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मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह

भोपाल मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर भोपाल के आसपास के औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप, बगरोदा, पीलूखेड़ी, गोविंदपुरा, अचारपुरा और फंदा के उद्यमियों के साथ ही उन युवाओं में भी खासा उत्साह है, जो नई तकनीक को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूर्ण करने में सहभागी बनना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश संबंधी अपने विदेश दौरे में कंपनियों को तकनीकी रूप से भी मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी बनने का निमंत्रण दिया है। यूके, जर्मनी और जापान की कंपनियों ने तकनीक के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को आगे बढ़कर संवारने का वादा किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि जब विदेशी कंपनियां अपने उद्योग यहां स्थापित करेंगी, तो नि:संदेह नवीनतम तकनीक यहां आएगी और उद्योगों को विश्व स्तरीय तकनीक के साथ आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश का इंडस्ट्रियल सेक्टर बूस्ट-अप भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नवंबर 2024 में हुए 6 दिवसीय यूके और जर्मनी दौरे में उद्योगपतियों और निवेशकों से लगभग 78 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे प्रदेश के समग्र विकास और टेक्नो-फ्रेण्ड्ली युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के यूके-जर्मनी दौरे से पहले सागर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में प्रस्ताव आया था कि तकनीकी क्षेत्र में जर्मनी और भारत संयुक्त रूप भोपाल के अचारपुरा में इकाई स्थापित करेंगे। इस कंपनी के जर्मन निवेशक को जर्मनी में भूमि आवंटन-पत्र प्रदान किया गया। कंपनी द्वारा भोपाल में 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। सॉफ्टवेयर और आईटी पार्क के निर्माण पर विभिन्न इंटरैक्टिव सेशन और राउंड टेबल डिस्कशन भी संपन्न हुए हैं। वुडपैकर सॉफ्टवेयर ने रसायन और आईटी सेक्टर में 1,100 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूके और जर्मनी की यात्रा से टेक्नो-फ्रेंड्ली युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। यूके और जर्मनी द्वारा प्रदेश में निवेश से तकनीकी संस्थानों में उन्नत टेक्नोलॉजी आएगी, जिससे युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, साथ ही प्रदेश के संस्थानों का विश्व स्तरीय तकनीक से परिचय होगा और उन्हें वैश्विक स्वरूप मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तकनीक के क्षेत्र में यूके और जर्मनी की सफल यात्रा के बाद उतनी ही सफलता जापान की यात्रा में भी मिली है। जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे आत्मविश्वास से कहते हैं कि इस बार जापान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। जापान की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल (रेडिमेड गारमेन्ट्स) सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जताई है। जापान की कंपनियों के सहयोग से हम प्रदेश को इन्वेस्टमेंट के लिए एक ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली स्टेट’ बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (जेट्रो) के अध्यक्ष श्री सुसुमु काताओका के साथ बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष फ्रेमवर्क पर सहमति बनी है। जेट्रो मध्यप्रदेश में अपना कार्यालय स्थापित कर सकता है, जिससे जापानी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए मार्गदर्शन मिलेगा। विश्व की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनियों में से एक ब्रिजस्टोन मध्यप्रदेश में अपनी मौजूदा इकाई का विस्तार करेगी। नई उत्पादन लाइन, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र और कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की योजना बनी है। यह निवेश न केवल प्रत्यक्ष रोजगार सृजन करेगा बल्कि ऑटोमोटिव सेक्टर के पूरे इको-सिस्टम को मजबूत करेगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा देश के औद्योगिक विकास और रोजगार विज़न से मध्यप्रदेश तेजी बढ़ रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यावद ने कहा है कि देश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न पर काम करते हुए मध्यप्रदेश तेजी के साथ एक मजबूत स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए युवा उद्यमियों की आकाँक्षाओं के अनुकूल स्टार्ट-अप कल्चर को विकसित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपना रही है। हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना है, जहां युवा उद्यमियों को अपने आईडियाज़ को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आगामी 24 एवं 25 फरवरी को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कई मायनों में खास होगी। समिट में कई देशों के उद्यमी एवं निवेशक शामिल होंगे। इससे हमारे युवा उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी और नवाचारों का ज्ञान मिलेगा और मध्यप्रदेश के स्टार्ट-अप्स को नई उड़ान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्टार्ट-अप्स न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान देंगे, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे। हम प्रदेश में स्टार्ट-अप्स के विकास के लिए वित्तीय सहायता, सशक्त नीतिगत ढांचा और आधुनिक बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान कर रहे हैं और इस दिशा में हमारी सरकार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ‘एमपी स्टार्ट-अप पॉलिसी एंड इम्प्लीमेंटेशन स्कीम लागू है, जिसके तहत स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा सहयोग और नीति समर्थन उपलब्ध कराया जा रहा है। नई स्टार्टअप नीति के अनुसार स्टार्ट-अप्स को कुल निवेश का 18 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता (अधिकतम 18 लाख रूपये तक) दी जाती है। यह सहायता स्टार्ट-अप के विकास के प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग प्रदान की जाती है, जिसमें अधिकतम 4 चरणों तक सहायता मिल सकती है। इस नीति के अनुसार स्टार्ट-अप्स को वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचा सहयोग और क्षमता निर्माण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा, स्टार्ट-अप्स को सरकारी निविदाओं में अनुभव और टर्न ओवर की शर्तों में छूट दी गई है और उन्हें अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट से भी मुक्त रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्टार्ट-अप्स को अनिवार्य लाइसेंस एवं परमिट शुल्क से छूट प्रदान कर रही है और दो वर्षों तक सरकारी खरीद में प्राथमिकता दे रही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के पास भरपूर बिजली, पानी, और प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, जो इसे निवेशकों के लिए एक आईडियल डेस्टिनेशन बनाते हैं। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक गलियारों से जुड़ा हुआ है, जिससे यहां से उत्पादों का सुगम और कम लागत में परिवहन संभव है। यह रणनीतिक बढ़त उन कंपनियों के लिए लाभदायक होगी, जो अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं। नवाचार और उद्योगों के लिए उपयुक्त केंद्र भारत के हृदय प्रदेश के रूप में पहचाने जाने वाले मध्यप्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक पार्क मौजूद हैं। प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक की जनसंख्या के साथ, यह प्रतिभाओं का एक विशाल केंद्र है, जहां 1,287 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, 1,373 सरकारी एवं निजी कॉलेजों और आईआईटी-आईआईएम जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थानों से हर साल हजारों स्नातक पास आउट होते हैं। प्रदेश सरकार स्कूल और कॉलेजों के छात्रों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित कर रही है। युवाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध होने पर वे अपने स्टार्ट-अप्स को सफलतापूर्वक स्थापित कर सकेंगे। प्रदेश सरकार की स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज प्रदेश में 4,900 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स कार्यरत हैं। आईटी, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और सोलर जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं, जो स्टार्ट-अप्स के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ के तहत पंजीकृत स्टार्ट-अप्स की संख्या को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को 200 प्रतिशत तक बढ़ावा देना है। इसके लिए प्रदेश में 72 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं और उत्पाद-आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार का यह ठोस प्रयास मध्यप्रदेश को भारत के सबसे प्रमुख स्टार्ट-अप हब में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और विशेष प्रोत्साहन • महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को विशेष सहायता स्टार्टअप के पहले निवेश पर 18 प्रतिशत (18 लाख रूपये तक) की वित्तीय सहायता। • अन्य स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 15 प्रतिशत (₹15 लाख तक) की सहायता। • स्टार्ट-अप्स द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के लिए 5 लाख रूपये प्रति इवेंट (अधिकतम 20 लाख रूपये प्रति वर्ष) तक सहायता। • इनक्यूबेटर्स के विस्तार के लिए एक बार में 5 लाख रूपये का अनुदान। • स्टार्ट-अप्स के किराए के 50 प्रतिशत हिस्से (अधिकतम 5 हजार रूपये प्रति माह) की तीन वर्षों तक प्रतिपूर्ति। • पेटेंट कराने की लागत के लिए अधिकतम 5 लाख रूपये तक की सहायता। • घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय इवेंट्स में भाग लेने पर 75 प्रतिशत तक खर्च की प्रतिपूर्ति (50 हजार रूपये तक घरेलू इवेंट्स और 1.5 लाख रूपये तक अंतर्राष्ट्रीय इवेंट्स)। • स्टार्ट-अप्स के लिए लाइसेंस फीस में छूट और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट।  

आज लाड़ली बहनों के साथ 56 लाख सामाजिक सुरक्षा के पेंशन हितग्राहियों के खाते में राशि होगी अंतरित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी लेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1553 करोड़ रुपये अंतरित करेंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों के खाते में 337 करोड़ रुपये और किसान कल्याण योजना में 81 लाख हितग्राही किसानों के खाते में 1624 करोड़ रुपये अंतरित की जायेगी। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 144 करोड़ के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। इसमें 102 करोड़ रुपये के 37 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 42 करोड़ रुपये के 16 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी करेंगे।  

कैंसिल रहेंगी ये ट्रेनें, रेलवे ने जारी की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. रोजाना भारत में ट्रेन के जरिए लोग एक शहर से दूसरे शहर ट्रेवल करते हैं. रेलवे की ओर 13,000 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाती हैं. भारतीय रेलवे अपना नेटवर्क लगातार बढ़ाता जा रहा है. इसके लिए अलग-अलग रेल डिवीजनों पर नई-नई रेल लाइन जोड़ी जाती हैं. हालांकि इस काम के लिए रेलवे को कई बार कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. जिस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही कुछ फरवरी-मार्च में ट्रेन से जाने वाले यात्रियों के साथ हुआ है. रेलवे ने अलग-अलग रूटों की कई ट्रेनें कैंसिल कीं हैं. सफर पर जाने से पहले देख कर जाएं इन ट्रेनों की लिस्ट. इस वजह से कैंसिल हुईं ट्रेनें भारतीय रेलवे की ओर से जब किसी रेल डिवीजन पर काम होता है. तो उस रूट से जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ता है. हाल ही में रेलवे से मेरी जानकारी के मुताबिक हावड़ा-दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है. प्री-इंटरलॉकिंग, इंटरलॉकिंग, यार्ड रि-मॉडलिंग के काम के चलते 134 लोकल ट्रेनों समेत कई और ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 20971 उदयपुर-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20972 शालीमार-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18033-18034 हावड़ा-घाटशिला-हावड़ा मेम 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18011-18012 हावड़ा-चक्रधरपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 08 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस 08 और 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18615 हावड़ा-हटिया क्रिया योग एक्सप्रेस 09 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा संबलेश्वरी एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18005 हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22862 कंटाबाजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22861 हावड़ा-कंटाबाजी इस्पात एक्सप्रेस 23 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12021-12022 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस 22-23 मार्च के लिए कैंसिल इन ट्रेनों के बदले गए रूट ट्रेन नंबर 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस : 21 मार्च को चार घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 12809 हावड़ा मुंबई मेल : 21 मार्च को 2.30 घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस : 22 मार्च को तीन घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस : 22 मार्च को दो घंटे रि-शिड्यूल की गई.  

कौन होगा दिल्ली का नया मुख्यमंत्री? ‘दावेदारों’ के नाम पर चर्चा तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को बड़े अंतर से हराकर 70 में से 48 सीटें जीत ली हैं. आप को केवल 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा. अब सवाल यह है कि दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? भाजपा के पास कई विकल्प हैं, और पार्टी के भीतर इसको लेकर चर्चा तेज है. सबसे आगे प्रवेश वर्मा प्रवेश वर्मा, जो पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं, इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा सीट से हराकर चर्चा में आए हैं. उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है. प्रवेश ने न केवल केजरीवाल को हराया, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनकी पकड़ मजबूत है. अशीष सूद और पवन शर्मा अशीष सूद, जो जनकपुरी सीट से जीते हैं, भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं. उन्हें दक्षिण दिल्ली नगर निगम में प्रशासनिक अनुभव है और वर्तमान में वे गोवा और जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रभारी भी हैं. दूसरी ओर, पवन शर्मा ने उत्तम नगर सीट से 1,03,613 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की है. वे असम इकाई के सह-प्रभारी हैं और मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम भी चर्चा में है. इन नामों पर भी चर्चा भाजपा के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं. गुप्ता ने रोहिणी सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है, जबकि उपाध्याय ने मालवीय नगर सीट से 39,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की. उपाध्याय का आरएसएस के साथ मजबूत रिश्ता है, जो उनकी दावेदारी को और मजबूत करता है. ये महिला उम्मीदवार भी दावेदार भाजपा केंद्रीय नेतृत्व महिला उम्मीदवार को भी मौका दे सकता है. रेखा गुप्ता और शिखा रॉय दो ऐसे नाम हैं जो इस रेस में शामिल हो सकते हैं. शिखा रॉय ने ग्रेटर कैलाश सीट पर आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज को 3,188 वोटों के अंतर से हराया है. वहीं, रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट पर आप की बंदना कुमारी को 29,000 से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया. क्या कहते हैं सीनियर लीडर? अगर भाजपा विधायक दल से बाहर किसी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करती है, तो पूर्वी दिल्ली के सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी का नाम भी चर्चा में है. तिवारी पूर्वांचल के प्रमुख चेहरे हैं और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें भी मौका मिल सकता है. हालांकि, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के पिछले अनुभवों को देखते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए अटकलें लगाना मुश्किल है. पार्टी का फैसला अक्सर आखिरी पल में ही सामने आता है.

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जल्द खातों में आएगी लैपटॉप की राशि, तैयारियों में जुटा स्कूल शिक्षा विभाग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग लैपटॉप देने की तैयारी में जुट गया है. साल 2023-24 में 75 फीसदी से अधिक नंबर पाने वाले छात्रों को लैपटॉप दिया जाएगा. इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी डीईओ को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि 2 दिनों के भीतर लोक शिक्षण संचालनालय ने जानकारी मांगी है. शिक्षा विभाग के मुताबिक, बैंक खाता की जानकारी सावधानी पूर्वक की जाए, ताकि सही खाते में राशि पहुंच सके. दरअसल, पिछले दिनों सीएम मोहन यादव ने छात्रों को लैपटाप की राशि ट्रांसफर करने के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए थे. सीएम ने आदेश देते हुए कहा था कि आधुनिक समय में बच्चों के बौद्धिक विकास में लैपटॉप सहायक है. जो अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के बल पर उपलब्धि अर्जित कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करना राज्य शासन का दायित्व है. उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में आ रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्कूटी और लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं.

यूपी का बजट सत्र 18 फरवरी से होगा प्रारंभ, अधिसूचना जारी, 8 लाख करोड़ का हो सकता है प्रदेश का बजट

लखनऊ यूपी का बजट सत्र 18 फरवरी से प्रारंभ होगा। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रदेश का बजट 19 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस बार प्रदेश का बजट आठ लाख करोड़ का हो सकता है। जो कि अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। यह सत्र करीब एक सप्ताह चलेगा जिसमें सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगा, वहीं विपक्ष महाकुंभ हादसे के अलावा किसानों, महिलाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश करेगा। सत्र को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।  

PM की अमेरिका यात्रा के बाद दिल्ली में जल्द होगा मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) 27 साल के लंबे सूखे को समाप्त करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सरकार बनाने के लिए तैयार है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 13 फरवरी के बाद होने की संभावना है. सूत्रों ने रविवार को कहा, बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए अपने नेता को खोजने के लिए विचार-विमर्श कर रही है. दिल्ली में शनिवार (8 फरवरी) को वोटों की गिनती के बाद बीजेपी ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटें हासिल कर अपना 27 साल का लंबा इंतजार खत्म करते हुए दिल्ली की सत्ता में वापसी की. एक दशक से शहर पर शासन कर रही आप 22 सीटें जीतने में सफल रही, जबकि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया समेत उसके प्रमुख नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. कौन बन सकता है दिल्ली का CM मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा किए बिना चुनाव लड़ने वाली बीजेपी ने सरकार का मुखिया तय करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं, जिसमें पांच नेता प्रमुख दावेदारों के रूप में उभर रहे हैं. नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल को हराकर एक बड़े हत्यारे के रूप में उभरे परवेश वर्मा दिल्ली में संभावित मुख्यमंत्री चेहरों की सूची में सबसे आगे हैं. इसके अलावा विजेंदर गुप्ता, एक वरिष्ठ बीजेपी नेता, जो दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य कर चुके हैं, एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरा सतीश उपाध्याय, जो पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं, दिल्ली बीजेपी के महासचिव आशीष सूद, जिनके केंद्रीय नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, और वैश्य समुदाय से आरएसएस के एक मजबूत सदस्य जितेंद्र महाजन अन्य दावेदार हैं. PM मोदी का अमेरिकी दौरा पीएम मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पहली मुलाकात के लिए 12-13 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. सूत्रों ने कहा कि अगले हफ्ते पीएम के विदेश से लौटने के बाद पार्टी सत्ता पर दावा पेश कर सकती है और उसके बाद शपथ ग्रहण होने की संभावना है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनने का निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा, उन्होंने शीर्ष पद पर किसी नए चेहरे के आने की संभावना भी जताई. पार्टी ने अपने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी महिला उम्मीदवार पर दांव लगाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया.

वैश्विक टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार की म.प्र. में हैं अपार संभावनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल और परिधान उद्योग के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य बन चुका है। राज्य की समृद्ध कृषि पृष्ठभूमि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ प्रदेश को इस क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। सरकार के सुविचारित प्रयासों से मध्यप्रदेश तेजी से भारत के प्रमुख टेक्सटाइल और गारमेंट हब के रूप में उभर रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस औद्योगिक यात्रा को और गति देने का माध्यम बनेगा, जहाँ दुनिया भर के निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का निर्माण कर रहा है, जिसमें कच्चे माल के उत्पादन से लेकर परिधान निर्माण और वैश्विक निर्यात तक सभी चरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश, भारत के 43% और वैश्विक स्तर पर 24% ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में योगदान देता है। यह आंकड़ा न केवल प्रदेश की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि इसे पर्यावरणीय रूप से सतत और उच्च गुणवत्ता वाले वस्त्र निर्माण के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है। कपास, रेशम और आधुनिक फाइबर – मध्यप्रदेश की बुनियादी ताकत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणी है। साथ ही यहाँ का रेशम उद्योग भी लगातार विस्तारित हो रहा है। राज्य प्रतिवर्ष 200 टन से अधिक रेशम उत्पादन करता है, जिससे परंपरागत हथकरघा और आधुनिक सिल्क उत्पाद दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, मध्यप्रदेश आधुनिक कृत्रिम फाइबर उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पेशलिटी फाइबर निर्माण को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार जिले में विकसित किया जा रहा पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क प्रदेश के कपड़ा उद्योग को नया आयाम देगा। 2,100 एकड़ में फैले इस पार्क में टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा उपलब्ध होगा। यह पार्क न केवल निवेश आकर्षित करेगा, बल्कि प्रदेश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनाएगा। पारंपरिक कला और आधुनिक टेक्सटाइल अनूठा संगम मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश की पहचान केवल बड़े कपड़ा उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की पारंपरिक कला भी टेक्सटाइल क्षेत्र की एक बड़ी ताकत है। चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट, बाटिक प्रिंट और जरी-जरदोजी जैसे उत्कृष्ट हथकरघा उत्पाद मध्य प्रदेश की विरासत को दर्शाते हैं इन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महेश्वरी साड़ी, बाग पैटर्न और चंदेरी कॉटन को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिससे इन उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार में स्थिति और मजबूत हुई है। प्रदेश में 60 से अधिक बड़ी कपड़ा मिल्स, 4,000 से अधिक करघे और 25 लाख स्पिंडल्स कार्यरत हैं। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, धार, देवास, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और जबलपुर प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। इंदौर का रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर 1,200 से अधिक इकाइयों के साथ प्रदेश में रेडीमेड वस्त्र निर्माण की प्रमुख इकाई बन चुका है। यहाँ स्थित अपैरल डिजाइनिंग सेंटर और स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान कर रहे हैं। टेक्सटाइल उद्योग में निवेश को नई ऊँचाइयाँ देने के लिए सरकार की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई आकर्षक नीतियाँ लागू कर रही है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत टेक्सटाइल क्षेत्र में 3,513 करोड़ रूपये का निवेश आकर्षित किया है। यह निवेश प्रदेश को उच्च गुणवत्ता वाले वस्त्र निर्माण और निर्यात में अग्रणी बनाएगा। सरकार उद्योगों को बिजली और पानी न्यूनतम दरों पर उपलब्ध करा रही है। साथ ही, जीएसटी में छूट, टैक्स रिबेट और अन्य प्रोत्साहनों के माध्यम से निवेशकों को लाभ पहुँचाया जा रहा है। कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष रूप से कस्टमाइज्ड इन्सेंटिव पैकेज भी तैयार किया है, जो उद्योगों को उनकी निवेश आवश्यकताओं के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान करता है। वैश्विक टेक्सटाइल कंपनियों की पसंद बन रहा है मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश पहले से ही ट्राइडेंट ग्रुप, रेमंड, आदित्य बिड़ला, वर्धमान टेक्सटाइल, गोकलदास एक्सपोर्ट्स, सागर ग्रुप, नाहर स्पिनिंग मिल्स, AVGOL, इंदोरामा और भास्कर जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इन कंपनियों द्वारा प्रदेश में लगातार हो रहा निवेश, सरकार की नीतियों और उद्योग के अनुकूल वातावरण का प्रमाण है। इन कंपनियों की सफलता अन्य निवेशकों को भी आकर्षित कर रही है और आने वाले वर्षों में प्रदेश कपड़ा और परिधान क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस औद्योगिक परिवर्तन को देगा नई दिशा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 इस औद्योगिक परिवर्तन को नई दिशा देगा। इस समिट में दुनिया भर के निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं को आमंत्रित किया जा रहा है ताकि वे मध्य प्रदेश की संभावनाओं को देख सकें और यहाँ निवेश के नए अवसर तलाश सकें। मध्य प्रदेश टेक्सटाइल क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक नवाचारों का समावेश करते हुए, एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित होने की दिशा में अग्रसर है। सरकार निवेशकों के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराकर इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

चाइनीज एआई चैटबॉट DeepSeek AI को अमेरिका में बैन करने की योजना

नई दिल्ली चाइनीज एआई चैटबॉट DeepSeek AI को अमेरिका में बैन करने की योजना है। साथ ही बैन के बावजूद अगर DeepSeek का इस्तेमाल किया जाता है, तो ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ जेल भेजा जा सकता है। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट की मानें, तो कुछ अमेरिकी सीनेटर चीनी AI चैटबॉट को बैन करने के एक बिल को पेश करने की योजना बना रहे हैं। DeepSeek AI के इस्तेमाल पर भारी जुर्माना और सजा The Independent की रिपोर्ट के मुताबिक इस बिल के लागू होने के बाद अगर कोई डीपसीक इस्तेमाल करते पाया जाता है, तो ऐसा करने वाले व्यक्तियों पर 1 मिलियन डॉलर करीब 6.5 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। वही नियम उल्लंघन पर 20 साल तक की जेल हो सकती है। वही अगर कारोबार के लिए DeepSeek का उपयोग किया जाता है, तो 100 मिलियन डॉलर करीब 8 अरब का जुर्माना लगाया जा सकता है। क्यों लगाया जा रहा है DeepSeek पर प्रतिबंध? इस बिल को रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉले (Josh Hawley) ने प्रस्तावित किया है। सरकार का मानना है कि डीपसीक यूएस नागरिकों के डेटा चीन सरकार तक पहुंचा सकता है। सीनेटर हॉले ने DeepSeek AI की सेफ्टी और प्राइवेसी को लेकर चिंता जाहिर की थी। पहले भी कई देशों में हो चुका है प्रतिबंध अगर अमेरिका DeepSeek पर प्रतिबंध लगाता है, तो यह ऐसा करने वाला पहला देश नहीं होगा। इससे पहले इटली, अमेरिकी राज्य टेक्सास, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। अगर भारत की बात करें, तो आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि DeepSeek को जल्द ही भारत के सर्वरों पर होस्ट किया जाएगा, जिससे प्राइवेसी की टेंशन नहीं रहेगी। DeepSeek AI क्यों हुआ पॉपुलर? हाल ही में DeepSeek AI को काफी सुर्खियां मिलीं। दरअसल डीपसीक ने जनवरी 2025 के आखिरी में R1 मॉडल लॉन्च किया गया। अमेरिका ने चीन को AI चिप्स के निर्यात पर रोक लगा दिया था, जिसके जवाब में DeepSeek ने ChatGPT के मुकाबले कम लागत में बेहतर एआई मॉडल बना डाला।

दुर्ग रेलवे स्टेशन में आरपीएफ और जीआरपी की नाक के नीचे बेखौफ होकर सब्जी वाले ट्रैक पर सब्जियां रखने के साथ पार कर रहे ट्रैक

रायपुर/दुर्ग लगता है दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के दुर्ग रेलवे स्टेशन में रेलवे प्रशासन को एक बड़े हादसे का इंतेजार है. वो इसलिए क्यों दुर्ग रेलवे स्टेशन में आरपीएफ और जीआरपी की नाक के नीचे बेखौफ होकर सब्जी वाले न केवल ट्रैक पार कर रहे है बल्कि ट्रैक पार करते वक्त बीच में सब्जियों के कैरेट और बोरों के अलावा कार्टून में भी फल और सब्जियां रख रहे है. ये आरपीएफ और जीआरपी के उच्च अधिकारियों के लिए जांच का विषय है कि सब्जी वाले बेखौफ होकर ये काम कर रहे है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है. जबकि इन सब्जी वालों से जीआरपी के एक स्टॉफ को वसूली करते हुए का खुलासा लल्लूराम डॉट कॉम पहले भी कर चुका है. लेकिन सवाल और जांच का विषय ये है कि जीआरपी को वसूली के बाद आंख बंद कर रही है, लेकिन क्या इसका कोई हिस्सा आरपीएफ के पास भी जाता है या वो बिना वसूली के आंख बंद चुकी है. ये तस्वीरें शनिवार 8 फरवरी की है.

प्रधानमंत्री मोदी विद्यार्थियों से आज करेंगे परीक्षा पे चर्चा

प्रदेश से 18 लाख 27 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीयन कर की सहभागिता भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 10 फरवरी को प्रात: 11 बजे देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री हर वर्ष परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम सोमवार 10 फरवरी को नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश से 18 लाख 27 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने अपना पंजीयन कर सहभागिता की है। कार्यक्रम का संचार माध्‍यमों पर सीधा प्रसारण किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया एवं ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट, mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई से भी कार्यक्रम का प्रसारण होगा। कार्यकम का प्रसारण अन्य निजी चैनल भी करेगें। कार्यक्रम को ऑनलाइन देखे जाने के लिये यूट्यूब लिंक https://www.youtube.com/watch?v=G5UhdwmEEls भी जारी की गई है। कार्यक्रम में विद्यार्थी एवं शिक्षक तथा अभिभावक उक्त लिंक के माध्यम से सहभागिता कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सहित अधिकारी भी होंगे शामिल स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्‍कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और स्कूल शिक्षा विभाग में अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय से विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। आयुक्‍त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्‍पा गुप्‍ता ने बताया कि प्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में हाई और हायर सेकेण्डरी स्‍कूलों में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर लैपटॉप/मोबाइल इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में जहां टीवी देखने की व्यवस्था संभव नहीं होगी, वहां रेडियो/ट्रांजिस्टर की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। समस्‍त जि़ला कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकों की सामूहिक रूप से सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इस कार्यक्रम का पहला संस्करण वर्ष 2018 में हुआ था। इस वर्ष इस कार्यक्रम का आठवाँ संस्करण है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे पर 12-13 फरवरी को जायेंगे, डोनाल्ड ट्रंप से होगी मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा 12-13 फरवरी को होने वाला है, जैसा कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने घोषणा की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, व्यापार, सुरक्षा और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। विदेश मंत्रालय (एमईए) की एक विशेष ब्रीफिंग में मिसरी ने कहा, “पीएम मोदी 12 और 13 फरवरी को अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा होगी। राष्ट्रपति ट्रंप के उद्घाटन के बाद पीएम अमेरिका का दौरा करने वाले पहले कुछ विश्व नेताओं में शामिल होंगे।”  

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिए हैं कि खेल का समापन समारोह भव्य और दिव्य होना चाहिए: मंत्री रेखा आर्य

देहरादून उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल (नेशनल गेम्स 2025) का आयोजन जारी है। अब नेशनल गेम्स 2025 के समापन समारोह के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों के साथ बैठक की और कार्यक्रम की रूपरेखा तय की। बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्य ने बताया, “खेल महाकुंभ में राष्ट्रीय खेलों के अब तक के सफर पर समीक्षा की गई है। साथ ही 14 फरवरी को होने वाले समापन समारोह की तैयारी के लिए भी बैठक की गई है। खेलों को देखने के लिए अधिक संख्या में दर्शक आ रहे हैं, इसलिए समापन समारोह में अधिक से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। दर्शकों की अधिक संख्या को लेकर निर्देशित किया गया है कि किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो।” रेखा आर्य ने बताया, “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिए हैं कि खेल का समापन समारोह भव्य और दिव्य होना चाहिए। आमतौर पर राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह का कार्यक्रम मात्र औपचारिकता जैसा होता है, लेकिन हमारा यह आयोजन जिस तरह से अब तक बेहद शानदार रहा है, उसी तरह हम समापन समारोह को भी यादगार बनाएंगे।” उन्होंने बताया, “समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में देश के गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खेल मंत्री मनसुख मांडविया, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।” बता दें कि उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स 2025 के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं, जिनमें से अधिकांश प्रतियोगिताएं समाप्त हो चुकी हैं। वहीं, कई प्रतियोगिताएं अभी चल रही हैं। अब 14 फरवरी को इसका समापन समारोह होने वाला है। सरकार की तरफ से समापन समारोह को भव्य और दिव्य बनाने का आदेश दिया गया है, जिसको लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। मशहूर बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर, कुमाऊनी गायिका श्वेता माहरा और दिगारी ग्रुप इस समापन समारोह की शान बढ़ाएंगे।  

कुंभ की भव्यता की साइबेरियाई पक्षियों ने बढ़ाई खूबसूरती, हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे संगम

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के बाद फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। संगम के किनारे जहां नावों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, वहीं घाटों पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। इस बीच, साइबेरियाई पक्षी गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के पास अपनी खूबसूरती से इन नदियों के दृश्य में चार चांद लगा रहे हैं। इन पक्षियों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। कहां से आते हैं ये साइबेरियाई पक्षी? साइबेरियाई पक्षी, जिन्हें “Migratory Birds” भी कहा जाता है, सर्दियों के मौसम में साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की यात्रा करके भारत आते हैं। ये पक्षी अक्टूबर के आखिरी दिनों से भारत पहुंचना शुरू होते हैं और ठंड के मौसम तक यहां रहते हैं। प्रयागराज में इनका अधिकांश जमावड़ा संगम के आस-पास देखा जाता है। इन पक्षियों का झुंड दिनभर भोजन करता है और अपनी मधुर आवाज़ से लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। इनकी तंत्रिकाएं मनुष्यों के मुकाबले अधिक सक्रिय और सटीक होती हैं। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या महाकुंभ के दौरान संगम में पवित्र स्नान करने वालों की संख्या अब 40 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 7 फरवरी को 48 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर डुबकी लगाई। यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नेताओं और हस्तियों ने भी लगाई डुबकी महाकुंभ में सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख नेता और हस्तियां भी स्नान करने के लिए संगम पहुंची हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं। इसके अलावा, अभिनेत्री हेमा मालिनी, अभिनेता अनुपम खेर, ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा जैसी जानी-मानी हस्तियां भी महाकुंभ में डुबकी लगा चुकी हैं।

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