मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, देखें सूची
Major administrative surgery in Madhya Pradesh Police Department, see list
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बीजापुर। बफर लिमिट से अधिक खरीद के बावजूद जिले के धान उपार्जन केंद्रों में धान की उठान ना होने से खरीदी केंद्रों में धान जामा की स्थिति बन गई है। आलम ये है कि कई केंद्रों में क्विंटल भर तो दूर किलो भर धान रखने की जगह नहीं हैं, इससे परेशान खरीदी केंद्र प्रभारियों ने सीधे कलेक्टर से धान उठान के लिए गुहार लगाने के साथ मियाद भी दी है कि 5 जनवरी तक बफर लिमिट के ऊपर धान का परिवहन संतोषजनक ना होने की स्थिति में 6 जनवरी से जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी बंद कर दी जाएगी। मिली जानकारी अनुसार 29 दिसंबर तक जिले के 30 उपार्जन केंद्रों में चार लाख 37 हजार 737 क्विंटल धान की खरीद हुई है। जिसमें से महज 51 हजार 850 क्विंटल की उठान हुई है यानि जिले भरी में अब तक महज 11.85 फीसदी धान की उठान हुई है। जबकि 3 लाख 85 हजार 886 क्विंटल धान की उठान होनी बाकी है। ये आंकड़े 29 दिसंबर के हैं। ऐसे में 30 और 31 दिसंबर में हुई खरीदी से शेष मात्रा के आंकड़ों में बढ़ोतरी होनी निश्चित है। उठान में हो रही देरी से धान खरीद करने वाली समितियों की चिंता बढ़ गई है। मार्कफेड की नीति के बावजूद एक महीने से ज्यादा होने की वजह से सूखत बढ़ रही है। लगभग समितियों में बफर स्टॉक से ज्यादा धान की खरीद हो चुकी है। समितियों की मानें तो जिले में एक ही मिलर्स होने से ऐसी स्थिति बनी हुई है। उठान के लिए अंतरजिला डीओ और टीओ जारी किया जाता है तो समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। बहरहाल उठान में हो रही देरी से खरीदी केंद्रों में धान जामा होने की स्थिति बनी हुई है, वहीं कई केंद्रों में धान रखने की जगह ना होने से खरीद भी प्रभावित हो रही है, इतना ही नहीं समितियों को सुखत की चिंता भी सता रही है। हालांकि जिला सहकारी समिति संघ ने ज्ञापन के जरिए प्रशासन का ध्यानाकर्षण जरूर कराया है, लेकिन वस्तुस्थिति से पूरी तरह वाकिफ संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी भी दी है कि बफर स्टॉक से ऊपर धान उठान को लेकर प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता है तो 6 जनवरी से जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में खरीद बंद कर दी जाएगी।
नई दिल्ली भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने बुधवार एक जनवरी को टेस्ट क्रिकेट में 2 टीयर सिस्टम की मांग की, जिससे लाल गेंद के खेल को बचाए रखा जा सकता है। उनकी यह टिप्पणी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट के बाद आई है। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में पांच दिनों में रिकॉर्ड 373,691 दर्शक आए। इससे पहले इसी मैदान पर 1936-37 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान 350,534 दर्शक आए थे। करीब 90 साल के बाद दर्शकों का रिकॉर्ड एमसीजी पर टूटा। ये उस समय की बात है, जब डोनाल्ड ब्रैडमैन का इस खेल पर एकछत्र राज था। बीजीटी में कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने कहा कि उन्हें “टेस्ट क्रिकेट के लिए इससे बड़ा विज्ञापन” याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि एमसीजी टेस्ट यह साबित करता है कि लगातार बढ़ते टी20 क्रिकेट के सामने पांच दिवसीय खेल अपनी जगह बनाए हुए है। हालांकि, 62 वर्षीय शास्त्री ने कहा कि इससे उनके इस विचार को भी बल मिला कि टेस्ट क्रिकेट को जीवित रहने के लिए सबसे बड़ी टीमों को एक-दूसरे के साथ अधिक मैच खेलने चाहिए। उन्होंने द ऑस्ट्रेलियन अखबार के लिए लिखे अपने कॉलम में कहा, “लगभग एक सदी से चले आ रहे दर्शकों के रिकॉर्ड को तोड़ना… इस बात का प्रमाण है कि जब बेस्ट टीमें खेलती हैं, तो खेल का सबसे कठिन और बेस्ट फॉर्मेट अभी भी जीवित है और फल-फूल रहा है। यह आईसीसी के लिए भी एक अच्छी याद दिलाने वाली बात थी कि टेस्ट क्रिकेट को जीवित रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ खेलना चाहिए। मैं कहूंगा कि अन्यथा बहुत अधिक अव्यवस्था है।” उन्होंने आगे कहा, “यह मैच इस बात पर और जोर देता है कि हमें 2 टीयर सिस्टम की आवश्यकता क्यों है? जिसमें शीर्ष 6-8 टीमें हों और फिर प्रमोशन और डिमोशन शामिल हो। यदि आपके पास दो उचित टीमें नहीं खेल रही हैं तो आपको इस तरह की भीड़ नहीं मिलेगी।” एक तरह से उन्होंने नए डब्ल्यूटीसी फॉर्मेट पर बात की है। मौजूदा फॉर्मेट उतना ज्यादा पसंद फैंस को नहीं आ रही। बता दें कि आईसीसी कई वर्षों से प्रतिस्पर्धी प्रारूप को बनाए रखने के लिए दो-स्तरीय प्रणाली पर विचार कर रहा है, लेकिन योजनाएं कभी जमीन पर नहीं उतर पाईं। 2016 में विश्व शासी निकाय के एजेंडे में शीर्ष सात टीमों की एक वास्तविक प्रीमियर लीग का प्रस्ताव था। हालांकि, शक्तिशाली भारतीय क्रिकेट बोर्ड के विरोध के बाद इसे रद्द कर दिया गया। शास्त्री ने यह भी कहा कि मेलबर्न मैच ने साबित कर दिया है कि टेस्ट मैच पांच दिन के ही रहने चाहिए, इस बात की चर्चा के बीच कि शेड्यूल को सुव्यवस्थित करने के लिए उन्हें घटाकर चार दिन का कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “सोमवार (पांचवें दिन) के अंत में जो नाटकीय घटनाक्रम हुआ, वह इस बात का सबूत है कि हमें एक क्लासिक टेस्ट मैच के लिए पांच दिन की आवश्यकता क्यों है। हालांकि, यदि आप 2 टीयर सिस्टम नहीं बनाते हैं, तो आपके पास एक-दूसरे के खिलाफ बेजोड़ टीमें होंगी और फिर यह बहुत कम संभावना है कि वे खेल को पांचवें दिन तक ले जा सकें। फिर हमेशा चार दिवसीय टेस्ट की बात होगी।”
ढाका क्रिकेट मैच में कई बार इतनी तेजी से विकेट गिरते हैं कि दूसरे प्लेयर के पास तैयार होना का ज्यादा समय नहीं रहता। खिलाड़ी जब तीन मिनट में खेलने के लिए रेडी नहीं होता तो अंपायर उसे ‘टाइम आउट’ करार दे सकते हैं। बांग्लादेश में यही ‘टाइम आउट’ ड्रामा देखने को मिला है। अंपायर ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) 2024-25 के तीसरे मैच में टॉम ओ कॉनेल को ‘टाइम आउट’ आउट करार दिया। हालांकि, खुलना टाइगर्स के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को वापस बुला लिया। कॉनेल टूर्नामेंट में चटगांव किंग्स फ्रेंचाइजी का हिस्सा हैं। चटगांव किंग्स ने मंगलवार को 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 56 रन पर पांच विकेट गंवा दिए। ऐसे में आस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर कॉनेल निर्धारित तीन मिनट पूरे होने के बाद बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे। अंपायर रविंद्र विमलसिरी और तनवीर अहमद ने कॉनेल को ‘टाइम आउट’ करार दिया। जैसे ही कॉनेल पवेलियन लौटने लगे तो मेहदी ने उन्हें वापस बुला लिया। हालांकि, कॉनेल जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके। वह गोल्डन डक का शिकार हुए। उन्हें सातवें ओवर में मोहम्मद नवाज ने मेहदी को कैच कराया। चटगांव ने 37 रनों से हार झेली। पांच प्लेयर दहाई अंक में नहीं पहुंचे। चटगांव किंग्स के कप्तान मोहम्मद मिथुन ने मेहदी की प्रशंसा की है। उन्होंने स्वीकार किया कि कॉनेल को आउट देना सही फैसला था। मिथुन ने कहा, “मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि मेहदी ने शानदार काम किया। उन्होंने दिखाया कि उसका दिल बड़ा है। फील्डिंग करने वाली टीम के लिए अपील करना नियमों के अंतर्गत है। कॉनेल को क्रीज पर वापस आने देने के लिए मेहदी को श्रेय जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “बल्लेबाज को क्रीज पर देर से नहीं आना चाहिए, खासकर टी20 में। कॉनेल तैयार होने में थोड़ी देर कर दी। वह तैयार होने के दौरान थोड़ा रिलैक्स था। शायद उसे एहसास नहीं हुआ कि हम इतनी जल्दी विकेट खो देंगे। वह इसी वजह से वह देर से आया। और कुछ नहीं।”
जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर के विकास का रोडमैप तैयार करने के लिए अनूठी पहल की है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अन्य पहलुओं पर विकास के प्रस्ताव तैयार करने के लिए विषय विशेषज्ञों एवं प्रबुद्धजनों से चर्चा की है। दो दिन तक चली इन चर्चाओं में अजमेर रिंग रोड, नया हैलीपेड, स्किल डवलपमेंट सेंटर, सिरेमिक हब, गारमेंट हब, खेल मैदान एवं अन्य कई महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं। इन सुझावों पर प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भिजवाए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सर्किट हाऊस में दो दिन तक शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी, स्किल डवलपमेंट एवं अन्य पहलुओं पर विषय विशेषज्ञों एवं शहर के प्रबुद्धजनों व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की। इन चर्चाओं में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। विषय विशेषज्ञों ने कहा कि अजमेर का सुव्यवस्थित एवं उन्नत विकास प्लान तैयार करने के लिए शहर के चारों तरफ से अजमेर में आने वाली सड़कों का जाल बिच्छा होना चाहिए। इसके लिए रिंग रोड होना अतिआवश्यक है। श्री देवनानी ने बताया कि करीब 1400 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजा जा रहा है। इसके लिए संबंधित मंत्री से भी चर्चा हो गई है। बैठक में सुझाव आया कि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय एवं सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में नए विषयों और विभागों की शुरूआत की जाए। यहां बीएड़, एमएड़ व अन्य विषयों की पढ़ाई भी हो। इसी तरह पालरा में स्थित इलेक्ट्रोनिक्स डिपार्टमेंट में स्किल डवलपमेंट सेंटर शुरू हो। अजमेर में सिरेमिक हब एवं गारमेंट हब भी शुरू किए जा सकते है। इसी तरह फॉयसागर झील का भी पूरा विकास किया जाए। यहां नया घाट, चारो तरफ चार दिवारी, वॉटर स्पोर्टस और फाउंटेन शो हो तो यहां पर्यटकों में और वृद्धि हो सकती है। रोप-वे की शुरूआत भी फॉयसागर से ही की जाए। बैठक में नई मिसिंग लिंक सडकें बनाने, जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत व नवीनीकरण, आईटी पार्क में बड़ी कम्पनियों का डाटा सेंटर लाने, चौरसियावास तालाब का विकास, फैक्ट्री इंस्पेक्टर कार्यालय अजमेर में भी शुरू करवाने, मोइनिया ईस्लामिया स्कूल परिसर के प्रथम तल पर नया समारोह स्थल तैयार करने आदि सुझाव भी आए। इसी तरह लोहागल क्षेत्र में गौशाला की जमीन का विकास, नया खेल मैदान बनाने, नागफणी क्षेत्र में नया हैलीपेड तैयार करने, आनासागर में आने वाले नालों के पानी को चैनल बनाकर फिल्टर प्लांट तक ले जाने, फिल्टर प्लांट को पूरी क्षमता से संचालित करने, दीपक नगर योजना क्षेत्र का विकास, एचएमटी की 250 बीघा जमीन का उचित उपयोग, पुष्कर घाटी मार्ग को चौड़ा करने, शहर में सभी मार्गों पर अतिक्रमण हटाने आदि सुझाव भी आए। विषय विशेषज्ञों ने कहा कि आईटी पार्क में बड़ी कम्पनियों के डाटा एवं साईंस सेंटर स्थापित किए जाए। देवनानी ने बताया कि रोडवेज बस स्टैण्ड का भी पुनरूद्धार किया जा रहा है। इस पर करोड़ों रूपए खर्च होंगे। पिछले बजट में अजमेर जिले के लिए 1500 करोड़ रूपए की घोषणा हुई है। इन घोषणाओं पर पूरी गंभीरता को साथ अमल किया जा रहा है।
Bhopal: Vrindavan Gram Yojana started to improve rural economy विशेष रिपोर्ट: उदित नारायण, भोपाल ! मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। प्रदेश के 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन ग्राम’ की स्थापना की जाएगी। इस योजना के तहत ऐसे गांवों का चयन किया जाएगा, जहां कम से कम 2,000 की जनसंख्या और 500 से अधिक गोवंश हों। योजना का उद्देश्ययोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित करना, गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना, तथा जैविक खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है। इन गांवों में चारे, पानी और परिवहन की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम चयन और पर्यवेक्षणग्राम का चयन संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के परामर्श से कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। गाय आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंगवृंदावन ग्राम में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। इन समूहों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्थानीय मेलों, किसान बाजारों और राष्ट्रीय प्रदर्शनी में की जाएगी। मध्य प्रदेश का योगदानमध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है। इस योजना के माध्यम से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत पशुओं की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, और जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दिया जाएगा। सकारात्मक बदलाव की उम्मीदइस योजना से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि जैविक खेती और स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकेगा। योजना के तहत उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सभी नगरीय निकायों को अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। ये निर्देश उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की समीक्षा बैठक में दिये। नगरीय प्रशासन विभाग ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में 353 नए पद मंजूर किए हैं। डिप्टी सीएम साव ने बैठक में नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों में बन रहे अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और इनके उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश दिए। श्री साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करते हुए राज्य के शहरों को साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., विशेष सचिव श्री आर. एक्का और संचालक श्री कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उन्होंने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए अच्छी गुणवत्ता की उत्कृष्ट मूर्ति स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल परिसर का इस तरह निर्माण करें कि शहर में इसकी विशेष पहचान और दर्शनीय स्थल बनें। उन्होंने प्रदेश के 12 शहरों में बनाए जा रहे नालंदा परिसर के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र काम प्रारंभ करने को कहा। साव ने अधिकारियों से कहा कि नालंदा परिसर का शानदार और आइकॉनिक निर्माण होना चाहिए। नालंदा परिसर और अटल परिसर का निर्माण सरकार के महत्वाकांक्षी कार्य हैं। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को खुद इनकी मॉनिटरिंग करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत कार्यों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन 2.0, एसटीपी निर्माण और आकांक्षी शौचालयों के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को रोजाना प्रातः भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने 01 जनवरी से ही इसकी शुरूआत कर शहरों में प्रकाश और सफाई की व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा। श्री साव ने इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए गंभीरता और सक्रियता से प्रतिदिन कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा। इसमें किसी तरह का हीला-हवाला पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
झगराखांड/एमसीबी नव वर्ष के उपलक्ष में झगराखांड वार्ड क्रमांक 07 काली बाड़ी में श्री राम अखण्ड कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें वार्ड के समस्त परिवार जानो ने मिलकर कीर्तन का भरपूर आनंद लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री काली बड़ी सत्यम संघ के युवा प्रतिनिधियों का मुख्य रूप से सहयोग मे दीपक तिवारी, नीरज चतुर्वेदी, विवेक यादव, धीरज चतुर्वेदी, संजीव पांडे, अभिषेक पांडे, अक्षय मुखर्जी आदि शामिल थे।
जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क का सपरिवार भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क एरिया में बाघिन रिद्धि और उसके शावकों को देखा। कुछ देर वहीं ठहरकर उन्होंने बाघिन रिद्धि और शावकों की अठखेलियां देखी। राज्यपाल ने बाघिन परिवार के साथ ही अन्य वन्यजीवों एवं रणथंभौर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। उन्होंने अरावली की पहाड़ियों और विंध्य पठार के आसपास स्थित, रणथंभौर वन को भी बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव अभयारण्य पर्यटन की दृष्टि से देश का यह महत्वपूर्ण स्थान है। इससे पहले रणथंभौर राष्ट्रीय पार्क स्थित जोगी महल में सवाई माधोपुर के वन अधिकारियों ने उनकी अगवानी की तथा राष्ट्रीय पार्क की पारिस्थितिकी के बारे में बताया।
मनेन्द्रगढ़/एमसीबी योग, प्राणायाम के साथ पारस्परिक सहयोग, पर्यावरण जागरूकता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति आदर भाव जगाने के लिए समर्पित -“पतंजलि योग समिति”द्वारा नए वर्ष की पहले प्रभात बेला में स्वास्थ्य कल्याण ,शिक्षा एवं सेवाओं के लिए निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन हेल्थ वेलनेस इवोल्यूशन की सुप्रसिद्ध चिकित्सक किरण वर्मा की उपस्थिति में किया गया। पतंजलि योग समिति की ओर से वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक नेत्र अधिकारी आर डी दीवान, एवं ईरा कर के द्वारा वेलनेस कोच एवं मिशन स्वास्थ्य परिवार की चिकित्सक किरण वर्मा का पुष्पगुच्छ द्वारा स्वागत किया गया। स्वास्थ्य कल्याण शिक्षा और सेवा के तहत निशुल्क परामर्श देते हुए किरण वर्मा ने वजन घटाने, ऊर्जा और स्वास्थ्य फिटनेस, स्वस्थ आहार योजना, स्वस्थ खान पान, त्वचा का स्वास्थ, मस्तिष्क एवं हड्डियों और जोड़ों का स्वास्थ हृदय एवं पाचन आंखों के स्वास्थ्य आदि के लिए उचित परामर्श दिया। कार्यक्रम में जगदंबा अग्रवाल, रोशन जहां धर्मराज वर्मा, विवेक तिवारी,रामसेवक विश्वकर्मा , कोपनाथ शर्मा ,नसीमा बेगम, दिवाकर, आदि योग साधक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में वेलनेस कोच एवं मिशन स्वास्थ्य परिवार से जुड़ी एवं शारीरिक हेल्थ इवोल्यूशन और परामर्श देने के लिए किरण वर्मा का पतंजलि योग समिति जिला एमसी बी परिवार की ओर से शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। आभार प्रदर्शन कर डी दीवान एवं सतीश उपाध्याय द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी एवं वरिष्ठ योग प्रशिक्षक द्वारा किया गया।
लखनऊ नए साल के पहले दिन लखनऊ के होटल में 5 लोगों का मर्डर कर दिया गया। मरने वालों में 4 लड़कियां और उनकी मां शामिल है। पुलिस ने इस मामले में बेटे को अरेस्ट किया है। आरोपी का नाम अरशद बताया जा रहा है। उसकी उम्र लगभग 24 साल है। पारिवारिक विवाद में मर्डर की बात सामने आई। लखनऊ सामूहिक हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, मृतकों के गले और कलाई पर चोट के निशान हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी पांच लोगों को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया, फिर उनके हाथ की नसों को काट कर मौत के घाट उतार दिया गया. पारिवारिक कलह में बेटे द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस ज्यादा कुछ कहने से बच रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही सारी चीजें साफ होंगी. फिलहाल, हत्यारोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परिवार आगरा से आया था और लखनऊ के होटल शरणजीत के रूम नंबर- 109 में 30 दिसंबर से ठहरा हुआ था. कुल सात लोग रुके हुए थे, जिनमें मां और 4 बेटियों की हत्या हुई है. आरोप बेटे पर है, जिसका नाम अरशद है. पुलिस पूछताछ में अरशद सिर्फ इतना ही कह रहा है कि ये हमारा पारिवारिक मसला है. वह बार-बार बस एक लाइन दोहरा रहा है कि ‘मुझे पता है यह लोग क्या करती हैं…’ लखनऊ पुलिस का कहना है कि होटल से एक महिला और 4 लड़कियों की डेड बॉडी बरामद हुई है. उनके गले और कलाई पर निशान मिले हैं. हत्या कैसे हुई ये पोस्टमार्टम से क्लियर होगा. हालांकि, ये साफ है कई गोली मारकर मर्डर नहीं हुआ है. वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कलाई और गर्दन पर पतले धारदार हथियार के निशान मिले हैं. आपको बता दें कि मृतक 4 बेटियों में से दो नाबालिग हैं. जबकि, दो की उम्र भी 18 और 19 साल ही है. लखनऊ के होटल के अंदर हुई इन 5 हत्याओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है. आरोप है कि बेटे अरशद ने अपनी मां और 4 बहनों को मौत के घाट उतार दिया है. शक पिता बदर पर भी है. वह अभी फरार है. अरशद से पूछताछ की जा रही है. वारदात लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र में बीती रात हुई है, जहां आगरा का रहने वाला परिवार होटल शरणजीत में रुका हुआ था. शुरुआती पड़ताल में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है. फिलहाल, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों के नाम 1. आलिया (उम्र 9 वर्ष, बहन) 2. अल्शिया (उम्र 19 वर्ष, बहन) 3. अक्सा (उम्र 16 वर्ष, बहन) 4. रहमीन (उम्र 18 वर्ष, बहन) 5. अस्मा (मां) 5. आरोपी का नाम- अरशद (24) पुलिस के अनुसार अरशद ने धारदार ब्लेड से पांचों की हत्या की है। पुलिस ने जब पूछताछ की तो अरशद बार-बार अपने बयान बदलने लगा। जब सख्ती दिखाई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। यह भी पता चला कि परिवार 30 दिसंबर को लखनऊ घूमने आया था। अरशद का कहना है कि ये हत्याएं पिता ने की हैं, वह (अरशद) किसी तरह बच गया। इसके बाद पिता मौके से भाग गए। अरशद ने आशंका जताई कि उसके पिता भी खुदकुशी कर सकते हैं। ये लोग नाका इलाके के होटल शरणजीत में ठहरे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। मरने वालों के नाम आलिया (9), अल्शिया (19), अक्सा (16), रहमीन (18) और अस्मा बताए जा रहे हैं। अस्मा इन बच्चों की मां थी। पुलिस ने इस मामले में बताया कि पारिवारिक कलह की वजह से आरोपी अरशद ने यह हत्याएं की हैं। मामले की जांच जारी है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी का नाम अरशद है। पिता का नाम बदर है। वह इस्लाम नगर, टेढ़ी बगिया, कुबेरपुर, आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है। यह जानकारी डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने दी।
सिडनी टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अब तक दमदार प्रदर्शन किया है। हालांकि, सीरीज की स्कोरलाइन इस समय 2-1 ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में है। अगर जसप्रीत बुमराह इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते तो ऑस्ट्रेलिया की टीम अब तक इस सीरीज को जीत चुकी होती। ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने यही बात कही है। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह ने इस सीरीज को पूरी तरह से असंतुलित होने से बचा लिया है। पूर्व पेसर मैकग्रा ने भारतीय गेंदबाज की गेंद पर नियंत्रण और तेजी से अनुकूलन करने की क्षमता की सराहना की। भारत पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे है, जिसका समापन शुक्रवार 3 जनवरी से सिडनी में खेले जाने वाले मैच से होगा। बुमराह ने अब तक 20 से कम की औसत से 30 विकेट लेकर मेहमान टीम के लिए सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हालांकि, भारत की बल्लेबाजी खराब रही है और इसमें योजना की कमी रही है। यही कारण है कि आज भारतीय टीम इस सीरीज में पीछे है। मैकग्रा ने अपने फाउंडेशन के कैंसर अवेयरनेस इवेंट से इतर मीडिया से बात करते हुए कहा, “वह भारतीय टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं और उनके बिना सीरीज एकतरफा हो सकती थी और उन्होंने जो किया वह विशेष है।” 54 वर्षीय मैकग्रा अपने युग के सबसे निरंतर और खतरनाक तेज गेंदबाजों में से एक थे। 2008 में अपनी पत्नी जेन को इस बीमारी के कारण खोने के बाद से वह कैंसर जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। मैकग्रा भी बुमराह के स्किल सेट से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “शानदार युवा खिलाड़ी जिसने खुद को ढालने का तरीका खोज लिया है। जिस तरह से वह आखिरी कुछ स्टेप्स में गेंदबाजी करता है, वह अविश्वसनीय है।” मैकग्रा ने ऐक्शन को लेकर कहा, “थोड़ा हाइपर एक्सटेंशन उसको मिला है जो मुझे भी हुआ करता था। वह इससे निपट रहा है, उसका दोनों तरफ अविश्वसनीय नियंत्रण है, लगता है कि वे उसे अच्छी तरह से इसको संभाल रहे हैं। मैं जसप्रीत का बहुत बड़ा फैन हूं।”
मुंबई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार (1 जनवरी) को ताजा रैंकिंग जारी की है. इसमें भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने धमाल मचाते हुए नए साल के पहले ही दिन इतिहास रच दिया है. बुमराह आईसीसी टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज हैं. इसके अलावा उनके रेटिंग पॉइंट्स भी 907 हो गए हैं. यह अपने आप में ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. बुमराह इतने रेटिंग पॉइंट्स हासिल करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले अश्विन ने दिसंबर 2016 में सबसे ज्यादा 904 रेटिंग अंक हासिल किए थे. बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में धमाल मचा रखा है, जिसका फायदा उन्हें आईसीसी रैंकिंग में हासिल हुआ है. साथ ही बुमराह 907 रेटिंग अंकों के साथ सर्वकालिक सूची में इंग्लैंड के स्पिनर डेरेक अंडरवुड के साथ संयुक्त 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज सिडनी बार्न्स (932) और जॉर्ज लोहमैन (931) शीर्ष पर हैं, जबकि इमरान खान (922) और मुथैया मुरलीधरन (920) तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टॉप विकेट टेकर हैं बुमराह बता दें कि भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है. यहां दोनों टीमों के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है, जिसका चौथा मुकाबला मेलबर्न में हुआ. इस चौथे मैच में ऑस्ट्रेलिया 184 रनों से जीता. इस तरह मेजबान टीम सीरीज में 2-1 से आगे हो गई है. अब आखिरी टेस्ट 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा. सीरीज में अब तक बुमराह ही टॉप विकेट टेकर हैं. उन्होंने 4 टेस्ट की 8 पारियों में सबसे ज्यादा 30 विकेट झटके हैं. उनका औसत भी 12.83 का रहा है. उनके बाद दूसरे नंबर पर पैट कमिंस हैं, जिन्होंने 20 विकेट लिए. बुमराह को इसी प्रदर्शन का दमदार फायदा मिला है. सीरीज के तीसरे यानी गाबा टेस्ट में भी बुमराह ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने पहली पारी में 76 रन देकर 6 विकेट झटके थे. जबकि बुमराह ने गाबा टेस्ट की दूसरी पारी में 18 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए थे. सीरीज के पहले टेस्ट में बुमराह ने 8 विकेट और दूसरे टेस्ट में 4 विकेट लिए थे.
डिंडोरी शाहपुरा पुलिस की मेहनत से तीन लोगों को मिला नव जीवन प्राप्त जानकारी अनुसार डिंडोरी जिले के शाहपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बरौदी की घाट में अनियंत्रित होकर सिलेंडर से लोड वाहन पलटने की जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस बल घटना स्थल को हुई रवाना। यह है मामला दिनांक 31/12/2024 को शहपुरा पुलिस को सूचना मिली कि शहपुरा कस्बे से 09 किलो मीटर दूर ग्राम बरौदी की घाटी मे गैस सिलेन्डरों से भरा ट्रक पलट गया है, जिसमें ड्रायवर सहित तीन लोग फसे हुये है एवं गैस से भरे सिलेन्डर घाटी मे दूर-दूर तक बिखरे पडे है जिस पर तत्काल एसडीओपी शहपुरा एवं थाना प्रभारी शहपुरा अपने टीम के साथ घटना स्थल पर पहॅुचे तो देखे कि एचपी गैस भरे 400 सिलेन्डरों से लदा ट्रक बरौदी घाट मे पलटा हुआ था एवं सिलेन्डरों गैस से भरे होने एवं इधर-उधर बिखरे होने से गैस रिसाव होकर गम्भीर घटना की पूर्ण सम्भावना थी । ट्रक के केबिन मे ड्रायवर सहित एक पुरूष एवं बच्चा कुल तीन लोग फसे हुये थे जिन्हे पुलिस स्टॉफ के द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुये निकालने का प्रयास किया गया और बच्चे एवं एक पुरूष को ट्रक के केबिन से निकालकर तत्काल पुलिस वाहन से सीएचसी शहपुरा ईलाज हेतु रवाना किया गया । ट्रक का ड्रायवर सीट एवं स्टेरिंग के बीच मे बुरी तरह फसा हुआ था जो अर्ध बेहोसी की स्थिति मे था । ट्रक के सिलेन्डरों से भरे होने के कारण ड्रायवर को निकालना मुश्किल हो रहा था इस कारण पुलिस स्टॉफ ने आमजनों की मदद से सर्वप्रथम गैस से भरे सिलेन्डरों को ट्रक से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान मे रखा एवं ट्रक के खाली होने पर क्रेन की मदद से लगभग 01 घंटे के भरसक प्रयास के बाद ड्रायवर को सकुशल ट्रक के केबिंन से बाहर निकाला गया जिसे शरीर के कई भागों मे चोट आई थी जिसे तत्काल एम्बुलेन्स से ईलाज हेतु सीएचसी शहपुरा रवाना किया गया । इस तरह शहपुरा पुलिस ने साल के अंतिम दिन त्वरित कार्यवाही करते हुये एक 04 साल के बच्चे सहित 03 लोगों की जान बचाई ।उक्त कार्यवाही मे एसडीओपी शहपुरा मुकेश अबिद्रा के नेतृत्व मे थाना प्रभारी शहपुरा शिवलाल मरकाम ,उनि. अनुराग जामदार,सउनि. नंदकिशोर झारिया, सउनि. रूकमणी पासी,प्रआर. 11 सूर्यभान वरकडे, प्र.आर. 73 प्रवीण अवस्थी,प्रआर.271 आदित्य शुक्ला चालक आर. 386 विजय दीक्षित की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
जयपुर। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के सफल समापन के एक महीने के भीतर, राजस्थान सरकार ने अब व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने और राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नए औद्योगिक नोड्स, लॉजिस्टिक्स हब और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। अजिताभ शर्मा, प्रमुख सचिव (उद्योग) के नेतृत्व में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने श्री इंद्रजीत सिंह, प्रबंध निदेशक (RIICO) के साथ मिलकर इन परियोजनाओं के लिए रणनीतिक स्थानों की पहचान करने के लिए सोमवार को जयपुर के पास साइट का दौरा किया। अधिकारियों ने मांडा, फुलेरा (पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के आसपास) और बिचून औद्योगिक क्षेत्रों में साइट का दौरा किया और औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब विकास से संबंधित परियोजनाओं के लिए क्षेत्र में विभिन्न भूमि भूखंडों की उपयुक्तता का आकलन किया। बाघावास गांव में लगभग 67 हेक्टेयर भूमि की उपयुक्तता पर भी विचार-विमर्श हुआ। सरकार लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 200-250 हेक्टेयर भूमि को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रही है। अधिकारियों ने प्रस्तावित भूमि एकत्रीकरण नीति के तहत मांडा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और बिचून औद्योगिक क्षेत्र के तेजी से विकास का भी सुझाव दिया। जैसा कि प्रमुख सचिव (उद्योग) श्री अजिताभ शर्मा ने कहा, नए लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से परिचालन में आसानी बढ़ेगी और व्यापार की लागत कम होगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आसपास का दौसा-बांदीकुई क्षेत्र और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के निकट मांडा विस्तार राज्य में दो औद्योगिक केंद्र हैं, जिनमें अपार संभावनाएं हैं। बांदीकुई और मांडा क्षेत्र में रीको सरकारी और कुल निजी भूमि क्षेत्रों पर निवेश और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र विकसित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा व्यापार सुगमता बढ़ाने और सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित निवेश प्रस्तावों को चालू परियोजनाओं में परिवर्तित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले, प्रमुख सचिव (उद्योग) श्री शर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों के एक दल ने राज्य में नए निवेश क्षेत्र की स्थापना के लिए भूमि के भूखंडों की पहचान करने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ दौसा-बांदीकुई क्षेत्र का दौरा भी किया था। विभाग के केंद्रित प्रयास ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 के दौरान किए गए वादों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जो राजस्थान के औद्योगिक विस्तार और सतत विकास के लिए मंच तैयार करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 9 दिसंबर को ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए।