपलब्ध करवाए हैं। राजस्थान में मोटा अनाज होता है। पहले मोटा अनाज पैदा करने वाले किसानों को कोई पूछता नहीं था। हमने दुनिया को बताया कि हमारा मोटा अनाज सुपर फूड है। आज वही मोटा अनाज श्री अन्न के रूप में जाना जा रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका में व्हाइट हाऊस में मुझे निमंत्रण मिला। वहां भोज में सब कुछ वेजिटेरियन था और वहां हमारा मोटा अनाज भी था। इससे राजस्थान के किसानों को बहुत बड़ा लाभ होने जा रहा है। एनडीए सरकार की तमाम योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें पक्के घर, शौचालय और उज्ज्वला सिलेंडर की बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम कर रहे हैं। मोदी ने पूछा कि यह काम पहले होने चाहिए थे कि नहीं होने चाहिए थे।

अपर कलेक्टर ने तीन एसएसटी चैक पोस्ट का किया निरीक्षण दिए दिशा निर्देश रंगोली बनाकर मतदाताओं को किया जागरूक

Additional Collector inspected three SST check posts, gave guidelines and made voters aware by making rangoli हरिप्रसाद गोहे आमला ! बैतुल हरदा संसदीय क्षेत्र लोकसभा 29 के लिए चुनाव की तारीख आगे बढ़ाई गई है। अब लोकसभा चुनाव 7 मई को सम्पन्न कराए जाएंगे। जिसके लिए सभी तैयारी लगभग पूरी की जा चुकी है। अपर कलेक्टर राजवीर नंदन श्रीवास्तव ने एसएसटी चैक पोस्ट हसलपुर, मोरखा खैरवानी का औचक निरीक्षण किया वही एसएसटी दल को वहानं चेकिंग के सम्बध में दिशा निर्देश दिए है। जानकारी देते हुए विधानसभा आमला 130 के सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा क्षेत्र 130 में तीन स्थानों में एसएसटी चैक पोस्ट बनाए गए है।जिनका आज अपर कलेक्टर राजवीर नंदन श्रीवास्तव द्वारा औचक निरीक्षण किया है। एसएसटी दल को वहानं सम्बंधित दिशा निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि एसएसटी चैक पोस्ट बड़े छोटे सभी वहानो की चेकिंग अनिवार्य रूप से की जाना है। वही वहानं एव सामग्री(वस्तु) नगद राशि(सोना,चांदी,जैसी वस्तु का बिल भी चैक किया जाना है अधिकारी मात्रा में नगद राशि या (सोना,चांदी)अवैध शराब परिवहन करते हुए कोई वहानं पकड़ाया जाता है। तो तत्काल ही चुनाव कन्ट्रोल रूम को सूचित किया जाए। आमला विधानसभा के सारणी क्षेत्र में रंगोली बनाकर किया मतदाताओं को जागरूक… विधानसभा आमला-सारणी के शॉपिंग सेंटर सारणी में नगर पालिका परिषद सारणी के द्वारा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रंगोली बनाकर जागरूक किया गया,निर्वाचन के द्वारा अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि सारणी के शॉपिंग सेंटर में रंगोली बनाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है।नवीन मतदाताओं का स्वागत कर उनको मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

छिंदवाड़ा जैसा जिला विश्व में कहीं नहीं है, जो प्यार आपने मुझे दिया है, वही नकुलनाथ को दीजिए

There is no district like Chhindwara anywhere in the world, give the same love you have given me to Nakulnath. भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेन्टरों वाला जिला हमारा है। जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिन्दवाड़ा आज उसी छिन्दवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में कही। चौरई एवं चांद में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं, ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे आज तक भाजपा पूरे नहीं कर पाई है, यह बात मत भूलिएगा। क्या कहा था 450 रुपए में सिलेण्डर देंगे, सस्ती दरों पर बिजली देंगे, माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के िलए कम ब्याज दरों पर लोन देंगे, ये सब झूठ साबित हुए हैं।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

मैदानी खबर: बालाघाट में भारती और सम्राट का खेल बिगाड़ने कंकर उतरे

Field news: In Balaghat, stones came to spoil the game of Bharti and Samrat बालाघाट में हमेशा की तरह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही संभावित है लेकिन इनका खेल बिगाड़ने बसपा ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। सांसद ढाल सिंह बिसेन का टिकट काट कर भाजपा ने पार्षद भारती पारधी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरसवार पर भरोसा किया है। क्षेत्र के तेजतर्रार समाजवादी नेता कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। देश, प्रदेश की तरह बालाघाट में माहौल भाजपा के पक्ष दिख रहा है लेकिन कई मसलों पर पार्टी का विरोध भी है।  भोपाल। महाकौशल अंचल की बालाघाट लोकसभा सीट का 2019 का चुनाव ढाल सिंह बिसेन ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीता था। बालाघाट में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी लेकिन पार्टी ने अपने इस सांसद का टिकट काट कर नगर पालिका की पार्षद भारती पारधी को दे दिया। प्रत्याशी घोषित होते ही लगाए गए पहले बैनर से ही ढाल सिंह बिसेन का फोटो गायब था। बिसेन की टिप्पणी थी, लीजिए अभी से मेरी फोटो हट गई। ऐसे में ढाल सिंह से ईमानदारी से काम की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रचार अभियान से वे दूरी बनाए दिख भी रहे हैं। बालाघाट भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन काम तो कर रहे हैं लेकिन पूरी ताकत से नहीं क्योंकि वे अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। बावजूद इसके माहौल भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रहा है।  कांग्रेस के सम्राट सरसवार भी कमजोर प्रत्याशी नहीं हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पिता विधायक रहे हैं। इस नाते उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे उस स्थिति में भी कांग्रेस का पूरी ताकत से प्रचार कर रही हैं जब उनके पति कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस चुनाव में पति-पत्नी में ऐसे मतभेद हुए कि कंकर मुंजारे अपना घर छोड़कर एक झोपड़ी में रहने पहुंच गए हैं। पहले उन्होंने पत्नी अनुभा से कहा था कि वे घर छोड़कर चली जाएं क्योंकि मेरे घर में रहकर वे मेरे खिलाफ प्रचार नहीं कर सकतीं। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कांवरे भी कांग्रेस के लिए मेहनत कर रही हैं। लिहाजा हार- जीत भाजपा-कांग्रेस के बीच ही तय है लेकिन कंकर मुंजारे के कारण मुकाबला तीन कोणीय दिखाई पड़ रहा है।  प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल 1999 में बालाघाट से सांसद रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। उनके प्रयास से जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे और एक अन्य नेता नगपुरे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है, वे इस समाज को साधने की कोिशश कर रहे हैं। कंकर मुंजारे और सामाजिक कारणों से यह वर्ग भाजपा से कटा दिखाई पड़ रहा है। वैसे भी आमतौर पर इस सीट में जातीय आधार पर भी वोट पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर पार्टियां टिकट देती हैं और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी होती है। चर्चा यह भी है कि जातीय समीकरणों के तहत भाजपा ने रणनीति के तहत कंकर मुंजारे को चुनाव लड़ाने में भूमिका निभाई है ताकि लोधी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकमुश्त न जा सके। किसानों में धान का समर्थन मूल्य भी मुद्दा बालाघाट संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी चुनाव लड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने यहां किसान कर्जमाफी और धान के समर्थन मूल्य को मुद्दा बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी और अन्य नेता प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो किसान पूछते हैं कि धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा का क्या हुआ। इसे लेकर एक किसान ने भाजपा की भारती पारधी की गाड़ी ही रोक ली थी। कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करती है और महिलाओं के बीच बताती है कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हुआ। भाजपा राम लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को गिना रही है। कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र में किए गए वादे बताए जा रहे हैं। 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार किया जा रहा है। विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस की ताकत बराबर विधानसभा में सदस्यता के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस की ताकत लगभग बराबर है। क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में दोनों दलों के पास 4-4 हैं। 4 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी भाजपा ने जीती थीं जबकि बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट और बारासिवनी में कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने चार सीटें 56 हजार 697 वोटों के अंतर से जीती है जबकि भाजपा की जीत का अंतर 60 हजार 203 वोटों का रहा है। इस दृष्टि से भाजपा की बढ़त महज 3 हजार 506 वोटों की ही है। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को कवर करना कठिन नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नतीजे लगभग इसी तरह के थे लेकिन भाजपा ने ढाई लाख वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीत लिया था। इसकी वजह राष्ट्रीय स्तर भाजपा के पक्ष में बना माहौल रहा है। यह माहौल इस चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। दो जिलों तक फैला है बालाघाट लोकसभा क्षेत्र महाकौशल की बालाघाट लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों तक फैला है। इसके तहत बालाघाट जिले की 6 एवं सिवनी जिलेकी 2 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी और सिवनी जिले की दो विधानसभा सीटें बरघाट, सिवनी शामिल हैं। जहां तक बालाघाट सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 और 1996 में यहां से कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत जीते थे। इसके बाद से लगातार भाजपा का कब्जा है। दो बार गौरीशंकर बिसेन और एक बार प्रहलाद पटेल बालाघाट से सांसद रहे हैं। केडी देशमुख, बोध सिंह भगत और ढाल सिंह बिसेने भी एक-एक बार चुनाव जीते हैं। आमतौर पर बालाघाट में हार-जीत का अंतर एक लाख से कम रहा है लेकिन 2019 में पहली बार भाजपा ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह रिकार्ड टूटता … Read more

चुनाव प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, दिए निर्देश

Election observer inspected the polling stations and gave instructions हरिप्रसाद गोहे आमला । लोकसभा चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारी जोर-शोर के साथ चल रही है। पोलिंग बूथो से लेकर रास्तों को अधिकारी परख रहे हैं। जिससे कि चुनाव के दिन पोलिंग पार्टियों के सामने कोई समस्या खड़ी ना हो। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ऑब्जर्वर(सामान्य प्रेक्षक) प्रदीप कुमार ठाकुर,(आईएएस) द्वारा हसलपुर स्थित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में चुनाव दल के साथ पहुचकर स्ट्रांग रूम निरीक्षण किया वही ऑब्जर्वर ने दर्जनों पुलिंग बूथों का भ्रमण किया। सबसे पहले चुनाव आब्जर्वर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम का जायजा लिया । शहर में बनने वाले पोलिंग बूथ पर गए। स्कूल के स्टाफ से उन्होंने पोलिंग बूथ की पूरी जानकारी ली। इस दौरान पोलिंग बूथ के आसपास आब्जर्वर ने साफ सफाई के निर्देश दिए। उसके बाद चुनाव आब्जर्वर पास के गांव पहुंचे। उन्होंने हाई स्कूल, प्राथमिक,माध्यमिक,विद्यालय एवं पंचायत आदि पर बनने वाले पोलिंग बूथ का जायजा लिया। इस दौरान बिजली व्यवस्था एवं पानी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। आब्जर्वर ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया को चुनाव से पहले पोलिंग बूथ पर सारे इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र बड़ोनिया,तहसीलदार पूनम साहू,थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना, बोडखी चौकी प्रभारी नितिन पटेल मौजूद थे। स्ट्रांग रूम के आस- पासअनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध आमला विधानसभा 130 के लिए चुनाव आयोग से द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर (सामान्य प्रेक्षक)आईएस अधिकारी प्रदीप कुमार ठाकुर ने चुनाव दल को निर्देशित करते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम के आस-पास अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा,किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां होने पर तत्काल ही कंट्रोल रूम को सूचना कर तत्काल कार्रवाई करने की दिशा निर्देश से दिए गए। वहीं उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम के पास किसी भी प्रकार के मोबाइल,सीसीटीवी,ड्रोन कैमरे से वीडियो ग्राफी करना आम लोगों के लिए प्रतिबधित किया गया है मतदान केंद्रों पर व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए आब्जर्वर (सामान्य प्रेक्षक) प्रदीप कुमार ठाकुर ने आमला विधानसभा 130 के सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया को निर्देश दिए कि मतदान केन्द्रों पर रोशनी की व्यवस्था के साथ साथ साफ सफाई मतदान केन्द्रों के पीने के पानी एवं लोगो के लिए छाव की व्यवस्था की जाए विकलांगों के लिए ट्राय साइकल,रेम्प की व्यवस्था करने के दिशा निर्देश दिए है।

कांग्रेस को एक और झटका, मुरैना से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में होंगे शामिल

Another blow to Congress, former MLA from Morena Ajab Singh Kushwaha will join BJP. मुरैना ! मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.मुरैना से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाएंगे. सीएम मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने के लिए मुरैना पहुंच रहे हैं. पहाड़गढ़ जनपद के मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की इस सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कुशवाह कांग्रेस के टिकट पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. बीजेपी के टिकट पर भी सुमावली से चुनावी जंग लड़ चुके थे.

भाजयुमो ने प्रदेश के सभी मंडलों पर मनाया भाजपा स्थापना दिवस

BJYM celebrated BJP Foundation Day in all the divisions of the state भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार ने भोपाल में वार्ड क्रमांक 50 के बूथ क्रमांक 202 पर महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई व कार्यकर्ताओं के यहां घर-घर पार्टी का झंडा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता कर नमो ऐप के माध्यम से डोनेशन किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा ही संगठन के भाव को समर्पित संगठन है। राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही हमारे मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक यथा संभव माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागी बनकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रदेशभर में स्थापना दिवस मनाया है और माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह स्थापना दिवस हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा को निरंतर मिल रहे अपार जनसमर्थन के साथ हम सभी को मिलकर मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए अपनी भूमिका निभाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने इंदौर संभाग में की बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार शनिवार को इंदौर पहुंचे और उन्होंने इंदौर संभाग के युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बीते चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उल्लेख हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरे मन से किया था। हमें इस बार भी लोकसभा चुनाव में दोगुनी ताकत के साथ संगठन कार्यों को सिद्धि तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व मिला है। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंत्योदय की बात हमारे महापुरुषों ने सोची थी आज उसे मोदी जी के नेतृत्व में हम पूरा होते देख रहे हैं। इसलिए हम सभी मोर्चा कार्यकर्ताओं का भी ये दायित्व बनता है कि हम लाभार्थियों से संपर्क करें उन तक मोदी जी की राम राम भी पहुंचाएं और बदलते भारत की चर्चा युवाओं के साथ करें। उन्होंने कहा कि नवमतदाताओं को इस बात से जरूर अवगत कराएं कि कांग्रेस शासन में देभ की स्थिति क्या थी और मोदी जी के नेतृत्व में आज स्थिति कितनी बदल गयी है।

प्रदेश की बची 3 सीटों पर कांग्रेस ने उतारे प्रत्याशी, ग्वालियर, मुरैना और खंडवा से किसे मिला टिकट

Congress fielded candidates on the remaining 3 seats of the state, who got the ticket from Gwalior, Morena and Khandwa? लोकसभा चुनाव 2024: मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कांग्रेस ने बची हुई 3 सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. ग्वालियर, मुरैना और खंडवा सीट पर उम्मीदवार उतारे गए हैं. अब मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की बची हुई 3 लोकसभा सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. मुरैना से पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू को टिकट दिया गया है. ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को मैदान में उतारा गया है, जबकि खंडवा से नरेंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है. खण्डवा से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को टिकट नहीं दिया गया है.कांग्रेस ने अब मध्य प्रदेश की सभी 28 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं, बाकी एक सीट पर इंडिया गठबंधन के खजुराहो लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया, लेकिन एक दिन पहले उनका नामांकन फॉर्म रिजेक्ट हो गया. फिलहाल मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. इधर, भाजपा पहले ही राज्य की 29 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार चुकी है. ग्वालियर लोकसभा सीटग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को टिकट दिया है. पाठक पहली बार 2018 ग्वालियर दक्षिण सीट से चुनाव में पहलीबार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को हराया था. हालांकि, 2023 में हुए विधानसभा चुनाव प्रवीण पाठक को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें पूर्व प्रतिद्वंदी नारायण सिंह कुशवाह ने हराया था.

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

मेरी मां-बहनें और पिता को किया गया परेशान’, तेजस्वी यादव का BJP पर हमला; बोले- हम डरने वाले नहीं हैं

‘My mother, sisters and father were harassed’, Tejashwi Yadav’s attack on BJP; Said- We are not afraid नई दिल्ली। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक रैली में शामिल हुए। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर भाजपा की सेल हैं। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर भाजपा की सेल हैं। उन्होंने कहा हमारे कई नेताओं पर इस समय छापे पड़ रहे हैं। ईडी आईटी की छापेमारी चल रही है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। राजद नेता ने महारैली में कहा, ‘ईडी, सीबीआई और आईटी बीजेपी की सेल हैं। लालू जी को कई बार परेशान किया गया है। मेरे खिलाफ मामले हुए हैं। मेरी मां, मेरी बहनें, मेरे जीजाजी, मेरे पिता के सभी रिश्तेदार, सभी के खिलाफ मामले थे। हमारे कई नेताओं पर इस समय छापे पड़ रहे हैं। ईडी, आईटी की छापेमारी चल रही है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम संघर्ष करेंगे। केवल शेर पिंजरे में बंद हैं। हम सभी शेर हैं। हम लड़ रहे हैं आपके लिए।’

“एक वोट, एक नोट” अभियान ,जीतू पटवारी ने किया शुभारंभ

“One Vote, One Note” campaign launched by Jitu Patwari न्यू मार्केट इलाके में जीतू पटवारी की अगुआई में कांग्रेसियों ने व्यापारियों, ठेला व्यवसायियों के पास पहुंचकर चंदा जुटाया। भोपाल सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव के लिए मांगा समर्थन।कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए जनता से मांगा चंदा, वोट के साथ नोट देने की भी अपील भोपाल ! आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस को दिया गया करोड़ों रुपये की वसूली का नोटिस और पार्टी के फ्रीज किए गए खातों के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने अनूठे ढंग से प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेसियों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी शहर के न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा पहुंचे और लोगों से चुनाव के लिए ‘एक वोट, एक नोट’ देने की अपील की। पटवारी सहित भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव ने भी ठेले संचालकों व दुकान मालिकों से चंदा मांगा। पटवारी ने पहली बार नींबू पानी पिलाने वाले से 10 रुपये का चंदा लिया। इसके बाद न्यू मार्केट में जगह-जगह लगे खाद्य पदार्थों से चंदा मांग रहे हैं। उन्हें कोई 10 तो कोई 20, 50 रुपये चंदा दे रहे हैं। कांग्रेसियों के साथ न्यू मार्केट के कुछ कांग्रेस समर्थक व्यापारी भी इस मुहिम में शामिल हुए और चंदा एकत्र किया। भाजपा को सबक सिखाएगी जनता – जीतूइस मौके पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर कांग्रेसियों व अन्य पार्टियों के नेताओं के घर ईडी, सीबीआइ भेज दी जाती हैं। कभी भाजपा के नेताओं घर ये एजेंसियों क्यों नहीं जाती हैं? कांग्रेस को आम जनता पर भरोसा है। लोकसभा चुनाव में जनता ही भाजपा को सबक सिखाएगी। कांग्रेस का इस तरह का विरोध प्रदर्शन हर लोकसभा चुनाव क्षेत्र में चलेगा। कांग्रेस के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए फंड नहीं है। प्रदेश व देश में सत्ताधारी भाजपा के पास करोड़ों रुपये हैं। वह लोकतंत्र की हत्या कर रही है। धन व बाहुबल का उपयोग चुनाव जीतने के लिए भाजपा करती आई है।

व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं,ये लोकतंत्र बचाओ रैली है, INDIA गठबंधन

This is not a rally to save a particular person, this is a rally to save democracy, INDIAतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्षी दल बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। रैली में I.N.D.I.A गुट के 28 दलों के नेता शामिल हुए। रैली में सभी का ध्यान अरविंद केजरीवाली की पत्नी सुनीता केजरीवाल के संबोधन पर था। INDIA गठबंधन की ‘महारैली’ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया, क्या प्रधानमंत्री ने ये सही किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक सच्चे देश भक्त और ईमानदार व्यक्ति हैं? उन्होंने जनता से पूछा कि क्या केजरीवाल जी को इस्तीफा देना चाहिए? सुनीता केजरीवाल ने आगे कहा कि कि अरविंद केजरीवाल शेर हैं और वे ज्यादा दिन के लिए जेल में नहीं रहेंगे। रामलीला मैदान में भाजपा पर भड़की सुनीता केजरीवाल, ‘आपके अरविंद शेर हैं, ज्यादा दिन जेल में नहीं रहेंगे’ देश मुश्किल हालात से गुजर रहा – महबूबा मुफ्तीमहारैली’ को संबोधित करते हुए PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है। देश में ऐसा हाल है कि ना कोई वकील, ना कोई दलील, ना कोई कार्रवाई, सीधा जेल। शायद कलयुग का अमृत काल इसी को कहते हैं कि आप बिना कुछ पूछे लोगों को जेल में डाल देते हैं। हमने जम्मू-कश्मीर में पिछले 5 साल तक यही देखा है, जब आप संविधान और कानून का उल्लंघन करते हैं तो वो देशहित में नहीं होता, बल्कि देशद्रोह होता है। ये लोकतंत्र बचाओ रैली ,कांग्रेसकांग्रेस ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ का उद्देश्य किसी व्यक्ति की रक्षा करना नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना है। इस महारैली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद थे। इनके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, शिवसेना प्रमुख (UBT) उद्धव ठाकरे, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रेयन, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी (पवार) शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हुए। व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं ,कांग्रेस इधर कांग्रेस की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि रामलीला मैदान में आज होने वाली संयुक्त मेगा रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए की गई है। वहीं पंजाब के मंत्री और आप नेता बलबीर सिंह ने कहा है कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के 140 भारतीयों के लिए लड़ रहे हैं। रैली में शामिल होंगे ये विपक्षी नेताआज रामलीला मैदान में होने वाली संयुक्त विपक्ष रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे से लेकर तेजस्वी यादव जैसे नेता शामिल होंगे। इसके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। खास बात ये है कि इस रैली में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी शामिल होंगी और अरविंद केजरीवाल का संदेश पढ़ सकती है। मोदी सरकार के खिलाफ इससे पहले विपक्षी दलों ने संयुक्त रैली 17 मार्च को मुंबई के शिवाजी पार्क में की थी। देश तानाशाही की ओर जा रहा – उद्धव ठाकरेरैली को संबोधित करते हुए सबसे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा कि कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल, आप दोनों चिंता मत करो, सिर्फ हम ही नहीं पूरा देश आपके साथ है। कुछ दिन पहले आशंका थी कि क्या हमारा देश तानाशाही की ओर चल रहा है? लेकिन अब ये आशंका नहीं, सच्चाई है। भाजपा को लग रहा होगा कि अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने से लोग डर जाएंगे लेकिन उन्होंने अपने देशवासियों को कभी पहचाना नहीं। लोकतंत्र व संविधान बचाने की लड़ाईकांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शनिवार को कहा कि रैली में विपक्षी गठबंधन के सभी 28 घटक दल भाग लेंगे। जयराम रमेश ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है, इसलिए इसे ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ नाम दिया गया है। यह रैली एक पार्टी की रैली नहीं है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी रामलीली मैदान में होने वाली रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्ष का जमावड़ा बता रही है।

अमरवाडा के ग्राम खमरा राजाराम के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का किया बहिष्कार पानी नहीं तो वोट नहीं

Villagers of village Khamra Rajaram of Amarwada boycotted Lok Sabha elections, no water, no votes. अमरवाडा ! ग्राम पंचायत हिवरासानी के ग्राम खमरा राजाराम के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का किया बहिष्कार बूथ नहीं तो वोट नहीं पानी नहीं तो वोट नहीं के लगायें नारे और ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के 76 साल बाद भी गांव का है हाल बेहाल गांव महिलाओं पानी लेने जाना पड़ता है कई मील दूर जब तक गांव में पानी या नेहर नहीं होगा तो कोई भी गांव का व्यक्ति लोकसभा चुनाव का नहीं करेगा मतदान और मतदान करने जाना पड़ता है कई किलोमीटर दूर पैदल ग्रामीणो ने बताया कि खमरा राजाराम मैं बूथ होगा तो मतदान होगा नहीं तो कोई पक्ष को वोट नहीं मिलेगा समस्त ग्रामवासी करेंगे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार!

AAP “केजरीवाल को आशीर्वाद” अभियान शुरू, पत्नी सुनीता ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर

AAP’s ‘Bless Kejriwal’ campaign started, wife Sunita released WhatsApp number दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने एक नया अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की सबसे भ्रष्टाचारी, तानाशाही ताकतों को ललकारा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल एक बार फिर मीडिया के मुखातिब हुईं। केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। पीसी के दौरान सुनीता केजरीवाल ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल केजरीवाल को आशीर्वाद देने के लिए आप इस नंबर पर व्हाट्सएप करें। सुनीता केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि अपने संदेश इस पर भेजिए। आप किसी भी पार्टी से हों। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में सुनीता केजरीवाल ने कहा कि मैं सुनीता केजरीवाल अरविंद जी की धर्मपत्नी, कल अरविंद केजरीवाल ने जो कोर्ट में कहां वो आपने सुना होगा, अगर नहीं सुना तो कृपया एक बार सुनिए। उन्होंने जो कोर्ट के सामने बोला उसक लिए बहुत हिम्मत चाहिए। सच्चे देशभक्त हैं वो। बिल्कुल ऐसे ही हमारे स्वतंत्रता सैनानी अंग्रेजों की तानाशाही से लड़ते थे। पिछले तीस साल से मैं उनके साथ हूं, देशभक्ति उनके रोम-रोम में बसी है। आप का नया अभियान शुरूआगे कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की सबसे भ्रष्टाचारी, तानाशाही ताकतों को ललकारा है। आपने अरविंद केजरीवाल को अपना भाई अपना बेटा कहा है, क्या आप इस लड़ाई में अपने भाई अपने बेटे का साथ नहीं देंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब साथ मिलकर ये लड़ाई लड़ेंगे। आप ने जारी किया व्हाट्सएप नंबरकेजरीवाल की पत्नी सुनीता ने कहा कि मैं आपको एक व्हाट्सएप नंबर दे रही हूं। व्हाट्सएप नंबर 8297324624 है। आज से हम एक अभियान शुरू कर रहे हैं जिसका नाम ‘केजरीवाल को आशीर्वाद’ है। इस नंबर पर आप अपने केजरीवाल को आशीर्वाद, दुआएं और प्रार्थनाएं भेज सकते हैं। कोई और भी संदेश देना चाहें तो वो भी दे सकते हैं। कई माताओं ने तो अपने बेटे के लिए मन्नत मांगी है। कई बहनों ने भी अपने भाई के लिए मन्नत मांगी है। वो भी लिखकर भेज सकते हैं।

वोट देने से पहले बस एक क्लिक में जानें ‘नेताजी’ के आपराधिक रिकॉर्ड ,ECI

Before voting, know the criminal records of ‘Netaji’ in just one click, ECI निर्वाचन आयोग द्वारा इस केवाईसी (KYC) ऐप के उपयोग की गाइड लाइन भी जारी की गई है. इसका उपयोग बेहद आसान है. KYC ऐप एंड्रॉइड और iOS दोनों डिवाइस के लिए उपलब्ध कराया गया है. लोकसभा चुनाव-2024 में आप जिस उम्मीदवार को वोट देने जा रहे हैं, उसका चाल-चलन कैसा है? यह आप अब आसानी से जान सकते हैं. मोबाइल में एक क्लिक में उसका पूरा बायोडाटा आपके सामने होगा. इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (Election Commission of India) ने इसके लिए स्पेशल मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा नो योर कैंडिडेट (KYC) नाम से एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है. यह एप्लिकेशन नागरिकों या मतदाताओं को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास के बारे में जानने में मदद करता है.यह एप्लिकेशन एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. बेहद आसान है उपयोगनिर्वाचन आयोग द्वारा इस केवाईसी (KYC) ऐप के उपयोग की गाइड लाइन भी जारी की गई है. इसका उपयोग बेहद आसान है. उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाताओं को एप में राज्य के साथ चुनाव के प्रकार के प्रकार यानी असेम्बली कॉन्स्टीटुएन्सी या पार्लियामेंट्री कॉन्स्टीटुएन्सी का चयन करना होगा.इसके अलावा उम्मीदवार को नाम से खोजा का सकता है. मिलेगी तमाम जानकारियांइसके बाद अगर उम्मीदवार का आपराधिक इतिहास होगा, उसके संबंध में भी ऐप पर जानकारी मिलेगी. इस मोबाइल ऐप में उम्मीदवार के शपथ पत्र को लोड कर दिया गया है, जिसके माध्यम से मतदाता उसकी चल-अचल संपत्ति, विदेशी बैंक खाते और अपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य तमाम जानकारियां हासिल कर सकता है. ऐप को कैसे करें डाउनलोड और उपयोग आधिकारिक ऐप स्टोर या Google Play Store पर जाएं.Google Play और App Store से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक ‘KYC-ECI’ ऐप डाउनलोड करें.ऐप खोलें और ‘आगे बढ़ें’ पर टैप करें.कोई भी व्यक्ति उपर में दिए गए सर्च बॉक्स में अपना नाम दर्ज करके उम्मीदवार को खोज सकता है.विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र/संसदीय निर्वाचन क्षेत्र (सामान्य/अलविदा) की सूची खोजने के लिए नीचे ‘सिलेक्शन क्राइटेरिया’ बॉक्स पर क्लिक करें; 2019-2024 से अब तक हुए चुनावों की सूची; राज्य; उम्मीदवारों का विवरण जानने के लिए निर्वाचन क्षेत्र और सबमिट पर क्लिक करें.

MP कांग्रेस को एक और झटका, दो पूर्व विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, पूर्व सांसद रामलखन सिंह ने भी ली बीजेपी की सदस्यता

Another blow to MP Congress, two former MLAs joined BJP, former MP Ramlakhan Singh also took membership of BJP. मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर भाजपा के न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक नरोत्तम मिश्रा भी रहे मौजूद। भोपाल। लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस में भगदड़ का दौर जारी है। इसी बीच गुरुवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका लगा। पूर्व सांसद डा राम लखन सिंह के साथ पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, अजय यादव के साथ अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डा. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी डी शर्मा ने रामलखन सिंह, नीलेश अवस्थी व अजय यादव को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जबलपुर संभाग के कई कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।

बैतुल लोकसभा में फिर आमने-सामने उतरे दुर्गादास और रामू टेकाम

Durgadas and Ramu Tekam face each other again in Betul Lok Sabha. चुनाव में प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशी- भाजपा- दुर्गादास उईके, कांग्रेस- रामू टेकाम, बसपा- अशोक भलावी मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच संभावित, बाकी पार्टियों ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए  लोकसभा क्षेत्र -2024 – बैतूल (अनुसूचित जनजाति) भोपाल। बैतूल लोकसभा सीट में तीन जिले व बैतूल, हरदा व खंडवा जिले आते हैं। यहां की आठ विधानसभा क्षेत्रों में 5 बैतूल की है। इसमें बैतूल, मुलताई, आमला, घोड़़ाडोंगरी व भैंसदेही तथा हरदा जिले की दो विधानसभा सीट हरदा व टिमरनी आते हैं। जबकि एक विधानसभा क्षेत्र खंडवा जिले की हरसूद आती है। यह सीट लंबे समय से भाजपा की पारंपरिक सीट बनती जा रही है। इस सीट से भाजपा व कांग्रेस के अलावा बसपा ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। हालांकि बसपा का वोट प्रतिशत इस क्षेत्र में लगातार कम होता गया। पिछले 2019 के चुनाव में करीब पौने तीन फीसदी वोट बसपा को मिले थे। जबकि गोगपा व अन्य कोई खास वोट हािसल नहीं कर पाए थे। इस सीट से 2014 लोकसभा चुनाव में ज्याेति धुर्वे चुनाव जीती थी। बाद में उनका जाति प्रमाणपत्र का मुद्दा सुर्खियों में बना। उनके बारे में कहा गया था कि वे ओबीसी जाति की है। हालांकि बाद में अदालतों ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया था। किंतु भाजपा ने दोबारा उन्हें टिकट नहीं दिया। हालांकि 2019 के चुनाव में भाजपा फिर से चुनाव जीत गई। यहां से भाजपा ने पेशे से शिक्षक दुर्गादास उईके को मैदान में उतारा। शिक्षक होने के साथ ही उईके की पैठ आरएसएस में थी। वे मुलताई क्षेत्र के निवासी थे, किंतु उनका शैक्षकीय जीवन करीब 26 सालों तक कोयलांचल क्षेत्र में बीता। इसी दौरान वे आरएसएस के नजदीक आए और आरएसएस की शाखाओं में जाने लगे। उनकी लगन व मेहनत को देखते हुए भाजपा ने बैतूल क्षेत्र से टिकट दे दिया। साफ-स्वच्छ छवि व मिलनसार व्यक्तित्व होने की वजह से वे 2019 का चुनाव जीत गए। इस बार पार्टी ने फिर से उन्हीं पर भरोसा जताते हुए मैदान में उतारा है। कांग्रेस में आपस में ही टिकट को लेकर नाराजगीकांग्रेस ने बैतूल लोकसभा सीट से रामू टेकाम को ही मैदान में उतारा है। पिछली बार भी कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया था। उन्हें दूसरी बार टिकट मिल जाने से कांग्रेस के ही दूसरे गुट में बड़े पैमाने पर नाराजगी है। यह गुट नहीं चाहता था कि रामू टेकाम को फिर से टिकट मिले। टिकट की घोषणा के बाद घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके राहुल चौहान, ब्रह्मा भलावी, धर्मू सिंह सिरसाम, निलय डागा समेत अन्य नेताओं ने टिकट बदलने की मांग रखी है। बताते हैं कि एक गुट दिल्ल्ाी तक जाकर टिकट बदलने को कहा,लेकिन उन्हें समझा-बुझा कर वापस कर दिया गया। अब हालांकि सभ्ाी कांग्रेस प्रत्याशी टेकाम को जिताने के लिए काम तो शुरू कर दिए हैं, िकंतु अंदरखाने में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टेकाम को लेकर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगा तो आने वाले दिनों में पार्टी को नुकसान हो सकता है। उधर, इस क्षेत्र में दूसरे चरण में चुनाव होना है। इसलिए अभी सब कुछ साफ नहीं हो पाया है। होली बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी। पिछले चुनाव में बैतूल की 5 में से चार सीटे कांग्रेस के पास थीयह भी रोचक है कि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को काफी अच्छी बढ़त मिली हुई थी। मुलताई क्षेत्र से सुखदेव पांस कैबिनेट मंत्री थे। बैतूल जिले की पांच में से चार विधानसभा सीटों मुलताई, बैतूल, भैंसदेही व घोड़ाडोंगरी में कांग्रेस के विधायक थे। महज आमला क्षेत्र में ही भाजपा जीत पाई थी। पांच में से चार क्षेत्रांंे में कांग्रेस का विधायक होने के बाद भी लोकसभा चुनाव में भाजपा बंपर वोट से चुनाव जीती थी। उस वक्त कांग्रेस के विधायक अपने क्षेत्र में ही पार्टी को वोट नहीं दिलवा पाए थे। पार्टी में भ्ाी इसे लेकर आवाज उठी, किंतु बाद में सरकार िगर जाने के बाद रही सही कसर खत्म हो गई। बाद में 2023 के चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो गई। बैतूल लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या जनजातियों कीअभी तक का रिकार्ड है कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र में जाति का कोई खास फैक्टर नहीं चला। इस पर तो वैसे भी मोदी फैक्टर ज्यादा प्रभावी है। इसके बावजूद बैतूल लोकसभा क्षेत्र के सभी आठों विधानसभा में से बैतूल, मुलताई, आमला व हरदा को छोड़कर बाकी चार विधानसभा क्षेत्राें में जनजातियों की संख्या सर्वाधिक है। इसीलिए 8 में से 3 विधानसभा बैतूल, मुलताई व हरदा क्षेत्र सामान्य श्रेणी के हैं, जबकि आमला क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बाकी सभी 4 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित है। लोकसभा क्षेत्र भी अनुसूचित जन जाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इसी वजह से यहां कोई अन्य जातिगत समीकरण काम नहीं करता। जिसकी पैठ जनजातीय समाज में होती है, वही यहां से चुनाव जीतता है। इस बार भी यही समीकरण बनने की पूरी संभावना है। बैतूल लोकसभा सीट में हरदा में जाट, गुर्जर व राजपूतों की संख्या सर्वाधिक है तो बैतूल में कुंबी, कुर्मी, पंवार व गोड़ की संख्या है। टिमरनी में गोंड़ व कोरकू की आबादी अधिक है। घोड़ाडोंगरी में गोंड सर्वाधिक हैं। मुलताई में कुंबी, पंवार बराबर की संख्या में हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में प्रत्याशी, जीत हार का अंतर, प्राप्त वोट का प्रतिशतभाजपा से दुर्गादास उईके (चुनाव जीते) प्राप्त वोट- 8,11,248 (59.74) कांग्रेस से रामू टेकाम (हार मिली) प्राप्त वोट- 4,51,007 (33.21)जीत-हार का अंतर- 3,60,241 कुल मतदाता–17,37,437 कुल वोट पड़े– 13,57,857प्रतिशत– 78.15 वर्ष 2014 में प्रतिशत– 65.17

कांग्रेस को लगा झटका, विदिशा से पूर्व विधायक शशांक भार्गव भाजपा में शामिल

Congress gets a shock again, former MLA from Vidisha Shashank Bhargava joins BJP विदिशा से पूर्व विधायक शशांक भार्गव मंगलवार को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ कई पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।विदिशा ! प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस नेताओं की भगदड़ रूक ही नहीं रही है। बुधवार को विदिशा से पूर्व विधायक शंशाक भार्गव कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ विदिशा कांग्रेस के कई नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने उनको सदस्यता दिलाई। साथ ही होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के भी कई कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने भाजपा की सदस्यता ली। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा के 370 प्लस का अभियान का संकल्प एमपी में ही मोदी जी ने लिया था और हमे टास्क दिया था। उन्होंने कहा कि ज्वाइनिंग का अभियान इस संकल्प के लिए बड़ा अभियान है। इस ज्वाइनिंग अभियान के तहत न केवल नेता कार्यकर्ता बल्कि अलग अलग वर्गो के लोग भाजपा में शामिल हो रहे है। विदिशा में यदि कांग्रेस थी तो शशांक भार्गव की वजह से आज ऐसा लगता है की विदिशा की पूरी कांग्रेस भाजपा में शामिल हो गई है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं आप सब का स्वागत करता हूं,आपको अश्वशत करता हूं कि आपका परिवार में पूरा मान सम्मान रहेगा। उन्होंने कहा कि आपके जो भी सुझाव रहेंगे उनका सदैव स्वागत रहेगा।

पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका, लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू भाजपा में शामिल

Big blow to Congress in Punjab, Ludhiana MP Ravneet Bittu joins BJP. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए हैं। रवनीत लुधियाना से सांसद हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था।नई दिल्ली ! लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं का दल बदल शुरू हो गया है। अब पंजाब में कांग्रेस को झटका लगा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए हैं। रवनीत लुधियाना से सांसद हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था। पीएम मोदी का जताया आभारबीजेपी में शामिल होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पंजाब से प्यार है। वे प्रदेश के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं। पंजाब को पीछे क्यों रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर से सांसद और एक्टर सनी देओल पर निशाना साधा। कहा कि कुछ नुमाइंदों के कारण पार्टी को नुकसान हुआ है। तीन बार से सांसद हैं रवनीत बिट्टूरवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के दिग्गज नेता है। वो तीन बार से सांसद हैं। साल 2009 में आनंदपुर साहिब सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2014 और 2019 में जीत हासिल की थी।

सरकार में आते ही लाएंगे रोजगार क्रांति…राहुल बोले- पेपर लीक की परेशानी से भी दिलाएंगे निजात

Will bring employment revolution as soon as he comes to government…Rahul said – Will also provide relief from the problem of paper leak लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर ऐलान किया है. उन्होंने कहा ये वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है. कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटका रही है. लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, सभी राजनीतिक पार्टियां आपने अपने दांव चलने से पीछे नहीं हट रहीं हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने सरकार पर रोजगार के लिए निशाना साधा है. उन्होंने कहा अगर उनकी सरकार आती है तो वो सभी खाली पड़े सरकारी पदों को भरेंगे. पेपर लीक जैसी समस्याओं के लिए भी एक सख्त कानून बनायेंगे. कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने लिखा आज हर युवा की जुबान पर एक ही सवाल है क्या उनके लिए सरकार के पास कोई योजना भी थी? आगे उन्होंने लिखा गली-गली, गांव-गांव बीजेपी वालों से पूछा जा रहा है कि उन्होंने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का झूठ क्यों बोला गया था? उनका मानना है सरकार युवाओं को भटका रही है. कांग्रेस की गारंटीएक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट का सहारा लेते हुए राहुल गांधी ने लिखा है कांग्रेस ने युवा न्याय की योजना के तहत क्रांति लाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा हमारी गारंटी है कि सरकार बनते ही हम खाली पड़े 30 लाख सरकारी पदों को भरेंगे. हर शिक्षित युवा को पहली नौकरी पक्की योजना के तहत 1 लाख रू सालाना की नौकरी देंगे. पेपर लीक से परेशान युवाओं को रिझाने के लिए उन्होंने कहा हमारी सरकार आते ही हम कानून बना कर पेपर लीक से भी मुक्ति दिलाएंगे. आपको बता दे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में पिछले कई सालों पेपर लीक एक बड़ी समस्या बन चुकी है. तोड़ना होगा भ्रम का जालराहुल गांधी ने आगे ट्वीट में लिखा कि ये वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है. कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटकाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा अगर हमें रोजगार की क्रांति लानी है तो युवाओं को इस भ्रम का जाल तोड़ना होगा और अपने हाथों की तकदीर बदलनी होगी.

कर्नाटक के विधायक और खनन कारोबारी जनार्दन रेड्डी BJP में शामिल

Karnataka MLA and mining businessman Janardhan Reddy joins BJP रेड्डी पर 9 CBI मामले चल रहे हैं. 2008 से 2013 के बीच हुए अवैध खनन से जुड़े इन मामलों में CBI ने उन्हें आरोपी बनाया है. रेड्डी गंगावती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. 2022 में उन्होंने बीजेपी से अलग होकर KRPP पार्टी बनाई थी.

आचार संहिता के उल्लंघन पर पांच मिनट में होगी कार्रवाई, ऐसे करें शिकायत

Action will be taken on violation of code of conduct within five minutes, complain like this आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की शिकायत सी-विजिल सिटीजन एप पर की जा सकती है। इसके लिए जीपीएस को ऑन रखना होगा। सी-विजिल एप पर कर सकते हैं आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतशिकायत करते वक्त जीपीएस ऑन रखना जरूरीपांच मिनट में पहुंचेगी फ्लाइंग स्क्वायड की टीम भोपाल ! लोक सभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की आनलाइन शिकायत आप भी कर सकते हैं। ऐसे किसी भी उल्लंघन के मामले का वीडियो और फोटो लेने के पांच मिनट के अंदर इसे सी-विजिल सिटीजन एप पर भेजना होगा। इसके लिए उसे मोबाइल पर जीपीएस आन रखना होगा। सी-विजिल एप को गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप का इस्तेमाल करने के लिए शिकायतकर्ता के मोबाइल पर जीपीएस और इंटरनेट चालू होना आवश्यक है। वीडियो दो मिनट से अधिक का नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जिस मोबाइल से फोटो या वीडियो कैप्चर किए गए हैं शिकायत केवल उसी से की जा सकेगी। किसी दूसरे मोबाइल या कैमरे की फोटो या वीडियो अथवा पहले से स्टोर फोटो या वीडियो इस एप पर अपलोड नहीं होगी। इस तरह काम करेगी सी-विजिल एप

पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा, अकाली दल के साथ नहीं हुआ गठबंधन

BJP will contest elections alone in Punjab, no alliance with Akali Dal शिरोमणि अकाली दल एनडीए में भाजपा की पुरानी सहयोगी थी, लेकिन किसान आंदोलन के बाद इस पार्टी ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था चंडीगढ़ (सहारा समाचार)। पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन पर सहमति नहीं बन सकी है। यह जानकारी पंजाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने दी। बता दें, शिरोमणि अकाली दल एनडीए में भाजपा की पुरानी सहयोगी थी, लेकिन किसान आंदोलन के बाद सितंबर 2020 में इस पार्टी ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था। अब बदली हुए हालात में पार्टी चाहती थी कि वह भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इससे पहले, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन लगभग तय माना जा रहा था। इसके लिए शिअद के प्रधान सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात होना थी। भाजपा ने इस बात के संकेत दिए थे।

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर पटवारी बोले- ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की, इसमें 115 विपक्ष के

Patwari said on Kejriwal’s arrest – ED took action against 121 leaders, out of which 115 were from opposition. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने रविवार को ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी किए। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की और नोटिस दिए हैं। भोपाल ! दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी कर भाजपा सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। पटवारी ने कहा कि ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की। इसमें 115 विपक्ष के नेता हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष एकजुट होकर भाजपा पर लगातार हमलावर है। इसी बीच, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने रविवार को ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी किए। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की और नोटिस दिए हैं। इसमें से 115 विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि प्रधानमंत्री को विपक्ष के नेता पसंद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसमें से 70 प्रतिशत ने भाजपा की सदस्यता ले ली। वहीं, पटवारी ने कहा कि येदियुरप्पा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई हुई थी। इस मामले में वे गिरफ्तार नहीं हुए। व्यापमं को लेकर जांच हुई। कई लोग मारे गए। इसमें भी पता नहीं क्या हुआ? उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भष्टाचार को दो तरह से देखते हैं। वे कहते हैं कि विपक्ष भष्टाचार ना करे, लेकिन हम पेट भर खाएंगे।

कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी, 45 नामः दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से उतरा मैदान में

Congress’s fourth list released, 45 names: Digvijay Singh fielded from Rajgarh अब तक 184 उम्मीदवारों का ऐलानलोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार देर रात चौथी लिस्ट जारी की। इसमें 12 राज्यों के 45 नाम हैं। मध्यप्रदेश से 12, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र 4, तमिलनाडु से 7, मणिपुर 2, मिजोरम से एक, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से 2-2, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार और असम से एक-एक उम्मीदवार का ऐलान किया। अब तक पार्टी 183 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से टिकट दी गई है। वहीं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को उतारा गया है।

शैडो वन मंत्री की कार्यशैली से विधायकों एवं कार्यकर्ताओं में नाराजगी

Dissatisfaction among MLAs and workers due to the working style of Shadow Forest Minister भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नागर सिंह चौहान को वन मंत्री बनाया। चौहान भानमती तो बन गए किंतु उनका मंत्रालय अपर संचालक स्तर के वित्तीय सेवा के अधिकारी रंजीत सिंह चौहान संचालित कर रहे हैं। जंगल महक में उन्हें शैडो वन मंत्री के रूप में देखा जा रहा है। विभाग में सप्लायर का वर्क आर्डर जारी करना हो या फिर ट्रांसफर पोस्टिंग, ये सभी कार्य अधिकारियों से मिलकर वह स्वयं कर रहे हैं। यही कारण है कि विधायकों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की सिफारिशी तबादला आदेश चुनाव आचार संहिता लगने के पूर्व जारी नहीं हो सके। वन विभाग में अधिकांश अधिकारी वन मंत्री चौहान के अनादिकृत ओएसडी रणजीत सिंह चौहान को शैडो मंत्री के रूप में देखते हैं। फील्ड में पदस्थ डीएफओ यह मानते हैं कि रणजीत सिंह चौहान उनके नजदीकी है। उनकी मान्यताओं पर तब और बल मिलता है जब अधिकारी अपने मंत्री से मिलने जाते हैं और वे उन्हें चौहान की से मिलने का संकेत दे देते हैं। इसके कारण ही विभाग के अवसर उन्हें शैडो वन मंत्री के रूप में देखते हैं। अब नेताओं को भी ऐसा एहसास होने लगा है वह इसलिए कि धार, झाबुआ और अलीराजपुर के विधायकों एवं नेताओं ने वन विभाग के डीएफओ, एसडीओ से लेकर रेंजरों को हटाने और उनकी प्राइम पोस्टिंग करने के सिफारिश की थी। वन मंत्री चौहान ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मंथन कर सूची तैयार कर मंत्रालय को भेजी। इस बीच पार्टी हाई कमान ने उनकी पत्नी अनीता सिंह चौहान को झाबुआ-रतलाम लोकसभा का प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस घोषणा के बाद वन मंत्री नागर सिंह चौहान राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हो गए और इसका लाभ उठाते हुए विधायकों के सिफारिश वाले अधिकारियों के तबादले की सूची में नाम हटाकर चौहान ने अपने पसंदीदा डीएफओ, एसडीओ और रेंजरों के तबादला आदेश आचार संहिता लगने के चंद्र घंटे पहले जारी करवा दिए। वन मंत्री के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि विधायकों और नेताओं की अनुशंसा वाले दबा दें आदेश जारी नहीं होने के कारण वन मंत्री के प्रति नाराजगी है और वे चुनाव बाद मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव से शिकायत करने का मन बनाया है। सप्लायर के कारोबार में भी है दखलअंदाजीवन विभाग में लंबे समय से सप्लायर का एक नेक्सस सक्रिय है। इस सिंडिकेट से वन मंत्री चौहान के अनाधिकृत ओएसडी चौहान भी जुड़ गए है। दबाव के चलते ही महकमे में एक दर्जन से अधिक डीएफओ ने चैन लिंक और वायरबेड खरीदी की निविदा में ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसे केवल चौहान के नजदीकी फर्म को ही वर्क आर्डर मिल सके। बताया जाता है कि डीएफओ को फोन करके अपने चहेते फर्म को ठेका दिलवाने के लिए नई-नई शर्ते जुड़वा रहे हैं। दक्षिण सागर,बैतूल और बालाघाट समेत एक दर्जन डीएफओ ने चैनलिंक और वायरबेड खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित बुलाई गई। इस निविदा में 3 करोड़ के टर्न-ओवर के साथ यह शर्त भी जोड़ दी कि भारत मानक ब्यूरो से मान्यता प्राप्त फर्म ही निविदा में हिस्सा ले सकेंगी। यह शर्त पहली बार जोड़ी गई। इस शर्त के कारण तीन दर्जन से अधिक संस्थाएं प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई। मप्र में भारतीय मानक ब्यूरो से लाइसेंस प्राप्त दो फर्म ही रजिस्टर्ड हैं। यह दोनों फर्म ही कांग्रेस नेता के रिश्तेदार की है। यानी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार को उपकृत करने के लिए प्रदेश के एक दर्जन डीएफओ ने पहली बार यह शर्त निविदा में जोड़ दी है। यह बात अलग है कि प्रतिस्पर्धा से बाहर हुई संस्थाओं ने शिकवे-शिकायतें शुरू कर दी हैं। जानकारों का कहना है कि मंत्री के यहां अनाधिकृत रूप से सक्रिय अपर संचालक स्तर के एक अधिकारी के कहने पर फील्ड के अफसरों ने निविदा में भारतीय मानक ब्यूरो की शर्त जोड़ी है। बताया जाता है कि अफसर पर दबाव बनाने वाले अनाधिकृत काम देख रहे अधिकारी का कांग्रेस नेताओं से पुराने संबंध रहे हैं। क्या है रंजीत सिंह चौहान का बैकग्राउंडरणजीत सिंह चौहान वित्तीय सेवा के अधिकारी

भीम आर्मी भारत एकता मिशन संगठन ने राहुल चौधरी को नियुक्त किया जबलपुर जिला अध्यक्ष

Bhim Army Bharat Ekta Mission the organization has appointed Rahul Chaudhary as Jabalpur District President भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा जबलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में राहुल चौधरी को एक बार फिर भीम आर्मी जबलपुर का ज़िला अध्यक्ष बनाया गया हैं। जबलपुर ! पुनः ज़िलाध्यक्ष बनाए जाने पर सम्पूर्ण जिले के पदाधिकारियों व सदस्यों में हर्ष का माहौल हैं बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आकाश राहुल के मुख्य अतिथि में आयोजित इस संभाग स्तरीय बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारी, सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिसमे जबलपुर जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी को पुनः ज़िलाध्यक्ष जबलपुर जिले की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति किया गया। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने बताया कि आगामी अप्रैल माह में जिले की सभी तहसीलो का द्वारा कर जिला कार्यकारणी का पुनः गठन किया जाएगा। और संगठन को पहले से भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा इस दौरान भीम आर्मी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट सुनील बेले,आकाश बौद्ध,मनीष चौधरी,संजीव चौधरी,सनोज चौधरी, साहिल चौधरी, सहिल चौधरी, सुमित चौधरी अन्य सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुफ्त रेवड़ी कल्चर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज: क्या 2024 लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा असर?

Hearing in Supreme Court today on free revadi culture: Will it affect the 2024 Lok Sabha elections? चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट गुरुवार, 21 मार्च को राजनीतिक दलों द्वारा चुनावों के दौरान ‘मुफ्त’ रेवड़ियां देने की प्रथा के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। यह एक अहम सुनवाई है, क्योंकि 19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं। राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र भी सामने आने लगे हैं, जिनमें तमाम दावे किए जा रहे हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। पीठ में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएयाचिका में कहा गया है कि मतदाताओं से अनुचित राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि वे संविधान का उल्लंघन करते हैं। चुनाव आयोग को भी उचित उपाय करने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने वकील और पीआईएल याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया की दलीलों पर ध्यान दिया कि याचिका पर लोकसभा चुनाव से पहले सुनवाई की जरूरत है। अन्य महत्वपूर्ण बातें याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह घोषित करने का आग्रह किया है कि चुनाव से पहले निजी वस्तुओं या सेवाओं का वादा या वितरण, जो सार्वजनिक धन से सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए नहीं हैं, संविधान के अनुच्छेद 14 सहित कई अनुच्छेदों का उल्लंघन है।

इलेक्टरल बॉन्ड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला :जीतू पटवारी

Electoral bond scam is the biggest scam of independent India: Jitu Patwari मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति 300 करोड़ में, मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का केंद्र बना : जीतू पटवारी 2014 से 2023 तक भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की,भाजपा की वादाखिलाफी के खिलाफ जनता आशा भरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है: जीतू पटवारी भोपल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश समेट पूरे देश के लिए लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं परंतु बीजेपी की डबल इंजन सरकार की डबल वादा खिलाफी के खिलाफ जनता हताश और निराशा है, आलम यह है कि 2014 से 2023 तक कोई भी गारंटी पूरी नहीं हुई है एवं इसी कारण जनता आशाभरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है। पटवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे दिया करते थे उसके विपरीत इलेक्ट्रोरल बॉन्ड्स के जरिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कई खुलासे हुए हैं एवम उससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह भाजपा के लीगल करप्शन के उदाहरण हैं। वैक्सीन निर्माता, पाकिस्तान एवं लॉटरी किंग के द्वारा भाजपा को जो चंदा दिया गया इन सब पर चर्चा होनी चाहिए, चुनावी बांड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। भाजपा ने भ्रष्टाचार का तांडव मचा रखा है एवं संस्थाओं को डराने एवं वसूली का माध्यम बनाकर रखा है, यह पहले कभी नहीं हुआ। पटवारी ने कहा कि जहां कांग्रेस पार्टी ने लोगों को आरटीआई जैसे अधिकार दिए खाद्यान्न, भूमि अधिग्रहण, वन अधिकार कानून आदि कानून दिए वहीं भाजपा ने इन कानूनों को पंगु बनाया। कांग्रेस पार्टी फिर एक बार जनता को अधिकार देगी, हम किसानों को एमएसपी का अधिकार देंगे, ग्रेजुएट युवाओं को ₹100000 सालाना की स्टाइपेंड का अधिकार देंगे, बहनों को 8000 से 8500 के करीब प्रति माह की आर्थिक सुरक्षा का अधिकार देंगेऔर विस्तार में सभी अधिकार एवं न्याय के माध्यम इंडिया एलायंस की रैली में हमारे नेता राहुल जी एवं एलायंस के नेता करेंगे। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी मध्य प्रदेश की सरकार ने लगातार आचार संहिता लगने के पहले तक तबादले किए परंतु उसके बाद भी कई अधिकारी कई विभाग में नहीं हैं, 500 से ज्यादा पदों पर पदाधिकारी नहीं है तथा प्रभार के आधार पर व्यवस्थाएं चल रही हैं। यहां कर्ज, क्राइम एवं करप्शन पर्ची वाले मुख्यमंत्री के शासन में लगातार फल फूल रहा है, मध्य प्रदेश लगातार क्राइम इंडेक्स में एवं करप्शन इंडेक्स में ऊंचाई हासिल कर रहा है, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का तो यहां तक भी कहना है कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की 300 करोड रुपए में नियुक्ति हुई है, यही बीजेपी का असली चरित्र है। श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दृढ़ता से चुनाव में उतर रही है एवं जो संकेत हैं उनके आधार पर मैं कह सकता हूं कि परिणाम आप सभी को चौंकाएंगे एवं कांग्रेस पार्टी चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।

वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट

Kovind Committee submits report to President Draupadi Murmu on One Nation-One Election यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। इसमें रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत आठ सदस्य हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन यानी एक देश, एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। कमेटी के सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रिपोर्ट सौंपी। वन नेशन वन इलेक्शन पर कमेटी ने 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 2029 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। कोविंद की अगुवाई में सितंबर 2023 में बनी थी कमेटीरिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। क्या है पैनल के सुझाव? 2029 में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिशरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाए। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकेंगे।

सिर पर पल्लू और हाथ में हंसुआ; गेहूं काटती कमलनाथ की बहू का वीडियो वायरल

Pallu on head and sickle in hand; Video of Kamalnath’s daughter-in-law cutting wheat goes viral छिंदवाड़ा से प्रत्याशी घोषित किए जाने से कांग्रेस सांसद नकुलनाथ प्रचार में जुटे हुए हैं। बेटे के लिए पूर्व सीएम कमलनाथ भी खूब मेहनत कर रहे हैं। नुकल की पत्नी भी प्रचार में उतरीं। छिंदवाड़ा ! प्रत्याशी घोषित किए जाने से कांग्रेस सांसद नकुलनाथ प्रचार में जुटे हुए हैं। बेटे के लिए पूर्व सीएम कमलनाथ भी खूब मेहनत कर रहे हैं। अब नकुल की पत्नी प्रिया भी प्रचार में जुट गईं हैं। वह गांवों और खेतों तक में जाकर लोगों से मिल रही हैं और पति के लिए वोट मांग रही हैं। प्रिया का ऐसा ही एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह खेत में महिलाओं के साथ गेहूं काटती दिख रही हैं।मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा लपकसभा से कांग्रेस ने नकुल नाथ को अपना प्रत्यासी बनाया है, बुधवार चुनाव प्रचार को निकली नकुल नाथ की पत्नी का गेंहू काटते एक वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हुआ है। चुनाव प्रचार पर निकलीं कांग्रेस प्रत्याशी नकुल नाथ की पत्नी ने जब महिलाओं को खेत में काम करते हुए देखा तो उनके पास पहुंच गईं। कमनलाथ की बहू के रूप में उनका परिचय कराया गया। सिर पर घूंघट लिए प्रिया ने महिलाओं से बातचीत की और खेत में उनके साथ गेहूं काटने भी बैठ गईं। इस दौरान गेहूं काट रहीं महिलाएं कहती हैं- देख कर गेंहू काटिए, आपकी उंगली न कट जाए। लेकिन प्रिया हाथ आजमाने से नहीं चूकीं। उनका यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पति के लिए उनकी मेहनत की तारीफ की तो कुछ का कहना है कि नकुल के लिए लड़ाई आसान नहीं रह गई है और उन्हें पत्नी को भी मैदान में उतारना पड़ा है। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 29 सीटों में से 10 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। छिंदवाड़ा लोकसभा से पूर्व पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को कांग्रेस ने अपना प्रत्यासी बनाया है। प्रत्याशी घोषित होने के पहले से ही प्रचार में जुट चुके नकुल ने अब पूरे परिवार के साथ अभियान कको तेज कर दिया है।

हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसडर बनाओ, पोस्ट ऑफिस का डिपॉज़िट बढ़ेगा ,मंत्री विजय शाह

Make Hema Malini brand ambassador, post office deposits will increase, Minister Vijay Shah हम उनके पट्ठे हैं’, Post office के अफसरों से बोले MP के मंत्री विजय शाह खंडवा ! सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसेडर बनाओ और फिर हमें बताना. हम उनके पट्ठे हैं. साथ ही यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस मोदी जी का असली बेटा है. बाकी सब काका-बाबा के हैं, इसलिए असली बेटे को ही सहयोग करें. मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह का विवादों से गहरा नाता है. अब उन्होंने पासपोर्ट ऑफिस के उद्घाटन के दौरान मंच से कह दिया कि आपके यहां ब्याज दर ज्यादा होने के बावजूद दूसरी बैंकों की तुलना में इसलिए डिपॉजिट कम है, क्योंकि आप विज्ञापन नहीं करते. अभी हेमा मालिनी को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाओ तो डिपॉज़िट बढ़ जाएगा.मंत्री यहीं नहीं रुके, आगे कहा कि हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसेडर बनाओ और फिर हमें बताना. हम उनके पट्ठे हैं. साथ ही यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस मोदी जी का असली बेटा है. बाकी सब काका-बाबा के हैं, इसलिए असली बेटे को ही सहयोग करें. मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री विजय शाह खंडवा में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र का लोकार्पण करने पहुंचे थे. इस दौरान मंत्री ने माइक पर कहा, पोस्ट ऑफिस फिक्स डिपोजिट पर एसबीआई से ज्यादा ब्याज देता है, लेकिन वह उसका प्रचार ठीक से नहीं कर पाता. तुम्हारा न कोई मॉडल है और न ही कोई ब्रांड एम्बेसडर. इसलिए कह रहा हूं कि हेमा मालिनी को ब्रांड एम्बेसडर बनाओ यार!शाह यहीं नहीं रुके. बोले – मैंने हेमा मालिनी का नाम इसलिए लिया, क्योंकि वे भारतीय परम्परा, सभ्यता, संस्कृति की मूर्ति हैं. उन्होंने आज तक ऐसी फिल्म नहीं की जिसे देखकर आपको मुंह छिपाना पड़े. फिर भी उन्हें ब्रांड एम्बेसडर नहीं बना रहे पोस्ट ऑफिस वाले. हम उनके पट्ठे हैं. अगर वे प्रचार करेंगी तो सभी बैंकों से पैसा निकालकर पोस्ट ऑफिस में डाल देंगे..!  मंत्री शाह ने यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस मोदीजी का सगा बेटा है. को- ऑपरेटिव और दूसरे बैंक चाचा बाबा के हैं, इसलिए सगे बेटे को है महत्व मिलना चाहिए.

प्रदेश को मिली चौथी वंदे भारत ट्रेन, सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया

State got fourth Vande Bharat train, CM Mohan Yadav expressed gratitude to PM Modi भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 85 हजार करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं के वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में हजरत निजामुद्दीन से खजराहो के बीच चौथी वंदे भारत ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री ने देश में 10 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि रेलवे आधुनिक समय में देश का भाग्य बदलने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद रेलवे की कई पुरानी परंपराओं को बदलकर रेलवे के विकास को गति प्रदान की है। केंद्रीय बजट और रेलवे बजट को एक कर भारत सरकार के संसाधनों के रेलवे के विकास में उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। उनकी पहल से देशवासियों ने स्वच्छ रेलवे स्टेशन और विश्व स्तरीय रेलवे सुविधाओं का अनुभव प्राप्त किया है। मध्य प्रदेश को मिलने वाला रेलवे बजट 2014 से पहले लगभग 275 करोड़ हुआ करता था जो अब 15000 करोड़ हो गया है, यह डबल इंजन की सरकार का प्रभाव है। प्रदेश केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणीउप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनेगा, इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रदेश सभी केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भोपाल, संतहिरदाराम नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टशनों के विकास तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे का आभार माना। कार्यक्रम में रेलवे की महाप्रबंधक शोभना वनोपाध्या और मंडल रेलव प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित थे।

घोटाला छुपाने के लिए प्रदेश सरकार ने वल्लभ भवन में लगवाई आग , जीतू पटवारी

To hide the scam, the state government set fire to Vallabh Bhawan, Jitu Patwari जीतू पटवारी ने कहा कि… मंत्रालय में पांच बार आग लग चुकी है और यहां घोटाले को दबाने के लिए आग लगाई गई है.. यह सरकार का पाप है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा आरोप वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता चुनाव ,आखिर उमा भारती क्या संकेत देना चाहिए है पार्टी को ?

Now elections do not matter to me, after all Uma Bharti, what signal should the party give? ‘मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं, अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता’ चुनाव नहीं लड़ने पर Uma Bharti ने क्यों कहा ऐसा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी और गंगा नदी के लिए काम एक साथ नहीं किया जा सकता। मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं। गंगा से जुड़े कार्यों को पूरा करूंगी। गंगा को लेकर जाति समुदाय या राजनीतिक दलों को लेकर कोई विवाद नहीं है। भोपाल। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगीं। मैं दो साल चुनाव नहीं लड़ूंगी। गंगा में जाति, संप्रदाय का कोई विवाद नहीं है। बीजेपी इस चुनाव में 400 से ज्यादा सीटें जीतेगी। उमा भारती ने कहा कि मेरे लिए गंगा महत्वपूर्ण है। मैं अगले दो साल गंगा के लिए काम करूंगी। पीएम नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है। जरूरत पड़ने पर मैं खुद चुनाव प्रचार करूंगी। 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी और गंगा नदी के लिए काम एक साथ नहीं किया जा सकता। मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं। गंगा से जुड़े कार्यों को पूरा करूंगी। गंगा को लेकर जाति, समुदाय या राजनीतिक दलों को लेकर कोई विवाद नहीं है। पूरी योजना तैयार है, सभी अनुमतियां मिल चुकी हैं, सिर्फ गति धीमी हुई है। गंगा नदी से अधिक कोई मायने नहीं रखता उमा भारती ने कहा कि पीएम मोदी भी मिशन गंगा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जरूरत पड़ी तो प्रचार में हिस्सा लूंगी, लेकिन चुनाव नहीं लड़ूंगी । हम चाहते हैं कि बीजेपी 400 से ज्यादा सीटें जीते… पहले मैंने घोषणा की थी कि मैं चुनाव में खड़ी होऊंगी लेकिन अब मेरे लिए गंगा नदी से अधिक कोई मायने नहीं रखता। भाजपा को 400 से ज्यादा सीटें मिलेंगी उमा भारती ने कहा कि मोदी जी 400 से ज्यादा सीटें लेकर आए, अकेले बीजेपी को 400 से ज्यादा मिलें और एनडीए के पास भी 400 से ज्यादा सीटें होनी चाहिए। यह मेरे मन का भाव है। इसमें आपको जहां मेरा सहयोग लगे मैं करूंगी। मैंने पहले 2024 का लोकसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अब मेरे लिए गंगा के लिए कुछ महत्व नहीं रखना।

हमारी सरकार बनने पर पास करेंगे भूमि अधिग्रहण बिल ,राहुल गांधी

Rahul Gandhi will pass land acquisition bill if our government is formed कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। उज्जैन। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को इंगोरिया से अपना रोड शो प्रारंभ करने के पहले कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। मुआवजे संबंधी समस्या बताई। इस पर राहुल ने मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि किसानों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ न्याय योद्धा बनें। हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जबरदस्ती फसलों पर बुलडोजर चलवा रही है। 3 घंटे देरी से प्रारंभ हुआ रोड शोराहुल गांधी का रोड शो तय कार्यक्रम से करीब तीन घंटे देरी से प्रारंभ हुआ। 11 बजकर 50 मिनट पर राहुल गांधी के काफिले से पहले डोम से बाहर उनके साथ चल रहे चार बड़े कंटेनर निकले। इसके बाद बड़नगर की ओर रवाना हुए।

कल उज्जैन आएगी राहुल गांधी की यात्रा, होर्डिंग में त्रिपुंड में नजर आए कांग्रेस नेता

Rahul Gandhi’s visit to Ujjain tomorrow, Congress leader seen in hoarding in Tripund कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आगमन 5 मार्च को मक्सी से होगा। मक्सी में दोपहर का भोजन होगा। फिर यहीं पर परीक्षार्थियों से राहुल गांधी संवाद करेंगे। गांधी सबसे पहले महाकाल मंदिर जाकर भगवान महाकालेश्वर को पूजन करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पांच मार्च को उज्जैन नगरी में पहुंचेगी। यात्रा का आगमन मक्सी रोड से होगा। उज्जैन आगमन के बाद राहुल गांधी सबसे पहले महाकाल मंदिर जाकर भगवान महाकालेश्वर को पूजन करेंगे। मंगलवार को राहुल गांधी युवा अधिकार रैली के रूप में महाकाल चौराहा से गुदरी, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, कंठाल, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा होते हुए देवासगेट चौराहा तक रोड शो करेंगे। वे वाहन में सवार रहकर जनता का अभिवादन स्वीकारते हुए आगे बढ़ेंगे। रोड शो के समापन पर देवासगेट चौराहे पर राहुल गांधी सभा को संबोधित करेंगे। सभा के बाद यात्रा के साथ राहुल गांधी बडऩगर मार्ग की तरफ आगे बढ़ेंगे। यात्रा का रात्रि विश्राम इंगोरिया में रहेगा। इस यात्रा को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और शहर में भी होर्डिंग-बैनर लगा दिए गए है। लेकिन शहर में लगे भारत जोड़ो नया यात्रा के होर्डिंग अनायास ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि इन होर्डिंग में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के सिर पर त्रिपुंड लगा हुआ है। जोकि शहर भर में खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के अंतर्गत प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों में राहुल गांधी उज्जैन में युवा अधिकार रैली निकालेंगे। बडऩगर में महिला संवाद होगा। इसमें राहुल गांधी महिलाओं के हित में काम करने वाले विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाओं के साथ चर्चा करेंगे। वहीं, उज्जैन में युवा अधिकार रैली होगी। इसमें वे अग्निवीर योजना के उम्मीदवारों, पूर्व सैनिकों, किसानों, पटवारी परीक्षार्थियों, एमपीपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं, महिलाओं से संवाद करेंगे। हर पॉइंट के लिए एक प्रभारी नियुक्तकांग्रेस ने राहुल गांधी की यात्रा के पूरे रूट पर हर स्थान के लिए एक नेता को जिम्मेदारी दी गई है। स्वागत, रोड शो, नुक्कड़ सभा, दोपहर भोजन, रात्रि विश्राम ,संवाद और जनसभा के लिए सीनियर लीडर इंचार्ज बनाए गए हैं। रोड शो के पहले महाकाल दर्शनकांग्रेस नेता राहुल गांधी का आगमन 5 मार्च को मक्सी से होगा। मक्सी में दोपहर का भोजन होगा। फिर यहीं पर परीक्षार्थियों से राहुल गांधी संवाद करेंगे। यहां स्वप्निल कोठारी, विक्रांत भूरिया और आशुतोष चौकसे प्रभारी बनाए गए हैं। इसके बाद कायथा में विधायक महेश परमार और विजयगंज मंडी में मनोज राजानी के नेतृत्व में स्वागत होगा।

रामलला के दर्शन करने सरकार होगी रवाना

Government will leave to visit Ramlala देवड़ा बोले-मोदी जी की 400 सीट से सरकार बनने की कामना करेंगे मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन कैबिनेट के सदस्य सपत्नीक सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद अयोध्या भगवान श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या रवाना होंगे। भोपाल ! अयोध्या रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। इसके बाद मंत्रालय से ही सभी मंत्री सपत्नीक वाल्वो बस से एयरपोर्ट रवाना होगी। इससे पहले मंत्रालय पहुंचे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि आज मंत्रिमंडल अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेगा। यह सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खुशहाली की कामना के साथ ही 400 सीट के साथ मोदी जी की सरकार बनने की कामना करेंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आज अयोध्या यात्रा जाने पर गर्व हो रहा है। कार सेवा में मैं माजूद था। मेरे साथ के दो साथियों का कार सेवा में निधन हो गया था। आज रामलला के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बता दें सरकार अयोध्या में मध्य प्रदेश की जनता के लिए भवन बनाकर धर्माशाला और सरयू नदी के किनारे सम्राट विक्रमादित्य घाट बनाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि फरवरी माह में अयोध्या में अधिक भीड़ होने और अन्य व्यस्तताओं के कारण मध्यप्रदेश मंत्रि-मंडल के सदस्यों ने मार्च माह में अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने जाने का निर्णय लिया था। यह हमारी भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा है, हम सनातन संस्कृति को मानने वाले भी हैं। हमारी आस्था का केंद्र आज जब सबकी श्रद्धा के रूप में उभरकर सामने आया है, तो स्वाभाविक रूप से सबकी भावना भी जुड़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 फरवरी, 2024 को अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, यह सभी देशवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति में अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपनी सुविधानुसार अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने अवश्य जाने का आव्हान किया ।

MP की 24 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान, सिंधिया गुना से लड़ेंगे चुनाव

Candidates announced for 24 seats of MP, Scindia will contest elections from Guna मुरैना – शिव मंगल सिंह तोमरभिंड– संध्या रायग्वालियर – भारत सिंह कुशवाहगुना – ज्योतिरादित्य सिंधियासागर – लता वानखेड़ेटीकमगढ़ – SC वीरेंद्र खटीकदमोह– राहुल लोधीखजुराहो -वीडी शर्मासतना– गणेश सिंहरीवा – जनार्दन मिश्रासीधी – राजेश मिश्रशहडोल– हिमादारी सिंहजबलपुर– आशीष दुबेमंडला– St फग्गन सिंह कुलस्तेहोशंगाबाद– दर्शन सिंह चौधरीविदिशा – शिवराज सिंह चौहानभोपाल – आलोक शर्माराजगढ़ – रोडमल नगरदेवास– महेंद्र सिंह सोलंकीमंदसौर -सुरेश गुप्तारतलाम – अनीता नगर चौहानखरगोन – गजेंद्र पटेलखंडवा – ज्ञानेश्वर पाटिलबैतूल – दुर्गादास उईके

बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की चेतावनी, 5 मार्च से देंगे धरना

BJP MLA warns of self-immolation, will protest from March 5 बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांवों में किसानों और गरीबों को परेशान करते हैं. मध्य प्रदेश में राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा (Narsinghgarh Assembly) से विधायक मोहन शर्मा (Mohan Sharma) अपनी ही सरकार में सिस्टम से नाराज दिख रहे हैं. बीजेपी विधायक ने आत्मदाह की चेतावनी दे दी है. उन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में पांच मार्च से धरने पर बैठने की भी बात कही है. मोहन शर्मा ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गरीबों को परेशान करने का भी आरोप लगाया. मोहन शर्मा राजगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में नवीन औद्योगिक इकाई मेसेस ज्योलो पैक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए. आयोजन में राजगढ़ कलेक्टर हर्ष शर्मा, एसपी धर्मराज मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मोहन शर्मा ने कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांव में जाते हैं, किसानों के घरों के गेट खोलते हैं और उनकी मोटर साइकिल निकाल कर ले जाते है. बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की धमकी मोहन शर्मा ने आगे कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी बारवा खुलम गांव से तो एक गरीब मजदूर, लोहा पीटने वाले की बाइक उठा ले गए. कानून हाथ में लूंगा तो 353 लग जाएगी. विधायक शर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आक्रोशित हो गए. उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेना नहीं चाहता हूं, अगर अधिकारियों से झगड़ा किया तो 353 लग जाएगी. अब मेरे पास एक ही हथियार है, आमरण अनशन पर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा. मैं 5 तारीख को बिजली विभाग के डीई ऑफिस के बाहर धरने पर बैठने वाला हूं. बिजली विभाग का अत्याचार स्वीकार नहीं- मोहन शर्मा विधायक मोहन शर्मा ने कहा- ”मैं आपसे पहले भी निवेदन कर चुका हूं, अब मेरा अंतिम निर्णय हो चुका है क्योंकि मैं बहुत दुखी हूं. मेरी जिंदगी से मुझे मोह भी नहीं है. मेरी उम्र पूरी हो चुकी है, मुझे मौत स्वीकार है पर जनता के ऊपर विद्युत मंडल का अत्याचार स्वीकार नहीं है”. कार्यक्रम के दौरान विधायक शर्मा ने एक किसान को खड़ा होने को कहा और अधिकारियों से कहा कि इसके पिता को मरे 30 साल हो गए, तभी से गांव में डीपी नहीं है और इसके 30 हजार रुपए का बिल दे दिया. जब गांव में डीपी नहीं है तो बिल कैसे दे दिया. विधायक ने कहा कि ऐसा एक उदाहरण नहीं है, कई उदाहरण हैं.

आज मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी यात्रा, 8 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे राहुल गांधी

Today the Yatra will enter Madhya Pradesh from Morena, Rahul Gandhi will pass through 8 Lok Sabha constituencies. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मुरैना के रास्‍ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। इसको लेकर कांग्रेस की तैयारियां पूरी हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम कमल नाथ और दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेता मुरैना पहुंचेंगे। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों (मुरैना, ग्वालियर, गुना, राजगढ़, देवास, उज्जैन, धार और रतलाम) से गुजरेगी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार सहित सभी वरिष्ठ नेता पूरे समय साथ रहेंगे। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगेराहुल गांधी पांच मार्च को उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राघोगढ़, शाजापुर और उज्जैन में रोड शो होगा। यात्रा शनिवार को राजस्थान के धौलपुर से मुरैना में लगभग दो बजे प्रवेश करेगी। यहां अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा। शाम पांच बजे ग्वालियर शहर में चार शहर नाका से जीरा चौक तक रोड शो और फिर राहुल गांधी का संबोधन होगा। स्वागत…वंदन…अभिनंदन, हृदय प्रदेश करता स्वागत वंदन। भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। चुनाव अभियान भी होगा शुरूभारत जोड़ाे न्‍याय यात्रा के मध्य प्रदेश में प्रवेश होते ही प्रदेश में पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा। यात्रा के माध्यम से आदिवासी, किसान, महिला और युवाओं को साधने का प्रयास है। इसके लिए अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में संवाद के कार्यक्रम रखे गए हैं। साथ ही रोड शो, रथ सभा और धार जिले के बदनावर में बड़ी आदिवासी न्याय सभा होगी। भारत जोड़ो यात्रा का नहीं मिला था फायदाराहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा विधानसभा चुनाव से करीब एक वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में हुई थी। उस समय माहौल तो खूब बना था पर वह परिणाम में परिवर्तित नहीं हो पाया था। इस बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यात्रा हो रही है। इसमें ग्वालियर-चंबल के साथ मालवांचल क्षेत्र में छह दिन रहेगी। जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों से यह गुजरेगी, वहां विधानसभा चुनाव परिणाम के हिसाब से देखें तो अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित धार और रतलाम सीट को छोड़कर बाकी जगह कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं है। सैलना होते हुए राजस्‍थान जाएगी यात्राभारत जोड़ो न्याय यात्रा तीन मार्च को घाटीगांव से होती हुई बदरवास पहुंचेगी। चार मार्च को गुना से शुरू होकर ब्यावरा भाटखेड़ी पहुंचेगी। पांच मार्च को पचौर से होती हुई उज्जैन पहुंचेगी। छह मार्च को बड़नगर से रतलाम के सैलाना से होते हुए राजस्थान पहुंचेगी।

राममंदिर का पट्टा क्या सिर्फ BJP के पास है, ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का ,, कमलनाथ

Is the lease of Ram temple only with BJP, they will teach us the lesson of religion, Kamal Nath मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला.  छिन्दवाड़ा ! मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला. पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा, ”क्या राम मंदिर का पट्टा बीजेपी के पास है? ये तो आपका और मेरा है. आपके पैसों से बना है. कोर्ट ने अपना जजमेंट दिया .और सरकार ने बनाया. अब ये चीख-चीखकर राम कहते हैं. अरे भाई! क्या हम राम को राजनीतिक मंच पर ले आएं? राम जी की तो हम सब पूजा करते हैं. 14 साल पहले मैंने तो सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया. कोई सरकारी जमीन पर नहीं, मैंने अपनी जगह पर बनवाया. ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का? हम सब धार्मिक हैं. हमारी धार्मिक भावनाएं हैं.  हमारी संस्कृति धार्मिक है. हम अपनी संस्कृति का पालन करते हैं. हमारी संस्कृति भाईचारे की है. इसको सुरक्षित रखें.’

जनता दुखी है साहब, हाथ जोड़ रहे हैं, पांव पड़ रहे हैं साहब , उमाकांत शर्मा

The public is sad sir, hands are folded, feet are falling sir, Umakant Sharma मध्य प्रदेश के विदिशा में सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का एक नया वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे एसडीएम के पैर पड़ते दिख रहे हैं। कह रहे हैं कि जनता दुखी है साहब। हाथ जोड़ रहे हैं। पांव पड़ रहे हैं। कुछ करिए। मध्य प्रदेश के विदिशा में सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने जलसंकट दूर करने के लिए SDM के पैर तक पकड़ लिए। फिर भी इलाके में जलसंकट दूर होता नजर नहीं आ रहा। जनता की समस्याओं को लेकर कलेक्टर के नाम का ज्ञापन देने एसडीएम के पास पहुंचे विधायक ने हाथ जोड़े। पैर भी पकड़े। उन्होंने कहा कि जनता बहुत दुखी है। प्यासी मर रही है। माताएं-बहनें मटका लेकर बैठी है साहब। उन्हें पता ही नहीं है कि पानी कब आएगा? कौन-से कहें साहब, आप बता दीजिए ताकि हम वहां चले जाएं। हाथ जोड़ रहे हैं साहब। पांव पड़ रहे हैं। सिरोंज के विधायक का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, जब विधायक पैर पकड़ने के लिए नीचे झुके तो एसडीएम हर्षल चौधरी ने उन्हें उठाया और यह भी कह दिया कि हमें मरा देखना चाहते हैं तो आप हमारे पांव पड़िए। विधायक का कहना था कि कुछ इलाकों में चार तो कुछ इलाकों में सात दिन से पानी नहीं आया है। इसी का ज्ञापन लेकर वह कलेक्टर को देना चाहते थे। सुनवाई नहीं हो रही है विधायक ने कहा कि शहर में सात दिन से पेयजल नहीं है। महिलाएं रोज नलों पर बर्तन लेकर बैठती हैं लेकिन नल कब आएंगे, यह पता नहीं रहता। ग्रामीण क्षेत्रों में बीस-बीस किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कलेक्टर से लेकर एसडीएम, जनपद सीईओ और नगर पालिका सीएमओ तक को शिकायत कर चुके हैं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। सिरोंज के 310 गांवों में से कितने गांवों में जलसंकट है, यह भी एसडीएम नहीं बता सके। यह वानप्रस्थ का असर है? सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा अपने गुस्से के लिए खासे मशहूर हैं। ऐसे में उनका एसडीएम के सामने गिड़गिड़ाना, आसपास खड़े लोगों को भी गुदगुदा गया। सभी हंस पड़े। दरअसल, कुछ दिन पहले ही उमाकांत शर्मा ने कहा था कि वह वानप्रस्थ आश्रम में जा रहे हैं। घर पर निवास नहीं करेंगे। यदि कोई पांव पड़ेगा तो उनका मरा मुंह देखेगा। फिर एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वे कसरत करते नजर आए थे। अब यह पानी के लिए गिड़गिड़ाने का मामला सामने आया है।

मुरैना-ग्वालियर के दौरा पर रहेंगे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को लेकर करेंगे बैठक

PCC Chief Jitu Patwari will be on tour to Morena-Gwalior today, will hold a meeting regarding ‘Bharat Jodo Nyaya Yatra’ ग्वालियर ! पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, बोले- करप्सन, क्राइम और कर्ज पर काम कर रही भाजपा सरकारमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज ग्वालियर के दौरे पर हैं. वो ट्रेन के जरिए भोपाल से ग्वालियर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्ची से निकले हैं. यह सरकार थ्री सी पर ही काम कर रही है. इनका तीन पर ही फोकस है करप्सन, क्राइम और कर्ज. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा करप्सन है. एमपी में अभी सबसे ज्यादा क्राइम चल रहा है और कर्ज की हालत तो ये कि जब से मुख्यमंत्री आये है रोज कर्ज लेते हैं. दो महीनों में उन्होंने 15 हजार करोड़ का कर्ज लिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की तैयारियों में जुट गई है. इसके लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी 27 फरवरी से एक मार्च तक मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, धार और उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां जोड़ो न्याया यात्रा की तैयारियों के संबंध में बैठक लेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मंगलवार की सुबह 11 बजे मुरैना पहुंचेंगे, जहां ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ कार्यक्रम स्थल का जायजा लेंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे मुरैना में वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक लेंगे.

सीहोर में मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने किया रोड शो, जगह-जगह मंच से किया गया स्‍वागत

Chief Minister Mohan Yadav did a road show in Sehore, welcomed from the stage at many places. कार्यक्रम से पहले मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीहोर में रोड शो किया। सीहोर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही देर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 33 रेलवे स्टेशन के कायाकल्प कार्य की वर्चुअली आधारशिला रखी। इसको लेकर मध्यप्रदेश के सीहोर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए । मुख्‍यमंत्री यादव रोड शो कर कार्यक्रम स्‍थल तक पहुंचे।यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आज देशभर के 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास एवं 1500 रोड ओवर ब्रिज/अंडरपास का शिलान्यास व लोकार्पण किया। अपने तय समय पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अल्हादखेड़ी हेलीपैड से सैकड़ाखेड़ी, नया बस स्टैंड,आनंद डेयरी होते हुए कोतवाली चौराहा पहुंचे और कोतवाली चौराहा से लीसा टॉकीज होते हुए तहसील चौराहे तक रोड शो किया गया। इस दौरान जगह-जगह मंच से उनका स्वागत किया गया। वहीं सीएम तहसील चौराहे से कार द्वारा शुगर फैक्ट्री लुनिया चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां वे कार्यक्रम में शामिल हुए।

सियासतनामा एक झटके में 40 साल पुरानी निष्ठा गंवा बैठे कमलनाथ

Political news: Kamalnath lost 40 years of loyalty in one stroke विशेष संवाददाता भोपाल ! कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ अब बैकफुट पर हैं। भाजपा में जाने को लेकर उन्होंने जो सियासी दांव खेला, इसके बाद नुकसान-फायदा अपनी जगह, लेकिन 40 साल से ज्यादा समय कांग्रेस में रहकर उन्होंने जो जगह बनाई थी, वह मिट्टी में मिल गई। एक झटके में वे गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा भी गंवा बैठे। कांग्रेस में उनके स्थान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनाने का ऑफर दे दिया था। उन्हें इंदिरा गांधी का तीसरा बेटा जाे कहा जाता था। सांसद बेटे नकुलनाथ ने एक्स हैंडल से कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हटा दिया। इसका अनुसरण सज्जन वर्मा सहित उनके कट्टर समर्थकों ने किया। दिल्ली में नाथ ने अपने समर्थकों का जमावड़ा लगाया और उनके साथ कौन भाजपा में जा सकता है, बाकायदा इसकी सूची तैयार कर ली। जब डील पक्की नहीं हुई तो पूरा ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया गया। इस बार जिलों को अब तक नहीं मिले उनके ‘प्रभारी मंत्री’ भाजपा की सरकार बने ढाई माह से ज्यादा का समय गुजर चुका, लेकिन अब तक जिलों को उनके ‘प्रभारी मंत्री’ नहीं मिले। जिला योजना समितियों की बैठक मंत्रिमंडल की तर्ज पर होती है, जहां जिले के विकास को लेकर निर्णय लिए जाते थे। इनमें जिले के सभी विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सभी विभागों के प्रमुख अफसर हिस्सा लेते हैं। निर्णय सभी की राय से हाेते हैं, लेकिन प्रभारी मंत्री न होने के कारण बैठकें ही नहीं हो रहीं। सरकार ने हाल में एक आदेश जारी कर प्रभारी मंत्रियों की अनुपस्थित में जनसंपर्क राशि वितरण के अधिकार कलेक्टरों को दिए हैं। लगता है कि जिलों को प्रभारी मंत्री चुनावों के बाद ही मिल पाएंगे। गुना से ग्वालियर पहुंचते ही बदला दिग्विजय का बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आमतौर पर अपने बयानों पर टिके रहते हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि गुना से ग्वालियर पहुंचते ही उनका बयान बदल गया। गुना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी ने निर्देश दिया तो वे गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। इससे पहले राजगढ़ में वे कह चुके थे कि लोकसभा चुनाव वे नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा का उनका कार्यकाल अभी लगभग सवा दो साल शेष है। इसे कमलनाथ के भाजपा में जाने के ड्रॉप हो गए सियासी ड्रामे से जोड़कर देखा गया। आरोप लग रहे थे कि कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहता, जबकि पार्टी नेतृत्व हर वरिष्ठ नेता को चुनाव लड़ाने के मूड में है। राहुल की न्याय यात्रा से ‘निकलेगी’ पटवारी की टीम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब तक अपनी टीम का गठन ही नहीं कर सके। कांग्रेस का प्रदेश प्रभारी बनने के बाद भंवर जितेंद्र सिंह अपने पहले दौरे में ही प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर चुके थे। उम्मीद की जा रही थी कि कार्यकारिणी का गठन जल्द होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कुछ पूर्व पदाधिकारी ही काम करते नजर आ रहे हैं। कार्यकारिणी के गठन में इस बार नेताओं का कोटा नहीं चलेगा। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बाद पटवारी की टीम घोषित हो जाएगी। टीम का पदाधिकारी बनने के लिए न्याय यात्रा में नेताओं की सक्रियता प्रमुख योग्यता मानी जाएगी। यात्रा को सफल बनाने के लिए कौन नेता कैसी मेहनत करता है, इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। राहुल की यात्रा की तैयारी को लेकर चंदि्रका प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम का गठन हो चुका है। महेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक टीम ने लोकसभा चुनाव के लिए वार रूम ने काम शुरू कर दिया है। इनके अलावा राजीव सिंह पूर्ववत संगठन का काम देख रहे हैं और केके मिश्रा मीडिया का। कांग्रेस-सपा का ‘खजुराहो समझौता’ गठबंधन और चुनावी राजनीति के इतिहास में संभवत: पहली बार कांग्रेस ने मप्र में एक लोकसभा सीट खजुराहो समाजवादी पार्टी को समझौते में दे दी है। बुंदेलखंड पर सपा की नजर पहले से है। यदा-कदा विधानसभा चुनाव में यहां से उनके विधायक जीतते रहे हैं। क्षेत्र में यादव मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है। खजुराहो से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सांसद हैं। वे यहां से लगभग 5 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे। इस बार भी उनके बड़े अंतर से जीतने की संभावना है। इसलिए, खजुराहो छोड़ने से कांग्रेस को अन्य सीटों पर यादव और मुस्लिम समाज के कुछ वोट मिल सकते हैं। सपा खजुराहो से भले हार जाए लेकिन इसके जरिए वह बुंदेलखंड में अपनी उपस्थिति बरकरार रख सकती है।

एक्टिव कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी, सक्रिय नहीं रहने वाले होंगे बाहर: जीतू,

Active workers will get responsibility, those who are not active will be out: Jitu भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव और न्याय यात्रा को लेकर कांग्रेस में बैठक हुई। इस बैठक में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर मंथन हुआ। वीसी के बैठक में शामिल हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि पदाधिकारी चुनाव के लिए कमर कस लें, उन्होंने कहा कि संगठन जितना मजबूत होगा। लोकसभा चुनाव में जीत भी उतनी बड़ी होगी। कार्यकारिणी के गठन पर जीतू पटवारी ने कहा कि एक्टिव कार्यकताओं को संगठन में काम करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही सक्रिय नहीं रहने वालों को बाहर किया जाएगा। जीतू ने स्पष्ट किया उनकी टीम में युवाओं की संख्या ज्यादा होगी। बैठक में मंडलम-सेक्टर, ब्लॉक, जिला अध्यक्ष और प्रभारी, सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, विभाग के प्रमुख वर्चुअली जुड़े। बैठक को पूर्व सीएम कमलनाथ, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संबोधित किया। बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर जनता से संपर्क करने को लेकर चर्चा हुई। इसमें कार्यकतार्ओं को केंद्र की मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के साथ ही बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाने को कहा गया। साथ ही सभी कार्यकतार्ओं और पदाधिकारियों को राहुल की न्याय यात्रा में एकजुटता के साथ शामिल होने के लिए कहा गया। बैठक में राहुल की रैली में पांच से छह जिलों के कार्यकतार्ओं शामिल होंगे। प्रदेश में पांच दिन रहेगी यात्रा यात्रा न्याय के लिए संघर्ष की यात्रा : पटवारीपीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के सारे कार्यकर्ता यात्रा से जुड़ें। चुनाव और यात्रा को लेकर प्लानिंग हुई है। राहुल गांधी की यात्रा देश को जोड़ने और न्याय के लिए संघर्ष करने की यात्रा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक में बूथ स्तर तक चर्चा हुई। वहीं, प्रत्याशी चयन को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पार्टी में अनुशासन को लेकर चर्चा हुई।

भदभदा बस्ती खाली होने के बाद भूमि को किया जा रहा है समतल

The land is being leveled after the Bhadbhada settlement was vacated. Along with leveling the land, the Municipal Corporation staff is also removing the broken debris from encroachments. पौध रोपण के लिए की जाएगी फेंसिंग अतिक्रमण हटने के बाद रविवार को कई परिवार वहां आकर बैठ गए भोपाल। भदभदा क्षेत्र में होटल ताज के सामने 386 अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम अमले ने भूमि समतल करने का काम शुरू कर दिया है। यहां तोड़े अतिक्रमण के मलबे को भी ट्राली में भरकर दूसरी जगह भेजा जा रहा है। क्योंकि खाली हुई भूमि पर अब फेंसिंग के बाद पौधरोपण किया जाना है।इस भूमि को खाली कराने के लिए एनजीटी ने जुलाई 2023 के बाद दोबारा आदेश जारी किया था। इसका पालन करना जरूरी हो गया था। इसका सबसे बड़ा एक कारण यह भी है कि यह क्षेत्र रामसर साइड भोजवेटलेंड में चिन्हित किया गया था। नगर निगम द्वारा इस संबंध में मुनादी करा दी गई थी और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। पहले तीन दिन का समय दिया गया थाए अतिक्रमण हटाने के लिए बिजली कंपनी ने बस्ती की बिजली व नगर निगम ने पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। एनजीटी से जुड़े मामलों की समीक्षा पिछले दिनों नगरीय प्रशासन विभाग ने की थी। इसके बाद ही अतिक्रमण अधिकारियों ने बस्ती में मुनादी पिटवाई थी। समीक्षा बैठक में भदभदा की झुग्गी बस्ती को जल्द से जल्द हटाने का निर्णय लिया गया था।12 मार्च को सुनवाई में पेश होगी रिपोर्टनगर निगम व जिला प्रशासन के द्वारा भदभदा बस्ती खाली करने की जानकारी एनजीटी में 12 मार्च को होने वाली सुनवाई में दी जाएगी। इसके फोटो और पूरी रिपोर्ट सुनवाई में प्रस्तुत होगी। अभी पौघ रोपणनगर निगम अधिकारियों के अनुसार भूमि समतल करने के बाद अब पौध रोपण की तैयारी की जा रही है। इसके बाद ही इस सबंध कोई प्लानिंग बन पाएगीए लेकिन एनजीटी के आदेश पर भूमि खाली हुई हैए तो यहां कोई निमार्ण नहीं हो सकता है। जिला प्रशासन का काम भूमि खाली कराना थाएडीएम हरेंद्र नारायण के अनुसार अनुसार जिला प्रशासन को भूमि खाली कराना था। यह काम पूरा हो गयाए अब आगे की जानकारी नगर निगम के पास होगी।

प्रवक्ता साथी पूरे मनोबल के साथ मीडिया में अपना पक्ष रखें : जीतू पटवारी

Spokesperson should present his/her position in media with full morale: Jitu Patwari भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को पूरी मुखरता से उठाये : जीतू पटवारी भारत जोड़ों यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए मीडिया में ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करे : जीतू पटवारी भोपाल । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के पदाधिकारियों, प्रवक्तागणों और संभागीय प्रवक्ताओं के साथ लोकसभा चुनाव, भारत जोड़ो न्याय यात्रा, संगठनात्मक गतिविधियों के साथ साथ मीडिया में पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखने संबंधी विभिन्न मुद्दों बैठक कर चर्चा की। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार से विभिन्न हथकंडों को अपनाकर सरकार बना ली, उससे जहां एक ओर पार्टी के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हैं, वहीं दूसरी और प्रदेश की जनता भी इस बात को जरा भी समझ नहीं पा रही है कि विधानसभा चुनाव के जो परिणाम आये हैं वह भाजपा के इतने पक्ष में आयेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता का मनोबल मजबूत करने की जबावदारी हम सभी की है। खासकर मीडिया के माध्यम से बाते जनता तक जाती है वह एक ठोस आधार स्तंभ होता है। हमें विपक्ष की भूमिका अनुशासनात्मक तरीके से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और ताकत के साथ निभाना है। जीतू पटवारी ने मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के साथियों से कहा कि हमें अपना मनोबल बनाये रखना है, मीडिया में अपनी बात पूरी मुखरता के साथ करना है, भाजपा हमें समाप्त करना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी वह पार्टी है जो न तो कभी डरी है न डरेगी। भाजपा कितने ही प्रपोगंडा रच ले, जनता के सामने उसकी हकीकत एक दिन सामने आ ही जायेगी। हमारे प्रवक्ता साथी पूरी दृढ़ता के साथ के साथ भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को उठाये। भाजपा ने जो घोषणा पत्र जनता और प्रदेश के विकास को लेकर जारी किया है, हर मुद्दों को मीडिया के माध्यम से पूरी मुस्तैदी से उठायें। जीतू पटवारी ने कहा कि 2 मार्च को माननीय राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मप्र में प्रवेश कर रही है, हम सभी को यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। लोकसभा चुनाव के लिए मीडिया के समक्ष अपनी बात रखने के लिए मुद्दों पर चर्चा साथ ही संगठन की गतिविधियों पर भी मुखरता से अपना पक्ष रखें।  प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने पूरी टीम पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस की मीडिया टीम पूरे जोश के साथ काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।  इस अवसर पर बैठक में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह, मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले सहित मीडिया विभाग के पदाधिकारीगण, प्रवक्ता और संभागीय प्रवक्तागण उपस्थित थे।

जीतू पटवारी ने लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा को देखते हुए ऑनलाइन बैठक ली

Jitu Patwari took online meeting of leaders in view of Lok Sabha elections and Bharat Jodo Nyay Yatra. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में ऑनलाइन बैठक जारी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह जी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह जी एवं विवेक तन्खा जी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण मुख्य रूप से बैठक में उपस्थित।

कमलनाथ का BJP पर हमला कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित Kamal Nath’s attack on BJP said, “Talks about employment are limited only to advertisements and posters.” कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आरोप लगाया कि इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है, उन्होंने देश में हो रही भर्ती परीक्षाओं और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा ”इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है – बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार न सिर्फ नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं बल्कि उससे भी बड़ा दुर्भाग्य यह है कि रोजगार देने की उनकी कोई नियत ही नहीं है.” कमलनाथ ने कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित रह गई है. प्रदेश का हाल यह है कि पहले तो कोई भर्ती परीक्षा नहीं होती और अगर भर्ती परीक्षा होती है तो उसके रिजल्ट घोषित नहीं किए जाते और जब रिजल्ट घोषित होते हैं तो उसमें भर्ती घोटाले के आरोप लग जाते हैं और जब यह आरोप लग जाते हैं तो सरकार घोटाले को दबाने की कोशिश करने लगती है.” कमलनाथ ने कहा, ”नतीजा यह होता है कि कोई प्रत्यक्ष बेरोजगार होता है तो कोई चयनित अभ्यर्थी के रूप में बेरोजगार होता है तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होने के कारण बेरोजगार रह जाता है.” कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ की कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा, ”देश और प्रदेश के नौजवानों की यही आवाज श्री राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के रूप में उठा रहे हैं और जनता का ध्यान समाज के असली मुद्दों की तरफ ले जा रहे हैं ना कि उन मुद्दों की तरफ जो समाज को विभाजित करते हैं. समाज को जोड़ने की इसी पहल का नाम है भारत जोड़ो न्याय यात्रा. हम सबको इस यात्रा को सफल बनाना है ताकि खुशहाल मध्य प्रदेश और खुशहाल भारत का निर्माण संभव हो सके.”

तेजस्वी के बयान पर BJP नेता का पलटवार, कहा- जनता ‘अनाथ’ कर देगी

Bihar: BJP leader countered on Tejashwi’s statement, said- public will ‘orphan’ सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ‘जन विश्वाश यात्रा’ पर निकले हुए हैं और उनके कार्यकाल में हुए कामों के बारे में जनता के बीच चर्चा कर रहे हैं.इस बीच उनके एक बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद फिर से जनता की याद आई है.बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इन दिनों ‘जन विश्वाश यात्रा’ पर निकले है और सूबे की जनता के बीच जाकर अपने पिछले सत्रह महीने के काम-काज को बता रहे हैं. नीतीश कुमार के सत्रह साल के शासन की तुलना अपने सत्रह महीने के शासन से करते हुए, तेजस्वी सीएम के साथ बीजेपी पर भी लगातार हमलावर हो रहे हैं. तेजस्वी यादव अपने भाषणों में यह बता रहे हैं कि पहले उनकी पार्टी माई से जानी जाती थी, अब उनकी पार्टी की पहचान बाप से होने लगी है, जिसमें बिहार के सभी जाति और धर्म के लोगों का समावेश है, इसी से मौजूदा सरकार घबरा रही है. बीजेपी ने किया पलटवार तेजस्वी यादव के बयान के बाद बीजेपी ने ना सिर्फ आरजेडी पर हमला तेज कर दिया बल्कि तेजस्वी यादव पर भी लगातार निशाना साध रही है.दरभंगा शहर से बीजेपी के विधायक संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव सत्ता से बेदखल होने के बाद अब बाप-बाप चिल्ला रहे हैं. आने वाले वक्त में बिहार की जनता उन्हें राजनीतिक रूप से अनाथ भी बनाने का काम करेगी.  बीजेपी नेता ने आरजेडी को परिवार की पार्टी बताते हुए कहा कि जब सत्रह महीने सत्ता में रहे, तब सिर्फ भ्रष्टाचार और उगाही की. जब सत्ता से बाहर हुए हैं, तो फिर से जनता की याद आई है.

कमलनाथ के मुद्दे पर एक्शन के मूड में कांग्रेस, बयान देने वालों पर क्या गिरेगी गाज?

Congress in mood for action on Kamal Nath issue, what punishment will fall on those who make statements? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की खबरों के बीच कमलनाथ समर्थक नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की. अब पार्टी ऐसे नेताओं को सबक सिखाने के मूड में है.मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. तीन-चार दिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने को लेकर जमकर चर्चा चली. आग लगी थी, तभी धुआं भी निकला. कमलनाथ के समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी. किसी ने कहा कि कमलनाथ ने पार्टी को जीवन दे दिया, मगर पार्टी ने उनको अपमानित किया. किसी ने कहा कि अगर कमलनाथ बीजेपी जाते हैं तो हम भी बीजेपी उनके साथ जॉइन करेंगे.इस बयानबाजी में सबसे आगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना और कमलनाथ के मीडिया कॉर्डिनेटर सैयद जफर सबसे आगे थे. मामला भले ही शांत हो गया हो, मगर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयानबाजी को अनुशासनहीनता में लिया है. जीतू  पटवारी गुस्से में हैं. लिहाजा कठोर शब्दों में चेतावनी दी है. बता दें कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ द्वारा ट्विटर हैंडर में चेंज करने और उनके समर्थकों के बयानबाजी के बाद यह अटकलें लगी थी कि कमलनाथ राज्यसभा की सीट नहीं दिए जाने से नाराज हैं और वह बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि बाद में उनकी राहुल गांधी से बातचीत हुई. उसके बाद मामला फिलहाल शांत है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दी चेतावनीजीतू  पटवारी ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी गंभीर है.अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बीजेपी जीतू  पटवारी की इस बात का मजाक ही उड़ा रही है. जीतू  पटवारी के ही सामने चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता जीतू  जिराती का कहना है कि अगर वाकई ऐसा जीतू  पटवारी कह रहे हैं तो ये बड़ी बात है. कमलनाथ थोड़ा सा इधर-उधर हुए और कांग्रेस की हालत खराब हो गई. जीतू पटवारी उनका बाल भी नहीं बांका कर सकते. उनके समर्थकों पर कार्रवाई तो छोड़ दीजिए. कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से विवादहालांकि अब भी कमलनाथ समर्थकों के सुर नहीं बदले है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की बैठक में शामिल होने पहुंचे सज्जन वर्मा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा छिंदवाड़ा के विधायकों की दुनिया ही अलग है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी भले ही कह चुके हैं कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी, मगर ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कमलनाथ समर्थकों पर कार्रवाई होती है या नहीं.

जो पार्टी का कार्य पूर्ण लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता : जीतू पटवारी

The one who works for the party with full dedication is the real worker: Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रतलाम दौरे में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संदर्भ में सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए सभी से आग्रह किया कि दोगुनी ऊर्जा से राहुल जी की इस यात्रा को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए हम सबको जुट जाना है। कार्यकर्ताओं को याद रखना है कि जो पार्टी का कार्य पूरी लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता। पटवारी ने कहा कि पिछले मुख्यमंत्री बेरोजगारी और झूठ के मामा थे तो वर्तमान मुख्यमंत्री कर्ज और क्राइम के काका बन गए हैं। दो माह में प्रदेश में इतना क्राइम हुआ है जो पिछले 30 सालों में नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में जो वादा करती है वह पूरा नहीं करके लोगों को धार्मिक और भावनात्मक रूप से चुनाव में धकेल देती है। लाड़ली बहना, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सहित तमाम वादे भाजपा ने किए थे लेकिन पूरे नहीं किए हैं।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान पाने वाले कुछ लोग आज संघर्ष के दौर में पीछे हटते जा रहे है, ऐसे लोगों से भाजपा संपर्क करती है और उन्हें ले लेती है लेकिन हमारे लिए सम्मानित वो लोग है जो अपने छोटे से व्यवसाय या नौकरी के साथ साथ निडर होकर कांग्रेस की विचारधारा के लिए डटे हुए हैं, ऐसे कार्यकर्ताओं पर हमे गर्व है। पटवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि 6 मार्च को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी रतलाम आएंगे एवम रतलाम ग्रामीण, शहर और सैलाना विधानसभा सीटों से गुजरेंगे और रोड शो करेंगे। पटवारी ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में कार्यकर्ताओं की बैठक ली।

मैं किसान का बेटा हूं झुकूंगा नहीं, तानाशाह सरकार का मुकाबला करूंगा, सत्यपाल मलिक

I am a farmer’s son, I will not bow down, I will fight the dictatorial government, Satyapal Malik पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर और अन्य 30 ठिकानों पर सीबीआई ने आज गुरुवार सुबह छापा मारा है खबर है कि सीबीआई का ये एक्शन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर किया गया है , उधर छापे की कार्रवाई के बाद सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर लिखा – मैं बीमार हूँ , अस्पताल में भर्ती हूँ, मैं किसान का बेटा हूँ घबराऊंगा नहीं। किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक्शनजो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के दौरान 2019 में 2200 करोड़ रुपये का सिविल काम के लिए ठेका हुआ था इसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ था , इस समय सत्यपाल मलिक वहां के राज्यपाल थे , उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की दो फाइलों को मंजूर करने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। मलिक के दिल्ली स्थित घर सहित 30 अन्य ठिकानों पर CBI के छापेसीबीआई हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी जुटा रही है , बताया जा रहा है कि सीबीआई ने आज गुरुवार को दिल्ली स्थित घर पर सुबह सुबह छापा मरा साथ ही मलिक के करीबियों के करीब 30 अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है, उधर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। X पर मलिक ने लिखा – मैं किसान का बेटा, इन छापों से घबराऊंगा नहींउन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा प्रदेश में जिन जिलों से गुजरने वाली है वहां का जीतू पटवारी लेंगे जायजा

Jitu Patwari will take stock of the districts through which Rahul Gandhi’s Bharat Jodo nyaay Yatra is going to pass in Madhya Pradesh. प्रदेश कांग्रेस जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधीकी आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़,गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी की आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से 24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे।उक्त आशय की जानकारी देते हुये प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 22 फरवरी को सुबह 10 बजे रतलाम में दोपहर 12 बजे सैनाला में, दोपहर 2.30 बजे बदनावर और अपरान्ह 4.30 बजे बड़नगर में श्री राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में इन जिलों के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।श्री पटवारी 23 फरवरी को सुबह 10 बजे शाजापुर में, दोपहर 12.30 बजे सारंगपुर में और अपरान्ह 3.30 बजे ब्यावरा में शाजापुर और राजगढ़ जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।श्री राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 24 फरवरी को गुना जिले के चाचौड़ा में सुबह 10 बजे, गुना में दोपहर 12.30 बजे बम्होरी में अपरान्ह 3 बजे और शिवपुरी जिले के कोलारस में शाम 5.30 बजे और शिवपुरी में शाम 7.30 बजे जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

लोकसभा चुनाव से पहले बाबा महाकाल की शरण मे पहुंचेंगे राहुल गांधी, 25 फरवरी को लेंगे सभा

Before the Lok Sabha elections, Rahul Gandhi will reach Baba Mahakal’s shelter, will hold the meeting on 25th February. भोपाल। कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हैं। इसके साथ राहुल 25 फरवरी 2024 को उज्जैन आएंगे। जहां पर वे बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे और उसके बाद यहां पर सभा को संबोधित भी करेंगे। लोकसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी के उज्जैन आने की इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मालवा निमाड़ क्षेत्र मे कई संसदीय सीट हैं, जिन पर राहुल गांधी के आने और सभा लेने से काफी प्रभाव पड़ सकता है।  कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर 25 फरवरी की शाम 5 बजे उज्जैन आने वाले हैं, जहां पर वे मक्सी से उज्जैन पहुंचेंगे और सीधे बाबा महाकाल के दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने बताया कि बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद राहुल इंदौर गेट पर पहुंचेंगे जहां कार्यकर्ता अभिनंदन करेंगे। इसके बाद यात्रा शुरू होगी।  यह यात्रा दौलतगंज, देवासगेट पर रुकेगी, जहां राहुल गांधी द्वारा सभा को संबोधित किया जाएगा। उसके बाद यह यात्रा मोहनपुरा पहुंचेगी जहां पर भी एक सभा का आयोजन होगा। राय ने बताया कि यह यात्रा इस सभा के बाद लगभग पांच दिनों तक यहां स्टे करेगी और उसके बाद यात्रा मुरलीपुरा क्षेत्र से 2 मार्च को फिर से शुरू होगी जो कि बड़नगर, बदनावर, झाबुआ होते हुए गुजरात जाएगी। 2022 को उज्जैन आए थे राहुल गांधी- राहुल गांधी 29 नवंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा लेकर उज्जैन आए थे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आगर रोड पर आमसभा को संबोधित भी किया था। इस यात्रा के बाद अब कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी फिर यात्रा लेकर उज्जैन आ रहे हैं।

भाजपा ने सब मोर्चों को साधा, अब युवा मोर्चा की बारी

BJP addressed all fronts, now it is Yuva Morcha’s turn भोपाल। लोकसभा चुनाव का पारा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मध्यप्रदेश में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम जारी कर रही है। 14 फरवरी को जारी हुए नामों में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन देखने को मिला। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और नर्मदापुरम संभाग से आने वाली महिला नेत्री माया नारोलिया को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर भाजपा महिला वोट साधेगी तो वहीं उज्जैन संभाग के मंदसौर से आने वाले किसान नेता और वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंसीलाल गुर्जर को राज्यसभा भेजकर भाजपा किसानों के वोट साधेगी। इससे पहले ग्वालियर संभाग से आने वाले ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह को भाजपा सरकार में मंत्री बनाया गया। वहीं एसटी मोर्चा से कलसिंह भाबर को विधानसभा टिकट देकर एसटी मोर्चा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा, राज्यसभा में मोर्चा अध्यक्षों को आगे लाकर भाजपा ने निश्चित ही कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया। अब लोकसभा चुनाव की बारी है ऐसे में सूत्रों की मानें तो युवा कार्यकर्ताओं और युवाओं के वोट साधने के लिए युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है क्योंकि वैभव पवार सामान्य परिवार से छात्र राजनीति में आए और फिर विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक कार्य किया वहीं मोर्चा अध्यक्ष रहते हुए नव मतदाताओं को भाजपा से जोड़ने के लिए विभिन्न अभियान चलाए। मोर्चा में लगातार गतिविधियों को सक्रिय रखने वाले वैभव पवार बालाघाट लोकसभा से आते हैं। इस बार वैभव पवार को युवा चेहरे के तौर पर लोकसभा चुनाव के मैदान में लाकर भाजपा युवाओं को साध सकती है और ये संदेश दे सकती है कि भाजपा में युवाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलता है और युवाओं को आगे भी बढ़ाया जाता है। कहा जा रहा है कि जिस तरह भाजपा की रणनीति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने है कि उससे वैभव पवार युवा वर्ग में बड़े चेहरे के तौर पर देखे जा रहे हैं। वैभव पवार कैसे बन सकते हैं संगठन की पंसद सिवनी के सामान्य परिवार से निकलकर विद्यार्थी परिषद में रहते हुए छात्र राजनीति की। लंबे समय बाद युवा मोर्चा में प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली। बतौर प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कार्यकर्ताओं को गतिविधियों में सक्रिय रखा। युवा चौपालों के माध्यम से नव मतदाताओं के बीच में पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नव मतदाताओं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। भाजपा संगठन ने कई बड़े अभियान और कार्यक्रम युवा मोर्चा को सौंपे, जिनमें सबसे बड़ा अभियान रहा ‘हर-भरा मध्यप्रदेश’ जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्योपुर में वृक्षारोपण किया था। वहीं युवा मोर्चा द्वारा आयोजित किए युवा सम्मेलनों में से एक जबलपुर का युवा सम्मेलन जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी सम्मिलित हुए। वैभव पवार ने इन अभियानों में पाई सफलता वन बूथ-20 यूथ, संगठन ही सेवा, युवा सम्मेलन, हरा-भरा मप्र, पंचायत समिति गठन, समय-समय पर रक्तदान कैंप, खेलेगा मप्र, खिलते कमल, युवा चौपाल, बाइक रैली, तिरंगा यात्रा, बूथ सशक्तिकरण अभियान जैसे अभियानों और कार्यक्रमों में युवा मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष वैभव के नेतृत्व में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में बालाघाट सीट से वैभव पवार को मैदान में उतार सकती है।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए ,

Bharatiya Janata Party announced candidates for the upcoming Rajya Sabha elections भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने दो राज्यों में होने वाले आगामी राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हेतु निम्नलिखित नामों

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मप्र को छोड़ उप्र की संभालेंगे कमान, जीत का देंगे मंत्र

Chief Minister Dr. Yadav will leave MP and take charge of UP will give mantra of victory भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकसभा चुनाव की दृष्टि से उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की कमान संभालेंगे। डॉ. यादव 13 फरवरी को यूपी के आजमगढ़ क्लस्टर के तहत आने वाली आजमगढ़-लालगंज-घोसी-बलिया और सलेमपुर समेत 5 लोकसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों की बैठकों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 बजे हवाई पट्टी मन्दूरी, आजमगढ़ पहुचेंगे। वे जयपुरिया स्कूल मिरिया कंधरापुर पहुंचकर दोपहर 12 बजे अपेक्षित श्रेणी की पहली बैठक लेंगे। दूसरी बैठक 1.30 बजे से तथा 2.45 बजे से अपेक्षित श्रेणी की तृतीय बैठक में शामिल होंगे। सीएम 3 बैठकों को करेंगे संबोधित अपने एक दिवसीय यूपी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 बैठकों में अपेक्षित श्रेणी के पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। जिनमें जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, लोकसभा संयोजक, लोकसभा प्रभारी एवं लोकसभा प्रबंध समिति के पदाधिकारी, सांसद, विधायक, विधानसभा प्रत्याशी, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख एवं जिला पंचायच सदस्य शामिल होंगे। भाजपा का लक्ष्य है 400 पार- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 400 सीटों का लक्ष्य लिया है। इसी लक्ष्य पूर्ति के उद्देश्य से भाजपा ने देशभर में लोकसभा क्षेत्रों को क्लस्टर के रूप में बांटा है। पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी क्लस्टर स्तर पर जाकर बैठकें लेकर कार्यकर्तोओं को जीत का मंत्र दे रहे हैं। इसी तारतम्य में मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपी के आजमगढ़ क्लस्टर के तहत आने वाली 5 लोकसभा क्षेत्रों में बैठकें लेंगे।

मप्र से राज्यसभा को मिलेगी एक सीट, दावेदारों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुसीबत

Rajya Sabha will get one seat from MP, claimants increase Congress’s troubles सोनिया गांधी से मिले कमलनाथ, राज्यसभा जाने जोर अजमाइश शुरू कमलनाथ ने 13 फरवरी को भोपाल में निवास पर विधायकों को डिनर पर बुलाया मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के आला नेता कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुुलाकात की। सूत्रों की माने तो मुलाकात के दौरान मप्र की राज्यसभा सीट को लेकर उनकी चर्चा हुई है। हालांकि अभी ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है।  भोपाल। कांग्रेस के आला नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिलनी है। मध्यप्रदेश से स्थानीय उम्मीदवार देने की सूरत में आलाकमान ओबीसी उम्मीदवार पर दांव लगाने के मूड में है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और वर्तमान अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम की चर्चा है। इस बीच, 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है। ये डिनर पहले से प्रस्तावित है। बता दें कि अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का ऐलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अगर पिछड़ों को आरक्षण का कार्ड खेल रहे राहुल गांधी के चलते आलाकमान ओबीसी या एससी एसटी को राज्यसभा देने पर अड़ता है तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं, लेकिन फिलहाल तो वो खुद के लिए राज्यसभा की जुगत में हैं। ऐलान: नकुलनाथ फिर लड़ेंगे छिंदवाड़ा से चुनाव बता दें कि इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। एआईसीसी द्वारा औपचारिक घोषणा से पहले कमलनाथ के बेटे द्वारा छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा ने कांग्रेस सर्कल में कई लोगों की भौंहें चढ़ा दी थी, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। कमलनाथ की सफाई: एआईसीसी करेगी नामांकित, तो बेटा लड़ेगा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था, कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और नकुल नाथ एआईसीसी द्वारा नामांकित किए जाने के बाद छिंदवाड़ा से फिर से चुनाव लड़ेंगे। बेटे नकुलनाथ की घोषणा के बाद कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। इस बीच, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनके पास अभी भी दो साल बाकी हैं।

विधायक आम जन की समस्याएं सुलझाने के लिए सक्रिय रहें : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

MLAs should be active to solve the problems of common people: Chief Minister Dr. Mohan Yadav मुख्यमंत्री निवास पर हुई विधायक दल की बैठक  भोपाल। विधायक जनसमस्या शिविरों और आम जन के साथ निरंतर सम्पर्क के माध्यम से उनकी समस्याएं सुलझाने के लिए सक्रिय रहें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का भाग्य उदय हो रहा है। आज विभिन्न विकास कार्यों के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से उनका प्रचार भी आवश्यक है। विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर विभिन्न निर्माण कार्यों को पूरा करवाने के साथ ही उनकी जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जाए। प्रत्येक बूथ और अपनी अपनी विधानसभा को मजबूत करने का कार्य किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए कही। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव की दृष्टि से पार्टी द्वारा चलाए जा रहे गांव चलो अभियान को नीचे तक ले जाने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का न्यौता ठुकराकर बड़ी गलती की है, जिसकी निंदा देश की जनता ने भी की है। उनके इस व्यवहार के कारण कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं।  कांग्रेस के नेता भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे क्षेत्र जहां कोई गेप दिखाई देता हो वहां विभिन्न योजनाओं को लागू करवाकर उपयोगी कार्यक्रमों की रचना की जा सकती है। इस प्रबंधन से विधानसभा क्षेत्र के स्तर तक अच्छे परिणाम मिलेंगे। बैठक को लोकसभा चुनाव प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह एवं पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने संबोधित किया। मप्र के जीत की धमक पूरे देश में हुइ: डॉ. महेंद्र सिंहलोकसभा प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि मप्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत की धमक पूरे देश में सुनाई दी। यह भारतीय जनता पार्टी के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। हम विकसित भारत के संकल्प को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सपनों का भारत बना रहे हैं। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटें जीत कर हमें प्रधानमंत्री मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना है। इस संकल्प के साथ मैदान में जुट जाएं। कमजोर बूथों को मजबूत बनाने में जुटें: हितानंद भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने पार्टी के आगामी कार्यक्रम और अभियानों के बारे में विधायकों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा गांव चलो अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान सफल हो इसके लिए विकसित भारत के संकल्प को लेकर प्रत्येक बूथ तक जाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत एम्बेसेडर बनाना है। इसके लिए विधायकगण भी अभियान में जुटें। उन्होंने अभियान के करणीय कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि जिन बूथों पर हम कमजोर हैं उन्हें मजबूत बनाना है।

मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन से आदिवासी वर्ग को साधेंगे, प्रचार का करेंगे शंखनाद

Modi will appeal to the tribal community at the Tribal Conference in Jhabua on 11th February, and will blow the trumpet for publicity. भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री पहली बार एमपी आ रहे हैं। सम्मेलन से प्रधानमंत्री लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने के लिए दो साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पेसा एक्ट से लेकर कई पहल आदिवासी वर्ग को साधने के लिए की गई थी। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीट में से 24 सीट ही भाजपा जीत पाई। 22 सीट कांग्रेस और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने कब्जा जमाया। अब लोकसभा चुनाव में फिर भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यहां से पीएम मध्य प्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों के आदिवासी वर्ग को साधेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता घर-घर संपर्क करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने तैयारियों का जायजा लिया। प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटें है। इसमें से 6 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। अभी छिंदवाड़ा सीट छोड़कर बाकी सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रैली को सफल बनाने में जुट जाएं कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने निरीक्षण के बाद कार्यकर्ताओं का कहा कि रैली में हर मन में भी भगवा नजर आना चाहिए। प्रधानमंत्री की रैली में जनजातीय समाज के अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें। 15 विधानसभाओं में लोगों से संपर्क करना है। हमें जनजातीय समाज के प्रमुख लोगों, संत-महात्माओं को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ना है और जनजातीय भाई-बहनों के बीच विशेष रूप से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना है। हर घर में जाना है, हर कुंडी खटकाना है लोकसभा चुनावों के लिए प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान श्रीराम को अयोध्या लाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 तारीख को झाबुआ पधार रहे हैं। हम सभी कार्यकर्ताओं को पूरे प्राण प्रण से तैयारी में जुटना है और कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो, इसके लिए हमें घर-घर जाना है और हर घर कुंडी खटखटाना है। जनजातीय संस्कृति के अनुरूप हो प्रधानमंत्री का स्वागतप्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत गौरवशाली जनजातीय परंपराओं और संस्कृति के अनुरूप करना है। उनके स्वागत के लिए जनजातीय संस्कृति के प्रतीकों तीर-कमान, ढोल, फालिया आदि का प्रयोग होना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा- हरदा में ब्लैक लिस्टेड कंपनी को किसके दबाव में खोला गया

Leader of Opposition Umang Singar said – under whose pressure the blacklisted company was opened in Harda इंदौर। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट पर राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि सरकार ने पेटलावद कांड के बाद भी सबक नहीं लिया। हरदा में जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ। वह ब्लैक लिस्टेड थी। सरकार को बताना चाहिए कि उसे किस मंत्री के दबाव में खोला गया। रहवासी क्षेत्र में फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी। पुलिस और प्रशासन को क्या इसकी जानकारी नहीं थी।अवैध पटाखा फैक्ट्री में कई लोग काम करते थे। आसपास के 50 से ज्यादा घरों में आग लग गई। सिंगार ने कहा कि सरकार हादसे की ईमानदारी से जांच करें तो सारे चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि हरदा के बीच शहर में बनी पटाखा फैक्ट्री के भीषण विस्फोट ने पेटलावद कांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जिसमें आरोपित भाजपा नेता के कारण 50 से ज्यादा निर्दोष नागरिक मारे गये थे। गुप्ता ने मांग की है कि पेटलावद विस्फोट कांड के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए और हरदा में उन नियमों का कितना पालन हुआ। भाजपा सरकार के काल में अकाल मौतों का सिलसिला जारी है। शिवराज सरकार में धारा जी, पेटलावद ,बस अग्निकांड जैसी मानव निर्मित दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जनहानि हुई है उसी तर्ज पर मोहन सरकार में भी भाजपा ने अपनी इस कलंक गाथा को आगे बढ़ा दिया है।हरदा में हुए भीषण विस्फोट में फैक्ट्री के अंदर मजदूरों की संख्या और उनकी मौत की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। सरकार को यह बताना चाहिए कि जो फैक्ट्री ऐसी कई दुर्घटनाओं के बाद और निर्दोष मौतों के बाद सील की गई थी उस फैक्ट्री को विधानसभा चुनाव के दौरान किस मंत्री के दबाव में वापस संचालन करने की अनुमति मिली।

पूर्व CM उमा भारती ने फिर उठाया डॉग बाइट का मुद्दा, मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र

Former CM Uma Bharti again raised the issue of dog bite, wrote a letter to Chief Minister Mohan Yadav भोपाल । उमा भारती मृतक बच्चे के परिजनों से भी मिल चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और जिस जगह यह घटना हुई थी, उसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था. इसके साथ ही उमा भारती ने घटनास्थल का भी दौरा किया था. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) को पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने (Action Against Dog Bites) की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने राजधानी भोपाल (Bhopal) में हाल ही में कुत्तों के काटने से बच्चे की हुई मौत का जिक्र करते हुए पत्र में लिखा कि गरीबों के जिंदा बच्चों को कुत्ते खा जाएं, ये हमारे समाज के लिए कलंक है. उमा भारती ने कहा कि ये क्रिमिनल नेग्लिजेंस है. बनाए हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए. जो लोग सरकार के बनाए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, ये अपराध है. उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.

लोकसभा चुनाव: सपा ने जारी की प्रत्याशियों की पहली सूची

SP released the first list of candidates मैनपुरी से डिंपल यादव को बनाया उम्मीदवार लखनऊ ! समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पहली लिस्ट में 16 संसदीय सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को मैनपुरी से टिकट मिला है।समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। समाजवादी पार्टी की तरफ से जारी किए गए पहली लिस्ट में पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को मैनपुरी से टिकट मिला है। वह अभी यहीं से सांसद हैं। मुलायम सिंह यादव पहले इसी सीट से लोकसभा में पहुंचते रहे हैं। मैनपुरी सपा का गढ़ है और पार्टी इस सीट से लगातार जीत दर्ज करती आ रही है। इन सीटों पर उम्मीदवार घोषित कियासपा ने संभल से शफीकुर्रहमान बर्क को टिकट दिया है। बर्क अभी यहां से सांसद हैं। वहीं, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, एटा से देवेश शाक्य, बदायूं से धर्मेंद्र यादव और लखीमपुर खीरी से उत्कर्ष वर्मा को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इनके अलावा धौरहरा से आनन्द भदौरिया, उन्नाव से अनु टंडन, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा, फर्रुखाबाद से डॉ. नवल किशोर शाक्य और अकबरपुर से राजाराम पाल को टिकट मिला है। लखनऊ लोकसभा सीट से अभी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सांसद हैं।इन्हें भी मिला टिकटवहीं, बांदा से शिवशंकर सिंह पटेल और फैजाबाद से अवधेश प्रसाद और अम्बेडकर नगर से लालजी वर्मा को सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके अलावा बस्ती से रामप्रसाद चौधरी और गोरखपुर लोकसभा सीट से काजल निषाद को सपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इंडिया गठबंधन में सपा ऐसी दूसरी पार्टी जिसने उम्मीदवार घोषित किएइंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी ऐसा दूसरा दल है जिसने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने गुजरात में अपना एक उम्मीदवार घोषित किया था। अखिलेश यादव ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा करके अपने सहयोगी दलों को साफ संदेश दे दिया है कि अब सीट और टिकट बंटवारे पर देरी न करें। सपा ने जयंत चौधरी और कांग्रेस को दी है इतनी सीटेंसपा की ओर से यह सूची ऐसे समय जारी की गई है जब महागठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस के साथ सीट के बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। सपा और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) ने अभी हाल में गठबंधन का ऐलान किया था। जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि सपा ने कांग्रेस को 11 सीटें देने की घोषणा की है। हालांकि कांग्रेस इससे संतुष्ट नहीं है। एक सीट भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की पार्टी को मिल सकती है जिस पर वे खुद चुनाव लड़ सकते हैं।

क्या कांग्रेस की तिकड़ी कर पाएंगी बीजेपी का मुकाबला ?

Congress trio has a big responsibility in Madhya Pradesh, it will start from February 4 मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी के पास बड़ी जिम्मेदारी, 4 फरवरी से होगी शुरुआत भोपाल ! मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसका असर लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी दिख रहा है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी फिलहाल इसी मिशन में जुटी है, जिसके लिए 3 फरवरी का दिन अहम होने वाला है, क्योंकि इस दिन कांग्रेस की तिकड़ी बड़ी बैठक करने वाली है. 3 फरवरी को होने वाली इस बैठक का असर 4 फरवरी से प्रदेश में दिखना शुरू हो जाएगा. प्रदेश के दौरे पर निकलेगी कांग्रेस की तिकड़ी दरअसल, लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी जिसमें प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सबसे ज्यादा एक्टिव हैं. तीनों ही नेता लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं. 3 दिसंबर को यह तीनों नेता प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक करने वाले हैं, जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के अलग-अलग अंचल में क्या रणनीति बनाई जानी हैं, इस पर चर्चा होगी, जिसके बाद सभी नेता 4 फरवरी से प्रदेश के दौरे पर निकलेंगे. हर जिले में होगी बैठक कांग्रेस हर जिले में पार्टी को मजबूत करना चाहती है, इसके लिए सभी जिलों में पार्टी के प्रदेश प्रभारी, पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष बैठक करेंगे, ताकि जिले में कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही समस्याओं को दूर किया जाएगा. इन बैठकों में कार्यकर्ता में उत्साह बढ़ाने और लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाए जाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा. क्योंकि पार्टी का पूरा फोकस फिलहाल लोकसभा चुनाव पर ही बना हुआ है. ग्वालियर-चंबल से होगी शुरुआतकांग्रेस इस बार लोकसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत भी ग्वालियर-चंबल अंचल से करने वाली है. भंवर जितेंद्र सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और उमंग सिंघार 4 फरवरी को सुबह 10 बजे ग्वालियर में लोकसभा स्तरीय समिति की बैठक करेंगे. इसके अलावा 4 फरवरी को ही गुना, भिंड, मुरैना लोकसभा के पदाधिकारियों के साथ भी बैठकें होंगी, जिसमें इन चारों लोकसभा सीटों पर चल रही समस्याओं को लेकर चर्चा होगी. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. 5 फरवरी मालवा अंचल में होगी बैठक 5 फरवरी को उज्जैन में पहुंचकर कांग्रेस के नेता उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार और इंदौर लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, इन सीटों पर भी पिछले चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा 6 फरवरी को भोपाल संभाग की बैठक होगी, जिसमें होशंगाबाद, बैतूल, राजगढ़ और विदिशा लोकसभा स्तरीय समन्वय समिति की बैठक होगी. इन सीटों पर भी पिछले चुनाव में कांग्रेस हारी थी. बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी ने पहले से ही इन बैठकों में लोकसभा प्रभारी, शहर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह प्रभारी,विधायक और संगठन के पदाधिकारियो को अनिवार्य रूप से पहुंचने के निर्देश जारी कर दिए हैं. तीनों नेताओं के पास बड़ी जिम्मेदारी बता दें कि कांग्रेस ने इन तीनों नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, कांग्रेस प्रदेश में इन तीनों के नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि इन बैठकों में लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर भी चर्चा होगी. बैठक के बाद तीनों नेता दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक करके पूरा फीडबेक भी देंगे.

शिवराज के नियम पर CM मोहन ने लगाई रोक

CM Mohan banned Shivraj’s rule भोपाल ! प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बनाए गए नियम को तोड़ दिया है. शिवराज सिंह कार्यकाल के दौरान सरकारी कार्यक्रमों के शुरुआत में मध्य प्रदेश गान होने की प्रथा थी, इस दौरान सभी लोग खड़े होकर गीत सुनते थे. इसी परंपरा को सीएम मोहन ने तोड़ दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर लोगों से कहा कि सिर्फ राष्ट्रगान के समय खड़े होना चाहिए. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लंबे समय से चली आ रही प्रथा तो तोड़ दिया. दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत मध्य प्रदेश गान से करने की प्रथा थी, जिसके दौरान सभी लोग खड़े होकर गीत गाते थे. हालांकि, मौजूदा सीएम मोहन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान बजते समय बैठे रहकर इस परंपरा को तोड़ दिया. कार्यक्रम में सीएम मोहन के मंच पर पहुंचने पर अनाउंस किया गया कि मध्य प्रदेश गान होगा. इसके बाद सभा में मौजूद सभी लोग अपनी जगह पर खड़े हो गए. इसी दौरान अपनी कुर्सी पर बैठे सीएम मोहन में अनाउंसर को इशारे से कहा कि खड़े होने की जरूरत नहीं है बैठे रहे. उनके इशारे के बाद सभी लोगों ने मध्य प्रदेश गान बैठकर सुना. सीएम मोहन मध्य प्रदेश राज्य सिविल सेवा में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपने के एक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस प्रथा तो तोड़ दिया. क्या कहा सीएम मोहन ने? उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के समय खड़े होना चाहिए, ये हमारे लिए आदर है. अगर कोई विश्वविद्यालय गान बनाता है या कोई कॉलेज गान बनाता है, फिर वह अपने नियम बनाने लगेंगे कि हमारे गान को भी राष्ट्रगान की तरह खड़े होकर सुना जाए, तो यह क्या बात हुई? सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश गान को राष्ट्रगान के साथ समान नहीं किया जाना चाहिए. कौन से साल से शुरू हुआ था नियम? सीएम के इस फैसले से विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि 2011 में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर सभी सरकारी समारोहों, स्कूलों और कॉलेजों में मध्य प्रदेश गान गाना अनिवार्य कर दिया था. इस कदम का राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था. तब सरकार ने यह कहकर फैसले का बचाव किया कि मध्य प्रदेश गान राज्य की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बिना किसी आपत्ति के गाया जाना चाहिए. बता दें कि मध्य प्रदेश गान को वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने लिखा था. तब तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गान लिखने के लिए उन्हें चुना था. संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अनुरोध के बाद श्रीवास्तव ने केवल दो घंटे में राष्ट्रगान तैयार कर दिया था.

राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने निगम से हटाने की जारी किया आदेश डाबर ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में जोबट से भरा था बागी होकर नामांकन फॉर्म अनुशासन समिति की बैठक की सिफारिश के बाद लिया सरकार ने फैसला भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर को हटा दिया है। इसके पीछे की वजह है कि माधव सिंह डाबर ने विधानसभा चुनाव के दौरान जोबट से पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था। डाबर ने बाकायदा पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय नामांकन फॉर्म भरा था। माना जा रहा था कि डाबर के खिलाफ भाजपा एक्शन लेगी। अनुशासन समिति की बैठक में माधव सिंह डाबर पर एक्शन लेने पर सहमति बनी। इसके बाद सूचना राज्य सरकार को दी गई। सरकार की ओर से अध्यक्ष पद से हटाए जाने की कार्रवाई वन विभाग की ओर से की गई है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा से उन्हें जल्द ही निष्कासित भी कर दिया जाएगा। इसके अलावा चर्चा यह भी है कि डाबर का मध्य प्रदेश के वन मंत्री के साथ भी तालमेल नहीं बैठ रहा था। इस बात की चर्चा मंत्रालय में जरूर है। पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएंगे। इससे पहले अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।

BJP प्रदेश कार्यालय में गणतंत्र समारोह

Republic ceremony at BJP state office भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में झंडावंदन किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि लोकतंत्र और देश के संविधान की गरिमा में वृद्धि के लिए सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लें। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी, वरिष्ठ नेता श्री माखनसिंह चौहान, श्री रघुनंदन शर्मा, प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रणवीर सिंह रावत, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेंद्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल, निगम के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेयी, सुश्री नेहा बगा, श्री सनवर पटेल, श्री नरेंद्र सलूजा, श्री सुनील पाण्डे, श्री अनिल अग्रवाल, श्री सुरजीत सिंह चौहान, श्री किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी कार्यकर्ता एवं कार्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर हमले के विरोध में MP कांग्रेस का मौन धरना, नेता बोले- ये लोकतंत्र की हत्या

Silent protest of MP Congress in protest against the attack on ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’, leader said – this is murder of democracy कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस (Congress) द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh),कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu patwari) और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान सभी ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी हुई थी.ये धरना करीब 3 घंटे तक चला. ग्वालियर, इंदौर, अशोकनगर से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल कांग्रेस का आरोप है कि असम में राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया है. कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा को भारतीय जनता पार्टी की असम सरकार द्वारा रोकने का प्रयास किया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी की यात्रा पर हमला कर व्यवधान पैदा किया जा रहा है. दूसरी तरफ ग्लावियर के फूलबाग में भी कांग्रेस विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया. कांग्रेस के विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि ये लोकतांत्रिक देश है और असम में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. इस मौके पर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि कल पूरे देश में लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे लेकिन असम की सरकार राहुल जी को मंदिर में जाने से रोककर अलोकतांत्रिक काम कर रही थी. इसलिए आज हम गांधी जी की प्रतिमा के सामने बैठकर ऐसे लोगों को सदबुद्धि देने की प्रार्थना कर रहे हैं.इसी तरह से इंदौर में भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के नेतृत्व में कांग्रेसनी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. उधर अशोकनगर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय गांधी पार्क पर मौन धरना प्रदर्शन किया गया. इस धरने से पहले अशोकनगर विधायक हरी बाबू राय ने खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की. हरी बाबू राय ने कहा कि जिस प्रकार हमारे नेता राहुल गांधी के प्रति व्यवहार किया जा रहा है वह अशोभनीय है.

कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा क्यों नहीं लिया, ” राहुल गांधी ” ने बताई बजाए

Why Congress did not participate in the Pran Pratistha program, Rahul Gandhi told instead. राहुल गांधी बोले, ‘राम मंदिर की कोई लहर नहीं, प्राण प्रतिष्ठा BJP का कार्यक्रम था’कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह भाजपा और आरएसएस का निजी कार्यक्रम था। गुवाहाटी। असम में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। राम मंदिर मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा, देश में राम मंदिर की कोई लहर नहीं है। कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह भाजपा और आरएसएस का निजी कार्यक्रम था।

दिग्विजय सिंह ने शेयर की भगवान राम की तस्वीर, प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामना के साथ बीजेपी को दिया ये मैसेज

Digvijay Singh shared the picture of Lord Ram, gave this message to BJP with good wishes for his life. दिग्विजय सिंह राम मंदिर का पूरा निर्माण हुए बिना ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने को लेकर लगातार हमलावर रहे. उन्होंने इसके लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के तर्कों का भी जिक्र किया. भकांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ठीक पहले भगवान राम के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर देशवासियों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को भी मैसेज दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में किसी भी तरह की नफरत की कोई जगह न हो और सब मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करें.  आशा है अब बीजेपी सरकार सुनिश्चित करेगी…’ दिग्विजय सिंह ने रविवार रात ट्वीट करते हुए रामलला के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है, जिसपर लिखा है, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो.’ इस फोटो के साथ किए गए ट्वीट के कैप्शन में दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘समस्त देशवासियों को अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में रामलला के विग्रह के प्रतिष्ठित होने की मंगलकामनाएं. आशा है भाजपा सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में नफरत-हिंसा की कोई जगह नहीं होगी. सब प्रेम से मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करेंगे.’  दरअसल दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण कार्य का पूरा होने के पहले ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की खूब आलोचना की है. उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के तर्क का भी खूब जिक्र किया.

ग्वालियर में वाहनों पर श्री राम की झंडिया भी लगाई गई

Shri Ram flags were also installed on vehicles in Gwalior. ग्वालियर ! 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर देश भर में उत्साह का माहौल है ! ऐसे में ग्वालियर में नमो नमो ग्रुप द्वारा शहर के बाजारों और चौराहों में अभियान चलाकर वाहन चालकों के वहां पर श्री राम नाम की झंडिया लगाई गई ! ग्वालियर फूलबाग पर पहुंचे नमो नमो ग्रुप के सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अभय चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे ! जहां वाहन चालकों को रोक कर 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे ! प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजन की जानकारी दी गई इसके साथ वाहनों पर श्री राम की झंडिया भी लगाई गई ! इस दौरान जय श्री राम के नारों से फूल बाग चौराहा गूंज उठा !

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए

भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीते दो दिन में पुलिसकर्मियों की हत्या की तीन बड़ी वारदात हुईं. इसमें दो मामलों में अपराधियों को पकड़ने और उनको रोकने के दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिसकर्मी मारे गए. सिवनी और छिंदवाड़ा में ये घटनाएं हुईं. अब इन घटनाओं को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि सीएम मोहन यादव ने दोनों मृतक पुलिसकर्मियों को शहीद का दर्जा देकर परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान किया है. जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि “मुख्यमंत्री जी, पिछले दो दिन का ही अनुपात निकाला जाए, तो प्रतिदिन ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी की हत्या हो रही है! अपराधियों के हौसले बुलंद हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! मध्य प्रदेश में रोजगार के लिए सरेआम बेटी की आबरू मांगी जा रही है! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! “मोदी की गारंटी” वाले वादे के बाद लाड़ली बहनें ₹3000 प्रतिमाह की मांग कर रही हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रतिमाह 1 लाख नौकरियां के वादे पर युवा जवाब मांग रहे हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! महिलाओं को महंगाई से निजात दिलाने के लिए ₹450 रुपए में सिलेंडर देने का वादा भाजपा ने ही किया था! महिलाएं उम्मीद लगाए बैठी हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! डॉ. मोहन यादव जी “मोहन” ही बने रहें, “मौन” में न रहें! क्योंकि, आपका “मौन-व्रत” अब मध्यप्रदेश की मुसीबत बढ़ा रहा है”! जीतू पटवारी जब से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने हैं, तभी से वे लगातार बीजेपी और मोहन यादव सरकार पर हमलावर हैं. पहले उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव जीतने के बाद साइडलाइन करने को लेकर भी बीजेपी पर सवाल उठाए थे. लेकिन अब पहली बार वे खुलकर सीएम मोहन यादव के खिलाफ बोलना शुरू किए हैं.

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

बागी और भितरघाती के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

Congress action against rebels and traitors भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 79 बागियों और भितरघातियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। वहीं 150 से ज्यादा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप हैं। अब लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी में दागियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू किया गया है। खास बात है कि कांग्रेस को दागियों के चयन में 45 दिन लग गए। क्योंकि कुछ बड़े नेताओं के खास भी हैं। यह सवाल कांग्रेस की समीक्षा और लोकसभा चुनाव समिति की बैठकों में प्रत्याशियों ने भी उठाया था। विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार पार्टी लीडर्स के सामने भितरघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ मिली शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव बागी होकर लड़ने वाले और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वाले 79 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है। अनुशासन समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके निष्कासन का फैसला लिया है। इसके साथ ही डेढ़ सौ अन्य कार्यकतार्ओं, पदाधिकारी और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से 250 कार्यकतार्ओं के खिलाफ शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी हुए नेताओं के समर्थन में काम करने, दूसरे दलों के प्रत्याशियों का सपोर्ट करने जैसी शिकायतें पहुंची हैं। दूसरे दलों से शामिल हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा– खास बात है कि कांग्रेस ने अभी सिर्फउन कार्यकर्ताओं को बाहर किया है। जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। समिति ने सबसे पहले उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अभी अधिकांश नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगामी 10 दिनों के बाद फिर से बैठक होगी। इसमें जवाब के आधार निष्कासित करने की कार्रवाई होगी।

पटवारी भर्ती पर जीतू ने उठाए सवाल, ट्वीट भी किया

Jitu raised questions on Patwari recruitment, also tweeted भोपाल। मध्य प्रदेश एम्प्लाई सिलेक्शन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले की जांच रिपोर्ट इसी माह सबमिट होने जा रही है। कमेटी को सभी जरूर दस्तावेज बोर्ड से मिल चुके हैं और कमेटी इसका अंतिम तौर पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इस रिपोर्ट पर दस लाख उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई है। इस पर अब जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने 22 नवंबर 2022, ईएसबी की ओर से ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी की संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन का जिक्र भी ट्वीट में किया है।पटवारी ने कहा कि छात्रों ने 5 जनवरी 2023 से 19 जनवरी 2023 तक फॉर्म भरा। लगभग 13 लाख अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। 15 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक प्रदेश के 78 केंद्रों पर अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा हुई। 9,78, 266 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। 30 जून को रिजल्ट जारी हुआ। 8,600 अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ।

वाहन चालकों की जेब पर भारी पड़ेगी पार्किंग, डेढ़ वर्ष बाद फिर निगम वसूलेगा शुल्क

Parking will be heavy on the pockets of drivers, after one and a half years the corporation will again charge the fee. भोपाल ! 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। राजधानी में एक बार फिर वाहन चालकों की जेब पर पार्किंग शुल्क भारी पड़ने वाला है। इसके लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर जारी करने जा रहा है। नए नियमों के तहत जहां प्रीमियम पार्किंग की संख्या बढ़ाने पर जोर होगा, वहीं शुल्क में भी 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ाेत्तरी होगी। बता दें कि बीते 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। इसके बदले नए वाहनों से एकमुश्त शुल्क की वसूली की जा रही थी। लेकिन आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के द्वारा याचिका लगाने के बाद कोर्ट ने एक मुश्त वसूली पर रोक लगा दी थी। तब न तो नगर निगम पार्किंग की वसूली कर पा रहा था और न ही आरटीओ द्वारा एक मुश्त शुल्क की वसूली हो रही थी। ऐसे में नगर निगम को हर वर्ष करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा था। अब शहर के सभी पार्किंग स्थलों पर शुल्क की वसूली का प्रस्ताव महापौर परिषद में पारित हो गया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे। न्यूमार्केट के बाद अन्य स्थानों पर भी बनेगी प्रीमियम पार्किंग निगम अलग-अलग पैकेज में पेड पार्किंग टेंडर जारी करेगा। 35 से अधिक आन और आफ स्ट्रीट पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर शुल्क देना पड़ेगा। नए पार्किंग टेंडर्स में शहर में प्रीमियम पार्किंग की संख्या में छह से सात गुना इजाफा भी किया गया है। यानी न्यू मार्केट के बाद अब प्रीमियम पार्किंग दस नंबर, एमपी नगर सहित अन्य कई क्षेत्रों में भी नजर आएंगी। जहां सामान्य पार्किंग के मुकाबले तीन गुना ज्यादा पार्किंग शुल्क चुकाना होगा। 13 पैकेज में 35 पार्किंग स्थलों का होगा ठेका निगम ने नए सिरे से पार्किंग ठेके देने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 13 पैकेज बनाकर 35 स्थानों पर पेड पार्किंग शुरू की जाएंगी। एक पैकेज में एक से छह पार्किंग शामिल की गई हैं। साथ ही पैकेज में एक ही जगह को प्रीमियम और सामान्य पेड पार्किंग में बांटा गया है। न्यू मार्केट प्रीमियम पार्किंग को आधार बना शहर में शुरू की जाने वाली अन्य प्रीमियम पार्किंग की फीस तय की गई है। वर्तमान में प्रीमियम पार्किंग में 30 रुपए घंटा पार्किंग शुल्क होता है, जो एक घंटा से ज्यादा होने पर 50 रुपए हो जाता है। पार्किंग स्थलों पर बढ़ गई चोरी और अव्यवस्था नगर निगम द्वारा आफ स्ट्रीट और आन स्ट्रीट पार्किंग मुफ्त करने के बाद से पार्किंग स्थल अव्यवस्था के शिकार होते जा रहे हैं। अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से यहां वाहन पार्क करने के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। आइएसबीटी, एमपी नगर, न्यू मार्केट समेत एक दर्जन पार्किंग स्थलों से 100 से ज्यादा दो पहिया वाहनों के चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन अब तक नगर निगम न तो यहां सीसीटीवी लगा पाया और न ही यहां वाहनों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की गई। “ इनका कहना है नगर निगम जल्द ही पेड पार्किंग टेंडर जारी करने जा रहा है। जिससे पार्किंग स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा सके और वाहनों की सुरक्षा भी हो। – मालती राय, महापौर

भाजपा एक ऐसी पार्टी, जिसमें कोई कार्यकर्ता कब पीएम-सीएम बन जाए कोई नहीं जानता

BJP is such a party in which no one knows when a worker will become PM-CM. अशोक काल से है मप्र और बिहार का गहरा रिश्ता भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को मंच पर पहुचंते ही अपने उद्बोधन की शुरुआत मप्र और बिहार के हजारों वर्षों के पुराने रिश्ते से की। इस मौके पर पटना में श्री कृष्ण चेतना विचार मंच की ओर से आयोजित समारोह में भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार में किस बात की कमी है। कोई ऐसा राज्य ऐसा नहीं जहां बिहार के आईएएस-आईपीएस नहीं हैं। एकमात्र राज्य बिहार है, जिसे यह सौभाग्य मिला है। बिहार हर क्षेत्र के अंदर अपनी पहचान बनाई हुई है। सभी क्षेत्रों में बिहार के लोगों की अपनी पहचान है। आपातकाल के समय बिहार ही आगे आया और लोकतंत्र को बचाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार और आगे जा सकता था। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि एक समय था जब देश में पांच बीमारू राज्य थे, लेकिन चार राज्य विकास की दृष्टि से बहुत आगे निकल गए, लेकिन बिहार वहीं ठहरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार में संभावनाओं की कमी नहीं है। आपातकाल के दौरान बिहार ने दिया संघर्ष के शंखनाद का उदाहरणमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। यहां के कार्यकर्ताओं को ऐसा प्रशिक्षण, शिक्षण मिलता है जहां राष्ट्रभक्त के रूप में लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया जाता है। यादव ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जहां छोटे छोटे कार्यकर्ता भी कब पीएम और सीएम बन जाए कोई नहीं जानता। उन्होंने बिहार की तारीफ करते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि 2000-3000 साल पहले यह प्रदेश ही लोकतंत्र का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। यही नहीं आपातकाल के दौरान भी बिहार ने संघर्ष का शंखनाद कर देश में उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके पिता मिल मजदूर रहे हैंमुख्यमंत्री ने पटना प्रवास के दौरान इस्कॉन मंदिर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के समक्ष नमन किया। इस मौके पर डॉ. यादव ने विभिन्न कार्यक्रमों में अपने पिता और परिवार के सदस्यों के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता मिल मजदूर रहे हैं। उन्होंने अनेक कठिनाइयों के बीच जीवन जीया। आर्थिक दिक्कतों के बावजूद परिवार से मिले संस्कार महत्व रखते हैं। कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हों, व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए। अपने आराध्य का स्मरण अवश्य करना चाहिए। निरंतर कर्म से व्यक्ति को पहचान और प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिनाइयों के बीच जीवन बिताया।

आमजन के जीवन में बदलाव लाने और नई पीढ़ी को संस्कारित करना मप्र सरकार की प्राथमिकता

It is the priority of Madhya Pradesh government to bring change in the lives of common people and to educate the new generation. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचें थे। वहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चूंकि भगवान श्रीकृष्ण के प्रबल अनुयायी हैं और बिहार में यादव समाज की संख्या अच्छी खासी है। पटना में मुख्यमंत्री श्री कृष्ण चेतना विचार मंच के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रसंगों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की पहल के साथ ही नई शिक्षा नीति में सनातन संस्कृति का समावेश हमारा संकल्प है। मप्र में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया है। इस पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना के गांधी मैदान स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता हैमुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता की जन्मस्थली बिहार आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं। ऐसी पवित्र धरती को मैं प्रणाम करता हूं। यह भगवान महावीर स्वामी की धरती है, जिससे बिहार की पहचान है। साथ ही सम्राट अशोक की भी धरती है। सम्राट अशोक का मप्र उज्जैन से खासतौर पर अलग तरह का रिश्ता रहा है। हजारों साल से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता है। आज के इस दौर में लोकतंत्र को जिंदा रखने में हमारे समाज की भूमिका बहुत बड़ी है। हमें प्रदेश और देश की सेवा के साथ-साथ भारत का मान दुनिया में बढ़े उस दिशा में हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यही तो हम हजारों से साल से करते आए हैं और यही हमारा कर्तव्य भी है। परमात्मा ने हमें जहां जिस जगह जन्म दिया है एक अनूठा संयोग हमारे साथ जुड़ता है।

कमलनाथ ने कांग्रेस की सेवा अपने यौवनकाल की शुरुआत से ही की थी, कांग्रेस

Kamal Nathji had served Congress since the beginning of his youth. भोपाल: विधान सभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कमलनाथ की वजह से हम एमपी में चुनाव हार गए हैं। साथ ही उनपर बीजेपी से सांठ गांठ के आरोप लगाए थे। आलोक शर्मा ने यह भी कहा था कि कमलनाथ के घर ईडी और सीबीआई क्यों नहीं पहुंचती है। उन्होंने कहा था कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी बात रखूंगा। उनके इस बयान पर दो सप्ताह तक पार्टी चुप रही थी। यह मामला जब तूल पकड़ने लगा तो कांग्रेस पार्टी एक्टिव हुई है। इंदिरा गांधी के वक्त से ही वे भारत के नवनिर्माण अभियान के साथ जुड़े हैं। संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधीजी के साथ वे कंधे से कंधे मिलाकर डटे हुए हैं।जब भाजपा सरकारी एजेंसियों के साथ संपूर्ण विपक्ष को खत्म करने पर आमादा है, तब कमलनाथ ही हैं, जिनके निर्विवाद नेतृत्व में सभी कांग्रेस जनों ने मिलकर 2018 में मध्य प्रदेश से भाजपा के किले को ढहाकर कांग्रेस की सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया। अब भी कई लोग कमलनाथ जैसे कांग्रेस के आधारभूत स्तंभों के खिलाफ भाजपाई षड़यंत्र के शिकार हो जाते हैं। AICC ने ऐसे ही षड़यंत्र के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कमलनाथजी की निष्ठा का सम्मान किया है। जब भाजपा अपनी सारी सरकारी एजेंसियों के कंधों पर हथियार रखकर संपूर्ण विपक्ष को उखाड़ने और खत्म करने पर आमादा हो, तब भी कमलनाथ अपने तजुर्बों के साथ पार्टी वर्करों के साथ खड़े हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री कुलस्ते ने आईएएस अनय द्विवेदी पर लगाया जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप

Union Minister of State Kulaste accused IAS Anay Dwivedi of insulting him with caste based words. भोपाल। केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी से नाराज हैं। उन्होंने द्विवेदी के व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत दर्ज कराई है। कुलस्ते का आरोप है कि द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से उनके एक रिश्तेदार अधिकारी को जाति सूचक प्रताड़ित किया है।प्रदेश में अधिकारियों के व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मुखर हो रही है। पहले शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल, उसके बाद देवास में सोनकच्छ की तहसीलदार और अब एक आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। अनय द्विवेदी वर्तमान में पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी जबलपुर में एमडी के पद पर कार्यरत हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कुलस्ते का आरोप है कि उनके बहनोई अशोक धुर्वे, जो पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी में अधिकारी हैं, को अनय द्विवेदी ने जाति सूचक शब्द कहे और अपमानित किया।कुलस्ते का कहना है कि द्विवेदी ने अशोक धुर्वे के लिये यहां तक कहा कि अब तो फग्गन सिंह चुनाव हार गए हैं, इन्हें यहां से हटा दो। अनय द्विवेदी के इस व्यवहार से मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते काफी नाराज हैं और उन्होने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है। इतना ही नहीं, कुलस्ते ने तो यहां तक कहा है कि हमारे आदिवासी वर्ग के भाइयों के समर्थन के चलते सरकार बनी है और खुद केंद्र सरकार उनके उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग ठीक नहीं। फग्गन ने यह भी कहा कि द्विवेदी जैसे अधिकारियों की जगह फील्ड में नहीं बल्कि दफ्तर में होनी चाहिए। अब इस मामले में सरकार क्या कार्रवाई करेगी, यह देखने वाली बात है। लेकिन यह बात तो सही है कि मोहन यादव की सरकार बनने के साथ-साथ अब अधिकारियों की बदमिजाजी की शिकायतें भी तेजी के साथ सार्वजनिक हो रही है और सरकार की उनपर की जा रही कार्रवाई से अब अधिकारी भी संयमित भाषा पर जोर दे रहे हैं।

राम मंदिर आंदोलन में पंढरी डोंगरे का रहा अमिट योगदान,

हरिप्रसाद गोहे आमला। आज जहाँ पूरे देश ही नही बल्कि समूचे विश्व मे रामलला के मंदिर में विराजमान होने वाले आयोजन की तैयारी के जश्न में लोग डूबे हुए है । वही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े उन लाखों लोगों के सपने भी आज पूरे हो रहे है । उन्ही सौभाग्य साली लोगो मे आमला के कार सेवक पंढरी डोंगरे भी है । रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का सोचकर ही पंढरी डोंगरे के झुर्रियों से भरे चेहरे में खुशियों की लालिमा अलग ही चहक उठती है। आमला विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बाबरबोह के निवासी पंढरी डोंगरे राम मंदिर आंदोलन से जुड़े थे और उस समय उनकी उम्र 42 वर्ष की थी जोश और जुनून के साथ अपने ग्राम के दो साथी शंकर पवार और रमेश के साथ जय श्री राम के नारे के साथ दो जून की रोटी बांधकर निकल पड़े। 27 अक्टूबर 1990 की सुबह गांव से अयोध्या के लिये कूच किये मुलताई स्टेशन पर मुलताई के विधायक मनीराम बारंगे पहले से ही अपने कुल 44 लोगो के साथ उपस्थित थे पंढरी डोंगरे भी अपने दोनो साथियों के साथ उनके साथ चल पड़े कुल 47 कार सेवक रवाना हुए। दक्षिण एक्सप्रेस से दल रवाना हुआ ! बैतूल पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओ ने सेब अंगूर आदि फलों के बक्से इनके साथ रखवा दिए ताकि भोजन पानी की कोई कमी न रहे वैसे रास्ते मे पड़ने वाले स्टेशनों पर भी लोग खाने पीने की वस्तुएं देते जा रहे थे। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर कारसेवकों को रोक दिया गया क्योंकि उस समय वहां मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी की सरकार कार सेवकों पर सख्त थी । इनके दल को झांसी में ही उतार लिया गया। और इन्हें जबरजस्ती ट्रेन में बैठाकर वापस इटारसी रवाना कर दिया गया। इटारसी पहुंचकर घर वापस जाने का तो मन नही था क्योंकि मन मे तो राम जी का कार्य का जोश था सो पुरे दल ने सोचा कि पुनः अयोध्या की ओर चलते है ऐसा सोचकर उ प्र जाने वाली ट्रेन में फिर से सवार हो गए इस बार झांसी की ओर का मार्ग न चुनकर सतना से जाने वाला मार्ग चुना ओर सतना वाली ट्रेन में बैठ गए। अगले दिन सतना उतर कर फिर दूसरे रास्ते से उ प्र की ओर चलने की सोची यहां से उ प्र का क्षेत्र आगे से शुरू हो जाता है। फिर से उ प्र सरकार उन्हें पकड़कर वापस न लौटा दे इसलिये आगे दल ने पैदल ही चलने का मन बनाया और सतना से पैदल ही चल निकले। उ प्र की सीमा में 17 किलोमीटर प्रवेश करते ही मिर्जापुर कस्बे में पहुंचे यहाँ एक हैंडपंप  पर सभी ने हाथ मुंह धोया और जो कुछ था उससे पेट भरा वहां पर एक घर के तीसरे मंजिल पर से एक महिला उन्हें देख रही थी उसने उन्हें रुकने का इशारा किया और उनके पास आई कहने लगी कि आप लोग रुको मेरे पति भाजपा के अध्यक्ष है मैं तुम सबके रुकने का प्रबंध करती हु तब तक मेरे पति आ जाएंगे। लेकिन सभी ने महिला को धन्यवाद देकर पैदल आगे की ओर बढ़ने का मन बनाया। मुख्य मार्ग से आगे बढ़ रहे थे कि रास्ते पर पुलिस न रोक लिया हम लोग भी उत्साह में थे तो जय श्री राम का नारा लगाते हुए आगे बढ़ने लगे पुलिस ने हल्का सा बल प्रयोग किया तो हम और जोश में आ गए और वहीं मजिस्ट्रेट की जीप उत्साही कार सेवकों ने पलट दी।तब तो पुलिस और गुस्से में आ गई और अधिक पुलिस बल बुलाकर हम सभी को गिरप्तार कर लिया हम सभी पर भा द वि की धारा 107, 116,151 के तहत धारा लगाई गई। फिर पुलिस बस बुलाकर रात में ही अज्ञात जगह की ओर रवाना कर दिया। 31 अक्टूबर 1990 की सुबह जब हमारी बस रुकी तो हम उ प्र के जौनपुर जिले में पहुंचे थे यहां से हमे जिला जेल ले जाया गया वहां पर बहुत से कार सेवक पहले से ही गिरफ्तार थे। उन कारसेवकों का नेतृत्व म प्र के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे थे। वहां हम सभी शिवराज सिंह चौहान के साथ रहे सुबह शाम हम सभी साथ बैठते और आगे क्या करना है उसकी चर्चा करते।शिवराज जी ने जेलर से कहकर वहाँ एक टी वी की व्यवस्था भी करवा दी थी कि देश का समाचार भी मिलता रहे।जेल में भी खूब उपद्रव चलता रहा जय श्री राम के नारे गूंजते थे अंततः 7 नवम्बर 1990 को हम सब को रिहा कर दिया गया और यह कह कर की वापस अपने घर चले जाओ। जेल में रहने का प्रमाण पत्र भी जेलर ने दिया। हमे बसों में भरकर काशी पहुंचा दिया गया। यहाँ जय श्री राम का नारा लगाते हुए हमें फिर उ प्र की पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़कर थाने लाया गया।वहाँ पुलिस अधिकारी बहुत सख्त था उसने कहा कि इनको जेल भेज दो। ऐसा कहकर वो थाने से चले गए। किस्मत से वहाँ थाने में एक शर्मा सब इंस्पेक्टर पदस्थ थे जो मूलतः होशंगाबाद म प्र के रहने वाले थे। उन्होंने हमें समझाया कि तुम अपने आप को कार सेवक मत बताना कहना कि हम गंगा स्नान के लिये काशी आये है नही तो तुम सभी को तीन माह के लिये जेल भेज दिया जाएगा। हमने उसकी बात मानी और हम सभी को रिहा कर दिया गया। भारी मन से हम सभी काशी से इलाहाबाद,मैहर होते हुए आमला पहुंचे। अयोध्या तक तो नही पहुंच सके किंतु मन मे रामकाज का जो जज्बा था वो बरकरार रहा। आज 75 वर्ष की उम्र में रामलला का भव्य मंदिर बनते देख रहे है तो मन को प्रसन्नता हो रही है ऐसा लग रहा है कि हमारी यात्रा अब पूर्ण हुई है।22 जनवरी हमारे जीवन का सबसे सुखद दिन होगा।(जैसा पंढरी डोंगरे ने बताया वैसा ही उल्लेख है)

पूर्व सीएम भारती ने ली विदा

Former CM Bharti took leave भोपाल। पूर्व सीएम उमा भारती ने माता बेटी बाई सोशल फाउंडेशन के कार्यक्रम में अयोध्या के घटनाक्रम सुनाए और भावुक हो गईं। उन्होंने राम मंदिर और कार सेवा के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि समर्थकों से अंतिम बार मिल रही हूं। शायद यह मेरी आपसे विदाई है। 17 से 21 जनवरी के बीच कभी भी अयोध्या जाऊंगी। इसके बाद अपने गांव में रहूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि शायद सबसे अब मैं अंतिम बार विदा ले रही हूं। उन्होंने अब तक साथ देने वालों का सम्मान भी किया। पूर्व सीएम ने कहा कि आजकल सीएम की पत्नी आए जाए तो कलेक्टर, आईजी, डीआईजी सलामी की मुद्दा में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सीएम मोहन यादव से कहा कि बंगले में तोड़फोड़ व नवीनीकरण पर भारी भरकम खर्चा कराते हैं। पत्नी के कहने पर डिजाइन सोफे लाते हैं। उमा भारती ने कार सेवा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1992 में ही मथुरा और काशी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हमने आज उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम स्व. कल्याण सिंह को भुला दिया है। उन दिनों देवराहा बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि विवादित ढांचे की एक-एक ईंट लोग ले जाएंगे। उनकी बात सच साबित हुई। पूर्व सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक बार तो आडवाणी जी ने मंदिर के लिए मरने की इच्छा तक जता दी थी। असली लड़ाई अब शुरू होगीपूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस को आस्था की अवहेलना भारी पड़ी। जिनको गोली चलाने भेजा था, वो लोग अब रामलला की आरती उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई अब शुरू होगी। राम मंदिर के बाद अब देश को राम राज्य की ओर ले जाएंगे। देश राममय हो गया है। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में महिला, बच्चों की सुरक्षा हो, पढ़ाई स्वस्थ हो, हर व्यवस्था अच्छी हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को राम राज्य की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य लाना तो सबको साथ आना होगा। किसी एक प्रयास से रामराज्य नहीं आएगा। पाक अधिकृत कश्मीर से शुरू करें राहुल यात्राराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा आमंत्रण को अस्वीकार करने पर पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि यह कांग्रेस का अशोभनीय कृत्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जिन नेताओं को आमंत्रण मिला है, उनहें जाना चाहिए था। राम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहिए। राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर पूर्व सीएम ने कहा कि भारत टूटा कब था, जो राहुल गांधी उसे जोड़ने चले हैं। राहुल को पाक अधिकृत कश्मीर से यात्रा शुरू करनी चाहिए। भाजपा तो भारत को जोड़ रही है। न मैं भाजपा की प्रवक्ता ना शिवराज कीपूर्व सीएम शिवराज के होर्डिंग से फोटो गायब होने वाले बयान पर उमा भारती ने कहा कि यह शिवराज की सहज भाव अभिव्यक्ति है। न भाजपा ने उनका अपमान किया ना शिवराज ने भाजपा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वो बिल्कुल सही है। न भाजपा कुछ गलत कर रही है न शिवराज कुछ गलत कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ना मैं भाजपा और ना शिवराज की प्रवक्ता हूं। उन्होंने कहा कि जब तक मैं भाजपा से बाहर नहीं हुइ थी। तब तक मेरा सम्मान था, मंत्री-विधायक ट्रेन के आगे लेट जाते थे। भाजपा से निकलने के बाद ही मेरे साथ गलत किया गया था।

460 स्थानों पर युवा कांग्रेस शुरू करेगी ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान

Youth Congress will start ‘Justice Do, Employment Do’ campaign at 460 places. भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश में 460 स्थानों पर नवमतदाता सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है तो युवा कांग्रेस भी इसके मुकाबले की तैयारी में जुट गया है। युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में इसी माह से ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें युवा कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पोस्टकार्ड बांटेंगे। इसके माध्यम से वह लोगों से संपर्क कर बेरोजगारी के मुद्दे को उठाएंग अभियान में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लोगों से बात करेंगे। यह सभी विषय पोस्टकार्ड में भी उल्लेखित रहेंगे। इसके लिए हर जिले में अलग से टीम बनाई जाएगी, जिसमें जिले कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे। संपर्क के दौरान प्रदेश में 15 माह की कमल नाथ सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त युवा कांग्रेस भारत जोड़ो न्याय यात्रा में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाएगा।

29 लोकसभा प्रभारी देंगे दावेदारों के नाम, गुटबाजी खत्म करने प्रभार के क्षेत्रों में करेंगे दौरे

29 Lok Sabha in-charges will give names of contenders, will tour the areas of their in-charge to end factionalism भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रभारियों की शुक्रवार को हुई दिल्ली में बैठक के बाद अब उन्हें अगले सप्ताह से अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में जाना होगा। यहां से दावेदारों के नामों के पैनल तैयार करना होगा। ये नाम 30-31 जनवरी तक एआईसीसी को वे देंगे। इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब टिकट चयन का मामला एआईसीसी ही अपने हाथ में रखेगी।इसके चलते ही उसने ही लोकसभा प्रभारियों को बनाया और सीधे ही उनकी बैठक ली। खासबात यह है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं था। सभी प्रभारियों से कहा गया है कि वे 18 से 24 जनवरी के बीच अपने प्रभार के क्षेत्र में जाएं और यहां की व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ यह भी पता करें कि बेहतर उम्मीदवार कौन-कौन हो सकते हैं। इनमें से तीन नाम छांट कर एआईसीसी को भेजने का भी कहा गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ने बताया कि 30-31 तक लोकसभा प्रभारियों को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर पीसीसी में ही मंथन करेगी। इस बार युवा चहेरों के साथ बुजुर्ग नेताओं को भी उतारा जा सकता है। हालांकि दर्जन से अधिक जिलों में कांग्रेस का खाता विधानसभा चुनाव में नहीं खुला है। अनुशासन कमेटी कब करेगी फैसलाकांग्रेस में होने वाली बैठकों में एक ही मुद्दा बार बार उठाया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने भितरघात का आरोप कार्यकर्ताओं पर लगाया था। पार्टी ने मांग की थी कि उन्हें बाहर किया जाए। इसके लिए अनुशासन कमेटी फैसला करेगी। हालांकि अभी तक बैठक कमेटी की नहीं हुई है। इसलिए नेताओं की नाराजगी भी उजागर हो रही है। खुलकर बैठकों पर नेताओं से सांप पाले हुए हैं। ऐसे आरोप तक लगा चुके हैं।

मणिपुर पहुंचे एमपी कांग्रेस के नेता- दिग्विजय, पटवारी, उमंग ने फ्लाइट में लगाया नारा’ न्याय का हक-मिलने तक

MP Congress leaders reached Manipur – Digvijay, Patwari, Umang raised slogan in the flight ‘Till the right to justice is given’ भोपाल। मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस के नेता भी दिल्ली से इंफाल के लिए रवाना हुए। दिल्ली से रवाना हुई स्पेशल फ्लाइट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इंफाल पहुंचे। फ्लाइट टेक आॅफ के पहले कांग्रेस नेताओं ने न्याय का हक मिलने तक का नारा लगाया। हालांकि राहुल गांधी की इस यात्रा के शुरूआती कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिनों में 698 और 9 जिलों को कवर करेगी। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के धौलपुर से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ से होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा तक जाएगी. राहुल करीब 7 दिन तक मध्य प्रदेश में यात्रा करेंगे। इस दौरान वह 9 जिलों को कवर करेंगे। इसका समापन 20 या 21 मार्च को मुंबई में होगा।

भूतेश्वर मंदिर पहुंचे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, झाडू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

Food and Civil Supplies Minister reached Bhuteshwar Temple भोपाल। सागर के प्राचीन भूतेश्वर मंदिर पहुंचे खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर परिसर में साफ-सफाई एवं झाड़ू लगाते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता के लिए अभियान चलाया है, जिसका असर पूरे देश सहित छोटे-छोटे गांव में भी दिख रहा है। 22 जनवरी को प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, जिसको लेकर हम सब अपने-अपने आसपास क्षेत्र के मंदिरों में भी साफ-सफाई करें, जिससे 22 जनवरी को रामलला के स्वागत में मंदिर, शहर, हर घर-आंगन साफ और स्वच्छ रहे। प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव हमें इस तरह मनाना है कि हर घर अयोध्या धाम बन जाये। उन्होंने शहरवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि 22 जनवरी को सभी शहरवासी अपने घर में दीवाली जैसा उत्सव मनायें। मंत्री श्री राजपूत द्वारा सीताराम रसोई में भोजन प्रसादी वितरण कर सभी को भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर नगर निगम महापौर संगीता तिवारी उपस्थित थीं।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 263वीं शौर्य दिवस पर किया अपने मराठा पुरखों को याद, सोमनाथ मंदिर व काशी विश्वनाथ पर भी कही बड़ी बात।

Big talk was also said on Somnath temple and Kashi Vishwanath. संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन व स्टील मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पानीपत में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रम ” पानीपत शौर्य दिवस ” में शामिल होने पहुँचे। वहाँ पहुँच सर्वप्रथम उन्होंने सर्वप्रथम शौर्य स्मारक तीर्थ धाम, काला अम्ब में सिंधिया व मराठा योद्धाओं को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।केंद्रीय मंत्री ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में पानीपत के लोगों को अपना परिवार बताया। उन्होंने कहा इस जगह से उनका भावनात्मक सम्बंध है क्यूँकि केवल मेरे पूर्वज नहीं 60 हज़ार से अधिक मराठा विदेशी आक्रांताओं के ख़िलाफ़ चट्टान की तरह खड़े रहे और प्राण जाए पर वचन ना जाए इस विचार से उन्होंने अपने प्राण की आहुति दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, शिवाजी महाराज ने 12 वर्ष की उम्र में प्रण लिया था ना रुकने ना झुकने का जब तक एक एक विदेशी आक्रांताओं को देश से निकाल ना फेंकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा आज से 400 वर्ष पूर्व शिवाजी महाराज की अपनी नौसेना कोंकण क्षेत्र में बना रखी थी जो फ्रेंच और अंग्रेजो से 10 गुणा अधिक शक्तिशाली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा आज मेरा सीना मराठा होने के नाते गर्व से फूल जाता है और आज़ादी के 75 वर्ष बाद किसी ने शिवाजी महाराज को उचित सम्मान देने का कार्य किया है तो देश के पंत प्रधान नरेंद्र मोदी जी है जिन्होंने भारत के नौसेना के झंडे पर शिवाजी महाराज के मोहर निशान को डालने का कार्य किया है।सांभाजी महाराज और बाज़ीराव पेशवा की वीरता को किया याद केंद्रीय मंत्री ने कहा 1680 में शिवाजी महाराज नहीं रहे तो विदेशी आक्रांताओं को लगा की भारत की रक्षा करने वाला अब कोई बड़ी ताक़त नहीं है लेकिन उसी घर से संभाजी महाराज ने लोहा लिया। संभाजी महाराज ने औरंगज़ेब के विरुद्ध लड़ाई लड़ी, बारम्बार औरंगज़ेब की सेना को परस्त किया। 1690 में औरंगज़ेब ने वीर संभाजी महाराज की हत्या की और नदी में शरीर को डाल दिया लेकिन फिर भी वीर मराठाओं ने युद्ध जारी रखा। संभाजी महाराज के बाद बाज़ीराव पेशवा ने कमान सम्भाली और उन्होंने एक भी युद्ध नहीं हारा। केंद्रीय मंत्री ने कहा मराठाओं ने कभी अपना साम्राज्य नहीं बनाया, कभी देश पर राज करने की नहीं सोची, एक ही कार्य किया वह है देश सेवा । केंद्रीय मंत्री ने कहा महाराष्ट्र के छोटे से गांव कनेरखेड़, उस गांव से संभाजी शिंदे, जनकोजीराव शिंदे, दत्ता जी शिंदे को पेशवा ने पुणे से उत्तर भारत की तरफ़ भेजा। संभाजी महाराज के नेतृत्व में लाहौर में और बाद में पेशेवर में मराठाओं का भगवा ध्वज फहराया। केंद्रीय मंत्री ने कहा यह मराठाओं का अलख था की कोई विदेशी आक्रांता स्वप्न भी ना देख पाए भारत में राज करने की, शिवाजी के यही था हिंदवी स्वराज, भारत माता की भूमि केवल भारतीयों की होनी चाहिए।1755 में दत्ताजी महाराज इसी बगल के बुरारी घाट पर अफ़ग़ानों और रोहिल्लाओ से युद्ध लड़ रहे थे।मराठाओं ने सदैव सिखों का साथ दियाकेंद्रीय मंत्री ने कहा सदैव सीखो का साथ दिया है। अहमद शाह अफ़ग़ानी को पंजाब से धूल चटाने का काम किसी ने किया तो वो मराठा सेना ने किया। पंजाब में अहमद शाह अफ़ग़ानी ने नरसंहार किया तो सिख समाज के साथ मिलकर मराठों ने मिलकर लड़ाई लड़ी है। पानीपत में तीन घंटे 8000 अफ़ग़ानो का वध मराठा सेना ने कियाकेंद्रीय मंत्री मराठाओं को गाथा सुनाते हुए बताया कैसे पानीपत के युद्ध में तीन घंटे के अंदर 8000 अफ़ग़ानों को समाप्त करने का कार्य मराठा सेना ने किया। केंद्रीय मंत्री ने बताया इस युद्ध में सिंधिया के 16 वंशज युद्ध के मैदान में थे। अफ़ग़ानों और रोहिल्लाओ की टुकड़ी के पीछे ऊँट पर छोटे टोप की टुकड़ी लगा दी जो सीधे हमला कर रहे थे। सिंधिया के 16 में 15 वंशज सीधे लड़े और शहीद हुए। एक सिंधिया वंशज महादजी सिंधिया घायल रूप बचे और 11 साल के भीतर एक चिंगारी से ज्वालामुखी के रूप में परिवर्तित होकर अटक से कटक और दिल्ली में भी मराठा का भगवा झंडा दिल्ली के फहराया। काशीविश्वनाथ मंदिर को स्थापित करने का कार्य सिंधियाओ ने कियाकेंद्रीय मंत्री ने अपने अभिभाषण में कहा की सिंधियाओ ने धार्मिक स्थलों के भी दोबारा स्थापना करने का काम किया। गुजरात के सोमनाथ मंदिर के द्वार विदेशी आक्रांता इल्तुमिश लहोर ले गए तो लाहौर से दरवाज़े को वापस लाने का काम महादजी महाराज ने किया। महादजी के वंशज बैजाबाई महारानी अहिल्या बाई होलकर जी ने वाराणसी के काशीविश्वनाथ मंदिर को पुनर्स्थापना करने का कार्य किया। भारत की संस्कृति को उजागर करने का काम मराठाओं ने किया और आज देश के प्रधानमंत्री एक भारत श्रेष्ठ भारत व वासुदेव कुटुम्बकम, विविधता में एकता की विचार धारा, एवं भारत की केवल आर्थिक शक्ति नहीं बल्कि आध्यात्मिक शक्ति को विश्व पटल पर उजागर करने का कार्य कर रहे है।

गांव के अंतिम छोर तक पहुंचे जन कल्याणकारी योजनाओं का पहुंचे लाभ

Benefits of public welfare schemes reach the last reaches of the village हरिप्रसाद गोहे आमला । यह विकसित भारत संकल्प यात्रा हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच है। की हम भारत को दुनिया के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा करे। हमारी सरकार की सोच है, की 2024 तक भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाकर खड़ा करे । विकसित राष्ट्र तब बनेगा जब लोगों के जीवन स्तर में सुधार होंगा  । गांव की रोड़े अच्छी होंगी, लोगों में शिक्षा के प्रति पूर्ण जागृति आ जायेगी। लोग पूर्ण रूप से शिक्षित हो जायेंगे तब हम विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आ जाएंगे । जिसके लिए सरकार ने अनेक योजनाएं संचालित की है। जिसका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हम सभी लोग विकसित भारत यात्रा के सहभागी बने सभी अपने, अपने स्तर पर अपनी भूमिका निभाए उक्त आसय के विचार जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला गणेश यादव ने ग्राम पंचायत बामला में आयोजि त विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान कहीं । स्वागत बेला के साथ कार्यक्रम का हुआ आगाज शनिवार 13/01/2024 को विकसित भारत संकल्प यात्रा ग्राम बामला पहुंची थी ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर गणेश यादव,  अध्यक्ष जनपद पंचायत आमला, जनपद सदस्य सुजीत खाडागरे,नंद किशोर सूर्यवंशी, प्रकाश सूर्यवंशी, संतोष सूर्यवंशी,वहीं समस्त विभाग प्रमुख एवं ग्राम की जनता मौजूद रही । विकास यात्रा रथ का स्वागत एवं मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया । सर्व प्रथम उपस्थित विभाग प्रमुखों ने विभागीय जानकारी उपस्थित लोगों के समक्ष रखी। एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जनता कैसे प्राप्त करे जिस संबंध में विस्तार से बताया । बच्चों ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति  सरकार की संचालित योजना थीम पर आयोजित सांस्कृतिक गीत नृत्य की प्रस्तुति माध्यमिक शाला बामला की कक्षा 3 एवं 7 की क्षात्राओ ने एक से बढ़कर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया वहीं उपस्थित जन समुदाय ने भी तालिया बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया । कार्यक्रम के प्रभारी नोडल शिक्षक पवन सूर्यवंशी द्वारा सरस्वती पूजन एवं मंच संचालन गोविंद सूर्यवंशी अथिति शिक्षिक एवं पंचायत सचिव खैमराज सूर्यवंशी द्वारा किया गया । सांस्कृतिक कार्यक्रम को त्य्यार करने में सरयाम सर एवं कुरेशी सर का विशेष योगदान रहा । वहीं आंगनवाड़ी द्वारा पोषण आहार पर प्रादर्श सजा स्टाल लगाया । कार्यक्रम में ग्राम सरपंच दीना देशराज उईके, उप सरपंच राहुल यदुवंशी, पंच रूखमणी, राजू यादव, दयावती, जितेंद्र परते , एवं रोजगार सहायक दीपक सूर्यवंशी संजय खादीकर आदि मौजूद रहे।

मल्लिकार्जुन खरगे विपक्षी गठबंधन के अध्यक्ष नियुक्त

Mallikarjun Kharge appointed president of opposition alliance बैठक में नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, शरद पवार, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव-तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल शामिल रहे। विपक्षी गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गठबंधन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं बैठक में बिहार सीएम और जदयू के नेता नीतीश कुमार ने संयोजक पद ठुकरा दिया। इसकी पुष्टि बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने भी की है। बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी संयोजक बनने की कोई इच्छा नहीं है बल्कि वह चाहते हैं कि गठबंधन जमीन पर मजबूत बने और बढ़ता रहे। विपक्षी गठबंधन की वर्चुअल बैठक में नीतीश कुमार ने सलाह दी कि कांग्रेस में से किसी को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछली बैठक में भी टीएमसी चीफ ममता बनर्जी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की बात कही थी। विपक्षी गठबंधन की बैठक में ये नेता हुए शामिलविपक्षी गठबंधन (INDIA Alliance) के शीर्ष नेतृत्व की आज हुई बैठक करीब दो घंटे चली और इस बैठक में गठबंधन को मजबूत करने, सीट बंटवारे के लिए रणनीति बनाने और गठबंधन का संयोजक बनाने पर चर्चा हुई। यह बैठक वर्चुअली हुई, जिसमें 10 पार्टियों के नेता शामिल हुए। बैठक में नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, शरद पवार, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव-तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल शामिल हैं। हालांकि बैठक से पहले ही विपक्ष को झटका लगा जब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस बैठक में शामिल होने से मना कर दिया। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे और सपा नेता अखिलेश यादव भी विपक्षी गठबंधन की इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, प्रत्येक विधानसभा में 18 से 24 जनवरी के बीच होंगे सम्मेलन ,जीतू पटवारी

Congress busy preparing for Lok Sabha elections, conferences will be held in every assembly between 18th and 24th January, Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अब 18 से 24 जनवरी के बीच प्रत्येक विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेंगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विधानसभा प्रभारियों की आवश्यक बैठक प्रदेश कार्यालय में शनिवार को हुई। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा हुई। इसके लिए पहले 18 से 24 जनवरी तक प्रत्येक विधानसभा में सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। इसमें जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटाने को कहा गया। इसके जरिए काबिज भाजपा के की जनविरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष, संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेगी। कांग्रेस पार्टी लगातार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में आज की पूरी बैठक हुई। विधानसभा प्रभारी जो बनाए गए हैं उनका संगठनात्मक दायित्वों की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को लेकर काम चल रहा है। इसको लेकर भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने को कहा गया है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम जुड़वाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के डोनेशन ड्राइव को लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं, राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। यात्रा प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरेगी। सिंह ने बैठक में कई प्रभारियों के अनुपस्थित रहने पर बताया कि शुक्रवार दोपहर में भी बैठक को लेकर सूचना दी गई, जिससे कई दूर रहने वाले साथी शामिल नहीं हो सकें। अलग-अलग कारणों से प्रभारी नहीं आए। उन सभी ने जानकारी दी है।

लड़ेगी सभी 29 सीटें, लेकिन 10 लोकसभा सीटों में ध्यान केंद्रित करेगी कांग्रेस

Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस नेताओं का आरोप – चंपत राय ने जमीन घोटाला किया, उन्हें ही बनाया प्रमुख

Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी , “नल जल योजना” पर भ्रष्टाचारियों ने लगाया ग्रहण , अफसरो,विधायको से लेकर मंत्री तक बंटता है कमीशन

Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के‌ प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर‌ पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।

दो लाख बहनों के काटे नाम मोहन सरकार ने, नेता प्रतिपक्ष

Mohan government deleted names of two lakh sisters Leader of Opposition भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा- सरकार ने घटाई लाडली बहना की संख्या, दो लाख बहनों के काटे नाम शिवराज सरकार के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजना लाडली बहना एक बार फिर सवालों के घेरों में है। कांग्रेस ने योजना को लेकर सूबे की नई नवेली मोहन सरकार पर निशाना साधा था। लाडली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाडली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सरकार यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के तहत सातवीं किस्त डाली। इसमें 1250 रुपए की धन राशि लाभार्थी बहनों के खाते में डाली गई। इसमें 1.29 करोड़ बहनों को 1576 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का वार योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

मोहन सरकार के लाउडस्पीकर नियम को शिवराज ने बताया लोगों से उनकी रोजी-रोटी छीनना

शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा, सीहोर ! मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री की ओर से राज्य में तेज आवाज वाले उपकरणों पर रोक के बाद से प्रदेश में डीजे मालिक के साथ ही शादी विवाह में बैंड-बाजे का काम करने वाले लोग काफी नाराज है. इन लोग कई बार राज्य सरकार से ये बैन हटाने की मांग कर चुके हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोगों के आहत भावना पर मरहम लगाने वाला बयान दिया है. शिवराज बोले- ढोल-ताशे बजाएं, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीजे-बैंड वालों से कहा- ‘आप ढोल बजाओ, ताशे बजाओ, आप बैंड बजाओ… कोई रोक नहीं है, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा।‘ यह बात उन्होंने शनिवार शाम सीहोर के भैरुंदा में कही। पूर्व सीएम के इस बयान के बाद बैंड-बाजा संचालकों में खुशी देखने को मिली। भैरुंदा के डीजे, बैंड और ढोल-ताशों के संचालक मप्र सरकार के कोलाहल नियंत्रण नियम को लेकर उनसे मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बुदनी विधानसभा क्षेत्र के डीजे संचालक भोपाल स्थित 74 बंगला पूर्व सीएम शिवराज से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने सरकार के लगाए गए प्रतिबंध से रोजी-रोटी छीनने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने इन्हें आश्वस्त किया था कि आपके साथ कोई अन्याय नहीं होगा। डीजे संचालकों के मुताबिक उनकी मांग के बाद पूर्व सीएम ने कलेक्टर से मोबाइल पर बात भी की थी।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर मौजूदा विधायक पूर्व मंत्री और हारे हुए प्रत्याशियों को मिली जगह प्रदेश चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट देंगे लोकसभा कोऑर्डिनेटर भोपाल। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति कर दी है इसमें पूर्व मंत्री, विधायक और हारे हुए प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई है। लोकसभा चुनाव में सभी कोऑर्डिनेटर को प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से लेकर मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी रहेगी। कोऑर्डिनेटर चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भी देंगे। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को मुरैना, भिंड में नितेंद्र राठौर, ग्वालियर विपिन वानखेड़े, गुना लाखन सिंह, सागर रामचंद्र डांगी, टीकमगढ़ फूल सिंह बरैया, दमोह लखन घनघोरिया, खजुराहो संजय यादव, सतना तरुण भनोट, रीवा रजनीश सिंह, सीधी विनय सक्सेना शहडोल डॉक्टर अशोक मस्कोले, बालाघाट संजय शर्मा, छिंदवाड़ा सुनील जायसवाल, होशंगाबाद दीपक जोशी, विदिशा हर्ष यादव, भोपाल प्रियव्रत सिंह, राजगढ़ सत्यनारायण पटेल, देवास विशाल पटेल, उज्जैन बाबूलाल यादव, मंदसौर दिलीप गुर्जर, रतलाम सचिन यादव, धार रवि जोशी, इंदौर बाला बच्चन, खरगोन रामलाल मालवीय, खंडवा आर के दोगने, बैतूल आरिफ मसूद को लोकसभा वर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मिशन 2024 भाजपा जीतेगी 421 से अधिक सीटे

Mission 2024 BJP will win more than 421 seats उदित नारायण लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया फुलप्रुफ प्लान…मोदी बनेंगे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा…अबकी बार 40 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ेगी पार्टी -मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण बनेगा भाजपा की मजबूती का आधार -बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटें जीतने की तैयारी -आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करने का लक्ष्य -बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी नई दिल्ली । भारत के राजनीतिक इतिहास में साल 1984 के आम चुनावों में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। कांग्रेस ने उस वक्त 523 लोकसभा सीटों में से 414 पर अकेले जीत दर्ज की थी। ये चुनाव प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के करीब दो महीने बाद हुई थी इसलिए कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर भी थी। लेकिन भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 40 साल पुराने इस रिकॉर्ड का तोडऩे की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार 421 सीटें जीतेगी। इस जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय इतिहास के सबसे बड़े राजनेता बन जाएंगे। गौरतलब है कि तीन राज्यों में भारी जीत के बाद भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए नारा गढ़ लिया है, अगली बार 400 पार(421 सीटें)। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसके लिए भाजपा ने फुलप्रुफ प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत राज्यवार लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्टी की रणनीति के अनुसार बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटों पर भाजपा को जीतना जरूरी होगा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करनी होगी बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी मोदी मैजिक का जवाब नहीं भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि वर्तमान समय में पीएम मोदी के मैजिक का जवाब नहीं है। मप्र, छग और राजस्थान की जीत ने यह साबित कर दिया है। भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के चुनावी मुद्दों का जिस तरह तीन राज्यों में दम निकला है, उसका फायदा हिंदी भाषी अन्य राज्यों में हो सकता है। लोकसभा चुनाव में करीब पांच महीने बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में भाजपा ने परचम लहराया है, उसमें 65 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से अभी भाजपा के पास 61 सीटें हैं। हिंदी भाषी प्रदेश बिहार, यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र, दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 193 सीटें हैं। इन राज्यों में 177 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा के लिए चुनौती है कि इन राज्यों में अपनी सीट न सिर्फ बरकरार रखे बल्कि इसकी संख्या में इजाफा भी करे। हिंदी भाषी राज्यों में जबरदस्त करंट भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार हिंदी भाषी राज्यों में पीएम मोदी के पक्ष में जबरजस्त करंट है। मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण भाजपा की मजबूती का आधार आधार बनेगा। विधानसभा चुनावों के इफेक्ट का आकलन करें तो यूपी और बिहार में ही भाजपा अधिकतम सीटें जीत सकती है। मगर पूर्ण बहुमत के लिए पार्टी को बंगाल, असम, महाराष्ट्र और गुजरात में भी 2019 का प्रदर्शन दोहराना होगा। 2019 के चुनाव में बंगाल में भाजपा को 18, महाराष्ट्र में 23 और गुजरात की सभी 26 सीटों पर जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव में भी चलेगा मोदी मैजिक पिछले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे के सहारे मैदान में उतरी है। इस कारण लगातार दो बार पूर्ण बहुमत भी मिला। मगर मोदी लहर के बावजूद कई बड़े राज्य ऐसे हैं, जहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला। भाजपा कश्मीर से बिहार तक अगर उत्तर भारत की सभी सीटें जीत जाती हैं तो उसे 245 सीटें मिलेंगी। ऐसा चमत्कार भारत की राजनीति में संभव नहीं है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए पार्टी को केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश में भी 10-10 सीटों की जरूरत होगी। इसके लिए पार्टी ने रणनीति बना ली है। वर्तमान में इन राज्यों की कुल 118 सीटों में से भाजपा के पास सिर्फ चार सीटें हैं, जो तेलंगाना में मिली थीं। पिछले आम चुनाव में भाजपा ने 28 में 25 सीटें दक्षिण भारत के राज्य में जीती थीं। इस बार पार्टी ने जेडी एस के साथ चुनावी समझौता किया है। समझौते के कारण भाजपा को 4 सीटें जेडी-एस को देनी होगी। यानी उसे उम्दा प्रदर्शन के लिए अपने खाते की सभी 24 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इसके अलावा बिहार में भी महागठबंधन में शामिल आरजेडी और जेडी यू भी दम रखती है। वहां भाजपा के लिए खुद की सीटों का बढ़ाना भी चुनौती है। 2014 के चुनाव में भाजपा अपने दम पर सर्वाधिक 22 सीट ही जीत सकी थी। पूर्वी भारत पर फोकस भाजपा के पास ओडिशा से केवल आठ लोकसभा सांसद हैं, जबकि बीजेडी के पास 20 सीटें हैं। इस पूर्वी राज्य में भी भाजपा के लिए विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। सपने पूरे करने के लिए बंगाल में भी भाजपा को अपने पुराने रेकॉर्ड 19 सीटों से आगे बढऩे की जरूरत होगी। आंध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु में भाजपा का खाता नहीं खुला था। पूर्वोत्तर के राज्यों की कुल 25 लोकसभा सीटों में से अभी तक भाजपा 11 क्षेत्रों में काबिज है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए भाजपा को सभी 25 सीटें जीतनी होंगी। इसके अलावा भाजपा को खुद गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीटों को विपक्ष के हाथों में जाने से बचाना होगा। मिशन 2024 के लिए टारगेट राज्य 2024 में जीत की संभावना उत्तर प्रदेश 74 महाराष्ट्र 40 बिहार 35 आन्ध्र प्रदेश 10 तमिल नाडु 10 पश्चिम बंगाल 30 मध्य प्रदेश 29 कर्नाटक 26 गुजरात 26 राजस्थान 25 उड़ीसा 15 केरल 10 तेलंगाना 8 असम 12 झारखण्ड 12 पंजाब 2 छत्तीसगढ़ 11 हरियाणा 10 दिल्ली 7 जम्मू और कश्मीर 3 उत्तराखण्ड 5 हिमाचल प्रदेश 4 अरुणाचल प्रदेश 2 गोवा 2 त्रिपुरा 2 मणिपुर 1 मेघालय 1 अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह 1 चण्डीगढ़ 1 लद्दाख 1 दादर और नागर हवेली,दमन व दीव … Read more

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

ईडी की चार्जशीट में भूपेश बघेल पर 508 करोड़ रुपए महादेव एप्प के प्रमोटर्स से प्राप्त करने का खुलासा

ईडी की चार्जशीट में भूपेश बघेल पर 508 करोड़ रुपए महादेव एप्प के प्रमोटर्स से प्राप्त करने का खुलासा, कांग्रेस ने बताया भाजपा की षड्यंत्रकारी एजेन्सी है ईडी। विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर। महादेव सट्टा एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने प्रवर्तन निदेशालय /ईडी को भाजपा की षड्यंत्रकारी एजेंसी तक बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। दरअसल महादेव सट्टा एप मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में 5 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है. इसमें शुभम सोनी, अनिल अग्रवाल, रोहित गुलाटी, भीम सिंह और असीम दास के नाम शामिल है। ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी शामिल किया गया है। शुभम सोनी के बयान में भूपेश बघेल पर लगाए आरोपों के कारण उनका नाम सामने आया है। शुभम सोनी ने भूपेश बघेल पर 508 करोड़ लेने का आरोप लगाया था। साथ ही शुभम सोनी अब सरकारी गवाह बन गया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि ईडी जांच एजेंसी नहीं बल्कि बीजेपी की षड्यंत्रकारी एजेंसी है। असीम दास के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ प्रेसनोट जारी किया गया था, इसके बाद असीम दास ने कोर्ट में अपने बयान में इसका खंडन भी किया है।

मुख्यमंत्री से स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात।

The delegation of State Working Journalists Union Chhattisgarh had a courtesy meeting with the Chief Minister. विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राज्य अतिथि गृह पहुना में स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को  पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती अनुपम मिश्र की प्रसिद्ध कृति ”आज भी खरे हैं तालाब” नामक पुस्तिका भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस भेंट के लिए उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल में  स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष पूर्णचंद रथ, कार्यकारिणी सदस्य सुधीर तंबोली आजाद और हरिमोहन तिवारी मौजूद थे।

गणतंत्र-दिवस परेड में कर्तव्यपथ पर शामिल होगी छत्तीसगढ़ की आदिम जनसंसद की झांकी।

The tableau of Chhattisgarh’s Adim Jan Sansad will be included on the duty path in the Republic Day Parade. विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर। देश के 28 राज्यों के बीच कड़ी प्रतियोगिता के बाद छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार” को इस साल नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र-दिवस परेड के लिए चयनित कर लिया गया है। नई-दिल्ली स्थित कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड के लिए 28 में से 16 राज्यों का चयन किया गया है। झांकी का अनूठा विषय और डिजाइन रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति को रिझाने में कामयाब रहा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण सफलता पर बधाई दी है, उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ पर आधारित है। यह झांकी जनजातीय समाज में आदि-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 साल बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। इस झांकी में केंद्रीय विषय “आदिम जन-संसद” के अंतर्गत जगदलपुर के मुरिया दरबार और उसके उद्गम-सूत्र लिमऊ-राजा को दर्शाया गया है। मुरिया दरबार विश्व-प्रसिद्ध बस्तर दशहरे की एक परंपरा है,  जो 600 सालों से चली आ रही है। इस परंपरा के उद्गम के सूत्र कोंडागांव जिले के बड़े-डोंगर के लिमऊ-राजा नामक स्थान पर मिलते हैं। इस स्थान से जुड़ी लोककथा के अनुसार आदिम-काल में जब कोई राजा नहीं था, तब आदिम-समाज एक नीबू को राजा का प्रतीक मानकर आपस में ही निर्णय ले लिया करता था। झांकी की थीम व डिजाइन स्थानीय स्तर पर वृहद अन्वेषण और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई। इस विषय वस्तु पर आधारित झांकी को पांच चरणों की कठिन प्रक्रिया के बाद अंतिम स्वीकृति मिली है। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के सामने थीम और डिजाइन के चयन के बाद झांकी का थ्रीडी मॉडल प्रस्तुत किया गया। अंत में संगीत चयन के साथ ही झांकी को अंतिम स्वीकृति मिल गई। झांकी की थीम और डिजाइन ने चयनकर्ताओं को खासा आकर्षित किया। परेड में शामिल होने वाली झांकियों के लिए सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय मंत्रालय और विभागों से रक्षा मंत्रालय प्रस्ताव मांगता है। इन प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है। झांकियों के चयन के लिए विशेषज्ञ समिति के साथ विभिन्न चरणों में कई बैठकें होती हैं। कमेटी में कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्ति, कोरियोग्राफर आदि शामिल रहते हैं। विशेषज्ञ समिति थीम के आधार पर प्रस्तावों की जांच करती है। सिफारिशें करने से पहले कमेटी द्वारा अवधारणा, डिजाइन और इसके दृश्य प्रभाव पर ध्यान दिया जाता है।

कांग्रेस सोशल मीडिया टीम की बैठक रविवार को

Congress social media team meeting on Sunday पीसीसी चीफ करेंगे सभी लोकसभा, विधानसभा और जिला प्रभारियों से संवाद भोपाल ! लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अब सोशल मीडिया पर फोकस करेगी। सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस बीजेपी के संकल्प पत्र को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी और उसे पूरे नहीं करने पर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही कांग्रेस अपनी रणनीति के जरिए सोशल मीडिया से संगठन को मजबूत करने की भी तैयारी कर रही है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रदेश भर के सोशल मीडिया प्रभारियों की बैठक रविवार को बुलाई है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव बारोलिया ने कहा है कि कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक 7 जनवरी 2024, रविवार को सुबह 10:30 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में बुलाई गई है। बैठक में सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश, लोकसभा, ज़िला एवं विधानसभा स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा गया है। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी विशेष तौर पर शामिल होंगे व सोशल मीडिया विभाग की आगामी कार्ययोजना पर आप सभी से चर्चा करेंगे। उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में करारी हार से उबरने के लिए सभी को साथ लेने की कोशिश कर रही है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सभी वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात करने का काम कर रहे हैं। साथ ही संभागीय दौरे कर बैठकें भी शुरू कर दी हैं। इन बैठकों में पार्टी जनता के जनादेश के स्वीकार करने के साथ आगामी चुनाव में पूरी ताकत से बीजेपी को घेरने का काम करने के लिए कहा जा रहा है ताकि जनता के बीच खोए हुए विश्वास को हासिल किया जा सके। खासतौर पर जनहित के मामलों के त्वरित और गंभीरता से उठाने के लिए पार्टी संगठन तत्पर है और सोशल मीडिया की भूमिका इसमें सबसे अधिक है क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से ही सरकार की कमजोरियों की जानकारी मिलेंगी और उसे जनता के पास तक पहुंचाया जा सकेगा।

जम्बो नहीं, छोटी होगी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी, 15 जनवरी के बाद घोषणा

Not jumbo, Congress state executive will be small, announcement after January 15 भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपनी टीम को लेकर गुरुवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर चर्चा की। पार्टी आलाकमान चाहता है कि प्रदेश कांग्रेस की जड़ता खत्म हो और हार से उबर कर वह मैदान में दिखाई पड़े। इसके लिए ही युवा जीतू पटवारी के हाथों प्रदेश संगठन की कमान सौंपी गई है। उनकी मदद के लिए नेता प्रतिपक्ष भी युवा आदिवासी चेहरे उमंग सिंघार को बनाया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कसरत हो रही है। तय किया है कि यह जम्बों नहीं छोटी होगी और इसमें जमीन से जुड़े सक्रिय नेताओं को ही जगह दी जाएगी। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी नेताओं से बात कर कार्यकारिणी को अंतिम रूप दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की हरी झंडी के बाद यह माहे के दूसरे पखवाड़े अर्थात 15 जनवरी के बाद कभी भी घोषित की जा सकती है। जितेंद्र सिंह ने भोपाल के अपने पहले दौरे के दौरान ही कांग्रेस की भारी भरकम प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। युवा होंगे ज्यादा, वरिष्ठों को भी मिलेगी जगहजानकारी के अनुसार नेतृत्व के पीढ़ीगत बदलाव के दौर में कांग्रेस की कार्यकािरणी में भी युवा नेताओं को ज्यादा जगह मिलने की संभावना है। इसका मतलब यह कतई नहीं कि इसमें वरिष्ठ नहीं होंगे, कार्यकारिणी में कुछ अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जवाबदारी दी जाएगी। दरअसल, कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठों और युवाओं के बीच उसी तरह संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है जिस तरह भाजपा ने मंत्रिमंडल के गठन में किया है। जितेंद्र सिंह के पास पहुंचने लगे नामकांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के पास कार्यकारिणी मे शामिल होने वाले दावेदारेां के नाम पहुंचने लगे हैं। खबर है कि प्रदश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा संभावित पदािधकारियों की सूची जितेंद्र के पास ही भेजी जा रही है। इसके अलावा जितेंद्र द्वारा कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी कैम्प सहित अजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, डॉ गोविंद आदि नेताओं से भी कहा है कि वे ऐसे नेताओं के नाम भेजें जो सक्रिय होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करने की क्षमता रखते हों। इन नेताओं द्वारा सुझाए नामों में से कुछ को जगह दी जाएगी। तीन पदों में होंगे जीतू के भरोसे के नेताकार्यकारिणी में सभी नेताओं के समर्थकों को जगह दी जाएगी ताकि असंतोष पैदा न हो लेकिन तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीतू पटवारी अपने भरोसे के नेताओं को ही रखेंगे। यह पद संगठन प्रभारी महामंत्री, कोषाध्यक्ष और प्रभारी प्रशासन के हैं। कुणाल चौधरी सहित इन पदों पर रखे जाने वाले नेता लगभग तय बताए जा रहे हैं। अनुशासन समिति का प्रमुख भी जीतू की ही पसंद का हाे सकता है। बहरहाल, कार्यकारिणी के लिए नेताओं के नाम छांटने का काम जारी है। यह जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक घोषित कर दी जाएगी।

काँलोनी मे लूट करने वाले शातिर लुटेरो को पुलिया ने किया गिरफ्तार 

The vicious robbers who looted the colony were arrested by Puliya. भोपाल । पुलिस थाना हबीबगंज द्वारा E-4 अरेरा काँलोनी मे लूट करने वाले शातिर लुटेरो को त्वरित कार्यवाही कर किया गिरफ्तार। आरोपी द्वारा घटना मे उपयोग किया गया मोबाईल फोन, फरियादिया के मकान से लूटी गई राशि रूपये 33.60 लाख, सोने के सिक्के, मोबाईल फोन कुल कीमती लगभग 35.00 लाख रूपये व घटना मे प्रयुक्त चाकु व मोटरसायकल को किया बरामद । दिनांक 03/01/2024 को शाम लगभग 7.30 बजे फरियादिया कीर्ति धनवानी पति सुशील धनवानी नि0 E-04/237, अरेरा काँलोनी, भोपाल के मकान मे अज्ञात 03 व्यक्तियो द्वारा घुसकर फऱियादिया को चाकु अड़ाकर नगदी, सोने के जेवरात व मोबाईल फोन लूट ले जाने की घटना कारित की गई। घटना के दौरान फरियादिया द्वारा चिल्लाने से फरियादिया के घर के सामने वाले मकान के सुरक्षा गार्ड द्वारा एक संदेही देवानंद को पकड़ लिया गया व शेष दो आरोपी मौके से भाग गये। घटना की रिपोर्ट पर संदेही देवानंद व दो अज्ञात आरोपियो के विरूद्ध अप.क्रं. 04/2024 धारा 394 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।  घटना की गंभीरता देखते हुये पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी, पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री रामजी श्रीवास्तव द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री शशांक के नेतृत्व मे सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज श्री वीरेन्द्र मिश्रा के अधीन थाना प्रभारी हबीबगंज, थाना प्रभारी शाहपुरा, थाना प्रभारी रातीबड़, थाना प्रभारी अशोका गार्डन एवं अन्य थानो की अलग-अलग पुलिस टीम का गठन कर पकड़े गये संदेही से पुछताछ करने व फरार आरोपियो को गिरफ्तार कर लूटा गया मसरूका बरामद करने हेतू निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा गठित अलग-अलग टीम द्वारा पकड़े गये संदेही देवानंद से पुछताछ की गई, जिसके द्वारा पुछताछ मे पुलिस टीम को गुमराह किया गया जिस पर पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखने पर लुटेरो के संबध मे महत्वपुर्ण सुराग हाथ लगने पर उक्त संदेही से पुछताछ की जाने पर संदेही द्वारा अपराध धारा सदर मे अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुये बताया गया कि फरियादी के मकान से थोड़ी दुरी पर ही उसकी साढे दस नंबर पर पान की गुमटी है जिस कारण उसका फरियादी के घर के सामने से आना-जाना होने से उसे पता था कि फरियादी की ज्वेलर्स की दुकान है जिस कारण संदेही को फरियादी के मकान मे बड़ी मात्रा मे नगदी व सोने के जेवरात रखे होने का शक होने पर संदेही द्वारा अपने जीजा बाबू सिंह व अपने मौसेरे भाई धीरज को फरियादी के मकान मे लुटने की योजना मे शामिल कर 5-7 दिन तक फरियादी के घर की रेकी की जाकर कल दिनांक 03/04/2023 को फरियादिया के घर मे अकेले होने से लूट की घटना घटित की गई।  संदेही देवानंद की घटना मे संलिप्तता पाये जाने से अपराध धारा सदर मे गिरफ्तार किया गया व उक्त आरोपी से प्राप्त जानकारी के आधार पर फरार आरोपी बाबूसिंह व धीरज को गिरफ्तार कर उक्त दोनो आरोपियो की निशानदेही पर फरियादिया के घर से लूटी गई राशि रूपये 33.60 लाख रूपये, 05 सोने के सिक्के, एक वीवो कंपनी का मोबाईल फोन कीमती लगभग 35.00 लाख रूपये व आरोपियो द्वारा घटना मे प्रयुक्त पल्सर मोटरसायकल, एक मोबाईल फोन व चाकु को बरामद किया गया है। आरोपियो को गिरफ्तार कर मसरूका बरामद करने मे पुलिस टीम द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। आरोपी, देवानंद जाधव उर्फ देवा पिता भीखा जाधव उम्र 34 वर्ष ,नि0 झुग्गी नं. 101, गौतम नगर, E-6 अरेरा काँलोनी भोपाल , बाबूलाल मेवाड़ा उर्फ बाबू सिंह उम्र 44 वर्ष नि0 ग्राम नंदिनी, थाना कालापीपल, जिला शाजापुर ,धीरज गवई पिता प्रकाश गवई उम्र 30 वर्ष नि0 दरियापुर, अमरावती(महाराष्ट्र)

मध्य प्रदेश में 9 जिलों से होकर गुजरेगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा

Bharat Jodo Nyay Yatra will pass through 9 districts in Madhya Pradesh मध्य प्रदेश में 9 जिलों से होकर गुजरेगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा, सात दिन में 698 KM कवर करेंगे राहुल गांधीकांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा की भारत जोड़ो यात्रा ने देशभर में जो संदेश दिया, हम उसे इस यात्रा की मदद से आगे बढ़ाएंगे। राहुल जी इस यात्रा के दौरान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे। नई दिल्ली/भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आगामी 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी इस यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में आज पार्टी के महासचिवों प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश प्रभारियों और सीएलपी नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने बताया कि मध्य प्रदेश में 698 किलोमीटर की यात्रा होगी। राज्य में यात्रा 7 दिन तक रहेगी और 9 जिले कवर होंगे। यात्रा ग्वालियर जिले से प्रदेश में प्रवेश करेगी और गुना, उज्जैन होते हुए राजस्थान में एंटर करेगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी से शुरू होने वाली भारत न्याय यात्रा का नाम बदलकर भारत जोड़ो न्याय यात्रा होगा। जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा ने देशभर में जो संदेश दिया, हम उसे इस यात्रा की मदद से आगे बढ़ाएंगे। राहुल जी इस यात्रा के दौरान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे।जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4000 किमी. लंबी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली गई थी। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने पूरे देश का माहौल बदल दिया था और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी थी। ये यात्रा पार्टी और देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस मुख्यालय में तीन घंटे तक चली बैठक में 2024 के चुनावों की तैयारी को लेकर भी सुझाव आए हैं और उस पर भी बातचीत हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि आप लोग पार्टी के आंख-कान हैं। अब हमारे पास सिर्फ तीन महीने हैं, इसमें रात दिन एक करके हमें एक टीम की तरह पार्टी के लिए जी जान से जुटे रहना है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं को आपसी मतभेद मीडिया में उठाने से बचने की सलाह दी। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 14 जनवरी से भारत न्याय यात्रा शुरू करेंगे। यह यात्रा मणिपुर से शुरू होकर 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी।लोकसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाली यह यात्रा 14 राज्य और 85 जिलों को कवर करेगी, जिसमें राहुल गांधी पैदल और बस से 6 हजार 200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेंगे। भारत न्याय यात्रा मणिपुर से शुरू होकर नगालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी। इसी यात्रा की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने आज बैठक बुलाई थी।

जन आभार यात्रा में रथ में सवार होकर लोगों का आभार व्‍यक्‍त किया , मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Chief Minister Dr. Mohan Yadav expressed his gratitude to the people by riding in a chariot during the Jan Abhar Yatra ग्वालियर ! जन अभार यात्रा में लोगों का आभार व्‍यक्‍त करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव लाल टिपारा गौशाला पहुंच गए हैं। वे गौशाला का उद्घाटन करेंगे और यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हैं।ऐतिहासिक नगरी एवं संगीतधानी ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुले वाहन पर सवार होकर जनता का आभार जताने निकले। आम जनता ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री डॉ यादव का किया आत्मीय अभिनंदन। मुख्यमंत्री डॉ यादव के साथ केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ,राज्य सरकार के मंत्री गण प्रद्युम्न सिंह तोमर व नारायण सिंह कुशवाह और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर सहित अन्य जन प्रतिनिधि गण भी भी खुले वाहन पर सवार होकर जनता का आभार जता रहे थे। गोला का मंदिर से शुरू हुई है जन आभार यात्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन सिंह यादव ग्वालियर पहुंच गए हैं। उनका एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। इसके बाद रथ में सवार होकर वे लोगों का आभार व्‍यक्‍त करते हुए गोला का मंदिर क्षेत्र की तरफ बढ़ रहे हैं। अभार व्यक्त करने के बाद मुख्यमंत्री लाल टिपारा गौशाला में जाएंगे और वहां पर कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं। रथ यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हैं।

दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में संपन्न हुई पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक

Important party meeting held at Congress headquarters in Delhi दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में संपन्न हुई पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक, हुड्डा और उदयभान को मिली खास जिम्मेदारियां दिल्ली ! कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसको लेकर दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में AICC महासचिवों प्रभारियों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और राज्यों में विधानसबा दल के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई हैं। इस बैठक के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने पार्टी से मिली जिम्मेदारियों को लेकर बात की। कांग्रेस मुख्यालय में हुई AICC महासचिवों, प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और राज्यों में कांग्रेस विधानसभा दल के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक का एजेंडा 2024 के लोकसभा चुनाव में विजय सुनिश्चित करने और राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की विस्तार से तैयारी करना रहा। इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे।लोकसभा चुनाव और भारत न्याय यात्रा को बनाना है सफल: खरगेहरियाणा से पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान इस बैठक में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि हमारे लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में विजय सुनिश्चित करने और राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की विस्तार से तैयारी करना, दोनों की सफलता जरूरी है इसलिए हम सबको इस बीच में काफी समय देना है और चर्चा करना है।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल्द बदलेगी पुलिस थानों की सीमा।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जल्द बदलेगी पुलिस थानों की सीमा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद जारी हुआ आदेश। संतोष सिंह तोमर  भोपाल। मध्यप्रदेश में सभी जिलों की थानों की सीमाएं बदलने जा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा इसके लिए किये गए फैसले के पालन में राज्य सरकार ने इस मामले के आदेश जारी कर दिए। इसके लिए कलेक्टर और एसपी सहित कुछ अधिकारीयों की एक कमेटी बनाई गई है जो सीमा निर्धारण को लेकर 31  जनवरी तक अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगी।  बदल जयगा प्रदेश के थानों का नक्शा। राज्य सरकार ने प्रदेश भर के थानों और पुलिस चौकियों का नए सिरे से निर्धारण करने की मंशा जाहिर की थी जिसके चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसको लेकर विगत दिनों अधिकारियों को निर्देश दिए थे इसके चलते आज गृह विभाग ने इसको लेकर सभी जिला कलेक्टर और एसपी को आदेश जारी कर दिए।  इस आदेश के अनुसार सभी जिला कलेक्टरों को इस बात के लिए अधिकृत किया गया है कि वे अपने जिले के थानों और चौकियों की सीमाओं का निर्धारण करें। इसमें वे  एसपी और जिला अभियोजन अधिकारी के साथ भी सलाह करेंगे और सुझाव लेंगे। उन्हें इसकी रिपोर्ट 31 जनवरी 2024 तक भोपाल गृहमंत्रालय तक भेजने को कहा गया है।  फरवरी अंत में बदलेगी सीमा  बताया गया है कि कलेक्टरों की रिपोर्ट मिलते ही  इस पर विचार विमर्श के   बाद फरवरी 2024  में गृह विभाग राज्य पत्र में अधिसूचना जारी करेगा,अधिसूचना के साथ ही नई सीमाएं प्रभावी हो जाएंगी। गृह विभाग ने यह भी कहा है कि सीमा का पुनर्निधारण करते समय थानों की पारस्परिक अपराध संख्या और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।  पुलिस थानों और चौकी क्षेत्रों की सीमा का ठीक तरह से निर्धारण ना होने से कई बार स्थानीय स्तर पर अपराध की संख्या जुटाने और अपराध पंजीबद्ध करने में परेशानी आती है।

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल – लोकसभा चुनाव के पहले जनवरी में ही टीम बनाने की चुनौती, बुजुर्गों से सिर्फ पटवारी लेंगे मार्गदर्शन भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश नेतृत्व की कमान जीतू पटवारी को मिलने के बाद अब उनकी टीम को लेकर कई तरह की चचार्एं हैं। उनकी टीम में बिलकुल नए चेहरों के सामने आने की संभावना है और इनमें वे चेहरे होने की संभावना जताई जा रही है जो युवा के साथ तकनीकी रूप से समृद्ध होंगे।मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिलने के बाद बुजुर्ग नेताओं को मुख्य धारा से अलग करते हुए कांग्रेस हाईकमान ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष जहां युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को कमान सौंपी तो नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी बुआ से विधानसभा में सरकार को घेरने के गुर सीखने वाले पूर्व मंत्री उमंग सिंगार को कमान दी है। उनके साथ विधानसभा में उप नेता की जिम्मेदारी भी अपने पिता से सरकार को सदन के भीतर घेरने की बारीकियां सीख चुके दो बार के विधायक हेमंत कटारे को हाईकमान ने आगे बढ़ाया है। अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपनी नई टीम बनाने के लिए कवायद कर रहे हैं और उनका कहना है कि जल्द ही पूरी पीसीसी बदली हुई नजर आएगी। पटवारी की टीम में तकनीक, हुनरमंद युवा नजर आएंगे – बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी अपने जैसे ऊजार्वान युवाओं की टीम को लेकर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी करेंगे और इसके बाद प्रदेश में टीम के साथ मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। इसके लिए उनकी टीम में तकनीक के जानकारों के साथ संगठन को चलाने वाले हुनरमंद युवाओं की टीम नजर आएगी। कहा जा रहा है कि पूर्व सांसद स्व. बालकवि बैरागी के पुत्र गोर्की बैरागी की पटवारी की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई देगी। वे कंप्यूटर की तकनीक में पारंगत हैं और उनके इस अनुभव को पटवारी लोकसभा चुनाव में विशेष तौर पर लाभ लेंगे। उन्हें संगठन प्रभारी जैसे किसी महत्वपूर्ण पद पर पीसीसी में लाया जा सकता है। इसी तरह अरुण यादव की टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके गौरव रघुवंशी को भी पटवारी की टीम में अहम भूमिका में देखा जा सका है। पटवारी के विश्वस्थ साथियों में शामिल पूर्व विधायक और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुनाल चौधरी भी पीसीसी की नई टीम में प्रमुख भूमिका में दिखाई।

मोदी जी के नेतृत्व में श्रीराम का मंदिर निर्माण हुआ और ग़रीब का घर भी – रामेश्वर शर्मा 

Under the leadership of Modi ji, Shri Ram’s temple was built and also the house of the poor – Rameshwar Sharma विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए विधायक रामेश्वर शर्मा  भोपाल। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्षों एवं बलिदान के बाद अयोध्या जी में प्रभु श्रीराम का भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हुआ प्रधानमंत्री जी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ साथ काशी और बाबा महाकाल की नगरी को तो संवारा ही साथ ही उन्होंने भारत के करोड़ों ग़रीब परिवारों के पीएम आवास बनाकर उनका भी कल्याण किया। यह बात विधायक रामेश्वर शर्मा ने कही ज्ञात हो विधायक रामेश्वर शर्मा बुधवार को बंगरसिया, झागरिया एवं कोलार के वार्ड 80 व 81 में पहुँची विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार नागरिक के द्वार द्वार जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दे रही है। नहीं तो पहले की सरकारों के द्वार पर नागरिकों को जाना पड़ता था। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा नागरिकों के जीवन में ख़ुशहाली लाने की नागरिकों के जीवन को बदलने की यात्रा है। इस यात्रा से जुडकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार को योजनाओं का लाभ लें।श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास के पथ पर अग्रसर है। विकास और सुशासन के साथ मोहन सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।   विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर भारी उत्साह मोदी जी के साथ सेल्फ़ी ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र  विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर हुजूर विधानसभा में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है । यात्रा में लोग विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवेदन देकर योजना का लाभ ले रहें है तो दूसरी ओर युवा और बच्चे मोदी जी के साथ सेल्फ़ी बूथ पर उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे है। विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्रोन के माध्यम से दबाई छिड़काव के लिए ड्रोन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिसके प्रति विशेषकर युवाओं में उत्साह, उमंग एवं उत्सुकता को साफ़ देखा जा रहा है।

रामलला की वास्तविक मूर्ति कहां है, दिग्विजय सिंह

रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने इंदौर प्रवास के दौरान कहा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए नई मूर्तियां बनवाने की क्या जरूरत आ पड़ी। रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। सरकार को इस पर सवाल खड़ा करना चाहिए था।

प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार संभाग और जिलों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण किया जाये, सीएम

The boundaries of divisions and districts should be redrawn as per the need in the state. इसके लिये कमेटी बनाकर अध्ययन कराया जाये। इस कार्य की शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इंदौर संभाग से की जाये।  भोपाल ! मुख्यमंत्री ने थानों की सीमाओं का पुर्ननिर्धारण भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने कहा उक्त प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी विचार विमर्श किया जाये। मुख्यमंत्री ने बैठक में संभाग में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ ही कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद अब जिला स्तर पर भी इस तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित की जायेंगी। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा और डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।  बैठक में मंत्रीगण श्री तुलसीराम सिलावट, श्री विजय शाह, सुश्री निर्मला भूरिया तथा श्री नागर सिंह चौहान सहित संभाग के सांसदगण, विधायकगण, स्थानीय निकायों के महापौर और अध्यक्षों सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारीगण मौजूद थे।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस का अपना बैंड होना चाहिये। इसके लिये प्रदेश में कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस बैंड में पर्याप्त संख्या में सदस्य रहें, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इसके लिये सहमति के आधार पर होमगार्ड के जवानों को भी पुलिस बैंड में शामिल किया जाये। पर्याप्त संख्या में सहमति नहीं मिलने पर होमगार्ड में बैंड वादकों को भर्ती किया जाये।  डॉ. यादव ने कहा कि अपराधों पर प्रभावी निगरानी एवं अपराधों की ट्रेसिंग के लिये अब गॉवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पंचायतों के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगवाये जायें। उन्होंने शहरों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनसहयोग से किया जाये। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर ओंकारेश्वर में नये घाट निर्माण और दर्शन की सुलभ व्यवस्था के लिये कार्ययोजना बनायी जाये।  उन्होंने दर्शनार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रत्येक जिलों में साइबर थानों की स्थापना पर भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने डीजे तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग के प्रतिबंध को प्रभावी रूप से पालन कराने के लिये की गई कार्यवाहियों की समीक्षा भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस संबंध में लिये गये निर्णयों की सराहना की। उन्होंने इस कार्य को आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिये बेहतर कदम बताया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विकास कार्यों के लिये प्रस्ताव बनाकर अपने जिलों के कलेक्टरों के माध्यमों से शीघ्र भिजवाएं।

विकास के नये आयाम गढ़ते सिंधिया

53वें जन्म दिवस पर विशेषदेश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में एक ऐसा नेता है जो लोगों के दिलों पर राज करता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति का एक ऐसा ही चमकता चेहरा है, जो कभी भुलाए भी न भूले। हंसता-मुस्कराता चेहरा, बातचीत का विनम्र लहजा और अंदाज ऐसा कि जो भी एक बार मिलता है वह उनका मुरीद हो जाता है। अजनबी भी अपनेपन का एहसास करता है। क्योंकि उनका राजनीतिक जीवन यह साबित कराता है कि वह जनसेवा के लिए समर्पित हैं। वे उन लोगों के दिलो-दिमाग में भी बसते हैं, जो उन्हें कभी व्यक्तिगत रूप से मिले भी नहीं हैं। अजनबी भी उनके बारे में गर्मजोशी से बात करते हैं और परिचित उनका जिक्र आदर से करते हैं। आज उनका 53वां जन्म दिवस हैं। इस खास मौके पर जानते हैं व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े अनेक पहलू और 53 बड़ी उपलब्धियॉ, जिन्होंने बदली, गॉव, शहर, प्रदेश और देश की तस्वीर। डॉ. केशव पाण्डेय अतिथि संपादक सियासी नजरिए से देखा जाए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले पॉंच साल में काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। प्रदेश में किसी राजघराने का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है तो वह है ग्वालियर का सिंधिया परिवार। इसी परिवार की तीसरी पीढ़ी के ज्योतिरादित्य मध्य प्रदेश के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक तो हैं ही, केंद्र्र में भी उनका रुतबा दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है।ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि उन्होंनें अपनी अलग पहचान स्थापित की और जो भी पद मिला उसकी गरिमा को बढ़ाया। इसके पीछे उनका कठोर परिश्रम, स्व-अनुशासन, परोपकार का भाव, करुणा से ओत-प्रोत व्यक्तित्व और राग-द्वेष के बिना हर तबके की भलाई के लिए तेजी से कार्य करने की विशिष्ट शैली उनकी पहचान बन गई। इसी कारण उनके हर कार्यकाल यादगार बन गए। उन्होंने विकास के नये आयाम गढ़े। कारण स्पष्ट है कि ज्योतिरादित्य स्वयं अध्ययनशील, मननशील और कर्मशील होने की वजह से अपने हर संकल्प को आसानी से पूरा कर लेते हैं।2002 में पहली बार गुना से चुनाव जीतकर संसद की देहरी पर कदम रखा।…फिर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर के ऐसे पुजारी बने कि जनसेवा के मंत्र को आत्मसात कर लिया। वे विकास के नये रोल मॉडल बनकर उभरे।ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए उनके विकास के विजन को इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बार उनके पिता “माधवराव सिंधिया“ ने उनसे कहा था कि तुम अपनी जिंदगी में कुछ भी करो.. लेकिन अंचल के लिए तुम्हे योगदान करना होगा। चाहे तुम व्यवसाय करो या समाज सेवा…तय तुम्हे करना है! पिता की नसीहत और प्रेरणा का ऐसा असर हुआ है कि जब 2008 में पहली बार संचार और सूचना तकनीकी मंत्री बने तो उन्होंने विकास की ललक की झलक को दिखा दिया। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री बनने के बाद डाक विभाग का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण कर डाकघरों का कायाकल्प किया। प्रोजेक्ट ऐरो के जरिए उन्होंने 2009 तक देशभर के 4500 डाकघरों को अत्याधुनिक और जनउपयोगी बनाया। दूरसंचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए देशभर में एक हजार नये टॉवर स्थापित कर डिजिटल पंचायत की अवधारणा को साकार किया। 2012 मेंं ऊर्जा मंत्री बने। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मंत्रालय भी संभाला और उद्योग मंत्रालय को नई पहचान दिलाई।2018 में उन्होंने अपने अथक परिश्रम से प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता दिलाई। लेकिन उनके श्रम का मोल नहीं मिला। उन्होंने समय की वास्तविकताओं को खुली ऑंखों से देखा और भविष्य को अतीत के हाथों गिरवी नहीं रखने दिया। 2020 में मध्य प्रदेश की सियासत में सत्ता परिवर्तन कराकर सत्तालोलुपों को सबक सिखा दिया और अपनी धमक को बरकरार रखा। 18 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद 11 मार्च 2020 को भाजपा में शामिल हुए। उनका यह निर्णय राजनीतिक इतिहास में दर्ज हो गया। भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया के सितारे बुलंदियों पर हैं। उनका कद तेजी से बढ़ता जा रहा है।राजनीति में परिवारवाद पर करारा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा था कि मेरे परिवार का एक ही सदस्य राजनीति में रहता है। पिछले 30-40 साल से सिंधिया परिवार ने इसे अपनाया भी है। उन्होंने आमजन की नब्ज के मर्म को समझा और राजश्रय को लोकाश्रय में समाहित कर राजनीतिक इतिहास को नया पर्याय प्रदान किया है। इसीलिए आज वे सच्चे जननायक के तौर पर छवि गढ़ने में कामयाब हो सके। सिंधिया मौजूदा परिवेश की राजनीति में कनेक्टिविटी पर ध्यान देने और इस्पात के क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ एक जीवंत विमानन क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।आज जब भारत वैश्विक पटल पर अपनी नई छवि गढ़ रहा है तब दुनिया का नजरिया भी तेजी से बदल रहा है। इजी ऑफ ट्रेवल के साथ ही वीजा ऑन अराइवल जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम आमजन तक सुविधाएं पहुचांने का हर संभव प्रयास कर विकास के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि उनके जन्म दिन पर जब प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया था तो महज कुछ ही घंटो में हजारों लाइक मिले थे।उन्होंने दो दशक के अपने राजनीतिक कॅरियर में ऐसे कार्य कर दिखाए जो नजीर बन गए। गुना-बीना रेल लाइन का विद्युतीकरण कराया। ग्वालियर-इंदौर एक्सप्रेस की शुरूआत कराई। ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी की सौगात दी। गुना देश का पहला ऐसा संसदीय क्षेत्र बना जिसके प्रत्येक गांव तक इंटरनेट की पहुंच हो गई थी। साड़ी बुनकरों व पुरातत्वमहत्व के स्थलों के लिए देशभर में मशहूर चंदेरी को केंद्रीय योजनाओ ंसे विशेष पैकेज दिलाए। गुना, ग्वालियर व शिवपुरी में लाइफ लाइन एक्सप्रेस लाए। अशोक नगर, गुना व शिवपुरी में दो हजार 482 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण। ग्वालियर में नवीन हवाई अड्डा, एलिवेटेड रोड, भव्य एवं विशाल स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेलगांव जैसी अनेक सौगातें उनके विजन का हिस्सा बनेंगी। बीते वर्ष उन्होंने 60 नये आरसीएस मार्ग शुरू किए। 91 लाख से अधिक हवाई यात्रियों को डिजी यात्रा की सौगात दी। तीन ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे शुरू किए गए। डीजीसीए ने 1562 कॉमर्शियल पायलट के लाइसेंस जारी किए। 2023 में करीब 150 मिलियन यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया। यह आमजन को सुलभ हवाई यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता का ही प्रमाण है। 2025 तक देश में 250 हवाई अड्डों का लक्ष्य रखा गया है। ड्रोन … Read more

इंतजार की घड़ी खत्म,विभागो का हुआ बटवारा।

मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल विस्तार के 5 दिन बाद मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय प्रशासन और प्रहलाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मिला है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को वित्त, डिप्टी सीए‌म राजेंद्र शुक्ला को लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह, जनसंपर्क और सामान्य प्रशासन विभाग अपने पास रखा है। कैबिनेट मंत्रियों को मिले यह विभाग • कुंवर विजय शाह – जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी- राहत एवं पुनर्वास • कैलाश विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य • प्रहलाद सिंह पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम • राकेश सिंह – लोक निर्माण विभाग • करण सिंह वर्मा – राजस्व • उदय प्रताप सिंह – परिवहन और स्कूल शिक्षा • संपतिया उइके – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी • तुलसी सिलावट – जल संसाधन • एदल सिंह कंषाना – किसान कल्याण एवं कृषि विकास • निर्मला भूरिया – महिला एवं बाल विकास • गोविंद सिंह राजपूत – खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण • विश्वास सारंग – खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता • नारायण सिंह कुशवाह सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण • नागर सिंह चौहान – वन, पर्यावरण, अनुसूचित जाति कल्याण • प्रद्युम्न सिंह तोमर – ऊर्जा • राकेश शुक्ला – नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा • चेतन काश्यप – सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम • इंदर सिंह परमार – उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को इन विभागों का जिम्मा • कृष्णा गौर – पिछड़ा वर्ग एंव अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमंतु कल्याण • धर्मेंद्र लोधी – संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास • दिलीप जायसवाल – कुटीर एवं ग्रामोद्योग • गौतम टेटवाल – तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार • लखन पटेल – पशुपालन एवं डेयरी • नारायण सिंह पंवार – मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री को इन विभागों का प्रभार • नरेंद्र शिवाजी पटेल लोक स्वास्थ्य एवं परिवाण कल्याण • प्रतिमा बागरी – नगरीय विकास एवं आवास • दिलीप अहिरवार – वन एवं पर्यावरण • राधा सिंह – पंचायत एवं ग्रामीण विकास

मंत्रियों के विभाग तय, जाने किस को मिली किस विभाग जिम्मेदारी.

Departments of ministers decided, who got the responsibility of which department? छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के विभाग तय, ओपी चौधरी वित्त और विजय संभालेंगे गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी है। नवागढ़ विधायक दयालदास बघेल को खाद्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली बार के विधायक टंकराम वर्मा खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय संभालेंगे। डिप्टी सीएम अरूण साव पीडब्ल्यूडी, आरईएस और नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई. रायपुर। विष्णुदेव सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब मंत्रियों के विभाग तय कर लिया गया है। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नईदिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी है। इंटरनेट मीडिया में प्रसारित सूची में मुख्यमंत्री के पास सामान्य प्रशासन, ऊर्जा, जनसंपर्क मंत्रालय रहेगा। वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा गृह, जेल एवं पंचायत मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। डिप्टी सीएम अरूण साव पीडब्ल्यूडी, आरईएस और नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएम दिल्ली दौरे पर, केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा, आज हो सकता है मंत्रियों को विभाग का बंटवारा.

CM on Delhi tour, will discuss with central leaders, departments may be distributed among ministers today भोपाल ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को आज विभाग का बंटवारा हो सकता है। सीएम आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ विभाग के बंटवारे को लेकर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को शुक्रवार को विभाग का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सीएम केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। सीएम शुक्रवार दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम ने संगठन महामंत्री हितानंद से उनके निवास पर चर्चा की। इसके बाद सीएम दिल्ली रवाना हो गए। सीएम शुक्रवार को दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि वह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते है और विभाग के बंटवारें को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के मंत्रियों को विभाग का बंटवारा कर दिया जाएगा। बता दें डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का 12 दिन चले विचार मंथन के बाद 25 दिसंबर को विस्तार हो गया, लेकिन तीन दिन बाद भी मंत्री खाली हाथ हैं। उन्हें विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के नाम के साथ ही विभागों का आवंटन भी दिल्ली से होना है। इसको लेकर सीएम ने सूची बनाकर आलाकमान को भेज दी है। अब इस पर केंद्रीय नेताओं की तरफ से अंतिम मुहर लगना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा दो डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। प्रदेश में 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का चयन किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली। इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, लेकिन अब तक मंत्रियों को विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है।

कैलाश विजयवर्गीय ने BJP राष्‍ट्रीय महासचिव पद से दिया इस्‍तीफा

Kailash Vijayvargiya resigns from the post of BJP National General Secretary कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के सिद्धांत एक व्यक्ति एक पद के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। इस आशय का पोस्‍ट विजयवर्गीय ने एक्‍स हैंडल पर भी किया है। नई दिल्ली। मोहन यादव मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से त्‍यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा।उन्होंने दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रसाद नड्डा से मिलकर उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंपा। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए दी। पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है: कैलाश विजयवर्गीयउन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,”आज मैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रसाद नड्डा जी से मिला। हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार मैंने महासचिव पद से उन्हें इस्तीफा सौपा। मेरा सौभाग्य रहा कि मैंने 9 वर्ष तक पहले श्री अमित शाह जी फिर श्री जेपी नड्डा जी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न स्थानों पर संगठन को गढ़ने में प्राणप्रण से कार्य किया। अब मुझे पार्टी ने मध्यप्रदेश में एक नई भूमिका के लिए भेजा है। मैं प्रधानमंत्री जी का संकल्प वर्ष 2047 में भारत, विश्व का शक्तिशाली देश बने। इस दिशा में मध्यप्रदेश को शक्तिशाली बनाने के लिए हम माननीय प्रधानमंत्री श्री जी के नेतृत्व में कार्य करेगें

योगी की राह पर मोहन

Mohan on the path of Yogiफैसलों मे दिख रहा है आत्मविश्वास. उदित नारायण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसलों मे उत्तरप्रदेश के फायरब्रांड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि नजर आने लगी है ! गुना बस हादसे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक कड़े फैसले मे उन्होंने तत्काल प्रभाव से परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री और कलेक्टर तरुण राठी का तबादला करते हुए यह साफ सन्देश देने का प्रयास किया है कि प्रदेश मे अब कोई भी प्रशासनिक लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी ! एक तरफ जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री बनते ही बुलडोज़र कार्यवाही को अंजाम दिलाया हो या धान खरीदी तथा तेंदुपत्ता खरीदी का मूल्य सुनिश्चित करना हो, या गुना हादसे पर ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्यवाही हो इन सभी फैसलों मे मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास, और कड़े फैसले की झलक दिखाई देती है मुख्यमंत्री के ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूर्ण करने का एक मजबूत कदम है..

चंबल नदी में अवैध खनन, पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिलीभगत।

Illegal mining in the Chambal River, clash between police and forest officers पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिली भगत से चल रहा सारा खेल। Special Correspondent, Sahara Samachaar, Morena. मुरैना।अम्बाह चम्बल नदी मे रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद,की शासन प्रशासन रेत माफियाओं के सामने सरेंडर होता प्रतीत हो रहा है। अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले बीच का पूरा घाट से चंबल नदी के रेत का अवैध खनन रुकने का नाम ही नही ले रहा है अंबाह फॉरेस्ट अधिकारी अपनी चैंबर में कुंभ करन की नींद सो रहे है । फॉरेस्ट अधिकारी न तो किसी घाट का चक्कर लगाने जाते है और न ही किसी रेत माफिया पर कार्यवाई कर रहे है। जिसके चलते रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद होते नज़र आ रहे है बीच के पूरा घाट से चंबल नदी के रेत के अवैध खनन लगातार जारी हैं। क्या रेत माफियायों पर पुलिस प्रशासन और फॉरेस्ट अधिकारी कार्यवाई करने में असमर्थ है ? क्या रेत का अवैध खनन पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारी की मिलीभगत से हो रहा है ? ऐसे अनेके प्रकार के सवाल उठते नज़र आ रहे हैं अब देखना ये रहा की अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले बीच का पूरा घाट पर शासन और प्रशासन के द्वारा क्या कार्यवाई की जायेगी या यू ही खेल चलता रहेगा।

बीजेपी ने रामलला को किया किडनैप, हम बाद में जाएंगे अयोध्या- संजय राउत

BJP has kidnapped Ram Lalla, we will visit Ayodhya later – Sanjay Raut. मुंबई ! संजय राउत ने कहा कि बीजेपी का न तो राम से नाता है और न ही उनके विचार से नाता है. अयोध्या में जो कार्यक्रम हो रहा है वो देश का कार्यक्रम नहीं है बल्कि बीजेपी का कार्यक्रम है. बीजेपी के कार्यक्रम में कौन जाए? बीजेपी के राजनीतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद हम अयोध्या जाएंगे.राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में विपक्ष के नेताओं से पुछ जा रहा है कि क्या आपको न्योता आया..क्या आपको न्योता आया…ये सब क्या है? वहां बीजेपी की सत्ता है. मुझे लगता है की प्रभू श्री राम को एक तरह से किडनैप कर लिया गया है. हम क्या बीजेपी के न्योते का इंतजार में बैठे हैं. जब बीजेपी का कार्यक्रम में खत्म हो जाएगा उसके बाद हम अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे.राउत ने कहा कि बीजेपी कौन होती है रामलला का निमंत्रण देने वाली? बीजेपी के राजनीतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद हम अयोध्या जाएंगे. राउत ने कहा कि ये देश का राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है. बीजेपी के प्रोग्राम में कौन जाए.अयोध्या में जो हो रहा है वो बीजेपी का प्रोग्राम है. ये कोई राम लल्ला के लिए प्रोग्राम नहीं है. राउत ने आगे कहा कि बीजेपी का न तो राम से नाता है और न ही उनके विचार से नाता है. वहीं, अयोध्या स्टेशन का नाम बदलने को लेकर राउत ने कहा कि अच्छी बात है स्टेशन का नाम बदला है. इसका विरोध नहीं करना चाहिए लेकिन आप विकास तो करें. बता दें कि 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी सहित देश की तमाम हस्तियां शामिल होंगी.

सामाजिक जनजागरण है, राहुल गांधी की “भारत न्‍याय यात्रा “- जीतू पटवारी

Rahul Gandhi’s “Bharat Nyay Yatra” is social awareness – Jitu Patwari मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है।राहुल गांधी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। भोपाल। भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मणिपुर से मुंबई तक क़रीब 6200 किलोमीटर की यह लंबी यात्रा 14 जनवरी से लेकर 20 मार्च तक निकाली जाएगी। यह यात्रा 14 राज्यों से होकर निकलेगी। इनमें मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ भी शा‍म‍िल है। भारत न्याय यात्रा का मुद्दा आर्थिक न्याय, सामाजिक न्याय और राजनीतिक न्याय रखा गया है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। उन्‍होंने कहा कि राहुल जी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। आधुनिक भारत के पहले शख्‍स थे जिन्‍होंने देश में भाईचारे के लिए, प्रेम के लिए, प्‍यार के लिए भगवान राम-कृष्‍ण और भारत वर्ष के जो मूल विचार हैं, इंसानियत की रक्षा के लिए, प्राणियों में सद्भावना हो इस विश्‍वास के लिए यात्रा निकाली थी। पूरे देश ने उसे आत्‍मसात किया था। अब न्‍याय यात्रा निकाली जा रही है।पटवारी बोले-वोट की ताकत को कम किया जा रहा पटवारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक रूप से जो तानाशाही देश में चल रही है, लोकतंत्र की हत्‍या करने का जो दुष्‍चक्र चल रहा है। विधायकों और सांसदों को अपने अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वोट की ताकत को कम किया जा रहा है। व्‍यापक रूप से दलबदल किया गया। इसके खिलाफ और सामाजिक जनजागरण के लिए न्‍याय यात्रा है।

राहुल गांधी करेंगे ‘भारत न्याय यात्रा’, मणिपुर से 14 जनवरी से होगी शुरुआत, 6200 KM का होगा पूरा सफर

Rahul Gandhi will undertake the ‘Bharat Nyay Yatra’ starting from January 14th, beginning from Manipur. The entire journey will cover a distance of 6200 kilometers. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पहले ही पूरी कर चुके हैं. इस यात्रा में उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक का सफर तय किया था.नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत न्याय यात्रा’ करने वाले हैं. पिछले साल सितंबर से लेकर इस साल 14 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा करने के बाद अब राहुल इस नई यात्रा को करने जा रहे हैं. ‘भारत न्याय यात्रा’ लोगों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने के लिए की जा रही है. भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी, जो कश्मीर में जाकर खत्म हुई थी. राहुल ने इस यात्रा में दक्षिण से उत्तर का सफर किया था. वहीं, भारत न्याय यात्रा की शुरुआत पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से होगी, जो पश्चिम में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर खत्म होगी. इस तरह राहुल भारत न्याय यात्रा में पूर्व से पश्चिम की ओर सफर करने वाले हैं. पूरी यात्रा में 6200 किमी सफर तय किया जाएगा. ज्यादातर यात्रा बस के जरिए ही कवर की जाएगी, मगर कहीं-कहीं पैदल भी सफर किया जाएगा. भारत न्याय यात्रा को भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा संस्कृरण बताया गया है, जिसकी शुरुआत 14 जनवरी से होगी. यात्रा में क्या होने वाला है खास? कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को मणिपुर में भारत न्याय यात्रा को झंडा दिखाएंगे. इस तरह यात्रा की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो जाएगी. ये यात्रा 20 मार्च को जाकर मुंबई में खत्म होगी. भारत न्याय यात्रा 14 राज्यों के 85 जिलों से होकर गुजरेगी. मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भारत न्याय यात्रा गुजरने वाली है. कैसे आया भारत यात्रा का विचार? कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार (27 दिसंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत न्याय यात्रा को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, ’21 दिसंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से अपना मत रखा कि राहुल गांधी को पूर्व से पश्चिम की ओर एक यात्रा करनी चाहिए. राहुल गांधी भी सीडब्ल्यूसी की इस इच्छा को पूरा करने के लिए तैयार हो गए.’ उन्होंने कहा, ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने फैसला किया है कि 14 जनवरी से 20 मार्च तक मणिपुर से लेकर मुंबई तक भारत न्याय यात्रा की जाएगी. इस यात्रा में राहुल गांधी युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों से मुलाकात करने वाले हैं. बस यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जाएगा. यात्रा में कुछ छोटे हिस्से को रुक-रुक कर पैदल भी कवर किया जाएगा.’ भारत जोड़ो यात्रा क्या थी? राहुल गांधी ने सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी, जो जनवरी 2023 में जाकर खत्म हुई. राहुल गांधी की यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से हुई. इस यात्रा के जरिए उन्होंने 4500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल ही तय किया. इस यात्रा का मकसद भारत को एकजुट और देश को मजबूत करना था. कांग्रेस की इस यात्रा से उसका संगठन काफी मजबूत हुआ था. भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में जाकर खत्म हुई. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए 12 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों को कवर किया गया था. ये यात्रा जिस-जिस राज्य से होकर गुजरी, उस-उस राज्य में कांग्रेस नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया. कई प्रमुख हस्तियों को भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते हुए देखा गया था.

चेतन्य कश्यप, सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय उस राशि को अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें : उमा

Instead of returning the salary to the Government, the amount should be spent on the education of underprivileged girls, according to Uma Bharti. भोपाल। उमा भारती ने लिखा है कि हाल ही में मंत्री बने रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन्य काश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं। अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी गई थी कि वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जोकि साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं । उन्होंने लिखा है कि चेतन्य काश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें ।उमा ने आगे लिखा है कि हमें यह याद रखना पड़ेगा कि सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और न वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं।एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते है क्यूँकि वो हज़ारों-करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए ।अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन्य काश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए

खून और पसीने से मिट्टी को सींच कर खिलाड़ी अपने देश के लिए मेडल लाता है, राहुल गांधी

After irrigating the soil with blood and sweat, the player brings a medal for his country. Rahul Gandhi वर्षों की जीतोड़ मेहनत, धैर्य एवं अप्रतिम अनुशासन के साथ अपने खून और पसीने से मिट्टी को सींच कर एक खिलाड़ी अपने देश के लिए मेडल लाता है। आज झज्जर के छारा गांव में भाई विरेंद्र आर्य के अखाड़े पहुंच कर ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया समेत अन्य पहलवान भाइयों के साथ चर्चा की। सवाल सिर्फ एक है – अपने अखाड़े की लड़ाई छोड़ अगर इन खिलाड़ियों, भारत की बेटियों को अपने हक और न्याय की लड़ाई सड़कों पर लड़नी पड़े तो कौन अपने बच्चों को यह राह चुनने के लिये प्रोत्साहित करेगा? यह किसान परिवार के निश्छल, सीधे एवं सरल लोग हैं, इन्हें तिरंगे की सेवा करने दीजिए। इन्हें पूरे मान और सम्मान के साथ भारत का सर गौरव से ऊंचा करने दीजिए।

मंत्री बनने के बाद अब मोहन सरकार को विभाग बंटवारे में आ रहा पसीना.

After becoming a minister, Mohan Sarkar is now breaking a sweat over the departmental allocations. भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी वरिष्ठ और अनुभवी हैं। हमें मिलकर काम करना है। संकल्प पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। अधिकारियों को संकल्प पत्र की प्रक्रिया की जा चुकी है और सबसे कार्य योजना बनाने के लिए दे दिया है। सोमवार को 28 मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ मंगलवार को मंत्रालय में बैठक की। हालांकि यह बैठक बिना एजेंडे की भी, इसमें सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। इस बैठक के साथ ही यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि मंत्रियों के विभागों को बंटवारा मंगलवार शाम तक हो सकता है। सीनियर मंत्रियों को नहत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा जोरों पर हैं।जानकारी के मुताबिक बैठक में प्रदेश के विकास और विकसित भारत संकल्प यात्रा पर चर्चा हुई। विकसित भारत संकल्प यात्रा प्रदेशभर में शुरू हो चुकी है। अब मंत्रयों की जिम्मेदारी तय होगी कि वे जिलों में विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए काम करें। इसके लिए लोगों से संवाद और उनको केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा जाएगा, ताकि चुनाव के पहले सभी लोकसभा क्षेत्रों में शतप्रतिशत हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

बदलाव की राह पर भाजपा ने लगाई मुहर

On the path of change, the BJP has stamped its approval. उदित नारायण भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में जिस तरह लगभग दो तिहाई नए चेहरों को पहली बार शामिल किया, वह भाजपा द्वारा बदलाव की राह लाने जैसा है। विजय शाह, विश्वास सारंग प्रदुम्न तोमर तुलसी सिलावट ,करण सिंह वर्मा को छोड़कर किसी ऐसे मंत्री को मौका नहीं दिया गया है, जो लंबे समय तक मंत्रिमंडल में रहा हो। भाजपा का यह बदलाव नए नेतृत्व को उभारने का प्रयोग है। जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेगा। इस बदलाव से कुछ अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौका पाने से चूक गए, तो डेढ़ दर्जन नए चेहरों को मौका मिला। परंपरागत राजनीति करने और देखने वालों को इससे हैरत हुई होगी, लेकिन यथास्थिति में बदलाव किसी भी राजनीतिक दल के जीवंत रहने के लिए आवश्यक होता है। भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जिस तरह नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में जो बदलाव किया, वह नए तरह की राजनीति है। बदलाव तो हार के बाद किया जाता रहा है और बंपर जीत के बाद यथास्थितिऔर मजबूत होती आई है। भाजपा ने जीत के बाद बदलाव कर भविष्य में हार की आशंका को खारिज करने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश में भाजपा थोड़े अंतराल से दो दशक लगातार सत्ता में है और अगले पांच साल का सफर जारी है। मंत्रिमंडल में लगातार लंबे समय तक मंत्री रहने वालों को बदलकर नए चेहरों को मौका देने से एकतरफ जहां एकरसता टूटती है, वहीं पार्टी कैडर में यह विश्वास जागता है कि उन्हे भी आने वाले समय में मौका मिल सकेगा।

मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर गोपाल भार्गव की प्रतिक्रिया

Gopal Bhargav’s reaction to not getting a place in the cabinet. भोपाल। गोपाल भार्गव को मोहन यादव मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। जिसके बाद उन्होंने पोस्‍ट कर प्रतिक्रिया दी। हालांकि बाद में यह पोस्ट उन्होंने डिलीट कर दी। सोमवार को हुए मंत्रिमंडल गठन में 18 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। हालांकि इसमें नौवीं बार विधायक बनने वाले गोपाल भार्गव को जगह नहीं मिली है। वे रहली सीट से विधायक हैं। इससे पहले गोपाल भार्गव शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं गोपाल भार्गव को मंत्री न बनाए जाने को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही है। इसी बीच गोपाल भार्गव ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट कर अपना पक्ष रखा है। हालांकि गोपाल भार्गव ने यह पोस्‍ट बाद में डिलीट कर दी। अब इस पोस्‍ट का स्‍क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्‍या लिखा था पोस्‍ट मेंवायरल हो रही पोस्‍ट में गोपाल भार्गव ने लिखा कि, ‘आज मप्र राज्य के मंत्री परिषद् का पूर्ण रूपेण गठन हो गया है, मैं नवनियुक्त मंत्रीगणों को अपनी ओर से शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। प्रदेश भर से मेरे समर्थक मुझसे पूछ रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ है कि आपको मंत्री मंडल में नहीं लिया गया? मैंने उनसे कहा 40 वर्षों के लंबे राजनीतिक जीवन में अब तक पार्टी ने जो भी जिम्मेदारियां दी है उनको समर्पित भाव से पूर्ण किया है और आगे भी करते रहने के लिए संकल्पित हूं इसलिए आज मंत्रिपरिषद के गठन में पार्टी द्वारा लिए गए निर्णय का मैं स्वागत करता हूं। पद आते-जाते रहते हैं, पद अस्थायी हैं, पर जन विश्वास स्थाई है, इतने वर्षों तक मैंने अपने क्षेत्र और प्रदेश की जो सेवा की है वह मेरी पूंजी और धरोहर है। मेरे क्षेत्र ने मुझे प्रदेश का सबसे वरिष्ठ 9वीं बार विधायक बनाया जो देश में दुर्लभ एवं अपवाद है, मुझे 70% वोट देकर 73000 वोटों से जिताया यह ऋण मेरे ऊपर है। मैं जब तक इस क्षेत्र का विधायक रहूँगा कोई कमी या अभाव नहीं रहने दूंगा। राजनीतिक दलों के अपने-अपने फार्मूले हैं। सामाजिक, क्षेत्रीय कारण हैं जिनके आधार पर पद दिए जाते हैं, उसके भीतर जाने या जानने में मेरी कोई रुचि नहीं है इसलिए मैं मौन हूं। खाली समय में अब में प्रदेश में समाज को संगठित कर समाज उत्थान के लिए कार्य करूंगा।’

मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश

Efforts to accommodate everyone in cabinet expansion मंत्रिमंडल विस्तार में सभी को साधने की कोशिश, 50 फीसदी नए विधायकों को मिला मौका— प्रथम पेज मंत्रिमंडल विस्तार में सात सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायक बने मंत्री भोपाल। माेहन कैबिनेट में आज से 28 मंत्री और जुड़ गए। मंत्रिमंडल विस्तार में 18 कैबिनेट, 6 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री व 4 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इन मंत्रियों में 11 ऐसे हैं, जो मंत्री रह चुके हैं। इसमें से 6 मंत्री ऐसे हैं, जो पिछली भाजपा सरकार में भी मंत्री थे। मंत्रियों की कुल संख्या के हिसाब से 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री बनाया गया है। करीब 20 फीसदी यानी कुल 5 महिलाएं कैबिनेट व राज्य मंत्री बनी है। तीन ऐसे मंत्री भी हैं, जो लोकसभा सांसद या केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर व दमोह से दो-दो मंत्री व बाकी जिलों से एक-एक मंत्री बने हैं।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय व जिलेवार संतुलन को साधने की पुरजोर कोशिश की है। मंत्रिमंडल विस्तार में 7 सामान्य, 12 ओबीसी व बाकी एससी-एसटी विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इसके लिए हालांकि स्थानीय संगठन व संघ पदाधिकारियों से लेकर नई दिल्ल्ाी में राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा की गई। इस विस्तार में मप्र से मुख्यमंत्री यादव के अलावा किसी की नहीं चली। पुराने मंत्रियों को दरकिनार करने की मुख्य वजह क्षेत्रीय संतुलन व उनके पुराने परफारमेंस व अंदरूनी रिपोर्ट को देखा गया। इसमें भी क्षेत्रीय संतुलन भारी रहा। सूची फायनल करने में तीन बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़े-मंत्रियों के नाम फायनल करने में मुख्यमंत्री को पिछले 12 दिनों में तीन बार दिल्ल्ाी के चक्कर लगाने पड़े। कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्रियों के चयन में दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ ही संघ नेताओं व प्रदेश अध्यक्ष को तवज्ज्ाों दी गई। सूत्रों के मुताबिक पिछले 48 घंटे में ही कई तरह के बदलाव करने पड़े। कुछ मामलों में तो वरिष्ठ नेताओं के दबाव को भी दरकिनार कर दिया गया। संगठन का स्पष्ट कहना था कि चूंकि सभी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में नए विधायकों पर ज्यादा भरोसा जताया गया।  कई मामलों में चौकानें वाले निर्णय लिए गए-भोपाल जिले से चार दावेदार थे। किंतु दो को ही मंत्री बनाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने वही निर्णय लिया। रायसेन जिले से पिछली बार डॉ. प्रभुराम चौधरी मंत्री थे, इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया। जबकि पुराने भाजपाई, पहली बार के विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल को मंत्री बनाया गया। नरेंद्र के पिता शिवा जी पटेल करीब 20 वर्ष पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वे अब हालांकि नहीं हैं, किंतु उन्ाके बेटे को मौका दिया गया। सागर जिले में दो कद्दावर मंत्रियों गोपाल भार्गव व भूपेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जबकि इनमें से भूपेंद्र सिंह को मंत्री बनाने की पूरी संभावना थी। हो सकता है लोकसभा चुनाव में इस पर ध्यान दिया जाए। इसीतरह बैतूल जिला पूरी तरह से अछूता रहा। यहां से एक भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। नए विधायकों पर बड़ी जवाबदारी -मंत्रिमंडल में 50 फीसदी नए विधायकों को मंत्री पद दिया गया है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री यादव ने पुरानाें के साथ ही नए विधायकों पर भरोसा जताया है। हालांकि इनमें से कई ऐसे हैं, जो दो-दो बार के विधायक हैं। कैबिनेट मंत्रियों में चार विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मप्र विधानसभा का टिकट लेकर चुनाव लड़े और विधायक बने। हालांकि यह सभी केंद्र में जरूर सांसद और मंत्री थे। अब उन्हें प्रदेश में भी बड़ी जिम्म्ोदारी दी गई है। अभी भी हालांकि विधानसभा की कुल संख्या के हिसाब से 15 फीसदी यानी कुल 34 मंत्री बनाए जा रहे हैं। इस तरह से तीन मंत्री और बनाए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल में यह बने कैबिनेट, स्वतंत्र प्रभार व राज्य मंत्री बने-राजभवन में आज सोमवार को गरिमामय माहौल में दोपहर बाद 3.30 बजे राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व वरिष्ठ भाजपा व संघ के नेता मौजूद थे। शपथ विधि का संचालन मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा ने किया। शपथ ग्रहण समारोह को काफी सीमित रखा गया था। इसीलिए काफी लोगों को आमंत्रण नहीं दिया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा वीडी शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।कैबिनेट मंत्री -1-प्रदुम्न सिंह तोमर, ग्वालियर2-तुलसी सिलावट, इंदौर3- एंदल सिंह कसाना, मुरैना4-नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर5-विजय शाह, खंडवा6-राकेश सिंह, जबलपुर7-प्रह्लाद पटेल, नरसिंहपुर8-कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर-19-करण सिंह वर्मा, इछावर, सीहोर10-संपतिया उईके, मंडला11-राव उदय प्रताप सिंह, गाडरवारा, नर्मदापुरम12-निर्मला भूरिया, पेटलावद झाबुआ13-विश्वास सारंग, नरेला भोपाल14-गोविंद सिंह राजपूत, सुरखी सागर15-इंदर सिंह परमार, शाजापुर16-नागर सिंह चौहान, अलीराजपुर17-चैतन्य कश्यप, रतलाम18-राकेश शुक्ला, मेहगांव भिंड। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर, गोविंदपुरा भोपाल20-धर्मेंद्र लोधी, जबेरा दमोह21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लखन पटेल, दमोह24- नारायण पवार, राजगढ़। राज्यमंत्री -25–राधा सिंह, चितरंगी सीधी26-प्रतिमा बागरी, रैगांव सतना27-दिलीप अहिरवार, चंदला छतरपुर28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल, उदयपुरा, रायसेन।

पटवारी ने एनएसयूआई को दिया टारगेट

Patwari gave target to NSUI भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सेवादल और एनएसयूआई की बैठक ली। पटवारी ने सबसे पहले मप्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्षों से संवाद किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह चर्चा 2 बजे तक चली। इसमें पीसीसी चीफ ने एनएसयूआई की आगामी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर रणनीति बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कालेज और विश्वविद्यालय में कांग्रेस की विचारधारा के साफ फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ा जाए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। भले ही सड़क लाठियां खानी पड़े, इसके लिए भी वो तैयार हैं। पटवारी ने सेवादल के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला मुख्य संगठकों के साथ बैठक की। इसमें सेवादल की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर बातचीत हुई। पटवारी ने कांग्रेस के दोनों विभागों से उनके पिछले कामों का भी हिसाब लिया। बता दें, पटवारी संगठन में कसावट के लिए लगातार चार दिनों तक बैठक करेंगे। 24 दिसंबर से शुरू ये बैठकें 27 तक चलेंगी। पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ही प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। इस दौरान वे सभी से विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियां और काम काज का हिसाब लिया। इसके साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत की। सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के बाद पटवारी की यह दूसरी बैठक है। इस लिहाज से इस बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 24वीं पुण्यतिथि

मंत्रिमंडल की पहली बैठक जारी, जल्द हो सकता है विभागों का बंटवारा

The first cabinet meeting is underway; the distribution of departments among ministers may happen soon. 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हो रही है। इसमें मंत्रियों का अधिकारियों से परिचय कराया जा रहा है। 18 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं। बैठक से पहले सुबह सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों के साथ बैठक में संकल्प पत्र को प्राथमिकता में रखकर लक्ष्य की पूर्ति के संबंध में चर्चा करेंगे। वह पहले ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को समन्वय के साथ लक्ष्य बनाकर काम करना है।अगले साल 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।

पोस्टिंग के लिए, अफसरों ने तेज की मंत्रियों की ‘बंगला परिक्रमा’ यात्रा. 

For postings, officers conducted a ‘bungalow inspection’ tour of ministers with speed. गुलदस्ते के साथ पहुंचे, भरोसा जीतने के लिए कई ने पुराने के कामों का ब्यौरा, वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की धड़कने तेज, पोर्टफोलियों के बाद नेता पोस्टिंग के लिए करेंगे सिफारिश . उदित नारायण भोपाल। प्रदेश नई सरकार के गठन के साथ ही ब्यूरोक्रेट्स की धड़कनें तेज हो गई है। जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से लेकर मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ आईएएस और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की भी धड़कने तेज हो गई कि उन्हें मलाईदार पोस्टिंग मिलेगी या नहीं मिलेगी। हालांकि कुछ अफसरों ने बंगला परिक्रमा शुरू कर दी है। अफसर गुलदस्ते के साथ मंत्रियों के बंगलों पर पहुंचने लगे हैं। कई अफसरों ने अपनी उपब्धियों की भी ब्यौरा भी पेश किया है। मंत्रियों ने भी अफसरों का मान रखा है और भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश में ऐसे कई ब्यूरोक्रेट्स हैं, जो पिछल कई समय से सत्ता के बहुत करीबी थे, इसके चलते उन्होंने लगातार अच्छी पोस्टिंग मिल रही थी। अब जब मुख्यमंत्री बदल गए हैं तो ऐसे सभी अफसरों की बैचेनी बढ़ गई है। ऐसे अफसर अब नए मुख्यमंत्री की टीम में अपनी अच्छी पोस्टिंग को लेकर सक्रिय होने के रास्ते खोज रहे हैं। इसमें इन्हें कितनी सफलता मिलेगी यह तो उनकी प्राशसनिक सर्जरी में स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि पिछले दिनों आधा दर्जन अफसरों के तबादले से जाहिर है कि बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। जानकारी है कि अब पोर्टफोलियो मंत्रियों के बाद भी पोस्टिंग के लिए सिफारिश शुरू हो जाएगा।  लूप लाइन के अफसरों को दिन फिरने की उम्मीद – लंबे अरसे से लूप लाइन में पदस्थ आईपीएस-आईएएस को अब अपने दिन फिरने की उम्मीद जागी है। प्रदेश में ऐसे कई अफसर हैं, जो पिछली सरकार में अपनी पैठ नहीं बना सके थे, नतीजे में वे अच्छी पोस्टिंग से दूर थे। अब वे भी अच्छी पोस्टिंग पाने के प्रयास में लग गए हैं। पिछले साल में पूर्व सीएस की गुड लिस्ट शामिल नहीं थे। इसलिए बड़े जिलों से हटाकर निगम और मंडलों में बैठा दिया था। एसीएस, पीएस से लेकर कलेक्टर्स में पोस्टिंग को लेकर बैचेनी- एक दर्जन कलेक्टर ऐसे हैं जो पिछली सरकार के करीबी थे, अब इस सरकार में उनकी ट्यूनिंग कैसी होगी, इसे लेकर ब्यूरोक्रेसी में जमकर चर्चा है। इन्हें जिलों से हटाया जाएगा या इन्हें फिलहाल पदस्थ रखा जाएगा इसे लेकर अफसरों की धड़कने तेज हो चली है। ये सभी आईएएस अधिकारी नई सरकार में अपने कनेक्शन को तलाश रहे हैं। साथ ही अफसर नए हुकुमरानो को यह भी समझा रहे हैं कि वे पार्टी की विचारधारा से कितने प्रभावित है और किस हद तक जुड़े हुए हैं।

मध्य प्रदेश में 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ.

In Madhya Pradesh, 18 Cabinet Ministers, 6 Ministers of State with independent charge, and 4 State Ministers took the oath. राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई। प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह बने कैबिनेट मंत्री। तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत कैबिनेट मंत्री। पहली बार की विधायक कृष्णा गौर भी बनीं मंत्री। भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवा रहे हैं। राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनके बाद संपतिया उइके, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युमन सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, चेतन काश्यप और इंदर सिंह परमार को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इन्हें मिला स्वतंत्र प्रभारकृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल और नारायण सिंह पवार ने राज्य मंत्री स्वत्रंत प्रभार की शपथ ली।ये बने राज्य मंत्रीनरेश शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागड़ी, राधा सिंह और दिलीप अहिरवार को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। करण सिंह वर्मा और विजय शाह आठवीं बार चुनाव जीते हैं जबकि कैलाश विजयवर्गीय सात बार चुनाव जीते हैं, प्रहलाद सिंह पटेल पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। तुलसीराम सिलावट छठवीं, एंदल सिंह कंसाना और निर्मला भूरिया पांचवीं बार विधायक बने हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, महामहिम हमारे नए मंत्रीमंडल को शपथ दिलाएंगे। पीएम नरेंन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में और सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में नया मंत्रिमंडल गठन के साथ प्रदेश के बेहतरी के लिए काम करेगा।

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह

मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह Swearing in ceremony of the cabinet of newly elected government of Madhya Pradesh

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

Tried to pay tribute to Atal Bihari Vajpayee by garlanding his statue. रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आज अटल बिहारी विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में बनाए गए शहीद स्मारक पर भी पुष्पांजलि अर्पित कर सेनानियों को सादर नमन किया।  इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति अरुण नाथ दिवाकर वाजपेयी, बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अन्य लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और शहीद स्मारक पर छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों  को श्रृद्धांजलि  अर्पित की। वहीं सांसद सुनील सोनी एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी के अवंती विहार के एटीएम चौक में अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।  इस अवसर पर सुशासन के उच्चतम मानदंड स्थापित करने के लिए शपथ भी ली गई ।  अटल जी के जंयती को सुशासन दिवस के रूप मनाया जा रहा है। विधायक मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री  वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की थी, उनकी जयंती के अवसर पर हम यह संकल्प ले कि शासन-प्रशासन सभी जगह पर सुशासन का आदर्श मानदंड स्थापित करें। हम पितृ पक्ष में पूूर्वजों को नमन करते है उसी प्रकार आज हमारे पूर्वज-आदर्श श्री अटल जी की जयंती पर हम उन्हें नमन कर रहे है और उनके बताए हुए राह पर चलने का संकल्प ले। उन्होने  अटल जी की जयंती के अवसर पर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।  कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम के पूर्व सभापति  संजय श्रीवास्तव और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपना संबोधन दिया। साथ ही विद्यार्थियों ने अटल जी की कविताओं का पाठ भी किया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे, नगर निगम आयुक्त  मयंक चतुर्वेदी समेत जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। 

मप्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद आज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है.

After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल

राजभवन से मंत्री पद की शपथ लेने के लिए विधायकों को पहुंचने लगे फोन

माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने किया हुकमचंद मिल के मजदूरों को बकाया राशि का भुगतान.

Chief Minister Dr. Mohan Yadav made the payment of outstanding dues to Hukamchand Mill workers. 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कार्यक्रम में वर्चुअली जुडें ।इंदौर। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बटन दबाकर सोमवार को 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। वर्चुअल तौर पर जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हुकमचंद मिल के मजदूरों को लिक्विडेटर चेक सौंपा। प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाकर राशि मजदूरों के खातों में ट्रांसफर किया।मोहन यादव ने कहा कि मैं खुद मजदूर का बेटा हूं। उज्जैन में भी हुकमचंद मिल के जैसे ही मिल का मामला देख चुका हूं। मजदूरों और उनके परिवार का हाल देख चुका हूं। इसलिए मैं समझता हूं कि क्या परेशानियां आती है। हम उनके साथ हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मजदूर के बेटे हैं औऱ वह उनका दर्द समझते हैं। इसलिए उन्होंने शपथ लेने के बाद पहला काम उनके हक में किया। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। हमने अहिल्या को नहीं देखा, लेकिन अहिल्या की तरह काम करने वाली ताई को देखा हैं। मधु भैया ने बड़ा शिकार किया है, उनके लिए ताली बजनी चाहिए, एक नंबर का विधायक कोन है, मैं ही हूं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि ओलंपिक का एक खेल होना चाहिए, कुश्ती का मैच हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का कुश्ती मैदान बन जाए इंदौर में। वह सोमवार सुबह 11 बजे इंदौर पहुंचे। हैलीपेड पर उनका स्वागत कैलाश विजयवर्गीय ने किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर आगमन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत आगमन किया। इस दौरान तुलसी सिलावट, महेंद्र हार्डिया व अन्य भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं।

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

कुछ तो था उनकी बातों में…

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर विशेष   डॉ.केशव पाण्डेय  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है… हिमालय मस्तक है तो कश्मीर किरीट है। यह चन्दन की भूमि है…अभिनन्दन की भूमि है…यह तर्पण की भूमि है…यह अर्पण की भूमि है।….सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्वल अपने देश के के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब संसद के सत्र में यह बात कही तो वह उस दौर में राजनीतिक  प्रतिबद्धता की गारंटी बन गई। राष्ट्र के प्रति कुछ ऐसी ही सोच रखते थे अटल जी….। 25 दिसंबर को जन्मदिवस पर जानते पत्रकार से प्रधानमंत्री  बनने तक के राजनीतिक सफर की कभी न मिटने वाली अमिट कहानी… भारतीय राजनीति का जीवंत स्मारक बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा देश याद कर रहा है। जन-जन के प्रिय अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने। अटलजी लगातार 11 वार सदन में पहुंचे। नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहकर उन्होंने एक कीर्तिमान रचा। इस तरह उन्होंनें करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपना जीवन व्यतीत किया।  अटलजी छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब 1942 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अंत के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आजादी के बाद वे एक ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया। सभ्यता, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से परिपूर्ण इस देश में वे जहां महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थन की बात करते थे तो वहीं भारत को दुनिया में एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखने की चाह रखते थे। उद्धरणानुसारः”अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, निःस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे”।  शिक्षा के दौरान अनेक साहित्यिक, कलात्मक और वैज्ञानिक उपलब्धियां उनके नाम रहीं। उन्होंने मासिक पत्रिका-राष्ट्रधर्म, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र- पाञ्चजन्य के अलावा स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक समाचार-पत्रों का संपादन किया। उन्होंने,  संसदीय यात्रा, मेरी इक्यावन कविताएं, संकल्प काल, शक्ति से शांति, फोर डीकेड्स इन पार्लियामेंट 1957-95, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान, कैदी कविराज की कुंडलियां और न्यू डाइमेंसंस ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी जैसी पुस्तकें लिखीं। –प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इतना गौरवशाली रहा कि दो दशक के बाद भी उस कार्यकाल को न सिर्फ याद किया जाता है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाता है। पोखरण परमाणु परीक्षण, आर्थिक नीतियों में दूरदर्शि्ृता। आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी योजनाएं- राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अनुपम उदाहरण हैं। ऐसे प्रधानमंत्री कम ही हुए जिन्होंने समाज पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। उनकी प्रशासनिक क्षमता सुशासन का प्रतीक बनी। अटलजी के 1998-99 के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को ’’दृढ़निश्चकय के एक साल’’ के रूप में जाना जाता है। क्योंकि मई 1998 में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया था जिन्होंने परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फरवरी 1999 में पाकिस्तान बस यात्रा ने उपमहाद्वीप की परेशानियों को सुलझाने के लिए एक नए दौर का सूत्रपात किया। दुनिया भर में इसे प्रशंसा मिली। आपसी समझौते के इस मामले में भारत की ईमानदार कोशिश ने वैश्विक समुदाय में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन मित्रता को धोखे के रूप में कारगिल का युद्ध मिला। तब अटलजी ने विषम परिस्थितियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल की। कारिगल की जंग को प्रति वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।  देश के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण और 50 वर्ष से अधिक तक देश और समाज की सेवा करने के लिए वर्ष 1992 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। मार्च 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता तो थे ही साथ ही कविताएं भी लिखा करते थे। उन्होंने देश के लिए भी कविताएं लिखीं। पत्रकार से प्रधानमंत्री बने अटलजी ने चार राज्यों से चुनाव जीतकर भारतीय राजनीति में अपनी छाप छोड़ी थी।  अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी ईमानदार और निर्लिप्त छवि को कायम रखा। कभी अपना हित नहीं देखा। लोकतंत्रवादी मूल्यों में इतनी गहरी आस्था थी कि हिन्दुत्ववादी होते हुए भी उनकी छवि धर्मनिरपेक्षता वाली रही। अटलजी की विलण प्रतिभा और वाकपुटता को देख, जय प्रकाश नारायण ने कहा था कि “इनके कंठ में सरस्वती का वास है“। जवाहर लाल नेहरू ने वाजपेयी जी को अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि से नवाज था। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कुछ तो था उनकी बातों में…जो आज भी लोगों के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है। उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन्।।

एमपी में मंत्रिमंडल का विस्तार कल, सीएम मोहन यादव.

Cabinet expansion in MP tomorrow, announces CM Mohan Yadav. मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार दोपहर में हो सकता है। करीब 20 मंत्री दोपहर में शपथ ले सकते हैं। इसमें नए चेहरे के साथ ही कुछ पूर्व मंत्रियों को मौका देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। अधिकारिक सूत्रों की मानें सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार सुबह मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वे राज्यपाल से भेंट कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं।  बता दें सीएम का एक सप्ताह में यह तीसरा दौरा है। सीएम के दिल्ली दौरे के चलते भोपाल में आयोजित होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया गया। देर शाम सीएम भोपाल लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीएम केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल को लेकर फाइनल चर्चा हो गई है। अब सोमवार को मंत्रिमंडल में तकरीबन 20 मंत्री शपथ ले सकते है।

देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करेंगे, सीएम. 

Chief Minister will participate in the country’s renowned music festival. ग्वालियर । देश के विख्यात संगीत समारोह में शिरकत करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ग्वालियर आएंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमवार को ही भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्मदिन भी है। इसे लेकर महाराज बाड़े पर गौरव दिवस का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वह तानसेन संगीत समारोह में इस साल के तानसेन अलंकरण के लिए पंडित गणपति भट्ट हासणगि को सम्मानित करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री किले पर जाएंगे जहां तबला वादक रिकॉर्ड के लिए एक साथ 1650 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे ।कलेक्टर ने रविवार को तानसेन समारोह महाराज वाडा़ और मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थलों का दौरा किया और आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से इंटक मैदान में रात को रिचा शर्मा के प्रोग्राम में संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी तानसेन संगीत समारोह को यादगार बनाने के लिए शहर वासी बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे।

आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत,सशक्त भारत के सशक्त कानून

The beginning of the era of self-reliance, empowered laws for a strong India. विष्णुदत्त शर्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदनों में आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार के तीन विधेयक प्रस्तुत किये एवं दोनों सदनों में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित होने के पश्चात् एक नए युग की शुरुआत हो गयी है। (1) भारत में अब भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 जो आईपीसी, 1860 को प्रतिस्थापित करेगा। (2 ) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 जो सीआरपीसी, 1898 को प्रतिस्थापित करेगा। (3) भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 जो साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करेगा। इन विधेयकों की शुरूआत ऐसे समय में हुई है जब विश्व तेजी से तकनीकी प्रगति, सामाजिक परिवर्तन और विकसित हो रहे वैश्विक मानकों को देख रहा है। ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए मौजूदा कानूनों कि अक्सर पुराने होने और समकालीन जरूरतों के अनुरूप नहीं होने के कारण आलोचना की जाती रही है। नए कानून 21वीं सदी के साथ कानूनी प्रणाली को संरेखित करने की मोदी सरकार कि मंशा को दर्शाते हैं, जिसमें नागरिक-केंद्रित कानूनी संरचनाओं, लिंग तटस्थता, डिजिटल परिवर्तन और सजा के बजाय न्याय पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है। इन परिवर्तनकारी कानूनी सुधारों का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को नया आकार देना, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और न्याय के कुशल प्रशासन को सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एव हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम था कि सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद इन कानूनों को लाया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के नाम अपने सम्बोधन में कहा था कि “ये समय गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर, अपनी विरासत पर गर्व करने का है“ और आजादी के अमृतकाल में भारत ने संकल्प लिया है कि उन सभी गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति पाना है। वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता में अपराधियों को दंड देने के बजाय पीड़ित को न्याय देने का प्रचलन था किन्तु औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों ने अपनी सत्ता स्थायी रखने के उद्देश्य से भय प्रस्थापित करने हेतु दंड को प्राधान्य दिया था। इन कानूनों के प्रमुख प्रावधानों में राजद्रोह को निरस्त कर देशद्रोह को स्थापित करना, मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक नया प्रावधान, नाबालिगों के बलात्कार के लिए मृत्युदंड, आतंकवाद की परिभाषा और छोटे अपराधों के लिए पहली बार सामुदायिक सेवा को दंड के रूप में सम्मिलित किया है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, हत्या और राज्य के खिलाफ अपराधों को प्राथमिकता दी गई है। अलगाववादी गतिविधियों या भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों पर नए अपराध जोड़े गए हैं। मुख्यतः यह विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे और अब लोगां को “तारीख पर तारीख“ से मुक्ति मिलेगी। यह नए कानून भारतीय आत्मा से ओत-प्रोत हैं और इनका उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और न्याय प्रदान करना है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयकों की शुरूआत भारत की कानूनी प्रणाली के लिए अत्यधिक महत्व रखती है जिससे निम्नलिखित संकल्प पूर्ति का लक्ष्य है – आधुनिकीकरणः यह कानून औपनिवेशिक विरासत से प्रस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे प्रावधान प्रस्तुत करते हैं जो समकालीन सामाजिक मूल्यों और तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं। डिजिटल अपराधों और साक्ष्यों को मान्यता देकर, नए कानून 21 वीं सदी की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं, जिससे भारत की कानूनी प्रणाली का आधुनिकीकरण होता है। दक्षताः कानूनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और डिजिटल साक्ष्य को मान्यता देकर, इन कानूनों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, देरी को कम करना और त्वरित न्याय को सुनिश्चित करना है। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोणः नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और जीवन में सुगमता सुनिश्चित करने पर जोर देने के साथ ही इनका लक्ष्य दंड से न्याय पर लक्ष्य केंद्रित करना है। वैश्विक मानकों के अनुरूपः यह आपराधिक न्यायिक प्रणाली के सुधार भारत की कानूनी प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम क़ानूनी प्रथाओं के अनुरूप हैं। गौरतलब है आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार की यह प्रक्रिया वर्ष 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा शरू की गई जिसमें विभिन्न हितधारकों से इस संदर्भ में सुझाव मांगे गए। गृह मंत्री जी ने सितम्बर 2019 में सभी राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों/प्रशासकों को पत्र लिखा था। जनवरी 2020 में भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों और दिसम्बर 2021 में संसद सदस्यों से भी सुझाव मांगे गए। बीपीआरडी ने सभी आईपीएस अधिकारियों से सुझाव मांगे। मार्च 2020 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की गई जिसे कुल 3200 सुझाव प्राप्त हुए थे। साथ ही 18 राज्यों, 06 संघ राज्य क्षेत्रों, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, 16 उच्च न्यायालयों, 27 न्यायिक अकादमियों-विधि विश्वविद्यालयां, पुलिस बलों ने भी अपने सुझाव दिए है। गृह मंत्री अमित शाह ने 158 व्यक्तिगत बैठकें की, तत्पश्चात इन सुझावों पर गृह मंत्रालय में गहन विचार-विमर्श किया गया और इसी के परिणाम स्वरूप यह तीन कानून बने हैं। हम यह कह सकते हैं कि सरकार ने व्यापक चर्चा उपरांत जनआकांक्षाओं का सम्मान कर इन कानूनों को लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पिछले साढ़े 9वर्षों में, हमारी संस्थाओं और प्रणालीगत कानूनों को पुनर्जीवित करने के मिशन पर कार्य रही है, जो 19 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन और उनके प्रतिनिधियों द्वारा हमारे प्राचीन सभ्यतागत सोच विचार को ब्रिटिश शासन के अधीन एवं राज्य चलाने के उद्देश्य से बनाये गए थे। निश्चित रूप से यह नए कानून हमारी कानूनी आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत है एवं इन कानूनों के पारित होने का सुखद अनुभव वास्तव में हमें दासता से मुक्ति का बोध कराता है। नोट – लेखक भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंच रही गांव-गांव

Developed India Sankalp Yatra reaching every village ग्यारसपुर ! जनपद ग्यारसपुर की ग्राम पंचायत पथरई, इमलावदा मे विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंची जहां पर ग्रामीणों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई जिसमें सरकारी विभागों के कर्मचारियों अधिकारियों के द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं से वंचित परिवारों के आवेदन लिए गए उनके नाम जोड़े गए , यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसमें जीते हुए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, पथरई ग्राम पंचायत में छोटी-छोटी छात्राओं के द्वारा मतदाता जागरूकता नुक्कड़ नाटक का भी प्रदर्शन किया गया जिसमें सभी अतिथियों के द्वारा उनकी सराहना की गई । इमलावदा मैं बुजुर्ग दादा के द्वारा नृत्य किया गया । ग्राम पंचायत का 100% ऑनलाइन रिकॉर्ड राजस्व का किया गया जिसके चलते ग्राम पंचायत इमलावदा को अभिनंदन पत्र दिया गया, कार्यक्रम में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मीणा प्रताप सिंह रघुवंशी, लक्ष्मण सिंह रघुवंशी, मुन्नालाल रघुवंशी, रामनारायण रघुवंशी, रामशरण सिंह रघुवंशी, बरेलाल लोधी, विजय कुमार जैन, गोविंद सिंह रघुवंशी, संजय सिंह रघुवंशी, नीरेंद्र दांगी स्थानीय सरपंच मनोज रघुवंशी, संजीव रघुवंशी, समग्र सुरक्षा अधिकारी महेश कुशवाहा नोडल अधिकारी शानू जैन सचिव कौशल कुमार जैन नर्मदा प्रसाद श्रीवास्तव, रोजगार सहायक सरिता रघुवंशी, रविंद्र मेटोलिया, मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे ।

हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया

The vehicle carrying ‘Modi’s Guarantee’ reached Mundla village of Huzur Assembly, हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया 2047 तक विकसित भारत केवल मोदी जी का सपना नहीं, जन-जन का संकल्प है। – विधायक रामेश्वर शर्मा 2047 में विकसित भारत का संकल्प हर राष्ट्रप्रेमी के लिए मिशन की तरह है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजनाओं से जोड़ रही है। भोपाल की हुजूर विधानसभा में भी विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव में मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी पहुंची। यहां विधायक रामेश्वर शर्मा ने विकसित भारत के संकल्प लेकर स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। इस दौरान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े अधिकारियों ने भी स्टॉल लगाकर नागरिकजनों का विभिन्न योजनाओं में पंजीयन कराया। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तारतम्य में मुण्डला के नागरिकों को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हम सभी देशवासियों को आज गर्व होता है कि हमारे देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जिसका लोहा पूरा विश्व मानता है। पूरे विश्व में सर्वाधिक लोकप्रियता की बात हो या देश के हर गरीब की चिंता करने की बात हो, प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी सदैव अग्रणी रहते हैं। अपने प्रधानमंत्री काल में मोदी जी ने जो जो वादे किए थे वे सब आज गारंटी बन गए हैं। चाहे आवास हो या उज्ज्वला, आयुष्मान हो या अन्न योजना जैसे अनेकों कल्याणकारी प्रयास, मोदी जी हर क्षेत्र में देश के नागरिकों की सेवा और सुविधा में तत्पर रहते हैं। इसलिए आज देश के जन-मन को मोदी जी की हर गारंटी पर भरोसा है। इसी भरोसे और दृढ़ करने के लिए देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह मोदी जी हर नागरिक को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं उसी तरह हम सब भी 2024 में पुनः मोदी जी को सशक्त बनाएंगे। ताकि जनकल्याण के साथ राष्ट्रीय गौरव भी निरंतर बढ़ता रहे। विकसित भारत के लिए योगदान देने की शपथ दिलाईविधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में पहले मुण्डला गांव के रहवासियों को विकसित भारत के संकल्प से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने नागरिकों को विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान देने की शपथ दिलाई। विधायक शर्मा ने कहा कि भारत तभी 2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा जब हम सब इसके लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

मोहन सरकार का टारगेट लोकसभा 29-0 कैंपेनिंग जल्द शुरू करेगी बीजेपी

Mohan government’s target is Lok Sabha 29-0; BJP will start campaigning soon भोपाल ! मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। साथ में होंगे सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा। बीजेपी प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने का टारगेट लेकर चुनाव में उतरेगी। यानी बीजेपी 29-0 से क्लीन स्वीप करने कैपेनिंग करेगी। यहां बता दें, इससे पहले के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान प्रमुख चेहरा थे। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 29 लोकसभा सीटों में 28 पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को केवल छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर हार मिली थी। यह सीट कमलनाथ का गढ़ है, जहां से उनके बेटे नकुलनाथ जीते थे। बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी मप्र की 29 लोकसभा सीटों के लिए बीजेपी ने मंथन शुरू कर दिया है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से नए काम दिए जा रहे हैं। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जीत के लिए पांच पॉइंट में अपनी रणनीति तैयार की है और लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इन 5 पॉइंट से समझें बीजेपी की तैयारी 51 प्रतिशत वोट का टारगेट लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने राज्य में 51 फीसदी वोट का टारगेट तैयार किया है। बीजेपी इसके लिए प्लान कर रही है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 48.55 फीसदी था। अब बीजेपी लोकसभा चुनाव में 51 फीसदी वोट शेयर का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। हारे हुए बूथों पर फोकस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी को विधानसभा चुनाव में जिन बूधों पर पार्टी की हार हुई है। उसे देखते हुए बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है। हारे हुए बूथ के कार्यकर्ताओं से बीजेपी संगठन जल्द मीटिंग करने की योजना बना रहा है। हारी हुई सीटों पर अलग तैयारी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जिन विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। वहां, पार्टी अलग तरह की रणनीति बना रही है। बीजेपी यहां नए नेताओं को जिम्मेदारी दे सकती है। इसके लिए नेताओं की लिस्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल अभी किसी नेता को इसके लिए जिम्मेदारी नहीं दी गई है।हर माह तय होंगे कार्यक्रम लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने हर महीने बूथ स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्लानिंग कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से आम लोगों तक केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाएगा। उन योजनाओं पर फोकस किया जाएगा जिसमें आम लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। नई जोड़ी ने थमाई जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने बीजेपी विधायक दल की बैठक की थी। इस बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। सीएम और वीडी शर्मा की नई जोड़ी ने विधायकों को लोकसभा चुनाव के लिए टारगेट दिए हैं। सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट प्रतिशत बढ़ाने का टारगेट दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों के साथ की वीसी : प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

Chief Minister Vishnu Dev Sai VC with Collectors: Give top priority to the works of Pradhan Mantri Awas Yojana पहली कैबिनेट बैठक में ही हुआ था 18 लाख आवास बनाने का निर्णय। कानून-व्यवस्था और राजस्व मामलों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश।जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश। विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय शुक्रवार को  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों से पहली बार मुखातिब हुए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की सूची जल्द तैयार करने के निर्देश दिए ताकि शीघ्र ही इनका निर्माण किया जा सके। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अपराध पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई करने को कहा। श्री साय ने राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण भी तेजी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फौती, जाति प्रमाण पत्र, सीमांकन और नक्शा दुरूस्तीकरण जैसे कामों को लेकर जनता से किसी भी तरह की शिकायत नहीं आनी चाहिए। बिना किसी लेन-देन के लोगों के काम तेजी से होने चाहिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नालियों और गलियों की साफ-सफाई पर विशेष जोर देने को कहा। उप मुख्यमंत्री  अरूण साव और विजय शर्मा तथा मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में नई सरकार के गठन होते ही 18 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास देने और 12 लाख किसानों को दो वर्ष के बकाया बोनस की राशि देने का बड़ा फैसला लिया गया है। उन्होंने आवास के लिए पात्र सभी लोगों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए। श्री साय ने आगामी 25 दिसम्बर को प्रदेश में मनाए जाने वाले सुशासन दिवस की तैयारी के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सभी कलेक्टरों के साथ प्रदेश में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इससे बचाव और रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना के संभावित लक्षण वाले लोगों के सैम्पल की जांच प्रतिदिन ज्यादा-ज्यादा से संख्या में करने को कहा। उन्होंने कोरोना के इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की जांच के लिए अस्पतालों में मॉक-ड्रिल भी करने को कहा। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सभी कलेक्टरों से कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। प्रदेशवासियों को किसी भी तरह की तकलीफ न हो। शासन की हर योजना लोगों तक अच्छे तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी योग्यता और क्षमता का उपयोग जनता के हित में करें। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावी होने के बाद से रूके हुए कार्यों पर विशेष ध्यान दें। लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर आप लोग नई ऊर्जा और उत्साह से काम करेंगे, ऐसी अपेक्षा मैं करता हूं। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने वीसी में कहा कि सरकार गठन के शुरूआती आठ दिनों में ही राज्य में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। शासन और प्रशासन को मिलकर इन फैसलों का लाभ लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस के बाद 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस मनाया जाना है। वीर बाल दिवस के माध्यम से बच्चों में वीरता का भाव जगेगा। उन्होंने कलेक्टरों को इसकी तैयारी के निर्देश दिए।  स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के विशेष सचिव अय्याज फकीर तम्बोली, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक  जयप्रकाश मौर्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक  भोस्कर विलास संदिपान, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  चंद्रकांत वर्मा और आईडीएसपी के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेद्र गहवई भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में उपस्थित थे।

सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग में बुरहानपुर ने प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया

Burhanpur secured the first position in the Chief Minister’s Help Line Grading in the state. विशेष संवाददाता सहारा समाचार, बुरहानपुर बुरहानपुर ! सी.एम. हेल्पलाईन ग्रेडिंग माह नवम्बर 2023 जारी किया गया है। बुरहानपुर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री भव्या मित्तल के कुशल नेतृत्व में बुरहानपुर जिला सी.एम. हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में प्रदेश में अव्वल रहा। माह नवम्बर में बुरहानपुर जिला प्रदेश में 79.44 वेटेज के साथ रेटिंग बी ग्रेड प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहा। वहीं जिला पंचायत ए ग्रेड रेटिंग के साथ ग्रुप बी में वेटेज 87.22 के साथ सातवें स्थान पर रहा। वेटेज 97.14 एवं ए ग्रेड रेटिंग के साथ नगर निगम प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा तथा पुलिस विभाग ने 79.19 वेटेज के साथ समूह बी में आठवां स्थान प्राप्त किया है। आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए मध्य प्रदेश शासन द्वारा सी.एम. हेल्प लाईन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जहां नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। इसे प्रदेश में प्राथमिकता पर रखा जाता है।

142 सांसदों के निलंबन के विरोध में, जिला कांग्रेस कमेटी कटनी द्वारा धरना और फूका पुतला.

In protest against the suspension of 142 MPs, a district Congress committee staged a demonstration and burnt an effigy. कटनी, संवाददाता, सहरा सामाचारकटनी। संसद के सुरक्षा में चूक मामले पर सवाल पूंछनें और सदन में गृहमंत्री के वक्तव्य की मांग करने पर भाजपा सरकार द्वारा लोकसभा एवम राज्यसभा से 142 सांसदों का अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबन लोकतंत्र पर तानाशाही के हावी होने का प्रमाण है।लोकतंत्र बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी कटनी शहर एवं ग्रामीण के तत्वाधान में समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष विक्रम खम्परिया ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से लोकतंत्र को तार-तार कर संसद के दोनों सदनों से विपक्ष के 142 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है जो लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार हुआ है जो देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है इनके निलंबन को बहाल कर लोकतंत्र के ऊपर हो रहे ऐसे घिनौनी कृत को रोकने की मांग कांग्रेस करती है lजिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष के आवाज को कुचलने का जो कार्य किया जा रहा है यह देश के प्रत्येक नागरिक के हक अधिकार के विरुद्ध है,लोकतंत्र पर अब के इतिहास में सबसे बड़ा कुठारा घात है l कांग्रेस पार्टी ऐसा कतई होने नहीं देगी हम सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे l विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता के हित और देश हित के लिए आवाज उठाना नहीं छोड़ेंगे जरूरत पड़ी तो देश एवं प्रदेश की कांग्रेस कमेटी के एक आवाज पर एकजुट होकर आगे और जोरदार प्रदर्शन हम लोग करेंगे।जिला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष इंजी यदुवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या कर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जो यहां विपक्ष की आवाज को दबाने का कार्य किया जा रहा है इससे सपा डरने वाली नहीं है हम सड़कों पर जनता के बीच उनके अधिकार के लिए लड़ाइयां लड़ते रहेंगे।प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र मिश्र ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देशहित के लिए कार्य किया है जनता के हक अधिकार के लिए कार्य की है और देश हित के लिए हम सभी एकत्रित होकर लड़ाईया लड़ेंगे lजिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंशु मिश्रा ने कहा कि आज इस भ्रष्ट भाजपा सरकार का जो चरित्र सामने आ रहा लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले दृश्य पर जिसने जनता की आवाज उठाने वाले विपक्ष के 142 सांसदों का निलंबित किया जाना लोकतंत्र पर कुठाराघात हमला किए जाने का प्रमाण है जिसका जिला युवा कांग्रेस घोर निन्दा करती है। जिला महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि देश हित में लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज बुलंद करती है आगे भी जरूरत पड़ी तो आम जनता के हक अधिकार के लिए आवाज बुलन्द करते हुए उग्र आंदोलन भी करेंगे।इस अवसर पर मप्र कांग्रेस शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी प्रदेश महामंत्री राकेश जैन कक्का राजा जगवानी देवीदीन गुप्ता डॉ बीके तोमर शशि शेखर भारद्वाज ने भी धरना में संबोधन दिया।धरने के उपरांत देश की सत्ता में बैठकर देश के लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा का पुतला जलाया गया। सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे

मोहन कैबिनेट जल्द लेंगा शपथ , दिल्ली दरबार बैठक सम्पन्न

The Mohan Cabinet will soon take the oath, and the Delhi meeting has concluded. नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल की सारी अड़चनें दूर कर ली गई। मंत्रियों की लिस्ट को शुक्रवार रात अंतिम रूप दे दिया गया। फार्मूले के तहत तीन बार मंत्री रहे चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा। इस बार ऐसे विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जो तीन या पांच बार विधायक बने पर कभी मंत्री नहीं बन पाए। जानकारी के मुताबिक 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल शपथ लेगा। मंत्रियों की संख्या भी शायद 20 से ज्यादा नहीं होगी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की तरह मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को शामिल करना चाहता है। यही कारण है कि तीन से पांच बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बन सके चेहरों को इस बार मौका देना तय किया गया। अपनी दो दिन की दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से मुलाकात की। बताते हैं कि सिंधिया से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हाईकमान के साथ हुई बैठक में डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की लिस्ट को अंतिम रूप दिया। संभावना है कि 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार होप्नाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल शपथ में अधिक विलंब नहीं किया जाएगा। क्योंकि, फिर सभी सांसदों और विधायकों को नरेंद्र मोदी की संकल्प यात्रा के साथ जनता के बीच जाना है। ऐसे में केबिनेट गठन में देरी नहीं की जा सकती। भाजपा हाईकमान ने तय किया है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को कर ही दिया जाए। अभी करीब 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें ज्यादातर कैबिनेट और कुछ को राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा। इनके मंत्री बनने की संभावना डॉ मोहन यादव ने जिन संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की उनमें सभी गुटा, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा चुनावों को देखते हुए भी किया गया है। इसके तहत हर लोकसभा क्षेत्र से कम से कम एक विधायक को मंत्री बनने की कोशिश की गई। जिन नामों पर मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई उनमें विश्वास सारंग, रमेश मेंदोला (या मालिनी गौड़), इंदरसिंह परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, एदल सिंह कंसाना, कुंवर टेकाम, संपतिया उइके, ओमप्रकाश धुर्वे, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, अंबरीश शर्मा गुड्डू, बृजेंद्र यादव, नीना वर्मा, भगवानदास सबनानी, राकेश सिंह, राजेश सोनकर, रीति पाठक, राजकुमार मेव, दिव्यराज सिंह, ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, देवेंद्र कुमार जैन, प्रियंका मीणा के नाम शामिल हैं। इनमें से भी कुछ नाम बाहर हो सकते हैं। बड़े नामों पर ये हुआ फैसला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल में शामिल न करके उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। यह काम भी मंत्रिमंडल गठन के साथ ही होगा। वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। राकेश सिंह और रीति पाठक को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि, प्रहलाद पटेल को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। नरेंद्र तोमर को पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा चुका है।

शहर में आवारा कुत्तों की धमक, प्रशासन, निगम लाचार

Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।

चार महीने के सरकारी खर्च और योजनाओं की गति के लिए मोहन सरकार लेकर आएगी लेखानुदान.

Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट

सीएम डॉ. यादव ने एसीएस लेवल के अधिकारियों को सौंपी संभागीय बैठक की जिम्मेदारी.

CM Dr. Yadav assigned the responsibility of the regional meeting to the officers of the ACS level. पीएम मोदी की गारंटी और भाजपा के संकल्प को पूरा करने के लिए रहेगा लक्ष्य, रिव्यू के साथ करेंगे मानिटरिंग भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने संभागीय बैठक के लिए एसीएस लेवल के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अधिकारियों को संभाग बैठक के लिए प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश के दस संभाग के लिए दस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये सभी अधिकारी संभागीय बैठक की न सिर्फ तैयारी करेंगे बल्कि बैठक के बाद बैठक में दिए गए सीएम के निदेर्शों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। एसीएस स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के पीछे की वजह है कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता देनी है। यानी कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि गारंटियों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही भाजपा के संकल्प को भी पूरा करने की चुनौती होगी। लोक स्वास्थ्य, वन विभाग, गृह, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, जनजातिय कार्य विभाग, वित्त विभाग, किसान कल्याण, पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की कमान संभालते ही संभागों की बैठक लेना शुरू किया है। उन्होंने इसकी शुरूआत अपने गृह संभाग उज्जैन से की थी। इसके बाद जिले वार समीक्षा के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। अधिकारियों को भी फील्ड की जानकारी भी सीएम को देना होगा। खास बात है कि राजेश राजौरा को उज्जैन का प्रभार दिया गया है। सीएम बनने के बाद राजौरा ही पहले अधिकारी थे। जिन्होंने लाउड स्पीकर पर नियंत्रण का आदेश जारी कराया। उज्जैन में रहते हुए एसीएस राजौरा सीएम मोहन यादव के काफी भरोसेमंद अफसरों में शुभार रहे हैं। इन्हें बनाया प्रभारी एसीएस मोहम्मद सुलेमान को भोपाल संभाग, एसीएस विनोद कुमार को जबलपुर संभाग, एसीएस जेएन कंसोटिया को रीवा संभाग, एसीएस राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग, एसीएस एसएन मिश्रा को सागर संभाग, एसीएस मलय श्रीवास्तव को इंदौर संभाग, एसीएस अजीत केसरी को नर्मदापुरम संभाग, एसीएस अशोक वर्णवाल को शहडोल संभाग, एसीएस मनु श्रीवास्तव को चंबल संभाग और एसीएस केसी गुप्ता को ग्वालियर संभाग की जिम्मेदारी दी गई।

चुनावी आचार संहिता : विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी हटेंगे अफसर.

Election Code of Conduct: Officers will also be transferred in the Lok Sabha elections after the Assembly elections. आयोग के फरमान: राज्य सरकार को 30 जून तक एक ही जिले में पदस्थ अफसरों का करना होगा तबादला- जनवरी के पहले ही सप्ताह से अफसरों के प्रमोशन और ट्रांसफर की शुरू हो जाएगी प्रक्रिया भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बीच अफसरों की पदस्थापना को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव 30 जून 2024 को एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना पूरी करने वाले अफसरों को हटाते हुए रिपोर्ट देंगे। हालांकि इसकी प्रक्रिया सरकार जनवरी 2024 के पहले ही सप्ताह से शुरू कर दे दी। इसके पीछे का कारण है कि जनवरी में कई अफसरों के प्रमोशन का समय भी है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर से साथ पोस्टिंग भी होगी। कई अफसरों को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में अटैच किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव से सीधा संबंध रखने वाला कोई भी अधिकारी उस जिले में पदस्थ नहीं रहेगा जो उसका गृह जिला होगा। अगर संबंधित अफसर ने पिछले चार साल के अंतराल में पदस्थापना वाले जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या फिर 30 जून 2024 को उसके तीन साल पूरे होने वाले हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 जून के पहले पूरी कर ली जाएगी। इसलिए आयोग ने निर्णय लिया है कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों में गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को हटाने की कार्यवाही की समय पर की जाए। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने कई जिलों के अफसरों को हटा दिया था। हालांकि स्पष्ट है कि विधानसभा में ड्यूटी करने वाले अधिकांश अफसर चुनाव ड्यूटी में शामिल रहेंगे।

आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग का इससे बड़ा मोह : जीतू पटवारी.

Modern countries have abandoned EVMs, but the Indian Election Commission is more attached to it: Jitu Patwari. भाजपा सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में मुझे भी गलत तरीके से किया था निलंबित प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पटवारी के नेतृत्व में पहला धरना भोपाल। संसद से निलंबित किए गए सांसदों की लड़ाई अब सड़क पर पहुंच गई है। कांग्रेस ने सांसदों के निलंबन पर शुक्रवार को प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर भी धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के नव-नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे संबोधित किया। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ये पहला प्रदर्शन है। इस मौके पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उप नेता हेमंत कटारे सहित कई नेता मौजूद रहे। पटवारी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत के लोकतंत्र की दुनिया में मिसाल दी जाती है। इसका अनुशरण कई देशों में किया जाता है। सत्ता और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। आज भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया है। आज देश में जिस तरह के चुनाव परिणाम आते हैं, उस पर लोगों को भरोसा नहीं होता है। आज लोकतंत्र खतरे में है। पटवारी ने कहा कि मोदी के आने के बाद जनप्रतिनिधियों का दल-बदल बढ़ गया है। पिछले सत्र में विधानसभा में मुझे गलत तरीके से निलंबित किया था। ये लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा में अंदर भी लोकतंत्र नहीं बची है। वहां भी मोदी की तानाशाही चल रही है। भाजपा का पिछला घोषणा पत्र ही पूरा नहीं हुआ। 18 हजार से अधिक घोषणा अधूरा है, हम लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे।

रोजगार सृजन के लिए DICCI करेगा मध्यप्रदेश के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स का प्रशिक्षण.

DICCI will provide training to 313 block coordinators in Madhya Pradesh for the creation of employment. DICCI के भोपाल ऑफिस में होगा यह बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, DICCI मध्यप्रदेश के ब्लॉक कॉर्डिनेटर साझा करेंगे अपनी सफलता की कहानियां   उदित नारायण भोपाल। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) मध्यप्रदेश चैप्टर की ओर से बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी विकासखंडों में मौजूद डिक्की के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए 45-45 को-ऑर्डिनेटर्स के 7 बैच बनाए गए हैं। डिक्की मध्यप्रदेश चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ.अनिल सिरवैयां ने बताया कि प्रदेश में उद्यमिता विकास और स्व-रोजगार की गतिविधियों को विकासखंड स्तर पर क्रियान्वित कर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए ब्लॉक लेबल बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। 23 दिसम्बर को पहले बैच, 24 दिसम्बर को दूसरे बैच और 25 दिसम्बर को तीसरे बैच का प्रशिक्षण होगा। इस दौरान एससी-एसटी उद्यमियों और युवाओं को अपने ब्लॉक में ही व्यापार-व्यवसाय और उद्यमिता के अवसर, सफल बिजनेस फ्रेचाइजी मॉडल, लघु और मध्यम उद्योगों के क्लस्टर निर्माण, एमएसएमई इकाईयों की स्थापना, महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ लेने की प्रक्रिया, आसान और सब्सिडाइस बैंक ऋण से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के टिप्स दिए जाएंगे।  लक्ष्य : प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना डॉ. सिरवैयां ने बताया कि डिक्की का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना है। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक एमएसएमई कलस्टर का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि औद्योगिकीकरण से वंचित और पिछड़े जिलों सहित प्रत्येक जिले में विनिर्माण, सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप और नए उद्यम तथा ट्रेडिंग कारोबार के लिए डिक्की ने विशेष प्लान तैयार किया है। अगले दो साल में इसे शत-प्रतिशत क्रियान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से डिक्की द्वारा प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षित एससी-एसटी व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं की टीम तैयार की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करेंगे। कार्यशाला में विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण वर्तमान समय में व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स को एक्सपर्ट्स द्वारा डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे व्यापार विस्तार के लिए ऑनलाइन माध्यमों का भरपूर उपयोग कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी सफलता की कहानियों से दूसरों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने संबंधी टिप्स भी दिए जाएंगे। कार्यशाला में डिक्की के अनुभवी उद्यमी,बैंकों के अधिकारी और इंडस्ट्री और उद्यमिता के क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देंगें।

पत्रकारों से सूत्र पूछने का अधिकार नहीं है – सीजेआई (सुप्रीम कोर्ट).

Do not have the right to question journalists’ sources,” says CJI (Supreme Court). नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा और उन्हें चेतवानी भी दी । मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूर्ण की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 और 22 के तहत पत्रकारों के मूल अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार के सूत्र नही पूंछ सकती है और न ही न्यायालय तब तक जब तक कि पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच और पुख्ता सबूत के दर्ज मुकदमे और गवाही की जांच नही हो जाती है । आज कल देखा जा रहा है कि पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है क्यों कि अधिकतर मामले में पुलिस खुद को श्रेष्ठ बनाने के लिए ऐसा करती है। इस संबंध में उच्च न्यायालय ने अब अपना कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है अगर पुलिस ऐसा करती पाई जाती है तो फिर कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है व उस अधिकारी की सेवाये भी समाप्त की जायेगी ।

कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका पर आज लग सकती है मुहर.

Today, the seal could be placed on Kailash Vijayvargiya’s role. मंत्रिमंडल में शामिल होंगे या फिर संगठन की कमान संभालेंगे भोपाल । आज या कल में प्रदेश के मंत्रियों का फैसला हो जाएगा। इस बीच यह भी खबरें आइंर् कि प्रदेश के कद्दावर नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें इंदौर से विधायक और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। हमेशा से पार्टी कहती आई है कि विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी मिलेगी और विजयवर्गीय भी इसकी ओर इशारा करते आए हैं। अब उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी सौंपी जा सकती है या फिर मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है, इस पर संभवत: आज फैसला हो सकता है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे कद्दावर नेता का नाम पहले मुख्यमंत्री के लिए चला था और इसी फेहरिस्त में प्रहलाद पटेल, नरेन्द्रसिंह तोमर जैसे नाम भी शामिल थे। तोमर को तो विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया है, वहीं अब प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी देने की बात कही जा रही है। ये जवाबदारी क्या हो सकती है, इस बारे में आज और कल होने वाली संगठन की बैठक में फैसला हो सकता है। फिलहाल तो भोपाल से यही खबर उड़ रही है कि विजयवर्गीय और पटेल को मंत्रिमंडल में कोई बड़ा विभाग दिया जा सकता है। यह फैसला भी आज-कल में हो जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल पर चर्चा के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली से होने वाले फैसले के बाद विजयवर्गीय जैसे नेता की भूमिका पर चल रही गाहे-बगाहे भी समाप्त हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी दी जा सकती है। संभवत: उन्हें प्रदेश संगठन में लिया जा सकता है। हालांकि यह भी बड़े नेताओं के कयास है, लेकिन यह तो तय है कि अब विजयवर्गीय कद बढ़ना तय है।

यह मोदी सरकार है जो जनता के द्वार-… रामेश्वर शर्मा

This is Modi government which is at the door of the public-… Rameshwar Sharma विधायक रामेश्वर शर्मा ने उड़ाया ड्रोन, खेत में किया दबाई का छिड़काव विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँच रही है गाँव-शहर भोपाल। शुक्रवार को हुजूर विधानसभा के नरेला एवं खारपा में विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँची नरेला में विधायक रामेश्वर शर्मा विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। यहाँ विधायक रामेश्वर शर्मा किसानों के साथ ड्रोन से खेतों में दवाई का छिड़काव करते हुए दिखे । विधायक रामेश्वर शर्मा का ड्रोन से दवाई छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है। नरेला पहुँचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने उपस्थित नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा हुज़ूर विधानसभा के गाँव गाँव पहुँच रही है, इस यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होकर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहें है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले जनता सरकार के पास जाती थी परंतु यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार है जो जनता के द्वार द्वार जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, घर घर शौचालय का निर्माण कराकर देश के गाँव, ग़रीब, किसान, युवाओं का जीवन बदलने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत का स्वाभिमान बढ़ाया है । अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो, कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का काम हो सब कुछ मोदी जी ने करके दिखाया । श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का अधिक से अधिक प्रचार करें इस यात्रा से जुड़े और नागरिकों को जोड़ें। यात्रा के दौरान लगने वाले लोक कल्याण शिविर में आवेदन देकर शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। साथ ही भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ कर आप अपना और अपने परिवार का जीवन कैसे बदल सकतें यह भी जाने। विधायक रामेश्वर शर्मा आत्मनिर्भर और विकसित भारत की शपथ दिलायी विकसित भारत संकल्प यात्रा में उपस्थित नागरिक बंधुओं को विधायक रामेश्वर शर्मा ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के सपने को साकार करने की शपथ दिलाई। 25 जनवरी तक चलेगी यात्रा 15 नवंबर से बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के उलिहातु गांव से विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था ।25 जनवरी तक विकसित भारत संकल्प यात्रा देशभर के सभी जिलों से गुजरेगी।

PM मोदी पहुंचे पार्टी मुख्यालय, BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का करेंगे उद्घाटन

PM Modi arrived at the party headquarters, will inaugurate the BJP National Executive Meeting. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन करने पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। उनका स्वागत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन करने पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। उनका स्वागत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी शामिल होंगे।

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में आज से मंथन

After the defeat in the Chhattisgarh Legislative Assembly election, Congress begins introspection today. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में दो दिवसीय समीक्षा बैठक की शुरुआत शुक्रवार से होगी। इस समीक्षा बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, पूर्व मंत्री और नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। रायपुर। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में दो दिवसीय समीक्षा बैठक की शुरुआत शुक्रवार से होगी। 22 और 23 दिसंबर को आयोजित इस समीक्षा बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, पूर्व मंत्री और नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। शुक्रवार को सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री एवं सचिव, दोपहर 12.30 बजे टिकट से वंचित पूर्व विधायक, दोपहर दो बजे प्रदेश मोर्चा, संगठन, प्रकोष्ठ विभाग के अध्यक्षगण, दोपहर 3.30 बजे समस्त जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगणों की बैठक रखी गई है

घुसपैठ हुई तो संसद से भग लिए BJP सांसद, बेरोजगार चला रहे इंस्टा-फेसबुक: राहुल

BJP MP expelled from Parliament in intrusion, unemployed running Insta-Facebook: Rahul Gandhi. दिल्ली ! संसद से सांसदों की सस्पेंशन के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन सड़कों पर है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. सत्र समाप्त हो चुका है और आज विपक्ष जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा है. संसद में सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन आज जंतर-मंतर पहुंचा है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों के नेता विरोध में शामिल हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि 150 सांसदों को निलंबित करना सिर्फ उनका अपमान नहीं है बल्कि यह जनता का अपमान है. संसद में स्मोक हमले पर राहुल ने कहा कि जब घुसपैठ हुई तो बीजेपी के सांसद भग लिए. युवा बेरोजगार हैं और इसलिए वे इंस्टा-फेसबुक पर टाइम पास कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में युवा अपने फोन पर साढ़े 7 घंटे सोशल मीडिया पर रहता है, क्योंकि उनको रोजगार नहीं दिया, यही हिन्दुस्तान की सच्ची हालत है. इसलिए ये युवा संसद में कूद कर आए. यही भावना हिन्दुस्तान के हर युवा में है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.आज जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीताराम येचुरी और शरद पवार भी पहुंचे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता लखनऊ में भी सड़क पर उतरे हैं. वे बेगम हजरत महल पार्क के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन के ऐलान के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष का ये पहला विरोध-प्रदर्शन है.

मंत्रिमंडल में लक्ष्‍मी राजवाड़े बनीं इकलौती महिला मंत्री, भटगांव सीट से पहली बार बनी विधायक.

Lakshmi Rajwade became the only female minister in the cabinet, winning as the first-time legislator from the Bhata Gaon seat. छत्‍तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय की कैबिनेट के नौ विधायकों को आज राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें एकमात्र महिला विधायक लक्ष्मी राजवाड़े भी शामिल हैं। रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय की कैबिनेट के नौ विधायकों को आज राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें एकमात्र महिला विधायक लक्ष्मी राजवाड़े भी शामिल हैं। लक्ष्मी राजवाड़े भटगांव विधानसभा क्षेत्र से पहली बार की विधायक हैं। कौन हैं लक्ष्मी राजवाड़ेसरगुजा संभाग और सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र से लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार विधायक निर्वाचित हुई हैं। वह अब मंत्री बनने वाली हैं। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम वीरपुर की लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार जनपद सदस्य के पद पर निर्वाचित हुई थी। पिछले पंचायत चुनाव में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी जीता था। वर्तमान में जिला पंचायत सूरजपुर के सदस्य के अलावा वे भाजपा महिला मोर्चा सूरजपुर की जिला अध्यक्ष भी है। भाजपा संगठन में आरंभ से ही सक्रिय लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने पहले ही चुनाव में कांग्रेस के पारसनाथ राजवाड़े को 43 हजार से अधिक मतों से पराजित किया है। पारसनाथ राजवाड़े दो बार के विधायक थे। लक्ष्मी राजवाड़े को संगठन में सक्रियता का लाभ मिला था। पहले उन्हें पार्टी ने प्रत्याशी बनाया अब विधायक निर्वाचित होने के बाद मंत्री पद की भी बड़ी जबाबदारी दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ के साय मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह.

The swearing-in ceremony of the Chhattisgarh cabinet took place. रायपुर! छत्‍तीसगढ़ में विष्‍णुदेव साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को राजभवन में हुआ। इस दौरान सबसे पहले भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने छत्‍तीसगढ़ के मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली।छत्‍तीसगढ़ में विष्‍णुदेव साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में हुआ। इस दौरान सबसे पहले भाजपा बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम ने छत्‍तीसगढ़ के मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ ही सात अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा को 13 दिसंबर को शपथ दिलाई गई थी, जबकि नौ अन्य विधायकों को आज मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। नारायणपुर विधायक केदार कश्यप और अनुसूचित जाति से नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल उन विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। साथ ही कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन, मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी, भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े और बलौदाबाजार विधायक टंकराम वर्मा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। साय ने अपने मंत्रिमंडल में पांच नए चेहरे और पूर्ववर्ती रमन कैबिनेट के चार पूर्व मंत्रियों पर दांव खेला है। साथ ही सबसे अधिक ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) वर्ग से पांच विधायकों को मंत्री पद देने का निर्णय लिया गया है, जो कि पहली बार मंत्री बने।इनमें कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन, मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी, भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े और बलौदाबाजार विधायक टंकराम वर्मा शामिल हैं। पूर्व मंत्रियों में सामान्य वर्ग से रायपुर-दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अनुसूचित जनजाति वर्ग से रामानुजगंज विधायक रामविचार नेताम व नारायणपुर विधायक केदार कश्यप और अनुसूचित जाति से नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल को मंत्री बनाया गया है।नए मंत्रियों के नामों की घोषणा करते हुए कल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया को राजभवन में शपथ समारोह की जानकारी दी थी। गौरतलब है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत 13 मंत्री नियुक्त होते हैं। इनमें अभी तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव सहित उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा भी मंत्रिमंडल में शामिल हो चुके हैं

गांधी परिवार के करीबी दो पूर्व सीएम का भविष्य लिखना बांकी.

Writing the future of two former Chief Ministers close to the Gandhi family remains pending. – अब क्या करेंगे कमलनाथ और दिग्विजय, दोनों ने राजनैतिक विरासत की कुर्सी पर बेटों को किया शिफ्ट जेवी विधायक और नकुल सांसद- जय-वीरू की जोड़ी को हाईकमान ने दिया रेस्ट, दिग्विजय फिर भी सक्रिय और कमलनाथ 5 जनवरी के बाद लौटेंगे भोपाल। मध्य प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन का दौर भाजपा से लेकर कांग्रेस तक में चल रहा है। पुराने दिग्गजों को किनारे कर सेंकड और थर्ड लीडरशिप को फ्रंट पर खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ सालों में देखें तो भाजपा ने यह प्रयोग पहले ही किया है। तीन राज्यों में करारी हार के बाद अब कांग्रेस ने भी प्लानिंग की है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने एक झटके में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को साइडलाइन कर दिया है। हैरत की बात है कि दोनों ही नेता गांधी परिवार के करीबियों में शुमार रहे हैं। इंदिरा गांधी ने तो कमलनाथ को तीसरा बेटा माना था। वहीं दिग्विजय सिंह के संबंध भी उनके पिता के चलते कांग्रेस में शुरुआत से ही बेहतर रहे हैं। विधानसभा के चुनाव में दोनों से जय-वीरू की भूमिका निभाई। परिणाम के बाद हाईकमान ने घर ही बैठा दिया। अब राहुल गांधी की यूथ ब्रिगेड के हाथों में प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी है। इसके बाद सवाल यह है कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का क्या होगा। यह लोकसभा के चुनाव में स्पष्ट हो जाएगा। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अपने बेटे जयवर्धन सिंह को राघौगढ़ से विधायक बनवाया। हालांकि जेवी कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ ने अपनी सीट से राजनैतिक विरासत की जमीन पर बेटे नकुलनाथ को सांसद की कुर्सी पर बैठा दिया। खास बात है कि कांग्रेस प्रदेश की सभी सीटों पर हार गई। सिर्फ छिंदवाड़ा से ही कांग्रेस को सफलता मिली। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 10 से 15 साल में पार्टी ने क्षत्रपों की दूसरी पीढ़ी तैयार ही नहीं की। इसका विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बिना राय और सलाह कर दी जीतू की नियुक्तिपार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब कमलनाथ को कोई पद देने के मूड में नहीं है। इसके संकेत इससे भी मिल रहे हैं कि बगैर उनकी राय लिए सीधे नियुक्तियां कर दी गईं। ऐसे में आगे उनको कोई जिम्मेदारी मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। वहीं, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा में तो बने रहेंगे, पर उनको भी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। हालांकि, वे नए युवाओं को मार्गदर्शन देते रहेंगे। वहीं कमलनाथ अभी विदेश के दौरे पर हैं। जानकारी है कि वो 5 जनवरी को भारत लौट सकते हैं।पिछली जीत से नहीं लिया सबक – 2018 में कांग्रेस में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के साथ युवा के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। राजस्थान में अशोक गहलोत के साथ सचिन पायलट थे। इस वरिष्ठ और युवा नेता के समन्वय से कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी। इस बार मध्य प्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जय और वीरू की जोड़ी मुख्य रोल में थी। इन दोनों के ही बीच द्वंद्व जैसे कई बार स्थितियां देखी गई। युवा को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, जीतू पटवारी जैसे नेताओं को साइड लाइन करके रखा गया। इस बार का चुनाव व्यक्ति विशेष केंद्रित हो गया था, जिसका कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। मार्गदर्शक के रूप में अनुभव का लाभ ले सकते हैं – विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पुरानी पीढ़ी के नेता हैं। भाजपा से लड़ने के लिए कांग्रेस को पीढ़ी परिवर्तन की जरूरत थी। यह राहुल गांधी ने पहल की तो यह देर से उठाया सही कदम है। वरिष्ठों के अनुभव का लाभ पार्टी मार्गदर्शक के रूप में ले सकती है। वरिष्ठ पदों पर बैठाने से नई पीढ़ी का युवा पार्टी से जुड़ नहीं पाता। इसका ही प्रदेश में कांग्रेस को नुकसान हुआ है। कमलनाथ के पास विकल्प है कि वह बेटे को लोकसभा चुनाव लड़ाएं या खुद लड़ें। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के ऊपर निर्भर करेगा कि वे इस पर सहमत होते हैं या नहीं? वहीं पीसीसी एमपी अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है िक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 51 प्रतिशत वोट शेयर को प्राप्त करेगी।

क्राउड फंडिंग होगी जीतू की पहली परीक्षा.

Crowd funding will be done for Jitu’s first exam. कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा भोपाल – मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली परीक्षा क्राउड फंडिंग में होगी। दरअसल, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रति व्यक्ति 138 रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश के संगठन को भी ये जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पटवारी ने प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कांग्रेस विधायकगण, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अभा कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा है। राजीव सिंह ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस पार्टी की 138 साल की यात्रा की याद दिलाता है। इस अभियान के तहत हम सभी समर्थकों को 138 रुपये से लेकर 1380 रुपये या इससे अधिक की राशि दान करने के लिए कहेंगे। 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस तक यह कार्यक्रम आॅनलाइन होगा। उसके बाद जमीनी अभियान शुरू कर घर-घर जाकर प्रत्येक बूथ में कम से कम दस घरों से न्यूनतम निर्धारित राशि का योगदान लिया जाएगा। वहीं प्रदेश पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभा और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधियों को 1380 रुपये का योगदान अभियान के तहत अनिवार्य है। 18 दिसंबर को लांच हुआ अभियान- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आॅनलाइन क्राउड फंडिंग कार्यक्रम 18 दिसम्बर को लांच किया। इस संबंध में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पत्र प्रदेश अध्यक्षों को जारी किया है। इसमें उन्होंने क्राउड फंडिंग के कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचारित-प्रसारित कराने और अभियान को सशक्त बनाने के लिए कहा है।

2 हजार करोड़ का सरकार ने लिया कर्ज, अब प्रदेश में पौने चार लाख करोड़ वित्तीय भार.

The government has taken a loan of 2 trillion rupees, resulting in a financial burden of around 4 lakh crore rupees on the state now. उदित नारायण भोपाल – मध्य प्रदेश की नई सरकार के सामने वित्तीय स्थिति से जूझना बड़ी चुनौती है। नई सरकार के गठन के बाद राज्य शासन 2 हजार करोड़ का लोन लेने जा रही है। यह नई सरकार का पहला ऋण होगा। वित्त विभाग ने इसके लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया को विलिंगनेस लेटर लिखा है। राज्य सरकार पिछले 7 माह में 25 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज है। मध्यप्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार साढ़े तीन लाख करोड़ के कर्ज का भार छोड़कर गई है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार को सरकारी कामकाज चलाने के लिए लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है। राज्य शासन पिछले 7 माह के दौरान 25 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बाजार से उठा चुकी है। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले सितंबर माह में ही 12 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। यही नहीं आचार संहिता के दौरान भी अक्टूबर और नंवबर माह में कर्ज लिया गया। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर सरकार दो हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज था, जो बढ़कर अनुमानत: पौने चार लाख करोड़ से ज्यादा का हो जाएगा।

जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त

Jagdalpur MLA Kiran Singh Dev appointed as the Chhattisgarh BJP State President. रायपुर। भाजपा नेता और जगदलपुर से विधायक किरण सिंह देव को भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सहमति से राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने की है। किरण देव जगदलपुर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक भी हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी जतिन जायसवाल को 29834 वोट से चुनाव हराया हैं।  61 वर्षीय किरण सिंह देव रियासत कालीन जमींदार परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। वे महापौर भी रह चुके हैं। पेशे से अधिवक्ता किरण सिंह देव ने भारतीय जनता युवा मोर्चा से अपने राजनीति की शुरुआत की है। वे भाजयुमो के जिला अध्यक्ष रहने के अलावा भाजपा पार्टी के जिला अध्यक्ष, प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में चुनाव लड़ने से पहले बिलासपुर संभाग के भाजपा के प्रभारी के तौर पर दायित्व संभाल रहे थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विधानसभा के समीप जीरो पॉइंट चौक के सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण

Chief Minister Vishnu Dev Sai inaugurated beautification projects near the legislative assembly at Zero Point Chowk. रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में विधानसभा के समीप स्थित जीरो पॉइंट चौक के सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। सौंदर्यीकरण के तहत मुख्य चौक तथा सड़क के दोनों तरफ के उद्यानों में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं लोक कला को प्रदर्शित किया गया है। चौक के मध्य में और दोनों तरफ के उद्यान का सौंदर्यीकरण 37.95 लाख रुपए की लागत से किया गया है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक रामविचार नेताम, विधायक गोमती साय, विधायक दयालदास बघेल, विधायक मोती लाल साहू, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक गुरू खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक भावना बोहरा सहित अनेक विधायकगण, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे। विधानसभा चौक का सौंदर्यीकरण – मोवा-विधानसभा फोरलेन मार्ग (लोक निर्माण विभाग का मुख्य जिला मार्ग) में स्थित चौक लगभग 20 वर्ष पूर्व निर्मित किया गया था। मोवा-विधानसभा फोरलेन मार्ग में स्थित चौक की गोलाई अत्यधिक होने के कारण हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। चौक की गोलाई को कम कर विधानसभा की गरिमा अनुरुप चौक के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। विधानसभा पहुँच मार्ग में मार्ग के दोनों ओर स्थित उद्यान लगभग 16 वर्ष पूर्व निर्मित किये गये थे। चूंकि उक्त दोनों उद्यान छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन के प्रवेश मार्ग में स्थित हैं। अतः उक्त दोनों उद्यान में छत्तीसगढ़ संस्कृति की झलक हो एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन की गरिमा के अनुरुप उद्यान का स्वरुप हो, इस उद्देश्य से उद्यान के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। चौक – चौक में बस्तर आर्ट बेल मेटल पेटर्न की मूर्ति लगाई गई है, मूर्ति को इस तरह से स्थापित किया गया है जिससे की उसे तीन तरफ से देखा जा सकता है। इस चौक को 6 मीटर गोलाई में बनाया गया है। उद्यान – विधानसभा मार्ग के दोनों ओर स्थित उद्यान में मुरिया नृत्य करते हुए महिलाएँ एवं पुरुषों की मूर्तियाँ लगायी गई हैं। उद्यान में स्थित दीवाल पर बस्तर आर्ट बेल मेटल पेटर्न से कलाकृति बनाई गई है। उद्यान में बस्तर आर्ट बेल मेटल से विभिन्न मूर्तियाँ तैयार कर लगाई गई हैं।

अवैध मांस दुकानों को कराया बंद, 10 दुकानों का कब्जा हटाया

Illegal meat shops shut down, possession removed from 10 shops. नगर निगम अमले ने खजूरी मार्ग और गांधीनगर क्षेत्र में की कार्रवाई। जोन क्रमांक 14, 15 और 16 में नियमों का उल्लंघन कर मांस दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई। भोपाल। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अवैध मांस- मछली की दुकानों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। अमले ने बुधवार को खजूरी मार्ग और गांधी नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए हैं। बता दें कि सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि धार्मिक स्थल के आसपास मांस-मछली की दुकानें संचालित नहीं की जाएंगी। साथ ही मांस विक्रेताओं को अपारदर्शी कांच लगाने सहित साफ-सफाई के नियमों का पालन करना होगा। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार जोन क्रमांक 14, 15 और 16 में स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा संयुक्त रूप से मंदिरों के समीप बिना लाइसेंस और गंदगी में मांस बेचने वाली दुकानों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें जोन क्रमांक 14 और 15 के क्षेत्रों मे खजूरी मार्ग इलहाबाद बैंक से एसओएस बालग्राम, पूर्वांचल, खजूरी होते हुए पिरिया गांव हाइवे तक मांस दुकान को बंद करने की कार्रवाई की गई। खजूरी कलां स्थित ख्वाजा गरीब नवाज मांस दुकान मंदिर के पास थी, उसे बंद कराया गया।इसके साथ ही वार्ड 61 के तहत सभी दुकानों को बंद कराकर जुर्माना की कार्रवाई की गई और 15 किलो 500 ग्राम अनुपयोगी मांस को खत्म कराया गया। निगम के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गुमठी संचालक, मांस-मछली के कारोबारी दुकान बंद कर भाग गए थे।

लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई योजना बंद नहीं होगी – मोहन यादव

No scheme including Ladli Lakshmi will be closed – CM Dr Mohan Yadav. भोपाल। प्रदेश में नवगठित 16 विधानसभा के पहले सत्र का आज चौथा और अंतिम दिन है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू की। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य चर्चा के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया। यादव ने अपने संबोधन में सरकार का विजन बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार की सभी योजनाएं जारी रहेंगी। मप्र में लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी।मोहन यादव ने राज्‍यपाल के अभिभाषण का स्‍वागत करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्‍व का मैं धन्‍यवाद करता हूं। नेतृत्‍व ने एक मजदूर के बेटे को सीएम बनाया। उन्‍होंने कहा कि भाजपा में चाय बेचने वाले भी पीएम बनते हैं। मैं बहुत सौभाग्‍यशाली हूं। वरिष्‍ठ नेता मेरे साथ हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन करते हुए सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में सरकार की प्राथमिकता भी गिनाई। उन्‍होंने नई शिक्षा नीति के साथ सम्राट विक्रमादित्‍य का भी एकाधिक बार उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि हमारा प्रयास शिक्षा से विकास को जोड़ना है। शिक्षा विकास का मार्ग प्रशस्‍त करेगी।

नायब तहसीलदार और सरपंच के विवाद को लेकर सरपंच संघ ने सौंपा ज्ञापन.

Sarpanch association submitted memorandum to the Governor regarding the dispute between Naib Tehsildar and Sarpanch. कटनी! स्लीमनाबाद/ ग्राम पंचायत सलैया फाटक सरपंच बसोरी लाल यादव व स्लीमनाबाद तहसील कार्यालय मैं पदस्थ नायब तहसीलदार मौसमी केवट के बीच उतपन्न हुआ विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। नायब तहसीलदार मौसमी केवट के द्वारा सरपंच बसोरी लाल यादव के खिलाफ दर्ज कराए गए मामले के बाद अब बहोरीबंद सरपंच फोरम संघ नायब तहसीलदार के खिलाफ विरोध मे उतर आया है। बुधवार को सरपंच फोरम संघ ने राज्यपाल के नाम एसडीएम प्रदीप मिश्रा को ज्ञापन सौप दर्ज मामले को वापिस लेने की मांग की है। साथ ही कहा गया कि यदि मामला वापिस नही लिया गया तो फिर बहोरीबंद जनपद अंतर्गत आने वाले 79 सरपंच ग्राम पंचायत कामकाज अनिश्चित कालीन समय के लिए छोड़कर धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। क्योंकि नायब तहसीलदार मौसमी केवट के द्वारा फर्जी तरीके से सलैया फाटक सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। जबकि सरपंच स्वयं एक लोकपाल के दायरे मैं । उस पर शासकीय कार्य मैं बाधा बनता ही नही है। इसलिए जिस दिन नायब तहसीलदार व सरपंच के बीच जो कहासुनी हुई उस समय के सीसीटीवी फुटेज से जाँच की जाए। क्योंकि तहसील कार्यालय मैं सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। इसलिए मामले की निष्पक्षता से जांच कर दर्ज मामले को वापिस लिया जाए। साथ ही नायब तहसीलदार को स्लीमनाबाद तहसील कार्यालय से अलग किया जाए। इस दौरान सरपंच फोरम संघ अध्यक्ष मनोज पटेल, रामकृपाल हळदकार, विकास पांडेय, सुबोध दुबे, श्याम सोनी, वीरू नायक सहित अन्य ग्राम पंचायतो के सरपंचो की उपस्थिति रही।

नेकी की दीवार में सहयोग करें नगर वासी : गुप्ता

Citizens should cooperate in the wall of goodness अम्बाह । पुराने थाने के पास आनंदम के सहयोग से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बच्चू लाल गुप्ता द्वारा नेकी की दीवार का संचालन किया जा रहा है। इस दीवार पर आए कपड़े एवं अन्य सामान के माध्यम से तमाम जरूरतमंद लोग अपनी जरूरत की पूर्ति कर रहे हैं गुरुवार को यहां वस्त्र वितरण किया गया इस मौके पर नेकी की दीवार के संचालक बच्चू लाल गुप्ता ने कहा कि जीवन वहीं है जो दूसरो के काम आए। कई बार जो चीजें हमारे लिए ज्यादा महत्व की नहीं होती है, उन्हें उन्हें हम बेकार समझकर यूं ही छोड़ देते है या फेंक देते है। यही चीजे जरूरतमंदो के लिए कितने काम आ सकती है इसकी हम कल्पना भी नही कर सकते हैं। नेकी की दीवार के माध्यम से हमने सैकड़ो लोगों को अपना तन ढंकने के लिए अथवा ठण्डी, गर्मी, वर्षा से बचाव के लिए दान मे प्राप्त कपड़ें उपलब्ध कराए हैं, प्रदेश सरकार की पहल पर जरूरतमंद लोगों को कपड़े, किताब, पेन पेन्सिल या अन्य वस्तुएं जिन्हें बेकार समझ कर या कई बार उनकी उपयोगिता नहीं होने पर जरूरतमंद व्यक्ति को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नेकी की दीवार का संचालन किया जा रहा है। नेकी की दीवार के संचालन के पीछे मंशा हैं गरीबों को निशुल्क कपड़े प्रदान करना। इसमे नगरवासियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया हैं तथा घरों में उपलब्ध अनुपयोगी कपड़े चाहे वह बच्चों के हो, महिलाओ के हो या पुरूषों के हों नेकी की दीवार में उपलब्ध कराना प्रारंभ किया। आयोजन में बच्चू लाल गुप्ता ने जरूरतमंदों को ऊनी वस्त्र उपलब्ध कराने की आम जन से अपील की है। उन्होने कहा है कि धीरे-धीरे मौसम में ठण्डक बढ़ती जा रही है, जिसके कारण गर्म एवं ऊनी वस्त्रों की आवश्यकता महसूस होने लगी है। हमारे आस पास या समाज में बहुत से ऐसे जरूरत मंद लोग है जो विभिन्न कारणों से स्वयं तथा अपने परिवार को ठंड से बचाव करने हेतु गर्म कपड़ो की व्यवस्था नही कर पाते है। प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता अनुसार कपड़े उपलब्ध कराने हेतु जन सहयोग से नेकी की दीवार के माध्यम से उनकी जरूरतों को पूरा करने की पहल प्रारंभ की गई है।

ग्वालियर शहर के तानसेन द्वार में लगी संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति।

A statue of the music maestro Tansen has been installed at the Tansen Gate in the city of Gwalior. रात में रंगीन रोशनी में जगमगाएगी मूर्ति, रोशनी के लिए लगाई गई हैं विशेष तरह की लाइटें।केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से शहर में रु 12.14 करोड़ की लागत से बन रहे है 4 द्वार। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। समृद्ध इतिहास एवं संस्कृति से परिपूर्ण ग्वालियर को एक और उपलब्धि मिली है। हाल ही में UNESCO द्वारा सिटी ऑफ म्यूज़िक का खिताब मिलने से ग्वालियर की पहचान विश्व पटल तक पहुँची और अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में निर्मित हो रहे शहर के चार द्वार में से एक तानसेन द्वार में संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति को भी सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। बता दें की रात के समय में मूर्ति को प्रकाशित करने और विशेष ख़ूबसूरती के लिए लाइट भी लगायी गयी है, जिससे सम्राट तानसेन का प्रतीक अद्भभुत दिखाई दे रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के नेतृत्व में ग्वालियर में चल रहे विकास कार्यों में से एक है शहर के लिए 4 प्रवेश द्वारों का निर्माण। ये चार द्वार ग्वालियर की समृद्ध इतिहास को प्रदर्शित करेंगे। चार द्वारों में से पहला द्वार, ग्वालियर किले को प्रदर्शित करेगा; दूसरा द्वार, जय विलास महल के अनुरूप बन रहा है; तीसरा द्वार, प्रसिद्ध 10 वीं सदी के सास-बहु मंदिर के डिज़ाइन पर बन रहा है; और चौथा द्वार, ग्वालियर की संगीत परम्परा के स्तम्भ संगीत सम्राट तानसेन पर आधारित है। रु 2.24 करोड़ की लागत का यह भव्य तानसेन द्वार ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के हाईवे से ग्वालियर शहर की प्रवेश स्थान पर बनाया गया है। यह भव्य द्वार जितना विशाल उतने ही सुंदर कलाकृतियां भी है – सुंदर छतरी के नीचे संगीत में लीन मियाँ तानसेन की मूर्ति बनी हुई है।स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कुल रु 12 करोड़ की लागत से बने यह द्वार क्षेत्रीय ख़ूबसूरती और पर्यटन को बढ़ावा देंगे, साथ ही ग्वालियर की सांस्कृतिक पहचान को भी उभारेंगे। बता दें कि हर सप्ताह केन्द्रीय मंत्री सिंधिया कई विकास कार्य सहित इन चारों द्वार के निर्माण कार्य की समीक्षा कर रहे है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण में लाड़ली बहना योजना का उल्लेख नहीं ,विपक्ष ने की टोकाटाकी.

Governor Mangubhai Patel’s address, there was no mention of the Ladli Behna Yojana, prompting criticism from the opposition. मप्र के राज्‍यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत साढ़े नौ वर्षों में भारत में सेवक सरकार के युग का प्रारंभ हुआ है। संकल्प पत्र 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी भी है और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण का विजन डाक्यूमेंट भी है। सरकार ने संकल्प पत्र के बिंदुओं को धरातल पर उतरने का काम प्रारंभ भी कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर तीन हजार प्रति मानक बोरा से बढ़कर चार हजार कर दी गई है। मध्य प्रदेश के मन में बसे मोदी की हर गारंटी को पूरा करने के उद्देश्य से संकल्प पत्र के प्रत्येक बिंदु को समय सीमा में क्रियान्वित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्‍य प्रदेश विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सुशासन केवल एक शब्द नहीं बल्कि उसके हर अक्षर को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करने का मंत्र है। एक जनवरी 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था को प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है। संपदा 2 साफ्टवेयर भी प्रदेश में शीघ्र लागू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से डिजिटल रजिस्ट्री की प्रक्रिया सरल और सुगम बनेगी। इस दौरान विपक्ष ने लाड़ली बहन योजना का उल्लेख न किए जाने पर टोकाटाकी की।

नरेंद्र सिंह तोमर निर्विरोध चुने गए मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष.

Narendra Singh Tomar has been unanimously elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. नरेंद्र सिंह तोमर के रूप में पहली बार मध्य प्रदेश में विधानसभा का अध्यक्ष ग्वालियर-चंबल अंचल से बना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नव निर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर आज मप्र निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव ने नए अध्यक्ष को शपथ दिलाई। सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव में अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की। अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए साथ सूचनाओं प्राप्त हुई है। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रखा की नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा का अध्यक्ष चुना जाए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा प्रहलाद सिंह पटेल ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कैलाश विजयवर्गी में नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने किया। इसी तरह भूपेंद्र सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन तुलसीराम सिलावट ने किया कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे में किया।

मुख्यमंत्री सचिवालय में बड़ा फेरबदल, पी. दयानंद बने सचिव मुख्यमंत्री.

There has been a major reshuffle at the Chief Minister’s Secretariat, with P. Dayanand appointed as the Chief Secretary to the Chief Minister. रायपुर।  2006 बैच के आईएएस पी.दयानंद को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही दयानंद चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रभारी सचिव भी रहेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय से 5 अधिकारी मुक्त किए गए है। 3 नए ओएसडी और 1 निज सहायक की भी नियुक्ती की गई है। डॉ सुभाष सिंह, डॉ रविकांत मिश्रा, उमेश अग्रवाल मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. बनाए गए हैं। वहीं दीपक अंधारे मुख्यमंत्री के निज सहायक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय से आई.ए.एस  सुब्रत साहू  अपर मुख्य सचिव के पद, अंकित आनंद, सचिव पद, सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सचिव पद से मुक्त किए गए हैं। साथ ही एस भारतीदासन, सचिव पद, डीडी सिंह सचिव पद से भी मुक्त किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

कमलनाथ पर भारी जीतू पटवारी, उमंग को स्वभाव, व्यवहार बदलने की चुनौती.

Jitu Patwari scores a significant win over Kamal Nath, challenging Umang to change his nature and behavior. वक्त बदला लेकिन कांग्रेस नहीं बदली. कभी युवा पीढ़ी को दरकिनार कर बुजुर्ग नेतृत्व को कमांड देने वाले कांग्रेस हाईकमान ने अब पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर एकतरफा बिना सोचविचार के वरिष्ठ नेताओं को किनारे करते हुए युवा नेतृत्व के हाथ में पार्टी दे दी. कभी युवा नेताओं पर कमलनाथ भारी पड़ रहे थे और अब कमलनाथ पर जीतू पटवारी भारी साबित हो गए हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपना स्वभाव, संगत और व्यवहार बदलना होगा. नेता-प्रतिपक्ष के स्टॉफ में ऐसे तत्व शामिल हो जाते है, जो सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से उपकृत होते है. यही विपक्ष की रणनीति को लीक करते आ रहे है. ऐसे घुसपैठियों को रोक पाना, उमंग के लिए बड़ी चुनौती है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस हारी तो कमलनाथ का कांग्रेस में भविष्य डूब गया. लेकिन जीतू पटवारी अपना विधानसभा चुनाव हार कर भी कांग्रेस अध्यक्ष पद जीत गए. कांग्रेस हाकमान पहले भी वही था, आज भी वही है. पहले का निर्णय भी इसका था और आज का निर्णय भी उसी का है. दोनों निर्णय का लक्ष्य तो बदलाव का था लेकिन अप्रोच अहंकारी थी. जब निर्णय का अप्रोच अहंकार से भरा होगा तो फिर इंप्लीमेंटेशन में तो यही एटीट्यूड ही दिखाई पड़ेगा. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की पराजय अहंकार, तानाशाही और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने के कारण हुई है. कांग्रेस पार्टी नेतृत्व में कितना भी बदलाव कर ले लेकिन जब तक संगठन की कार्यपद्धति में सामूहिकता का ईमानदारी से पालन नहीं होगा तब तक पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े होते रहेंगे. जीतू पटवारी और उमंग सिंगार को संगठन और विधायक दल की कमान सौंपी गई है. इन दोनों नेताओं को संगठन और वरिष्ठ नेताओं की कार्य प्रणाली से समस्या थी. मध्यप्रदेश में कमलनाथ के जाने के बाद कांग्रेस उनकी कार्यप्रणाली की समस्या से तो निजात पा सकती है लेकिन कांग्रेस के संगठन का डीएनए बदलाव के इस निर्णय में भी दिखाई पड़ रहा है. कई वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की गई है जिन चेहरों पर भरोसा जताया गया है, उन पर कई तरह के सवाल उछलते रहे हैं. मसलन, जीतू पटवारी के बड़बोलापन से कई बार कांग्रेस की किरी- किरी हो चुकी है. अब उन्हें अपनी जुबा पर लगाम लगानी होगी. वहीं कांग्रेस में कुंडली मारकर बैठे पदाधिकारियों को हटाने की बड़ी चुनौती होगी. वैसे बदलाव हमेशा अच्छा होता है. नया नेतृत्व हमेशा स्वागतयोग्य होता है. जब भी कोई निर्णय होता है तब उसका विश्लेषण इस आधार पर होता है कि निर्णय के पीछे हाईकमान ने किस सोच और चिंतन के आधार पर निष्कर्ष निकाले हैं. यह दोनों नेता ऊर्जावान हैं, सक्रिय हैं. कांग्रेस के सामने युवा ऊर्जावान और सक्रिय नेताओं के असफल होने का सबसे बड़ा उदाहरण राहुल गांधी स्वयं हैं. उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. कांग्रेस लगातार राजनीतिक चुनौतियों में असफल होती ही दिखाई पड़ी. अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संभवत सबसे बुजुर्ग नेता हैं. *बदलाव के पीछे गांधी परिवार* मध्यप्रदेश में नेतृत्व बदलाव का जो फैसला हुआ है उसमें गांधी परिवार का रोल साफ देखा जा रहा है. मध्यप्रदेश में राजनीतिक क्षेत्र में यह स्पष्ट धारणा लंबे समय से बनी हुई है कि यह दोनों युवा नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी रहे हैं. चुनाव में पराजय के कारण भले ही कमलनाथ को अपमानजनक परिस्थितियों में विदा किया गया हो लेकिन राज्य के राजनीतिक हालातों को कमलनाथविहीन करने में दोनों नेताओं को लंबा वक्त लगेगा. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर भी ऐसी ही राजनीतिक चर्चाएं हैं कि उन्हें भी मुख्य भूमिका से विश्राम दिया गया है. सियासत में हमेशा वही चेहरे सफल होते हैं जिन पर कोई विवाद नहीं होते हैं. हाईकमान द्वारा नामित नेतृत्व का पार्टी और विधायक दल में बहुमत का समर्थन शायद तौला नहीं गया है. हाईकमान द्वारा निर्णय को थोपा गया है. कमलनाथ के अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी का परफॉर्मेंस जिस स्तर पर पहुंच गया है, उसके पीछे भी निर्णय को एकतरफा लेने और थोपने की प्रवृत्ति काम कर रही थी. ऐसी प्रवृत्ति संगठन के लिए लाभप्रद नहीं होती है. *जमीन पर साबित करने की बड़ी चुनौती*  नए नेतृत्व को राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान का भले ही संपूर्ण समर्थन हो लेकिन दोनों नेताओं को जमीन पर अपना नेतृत्व साबित करना होगा. जिस तरह तेज और डिजिटल पॉलिटिक्स बढ़ती जा रही है उसमें केडर मैनेजमेंट के साथ ही पार्टी के लिए फंड मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण पक्ष होता है. कमलनाथ के साथ यह भी माना जा रहा था कि उनका बीजेपी सरकार और नेतृत्व के साथ मिला-जुला राजनीतिक गणित चल रहा था. विपक्षी दल के सामने सबसे बड़ी समस्या यही रहती है कि जनहित के मुद्दों पर जमीन पर संघर्ष किया जाए. अक्सर ऐसा देखा गया है कि विपक्षी राजनीति सरकार के साथ एडजस्टमेंट करके आगे बढ़ने लगती है. ऐसी परिस्थितियां दूरगामी रूप से पार्टी के लिए हानिकारक साबित होती हैं. *क्या कमलनाथ-दिग्विजय के बिना कांग्रेस का उड़ान सम्भव* मध्यप्रदेश में कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को भले ही अलग-थलग करने के संदेश और संकेत स्पष्ट कर दिए हों लेकिन वास्तविक रूप से जमीन पर ऐसा करना फिलहाल संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है. इन दोनों नेताओं की जड़ें मध्यप्रदेश की राजनीति में दूर-दूर तक फैली हुई हैं. उनको अलग-थलग करके पार्टी बहुत लंबी दूरी तय नहीं कर पाएगी. इन दोनों नेताओं की जड़ों का इस्तेमाल कर कांग्रेस अपनी नई शाखाओं को मज़बूत कर सकती है. कांग्रेस के नए नेतृत्व को बीजेपी के मजबूत संगठन और नेतृत्व का मुकाबला करना है. बिना वरिष्ठ नेताओं के समन्वय और सहयोग के हो-हल्ला और मीडिया अटेंशन भले पाया जा सके लेकिन पार्टी की जड़ों को मजबूत करना संभव नहीं होगा. राज्य के नए नेतृत्व को पांच साल तक संघर्ष की स्थिति में रहना होगा. इसके लिए जनता के मुद्दों को चिन्हित करना, उसके लिए सतत संघर्ष करना होगा. अब सियासत सुविधा से आगे निकलकर संघर्ष की चौखट पर पहुंच गई है. जो पार्टी और नेता केवल सुविधा को राजनीति का लक्ष्य बनाएंगे उनको तो भविष्य में निराश होना निश्चित है.

कांग्रेस ने किया नेशनल एलायंस कमेटी का गठन, भूपेश बघेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी.

Congress forms National Alliance Committee; Bhupesh Baghel given a significant responsibility. रायपुर। कांग्रेस  ने  नेशनल एलायंस कमेटी का गठन किया है.    इसमें कांग्रेस ने आम चुनाव 2024 के लिए भूपेश बघेल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. समिति में अशोक गहलोत,  मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद और मोहन प्रकाश का भी नाम शामिल है.बता दें कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तैयारी शुरू कर दी है. मई 2024 या इससे से पहले 18 वीं लोकसभा के सदस्यों का चुनाव करने के लिए निर्धारित है। 

आज MP कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे ,जीतू पटवारी.

Jitu Patwari will assume the position of the Congress President in Madhya Pradesh. उज्जैन में महाकाल दर्शन के बाद आएंगे भोपाल; रोड शो कर पहुंचेंगे। कांग्रेस दफ्तर भोपाल! मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी मंगलवार को कार्यभार संभालने जा रहे हैं। वे रोड शो के साथ भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे। इसके पहले वे सुबह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। कमलनाथ ने पटवारी को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। जीतू पटवारी मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचकर पदभार ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी समेत तमाम सीनियर लीडर्स को आमंत्रित किया गया है। ऐसा रहेगा जीतू पटवारी के इंदौर से भोपाल आने का प्रोग्राम बैरागढ़ से शुरू होगा रोड शो जीतू पटवारी बैरागढ़ से रैली के रूप में इमामी गेट, बुधवारा, लिली टॉकीज चौराहा, रोशनपुरा और लिंक रोड होते हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे, जहां वरिष्ठ नेताओं एवं कांग्रेसजनों की उपस्थिति में पदभार ग्रहण करेंगे। स्वागत रैली में मप्र विधानसभा में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी मौजूद रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी बधाई जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण के पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने X पर लिखा- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी कल (मंगलवार) अपराह्न 3:00 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे। मैं जीतू पटवारी को नई पारी के लिए पुनः शुभकामनाएं देता हूं। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से अपील करता हूं कि भोपाल पहुंचकर पदभार ग्रहण कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। कांग्रेस को मजबूती प्रदान करें।

स्कूल शिक्षा: 653 बच्चे अर्द्धवार्षिक परीक्षा से चूके, अब वार्षिक परीक्षा के साथ करनी होगी तैयारी.

School Education: 653 children missed the semi-annual exam, now they will have to prepare for it along with the annual exam. भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज के चलते इस बार 653 विद्यार्थी अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं दे पाए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (सीपीआई) द्वारा इन विद्यार्थियों के लिए अब द्वारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। हालांकि इस निर्णय के बाद भी विद्यार्थियों पर परीक्षा का भार बढ़ गया है। इन विद्यार्थियों को अब अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी वार्षिक परीक्षा के साथ करनी होगी, क्योंकि वार्षिक परीक्षा के लिए भी सिर्फ दो माह बचे हैं। दअरसल, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 14-15 दिसंबर को अनुगूंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे बच्चों में यह 653 विद्यार्थी भी शामिल थे। जो कार्यक्रम के चलते परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इधर अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन विद्यार्थियों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिसका कार्यक्रम भी जल्द जारी होगा।

केदारखेड़ा, परसोडा मार्ग पर दौड़ रहे लोडेड मुरूम डंपर से प्रधानमंत्री सड़क हो रही खराब.

PM Sadak Yojna road is getting damaged due to loaded murram dumpers running on the Kedarkhera, Parsoda road. ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी आमला ।। जनपद पंचायत आमला अंतर्गत आने केदारखेड़ा ग्राम से परसोड़ा पहुंच प्रधानमंत्री सड़क मार्ग पर इन दिनों सुबह से देर शाम तक मुरूम से भरे वजनी डंपर दौड़ रहे जिस कारण प्रधानमंत्री सड़क मार्ग खराब हो गया है । अत्यधिक वजनी डंपरो से सड़क मार्ग की गिट्टिया उखड़ गई है । उखड़ी हुई गिट्टी एवं खराब सड़क मार्ग से लोगों को आवागमन में परेशानियां हो रही हैं । वहीं सड़को पर बिखरी गिट्टीयो से वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है । केदारखेड़ा ग्राम के रहवासी संजय कायस्थ,उदयभान गंगारे,ख्यालीराम,राजकुमार ,श्याम उईके आदि ने बताया सरकार द्वारा ग्रामीणों के आवागमन करने ग्राम केदारखेड़ा से परसोडा पहुंच मार्ग तक प्रधान मंत्री सड़क का निर्माण किया गया है। जिसमें लाइन निर्माण कार्य में मुरूम भरने ठेकेदार द्वारा वजनी डंपरो से मुरूम का परिवहन किया जा रहा हैं । जिस कारण प्रधानमंत्री सड़क खराब हो रही है । प्रतिदिन पचास से ज्यादा डंपर चलने से सड़क की गिट्टिया उखड़ गई है। जिस कारण लोग सहित वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है। ग्रामीणों ने वजनी डंपरो पर रोख लगाने एवं सड़क दुरुस्त किए जाने मांग की हैं। इन्होंने क्या कहा संबंधित विभाग प्रमुख को निर्देशित कर मामले को दिखवाता हु शेलेंद्र बडोनिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, डंपरो से यदि सड़क सड़क खराब हो रही है तो दिखवाते है । सविता राय एस. डी. ओ प्रधानमंत्री सड़क

विधानसभा में नहीं नजर आएंगे 12 भाजपा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस की ओर से हंगामा मचाने वाले पटवारी-कुणाल.

The 12 former ministers of the BJP, who caused a commotion on behalf of the Congress, will not be visible in the Legislative Assembly, says Patwari-Kunal. पूर्व सांसद रीति, राकेश सिंह, और उदय राव पहली बार विधानसभा में लेंगे 230 विधायकों के साथ शपथ भोपाल। 16 वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस बार का सत्र पहले से विशेष है। क्योंकि पूर्व संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई चर्चित चेहरे इस बार चुनाव हारने के चलते यहां नहीं दिखाई देंगे। इसके साथ ही इस बार कुछ नाम ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर यहां एंट्री लेंगे। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत 12 मंत्री ऐसे हैं जो विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। इनमें कमल पटेल, महेंद्र सिसोदिया, गौरीशंकर बिसेन, सुरेश राजखेड़ा, राज्यवर्धन दत्तिगांव, भारत सिंह कुशवाह, रामखिलावन पटेल, राहुल सिंह लोधी, प्रेम सिंह पटेल, अरविंद भदौरिया और राम किशोर कांवरे के नाम शामिल हैं। ये सभी इस बार विधान सभा सत्र में नहीं दिखाई देंगे। वहीं कांग्रेस से पूर्व नेताप्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, पूर्व मंत्री तरुण भनोट, केपी सिंह कक्का जी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और लक्ष्मण सिंह जेसे कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस बार सत्र में नहीं होंगे। खास बात है कि इनमें से कई ऐसे नेता हैं। जो विधानसभा में कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। इसके पीछे कारण रहा कि कई मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए काफी ज्यादा हंगामा भी किया। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विजय लक्ष्मी साधौ भी नजर नहीं आएंगी।कई युवा भी लेंगे शपथ, पहले दिन सिर्फराज्यपाल का अभिभाषण- इधर, पूर्व सांसद रीति पाठक, पूर्व सांसद राकेश सिंह, और पूर्व सांसद उदय राव प्रताप सिंह जेसे कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। इनके अलावा कई युवा चेहरे भी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं। यह उनका पहला सत्र होगा। 21 दिसंबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय सत्र में नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाई जाएगी। सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव 230 विधायक गणों को शपथ दिलवाएंगे। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। चयन होने पर उन्हें शपथ दिलवाई जाएगी।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे – पटवारी.

Before the Lok Sabha elections, the Congress will propagate its ideology to every household, says the party spokesperson. दिल्ली में राहुल गांधी से मिले नेता प्रतिपक्ष उमंग और हेमंत कटारे भोपाल – मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे। सभी वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे। पटवारी ने कहा कि सक्रिय युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को पार्टी वाला कमाने नई जिम्मेदारी देते ही दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे और मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से हुई। वहीं इन दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान की ओर से दोनों नेताओं को मध्यप्रदेश के लिए आगमी रणनीति और दिशा निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर भी प्लान बताया है। जीतू पटवारी 19 दिसंबर से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे। वह मंगलवार को पूरे विधि विधान के साथ भोपाल स्तिथ कांग्रेस मुख्यालय इंद्रा भवन पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे। पीसीसी में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जानकारी के अनुसार वे सबसे पहले इंदौर से उज्जैन पहुंच कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद से यहां से देवास सोनकच, आष्टा, सीहोर होते भोपाल पहुचेंगे। यहां दोपहर तीन बजे वे प्रदेश के तौर पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। बता दें कि, कांग्रेस हाईकमान ने मध्य प्रदेश के संगठन में बड़ा उलट फेर करते हुए कमलनाथ से प्रदेश की कमान वापस ले ली है। उनके स्थान पर जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। उनके साथ ही उमंग सिंघार को नेताप्रतिपक्ष और हेमंत कटारे को उप नेताप्रतिपक्ष बनाया गया है।

कंगाली से गुजर रही नई सरकार, योजनाओं के फंड में रोक, विकास कार्य ठप ही रहेंगे.

The new government, struggling with poverty, has imposed a halt on funds for projects, and development activities will remain stalled. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की नई सरकार के साथ ही वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने महाकाल परिसर विकास और तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं में व्यय करने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं वित्तीय संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार ने 38 विभागों की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। सरकार ने इसके आदेश भी विभागों को भेज दिए हैं। बता दें, वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश सरकार पर 331000 करोड रुपये से अधिक का कर्ज है। हालांकि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार वे अभी भी 15000 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती है। इधर, बताया जा रहा है कि जरूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार जल्द ही अनुपूरक बजट भी ला सकती है। वित्तीय संकट से उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को खर्च पर कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभागों राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार विभागों को हर हाल में राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करना है। इसके साथ ही विभागों को राजस्व एकत्रित करने के लिए अन्य नए सोर्स भी विकसित करने के लिए कहा गया है। इन कामों पर नहीं किया जाएगा बिना अनुमति खर्च अनुग्रह राशि देने की योजना भी समाप्त

क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने विभिन्न स्थानों का किया भ्रमण एवं अधिकारियों को दिए निर्देश.

Regional legislator Umakant Sharma issued instructions to Brahmins and officials at various locations. अलताफ खान सिरोंज सिरोंज! सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने रविवार को सिरोंज के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया सिरोंज बलेजा पेट्रोल पंप से लेकर छत्री नाके तक किए गए रोड निर्माण चोडी कारण का भ्रमण किया एवं दोनों और नाली बनाए जाने के आदेश दिए! साथ ही मुख्य बाजार एवं केथन डेम का भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भ्रमण कर सुधार करने हेतु दिशा निर्देश दिए! सिरोंज के मुख्य बाजार में यातायात की समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को हर संभव प्रयास करने को कहा! एवं क्षेत्र वासियों से संवाद कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया! वहीं दूसरी ओर आगामी अप्रैल, मई, जून तथा वर्तमान के जल अभाव तथा जल संकट को देखते हुए आवश्यक तैयारी हेतु अनुविभागीय अधिकारी सिरोंज हर्षल चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन जयेश विजयवर्गीय, अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जे.एस. सिरोही , प्रभारी CMO रामप्रकाश साहू के साथ जल संयंत्र केंद्र एवं केथन डेम में इन्टेक वेल आदि स्थानों का निरीक्षण किया! तथा जल समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।आगामी 10 दिन में केथन डेम में संचित जल उपलब्ध्ता के साथ अन्य महत्वपूर्ण जल स्त्रोतों को दुरुस्त करने के, स्वच्छ करने के, गहराई बढ़ाने के, वैकल्पिक रूप से तैयारी करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। हम आपको बता दें इस साल वर्षा सिरोंज क्षेत्र में बहुत कम मात्रा में हुई है जिसके कारण क्षेत्र में जल संकट की स्थिति बन सकती है इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिए हैं जिससे कि सिरोंज में जल संकट दूर किया जा सके

कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ी.

Congress media advisor Piyush Babel’s nameplate was broken. भोपाल। कांग्रेस में कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने और नए अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की नियुक्ति के बाद कमलनाथ के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस की मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ दी गई है।पीयूष बबेले कमलनाथ के करीबी हैं। उन्होंने चुनाव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ का मीडिया कैंपेन संभाला था। पीयूष बघेले पत्रकार हैं और उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी ने पुरस्कृत भी किया था। अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ने का मकसद क्या है और नेम प्लेट तोड़ने वाले कौन से तत्व हैंं।

जहां दूसरों की उम्मीदें खत्म होती हैं, वहीं से शुरू हो मोदी की गारंटी.

Where others’ hopes end, that’s where Modi’s guarantee begins. प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा का वर्चुअली शुभारंभ किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल Udit Narayan, Sahara Samachaar.भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां दूसरे की उम्म्ाीदें खत्म हो जाती है, वहीं से मोदी की गारंटी शुरू हो जाती है। यह कहिए कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, सरकार की हर योजना का लाभ देगी। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल हर व्यक्ति को भोजन, स्वास्थ्य, आवास आदि की गारंटी दे रही है, अपितु सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी तेज गति से विकास किया जा रहा है। पहले केवल बड़े शहरों का विकास होता था, अब भारत के टू-टियर और थ्री-टियर शहरों का भी विकास हो रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने आज शनिवार को मप्र सहित देश के 5 राज्यों में विकसित भारत संकल्प यात्रा का हरी झण्डी दिखाकर वर्चुअली शुभारंभ किया। जबकि उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश होगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा का भी यही उद्देश्य है। हम सभी अच्छा करें और देश को अच्छा बनाएं। उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा के माध्यम से हर झुग्गी-झोपड़ी तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे, सब मिलकर ऐसे प्रयास करें। संकल्प यात्रा में जाने वाली मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, जनता को हर योजना का लाभ देगी। शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसायप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 6 करोड़ छोटे शहर हैं। अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से इनका भी समग्र विकास किया जा रहा है। शहरों में जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवेज, सीसीटीवी, स्वच्छता के साथ ही ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, ईज ऑफ ट्रेवल पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना में शहरों के छोटे व्यवसायियों को सरकार की गारंटी पर व्यवसाय के लिए ऋण दिया जा रहा है। इनमें 45 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट में सरकार ने 20 करोड़ महिलाओं के खाते में सहायता राशि दी। सभी को मुफ्त में वेक्सीन लगाया गया। नि:शुल्क राशन योजना प्रारंभ की गई। 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पेंशन और सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का लाभ लें। इन योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में 17 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना में अभी तक हितग्राहियों को एक लाख करोड़ रुपए का नि: शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से 80 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गांव से शहरों में काम के लिए आए व्यक्तियों का पूरा ध्यान रखती है। वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के माध्यम से कहीं भी राशन प्राप्त किया जा सकता है। इन योजनाओं का लाभ लें। मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी यात्रामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में विश्व में उत्कृष्ट छवि निर्मित की है। जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में देश व प्रदेश में और बेहतर कार्य हो तथा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रम का लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विकसित भारत संकल्प यात्रा आरंभ की जा रही है। य़ात्रा के माध्यम से जनकल्याण की योजनाओं और कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही यह प्रयास होगा कि इन योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभ से कोई भी वर्ग वंचित न रहे। भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुकाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में संकल्प यात्रा को शुरू हुए एक महीना पूरा हो चुका है। अभी तक यह यात्रा हजारों गांव एवं लगभग डेढ़ हजार शहरों में पहुंच चुकी है। आचार संहिता के कारण 5 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में यह यात्रा आज से शुरू हो रही है। इस यात्रा का अपने राज्य में तेजी से विस्तार करें। देश का जन-मन यात्रा को लेकर उत्साहित है। लोग ‘नमो एप’ डाउनलोड कर विकसित भारत के एम्बेसडर बन रहे हैं। प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी व दूसरों की जानकारी बढ़ा रहे हैं। संकल्प यात्रा की गाड़ियां जनता को हर योजना की जानकारी और लाभ दे रही है। यात्रा का रहेगा यह स्वरूपप्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा 16 दिसंबर से 26 जनवरी 2024 तक आयोजित की जा रही है। भारत सरकार से इस यात्रा के लिए सभी जिलों को 366 आईईसी वेन उपलब्ध कराई गई है। आईईसी वैनों को सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत में ले जाया जाएगा और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वैन के साथ ही एग्री ड्रोन को भी प्रदर्शित किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए उक्त ड्रोन का निर्माण किया गया है। किसानों के समय की बचत और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए एग्री ड्रोन का निर्माण किया गया है। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में खाद या दवा का छिड़काव कम समय में किया जा सकेगा। साथ ही एक एकड़ फसल में खाद या अन्य कीटनाशकों का छिड़काव लगभग 15 मिनट में किया जा सकेगा। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के प्रयोग से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसका अनुमानित मूल्य लगभग पांच लाख रुपए से 10 लाख रुपए के मध्य है।

जल्दी ही बदले जा सकते हैं, एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर व एसपी.

Collectors and SPs of more than a dozen districts will be changed soon. 21 दिसंबर से पहले तबादला नहीं होने पर कलेक्टरों को बदलना होगा मुश्किलIt will be difficult to change collectors if the transfer does not take place before December 21st. उदित नारायणभोपाल। नई सरकार में जल्दी ही एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि 21 दिसंबर से चुनाव आयोग कलेक्टरों को लोकसभा चुनाव के लिए नई दिल्ल्ाी में प्रशिक्षण देने जा रहा है। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। प्रशिक्षण तीन चरणों में होगा। तबादला भी विधानसभा सत्र के दौरान संभावित है। जिन जिलों में अगले एक दो महीने में कलेक्टरों को तीन वर्ष पूरा होने वाले हैं या फिर नए मुख्यमंत्री की पसंद अनुरूप कलेक्टर जिलों में पदस्थ नहीं हैं। इन कलेक्टरों को जल्दी ही बदलने का आदेश जारी हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी वैसे मंत्रिमंडल के गठन के बाद होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जिस तरह से चुनाव आयोग ने लोकसभा की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में कलेक्टर व एसपी समेत मैदानी अधिकारियों के तबादले पर रोक लग जाएगी। इसी 21 दिसंबर से कलेक्टरों का दो दिनी प्रशिक्षण नई दिल्ल्ाी में शुरू होने जा रहा है। जबकि 18 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इसी सत्र के दौरान ही तबादले के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इसके लिए भी हालांकि चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी, चूंकि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। इस स्थिति में तबादले पर बैन लगी होती है। सूत्रों ने बताया कि जल्दी ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। तबादले के जद में एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर व एसपी आ रहे हैं। दूसरी तरफ कानून व्यवस्था से लेकर सरकार चलाने तक के लिए मुख्यमंत्री अपने अनुसार तबादले करेंगे। इसे भी जल्द ही अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM.

MP में जल्द तय हो सकते हैं कैबिनेट के चेहरे: कल दिल्ली जाएंगे CM. The faces of the cabinet in Madhya Pradesh could be decided soon; the CM will go to Delhi tomorrow. डॉ. मोहन यादव; शाह और नड्डा के साथ होगी बैठकभोपाल! मध्यप्रदेश में नई सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दिल्ली जा रहे हैं। उनके साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी जाएंगे। इन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाया है। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में कैबिनेट के सदस्यों के नाम फाइनल हो जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ये भी तय हो जाएगा कि पहले विस्तार में कौन और कितने विधायक मंत्री बनेंगे। रविवार शाम को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो सकते हैं। वे कल बनारस होकर दिल्ली पहुंचेंगे। मंत्रिमंडल पर केंद्रीय नेतृत्व करेगा फैसला: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहा था कि इसका फैसला यशस्वी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। इसके बाद शनिवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दिल्ली बुलाया है। इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल समेत जीते हुए सांसदों को मंत्री बनाने पर भी फैसला होना है। इसलिए बैठक पर सभी की निगाहें हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि रविवार को होने वाली बैठक के बाद 20 दिसंबर के पहले किसी भी दिन डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का गठन कर लिया जाएगा।

विधायक मोहन राठौड़ ने भारत संकल्प विकसित यात्रा को हरी झंडी दिखाई.

Legislator Mohan Rathore showed support for the Bharat Sankalp Vikasit Yatra by displaying the green flag. ग्वालियर! नगर निगम के बाल भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से भारत संकल्प विकसित यात्रा को हरी झंडी दिखाई गई। विकसित भारत संकल्प यात्रा का चार राज्यों में शुभारंभ किया गया है। स्थानीय बाल भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। विकसित भारत संकल्प यात्रा में विशेष रथ शहरी और ग्रामीण हर वार्ड और ग्राम पंचायत को कवर करेंगे। शहरी क्षेत्र में 46 कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप दस जनवरी तक संपन्न हो जाएंगे। जबकि 263 ग्राम पंचायत में भी यह कैंप 19 जनवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। हर रोज करीब दो से तीन वार्ड और ग्राम पंचायतों में यह रथ जाएंगे। इसके साथ ही वहां पर जन समस्या निवारण शिविर भी लगाए जाएंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा का प्रमुख मकसद केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लेने के साथ ही इन योजनाओं से वंचित लोगों को इसका लाभ दिलाना भी है।

जीतू पटवारी बने MP कांग्रेस अध्यक्ष.

Jeetu Patwai is appointed as the President of Madhya Pradesh Congress Committee. उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष, हेमंत कटारे को उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। उमंग सिंघार धार जिले के गंधवानी से विधायक हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में भव्य स्वागत.

The Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh, Rajendra Shukla, received a grand welcome at Mahatma Gandhi Chitrakoot Gramodaya Vishwavidyalaya. चित्रकूट – मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो भरत मिश्रा ने शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह ( राम दरबार) भेंट कर ग्रामोदय परिवार की ओर से भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को महामानव के रूप में बताते हुए कहा कि नाना जी देशमुख ने इस विश्वविद्यालय की संकल्पना और स्थापना की थी। यह विश्वविद्यालय केवल सामान्य विश्वविद्यालयो की भांति न होकर संस्कार युक्त शिक्षा देने का उत्कृष्ट केंद्र भी है। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के इस परिसर में आने में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा मिलती है। नानाजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के क्षेत्र को नई दिशा दी जा सकती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है कि नानाजी देशमुख के सदप्रयासों से इस विश्विद्यालय के विद्यार्थी उच्च शिक्षा के प्रकाश को देश विदेश में प्रकाशित कर रहे है। उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भरत मिश्रा के नेतृत्व में आज ग्रामोदय परिवार द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत और अभिनंदन के लिए आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सतत विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामोदय परिवार की भावनाओ को समझते हुए आश्वस्त किया कि आने वाले समय में मैं स्वयं ग्रामोदय विश्वविद्यालय कैंपस आकर प्राध्यापको,अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से विचार मंथन कर अपेक्षित मदद करूंगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल की धर्म पत्नी, भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा, कुलसचिव प्रो आर सी त्रिपाठी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्वागत समारोह का संचालन डॉ कुसुम सिंह ने किया।

सड़क हादसे में घायल हुए युवक की पूर्व सीएम शिवराज ने मदद की और उसे अस्‍पताल पहुंचाया।

Former Chief Minister Shivraj extended help to the youth injured in the road accident and ensured that he was taken to the hospital. भोपाल। शहर के रवींद्र भवन क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल हुए युवक को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अस्पताल भिजवाया। जानकारी के अनुसार एक बाइक सवार युवक शनिवार रात को 11 बजे रवींद्र भवन के सामने से गुजर रहा था। इस दौरान उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और वह हादसे में घायल हो गया। इसी बीच वहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला गुजर रहा था। युवक को अस्पताल पहुंचाया पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घायल युवक को देखकर अपना काफिला रुकवाया। इसके बाद घायल युवक को लोगों की मदद से काफिले के वाहन द्वारा एक निजी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही युवक को आश्वासन दिया कि उसका अच्छा उपचार होगा, चिंता करने की बात नहीं है, मामा उसके साथ है।

मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रमुख सचिव बनाए गए, राघवेन्द्र कुमार सिंह.

Raghvendra Kumar Singh has been appointed as the Chief Secretary of Madhya Pradesh under Chief Minister Mohan Yadav. भोपाल। डा. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर परिवर्तन की शुरुआत शुक्रवार देर रात से हो गई। सबसे पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर पदस्थापना की गई। 1997 बैच के अधिकारी राघवेन्द्र कुमार सिंह अब मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव होंगे उनके पास लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव रहे मनीष रस्तोगी को फिलहाल किसी विभाग का दायित्व नहीं दिया गया है।उल्लेखनीय है कि रस्तोगी सहित मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं पहल करते हुए मुख्यमंत्री से नई पदस्थापना की बात कही थी। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह कुछ अन्य अधिकारों के दायित्व में परिवर्तन भी किया जा सकता है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को बदला जाना प्रस्तावित है।

मंत्रियों के नामों पर मंथन, ऐसी हो सकती है मोहन कैबिनेट.

A Brainstorming on the names of ministers, this could be the Mohan Cabinet. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का फेस तय करने के बाद भाजपा अब मंत्रियों के नामों पर मंथन कर रही है। भोपाल। मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद डा. मोहन यादव ने कैबिनेट विस्तार के लिए मंत्रियों के नाम तय करने की कवायद आरंभ कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तक कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या सीमित रहेगी। नियमानुसार 35 सदस्यों की कैबिनेट हो सकती है लेकिन पहले विस्तार में इसमें 18-20 मंत्रियों को ही शामिल किया जाएगा। दरअसल, इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त पद विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री चयन की तरह समानांतर रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिग्गज नेता अपनी कवायद कर रहे हैं। वे अपनी सूची भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री और संगठन की पसंद की भी सूची तैयार होगी। इसके बाद हाईकमान इसकी हरी झंडी देगी। चर्चाओं का दौर जारीपार्टी हाईकमान दो विकल्पों पर विचार कर रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मलमास के पहले किया जाए या फिर उसके बाद। संगठन के स्तर पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आदि के बीच इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर चला है। दावेदार भी इनसे मिल रहे हैं। हालांकि, माना यही जा रहा है कि मंत्रियों के नाम दिल्ली से ही तय होंगे। कुछ लोग यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि मलमास की वजह से अभी नए मंत्रियों की शपथ नहीं होगी। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष?भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी फिलहाल नए मंत्रियों की शपथ के कार्यक्रम से अनभिज्ञ हैं। वे कहते हैं कि पार्टी सामूहिक निर्णय पर भरोसा करती है और इस बारे में भी आगे बातचीत होगी।

कैमाहा बैरियल प्रभारी प्राची शर्मा के आते ही बैरियल बना लूट का अड्डा.

Upon the arrival of the barrier supervisor Prachi Sharma, the barrier ground became a hub of looting. उत्तर प्रदेश से आने वाले भारी वाहनों की काटी फर्जी चेक पोस्ट बनाकर₹3500 की रसीद नियम अनुसार कैमाहा चेक पोस्ट पर ही बना सकते हैं बेरियल लेकिन उगाई करने के लिए जगह-जगह बना रखे हैं चेक पॉइंट कहीं पर भी खड़े होकर काटी जा रही फर्जी तरीके से रसीद दें! कांग्रेस नेता मोहम्मद अली ने कहा कि जल्द ही ग्वालियर कमिश्नर के नाम ज्ञापन देकर कैमहा चेक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा का जलाया जाएगा पुतला! उदित नारायण छतरपुर! छतरपुर जिले में हाल फिलहाल ही चेक पोस्ट को लेकर मारपीट की खबर सामने आई थी जहां पर बेरियल बालों के साथ लोगों ने मारपीट की थी वहीं पर कैमाहा बेरियल प्रभारी प्राची शर्मा के द्वारा जगह-जगह चेक पोस्ट बनाकर अवैध वसूली की जा रही है उत्तर प्रदेश से आने वाले खाली ट्रैकों की ₹3500 की रसीद जबरन काटी जा रही है! जिससे ट्रक वालों में काफी आक्रोश दिखाई दे रहा है कैमरा चेक पोस्ट के द्वारा जगह-जगह चेक पॉइंट बना रखे हैं! जहां पर उनके शासकीय कर्मचारी और गुर्गे लगातार फर्जी तरीके से उगाई करने में जुटे हुए हैं! जिसके वीडियो भी समय-समय पर वायरल होते नजर आते हैं ऐसा ही वीडियो अभी हाल फिलहाल में वायरल हुआ है! जहां पर कैमाहा चेक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के द्वारा चेकप्वाइंट बनाकर अपने शासकीय ऑफ प्राइवेट गुर्गों के द्वारा अवैध वसूली कराई जा रही है! जिसमे ट्रक चालक ने बताया कि वह खाली ट्रक लेकर जा रहा था और उसे जबरन रोककर उसकी ₹3500 की रसीद काट दी गई इसको लेकर ट्रक संचालको मैं भारी आक्रोश है! वहीं पर कांग्रेस नेता मोहम्मद अली भारतीय ने कहा कि कैमाहा चेकपोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के द्वारा जो अवैध वसूली की जा रही है उसको लेकर बहुत जल्द ग्वालियर कमिश्नर के नाम एक शिकायती ज्ञापन देंगे उसके बाद कैमाहा चेक पोस्ट प्रभारी का पुतला भी दहन करेंगे इस तरह की प्रभारी के होते हुए पूरे विभाग का नाम खराब होता है अब देखना होगा की शिकायत होने के बाद कैमाहा चेक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के ऊपर क्या कार्रवाई की जाती है! इस संबंध में जब परिवाहन आयुक्त से बात करनी चाही, तो उनसे कोई जवाब नही मिला

संसद मामला : पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया हमलावरों का समर्थन, भाजपा ने किया विरोध.

Parliament Case: Former Minister Sajjan Singh Verma expressed support for the attackers; BJP opposed the statement. कहा-देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की भोपाल। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संसद में हुए हमले को लेकर हमलावरों का समर्थन किया है। सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि जो हमलावर सदन के अंदर दाखिल हुए थे उन्होंने अपने विरोध की आवाज उठाई थी। बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर अब उनके पास कोई चारा नहीं था। इसलिए सदन के अंदर दाखिल होकर ऐसा कदम उठाया है। आज देश की यही स्थिति बन रही है। उन्होंने देश की युवाओं की बात को संसद तक पहुंचाने की कोशिश की है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के बयानों पर किया पलटवारभाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक सज्जन सिंह वर्मा के संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी व राहुल गांधी भी करते हैं, इसे स्पष्ट करना चाहिए। अग्रवाल ने अपने ट़्वीटर एक्स हैंडल पर किए गए ट्वीट में कहा कि इनके दुर्जन विचारों को सुनिए…। उन्होंने लिखा कि वर्मा संसद के सुरक्षा घेरे को तोड़कर उत्पात मचाने वालों का समर्थन कर रहे हैं। आखिर क्यों कांग्रेसी सदैव जिहादी, अपराधी और अराजक मानसिकता का समर्थन करती है। क्या इनके विचारों का समर्थन सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी करते हैं उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।

मप्र के विपक्ष का नेता दिल्ली में तय करेगा पार्टी सुप्रीमो, रिपोर्ट भेजी.

The opposition leader of Madhya Pradesh will decide the party supremo in Delhi, as per the sent report. उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की पहली बैठक भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई। चुरहट विधायक अजय सिंह ने कहा कि बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का फैसला दिल्ली हाईकमान करेगा। करीब 40 मिनट की बैठक में दिग्विजय सिंह ने लोकसभा चुनाव के बारे में विधायकों को सक्रिय होने के लिए कहा। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने विधायकों से वन टू वन चर्चा की। सुरजेवाला ने कहा कि आर्ब्जवर भंवर जीतेंद्र सिंह ने बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शामिल नहीं हुए।कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि कमलनाथ का कार्यक्रम छिंदवाड़ा जिले में पहले से तय है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह, पूर्व उट दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे। दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सवालों पर बस इतना कहा कि कैबिनेट का गठन हो गया क्या। भाजपा के ओबीजी मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग से एक-एक डिप्टी सीएम बनाए हैं। ऐसे में कांग्रेस में आदिवासी विधायक को नेता प्रतिपक्ष पद देने पर विचार हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस में ओबीसी चेहरे के तौर पर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, संसदीय मामलों में अनुभवी नेताओं के तौर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अमरपाटन से विधायक राजेंद्र कुमार सिंह को लेकर भी अंदरखाने विचार हो रहा है। भाजपा को विधायक याद दिलाएंगे संकल्पबैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हाईकमान का संदेश विधायकों को दिया गया है। उन्हें लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कहा गया है। साथ ही विपक्ष में बैठने वाले विधायक जनता के प्रहरी के तौर पर काम करेंगे। सदन के भीतर जनता के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। जनता के लिए सरकार का समर्थन भी करेंगे। इसके अलावा भाजपा को विधायक संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए भी आगाह करते रखेंगे। आदिवासी नेताओं में इनके नाम शामिल

गुंडे-अपराधी समझ लें, उनके लिए अब सुरक्षित नहीं है मध्यप्रदेश : विष्णुदत्त शर्मा.

Consider goons and criminals warned, Madhya Pradesh is not safe for them anymore: Vishnudatt Sharma. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा: मोदी की गारंटी को पूरा करने प्रदेश सरकार ने बढ़ाया पहला कदम उदित नारायणभोपाल। गुंडे और अपराधी अब यह सोच लें कि मध्यप्रदेश उनके लिए सुरक्षित नहीं है और ऐसे लोगों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। सरकार के निर्णय से आदतन अपराधियों पर शिकंजा और कसेगा तथा वे कोई नया अपराध करने की स्थिति में नहीं होंगे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कही। जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार के प्रति आभार जताते हुए गुरूवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि 2003 में भाजपा सरकार को ऐसा मप्र मिला था, जो असुरक्षित था और जहां गुंडों-अपराधियों का बोलबाला था। भाजपा की सरकार ने गुंडों, अपराधियों और डकैतों की नकेल कसकर प्रदेश को सुरक्षित बनाया। इससे आगे बढ़कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे आदतन अपराधियों के द्वारा पूर्व में किए गए अपराधों में प्राप्त जमानत को दंड प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी की धारा 437 438 439 के तहत संबंधित न्यायालयों में आवेदन प्रस्तुत करके जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटीप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की जनता को यह विश्वास दिलाया था कि ’मोदी की गारंटी, हर गारंटी के पूरा होने की गारंटी’ है। प्रधानमंत्री के इस वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही तेंदूपत्ता की दर 4000 रुपये प्रति मानक बोरा करने का निर्णय ले लिया है, जिसके लिए भाजपा के संकल्प पत्र में वादा किया गया था। राज्य सरकार का यह निर्णय मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम है। सरकार के इस निर्णय से उन आदिवासी भाईयों का सशक्तीकरण होगा, जो वनोपज एकत्र करके अपनी आजीविका चलाते हैं। जनता की तकलीफें दूर होंगी, मिलेंगी सुविधाएं प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णयों से व्यवस्था पारदर्शी होगी और किसान भाईयों, ग्रामीणों, आम लोगों की परेशानियां कम होंगी। शर्मा ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में जो निर्णय लिए हैं, उनके लिए मैं मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मोदी की गारंटी को घर-घर पहुंचाएगी विकसित भारत संकल्प यात्राप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर आगे बढ़ रही है। उनकी सरकार की योजनाओं के केंद्र में आम नागरिक, नौजवान, महिलाएं, किसान और गरीब होते हैं। इन योजनाओं के बारे में जनजागरूकता तथा इनका लाभ लोगों को दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में 16 दिसम्बर से विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही हैं। ये यात्राएं सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में भ्रमण करेंगी तथा यात्राओं में शामिल ’गारंटी रथ’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी घर-घर पहुंचेगी।

काशी के बाद अब मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सर्वे को मंजूरी.

After Kashi, now approval for a survey in the Mathura Shri Krishna Janmabhoomi case. श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया है. हाईकोर्ट ने विवादित परिसर का सर्वे कराने के आदेश दिया है.मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने विवादित जमीन का सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने की मांग को भी मंजूरी दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की याचिका को मंजूरी दे दी है. इस मामले में जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच दोपहर करीब दो बजे अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में ज्ञानवापी विवाद की तर्ज पर मथुरा के विवादित परिसर का भी सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने का आदेश दिया है. यह याचिका भगवान श्री कृष्ण विराजमान और सात अन्य लोगों द्वारा अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडेय और देवकी नंदन के जरिए दायर की गई थी. जिसमें दावा किया गया है कि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली उस मस्जिद के नीचे मौजूद है और ऐसे कई संकेत हैं जो यह साबित करते हैं कि वह मस्जिद एक हिंदू मंदिर है .याचिका में किया गया था ये दावा हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुसार याचिका में दावा किया गया था कि वहां कमल के आकार का एक स्तंभ है जोकि हिंदू मंदिरों की एक विशेषता है और शेषनाग की एक प्रतिकृति है जो हिंदू देवताओं में से एक हैं और जिन्होंने जन्म की रात भगवान कृष्ण की रक्षा की थी.याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सर्वेक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपने के विशेष निर्देश के साथ एक आयोग का गठन किया जाये. इस पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने का भी अनुरोध किया गया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस वर्ष मई में मथुरा की अदालत में लंबित श्री कृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े सभी मुकदमे अपने पास स्थानांतरित कर लिए थे. प्रयागराज कोर्ट के इस फैसले पर ,राजेश मणि त्रिपाठी पक्षकार एवं राष्ट्रीय प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल,महेंद्र तिवारी राष्ट्रीय सह प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल और उदित नारायण संगठन प्रभारी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ने खुशी जाहिर करते हुए माननीय न्यायलय का आभार ब्यक्त किया

विधानसभा में सुरक्षा घेरा सख्त. (M.P)

Tight security cordon in the Legislative Assembly Madhya Pradesh. अब विधायक केवल एक बाहरी व्यक्ति को दिलवा सकेंगे दीर्घा में प्रवेश विधानसभा में बगैर पास और वैध पहचान पत्र के कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। गेट के अलावा दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच। बिना पहचान पत्र नहीं कर सकता कोई प्रवेश।खान-पान की सामग्री भी दीर्घा में ले जाना मना है।गेट पर होती है तगड़ी सुरक्षा जांच। भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली में संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही दो युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूदकर स्मोक बम सरीखी सामग्री से धुआं छोड़ने की घटना को देखते हुए विधानसभा सचिवालय भी हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अब विधायक केवल एक ही बाहरी व्यक्ति को दर्शक दीर्घा में प्रवेश दिला पाएंगे। दो स्तर पर जांच होगी और कोई भी ऐसी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिसे सुरक्षा को कोई खतरा हो। इसी माह होगा विधानसभा सत्र मध्य प्रदेश में 16वीं विधानसभा का गठन हो चुका है। दिसंबर में पहला सत्र प्रस्तावित है। लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। अभी विधानसभा अध्यक्ष या सदस्य अपने क्षेत्र के लोगों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए प्रवेश पत्र जारी करवाते हैं। इसमें बैठक व्यवस्था के अनुसार सदस्यों की अनुशंसा पर प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन अब विधायक के स्वजन के अलावा वे केवल एक बाहरी व्यक्ति की ही अनुशंसा कर सकेंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के पहले एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा परिसर और दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच होगी। अभी ऐसी व्यवस्था मप्र विधानसभा में आगंतुकों के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं। यह विधानसभा अध्यक्ष या विधायक की अनुशंसा पर ही जारी किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य रहता है। प्रवेश पत्र में ही इस बात का उल्लेख होता है कि संबंधित व्यक्ति किस दीर्घा में जाकर बैठ सकता है। दो जगह सुरक्षा जांच विधानसभा में पहुंचने वाले व्यक्ति को दो जगहों पर सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। पहले परिसर के बाहरी द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी उनकी जांच करते हैं। इसके बाद दीर्घा में प्रवेश से पहले फिर उनकी जांच होती हैं। यहां उनके जूते-चप्पल, बेल्ट उतरवा रखवा लिए जाते हैं। खाने-पीने की कोई चीज अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति तो रहती है, पर उसे बंद करके रखना होता है। सत्र के दौरान राज्य पुलिस के अधीन होती है सुरक्षा व्यवस्था विधानसभा के अपर सुरक्षा सचिव उमेश शर्मा ने बताया कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था राज्य पुलिस बल के हवाले रहती है। सामान्य दिनों में राज्य के विशेष सशस्त्र बल के 27 जवान तैनात रहते हैं। वहीं, विधानसभा का सुरक्षा अमला, जिसमें लगभग सौ जवान हैं, भी परिसर के भीतर तैनात रहता है।

बुंदेलखंड में भाजपा के सभी दिग्गज जीते, कांग्रेस 5 सीटों में सिमटी.

In Bundelkhand, all stalwarts of the BJP emerged victorious, while Congress was confined to 5 seats. हारते-हारते सुरखी में जीत गए गोविंद राजपूत ,राजनगर में 302 के प्रकरण के बावजूद जीते अरविंद. Amidst setbacks, Govind Rajput secured victory, while Arvind emerged triumphant in Rajnagar despite the 302 case. भोपाल। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे प्रदेश की तरह बुंदेलखंड में भी सभी को चौंका दिया। यहां भाजपा के सभी दिग्गज चुनाव जीत गए। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पिछड़ रहे थे लेकिन अंतत: उन्होंने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर ली। छतरपुर जिले के राजनगर भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया के खिलाफ मतदान के दिन ही हत्या का प्रकरण दर्ज हो गए था। उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राजनगर थाने के सामने रात भर धरना दिया था लेकिन अरविंद भी चुनाव जीतने में सफल रहे। हालात ये है कि कांग्रेस 26 में से मात्र 5 सीटें हासिल कर सकी जबकि भाजपा ने 21 सीटें जीत कर सबको चौंका दिया। सागर में मंत्रियों की तिकड़ी जीतीसागर जिले की 8 विधानसभा सीटों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। सरकार में शामिल जिले के तीनों मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत जीत दर्ज करने में सफल रहे। गोपाल और भूपेंद्र ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। भार्गव क्षेत्र में प्रचार के लिए निकले तब भी लगभग 73 हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीते। कांग्रेस ने भाजपा से बीना सीटी छीनी तो भाजपा ने कांग्रेस की दो सीटें देवरी और बंडा छुड़ा लीं। देवरी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव चुनाव हार गए। कुल मिलाकर भाजपा 7 सीटें जीती जबकि कांगेस एक सीट पर सिमट गई। छतरपुर में कांग्रेस के तीनों विधायक हारेछतरपुर जिले की 6 में से 5 सीटेँ भाजपा ने जीत लीं। यहां कांग्रेस के तीनों विधायक छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी, महाराजपुर से नीरज दीक्षित और राजनगर से विक्रम सिंह नातीराजा चुनाव हार गए। कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीती। कांग्रेस को यहां पूर्व विधायक और जिले के कद्दावर नेता शंकरप्रताप सिंह मुन्ना राजा को अलग-थलग करने का नुकसान हुआ। मलेहरा में कांग्रेस की रामसिया भारती ने भाजपा के प्रद्युम्न सिंह लोधी को हरा दिया। मुन्ना राजा ने सिर्फ रामसिया का प्रचार किया था। प्रद्युम्न 2018 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते थे लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। टीकमगढ़, निवाड़ी में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शनबुंदेलखंड अंचल के टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले ही ऐसे रहे जहां कांग्रेस ने पांच में से तीन सीटें जीत कर बेहतर प्रदर्शन किया। टीकमगढ़ जिले की जतारा में ही हरिशंकर खटीक भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते शेष दो सीटें टीकमगढ़ और खरगापुर कांग्रेस ने छीन लीं। टीकमगढ़ में पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह ने भाजपा के राकेश गिरि को हरा दिया। यहां भाजपा को पार्टी के बागी केके श्रीवास्तव ने नुकसान पहुंचाया। खरगापुर में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी चुनाव हार गए। उन्हें कांग्रेस की चंदारानी गौर ने शिकस्त दी। निवाड़ी की दो सीटों में से प्रथ्वीपुर में कांग्रेस के नितेंद्र सिंह राठौर जबकि निवाड़ी में भाजपा के अनिल जैन चुनाव जीते। इस तरह यहां मुकाबला बराबरी का रहा। पन्ना, दमोह में नहीं खुला कांग्रेस का खातापन्ना और दमोह जिले में कांग्रेस का खाता ही नहीं खुला। भाजपा ने सभी 7 सीटें जीत लीं। दमोह में जयंत मलैया बड़े अंतर से जीते और पन्ना में सरकार के खनिज मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह भी चुनाव जीत गए। पन्ना जिले की पवई सीट में कांग्रेस के पूर्व मंत्री मुकेश नायक को पराजय का सामना करना पड़ा। गुनौर सीट पिछली बार कांग्रेस के पास थी जिसे इस बार भाजपा के राजेश वर्मा ने छीन लिया। इस तरह बुंदेलखंड में एक तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।

मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं चलेगा पट्ठावाद, चौंकाने वाले हो सकते मंत्रियों के नाम.

The expansion of the cabinet, here are the names of the ministers who could be surprising. हर अंचल से बनाए जाएंगे 4 से 6 तक मंत्री- खाली रखे जा सकते हैं आधा दर्जन मंत्री पद, मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन साधने की तैयारी उदित नारायण भोपाल। जिस प्रकार मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के चयन में रसूखदार नेताओं की नहीं चली, ठीक इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंत्रिमंडल का गठन होगा। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन तो साधा जाएगा लेकिन पट्ठावाद बिल्कुल नहीं चलेगा। अर्थात रसूखदार नेताओं का समर्थक होने के कारण किसी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में 26-27 मंत्रियों को शामिल कर शपथ दिलाई जाएगी और आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री पद खाली रखे जाएंगे। हमेशा की तरह नेतृत्व मंत्रिमंडल के गठन में भी सभी को चौंका सकता है। मोहन-वीडी लेकर जाएंगे संभावित मंत्रियों की सूचीमंत्रिमंडल के गठन पर भी केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगेगी। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली जाएंगे। वहां नेतृत्व के साथ सूची पर डिस्कशन होगा। नाम जोड़े और घटाएं जाएंगे। इसके बाद फायनल सूची के अनुसार मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।वरिष्ठ और नए के बीच होगा संतुलनमंत्रिमंडल के गठन में भी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों का फार्मूला अपनाया जा सकता है। इसके तहत वरिष्ठ और नए विधायकों के बीच संतुलन साधा जा सकता है। कुछ वरिष्ठों के साथ नए मंत्री ज्यादा बनाए जा सकते हैं। जैसे 8-9 वरिष्ठ मंत्रियों के साथ 16-18 नए विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। चंबल-ग्वालियर अंचल से ये बन सकते मंत्रीभाजपा सूत्रों के अुनसार अंचलों में मिली सीटों के संख्या के आधार पर मंत्रियों की संख्या तय हो सकती है। इस आधार पर चंबल- ग्वालियर, बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य अंचल से 4-4 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें जातीय संतुलन भी साधा जाएगा। जैसे, चंबल-ग्वालियर से नेता प्रतिपक्ष को हराने वाले अंबरीश शर्मा, जनता के बीच सक्रिय प्रद्युम्न सिंह तोमर, केपी सिंह को हराने वाले देवेंद्र कुमार जैन और घनश्याम सिंह को हराने वाले प्रदीप अग्रवाल को मंत्री बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही विधानसभा अध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं। बुंदेलखंड, विंध्य में ये हो सकते चेहरेबुंदेलखंड और विंध्य से मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और कनिष्ठ के बीच संतुलन के तहत चेहरे तय किए जाएंगे। बुंदेलखंड से नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, छतरपुर की ललिता यादव और जबेरा के धर्मेंद्र लोधी को मौका मिल सकता है। इनके अलावा वरिष्ठों में गोपाल भार्गव, भूपेेंद्र सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, जयंत मलैया और बृजेंद्र प्रताप सिंह में से 1 अथवा 2 को मौका मिल सकता है। विंध्य अंचल से सीधी की रीति पाठक, जयसिंह नगर की मनीषा सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल और रामपुर बघेलान से जीते विक्रम सिंह को मौका मिल सकता है। इस अंचल के राजेंद्र शुक्ला पहले ही उप मुख्यमंत्री बन चुके हैं। महाकौशल से बनाए जा सकते हैं 5 मंत्रीमहाकौशल अंचल में भाजपा को इस बार 38 में से 21 सीटें मिली हैं। यह कमलनाथ का भी इलाका है। इसलिए यहां से 5 मंत्री बनाए जा सकते हें। इनमें बहोरीबंद के प्रणव पांडे, नरसिंहपुर के प्रहलाद पटेल और बैतूल के हेमंत खंडेलवाल को मौका मिल सकता है। इनके अलावा जबलपुर के राकेश सिंह और गाडरवारा के उदयप्रताप सिंह में से किसी एक को मौका मिल सकता है। ये दोनों पूर्व सांसद हैं। इसी प्रकार शहपुरा के ओम प्रकाश धुर्वे और मंडला की संपतिया उइके में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। मालवा-निमाड़ से बन सकते सर्वाधिक मंत्रीमालवा- निमाड़ अंचल में सर्वाधिक 66 सीटें हैं। भाजपा ने इनमें से 48 सीटें जीती हैं। इसलिए यहां से सर्वाधिक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इंदौर से तुलसीराम सिलावट के अलावा कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मैंदोला में से किसी एक काे मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सज्जन सिंह वर्मा को हराने वाले राजेश सोनकर, दीपक जोशी को हराने वाले आशीष शर्मा, हरसूद के विजय शाह, नेपानगर की मंजू राजेंद्र दादू मंत्री बन सकते हैं। भोपाल के आसपास भी कम दावेदार नहींप्रदेश के मध्य अंचल अर्थात भोपाल के आसपास मंत्री पद के दावेदारों की संख्या कम नहीं है। इस बार रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विष्णु खत्री में से दो मंत्री बन सकते हैं। रायसेन जिले में प्रभुराम चौधरी और सुरेंद्र पटवा में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। इनके अलावा सीहोर के सुदेश राय और खिलचीपुर में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को हराने वाले हजारीलाल दांगी मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभावित मंत्रियों की यह सूची सूत्रों पर आधारित है क्योंकि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी क्या करेगी, कोई नहीं जानता।

आखिरी सांस तक आपके साथ खड़ा रहूंगा.

I will stand by you until my last breath. कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के इस्तीफे को लेकर किया खुलासा छिंदवाड़ा। भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई है, लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा में अपना किला बचाने में कामयाब रहे। लगभग 43 सालों से कमलनाथ छिंदवाड़ा की पहचान बनकर राजनीति में छाए हुए हैं। ऐसे में इस बार भी विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा की सातों सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है। कमलनाथ अब छिंदवाड़ा दौरे पर हैं और वे हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर आभार सभा कर रहे हैं। पांढुर्णा और सौंसर में बुधवार को कमलनाथ ने आभार सभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पांढुर्णा में कहा कि वे आखिरी सांस तक छिंदवाड़ा की जनता के बीच रहेंगे, वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। नहीं लेगें रिटायरमेंट कमलनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकों लेकर राजनीतिक गलियारो में यही चर्चा चल रही थी कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण उन्हें पीसीसी चीफ पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। हालांकि आला कमान ने नाथ को दोबारा लोकसभा चुनाव तक की जवाबदारी दी है। ऐसे में कमलनाथ ने अपने गढ़ छिंदवाड़ा से आज इसको लेकर एक बड़ा बयान देकर यह साफ कर दिया है कि वे आने वाले समय में भी पूरी सक्रियता के साथ जनता के बीच रहेंगे और रिटायरमेंट नहीं लेंगे।आखिरी सांस तक जनता के साथ उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी आखिरी सांस तक जनता के साथ खड़े है। वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता का प्यार उन्हे पिछले 43 सालों से मिलता आ रहा है। आगे भी यह प्यार और स्नेह उन्हे मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए वह कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। लोकसभा चुनाव का फूंका बिगुल कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मिली बंपर जीत के बाद अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छिंदवाड़ा की जनता ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया है। इसी तरह से लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को यही प्यार और विश्वास लोकसभा चुनाव में भी मिलेगा। इस दौरान उनके साथ उनके बेटे नकुलनाथ भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के आसार।

As soon as becoming the Chief Minister, signs of significant administrative changes in the state. सचिवालय से सबसे पहले हटाए जाएंगे पीएस रस्तोगी, मुख्य सचिव के लिए तीन नाम का भेजा जाएगा डीओपीटी में पैनल – मंत्रालय स्तर पर सचिव सेक्रेट्री सहित कई अन्य विभागों के अधिकारियों के भी होंगे ट्रांसफर – प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी होंगे तबादले।  *उदित नारायण*  भोपाल। मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वल्लभ भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के साथ ही प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया है। इसके पीछे की वजह है कि जनता से जुड़े हुए कामकाज करने वाले अधिकारियों की पूछ परख ज्यादा होगी। मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिना भ्रष्टाचार की जनता से जुड़े हुए काम किए जाएं। सीएम के फरमान के बाद जरूर जल्द ही सर्जरी होगी सबसे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में लंबे समय तक पदस्थ रहे मनीष रस्तोगी को किसी और विभाग में पदस्थित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय में अनुभवी प्रमुख सचिव की पोस्टिंग होगी। जिन्हें कई विभागों में कामकाज का अनुभव रहा है। ऐसे में कई नाम सामने आ रहे हैं। वही मार्च में 2024 मौजूदा मुख्य सचिव वीरा राणा भी रिटायर होगी। इससे पहले सरकार की कोशिश होगी कि तीन सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम का पैनल डीओपीटी भेजा जाएगा। जिससे मध्य प्रदेश में 2 से 3 साल तक फिक्स मुख्य सचिव की पोस्टिंग हो सके। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि दो से तीन विभाग में प्रमुख सचिव के पद खाली हैं अवसरों को प्रमोशन के साथ नई पोस्टिंग भी दी जाएगी मंत्रालय स्तर पर सचिव, डिप्टी सेक्रेटरी भी ट्रांसफर किए जाएंगे। कई सीनियर अधिकारियों की मीटिंग के बाद मंत्रालय में पदस्थ सक्रिय अधिकारियों को फ्रंट में लेकर आया जाएगा।  सबसे पहले नपेंगे बड़े जिले की कलेक्टर – सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन कलेक्टर ने जनता की कई मांगों को लेकर तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव को काफी परेशान किया था मोहन यादव ने इस बात की जानकारी संगठन को भी दी थी लेकिन सीनियर आईएएस अधिकारी के दबाव में कलेक्टर को नहीं हटाया गया अब सरकार के हाथ में कमान मोहन यादव के हाथ में है ऐसे में माना जा रहा है कि एक बड़े जिले के कलेक्टर को भी सबसे पहले हटाया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि सीएम बनने के बाद कलेक्टर और सीएम सचिवालय में पदस्थ रहे मनीष रस्तोगी तक उनसे मिलने नहीं गए। हालांकि मंत्रालय आने के बाद प्रमुख सचिव औपचारिकता के तौर पर मुलाकात की।  सचिवालय में शिफ्ट होंगे उच्च शिक्षा विभाग के कई ओएसडी – उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मुख्यमंत्री पहले इसी विभाग के मंत्री थे। ऐसे में अपने भरोसेमंद और काबिल ओएसडी को सचिवालय में जगह देंगे। इसके पीछे का कारण है कि कैबिनेट की पहली बैठक में ही उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े हुए कई फैसलों पर अमल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिक्षा से जुड़े हुए कार्यों को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पदस्थ सीएम सचिवालय में किया जाएगा।

पहला आदेश पर्यावरण के हित में ,सीएम मोहन.

The first order in the interest of the environment, CM Mohan. भोपाल। म.प्र. में धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूपही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर / डी.जे.) आदि का उपयोग किया जा सकेगा। ■ धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर / डी.जे.) को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदंड से अधिक आवाज में बजाने पर लगेगा प्रतिबंध। ■ म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों, माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुक्रम में लिया गया निर्णय। ■ धर्म गुरुओं से संवाद और समन्वय के आधार लाउडस्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जाएगा और ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाई जाएगी जहां उक्त नियमों/निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। ■ ध्वनि प्रदूषण तथा लाउडस्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्तों के गठन का निर्णय लिया गया है।• जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी एवं इस संबध में 31 दिसंबर 2023 तक पालन प्रतिवेदन गृह विभाग को उपलब्ध कराना होगा। ■ ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को राज्यसभा से मिली मंजूरी, लोकसभा से पहले ही पास.

The establishment of the Central Tribal University received approval from the Rajya Sabha, passing before the Lok Sabha. संसद ने बुधवार को राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एक विधेयक पारित कर दिया। संसद ने बुधवार को राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उच्च सदन ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 को विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में ध्वनि मत से पारित कर दिया, जिन्होंने पहले लोकसभा में सुरक्षा उल्लंघन पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए वॉकआउट किया था। केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 को पिछले हफ्ते लोकसभा ने मंजूरी दे दी थी। तेलंगाना में केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अनिवार्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना अनिवार्य है। आंध्र प्रदेश में एक आदिवासी विश्वविद्यालय पहले ही स्थापित किया जा चुका है और परिसर ने काम करना शुरू कर दिया है, उन्होंने कहा, “अगर तेलंगाना सरकार ने सही समय पर सहयोग किया होता, तो यह विश्वविद्यालय अब तक सामने आ गया होता। उन्होंने एक कदम उठाया जमीन उपलब्ध कराने में काफी समय लग गया, इसलिए कार्यान्वयन में देरी हुई। केंद्रीय मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि एक बार जब राष्ट्रपति विधेयक को मंजूरी दे देंगी, तो विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी प्रक्रियाएं तेजी से शुरू की जाएंगी ताकि यह आगे बढ़ सके और एक राष्ट्रीय संस्थान के रूप में कार्य कर सके। प्रधान ने विपक्षी सदस्यों के उन आरोपों का भी खंडन किया कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के माध्यम से इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रही है।

भाजपा: अचर्चित चेहरों के हाथ कमान सौंपने में जोखिम मे नि:संदेह.

BJP: Taking the risk in entrusting key responsibilities to lesser-known faces without hesitation. उदित नारायण इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व ने हिंदी भाषी तीन राज्यों में भारी जीत के बाद जिन अचर्चित चेहरों के हाथों में सत्ता की कमान सौंपी है, उससे ‘चौंकना’ शब्द भी फीका लगने लगा है। यह कुछ वैसा ही था कि कोई जादूगर अपनी जेब में हाथ डाले और नोट किसी भीड़ में छिपे शख्स की जेब से निकले।मोदी- शाह ने मीडिया के तमाम अटकलों को बेकार साबित कर दिया है। लेकिन इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस असली हार्स रेस से भी ज्यादा रोमांचक होने लगी थी। दावेदारी और राजयोग में अदृश्य मुकाबला चल रहा था। मीडिया की आंखें और राजनीतिक भविष्यवाणियां उन्हीं चंद चेहरों के आसपास मंडरा रही थीं, जिन्हें परंपरागत रूप से कुर्सी की दौड़ में प्रथम पंक्ति में माना जाता रहा था। ऐसे कुछ नाम जो सीएम या फिर वो भी नहीं तो कम से कम डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए नए सूट सिलवा चुके थे। लेकिन हाय री किस्मत!भाजपा आलाकमान ने इन फैसलों से छह संदेश दिए हैं। पहला तो कोई खुद को पार्टी से ऊपर न समझे, दूसरा भाजपा में संघ अभी भी पूरी तरह ताकतवर है, तीसरा भाजपा में कोई साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, चौथा भाजपा ने आने वाले 15 साल तक राजनीति करने वाले नए खून की फौज तैयार कर दी है, पांचवां सोशल इंजीनियरिंग में भाजपा सभी राजनीतिक दलो से मीलों आगे है और छठा, इस बदलाव के जरिए भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की जमीन भी तैयार कर दी है और तकरीबन मुद्दे भी तय कर दिए हैं। मप्र में डा. मोहन यादव, छग में विष्णुदेव साय और राजस्थान में भजनलाल शर्मा बाकी दुनिया के लिए भले ही अचर्चित चेहरे रहे हों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा है। अब यह इन तीनो पर है कि मिले हुए अवसर को कामयाबी में वो कितना बदल पाते हैं। खुद को कितना साबित कर पाते हैं। हालांकि यह जोखिम तो हर उस प्रयोग में रहता है, जो राजनीति की प्रयोगशाला में पहली बार किया जाता है। मप्र में जब पहली बार शिवराज को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी तब कई लोगों ने उनकी नेतृत्व क्षमता और देसी छवि पर तंज कसा था, लेकिन वक्त के साथ शिवराज ने खुद को न सिर्फ साबित किया बल्कि अपरिहार्य बन गए। उन्होंने अपनी राजनीति की नई इबारत लिखी। इमोशनल पॉलिटिक्स का नया सिलेबस तय किया और पूरे 18 साल तक सीएम पद पर जमे रहे।हालांकि, पहली पारी के सीएम शिवराज और चौथी पारी के सीएम शिवराज में काफी अंतर था । उनका अपना आभा मंडल और काकस तैयार हो गया था। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी यथासंभव किनारे लगाया और शायद इसकी इंतिहा हो चुकी थी। यही स्थिति राजस्थान में वसुंधरा राजे की थी। राजे तो पहले से राज परिवार से हैं। लिहाजा कुर्सी पर विराजना उनके लिए नैसर्गिक अधिकार था। उन्होंने खुद को पार्टी और राज्य का भाग्य विधाता मान लिया था। अलबत्ता छग के 15 साल सीएम रहे और बाद में भाजपा में ही हाशिए पर डाल दिए गए डॉ रमनसिंह ने खुली बगावत के रास्ते पर जाने से खुद को बचाया और कुछ बेहतर पाने की आस जिंदा रखी।कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में इस तरह क्षत्रप संस्कृति को समाप्त पर ‘ एक हाईकमान कल्चर’ को लागू कर भाजपा ने बहुत बड़ा जोखिम लिया है, जो भविष्य में आत्मघाती भी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही पार्टी का पूरी तरह आश्रित हो जाना संगठन की आंतरिक कमजोरी को दर्शाता है। यानी जब मोदी भी नहीं रहेंगे, तब क्या होगा? इसके अलावा इन तीन राज्यों में बिल्कुल ताजा चेहरों की ताजपोशी के साथ राजनीतिक और जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश है। छग में आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को सीएम बनाकर समूचे आदिवासी समुदाय को यह संदेश दिया गया है कि आदिवासी भी हिंदू ही हैं और वो हमारे लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह मप्र में बिल्कुल अप्रत्याशित चेहरे डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाकर यूपी और बिहार के यादवों को भी संदेश दिया गया है कि वो क्षेत्रीय पार्टियों के मोह से उबरें और भाजपा से जुड़ें। मप्र और राजस्थान में दलित डिप्टी सीएम बनाकर बहनजी मायावती और उनकी पार्टी के समर्थकों को संदेश है कि भाजपा में दलितों के लिए भी पूरी जगह है। दिलचस्प बात यह है कि विस चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में कांग्रेस पूरे समय ओबीसी जातिजनगणना का मुद्दा उठाती रही, लेकिन जिस तेलंगाना में वह स्पष्ट बहुमत के साथ चुनाव जीती, वहां उसने किसी ओबीसी के बजाए रेवंत रेड्डी के रूप में एक अगड़े को ही मुख्यमंत्री बनाया। 26 विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक 19 दिसंबर को होनी है। उसमें लोकसभा सीटों के बंटवारे के किसी फार्मूले पर बात होती है या नहीं, यह देखने की बात है। लेकिन हो भी गया तो थके चेहरों और सतही जोश से लोकसभा चुनाव की जंग कैसे जीती जाएगी, यह देखने की बात है। बहरहाल चुनाव रणविजय शास्त्र की क्लास में भाजपा से कुछ तो सबक लेने ही चाहिए।

संसद की सुरक्षा में भारी चूक : दो घटनाएं, 4 गिरफ्तार, लोकसभा में धुआं ही धुआं.

Serious lapses in Parliament security: Two incidents, 4 arrested, chaos in the Lok Sabha दिल्ली: संसद पर हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है. दरअसल, बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो लोग लोकसभा में दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद पड़े और पीली गैस का स्प्रे करने लगे. इसके बाद इनमें से एक शख्स लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की तरफ दौड़ने लगा. इन आरोपियों के सदन में कूदने के बाद वहां मौजूद सांसदों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों आरोपियों को सदन के अंदर ही पकड़ लिया. इस घटना को लेकर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि घटना की जांच हो रही है. दोनों आरोपी पकड़े गए हैं और इनके पास से सभी तरह की सामग्री को जब्त कर लिया गया है. वहीं, संसद के बाहर नारेबाजी कर रही एक महिला और शख्स को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि, बाद में इन सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दर्शक दीर्घा अगले आदेश तक के लिए बंद इस घटना के बाद दर्शक दीर्घा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. दरअसल, दोनों युवकों ने दर्शक दीर्घा के जरिए ही घटना को अंजाम दिया. दो गुट में आए थे आरोपी बता दें कि आरोपी शख्स ने सदन के अंदर फ्लोरोसेंट गैस का छिड़काव भी किया. खास बात ये है कि हमला करने वाले लोग दो अलग-अलग ग्रुप में आए थे. एक ग्रुप संसद के अंदर गया जबकि दूसरा ग्रुप संसद भवन की इमारत के बाहर ही रुका रहा. दिल्ली पुलिस ने बाहर मौजूद आरोपियों को पकड़ा लिया है जबकि अंदर घुसे शख्स को संसद भवन के अंदर ही पकड़ लिया गया है. संसद के अंदर जो 2 लोग पकड़े हैं ,उनमें एक नाम सागर शर्मा है और दूसरे का नाम मनोरंजन डी है. ये दोनों कर्नाटक के हैं. बीजेपी सांसद ने कही ये बात बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान अचानक दो लड़के विजिटर्स गैलरी से नीचे कूद गए, उन्होंने पीले रंग की गैस भी छोड़ी. यह सिक्योरिटी लैप्स का मामला है. लोकसभा की सिक्योरिटी ब्रीच हुई है. हालांकि सांसदों ने तुरंत उन लड़कों को पकड़ लिया. “20 साल के थे दो युवक” वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अचानक करीब 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में टिन के डिब्बे थे, जिनसे पीला धुआं निकल रहा था. उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने नारे लगाए. यह धुआं जहरीला हो सकता था.संसद हमले की बरसी के दिन यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है !

शपथ के दौरान स्टेडियम के बाहर Shivraj के चाहने वालों ने काफिला रोका, मामा मामा के नारे लगाए.

During the swearing-in ceremony, supporters of Shivraj outside the stadium stopped the procession, chanting slogans in favor of Mama (referring to Shivraj Singh Chouhan).

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Rajendra Shukla, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Jagdish Devda, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव लेंगे शपथ, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Chief Minister of the state, Mohan Yadav, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal.

नव नियुक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव , क्या रहा अभी तक का उनका सफर.

Newly appointed Chief Minister Mohan Yadav Political journey. आइये जानते हैं मध्यप्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में , क्या रहा यहां तक का उनका सफर जीवन परिचयनाम – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मप्र शासनजन्म – 25 मार्च 1965 उज्जैनशिक्षा – बीएससी, एलएलबी, एमबीए, पीएचडी (राजनीति शास्त्र))तीसरी बार उज्जैन दक्षिण विधान सभा से लगातार निर्वाचित,पूर्व दायित्व: केबिनेट मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, जुलाई 2020 सेउच्च शिक्षा मंत्री के रूप में देश में पहली बार मप्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सफल क्रियान्वयन, 54 नए महाविद्यालय खोलेसन् 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा)।सन् 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा)।भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य. सन् 2013-2016 में भा.ज.पा. के अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक। उज्जैन के समग्र विकास हेतु अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) द्वारा महात्मा गांधी पुरस्कार और इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित। मध्यप्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास हेतु सन् 2011-2012 एवं 2012-2013 में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत. सन् 2013 में चौदहवीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित। सन् 2018 में दूसरी बार विधान सभा सदस्य निर्वाचित. दिनांक 2 जुलाई,. 2020 को मंत्री बने। 2023 में तीसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित और मुख्यमंत्री बने। छात्र राजनीति – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश के विभिन्न पदों पर रहे, राष्ट्र्रीय महामंत्री के पद के दायित्वों का निर्वाहन, माधव विज्ञान महाविद्यालय में 1982 में छात्र संघ के संयुक्त सचिव तथा 1984 में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित। सामाजिक क्षेत्र- 2006 में भारत स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, 2007 में अखिल भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, वर्ष 1992, 2004 एवं 2016 सिंहस्थ उज्जैन केन्द्रीय समिति के सदस्य,वर्ष 2000-2003 तक विक्रम विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद (सिंडीकेट) सदस्य के दायित्व का निर्वाहन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विकलांग पुर्नवास केन्द्रों में सक्रिय भागीदारी।राजनैतिक क्षेत्र – सन् 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव एवं 1984 में अध्यक्ष. सन् 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख। सन् 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री तथा सन् 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री. सन् 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खण्ड कार्यवाह। सायं भाग नगर कार्यवाह एवं 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह। सन् 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य। सन् 1998 में पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य. सन् 1999 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के उज्जैन संभाग प्रभारी, सन् 2000-2003 में भा.ज.पा. के नगर जिला महामंत्री एवं सन् 2004 में भा.ज.पा. की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य। सन् 2004 में सिंहस्थ, मध्यप्रदेश की केन्द्रीय समिति के सदस्य। सन् 2008 से भारत स्काउट एण्ड गाइड के जिलाध्यक्ष। धार्मिक क्षेत्र – विक्रमोत्सव-चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा आरंभ विक्रम संवत पर प्रारंभ होने वाले भारतीय नववर्ष मनाने की परंपरा, विगत 11 वर्षों से प्रतिवर्ष भव्य उत्सव शिप्रा तट पर आयोजित किया जाता है, धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए भारतीय संस्कृति, तीज, त्यौहार, रीति-रिवाज के पारंपरिक आयोजनों में शामिल होकर साहित्यिक, सांस्कृतिक, कला, विज्ञान, पुरातत्व, वेद ज्योतिष से जुडने हेतु जनमानस को अभिप्रेरित किया।साहित्य: विक्रमाँदित्य शोधपीठ का गठन,लेखन: उज्जैयनी का पर्यटन, विश्वकाल गणना के केंद्र डोंगलाप्रकाशन: संकल्प शुभकृत, क्रोधी, विश्वावसु, पराभव आदि पुस्तकों का प्रकाशनविदेश यात्रा: अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, बैंकाक, थाईलैंड, चीन, नेपाल, बर्मा, भूटान, म्यांमार, अरब देशों की यात्रा।इतना ही तलवारबाजी इनके शौक में शुमार है, दोनो हाथों से एक साथ तलवार भांजने में महारथ हासिल है।

भारतीय जनता पार्टी नए व समर्पित कार्यकुशल लोगों को जिम्मेदारी देने में अग्रिम. 

The Bharatiya Janata Party is ahead in entrusting responsibilities to new and dedicated Party Workers. अनुपम सचान, सहारा समाचार   भोपाल..जब विधानसभा का चुनाव किसी मुख्यमंत्री के नाम के बगैर लड़ा जा रहा था तब यह चर्चा रही कि क्या इस बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री कोई नया चेहरा लेकर आएगी मोहन यादव का मुख्यमंत्री पद पर आसीन होना, देश को व प्रदेश को कई संदेश देता है. एक तो यह कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है जिसका कोई भी कार्यकर्ता किसी भी पद तक अपने सम्मान एवं परिश्रम के आधार पर दायित्व पा सकता है भारतीय जनता पार्टी नए व समर्पित कार्यकुशल लोगों को जिम्मेदारी देने में अग्रिम है छत्तीसगढ़ के लिए चुने गए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिन्होंने सरपंच बनने से लेकर लोकसभा और अब प्रदेश में मुख्य के पद को संभाला है यही संदेश देता है राजस्थान के लिए चुने गए मुख्य मंत्री भजन लाल शर्मा जो राजस्थान विधान सभा सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं  जब द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति पद को संभाला तब भी देश को यही संदेश मिला था राजनीति सत्ता का अहंकार नहीं सेवा का माध्यम है मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की जो मृदुल छवि थी. वह छवि बरक़रार है और जैसा कुशल नेतृत्व उन्होंने किया, उसके प्रशंसक कम नहीं हैं यही उम्मीद अब प्रदेश की जनता करती है एबीवीपी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करके वह संघटन में दी सेवाओं के अनुभव एवं उच्च शिक्षा मंत्री के बाद अब मोहन यादव मध्यप्रदेश को अपने विशिष्ट कौशल से देश प्रदेश को संपन्नता वह सुशासन से धड़कता हृदय देश बनाने में कोई कमी नहीं रखेंगे। भारत अब अच्छे से महसूस करता है कि यदि केंद्र में प्रखर राष्ट्रप्रेमी शासक आसीन हो तो प्रदेश में भी लीक से हटकर साम्प्रदायिक जातिवादी और क्षेत्रीय मानसिकता से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री चुना जाता है। तुष्टीकरण की राजनीति से देश अब मुक्त हो चला है और युवाओं को राजनीति में आकर काम करना एक अच्छा विकल्प दिखने लगा है।

नौ दिन से जारी सियासी उथल-पुथल पर लगा विराम, भजन लाल शर्मा होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री।

The political turmoil that has been ongoing for nine days has come to a halt, and Bhajan Lal Sharma will be the Chief Minister of Rajasthan. भाजपा विधायक दल की बैठक में भजनलाल शर्मा के नाम पर सर्वसम्मति से लगी मुहर। राजस्थान में भी बने दो उप मुख्यमंत्री, दीया कुमारी और प्रेमचंद्र बैरवा के नाम का एलान। अजमेर से विधायक वासुदेव देवनानी को राजस्थान विधानसभा का स्पीकर चुना गया। संतोष सिंह तोमर जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के लिए जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। तीन दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से कई नामों को लेकर चर्चा चल रही थी। इस बीच भाजपा ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की और विधायक दल की बैठक में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे भजनलाल शर्मा के नाम पर मुहर लगी। राजस्थान के लिए भी दो उप मुख्यमंत्री के नाम का भी एलान किया गया है। उप मुख्यमंत्री के लिए विधाधर नगर सीट से विधायक दीया कुमारी और विधायक प्रेमचंद्र बैरवा का नाम फायनल कर दिया गया है। इसके साथ ही अजमेर से विधायक वासुदेव देवनानी को राजस्थान विधानसभा का स्पीकर चुन लिया गया है। इससे पहले पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े को बतौर पर्यवेक्षक जयपुर भेजा था। हम आपको याद दिला दें कि राजस्थान में करणपुर विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी 199 सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव कराए गए थे। इसके नतीजे 3 दिसंबर को आए। राजस्थान विधानसभा चुनाव के सियासी घमासान में कांग्रेस को पछाड़ कर भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस को 69 सीटें ही मिल सकीं। इसके अलावा 15 सीटें अन्य के खाते में गईं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मनाने में लगा समय इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। वसुंधरा ने चुनावी नजीतों के बाद पार्टी के कई विधायकों को डिनर पार्टी दी थी, जिसे दबाव की राजनीति के तौर पर देखा गया था। इसके साथ ही वसुंधरा राजे के समर्थक विधायक वसुंधरा राजे को पुनः राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रयासरत थे। पार्टी नेतृत्व को उन्हें मनाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। हालांकि, नड्डा से मुलाकात के बाद वसुंधरा के सुर बदले-बदले नजर आए थे और उन्होंने खुद को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताया था। विधायक दल की बैठक में चुना गया नेता इसके बाद पार्टी ने राज्य के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े के रूप में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस पर विराम लगाने और विधायक दल का नेता चुनने के लिए सभी की सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके बाद मंगलवार को हुई विधायक दल की बैठक में भजनलाल शर्मा को चुना गया। विधायक बने सांसदों के इस्तीफे ने बढ़ा दी थी सरगर्मी इससे पहले राजस्थान के राजसमंद की सांसद दीया कुमारी, जयपुर के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा और अलवर के सांसद बाबा बालक नाथ ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि पार्टी वसुंधरा के अलावा किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेल सकती है। मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के बाद राजस्थान में भी चौंकाया इससे पहले भाजपा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर सभी चौंका दिया था। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह भी तय किया गया कि मध्य प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे। इनके लिए जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का चुना गया। जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ और राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक हैं। इसके अलावा स्पीकर पद के लिए नरेंद्र सिंह तोमर के नाम का एलान किया गया था। वहीं, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री के लिए चुनकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी थी। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि राज्य में दो डिप्टी सीएम होंगे और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह स्पीकर हो सकते हैं। इसी तरह से भाजपा शीश नेतृत्व ने राजस्थान में भी सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर फिर एक बार सभी को चौंका दिया है।

15 दिसंबर के बाद होगा मप्र कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन.

The selection of the leader of the Madhya Pradesh Congress Legislative Party will take place after December 15. पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन 15 दिसंबर के बाद होगा। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम दावेदारों में प्रमुखता से सामने आए हैं। 66 सीटों पर जीती कांग्रेस230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 66 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। दल का नेता विधायक चुनेंगे। इसके लिए विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय संगठन से विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए पर्यवेक्षक भेजने का अनुरोध किया है। एकजुटता का संदेश देना चाहते हैंदरअसल, पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। विधायक दल के नेता के लिए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विंध्य अंचल में वैसे भी पार्टी की स्थिति कमजोर है। इस बार केवल पांच सीटें ही पार्टी जीत सकी है। उधर, जातीय समीकरणों के हिसाब से ओबीसी वर्ग से आने वाले रामनिवास रावत और आदिवासी वर्ग से बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम भी दावेदारों में हैं। कमल नाथ प्रदेश संगठन में करेंगे परिवर्तनउधर, लोकसभा चुनाव को देखते हुए कमल नाथ अभी प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे पर उनकी टीम यानी प्रदेश कांग्रेस संगठन में परिवर्तन होगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव में कई पदाधिकारियों के निष्क्रिय रहने की शिकायतें हैं। पार्टी अध्यक्ष को संगठन की रचना और आगामी दिशा तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने सभी चुनाव जीतने व हारने वाले उम्मीदवारों से संगठन की रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, कुछ उम्मीदवारों ने संगठन का साथ नहीं मिलने और भितरघात की शिकायत की है। इसके अतिरिक्त जिला प्रभारी, संगठन मंत्री और पर्यवेक्षकों से भी चुनाव में संगठन पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है।

भजनलाल शर्मा होंगे राजस्थान के नए मुख्यमंत्री, सांगानेर सीट से हैं विधायक

Bhajan Lal Sharma will be the new Chief Minister of Rajasthan. He is a legislator from the Sanganer constituency. जयपुर! राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। भाजपा की तरफ से विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया है। रक्षामंत्री राजस्थान सिंह व पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई। राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। भाजपा की तरफ से विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया है। रक्षामंत्री राजस्थान सिंह व पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई। भजन लाल शर्मा एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री और राजस्थान विधान सभा के सदस्य के रूप में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं । वह चार बार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव भी रहे । 2023 के राजस्थान विधान सभा चुनाव के बाद , उन्हें सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में चुना गया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों के अंतर से हराकर अपना स्थान सुरक्षित किया।

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर।

Narendra Singh Tomar, the Union Minister, has been elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार गठन को लेकर भोपाल में सोमवार को चली कई घंटों की बैठक के बाद पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी है। ऐसे में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री नए विधानसभा अध्यक्ष का पद संभालेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। हालांकि इससे पहले नरेंद्र सिंह तोमर को मुख्यमंत्री की रेस में गिना जा रहा था, लेकिन अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की सियासी तस्वीर साफ हो चुकी है। नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने इस बार दिमनी विधानसभा सीट से टिकट दिया था। जहां उन्होंने 24 हजार से अधिक वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की है। विधानसभा के अध्यक्ष होंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भाजपा ने विधानसभा का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। श्री तोमर दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने अपने सबसे निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के प्रत्याशी को 24461 वोटों के अंतर से मात दी है। नरेंद्र सिंह तोमर को 79137 वोट मिले हैं। श्री तोमर केंद्र की मोदी सरकार में कृषि मंत्रालय समेत कई अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। साफ-सुथरी छवि वाले नेता होने के नाते नरेंद्र सिंह तोमर को इस विधानसभा का स्पीकर चुना गया है।   छात्र जीवन से शुरू किया राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश के नए स्पीकर चुने गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के ओरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ। श्री तोमर एक राजपूत क्षत्रीय परिवार से आते हैं। उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी से स्नातक तक की शिक्षा हासिल की हुई है। स्नातक की पढ़ाई के दौरान तोमर महाविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही वो ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद पर भी चुने गए, जिसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो गए। वर्ष 1977 में भाजपा ने उन्हें युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद वर्ष 1984 में युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री बने और वर्ष 1991 में प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2006 में नरेंद्र सिंह तोमर को फिर एक बार मध्य प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष चुना गया। इस राजनेतिक सफर के दौरान वे राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। ग्वालियर से लड़ा था पहला विधानसभा चुनाव नरेंद्र सिंह तोमर ने अपना पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 1993 ग्वालियर सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अशोक कुमार शर्मा को 26 हजार से अधिक वोटों के अंतर मात देकर विधानसभा में पहला कदम रखा था। इस दौरान उनको 50 हजार वोट मिले थे। उन्होंने अपना दूसरा विधानसभा का चुनाव वर्ष 2003 में लड़ा था, जिसमें उनको 63 हजार 592 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी बालेन्दु शुक्ला को 29 हजार 452 वोट मिले। तोमर ने यह चुनाव 34 हजार 140 वोटों के अंतर से जीता था। वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2007 तक श्री तोमर मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे। 2009 से लगातार चुने गए लोकसभा के सांसद साल 2009 में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहली बार मुरैना से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। मुरैना संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने से पहले वो राज्यसभा के सदस्य थे। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास रावत को 1 लाख 97 वोटों से हराया था। वहीं, साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें ग्वालियर से टिकट दिया। इस दौरान उन्होंने 26 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। नरेंद्र सिंह तोमर केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री, खान मंत्री और संसदीय मामलों के मंत्री रहे हैं। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्हें फिर एक बार मुरैना लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा गया और इस बार भी वोटों के बड़े अंतर से चुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार लोकसभा में पहुंचे। जिसके बाद वो ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय में रहे और उन्हें कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया।

भाजपा से ज्यादा कांग्रेस ने बनाए प्रकोष्ठ, बांटे 500 से अधिक पद.

Congress has formed more committees than BJP, distributing more than 500 positions. भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के 40 से अधिक प्रकोष्ठ और बांटे गए 500 से अधिक पद भी विधानसभा चुनाव में कोई कमाल नहीं दिखा पाए। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने नए प्रकोष्ठों की झड़ी लगा दी थी कांग्रेस ने अपने पार्टी संविधान से अलग हटकर करीब 40 से अधिक प्रकोष्ठ बनाये हैं। चुनाव से पहले संगठन में नियुक्ति रेवड़ी की तरह बांटी गई। इतना ही नहीं इनमें अध्यक्ष, संयोजक और कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर थोकबंद नियुक्तियां भी की गई थीं। लेकिन ये सभी प्रकोष्ठ चुनाव में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। खास बात है कि प्रकोष्ठ बनाने में कांग्रेस ने तो भाजपा को भी पीछे कर दिया। वहीं चुनाव से पहले कांग्रेस ने सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष जैसे 500 से अधिक पदाधिकारी भी बनाए थे लेकिन वे भी चुनाव में पूरी तरह से बेअसर साबित हुए। कांग्रेस ने हर वर्ग को साधने के लिए प्रकोष्ठ का सहारा लिया था। इसके लिए पार्टी ने पुजारी से लेकर मेकेनिक जेसे प्रकोष्ठ का गठन किया था। इसके साथ ही आउटसोर्स, शिक्षक, केश शिल्पी, डॉक्टर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सद्भावना कोमी एकता और परिवहन जेसे कई अन्य प्रकोष्ठ भी बनाए गए थे। कांग्रेस कार्यालय में लगातार अलग-अलग प्रकोष्ठ और विभागों के सम्मेलन भी किए थे। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुद इन्हें संबोधित करते थे। 105 महासचिव, उपाध्यक्षों की संख्या 50

नतीजे के आठवें दिन मिला प्रदेश को नया मुख्यमंत्री, मोहन यादव के नाम पर लगी मुहर.

On the eighth day of the results, the state got a new Chief Minister, with the seal of approval on the name of Mohan Yadav. भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने आठ दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नाम पर मोहर लगाई। यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। इसके अलावा जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री होंगे। केंद्र में कृषि मंत्री रहे नरेंद्र सिंह तोमर स्पीकर होंगे। हालांकि उप मुख्यमंत्री और स्पीकर के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर, डॉ. के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा मौजूद रहे। सीएम शिवराज सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। मोहन यादव को भरोसा नहीं हुआ तो पहले खड़े नहीं हुए। बाद में खड़े होकर हाथ जोड़े। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं और ओबीसी वर्ग से आते हैं। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से विधायक हैं। देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं। जबकि राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। आठ दिन की कवायत, 15 मिनट में तय हुआ सीएमभाजपा प्रदेश कार्यालय पर शाम 4.11 बजे विधायक दल की बैठक शुरू हुई थी। मात्र 15 मिनट में नए मुख्यमंत्री बनाने की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विधायक दल की बैठक की जानकारी दी। पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने 6 मिनट के भाषण में सिर्फ इतना कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को सभी को स्वीकार करना चाहिए। यह परंपरा है। जिसके बाद सीएम के नाम का ऐलान कर दिया गया। शिवराज ने दिया इस्तीफा, मोहन ने पेश किया सरकार का प्रस्तावनए सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे। जहां उन्होंने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंपा। उनका इस्तीफा तत्काल मंजूर भी हो गया। शिवराज सिंह ने नए सीएम को बधाई भी दी। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल गया है। उन्हें बहुत बहुत बधाई, उनका अभिनंदन। इधर कुछ देर बाद मोहन यादव राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान उनके साथ शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और वीडी शर्मा मौजूद रहे। साथ ही तीनों पर्यवेक्षक मनोहर लाल कट्टर, डॉ के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा भी साथ रहे। विधायकों का फोटो सेशन हुआ, रेस में थे कई नामबीजेपी विधायक दल की बैठक से पहले सभी नवनिर्वाचित विधायकों का फोटो सेशन हुआ। जिसमें मोहन यादव आगे से तीसरी पंक्ति में बैठे थे। फोटो सेशन के बाद बैठक शुरू हुई। जिसमें सीएम के रूप में मोहन यादव के नाम का ऐलान हो गया। एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रीय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा का तंत्र ऐसा, छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी : यादवनए सीएम मोहन यादव ने कहा कि भाजपा का तंत्र ही ऐसा है कि छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी मिलती है। हमारी ट्रेनिंग भी ऐसी होती है कि पार्टी जो काम दे दे उसको बहुत सहजता से लेते हैं। मैं तो पीछे की पंक्ति में बैठकर अपना काम कर रहा था। अचानक घोषणा हुई। मैं सबका आभार मानता हूं। विकास के काम को आगे बढ़ाना ही मेरी प्राथमिकता होगी। यादव ने कहा कि मैं पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं। प्यार और सहयोग के लिए पार्टी की स्टेट लीडरशिप और केंद्रीय लीडरशिप का बहुत बहुत धन्यवाद। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाऊंगा। 6 दिसंबर को रात 11 बजे 15 मिनट में तय हो गया था नामबताया जा रहा है कि यादव का मुख्यमंत्री के लिए नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के नई दिल्ली स्थित निवास पर 6 दिसंबर को रात 11 बजे ही तय हो गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी वहां मौजूद थे। भूपेंद्र यादव ने ही डॉ. मोहन यादव की रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी थी। इसके बाद तीन दौर की बैठक में डॉ. यादव का नाम तय किया गया। वे संघ के करीबी माने जाते हैं। बीजेपी ने ओबीसी चेहरे के तौर पर मोहन यादव को आगे किया है।भाजपा के एक नेता ने बताया कि 6 दिसंबर को मोहन यादव सड़क मार्ग से भोपाल से उज्जैन जा रहे थे। शाम करीब 7 बजे जब वे आष्टा पहुंचे, तब उन्हें तत्काल दिल्ली आने के लिए गया। डॉ. यादव वापस भोपाल आए और रात 9 बजे की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। उनकी नड्डा से केवल 15 मिनट की मुलाकात हुई। वे अगले दिन यानी 7 दिसंबर को सुबह भोपाल लौट आए। तब यह कयास लगाए जा रहे थे कि डॉ. यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

बीजेपी-कांग्रेस के 96 विधायक चुनाव हारे, सभी को एमएलए रेस्ट हाउस के फ्लेट छोड़ना होंगे.

Ninety-six legislators from both the BJP and Congress lost the elections; all of them will have to vacate their flats in the MLA Rest House. 24 विधायकों को बंगले खाली छोड़ना होगा, 10 दिन में बंगले छोड़ने का नोटिस जारी. Twenty-four legislators will have to vacate their bungalows; a notice for vacating the bungalows within ten days has been issued. भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हारे पूर्व मंत्रियों और विधायकों को 10 दिन में बंगला खाली करना होगा। इसके लिए विधानसभा की ओर से 130 विधायकों को बंगले खाली करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ताकि चुनाव जीतकर आए विधायकों को अध्यक्षीय पूल के बंगले आवंटित किए जा सकें। अभी चुनाव जीतने के बाद अधिकांश विधायकों को आवास नहीं मिला है। आवास नहीं मिलने से कई नेता होटल या फिर रिश्तेदार के घरों पर रुके हुए हैं। प्रदेश में 15वीं विधानसभा के विघटित होने और 16वीं विधानसभा के गठन की अधिसूचना के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। यह सामान्य प्रक्रिया है, पर अधिकतर देखने में आया है कि हारे हुए विधायक बंगले खाली करने में अपनी ओर से पहल कम ही करते हैं। बीजेपी-कांग्रेस के 96 विधायक चुनाव हार गए हैं। वहीं, 34 विधायक ऐसे हैं जिनके दोनों दलों में टिकट कटे थे। उन्हें अब बंगला खाली करना होगा। इधर, गृह विभाग ने शासन स्तर पर बी टाइप-14 और सी टाइप- 8 बंगलें खाली कराए जाने की सूची तैयार की है। इसका फैसला नई सरकार के गठन के बाद होगा। विधानसभा में अध्यक्षीय पूल के 34 बंगले हैं। इनमें से 22 विधायकी का चुनाव हार गए। 2 के टिकट कट गए। इस तरह 24 विधायकों से बंगले खाली छोड़ना होगा। 24 के अलावा 96 वे ऐसे सदस्य हैं जिनकी चुनाव हारने की वजह से विधायकी चली गई है। उनसे भी एमएलए रेस्ट हाउस में मिले आवास 10 दिन में खाली कराए जाना है। चुनाव हार चुके विधायक बाला, सिंघार सहित कई के रहेंगे सुरक्षित

230 में से 175 विधायकों ने ही कराया पंजीयन, 55 अभी भी लापता.

Out of 230, 175 legislators have completed the registration, while 55 are still missing. भोपाल। सोलहवीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्य कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, रीति पाठक, कुंवर विजय शाह एवं सुशील तिवारी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह से कक्ष में चर्चा की। प्रमुख सचिव ने नव निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद सदस्यों ने स्वागत कक्ष पहुंचकर निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नवीन विधानसभा गठन संबंधी समस्त आवश्यकताएं पूर्ण कीं। सोमवार को 25 सदस्यों का विधानसभा पहुंचे। अब तक कुल 175 सदस्य विधानसभा पहुंचे चुके हैं। 230 विधानसभा सदस्यों में से अभी भी 55 पंजीयन से वंचित हैं। रविवार को आने वाले अन्य सदस्यों में जय सिंह मरावी, दिलीप जायसवाल, राधारविंद्र सिंह, मनोज पटेल, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, धीरेंद्र बहादुर सिंह एवं गायत्री राजे पवांर विधानसभा पहुंचे थे। सोमवार को अन्य आने वाले सदस्यों में महेंद्र यादव, माधव सिंह, हरदीप सिंह डंग, चिंतामणि मालवीय, प्रणय पांडे, मुकेश टंडन, आशीष गोविंद शर्मा, तेज बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह कुशवाह, बाला बच्चन, निर्मला भूरिया, महादेव वर्मा (मधु वर्मा), अमर सिंह यादव, मालिनी गौड़, बालकृष्ण पाटीदार, मोंटू सोलंकी, सेना महेश पटेल, हरिबाबू राय, राजेश सोनकर एवं गोलू शुक्ला ने विधानसभा पहुंचकर अपने निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कीं।

नए मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल में शामिल होंगे नए चेहरे, कई पुराने मंत्रियों का घटेगा कद.

New cabinet will include new faces along with the new Chief Minister, and several old ministers will see a reduction in their stature. मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं में से 15 से ज्यादा नामों में फेरबदल होने की संभावना उदित नारायण भोपाल। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होेने के बाद अब नए मंत्रियों के नामों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सीएम की घोषणा के साथ ही मंत्रीमंडल को लेकर भी कवायत तेज हो गई है। लोगों में उत्सुकता है कि इस बार प्रदेश के कौन-कौन विधायक होंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। ऐसे में इस बार मंत्रीमंडल में कुछ नए और कुछ पुराने चेहरों के शामिल होने की संभावना ज्यादा है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में मंत्रीमंडल में शामिल नेताओं में से 15 से ज्यादा नामों में फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। 13 दिसंबर को होने वाले संभावित शपथग्रहण के एक दो दिन बाद ही मंत्रीमंडल का गठन होने के संकेत हैं। यह हैं संभावित नामसंभावित नामों की बात करें तो इसमें सुमावली विधायक एंदलसिंह कंसाना, ग्वालियर विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर, गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह, सुरखी विधायक गोविंद राजपूत, जतारा विधायक हरीशकंर खटीक, छतरपुर विधायक ललिता यादव, जबेरा विधायक धर्मेंद्र लोधी, पन्ना विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह, विधायक रीति पाठक, मनीषा सिंह, अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, अजय विश्नोई, जबलपुर विधायक राकेश सिंह, संपतिया उइके, योगेश पंडाग्रे, प्रभुराम चैधरी, नारायण सिंह पंवार, अरुण भीमावद, राजेश सोनकर, आशीष शर्मा, विजय शाह, अर्चना चिटनीस, निर्मला भूरिया, रमेश मेंदोला, उषा ठाकुर, तुलसी सिलावट, चेतन कश्यप, हरदीप डंग, इंदरसिंह परमार, भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा और कृष्णा गौर के नाम शामिल हो सकते हैं। इनकी जगह हुई खालीइस बार विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के दस से अधिक मौजूदा मंत्री पराजित हुए हैं। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा जिन अन्य प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उनमें अटेर से अरविंद भदोरिया, हरदा से कमल पटेल और बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन शामिल हैं। इनके अलावा हारने वाले मंत्रियों में बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पोहरी से सुरेश धाकड़ और परसवाड़ा से रामकिशोर कावरे शामिल हैं। एक अन्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से हार का सामना करना पड़ा।

मध्य प्रदेश के बड़े दलित नेता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जगदीश देवड़ा को बनाया गया उप मुख्यमंत्री।

Big Dalit Politician Jagdish Devda got Big opportunity as Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का एलान होने के साथ ही राज्य में दो उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है। मल्हारगढ़ से विधायक जगदीश देवड़ा और उज्जैन दक्षिण से विधायक राजेंद्र शुक्ला मध्य प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। यूं तो जगदीश देवड़ा मध्य प्रदेश की राजनीति में किसी परिचायक मौहताज नहीं हैं। फिर भी आपको बता दें कि जगदीश देवड़ा वर्तमान शिवराज सरकार में वित्त मंत्री का जिम्मा संभाल रहे थे ।वह मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से विधायक हैं। देवड़ा लगातार सातवीं बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे देवड़ा मध्यप्रदेश में थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। 1993 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अपने लगभग 33 वर्ष के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में जगदीश देवड़ा 7वीं बार विधायक बने हैं। थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनने के बाद से जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश बीजेपी में बड़े दलित चेहरे के रूप में देखा जा रहा था। उसके चलते अब उन्हें उप मुख्यमंत्री के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। देवड़ा को उप मुख्यमंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में भी जश्न का माहौल है। विवादों से दूर, संघठन में मजबूत पकड़ रखते हैं देवड़ा मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से जगदीश देवड़ा विधायक हैं। वह शिवराज सरकार में वित्त मंत्री हैं। जगदीश देवड़ा 66 साल की उम्र में भी फिट हैं। शांत स्वभाव को जगदीश देवड़ा पार्टी के कद्दावर नेता हैं। साथ ही वह विवादों से दूर रहते हैं। उनकी सजगता की वजह से ही वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान उनके हाथों में है। संगठन और सरकार में उनकी अच्छी पकड़ है। दरअसल, जगदीश देवड़ा का जन्म एक जुलाई 1957 को हुआ है। वह मूल रूप से नीमच जिले के रामपुरा के रहने वाले हैं। एमए के बाद उन्होंने एलएलबी किया है। जगदीश देवड़ा की शादी रेणु देवड़ा से हुई है। राजनीति के साथ-साथ जगदीश देवड़ा वकालत भी करते हैं। उनके दो पुत्र हैं। साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते हैं। वहीं, खेलकूद में भी उनकी विशेष रुचि है। इसके साथ ही वे एथलेटिक्स चैंपियन भी रहे हैं। छात्र जीवन से ही राजनीतिक पारी की शुरुआत जगदीश देवड़ा वर्तमान में मंदसौर के मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। मध्य प्रदेश के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का ताल्लुक प्रदेश की अनुसूचित जाति से है। पेशे से जगदीश देवड़ा समाजसेवी और वकील हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में उनकी दिलचस्पी थी। वर्ष 1979 में वह शासकीय महाविद्यालय रामपुरा से छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय में सीनेट के सदस्य रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भाजयुमो से जुड़कर सियासी करियर को रफ्तार दी है। वर्ष 1993 में बीजेपी ने उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया। पहली बार में ही वह चुनाव जीत गए और विधायक बन गए। तब से लेकर अब तक वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।इसके बाद विधानसभा में कई समितियों के सदस्य रहे। इसके साथ ही कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक निभाई। जगदीश देवड़ा भाजपा संगठन और सरकार के भरोसेमंद चेहरे हैं। तीन बार मंत्री और एक बार बने प्रोटेम स्पीकर मध्य प्रदेश की दसवीं विधानसभा में जगदीश देवड़ा वर्ष 1993 विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2003 विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज करने पर उन्हें प्रदेश में राज्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद साल 2008 में शिवराज सरकार में जदीश देवड़ा को परिवहन, जेल, योजना सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सौंप कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्ष 2020 में बनी शिवराज सरकार में उन्हें वित्तमंत्री बनाया गया। इसके साथ ही 15वीं विधानसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर भी चुना गया था लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने प्रोटेम स्पीकर का पद छोड़ दिया था। 7वीं बार जीते जगदीश देवड़ा जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में तीन बर मंत्री रहते हुए कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। 66 साल के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का नाम मध्य प्रदेश तेज तर्रार और कद्दावर नेताओं में शुमार होता है। मध्य प्रदेश के मालवी रीजन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इस क्षेत्र में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 1993 से लेकर आज तक वे लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंच रहे हैं। वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्यामलाल जोकचंद को 59,024 वोटों के अंतर से हरा कर मध्य प्रदेश के विधानसभा में 7वीं बार अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला हैं अजेय, हर बार चुनाव जीते और मंत्री भी बने।

The Deputy Chief Minister of Madhya Pradesh is Rajendra Shukla; he is invincible in every election and has also become a minister each time. मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री जबकि राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा के साथ उप मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। In Madhya Pradesh, Dr. Mohan Yadav is the Chief Minister, while Rajendra Shukla and Jagdish Devda will assume the positions of Deputy Chief Ministers. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का नाम आखिरकार फाइनल हो गया है। बीजेपी ने डॉ. मोहन यादव का नाम मुख्यमंत्री के लिए चुनकर एक बार फिर सबको चौंका दिया है। उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। वहीं राजेन्द्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर उप मुख्यमंत्री पद पर बैठाया गया है। राजेंद्र शुक्ला मध्यप्रदेश के रीवा से विधायक हैं और विंध्य के कद्दावर नेता के तौर पर उन्हें जाना जाता है। राजेंद्र शुक्ला लगातार चुनाव जीतकर चार बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। विंध्य के बड़े नेता हैं अजेय विधायक राजेंद्र शुक्ला रीवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ला को विंध्य क्षेत्र से ब्राह्मण समाज के बड़े चैहरे और कद्दावर नेता के तौर पर जाना जाता है। अपने चुनावी कैरियर में वह 2003 से लेकर अब तक अजेय रहे हैं। खास बात है कि वह ऐसे विधायक हैं जिन्हें हर बार चुनाव जीतने पर मंत्री पंद मिला है। वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर उमा भारती की सरकार में मंत्री बने। इसके बाद बाबूलाल गौर सरकार में भी उन्हें मंत्री पद मिला। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में भी वह राज्य में कैबिनेट मंत्री रहे। बता दें कि वह अब तक लगातार चार बार मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2003 से लेकर अब तक राजेंद्र शुक्ला लगातार रीवा से चुनाव जीतते आए हैं। छात्र नेता के रूप में शुरू हुआ राजनैतिक जीवन मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने वाले राजेंद्र शुक्ला ब्राह्मण समाज से आते हैं। उनकी ब्राह्मण वोटर्स पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। पेशे से इंजीनियर राजेंद्र शुक्ला का जन्म वर्ष 1964 को रीवा में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1986 से छात्र नेता के तौर पर राजनैतिक जीवन की शुरुआत कर दी थी। वर्ष 1986 में राजेंद्र शुक्ला सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे थे। राजेंद्र शुक्ला ने वर्ष 1998 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन वह कांग्रेस के पुष्पराज सिंह से 1394 वोटों से हार गए। वर्ष 2003 में रीवा सीट से एक बार फिर बीजेपी ने राजेंद्र शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है, इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पराज हराकर पहली मध्य प्रदेश विधानसभा में अपनी जगह बनाई। इससे पहले रीवा सीट से पुष्पराज सिंह ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी। राजेंद्र शुक्ला ने साल 2003 में रीवा से जीत दर्ज कर उनके विजय रथ पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद उन्होंने यहां से साल 2003 के अलावा साल 2008, 2013, 2018 और 2023 विधानसभा चुनाव में जीत दर्जी की है कैबिनेट मंत्री से लेकर उप मुख्यमंत्री तक का सफर वर्ष 2003 में पहली बार रिकॉर्ड वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने वाले राजेंद्र शुक्ला को आवास और पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया। वर्ष 2008 में वह रीवा विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीते। और इस बार उन्हें ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बनाकर मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया। वर्ष 2013 की बात करें तो मध्य प्रदेश की 14वीं विधानसभा में चुनाव जीतकर आने वाले राजेंद्र शुक्ला को उद्योग नीति और निवेश संवर्धन मंत्री बनाया गया। इसके साथ ही उन्होंने जनसंपर्क विभाग भी संभाला।बता दें कि वर्ष 2018 में भी राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक चुने गए थे लेकिन मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी जो की अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी और वर्ष 2020 में यह सरकार गिर गई। जिसके बाद एक बार फिर भाजपा सत्ता में आई। इस बार भी राजेंद्र शुक्ला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री के दायित्व के साथ एक बार फिर यानी कुल चौथी बार शिवराज मंत्रिमंडल में जगह मिली। इसके साथ ही वर्तमान में पांचवी बार चुनाव जीतकर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं विधायक सरकार राजेंद्र शुक्ला राजेंद्र शुक्ला की X (ट्विटर) प्रोफाइल देखें तो पता चलता है कि वह  सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं हैं। उन्हें 65000 से ज्यादा लोग X पर फॉलो करते हैं। इसके साथ ही विधायक राजेंद्र शुक्ला फेसबुक पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। यहां भी उनके फॉलोवर बहुत बड़ी तादाद में हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव, राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा बने उप मुख्यमंत्री।

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में आठ दिन से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। सभी अनुमानों को धता बताते हुए डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए सीएम चुने गए हैं। राजधानी भोपाल के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में तीनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई भाजपा के विधायक दल की पहली बैठक में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया गया। श्री यादव उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम का भी ऐलान किया गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा को 163 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला है। कांग्रेस को 66 सीटें और 1 सीट भारतीय आदिवासी पार्टी को मिली है। विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम का ऐलान मध्य प्रदेश में आज विधायक दल की बैठक में दल का नेता चुना गया। इस बैठक के बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई। मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री उज्जैन दक्षिण से निर्वाचित विधायक डॉ. मोहन यादव को बनाया गया है। यहां गौरतलब है कि बीजेपी ने इस बार का विधानसभा चुनाव अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बिना ही लड़ा था। जिसके कारण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को लेकर तमामबात अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री पद की रेस में थे कई नाम, 9 दिन तक चला मंथन एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रिय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। उज्जैन के दक्षिण सीट से मोहन यादव ने जीत हासिल की है। बता दें कि मोहन यादव शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। ये लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर उज्जैन दक्षिण सीट पर कब्जा किया है। बता दें कि बीजेपी ने 9 दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के भोपाल दफ्तर में नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर मोहर लगा दी। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश को भी मिले दो उप मुख्यमंत्री राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का काम काज संभालने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम की भी घोषणा की गई है। घोषणा के अनुसार विधायक राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सीट से विधायक हैं। वह एससी वर्ग से आते हैं वहीं ब्राह्मण वर्ग से आने वाले राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और विंध्य क्षेत्र का बड़ा ब्राह्मण चेहरा होकर कद्दावर नेता माने जाते हैं। 2013 में पहली बार बने विधायक, शिवराज सरकार में रहे उच्च शिक्षा मंत्री 58 साल के डॉक्टर मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। साल 2013 में वह पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद साल 2018 में वह एक भार फिर दक्षिण उज्जैन की सीट से विधायक चुने गए थे। साल 2023 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहन यादव ने उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस के चेतन प्रेमनारायण यादव को 12941 वोटों से हराकरलगातार तीसरी बार विजयश्री प्राप्त की है। विधायक दल की बैठक में हरियाणा के सीएम और मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया जबकि श्री यादव के नाम का प्रस्ताव वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखा था।

मोहन यादव होंगे मध्‍य प्रदेश के नए मुख्‍यमंत्री, भाजपा विधायक दल का निर्णय.

Mohan Yadav will be the new Chief Minister of Madhya Pradesh, as decided by the BJP legislative party. राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नया सीएम चुना गया। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल रही। In the capital, a new Chief Minister was elected during the BJP legislative party meeting. There was anticipation and excitement before the meeting of the Madhya Pradesh BJP legislative party. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद पार्टी ने मुख्‍यमंत्री भी चुन लि‍या है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले खासी हलचल रही। मोहन यादव मप्र के मुख्‍यमंत्री होंगे।इससे पहले विधायक प्रहलाद पटेल के बंगले पर उनके समर्थकों का जमावड़ा होने की सूचना है। खबर मिली है कि पटेल के बंंगले पर पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। श‍िवराज के समर्थकों ने भी खूब नारेबाजी की।

अशोक स‍िंह बने चेयरमैन ,प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन सम‍ित‍ि का पुनर्गठन.

Ashok Singh has been appointed as the Chairman, overseeing the restructuring of the Pradesh Congress Discipline Committee. आठ सदस्‍यीय सम‍ित‍ि में वर‍िष्‍ठ लोगों को स्‍थान द‍िया गया। मप्र कांग्रेस के अध्‍यक्ष कमल नाथ के न‍िर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्‍यक्ष अशोक सिंह की अध्‍यक्षता में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन सम‍ित‍ि का पुनर्गठन क‍िया गया है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष अशोक सिंह को चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्‍जन सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री हर्ष यादव, पूर्व मंत्री सईद अहमद, पूर्व सांसद गजेंद्र स‍िंह राजूखेड़ी, पूर्व विधायक नेहा स‍िंह व पूर्व व‍िधायक प्रताप लोधी को सदस्‍य बनाया गया है।

भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज, क्‍या आज घोषित होगा मप्र का मुख्‍यमंत्री या आलाकमान करेगा तय.

Excitement is high before the BJP legislative party meeting; will Madhya Pradesh’s Chief Minister be announced today, or will a consensus be reached. आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। Today, a meeting of the BJP legislative party has been called in the capital. There is a flurry of activity ahead of the Madhya Pradesh BJP legislative party meeting. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद अब मुख्‍यमंत्री चुनने की बारी है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। दिल्ली: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के चयन पर राज्य के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्मण ने कहा, “आज शाम विधायक दल की बैठक होगी। मनोहर लाल खट्टर की 3 सदस्यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्‍या आज घोषित होगा मध्‍य प्रदेश का मुख्‍यमंत्री या बैठक के बाद आलाकमान इस बारे में कोई निर्णय लेगा।केंद्रीय पर्यवेक्षक ये बोले हालांकि भोपाल पहुंंचने से पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्‍मण ने एएनआइ से कहा है कि 3 सदस्‍यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी के कार्यालय में दोपहर बाद होनी है। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा के लक्ष्‍मण और भाजपा की राष्‍ट्रीय सचिव आशा लकड़ा भोपाल पहुंच चुकी हैं। मप्र भाजपा अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने विमानतल पर पर्यवेक्षकों का स्‍वागत किया। वीडी शर्मा ने कही ये बात भोपाल आगमन के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। वहीं मीडिया से बातचीत में वीडी शर्मा ने कहा कि हम राज्‍य के लिए मुख्‍यमंत्री चुनेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए विधायकों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया है। बैठक से पहले विधायकों को किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से रोका गया है। 3 दिसंबर से ही चल रही अटकलें उल्‍लेखनीय है कि 3 दिसंबर को मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही मध्‍य प्रदेश में मुख्‍यमंत्री पद के लिए चर्चाओं का दौर आरंभ हो गया था।चल रही ये अटकलें , मप्र के मुख्‍यमंत्री के नाम को लेकर अनेक अटकलों का दौर जारी है। इनमें श‍िवराज सिंह चौहान के साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, विष्‍णुदत्‍त शर्मा और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह, राकेश सिंह और सुमेर सिंह सोलंकी का नाम भी सामने आया है।

विधान सभा में प्रचंड बहुमत के बाद भी भाजपा को लोक सभा में खतरा.

Despite a sweeping majority in the legislative assembly, BJP faces a threat in the Lok Sabha. प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को अविश्वसनीय प्रचंड जीत मिली है, लेकिन इसके बाद भी खतरे की घंटी भी बजी है। दरअसल इस जीत के बाद भी दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अधिक मत मिले हैं, जिसकी वजह से भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि इन दस में से नौ पर अभी भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा को अगले साल के शुरुआती महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को अतिरिक्त मेहनत करने की चुनौती मिल गई है। दरअसल मई माह में लोकसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट तो पहले से ही चुनौती बनी हुई थी , ऐसे में उसके सामने नौ नई सीटों की भी चुनौती दिखना शुरु हो गई है। हालांकि इसी तरह के कुछ आसार बीते विधानसभा चुनाव में भी बने थे , लेकिन लोकसभा परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आए थे। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के परिणाम आ सकते हैं। दरअसल इस बार अगर विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो , प्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस जीती है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पिछले चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। अहम बात यह है कि इसके बाद भी प्रदेश की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिनके परिणाम बताते हैं कि वे भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित हैं। इसकी वजह है, इन सीटों की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली है और वह भी बड़े अंतर से। इनमें खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा की सीटें शामिल हैं। इनके अलावा सागर, दमोह, रीवा, सीधी, जबलपुर, विदिशा और मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में केवल एक-एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हिसाब से देखें तो यह सीटें भी भाजपा के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। दरअसल गुना में बामोरी और अशोकनगर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि शेष सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह सागर में एक बीना पर कांग्रेस, दमोह में एक मलहरा पर कांग्रेस, सतना में दो सीट सतना और अमरपाटन पर कांग्रेस, रीवा में एक सेमरिया सीट पर कांग्रेस, सीधी में एक चुरहट पर कांग्रेस, शहडोल में एक पुष्पराजगढ़ पर कांग्रेस, जबलपुर में एक जबलपुर पूर्व पर कांग्रेस, विदिशा में एक सिलवानी पर कांग्रेस, भोपाल में दो भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य पर कांग्रेस, राजगढ़ में दो राघोगढ़, सुसनेर पर कांग्रेस, उज्जैन में दो महिदपुर, तराना पर कांग्रेस, मंदसौर में एक मंदसौर पर कांग्रेस, बैतूल में दो सीटें टिमरनी और हरदा पर कांग्रेस विजयी हुई है। वहीं शेष सीटों पर भाजपा जीती है।यह हैं चुनौती वाली सीटों का गणितजिन सीटों पर चुनौती दिख रही है उनमें लोकसभा सीट मुरैना भी शामिल है। इस सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस को जीत मिल है। इन सीटों में श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अम्बाह है, जबकि भाजपा को सबलगढ़, सुमावली और दिमनी में जीत मिली है। इस सीट पर मिले मतों को देखें तो कांग्रेस को 5,00666 और भाजपा को 4,11601 मत मिले। इसी तरह से लोकसभा सीट भिंड की बत की जाए तो इस सीट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से चार पर कांग्रेस व चार पर भाजपा को जीत मिली है। इनमें अटेर, गोहद, भांडेर और दतिया में कांग्रेस, तो सेवड़ा, भिंड, लहार और मेहगांव में भाजपा को जीत मिली है। इस सीट पर भी मतों के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस को 532146 और भाजपा को 525252 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट पर भी भिंड की ही तरह कांग्रेस ने ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर पूर्व, डबरा, पोहरी पर जो भाजपा ने ग्वालियर, करैरा, ग्वालियर दक्षिण और भितरवार पर जीत दर्ज की है। इसी तरह से कांग्रेस को 700861 और भाजपा को 677611 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट टीकमगढ़ में तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। इनमें टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर शामिल है, जबकि भाजपा को जतारा, निवाड़ी,महाराजपुर, छतरपुर और बिजावरमें जीत मिली है। मतों की बात की जाए तो कांग्रेस को 531464 और भाजपा को 606817 मत मिले हैं। इसी तरह से मंडला लोक सभा सीट पर कांग्रेस को डिंडोरी, बिछिया, निवास, कैवलारी, लखनादौन सीटों पर , जबकि भाजपा को शहपुरा, मंडला, गोटेगांव में जीत मिली है। इसी तरह से कांग्रेस को 740509 और भाजपा को 628529 मत मिले हैं। लोकसभा सीट बालाघाट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से कांग्रेस को चार बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी में जबकि भाजपा को लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी सीट पर जीत मिली है। इस सीट के तहत आने वाली विस सीटों पर कांग्रेस को 735122 और भाजपा को 649037 मत मिले हैं।

राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन को विष्णु देव साई ने समर्थन पत्र सौंपा.

Vishnu Dev Sai presented a letter of support to Governor Shri Vishwabhusan Harichandan. भारतीय जनता पार्टी छ्त्तीसगढ़ के विधायक दल के नेता चुने जाने पर माननीय श्री Vishnu Deo Sai जी ने माननीय राज्यपाल श्री Biswa Bhusan Harichandan जी से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रभारी माननीय श्री Om Prakash Mathur जी, माननीय केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव सह प्रभारी श्री Mansukh Mandaviya जी, माननीय केंद्रीय मंत्री एवं पर्यवेक्षक श्री Arjun Munda जी एवं माननीय प्रदेश अध्यक्ष एवं लोरमी विधायक श्री Arun Sao जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

गरीब, शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग को उनका हक दिलाना ही मानवाधिकारो का उद्देश्य है: रविंद्र सिंह तोमर.

Empowering the poor, oppressed, distressed, and the labor class to ensure their rights is the aim of human rights: Ravindra Singh Tomar. ग्वालियर! अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवश 10 दिसंबर के अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली अल्पसंख्यक दिल्ली सरकार सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन कर एवं जनसभा कर आम जन को उनके मानवाधिकारो के प्रति जागरूक किया गया । रैली फूलबाग़ से महाराज बाड़े तक निकाली गयी एवं मानस भवन फूलबाग पर विशाल जनसभा मानवाधिकारों के संदर्भ में आयोजित की गयी जनसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सदस्य अल्पसंख्यक आयोग (राज्यमन्त्री दर्जा ) रविंद्र सिंह तोमर ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजदूरों एवं ग्रामीण पिछड़े इलाको के लोगो के मानवाधिकारो का हनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है! काम के बदले उचित पारिश्रमिक मिले ये हर मजदुर का हर भारतीय का मौलिक अधिकार भी है और मानवाधिकार भी है परन्तु वर्तमान में ना केबल मजदूरों का वल्कि पड़े लिखे नौजवानो को प्राइवेट क्षेत्र में उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है! और श्रम कानून का भी उल्ल्घन भी किया जा रहा परन्तु चुकी आम जन को उनके मानवाधिकारो का ज्ञान नहीं है जिसके आभाव में वे शोषण सहन करते है साथ ही श्री तोमर ने पुलिस द्वारा सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की बात कही| तोमर ने बताया की संस्था मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग को सबसे ज्यादा पुलिस प्रताड़ना से संबधित शिकायत मिलती है एवं ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष की पुलिस द्वारा प्रथामिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी होती जबकि प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाना हर पीड़ित का अधिकार है! तोमर ने बताया की संस्था देश भर में मानवाधिकार जागरूकता कैंप एवं जनसुनवाई शिविर लगाकर आम जन को उनके मानवाधिकार के प्रति जागरूक कर रही है एवं मानवाधिकार हनन के शिकार पीड़ितों को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से न्याय भी दिलवा रही है!इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष तोमर द्वारा शासन प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो को उत्कृष्ट सेवा कार्य करने पर मानवाधिकार रत्न सम्मान दिया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीना ने बताया कि कर्तव्यों की वकालत तो सब करते हैं लेकिन अगर हर व्यक्ति अमल करें तो मानव अधिकारों की जरूरत ही ना पड़े अपने अधिकारों को समझना और पालन करना यही मानव अधिकार बताता है ।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन कटारे, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सह सचिव भानु व्यास, संभागीय अध्यक्ष अखिलेश परिहार, जिला अध्यक्ष विष्णु जादौन ,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंसाना प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संजय कंसाना, ग्वालियर ग्रामीण अध्यक्ष प्राण सिंह छवाई ,विधान सभा अध्यक्ष सोनू जादौन, विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र महोबिया, जिला मीडिया प्रभारी सोनू कौशल, जिला महसचिव तरुण राठौर ,जिला सचिव धर्मेंद्र खटीक ,प्रदेश महासचिव नरेश तोमर ,जिला अध्यक्ष यूथ राहुल चौहान ,प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्म परमार ,जिला उपाध्यक्ष बहादुर कुशवाह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट धर्म सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीना जी को स्मृति चिन्ह देकर फूल माला पहनकर सम्मानित किया गया। इनका किया सम्मान….. डीएसपी नागेंद्र सिंह भदोरिया ,टीआई अजय पवार ,टी आईआर बी परिहार , टी आई नरेंद्र वर्मा टी इला टंडन, टी आई प्रीति भार्गव ,टीआई जितेंद्र सिंह तोमर, टीआई राजेश तोमर, टी आई यशवंत गोयल, समाजसेवी सुधीर त्रिपाठी, एडवोकेट धर्म सिंह चौहान को मानव रन मेडल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कौन हैं मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद, लोकसभा चुनाव में BSP के लिए करेंगे कमाल?

Who is Mayawati’s successor Akash Anand, set to make a mark for BSP in the Lok Sabha elections? बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती के इस एलान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आकाश आनंद कौन हैं? लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती के इस एलान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आकाश आनंद कौन हैं? आकाश आनंद, बसपा सुप्रीमो मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। आकाश ने लंदन के बड़े कॉलेज से एमबीए की डिग्री हासिल की है। आकाश पिछले कई सालों से पार्टी में एक्टिव थे, यूथ को जोड़ने के लिए आकाश ने हाल में हुए तीन राज्यों के विधासनभा चुनाव की जिम्मेदारी संभाली थी। साल 2017 में हुई थी एंट्रीबता दें मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद की अचानक एंट्री नहीं हुई है। साल 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव हारने के बाद बसपा सुप्रीमो ने उन्हें जनता के सामने पेश किया था। साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने आकाश को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। इसी समय बसपा का सपा के साथ गठबंधन टूट गया था और आकाश आनंद को पार्टी का नेशनल कॉर्डिनेटर घोषित किया गया है। मायावती ने घोषित किया उत्तराधिकारीइसके बाद साल 2022 में हुए हिलाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा के स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई, जिसमें आकाश का नाम मायावती के बाद दूसरे नंबर पर था। उन्हें विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कैडर को तैयार करने का काम भी सौंपा गया था। अब मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। हालांकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मायावती ही पार्टी की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि अन्य राज्यों में आकाश आनंद पार्टी का नेतृत्व करेंगे। बसपा के लिए करेंगे कमाल?सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर बसपा को बढ़ाने वाले आकाश आनंद परंपरागत राजनीति से इतर, हर मोर्चे पर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में कामयाब रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकाश का अकाउंट काफी एक्टिव रहता है और वह युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए काफी कोशिशें भी कर रहे हैं। एक प्रश्न लगातार उठ रहा है कि क्या मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा के लिए कुछ कमाल करेंगे?

मध्य प्रदेश को नया आयम देने मोदी की गारंटी”

Modi’s guarantee to give Madhya Pradesh a new dimension. संपादकीय, उदित नारायण, Sahara Samachaarभोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस का अहम मुद्दा भ्रष्ट सरकार ,भाजपा की छवि को सुधारने हेतु प्रधानमंत्री और अमित शाह ने मिलकर जो रणनीति बनाई उससे कांग्रेस के पास आती प्रतीत हो रही सत्ता हाथ से फिसल गई और आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश मे केंद्रीय नेतृत्व ने एक साफ सुथरी छवि का मुख्य मंत्री बनाने की कवायद तेज कर दी है, कल विधायक दल की बैठक के बाद निर्णय हो जायेगा कि जाएगा कि मोदी के विकसित भारत बनाने की गारंटी का जिम्मा मध्य प्रदेश मे किसके हाथ होगा, राजनैतिक विश्लेषकों की राय में तो मध्य प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत के बाद मुख्य मंत्री तय करना कठिन हो गया है। लेकिन प्रधानमंत्री, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष ने शायद अपना निर्णय मध्य प्रदेश इकाई को बता दिया है अब कुछ औपचारिकता ही शेष बची है !शिवराज और उनकी “मैनेजमैंट पॉलिटिक्स” लाख इस तथ्य को छुपाने ,दबाने का प्रयास करती रही पर इस कटु सत्य को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से छुपने का कोई प्रश्न ही नही था ,और इसलिए मध्य प्रदेश का चुनाव “मोदी“ के चेहरे पर लड़े जाने का निर्णय लिया गया और तभी यह तय हो गया था कि मध्य प्रदेश में “शिवराज सरकार “का अंत समीप है ! शिवराज सिंह चौहान और उनके चाटुकार नौकरशाह और मीडिया मैनेजर गर्व से “लाड़ली बहना” का नाम लेते है ! सब जानते है यदि मोदी का चेहरा और “ ब्रॉड मोदी “की गॉरंटी नही होती तो मध्य प्रदेश की “लाडली बहनाये ““कमलनाथ से इस योजना का लाभ लेना पसंद करती ! महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. यथार्थ यह है कि 18 साल में मध्य प्रदेश गरीबी के उस पड़ाव पर पहुंच गया जहाँ महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. ! यदि मोदी की गॉरंटी नही होती तो शिवराज सिंह की भाजपा मध्य प्रदेश मे 80 सीटों पर सिमट जाती !मध्यप्रदेश के जानकार जानते है “लाडली बहना “ शिवराज की “मनी मैनेजमैंट “का उदाहरण है ! मध्य प्रदेश 3.85 लाख करोड के कर्जे मे है ! अपने भृष्टाचार और घोटालो को दबाने के लिए कर्जे उठाकर चुनाव के पहले गरीब लाचार बेरोजगार महिलाओ को 1200 रूपये प्रतिमाह की रिश्वत दी गई है ! नोट के बदले लाचार बेरोजगार कराह रही “बहनाओ “के वोट खरीदने के लिए यह योजना लाई गई थी ! यदि मोदी ने गॉरंटी न दी होती तो बहनाये सरकार के बहकावे में आने वाली नही थी ! देखा जाए तो भाजपा की नई सरकार को मध्यप्रदेश के कर्ज चुकाने हेतु 3.85 लाख करोड़ के “ मोदी पैकेज “की जरूरत पडेगी नही तो प्रदेश के दीवालिया होने का खतरा है !मजे की बात यह है शिवराज सिंह अभी भी खुद को “हीरो “बताकर मुख्य मंत्री बनने के सपने देख रहे थे ! वे चाहते थे कि लोग उन्हे मध्यप्रदेश की जीत का श्रेय दें। इसीलिए वो दिल्ली ना आकर मध्य प्रदेश से भावनात्मक बयान दे जनता और प्रधानमंत्री को सन्देश दे रहे है, बेशक संघ और संगठन के कृपापात्र शिवराज अब भी संगठन पर निगाहें जमाये है लेकिन भ्रष्टाचार और भावना मे चुनावी नुकसान मोल लेने मे संगठन भी साथ नहीं आएगा!तीन राज्यो की “जीत के शिल्पकार “अमित शाह को हर अंधकार को समाप्त करने की मोदी की गॉरंटी याद है इसलिए शिवराज का पुनःमुख्यमंत्री बनना सिर्फ उनकी खुली ऑखो का सपना है क्योकि अमित शाह इतने भोले नही हैं कि शिवराज सिंह पुनः मुख्य मंत्री बनाए। मध्यप्रदेश के 3.85 लाख करोड़ के शिवराज काल के कर्जो को चुकाने केन्द्र से पैकेज देते रहें और शिवराज सिंह को बीजेपी का राजनीतिक शिखर सौप दें ! इसलिए शिवराज सिंह को जाना होगा ! यकीन मानिए जो भी मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री होगा उसका कद और किरदार इतना ऊंचा और उज्जवल होगा मध्य प्रदेश मोदी की पसंद पर नाज कर सकेगा ! सोमवार को 18 साल के तिमिर के छंटने और नए सूर्योदय का इंतजार कीजिए !

INDIA गठबंधन’ का अहम मुद्दा बनेगा चुनावी पारदर्शिता.

The formation of the ‘INDIA Alliance’ will become a crucial issue for electoral transparency. जबलपुर में राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा का बड़ा बयान Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. भोपाल। जबलपुर पहुचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा चुनाव में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर संसद, कोर्ट, चुनाव और जनता के बीच जाने का रास्ता खुला है। चुनाव में जो पारदर्शिता होनी चाहिए वह इस चुनाव में नहीं दिखी , चुनाव के पहले ग्राउंड में बदलाव का माहौल दिख रहा था । चुनावी नतीजों के बाद लोगों में आक्रोश दिख रहा है। विवेक तंखा ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था हो जिससे चुनाव निष्पक्ष रूप से हो संपन्न सकें, चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा INDIA गठबंधन का अहम विषय होगा । विपक्ष के अस्तित्व के लिए जरूरी है कि सब मिलकर लड़ाई लड़ें। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के इस्तीफे की अटकलों को बताया कमलनाथ और हाई कमान के बीच का मामला है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला न होने को लेकर विवेक तन्खा का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन को भाजपा की आंतरिक रणनीति का हिस्सा बतया है।

आंखों में आए आंसू… बोले- सिर कटा सकता हूं लेकिन झुका नहीं सकता.

Tears welled up in the eyes… He said, “I can lose my head, but I cannot bow down. हार के बाद छलका चंदेरी के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान का दर्द Special Correspondent, Sahara Samachaar, Ashoknagar. अशोकनगर। मध्यप्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में जहां बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है वहीं, कांग्रेस पार्टी को निराशा हाथ लगी है। ऐसे में जिले की तीन विधानसभा सीटों पर जहां मुंगावली और चंदेरी में बीजेपी तो अशोकनगर में कांग्रेस को जीत मिली है। ऐसे में कांग्रेस के विधायक हरी बाबू राय की धन्यवाद सभा में चंदेरी के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान अपनी चुनाव में हार के दर्द को छुपा नहीं पाए। मंच से भावुक होते हुए कहा कि सिर कटा सकता हूं लेकिन सिर झुका नहीं सकता।दरअसल, मामला मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले का है। यहां रसीला चौराहे पर कांग्रेस के जीते हुए कैंडिडेट के समर्थन में धन्यवाद सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मुंगावली के कांग्रेस प्रत्याशी तो शामिल ही नहीं हुए। वहीं, चंदेरी से कांग्रेस के हारे हुए प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान मंच पर भाषण देते हुए भावुक हो गए। नहीं छुपा पाए हार का दर्दचंदेरी के हारे विधायक ने अशोकनगर की जनता से कहा कि उन्होंने बहुत सही निर्णय लिया है। लोग कहते थे 40 हजार और 50 हजार से कांग्रेस की जीत होगी। लेकिन कहीं न कहीं जो भी खेल है कुछ तो खेल है। इस शंका से मना नही किया जा सकता। 2003 में जब पूरे प्रदेश में 38 विधायक चुने गए थे उस समय मुंगावली की जनता ने विपरीत परिस्थिति में मुझे चुनाव जिताया था। टीवी चैनलों पर आपने देखा होगा ईवीएम का नाटक। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि में चुनाव हार गया। मुझे हारने जीतने की कोई तमन्ना नहीं है। मैं किसी के सामने सिर झुक नहीं सकता सिर कटा सकता हूं जीवन में मृत्यु कटु सत्य है जो आएगी। किसी के सामने झुक जाना जीते जी मर जाने से भी बेकार है। हार जीत होती है संघर्ष करूंगा लेकिन झुकूंगा नहीं। महाराणा प्रताप का वंशज हूं। उन्होंने घास की रोटी खाई लेकिन किसी के सामने झुके नहीं। मुझे मौत से डर नहीं लगता और जिसे मौत से डर नहीं लगता उसे व्यक्ति से क्या डर लगेगा।

सीएम पद पाने दावेदार टस से मस नहीं, एमपी-राजस्थान और छत्तीसगढ़ में फंसा पेंच.

The aspirant claiming the Chief Minister position is not making headway despite efforts; caught in a deadlock between Tussle in Madhya Pradesh, Rajasthan, and Chhattisgarh. भाजपा को सीएम चुनने में जब भी 5 दिन से ज्यादा वक्त लगा, हो गया यह खेला, भाजपा को सीएम चुनने में आ रहा पसीना उदित नारायणभोपाल। विधानसभा चुनाव परिणाम 2023 के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई है। बड़े से लेकर छोटे नेता तक एक ही बात कह रहे हैं- सबकुछ हाईकमान तय करेंगे। हाईकमान मतलब नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा। हालांकि, मुख्यमंत्री चुनने में हो रही देरी के गणित ने बड़े नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी है। बीजेपी ने जब भी मुख्यमंत्री चुनने में 5 दिन से ज्यादा का वक्त लगाया, तब पार्टी ने पुराने के बदले नए चेहरे को तरजीह दी।मसलन, 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी ने 9 दिन का समय लगाया था। उस वक्त राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा जैसे बड़े नेता मुख्यमंत्री की रेस में शामिल थे, लेकिन बीजेपी ने नए चेहरे महंथ योगी आदित्यनाथ को सीएम की कुर्सी सौंपी।उसी साल उत्तराखंड के चुनाव में भी बीजेपी को जीत मिली थी। पार्टी को यहां भी मुख्यमंत्री चुनने में 8 दिन का वक्त लग गया था। पार्टी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया था, जबकि बीएस खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक जैसे पुराने नेता यहां मजबूत दावेदार थे।इसी तरह सीएम सिलेक्शन के लिए हिमाचल (2017) और महाराष्ट्र (2014) में पार्टी को 7 दिन का वक्त लगा था। दोनों जगहों पर बीजेपी ने पुराने चेहरे को नकार कर नए चेहरे को कमान सौंपी थी।हिमाचल में धूमल और महाराष्ट्र में नितिन गडकरी मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार थे। हरियाणा (2014) में भी बीजेपी को मुख्यमंत्री चुनने में 6 दिन का वक्त लगा था। यहां पार्टी ने नए चेहरे मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया था। 2013 में लगे थे 3 दिन का वक्त2013 में भी भारतीय जनता पार्टी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बंपर जीत मिली थी। उस समय राजनाथ सिंह बीजेपी के अध्यक्ष थे। 2013 में पार्टी को मुख्यमंत्री चुनने में 3 दिन का वक्त लगा था। 8 दिसंबर को चुनावी नतीजे आए थे और 11 दिसंबर को पार्टी ने मध्य प्रदेश में शिवराज और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को कमान देने की घोषणा कर दी थी। 12 दिसंबर को वसुंधरा राजे के नाम का ऐलान किया गया था। 2013 में चुनाव परिणाम आते ही बीजेपी ने इन राज्यों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया था। उस वक्त मध्य प्रदेश के लिए सुषमा स्वराज, राजीव प्रताप रूडी और अनंत कुमार को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। वेंकैया नायडू, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक थे, जबकि अरुण जेटली, अमित शाह और कप्तान सोलंकी बतौर पर्यवेक्षक बनकर राजस्थान गए थे। 5 दिन से कम का वक्त लगा यानी चेहरा रिपीट2019 में हरियाणा चुनाव के रिजल्ट के 3 दिन बाद ही बीजेपी ने मुख्यमंत्री नाम की घोषणा कर दी। पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को ही दूसरी बार राज्य की बागडोर संभालने की जिम्मेदारी सौंपी।गुजरात में भी 8 दिसंबर 2022 को चुनाव परिणाम आया, जिसमें बीजेपी को एकतरफा जीत मिली। पार्टी ने 3 दिन के भीतर ही मुख्यमंत्री का नाम ऐलान कर दिया। भूपेंद्र पटेल को ही पार्टी ने सीएम की जिम्मेदारी सौंपी। 2019 में महाराष्ट्र चुनाव परिणाम के 5 दिन बाद ही देवेंद्र फडणवीस को बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुन लिया था। हालांकि, शिवसेना की वजह से फडणवीस उस वक्त सरकार नहीं बना पाए थे। शिवसेना ने पावर शेयरिंग के मुद्दे पर बीजेपी से समर्थन वापस ले लिया था। सीएम हर बार रिपीट, एक अपवाद शिवराज के लिए खतरा2014 के बाद सत्ता में रहते हुए बीजेपी ने जिस भी राज्य में चुनाव जीती है, वहां के मुख्यमंत्री नहीं बदला है। हालांकि, 2021 का असम चुनाव इसका अपवाद है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यही डर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सता रहा है। 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत के बाद विजय रुपाणी को ही फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया था। 2019 में हरियाणा में भी यही हुआा। जीत के बाद पार्टी ने खट्टर पर ही भरोसा जताया। 2022 में यूपी, गोवा और उत्तराखंड में भी जीत के बाद बीजेपी ने मुख्यमंत्री नहीं बदला। उत्तराखंड में तो मुख्यमंत्री धामी विधानसभा का चुनाव भी हार गए थे। इसी तरह अरुणाचल में जीत के बाद पेमा खांडू और त्रिपुरा में जीत के बाद माणिक साहा की सत्ता बरकरार रही। दोनों चुनाव से पहले भी राज्य के मुख्यमंत्री थे। मुख्यमंत्री को लेकर क्यों फंसा है पेंच?पहला- राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 20 साल में पहली बार मुख्यमंत्री चेहरे के बिना बीजेपी चुनाव मैदान में उतरी थी। तीनों ही राज्य में बीजेपी का यह प्लान काम कर गया है। इसी वजह से मुख्यमंत्री तय करने में पार्टी को मशक्कत करनी पड़ रही है।दूसरा- पिछले 2 दशक राजस्थान में वसुंधरा राजे, छत्तीसगढ़ में रमन सिंह और मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के इर्द-गिर्द बीजेपी की राजनीति घूम रही है। कहा जा रहा है कि हाईकमान अब इसे खत्म करना चाहती है।तीसरा- राजस्थान में वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान काफी मजबूत स्थिति में हैं। लोकसभा चुनाव के नजदीक होने की वजह से बीजेपी कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती है। कहां कितने दावेदार, एक नजर इस पर भी बीजेपी कैसे चुनती है राज्यों में मुख्यमंत्री?भारतीय जनता पार्टी में भी मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया कांग्रेस की तरह ही है। चुनाव में जीत के बाद दिल्ली से पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं। पर्यवेक्षक सभी विधायकों से राय लेते हैं और आलाकमान को बताते हैं। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपना फैसला सुनाते हैं, जो विधायक दल की मीटिंग में बताया जाता है। कई बार पेंच फंसने पर सभी बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया जाता है और उसके बाद फैसला सुनाया जाता है। इस बार बीजेपी ने राजस्थान के लिए राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े, मध्य प्रदेश के लिए मनोहर लाल खट्टर, के लक्ष्मण और आशा लकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री चयन के लिए बीजेपी ने अर्जुन … Read more

केपी सिंह की हार की खुशी में बुजुर्ग ने कराया मुंडन.

In the joy of K.P. Singh’s victory, the elderly person got a head shave. –शिवपुरी के एक व्यक्ति का अनोखा प्रण कांग्रेस नेता केपी सिंह की हार के बाद बुजुर्ग ने मुंडवाया सिर संवाददाता शिवपुरी शिवपुरी! शिवपुरी जिले के पिछोर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति को कांग्रेस नेता केपी सिंह की हार का इंतजार था। 15 साल से वह इस हार का इंतजार कर रहे थे और जब कांग्रेस नेता केपी सिंह हारे तो उन्होंने अपना यह प्रण अपना सिर मुंडवाकर पूरा किया। शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा के एक बुजुर्ग ने पिछोर विधायक केपी सिंह कक्काजू के हारने पर अपना सिर मुंडवा लेने का प्रढ 15 साल पहले लिया था। 15 साल पहले लिए गए इस प्रण के बाद जब केपी सिंह शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से मैदान में कूदे और इस विधानसभा क्षेत्र से उन्हें 40 हजार से अधिक मतों से हार मिली तो इसके बाद पिछोर के रहने वाले इस व्यक्ति ने अपना सिर मुंडवा लिया। आरोप- केपी सिंह ने मार दिया था चांटा और फाड़ दिया था आवेदन- शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के जराय गांव के रहने वाले बुजुर्ग गोविन्द सिंह लोधी ने बताया कि साल 2008 की बात है जब मेरे भाई कि एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और मृतक भाई की सम्पत्ति को एक औरत ने अपने नाम करवा लिया था जिसकी फरियाद लेकर मैं पिछोर विधायक केपीसिंह के पास अपनी दरख़ास लेकर डाक बंगला पर पहुंचा जहाँ विधायक ने पूछा कि कहाँ से आया है जब मैंने बताया कि गोविन्द हूँ ज़राय से तो विधायक ने मेरा आवेदन फाड़ते हुए मुझे चाँटा जड़ दिया और भगा दिया था जिसके बाद मैंने उसी दिन प्रण किया था कि विधायक केपीसिंह जिस दिन हारेगा उस दिन ही यह अति का अन्त होगा। अब 2008 से अभी तक मुझे 15 वर्ष तक इंतजार करना पड़ा जिसके बाद मेरा सपना पूरा हुआ तो मैंने अपने दाढ़ी, मूंछ सहित सिर का मुंडन करवाया है अब मेरे दिल को शांति है। छह बार से जीतते आ रहे थे केपी को इस बार मिली हार- केपी सिंह कक्काजू पिछोर विधानसभा से लगातार 6 बार से विधायक रहे हैं और इस बार वह शिवपुरी विधानसभा से चुनाव लड़े थे लेकिन सातवीं बार लड़े चुनाव में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इधर एक बुजुर्ग उनकी हार का इंतज़ार कर रहा था जिसके प्रण को पूरा होने में 15 साल लग गए। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह को भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र जैन 40 हजार से अधिक मतों से हराया है।

विधायक दल तय करेगा मध्य प्रदेश का अगला सीएम- वीडी. शर्मा.

The Group of legislative will decide the next Chief Minister of Madhya Pradesh – V.D. Sharma. भोपाल! मध्यप्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका जवाब अब सोमवार (11 दिसंबर) को मिलेगा। इस दिन शाम 4 बजे भोपाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सीएम का नाम तय होगा। विधायकों से रायशुमारी के लिए नियुक्त तीनों पर्यवेक्षक भी बैठक में मौजूद रहेंगे। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- ‘सभी को राम-राम…’ सीएम आज दोपहर साढ़े तीन बजे भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में लाड़ली बहनों से संवाद करेंगे। वीडी बोले- हम कैडर बेस ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ता मप्र मुख्यमंत्री पद के सवाल पर वीडी शर्मा ने कहा कि हम कैडर बेस ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ता हैं। मुख्यमंत्री कौन होगा, उप मुख्यमंत्री कौन होंगे, होंगे, नहीं होंगे? इसका निर्णय नेतृत्व करेगा। सीएम विधायक दल ही चुनेगा। 11 दिसंबर की शाम 4 बजे विधायक दल की मीटिंग होगी। तीनों पर्यवेक्षक वन टू वन चर्चा कर सकते हैं पर्यवेक्षक बीजेपी ने मुख्यमंत्री चयन को लेकर शुक्रवार को तीन पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। इनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लकड़ा शामिल हैं। ऐसा माना जा रहा है कि खट्टर और डॉ. के. लक्ष्मण विधायकों से वन टू वन चर्चा कर सकते हैं।

नया जोश भरने की कवायद – नमो के जरिए 100 दिनों में पीएम से मिल सकेंगे भाजपा कार्यकर्ता

In the first 100 days, BJP workers can meet the Prime Minister through a renewed vigor strategy. क्यू आर कोड को स्कैन करके चैलेंज को एक्सेप्ट कर सकते हैं, भाजपा के कार्यकर्ता फील्ड पर उतरेंगे  उदित नारायण, ग्रुप एडिटर सहारा समाचार   भोपाल। विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव में जुट गई है। अपने कार्यकतार्ओं को हमेशा काम में लगाए रखने वाली भाजपा ने अब पार्टी वर्कर्स को लोकसभा के लिए 100 दिन का चैलेंज दिया है। इस चैलेंज के तहत कार्यकतार्ओं को भारतीय जनता पार्टी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही जिन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हें इनका लाभ दिलवाना है।इसकी मॉनिटरिंग के लिए नमो एप का भी उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पोस्टर्स भी हर भाजपा कार्यालय में लगवा दिए गए हैं।  कार्यकतार्ओं में नया जोश भरने के लिए भाजपा उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका देने जा रही है। इसके लिए पार्टी ने 100 डे का एक चैलेंज तैयार किया है। इस चैलेंज को पूरा करने पर हर हफ्ते और महीने में पांच विजेताओं को चुना जाएगा। इन्हें आकर्षक पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके लिए कार्यकर्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके इस चैलेंज को एक्सेप्ट कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इससे भाजपा के कार्यकर्ता फील्ड पर उतरेंगे। खास बात है कि बेहतर काम करने वाले कार्यकर्ता को पीएम मोदी से भी मिलवाया जाएगा।  प्रदेश की 29 सीटों पर नजर – भारतीय जनता पार्टी की अब मध्यप्रदेश की 29 सीटों पर नजर है। हालांकि, अभी भाजपा के पास इनमे से 28 सीटें हैं। सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा ही कांग्रेस के हाथ में हैं। छिंदवाड़ा को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। वर्तमान में नाथ के बेटे नकुल यहां से सांसद हैं। इस बार के विधानसभा के चुनाव में भी कांग्रेस ने छिंदवाड़ा जिले की सभी सातों सीटों पर कब्जा किया है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद यहां पर मोर्चा संभालने की बात कह रहे हैं।

झारखंड : कांग्रेस सांसद धीरज साहू व बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से नोट, देखकर इनकम टैक्स अधिकारियों की आंखें भी चौंधिया गईं.

In Jharkhand, Congress MP Dhiraj Sahu and addresses of Baudh Distilleries Private Limited left Income Tax officials astonished upon inspection of notes. कांग्रेस सांसद के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है. इसमें सबसे बड़ी सफलता बौध स्थित बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से मिली है. झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर तीसरे दिन भी इनकम टैक्स की छापेमारी जारी है. रांची के रेडियम रोड स्थित सुशीला निकेतन में तीसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम रेड डालने में लगी है. बता दें कि इस छापेमारी में जितनी बड़ी मात्रा में नोटों के बंडल बरामद हुए हैं उसके बारे में जानकर सभी आश्चर्यचकित हो गए हैं. यहां नोटों की गिनती करने में मशीन भी खराब हो गए. जानकारी के अनुसार रांची के अलावा लोहरदगा और उड़ीसा के संबलपुर राउरकेला बोलांगीर और बौद्ध समेत आधा दर्जन ठिकानों को आयकर विभाग खंगाल रही है. कांग्रेस सांसद के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है. इसमें सबसे बड़ी सफलता बौध स्थित बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से मिली है. ओडिशा और झारखंड में कंपनी के कई ठिकानों पर आईटी की रेड हुई. जहां 150 करोड़ से भी अधिक कैश बरामद हुआ है. यह कंपनी बलदेव साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है. तमाम खबरों के बीच छानबीन जारी है. आयकर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. तीसरी बार के सांसद हैं धीरज साहू झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले धीरज साहू कांग्रेस के पुराने नेता हैं. 1977 में छात्र नेता के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले धीरज साहू तीसरी बार के राज्यसभा सांसद हैं. इससे पहले वह 2010-2016 तक भी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे. 2018 में उन्होंने झारखंड में विपक्ष के साझा उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. साहू 2003-05 तक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य भी रहे हैं.

नवाब मलिक पर राजनीति गरमाई, शिंदे-फड़णवीस के रुख से दुविधा में अजित पवार.

Political heat rises over Nawab Malik, Ajit Pawar caught in dilemma between Shinde and Fadnavis. महाराष्ट्र ! महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से तल्खी आ गई है. नवाब मलिक को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने नाराजगी जाहिर की है. देवेंद्र फड़णवीस ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को एक पत्र भी लिखा है. वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी फड़णवीस के सुर में सुर मिलाया है, ऐसे में अजित पवार के सामने नया संकट खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र में एनसीपी के सीनियर नेता नवाब मलिक के मुद्दे पर बीजेपी एक बार फिर से आक्रामक हो गई है. प्रदेश के डिप्टी सीएम देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा है कि हम नवाब मलिक के साथ नहीं बैठ सकते. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि जिस नवाब मलिक पर देशद्रोह का आरोप है, उनके साथ नहीं बैठा जा सकता है. देवेंद्र फड़णवीस ने इसी बाबत राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भी एक चिट्ठी लिखी है. देवेंद्र फड़णवीस की इस चिट्ठी से प्रदेश की सियासत में नई हलचल मच गई है. सबसे खास बात ये कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी फड़णवीस के सुर में सुर मिला चुके हैं. एकनाथ शिंदे ने कहा है कि नवाब मलिक को लेकर हम अपने पिछले रुख पर कायम हैं. नवाब मलिक पर गंभीर आरोप हैं. उन्हें अभी कोर्ट ने बरी नहीं किया है. वो फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से जेल से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि नवाब मलिक का सत्तारूढ़ दलों की बेंच पर बैठना ठीक नहीं है. शिंदे ने फड़णवीस का किया समर्थनमुख्यमंत्री और सहयोगी उप मुख्यमंत्री के मिलते जुलते बयान के सामने आने के बाद अजित पवार के सामने नई दुविधा आ गई है. मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है कि घटक दल अपनी-अपनी पार्टी कैसे चलाते हैं, ये उनका अपना मामला हो सकता है लेकिन राष्ट्रहित और जनहित का लक्ष्य हमारा एक समान होना चाहिए. इस मुद्दे पर हम एकजुट हैं. इसके साथ ही उन्होंने अजित पवार से अपील की है कि वे उचित रुख अपनाएंगे. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूरे मसले पर विपक्ष की भी कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा है विपक्ष को नवाब मलिक के मसले पर कुछ भी बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है. नवाब मलिक जब जेल में थे तब महाविकास अघाड़ी की सरकार थी. नवाब मलिक ने किया पलटवारपूरे मामले में नबाव मलिक ने भी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने कहा कि जिस देवेंद्र फड़णवीस ने ऐसी चिट्ठी लिखी है, उनकी भूमिका दोहरी है. नवाब मलिक ने सवाल उठाया कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी सरकार बनाने के लिए पीडीपी और महबूबा मुफ्ती से कैसे गठबंधन कर लेती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अपनी सुविधा के हिसाब से नैरेटिव बनाती है. आज ही सदन में कई ऐसे नेता हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो उनके साथ वो कैसे सरकार चला रहे हैं.

इस्तीफा देने वाले BJP सांसदों को खाली करना होगा घर, 30 दिन की मोहलत!

BJP MPs resigning will have to vacate their homes within 30 days. दिल्ली ! विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद लोकसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. अब खबर है कि दिल्ली में आवास समिति की ओर से इस्तीफा देने वाले सांसदों को बंगला खाली करने को कहा है. पिछले दिनों 5 राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से 4 केंद्रीय मंत्रियों समेत 21 सांसद चुनाव मैदान में उतरे थे, जिसमें से 12 सांसदों को जीत मिली थी और इनमें से 11 सांसदों ने जीत के बाद सांसदी से इस्तीफा दे दिया था. अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि लोकसभा आवास समिति ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद संसद सदस्यता से इस्तीफा देने वाले उन सभी बीजेपी सांसदों को 30 दिन में सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है. इनमें से 8 सांसदों को लोकसभा आवास समिति पूल से आवास आवंटित किया गया था. जबकि 3 सांसद केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उन्हें शहरी विकास मंत्रालय से आवंटन मिलता है. सूत्रों का कहना है कि नियम सिर्फ विपक्षी सांसदों के लिए ही नहीं, सभी के लिए सामान हैं. जिन लोकसभा सांसदों को 30 दिन में घर खाली करने का नोटिस दिया गया हैं उनमें राकेश सिंह, गोमती साय, अरुण साव, रिति पाठक, बाबा बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दिया कुमारी और उदयप्रताप सिंह शामिल हैं. राष्ट्रपति ने स्वीकार किए इस्तीफेइससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और रेणुका सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इन तीनों मंत्रियों ने हाल में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी. इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू ने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. पीएम मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को राज्य मंत्री के तौर पर जल शक्ति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है. इसी तरह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जीत के बाद सांसदों ने दिया इस्तीफाइससे पहले बीजेपी ने फैसला किया था कि हाल में चुने गए उसके सभी 12 सांसद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और रेणुका सिंह ने इस्तीफा दे दिया. इन इस्तीफों के बाद माना जा रहा है कि वे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नई सरकारों में शामिल हो सकते हैं. छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद रेणुका सिंह ने भरतपुर-सोनहत सीट से जीत दर्ज की थी. अन्य सांसदों में मध्य प्रदेश से उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक और राकेश सिंह के अलावा राजस्थान से राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिया कुमारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ से गोमती साई और अरुण साव शामिल हैं. मीणा के अलावा सभी सांसद लोकसभा सांसद थे.

विधानसभा की हार पर कांग्रेस का चिंतन, समीक्षा बैठक मे होगा कारणों पर मंथन.

Congress party is contemplating its defeat in the legislative assembly, and a review meeting will be held to analyze the reasons.  उदित नारायण  नई दिल्ली। हाल मे सम्पन हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों मे तेलंगाना को छोड़ 4 राज्यों मे करारी हार के बाद कांग्रेस के मिशन 2024 को करारा झटका लगा है, कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, महासचिव प्रियंका गाँधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पार्टी नेता आज से 2 दिन हार की समीक्षा करेंगे लेकिन वर्ष 2014 से लगातार चुनाव दर चुनाव हारने पर समीक्षा बैठक करने के बावजूद भी कांग्रेस अपने संगठन मे कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं कर पाई है पार्टी मे दूसरी श्रेणी के नेताओं की भारी कमी है ऐसा नही है कि पार्टी मे अच्छे नेताओं की कमी है लेकिन पार्टी मे उनकी कोई सुनवाई नहीं होती कारण कांग्रेस नेतृत्व के आस पास मौजूद मण्डली प्रभावशाली और योग्य लोगो को नेतृत्व के पास फटकने नहीं देते ना ही उनके सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंच पाते है एक तरफ जहाँ भाजपा मे जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अनेक सामाजिक और आर्थिक मामलो के जानकारों को सलाहकार नियुक्त किया जाता है वही कांग्रेस मे यह योग्यता विदेश मे पढ़ा होना और कुछ खास लोगों का कृपापात्र होना मात्र है, वर्ष 2004 मे इंडिया शाइनिंग नारे के बावजूद बाजपेई सरकार से सत्ता छीनने वाली कांग्रेस कांग्रेस को लगता है कि वह आज भी मोदी सरकार से ऊबकर सत्ता उनको सौप देगी लेकिन अब वक्त बदल चुका है डिजिटल युग मे आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और एक प्रान्त से दूसरे प्रान्त और विश्व पटल तक की जानकारी प्राप्त कर रहा है, बिगत 10 सालों मे कांग्रेस ने चुनाव कि अपनी पिच तैयार करने मे नाकायाब रही है वह वैसे खेल रही है जैसे भाजपा उन्हें खिलाना चाह रही है, कांग्रेस को हार के मंथन मे कुछ बातों पर आत्म चिंतन कि आवश्यकता है जैसे – *बाहर से आने वालों पर मूल कैडर से ज्यादा भरोसा* दशकों से कांग्रेस पार्टी मे बाहर व दूसरी पार्टियों से आने वालों को संगठन मे बड़े पदों पर जिम्मेदारी दे दी जाती रही है जबकि मूल कैडर के कार्यकर्त्ता जस के तस रह जाते हैँ. *सालाहकारों के चयन, कार्यप्रणाली और अति निर्भरता* एक तरफ जहाँ और पार्टियों मे पार्टी के छोटे तथा जमीनी कार्यकर्त्ताओं की बातों को सुना व समझा जाता है वहीँ आज भी कांग्रेस मे विदेश से मैनेजमेंट पास आउट जमीनी हकीकत से दूर और स्वार्थी सालाहकारों की भरमार है वह नहीं चाहते कि नेतृत्व कोई ऐसा व्यक्ति पहुंचे जिससे उनकी कोई बात आलाकमान तक पहुंचे वो पार्टी से ज्यादा अपनी कुर्सी बचाने की जुगत मे लगे रहते हैँ राहुल गाँधी की अमेठी मे हार उनके प्रतिनिधियों और क्वार्डिनेटरों की कार्यशैली का ही परिणाम था. *हिंदी भाषी नेताओं की कमी* कांग्रेस मे ज्यादातर निर्णय दक्षिण भारत के नेताओं और सालाहकारों की सलाह से लिए जाते है जबकि हिंदी भाषी क्षेत्रो की राजनैतिक भूमि, परिस्थिति दक्षिण से बिलकुल अलग है दक्षिण मे जहाँ स्थानीय मुद्दे हावी रहते है मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत मे स्थानीय के साथ साथ राष्ट्रीय मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहते हैँ. *कमजोर संगठन* हिंदी भाषी क्षेत्रों मे कांग्रेस का संगठन बेहद कमजोर है राज्य से लेकर जिला और बूथ लेबल तक समर्पित कार्यकर्त्ता नहीं हैँ जहाँ भाजपा और स्वयंसेवक के कार्यकर्त्ता और सिमितियाँ बूथ तक मौजूद और सक्रिय है वही कांग्रेस मे पार्टी पदाधिकारी के अलावा कार्यकर्त्ता ही नहीं है कार्यकर्ताओ का सम्मान ना मिलना उनको हतोत्साहित करता रहा है. *दोहरी राजनैतिक शैली* इस दौर मे जहाँ भाजपा अपनी स्पष्ट नीति पर काम कर रही है वही कांग्रेस जनमानस तक अपनी कोई नीति पहुंचाने मे नाकायाब रहती है वजह है एजेंडा क्लियर ना होना पार्टी किसके साथ है और किसके खिलाफ जनता को यह स्थिति साफ नहीं हो पाती कांग्रेस को जरुरत है बेहतर रणनीतिकार की जो नेतृत्व और पार्टी को बिना अपना स्वार्थ देखे बेहतर रणनीति पर अग्रसर कर सके *संघर्षो मे कमी* विपक्ष मे बैठी कांग्रेस मे संघर्ष की कमी साफ झलकती है जनहित के मुद्दों पर पार्टी के कुछ नेता टेलीविज़न और संसद मे अवश्य बोलते देखे जाते है लेकिन सडक पर और जनता के बीच संघर्षो मे पीछे रहते है कारण पार्टी मे संघर्ष शील कार्यकर्त्ता कम चरणवन्दन और कुर्ताधारी नेताओं की बहुतायत होना है, *एक ही मुद्दे पर अटके रहना और स्थिति का अध्यन ना होना* कांग्रेस के ज्यादातर नेता निजी और संवेदनशील बयान और एक ही मुद्दे पर अटके रहते हैँ जमीनी स्तर पर कार्य ना करने के कारण जन भावना और जमीनी मुद्दों तथा जनता के मन की बात की बात विरोध और सहयोग की जानकारी ही नहीं रहती *संचार माध्यमो के उपयोग की कमी और ओवर कॉन्फिडेंस तथा आत्मनिर्भरता की कमी* संचार युग का आरम्भ करने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी के विचारों की पार्टी आज संचार माध्यम और डिजिटल मीडिया मे फिसड्डी साबित हो रही है जहाँ भाजपा मे बूथ लेबल तक के कार्यकर्त्ता डिजिटल माध्यमो से जुड़े और सक्रिय हैँ वही कांग्रेस के ज्यादातर ज़िलों मण्डलों और उनके सहयोगी संगठन के सोशल मीडिया अकाउंट तक नहीं हैँ कांग्रेस के नेता सिर्फ फेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट डालने को डिजिटल मार्केट समझते है एक ओर जहाँ अन्य पार्टियों मे डिजिटल के प्रति आकर्षित होकर जनता से जुड़ रही है वही कांग्रेस आज भी पुराने कार्यशैली पर लगी है जहाँ भाजपा व अन्य ज्यादातर प्रचार डिजिटल एजेंसी और संचार माध्यम से कर रही हैँ वही कांग्रेस नेता हाथ पर हाथ धरे या अपने खास को काम दिला मौज मे रहते हैँ *चुनावी तैयारियों मे देरी* विना बेहतर प्रवंधन कोई लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता कठोर निर्णय लेने मे नेतृत्व सक्षम प्रतीत नहीं होता जहाँ भाजपा एक चुनाव के बाद तुरंत दूसरे चुनाव की तैयारी मे लग जाती है वही कांग्रेस नेता टिकट बितरण का इंतज़ार करते हैँ जहाँ जहाँ अन्य पार्टियों इलेक्शन मोड पर सक्रिय रहती हैँ वही कांग्रेस नेता और पार्टी रेस्ट मोड पर, ऐसे ही युवा और जुझारू नेताओं की कमी और नेतृत्व द्वारा उन्हें आगे ना बढ़ा कर पुराने और दरबारी नेताओ पर भरोसा तथा कमजोर आत्म विश्वास पार्टी को नीचे की तरफ ले जा रहा हैँ राहुल गाँधी जैसे सारीखे नेता को वयनाड जैसी … Read more

दिल्ली मे सरकार बनाने की गहमागहमी के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा के साथ रात भोपाल पहुंचे प्रहलाद पटेल.

Amidst intense efforts to form a government in Delhi, Pralhad Patel arrived in Bhopal with BJP State President B.D. Sharma late at night. *उदित नारायण* नई दिल्ली।तीन राज्यों मे मिली बम्पर जीत के बाद से ही भाजपा मे नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों एवं मंथनों का दौर जारी हैँ मध्यप्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ मे मुख्यमंत्री पद के कई नाम चर्चा मे हैँ, एक तरफ जहाँ शिवराज भोपाल मे बैठकर सियासी गुणागणित लगा रहे हैँ वही देर रात प्रहलाद पटेल राज्य इकाई के प्रमुख बी डी शर्मा के साथ भोपाल पहुचे, दरअसल, मध्‍य प्रदेश की नरसिंहपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे। पटेल के साथ बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष वी‍डी शर्मा भी थे, दोनों एक साथ दिल्‍ली से भोपाल आए। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि क्‍या प्रहलाद सिंह पटेल ही प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री होंगे। प्रहलाद पटेल का नाम मुख्‍यमंत्री चहरे में सबसे आगे चल रहा है। पटले ने दिल्‍ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वहीं, भोपाल आने के पहले प्रहलाद पटेल वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का आशीर्वाद लेने भी पहुंचे थे। वही इंदौर-1 विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री को लेकर कहा कि सीएम के नाम की घोषणा रविवार तक हो जाएगी, साथ ही प्रदेश में बीजेपी की बड़ी जीत के लिए श्रेय शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं को देने से इंकार कर दिया ,*ग्‍वालियर में तोमर के समर्थन के ग्‍वालियर में तोमर के पोस्‍टर लगे *वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।पोस्‍टर लगे* वहीं, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। ग्‍वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े-बड़े पोस्टर लग गए हैं, जिन पर उन्हें ‘बॉस‘ लिखा गया है।

मंत्री जी का जलवा विकास का हलवा, मानपुर विधानसभा क्षेत्र, कुशमहा गांव ,

मानपुर ! बीजेपी सरकार में पूरे मध्यप्रदेश में जिस तरीके से विकास कार्य हुए है शायद ही इसके पहले कभी हुआ हो। चाहे शहर हो या ग्रामीण चारो ओर अनेको विकास कार्य हुए है। लेकिन उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम कुशमहा की बात करे तो यहां के ग्रामीण विकास कैसा होता है जानते ही नही.? ऐसा नही की इस क्षेत्र में कांग्रेस का विधायक रहा है। बल्कि लगातार इस क्षेत्र से 4 बार से बीजेपी की विधायक और सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों के द्वारा मतदान का बहिष्कार किये जाने के बाद ग्रामीणों को समझाने कलेक्टर पहुंचे थे और आश्वाशन देकर मतदान करने का आग्रह किया था। 4 बार से विधायक और कैबिनेट मंत्री फिर भी कुशमहा गांव में विकास रहा कोसो दूर, कलेक्टर ने ली सुध दरअसल मानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुशमहा गांव बीजेपी सरकार के द्वारा किए गए अनगिनत विकास कार्यों से अछूता रहा है। जबकि ऐसा नहीं कि इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का विधायक रहा हो, बल्कि 4 बार से लगातार यहां के लोग बीजेपी की विधायक दीदी को चुनते आ रहे हैं। इस बीच दीदी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जनजाति कार्य विभाग की कैबिनेट मंत्री भी रही है। बावजूद इसके यह गांव विकास और मूलभूत सुविधाओं से अछूता रहा है। इस बार 2023 के विधानसभा चुनाव के दरमियान कुशमहा गांव के ग्रामीणों ने मतदान करने का बहिष्कार कर दिया। यह खबर जैसे ही जिले के कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य तक पहुंची। उन्होंने तत्काल गांव पहुंचकर वहां उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी तमाम समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने उनकी मांगों को मानते हुए आश्वासन दिया कि चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही वह उनके गांव पुरे जिला प्रशासन की टीम को लेकर पहुंचेंगे और जरूरत के सभी कामों को कराया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण माने और मतदान प्रारंभ कराया गया। बुधवार 6 दिसंबर को कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम ने जहां कुशवाहा गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। बल्कि उनकी मांग और जरूरत के अनुसार अलग-अलग कार्यो के लिए वहां मौजूद विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है। निश्चित रूप से कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य के द्वारा मतदान के दिन ग्रामीणों को दिए गए आश्वासन और फिर उसे पूरा करने के लिए मौके पर जिला प्रशासन का दल बल लेकर पहुंचना फिर तत्काल ग्रामीणों की मांग और जरूरत को देखते हुए कार्य शुरू करने के निर्देश देना अपने आप में प्रशंसनीय है। ग्रामीणों ने कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य का हृदय से आभार जताया है। हालांकि मानपुर विधानसभा अंतर्गत विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं से उपेक्षित कुशमहा पहला गांव नहीं है। बल्कि दर्जनों गांव यहां के विधायक की कार्यप्रणाली से उपेक्षित पड़े हैं।

सनरूफ खुली कार उमाकांत शर्मा का जलवा बरकरार अपने कार्यकर्ता समर्थकों का किया आभार

जो मनाऐ मनाऐ नहीं आए डीजे की धुन पर सबसे आगे थिरक्ते दिखाई दिए अलताफ खान सिरोंज ! जीत के बाद धन्यवाद कहने निकले उमाकांत शर्मा सिरोंज लटेरी विधानसभा से दोबारा विधायक बनने के बाद प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करने के बाद उमाकांत शर्मा सिरोंज नगर में अपने कार्यकर्ताओं समर्थकों के साथ जनता का आभार व्यक्त करने निकले बासौदा नाका बलेजा पेट्रोल पंप के पास से जुलूस की शुरुआत की भारतीय जनता पार्टी के झंडे एवं भगवा लहराते हुऐ झंडे कार्यकर्ताओं के हाथ में नजर आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों की खुशी का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार्यकर्ता डीजे की धुन पर झूमते नाचते नजर आए एवं कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी भी की जगह-जगह उमाकांत शर्मा के विधायक बनने के बाद हार फूल मालाओं से स्वागत किया गया मुख्य रूप से नगर पालिका सिरोंज जनपद पंचायत सिरोंज के समक्ष भव्य स्वागत किया गया विशेष तौर पर जो कार्यकरता भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार के दौरान नहीं दिखे उन कार्यकर्ताओं का जमावड़ा भी अच्छा खासा देखने में आया है वहीं अगर हम बात करें भारतीय जनता पार्टी के उन कार्यकर्ताओं की जिनको कई बार वरिष्ठ नेतृत्व मनाने गया फिर भी वह पार्टी का काम करने नहीं आए और क्षेत्र में यह माहौल बन गया कि इस बार यह किसी भी हाल में पार्टी का काम नहीं करेंगे वह कार्यकर्ता भी डीजे की धुन पर सबसे आगे थिरक्ते हुए नजर आए कहीं ना कहीं क्षेत्र में यह भी चर्चा का विषय बना रहा सबाबहार में हुआ समापन जुलूस निकालने के बाद उमाकांत शर्मा कार्यकर्ताओं के बीच छतरी नाके पर स्थित सभागार मैं मौजूद रहकर अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की और क्षेत्र कश जनता को विश्वास और भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की जनता ने जिस तरह मुझ पर विश्वास भरोसा किया है मैं भी जनता से वादा करता हूं के मैं उनके विश्वास भरोसे पर खड़ा उतारूंगा हां जो गलत है या गलत करेगा उसके विरुद्ध में हमेशा खड़ा रहा हूं और खड़ा रहूंगा उमाकांत का जीवन भारतीय जनता पार्टी पर समर्पित क्षेत्रवासियों पर समर्पित

मध्यप्रदेश: चुनावी हार-जीत से जुड़े अजब-गजब कारनामे

भोपाल ! किसी ने चेहरा काला किया तो कोई दंडवत कर पहुंचा मंदिर; कोई सिर मुंडवाकर बोला-संकल्प पूरा हुआ ,किसी ने सिर मुंडवा लिया तो किसी ने चेहरे पर कालिख पोत ली , किसी ने शर्त के एक लाख रुपए जीतकर गोशाला में दान कर दिए, कोई 300 किलोमीटर बाइक से ही भोपाल के लिए निकल पड़ा, कुछ महिलाएं तो बिना चप्पल-जूते के 70 किलोमीटर दूर शनि मंदिर दर्शन करने गईं। दृश्य – 1 ग्वालियरः नेता का मुंह काला न हो, इसलिए अपना ही कर लिया दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने चुनाव से पहले दावा किया था, ‘प्रदेश में भाजपा को 60 सीटें भी नहीं मिलेंगी। ऐसा हुआ तो मैं अपना मुंह काला करा लूंगा।’ भाजपा ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया। नतीजों के बाद इसका वीडियो फिर चर्चा में आ गया। इसके बाद बरैया को घेरने की कोशिशें भी शुरू हो गईं। ऐसे में ग्वालियर ग्रामीण किसान कांग्रेस के महामंत्री योगेश दंडोतिया बरैया के समर्थन में उतर आए। दंडोतिया ने बुधवार को ग्वालियर में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। मीडिया के सामने ही उन्होंने जेब से स्याही निकाली और अपने चेहरे पर पोत ली। उन्होंने कहा, ‘फूल सिंह बरैया को मुंह काला नहीं करने दूंगा। इसके लिए मैंने अपना मुंह काला किया है।’ यह भी बता दें कि बरैया भी गुरुवार को भोपाल पहुंचकर अपना वचन पूरा करने के लिए मुंह काला करेंगे। दृश्य – 2 रतलामः यह विधायक तो बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े बात रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट की है। यहां से चुनाव जीतकर भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार विधायक बने हैं। चुनाव जीतने के तीन दिन बाद बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम शिवराज सिंह चौहान और पुलिस को टैग किया। लिखा, ‘मैं कमलेश डोडियार, विधायक बनने के बाद बाइक से शपथ ग्रहण के पूर्व होने वाली कागजी कार्रवाई पूरी करने भोपाल के लिए निकल चुका हूं। मेरी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि कोई अनहोनी न हो।’ उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए मदद भी मांगी। कहा- ‘मैं चुनाव में जुगाड़ के सहारे चला हूं। मैं मजदूर वर्ग से आता हूं और काफी गरीब हूं। भोपाल जाने के लिए मैंने दोस्तों को फोन किया था, लेकिन सहायता न मिल पाने पर बाइक से ही भोपाल निकल गया हूं। यदि कोई शुभचिंतक मेरी मदद कर सकते हों तो फोर व्हीलर उपलब्ध करा दें, जिससे मैं समय पर विधानसभा पहुंचकर कागजी कार्रवाई पूरी कर सकूं। मैं किसी से डरता नहीं हूं, जो भी मेरी हत्या करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, वो बर्बाद हो जाएगा।’ सैलाना से भोपाल करीब 330 किलोमीटर है। डोडियार बाइक से भोपाल पहुंच भी गए हैं। उन्होंने 12 हजार रुपए उधार लेकर चुनाव लड़ा था। इसे चुकाने के लिए नोतरा (आदिवासी समाज में आर्थिक मदद की प्रथा) का सहारा लिया। दृश्य – 3 भिंड: नेता प्रतिपक्ष की हार पर 10 साल बाद कराया मुंडन भिंड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं मुन्ना विश्वकर्मा। 62 साल के मुन्ना पिछले 10 साल से साधु वेश में ही थे। दाढ़ी बढ़ी हुई, सिर के बाल भी बढ़ा लिए। वे अलग-अलग मंदिरों में समय बिताते रहे। बुधवार को उन्होंने अचानक नाई की दुकान पर पहुंचकर बाल कटवाए। शेविंग भी बनवा ली। लोगों ने पूछा तो असलियत सामने आई। पता चला – कांग्रेस लीडर व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चुनाव हारने की खुशी में उन्होंने ऐसा किया है। दरअसल, 10 साल पहले लहार बस स्टैंड के पास बने मुन्नालाल के मकान को नगर पालिका ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। मुन्नालाल ने तत्कालीन विधायक डॉ. गोविंद सिंह पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने संकल्प लिया था- ‘जब तक डॉ. गोविंद सिंह विधायक रहेंगे, तब तक बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ दृश्य – 4 श्योपुर: कीचड़ वाली सड़क पर दंडवत कर पहुंचे मंदिर श्योपुर में मातासूला गांव के रहने वाले किसान रामराज मीणा बुधवार को एक किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर तक दंडवत करते पहुंचे। लोगों ने जब कारण पूछा तो सुनकर हैरान रह गए। मीणा ने बताया कि श्योपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल की जीत के लिए क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर में मन्नत मांगी थी। अब इसे पूरा कर रहे हैं। बड़ी बात ये कि सड़क पर कीचड़ के बाद भी वे कहीं रुके नहीं। रामराज मीणा अब गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर मानपुर इलाके के क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर तक दंडवत परिक्रमा लगाएंगे। इस मौके पर मंदिर में कार्यक्रम भी किया जाएगा। दृश्य -5 सीधी: अपने नेता की जीत की खुशी में 5 साल बाद मुंडन बात 2018 विधानसभा चुनाव की है। सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनके समर्थक संजय सिंह ने संकल्प लिया- ‘जब तक अजय सिंह राहुल चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच जाते, बाल नहीं कटवाऊंगा। दाढ़ी भी नहीं बनवाऊंगा।’ आखिरकार 2023 में संजय सिंह के संकल्प की जीत हुई। अजय सिंह राहुल चुनाव जीत गए। इसके बाद बुधवार को वे अपने नेता अजय सिंह राहुल के घर पहुंचे। संजय ने उनके सामने ही मुंडन करवाया और दाढ़ी भी बनवाई। दृश्य – 6 छिंदवाड़ा: शर्त जीतने पर मिले एक लाख रुपए गोशाला में दान किए 21 नवंबर की बात है। छिंदवाड़ा में व्यापारी राम मोहन साहू और कमलनाथ समर्थक प्रकाश साहू के बीच शर्त लगी कि अगर भाजपा प्रत्याशी बंटी विवेक साहू चुनाव जीतते हैं तो राम मोहन 10 लाख रुपए देंगे। अगर कमलनाथ जीतते हैं तो प्रकाश साहू एक लाख रुपए देंगे। शर्त की वजह से दोनों प्रदेशभर में चर्चा में भी रहे। दोनों ने ही अपने-अपने कैंडिडेट की जीत का दावा किया। नतीजे आए तो कमलनाथ ने जीत दर्ज की। आखिरकार, शर्त के मुताबिक मंगलवार को प्रकाश साहू ने राममोहन को एक लाख रुपए दिए। हालांकि, राम मोहन ने यह राशि गोशाला के लिए नगर निगम को दान कर दी।

मध्य प्रदेश सियासत में अकेले खड़े होने का साहस, बिसात कहीं और है… पांसे कहीं शतरंज यहां से खेल रहे हैं सीएम शिवराज ?

*उदित नारायण* भोपाल।मध्य प्रदेश में 18 सालों की राजनीति में परिपक्वता, स्थिरता, सोच और समझ के शिखर पर जा पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान इस बार बेहद ही अनोखे अंदाज में अपनी कुर्सी पर आई चुनौती का जवाब न केवल प्रतिद्वंद्वियों को दे रहे हैं, बल्कि नेतृत्व तक भी अपनी सहजता और सामर्थ्य को पहुंचा रहे है । मध्य प्रदेश के नेतृत्व को बदलने का मन बना चुके नेतृत्व की मंशा को भांपते शिवराज ने जनमानस को अपनी मुट्ठी में कैद करने के लिए भावुकता के ऐसे-ऐसे तीर छोड़े थे कि प्रदेशभर की जनता को लगा कि उनका खैरख्वाह उन्हें छोडक़र जा रहा है । इसी भावुकता को लूटते शिवराज ने प्रदेश की जनता के भरपूर वोट बटोरकर पार्टी को ऐतिहासिक विजय दिलाते हुए नेतृत्व को भी वही संदेश और सवाल पहुंचा दिया, जो उन्होंने जनता से कहा था कि मैं नहीं रहूंगा तो क्या होगा ? मैं चला जाऊंगा तो बहुत याद आऊंगा, यह संदेश पहले जनता के लिए थे । अब नेतृत्व के लिए नजर आ रहे हैं। अपनी शतरंज का दूसरा पांसा फेंकते शिवराज ने कल फिर एक साथ दो तीर छोड़े। पहला यह कि मैं न मुख्यमंत्री पद का दावेदार था और न हूं, पार्टी का कार्यकर्त्ता हूँ और प्रधानमंत्री की 2024 की जीत की माला मे 29 कमल पुष्प लगाने हेतु कार्य करने मैं छिंदवाड़ा जाऊंगा, पिछली बार हारी लोकसभा सीट भी दिलवाऊंगा । शिवराज का यह बयान जहां मोदी के प्रति निष्ठा का संदेश है, वहीं इस बात का भी संदेश है कि मुझे नजरअंदाज करना आसान नहीं , वो भोपाल बैठकर दिल्ली मे चल रहे सियासी रंगमंच का आनंद लेते हुए उन्होंने बेफिक्री जताते हुए दो दिन पहले परिवार के साथ रेस्टोरेंट में भोजन किया और ऐलान भी किया कि मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा और हकीकत यह है कि शिवराज दिल्ली इसलिए नहीं जा रहे हैं, क्योंकि उनकी बिसात कहीं और जमी है… गोटियां कहीं और फिट हैं और शतरंज वो यहां से खेल रहे हैं। सब कुछ एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, सहजता का संदेश… सत्ता की अनदेखी…मोदी के प्रति आस्था की भावना का प्रदर्शन और दावेदारों से दूरी एक साथ चले गए वो मोहरे हैं, जिसमें शतरंज की बिसात में उनकी शह और विरोधियों की मात होगी ।

कमलेश्वर डोडियार ने बाइक से घूमकर लड़ा चुनाव, उसी बाइक पर विधायक लिखवाकर पहुंचे भोपाल

अब विधानसभा में सुनाई देगी आदिवासी की आवाज भारत आदिवासी पार्टी के विधायक डोडियार विधानसभा में देंगे अपनी आमद 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर लड़ा चुनाव, भाजपा और कांग्रेस को किया चित्त भोपाल। भारत आदिवासी पार्टी ने हाल ही के विधानसभा चुनाव में अपना परचम लहराते हुए एक विधायक को विधानसभा भेजने में कामयाब हुई है। पार्टी ने कमलेश्वर डोडियार को सैलाना से टिकट दिया और वे विधायक चुने गए। सैलाना सीट मध्य प्रदेश की वह एकमात्र सीट है जिसे बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल ने जीता हो। कमलेश्वर के विधायक बनने से आदिवासी वर्ग के लोगों को उम्मीद है कि वे आदिवासी वर्ग की समस्याओं को विधानसभा में रखेंगे। बता दें, विधायक डोडियार कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर भारत आदिवासी पार्टी से विधायक बनकर चर्चाओं में हैं। उन्होंने अपनी बाइक में बाकायदे एमएलए भी लिखवाया है। चुनाव के पहले पुलिस ने भेजा था जेल, एक सप्ताह में छूटेडोडियार चुनाव से पहले उस वक्त सुर्खियों में आए थ्ो, जब पुलिस ने उन्हें िगरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नामांकन के एक सप्ताह पहले ही वे जेल से छूटकर बाहर आए थे और 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर चुनाव लड़े और चुनाव जीत गए। रतलाम जिले की सैलाना सीट से जीते विधायक डोडियार ने बाइक से ही प्रचार किया था। सड़क पर बैठकर खाना खाया था और अब विधायक बनने के बाद अपने दस्तावेज जमा करने के लिए बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े। बाइक पर लिखवाया एमएलए, उसी से पहुंचे भोपाल विधायक डोडियार ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोस्तों और साथियों से उधार लेकर चुनाव लड़ा हूं। अब बाइक से भोपाल भी जा रहे हैं। डोडियार का मानना है कि जल्दी ही विधायक की सैलरी से कार खरीद लेंगे, लेकिन अभी हमें बाइक से ही सफर करना होगा। पार्टी के इकलौते चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार बुधवार को विधायक चुने जाने के बाद भोपाल पहुंच गए हैं। हालांकि वे अभी विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। संभवत: गुरूवार को विधानसभा पहुंचकर अपने जीत का प्रमाणपत्र देंगे और बाकायदे अपनी आमद देने के साथ ही अपना परिचयपत्र जारी करवाएंगे।

डॉ भीमराव अंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया

अजाक्स संघ के पदाधिकारी महापरिनिर्वाण मनाते हुए ग्यारसपुर में रविदास धाम पर डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पण किए और बाबा साहब के विचारों पर प्रकाश डाला एवम उनके विचारों पर चलने का निर्णय लिया जिसमें अजाक्स अधिकारी कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष देवी सिंह अहिरवार ज्ञान सिंह अहिरवार विक्रम सिंह चिड़ार मनोज कुमार चिडार नंदकिशोर रामकृष्ण सिसोदिया मनोज कुमार प्रदीप कुमार बाबूलाल अहिरवार एवं समाज के वरिष्ठ नागरिक बंधु उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान मे सरकार बनाने की कवायद तेज़, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर सहित विधानसभा लड़े 10 सांसदों का संसद और मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा

दिल्ली । मध्यप्रदेश समेत सभी 3 राज्यों मे सरकार बनाने की कवायद तेज़ हो गयी है राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश मे चुनाव लड़कर विधायक बनने वाले 10 सांसदों ने संसद की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है, इस्तीफ़ा देने वालो मे मध्यप्रदेश से केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, नरेन्द सिंह तोमर सांसद रीति पाठक, राकेश सिंह उदयप्रताप सिंह राजस्थान से राज्यवर्धन सिंह राठौर, दिया कुमारी, किरोड़ी लाल मीणा छत्तीसगढ़ से गोमती साईं और अरुण साव अभी कुछ और इस्तीफे दिए जा सकते हैँ गौरतलब है कि चार राज्यों मे भाजपा ने अपने 21 सांसदों को विधानसभा लड़ाया था अब भाजपा आलाकमान ने चुनाव जीते हुए सांसदों से मुलाक़ात की और और उन्हें संसद की सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया गया पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्ढा के साथ सभी इस्तीफ़ा देने स्पीकर के पास पहुंचे,इस्तीफ़ा देने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल से मुख्य्मंत्री बनने के सवाल पर चुप्पी साधते हुए उन्होंने मुसुकराते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने की बात कह कर चले गए, जल्द ही भाजपा की तरफ से कुछ चौकाने वाले नामों की घोषणा हो सकती है

तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे रेवंत रेड्डी, 7 दिसंबर को लेंगे शपथ कांग्रेस आलाकमान ने लगाई नाम पर मुहर.

The new Chief Minister of Telangana will be Revanth Reddy, who will take the oath on December 7. The Congress high command has stamped approval on the name तेलंगाना । कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक में बताया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह अनुभवी हैं, उन्होंने सभी के साथ काम किया है और वह पहले ही तेलंगाना के लोगों को वादा कर चुके हैं कि वह उनके लिए काम करेंगे.तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस के रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लग गई है. वह राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे और सात दिसंबर को पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस ने मंगलवार शाम को इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक में बताया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह अनुभवी हैं, उन्होंने सभी के साथ काम किया है और वह पहले ही तेलंगाना के लोगों को वादा कर चुके हैं कि उनके लिए काम करेंगे. उन्होंने बताया कि रेवंत रेड्डी सात दिसंबर को पथ की शपथ लेंगे.तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 64 सीटें जीतकर बीआरएस को सत्ता से बाहर कर दिया था. बीआरएस को 39 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था जबकि बीजेपी को यहां आठ ही सीटें मिली थीं. तेलंगाना में जीत का सबसे ज्यादा श्रेय रेवंत रेड्डी को मिल रहा है. यही वजह है कि सीएम पद के लिए सबसे ज्यादा चर्चा रेवंत रेड्डी की है. रेवंत रेड्डी तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं. रेड्डी तेलंगाना में कांग्रेस के उन तीन लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने 2019 में जीत हासिल की थी. इस चुनाव में भी रेवंत तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के सामने कामारेड्डी विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, हालांकि, बीजेपी उम्मीदवार ने दोनों को मात दे दी.

राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ मे सीएम और डिप्टी सीएम के फॉर्मूले पर भा ज पा मे विचार.. सूत्र.

In Rajasthan, Madhya Pradesh, and Chhattisgarh, discussions are underway on the formula for the Chief Minister and Deputy Chief Minister, according to sources. *उदित नारायण* हाल मे सम्पन चुनावों मे तीन बड़े राज्यों मे भारी बहुमत हासिल कर भा ज पा अब 2024 के लोकसभा पर निगाहें जमा चुकी है, उसी के मद्देनज़र सामाजिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण के अनुरूप ही राज्यों मे मुख़्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का चयन करने की मैराथन बैठक चल रही है, बात करें अगर मध्य प्रदेश की तो शिवराज सिंह चौहान अभी रेस मे सबसे आगे नजर आ रहे हैँ उनके अलावा बड़े ओ बी सी नेता प्रहलाद पटेल, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलास विजयवर्गी, वी डी शर्मा के साथ कांग्रेस से भाजपा मे आये केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नामो का बाजार गर्म है, सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के साथ इस बार मध्य प्रदेश मे 2 उप मुख्यमंत्री भी बनाये जा सकते हैँ, चर्चा है की मुख्यमंत्री ओ बी सी समाज से ही होगा शिवराज अपनी दावेदारी को लेकर कह चुके कह चुके हैँ की पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वह उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे,बात राजस्थान की है तो राजस्थान मे अभी भी वसुंधरा राजे सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैँ लेकिन सूत्र बताते हैँ कि भाजपा नेतृत्व कोई चौकाने वाले निर्णय ले सकती है कई दावेदारों मे मजबूती से एक नाम पार्टी के मजबूत, संगठन मे मजबूत पकड़ वाले ओम माथुर का चर्चा मे आ रहा है मगर क्या लगभग 60 सीटों पर मजबूत पकड़ रखने वाली वसुंधरा राजे को मनाना आसान होगा चर्चा यहाँ भी मुख्यमंत्री के साथ एक उप मुख़्यमंत्री बनाने की भी है ,वही छत्तीसगढ़ मे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की मजबूत दावेदारी के बीच छत्तीसगढ़ को पहली महिला मुख्यमंत्री मिलने की उम्मीद है इनमे रेणुका सिंह और डॉ सरोज पाण्डेय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष साव भी दावेदारों मे एक है उम्मीद यहाँ भी मुख्यमंत्री के साथ एक उपमुख्यमंत्री बनाने की है.भाजपा नेतृत्व हर आगामी चुनाव का गुणा गणित पहले ही लगा कर फैसला लेता है इन सरकारों के गठन मे भी उसकी झलक दिखने की पूरी उम्मीद है भाजपा ने पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे और गृहमंत्री अमित शाह के प्रवंधन मे लड़ा है तो जाहिर है सरकार बनाने के फैसले मे प्रधानमंत्री की भूमिका अहम होंगी अब इंतजार भाजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक का है

पिता जीत गए, अब तू पैरों पर चल भी नहीं पाएगा’, नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे पर धमकी का मुकदमा दर्ज.

A case of threatening the son of elected legislator Preetam Lodhi has been filed with the message, ‘Your father won, now you won’t be able to walk on your feet’ ग्वालियर। पिछोर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने ग्वालियर के एक युवक को फोन कर धमकी दी है। पिता के चुनाव जीतते ही उसने युवक को फोन कर कहा- अब पिता चुनाव जीत गए, तेरा क्या होगा। तू अपने पैरों पर चल भी नहीं पाएगा।पूरी बातचीत युवक ने रिकार्ड कर ली। इसके बाद उसने पुरानी छावनी थाने पहुंचकर एफआइआर दर्ज करवाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया है कि प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित जलालपुर निवासी सिकंदर यादव को धमकी दी है ।सिकंदर यादव ने शिकायत कर बताया है कि जब दिनेश ने पार्षद का चुनाव लड़ा था तो दूसरे प्रत्याशी का समर्थन उन्होंने व उनके परिजनों ने किया था। इससे दिनेश उनसे नाराज चल रहा था। पिता के चुनाव जीतते ही उसने फोन कर धमकी दी है यह आडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और वायरल ऑडिओ की जांच की जा रही है।बता दें कि प्रीतम लोधी विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं।निरंजन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

कटनी जिले की चारो विधानसभा सीटों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ, भाजपा का कब्जा लहराया जीत का परचम.

Congress faced a clean sweep in all four assembly seats of Katni district, as the BJP waved the victory flag, securing control. भाजपा के संजय सत्येंद्र पाठक, संदीप जायसवाल, प्रणव पांडे व धीरेंद्र सिंह विजयी हुए कटनी। जिले चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा ,जिले की चारों विधानसभा में भाजपा की प्रचण्ड विजय निश्चित हुई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा प्रत्याशी संजय सत्येंद्र पाठक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नीरज सिंह बघेल से 24 हजार 346 मतों से विजय पाई। यहां भाजपा को 98010 मत तो कांग्रेस को 73654 मत प्राप्त हुए। बहोरीबंद से भाजपा के प्रणय पांडे को 98817 मत मिले तो कांग्रेस के सौरभ सिंह को 71195 मत मिले इस प्रकार भाजपा के प्रणय 23 हजार 622 मतों से विजयी हुए। बड़वारा से भाजपा के धीरेंद्र सिंह को 112916, तो कांग्रेस के बसंत सिंह को 61923 मत प्राप्त हुए। इस विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी रिकार्ड 50 हजार 993 मतों से विजयी हुए। मुड़वारा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी को 89061 मत तो कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन को 64 हजार 105 मत प्राप्त हुए इस प्रकार भाजपा प्रत्याशी संदीप जायसवाल 24 हजार 956 मतों से विजयी घोषित हुए।

ईव्हीएम एवं और मतगणना अभिलेखों का सीलिंग कार्य संपन्न

कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ अन्य अधिकारियों ने किया चाय नाश्ता, संपूर्ण हुए शांतिपूर्ण मतदान ”विशेष संवाददाता कटनी” कटनी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अवि प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुए शांतिपूर्ण, मतगणना कार्य के उपरांत परिणाम घोषणा के तत्काल बाद ही जिले की सभी चारों विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनों और मतगणना अभिलेखों का रात भर चला सीलिंग कार्य 4 दिसंबर की सुबह 7:30 बजे पूरा हुआ। इसके बाद कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों ने झंडा बाजार पहुंच कर एक दुकान में जलपान किया। यहां अधिकारियों ने गरमागरम आलूबंडा और पोहा का नाश्ता किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत, उपजिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर साधना परस्ते, डिप्टी कलेक्टर प्रमोद कुमार चतुर्वेदी सहित रिटर्निंग अधिकारी मुड़वारा राकेश कुमार चौरसिया, रिटर्निंग अधिकारी बहोरीबंद प्रदीप मिश्रा और विजयराघवगढ के रिटर्निंग अधिकारी महेश मंडलोई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मप्र में कांग्रेस की हार के जिम्मेदार कमलनाथ, तीन राज्यों में हार के बाद बोले संजय राउत.

In Madhya Pradesh, Kamal Nath spoke after the losses in three states, said Sanjay Raut. कांग्रेस को इस पर आत्म मंथन करना चाहिए चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाओं से बीजेपी को फायदा हुआ मुंबई। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की हार हो चुकी है। सिर्फ तेलंगाना ही ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। कांग्रेस की हार पर विभिन्न नेताओं और राजनीतिक पंडितों के बयान सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत का भी बयान सामने आया है। हार पर कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए संजय राउत ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार का जिम्मेदार कमलनाथ को बताया है। उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना में एआईएमआईएम फैक्टर और केसीआर काम नहीं आए। जहां तक राजस्थान की बात है, ये पारंपरिक चलन है। वहां हर 5 साल के बाद सरकार बदल जाती है। छत्तीसगढ़ की हार को लेकर संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। मध्यप्रदेश में बीजेपी की जीत का श्रेय संजय राउत ने शिवराज सिंह चौहान को दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाओं से बीजेपी को बहुत फायदा हुआ। कांग्रेस ने चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों को किया नजर अंदाज सं‌‌जय राउत ने इस चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका पर कहा कि अगर कांग्रेस इंडिया अलायंस के साथियों को साथ लेकर लड़ती तो स्थिति कुछ बेहतर होती। सिर्फ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे लोगों के प्रचार करने से कुछ नहीं होगा। क्षेत्रीय पार्टियों को नजरअंदाज कर आप देश में राजनीति नहीं कर पाएंगे। पनौती शब्द को लेकर संजय राउत ने कहा कि अगर पनौती शब्द राहुल गांधी पर उल्टा पड़ा होता तो तेलंगाना में ऐसा कुछ क्यों नहीं हुआ। भाजपा का हश्र टीम इंडिया की तरह ही होगा संजय राउत ने बताया कि 6 दिसंबर को इंडिया एलायंस की बैठक बुलाई गई है। जहां कई बातों पर चर्चा की जाएगी। इंडिया एलायंस मजबूत है। जिस तरह से वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया ने लगातार 10 मुकाबले जीते लेकिन फाइनल में मुकाबला टीम इंडिया हार गई वैसा ही हश्र 2024 के चुनाव में भाजपा का होगा।

भारतीय जनता पार्टी की अभी तक 17 सीटों पर जीत कांग्रेस के पाले में सिर्फ 6 सीटें आयी और भारत आदिवासी पार्टी के खाते  में 1 सीट आयी.

Bhartiya Janta party won 17 seats, Congress 6 and Bharat Adiwasi Party won 1 Seat in Madhya Pradesh Vidhaansabha Elections. Manish Trivedi – Sahara Samachaar.भोपाल,  चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने १७ सीटों पर अपनी जीत दर्ज़ की है इसमें पन्ना से बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल, रेवा से राजेंद्र शुक्ला, कोतमा से दिलीप जैस्वाल, अनूपपुर से विसाहु लाल सिंह, सिहोरा से संतोष वरकड़े, होशंगाबाद से सीता सरन शर्मा, बरस्या से विष्णु खत्री, शुजालपुर से इन्दर सिंह परमार, देवास से गायत्री राजे, खातेगांव से आशीष गोविन्द शर्मा, पदारना से छाया मोरे, नेपानगर से मंजू राजेंद्र दाऊ, बुरहानपुर से अर्चना चिटनीस, अलीराजपुर से चौहान नगर सिंह, बड़नगर से जीतेन्द्र उदय सिंह, रतलाम ग्रामीण से मथुरा लाल डामर, जौरा से राजेंद्र पांडेय और आलोट से चिंतामणि मालवीय ने अपनी जीत दर्ज की है. वही कांग्रेस पार्टी से शेओपुर से बाबू जंडेल, बिछिया से नारायण सिंह, निवास से चैनसिंह वरकड़े, अमरवाड़ा से कमलेश प्रताप सहाय, पांढुर्ना से नीलेश पुसाराम उइके और बड़वानी से राजन. मंडलोई. वही अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय आदिवासी पार्टी ने अपना खाता खोलने में सफलता प्राप्त की है. भारतीय आदिवासी पार्टी से सैलाना विधानसभा क्षेत्र से कमलेश्वर डोडियार ने अपनी जीत दर्ज की है. विजयी उम्मदवारो के लिस्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करैं 

लाड़ली बहनों ने कर दी शिवराज भइया की राह आसान।

भाजपा का 150 प्लस का दावा सच साबित होता हुआ नजर आ रहा है।कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के वादों पर जनता ने नहीं किया भरोसा। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही प्रदेश के चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ होती जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन अभी तक की मतगढना के दौरान मिल रहे रुझानों ने भाजपा नेताओं के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव जीतने के दावे को सच कर दिया है और मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है की मध्य प्रदेश की आम जनता भाजपा के साथ है। इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहनों ने भी अपने भाई की जीत के लिए मतदान में हिस्सा लिया और चुनाव परिणाम को भाजपा के पक्ष में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मतदान के समय से लेकर बीती रात तक सभी राजनेतिक पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपनी अपनी पार्टी की जीत और सरकार बनाने को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे थे। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान नेता अपने समर्थकों का मन समझने में ही मात खा रहे थे, तो जनता का मन पढ़ना तो वैसे भी आसान नहीं था और इसी का परिणाम है कि सभी के दावे रखे रह गए। जनता ने यह साफ कर दिया है कि किसी के भी कहने से कुछ नहीं होता जो कुछ होता है वह आम जनता की इच्छा से होता है और जनता ने भाजपा को अपना मत रूपी आशीर्वाद और समर्थन देकर इस बात को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की मतगणना में यह तो साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के लिए तैयार है बस अब देखना यह है की कुल कितनी सीटें स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा के खाते में आती हैं, वहीं दूसरी बात यह भी ध्यान देने योग्य है की मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता जो चुनाव मैदान में उतरे थे उनमें से किसे जनता का आशीर्वाद मिलेगा और कौन क्लीन बोल्ड होगा। हम आपको याद दिला दें की सहारा समाचार ने मतदान के पूर्व ही स्पष्ट रूप से दावा किया था कि इस बार के चुनाव में दोनों ही दलों के द्वारा मैदान में उतारे गए दिग्गज नेताओं को लेने के देने पड़ेंगे। साथ ही कई परंपरागत सीटों पर चौंकाने वाले ऐसे परिणाम सामने आएंगे जिनका किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया होगा। दूसरे दावे के अनुसार मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने के चांस 65% और कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के चांस 35% हैं। सहारा समाचार के यह दोनों ही दावे सत्य होते नजर आ रहे हैं। चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ हो चुकी है परिणाम भी सामने आने लगे हैं। कुछ सीटों पर हार जीत भी डीक्लियर हो चुकी है। कुछ देर की बात है बहुत जल्द पूर्ण चुनाव परिणाम सामने आ जायेंगे।

लहार, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Lahar, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 11 –Lahar (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Ambrish Sharma BJP – 26777)कांग्रेस : पीछे (Dr Govind Singh INC – 20493)

शिवपुरी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Shivpuri , Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 25 – Shivpuri (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Devendra Kumar Jain – BJP – 51941)कांग्रेस : पीछे (K.P. Singh Kakka INC – 28890)

हरसूद, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Harsood, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 176 – Harsud (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Kunwar Vijay Singh) BJP – 39947कांग्रेस : पीछे (Sukhram Salve) INC-23019

दिमनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Dimani, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 07 – Dimani (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीएसपी :आगे (Balveer Singh Dandotiya) – 33193बीजेपी : पीछे (Narendra Singh Tomar) – 30791कांग्रेस : पीछे (Ravindra Singh Tomar) – 12225

सतना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Satna, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 63 –Satna (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे, Ganesh Singh – 15487कांग्रेस : पीछे, Dabbu Siddharth Sukhilal Kushwaha – 14508

चित्रकूट, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Chitrakoot, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 61 – Chitrakoot (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Surendra Singh Gaharwar) – 14758.कांग्रेस : आगे (Neelanshu) – 17389

मैहर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Maiher, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 65 – Maihar (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Shrikant Chaturvedi) – 26265कांग्रेस : पीछे (Darmesh Ghai) – 19304

दिमनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Dimani, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 7 – Dimani (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Narendra Singh Tomar) – 25824कांग्रेस : पीछे (Balveer Singh Dandotiya) – 25189

नरसिंघगढ़, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Narsinghgarh, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 160 – Narsinghgarh (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Mohan Sharma) – 44546कांग्रेस : पीछे (Girish Bhandari) – 32892

अशोकनगर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Ashoknagar, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 32 – Ashok Nagar (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Jajpal Singh Jajji) – 24810कांग्रेस : आगे (Haribabu Rai) – 28389

विजयराघवगढ़, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Vijayraghavgarh, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 92 –Vijayraghavgarh (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Sanjay Satyendra Pathak) – 19361कांग्रेस : पीछे (Neeraj Dada) – 15514

बुधनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Budhni, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). बुधनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)विधानसभा क्षेत्र 156 –Budhni (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Shivraj Singh Chouhan) – 70453कांग्रेस : पीछे (Vikram Mastal Sharma) – 19457

मुरैना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Morena, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar. विधानसभा क्षेत्र 06 –Morena (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (रघुराज सिंह कंसाना)कांग्रेस : आगे (दिनेश गुर्जर)

पन्ना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Panna, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar विधानसभा क्षेत्र 70 – Panna (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (बृजेन्द्र प्रताप सिंह)कांग्रेस : आगे (भारत मिलन पांडेय)

राऊ, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Rau, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 210 – RAU (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगेकांग्रेस : पीछे

दतिया विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)।

Datia Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar दतिया विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023). राजेंद्र भारती (INC) 1181 वोट से नारोत्तम मिश्र (भाजपा) से आगे हैं।

CG .सीटों पर आए रुझान में भारतीय जनता पार्टी 24 सीटों पर तो कांग्रेस 22 सीटों पर लीड कर रही है।

In the trend of seats in Chhattisgarh, the Bharatiya Janata Party (BJP) is leading on 24 seats, while the Congress is leading on 22 seats. बीजेपी : 24 आगे, कांग्रेस : 22 आगे

MP – मतगणना का काउंटडाउन शुरू, गिनती के लिए 5 हजार 61 टेबल लगाई गई.

Madhya Pradesh, The countdown for the vote counting has begun, and 5,061 tables have been set up for the counting. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना को अब बस कुछ ही घंटे बचे हुए है. तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से सभी 52 जिला मुख्यालयों पर एक साथ होगी. सबसे पहले मतपत्रों की गिनती होगी. वोटिंग की गिनती जल्दी पूरी हो, इसके लिए 5,061 मतगणना टेबल लगाई गई हैं. वहीं डाक मत पत्रों की गिनती 692 टेबलों पर होगी. बता दें कि प्रदेश में झाबुआ विधानसभा में सबसे अधिक 26 राउंड में मतगणना होगी, जबकि सबसे कम 12 राउंड में सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र में गणना होगी. पूरे प्रदेश के परिणाम आने में 5 से 10 घंटे का वक्त लगेगा.जहां गणना की टेबल सबसे ज्यादा होगी, वहां जल्दी परिणाम आएगा. जानिए मतगणना के मुख्य बिंदु – सुबह 8:00 बजे शुरू होगी मतों की गणना– प्रदेश की 52 जिलों में एक साथ सुबह 8:00 बजे शुरू होगी जिला मुख्यालय पर मतों की गणना.– सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी एवं में दर्ज मतों की गिनती– वोटिंग मशीन में दर्ज वोटों की गिनती के लिए 5 हजार 61 मतगणना टेबल लगाई गई है.– डाक मत पत्रों की गिनती 692 टेबलों पर होगी.– डाक मत पत्रों की गिनती पूरी होते ही परिणाम होंगे घोषित..– 3.90 लाख डाक मत पत्रों की होगी गिनती अनुमति लेकर निकालेंगे जुलूस वहीं मतगणना के बाद जीतने वाली पार्टी के प्रत्याशी विजय जुलूस अनुमति को लेकर निकाल सकेंगे. इसका रूट कैसा होगा, और किस जगह से जुलूस निकलेगा ये जिला प्रशासन निर्धारित करेगा.वहीं मतगणना के दिन ड्राय डे घोषित रहेगा. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के आरोप पर राजन ने कहा कि- बालाघाट मामले में किसी भी डाक मतपत्र नहीं खोला गया है. लापरवाही जिनकी थी कार्रवाई की गई है.

पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेसियों की बेईमानी से सतर्क रहकर मतगणना की प्रक्रिया में सूक्षमता से नजर रखें.

Stay vigilant against the dishonesty of party workers and ensure efficiency in the electoral process. भोपाल की सभी 6 विधानसभा के पोलिंग एजेंट का प्रशिक्षण वर्ग प्रदेश कार्यालय में संपन्न भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की जिले की इकाई ने भोपाल जिले के मतगणना पोलिंग एजेंटों को मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता आदि को लेकर मतगणना एजेंटों को प्रशिक्षित किया। यह प्रशिक्षण शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुआ। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष व उत्तर विधानसभा के प्रत्याशी आलोक शर्मा, पार्टी प्रदेश महामंत्री व दक्षिण पश्चिम के प्रत्याशी भगवानदास सबनानी, कैबिनेट मंत्री नरेला विधानसभा के प्रत्याशी विश्वास सारंग, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल, पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, एसएस उप्पल एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला अध्यक्ष पचौरी ने प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए कहा हमें मतगणना की टेबल पर विशेष तौर पर ध्यान रखना है। खासतौर पर बैलेट पेपर सरकारी कर्मचारियों की ओर से दिया गया वोट उसको अच्छी तरह देखना है। उन्होंने कहा कि आप सभी ने चुनाव में जो निरंतर परिश्रम किया है। उसका प्रतिफल प्राप्त करने का समय आ गया है। आप सभी मतगणना अभिकर्ता तय समय और मानकों के साथ मतगणना स्थल पर अपनी निर्धारित टेबल पर उपस्थित रहें। हम सभी को मतगणना की प्रक्रिया में सूक्षमता से नजर रखेंगे तथा मतगणना समाप्त होने की प्रक्रिया के बाद ही अपनी नियत जगह से उठेंगे। विधानसभा चुनाव में भारी विजय के रास्ते पर चल पड़ेनेताओं ने कहा कि आप सभी के अथक परिश्रम, हमारी सरकारों के काम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता के कारण विधानसभा चुनाव में भारी विजय के रास्ते पर चल पड़े हैं। मतगणना के दौरान की आवश्यक कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने पूरे चुनाव अभियान में काफी परिश्रम किया है। हमारी सरकारों के काम को भी व्यापक समर्थन मिला है। इसी कारण से कांग्रेस के लोग बौखलाए हुए हैं। वे मतगणना के दौरान बेईमानी करने के भी प्रयास करेंगे, लेकिन हमारा कार्यकर्ता सक्षम, निर्भय और सतर्क है। हम कांग्रेसियों की हर चाल का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। कांग्रेस के कुत्सित प्रयासों के बावजूद हम मतगणना की पारदर्शिता को प्रभावित नहीं होने देंगे। हमारे कार्यकर्ता कुछ भी गड़बड़ होने पर चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि हर बात को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाएंगे।

जेपी नड्डा ने शिवराज-सिंधिया के साथ चुनाव नतीजों पर की घंटों मंत्रणा.

JP Nadda deliberated for hours with Shivraj Singh Chouhan and Jyotiraditya Scindia on the election results. राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मतगणना से पूर्व भाजपा अध्यक्ष के मप्र पहुंचने पर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज ग्वालियर। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मतगणना से पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ होटल में घंटों चर्चा की। बताया गया है कि राज्य के चुनाव नतीजों को लेकर मंत्रणा की गई है। राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों के तीन दिसंबर को आने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा अध्यक्ष की ग्वालियर में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज हैं। यहां सिंध विहार स्थित होटल उषा किरण पैलेस में तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में बड़े नेताओं की लंबी चर्चा हुई। सिंधिया के आमंत्रण पर शाही महल जयविलास पैलेस पहुंचे नड्डा नड्डा ने सिंधिया के आमंत्रण पर उनके शाही महल जयविलास पैलेस में पहुंचकर भोज भी किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सिंधिया के साथ दतिया जाकर पीतांबरा पीठ के दर्शन भी किए। नड्डा रात्रि विश्राम ग्वालियर में ही करेंगे। पार्टी की ओर से उनके अगले दिन के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।भाजपा जिंदाबादः सीएम शिवराजमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में एक्जिट पोल को लेकर किए सवाल पर कहा- भाजपा जिंदाबाद। एयरपोर्ट पर शिवराज ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा आगे बढ़ रही है, मोदीजी जन-जन के मन में हैं, उनका स्नेह सदैव प्रदेश को मिलता रहा है। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में प्रगति और विकास किया है। वहीं, सिंधिया ने कहा कि 48 घंटे का इंतजार है, जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल पर बरसे कमलनाथ…झूठ फैला रहे एग्जिट पोल.

Kamal Nath lashes out at the exit polls in Madhya Pradesh, claiming that false information is being spread. एग्जिट पोल एजेंसियां चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहती TV भाजपा मध्य प्रदेश में चुनाव हारेगी *उदित नारायण* भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने शुक्रवार को भाजपा की जीत की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसियों के एग्जिट पोल के नतीजों पर सवाल उठाया। कमलनाथ ने कहा कि एग्जिट पोल एजेंसियां झूठा माहौल बना रही हैं। भाजपा मध्य प्रदेश में चुनाव हारेगी। उन्होंने कहा कि कुछ एग्जिट पोल एजेंसियां चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहती हैं। अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो में उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 3 दिसंबर को निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करनी चाहिए। तीन दिसंबर को भाजपा की सािजश सफल नहीं होगीकमलनाथ ने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी चुनाव हार गई है। कुछ एग्जिट पोल जानबूझकर बनाए गए हैं, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हो जाएं और गलत माहौल बनाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह साजिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस पदाधिकारियों को मतगणना के दिन के लिए तैयार रहना चाहिए। हम सभी जीतने के लिए तैयार हैं और सभी एकजुट हैं। यदि आपको (पार्टी कार्यकर्ताओं को) कोई समस्या महसूस होती है तो कृपया सीधे मुझसे बात करें या तीन दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) कार्यालय को सूचित करें। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने वाली है। क्या कहते हैं एग्जिट पोल?बता दें, कई एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी की गई है। दैनिक भास्कर ने बीजेपी को 95-115 सीटें और कांग्रेस को 105-120 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने बीजेपी को 140-162 सीटें और कांग्रेस को 70-89 सीटें दीं। टुडेज़ चाणक्य ने कहा कि बीजेपी को 151 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को 74 सीटें मिलेंगी, जन की बात एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी को 100-123 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को 102-125 सीटें मिलेंगी, रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज ने बीजेपी को 118-130 सीटें दी हैं और कांग्रेस 97-107 सीटें दी हैं। अन्य एग्जिट पोल ने भी इसी तरह के नतीजों की भविष्यवाणी की है। इस बीच, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी राज्य में सत्ता बरकरार रखेगी। नतीजे ती दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

एग्जिट पोल में बीजेपी को भारी बहुमत, केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा- 2003 जैसी रिकॉर्ड जीत दोहराई जा सकती है.

Exit polls, BJP is projected to win by a significant margin; Union Minister Patel said – a record victory like 2003 can be repeated. इस बार चुनाव आयोग की गाइडलाइंस की वजह से एग्जिट पोल पांचों राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए । 30 नवंबर को वोटिंग की प्रक्रिया संपन्नहोने के बाद जो एग्जिट पोल्स जारी हुए, जिसमें भाजपा को बंपर बहुमत मिलते दिख रहा है। देश की प्रमुख 8 न्यूज एजेंसियों ने सर्वे कर एग्जिट पोल जारी किए और पतालगाया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना व मिजोरम में किसकी सरकार बन सकती है। वहीं सर्वे पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2003 जैसे परिणाम दोहराते हुए दिखते हैं। एग्जिट पोल में बीजेपी को बंपर सीटें ज्यादातर न्यूज एजेंसियों के एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में परिणाम आते नजर आ रहे हैं। अगर ये सच साबित हुए तो मध्यप्रदेश व राजस्थान में बीजेपी औरछत्तीसगढ़ व तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। इसके साथ ही मिजोरम में हंग असेंबली के आसार हैं। बात करें मध्यप्रदेश की तो एक दो एग्जिटपोल छोड़कर ज्यादातर बीजेपी को काफी बढ़त के साथ बहुमत में आता दिखा रहे है मप्र में भाजपा की फिर वापसी? Exit Polls 2023 में लगभग सभी न्यूज एजेंसियों ने मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनने के आसार जताए हैं।बात करें इंडिया टुडे एक्सिस सर्वे की तो मध्यप्रदेश में भाजपा को 140 से 162, कांग्रेस को 68-90 और अन्य को 3 सीट मिलते दिख रही हैं।यानी कांग्रेस को यहां भारी नुकसान होने की संभावना है। टुडेज चाणक्य न्यूज 24 के सर्वे में भाजपा को 151, कांग्रेस को 74 व अन्य को 0 सीटेंमिलने के आसार बताए जा रहे हैं। वहीं जन की बात सर्वे में भाजपा को 100 से 123, कांग्रेस को 102 से 125 व अन्य को 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।वहीं टाइम्स नाउ ईटीजी के सर्वे में भाजपा को 106 से 116, कांग्रेस को 110 से 124 और अन्य को 10 सीटें मिलती दिख रहे हैं। इसी प्रकार रपब्लिकटीवी के सर्वे में भाजपा को 118 से 130, कांग्रेस को 97 से 107 और अन्य को 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना बताई जा रही है। मप्र में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए? मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं, ऐसे में यहां सरकार बनाने के लिए कम से कम 116 सीटें किसी भी पार्टी को चाहिए। बात करें एग्जिटपोल्स की तो ज्यादातर एग्जिट पोल्स बीजेपी को बहुमत के आंकड़े के करीब या उससे ज्यादा दिखा रहे हैं। कुछ अन्य सर्वे कांग्रेस को भी इस आंकड़ेके करीब दिखा रहे हैं। बात करें पिछले चुनाव की तो बीजेपी को 2018 में 109 सीटें मिली थीं और कांग्रेस को 114, इसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी और बीजेपी सत्ता में आई। मप्र में 2003 जैसा प्रदर्शन करेगी बीजेपी? एग्जिट पोल्स पर पार्टियों की मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही हैं, एक ओर बीजेपी के पक्ष में पोल्स आते देख वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंहनाखुश नजर आए। उन्होंने पोल्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टेलीविजन से नहीं प्रदेश-विजन से देश चलता है। उन्होंने दावा किया किमप्र में कांग्रेस 130 सीटों के साथ सरकार बनाएगी। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई कांटे की टक्कर नहीं है,भाजपा भारी बहुमत से जीत रही है। इसी बीच बीजेपी के कद्दावर नेता केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बीजेपी 2003 के चुनाव जैसाप्रदर्शन करती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मैंने 2003 के चुनाव को बेहद करीब से देखा है और मैं साफ देखता हूं कि 2003 के परिणाम 2023 में आते दिखते हैं।बता दें कि 2003 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी 173 सीटों के बंपर बहुमत के साथ सत्ता में आई थी, वहीं कांग्रेस को केवल 38 सीटें ही मिली थीं। बता दें कि 3 दिसंबरको मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं।

कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं व प्रदेश की जनता से की अपील.

Kamal Nath appealed to the party workers and the people of the state. कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से मैदान में आ जाएं। भाजपा चुनाव हार चुकी है। कुछ एग्जिट पोल जानबूझकर इसलिए बनाए गए हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हों और झूठा माहौल दिखाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जाए।यह षड्यंत्र कामयाब होने वाला नहीं है। कांग्रेस के सभी पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चासंगठनों के प्रमुख और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी अपने-अपने काम में जुट जाएं और निष्पक्ष मतगणना कराएं।हम सब जीत के लिए तैयार हैं। हम सब एकजुट हैं। आपको कोई भी समस्या लगती है तो आप सीधे मुझसे बातकरें। 3 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी की सरकार बन रही है।

पीएम मोदी के स्वागत में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा दुबई एयरपोर्ट.

Bharat Mata Ki Jai’ slogans echoed at Dubai Airport during the welcome of Prime Minister Modi. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार रात दुबई पहुंचे. वह 1 दिसंबर को होने वाले COP28के वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगेजैसे ही पीएम मोदी दुबई हवाई अड्डे पर उतरे, एक होटल के बाहर इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गाया और ‘भारत माता की जय’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. दुबई पहुंचने के बाद, पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वो शिखर सम्मेलन की कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.उन्होंने कहा, “सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई में उतरा हूं. शिखर सम्मेलन की कार्यवाही का इंतजार कर रहा हूं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.” पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें कल के उनके एक्शन-पैक कार्यक्रम का ओवरव्यू दिया गया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट COP28 का उच्च-स्तरीय खंड है, यह कहते हुए कि यह सुबह इस उच्च-स्तरीय जलवायु कार्यक्रम के उद्घाटन कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री अपना संबोधन देंगे. लेकिन जलवायु वित्त में परिवर्तन पर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के बाद, प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात केसाथ एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे, जो हरित क्रेडिट पर ध्यान देगा, ये एक वो पहल है, जिसमें प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत रुचि है. बागची ने आगे कहा कि इस दौरान दिन में बड़ी संख्या में द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे. दुबई में COP28 जलवायु वार्ता से पहले अपने डिपार्चर नोट में, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि G20 नई दिल्लीनेताओं की घोषणा में जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर ठोस कदम भी शामिल थे.

अधिकतर चैनल्स जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं.

Most channels are far away from ground reality. आइए आपको उन सीटों की जानकारी देते है जहाँ मुकाबला त्रिकोणीय है या चतुष्कोणीय है,यह सीटें कोई नहीं बता सकता कि कौन जीतेगा,जहाँ प्रत्याशी की हार जीत तीसरे चौथे प्रत्याशी को मिले वोट पर निर्भर होगी,कई जगह यह गैर भाजपा गैर कांग्रेस उम्मीदवार जीतने की ताकत भी रखते हैं । *उदित नारायण* भोपाल।पहले हम बसपा की Top performing सीट्स से शुरुआत करते हैं 1-दिमनी2-मुरैना3-रेगांव4-नागौद5-सतना6-गुढ़7-सिमरिया8-राजनगर9-पथरिया10-गोहद11-लहार12-भिंड13-बारासिवनी-अजाबशास्त्री(लोधी)14-सेंवढ़ा-दामोदर यादव-भीम आर्मी आदिवासी बहुल सीटे जो GGP के असर की हैं15-परसवाड़ा-कंकर मुंजारे16-बिछिया-कमलेश टेकाम17-जबेरा-विनोद राय18-शाहपुरा-अमानसिंह पोर्ते19-मानपुर-राधेश्याम काकोड़िया20-अमरवाड़ा-देव रावेन भलावी21-लखनादौन-सन्तर भलावी22-सिवनी-रंजीत वासनिकऐसी सीटें जहाँ जयस से जुड़े युवकों ने अच्छी चुनोती देकर मुकाबला त्रिकोणीय बनाया है23-सैलाना-कमलेश्वर डोडियार24-महू-प्रदीप मावी25-रतलाम ग्रामीण-डॉ अभय ओहरी26-पेटलावद- इंजीवालूसिंह गामड़27-नेपानगर-बिल्लोरसिंह जमरा28-भगवानपुरा-मोहन किराड़े29-मनावर-लालसिंह बर्मन(आप/जयस)30-सरदारपुर-राजेन्द्र गामड़आप पार्टी जिन सीटो पर प्रभावी है31-सिंगरौली-रानी अग्रवाल32-बंडा सुधीर यादव33-चाचौड़ा-ममता मीणाइसके अलावा कुछ निर्दलीय है जिन्होंने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया है34-कटंगी-केसर बिसेन/प्रशांत मेश्राम35-भीकनगांव-मोहन पटेल36-पानसेमल-रमेश चौहान37-जोबट-माधोसिंह डाबर/रिंकुबाला डाबर(जयस)38-बुरहानपुर से हर्ष चौहान/AIMIM उम्मीदबार नफीस मंशा खान39-होशंगाबाद-चौरे40-सिवनी मालवा-ओम रघुवंशी/सुनील गौरहीरा अलावा के नेशनल जयस ने भी 4 प्रत्याशी उतारे है41-भैंसदेही-संदीप धुर्वे42-घोड़ाडोंगरी-स्मिता राजा धुर्वे43-टिमरनी-रमेश मर्सकोले44-बड़वाणी-संदीप नरगावे45-राजपुर सुनील सोलंकीइसके अलावा लगभग 2/3सीटों पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी निर्णायक वोट लाएंगे46-निवाड़ी-मीरा दीपक यादव47-टीकमगढ़ से सपा प्रत्याशी48-बहोरीबंद से शंकर महतो

एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर.

Exit poll” indicates a tough competition between the BJP and Congress एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर* एमपी विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल रिजल्ट, अब आखिरी वक्त का इंतजार उदित नारायण भोपाल-ग्वालियर। एमपी एग्जिट पोल के नतीजे आने लगे हैं। ऐसे में सबकी निगाहें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र पर टिकी है। ग्वालियर-चंबल की वजह से ही 2020 में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन दाम लिया था। एबीपी और सी वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार ग्वालियर-चंबल में बीजेपी की स्थिति ठीक नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को बड़ा नुकसान हो रहा है।दरअसल, मध्य प्रदेश में एबीपी और सी-वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार एमपी में बीजेपी को 88-112 और कांग्रेस को 113-137 सीटें मिल रही हैं। वहीं, अन्य को 02-08 सीटें मिल रही है। बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान ग्वालियर-चंबल के क्षेत्र में हो रही है। यह ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए असहज करने वाले नतीजे हैं।एबीपी-सी वोटर्स के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से बीजेपी को 4-8 और कांग्रेस को 25-29 सीटें मिल रही हैं। अगर यह अनुमान सही साबित हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। ग्वालियर-चंबल की सीटों पर ही उनका प्रदर्शन टिका हुआ है। पार्टी में आगे की स्थिति उनकी तभी मजबूत रहेगी, जब ज्यादा से ज्यादा उनके वफादार चुनाव जीतेंगे।निकाय चुनाव में लग चुका है झटकावहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को निकाय चुनाव में झटका लगा चुका है। कई सालों बाद पार्टी ग्वालियर और मुरैना में मेयर चुनाव हार गई थी। ऐसे में इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने बड़ा चैलेंज है।एक्सिस माय इंडिया में बीजेपी को बढ़तइसके साथ आजतक और एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस को झटका लग रहा है। इस सर्वे के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से 19 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को 14 सीटें मिल रही है।एग्जिट पोल के नतीजे कुछ भी बता रहे है यदि कुल मिलाकर देखा जाय तो मध्यप्रदेश में बीएसपी एसपी एवं गोंडवाना पार्टी की कुल मिलाकर 32 सीटो में त्रिकोणीय मुकाबला होने से एवम लाडली बहना योजना का लाभ यदि बीजेपी को मिलता है तो मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार पुनः बनने की संभावना प्रबल है कुल मिलाकर बीजेपी 118 से 122 सीट, कांग्रेस 108 से 110, बीएसपी अन्य की 5 सीटे आने की संभावना दिख रही है। बीएसपी एसपी गोंडवाना के आने ज्यादा फायदा भाजपा को मिल सकता है ।मध्य प्रदेश में इस बार भी भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के दो आईएएस पर लगाया 250 करोड़ के घोटाले का आरोप.

Digvijaya Singh has accused two IAS officers in the Finance Department of a scam amounting to 250 crore. ईओडब्ल्यू से की शिकायत, दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों पर 250 करोड़ के भ्रष्टाचार बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने वित्त विभाग के अधिकारी आईएएस अजीत केसरी और ज्ञानेश्वर पाटिल की ईओडब्ल्यू से शिकायत की है। इसके साथ उन्होंने दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। दिग्विजय सिंह बोले-प्राथमिकी दर्ज करेंपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईओडब्ल्यू के डीजी को दी शिकायत में लिखा कि उनको दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की शिकायत मिली है। एमपी में वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों ने 250 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने शिकायत के साथ दिए दस्तावेज और ऑडियो सीडी के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। यह है मामलाशिकायत के अनुसार राज्य मंत्रालय में लागू आईएफएमएस सिस्टम का काम एक चहेती फर्म को देने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को विश्वास में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसके लिए टेंडर में मनमानी शर्तें डालते हुए टीसीएस जैसी टाटा समूह की कंपनी को बाहर किया गया। इसके बाद टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव को ठेका देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार इस घोटाले में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य आईएएस ज्ञानेश्वर पाटिल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पहले यह टेंडर 200 करोड़ रुपये का था, जिसे एजेंसी तय होने के दौरान बढ़ाकर 247 करोड़ रुपये कर दिया गया। 50 करोड़ रुपये का लेन देनपूरे टेंडर घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन का आरोप है। शिकायत में रिश्वत की रकम विभिन्न माध्यमों से संबंधित अधिकारियों और मंत्री को देने की बात कही गई है। एसीएस वित्त अजीत केसरी, ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त कोष एवं लेखा और टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव से काम लेने वाले आंध्र प्रदेश की कंपनी पिक्सल वाइड सॉल्यूशन के डायरेक्टर प्रित्युश रेड्डी के लिए काम करने वाले ग्वालियर निवासी देवेश अग्रवाल के बीच विभिन्न अवसरों पर वाट्सएप पर हुई चेटिंग पत्र शिकायत के साथ दिए गए हैं। यह है ऑडियो में…पत्र के साथ सीडी में संलग्न ऑडियो में वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी हैदराबाद स्थित कंपनी के डायरेक्टर से डील पूरी करने की चर्चा कर रहे हैं। इस बातचीत में डील पूरी न होने पर टाटा कंपनी की टीसीएस को आगे काम देने की बात भी कही जा रही है। चर्चा के दौरान किसी पवन नामक व्यक्ति का नाम लेनदेन में बार-बार आ रहा था। आरोप है कि करीब पचास करोड़ रुपये का लेन देन करने के बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व गुडगांव की कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया, जो बाद में हैदराबाद की कंपनी को सौंपा गया। शर्तें कंपनी के अनुकूल बनाई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को इस कंपनी के अनुकूल बनाया था, ताकि अन्य कंपनी टेंडर में भाग ही न ले सके। चुनावी साल में और चुनाव घोषित होने के कुछ दिन पूर्व घटित इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर समस्त संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाना चाहिए और आरोपी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों और दलालों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड मोबाइल कंपनियों से लेकर कार्रवाई की जाना चाहिए।

भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी.

The Congress will undertake a blockade to save legislators from the Bharatiya Janata Party (BJP). बिकाऊ के डर से कर्नाटक शिफ्ट करने की रहेगी कोशिश, भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी, जीत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद आर्ब्जवर करेंगे स्ट्रांग रूम के बाहर संपर्क, भोपाल में तैयार रहेंगे चार्टर भोपाल। साल 2020 में आपरेशन लोटस की मार से घायल कांग्रेस दोबारा भुगतान नहीं करना चाहती है। इसलिए कांग्रेस ने भाजपा के घेराबंदी से बचाने के लिए जीतने के बाद विधायकों की बाड़ाबंदी करेगी। यानी कि उन्हें आइसोलेट कर कनार्टक शिफ्ट किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है कि भाजपा के प्लान की बी कांग्रेस को लग चुकी है। यही कारण है कि भोपाल में कर्नाटक भेजने के लिए चार्टर प्लेन तैयार रहेंगे। हालांकि कांग्रेस ने जिला स्तर पर आर्ब्जवर और जिला अध्यक्ष को पहले ही सर्तक कर दिया है। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान कांग्रेस के प्रति निष्ठा रखने के लिए कहा गया था। खुद कमलनाथ ने वीसी के दौरान यह बात कही थी कि भाजपा डोरे डाल सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने के लिए मेरा पूरा प्रयास रहा। नाथ ने कहा था कि कोई कहेगा सट़्टा बाजार ये कह रहा है। मैं किसी पर विश्वास नहीं करता। मैं मप्र के मतदाताओं पर ही विश्वास करता हूं। बीजेपी के लोग सोचते हैं हम हथकंडे अपना लेंगे। हम लोगों को खरीद लेंगे। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। आप लोग इस ट्रेनिंग में भाग लें। जो प्रजेंटेशन दिए गए हैं। वो सब मैंने देखे हैं। हमारी टेक्निकल टीम ने तैयार किए हैं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के सामने चुनाव में जीत के लिए चुनौती ज्यादा है। इसलिए कांग्रेस पूरी तरह से अलर्ट मोड कर हैं। प्रत्याशियों को एजेंसियों का डर दिखाकर अपने पाले में ला सकती है। जिसकी आशंका दिग्विजय सिंह ने भी जताई थी। कारण यही है कि जिसके चलते कांग्रेस के कई संगठनों के नेताओं को भी कमलनाथ ने जिम्मेदारी सौंप रखी है। खुद सुबह से नाथ पीसीसी से रखेंगे नजर मतगणना के दिन पीसीसी अध्यक्ष खुद सुबह 9 बजे से मुख्यालय से प्रदेश भर में नजर रखेंगे। एआईसीसी के लीगल एक्सपर्ट और वार रूम के सदस्यों के साथ चुनाव परिणाम पर राउंड वार जानकारी लेंगे। इसके लिए वार रूम भी तैयार किया जा रहा है। पोलिंग के दिन भी कांग्रेस दफ्तर में मौजूद रहे थे। काउंटिंग के दिन नाथ के कई दिग्गज नेता भी वार रूम में परिणामों पर नजर रखेंगे।

एमपी में निर्दलीय, सपा-बसपा की जो मानेगा शर्तें, वही बनेगा ‘सिकंदर’ आधा दर्जन सीटों पर निर्दलीय भारी, सपा-बसपा ने भी मतदाताओं पर खूब डाले डोरे.

Madhya Pradesh, an independent candidate, along with the terms accepted by the SP-BSP alliance, will become a significant player. Heavy competition is expected on half a dozen seats with independent candidates, and the SP-BSP alliance is also actively engaging with voters. पूर्व सांसद गुड्डू, अंतर, चौहान, त्रिपाठी, केदारनाथ शुक्ला सहित आधा नेताओं ने खड़ी कर दी मुश्किल, तीसरा चहेरे ने कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के लिए खड़ा कर दिया जीत का पहाड़, बागियों की बागवत चुनाव परिणाम में पड़ेगी भारी. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान जहां कई बागियों ने बागवत की है, वहीं सपा और बसपा ने भी मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसका नतीजा है कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती है। तीसरे चेहरे पर भी जनता भरोसा कर सकती है। ऐसी स्थिति कई अहम सीटों पर बनी है। जो कांग्रेस और भाजपा के पास लंबे तक रिजर्व के तौर पर रही हैं। मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के जब नतीजे आए थे तो भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। एमपी में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किंगमेकर की भूमिका में निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायक थे। रिजल्ट से पहले एक बार फिर 2018 वाली स्थिति को लेकर पूवार्नुमान लग रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत प्रदेश के लोगों की नजर उन निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों पर टिक गई है, जिनकी जीत तय मानी जा रही है। वहीं, कुछ सीटों पर उनके जीतने की संभावना है। पूरे प्रदेश में ऐसे चेहरों की संख्या सात से आठ हो सकती है। दरअसल, 3 दिसंबर को एमपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। भाजपा और कांग्रेस 150-150 सीटें लाने का दावा कर रही है। वहीं, वोटिंग से पहले आए ओपिनियन पोल में दोनों में से कोई दल बहुमत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंच रहा था। एमपी में सट्टा बाजार भी इसी ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस इन्हें साधने की जुगत में जुट गई है। इनमें से अधिकांश चेहरे इन्हीं दलों से बागी होकर मैदान में हैं। मैहर में नारायण और फिर नारायण बीजेपी ने इस बार मैहर से नारायण त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया था। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनका टिकट कटा था। इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने विंध्य विकास पार्टी बना ली थी। अपनी ही पार्टी से नारायण त्रिपाठी मैहर से चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नारायण त्रिपाठी चुनाव जीत सकते हैं। इनकी नजदीकियां भाजपा और कांग्रेस दोनों से हैं। पूर्व अध्यक्ष के बेटे शेरा और चटनिस के लिए चुनौती वहीं, बुरहानपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस की नजर है। इस सीट से अभी निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा विधायक हैं। हालांकि वह शुरू से कांग्रेस के साथ रहे हैं। सुरेंद्र सिंह शेरा इस बार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और उन्हें पार्टी ने टिकट दिया है। वहीं, बीजेपी ने अर्चना चिटनिस को यहां से उम्मीदवार बनाया है। अर्चना चिटनिस को टिकट मिलने के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान नाराज हो गए। हर्ष सिंह चौहान बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार हर्ष सिंह चौहान दोनों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अगर चुनाव जीतते हैं तो बीजेपी इन्हें मनाने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के साथ जाएंगे गुड्डू या फिर घर बैठेंगे कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू भी आलोट विधानसभा चुनाव से टिकट चाहते थे। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह निर्दलीय अलोट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए थे। इन पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर है। प्रेमचंद्र गुड्डू भाजपा में भी रह चुके हैं।महू में दरबार के लगने की ज्यादा उम्मीद- महू विधानसभा सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा अंतर सिंह दरबार की हो रही है। अंतर सिंह दरबार कांग्रेस में रह चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कहा जा रहा है कि महू में अंतर सिंह दरबार का पलड़ा भारी दिख रहा है। कांग्रेस ने फिर से उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सीधी में भाजपा के लिए सीधी नहीं जीत, शुक्ला हावी वहीं, पेशाबकांड की वजह से भाजपा ने इस बार अपने सीटिंग विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट काट दिया था। उनकी जगह सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है। सीधी में केदारनाथ शुक्ला ने रीति पाठक की मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि चर्चा यह भी है कि केदारनाथ शुक्ला अगर टक्कर दिए होंगे तो कांग्रेस को फायदा हो सकता है।चौधरी, राजू और रघुवंशी भी कांग्रेस के लिए कम नहीं- गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन विधानसभा की ऐसी सीटें हैं, जहां छोटे दल और निर्दलीय बड़े दलों का खेल खराब कर सकते हैं। इनमें गोटेगांव से कांग्रेस के बागी शेखर चौधरी निर्दलीय लड़ रहे हैं। सिरमौर में बीएसपी ने बीजेपी उम्मीदवार की चुनौती बढ़ा दी है। धार में बीजेपी के बागी राजू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। सिवनी मालवा में ओम रघुवंशी निर्दलीय मैदान में हैं। इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

तेलंगाना की 119 सीटों पर वोटिंग: इस बार तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है.

Voting on 119 seats in Telangana: This time, a triangular contest is being witnessed in Telangana. 3 करोड़ से ज्यादा वोटर; BRS, कांग्रेस और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई। यह शाम 5 बजे तक चलेगी। राज्य में 3.17 करोड़ से ज्यादा वोटर्स हैं। इनमें 8 लाख लोग पहली बार वोट डालेंगे। नेशनल और स्टेट लेवल की कुल 109 पार्टियों के 2290 कैंडिडेट्स मैदान में हैं। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे।तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल 16 जनवरी 2024 को खत्म होने वाला है। यहां पिछली बार दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने सरकार बनाई थी। चंद्रशेखर राव दूसरी बार CM बने थे। TRS का नाम अब BRS (भारत राष्ट्र समिति) हो गया है। BRS विधायक के कविता ने हैदराबाद के बंजारा हिल्स में वोट डाला। इस बार के चुनाव में सत्तारूढ़ BRS और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। भाजपा भी इस बार जोर लगा रही है। साल 2018 में BRS को 88, कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं। वहीं, भाजपा के खाते में केवल एक सीट आई थी।स्टेट इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, राज्य में 35,655 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 511 केंद्र संवेदनशील हैं। ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से लगे हैं और नक्सल प्रभावित हैं। सुरक्षा के लिए सेंट्रल आई पुलिस फोर्स की 100 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं।

सरकार पर भड़कीं उमा भारती, पटवारी की हत्या शासन-प्रशासन के लिए कलंक और शर्मनाक है.

Uma Bharti has criticized the government, stating that the murder of a Patwari is a stain and shameful for the administration. पूर्व सीएम ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की Udit Narayan भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शहडोल के ब्यौहारी में खनन माफिया द्वारा अवैध खनन रोकने के कारण एक सरकारी कर्मचारी की हत्या मध्य प्रदेश की सारी व्यवस्था समाज, शासन, प्रशासन सबके लिए कलंक एवं शर्मनाक हैं। पूर्व सीएम ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की हैं। इससे पहले पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी घटना पर शिवराज सरकार पर निशाना साधा था। पूर्व सीएम ने कहा था कि यह पहला मौका नहीं है जब मध्य प्रदेश में रेत माफिया ने इस तरह से किसी सरकारी व्यक्ति को कुचल कर मार दिया हो। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान पनपा भ्रष्टाचार और घोटालों के कारण यह स्थिति बनी हैं। बता दें शहडोल के ब्यौहारी में शनिवार रात रेत माफिया ने पटवारी प्रसन्न सिंह की ट्रैक्टर से कुलचकर हत्या कर दी। प्रसन्न सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पटवारी बने थे। वह सोन नदी के घाटों पर रेत माफिया पर कार्रवाई कर रहे थे। शनिवार रात वह अपने तीन साथियों के साथ कार से सोन नदी के किनारे पहुंचे थे। इस बीच रेत का ट्रेक्टर आता देख उन्होंने रूकने का इशारा किया, लेकिन ट्रैक्टर चालक ने उन पर ही ट्रैक्टर चढ़ा दिया। प्रसन्न सिंह के सिर से पहिया गुजर जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया।

भितरघातियों पर फूटेगा हार का ठीकरा,3 के बाद गिरेगी गाज.

The counterattack against the infiltrators will result in the defeat; after three, the intensity will increase. भितरघातियों की भाजपा-कांग्रेस तैयार की कुंडली, प्रत्याशियों की शिकायत को आधार मानकर होगी कार्रवाई, दोनों पार्टियों के िलए दाे दर्जन सीटों में खतरनाक साबित होंगे भितरघाती. Udit Narayanभोपाल। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा- कांग्रेस उन बागियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है जो पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। अब बारी भितरघातियों की है जिनकी वजह से दोनों दलों के दो दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी खतरें में हैं। दोनों दलों में प्रत्याशियों से मिली शिकायतों के आधार पर इन भितरघातियों की कुंडली तैयार हो रही हैं। तीन दिसंबर को मतगणना के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मतदान के बाद आई शिकायतों की बाढ़भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान के दौरान जानते हुए भी उन पार्टी नेताओं की शिकायत नहीं की, जो उनके खिलाफ काम कर रहे थे। ऐसा करने की बजाय उन्हें मनाने की कोशिश हो रही थी, क्योंकि खतरा ज्यादा नुकसान का था लेकिन मतदान समाप्त होने के बाद दोनों दलों के पास ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई है। शिकायतें प्रत्याशियों द्वारा ही भेजी जा रही हैं। इन शिकायतों की सही संख्या नहीं बताई जा रही है लेकिन दो दर्जन से ज्यादा सीटों की शिकायतें गंभीर हैं। कार्रवाई से पहले पक्ष रखने का मौकाबागी होकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ जैसी कार्रवाई हुई है, भितरघातियों के खिलाफ वैसा नहीं होगा। जिनके खिलाफ शिकायतें आई हैं, उन्हें पार्टी की अनुशासन समिति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद नोटिस देकर उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई तय है जिनकी वजह से प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ेगा। तीन अंचलों से आ रहीं ज्यादा शिकायतेंप्रदेश के तीन अंचलों चंबल-ग्वालियर, बुंदेलखंड और विंध्य से भितरघात करने वालों की सबसे ज्यादा शिकायतें भाजपा और कांग्रेस के पास आ रही हैं। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि जो शिकायतें आ रही हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर रखा जा रहा है। अभी मतगणना की तैयारी चल रही है। प्रत्याशियों, एजेंटों को प्रिशिक्षित किया जा रहा है। मतगणना के बाद इन शिकायतों पर विचार किया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि पार्टी के पास काम न करने वालों की शिकायतें ज्यादा नहीं है। लेकिन जो भी शिकायतें आई हैं। संबंधित से जवाब लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में.

Former minister P.C. Sharma, who served in the Congress government, is once again in discussion due to his statement. बोले- प्रचार के दौरान कमल पटेल के क्षेत्र की जनता कहती थी भाजपा से सब कुछ मिला, लेकिन वोट कांग्रेस को देंगेदावा – कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही, भाजपा वाले बहुमत से सरकार बनाने की बात नहीं कर रहे. Udit Narayanभोपाल। कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि वो मंत्री कमल पटेल के क्षेत्र में गए थे, वहां उन्होंने जब जनता से पूछा बीजेपी में कुछ मिला था क्या, तो जनता बोली मिला सब कुछ, लेकिन वोट कांग्रेस को ही करेंगे। बता दें, शर्मा अपने बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। इसके पहले भी उन्होंने हाल ही बयान दिया था कि भारतीय टीम ईडी के छापे के डर से क्रिकेट वर्ल्ड कप में हार गई थी। शर्मा ने ये दावा किया कि कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही है। कांग्रेस की लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बहुमत से सरकार बनाने की बात कहती थी पर अब नहीं कह रही है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के सर्वे भी बता रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार बन रही है। बीजेपी जान गई है कि अब कांग्रेस की सरकार बन रही है। कांग्रेस के प्रशिक्षण में कमलनाथ के वर्चुअली संबोधन पर पीसी शर्मा ने कहा कि ये वक्त बदलाव का है। ईवीएम में गड़बड़ी के सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा कि जब तक बीजेपी की सरकार है। ये गड़बड़ी करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। भाजपा के कई मंत्री हारेंगे – पीसी- विधानसभा चुनाव के परिणाम पर पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा कई मंत्री इस बार हारेंगे। वहीं बुधनी विधानसभा को लेकर उन्होंने कहा कि हनुमान जी की लीला है और हनुमान जी कुछ भी कर सकते हैं। शर्मा खुद भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने उनके सामने भगवानदास सबनानी को उतारा है। पिछले चुनाव में शर्मा ने इसी सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को पटकनी दी थी।

अपने दिग्गजों की राजनैतिक विरासत संभालने निकले ‘वंशज’ डेंजर जोन में फंसे.

The ‘descendants’ set out to uphold the political legacy of their stalwarts find themselves trapped in the danger zone. मैदान में अर्जुन, दिग्विजय, कैलाश, पटवा और सकलेचा के बेटे, बड़ा कारण – कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय लड़ा चुनाव, राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद, 3 को खुलेगा तो ही चमकेगी विधायकी की तरदीर उदित नारायणभोपाल। इस बार मप्र के चुनाव में सबसे ज्यादा दिग्गज नेताओं के वारिस चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें से ज्यादातर का राजनैतिक भविष्य दाव पर लगा है, हालांकि कुछ के लिए राह आसान भी दिखाई दे रही है। जब 3 दिसंबर को ईवीएम परिणाम उगलेगी तो जीत और हार के दावे की हकीकत सबके सामने आ जाएगी। विधानसभा चुनाव में कई राजनेताओं के वंशज व परिवार के सदस्य मैदान में उतरे हैं जिनका राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद है। इनमें कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों अर्जुनसिंह व दिग्विजय सिंह, गैर कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, वीरेंद्र सकलेचा, बाबूलाल गौर, उमा भारती और गोविंदनारायण सिंह के वंशज प्रमुख हैं। इनके अलावा प्रदेश सरकारों के पूर्व मंत्री, सक्रिय राजनेताओं के वंशज भी चुनाव मैदान में उतरे हैं जिन्होंने कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय चुनाव लड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्रियों में अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह चुरहट और साले राजेंद्र सिंह अमरपाटन से हैं जिनकी स्थिति पिछले चुनाव से बहुत अच्छी बताई जा रही है। दिग्विजय सिंह के पुत्र मंत्री जयवर्द्धन सिंह और भाई विधायक लक्ष्मण सिंह की स्थिति पिछली बार से कमजोर है लेकिन दोनों के किसी तरह संकट से बाहर निकल जाने की परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं। कैलाश जोशी के पुत्र दीपक के चुनाव के ठीक पहले भाजपा से मोहभंग होने तथा कांग्रेस में पहुंचने से कुछ नुकसान है तो फायदा भी मिलेगा। सुंदरलाल पटवा के भतीजे विधायक सुरेंद्र, वीरेंद्र सकलेचा के पुत्र मंत्री ओमप्रकाश और बाबूलाल गौर की बहू विधायक कृष्णा गौर की स्थिति बेहतर है लेकिन भारती के भतीजे मंत्री राहूल लोधी की सीट पर चुनौतीपूर्ण मुकाबला है। अन्य वंशजों में कुछ बेहतर तो कुछ मुकाबले में फंसेराजनेताओं के अन्य वंशजों में मुकाबले में फंसे प्रत्याशियों में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे कांग्रेस प्रत्याशी राहुल भदौरिया, सिंधिया परिवार की निकटतम रिश्तेदार भाजपा प्रत्याशी माया सिंह, विधानसभा अध्?क्ष गिरीश गौतम के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पद्मेश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ, इंदौर की सांवेर सीट पर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी कांग्रेस की रीना बौरासी के भविष्य का रास्ता 3 दिसंबर को खुलेगा। पूर्व मंत्री चिटनिस, डिप्टी सीएम रहे यादव के सामने चुनौती देपालपुर में निर्भयसिंह पटेल के पुत्र भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल, रतलाम की जावरा सीट पर पूर्व सांसद लक्ष्मीनाराण पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पांडेय, बुरहानपुर की नेपानगर सीट पर पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी भाजपा प्रत्याशी मंजू दादू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृजमोहन मिश्र की पुत्री पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अर्चना चिटनीस, पूर्व विधायक चिड़ाभाई डाबर के बेटे विधायक कांग्रेस प्रत्याशी केदार डाबर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के पुत्र पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व विधायक सीताराम साधौ की पुत्री व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ हैं। केंद्रीय मंत्री भूरिया बेटे के लिए परेशानपूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक प्रेम सिंह दत्तीगांव के पुत्र मंत्री भाजपा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी नितेंद्र सिंह, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुवेर्दी के भाई कांग्रेस प्रत्याशी विधायक आलोक चतुवेर्दी, पूर्व विधायक चौधरी दिलीप सिंह के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह चतुवेर्दी, पूर्व मंत्री सत्येंद्र पाठक के पुत्र भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक, पूर्व विधायक प्रभात पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी प्रणय पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की पत्नी कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे, पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की पुत्री पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी हिना कांवरे भी शामिल है। अकील की बेटे के लिए ज्यादा चिंंतापूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की पुत्री भाजपा प्रत्याशी मोनिका, पूर्व मंत्री आरिफ अकील के बेटे कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश नारायण सारंग के पुत्र मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई विधायक भाजपा प्रत्याशी उमाकांत, पूर्व विधायक केदार सिंह चौहान के पुत्र भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक गोविंद शर्मा के पुत्र विधायक भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री हजारीलाल रघुवंशी के पुत्र ओमप्रकाश रघुवंशी के नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं की सीट में अच्छे संकेतवहीं जिन नेताओं के वंशजों के लिए चुनाव में मुकाबला आसान दिखाई दे रहा है उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी के भतीजे व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री सुलोचना रावत के पुत्र भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत, पूर्व मंत्री तुकोजीराव पवार की पत्नी विधायक गायत्रीराजे, पूर्व सांसद सुखराम कुशवाह के पुत्र विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की समधन पूर्व विधायक चंदा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के पुत्र अशोक, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह शामिल हैं।

सियासत किस करवट लेगी, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म.

Political discussions are heating up over which direction politics will take. गगनचुंबी दावों के बीच किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज, तीन दिसंबर को स्थिति होगी साफ, लगभग 150 घंटे का इंतजार बांकी. उदित नारायण उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश चुनाव 2023 के परिणाम को भले ही लगभग 150 घंटे शेष हों, लेकिन सियासत में कांग्रेस और भाजपा के परिणाम इस बार किस करवट बैठेंगे, इसको लेकर भारी चर्चा हो रही है। मध्यप्रदेश में बिना किसी लहर के नजर आए मतदाताओं के उत्साह और भारी मतदान के बाद राजनीतिक दल और राजनेता आंकड़ों के खेल में उलझ कर इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर सता का ताज किसके सिर सजेगा। भाजपा को भरोसा है कि सत्ता का ताज उसके सर पर ही सजा रहेगा। वहीं कांग्रेस को भरोसा है कि कांग्रेस की ही सरकार बन रही है और कमल नाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। लाडली बहना बनाम एंटी इनकमबेंसी को लेकर ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है तो कांग्रेस एंटी इनकमबेंसी और महंगाई के कारण महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मानकर अपनी जीतका गगनचुंबी दावा कर रही हैं। भाजपा नेता मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से 150 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस नेता 125 से लेकर 150 सीट तक जीतने का दावा कर रहे हैं। अपने अंदरूनी सर्वे में दोनों ही दल यह मानकर चल रहे हैं कि लगभग 100 -100 सीटें तो जीत ही रहे हैं और बची हुई 30 सीटों में से जो भी आधे से अधिक जीत लेगा उसे ही मध्य प्रदेश में सत्ता साकेत में नौकायन का मौका मिल जाएगा। लाख टके के सवाल का जवाब 3 दिसंबर को मतगणना से ही मिलेगा 116 का जादुई आंकड़ा कौन पर करता है। वास्तव में भारी मतदान किसके पक्ष में हुआ है इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अपने-अपने ढंग से इसका अर्थ निकाल रहे हैं लेकिन कोई भी निश्चित तौर पर यह नहीं कह रहा है कि चुनाव कौन जीत रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि शिवराज की लाडली बहना ने कोई गुल खिलाया है या फिर एंटी इनकंबेंसी मतदाताओं के मानस पटल पर पूरी तरह छाई रही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बात का पक्का भरोसा है कि लाडली बहनों ने अपने भाई का साथ दिया है और भाजपा की ही सरकार बनने वाली है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दावा है कि मतदाता मध्यप्रदेश का निर्माण करेगा और उनका एक-एक वोट प्रदेश में फैले कुशासन को समाप्त कर जनहित की सरकार की स्थापना करेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उसे 124 सीटें जीतने का पक्का भरोसा है जबकि उसका अनुमान है कि कांग्रेस को लगभग 100 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 130 से अधिक सीटों के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो वहीं पर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी 124 सीटों पर अपनी जीत पक्की मान वह लगभग 4 सीटों पर कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। भाजपा के आंतरिक सर्वे में जहां तक विंध्याचल का सवाल है वहां पर पार्टी है यह मान रही है कि उसे यहां की 30 में 19 सीटें मिल ही जाएंगी तो वहीं दूसरी ओर 11 सीटें कांग्रेस को भी मिल सकती है। यहां की 25 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला बताया जा रहा है जबकि 5 सीटों में मुकाबला त्रिकोणात्मक माना जा रहा है। महाकौशल आंचल की कुल 38 सीटों में से भाजपा को 19 सीटों पर जीत का भरोसा है और इतनी सीटें वह कांग्रेस के लिए पक्की मानकर चल रही है। इस प्रकार भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी इस अंचल में दोनों के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है जबकि कांग्रेस इस अंचल में अपनी स्थिति काफी मजबूत मानकर चल रही है। यह तो मतगणना से ही पता चलेगा कि आखिर यहां के मतदाताओं ने किस पर अधिक और किस पर कम भरोसा जताया। भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार भोपाल- नर्मदापुरम संभाग की 36 सीटों में से भाजपा 20 पर अपनी जीत पक्की मानकर चल रही है और कांग्रेस को वह 15 सीटें दे रही है। राजधानी भोपाल की एक सीट भोपाल मध्य में वह कांग्रेस के साथ क कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। इस संभाग में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य चुनावी मुकाबला हो रहा है। ग्वालियर चंबल संभाग में 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को धीरे से जोर का झटका लगा था लेकिन यहां वह दल बदल के बाद भाजपा को अपनी स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत नजर आ रही है क्योंकि इस बार उसे भरोसा है कि उसकी झोली में 15 सीटें तोआ ही रहीं हैं जबकि एक मुरैना सीट पर कड़े मुकाबले में बसपा को जीतते हुए देख रही है। इस सर्वे में माना जा रहा है कि इस अंचल में सबसे अधिक 17 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। दतिया सीट पर भाजपा कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले की स्थिति देख रही है ।यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर हो रही है। बुंदेलखंड अंचल की 26 सीटों में से भाजपा यह मानकर चल रही है कि कांग्रेस को 13 सीटों पर बढ़त है तो वहीं 12 सीटों को अपने लिए पक्की मान रही है जबकि एक सीट निवाड़ी में समाजवादी पार्टी को जीते हुए देख रही है। निमाड़ और मालवांचल की 66 सीटों में से वह अपने लिए 39 सीटें पक्की मान रही है जबकि क्षेत्र 25 सीटें कांग्रेस पार्टी को दे रही है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है उसे 130 से 140 सीटें जीतने का भरोसा है। कांग्रेस पार्टी का आंतरिक सर्वे भाजपा को मात्र 80 से 85 ही सीटें दे रहा है। वही आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी आदि को लगभग दस तक सीटें मिल जाएगी ऐसा मानकर कांग्रेस चल रही है।कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत का दावा पूरी शिद्दत के साथ कर रहे हैं।दोनों के अपने अपने तर्क हैं और अपने अपने विश्वास । सभी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने-अपने … Read more

महाकौशल के तीन दिग्गज नेताओं दाव पर लगी साख.

Mahakaushal three stalwart leaders of expertise face a challenge. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद और फग्गन सिंह कुलस्ते मैदान में, तीनों के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजर, भाजपा और कांग्रेस बेचैन, परिणामों को लेकर सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 के परिणामों को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्वालियर-चंबल, निमाड़-मालवा, बुंदेलखंड, बिंध्य क्षेत्र और महाकौशल में यूं तो लोग अपने-अपने नेताओं की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के महाकौशल क्षेत्र की है। क्योंकि यह क्षेत्र उनका गढ़ कहा जाता है। इस क्षेत्र में इस बार कांग्रेस भारी रहेगी या भाजपा, इसको लेकर प्रदेश भर की नजर लगी हैं। कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में जहां पर जबरदस्त बढ़त ली थी। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की सभी 7 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने अपने दो केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और फगन सिंह को भी इस क्षेत्र से विधानसभा के चुनाव मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र में आने वाले आठ जिलों की 38 सीटों पर किसे कितनी सीटें मिलेंगी इस पर पूरे प्रदेश की नजर है। दरअसल, मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए इस क्षेत्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कमलनाथ के परिणामों पर सबकी नजरमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। साल 2018 में वह चुनाव नहीं लड़े थे, लेकिन उनका प्रभाव साफ तौर पर इस जिले में दिखाई दिया था। जिले की सभी सिम कांग्रेस ने जीत ली थी बाद में कमलनाथ के उपचुनाव छिंदवाड़ा सीट से लड़ा और चुनाव जीत गए। इस बार कमलनाथ कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा इसलिए ना सिर्फ उनकी सीट छिंदवाड़ा पर लोगों की नजर है, बल्कि उनके जिले की हर सीट पर प्रदेश भर की नजर गड़ी हुई है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते के चौकाने वाले होंगे परिणामकेंद्रीय मंत्री पहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर से चुनाव लड़ रहे हैं उनके भाई जालम सिंह पटेल इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार प्रहलाद सिंह पटेल के चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के साथ प्रदेश भर के सभी राजनेताओं की नजर उन पर है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का भाजपा के दलित आदिवासियों नेताओं में बड़ा नाम है। इस बार उन्होंने निवास विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है। साल 2018 में यह सीट कांग्रेस ने जीती थी। भाजपा ने आदिवासियों के सबसे बड़े नेता माने जाने वाले कुलस्ते को इस सीट से उतर कर मुकाबला रोचक बना दिया है। पूरे प्रदेश पर की नजर इस सीट पर है। महाकौशल में आने वाली आदिवासी बाहुल्य सीटों पर कुलस्ते के चुनावी मैदान में उतरने से कितना असर पड़ेगा। इस पर भी दोनों ही राजनीतिक दलों के लोगों की नज़रें टिकी हुई है।

सरकार किसी की भी बने, इस बार डिप्टी सीएम का फार्मूला भी.

Regardless of which government is formed, this time the formula for the Deputy Chief Minister is also there. Manish Trivediभोपाल, मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में मतगणना के बाद सरकार किसी भी दल की बने चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन इतना तय है कि अब मध्यप्रदेश में डिप्टी सीएम के फार्मूले भी चलेंगे। इस बार दोनों ही दलों में सीएम बनने की चाहत वाले नेताओं को संतुष्ट करने के लिये यूपी , महाराष्ट्र व छत्तीसगढ की तर्ज पर डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। ताकि सत्तारूढ पार्टी के बडे नेताओं में समन्वय रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो सीएम के अलावा दो डिप्टी सीएम बनेंगे, इसमें एक दलित वर्ग से भी पार्टी के एक बडे नेता को संतुष्ट किया जायेगा। वहीं कांग्रेस की सरकार बनती है तो ग्वालियर-चंबल या विंध्य, अंचल के एक बडे नेता को अब डिप्टी सीएम बनाना तय है। यह नेता कमलनाथ की पिछली सरकार में भी पावरफुल मंत्री रहे थे।कुल मिलाकर दोनों ही पार्टियां अब अंदर ही अंदर नाराजगी रोकने के लिये डिप्टी सीएम के फार्मूले पर काम कर रही है।

वोटिंग के बाद भाजपा के बडे नेता व मंत्री पूजा पाठ में तल्लीन.

After voting, senior leaders and ministers of the BJP were immersed in prayer. उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग के बाद प्रदेश के एक दर्जन मंत्री और भाजपा के बडे नेता पूजा पाठ में लगे हैं । इन्हें विश्वास है कि उनकी पूजा पाठ से नैया पार लग जायेगी। यह मंत्री और बडे नेता धार्मिक स्थानों पर निकल गये हैं, तो कुछ अज्ञात वास पर हैं। जहां नियमित तौर पर अपने धार्मिक सलाहकारों की सलाह से पूजा पाठ में लगे हैं।कुल मिलाकर भाजपा की सरकार के मंत्री व बडे नेता मध्यप्रदेश में हुई बम्पर वोटिंग से मन ही मन घबरा रहे हैं, और अपने सलाहकारों की सलाह पर परिणाम अपने पक्ष में आने की संभावना पर धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर रहे हैं। स्वयं मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पांचवी बार सरकार के रिपीट की संभावना पर पूजा पाठ कर रहे हैं। उन्होंने भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन किये हैं। कुल मिलाकर अब राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री , मंत्री व भाजपा के बडे नेता चुनावी घमासान में वोटर रूपी भगवान की मान मनोब्बल करने के बाद अब देव मंदिरों व देव आराधना की शरण में हैं। विशेष बात यह है कि इन सभी ने अपनी दिनचर्या भी पंडितों व ज्योत्षियों के बताई सलाह पर कर ली है। राज्य के एक बडे मंत्री तो एक वास्तु विशेषज्ञ की सलाह भी ले रहे है। वैसे यह सभी कवायद चुनाव जीतने के लिये ही है। वहीं एक भाजपा कार्यकर्ता का तो यह कहना है कि यदि कार्यकर्ताओं की पूछ परख की होती तो इतनी चकल्लस ही क्यों करनी पडती।कांग्रेसी भी पूजा पाठ के सहारे राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को कडी टक्कर देने वाली कांग्रेस के नेता व प्रत्याशी भी अपनी जीत के लिये विभिन्न मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। किसी ने अपने घर अखंड रामायण तो किसी ने सुंदरकांड तक के आयोजन कराये हैं। स्वयं कमलनाथ भी अपने एक ज्योतिष व धार्मिक सलाहकार की सलाह से चल रहे हैं।

राज्यसभा में MP की 5 सीटों का नंबर गेमः कौन किस पर भारी

The number of seats for Members of Parliament (MP) in the Rajya Sabha is 5. मौजूदा 4 सीटों को बचाने भाजपा को चाहिए 152 विधायक; अप्रैल में खत्म होगा कार्यकाल मध्यप्रदेश में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। इन नतीजों से दो सवालों का जवाब मिलेगा। मध्यप्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी?अप्रैल 2024 में खाली हो रही राज्यसभा की 5 सीटों में से कितनी-किस पार्टी के खाते में जाएंगी। एमपी के 11 में से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इनमें से 4 सीटें भाजपा जबकि 1 कांग्रेस के पास है। भाजपा को यदि यह आंकड़ा बरकरार रखना है तो विधानसभा में उसे 152 सीटें जीतना होंगी क्योंकि एक प्रत्याशी को जीतने के लिए न्यूनतम 38 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्यसभा सांसद का चुनाव तय फॉर्मूले के तहत होता है। इसके मुताबिक, जिस पार्टी के पास विधायकों की संख्या अधिक होती है, उस पार्टी के उम्मीदवार की जीत तय होती है। पहले जानिए, कैसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। व्हिप के उल्लंघन से खत्म हो सकती है सदस्यता राज्यसभा चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की तरह गुप्त मतदान नहीं होता है। राज्यसभा सांसद के नाम के आगे एक से चार तक का नंबर लिखा होता है। विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट देना होता है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए राजनीतिक दल रिक्त सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के साथ अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हैं। यदि किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नियमानुसार पार्टी विधानसभा सचिवालय को ऐसे विधायक की लिखित शिकायत करती है तो जांच के बाद उसकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है। किस फॉर्मूले से तय होती है जीत? राज्यसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। इसमें कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा किया जाता है। इसके बाद राज्य में जितनी राज्यसभा की सीटें हैं, उसमें एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। इसके बाद कुल संख्या में एक जोड़ा जाता है। फिर अंत में जो संख्या निकलती है, वह जीत का आंकड़ा होता है। 2020 में भाजपा ने ऐसे पलट दिया था नंबर गेम 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था जबकि दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया ने कांग्रेस की तरफ से नामांकन भरा था। इस चुनाव से तीन महीने पहले सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने 10 मार्च 2020 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 206 रह गई थी क्योंकि 2 विधानसभा सीटें मुरैना जिले की जौरा और आगर-मालवा की आगर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली थी।इस हिसाब से राज्यसभा के एक प्रत्याशी को कम से कम 52 वोट चाहिए थे। विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवार- ज्योतिरादित्य सिंधिया (56 वोट) और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (55 वोट) जीतने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह (57 वोट) ही जीत दर्ज कर सके थे। दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को केवल 38 वोट मिले थे। 5 विधायकों ने भी बदल लिया था पाला 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार ने बहुमत का आंकड़ा पार किया था। इस चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं लेकिन 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव से ठीक पहले बसपा के दो, सपा का एक और 2 निर्दलीय विधायकों ने पाला बदल लिया था। जिसका फायदा भाजपा को हुआ था। दिग्विजय को तीन वोट ज्यादा मिले थे 3 सीटों के चुनाव में भाजपा को दो वोटों का नुकसान हुआ था। गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह क्रॉस वोटिंग की थी। सुमेर सिंह सोलंकी के पक्ष में दिया गया भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया था। 3 सीटों पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले 18 जून 2020 को कमलनाथ के निवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दिग्विजय सिंह को 54 विधायक वोट देंगे लेकिन उन्हें 57 वोट मिले। यानी जिन तीन विधायकों को दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को वोट देना था, उन्होंने दिग्विजय सिंह को वोट दे दिया था। से ओबीसी, दलित और महिला वर्ग को साधा था। दरअसल, राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की राजनीति में ओबीसी एक बड़ा मुद्दा बन गया था। ओबीसी आरक्षण की वजह से पंचायत और निकाय चुनाव टल गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के दखल के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हुआ था। प्रदेश में ओबीसी वोटरों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीजेपी ने कविता पाटीदार के नाम की घोषणा कर एक बड़ा ओबीसी कार्ड खेला था। इसी तरह सुमित्रा वाल्मीकि को राज्यसभा में भेजकर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की थी। जानकार कहते हैं कि यदि भाजपा फिर दलित, ओबीसी और महिला कार्ड खेलती है तो उसे मिशन 2024 में भी बड़ा फायदा होगा।

कांग्रेस की सरकार बनेगी या नहीं, अब चर्चा डिप्टी सीएम बनाने की.

Whether the Congress will form the government or not is now under discussion, focusing on the appointment of the Deputy Chief Minister. कर्नाटक और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर एमपी में भी कांग्रेस कर सकती है प्रयोग उदित नारायणभोपाल – मध्य प्रदेश में सरकार आखिर किसकी बनेगी। यह फैसला 3 दिसंबर के बाद ही होगा। इस बीच कांग्रेस के अंदर डिप्टी सीएम बनाए जाने का जिन निकलकर सामने आ गया है। कांग्रेस के अंदर चर्चा है कि छत्तीसगढ़, कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर कवायद चल रही है। कांग्रेस की शुरूआत से ही अपने कम फीस के तौर पर कमलनाथ को प्रेजेंट किया है। अब डिप्टी सीएम कौन बनेगा या फिर बनाया जाएगा। यह मामला केंद्रीय आलाकमान ही तय करेगा। कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह का कहना है कि मध्य प्रदेश में डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर फैसला सेंट्रल लीडरशिप करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का फैसला होगा। अगर डिप्टी सीएम बनाया जाता है तो कमलनाथ को भी भरोसे में लिया जाएगा। केंद्रीय लीडर से जो भी तय करेगी, वह मध्य प्रदेश में भी होगा। यानी कि केंद्रीय गला कमान की मंजूरी होती है तो कांग्रेस मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम बन सकती है। हालांकि अभी इसके लिए लंबा कांग्रेस का इंतजार करना पड़ेगा लेकिन कांग्रेस पूरे भरोसे में है कि सरकार बनने जा रही है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने सीहोर के मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी, शिवपुरी की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी

पार्टियों ने काटा टिकट, तो विधानसभा सचिवालय ने कहा, बंगला खाली करो

Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।

दलित और मुस्लिम बाहुल्य है सिरोंज विधानसभा की ये सीट! फिर भी रहा है शर्मा परिवार का दबदबा.

The seat of Sironj Vidhan Sabha is a stronghold of Dalits and Muslims! Still, the Sharma family maintains its dominance. 17 नवंबर को मतदान पूर्ण हुआ और दोनों ही पार्टियों के बागीयों पर चर्चा हुई तेज अलताफ खान सिरोंजसिरोंज विधानसभा में इस बार मुकाबला कांग्रेस बीजेपी में कांटे का देखने में आया है 17 नंबर को मतदान होने के बाद दोनों ही पार्टियों के कार्यकरता एवं पदाधिकारी अपने-अपने हिसाब से समीकरण लगाने में लगे हुए हैं और अपने पार्टी के प्रत्याशी को जीता हुआ घोषित कर रहे हैं सबसे महत्वपूर्ण इस बार सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में यह देखने में आया है कि दोनों ही ओर से टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों को पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिया गया तो कहीं ना कहीं इन्होंने या तो पार्टी के लिए बिल्कुल काम नहीं किया या फिर खामोश बैठे रहे या फीर यह कहा जाए की अंदर से पार्टी के लिए दगाबाजी की या पार्टी के कई बड़े नेता सामने वाली पार्टी के उम्मीदवार से मिल गए यह सब तो 3 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम आने के बाद मालूम चल ही जाएगा की किस पार्टी के नेता ने अपनी पोलिंग को अच्छे बहुमत से जिताया या दगाबाजी करके पोलिंग हरबादी अब एक बात यहां पार्टी के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को सता रही है कि हमने पार्टी के लिए वफादारी से काम किया और इसका पूरा फायदा पार्टी के वरिष्ठ नेता जो चुनाव के समय विरोध जाता रहे थे वह ले जाएंगे या फिर पार्टी इन्हें दरकिनार करेगी इस बात की चर्चा भी क्षेत्र में आम है सिरोंज विधानसभा वैसे तो दलित मुस्लिम बहुमूल्य क्षेत्र है दलित मुस्लिम वोट ज्यादातर कांग्रेस पक्ष का माना जाता है लेकिन सिरोंज विधानसभा में 1990 के बाद से शर्मा परिवार का दबदबा रहा है और लगातार चार बार से भाजपा के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा यहां से विजय होते हुए आए थे फिर उन्हें कांग्रेस के गोवर्धन उपाध्याय ने 2013 में चुनाव हरा दिया इसके बाद भाजपा के हाथ से यह सीट चली गई और चर्चा फिर आम बनी कि इस बार भी ब्राह्मण के हाथ में ही सिरोंज लटेरी की कमान आ गई क्योंकि गोवर्धन उपाध्याय भी ब्राह्मण समाज से आते हैं फिर 2018 में भाजपा से उम्मीदवार उमाकांत शर्मा थे जिसको सिरोंज लटेरी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने अपना बहुमूल्य बोट देकर लगभग 35000 के अंतराल से कांग्रेस से उम्मीदवार रही मसर्रत शाईद को चुनाव हराया अब इस बार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को बनाया है जिनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने इस बार फिर दिग्गज नेता उमाकांत शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है सिरोंज लटेरी का चुनाव तो शांतिपूण रहा और मतदान भी शांतिपूर्वक हो ही गया लेकिन जीत की उम्मीद तो दोनों ही ओर से लगाई जा रही है मगर अभी इस सीट से कौन विजय होगा यह कहना आसान नहीं है इस बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को जनता ने वोट दिया है लेकिन उनके सामने भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी कर रहे उमाकांत शर्मा का प्रभाव क्षेत्र में जबरदस्त तरीके से है और चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़े लगन के साथ मेहनत की है तो दूसरी ओर गगनेंद्र रघुवंशी का चुनाव मानो जनता ने लड़ा हो ऐसी क्षेत्र में चर्चाएं आम है किसके सर पर बनेगा सेहरा और कौन रह जाएगा रुका यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा.

नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

The opposition leader filed a complaint with the Election Commission. भिंड कलेक्टर के खिलाफ लगाए आरोप, मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा. Udit Narayan – Sahara Samachaar भोपाल। मप्र के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा वे मेरी जीत का कारण पूछते हैं। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पूछते हैं कि मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं। सिंह ने भिंड कलेक्टर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। यहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन से मुलाकात भिंड कलेक्टर को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। गोविंद ने इस संबंध में चुनाव आयोग में ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि संजीव श्रीवास्तव के रहते लहार विधानसभा में निष्पक्ष काउंटिंग नहीं हो पाएगी। वे भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। इसीलिए कलेक्टर श्रीवास्तव को हटाया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि भिंड कलेक्टर ने साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने डाक मत पत्रों को कोषालय में जमा भी नहीं कराया गया। इतना ही मतदान दिवस पर कलेक्टर के आदेश पर मतदाताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग वोट नहीं कर पाए। कांग्रेस एजेंट्स को कलेक्टर ने मतदान केंद्र के बाहर बैठाए रखा और फर्जी मतदान करवाया गया। उन्होंने कहा कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को सीनियर आईएएस का संरक्षण प्राप्त है और यह सब कुछ उनके ही इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ही उन्होंने सीएस को हटाने के लिए मांग उठाई थी।

बागियों ने अपनों की बढ़ाई मुश्किलें, त्रिकोणीय से भाजपा-कांग्रेस में टेंशन.

Tensions arise between BJP and Congress in triangular. दो दर्जन सीटों पर फसा पेंच, कहीं बागी भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होने के बाद 3 दिसंबर के परिणाम पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। वैसे तो प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है, लेकिन इस बार बसपा, सपा के साथ ही बागी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह बागी कहीं भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का। ऐसी करीब दो दर्जन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं तो वहीं, दोनों ही राजनीतिक दलों की टेंशन भी बढ़ गई है। बीएसपी ने 181 और निर्दलीय 1166 प्रत्याशी मैदान मेंबहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने इस चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन किया है। बीएसपी ने 181 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 37 प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा प्रदेश में समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, जनता दल यूनाइटेड पार्टी चुनाव मैदान में है। 2018 के चुनाव में बीएसपी को 6.42 प्रतिशत वोट मिले थे और दो सीटों पर जीत हासिल की थी। पिछली बार भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटों पर विजय मिली थी। बागियों के कारण इन सीटों पर फसा पेंच राजनगर :छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे डॉ. घासीराम पटेल बागी होकर बसपा से चुनावी मैदान हैं। उनके मैदान में आने से इस विधानसभा का चुनाव पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्िकल में फंसे हुए हैं। यहां अभी कांग्रेस के नाती राजा विधायक हैं। टीकमगढ़ :टीकमगढ़ विधानसभा शहरी क्षेत्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का हर चुनाव में यहां खासा असर दिखाई देता है। इस बार भाजपा के विधायक राकेश गिरी गोस्वामी को उन्हीं की पार्टी के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव बागी होकर कड़ी टक्कर दे रहे हैं। नर्मदापुरम :यहां पर भाजपा से बागी भगवती चौरे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सीताशरण शर्मा को इससे नुकसान हो सकता है। इस सीट पर कांग्रेस से सीताशरण शर्मा के भाई गिरजाशंकर शर्मा प्रत्याशी हैं। भगवती चौरे के निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। सतना :भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और भाजयुमो के दो बार सतना जिला अध्यक्ष रहे चुके रत्नाकर चतुर्वेदी शिवा बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा की सदस्यता ले ली थी। यहां पर भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह और कांग्रेस ने विधायक सिद्धार्थ कुशवाह मैदान में हैं। बुरहानपुर :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा प्रत्याशी हैं। सीधी :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सीधी सीट पर विधायक केदारनाथ शुक्ला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे भाजपा प्रत्याशी रीति पाठक को नुकसान हो सकता है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से ज्ञान सिंह प्रत्याशी हैं। मुरैना :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से रघुराज कंसाना और कांग्रेस से दिनेश गुर्जर प्रत्याशी हैं। टीकमगढ़ :भाजपा से पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव टीकमगढ़ में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने वर्तमान विधायक राकेश सिंह और कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। भिंड :बसपा से चुनाव जीत कर भाजपा में शामिल होने पर संजीव कुशवाह ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर कुशवाह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से नरेंद्र सिंह कुशवाह और कांग्रेस से चौधरी राकेश चतुर्वेदी मैदान में हैं। सुमावली :कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह सिकरवार बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से एंदल सिंह कंसाना और कांग्रेस से अजब सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। चाचौड़ा :भाजपा से पूर्व विधायक ममता मीणा आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। यहां पर कांग्रेस से विधायक लक्ष्मण सिंह प्रत्याशी हैं। वहीं, भाजपा ने प्रियंका मीणा को प्रत्याशी बनाया है। धार :पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव यादव पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने विधायक नीना विक्रम वर्मा और कांग्रेस ने प्रभा गौतम को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अंबेडकर महू :कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार महू से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने राम किशोर शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा की तरफ से वर्तमान विधायक उषा ठाकुर हैं। परसवाड़ा :बालाघाट की परसवाड़ा सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी पूर्व विधायक कंकर मुंजारे के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा की तरफ से रामकिशोर कांवरे और कांग्रेस ने मधु भगत प्रत्याशी हैं। सिरमौर :सिरमौर विधानसभा सीट पर पूर्व डीएसपी वीडी पांडे ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। यहां पर भाजपा से दिव्यराज सिंह और कांग्रेस से रामगरीब कोल प्रत्याशी हैं। रैगांव :बसपा प्रत्याशी देवराज अहिरवार ने रैगांव में मुकाबला रोचक कर दिया है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से विधायक कल्पना वर्मा और भाजपा की तरफ से प्रतिमा बागरी प्रत्याशी है। नागौद :कांग्रेस से टिकट कटने पर यहां पर पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह बीएसपी से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने डॉ. रश्मि सिंह पटेल और भाजपा ने नागेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। देवतालाब :यहां पर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही सीमा जयवीर सेंगर से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और कांग्रेस ने पद्ममेश गौतम को टिकट दिया है। सीमा जयवीर सेंगर 2018 में बसपा से चुनाव लड़ कर दूसरे नंबर पर थी।

शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष का दावा…लाड़ली बहनों का आशीर्वाद भरपूर मिला

Shivpuri BJP district president claim…received abundant blessings from dear sisters. (SAHARA SAMACHAR) शिवपुरी। शिवपुरी के बीजेपी जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया है कि जिले की पांचों विधानसभा सीटें भाजपा जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया कि लाड़ली बहनों का आशीर्वाद बीजेपी को भरपूर मिला है। इसके कारण बीजेपी जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि इस वोटिंग से लोकतंत्र मजबूत हुआ है। ऐतिहासिक मतदान हुआ है। लाड़ली बहना, मजदूर, गरीबों और किसानों का समर्थन बीजेपी को मिला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जनहितैषी व जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण अच्छी वोटिंग हुई है, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। कांग्रेसियों द्वारा शिवपुरी की कम से कम तीन सीटें जीतने के दावे को लेकर राजू बाथम से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे कांग्रेसियों के द्वारा किए जा रहे दावे को लेकर कुछ जानकारी नहीं है। लेकिन मेरा दावा है कि बीजेपी शिवपुरी जिले की पांचों सीटें जीत रही है। गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। इन पांचों विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को 79 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2018 के मुकाबले इस साल पांच प्रतिशत ज्यादा मतदान पांचों सीटों पर हुआ है। अब तीन दिसंबर को शिवपुरी में मतगणना होगा। शिवपुरी के पीजी कॉलेज में पांचों विधानसभा सीटों की मतगणना का काम किया जाएगा। तीन दिसंबर को आने वाले परिणामों पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।

उज्जैन के किसान ने बोवनी करने के लिए प्रधानमंत्री से मांगा हेलीकॉप्टर

Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।

बुंदेलखंड को फतह करने वाला ही सत्ता के शिखर तक पहुंचेगा. बुंदेलखंड की 26 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस का फिफ्टी-फिफ्टी का दावा.

One who conquers Bundelkhand will reach the pinnacle of power. There is a claim of a fifty-fifty contest between the BJP and Congress on the 26 seats of Bundelkhand. प्रदेश विधानसभा के हुए चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष, नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी, दोनों दल 17-17 सीट जीतने का दावा. तीन सीटों को छोड़कर हर सीट कड़े मुकाबले में फंसी. उदित नारायणभोपाल। मप्र विधानसभा चुनाव का आकलन अंचल बार देखें तो बुंदेलखंड भी एक अहम अंचल है। यहां गरीब और पलायन सबसे बड़ा मुद्दा रहा हो, लेकिन दोनों की दलों ने इन मुद्दों की अनदेखी कर प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर वोट मांगे हैं। चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष है। इस बीच नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी है। कोई भाजपा की सरकार फिर आने का दावा कर रहा है तो कोई कांग्रेस की सत्ता में वापसी तय बता रहा है। अंचलवार भी भाजपा-कांग्रेस के साथ अन्य विश्लेषकों के आकलन सामने आ रहे हैं। बुंदेलखंड अंचल में विधानसभा की 26 सीटें हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों 17 से ज्यादा सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। अन्य विश्लेषकों में कोई भाजपा को आगे बता रहा है तो कोई कांग्रेस को। सागर को लेकर दोनों दलों का दावा भाजपा के नेताओं से बात करने पर पता चलता है कि वे 17 से ज्यादा सीटों में जीत को लेकर आश्वस्त हैं। सागर में भाजपा तीन सीटों पर मजबूतविश्लेषकों के अनुसार सागर की तीन सीटों रहली में गोपाल भार्गव, खुरई में भूपेंद्र सिंह और सुरखी में गोविंद सिंह राजपूत एकतरफा जीत रहे हैं। इनके अलावा नरयावली में प्रदीप लारिया और सागर में शैलेंद्र जैन की स्थिति भी मजबूत है। प्रदेश भाजपा को मिले फीडबैक के अनुसार देवरी, बीना और बंडा में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस सागर में फिफ्टी-फिफ्टी की स्थिति बता रही है। दमोह में मुश्िकल में फंसे मलैयापिछली बार की तरह इस बार भी पूर्व मंत्री जयंत मलैया कड़े मुकाबले में फंसे हैं। बावजूद इसके भाजपा का दावा है कि पार्टी दमोह, हटा और पथरिया सीट जीत रही है। इसके विपरीत कांग्रेस का दावा है कि हम हटा को छोड़ शेष तीनों सीटें जीत रहे हैं। तटस्थ विश्लेषकों का कहना है कि इस बार दमोह जिले की चारों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पथरिया में विधायक रामबाई के कारण त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति है। दमोह में कुछ भी हो सकता है। छतरपुर में तीन-तीन सीट मिलने के हालातछतरपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों में तटस्थ आकलन कर्ताओं की नजर में भाजपा- कांग्रेस को 3-3 सीटें मिलती दिख रही है। इनके अनुसार चंदला, मलेहरा और छतरपुर में कांग्रेस जीत सकती है जबकि महाराजपुर, बिजावर और राजनगर में भाजपा जीत सकती है। हालांकि इन तीनों सीटों में कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। भाजपा-कांग्रेस इस जिले में ज्यादातर सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। भाज का दावा है कि वह छतरपुर, राजनगर, मलेहरा, बिजावर सीटें जीत रही है जबकि चंदला और महाराजपुर में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस का कहना है कि भाजपा को सिर्फ एक बिजावर सीट मिल सकती है। शेष सभी 5 सीटों में कांग्रेस की जीत तय है। टीकमगढ़ जिले को लेकर कांग्रेस आश्वस्तटीकमगढ़ और निवाड़ी जिले की पांचों विधानसभा सीटों में कड़े मुकाबले के आसार हैं लेकिन कांग्रेस मानकर चल रही है कि उसे कम से कम 4 सीटों में जीत मिलेगी। कांग्रेस को मिले फीडबैक के अनुसार टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह, खरगापुर में चंदारानी सिंह, पृथ्वीपुर में नितेंद्र प्रताप सिंह और जतारा में किरण अहिरवार की जीत तय है जबकि निवाड़ी में सपा की मीरा यादव जीत सकती हैं। दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि 2018 की तरह यहां कांग्रेस का खाता नहीं खुलेगा और भाजपा सभी सीटें जीतेगी। पन्ना में भाजपा की एक सीट पक्कीपन्ना जिले की तीन सीटों में आकलनकर्ताओं की नजर में पन्ना को छोड़ अन्य दोनों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पन्ना में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की स्थिति मजबूत बताई जा रही है तो पवई और गुनौर सीटें कड़े मुकाबले में फंसी हैं। फिर भी भाजपा सभी तीनों सीटों में जीत का दावा कर रही है जबकि कांग्रेस का मानना है कि वह दो सीटें जीत रही है। भाजपा- कांग्रेस के दावे पार्टी द्वारा बुलाए गए फीडबैक के आधार पर किए जा रहे है। कौन सही है कौन गलत, यह 3 को मतगणना के बाद पता चल सकेगा।

मप्र के हारे थके भाजपा नेत और मंत्री चले तेलंगाना, करेंगे प्रचार.

Tired after the elections in Madhya Pradesh, BJP leaders and ministers have gone to Telangana to campaign. मप्र को निपटाकर अब तेलंगाना को निपटाएंगे नेता, मंत्री, तेलंगाना के चुनाव में शिवराज कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की लगी ड्यूटी, चुनाव प्रचार में होंगे शामिल, राजस्थान में सीएम की होंगी सभाएं. अपने आपको मप्र और देश का बड़ा नेता कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय से पार्टी ने किया किनारा. मप्र विधानसभा चुनाव के बाद कैलाश विजयवर्गीय का पार्टी ने घटाया कद घटा, बने छोटे नेता. Udit Narayanभोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद अब बीजेपी हाईकमान ने तेलंगाना में हो रहे चुनाव के लिए कमर कस ली है। मध्यप्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता भी अब तेलंगाना चुनाव में मोर्चा संभालेंगे। इसके लिए एमपी भाजपा से एक दर्जन से अधिक नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि अपने आपको मप्र और देश का बड़ा नेता कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय से फिलहाल उनसे किनारा कर लिया। पार्टी ने जिन 22 नेता और मंत्रियों की सूची बनाई, उसमें उनका नाम नहीं है। पार्टी ने उन्हें प्रचार प्रसार करने लायक नेता नहीं समझा है। एक तरह से उनके कद का छोटा आंक लिया है। अब वे छोटे कद के नेता बन गए हैं। वहीं शिवराज कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की चुनावी प्रचार में ड्यूटी लगा दी गई है। सभी इसी वीक से तेलंगाना की अलग-अलग विधानसभाओ में डेरा डालेंगे। इनमें कई मंत्री और संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजस्थान में चुनाव प्रचार करेंगे। उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया है। बता दें, राजस्थान में 25 और तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होगा। फिलहाल, यहां भाजपा का प्रचार जारी है। 22 नेता जाएंगे तेलंगाना

कांग्रेस को जीत का यकीन, बन रही है पक्षपात करने वाले अधिकारियों की लिस्ट.

Congress is confident of victory, and a list of officials prone to bias is being prepared. 230 प्रत्याशियों को पत्र लिख 30 नवंबर तक मंगाए भाजपा को फायदा पहुंचाने वाले अधकारियों के नाम, मध्य प्रदेश में कांग्रेस बनाने लगी अभी से सबक सिखाने वाले अफसरों की लिस्ट Udit Narayanमध्य प्रदेश में मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी 230 उम्मीदवारों को एक लेटर लिखकर उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है जिन्होंने कथित तौर पर नियमों के खिलाफ भाजपा के पक्ष में काम किया। भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी 230 उम्मीदवारों को एक लेटर लिखकर उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है कि जिन्होंने कथित तौर पर नियमों के खिलाफ काम करते हुए भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाया। मध्य प्रदेश में जीत का दावा कर रही कांग्रेस पार्टी को यदि सत्ता मिलती है तो ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, भाजपा ने कहा है कि इस कदम के सहारे कांग्रेस पार्टी अपनी हार के लिए बहाना तलाश रही है। भाजपा को फायदा पहुंचाने नियमों की अनदेखी कीअपने सभी उम्मीदवारों को भेजे खत में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी (एमपीसीसी) ने दावा किया कि 17 नवंबर को मतदान के दिन बनाए गए कंट्रोल रूम में ऐसे अफसरों और कर्मचारियों की शिकायतें मिली, जिन्होंने नियम के खिलाफ काम करते हुए भाजपा को फायदा पहुंचाया। एमपीसीसी उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने लेटर में उम्मीदवारों से कहा है कि ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों का नाम बताए। साथ में उनका पद और तैनाती को लेकर भी जानकारी देने को कहा है। सभी प्रत्याशियों से ऐसे अफसरों की सूची 30 नवंबर तक भेजने को कहा गया है। कमलनाथ कई बार दोहरा चुके हैं बयानगौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर कई बार आरोप लगाया कि वे बीजेपी के समर्थन में काम कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। नाथ ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पुलिस, पैसा और प्रशासन का इस्तेमाल अपने पक्ष में कर रही है। वे यह भी कई सभाओं में कहते हुए सुने गए हैं कि अधिकारी याद रखें कि कल के बाद परसों भी आएगा। उनके बयान से साफ है कि उनके तेवर सख्त हैं और और अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो ऐसे अधिकारियों की मुश्िकलें अवश्य बढ़ेंगी, जो भाजपा के पक्ष में काम करते हैं। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी हार के लिए बहाना तलाश रही है। कोठारी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी लोकतंत्र के शक्तिशाली अभिभावक है और कांग्रेस ने पहले ही उन पर सवाल उठाकर अपना भरोसा खो दिया है। जिनके पास पोलिंग बूथ पर बैठने के लिए कार्यकर्ता तक नहीं हैं, वे ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। मध्य प्रदेश में सबी 230 सीटों पर 17 नवंबर को वोट डाले गए और 3 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे।

काउंटिंग से पहले कांग्रेस के सभी पोलिंग एजेंट और 230 प्रत्याशियों की होगी ट्रेनिंग.

Before the counting, all polling agents of the Congress and 230 candidates will undergo training 26 नवंबर को सभी उम्मीदवारों को बुलाया, ईवीएम की मानीटिरिंग और गणना का होगा प्रशिक्षण Udit Narayanभोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला एश्ट में कैद है। आगामी 3 दिसंबर को मतों की गणना की जाएगी। वहीं मतगणना की तैयारी में सभी राजनीतिक पार्टियां जुट गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने विधानसभा प्रत्याशी को राजधानी भोपाल बुलाया है। जानकारी के अनुसार, एमपी कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के सभी 230 विधायक प्रत्याशियों को ट्रेनिंग के लिए राजधानी भोपाल बुलाया गया है। विधायक प्रत्याशी और मतगणना एजेंट को ट्रेनिंग दी जाएगी। आपको बता दें कि, 26 नवंबर को एमपी कांग्रेस द्वारा ट्रेनिंग कैंप लगाया जा रहा है। ट्रेनिंग में प्रत्याशियों को मतगणना से संबंधित जानकारी दी जाएगी। प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद के साथ पोलिंग एजेंट को भी साथ में लेकर आएंगे। बता दें कि, ट्रेनिंग में मतगणना के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना है। इस बात की विशेष जानकारी (टिप्स) दी जाएगी। ट्रेनिंग में ईवीएम और वीवीपैट की भी जानकारी दी जाएगी। बता दें कि, साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भी कांग्रेस ने मतगणना के पहले प्रत्याशियों को इसी तरह ट्रेनिंग के लिए बुलाई थी। उसी कड़ी में इसबार भी ऐसा किया जा रहा है। इसके साथ कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों की लाइव जानकारी हर एक प्रत्याशी को मिले। स्ट्रांग रूम में लगे कैमरे का लिंक प्रत्याशी को दिया जाए, ताकि वह अपनी सुविधा के मुताबिक स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों की गणना तक उन पर नजर रख सके।

नातीराजा के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज, 12 अन्य कांग्रेस समर्थक भी बनाए गए आरोपी

Case has been registered against an attempted murder of Nati Raja, with 12 other Congress supporters also accused. Udit Narayanभोपाल। छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नातीराजा के ड्राइवर सलमान की मौत के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित 21 लोगों के खिलाफ हत्या एवं हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया था। अब भाजपा के दबाव में नातीराजा सिह एक दर्जँन लोगों के खिलाफ भी धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज हो गया।घटना मतदान के पूर्व की रात की थी। जैसे ही मतदान निबटा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह राजनगर पहुंच गए और भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे दिया। पुलिस अधीक्षक छतरपुर के आश्वासन के बाद दिग्विजय ने रात पर चला अपना धरना तो समाप्त कर दिया लेकिन यह दांव नातीराजा के लिए उलटा पड़ गया। अगले ही दिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पूरी भाजपा सक्रिय हो गई। पुलिस महानिदेशक और निर्वाचन आयोग को शिकायत कर अरविंद पटैरिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया गया। भाजपा ने कहा कि सलमान की मौत के लिए नातीराजा ही जवाबदार हैं। नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने नातीराजा सहित कांग्रेस के अन्य 12 समर्थकों के खिलाफ भी पुलिस ने हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया। वीडी शर्मा ने आज छतरपुर में भाजपा के तमाम नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा और दाेषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

निर्वाचन आयोग के शांतिपूर्ण चुनाव कराने के दावों की खुली पोल.

Open scrutiny of the claims to conduct peaceful elections by the Election Commission. आचार संहिता पर उठे सवाल, चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था हुई तार-तार, मप्र में लगभग दो दर्जन से अधिक स्थानों पर भड़की हिंसा. प्रदेश के मालवा-निमाड़ में मारपीट के साथ चली तलवारें, ग्वालियर-चंबल में जमकर फायरिंग-मारपीट, पत्थरबाजी, बुंदेलखंड में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थक को भाजपा समर्थकों ने उतारा मौत के घाट Udit Narayanभोपाल। मप्र विधानसभा चुनाव 2023 का चुनाव िहंसा, मारपीट, फायरिंग के नाम से जाना जाएगा। यह हिंसक घटनाएं अब चुनावी इितहास बन गई हैं। 25 दिनों तक चले चुनावी कार्यक्रम को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए सुरक्षा व्यवस्था के दावों का गुब्बारा 17 नवंबर को उस समय फूट गया, जब सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए तेजी से वायरल दर्जनों हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई थी। बारी-बारी से आई इन घटनाओं ने दिनभर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। चुनाव आयोग ने खूब दावे किए कि प्रदेश की 230 विधानसभाओं में शांतिपूर्ण चुनाव कराएंगे, लेकिन 17 तारीख को मतदान के दिन इन दावों की पोल खुल गई। जबकि, मध्य प्रदेश में निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए ढाई लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लगभग दो दर्जन से अधिक स्थानों पर हिंसा भड़की, लात-घूसों और डंडों से मारपीट के साथ ही म्यान में बंद खून की प्यासी तलवारें भी निकलीं। जिसने कई लोगों की जान का आफत में डाल दिया। वहीं इससे भी बड़ी घटना बुंदेलखंड के छतरपुर जिले की विधानसभा राजनगर में हुई। जहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के समर्थक को भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों ने मौत के घाट उतार दिया। हालांकि किसी की जान जाने के बाद पुलिस ने डेढ़ दर्जन लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इस चुनाव मतदान का 17 नवंबर 2023 वाला ‘शुक्रवार’ सैकड़ों लोगों को पांच साल नहीं, बल्िक जिंदगी भर रूलाएगा।बता दें चुनाव आयोग ने 230 विधानसभा सीटों के लिए करीब 65 हजार मतदान केंद्र बनाए। सुरक्षा के साये में शांतिपूर्ण चुनाव कराने करीब 4 लाख कर्मियों की ड‍यूटी लगाई गई थी। इनमें ढाई लाख सुरक्षाकर्मी शामिल थे, बावजूद प्रदेशभर में िहंसा ने भयानक रूप धारण कर लिया। इससे सवाल उठता है कि यह चुनाव आयोग की लापरवाही का नतीजा नहीं तो और क्या है? दरअसल, मप्र के चुनाव आयोग ने तय चुनावी रस्म अदायगी वाली तैयारियों के साथ चुनाव के कार्यक्रमों का ऐलान कर दिया। 17 नवंबर को मतदान होने के बाद 3 दिसंबर को आने वाले परिणामों की ओर लोगों की नजरें टिकी हैं । चुनाव आयोग ने 230 विधानसभा सीटों के लिए करीब 65 हजार मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें 25 फीसदी संवेदनशील केंद्र चिन्िहत किए गए थे। ऐसे संवेदनशील केंद्रों पर सेंट्रल फोर्स के साथ ही प्रदेश की पुलिस लगाई गई थी। मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, माइक्रो ऑब्जर्वर और पेट्रोलिंग कराई गई। प्रदेश के सबसे ज्यादा हथियार चलाने वाले भिंड, मुरैना जिले में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। यहां पुलिस को सुरक्षा के सख्त निर्देश थे। प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त अनुपम राजन ने बताया कि प्रदेश में भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव 2 लाख लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। 2 लाख 85 हजार लाइसेंसी हथियारों को थानों पर जब्त किया गया था। छतरपुर में कांग्रेस समर्थक की हत्या :छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में एक कांग्रेस समर्थक को भाजपा के समर्थकों ने मौत मौत के घाट उतार दिया था। भिंड के मेहगांव क्षेत्र के मनहद गांव में मतदान केंद्र के बाहर पथराव होने से भाजपा प्रत्याशी राकेश शुक्ला घायल हो गए हैं। राकेश को मामूली चोटें आई हैं। मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में अज्ञात लोगों की गोलीबारी में भाजपा उम्मीदवार और आप समर्थक घायल हो गए हैं। इंदौर में दो गुटों में झड़प हुई। महू में मतदान के दौरान तलवारें चली, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी िहंसक घटनाएं घटित हुईं। यह सब घटनाएं पुलिस की नाकामी की ओर इशारा करती है। यह घटनाएं निर्वाचन आयोग की लापरवाही की पोल खोलने के लिए काफी है। चुनावी मैदान में उतरे थे 2533 उम्मीदवार :इस बार एमपी के चुनाव में 2,533 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इसमें 2,280 पुरुष और 252 महिलाएं हैं। एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर का है। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, बसपा ने 181, सपा ने 71 और आम आदमी पार्टी ने 66 उम्मीदवार उतारे हैं।

मप्र में सबसे ज्यादा वोटिंग सिवनी व सबसे कम जोबट में वोटिंग.

In Madhya Pradesh, the highest voting turnout is in Sivani, and the lowest voting turnout is in Jobat. मप्र में सबसे ज्यादा वोटिंग सिवनी व सबसे कम वोटिंग जोबट में हुई, मतगणना के बाद फैसला होगा कि जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेंगा। सबसे कम वोटिंग में मालवा निमाड़ अंचल का जोबट जुड़ गया है। भोपाल। मप्र के विधानसभा चुनाव में इस बार मालवा निमाड़ के साथ ही महाकौशल अंचल में सबसे अधिक वोटिंग हुई। इसमें भी सबसे अधिक वोट सिवनी में पड़ा। यहां कुल वोट में से 85.68 फीसदी वोट पड़ा है। सिवनी में भाजपा से दिनेश राय मुनमुन मैदान में थे। जबकि कांग्रेस से आनंद पंजवानी चुनाव लड़ रहे थे। यहां मुनमुन की स्थिति अच्छी मानी जाती है, यहां से वे एक बार तो निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं। इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए। दूसरे नंबर पर बालाघाट में 85.23 फीसदी वोट पड़े। जबकि सबसे कम वोट अलीराजपुर जिले के जोबट में महज 54.04 फीसदी रहा। बालाघाट में इस बार भाजपा के पुराने नेता गौरीशंकर बिसेन ने अपनी बेटी मौसम बिसेन काे टिकट दिलवाया था। कांग्रेस ने अनुभा मुंजारे मैदान में उतारा था। दोनों के बीच कांटे की टक्कर थी। प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों में से दूसरे नंबर पर सबसे अधिक वोट पड़े हैं। किंतु किसके पक्ष में ज्यादा वोट पड़े या फिर जीत का सेहरा किसके माथे पर बंधेगा, यह मतगणना 3 दिसंबर के बाद ही पता चलेगा। उधर, सबसे कम वोटिंग में मालवा निमाड़ अंचल का जोबट जुड़ गया है। यहां एक रिकार्ड बन गया है। इतनी कम वोटिंग इस विधानसभा क्षेत्र में पहले कभी नहीं हुई थी। जोबट से भाजपा के विशाल रावत व कांग्रेस प्रत्याशी सेना पटेल के बीच शुरू से ही कांटे का मुकाबला माना जा रहा था, हालांकि काफी कम वोट मिलने से असमंजस की स्थिति है कि आखिर में जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा।  सबसे अधिक वोट प्रतिशत वाले 10 विधानसभा क्षेत्र-सिवनी व बालाघाट के बाद तीसरे नंबर पर वोटिंग आगर मालवा में 85.03 फीसदी हुई है। इसके चौथे नंबर पर शाजापुर रहा। यहां 84.99 फीसदी वोट पड़े। पांचवें नंबर पर राजगढ़ रहा। यहां कुल 84.29 फीसदी वोट पड़े हैं। यह क्षेत्र हालांकि मध्य क्षेत्र में आता है। मध्य भारत में यह एक मात्र सीट है, जहां से बंपर वोटिंग हुई है। राजगढ़ से भाजपा ने अमर सिंह यादव को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने बाबू सिंह तंवर को टिकट दिया है। राजगढ़ में इतनी जबरदस्त वोटिंग होने को लेकर खुद यहां के लोग हैरान हैं। इस सीट पर भाजपा व कांग्रेस दोनों के बीच कांटे की टक्कर है। छठवें नंबर पर रतलाम 83.40 फीसदी व सांतवें पर नीमच है। यहां 83.30 फीसदी वोट पड़े। भाजपा ने दिलीप सिंह परिहार व कांग्रेस ने उमराव सिंह गुर्जर को मैदान में उतारा है। आठवें सबसे अधिक वोटिंग में मंदसौर है। यहां 83.28 फीसदी वोट पड़े हैं। भाजपा के कद्दावर नेता यशपाल सिंह सिसोदिया व कांग्रेस से विपिन जैन मैदान में हैं। नौवें पर छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मैदान मेंप्रदेश में 10 सबसे अधिक वोटिंग वाले विधानसभा क्षेत्र में नौवें नंबर पर छिंदवाड़ा का भी नाम है। यहां से कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मैदान में हैं, जबकि भाजपा ने विवेक बंटी साहू काे टिकट दिया है। नाथ की वजह से इस सीट पर प्रदेश भर की नजरें थी। अब बंपर मतदान करके मतदाताआंे ने अपने प्रत्याशी के प्रति विश्वास जता दिया है। 10 वें नंबर पर नरसिंहपुर है। यहां से केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी प्रह्लाद पटेल चुनाव मैदान में हैं। जबकि कांग्रेस ने लाखन सिंह पटेल का टिकट दिया है। इस सीट पर भी प्रदेश भर की नजरें तो थी ही साथ में देश के कई राज्यों के नेताओं की नजर थी। भाजपा के लिए यह सीट थोड़ी कठिन बन गई थी, इसलिए केंद्रीय मंत्री पटेल को चुनाव मैदान में उतारा। भोपाल के दक्षिण पश्चिम सबसे कम में तीसरे नंबर पर-सबसे कम वोटिंग वाले विधानसभा क्षेत्रों में से सबसे पहले अलीराजपुर जिले का जोबट क्षेत्र हैं। दूसरा सबसे कम ग्वालियर जिले का ग्वालियर पूर्व क्षेत्र है। यहां 57.33 फीसदी वोट पड़े। तीसरे सबसे कम का रिकार्ड इस बार भोपाल दक्षिण पश्चिम का रहा। यहां से महज 58.2 फीसदी वोटिंग हुई। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा आबादी सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों की है। लेकिन सरकारी कर्मचारी वोट देने ही नहीं निकले। इसे क्षेत्र में कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा व व भाजपा के भगवान दास सबनानी मैदान में हैं। चौथे सबसे कम में भिंड क्षेत्र रहा। यहां महज 58.57 फीसदी वोट पड़े। पांचवें सबसे कम में भी भोपाल मध्य का नाम दर्ज हो गया है। यहां से 60.1 फीसदी वोट पड़े। मध्य से भाजपा ने धु्व नारायण सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने आरिफ मसूद को टिकट दिया था। छठवें सबसे कम में मुरैना का अंबाह व सांतवे पर भिंड का गोहद क्षेत्र है। आंठवे पर भिंड का गोहद व नौवें पर रीवा का मेहगांव क्षेत्र रहा। 10 वें सबसे कम वोटिंग में भोपाल का गोविंदपुरा क्षेत्र है।

अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज क्यों नहीं खरीद पा रहे हैं.

In the Amrit Kaal, why are 80 crore people unable to purchase grains? Manish Trivedi यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के आधार पर है.  दिल्ली, छत्तीसगढ़ में एक चुनावी भाषण में मोदी ने भव्य घोषणा की कि 80 करोड़ गरीब भारतीयों को मुफ्त अनाज बांटने की योजना, को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह ‘भारत के लोगों को मोदी की गारंटी’ है. सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, जो 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, उसे 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज क्यों बांटना चाहिए? दूसरी तरफ देखें, अगर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है तो वैश्विक भूख सूचकांक में यह और नीचे क्यों गिर रहा है? 2023 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत चार पायदान फिसलकर 125 देशों में से 111वें स्थान पर पहुंच गया. सरकार हंगर इंडेक्स रिपोर्ट की आलोचना करती है, लेकिन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत मुफ्त खाद्यान्न योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाकर इसका समर्थन कर रही है. जमीनी स्तर पर कुछ वास्तविक नतीजे दिखाने के लिहाज़ से दस साल का समय बहुत लंबा है, चाहे वह विकास हो, रोजगार हो, बचत दर, निजी निवेश, बढ़ा हुआ विदेशी निवेश या निर्यात आदि हो. इन सभी मामलों पर उपलब्ध डेटा खराब प्रदर्शन ही दर्शाता है. मनरेगा यानी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसे सरकार ने वास्तविक आर्थिक विकास, रोजगार और आय पैदा करने में कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया. आज की तारीख में मोदी और उनकी सरकार की एक बड़ी विडंबना यह है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी बजट का 93% हिस्सा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में ही खर्च हो गया है. पिछले महीने सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी जुलाई 2022 से जुलाई 2023 के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे) में सामने आया. सर्वे से पता चलता है कि स्व-रोजगार के आंकड़ों में भारी वृद्धि हुई है, जो 2022-23 में कुल काम में लगे लोग का 58% है. अर्थव्यवस्था में कुल एम्प्लॉयड लोगों का आंकड़ा लगभग 500 मिलियन से अधिक है. 2017-18 में स्व-रोज़गार श्रेणी, मुख्यतः ग्रामीण भारत में छोटे विक्रेता और व्यक्तिगत सर्विस प्रोवाइडर कुल एम्लॉयड का 52% थे. स्व-रोज़गार में बड़ी वृद्धि गैर-मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निम्न गुणवत्ता वाले रोज़गार में बढ़ोतरी का संकेत देती है. यह स्पष्ट है क्योंकि स्व-रोज़गार में से एक तिहाई अवैतनिक श्रमिक हैं जो बिना किसी वेतन के छोटे परिवार द्वारा चलाई जाने वाली इकाइयों में शामिल होते हैं. इसलिए स्व-रोज़गार का अनुपात और उसमें बिना वेतन के काम करने वालों का अनुपात पिछले 5 वर्षों में नाटकीय रूप से बढ़ गया है, खासकर नोटबंदी और महामारी के बाद. अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा के अनुसार, स्व-रोज़गार श्रेणी में अवैतनिक श्रमिकों की संख्या अवैतनिक श्रमिकों की संख्या 2017-18 में 4 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 9.5 करोड़ हो गई है. संभवतः अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी संरचनात्मक कमजोरी है क्योंकि श्रम बल सर्वे से यह भी पता चलता है कि 2017-18 और 2022-23 के बीच वास्तविक रूप से औसत नियमित मासिक वेतन में 20% से अधिक की गिरावट आई है. स्व-रोज़गार और कैज़ुअल (अस्थायी) श्रेणियों के लिए भी असल वेतन में गिरावट दिखती है. दरअसल में बीते पांच सालों में औसत वेतन में कोई वृद्धि न होना स्पष्ट रूप से रोज़गार की बिगड़ती गुणवत्ता को दर्शाता है. इस बात का पता खुद भी लगाया जा सकता है, बस जाकर किसी स्व-रोजगार करने वाले जैसे निर्माण या परिवहन में लगे लोग (उबर या ओला ड्राइवर) से पूछिए, वो बताएंगे कि उनका वेतन वास्तविक रूप से स्थिर है, भले ही रोजमर्र के जीवनयापन की लागत बढ़ गई हो. वेतन का स्थिर होना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति की कमी को भी दिखता है, जो हाल के वर्षों में हिंदुस्तान लीवर, बजाज ऑटो इत्यादि जैसी कंपनियों के लिए ग्रामीण मांग में वृद्धि की कमी में दिखी है. बजाज ऑटो जैसे दोपहिया वाहन निर्माता पांच या छह साल पहले की तुलना में आज 30 से 40% कम इकाइयां बेच रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ था. लक्जरी सेगमेंट- एसयूवी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, हवाई यात्रा आदि मजबूत खपत बढ़ी है और जो कंपनियां इन जरूरतों को पूरा करती हैं, वे अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. निम्न मध्यम वर्ग की खपत अब तक के सबसे निचले स्तर पर नज़र आ रही है. श्रम बल सर्वे में दिखने वाला वेतन का स्थिर हो जाना मोटे तौर पर निचली 60 से 70% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी भारत के अमृत काल में प्रवेश की अपनी भव्य कहानी को लेकर लोगों को कैसे आश्वस्त करते हैं. कोई भी मोदी से एक सरल, सामान्य सवाल पूछ सकता है- अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज कैसे नहीं खरीद पा रहे हैं?

मध्य प्रदेश में 150 सीटों से अधिक आए इस लक्ष्य को लेकर हम सबने काम किया:- नरेंद्र सिंह तोमर।

We all worked towards the goal of getting more than 150 seats in Madhya Pradesh: Narendra Singh Tomar. प्रचंड बहुमत के साथ बन रही है भारतीय जनता पार्टी कि सरकार। मतदान करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया बड़ा दावा। सुभाष पांडेय ग्वालियर। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज ग्वालियर में मुरार स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला, इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा के पक्ष में माहौल है और मैं ये दावे से कह सकता हूँ कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस का दावे पर कहा कि कांग्रेस क्या कह रही है हमें नहीं पता लेकिन हम ये दावा कर रहे हैं कि मप्र में भाजपा की सर्कार बन रही है।  मतदान करने के बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि मध्य प्रदेश की जनता मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है, जो रुझान मुझे दिखाई दे रहा है उस पर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन देखने को मिल रहा है। हमें विश्वास है जो प्रदेश भर में वातावरण है उसके आधार पर प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है। मध्य प्रदेश में सरकार बनने पर चंबल से मुख्यमंत्री होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है भारतीय जनता पार्टी में पद की स्पर्धा नहीं है बल्कि जीतने की स्पर्धा है। मध्य प्रदेश में 150 सीटों से अधिक आए इस लक्ष्य को लेकर हम सब काम कर रहे हैं। दिमनी सहित चम्बल अंचल में हुए पथराव और फायरिंग के सवाल पर तोमर ने कहा है कि चुनाव में हिंसा का कोई स्थान नहीं है कांग्रेस के लोग भयभीत और घबराए हुए है हार की वजह से इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कहीं कांग्रेस के लोग झगडे कर रहे हैं कहीं बीएसपी के लोग लेकिन जनता सब जान रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान होगा और भारतीय जनता पार्टी की विजय होगी।  राहुल गांधी के 150 सीटें जीतने के दावे पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस क्या कहती है? कौन क्या दावे कर रहा है हमें नहीं मालूम, लेकिन हम ये दावा कर रहे हैं की मप्र में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बना रही है।

जबलपुर में मतदान के अंतिम चरण में हिंसक वारदातें, भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक आपस में भिड़े।

Violent incidents in the last phase of voting in Jabalpur, supporters of BJP and Congress candidates clashed with each other. जमकर हुआ पथराव,चले गोली और बम। बमबाजी में पुलिस का एएसआई घायल। विशेष संवाददाता जबलपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान जिले के घमापुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। जबलपुर में मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों पर हिंसक वारदात घटित हुई। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर में फायरिंग की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों में हिसंक घटना घटित हुई हैं। पूर्व विधानसभा के अंतर्गत घमापुर क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। हिंसा के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, टकराव के कारण व आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा के अंतर्गत भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना हुई है। केंट विधानसभा अंतर्गत गोराबाजार तथा रांझी क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। मध्य-उत्तर विधानसभा अंतर्गत मिलौनीगंज तथा हनुमानताल क्षेत्र में भी टकराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक तथा पूर्व पार्षद कल्लन गुप्ता के कार्यालय के सामने हुई हिंसक वारदात के दौरान फायरिंग के साथ जमकर बम व पत्थर चले। इस हिंसक वारदात में कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। इसके बाद सांसद राकेश सिंह, भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंच गए थे। यह हिंसक घटना पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल में पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हलके बल का प्रयोग भी करना था। घटना के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था।

छुटपुट घटनाओं के बीच ग्वालियर में शांतिपूर्ण रहा मतदान।

Voting remained peaceful in Gwalior amid minor incidents. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं हुआ कोई बड़ा झगड़ा फसाद। भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिखाई दे रहा है सीधा मुकाबला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1659 मतदान केंद्रों और 3 सहायक मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम में ठंडक होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम ही रही, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान केन्द्रों पर लाईन भी बढ़ती चली गई। चुनाव आयोग ने भले ही तमाम वायदे वोटिंग को लेकर किये हो, लेकिन मतदान के समय भी लोग अपने वोटर कार्ड लेकर घूमते दिखे। जबकि उनका नाम वोटर लिस्ट में था ही नहीं आयोग द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा इसको लेकर कहा गया कि मतदाता की पुष्टि नहीं हुई होगी, इसके कारण नाम कट गया होगा, यह कहकर पलड़ा झाड़ लिया गया। ग्वालियर ग्रामीण के 269, ग्वालियर के 303, ग्वालियर पूर्व के 319, ग्वालियर दक्षिण के 249, भितरवार के 266 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र डबरा (अजा) के 256 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता रूपी जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग कर नई सरकार चुन ली है। साथ ही अपने क्षेत्र के विधायक को भी चुन लिया। मतदान के दौरान चाक चौबंद रही कानून व्यवस्था ग्वालियर में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए दस हजार से ज्यादा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा बीएसएफ और क्यूआरएफ फोर्स को बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की भी तैनाती की गई थी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल पूरे समय मतदान केन्द्रों पर घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।ग्वालियर में 16 लाख 24 हजार 567 वोटर्स हैं। इनमे 7 लाख 5 हजार 871 महिला वोटर हैं। इन चुनावों में पहली बार अस्सी साल से ज्यादा वाले बुजुर्गों को घर पर ही वोट डालने का अधिकार मिला था। ऐसे वोटर्स की संख्या 17081 है। जिले में 275 बूथ संवेदनशील भी थे जिनकी सुरक्षा के खास इंतजान किए गए थे। हालांकि शहर में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो से तीन स्थानों पर लड़ाई झगडे की खबरें भी आईं थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते छोटे छोटे विवाद तो देखने को मिले लेकिन ये विवाद किसी बड़े झगड़े या अप्रीय घटना का कारण नहीं बन सके, कुल मिलाकर शहर में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दांव पर लगी मंत्री और पूर्व मंत्रिओं की शाख ग्वालियर में भाजपा के दो वर्तमान मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाहा के अलावा तीन पूर्व मंत्री माया सिंह, इमरती देवी और नारायण सिंह कुशवाह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मैदान में हैं। इस चुनाव में इन सभी वर्तमान एवं पूर्व मंत्रिओं की शाख दांव पर लगी है। अब यह तो तीन तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि किसकी शाख बचेगी और किसकी डूबेगी। जिसका इंतजार सभी को रहेगा। आपको बता दें कि सुबह निर्धारित समय पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों का मॉक टेस्ट हुआ और फिर वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के बाद मतदान शुरू हुआ था। पोलिंग बूथों पर लगी रही मतदाताओं की भीड़ ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह चरम पर रहा। सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिये मतदाताओं को पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ते ही पोलिंग बूथों पर लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई थी। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई मतदान केन्द्रों पर मतदान धीमे होने की शिकायतें भी सामने आई। वहीं मतदान का समय पूर्ण होने पर भी कुछ पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगीं दिखाई दीं। जिसके चलते लाइन में लगे हुए मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर कर दिया गया और कुछ अतरिक्त समय का उपयोग कर मतदान पूर्ण कराया गया। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला ग्वालियर दक्षिण की बात करें तो यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रवीण पाठक और पूर्व मंत्री भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के बीच सीधी लडाई है। ग्वालियर पूर्व में कांग्रेस के मौजूदा विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार और पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री माया सिंह के बीच मुकाबला है। जबकि ग्वालियर विधानसभा में मंत्री भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला है। ग्रामीण विधानसभा में भाजपा नेता मंत्री भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस प्रत्याशी साहब सिंह गुर्जर में आमने सामने की टक्कर है। भितरवार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखन सिंह और भाजपा के मोहन सिंह राठौर के बीच मुकाबला है वहीं डबरा में पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री इमरती देवी और कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुरेश राजे में सीधा मुकाबला है।

मुरैना में पूर्व सरपंच को गोली मारी, हालत गंभीर।

Former Sarpanch shot in Morena, condition critical. आधा दर्जन हथियारबंद बाइक सवार बदमाशों ने चलाई गोलियां। घायल को ग्वालियर रेफर किया, चुनावी रंजिश पर हुआ हमला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मतदान का दिन चुनावी हिंसात्मक घटनाओं से भर रहा, दिमनी विधानसभा के साथ-साथ जिले की अन्य विधानसभा में पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। वहीं मतदान संपन्न होने के बाद यहां घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात बाइक से आधा दर्जन बदमाशों ने भाजपा समर्थक पूर्व सरपंच को गोली मार दी। घटना कोतवाली थाना इलाके के गणेशपुरा की है। गंभीर रूप से घायल पूर्व सरपंच को जिला अस्पताल लाया गया जहां से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। आपको बता दें कि मतदान के दिन जिले में जमकर फायरिंग और पथराव की घटना सामने आई है। मतदान होने की साथ-साथ एक और बड़ी घटना सामने आई है। शहर की कोतवाली थाना इलाके की गणेशपुरा में रहने वाले भाजपा समर्थक और पूर्व सरपंच खेम सिंह के ऊपर दर्जन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें पूर्व सरपंच खेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। इस घटना का कारण आपसी चुनावी रंजिश बताई जा रही है। वहीं घायल पूर्व सरपंच के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के बेटे और उनके साथियों ने गोली चलाई है फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इनका कहना है कोतवाली थाना प्रभारी सुनील खेमरिया का कहना है कि पूर्व सरपंच का कहना है कि वह अपनी सिस्टर के घर से निकलकर गांव जा रहे थे। इस दौरान आधा दर्जन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें उन्होंने बताया है कि कोई प्रत्याशी का लड़का बताया जा रहा है। फिलहाल घायल पूर्व सरपंच को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है और पूरी घटना की जांच की जा रही है।

मध्य प्रदेश में लोकतंत्र का महापर्व संपन्न।

Grand festival of democracy concluded in Madhya Pradesh. ई.वी.एम. में कैद हुआ मध्य प्रदेश का भविष्य।76.22 प्रतिशत मतदान, 3 तारीख को परिणाम। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए 17 नवंबर को एक चरण में हुए मतदान के साथ लोकतंत्र का महापर्व संपन्न हो गया। इस महापर्व में जहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, नकुल नाथ, जयवर्धन सिंह सहित मंत्रियों, सभी दिग्गज नेताओं और उम्मीदवारों ने मतदान किया। वहीं आम मतदाताओं ने भी बड़ा – चढ़ कर मतदान किया। वोट डालने के बाद एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी अपनी जीत का दावा किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज मतदान करने के बाद अपनी अपनी सरकार बनाने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए एक बार फिर बीजेपी को आशीर्वाद देगी। वहीं कमलनाथ ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जनता सच्चाई का साथ देगी। इसी के साथ कमलनाथ ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वो कई स्थानों पर पैसा, पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। इसी के साथ उन्होने एसपी मुरैना पर बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप भी लगाया है। ईवीएम में कैद एमपी का भविष्य, अब नतीजों का इंतजार इस बार मध्यप्रदेश प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 2,533 उम्मीदवारों ने अपन किस्मत आज़माई है। प्रदेश में कुल वोटरों की संख्या 5,60,58,521 हैं जिनमें 2,87,82,261  पुरुष मतदाता और 2,71,99,586  महिला मतदाता हैं। इसी के साथ थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या 1292 है। पूरे प्रदेश में 64523 मतदान केंद्र बनाए गए और सुबह 7 बजे से वोटिंग का सिलसिला शुरु हुआ जो शाम 6 बजे समाप्त हुआ। प्रदेश में निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया के लिए सभी 230 विधानसभा सीटों और मतदान केन्द्रों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा था। ए ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरु हुई और शाम शाम 4 बजे खत्म हुई। बी ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से वोट पड़ने शुरु हुए और शाम बजे समाप्त हुए। वहीं सी ग्रुप वाले मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होगी और शाम 5 बजे तक चली। अंतिम डी ग्रुप वाले केंद्रों पर सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरु हुई और शाम 6 बजे विराम लगा। पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक दल लगातार सक्रिय थे। आमसभा, रोड शो, नुक्कड़ सभा, नेताओं की एक दूसरे पर छींटाकशी, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप.. इन सब में कौन कितना सफल रहा, जनता को अपनी ओर मोड़ने में किस राजनैतिक दल का प्रयास ज्यादा बेहतर था, इसका फैसला जनता ने कर दिया है और अब नतीजों का इंतजार है। इस चुनाव में खास बात यह भी है कि एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपने 7 दिग्गज केंद्रीय नेताओं को टिकट दिए, तो वहीं कांग्रेस का भी लगभग पूरा केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश की तैयारी में लगा रहा। बीएसपी, सपा, आम आदमी पार्टी व अन्य दलों ने भी प्रचार प्रसार में कोई कमी पेशी नहीं रखी। प्रदेश में 76 प्रतिशत मतदान, आगर मालवा मतदान में आगे मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान शुक्रवार को हो गया है। 230 विधानसभा सीटों पर कुल 76.22 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि, साल 2018 में मध्यप्रदेश में कुल 75.63 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार सबसे ज्यादा आगर मालवा में 83 प्रतिशत और अलीराजपुर में सबसे कम 56.24 प्रतिशत मतदान हुआ। भोपाल में शाम 5 बजे तक 59.19 प्रतिशत मतदान हुआ। इंदौर में 64.95 प्रतिशत, जबलपुर में 66.24 प्रतिशत और ग्वालियर में 61.64 फीसदी मतदान हुआ। अनुपपूर में 74.85 प्रतिशत, अशोक नगर में 69.13 प्रतिशत, बालाघाट में 79.78 प्रतिशत, बड़वानी में 70.36 प्रतिशत, बैतूल में 73.96 प्रतिशत, भिंड में 58.41 प्रतिशत, भोपाल में 59.19 प्रतिशत, बुरहानपुर में 72.64 प्रतिशत, छतरपुर में 66.37 प्रतिशत, छिंदवाड़ा में 78.85 प्रतिशत, दमोह में 73.83 प्रतिशत, दतिया में 69.66 प्रतिशत, देवास में 76.42 प्रतिशत, धार में 72.35 प्रतिशत, डिंडोरी में 78.30 प्रतिशत, गुना में 74.98 प्रतिशत, हरदा में 74.20 प्रतिशत, झाबुआ में 73.10 प्रतिशत, कटनी में 69.03 प्रतिशत, खंडवा में 69.99 प्रतिशत, खरगोन में 75.54 प्रतिशत, मंडला में 71.52 प्रतिशत, मंदसौर में 78.07 प्रतिशत, मुरैना में 64.76 प्रतिशत, नर्मदापुरम में 76.97 प्रतिशत, नरसिंहपुर में 77.44 प्रतिशत, नीमच में 81.19 प्रतिशत, निवाड़ी में 77.33 प्रतिशत, पन्ना में 69.41 प्रतिशत, रायसेन में 73.13 प्रतिशत, राजगढ़ में 80.34 प्रतिशत, रतलाम में 80.02 प्रतिशत, रीवा में 64.45 प्रतिशत, सागर में 70.44 प्रतिशत, सतना में 66.52 प्रतिशत, सीहोर में 71.57 प्रतिशत, सिवनी में 80.39 प्रतिशत, शहडोल में 75.03 प्रतिशत, शाजापुर में 80.95 प्रतिशत, श्योपुर में 77.33 प्रतिशत, शिवपुरी में 71.33 प्रतिशत, सीधी में 64.54 प्रतिशत, सिंगरौली में 72.20 प्रतिशत, टीकमगढ़ में 68.09 प्रतिशत, उज्जैन में 73.37 प्रतिशत, उमरिया में 74.22 प्रतिशत, विदिशा में 75.55 प्रतिशत मतदान हुआ। संकल्प पत्र का हर संकल्प पूरा करेंगे:- शिवराज सिंह सीएम शिवराज ने वोट डालने के बाद कहा कि ‘आज लोकतंत्र का महापर्व है और मेरी सबसे अपील है कि अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 18 वर्षों में प्रदेश के विकास के अभूतपूर्व काम किए है, बीमारू प्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और अब हम मध्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना चाहते हैं दैश का। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी को जनता अपना आशार्वीद दे। हमने जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई है उसने लोगों की जिंदगी बदली है। समाज के हर वर्ग का कल्याण किया है। इन कामों को लगातार जारी रखने के लिए मेरी जनता जनार्दन से प्रार्थना है कि वो बीजेपी को आशीर्वाद दें। तीन चीजें जो बताना चाहता हूं। अब तक जो किया है जनता वो जानती है, आगे जो हमारी प्राथमिकता है वो हमने संकल्प पत्र में बताया है।’ उन्होने कहा कि महिलाओं के जीवन को खुशहाल बनाना, शिक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था में और विकास करना और किसान के जीवन में समृद्धि लाना तथा गरीब कल्याण हमारा संकल्प है। संकल्प पत्र की एक एक बात को पूरा किया जाएगा। ‘पैसा, पुलिस, प्रशासन’ का हुआ दुरुपयोग:- कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री … Read more

राजगढ़ में चुनावी हिंसा, हमले में भाजपा जिला महामंत्री सहित चार कार्यकर्ता घायल।

Election violence in Rajgarh, BJP district general secretary and four workers injured in attack. विशेष संवाददाता राजगढ़। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान भाजपा जिला महामंत्री और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला हो गया। मतदान के दौरान चुनावी हिंसा का यह मामला राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सामने आया है। चुनावी हिंसा में भाजपा जिला महामंत्री सहित चार कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए ब्यावरा जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। विवाद की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल में पहुंची और घायलों के बयान लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  जानकारी के अनुसार राजगढ़ में वोटिंग के दौरान ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के बादलपुरा गांव में भाजपा जिला महामंत्री सहित चार कार्यकर्ताओ पर जानलेवा हमला हो गया। इस हमले में जिला महामंत्री अमित शर्मा सहित चार लोगों को चोट आई है, जिन्हें इलाज के लिए ब्यावरा अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायल कार्यकर्ताओं का हालचाल लिया। फरसे एवं डंडों से किया हमला घायल जिला महामंत्री अमित शर्मा ने बताया कि इस हमले में उनके साथ कुछ कार्यकर्ताओ को भी चोट आई है। अमित शर्मा का आरोप है कि फरसे और डंडों से लैश अज्ञात लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ उन पर हमला किया था। क्योकि ब्यावरा विधानसभा में कांग्रेस चुनाव हार रही है। अमित शर्मा का कहना है कि उन पर हमला करने वाले लोगों को सामने आने पर पहचान लेंगे। उन्होंने प्लानिंग के साथ हम पर हमला किया है कांग्रेस का भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप  वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ब्यावरा में उनके प्रत्याशी पुरुषोत्तम दांगी के भाई पर हमला हुआ है। अज्ञात हमलावरों ने पुरुषोत्तम दांगी के भाई गोवर्धन दांगी की गाड़ी के शीशे फोड़ दिए हैं। साथ ही उनके साथ भी मारपीट की गई है। घटना के बाद प्रत्याशी के भाई गाड़ी में बैठकर रोते हुए नजर आए। ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के मानकी गांव में गोवर्धन दांगी पर हमला हुआ है। कांग्रेस नेताओं का कहना है की गोवर्धन दांगी पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया है। कांग्रेस ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग को भी की है।

मतदान के पहले भाजपा के पक्ष में माहौल।

The atmosphere in favor of BJP before voting. कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता के करीब पहुंची भाजपा। सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जनता प्रभावित। उदित नारायण भोपाल। मध्यपदेश में 17 नवंबर को होने वाले मतदान के पहले भाजपा कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता के करीब पहुंच चुकी है। दीपावली के बाद उत्पन्न हुए सकारात्मक बदलाव को भाजपा के पक्ष में देखा जा रहा है। दिवाली के पहले तक भाजपा कहीं न कहीं  सत्ता से दूर दिखाई दे रही थी लेकिन अब भाजपा सत्ता के करीब पहुंच चुकी है। भाजपा ने चुनाव प्रचार में एक साथ सभी बड़े नेताओं को एक के बाद एक चुनावी सभा में उतार दिया। जिससे कहीं न कहीं भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया  है।  दिवाली के पहले लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपए आ जाने से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति  भी लाडली बहनों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। जिसे अंडर करेंट के तौर पर देखा जा रहा है। यदि पांचवी बार फिर भाजपा की सरकार बनती है तो इसका श्रेय पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान को भी जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मध्य प्रदेश में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए सबसे अधिक सभाएं की हैं। चुनावी सभा के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे. पी.नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल, अनुराग ठाकुर,स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित तमाम बड़े नेताओं की चुनावी सभाएं हुई जिसने भाजपा को सत्ता के करीब पहुंचाया है।  जिसकी वजह से प्रचार प्रसार में भाजपा कांग्रेस से आगे रही। साथ ही अखबारी विज्ञापन के साथ सोशल मीडिया पर भी विज्ञापन में भाजपा कांग्रेस से आगे दिखाई दी। बूथ मैनेजमेंट में भी भाजपा आगे यदि बात की जाए बूथ मैनेजमेंट की तो भाजपा प्रदेश  अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति भी सफल होती दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां कांग्रेस में  बूथ स्तर पर पर्याप्त तैयारी का अभाव दिख रहा है वही भाजपा आगे दिखाई दे रही है। प्रदेश में भाजपा के पास 44 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं की फ़ौज है। जिसमे पन्ना प्रभारी, हाफ पन्ना प्रभारी तक शामिल हैं। पूरे चुनाव के दौरान वीडी शर्मा चुनावी सभाओं से दूर रहकर बूथ लेबल मीटिंग पर केंद्रित रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो यह भी एक सफल रणनीति साबित होगी। केंद्र की इन योजनाओं का भाजपा को मिलेगा लाभ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भले ही राष्ट्रीय मुद्दे उतार दिए हों लेकिन मध्य प्रदेश के मतदाताओं में प्रधानमंत्री आवास योजना और और आयुष्मान भारत योजना का भी गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। 9000 रुपए महीने की मासिक आय वाले व्यक्ति के लिए महंगाई के इस दौर में स्वयं का घर बनाना किसी सपने से कम नहीं है। जिसे केंद्र की प्रधान मंत्री आवास योजना ने पूरा करने का काम किया है। पीएम मोदी की दूरगामी सोंच का परिणाम है कि गांव गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास मिले हैं। शासकीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 44 लाख लोगों को पक्के आवास मिले है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। जिससे   5 लाख रुपए तक के  निशुल्क उपचार का कवच मिला है। वर्तमान में दौर में सगे रिश्तेदार भी बीमारी के दौरान उपचार के लिए आर्थिक मदद नहीं करते ऐसे में सरकार ने 5 लाख रुपए का सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इससे भी लोगों के बीच भाजपा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। जिसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिल सकता है।

वोटर कार्ड नहीं है तब भी कर सकेंगे मतदान।

You can vote even if you don’t have a voter card. 12 डॉक्यूमेंट होंगे मतदान के लिए मान्य। चुनाव आयोग ने जारी किए दिशा निर्देश। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर के दिन वोटिंग होना है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वोटर अपना वोट डाल कर करेंगे। वोट करने के लिए मतदाता का नाम वोटिंग लिस्ट में होना जरूरी है। इसके अलावा कहा जाता है कि मतदाता के पास वोटर कार्ड होना भी जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है। मतदाता वोटर कार्ड के बिना भी इन दस्तावेजों की सहायता से वोट कर सकता है। दरअसल, चुनाव आयोग ने एमपी विधानसभा चुनाव के लिए वोटर कार्ड के बिना भी करीब 12 आईडी की परमिशन दी है। वोटर पहचान जाहिर करने वाले इन डॉक्यूमेंट्स को दिखाकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते है और विधानसभा चुनाव के लिए वोट कर सकते है। वो 12 डॉक्यूमेंट जिनके द्वारा कर सकते हैं मतदान यदि किसी वजह से आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी वह अपने मताधिकार का उपयोग कर सकता है। वोटर 12 ऑप्शनल फोटो वाले डॉक्यूमेंट की मदद से वोटिंग कर सकता है। इनमें है आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, इंडियन पासपोर्ट, फोटो पेस्टेड पेंशन कार्ड, गर्वनमेंट सर्विस कार्ड, फोटोयुक्त पासबुक, स्मार्ट कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड, ऑफिशियल आईडेंटिटी कार्ड और यूनिक डिसेबिलिटी कार्ड दिखाकर वोटर 17 नवंबर के दिन वोट कर सकता है। वोटर लिस्ट में मतदाता का नाम होना जरूरी चुनाव आयोग ने वोटर के मताधिकार का उपयोग करने के लिए वोटर कार्ड के अलावा इन 12 फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाकर वोटिंग कर सकते है। लेकिन इन दस्तावेज के साथ ही मतदाता को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उसका नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि वैलिड डाक्यूमेंट के अलावा मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। यदि उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो वह वोटिंग नहीं कर पाएगा।

गुजरात के अमरेली में  भाजपा नेत्री की हत्या।

BJP leader murdered in Amreli, Gujarat. पड़ोसियों से हुआ था झगड़ा। झगड़े में पुत्र भी हुआ घायल। विशेष संवाददाता गुजरात। अमरेली जिले में महिला भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधुबेन जोशी की एक मामूली विवाद में उनके पड़ोसियों ने हत्या कर दी। हमले में उनका बेटा घायल हुआ है।घटना जिले के धारी इलाके में हुई। मधुबेन जोशी घर में अपने पति और बेटे के साथ रहती थीं। बुधवार को उनके पड़ोसियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसने हिंसात्मक रूप ले लिया। हमले में भाजपा की नेता बुरी तरह घायल थीं, जिन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया हत्या के बाद से आरोपी फरार  पुलिस का कहना है कि हत्या में एक से अधिक आरोपियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। सभी आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है और उनसे हत्याकांड को लेकर पूंछ तांछ की जा रही है। हमले में भाजपा नेता के पति अपने आप को बचाने में कामयाब हुए, जबकि उनके बेटे को भी चोट पहुंची है। वह अस्पताल में भर्ती है।पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों की जानकारी अभी नहीं मिली है। मामले में संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पूर्व में पंचायत सदस्य रह चुकी थीं मधुबेन मधुबेन जोशी धारी तालुका पंचायत की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं। उनकी हत्या के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।कांग्रेस के नेता वीरजी थुम्मल ने बुधवार को ही अमरेली में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया था, जिसके बाद हत्या की यह घटना सामने आई है।जोशी के घर पर पार्टी नेताओं का जमावड़ा लगा है। इलाके में वारदात के बाद हड़कंप मचा है।

वोटर कार्ड के साथ ही 12 अन्य तरह के परिचय पत्र को भी किया है मान्य चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इन कागजातों को दी मान्यता.

Election Commission has approved not only the voter card but also 12 other types of identification documents for voting. Manish Trivedi भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सीईओ अनुपम राजन ने कहा कि आमतौर पर वोटरों में यह भ्रांति होती है कि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है, इसलिए वे वोट नहीं डाल सकते, किंतु ऐसा नहीं है। चुनाव आयोग ने किसी कारण से वोटर कार्ड नहीं प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए 12 अन्य तरह के पहचान पत्रों को मतदान के लिए अधीकृत किया है। कोई भी मतदाता इन 12 तरह के परिचय पत्रों में से किसी एक परिचय पत्र को दिखाकर अपना मत डाल सकेगा। मप्र में इस बार एक ही चरण में मतदान कराने की तैयारी चुनाव आयोग ने की है। इसी तैयारियों आदि को लेकर हरिभूमि ने सीईओ राजन से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने चुनाव की तैयारियों आदि को लेकर कई तरह की जानकारी दी। राजन ने कहा कि किसी भी मतदाता को मतदान के संबंध में भ्रांति नहीं रहे, इसके लिए हर स्तर पर प्रचार-प्रसार करवाया गया है। बूथ स्तर पर तैनात बीएलओ को कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मतदाताओं को मतदाता पर्ची उपलब्ध करा दी गई है या फिर कराई जा रही है,किंतु किसी कारण वश यदि मतदान समय तक में मतदान पर्ची नहीं मिल पाई है तो इस स्थिति में मतदाता को निराश होने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। मतदाता को बस यह करना है कि सरल ऐप पर अपना नाम अािद देखकर मतदान केंद्र में परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। मतदान केंद्र के बाहर मौजूद बीएलओ भी इसमें आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कई तरह की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को संबंधित विभागों के पास भेजकर उसकी रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके बाद कार्रवाई के लिए आयोग के पास भेजा जाता है। यदि श्िाकायत गंभीर है तो संबंधित जैसे पुलिस आदि के पास भेजकर कार्रवाई करने को कहा जाता है। इसके अलावा सी विजिल में भी शिकायतें आती है। इसके लिए आयोग की तरफ से नियम बन चुका है कि 100 मिनट में उसका निराकरण होगा। सी- विजिल में आने वालीे शिकायतों को उसी समयावधि में तत्काल निबटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुल मतदान केंद्रों में से 25 फीसदी मतदान केंद्र संवेदनशील चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मतदातन केंद्रों पर संेंट्रल फोर्स के साथ पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, माइक्रो आब्जर्वर, पेट्रोलिंग आदि कराई जाती है। भिंड व मुरैना जिलों में ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस को सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मप्र में कुल करीब 65 हजार मतदान केंद्र हैं। मतदान केंद्रों की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण मतदान के लिए कुल चार लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कांग्रेस ने आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और शोषण किया: ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Congress considered the tribal community as a vote bank and exploited them: Jyotiraditya Scindia केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया भितरवार, डबरा व ग्वालियर पूर्व में रोड शो. Udit Narayan भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन के सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने विकास के ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के बाद आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और उनका शोषण किया। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर जिले के भितरवार, डबरा और ग्वालियर पूर्व में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गरीब को गरीब रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 18 माह तक कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे, लेकिन डबरा का भला नहीं किया। कभी डबरा का हाल जानने भी नहीं आए। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मैं कई बार डबरा आए और डबरा के विकास के लिए सौगात लेकर आए हैं।

भोपाल में कांग्रेस दफ्तर में पार्टी नेता अनस पठान पर हमला.

Attack on Congress office in Bhopal targeting party leader Anas Pathan. दक्षिण पश्चिम प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर बदमाशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। Udit Narayanभोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता अनस पठान पर जानलेवा हमला हो गया है। हथियारों से लैस होकर बदमाशों ने पठान पर हमला बोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बदमाशों ने कांग्रेस नेता पर अटैक किया। वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दक्षिण पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा तफरी का माहौल हो गया। बुधवार शाम करीब 4:00 बजे अज्ञात बदमाशों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। यहां बदमाशों ने किसी से कुछ नहीं कहा और लाठी-डंडों से कांग्रेस नेता और भोपाल दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के कट्टर समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अनस के सिर पर चोट आई है। वहीं इस हमले के बाद घायल अनस को गंभीर हालत में कार्यालय के पास ही स्थित रेड क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर घायल को बसंल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अचानक घुसे बदमाशों को देख अफरा-तफरी मच गई। इस हमले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि यह सुनियोजित हमला था, जिसे भाजपा द्वारा करवाया गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा ने इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हमला किया जाना बताया है। फिलहाल तो पता नहीं चल रहा है कि बदमाश कौन थे। सूत्रों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पांच लोग थे जो हथियारों से लैस थे। हमलावर जिन्होंने अनस पठान पर हमला किया। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। यह हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्िकार्जुन खड़गे की सभा में ही हमला करने वाले थे, लेकिन वहां फरियादी पठान नहीं पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह हमलावर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना के समर्थक बताए जा रहे हैं। फरियादी पठान मोनू सक्सेना के वार्ड में पीसी शर्मा का प्रचार प्रयार कर रहा था। इसी बात से मोनू समर्थक नाराज थे।

बसपा प्रत्याशी ने कांग्रेस को दिया समर्थन, अहिरवार ने लिया जिताने का संकल्प.

BSP candidate extended support to the Congress, while Ahirwar pledged to win in the election. Special Correspondent भोपाल। बड़ामलहरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरी रामसिया भारती को बसपा प्रत्याशी ने समर्थन दे दिया है। दरअसल, बड़ामलहरा विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे लखन अहिरवार रामटौरिया ने रामसिया भारती को अपना समर्थन दे दिया है। वहीं, इस दौरान लखन अहिरवार ने कहा कि चूंकि इस बार कांग्रेस जनता के हित में काम करने के लिए संकल्पित होकर मैदान में उतरी है। रामसिया भारती का लक्ष्य भी जनता के हित में कार्य करना है। इसलिए हम अपना समर्थन कांग्रेस प्रत्याशी रामसिया भारती को दे रहे हैं। बसपा प्रत्याशी सहित उनके सैकड़ों कार्यकतार्ओं ने भी कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देते हुए कांग्रेस को जिताने का संकल्प लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मौजूद रहे।

मतदान के पहले सड़कों पर दिखा पज्जन चतुर्वेदी के समर्थकों का सैलाब.

Before the voting, there was a flood of Pajjan Chaturvedi’s supporters on the streets. पदयात्रा कर मांगा जनता का आशीर्वाद छतरपुर में सेवा की राजनीति को मिलेगा जनता का प्यार: आलोक चतुर्वेदी Special Correspondent छतरपुर। चुनाव प्रचार का शोर शराबा खत्म होने के पहले बुधवार की दोपहर छतरपुर की सड़कों पर कांग्रेस प्रत्याशी आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया के समर्थक उमड़ पड़े। उन्होंने चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया जिसमें वे अपने हजारों समर्थकों के साथ शहर में पदयात्रा करते हुए जनसंपर्क पर निकले। उन्होंने शहर के मोटे के महावीर मंदिर में दर्शन करने के उपरांत इस पदयात्रा का शुभारंभ किया और फिर छत्रसाल चौक, महल, चौक बाजार, बस स्टेण्ड होते हुए किशोर सागर स्थित सेवाग्राम प्रांगण तक एक विशाल पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा के दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर शहर के लोगों से 17 नवंबर को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। सेवा को चुनेआलोक चतुर्वेदी ने इस मौके पर अपने समर्थकों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव जनता के लिए सेवा और परोपकार की राजनीति पर अपने विश्वास व्यक्त करने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक वे जनता के बीच रहकर सेवक का दायित्व निभाते रहे। रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन कराने से लेकर जल संकट से जूझ रही जनता को पानी पिलाने जैसी सेवाएं उनसे ईश्वर ने कराई हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वच्छ और ईमानदार राजनीति के लिए दृढ़ संकल्पित हैं इसलिए पांच वर्षों तक बगैर कमीशन और भ्रष्टाचार के उन्होंने विधायकनिधि का वितरण किया। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराए, किसानों के लिए सिंचाई साधनों को बढ़ाने, खाद-बीज की लड़ाई लडऩे, युवाओं को बड़े अवसर देने, बीमारों को इलाज देने, गरीब बेटियों का विवाह करने, व्यापारियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लडऩे, धार्मिक स्थलों के निर्माण कार्य एवं विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने का काम किया है। जनता को अब इन सेवाओं का मूल्यांकन ऐसे लोगों से करना है जो चुनाव के समय ही घर से निकले हैं। उन्होंने घर से निकलने के बाद सिर्फ जनता को गुमराह करने, लालच देने, डराने, धमकाने का काम किया है। छतरपुर की समझदार जनता कमीशन और भ्रष्टाचार के विरूद्ध सेवा की इस राजनीति को अपना आशीर्वाद देगी। उन्होंने लोगों से 17 नवंबर को ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान कर कांग्रेस को अपना समर्थन देने की अपील की है। महिलाओं ने मनाया नाच कर उत्सव, कलाकारों ने दिखाई कलापज्जन चतुर्वेदी के इस महाजनसंपर्क अभियान के अंतर्गत निकाली गई पदयात्रा में गजब का उत्साह दिखाई दिया। उनके समर्थकों ने इस पदयात्रा को एक उत्सव के रूप में तब्दील कर दिया। समर्थकों के हाथों में कांग्रेस के झण्डे थे, कई गाडिय़ों में प्रचार के गीत बजाए जा रहे थे, ढोल नगाड़ों के साथ समर्थकों और खासतौर पर महिलाओं ने नाचकर अपने नेता का समर्थन किया। इस मौके पर नुक्कड़ नाटक करने वाले कलाकारों ने भी छत्रसाल चौक पर एक नाटक के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया और जनता से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की।

पुरानी घोषणा को लेकर बीजेपी मोन, मोदी जी के नाम मांग रहे वोट.

Sahara Samachaar; Mandla; MP Elections;

People are seeking votes in the name of the old announcement, asking for votes in the name of BJP, Modi. Special Correspondent मंडला, नैनपुर – जैसे जैसे मतदान की तारीख पास आती जा रही हे दोनों पार्टियों ने अपनी ताकत झोंक दी हे। काम को और विकास को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्या रोप का सिलसिला शुरू हो गया हे एक तरफ कांग्रेस पार्टी किसानों,बहनों ,बेरोजगार युवाओं, गैस जैसे मुद्दों को लेकर जनता के सामने प्रचार प्रसार कर रही हे।तो दूसरी तरफ बीजेपी माननीय मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किए गए कार्यों ,घोषडाओ के साथ माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी को सामने कर चुनाव प्रचार कर रही हे।लेकिन बीजेपी मंडला विधान सभा में पिछले बीस सालों को उपलब्धि गिनवाने में बगले झांकती नजर आ रही हे। पूर्व विधायक के द्वारा जनता से जुड़े ऐसे कोई काम नहीं की जिसको मद्दे नजर रखते हुए जनता सबक सिखाने तैयार हे।इसी प्रकार जिला पंचायत सदस्य चुन कर मंडला जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष रही हे और राज्य सभा सांसद रही हैं अब मंडला विधान सभा से बीजेपी की टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ रही हैं श्रीमति संपतिया उईके ।पद में रहते हुए सिर्फ घोषणा के अलावा कुछ नही फिर चाहे वो नैनपुर में केंद्रीय विद्यालय को बात हो या अन्य ऑफिस की बात हो विकास के नाम पर नैनपुर के साथ सौतेला व्यवहार ही किया बीजेपी सरकार ने।उसी कड़ी में सबसे अहम मुद्दा नैनपुर को जिला बनाओ को लेकर गर्म हे जो इस चुनाव के परिणाम को बदलने में काफी हद तक कारगार होगा। इन मुद्दों को अभी भी ठंडे बस्ते में रखी हुई हे बीजेपी ने।जनता पूछती हे इन वादों का क्या हुआ सिर्फ नैनपुर के साथ छलावा और सिर्फ छलावा।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को ग्वालियर-चम्बल अंचल में दिया बड़ा झटका।

Union Minister Jyotiraditya Scindia gave a big blow to Congress in Gwalior-Chambal region. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। कांग्रेस पार्टी को ग्वालियर चंबल में मतदान के ठीक पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ा झटका दिया है। अंचल के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ केंद्रीय मंत्री सिंधिया के समक्ष कल देर रात में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस सूची में कई प्रभावी नेताओं के नाम हैं। मतदान के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं का अपनी पार्टी से मोहभंग होकर भाजपा में चले जाना एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। जिस तरह से लोग अपनी पार्टी को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं उससे अंचल में कांग्रेस का चुनावी गणित बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है।विधानसभा चुनाव को लेकर ताबड़तोड़ जनसभाएं करने में जुटे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने दिनभर के कार्यक्रम निपटाकर कल देर रात जैसे ग्वालियर पहुंचे  वैसे ही ग्वालियर दक्षिण से पूर्व कांग्रेस जिला सचिव मनोज भार्गव अपने सैंकड़ों साथियों के साथ सिंधिया महल पहुंच गए। जहां उन्होंने श्री सिंधिया के समक्ष अपने साथ 500 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इनके साथ ही विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-15 से खड़े निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह बैस ने भी अपने साथियों सहित भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर अपना समर्थन भाजपा को दे दिया। जबकि कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा के भतीजे राहुल शर्मा ने भी अपने 20 साथियों सहित कल भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। विशेष बात ये है कि साथ ही कई गैर-राजनीतिक लोगों ने भी भाजपा की विचारधारा और राष्ट्रवाद को अपना समर्थन देने का फैसला लिया। ये प्रदेश में नवनिर्मित “स्पाक्स” गुट का भाग है। सैंकड़ों लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से श्रीराम गोयल उप प्रांतीय अध्यक्ष सपाक्स पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष भू अभिलेख अधिकारी संघ पूर्व राष्ट्रीय कार्य परिषद सदस्य स्वदेशी जागरण मंच, इंजी नन्दकिशोर गोयल उपाध्यक्ष सपाक्स, नरेश सिंघल जिला उपाध्यक्ष सपाक्स, डा.हरीओम सिंघल सह सचिव सपाक्स, प्रशान्त गोयल जिला सचिव (युवा) सपाक्स, चन्द्रमोहन शर्मा जिला कार्यालय सचिव सपाक्स, मुकेश खण्डेलवाल जिला वित्त सचिव सपाक्स, प्रभुकुमार मंगल जिला संयोजक पैंशनर प्रकोष्ठ सपाक्स, प्रेमकुमार अग्रवाल जिला संयोजक व्यापारी प्रकोष्ठ सपाक्स, कमलकिशोर गुप्ता जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, वेदप्रकाश मित्तल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, हरीओम गर्ग जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, दिनेश बंसल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, अशोक भटनागर जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, रामनाथ अग्रवाल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, राजकुमार गर्ग अध्यक्ष भारत विकास परिषद सहयोग शाखा सचिव भारत विकास परिषद सहयोग शाखा, ओमप्रकाश अग्रवाल, डा. अरविन्द मित्तल, जिला उपाध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, अशोक गुप्ता जिला उपाध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, निखिल अग्रवाल अध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, अतुल अग्रवाल अग्र सेवा संस्थान, घनश्याम राठौर, जगदीशचन्द्र अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, ओमप्रकाश गुप्ता जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, रवि अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, रूपेश अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान,  दिलीप बंसल भारत विकास परिषद सहयोग शाखा, विनोद बिहारी सक्सैना पैंशनर महासंघ, धर्मेन्द्र अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, मनीष रायपुरिया अग्रवाल समाज आदि सहित सैंकड़ों लोग शामिल थे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा की सदस्यता लेने वाले इन सभी लोगों का पार्टी में स्वागत कर सभी को भाजपा परिवार में जुड़ने के लिए बधाई भी दी।

कांग्रेस और भाजपा के खाका पर जनता तय करेगी पांच साल का भविष्य.

Sahara Samachaar; BJP; Congress; MP;

Fate of Congress and BJP will be determined by the public for the next five years. भाषणों का दौर खत्म, दो दिन का चुनावी गणित करेगा जीत-हार का फैसला, जनता किस पर करे जबभरोसा, दोनों ने खूब किए वादे. उदित नारायण चुनावी विश्लेषणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर चुनावी भाषणों का दौर चरम पर पहुंचने के बाद आज बुधवार शाम को इस पर ब्रेक लग जाएगा। तूफानी भाषणों से उब चुकी जनता तक अपनी बात रखने के लिए नेता उनके घर पर पहुंच रहे हैं और प्रलोभन देकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं। मतदाताओं की मान-मनोब्बल तय करेगी कि जनता किसको सत्ता की बागडोर सौंपेगी। दोनों पार्टियों ने पांच साल के भविष्य का खाका भाजपा का संकल्प पत्र और कांग्रेस का वचन पत्र में पहले ही लिख दिया है। अपने-अपने चुनावी एंजेडे के आधार पर दोनों पार्टियां जीत के दावे कर रहीं है। जानकार बताते हैं कि इनकी जीत-हार का दारोमदार बसपा, निर्दलीय और सपा की चाल पर आकर टिक गया है। वैसे इनका प्रभाव ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड महाकौशल,और विंध्य क्षेत्र में देखा जा रहा है। इन्हीं अंचलों की जीत-हार ही दोनों पार्टियों को सत्ता के शिखर पर पहुंचाती है। सिंधिया का भविष्य उज्जवल: संत रामलला सरकाररामलला सरकार के एक साक्षात्कार के अनुसार यदि उनकी भविष्यवाणी को सही माना जाए तो मप्र में भाजपा फिर से वापसी करती दिख रही है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का भविष्य उज्जवल है। साथ ही यह भी कहा कि मप्र में 7 सांसदों में से 3 सांसद चुनाव हार सकते हैं! 2 जीतेंगे एंव 2 का भविष्य अधर में है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर दिमनी मुरैना और सांसद राकेश सिंह का जबलपुर से चुनाव जीतना कठिन है। मप्र का अगला मुख्यमंत्री कौन!शिवराज सिंह की लोकप्रियता, सहजता एवं लाडली बहनों का स्नेह उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाए तो अतिसंयोक्ति नहीं होगी! राजनैतिक विष्लेषक बताते हैं कि भाजपा एवं कांग्रेस के बीच में कांटे की टक्कर जरूर है, लेकिन भाजपा का पलडा भारी दिख रहा है। परिणामों का विष्लेषण करें तो महज 2 से 5 सीटों का अंतर ही दिख रहा है। जिसको साधने में भाजपा अभी से अपने समीकरण जुटाने में लग गई है। भाजपाः गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा ,रोजगार,गरीबोको को सबकुछ मुफ्तदेर से ही सही, लेकिन भाजपा ने भी अपना चुनावी संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें जनता के लिए काफी लोकलुभावने वादे किए हैं। इसमें प्रमुख रूप से- 5 साल तक गरीबों को मुफ्त राशन। किसानों से 2700 प्रति क्विंटल पर गेहंू और 3100 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी। उज्जवला और लाडली बहनों को 450 में गैस सिलेंडर। लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान। प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सदस्य को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर। गरीब परिवार के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा। जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड का प्रावधान। कांग्रेसः फिर से कर्जमाफी, बिजली बिल माफ का वादाकांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी वचन पत्र को जनहितैशी बताते हुए जनता से कई वादे किए हैं। 2018 की भांति फिर से किसानों का कर्जमाफी करेंगे। बिजली बिल 100 यूनिट पर 100 रूपए, 200 यूनिट बिजली का बिल हाफ, नारी सम्मान 1500 रूपए प्रति माह, सरकारी स्कूलों में 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त मिलेगी। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी बडा वादा किया है कुल मिलाकर प्रति परिवार 15000 हजार मासिक देने का वादा। कर्ज में डूबा प्रदेश कैसे देगा सबकुछ फ्रीमौजूदा हालात में प्रदेश वित्तीय संकट में फंसा है। ऐसे में जो भी सरकार सत्ता में आएगी तो उसके सामने सबसे बडा संकट बजट का होगा। नेताओं की चुनावी परिकल्पना जैसे वोट की खातिर सबकुछ फ्री देने का वादा कैसे पूरा होगा। यह आने वाली सरकार के सामने सबसे बडी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि मप्र में रोजगार देकर प्रदेश को आगे बढाना है या वोट की राजनीति कर सरकार बनाना।

झारखंड दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ।

PM Narendra Modi arrived on Jharkhand tour. 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। आज जायेंगे बिरसा मुंडा म्यूजियम। विशेष संवाददाता रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद मंगलवार रात के करीब 10 बजे झारखंड के रांची पहुंचे। जहां बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने रांची में 10 किमी लंबा रोड शो किया। पीएम मोदी ने मंगलवार की शाम मध्य प्रदेश के इंदौर में भी विधानसभा चुनाव को लेकर विशाल रोड शो किया था। रोड शो में रास्ते में खड़े लोगों ने जगह-जगह उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”मध्य प्रदेश में यादगार रैलियों और रोड शो के बाद रांची पहुंच चुका हूं।” उन्होंने कहा कि 15 नवंबर का दिन बहुत विशेष है। मुझे झारखंड के लोगों के साथ भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा। उनकी जन्मस्थली उलिहातू जाने का सुअवसर मिलने से बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। पीएम मोदी का रांची में ये रहेगा कार्यक्रम पीएम मोदी बुधवार (15 नवंबर) को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के विकास के उद्देश्य से 24,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ की शुरुआत करेंगे, ‘पीएम किसान योजना’ के तहत 18,000 करोड़ रुपये की 15वीं किस्त जारी करेंगे और राज्य में 7,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।  जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में होंगे शामिल बुधवार की सुबह, पीएम मोदी रांची में भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क-सह-स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय जाएंगे और फिर हेलिकॉप्टर से खूंटी जिले में बिरसा मुंडा के जन्मस्थान उलिहातू गांव जाएंगे, जहां वह स्वतंत्रता सेनानी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। पीएम मोदी खूंटी में तीसरे ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान वह ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ और ‘प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन’ की शुरुआत करेंगे। जारी करेंगे किसान सम्मान निधि की किस्त इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी आठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 15वीं किस्त भी जारी करेंगे। योजना के तहत अब तक 14 किस्तों में 2.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि किसानों के खाते में डाली जा चुकी है। विकास कार्यों की रखेंगे आधारशिला इसके अलावा पीएम मोदी जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे उनमें एनएच 133 के महगामा-हंसडीहा सेक्शन के 52 किमी लंबे हिस्से को चार लेन का करना, एनएच 114ए के बासुकीनाथ-देवघर सेक्शन के 45 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार लेन का करना, केडीएच-पूर्णाडीह कोल हैंडलिंग संयंत्र और आईआईआईटी रांची के नए शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखना शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवालको भेजा नोटिस।

Election Commission sent notice to Priyanka Gandhi Vadra and Arvind Kejriwal. प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, पीएम मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते सांबेर की चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते चल रहे आरोप प्रत्यारोप के दौरान बिना सबूत पीएम मोदी पर झूंठे और अप्रमाणित बयान देने के चलते कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर उन्हें यह नोटिस भेजा गया है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने की वजह से उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी को भेजे नोटिस में कहा है, आयोग को दिनांक 10.11.2023 (प्रतिलिपि संलग्न) के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी से एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि मध्यप्रदेश के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में असत्यापित और गलत बयानबाजी की है। जो जनता को गुमराह करने और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की क्षमता रखता है। वहीं आम आदमी पार्टी को भी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्या कहा था प्रियंका गांधी ने? चुनाव आयोग के नोटिस के मुताबिक, भाषण के वीडियो और मध्यप्रदेश के सीबीओ के माध्यम से प्राप्त ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, प्रियंका गांधी ने कहा था, मोदी जी जो यह बीएचईएल था, जिससे हमें रोजगार मिलते थे, जिससे देश आगे बढ़ रहा था। इसका आपने क्या किया, किसको दे दिया, बताएं मोदी जी किसको दे दिया, अपने बड़े-बड़े उद्योगपति मित्रों को क्यों दे दिया। नोटिस में क्या कहा और कब तक मांगा जवाब? नोटिस में चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा से कहा है कि, आमतौर पर जनता मानती है कि वरिष्ठ नेता, वह भी एक राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक की ओर से दिए गए बयान सच हैं। ऐसे में अपेक्षा की जाती है कि नेता उसकी ओर से दिए गए बयानों की जानकारी हो और उसके पास तथ्यात्मक आधार हो। ताकि मतदाताओं को गुमराह करने की कोई संभावना न रहे। नोटिस में आगे कहा गया, इसलिए आपसे किसी अन्य राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने और 16 नवंबर, 2023 को 20:00 बजे तक कारण बताने के लिए कहा जाता है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आपके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। आम आदमी पार्टी को भी भेजा नोटिस  सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट साझा करने के मामले में चुनाव आयोग ने बुधवार को आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 16 नवंबर को रात आठ बजे तक सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए बयानों पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहुंचे हरिद्वार, बुआ गंगा देवी शर्मा की अस्थियों का करेंगे विसर्जन।

BJP National President JP Nadda reached Haridwar, will immerse the ashes of aunt Ganga Devi Sharma. जेपी नड्डा का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सीएम धामी समेत तमाम दिग्गजों ने किया स्वागत। जेपी नड्डा की बुआ गंगा देवी हिमाचल प्रदेश की सबसे उम्रदराज महिलाओं में एक थी। विशेष संवाददाता देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उत्तराखंड पहुंच गए है। उनके जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत तमाम मंत्रियों और नेताओं ने उनका स्वागत किया। बताया जा रहा है कि जेपी नड्डा अपनी बुआ की अस्थियों को गंगा जी में विसर्जित करने पहुंचे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल समेत तमाम दिग्गजों ने स्वागत किया। जिसके बाद जेपी नड्डा का काफिलाएयरपोर्ट से रवाना होकर हरिद्वार पहुंच गया। वहीं, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उत्तरकाशी टनल हादसे की जानकारी भी लेंगे। साथ ही तमाम मुद्दों पर बात भी कर सकते हैं। हिमाचल की सबसे उम्रदराज महिला वोटर का निधन बता दें कि बीती 13 नवंबर को जेपी नड्डा की बुआ गंगा देवी का निधन हो गया था। उनकी उम्र 105 वर्ष थी और हिमाचल प्रदेश की सबसे उम्रदराज महिलाओं में एक थी। उन्होंने कुल्लू स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली थी। उधर, बुआ के निधन की सूचना मिलते ही जेपी नड्डा अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर सीधे कुल्लू पहुंच गए थे। बुआ की अंतिम इच्छा के अनुसार जेपी नड्डा उनके पार्थिव शरीर को कुल्लू से बिलासपुर लाए। जहां गोविंद सागर के किनारे शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर किया गया। अब जेपी नड्डा उनकी अस्थियों को लेकर हरिद्वार में गंगा में विसर्जित करेंगे। जिसे लेकर वे उत्तराखंड पहुंचे हैं।

अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने लोगों से की भावुक अपील।

Union Minister Scindia, who reached Ashoknagar, made an emotional appeal to the people. भाजपा प्रत्याशी को हार्ट ब्लॉकेज की शिकायत, सिंधिया ने संभाला मोर्चा। जजपाल सिंह जज्जी का दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के प्रचार-प्रसार के लिए अब महज कुछ ही घंटो का समय बचा हुआ है। ऐसे में नेता पूरी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने समर्थक प्रत्याशियों को जिताने के लिए हर संभव कोशिश करते नजर आ रहे हैं। प्रचार के लिए सिंधिया अशोकनगर पहुंचे। जहां उन्होंने बीमार प्रत्याशी जजपाल सिंह जज्जी के समर्थन में आम जनता से भावुक अपील की है। उन्होंने आमजन को “जज्जी” की बीमारी के बारे में बताते हुए 17 तारीख को भाजपा के लिए मतदान कर जज्जी को जिताने की अपील की। दरअसल जजपाल सिंह (जज्जी) को पिछले दिनों सीने में दर्द हुआ था, डॉक्टरों ने इलाज के बाद बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया है। जिसके बाद जज्जी को सर्जरी के लिए दिल्ली रैफर किया गया था, जहां सर्जरी तो हो गई है लेकिन अभी जजपाल अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में जज्जी के प्रचार की जिम्मेदारी खुद सिंधिया ने ले ली है। अशोकनगर पहुंचे सिंधिया ने जनता से कहा “यह शून्य और पुण्य का चुनाव है। उन्होंने कांग्रेस को शून्य, तो भाजपा को पुण्य बताया” अपने बेटे का साथ दो- सिंधिया सिंधिया ने कहा चुनावी माहौल है और हमने जिसकी कभी कल्पना नहीं की ऐसा जज्जी के साथ हुआ। मुझे पांच दिन पहले देर रात सूचना मिली। मैंने फौरन एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया और जज्जी को एस्कॉर्ट हॉस्पिटल दिल्ली ले गए। मैंने सोचा की छोटी-मोटी बात होगी, दवाई लेकर ठीक हो जाएगा। वापस आ जाएगा। वही डॉक्टर ने बताया कि यह कोई मामूली बात नहीं है। हमें हृदय को खोलकर उसमें छल्ले डालना पड़े हैं और यह चुनाव के बीच हुआ। आज आपका ही बेटा, आपका ही घर का बच्चा, आपका ही भाई, उसे आज आपके आशीर्वाद की जरूरत है। वह हर मुश्किल में आपके साथ खड़ा रहा, लेकिन आज उसे आपकी जरूरत है। इसलिए आने वाली 17 तारीख को सहानुभूति दिखाते हुए कमल के निशान पर वोट करने की अपील आप लोगों से करता हुं।

अकील परिवार की सर फुटव्वल की वीडियो वायरल.

The video of the Akil family’s soccer match has gone viral. साकिब कबीरभोपाल। राजधानी की उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ अकील परिवार की आपसी लड़ाई का एक कथित वीडियो आज वायरल हुआ वीडियो में कांग्रेस प्रत्याशी और आरिफ अकील के पुत्र आतिफ अकील और उनके भाई मजीद अकील के बीच हाथापाई होती नजर आ रही है। जबकि आरिफ अकील के भाई आसिफ अकील भी हाथ मे चप्पल लिए मार पीट करते नज़र आ रहें है। वीडियो सँभवता घर मे लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हुआ है जिसमे परिवार की महिलाओं समेत अन्य लोग भी नजर आ रहे है। हालांकि “सहारा समाचार” वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता है लेकिन वीडियो को राजधानी में चटखारे लेकर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि विधायक आरिफ अकील ने स्वास्थ्य कारणों के चलते खुद की जगह अपने बेटे आतिफ अकील को टिकिट दिए जाने की सिफारिश की थी जिससे उनके भाई अमीर अकील ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय ताल ठोंक दी यही नही कहीं न कहीं आरिफ अकील के दूसरे बेटे मजीद अकील भी टिकिट की उम्मीद पाले हुए थे लेकिन आरिफ अकील की सिफारिश के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने आतिफ अकील को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद से पूरे परिवार में सर फुटव्वल को दौर जारी है ।

अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे – कमलनाथ.

We will formulate a simple and beneficial policy for the future of guest teachers and scholars.” – Kamal Nath Manish Trivedi भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने X हैंडल पर मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों को रहत भरी खबर पोस्ट की है. कमलनाथ ने अपने ट्वीट लिखा की, में स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था को सतत् और सुचारू रखने वाले अतिथि शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस वचनबद्ध है।अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे ताकि उन्हें नियमित सेवा में स्थान मिल सके और उनकी वर्षों की सेवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो।

“विधायक मेडिसिन बैंक” देगी लोगों को निःशुल्क दवाएं, विधायक श्री पाठक ने की स्थापना की घोषणा”

Praveen Pathak; Gwalior; congress; candidate; sahara samachaar;

Legislator Medicine Bank” will provide free medicines to people, announced by legislator Shri Pathak. श्री पाठक ने कल 12 नवंबर को वार्ड 55 एवं आज सुबह वार्ड 51 में किया “परिजन संपर्क कार्यक्रम, इसके साथ ही दोपहर से रात तक चार स्थानों पर किया परिजन संवाद कार्यक्रम” ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी ने “विधायक मेडिसिन बैंक” की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि अब लोगों को निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी।विधायक श्री पाठक ने 2018 में विधायक बनने के बाद 2019 में “विधायक स्टेशनरी बैंक” की स्थापना की थी जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में स्थित शासकीय विद्यालयों के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध करवाई जाती है। विधायक श्री पाठक ने अभी हाल ही में पिछले माह ग्वालियर दक्षिण के समस्त शासकीय विद्यालयों में एक साथ एक ही दिन में 10 हजार से ज्यादा बच्चों को निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध करवा कर एक इतिहास रचा था।विधायक श्री पाठक ने अब एक नया क्रांतिकारी कदम उठाते हुए “विधायक मेडिसिन बैंक” की स्थापना करने की घोषणा की है उन्होंने कहा कि इसके तहत उन लोगों को निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी जो स्वयं इसका खर्च उठाने में सक्षम नहीं है।विधायक श्री पाठक ने आगे कहा कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और आज के युग में इन दोनों पर अत्यधिक राशि खर्च होती है इस कारण समाज का गरीब तबका इन दोनों क्षेत्र में उच्च स्तरीय सुविधाओं से वंचित रह जाता है इसीलिए अब निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध कराने के बाद अब हमने एक नया कदम उठाया है जिसके तहत लोगों को अब निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी।उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कोशिश की है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ अपने क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए मैं अपना शत प्रतिशत योगदान दूं , इसमें मैं काफी हद तक सफल भी हुआ हूं । आगे आने वाले समय में इन क्षेत्रों के अलावा दक्षिण विधानसभा के संपूर्ण विकास के लिए प्राण पण से जुटा रहूंगा। श्री पाठक ने कल 12 नवंबर किया वार्ड 55 में “परिजन संपर्क कार्यक्रम”ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी द्वारा अपने परिजनों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने के क्रम में कल रविवार 12 नवंबर को वार्ड 55 में परिजन संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया । इसके तहत सभी कार्यकर्तागण अवाड़़पुरा चौराहा पर एकत्रित होकर गुलजार चौक होते हुए मुर्गी फार्म, गुढ़ी, मेवाती मोहल्ला, पिछोरों की पहाड़िया, न्यू वकील कॉलोनी, पुरानी वकील कॉलोनी, गुड़ा गुड़ी का नाका, प्रजापति मोहल्ला, ईश्वर बिहार कॉलोनी में अपने परिजनों से मिलते हुए जैन मंदिर पहुंच कर आज का परिजन संपर्क कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने बड़े उत्साह के साथ अपने बेटे प्रवीण का तहे दिल से स्वागत किया एवं पुष्प हार पहनाकर सत्कार किया। पैर में चोट के बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज वार्ड 51 में किया “परिजन संपर्क कार्यक्रम”पैर में चोट लगने के बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज सुबह वार्ड 51 में परिजन संपर्क कार्यक्रम किया । ज्ञात हो कि कल 12 नवंबर को परिजन संपर्क कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री पाठक के पैर पर चार पहिया वाहन चढ़ गया था जिसकी वजह से उनके पेर में चोट लग गई थी । इसके बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज का परिजन संपर्क लंगड़ाते हुए दो व्यक्तियों का सहारा लेकर पूरा किया । इसके तहत सभी कार्यकर्ता गण सिकंदर कंपू पुलिस चौकी पर एकत्रित होकर आगे बढ़ते हुए हाथी खाना , पानी की टंकी से अब्बास की बगिया, कब्रिस्तान रोड ,सोलंकी धर्मशाला से आगे बढ़ते हुए शीतला कॉलोनी, जाटव वाली गली, धोबी वाली मस्जिद से होते हुए धान मिल पर पहुंचकर आज का परिजन संपर्क कार्यक्रम संपन्न हुआ ‌ इस दौरान लोगों ने विधायक श्री पाठक को पगड़ी पहनाकर फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। ढोल नगाड़ों के साथ कई स्थानों पर पटाखे फोड़े गए। विधायक श्री पाठक ने “परिजन संवाद कार्यक्रम” के तहत आज चार नुक्कड़ सभाओं को किया संबोधितग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी ने आज अपना तूफानी जनसंपर्क जारी रखा । इसके तहत सुबह परिजन संपर्क कार्यक्रम किया एवं दोपहर 3:00 बजे से लेकर रात तक चार स्थानों पर परिजन संवाद कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया । इसके तहत पहला परिजन संवाद कार्यक्रम वार्ड 52 की शिव शक्ति वाटिका में, दूसरा कार्यक्रम वार्ड 38 के जनकपुरी कॉलोनी चौराहा पर, तीसरा कार्यक्रम वार्ड 52 के तोमर फॉर्म के पास एवं चौथा कार्यक्रम वार्ड 38 के मुरली गार्डन गोल पहाड़िया पर आयोजित किया गया।

भोपाल में हंगामे की भेंट चढ़ा विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह।

Diwali gathering of people of Vindhya region marred by uproar in Bhopal. कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों द्वारा लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप।समारोह में आमने सामने आए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और साथ में दीपावली का त्योहार दोनो एक साथ होने से चुनाव की सरगर्मी और दीपावली के पटाखों की धमक के बीच राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का जोश दौहरा नजर आ रहा है। यही दौहरा जोश आज भोपाल में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हंगामे का कारण बन गया। हुआ यह की चुनावी माहौल की गर्माहट के बीच आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मार पीट हो गयी और पूरा कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस मामले में खास बात यह रही कि हंगामे की भेंट चढ़े इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और उनकी मौजूदगी में ही यह बबाल हुआ।इस घटना को लेकर कार्यक्रम में बिन बुलाए हाजिर हुए  कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उनके समर्थकों पर हंगामा मचाकर उपद्रव व अभद्रता करने के आरोप भाजपा नेता और कार्यक्रम आयोजक द्वारा लगाए गए हैं। हंगामा होने के बाद में आयोजकों द्वारा बीच बचाव और पीसी शर्मा के समर्थकों सहित कार्यक्रम स्थल से वापिस लौटने के बाद मामला शांत हुआ। विंध्य क्षेत्र के लोगों का था दीपावली मिलन समारोह भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह रखा गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन भोपाल विकास प्राधिकरण के वॉइस चेयरमैन सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया था। मध्य प्रदेश सिंधु भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी भी अपने तमाम समर्थकों के साथ मौजूद थे। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपशब्द बोलने पर हुआ हंगामा भोपाल में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए आयोजित दीपावली मिलन समारोह में विवाद इस कार्यक्रम में अचानक पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को लेकर हुआ। पीसी शर्मा कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब भोपाल दक्षिण पश्चिम से कांग्रेस के प्रत्याशी होने के साथ ही क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी हैं। वह पिछले काफी समय से सक्रिय हैं और दिग्विजय सिंह खेमे के कद्दावर नेता हैं। आज समारोह के दौरान पहुंचे पीसी शर्मा पर भाजपा समर्थित कुछ लोगों ने विंध्य के लोगों को अपशब्द कहने का आरोप लगा दिया, बस इसी बात पर बात बढ़ी और दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने सामने आ गए और हंगामा शुरू हो गया। जमकर चले लात घूंसे और गालियों की हुई बौछार इस विवाद में कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा और भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी के समर्थक आमने सामने हो गए। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मुहवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते गाली गलौज और मारपीट में तब्दील हो गया और दोनो पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर लात घूंसे बरसा दिए। मारपीट बढ़ने के बाद कार्यक्रम आयोजक और भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों ने बीच बचाव कर झगड़ा सुलझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख जब कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल से वापिस रवाना हो गए। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ और समारोह का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सका। इस कार्यक्रम में तमाम नेता और उनके समर्थकों के साथ साथ विंध्य क्षेत्र के करीब एक हजार लोग मौजूद थे। विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलना कांग्रेस को पड़ेगा महंगा:- अभिनव पाण्डेय दीपावली मिलन समारोह में हुए हंगामे और मारपीट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अभिनव पाण्डेय ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पर समारोह में बिना बुलाए समर्थकों सहित पहुंचने और विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीसी शर्मा और उनके समर्थक विंध्य क्षेत्र के लोगों को बुरा भला कहने से पहले यह भूल गए की इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 52000 से अधिक मतदाता विंध्य क्षेत्र से हैं और उनका वोट ही निर्णायक भूमिका निभाता है। इस अभद्रता का खामियाजा इस चुनाव में केवल पीसी शर्मा को ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेसियों ने अमर्यादित शब्दों का उपयोग कर जिस तरह से विंध्य क्षेत्र के लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है उसका जवाब लोग मतदान के दिन देंगे। यह अपमान कांग्रेस पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।

खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बने देवांशु झारिया।

Jabalpur; Sahara Samachaar; Congress; Devanshu Jhariya;

Devanshu Jharia becomes State General Secretary of Sports and Players Cell Congress. संतोष सिंह तोमर भोपाल। कांग्रेस पार्टी जबलपुर के युवा नेता देवांशू झारिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। देवांशु झारिया (देवा) निवासी 10 धनवंतरी नगर जबलपुर की नियुक्ति मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति से एवं उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे. पी. धनोपिया के अनुमोदन पर खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मतीन खान के द्वारा की गई। देवांशू झारिया ने अपनी नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे.पी. धनोपिया और खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ मतीन खान सहित कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री देवांशू झारिया ने पार्टी को विश्वास दिलाया है कि वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने के लिए पूरी लगन एवं ईमानदारी से कार्य करते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे। देवांशू झारिया की नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों एवं इष्टमित्रों द्वारा शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं गईं।

कमलनाथ ने किया संकल्प पत्र पर प्रहार, पूछे शिवराज से 5 सवाल.

Kamal Nath has launched an attack on the manifesto, posing 5 questions to Shivraj. कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ये पांच सवाल भी पूछे हैं. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने BJP के संकल्प पत्र को लेकर कहा “पूरे प्रदेश में बेटियों को 3000 रुपये देने की घोषणा करने के बाद भाजपा ने पलटी मारी है, उनके संकल्प पत्र से यह घोषणा गायब है” उन्होंने आगे कहा “नौजवानों को नौकरी नहीं, बहनों को सम्मान नहीं, किसानों की कर्जमाफी नहीं, कर्मचारियों को पेंशन नहीं, ओबीसी को आरक्षण नहीं, यही है भाजपा का संकल्प है. कांग्रेस के वचन पत्र में जनहितैषी वादे हैं, जबकि भाजपा के संकल्प पत्र में जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश.” कमलनाथ ने कहा कि 18 साल से झूठ की बुनियाद पर खड़े शिवराज जी इन सवालों का जबाव नहीं देंगे. लेकिन मप्र की जनता आगामी 17 नवम्बर को वोट की मशीन पर उंगली दबाकर झूठ की मशीन को नष्ट कर देगी. शिवराज सिंह चौहान ने 4 महीने पहले घोषणा की थी कि प्रदेश में एक लाख सरकारी नौकरियों पर भर्ती की जायेगी. लेकिन आज तक भाजपा ने नहीं बताया कि कितनी नौकरी दी गयी. जनता को यह सच्चाई पता होना चाहिये कि पिछले चार घोषणा पत्र से भाजपा, सरकारी नौकरी देने का वादा करती आयी है लेकिन कभी पूरा नहीं किया. पिछले चार घोषणा पत्र की तरह इस बार भी नौकरी और रोजगार का वादा तो भाजपा करेगी, लेकिन देगी किसी को भी नहीं. कमलनाथ ने कहा “भारतीय जनता पार्टी झूठ बोलो और भाग जाओ और फिर नया झूठ लेके आओ की रणनीति पर चलती है. बीजेपी ने मध्यप्रदेश को महिला अत्याचार में नंबर 1 बना दिया है. मध्यप्रदेश की बहन-बेटियां और माताएं अब बीजेपी के दुःशासन को समाप्त करेंगी.” कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को वादे नहीं, झांसे दिये हैं. आपको पता होगा कि भाजपा ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को मध्यप्रदेष का प्रभारी बनाया है जो किसानों के खिलाफ काले कानून बनाने और 700 किसानों की शहादत के लिये जिम्मेदार हैं. पूर्व सीएम ने कहा अगर समग्रता में देखें तो 100 यूनिट तक बिजली माफ 200 यूनिट तक बिजली हाफ, स्कूली छात्रों को 500 से 1500 रुपये तक छात्रवृत्ति, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, जातिगत जनगणना, गेंहू और धान पर बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य, तेंदूपत्ता बोरी की कीमत 4000 रुपये जैसे वादे कांग्रेस पार्टी के वचन की तुलना में सिर्फ झुनझुना हैं. अब जनता भाजपा का बाजा बजा देगी.

मध्य प्रदेश बीजेपी ने खोला अपना संकल्प पत्र का पिटारा, प्रत्येक परिवार को रोजगार, 2700 गेहू खरीदेंगे, जानिए बड़े ऐलान.

JP Nadda; Shivraj Singh; VD Sharma; Sahara Samachaar; BJP;

BJP in Madhya Pradesh has unveiled its manifesto, pledging employment for every family, the purchase of 2700 quintals of wheat, and other major announcements. Manish Trivediभोपाल: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव हैं. विधानसभा चुनाव के बीच बीजेपी ने आज अपना घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी किया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है. नड्डा ने कहा, गेहूं का एमएसपी 2700 रुपये और चावल का एमएसपी 3100 रुपये की जाएगी. 6 एक्सप्रेसवे बनाएंगे. रीवा, सिंगरोली और शहडोल में एयरपोर्ट बनाएंगे. संकल्प में कहा गया है कि लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान दिया जाएगा. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर दिया जाएगा. इसके अलावा, 15 लाख ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए लखपति बनाएंगे. इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कांग्रेस बोलती है कि नरक चतुर्दशी को मैनिफेस्टो क्यों ला रहे हो? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षण का वध किया था. ‘संकल्प पत्र में के अहम् बिंदु’ हर ST ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय बनाया जाएगा. हर ST ब्लॉक में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा. गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल और धान की खरीद 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से होगी. जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. तेंदूपत्ता के लिए 4,000 हजार रुपये प्रति मानक बोरा दिया जाएगा. 1 करोड़ 30 लाख बहनों को आर्थिक सहायता के साथ साथ घर की सुविधा भी दी जाएगी. गांव की बहनों को लखपति बनाने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का काम शुरू किया जाएगा. लाडली लक्ष्मियों को जन्म से 21 वर्ष तक कुल 2 लाख रुपए दिए जाएंगे. गरीब परिवार की छात्राओं को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. उज्ज्वला और लाडली बहनों को 450 रुपए में गैस सिलेंडर मिलेगा. सरकारी स्कूलों में मिड्डे मील के साथ पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा. IIT- AIIMS की तर्ज पर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी और मध्य प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस खोले जाएंगे. 13 सांस्कृतिक लोको को भव्य निर्माण होगा. 6 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे. विंध्य एक्सप्रेसवे, नर्मदा, अटल प्रगति, मालवा निमाड़, बुंदेलखंड और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण होगा. 80 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के साथ वंदे मेट्रो, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और रीवा, सिंगरौली और शहडोल में हवाई अड्डे बनाए जाएंगे. नड्डा ने आगे कहा, राजनीतिक दल पहले लोगों को आकर्षित करते हैं और फिर भूल जाते हैं. वादे करते हैं, भूल जाते हैं और जनता को गुमराह करते हैं. भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने घोषणापत्र को अक्षरश: लागू किया है. उन्होंने कहा, पिछले 20 में मध्य प्रदेश की तस्वीर बदल गई है. बीजेपी के लिए संकल्प पत्र महत्वपूर्ण है. हम अपने संकल्पों को पूरा करते हैं. हमने वादों को जमीन पर उतारा है. हम जो वादा करते हैं, उसे पूरा करके दिखाते हैं. पहले मुझे भोपाल से जबलपुर पहुंचने में घंटों लग जाते थे लेकिन अब सड़क की स्थिति अच्छी है. हमने मध्य प्रदेश में सिंचाई बढ़ाई है. मध्य प्रदेश हिंदी में चिकित्सा शिक्षा शुरू करने वाले पहला प्रदेश बन गया है. नड्डा का कहना था कि 2003 में मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास की दर 0.61% थी, जो आज भाजपा सरकार के 20 साल के कार्यकाल में बढ़कर 24% हो चुकी है. 2003 में यहां 4,231 हेक्टेयर जमीन की ही सिंचाई हो पाती थी, जो आज बढ़कर 16,284 हेक्टेयर हो चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, पिछले 20 साल से जनता ने जिस भरोसे से हमारा साथ दिया है, उसको आगे भी साकार करने की जिम्मेदारी इस संकल्प पत्र में निहित है. भाजपा संकल्प पत्र पूरे प्रदेश की सहभागिता, पर्याप्त शोध, सर्वकल्याणकारी सोच के साथ तैयार किया गया है. हमने प्रदेश में 21 दिन तक पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालीं थीं. एक हजार से ज्यादा स्थानों पर लोगों ने बीजेपी को आशीर्वाद दिया है. मध्य प्रदेश के मन में मोदी हैं. 1500 से ज्यादा स्थानों पर जनआकांक्षा पेटी रखी गई थीं. वहां आमजन मानस से प्रदेश के भविष्य की रणनीति पर सुझाव मांगे थे. सभी सुझाव एकत्रित किए जाने के बाद संकल्प पत्र को तैयार किया गया है. सात लाख से ज्यादा सुझाव आए थे. प्रबुद्ध सम्मेलन में 50 हजार से ज्यादा प्रबुद्ध जनों के परामर्श के साथ संकल्प पत्र को मूर्तरूप दिया गया. एमपी के मन में मोदी अभियान के तहत लोगों की जन आकांक्षाओं का संकलन किया गया.

बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP workers have taken Congress membership. Special Corrospondent Raisen. रायसेन, सांची इन दिनों दोनों ही भाजपा कांग्रेस का चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है लगातार जनसंपर्क का दौर जारी है आयाराम गयाराम का भी दौर चल पड़ा है इस विधानसभा क्षेत्र से प्रमुख रूप से दोनों ही प्रमुख दलों का मुकाबला दिखाई दे रहा है सबसे बड़ी बात यह है कि आमने-सामने दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी डॉक्टर है इनमें भाजपा की ओर से डॉक्टर प्रभूराम चौधरी तो कांग्रेस की ओर से डॉक्टर जीसी गौतम है जानकारी के अनुसार सांची विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में भाजपा ने डॉक्टर प्रभूराम चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने भी डॉक्टर चौधरी की काट ढूंढते हुए डॉ जीसी गौतम को अपना प्रत्याशी बनाया है

शिकायत करने पर बरही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता के उल्लघन पर कार्यवाही.

Action will be taken for violating the Model Code of Conduct in the Barahi region upon filing a complaint. Manish Trivedi कटनी । भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बरही कस्बा में आमसभा के दौरान आदर्श आचार संहिताका उल्लघन के संबंध में शिकायतकर्ता संजय बिलौहा द्वारा सी. विजिल एप पर शिकायत की गयी कि कार्यक्रमके दौरान शासकीय खम्भों भवन पर भारतीय जनता पार्टी के झण्डे एवं झण्डे की लरी रोड के एक छोर सेदूसरे छोर तक लगाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लघन किया गया हैं जिसकी जाँच विधान सभा 92विजयराघवगढ के एफ. एस. टी. प्रभारी के द्वारा की गयी शिकायत सही पाये जाने पर मौके पर लगे झण्डे झण्डेकी लरिया एवं बिजली के खम्भों पर लगे लाऊड स्पीकर जप्त किया जाकर शिकायत थाना बरही में किये जानेपर टेंट संचालक खालिद टेंट कटनी के विरूद्ध थाना बरही में धारा 188 भा.द.वि.का अपराध पंजीबद्ध कियाजाकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही हैं। उक्त कार्यवाही में एफ. एस. टी. टीम बरही प्रभारी विधान सभा 92 एवं उनके स्टाफ की विशेष भूमिका रही.

कांग्रेस के दो नेता अपने बेटों को सेट करने के लिए पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं:- पीएम नरेंद्र मोदी

Two Congress leaders are trying to upset the entire Madhya Pradesh to set up their sons:- PM Narendra Modi पीएम मोदी ने सतना, छतरपुर में चुनावी रैली, सभाओं को किया संबोधित। जनता से भाजपा के लिए मांगा आशीर्वाद, कांग्रेस पर जमकर कसे तंज। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 240 विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को होने वाले चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक दल हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में चुनावी प्रचार तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले सतना पहुंचे, जहां उन्होंने जनता को संबोधित किया। अब इसके बाद पीएम मोदी छतरपुर पहुंचे और भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाने हेतु विशाल जनसभा को संबोधित किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री नीमच के लिए रवाना हो गए। सतना में पीएम मोदी ने जनता को विकास की गारंटी दी, साथ ही एमपी कांग्रेस चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। वहीं छतरपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश को पीछे ले जाने में माहिर हैं। कांग्रेस वाले हर उस काम का विरोध करते हैं, जिससे देश आगे बढ़ने वाला होता है।        बता दें कि बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुना, मुरैना और दमोह में रैलियों को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। वहीं सीएम नितिश कुमार के बयान पर भी कड़ा प्रहार किया था। पीएम मोदी ने हजारों की संख्या में आई भीड़ से कई वादों को पूरा करने की गारंटी भी दी थी। विधानसभा चुनावों के लिए पीएम मोदी इन दिनों ताबड़तोड़ रैली करने में जुटे हुए हैं। भाजपा का प्रचार करने सतना पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार करने गुरुवार को सबसे पहले सतना पहुंचे। जहां चुनावी सभा के मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, सतना जिले के सात विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी एवं कार्यक्रम के प्रभारी तथा महापौर योगेश ताम्रकार उपस्थित रहे। मंच पर मां शारदा की जय जयकार के साथ संबोधन शुरू किया। कांग्रेस के दोनों नेता बेटों को सेट करने में लगे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के दौरान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने आपके सामने 2 ऐसे नेता खड़े किए हैं, जो कई दशकों से मध्य प्रदेश कांग्रेस को चला रहे हैं। आजकल ये दोनों एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं। यही नेता मध्य प्रदेश को दशकों तक अभाव में रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ये आपके बेहतर भविष्य का भरोसा नहीं दे सकते। इनका तो अभी बस एक ही एजेंडा है कि 3 दिसंबर को भाजपा से हारने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस पर किसका बेटा कब्जा करेगा! अपने बेटों को सेट करने के लिए वो पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं। कांग्रेस आएगी तो तबाही लाएगी प्रधानमंत्री ने कहा, आपको एक सीख याद रखनी है, अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई तो फिर आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद बंद कर देगी। 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं और इसमें से एक रुपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छीनती है उसका जीता-जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। जितनी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की आबादी मिलकर है, उतने फर्जी लाभार्थी कांग्रेस ने देश भर में कागजों में पैदा कर दिए थे। गरीबों का घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो आज इन पर भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है अर्थात देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है। आपका वोट दिल्ली में मुझे मजबूत करेगा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- मुझे जो गालियां पड़ रही हैं उसका कारण ये है की भाजपा सरकार ने काली कमाई की दुकानों काे बंद करवा दिया है। कांग्रेस के पास युवाओं के विकास का कोई प्‍लान नहीं है। आप मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को जब अपना वोट देंगे तब आपका एक एक वोट दिल्‍ली में मुझे मजबूत करेगा। इस बार मध्‍य प्रदेश का चुनाव बढ़ा ही दिलचस्‍प है। प्रदेश भर की विशाल जनसभाओं में मेरे परिवारजनों का इतनी बड़ी संख्या में आकर आशीर्वाद देना 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों का अभी से ऐलान कर रहा है। सतना में बंदूक की नाली से संगीत निकलता है:- मोदी उद्बोधन के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंच पर उपस्थित ज्योति चौधरी का नाम पुकारते हुए संगीत सुनने का आग्रह कर उनको बंदूक की नाल से उठने वाले संगीत को प्रस्तुत करने का अवसर दिया। ज्योति चौधरी जिसने जी 20 सम्मेलन में नल तरंग से सभी को मंत्रमुग्ध किया था, पीएम ने मंच से नाम पुकार कर संगीत सुनने का आग्रह किया। वैष्णो जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाने । पीएम मोदी की सभा मे मैहर की ज्योति चौधरी ने संगीत कार्यक्रम प्रस्‍तुत किया। छतरपुर में जनता से मांगा आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी सतना के कायक्रम के बाद छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत सभा स्थल पर मौजूद क्षेत्र के लोगों से उनका आशीर्वाद मांगने के साथ की। उन्होंने कहा कि छतरपुर की जनता का उत्साह देखकर लग रहा है, कि मध्यप्रदेश में भाजपा जीत का नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। जी 20 शिखर सम्मेलन का किया जिक्र विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पिछले दिनों हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपने देखा कि जी 20 का कितना बड़ा सम्मेलन दिल्ली में हुआ। जी 20 की एक बहुत बड़ी बैठक यहां खजुराहो में भी संपन्न हुई थी। इस कार्यक्रम को आपकी वजह से ही सफलता मिली और पूरी दुनिया में जब आपका गुणगान सुनने को मिलता है, तो मेरा सीना गर्व से भर जाता है। छतरपुर की मिट्टी को किया प्रणाम पीएम मोदी ने छतरपुर की मिट्टी को प्रणाम करते हुए कहा कि हम वो लोग हैं, जो भारत की माटी का ये चंदन माथे पर लगाकर गर्व से भर जाते हैं। फौलाद से भरी हुई बुंदेलखंड की मिट्टी में भी हमें यही प्रेरणा, यही शिक्षा, यही … Read more

भाजपा प्रत्याशी के ऊपर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा खरी खोटी सुनाई प्रचार रोक लौटे.

MP Elections; Candidates; Sahara Samachaar;

The anger of the rural people erupted against the BJP candidate, and their grievances were heard loud and clear, leading to a halt in the campaign. Manish Trivedi कटनी । विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कुछ ही दिन बचे हैं चुनाव प्रचार युद्ध स्तर में हो रहा है प्रत्याशी भी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं लेकिन कहीं कहीं जनता का विरोध भी झेलना पड़ रहा है प्रदेश में विधानसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार चरम पर है। इस बीच वोट मांगने जा रहे नेताओं को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला कटनी जिले में सामने आया है। बहोरीबंद से भाजपा विधायक और वर्तमान प्रत्याशी प्रणय पांडेय गुड्डू भैया को बुधवार शाम प्रचार के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। सूत्र बताते हैं की ग्राम मंगेला पटोरी में वोट मांगने पहुंचे श्री पांडे को ग्रामीणों ने प्रचार करने से रोका और जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीण क्षेत्र के विकास और अपनी अनदेखी से नाराज थे। ग्रामीणों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने भाजपा नेता पांडेय को अपने गांव से खदेड़कर भगा दिया है। इस दौरान उनके साथ भाजपा के महामंत्री राजेश चौधरी भी मौजूद थे। ग्राम मंगेला पटोरी के लोगों के जमकर विरोध के बाद उन्हें चुनाव प्रचार बीच में रोक कर वापस लौटना पड़ा। बाहर आ रहा आक्रोशबताया जाता है की भाजपा विधायकों द्वारा जनता की अनदेखी किए जाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। जनता में जो आक्रोश है उसका परिणाम गत दिवस बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मंगेला पटोरी में देखने को मिला। 5 साल तक अपने नेताजी का इंतजार करने से थक चुकी जनता अब उन्हें नकारने से भी पीछे नहीं हट रही है। लोगों में बढ़ते आक्रोश को देख कर आगमी दिनों में ऐसी और भी घटनाएं होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं लोगों का गुस्सा फूट रहा है अब यह गुस्सा क्या रंग खिलाएगा यह तो वक्त ही बताएगा

हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य आमरण अनशन पर बैठे।

The ascetic Chhawni Peethadhishwar Jagatguru Paramhans Acharya sat on a fast unto death demanding a Hindu nation. अन्न जल का परित्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में कर लिया कैद। अनशन रत परमहंसाचार्य के समर्थन में उतरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल। संतोष सिंह तोमर अयोध्या। हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह अपने आश्रम पर सुबह के 4 बजे से ही अन्नजल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने खुद को आश्रम के एक कमरे में कैद कर लिया। है। साथ ही जिला प्रशासन पर जबरन आमरण अनशन तुड़वाने की साजिश करने का आरोप लगाया है। हम आपको बता दें कि परमहंसाचार्य ने हिंदू राष्ट्र घोषित ना होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी पहले ही दे दी थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी लिख चुके हैं कई पत्र आमरण अनशन से जगतगुरु परमहंसाचार्य एक बार फिर से सुर्खियों में छा गए हैं। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए वह एक लंबे समय से संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे देश में घूम- घूमकर हिंदू राष्ट्र की अलख जगाई। हिंदू राष्ट्र की मुहिम से भारत के कई हिंदूवादी संगठनों को भी जोड़ा। उनकी मांग थी कि 6 नवंबर 2023 तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। नही तो 7 नवंबर से अनजल का त्याग कर वह आमरण अनशन पर बैठ जायेंगे इसके लिए वह कई बार देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई, जिसके कारण उन्हें भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने हेतु अन्नजल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है। राममंदिर के लिए उन्होंने 16 दिनों तक आमरण- अनशन किया था जो श्रीरामजन्मभूमि के फैसले में निर्णायक भी साबित हुआ था। सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है हिंदू राष्ट्र हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर उन्होंने सबसे पहले देश में आवाज उठाई और आमरण अनशन किया। आज हिंदू राष्ट्र की मांग पूरे देश की आवाज बन चुका है। जगतगुरु ने कहा कि हिंदू राष्ट्र सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है। जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश दिया गया। जो मुस्लिम राष्ट्र बन चुका है, तो भारत हिंदुराष्ट्र क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि 1947 के बंटवारे से शेष जो भाग भारत बचा हुआ है। उसको जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म व मानवता को बचाने के लिए भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बने। एक परमहंस जाएंगे,तो लाखों परमहंस आयेंगे देश में लगातार लव जेहाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग सनातन धर्म को मिटाने की चुनौती दे रहे हैं। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और मानवता को बचाने के लिए भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए हमारी मांग मान ली जाए। नही तो मेरा शरीर छूट जाए कोई बात नहीं एक परमहंस जायेंगे, तो न जानें कितने हजारों-लाखों परमहंस आयेंगे। परमहंसाचार्य के समर्थन में ओजस्वी फाउंडेशन महाराष्ट्र के एकनाथ महाराज, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी समेत सैंकड़ों आमरण अनशन स्थल पर मौजूद रहे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने दिया संपूर्ण समर्थन जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को समर्थन देने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी तपस्वी छावनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल जगतगुरु परमहंस आचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है। यह कोई नाजायज नहीं बल्कि जायज मांग है। आखिर दुनिया में सबके तो अपने कहने के देश हैं। 85 प्रतिशत हिंदुओं को अपना कहने का कौन सा देश है। भाजपा की केंद्र सरकार से उम्मीद भी यही की जा रही थी कि हिंदू राष्ट्र जल्दी बन जाएगा। लेकिन जिस तरह हिंदू राष्ट्र बनाने में हीलाहवाली हो रही है उससे भाजपा सरकार से विश्वास उठता जा रहा है। अनशन पर बैठे आचार्य ने खुद को किया ताले में कैद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मैं तपस्वी छावनी पहुंचा तो महाराज श्री एक कमरे में अपने आपको बंद करके आमरण अनशन कर रहे थे। पता चला कि पुलिस प्रशासन उनको उठाने के लिए तपस्वी छावनी पहुंच चुकी थी। मजबूरी में उन्होंने अपने आपको तालों के बीच कैद कर अपना अनशन जारी रखा है। भारत का शायद पहला ऐसा आमरण अनशन होगा। जहां पर किसी अनशनकारी को खुद की सुरक्षा के लिए अपने को तालों में बंद करना पड़ा। ऐसा शायद इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। यह काम सरकार को खुद करना चाहिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि जो काम सरकार को खुद कर देना चाहिए था। उसके लिए एक संत को आमरण अनशन करना पड़ रहा है और उससे भी बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या नगरी की पावन धरती पर ऐसा हो रहा है। जबकि भारत सरकार को खुद ही आगे बढ़कर देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए। परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल का पूर्ण समर्थन है और अंत तक रहेगा। जरूरत पड़ी तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल परमहंसाचार्य के समर्थन में अयोध्या की गलियों में भी समर्थन जुटाने के लिए निकलेगी ।

भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं – रामेश्वर शर्मा.

Rameshwar Sharma; Bhopal; BJP; Sahara Samachaar;

BJP not only has a double engine government, Congress doesn’t even have an engine” – Rameshwar Sharma जारी है रामेश्वर शर्मा का जनसंपर्क. उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होगा। उस दिन वोट देने से पहले आप 2003 की तस्वीर जरूर याद रखना जब मिस्टर बंटाढार ने पूरे प्रदेश का हाल बेहाल कर रखा था। सड़क,बिजली पानी की समस्याओं से प्रदेश के लोगों को जूझना पड़ता था। आज डबल इंजन की सरकार में विकास ही विकास हो रहा है। 2003 के बाद मध्यप्रदेश की सूरत बदल गई। प्रदेश से बीमारू राज्य का तमगा हट गया और अब हम तेजी से विकसित होते प्रदेश की पहचान बना चुके हैं। यह क्रम नहीं रुकना चाहिए, इसलिए आवश्यक है कि प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बने। भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार है और कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं है। यह बात हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने जनसम्पर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कही। रविवार को श्री शर्मा ने हुजूर विधानसभा के कोलार क्षेत्र व अन्य इलाकों में जनसंपर्क किया। इसके साथ ही वह अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सर्जीकल स्ट्राइक में हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सीमाओं को सुरक्षित करने का काम किया है। कांग्रेस ने कश्मीर में हमेशा धारा 370 को बच्चे की तरह पालने का काम किया और कश्मीर की जनता को गुमराह करती रही। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि कांग्रेस कहती थी, अगर कश्मीर से धारा-370 हटी तो खून की नदियां बह जाएंगी, हमने दमदारी के साथ धारा 370 हटाई, लेकिन एक भी कंकर तक नहीं हिला। मनमोहन सिंह सरकार में पाकिस्तान से आतंकवादी घुसकर यहां अशांति फैलाते थे, लेकिन अब किसी की हिम्मत नहीं है कि यहां आकर आतंक फैला सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ साल पहले राम मंदिर की तारीख पूछती थी। मैं बताना चाहता हूं कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क बुधवार को हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा नें विधानसभा क्षेत्र के पीरवल्ली गाँव, बैरागढ़ चीचली, कॉस्मो सिटी एवं चिनार रेज़िडेन्सी, राय पिंक सिटी, विंडसर पॉम, साईं श्रद्धा होम्स, पाल मोहल्ला ग्राम मेंडोरी, मेन मार्केट रातीबड़, कालीमाता मंदिर, अब्बास नगर, कोलार, आंगनवाड़ी पुलिया, ओमनगर, कस्टम कॉलोनी में जनसम्पर्क कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चंबल अंचल के दौरे पर मुरैना में करेंगे विशाल जनसभा और रोड शो।

Prime Minister Narendra Modi will hold a huge public meeting and road show in Morena today during his visit to Chambal region. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनाव प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकी जा रही है।इस चुनावी समर में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के तूफानी दौरों ने अन्य पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है। इसी क्रम में आज चंबल अंचल के जिला मुरैना में पहली बार पीएम नरेन्द्र मोदी की सभा होने जा रही है। यह सभा शहर में 5वीं बटालियन पुलिस परेड ग्राउंड में होगी। यहां पुलिस ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए है। सुरक्षा के लिए एक हजार जवान तैनात किए गए हैं। जवानों का नेतृत्व करने के लिए एएसपी, एसपी और एडीजीपी रैंक के अधिकारियों की टीम तैनात की गई है। पीएम की सुरक्षा के लिए यहां दो दिन पहले ही एनएसजी की टीम मुरैना आ चुकी है। एनएसजी के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जा चुके हैं। बाहर से बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया है। मुरैना शहर की ओर आने-जाने वाले सभी मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दिमनी प्रत्याशी तोमर ने लिया तैयारियों का जायजा केंद्रीय मंत्री एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर सुबह के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सभा स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों को देखने के साथ ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की मार्ग व्यवस्था में लगे अधिकारियों से भी चर्चा की। तीन किलोमीटर क्षेत्र नो फ्लाई जॉन घोषित हैलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक 3 किलोमीटर के क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। पुलिस की मर्जी के बिना यहां कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। पीएम की सभा के लिए ग्वालियर-चम्बल संभाग से करीब एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। इस सभा में पीएम मोदी के अलावा दिल्ली और भोपाल से भाजपा के दिग्गज नेता पहुंचने वाले हैं। एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर रखे हुए हैं। शहर में हाई अलर्ट, बनाए तीन सेफ हाउस पूरा मुरैना शहर हाई अलर्ट मोड पर है। भाजपा जिलाध्यक्ष योगेशपाल गुप्ता की माने तो इस सभा में पीएम को सुनने के लिए एक लाख से अधिक लोगों की आने की संभावना है। संभाग के सभी बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में पीएम यहां लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के मुरैना दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों पूरी तरह मुस्तैद हैं। सुरक्षा की कमान संभाल रहे अधिकारियों ने हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तीन सेफ हाउस तैयार किए हैं। पहला सेफ हाउस समर हाउस, दूसरा सेफ हाउस वीआईपी रोड स्थित जीवाजी क्लब और तीसरा सेफ हाउस पुलिस लाइन में रक्षित निरीक्षक के कार्यालय को बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री कृषि नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव हराने संयुक्त किसान मोर्चा उतरा मैदान में।

United Kisan Morcha entered the fray to defeat Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar in the elections. संयुक्त किसान मोर्चा की दिमनी में किसान पंचायत व प्रेसवार्ता आज।राकेश टिकेत, योगेंद्र यादव, सुनीलम मिश्र सहित कई बड़े नेता होंगे शामिल। संतोष सिंह तोमर भोपाल/मुरैना। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को घेरने के लिए कांग्रेस , बीएसपी के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा भी मैदान में कूद गया है, संयुक्त किसान मोर्चा आज मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा में किसान पंचायत करने जा रहा है, इसी विधानसभा से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चुनाव मैदान में है।संयुक्त किसान मोर्चा की किसान पंचायत को राकेश टिकेत, योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम मिश्र (पूर्व विधायक), एसकेएम नेता आविद शाहा, भारत जोड़ो अभियान के सचिव पंकज पुष्कर (पूर्व विधायक) संबोधित करेंगे, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव बादल सरोज ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम आज सुबह 11 बजे मुरैना में प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे। कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच चुनावी राज्यों में “कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ” अभियान चलाने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार द्वारा देश के किसानों पर तीन किसान विरोधी कानून थोपे जाने पर देश भर में किसान संगठनों ने 380 दिन तक आंदोलन चलाया, जिसमें 725 किसान शहीद हुए। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र सरकार को विशेष तौर पर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को इन शहादतों के लिए जिम्मेदार मानता है । मोर्चा ने किसान आन्दोलन की बात को फिर दोहराया  किसान आंदोलन शुरू होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसान नेताओं के साथ तीन बार बातचीत की गई। जिसमें कृषि मंत्री की भूमिका नकारात्मक रही, जिसके चलते वार्ता विफल रही। 380 दिन बाद सरकार ने मजबूरी में तीनों कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया तथा कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया, जो किसानों के साथ धोखा साबित हुआ। केंद्र सरकार ने किसानों से की वादाखिलाफी बादल सरोज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान संगठनों की सहमति से न तो एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए कमेटी बनाई, न दूसरे आश्वासन पूरे किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी ओर से संवाद कायम रखने के लिए फिर एक बार कृषि मंत्री के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने तमाम आश्वासन दिए लेकिन उनमें से एक भी आश्वासन को केंद्र सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया।मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में खुद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में बाजरा सहित अन्य फसलें एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है। किसानों पर कर्ज बढ़ता चला जा रहा है। कृषि मंत्री किसानों को उनका जायज हक देने के लिए कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज मुरैना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथा दिमनी विधानसभा क्षेत्र में किसान पंचायत कर किसान विरोधी, कार्पोरेट मुखी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील करेगा ताकि किसानों की जमीन और कृषि व्यापार कॉरपोरेट को सौंपी न जा सकें।उन्होंने बताया कि किसान पंचायत का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश, भारत जोड़ो अभियान एवं ओबीसी महासभा द्वारा किया जाएगा। किसान पंचायत में अ.भा.कि.सभा के प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एड धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह एवं किसंस के संयोजक एड विश्वजीत रतौनिया ,लतीफ खान शामिल होंगे

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के भाई ने साथियों सहित थामा भाजपा का झंडा।

Leader of Opposition of Congress and brother of Lahar MLA Dr. Govind Singh held the BJP flag along with his colleagues. चुनाव के समय हर बार चर्चाओं में रहे हैं विधायक के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह।पहले भी चुनावों में कर चुके हैं डॉ. गोविंद सिंह का विरोध और दल बदल। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह ने अपने कई साथियों सहित कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने भोपाल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस खबर ने भिंड जिला सहित पूरे प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस बारे में कांग्रेस नेताओं का कहना है की शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं। जबकि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बेटे डॉ. अमित सिंह का कहना है की शैलेंद्र सिंह शुरू से ही कभी भी उनके साथ नहीं रहे और इसके पहले भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी का नहीं बल्कि भाजपा का ही साथ दिया है। उनके भाजपा में जुड़ने से क्षेत्र में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।एक ओर मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होना है वहीं बीजेपी कांग्रेस में दल बदल का खेल अब भी जारी है। ताजा मामला मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के क़द्दावर नेता डॉ गोविंद सिंह से जुड़ा हुआ है, क्योंकि उनके चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह टप्पे अचानक भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह ने चुनाव प्रचार के बीच भोपाल पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अचानक इस तरह कांग्रेस छोड़कर उनके भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है। साथियों सहित ली भाजपा की सदस्यता भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते समय लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेन्द्र सिंह कुशवाह उर्फ टप्पे के साथ साथ मनोज कुशवाह पचोखरा तथा अरविंद कुशवाह बगुलरी, अरुण कुशवाह पचेरा तथा रमेश रावत रावत मुहल्ला लहार ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ साथ 2022 में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 11 से रमेश कुशवाह जिन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था जिनका लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बीच लेनदेन का अभी हाल ही में ऑडियो वीडियो वायरल हुआ था, उन्हें भी हृदेश शर्मा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलाकर भाजपा की प्राथमिकता सदस्यता दिलवाई। शैलेंद्र सिंह ने हमेशा डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया जब इस मामले में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो चुनावी व्यस्तता के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं जब उनके बेटे डॉ. अमित सिंह से इस विषय को लेकर फोन पर बात की तो उन्होनें इस बात का जवाब देते हुए कहा की शैलेंद्र सिंह उर्फ टप्पे मेरे पिता डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई हैं और उनका सहयोग कभी भी हमारे साथ नहीं रहा। एक ही परिवार से जुड़े होने के कारण उनका नाम कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक के भाई के रूप में जरूर जाना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा हर चुनाव में कांग्रेस पार्टी और डॉक्टर साहब का विरोध ही किया है। उनके कारनामों को क्षेत्र की जनता अच्छे से जानती है और उनके भाजपा या अन्य किसी भी दल में आने-जाने से कहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके पहले 2020 में भी उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की थी और उनकी ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रद्युमन सिंह तोमर के साथ कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं। उनका आप उनका पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं। शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं शैलेंद्र सिंह के भाजपा ज्वॉइन करने को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष मान सिंह कुशवाह से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह कांग्रेस में थे ही कब, उनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि यह नेता प्रतिपक्ष का पारिवारिक मामला है इसलिए फिलहाल किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।  शैलेंद्र सिंह को है दलबदल की आदत बता दें कि लहार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शैलेंद्र सिंह (टप्पे) चुनाव आते ही दलबदल करते रहे हैं इसलिए ये कोई नई बात नहीं है। उनका दल बदल चलता रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो उन्हें विभीषण भी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि हरबार विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा कांग्रेस पार्टी और अपने बड़े भाई, लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया गया है, लेकिन इससे वे डॉ. गोविंद सिंह का कभी भी कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाए और इस बार भी उनके इस काम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

1612 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से किया मतदान, 1554 सर्विस वोटर करेंगे इलेक्ट्रानिक वोटिंग.

Vote; ECI; Bhopal; Sahara Samachaar;

1612 employees voted through postal ballots, while 1554 service voters will cast their votes electronically. मंगलवार और बुधवार को भी एमएलबी-एमबीएम में करेंगे मतदान, 9 और 10 को लाल परेड ग्राउंड पर पुलिसकर्मी करेंगे वोटिंग साकिब कबीरभोपाल। सत्रह नवंबर को सुबह 7 से शाम छह बजे तक होने वाले मतदान को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव कराने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के मतदान का काम शुरु कर दिया है। जिसके तहत सोमवार को 1612 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से मतदान किया। इन कर्मचारियों में राजधानी सहित आसपास के जिलों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल है। इसके साथ जिले के 1554 सर्विस वोटर्स को भी इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट जारी कर दिए गए हैं। यह लोग देश में जहां भी तैनात होंगे, वहां से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कर सकेंगे।राजधानी में 9018 कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई है, जिसकी वजह से यह कर्मचारी अपने मतदान केंद्र पर जाकर मतदान नहीं कर सकेंगे। जिसको लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने इन कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट छपवाकर रखे हैं। इन लोगों के लिए एमबीएम और एमएलबी कॉलेज में चुनावी ट्रेनिंग के साथ पोस्टल बैलेट से मतदान करने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारी मतदान कर सकेंगे। पुलिसकर्मी 9 और 10 को करेंगे मतदानजिले में 17 हजार 809 कर्मचारियों से पोस्टल बैलेट से वोटिंग कराई जानी है। जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों के लिए लाल परेड ग्राउंड पर गुरुवार और शुक्रवार को वोटिंग कराई जाएगी। इसमें सिर्फ वही पुलिसकर्मी शामिल होंगे, जिन्होंने चुनावी ड्यूटी होने पर प्रारूप-12 का आवेदन पेश किया था।

दो बार की ट्रेनिंग के बाद भी मतदान का समय नहीं बता पाए कर्मचारी, 98 हो गए फेल.

ECI; Sahara Samachaar; Bhopal; MP Electios;

Even after two rounds of training, the employee failed to specify the voting time, resulting in 98 failures. पहले दिन चुनाव कराने 3276 कर्मचारियों ने दी परीक्षा, दोबारा लेना पड़ेगी ट्रेनिंग. भोपाल के 9018 कर्मचारियों की तीन दिन चलेगी ट्रेनिंग, ट्रेनिंग में फिर गायब रहे सौ अधिकारी-कर्मचारी साकिब कबीरभोपाल। जिले की बैरसिया, नरेला, उत्तर, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में विधायक का चुनाव कराने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों की दूसरे दौर की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके तहत सातों विधानसभा के 9 हजार 18 कर्मचारियों को ट्रेनिंग सोमवार से शुरु कर दी गई है। पहले दिन की ट्रेनिंग में 3 हजार 276 कर्मचारी पहुंचे, जिनकी ट्रेनिंग होने के बाद परीक्षा ली गई। इस परीक्षा में 98 कर्मचारी फेल हो गए। जो पेपर में दिए गए 25 में से आठ सवालों के जवाब तक नहीं दे पाए। दो बार ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारी-कर्मचारी परीक्षा में मतदान का समय और ईवीएम मशीन को क्लियर करने का तरीका तक नहीं बता पाए। अब मंगलवार को इन कर्मचारियों को दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।सोमवार को दूसरे दौर की ट्रेनिंग का सुबह 8 बजे से पहला सत्र शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक चला। इस दौरान उन्हें ईवीएम, मॉक पोल, वोटिंग, मतदान सामग्री लेने से लेकर जमा कराने तक की बारिकियां सिखाई गई। इसके बाद कर्मचारियों ने परीक्षा दी। इसके जरिए यह पता लगाया गया कि कर्मचारियों ने ट्रेनिंग को कितनी गंभीरता से लिया है। दोपहर 2 बजे के बाद दूसरा सत्र शुरू हो गया, जो शाम 7 बजे तक चला। मोतीलाल विज्ञान कॉलेज और महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में प्रत्येक सत्र में 900-900 कर्मचारियों को चुनाव से जुड़ी हर जानकारी दी जा रही है। 105 मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। मंगलवार और बुधवार को भी कर्मचारियों को दो सत्र में ट्रेनिंग देकर परीक्षा ली जाएगी। पी-2 और पी-3 के लिए यह फाइनल ट्रेनिंगपी-2 और पी-3 यानी मतदान कराने वाले कर्मचारियों के लिए यह फाइनल ट्रेनिंग है। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिलेगा। इसलिए उन्हें चुनाव आयोग की बुकलेट भी दी जाएगी। पीओ यानी पीठासीन अधिकारी और पी-1 यानी मतदान अधिकारी को एक बार फिर 13 और 14 नवंबर को फाइनल ट्रेनिंग दी जाएगी। कर्मचारियों को नहीं पता मॉकपोल का समयवोटिंग से पहले यदि कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट या वीवीपेट मशीन खराब हो जाए तो आप क्या करेंगे? मतदान से जुड़े इस तरह के 25 प्रश्न कर्मचारियों से ट्रेनिंग के बाद पूछे गए। कई कर्मचारी रियल मतदान शुरु होने के पहले मॉकपोल का समय भी नहीं बता पाए। इस बार सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने बताया कि जो कर्मचारी इस परीक्षा में फेल होंगे, उन्हें दोबारा से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा देना पड़ेगी।

तीन दिन में 113 टीम 2510 बुजुर्ग और दिव्यांगों के घर जाकर डलवाएंगी वोट.

Postal Ballot; Elections; ECI; Sahara Samachaar;

In three days, 113 teams will visit the homes of 2510 senior citizens and disabled individuals to get their votes cast. दस दिन पहले कराई कर्मचारियों, बुजुर्ग और दिव्यांगों की वोटिंग. आज से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जाएंगी टीमपोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे बुजुर्ग और दिव्यांग. साकिब कबीरभोपाल। पहली बार निर्वाचन आयोग ने अस्सी से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट से घर से ही मतदान करने की सुविधा मुहैया कराई है। जिसके तहत सात, आठ और 9 नवंबर को सुबह 9 से शाम पांच बजे तक मतदान दल इन लोगों के घर पहुंचकर वोट डलवाएंगे। जिसके लिए विधानसभा में उम्मीदवारों के हिसाब से पोस्टल बैलेट जारी कर दिए गए हैं। मंगलवार से जिले की सातों विधानसभा में 113 मतदान दल घर-घर जाकर मतदान कराएंगे। पोस्टल बैलेट में उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह पर सील लगाकर पेटी में डाला जाएगा। इन पेटियों को ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। जो मतगणना के दिन खोली जाएंगी। जिले में 80 से 100 साल के बीच भोपाल में 23 हजार 506 मतदाता है, जबकि 147 मतदाता शतायु हैं। इसके साथ ही जिले में 7 हजार 579 दिव्यांग मतदाता हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को इस बार घर पर ही पोस्टल बैलेट से मतदान करने की सुविधा दी गई थी। जिसके तहत 2311 बुजुर्गों ने घर से मतदान करने का आवेदन किया, जबकि 199 दिव्यांगों ने घर से मतदान करने की सहमति दी। मंगलवार से गुरुवार तक इन लोगों से वोटिंग कराई जाएगी। इस केटेगरी के 28 हजार 575 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने का आवेदन ही नहीं किया है। अब इन लोगों को 17 नवंबर को सुबह 7 से शाम छह बजे तक ही मतदान करना पड़ेगा। मतदान की गोपनीयता रहेगी बरकरारजिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि पहली बार बुजुर्ग और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा है। घर जाकर वोटिंग कराने वाला दल इस बात का ध्यान रखेगा कि मतदान करने वाला बुजुर्ग या दिव्यांग पूरी गोपनीयता के साथ वोट डालें। पोस्टल बैलेट पर सील लगाने के बाद उसे मत पेटी में डालकर सुरक्षित रखा जाएगा।

विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क पहुंची है। – रामेश्वर शर्मा

Rameshwar Sharma; Bhopal; Huzur; BJP; Sahara Samachaar;

In the Assembly, health, education, and roads have reached from village to village. – Rameshwar Sharma उदित नारायणभोपाल। गांव गरीब और किसान कल्याण के लिए विगत 18 वर्षों में जो काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है उतना काम पहले किसी सरकार ने नहीं किया इस कारण से सम्पूर्ण प्रदेश सहित हुजूर विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव तक स्वास्थ्य शिक्षा और सड़क पहुंची है। इसलिए हम आपका वोट अधिकार के साथ एक बार फिर मांगने आए हैं। अतः 17 नवंबर के दिन कमल का बटन दबाकर हुजूर और मध्य प्रदेश में भाजपा को पुनः विजयी बनाना है। यह बात जनसंपर्क के दौरान भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कही। भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि मेरा प्रयास रहता है कि विकासपरक सोच के साथ जन भावनाओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ा जाए। यही वजह है कि आज जनता का आशीर्वाद निरंतर मुझ पर बना हुआ है। क्षेत्र का विकास मेरी पहली प्राथमिकता है। मैंने एक सेवक के रूप में हुजूर परिवार का मन जीता है। इसलिए अब परिवारजन मुझे विजयी बनाएगें। इन स्थानों पर रहा जनसंपर्कहुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से भेंट कर अन्य चुनावी गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उनके द्वारा फंदा मंडल कार्यालय का शुभारंभ, वार्ड क्रं. 83 व 84 बूथ की बैठक के साथ साथ अन्य बैठकों में सम्मिलित हुए। सोमवार को इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क हुजूर प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने रविवार को क्षेत्र के नवीन बस्ती, बैरागढ़ कलां, फंदा, तूमड़ा, वैभव मैरिज गार्डन, महाबली नगर, कोलार, श्रद्धा मैरिज गार्डन, सीटीओ, प्रताप वार्ड, वार्ड क्र. 01, अर्जुन वार्ड, गोंडबस्ती, नई बस्ती सेक्टर -3 (बंजारा बस्ती), शहीद भगत सिंह, ऋषि विलास कालोनी, पतंजली कालोनी, द ब्लेयर कालोनी, कटारा हिल्स, भगवती नगर, स्वामी विवेकानंद परिसर, गौरीशंकर परिसर, सिल्वर स्टेट, पार्क सिटी, रजत गोल्डन नेस्ट, गोल्ड विला, स्प्रिंगवैली ड्यू, स्प्रिंगवैली जुनिपर, स्प्रिंगवैली, प्राईड सिटी, आमरीन होम्स, सागर गोल्डन पॉम, एटलांटिस सिटी, हेवंस लाईफ, कस्तूरी रॉयल पार्क, सिग्नेचर 360, पवित्र परिसर, सिग्नेचर सिटी, श्री कृष्णा हाईटस, रामायण साउथ एवेन्यू, त्रिभुवन विहार, रामायण साउथ एवेन्यू फेस-1 स्थानों पर जनसंपर्क कर नागरिकजनों से भाजपा को जिताने की अपील की।

प्रदेश की 62 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

Congress and BJP are in a tough competition on 62 seats in the state उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। Un प्रदेश में इस बार चुनावी बिसात पर किसकी होगी जीत और कौन रहेगा खाली हाथ.?, यह सवाल प्रदेश ही नहीं देश भर के जेहन में हैं। प्रदेश की 230 सीटों पर हो रहे चुनाव में भाजपा अभी कांग्रेस की तुलना में ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। दोनों की मजबूत सीटों की बात की जाए तो भाजपा में यह संख्या 98 है। वहीं, कांग्रेस 70 सीटों पर बढ़त बनाए दिख रही है। दोनों में अभी 28 सीटों का अंतर है। बड़ी बात यह है कि फिलहाल 62 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही कांटे के मुकाबले में है। निश्चित रूप ये इन्ही सीटों पर जीत और हार से ही सत्ता का निर्धारण होगा।कुल सीट- 230भाजपा- 98कांग्रेस- 70कांटे की टक्कर वाली सीट- 62 कांटे की लड़ाई वाली इन सीटों पर दोनों ही दलों के बागी प्रत्याशियों के साथ बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी भी निर्णायक भूमिका में हैं। बसपा और सपा तो इनमें से कुछ सीटों पर सिर्फ खेल बिगाडने की नहीं बल्कि जीतने की भी स्थिति में आ सकती हैं। हालांकि, दोनों दलों के बागी जीतने की स्थिति में न होकर सिर्फ पार्टी को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। हमारी टीम के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा की इन सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में हैइंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 4, महू, सांवेर, उज्जैन दक्षिण, पंधाना, बागली, रतलाम शहर, जावरा, आलोट, मंदसौर, मल्हारगढ, सुवासरा, गरोठ, मनासा, सुसनेर, खंडवा, हरसूद, मन्धाता, नेपानगर, खरगोन, पानसैमल, राजपुर, जोबट, पेटलावद, धरमपुरी, देवास, मनावर, सतना, नागौद, रामपुर बाघेलान, रीवा, सिरमौर, मनगंवा, पुष्पराजगढ, धौहनी, जैतपुर, देवसर, मानपुर, अनूपपुर, सागर, खुरई, नरियावली, रहली, जतारा, एक ओर भाजपा जहां सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, कांग्रेस भी मैदानी मोर्चें पर सब कुछ दांव पर लगाए है। कुल मिलाकर सियासी दल ही नहीं सियासी पंडित भी यह मानकर चल रहे हैं कि इस बार प्रदेश में लड़ाई कांटे की है। बीजेपी की बढ़त वाली सीटेमलहरा, महाराजपुर, दमोह, पथरिया, हटा, पन्ना, गुनौर, पवई, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, बमौरी, पिछोर, करैरा, दतिया, भांडेर, सेवढा, भिंड, मेहगांव, सुमावली, दिमनी, अंबाह, विजयराघवगढ बहोरीबंद शाहपुर देवास बालाघाट लांजी परसवाडा वारासिवनी कटंगी बरघाट गोटेगांव जबलपुर कैंट बरगी, पाटन नरसिंहपुर नरेला हुजूर, गोविंदपुरा बैरसिया सिलवानी सांची कुरवाई सिरोंज शमसाबाद सारंगपुर बुधनी सोहागपुर पिपरिया सिवनी मालवा बैतूल भैंसदेही आमला।वहीं, इन सीटों पर जनता जर्नादन कांग्रेस का हाथ मजबूत करती नजर आ रही है- कांग्रेस की जीत की संभावना वाली सीटराउ, देपालपुर, तराना, नागदा खाचरौद, सैलाना, नीमच शाजापुर, कालापीपल, भगवानपुरा, कसरावद, भीकनगांव, बडवानी, सेंधवा, झाबुआ, थांदला, कुक्षी, गंधवानी, सोनकच्छ, रैगांव, अमरपाटन, मउगंज, चुरहट, सिंगरौली, चितरंगी, ब्यौहारी, बांधवगढ, कोतमा, बंडा, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर, खरगापुर, चंदली, राजनगर, जबेरा, ग्वालियर पूर्व, भितरवार, चाचौड़ा, राघौगढ़, मुंगावली, चंदेरी, पोहरी, विजयपुर, अटेर, लहार, जौरा, डबरा, बड़वारा, डिंडोरी, बिछिया, मंडला, बैहर, सिवनी, केवलारी, तेंदुखेडा, गाडरवाडा, छिंदवाडा, पांर्ढुना, परासिया, सौंसर, जबलपुर पूर्व, जबलपुर पश्चिम, पनागर,लखनादौन, उदयपुरा, राजगढ, खिलचीपुर, ब्यावरा, आष्टा, मुलताई, घोडाडोंगरी। इन सीटों पर फाइटइंदौर- 3, इंदौर -5, उज्जैन उत्तर, बडनगर, घट्टिया, महिदपुर, रतलाम ग्रामीण, जावद, शुजालपुर, आगर, खातेगांव, बुरहानपुर, महेश्वर, बड़वाह, राजपुर, अलीराजपुर, धार, बदनावर, हाटपिपल्या, चित्रकूट, मैहरसेमरिया, त्योंथर, देवतालाब, गुढ़, सीधी, सिंहावल, देवरी, बीना, सुरखी, निवाडी, छतरपुर, बिजावर, ग्वालियर दक्षिण, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, कोलारस, गोहद, मुरैना, सबलगढ, श्योपुर, बड़वारा, चौरई, जबलपुर उत्तर, सिहोरा, अमरवाडा, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण पश्चिम, भोपाल मध्य, भोजपुर, विदिशा, गंजबासौदा, नरसिंहगढ, सीहोर, इछावर, होशंगाबाद, हरदा, टिमरनी।

BJP को लगा बड़ा झटका, पूर्व विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP suffered a major setback as a former legislator joined the Congress party. मनीष त्रिवेदी – सहरा समाचारमुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी दलों में नेताओं का पार्टी छोड़ने का क्रम लगातार चला आ रहा है। चुनावो में अब ज्यादा दिन नहीं रह गए है. चम्बल क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा, मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा से पूर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश सुमन ने शनिवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच श्री सुमन ने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। इस्तीफे के बाद अंबाह विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश जाटव की मुश्किलें बढ़ती है या घटती है, या आगे क्या समीकरण बनते है. यह तो वक़्त ही बताएगा.

प्रत्याशी के समर्थन में बैठक करने पर एफआईआर दर्ज.

FIR; Bhopal; Sahara Samachaar;

Filing an FIR for holding a meeting in support of a candidate. साकिब कबीरभोपाल। रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा द्वारा बैरागढ़ क्षेत्र के कई मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ हुजूर विधानसभा के सामान्य प्रेक्षक तलत परवेज भी साथ रहे। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल बैरागढ़ में बूथ क्र. 60, 61, 62, 63 एवं 64 का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु रिटर्निंग अधिकारी हुजूर को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान नवयुवक सभा स्कूल के कैम्पस के अंदर हॉल में अनाधिकृत रूप से 25 से 30 लोग उपस्थित थे । ये एक प्रत्याशी के समर्थन में बैठक कर रहे थे। उनके पास वहां उपस्थित होने की कोई वैधानिक अनुमति न होना एवं ऐसी गतिविधि आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन है। अतः उक्त प्रकरण पर निर्वाचन नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने आरओ हुजूर द्वारा थाना प्रभारी, थाना, बैरागढ़ को नवयुवक सभा स्कूल में बिना अनुमति के एकत्रित/मीटिंग आयोजित करने के संबंध में कार्यवाही करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया। उक्त पत्र के पालन में थाना प्रभारी द्वारा नवयुवक सभा स्कूल के सह सचिव दिनेश वाधवानी, कैलाश साधवानी, सूरज यादव (अध्यक्ष ऑटो यूनियन संघ), भूपेन्द्र गुर्जर (विहिप) एवं 20 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज की। प्रेक्षक द्वारा आरओ हुजूर को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र का सघन निरीक्षण अपनी टीम के द्वारा कराया जाना सुनिश्चित करें एवं पुनः उक्त प्रकार की परिस्थिति निर्मित होने पर तत्काल नियमानुसार आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की कार्यवाही करें। एसडीएम हुजुर आशुतोष शर्मा ने ने सभी राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से अपील की है कि आचार संहिता का पालन करें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी

एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.

Sahara Samachaar;

More than Hundred people have joined the Congress party. सीताराम कुशवाहाविदिशा, ग्यारसपुर में कांग्रेस सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर कांग्रेस के गंजबासौदा ग्यारसपुर के प्रत्याशी निशंक कुमार जैन के समक्ष ग्यारसपुर के सुंतला के लोगों ने भारी संख्या में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की जिनमें प्रमुखता से अनार कुशवाहा के नेतृत्व में सदस्यता ग्रहण समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया, अनार कुशवाहा ने बताया कि हमारे दादा पर दादा हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी को वोट देते आए हैं परंतु भारतीय जनता पार्टी में हमारी कोई इज्जत और सम्मान नहीं है हमारी कदर नहीं करती है, आजकल के नेताओं की कदर करती है जो पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठाकर चलते थे उनकी कोई कद्र नहीं है । इसीलिए कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी निशंक कुमार के द्वारा हमें मान सम्मान और इज्जत दी जा रही है पार्टी का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करेंगे कार्यक्रम में कांग्रेस के सैकड़ो कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे ।

आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद की कल मेहगांव में विशाल जनसभा।

Azad Samaj Party chief Chandrashekhar Azad’s huge public meeting in Mehgaon tomorrow. मेहगांव एएसपी प्रत्याशी के समर्थन में करेंगे जनसभा और रोड शो।एएसपी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र सिंह भाटी भी रहेंगे मौजूद। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / भिंड। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में जुटे सभी राजनैतिक दलों ने अब चुनाव प्रचार अभियान तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी के मुखिया और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद कल भिंड जिले के मेहगांव में विशाल जनसभा और शो करेंगे।               भिंड जिले की हॉट सीट मानी जा रही मेहगांव विधानसभा क्षेत्र  से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी के टिकट पर क्षेत्र के युवा नेता भूपेंद्र सिंह कराणा चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भूपेंद्र सिंह कराणा के चुनावी समर में उतरने से इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समीकरण गड़बड़ा रहे है और चुनावी मुकाबला रोमांचक हो गया है। इस मुकाबले को और भी रोमांचकारी बनाने के लिए आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविन्द्र सिंह भाटी कल मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में विशाल जनसभा और रोड शो करेंगे। मेहगांव विधानसभा क्षेत्र से आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह कराणा ने पत्रकार वार्ता के दौरान दोनों नेताओं के कार्यक्रम के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और पार्टी महासचिव रविंद्र भाटी सोमवार सुबह वायुमार्ग से ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। जहां से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ उनका काफिला मेहगांव जिला भिंड के लिए प्रस्थान करेगा। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में उनका स्वागत कार्यक्रम रहेगा और यहां दोनो नेता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। जिसके बाद गोहद, बरहद, मेहगांव और गोरमी तिराहा पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया जायेगा। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद और रविंद्र सिंह भाटी मेहगांव गाल्लामंडी पहुंचेंगे। जहां चुनाव प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह कराणा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के बाद दोनों नेताओं द्वारा पार्टी के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया जायेगा। रोड शो के समापन के बाद दोनों नेता वापिस ग्वालियर पहुंचेंगे, जहां रात को पार्टी नेताओं और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर बैठक करेंगे।

केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों को दिलवाएंगे 18 लाख प्रति एकड़: चरन सिंह.

Chain Singh; Chhatarpur; Congress; Sahara Samachaar;

We will provide compensation of 18 lakhs per acre to the affected individuals of the Ken-Betwa Link Project,” said Charan Singh. छतरपुर। कांग्रेस पार्टी द्वारा पैरासूट इंट्री कर बिजावर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदबार बनाए गए चरन सिंह यादव ने अपने खास साक्षात्कार में कहां कि इस क्षेत्र के केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों को 18 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस क्षेत्र के प्रभावितों और विस्थापितों को हर हाल में 18 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा इस क्षेत्र से चुनाव लड़ना पार्टी का निर्णय है, पार्टी के मुखिया कमलनाथ ने मुझे बिजावर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का उम्मीदबार बनाया है तो मैं यहां चुनाव लड़ने आया हूं और मुझे यहां लोगों का भरपूर आर्शीवाद मिल रहा है। भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने तो 35 करोड़ में जनभावनाओं का सौदा कर लिया था। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा और 80 हजार से अधिक वोट पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कराउंगा। स्थानीय और बाहरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं वह झूंठ बोलते हैं वर्षों से खजुराहो एयरपोर्ट के सामने मेरा मकान है और इसी जिले में मेरी कर्म भूमि है। उन्होनंे कहा कि यदि जनता ने मुझे आर्शीवाद दिया तो हर खेत को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी, बड़े-बड़े ट्रांस्फार्मर लगवाए जाएंगे और इसी क्षेत्र में योजना बनाकर बड़े उद्योगो की स्थापना कराई जाएगी ताकी लोगों को रोजी-रोटी के लिए पलायन न करना पड़े। एक साथ कई रूठों के साथ आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मेरे साथ आए हैं उन्होंने मेरा व्यवहार देखा है मेरा काम करने का तरीका देखा है इस लिए वह सभी हमारे साथ हैं इसमें और किसी मंत्र का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं और सबको साथ लेकर चल रहा हूं। कांग्रेस प्रत्याशी चरन सिंह यादव ने शनिवार को अपने दौरे की शुरूआत बुन्देलखण्ड के कैदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में अभिषेक करने के बाद की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी द्वारा बिजावर को बैंकॉक बताकर महिलाओं के अपमान के सवाल पर कहा कि मैंने किसी महिला का कोई अपमान नहीं किया सारी महिलाएं मेरी मां, बहन और बेटियां हैं अगर भाजपा प्रत्याशी को इसमें महिलाओं का अपमान नजर आ रहा है तो यह उनकी सोच है। मैंने तो जब इस क्षेत्र में गांव-गांव में खुलेआम शराब बिकते हुए देखी तब यह कहा था कि यहां के लोगों ने बिजावर क्षेत्र को बैंकॉक बनाकर रख दिया है।

मेरी टक्कर दारू माफिया और बालू माफिया से है: महेन्द्र गुप्ता.

Mahendra Gupta; Chhatarpur; BSP; Sahara Samachaar;

I am in competition with the liquor mafia and the sand mafia,” said Mahendra Gupta. छतरपुर। बहुजन समाज पार्टी से दूसरी बार बिजावर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी समर में किस्मत आजमाने उतरे महेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में उनका मुकाबला दारू माफिया और बालू माफिया से है। इन माफियाओं ने चुनाव इतना मंहगा कर दिया है कि साधारण गरीब मजदूर और किसान का बेटा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में सरसठ हजार से अधिक वोट प्राप्त करना उनका लक्ष्य है।बहूजन समाज पार्टी प्रत्याशी महेन्द्र गुप्ता ने एक सवाल के जबाव में कहा कि आजादी के बाद से ही हरिजन आदिवासियों और दबे कुचले लोगों के वोट खरीदने का काम किया जा रहा है। कभी उनके वोट दारू के नाम पर खरीदे जाते हैं तो कभी कम्बल, साड़ी और पैसा बांटकर वोट बटोरे जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिजावर क्षेत्र के सुदूर गांव पलकौहां में हालात यह हैं कि वहां लोगों के जाती प्रमाण पत्र तक नहीं बनाए जा रहे हैं। जबकि होना यह चाहिए था कि सरकार यहां कैम्प लगवाती और गरीबों के जाति प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी करती। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की लाड़ली बहना योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पैसा लाड़ली बहना योजना के नाम पर बांटा जा रहा है यदि उसी पैसे का सद उपयोग कर अस्पताल बनवाये जाते तो अब तक कई अस्पताल बनकर खड़े हो जाते जिनमें गरीब लोगों का निःशुल्क इलाज हो पाता। जब उनसे पूंछा गया कि मध्यप्रदेश में बीएसपी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है ऐसे में चुनाव बाद आप कांग्रेस या भाजपा में से किस पार्टी का समर्थन करेंगे तो उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के बिना किसी भी दल की सरकार बनना संभव नहीं है और मेरा समर्थन किस पार्टी को होगा इसका निर्णय हमारी नेता बहन मायावती जी ही करेंगी। बसपा नेता महेन्द्र गुप्ता ने अपना यह खास इंटरव्यू देवरा से किसनगढ़ जाते समय रास्ते में दिया।

मुख्यमंत्री की सभा में नहीं दिखी ज्यादा भीड़, नागरिकों में दिखी निराश काफी देर से पहुंचे थे “मामा”

Shivraj Singh Chouhaan; Katni; Elections; Sahara Samachaar;

Chief Minister’s meeting did not witness a large crowd; disappointment was evident among the citizens as they had been waiting for a long time. कटनी। चुनाव प्रचार जोड़ों पर है सभी पार्टियों अपनी-अपनी ताकत झोंक रही हैं इसी कड़ी में मुखिया शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा का आयोजन एनकेजे स्थित मैदान में होना था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा को सफल बनाने के लिए वैसे तो भारतीय जनता पार्टी कटनी के पदाधिकारियों ने खासा जोर लगाया, लेकिन सभा स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ कम ही नजर आई। मामा शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोगों की बेरुखी सभा स्थल पर साफ नजर आई। भाजपा ने सभा के पूर्व यह कयास लगाया था कि मुख्यमंत्री की सभा जिले के भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में क्रांति ला देगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। सभा स्थल पर जहां सामने की कुछ कतारों में पार्टी के पदाधिकारी एवं कॉलेज के छात्र नजर आ रहे थे वहीं पंडाल के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। इसका एक कारण यह भी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अपने निर्धारित समय से चार घंटे लेट कटनी पहुंचे। जिसके कारण कई लोग तो ऐसे भी रहे जो सभा स्थल से वापस घर चले गए। नहीं दिखा लोगों में उत्साहमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा को लेकर लोगों में उत्साह नजर नहीं आ रहा था। लोगों की आखिर ऐसी नाराजगी क्यों है यह बात ना तो भाजपा पदाधिकारियों को समझ में आ रही है और ना ही प्रत्याशी इसे समझ पा रहे हैं। भाजपा सरकार ने वैसे तो जिले के विकास के लिए काफी सारी घोषणाएं कर रखी हैं यहां तक की मेडिकल कॉलेज बनवाने तक की घोषणा आचार संहिता लागू होने के कुछ देर पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है। इतना सब होने के बावजूद आखिर मतदाता खुश क्यों नहीं है यह बात समझ से परे है। तो क्या परिवर्तन करने का मनमुख्यमंत्री की सभा स्थल पर मौजूद कई भाजपा कार्यकर्ता इस संबंध में आज चर्चा करते हुए नजर आए। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता यह भी कहते दिखाई दिए कि भारतीय जनता पार्टी ने कटनी जिले में टिकट के बंटवारे में जो गलतियां की हैं वह जनता को पसंद नहीं आ रही। पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन के रूखेपन से यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं यह किसी बड़े परिवर्तन की शुरुआत तो नहीं। परिणाम चाहे जो भी आए लेकिन जब तक परिणाम सामने नहीं आ जाते तब तक इस तरह की चर्चाएं चलती ही रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सभा में भाजपा पदाधिकारी की मौजूदगी रही

स्मृति ईरानी के भूपेश बघेल पर लगाये गंभीर आरोप.

Chhattisgarh; Bhupesh Baghel; Smriti Irani; Cabinet Minister; Mahadev batting app; Sahara Samachaar;

Serious allegations against Bhupesh Baghel by Smriti Irani. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली। आज छग में पीएम मोदी का दौरा है लेकिन उससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रदेश की भूपेश सरकार पर चुनावी खर्चों एवं घोटालों पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री ने सीएम बघेल पर रिश्वत लिए जाने कर आरोप लगाये। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने पैसे का लेन-देन करने के एक आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असीम दास ने कबूल किया है कि वो दुबई से आदेश के अनुसार रायपुर आया और कांग्रेस के चुनावी खर्चो के लिए पैसा दिया। ये पैसा महादेव एप के अवैध बेटिंग का है। असीम दास ने कबूल किया कि शुभम सोनी महादेव एप के टंप मैनेजमेंट में शामिल है। ये तथ्य चौंकाने वाला है कि हवाला और जनता से लूटे हुए धन को कांग्रेस चुनाव में इस्तेमाल कर रही है। शुभम सोनी ने लिखित बयान में कहा कि अब तक महादेव एप के प्रोमोटर ने भूपेश बघेल को पांच सौ आठ करोड़ रुपये रिश्वत दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, लेकिन ये एकमात्र ऐसी जानकारी नहीं है, बल्कि एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। महादेव ऑनलाइन बुक एप के प्रमोटर्स प्रशासन और कांग्रेस के नेताओं से जो संरक्षण चाहते थे, वो चंद्रभूषण वर्मा नाम के एक अधिकारी के माध्यम से भी प्रोटेक्शन मनी भेजते थे।

96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा में चाचा भतीजा का मुकाबला, निर्दलीय भी, आप भी काटेगी कांग्रेस का वोट.

MP Elections; Elections; MP; Congress; BJP; App; Sahara Samachaar;

With 96 candidates in the electoral arena, a face-off between uncle and nephew in the Uttar Legislative Assembly, a stronghold of the Congress for 25 years. Independents are also in the fray. AAP also cut the Congress vote. नाम वापसी के लास्ट दिन तक 21 ने नाम वापस लिए, 7 उत्तर से, अब आज से चुनव प्रचार पकड़ेगा और जोर, जोर आजमाइश का दौर शाकिब कबीरभोपाल, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा सीट में विधायक आरिफ अकील के चुनाव न लड़ने से यहां घर में ही फूट पड़ गई। आरिफ के भाई आमिर अकील जो अब तक अपने भाई का चुनाव मैनेजमेंट संभालते थे, वे खुद अपने भतीजे आतिफ अकील के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वहीं एक और निर्दलीय नासिर इस्लाम और आप पार्टी के मौ. सउद भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। आरिफ अकील के हटने और इन लोगों के खड़े होने से इस सीट के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हुजूर का संकट खत्म: जितेंद्र डागा के नाम वापस लेने से हुजूर विधानसभा का संकट खत्म हो गया है। डागा कहीं न कहीं कांग्रेस का ही वो काटते। इनके बैठने के बाद यहां कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने राहत की सांस ली है। नाम वापसी के बाद नरेश की आंखों में आंसू आ गए। मैदान में 96 प्रत्याशी, 41 निर्दलीय, 21 ने नाम वापस, 12 रिजेक्टसात विधानसभा सीट पर 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 96 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन 19 लोगों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा 7 नाम उत्तर से वापस हुए हैं। इसके बाद 4 नाम दक्षिण पश्चिम से। दो दिनों में 21 ने नाम वापस लिए हैं और 12 के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और अन्य दलों व 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। अब ये फाइनल तस्वीर- बैरसिया- 9 प्रत्याशी, 1 निर्दलीयउत्तर- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयनरेला- 23 प्रत्याशी, 14 निर्दलीयदक्षिण पश्चिम- 11 प्रत्याशी, 5 निर्दलीयभोपाल मध्य- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयगोविंदपुरा-17 प्रत्याशी , 4 निर्दलीयहुजूर- 6 उम्मीदवार, 1 निर्दलीय इन्होंने लिए नाम वापस- इस विधानसभा में निरस्त हुएहुजूर-3गोविंदपुरा-2उत्तर-1दक्षिण-2मध्य-3नरेला-1ल

केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज ग्वालियर अंचल में करेंगे सभाएं और रोड शो।

Union Minister Amit Shah will hold meetings and road shows in Gwalior region today. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिले के प्रवास पर। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की कमान संभाल रहे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिले में चुनाव प्रचार पर रहेंगे। इस दौरान अमित शाह पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में 4 जनसभाओं एवं 2 रोड शो करेंगे।केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज दोपहर 12 बजे ग्वालियर पहुंचेंगे। हेलीकॉप्टर द्वारा करैरा पहुंचकर दोपहर 12.40 बजे कृषि उपज मंडी प्रांगण में भाजपा प्रत्याशी रमेश खटीक के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह दोपहर 1.35 बजे करैरा विधानसभा के सिरसौद में, दोपहर 1.45 बजे मानपुरा, दोपहर 2 बजे भौंती में रथसभाएं, दोपहर 2.15 बजे पगारा में स्वागत, दोपहर 2.30 बजे ढाला में स्वागत, दोपहर 2.40 बजे बदरवाद में रथसभाओं को संबोधित करेंगे।श्री शाह दोपहर 2.55 बजे पिछोर नगर के स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह लोधी के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। शाम 4.15 बजे हजारेश्वर मेला ग्राउंड, श्योपुर में पार्टी प्रत्याशी दुर्गालाल विजय के समर्थन में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह शाम 7.30 बजे इंटक ग्राउंड हजीरा, ग्वालियर में भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर के समर्थन में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। श्री शाह रात्रि विश्राम ग्वालियर में करेंगे।

जो आपकी रक्षा और विकास कर सकता है, उसे वोट दें: जेपी नड्डा

Vote for the one who can protect and develop you: JP Nadda. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रीवा जिले के त्योंथर में जनसभा को किया संबोधित।ये जीत-हार का नहीं, आपके हितों का चुनाव है। आपने लोकसभा में कमल खिलाया तो देश आगे बढ़ा। संतोष सिंह तोमर भोपाल / रीवा। मित्रो, ये चुनाव का समय है और आने वाला चुनाव सिर्फ जीत-हार का चुनाव नहीं है, बल्कि आपके हितों का चुनाव है। इस चुनाव में आपको इस बात का निर्णय करना है कि अगले पांच सालों तक कौन आपके हितों की रक्षा कर सकता है। इसलिए ये देखकर वोट मत कीजिए कि कौन आपकी जाति का है, आपके इलाके का है, आपकी भाषा बोलता है या आपका रिश्तेदार है। आपको अपने वोट का फैसला इस आधार पर करना होगा कि पांच सालों तक कौन सा व्यक्ति और कौन सी पार्टी आपके हितों की रक्षा और विकास कर सकती हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा ने रीवा जिले के त्योंथर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। श्री नड्डा ने कहा कि मुझे इस सभा में उपस्थित भीड़, युवाओं का उत्साह और उमंग देखकर पूरा विश्वास है कि आपने भाजपा को अपना आशीर्वाद देने का मन बना लिया है। सभा को प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। सभा के उपरांत राष्ट्र्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा त्यौंथर से सिरमौर तक रथयात्रा पर रवाना हुए और जनता जनार्दन से आशीर्वाद मांगा। आपने लोकसभा में कमल खिलाया, तो देश आगे बढ़ा श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलकर, छल-कपट करके, लोगों को गुमराह कर वोट लेती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपना पांच सालों का रिपोर्ट कॉर्ड बताकर जनता से आशीर्वाद मांगती है। उन्होंने कहा कि आपने लोकसभा चुनाव में जनार्दन जी को वोट दिया, जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। आपके एक वोट से देश आगे बढ़ा है। श्री नड्डा ने कहा कि ऐसे समय में जब सारी दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं लड़खड़ा रही थी, यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका, आस्ट्रेलिया जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाएं डगमगा गई थीं, मोदी जी के नेतृत्व में भारत पूरी मजबूती से खड़़ा रहा। यही वजह रही कि हमने अर्थव्यवस्था के मामले में उन अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने हम पर 200 साल शासन किया। अब मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसकी यूपीए सरकार ने 15 सालों तक महिलाओं के आरक्षण को लटकाए रखा, लेकिन मोदी जी ने दो दिनों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराकर महिलाओं को लोकसभा, विधानसभाओं में आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के कार्यकाल में देश के 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो कुल आबादी का 12 प्रतिशत है। वहीं, आईएमएफ के अनुसार देश में अति गरीबी 1 प्रतिशत से भी कम रह गई है। श्री नड्डा ने कहा कि मोदी जी के कार्यकाल में आदिवासी भाइयों के लिए बजट तीन गुना, एकलव्य विद्यालयों का बजट 22 गुना, स्कॉलरशिप का बजट ढाई गुना, उपयोजनाओं का बजट चार गुना बढ़ा है। हर वर्ग को ताकत दे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  श्री नड्डा ने कहा कि पहले जो सरकारें आती थीं, वो किसी जाति, वर्ग या परिवार की सरकारें होती थीं और सिर्फ अपने बारे में सोचती थीं। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार गांव, गरीब, पीड़ित, वंचित, शोषित, पिछड़े, युवा और महिला हर वर्ग के हितों के बारे में सोचती है और सभी को ताकत दे रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में करोड़ों लोगों को मुफ्त पांच किलो राशन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 4 करोड़ घर दिये हैं। उज्जवला योजना में करोड़ों बहनों को गैस कनेक्शन दिये हैं, जिनमें से रीवा में भी 250000 कनेक्शन दिये गए हैं। जलजीवन मिशन में देश में 10 करोड़ घरों में नल कनेक्शन लगाए जा रहे हैं, जिनमें से साढ़े पांच लाख कनेक्शन मध्यप्रदेश में लगेंगे और 1.5 लाख कनेक्शन आपके रीवा में लग रहे हैं। मोदी जी की सरकार प्रदेश के 84 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि दे रही है, जिनमें से 2.07 लाख किसान रीवा के हैं। आयुष्मान योजना में रीवा के भी 2 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि रीवा में बनने वाला एयरपोर्ट विकास की नई कहानी लिखेगा। वहीं, रीवा में 750 मेगावाट क्षमता वाला एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट लगाकर मोदी जी ने रीवा को वैश्विक पहचान दी है। कोल राजा की गढ़ी का 5 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। रीवा के सुंदरजा आम को जीआई टैग मिला है और यह आम रीवा के नाम को सारी दुनिया में पहुंचाएगा। मध्यप्रदेश में बह रही विकास की गंगा श्री नड्डा ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को बधाई देता हूं, जिनके कार्यकाल में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 10 गुना बढ़ी है। मध्यप्रदेश का बजट 13 गुना बढ़ा है और ट्राइबल वेलफेयर का बजट 57 गुना बढ़ा है। श्री नड्डा ने कहा कि यह क्षेत्र धान का कटोरा है और प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई तथा बिजली की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयासों के चलते प्रदेश में धान का उत्पादन चार गुना बढ़ा है, गेहूं का उत्पादन ढाई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 83931 कि.मी. सड़कें 7 साल में बनी है। प्रदेश के 34 स्टेशनों का जीर्णोद्धार करके उन्हें वर्ल्ड क्लास बनाया जा रहा है। प्रदेश में 3 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। 3800 करोड़ की लागत से विंध्य एक्सप्रेस वे बनाया जा रहा है और 31000 करोड़ की लागत से 900 कि.मी. लंबा नर्मदा प्रगति पथ बनाया जा रहा है। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग, विश्वकर्मा, रजक एवं प्रवासी श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड बनाए गए हैं। कांग्रेस के नेता मनी कलेक्टर … Read more

निर्दलीय चुनाव प्रत्याशी के बेटे की संदिग्ध मौत पर बबाल।

Uproar over suspicious death of independent election candidate’s son. संदिग्ध परिस्थियों में निर्दलीय प्रत्याशी के बेटे सोनू की  मौत, देर रात तक परिजनों किया थाने का घेराव। पार्षद पति और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष भानु दुबे पर मृतक के पिता ने लगाए हत्या के आरोप। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / शिवपुरी। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत विवेकानंद कॉलोनी निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने कोतवाली में लाश रखकर जमकर प्रदर्शन किया। मृतक शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी का बेटा है। मृतक के परिजन इस मामले में क्षेत्रीय भाजपा नेता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। खबर मिली है कि मृतक सोनू शर्मा पुत्र रमेश शर्मा उम्र 32 साल विवेकानंद कॉलोनी का निवासी है। आज उसके घर के बाहर वह गंभीर रूप से घायल मिला था। उसके पेट में एक लकड़ी आरपार हो गई थी। जिसे लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में थाना प्रभारी विनय यादव ने परिजनों को फिलहाल समझा बुझाकर मर्ग कायम करते हुए मामला विवेचना में ले लिया है। पार्षद पति भाजपा नेता पर लगाए हत्या के आरोप सोनू के पिता एवं शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे रमेश शर्मा ने भानु दुबे पर आरोप लगाते हुए बताया कि मैं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ रहा हूं। मैने भानु दुबे का नगरपालिका चुनाव में विरोध किया था। वह उसी की रंजिश मुझसे रखता था। जब आज मेरा लड़का सड़क का काम देखने गया तो भानु दुबे और उसके साथियों ने उसे लात घूसों से मारा। जब वह उसने बचकर भागा तो इन्होंने उसमे पीछे से डंडा मारा जिससे वह गिर गया और वही डंडा सोनू की कांख को चीरता हुआ आरपार हो गया। मृतक के पिता ने बताया कि जब तक भानु और उसके साथियों के उपर एफ आई आर और गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक वह अपने लड़के का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वही पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानते हुए मामले की जांच के बाद कार्यवाही की बात कह रही है। छत से गिरकर हुई युवक की मौत विवेकानंद के वार्ड क्रमांक 3 में सी सी रोड का काम चल रहा है। यह रोड रमेश शर्मा के घर के आगे बन रही है । सूत्रों के मुताबिक दोपहर में पार्षद पति, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भानु दुबे से सोनू शर्मा की कहासुनी भी हुई थी। शाम को जब सोनू ने शराब पीकर गालियां देना शुरू किया तो सोनू के घरवालों ने उसे कमरे में बंद कर दिया, लेकिन सोनू कमरे से निकल कर छत पर चढ़ गया। और वहीं से उसका पैर फिसल गया। जब सोनू नीचे गिरा तो वहां पर बांस के डंडे रखे हुए थे। उनमें से एक डंडा सोनू की कांख को चीरता हुआ आरपार हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे एंबुलेंस में डालकर कोतवाली थाने लेकर आए और वहां भाजपा नेता भानु दुबे पर सोनू की हत्या का आरोप लगाते हुए भानु दुबे और बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। इनका कहना है मृतक के पिता अपने बेटे ली लाश को लेकर कोतवाली आए थे। जहां हमने प्रथम दृष्टया इस मामले में मर्ग कायम कर मामला विवेचना में ले लिया है। जांच के दौरान परिजन जो बता रहे है हम उसकी जांच कर रहे है। जांच में जो तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। विनय यादव,थाना प्रभारी कोतवाली शिवपुरी।

मुंगावली, अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बोला कांग्रेस तीखा हमला।

Union Minister Scindia, who reached Mungawali, Ashoknagar, made a sharp attack on Congress. चुनावी दौरे में पहुंचे शाढ़ौरा और कदवाया, कहा कांग्रेस जनता के विकास और सुरक्षा के लिए नहीं सोचती।भाजपा के लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है, कांग्रेस को कुर्सी दिखती है तो उनकी आंखें चमकने लगती है।भाजपा बेटियों को स्कूटी देती है, दिग्विजय जी और कमलनाथ जी अगर होते तो खुद ही स्कूटी पर बैठ जाते।   कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मैहर से चुनावी दौरे की कल शुरुआत करने के बाद आज अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले मुंगावली विधान सभा और फिर अशोकनगर एवं चंदेरी विधान सभा में भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनता का समर्थन प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र में स्थित माँ बीजासन के मंदिर में जाकर भाजपा की आगामी चुनाव में सफलता और मध्यप्रदेश के हर निवासी की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस को जहाँ एक तरफ जम कर धोया वहीँ दूसरी तरफ शाढ़ौरा से अपने व्यक्तिगत सम्बन्ध के बारे में भी विस्तार से बात की। कांग्रेस को कुर्सी का लोभ है:सिंधिया अपने भाषण में उन्होंने कहा की, मैं देख रहा हूँ की आजकल विपक्षी दल के नेता फुदक – फुदक के बाहर निकल रहे है और प्रचार – प्रसार करने के लिए इधर – उधर जा रहे है। पर मैं जनता को बताना चाहता हूँ की इनका उदेश्य जनता की सेवा करना नहीं, आपकी सुरक्षा करना नहीं बल्कि इनका एक ही लक्ष्य है ‘कुर्सी’ . कुर्सी को देखकर इनकी आँखें चमकने लगती है और फिर इन्हे बहने, किसान, युवा और बेटियां – कोई याद नहीं रहता। यह बरसाती मेढक है जो बस चुनावी समय में बाहर आते है और चुनाव ख़तम हो जाने के बाद विदेशी पक्षी बनकर यहाँ से भाग जाते है। भाजपा का योद्धा ही लाएगा विकास अशोकनगर और चंदेरी विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी जजपाल सिंह जग्गी एवं जगन्नाथ सिंह रघुवंशी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा की जजपाल सिंह जैसे ही भाजपा के अनेक योद्धाओं ने जनता को सुरक्षित रखा है। कोरोना काल के कठिन समय में इन्होने ने आपकी मदद की, अशोकनगर में जब बाढ़ आया था तो जग्गी ने आपकी रक्षा के लिए खुद पर मुश्किल ले ली थी। इसी तरह प्रदेश के स्तर पर मैंने और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आप सब तक दवाई और मास्क पहुचाये थे और राष्ट्रिय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में जनता को टीके लगवाए – एक ऐसी उपलब्धि जिसे अमेरिका भी हासिल नहीं कर पायी। हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है आगे उन्होंने कहा की, यह मोदी जी का नेतृत्व है की आज हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है ताकि विकास न रुके और कांग्रेस अवसर में भी सिर्फ कुर्सी को देखती है – जिसे देख के इनकी आँखें चमकने लगती है। हमारे लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है। कांग्रेस और भाजपा की तुलना के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा की, एक तरफ है  धोखा और दूसरी तरफ है विकास का मौका; एक तरफ है डबल इंजन की सरकार तो दूसरी तरफ है बिना इंजन की सरकार; एक तरफ है तलवार और धार तो दूसरी तरफ है श्रीमान बंटाधार! महिला अब सुरक्षित है और किसान है खुशहाल आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा। कांग्रेस की महिला विरोधी धारणा के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्टेज से एक एक महिला से पूछा की कांग्रेस की सरकार में उन्हें क्या मिला, जिसपर महिलाओं ने जवाब दिया ‘कुछ नहीं’, ‘कांग्रेस में कोई मान सम्मान नहीं था.’. वहीँ भाजपा की सरकार जबसे आयी है तब से बेटियां लखपति पैदा हो रही है, स्कूल में अच्छे अंक लाने पर उन्हें स्कूटी मिल रही है और शादी होने पर कन्यादान योजना से लाभ। जब बेटी 21 वर्ष की हो जाती है तो लाड़ली बहना बन जाती है। अगर कांग्रेस की सरकार होती तो क्या होता ? दिग्विजय जी और कमलनाथ जी स्कूटी पर खुद बैठ जाते, 15 महीनों में उन्होंने हर योजना ओर ताला लगा दिया, अगर भविष्य में गलती से इनकी सरकार बन गयी तो यह फिर से हर योजना बंद कर देंगे।  किसानों के साथ भी कांग्रेस ने विश्वासघात कियान कर्जमाफ किया, न मुख्यमंत्री बदला और उल्टा हर किसान को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट दे दिए जिस से मेरे अन्नदाता कर्ज में डूब गए। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा की, ‘आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा।’         आगामी चुनाव को मंत्री सिंधिया ने ‘किसान, माताओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई’ बताया और कहा की 17 तारीख को इनको हमें करारा जवाब देना है। इसीलिए अगर आप ‘कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका।’ 2001 का वर्ष याद कर भावुक हुए सिंधिया अपने भाषण में सिंधिया भावुक होते हुए भी नज़र आये जब उन्होंने 2001 वर्ष को याद किया और कहा की, 2001 में सिंधिया परिवार ने 2 लोगों को खोया था – एक मेरी आजी अम्मा राजमाता और एक मेरे पूज्य पिताजी माधवराव सिंधिया। दोनों ने ही शाढ़ौरा और कदवाया के लिए काम किया था और उस समय में शाढ़ौरा ने मुझे जो शक्ति दी वह मैं कभी भी भूल नहीं सकता। आपके विश्वास और आशीर्वाद से मैंने क्षेत्र में योजनाओं की बौछार कर दी – कोटा से बिना के बीच  लाइन को रु 2100 करोड़ की डबल लाइन करवाया, रु 700 करोड़ की लागत से उसका विद्युतीकरण करवाया, हिनोतिया और पीलीघाटा में रेलवे स्टेशन बनवाया, अनेक ट्रैन का अशोकनगर में स्टॉपेज करवाया। इसीलिए मैं मंत्री नहीं बल्कि आपके घर का बेटा हूँ।

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बनाए गए प्रकाश पांडे.

Congress; Prakash Pandey; Khujraho; Sahara Samachaar;

Prakash Pandey has been appointed as the Pradesh Mahamantri (State General Secretary) of the Congress. जीतेंद रिछारिया भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए खजुराहो क्षेत्र के दिग्गज नेता प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री बनाया गया है। संगठन प्रभारी व उपाध्यक्ष राजीव सिंह के हस्ताक्षर से जारी पत्र में प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री नियुक्त करने का ऐलान किया गया है। प्रकाश पांडे को कांग्रेस का प्रदेश महामंत्री बनाए जाने से राजनगर विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत हो गई है। खजुराहो में तीन दिन पहले देश के गृहमंत्री अमित शाह चिंतन शिविर किया था। इसके बावजूद लगातार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का भारतीय जनता पार्टी पार्टी से मोहभंग हो रहा है। अब यहां के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता प्रकाश पांडेय ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। कुछ समय पहले किसानों के मुद्दों को लेकर प्रकाश पांडेय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन प्रकाश पांडेय का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया था।मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। प्रकाश पांडेय राजनगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान प्रत्याशी अरविंद पटेरिया को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए उनका पुरजोर विरोध भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह यहां खजुराहो से वर्तमान सांसद और प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष VD शर्मा को बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं। प्रकाश पांडेय ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्वों/पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके उन्होंने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस भी की है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज रीवा में करेंगे रोड शो, कल अमित शाह करेंगे ग्वालियर में जनसभा।

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। चुनाव में राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों ने अपने-अपने तूफानी दौरे शुरू कर दिए है। भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों सहित राष्ट्रीय पदाधिकारी अलग-अलग क्षेत्र में दौरे कर रहे है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को विंध्य के दौरे पर रहेंगे। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार नवंबर को ग्वालियर और शिवपुरी में जनसंपर्क एवं सभाऐं करेंगे।   भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज रीवा में भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार सुबह रीवा पहुंचेंगे। यहां त्यौंथर विधानसभा के ग्राम चुनरी में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद सिरमौर विधानसभा के जावा और सिरमौर में रोड शो करेंगे। यहां रथयात्रा के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद गोंध मोड, और सेमरिया में रोड शो करेंगे। इसके बाद बनकुंईया और देखहा तिराहा और रीवा शहर में रोड शो करेंगे। इसके बाद रात को नड्डा स्थानीय नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक कर चुनावी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। ग्वालियर अंचल के दौरे पर रहेंगे अमित शाह मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की कमान संभाल रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 4 नवंबर को एक बार फिर ग्वालियर के दौरे पर आ सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार अमित शाह 4 नवंबर को ग्वालियर पहुंचेंगे, यहां से शिवपुरी पोहरी और करेरा क्षेत्र में जाएंगे, जहां भाजपा प्रत्याशियों के के समर्थन में रोड शो करने के साथ ही विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे। शिवपुरी से लौटकर ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में इंटक मैदान पर आमसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद अंचल के चुनिंदा नेताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर बैठक करेंगे और रात्रि विश्राम भी ग्वालियर में ही करेंगे।

कुर्सी देखकर चमकने लगती हैं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की आंखें : ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Jyotraditya Scindia; Minister; BJP; Sahara Samachaar;

Jyotiraditya Scindia says, “The chairs seem to shine in Kamal Nath and Digvijaya Singh’s eyes.” केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को किया संबोधित उदित नारायणभोपाल। मप्र में सवा साल तक रही कांगेस की कमलनाथ सरकार ने सेवा भाव की जगह सत्ता का भाव पाल लिया था। जब कांग्रेस की सरकार आई तो बड़े भाई और छोटे भाई ने मिलकर वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया । प्रदेश में उद्योग नहीं लाए, ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग शुरू करके भ्रष्टाचार का खेल खेला। कमलनाथ के पास अपने मंत्रियों से मिलने का समय नहीं होता था, वह बोलते थे ‘चलो, चलो, समय नहीं है’, तो वह जनता की क्या सोचते। कांग्रेस झूठ और लूट की पार्टी है, इस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब भी दिग्विजय जी और कमलनाथ को कुर्सी दिखती है उनकी आँखें चमकने लगती है। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसभा में कहा कि आजादी के बाद 55 वर्ष हमने कांग्रेस की सरकार देखी। उस कांग्रेस ने 2003 तक आपके और मेरे मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना कर छोड़ दिया था। कांग्रेस के बीमारू मध्यप्रदेश को भाजपा सरकार ने बदला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री को कहते हैं कि गाली खाने के लिए तुम्हें पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी है। टिकट वितरण के मामले में कहते हैं कि जाओ पूर्व मुख्यमंत्री के कपड़े फाड़ो। कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि ये जोड़ी जय-वीरू की जोड़ी है। मैं नहीं कह रहा, कांग्रेस महासचिव खुद कहते हैं कि ये चोर हैं। क्या ऐसे लोगों को आप सत्ता देंगे? ये किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते हैं।

नाम वापसी के बाद मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच, दोनों पाटियों के लिए बागी बने सिरदर्द।

Congress; BJP; Sahara Samachaar;

After the withdrawal of nominations, the main contest will be between BJP and Congress, rebels will become a headache for both the parties. उदित नारायणभाेपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद कुल 3367 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इसमें भाजपा व कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटाें पर प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी व निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं प्रत्याशियों के बीच अब कांटे की टक्कर होगी। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच ही है। इन्हीं दोनों पार्टियों के बागी जरूर मैदान में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। प्रदेश में 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रकि्रया शुरू हुई थी। यह 30 अक्टूबर तक चली। इस दौरान 3832 प्रत्याशियों ने कुल 4359 नामांकन फार्म भरे थे। इसमें स्क्रूटनी में 528 प्रत्याशियों के नामांकन आधी-अधूरी जानकारी व अन्य कारणों से निरस्त हो गए थे। बाकी बचे प्रत्याशियों में से करीब 992 ने 2 नवंबर को नामांकन वापसी के अंतिम दिन अपने नाम वापस ले लिए। बाकी बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। 17 नवंबर काे इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों में कैद हो जाएगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। नाम वापसी के पहले तक की जानकारी के अनुसार सबसे अधिक अनूपपुर में 46 प्रत्याशी थे। भिंड के अटेर से 43 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन दोपहर 3 बजे तक वापस किए गए, किंतु चुनाव आयोग की आधी अधूरी तैयारी की वजह से देर रात 8 बजे तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रात 8 बजे तक में 383 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। चार बागी विधायकों को मनाने में कांग्रेस नेता नाकाम नाम वापसी के अंतिम दिन पिछले 24 घंटे में 15 बागियों को कांग्रेस ने बैठा दिया। जबकि कांग्रेस के चार पूर्व विधायक नहीं माने। कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार, सिवनी-मालवा के पूर्व विधायक ओम प्रकाश रघुवंशी को नहीं मना पाई। टिकट नहीं मिलने से नाराज आलोट से पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू, गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसीतरह महू के पूर्व विधायक नेता रहे अंतर सिंह दरबार निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ेंगे। आज उन्होंने प्राथमिक तौर पर इस्तीफा कांग्रेस पार्टी को दे दिया है। आखिरी समय तक किया बागियों को मनाने की कोशिश-कांग्रेस के बागियों ने चुनाव का पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने एक साथ बैठक करके बागी नेताओं को समझाया था। सूत्रों ने बताया कि दिग्विजय सिंह ने कई बागियों से व्यक्तिगत संपर्क किया और कई प्रत्याशियों को भाेपाल भी बुलाया था। उन्होंने फोन पर भी समझाया, इसके बाद भी कई बागी नहीं माने। बागी नेता बिगाड़ सकते हैं भाजपा का खेल भाजपा में भी करीब-करीब वही स्थिति है। नामांकन वापसी के बाद बागी नेता कई जगहों पर खेल बिगाड़ने पर आमादा हो गए हैं। भाजपा में सबसे बड़ी बगावत निमाड़ में हुई-भाजपा के दिग्गज नेता नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बुरहानपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। हर्ष ने बुरहानपुर से टिकट मांगी थी, किंतु पार्टी ने सर्वे आदि के आधार पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। बताते हैं कि हर्ष चौहान के पिता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार चौहान व श्रीमती चिटनीस के बीच काफी समय तक अंदरूनी आपसी लड़ाई रही। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद मामला सुलझा था। पिछली बार श्रीमती चिटनीस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि उन्हें हराने के लिए नंद कुमार चौहान जिम्मेदार हैं। अब चूंकि नंद कुमार चौहान नहीं हैं। किंतु दोनों के बीच की यह अंदरूनी लड़ाई नई पीढ़ी तक आ चुकी है। जबकि विंध्य क्षेत्र में विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा से बगावत करने के बाद नई पार्टी का गठन कर लिया और करीब 30 से अधिक सीटों पर चुनाव प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक नारायण त्रिपाठी की वजह से भाजपा का बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है। भोपाल उत्तर सीट पर कांग्रेस में बड़ी बगावत भोपाल उत्तर सीट पर पहली बार आरिफ अकील की नहीं चल पा रही है। उन्होंने भोपाल उत्तर से कांग्रेस पार्टी से अपने बेटे आतिफ अकील को टिकट दिलवा दिया। इससे उनके सगे भाई आमीर अकील बागी होकर मैदान में कूद गए। आमीर को मनाने की भी कोशिश हुई, किंतु वे नहीं माने। चुनाव आयोग ने आज नामांकन वापसी के बाद आमिर अकील काे हॉकी- बॉल चुनाच चिन्ह आवंटित किया है। मनावर से पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने नाम वापस लिया-भाजपा पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नामांकन पत्र वापस कराने में कामयाब हो गई। मनावर से श्रीमती रंजना ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। उनके मैदान में कूद जाने की वजह से मनावर का समीकरण बदलने लगा था। इससे भाजपा को खासा नुकसान हो सकता था। किंतु अब चुनाव मैदान से उनके हटने के बाद भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।  मतदान से ठीक 15 दिन पहले भाजपा को लगा झटका पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती की बड़ी बहन के पोते इंजी. दुष्यंत लोधी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। बताते हैं कि लोधी टीकमगढ़ में भाजपा के बड़े नेता हैं। वे लोधी क्षत्रिय समाज की युवा इकाई के प्रदेश महामंत्री भी हैं। दुष्यंत और उनके पिता का टीकमगढ़ और लोधी समाज में खासा प्रभाव माना जाता है। वे टीकमगढ़ विधानसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे थे। किंतु स्थानीय समीकरण के हिसाब से उन्हें टिकट नहीं दिया। इस वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा छोड़ने के बाद दुष्यंत ने भाजपा पर लोधी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

एमपी में कांग्रेस का महाजनसंपर्क अभियान आज से, लांच किया मिशन 150 प्लस।

Congress; Kamalnath; Priyanka Gandhi; Rahul Gandhi; Sahara Samachaar;

Congress’s Mahajansampark campaign in MP from today, Mission 150 Plus launched. मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने लांच किया मिशन 150 प्लस राष्ट्रीय अध्यक्ष ख़ड़गे, राहुल-प्रियंका की होंगी 15 दिन में 18 पब्लिक मीटिंग। राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह से ज्यादा पीसीसी चीफ कमलनाथ के दौरे, सुरजेवाला को 30 सीटों पर रैली की जिम्मेदारी। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा, महाजनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर करेगी कांग्रेस। उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आज शुक्रवार यानी 3 नवंबर से महा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। अगले 15 दिनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की 18 सभाएं होंगी। पीसीसी चीफ कमलनाथ 70 रैलियों में शामिल होंगे। कांग्रेस ने एमपी में जीत के लिए मिशन 150 प्लस को लांच किया है। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी पदयात्रा भी करेंगे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने मिशन 150+ किया लांच प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य 150+ सीटें जीतने का है। महा जनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर किया जाएगा। इस दौरान सभाएं, रैलियां और पदयात्रा करेंगे। दिग्विजय सिंह 60 रैलियों को संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला 30 रैलियों में शामिल होंगे। 11 और 12 नवंबर को दिवाली के कारण कार्यक्रम नहीं होंगे। जानकारों का कहना है कि नेताओं का दौरे के लिए बकायदा दिल्ली में बैठक हुई थी। इस बैठक में नेताओं के प्रभाव को लेकर प्रचार की रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता अरुण यादव, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अजय सिंह राहुल, कांतिलाल भूरिया, उमंग सिंगार, ओंकार मारकम, विजयलक्ष्मी साधो, सज्जन वर्मा भी विधान सभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और रैली करेंगे। यह व्यापक महाजनसंपर्क अभियान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। नेताओं के होंगे खास सीटों पर प्रोग्राम चुनावी समर में आज से शुरू हो रहे महाजनसंपर्क अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे ,राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला को मध्य प्रदेश की तमाम खास सीटों पर प्रोग्राम करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके अनुसार 4 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे कटंगी और शाहपुरा, 5 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी कुक्षी और इंदौर-5 जबकि 7 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे उज्जैन और ग्वालियर पूर्व, 8 नवम्बर 2023: महासचिव प्रियंका गांधी सांवेर और खातेगाँव, 9 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी रीवा, 9 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नई सराय, अशोक नगर, चंदेरी, जबलपुर ईस्ट, जबलपुर वेस्ट में पदयात्रा, 10 नवम्बर 2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सतना, 13 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी टिमरनी, उदयपुरा और इकबाल नगर, भोपाल पदयात्रा। 14 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी विदिशा, राजनगर, खजुराहो, 15 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी दतिया, 15 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे आमला (बेतूल) में पब्लिक मीटिंग एवं रोड शो और जनसभाएं करेंगे।

मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

Sahara Samachaar; MP Elections;

As the election date approaches, all political parties are launching sharp attacks on each other. Sahara Samachaar मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। चुनावी समर को लेकर आज हमने भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा से चुनाव लड़ रहे भूपेंद्र कराना से बातचीत की। भूपेंद्र सिंह कराना आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर हमला करते हुए बड़े आरोप लगाए हैं। भूपेंद्र सिंह ने भाजपा और कांग्रेस को चोर चोर मौसेरे भाई कहते हुए दलित और पिछड़े वर्ग का विरोधी करार दिया है। आइए सुनते हैं उन्होने क्या कुछ कहा…

भिंड में भाजपा और बसपा प्रत्याशियों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज।

BSP; BJP; Sahara Samachaar;

Case of violation of the Model Code of Conduct has been registered against the BJP and BSP candidates in Bhind. देहात थाना पुलिस ने एफएसटी प्रभारी की शिकायत पर किया आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज। रैली के लिए नहीं ली थी वाहनों की अनुमति, आईटीआई रोड पर वाहन पार्किंग होने से यातायात रहा जाम। संतोष सिंह तोमर भिंड। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन रैली में बिना अनुमति वाले वाहन चलने और आईटीआई रोड पर बसों कारों में झंडा-बैनर लगाकर लंबा काफिला खड़ा होने से सड़क पर यातायात जाम हो गया। इसे चुनाव आचार संहिता का उलंघन मानते हुए देहात थाना पुलिस ने, भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह और बसपा प्रत्याशी संजीव सिंह कुशवाह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।एफएसटी प्रभारी विकास बौहरे पुत्र देवीनंदन बौहरे ने देहात थाने में दिए आवेदन में बताया कि भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह ने रिटर्निंग आफिसर से रेली के लिए दोपहर 12 से एक बजे तक अटेर राेड, पुस्तक बाजार, किला रोड से जेल तक सिटी कोतवाली से अनुमति ली थी। भाजपा प्रत्याशी ने अनुमति नियमों का उल्लंघन करते हुए रैली में सभी लोगों की गाड़ियों को अनाधिकृतरूप से आईटीआई रोड पर खड़ा करवा दिया। जिससे एक से दो घंटे तक जाम लगा रहा। साथ ही आईटीआई कालेज में प्रतिदिन किया जाने वाला चुनावी कार्य प्रभावित हुआ। पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह के खिलाफ धारा 341, 188 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसी तरह बसपा प्रत्याशी संजीव सिंह कुशवाह ने सोमवार दोपहर दो बजे से तीन बजे तक इंदिरा गांधी चौराहे से खंडा रोड, गोल मार्केट होते हुए जेल रोड तक सिटी कोतवाली से जुलूस निकालने के लिए अनुमति ली थी। बसपा प्रत्याशी ने रिटर्निंग आफिसर के बिना अनुमति के वाहनों को आईटीआई रोड पर खड़ी करवा दिया था। इन वाहनों पर पार्टी के झंडे बैनर लगे हुए थे। वाहनों के लंबे काफिले के सड़क पर खड़े होने से यातायात जाम होने के साथ ही चुनावी कार्य प्रभावित हुआ। देहात थाना पुलिस ने एफएसटी प्रभारी की रिपोर्ट पर बसपा प्रत्याशी के खिलाफ भी आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया है।

विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को जारी हुआ चुनाव चिन्ह – अब मतदाताओं के पास जूते, चप्पल, मोजे, बिस्किट, फूलगोभी लेकर जाएंगे उम्मीदवार.

MP Elections; Candidates; Sahara Samachaar;

In the assembly elections, election symbol for independent candidates has been issued – now candidates will go to voters with symbols like shoes, slippers, shoes, biscuits, and cauliflower. किसी चिंह्न पर एक से ज्यादा दावे की स्थिति में अंतिम फैसला लेंगे रिटर्निंग आॅफिसर Udit Narayanभोपाल – विधानसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी भी आज नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद घर-घर जाएंगे और जूते, चप्पल, मोजे, बिस्किट, फूलगोभी जैसे चुनाव चिन्ह्न से मतदाताओं को रिझाएंगे। निर्वाचन आयोग ने निर्दलियों के लिए 204 चुनाव चिंह्न तय किए हैं। बता दें, देश के सात राजनीतिक और 24 राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टियों को 59 चुनाव चिंह्न आरक्षित किए हैं, लेकिन गैर मान्यता प्राप्त 2044 दलों और निर्दलीयों के लिए चुनाव आयोग मुक्त चुनाव चिंह्न जारी करेगा।जूते, चप्पल, जुराबे, मोजे, बिस्कुट, फूलगोभी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, पेट्रोल पंप, गले की टाई समेत कुल 204 चिंह्न चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को बांटने के लिए छांट लिए हैं। आयोग की ओर से जारी 198 प्रतीक गैर मान्यता प्राप्त छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिंह्न के तौर पर बांटे जाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और पंजीकृत पार्टियों के प्रत्याशी अपने दल के चिंह्न पर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिंह्न आवंटित करेगा। प्रत्याशी भी चुनाव चिंह्न को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग का स्पष्ट नियम है कि प्रत्याशी चुनाव चिंह्न के लिए कोई तीन विकल्प दे सकेगा, लेकिन किसी चिंह्न पर एक से ज्यादा दावे की स्थिति में अंतिम फैसला रिटर्निंग आॅफिसर का होगा। अब तक 42 पार्टियों को मिले चुनाव चिह्न- निर्वाचन आयोग ने अब तक 42 पार्टियों को सभी 230 विधानसभा में एक जैसे चुनाव चिंह्न आवंटित कर दिए हैं। राष्ट्रीय सर्वजन विकास पार्टी को पेट्रोल पंप, जन कल्याण पार्टी को अंगूर, राष्ट्रीय जन क्रांति पार्टी को लिफाफा, भारतीय बहुजन क्रांति दल को टेलीविजन, जन अधिकार पार्टी को डोली, भारतीय अवाम ताकत को ब्रश, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को आरी, भारत रक्षक पार्टी को बल्लेबाज, नागरिक अधिकार शक्ति सेवा पार्टी को मेज, भारतीय जनसंपर्क पार्टी को फूलगोभी, जनतावादी कांग्रेस पार्टी को फोन चार्जर, अखिल भारतीय हिंद क्रांति पार्टी को बोतल और संपूर्ण समाज पार्टी को अंगूठा चुनाव चिन्ह्न आवंटित किए गए हैं।

आटे को लीटर में तोलने वाले कांग्रेसी, जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं : शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Those who measure flour by the liter are not familiar with ground realities,” said Shivraj Singh Chouhan, criticizing the Congress. बोले मुख्यमंत्री : गुटों में बटी कांग्रेस- दिग्गी गुट, कमलनाथ गुट, भगवान जाने कितने गुटChief Minister said: Congress is divided into groups – Diggi Group, Kamal Nath Group, God knows how many other groups Udit Narayanभोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने गृह ग्राम जैत में हनुमान मंदिर, कुल देवी-देवता,नर्मदा मैया और सलकनपुर में माता विजयासन की पूजा-अर्चना कर बुधनी विधानसभा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि, आप ही देखिए उनमें और हम में अंतर क्या है। वो लोग आटे को लीटर में तोलते हैं। धान का खेत काटने पहुँच जाते हैं लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के उपर। जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं। हमनें तो बक्खर हांके हैं और ढुली टांग कर उराई भी की है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के मित्र बहुत परेशान रहते हैं। कहते हैं कहां से आ गया ढे़ड मुट्ठी का। एक बार तो मेरा श्राध्द ही कर दिया। तो मैंने कहा राख के ढेर से भी उठकर खड़ा हो जाऊंगा। अभी तो बहुत काम करना है। यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि और वो माटी जिसके आशीर्वाद से प्रदेश की जनता की सेवा कर इतना काम कर पाया हूं, वहां प्रणाम करने आया हूँ। अपने ग्रामवासियों की शुभकामनाएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आज मैंने नामांकन फ़ॉर्म भरा है। इसके बाद यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ेगी, यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा। लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। सपा, आप, कांग्रेस और कांग्रेस में भी दिग्गी गुट, सेठ कमलनाथ गुट, अरुण यादव और अजय सिंह गुट और न जाने कितने गुट हैं ये तो भगवान ही जाने। उन्होंने कहा कि, मल्लिकार्जुन खड़गे तो नाममात्र के अध्यक्ष हैं। असल में तो भैया-बहन फसल काटते हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरी पार्टी पर कब्जा जमा कर रखा है और आगे की संभावनाएं भी कांग्रेसियों की समाप्त कर दी हैं। उनके आगे की पीढ़ी भी तैयार है और वो टिकट भी बाँट देती है। इन लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया है।कांग्रेस में कुछ नेता जेल में और कुछ नेता बेल पर हैं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस जनता का भल नहीं कर सकती। अब नेताओं की पहचान भी छुपा रहें हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के एक नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहकर बुला रहें हैं, लेकिन जय और वीरू तो जेल से छूट कर आए थे। उन्होंने कहा कि, कुछ नेता जेल में हैं और कुछ कांग्रेस के नेता बेल पर हैं। कांग्रेस के जमाने में नेताओं को कभी जेल नहीं होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कह दिया कि, ना खाउंगा ना खाने दूंगा। इसके बाद सभी कांग्रेसी घबराए हुए हैं। अब जमाना बदल गया है। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं गड़बड़ की तो नेता भी जेल जाएगा।

सीएम शिवराज की पांच साल में चल संपत्ति एवं नगदी बढ़े, लेकिन अचल संपत्ति हुई कम.

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In five years Chief Minister Shivraj’s, his assets and cash increased, but his non-liquid assets decreased. सीएम की पत्नी साधना सिंह की चल-अचल संपत्ति के साथ नकदी, गहने भी बढ़े. Udit Narayanभोपाल/सीहोर। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पिछले पांच सालों में चल संपत्ति सहित नगदी तो बढ़े हैं, लेकिन उनकी अचल संपत्ति में गिरावट आई है। इसी तरह उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह की चल-अचल संपत्ति, नकदी सहित सोने के जेबरात भी बढ़े हैं। इसका ब्यौरा उन्होंने खुद चुनाव के लिए भरे नामांकन के साथ दिए गए एफिड-डेविड में दिया है। मुख्यमंत्री ने 2018 के चुनाव में अपनी कुल चल संपत्ति 43,20,274 रूपए की बताई थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 1,11,20,282 हो गई है। इसी तरह उनके पास 2018 में कैश राशि कुल 45 हजार रूपए थी, जो कि 2023 में बढ़कर 1,15000 हो गई है। 2018 में उनके बैंक खातोें में 20,26,874 रूपए जमा थे, जो कि 2023 में बढ़कर 92,79,104 रूपए हो गए हैं। सोने के गहने 2018 में 96 ग्राम थेे, जो कि 2023 में भी इतने ही हैैं। मुख्यमंत्री की 2018 में अचल संपत्ति जमीन, बिल्डिंग सहित अन्य 2.83 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 2.10 करोड़ की रह गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कुल संपत्ति की बात करें तो वर्ष 2018 के चुनाव के समय उनके पास कुल संपत्ति 3.26 करोड़ थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 3.21 करोड़ की हो गई है।मुख्यमंत्री नेे एमए फिलासफी तक की पढ़ाई की है। उन पर कोई अपराध कायम नहीं हैं। हालांकि उनके पास रिवाल्वर है। मुख्यमंत्री की वर्ष 2018 में देनदारी कुल 63.18 लाख रूपए की थी, जो कि वर्ष 2023 में घटकर 2,14000 की रह गई है। मुख्यमंत्री के पास अपने पिताजी की पैतृक जमीन कुल 4.67 एकड़ का छटवा हिस्सा है। हालांकि उनकेे नाम विदिशा में भी कृषि भूमि 7 एकड़ 70 डिस्मिल के करीब है।सीएम की धर्मपत्नी साधना सिंह की बढ़ गई संपत्ति-मुख्यमंत्री ने नामांकन पत्र के साथ दिए एफिड-डेविड में बताया है कि उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह की चल संपत्ति वर्ष 2023 में 1,09,14,644 है। जबकि 2018 में उनके पास 88,11,866 रूपए की चल संपत्ति थी। इसी प्रकार वर्ष 2018 में साधना सिंह के पास कैश 40 हजार रूपए थे, जबकि 2023 में 1,10,000 रूपए है। वर्ष 2018 में गहने 492 ग्राम थे, जोे कि 2023 में बढ़कर 535 ग्राम हो गए हैं। साधना सिंह के पास बैंकों में जमा राशि वर्ष 2018 में 11,20,766 रूपए थी, जोे कि वर्ष 2023 में 71,87,544 हो गई है। वर्ष 2018 में उनके नाम 18 हजार रूपए का बीमा था, लेकिन वर्ष 2023 में नहीं है। साधना सिंह के पास कुल अचल संपत्ति जमीन-बिल्डिंग सहित अन्य वर्ष 2018 में 3.32 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 4.32 करोड़ की हो गई है। साधना सिंह के पास कुल संपत्ति वर्ष 2018 में 4.52 करोड़ की थी, जो कि वर्ष 2023 में बढ़कर 5.41 करोड़ की हो गई है। हालांकि उनके उपर देनदारी भी है। वर्ष 2023 में साधना सिंह कोे 66,58,251 रूपए चुकाने हैं, जो कि वर्ष 2018 में 47.55 लाख की थी।सीएम एवं उनकी पत्नी के नाम बैंक खातोें में जमा राशि– मुख्यमंत्री के पास हाथ में नगदी 1,10000 रूपए है।- एसबीआई विदिशा मेें 54,63,757 रूपए जमा हैं।- एसबीआई वल्लभ भवन भोपाल में 33,35,674 रूपए जमा है।- जिला सहकारी बैंक विदिशा मेें 4,79,673 रूपए जमा है।साधना सिंह के नाम बैंकोें में जमा राशि– हाथ में नगदी 1,15000 रूपए है।- एसबीआई विदिशा में 15,84,525 रूपए जमा है।- पीएनबी जुमेराती भोपाल में 4,48,016 रूपए जमा है।- सावधि जमा आईसीआईसीआई बैंक एमपी नगर भोपाल में 50 लाख रूपए है।- आईसीआईसीआई एमपी नगर भोपाल में 1,55,003 रूपए जमा है।यह जानकारी नामांकन फार्म के साथ दिए गए एफिड-डेविड के आधार पर है।.

हुजूर में लगा कांग्रेस को एक और झटका

Rameshwar Sharma; Huzur; Kolar; Bhopal; BJP;

Huzur delivers another blow to the Congress. भाजपा में शामिल हुए विनोद राजौरिया, तीन पीढ़ी से कांग्रेस के हाथ के साथ रहा विनोद का परिवार Udit Narayan भोपाल। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार शाम को रातीबड़ निवासी विनोद राजोरिया ने अपने सेकड़ौं समर्थकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राजोरिया परिवार करीब तीन पीढियों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य रहे हैं। इसके पहले उनकी नाराजगी के कारण कांग्रेस को भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी खोना पड़ा था। चुनाव के दौरान उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। सोमवार को उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे भाजपा पार्टी क्षेत्र में और मजबूत हो गई है। कांग्रेस के पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे विनोद राजौरिया ने कहा कि कांग्रेस में नेता, नीति और नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। श्री राजौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा हुजूर विधानसभा में कराये गये विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। वह भाजपा परिवार के एक एक सदस्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनकल्याण के कार्य में पूरी तन्मयता के साथ जुटेंगे । विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिलायी सदस्यता रातीबड़ भाजपा मंडल की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने विनोद राजौरिया को भाजपा का अंग वस्त्र उढ़ाकर भाजपा में स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा की भाजपा परिवार में आपका स्वागत है । श्री शर्मा ने कहा की समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान एवं जन कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा के साथ काम करेंगे। ये भी हुए शामिल महेंद्र मारण सेवा दल का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, पंडित श्री रंगीलाल जी शर्मा, दिनेश राजोरिया, रघुवीर राजौरिया, नीतेश राजौरिया, अशोक पाटीदार, नारायण सिंह सेमरी, दिनेश नागर, अमित राजौरिया, मनीष द्विवेदी, प्रेम नारायण, संजीव राजौरिया, राजेश नागर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक भाजपा में शामिल हुए।

भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला.

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Bhopal, among the 175 candidates for the seven assembly seats, “Daga,” an independent candidate, is the richest, followed by Shukla. भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला- रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में हुआ खुलासा Udit Narayan भोपाल। राजधानी की सातों विस में भरे गए 175 उम्मीदवारों में से हुजूर विधानसभा से कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा सबसे ज्यादा अमीर उम्मीदवार है। रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में उनकी कुल प्रॉपर्टी 108 करोड़ 44 हजार 585 रुपए बताई गई है। जबकि दूसरे नंबर पर नरेला से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज शुक्ला 44 करोड़ की प्रॉपर्टी के साथ दूसरे नंबर पर आ गए है। सोमवार को उत्तर से आलोक शर्मा, दक्षिण पश्चिम से भगवानदास सबनानी और बैरसिया से भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री ने भी खुद की प्रॉपर्टी का शपथ पत्र पेश किया है।निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा खुद की आय -7984794 , पत्नी 1250009संपत्ति चल – खुद- 50477466, पत्नी 69378281 संपत्ति-अचल – 881511338 , पत्नी 78677500 कुल संपत्ति खुद और पत्नी- 108 करोड़ 44 हजार 585 क्रिमिनल रिकॉर्ड- गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट में केसकैश इन हैंड- एक लाख, पत्नी एक लाख 80 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद-1077923, पत्नी 184689 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद-एक करोड़ 55 लाख, पत्नी 5 करोड़ 65 लाख साझा फर्म- खुद 25449543, पत्नी 7918722 वाहन- मारुति जिप्सी गहने- खुद 1152 ग्राम सोना, पत्नी 722 ग्राम सोना शैक्षणिक योग्यता – एमकॉम प्रिवियस आय के स्त्रोत – कृषि एवं कार डीलरशिप में भागीदारी भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री खुद की आय- 346540, पत्नी 455580 क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं है कैश इन हैंड- 70 हजार, पत्नी 90 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद- 1850359 पत्नी 376703 संपत्ति-चल-अचल – 6 करोड़ 17 लाख 2 हजार 200, पत्नी 1 करोड़ 90 लाख शस्त्र – रिवाल्वर, 12 बोर गन वाहन- स्कार्पियो, एक्टिवा, पत्नी सुजुकी एक्सिस गहने- खुद 80 ग्राम सोना, पत्नी आधा किलो सोना, सात सौ ग्राम चांदी शैक्षणिक योग्यता – एलएलबी आय के स्त्रोत – सलाहकार और खेती से आय बीमा- खुद 261250 पत्नी 156750 भाजपा उम्मीदवार ओलाक शर्मा खुद की आय – 527250, पत्नी 335254 संपत्ति चल – खुद- 6571117 , पत्नी 12386196 रुपए संपत्ति-अचल -खुद 5939538 , पत्नी 2185500 कुल संपत्ति खुद 12510655 और पत्नी- 14571696 रुपए कुल 27082351 क्रिमिनल रिकॉर्ड- आधा दर्जन थानों में केस राजनीति सहित अन्य मामले कैश इन हैंड- 45000 , पत्नी 48000कैश इन बैंक- खुद- 3853083, पत्नी रुपए 2272528 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद- , पत्नी वाहन- मारुति स्विफ्ट शस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफल कर्ज देनदारी – 6887350 रुपए गहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन शैक्षणिक योग्यता – बीकॉम आय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय भाजपा उम्मीदवार भगवानदास सबनानीखुद की आय – 425000 , पत्नी 210000 संपत्ति चल – खुद 3634000 लाख, पत्नी 6388000 रुपए संपत्ति-अचल संयुक्त 1 करोड़ 25 लाख रुपए कुल संपत्ति संयुक्त- 2 करोड़ 25 लाख 22 हजार रुपए क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं कैश इन हैंड- खुद 44000 , पत्नी 33000 कैश इन बैंक- खुद 5765000- पत्नी 185000 रुपए वाहन- स्कार्पियों और पत्नी के पास मारूति बलिनो कर्ज देनदारी – 34 लाख 38 हजार रुपए गहने- खुद 10.50 लाख का सोना, पत्नी के पास 33 लाख रुपए का सोना

आसान नही है राघोगढ़ की राह,

BJP; Congress; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

The path to Raghogarh is not easy. साकिब कबीरभोपाल, दिग्विजय सिंह के प्रभुत्व और कांग्रेस के लिए सॉफ्ट माने जाने वाली राधौगढ़ सीट इस बार हॉट सीट में तब्दील हो गई है।दरअसल इस बार भाजपा की ओर से अब तक दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र की लगातार जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हीरेन्द्र सिंह बंटी बना मैदान में हैं।बंटी खुद भी जिला जनपद सदस्य रह चुके है जबकि उनके पिता मूलसिंह दादा भाई दो बार कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं जिनके दिग्विजय सिंह परिवार से नज़दीकी रिश्ते रहें हैं।लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद बंटी उनके साथ भाजपा में चले गए।माना जा रहा है कि दादा भाई और बंटी एक समय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह का प्रतिनिधित्व करते थे। इलाके के लोग भी अपनी समस्याएं इनके माध्यम से ही दिग्विजय सिंह तक पहुंचते थे जिसकी वजह से इनका सीधा संबन्ध लोगों से है।यही वजह है कि इस बार राधौगढ़ की राह आसान नही है।यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की चुनावी कार्यकर्ताओं के सभा का दौर जारी, जमकर बोल रहे कांग्रेस पर हमला.

Scindia; Gwalior; BJP; Sahara Samachaar; Congress

Central Minister Jyotiraditya Scindia continues his election campaign, launching a strong attack on the Congress while addressing party workers’ meeting. संतोष सिंह तोमरभोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार चुनावी मोड में चल रहे है । लगातार वो रोज़ कई कई कार्यकर्ता सम्मेलन व सभाओं में हज़ारों लोगों को सम्बोधित कर रहे है। अशोक नगर प्रवास पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर ग्रामीण एवं शहरी, पिपरई, थुबन, सेहराई, बहादुरपुर व मुंगावली मंडल के भारतीय जनता पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ताओं को संबोधित किया । दिग्विजय और कमलनाथ पर किया हमला वहाँ दो भाई है छोटे भई और बड़े भाई । वो जोड़ी का लक्ष्य एक ही है और जब कुर्सी उन्हें दिखने लगती है तो दोनों के आँख चमकने लगते और कुर्सी की ही पूजा करते है और हमारी भाजपा कुर्सी को बस माध्यम समझती है मध्यप्रदेश के झंडे को बुलंद करने के लिए, ग़रीबों के उत्थान करने के लिए, गरीब शोषित वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और राष्ट्र के झंडे को बुलंद करने के लिए । राम मंदिर भाजपा के संस्थापकों का सपना जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया कार्यकर्ताओ के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने बताया की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व जैसे राजमाता विजयाराजे सिंधिया, दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुख़र्जी इन सभी वरिष्ठ नेताओं का का संकल्प था की अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मात्र 9 वर्षों में इस संकल्प को सिद्ध कर दिया, और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ करोड़ों भारतीयों का सपना पूरा होने जा रहा है। कांग्रेस पर बोला तीखा हमला अपनी सभी सभाओं में केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर जम कर हमला किया। उन्होंने बताया की जब जब कांग्रेस के बड़े भाई -छोटे भाई को कुर्सी मिलती है तब एक ही काम होता है – यह लोग अपनी जेब भरते है और महिलाओं से इनको कोई मतलब नहीं है, आदिवासी समुदाय से कोई मतलब नहीं है, युवाओं से से कोई मतलब नहीं है – बस अपनी जेब भरनी है। इनका तो एक ही उदेश्य है ‘जान न जाए, वचन भले ही चले जाए’। कांग्रेस अपने आप को पिछड़ों की पार्टी बुलाती है पर असल में यह पार्टी पिछडो के विरोध में काम करती है, अखिलेश यादव जी जो मुलायम सिंह जी के बेटे होने के साथ साथ, पिछड़े वर्ग के प्रतिष्ठित नेता है उनके लिए कमलनाथ जी ने बोला की “अरे छोड़िये अखिलेश-वखिलेश को।” जो पूर्व मुख्यमंत्री नेताओं का सम्मान नहीं कर रहे वह आम जनता का क्या सम्मान करेंगे। कांग्रेस ने प्रदेश को गड्ढे में डाला 18 साल तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने तपस्या की हैं । इस मध्यप्रदेश को टूटा हुआ प्रदेश कांग्रेस ने बना दिया था । सड़क है लेकिन गड्ढा और सड़क में फ़र्क़ नहीं । लट्टू है पर ज्योति का प्रकाश नहीं । अस्पताल है पर डॉक्टर नहीं ।और वहाँ गड्ढे से इस राज्य को सर्वोच्च स्थान पर लेकर ये कार्यकर्ता आए है । और जनता व हम सभी को निर्णय करना है की पुनः भाजपा सरकार बनाकर मध्यप्रदेश व राष्ट्र का झंडा बुलंद करना है या पुनः उसी कांग्रेसी गड्ढे में डालना है मुंगावली में सुनाया क़िस्सा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, जब मैं पहली बार 2002 में यहाँ आया था तो बस स्टैंड के पास मेरी पहली सभा लगी थी तो उस कार्यक्रम में एक वृद्घ मेरे पास आए , एक पानी बोतल उनके हाथ में थी जिसमें ब्राउन रंग का पानी था । मुझे लगा वो नाली का पानी था लेकिन उन्होंने बताया की ये पानी हमारे पानी सप्लाई की यूनिट से आती है और आपके कांग्रेस की सरकार में हम ये पानी पीने को मजबूर है । तो मैंने उस वक्त संकल्प लिया कि मुंगावली के लिए जब स्वच्छ जल की योजना लेकर आयूँगा तभी मुंगावली आयूँगा । उस वक्त 18.5 करोड़ की स्वच्छ जल की योजना मैं लेकर आया । अध्यात्म में मेरा विश्वास है कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा की मेरा अध्यात्म में बहुत विश्वास है । अध्यात्म में बताया गया है की व्यक्ति निवस्त्र इस दुनिया में आता है और व्यक्ति निवस्त्र ही इस दुनिया से चला जाता है । बस किसका कब बुलावा आए ये किसी को पता नहीं , ये बस ईश्वर को पता है । ईश्वर नहीं पूछने वाले की कितने बार सांसद बने या कितने बार मंत्री बने लेकिन ईश्वर ज़रूर पूछेंगे की मैंने तुम्हें पृथ्वी पर मौक़ा दिया क्या तुम अच्छे इंसान बने । और यही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए । किसी के विरुद्ध ग़लत भाव नहीं , हमें अपनी लकीर लम्बी खींचनी हैं किसी और की लकीर छोटी नहीं । इसीलिए भारतीय जनता पार्टी के पथ प्रदर्शक श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी , दीन दयाल उपाध्याय जी इनकी सोच और विचारधारा एक ही थी की भारत माता के झंडे को बुलंद करने के लिए बलिदान देना पड़े तो वो भी दे दिया ।

‘भाजपा में इन दिनों गुटबाजी हावी, इसे ढकने कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का कर रही प्रचार-प्रसार

Digvijay Singh; Kamalnath; MP Elections; Sahara Samachaar;

These days, there is factionalism prevalent in the BJP, which Congress leaders are promoting as false news among themselves,” said Digvijaya Singh. कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए कर रहे हैं काम Udit Narayan भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर राज्य में हलचल बढ़ी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ किसी तरह की मतभेद की बातों से इनकार किया है। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा है कि ऐसी बातें बीजेपी फैला रही है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि कई अखबारों ने यह दावा किया है कि नाराजगी की वजह से वो झाबुआ और खातेगांव नहीं गए। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘बीजेपी में इन दिनों गुटबाजी काफी बढ़ी हुई है। इसे ढकने के लिए बीजेपी, कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का प्रचार-प्रसार कर रही है। खासकर मेरे और कमलनाथ के बीच। कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं।’राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि झाबुआ और खातेगांव का दौरा उन्होंने इसलिए रद्द किया क्योंकि कांग्रेस महासचिव उनसे संगठन और चुनाव को लेकर कुछ अहम चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हालांकि, बीजेपी सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खुलेआम मतभेद है। इस सबूत है उनके बीच में हुई बातचीत का वीडियो। अग्रवाल ने कहा कि हाल के विवाद से यह साफ है कि कमलनाथ और समर्थक चुनावी कैंपेन से दिग्विजय सिंह को दूर रखना चाहते हैं और उन्हें साइडलाइन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट बंटवारे के बाद जब पार्टी नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी तब कमलनाथ ने खुलेआम दिग्विजय के कपड़े फाड़ने के बारे में कहा था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने टिकट बंटवारे के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि इलेक्ट्रॉल फॉर्म पर कमलनाथ ने हस्ताक्षर किए थे जो कि राज्य में पार्टी के चीफ हैं। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ी दूरियों को बताने के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। सुरजेवाला के इस बयान प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा उनके बयान से यह साबित होता है कि दिग्विजय सिंह औऱ कमलनाथ जय और वीरू के उस छलिया कैरेक्टर जैसे हैं जो जेल से भाग गए थे। इससे पहले इसी महीने कमलनाथ का एक वीडियो सामने आया था उसमें उन्होंने शिवपुरी में किसी पार्टी नेता को टिकट नहीं दिए जाने पर पार्टी के लोगों से कहा था कि वो दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़े।

भाजपा ने खत्म किया सस्पेंस, विदिशा से मुकेश टंडन व गुना से शाक्य को मैदान में उतारा।

BJP has ended the suspense and fielded Mukesh Tandon from Vidisha and Shaky from Guna,” is what the statement translates to in English. उदित नारायण भोपाल। मप्र में सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। इसके ठीक एक दिन पहले भाजपा ने विदिशा व गुना सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा ने पांचवी सूची तक में 228 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए थे, किंतु विदिशा व गुना को होल्ड पर रख दिया गया है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में करीब तीन घंटे तक चली केंद्रीय मंत्री अमित शाह की संभागीय बैठक से पहले उक्त दोनों सीटों को लेकर भी काफी देर तक चर्चा हुई। अंतत: दोनों सीटों पर प्रत्याशी के नामों का ऐलान कर दिया गया। टंडन के मामले में शाह ने लगाई थी फटकार। विदिशा से टंडन के साथ गुना से इस बार पन्नालाल शाक्य को टिकट मिला है। विदिशा क्षेत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है। वे सीहोर जिले के बुधनी से भले ही चुनाव लड़ते हैं, किंतु विदिशा से उनका दसकों पुराना नाता है। परंतु, इस बार विधानसभा चुनाव में कई दावेंदार सामने आ गए। बताते हैं कि मुख्यमंत्री अपने करीबी मुकेश टंडन को ही टिकट देना चाह रहे थे, किंतु दावेदारों की संख्या देखकर वे भी कोई निर्णय नहीं ले पाए। अंतत: इसे हाईकमान पर छोड़ दिया गया। शनिवार को केंद्रीय मंत्री शाह ने रात 10 से लेकर एक बजे तक संभागीय बैठक लिए। उन्होंने एक-एक सीट की जानकारी ली और नेताओं को अपना सुझाव भी दिया। सूत्रों ने बताया कि शाह ने कुछ मुद्दों को लेकर काफी खरी खोटी भी सुनाई। इस बैठक से पहले दोनों सीटों को लेकर माथापच्ची हुई। इसके बाद निर्णय ले लिया गया। भाजपा के गढ़ से कांग्रेस की जीत भी रही वजह। 2018 के चुनाव में विदिशा से कांग्रेस के शशांक भार्गव जीते थे। इससे समूची भाजपा परेशान हो गई थी। इस बार ऐसी कोई गलती नहीं हो, इसलिए टिकट देने से पहले काफी माथापच्ची हुई। यहां पर भाजपा में तीन दावेदारों के बीच पेंच फंस गया था। यहां से पूर्व वित्तमंत्री राघव की बेटी ज्योति शाह के अलावा पिछला चुनाव हार चुके मुकेश टंडन भी दावेदारी कर रहे थे। इसके अलावा संगठन ने श्याम सुंदर शर्मा का नाम बढ़ाया था। जबकि गुना सीट को संघ की मजबूत सीट मानी जाती है। यह सीट संघ और भाजपा दोनों के कारण फंसी रही। इस सीट पर सिंधिया परिवार का भी प्रभाव है। इसके चलते यहां पर प्रत्याशी चयन को लेकर मामला अटका रहा। अभी इस सीट पर भाजपा के गोपीलाल जाटव विधायक हैं। इस बार गुना से पन्नालाल शाक्य को भाजपा ने मैदान में उतारा है।

मैं अच्छा हिंदू, राम मंदिर निर्माण के लिए दिए ₹1.11 लाख दान दिया : दिग्विजय सिंह

I am a devout Hindu, donated ₹1.11 lakh for the construction of the Ram Temple,” said Digvijaya Singh पीएम मोदी को चेक भेजा, लेकिन उन्होंने वापस भेज दिया, फिर मैंने…स्वयं जमा किए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। Udit Narayan भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करता हूं। मैं एक अच्छा हिंदू हूं। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख तय हो गई है। बता दें कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ऐसे में जब चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और कानूनी लिहाज से चुनाव में धर्म का इस्तेमाल प्रतिबंधित है, सूबे में राम मंदिर का मुद्दा भी गर्म है। राम हमारे इष्टदेव हैं… चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधितमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं और एक अच्छा हिंदू हूं। राम हमारे इष्टदेव हैं, हम सनातन धर्म का पालन करते हैं लेकिन चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधित है… राम मंदिर के निर्माण के लिए शिवराज सिंह चौहान ने 1 लाख रुपए का दान दिया और मैंने 1 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपने योगदान का चेक प्रधानमंत्री मोदी को भेजा कि जाकर जमा करवा दीजिए… मैंने वह चेक ट्रस्ट को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा। उन्होंने इसे वापस भेज दिया और मुझसे इसे स्वयं जमा करने के लिए कहा। मैंने इसे जमा कर दिया। हाल ही में मध्य प्रदेश में राममंदिर के निर्माण का श्रेय लेने वाले होर्डिंग नजर आए थे। इस पर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस राममंदिर निर्माण को लेकर दुखी है। वहीं कांग्रेस ने उस पर भगवान राम की भक्ति से भटकने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की इंदौर इकाई ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान अयोध्या में राममंदिर और उज्जैन में महाकाल लोक का प्रदर्शन करके धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की शिकायत को एक्स पर साझा करते हुए उस पर राम विरोधी होने का आरोप लगाया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस का मूल चरित्र भगवान श्रीराम, हिंदुत्व और सनातन धर्म के खिलाफ रहा है। कांग्रेस राम मंदिर के होर्डिंग के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रही है, जो दुनिया की आस्था का केंद्र है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि ऐसे होर्डिंग हटाए जाने चाहिए। कांग्रेस को दुख है कि राम मंदिर के होर्डिंग्स क्यों लगाए गए हैं… कांग्रेस को राम मंदिर बनने से दुख है।

19 दिनों में ₹150.58 करोड़ की अवैध शराब, नगदी, मादक पदार्थ, जेवरात की जप्ती हुई.

Model Code Of Conduct; Achaar Sahita;

150.58 crores worth of illegal liquor, cash, narcotics, and jewelry seized in 19 days. Manish Trivedi भोपाल, मध्य प्रदेश में आचार संहिता लगे हुए लगभग 19 हुए है. इन १९ दिनों के अंदर ₹150.58 करोड़ की अवैध शराब, नगदी, मादक पदार्थ, जेवरात आदि पुरे प्रदेश में जब्त किए है। यदि इसकी तुलना हम 2018 के विधानसभा चुनाव से करे तो यह आंकड़े काफी बड़े दिखाई दे रहे हैं, साल 2018 में आचार संहिता 6 अक्टूबर से 28 नवंबर तक लगी थी, सम्पूर्ण आचार संहिता के दौरान ₹72.93 करोड़ के सामान की जप्ती की गयी थी. अभी 18 दिन और बाक़ी है। देखते है अभी कितनी और जप्ती की जाती है.

25 चुनाव प्रत्याशियों के साथ विंध्य से नारायण त्रिपाठी ने खोला चुनावी मोर्चा।

Narayan Tripathi from Vindhya opened an electoral front with 25 election candidates. विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। नारायण त्रिपाठी। 5 से 7 विधानसभा सीटों पर जीत के आसार, और भी कई सीटें होंगी प्रभावित। उदित नारायण सतना। विंध्य की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां भाजपा से इस्तीफा दे चुके विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही झटका देते हुए विंध्य जनता पार्टी का गठन कर दिया। विधायक नारायण त्रिपाठी ने अब अपने पत्ते खोलते हुए विंध्य जनता पार्टी के 25 प्रत्याशियों की पहली सूची भी जारी कर दी है। नवगठित मैहर जिले की सीट से खुद नारायण त्रिपाठी चुनाव लड़ेंगे। इस सीट को नारायण त्रिपाठी का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके साथ ही आज शाम तक विंध्य जनता पार्टी चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर सकती है। जानकारी मिली है की पार्टी नेतृत्व द्वारा दूसरी लिस्ट में करीब 15 प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बन चुकी है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। हम आपको बता दें कि नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के अलावा मध्य भारत और महाकौशल में भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद तरह तरह के कयास नारायण त्रिपाठी के लिए लगाए जा रहे थे, लेकिन इन सभी पर विराम लगाते हुए नारायण ने अब अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है, जिसका चुनाव चिन्ह गन्ना और किसान है। विंध्य में मुकाबला हुआ त्रिकोणीय। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि विंध्य में कुल 30 विधानसभा सीट हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 30 में से 24 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विधायक नारायण त्रिपाठी ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और विंध्य क्षेत्र की अधिकांश सीटों पर हार जीत का निर्णय ब्राह्मण मतदाता करते हैं। विधायक नारायण त्रिपाठी की यहां की राजनीति में तगड़ी पकड़ है। राजनीति के जानकारों के हिसाब से विंध्य क्षेत्र का चुनाव परिणाम इस बार बहुत ही चौंकाने वाला रहेगा। नारायण त्रिपाठी की पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने से अब यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जिसके चलते यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के समीकरण गड़बड़ा रहे हैं और क्षेत्र की करीबन पांच से सात सीटों पर नारायण त्रिपाठी की पार्टी की जीत सुनिश्चित दिखाई दे रही है। जिसे रोक पाना अब दोनों ही पार्टियों के लिए असंभव नजर आ रहा है। जिसके चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में खलबली मची हुई है। इस चुनाव में विंध्य क्षेत्र से तीनों पार्टियों में से किसका पलड़ा भारी रहेगा यह तो चुनाव परिणाम ही बताएगा। मैहर विधानसभा में बजा चुनावी बिगुल। मध्य प्रदेश के मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपने पत्ते खोलते हुए आगामी 2023 के चुनाव में अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है। यदि हम बात करें मैहर विधानसभा क्षेत्र की तो यह विधानसभा क्षेत्र नारायण त्रिपाठी का गढ़ माना जाता है, जहां नारायण त्रिपाठी अलग-अलग दलों से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। अभी तक नारायण त्रिपाठी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चुने जा चुके हैं, लेकिन आगामी 2023 के चुनाव को लेकर नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि नारायण त्रिपाठी कांग्रेस पार्टी का दामन थाम कर एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन सभी पार्टियों को दरकिनार करते हुए नारायण त्रिपाठी ने अब अपने द्वारा गठन की गई विंध्य जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान पर ताल ठोक कर सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। वीजेपी की सूची ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की धड़कनें। नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए चुनावी बिगुल बजा दिया है। पहली सूची में नारायण त्रिपाठी ने सतना जिले की 7 विधानसभा में से 4 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिसमें मैहर से खुद नारायण त्रिपाठी, सतना विधानसभा से हरिओम गुप्ता, रैगांव विधानसभा क्षेत्र से आरती वर्मा और अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र से शशि सतेंद्र शर्मा उम्मीदवार घोषित किए हैं। फिलहाल नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी की सूची जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों की ही धड़कने बढ़ा दी हैं। वीजेपी ने 25 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। विंध्य जनता पार्टी द्वारा जारी पहली चुनाव प्रत्याशी लिस्ट में रैगांव से आरती वर्मा, सतना से हरिओम गुप्ता, अमरपाटन     से शशि सत्येंद्र शर्मा, सेमरिया से हासिफ मोहम्मद अली, त्यौथर से कमांडो अरुण गौतम, देवतालाब से कुंजबिहारी तिवारी, गगुढ़ से शिवमोहन शर्मा, चुरहट से अरुण द्विवेदी और सीधी से वाल्मिीक तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि सिंहावल से आशीष मिश्रा, चितरंगी से रामकृष्ण कोल, सिंगरौली से कुंदन पांडेय, ब्यौहारी से लेखन सिंह, जयसिंह नगर से फूलमती सिंह, जैतपुर से हीरालाल पनिका और अनूपपुर से प्यारेलाल पनिका को टिकट दिया है। इसके साथ ही पुष्पराजगढ़ से अमृतलाल सोनवानी, बांधवगढ़ से धूप सिंह, मानपुर से राजकुमार बैगा, शहपुरा से मदन सिंह परस्ते, डिंडौरी से सितार मरकाम, भोपाल दक्षिण पश्चिम से मनीष पांडेय, अंबेडकर नगर से वैघनाथ मिश्रा और बड़ामलहरा से दिनेश यादव को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर मैदान में उतारा है। विंध्य प्रदेश की मांग करते रहे हैं नारायण त्रिपाठी। नारायण त्रिपाठी हमेशा विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर मीडिया के सुर्खियों में रहते हैं और वे भाजपा सरकार में रहकर भी विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। वर्ष 2018 के चुनाव में नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी से चुनाव में जीत दर्ज की थी, जहां उनके सामने उनके प्रतिद्वंदी श्रीकांत चतुर्वेदी चुनाव मैदान में थे। श्रीकांत चतुर्वेदी को मात देते हुए नारायण त्रिपाठी ने जीत दर्ज की थी। मैहर विधानसभा चुनाव 2023। मैहर विधानसभा सीट पर अगले महीने चुनाव होना है। कांग्रेस ने जहां इस सीट से धर्मेश घई को अपना उम्मीदवार बनाया … Read more

मोदी आज देशभर के 51 हजार युवाओं को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र.

Narendra Modi; Employment; Sahara Samachaar;

Today, Modi will hand over appointment letters to 51,000 young people from across the country. उदित नारायणनई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दोपहर एक बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। रोजगार मेला देशभर में 37 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। रोजगार मेला पहल के तहत केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ इस पहल का समर्थन करने वाले राज्य सरकारों व केंद्र शासित प्रदेशों में भी नियुक्तियां दी जा रही हैं। साक्षरता विभाग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में काम करेंगे। रोजगार मेला असल में केंद्र सरकार की तरफ से रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरी करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। रोजगार मेले को रोजगार सृजन में एक उत्प्रेरक माना जाता है। इससे युवाओं को सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में सार्थक भागीदारी के अवसर मिलते हैं। नवनियुक्त कर्मियों को कर्मयोगी प्रारंभ के जरिये प्रशिक्षित हासिल करने का भी अवसर मिलेगा। कर्मयोगी प्रारंभ आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल है, जिसमें कहीं भी किसी भी डिवाइस से सीखने के प्रारूप के तहत 750 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले महीने भी 51000 युवाओं को मिले थे नियुक्ति पत्रइससे पहले 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए देशभर में 46 जगहों पर रोजगार मेले का आयोजन किया गया था।

कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं।- शिवराज सिंह चौहान.

Shivraj Singh Chouhaan; Digvijay Singh; Kamalnath; Sahara Samachaar;

In Congress, there are many factions and they are grinding each other.” – Shivraj Singh Chouhan. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव का चुनावी समर अब तेज हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक-दूसरे पर जबरदस्त हमला बोल रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस में इस समय चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ कहते हैं कि मेरी चक्की बहुत बारीक पीसती है लेकिन इस बार दिग्विजय की चक्की ने कमलनाथ को ही पीस दिया। कमलनाथ, दिग्विजय और जयवर्धन के कुर्ते फाड़ने की बात करते थे लेकिन सभी कमलनाथ समर्थकों के टिकट कटवाकर अब दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ का कुर्ता फाड़ दिया।” उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की चक्की ने अब कमलनाथ को पीस दिया है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में चुनावी घोषणा पत्र जारी हो रहा था। इस दौरान हंसी ठिठोली करते हुए कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आपको गाली खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास कुछ लोग आये और उन्होंने कहा कि उनका टिकट कट गया है। उनसे मैंने कहा कि आप लोग दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के कपडे फाड़ो। इस पर दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कमलनाथ से कहा कि ए फॉर्म और बी फॉर्म में दस्तखत किसके होते हैं, पीसीसी अध्यक्ष के तो कपड़े किसके फटने चाहिए, बताओ? दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को कई बीजेपी नेताओं ने इन दो नेताओं की आपसी कलह बताकर पोस्ट किया था। अब शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है।

मध्यप्रदेश में बदलेगा चुनावी गणित. JDU नीतीश कुमार ने 10 सीटों पर उतारे अपने उम्मीदवार.

JDU; Nitish Kumar; MP Elections; Sahara Samachaar;

Electoral math in Madhya Pradesh is going to change. JDU’s Nitish Kumar has fielded his candidates on 10 seats. उदित नारायणनई दिल्‍ली, नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के बाहर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस बार मध्य प्रदेश में दो सूचियों में दस उम्मीदवारों की घोषणा की है। जदयू जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उन पर समाजवादी प्रभाव रहा है। वह चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, जदयू को उम्मीद थी कि विपक्ष के ‘इंडिया’ गठबधंन के चलते कांग्रेस के साथ उसका तालमेल हो सकता है, लेकिन कांग्रेस ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। मध्यप्रदेश जदयू के पूर्व नेता शरद यादव का गृह राज्य है। इस नाते यहां पर कुछ क्षेत्रों में उसकी उपस्थिति भी रही है। हालांकि, वह अब इस स्थिति में नहीं है कि कोई सीट जीत सके, लेकिन भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई में कुछ सीटों के समीकरण प्रभावित कर सकती है। जदयू ने जिन दस सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें- पिछोर, राजनगर, विजय राघवगढ़, थांदला, पेटलावद, नरियावली, गोटेगांव, बहोरीबंद व बालाघाट शामिल हैं। यह सीटें बुंदेलखंड, महाकौशल व झाबुआ क्षेत्र की हैं। यहां पर कांग्रेस को जदयू के कारण कुछ नुकसान हो सकता है, क्योंकि दोनों ही दल भाजपा के खिलाफ लड़ रहे होंगे। मध्य प्रदेश में भाजपा व कांग्रेस के बीच लगभग सीधा मुकाबला होता है। ऐसे में दोनों दल किसी दल के साथ आम तौर पर तालमेल नहीं करते हैं। एनडीए में रहते हुए भी भाजपा ने पिछले चुनावों में जदयू के साथ सीटों का तालमेल नहीं किया था। चूंकि, राज्य में भाजपा व कांग्रेस में एक-एक सीट के लिए कड़ी लड़ाई होने की संभावना है। गठबंधन पर असर नहीं पड़ेगाऐसे में जदयू अगर कुछ सीटों पर कुछ वोट हासिल करती है तो नजदीकी लड़ाई में वहां के नतीजों पर असर पड़ सकता है। जदयू का कहना है कि इंडिया गठबंधन की मजबूती के लिए उसे उम्मीद थी कि कांग्रेस उसके साथ तालमेल करेगी, लेकिन उसने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में जदयू को अपने विस्तार और खासकर राष्ट्रीय दल का दर्जा पाने के लिए दूसरे राज्यों में आगे बढ़ना ही पड़ेगा। उसका कहना है कि इससे लोकसभा चुनावों के लिए इंडिया गठबंधन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन चुनावों के लिए गठबंधन में सीटों के तालमेल का काम पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा।

हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर रामेश्वर शर्मा ने दाखिल किया नामांकन.

Rameshwar Sharam; Nomination; Bhopal; Huzur; Electons; Sahara Samachaar;

Rameshwar Sharma paid his respects to Lord Hanuman and filled his nomination. उदित नारायणभोपाल । #हुजूर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी विधायक रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार की दोपहर अपना नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दाखिल किया। इसके पूर्व वे सुबह घर से निकलकर सीधे #चारइमली हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां हनुमानजी को साष्टांग प्रणाम कर पूजा अर्चना की। तत्पश्चात बंगले से रवाना होने के पूर्व श्री शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती संगीता शर्मा ने उन्हें विजय तिलक किया और दही खिलाकर शुभकामनाएं व्यक्त की। इसके बाद वह क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन दाखिल करने हुजूर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शुभ मुहूर्त में हुजूर विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर #आशुतोषशर्मा के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने आज नामांकन पत्र के दो अलग अलग सेट दाखिल किए। इस दौरान तहसील कार्यालय में उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील वासवानी, रमेश वर्मा, भागीरथ पाटीदार, बालाराम मीणा, रमेश जनयानी, ओमप्रकाश मेवाड़ा, हरिनारायण पटेल, प्रकाश अहिरवार, रघुनाथ सिसोदिया, श्रीमती चंद्रेश सुरेश राजपूत, धन्नालाल बघेल, सुमारैया जामोद, सरदार बारमेया मौजूद रहे। जनसेवा का सनातन संकल्प सदैव निभाऊंगा : रामेश्वर शर्मा नामांकन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने कहा किजब से राजनीति में आया मैंने जन सेवा का सनातन संकल्प लिया है। सनातन संकल्प कभी खाली नहीं जाता। इसे सदैव निभाऊंगा। पिछले 10 वर्षों में भी विधायक रहते हुए मैंने क्षेत्र की सेवा और जनकल्याण में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस बार पुनः विधायक बनकर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के घर-घर में खुशहाली आए, सबको रोजगार मिले और हुजूर विधानसभा सिर्फ भोपाल में ही नहीं अपितु पूरे मध्य प्रदेश में नंबर वन बनकर उभरे इस हेतु कार्य करूंगा।

सीएम शिवराज की बिलमाफी पर कांग्रेस का बड़ा खुलासा।

Shivraj Singh Chouhan; Surjewala; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Congress’s big revelation on the Chief Minister Shivraj’s Bill forgiveness. सुरजेवाला ने सीएम शिवराज सिंह का किया नया नामकरण “रेडियो गप्पिस्तान” कनेक्शन लोड बिना उपभोक्ता की सहमति और आकलन के किया दोगुना। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को धोखा देने का लगाया बड़ा आरोप। सुरजेवाला के आरोपों पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का पलटवार उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रेडियो गप्पिस्तान है। गरीब बिजली उपभोक्ताओं को उन्होंने धोखा दिया है। उन्होंने साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं का डेटा पेश करते हुए यह आरोप लगाए। रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नौगांव में एक किलोवॉट तक के बिजली कनेक्शन का बिल माफ करने का वादा किया था। बिल माफी तो दूर शिवराज ने उल्टा उनके कनेक्शन का लोड बिना उनकी सहमति और बिना किसी आकलन के ही दो किलोवॉट कर दिया। उपभोक्ता की सहमति के बिना लोड किया दोगुनासुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एक किलोवॉट तक के जिन कनेक्शन उपभोक्ताओं के बिल माफ होने थे, उनके बिल माफी से पहले ही उनके कनेक्शन का भार बढ़ाकर दो किलोवॉट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह ग्राहक इस बिल माफी के दायरे से बाहर हो गए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह गरीब जनता के साथ धोखा है। सुरजेवाला ने कहा कि यह आरोप नहीं है। हम इसके तथ्य भी दे रहे हैं। इसके लिए 21 जिलों के 38 डिविजन के उपभोक्ताओं के डाटा का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का यह कार्य गरीबों के साथ धोखा होने के साथ ही गैरकानूनी भी है। सूरजेवाला ने शिवराज से पूछे पांच सवाल- क्या एक किलोवॉट तक के 20 लाख गरीब उपभोक्ताओं में से एक भी उपभोक्ता की फूटी कौड़ी माफ हुई है। सरकार की घोषणाएं धोखे व झूठ की बुनियाद परक्या एक किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं के बिजली बिल स्थगित करने के आदेश जारी करने से पहले षड्यंत्रपूर्वक तरीके से उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन का भार दो किलोवॉट नहीं कर दिया गया। क्या प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को उनके कनेक्शन के भार को बढ़ाने से पहले सूचित किया गया था या उनकी सहमति ली गई थी या उनके लोड का आकलन किया गया था। क्या ये लाखों गरीब परिवार दो किलोवॉट के कनेक्शन के साथ गरीबी रेखा की परिधि से षडयंत्रपूर्वक तरीके से बाहर कर दिए गए हैं। क्या शिवराज सरकार की सारी घोषणाएं ऐसे ही धोखे और झूठ की बुनियाद पर रखी गई हैं। सुरजेवाला के बयान पर आशीष अग्रवाल का पलटवारकांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बयान पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा की “कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी, अब फर्जी आंकड़े कर रही है” जारी भोपाल। विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच मप्र की राजनीति में हलचल जारी है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा गुरूवार को प्रदेश में बिजली को लेकर भाजपा के खिलाफ बयान जारी किया गया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया है। आशीष अग्रवाल ने सुरजेवाला को सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रामक आकंड़ों से सावधान रहें। क्योंकि रणदीप सुरजेवाला, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से परेशान हो गए हैं। कपड़ा फाड़ कांग्रेस बेचारी अब फर्जी आंकड़े जारी कर रही है। कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद कपड़ा फाड़ और पुतला कोई विपक्ष दल नहीं फूंक रहा, बल्कि कांग्रेस के नेता ही फूंक रहे हैं। कांग्रेस में गुट या गिरोह चल रहा है

प्रियंका गांधी का कल दमोह दौरा, अजय टंडन के समर्थन में करेगी जनसभा।

Priyanka Gandhi will tour to Damoh tomorrow and hold a public meeting in support of Ajay Tandon. बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका पहला चुनावी दौरा, कल के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर। प्रियंका की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह। दमोह संवाददाता दमोह। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस युद्धस्तर पर जुटी हुई है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में दौरे कर रहे हैं। इसी क्रम में कल 28 अक्टूबर को प्रियंका गांधी दमोह आएंगी। यहां वह कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगी। प्रियंका गांधी की इस रैली के पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित आसपास के जिलों के भी बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता व आमजन हिस्सा लेंगे। तैयारियों में जुटे नेता-नगरी, कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका गांधी का ये पहला चुनावी दौरा है। इससे पहले वह महाकौशल, मालवा, और विंध्य में जनसभाएं कर चुकीं हैं। प्रियंका गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस पार्टी विशेष तैयारियां कर रही है। पार्टी नेताओं ने इस रैली में दो लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने दमोह से राहुल लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद राहुल लोधी का प्रचार करने दमोह आए थे। इसके बाद यहां से पार्टी को जीत मिली थी। हालांकि, राहुल लोधी पाला बदलकर बीजेपी में चले गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं इस बार भाजपा ने राहुल लोधी को टिकट तक नहीं दिया। भाजपा ने अपने पुराने नेता जयंत मलैया को उम्मीदवार बनाया है। बहरहाल, प्रियंका गांधी की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आज विशाल रेली, दाखिल करेंगे नामांकन।

Former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath will submit his nomination today for a large rally. संतोष सिंह तोमर भोपाल/छिंदवाड़ा। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ आज दोपहर को विशाल रेली निकालकर सैकड़ों समर्थकों के साथ छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कमलनाथ अपने राजनैतिक कैरियर में अभी तक दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद छिंदवाड़ा से ही उपचुनाव लड़ा था और बीजेपी के कैंडिडेट विवेक बंटी साहू को करीब 25 हजार वोटों से हराया था। जबकी 2019 के पहले तक कमलनाथ लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इस बार फिर कमलनाथ दोबारा छिंदवाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे है। कमलनाथ की नामांकन रैली उनके निवास शिकारपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी जो छिंदवाड़ा नगर के श्री बड़ी माता मंदिर पहुंचेगी, यहां पर कमलनाथ पूजा अर्चना करेंगे, इसके बाद वे श्याम टॉकीज के प्राचीन राम मंदिर पहुंचेंगे जहां पर पूजा अर्चना कर एक रथ पर सवार होकर कलेक्ट्रेट के लिए निकलेंगे। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर उनकी रैली शुरू होगी, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए उनकी रैली 2 बजे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी जहां पर वे समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मानसरोवर कांपलेक्स में होगी पहली सभा कमलनाथ की नामांकन रैली को लेकर विशेष तैयारियां कांग्रेस के द्वारा की गई हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद वे अपनी पहली चुनावी आमसभा मानसरोवर कॉम्प्लेक्स में लेंगे, इस दौरान उनके साथ सांसद नकुलनाथ और तमाम कांग्रेस के नेता मौजूद रहेंगे। कमलनाथ की नामांकन रैली में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ेंगी इसको लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है।

कांग्रेस के गले की फांस बना प्रत्याशियों का बदलाव।

The Congress witnessed a change in candidates like a noose around its neck. चुनाव प्रत्याशी बदलने के बाद भी नहीं थम रहा कांग्रेस पार्टी में घमासान। सुबह बदला टिकट, शाम को बसपा ने बनाया कुलदीप को चुनाव प्रत्याशी। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में हुई उठा – पटक के बाद फैले विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए चार सीटों पर पहले उतारे गए उम्मीदवारों को बदल कर विद्रोह करने वालें दिग्गज नेताओं को अपना प्रत्याशी बना दिया है, लेकिन अब यह बदलाव भी कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।  कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है, उनमें मुरैना जिले की सुमावली, नर्मदापुरम जिले की पिपरिया उज्जैन जिले की बड़नगर और रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस बदलाव में दो विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने पहले इन विधायकों का टिकट काट दिया था। टिकट बदलने से नाराज सुमावली प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं का पुतला और झंडों की होली जलाकर आक्रोश प्रदर्शित किया और शाम को कुलदीप सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। कांग्रेस ने बागी विधायकों के सामने घुटने टेकेआखिरकार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मनमर्जी के आधार पर टिकट बांट तो दिए थे लेकिन जब नाराज नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए तो पार्टी ने बागी विधायकों व नेताओं के सामने घुटने टेक दिए। जिन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं उनमें दो विधायकों को फिर से टिकट दिया है। पार्टी ने सुमावली विधानसभा सीट पर विधायक अजब सिंह कुशवाहा को फिर से प्रत्याशी बनाया है, पहले अजब सिंह का टिकट काट दिया गया था। जिसके बाद अजब सिंह ने विरोध करते हुए अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया था और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे दिया है। इसी तरह से उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। जबकि चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी सूची में कांग्रेस पार्टी ने यहां से राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा था। जिसके बाद से विधायक मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। इतना ही नहीं मुरली मोरवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा कर दी थी। ऐसे में पार्टी ने टिकट देकर एक तरह से बगावत को रोकने की कोशिश की है।          इसके साथ ही पिपरिया विधानसभा सीट पर भी बदलाव करते हुए कांग्रेस पार्टी ने वीरेंद्र रघुवंशी को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि पहले यहां से गुरु चरण खरे को प्रत्याशी घोषित किया गया था और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इधर यही हाल जावरा विधानसभा सीट का भी हुआ है। यहां से कांग्रेस नेतृत्व ने पहले हिम्मत श्रीमाल को टिकट देकर चुनावी समर का बिगुल बजा दिया लेकिन यहां भी वही विरोध के स्वर उठने लगे जिनका सामना पार्टी नेतृत्व को अन्य सीटों पर भी करना पड़ रहा था। विरोध के चलते बड़ा नुकसान होने की आशंका को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने यहां भी चुनाव प्रत्याशी बदलने की अधिकृत घोषणा कर दी। अब इस सीट पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट थमाया गया है और हिम्मत श्रीमाल को चुनावी समर से बाहर कर दिया गया है। सात प्रत्याशी बदले, दो सीटों पर अभी भी फंसा पेंचशीर्ष नेतृत्व की मनमानी के आधार पर हुए टिकट वितरण के बाद उठी बगावत के चलते कांग्रेस को अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदलने पड़े हैं। पार्टी ने दूसरी सूची में तीन सीटों गोटेगांव, दतिया और पिछोर में प्रत्याशी बदले थे। जबकि अब सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा में प्रत्याशी बदले हैं। मतलब पार्टी ने अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। जबकि पार्टी मंडला जिले की निवास सीट पर प्रत्याशियों की अदला बदली पहले ही कर चुकी है।इतनी सब उठा – पटक करने के बाद भी खास बात यह है कि कांग्रेस की समस्या अभी भी पूरी तरह से दूरी होती नजर नहीं आ रही है। पार्टी ने भले ही सात सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं, लेकिन अभी भी आमला और शिवपुरी विधानसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। डिप्टी कलेक्टर रही निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह इस सीट से टिकट की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस यहां से मनोज मालवे को मैदान में उतार चुकी है, ऐसे में कांग्रेस यहां भी फंसी नजर आ रही है। क्योंकि निशा बांगरे ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर पहले ही तय कर लिया था कि वो त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद आमला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। जिसके लिए निशा बांगरे ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन द्वारा स्वीकार ना किए जाने पर सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बड़ी लड़ाई लड़ी है। इधर शिवपुरी में कांग्रेस ने सीनियर विधायक केपी सिंह को टिकट दिया है, जबकि केपी सिंह अपनी परंपरागत पिछोर सीट से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। पिछोर सीट पर पहले केपी सिंह के भांजे शैलेन्द्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन बाद में रूठों को मनाने के चक्कर यहां भी प्रत्याशी बदल दिया था। अब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाहरी प्रत्याशी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है जिससे यहां भी मामला फंसा हुआ है। बगावत पर विराम लगाने के चक्कर में लेने के देने पड़ेकांग्रेस पार्टी ने टिकट बटवारे के बाद नेताओं और विधायकों की नाराजगी और बगावत पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने बड़ा फैंसला लेते हुए एक साथ चार विधानसभाओं में पूर्व घोषित प्रत्याशियों को बदल तो दिया लेकिन बगावत पर विराम लगाने का यह फार्मूला कांग्रेस के लिए दौहरा खतरनाक साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल जब पार्टी ने इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा कर दी तो घोषित प्रत्याशियों ने अपने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी ने रूठों को मनाने के चक्कर में टिकट बदलकर उन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों … Read more

मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के ममाले में सागर ज़िले के राहतगढ़ थाने में दर्ज़ हुई FIR.

Govind Singh Rajput; Sagar; Rahatgarh; FIR; Code of Conduct; BJP;

FIR filed against Madhya Pradesh’s Transport and Revenue Minister Govind Singh Rajput

हरदा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया.

Harda; MP Elections; Kamal Patel; BJP; Surendra Jain;

The former president of Harda Municipal Council has resigned from the BJP’s state executive and primary membership of the BJP. हरदा, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल के बचपन के मित्र  सुरेंद्र जैन ने आज मप्र भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। कमल पटेल और सुरेन्द्र जैन ने साथ साथ राजनीति शुरु की। दोनों मित्र होने के साथ साथ एक दूसरे के गहरे राजदार भी हैं। कमल पटेल को विधायक व मंत्री बनाने सुरेन्द्र जैन ने दिन रात एक किया है। सुरेन्द्र जैन और उनकी पत्नि को अनेक बार नगर पालिका अध्यक्ष बनवाने में कमल पटेल ने हरसंभव मदद की है। हरदा की राजनीति में यह दोनों नेता दो शरीर एक जान माने जाते थे। दोनों सगे भाइयों से ज्यादा खास बनकर रहने वाले यह दोनों नेता अब एक दूसरे की शक्ल भी देखना पसंद नहीं कर रहे हैं। दरअसल इस झगड़े की शुरुआत कमल पटेल के बेटे की सोशल मीडिया पर की गई बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। सुरेन्द्र जैन ने हरदा से विधानसभा टिकट की दावेदारी की तो कमल पटेल के बेटे ने उन्हें गद्दार और उनके खून में गद्दारी जैसे शब्द लिख दिए। यह बात सुरेन्द्र जैन से ज्यादा उनके बेटे को चुभ गई। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। मेरी जानकारी के अनुसार सुरेन्द्र जैन ने बड़ा दिल रखकर प्रयास किया कि टिकट मिलने के बाद कमल पटेल फोन करेंगे तो वे सभी शिकवे शिकायत भुलाकर हमेशा की तरह उन्हें जिताने में जुट जाएंगे। लेकिन कमल पटेल ने न तो फोन किया और न ही किसी माध्यम के जरिए संपर्क किया। बल्कि संदेश आते रहे कि सुरेन्द्र जैन के बिना चुनाव जीतकर दिखाऊंगा। सुरेन्द्र जैन ने अपने स्वाभिमान के खातिर आखिर भारी मन से भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। मुझे लगता है कि सुरेन्द्र जैन का भाजपा छोड़ना कमल पटेल को भारी पड़ सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल ?

Former Chief Minister Digvijay Singh raised questions about the EVM (Electronic Voting Machine). वोट कहां गया यह जानना हमारा संवैधानिक अधिकार। निष्पक्षता से सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी दे ईसी। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह नेएक बार फिर ईवीएम मशीन से वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम से वोट कराने का विरोध नहीं करता, लेकिन चुनाव आयोग बताए कि जिस मशीन में चिप लगी हो तो वह टेंपर प्रूफ कैसे हो सकती है? ईवीएम में वोट कहां गया ये जानना हमारा संवैधानिक अधिकार है। ईवीएम, वीवीपैट और काउंटिंग यूनिट में जो सॉफ्टवेयर है, चुनाव आयोग को निष्पक्षता से उस सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी देनी चाहिए। इलेक्शन कमिशन हमसे मिलने को तैयार नहीं है। हमने एक सवालों की फेहरिस्त बनाई थी लेकिन आयोग उसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से ईवीएम मशीन को लेकर बनाई गई कमेटी को दिग्विजय सिंह लीड कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ईवीएम के संबंध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में देश के प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से मांग की जा रही है कि वीवीपैट की पर्ची से काउंटिंग की जाए।  देश में लोकतंत्र को बचाए – सुप्रीम कोर्ट:- दिग्विजय सिंह  सोमवार को पूर्व सीएम ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए भी लिखा कि चुनाव आयोग से एक ही गुज़ारिश है कि वीवीपैट स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक़्क़त है? सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र को बचाइए।

हुजूर का बेटा हूँ, जरूरत पड़ी तो प्राण देकर भी बेटे का कर्तव्य निभाऊंगा – रामेश्वर शर्मा

“I am the son of the master; if necessary, I will fulfill the duty of a son even at the cost of my life.” – Rameshwar Sharma.

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व गृह मंत्री के समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरा.

Sahara Samachaar; BJP; Bhartiya Janta Party; Jabalpur; Indore; Chhindwara; Gwalior; Neemuch; Elections; VD Sharma;

Supporters of the former Home Minister of the Bharatiya Janata Party surrounded the state president.

मुन्ना लाल गोयल के समर्थको ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल का किया घेराव.

Munna Lal Goyal; Gwalior; Jyotiraditya Scindia; Protest; BJP; Madhya Pradesh;

Supporters of Munna Lal Goyal staged a protest at the residence of Union Minister Jyotiraditya Scindia.

पुष्पराज बागरी ने भारतीय जनता पार्टी से दिया इस्तीफा.

Pushparaj Bagri; Sahara Samachaar; BJP; MP Politics; MPElections;

पुष्पराज बागरी ने भारतीय जनता पार्टी से दिया इस्तीफा.

Manish Trivedi

पूर्व मंत्री स्वर्गीय जुगल किशोर बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने फेसबुक में पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने जो मुझसे वादा किय था उसमें भी प्रदेश नेतृत्व झूठा निकला।

कटनी जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज, उठे बगावत के स्वर.

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Election fervor is running high in all four assembly constituencies of Katni district, with a growing clamor for change.

सुमावली विधायक अजब सिंह कुशवाह के खिलाफ आचार संहिता उलंघन का मामला दर्ज।

बिना अनुमती रैली निकालने और सभा करने पर सिविल लाइंस थाने में हुई एफआईआर। टिकट कटने के बाद विधायक अजब सिंह कांग्रेस छोड़कर बसपा का थाम चुके हैं दामन। संतोष सिंह तोमर भोपाल / मुरैना। कांग्रेस से टिकट कटने पर सुमावली विधायक अजब सिंह कुशवाह द्वारा रैली निकालने व सभा करने पर विधायक, उसके आधा सैकड़ा समर्थकों और गार्डन संचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।कांग्रेस पार्टी द्वारा सुमावली से वर्तमान विधायक अजब सिंह कुशवाह का टिकट काटकर कुलदीप सिंह सिकरवार को दिए जाने से अजब सिंह कुशवाह के समर्थकों में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नाराजगी है। हालांकी विधायक अजब सिंह कुशवाह ने तो पार्टी के फैसले का विरोध करते हुए कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी का झंडा थाम लिया लेकिन इसी नाराजगी के चलते न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित विधायक अजब सिंह कुशवाह के निवास पर कुशवाह समाज के तमाम लोग एकत्रित हो गए और कांग्रेस पार्टी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद वहां से पैदल व बाइकों से रैली के रूप में जौरा रोड पर स्थित दाऊजी धाम पैलेस मैरिज गार्डन में पहुंचे। वहां सभा का आयोजन किया गया था। आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने से बिना अनुमति के प्रदर्शन, जुलूस, रैली एवं सभा आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है। उसके बाद भी गुरुवार को विधायक एवं उनके समर्थकों ने दाऊजी धाम पैलेस मुरैना में बिना किसी विधिक अनुमति के भीड़ एकत्रित कर सभा का आयोजन किया और राजनैतिक जुलूस निकालकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया तथा संचालक दाऊजी धाम पैलेस मुरैना के द्वारा गार्डन में बिना किसी विधिक अनुमति के राजनैतिक सभा/ बैठक का आयोजन करने की अनुमति प्रदाय कर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। आचार संहिता का उल्लंघन करने के कारण विधायक एवं उनके समर्थक एवं गार्डन संचालक के विरूद्ध भादंसं की धारा 188 के तहत कार्रवाई की गई है।

5 सालो में 105 प्रतिशत ज्यादा अमीर हो गए मध्यप्रदेश के विधायक – ADR की रिपोर्ट.

BJP; Congress; SP; Aap; BSP; Politics; ADR Report;

In the past 5 years, the wealth of Madhya Pradesh’s legislators has increased by 105 percent, according to the ADR report.

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट आते ही पूरे प्रदेश में विरोध के सुर.

INC; Congress; Gwalior; Malhargarh; Politics;

As soon as the second list of the Congress party comes, there is an uprising across the entire state.

सोशल मीडिया पर प्रचार से पहले लेनी होगी अनुमति, आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

ECI; Katni; Election Commission; BJP; Congress; INC, AAP; SP; BSP;

Permission must be obtained before advertising on social media, as per the guidelines issued by the commission.

जानिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की लिस्ट

इंदौर-3 से कांग्रेस ने पिंटू जोशी (दीपक)को उम्मीदवार बनाया है।इनके पिता स्व.महेश जोशी संजय गांधी के करीबी थे।कमलनाथ और महेश जोशी दोनों युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महा.थे।दिग्विजय सरकार में भी महेश जोशी रसूख़दार मंत्री थे।इनके चचेरे भाई अश्विन जोशी भी 3 बार इस सीट से विधायक रहे है। निवाड़ी से कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए भाजपा नेता अमित राय को उम्मीदवार बनाया है अमित राय की माँ निवाड़ी जिपं की अध्यक्ष है।ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस यहां रोशनी यादव पर दांव चल सकती है लेकिन मीरा यादव के सपा से चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस ने रोशनी को टिकट देना उचित नही समझा। कांग्रेस ने ग्वालियर से सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया था इनका मुकाबला सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से है पिछला उपचुनाव भी ये प्रद्युमन सिंह तोमर के खिलाफ लड़े थे जहां इन्हें काफी मतों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।सुनील क्षेत्र में काफी एक्टिव रहने वाले नेता माने जाते है। खुरई सीट से कांग्रेस पार्टी ने रक्षा राजपूत को अपना उम्मीदवार बनाया है रक्षा पिछले कई वर्षों से खुरई में सक्रिय है उनका मुकाबला प्रदेश के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह से है खुरई भाजपा की बेहद मजबूत सीट मानी जाती है,भूपेंद्र सिंह ने यहां भाजपा की जड़े को गांव-गांव में जमाया है। कांग्रेस पार्टी ने खातेगांव से मप्र की राजनीति के संत कहे जाने वाले स्व कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया है।दीपक जोशी 2003 से लेकर 2018 तक विधायक रह चुके है।पिछला चुनाव वह हार गए थे।वही खातेगांव से भाजपा ने आशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने सीधी से ज्ञान सिंह को उम्मीदवार बनाया है ज्ञान सिंह वर्तमान में सीधी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष है।वह अजय सिंह के बेहद करीबी है वहां भाजपा ने रीति पाठक को उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा के वर्तमान विधायक केदारनाथ टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है। कांग्रेस पार्टी ने मुरैना से दिनेश गुर्जर को अपना उम्मीदवार बनाया है।पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक राकेश मावई की टिकट काट कर दिनेश गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है है यह सीट गुर्जर बहुल्य है।फिलहाल दिनेश गुर्जर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा की परंपरागत सीट रहली से इंजीनियर ज्योति पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।ज्योति वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य है कांग्रेस ने यहां ओबीसी कार्ड चला है अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस अभेद किले पर ज्योति सेंध लगाने में कामयाब होती है या नहीं! कांग्रेस पार्टी ने भिंड से चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है जब से वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे तब से वह नेपथ्य में चल रहे थे कांग्रेस पार्टी ने उन्हें एक नया राजनीतिक जीवन दान दिया है अब देखना होगा वह इस अवसर को किस तरह भुनाते हैं। कांग्रेस पार्टी ने रीवा से इंजी.राजेंद्र शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं उनकी छवि साफ सुथरी है ये अच्छे उद्यमी भी है।वही यह सीट भाजपा की मजबूत सीटों में एक है यहां इनका मुकाबला मंत्री राजेंद्र शुक्ला से है जो मजबूत स्थित में है। कांग्रेस ने मैहर से धर्मेश घई को उम्मीदवार बनाया है धर्मेश घई मैहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके है यह पंजाबी समाज से आते हैं जिनकी संख्या मैहर में बहुत कम है।यह सीट ब्राह्मण-कुर्मी बाहुल्य है इसके बाद भी पार्टी ने इनको उम्मीदवार बनाया है।ये अजय सिंह व प्रवीण कक्कड़ के करीबी है। कांग्रेस ने निधि जैन को सागर से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है निधि हाल ही में सागर नगर निगम का चुनाव लड़ी थी जहां उन्हें शिकायत झेलनी पड़ी थी।इनका मुकाबला इनके पति के सगे बड़े भाई शैलेंद्र जैन से होगा जो वर्तमान में सागर के विधायक व भाजपा के उम्मीदवार हैं। देवतलाव से कांग्रेस ने पद्मेश गौतम को उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान विस अध्यक्ष एवं भाजपा उम्मीदवार गिरीश गौतम के सगे भतीजे हैं।इन्होंने हाल ही में हुए पंचायती चुनाव में विस अध्यक्ष के बेटे राहुल गौतम को जिला पंचायत के चुनाव में करारी शिकायत दी थी,यही इनके टिकट पाने का आधार बना। कांग्रेस पार्टी ने सिरमौर की सामान्य सीट से रामगरीब आदिवासी को टिकट देकर बड़ा दांव चला है।रामगरीब आदिवासी कोल समाज के बड़े नेता है।इनका मुकाबला रीवा राजघराने की युवराज दिव्यराज सिह से होगा।कमलनाथ ने राजा के सामने रंक को मैदान में उतार दिया है।ये वही रामगरीब आदिवासी है जो 2008 में में तत्कालीन मंत्री स्व.रमाकांत तिवारी को त्योंथर से चुनाव हरा दिया था।कमलनाथ इनके मुरीद है।कमलनाथ ने बड़े-बड़े धन्ना सेठों की जगह एक गरीब आदिवासी पर दांव चला है विन्ध्य में कोल मतदाता कई विधानसभा में निर्णायक है कमलनाथ का यह दांव चल गया तो भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है! कहते है ना जो दौड़ता है उसका भाग्य भी दौड़ता है! इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभय मिश्रा है उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है फौरन वह कांग्रेस से टिकट पाने के लिए जुट गए,दिल्ली-भोपाल को एक कर डाला और आखिरकार टिकट पाने में सफल हो गए।आज उनकी जीवटता की चर्चा हर जगह हो रही है।अभय एक लड़ाई तो जीत चुके है लेकिन अभी मुख्य लड़ाई जीतना बाकी है चुनाव में उनके सामने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार केपी त्रिपाठी होंगे जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ देखी जा रही है गांव-गांव उन्होंने कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की है।अभय के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अंदर भी खूब है अब देखना होगा वह उनसे किस प्रकार निपटते हैं!रीवा जिले की यह सबसे हॉट सीट है सेमरिया में एक बार अभय और एक बार उनकी पत्नी चुनाव लड़ी है दोनों विजयी हुए है KP त्रिपाठी भी एक बार ही चुनाव लड़े हैं वह भी विजय हुए है लेकिन इस बार सेमरिया की जनता असली विजेता का चयन करेगी!

चंबल अंचल में नेताओं के दिख रहे बगावती सुर

मुरैना से पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक रुस्तम सिंह के सुपुत्र राकेश रुस्तम सिंह ने थामा बसपा का दामन। सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं।भाजपा ने यहां से गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने यहां इस बार क्षत्रिय प्रत्याशी पर दांव चला है।

MP विधान सभा चुनाव – यादव वोट बैंक तो है, लेकिन क्या अखिलेश यादव उठा सकेंगे फायदा

मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस से तालमेल न बन पाने पर समाजवादी पार्टी बेहद खफा है. पार्टी 22 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर चुकी है. समाजवादी पार्टी का ज्यादा जोर पिछड़े वर्ग और सीधा कहा जाए तो यादव मतदाताओं पर रहता है. एसपी के अलग लड़ने का राज्य के चुनावों पर कितना असर पड़ेगा. क्या यादव वोट बैंक का फायदा अखिलेश यादव उठा सकेंगे. प्रवेश सिंह, नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश विधान सभा की 230 में से 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं. सिर्फ एक सीट पर प्रत्याशी की घोषणा की जानी है. पार्टी ने उस सीट के लिए अपने उम्मीदवार के नाम के बारे में मन बना रखा है. अब समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की नाराजगी की चर्चा हो रही है. विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए (इंडिया) में कांग्रेस के साथ शामिल अखिलेश ने इस पर खुल कर अपनी नाराजगी जता भी दी है. समाजवादी पार्टी का दावा था कि कांग्रेस उसे मध्य प्रदेश में कम से कम छह सीटें जरूर देगी. इस दावेदारी के पीछे पार्टी की जो भी दलील रही हो, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में उसे एक सीट पर जीत भी मिली थी. ये अलग बात है कि चुनाव के बाद हुए तख्तापलट में उस विधायक ने सत्ताधारी बीजेपी का दामन थाम लिया था. समाजवादी पार्टी की दावेदारी खासतौर से विंध्य और बुंदेलखंड इलाके में रहती है. ये इलाके उत्तर प्रदेश से लगे हैं और समाजवादी पार्टी इस सीमावर्ती इलाके के पिछड़े वोट बैंक पर अपनी दावेदारी करता है. हालांकि ऐसी ही दावेदारी बहुजन समाज पार्टी भी करती रही है. उसके भी दो-चार सीटें मिलती रही है. अगर समाजवादी पार्टी की ताकत की बात की जाय तो उसे सबसे ज्यादा आठ सीटें 2003 के विधान सभा चुनाव में मिली थी. हालांकि ये भी ध्यान रखने वाली बात है कि उस समय मुलायम सिंह यादव जमीनी नेता समाजवादी पार्टी के थे. उनके साथ अमर सिंह की ताकत भी थी जो मध्य प्रदेश के क्षत्रिय समुदाय को जोड़ रहे थे. इसके अलावा ये वही दौर था जब कांग्रेस के कई नेता दिग्विजय सिंह से नाराज थे और उन्होंने पार्टी छोड़ी भी थी.

सड़क पर डोसा बनाने लगे राहुल गांधी, किनारे बैठकर लोगों के साथ खाया, देखने को हर कोई रुक गया

राहुल गांधी ने पहले डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. जगतियाल (तेलंगाना) : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को तेलंगाना के जगतियाल जिले में सड़क किनारे एक भोजनालय में डोसा बनाया. कांग्रेस सांसद ‘विजयभेरी यात्रा’ के तहत करीमनगर से जगतियाल के लिए रवाना हुए. वह रास्ते में नुकापल्ली बस स्टैंड पर रुके और एक भोजनालय में गए, जहां उन्होंने डोसा बना रहे एक व्यक्ति से बातचीत की.उन्होंने डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. राहुल ने डोसा बनाने के बाद सड़क किनारे बैठकर उसे लोगों के साथ खाया भी. राहुल ने अपने हाथ से लोगों को खुद बनाए गए डोसे का स्‍वाद भी चखाया. इस दौरान लोग काफी खुश दिखे. कांग्रेस नेता ने राहगीरों से बातचीत भी की और बच्चों को चॉकलेट भी बांटी.

बसपा ने मध्य प्रदेश में छटवीं सूची जारी कर 28 नामों का और किया एलान

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने अपने 28 प्रत्याशियों की छठवीं सूची जारी कर दी है। इसमें नरसिंहपुर से रिटायर्ड डीआईजी महेश प्रसाद चौधरी को टिकट दिया हैवहीं, इछावर से हरी प्रसाद सिसोदिया, बड़वाह से त्रिलोक राठौर, उज्जैन दक्षिण से मुकेश परमार, नागदा खाचरौद से सीमा गोकुल गोयल, महेश्वर से सुखराम उपाध्याय, कसरावद से केशरी लाल पिपल्दे, आगर से गंगाराम जोगचंद्र, भोपाल उत्तर से महेंद्र वानखेड़े, हुजूर से रणधीर भोजने को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, तेंदूखेड़ा रमा कुशवाह, हरदा से प्रहलाद राठौर, करेरा से शांतीदास फले, नरसिंपहुर से संजय मागर, गाडरवारा से शंकर लाल निनामा, बुरहानपुर से सुनील नायके, गुना से भगवान लाल भण्डारी, मैहर से वीरेंद्र सिंह कुशवाह, दमोह से प्रताप  रोहित,  बरघाट से किरन मरकाम, बसौदा से चंदा बी, नरेला से मुकेश गौर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से सुरेश उबनारे, सुरखी से सतनाम सिंह दांगी, विदिशा से द्वारिका प्रसाद धाकड़, शमशाबाद से महाराज सिंह, कुरवाई से जानकी प्रसाद और सिरोंज से तोषनी पंथी को प्रत्याशी बनाया है।  

कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प कौन, भाजपा के युवा चेहरे या बुजुर्ग नेतृत्व।

कांग्रेस हो या भाजपा, अमरपाटन, नागौद एवं रैगांव विधानसभा सीटों पर युवाओं के ही दम से जीत सम्भव है।इन सीटों पर भाजपा, कांग्रेस पार्टी की तरह अपने युवा चेहरों को मौका देगी या बुजुर्गों पर फिर से दांव लगाएगी। संतोष सिंह तोमर, भोपाल /सतना।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आज देर रात कांग्रेस पार्टी ने शेष बचे 88 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करते हुए प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपनी स्थिति साफ कर दी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक शेष बचे विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम सामने नहीं आ पाए हैं। सभी भाजपा की अगली सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस का महिला एवं युवा चेहरों पर फोकस। कांग्रेस पार्टी ने इस बार महिला एवं युवा चेहरों पर ज्यादा फोकस कर रखा है। इसीलिए पार्टी ने इस बार अधिकतर युवा चेहरों और महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। जिसके पीछे पार्टी की मंशा अगली पीढ़ी को तैयार करने की भी दिखाई दे रही है। इसी क्रम में विंध्य क्षेत्र के सतना जिले में कांग्रेस पार्टी ने नागौद विधानसभा क्षेत्र से यूथ कांग्रेस की प्रदेशउपाध्यक्ष डॉ. रश्मी पटैल को मैदान में उतारा है, जबकि चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वर्तमान विधायक एवं युवा नेता नीलांशु चतुर्वेदी को प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही रेगांव विधानसभा क्षेत्र से 2020 के उपचुनाव में विजयी रहीं वर्तमान विधायक कल्पना वर्मा को पुनः चुनाव प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा को युवा नेतृत्व की दरकार है। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक विंध्य क्षेत्र के सतना जिले की सात में से चार विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए है। जबकि तीन मुख्य सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होना बांकी है। भाजपा की ओर से अभी तक घोषित चार नामों में से केवल एक रामपुर बाघेलान सीट पर युवा चेहरे के रूप में विक्रम सिंह ( विक्की ) को चुनाव मैदान में उतारा है। युवा नेता विक्रम सिंह की क्षेत्र के युवा वर्ग में बहुत अच्छी पकड़ बताई जाती है। अब बात करते हैं, बांकी बचे उन तीन विधानसभा क्षेत्रों की जहां भाजपा की ओर अभी तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। इसमें से अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां से भाजपा के वर्तमान विधायक व मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रामखेलावन पटैल को पार्टी फिर से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। मंत्री रामखेलावन का नाम उन पर लगते रहे आरोपों के चलते हमेशा सुर्खियों में रहा है। मंत्री जी पर कभी जातिवादी, अभद्रता तो कभी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोपों के चलते क्षेत्रीय लोगों में छवी धूमिल हुई है। जिसका नुकसान इस सीट पर भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। जबकि नागौद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह का नाम भाजपा की अगली प्रत्याशी सूची में घोषित हो सकता है। लोगों की मानें तो नागेंद्र सिंह की उम्र करीब 83 वर्ष है, और वृध्दावस्था के चलते विधायक नागेंद्र सिंह अपने क्षेत्र में पहले की तरह सक्रीय नहीं रहते हैं। जिसके कारण क्षेत्र में उनकी पकड़ भी कमजोर हो रही है, जिसका फायदा यहां कांग्रेस उठाती दिख रही है। इसके बाद बात करते हैं बांकी बची रेगांव विधानसभा की जहां से कई युवा महिलाओं व युवा नेताओं ने अपनी दाबेदारी पार्टी नेतृत्व के सामने पेश की है। यहां से प्रतिमा बागरी, रानी बागरी और पुष्पराज बागरी के नाम को पैनल में शामिल किया गया है। युवा चेहरों का विकल्प युवा ही हो सकते हैं। विंध्य क्षेत्र की इन सभी सीटों पर जिस तरह कांग्रेस ने महिला एवं युवा चेहरों पर भरोसा जताया है ठीक उसी तरह भाजपा को भी अब बुजुर्ग और आरोप प्रत्यारोपों से घिरे नेताओं की जगह युवाओं को आगे लाकर अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करने की कोशिश करना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प भाजपा का युवा नेतृत्व ही बन सकता है। क्योंकि कांग्रेस अपने युवा चेहरों को मैदान में उतारकर चुनांव मैदान में आ गई है। अब भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ताओं के साथ ही युवा वर्ग और नव मतदाताओं की नजर केवल अपने युवा चेहरों पर टिकी है,भाजपा भी अगर नए वा युवा चेहरों को अवसर देगी तो परिणाम भाजपा के पक्ष में आने के ज्यादा अवसर होंगे। जिससे आने बाले समय मे भाजपा और अधिक शशक्तता व मजबूती मिलेगी,साथ ही युवाओं में एक नई उम्मीद दिखेगी। युवा चेहरों के दम ही अब नैया पर हो सकती है, क्योंकि लोगों को बुजुर्ग या विवादित छवि वाले नेताओं की अपेक्षा अत्यधिक ऊर्जावान युवा चेहरों पर ज्यादा भरोसा है।

पूर्व मंत्री दीपक जोशी को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने छोड़ी पार्टी बीजेपी ने ली चुटकी

पुष्पेंद्र सारदिया, खातेगांव खातेगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से प्रत्याशी बनाए गए दीपक जोशी को लेकर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश स्थानीय उम्मीदवार को टिकट नहीं देने से कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दिए इस्तीफे कांग्रेस से ओबीसी वर्ग का चेहरा लक्ष्मीनारायण बंदावाला ने भी इस्तीफा दिया स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी पर उपेक्षा के आरोप लगाकर दिए इस्तीफे इस कड़ी में विनोद चावड़ा जो कि जिला महामंत्री है कांग्रेस से उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है साथ ही कांग्रेस से टिकट मांगने वाले लक्ष्मीनारायण अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है साथ ही एक और बड़े चेहरे मुकेश पटेल ब्लॉक कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष उन्होंने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है खातेगांव से भाजपा विधायक और तीसरी बार प्रत्याशी बनाए गए आशीष शर्मा का बयान – पूर्व मंत्री दीपक जोशी का कांग्रेस से टिकट होने पर बोले विधायक आशीष शर्मा…कांग्रेस का टिकट,कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं पर ही खरा नहीं उतरेगा,बहुत सारे कांग्रेस के स्थानीय दावेदार यहाँ से प्रत्याशी बनने की मांग कर रहे थे।कांग्रेस नेतृत्व ने पूरे प्रदेश में सर्वे के आधार पर नहीं बल्कि नेताओं के चहेतों को टिकट देकर उपकृत किया है।ये क्षेत्र भाजपा का परम्परागत गढ़,इस बार भी प्रचंड बहुमत से भाजपा खातेगांव से जीतेगी।पूर्व मंत्री जोशी का पार्टी में विरोध पर बोले आशीष शर्मा-जब कुठाराघात होता है तो विरोध स्वभाविक। दीपक जोशी बाहरी प्रत्याशी है,यहाँ के स्थानीय नहीं। इसलिए जनता भलीभांति जानती है कि कौन उनके सुख दुःख में काम करता है…जीत को लेकर 100 प्रतिशत आश्वत हूँ।साथ ही कहा-2025 तक क्षेत्र के समस्त गाँव के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का काम हम करेंगे।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट की जारी, 88 कैंडिडेट्स के हैं नाम

“The Congress has released the second list of candidates in Madhya Pradesh, with 88 candidates’ names.”

कमलनाथ सरकार में लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं के साथ होगा न्याय फर्जी नर्सिंग कॉलेजों होंगे बंद – रवि परमार

Nursing Students; Fake Nursing Colleges; Ravi Parmar; NSUI; Jabalpur; INC; MP Congress; Kamalnath;

“In the Kamal Nath government, justice will be done with lakhs of nursing students; fake nursing colleges will be shut down – Ravi Parmar.”

बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी में हुए शामिल।

Betul; BSP; MP Congress; Madhya Pradesh;

“The former district president of the BSP has joined the Congress party.” शाहरुख मोटलानी बैतूल, बैतूल जिले के मुलताई से बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले ने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिए, जिन्हें महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई। मुलताई विधायक कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री विधायक सुखदेव पांसे की मौजूदगी में महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे द्वारा बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले,कैलाश पवार,फहीम शाह का फूल मालाओं से स्वागत कर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। वही उपस्थित सभी कांग्रेसी नेता एवम कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री वसंत पुरखे द्वारा संबोधित किया गया।

टीकमगढ़ में दिग्विजय सिंह के खास एवं कांग्रेस के उम्मीदवार के यहां पुलिस की छापेमारी

गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह के घर पर जांच करने के लिए पहुंच गई। असम पुलिस किसी फ्राड के मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ करने के लिए आई है। टीकमगढ़. देवेंद्र साहू । गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम पूर्व मंत्री और टीकमगढ़ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार यादवेंद्र सिंह के घर पर जांच करने के लिए पहुंच गई। असम पुलिस किसी फ्राड के मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ करने के लिए आई है। हालांकि इससे अधिक जानकारी अभी असम पुलिस की टीम ने नहीं दी है। स्थानीय पुलिस ने पूर्व मंत्री के घर के आसपास कड़े सुरक्षा के बंदोबस्त किए हैं। जिससे कोई अप्रिय स्थति न बने। जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम टीकमगढ़ पहुंची। टीकमगढ़ पहुंचने के साथ ही टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लिया और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पहुंची। टीम पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह सहित उनके स्वजनों से पूछताछ कर रही है।कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज का कहना है कि पूर्व मंत्री व उनके स्वजनों से पूछताछ असम पुलिस कोर्ट के एक फ्राड के मामले की जांच के आदेश के बाद कर रही है। पुलिस ने यादवेंद्र सिंह के मकान को छावनी में बदल दिया है। जिससे कोई अप्रिय स्थति न बने। देखे पूरी खबर : https://youtu.be/PmJx8FatA6c https://saharasamachaar.com/wp-content/uploads/2023/10/टीकमगढ़-में-दिग्विजय-सिंह-के-खास-एवं-कांग्रेस-के-उम्मीदवार-के-यहां-पुलिस-की-छापेमारी.mp4

अभय मिश्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, वापस कांग्रेस में हो सकते है शामिल

Abhay Mishra; Resign; BJP; INC; Bhopal; Politics;

Abhay Mishra has resigned from the party’s primary membership and could potentially rejoin the Congress. Manish Trivediभोपाल : कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए रीवा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं सेमरिया के पूर्व विधायक अभय मिश्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, अटकलें यह लगायी जा रही है की अभय मिश्रा अपनी वापसी कांग्रेस में कर सकते है.

चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की सभा में नहीं जुट पा रही भीड़,

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Elections)में प्रचार के दौरान प्रत्याशियों (candidates)को खासी मुसीबत (Trouble)का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों (localities)में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों (candidates)को सुनने के लिए लोग इकट्ठा नहीं हो पा रहे हैं. सभाओं में खाली कुर्सियां नेताओं के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई हैं. राघोगढ़ के भाजपा प्रत्याशी हीरेंद्र सिंह के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में ग्रामीण इकट्ठा नहीं हो पाए. नतीजतन कुर्सियां खाली पड़ी रहीं. धरनावदा में आयोजित अपनी सभा में खाली कुर्सियों को देखकर बीजेपी प्रत्याशी हीरेंद्र सिंह ने मंच से कहा, मैं 100 टंच किसान हूं. पार्टी ने मुझे टिकट दिया इसलिए कुर्ता पजामा पहनकर घूम रहा हूं. फसल कटाई चल रही है, इसलिए लोग खेतीबाड़ी में व्यस्त हैं. युवा वर्ग भी काम पर निकल जाता है इसलिए लोग नहीं आ पाए. मैं किसानों की परेशानी समझता हूं. कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा प्रत्याशी ने खुद को कट्टर सनातनी बताते हुए कहा कि चुनाव तो हम जीत चुके हैं. विपक्षियों की बौखलाहट दिखाई दे रही है. कांग्रेस के ठेकेदार डराने धमकाने का काम कर रहे हैं. भाजपा में कोई ठेकेदार नहीं है बल्कि संगठन सर्वोपरी है. हीरेन्द्र सिंह ने कांग्रेसी नेता वीरेंद्र रघुवंशी का भी जिक्र किया. कहा कि वीरेंद्र भैया के साथ बहुत बुरा हुआ. पार्टी में वापस लौटेंगे तो मान सम्मान के साथ उनका स्वागत किया जाएगा. हीरेन्द्र सिंह ने दिग्विजय सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कमलनाथ उनके कपड़े फाड़ने की बात कर रहे हैं. बड़े लोगों की बड़ी बातें होती हैं. बीजेपी प्रत्याशी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अब बैठकों का दौर खत्म हो चुका है. समय कम है. चुनाव में जुट जाएं. चुनाव बेटी की शादी की तरह होता है. डेढ़ महीने पहले से जुटना पड़ता है . वहीं, राघोगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी विधायक जयवर्धन सिंह भी विधानसभा क्षेत्र में प्रचार प्रसार करने में जुटे हैं. जयवर्धन ने मंच से बयान देते हुए कहा बीजेपी के राज में किसान बदहाल है. सहकारी बैंकों में करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं. 2003 से पहले जब कांग्रेस सरकार थी तो हर पांच साल में कृषि मंडी, सहकारी बैंक और सोसाइटी में चुनाव होते थे. लेकिन अब भाजपा के दलाल इन संस्थाओं में बैठ गए हैं. हाल ही में दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे एक मासूम बच्चे को गोद में लेकर भाषण देते दिखाई दिए थे. बता दें कि मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा और मतों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.

पूर्व मंत्री इमरती देवी की सिंधिया से मांग, बोलीं-डबरा को जिला बनवा दें, मैं राजनीति छोड़ दूंगी

संतोष सिंह तोमर,ग्‍वालियर । डबरा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने डबरा (Dabra) को जिला बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के सामने ऐलान कर दिया कि इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए। भले ही आगे मुझे टिकट मत देना, लेकिन डबरा को जिला बनवा दें। मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। पूर्व मंत्री इमरती देवी भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने बयानों में हमेशा में हमेशा चर्चा में रहने वाली पूर्व मंत्री और भाजपा नेता इमरती देवी में आज डबरा तहसील को जिला बनाने की मांग की। बीजेपी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्होंने मंच से मांग उठाई कि महाराज डबरा को जिला बनवा दीजिए मुझे अब कोई और काम नहीं चाहिए। यदि मैं मर गई तो डबरा के लोग कहेंगे कि डबरा को जिला ज्योतिरादित्य सिंधिया और इमरती देवी ने बनवाया था। इमरती देवी ने कहा- महाराज इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए भले ही आगे मुझे टिकट देना या ना देना, जिला बनते ही मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। भाजपा ने डबरा विधानसभा से पूर्व मंत्री इमरती देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने मौजूदा विधायक सुरेश राजे को फिर से मैदान में उतारा है। डबरा विधानसभा में समधि और समधन के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। पिछले 2020 के उपचुनाव में उनके समधी सुरेश राजे ने इमरती देवी को शिकस्त दी थी।

अस्पताल की व्यवस्था देखकर नाराज हुआ केन्द्रीय दल

आदित्य शर्मा,उज्जैन। तीन दिन पहले चरक तथा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जांचने के लिए एनक्यूए अर्थात् नेशनल क्वालिटी असिसमेंट का दो सदस्यीय दल रायसेन से आया था। दल को चरक अस्पताल में तो व्यवस्थाएं ठीक नजर आई, लेकिन जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं और मरीजों की हालत देखकर दल के सदस्य नाखुश थे। जिला अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तीन दिन पहले एनक्यूए के दल ने नागपुर से दो डॉक्टर्स की टीम आई थी। टीम दो दिन शहर में रूकी थी। पहले दिन दल द्वारा मातृ शिशु चरक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जांची गई थी। इनमें दल ने चरक अस्पताल की सेंट्रल लैब, वार्डों में मरीज के बेड और अन्य सुविधाएं से लेकर स्टॉफ आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली थी। सूत्र बताते है कि यहां की व्यवस्थाओं को एनक्यूए का जांच दल संतुष्ट था, लेकिन अगले दिन जब टीम ने जिला अस्पताल का दौरा किया तो यहां पर करीब हर वार्ड में मरीजों के पलंग पर बिछे हुए गद्दे पुराने और फटे हुए थे। चादर और कंबल भी पलंगों पर पर्याप्त नहीं थे। इसके अलावा वार्डों के दरवाजों में लगे शीशे भी ज्यादातर टूट हुए थे। सूत्रों का कहना है जिला अस्पताल के यह हाल देखकर दल के सदस्य नाराज हुए थे और यहां से नाखुश होकर लौटे हैं। उल्लेखनीय है एनक्यूए दल की रिपोर्ट के आधार पर ही स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों को लाखों का अनुदान जारी करता है।

MP : उपचुनाव : मुकाबला आसान नहीं, बीजेपी और कांग्रेस ने बूथ जीतो की रणनीति पर किया फोकस

भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव के ही चर्चे हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है. हर विधानसभा क्षेत्र में बैठकों और प्रचार-प्रसार का दौर जारी है. इस बीच बीजेपी ने हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति कर दी है. इन पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी मतदाता सूची के हर पन्ने पर नज़र रखने की होगी. वहीं, कांग्रेस भी दावा कर रही है कि उसकी भी बूथ स्तर पर तैयारी पूरी है. 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी बूथ स्तर तक रणनीति तैयार कर रही है. इसी के तहत बीजेपी ने खुद को मजबूत करने के लिए 8 हज़ार से ज़्यादा पन्ना प्रभारियों को मुस्तैद कर दिया है. यह पन्ना प्रभारी संबंधित विधानसभा क्षेत्र में वहां के बूथ के लिए तैयारी करेंगे और मतदाताओं पर नजर बनाएंगे. बीजेपी का दावा है कि उसने उपचुनाव के लिए बूथ स्तर तक तैयारी कर ली है. इसके लिए लगातार भोपाल से लेकर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों के दौर जारी हैं. मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति की गई है. बूथ पर आने वाली मतदाता सूची में जितने पन्ने होते हैं. उतने ही बीजेपी के पन्ना प्रमुख हैं. इन पन्ना प्रमुख की मुख्य जिम्मेदारी हर वोटर तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाना और वोटर को अपने पक्ष में करने की होती है. कांग्रेस भी मैदान में तैयार बीजेपी की तरह कांग्रेस का दावा भी है कि उसकी उपचुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हैं. संगठन स्तर पर भी उपचुनाव की हर चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी ने बताया कि बीजेपी की 15 साल की सरकार और हमारी 15 महीने की सरकार में जमीन आसमान का अंतर है. बूथ स्तर पर जनता के बीच हमारे कार्यकर्ता इस बात को लेकर जा रहे हैं. जिन लोगों ने हमारी सरकार गिराई है, जनता उन्हें उपचुनाव में सबक सिखाएगी. सुरेश पचौरी ने यह भी कहा कि बीजेपी भले ही कितनी तैयारी कर ले, उपचुनाव में जीत कांग्रेस की होगी. जनता सब कुछ समझ चुकी है.

शिवराज मेरे भाई, उनके CM रहने के लिए कहीं से चुनाव लड़ने को तैयार: उमा भारती

भोपाल . मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं. मंगलवार को मध्यप्रदेश की राजनीति में कभी एक दूसरे के घोर विरोधी रहे शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती एक दूसरे की तारीफ के पुल बांधते नजर आए. इतना ही नहीं, रायसेन की सभा के बाद मध्यप्रदेश में उमा भारती के सक्रिय राजनीति में दोबारा आने की भी अटकलें अब तेज हो गई हैं. रायसेन में आयोजित आम सभा में उमा भारती ने स्वयं चुनाव लड़ने की इच्छा जताई. उन्होंने चुनावी सभा में कहा कि शिवराज सिंह उनके भाई हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने के लिए अगर कहीं से मुझे चुनाव लड़ना पड़ा तो मैं इसके लिए तैयार हूं. दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उमा भारती की खूब तारीफ की. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के कार्यकाल के समय पंचज्ज (जल, जमीन, जंगल) योजना को दोबारा शुरू करने का भी ऐलान किया. उन्होंने उमा भारती के त्याग, तपस्या और बलिदान की जमकर तारीफ की. यह चुनावी सभा सांची विधानसभा में आने वाले उपचुनाव को लेकर आयोजित की गई थी. इस सभा में मध्यप्रदेश की भविष्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इसका भी एक इशारा देखने को मिल गया. अब जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी की राजनीति में प्रदेश में सक्रिय हैं, ऐसे में शिवराज सिंह अपने वर्चस्व को बचाने के लिए उमा भारती की मदद लेते दिख रहे हैं. मंगलवार को प्रदेश में उन्होंने दो सभा एक साथ की और दोनों ही जगह उन्होंने एक दूसरे की कार्ययोजनाओं की जमकर प्रशंसा की. हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उमा भारती को चुनाव लड़ाए जाने के सवाल को टाल गए लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आरोप पर उन्होंने तीखा कटाक्ष किया. ब्यावरा से कांग्रेस विधायक गोवर्धन सिंह दांगी के कोरोना से मौत के मामले में कमलनाथ के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में इस तरह की गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने रायसेन जिले में 292 करोड़ के विकास कार्यों के शिलान्यास और भूमि पूजन भी किए. इस दौरान उनके साथ हाल ही में कोरोना को मात देकर घर लौटे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार, रामपाल सिंह सहित क्षेत्रीय सांसद उमाशंकर भार्गव भी मौजूद रहे. कार्यक्रम से पहले तेज बारिश ने आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया. इस बिगड़े मौसम के दौरान मुख्यमंत्री को अपना हेलीकॉप्टर लैंड कराना पड़ा जिसका जिक्र मुख्यमंत्री ने खुद मंच से किया.

एमपी उपचुनाव : प्रत्याशियों को लेकर भाजपा की तस्वीर तकरीबन साफ, अधिकृत सूची पितृपक्ष के बाद

भोपाल. मप्र में 27 सीटों के उपचुनावों में प्रत्याशियों को लेकर भाजपा की तस्वीर तकरीबन साफ हो गई है। शुरुआत में कांग्रेस से भाजपा में आए 22 नेताओं को पहले ही पार्टी नेता संभावित प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। शेष बचीं हुई 5 सीटों नेपानगर, मांधाता, बड़ा मलेहरा, जौरा और आगर में भी अब नाम तकरीबन तय हो चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा के बाद प्रदेश भाजपा नेपानगर, मांधाता और बड़ा मलेहरा में भी उन्हीं नेताओं को मौका देगी, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। बड़ा मलेहरा से कांग्रेस विधायक रहे प्रद्युम्न लोधी के भाजपा में आने के बाद सरकार ने उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बनाया है। तब ऐसा माना गया था कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी, लेकिन अब तय हुआ है कि कांग्रेस से जो भी भाजपा में आया है, उसे टिकट दिया जाए। लिहाजा भाजपा को अब सिर्फ आगर और जौरा से ही प्रत्याशी तय करना है। भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद आगर सीट रिक्त हुई, जबकि जौरा में कांग्रेस विधायक रहे बनवारीलाल शर्मा के निधन से सीट खाली हुई। पार्टी ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगर में 3 नामों सांसद अनिल फिरोजिया की बहन व पूर्व विधायक रेखा रत्नाकर, मनोहर ऊंटवाल के बेटे बंटी ऊंटवाल और प्रभु गेहलोत के नाम में से किसी एक पर सहमति बनाने के प्रयास शुरू किए हैं। रेखा और बंटी का नाम आगे हैं, जबकि जौरा में सुबेदार सिंह रजौधा के नाम पर आमराय बन रही है। भाजपा पितृपक्ष के बाद सूची जारी कर सकती है। पार्टी दफ्तर में बैठक…वर्तमान व पूर्व विधायक नहीं पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा सप्ताह के रूप में मनाए जाने के लिए भोपाल शहर भाजपा की बैठक शनिवार को पार्टी दफ्तर हुई। इसमें सभी विधायकों और पूर्व विधायकों को भी आना था, लेकिन सिर्फ कृष्णा गौर ही पहुंचीं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि सुमित पचौरी को नया जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से चल रही तनातनी इस बैठक में भी दिखाई दी। हाल ही में भगवानदास सबनानी को प्रदेश महामंत्री बनने के बाद यह खींचतान और बढ़ गई है। हॉल में हुई बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि ज्यादा कार्यकर्ताओं के आने से यह स्थिति बनी। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कार्यकर्ताओं से मंडल व बूथस्तर तक सेवा कार्यक्रम करने को कहा।

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