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आज देव दिवाली पर शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 37 मिनट का

 कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर देवताओं को स्वर्ग पुनः प्रदान किया और इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण कर प्रलय काल में धरती पर जीवन की रक्षा की। इस दिन को देव दिवाली नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता धरती पर विराजते हैं। दीपक को प्रज्वलित करके उचित स्थान पर रखना दीपदान कहलाता है। देव दिवाली के दिन देव स्थान परदीपक लगानेको दीपदान कहा जाता है। देव दिवाली पूजन शुभ मुहुर्त– पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर प्रारंभ हो गई है और 16 नवंबर को सुबह 02 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष काल देव दिवाली का मुहूर्त शाम 05 बजकर 10 मिनट से शाम 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 02 घंटे 37 मिनट की है। कृतिका नक्षत्र में पर्व-ज्योतिषविद् ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 15 नवंबर को प्रात 06 20 बजे से रात 02 59 बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 14 नवंबर को मध्यरात्रि के बाद 12:33 बजे से लग जाएगा जो 15 नवंबर की रात 09:55 बजे तक रहेगा। फिर कृतिका नक्षत्र आरंभ होगा। देव दिवाली से जुड़े हैं तीन पौराणिक प्रसंग– देव दीपावली के उत्सव से तीन पौराणिक प्रसंग जुड़े हैं। यह प्रसंग शिव, पार्वती और विष्णु पर केंद्रित हैं। पौराणिक मान्यता यह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देवाधिदेव महादेव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसी दिन दुर्गारूपिणी पार्वती ने भी महिषासुर का वध करने के लिए शक्ति अर्जित की थी। इसी दिन सायंकाल गोधूली बेला में भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था। इन तीनों ही अवसरों पर देवताओं ने काशी में दीपावली मनाई थी। भृगु संहिता विशेषज्ञ पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार इस दिन देवाधिदेव महादेव और भगवान विष्णु के साथ ही शिवपुत्र कार्तिकेय की पूजा का विशेष महात्म्य है।

सराय काले खां बस अड्डे के बाहर चौक का नाम बिरसा मुंडा चौक किया गया

नई दिल्ली झारखंड में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को संपन्न हो चुका है और दूसरे चरण के तहत 20 नवंबर को मतदान होगा। झारखंड में तो चुनावी पारा चढ़ा ही है। अब दिल्ली से भी झारखंड को साधने की कोशिश हो रही है। दिल्ली में सराय काले खां बस अड्डे के बाहर बड़े चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रख दिया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज यानी शुक्रवार 15 नवंबर को इसकी घोषणा की। यहां बिरसा मुंडा की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया ऐलान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि यहां आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक को भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा। इस प्रतिमा और उस चौक का नाम देखकर न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी निश्चित रूप से उनके जीवन से प्रेरित होंगे।” बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “अभी हमारे एलजी साहब ने मुझे बताया कि ये 30 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन जिस पर ये बांसेरा बनाया गया है, कभी कूड़े का ढेर हुआ करता था और आज यहां लाखों पक्षी आते हैं। जब कोई सरकार लोगों और समाज के कल्याण को ध्यान में रखकर आती है, तो ये उसका उत्तम उदाहरण है…” उन्होंने कहा, इस चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम से रखा जाता है, ताकि दिल्ली के नागरिक, न सिर्फ दिल्ली के नागरिक, बल्कि अन्य प्रांतों से भी यहां पर आने-जाने वाले लोग जब यहां से गुजरेंगे तो इस प्रतिमा का दर्शन और उस चौक का नाम उनके नाम होने से, उनके जीवन से हमेशा-हमेशा के लिए हमें प्रेरणा मिलती रहेगी।

राजस्थान के मौसम में तगड़ा बदलाव, 17 नवंबर के बाद पड़ेगी जबरदस्त ठंड!

जयपुर  राजस्थान में तापमान में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर भी दिखने लगा है. बीते 14 नवंबर को बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में अति घना कोहरा दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में मौसम शुष्क  रहेगा. साथ ही बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में आगामी 3 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है. ठंड की बात करें तो फिलहाल पश्चिम विक्षोभ नहीं आया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट नहीं हुई है. राजस्थान (Rajasthan) ही नहीं, बल्कि पूरे देश में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दिख रहा है. आगामी 17 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट की संभावना है. अजमेर में 32.8 तो गंगानगर में 25.2 डिग्री तापमान कई जिलों में अधिकमत तापमान 35 डिग्री से कम है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट हुई है. अजमेर में अधिकतम तापमान 32.8, भीलवाड़ा में 32.3, अलवर में 30.5 डिग्री, जयपुर में 32.4, सीकर में 30.5, कोटा में 32.7, चित्तौड़गढ़ में 33.8, धौलपुर में 33.8, सिरोही में 33.6, करौली में 31.6, जैसलमेर में 33.1, जोधपुर में 34.2, बीकानेर में 32, चूरू में 32.5, फलोदी में 31.8, गंगानगर में 25.2 और जालौर में 34 डिग्री अधिकतम तापमान है. अगले कुछ राजधानी जयपुर में कुछ ऐसा रहेगा मौसम अगले कुछ दिन राजधानी में भी पारा लुढ़कने की संभावना है. जयपुर में आगामी 19 नवंबर तक न्यूनतम पारा 3 डिग्री तक गिरकर 15 डिग्री तक पहुंच सकता सकता है. जबकि 15 और 16 नवंबर को पारा 16 डिग्री तक रहने की संभावना है.

शादी सीजन में राहत सोना-चांदी हुआ सस्ता ₹5000 तक गिर गया गोल्ड का भाव, चेक करें सिटी वाइज लेटेस्ट रेट

मुंबई शेयर बाजार (Share Market) में बीते कुछ दिनों से बड़ी गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को भी Sensex-Nifty ने तेज शुरुआत की और कुछ देर बाद फिर से गिरावट में कारोबार करता दिखाई दिया. लेकिन सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोना (Gold) भी लगातार टूट रहा है. Gold Rates में बीते 1 नवंबर से अब तक यानी दो हफ्ते में ही 5000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. आइए जानते हैं क्या है आज 24 कैरेट गोल्ड का ताजा रेट… लगातार सस्ता हो रहा सोना सोने की कीमतों में इस साल बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला है. एक ओर जहां मोदी 3.0 का पहला बजट (Union Budget 2024) पेश होने के दौरान सरकार की ओर से सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किए जाने के बाद ये भरभराकर टूटा था, तो इसके अगले ही महीने से Gold Price ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए शिखर पर पहुंच गया. लेकिन बीते दो हफ्तों से Gold Rate में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड के रेट में 700 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई. दो हफ्ते में इतना घटा Gold Rate एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमतों में बीते दो हफ्ते में हुए बदलाव पर नजर डालें, तो महीने की शुरुआत में यानी 1 नवंबर को पांच दिसंबर की एक्सपायरी वाला Gold Rate 78,867 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, लेकिन गुरुवार 14 नवंबर 2024 मतलब आज ये गिरकर 73,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें तो सोने की कीमत में 1 से 14 नवंबर के दौरान 5,117 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की बड़ी गिरावट (Gold Price Fall) आई है. घरेलू मार्केट में क्या चल रहा सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के साथ ही घरेलू मार्केट में भी सोने की कीमत (Gold Price) में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोशियएसन (IBJA) की वेबसाइट के मुताबिक, बीते 1 नवंबर फाइन गोल्ड (999) की कीमत 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई थी, लेकिन अब इसका भाव कम होकर 75,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. मतलब 24 कैरेट गोल्ड के रेट में दो हफ्ते में 6000 रुपये स् ज्यादा की कमी आई है. अन्य क्वालिटी के गोल्ड की घरेलू मार्केट में कीमत पर नजर डालें तो… क्वालिटी        दाम (IBJA के मुताबिक) 24 कैरेट        75,260 रुपये/10 ग्राम 22 कैरेट        73,450 रुपये/10 ग्राम 20 कैरेट        66,980 रुपये/10 ग्राम 18 कैरेट        60,960 रुपये/10 ग्राम गौरतलब है कि घरेलू मार्केट में सोने का ये दाम 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं. मेकिंग चार्ज अलग-अलग होते हैं और इसके चलते देश के तमाम शहरों में सोने की कीमत में बदलाव देखने को मिलता है. Budget के बाद भरभराकर टूटा था सोना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बीते 23 जुलाई को संसद में मोदी 3.0 का बजट पेश करने के बाद अचानक सोने की कीमत में बड़ी गिरावट क्यों देखने को मिली थी? तो बता दें कि बजट में कई बदलावों का ऐलान हुआ था और इनमें से एक Gold-Silver से जुड़ा हुआ था. दरअसल, सरकार ने गोल्ड पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया और इसका असर बजट वाले दिन ही सोने के भाव में करीब 4000 रुपये की गिरावट के रूप में देखने को मिला था और ये गिरावट कई दिनों तक जारी रही थी. ऐसे चेक करें Gold की शुद्धता बता दें कि देश भर में सोने के आभूषणों की कीमत उत्पाद शुल्क, राज्यों के कर और मेकिंग चार्ज के कारण बदलती रहती है. यहां बता दें कि आभूषण बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है, वहीं कुछ लोग 18 कैरेट सोने का भी इस्तेमाल करते हैं. आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क दर्ज होता है. 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है, जबकि 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है.  

सीरीज का पहला टेस्ट मैच पर्थ स्टेडियम में 22 नवंबर से खेला जाना है, वॉर्म-अप मैच में राहुल की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के आगाज में अभी ज्यादा समय नहीं बचा है। सीरीज का पहला टेस्ट मैच पर्थ स्टेडियम में 22 नवंबर से खेला जाना है। टेस्ट सीरीज की तैयारी भारतीय टीम पर्थ के पुराने टेस्ट वेन्यू वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन (WACA) स्टेडियम पर कर रही है। यहीं भारतीय टीम इंट्रा स्क्वॉड मैच खेल रही है, जिसमें भारतीय टीम के खिलाड़ियों के साथ इंडिया ए के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मैच के पहले दिन केएल राहुल को चोटिल होकर मैदान से लौटना पड़ा। प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद उनकी कोहनी पर लग गई, जिसके बाद वह रिटायर आउट हो गए। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यशस्वी जायसवाल के साथ भारतीय पारी का आगाज कौन करेगा। कप्तान रोहित शर्मा पर्थ टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे, इंट्रा स्क्वॉड मैच में भी यशस्वी के साथ राहुल ओपन करने उतरे थे, जिसका मतलब है कि भारतीय टीम उनसे ही पर्थ टेस्ट में ओपन कराने का प्लान बना रही है। भारतीय टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा अभिमन्यु ईश्वरन भी हैं, लेकिन उन्होंने इंडिया ए के लिए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो अनऑफिशियल टेस्ट में जिस तरह से प्रदर्शन किया, उसके बाद उनका प्लेइंग XI में खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। इंट्रा स्क्वॉड मैच में विराट कोहली जब बैटिंग के लिए आए तो कुछ अच्छे शॉट्स खेले, लेकिन फिर दूसरी स्लिप में कैच थमाकर आउट हो गए। जायसवाल भी 15 रन बनाकर ही आउट हो गए। ब्रेक के समय तक बैटिंग साइड ने 28 ओवर में 106 रन बनाए थे, जबकि पांच विकेट निकल चुके थे। केएल राहुल की चोट को लेकर अभी तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। केएल राहुल अब बचे हुए इंट्रा स्क्वॉड मैच में उतरते हैं या नहीं, यह देखना अहम होगा। 22 नवंबर से टेस्ट मैच शुरू होना है, ऐसे में भारतीय टीम खिलाड़ियों की चोट पर करीबी नजर बनाए रखेगी। जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी के दौरान अच्छे टच में नजर आए, जो भारतीय टीम के लिए बढ़िया साइन रहा।

मध्य प्रदेश में बीजेपी का बूथ संगठन पर्व शुरू, हर इकाई में तीन महिलाओं को बनाया जाएगा सदस्य

भोपाल मध्य प्रदेश में बीजेपी (BJP) का बूथ संगठन पर्व शुरू हो गया है. इसमें बूथ स्तरीय इकाईयों का गठन किया जाएगा. हर इकाई में तीन महिलाओं को सदस्य बनाया जाएगा. प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भोपाल में हुजूर विधानसभा के बूथ क्रमांक-223 पर बूथ संगठन पर्व का शुभारंभ कर पन्ना प्रमुख बने. राज्य की पहली बूथ अध्यक्ष अर्चना गोस्वामी सहित 11 पदाधिकारियों और सदस्यों को सहमति से चुना गया. वहीं, पन्ना प्रमुख का दायित्व ग्रहण करने के बाद प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मुझे इस बात का गर्व है कि मेरे बूथ पर पन्ना प्रमुख की भूमिका मिली है. संगठन पर्व के पहले फेज में सदस्यता पर्व में प्रदेश ने इतिहास रचा है और आज तक 1.65 करोड़ से ज्यादा सदस्य पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं. हमारा दूसरा फेज बूथ के संगठन पर्व की शुरुआत गुरुवार से हो गई. यह 20 नवंबर तक चलेगा. उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को लेकर बीजेपी हमेशा आगे रही है. बूथ संगठन पर्व का शुभारंभ कर पन्ना प्रमुख बने वीडी शर्मा संगठन पर्व पर प्रदेश के 65,013 बूथों में हर बूथ पर तीन महिलाओं को स्थान दिया जाएगा. बूथ कमेटी में हर वर्ग के लोगों को स्थान देने की शुरुआत भी हो गई है. इसी दिशा में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए इंचार्ज, व्हाट्सएप इंचार्ज सहित लाभार्थी इंचार्ज भी बनाया गया और प्रदेशभर में इस तरह संगठन पर्व के तहत सभी वर्गों को शामिल कर प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. बीजेपेी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार गरीब कल्याण की योजनाओं के माध्यम से गरीबों का कल्याण कर उनके जीवन में खुशियां लाने का काम कर रही हैं. केंद्र और राज्य सरकार नई-नई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो राहुल गांधी के सिर पर सेहरा सजाती है. हारने का आभास होता है तो गुंडागर्दी करने पर उतारू हो जाती है और प्रशासन एवं ईवीएम पर ठीकरा फोड़ती है. विजयपुर में कांग्रेस नेताओं ने गुंडागर्दी की है, मैनें वहां जाकर इसका विरोध किया है. 23 नवंबर को जब परिणाम आएंगे, तब विजयपुर और बुधनी की जनता का जवाब कांग्रेस को मिलेगा.

सीएम मोहन यादव ने कहा गुरु नानक जीवन भर सच्चाई और बराबरी के लिए काम करते रहे

भोपाल  सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक जयंती पर भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका है। साथ ही प्रदेश के लोगों को गुरु पर्व की बधाई दी है। सीएम मोहन यादव ने इस मौके पर लोगों को संबोधित भी किया है। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज अखंड भारत के प्रणेता थे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह जीवन भर सच्चाई और बराबरी के लिए काम करते रहे हैं। अखंड भारत में हुआ उनका जन्म सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह पूरी दुनिया के लिए आदर्श हैं। उनका जन्म अखंड भारत में हुआ। वह अखंड भारत के प्रणेता थे। इसके साथ ही 17 नवंबर को सीएम हाउस में प्रकाश पर्व का बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव की शिक्षाएं एवं आदर्श जीवन मानव सेवा के लिए हमें सर्वदा प्रेरित और हमारा पथ प्रदर्शित करती रहेंगी। ”सतनाम श्री वाहेगुरु” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिख धर्म के संस्थापक, परम श्रद्धेय श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर अरेरा कॉलोनी, भोपाल स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेका और सबके मंगल के लिए प्रार्थना की।@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #गुरु_नानक_जयंती pic.twitter.com/6UaUQQ0Iev — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) November 15, 2024

रणजी ट्रॉफी में एक ही पारी में 10 विकेट लेने वाले अंशुल महज तीसरे गेंदबाज हैं, अनिल कुंबले की बराबरी

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप सी में केरल और हरियाणा के बीच मैच रोहतक में खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने कमाल कर डाला। केरल की पहली पारी के 10 के 10 विकेट अंशुल कंबोज के नाम हुए, रणजी ट्रॉफी में एक ही पारी में 10 विकेट लेने वाले अंशुल महज तीसरे गेंदबाज हैं, वहीं फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अगर इस कारनामा की बात करें तो उनसे पहले तीन ही ऐसे गेंदबाज हैं, जो ऐसा कर चुके हैं, जिसमें से एक नाम अनिल कुंबले का भी है। अनिल कुंबले ने 1998-99 पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान (अब अरुण जेटली स्टेडियम) पर यह कमाल किया था। अंशुल कंबोज से पहले रणजी ट्रॉफी में ऐसा करने वाले दो गेंदबाज सुभाष गुप्ते और देवाशीष मोहंती हैं। गुप्ते ने 1954-55 में ऐसा किया था, वहीं देवाशीष मोहंती ने 2000-01 में यह कारनामा कर दिखाया था। हरियाणा का यह तेज गेंदबाज इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2024 के समय चर्चा में आया था। 2024 में अंशुल मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा थे और उन्हें तीन मैच खेलने का मौका भी मिला था। इस दौरान कंबोज ने तीन मैचों में दो विकेट चटकाए। उन्होंने मयंक अग्रवाल और श्रेयस अय्यर का विकेट चटकाया था। बाबा अपराजिता, जलज सक्सेना, सचिन बेबी जैसे बैटर्स केरल टीम में हैं। कंबोज ने इनफॉर्म बैटर बाबा अपराजिता को तो खाता भी नहीं खोलने दिया। केरल की ओर से तीन बैटर्स ने पचासा ठोका। रोहन कुन्नूमल, अक्षय चंद्रन, सचिन बेबी और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने पचासा ठोके। कंबोज ने 30.1 ओवर में महज 49 रन देकर 10 विकेट चटकाए। कंबोज बॉलिंग ऑलराउंडर हैं और बैटिंग में भी ठीक-ठाक प्रदर्शन कर लेते हैं। 23 साल के इस युवा तेज गेंदबाज ने आईपीएल मेगा ऑक्शन से कुछ दिन पहले ऐसा प्रदर्शन कर कई फ्रेंचाइजी टीमों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया होगा।

बाजार में बढ़ रही है स्किल्ड ब्रांड मैनेजर्स की मांग

आज भारतीय उपभोक्ताओं के पास हर उत्पाद के लिए कई विकल्प उपलब हैं, क्योंकि हर कंपनी अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए ग्राहक को आकर्षित करने की कोशिश करती है। इस पूरी प्रक्रिया में ब्रांडिंग की बड़ी भूमिका होती है। उपभोक्ता के मन में एक प्रोडक्ट की स्थायी जगह बनाने में ब्रांडिंग का बड़ा हाथ होता है। हर बड़ी कंपनी अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज को बाजार में प्रमोट करने के लिए ब्रांड मैनेजर्स को हायर करती है। ब्रांडिंग प्रक्रिया में नए उत्पाद के लॉन्च होने से लेकर उसे उपभोक्ता की जिंदगी का अहम हिस्सा बनाने तक की रणनीति शामिल होती है। हर कंपनी अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज की ब्रांडिंग के लिए ऐसे लोगों को हायर करना चाहती है, जिनके पास प्रमोशन के विभिन्न आइडियाज हों। अगर आप भी इस तरह के करियर ऑप्शन की तलाश में हैं, तो ब्रांड मैनेजमेंट आपके लिए आदर्श करियर बन सकता है। कैसे करें शुरूआत? ब्रांड मैनेजमेंट में करियर बनाने के लिए आप ग्रेजुएशन के बाद ब्रांड मैनेजमेंट से एमबीए करके स्पेशलाइजेशन हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा एमबीए-मार्केटिंग से स्पेशलाइजेशन करके इस करियर को शुरू किया जा सकता है। करियर की संभावनाएं ब्रांड मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद फ्रेशर्स को एंट्री लेवल पर असिस्टेंट ब्रांड मैनेजर की जॉब मिल सकती है। अपने अच्छे आइडियाज, परफॉर्मेंस और इनोवेशन से उम्मीदवार मिड लेवल तक पहुंच सकते हैं यानी ब्रांड मैनेजर बन सकते हैं। किस एरिया में जॉब? प्रतिभाशाली और स्किल्ड ब्रांड मैनेजर्स की मांग फार्मास्यूटिकल, मोबाइल, इंश्योरेंस, हेल्थकेयर कंपनियों, मीडिया हाउसेस, ऑटोमोबाइल कंपनीज वगैरह में काफी है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए हर कंपनी अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग आकर्षक तरीके से करनी चाहती है। कितना पैकेज? इस इंडस्ट्री में फ्रेशर्स का स्टार्टिंग सैलेरी पैकेज तीन से साढ़े तीन लाख प्रति वर्ष हो सकता है। सैलेरी पैकेज इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कौन-से संस्थान में और किस शहर में काम कर रहे हैं। ये गुण जरूरी…. ब्रांड मैनेजर बनने के लिए एक व्यक्ति को न मोटिवेटेड और बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहना जरूरी होता है। -अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स होनी चाहिए। -सुपरविजन, प्रॉब्लम सॉल्विंग और प्लानिंग स्किल्स में भी आगे होने चाहिए। -उम्मीदवार किस तरह के आइडियाज के साथ प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कितने क्रिएटिव तरीके से करते हैं और उसका कैसा रिस्पांस मिलता है, यह भी बहुत मायने रखता है।    

रीवा बजरंग खाद भंडार में एसडीएम और कृषि विभाग की छापे मार कार्यवाई मिली खासा अनियमितता

रीवा  मध्य प्रदेश का रीवा जिला आए दिन किसी-न-किसी मुद्दे को लेकर चर्चा का विषय बना रहता है। कभी यहां चोरी, तो कभी डकैती, कभी हत्या जैसे मामले सामने आते ही रहते हैं। इससे लोगों में अलग सा भय देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों पर ताला लगा कर चंद घंटों के लिए भी बाहर नहीं निकलते हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अपराधों को रोकने के लिए धड़-पकड़ अभियान चलाए जाते हैं। जिनमें उन्हें सफलता भी मिलती है। इसके बावजूद, शहर में नशे का कारोबार भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इसका एक ताजा मामला हाल ही सामने आया है, जब पुलिस प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए खाद और बीज की दुकान पर छापामारा है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। मिल रही थी शिकायत दरअसल, पुलिस प्रशासन को लगातार खाद और बीज की कालाबाजारी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद टीम का गठन कर गुढ़ चौराहे में स्थित बजरंग खाद बीज भंडार दुकान पर दबीश दी गई। इस दौरान दुकानदार को भी जमकर फटकार लगाई गई। संबंधित दस्तावेज नहीं पाए जाने पर दुकान की गोदाम को सील कर दिया गया है। साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई कृषि विभाग को सौंप दी गई है। गोदाम सील इस दौरान एसडीएम वैशाली जैन, तहसीलदार शिव कुमार शंकर सहित पूरी प्रशासन टीम मौजूद रही। दुकान पहुंचने के बाद दुकानदार से सवाल भी किए गए, लेकिन दुकानदार ने कोई जवाब नहीं दिया। मामले को लेकर एसडीएम ने बताया कि शिकायतकर्ता की बयान दर्ज कर लिए गया है। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नगरपालिका परिषद ने मुलताई को अलग जिला घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया

मुलताई  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में संभाग, जिलों और तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर बनाए गए आयोग ने बैतूल की मुलताई (Multai) तहसील को पांढुर्ना जिले में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन, दूसरी तरफ ना सिर्फ इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध हो रहा है, बल्कि मुलताई नगरपालिका परिषद ने तो इसे जिला घोषित करवाने का एक प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया है और सारे राजनीतिक दल और संगठन इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं. बता दें कि ताप्ती नदी (Tapti River) के उद्गम स्थल मुलताई को जिला बनाने की मांग को लेकर पिछले 15 सालों से आंदोलन जारी है, जो इस प्रस्ताव के बाद और तेज हो सकता है. 15 साल से हो रही जिला बनाने की मांग बैतूल की मुलताई तहसील को जिले और राज्य की पवित्र नगरी माना जाता है. पवित्र ताप्ती नदी का उद्गम स्थान मुलताई में है. मुलताई बैतूल जिले की पहचान है. इसे जिला घोषित किए जाने की मांग पिछले 15 साल से लगातार हो रही है, लेकिन अब राज्य पुनर्गठन आयोग के एक प्रस्ताव ने इस आग में घी का काम कर दिया है. आयोग ने मुलताई को जिला नहीं, बल्कि पांढुर्ना जिले में शामिल किए जाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लेकर मुलताई में विरोध के स्वर उठने लगे हैं. मुलताई के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. नगरपालिका ने पारित किया प्रस्ताव जैसे ही मुलताई को पांढुर्ना में शामिल करने की बात सामने आई, वैसे ही मुलताई नगरपालिका परिषद ने मुलताई को जिला बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मुलताई या तो जिला बनेगा या फिर बैतूल में ही रहेगा. बैतूल के सांसद और केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके सहित जिले के सभी पांच भाजपा विधायकों ने ये कह दिया कि मुलताई तहसील किसी भी हाल में पांढुर्ना जिले का हिस्सा नहीं बनेगी. आयोग के प्रस्ताव ने दी हवा धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से मुलताई तहसील बैतूल जिले का एक अहम हिस्सा है. पिछले 15 साल से मुलताई को जिला बनाने की मांग को लेकर कई आंदोलन हुए हैं, जो आश्वासनों के बाद स्थगित हो गए. लेकिन, अब पुनर्गठन आयोग के प्रस्ताव ने इस मुद्दे को दोबारा हवा दे दी है. इससे मुलताई को जिला बनाने की मांग फिर से तेज हो रही है. इस मुद्दे पर आगामी दिनों में बड़े आंदोलन की संभावना है. अगर मुलताई पांढुर्ना जिले में शामिल नहीं भी हुआ, तब भी इसे जिला बनाने की मांग जारी रहेगी.

इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू होगी

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर से भारत गौरव पर्यटन यात्रा के तहत 16 दिसंबर को दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू हो रही है. यह यात्रा दस दिन की होगी और दक्षिण भारत के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का पर्यटक भ्रमण कर सकेगे. रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत ट्रेन 16 दिसंबर को इंदौर शहर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल स्टेशनों से होते हुए जाएगी, जहां से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे. यह यात्रा नौ रात और 10 दिन की है. इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. आईआरसीटीसी की ओर से पेश सर्व समावेशी टूर में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और लग्‍जरी बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है. बताया गया है कि इस यात्रा में शामिल होने वालों के लिए आईआरसीटीसी ने भोपाल के अलावा जबलपुर व इंदौर के रेलवे स्टेशन के कार्यालय पर विशेष प्रबंध किए है. राज्य के बड़े हिस्से के लोग बड़ी संख्या में दक्षिण भारत की यात्रा पर जाते हैं. इसी को ध्यान में रखकर इस यात्रा को प्राथमिकता दी गई है. पर्यटन में दिलचस्पी रखने वालों को ध्यान में रखकर ही यह यात्रा शुरू की जा रही है. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का मकसद संस्कृति और धार्मिक विरासत को देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देना है. ट्रेन में इकॉनमी और डीलक्स दोनों तरह की सुविधाएं हैं. भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए देश के कई ऐतिहासिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों का दर्शन कराया जाता है.

इंदौर में देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया

 इंदौर इंदौर में शुक्रवार को सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर एक भव्य रथयात्रा (रथावर्तन) निकाली गई, जिसमें देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया। बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यात्रा में दो रथ सोने के, दो रजत के, और 35 से अधिक रथ सोने-चांदी, अन्य धातुओं और बहुमूल्य लकड़ियों से बनाए गए थे। यह संभवतः पहली बार हुआ कि इतने बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों से इतने सारे रथ एक ही शहर में एकत्र हुए हों, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद यह भव्य यात्रा विजय नगर स्थित बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से शुरू हुई। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जो इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को देखने आए थे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इस यात्रा का गवाह बनने के लिए मौजूद थी, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद इस यात्रा का रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता है। कई राज्यों की संस्कृति दिखी यात्रा बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से आरंभ होकर एलआईजी चौराहा और पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंची। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक परिधान और देशभक्ति की भावना में लीन दिखे। पारंपरिक भारतीय पोशाकों में सजे हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को एक रंग-बिरंगी छटा प्रदान की। इसके साथ ही, आदिवासी परिधान में मौजूद लोगों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे यात्रा में सांस्कृतिक विविधता भी झलकी। रथयात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में अपना योगदान दिया और यात्रा के उल्लास को बढ़ाया। यहां से गुजरेगी रथ यात्रा एलआईजी चौराहा, पाटनीपुरा चौराहा, भमोरी चौराहा, रसोमा चौराहे होते हुए पुन: दोपहर 12 बजे तक कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी। यहां समापन होगा। मालवा में पहली बार इतना भव्य आयोजन राहुल जैन, जो धर्म प्रभावना समिति के प्रचार प्रमुख हैं, ने बताया कि यह 108 सिद्ध चक्र महामंडल विधान, जो संभवतः पहली बार मालवा की धरती पर हो रहा है, मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। इस यात्रा में कुछ रथ ऐसे भी शामिल हैं जो विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलते, केवल भारत में ही पाए जाते हैं। महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा ने बताया कि यह रथयात्रा 4 से 4.50 किमी लंबी रहेगी और हर रथ की अपनी एक विशेष महिमा है। परंपरागत रूप से महावीर जयंती पर रथ यात्रा निकाली जाती है, लेकिन इस बार गुरु प्रमाण सागर जी के सानिध्य में सभी विशेष रथों को इंदौर बुलवाया गया है। एक महीने तक की तैयारियां धर्म प्रभावना समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार जैन के अनुसार, मुनि महाराज की आज्ञा पर दिगंबर जैन समाज के सभी प्रसिद्ध रथों को एकत्र करने का कार्य किया गया है। इन रथों को इंदौर में एकत्र करने के लिए एक महीने पूर्व से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। नेमीनगर बंडा से सर्वाधिक 30 रथ शामिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों और जिलों के भी रथ यात्रा का हिस्सा बने हैं। इस यात्रा में भारत के 28 राज्यों से आए जैन धर्मावलंबी शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। देशभर से आए भक्त रथों के विशेष महत्व और धार्मिक महत्ता ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है। मुनि श्री प्रमाण सागर जी के सानिध्य में पहली बार इंदौर में आयोजित इस रथ यात्रा का जैन समाज के लोगों में विशेष आकर्षण है। रथों की सजावट, धार्मिक माहौल, और भक्तों का उत्साह इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने के लिए शहर और देश भर से हजारों लोगों को खींच लाया है।  

एकतरफा प्यार में ‘आप’ नेता ने लड़की को बनाया बंधक, रीवा से लड़ चुका है चुनाव

  रीवा रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एकतरफा प्यार में आम आदमी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने एक युवती का अपहरण करउसे बंधक बना लिया. आरोप है कि आम आदमी पार्टी का नेता युवती पर शादी करने का दबाव बना रहा था. वहीं मौका मिलते ही ड्राइवर की मदद से युवती आरोपियों के चंगुल से छूटकर पुलिस के पास पहुंच गई. पीड़ित युवती ने पुलिस से मामले की शिकायत की. वहीं पुलिस ने घेराबंदी करके 3 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. पूरा मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का है. घटना उस समय हुई जब युवती किसी काम से स्टेडियम तिराहे के पास से गुजर रही थी. उसी समय आरोपी गौरव वर्मा ने उसे सस्ता टैबलेट दिलाने का झांसा देकर कार में बैठा लिया. गौरव वर्मा के साथ पहले युवती ने काम किया था जिससे उसकी जान पहचान थी. गौरव उसे बाईपास, कैलाशपुरी और रिंग रोड सहित अन्य स्थानों पर घुमाने के बाद नेहरू नगर स्थित एक घर में ले गया. वहां उसने युवती के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे बंधक बना लिया. गौरव और उसके साथी खाना लेने बाहर गए थे इस दौरान ड्राइवर ने कमरे का दरवाजा खोलकर युवती को छुड़ाया और उसे सुरक्षित घर तक पहुंचा दिया. घर पहुंचते ही युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजन युवती को थाने लेकर पहुंचे. पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने एसडीओपी डभौरा रुपेन्द्र धुर्वे, विवि थाना प्रभारी हितेन्द्रनाथ शर्मा और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया. इन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी गौरव वर्मा, उसके साथी निखिल साकेत और शनि साकेत को गिरफ्तार कर लिया है. नौकरी छोड़ ज्वाइन की थी AAP गौरव वर्मा पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. दिल्ली में एक आईटी कंपनी में अच्छे खासे पैकेज पर नौकरी करता था. इस दौरान उसका रुख आम आदमी पार्टी की तरफ बढ़ने लगा. अरविंद केजरीवाल से नजदीकियां बढ़ी और उसने नौकरी छोड़ दी. रीवा विधानसभा क्षेत्र से उसे 2018 विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया था. इस चुनाव में गौरव की जमानत जब्त हो गई साथ ही चुनाव हारने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई. गौरव पहले से शादीशुदा था लेकिन चुनाव के बाद उसका तलाक हो गया था.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माँ क्षिप्रा के पावन स्नान का सौभाग्य सभी संतो और श्रद्धालुओं को वर्ष भर मिलना चाहिए। इसके लिए वर्षाकाल में क्षिप्रा नदी के मूल पानी को संचित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी में स्नान करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सिंहस्थ के शुरू होने से पहले सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कराएं। उज्जैन के लोगों को पेयजल की आपूर्ति पूर्ण रूप से हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। विक्रम उद्योगपुरी में पानी की आपूर्ति के लिए अन्य स्रोत की योजना बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन तथा नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना क्षिप्रा नदी को निरंतर प्रवाहमान बनाए जाने के लिए निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत 614 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से ग्राम सेवरखेड़ी में बांध बनाया जाएगा, जिसमें वर्षाकाल के क्षिप्रा नदी के जल का उद्वहन करके ग्राम सिलारखेड़ी में स्थित सिलारखेड़ी तालाब में संचित किया जाएगा। सिलारखेड़ी तालाब से संग्रहित जल को वर्षाकाल के बाद क्षिप्रा नदी में पुन: प्रवाहित किया जाएगा।  

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