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राज्य मंत्री जायसवाल ने नर्मदापुरम जिले के मढ़ई में शोरूम “प्राकृत” का किया शुभारंभ

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल ने सिल्क टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नर्मदापुरम जिले के मढ़ई में “सिल्क शोरूम-प्राकृत’ का शुभारंभ किया। सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विधायक विजयपाल सिंह, आयुक्त रेशम मोहित बुंदस उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों और रेशम प्रेमियों को मध्यप्रदेश में उत्पादित शुद्ध रेशम वस्त्रों से परिचित कराना और रेशम उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सिल्क एस्टेट में पर्यटक रेशम उत्पादन, बुनाई और डिजाइनिंग की प्रक्रिया को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। इसके साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म silkestatesmadai.com के माध्यम से पर्यटक सिल्क एस्टेट में ठहरने और कैंपिंग का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में विधायक विजयपाल सिंह ने सिल्क एस्टेट में ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग से सिल्क एस्टेट की ठहरने की क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया। राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विस्तार प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सिल्क फेडरेशन अंतर्गत प्राकृत शोरूम का भी उद्घाटन किया गया, जिससे मढ़ई में आने वाले पर्यटक शुद्ध रेशम वस्त्रों की खरीदारी कर सकेंगे। यह नवाचार न केवल रेशम उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश के रेशम उत्पादकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस पहल को जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है और यह रेशम उद्योग के विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होगा।  

खेल एवं सामाजिक गतिविधियों में अग्रणि र्भुमिका पर ऊर्जास्विता सम्मान से नवाजी गई आराधना

Aradhana awarded Urjaswita Samman for her leading role in sports and social activities हरिप्रसाद गोहेआमला। बैतूल जिले के आमला में संचालित सुषमा महिला जन कल्याण एवं बाल विकास शिक्षण समिति आमला के बैनर तले संस्था अध्यक्ष आराधना मालवीय द्वारा आमला शहर सहित अंचल के विभिन्न ग्रामों में पहुंच वहा निवासरत बालक बालिकाओं को शिक्षा खेल एवं अन्य गतिविधियों में प्रोत्साहित करने निरंतर कार्य किया जाता रहा है। उत्कृष्ट एवं बेहतर कार्य प्रणाली के चलते युवाओं का भी समर्थन संस्था को मिल रहा है । वहीं समिति अध्यक्ष आराधना मालवी द्वारा किए गए कार्यों की बदौलत उन्हें राजधानी भोपाल में निर्मला भूरिया जी द्वारा ऊर्जस्विता सम्मान से नवाजा गया । गौरतलब हो की अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की ओर से भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान, भोपाल के साथ मिलकर ऊर्जस्विता सम्मान समारोह आयोजित आयोजित किया गया । जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 26 महिलाओं का सम्मान किया गया । बतादे आराधना मालवी लड़कियों और लड़कों को खेलों में अवसर प्रदान करती हैं ।उन्होंने 100 से अधिक लड़कों और लड़कियों का समर्थन किया हैं । और उनके लिए मैच आयोजित करती हैं । वहीं सुषमा महिला जन कल्याण एवं बाल विकास शिक्षा समिति द्वारा पोषण का सही ज्ञान देती हैं। यह समिति लड़कियों और महिलाओं की क्षमता को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करती है, ताकि दीर्घकालिक परिवर्तन लाया जा सके। हम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, खेल कल्याण, शिक्षा, जीवनयापन को बढ़ावा देने पर नीतिगत रूप से जोर देते हैं। लिए तथा कोरोना काल के दौरान 45 से अधिक गांव मैं राशन तथा चिकित्सा सेवा प्रदान कि है इन्ही कार्यो के इन्हें कई सारे पुरस्कार भी मिले है।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थीं। आईएचएम के प्राचार्य डॉ. रोहित सरीन, प्रफुल्लित तीर्थ के पीठाधीश स्वामी मनेश्वरानंद और छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) सुधीर अग्रवाल विशेष अतिथि थे। यहां मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। स्वागत भाषण सोसायटी की अध्यक्ष माही भजनी ने दिया और अतिथियों को स्वागत भी किया। मौके पर सचिव आईएफएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. एके भट्टाचार्य भा मौजूद थे ।

अपर मुख्य सचिव डॉ.राजौरा ने उज्जैन संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली

भोपाल अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने कहा है कि जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यरत एजेंसियों के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर कार्य तीव्र गति से मापदण्ड व अनुबंध की शर्तों अनुसार करवाना सुनिश्चित करें। डिफॉल्टर एजेंसियों पर ब्लैक लिस्टेड करने के साथ व टर्मिनेशन की सख्त कार्रवाई की जाएं। एसीएस डॉ. राजौरा उज्जैन में संभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि पूर्व में प्रगतिरत रोड़ रिस्टोरेशन के कार्य पूर्ण न होने तक नई खुदाई के कार्य प्रारंभ न किए जाए और प्रत्येक पखवाड़े में जल जीवन मिशन की जानकारी बैठक के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को प्रदान करें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बैठक में संभाग के सभी जिलो के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, संभागीय व जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता के हित से जुड़े सभी कार्यों पर सभी संबंधित अधिकारी विशेष ध्यान दे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोड़ रिस्टोरेशन के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर सभी रिस्टोरेशन कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण किए जाएं। रोड़ रिस्टोरेशन के पूर्ण कार्यों का पुन: निरीक्षण अगले एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों एवं एसडीएम की टीम के साथ किए जाने के पश्चात ही कार्य पूर्णता का सर्टिफिकेट दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत रोड़ रिस्टोरेशन, रोड़ खुदाई एवं योजना के संपूर्ण कार्यों की जानकारी सतत रूप से स्थानीय विधायकों को दी जाए। एसीएस डॉ.राजौरा ने संभागायुक्त संजय गुप्ता को निर्देशित किया कि सभी जिला कलेक्टर से सुनिश्चित करवाएं कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण व समयावधि में हो। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर प्रत्येक माह जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सभी विभागों के प्रमुख मुददों पर समन्वय स्थापित करें। बैठक में ऊर्जा विभागांतर्गत केबल, ट्रांसफॉर्मर, डीपी को समय-समय पर बदले जाने के कार्य का भौतिक सत्यापन जनप्रतिनिधियों के साथ कराए जाने के निर्देश दिए गए। विद्युत संबंधी रख-रखाव की जानकारी आमजन को पहले से प्रदान की जाए। अस्थाई कनेक्शन के कारण अतिरिक्त दाब के कारण बार-बार डीपी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए स्थाई हल निकाला जाए। प्रत्येक माह जिला सलाहकार समितियों के माध्यम से विद्युत विभाग जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्रदान करें। बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए सड़क के दोनों तरफ लेबलिंग के कार्य पश्चात ही कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र दिया जाए। वर्षा ऋतु में सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना पर अभी से कार्य कर विशेष ध्यान दिए जाए। सड़क निर्माण में जो क्षेत्र वन विभाग के अधिकार में आ रहे हैं वहां निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग से एनओसी समय पर प्राप्त कर ली जाए। बैठक में उज्जैन के विधायक तेजबहादुर सिंह चौहान, जितेन्द्र पण्ड्या, अनिल जैन कालूहेडा, महेश परमार, दिनेश जैन बोस, विधायक दिलीप सिंह परिहार, ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक विपीन जैन, हरदीप सिंह डंग, चंदर सिंह सिसौदिया, विधायक माधव सिंह (मधु गेहलोत), विधायक श्रीमती गायत्री राजे पंवार, राजेश सोनकर, मनोज चौधरी, आशीष शर्मा, विधायक अरूण भीमावत, विधायक मथुरालाल डामर, राजेन्द्र पांडे, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल आदि उपस्थित थे। एसीएस डॉ. राजौरा ने सिहस्थ क्षेत्र की कार्य योजना का किया निरीक्षण अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने महाकाल दर्शन कर मन्दिर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और महाकाल आने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था का अवलोकन किया। एसीएस डॉ. राजौरा ने सिंहस्थ-2028 के सुचारू संचालन के लिये विशेष स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये व्यवस्थित प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने महाकाल लोक में भी सिंहस्थ के मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। इस अवसर पर संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत का हृदय-प्रदेश मध्यप्रदेश, प्राकृतिक सौंदर्य, बहुरंगी पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकासशील चिंतन के मार्गदर्शन में प्रदेश डॉ. मोहन यादव के कुशल और आत्मविश्वास से भरे नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश मात्र विमर्श नहीं है, अपितु वर्तमान और भावी पीढ़ियों की महती आवश्यकता है। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश बनाए रखने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और जनभागीदारी के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नागरिकों में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रोडमैप तैयार कर निरन्तर आगे बढ़ रही है। नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना मध्यप्रदेश ने सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के लिए रोल-मॉडल बनाने के लक्ष्य का प्रतीक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के साथ ही पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार करने पर भी फोकस कर रही है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सरकारी के साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा दिये जाने की रणनीति बना रही है। प्रदेश के आम नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के अंतर्गत घरों और व्यवसायिक संस्थानों के लिए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता अर्थात किसानों को भी सिंचाई के लिए सोलर-पंप जैसी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से नागरिक तो ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेंगे ही, उनका अतिरिक्त उत्पादन ग्रिड से जुड़ कर प्रदेश को विद्युत सर-प्लस राज्यों के शीर्ष पर बनाए रखने में सहयोगी होगा। इस तरह मध्यप्रदेश देश को क्लीन-एंड-ग्रीन एनर्जी सेक्टर में विश्व में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है राज्य बीते कई वर्षों से लगातार देश के स्वच्छतम प्रदेशों में सम्मिलित बना हुआ है। इंदौर देश का स्वच्छतम शहर और भोपाल देश की स्वच्छतम राजधानी बनी हुई है। प्रदेश की इस क्लीन-एंड-ग्रीन लिगेसी को बनाए रखने के लिए पहले से सक्रिय कचरा-प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार रणनीतिक स्तर पर काम कर रही है। स्थानीय निकायों में सूखा-गीला कचरा पृथक्करण के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरा, चिकित्सालयों एवं लेबोरेटरीज का कचरा और सीवेज-वेस्ट के पृथक्करण एवं निष्पादन के लिये हाईटेक प्रणालियां विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की स्मार्ट-सिटी परियोजना में सम्मिलित शहरों के साथ ही दूसरे शहरों में भी आधुनिक री-साइक्लिंग प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। गांवों और कस्बों में जैविक कचरे की कंपोस्टिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए भी आम नागरिकों को जागरूक बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनभागीदारी से बढ़ाई जायेगी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीनरी सबसे अधिक वनावरण और वृक्षावरण के साथ प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इस तरह हम जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में सबसे आगे हैं। इससे हमारी जैव-विविधता में भी सुधार हो रहा है। हम इससे संतुष्ट होकर नहीं बैठे है प्रदेश की इस परंपरा को आने वाले वर्षों में भी बनाये रखने के लिए सरकार सामुदायिक भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान चलाती रहेगी। इसके साथ ही शहरों में ग्रीन-बेल्ट और पार्कों का विकास किया जा रहा है। विकास कार्यों के कारण वन भूमि को संभावित क्षति के दृष्टिगत उसकी सुरक्षा और पुनर्स्थापना के लिए भी योजनाबद्ध रूप से सरकार काम कर रही है। किसानों के बीच भी कृषि वानिकी की परंपरा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में मिले उपहार प्रदेश को बनाएं जल-समृद्ध कृषि, उद्योग और घरेलू आवश्यकताओं के लिए सतत जल प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसके लिए मध्यप्रदेश को वर्ष के आरंभ में ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजनाओं का उपहार मिला है। ये परियोजनाएं प्रदेश की सिंचाई आवश्यकताओं के साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल और उद्योगों को उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार भूगर्भ में संचित जल स्तर को बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेन-वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों का विस्तार कर रही है, पारंपरिक जल-निकायों (कुएं, बावड़ी एवं तालाब) और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की योजनाओं पर भी काम कर रही है। खेती में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए स्प्रिंकलर-सिस्टम और ड्रिप-इरिगेशन जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत कृषि के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत पर्यावरण भी रहेगा संरक्षित देश के साथ ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली कृषि के क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है जो पर्यावरण के अनुकूल हों। इसके अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक के रूप में रसायनों का प्रयोग कम से कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और खेतों की मिट्टी भी उर्वर एवं शस्य-श्यामला बनी रहेगी। इसके लिए किसानों को गांवों में पर्यावरण संरक्षण और प्रिसिजन फार्मिंग संबंधी प्रशिक्षण दिये जाएंगे। किसानों को समृद्ध बनाने की रणनीति के अंतर्गत बाजारों की जरूरतों के अनुरूप फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वाहन-जनित प्रदूषण कम करने की रणनीतियों पर फोकस वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार यातायात के साधनों की पर्याप्तता बनाए रखते हुए पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष नीतियों पर काम कर रही है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन के लिए मध्यप्रदेश परिवहन निगम को पुनर्जीवित किया जा रहा है। प्रदेश में इंटर-सिटी कनेक्टिविटी और शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें प्रारंभ की … Read more

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आएं, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो। मध्यप्रदेश में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के आंतरिक मार्गों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रूपये है। ये परियोजनाएं प्रदेश के शहरों की रोड-कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और व्यापार को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केन्द्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। विशेष रूप से उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाइ-वे परियोजना को 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। यह हाइ-वे उज्जैन, इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरीडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव में बताया कि प्रदेश में ग्रामीण यातायात को सुगम करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य 8,565 गांवों को 19,378 किमी लंबी सड़कों के नैटवर्क से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके और यात्री व वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2024-25 के वित्तीय वर्ष के दौरान 1 हजार किमी नई सड़कों का निर्माण और लगभग 2 हजार किमी सड़कों की नवीनीकरण किया जाएगा ताकि ग्रामीण यातायात नेटवर्क को और भी मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, इससे यातायात की गति में सुधार होगा एवं यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड ट्रेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, भोपाल में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया कोच कॉम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों और विदेशों के साथ संपर्क में सुधार के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रीवा में हवाई अड्डे का निर्माण और ग्वालियर में राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे का विस्तार एवं आधुनिकीकरण राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे निवेशकों को सुविधाएं मिलेंगी और निवेश आकर्षित होगा। हवाई सेवाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।  

मुख्यमंत्री 5 फरवरी को स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी। कार्यक्रम का ईलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्री पाटिल को अवगत कराया कि रीवा संभाग की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य भेंट की। उन्होंने रीवा और सतना जिलों में संचालित बाणसागर परियोजना की बहुती नहर के उन्नयन के लिए केंद्र सरकार की “मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट” योजना के तहत 1700 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इस परियोजना के अंतर्गत 85,000 हेक्टेयर कृषि भूमि के आधुनिकीकरण और सिंचाई क्षमता का विकास होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने केंद्रीय मंत्री पाटिल को अवगत कराया कि रीवा संभाग की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान नहर संरचना के कारण कई स्थानों पर कमांड क्षेत्र ऊंचे स्तर पर स्थित है। इस स्थिति में सुधार के लिए नहर प्रणाली के आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है। परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह परियोजना न केवल किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी बल्कि प्रदेश के जल संसाधन प्रबंधन को भी सुदृढ़ बनाएगी। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल ने केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।  

मदिरा दुकानों के आसपास साफ सफाई ना रखने एवं दुकानों के पास अवैध मदिरापान पर चला आबकारी का डंडा ,,,,

भोपाल  मदिरा दुकानों के विरुद्ध बनाए 6 प्रकरण कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश पर सहायक आबकारी आयुक्त भोपाल श्री दीपम रायचूरा के मार्गदर्शन में  कंट्रोलर भोपाल एच. एस .गोयल के नेतृत्व में आज भोपाल की दर्जनभर दुकानों के आसपास साफ सफाई सुनिश्चित कराने एवं मदिरा दुकानों के आसपास मदिरापान किए जाने के विरुद्ध कार्यवाही की गई । मदिरा दुकान करोंद चौराहा, भानपुर, गांधीनगर, लालघाटी,अयोध्या नगर, गोविंदपुरा,नयापुरा ,पिपलानी , के विरुद्ध दुकानों पर साफ सफाई ना रखें जाने वावत विभागीय प्रकरण दर्ज किए साथ ही मौके पर साफ सफाई भी करवाई गई एवं दुकानों के बाहर डस्टबीन रखवाए गए। वहीं इन दुकानों के आसपास मदिरापान करने वालों पर 19 प्रकरण दर्ज किए । ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को मद्देनजर मदिरा दुकानों के आसपास साफ सफाई रखे जाने हेतु सभी लाइसेंसियों को निर्देशित किया गया है।   श्री गोयल ने बताया यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी ।

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।  

10 स्वर्ण पदकों के साथ मध्यप्रदेश पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों में बरक़रार

भोपाल उत्तराखंड में चल रहे नेशनल गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। आज विभिन्न खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि डाइविंग में पलक शर्मा द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक रहा। मध्यप्रदेश के खिलाडियों ने उत्तराखंड नेशनल गेम्स में अब तक कुल 10 स्वर्ण, 5 रजत, और 5 कांस्य पदकों के साथ कुल 20 पदक आर्जित करके मध्यप्रदेश को पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों की सूची में बरक़रार रखा है| खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेश की खेल संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएँ दीं। ओलंपिक संघ अध्यक्ष रमेश मेंदोला, सचिव दिग्विजय सिंह  और  संचालक खेल रवि कुमार गुप्ता ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। पलक शर्मा ने डाइविंग में जीता तीसरा पदक एक मीटर स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग व्यक्तिगत महिला वर्ग में मध्य प्रदेश की स्टार खिलाड़ी पलक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पलक का तीसरा पदक है। मध्य प्रदेश की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तेलंगाना और पंजाब को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। टीम के खिलाड़ी तुशल सिंह, सूर्य सिंह, राकेश शर्मा और ब्रिजेश तिवारी कल स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन व्यक्तिगत महिला वर्ग में आशी चौकसे ने कड़ी टक्कर दी लेकिन वह सातवें स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं। मध्यप्रदेश के बॉक्सिंग खिलाड़ियों ने मिलाजुला प्रदर्शन किया। अनिरुद्ध बुंदेला (मध्य प्रदेश) बनाम तमिलनाडु – अनिरुद्ध ने जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। दिव्या पवार (मध्य प्रदेश) – शानदार प्रदर्शन कर अगले दौर में जगह बनाई। रोइंग में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 11 में से 8 इवेंट्स में प्रदेश के खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुके हैं। 3 इवेंट्स में रेपेचाज मुकाबले बाकी हैं, जिनमें खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने की संभावना है। कल के महत्वपूर्ण मुकाबले मध्य प्रदेश के खिलाड़ी  आर्चरी,  बास्केटबॉल  3×3,  रोइंग,  कयाकिंग,  कैनोइंग,  सलालोम, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, लॉन बॉल, हॉकी और योगासन में मुकाबला करेंगे।   बास्केटबॉल 3×3 फाइनल–पुरुष टीम स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेगी।   हॉकी पुरुष व महिला टीम – मध्य प्रदेश की टीम हॉकी में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।  

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की फिटनेस चेकिंग नियमित रूप से हो

भोपाल परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की फिटनेस चेकिंग नियमित रूप से हो। उन्होंने कहा कि परिवहन राजस्व में वृद्धि के ठोस प्रयास किये जायें। परिवहन मंत्री सिंह सोमवार को मंत्रालय में हुई बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह और परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा भी मौजूद थे। परिवहन मंत्री सिंह ने विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ करने और नई भर्तियों पर समय-सीमा में कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगभग 2 करोड़ 34 लाख 44 हजार के करीब है। इनमें ट्रांसपोर्ट वाहनों की संख्या 11 लाख 42 हजार 500 से अधिक है। मंत्री सिंह ने निर्देश दिये कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को सरल किया जाये। प्रदेश में पुराने वाहनों की स्क्रेपिंग फेसिलिटी के लिये 5 रजिस्टर्ड स्क्रेपिंग फेसिलिटी सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें भोपाल जिले में तीन और इंदौर एवं ग्वालियर जिलों में एक-एक सेंटर क्रियाशील हैं। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र बैठक में बताया गया कि वाहनों से उत्सर्जित होने वाली गैसों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। वाहन मालिकों को सुविधा दिये जाने के उद्देश्य से पारदर्शी रूप से वाहनों के उत्सर्जन मानकों की जाँच कर ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किये जाने का कार्य एक अगस्त, 2024 से शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2024 में करीब 2 लाख 60 हजार वाहनों के प्रदूषण की जाँच की गई। परिवहन मंत्री सिंह ने सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी नम्बर प्लेट लगवाये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। परिवहन आय बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग में वर्ष 2024-25 में 5100 करोड़ रुपये की राजस्व आय का लक्ष्य निर्धारित है। दिसम्बर-2024 के अंत तक 3350 करोड़ रुपये की राजस्व आय प्राप्त हो चुकी है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या बढ़ने से विभागीय आय में कमी हुई है। बैठक में ड्रायवर ट्रेनिंग सेंटर और व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस पर भी चर्चा की गयी। परिवहन मंत्री सिंह ने इसके दायरे में अधिक से अधिक चार पहिया वाहनों को लाये जाने के निर्देश भी दिये। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पर भी चर्चा की गयी।  

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये व्यक्त किया आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संसद भवन नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐतिहासिक, सर्व समावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के विकास के विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक होता है। जनहित के कार्यों में समर्पण के भाव और नव ऊर्जा का संचार करता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध है।  

‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ चाहने वाली सरकार का बजट

बजट विशेष  नीरज मनजीत इस बार के बजट में केन्द्र सरकार ने मिडिल क्लास को दिल खोलकर जैसा तोहफ़ा दिया है, वह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। भारत का मिडिल क्लास हर साल उत्सव की तरह बजट की प्रतीक्षा करता है। उसकी पहली नज़र इनकम टैक्स के स्लैब पर लगी होती है, कि सरकार ने कितनी राहत दी है। कभी उसे निराशा हाथ लगती है, तो कभी ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसी छूट हासिल हो भी जाती है। पिछले कुछ वर्षों से हम देख रहे हैं कि देश का मिडिल क्लास फ्रस्ट्रेशन का शिकार होता चला जा रहा है। वोट हासिल करने की होड़ में राजनीतिक पार्टियों को अनाप-शनाप रेवड़ियां बाँटते देखकर इस फ्रस्ट्रेशन में साल-दर-साल बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों दिल्ली की एक जनसभा में इस बात के संकेत दिए थे कि देश के 50-60 करोड़ के विशाल मध्यवर्ग को राहत देना उनकी प्राथमिकता है। इसलिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के आख़िर में जैसे ही टैक्स छूट का ऐलान किया, सत्ता पक्ष के सांसद एक मिनट तक मेजें थपथपाकर स्वागत करते रहे। वैसे नितांत तटस्थ भाव से समीक्षा की जाए, तो यह बड़ी राहत अगले वर्षों में काफी दूरदर्शी क़दम साबित हो सकती है। वित्तमंत्री सीतारमण का कहना है कि नए टैक्स स्लैब से सरकार को तक़रीबन एक लाख करोड़ रुपए का वित्तीय घाटा होगा, मगर भविष्य में इसके बहुत से फ़ायदे भी होंगे। इस छूट का तार्किक विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मंझोले कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों की जेब में अतिरिक्त पैसा आएगा, उनकी क्रयशक्ति बढ़ेगी, पैसा बाज़ार में ख़र्च होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के पहिए को तेज गति मिलेगी। पिछले कुछ दशकों से देखा गया है कि मध्यवर्ग के लोग कमाई का एक बड़ा हिस्सा उपभोक्ता वस्तुओं की ख़रीद, सैर-सपाटे और तीज-त्योहारों में दिलेरी से ख़र्च करने लगे हैं। इसे फ़िजूलखर्ची नहीं बल्कि इनकम मैनेजमेंट कहा जाना चाहिए। थोड़ी बहुत बचत का भाव भी उनके अंदर रहता है। बचत का पैसा भी बैंकों अथवा शेयर मार्केट में आएगा। अंततः इसका फ़ायदा भी देश की इकोनॉमी को ही होगा। जैसी कि परंपरा रही है, विपक्ष ने अपने-अपने तरीक़ों से इस बजट की आलोचना की है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में विपक्ष के कुछ सांसदों ने तो बजट का ही बहिष्कार कर दिया। हालांकि बाद में कुछ सांसद अपनी सीटों पर लौट आए। अखिलेश चाहते थे कि पहले महाकुंभ के हादसे पर चर्चा होनी चाहिए। जैसे ही सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया, अखिलेश और कुछ विपक्षी संसद हंगामा करने लगे। अखिलेश के इस रवैये को क़तई ठीक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि पीएम मोदी ने सत्र से पहले ही कह दिया था कि वे महाकुंभ हादसे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। बजट के पहले दिन तो यह संभव नहीं था। ऐसे में अखिलेश के बहिष्कार अगर कोई मतलब था तो सिर्फ़ यही के वे इस मुद्दे को सुर्ख़ियों में रखना चाहते थे। महाकुंभ के हादसे पर बेशक योगी सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए, मगर जिस तरह से एक तबका अफ़वाहें फ़ैलाने में लगा हुआ है, वह तो बहुत ही ख़तरनाक है। क्या ऐसे लोग चाहते हैं कि कोई बड़ा हादसा हो जाए? बजट पर राहुल गांधी ने बड़ी ही रोचक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बजट “बुलेट इंजरी पर बैंड-एड” यानी “गोली के जख़्म पर पट्टी” लगाने जैसा है। हालांकि राहुल का यह कथन एक रस्म अदायगी के अलावा और कुछ नहीं है, मगर यदि इसे सही मान भी लिया जाए, तो भाजपा और निर्मला सीतारमण ने कम-से-कम मिडिल क्लास के जख़्मों पर मरहम पट्टी लगाने की कोशिश तो की। 2014 से पहले कांग्रेस की सरकारें किस क़दर मध्यवर्ग की उपेक्षा करती थीं, यह भी हमने अच्छी तरह देखा है। मिसाल के तौर पर हम यहाँ 2011, 2012 और 2013 के बजट के इनकम टैक्स के आंकड़े पेश कर रहे हैं। 2011 से पहले कांग्रेस सरकार में 1 लाख 60 हजार तक की इनकम टैक्स फ्री थी। इस वर्ष वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसमें 20 हजार की बढ़ोतरी करते हुए 1 लाख 80 हजार तक कर दिया था। 2012 में पी चिदंबरम ने इसे बढ़ाकर 2 लाख की इनकम टैक्स फ्री कर दी। 2013 में कांग्रेस सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। अलबत्ता 2 से 5 लाख के स्लैब में 2 हजार रुपये की छूट दी गई थी। ज़ाहिर है कि मिडिल क्लास के घावों पर तरीक़े का फ़ाहा रखना भी कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं था। 2014 में भाजपा सरकार के आते ही वित्तमंत्री अरुण जेटली ने टैक्स फ्री इनकम में एकमुश्त 50 हजार की बढ़ोतरी करके ढाई लाख कर दी थी। इसके बाद तक़रीबन हर साल टैक्स स्लैब में मिडिल क्लास को कुछ-न ₹-कुछ राहत दी गई है। 2020 में तो एक बार फिर एकमुश्त छूट देते हुए 5 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री कर दी गई। वित्तमंत्री थीं निर्मला सीतारमण। 2023 में और इस साल तो मोदी सरकार ने कमाल ही कर दिया। 2023 में 7 लाख की आय और इस बार सीधे 5 लाख की छलांग और 12 लाख की इनकम टैक्स फ्री कर दी गई। निःसंदेह इसका श्रेय पीएम मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को दिया जाएगा। इस छलांग के अलावा भी इस बजट में बहुत कुछ है। सच तो यह है कि यह बजट गरीब, किसान, लोअर मिडिल क्लास, मंझोले व्यापारियों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का भला चाहने वाली “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के सिद्धांत पर चलने वाली सरकार का सर्वांगीण बजट है। बजट में युवाओं के स्टार्टअप और महिला उद्यमियों के लिए बड़ी रक़म रखी गई है। ‘मेक इन इंडिया एंड मेक फ़ॉर वर्ल्ड’ के विचार को आगे बढ़ाने के लिए व्यापारियों के लिए लोन गारंटी लिमिट 5 से 10 करोड़ की गई है। साथ में 72 लाख नौकरियां पैदा करने का संकल्प है। भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी पिछले दस वर्षों से भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का सपना साकार करने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए हर युवा को वे संदेश देते हैं कि वे बजाए सरकारी नौकरियों के पीछे दौड़ने के, किसी स्टार्टअप का मालिक बनें और अपने साथ अपने गाँव के युवाओं को भी रोजगार देकर आगे … Read more

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी राजधानी: मुख्यमंत्री

जी.आई.एस-2025 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी। पहली बार राजधानी भोपाल में हो रहे इस आयोजन को लेकर यह न सिर्फ एक निवेश सम्मेलन है, अपितु भोपाल को औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी के पास पहले से ही औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार मौजूद है। जीआईएस-2025 से भोपाल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। भोपाल न केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र है, बल्कि भौगोलिक रूप से भी एक आदर्श औद्योगिक हब बनने की पूरी क्षमता रखता है। यह प्रदेश के केंद्र में स्थित है, जिससे लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान है। भोपाल के चारों ओर कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पहले से विकसित हैं, जो इस समिट के माध्यम से नए निवेश को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंडीदीप, बगरोदा, पीलुखेड़ी, मक्सी, गोविंदपुरा, अचारपुरा और फंदा औद्योगिक क्षेत्र न केवल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहां स्थापित इकाइयां प्रदेश की औद्योगिक शक्ति को मजबूती भी देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास पर काम कर रही है और भोपाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। राजधानी के पास पहले से ही सुपर कॉरिडोर, आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी परियोजनाएं चल रही हैं, जो इसे निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बना रही हैं। इसके अलावा, भोपाल में उत्कृष्ट शैक्षिक और अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति इसे कुशल मानव संसाधन का केंद्र भी बनाती हैं, जो औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है। जीआईएस-2025 में इस बार एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सेक्टर-विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें निवेशकों को उनके क्षेत्र के अनुसार सीधे संबंधित विभागों के साथ संवाद करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह समिट पहली बार 20 से अधिक निवेश और उद्योग नीतियों को प्रस्तुत करने जा रही है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल होगी। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को तेज़ और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और व्यापार सुगमता पर विशेष ध्यान दिया है। भोपाल की औद्योगिक क्षमता को सशक्त करने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को भी लगातार विस्तार दे रही है। राजधानी से जुड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेंटर, एयर कनेक्टिविटी और रेल नेटवर्क के विस्तार से यह औद्योगिक दृष्टि से और भी अधिक प्रभावी बन रहा है। हाल ही में रीवा हवाई अड्डे के शुरू होने से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को और मजबूती मिली है, जिससे उद्योगों को तेज़ी से अपने बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 केवल बड़े निवेशकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों, स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई के लिए भी नए अवसर लेकर आएगी। भोपाल के पास स्थित परंपरागत उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उन्हें नई तकनीक व पूंजी से सशक्त करने की दिशा में भी यह समिट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 के बाद भोपाल केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र ही नहीं, अपितु यह व्यवसाय, नवाचार और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरेगा। साथ ही भोपाल को एक औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम होगा, जो प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।  

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की सौजन्य भेंट

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की सौजन्य भेंट बहुती नहर के उन्नयन के लिये 1700 करोड़ की राशि स्वीकृति का किया अनुरोध भोपाल : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा एवं सतना जिलों में संचालित बाणसागर परियोजना की बहुती नहर के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार की “मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट” योजना में 1700 करोड़ की राशि स्वीकृति का अनुरोध किया। परियोजना से 85 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि का विकास होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता है। नहर के वर्तमान निर्माण से कई स्थानों पर कमांड क्षेत्र का लेवल अत्यधिक ऊंचा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और केंद्र सरकार से इस दिशा में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना से रीवा संभाग के किसानों को समृद्धि की नई राह मिलेगी।  

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