LATEST NEWS

मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया, आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए  अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं।

नई औद्योगिक नीति में निर्धारित है विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।   हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमने ऐसी उद्योग नीति तैयार की है जो प्रदेश के उद्योग जगत के सभी जरूरतों को पूरा करेगा। हमारा प्रयास था कि ऐसी नीति बने जिससे  प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे और निवेश को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि नई नीति से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे प्रदेश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मंत्री देवांगन ने उद्योग नीति के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और उसके क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।  राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है। इस नीति में प्रथम बार … Read more

छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में खजुराहो में हुई जुआरियों पर एक बड़ी कार्यवाही

खजुराहो इस बड़ी कार्यवाही से जिले के जुआरियों में मच गया हड़कंप !नौगांव एसडीओपी ने खजुराहो के सारांश होटल में 18 जुआरियों सहित 20 लाख का जुआ पकड़ा ! पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में नौगांव एसडीओपी चंचलेश मरकाम के नेतृत्व में  हरपालपुर टीआई पुष्पक शर्मा और खजुराहो थाना प्रभारी अतुल दीक्षित एवं संयुक्त टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए खजुराहो के सारांश होटल में 18 जुआरियों सहित 20 लाख का जुआ पकड़ा !

मुख्यमंत्री साय ने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देर रात कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की निःशुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की।

विशाल बाल मेले में विद्यार्थियों ने लगाए एक से बढ़कर एक स्टॉल ।

Students set up multiple stalls in the huge children’s fair. हरिप्रसाद गोहेआमला। भीमनगर स्थित लाईफ कैरियर सीनियर सेकेंडरी एवं इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में बाल दिवस के मौके पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर धूमधाम से बाल दिवस मनाया गया । इस मौके पर स्कूली विद्यार्थियों द्वारा गरबा नृत्य एवं गायन की शानदार प्रस्तुति दे उपस्थित जनों का मन मोहा वहीं इस दौरान विशाल बाल मेले का आयोजन किया गया था। जिसमे विद्यार्थियों द्वारा व्यंजनों, पेय पदार्थों तथा विभिन्न खेलों के कोई 100 स्टाल सजाएं थे। जो आयोजित बाल मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । लाईफ केरियर स्कूल से प्राप्त जानकारी अनुसार लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेंडरी सी. बी. एस. ई.स्कूल एवं यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में “विशाल बाल मेला” का आयोजन प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बाल दिवस के उपलक्ष में लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेंडरी सी.बी.एस.ई.स्कूल एवं यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल आमला के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन किया गया यह कार्यक्रम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शैलेंद्र बडोनिया के मुख्य आतिथ्य ,थाना प्रभारी सत्य प्रकाश सक्सेना ,नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे, हरि मोहन निरंजन टी.आई.आर.पी.एफ., एम.के .पाटिल टी आई जी आर पी शिवराम सिंह सब इंस्पेक्टर आर. पी. एफ. के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर एवं द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विशाल बाल मेले मे विभिन्न व्यंजनो एवं पेय पदार्थो तथा विभिन्न खेलों के लगभग 100 स्टाल विद्यार्थियो द्वारा लगाए गए ।बाल मेले के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गरबा, नृत्य और गायन की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई।छिंदवाड़ा की गायिका श्रीमती अंजू विश्वकर्मा ने आकर्षक गीतों द्वारा उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष किशोर माथनकर , समाजसेवी मनोज विश्वकर्मा ,पार्षद श्रीमती ओमवती विश्वकर्मा , पार्षद सुनील उईके ,पार्षद रोहित हारोडे, लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल की प्राचार्या श्रीमती छंदा सरकार, यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल आमला की प्राचार्या श्रीमती रश्मि सोनी, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर के एडवोकेट शाहीद उल्ला बेग तथा विद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती सोनिका जोशी एवं रितु गुगनानी ने किया हसिब बेग ने उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया ।

आठ घंटे के अंदर ही सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त, भोपाल में क्राइम ब्रांच ने पकड़ी 8.4 किलो चरस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस अवैध नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में डीजीपी सुधीर सक्सेना के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस ने आज 14 नवम्बर को सुबह 8 बजे से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पहले ही दिन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सुबह से शाम तक कार्रवाही कर मात्र आठ घंटो में 10 करोड़ रूपए से अधिक की कीमत के सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। भोपाल, खरगौन, सिवनी, छिंदवाड़ा और नीमच में हुई बड़ी कार्रवाही प्रदेशव्यापी अभियान के पहले दिन पुलिस ने 43 स्थानों पर अवैध मादक पदार्थ जब्त करने में सफलता पाई है। भोपाल में क्राइम ब्रांच ने 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन जिले के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी जिले के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना में 42.100 किलोग्राम गांजा तथा नीमच के रतनगढ़ थाना में 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त हुआ है। साथ ही 18 आरोपियों सहित 6 कार एवं एक ट्रक भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस प्रकार प्रदेश में पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाही कर 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलो डोडा चूरा, 61 ग्राम एमडी सहित 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अवैध मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 11 वाहनों को भी जब्त किया है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर अवैध मादक पदार्थो के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में मादक पदार्थों के उत्पादन और वितरण में शामिल आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध मादक पदार्थों पर रोक लगाना है, बल्कि जनता में इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस पहल के माध्यम से सरकार राज्य को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें हर संभव प्रयास कर रही है।  

मुख्यमंत्री यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और कुशलक्षेम पूछी, उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी प्लंबर वारिस खान को एबी रोड हाई-वे पर कार पलटने की घटना में शिवपुरी के परिवार के सात लोगों की जान बचाने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और उसकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव हैं। वारिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से बीनागंज जा रहे थे, तभी सामने आ रही कार दुर्घटनावश खंती में गिर गई। मैंने बिना देरी किये अपने हाथों से कार के कांच तोड़े और एक-एक कर के सभी यात्रियों को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वारिस के इस साहसी कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वारिस आपने बहुत अच्छा कार्य किया है। मुसीबत के समय में एक दूसरे की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। आपके इस कार्य से सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को 15 अगस्त के अवसर पर लोगों की मदद करने वाले साहसी लोगों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।  

संकल्प, सफलता और परम्परा से आधुनिकता की ओर, उन्नत बकरी पालन एक नई शुरूआत

छतरपुर छतरपुर जिले के लखनगुवां गांव में वाटरसेड के माध्यम से बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। यह कहानी उसी बदलाव की है, जो न केवल गाँव के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद कर रहा है, बल्कि उनके जीवन में आशा की किरण भी जगा रहा है। जिसमें मुख्य रूप से बकरी पालन में वाटरसेड की भूमिका है। गांव की अधिकांश महिलाएं आर्थिक रूप से निर्भर हैं और उन्हें अपने परिवारों की भलाई के लिए महत्वपूर्ण स्रोतों की आवश्यकता है। इस विचार के तहत, वाटरसेड के माध्यम से स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाएं शामिल थीं। वाटर सेड के माध्यम से ओम साई स्व-सहायता समूह को 7 नग, मां दुर्गा स्व-सहायता समूह को 12 यूनिट एवं श्री गणवेश स्व-सहायता समूह को 12 यूनिट बकरी प्रदान की। इन बकरियों की नस्ल सिरोही, बरबरी एवं देशी है विशेष रूप से दूध एवं मांस उत्पादन के लिए प्रजनित की गई थी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा सके। सिर्फ बकरियाँ ही नहीं, बल्कि आजीविका मिशन ने रिवोलिंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के माध्यम से इन महिलाओं की मदद की। इस फंड का उपयोग उचित प्रबंधन के साथ अपने व्यवसाय को बढ़ाने में किया जा सकता था। सामुदायिक निवेश निधि ने उन्हें अपने व्यवसाय में निवेश करने का एक और रास्ता प्रदान किया, जिससे वे अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। * उन्नत बकरी पालन के लिए पशु सखी की भूमिका जब महिलाएँ अपने बकरी पालन के कार्य में जुट गईं, तब यह महसूस किया गया कि उन्हें प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इसलिए, गाँव में पशु सखी की नियुक्ति की गई, जो बकरी पालन में आवश्यक ज्ञान और प्रशिक्षण प्रदान करती थी। पशु सखी गाँव की एक आत्मनिर्भर महिला थीं, जिन्होंने पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, और खानपान का पर्याप्त ज्ञान प्राप्त किया था। पशु सखी ने गाँव में टीकाकरण कैंप का आयोजन किया, जिसमें सभी समूह की महिलाएँ शामिल हुईं। इस कैंप में उन्हें यह सिखाया गया कि बकरियों को कैसे स्वस्थ रखा जाए, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाएं, और उन्हें कौन-कौन सी बीमारियों से बचाने की आवश्यकता है। महिलाओं को यह समझ में आया कि सही टीकाकरण से उन्हें न केवल बकरियों की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि यह उनके आर्थिक लाभ में भी योगदान देगा। इसके आगे, पशु सखी ने भोजन प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने बताया कि बकरियों को कौन-कौन से खाद्य पदार्थ दिए जा सकते हैं ताकि उनकी दूध एवं मांस उत्पादन क्षमता बढ़ सके। महिलाएँ अब जानती थीं कि पौष्टिक भोजन का मतलब केवल खाना ही नहीं, बल्कि उसकी मात्रा और गुणवत्ता भी होती है। इसके अलावा, बकरियों की देखभाल के प्रति उचित ध्यान रखने की दिशा में भी उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि बकरियों को किस प्रकार की जगह पर रखा जाए, ताकि उन्हें पर्याप्त जगह मिले। बकरियों की सफाई और स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी था जितना कि उनका भोजन। ग्राम लखनगुवां में समूह सदस्यों को बकरी पालन से एक अच्छी आय प्राप्त होने लगी है जिसमें एक महिला को औसतन मासिक आय 10 हजार रूपए की होने लगी। इस प्रकार, ग्राम लखनगुवां में बकरी पालन के इस स्व-सहायता समूह की कहानी एक प्रेरणा बनी है।

पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वालों को अब नहीं करना पड़ेगा शहरों से अपडाउन, बनेगी विशाल टाउनशिप

पीथमपुर  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी-अफसरों को इंदौर और आसपास के शहरों से अपडाउन न करना पड़े, इसलिए मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) उद्योगों के समीप ही आवासीय टाउनशिप तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। दरअसल केंद्र सरकार की मंशा है कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उसी क्षेत्र में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाए ताकि उन्हें कार्यस्थल तक जाने में परेशानी न हो। टाउनशिप विकसित की जाएगी इसलिए एमपीआईडीसी ने दो प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा है। जिसमें इंदौर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं वाली आवासीय सोसायटियों की तर्ज पर पीथमपुर में टाउनशिप विकसित की जाएगी। पीथमपुर के सेक्टर-1 और 6 में दो टाउनशिप में बनने वाली 22 इमारतों में 1362 फ्लैट तैयार किए जाएंगे। टाउनशिप परिसर में गार्डन, सीसीटीवी सर्विलांस, पार्किंग, चौड़ी सड़कें, प्ले जोन, लिफ्ट, फायर सेफ्टी आदि सुविधाएं मिलेंगी। पीथमपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत टाउनशिप विकसित की जाएंगी। प्रयोग सफल होने पर प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जाएगा। लोग रोज अपडाउन करते हैं पीथमपुर में एक हजार से अधिक उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। इन उद्योगों में मप्र सहित अन्य प्रदेशों से आए लाखों कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से एक लाख से अधिक लोग इंदौर, राऊ और महू से अपडाउन करते हैं। हर वर्ष इस औद्योगिक क्षेत्र में सात फीसद की दर से कर्मचारियों की बढ़ोतरी हो रही है। एमपीआईडीसी ने इन्हीं बिंदुओं को लेकर कुछ समय पहले सर्वे किया था, जिसमें पता चला कि पीथमपुर में इन कर्मचारियों के लिए किफायती बजट में 15 से 20 हजार घरों की जरूरत है। इधर पीथमपुर के आसपास निजी कॉलोनियों में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। आवासीय टाउनशिप की प्लानिंग श्रमिकों को मलिन बस्तियों और अवैध बस्तियों में अस्वच्छ परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसलिए एमपीआईडीसी ने पीथमपुर के सेक्टर-1 और 6 में आवासीय टाउनशिप की प्लानिंग की है। हाल ही में इन दोनों टाउनशिप का मसौदा तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। संभवत: आगामी वर्ष में इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। दोनों टाउनशिप में गार्डन, सीसीटीवी सर्विलांस, पार्किंग, प्ले जोन, लिफ्ट, फायर सेफ्टी जैसी अनेक सुविधाएं रहेंगी।

अब भोपाल में खादी के कपड़े परंपरागत दुकानों के बजाय अब ब्रांडेड कपड़ों की तरह चमचमाते माॅल में मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में अब खादी के कपड़ों के भी दिन बदलने वाले हैं. खादी के कपड़े परंपरागत दुकानों के बजाय अब ब्रांडेड कपड़ों की तरह चमचमाते माॅल में मिलेंगे. राजधानी भोपाल में प्रदेश का पहला खादी मॉल बनने जा रहा है. अगले छह माह में खादी माॅल संचालित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. राजधानी भोपाल में बनने जा रहे खादी माॅल में खादी के कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और अन्य कुटीर उत्पाद मिलेंगे. इसमें हस्तशिल्प, हथकरघा, माटीकला, रेशम और ग्रामोद्योग से जुड़े सभी उत्पाद मिलेंगे. माॅल में उत्पादों के लिए विशेष डिस्प्ले स्पेस भी तैयार किए जाएंगे. भोपाल के एमपी नगर के जोन वन स्थित तीन मंजिला चित्तौड़ कॉम्पलेक्स को मॉल में परिवर्तित किया जाएगा. मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने कॉम्पलेक्स में स्थित सरकारी कार्यालय व बीमा कंपनियों के दफ्तर खाली करा लिए हैं. कॉम्प्लेक्स को माॅल बनाने के लिए मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने टेंडर निकाले हैं. वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर पर खादी एम्पोरियम संचालित है. माॅल निर्माण के दौरान इसका भी रिनोवेशन होगा. माॅल खुलने के बाद विभाग फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से भी करार करने की तैयारी कर रहा है. ताकि उपभोक्ताओं को इन परंपरागत उत्पादों की होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा सके. फर्स्ट फ्लोर पर बनेगा हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन मॉल का फर्स्ट फ्लोर हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन के लिए आरक्षित रखा जाएगा. यहां प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कला और संस्कृति से जुड़े हैंडीक्राफ्ट की स्थाई एग्जिबिशन लगाई जाएगी. यहां फैशनेबल खादी ब्रांड व सिल्क के उत्पाद का एक सेगमेंट होगा. सेकंड फ्लोर में विंध्या वैली ब्रांड और ग्राउंड फ्लोर परंपरागत खादी वस्त्रों के लिए रखा जाएगा. छत पर ओपन कैफेटेरिया भी संचालित किया जाएगा. मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने इसके टेंडर निकाले हैं। माॅल खुलने के बाद विभाग फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से भी करार करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि इसमें फर्स्ट फ्लोर पर हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन बनेगा।  सेकंड फ्लोर में विंध्या वैली ब्रांड, ग्राउंड फ्लोर परंपरागत खादी वस्त्रों के लिए रखा जाएगा। वहीं छत पर ओपन कैफेटेरिया संचालित किया जाएगा।

दिल्ली में प्रदूषण की पड़ रही मार, याचिकाकर्ता ने कहा- लोग गंभीर स्थिति में, अब सुनवाई होगी 18 नवंबर को

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर को सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता और न्याय मित्र अपराजिता सिंह की ओर से दायर याचिका पर गौर करते हुए न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने पीठ से कहा कि कल से लोग गंभीर स्थिति में हैं। इससे बचने के लिए अदालत ने सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को इस बारे में सूचित कर दिया है और उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या कदम उठाए जा रहे हैं? दिल्ली समेत एनसीआर में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के कारण राजधानी में धुंध की चादर छाई हुई है। सीरीफोर्ट इलाके में एक्यूआई 438 दर्ज किया गया है, जिसे सीपीसीबी के मुताबिक ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। आनंद विहार में एक्यूआई 472 दर्ज हुआ है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस तरह से उत्तर भारत में पराली जलाने के मामले दिख रहे हैं, उसके हिसाब से फिलवक्त इसमें बड़े पैमाने पर कमी आने का अंदेशा नहीं है। राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है, जिससे अक्षरधाम मंदिर और आस-पास के इलाकों में धुंध की मोटी परत छा गई है। 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस को लगाई थी फटकार सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध के उसके आदेश को गंभीरता से न लेने पर 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा माना जाता है कि कोई भी धर्म किसी भी ऐसी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता, जो प्रदूषण को बढ़ाती है या लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाती है।’ जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की सदस्यता वाली पीठ ने कहा कि अगर पटाखे इसी तरह से फोड़े जाते रहे तो इससे नागरिकों का सेहत का मौलिक अधिकार प्रभावित होगा। सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत सहित अन्य न्यायाधीशों ने आज सुप्रीम कोर्ट कैंटीन में वकीलों की तरफ से आयोजित लंगर में भाग लिया।

2025 से शुरू होने वाली10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए CBSE बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025 से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने, शिक्षा को अधिक समझने योग्य बनाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किए गए हैं। CBSE ने इन बदलावों की जानकारी हाल ही में इंदौर में आयोजित “ब्रिजिंग द गैप” प्रिंसिपल्स समिट में दी, जिसमें बोर्ड के भोपाल रीजनल ऑफिसर, विकास कुमार अग्रवाल ने ये फैसले साझा किए। 1. सिलेबस में 15% की कमी CBSE ने घोषणा की है कि 10वीं और 12वीं के सभी विषयों के सिलेबस में 15% की कमी की जाएगी। इससे छात्रों पर अध्ययन का दबाव कम होगा और वे परीक्षा के लिए रटने की बजाय विषयों को अच्छे से समझने पर ध्यान देंगे। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अधिक गहराई से विषयों की समझ प्रदान करना है, जिससे उनका अकादमिक विकास बेहतर हो सके और वे इन विषयों का व्यावहारिक उपयोग कर सकें। विकास कुमार अग्रवाल ने बताया कि सिलेबस में की गई यह कमी छात्रों को एक अधिक संतुलित और समझने योग्य अध्ययन सामग्री प्रदान करेगी, जिससे उन्हें आसानी से और अधिक प्रभावी ढंग से सीखने का अवसर मिलेगा। 2. असेसमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव असेसमेंट के तरीके में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब फाइनल ग्रेड का 40% आंतरिक असेसमेंट (जैसे प्रोजेक्ट, असाइनमेंट, पीरियडिक टेस्ट) पर आधारित होगा, जबकि 60% अंक छात्रों के फाइनल लिखित परीक्षा पर आधारित होंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों को पूरे साल अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का अवसर मिले, जिससे केवल अंतिम परीक्षा पर निर्भर रहने की स्थिति से बचा जा सके। आंतरिक असेसमेंट छात्रों के ज्ञान और कौशल का समग्र मूल्यांकन करेगा, जिससे उनका पूरा शैक्षिक सफर अच्छा रहेगा। आंतरिक असेसमेंट में छात्रों को प्रोजेक्ट्स, असाइनमेंट्स, और पीरियडिक टेस्ट्स के माध्यम से अपनी समझ और क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्र पूरे साल सक्रिय रूप से पढ़ाई करते रहें और केवल अंतिम परीक्षा तक सीमित न रहें। 3. डिजिटल असेसमेंट का उपयोग CBSE ने परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल असेसमेंट की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इससे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन त्वरित और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। डिजिटल असेसमेंट प्रणाली से छात्रों के उत्तरों का मूल्यांकन तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी होगा। इसके अलावा, इससे मूल्यांकन में इंसान से होने वाली त्रुटियों को भी कम किया जा सकेगा। 4. ओपन बुक परीक्षा का प्रयोग CBSE ने इंग्लिश लिटरेचर और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए ओपन बुक परीक्षा का प्रयोग शुरू किया है। इस प्रक्रिया में छात्रों को किताबों और नोट्स के साथ परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। ओपन बुक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को केवल रटने के बजाय विषयों की गहरी समझ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रक्रिया छात्रों को अधिक सोच-समझकर उत्तर देने का मौका प्रदान करेगी, जिससे उनकी सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता में सुधार होगा। 5. एक टर्म परीक्षा 2025 से, दो टर्म परीक्षा 2026 से CBSE ने यह भी घोषणा की है कि 2025 से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं एक टर्म (semester) की होंगी, लेकिन 2026 से यह प्रणाली दो टर्म वाली परीक्षाओं में बदल जाएगी। इस प्रणाली के तहत, परीक्षा को दो भागों में विभाजित किया जाएगा, जिससे छात्रों को पूरे साल अध्ययन करने की आदत पड़ेगी और वे किसी एक परीक्षा पर अत्यधिक निर्भर नहीं होंगे। दो टर्म प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों को एक ही समय में सभी विषयों को तैयार करने का दबाव न हो। एक टर्म प्रणाली में, छात्रों को पहले टर्म के बाद एक मध्यावधि परीक्षा का मौका मिलेगा, जिससे वे पूरे साल अधिक संगठित तरीके से पढ़ाई करेंगे और परीक्षा के दौरान तनाव कम होगा। 6. छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के प्रयास CBSE के अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से छात्रों का मानसिक दबाव कम होगा। विकास कुमार अग्रवाल ने कहा कि छात्रों के लिए एक अधिक संतुलित और समान्य अध्ययन प्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत, छात्रों को केवल अंतिम परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय पूरे साल अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने का अवसर मिलेगा। इससे उनके मानसिक दबाव में कमी आएगी और वे बिना तनाव के बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।  7. उत्साहवर्धक कदम छात्रों के लिए इन बदलावों से छात्रों को न केवल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा, बल्कि यह कदम उनकी अकादमिक जीवन को भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद करेगा। बोर्ड परीक्षा की तनावपूर्ण प्रक्रिया को कम करने के साथ-साथ, यह छात्रों को अधिक आत्मविश्वास और बेहतर लर्निंग अनुभव प्रदान करेगा। CBSE के इन नए बदलावों से 10वीं और 12वीं के छात्रों को एक नई दिशा मिलेगी। अब छात्रों को रटने की बजाय विषयों को समझने और सीखने का ज्यादा मौका मिलेगा, जिससे उनका शैक्षिक विकास होगा। साथ ही, डिजिटल असेसमेंट और ओपन बुक परीक्षा जैसे कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और लचीलापन बढ़ाएंगे। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों के मानसिक दबाव को कम करते हुए, उन्हें एक अधिक संतुलित और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करना है। यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में एक नया सुधार लेकर आएंगे, जो छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा और भारतीय शिक्षा के भविष्य को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 2025 से लागू होने वाले ये बदलाव छात्रों और शिक्षा प्रणाली पर किस प्रकार के प्रभाव डालते हैं।

कांदा एक्सप्रेस : नासिक से दिल्ली 1333 टन प्याज लायी मालगाड़ी, अब मिलेगी राहत

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में अब प्याज की कीमतें कम हो सकेंगी। जी हां, इन इलाकों में प्याज की सप्लाई बढ़ सके, इसके लिए नासिक से पिछले दिनों ही एक विशेष एक्सप्रेस ट्रेन चली थी। यह ट्रेन कल यानी बुधवार को ही दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुकी है। इस ट्रेन में 1333 टन प्याज है। इसे यदि ट्रक से मंगाया जाता तो कम से कम 56 ट्रक में लाना होता। कीमतें होंगी स्थिर आजादपुर मंडी के प्याज कारोबारियों का कहना है कि एक मालगाड़ी प्याज आने से अब इसकी कीमतें स्थिर होंगी। दरअसल एक मल्टी एक्सल ट्रक में करीब 25 टन प्याज आता है। ट्रक से प्याज मंगाने पर रेलगाड़ी के मुकाबले ज्यादा समय लगता है। वहीं मालगाड़ी में एक साथ 1333 टन प्याज आ गया। इसे यदि ट्रक से मंगाया जाता तो 56 ट्रक में लाने पड़ते। प्याज लाने में खर्च भी कम लगा केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के एक अधिकारी का कहना है कि यिद ट्रक से इतना प्याज मंगाना पड़ता तो 56 ट्रकों का किराया ही 84 लाख रुपये पड़ता। लेकिन रेलगाड़ी से मंगाने पर रेलवे को 70 लाख 20 हजार रुपये का किराया चुकाना पड़ा। मतलब कि करीब 14 लाख रुपये की बचत। इससे प्याज खुले बाजार में सस्ती बिकेगी। एक और मालगाड़ी की लोडिंग चल रही है रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी से इतने बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई से दिल्ली में प्याज की उपलब्धता में वृद्धि होगी। इस पहल से प्याज़ की आवक बढ़ेगी और मंडियो मे प्याज़ की खुदरा मूल्य स्थिर होंगी । उन्होंने बताया कि इस समय नासिक में एक और मालगाड़ी में प्याज लोड की जा रही है। उस रैक में 1400 टन प्याज लोड किया जाएगा। यह प्याज भी अगले कुछ दिनों में दिल्ली पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार के पास है पौने पांच लाख टन प्याज प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस साल प्याज का 4.7 लाख टन बफर स्टॉक बनाया है। इसी में से प्याज दिल्ली समेत देश के विभिन्न शहरों में भेजा जा रहा है। अभी तक बफर स्टॉक से प्याज गुजरात, कर्नाटक, गोवा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और मणिपुर भेजा जा चुका है। बफर स्टॉक के लिए जो प्याज की खरीद की गई है, उसकी औसत खरीद मूल्य 28 रुपये किलो है। खुले बाजार में महंगी बिक रही है प्याज इस समय दिल्ली के खुले बाजार में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस वजह से लोगों का खाना बेस्वाद हो गया है। अब जबकि मालगाड़ी भर कर प्याज दिल्ली आ गई है तो माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इसकी कीमतें स्टेबल हो जाएंगी।

इस वर्ष पड़ेगी कड़ाके की ठंड, IMD की भविष्याणी ने बढ़ा दी टेंशन, ला नीना के एक्टिव होने की संभावना

नई दिल्ली भारत में इस साल ठंड के तेवर कैसे रहेंगे इसको लेकर मौसम विभाग की चेतावनी आ गई है। आईएमडी के मुताबिक इस साल देश में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। इसके मुताबिक इस दौरान हालात बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सर्दी काफी ज्यादा सता सकती है। गौरतलब है कि मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के शहरों में सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आ रही है। इसके अलावा दिन और रात के तापमान में ठीक-ठाक अंतर महसूस होने लगा है। क्यों कहा जा रहा कि पड़ेगी कड़ाके की ठंड इसकी वजह है अक्टूबर-नवंबर के दौरान ला नीना के एक्टिव होने की संभावना। IMD के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। हालांकि मौसम विभाग का यह भी कहना है कि ठंड कितनी पड़ेगी इसका सटीक पूर्वानुमान नवंबर में ही लग पाएगा। ला नीना के इसी महीने एक्टिव होने पर दिसंबर और जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। ला नीना की वजह से आमतौर पर तापमान में गिरावट आती है। सर्दियों में भी इसकी वजह से अधिक बारिश होती है। ला नीना का प्रभाव कितना ला नीना के दौरान पूर्वी हवाएं समुद्र के पानी को पश्चिम की ओर धकेलती हैं। इस वजह से समुद्र की सतह ठंडी हो जाती है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक ला नीना अक्टूबर और नवंबर के बीच एक्टिव होने की संभावना 71 प्रतिशत है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। जब ला नीना होता है, तो उत्तर भारत, खासकर उत्तर-पश्चिमी भारत और आसपास के मध्य क्षेत्र में तापमान सामान्य से कम हो जाता है। क्यों पड़ेगी अधिक ठंड मौसम विभाग के मुताबिक भारत में अधिक ठंड का संबंध ला-नीना से है। ला-नीना मौसम की एक खास अवस्था है। अगर ला-नीना बनता है तो भारत के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी और दिल्ली-एनसीआर समेत मध्य क्षेत्र में आमतौर पर ठंड का प्रकोप देखने को मिलता है। हालांकि ला-नीना का पूरा प्रभाव आने वाले महीने में समझ में आएगा। क्या है ला-नीना स्पेनिश में ला-नीना का मतलब होता है छोटी लड़की, यह अल-नीनो का उलटा होता है। जब ला-नीना बनता है तो यह काफी ज्यादा ठंड ले आता है। यह प्रशांत महासागर की सतह पर ठंड को बढ़ाता है। इस दौरान बारिश खूब होती है और तापमान में कमी आती है। ला-नीना विभिन्न वैश्विक जलवायु परिवर्तनों से जुड़ा हुआ है। जैसे-अटलांटिक में अधिक तूफान, दक्षिण अमेरिका में सूखा, और दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में गीला मौसम। यह अप्रैल और जून के बीच शुरू होता है, अक्टूबर से फरवरी तक मजबूत होता है। यह 9 महीने से लेकर 2 साल तक कहीं भी रह सकता है। भारत पर कितना असर सितंबर में आईएमडी ने भविष्यवाणी की थी कि ला नीना के चलते भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। यह उम्मीद की जाती है कि उत्तरी क्षेत्रों, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर को ठंड के तापमान का सामना करना पड़ेगा, जो संभावित रूप से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तेज बरसात के साथ खतरनाक ठंड सर्दियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल भारत में फॉग शुरू हो चुका है। उत्तरी भारत, जिसमें जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में सुबह धुंध भरी हो रही है। इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों में देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, अगले दो दिन में पूर्वी भारत में तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आ सकती है। वहीं, अगले कुछ दिन के अंदर तापमान में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

सर्दियों में जंगल सफारी: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रकृति और वन्यजीवों का अद्भुत संगम

Jungle Safari in Winter: Amazing confluence of nature and wildlife in Bandhavgarh Tiger Reserve Kanha and Bandhavgarh tiger reserve घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है। अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ कान्हा पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं। उमरिया। Kanha and Bandhavgarh tiger reserve ऊंचे-ऊंचे साल के वृक्षों के बीच से होकर धरती को चूमती सूर्य रश्मियां, पक्षियों के कलरव, कुलांचे मारते हिरणों के झुंड और उन्मुक्त विचरण करते बाघ। घने वन के बीच घास के लंबे-लंबे मैदान और वन्य जीवों की गतिविधियों के बीच सर्दी के मौसम में जंगल सफारी का आनंद अलग है।अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में प्रकृति के निकट कुछ समय व्यतीत करना चाहते हैं तो टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व स्वागत को तैयार हैं।पर्यटकों से संकोच नहीं करते बजरंग और छोटा भीमटाइगर स्टेट में सर्वाधिक बाघों की संख्या वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व है। 165 बाघों वाले इस राष्ट्रीय उद्यान में बजरंग और छोटा भीम नाम के बाघ लोगों को सर्वाधिक आकर्षित करते हैं। यह दोनों पर्यटकों के समक्ष आने में संकोच नहीं करते। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने वाले पर्यटक एक ही दिन में कम से कम दो टाइगर रिजर्व की सफारी कर सकते हैं। बांधवगढ़ में सुबह की सफारी करने के बाद पर्यटक कान्हा टाइगर रिजर्व, संजय धुबरी टाइगर रिजर्व अथवा मुकुंदपुर टाइगर सफारी का भ्रमण आसानी से कर सकते हैं। इन सभी स्थानों की दूरी चंद घंटों की है। टाइगर स्टेट के टाइगर रिजर्व की बुकिंग के आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर के दूसरे पखवाड़ा से जनवरी के पहले पखवाड़ा तक एक लाख से ज्याद पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। अन्य प्रमुख स्थल बांधवगढ़ से कान्हा की दूरी महज 210 किलोमीटर है और सड़क बेहद शानदार है। पर्यटक रास्ते में पड़ने वाले घुघुवा जीवाश्म पार्क का भ्रमण भी कर सकते हैं। बांधवगढ़ आने वाले पर्यटक मुकुंदपुर टाइगर सफारी इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें वहां सफेद बाघ की सतवीं-आठवीं पीढ़ी के दर्शन सुगम होते हैं। यहां से 129 किमी की दूरी पर मुकुंदपुर टाइगर सफारी तथा 84 किमी की दूरी पर संजय धुबरी टाइगर रिजर्व है। इस तरह पहुंचे कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और दुबरी टाइगर रिजर्व तक पहुंचने के लिए जबलपुर केंद्र बिंदु है। जबलपुर हवाई अड्डे से सभी प्रमुख शहरों की कनेक्टिवटी है। जबलपुर और कटनी रेलवे स्टेशन से भी पर्यटक बांधवगढ़ पहुंच सकते हैं इसके लिए उमरिया स्टेशन उतरना होता है। कान्हा नेशनल पार्क जबलपुर से 160 किमी तथा पेंच पार्क 170 किमी दूर है। वहीं संजय दुबरी टाइगर रिजर्व जबलपुर से 350 किमी की दूरी पर है। ठहरने की व्यवस्था बांधवगढ़, पेंच, कान्हा और संजय दुबरी में रुकने के लिए अच्छे होटल और सर्वसुविधा संपन्न होम स्टे सुविधा है। यहां मध्य प्रदेश टूरिज्म कार्पोरेशन के गेस्ट हाउस भी पर्यटकों की अच्छी आवभगत करता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet