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ऊर्जा मंत्री तोमर के आहवान पर स्वच्छ, हरे-भरे और नशा मुक्त ग्वालियर के लिए दौड़े शहरवासी

ग्वालियर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा और नशा मुक्त बनाने के लिए ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पहल पर शुरु किए गए अभियान के तहत रविवार सुबह कांच मिल से पाताली हनुमान तक मिनी मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर के साथ जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, वरिष्ठजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस मिनी मैराथन दौड़ में सहभागिता की। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि हम सभी ने एक सच्ची भावना के साथ बीते एक माह पूर्व यह संकल्प लिया था कि ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने का अभियान चलाएंगे। इसी अभियान के तहत बीते माह से प्रतिदिन सीताराम धुन का वाचन निरंतर किया जा है। इसी कड़ी में हर माह सुन्दरकाण्ड और 200 से 1000 मीटर की मिनी मैराथन दौड़ का आयोजन करने का भी हम सभी ने संकल्प लिया है। ऊर्जा मंत्री ने शपथ दिलाई कि हम प्रतिदिन अपनी दैनिक दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के अभियान के लिए खुद समय देंगे और अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने और साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित करेंगे। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने उपस्थित लोगों का आवाह्न किया कि वे एक अच्छे समाज का निर्माण करें। जैसे हम अपने परिवार के दायित्वों का निर्वहन करते हैं, वैसे ही हम अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें। अपने घर परिवार बेटे बेटियों मित्र मंडली को संस्कारवान बनाएंगे, तभी हम संस्कारवान समाज का निर्माण कर सकेंगे।  

श्रद्धालुओं को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित यात्रा जैसी तमाम सेवाओं में अनंत अंबानी ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में आने वाले तमाम श्रद्धालुओं की चुनौतियों को समझते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने ‘तीर्थ यात्री सेवा’ नामक एक विशेष पहल शुरू की है, जिसे श्रद्धालुओं की यात्रा को सहज और सुरक्षित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। रिलायंस अपनी ‘वी केयर’ (हम परवाह करते हैं) की भावना के साथ इस पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पौष्टिक भोजन, जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित यात्रा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी तमाम सेवाएं दे रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा, “कहते हैं कि जब हम तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं, तो हमें भी आशीर्वाद मिलता है। हमारी सेवाएं उन तीर्थयात्रियों के लिए हैं, जो इस हजार साल में एक बार होने वाले आयोजन के दौरान आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। हमारा लक्ष्य उनमें से सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों की जरूरतों को पूरा करना है। अनंत अंबानी ने आगे कहा, “महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक समागम है। यह हमारे लिए लाखों तीर्थयात्रियों की सेवा, स्वास्थ्य, कल्याण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का अवसर है, ताकि उनकी यात्रा और भी सरल, सुगम व सुरक्षित बन सके।” रिलायंस फाउंडेशन ने कुंभ मेला में तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए आठ विशेष पहल शुरू की हैं। ‘अन्न सेवा’ के तहत हर दिन हजारों श्रद्धालुओं को गर्म और पौष्टिक भोजन व साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में 24×7 मेडिकल सुविधा, ओपीडी, डेंटल केयर और महिलाओं के लिए मुफ्त सेनेटरी नैपकिन शामिल है, ताकि सभी यात्रियों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे। यात्रा को आसान बनाने के लिए तीर्थयात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन और गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, प्रयागराज से संगम तक विशेष परिवहन सेवा भी दी जा रही है। पवित्र जल (नदी) में सेफ्टी के लिए लाइफ जैकेट और नावों की सुरक्षा को बेहतर किया गया है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने कैंपा आश्रम स्थापित किए हैं, जहां तीर्थयात्रियों आराम और शांति से कुछ समय बिता सकते हैं। जियो ने प्रयागराज में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नए 4G और 5G BTS स्थापित किए हैं, और मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड करने के साथ महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रांसपोर्टेबल टावर व स्मॉल सेल सॉल्यूशन स्थापित किए हैं। इसके साथ ही नए ऑप्टिकल फाइबर बिछाए गए हैं ताकि संचार सुचारू रूप से चल सके। पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए रिलायंस ने उनकी सहायता के लिए पुलिस बूथों पर पानी की आपूर्ति की है और सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैरिकेड्स और वॉच टावर लगाए हैं। रिलायंस कई धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इनमें शारदा पीठ मठ ट्रस्ट द्वारका, श्री शंकराचार्य उत्सव सेवालय फाउंडेशन और निरंजनी अखाड़ा जैसे संगठन शामिल हैं। इससे रिलायंस के प्रयासों को और ताकत मिल रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ‘तीर्थ यात्री सेवा’ के जरिए समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से साबित कर रही है। कंपनी चाहती है कि 2025 के महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा का अनुभव मिले।

रोहन जेटली बीसीसीआई के संयुक्त सचिव पद के लिए सबसे आगे, 1 मार्च को विशेष आम बैठक एसजीएम में चुनाव होने वाले हैं

नई दिल्ली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में संयुक्त सचिव की भूमिका के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। 1 मार्च को मुंबई में बीसीसीआई मुख्यालय में एक विशेष आम बैठक (एसजीएम) में चुनाव होने वाले हैं, जेटली रिक्त पद के लिए अग्रणी उम्मीदवार प्रतीत होते हैं। बीसीसीआई ने आगामी चुनाव के बारे में सभी राज्य संघों को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है, जिसमें नए संयुक्त सचिव की नियुक्ति बैठक का एकमात्र एजेंडा है। दिसंबर 2024 में जय शाह के आईसीसी चेयरमैन के रूप में चुनाव के बाद देवजीत सैकिया को सचिव के रूप में पदोन्नत किए जाने के बाद से यह पद खाली पड़ा है। बीसीसीआई ने राज्य संघों को एकल-आइटम एजेंडे के साथ एसजीएम नोटिस भेजा। शीर्ष बोर्ड ने एक बयान में कहा, “बीसीसीआई की विशेष आम बैठक के लिए सूचना दी जाती है, जो 1 मार्च को दोपहर 12:00 बजे मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें बीसीसीआई के संयुक्त सचिव के चुनाव और नियुक्ति के कार्य को पूरा किया जाएगा।” यह दो महीने से भी कम समय में दूसरी एसजीएम होगी, इससे पहले 12 जनवरी को एसजीएम हुई थी, जिसमें सैकिया को नया सचिव और प्रभतेज सिंह भाटिया को नया कोषाध्यक्ष चुना गया था। दोनों को निर्विरोध चुना गया। इस पद के लिए जेटली के मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक डालमिया और मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अधिकारी संजय नाइक शामिल हैं। हालांकि, जेटली को वर्तमान में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि उनके प्रशासनिक अनुभव और भारतीय क्रिकेट की शासी संस्था में उनका प्रभाव बढ़ रहा है। सैकिया, जो पहले संयुक्त सचिव की भूमिका में थे, पिछले महीने शाह के पद खाली करने के बाद सचिव बने। 1 मार्च को होने वाला चुनाव दो महीने से भी कम समय में होने वाला दूसरा एसजीएम होगा, इससे पहले 12 जनवरी को एसजीएम हुआ था, जिसमें सैकिया और प्रभतेज सिंह भाटिया को निर्विरोध क्रमशः सचिव और कोषाध्यक्ष चुना गया था। चुनाव जीतने पर जेटली की नियुक्ति भारतीय क्रिकेट प्रशासन में उनकी भूमिका को और मजबूत करेगी। संयुक्त सचिव विभिन्न प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करने और बीसीसीआई के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य बोर्ड सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए जिम्मेदार हैं। उनका संभावित चुनाव ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जब बोर्ड प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और घरेलू क्रिकेट सुधारों की तैयारी कर रहा है।  

वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत से नागपुर-मुंबई यात्रा के समय को 10 घंटे किया जा सकता है, जानें पूरी डीटेल

नई दिल्ली नागपुर को पुणे और मुंबई से जोड़ने वाली सेमी-हाई-स्पीड सुपरफास्ट ट्रेन सेवा वंदे भारत स्लीपर शुरू हो सकती है। यह ट्रेन महाराष्ट्र रेल यात्रा में एक बड़ा बदलाव लाएगी। मध्य रेलवे के नागपुर बोर्ड ने रेलवे बोर्ड को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। प्रस्ताव का वर्तमान में मूल्यांकन किया जा रहा है और इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा को बढ़ाना और इन उच्च मांग वाले मार्गों पर कनेक्टिविटी में सुधार करना है। वर्तमान में, नागपुर से मुंबई की यात्रा में मेल ट्रेनों से लगभग 16 घंटे लगते हैं, जबकि सुपरफास्ट ट्रेनें 12 से 13 घंटे में यात्रा पूरी करती हैं। दुरंतो एक्सप्रेस थोड़ा तेज विकल्प प्रदान करती है, जो 11 से 12 घंटे में दूरी तय करती है। हालांकि, वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत से नागपुर-मुंबई यात्रा के समय को 10 घंटे किया जा सकता है। नागपुर से पुणे 3 घंटे वंदे भारत से नागपुर-पुणे यात्रा का समय घटकर महज तीन घंटे हो जाएगा। अभी, नागपुर-पुणे मार्ग पर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस चलती है, दोनों सप्ताह में तीन बार चलती हैं। हमसफर एक्सप्रेस सप्ताह में एक बार चलती है। इसके अतिरिक्त, आजाद हिंद एक्सप्रेस और हटिया-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस वैकल्पिक यात्रा विकल्प प्रदान करती हैं। हालांकि, बिजी सीजन के दौरान, इन सेवाओं को अक्सर यात्रियों की उच्च मांग को समायोजित करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।   नागपुर-मुंबई रूट पर सीमित ट्रेनें इसी तरह, नागपुर-मुंबई मार्ग के पास सीमित विकल्प हैं, केवल विदर्भ एक्सप्रेस (गोंदिया-मुंबई मार्ग पर चलने वाली) और सेवाग्राम एक्सप्रेस (नागपुर-मुंबई मार्ग पर चलने वाली) के कारण यात्रियों के लिए प्रतीक्षा समय बढ़ जाता है। डीआरएम विनायक गर्ग ने रेलवे नेटवर्क में नागपुर के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिदिन 125 से अधिक ट्रेनों के संचालन के साथ, नागपुर एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में कार्य करता है। वंदे भारत स्लीपर की मांग वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से यात्रियों की सुविधा और कनेक्टिविटी में काफी वृद्धि होगी। वंदे भारत नई सेवा के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इन हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेनों को तेज और अधिक आरामदायक यात्रा विकल्पों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में, नागपुर-पुणे और नागपुर-मुंबई मार्गों पर यात्री यातायात मौजूदा ट्रेनों की क्षमता से अधिक बढ़ गया है, जिससे कई यात्रियों को सड़क परिवहन पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लंबी दूरी की यात्रा होगी शानदार वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें कम यात्रा समय, उन्नत सुरक्षा उपायों और बढ़ी हुई दक्षता के साथ एक बेहतर विकल्प प्रदान करेंगी। अत्याधुनिक तकनीक के लिए प्रसिद्ध वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों के आराम और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देती हैं। स्लीपर वेरिएंट की शुरुआत लंबी दूरी की यात्रा के अनुभव को और बेहतर करेगी। इन ट्रेनों का शुभारंभ महाराष्ट्र के रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यात्रियों को यात्रा का एक तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक साधन प्रदान करता है। बिजनेस यात्राओं ने बढ़ाया रूट पर ट्रैफिक नागपुर-पुणे और नागपुर-मुंबई रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की एक वजह बिजनेस से जुड़ी यात्राएं हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाल ही में दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जाने से इस इलाके में बिजनेस गतिविधियों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे भी इन रूट्स पर यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। नागपुर सिकंदराबाद वंदे भारत के डिब्बे होंगे कम नागपुर-इंदौर और नागपुर-बिलासपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनें पूरी तरह भरी रहती हैं। लेकिन नागपुर-सिकंदराबाद वंदे भारत ट्रेन में केवल 40%-45% सीटें ही भर पाती हैं। इसके 20 डिब्बे हैं। कम यात्रियों की वजह से रेलवे बोर्ड जल्द ही इसके डिब्बों की संख्या घटाकर आठ करने पर विचार कर रहा है। वेटिंग लिस्ट होगी खत्म! नागपुर-मुंबई और नागपुर-पुणे रूट पर वंदे भारत ट्रेनों की काफी मांग है। मुंबई और पुणे जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट होती है। त्योहारों के समय तो और भी ज्यादा भीड़ होती है। इसलिए इन रूट्स पर दो और प्रीमियम ट्रेनें चलाना यात्रियों और रेलवे दोनों के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, मौजूदा ट्रेनों के समय में बदलाव और परिचालन में कुछ समायोजन करना होगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि इन लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों के लिए स्लीपर कोच वाली ट्रेनें सबसे उपयुक्त रहेंगी।

भारत के तीन बड़े मिशन, 2026 में गगनयान व समुद्रयान और 2027 में Chandrayaan-4 होगा लॉन्च : मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली भारत सरकार ने तीन बड़े वैज्ञानिक मिशनों – गगनयान, समुद्रयान और चंद्रयान-4 की लॉन्चिंग की तारीखों का ऐलान कर दिया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि गगनयान और समुद्रयान मिशन साल 2026 में और चंद्रयान-4 मिशन 2027 में लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-4 मिशन: चांद से पहली बार सैंपल लाने की तैयारी इससे पहले भारत चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुका है। चंद्रयान-3 ने 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी। अब चंद्रयान-4 मिशन का मकसद चांद की सतह से मिट्टी और चट्टानों के सैंपल इकट्ठा कर उन्हें पृथ्वी पर लाना है। इस मिशन को दो भारी-भरकम LVM-3 रॉकेट के जरिए भेजा जाएगा। इसमें कुल 5 अलग-अलग मॉड्यूल होंगे जो इसरो के वैज्ञानिकों को चंद्रमा की सतह का गहराई से अध्ययन करने में मदद करेंगे। गगनयान मिशन: पहली बार भारतीयों की अंतरिक्ष यात्रा गगनयान भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है। इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा तक भेजा जाएगा और फिर उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाएगा। गगनयान का पहला मानव रहित मिशन इसी साल 2024 में लॉन्च होगा। इस मिशन में रोबोट ‘व्योममित्र’ शामिल होगा जो अंतरिक्ष में वैज्ञानिक प्रयोग करेगा। भारत में तीसरा लॉन्च पैड बनाया जा रहा है और छोटे सैटेलाइट्स के लिए तमिलनाडु के तूतीकोरिन में एक नया लॉन्च स्टेशन भी तैयार किया जा रहा है। समुद्रयान मिशन: महासागर की गहराइयों में खोज भारत अब अंतरिक्ष के बाद समुद्र की गहराइयों में भी खोज करने जा रहा है। समुद्रयान मिशन के तहत तीन वैज्ञानिकों को 6,000 मीटर की गहराई तक समुद्र में भेजा जाएगा। यह मिशन दुर्लभ खनिज, कीमती धातु और नई समुद्री जैव विविधता खोजने में मदद करेगा। यह मिशन भारत के पर्यावरण संतुलन और आर्थिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद होगा। भारत के लिए क्यों खास हैं ये तीन मिशन? चंद्रयान-4 से भारत पहली बार चांद की मिट्टी और चट्टानों के सैंपल लाकर उनका गहराई से अध्ययन करेगा। गगनयान से भारत अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाले देशों (अमेरिका, रूस और चीन) की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। समुद्रयान से समुद्र की गहराइयों में मौजूद खनिज और संसाधनों की जानकारी मिलेगी जिससे देश को आर्थिक रूप से लाभ होगा। अंत में बता दे कि ये तीनों मिशन भारत को विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में और आगे ले जाएंगे और देश के विकास में बड़ा योगदान देंगे।  

महाकाल मंदिर में अग्नि और सूर्य की साक्षी में 17 फरवरी से शिव नवरात्र

उज्जैन शिव आराधना का महापर्व शिव नवरात्र 17 फरवरी को आरंभ होगा। मंगलवार के दिन गण्ड उपरांत वृद्धि योग की संयुक्त बेला में शुरू हो रहा पर्व नौ के बजाय 10 दिस दिन का रहेगा। विशेष यह है कि गण्ड योग के अधिपति अग्नि तथा वृद्धि योग के देवता सूर्य कहे गए हैं। अग्नि व सूर्य शिव के नेत्र कहे गए हैं। इसलिए इनकी साक्षी में देवाधिदेव की पूजा मनोवांछित फल प्रदान करने वाली मानी गई है। नवरात्र के 10 दिन विशिष्ट योग नक्षत्र में पार्थिव शिवलिंग की पूजा भी शुभ मानी गई है। पंचांगीय गणना व धर्मशास्त्र के निर्देशों का पालन कर शिव पूजा का लाभ लिया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया फाल्गुन कृष्ण पंचमी से त्रयोदशी तक नौ दिन शिवनवरात्र उत्सव मनाया जाता है। 12 ज्योतिर्लिंगों में महाकाल एकमात्र ज्योतिर्लिंग है, जहां शिवनवरात्र के रूप में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इसलिए अवंतिका तीर्थ में शिव नवरात्र के पूजन की विशेष मान्यता है। इन नौ दिनों में विधि विधान से शिव पूजा करने से मनुष्य के मानसिक, कायिक व वाचिक पापों का नाश होकर सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार 17 से 26 फरवरी तक शिवनवरात्र उत्सव मनाया जाएगा। इन 10 दिनों में विशेष योग संयोग की साक्षी रहेगी। इसमें पूजन तथा साधना उपासना का संपूर्ण उल्लेख शिव महापुराण में दिया गया है। तिथि वृद्धि के चलते 10 दिन के नवरात्र भगवान शिव की विशिष्ट व काम्य पूजा रात्रि में की जाती है। इसलिए शिव नवरात्र में तिथि की गणना अहोरात्र के अनुसार की जाती है। यही कारण है, इस बार नवरात्र 10 दिन के रहेंगे। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस कालखंड में अगर रात्रि के समय मात्र 24 मिनट भी साधना कर ली जाए तो ईश्वर की कृपा हो जाती है। वर्ण अनुसार बनाएं मिट्टी के शिवलिंग सांसारिक जीवन में दुख, कष्ट, व्याधि, पीड़ा अपमृत्यु के दोष से मुक्त होने के लिए पार्थिव शिवलिंग की पूजा करना चाहिए। इसका उल्लेख शिव महापुराण की विद्येश्वर संहिता में मिलता है। अगर चार वर्ण के अनुसार अलग-अलग रंग की मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण कर पूजा अर्चना की जाए तो अधिक फल प्राप्त होता है। अर्थात ब्राह्मण को सफेद मिट्टी, क्षत्रियों को लाल मिट्टी, वैश्य को पीली मिट्टी और अन्य को काली मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करके पूजन करना चाहिए। पूजा तीर्थ, शिवालय अथवा देवालय या पवित्र स्थान पर ही की जानी चाहिए।

आज प्रयागराज पहुंच महकूम में डुबकी लगाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

महाकुंभ नगर प्रयागराज महाकुंभ में देश और दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। आज गुजरात के सीएम भूपेंद्र भाई पटेल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला संगम नगरी पधार रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रयागराज जाएंगी। इस दौरान राष्ट्रपति महाकुंभ मेला का भ्रमण करेंगी और त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगी। गुजरात सीएम आज लगाएंगे संगम में डुबकी बताया जा रहा है कि गंगा स्नान करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अक्षयवट और बड़े हनुमान जी के दर्शन करेंगी। सुबह 11 बजे राष्ट्रपति प्रयागराज पहुंचेगी और उसके बाद मेला क्षेत्र के लिए रवाना होंगी। महाकुंभ में अब तक पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर सीएम, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में स्नान कर चुकी हैं। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के लिए देवताओं और असुरों के बीच 12 दिन घमासान युद्ध हुआ। अमृत को पाने की लड़ाई के बीच कलश से अमृत की कुछ बूंदें धरती के चार स्थानों पर गिरी थीं। ये जगह हैं प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक। इन्हीं चारों जगहों पर कुंभ का मेला लगता है। जब गुरु वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होते हैं तब कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं, तब कुंभ मेला नासिक में आयोजित होता है। गुरु के सिंह राशि और सूर्य के मेष राशि में होने पर कुंभ मेला उज्जैन में आयोजित होता है। सूर्य मेष राशि और गुरु कुंभ राशि में होते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।

प्रयागराज रेलवे ने एकल दिशा प्लान को महाकुंभ में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बढ़ाया

महाकुंभ नगर महाकुंभ 2025 में अमृत स्नान पर्वों के बाद भी संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ भारी संख्या में प्रयागराज पहुंच रही है। महाकुंभ की शुरुआत हुए 26 दिन हो चुके हैं, अब तक महाकुंभ में 42 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं। इसके बाद भी प्रतिदिन महाकुंभ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। महाकुंंभ में भीड़ की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रयागराज रेलवे ने एकल दिशा प्लान को अगले आदेश तक लागू रखने की योजना बनाई है। सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों के स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों का निर्धारण किया है। विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। महाकुंभ के अमृत स्नान पर्वों के बीत जाने के बाद भी पवित्र त्रिवेणी में स्नान करने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने अगले आदेश तक एकल दिशा प्लान लागू रखने का एलान किया है। रेल मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। मुख्य स्नान पर्वों की तरह ही प्रयागराज जंक्शन स्टेशन परिसर में यात्रियों का प्रवेश केवल सिटी साइड प्लेटफार्म नं. 1 से कराया जाएगा, जबकि निकास स्टेशन के सिविल लाइंस साइड, प्लेटफार्म नं. 6 और 10 की ओर से ही होगा। पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि स्टेशन परिसर में तीर्थयात्रियों को प्लेटफार्म तक कलर कोडेड टिकट और आश्रय स्थल के माध्यम से ही पहुंचाया जाएगा। कलर कोडेड आश्रय स्थल दिशावार यात्रियों के गंतव्य स्टेशनों के मुताबिक बनाए गए हैं, जिनमें अस्थाई टिकट घर, शौचालय और यात्रियों के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि आरक्षित यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश गेट संख्या 5 से दिया जाएगा। साथ ही प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों से सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए ट्रेनों के निर्धारित समय से अतिरिक्त समय लेकर आने का अनुरोध किया है। इसके अलावा सिविल पुलिस के सहयोग से शहर में चलने वाले टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे भी तीर्थयात्रियों को रेलवे स्टेशन एकल दिशा प्लान के मुताबिक ही लाएं, ताकि शहर में जाम और स्टेशन परिसर में भगदड़ की स्थिति से बचा जा सके।  

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