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पांचवां और आखिरी टेस्ट स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के लिए अपने पुराने तेवर दिखाने का आखिरी मौका

सिडनी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का शुक्रवार से सिडनी में शुरू होने वाला पांचवां और आखिरी टेस्ट स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के लिए अपने पुराने तेवर दिखाने का आखिरी मौका होगा। अब तक सुपर फ्लॉप रहे कोहली को सिडनी में बड़ा स्कोर बनाकर दिखाना होगा कि उनमें अभी दमखम बाकी है। पहले ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफ़ी में दो विराट कोहली हिस्सा ले रहे हैं और इसमें ग़लती ख़ुद उनकी ही है। छह वर्ष पहले जब वह यहां आए थे तब उन्होंने एक ऐसा शतक लगाया था जिसे घर के बाहर किसी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे बेहतरीन शतक की संज्ञा दी जा सकती है। 2018 में पर्थ में खेली गई उनकी पारी यह विश्वास दिलाने के लिए पर्याप्त थी कि जब तक वह क्रीज़ पर हैं, तब कुछ भी संभव है। यहां तक कि 2024 की शुरुआत भी उनके लिए काफ़ी बेहतर हुई थी। कोहली ने ऐसी पिच पर 46 रन बनाए थे जहां दक्षिण अफ़्रीका की पूरी टीम 55 पर सिमट गई थी। कोहली के सामने जितनी ही बड़ी चुनौती आई वह उतनी ही रफ़्तार के साथ उससे पार पाने में सफल रहे। हर टीम को ऐसे खिलाड़ी की ज़रूरत होती है। मौजूदा दौरे पर कोहली सभी छह बार ऑफ़ स्टंप के बाहर की गेंद को छेड़ने के दौरान आउट हुए हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा, “अब समय आ गया है जब उन्हें ना सिर्फ़ रन बनाने होंगे बल्कि इस समस्या से निकलने के लिए उन्हें आउट होने का कोई दूसरा तरीका भी ढूंढना होगा। मैंने अब तक ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा है जिसका टेस्ट क्रिकेट पर कोहली जितना इम्पैक्ट हो और उसके साथ यह कमज़ोरी हो। मुझे नहीं लगता कि किसी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ के साथ ऐसी कोई कमज़ोर कड़ी रही हो। हां ऐसा हो चुका है कि कई बार खिलाड़ी एक ही तरह से आउट हुए हैं लेकिन कोहली के संदर्भ में यह काफ़ी समय से घटित हो रहा है।” मांजरेकर ने मैच डे हिंदी में कहा, “कोहली के पास एक विकल्प यह है कि वह बाहर की गेंदों को छोड़ें और जैसा कि उन्होंने (मेलबर्न टेस्ट) पहली पारी में किया भी। स्टीव स्मिथ अलग अलग तरह से अपनी समस्याएं कम करते हैं लेकिन कोहली के साथ यह काफ़ी लंबे समय से घटित हो रहा है। उस खिलाड़ी जिसके हिस्से में कई बड़ी पारियां हैं उसका बार बार एक ही तरह की ग़लती दोहरना काफ़ी दिलचस्प है।” मेलबर्न में कोहली और सैम कॉन्स्टास के बीच हुई भिड़ंत भी चर्चा का केंद्र बनी रही, जहां 35 वर्षीय सुपरस्टार का एक 19 वर्षीय खिलाड़ी से उलझना काफ़ी लोगों को अखर गया। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर आरोन फ़िंच ने कहा, “कोहली उस तरह के खिलाड़ी हैं जो दबाव की स्थिति में और निखर जाते हैं। वह लड़ाई मोल लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि यह उनके भीतर से उनका सर्वश्रेष्ठ निकालता है। यही वह स्थिति होती है जब वह अपना पूरा कौशल झोंक देते हैं।” कोहली ने कई टेस्ट सीरीज़ को अपनी बल्लेबाज़ी और व्यवहार से परिभाषित किया है लेकिन यह सीरीज़ उनके लिए ग़लत आंकलन से परिभाषित हो रही है। सिडनी में चीज़ें ठीक करने का उनके पास आखिरी मौक़ा है। वह मेलबर्न में लगभग ऐसा कर भी चुके थे और ख़ुद स्मिथ तक को यह लगा था कि कोहली के बल्ले से एक बड़ी पारी आने वाली है लेकिन जायसवाल के रन आउट घटनाक्रम के बाद वह ऑफ़ स्टंप के बाहर की गेंद को छेड़ने चले गए जिसे वह अब तक छोड़ते आ रहे थे। शायद नया साल पुराने कोहली को वापस लाने में सफल साबित हो। फ़ील्ड पर तो वह अभी भी पुराने कोहली ही हैं। दर्शकों से उलझ रहे हैं, रोहित शर्मा को हर ज़रूरी सुझाव भी दे रहे हैं। ख़ुद रोहित के लिए यह साल और सीरीज़ अभी तक संतोषजनक नहीं रही है और उनके टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने की भी काफ़ी चर्चा चल रही है। हालांकि मांजरेकर मानते हैं कि इस पर कोई भी निर्णय ख़ुद रोहित ही लेंगे। मांजरेकर ने कहा, “रोहित का फ़ॉर्म वास्तव में चिंताजनक है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अकसर ऐसा होता है कि क्रिकेट को सही दिशा दिखाने के लिए बड़े खिलाड़ी आड़े नहीं आते। भारतीय क्रिकेट उस स्तर पर नहीं पहुंचा है। यह ज़िम्मेदारी चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर की भी है लेकिन मुझे लगता है कि रोहित ख़ुद सामने आकर ही अपने फ़ैसले के बारे में बता देंगे।”  

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विशेषज्ञों ने बैलून तकनीक से मिट्रल व ट्राइकसपिड वॉल्व की सिकुड़न का बिना सर्जरी के इलाज किया

जबलपुर रयूमेटिक हृदय रोग से पीड़ित 40 वर्षीय महिला का मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विशेषज्ञों ने बैलून तकनीक से मिट्रल व ट्राइकसपिड वॉल्व की सिकुड़न का बिना सर्जरी के इलाज किया। उपचार से मरीज को धड़कन की अनियमितता, बीपी, फेफड़े, पेट व अन्य जगह पर पानी भरने में भी आराम मिला है। इलाज के बाद महिला को पूर्णत: लाभ मिला कार्डियोलॉजी विभाग के हृदय रोग विशेषज्ञ और ऐसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिशिर सोनी ने बताया कि मरीज को अत्यधिक गम्भीर अवस्था में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल लाया गया था। इससे पहले उसे महाकोशल के कई अस्पतालों और नागपुर के हृदय रोग विशेषज्ञों को दिखाया जा चुका था, लेकिन इलाज नहीं हो सका। डॉ. सोनी ने बताया कि मरीज के मिट्रल और ट्राइकसपिड दोनों वॉल्व में स्टेनोसिस (सिकुडऩ) थी। इस बीमारी में मरीज को अत्यधिक सांस फूलने और पैरों में सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा अन्य समस्याएं धडकऩों की अनियमितता, कम बीपी और फेफडें, पेट और अन्य जगहों में पानी भर जाने जैसी परेशानियां भी थीं। उन्होंने बैलून तकनीक से एक ही बार में परक्यूटेनियस मिट्रल और ट्राइकसपिड बैलून वाल्यूलोप्लास्टी सफलतापूर्वक की। इलाज के बाद महिला को पूर्णत: लाभ मिला है।  प्रदेश में पहली बार इलाज डॉ. शिशिर सोनी ने बताया कि एक ही मरीज में दोनों वॉल्व की सिकुड़न का परक्यूटेनियस मिट्रल और ट्राइकसपिड बैलून पाल्यूलोप्लास्टी से सफलतम उपचार दुनिया के कुछ ही कार्डियेक सेंटर में हुआ है। मध्यप्रदेश में यह उपचार पहली बार किया गया है।

पांचवें टेस्ट मैच से पहले कप्तान पैट कमिंस ने कहा- सिडनी में होने वाले पांचवें टेस्टं के लिए टीम में एक किया बदलाव

सिडनी ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ होने वाले पांचवें और आखिरी टेस्ट से ऑलराउंडर मिचेल मार्श को बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह बो वेबस्टर टेस्ट टीम में पर्दापण करेंगे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने गुरुवार को पांचवें टेस्ट मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सिडनी में होने वाले पांचवें टेस्टं के लिए टीम में एक बदलाव किया गया है। ऑलराउंडर मिचेल मार्श की जगह बो वेबस्टिर टेस्ट  टीम में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि कमर दर्द से परेशान रहे मिचेल स्टाटर्क मैच खेलने के लिए फिट हैं। वेबस्टर ने पिछले कुछ सत्र में शेफील्ड शील्ड में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पिछले सीजन में वह 58.62 की औसत से 938 रन बनाकर शील्ड में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे और 29.30 की औसत से 30 विकेट लिए। इस सीज़न के चार मैचों में उन्होंने 50.50 की औसत से 303 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है और 96.5 ओवरों में 37.88 की औसत से नौ विकेट लिए हैं। उन्होंने तस्मेनिया के लिए डीन जोन्स ट्रॉफी के 50 ओवर के मैच में 17 रन देकर छह विकेट लिए थे और पहले चार दिवसीय मैच में भारत ए के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ए के लिए नाबाद अर्धशतक लगाया है और मेलबर्न में दूसरे मैच में दो बार तीन विकेट लिए हैं। कमिंस ने कहा, “मिची ने जाहिर तौर पर इस सत्र में उतने रन नहीं बनाए हैं या शायद उतने विकेट नहीं लिए हैं, जितने वह लेना चाहते थे। इसलिए हमें लगा कि अब समय आ गया है कि हम तैयार हो जाएं और बो टीम के साथ हैं। वह शानदार रहे हैं। इसलिए यह मिची के लिए शर्म की बात है, क्योंकि हम जानते हैं कि वह टीम के लिए कितना कुछ लेकर आते हैं, लेकिन हमें लगता है कि बो के लिए अब अवसर मिलने का यह अच्छा सप्ताह है।” उन्होंने कहा, “वह पूरी तरह से समझदार था। मुझे लगता है कि उसके शब्द, हां, जरूरी नहीं कि वह अचंभित करने वाले हों। वह जानता है कि उसने रन नहीं बनाए हैं या विकेट नहीं लिए हैं जो वह चाहता था। इसलिए यह आपको कमजोर बनाता है। बो के लिए वास्तव में उत्साहित हूं। उसने जो पहली बात कही, मैं बो को वहां जाकर अवसर देने का इंतजार नहीं कर सकता।” पांचवें टेस्टब के लिए ऑस्ट्रेवलियाई एकादश : सैम कॉन्टा स, उस्माेन ख़्िवाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीववन स्मिथ, ट्रैविस हेड, बो वेबस्ट र, ऐलेक्स  कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टावर्क, नेथन लायन और स्कॉेट बोलैंड।  

न्यूयॉर्क में फिर ताबड़तोड़ गोलीबारी! क्वींस में 11 लोगों को मारी गोली, वीडियो आया सामने

 न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक नाइट क्लब में हुई गोलीबारी में कम से कम 11 लोग घायल हो गए हैं। न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में अमेजुरा नाइटक्लब में बुधवार देर रात गोलीबारी की ये वारदात हुई। पुलिस ने बताया है कि जमैका में अमेजुरा इवेंट हॉल के पास बड़ा नाइटक्लब है, जिसमें 4,000 लोगों की क्षमता है। यहां अक्सर डीजे और लाइव परफॉर्मेंस होते रहते हैं। यहां पर नए साल के मौके पर लोग जमा थे, इसी दौरान गोलीबारी होने की सूचना मिली। पुलिस और राहतकर्मियों ने सभी 11 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गोलीबारी की घटना के बाद न्यू यॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया गया। पुलिस को 91 एवेन्यू और 144 प्लेस पर कई खाली कारतूस मिले हैं, जिससे एक और क्राइम सीन बनाया गया है। पुलिस ने आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया। पुलिस ने अमेजुरा और सटफिन ब्लाव्ड पर स्पेशल यूनिट को तैनायत किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी सिटिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक सफेद कार की पहचान की है, जिसके गोलीबारी की घटना में शामिल थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।अभी पुलिस को कोई पुख्ता सुराग इस मामले में नहीं मिल सका है। क्वींस नाइट क्लब में गोलीबारी के शिकार लोगों को लॉन्ग आइलैंड ज्यूइश हॉस्पिटल और कोहेन्स चिल्ड्रन मेडिकल सेंटर समेत कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। NYPD ने पुष्टि की है कि किसी भी पीड़ित की हालत गंभीर नहीं है और सभी के बचने की उम्मीद है। पुलिस ने अब तक किसी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है की क्या यह घटना किसी गैंगवार से जुडी है या इसके पीछे कोई और वजह है। घटनास्थल से मिले सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है की अगर उनके पास इस घटना से जुडी कोई भी जानकारी है तो वे आगे आकर पुलिस की मदद करें। अमेरिका से नए साल पर कई शहरों से हिंसा, गोलीबारी और हमलों की खबरें सामने आई हैं। सबसे बड़ी घटना न्यू ओर्लियन्स में हुई है। यहां एक एक शख्स ने नए साल का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ पर एक कार चढ़ा दी। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 30 लोग घायल हो गए। अमेरिका ने इसे आतंकी हमला कहा है। इस घटना में हमलावर को पुलिस ने मौके पर ही मार दिया है। मोंटनेग्रो में 2022 में भी हुई थी 12 लोगों की मौत मोंटनेग्रो में 2022 में भी गोलीबारी में 12 लोगों की मौत हो गई थी। सेटिनजे के एक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद के बाद बच्चों सहित सड़क पर चलने वाले लोगों पर बेतरतीब ढंग से गोलियां चला दीं थीं। इससे 12 लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थी । हालांकि वह हमलावर शख्स बाद में पुलिस की गोली लगने से मारा गया था।

श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को सात रनों से हराया, कुसल परेरा का धमाकेदार शतक

नेल्सन (न्यूजीलैंड) कुसल परेरा (101) की तूफानी शतकीय, चरित असलंका (तीन विकेट) और वानिंदु हसरंगा (दो विकेट) की शानदार गेंदबाजी के दम पर श्रीलंका ने गुरुवार को तीसरे टी-20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को सात रन से हरा दिया है। हालांकि न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती। कुसल परेरा को उनकी तूफानी शतकीय पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ से तथा सीरीज में आठ विकेट लेने वाले न्यूजीलैंड के गेंदबाज जेकब डफी ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ से नवाजा गया। श्रीलंका के 218 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड के लिए टिम रॉबिंसन और रचिन रविंद्र की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 81 रन जोड़े। आठवें ओवर में बी फर्नांडो ने टिम रॉबिंसन (37) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद चरित असलंका ने मार्क चैपमैन (नौ) और ग्लेन फिलिप्स (छह) को आउट कर न्यूजीलैंड को दो झटके दिये। 13वें ओवर में असलंका ने रचिन रविंद्र को बोल्ड कर श्रीलंका को चौथी सफलता दिलाई। रचिन रविंद्र ने 39 गेंदों में पांच चौके और चार छक्के लगाते हुए (69)रनों की पारी खेली। 16वें ओवर में हसरंगा ने मिचेल हे (आठ) को बोल्ड कर दिया। इसी ओवर में उन्होंने माइकल ब्रेसवेल (एक) को भी अपना शिकार बना लिया। श्रीलंका के लिये सातवां महत्वपूर्ण विकेट नुवान तुषारा ने डैरिल मिचेल को आउट कर झटका। डैरिल मिचेल ने 17 गेंदों में एक चौका और चार छक्के लगाते हुए (35) रन बनाये। मिचेल सैंटनर (14) और जैकरी फॉक्स (21) रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड की टीम निधारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 211 रन ही बना सकी और सात रन से मुकाबला हार गई। श्रीलंका की ओर से चरित असलंका ने तीन विकेट और वानिंदु हसरंगा ने दो विकेट लिये। नुवान तुषारा और बी फर्नांडो ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 24 के स्कोर पर अपना पहला विकेट पथुम निसंका (14) के रूप में गवां दिया। उन्होंने मैट हेनरी ने विकेटकीपर मिचेल हे के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद पांचवें ओवर में मिचेल सैंटनर ने कुसल मेंडिस को ब्रेसबेल के हाथों कैच आउट करा दिया। कुसल मेंडिस ने 16 गेंदों में (22) रन बनाये। श्रीलंका का तीसरा विकेट अविष्का फर्नांडो (17) के रूप में गिरा। उन्हें जैकब डफी ने पगबाधा आउट किया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आये कुसल परेरा इस दौरान एक छोर थामे खड़े रहे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये कप्तान चरित असलंका ने कुसल परेरा के साथ पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट लिए 100 रनों की साझेदारी हुई। दोनों ने आतिशी बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए तेजी के साथ रन बटोरे। 17वें ओवर में जैकरी फॉक्स ने चरित असलंका को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। चरित असलंका ने 24 गेंदों में एक चौका पांच छक्के लगाते हुए (46) रनों की पारी खेली। 19वें ओवर में डैरिल मिचेल ने कुसल परेरा को आउट किया। कुसल परेरा ने 46 गेंदों में 13 चौके और चार छक्कों की मदद से (101) रनों की शतकीय पारी खेली। यह टी-20 में उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है। इसके साथ उन्होंने टी-20 में अपने दो हजार भी पूरे किये। श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 218 रनों का स्कोर खड़ा किया। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी, जेकब डफी, जैकरी फॉक्स, मिचेल सैंटनर और डैरिल मिचेल ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।  

मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, पिछले साल पकड़े 238 रिश्वतखोर

भोपाल  मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी बड़ी समस्या बन चुक है। आए दिन घूसखोरी के प्रकरण सामने आते रहते हैं। ऐसे में लोकायुक्त की टीम भी भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के मामले में तेजी ला रही है। पिछले तीन माह में लोकायुक्त की टीम ने प्रदेश में पिछले तीन साल के मुकाबले सर्वाधिक कार्रवाई की है। साल 2024 में जहां कुल 238 कार्रवाई की गई है, तो सिर्फ तीन माह 25 सितंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 120 कार्रवाई की गई, जिसमें सिर्फ अकेले ट्रैप के 95 मामले दर्ज किए गए हैं। बड़ी संया में पहुंची शिकायतों पर जांच भी हो रही है। ट्रैप की कार्रवाई में इंदौर, जबलपुर अव्वल लोकायुक्त की ट्रैप की कार्रवाई के मामले में यदि संभागों की बात की जाए तो इंदौर संभाग अव्वल है। यहां साल 2024 में 53 कार्रवाई की गई है, जो प्रदेश के अन्य संभागों के अपेक्षाकृत सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरे नंबर पर जबलपुर है, जहां 42 कार्रवाइयां की गई हैं। भ्रष्टाचारियों की फाइलें नहीं रोक पाएंगे अफसर जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में अब जांच के बहाने अफसर भ्रष्टाचारियों की फाइलें लंबे समय नहीं रोक पाएंगे। हर फाइल सरकार तक नहीं भेजी जाएगी। नियुक्तिकर्ता अधिकारी को ही अभियोजन स्वीकृति के अधिकार सरकार ने दे दिए हैं। यहां तक कि अनुमति देने की टाइमलाइन भी तय कर दी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा है कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी परीक्षण में पाता है कि प्रकरण अभियोजन स्वीकृति के योग्य है तो उसे 45 दिन में स्वीकृति जारी करनी होगी।

आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

ढाका बांग्लादेश में राजद्रोह के आरोप में जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। दास की जमानत याचिता पर गुरुवार को चटगांव कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों ने चिन्मय का पक्ष चटगांव की अदालत में रखा लेकिन उनको जमानत नहीं मिल सकी। बांग्लादेश के द डेली स्टार ने बताया है कि चटगांव की अदालत ने कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई के दौरान चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले 3 दिसंबर 2024 को दास के केस की तारीख थी। उस समय अभियोजन पक्ष के समय मांगने और चिन्मय की ओर से कोई वकील ना होने के चलते अदालत ने 2 जनवरी की तारीख जमानत पर सुनवाई के लिए दी थी। पूर्व में इस्कॉन से जुड़े रहे दास के खिलाफ बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा ध्वज फहराने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उनको ढाका के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद जेल भेज दिया गया। दास की गिरफ्तारी के बाद चटगांव में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान हिंसा में चटगांव में एक वकील की मौत भी हो गई थी। ये मामला काफी ज्यादा चर्चा में रहा था। सुप्रीम कोर्ट के वकील करेंगे पैरवी चिन्मय कृष्ण दास की पैरवी के लिए उनके वकील अपूर्ब कुमार भट्टाचार्य के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों की टीम चटगांव पहुंची थी। वकील अपूर्ब कुमार भट्टाचार्य ने द डेली स्टार को बताया, ‘हम एंजीबी ओकया परिषद के बैनर तले चटगांव आए हैं और अदालत में चिन्मय की जमानत के लिए पक्ष रख रहे हैं। हालांकि उनको दास की जमानत की उम्मीद थी, जो नहीं हो सका। यह पूरा मामला 25 अक्टूबर को चटगांव में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा ध्वज फहराने के आरोप से शुरू हुआ। मामला दर्ज होने के बाद चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद स्थिति तब बिगड़ी, जब 27 नवंबर को चटगांव कोर्ट से दास की जमानत खारिज होने के बाद उनके समर्थकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया और इसमें एक वकील की मौत हो गई। चटगांव कोर्ट में हिंसा के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यकों और इस्कॉन के साधुओं के खिलाफ भी हिंसा देखने को मिली। हालांकि इस्कॉन की ओर से साफ कर दिया गया कि यौन शोषण के आरोपों के चलते दास को पहले ही निकाला जा चुका है। भारत ने भी बयान जारी करते हुए हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी।

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज आकाशदीप पीठ में अकड़न के चलते सिडनी टेस्ट नहीं खेलेंगे

नई दिल्ली टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज आकाशदीप पीठ में अकड़न के चलते शुक्रवार से सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए हैं। आकाशदीप ने ब्रिसबेन और मेलबर्न में खेले दो टेस्ट में शानदार गेंदबाजी करने के बावजूद पांच विकेट लिए थे। वह कुछ हद तक बदकिस्मत रहे कि उन्हें अधिक विकेट नहीं मिल पाए, क्योंकि उन मैचों के दौरान उनकी गेंदबाजी से कई कैच छूट गए थे। भारतीय कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुष्टि की, “आकाश दीप पीठ की समस्या के कारण बाहर हैं।” 28 साल के इस तेज गेंदबाज ने अब तक सीरीज में कुल 87.5 ओवर फेंके हैं और चोट का कारण उनके उनका वर्कलोड हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया की कठोर पिचें तेज गेंदबाजों के लिए घुटने, टखने और पीठ की समस्याओं के लिए कुख्यात हैं। अब सवाल यह है कि आकाशदीप के बाहर जाने से प्लेइंग XI में किसे जगह मिलेगा। मौजूदा स्क्वॉड में दो नाम, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा, ऐसे विकलप हैं जो आकाशदीप को रिप्लेस कर सकते हैं। हर्षित राणा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले दो टेस्ट मैच खेल चुके हैं, ऐसे में उनके खेलने की उम्मीद ज्यादा है। वहीं रोहित शर्मा और ऋषभ पंत के खेलने पर भी सवाल है। जब मैच से एक दिन पहले कोच गौतम गंभीर से रोहित शर्मा के खेलने पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि प्लेइंग XI का चयन वह पिच देखकर टॉस के दौरान करेंगे। वहीं ऋषभ पंत का परफॉर्मेंस भी सीरीज में अभी तक कुछ खास नहीं रहा है। मेलबर्न में खेली दोनों पारियों में वह गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हुए। मिडिल ऑर्डर में पंत और रोहित की जगह ध्रुव जुरेल और सरफराज खान को ट्राई किया जा सकता है।

Bhopal को 40 साल बाद मिली जहरीले कचरे से बड़ी राहत, कड़ी सुरक्षा में पहुंचा पीथमपुर

भोपाल  राजधानी भोपाल से 40 साल बाद आखिरकार जहरीला कचरा बाहर निकल ही गया। 12 कंटेनर जहरीला कचरा लेकर धार जिले के पीथमपुर के लिए निकलने की खबर है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह जहरीला अपशिष्ट कचरा भोपाल से पीथमपुर के लिए रवाना हुआ है। इस कचरे को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भेजा जा रहा है। कंटेनर के साथ एम्बुलेंस, पुलिस और फायर दमकलें चल रही हैं। 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा भोपाल की यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री के गोदाम में 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा रखा था। अफसरों के अनुसार कंटेनर उस समय रवाने किए जा रहे हैं जब सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहेगा। गौरतलब है कि इस जहरीले कचरे को भोपाल की यूनियन कार्बाइड से पीथमपुर ले जाने की तैयारी रविवार दोपहर से शुरू हुई थी। 12 कंटेनर में लोड किया गया जहर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के इस जहर ने सैकड़ों लोगों की जान ली थी। उस दर्द को लोग आज भी नहीं भुला पाए हैं। प्रशासन के द्वारा लंबे समय के बाद इसे हटाने के लिए आखिरकार काम किया गया है। इसे सावधानी के साथ 12 कंटेनरों में लोड किया गया है। एक कंटेनर में 30 टन कचरा जानकारी के अनुसार एक कंटेनर में औसत रूप से 30 टन कचरा भरा गया है। 200 से ज्यादा मजदूरों ने इसे अलग-अलग शिफ्ट में कंटेनर में लोड किया है। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। वहीं सरकार ने भी प्रक्रिया को पूरा करने में हर प्रकार की सावधानी रखी। कचरा हटाने के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीथमपुर भेजे जा रहे कचरे को रामकी एनवायरो में जलाया जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस कचरे को 6 जनवरी तक हटाने के निर्देश दिए थे। अब 3 जनवरी को सरकार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी। भोपाल से पीथमपुर तक करीब 250 किलो मीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। कार्रवाई का पीथमपुर में हुआ विरोध पीथमपुर में इस कचरा को जलाने के विरोध में 10 से ज्यादा संगठनों ने 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का आह्वान किया है। कई संगठनों का कहना है, भोपाल का कचरा अमेरिका भेजा जाए। वहीं पीथमपुर बचाओ समिति 2 जनवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी में है। कब और कैसे लीक हुई थी जहरीली गैस 1984 में 2-3 दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट लीक हुई थी, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5 लाख से अधिक लोग इसकी जद में आ गए थे. यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से निकली गैस 40 किलोमीटर दूर तक में फैल गई थी. शहर की एक चौथाई आबादी गैस चेंबर में तब्दील हो गई थी. सबसे अधिक बच्चों पर गैस का प्रभाव पड़ा था. जिस रात यह घटना घटी थी. उसके कई दिनों बाद तक भोपाल से लोगों का पलायन चलता रहा. हजारों लोग सैकड़ों किसोमीटर दूर चले गए. यहां से जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे. इस उन्माद के बीच साहस और हौसले की भी कमी नहीं थी. बड़ी संख्या में लोगों ने प्रभावित लोगों को निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी. हिरोशिमा और नागासाकी के बाद मौत का विकराल रूप भोपाल गैस त्रासदी जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद मृत्यु का तीसरा सबसे वीभत्स और घृणित रूप थी. हालात ऐसे बने थे कि श्मशान में लाशें जलाने की जगह नहीं बची थी. एक चीता पर 10 से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. मुस्लिम कब्रिस्तान में भी शवों को दफनाने की जगह नहीं बची थी. स्थिति ऐसी बनी थी कि पुरानी कब्रों को खोद कर शवों को दफनाया गया था. भोपाल में मौत का तांडव कई दिनों तक चलता रहा. गैस रिसाव के 30 घंटे बाद भी फैक्ट्री में लाशों का अंबार लगा हुआ था. तीन दिनों तक जानवरों के शव सड़कों और घरों में बिखरे पड़े हुए थे. इससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही थी. बड़ी संख्या में यहां से लोग पलायन कर रहे थे. तो प्रशासन अन्य शहरों से सफाई कर्मचारियों को बुलाकर अभियान में लगाया था. गैस का दुष्प्रभाव ना सिर्फ सन 1984 में था बल्कि आज भी लोग विकलांगता और गंभीर बीमारियों की जद में जीने को मजबूर हैं. कई पीढ़ियों ने झेला त्रासदी का दंश भोपाल गैस त्रासदी की जद में आने वाले या फिर उस घटना में बचे लोगों का जीवन सामान्य नहीं रहा. लोगों को कई सालों तक इस त्रासदी का दंश झेलना पड़ा. त्रासदी प्रभावित लोगों की जीवन अवधि कम होती चली गई. साथ ही कई लोग विकलांग, नपुंसक और गंभीर बीमारियों का शिकार होते चले गए. इस त्रासदी के शिकार हुए 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को बहुत कष्ट उठाना पड़ा. हाल ही में हुए एक रिसर्च में पता चला कि गैस पीड़ित समूह के पुरुषों और 21 वर्ष से ऊर के व्यक्तियों की मृत्य बहुत जल्द हो गई. इस अध्ययने में पाया गया कि करीब 30 वर्षों में 6 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई. खून में घुल गई जहरीली गैसें त्रासदी के करीब ढाई दशक बाद आईसीएमआर की एक रिपोर्ट सामने आई. इसमें पाया गया कि यहां के लोगों के खून में जहरीली गैसें घुल गई थी. जिससे लोगों में और आने वाली पीढ़ियों में इसका बुरा असर दिखा. आज भी जो बच्चे पैदा होते हैं उनमें सांसों की समस्या, विकलांगता और गंभीर बीमारियां देखी जाती हैं. हालांकि, अब राहत की बात है कि जहरीले कचरे को नष्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि अब यहां के लोग स्वस्थ और सेहतमंद होंगे और आने वाली पीढ़ियां भी हेल्दी पैदा होंगी.

नए साल पर पिकनिक मनाकर लौटते समय दो सड़क हादसे, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में तीन युवकों की मौत

कबीरधाम। बोड़ला थाना क्षेत्र में बुधवार नए साल के दिन दो अलग-अलग सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई है। जानकारी अनुसार, पहला सड़क हादसा नेशनल हाईवे 30 में शाम सात बजे तहसील कार्यालय के पास हुआ। यहां दो बाइक आपस में टकरा गईं। इस हादसे में दो युवकों की मौके पर मौत हो गई। दूसरा सड़क हादसा बोड़ला के जंगल क्षेत्र में हुई है, जहां एक बाइक सवार की मौत है। तीनों शव को बोड़ला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखा गया है। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को जानकारी दे दी है। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रह है कि जिन दो युवकों की मौत हुई है ये नए साल के अवसर पर पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। गौरतलब है कि कबीरधाम जिले में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। बीते साल 2024 में सबसे ज्यादा सड़क हादसे में लोगों की मौत हुई है। 2024 में 145 से अधिक लोगों की मौत हुई, जो कबीरधाम जिले बनने के 26 साल बाद सबसे ज्यादा है। कबीरधाम जिला का गठन मध्यप्रदेश राज्य के दौर में वर्ष 1998 में की गई। वर्ष 2024 में बढ़े सड़क हादसे से पुलिस-प्रशासन भी चिंतित है।

वैज्ञानिक तरीके से जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाए जाने को लेकर मीडियो से बात की। उन्होंने कहा कि रासायनिक कचरे का निष्पादन वैज्ञानियों से ही कराया जा रहा है। इसमें सभी मानकों का पालन हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ आज तीन बजे प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक करेंगे और सभी शंकाओं का समाधान करेंगे। कचरा जलाने से ना तो पर्यावरण कोई कोई नुकसान होगा और ना ही भूजल प्रभावित होगा। समस्त अध्ययन के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। भोपाल के लोग 40 साल से कचरे के साथ जी रहे थे कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर को लेकर आवाज उठा रहे हैं और भोपाल को लेकर अभी तक कोई बात नहीं की। दोमुही कांग्रेसी करते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। भोपालवासी 40 वर्ष से इस कचरे के साथ जी रहे थे। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस कचरे को हम पीथमपुर में जलाने जा रहे है उसका पहले भी ड्राई रन कर चुके है। इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी, उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इस कचरे को नष्ट करने के निर्देश हमें दिए थे। इसमें यह साफ कर दिया गया था कि इस कचरे के जलने से पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त 2015 में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का ट्रायल रन किया गया था। परीक्षण में जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक कचरा जलाने से वातावरण में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने हमें कचरा जलाने के लिए निर्देशित किया है।

फोर्स ने डाला डेरा, छत्तीसगढ़-बीजापुर में कैम्प खुला और तर्रेम से पामेड़ के रास्ते पर 25 सालों बाद आवागमन शुरू

बीजापुर। बीजापुर में नये साल के पहले दिन नक्सलियों के मांद कहे जाने वाले कोरागुट्टा में फोर्स का डेरा लगते ही 25 सालों से बंद पड़े बीजापुर से तर्रेम होकर पामेड़ जाने वाले रास्ते को फिर से बहाल करा दिया गया है। फिलहाल इस मार्ग पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इस मार्ग के खुल जाने से अब लोगों को पामेड़ पहुंचने के लिए तेलंगाना होकर जाने की बाध्यता खत्म हो जाएगी और सौ किलोमीटर का फासला भी बच जाएगा। उसूर ब्लाक के पामेड़ थाना क्षेत्र के कोरागुट्टा में सुरक्षाबलों का नया कैम्प स्थापित कर दिया गया हैं। कोरागुट्टा इलाका नक्सलियों के पीएलजीए का कोर क्षेत्र कहलाता है। बीजापुर से तर्रेम, कोंडापल्ली होकर पामेड़ जाने वाले इस रास्ते पर पिछले 25 सालों से आवागमन बाधित था। इलाके के लोगों को पामेड़ पहुंचने के लिए तेलंगाना राज्य के चेरला होकर पामेड़ जाना पड़ता था। क्षेत्र के लोग 210 किलोमीटर की दूरी तय करके बीजापुर से पामेड़ पहुंचते थे। लेकिन अब कोरागुट्टा में कैम्प खुल जाने से यह रास्ता फिर से खुल गया है। वही अब बीजापुर से पामेड़ पहुंचने के लिए 100 किलोमीटर का फासला भी कम हो गया है। हालांकि अभी इस मार्ग पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। नक्सलियों के कोर इलाके में फोर्स का कैम्प स्थापित करने के पीछे का मकसद है कि नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही कर इलाके में आमजनो  के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों को इसका लाभ पहुंचाना है। नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सलियों के पीएलजीए बटालियन नम्बर 1 के कोर क्षेत्र कोरागुट्टा में यह सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र में सड़क मार्ग का विस्तार और पुलों का निर्माण किया जाएगा। ताकि आम जनता को आसानी से आवागमन की सुविधा मिल सके। क्षेत्र में बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोगों को इन मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। क्षेत्र में पीडीएस दुकानें खोली जाएंगी ,ताकि लोगों को राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सुविधा उनके गांव में ही  मिल सके। क्षेत्र में अच्छी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा, ताकि लोगों को मोबाइल सेवाओं का लाभ मिल सके। कैम्प की स्थापना से क्षेत्र के आम-जनों में खुशी का माहौल बना हुआ है।

लाइफ जैकेट पहनने से बची जान, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में डेम के बीच नाव पलटने से मची अफरा-तफरी

रायगढ़। रायगढ़ जिले में डेम के बीच में नाव पलटने की घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। लाईफ जैकेट पहनने की वजह से किसी तरह लोगों की जान बच गई अन्यथा नये साल के पहले दिन यहां बडी घटना घटित हो सकती थी। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टीपाखोल डेम में यूं तो नये साल के अवसर पर सुबह से ही पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ रही। इस बीच दोपहर करीब 2 बजे के आसपास उस समय अचानक अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई जब वहां बोटिग कर रहे एक नाव डेम के बीच पहुंचते ही वापस मूडते समय गहरे पानी में पलट गई। इसके बाद नाव में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि नाव में सवार सभी लोगों ने लाईफ जैकेट पहने हुए थे जिसके कारण सभी की जान बच गई। बताया जा रहा है कि किरोड़ीमल नगर क्षेत्र में रहने वाला एक शख्स अपनी पत्नी और एक बेटी के साथ टीपाखोल डेम पहुंचा था और इस बीच बोटिंग का आनंद लेते हुए यह घटना घटित हो गई। टीपाखोल डेम में मेले सा माहौल टीपाखोल डेम में पिकनिक मनाने पहुंचे लोगों ने बताया कि नये साल के अवसर पर आज यहां मेले सा माहौल रहा, यहां गुमचुप ठेला के अलावा आईक्रीम के भी दुकान लगे थे। साथ ही सैकड़ो की संख्या में यहां मोटर सायकल व 15 से 20 कार में सवार होकर लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचे थे। एक बोलेरो भी पलटी नये साल के अवसर पर टीपाखोल डेम में पिकनिक मनाने जाने के दौरान रास्ते में एक बोलेरो भी पलट गई। बताया जा रहा है कि इस वाहन में करीब 4 लोग सवार थे। जो कि खैरपुर के रहने वाले बताये जा रहे हैं। इस घटना में वाहन में सवार लोगों को मामूली खरोच आई है। घटना के बाद लोगों में भय नये साल के अवसर पर टीपाखोल डेम में नाव पलटने के साथ-साथ बोलेरो पलटने की घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अचानक भय का माहौल निर्मित हो गया और फिर लोग धीरे-धीरे अपने घर की ओर पलायन करने लगे।

अवैध लकड़ी परिवहन करते आठ ट्रैक्टर जब्त, छत्तीसगढ़-बालोद में वन विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन

बालोद। साल के जाते-जाते बालोद वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ ट्रैक्टर लकड़ी सहित जब्त की है। वन मंडल अधिकारी बीएस सरोटे के निर्देशन में उप वन मंडल अधिकारी ने यह पूरी कार्रवाई की है। वनमंडलाधिकारी बीएस सरोटे ने बताया कि वन विभाग के अमले द्वारा रात्रिगश्त के दौरान बालोद-लोहारा मुख्य मार्ग पर पाररास से जुंगेरा के बीच चार ट्रैक्टर, बघमरा-बालोद मार्ग रेलवे फाटक के पास एक ट्रैक्टर, वनोपज जांच नाका तालगांव के समीप एक ट्रैक्टर समेत ग्राम चैरेल के पास दो ट्रैक्टर को अवैध काष्ठ परिवहन किये जाने के कारण जब्त किया है। कष्टागार में रखे वाहन जब्त उन्होंने बताया कि जब्त किए गए सभी वाहनमय काष्ठ को शासकीय काष्ठागार में रखा गया है। जब्त ट्रैक्टरों में कसही, साजा, प्रतिबंधित प्रजाति के अर्जुन वृक्ष तथा अन्य मिश्रित प्रजाति लट्ठा 12  घनमीटर तथा अन्य मिश्रित प्रजाति के छह जलाऊ चट्टा लदा पाया गया। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टरों में जब्त काष्ठ के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ वनोपज परिवहन अधिनियम 2001 के नियम तीन के तहत कार्रवाई की जा रही है। मिल में खपाई जाती है लकड़ियां आपको बता दें कि बालोद सहित आसपास के आरा मिल में प्रतिबंधित लकड़ियां खपाई जाती है और यहां पर बालोद में आने के लिए बायपास में बने एक धर्म कांटा में इसका माप किया जाता है। जिसके बाद ये आरा मिल को लेकर काम करते हैं। इन दिनों सबसे ज्यादा घटिया, बरही आदि क्षेत्रों में लकड़ी की कटाई की जा रही है। वहीं लोहारा पलारी ये क्षेत्र में लकड़ी कटाई से अछूते नहीं है। मामले में लगातार कार्रवाई करने की बात वन विभाग द्वारा कही जा रही है।

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