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अंडे का ठेला लगाने वाले कैसे बने कुख्यात, सूदखोरी व अवैध वसूली करके करोड़ों की संपत्ति बनाई

रायपुर टिकरापारा इलाके में कभी मामूली सा अंडे का ठेला लगाने वाले हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर सूदखोरी के लिए कुख्यात है। कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने और सूदखोरी व अवैध वसूली करके करोड़ों की संपत्ति बना ली है। इसकी बड़ी वजह नेताओं और अफसरों से उनकी घनिष्ठता भी है। वर्ष 2019 में भी सूदखोर वीरेंद्र, उसके भाई रोहित और उसके अन्य साथियों के खिलाफ कोतवाली व पुरानीबस्ती थाने में बड़ी कार्रवाई हुई थी।  आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन पुलिस की पूरी जांच 5 महंगी कारों पर आकर अटक गई। यूको बैंक से फाइनेंस हुई इन 5 महंगी कारों की जांच आज तक आगे नहीं बढ़ी। बताया जाता है कि इसमें तोमर भाइयों पर बड़ा अपराध दर्ज होना था, लेकिन पुलिस ने जांच की फाइल ही बंद कर दी। यही वजह है कि कुछ माह बाद दोनों भाई जेल से छूट गए और फिर बेखौफ होकर गुंडागर्दी और वसूली का कारोबार शुरू कर दिया। एक पीड़ित के थाने में दिए बयान के मुताबिक, इन लोगों ने उधार के एवज में भरा चेक, कोरा चेक, कोरे स्टाम्प पर साइन करवाया। पैसे की वसूली के लिए लगातार मारने की धमकी और जेल भेजने की धमकी दी। इसके साथ ही डरा धमकाकर औने पौने दाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। रोहित ने एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मारपीट भी की थी। इसके बाद से वह फरार है। पुलिस उसकी खोजबीन करते हुए भाठागांव स्थित सांई विला मकान पहुंची। सर्च वारंट के साथ पहुंची थी पुलिस की टीम दरअसल, रोहित तोमर पर आरोप है कि उसने पुराने रंजिश के चलते अपने बाउंसर के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला के साथ मारपीट की। दशमीत ने अपनी शिकायत में बताया कि 31 मई की रात में अपने दोस्त के साथ खाना खाने VIP रोड के क्लब गया था। वहां पर रोहित तोमर उसे गेट के पास पुरानी रंजिश की वजह से गालियां देने लगा। फिर मारपीट करने के बाद जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस ने बताया कि थाना तेलीबांधा रायपुर में दर्ज मामले में रोहित सिंह तोमर की खोजबीन की जा रही है, लेकिन आरोपी का अब तक कुछ पता नहीं चला है। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी से सिर्फ आरोपी के भाटागांव स्थित मकान का सर्च वारंट प्राप्त किया। फिर तेलीबांधा पुरानी बस्ती थाना, क्राइम ब्रांच और रक्षा टीम के साथ 4 जून को मकान की तलाशी ली गई। मकान में 35 लाख कैश, 734 ग्राम सोने के जेवर, 125 ग्राम चांदी, बीएमडब्ल्यू, थार और ब्रेजा जैसी महंगी गाड़ियां मिली है। जिसे पुलिस ने जब्त किया है। धोखाधड़ी का बड़ा मामला बन सकता था सूत्रों के मुताबिक, यूको बैंक में फर्जी दस्तावेज लगाकर 5 महंगी कारें फाइनेंस कराई गई थी। दस्तावेजों में किसी में पता गलत बताया गया था, तो किसी में फजी आधार कार्ड लगाया गया। इस फर्जीवाड़ा का कनेक्शन वीरेंद्र और रोहित से भी था। वर्ष 2019 की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जब आरोपियों के घर में छापा मारा, तो उस समय बड़ी संख्या में स्टॉप पेपर और दस्तावेज मिले थे। इन्हीं में महंगी कारों से जुड़े दस्तावेज भी थे। इसके जरिए धोखाधड़ी का बड़ा मामला बन सकता था, लेकिन आगे की जांच पुलिस ने रोक दी थी। पुलिस की अपील: कर सकते हैं शिकायत आरोपियों के घर से मिले कर्जदारों के दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस ने अपील भी की है कि आरोपियों से पीड़ित कोई भी व्यक्ति पुलिस में शिकायत कर सकता है। शिकायतों पर एक्शन लिया जाएगा। कर्जा देकर अधिक वसूली, पैसे नहीं देने पर जमीन हथियाने, जबरन रजिस्ट्री कराने का खेल हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह और रोहित तोमर तथा उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने ब्लैकमेलिंग, कर्जा एक्ट सहित संगठित अपराध का मामला दर्ज किया है। दोनों भाई फरार हैं, पुलिस ने उसके भतीजा दिव्यांश तोमर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के भाठागांव स्थित मकान में छापा मारकर पुलिस ने करोड़ों के जेवर-नकदी, महंगी कार, तलवार, पिस्टल-रिवाल्वर आदि के अलावा बड़ी संया में स्टाप पेपर, दूसरों के नाम के कोरा चेक आदि बरामद किए हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉक्टर लाल उमेद सिंह ने बताया कि बरामद स्टॉप पेपर के आधार पर पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में कर्जा देकर अधिक वसूली, पैसे नहीं देने पर जमीन हथियाने, जबरदस्ती रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया। इसके बाद पुरानीबस्ती पुलिस ने सूदखोर वीरेंद्र, रोहित और दिव्यांश के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। दिव्यांश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी वीरेंद्र सिंह राष्ट्रीय करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष भी है। आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या से लेकर धोखाधड़ी तक के कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। 18 लाख कर्ज दिया, अब तक 54 लाख वसूले आरोपी वीरेंद्र और रोहित का सूदखोरी का बड़ा कारोबार है। ब्याज के नाम पर डरा-धमका कर वसूली करते थे। खम्हारडीह इलाके के जयदीप बैनर्जी ने वर्ष 2021 में वीरेंद्र और रोहित से अलग-अलग दिन मिलाकर कुल 18 लाख कर्ज लिया था। मूल राशि उतना ही है, लेकिन दोनों भाइयों ने जयदीप से अब तक 54 लाख वसूल लिए। फिर जयदीप कर्जामुक्त नहीं हो पाया है। इसी तरह दुर्ग के नासीर बश से भी लाखों रुपए वसूल लिए। जमीन ही हड़प ली भाठागांव निवासी मनीष साहू की आरोपी वीरेंद्र के घर के आसपास ही करीब 1100 वर्गफीट जमीन है। उसे डरा-धमकाकर उसकी जमीन के पेपर रख लिया। उसे जमीन बेचने नहीं दे रहा था। जब भी कोई ग्राहक आता था, तो उसे भगा देता था। उसे धमकी भी दी गई थी। पुलिस ने जयदीप, मनीष और नासिर की शिकायत पर पुरानीबस्ती पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और दिव्यांश व अन्य के खिलाफ वसूली, कर्जा एक्ट और संगठित अपराध का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में आरोपियों के भतीजे दिव्यांश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सूदखोरी से ऐसे बने रईस आरोपी वीरेंद्र और रोहित सूदखोरी का धंधा भी करते हैं। जयदीप और नासिर को 8 फीसदी ब्याज पर पैसा दिया था। ब्याज की राशि तय समय पर … Read more

भारत के साथ अकसर परमाणु जंग की धमकी देने वाला पाकिस्तान गरीबी से लड़ाई में हारता दिख रहा: वर्ल्ड बैंक

नई दिल्ली  भारत के साथ अकसर परमाणु जंग की धमकी देने वाला पाकिस्तान गरीबी से लड़ाई में हारता दिख रहा है। पाकिस्तान की करीब आधी आबादी गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रही है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान की 45 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रही है। वर्ल्ड बैंक के डेटा में यह जानकारी दी गई है। विश्व बैंक ने 2018-19 के सर्वे के अनुसार यह बात कही है। बैंक का कहना है कि गरीबी रेखा से जीवन स्तर ऊपर उठाने के मामले में पाकिस्तान की स्थिति लगातार खराब हो रही है। यही नहीं अति-निर्धनता में जीने वाले पाकिस्तानियों की संख्या बीते कुछ सालों में 4.9 फीसदी से बढ़कर 16.5 पर्सेंट हो गई है। विश्व बैंक ने वैश्विक गरीबी इंडेक्स को अपडेट किया है और उसमें पाकिस्तान की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी वजह यह है कि बीते कुछ सालों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कोई ग्रोथ नहीं है। विश्व बैंक का कहना है कि इंटरनेशनल पॉवर्टी लाइन 3 डॉलर मासिक की कमाई पर आधारित है। पाकिस्तान में ऐसे लोग 45 फीसदी हैं, जिनकी कमाई महीने में तीन डॉलर भी नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान अति निर्धन परिवारों की संख्या में इजाफे की एक और वजह है। वह है इंटरनेशनल पॉवर्टी इंडेक्स में बदलाव होना। पहले इंटरनेशनल पॉवर्टी इंडेक्स का मानक 2.15 डॉलर था, जो अब बढ़कर 3 डॉलर हो गया है। इससे पहले कम आय वाले देशों यानी LIC के लिए प्रति व्यक्ति आय की दर वर्ल्ड बैंक ने 2.15 डॉलर निर्धारित की थी। तब पाकिस्तान के 4.9 फीसदी लोग अति निर्धन माने गए थे। अब यह मानक बढ़कर 3 डॉलर प्रतिदिन हो गया है। इसके साथ ही आंकड़ा भी अब 16.5 पहुंच गया है। बता दें कि पाकिस्तान गरीबी के साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा के मानकों में भी फिसड्डी है। यहां तक कि पाकिस्तान में बीते करीब डेढ़ सालों में पोलियो के ही 81 केस मिल चुके हैं। ऐसा तब है, जब दुनिया के तमाम देश पोलियो मुक्त हो चुके हैं। वहीं अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अब भी पोलियो के केस पाए जाते हैं।  

द्वारका जिला पुलिस ने मई में अवैध रूप से रह रहे 71 विदेशियों को पकड़कर डिपोर्टेशन के लिए भेजा

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ मई और जून में कड़ा एक्शन लिया। द्वारका जिला पुलिस ने मई में 71 विदेशियों को डिपोर्ट किया, जिनमें 47 बांग्लादेशी, 17 म्यांमार के रोहिंग्या और 7 नाइजीरियाई शामिल हैं। इसके अलावा, नॉर्थ-वेस्ट और शाहदरा जिला पुलिस ने भी बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई द्वारका जिला पुलिस ने मई में अवैध रूप से रह रहे 71 विदेशियों को पकड़कर डिपोर्टेशन के लिए भेजा। डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि इन विदेशियों के पास वैध वीजा नहीं था। पुलिस की स्पेशल स्टाफ, उत्तम नगर थाना, एंटी-नारकोटिक्स सेल, छावला थाना और AATS की टीमें इस ऑपरेशन में शामिल थीं। पकड़े गए विदेशियों को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में छापेमारी 2 जून को नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली पुलिस ने भारत नगर थाना क्षेत्र में 18 बांग्लादेशी नागरिकों को धर दबोचा। खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने वजीरपुर जेजे कॉलोनी में तलाशी ली। डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि 36 फुटपाथों और 45 गलियों को खंगाला गया। एक संदिग्ध को पहले पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में बांग्लादेशी होने की बात कबूल की। ये लोग हरियाणा से दिल्ली आए थे और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदल रहे थे। शाहदरा में भी पुलिस की पैनी नजर इसी दिन शाहदरा जिला पुलिस ने सीमापुरी इलाके में 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। खबर मिली थी कि उत्तर प्रदेश-दिल्ली बॉर्डर के पास शहीद नगर इलाके में अवैध प्रवासियों की आवाजाही हो रही है। पुलिस ने तुरंत सूचना की पुष्टि की और एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। मुखबिर की मदद से इन लोगों को सीमापुरी में घुसते समय पकड़ लिया गया। ये कार्रवाई क्यों है अहम? दिल्ली पुलिस की इन कार्रवाइयों से साफ है कि अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी जा रही। बांग्लादेशी नागरिकों की बड़ी संख्या ने पुलिस की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। लेकिन, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और खुफिया तंत्र की तारीफ करनी होगी, जो लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है।  

दो बार रहे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहने वाले लेग स्पिनर पीयूष चावला ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास

नई दिल्ली  भारत के दो बार के विश्व कप विजेता लेग स्पिनर पीयूष चावला ने शुक्रवार को पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 36 वर्षीय चावला ने इंस्टाग्राम पोस्ट करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘मैदान पर दो दशक से अधिक समय बिताने के बाद इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहने का समय आ गया है।’    चावला में 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीत में भारतीय टीम का हिस्सा थे। चावला ने पेशेवर क्रिकेट में सभी प्रारूपों में 1000 से अधिक विकेट हासिल किए। 2012 में अपने अंतिम प्रदर्शन तक पांच वर्षों में भारत के लिए 3 टेस्ट, 25 वनडे और 7 टी20 मैच खेले जिसमें उन्होंने 43 विकेट लिए।  चावला ने कहा, ‘भारत का सर्वोच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करने से लेकर 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनने तक, इस अविश्वसनीय यात्रा में हर पल किसी वरदान से कम नहीं रहा है। ये यादें हमेशा मेरे दिल में रहेंगी। आईपीएल फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस को दिल से धन्यवाद जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। इंडियन प्रीमियर लीग मेरे करियर का एक खास अध्याय रहा है और मैंने इसमें खेलते हुए हर पल को संजोया है। मैं अपने कोचों श्री के.के. गौतम और स्वर्गीय श्री पंकज सारस्वत का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने मुझे एक क्रिकेटर के रूप में तैयार किया।’  उन्होंने आगे कहा, ‘आज मेरे लिए बेहद भावुक दिन है क्योंकि मैं आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की घोषणा करता हूं। भले ही मैं क्रीज से दूर चला जाऊं, लेकिन क्रिकेट हमेशा मेरे भीतर रहेगा। अब मैं इस खूबसूरत खेल की भावना और सबक को अपने साथ लेकर एक नई यात्रा शुरू करने के लिए उत्सुक हूं।’ 

बिहार विधानसभा चुनाव में सवर्ण राजनीति के लौटेंगे दिन! आयोग कर सकता है समुदाय के लिए ये तीन सिफारिशें

पटना बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने सवर्ण आयोग को मजबूत कर दिया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार ने आयोग को नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मेंबर दिए हैं। यही नहीं आयोग ने बुधवार को ही एक मीटिंग भी की है, जिसमें सवर्ण समाज में आने वाली जातियों के हालात पर चिंता व्यक्त की गई। नीतीश कुमार सरकार को लगता है कि अति-पिछड़ा, दलित और पिछड़ा की गोलबंदी के बीच कहीं सवर्ण समुदाय न छिटक जाए। ऐसे में उसे साधने के लिए यह उपक्रम किया गया है। भाजपा के समर्थक कहे जाने वाले सवर्ण समुदाय की राजपूत और भूमिहार जैसी जातियां अकसर छिटकती रही हैं। हालांकि ब्राह्मण और कायस्थ भाजपा के पक्ष में एकजुट नजर आए हैं। ऐसी स्थिति में सवर्णों की पूरी गोलबंदी एनडीए के फेवर में हो, इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी की कड़ी सवर्ण आयोग है। अब यह आयोग आने वाले दिनों में कुछ सिफारिशें भी कर सकता है। इन सिफारिशों में एक यह भी होगा कि गरीब सवर्ण परिवारों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट दी जाए। इसके अलावा यूपीएससी, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग की सिफारिश हो सकती है। गरीब सवर्णों के बच्चों को हॉस्टल की सुविधान देने की सिफारिश भी आयोग की तरफ से की जा सकती है। सवर्ण आयोग का कहना है कि 2011 में भले ही इसका गठन हुआ था, लेकिन अब यह ज्यादा कारगर होगा। सूत्रों के मुताबिक आयोग के सदस्यों का कहना है कि अब हमारे पास जातीय जनगणना का डेटा है। हम यह जानते हैं कि कितने सवर्ण परिवार गरीब हैं और उसके कारण क्या हैं। उन्हें क्या लाभ देकर आगे बढ़ाया जा सकता है। दरअसल ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कायस्थ मिलकर बिहार में करीब 15 फीसदी हैं। भले ही यह बड़ा आंकड़ा नहीं है, लेकिन यदि एकमुश्त वोट किसी दल को मिलता है तो नतीजे पलटने का दम रखते हैं। खासतौर पर मिथिलांचल में ब्राह्मणों की अच्छी तादाद है। इसके अलावा कई जिलों में भूमिहार मजबूत हैं। सवर्ण आयोग ने बनाईं तीन समिति, किन मामलों में करेंगी सिफारिश फिलहाल सवर्ण आयोग ने अलग-अलग मसलों के लिए तीन उप-समितियों का गठन कर दिया है। इन समितियों की सिफारिश के आधार पर ही आगे फैसला होगा। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले सवर्ण आयोग की कुछ सिफारिशें सरकार को दी जा सकती है। यही नहीं चुनाव में उतरने से पहले कुछ सिफारिशों को लागू करने का ऐलान भी नीतीश कुमार की सरकार कर सकती है।  

बुर्का पहन पति संग राम मंदिर पहुंची मुस्लिम महिला, गाने लगी भजन, महिला को देखकर लोगो को हुआ आश्चर्य

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में 5 जून को राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुंचे थे। लेकिन भक्तों की भीड़ के बीच एक जोड़ा ऐसा था जिस पर हर किसी की नजर टिक गई। लखीमपुर खीरी के अमीन और उनकी पत्नी राम लला के दर्शन को पहुंचे थे। दोनों पूरी तरह राम लला की भक्ति में लीन नजर आए। अमीन ने जहां यह कहा कि श्री राम जैसा जगत में कोई नहीं है, वहीं उनकी पत्नी ने ‘भीलनी परम तपस्विनी शबरी जाको नाम, गुरू मतंक कहकर गए, तोही मिलेंगे राम…’, भजन गाकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। दोनों ने प्रशासन से राम मंदिर में राम लला के दर्शन की इजाजत मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें इसकी इजाजत मिल गई। गंगा दशहरा के मौके पर दोनों ने राम लला के दर्शन किए। भक्तों की कतार में बुर्का पहनी महिला को देखकर कई लोगों को आश्चर्य हुआ लेकिन इस बारे में अमीन ने जो कुछ कहा उसने सबका दिल जीत लिया। एक निजी चैनल से बातचीत में अमीन ने कहा कि जो राम को नहीं जानता है उससे बड़ा मूर्ख कोई नहीं है। श्री राम जैसा नहीं जगत में कोई। राम नाम भजे हर कोई। राम का नाम बड़ा सुखदाई। अन्य कोई न पार लगाए। राम के आगे शीश झुकाए। राम मुझे जीना सिखलाए। राम जैसा कोई आम इंसान नहीं बन सकता। अमीन ने कहा कि राम फरिश्ता हैं। वह मुझे बहुत अच्छे लगते हैं। अच्छा हुआ कि आज राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर आ गया। अमीन ने बताया कि वह अन्य मंदिरों में भी दर्शन करते रहते हैं। गोला गोकर्णनाथ में भी तीन बार कांवड़ लेकर जा चुके हैं। अमीन ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए उन्हें अच्छा नेता बताया। उन्होंने सीएम को जन्मदिन की बधाई भी दी। अमीन और उनकी पत्नी मीडिया चैनल्स से बात कर ही रहे थे कि चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने वीआईपी विजिट का हवाला देते हुए उन्हें दर्शन के लिए जाने को कहा। इसके बाद वे दर्शन के लिए चले गए। सुरक्षा के लिहाज से कुछ पुलिसकर्मी भी उनके साथ गए। दर्शन की मिली इजाजत राम मंदिर आए मुस्लिम पति-पत्नी को दर्शन की इजाजत मिल गई। महिला सुरक्षा कर्मियों ने बुर्कानशीं महिला की जांच की। उनके पति की भी जांच की गई। इसके बाद उन्हें राम मंदिर की ओर भेजा गया।  

उषा ठाकुर ने महाकाल के दरबार में पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना

उज्जैन मध्य प्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। उषा ठाकुर ने पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की हैं। वहीं मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका स्वागत और सम्मान किया। एमपी की पूर्व कैबिनेट मंत्री व बीजेपी नेत्री उषा ठाकुर शुक्रवार को उज्जैन प्रवास पर पहुंची। जहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नंदी बाबा की पूजा कर उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कही। महाकाल मंदिर प्रबंधन की ओर से समिति के सदस्य आशीष दुबे ने उषा ठाकुर का स्वागत व सम्मान किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं भी मौजूद रहे। वहीं दर्शन के पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि प्रभु श्री महाकाल के चरणों का दर्शन आज प्राप्त हुआ है। बाबा महाकाल के दर्शन इसी तरह होते रहें, यही हमारे जीवन का सौभाग्य है। यहां आकर बहुत अच्छा लगा।

पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी

भोपाल पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी। आज शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, बालुरघाट से होकर ही गुजर रही है, ऐसे में प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 से 15 जून के बीच होने की संभावना है।15 जून के बाद पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। आज इन जिलों में बारिश/आंधी का अलर्ट आज शुक्रवार को 45 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से आंधी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। 10 के बाद मानसून की होगी एंट्री प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। हालांकि मध्य प्रदेश में प्री मानसून की बारिश लगातार चल रही है जिस वजह से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ यूपी के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान एवं उससे लगे हुए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी हरियाणा पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से ओडिशा, झारखंड, दक्षिणी बिहार, पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है।फिलहाल 9 जून तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 9 जून तक ऐसा रहेगा मौसम     6 जून शुक्रवार : भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट।     7 जून शनिवार : मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर में तेज आंधी/हल्की बारिश।     8 जून रविवार : इंदौर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, बड़वानी में तेज आंधी/हल्की बारिश ।     9 जून सोमवार : उज्जैन, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर में तेज आंधी/बारिश। 26 अप्रैल से जारी है आंधी-बारिश इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 5 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 41 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी, 9 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। आगे नहीं बढ़ रहा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। अब जानिए, 10 साल में कैसा रहा मौसम… इस साल मई में टूटे रिकॉर्ड, गर्मी की बजाय आंधी-बारिश पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी ओर, मई महीने में बारिश के कई रिकॉर्ड भी टूटे। इंदौर में 139 साल में सबसे ज्यादा 4.6 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना। इससे पहले इंदौर में साल 1886 के मई महीने में 107.7 मिमी यानी, 4.2 इंच पानी गिरा था, जबकि इस बार 114.8 मिमी यानी, 4.6 इंच पानी गिर गया है। इस तरह 139 साल में इंदौर का रिकॉर्ड टूट गया है। उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। इस बार 111.8 मिमी यानी, 4.3 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। साल 2021 में कुल मासिक बारिश 65 मिमी (2.5 इंच) हुई थी। इस हिसाब से उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। दूसरी ओर, मई में अप्रैल जितनी गर्मी नहीं रही। अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल मई में प्रदेश के किसी भी शहर में दिन का तापमान 43 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। नौतपा में भी कम ही गर्मी रही। नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर, दमोह, शिवपुरी जैसे शहरों में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा। बाकी शहरों में इससे काफी नीचे रहा। क्यों रहा ऐसा मौसम? मई में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश होने के पीछे क्या वजह रही? इसके बारे में मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्रन ने जाना। उन्होंने बताया कि मई की शुरुआत से आखिरी तक प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिली। लगातार सिस्टम एक्टिव होते रहे। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर भी चलता रहा। आखिरी दिन भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा।

एमपी में 24 घंटे में 9 नए कोरोना मामले दर्ज हुए, स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील की

भोपाल / इंदौर मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है. बीते 24 घंटे में प्रदेश में कुल 9 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. इनमें इंदौर से 5, भोपाल और ग्वालियर से 2-2 मरीजों की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को कुल 17 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अधिकांश मामले शहरी क्षेत्रों से हैं. इस समय प्रदेश में कुल 36 एक्टिव केस हैं, जबकि 13 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. राजधानी भोपाल में फिलहाल तीन एक्टिव मरीज हैं. इंदौर एक बार फिर हॉटस्पॉट के रूप में उभरता दिख रहा है. तेजी से फैल सकता है संक्रमण विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और लापरवाही के चलते संक्रमण तेजी से फैल सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़भाड़ से बचने की अपील की है. साथ ही, जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द लगवाने की सलाह दी गई है. राज्य सरकार ने फिलहाल किसी तरह की पाबंदी की घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है. स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. वायरस के दो नए सब-वैरिएंट की हो चुकी पुष्टि बता दें दो दिन पहले ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो नए सब-वैरिएंट XFG और LF.7.9 की पुष्टि हुई थी. एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर द्वारा भेजे गए सात सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में की गई थी, जिसमें यह जानकारी सामने आई. इंदौर शहर में  पिछले पांच दिनों में 18 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन अभी भी जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शहर के अस्पतालों में स्थित ऑक्सीजन प्लांट की अभी तक माकड्रिल नहीं हुई है। वर्ष 2023 में इन्हें आखिरी बार चलाकर देखा गया था। जांच को लेकर अव्यवस्था का आलम यह है कि एकमात्र एमआरटीबी अस्पताल में ही मरीजों को कोरोना जांच की सुविधा मिल रही है, लेकिन सिर्फ दो बजे के पहले तक। इसके बाद यहां जांच करने वाला स्टाफ ही नहीं रहता है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही अभी तक मेडिकल कालेज में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी शुरू नहीं हो पाई है। जांच के लिए सैंपल भोपाल ही भेज रहे हैं। अभी शहर में कोरोना को लेकर कहीं कोई जागरूकता नजर नहीं आ रही है। बाजारों में भीड़ नजर आ रही है, लेकिन कोई मास्क नहीं लगा रहा है। सिंगापुर से आए दोस्त से मिली महिला पॉजिटिव अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को मिले मरीजों में 47 वर्षीय महिला सिंगापुर से आए दोस्त और 13 वर्षीय बच्ची बद्रीनाथ से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आई थी। वहीं पुणे से लौटी 34 वर्षीय महिला के अलावा 62 वर्षीय और 30 वर्षीय पुरुष पॉजिटिव मिले हैं। इन्हें होम आइसोलेशन में ही रखा है। इंदौर में अब तक 38 मरीज मिले इंदौर में अब तक कुल 38 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 30 इंदौर के और बाकी अन्य जिलों के हैं। इंदौर में अभी 20 सक्रिय मरीज हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतते हुए भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। यदि किसी को सर्दी-खांसी है तो दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

शेयर बाजार में आज धीमी शुरुआत, RBI के फैसले पर सेंसेक्स और Nifty सरपट दौड़े

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट के साथ सुस्त शुरुआत की थी, लेकिन जैसे ही भारतीय रिजर्व बैंक ने MPC Meeting ने नतीजे बताते हुए रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बंपर कटौती (RBI Cut Repo Rate) का ऐलान किया, तो उसके बाद बाजार को जोश हाई हो गया और अचानक रेड जोन में कारोबार कर रहे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) ने करीब 700 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा दी. RBI के फैसले से बाजार में बमबम शेयर मार्केट (Share Market) में शुक्रवार को दोनों इंडेक्स रेड जोन में ओपन हुए थे. एक ओर बीएसई के सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 81,442.04 की तुलना में मामूली गिरावट के साथ 81,434.24 पर कारोबार की शुरुआत की और सुबह 10 बजे जैसे ही RBI Governor ने रेपो रेट में 50 बीपीएस की कटौती का ऐलान किया. Sensex 710 अंक की तेजी लेकर 82,165 पर पहुंच गया. निफ्टी ने भी सेंसेक्स की तरह लगाई दौड़   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी आरबीआई के ऐलान के बाद सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए तूफानी रफ्तार पकड़ी ली. अपने पिछले बंद 24,750.90 की तुलना में Nifty 24,748.70 पर ओपन हुआ और रेपो रेट कट के ऐलान के बाद ये भी करीब 230 अंकों की तेजी लेकर 24,982 पर कारोबार करता नजर आया. Repo Rate बंपर कटौती यहां बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बड़ी कटौती (RBI Repo Rate Cut) कर दी है. RBI की मौद्र‍िक नीति समिति की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा (Sanjay Malhotra) ने बताया कि रेपो रेट 50 बेसिस पॉइंट घटाया गया है, जिसके बाद ये कम होकर अब 5.50 फीसदी हो गया है. ब्याज दर में इस बदलाव का असर तमाम बैंकों से Home और Auto Loan लेने वाले ग्राहकों पर देखने को मिलेगी और उनकी EMI कम हो जाएगी. ये इस साल की तीसरी कटौती है. इससे पहले फरवरी और अप्रैल में आरबीआई ने रेपो रेट 25-25 बेसिस पॉइंट घटाया था. CRR में कटौती, इकोनॉमी पर ये बोले गवर्नर शेयर बाजार में आरबीआई की एमपीसी बैठक में रेपो रेट कट के अलावा लिए गए कुछ और बड़े फैसलों का भी असर देखने को मिला है. दरअसल, Repo Rate Cut के साथ ही केंद्रीय बैंक ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को 4 फीसदी से 100 बेसिस पॉइंट घटाकर 3 फीसदी कर दिया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट कट के फैसले को इकोनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट करने वाला कदम बताया है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आगे कहा कि भारत लगातार निवेश के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बन रहा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार बढ़ रहा है और ये फिलहाल 691.5 अरब डॉलर पर पहुंच चुका है. इसके अलावा आरबीआई ने FY26 में महंगाई दर के अनुमान को 4 फीसदी से घटाकर 3.7 फीसदी किया है.  

बेंगलुरु भगदड़ मामले में सख्त एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 4 गिरफ्तार

बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बेंगलरु में 4 जून को RCB की व‍िक्ट्री परेड से पहले हुई भगदड़ मामले में पुल‍िस ने यह पहली ग‍िरफ्तारी की है. वहीं 3 लोगों को ह‍िरासत में ल‍िया गया है. इस मामले में पुल‍िस ने FIR दर्ज की थी. ज‍िसके बाद यह एक्शन हुआ है. जानकारी के मुताबिक, निखिल सोसले मुंबई भागने की फिराक में थे और जैसे ही वह एयरपोर्ट पहुंचे, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा. निखिल से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बेंगलुरु में RCB की जीत के बाद हुई व‍िक्ट्री परेड से पहले हुई भगदड़ में और अव्यवस्था में उनकी भूमिका कितनी गंभीर थी. इस घटना में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हुए थे. यह गिरफ्तारी इस मामले में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और इससे आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं. वहीं कर्नाटक क्रिकेट संघ के सचिव शंकर और कोषाध्यक्ष जयराम फरार हैं. पुलिस उनके घर पहुंची, लेकिन वे वहां नहीं मिले. इससे पहले, आरसीबी ने भगदड़ में जान गंवाने वाले 11 समर्थकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी. 3 डीएनए स्टाफ  हिरासत में ध्यान रहे बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हाल ही में मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के मामले में कब्बन पार्क पुलिस थाने में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स (जो इवेंट की आयोजन कंपनी थी), कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. डीएनए के तीन स्टाफ मेंबर्स किरण, सुमंथ और सुनील मैथ्यू को पुलिस ने हिरासत में लिया है. फिलहाल इनसे क्यूबन पार्क थाने में पूछताछ जारी है. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ की कमान शेषाद्रिपुरम एसीपी प्रकाश संभाल रहे हैं. मामले से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. CM स‍िद्धारमैया ने ल‍िया था पुल‍िस पर एक्शन इस मामले में इससे पहले सीएम सीएम सिद्धारमैया ने पुलिस को बेंगलुरु भगदड़ का जिम्मेदार माना था. जिसके बाद पुलिस कमिश्नर समेत कई अफसर सस्पेंड कर दिए गए थे. बाद में कर्नाटक के IPS अधिकारी सीमांत कुमार सिंह को बेंगलुरु का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया था.  बेंगलुरु भगदड़ को लेकर BJP नेता गिरिराज सिंह ने मांगी कर्नाटक CM का इस्तीफा कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 18 साल के इंतजार के बाद आईपीएल ट्रॉफी उठाने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत के जश्न के दौरान बुधवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में कई लोगों की मौत पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग की है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री निर्दयी हैं। उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने इस घटना की तुलना कुंभ मेले से की। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने जिन शब्दों का प्रयोग किया है, उन्हें शर्म आनी चाहिए। आखिर वे भी राहुल गांधी का ही कुनबा हैं, जो देश की सेना का सम्मान नहीं करते, देश का सम्मान नहीं करते। आईपीएल ट्रॉफी जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम जीत के जश्न के लिए बुधवार को बेंगलुरु में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंची थी। स्टेडियम खचाखच भरा था और लाखों की संख्या में बाहर इंतजार कर रहे फैंस अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया। जदयू ने भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का इस मामले पर दिया गया बयान गैर-जिम्मेदाराना है। ऐसे बयानों से वह लोकतंत्र और जिम्मेदारियों का अपमान कर रहे हैं। जिस तरह से अनुमान लगाने में कर्नाटक सरकार विफल रही कि जीत के जश्न में कितने लोग आ सकते हैं, इसे लेकर एहतियाती कदम नहीं उठाए गए और अनेक इंसानी जिंदगियों की बलि चढ़ गई। कई लोग घायल हुए। अफरा-तफरी का वातावरण लंबे समय तक चलता रहा लेकिन कोई प्रभावी इंतजाम घटना घटने के बाद भी कर्नाटक के अधिकारी करते नहीं दिख रहे थे। उन्होंने कहा, “यह घटना कर्नाटक सरकार की विफलता है और जदयू मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग करती है।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा-हमारे युवाओं के पास अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा होगी

रायपुर : नवा रायपुर में बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच, बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा-हमारे युवाओं के पास अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा होगी रायपुर छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खेलों में भविष्य गढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 4 जून को महानदी भवन, नया रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह अकादमी देश की श्रेष्ठ खेल संस्थाओं में से एक होगी, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को नया रायपुर के सेक्टर-03, ग्राम परसदा स्थित 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। भूमि के प्रीमियम, भू-भाटक एवं जीएसटी सहित 39.22 करोड़ रूपए की प्रतिपूर्ति राज्य शासन, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक भवन या संस्थान की शुरुआत नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर देने की। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी जैसे संस्थान प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। यह अकादमी न केवल खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान बनाएगी, बल्कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी देश का गौरव भी बढ़ाएंगे। इस तीरंदाजी अकादमी की स्थापना एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से की जाएगी। प्रस्तावित अकादमी में आउटडोर तीरंदाजी रेंज, एसी युक्त इनडोर रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, निदेशकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल होंगी। भूमि आवंटन आदेश के तीन माह के भीतर लीज अनुबंध निष्पादित कर उसका पंजीयन कराना होगा तथा अनुबंध की तिथि से एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कर तीन वर्षों में पूर्ण करना आवश्यक होगा। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी के निर्माण की जिम्मेदारी क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की होगी। इसलिए आवश्यक बजटीय प्रावधान राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में यह पहली बार होगा जब तीरंदाजी जैसे पारंपरिक और तकनीकी खेल के लिए इतनी बड़ी संरचना का निर्माण किया जाएगा। इससे आदिवासी क्षेत्रों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को भी एक मंच मिलेगा और प्रदेश खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान की ओर अग्रसर होगा।

पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 10 एकड़ भूमि

रायपुर : नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम कलाकारों के सपनों का मंच होगा कलाग्राम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना  के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 10 एकड़ भूमि रायपुर नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है। यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

दिल्‍ली आनेवाले लोगों की जेब नहीं होगी ढीली, CM रेखा गुप्‍ता देंगी सौगात, गडकरी को कहिए थैंक …

नई दिल्ली  दिल्ली की सीमाओं से MCD टोल बूथ हटाने की तैयारी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए जोर दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और एलजी वीके सक्सेना भी इससे सहमत हैं। उनका मानना है कि शहर की सीमाओं पर एंट्री फीस लेने वाले बूथों को हटाने की जरूरत है। इन बूथों के कारण लोगों को परेशानी होती है और समय बर्बाद होता है। सरकार अब एमसीडी के लिए राजस्व के नए स्रोत तलाशने पर विचार कर रही है। दिल्ली की सीमाओं से टोल बूथ हटाने का सुझाव दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक में MCD के लिए राजस्व के नए स्रोत खोजने के सुझाव पर सहमति जताई। एमसीडी को एंट्री फीस से हर साल लगभग 800-900 करोड़ रुपये मिलते हैं। गडकरी ने कहा कि मुख्य मार्गों पर लगे टोल बूथ यात्रियों के लिए ‘भारी उत्पीड़न’ का कारण बनते हैं। इससे लोगों के काम के घंटे बर्बाद होते हैं और ट्रैफिक जाम लगता है। नितिन गडकरी ने इसलिए लिया अहम फैसला एक सूत्र ने बताया कि गडकरी ने दिल्ली सरकार को राजस्व के नए स्रोत खोजने का सुझाव दिया। इसमें प्रॉपर्टी डेवलपमेंट या गाड़ियों पर मामूली अतिरिक्त चार्ज शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि एंट्री फीस और ग्रीन सेस की वसूली ‘खुलेआम लूट’ से कम नहीं है। उन्होंने हाइवे डेवलपमेंट में किए गए भारी निवेश पर भी प्रकाश डाला। MCD को 800-900 करोड़ रुपये का नुकसान दिल्‍ली सरकार यदि एंट्री प्‍वाइंट पर बने बूथ को खत्‍म करने की योजना पर आगे बढ़ती है तो केंद्र प्रशासित क्षेत्र के रेवेन्‍यू पर इसका व्‍यापक असर पड़ेगा. इन बूथों के जरिये MCD को सालाना 800 से 900 करोड़ रुपये का राजस्‍व हासिल होता है. ऐसे में यदि इन बूथ को हटा दिया जाएगा तो नगर निगम को तकरीबन 1000 करोड़ रुपये का रेवेन्‍यू लॉस होगा. ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम रेखा गुप्‍ता और एलजी वीके सक्‍सेना इस बात पर सहमत हैं कि MCD को आय के लिए दूसरा सोर्स ढूंढ़ना होगा, ताकि 800-900 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई की जा सके. गडकरी की सलाह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में एनवायरमेंट कंप्रेसन चार्ज (ईसीसी) यानी ग्रीन सेस और एंट्री फीस की वसूली को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. एक उच्चस्तरीय बैठक में गडकरी ने इसे ‘पब्लिक लूट’ करार देते हुए कहा कि यह व्यवस्था यात्रियों को भारी परेशानी और देश को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है. उन्होंने संकेत दिया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस वसूली को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है. बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, गडकरी ने कहा कि दिल्ली की मुख्य सड़कों पर लगे टोल बूथ यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुके हैं. इससे न सिर्फ घंटों समय की बर्बादी होती है, बल्कि ट्रैफिक जाम से ईंधन की खपत और प्रदूषण भी बढ़ता है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली सरकार को नए राजस्व स्रोतों की तलाश करनी चाहिए, जैसे कि संपत्ति विकास या वाहनों पर मामूली अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है. MCD के सालाना बजट पर प्रभाव गडकरी ने जब सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही तो उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसे अदालत से बाहर सुलझाने की बात कही और भरोसा जताया कि इस पर जल्द समाधान निकाला जाएगा. बैठक में नगर निगम (MCD) के अधिकारी भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि यदि ईसीसी और एंट्री फीस वसूली बंद की जाती है तो इसका एमसीडी के सालाना बजट पर गहरा असर पड़ेगा, जो लगभग 5,000 करोड़ रुपये का है. अधिकारियों का कहना है कि यह राजस्व उनके लिए आवश्यक सेवाएं चलाने के लिए जरूरी है. गडकरी ने बैठक में यह भी दोहराया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली की सड़कों और हाईवे नेटवर्क के विस्तार में भारी निवेश किया है. ऐसे में इन टोलों से वसूली करना अनुचित है, खासकर जब इससे आम जनता को असुविधा हो रही हो. ऐसे एमसीडी को राजस्व की होगी प्राप्ति जब गडकरी ने कहा कि NHAI पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ECC) या ग्रीन सेस की वसूली रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी, तो सक्सेना ने जवाब दिया कि इस मुद्दे को अदालत जाए बिना भी सुलझाया जा सकता है। जल्द ही इसका रास्ता निकाल लिया जाएगा। बैठक में मौजूद MCD अधिकारियों ने कहा कि राजस्व में कमी से नागरिक निकाय के वार्षिक बजट पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा, जो लगभग 5,000 करोड़ रुपये है। दिल्ली के एलजी, सीएम, मंत्रियों के साथ बैठक दिल्ली के PWD मंत्री परवेश वर्मा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और MoS (सड़क परिवहन) हर्ष मल्होत्रा भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में सभी चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। पिछले हफ्ते, दिल्ली सरकार और MCD के शीर्ष अधिकारी फिजिकल बूथों को हटाने के लिए मल्टीलेन फ्री फ्लो (MMLF) टोल और एंट्री फीस कलेक्शन सिस्टम लगाने पर सहमत हुए थे। बैठक में कई प्रोजेक्ट पर चर्चा बैठक में लिए गए निर्णयों पर अधिकारियों ने कहा कि NHAI ग्यारह मूर्ति से आईएनए से वसंत कुंज तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड तक एक अंडरग्राउंड लिंक (सुरंग) की संभावना तलाशने के लिए एक तकनीकी अध्ययन करेगी। एक अधिकारी ने कहा कि इससे सरदार पटेल मार्ग पर ट्रैफिक कम करने में मदद मिलेगी, जो सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान पूरी तरह से जाम हो जाता है और यहां वीआईपी मूवमेंट भी बहुत होता है। CM कार्यालय ने एक बयान में यह भी कहा कि सराय काले खान को IGI एयरपोर्ट से जोड़ने वाली सुरंग के लिए भी एक व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। NHAI जल्द ही तीन NH स्ट्रेच की रिपोर्ट करेगा तैयार अधिकारियों ने कहा कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि NHAI जल्द ही तीन NH स्ट्रेच – हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से पंजाबी बाग (18.5 किमी), आश्रम से बदरपुर (7.5 किमी) और मेहरौली से गुड़गांव बॉर्डर (8.5 किमी) – को अपने कब्जे में लेगी और विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के बाद उन्हें सिग्नल फ्री बनाएगी। उन्होंने कहा कि PWD इन राजमार्ग स्ट्रेच के किनारे सर्विस रोड और नालियों का रखरखाव करेगी।  

भारतीय मूल के CEO तन्मय शर्मा, अमेरिका में 1244 करोड़ के फ्रॉड में गिरफ्तार

वाशिंगटन अमेरिका में 1244 करोड़ रुपये (149 मिलियन डॉलर) के हेल्थकेयर फ्रॉड मामले में भारतीय मूल के फार्मा कारोबारी तन्मय शर्मा को लॉस एंजेलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। वह सॉवरेन हेल्थ ग्रुप नामक एक नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संस्था के संस्थापक और पूर्व CEO हैं। यह संस्था अब बंद हो चुकी है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 61 वर्षीय शर्मा ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को धोखा देकर करीब 149 मिलियन डॉलर के फर्जी क्लेम किए। साथ ही, मरीजों की भर्ती के लिए 21 मिलियन डॉलर (लगभग रुपए175 करोड़) की अवैध रिश्वतें भी दीं। फेडरल ग्रैंड ज्यूरी द्वारा जारी आठ बिंदुओं वाले आरोपपत्र में शर्मा पर चार वायर फ्रॉड, एक साजिश और तीन अवैध रेफरल के आरोप लगाए गए हैं। FBI की टीम वर्ष 2017 से इस मामले की जांच कर रही थी। इसके तहत सॉवरेन हेल्थ के साउथ कैलिफोर्निया स्थित इलाज केंद्रों, मुख्यालय और शर्मा के आवास पर छापेमारी भी हुई थी। संस्था ने 2018 में अपना संचालन बंद कर दिया था। इस मामले में सह-आरोपी पॉल जिन सेन को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। उसका ट्रायल 29 जुलाई से शुरू होगा। कौन हैं तन्मय शर्मा? तन्मय शर्मा मूल रूप से असम के गुवाहाटी के रहने वाले हैं और उन्होंने दिब्रूगढ़ मेडिकल कॉलेज से MBBS किया है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इंटर्नशिप के बाद वह यूके और फिर अमेरिका में मेडिकल और रिसर्च क्षेत्र में सक्रिय रहे। वह स्किज़ोफ्रेनिया और मानसिक रोगों पर शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं। उन्होंने 200 से अधिक रिसर्च लेख प्रकाशित किए हैं और 5 किताबें भी लिखी हैं। उनके पिता फणी शर्मा असम के प्रसिद्ध रंगकर्मी, अभिनेता और निर्देशक थे। अवैध कमीशन का किया भुगतान इसके अलावा उन्होंने (तन्मय) ने मरीजों को रेफर करने के लिए 21 मिलियन डॉलर से ज्यादा के अवैध कमीशन का भुगतान किया. इन भुगतानों को छिपाने के लिए, शर्मा और उनके सह-आरोपी पॉल जिन सेन खोर ने फर्जी कॉन्ट्रैक्ट बनाए. वहीं, मामले में सह-प्रतिवादी पॉल जिन सेन खोर को भी गिरफ्तार किया गया और उन्होंने खुद को निर्दोष बताया. उनके मुकदमे की सुनवाई 29 जुलाई को तय की गई है. 2017 में शुरू हुई थी जांच एनबीसी लॉस एंजिल्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, तन्मय की कंपनी सॉवरेन हेल्थ ग्रुप दक्षिणी कैलिफोर्निया और कई अन्य राज्यों में नशा उपचार केंद्र चलाती थी, के खिलाफ जांच जून 2017 में शुरू हुई थी. इस दौरान एफबीआई ने कंपनी के उपचार केंद्रों, सैन क्लेमेंटे मुख्यालय और शर्मा के सैन जुआन कैपिस्ट्रानो स्थित आवास पर छापेमारी की थी. ये कंपनी ने 2018 में बंद कर दी गई थी. कौन हैं तन्मय शर्मा तन्मय शर्मा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुसंधान मनोचिकित्सक हैं, जिन्होंने सिजोफ्रेनिया और मानसिक बीमारियों में मस्तिष्क कार्य और मानव व्यवहार पर उल्लेखनीय शोध किया है. गुवाहाटी के बमुनिमैदम के रहने वाले शर्मा, दिवंगत थिएटर कलाकार, नाटककार, और फिल्म अभिनेता फणी शर्मा के सबसे बड़े बेटे हैं. उनके पिता अनुराधा सिनेमा हॉल और अब बंद हो चुके रूपायन और अनुपमा सिनेमा हॉल के मालिक थे. तन्मय ने 1987 में डिब्रूगढ़ मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की और दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इंटर्नशिप की. इसके बाद उन्होंने 1987 में भारतीय चिकित्सा परिषद और 1988 में यूनाइटेड किंगडम के जनरल मेडिकल काउंसिल से चिकित्सा लाइसेंस प्राप्त किया. उन्होंने अपने करियर में 15 अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं के लिए समीक्षा की, कई संपादकीय बोर्डों में काम किया और एंटीसाइकोटिक दवाओं पर सलाहकार समूहों में भाग लिया. उन्होंने 20 से अधिक नैदानिक जांचों का नेतृत्व किया, 200 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित जर्नल लिखे और सिजोफ्रेनिया पर पांच पुस्तकें सह-लेखन किया है.

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