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परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

जनजातीय संग्रहालय एक नवंबर से दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा

भोपाल मध्यप्रदेश की सभी जनजातियों के जीवन, रहन-सहन, देशज ज्ञान, कला परम्परा और सौन्दर्यबोध की विशिष्टता को स्थापित करने का कार्य जनजातीय संग्रहालय, भोपाल में किया गया है। यहां जनजातियों की बहुरंगी एवं बहुआयामी देशज संस्कृति को बेहतरीन स्वरूप में संयोजित किया गया है। जनजातीय संग्रहालय के निदेशक ने बताया कि हर साल संग्रहालय में अवलोकन का समय परिवर्तन किया जाता है। इसके तहत इस वर्ष एक नवंबर, 2024 से (मंगलवार से रविवार तक) जनजातीय संग्रहालय दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक एवं 1 फरवरी 25 से अक्टूबर 25 तक दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक दर्शकों एवं पर्यटकों के लिये खोला जाय़ेगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं में प्रदेश के जनजातीय समुदायों के आवास की वास्तुगत, शिल्पगत और व्यवहारगत रूपों को प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय में 6 अलग-अलग कलाओं, शिल्प माध्यमों की दीर्घाएं हैं, जिनमें जनजातीय जीवन की झलक, उनके परिवेश, खेल, संस्कृति, देवलोक आदि देखने को मिलते हैं। यहां हर दीर्घा में आगंतुकों, जिज्ञासुओं व शोधार्थियों के लिए कियोस्क भी स्थापित किए गए हैं, जिससे उस दीर्घा विशेष के बारे में हिंदी अथवा अंग्रेजी में विस्तार से जाना-समझा जा सकता है।  

इंदौर में ई-अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी हुई कार्यशाला

भोपाल अध्यक्ष, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं प्रमुख सचिव पर्यावरण गुलशन बामरा ने कहा है कि देश में लागू की जा रही सर्कुलर इकोनॉमी को पर्यावरण संरक्षण, रिसोर्स कंजर्वेशन अपशिष्ट मिनीमाइजेशन करते हुए स्वच्छ भारत-उत्तम भारत की अवधारणा को लागू करने की दिशा में कार्य करना है। बामरा इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ई-अपशिष्ट संबंधी कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर के संचालक डॉ. सुभाष जोशी, बोर्ड के सदस्य सचिव ए.ए. मिश्रा के साथ प्रदेश एवं देश के विभिन्न स्टेक होल्डर शामिल हुए। प्रमुख सचिव पर्यावरण बामरा ने कार्यशाला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सर्कुलर इकोनॉमी चक्रीय अर्थ-व्यवस्था को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये योजनाबद्ध रूप से कार्रवाई की जा रही है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ई-अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के लिये रिसाइकल, रियूज को बढ़ावा देना है। इसमें इन्फार्मल सेक्टर को फार्मलाइज करने पर भी जोर दिया गया। कार्यशाला में विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न सेक्टर्स में किये जा रहे कार्यों पर प्रेजेंटेशन दिये गये। इसमें केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संचालक आनंद कुमार ने अपशिष्ट के निपटान में लागू की गई ईपीआर व्यवस्था एवं उल्लंघनकर्ताओं पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने संबंधी पोर्टल का प्रेजेंटेशन दिया। भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक, एसबीआई के प्रबंधक, सस्टेनिबिलिटी ऑर्गेनाइजेशन हैदराबाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सस्टेनेबल इलेक्ट्रॉनिक रिसाइकिलिंग इंटरनेशन इंस्टीट्यूट के सीनियर एडवाइजर इत्यादि ने भी प्रेजेंटेशन दिये। कार्यशाला में स्वच्छतम शहर इंदौर में अपनाई गई स्वच्छता प्रक्रिया को प्रदेश के अन्य शहरों में भी विकसित करने पर चर्चा की गई।  

अमित शाह ने कहा – सरकार जल्द लाएगी राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जल्द ही राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति और रणनीति लाएगी। आतंकवाद की कोई सीमा नहीं आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और राज्यों की भौगोलिक सीमाएं और संवैधानिक सीमाएं हैं, लेकिन आतंकवाद के मामले में ऐसी कोई सीमा नहीं है और इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों (केंद्र और राज्य) को निकट समन्वय में काम करना चाहिए, संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए और खुफिया जानकारी साझा करनी चाहिए। आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और आदर्श विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पर एक दृष्टिकोण तैयार किया है, जिसे अगर अपनाया जाता है तो यह आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए एक साझा ढांचे और मंच के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा, “हमें आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। हम जल्द ही एक नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति लाएंगे, जिसमें आप सभी की अहम भूमिका होगी। राज्यों के साथ मिलकर करेंगे काम सम्मेलन में राज्य पुलिस बलों के प्रमुख और राज्यों और केंद्र के अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा कि नई नीति राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को आतंकवाद से निपटने के लिए निकट समन्वय में काम करने में मदद करेगी। एटीएस और एसटीएफ मॉडल पर उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है और वे अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसमें बदलाव कर सकते हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए सभी को सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटना होगा और आतंकवाद से लड़ने के लिए एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा। इससे (एटीएस और एसटीएफ मॉडल को अपनाने से) राज्यों के अधिकार कम नहीं होंगे। आतंकवाद को करेंगे जड़ से खत्म गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार देश में आतंकवाद को खत्म करने और इसके खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को युवा अधिकारियों को अच्छी तरह से सुसज्जित करना होगा और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा।

राजनीतिक पंडितों के अनुसार उपचुनाव का इतिहास रहा है, कि इसमें वोट कम ही पड़ते हैं, मतदान का प्रतिशत बढ़ाना चुनौती

रायपुर दक्षिण का चुनाव प्रचार अब अपने पूरे शबाब पर है। वहीं, इस दौरान दोनों ही पार्टियों के सामने एक जैसी ही चुनौती है, कि किसी भी तरह मतदान का प्रतिशत बढ़ाया जाए। राजनीतिक पंडितों के अनुसार उपचुनाव का इतिहास रहा है, कि इसमें वोट कम ही पड़ते हैं। ऐसे में दोनों ही पार्टियों भाजपा और कांग्रेस ने जो लक्ष्य तय किया है, उसके लिए यह बेहद जरूरी है। दरअसल, भाजपा ने रायपुर दक्षिण विधानसभा के इस उपचुनाव में विधानसभा की लीड को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जबकि यह तभी संभव है, जब वोट का प्रतिशत बढ़े। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस का लक्ष्य है, कि दक्षिण के इस किले को ढहाना है। इसके लिए भी एंटी इंकबेंसी के साथ मतदान का प्रतिशत बढ़ना ही है। ऐसे में दोनों ही पार्टियों द्वारा तय किए गए इस लक्ष्य के लिए कुल मिलाकर मतदान का प्रतिशत बढ़ना जरूरी है। वोट कम तो भाजपा को फायदा राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार उपचुनाव में वोट कम पड़ने का फायदा सीधे तौर पर भाजपा को ही होगा, क्योंकि वोट कम पड़ने से भाजपा की लीड जरूर कम होगी, लेकिन जीत की संभावनाएं भाजपा की ज्यादा हैं। वहीं, ज्यादा वोट पड़ने पर ही कांग्रेस की उम्मीदें जागेंगी और जीत के आसार बन सकते हैं। उपचुनाव में सत्तापक्ष हावी बीते वर्षों में हुए उपचुनावों में सत्तापक्ष ही हावी रहा है। फिर वो चाहे किसी भी राज्य के उपचुनाव हों। उसका सीधा फायदा सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को ही मिलता दिखाई दे रहा है। ऐसे में इस चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के लिए कांग्रेस को भी एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ेगा।

लोकायुक्त का छापा: पटवारी ने सीमांकन करने के बदले मांगे थे 15 हजार रुपए

Lokayukta raid: Patwari had asked for 15 thousand rupees in return for demarcation दमोह। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरों पर नकेल कसने के लिए लोकायुक्त की टीम लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में दमोह जिले में एक पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया है। प्लांट सीमांकन के बदले में रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश हुआ है। जहां सागर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की है। दरअसल, आवेदक शुभम चौधरी के पिता के नाम प्लांट के सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। काम करने के एवज में तहसील दमयंती नगर के हल्का नंबर 16 में पदस्थ पटवारी तखत सिंह ने 15 हजार रुपए की मांग कर रहा था। जिसके बाद दोनों के बीच सौदा हुआ और किस्त देने की तारीख आज की तय हुई। इसके बाद आवेदक ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त में कर दी। लोकायुक्त एसपी को शिकायत मिलते ही टीम ने अपना जाल बिछाया और आज पटवारी को रिश्वत देने भेजा। जैसे ही पटवारी ने घूस ली, लोकायुक्त ने उसे धर दबोचा। ट्रेप दल में निरीक्षक रंजीत सिंह और स्टाफ शामिल रहा।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2023 के लिए साक्षात्कार 18 से 28 नवंबर तक आयोजित होगा

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2023 के लिए साक्षात्कार 18 से 28 नवंबर तक आयोजित किया गया है। साक्षात्कार दो पाली में होगा। जानकारी के लिए इस बार 242 पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 24, 25, 26 और 27 जून 2024 को किया गया। परीक्षा परिणाम 29 सितंबर 2024 जारी किया गया है। उक्त लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के उपलब्धता के आधार पर कुल 703 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया।पहले यह साक्षात्कार 15 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाला था।फिर विभिन्न कारणों से इसे स्थगित किया गया था। दो पाली में परीक्षा आयोजित पदों के लिए साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार तिथि के एक दिन पहले निर्धारित प्रथम पाली सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक साक्षात्कार लिया जाएगा। अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन, साक्षात्कार के लिए प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे और द्वितीय पाली दोपहर 1:30 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं है।   इन पदों के लिए हुई परीक्षा इसमें डिप्टी कलेक्टर, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला महिला एंव बाल विकास अधिकारी, जिला पंजीयक, राज्य कर सहायक आयुक्त, अधीक्षक जेल जिला, सहायक संचालक आदिम जाती तथा अनुसूचित जनजाति, सहायक पंजीयक, जिला सेनानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी, नायाब तहसीलदार, राज्य कर निरीक्षक, सहायक निरीक्षक, सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद शामिल है। साक्षात्कार को लेकर विस्तृत जानकारी सीजीपीएससी की वेबसाइट पर जारी की गई है। साक्षात्कार के लिए अंकों में बदलाव पीएससी 2023 के तहत साक्षात्कार 100 अंकों का होगा। इस बार साक्षात्कार के अंकों में बदलाव किया गया है।पहले इसके लिए 150 नंबर निर्धारित थे। 50 नंबर की कटौती होने से इस बार फाइनल मेरिट लिस्ट 1500 नंबर के अाधार पर बनेगी। क्योंकि मुख्य परीक्षा में सात पेपर हुए थे। प्रत्येक पेपर 200 अंक का था। इस तरह से मुख्य परीक्षा 1400 अंकों के लिए हुई थी। साक्षात्कार 100 अंक जोड़ने पर 1500 अंक हो जाएंगे।

रोजगार मेला: सरकारी स्कूलों से 12वीं के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द रोजगार मिलेगा

गुड़गांव हरियाणा के गुड़गांव में 11 नवंबर को रोजगार मेला लगने जा रहा है,जिसमें 12वीं पास अभ्यर्थी भाग लेकर नौकरी ले सकते हैं। रोजगार मेले में कैसे भाग ले सकते हैं । सरकारी स्कूलों से 12वीं के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द रोजगार मिलेगा। इसमें पिछले वर्षों में पास आउट छात्रों के साथ इस वर्ष के पासआउट छात्रों को भी मौका दिया जाएगा। नैशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत निजी और सरकारी स्कूलों में छात्रों को विभिन्न 14 कोर्स के तहत वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती है। इनमें से कई छात्र 12वीं के बाद रोजगार की तलाश में जुट जाते हैं। ऐसे में 4 वर्षों के तहत वोकेशनल कोर्स में पढ़ाई पूरी कर चुके हुनरमंद छात्रों को शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कंपनियों में जॉब करने का मौका उपलब्ध करवाया जाएगा। 11 नवंबर को यह रोजगार मेला शहर में लगाया जाएगा। समग्र शिक्षा विभाग में एपीसी विजयपाल ने बताया कि इसकी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि 12वीं पास कर चुके छात्रों को रोजगार मुहैया करवाया जा सके। सरकारी स्कूलों में रिटेल, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, आईटी, बैंकिंग एंड फाइनेंस, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थ केयर, सिक्योरिटी, मीडिया, ऑटोमोबाइल, फैशन डिजाइन, फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, ट्रेवल एंड टूरिज्म की पढ़ाई छात्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए कराई जाती है। अलग-अलग कंपनियों को इस फेयर में बुलाया जाएगा, जिसमें छात्र अपने रुझान के अनुसार साक्षात्कार दे सकेंगे। रोजगार मेले में जाने के इच्छुक युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधित सभी तरह के डॉक्यूमेंट्स साथ लेकर जाएं। इंटरव्यू के दौरान इनकी आवश्यक्ता पड़ सकती है।  

राज्य स्तरीय शालेय बैण्ड प्रतियोगिता 8 नवम्बर को भोपाल में

भोपाल राज्य स्तरीय शालेय बैण्ड प्रतियोगिता 8 नवम्बर को प्रात: 9 बजे भोपाल के 1100 क्वार्टर, अरेरा कॉलोनी स्थित कैम्पियन स्कूल में शुरू होगी। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल उपस्थित रहेंगे। प्रतियोगिता में प्रदेश की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं के 500 विद्यार्थियों की सहभागिता रहेगी। प्रतियोगिता के समापन समारोह में महापौर नगर निगम भोपाल श्रीमती मालती राय उपस्थित रहेंगी। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिये ब्रिज कोर्स शासकीय विद्यालयों के कक्षा-9 के विद्यार्थियों के दक्षता सुधार के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने ब्रिज कोर्स तैयार किया है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिये है, जिनकी दक्षता का स्तर कक्षा-9 में प्रवेश के समय हिन्दी, गणित और अंग्रेजी विषय में कमजोर होता है। ऐसे विद्यार्थियों के दक्षता अंतर को पाटने के लिये ब्रिज कोर्स चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इन विषयों से संबंधित कार्य पुस्तिका उपलब्ध करायी जा रही है। शिक्षकों के लिये शिक्षक कार्य पुस्तिका उपलब्ध करायी गयी है। कक्षा-10वीं के छात्रों के बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन को सुधारने के लिये विभिन्न विषयों के टिप्स एण्ड ट्रिक्स वीडियो के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे हैं।  

शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा

रांची केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो करेंगे। साथ ही शाह पोटका विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की प्रत्याशी मीरा मुंडा के लिए चुनावी सभा को भी संबोधित करेंगे। शाह का रोड शो पूर्वी जमशेदपुर और जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में होगा। शाह का रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा। रोड शो के दौरान पूर्वी जमशेदपुर से भाजपा प्रत्याशी पूर्णिमा साहु और जमशेदपुर पश्चिम से एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के उम्मीदवार सरयू राय के जीत के लिए अपील करेंगे। जमशेदपुर में भाजपा का चुनाव प्रचार तेज है। इस चुनाव प्रचार को धार देने और विजय संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह शनिवार को जमशेदपुर आएंगे। इनकी जनसभा और रोड शो की तैयारी को लेकर बुधवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर की महत्वपूर्ण बैठक साकची में हुई। भाजपा के जमशेदपुर जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने बताया कि भाजपा जमशेदपुर महानगर इस रोड शो और जनसभा की सफलतापूर्वक आयोजन के लिए व्यापक तैयारी में जुट गई है।  

सूर्यकुमार को भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज के दौरान कई रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं

नई दिल्ली भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार मैचों की टी20आई सीरीज के लिए तैयार है। इस सीरीज के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव कई रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। सूर्यकुमार ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टी20आई डेब्यू किया, उसके बाद उन्होंने 74 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 169.48 की स्ट्राइक रेट से 2544 रन बनाए हैं। उनका औसत 42.40 है। 34 वर्षीय ने सबसे छोटे प्रारूप में चार शतक और 21 अर्द्धशतक लगाए हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने आखिरी बार बांग्लादेश के खिलाफ टी20आई सीरीज में मेन इन ब्लू का नेतृत्व किया था, जहां उन्होंने तीन पारियों में 37.33 की औसत से 112 रन बनाए थे। आगामी 20 ओवर की सीरीज में, सूर्यकुमार को भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20आई में अग्रणी रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने के लिए 107 रनों की आवश्यकता है। वर्तमान में, भारतीय कप्तान ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात टी20I मैचों में 175.63 की स्ट्राइक रेट से 346 रन बनाए हैं। उन्होंने 20 ओवर के प्रारूप में प्रोटियाज के खिलाफ एक शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं। इस बीच, डेविड मिलर 21 मैचों में 156.94 की स्ट्राइक रेट से 452 रन बनाकर शीर्ष स्थान पर हैं। भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20आई में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने के अलावा, 34 वर्षीय सूर्यकुमार को टी20आई में सबसे तेज़ 150 छक्के लगाने का मौक़ा भी मिलेगा। 74 टी20आई मैचों और 71 पारियों में सूर्यकुमार ने 44 छक्के लगाए हैं। उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने के लिए चार मैचों की टी20आई सीरीज़ में 6 छक्के लगाने होंगे। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज़ 8 नवंबर को डरबन के किंग्समीड क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगी। गकेबरहा में सेंट जॉर्ज पार्क 10 नवंबर को दूसरे टी20 मैच की मेजबानी करेगा, जबकि तीसरा मैच 13 नवंबर को सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में होगा। श्रृंखला 15 नवंबर को वांडरर्स स्टेडियम में चौथे टी20 मैच के साथ समाप्त होगी। भारत की टी20 टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, विजयकुमार वैश्य, आवेश खान, यश दयाल।  

भोपाल aiims की बड़ी पहल, जगह-जगह लगेंगे पैनिक बटन, प्रदेश के समस्त अस्पतालों में लगेगा Pink alarm panic button

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में किसी महिला से बदसलूकी या छेड़छाड़ की घटना पर तत्काल मदद पहुंचाने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। यह पैनिक बटन निकटतम पुलिस थाने से कनेक्ट होंगे। आपात स्थिति में बटन दबाने पर पुलिस का अमला थोड़ी ही देर में अस्पताल पहुंच जाएगा। इन पैनिक बटन को पिंक अलार्म नाम दिया गया है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद प्रदेश के अस्पतालों में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसके लिए सभी अस्पतालों में सुरक्षा की समीक्षा की गई थी। अस्पताल में कई जगह लगाया जाएगा अलार्म कुछ संवेदनशील स्थानों पर कुछ दिनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई, लेकिन इसे एक सिस्टम का रूप नहीं दिया जा सका, लेकिन अब पैनिक बटन के तौर पर एक अलार्म सिस्टम लगाने की कवायद शुरू हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पिंक अलार्म को अस्पताल में ओपीडी, ड्यूटी रूम, पार्किंग, कॉरिडोर जैसी कई जगहों पर लगाया जाएगा। जेपी अस्पताल में जगह चिह्नित, 12 से 13 स्थानों पर लगेंगे पिंक अलार्म भोपाल के जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पैनिक बटन लगने से महिलाओं के साथ अन्य मरीजों की सुरक्षा भी हो सकेगी। अस्पताल में कई प्रकार के व्यक्ति आते हैं, इससे एक डर तो बना रहता है। जगह पहले से चिह्नित कर ली है। यहां करीब 12 से 13 स्थानों पर पिंक अलार्म यानी पैनिक बटन लगाए जाएंगे। एम्स भोपाल पहले ही लगा चुका है एम्स भोपाल में रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर हड़ताल हुई थी। उसके बाद परिसर में कई स्थानों पर पैनिक बटन लगा दिए गए। एम्स में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम है। पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होता है, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही उस जगह पहुंच जाते हैं। अब ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगाने की तैयारी है। इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे।   दतिया अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘पिंक अलार्म’ की शुरुआत की मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार द्वारा संचालित दतिया जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ‘पिंक अलार्म’ स्थापित किए गए हैं। यह पहल सार्वजनिक अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को संबोधित करती है, खासकर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए दुखद बलात्कार और हत्या की घटना के बाद इस मुद्दे पर और अधिक ध्यान दिया गया है।     ‘पिंक अलार्म’ की स्थापना भारत के सार्वजनिक अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को हल करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।     हाल के दिनों में महिला स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।     ‘पिंक अलार्म’ की अवधारणा जिला कलेक्टर संदीप मकिन द्वारा पेश की गई है।     यह मध्य प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में स्थापित होने वाली अपनी तरह की पहली प्रणाली है। अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली     अलार्म को अस्पताल के प्रसूति वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और नए ओपीडी ब्लॉक के तीनों मंजिलों के स्टाफ ड्यूटी रूम में रणनीतिक रूप से लगाया गया है।     अलार्म सक्रिय होने पर एक सायरन बजता है, जिससे सुरक्षा कर्मियों को सतर्क किया जाता है।     सुरक्षा कर्मियों से उम्मीद की जाती है कि अलार्म बजने के पांच मिनट के भीतर संकट में पड़ी व्यक्ति तक पहुंच जाएं। पहल का महत्व     इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण बनाना है।     त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र प्रदान करके, यह अलार्म संभावित खतरों को रोकने और महिला कर्मचारियों की समग्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं. AIIMS भोपाल की में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लगाए जाएंगे. ड्यूटी रूम में डेढ़ सौ पैनिक बटन लगेंगे. पैनिक बटन दबाते ही अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम अलर्ट होगा, जिससे सुरक्षाकर्मी तुरंत ही संबंधित कक्ष तक पहुंच पाएंगे. इसके अलावा यह पैनिक बटन शौचालय में भी लगेंगे. एम्स भोपाल में कई एक जगह पर पैनिक बटन लगे हुए हैं.

खेड़ावदा ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील का खेड़ावदा गाँव आज पूरे जिले के लिए एक मिसाल बन चुका है। यहाँ की ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की हैं। स्वच्छता और साफ-सफाई के साथ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को जोड़कर, खेड़ावदा को एक संपूर्ण ‘ओडीएफ प्लस’ मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया गया है। उज्जैन जिले में 726 ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम है। ओडीएफ प्लस ग्राम की निरंतरता बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत में स्वच्छता के साथ अन्य घटकों को समाहित किया जा रहा है, जिससे एक स्वच्छ सुजल आत्मनिर्भर ग्राम निर्मित हो। गाँव में स्वच्छता का जन अभियान स्वच्छता को एक बार का काम मानने के बजाय, इसे ग्रामीणों की आदत में बदलने के लिए जन अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, बच्चों की टोलियाँ और महिलाओं के समूह गाँव के घर-घर जाकर कचरे के पृथक्करण (सूखा और गीला) की प्रक्रिया को समझाते है। लोगों को समझाया कि सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्र करने से उनका निष्पादन आसानी से किया जा सकता है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पंचायत ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल का महत्व समझते हुए आर.ओ. प्लांट और पेयजल टंकी की व्यवस्था की। गाँव का कोई भी व्यक्ति मात्र 6 रुपए देकर पूरे महीने स्वच्छ पानी ले सकता है। इससे न केवल गाँव के लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ बल्कि पंचायत के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा। शिक्षा में स्वच्छता का समावेश ग्राम के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने नियमित रूप से बच्चों को स्वच्छता के पाठ पढ़ाए, जिससे स्वच्छता का संदेश नई पीढ़ी में गहराई से उतरा। कचरा प्रबंधन और रोजगार ग्राम पंचायत ने बैंक से ऋण लेकर एक कचरा वाहन खरीदा और हर घर से कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था की। एकत्रित कचरे को पृथक कर गीले कचरे से खाद तैयार की गई, जिसे गाँव के किसान कृषि के लिए इस्तेमाल करते हैं। सूखे कचरे को कबाड़ में बेचकर सफाईकर्मियों के मानदेय की व्यवस्था की गई। गाँव के हर घर में डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित किया गया ताकि लोग कचरे को खुले में न फेंकें। स्वच्छता के ढाँचे का निर्माण ग्राम में सी.सी. रोड, सामुदायिक स्वच्छता परिसर और आर.सी.सी. नालियों का निर्माण किया गया, जिससे बारिश के पानी की निकासी आसानी से हो सके। नालियों के अंतिम सिरे पर सामुदायिक सोक पिट बनाए गए जिससे पानी जमा न हो और सड़कों पर न फैले। सुरक्षा और सुंदरता का समावेश गाँव में सुरक्षा के लिए सभी चौराहों और शासकीय कार्यालयों में सी.सी.टीवी कैमरे लगाए गए हैं। विद्यालयों में भी सी.सी.टीवी, आर.ओ. वॉटर, और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण किया गया है। बच्चों को हाथ धुलाई और स्वच्छता की आदतों के प्रति जागरूक किया गया है। कला के माध्यम से स्वच्छता का संदेश गाँव में कचरे से कलात्मक वस्तुएँ बनाकर गाँव की सुंदरता को बढ़ाया गया। इससे गाँव में स्वच्छता के साथ कलात्मकता और सौंदर्य का भी समावेश हुआ, जो अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। इंटरनेट में भी आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ाते हुए, ग्राम पंचायत खेड़ावदा को पूर्ण रूप से वाईफाई जोन बनाकर इन्टरनेट से कनेक्ट किया गया है एवं सभी चौराहों व शासकीय कार्यालयों पर सी.सी.टी.वी. केमरे लगाये गये है। खेड़ावदा आज एक आदर्श गाँव का प्रतीक है। यह कहानी बताती है कि कैसे एक गाँव अपने प्रयासों से स्वच्छ, सुजल और आत्मनिर्भर बन सकता है। खेड़ावदा की यह पहल अन्य गाँवों के लिए एक मॉडल है और इसका ग्राम पंचायतों द्वारा भी अनुकरण किया जा रहा है।  

प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार मल्टी लैंगवेज एनाउनंसमेंट करने की व्यवस्था

प्रयागराज  महाकुंभ 2025 प्रयागराजवासियों के लिए नई-नई सौगात लेकर आ रहा है। राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर डबल इंजन की सरकार ने महाकुंभ को दिव्य-भव्य के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे ध्यान में रख कर प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा देने के सभी संभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ में पहली बार मल्टी लैंगवेज एनाउनंसमेंट करने की व्यवस्था कर रहा है। इससे देश की विविध भाषा बोलने और समझने वाले लोगों को उनकी भाषा में ट्रेनों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। महाकुंभ 2025 को सुगम व सुरक्षित बनाने के डबल इंजन सरकार के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में प्रयागराज रेल मंडल कोई कसर बाकी नहीं रख रहा है। एक ओर तो रेल मंडल शहर के सभी रेलवे स्टेशनों के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य कर रहा है तो दूसरी ओर श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रयागराज रेल मंडल के वरिष्ठ पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि महाकुंभ 2025 में पहली बार रेल मंडल मल्टी लैंग्वेज एनाउंसमेंट करेगा। इसका लाभ देश के कोने-कोने से आने वाले अलग-अलग भाषा बोलने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिन्हें हिंदी या अंग्रेजी भाषा समझने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वरिष्ठ पीआरओ ने बताया कि रेल मंडल शहर के सभी मुख्य स्टेशनों पर ट्रेनों की मल्टी लैंग्वेज एनाउंसमेंट की व्यवस्था कर रहा है। भारत में भाषाओं की विविधता को देखते हुए हिंदी और अंग्रेजी भाषा के साथ 10 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में एनाउंसमेंट की जाएगी। इनमें गुजराती, मराठी, तमिल, तेलगू, मलायालम, कन्नड़, बंग्ला, असमिया, उड़िया और पंजाबी भाषाओं में एनाउंसामेंट किया जाएगा। इसके लिए रेल मंडल अलग-अलग डिवीजन से एनाउंसर बुला रहा है जो असानी से अपनी क्षेत्रीय भाषा में एनाउंसमेंट कर सकें। उन्होंने बताया कि एनाउंसमेंट के स्पीकर स्टेशन के प्लेटफार्मों के अलावा आश्रय स्थलों में भी लगाए जाएंगे। यात्रियों को उनके गंतव्य स्थल के हिसाब से आश्रय स्थलों में रोकने की योजना है, जिससे की श्रद्धालुओं को कम से कम समस्याओं का सामना करना पड़े और महाकुंभ स्नान के बाद आसानी से अपने घरों को लौट सकें।  

राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को eKYC कराना अनिवार्य

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ईकेवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपाय ऐप के जरिए भी ईकेवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 04 लाख 11 हजार 022 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 48 हजार 024, बैतूल ग्रामीण में 71 हजार 171, राजगढ़ ग्रामीण में 24 हजार 473, शहर वृत्त भोपाल में 30 हजार 732, भोपाल ग्रामीण में 32 हजार 187, गुना ग्रामीण में 28 हजार 257, विदिशा ग्रामीण में 34 हजार 198, सीहोर ग्रामीण में 17 हजार 598, ग्वालियर ग्रामीण में 13 हजार 627, शहर वृत्त ग्वालियर में 14 हजार 140, अशोकनगर ग्रामीण में 12 हजार 621, दतिया ग्रामीण में 14 हजार 685, रायसेन ग्रामीण में 18 हजार 141, शिवपुरी ग्रामीण में 15 हजार 491, हरदा ग्रामीण में 12 हजार 912, श्योपुर ग्रामीण में 05 हजार 921, मुरैना ग्रामीण में 10 हजार 889 एवं भिण्ड ग्रामीण में 05 हजार 955 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।  

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