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ग्राम घटावदा एवं लिंबावास में 8 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले के ग्राम घटावदा एवं लिंबावास में 8 करोड़ 59 लाख 65 हजार के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम घटावदा में 4 करोड़ 60 लाख 28 हजार रुपए की घटावदा से कोचवी वाया तोपाखेड़ा बालाजी पंहुच मार्ग का भूमि-पूजन किया। उन्होंने 1 करोड़ 75 लाख 53 हजार की घटावदा से बलकेश्वर महादेव पहुंच मार्ग का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ग्राम लिम्बवास में 2 करोड़ 23 लाख 84 हजार रु से निर्मित होने वाले लिम्बवास से आपुखेड़ी मार्ग का भूमि- पूजन भी किया। ग्राम लुनाहेड़ा में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में पौधारोपण किया उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ग्राम लुनाहेड़ा में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर उन्होंने पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोग अधिक से अधिक पेड़ लगाए, पर्यावरण की रक्षा करें। जल का संरक्षण करें। स्वच्छ भारत अभियान में भाग ले। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि आयुष्मान कार्ड गारंटी कार्ड है। यह प्रत्येक पात्र गरीब व्यक्ति को इलाज की गारंटी है। कार्ड के माध्यम से 5 लाख तक का निशुल्क इलाज होता है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बीमार व्यक्ति देश के किसी भी चिकित्सालय में अपना इलाज करा सकता हैं। उन्होंने कहा कि हर गांव को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम सरकार ने किया है। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं के निर्माण से हर खेत तक पानी पहुंचाया जा रहा है। आने वाले समय में हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। हर घर में नल से शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। सरकार द्वारा किसानो को किसान सम्मान निधि प्रदान की जा रही है। किसानों को बिना ब्याज के ऋण, प्रधानमंत्री आवास, गैस कनेक्शन जैसी अनेक योजनाएं के लाभ सीधे मिल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रत्येक नागरिक के जन्म से लेकर मृत्यु तक की योजनाएं बनाई है। जिसमें सभी पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, श्री राजेश दीक्षित, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, श्री मदनलाल राठौर, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। 

जेपी नड्डा ने राहुल को लिया आड़े हाथ, कई चुनाव में हार से दुखी और हताश है, इसलिए आरोप लगा रहे

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी द्वारा 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को ‘लोकतंत्र में धांधली करने का ब्लूप्रिंट’ करार दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता कई चुनाव में हार से दुखी और हताश है और इसलिए विचित्र साजिशें रचने का आरोप लगा रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट थे। उन्होंने कहा कि यह मैच फिक्सिंग अब बिहार में भी दोहराई जाएगी और फिर उन जगहों पर भी ऐसा ही किया जाएगा, जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हार रही होगी। राहुल ने लिखा, ”मैंने अपने लेख में चरण दर चरण विस्तार से बताया है कि कैसे यह साजिश रची गई : चरण 1: निर्वाचन आयोग की नियुक्ति करने वाली समिति पर कब्जा किया गया। चरण 2: फर्जी मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया। चरण 3: मतदान प्रतिशत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए। चरण 4: जहां भाजपा को जिताना था, वहां लक्षित करके फर्जी मतदान कराया गया। चरण 5: सबूतों को छिपा दिया गया।” नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि गांधी का लेख ‘फर्जी विमर्श गढ़ने का एक ब्लूप्रिंट’है, क्योंकि वह लगातार चुनाव हारने से दुखी और हताश हैं। उन्होंने कहा, ”वह इसे चरण दर चरण इस प्रकार करते हैं। चरण 1: कांग्रेस पार्टी अपनी हरकतों के कारण चुनाव दर चुनाव हारती है। चरण 2: आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, वह विचित्र षड्यंत्र रचते हैं और धांधली का रोना रोते हैं। चरण 3: सभी तथ्यों और आंकड़ों की अनदेखी करते हैं। चरण 4: बिना सबूत के साथ संस्थाओं को बदनाम करते हैं।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ”चरण 5: तथ्यों की अपेक्षा सुर्खियों की उम्मीद करना। बार-बार पोल खुलने के बावजूद, वह बेशर्मी से झूठ फैलाते रहते हैं। और, वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि बिहार में उनकी हार निश्चित है।” नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र को नाटक की नहीं, बल्कि सच्चाई की जरूरत है। राहुल गांधी ने जोर दिया कि मैच फिक्स किए गए चुनाव लोकतंत्र के लिए जहर हैं। उन्होंने कहा कि जो पक्ष धोखाधड़ी करता है, वो भले ही जीत जाए, लेकिन इससे लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होती हैं और जनता का नतीजों से भरोसा उठ जाता है। अपने लेख में गांधी ने आरोप लगाया कि मतदान प्रतिशत को बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया। उन्होंने लिखा, ”महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 8.98 करोड़ थी। पांच साल बाद मई 2024 के लोकसभा चुनाव में यह संख्या बढ़कर 9.29 करोड़ हुई। इसके सिर्फ पांच महीने बाद नवंबर, 2024 के विधानसभा चुनाव तक यह संख्या बढ़कर 9.70 करोड़ हो गई। यानि पांच साल में 31 लाख की मामूली वृद्धि, वहीं सिर्फ पांच महीने में 41 लाख की जबरदस्त बढ़ोतरी।” अपने लेख में उन्होंने लिखा, ”मतदाताओं को संख्या 9.70 करोड़ पहुंचना असामान्य है, क्योंकि सरकार के खुद के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र के वयस्कों की कुल आबादी 9.54 करोड़ है।” चुनाव के दिन मतदान प्रतिशत में वृद्धि की ओर इशारा करते हुए गांधी ने कहा, ”शाम पांच बजे तक मतदान प्रतिशत 58.22 था। मतदान खत्म होने के बाद भी मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ता रहा। अगली सुबह जो आखिरी आंकड़ा आया, वह 66.05 प्रतिशत था।” उन्होंने लिखा, ”यानी मतदान प्रतिशत में 7.83 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई, जो करीब 76 लाख वोट के बराबर है। वोट प्रतिशत में ऐसी बढ़ोतरी महाराष्ट्र के पहले के किसी भी विधानसभा चुनाव से कहीं ज्यादा थी।” उन्होंने राज्य के 85 निर्वाचन क्षेत्रों में केवल 12,000 मतदान केंद्र पर नए मतदाताओं को जोड़ने की ओर भी इशारा किया, जहां आखिरकार भाजपा की जीत हुई। नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में समाचार पोर्टल ‘ऑपइंडिया’ पर प्रकाशित एक लेख साझा किया, जिसमें गांधी के आरोपों का खंडन किया गया है। भाजपा ने राहुल गांधी पर चुनावी प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कम करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करने का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि वह आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की हार को रोकने के लिए ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि वह जनता का समर्थन हासिल नहीं कर सकते। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एक सुनियोजित साजिश के तहत लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में हारने वाली है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थान आगे आ रहे हैं

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा के निपनिया में निजी शैक्षणिक संस्थान माँ कालिका महाविद्यालय एवं आदर्श ज्योति विद्यालय के उन्नयन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रोजगारोन्मुखी शिक्षा युवाओं के लिए वरदान बनेगी। महाविद्यालय से शिक्षित होकर युवा स्थानीय स्तर पर ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थान आगे आ रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों में संस्कारयुक्त शिक्षा देकर आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र को समर्पित करें जिससे हमारा देश उन्नति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा का तेजी से विकास हो रहा है। निपनिया क्षेत्र में इस महाविद्यालय का विशेष महत्व है। इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास से महाविद्यालय में युवाओं को उच्च शिक्षा व रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल है। रीवा में आईटी पार्क की स्थापना सहित रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रयास जारी हैं। उन्होंने महाविद्यालय की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि शिक्षा केन्द्र से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने में योगदान दिया जाए। शिक्षा ऐसी हो जिसमें शोषण न हो वरन अच्छी शिक्षा देकर युवाओं को अच्छे नागरिक बनाने का कार्य किया जाए। सीधी सांसद डॉ राजेश मिश्रा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल का मार्गदर्शन महाविद्यालय को मिलता रहेगा। महाविद्यालय के संचालक व इससे जुड़े अन्य पदाधिकारी इस केन्द्र को आदर्श केन्द्र के तौर पर स्थापित करने में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम में शिक्षाविद् व गणमान्य जन उपस्थित रहे।  

एस. जयशंकर ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री के साथ बातचीत के दौरान कहा- आतंकवाद कतई बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपना रहा है, उम्मीद है कि हमारे साझेदार इसे समझेंगे। यह बात भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री के साथ बातचीत के दौरान कही। जयशंकर ने पहलगाम हमले की निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन करने के लिए ब्रिटेन को धन्यवाद दिया। विदेश मंत्री ने कहाकि भारत कभी भी इस बात का समर्थन नहीं करेगा कि अपराध करने वालों को पीड़ितों के समान रखा जाए। इसके साथ ही जयशंकर ने हाल में हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, दोहरा अंशदान समझौता को मील का पत्थर बताया। भारत आए हुए हैं ब्रिटिश विदेश मंत्री गौरतलब है कि ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी व्यापार के साथ-साथ रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के लिए शनिवार को भारत की दो-दिवसीय यात्रा पर आए हुए हैं। लैमी ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ व्यापक मुद्दों पर बातचीत की। जयशंकर ने इस दौरान भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने इस समझौते को मील का पत्थर भी बताया है। सीमा पार आतंकवाद पर हुई बात जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन के विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद पर भी बात हुई। बता दें कि पिछले महीने भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के दौरान ब्रिटेन दोनों देशों के संपर्क में था। भारत आने से पहले लैमी 16 मई को दो दिन के लिए इस्लामाबाद भी गए थे। वहां पर उन्होंने सैन्य संघर्ष खत्म करने के लिए दोनों देशों की तारीफ भी की थी। इससे पहले पांच मध्य एशियाई देशों ने शुक्रवार को भारत के साथ मिलकर 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही मांग की कि आतंकवादी कृत्यों के अपराधियों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाए तथा दंडित किया जाए। नयी दिल्ली द्वारा आयोजित भारत-मध्य एशिया वार्ता के चौथे संस्करण में आतंकवाद से निपटने की चुनौती पर प्रमुखता से चर्चा हुई। इसमें कई प्रमुख क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग के समग्र स्वरूप को विस्तारित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।  

शिमला में अचानक सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ गई, इलाज के लिए आईजीएमसी अस्पताल में कराया भर्ती

शिमला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें शिमला के असप्ताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक सोनिया गांधी शिमला दौरे पर भी। इसी दौरान शनिवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए उन्हें शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में लाया गया है। सोनिया गांधी अपनी बेटी प्रियंका गांधी के साथ 2 जून को ही शिमला आई थीं। वह यहां छराबड़ा में प्रियंका गांधी के घर पर ठहरी हुई थीं। सूचना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी अपने ऊना जिला के दौरे को बीच में छोड़कर शिमला के लिए निकल पड़े हैं। जानकारी के मुताबिक सोनिया गांधी की तबीयत शनिवार को शिमला प्रवास के दौरान अचानक बिगड़ गई। इसके चलते उन्हें तुरंत शिमला स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय (आईजीएमसी) में भर्ती कराया गया। चार दिन पहले वह निजी प्रवास पर शिमला के समीप छराबड़ा स्थित प्रियंका गांधी वाड्रा के निवास पर पहुंची थीं, जहां वे कुछ दिन सुकून के साथ बिताने आई थीं। डॉक्टरों की टी तैनात शनिवार को अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर सोनिया गांधी को तुरंत आईजीएमसी लाया गया, जहां उनकी चिकित्सा जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम तैनात की गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। उनकी एमआरआई सहित अन्य जरूरी जांचें की जा रही हैं ताकि बीमारी के कारणों की सटीक जानकारी मिल सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के उपचार की दिशा तय की जाएगी। आईजीएमसी में सोनिया गांधी को विशेष वीआईपी वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को अलर्ट मोड पर रखा है और पुलिस जवानों की तैनाती भी कर दी गई है। हर साल गर्मियों में हिमाचल प्रदेश जाती हैं सोनिया गांधी गौरतलब है कि सोनिया गांधी हर साल गर्मियों में कुछ दिन हिमाचल प्रदेश के शांत और प्राकृतिक वातावरण में बिताने आती हैं। इस बार भी वे अपने पारिवारिक निवास पर विश्राम के लिए पहुंची थीं, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक उनकी तबीयत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच सोनिया गांधी के स्वास्थ्य की खबर मिलते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और शिमला लौटने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू शनिवार सुबह ऊना जिले के दौरे पर थे, जहां उन्होंने गगरेट विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। गगरेट के बाद मुख्यमंत्री कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र पहुंचे थे, जहां उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘कुटलैहड़ महोत्सव’ की सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करनी थी। इसके अलावा रविवार को जिला मुख्यालय पर स्कूल और कॉलेज भवनों के लोकार्पण कार्यक्रम भी निर्धारित थे। लेकिन सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपने सभी शेष कार्यक्रम रद्द कर दिए और तत्काल शिमला रवाना हो गए।

एमएफ हुसैन ने भारत माता को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया है, लगे रोक: ‘हिंदू जनजागृति संगठन’

मुंबई  मुंबई में फेमस पेंटर MF Husain की पेंटिंग्स की नीलामी को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है। ‘हिंदू जनजागृति संगठन’ ने कहा है कि एमएफ हुसैन ने भारत माता को आपत्तिजनक और अपमानजनक तरीके से चित्रित किया है, इसलिए उनकी सभी पेंटिंग्स पर रोक लगाई जानी चाहिए। संगठन ने मांग की है कि एमएफ हुसैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और उनके विवादित चित्रों का महिमामंडन बंद किया जाए। एमएफ हुसैन की कई पेंटिंग्स पहले भी विवादों में रही हैं। इनमें एक पेंटिंग में भारत माता को एक नग्न महिला के रूप में दिखाया गया है, जो भारत के नक्शे जैसी मुद्रा में झुकी हुई है। इस पेंटिंग को लेकर पहले भी काफी विरोध हुआ था और कोर्ट ने इसे सीज करने का आदेश दिया था। अब हिंदू जनजागृति संगठन ने कहा है कि ऐसे 25 और चित्रों की नीलामी पर भी रोक लगाई जाए। उन्होंने इस नीलामी को ‘देश के धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं के साथ खिलवाड़’ बताया है।   एमएफ हुसैन की पेंटिंग्स की नीलामी 12 जून को मुंबई के हैमिल्टन हाउस की ‘पंडोल आर्ट गैलरी’ में होनी है। इस मामले में हिंदू जनजागृति समिति ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुंबई पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर नीलामी रोकने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि अगर नीलामी जारी रही तो वे तीव्र आंदोलन करेंगे। संगठन ने बताया कि एमएफ हुसैन ने 26/11 आतंकी हमले के समय ‘रेप ऑफ इंडिया’ नाम से एक पेंटिंग बनाई थी, जिसमें भारत माता को नग्न और अपमानजनक रूप में दिखाया गया था। इसके अलावा कई अन्य चित्रों में देवी-देवताओं को अश्लील और विकृत रूपों में दिखाया गया है, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन के अनुसार, एमएफ हुसैन के खिलाफ देशभर में 1250 से अधिक पुलिस शिकायतें भी दर्ज की गई हैं, जिसके कारण वह भारत छोड़कर कतर की नागरिकता लेने पर मजबूर हुए थे।   हिंदू जनजागृति समिति ने कहा कि एमएफ हुसैन की पेंटिंग्स की नीलामी और प्रदर्शन राष्ट्रद्रोह को बढ़ावा देने जैसा है। ‘कलात्मक स्वतंत्रता के नाम पर धार्मिक भावनाओं का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है।’ हाल ही में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने भी हुसैन की पेंटिंग्स को जब्त करने के आदेश दिए हैं। कई जगह उनकी प्रदर्शनियां विरोध के कारण रद्द हो चुकी हैं और उनके नाम पर मिलने वाले पुरस्कार भी वापस लिए जा चुके हैं। अब हिंदू जनजागृति समिति ने सरकार से मांग की है कि एमएफ हुसैन की पेंटिंग्स की नीलामी पर तत्काल रोक लगाई जाए और धार्मिक व राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले चित्रों के प्रसार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही भारत माता के अपमानजनक चित्र को राष्ट्रविरोधी घोषित कर उसे नष्ट किया जाना चाहिए। इस तरह की कार्रवाई से धार्मिक और सांस्कृतिक सम्मान की रक्षा की जा सकेगी और देशवासियों की भावनाओं का सम्मान होगा।

राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों को भारत के हवाले करे

नई दिल्ली  भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सरकार की कड़ी नीति को एक बार फिर स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि आतंकवाद को लेकर अब दोगलापन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘एक का आतंकी, दूसरे का फ्रीडम फाइटर’ वाली सोच अब पूरी तरह खत्म होनी चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर वह आतंकवाद के खिलाफ गंभीर है तो मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों को भारत के हवाले करे। ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हमला 7 मई 2025 को भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) और पाकिस्तान के अंदर आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी सेना के 11 एयरबेस भी इस हमले में बुरी तरह प्रभावित हुए। शनिवार 7 जून को इस ऑपरेशन को एक महीना पूरा हो गया है। आतंकवाद पर भारत का अडिग रुख: बातचीत और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के प्रति बिल्कुल भी सहिष्णु नहीं रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। भविष्य में पाकिस्तान से किसी भी वार्ता का केंद्र आतंकवाद और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर होगा। उन्होंने पाकिस्तान से यह भी कहा कि यदि वह सचमुच आतंकवाद खत्म करना चाहता है तो उसे प्रमुख आतंकियों को तुरंत भारत को सौंपना होगा। आतंकवाद के खिलाफ पांच सूत्रीय रणनीति का आह्वान रक्षा मंत्री ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के विरुद्ध मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया:     आतंकवाद की एक सार्वभौमिक परिभाषा तय की जाए ताकि सभी देशों के लिए समान रूप से आतंकवाद को परिभाषित किया जा सके।     आतंकवाद और उसके वित्त पोषण पर पूरी रोक लगाई जाए, साथ ही आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाए।     पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी लागू की जाए, क्योंकि आतंकवादी यहां राज्य सम्मान पाते हैं।     प्रॉक्सी वॉर को रोकने के लिए आतंक को बढ़ावा देने वाले देशों की पहचान कर उनका पर्दाफाश किया जाए।     आधुनिक तकनीक जैसे AI, ड्रोन और बायोटेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है। भारत की बदलती सैन्य रणनीति: रक्षात्मक से आक्रामक नीति की ओर राजनाथ सिंह ने भारत की सैन्य नीति में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अब भारत आतंकवादियों के खिलाफ केवल रक्षात्मक कदम नहीं उठा रहा, बल्कि आक्रामक रणनीति अपना रहा है। 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और हालिया ऑपरेशन सिंदूर इसके उदाहरण हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है, जो पाकिस्तान की कृषि और जल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण थी। आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता जरूरी रक्षा मंत्री ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा मानकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को मिलकर आतंकवाद के इस दानव को खत्म करना होगा। इस अभियान में संयुक्त राष्ट्र की व्यापक आतंकवाद निरोधक संधि को लागू करना सबसे जरूरी कदम होगा। 

जोकोविच ने फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में सिनर से हारने के बाद टेनिस से संन्यास लेने को लेकर बड़ा संकेत दिया

पेरिस फ्रेंच ओपन 2025 के मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच को यानिक सिनर ने हरा दिया। जोकोविच सेमीफाइनल में पूरी तरह से लय से भटके हुए नजर आए और विरोधी खिलाड़ी के सामने चुनौती पेश नहीं कर सके। हार के साथ ही उनका फ्रेंच ओपन 2025 का खिताब जीतने का सपना टूट गया और सिनर ने फाइनल में एंट्री कर ली, जहां उनका सामना कार्लोस अल्काराज से होगा, जो बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। जोकोविच ने किया खराब प्रदर्शन नोवाक जोकोविच को सेमीफाइनल के पहले सेट में 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने वापसी की कोशिश की, लेकिन यहां भी बाजी यानिक सिनर मार ले गए और 7-5 से सेट अपने नाम कर लिया। इसके बाद तीसरे सेट में मुकाबला टाई ब्रेकर तक चला गया। यहां भी जोकोविच को 7-6 (7-3) से हार मिली। सेट के साथ उन्होंने मैच भी गंवा दिया। टाई ब्रेकर में जो भी खिलाड़ी पहले 7 अंक तक पहुंच जाता है, वह सेट जीत जाता है। मैच हारे के बाद निराश जोकोविच नोवाक जोकोविच मेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा 24 ग्रैंडस्लैम जीतने वाले खिलाड़ी हैं। लेकिन फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में वह सिनर की सटीकता और तेज फोरहैंड का मुकाबला नहीं कर सके। मैच हारने के बाद जोकोविच निराश दिखे। वह भावुक भी हो गए और उन्होंने कहा कि यह फ्रेंच ओपन में उनका आखिरी मैच भी हो सकता है। हार के बाद उन्होंने हाथ चूमा और फिर उसे मिट्टी पर रख दिया। दो सर्वश्रेष्ठ प्लेयर्स के बीच होगा फाइनल: जोकोविच नोवाक जोकोविच ने कहा कि मैं लगातार दबाव में महसूस कर रहा था। वह लगातार लाइन पर था, मुझे बचाव करने की कोशिश कर रहा था। इसलिए वह दुनिया में नंबर 1 है। मैं उसे फाइनल के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मुझे लगता है कि यह उसके और कार्लोस के साथ एक अद्भुत मुकाबला होने वाला है, जो इस समय दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं।   “यह शायद मेरे करियर का आखिरी मैच था” मैच खत्म होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोकोविच ने थोड़ा इमोश्नल अंदाज़ में कहा, ”आज का मैच शायद मेरा आखिरी मैच हो सकता है जो मैंने यहां खेला है. इसलिए मैं आखिर के समय में थोड़ा ज्यादा ही भावुक था.  रोलां गैरो में अगर यह मेरे करियर का आखिरी मैच था, तो यह मैच यहां के माहौल और फैंस के प्यार की वजह से बहुत ही खूबसूरत रहा है.” जोकोविच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही आगे कहा, ”मैं इस जगह पर और खेलना चाहता हूं ,लेकिन फिलहाल मैं बस इतना कह सकता हूं कि मैं 12 महीने के बाद मैं फिर से इस जगह खेल पाऊंगा या नहीं इस बारे मैं मुझे भी नहीं पता है.” जोकोविच हार के बाद भी संतुष्ट दिखे फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में जैनिक सिनर से हारने के बाद भी जोकोविच के चेहरे पर उदासी नहीं थी. सिनर के खिलाफ हार को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें स्ट्रेट सेट्स में हार मिला हो, लेकिन जितना हो सके उन्होंने इस मुकाबले टक्कर दी थी. उन्होंने कहा,”मैंने सिनर को आखिरी शॉट तक मेहनत करने के लिए मजबूर कर दिया. मैंने खेल के दौरान अपना बेस्ट दिया और खेल की परिभाषा यही है कि हार के बाद अपने से बेहतर खिलाड़ी से हाथ मिलाकर आगे बढ़ जाना होता है.” उन्होंने यह भी बताया कि फ्रेंच ओपन शुरू होने से पहले वह अपनी बेहतरीन फॉर्म में नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्हें इस पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन संतोषजनक लगा है. उन्होंने कहा, “मैं अपने खेल और प्रयास से गर्वित हूं और सिनर ने आज बहुत ही अच्छा खेला है.” सिनर की तारीफ में भी कही ये बात प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही जोकोविच ने यानिक सिनर के खेल की तारीफ करते हुए कहा,”उनका फिटनेस लेवल इतना अच्छा है कि बहुत तेज गति से मैच खेलते हैं. उनकी शॉट्स की टाइमिंग भी बहुत अच्छी होती है और सिनर शायद ही कभी बैलेंस से बाहर होते हैं. जैनिक सिनर इस समय अपने करियर का सबसे अच्छा टेनिस खेल रहे हैं और किसी भी सरफेस में उनके खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है.”

पाक के विदेश मंत्री ने कहा- हम भारतीय पीएम के बयान से निराश हैं, हमले में खुद के शामिल होने का सुबूत भी मांगा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पीएम मोदी के बयान पर पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। इसको लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्री का जवाब आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार ने कहा है कि हम भारतीय प्रधानमंत्री के बयान से निराश हैं। साथ ही उसने पहलगाम हमले में खुद के शामिल होने का सुबूत भी मांगा है। गौरतलब है कि कश्मीर में चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद में भारतीय प्रधानमंत्री ने वहां की जनता को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने पहलगाम पर हमले को इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला बताया था। पीएम मोदी ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया गौरतलब है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हमला कर दिया था। इसमें कई बेकसूर भारतीय टूरिस्ट मारे गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। आतंकी हमलों के बावजूद कश्मीर में विकास की यात्रा बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने कश्मीर में चिनाब ब्रिज, अंजी ब्रिज का शुभारंभ किया। अलावा यहां पर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई। इसके बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया था। पाकिस्तान को बताया गरीबों का दुश्मन मोदी ने कहाकि पाकिस्तान गरीबों की रोजी-रोटी का भी दुश्मन है। 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ, वह इसका स्पष्ट उदाहरण है। पाकिस्तान ने पहलगाम में इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला किया। उन्होंने कहाकि पाकिस्तान का इरादा भारत में सांप्रदायिक दंगे भड़काना था। वह मेहनतकश कश्मीरियों की रोजी-रोटी भी छीनना चाहता था, इसलिए उसने पर्यटकों को निशाना बनाया। यह पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में भारत की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री का पहला जम्मू-कश्मीर दौरा था। ऑपरेशन सिंदूर की भी दिलाई याद मोदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ठीक एक महीने पहले, छह-सात मई की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों पर कयामत बरपाई थी। उन्होंने कहाकि पाकिस्तान जब भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम सुनेगा, उसे अपनी शर्मनाक हार की याद ताजा हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहाकि पाकिस्तान की सेना और आतंकवादी नेटवर्क ने भारत के इस साहसिक कदम की कभी कल्पना भी नहीं की होगी। उनके देश में सैकड़ों किलोमीटर अंदर दशकों में बनाए गए आतंकवादी ढांचों को कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दिया गया।  

सूरत में ऐसी ही दिल को दहला देने वाली घटना घटी, 5 दिन पहले सगाई, दुकान में बैठे-बैठे आया हार्ट अटैक, हुई मौत

सूरत कुछ दिन पहले सगाई और फिर घर से अर्थी का उठना, किसी भी परिवार के लिए ये सब झेल पाना इतना भी आसान नहीं होता। गुजरात के सूरत में ऐसी ही दिल को दहला देने वाली घटना घटी। यहां ऋषभ गांधी नामक 27 साल के युवक की मौत हार्ट अटैक के चलते उनकी दुकान में हो गई। अपनी टैक्सटाइल की शॉप में श्रषभ आम दिनों की तरह बैठे-बैठे बातें कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना का पूरा वीडियो दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया है। ऋषभ मूलता जोधरुर के चांदपोल इलाके के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम ऋषभ दुकान पर अपने जीजा और दोस्तों के साथ आम दिनों की तरह बातचीत कर रहे थे। तभी उन्हें प्यास लगी और सामने रखी पानी की बोतल उठाकर उसका ढक्कन खोलकर पानी पीने की कोशिश करने लगे, तभी उन्होंने पाया कि उनके हाथ-पांव काम नहीं कर रहे और फिर वो बैठे-बैठे कुर्सी पर ही लुढ़कने लगे। अचानक घटी इस घटना का वीडियो दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया है। पास बैठे दोस्तों और जीजा ने जैसे ही मामले को समझा, ऋषभ को सीपीआर देना शुरू किया। मगर तब तक ऋषभ ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया था। इस बीच जल्दी से फोन पर उनके स्वास्थ्य खराब होने के बारे में बताया गया और कुर्सी पर बैठाकर लिफ्ट के जरिए नीचे पार्किंग तक लाया गया। आनन-फानन में ऋषभ को नजदीकी निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है। घटना की बात परिजनों तक पहुंची तो सब हैरान रह गए और नए जुड़ रहे परिवार में भी मातम का माहौल छाया हुआ है। अंतिम संस्कार के लिए ऋषभ का पार्थिव शरीर सूरत से राजस्थान उनके पैतृक गांव लाने के लिए तैयारी शुरू हो गई। जानकारी में सामने आया है कि मृतक अपनी बहन के साथ रहते थे और माता-पिता गांव में ही रहते थे। उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर पद्मावती टेक्सटाइल मार्केट में कपड़े की दुकान शुरू की थी।  

राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, 24 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी

भोपाल मध्यप्रदेश में गृह विभाग से संबंधित डीपीओ स्तर पर थोक में तबादले हुए हैं। विभाग ने 24 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जिला लोक अभियोजन अधिकारियों के इधर से उधर तबादले हुए हैं। इसी तरह अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को भी स्थानांतरित किया गया है। तबादलों में कई अधिकारियों को जिलों की नई जिम्मेदारी मिली हैं। देखें सूची…

ऑपरेशन स्पाइडर पर पुतिन की रिवेंज स्ट्राइक! यूक्रेन पर मिसाइलों की बरसात

कीव रूस ने यूक्रेन पर भीषण हवाई हमला किया है। इस हमले में यूक्रेन के चार नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 40 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। हमले इतने जोरदार थे कि यूक्रेनी सेना को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इसे यूक्रेन के ऑपरेशन स्पाइडर वेब का जवाब माना जा रहा है, जिसमें रूस को कम के कम 9 परमाणु बमवर्षक विमान खोने पड़े थे। इस हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने रात भर में 400 से अधिक ड्रोन और 40 से अधिक मिसाइलों से बड़े पैमाने पर हमला किया है। ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के सहयोगियों से युद्ध रोकने के लिए शीघ्र कार्रवाई करने का आह्वान किया। रूसी हमले से सदमे में यूक्रेन ज़ेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “यदि कोई दबाव नहीं डालता है और युद्ध को लोगों की जान लेने के लिए और समय देता है, तो वे दोषी और जिम्मेदार हैं। हमें निर्णायक रूप से कार्य करने की आवश्यकता है।” यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति के आह्वान का समर्थन किया तथा सहयोगियों से अविलंब अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ाने का आग्रह किया। यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिगा ने एक बयान में कहा, “रूस द्वारा रात में नागरिकों पर किया गया हमला एक बार फिर दर्शाता है कि मॉस्को पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव यथाशीघ्र बढ़ाया जाना चाहिए।” 18 इमारतों को किया जमींदोज यह हमला रूस की ओर से यूक्रेन पर हो रहे लगातार और व्यापक हमलों की कड़ी में एक और खतरनाक कदम है. खारकीव के मेयर इगोर टेरेखोव ने बताया कि हमले में 18 बहुमंजिला इमारतें और 13 निजी मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. यूक्रेन ने मचाई थी तबाही पिछले दिनों यूक्रेन ने ड्रोन के जरिए रूस पर ताबड़तोड़ हमला किया. रॉयटर्स ने तीन ओपन सोर्स विश्लेषकों के हवाले से बताया है कि रूस के अंदर यूक्रेन द्वारा ड्रोन हमला किए जाने के तुरंत बाद ली गई रूसी एयर बेस की सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि कई बम गिराने वाले विमान नष्ट हो गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. 117 ड्रोन से किया अटैक यूक्रेन ने टारगेट के करीब कंटेनरों से लॉन्च किए गए 117 मानव रहित एरियल व्हीकल का उपयोग करके रूस भर में करीब चार एयर बेस को निशाना बनाया. रॉयटर्स की ओर से वेरिफाइड ऑपरेशन के ड्रोन फुटेज से पता चलता है कि करीब दो जगहों पर कई एयरक्राफ्ट पर हमला किया गया. चार लोगों की मौत की पुष्टि कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने पुष्टि की कि चार लोगों की मौत हो गई है और कहा कि शहर में 20 लोग घायल हुए हैं। सोलोम्यांस्की जिले में, 16 मंजिला आवासीय इमारत की 11वीं मंजिल पर आग लग गई। आपातकालीन सेवाओं ने अपार्टमेंट से तीन लोगों को निकाला, और बचाव अभियान जारी है। इसके बाद एक धातु गोदाम में आग लग गई। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन प्रमुख दिमित्रो ब्रायज़िन्स्की के अनुसार, उत्तरी चेर्निहाइव क्षेत्र में, एक शाहेद ड्रोन एक अपार्टमेंट इमारत के पास फट गया, जिससे खिड़कियां और दरवाजे टूट गए। उन्होंने कहा कि शहर के बाहरी इलाकों में बैलिस्टिक मिसाइलों से विस्फोट भी दर्ज किए गए। जेलेंस्की ने बताया कहां-कहां हुआ हमला हमले के बाद जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, रूस अपनी नीति नहीं बदलता – शहरों और आम जीवन पर एक और बड़ा हमला। उन्होंने लगभग पूरे यूक्रेन को निशाना बनाया – वोलिन, लविवि, टेरनोपिल, कीव, सुमी, पोल्टावा, खमेलनित्सकी, चर्कासी और चेर्निहिव क्षेत्र। कुछ मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया गया। मैं अपने योद्धाओं को उनकी रक्षा के लिए धन्यवाद देता हूं। लेकिन दुर्भाग्य से, सभी को रोका नहीं जा सका।।” 400 ड्रोन, 40 मिसाइलों से हमला उन्होंने आगे कहा, आज के हमले में कुल मिलाकर 400 से अधिक ड्रोन और 40 से अधिक मिसाइलों – बैलिस्टिक मिसाइलों सहित – का इस्तेमाल किया गया। 49 लोग घायल हुए। दुर्भाग्य से, संख्या बढ़ सकती है – लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक, तीन मौतों की पुष्टि हुई है – वे सभी यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के कर्मचारी थे। उनके परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। सभी आवश्यक सेवाएं अब ग्राउंड पर काम कर रही हैं, मलबे को साफ कर रही हैं और बचाव अभियान चला रही हैं। सभी नुकसान निश्चित रूप से बहाल किए जाएंगे।”

ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज की अनुमति नहीं, अब्दुल्ला ने कहा नमाज अदा करने से मना किए जाने से बेहद चिंतित

जम्मू जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने शनिवार को पुराने शहर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी। साथ कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक को भी नजरबंद कर दिया। अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने यहां यह जानकारी दी। जामिया मस्जिद मामलों की प्रबंध समिति ने कहा कि अधिकारियों ने एक बार फिर श्रीनगर ईदगाह और साथ ही ऐतिहासिक जामा मस्जिद श्रीनगर में ईद-उल-अजहा की नमाज की अनुमति नहीं दी, मस्जिद के दरवाजे बंद कर दिए और बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। परंपरागत रूप से ईद की नमाज ईदगाह में सामूहिक रूप से अदा की जाती है। बंद थे दरवाजे बयान में कहा गया कि आज सुबह फज्र की नमाज भी जामा मस्जिद में नहीं पढ़ी जा सकी क्योंकि दरवाजे बंद थे। साथ ही कहा गया कि मीवाइज को भी नजरबंद कर दिया गया है। हुर्रियत के अध्यक्ष मीरवाइज ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह लगातार सातवां साल है जब जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई है। वर्ष 2019 से अधिकारियों द्वारा जामा मस्जिद और ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई है। मीरवाइज ने कहा, ‘ईद मुबारक। एक बार फिर कश्मीर दुखद वास्तविकता से जूझ रहा है। ईदगाह में ईद की नमाज अदा नहीं करने दी जा रही है। लगातार सातवें साल जामा मस्जिद को बंद कर दिया गया है। मुझे भी मेरे घर पर नज़रबंद कर दिया गया है। क्या बोले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मीरवाइज ने कहा कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र में मुसलमानों को नमाज अदा न करने के उनके मौलिक अधिकार से वंचित रखा गया है-यहां तक कि दुनिया भर में मनाए जाने वाले उनके सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर भी। हम पर शासन करने वालों और लोगों द्वारा चुने गए लोगों के लिए यह कितनी शर्म की बात है, जो हमारे अधिकारों को बार-बार कुचले जाने पर चुप्पी साधे रहते हैं। अधिकारियों ने अंजुमन द्वारा किए गए दावों का जवाब नहीं दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने से मना किए जाने से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने यह निर्णय लेने वालों के अधिकार पर सवाल उठाया। हमें अपनों पर भरोसा करना होगा सीएम अब्दुल्ला ने श्रीनगर में मीडिया से कहाकि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ऐसा निर्णय किस आधार पर लिया गया है, लेकिन एक दिन हमें अपने लोगों पर भरोसा करना होगा। ये वही लोग हैं जो 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद सामने आए और अपना गुस्सा जाहिर किया और इस कृत्य की निंदा की, लेकिन आज एक बार फिर ऐतिहासिक जामिया में ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी गई। मुझे लगता है कि सरकार को इस पर फिर से विचार करना चाहिए। इस बीच ईद की नमाज पूरी घाटी में अदा की गई और सबसे बड़ी सभा डल झील के किनारे हजरतबल दरगाह में हुई। अधिकारियों ने कहाकि ईद की नमाज पूरी घाटी में शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई।  

डिप्टी CM शिंदे पहुंचे एयरपोर्ट, पायलट ने कह दी ऐसी बात, हर तरफ मची खलबली, हाथ जोड़ते नजर आए मंत्री

जलगांव हाराष्ट्र के जलगांव एयरपोर्ट पर डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का विमान टेक्निकल वजहों से करीब दो घंटे देर हो गई. उनका विमान शुक्रवार को दोपहर 3 बजकर 45 बजे पहुंचना था, लेकिन वे शाम 6 बजकर 15 बजे ही जलगांव एयरपोर्ट पर उतर सके. फिर उन्होंने जलगांव से मुक्ताईनगर सड़क के रास्ते से जाना पड़ा, जहां उन्होंने संत मुक्ताई की पालखी यात्रा (धार्मिक जुलूस) में भाग लिया और मंदिर में दर्शन किए. देरी से लौटने पर पायलट ने उड़ान भरने से किया इनकार रात 9 बजकर 15 बजे जब वे वापस जलगांव एयरपोर्ट पहुंचे, तो विमान के पायलट ने विमान उड़ाने से मना कर दिया. पायलट ने ड्यूटी के घंटों का हवाला देते हुए कहा कि मैं उड़ान नहीं भर सकता हूं.  पहले तकनीकी समस्याओं के कारण और बाद में उनके विमान के पायलट ने ड्यूटी घंटे की सीमाओं और खराब हेल्थ का हवाला देकर विमान उड़ाने से इनकार कर दिया.  एकनाथ शिंदे को जलगांव में 3.45 बजे पहुंचना था, मगर तकनीकी कारणों से वे लगभग ढाई घंटे देर से पहुंचे. लैंडिंग के बाद वे सड़क मार्ग से मुक्ताईनगर गए, जहां उन्होंने संत मुक्ताई की पालखी यात्रा (धार्मिक जुलूस) में भाग लिया. उनके साथ मंत्री गिरीश महाजन, गुलाबराव पाटिल और कई प्रशासनिक अधिकारी भी थे. दो बार हुई देरी यात्रा पूरी करने के बाद जब वे रात करीब 9.15 बजे जलगांव एयरपोर्ट लौटे तो फिर से उड़ान में देरी हुई. एकनाथ शिंदे के निजी विमान के पायलट ने उड़ान भरने से इनकार कर दिया. यह कहते हुए कि उनका ड्यूटी आवर खत्म हो चुका है. साथ विमान उड़ाने के लिए नई मंजूरी लेनी होगी. पायलट ने अपनी खराब सेहत का भी हवाला दिया और कहा कि वह अभी उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है. पायलट क्यों कर रहा था इनकार वहीं, News18 मराठी के अनुसार, पायलट पहले ही लगातार 12 घंटे उड़ान भर चुका था. वह अपनी स्थिति और तकनीकी नियमों के कारण आगे उड़ान भरने की स्थिति में नहीं था. एकनाथ शिंदे की टीम पायलट को मनाने में लगी थी. स्थिति को सुलझाने के प्रयास में महाजन, पाटिल और अन्य अधिकारी करीब 45 मिनट पायलट को मनाते रहे. इतने देर तक एकनाथ शिंदे एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे. महाजन ने एयरलाइन अधिकारियों से आवश्यक अनुमतियों के लिए भी संपर्क किया. कैसे तैयार हुआ पायलट लोकमत टाइम्स के अनुसार, विमान के पायलट की स्थिति की जांच के लिए एक डॉक्टर को भी बुलाया गया. मेडिकल जांच और आवश्यक अनुमतियों के बाद पायलट ने आखिरकार विमान उड़ाने पर अपनी सहमति जताई और तब जाकर विमान मुंबई के लिए रवाना हुआ. वजह सामने आई पत्रकारों से बात करते हुए गिरीश महाजन ने कहा, ‘पायलट को स्वास्थ्य संबंधी चिंता और समय की समस्या थी. कुछ तकनीकी कठिनाइयां भी थीं. हमने एयरलाइन कंपनी से बात की, और उन्होंने अपनी तरह से पायलट को स्थिति समझाई. यह एक मामूली मुद्दा था.’ एकनाथ शिंदे ने दिखाया बड़ा दिल वापसी की उड़ान के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की टीम ने एक महिला की मदद की, जिसे किडनी सर्जरी के लिए तुरंत मुंबई जाना था. एनडीटीवी के अनुसार, शीतल पाटिल नामक महिला और उनके पति अपनी फ्लाइट मिस कर चुके थे. जब उनकी स्थिति के बारे में एनकाथ शिंदे की टीम को पता चला तो महाजन ने उस कपल को शिंदे के विमान में सवार होने की व्यवस्था की. मुंबई एयरपोर्ट पर महिला को तुरंत सर्जरी के लिए ट्रांसफर करने के लिए एम्बुलेंस सेवाएं तैयार रखी गई थीं. वहीं, गुलाबराव पाटिल ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने आज भी अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भुलाया है. उन्होंने आम आदमी के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है.

दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली शख्सियतों- एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच छिड़ी जंग, जाने कैसे शुरू हुई

वाशिंगटन दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली शख्सियतों- एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच छिड़ी जंग ने न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। एक तरफ हैं दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क, और दूसरी तरफ हैं अमेरिका के राष्ट्रपति और दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स डोनाल्ड ट्रंप। इन दोनों की दोस्ती कभी सुर्खियों में थी, लेकिन अब यह रिश्ता एक ऐसी लड़ाई में बदल गया है, जो दोनों के लिए गंभीर राजनीतिक और आर्थिक परिणाम ला सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस जंग में सबसे ज्यादा नुकसान किसे होगा? आइए समझते हैं। कैसे शुरू हुई यह जंग? यह विवाद तब शुरू हुआ जब मस्क ने ट्रंप की महत्वाकांक्षी “वन बिग ब्यूटीफुल बिल” की आलोचना की। यह विधेयक टैक्स कटौती, सीमा सुरक्षा बढ़ाने और मेडिकेड व खाद्य सहायता जैसे कार्यक्रमों में कटौती का मिश्रण है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बिल अगले दस सालों में अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज में 2.4 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी कर सकता है। मस्क ने इसे “घृणित” और “विशाल खर्च वाला बिल” करार देते हुए कहा कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है। ट्रंप ने इस आलोचना को व्यक्तिगत रूप से लिया और मस्क पर पलटवार करते हुए कहा कि वह “एलन से बहुत निराश” हैं और मस्क का “दिमाग खराब हो गया है।” ट्रंप ने मस्क की कंपनियों के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द करने की धमकी दी, जिसके जवाब में मस्क ने स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को बंद करने की बात कही, जो नासा के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाता है। हालांकि, मस्क ने बाद में इस धमकी को वापस ले लिया। इसके बाद मस्क ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया कि ट्रंप का नाम जेफरी एप्सटीन से जुड़े गोपनीय सरकारी दस्तावेजों में है और यही कारण है कि ये दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए जा रहे। इस दावे ने विवाद को और हवा दी। मस्क को क्या नुकसान हो सकता है? दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहराता विवाद अब मस्क की कंपनियों के भविष्य पर असर डाल सकता है। टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग कारों की योजना से लेकर स्पेसएक्स के नासा मिशनों और एक्स (ट्विटर) पर विज्ञापन तक, हर क्षेत्र पर खतरे के बादल मंडराते दिख रहे हैं। दरअसल एलन मस्क की कंपनियां- टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स अमेरिकी सरकार के साथ गहराई से जुड़ी हैं। स्पेसएक्स को 2023 में 17 केंद्रीय एजेंसियों से लगभग 3 बिलियन डॉलर के 100 कॉन्ट्रैक्ट्स मिले थे। अगर ट्रंप प्रशासन इन कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करता है, तो मस्क की कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, मस्क की टेस्ला का शेयर बाजार में पहले से ही उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। गुरुवार को टेस्ला के शेयरों में 14.2% की गिरावट आई, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य 152 बिलियन डॉलर कम हो गया। मस्क की निजी संपत्ति में भी एक दिन में 33 बिलियन डॉलर की कमी आई। ट्रंप के सहयोगी स्टीव बैनन ने मस्क के खिलाफ और भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मस्क के अमेरिकी नागरिकता की जांच और उनकी कंपनी स्पेसएक्स को “डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट” के तहत जब्त करने की मांग की। हालांकि, यह कानून किसी कंपनी को जब्त करने की अनुमति नहीं देता, लेकिन यह मस्क के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। इसके साथ ही, मस्क का X प्लेटफॉर्म भी इस विवाद से प्रभावित हो सकता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह जंग X पर ट्रैफिक बढ़ा सकती है, क्योंकि लोग इस ड्रामे को फॉलो करने के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। मस्क के खिलाफ ट्रंप का बदला? हालांकि यह सब पूरी तरह ट्रंप की ‘बदले की भावना’ पर निर्भर करता है कि वो इस विवाद को कहां तक ले जाते हैं। टेलीमेट्री इनसाइट्स के ऑटो एनालिस्ट सैम अबु अल-समीद ने व्यंग्य करते हुए कहा, “चूंकि ट्रंप ने कभी अपने विरोधियों से बदला नहीं लिया है, इसलिए शायद इस बार भी वो माफ कर देंगे।” लेकिन बाद में उन्होंने गंभीरता से चेताया कि मस्क की कंपनियां मुश्किल में पड़ सकती हैं क्योंकि वे सरकारी सहायता पर काफी हद तक निर्भर हैं। टेस्ला की रोबोटैक्सी योजना पर संकट टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सियों का टेस्ट एक हफ्ते बाद ऑस्टिन, टेक्सास में होना है। यह टेस्ला के लिए एक बड़ा मौका है क्योंकि कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कई बाजारों में घट रही है और मस्क को एक बड़ी सफलता की जरूरत है। लेकिन ट्रंप चाहें तो इस योजना में अड़चन डाल सकते हैं। अमेरिका की राष्ट्रीय राजमार्ग परिवहन सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) पहले ही टेस्ला की रोबोटैक्सी तकनीक से जुड़े डेटा की मांग कर चुकी है, खासतौर पर कम दृश्यता वाली स्थितियों में उनके प्रदर्शन को लेकर। वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) भी टेस्ला कारों की सुरक्षा की जांच कर रहा है, हालांकि जांच की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। शेयरों में गिरावट रोबोटैक्सी योजना की घोषणा के बाद टेस्ला के शेयरों में करीब 50% की उछाल आई थी। लेकिन गुरुवार को ट्रंप-मस्क विवाद की खबर आते ही टेस्ला के शेयर 14% गिर गए। शुक्रवार को इनमें 4% की हल्की रिकवरी देखी गई। मॉर्निंगस्टार के विश्लेषक सेठ गोल्डस्टीन ने कहा, “टेस्ला की हालिया तेजी लगभग पूरी तरह रोबोटैक्सी की उम्मीदों पर आधारित थी। ट्रंप से मस्क की लड़ाई इसका नुकसान कर सकती है।” कार्बन क्रेडिट बिजनेस को भी खतरा टेस्ला का एक और अहम लेकिन कम चर्चित कारोबार है – कार्बन क्रेडिट बेचना। कंपनी अन्य कार निर्माताओं को पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की भरपाई करने के लिए ये क्रेडिट बेचती है। लेकिन ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन सांसदों ने अपने बजट बिल में ऐसा संशोधन किया है जिससे ईंधन मानकों को न मानने पर अब जुर्माना नहीं लगेगा। इससे टेस्ला को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि मस्क इस क्रेडिट कारोबार को महत्वहीन बताते हैं, लेकिन इस साल की पहली तिमाही में कंपनी की क्रेडिट बिक्री $595 मिलियन तक पहुंच गई। बिक्री में गिरावट और खरीदारों की वापसी की उम्मीद ट्रंप के साथ मस्क की नजदीकियों ने … Read more

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