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मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन आईटी पार्क का करेंगे भूमिपूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन आईटी पार्क का भूमिपूजन आज करेंगे। कार्यक्रम उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज, इंदौर रोड में आयोजित होगा। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार व उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। उज्जैन आईटी पार्क लगभग 46 करोड़ रुपए की लागत से बनने जा रहा है। आईटी पार्क स्थापित होने से क्षेत्र में आईटी, आईटीएस, ईएसडीएम सेक्टर में निवेश के नए आयाम स्थापित होंगे और युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। आईटी पार्क का विस्तार 2.16 हेक्टेयर भूमि पर होगा। पार्क की इमारत महाकाल की अनन्त की अवधारणा पर डिजाइन की जाएगी और 5 चरणों में इसका निर्माण होगा।  

जिस सेंटर में परीक्षा होगी, उसी दिन कापी स्कैन हो जाएगी, उसी दिन कॉपी अपलोड भी होगी, कार्यपरिषद ने दी हरी झंडी

जबलपुर अब मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान (मेडिकल) विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश भर के कालेजों में जिस दिन परीक्षाएं खत्म होंगी, उसके अगले दिन से ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उसी सेंटर में आरंभ हो जाएगा। यह पेरीफेरल-स्कैनिंग के तहत होगा और इसे कार्यपरिषद ने हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही अब केंद्रीयकृत मूल्यांकन की योजना है। परीक्षा वाले दिन ही स्कैन हो जाएगी कॉपी यह सेंट्रल एसेसमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। इसमें जिस सेंटर में परीक्षा होगी, उसी दिन कापी स्कैन हो जाएगी, चूंकि मेडिकल विश्वविद्यालय में डिजिटल वेरिफिकेशन होता है, अत: उसी दिन कॉपी अपलोड हो जाएगी। विश्वविद्यालय के अभिनव प्रयास से प्रदेश के उन हजारों विद्यार्थियों को फायदा होगा, जो विभिन्न कॉलेजों से चिकित्सा विज्ञान, होम्योपैथी व आयुर्वेदिक की पढ़ाई कर रहे हैं। बता दें, मेडिकल विश्वविद्यालय से प्रदेश के करीब 500 कालेज संबद्ध हैं। इस नई व्यवस्था से मूल्यांकन के काम में गति आएगी, साथ ही समय बचेगा। परीक्षा परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके बाद विद्यार्थियों का शैक्षणिक कैलेंडर भी प्रभावित नहीं होगा। पहले ऐसी होती थी कॉपी की जांच अब तक मेडिकल विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में सेंटर से कॉपी विश्वविद्यालय को भेजी जाती थी, फिर स्कैनिंग होती थी। कोडिंग होती थी, फिर डिकोडिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इसमें 20 से 25 दिन का समय लग जाता था। इसके बाद फिर मूल्यांकन कार्य आरंभ होता था। परिणाम के इंतजार में बीत गए पांच माह अभी पुरानी पद्धति से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के कारण सत्र 2022-23 नर्सिंग संकाय प्रथम वर्ष की परीक्षाओं को पांच माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन नतीजों के इंतजार में विद्यार्थी बैठे हुए हैं।

ग्वालियर-झाँसी खंड में तीसरी लाइन कार्य के दौरान भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित

भोपाल उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के ग्वालियर-झाँसी खंड में तीसरी लाइन के कार्य के संदर्भ में संदलपुर-आंतरी स्टेशनों के बीच अप लाइन पर कट और कनेक्शन कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है| 1.    गाड़ी संख्या 12644 हजरत निज़ामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 2.    गाड़ी संख्या 12780 हजरत निज़ामुद्दीन-वास्को डी गामा एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 3.    गाड़ी संख्या 12626 नई दिल्ली – त्रिवेंद्रम केरला एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 4.    गाड़ी संख्या 12708 हजरत निज़ामुद्दीन-तिरुपति एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 5.    गाड़ी संख्या 12628 नई दिल्ली – बेंगलुरू कर्नाटक एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 6.    गाडी संख्या 12808 निज़ामुद्दीन-विशाखापटनम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 7.    संख्या 12618 हजरत निजामुद्दीन-एर्नाकुलम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 22.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया ग्वालियर-गुना-रुठियाई-मक्सी-भोपाल होते हुए गंतव्य को जाएगी। 8.    गाड़ी संख्या 12191 हज़रत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 22.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया ग्वालियर-गुना-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।  

दिल्ली स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां 1 जनवरी से शुरू होकर 15 जनवरी 2025 तक रहेंगी

नई दिल्ली दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DOE) ने राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों के लिए सर्दी की छुट्टियां घोषित कर दी हैं, जो 1 जनवरी से शुरू होकर 15 जनवरी 2025 तक रहेंगी। इस दौरान, शिक्षा विभाग ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए सुधारक कक्षाओं के दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। ये कक्षाएं 10 दिनों तक चलेंगी और छात्रों को उनकी कमजोरियों वाले विषयों के बुनियादी सिद्धांतों को समझने में मदद करेंगी। शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कक्षा 9 से 11 तक के छात्रों के लिए अंग्रेजी, विज्ञान और गणित को दैनिक आधार पर पढ़ाया जाएगा। वहीं, कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए सुधारक कक्षाएं प्री-बोर्ड प्रश्न पत्रों की पुनरावृत्ति और अभ्यास पर केंद्रित रहेंगी। शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को प्रश्न पत्रों को सही तरीके से हल करने की विधियां भी सिखाएं। इसके साथ ही सहायक सामग्री का प्रभावी रूप से उपयोग करने पर भी जोर दिया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा है कि संबंधित विषय के शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है कि छात्रों के कौन से विषय या टॉपिक्स कठिन हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से ध्यान देना चाहिए, ताकि छात्र अपनी समस्याओं को हल कर सकें। सभी स्कूलों से कहा गया है कि वे इन सुधारक कक्षाओं की सूचना छात्रों और उनके माता-पिता को पहले से ही सुबह/शाम की सभा, SMC बैठकें, छात्रों की डायरी और सामूहिक SMS के माध्यम से दें। स्कूल प्रमुख (HoS) यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि सभी छात्र इन कक्षाओं में शामिल हों।

यह भी आपके अधिकार: शादी वाली फोटो खोने पर फोटोग्राफर पर कर सकते हैं केस, मिलेगा मुआवजा

This is also your right: If you lose your wedding photos, you can file a case against the photographer and get compensation नई दिल्ली। शादी की तस्वीरें और वीडियो बहुत ज्यादा भावनात्मक महत्व रखते हैं। पीढ़ियों तक यादों को संजोकर रखने में इनका अमूल्य योगदान होता है। अब जबकि शादी की फोटोग्राफी के पैकेज लाखों में आने लगे हैं तो इस क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों को समझना बहुत जरूरी हो गया है। कानूनी उपाय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(7) के तहत फोटोग्राफी सेवाओं को भाड़े पर लेने वाला कोई भी व्यक्ति उपभोक्ता है। धारा 2(11) में उस कमी को परिभाषित किया गया है, जिससे उपभोक्ता को नुकसान होता है। कानून ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के लेन-देन को मान्यता देता है और शिकायत घटना के दो साल के भीतर उपभोक्ता आयोगों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज की जा सकती है। फोटोग्राफी सेवाएं अधिनियम की धारा 2(42) के तहत परिकल्पित “सेवाओं’ की परिभाषा के अंतर्गत आती हैं। अनुबंध संबंधी दायित्व उपभोक्ता मंच फोटोग्राफी सेवाओं में स्पष्ट अनुबंधों के महत्व पर जोर देते हैं। साक्षी कुमार बनाम राणा गुरतेज सिंह (2018) मामले में चंडीगढ़ राज्य आयोग ने कहा कि फोटोग्राफी अनुबंध में भले ही समय इतना मायने ना रखता हो, लेकिन फोटोग्राफरों को उचित समय के भीतर काम पूरा करना चाहिए। अनुबंध में स्पष्ट रूप से डिलीवरेबल्स (फोटो की संख्या, संपादन की जरूरत और डिलीवरी फॉर्मेट) का उल्लेख होना चाहिए। आयोग ने माना कि फोटो का चयन एक व्यक्तिगत मामला है और फोटोग्राफरों से उनके स्तर पर फोटो को शॉर्टलिस्ट करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती, क्योंकि उन्हें आमंत्रित लोगों का शादी वाले परिवार से जुड़ाव के बारे में पता नहीं होता। इस मामले में अगर फोटोग्राफर ने उचित प्रक्रिया का पालन किया और अनुबंध के अनुसार संपादित फोटो वितरित किए तो आयोग ने उनके अधिकारों की भी रक्षा की। डेटा लॉस और बैकअप एक बड़ी चिंता तकनीकी विफलताओं के कारण शादी की तस्वीरों का नुकसान होता है। सत्यम गुरुंग बनाम सैमडेन योल्मो (2024) मामले में जब एक फोटोग्राफर ने दावा किया कि बिजली गिरने से शादी की तस्वीरों वाली हार्ड डिस्क क्षतिग्रस्त हो गई थी तो पश्चिम बंगाल राज्य आयोग ने 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया। आयोग ने कहा कि कि पेशेवर फोटोग्राफरों को उपकरण और डेटा बैकअप के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने शिकायतकर्ता को तकनीकी विफलताओं के दावों को विशेषज्ञ रिपोर्ट या फोरेंसिक विश्लेषण जैसे साक्ष्यों से साबित करना चाहिए। आयोग ने कहा कि पेशेवर फोटोग्राफर होने के नाते इस तरह के डेटा नुकसान को रोकने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए थी। ऐसे मामलों में केवल अग्रिम राशि वापस करने से फोटोग्राफरों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। समय पर डिलीवरी जगदीश चंद्र शर्मा बनाम आर.के. वर्मा (2005) मामले में दिल्ली राज्य आयोग ने एक ऐसे मामले पर विचार किया, जिसमें फोटोग्राफर ने पांच साल तक शादी का एल्बम नहीं दिया था। आयोग ने कहा कि “किसी की बेटी के विवाह समारोह के फोटो एल्बम का भावनात्मक मूल्य होता है और इसकी अहमियत कभी भी खत्म नहीं हो सकती, क्योंकि यह आने वाले समय के लिए यादों को संजोए रखता है।’ फोटोग्राफर को एल्बम देने और लंबित भुगतान जब्त करने का निर्देश दिया गया। इसी तरह, पी. मुरलीकृष्णुडु बनाम वरिकल्ला श्रीनिवास (2016) मामले में जब फोटोग्राफर 85% अग्रिम भुगतान लेने के बावजूद वादा किए गए समय पर एल्बम देने में विफल रहा तो जिला फोरम ने ब्याज सहित राशि वापसी का आदेश दिया। गुणवत्ता मानक फोटोग्राफरों की जिम्मेदारी केवल तस्वीरों की क्वांटिटी से कहीं अधिक है। फोटोग्राफरों को वादा किए गए गुणवत्ता मानकों के अनुसार संपादित तस्वीरें देनी सत्यम गुरुंग मामले में गूगल ड्राइव के माध्यम से असंपादित फोटो साझा करने को पर्याप्त नहीं माना गया। आयोग ने नोट किया कि विवाह फोटोग्राफी अनुबंधों में क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों मायने रखता है। अपने अधिकारों की रक्षा स्मृतियों को संजोने के महत्व के मद्देनजर उपभोक्ताओं को विस्तृत लिखित अनुबंध हासिल करना चाहिए, जिसमें डिलीवरेबल्स, समयसीमा और गुणवत्ता मानकों का उल्लेख किया गया हो। अनुबंध में बैकअप प्रक्रियाओं, संपादित फोटो की जरूरतों और तकनीकी विफलताओं के मामले में वैकल्पिक व्यवस्था का भी जिक्र होना चाहिए। उपभोक्ता को सभी कम्युनिकेशन और भुगतानों का रिकॉर्ड रखना चाहिए। उपभोक्ता आयोगों ने विवाह फोटोग्राफी मामलों में लगातार पर्याप्त मुआवजा दिया है। हालांकि मौद्रिक मुआवजा भावनात्मक नुकसान की पूरी तरह से भरपाई नहीं कर सकता, फिर भी यह कीमती यादों को खोने की पीड़ा को कम करने में मदद कर सकता है।

देश की 2032 तक रिन्यूएबल एनर्जी भंडारण की क्षमता 60 गीगावाट तक हो जाएगी: रिपोर्ट

नई दिल्ली सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट फाइनेंस फ्लो को लेकर 2022 की तुलना में 2023 में 63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 30,255 करोड़ रुपये (3.66 बिलियन डॉलर) के स्तर को छू गई है। प्रोजेक्ट फाइनेंस लेंडिंग में वृद्धि ‘2024 में कोयला बनाम नवीकरणीय ऊर्जा निवेश’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट फाइनेंस लेंडिंग में वृद्धि हुई है, लेकिन लगातार तीसरे वर्ष नए कोयला बिजली प्रोजेक्ट को कोई फाइनेंस लेंडिंग नहीं दी गई। हालांकि, कोयला बिजली और खनन कंपनियों की कॉर्पोरेट फाइनेंस लेंडिंग कुल 3 बिलियन डॉलर थी। रिन्यूएबल एनर्जी सौदों में सोलर पावर प्रोजेक्ट का रहा दबदबा 2023 में रिन्यूएबल एनर्जी सौदों में सोलर पावर प्रोजेक्ट का दबदबा रहा, जो कुल सौदों का 49 प्रतिशत था, इसके बाद हाइब्रिड प्रोजेक्ट का 46 प्रतिशत और विंड एनर्जी का हिस्सा 6 प्रतिशत था। सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी के कार्यकारी निदेशक जो अथियाली ने कहा, “हमने सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट फाइनेंस में लगातार वृद्धि देखी है। यह दर्शाता है कि रिन्यूएबल पावर प्रोजेक्ट में निवेशकों का विश्वास है।” 2023 में भारत में कोयला-लिंक्ड कंपनी के फाइनेंस का 96 प्रतिशत से अधिक अंडरराइटिंग के जरिए कमर्शियल बैंक से था, जबकि बचे 4 प्रतिशत का योगदान लोन से था। अमेरिका स्थित बैंकों ने कोयला-लिंक्ड कंपनियों को कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई, जो कुल का 65 प्रतिशत योगदान देता है। कमर्शियल बैंकों ने रिन्यूएबल एनर्जी लोन का 68 प्रतिशत प्रदान किया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2023 में 188 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन कैपेसिटी हासिल कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइमरी फाइनेंसिंग ने प्रोजेक्ट सौदों का 77 प्रतिशत हिस्सा लिया जबकि रिफाइनेंसिंग ने बचे 23 प्रतिशत का योगदान दिया। कमर्शियल बैंकों ने रिन्यूएबल एनर्जी लोन का 68 प्रतिशत प्रदान किया, जो कुल 20,625 करोड़ रुपये (2,497 मिलियन डॉलर) था। राज्यवार आंकड़े बताते हैं कि गुजरात को फाइनेंस कैपेसिटी का 25 प्रतिशत प्राप्त हुआ, जो 9,857 करोड़ रुपये (1,193 मिलियन डॉलर) है, उसके बाद कर्नाटक को 4,593 करोड़ रुपये (556 मिलियन डॉलर) मिले।केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि भारत ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान लगभग 15 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी जोड़ी है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जोड़े गए 7.54 गीगावाट से लगभग दोगुना है। पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि यहां सीआईआई अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन और प्रदर्शनी (आईईसीई) को संबोधित करते हुए, अक्षय ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षेत्र में भारत की कुल स्थापित क्षमता 214 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि अकेले नवंबर 2024 में 2.3 गीगावाट की नई कैपेसिटी जोड़ी गई, जो नवंबर 2023 में जोड़ी गई 566 मेगावाट की तुलना में चार गुना वृद्धि को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 2032 से 5 प्रतिशत की बढ़ातरी देश का ऊर्जा भंडारण परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है. भंडारण समाधानों को शामिल करने वाली अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का अनुपात काफी बढ़ रहा है, जो वित्त वर्ष 20 में 5 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 23 प्रतिशत हो गया है. वित्त वर्ष 32 तक, बिजली उत्पादन में परिवर्तनीय अक्षय ऊर्जा (VRE) की हिस्सेदारी तीन गुना होने की उम्मीद है, जिससे ग्रिड की स्थिरता के बारे में चिंता बढ़ रही है. VRE की वृद्धि ग्रिड को अस्थिर कर सकती है जब तक कि बिजली प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन न हो. खास कर ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (ESS) के एकीकरण के साथ, जो इस प्रबंधन में महत्वपूर्ण हैं. असल चुनौती VRE के उत्पादन और बिजली की अधिकतम मांग के बीच चली आ रही मिसमैच की वजह से है. यह मिसमैच अक्सर ग्रिड अस्थिरता, पीक प्रोड्क्शन घंटों के दौरान सरप्लस एनर्जी और गैर-सौर अवधि के दौरान फॉसिल फ्युल पर निरंतर निर्भरता की ओर ले जाता है. ESS उच्च उत्पादन समय के दौरान एक्सट्रा रिन्यूएबल एनर्जी को जमा करके और मांग के चरम पर इसे जारी करके समाधान प्रदान करता है, जिससे ग्रिड स्थिर होता है और दिन के दौरान आपूर्ति और मांग में अंतर (Diurnal Duck Curve) जैसी समस्याओं को कम करता है. BESS क्षमता 375 गुना बढ़ जाएगी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) के ऊर्जा भंडारण बाजार पर हावी होने की उम्मीद है, विशेष रूप से BESS अपने स्थानिक लचीलेपन, त्वरित प्रतिक्रिया समय और टेक्नोलॉजी में सुधार के कारण प्रमुख टेक्नोलॉजी के रूप में उभर रहा है, जो लागत को और कम कर रहा है. वित्त वर्ष 32 तक, BESS क्षमता 375 गुना बढ़कर 42 GW हो जाने की उम्मीद है, जबकि PSP क्षमता चार गुना बढ़कर 19 GW हो जाएगी. BESS में 3.5 लाख करोड़ निवेश का अवसर वर्तमान में, BESS की लगभग 80 प्रतिशत लागत बैटरी सेल और संबंधित घटकों पर आती है, जिनमें से अधिकांश चीन से आते हैं. इससे भारत को आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और अपने बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी. प्रमुख खिलाड़ी पहले से ही बैटरी निर्माण और घटक उत्पादन में भारी निवेश कर रहे हैं, लगभग 120 GWh सेल क्षमता की घोषणा की गई है, हालांकि अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए अधिक निवेश की आवश्यकता होगी. BESS पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वित्त पोषण क्षमता महत्वपूर्ण है, जिसमें वित्त वर्ष 32 तक 3.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित अवसर है, जो परियोजना-स्तरीय निवेश और अपस्ट्रीम विनिर्माण वृद्धि के संयोजन से प्रेरित है. PSP अपनी लंबी गर्भावधि अवधि के कारण धीमी वृद्धि का सामना कर रहे हैं, फिर भी वित्त वर्ष 32 तक 1.2 ट्रिलियन रुपये के निवेश का योगदान करने की उम्मीद है.  

बृहस्पति के चांद पर एवरेस्ट की ऊंचाई से 4 गुना मोटी बर्फ, जीवन की संभावना मुश्किल

न्यूयॉर्क दुनिया भर के एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट ये सोच रहे थे कि बृहस्पति के बर्फीले चांद यूरोपा की मोटी बर्फीली परत के नीचे जीवन होगा. क्योंकि इसके नीचे नमकीन पानी का समंदर है. जीवन की संभावना हो सकती है. लेकिन हाल ही में हुए खुलासे में उनकी ये धारणा बदल गई है. क्योंकि यहां पर इतनी मोटी बर्फ है, जो उम्मीद से बहुत ज्यादा है.        यूरोपा की सतह पर बर्फ की जो परत है, वो 35 km गहरी है. ये जांच नासा के स्पेसक्राफ्ट जूनो ने की. वह 2016 से लगातार बृहस्पति और उसके चंद्रमाओं के चक्कर लगा रहा है. उसने माइक्रोवेव रेडियोमीटर (MWR) के जरिए सतह की मोटाई नापने की कोशिश की. पता चला 35 किलोमीटर गहरी तो सिर्फ बर्फ की परत ही है.       जूनो के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट स्टीवन लेविन ने कहा कि ये औसत मोटाई है. कहीं कहीं ये इससे कई गुना ज्यादा है. ये ऊंचाई चार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई जितनी है. इंसानों ने धरती पर सबसे गहरी जो ड्रिलिंग की है, उससे तीन गुना ज्यादा गहरी बर्फ है. ये हम सभी वैज्ञानिकों की उम्मीद से बहुत ज्यादा है और हैरान करने वाला है. पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के प्लैनेटरी साइंटिस्ट ब्रैंडन जॉन्सन कहते हैं कि अगर ये आंकड़ें सही हैं तो ये हैरान करने वाले हैं. हमारी धरती पर मौजूद कई चीजों से कई गुना ज्यादा बड़ी, गहरी और ऊंची है यूरोपा की बर्फ की परत. ये 35 km मोटी परत भी कई लेयर्स में बंटी है. पहली 7 km वाली सख्त लेयर. दूसरी 13 km वाली मोबाइल लेयर.         अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा NASA ने यूरोपा पर अंतरिक्ष के कचरों के टकराने से बने गड्ढे देखे हैं. यहां पर कई स्थानों पर प्राचीन गड्ढे, घाटियां, दरारें आदि हैं. यूरोपा पर इन सब चीजों के साथ काफी तीव्र रेडिएशन भी है. लेकिन इसकी ऊपरी ऊबड़-खाबड़ बर्फीली सतह के बीच कुछ गहरे रंग की आकृतियां भी दिखाई दीं है. यूरोपा पर कई छोटे-छोटे इम्पैक्ट क्रेटर हैं. वैज्ञानिकों को लगता था कि मोटी परत के नीचे से जो पानी निकलता है उससे जीवन के बाहर आने की भी संभावना है. पानी के बाहर आने का सिस्टम इम्पैक्ट गार्डेनिंग नाम की एक प्रक्रिया की वजह से बाधित हो रही है. यूरोपा की सतह पर करोड़ों छोटे गड्ढे हैं, जो करीब 12 इंच गहरे हैं. इन छोटे गड्ढों पर अगर किसी भी तरह के केमिकल बायोसिग्नेचर मिलते हैं तो इसका मतलब ये है कि यहां पर जीवन की उत्पत्ति के रासायनिक सबूत मिल रहे हैं. ये गहराई में जीवन को पैदा कर सकते हैं. अभी की स्थिति ऐसी है कि रेडिएशन की वजह से चीजें टूट जाती हैं.जीवन की उत्पत्ति के लिए जरूरी कणों का विभाजन हो जा रहा है. अंतरिक्ष से आकर यूरोपा से टकराने वाली चीजों में भी जीवन के होने की उम्मीद रहती है. लेकिन इस समय यूरोपा पर चल रहे विनाशकारी रेडिएशन की वजह से केमिकल बायोसिग्नेचर जीवन के रूप में पनप नहीं पा रहे हैं. भविष्य में जैसे-जैसे रेडिएशन कम होगा, वैसे ही जीवन की उत्पत्ति की संभावना बढ़ जाएगी. नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की यूरोपा साइंटिस्ट सिंथिया फिलिप्स ने कहा कि हम लगातार अपनी स्टडी को और गहन कर रहे हैं. हम सौर मंडल की वजह से यूरोपा पर पड़ने वाले सभी प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं. अगर हमें किसी ग्रह की उत्पत्ति और उसपर जीवन के संकेतों का अध्ययन करना है.

एडल्ट कंटेंट की तुलना में अधिक आकर्षक विकल्प देना ज्यादा महत्वपूर्ण : राष्ट्रपति पुतिन

मॉस्क रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने  पोर्नोग्राफिक कंटेन्ट के विकल्प तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ अधिक रोचक और जुनून पैदा करने वाले कंटेंट विकसित किए जाने चाहिए। रशिया टुडे को दिए इंटरव्यू में पुतिन ने दुनिया भर में एडल्ट कंटेंट की लोकप्रियता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ रूस की बात नहीं है। इससे पूरी दुनिया प्रभावित है। पुतिन ने कहा, “दुनिया भर में पोर्न साइट्स देखे जाते हैं। यह सिर्फ हमारे लिए मुद्दा नहीं है। यह सबके लिए है। ऐसी सामग्री पर प्रतिबंध लगाना एक उपाय हो सकता है, लेकिन एडल्ट कंटेंट की तुलना में अधिक आकर्षक विकल्प देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।” रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन हमेशा विकल्प के साथ आना होगा। पोर्न वेबसाइट की तुलना में अधिक आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट देना होगा। इससे लोगों में रुचि पैदा होगी और यह पोर्न कंटेंट की जगह ले सकेगा।” पुतिन ने रूस के लोगों से कहा था- ‘काम से मिली छुट्टी के दौरान सेक्स करें’ रूस ऐसे देशों में शामिल है जिसका जन्म दर घट रहा है। इससे आबादी कम हो रही है। सरकार की ओर से जन्म दर बढ़ाने के लिए पहल की जा रही है। व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में रूस की घटती जन्म दर से निपटने के लिए एक अनोखा सुझाव दिया था जो सुर्खियों में आया था। पुतिन ने रूसियों को काम के समय मिलने वाले लंच और कॉफी ब्रेक के दौरान सेक्स करने की सलाह दी थी। कहा था कि इससे प्रजनन दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। रूस में प्रति महिला प्रजनन दर करीब 1.5 है। आबादी स्थिर रह इसके लिए प्रजनन दर 2.1 होना चाहिए। 1.5 प्रजनन दर रहने से रूस की आबादी तेजी से कम होगी। यह एक बड़ा संकट है। प्रजनन दर बढ़ाने के लिए रूस की सरकार कई तरह के योजनाओं को चला रही है। 18 से 40 साल की महिलाओं के लिए मुफ्त प्रजनन जांच की व्यवस्था है।

आंधी तूफान का मौसम आने के पहले ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेन्स सुनिश्चित करें : एम.डी. इंजी.सुनील तिवारी

एम.पी. ट्रांसको की त्रैमासिक रिव्यू मीटिंग मध्यप्रदेश में बढ़ते हुये लोड के मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था बनाये रखे आंधी तूफान का मौसम आने के पहले ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेन्स सुनिश्चित करें : एम.डी. इंजी.सुनील तिवारी भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक इंजीनियर सुनील तिवारी ने निर्देश दिए कि फील्ड के अधिकारी समय रहते प्रदेश की ट्रांसमिशन लाइनों का मेंटेनेन्स सुनिश्चित कर लें। प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने कहा कि वर्तमान रबी सीजन के दौरान मध्यप्रदेश में बढ़ते हुये लोड के मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था बनाये रखे। जिससे ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता कायम रखी जा सके। तिवारी ने वर्तमान रबी सीजन में ट्रांसमिशन लाइनों और सब स्टेशनों पर लोडिंग और वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यों की वर्क वाइस मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाये एवं उच्चतम मापदंड़ो के साथ सर्वोत्तम गुणवत्ता से कार्य समयसीमा में पूर्ण किये जाये। तिवारी ने कहा कि एम.पी. ट्रांसको में विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से आयोजित की जा रही ट्रेनिंग के कारण आये गुणात्मक परिवर्तन की निरंतरता को बनाये रखें। जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य से करें कार्य प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए की फील्ड के अधिकारी ई.एच.टी. लाइनों और सब स्टेशनों में जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य को ध्यान में रखकर सतर्कता और सुरक्षा के साथ मेंटेनेंस करें। उन्होंने कहा कि कंपनी में सुरक्षा के साथ कार्य करने का वर्क कल्चर निर्मित हो, क्योंकि मानव जीवन से महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। कार्य के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पालन कड़ाई से कराया जाये। इस रिव्यू मीटिंग में एम.पी. ट्रांसको के मुख्यालय स्थित सभी विभागाध्यक्ष एवं प्रदेश के अधीक्षण अभियंता मौजूद थे।  

शिवपुरी जिले की चौथी कॉलोनी एवं पोहरी ब्लॉक की पहली जनमन आवासीय कॉलोनी बनकर तैयार हो गई

शिवपुरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 जनवरी 2024 को शिवपुरी जिले के हातोद ग्राम पंचायत में 2 सहरिया जनजाति की महिलाओं से संवाद किया था, जिसमें पोहरी ब्लॉक की बूड़दा पंचायत की श्रीमति ललिता ने प्रधानमंत्री मोदी से हातोद जैसी आवासीय कॉलोनी खुद की बूड़दा पंचायत में भी बनवाने की गुजारिश की थी। बूड़दा पंचायत के सहरिया जनजाति के लिए ये एक सपना जैसा था जो अब साकार हुआ है। शिवपुरी जिले की चौथी कॉलोनी एवं पोहरी ब्लॉक की पहली जनमन आवासीय कॉलोनी बनकर तैयार हो गई है। मुख्य कार्यपाल अधिकारी जनपद पंचायत ने बताया कि कॉलोनी में 32 सहरिया हितग्राहियो के आवास बनाए गए हैं। इन आवासों की ख़ास बात ये है कि ये आवास शहरों की तर्ज पर डुप्लेक्स जैसे बनाये गए है। इन आवासों में अब विशेष पिछड़ी जनजाति के सहरिया हितग्राही निवास करेंगे। इसके अतिरिक्त इन आवास में घर-घर नल एवं विद्युत कनेक्शन की सुविधा दी गयी है, साथ ही सड़क, सामुदायिक भवन, चौपाल आदि की सुविधा भी दी जाएगी। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बूड़दा पंचायत की जनमन कॉलोनी की पूर्णता में आ रही समस्त अड़चनों का समयसीमा में निराकरण किया और कॉलोनी की गुणवत्ता के लिए सूक्ष्मता से मॉनिटरिंग की। उनका कहना है कि समस्त जनमन कॉलोनी में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है और आवास बेहद सुन्दर बनाए गए हैं। कॉलोनी का प्रथम आवास पूर्ण करने वाली श्रीमति ललिता का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री मोदी का बहुत धन्यवाद, जिन्होंने हमारे लिए इतनी सुन्दर आवास कॉलोनी बनवाई, उन्होंने हमारे घर का सपना पूरा किया है। कॉलोनी को पूर्ण करने में पोहरी ब्लॉक के सहायक यंत्री, इंजीनियर, सचिव आदि का मुख्य योगदान रहा है। इसके साथ ही राजस्व विभाग द्वारा स्थल चिन्हांकन में योगदान दिया गया। पीएम-जनमन योजना को 15 नवंबर 2023 को बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए शुरू किया गया था। शिवपुरी जिले की जनपद शिवपुरी ने पीएम जनमन योजना में देश का पहला आवास और पहली कॉलोनी बनाकर, देश में प्रदेश का नाम रोशन किया था। साथ ही सर्वप्रथम 100 आवास, एक हजार आवास तथा 2 हजार आवास भी शिवपुरी जिले में पूर्ण किये गये हैं।  

प्रयागराज महाकुंंभ में मौनी अमावस्या पर होगा सबसे बड़ा स्नान, जानें इसका महत्व

प्रयागराज अगले साल 13 जनवरी से प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक त्योहार माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु और साधु-संत यहां जुटेंगे और आस्था की डुबकी लगाएंगे। महाकुंभ में कुल छह शाही स्नान होंगे, जिनकी शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से होगी। महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा, जिसे बेहद खास माना जाता है। मौनी अमावस्या पर शाही स्नान अगले साल 29 जनवरी को होगा। इस दिन का शुभ मुहूर्त सुबह 5:25 बजे से 6:18 बजे तक रहेगा। मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व काफी अधिक है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन तीर्थस्थलों पर स्नान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। साथ ही मौन व्रत रखने और दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है। सालभर में 12 अमावस्या होती हैं, लेकिन माघ महीने की अमावस्या को सबसे खास माना गया है, जिसे मौनी अमावस्या कहते हैं। महाकुंभ के साथ मौनी अमावस्या का संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन दान का भी बड़ा महत्व है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर दान करने से व्यक्ति के सभी पापों का प्रायश्चित होता है। पितरों को तर्पण और दान करने से वे प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।  

भोपाल में मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दो दिग्गज नेता आपस में भिड़े, सरकारी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य

भोपाल  भोपाल में मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दो दिग्गज नेता आपस में भिड़ गए है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने मांग की कि सरकारी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य हो। वहीं कांग्रेस एमएलए आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया है। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। शर्मा ने मसूद को राष्ट्रगान गाने की चुनौती भी दी। वहीं बीजेपी की एक और विधायक उषा ठाकुर ने सभी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने का समर्थन किया है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दो वरिष्ठ विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिल रही है। हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के हिंदूवादी विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी अनुदान प्राप्त मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य किया जाए। शर्मा ने आगे कहा कि अगर सरकार मदरसों को जमीन और आर्थिक सहायता देती है, तो वहां राष्ट्रगान अनिवार्य क्यों नहीं हो सकता? इसमें क्या गलत है? सभी सरकारी अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों के लिए नियम समान होना चाहिए। आरिफ मसूद ने दी प्रतिक्रिया इस पर भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शर्मा की आलोचना करते हुए कहा कि बीजेपी एमएलए को विधानसभा में कोई भी अप्रासंगिक बयान देने से पहले मदरसों का दौरा करना चाहिए। मसूद ने कहा कि अगर बीजेपी विधायक कभी मदरसों में गए होते, तो उन्हें पता होता कि मदरसों में दाखिला लेने वाला हर बच्चा बिना किसी रुकावट के राष्ट्रगान गाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा विधायक खुद राष्ट्रगान नहीं गा सकते। सार्वजनिक स्थान पर आकर राष्ट्रगान गाने की चुनौती जाहिर है कि कांग्रेस नेता आरिफ मसूद का यह बयान रामेश्वर शर्मा को पसंद नहीं आया और उन्होंने कांग्रेस नेता पर पलटवार किया। रामेश्वर शर्मा ने मसूद को सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रगान गाने की चुनौती दी। गुरुवार को शर्मा ने कहा कि मैं उन्हे चुनौती देता हूं कि अगर आता है राष्ट्रगान तो गाए। वे राष्ट्रगान गा के दिखाए मेरे सामने तो मैं उनके लिए ताली बजाऊंगा।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता होगा, आज जीएसटी काउंसिल की बैठक

नई दिल्ली  स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता हो सकता है। दरअसल, सरकारी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप पर जीएसटी की दर कम कर सकती है। वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी दर बढ़ाई जा सकती है। इससे ये महंगी हो जाएंगी। जीएसटी की इन दरों के बारे में कल यानी शनिवार को निर्णय लिया जाएगा। शनिवार 21 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक होगी। जीएसटी परिषद इस बैठक के दौरान लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स दरों को कम करने पर चर्चा कर सकती है। साथ ही यह कलाई में पहने जाने वाली लक्जरी घड़ियों, जूते और कपड़ों पर टैक्स बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों पर 35% का एक अलग से जीएसटी स्लैब पेश किया जा सकता है। कितनी सस्ता होगा खाना ऑर्डर करना? इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार जीएसटी काउंसिल की यह बैठक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की मौजूदगी में होगी। इसमें स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए जीएसटी दर को मौजूदा 18% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) से घटाकर 5% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना) करने का प्रस्ताव है। 148 चीजों के टैक्स पर बदलाव संभव इस बैठक में करीब 148 वस्तुओं की जीएसटी दर में बदलाव हो सकता है। साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को भी जीएसटी के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श होगा। फिटमेंट कमेटी (जिसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स अधिकारी शामिल हैं) ने इस्तेमाल किए गए ईवी के साथ-साथ छोटे पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर मौजूदा 12 फीसदी से 18 फीसदी तक की दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस बढ़ोतरी से इस्तेमाल की गई और पुरानी छोटी कारें और ईवी पुराने बड़े वाहनों के बराबर हो जाएंगे। सस्ता हो सकता है हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम परिषद के एजेंडे में प्रमुख रूप से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जीएसटी दर तय करना है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में परिषद की ओर से गठित एक मंत्री समूह ने नवंबर में अपनी बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति व्यक्त की थी। साथ ही सीनियर सिटीजन को हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को भी टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों के 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाले हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव है।

अनशन और धरना खत्म करने को लेकर अभ्यर्थियों पर अधिकारियों का दबाव

Pressure from officials on candidates to end fast and strike इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के खिलाफ सैकड़ों अभ्यर्थियों का तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना प्रदर्शन और अनशन जारी रहा। मांगों पर आयोग ने कोई चर्चा नहीं की, जबकि धरना खत्म करने को लेकर दिनभर जिला प्रशासन के अधिकारी दबाव बनाते रहे। साथ ही अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कही। बावजूद इसके उन्होंने धरना से उठने से साफ मना कर दिया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुद्दे को विधानसभा में उठाने पर जोर दिया। बुधवार सुबह दस बजे से नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थी आयोग कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों का दबाव60 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, मगर परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं दिखाने, 100 फीसद रिजल्ट जारी करने, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां सहित अन्य मांगों पर आयोग ने कोई आश्वासन नहीं दिया है। शुक्रवार सुबह से जिला प्रशासन के अधिकारी अभ्यर्थियों को डराने में लगे रहे। एफआईआर का भी डर दिखायाउन्होंने धरना खत्म नहीं करने पर कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही एफआईआर का भी डर बनाया। गुरुवार रात आठ बजे से राधे जाट और अरविंद भदौरिया अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने मांगे नहीं माने जाने तक अनशन से उठने से इन्कार कर दिया है।

वीडी शर्मा ने फिर दिया विवादास्पद बयान कहा, “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों का जींस”

VD Sharma again gave a controversial statement saying, “The genes of the British are in the blood of Congress” बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा “इस पार्टी ने हमेशा डॉ.भीमराव अंबेडकर का अपमान किया.” पन्ना ! मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा “बाबासाहब डॉ.भीमराव अंबेडकर ने देश की आजादी, सामाजिक न्याय और भारतीय जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए जो काम किया, उसे पूरा देश जानता है. कांग्रेस पार्टी लगातार बाबासाहब को अपमानित करती रही है. जब बाबासाहब ने संसद से इस्तीफा दिया तो पं. नेहरू का कहना था कि देने दो इस्तीफा, क्या फर्क पड़ेगा. बाबासाहब का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?” बाबासाहब की हमेशा विरोधी रही है कांग्रेस वीडी शर्मा ने कहा “जब बाबासाहब चुनाव लड़ रहे थे तो हराने के लिए पं. नेहरू ने लगातार प्रयास किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण को गलत तरीके से कांग्रेस जनता के सामने प्रस्तुत किया. अमित शाह के मन, कर्म व स्वभाव में बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्य समाहित हैं. अमित शाह डॉ. अंबेडकर के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी डॉ. अंबेडकर जी समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं.” ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर कांग्रेस वीडी शर्मा ने कहा “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों के जींस हैं. कांग्रेस ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर चल रही है. डॉ. अंबेडकर को लेकर कांग्रेस पार्टी बखेड़ा खड़ा कर रही है. कांग्रेस के नेता अब गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं. हम सभी ने देखा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किस तरह हमारे सांसदों को धक्का दिया. हमारे बुजुर्ग सांसद सारंगी को सिर में चोट लगी और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. वहीं, एक अन्य सांसद राजपूत को भी चोटें आई हैं.”

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