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जापान को 2035 तक प्रतिदिन 17.75 मिलियन घंटे का नुकसान होगा : रिपोर्ट

टोक्यो एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जापान को 2035 तक 3.84 मिलियन श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि प्रतिदिन 17.75 मिलियन घंटे का नुकसान होगा। जिजी प्रेस ने पर्सोल रिसर्च एंड कंसल्टिंग कंपनी और चुओ यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में दावा किया है, ”2023 की तुलना में श्रमिकों की कमी 1.85 गुना बढ़ने का अनुमान है, ऐसा इसलिए क्योंकि देश में कामगारों के पक्ष में कार्यशैली सुधार नीति बनाई गई है। ये कार्य और जीवन के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए किया गया है, इसकी वजह से ही व्यक्तिगत कार्य घंटों में कमी आई है।” समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जिजी प्रेस के हवाले से बताया कि मजदूरों की जरूरत जो 2023 में 67.47 मिलियन थी वो 2035 में बढ़कर 71.22 मिलियन होने की उम्मीद है। इसमें महिलाएं, बुजुर्ग कर्मचारी और विदेशी नागरिक शामिल होंगे। इसके साथ ही विदेशी श्रमिकों की संख्या में भी वृद्धि होने का अनुमान है और ये 2.05 मिलियन से बढ़कर 3.77 मिलियन हो जाएगा। हालांकि, 2035 तक प्रति व्यक्ति औसत काम के घंटों में 8.8 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण कामगारों की ढलती उम्र और जापानी सरकार द्वारा कार्य शैली सुधार नियम है। श्रमिकों की कमी से निपटने के लिए रिपोर्ट में कार्यशैली सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।  

किसान नरवाई ना जलाएं, सुपर सीडर का उपयोग करें, 25 अक्टूबर से होगी सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी

रबी के लिए किसानों को समय से मिलें उत्तम उर्वरक और बीज : एपीसी सुलेमान प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता डीएपी के समान ही गुणवत्ता युक्त है एनपीके किसान नरवाई ना जलाएं, सुपर सीडर का उपयोग करें 25 अक्टूबर से होगी सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) ने खरीफ-2024 के संबंध में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग की बैठक ली भोपाल रबी फसलों के लिए किसानों को समय से उत्तम उर्वरक और बीज मिलना सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में सभी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। डीएपी के समान ही एनपीके गुणवत्ता युक्त है। इसमें फसलों के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व हैं। किसान नरवाई ना जलाएं, सुपर सीडर का उपयोग करें। प्रदेश में कहीं भी खाद, बीज का अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा अमानक विक्रय न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन विक्रय के लिए किसानों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाए। एपीसी मोहम्मद सुलेमान ने यह निर्देश आज नर्मदा भवन में संपन्न भोपाल एवं नर्मदापुरम संभागों के लिए खरीफ-2024 की समीक्षा एवं रबी 2024- 25 की तैयारियों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, उद्यानिकी आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, सचिव कृषि एम. सेलवेंद्रन, संभागायुक्त भोपाल संजीव सिंह, संभागायुक्त नर्मदापुरम के.जी. तिवारी, संबंधित जिलों के कलेक्टर्स, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न योजनाओं के सफल हितग्राहियों ने अपने अनुभव भी बैठक में साझा किए। एपीसी सुलेमान ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन का कार्य जारी है। आगामी 25 अक्टूबर से सोयाबीन की खरीदी की जाएगी, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। सोयाबीन खरीदी के लिए किसानों को टोकन दिए जाएं, जिससे उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। किसानों की सुविधा के लिए आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त केंद्र एक-दो दिन में खोल दिए जाएंगे। खरीदी में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का प्रयोग किया जाए। सचिव कृषि सेलवेंद्रन ने बताया कि कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में 24 प्रतिशत उत्पादन के साथ प्रथम है। अनाजों के उत्पादन में 12% उत्पादन के साथ देश में द्वितीय और तिलहन के उत्पादन में 20% उत्पादन के साथ दूसरे स्थान पर है। प्रदेश की कृषि विकास दर 19 प्रतिशत है। देश में मध्यप्रदेश के सर्वाधिक 16.5 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती होती है। उन्होंने बताया कि रबी 2024-25 के लिए प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। रबी के लिए प्रदेश में कुल 16.43 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें 6.88 यूरिया, 1.38 डीएपी, 2.70 एनपीके, 4.08 डीएपी +एनपीके, 4.86 एसएसपी और 0.61 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है। प्रदेश में रबी फसलों के अंतर्गत मुख्य रूप से चंबल एवं ग्वालियर संभागों में सरसों 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, सागर संभागों में चना, मसूर 20 अक्टूबर से 10 नवंबर तक, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, चंबल, सागर, नर्मदापुरम में गेहूं 1 नवंबर से 30 नवंबर तक तथा जबलपुर, रीवा एवं शहडोल संभागों में गेहूं एवं चना की फसलों की बोनी 15 नवंबर से 31 दिसंबर तक की जाती है। एपीसी सुलेमान ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि वे सुनिश्चित करें कि उनके जिलों में नरवाई न जलाई जाए। किसानों को सुपर सीडर के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाए। इसके प्रयोग से फसल कटाई के साथ ही बोनी भी हो जाती है। इससे खेतों में बची हुई नमी का अगली फसल में उपयोग हो जाता है, कम बीज लगता है और फसल पहले आ जाती है, जो किसानों के लिए अत्यधिक लाभदायक है। सभी जिलों में सुपर सीडर मशीन की किसानों को उपलब्धता सुनिश्चित करायें। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में रबी फसलों के लिए भी किसानों को शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना का लाभ दिए जाना सुनिश्चित करें। हर जिले में “वन स्टॉप सेंटर” बनाए जाएं, जहां किसानों को सारी सुविधाएं मिल सकें। समिति स्तर पर अल्पावधि ऋणों की वसूली बढ़ाई जाए। जो प्राथमिक सहकारी समितियां ठीक से कार्य नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए की पैक्स के ऑडिट का कार्य अक्टूबर तक पूर्ण किया जाए तथा नवीन पैक्स के गठन की कार्रवाई की जाए। बताया गया कि ऋण महोत्सव के अंतर्गत आगामी 6 नवंबर तक किसानों को अ-कृषि ऋण वितरित किए जा रहे हैं। मत्स्य विभाग की समीक्षा में प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा ने बताया कि मध्यप्रदेश में 4.42 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र, जिसमें से 99% भाग में मत्स्य पालन किया जाता है प्रदेश में 2595 मछुआ समितियां पंजीकृत हैं, जिनसे 95417 मत्स्य पालक जुड़े हुए हैं। मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति मत्स्य उपलब्धता 7.5 किलोग्राम है। प्रदेश का पहला इंटीग्रेटेड एक्वापार्क भदभदा रोड भोपाल में स्थित है। प्रदेश में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना और मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना संचालित है। सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा दिए गए। मछुआ पालन की नई तकनीकी के इस्तेमाल के लिए मत्स्य पालक किसानों को प्रेरित किया जाए। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा में बताया गया कि भारत में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। प्रदेश में 591 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दूध का उत्पादन होता है। राष्ट्र का 9% दुग्ध उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति दुग्ध की उपलब्धता 644 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 459 ग्राम प्रतिदिन का है। प्रदेश में 7.5% पशुधन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 5.05 का है। वर्ष 2019 की पशु संगणना के अनुसार मध्यप्रदेश में गौ-वंश पशु संख्या देश में तीसरे स्थान पर 187.50 लाख है, वही भैंस वंश पशु संख्या चौथे स्थान पर 103.5 लाख है। प्रदेश में पशुओं के उपचार के लिए चलित पशु चिकित्सा वाहन (1962) संचालित है, जो कि स्थान पर जाकर पशुओं का इलाज करते हैं। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीकी से … Read more

उमर अब्दुल्ला का जवाब: NC को मुस्लिमों की पार्टी बताने वालों को किया स्पष्ट

Omar Abdullah’s reply: Clarified to those who call NC a party of Muslims जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में जनता को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला किया और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पार्टी को मुसलमानों की पार्टी बताने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि NC ने जम्मू से एक हिंदू डिप्टी सीएम बनाया है, जो इस बात का सबूत है कि उनकी पार्टी सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन चुनावों के बाद परिणाम यह दिखाते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने 2018 में चुनी हुई सरकार के गिरने के बाद लोगों को आई परेशानियों को स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे जम्मू-कश्मीर के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह सरकार सबकी होगी। इसमें सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व होगा। हम सिर्फ उन लोगों की सेवा नहीं करेंगे, जिन्होंने NC को वोट दिया है, बल्कि हम पूरे जम्मू-कश्मीर की आवाम की खिदमत करेंगे।” मुसलमानों की पार्टी का विवादउमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह उन लोगों के लिए स्पष्ट जवाब है, जिन्होंने पिछले चुनाव में NC के खिलाफ यह आरोप लगाया था कि यह पार्टी केवल मुसलमानों के लिए है। उन्होंने कहा, “जब हमें डिप्टी सीएम बनाना था, तो हमने जम्मू से एक हिंदू डिप्टी सीएम बनाया। मेरे खानदान से उनका कोई लेना-देना नहीं था।” इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने अभी तक हुकूमत में आने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग का गठन एक पार्टी के लाभ के लिए किया गया था, जिससे उनकी पार्टी को मुश्किलें बढ़ेंगी। उमर अब्दुल्ला ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि अब उन्हें लोगों की परेशानियों को दूर करने का काम करना है और उन्होंने कांग्रेस और NC के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मिलकर चुनाव लड़ा और सफलता हासिल की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई प्रदेश के धार जिले की बिटिया भी है टीम की सदस्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में दक्षिण एशियाई फेडरेशन(सैफ) महिला फुटबॉल चैम्पियनशिप में भारतीय महिला फुटबॉल टीम की जीत पर टीम को बधाई दी है। भारत ने पाकिस्तान पर 5-2 से जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की टीम में मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर की बेटी ज्योति चौहान भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारत की इस विजय में ज्योति के किए गए गोल का भी योगदान है। ज्योति सहित सभी बेटियों की कड़ी मेहनत और संघर्ष से यह जीत मिली है जो देश के साथ प्रदेश की बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।  

रूस में आयोजित हो रहा 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पीएम मोदी 22 अक्टूबर जायेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस की अध्यक्षता में कज़ान में आयोजित हो रहे 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 22-23 अक्टूबर तक रूस की यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर रूस की यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस की अपनी यात्रा के दौरान ब्रिक्स के सदस्य देशों के अपने समकक्षों और कजान में आमंत्रित नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्रिक्स के इस साल के शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना” है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सम्मेलन नेताओं को दुनिया के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा यह भविष्य में सहयोग के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने के वास्ते एक मूल्यवान अवसर भी प्रदान करेगा।” 

स्कॉट बोलैंड ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम में जगह बनाने की पूरी कोशिश करेंगे

नई दिल्ली गर्मियों की शुरुआत में चोटों से परेशान रहने के बाद स्कॉट बोलैंड मैदान में वापसी करने के लिए तैयार हैं। वो शेफील्ड शील्ड में वापसी करने के साथ और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में जगह बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। भारत के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी श्रृंखला से पहले स्कॉट बोलैंड अपनी फॉर्म और ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं। बोलैंड एमसीजी में शील्ड में वापसी करेंगे, जहां उनकी विक्टोरिया टीम स्टार-स्टडेड मुकाबले में न्यू साउथ वेल्स से भिड़ेगी। 35 वर्षीय यह तेज गेंदबाज चोटिल होने के कारण टीम से बाहर है। लेकिन अब यह तेज गेंदबाज टीम में जगह बनाने और यह साबित करने के लिए बेताब है कि वह भारत के खिलाफ खेलने का मौका पाने का हकदार है। बता दें, टीम इंडिया के खिलाफ स्कॉट पहले ही बड़े मैचों में अपनी क्षमता दिखा चुके हैं। बोलैंड ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, “पहले मैच में वापसी के बाद शायद थोड़ी थकान महसूस हो, लेकिन कोई बात नहीं। मुझे पता है कि एक बार जब मैं अपने लय में आ जाऊंगा तो चीजें बदल जाएंगी। मैंने पिछले चार या पांच महीनों में अपने शरीर पर काफी काम किया है। मुझे शील्ड गेम में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम होना चाहिए।” बोलैंड की वापसी पर सबकी नजर रहेगी, खासकर तब जब वह ऑस्ट्रेलिया में भारत की पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के चौथे टेस्ट मैच, एमसीजी में होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए संभावित कॉल-अप पर नजर रखते हैं। उन्होंने 2022 एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ इसी मैदान पर 6-7 का रिकॉर्ड बनाया था। उन्हें उम्मीद है कि वह भारत के खिलाफ भी वही कारनामा दोहराएंगे। बोलैंड की सबसे हालिया अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के यूके दौरे के दौरान हुई थी, जहां उन्होंने टीम को भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जीतने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।    

कथावाचक चिन्मयानंद बापू ,ने साधा निशाना, बोले- ‘ज्यादातर मूर्ख लोग ही राजनीति में आते हैं’

Storyteller Chinmayanand Bapu took aim, said – ‘Mostly fools come into politics’ MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां भागवत कथा करने पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने श्योपुर विधायक के भगवान शंकर पर दिए आपत्तिजनक बयान के वीडियो के बारे में बड़ी कही है। उन्होंने कहा कि मूर्ख लोग राजनीति में आ गए हैं। क्या बोले चिन्मयानंद बापूशिवपुरी में आयोजित कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि ज्यादातर मूर्ख लोग राजनीति में आ गए है, जिन्हें धर्मशास्त्र एवं धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। वह राजनीति में आकर कुछ भी बोल सकते है।यह वीडियो बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर पोस्ट किया है। बीजेपी इस मामले को भूनने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। श्योपुर विधायक के विवादित बयान को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। मंच के द्वारा एफआईआर करने का आवेदन दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम आज 12वें सुल्तान जोहोर कप के शुरुआती मैच में जापान से भिड़ेगी

जोहोर भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम शनिवार को यहां 12वें सुल्तान जोहोर कप के शुरुआती मैच में जापान से भिड़ेगी तो उसका लक्ष्य पूर्व दिग्गज गोलकीपर और अपने सम्मानित कोच पीआर श्रीजेश से प्रेरणा लेना होगा। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता श्रीजेश के लिए कोच के तौर पर यह पहला कार्यकाल होगा। उन्होंने इस साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक के बाद खिलाड़ी के तौर पर खेल को अलविदा कहा था। भारत ने मई 2023 में जूनियर एशिया कप में अपने आखिरी मुकाबले में जापान पर 3-1 से जीत हासिल की और 2022 के सुल्तान जोहोर कप में भी इस टीम को 5-1 से हराया था। कप्तान आमिर अली ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘टीम नए मुख्य कोच पीआर श्रीजेश के नेतृत्व में अच्छी ट्रेनिंग कर रही है और हम उनके साथ अपना पहला टूर्नामेंट खेलने के लिए उत्साहित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार जर्मनी से हारने के बाद, हम अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे। इस बार हमारी तैयारी अच्छी है और हम प्रतियोगिता में किसी भी टीम से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।’’ जापान के बाद भारतीय टीम 20 अक्टूबर को ग्रेट ब्रिटेन, 22 अक्टूबर को मेजबान मलेशिया और फिर 23 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से खेलेगी। भारतीय टीम ग्रुप चरण में 25 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी मुकाबला खेलेगी। लीग चरण में शीर्ष दो स्थान पर रहने वाली टीमें 26 अक्टूबर को फाइनल में भिड़ेंगी। भारतीय उपकप्तान रोहित ने कहा, ‘‘हम सुल्तान जोहोर कप से पहले सर्वश्रेष्ठ स्थिति में पहुंचने के लिए पिछले कुछ दिनों से कड़ा अभ्यास कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बार टीम में कई नए खिलाड़ी हैं जो मैदान पर अपनी क्षमता दिखाने के लिए उत्साहित हैं। सभी खिलाड़ी अपने खेल में सुधार के साथ एक-दूसरे को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी नजरें इस प्रतियोगिता के साथ नवंबर में मस्कट में खेले जाने वाले जूनियर पुरुष एशिया कप पर भी हैं।’’    

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एपीसी बैठक का हुआ आयोजन

 डिंडौरी कलेक्टर  हर्ष सिंह की अध्यक्षता में एपीसी बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। उक्त बैठक में सीईओ जिला पंचायत  अनिल कुमार राठौर, उपसंचालक कृषि सुश्री अभिलाषा चौरसिया, उपसंचालक पशुपालन  एचपी शुक्ला, एलडीएम  रविशंकर सिंह, सहायक संचालक मत्स्य विभाग  राकेश चंदेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग की समीक्षा    हर्ष सिंह ने खरीफ फसल 2024 एवं रबी फसल 2024-25 की तैयारी हेतु किए जा रहे कार्यों एवं कृषि विभाग के प्रचलित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने उर्वरक व्यवस्था के तहत यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके उर्वरकों के वितरण, मांग एवं उपलब्धता की जानकारी ली एवं डीएपी के स्थान पर उपयोग किए जा रहे अन्य उवर्रक विकल्पों का विस्तृत चर्चा की। और तत्संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। हर्ष सिंह ने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कोदो-कुटकी सहित श्रीअन्न के प्रसंस्करण एवं ब्रांडिंग, कृषि विभाग के नवाचार, युवा उद्यमी संस्थाओं, पंरपरागत कृषि विकास योजना, जैविक खेती, पंजीकृत बीज, विक्रय प्रबंधन की समीक्षा की और लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।  सहकारिता विभाग की समीक्षा     कलेक्टर  हर्ष सिंह ने सहकारिता समिति संचालन, सदस्यता, समितियों के पुर्नगठन, समितियों के बहुउद्देशीयकरण, कृषि उपार्जन एवं वितरण, जनऔषधी केन्द्र व्यवसाय, कामन सर्विस सेंटर आदि के संबंध में सहकारिता विभाग की समीक्षा की। बताया गया कि 8 अक्टूबर से 6 नवबंर 2024 के मध्य ऋण महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर्ष सिंह ने सहकारिता बैंको के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।   पशुपालन विभाग की समीक्षा  कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए जिले के दुग्ध उत्पादन, मोबाइल वेटनरी योजना, पशु रोगों से संबंधित नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत मुर्गीपालन, बकरी पालन एवं चरीचारा विकास की जानकारी ली। उन्होंने पशुपालन के क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड एवं आचार्य श्री विद्यासागर गो-संवर्धन योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित गो वंशों के व्यवस्थापन की स्थिति की जानकारी ली और गो वंशो को गौशालाओं में व्यवस्थित करने के लिए निर्देशित किए।   उद्यानिकी विभाग की समीक्षा   हर्ष सिंह ने जिले में फल, सब्जी, पुष्प, मसाला उत्पादन की समीक्षा की। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग, नवाचार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिले की भौगोलिक स्थितियों के अनुसार उद्यानिकी क्षेत्र में असीम संभावना है जिसके अनुसार कार्य योजना बनाकर उद्यानिकी क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि करें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के लक्ष्यों को सप्ताह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए।   मत्स्य विभाग की समीक्षा  कलेक्टर हर्ष सिंह ने मत्स्य उत्पादन की समीक्षा की जिसमें बताया गया कि वर्तमान में प्रति व्यक्ति मत्स्य उपलब्धता 10 किलाग्राम है जिसे 12 किलोग्राम करने का कार्य किया जा रहा है। जिले में 45 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं जिनके द्वारा मत्स्य पालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने मछली पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

महाकुंभ से पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना होगी

प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य स्वरूप देने के लिए कुंभ नगरी के कोने-कोने में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की स्थापना की जा रही है । शहर की सड़क, चौराहे और शहर की प्रमुख दीवारें सज संवर रही हैं। प्रयागराज का सिविल एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं है। यहां दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना इसी का हिस्सा है। सृष्टि जीवन का क्रमिक विकास है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह 84 लाख योनियों से होकर गुजरता है। प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट में सृष्टि के इसी विकास क्रम को 84 आलोकित स्तंभों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन इसकी कार्यदाई संस्था है। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राना का कहना है कि एयरपोर्ट के बाहर सड़क के दोनो तरफ इन स्तंभों की स्थापना की जा रही है। 21 करोड़ 30 लाख के बजट से ये विशेष आलोकित स्तंभ तैयार हो रहे हैं। इसके लिए 10 करोड़ की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। नवंबर तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ये स्तंभ आकर्षित करेंगे। एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से जाने वाली सड़क में ये 84 स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। ह स्तंभ की लंबाई 6 मीटर होगी और यह खास स्टोन से बनाया जा रहा है । प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक लगभग 525 मीटर की लंबाई में सीधी रेखा में स्थापित होने वाले इन 84 स्तंभों में जीव 84 लाख योनियों का संकेत होगा, जिससे सृष्टि का सार होगा। एक स्तंभ से दूसरे स्तंभ की दूरी 12 मीटर रखी गई है। हर स्तंभ में भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी लिखे जाएंगे। रात के समय इन स्तंभों में स्पेशल लाइटिंग का इंतजाम किया है ताकि अंधेरे में भी ये उतनी ही चमक के साथ आलोकित होते रहें। स्तंभ के पास फूलदार सजावटी पौधे भी रोपित किए जाएंगे। नजदीक बैठने के लिए विशिष्ट बेंच का भी निर्माण किया जायेगा।    

हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में खनिज क्षेत्र में निवेश को पूर्ण प्रोत्साहन,11 औद्योगिक संस्थान निवेश के लिये आगे आये  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर मुख्यमंत्री दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित “संयुक्त उद्यम समझौता” हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। माईनिंग कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र फर्म/कम्पनी का नाम प्रोजेक्ट का विवरण स्थान 1 ल्यूगांग इंडिया, नई दिल्ली प्रदेश में माइनिंग उपकरण निर्माण इकाई स्थापना निवेश राशि 250 करोड़ – 2 इंडियन रेयर अर्थस, मुंबई रेयर मेटल्स क्लस्टर की स्थापना औद्योगिक क्षेत्र अचारपुर, जिला भोपाल 3 द कमोडिटी हब, गुरूग्राम हरियाणा कॉपर, रॉकफास्फेट तथा सिलीकॉन बेनीफिकेशन प्लांट की स्थापना, निवेश राशि 2000 करोड़ बालाघाट एवं खरगौन 4 श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, रायपुर छत्तीसगढ़ इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ उमरिया 5 व्रिज आयरन एवं स्टील लिमि. जल विहार कालोनी रायपुर इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ कोतमा शहडोल 6 बैर्री अलायज, कोलकाता प्रदेश में फेरो अलायज इकाई की स्थापना निवेश राशि 400 करोड़ – 7 इन्विनायर पेट्रोडाइन लिमिटेड कोल बेड मीथेन और कोल गैसीफिकेशन में निवेश राशि 5000 करोड़ बैतूल और छिंदवाड़ा 8 डालमिया सीमेंट, नई दिल्ली प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ सतना 9 जे.के. सीमेंट पन्ना जिले में स्थापित सीमेंट प्लांट का विस्तारीकरण निवेश राशि 2500 करोड़ पन्ना सिंगरौली एवं शहडोल जिले में आवंटित कोल ब्लॉक निवेश राशि 1000 करोड़ सिंगरौली एवं शहडोल 10 अंबुजा सीमेंट अहमदाबाद, गुजरात प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ रीवा 11 सागर स्टोन इंडस्ट्रीज, जबलपुर फोस्फोराईट से खाद विनिर्माण इकाई की स्थापना, निवेश राशि 500 करोड़ छतरपुर   कुल 19650   प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य … Read more

20 अक्टूबर को करवा चौथ, नोट करें पूजा का मुहूर्त, विधि

पति की सालमती के लिए करवा चौथ के दिन निर्जल व्रत रखा जाता है। शाम के टाइम चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण किया जाता है। सनातन धर्म में सुहागिनों द्वारा रखे जाने वाला करवा चौथ का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे आमतौर पर शादी-शुदा महिलाएं मनाती हैं। पति की सालमती के लिए इस दिन निर्जल व्रत रखा जाता है। शाम के टाइम चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण किया जाता है। कब है करवा चौथ आचार्य अशोक पांडे के अनुसार, इस साल यह पर्व 20 अक्टूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाएं इस दिन कठिन व्रत का पालन करती हैं और विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से पति को लंबी उम्र और सुरक्षा प्राप्त होती है। साथ ही घर में समृद्धि आती है। पूजा का मुहूर्त चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 20, 2024 को 06:46 बजे चतुर्थी तिथि समाप्त – अक्टूबर 21, 2024 को 04:16 बजे करवा चौथ व्रत समय – सुबह 06:25 से शाम19:54 अवधि – 13 घण्टे 29 मिनट्स करवा चौथ पूजा मुहूर्त- शाम 05:46 बजे से शाम 07:02 बजे तक अवधि – 01 घण्टा 16 मिनट्स करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय का समय- शाम 07:54 बजे करवा चौथ पूजा सामग्री मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन, पान, सींक, कलश, अक्षत, चंदन, फल, पीली मिट्टी, फूल, हल्दी, लकड़ी का आसान, देसी घी,कच्चा, दूध, दही, शहद, शक्कर का बूरा, रोली, मौली, मिठाई, चलनी या चलनी आदि। करवा चौथ पूजा-विधि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें मंदिर और घर की साफ-सफाई करें सभी देवी-देवताओं की विधि-विधान पूजा करें करवा चौथ व्रत रखने का संकल्प लें संध्या के समय शुभ मुहूर्त में करवा चौथ की व्रत कथा का पाठ करें फिर चंद्रमा की पूजा करें चंद्र दर्शन करने के बाद अर्घ्य दें पति को छलनी से देखकर आरती उतारें फिर पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत पारण किया जाता है।

सिंहस्थ के लिए 5900 करोड़ मंजूर, 568 प्रस्तावों पर सीएम ने दी मंजूरी

Rs 5900 crore approved for Simhastha, CM approves 568 proposals Ujjain Simhastha: सिंहस्थ 2028 के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है। परियोजनाओं में घाटों का निर्माण, नदी डायवर्जन, बांध, बैराज, सबस्टेशन, सड़कें और पुल शामिल हैं। 18 विभागों से 560 से अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है। सरकार 15 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उज्जैन: सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यह मंजूरी इस महीने की शुरुआत में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट कमेटी की बैठक में मिली। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सीएम ने कहा कि हर 12 साल में सिंहस्थ सभी को एक साथ लाता है। दुनिया भर से करीब 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में कुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इन योजनाओं को मिली मंजूरीकैबिनेट समिति ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी। जिसमें 778.91 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण होगा। 1,024.95 करोड़ रुपये की लागत से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। क्षिप्रा पर होगा बांध का निर्माणक्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 14 और कान्ह नदी पर 11 प्रस्तावित बैराजों को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत क्रमशः 74.67 करोड़ रुपये और 43.51 करोड़ रुपये है। नए ईएचवी सबस्टेशन की सौगातअन्य स्वीकृत परियोजनाओं में 198 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना और 250 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन शामिल है। स्वीकृत अतिरिक्त परियोजनाओं में शंकराचार्य चौराहे से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यहां भी होंगे विकास कार्यसाथ ही खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका और भरथरी गुफा से रणजीत हनुमान मार्ग का उन्नयन और क्षिप्रा नदी पर एक पुल भी शामिल है, जिसकी लागत भी 18 करोड़ रुपये है। सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक एक सस्पेंशन ब्रिज के साथ-साथ ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग और कावेरी नदी पर एक फुटब्रिज जैसे सुरक्षात्मक कार्यों को भी मंजूरी दी गई। 18 विभागों से 568 परियोजनाओं के प्रस्तावनगरीय प्रशासन और आवास के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि 18 विभागों में 568 परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगे घोषणा की कि इंदौर के लवकुश चौराहे को उज्जैन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन के सर्वेक्षण का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस्पात क्षेत्र में पायलट परियोजनाओं का शुभारंभ, तीन पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी

नई दिल्ली राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार ने इस्पात उत्पादन में हरित हाइड्रोजन के उपयोग के लिए तीन पायलट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे पहले नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस पहल के तहत इस्पात क्षेत्र में पायलट परियोजनाओं को लागू करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने  एक बयान में कहा कि पायलट परियोजनाओं के माध्यम से परियोजना का लक्ष्य इस्पात निर्माण में हरित हाइड्रोजन का उपयोग करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों की पहचान करना है। ये परियोजनाएं हरित हाइड्रोजन आधारित इस्पात निर्माण प्रक्रियाओं के सुरक्षित संचालन को प्रदर्शित कर सकती हैं, तकनीकी व्यवहार्यता और दक्षता स्थापित कर सकती हैं और कम कार्बन वाले लौह एवं इस्पात उत्पादन को सक्षम करने के लिए उनकी आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन कर सकती हैं। प्राप्त प्रस्तावों के मूल्यांकन के आधार पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस्पात क्षेत्र में कुल तीन पायलट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके लिए केंद्र सरकार की कुल वित्तीय सहायता 347 करोड़ रुपये है। इन पायलट परियोजनाओं के अगले 3 वर्षों में चालू होने की संभावना है, जिससे भारत में ऐसी प्रौद्योगिकियों का विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन आंदोलन 4 जनवरी 2023 को शुरू किया गया था। वित्त वर्ष 2029-30 तक इसके लिए 19,744 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस कदम से अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी, डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा, जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत को हरित हाइड्रोजन में प्रौद्योगिकी और बाजार का नेतृत्व करने में मदद मिलेगी।  

मंगल ग्रह पर एलियन जीवन के संकेत, सूखे बर्फ की चादर के नीचे, एक नई स्टडी में खुलासा हुआ

नई दिल्ली मंगल ग्रह के बर्फीले हिस्सों में एलियन जीवन हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मंगल ग्रह के आइसकैप यानी बर्फ की चादरों के नीचे जीवन होना चाहिए. साइंटिस्ट  ये मानते हैं कि वहां पर फोटोसिंथेसिस जैसी प्रक्रिया हो रही होगी. लेकिन सूखे बर्फ की चादर के नीचे. एक नई स्टडी में यह खुलासा हुआ है. फोटोसिंथेसिस वह प्रक्रिया है, जिसमें पौधे, एल्गी और साइनोबैक्टीरिया केमिकल एनर्जी पैदा करते हैं. इसके लिए चाहिए पानी और सूरज की रोशनी. धरती के वायुमंडल पर सबसे ज्यादा ऑक्सीजन यहीं से पैदा होता है. लेकिन एक नई स्टडी के मुताबिक मंगल ग्रह पर ध्रुवों के पास बर्फ की मोटी चादर बिछी है. जिसके नीचे जीवन हो सकता है. वैज्ञानिक ये मानते हैं कि सूरज के रेडिएशन से बचने के लिए बर्फ की चादरों के नीचे जीवन फोटोसिंथेसिस के जरिए या उसके जैसी किसी प्रक्रिया से पनप रहा होगा. जिसे रेडिएटिव हैबिटेबल जोन्स (Radiative Habitable Zones) कहते हैं. फोटोसिंथेसिस को क्या चाहिए. सटीक मात्रा में रोशनी. इससे यह नहीं पता चलता कि मंगल पर जीवन है. कई स्पेसक्राफ्ट्स के डेटा के आधार पर अनुमान मंगल पर जीवन होने की उम्मीद है. वैज्ञानिक नासा के मार्स ऑर्बिटर, परर्सिवरेंस रोवर, मार्स सैंपल रिटर्न और एक्सोमार्स जैसे स्पेसक्राफ्ट्स से आए डेटा का एनालिसिस कर रहे थे. वैज्ञानिकों की ये हाइपोथिसिस इन स्पेसक्राफ्ट्स से मिले डेटा के आधार पर बनाई गई है. इसकी पुष्टि तो मंगल ग्रह पर जाकर बर्फ के नीचे जांच करने से ही होगी. नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के शोधकर्ता औऱ फेलो आदित्य खुल्लर ने कहा कि हम ये नहीं कह रहे हैं कि हमने मंगल पर जीवन खोज लिया है. लेकिन हमारा मानना है कि मंगल ग्रह के धूल वाले सूखे बर्फीले चादरों के नीचे जीवन होने की संभावना है. भविष्य में इसकी जांच हो सकती है. धरती VS मंगल… कहां क्या है अंतर? धरती और मंगल ग्रह हैबिटेबल जोन में आता है. यानी सूरज से इनकी दूरी इतनी है कि यहां पर जीवन अच्छे से पनप सकता है. पृथ्वी इस बात का सबूत है. तापमान इतना सही रहता है कि ग्रह पर पानी भी हो सकता है. धरती पर तो है. तरल पानी का समंदर. मंगल ग्रह सूखा है. ज्यादातर हिस्सा लाल और ड्राई. मंगल ग्रह पर गए ज्यादातर स्पेसक्राफ्ट जैसे- क्यूरियोसिटी, परर्सिवरेंस रोवर ने वहां सूखी नदियों के बेसिन, झीलें, नदियों का शाखाएं देखी हैं. हो सकता है कि करोड़ों साल पहले कभी वहां पानी रहा हो. इस बात की पुष्टि तो मंगल के चारों तरफ उड़ान भरने वाले मार्स रीकॉन्सेंस ऑर्बिटर ने भी की है. लेकिन मंगल ग्रह ने अपना पानी खो दिया. मंगल ग्रह पर अल्ट्रावायलेट रेडिएशन बहुत ज्यादा है. जो कि जीवन के लिए खतरनाक है. ऐसे में वहां पर जटिल कोशिकाओं वाले जीवन की संभावना कम है. आदित्य ने बताया कि धरती की तरह मंगल ग्रह पर ओजोन जैसा कोई सुरक्षा कवच नहीं है. इसलिए वहां पर 30 फीसदी ज्यादा रेडिएशन होता है. कितनी बर्फ है मंगल ग्रह पर? मंगल ग्रह पर बर्फ की चादर बहुत है लेकिन प्रदूषित है. डेटा एनालिसिस से पता चलता है कि मंगल ग्रह पर 2 से 15 इंच तक बर्फ की चादर है. जिसमें 0.1 फीसदी धूल भी मिली है. यानी मार्शियन डस्ट. प्रदूषण मिक्स होने की वजह से बर्फ चादर की मोटाई कहीं-कहीं 7 से 10 फीट भी हो सकती है. ऐसे में इसके नीचे जीवन पनपने की संभावना बढ़ जाती है. क्योंकि यहां पर सूरज के रेडिएशन का असर कम हो जाता है.    

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