LATEST NEWS

एक्टर अमन वर्मा और वंदना लालवानी की 9 साल पुरानी शादी में आई दरार

मुंबई गोविंदा और सुनीता आहूजा के तलाक की खबरों के बीच अब एक और सिलेब्रिटी कपल के तलाक की खबर आ रही है। खबर है कि अमन वर्मा और वंदना लालवानी भी भी तलाक हो रहा है। दोनों ने साल 2016 में शादी की थी, पर अब तलाक का फैसला किया है। यह खबर काफी चौंकाने वाली है। ‘ईटाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कपल के करीबी सोर्स ने बताया कि अमन वर्मा और वंदना के बीच पिछले काफी वक्त से इशूज चल रहे हैं। दोनों ने अपने मतभेदों को सुलझाने की काफी कोशिश की, पर कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने फैमिली शुरू करने की भी प्लानिंग की थी, लेकिन आपसी मतभेद इतने गहरे हो गए कि तालमेल बिठाना या पैचअप करना मुश्किल हो गया। वंदना संग तलाक पर बोले अमन वर्मा- वकील के जरिए बताऊंगा सोर्स ने बताया कि वंदना ने ही तलाक की अर्जी देने का फैसला किया। अमन वर्मा और वंदना की पहली मुलाकात साल 2014 में ‘हम ने ली है-शपथ’ की शूटिंग के दौरान हुई थी। उन्होंने 2015 में सगाई की और 2016 में शादी के बंधन में बंध गए। ‘ईटाइम्स’ ने जब अमन वर्मा से संपर्क किया, तो वह बोले, ‘मुझे कोई कमेंट नहीं करना है। मुझे जो कुछ भी कहना होगा, वह मेरे वकील के माध्यम से सही समय पर बता दिया जाएगा।’ वंदना लालवानी ने भी इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया। शादीशुदा लाइफ को लेकर यह बोले थे अमन वर्मा वहीं, अमन वर्मा ने कुछ साल पहले अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात करते हुए ‘ईटाइम्स’ से कहा था, ‘ये वो लड्डू है, जो खाए पछताए, जो ना खाए वो भी पछताए। शादी ने मुझे एक इंसान के तौर पर बदल दिया है। मैं शांत हो गया हूं और किसी भी स्थिति को उस अग्रेशन के साथ नहीं देखता, जैसे पहले देखा करता था। मेरे लिए शादी एक बड़ा कदम था क्योंकि मैं कई सालों तक अकेला रहा। मैंने फैसला किया था कि अगर मैं शादी करूंगा तो तभी करूंगा, जब मुझे सही इंसान मिल जाएगा। अब छह साल हो गए हैं और मुझे कोई शिकायत नहीं है, मैं वंदना के साथ जीवन का आनंद ले रहा हूं।’

इंडोनेशिया में सुबह-सुबह डोली धरती, 6.1 तीव्रता के साथ कांपी धरती, दहशत में लोग, सुनामी का अलर्ट नहीं!

सुलावेसी इंडोनेशिया में आज बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। यह भूकंप उत्तरी सुलावेसी प्रांत के पास समुद्र में आया और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक भूकंप सुबह 6:55 बजे (स्थानीय समय) आया। राहत कि बात यह है कि इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की संभावना से इनकार किया है और अब तक किसी बड़े नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इंडोनेशिया एक ऐसी जगह पर स्थित है जहां धरती की टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है, जिससे यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। इसी कारण, यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से बहुत संवेदनशील माना जाता है। पिछले वर्षों में, इस देश में कई खतरनाक भूकंप आ चुके हैं। जनवरी 2021 में, 6.2 तीव्रता के भूकंप से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और हजारों लोग बेघर हो गए थे। 2018 में, 7.5 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 2,200 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। वहीं, 2004 में आए 9.1 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में 1,70,000 से अधिक लोग मारे गए थे। इंडोनेशियाई सरकार और राहत एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं और किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहती हैं। सुनामी  का खतरा नहीं यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, फिलहाल इस भूकंप से हुए नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है.  वहीं USGS  की तरफ से दी जानकारी के अनुसार भूकंप से सुनामी आने का खतरा नहीं है. जो इंडोनेशिया के लिए बड़ी राहत वाली बात है.  इंडोनेशिया में अक्सर आते रहते हैं भूकंप यह पहली बार नहीं है जब इंडोनेशिया में भूकंप आया हो. इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपसमूह है, जो प्रशांत महासागर के “फायर रिंग” पर स्थित है. यह क्षेत्र अत्यधिक भूकंपीय गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां टेक्टोनिक प्लेटें नियमित रूप से टकराती रहती हैं, जिससे भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं. भूकंप से बचने के उपाय     शांत रहें और जल्दी से नीचे झुकें: भूकंप के दौरान खुद को शांत रखकर, जमीन पर झुककर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें.     सुरक्षित स्थान पर शरण लें: मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें, ताकि गिरते मलबे से बच सकें.     दरवाजों और खिड़कियों से दूर रहें: इनसे दूर रहें क्योंकि ये आपको चोटिल कर सकते हैं.     अगर बाहर हैं, तो खुले स्थान पर जाएं: इमारतों, पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहें.     आफ्टरशॉक्स से सतर्क रहें: भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स से बचने के लिए सतर्क रहें.  

46 साल बाद महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर संभल मंदिर में लगा भक्तों का ताता, हुआ जलाभिषेक

संभल महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. यूपी के संभल जिले में स्थित कार्तिकेय महादेव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी है. दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए यहां आ रहे हैं. ये मंदिर 46 साल से बंद था, जिसे कुछ महीने पहले ही पुलिस-प्रशासन ने खुलवाया था. कार्तिकेय महादेव मंदिर संभल के मुस्लिम बहुल खग्गू सराय इलाके में है. दरअसल, ये मंदिर 1978 से बंद था, तब यहां हिंदू आबादी काफी रहा करती थी. मगर 1978 में हुए दंगे के बाद मंदिर के आसपास रहने वाले हिंदू लोग पलायन कर गए. लेकिन योगी सरकार में प्रशासन की मुस्तैदी के चलते संभल के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में जितने भी मंदिर, कुएं, बावड़ी आदि थे उन्हें फिर से संरक्षित और पुनर्जीवित किया जा रहा है.    इसी बीच खग्गू सराय के इस मंदिर को भी कब्जा मुक्त कराया गया. अब महाशिवरात्रि के मौके पर कार्तिकेय महादेव मंदिर पर जलाभिषेक हो रहा है. लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है. बृजघाट से कावड़ लेकर आए कांवड़ियों ने भी जलाभिषेक किया. मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इंस्पेक्टर एवं महिला एसआई सहित पीएसी बल को तैनात किया गया है.  बीते दिन जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने कहा था कि खग्गू सराय के कार्तिकेय महादेव मंदिर, वेरानी शिव मंदिर और सादातबाड़ी शिव मंदिर में बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गश्त जारी है. बकौल जिला मजिस्ट्रेट- महाशिवरात्रि के दिन और अगली सुबह मेडिकल टीमें मंदिर परिसर में तैनात हैं. इसके अलावा, श्रद्धालुओं की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक सामान्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. मालूम हो कि श्री कार्तिकेय महादेव मंदिर, जिस भस्म शंकर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, को पिछले साल 13 दिसंबर को फिर से खोल दिया गया था. अधिकारियों ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उन्हें यह ढका हुआ ढांचा मिला था. मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और शिवलिंग था. यह सन 1978 से बंद था.

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर स्वीटी बूरा का हुआ दहेज उत्पीड़न, पति ने फॉर्च्यूनर और एक करोड़ मांगे

चंडीगढ़ हरियाणा की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा और उनके पति भारतीय कबड्‌डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्‌डा की शादी टूटने के कगार पर पहुंच गई है। बूरा का आरोप है कि हुड्डा ने फॉर्च्यूनर और एक करोड़ मांगे हैं। वहीं, हुड्डा ने स्वीटी और उसके परिवार पर संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ रोहतक और हिसार के पुलिस थाने में शिकायत दी है। खबर है कि बूरा ने कोर्ट में खर्चे और तलाक का केस भी दायर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हाल में ही बूरा को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। साल 2020 में हुड्‌डा को अर्जुन अवार्ड मिला था। मारपीट कर घर से निकला हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि हुड्‌डा को नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो नहीं आए। हिसार पुलिस को दी शिकायत में बूरा ने बताया कि उनकी हुड्‌डा से 7 जुलाई 2022 को शादी हुई थी। माता-पिता ने शादी में एक करोड़ से ज्यादा पैसे खर्चे थे। 4 दिन पहले दीपक और उसकी बहन ने फॉर्च्यूनर गाड़ी मांगी, खेल छुड़वाने का दबाब बनाया। हुड्डा ने 2024 में महम से विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें परिवार ने एक करोड़ रुपए लाने को कहा। अक्टूबर 2024 में मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। उन्होंने कोर्ट में तलाक व खर्चे का केस दायर कर 50 लाख का मुआवजा और डेढ़ लाख रुपए मासिक खर्च मांगा है। दीपक हुड्‌डा ने लगाए पैसे ठगने के आरोप वहीं हुड्‌डा ने रोहतक पुलिस को दी शिकायत में कहा कि बूरा के माता-पिता ब्याज पर रुपए देने के बहाने उससे पैसे ठगते रहे। वह शादी तोड़ने की धमकी देती थी। उन्होंने कहा कि वह घर तोड़ना चाहती हैं और मैं बसाने के हक में हूं। दीपक के फोटो सोशल मीडिया अकाउंट्स से हटाए बूरा ने दीपक के फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी हटा दिए हैं। दोनों की शादी 7 जुलाई 2022 को शादी हुई थी। 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में बूरा और उनके पति हुड्‌डा ने रोहतक में भाजपा जॉइन की थी। हुड्‌डा ने भाजपा के टिकट पर महम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और बूरा भी बरवाला सीट से टिकट मांग रही थीं, लेकिन भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया।

बालों को नेचुरली काला बनाएंगे ये नुस्खे

बालों का सफेद होना आजकल एक आम समस्या बन गई है। यह समस्या न केवल उम्र बढ़ने के कारण होती है, बल्कि स्ट्रेस, खराब लाइफस्टाइल और पोषण की कमी के कारण भी हो सकती है। हालांकि, बाजार में कई केमिकल वाले प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, जो बालों को काला करने का दावा करते हैं, लेकिन इनके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। ऐसे में नेचुरल तरीके से बालों को काला करना एक सुरक्षित और असरदार विकल्प है। यहां हम आपको बालों को नेचुरल तरीके से काला करने के 5 उपाय बताएंंगे। आंवला और नारियल तेल आंवला विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों के रंग को काला करने में मदद करता है। नारियल तेल बालों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाता है। इसके लिए आंवला पाउडर को नारियल तेल में मिलाकर हल्का गर्म करें। इस मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर इसे बालों की जड़ों में लगाएं। इसे 1-2 घंटे तक लगा रहने दें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें। नियमित इस्तेमाल से बालों का सफेद होना कम होगा और वे कालें व स्वस्थ दिखेंगे। मेहंदी और कॉफी पाउडर मेहंदी बालों को नेचुरल रंग देने के लिए जानी जाती है। इसमें कॉफी पाउडर मिलाकर बालों को काला और चमकदार बनाया जा सकता है। इसके लिए मेहंदी पाउडर में कॉफी पाउडर मिलाएं और इसे पानी के साथ गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों में लगाएं और 2-3 घंटे बाद धो लें। यह बालों को काला करने के साथ-साथ उन्हें मजबूत भी बनाता है। भृंगराज तेल भृंगराज एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो बालों को काला करने और उन्हें स्वस्थ बनाने में मदद करती है। भृंगराज तेल को नियमित रूप से बालों की जड़ों में लगाने से सफेद बाल कम होते हैं और बालों की ग्रोथ बढ़ती है। इसे रात भर लगा रहने दें और सुबह हल्के गर्म पानी से धो लें। काली चाय काली चाय में टैनिन होता है, जो बालों को काला करने में मदद करता है। इसके लिए 2-3 चम्मच काली चाय को पानी में उबालें और ठंडा होने दें। इस पानी से बालों को धोएं या इसे बालों में लगाएं। 1 घंटे बाद बालों को धो लें। यह बालों को काला और चमकदार बनाने का एक आसान तरीका है। तिल के बीज और बादाम तेल तिल के बीज और बादाम तेल का मिश्रण बालों को काला करने के लिए बहुत फायदेमंद है। तिल के बीज को पीसकर बादाम तेल में मिलाएं और इसे बालों की जड़ों में लगाएं। इसे 1-2 घंटे तक लगा रहने दें और फिर धो लें। यह बालों को काला करने के साथ-साथ उन्हें मुलायम और चमकदार भी बनाता है।

निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री लोधी

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पर्यटन में निवेश के अनंत अवसर और असंख्य संभावनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होता तो आज टूरिज्म श्रेत्र में व्यवसाय कर रहा होता:केंद्रीय मंत्री शेखावत निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री लोधी अगले महीने पूरे परिवार के साथ मध्यप्रदेश घूमने आऊंगा, एमपी सुंदर, विलक्षण और अद्भुत : अभिनेता पंकज त्रिपाठी पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में मिले 4468 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जीआईएस में टूरिज्म समिट में निवेशकों और उद्योगपतियों ने जाने निवेश के अवसर और संभावनाएं भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पर्यटन में निवेश के अनंत अवसर और असंख्य संभावनाएं मौजूद है। पर्यटकों में निवेशकों के लिए सभी सुविधाएं और हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ खास अगर किसी प्रदेश में है तो वह मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पर्यटन के बढ़ते हुए अवसरों और निवेश को देखते हुए मुझे विश्वास है कि आगामी समय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिर्फ पर्यटन पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दौरान टूरिज्म समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास, कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को अविस्मरणीय पर्यटन अनुभव प्रदान करने के सतत प्रयास किए जा रहे है।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने कहा कि पर्यटकों में विश्वास बढ़ाने के लिए नियमित वायु सेवा का संचालन शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। सामान्य यात्रियों के लिए उचित दरों पर हवाई सेवा के अलावा आयुषमान कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क और एम्बुलेंस की सुविधा प्रदेश में उपलब्ध है। वन्यजीव पर्यटन का अनुभव कराने के साथ साथ यहां पर्यावरण संरक्षण और सहअस्तित्व की अवधारणा पर कार्य किया जाता है। वन्यजीव बिना डर के गांव में विचरण करते हुए नजर आते है। श्योपुर में चीते आसपास के गांव में तो बाघ भोपाल में शहरी इलाकों में विचरण करते हुए दिखते है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में संभव है। मध्यप्रदेश चीता, बाघ, घड़ियाल, तेंदुआ के साथ वल्चर स्टेट भी है। टाइगर रिजर्व की संख्या में भी वृद्धि हो रही हैं।   केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले समय में भारत के विकास में योगदान देने वाले तीन क्षेत्रों टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म को बताया है। वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़कर 10% से अधिक होगा। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इस वर्ष बजट में इनकम टैक्स में छूट दिए जाने से मध्यम वर्ग में खर्च करने की सीमा बढ़ी है। इसका सीधा लाभ पर्यटन श्रेत्र को मिलेगा। जिसे देश और प्रदेश में बढ़ती हुई घरेलू पर्यटकों की संख्या के रूप में देखा जा सकता हैं। इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश में टूरिज्म के श्रेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं है। अगर राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होता तो आज टूरिज्म श्रेत्र में व्यवसाय कर रहा होता। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सभी निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं के द्वार पर खड़ा है। यहां जो भी अवसर मिले वहां निवेश करें। मेरा विश्वास है कि आपका निवेश आपको निराश नहीं करेगा। संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पर्यटन के श्रेत्र में निवेशकों के लिए आकर्षक नीतियां बनाई है। हम निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अब मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का सबसे उपयुक्त स्थान बन गया है। अभी हाल में ही कई ब्लॉकबस्टर फिल्म मध्यप्रदेश में शूट हुई है। राज्य मंत्री लोधी ने सभी निवेशकों, उद्योगपतियों और पर्यटकों को मध्यप्रदेश में पर्यटन और निवेश के लिए आमंत्रित किया। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश में शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले एक फिल्म में मध्यप्रदेश में गाइड की भूमिका निभाई थी। उस वक्त मैने एमपी की खूबसूरती देखी। तब से एमपी से प्यार हो गया। एमपी से जुड़ाव पहले से था और ब्रांड एम्बेसडर बाद में बना। घरेलू पर्यटकों को बताना होगा कि पर्यटन के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ एमपी में ही है। मैं खुद अगले महीने पूरे परिवार के साथ मध्यप्रदेश घूमने आऊंगा। मध्यप्रदेश से हृदय से जुड़ा हुआ हूं। एमपी सुंदर, विलक्षण और अद्भुत है   प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने प्रदेश में पर्यटन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं, पर्यटन परियोजनाओं और निवेश के अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिया। पर्यटन नीति 2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 के तहत निवेशकों को मिलने वाले आकर्षक लाभ, अनुमति के लिए पारदर्शी और सिंगल विंडो सिस्टम, उपलब्ध लैंड पार्सल, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट, रोड रेल और एयर कनेक्टिविटी आदि के साथ आगामी पीपीपी प्रोजेक्ट्स आदि को विस्तार से समझाया। अध्यक्ष, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मअजीत बजाज, , कार्यकारी उपाध्यक्ष इंडियन होटल्स कंपनी लि. रोहित खोसला, इतिहासकार पद्मके.के. मोहोम्मद,  हेड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स एंड कॉर्पोरेट एफेयर्स मेक माई ट्रिप समीर बजाज, निदेशक जेहनुमा होटल्स अलि राशिद, अभिनेता विजय विक्रम सिंह भी विशेष रूप से मौजूद थे। अपर प्रबंध संचालक सुबिदिशा मुखर्जी ने आभार व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत और राज्यमंत्री लोधी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 6 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में मिले 4468 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव राज्य में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में कुल 4468 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश राज्य में क्रूज पर्यटन, फिल्म निर्माण, होटल-रिजॉर्ट निर्माण, वाटर पार्क, गोल्फ कोर्स, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट जैसी परियोजनाएं के साथ ही पर्यटन सुविधाओं में विस्तार के लिये प्रस्तावित है। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) द्वारा विभिन्न नेशनल पार्क, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में होटल्स की स्थापना के लिए 1960 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, अयोध्या क्रूज लाइन्स द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से क्रूज पर्यटन परियोजना, नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड (KMEW) द्वारा 70 करोड़ रुपये में क्रूज पर्यटन परियोजना, ट्रेजर ग्रुप इंदौर द्वारा … Read more

इनकम टैक्स विभाग की टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी, टैक्सपेयर्स की एक पूरी लिस्ट तैयार

नई दिल्ली  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट देशभर में एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान उन लोगों और कंपनियों के खिलाफ होगा जिन्होंने TDS/TCS नहीं काटा है या जमा नहीं किया है। लगभग 40,000 ऐसे टैक्सपेयर्स जांच के दायरे में हैं। यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में काटे गए टैक्स के आधार पर हो रही है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने TDS डिफॉल्टर्स को पकड़ने के लिए 16 सूत्रीय योजना बनाई है। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स टीम ने जांच के लिए ऐसे टैक्सपेयर्स की एक पूरी लिस्ट तैयार की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास एनालिटिक्स टीम का डेटा है। अगर किसी ने टैक्स जमा नहीं किया है तो हम पहले उन्हें इस बारे में सूचित करेंगे।’ अधिकारी बार-बार नियम तोड़ने वालों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वे उन मामलों की जांच करेंगे जहां टैक्स कटौती और एडवांस टैक्स भुगतान में बड़ा अंतर है। जिन मामलों में कटौती करने वाले के नाम में बार-बार बदलाव और सुधार हुए हैं, उनकी भी जांच होगी। साथ ही उन कंपनियों की भी जांच होगी जिन्होंने ऑडिट में बीमार इकाइयों या घाटे वाली कंपनियों का यूज किया है। क्या कहता है कानून बोर्ड ने आकलन अधिकारियों से कहा है कि वे आयकर अधिनियम की धारा 40(a)(ia) के तहत बड़ी अस्वीकृति वाले मामलों की रिपोर्ट करें। यह धारा उन मामलों में कटौती की अनुमति नहीं देती है जहां TDS नहीं काटा गया है या सरकार के पास जमा नहीं किया गया है। कर अधिकारी ऐसे मामलों पर भी कड़ी नजर रखेंगे जहां TDS रिटर्न में कई बार संशोधन किया गया है और डिफॉल्ट की राशि में काफी कमी आई है। बोर्ड ने फील्ड अधिकारियों से कहा है कि वे कटौती करने वालों द्वारा दायर की गई शिकायतों पर भी ध्यान दें। TDS भुगतान में पैटर्न और अनियमितताओं की पहचान करने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करें। अधिकारी ने कहा कि विभाग के पहले के अभियानों की तरह इसमें भी किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। इस साल के बजट में, केंद्र सरकार ने TDS और TCS दरों को युक्तिसंगत बनाने की घोषणा की है। दरों की संख्या और TDS कटौती की सीमा को कम किया गया है। डिफॉल्टर पर एक्शन अधिकारी ने कहा, ‘ईमानदार करदाताओं के लिए TDS अनुपालन में ढील दी गई है। लेकिन जानबूझकर डिफॉल्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे टैक्स सिस्टम निष्पक्ष और न्यायसंगत बनेगा।’ इस अभियान से सरकार को उम्मीद है कि टैक्स चोरी कम होगी और राजस्व बढ़ेगा। साथ ही, ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।  

राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य समापन, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

राजिम 12 फरवरी से माघ पूर्णिमा के दिन शुरू हुआ राजिम कुंभ कल्प मेला आज 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य समापन की ओर बढ़ रहा है. इस ऐतिहासिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. उनके साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री विजय शर्मा, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे. इस अवसर पर देशभर से महामंडलेश्वर, साधु-संत और धर्मगुरु भी इस भव्य आयोजन में शामिल होकर अपनी उपस्थिति से इसे और भी गौरवमयी बनाएंगे. राजिम कुंभ कल्प मेला, जो धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है, के समापन समारोह में प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, जो इस महापर्व की दिव्यता और उल्लास का अनुभव करेंगे.

बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड महोत्सव का आयोजन, 251 कन्याओं की शादी होगी, राष्ट्रपति देने पहुंचींआशीर्वाद

छतरपुर बागेश्वर धाम में पांच दिवसीय बुंदेलखंड महोत्सव चल रहा है। इसी दौरान 251 गरीब कन्याओं की शादी होगी। इसे लेकर महाजलसा का आयोजन किया गया है। लाखों लोग कन्याओं की शादी के लिए बागेश्वर धाम पहुंचे हुए हैं। इसके साथ ही नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी बागेश्वर धाम पहुंचेंगी। गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम में लोगों की भीड़ इतनी उमड़ी है कि पैर रखने की जगह नहीं है। दूर-दूर से लोग यहां महाशिवरात्रि पर होने वाले बड़े आयोजन के लिए आए हैं। 20 लाख लोगों के लिए भंडारा सामूहिक विवाह समारोह के लिए बागेश्वर धाम में महा भंडारे का आयोजन किया गया है। बागेश्वर धाम की तरफ से दावा किया गया है कि करीब 20 लाख लोगों के खाने की व्यवस्था है। सैकड़ों हलवाई और हेल्पर खाना बनाने में लगे हुए हैं। कई दिनों से इसकी तैयारी चल रही थीं। दिन रात लोगों को खाना परोसा जा रहा है। लाखों लोग हैं जमा वहीं, बागेश्वर धाम में अभी लाखों लोगों का जमावड़ा है। धाम की तरफ से जारी तस्वीरों में देखा जा रहा है कि डोम के अंदर हजारों लोग ठंडी रात में पड़े हुए हैं। वहीं, हजारों सेवादार वहां आए लोगों की सेवा में लगे हैं। साथ ही लगातार वहां कथा भी हो रही है। इसकी वजह से पूरा भक्तिमय माहौल है। गायकों ने बांधा समां बागेश्वर धाम का पूरा माहौल भक्तिमय है। ऐसे में बुंदेलखंडी और भोजपुरी सिंगरों का भी वहां जमावड़ा है। भोजपुरी गायक खेसारीलाल यादव ने बागेश्वर धाम में धार्मिक भजनों से समां बांधा है। इसके साथ ही कन्हैया मित्तल और अन्य गायक वहां भक्तों का मनोरंजन कर रहे हैं। पूरी रात बागेश्वर बाबा के भक्त वहां डंटे हुए हैं। राष्ट्रपति देने पहुंचींआशीर्वाद इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी कन्या विवाह के अवसर पर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने पहुंची हैं। वह करीब ढाई घंटे तक बागेश्वर धाम में रहेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव भी वहां रहेंगे। इसकी वजह से सुरक्षा के इंतजाम भी कड़े किए गए हैं। 251 कन्याओं की होगी शादी महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बागेश्वर धाम में 251 गरीब कन्याओं की शादी होगी। शादी समारोह के दौरान सभी को गृहस्थी का पूरा सामान दिया जाएगा। इसमें एक-एक बाइक भी शामिल होगा। सभी कन्याओं का कन्यादान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री करेंगे।

अलसी के बीज खाने से मिलेंगे ये फायदे

अलसी के बीज, जिन्हें फ्लैक्ससीड्स भी कहा जाता है, काफी पौष्टिक होता है, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद  होते हैं। यह छोटे-छोटे बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। हालांकि, कई लोग इन्हें खाने का सही तरीका नहीं जानते। जिसके कारण इनका पूरा पोषण उन्हें नहीं मिल पाता है। आइए जानते हैं अलसी के बीज के फायदे और इन्हें खाने का सही तरीका। अलसी के बीज के फायदे दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, जो दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाए अलसी के बीज में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों की सफाई करने में मददगार होता है। वजन घटाने में सहायक अलसी के बीज में मौजूद फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड भूख को कंट्रोल करते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। डायबिटीज को कंट्रोल करे अलसी के बीज ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद अलसी के बीज में एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। यह बालों को मजबूत और घना बनाने में भी मदद करता है। हार्मोनल संतुलन बनाए रखे अलसी के बीज में लिग्नन्स नाम का कंपाउंड पाया जाता है, जो हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। यह महिलाओं में मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में भी सहायक होता है। अलसी के बीज खाने का सही तरीका कई लोग अलसी के बीजों को कच्चा खाना पसंद करते हैं या इस तरह खाना ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। लेकिन यह सही तरीका नहीं है। कच्ची अलसी में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो पोषक तत्वों को अब्जॉर्ब नहीं होने देते। इनकी वजह से पाचन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए अलसी के बीजों को खाने का सबसे अच्छा तरीका है, उन्हें भूनकर खाना। भुनी हुई अलसी आसानी से पच जाती है और इसके पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से अब्जॉर्ब होते हैं।

मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ, साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन में ‘विक्रमोत्सव 2025’ की भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ किया। ये उत्सव 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक चलेगा जिसमें कई तरह के साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आज कलश यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विक्रमोत्सव महादेव के महोत्सव से जुड़ा एक विशेष आयोजन है जो इस बार सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत के गौरव, नवजागरण और भारतीय विद्या पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। साथ ही ज्योतिष, विचार गोष्ठियां, इतिहास और विज्ञान से जुड़े आयोजन भी होंगे। साथ ही विक्रम व्यापार मेला भी लगेगा जिसमें लोक और जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि पर उज्जैन में 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक आयोजित होने वाले ‘विक्रमोत्सव 2025’ में कलश यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ‘यह विक्रमोत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति एवं लोक कलाओं की जीवंतता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।’ विक्रमोत्सव के तहत उज्जैन सहित प्रदेश की अन्य जगहों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा और देवी अहिल्याबाई से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई जाएं। इसी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी जानकारियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न आयोजन होंगे। साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे इस दौरान कई साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।विक्रमोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा जिसमें भीली और गोंडी जैसी जनजातीय बोलियों के कवियों को भी आमंत्रित किया जाए।, शोधपरक पुस्तकों ग्रंथों का विमोचन होगा और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी किया जाएगा। साथ ही सम्राट विक्रमादित्य पर लिखे गए गीत, कविताओं और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, जाणता राजा नाटक की तरह ही सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित एक भव्य नाटक तैयार किया जाए और इसे प्रदेश के कई शहरों के साथ देशभर के प्रमुख नगरों में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के साथ, मुख्यमंत्री ने विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो के आयोजन के निर्देश दिए हैं। विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रकार विक्रमोत्सव संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर विरासत से विकास की दिशा में एक अनूठा आयोजन होगा।

मोनालिसा ने Reel बनाकर पुरानी और नई तस्वीर की शेयर

इंदौर मोनालिसा इंटरनेट पर बेहद सक्रिय रहने लगी है। उन्होंने एक Reel शेयर करके अपनी पुरानी तस्वीर और अबकी एक वीडियो लगाई है। जिसमें उनमें आए बदलाव साफ नजर आते हैं। जाहिर तौर पर अब मोनालिसा किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं रह गई है। उनकी इस वीडियो को 8 लाख से ज्यादा व्यूज मिले हैं। मोनालिसा के बारे में जानने के लिए पब्लिक भी बेहद उत्सुक है। ऐसे में महाकुंभ की वायरल गर्ल भी लोगों को निराश नहीं कर रही हैं और हर दिन खुद से जुड़ी अपडेट सोशल मीडिया पर डालती रहती है। इस बार मोनालिसा ने अपना एक Before (पहले) और Now (बाद में) वीडियो पोस्ट किया है। जिसे अब तक 8 लाख 40 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वहीं इस वीडियो को 6 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। जबकि पोस्ट पर 70 से ज्यादा कमेंट्स भी आए हैं। Instagram पर इस Reel को @_monalisa_official ने पोस्ट करते हुए लिखा- पहले और अब। यूजर्स इस वीडियो पर कमेंट सेक्शन में मोनालिसा की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन का मिलेगा 36 घंटे का समय, काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

काशी काशी विश्वनाथ मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए इस बार 36 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह मंगला आरती के बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा और अगले दिन दोपहर में भोग आरती होगी। काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे। भारी संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु महाशिवरात्रि से पहले ही काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सभी भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए उत्सुक हैं। इस बार महाशिवरात्रि के दिन बाबा के दर्शन के लिए 36 घंटे का समय मिलेगा। महाशिवरात्रि के दिन सुबह साढ़े 3 बजे बाबा का दरबार खुल जाएगा। भगवान के दर्शन का समय महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को सुबह 3:15 बजे मंगला आरती समाप्त होगी, और इसके बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए सुबह 3:30 बजे खोला जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि के दिन पूजा और आरती के लिए एक समय सारणी जारी की है। रात में होने वाली चारों प्रहर की आरतियों के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार जारी रहेंगे। महाशिवरात्रि का पूरा शेड्यूल:- – मंगला आरती और पूजा: सुबह 2:15 बजे से शुरू होकर 3:15 बजे तक। – भोग आरती: सुबह 11:40 बजे से शुरू होकर 12:20 बजे तक। रात्रि में आरतियों का समय:- – प्रथम प्रहर: रात 9:30 बजे शंख बजेगा और पूजा की तैयारी होगी, आरती रात 10 बजे से शुरू होकर 12:30 बजे तक। – द्वितीय प्रहर: रात 1:30 बजे से 2:30 बजे तक। – तृतीय प्रहर: सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था के तहत काशी के प्रमुख स्थलों जैसे मैदागिन, गोदौलिया और दशाश्वमेध घाट पर तीन लेयर बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर के अंदर भी मंदिर चौक से गर्भगृह तक जिक-जैक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जगह-जगह रास्ते की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।  

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने दिए निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय की  पहल  पर  बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित  करने  बस्तर पंडुम का भव्य  आयोजन  किया  जाएगा।  यह  आयोजन  मार्च  में होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग श्री अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।            वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति श्री अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध         दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

PCB के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी ने लगाए आरोप, इमरान खान को पाकिस्तान क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया

इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी ने अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तान क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान की टीम की चौतरफा आलोचना आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर होने के बाद हो रही है। पाकिस्तान की टीम को न्यूजीलैंड और भारत से हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता पकड़ना पड़ा है। इस पर नज सेठी ने कहा कि देश का राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर नाराज होना उचित है। नजम सेठी ने एक्स पर लिखा, ‘‘क्रिकेट बिरादरी का कहना है कि पाकिस्तान का स्तर बहुत नीचे गिर गया है। एक क्रिकेट टीम जो कभी टी20 (2018) और टेस्ट (2016) और एकदिवसीय (1990 और 1996) में नंबर एक थी, जिसने 1992 में विश्व कप और 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी जीती, आज उसकी तुलना जिंबाब्वे से कैसे की जा रही है?’’ सेठी के अनुसार टीम का पतन 2019 में शुरू हुआ जब एक नए प्रधानमंत्री/संरक्षक (उस समय इमरान खान प्रधानमंत्री थे और वह एहसान मनी को पीसीबी अध्यक्ष के रूप में लाए थे) के तहत एक नए प्रबंधन ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को बदल दिया। सेठी आगे लिखते हैं, ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप जारी रहा, विरोधाभासी पीसीबी नीतियां नियम बन गईं- विदेशी कोचों को काम पर रखा गया और उन्हें फिर निकाल दिया गया, चयनकर्ताओं को मनमाने ढंग से नॉमिनेट किया गया, पुराने हटाए गए लोगों को सलाह देने और प्रबंधन करने के लिए भर्ती किया गया। आखिरकार खिलाड़ियों की ताकत, कप्तान के अहंकार का टकराव और टीम में गुटबाजी ने प्रबंधन की विफलता पर जीत हासिल कर ली। भयानक परिणाम हमारे सामने हैं।’’ इमरान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद नजम सेठी ने पीसीबी से इस्तीफा दे दिया। इससे आईसीसी के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। वर्ष 2019 में इमरान खान के निर्देश पर पीसीबी ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को नया रूप दिया और घरेलू क्रिकेट आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने वाली 16-18 विभागीय और क्षेत्रीय संघ की पुराने सिस्टम को समाप्त कर दिया और छह टीमों का प्रथम श्रेणी स्ट्रक्चर पेश किया गया। बाद में इमरान ने 2021 में रमीज राजा को भी अध्यक्ष नियुक्त किया जब मनी ने अपने अनुबंध के विस्तार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2022 में इमरान सरकार के पतन के बाद सेठी ने फिर रमीज की जगह ली।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet