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सीएम शिवराज के लाडली बहनों कई ऐलान

सीएम शिवराज ने लाडली बहनों के लिए कई ऐलान किए हैं, सीएम शिवराज ने लाडली बहनों के 1000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 1250 रुपये कर दिया और सावन के महीने में गैस सिलेंडर 450 रुपये देने में के बड़े ऐलान शामिल हैं.

तिलवारा थाना पुलिस की कार्रवाही- करीब 2 करोड़ की कीमत का गांजा बरामद किया

जबलपुर पुलिस ने एक ट्रक को जप्त कर उसमें रखा करीब 1200 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के द्वारा पकड़े गए गांजा की कीमत रुपए की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक ट्रक छतीसगढ़ जगदलपुर का है जिसे कि हरियाणा और राजस्थान तरफ ले जाया जा रहा है।

विधानसभा में आश्वासन के बाद भी कछुआ चाल से हो रही है आईएफएस की जांच

भोपाल. राज्य वन सेवा से आईएफएस अधिकारी बनी प्रतिभा शुक्ला पर आर्थिक अनियमितता के गंभीर आरोप है. इन आरोपों को लेकर बीजेपी विधायक महेश राय द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में वन मंत्री विजय शाह ने जांच कराने और कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था. बावजूद इसके शुक्ला के खिलाफ जांच कछुआ चाल से हो रही है. बतौर आईएफएस उनकी पदस्थापना वन विकास निगम में हुई है. सदन के भीतर दिए गए वन मंत्री विजय शाह के जांच के आश्वासन के बाद भी प्रतिभा शुक्ला के खिलाफ 4 महीने से चल रही है. अभी भी जांच प्रतिवेदन तैयार नहीं हुआ है. जबकि शाह ने एक महीने के भीतर जांच पूर्ण कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था. 4 महीने का समय बीत गया कि इंतजार कब तक पूरी नहीं हुई. अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने वन बल प्रमुख आरके गुप्ता को दिसंबर 22 में ही विधायक महेश राय द्वारा लगाए गए आरोपों के पत्र के साथ जांच के निर्देश दिए थे. गौरतलब यह भी है कि गंभीर आरोपों के बीच ही शुक्ला राज्य वन सेवा से आईएफएस अधिकारी भी बन गई है. भाजपा विधायक महेश राय ने महिला आईएफएस पर लगाए गए गंभीर आरोप प्रमुख है. मजदूरों को शासन द्वारा निर्धारित दर से कम भुगतान किया गया. मजदूरों के नाम से फर्जी वाउचर भी बनाए गए हैं. चहेते निविदाकारों से नियम विरुद्ध माल सप्लाई का ऑर्डर देकर अधिक भुगतान किया गया. यानी लोहा, प्रोफाइल शीट, नीम बीज और पॉलिथीन इत्यादि गुणवत्ताहीन और कम सामग्री प्रदाय हुई और उसका भुगतान कर दिया गया. वर्ष 2020-21 और 2021-22 में सागौन बीज अधिक कीमत पर खरीदी कर संग्रहण के नाम पर फर्जी मजदूरों को भुगतान कर दिया. जबकि छतरपुर इकाई में 40 कुंटल सागौन बीज संग्रहित किया गया किंतु 8 महीने तक मजदूरों का भुगतान लंबित रखा. निविदाकारों से मुरम एवं गिट्टी क्या खली सामग्री का पूर्ण भुगतान कर राइटी नहीं काटी गई, जिसके कारण लाखों का नुकसान हुआ. कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का भी आरोप है.

सवर्ण आयोग का गठन हो,निर्धन छात्रों को मिले छात्रवृत्ति:श्रवनेन्द्र ( रेशु )तिवारी

जबलपुर। राष्ट्रीय ब्राम्हण महासंस्था के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पंडित श्रवनेन्द्र ( रेशु ) तिवारी ने सरकार से सवर्ण आयोग के गठन की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का मेधावी निर्धन छात्रों की छात्रवृत्ति के लिये अतिशीघ्र व्यवस्था करनी चाहिए,क्योंकि केवल अर्थाभाव के कारण ही प्रदेश के असंख्य ब्राम्हण छात्र-छात्राएं शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। श्री तिवारी ने बताया कि जल्दी वे अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस विषय पर कलेक्टर से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। -अन्याय और कब तक श्रवनेन्द्र ( रेशु ) तिवारी ने कहा कि सवर्णों से वोट लेकर सत्ता के सिंहासन पर पहुंचने वालों ने कभी पलटकर नहीं देखा कि आखिर सवर्णों की हालत क्या है। उन्होंने कहा कि उन्हें आरक्षण पद्धति से कोई आपत्ति नहीं है,लेकिन ये बदलते समय की मांग है कि रोजगार और शिक्षा के अवसरों पर सवर्णों को भी बराबरी का हक होना चाहिए। ये अन्याय अब सवर्ण बर्दाश्त नहीं करेंगे, बल्कि इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इतने सालों के बाद अब सवर्णों के लिये भी आरक्षण के दरवाजे खोलने चाहिए। कोई भी एक कारण ऐसा नहीं है,जो ये सिद्ध करता हो कि सवर्णों को रोजगार व शिक्षा के अवसरों से वंचित करना उचित है। -चरणबद्ध आंदोलन की योजना श्री तिवारी के अनुसार, सवर्ण आयोग का गठन और मेधावी निर्धन मेधावी सवर्ण छात्रों को समुचित छात्रवृत्ति प्रदान करने की मांग को लेकर प्रदेश स्तर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जिसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिसमें प्रदेश के सभी पदाधिकारी सम्मिलित होंगे।

पहचानिए मप्र के मुख्य सचिव के साथ यह अफसर और महिला कौन हैं?

मध्यप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी इकबाल सिंह बैंस के सबसे खास मित्र और आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारतीय वन सेवा के ललित मोहन बेलवाल (PCCF रैंक) द्वारा नियमों को ताक पर रखकर आजीविका मिशन में करोड़ों रुपए के वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जांच उपरांत बेलवाल के ऊपर 10 तरह की आपराधिक धाराओं में आगे कार्रवाई प्रस्तावित की गई हैं, लेकिन डेढ़ साल से कार्रवाई नहीं हुई। वही इकबाल सिंह बैस के सामने बैठी हैं विवादों में रहने वाली सुषमा शुक्ला नाम की आजीविका मिशन में पदस्थ राज्य परियोजना प्रबंधक संविदा अधिकारी जिसकी राज्य स्तर पर भर्ती ललित मोहन बेलबाल द्वारा फर्जी दस्तावेजों तैयार कर की गई है और इनका भी दोष सिद्ध हो चुका है। आरोप है कि यह महिला फर्जी दस्तावेज तैयार करने में माहिर है और इन्होंने कई विभागों में नौकरी की है। अब आप समझ जाइए की मध्यप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी ने मध्यप्रदेश में किस तरह का प्रशासनिक तंत्र खड़ा किया है? यही कारण है कि मप्र में किसी की हिम्मत नहीं जो दागी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ले। इनके खिलाफ जांच करने वाली आईएएस अफसर नेहा मारव्या का क्या हाल किया गया है, यह किसी से छुपा नहीं है। क्या ईमानदारी,न्यायप्रियता की परिभाषा यही है??

बहोरीबंद विजयराघवगढ़ बड़वारा और कटनी मे, बेरोजगारी महंगाई अवैध उत्खनन बिजली की समस्या बनेगी मुद्दा, जनता का बदलता मूड

विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है कटनी जिले में चार विधानसभा क्षेत्र है जहां पर तीन विधायक भाजपा के तो एक विधायक कांग्रेस का है जनता की माने तो इस बार बदलने के आसार हैं चुनाव में जातिगत समीकरण बेहद अहम् रोल अदा करते हैं। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी कई सीटें ऐसी है, जिनकी जीत-हार जाति आधारित राजनीति पर टिकी रहती हैं। कटनी जिले की बड़वारा सीट भी उन्ही में से एक हैं। कटनी के जिला बनने से पहले और बाद में 2008 तक कांग्रेस का ही प्रभुत्त्व रहा। बड़वारा विधानसभा सभा पहले शहडोल संसदीय क्षेत्र में आता था। बाद में परिसीमन की जद में यह पन्ना संसदीय क्षेत्र में शामिल हो गया। यहां भी डेढ़ दशक पहले तक कांग्रेस ही हावी रही। लेकिन बहोरीबंद से कांग्रेस के श्रवण भाई पटेल की हार के बाद चली परिवर्तन की आंधी का असर आसपास की सभी सीटों पर पड़ना शुरू हो गया था। बड़वारा के भी समीकरण बदले और 2008 से बीजेपी ने अपनी धाक तो जमाई लेकिन पिछले चुनाव में फिर पांसा पलट गया था। MP में BJP ने 39 सीटों पर नाम का किया ऐलान, जानिए किसे कहां से मिला टिकट | जातिगत समीकरण रहा हावी करीब 2 लाख 36 हजार मतदाताओं वाला यह क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। जिसमें सबसे ज्यादा तादात लगभग 45 फीसदी पिछड़ा वर्ग के लोगों की है। अनुसूचित जनजाति के करीब 25 फीसदी लोग है। जिसमें गौड़ जाति, कोल जाति, जनजाति में भूमिया जाति के लोग भी हैं। 17 प्रतिशत सामान्य वर्ग है। जिसमें सबसे अधिक ब्राम्हण, बाकी बचे ठाकुर, गुप्ता, जैन, कायस्थ समाज के लोग है। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने की जीत दर्ज बड़वारा विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के विजयराघवेन्द्र सिंह विधायक है। अजय सिंह राहुल गुट की छाप वाले विजयराघवेन्द्र सिंह ने यहां अपनी अलग पहचान स्थापित की। जिसकी बदौलत 2018 में विजयराघवेन्द्र सिंह भाजपा के विधायक मोती कश्यप से लगभग 20 हजार मतों से जीतने में कामयाब हुए। इसी सीट से दस साल भाजपा के मोती कश्यप विधायक रहे। विजयराघवेन्द्र सिंह ने कई विकास कार्य तो किए, लेकिन इस बार फिर जनता बदलाव के मूड में नजर आ रही हैं। कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ता विधायक से नाराज भी है। यदि विजयराघवेन्द्र सिंह को चुनाव में फिर मौका मिला तो कार्यकर्ताओं की नाराजगी का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ सकता है। प्रमुख चुनावी मुद्दे बड़वारा विधानसभा के आगामी चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बिजली कटौती का है। दूसरा बड़ा कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होना है। रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन भी इस क्षेत्र के स्थानीय मुद्दे शामिल है। क्षेत्र में छोटे-बड़े उद्योग होने के बावजूद भी स्थानीय लोगों रोजगार नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी भी बड़ा मुद्दा है। प्रमुख उम्मीदवार कांग्रेस से विजयराघवेन्द्र सिंह, कांग्रेस नेत्री प्रमिला सिंह प्रबल दावेदारों की सूची में सबसे ऊपर हैं। भाजपा से धीरेन्द्र सिंह धीरु वर्तमान जिला पंचायत सदस्य हैं, जिन्हें भाजपा ने उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बीजेपी भी दावा कर रही है कि पार्टी द्वारा टिकट घोषणा में लिया गया निर्णय इस बार बड़ी सफलता दिलाएगा। बड़ी बात स्थानीय प्रत्याशी की है, जिसमें भाजपा आगे निकल गई हैं। जनता के बीच जाने का भी उन्हें भरपूर मौका हैं। कहां तक फैला यह क्षेत्र इस सीट का विस्तार बड़वारा और ढीमरखेड़ा की पूरी तहसील में आता है। इसके अलावा स्लीमनाबाद तहसील क्षेत्र के भी कुछ गांव भी इस विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। इसके अलावा बड़वारा और ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत भी शामिल है। ढीमरखेड़ा मुख्यालय में एसडीएम कार्यालय है। जबकि बड़वारा का एसडीएम कार्यालय कटनी में है। देखना यह होगा कि ऊंट किस करवट लेता है और जनता किसको विधानसभा भेजती है

अवैध उत्खनन करने वाले के खिलाफ कलेक्टर ने ठोका 7 लाख 83 हजार का जुर्माना बहोरीबंद क्षेत्र का मामला

कलेक्टर अवि प्रसाद ने बिना अनुमति अवैध रूप से 261 घन मीटर मुरुम उत्खनन कर निजी उपयोग हेतु परिवहन करने पर बहोरीबंद खरगवां निवासी घनश्याम लोधी और विद्युत नगर भटौली जबलपुर निवासी जेसीबी मालिक सरोज राजपूत पर अवैध रूप से उत्खननित मिट्टी मुरूम की रॉयल्टी राशि 13 हजार 50 रूपए का 30 गुना अर्थशास्ति और समतुल्य पर्यावरण क्षतिपूर्ति को मिलाकर कुल 7 लाख 83हजार रूपए की दंड राशि अधिरोपित की है। साथ ही उत्खनन कार्य में लगी जब्तशुदा जेसीबी को राजसात करने का भी निर्देश दिया है। अवैध उत्खनन का यह मामला बहोरीबंद के ग्राम खरगवां का है। जिसमें कलेक्टर न्यायालय द्वारा अनुविभागीय अधिकारी बहोरीबंद और प्रभारी अधिकारी खनिज के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा आदेश पारित किया गया है। कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन के मुताबिक अनुविभागीय अधिकारी बहोरीबंद द्वारा 30 नवंबर 2022 को जेपीजी मेमोरियल स्कूल बहोरीबंद के सामने दो ट्रैक्टर ट्राली में मुरूम मिट्टी ले जाते पाया गया और 15 -20 ट्राली मुरुम मिट्टी डंप किया जाना भी पाया गया ।इसका मौका मुआयना हल्का पटवारी बहोरीबंद से कराने पर पता चला कि ग्राम खरगवां स्थित भूमि खसरा नंबर 258 मुलायम बाई बेवा घनश्याम लोधी तथा खसरा नंबर 259 घनश्याम वर्ल्ड चमरूवा लोधी के नाम दर्ज है। यहां भूमि स्वामी के पुत्र अनंतराम लोधी खेत से मुरुम मिट्टी निकालकर जेसीबी वाहन क्रमांक एमपी 20 डीए 2578 वाहन मालिक सरोज पिता रामकुमार राजपूत निवासी जबलपुर जेसीबी वाहन चालक मुस्ताक द्वारा निजी उपयोग हेतु जेपीजी मेमोरियल स्कूल बहोरीबंद को स्कूल निर्माण हेतु अवैध उत्खनित मुरूम दिया जाना पाया गया। मौके पर जांच में मुरूम उत्खनन की अनुमति के संबंध में सक्षम कार्यालय से जारी अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अनुभागीय अधिकारी बहोरीबंद द्वारा मौके पर जप्तीनामा पत्रक तैयार कर जेसीबी वाहन को जप्त किया गया। साथ ही प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। कलेक्टर श्री प्रसाद ने इस मामले की सुनवाई करते हुए खनिज निरीक्षक, पटवारी आवेदक और अनावेदकों क्रमशरू अनंतराम लोधी और सरोज राजपूत के द्वारा दिए गए तथ्यों और प्रतिवेदनों के परीक्षण के आधार पर कलेक्टर न्यायालय ने खनिज के अवैध खनन ,परिवहन तथा भंडारण का निवारण नियम के तहत 7लाख83हजार रूपए का जुर्माना और जेसीबी मशीन को राजसात करने का आदेश पारित किया है। जिसमें अवैध उत्खननित 261 घन मीटर मुरुम की रॉयल्टी राशि 13 हजार 50रूपये का 30 गुना अर्थशास्ति 3 लाख 91 हजार 500 रूपए तथा समतुल्य पर्यावरण क्षतिपूर्ति 3 लाख 91 हजार 500 रूपये को मिलाकर कल 7लाख 83 हजार रूपए की अर्थशास्ति अधिरोपित की है।

“कर्नाटक में कांग्रेस ग्रेजुएट युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ते की योजना दिसंबर से लागू करेगी”

कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार का बयान, “कर्नाटक में कांग्रेस ग्रेजुएट युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ते की योजना दिसंबर से लागू करेगी”

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