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महासमुंद में आदिवासी विकास के नए आयाम, समृद्धि की ओर सशक्त कदम

महासमुंद महासमुंद जिले में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढता विष्णु सुशासन के एक वर्ष कार्यकाल के दौरान विभाग ने शिक्षा, आर्थिक सहायता, आवासीय सुविधाओं और अधिकारों के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो जिले की समृद्धि और प्रगति की दिशा में मजबूत कदम हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान जिले में 115 छात्रावास और आश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां 5433 छात्र-छात्राएं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ग्राम भोरिंग में स्थापित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत 417 अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, सत्र 2023-24 में 7437 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 418.14 लाख रुपए वितरित किए गए। सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण अंतर्जातीय विवाह योजना के तहत 36 दंपतियों को 2.50 लाख रुपए प्रति प्रकरण के हिसाब से कुल 90 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिले के 936 पी.व्ही.टी.जी. परिवारों को पहचान और कल्याण योजनाओं से जोड़ते हुए 3032 आधार कार्ड, 2102 बैंक खाते, 1887 आयुष्मान कार्ड, और 3183 राशन कार्ड जारी किए गए। पी.व्ही.टी.जी. आवास योजना के तहत 7 आवासों के निर्माण के लिए 17.50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। वनाधिकार और सांस्कृतिक संरक्षण वनाधिकार अधिनियम के तहत 50 व्यक्तिगत और 5 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किए गए। इसके अलावा, देवगुड़ी निर्माण योजना के अंतर्गत 40 देवगुड़ियों के निर्माण के लिए 60 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई। इसी के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण योजना के तहत 30 मामलों के लिए 41.25 लाख की सहायता राशि दी गई। महासमुंद जिले में आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों के सशक्तिकरण के ये प्रयास न केवल उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, बल्कि जिले की समृद्धि और विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी योजनाओं की सौगात, राजस्थान-सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अंत्योदय सेवा शिविर आयोजित

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है। हमारी सरकार ने पहले साल में ही प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है और आने वाले चार वर्षों में हम प्रदेशवासियों से आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल अपने काम का हिसाब भी आमजन के बीच रखेगी। शर्मा रविवार को जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले हमारी सरकार ने राजस्थान की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी। जब हमने यह शपथ ली उससे पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल था, युवा पेपरलीक की मार झेल रहे थे, जल जीवन मिशन का कार्य ठप्प पड़ा था और गरीब भ्रष्टाचार और शोषण के दलदल में फंसा था। उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्रदेश की जनता को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। युवाओं को रोजगार दिया, महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को संबल दिया और गरीब को सामाजिक न्याय देकर सशक्त करने का काम किया। इस एक वर्ष में हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि अंत्योदय की दिशा में हमारे दृढ़ संकल्प और समाज के जरूरतमंद वर्गों को संबल देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया जो हमारी सरकार के विकास कार्यों की प्रेरणा हैं। एक वर्ष में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। हमारी सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की है। अब 75 वर्ष से कम उम्र के सभी पेंशनर्स को 1,150 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पालनहार योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के बच्चों को 750 रुपये से लेकर 2 हजार 500 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 हजार से अधिक नए पालनहारों को योजना से जोड़कर लाभान्वित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का हुआ शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना’ का रिमोट से शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को बैंक द्वारा बिना किसी गारंटी अथवा प्रक्रिया शुल्क के 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की ऋण राशि के चैक प्रदान किए। प्रदेशभर में आज 11 हजार 1 स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरूआत— श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों को 50 लाख रुपए तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले चरण में जेके लोन अस्पताल और एम्स जोधपुर को इस योजना में इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना के पोर्टल का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना की भी शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थी अंशदाताओं को मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेंगे मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र— उन्होंने मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की स्थापना के कार्याें का भी आज से शुभारंभ किया। इन केन्द्रों पर नागरिक, संस्थान, वाणिज्यिक उद्यम आदि पहले उपयोग हो चुकी वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जमा कर सकेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति इन केंद्रों से अपनी आवश्यकतानुसार वांछित सामान प्राप्त कर सकेंगे। 31 जनवरी, 2025 तक लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में आज से प्रारंभ कर 31 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 813 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 50 जिला चिकित्सालयों में 3 चरणों में ये शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर आयुष्मान आरोग्य शिविर की बुकलेट का भी विमोचन किया। लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2 लाख 15 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खातों में विभिन्न योजनाओं की 247.76 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चैक भेंट कर 5,001 परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की। इस योजना में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई।

नगरीय क्षेत्रों का होगा नियोजित विकास: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-भरतपुर एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी

जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश के बड़ी आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास के लिए निरंतर महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। इसी कड़ी में शहरी विकास एवं आवासन विभाग ने रविवार को भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी की है। ये अधिसूचनाएं भरतपुर विकास प्राधिकरण अध्यादेश-2024 (वर्ष 2024 का अध्यादेश संख्या-2) एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण अध्यादेश-2024 (वर्ष 2024 का अध्यादेश संख्या-3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा जारी की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अधिसूचना जारी होने पर कहा कि भरतपुर व बीकानेर प्रमुख शहरों के रूप में उभर रहे हैं। इससे इन शहरों में आबादी का दबाव बढ़ा है। इन नगरीय क्षेत्रों में प्राधिकरणों का गठन होने से यहां विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। इससे आमजन के लिए आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ ही चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि 30 नवम्बर 2024 को मंत्रिमंडल की बैठक में भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। बीकानेर विकास प्राधिकरण में नगर विकास न्यास बीकानेर के वर्तमान क्षेत्र के अलावा नापासर व देशनोक तथा आस-पास के 185 गांव एवं भरतपुर विकास प्राधिकरण में नगर विकास न्यास भरतपुर के वर्तमान क्षेत्र के साथ-साथ 209 गांव शामिल किए जाएंगे।

मेधावी छात्राओं को 89 तथा दिव्यांगों को 24 स्कूटी का वितरण, राजस्थान-गृह राज्य मंत्री ने अंत्योदय सेवा शिविर में सौंपी चाबी

जयपुर। राज्य सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में आयोजित राज्य स्तरीय अंत्योदय सेवा शिविर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण रविवार को खैरथल—तिजारा जिले में किया गया। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने खैरथल-तिजारा जिले में प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के चार दिव्यांगों को स्कूटी, 20 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, पांच दिव्यांगों को व्हीलचेयर, कालीबाई भील स्कूटी योजना के तहत पांच मेधावी छात्राओं को स्कूटी देकर वितरण की शुरुआत की। इसके साथ ही पांच लाभार्थियों को सोलर इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम, तीन दिव्यांगों को मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना के तहत स्वीकृति पत्र, एक लाभार्थी को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अनुदान राशि का चेक, पीएम विश्वकर्म योजना के 6, पीएम स्वनिधि योजना के तीन लाभार्थी, पीएम आवास योजना के तीन लाभार्थी को चेक दिए गए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस साइबर सेल द्वारा बरामद 40 मोबाइल  वापस किए गए। जिला स्तरीय विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान उन्होंने जिले में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की स्टॉल्स पर उत्पादों की जानकारी भी ली। वहीं राजीविका की स्टॉल पर गृह राज्य मंत्री ने हाथ से बनाई जूतियों की प्रशंसा करते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने जिला विकास पुस्तिका का लोकार्पण कर प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से मुखातिब होते हुए राज्य सरकार एवं जिले की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने इस दौरान मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब भी दिए। आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब 15 लाख करोड़ रुपए की हो चुकी है, जिसे अब 30 लाख करोड़ यानी दोगुनी करने पर तेजी से काम किया जा रहा है।  श्री बैढ़म ने अपील करते हुए कहा कि नए राजस्थान के नवनिर्माण में सभी अपना योगदान देवें। मंत्री बैढ़म ने पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए कार्य कर रही है। मंत्री बैढ़म ने कहा कि पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ग्रोथ रेट में पूरे देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। बैढ़म ने जानकारी दी कि जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक प्रदेश में अपराधों में 7.5 फीसदी एवं महिला अपराधों में 10.5 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने रोजगार के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों को बताते हुए कहा कि पिछले 1 वर्ष में 15338 से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं, वहीं हाल ही में 83934 हजार पदों पर वैकेंसीज जारी की गई हैं। उन्होंने जिले में हुए राइजिंग राजस्थान के तहत हुए एमओयू व विभिन्न विकास कार्यों की भी जानकारी दी। गोपालन मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के सुशासन के बारे में बताते हुए कहा कि गत बजट घोषणा के 60 फीसदी से अधिक कार्य पूरे कर लिए गए हैं, शेष पर भी तीव्र गति से काम जारी है, जो मार्च 2025 तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरे किये हैं। आगामी 4 सालों में भी जिले के विकास में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। कार्यक्रम में विधायक तिजारा महंत श्री बालक नाथ योगी, जिला कलेक्टर किशोर कुमार, पुलिस अधीक्षक खैरथल मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित अनेक जनप्रतिनिधि नागरिकगण दूर दराज से आए सैकड़ो अंत्योदय लाभार्थी शामिल हुए।

सुपर फूड जैसा है अंकुरित भोजन

शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर थकान महसूस होती हैं। ऐसे में लोग सप्लीमेंट के तौर पर प्रोटीन लेना शुरू करते हैं। नतीजा हमारे स्वास्थ्य पर उनका बुरा प्रभाव पड़ता है। जबकि प्रोटीन का भी विकल्प मौजूद है। दरअसल, स्प्राउट्स ऐसी चीज है, जिसके खाने से कभी परेशानी नहीं होती। यह प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व व प्रोटीन से भरा है। नट्स, अनाज और फलियों को जब पानी में डाला जाता है तो इनमें मौजूद फाइटेट्स खत्म हो जाते हैं। जिससे इसे पचाने में बेहद आसानी होती है। किसी भी अनाज को जब अंकुरित किया जाता है, तो उसमें मिनरल्स, प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं। जहां तक एंटी-आक्सीडेंट की बात है तो स्पाउट्स में प्रचुर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटी-आक्सीडेंट शरीर की प्रक्रिया के सही ढंग से चलाने में सहायक होते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम मंहगी से महंगी दवाइयां खरीद लेते हैं पर अपना देसी और सस्ता इलाज भूल जाते हैं। जबकि स्प्राउट्स सबसे बढ़िया व सस्ता विकल्प हैं अपने आप को स्वस्थ रखने का चना, मूंग, राजमा और मटर को रात भर पानी में डाल कर रखें और अगले दिन इसे सब्जी के साथ पका कर या फिर अंकुरित कर खा सकते हैं। स्प्राउट्स बनाने की विधि कच्चे अनाज को सुपर फूड बना देती है। उनमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे अचछा तरीका है स्प्राउट्स। यह हमें कई तरह की बीमारियों और लाइफस्टाइल संबंधी परेशानी से बचाती है। स्प्राउट्स को पोषक तत्वों का बंडल भी कहा जाता है। अनाज जैसे गेहूं, मक्का रागी, बार्ली और बाजरे को 12 घंटे पानी में भिगोकर मिट्टी में डाल दिया जाता हैं। इनके नन्हें पौधे 10-12 दिनों में तैयार हो जाते हैं। इनका जूस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। तिल, मूली और मेथी के बीज खाने में तो कड़वे होते हैं, पर इन्हें स्प्राउट्स के साथ मिलाकर खाया जा सकता हैं। हरे और काले चने, के स्प्राउट्स के साथ-साथ ओट्स, बकवीट में उच्च मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। अलफा अलफा को स्प्राउट्स का राजा कहा जाता है। इसमें मैंग्नीज की उच्च मात्रा पाई जाती हैं और साथ में विटामिन ए, बी, सी, ई और के की प्रचुर मात्रा भी होते हैं। इसमें एमिनो एसिड और दूध से काफी ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। स्प्राउट्स में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटाशियम, सोडियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन ए, थाइमिन या विटामिन बी-1, बी-2, बी-3, विटामिन सी मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं। यह क्लोरोफिल का अच्छा स्रोत है और इसमें एंटीबैक्टेरियल व एंटीइनफ्लैमेटरी गुण मौजूद होते हैं। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो स्प्राउट्स से बेहतर कुछ नहीं। इसे खाने से पेट भरा-भरा सा रहता है और काफी दूर तक भूख नहीं लगती। स्प्राउट्स खाना सबसे सुरक्षित है। इसमें सही मात्रा में मौजूद पोषक तत्व आप को स्वस्थ रखते हैं।  

मध्यप्रदेश में सामंती, पूंजीपतियों का नहीं अब गरीबों का दौर आयेगा, कमलनाथ लगभग भाजपा में चले ही गए थे- असलम शेर खान

बैतूल पूर्व केंद्रीय मंत्री और बैतूल में कांग्रेस के सांसद रहे असलम शेर खान ने प्रदेश में कांग्रेस की दुर्दशा के लिए कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी जैसे नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। बैतूल में एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे पूर्व मंत्री ने चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में सामंती और पूंजीपतियों वाला दौर खत्म हो गया है। 2023 और 2024 में साफ हो गया कि मध्यप्रदेश में सामंती, पूंजीपतियों का नहीं अब गरीबों का दौर आयेगा। कमलनाथ लगभग भाजपा में चले ही गए थे- असलम शेर खान पूर्व केंद्रीय असलम शेर खान ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो-तीन लोग तो कांग्रेस चला ही रहे थे। दो तो जाते-जाते रुक गए, एक भाजपा में चले गए, एक बुरी तरह हार गए, अब उनका रोल थोड़ी चलेगा। राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश इन्हीं लोगों पर छोड़ा हुआ था। इन्हीं को टिकट बांटना और संगठन चलाना था। कमलनाथ लगभग भाजपा में चले ही गए थे। उन्होंने कांग्रेस की पूरी विचारधारा को ही बदलकर उसको भगवा रंग दे दिया। यहां तक कह दिया कि हम भी हिन्दू राष्ट्र के समर्थक हैं। असलम शेर खान ने कमलनाथ की इस रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप इस प्लेटफार्म पर भाजपा का मुकाबला कर सकेंगे क्या। उनका स्ट्रांग विकेट है वो। ये हिंदुओं का देश है मेजोरिटी का देश है। आप उनके पीछे-पीछे चले गए। उन्होंने गठरी बांध कर फेंक दिया। ये देश नेहरू, गांधी का था असलम शेर खान ने कहा कि ये देश नेहरू का था गांधी का था। ये सेकुलर देश था। राहुल गांधी इसी लाइन पर काम कर रहे हैं, सही दिशा में काम कर रहे है, लेकिन उसे राज्यों में संभालने वाला कोई नहीं। मक्कार नीचे रहेंगे तो उसके सब मंसूबे फैल हो जाएंगे। मौजूदा संगठन पर असलम शेर खान ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वे खुद को स्थापित करें। अपनी प्रतिभा बताएं, कर पाएंगे। बगैर किसी कोशिश के कांग्रेस को 40 प्रतिशत लोग वोट दे रहे हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेर खान ने कहा कि आज मैं देखता हूं हमारी टीम कहां कमजोर पड़ रही। कहां से हम हार रहे हैं। विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो परसेंट वोट डिफरेंस था, जबकि उन्होंने मध्यप्रदेश को थाली में परोस कर दे दिया। असलम शेर खान ने कहा कि आज भी कांग्रेस को 40 परसेंट लोग वोट कर रहे बगैर किसी कोशिश के कोई संगठन नहीं, सही टिकट नहीं। 40 परसेंट लोग वोट दे रहे। उसी को तरतीब देने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि साल 2028 में यह सरकार नहीं रहेगी। यह भी बोले पूर्व मंत्री हमें सीधे मतदाता के पास जाना चाहिए। अगर आप इस मुल्क को समझने की कोशिश करे तो मोदी, अमित शाह ने 2024 का इलेक्शन पूरा इस बुनियाद पर लड़ा था कि यहां हिन्दू राष्ट्र बनाना है। उनकी पूरी कोशिश थी कि इस इलेक्शन को पोलराइज करना है, जिस तरह के वो भाषण दे रहे थे कि आपने कांग्रेस को मौका दिया तो ये बहनों के मंगलसूत्र छीन लेंगे, गाय खोलकर ले जाएंगे। हर तरह का जोर लगा दिया कि यह देश हिंदू राष्ट्र की शक्ल में उनको पावर दे दे, ताकि वो संविधान बदलकर इसका नाम भी बदलते, ये उनका लक्ष्य था। लेकिन धन्य है इस देश की जनता उन्होंने इसको नकार दिया। उनको 350 के बहुमत से उतार कर 240 पर ला दिया। असलम शेर खान ने कहा कि ये देश की जनता को बड़ा संदेश है। हमारे जैसे कार्यकर्ताओं को कि ये देश क्या चाहता है। कांग्रेस खुद भूल गई कि उसकी विचारधारा क्या थी। कांग्रेस खुदगर्जो की पार्टी बन गई।

नए गैजेट्स से रिमोट एक्सेस हुई आसान

नई दिल्ली अपने कंप्यूटर को दूर से एक्सेस करने की जरूरत कई बार महसूस होती है- जब आप बहुत ज़रूरी काम से किसी दूसरे शहर में गए हों, कोई इंटरव्यू या इम्तिहान देने के लिए घर से कुछ किलोमीटर दूर चल कर गए हों या फिर कहीं कोई महत्वपू्र्ण प्रेजेन्टेशन दे रहे हों। ऐसी परिस्थितियां दर्जनों बार आ सकती हैं, जब आप सोचते हैं कि काश इस समय मेरा कंप्यूटर मेरे पास होता। अब लैपटॉप तो आपके साथ कहीं भी यात्रा कर सकता है, लेकिन डेस्कटॉप के मामले में ऐसा नहीं है। अगर आप कोई जरूरी फाइल साथ ले जाना भूल गए हैं तो फिर घर या दफ्तर में रखे डेस्कटॉप कंप्यूटर के पास लौटने के सिवा कोई चारा नहीं है। बहरहाल, जो कंप्यूटर रिमोट एक्सेस युक्त नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (नैस) के साथ जुड़े हुए हैं, उनके साथ ऐसी कोई सीमा या मजबूरी नहीं है। डेन-इलेक माइडिट्टो नाम की नैस डिवाइस इसी श्रेणी में आती है। यूं तो नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज डिवाइसेज का काम है दफ्तर भर के लोगों को अपनी फाइलें स्टोर करने के लिए बाहरी (एक्सटर्नल) स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराना, लेकिन डेन-इलेक माइडिट्टो की बात कुछ और है। इसमें रिमोट एक्सेस की शानदार सुविधा शामिल है जो इंटरनेट के जरिए इसे दुनिया के किसी भी कोने से एक्सेस करने की सुविधा देती है। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर आप अपनी सारी कंप्यूटर फाइलें इस डिवाइस पर स्टोर करते हैं तो फिर कहीं से भी इन फाइलों का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं। है ना कमाल की चीज! आपके घर या दफ्तर में पड़ी एक डिवाइस, जिसमें 1000 जीबी या उससे अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है, किसी अदृश्य सुविधा की तरह दुनिया भर में मौजूद रहती है। जरूरत है तो एक इंटरनेट कनेक्शन और थोड़ी सी सेटिंग्स की। माइ़डिट्टो नैस डिवाइस को एक्सेस करने के लिए एक फ्लैश ड्राइव साथ आती है, जिसमें एक डेन इलेक का एक खास सॉफ्टवेयर मौजूद रहता है। इस ड्राइव को किसी भी लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर में डालिए और सॉफ्टवेयर लांच कीजिए। कुछ ही सैकंड में आप अपनी नैस डिवाइस से कनेक्ट हो जाएंगे और उसके बाद वैसे ही काम कर सकेंगे जैसे आप अपने घर या दफ्तर में ही हैं। शर्त यह है कि दोनों तरफ के सिस्टम इंटरनेट से कनेक्टेड होने चाहिए। विंडोज के साथ-साथ एपल मैकिन्टोश या लिनक्स कंप्यूटर पर भी अपनी नैस डिवाइस को एक्सेस करना संभव है। इसका सॉफ्टवेयर तीनों रूपों में उपलब्ध है। इतना ही नहीं, एक एप्लीकेशन की मदद से इसे आइफोन या आइपैड पर भी एक्सेस किया जा सकता है।  

डॉ. जाकिर हुसैन का अवसान संगीत जगत की अपूरणीय क्षति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. जाकिर हुसैन का अवसान संगीत जगत की अपूरणीय क्षति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व विख्यात तबला वादक पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद डॉ. जाकिर हुसैन के अवसान पर गहन दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री हुसैन का अवसान संगीत जगत के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने संपूर्ण जीवन संगीत साधना को समर्पित कर गुरु-शिष्य परंपरा को प्रवाहमान बनाए रखा। उन्होंने तबला वादन के माध्यम से विश्व पटल पर भारत को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत डॉ. जाकिर हुसैन की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके शोकाकुल परिजन और करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है।  

छात्रा संग यौन शोषण का मामले में एसआईटी जल्द ही मोहसिन के परिवार वालों के भी बयान करेगी दर्ज

कानपुर कानपुर के एसीपी मोहसिन खान पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच में जुटी एसआईटी की टीम ने रविवार को भी आईआईटी कैंपस पहुंचकर पीड़िता समेत करीब 12 लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जल्द ही एसीपी के परिवार वालों के भी बयान दर्ज कर उसकी पत्नी से पीड़िता का आमना-सामना कराएगी। मामले की जांच में जुटी एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह व एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय रविवार को आईआईटी कैंपस पहुंचे। एडीसीपी ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही सिक्योरिटी गार्ड, साथ पढ़ने वाले छात्र छात्राओं से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय का कहना है कि शनिवार और रविवार होने के चलते इस मामले से जुड़े कई लोगों के बयान नहीं दर्ज हुए हैं। लिहाजा सोमवार को टीम फिर से कैंपस जाएगी और बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहसिन की पत्नी और पीड़िता की आमने-सामने बात हुई थी। लिहाजा मोहसिन के परिवार वालों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। एसआईटी ने एंट्री रजिस्टर, पीड़िता का मोबाइल, छह महीने की कॉल डिटेल और फुटेज कब्जे में लिए हैं। पीड़िता आज मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराएगी बयान पीएचडी छात्रा सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। जानकारों का कहना है कि अगर छात्रा अपने बयान पर डटी रही तो ट्रायल होगा। इसमें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना और नौकरी भी जा सकती है।  फॉरेंसिक टीम भी एकत्रित कर रही है साक्ष्य आईआईटी परिसर से फॉरेंसिक टीम भी लगाता साक्ष्य एकत्रित कर रही है। दरअसल मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से एसआईटी और फाॅरेंसिक टीम हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है। शासन से विधि विज्ञान विभाग को भी साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि जो सैंपल लिए गए हैं, उसकी रिपोर्ट जल्द भेजी जाए, जिससे आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।  छात्रा ने अंग्रेजी में लिखी थी तहरीर, आईआईटी के ट्रांसलेटर ने किया था हिंदी डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एसआईटी की टीम दूसरे दिन भी पीड़ित छात्रा के साथ, प्रोफसर, सिक्योरिटी गार्ड व अन्य छात्रों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। एसआईटी की पूछताछ में पता चला कि पीड़ित छात्रा ने पुलिस को अंग्रेजी में तहरीर दी थी। इसके बाद आईआईटी के एक ट्रांसलेटर से उसे हिंदी में लिखाया गया। टीम ने उस ट्रांसलेटर से भी पूछताछ कर उसके बयान दर्ज किए हैं। वहीं, टीम अबतक 20 से अधिक लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें छात्रा के हास्टल के बाहर, मेस, क्लास रूम समेत कई जगहाें के सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल में आने जाने की प्रवेश रजिस्टर व छात्रा के मोबाइल को भी अपने कब्जे में ले लिया है। विवेचना में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। … तो हो सकती है मोहसिन की गिरफ्तारी एसीपी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली आईआईटी की छात्रा के शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज नहीं हो सके। सूत्रों के अनुसार शनिवार को लोकपाल की सुनवाई थी। इसके चलते शनिवार को पीड़िता पीएचडी छात्रा का मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिस सूत्रों के अनुसार एफआईआर और 161 के बयान के जैसे ही यदि छात्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया तो एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी हो सकती है।  

जल जीवन मिशन में अनियमितता पर पीएचई मंत्री बोले – प्रदेश में 994 टंकियां बनाने के बाद अब की जा रही जल स्त्रोत की व्यवस्था

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठा. पीएचई मंत्री अरुण साव ने बताया कि पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करने के बाद ढांचा बनाए जाने के नियम है. लेकिन प्रदेश में 994 टंकियां बनाने के बाद अब जल स्त्रोत की व्यवस्था की जा रही है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के कई गांवों में गड़बड़ी की गई. ग्रामीणों को नल कनेक्शन नहीं मिला. इस पर पीएचई मंत्री अरुण साव ने कहा कि कोविड के कारण योजना के क्रियान्वयन में विलंब हुआ. योजना के तहत अब तक 39 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिया गया है. इस पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत सरकार की वेबसाइट और आपके द्वारा दिए आंकड़े में अंतर है. पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करनी चाहिए थी, या टंकी ढांचा का निर्माण करना था. इसके साथ ही उन्होंने इस संदर्भ में भारत सरकार की गाइडलाइन जानकारी मांगी. मंत्री अरुण साव ने कहा कि पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करने के बाद ढांचा बनाए जाने के नियम है. अजय चंद्राकर ने कहा कि कितने गांव में टंकी ढांचा, बिना जल स्त्रोत के तैयार हुए हैं. मंत्री ने कहा कि 994 टंकियां तैयार हैं, इनमें जल स्त्रोत की व्यवस्था की जा रही है. भाजपा विधायक भावना बोहरा और कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने भी ध्यानाकर्षण में जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया.

रामपुर में डबल मर्डर: सिविल लाइंस क्षेत्र में मिस्त्री और चौकीदार की डंडों से पीट-पीटकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

रामपुर रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हाईवे पर स्थित पंक्चर दुकान के मिस्त्री और पास ही कार वर्कशॉप के चौकीदार की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस दुस्साहसिक वारदात से इलाके में दहशत फैली हुई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की। पंक्चर मिस्त्री फरजद अली (50) अहमदनगर जागीर गांव का निवासी था। वह रात में अपनी दुकान पर सो रहे थे। वहीं, कुछ दूरी पर स्थित कार वर्कशॉप के बाहर चौकीदार ताहिर (45) ड्यूटी पर तैनात था। माना जा रहा है कि हमलावरों ने पहले फरजद पर हमला किया। जब ताहिर उसे बचाने पहुंचा तो उसे भी बेरहमी से मार डाला। सुबह बेटे ने देखा पिता का शव सुबह फरजद अली का बेटा दुकान खोलने पहुंचा तो वहां पिता का लहूलुहान शव देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को दोनों के शव करीब 200 मीटर की दूरी पर मिले। इलाके में दहशत का माहौल डबल मर्डर से आसपास के लोगों में भय का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि दोनों की हत्या डंडों से पीटकर की गई। पुलिस ने शुरू की जांच एसपी ने बताया कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे रंजिश या लूट की आशंका जताई जा रही है। इस नृशंस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

जाति-धर्म के बंधन के चलते किशोर और किशोरी ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

मांडा (प्रयागराज) मांडा थाना क्षेत्र के उमापुर कला ग्राम पंचायत के जलैया गांव निवासी मो. मुस्तफा के बेटे मो.तस्लीम (16) और माताराज निषाद की पुत्री आंचल (17) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सोमवार को भोर में करीब साढ़े चार बजे दोनों ने दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक के डाउन लाइन पर दानापुर स्पेशल ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। दोनों के शवों के चीथड़े उड़ गए। घटना से परिवार में जहां कोहराम मच गया वहीं गांव में भी अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची मांडा पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसआरएन भेज दिया। मृतका आंचल चार भाई व तीन बहन में चौथे नंबर पर थी और महेवा कलां गांव स्थित वशिष्ठ सेवा संघ इंटर कॉलेज में इंटर की छात्रा थी। मृतका आंचल की मां छोहरा देवी, भाई भोला नाथ का रो-रोकर बुरा हाल रहा। आंचल के भाई भोला ने पुलिस को बताया कि आंचल सुबह चार बजे शौच जाने की बात कहकर घर से निकली थी और घर से करीब सात सौ मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका क्षत-विक्षत शव मिला। तस्लीम सात भाई बहन में पांचवे नबंर पर था और महेवा कला स्थित इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। तस्लीम की मां गुड्डी सहित भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। गांव प्रेम प्रसंग की रही चर्चा ग्रामीणों में चर्चा रही कि दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था और जाति-पाति सामाजिक डर के चलते दोनों ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। दोनों के घर की दूर 50 मीटर है। दोनों की मौत पर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना पर एसीपी मेजा रविकुमार मौके पर पहुंचे और और मृतक के परिजनों से पूछताछ की। मृतक के परिजनों के तरफ से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। धर्मवीर रेलवे ट्रैक मैन की सूचना पर पुलिस चौकी दिघिया की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया।  

संभल में पहले मिला 46 साल पुराना मंदिर, अब यहां मिली भगवान शंकर, गणेश और मां पार्वती की मूर्ति

संभल संभल के खग्गू सराय मोहल्ले में शिव मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन कुएं की खोदाई के दौरान भगवान शिव, गणेश और माता पार्वती की खंडित मूर्तियां मिली हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मूर्तियों को अपने संरक्षण में ले लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीशचंद ने बताया कि कुएं की खोदाई के दौरान भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की टूटी हुई मूर्तियां मिली हैं। मूर्तियां कुएं में मलबा और मिट्टी के बीच पाई गईं। कुएं की खोदाई अभी जारी है। मूर्तियां खंडित कैसे हुईं इसकी भी जांच और जानकारी करवाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर 46 वर्षों से बंद प्राचीन शिव मंदिर में लोग दर्शन और पूजन करने पहुंच रहे हैं। एहतियाती तौर पर पुलिस सुरक्षा के इंतजाम हैं। मालूम हो 1978 में हुए दंगे के बाद खग्गू सराय के 40 रस्तोगी परिवारों ने पलायन कर दिया था। मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के कारण मंदिर की देखभाल करने वाला कोई नहीं था, जिससे यह मंदिर बंद करना पड़ा था। शनिवार को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने जानकारी मिलने पर मंदिर के कपाट खोलने के बाद सफाई कराई थी। संभल के खग्गू सराय मोहल्ले में प्राचीन कुएं की प्रशासन लगातार खोदाई करवा रहा है। इस बीच सोमवार को भगवान शिव, गणेश और माता पार्वती की तीन खंडित मूर्तियां मिलीं। पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मूर्तियों को अपने संरक्षण में ले लिया। एएसपी ने बताया कि मूर्तियां कुएं में मलबा और मिट्टी के बीच पाई गईं। उन्होंने बताया कि माैके पर पुलिस को तैनात किया गया है ताकि खुदाई सुचारू रूप से जारी रहे। मंदिर में पंडित शशिकांत शुक्ल, अवनीश शास्त्री, आचार्य विनोद शुक्ल और बहजोई के आचार्य ने विधि-विधान से पूजा कराई। इससे पहले भगवान शिव के परिवार की मूर्तियों को वस्त्र धारण कराए गए और हनुमान जी की प्रतिमा को चोला पहनाया गया। स्थानीय लोग इस मंदिर को 200 वर्षों से भी अधिक पुराना मानते हैं। मंदिर की जर्जर स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन और श्रद्धालुओं ने पहल शुरू कर दी है। आचार्य विनोद शुक्ल ने बताया कि अभी पूजा-अर्चना अस्थायी रूप से कराई जा रही है, लेकिन जल्द ही एक स्थायी पुजारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए प्रशासन प्रयासरत है।

बौद्ध भिक्षुओं के साथ अभद्र व्यवहार को लेकर सीएम योगी से आदित्य यादव ने की कार्रवाई की मांग

बदायूं यूपी के बदायूं जिले के सूरजकुंड को लेकर सपा सांसद आदित्य यादव ने सीएम योगी को पत्र लिखा है। सपा सांसद ने पत्र के जरिए सीएम को मामला संज्ञान में लेने की बात कही है। इस दौरान उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही जवाहरपुरी चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाए। सपा सांसद आदित्य यादव ने कहा कि 7 दिसंबर को कुछ असामाजिक तत्वों ने बुद्ध विहार पहुंचकर वहां पर रह रहे भन्तें लोगों के साथ अभ्रद व्यवहार किया। इस दौरान अफवाह फैलाई गई कि यहां शिवलिंग निकली है। इसके बाद चौकी इंचार्ज जवाहरपुरी और इंस्पेक्टर सिविल लाइन को बदायूं बुलाया। इस दौरान चौकी इंचार्ज ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा को तोड़ने का प्रयास किया। आदित्य यादव ने आगे कहा कि चौकी इंचार्ज ने यहां तोड़-फोड़ मचाई। बौद्ध भिक्षुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें जबरदस्ती थाने में बंद कर दिया। इस घटना से केवल बदायूं ही नहीं अपितु पूरे भारत में भगवान बुद्ध पर आस्था रखने वाले लोगों में भारी आक्रोश है। प्रदेश के सीएम तत्काल मामला संज्ञान में ले और निष्पक्ष जांच करने का कष्ट करें।

अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधि मंडल की चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट कर बीड़ी उद्योग में रोजगार के अवसरों और अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बीड़ी उद्योग संघ के सचिव अर्जुन खन्ना के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि बीड़ी निर्माण एक ऐसा पूर्णत: श्रम आधारित कुटीर ग्रामोद्योग है, जिसमें न्यूनतम पूंजी या बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। संघ ने प्रदेश के उच्च गुणवत्ता और श्रेणी के तेंदूपत्ते से बीड़ी उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने संबंधी सुझाव रखते हुए प्रति मानक बोरी तेंदूपत्ता पर सब्सिड़ी बढ़ाने का अनुरोध किया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन के माध्यम से प्रदेश को संगठित और विनियमित बीड़ी उत्पादन के केन्द्र के रूप में सुदृढ़ किया जा सकता है। इससे रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के सुझावों को क्रियान्वित करने का हरसंभव प्रयास करेगी।  

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