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MPPSC ने रद्द की तीन प्रमुख भर्तियां, अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन शुल्क वापस

भोपाल  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी, संचार अधिकारी, और लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। आयोग ने इन पदों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क लौटाने का निर्णय भी लिया है। शैक्षणिक योग्यता पर उठा विवाद बना रद्दीकरण का कारण इन भर्तियों के लिए निर्धारित की गई शैक्षणिक योग्यता को लेकर प्रदेशभर में अभ्यर्थियों ने विरोध जताया था। खासकर संचार अधिकारी पद के लिए केवल भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से डिप्लोमा की अनिवार्यता पर सवाल उठाए गए। इसे अन्य संस्थानों से पत्रकारिता की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवारों के साथ अन्याय बताया गया। विवाद के चलते विभाग की सिफारिश पर आयोग ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया है। अब इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता की पुनर्समीक्षा की जाएगी और इसके बाद संशोधित अधिसूचना जारी की जाएगी। नर्स अधिकारी पद का विज्ञापन भी रद्द लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पद की परीक्षा का विज्ञापन भी रद्द कर दिया गया है। विभाग द्वारा भेजे गए मांगपत्र और आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता को लेकर विरोधाभास पाया गया। यह नियमानुसार नहीं था, इसलिए आयोग ने इस भर्ती को भी निरस्त कर दिया। आवेदन शुल्क वापसी की प्रक्रिया आयोग ने तीनों भर्तियों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को शुल्क वापस करने की घोषणा की है। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन मोड में करना होगा: जिला विस्तार एवं संचार अधिकारी पद के लिए आवेदन: 🗓 26 जून से 6 जुलाई 2025 तक लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पद के लिए आवेदन: 🗓 24 जून से 6 जुलाई 2025 तक

इंग्लैंड में ध्रुव जुरेल और करुण नायर का भी बल्ला फिर से चला

लंदन IPL 2025 खेलने के बाद केएल राहुल बाकी सीनियर खिलाड़ियों से पहले इंग्लैंड पहुंच गए। इस समय इंग्लैंड में इंडिया ए की टीम इंग्लैंड लायंस के खिलाफ खेल रही है। इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस के बीच दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट मैच नॉर्थेम्पटन में खेला जा रहा है। शुक्रवार 6 जून को इस मुकाबले का पहला दिन था। इस मैच में केएल राहुल खेले और उन्होंने दमदार शतक जड़ दिया। इसके अलावा ध्रुव जुरेल और करुण नायर के बल्ले से भी रन निकले, जिन्होंने पिछले मैच में भी इंडिया ए के लिए दमदार बल्लेबाजी की थी। केएल राहुल ने 168 गेंदों में 15 चौके और एक छक्के की मदद से 116 रनों की पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल ने 87 गेंदों में 52 रन बनाए। पिछले मैच में दोहरा शतक जड़ने वाले करुण नायर ने 71 गेंदों में 40 रन बनाए। नितीश कुमार रेड्डी के बल्ले से भी रन आए। उन्होंने 57 गेंदों में 34 रनों की पारी खेली। यशस्वी जायसवाल 17 और कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन सिर्फ 11 रन बना सके। ईश्वरन टेस्ट टीम के लिए डेब्यू करने के अपने दावे को कमजोर कर रहे हैं। पिछले मैच में भी उन्होंने पहली पारी में रन नहीं बनाए थे। हालांकि, दूसरी पारी में जरूर उनके बल्ले से 68 रन आए थे। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक इंडिया ए ने 83 ओवर में 7 विकेट खोकर 319 रन बनाए। इंग्लैंड लायंस के लिए खेल रहे क्रिस वोक्स ने 3 विकेट निकाले। वहीं, जॉर्ज हिल को दो विकेट मिले। इंडिया ए का ये दौरा कई खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण था, जो टेस्ट टीम का हिस्सा हैं और उनको प्लेइंग इलेवन में जगह बनानी है। शतक से केएल राहुल ने अपना दावा मजबूत कर दिया है। करुण नायर भी फिर से टेस्ट खेलने के दावेदार नजर आ रहे हैं। ध्रुव जुरेल को शायद इंतजार करना पड़ सकता है।

पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री पर पतंजलि योगपीठ को कानूनी रूप से अनुमति दी गई जमीन से अधिक भूमि खरीदने देने का आरोप

काठमांडू  नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं। उनके ऊपर बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि योगपीठ के लिए लैंड डील के मामले में घोटाले का आरोप लगाया गया है। पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री पर 2009 से 2011 के बीच पतंजलि योगपीठ नेपाल कंपनी को कानूनी रूप से अनुमति दी गई जमीन से अधिक भूमि खरीदने देने का आरोप है, और उनसे 18.5 करोड़ नेपाली रुपये हर्जाने की मांग की गई है। माधव कुमार नेपाल और पतंजलि योगपीठ दोनों ने भी आरोपों से इनकार किया है। नेपाल की यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी के नेता माधव कुमार ने नेपाली अखबार कांतिपुर से बातचीत में भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, ‘मैंने पतंजलि भूमि सौदे के संबंध में कुछ भी अवैध नहीं किया है और न ही किसी भ्रष्टाचार में लिप्त रहा हूँ, जिससे राज्य को कोई नुकसान हुआ हो।’ माधव कुमार नेपाल पर क्या हैं आरोप? नेपाल की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था कमीशन फॉर द इन्वेस्टिगेशन ऑफ एब्यूज ऑफ अथॉरिटी (CIAA) ने आरोप लगाया कि कावरे जिले की जमीन को बाद में दूसरी जमीन के साथ अदला-बदली करने या ज्यादा कीमत पर बेचने की अनुमति दी गई, जिससे राज्य को नुकसान हुआ। आयोग ने गुरुवार 5 जून को काठमांडू की एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। आयोग ने अदालत से नेपाल को 18.5 करोड़ नेपाली रुपये (लगभग 13.5 लाख डॉलर) का जुर्माना भरने का आदेश देने की मांग की है। पतंजलि ने आरोपों पर दी सफाई माधव कुमार नेपाल को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें 17 साल तक जेल की सजा हो सकती है। वहीं, मामले में भारत में पतंजलि योगपीठ ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है। पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि कंपनी ने उचित प्रक्रिया के तहत निजी तौर पर जमीन खरीदी है। रॉयटर्स को एक संदेश में तिजारा ने कहा, पतंजलि ने कोई सरकारी जमीन नहीं खरीदी है। स्थानीय प्रतिरोध की कार्रवाई और कार्यवाही में हमारा नाम घसीटना अनुचित है। आयोग ने 92 अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए हैं, जिनमें कुछ पूर्व मंत्री और अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कई की पहले ही मौत हो चुकी है।

दिल्ली के नागरिकों को रेखा गुप्ता सरकार की ओर से एक और तोहफा मिलने जा रहा

नई दिल्ली  सरकार की ओर से दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान तो पहले ही कर दिया गया था। अब दिव्यांगजन के सहायकों को भी पैसा देने की तैयारी की जा रही है। दिव्यांगजन की देखभाल के लिए सहायकों को सरकार की ओर से यह आर्थिक मदद दी जाएगी। जरूरी नहीं है कि दिव्यांगजन के सहायक उनके माता-पिता, पति-पत्नी या भाई-बहन ही हो। जो भी व्यक्ति दिव्यांगजन की देखभाल कर रहा है, वह भी 5000 रुपये महीने पाने का हकदार होगा। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह के मुताबिक दिव्यांगजनों की देखभाल अच्छे से हो, इसके लिए सहायकों का भी ध्यान रखना जरूरी है। सरकार की ओर से 5000 रुपये महीने का मानदेय देने का प्रस्ताव दिया गया है। अभी इस प्रस्ताव में कुछ संशोधन किए जा रहे हैं और जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। 5000 रुपये के लिए होगी यह शर्त दिल्ली में अभी उन्हीं लोगों को दिव्यांग पेंशन मिलती है, जिनकी दिव्यांगता 40% से ज्यादा है। हालांकि सहायक को मानदेय के लिए प्रस्ताव में शर्त रखी गई है कि 5000 रुपये उसी स्थिति में मिलेंगे, अगर दिव्यांगजन 80 प्रतिशत दिव्यांग होंगे और पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर होंगे। ऐसी स्थिति में ही दिव्यांगजन के सहायक को 5000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। माना जा रहा है कि अभी मौजूद आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 1000 से ज्यादा परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। 1.5 लाख लोगों को मिल रही दिव्यांग पेंशन दिल्ली में एक अनुमान के मुताबिक करीब 1.5 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है। दिव्यांग पेंशन के लिए 40% से ज्यादा दिव्यांगता होना जरूरी है। इसके अलावा व्यक्ति दिल्ली में कम से कम 5 साल से रह रहा हो और परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अगर आवेदक को पहले से किसी सरकारी पेंशन का फायदा मिल रहा है तो फिर उसे दिव्यांग पेंशन नहीं मिलेगी। कब मिलेगी बढ़ी हुई दिव्यांग पेंशन दिल्ली सरकार बजट में पेंशन योजनाओं में 500 रुपये बढ़ाने का भी ऐलान कर चुकी है। इसके मुताबिक दिव्यांगजन को पेंशन के रूप में हर महीने 3000 रुपये मिलेंगे। हालांकि लाभार्थियों के खाते में बढ़ा हुआ पैसा अभी तक मिलना शुरू नहीं हुआ है। दरअसल दिल्ली सरकार पेंशन योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए सत्यापन कराने में लगी हुई है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जल्द ही लाभार्थियों के खाते में दिव्यांग पेंशन आना शुरू हो जाएगी।

इधर जंग के बीच इजराइल ने कर ली बंपर कमाई, मुस्लिम देशों ने खूब दिए ऑर्डर, ये कैसा दोगलापन ?

तेल अवीव  इजरायल के सैन्य निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया है। यह रिकॉर्ड तब बना है, जब इजरायल एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है। नई रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल ने 2024 में पहले से कहीं अधिक हथियार अन्य देशों को बेचे हैं। वर्तमान में इजरायल गाजा में युद्ध लड़ रहा है। वहीं, सीरिया, लेबनान, ईरान और यमन में हवाई हमले और स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन चला रहा है। इजरायल पर गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ रहा है। इसके बावजूद यह देश झुकने को तैयार नहीं है और दुश्मनों से जमकर लोहा ले रहा है। इजरायल का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर यूरेशियन टाइम्स ने बताया कि इजरायल के रक्षा मंत्रालय के नए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इजरायल का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 14.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इसने 2023 में 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर के पिछले उच्च स्तर को तोड़ दिया। इजरायल ने हथियारों की बिक्री में साल-दर-साल 13% की अच्छी वृद्धि दर्ज की, जिससे यह स्पष्ट रूप से स्थापित हुआ कि इसके रक्षा निर्यात, गाजा में चल रहे युद्ध और मानवाधिकारों के हनन और यहां तक कि नरसंहार के आरोपों के कारण वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती आलोचना और अलगाव से अछूते हैं। लगातार चौथे साल बढ़ा इजरायल का निर्यात इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यह अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है और लगातार चौथा वर्ष है जब इजरायल के रक्षा निर्यात के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाया गया है।” अपने सबसे लंबे युद्ध के दौरान इजरायल की बढ़ती हथियारों की बिक्री रूस के बिल्कुल विपरीत है, जहां यूक्रेन में युद्ध के दौरान रक्षा निर्यात बिखर गया है। डेटा से पता चलता है कि इजरायल ने कुछ पूर्व रूसी हथियार निर्यात बाजारों में विस्तार किया हो सकता है। रूस के बाजार को इजरायल ने कब्जाया स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने गणना की कि 2019 से 2023 की अवधि में रूसी हथियारों के निर्यात में पिछले पांच साल की अवधि की तुलना में आधे से भी कम कमी आई है। अन्य अनुमानों ने और भी भयावह तस्वीर पेश की है। जेम्सटाउन फाउंडेशन के अनुसार, यूक्रेन के लिए पुनर्निर्देशित संसाधनों, प्रतिबंधों, मुद्रास्फीति और वित्तपोषण संबंधी मुद्दों के कारण 2021 से 2024 तक रूस के हथियारों के निर्यात में 92 प्रतिशत की गिरावट आई है। चूंकि रूस भारत से लेकर अरब देशों तक एशिया में अपने विरासत रक्षा निर्यात बाजारों को खो रहा है, इसलिए इज़राइल ने इस कमी को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया है। इजरायली हथियारों के लिए बाजार आंकड़ों के अनुसार, यूरोप इजरायली हथियारों के निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है, जो इजरायल के रक्षा निर्यात का 54% हिस्सा है। 2023 में, यूरोप में इजरायली हथियारों के निर्यात 35% था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2024 में यूरोपीय देशों ने लगभग 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के इजरायली सैन्य उत्पाद खरीदे, जबकि 2023 में यह 4.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। इसका प्रमुख कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है, क्योंकि यूरोप अपने रक्षा खर्च को बढ़ा रहा है और अपने घटते सैन्य भंडार को फिर से भरने की कोशिश कर रहा है। जर्मनी हुआ इजरायी हथियारों का दीवाना एरो 3 एयर डिफेंस सिस्टम के लिए जर्मनी के साथ इजरायल के ऐतिहासिक सौदे ने इन हथियारों की बिक्री में एक बड़ा हिस्सा दिया। इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने एरो 3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए जर्मनी के साथ 3.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का समझौता किया, जो इजरायल के इतिहास में सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। विशेष रूप से, यूरोप को इजरायली हथियारों की बिक्री में वृद्धि हुई है, इस तथ्य के बावजूद कि कई यूरोपीय देश गाजा में इजरायल के अभियान की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं, जो अब अपने 20वें महीने में है। पिछले साल कई प्रमुख यूरोपीय रक्षा प्रदर्शनियों से इजरायली फर्मों को बाहर रखा गया था। इसके अलावा, कुछ देशों ने पहले से हस्ताक्षरित रक्षा अनुबंधों को भी रोक दिया है। 14.8 बिलियन डॉलर तक बेचे हथियार ‘यूरेशियन टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नए आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में इजरायल का रक्षा निर्यात 14.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था. इसने साल 2023 के 13 बिलियन यूएम डॉलर के रिकॉर्ड को तोड़ा है. बता दें कि इजरायल के हथियार बिक्री में साल दर साल 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने इसको लेकर कहा,’ यह अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है और लगातार चौथा साल है जब इजरायल के रक्षा निर्यात के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाया गया है.’ रूस को पछाड़ा ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक रूसी हथियारों के निर्यात में साल 2019-2023 के बीच पिछले 5 साल की अवधि के मुकाबले काफी कमी आई है. ‘जेम्सटाउन फाउंडेशन’ के मुताबिक साल 2021-2024 तक रूस के हथियारों के निर्यात में 92 प्रतिशत की कमी आई है. आंकड़ों के मुताबिक इजरायली हथियार के लिए यूरोप सबसे बड़ा मार्केट है. इसका मुख्य कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है, जिसमें यूरोप रक्षा खर्च बढ़ाते हुए सैन्य भंडार को भर रहा है.   यहां इजरायली हथियारों की धूम बता दें कि जर्मनी, मिडिल ईस्ट और भारत इजरायली हथियारों का बड़ा मार्केट बन रहा है. इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने जर्मनी के साथ एरो 3 एयर डिफेंस सिस्टम के लिए 3.8 बिलियन डॉलर की डील की है. इजरायल की हिस्ट्री में यह सबसे बड़ा डिफेंस डील है. एशिया में इजरायली हथियारों के लिए भारत बड़ा मार्केट है. ‘SIPRI’के मुताबिक साल 2020-2024 में यूक्रेन के बाद भारत दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है. मिडिल ईस्ट में भी इजरायली हथियारों की धूम मची है. बहरीन, मोरक्को, UAE और सूडान को इजरायल ने 1.8 बिलियन डॉलर का हथियार बेचा है.  स्पेन ने इजरायल को दिया झटका इस सप्ताह की शुरुआत में, स्पेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने इजरायल की सरकारी स्वामित्व वाली राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम की एक सहायक कंपनी द्वारा निर्मित एंटी-टैंक मिसाइलों के लिए 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सौदे को रद्द कर दिया है, जो “इजरायली तकनीक के क्रमिक वियोग” का हिस्सा है। इससे पहले, स्पेन ने एल्बिट सिस्टम के साथ 6.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर के गोला-बारूद सौदे को भी रद्द कर … Read more

हमारे यहां हर क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध, फैशन डिजाइन से लेकर हर क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं- मंत्री परमार

भोपाल भारत की परम्परा में विविधता है, जो विश्व में अन्य कहीं नहीं है। हमारे यहां हर क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। फैशन डिजाइन से लेकर हर क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं। देश में विविधता हजारों वर्षों से विद्यमान है। इस परम्परागत विरासत को संजोने की आवश्यकता के लिए देश के हर राज्य में, समाज जीवन में विद्यमान परम्पराओं पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप शोध एवं अनुसंधान करने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल के होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) भोपाल के “ग्रेजुएशन शो – 2025” कार्यक्रम में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रतिभा है। संस्थान द्वारा रोजगार सृजन के साथ साथ, सांस्कृतिक विरासत पर कार्य करना प्रेरक है। भारतीय ज्ञान परम्परा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक बाजार में स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए इससे विश्वमंच पर भारतीय ज्ञान की पहचान पुनर्स्थापित होगी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर उनसे संवाद किया और उनके प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री परमार ने निफ़्ट संस्थान को अखिल भारतीय क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। निफ्ट भोपाल के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष अग्रवाल ने कहा, “यह शो हमारे छात्रों के समर्पण, नवाचार और डिज़ाइन नेतृत्व का सजीव प्रमाण है। हम उद्योग के साथ मिलकर छात्रों को व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार करने में विश्वास रखते हैं।” यह आयोजन भारतीय डिज़ाइन शिक्षा के गुणवत्ता मानकों और वैश्विक रुझानों के प्रति निफ्ट भोपाल की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। ग्रेजुएशन शो – 2025 एक ऐसा मंच सिद्ध हुआ, जहाँ युवा डिज़ाइनर्स ने अपने विचारों को उद्योग और समाज के सामने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) भोपाल के कैंपस अकादमिक समन्वयक श्री देव ज्योति गांगुली एवं प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी सहित विद्यार्थी उपस्थित थे। सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स का हुआ प्रदर्शन इस वर्ष के ग्रेजुएशन शो में फैशन मैनेजमेंट स्टडीज़ (FMS-32), टेक्सटाइल डिज़ाइन (TD-33) और फैशन एंड लाइफस्टाइल एक्सेसरीज़ (F&LA-27) विभागों के छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उद्योग-संगत और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए।  

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत नगरीय निकायों ने शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू

भोपाल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत नगरीय निकायों ने शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विशेषकर बारिश के दौरान जल-भराव की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिये नाले-नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास कार्यालय ने दिशा-निर्देश जारी किये है। साफ-सफाई अभियान 413 नगरीय निकायों में एक साथ शुरू किया गया है। शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में आवासीय एवं सार्वजनिक क्षेत्र की नालियों से जमी हुई गाद निकालकर गहरी सफाई की जा रही है। वर्षा काल के दौरान जल का प्रवाह सतत रूप से हो सके, इसके लिये नालों के सभी छोर पर जाली लगाई जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने के संबंध में निर्देश नगरीय निकायों को निर्देश दिये गये है कि नाले-नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तत्काल की जाये। शहरी क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम के लिये ब्लीचिंग पॉउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है। नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मियों के कार्यों की सतत निगरानी रखने के लिये भी कहा गया है। प्रदेश में 413 स्थानीय नगरीय निकाय है। इनमें नगरपालिक निगम 16, नगरपालिका परिषद 99 और नगर परिषद 298 है। मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी इकाइयाँ प्रदेश में सूखे कचरे के प्रसंस्करण के लिये 405 नगरीय निकायों में 360 मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनके माध्यम से सूखे एवं गीले कचरे को अलग अलग घटकों में बाँटकर प्रसंस्करण के लिये भेजा जाता है। इन इकाइयों से सूखे कचरे की छटाई करके बेचे जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 100 प्रतिशत नगरीय क्षेत्रों में आवासों और व्यावसायिक क्षेत्रों से कचरा संग्रहण व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है। इसके लिये नगरीय निकायों को 7082 मोटराइज्ड वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें सूखे, गीले के साथ कचरे के अन्य अवयवों को अलग-अलग रखने के लिये कंपार्टमेंट और जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं।  

विधायकों को घर-गाड़ी के लिए मिलेगा दो प्रतिशत ब्याज अनुदान, 15 लाख और आवास के लिए 25 लाख निर्धारित थी

भोपाल पांच साल बाद सरकार एक बार फिर विधायकों को वाहन और आवास के लिए कर्ज लेने पर ब्याज अनुदान की सुविधा देने जा रही है। अब यह राशि अभी तक वाहन के लिए 15 लाख और आवास के लिए 25 लाख निर्धारित थी। इसे दोगुना किया जा रहा है, लेकिन ब्याज अनुदान में दो श्रेणी बना दी है। 15 लाख से अधिक का वाहन और 25 लाख से अधिक का आवास लेने पर सरकार केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। शेष ब्याज विधायक को स्वयं चुकाना होगा। यदि इस राशि से कम का वाहन या आवास लिया जाता है तो चार प्रतिशत ब्याज विधायक को देना होगा और शेष का भुगतान सरकार करेगी।   कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा प्रस्ताव वित्त विभाग ने संसदीय कार्य विभाग के प्रस्ताव को संशोधन के साथ सहमति दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। 16वीं विधानसभा (दिसंबर 2023-2028) के लिए निर्वाचित सदस्य काफी समय से मांग कर रहे थे, कि वाहन और आवास ऋण पर दी जाने वाली ब्याज अनुदान की सुविधा को बहाल किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस पर सहमति जताई और मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से चर्चा की थी। सदस्य सुविधा समिति ने प्रस्ताव संसदीय कार्य विभाग को भेजा, जिसे विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुमोदन से वित्त विभाग भेजा गया। वाहन ऋण की राशि 15 लाख के स्थान पर 25 लाख और आवास ऋण की राशि 25 के स्थान पर 50 लाख रुपये रहेगी लेकिन ब्याज अनुदान दो श्रेणी में मिलेगा।   दो प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा विभाग का मानना है कि 15 लाख से अधिक का वाहन और 25 लाख से अधिक का आवास लेने वाले लोग ब्याज भी चुका सकते हैं इसलिए ऐसे विधायकों को केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। शेष ब्याज उन्हें ही चुकाना होगा। यदि कम ऋण लिया जाता है तो पहले की तरह चार प्रतिशत ब्याज विधायक को देना होगा और शेष राशि सरकार चुकाएगी। अब इस प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 15वीं विधानसभा में कोरोना महामारी के कारण सरकार ने इस योजना पर ब्रेक लगा दिया था। 

अग्निवीर परीक्षा का ऐलान- 11 दिन में ग्वालियर में 32 हजार 708 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, 30 जून से 10 जुलाई तक होगी परीक्षा

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की तारीख घोषित हो गई है। लिखित परीक्षा 30 जून से शुरू होगी और 10 जुलाई तक चलेगी। 11 दिन में ग्वालियर में 32 हजार 708 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रतिदिन 2973 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल होंगे। सेना ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए अब लिखित परीक्षा पहले होगी। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल होंगे।   सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी इस साल पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा आवेदन अग्निवीर भर्ती के लिए आए हैं। जुलाई के आखिरी सप्ताह तक परीक्षा परिणाम जारी होगा। इसके बाद अगस्त से अक्टूबर के बीच शारीरिक परीक्षा होगी। इस साल दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थी ट्रेनिंग पर रवाना हो जाएंगे। लिखित परीक्षा में सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि सबसे कम अभ्यर्थी श्योपुर जिले के हैं।   अभ्यर्थियों को 15 जून के बाद जारी होंगे प्रवेश पत्र लिखित परीक्षा की तारीख की घोषणा हो गई है। अब परीक्षा केंद्र तय होने के बाद प्रवेश पत्र जारी होंगे। सेना के अधिकारियों ने बताया कि 15 जून के बाद ही प्रवेश पत्र जारी होंगे। अभ्यर्थियों को ई-मेल के जरिए प्रवेश पत्र भेजे जाएंगे। साथ ही भारतीय सेना की वेबसाइट पर भी प्रवेश पत्र अपलोड किए जाएंगे। ऑनलाइन मॉक टेस्ट दे सकते हैं अभ्यर्थी अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट की सुविधा भारतीय सेना की वेबसाइट पर है। ज्वॉइन इंडियन आर्मी की वेबसाइट पर मॉक टेस्ट और ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट दिया जा सकता है। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा का अनुभव हो सकेगा। निर्धारित अवधि में प्रश्न पत्र हल करने की प्रैक्टिस की जा सकती है। 

एम्स में न्यूक्लियर मेडिसिन से कैंसर का इलाज, ऐसा करने वाला प्रदेश का एकमात्र अस्पताल

 रायपुर  राजधानी रायपुर स्थित एम्स प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में से है। जहां लगभग हर तरह के रोगों का इलाज किया जाता है। रायपुर का एम्स अब कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाने और उनका इलाज करने में और भी आगे बढ़ गया है। बता दें कि एम्स ने अपने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में एक खास मशीन लगाई है, जिसे आटोमेटेड रेडियो सिंथेसाइजर और गैलियम जनरेटर कहते हैं। इस नई मशीन के आने से एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ का एकमात्र ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां कैंसर का पता लगाने वाले खास इंजेक्शन (जिन्हें रेडियोट्रेसर कहते हैं) खुद ही बनाए जा सकेंगे। पहले ये इंजेक्शन बाहर से मंगवाने पड़ते थे। मरीजों का इलाज होगा आसान डाक्टरों का कहना है कि ये नए इंजेक्शन बीमारियों का पता लगाने में बहुत सटीक हैं, खासकर उन बीमारियों में जो जटिल होती हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि अपनी दवाएं खुद बनाने से मरीजों को जल्दी इलाज मिल पाएगा और बाहर की कंपनियों पर निर्भरता भी कम होगी। यह नई सुविधा कैंसर के इलाज में एक नई क्रांति लाएगी, खासकर प्रोस्टेट, पेट और स्तन कैंसर में।

प्रदेश में जल संरक्षण की यात्रा दिन प्रति दिन मजबूती से आगे बढ़ रही

भोपाल प्रदेश में जल संरक्षण की यात्रा दिन प्रति दिन मजबूती से आगे बढ़ रही है। जनभागीदारी से जल संरचनाओं के संरक्षण और सफाई के कार्य हाथ में लिये गये है। ऐतिहासिक, संस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्त्रोतों के सफाई के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। नर्मदा पथ पर यात्रा के माध्यम से नदी किनारे ग्रामों में जल चौपाल कर ग्रामीणों को नदी के आसपास साफ सफाई के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा शहडोल जिले में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जल संवर्धन का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी के साथ जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 मार्च से 30 जून तक चलाया जा रहा है। यह अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णाद्वार का कार्य भी किया जा रहा है।  नदियों को साफ-स्वच्छ एवं जल एकत्रित करने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल संरक्षण के कार्य भी किये जा रहे हैं। अभियान जन प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय, जनभागीदारी, आमजन और सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित हो रहा है। अभियान में मशीन, सामग्री और श्रम का समुचित नियोजन किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत मैकी, ग्राम पंचायत दुलादर  सहित अन्य ग्राम पंचायतों में नवीन खेत तालाब के कार्य किये गए है। ग्राम समर्रा में नल कनेक्शनों में टोटियां लगायी गयी टीकमगढ़ कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार जिले में जलगंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्राम समर्रा में एकल जल प्रदाय योजना के अंतर्गत नल कनेक्शनों में टोंटियां लगायी गईं। ग्रामीणों को पानी के अनावश्यक बहने से राकेने की समझाइश दी गई। ग्राम समर्रा में करीब 20 घरों के नल कनेक्शनों में टोटियों को लगाया गया। यह पहल ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश से की गई है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि पानी भरते ही नल की टोटी बंद कर देना चाहिए, जिससे जल को बर्बाद होने से रोका जा सके। अभियान पर केन्द्रित प्रदर्शनी का सरपंचों ने किया अवलोकन राज्य सरकार के निर्देश पर 30 मार्च से प्रारंभ हुए प्रदेश स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता से निरंतर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 30 जून तक संचालित होने वाले इस महत्वाकांक्षी अभियान में प्राचीन जल स्त्रोतों एवं कुएं व बावड़ियों के जीर्णाद्धार कार्य सहित जल संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं अंतर्गत खेत तालाब निर्माण इत्यादि का कार्य ग्रामवासियों के सहयोग से क्रियान्वित हो रहा है। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न कार्यों को जनसहभागिता से बेहतर रूप में क्रियान्वित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिले के सभी विकासखण्ड में अभियान के तहत पूर्ण हो चुके एवं प्रगतिरत कार्यों के बारे में जानकारी तथा तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने के लिए जिला पंचायत परिसर में प्रदर्शनी लगाई गई। करीब 90 सरपंचो ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। पंचायत प्रतिनिधियों को जल की स्वच्छता एवं कचरा के उचित निस्तारण की जानकारी दी गई। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया। एक्सपोजर विजिट में सरपंचों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अच्छे कार्यों का महत्व बताया गया। प्रदर्शनी में ग्रामीण क्षेत्र और पंचायतों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रदर्शित किया गया। तालाब में किया गया श्रमदान दमोह जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में स्वच्छता ही सेवा का 49वें सप्ताह के अंतर्गत पाठक कॉलोनी तालाब में श्रमदान किया गया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, जनप्रतिनिधियों,  विभिन्न सामाजिक संगठन, स्वंयसेवी संस्थाओं ने अपनी सहभागिता निभाई। यह श्रमदान कार्य पिछले 48 सप्ताह से जारी हैं। जिले में जल स्त्रोतों मे सीवेज का गंदा पानी न मिले इसके लिये सोक पिट का निर्माण किया गया है। जिले में सिंचाई की नहर प्रणाली की सफाई व्यवस्था में किसानों की सहभागीता सुनिश्चित की जा रही है। भरहटा में बावडी की सफाई सतना जिले में उचेहरा विकासखंड के कबीर आश्रम ग्राम पंचायत भरहटा में बावड़ी स्वच्छता कार्यक्रम में जनभगीदारी से सफाई कार्य किया जा रहा है। स्थानीय पुजारी के अनुसार सम्राट अशोक के समय इस बावड़ी का निर्माण कराया गया था। बताया गया कि प्राचीन समय में राहगीर और स्थानीय गांव के लोग इसी से पानी पीते थे। श्रमदान के बाद ग्रामीणों को पेयजल स्त्रोतों की उपयोगिता की जानकारी दी गई। उन्हें शपथ दिलाई गई की वे निंरतर श्रमदान कर बावड़ी के आस पार सफाई रखेंगे। जिले में किसानों को खेत तालाब के महत्व के बारे में विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

डॉक्टरों और तकनीशियनों को 1 जुलाई से एमजीएम मेडिकल कॉलेज में कार्निया प्रत्यारोपण का प्रशिक्षण दिया जाएगा

इंदौर नेत्रदान को बढ़ावा देने और ज्यादा लोगों तक इलाज पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक नई पहल की है। अब प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में कार्निया (आंख का पारदर्शी हिस्सा) प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) ने प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट की हुई पहल इस योजना के पहले चरण में इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों के अस्पतालों में प्रत्यारोपण केंद्र शुरू होंगे। इन जिलों में डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे अपने-अपने जिलों में यह सुविधा शुरू कर सकें। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी ट्रेनिंग ट्रेनिंग का काम 1 जुलाई से इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू होगा। डॉक्टरों को एक महीने और तकनीशियनों को 15 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की विशेषज्ञ टीम देगी। इस विभाग में हर साल करीब 100 कार्निया प्रत्यारोपण पहले से ही किए जाते हैं और यहां नेत्र बैंक भी है। राज्य के अधिकांश जिला अस्पतालों में पहले से ही ऑपरेशन थिएटर, माइक्रोस्कोप और जरूरी उपकरण मौजूद हैं क्योंकि वहां मोतियाबिंद जैसी सर्जरी होती है। इसलिए कार्निया ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रिया को भी वहां आसानी से शुरू किया जा सकता है। इन जिलों में पहले शुरू होगी सुविधा     इंदौर संभाग के – आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा और खरगोन।     उज्जैन संभाग के – देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर और नीमच। एमवाय अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रीति रावत के अनुसार, इस पहल से उन मरीजों को राहत मिलेगी जो पैसों की कमी या दूरी के कारण बड़े शहरों में इलाज नहीं करवा पाते। अब उन्हें अपने जिले में ही आंखों के प्रत्यारोपण की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही नेत्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ज्यादा मरीजों को रोशनी मिल पाएगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि यह योजना स्वास्थ्य विभाग और शासन के सहयोग से लागू की जाएगी। ट्रेनिंग खत्म होने के तीन महीने बाद हर जिले में प्रत्यारोपण केंद्र चालू हो जाएंगे।

ऑपरेशन सिंदूर पर विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद गुजरात कांग्रेस महासचिव राजेश सोनी हुए गिरफ्तार

अहमदाबाद ऑपरेशन सिंदूर पर विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद गुजरात कांग्रेस महासचिव राजेश सोनी बुरी तरीके से फंसे हैं। उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, गुजरात कांग्रेस महासचिव राजेश सोनी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से ‘भ्रामक’ और ‘मनोबल तोड़ने वाली’ सामग्री अपलोड करने का आरोप लगा। उनके खिलाफ बीएनएस की एक सख्त धारा के तहत मामला भी दर्ज किया गया। कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर किया विवादास्पद पोस्ट इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (सीआईडी-साइबर अपराध) भरतसिंह टांक ने जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राज्य सीआईडी ​​की साइबर अपराध शाखा ने पिछले महीने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए शुरू किए गए अभियान पर विवादास्पद पोस्ट करने के लिए सोनी को गिरफ्तार कर लिया। फेसबुक पर किया था पोस्ट बता दें कि पुलिस अधिकारी ने इस पूरे मामले के संबंध में बताया कि राजेश सोनी ने फेसबुक पर भ्रामक पोस्ट के जरिए रक्षाकर्मियों का मनोबल तोड़ने और भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है। मामले में एसपी ने बताया कि कांग्रेस नेता पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) और 353(1) (ए) (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

तकनीकी खराबी के कारण वायु सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर की सहारनपुर में इमरजेंसी लैंडिंग

सहारनपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शुक्रवार को तकनीकी खराबी के कारण सेना के ‘अपाचे’ हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सहारनपुर के चिलकाना थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। वायुसेना का एक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर (एएच-64ई) की यमुना नदी के किनारे चिलकाना थाना क्षेत्र के जोधेबांस गांव के पास एक खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हेलीकॉप्टर सरसावा एयरफोर्स बेस से रूटीन अभ्यास के लिए उड़ा था, लेकिन बीच रास्ते में ही तकनीकी खराबी की वजह से पायलट को खेत में लैंडिंग करानी पड़ी। गनीमत रही कि दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं, और हेलीकॉप्टर को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर के कंट्रोल पैनल में चेतावनी संकेत दिखा, जिसके बाद पायलटों ने तुरंत फैसला लिया और जोधेबांस गांव के एक खेत में सावधानीपूर्वक लैंडिंग कराई। बाद में अपाचे हेलीकॉप्टर को सरसावा एयरबेस वापस ले जाया गया।हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आसपास के गांववाले इकट्ठा हो गए थे। खबर मिलते ही चिलकाना थाना पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को सुरक्षित किया। वायुसेना की एक तकनीकी टीम भी मौके पर भेजी गई, जिसने हेलीकॉप्टर की खराबी की जांच की। वायुसेना ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम यह पता लगाएगी कि खराबी की वजह क्या थी। उल्लेखनीय है कि अपाचे एएच-64ई दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो हवा से हवा में और हवा से जमीन पर हमला करने वाली मिसाइलों से लैस है। भारत ने 2015 में अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए 13,951.57 करोड़ रुपए का सौदा किया था। ये हेलीकॉप्टर मुख्य रूप से पठानकोट और जोरहाट एयरबेस पर तैनात हैं। ये हेलीकॉप्टर पुराने रूसी एमआई-35 हेलीकॉप्टरों की जगह वायु सेना में शामिल किए गए हैं।

पिछले 11 वर्षों में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 1.76 लाख तक पहुंची, यूनिकॉर्न की संख्या 118 दर्ज की गई: सीतारमण

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 1.76 लाख तक पहुंच गई है, जिसमें 1 बिलियन डॉलर और उससे अधिक वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप यानी यूनिकॉर्न की संख्या 118 दर्ज की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वित्त मंत्री ने कहा कि “भारत के युवा स्टार्टअप बना रहे हैं और नौकरियों के अवसर ला रहे हैं”। उन्होंने पोस्ट किया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में युवाओं के लिए किए गए कार्यों की एक झलक है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक अलग एक्स पोस्ट में कहा कि पिछले 11 वर्षों में 7 नए आईआईटी, 8 नए आईआईएम और 16 नए एम्स स्थापित किए गए। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, “पीएमकेवीवाई (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) के तहत 1.6 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया और 1.6 लाख स्टार्टअप से 17.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए गए। लगभग 30,000 व्यावसायिक शिक्षा विद्यालय स्थापित किए गए, जिनमें 30 लाख से अधिक छात्र नामांकित हैं।” पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत, शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए गए। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि देश के हर कोने में उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए लगभग 490 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। पिछले महीने, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (सीजीएसएस) के विस्तार को अधिसूचित किया, जो प्रति उधारकर्ता गारंटी कवर की सीमा को 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर देता है। सरकार के अनुसार, 10 करोड़ रुपये तक की ऋण राशि के लिए गारंटी कवर की सीमा को भी बढ़ाकर डिफॉल्ट राशि का 85 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि के लिए डिफॉल्ट राशि का 75 प्रतिशत कर दिया गया है। भारत को इनोवेशन-संचालित आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए पीएम मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, अधिसूचित विस्तार का उद्देश्य इनोवेशन-ड्रिवन स्टार्टअप्स की फाइनेंसिंग जरूरत को पूरा करना है। विस्तारित योजना स्थापित वित्तीय संस्थानों में स्टार्टअप को ऋण देने से जुड़े जोखिमों को कम करेगी, जिससे स्टार्टअप के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट एक्सपेरिमेंट करने और कटिंग-एज इनोवेशन और टेक्नोलॉजी बनाने के लिए अधिक फाइनेंशियल फ्लो और रनवे सक्षम होगा।

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