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संभल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रंगदारी मांगने के आरोप में अरेस्ट

 संभल यूपी के संभल जिले में पुलिस ने 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद उनको जेल भेज दिया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष और उनके भाई सहित तीन लोगों पर उनके ही गांव के रहने वाले शख्स ने फैक्ट्री लगाने के नाम 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी. दरअसल, सदर कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज ने चार दिन पहले 11 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही रहने वाले कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष के भाई सुभाष शर्मा और सुधीर शर्मा के द्वारा प्लॉट निर्माण करने के नाम पर 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 308(5) ,351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.   मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए धरना देकर विरोध भी जताया था. उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और चौकी प्रभारी आशीष तोमर मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए थे. जिसके बाद सदर कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां दोनों पक्षों की तरफ से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं. जिसके बाद सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को जेल भेज दिया. मामले में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली पुलिस को 11 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज नामक व्यक्ति के पास अपनी जमीन का बैनामा होने के बावजूद विजय शर्मा और उसके साथी देशराज को इंटरलॉकिंग की फैक्ट्री नहीं लगने दे रहे हैं. इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि वास्तव में 5 लाख रुपए की डिमांड की गई थी. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश करने पर एक आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. इसके खिलाफ पहले से ही एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने के पांच मुकदमे दर्ज है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर दर्ज हैं कई मुकदमे संभल कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की आरोप में भले ही अब गिरफ्तार किया है लेकिन पुलिस अधिकारियों की माने तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने की पांच मुकदमे पहले से भी दर्ज हैं. जिसमें कई मुकदमों का ट्रायल अभी भी कोर्ट में चल रहा है. वहीं, जिला अध्यक्ष विजय शर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज करा कर मेरे ऊपर रंगदारी मांगने के जो आरोप लगाए गए हैं वह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. पुलिस प्रशासन केवल सरकार की दबाव में ही काम कर रहा है और वैसे भी बीजेपी सरकार में ब्राह्मण समाज की हमेशा से ही अनदेखी होती रही है.  

UPPSC PCS 2024 प्रीलिम्स एग्जाम स्थगित , 27 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने PCS प्रारंभिक परीक्षा टाल दी है. यह परीक्षा इसी महीने 27 अक्टूबर को होनी थी. मगर, इसकी तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि यह परीक्षा अब दिसंबर के बीच में कराई जा सकती है. फिलहाल आयोग की ओर से नई तारीख को लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है. 18 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक प्रस्तावित है. इसमें परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर चर्चा की जाएगी. आयोग ने इस बैठक में पीसीएस परीक्षा के लिए केंद्र बनाने में आ रही समस्याओं को रखा है. इस बैठक में कोई समाधान निकलने की उम्मीद है, जिससे परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द कराया जा सके. परीक्षा केंद्रों का चयन बना समस्या पीसीएस परीक्षा को दो दिन आयोजित करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू किया था. इसके बाद मंगलवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में ज्ञापन देकर परीक्षा की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की अनिश्चितता के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है. अभ्यर्थियों को तैयारी करने का मिला मौका परीक्षा के लिए अब अभ्यर्थी नए सिरे से अपनी तैयारी कर सकते हैं. एग्जाम की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी. परीक्षा केंद्रों के चयन में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन से मिलकर इस पर निर्णय लिया जाएगा. नए केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद आयोग परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा करेगा.

केन्द्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अन्नदाता को प्राथमिकता मोदी सरकार का संकल्प है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में रेपसीड और सरसों के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि 300 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है। चने में 210 रुपए प्रति क्विंटल, गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम में 140 रूपये प्रति क्विंटल एवं जौ में 130 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और देश के किसानों की ओर से इस फैसले का अभिन्नदन किया है। मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के लिए विगत 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे अन्नदाता निरंतर खुशहाल और समृद्ध हो रहा है। बुधवार को केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में गेहूँ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2275 रूपये से बढ़ाकर 2425 रूपये, जौ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1850 रूपये से बढ़ाकर 1980 रूपये, चने का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5440 रूपये से बढ़ाकर 5650 रूपये, मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 6425 रूपये से बढ़ाकर 6700 रूपये, रेपसीड और सरसों का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5650 रूपये से बढ़ाकर 5950 रूपये और कुसुम का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5800 रूपये से बढ़ाकर 5940 रूपये किया गया है।  

फेस्टिवल सेल: एप्पल मैकबुक एयर और अन्य लैपटॉप पर पाएं बेहतरीन डील्स

Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 का सिस्टम इन दिनों काफी हाई है। क्योंकि इस सेल में आपको कई शानदार डील्स मिल रही हैं, जिससे आप भारी बचत भी कर सकते हैं। अगर आप इन दिनों कोई शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो सेल के इस बेस्ट लैपटॉप ऑफर को चेक कर सकते हैं। इस ऑफर में आपको विंडोज के कई टॉप लैपटॉप के साथ ही Apple MacBook Air लैपटॉप पर भी काफी बेहतरीन डील मिल रही है। Amazon Big Sale में इन लैपटॉप पर 35% तक के डिस्काउंट के साथ ही कई अन्य सेविंग वाले ऑफर मिल रहे हैं। इस सेल में अगर आप आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, एयू बैंक या एक्सिस बैंक क्रेडिट/डेबिट कार्ड से खरीदारी करते हैं तो आपको 10% तक अतिरिक्त बचत का लाभ भी मिल सकता है। इन लैपटॉप्स पर शानदार ऑफर हैं Acer Aspire Lite 12th Gen Intel Core i5-12450H Thin and Light Laptop: यह Acer Aspire Lite लैपटॉप 12वीं जनरेशन वाले हाई स्पीड सिस्टम के साथ आता है। यह लैपटॉप का पतला और हल्का डिजाइन काफी असालिटिव बना हुआ है। इस लैपटॉप का वजन सिर्फ 1.7Kg है, जिससे आप इसे आसानी से अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इसका उपयोग लैपटॉप वर्कशॉप के साथ-साथ अध्ययन और मनोरंजन के लिए भी किया जा सकता है। इस लैपटॉप का डिज़ाइन भी काफी शानदार है। Apple MacBook Air Laptop: Apple M1 चिप: यह Apple Apple M1 चिप के साथ आता है, जो काफी पसंद और हाई स्पीड ऑफर देता है। इस Apple MacBook Air लैपटॉप में 13.3 इंच की स्क्रीन साइज दी जा रही है। यह लैपटॉप वर्कशॉप के लिए बिल्कुल सही और सर्वोत्तम माना जाता है। इसे आप 2908 रुपये की नो कॉस्ट ईएमआई पर ले सकते हैं। इस लैपटॉप पर 35% तक की छूट मिल रही है, जिससे आप बड़ी बचत भी कर सकते हैं। HP 15s Core i5 12th Gen (16GB RAM): यदि आप काम और अध्ययन के लिए शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो HP 15s आपके लिए काफी बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2021 का सपोर्ट मिल रहा है। यह लैपटॉप बैकलिट कीबोर्ड के साथ है, जिससे वर्कशॉप में आसानी से काम किया जा सकता है। इसकी फुल एचडी स्क्रीन भी काफी शानदार है। यह लैपटॉप सिल्वर कलर में आ रहा है। यह लैपटॉप का लुक भी काफी प्रीमियम है। लेनोवो V15 G2 15.6″ FHD एंटी-ग्लेयर बिजनेस लैपटॉप: बिजनेस प्रोफाइलर्स के लिए इस लेनोवो V15 G2 लैपटॉप को पोर्ट्रेट माना गया है। इस लैपटॉप में एचडी कैमरा और एचडी ऑडियो क्वालिटी है, जिससे आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी अच्छे से कर सकते हैं। यह लैपटॉप में फुल एचडी एंटी ग्लेयर स्क्रीन दी जा रही है। यह लाइवसेट के साथ ही Dell [Smartchoice] Core i3-1215U, 12th में आ रहा है Gen: इस Dell Smartchoice लैपटॉप के फीचर्स और फीचर्स काफी कमाल के हैं। इसमें लैपटॉप 8GB रैम और 512GB SSD के साथ आ रहा है। इसमें लैपटॉप 3 साइड नैरो बैजल्स भी शामिल है इसके साथ 2 ट्यून्ड स्पीकर भी काफी शानदार साउंड एक्सपीरियंस देते हैं। इस टॉप लैपटॉप की स्क्रीन क्वालिटी भी काफी शानदार है।

अमेरिका में साल 2024 में अब तक 512 बड़ी कंपनियां बंद हुई, भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा US

न्यूयॉर्क  दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में छोटी कंपनियों का बुरा हाल है। रसेल 2000 इंडेक्स में शामिल कंपनियों में से 43% घाटे में चल रही हैं। यह साल 2020 की महामारी के बाद सबसे अधिक है। यह 2008 के वित्तीय संकट से भी अधिक है। तब 41 फीसदी छोटी कंपनियां घाटे में चल रही थीं। इतना ही नहीं इन कंपनियों का ब्याज के भुगतान पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यह 2003 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उच्च ब्याज दरों के कारण इन कंपनियों के लिए ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। अमेरिका में छोटी कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियां भी मुश्किल में हैं। इस साल अब तक 512 बड़ी कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी हैं। यह 2020 की महामारी के दौरान से बस 6 कम है। महामारी के दौर को हटा दिया जाए तो यह 14 साल में सबसे बड़ी संख्या है। सितंबर में जहां 59 कंपनियां दिवालिया हुईं, वहीं अगस्त में 63 कंपनियों ने खुद को बैंकरप्ट घोषित किया। सबसे ज्यादा 81 कंपनियां कंज्यूमर सेक्टर में बैंकरप्ट हुई हैं। इंडस्ट्रियल में 60 और हेल्थकेयर में 48 कंपनियां इस साल बैंकरप्ट हुई हैं। अमेरिका पर कर्ज इस बीच अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह 35.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है जो उसकी इकॉनम का करीब 125 फीसदी है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो साल 2010 में 12.3 ट्रिलियन डॉलर और 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। पिछले तीन साल में ही देश का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका को रोज 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं।

हाथ में है ये शंख योग तो जीवन में मिलती है शानो-शौकत

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, इंसान के हाथों की रेखाओं, नाखूनों, उंगलियों और हथेली के आकार के आधार पर उसके व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, भविष्य और भाग्य यहां तक की करियर के बारे में जाना जा सकता है। हस्तरेखा विज्ञान ज्योतिष का ही एक प्राचीन अंग है। माना जाता है कि हथेली की प्रमुख रेखाएं जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे विवाह, करियर और स्वास्थ्य के बारे में अहम जानकारी देती हैं। हथेली की रेखाओं के साथ पर्वत भी व्यक्ति के भविष्य के बारे में जानकारी देते हैं। यहां पर पर्वत का मतलब हथेली के अलग-अलग उभारे हुए हिस्सों से है। हमारी हथेली पर बने पर्वत को सूर्य, शुक्र, शनि, बुध, मंगल और चंद्रमा पर्वत के नाम से जाना जाता है। इनका अध्ययन करके व्यक्ति के भविष्य के बारे पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा हथेली पर कई तरह के निशान भी बने होते हैं, जिससे कई तरह के खास योगों का निर्माण होता है। जिस व्यक्ति की हथेली पर शुभ योग के निशान होते हैं, माना जाता है कि उनका जीवन बेहद सुखमय रहता है। आज हम आपको शंख योग के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन लोगों के हाथ पर शंख योग बनता है, उस व्यक्ति के जीवन में खूब और धन भरपूर होता है। हथेली पर शंख योग हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की हथेली पर शंख योग बनता है, उसे बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। दरअसल, हथेली में शुक्र पर्वत अच्छा हो और वहां से कोई रेखा निकलते हुए शनि पर्वत की ओर जाए वहीं दूसरी रेखा सूर्य पर्वत पर जाकर मिले तो इसे शंख योग कहा जाता है। शंख योग के लाभ हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, जिन व्यक्तियों की हथेली पर शंख योग बनता है, उन्हें जीवन में सभी तरह के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। शंख योग से व्यक्ति के जीवन में कभी पैसों की कमी महसूस नहीं होती। ऐसे लोगों को बहुत ही कम प्रयासों में जल्दी सफलता मिल जाती है और समाज में इनको मान-सम्मान भी मिलता है। जीवनसाथी हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की हथेली पर शंख योग बनता है, उन्हें सुंदर और समझदार जीवनसाथी भी मिलता है। इस तरह के लोग बहुत जल्द दूसरों के साथ घुल मिल जाते हैं और बेहद सरल स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोगों को भगवान पर अटूट विश्वास होता है और ये लोग पूरे जीवन में भौतिकता और अध्यात्म का अच्छा तालमेल रख कर चलते हैं।

आस्ट्रेलिया का पलड़ा दक्षिण अफ्रीका पर भारी, आज होगी महाभिड़ंत

दुबई आठवीं बार फाइनल में प्रवेश की कोशिश में जुटी आस्ट्रेलियाई टीम आईसीसी महिला टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरेगी तो उसका पलड़ा भारी रहेगा। आस्ट्रेलिया 2009 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में सभी नौ सत्रों में सेमीफाइनल खेल चुका है। छह बार की चैम्पियन टीम का सामना दक्ष्ज्ञिण अफ्रीका से होगा। दोनों के बीच 2023 सत्र का फाइनल खेला गया था जिसमें आस्ट्रेलिया ने 19 रन से जीत दर्ज की थी। आंकड़ों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका टीम आस्ट्रेलिया के आगे कहीं नहीं ठहरती। आस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ दस महिला टी20 मैचों में से नौ जीते हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र जीत जनवरी में दर्ज की। महिला टी20 विश्व कप में आस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ सातों मुकाबले जीते हैं। मौजूदा आस्ट्रेलियाई टीम का कोर ग्रुप बरसों से साथ खेल रहा है, सिर्फ मेग लानिंग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है। बाकी सभी दस खिलाड़ियों ने 2023 का फाइनल खेला था। एलिसा हीली, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट, एशले गार्डनर के प्रदर्शन पर सभी की नजरें होंगी। दुबई के धीमे विकेट पर आस्ट्रेलिया की ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई साबित हुई है। फोबे लिचफील्ड और अनाबेल सदरलैंड आक्रामक बल्लेबाजी में माहिर हैं। दक्षिण अफ्रीका की ताकत उसकी स्पिनर नोंकुलुलेको एमलाबा है जो अभी तक चार ग्रुप लीग मैचों में दस विकेट ले चुकी है। कप्तान लौरा वोल्वार्ट, सलामी बल्लेबाज तजनीम ब्रिट्ज और अनुभवी मियानो काप सभी मैच विनर हैं। लेकिन इस बार सामना हीली एंड कंपनी से है और दक्षिण अफ्रीकी खेमा दुआ कर रहा होगा कि इस बार वे सारे मिथक तोड़कर जीत दर्ज करेंगे।  

17 अक्तूबर को चंद्रमा पृथ्वी से मात्र 3 लाख 57 हजार 3 सौ 64 किमी की दूरी पर रहेगा जोकि इस साल के लिये सबसे कम दूरी है

नई दिल्ली नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इसकी जानकारी देते हुये बताया कि चमकता चंद्रमा पृथ्वी से मात्र 3 लाख 57 हजार 3 सौ 64 किमी की दूरी पर रहेगा जोकि इस साल के लिये सबसे कम दूरी है। नजदीकियों के कारण यह अपेक्षाकृत बड़ा और चमकदार दिखेगा। पश्चिमी देशों में इसे हंटर्स मून के नाम दिया गया है। भारत के समयानुसार दोपहर बाद 4 बजकर 56 मिनट पर यह सबसे निकट बिंदु पर आयेगा और इसके लगभग 1 घंटे बाद ही यह पूर्व दिशा में शरदसुपरमून के रूप में उदित होकर रात भर आकाश में अपनी चांदनी बिखेरेगा। भले ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आप बुधवार रात्रि ही खीर खाकर उत्सव मना रहे हों, लेकिन चमक के मामले में तो वैज्ञानिक रूप से गुरुवार को ही चंद्रमा की चमक अधिकतम होगी अगर बादल या धुंध बाधा न बने तो। क्या होता है सुपरमून सारिका ने बताया कि पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता चंद्रमा गोलाकार पथ में नहीं घूमता, बल्कि अंडाकार पथ में चक्कर लगाता है। इस कारण इसकी पृथ्वी से दूरी बढ़कर कभी 406,700 किमी हो जाती है तो कभी यह 356,500 किमी तक पास भी आ जाता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के पास आया हो और उस समय पूर्णिमा आती है तो चंद्रमा लगभग 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार दिखाई देता है। इसे ही सुपरमून कहा जाता है। गुरूवार को साल का सबसे नजदीकी सुपरमून है। 

छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार, विपक्ष ने साधा निशाना

Atrocities on minors in Chhatarpur and Khajuraho, opposition targeted भोपाल। मध्य प्रदेश में नाबालिगों पर हो रहे अत्याचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे ? एमपी में ऐसी घटनाएं होने की वजह से लोगों को कानून का जरा भी डर नहीं है। दरअसल, छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में नाबालिग के साथ बेल्ट से मारपीट तो वहीं दूसरे वीडियो में नाबालिग से अपने जूते चटवाए और जमकर पीटा। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- MP में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा !!! छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार के वीडियो सामने आए हैं। एक आदिवासी नाबालिग के साथ गुंडों ने बेल्ट से मारपीट की! दूसरे नाबालिग से अपने जूते चटवाए और पीटा गया! MP में ऐसी घटनाएं लगातार होने का कारण है कि लोगों को कानून_व्यवस्था का भय नहीं रहा!… ये दो घटनाएं तो इसलिए सामने आई कि इनके वीडियो वायरल हुए। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे? प्रदेश में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक नाबालिग हैवानियत का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, हालात कब सुधरेंगे।

निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सरकारी सब्सिडी या समर्थन से पूरी नहीं आएगी : मंत्री गोयल

नई दिल्ली  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से कहा कि वह वैश्विक बाजारों का दोहन करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सरकारी सब्सिडी या समर्थन से पूरी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग जगत को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के विनिर्माण के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है, क्योंकि उद्योग जगत को यह स्वीकार कराना एक ‘‘कठिन’’ काम है कि उन्हें गुणवत्ता वाला सामान बनाना चाहिए। सरकार को शुरुआत में गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर उद्योग से भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सब्सिडी या सरकारी समर्थन से नहीं आने वाली है। यह दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए हमारे दरवाजे बंद करने से नहीं आने वाली है। अगर हम आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो यह तभी हो सकता है जब भारत आत्मविश्वासी होगा और यह आत्मविश्वास तभी आएगा जब हम सभी यह तय करेंगे कि गुणवत्ता हमारा काम नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है।’’ उन्होंने कहा कि यदि भारतीय उद्योग किसी ऐसे उत्पाद में प्रतिस्पर्धी नहीं है, जिसे आयात किया जा सकता है, तो उद्योग को प्रतिस्पर्धा की दिशा में काम करना होगा जहां उसे अन्य देशों के साथ तुलनात्मक लाभ हो। सरकार देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) जैसे कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि 2014 तक 106 उत्पादों को ‘कवर’ करने वाले केवल 14 क्यूसीओ जारी किए गए थे, लेकिन पिछले 10 वर्षों में सरकार ने 732 उत्पादों को ‘कवर’ करते हुए 174 ऐसे आदेश जारी किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक से अधिक लोग बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ जुड़ सकें। ये आदेश घटिया उत्पादों के आयात पर अंकुश लगाने, अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने तथा उपभोक्ताओं के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। आदेश के अनुसार, किसी वस्तु का उत्पादन, बिक्री, व्यापार, आयात व भंडारण तब तक नहीं किया जा सकता जब तक कि उस पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का चिह्न न लगा हो। बीआईएस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पहली बार में दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार और उसके बाद के अपराधों के मामले में जुर्माना न्यूनतम पांच लाख रुपये तक बढ़ जाएगा और माल या वस्तुओं के मूल्य का 10 गुना तक हो सकता है। क्यूसीओ, व्यापार में तकनीकी बाधाओं पर विश्व व्यापार संगठन समझौते के अनुसार जारी किए जाते हैं। मंत्री ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले सामान के विनिर्माण से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। रोजगार सृजन होता है और निर्यात बढ़ता है। गोयल ने कहा, ‘‘भारत को उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं व सेवाओं का विनिर्माता बनने की आकांक्षा रखनी होगी और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए।’’ औषधि उद्योग का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बड़े उद्योगपतियों से इस क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का सहयोग करने को कहा। मंत्री ने उद्योग से बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) समितियों में हिस्सा लेने का भी आग्रह किया।  

साउथ इंडियन बैंक का वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़कर 325 करोड़ रुपये हो गया

नई दिल्ली  साउथ इंडियन बैंक का चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़कर 325 करोड़ रुपये हो गया। निजी क्षेत्र के बैंक का गत वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मुनाफा 275 करोड़ रुपये रहा था। साउथ इंडियन बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 2,804 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,485 करोड़ रुपये थी। दूसरी तिमाही में बैंक ने 2,355 करोड़ रुपये की ब्याज आय अर्जित की, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में यह 2,129 करोड़ रुपये थी। बैंक सितंबर 2024 के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को सकल ऋण के 4.40 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम रहा, जो सितंबर 2023 के अंत में 4.96 प्रतिशत था। इसी तरह, शुद्ध एनपीए या डूबा कर्ज पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में 1.70 प्रतिशत से घटकर 1.31 प्रतिशत हो गया।  

कार्यालय स्थल की पट्टा मांग के इस कैलेंडर वर्ष में आठ करोड़ वर्ग फुट को पार करने की संभावना

नई दिल्ली  देश के शीर्ष आठ शहरों में कार्यालय स्थल की पट्टा मांग के इस कैलेंडर वर्ष में आठ करोड़ वर्ग फुट को पार करने की संभावना है, जो 2023 में रिकॉर्ड 7.45 करोड़ वर्ग फुट को पार कर गई थी। रियल एस्टेट परामर्शदाता कुशमैन एंड वेकफील्ड ने  इस कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए कार्यालय बाजार पर अपनी रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में शीर्ष आठ शहरों में कार्यालय स्थान की पट्टा मांग 66 प्रतिशत बढ़कर 2.48 करोड़ वर्ग फुट हो गई, जो इस क्षेत्र की किसी भी तिमाही में अभी तक की दूसरी सबसे अधिक मांग है। जनवरी-सितंबर में सकल पट्टा मांग 6.67 करोड़ वर्ग फुट रही। कुशमैन एंड वेकफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण पूर्व एशिया तथा एपीएसी किरायेदार प्रतिनिधित्व) अंशुल जैन ने कहा, ‘‘मजबूत बाजार बुनियादी ढांचे ने भारतीय कार्यालय बाजार में असाधारण पट्टे की गति को बनाए रखा है, जैसा कि शीर्ष आठ बाजारों की स्थिति से स्पष्ट है..’’ कुशमैन एंड वेकफील्ड के प्रबंध निदेशक (किरायेदार प्रतिनिधित्व) वीरा बाबू ने कहा, ‘‘सकल पट्टा मांग पहले ही 6.6 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो चुकी है, हम 2023 में दर्ज कुल मांग के करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं।’’ रिपोर्ट के लिए जिन आठ शीर्ष शहरों के बाजारों पर गौर किया गया, वह दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद हैं।    

प्रयागराज कुंभ में नई पहल सुरक्षा, जिम्मेदारी और तकनीक का अद्भुत संगम, जो सुरक्षित और सुखद अनुभव बना देगी

प्रयागराज  भारतीय सिनेमा में कुंभ मेला का जिक्र होते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले वही क्लासिक कहानियां आती हैं, जहां भाई-भाई, मां-बेटा या प्रेमी-प्रेमिका भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ जाते थे। यह बिछड़ने का दृश्य बॉलीवुड की कई पुरानी फिल्मों में बड़े भावनात्मक मोड़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। योगी सरकार ‘फिल्मी महाकुंभ’ में लोगों के खोने और फिर सालों बाद मिलने की इस धारणा को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। अब कुंभ मेले में हर व्यक्ति का ध्यान रखा जाएगा, कोई भी अब अपनों से नहीं बिछड़ेगा और ऐसा हुआ भी तो वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सकेगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण और पुलिस विभाग ने मिलकर इस बार के महाकुंभ मेले में एक उच्च तकनीक से युक्त खोया-पाया पंजीकरण प्रणाली से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित करेगा। यह नई पहल सुरक्षा, जिम्मेदारी और तकनीक का अद्भुत संगम है, जो महाकुंभ मेला को सुरक्षित और सुखद अनुभव बना देगी। योगी सरकार की पहल अब उस ‘फिल्मी ड्रामे’ को हकीकत से दूर ले जाकर सुरक्षा और पुनर्मिलन की नई कहानी लिखने को तैयार है। कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों को अब भीड़ में खोने का डर नहीं रहेगा, क्योंकि सरकार की यह नई प्रणाली खोए हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और शीघ्र उनके परिजनों से मिलाने का भरोसा देगी। अब नहीं होंगे ‘कुंभ के मेले में बिछड़ने’ वाले दृश्य भारतीय सिनेमा में कुंभ मेले की भीड़ से अलग हुए लोगों की कहानियां एक स्थायी कथानक रही हैं। फिल्मों में गंभीर संवाद हो या हास्य, कहीं न कहीं कुंभ मेले में बिछड़ने वाले डायलॉग सुनने को मिल ही जाते हैं। चाहे वो 1943 में आई फिल्म ‘तकदीर’ हो या 70 के दशक में आई फिल्म ‘मेला’। इनमें भाइयों का मेले में बिछड़ने की कहानी सिनेमा के पर्दे पर वर्षों तक दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इन कहानियों का मुख्य आधार यही था कि भीड़ में खो जाने के बाद, अपने प्रियजनों को खोज पाना लगभग असंभव होता था। लेकिन अब इस हाई-टेक खोया-पाया केंद्र की बदौलत, महाकुंभ मेले में ऐसा ‘फिल्मी’ बिछड़ने वाला दृश्य शायद ही देखने को मिले। इन केंद्रों में खोए हुए व्यक्तियों का डिजिटल पंजीकरण होगा, जिससे उनके परिवार या मित्र आसानी से उन्हें खोज सकेंगे। साथ ही सभी लापता व्यक्तियों के लिए केंद्रों पर उद्घोषणा की जायेगी। पहले जहां एक मेला कई परिवारों के लिए बिछड़ने और असहाय खोज की दुखभरी गाथा लेकर आता था, अब वही मेला उनके पुनर्मिलन की एक नई कहानी लिखने जा रहा है। तकनीक के साथ नई कहानी महाकुंभ 2025 में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरकार ने ऐसे डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना करेगा जो खोए हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए तकनीक का सहारा लेते हैं। इसमें हर खोए हुए व्यक्ति का पंजीकरण तुरंत किया जाएगा और उसकी जानकारी को अन्य केंद्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और एक्स (पहले ट्वीटर) पर भी प्रसारित किया जाएगा। यह व्यवस्था महाकुंभ मेले को न केवल सुरक्षित बनाएगी, बल्कि परिवारों को जल्दी और आसानी से अपने प्रियजनों से जोड़ने का काम करेगी। जहां फिल्मी कहानियों में खोए हुए व्यक्तियों को ढूंढने में सालों लग जाते थे, वहीं अब 12 घंटे के भीतर अगर कोई अपने खोए हुए सदस्य का दावा नहीं करता है, तो पुलिस हस्तक्षेप करके उन्हें सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक खोया हुआ महसूस न करे, और वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सके। तीर्थयात्रियों के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था पुरानी फिल्मों में, कुंभ मेले में बिछड़ने के बाद अक्सर परिवारों का मिलन संयोग पर आधारित होता था—किसी चमत्कार या किस्मत के भरोसे। लेकिन अब योगी सरकार की इस नई पहल के तहत हर खोए हुए व्यक्ति की पहचान और सुरक्षा की जिम्मेदारी खोया-पाया केंद्र और पुलिस की होगी। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला का दावा करने पर पहले उनकी पहचान की पुष्टि करनी होगी। अगर कोई संदेह होता है तो तत्काल पुलिस को सूचित किया जाएगा ताकि बच्चा या महिला सुरक्षित हाथों में जाए। यह व्यवस्था उन फिल्मी कहानियों को पूरी तरह बदल देती है, जहां खोए हुए बच्चे को गलत हाथों में सौंप दिया जाता था और उसके जीवन में नाटकीय बदलाव आते थे। पहचान प्रमाणित करने पर ही प्रशासन सौंपेगा खोया व्यक्ति अब, जब कोई व्यक्ति कुंभ मेले में खोता है तो उसे सुरक्षित, व्यवस्थित और जिम्मेदार प्रणाली के तहत उसका ख्याल रखा जाएगा। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला को ले जाने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि वह उसे पहचानते हैं और उनकी पहचान प्रमाणित है। इससे पहले की कहानियों में जहां बिछड़ने का दर्द और फिर मिलने की खुशी का एक लंबा सफर होता था, अब सरकार की इस पहल ने इस प्रक्रिया को सरल, तेज और सुरक्षित बना दिया है।  

सुपरफास्ट एक्सप्रेस गया-एलटीटी-गया ट्रेन 23 से पटरी पर दौड़ेगी

रायपुर रेल यात्रियों की सुविधा एवं मांग को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन के द्वारा गया एवं एलटीटी के बीच 22357/22358 गया-एलटीटी-गया सुपरफास्ट एक्सप्रेस नई ट्रेन की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह सुपरफास्ट ट्रेन गया से 22358 गया-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के नंबर से एवं एलटीटी 22357 एलटीटी-गया सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के नंबर से चलेगी। यह सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन गया से प्रत्येक बुधवार को 23 अक्टूबर से एवं इसी प्रकार विपरीत दिशा में भी एलटीटी से प्रत्येक शुक्रवार को 25 अक्टूबर,से चलेगी। इस गाड़ी में एसी प्रथम-01, 02 एसी/।।-2, एसी/।।।-3, स्लीपर-09, सेकंड सिटिंग कोच- 6 तथा एसएलआर-2 सहित कुल  22 कोच के संरचना के साथ चलेगी।

BCCI हरमनप्रीत कौर को हटाने की तैयारी में ? टीम इंडिया की हार समेत सामने आई 5 बड़ी वजह

मुंबई महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. इस टूर्नामेंट को जीतने का प्रबल दावेदार मानी जा रही थी. लेकिन भारतीय टीम नॉक स्टेज तक भी नहीं पहुंच पाई और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई. अब हरमनप्रीत कौर की कप्तानी पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई जल्द ही हेड कोच अमोल मजूमदार के साथ मीटिंग करके हरमनप्रीत को कप्तानी से हटा सकती है. इसके अलावा टीम इंडिया की पूर्व कप्तान मिताली राज ने भी आलोचना करते हुए कहा है कि पिछले 2 से 3 साल में टीम में कोई ग्रोथ देखने नहीं मिला है. उन्होंने भी नए कप्तान की मांग की है. न्यूजीलैंड सीरीज से पहले तय होगी किस्मत भारतीय महिला टीम को 24 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले बीसीसीआई टीम इंडिया के हेड कोच अमोल मजूमदार के साथ मीटिंग कर सकती है. इस दौरान हरमनप्रीत के भविष्य का फैसला किया जाएगा. 2025 के वनडे वर्ल्ड कप से पहले बीसीसीआई अब उन्हें हटाकर नया कप्तान लाना चाहती है. बता दें भारतीय महिला टीम 2016 में टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी थी. इसके बाद हरमनप्रीत कौर को टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया नॉक आउट स्टेज तक जाती रही. 2020 के एडिशन में तो फाइनल में पहुंच गई थी. हालांकि, कभी भी टूर्नामेंट को जीतने में कामयाब नहीं हो सकी. हरमनप्रीत को क्यों हटाना चाहती है BCCI? हरमनप्रीत कौर को कप्तानी से हटाने के पीछे कुछ वजहें सामने निकलकर आई है. सबसे बड़ी वजह तो यही है कि इस बार भारतीय टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी, जबकि स्क्वॉड काफी मजबूत था. वहीं टीम को टी20 वर्ल्ड कप जीतने प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था. लेकिन पहले न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया से हारकर सेमीफाइनल का सपना चकनाचूर हो गया. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया का फिटनेस और फील्डिंग भी बहुत बड़ी समस्या रही है. टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 कैच ड्रॉप किए थे. वहीं कुछ मौके ऐसे थे जिन्हें कैच में बदला जा सकता था. टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज ने भी टीम के फिटनेस को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि 11 में से सिर्फ 2 फिट खिलाड़ियों के दम पर बड़े टूर्नामेंट्स नहीं जीते सकते हैं. उनके मुताबिक जेमिमा रोड्रिग्स और राधा यादव के अलावा दूसरी खिलाड़ी फील्ड पर तेज नहीं हैं. हरमनप्रीत के रहते हुए नए खिलाड़ियों को मौका नहीं देने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. मिताली के मुताबिक पिछले कुछ सालों से टीम में कोई ग्रोथ नहीं हुआ है. लगातार पुराने खिलाड़ी ही खेलते आ रहे हैं. मिताली ने मेंस टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि हर बड़े टूर्नामेंट के बाद नए खिलाड़ियों मौका देने की वजह से वह ज्यादा सफल हैं. जबकि हरमनप्रीत की कप्तानी में नए खिलाड़ी नहीं तैयार हो सके हैं. वहीं बड़े टूर्नामेंट्स से पहले टीम मैनेजमेंट की प्लानिंग भी ठीक नहीं रही है. यूएई में जारी टी20 वर्ल्ड कप के लिए एशिया कप तैयारी एक बड़ा मौका था. लेकिन भारतीय टीम सिर्फ उसी टूर्नामेंट को जीतने के लिहाज से खेलती रही. जब यूएई में टूर्नामेंट शुरू हो तो नंबर 3 और नंबर 4 के पोजिशन पर बल्लेबाजी को लेकर कन्फ्यूजन देखने को मिला.  

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