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अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को ‘कर्मयोगी सप्ताह’ यानी राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकसित करने की दिशा में नए सिरे से प्रोत्साहन देने की कवायद की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ की शुरुआत सितंबर 2020 में की गई थी और तब से इसने पर्याप्त प्रगति की है। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ भारतीय लोकाचार में निहित भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा की कल्पना की गई है। बयान में कहा गया राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई गति प्रदान करने वाला, अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा। पीएमओ ने कहा कि यह पहल सीखने और विकास के लिए एक नई प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का उद्देश्य ‘एक सरकार’ का संदेश देना, सभी को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ना और आजीवन सीखने को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों और संगठनों द्वारा जुड़ाव के विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा। इस दौरान, प्रत्येक ‘कर्मयोगी’ कम से कम चार घंटे की योग्यता से जुड़े गुर सीखने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रतिभागी प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा आईजीओटी, वेबिनार (सार्वजनिक व्याख्यान या नीति विशेषज्ञों की कक्षाएं) पर व्यक्तिगत भूमिका-आधारित मॉड्यूल के संयोजन के माध्यम से लक्षित घंटों को पूरा कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि सप्ताह के दौरान, प्रख्यात वक्ता अपनी विशेषज्ञता के विषय पर व्याख्यान देंगे और कर्मयोगियों को अधिक प्रभावी तरीके से नागरिक-केंद्रित वितरण की दिशा में काम करने में मदद करेंगे। सप्ताह के दौरान, मंत्रालय, विभाग और संगठन क्षेत्र विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए सम्मेलन और कार्यशालाएं भी आयोजित करेंगे।    

उज्जैन में अनोखी घड़ी का अनावरण, खासियत यह कि 24 घंटे नहीं बल्कि 30 घंटे का समय दिखाती

उज्जैन शहर में अनोखी घड़ी का अनावरण किया गया, जो वैदिक समय प्रणाली पर आधारित है। ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ नाम की इस घड़ी को डॉ. आरोह श्रीवास्तव ने बनाया है। इस घड़ी की खासियत यह है कि यह 24 घंटे नहीं बल्कि 30 घंटे का समय दिखाती है, जो एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय के बीच का समय होता है। इस घड़ी में 60 मिनट की बजाय 48 मिनट का एक घंटा होता है और यह अलग-अलग मुहूर्त भी दिखाती है। जल्द ही इस घड़ी को मोबाइल ऐप, कलाई घड़ी और दीवार घड़ी के रूप में भी लॉन्च किया जाएगा। 30 कला का होता है एक मुहूर्त डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यह घड़ी प्राचीन भारतीय समय निर्धारण प्रणाली पर आधारित है जो 30 मुहूर्त दिखाती है। प्रत्येक मुहूर्त 30 कला का होता है, जो लगभग 48 मिनट के बराबर होता है। इस तरह यह घड़ी 24 घंटे में 30 मुहूर्त, 30 कला और 30 काष्ठ का रूपांतरण दिखाती है। सिर्फ समय नहीं बताती ये घड़ी यह घड़ी सिर्फ समय ही नहीं बताती बल्कि इसमें पंचांग और मुहूर्त देखने की सुविधा भी है। इसमें विक्रम संवत पंचांग, 30 मुहूर्त, योग, भद्रा, चंद्रमा की स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्योदय, सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण, चंद्रग्रहण इत्यादि की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। मुहूर्त भी बताती है ये घड़ी डॉ. श्रीवास्तव ने बताया, ‘यह घड़ी सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समय बताएगी। बोलचाल की भाषा में अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल कहा जाता है। इस घड़ी में 24 घंटों को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है। हर मुहूर्त का एक धार्मिक नाम होता है।’ ग्राफिक्स का भी इस्तेमाल इस घड़ी की एक और खासियत यह है कि इसमें ग्राफिक्स का भी इस्तेमाल किया गया है। हर घंटे अलग-अलग तस्वीरें इस घड़ी में दिखाई देती हैं। साथ ही देश व दुनिया भर में सूर्यास्त और सूर्य ग्रहण व चंद्र ग्रहण को भी इसमें दर्ज किया जाएगा और लोगों तक उसकी जानकारी पहुंचेगी। इस घड़ी का उपयोग मोबाइल ऐप के जरिए भी किया जा सकेगा। यानी आप अपने मोबाइल फोन पर भी इस घड़ी का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस उद्देश्य से बनाई है घड़ी इस अनोखी घड़ी को बनाने का उद्देश्य लोगों को प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान से अवगत कराना है। यह घड़ी भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस घड़ी के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया, ‘वर्तमान में प्रचलित घड़ी मेकेनिकल होने से दिन व रात को बराबर 12-12 घण्टों में बांटती है परन्तु वास्तव में सम्पूर्ण विश्व में दिन व रात एक जैसे नहीं होते हैं। सूर्य उदय के समयानुसार हर शहर का दिन-रात का समय अलग – अलग होता है। यह वैदिक घड़ी सूर्य सिध्दान्त पर कार्य करती है। सूर्योदय से समय की गणना करती है दिन भर के 15 मुहूर्त व रात्रि के 15 मुहूर्त दर्शाती है। इसे भविष्य में शीघ्र ही मोबाइल एप रिष्टवॉच (कलाई घड़ी) दीवार घड़ी के रूप में लांच किया जावेगा।’

एमपी गजब : महाकाल मंदिर नियमों की धज्जियां उड़ाते नेता, गाज गिरी कर्मचारियों पर ,एक कर्मचारी को हटाया, तीन को नोटिस

MP Amazing: Leader flouting Mahakal Temple rules, got angry on employees, removed one employee, notice to three ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में राजनीतिक हस्तियों के प्रवेश पर एक बार फिर मंदिर प्रबंध समिति सवालों के घेरे में है। गुरुवार शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए और पांच मिनट से भी अधिक समय तक पूजन करते रहे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार रोका जाना चाहिए था। उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे और परिजनों सहित 4 लोगों के प्रवेश करने के मामले में एक कर्मचारी को हटाया गया। साथ ही सुरक्षा एजेंसी सहित तीन कर्मचारियों को नोटिस थमाया गया। नोटिस का जवाब 24 घंटे में मांगा गया है। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने मंदिर समिति के कर्मचारी विनोद चौकसे को हटाया। विनोद की ड्यूटी मंदिर के सभामंडप व जलद्वार पर प्रभारी के रूप में थी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह और नंदीहॉल निरीक्षक, प्रोटोकॉल कर्मचारी और क्रिस्टल कंपनी को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। आम भक्तों में आक्रोशआम भक्त लंबे समय से महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जब प्रवेश की अनुमति ना होने के बाद भी वीआईपी अंदर जाते हैं, तो आम भक्त खुद को ढगा सा महसूस करते हैं। कई बार श्रद्धालु इसको लेकर आक्रोश भी जता चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदमसहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने बताया महाकाल मंदिर में सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से मंदिर के आंतरिक क्षेत्र अर्थात गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम, सभा मंडप, गर्भगृह का गलियारा तथा संपूर्ण परिसर में व्यावसायिक दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी करने पर रोक लगा दी गई है। पूर्व में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया था। पहले कम था शुल्कमहाकाल महालोक को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, यहां कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क चुकाकर वीडियोग्राफी कर सकता है। प्रबंध समिति की बैठक में वीडियोग्राफी के शुल्क में वृद्धि की गई है। पहले मंदिर में वीडियोग्राफी करने पर 5100 रुपये शुल्क चुकाना होता था। लेकिन अब महाकाल महालोक में वीडियोग्राफी के लिए 51000 रुपये शुल्क चुकाना होगा।

इंडिया एलायंस का हिस्सा होने के नाते अबू आसिम आजमी ने महाराष्ट्र चुनाव में 12 सीटें चुनाव लड़ने के लिए मांगी

मुंबई  मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर से सपा विधायक एवं महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने  कहा कि इंडिया एलायंस का हिस्सा होने के नाते मैंने 12 सीटें चुनाव लड़ने के लिए मांगी है। पत्रकारों से बात करते हुए अबू आजमी ने कहा कि अखिलेश यादव इंडिया एलायंस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, वो जम्मू-कश्मीर में भी गए थे। अगर हम इंडिया एलायंस का हिस्सा हैं, तो जल्द ही सीटों का बंटवारा हो जाना चाहिए। दरअसल, मैने सुना है क‍ि कांग्रेस पार्टी कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित करने जा रही है, इसलिए मैने सोचा कि कहीं वही सीटें शामिल हुईं, जिसको हमने मांगा है, तो हमारे कार्यकर्ताओं को लगेगा कि एलायंस टूट गया। इसलिए मैंने कहा कि हमे साथ में लेकर सीटों की घोषणा कीजिए। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी की जो मीटिंग हुई थी, उसमें हमने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 12 सीटों को मांगी है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि 12 के 12 सीटें मिलना जरूरी है। बता दे कि निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र के लिए चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से प्रदेश में सीटों के बंटवारे की कवायद शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में चुनाव एक चरण में संपन्न होगा। 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी। महाराष्ट्र में कुल मतदाताओं की संख्या 9.63 करोड़ है, जिनमें से 4.97 करोड़ पुरुष और 4.66 करोड़ महिला मतदाता हैं। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 20.93 लाख है। इसके अलावा प्रदेश में 1,00,186 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।    

मुरैना में पटाखा फैक्ट्री और गोदाम में जोरदार धमाका, गिर गए कई मकान… रेस्क्यू जारी

Huge explosion in firecracker factory and warehouse in Morena, many houses collapsed…Rescue continues मुरैना ! (Morena Pataka Factory Blast)। मुरैना के इस्लामपुरा में एक मकान में विस्फोट हो गया। जिससे एक मकान पूरी तरह से जमीदोज हो गया और उसके आसपास के तीन मकान और क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोट में मकान के मलबे में दो लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम का अमला रेस्क्यू करने में लगा हुआ है। अभी यह भी साफ नहीं हुआ है कि विस्फोट किस वजह से हुआ है। हालांकि मोहल्ले के कुछ लोगों का कहना था सिलेण्डर में विस्फोट हुआ है। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि मकान में पटाखे बनाए जाते थे और उन्हें स्टोर कर रखा हुआ था। उनमें आग लगने से विस्फोट हुआ। घटनाक्रम के मुताबिक इस्लामपुरा में रहने वाले गजराज राठौर के मकान में शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे विस्फोट हो गया। जिससे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गजराज के बगल के दोनो घर व पीछे बना घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ लोगों का कहना है कि मकान गैस सिलेण्डर में आग लगने से विस्फोट हुआ है तो लोगों का यह भी कहना था कि गजराज सिंह पटाखे बनाने व स्टोर करने का काम करता था। पटाखों में आग लगने की वजह से विस्फोट हुआ। जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। Morena News: महिला व एक बच्चे सहित कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंकाविस्फोट के बाद मकान के मलबे में महिला व एक बच्चे सहित और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस व नगरनिगम के कर्मचारी मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि खबर लिखे जाने तक मलबे से किसी को भी निकाला नहीं जा सका था। प्रशासन ने एसडीआरएफ को भी बुलाया है जिससे रेस्क्यू आपरेशन में तेजी लाया जा सके। Morena Blast: धमाका इतना तेज कि कांप गया मोहल्ला, मकानों में आई दरारइस्लामपुरा में मकान के धमाका इतना तेज था कि पूरा मोहल्ला कांप गया। लोगाें का कहना था कि धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे भूकंप आ गया हो। कई मकानों में धमाके की वजह से दरारें भी आ गई हैं। Morena Latest News: पहले भी इस्लामपुरा में हो चुके हैं विस्फोटपहले भी इस्लामपुरा में आतिशबाजी में विस्फोट होने की कई घटनाएं हो चुकी है। जिसमें आतिशबाजी बनाने वाले लोग न केवल जल गए थे, बल्कि मकान के मलबे में भी दब गए थे। इसके बाद भी इस्लामपुरा में पटाखे बनाने का काम लगातार जारी रहा।

विधायक बाबू सिंह जंडेल ने भगवान शंकर पर टिप्पणी करके पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी !

भोपाल  कांग्रेस के नेता के विवादित बयान का एक मामला मध्य प्रदेश में सामने आया है। जहां उपचुनाव से पहले श्योपुर से विधायक बाबू सिंह जंडेल ने भगवान शंकर पर टिप्पणी करके पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। यह बयान पार्टी के लिए ‘सेल्फ गोल’ न बन जाए, नेताओं को यह आशंकाएं सताने लगी है। राज्य की दो विधानसभा सीटों बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होना है। मतदान की तारीख भी तय हो गई है और राजनीतिक दल उम्मीदवार के चयन में जुटे हुए हैं। उप चुनाव की तैयारी जोरों पर है। इसी बीच श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल का भगवान शंकर को लेकर विवादित बयान आया है। इस बयान ने राज्य की सियासत में गर्माहट ला दी है। कांग्रेस विधायक के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया है। कांग्रेस विधायक का बयान आने के बाद भाजपा हमलावर है। पार्टी की ओर से खुले तौर पर कांग्रेस को एक बार फिर सनातन विरोधी करार दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस बचाव की मुद्रा में है और इस बयान को कई साल पुराना बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजयपुर विधानसभा का उपचुनाव रोचक होने वाला है मगर विधायक के बयान ने बैठे बिठाये कांग्रेस के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। कांग्रेस के नेता हमेशा ही खास कर चुनाव के समय ऐसे बयान दे देते हैं जिससे पार्टी को नुकसान होना तय हो जाता है। अब आशंका इसी बात की बनी हुई है कि कहीं बाबू सिंह जंडेल का यह बयान पार्टी के लिए आत्मघाती गोल साबित न हो जाए। पिछले चुनावों के समय कांग्रेस नेताओं के बयानों ने यही किया है। कांग्रेस विधायक के बयान को पार्टी ने ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया है और इसका असर मतदाताओं पर पड़ने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। अगर कांग्रेस बयान सामने आते ही कोई सख्ती दिखाती तो जनता के बीच सकारात्मक संदेश जा सकता था। राज्य में दो विधानसभा क्षेत्र बुधनी और विजयपुर ऐसे हैं जहां के विधायक अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। बुधनी से विधायक रहे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चैहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हो चुके हैं वहीं विजयपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने भाजपा का दामन थामा है। रावत वर्तमान में मोहन यादव सरकार में वन मंत्री हैं।    

शार्दुल : इस बार भी भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में गाबा जैसा झटका देगी

मुंबई भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को उम्मीद है कि इस बार भी भारतीय टीम बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर मेजबानों को हैरान करेगी। शार्दुल ने पिछली बार ब्रिस्बेन टेस्ट भारतीय टीम की जीत में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से निर्णायक भूमिका निभाई थी। शार्दुल ने उक्त मुकाबले में सात विकेट लेने के अलावा शानदार 67 रन भी बनाए थे। वहीं दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका में पहले टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम से उन्हें बाहर कर दिया गया था पर मुंबई की पिछले सीज़न की रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 255 रन बनाने के अलावा पांच मैचों में 16 विकेट लेकर अच्छी वापसी की। शार्दुल का कहना है कि इस बार भी भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में गाबा जैसा झटका देगी। शार्दुल 2020-21 सीरीज की यादें अब भी ताजा हैं। ताजा हो जाएंगी। इस खिलाड़ी ने कहा, मैं केवल एकदिवसीय टीम का हिस्सा था, लेकिन मैंने तीनों प्रारूप खेले और आखिरी टेस्ट भी खेला। कोच को अहसास हुआ और उन्होंने अचानक मुझे फ्लाइट में बुलाया और कहा, शार्दुल, तुम एकदिवसीय टीम का हिस्सा हो, लेकिन मैं तुम्हें बता रहा हूं, तुम ऑस्ट्रेलिया नहीं छोड़ रहे हो, तुम आखिरी दिन तक रुक रहे हो। मुझे लग रहा है कि तुम दौरे पर कुछ बदलाव लाओगे। शार्दुल ने कहा कि हमने देखा कि टेस्ट श्रृंखला कैसी रही, हर खेल में कोई न कोई घायल हो रहा था। ऐसे में मुझे ब्रिस्बेन में खेलने का अवसर मिला। तब मैंने जो किया वह शायद मेरे करियर का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। टीम की जीत में योगदान देना हमेशा ही अच्छा होता है। मानसिक रूप से भी मैं इन रणजी खेलों में ऑस्ट्रेलिया के लिए भी तैयारी कर रहा हूं और इस बार भी अवसर मिलने पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। कैमरन ग्रीन की अनुपस्थिति ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी के समीकरण बदल देगी : स्टार्क सिडनी  स्टार तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क का मानना है कि ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन की अनुपस्थिति से भारत के खिलाफ होने वाले पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी के समीकरण बदल जाएंगे और इससे स्पिनर नाथन लियोन का कार्यभार बढ़ सकता है। ग्रीन अपनी पीठ संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सर्जरी कराएंगे जिसके कारण वह कम से कम छह महीने तक खेल से दूर रहेंगे। ऑस्ट्रेलिया के पास मिशेल मार्श के रूप में एक और ऑलराउंडर है लेकिन स्टार्क का मानना है कि ग्रीन की अनुपस्थिति से ऑस्ट्रेलिया का संयोजन प्रभावित होगा। ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार स्टार्क ने कहा, ‘‘जब आपको कैमरन ग्रीन जैसे अदद ऑलराउंडर की सेवाएं नहीं मिलती हैं या जब बेन स्टोक्स इंग्लैंड की टीम में नहीं होते हैं तो इससे समीकरण बदल जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके पास वह अदद ऑलराउंडर होता है जो कुछ समय से टीम का हिस्सा रहा हो। उसके बाहर होने से आप गेंदबाजी में नए विकल्पों की तलाश में जुट जाते हैं।’’ स्टार्क ने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि हमारा गेंदबाजी संयोजन कैसा होगा। मिच (मार्श) की गेंदबाजी को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है।’’ इस तेज गेंदबाज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया इससे पहले भी इस तरह की परिस्थितियों से गुजर चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए नया मुद्दा नहीं है। हमने अतीत में भी ऐसी श्रृंखलाएं खेली हैं जब हमारे पास कोई ऑलराउंडर नहीं था। हमें अपना कार्यभार बढ़ाना पड़ सकता है और गाज़ (नाथन लियोन) को शायद कुछ अतिरिक्त गेंदबाजी भी करनी होगी।’’  

पुलिस आरक्षक की चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में ‘थियोडोलाइट’ तकनीक का सहारा, जानें क्या है ये टेक्निक

भोपाल मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं। ऐेसे में अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नहीं चाहते कि युवाओं के भविष्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ हो। इसके कारण पुलिस भर्ती में बड़ा बदलाव किया गया है। 54 हजार अभ्यर्थी ले रहे भाग वर्तमान में पुलिस आरक्षक के 7500 पदों के लिए चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना खत्म हो सके। मध्य प्रदेश पुलिस थियोडोलाइट यंत्र का उपयोग कर रही है। इसकी खास बात यह है कि इससे आंकड़े बिल्कुल सही आते हैं। आपको बता दें कि प्रदेश भर में 54 हजार अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में भाग ले रहे हैं। प्रिज्म लेयर से होगा माप पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू हो रही है। इसमें लंबी कूद और गोला फेंक में माप के लिए ‘थियोडोलाइट’ तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जहां पर गोला गिरेगा वहां प्रिज्म लेजर रखकर इसके माध्यम से उसका मापन थियोडोलाइट से किया जाएगा। इस मशीन की रीडिंग अभ्यर्थी के रोल नंबर के साथ ही सीधे कंप्यूटर में रिकॉर्ड हो जाएगी। ऐसे में रीडिंग की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। बायोमेट्रिक से होगा वेरिफिकेशन इस भर्ती में प्रदेश के 10 जिलों में केंद्रों में 800 मीटर की दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की परीक्षा ली जाएगी। शारीरिक भर्ती के लिए परीक्षार्थी के सत्यापन के लिए आधार बायोमेट्रिक का उपयोग किया जाएगा। यह मेल नहीं खाता तो रेटिना मिलान की जाएगी। परीक्षा की पारदर्शिता के लिए परीक्षा की रिकार्डिंग कर मैदान में बड़ी स्क्रीन में दिखाया जाएगा। 100 नंबर का होगा फिजिकल टेस्ट शारीरिक दक्षता परीक्षा के 100 अंक रखे गए हैं। इतने ही अंकों की लिखित परीक्षा पहले हो चुकी है। दोनों को जोड़कर प्रावीण्य सूची बनाई जाएगी। आपको बता दें कि 800 मीटर दौड़ के लिए 40 नंबर, लंबी कूद के लिए 30, गोला फेंक के लिए 30 नंबर तय किये गए हैं। थियोडोलाइट तकनीक थियोडोलाइट एक ऐसी मशीन है, जिसे आमतौर पर सिविल इंजीनियरिंग में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर कोणों को मापने के लिए किया जाता है। इससे माप में पूरी शुद्धता रहती है।

महाकुंभ 2025 : श्रद्धालुओं को कुंभ नगरी की भव्यता का दिव्य दर्शन करवाने सरकार ने भारी भरकम बजट का ऐलान किया

प्रयागराज  महाकुंभ-2025 को लेकर योगी सरकार प्रयागराज के तीर्थों का कायाकल्प करने में युद्धस्तर पर जुटी है। श्रद्धालुओं को कुंभ नगरी की भव्यता और नव्यता का दिव्य दर्शन करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने भारी भरकम बजट का ऐलान किया है। अक्षयवट का बड़ा पौराणिक महत्व है। मान्यता के अनुसार, संगम स्नान के पश्चात 300 वर्ष पुराने इस वृक्ष के दर्शन करने के बाद ही स्नान का फल मिलता है। इसलिए तीर्थराज आने वाले श्रद्धालु एवं साधु संत संगम में स्नान करने के बाद इस अक्षयवट के दर्शन करने जाते हैं। जिसके बाद ही उनकी मान्यताएं पूरी होती हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी अक्षयवट कॉरिडोर सौंदर्यीकरण योजना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। महाकुंभ के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र होगा। प्रभु श्रीराम वन जाते समय संगम नगरी में भारद्वाज मुनि के आश्रम में जैसे ही पहुंचे उन्हें, मुनि ने वटवृक्ष का महत्व बताया था। मान्यता के अनुसार माता सीता ने वटवृक्ष को आशीर्वाद दिया था। तभी प्रलय के समय जब पृथ्वी डूब गई तो वट का एक वृक्ष बच गया, जिसे हम अक्षयवट के नाम से जानते हैं। महाकवि कालिदास के रघुवंश और चीनी यात्री ह्वेन त्सांग के यात्रा वृत्तांत में भी अक्षय वट का जिक्र किया गया है। कहा जाता है कि अक्षयवट के दर्शन मात्र से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। भारत में चार प्राचीन वट वृक्ष माने जाते हैं। अक्षयवट- प्रयागराज, गृद्धवट-सोरों ‘शूकरक्षेत्र’, सिद्धवट- उज्जैन एवं वंशीवट-वृंदावन शामिल हैं। यमुना तट पर अकबर के किले में अक्षयवट स्थित है। मुगलकाल में इसके दर्शन पर प्रतिबंध था। ब्रिटिश काल और आजाद भारत में भी किला सेना के आधिपत्य में रहने के कारण वृक्ष का दर्शन दुर्लभ था। योगी सरकार ने विगत 2018 में अक्षयवट का दर्शन व पूजन करने के लिए इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। पौराणिक महत्व के तीर्थों के लिए योगी सरकार की ओर से कई विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। यहां कॉरिडोर का भी कार्य चल रहा है। अयोध्या से प्रयागराज पहुंचे प्रसिद्ध संत और श्रीराम जानकी महल के प्रमुख स्वामी दिलीप दास त्यागी ने बताया कि अक्षयवट का अस्तित्व समाप्त करने के लिए मुगल काल में तमाम तरीके अपनाए गए। उसे काटकर दर्जनों बार जलाया गया, लेकिन ऐसा करने वाले असफल रहे। काटने और जलाने के कुछ माह बाद अक्षयवट पुन: अपने स्वरूप में आ जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अक्षय वट को लेकर जो सौंदर्यीकरण और विकास कार्य शुरू किए हैं वो स्वागत योग्य हैं। महाकुंभ में संगम स्नान के बाद इसके दर्शन से श्रद्धालुओं को पुण्य प्राप्त होगा। रामायण, रघुवंश और ह्वेनत्सांग के यात्रा वृत्तांत में भी अक्षय वट का जिक्र प्रभु श्रीराम वन जाते समय संगमनगरी में भरद्वाज मुनि के आश्रम में जैसे ही पहुंचे उन्हें, मुनि ने वटवृक्ष का महत्व बताया था। मान्यता के अनुसार माता सीता ने वटवृक्ष को आशीर्वाद दिया था। तभी प्रलय के समय जब पृथ्वी डूब गई तो वट का एक वृक्ष बच गया, जिसे हम अक्षयवट के नाम से जानते हैं। महाकवि कालिदास के रघुवंश और चीनी यात्री ह्वेनत्सांग के यात्रा वृत्तांत में भी अक्षय वट का जिक्र किया गया है। कहा जाता है कि अक्षयवट के दर्शन मात्र से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। भारत मेें चार प्राचीन वट वृक्ष माने जाते हैं। अक्षयवट- प्रयागराज, गृद्धवट-सोरों ‘शूकरक्षेत्र’, सिद्धवट- उज्जैन एवं वंशीवट- वृंदावन शामिल हैं। मुगलकाल में रहा प्रतिबंध यमुना तट पर अकबर के किले में अक्षयवट स्थित है। मुगलकाल में इसके दर्शन पर प्रतिबंध था। ब्रिटिश काल और आजाद भारत में भी किला सेना के आधिपत्य में रहने के कारण वृक्ष का दर्शन दुर्लभ था। योगी सरकार ने आम लोगों के लिए खोला था दर्शन का रास्ता योगी सरकार ने विगत 2018 में अक्षयवट का दर्शन व पूजन करने के लिए इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। पौराणिक महत्व के तीर्थों के लिए योगी सरकार की ओर से कई विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। यहां कॉरिडोर का भी कार्य चल रहा है। काटने और जलाने के बाद भी पुन: अपने स्वरूप में आ जाता था वट वृक्ष अयोध्या से प्रयागराज पहुंचे प्रसिद्ध संत और श्री राम जानकी महल के प्रमुख स्वामी दिलीप दास त्यागी ने बताया कि अक्षय वट का अस्तित्व समाप्त करने के लिए मुगल काल में तमाम तरीके अपनाए गए। उसे काटकर दर्जनों बार जलाया गया, लेकिन ऐसा करने वाले असफल रहे। काटने व जलाने के कुछ माह बाद अक्षयवट पुन: अपने स्वरूप में आ जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अक्षय वट को लेकर जो सौंदर्यीकरण और विकास कार्य शुरू किए हैं वो स्वागतयोग्य हैं। महाकुंभ में संगम स्नान के बाद इसके दर्शन से श्रद्धालुओं को पुण्य प्राप्त होगा।    

कोरियाई सैनिक रूसी उपकरण और गोला-बारूद का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ करेंगे, क्या किम जोंग उन कराएंगे तीसरा विश्वयुद्ध?

मॉस्को  रूस और यूक्रेन का युद्ध चल रहा है। इस बीच एक बड़ी खबर आई है। यूक्रेनी रक्षा खुफिया निदेशालय (GUR) के प्रमुख के मुताबिक लगभग 11,000 उत्तर कोरियाई पैदल सेना के सैनिक यूक्रेन में लड़ने के लिए पूर्वी रूस में प्रशिक्षण ले रहे हैं। द वार जोन की रिपोर्ट के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल किरिलो बुडानोव ने कहा, ‘वे 1 नवंबर को यूक्रेन में लड़ने को तैयार होंगे।’ बुडानोव ने कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूसी उपकरण और गोला-बारूद का इस्तेमाल करेंगे। 2600 सैनिकों का पहला कैडर कुर्स्क क्षेत्र में भेजा जाएगा, जहां यूक्रेन ने रूस की जमीन को कब्जाया हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी नहीं पता कि बाकी उत्तर कोरियाई सैनिक कहां जाएंगे। बुडानोव की टिप्पणी से कुछ घंटे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि लगभग 10 हजार उत्तर कोरियाई सैनिक रूस की ओर से यूक्रेन में लड़ने को तैयार हैं। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि जंग में तीसरे देश के शामिल होने से यह संघर्ष ‘विश्वयुद्ध’ में बदल जाएगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इसके आगे और जानकारी नहीं दी। मंगलवार को यूक्रेन की मीडिया ने बताया कि लगभग 3000 सैनिक यूक्रेन में लड़ने के लिए रूस की ‘स्पेशल ब्यूरैट बटालियन’ का हिस्सा बन रहे हैं। रूस और उत्तर कोरिया में बढ़ा सहयोग इस बात में संदेह नहीं है कि पिछले कुछ महीनों में रूस और उत्तर कोरिया ने अपने सहयोग के स्तर को बढ़ाया है। पिछले सप्ताह पुतिन के जन्मदिन की बधाई के लिए उत्तर कोरियाई सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने संदेश भेजा था। इस संदेश में उन्होंने पुतिन को अपना सबसे करीबी साथी बताया था। रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते संबंधों का एक और संकेत देखा गया। गुरुवार को आई एक रिपोर्ट में कहा गया कि रूसी सैनिक उत्तर कोरिया की सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी के इस्तेमाल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। यूक्रेन को टैंक देगा इजरायल इस बीच खबर आई है कि ऑस्ट्रेलिया अपने 49 पुराने एम1ए1 अब्राम्स टैंक यूक्रेन को देगा। ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यूक्रेन ने ये टैंक उसे दिए जाने का कुछ महीने पहले अनुरोध किया था। मार्लेस ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया सरकार यूक्रेन को अपने अधिकतर अमेरिका निर्मित एम1ए1 टैंक दे रही है, जिनकी कीमत 24 करोड़ 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (16 करोड़ 30 लाख अमेरिकी डॉलर) है। ऑस्ट्रेलिया में इनका स्थान 75 अगली पीढ़ी के एम1एक2 टैंकों का बेड़ा लेगा। मार्लेस ने फरवरी में कहा था कि यूक्रेन को पुराने हो चुके टैंक देना उनकी सरकार के एजेंडे में नहीं है लेकिन बृहस्पतिवार को उन्होंने कहा कि वे इस मदद को अपनी सरकार के पिछले रुख से पीछे हटने के रूप में नहीं देखते। मार्लेस ने ‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन’ से कहा, ‘हम यूक्रेन सरकार से इस मामले में लगातार बात कर रहे हैं कि हम उन्हें किस तरह से सर्वश्रेष्ठ सहायता दे सकते हैं।’

ड्रैगन सरकार के कर्ज का रेश्यो 86% पहुंचा, ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा चीन का लोन

नई दिल्ली  चीन की सरकार ने अपनी इकॉनमी में जान फूंकने के लिए अरबों डॉलर के स्टीम्युलस पैकेज की घोषणा की है लेकिन इससे देश का कर्ज संकट हल होता नहीं दिख रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश चीन का डेट-टु-जीडीपी रेश्यो साल की पहली तिमाही में 366% के ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंच चुका है। 2008 के वित्तीय संकट के बाद से यह रेश्यो डबल हो चुका है। नॉन-फाइनेंशियल कॉरपोरेट का रेश्यो सबसे ज्यादा 171% है। इसके बाद सरकार के कर्ज का रेश्यो 86% है। अमेरिका में सरकार का डेट-टु-जीडीपी रेश्यो 125% है। करीब तीन दशक से दुनिया की फैक्ट्री बना चीन अब कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। देश की इकॉनमी डिफ्लेशन के दौर से गुजर रही है। यह वही स्थिति है जिसमें 1990 के दशक से जापान की इकॉनमी फंसी है। अमेरिका के साथ चल रहे तनाव ने चीन की बुरी हालत कर दी है। देश में बेरोजगारी चरम पर है, रियल एस्टेट सेक्टर गहरे संकट में है और लोग पैसा खर्च करने के बजाय बचत करने में लगे हैं। चीन की हालत का असर दूसरे देशों और विदेशी कंपनियों पर भी दिख रहा है। जापान का एक्सपोर्ट कई महीनों में पहली बार गिरा है। इसकी वजह यह है कि चीन में डिमांड में गिरावट आई है। दुनिया के लिए खतरे की घंटी चीन की इकॉनमी डूबी तो इससे पूरा दुनिया की ग्रोथ प्रभावित होगी। हाल में दुनिया की सबसे बड़ी फैशन कंपनी LMVH के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह यह रही कि चीन में कंपनी की बिक्री में गिरावट आई है। इसी तरह दुनिया की कई कंपनियों की ग्रोथ में चीन का बड़ा हाथ है। दुनियाभर के बाजार चीन के माल से पटे हैं। लेकिन जानकारों की मानें तो चीन में 2008 जैसी मंदी के लक्षण दिखने शुरू हो गए हैं। यही वजह है कि चीन में मंदी की आशंका ग्लोबल इकॉनमी के लिए खतरे की घंटी है। इस बीच तीसरी तिमाही में चीन की ग्रोथ डेढ़ साल में सबसे कम रही। नेशनल ब्यूरो को स्टैटिस्टिक्स के जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तिमाही में चीन की इकॉनमी 4.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी जो पिछली तिमाही में 4.7 परसेंट थी। यह 2023 की शुरुआत से सबसे कम ग्रोथ है। हाल के दिनों में चीन की सरकार ने इकॉनमी में जान फूंकने के लिए कई तरह की घोषणाएं की हैं। इनमें ब्याज दरों में कटौती और घर खरीदने से जुड़े नियमों में ढील शामिल है। लेकिन निवेशकों में इसे लेकर ज्यादा उत्साह नहीं है।

हेलेन और मिल्टन तूफानों की लागत 50 बिलियन डॉलर होने की, US के इतिहास में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले तूफानों में से एक

फ्लोरिडा अमेरिका में हाल में आए मिल्टन तूफान ने काफी तबाही मचाई है। यह अमेरिका के इतिहास में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले तूफानों में से एक है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक तूफान के कारण आई बाढ़ और तेज हवाओं से करीब 34 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस तूफान के कारण फ्लोरिडा में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई। साथ ही लोगों को घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। समस्या यह है कि अधिकांश घर तेज हवाओं से होने वाले नुकसान के लिए इंश्योर्ड थे लेकिन उनके पास बाढ़ से हुए नुकसान के लिए कवर नहीं था। मिल्टन से दो हफ्ते पहले आए हरिकेन हेलेन से करीब $47.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। लेकिन मिल्टन अमेरिका में आए 10 सबसे विनाशक तूफानों में शामिल है। इसमें करीब 22 अरब डॉलर का नुकसान तेज हवाओं के कारण हुआ है जबकि बाढ़ के कारण छह अरब डॉलर के नुकसान की आशंका है। हेलेन ने भी फ्लोरिडा के तटीय इलाकों में तबाही मचाई थी। अभी लोग इससे उबर भी नहीं पाए थे कि मिल्टन ने दस्तक दे दी। इससे फ्लोरिडा का इंश्योरेंस मार्केट मुश्किल में आ गया है। फ्लोरिडा में प्रीमियम फ्लोरिडा में इंश्योरेंस प्रीमियम देश के बाकी राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। सरकार के समर्थन वाली नॉन-प्रॉफिट होम इंश्योरेंस कंपनी Citizens Property Insurance Corp के पास 13 लाख पॉलिसीज हैं। अगर यह प्राइवेट कंपनी होती तो डूब चुकी होती। लेकिन सरकारी कंपनी होने के नाते इसके पास प्रीमियम सरचार्ज लगाने का अधिकार है ताकि सभी दावों का भुगतान किया जा सके। लेकिन इससे इंश्योरर्ड लोगों पर बोझ बढ़ेगा। राक्षसी तूफान हेलेन और मिल्टन ने इतनी जटिल तबाही मचाई कि अभी भी नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन सरकारी और निजी विशेषज्ञों का कहना है कि वे संभवतः 50 अरब डॉलर से अधिक की लागत वाले कुख्यात तूफान कैटरीना, सैंडी और हार्वे की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे। इससे भी अधिक पीड़ादायक बात यह है कि अधिकांश क्षति – हेलेन के मामले में 95% या उससे अधिक – का बीमा नहीं किया गया था, जिससे पीड़ितों को और अधिक वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। तूफान से होने वाली मौतें समय के साथ कम होती जा रही हैं, हालांकि हेलेन एक अपवाद था। लेकिन मुद्रास्फीति के लिए समायोजित करने पर भी, तीव्र तूफानों से होने वाली क्षति आसमान छू रही है क्योंकि लोग नुकसानदेह तरीके से निर्माण कर रहे हैं, पुनर्निर्माण की लागत मुद्रास्फीति की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही है, और मानव-कारण जलवायु परिवर्तन तूफानों को अधिक शक्तिशाली और गीला बना रहा है, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने कहा। “आज के तूफान, आज की घटनाएँ कल की घटनाओं से बिलकुल अलग हैं। हम जो देख रहे हैं, उनमें से एक यह है कि ये सिस्टम जो ऊर्जा बनाए रख सकते हैं, वह पहले की तुलना में काफी अधिक है,” जॉन डिक्सन, एऑन एज इंश्योरेंस एजेंसी के अध्यक्ष, जो बाढ़ कवरेज में विशेषज्ञ हैं, ने कहा। “ऐसा लगता है कि कई मामलों में मौसम इतनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है कि एक समाज के रूप में हम इसके साथ तालमेल नहीं रख पा रहे हैं।” पिछले 45 वर्षों में, मुद्रास्फीति के हिसाब से समायोजित, राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन ने 396 मौसमी आपदाओं की गणना की है, जिनसे कम से कम 1 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इनमें से 63 तूफ़ान या उष्णकटिबंधीय तूफ़ान थे।

करवा चौथ: प्रकृति प्रेम का प्रतीक पर्व, परिवार और परंपराओं का मिलन

Karva Chauth: Festival symbolizing love of nature, union of family and traditions हम कोई भी व्रत-त्योहार मनाएं, वह किसी न किसी रूप में प्रकृति प्रेम का संदेश देता है. यह संदेश जल, जमीन और पेड़-पौधों को संरक्षित और सुरक्षित करने के प्रण से जुड़ा होता है. यह सच है कि हम प्रकृति को सुरक्षित रखेंगे, तभी हम दीघांयु होंगे, हम पीढ़ी- दर-पीढ़ी आगे बढ़ेंगे. दशहरा के बाद हम अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली मनाते हैं, लेकिन इससे पहले हम कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ भी मनाते हैं. स्त्रियां पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं. स्त्रियां जानती हैं कि जिस धरा पर हमारा सुखमय दांपत्य जीवन बीत रहा है, उसके लिए पृथ्वी और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करना जरूरी है, इसलिए वह करवा चौथ के अवसर पर ऐसे अनुष्ठान संपन्न करती है, जो प्रकृति की सुरक्षा और संरक्षण का भी संदेश देता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन स्त्रियां सुख-शांति और समृद्धि से परिपूर्ण दांपत्य-जीवन की कामना लिये करवा चौथ का व्रत रखती हैं. वास्तव में यह वत न सिर्फ स्त्रियों, बल्कि पुरुषों के भी प्रेम, समर्पण और त्याग का महापर्व है. यदि हम इसे विस्तृत रूप में देखें, तो यह सृष्टि और प्रकृति प्रेम का भी संदेश देता है. पौराणिक पात्र से जुड़ा है करवा चौथ मान्यता है कि महाभारत काल में द्रौपदी ने यह व्रत रखा था. पांडवों पर आयी विपत्ति को दूर करने की कामना के लिये द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी और करवा चौथ का व्रत रखा. सावित्री और सत्यवान के अलौकिक प्रेम संबंध की कथा को भी इससे जोड़ कर देखा जाता है. व्रत के शुभ मुहूर्त में सबसे पहले श्री गणेश की पूजा की जाती है. इसके बाद शिव- पार्वती और कार्तिकेय की पूजा की जाती है. व्रत खोलने से पहले इस दिन छलनी करवा चौथ 20 अक्तूबर के माध्यम से चंद्रमा दर्शन का विधान है. यह इंगित करता है कि दांपत्य संबंधों में तभी शीतलता होगी, जब हम एक-दूसरे के अवगुणों को छलनी से छान कर देखेंगे. करवा चौथ मानवीय मनोभावों के साथ- साथ प्रकृति के प्रति भी प्रेम प्रकट करने का संदेश देता है. संपूर्ण ब्र‌ह्मांड के प्रति आभार यदि आपने कभी करवा चौथ करती हुई स्त्री को गौर से देखा होगा, तो पाया होगा कि इस दिन वह चंद्रमा को मिट्टी के पात्र में शीतल कलश में मौजूद पानी और अन्य तत्व वनस्पति और खनिजों सहित हमारी धरती की समृद्धि का प्रतीक हैं. हम कलश को पांच तत्वों- आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी से जोड़ सकते हैं. इसके आधार पर मिट्टी या किसी धातु का बर्तन पृथ्वी या धरती का प्रतीक है. जीवन का आधार गंगा जल कलश हिंदू अनुष्ठानों में गहरा प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जो समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतिनिधित्व करता है. कलश या करवा को पवित्र गंगा नदी के जल से भरा जाता है. यहां गंगा जल जीवन को बनाये रखने वाली दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है. जल जीवन का आधार है. गंगा तभी हमें ऊर्जा पूरित करेगी, जब उसका जल स्वच्छ रहेगा. जल लेकर अर्घ्य देती है. इसका आशय है, जहां से शीतलता और रोशनी मिले, उसके प्रति संवेदना की आर्द्रता जरूर प्रदान करना चाहिए, साथ ही यह संदेश मिलता है कि जल, थल और नभ यानी संपूर्ण ब्रह्मांड के प्रति हम आभार प्रकट करें. हम उन्हें स्वच्छ व संरक्षित रखने की कोशिश करें, हम ऐसा कोई भी कार्य न करें, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे. ईश्वर के करीब लाता है यह पर्व करवा चौथ में पति के स्वास्थ और लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है. इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास किया जाता है. इस अनुष्ठान के अंतर्गत शिव-पार्वती पूजा की थाली तैयार करना, चंद्रमा की पूजा करना और चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों जल और मठरी से व्रत तोड़ने का विधान है. यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम-सम्मान और भक्ति का प्रतीक है. मन अशांत होने पर न हम मनुष्य के प्रति प्रेम प्रकट कर पाते हैं और न ही ईश्वर- पृथ्वी का चित्रण है कलश करवा चौथ के नाम में ‘करवा’ शब्द मिट्टी के बर्तन को संदर्भित करता है. पूर्ण कलश पृथ्वी का चित्रण है. भक्ति में ध्यान लगा पाते हैं. यदि हम गौर करें, तो करवा चौथ उपवास का मुख्य उद्देश्य मन को शांत कर ईश्वर और गुरु के करीब आना है.

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने ग्रेनेड के साथ दो आतंकियों को किया गिरफ्तार

Jammu and Kashmir: Security forces arrested two terrorists with grenade Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया है वह लोकल ही है. जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में सुरक्षाबल का तलाशी अभियान जारी है. Jammu Kashmir News: जम्मू कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आतंकी स्थानीय बताई जा रहे हैं. सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से दो ग्रेनेड बरामद किया है. ये दोनों हाइब्रिड आतंकवादी है. ये दिखने में तो सामान्य होते हैं, लेकिन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होते हैं या उनकी सहायता करते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल चला रहे अभियान जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ और राजौरी के विभिन्न स्थानों पर आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बीते कुछ दिनों से सुरक्षाबल का तलाशी अभियान जारी है. इससे पहले बुधवार (16 अक्टूबर 2024) को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद गुरसाई टॉप इलाके के मोहरी शाहस्तर में पुलिस और सेना ने देर रात संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया था. आतंकवादियों की तलाश के लिए अतिरिक्त बल भी भेजा गया था. इस दौरान जंगल की ओर बढ़ रहे आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कुछ देर तक गोलीबारी भी हुई थी. सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों को भी तैनात किया है. वहीं जम्मू के व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने डोडा का दौरा कर सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. इस जिले में हाल के दिनों में कई आतंकवादी घटनाएं हुई हैं. पुंछ से आतंकियों का हेल्पर हुआ गिरफ्तार राजौरी जिले में तीन संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने शद्र शरीफ क्षेत्र के कुंदन और आसपास के गांवों में घेराबंदी कर गुरुवार (17 अक्टूबर 2024) तड़के तलाशी अभियान शुरू किया था. पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में आतंकियों का साथ देने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया था. सुरक्षा बलों ने उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे.

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