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टायर फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का माल जलकर खाक, पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

हनुमानगढ़ जिले के नोहर कस्बे में गुरुवार शाम एक टायर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिससे फैक्ट्री की सभी मशीनें और टायर जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। थाना प्रभारी ईश्वरानंद शर्मा के अनुसार नोहर शहर से लगभग एक किलोमीटर दूर सोती मार्ग पर दादा टायर फैक्ट्री में यह आग लगी। फैक्ट्री के मालिक नवाबदीन हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही फैक्ट्री पूरी तरह इसकी चपेट में आ गई और काला धुआं आसमान में फैल गया। सूचना मिलते ही सबसे पहले नोहर से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी पानी के टैंकरों से आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तेज हवाओं के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद भादरा, हनुमानगढ़, रावतसर, पीलीबंगा, ऐलनाबाद और हरियाणा के सिरसा से भी दमकल वाहन बुलाए गए। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक अमित चाचाण, प्रधान सोहन ढिल, एसडीएम पंकज गढ़वाल, नगर पालिका ईओ बसंत सैनी और थाना प्रभारी ईश्वरानंद मौके पर पहुंचे। मौके पर मौजूद स्थानीय युवक हुसैन भाटी ने बताया कि आग लगते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में सहायता करने लगे। कई ग्रामीण अपने ट्रैक्टर और लोडर लेकर आए और जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच से बचे हुए टायरों को बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर टायरों को हटाया, जिससे आग को फैलने से रोका जा सका। बहरहाल फैक्ट्री को हुए नुकसान का प्रशासन और फैक्ट्री मालिक द्वारा आकलन किया जा रहा है।

मोहन सरकार SP द्वारा DSP समेत SDOP की पोस्टिंग के मामले में असहमत, अब तक नहीं लिया कोई निर्णय, प्रस्ताव वापस

भोपाल मध्य प्रदेश के जिलों में पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) की पोस्टिंग का अधिकार नहीं मिलेगा। पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा भेजे गए इस संबंध में प्रस्ताव को सरकार ने वापस लौटा दिया है। बता दें पीएचक्यू ने गृह विभाग को एसपी को जिले में डीएसपी और एसडीओपी (SDOP) के ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार देने का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में एसपी को कलेक्टरों के समान अधिकार देने की बात कही गई थी। कलेक्टरों को जिले में एसडीएम की पोस्टिंग तय करने का अधिकार होता है। उसी तर्ज पर एसपी को भी अपने अनुसार अधिकारियों की पोस्टिंग का अधिकार देने की मांग प्रस्ताव में की गई थी, ताकि वे अपनी टीम खुद तय कर सकें और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। सरकार प्रस्ताव से सहमत नहीं जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार प्रस्ताव पर अब तक कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। इस निर्णय से राजनीतिक हस्तक्षेप को बढ़ावा मिलेगा। इस तर्क के साथ सरकार अब प्रस्ताव पर अपनी सहमति नहीं है। सरकार का मानना है कि अभी पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर एवं पोस्टिंग की प्रक्रिया पूर्ववत सरकारी स्तर पर ही जारी रहनी चाहिए। हालांकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अभी प्रस्ताव विचाराधीन है। अधिकारियों में सामने आए मतभेद इस प्रस्ताव को लेकर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के बीच मतभेद सामने आए थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए इसका विरोध किया था। इसमें अधिकतर अधिकारियों ने राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने का तर्क दिया था।

माही भाई कह रहे थे कि तेरे ग्रह थोड़े इधर-उधर चल रहे हैं, अक्षर पटेल ने खोला बड़ा राज, किस बात का दिया क्रेडिट

नई दिल्ली महेंद्र सिंह धोनी का भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान है। उन्होंने टीम इंडिया के कप्तान के रूप में कई ट्रॉफीज जीती हैं। इसके साथ ही साथ धोनी ने कई क्रिकेटरों को गाइड भी किया है। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने बताया है कि कैसे धोनी की सलाह से उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ। अक्षर ने बताया कि टी20 वर्ल्ड और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद धोनी ने उन्हें मैसेज किया था। दिल्ली कैपिटल्स ने अक्षर का यह वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है। इस वीडियो में अक्षर ने आईपीएल 2022 में धोनी से लेकर जुड़ा एक बड़ा राज भी खोला है। अक्षर ने कहा धोनी से क्लोज कनेक्शन ताजा वीडियो में अक्षर बताते हैं कि उनका महेंद्र सिंह धोनी से बहुत ही करीबी रिश्ता है। अक्षर कहते हैं, ‘माही भाई से बहुत क्लोज कनेक्शन है। वो जब टीम इंडिया के कप्तान थे तो मैं अपने थॉट्स उसने शेयर करता रहता था। वर्ल्ड कप के बाद और चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उनका मैसेज आया था।’ इसके बाद अक्षर ने बताया कि 2021 वाले वर्ल्ड कप में भी एक मेंटर के तौर पर टीम से जुड़े थे। तब भी मैंने उनसे बात की थी कि माइंडसेट में क्या बदलाव हो रहा है। उसके बाद से जो कुछ भी आया है, उसका थोड़ा क्रेडिट माही भाई को जाता है। एमएस धोनी की फोटो का जिक्र वीडियो में वह धोनी के साथ की एक फोटो की तरफ इशारा करके कुछ राज की बात बताते हैं। यह फोटो आईपीएल 2022 की है। अक्षर बताते हैं कि उधर भी वही बात हो रही थी। माही भाई कह रहे थे कि तेरे ग्रह थोड़े इधर-उधर चल रहे हैं। कभी बॉल इधर गिर जाता है, कभी उधर गिर जाता है। कभी अच्छा बॉल गिर जाता है। तब वो कह रहे थे कि तू एक काम कर, कुछ पूजा-पाठ करवा ले। इसके बाद अक्षर पटेल जोर-जोर से हंसने लगते हैं। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान हैं अक्षर पटेल गौरतलब है कि अक्षर पटेल ने टी20 वर्ल्डकप और चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में बेहद अहम रोल प्ले किया था। उन्होंने गेंद से तो अपना योगदान दिया ही था, साथ ही साथ बल्ले से भी उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा था। इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने अक्षर पटेल को अपनी टीम का कप्तान बनाया है। दिल्ली का प्रदर्शन भी अभी तक काफी अच्छा रहा है। टीम ने अपने पहले दोनों मैच जीते हैं और चार अंकों के साथ अंक तालिका में दो नंबर पर है।

मध्यप्रदेश में शिखर खेल पुरस्कारों की घोषणा, इन खिलाड़ियों के नाम शामिल

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2023 के लिए राज्य स्तरीय शिखर खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. इसमें 12 विक्रम, 11 एकलव्य, 3 विश्वामित्र और एक लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं. राज्य के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने ट्वीट कर सभी पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है. बता दें कि ये अवॉर्ड राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और कोचों को उनके  योगदान और उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं. मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बधाई देते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि ‘मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2023 के राज्यस्तरीय शिखर खेल पुरस्कार—विक्रम पुरस्कार, एकलव्य पुरस्कार, विश्वामित्र पुरस्कार, स्व. श्री प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार एवं लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल हस्तियों को हार्दिक बधाई! आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. आप सभी के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की शुभकामनाएँ!’ एकलव्य पुरस्कार-2023 व्यक्तिगत खेल – ओलंपिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल – 9 पुरस्कार 1- रितुराज बुंदेला पिता लक्ष्मण सिंह बुंदेला शूटिंग टीकमगढ़ 2- भूमि बघेल पिता विजय कुमार क्याकिंग-केनोइंग महेश्वर 3- कृष्णा मिश्रा पिता राकेश मिश्रा स्क्वैश इंदौर 4- पूजा दांगी पिता कैलाश दांगी फेंसिंग राजगढ़ 5- प्रभाकर सिंह राजावत पिता दीवान सिंह राजावत रोइंग ग्वालियर 6- नेहा ठाकुर पिता मुकेश कुमार ठाकुर सेलिंग देवास 7- प्रखर जोशी पिता कैलाश जोशी तैराकी इंदौर 8 -अर्जुन वास्कले पिता नेमा वास्कले एथलेटिक्स खरगोन 9- प्रियांशी प्रजापत पिता मुकेश प्रजापत कुश्ती उज्जैन दलीय खेल-ओलंपिक/एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेल में खेले जाने वाले खेल-03 पुरस्कार में से 1 10- अंकित पाल पिता संतोष पाल हॉकी ग्वालियर ओलंपिक/एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेल में नहीं खेले जाने वाले अन्य खेल-1 पुरस्कार 11 गौरव पचौरी पिता सुरेश पचौरी पावर लिफ्टिंग मुरैना विक्रम पुरस्कार-2023 व्यक्तिगत खेल-ओलंपिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-6 पुरस्कार 1 ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर पिता वीर बहादुर सिंह तोमर शूटिंग खरगोन 2- जाहन्वी श्रीवास्तव श्री राजेश श्रीवास्तव क्याकिंग-केनोइंग भोपाल 3- रागिनी मार्कों पिता मान सिंह मार्कों तींरदाजी जबलपुर 4- शिवानी पवार पिता नंदलाल पवार कुश्ती छिंदवाड़ा 5- श्रृति यादव पिता वीरेन्द्र कुमार यादव बॉक्सिंग भोपाल 6-  यामिनी मौर्य पिता हरिओम मौर्य जूडो सागर दलीय खेल-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-03 पुरस्कार 7- सचिन भार्गो पिता भेरू खो-खो देवास 8- नीलू डांडिया पिता राजकुमार डांडिया हॉकी मंदसौर 9- प्रवीण कुमार दवे पिता शंभूलाल दवे सॉफ्टबाल इन्दौर दिव्यांग श्रेणी-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-1 पुरस्कार 10- रूबिना फ्रांसिस पिता सिमोन फ्रांसिस शूटिंग जबलपुर ओलंपिक/एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेल में नही खेले जाने वाले अन्य खेल-1 पुरस्कार 11- अपूर्व दुबे पिता दिनेश दुबे पावरलिफ्टिंग इन्दौर साहसिक खेल-1 पुरस्कार 12- भावना डेहरिया पिता मुन्नालाल डेहरिया माउंट एवरेस्ट छिंदवाड़ा विश्वामित्र पुरस्कार-2023 व्यक्तिगत खेल-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-02 पुरस्कार 1- पीजूष कांती बरोई पिता गोकुल बरोई क्याकिंग-केनोइंग भोपाल 2 – अशोक कुमार यादव पिता बलदेव यादव तीरंदाजी जबलपुर दलीय खेल-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-1 पुरस्कार 3 – लोकेन्द्र शर्मा पिता डॉ. राधाचरण शर्मा हॉकी भोपाल लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार-2023 वर्ष 2023 के लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए रतनलाल वर्मा, पुत्र स्व. गंगाराम वर्मा, जिम्नास्टिक खेल, उज्जैन में महत्वपूर्ण योगदान देने पर वर्ष 2023 के लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।  

सीएम डॉ मोहन ने अभिनेता मनोज कुमार के निधन पर जताया शोक, कहा- देश उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा

भोपाल  बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता मनोज कुमार का आज शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वो पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आज यहां उन्होंने 87 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन के बाद पूरे फिल्म के साथ राजनीति जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी उनके निधन पर दुख जताया है। सीएम डॉ मोहन ने न्यूज़ एजेंसी से चर्चा करते हुए कहा कि अभिनेता मनोज कुमार का निधन फिल्म जगत की भी हानि है और देश और कला जगत के लिए भी बड़ी क्षति है। सीएम ने कहा कि मनोज कुमार एक मात्र ऐसे अभिनेता थे, जिन्होंने पूरब से लेकर पश्चिम तक कई सारी फिल्मों से देश की जड़ों से जुड़ने का प्रयास किया और एक नई क्रांति लाई। उन्होंने न केवल हमारे शहीदों का सही चित्रण लाने का प्रयास किया, बल्कि देशभक्ति का अपने बलबूते पर निर्माता,निर्देशक और अभिनेता सभी क्षेत्रों में अपना योगदान दिया। परमात्मा उनको अपने श्रीचरणों में स्थान दे। सीएम ने कहा कि देश कभी मनोज कुमार के योगदान को नहीं भूलेगा।  

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानितमुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा दानशीलता दिवस पर आयोजित सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में समाज द्वारा नवनिर्मित 200 सीटर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और  दान दाताओं का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही आगे रहा है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ से काफी पुराना नाता रहा है। लगभग 400 साल पहले जब से अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ में पदार्पण हुआ है,  तब से छत्तीसगढ़ के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार व्यवसाय से जुड़ा हुआ है जो कठिन परिश्रम  तथा लगन से कार्य करते हुए मानवता की सेवा में जुटा रहना वाला समाज है। अग्रवाल समाज के द्वारा कोविड की विषम परिस्थिति में भी मानव सेवा सम्बंधी किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के दानदाताओं के सहयोग का उल्लेख किया। इनमें उन्होंने डीकेएस अस्पताल, एम्स, शीतलबांधा तालाब सहित अनेक  कार्यों का उल्लेख किया। कृषि विश्वविद्यालय के लिए 1900 एकड़ भूमि समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई है। अनेक धर्मशाला, तालाब, मंदिर, गौशाला, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा बनाई गई है। इन कार्यों से समाज का हर वर्ग लाभान्वित है। सामाजिक समरसता का इससे अनूठा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के लोगों ने सेवा के ऐसे काम किए हैं, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कन्या विवाह, रोजगार जैसे अनेक क्षेत्रों में आप सभी ने जरूरतमंदों की सेवा की है। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ देश-दुनिया में सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप 2047 में विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेंगी। इस दौरान उन्होंने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। साथ ही मुख्य मंच से दान देने वाले अग्रणी परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव, दाऊ अनुराग अग्रवाल  सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कोच निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बनकर उभरा भारत, भारतीय रेल का नया कीर्तिमान

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने पिछले वित्त वर्ष में 9 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज करते हुए 7,134 कोच बनाए, आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पिछले दशक में 5481 कोच बनाए थे, जो अब नया रिकॉर्ड है। गैर-एसी सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारतीय रेलवे 2024-25 में 4,601 कोच बनाएगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, आईसीएफ चेन्नई ने 3,000 की वार्षिक सीमा को पार करते हुए 178 ज्यादा कोच बनाए, आरसीएफ कपूरथला ने 201 और एमसीएफ रायबरेली ने 341 ज्यादा कोच बनाकर रिकॉर्ड उत्पादन की प्रतिष्ठित यात्रा में योगदान दिया। यह वृद्धि, बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर भारत के बढ़ते जोर को दर्शाती है। घरेलू विनिर्माण में वृद्धि आपको बता दें, 2004 से 2014 के बीच, भारतीय रेलवे ने प्रति वर्ष औसतन 3,300 से कम कोच का निर्माण किया। हालांकि, 2014 से 2024 के दौरान, उत्पादन में 54,809 कोचों के उत्पादन के साथ प्रति वर्ष औसतन 5,481 कोचों के उत्पादन के साथ बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जो रेलवे विनिर्माण में बेहतर परिवहन-संपर्क सुविधा पर जोर और आत्मनिर्भरता के अनुरूप है। यह विस्तार घरेलू उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने, आयात पर निर्भरता को कम करने और रेलवे डिजाइन में उन्नत प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यात्री अनुभव और परिवहन-संपर्क सुविधा में सुधार रिकॉर्ड कोच उत्पादन सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ विजन के अनुरूप है, जो घरेलू विनिर्माण को सक्षम करने के साथ-साथ बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करता है। अधिक कोच पेश किए जाने से, यात्री बेहतर सुविधाओं, बढ़ी हुई सुरक्षा सुविधाओं और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बढ़ी हुई क्षमता की उम्मीद कर सकते हैं। यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया पहल’ को मजबूत करती है इसके अतिरिक्त, यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया पहल’ को मजबूत करती है, जिससे रेल-निर्माण में भारत की प्रमुख भूमिका को बल मिलता है। आधुनिक, ऊर्जा-कुशल और यात्री-अनुकूल कोचों पर ध्यान केंद्रित करके, भारतीय रेलवे एक अधिक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार परिवहन नेटवर्क बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। रेलवे विद्युतीकरण, हाई-स्पीड कॉरिडोर और उन्नत यात्री सेवाओं के चल रहे प्रयासों के साथ, बढ़ा हुआ कोच उत्पादन भारत की रेल परिवहन प्रणाली के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे लाखों यात्रियों के लिए अधिक दक्षता, आराम और पहुँच सुनिश्चित होगी।  

Kangana Sharma ने पहनी इतनी ज्यादा रिवीलिंग ड्रेस, पैपराजी के सामने हुईं अनकंफर्टेबल

मुंबई एक्ट्रेस kangana Sharma ने 3 अप्रैल को अपना बर्थडे बेहद ख़ास अंदाज़ में सेलिब्रेट किया। अपने बोल्ड और ग्लैमरस लोगों के लिए पहचानी जाने वाली कंगना ने इस बार भी फ़ैन्स को चौंकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुंबई में हुई बर्थडे पार्टी में कंगना ने ऐसी ड्रेस पहनी की सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस ड्रेस को पहनकर कंगना शर्मा (kangana Sharma) ने पेपराज़ी कैमरों के सामने एक से बढ़कर एक पोज दिए, सोशल मीडिया पर कई लोग उनकी ड्रेस की तारीफ़ करते नज़र आए तो वहीं कई लोग उन्हें ट्रॉल करते भी नज़र आए। कुछ लोगों ने तो इस तरह के कॉमेंट कर दिए, कि उन्हें पढ़ पाना भी मुश्किल है। लेकिन तारीफ़ करने की बात यह है कि कंगना कितनी भी बोल्ड और रिवीलिंग ड्रेस क्यों न पहन ले, वे हमेशा कैमरे के सामने कॉन्फिडेंट नज़र आती है। बर्थडे पर कंगना का ग्लैमरस अवतार वायरल अपने बर्थडे पर कंगना शर्मा ने इतनी रिवीलिंग ड्रेस पहनी की हर तरफ़ उन्हीं की चर्चा हो रही है। ग्लैमरस लुक में पेपराज़ी को पोज देती कंगना का अंदाज़ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। फैंस ने दी ट्रोलिंग के साथ सलाह स्टाइल और बोल्डनेस से भरपूर कंगना का ये लुक कई लोगों को बेहद पसंद आया, तो वहीं कुछ ने उन्हें जमकर ट्रॉल भी किया। एक्ट्रेस की ये ड्रेस देखकर एक फ़ैन्स ने कॉमेंट किया, ‘कुछ भी पहनने की आज़ादी मत दिखाओ, थोड़ा कंफर्ट ज़रूरी है’। बोल्ड ड्रेस में कंगना का कॉन्फिडेंस आपको बता दें, कि अपने बर्थडे की केक कटिंग के दौरान कई बार कंगना शर्मा अनकंफर्टेबल दिखाई पड़ी, लेकिन फिर भी उन्होंने हर एंगल से एक बढ़कर एक शानदार पोज दिए। उनके एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज से ये साफ़ नज़र आ रहा था कि वे इस ड्रेस को लेकर ख़ुद भी थोड़ा अनकंफर्टेबल है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस बर्थडे पार्टी से वायरल हुई वीडियो पर एक यूज़र ने लिखा, इनकी छपरीगिरी कभी ख़त्म नहीं होती। आपको बता दें, इस कॉमेंट ने ख़ूब ध्यान खींचा और बाक़ी लोगों ने भी इस कॉमेंट पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दी है। बोल्ड अंदाज़ फिर बना चर्चा का विषय कंगना शर्मा का ये बोल्ड लुक कुछ को हॉट लगा तो कुछ ने इसी ओवर बताया, लेकिन कुछ भी कहें कंगना शर्मा इस ड्रेस को पहनकर लाइमलाइट में आ चुकी है। चाहे उन्हें तारीफ़ मिले या बुराई, कंगना फिर एक बार सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुकी है।  

नोएडा के दंपत्ति ने पॉर्न रैकेट से कमाए ₹22 करोड़, 400+ लड़कियों से उतरवाए कपड़े, रूस से सीखकर आया था धंधा

नोएडा नोएडा के सेक्टर 105 की एक कोठी से पोर्न वीडियो स्ट्रीमिंग करके करोड़ों रुपये कमाने वाला उज्ज्वल किशोर पूरा धंधा रूस से सीखकर आया था। पिछले दिनों जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कोठी पर पहुंची तो 3 मॉडल्स को स्टूडियो में बिठाकर उनका जिस्म विदेशी दर्शकों के सामने परोसा जा रहा था। उज्ज्वल अपनी पत्नी नीलू के साथ यह कारोबार चला रहा था। पता चला है कि उज्जवल रूस में भी ऐसे ही एक पोर्न कारोबार में काफी समय तक काम कर चुका था। वहां उसने देखा कि इस धंधे में कितना पैसा है। उसने वहां इस कारोबार को अच्छे से समझा और फिर भारत आकर अपना काम शुरू करने का फैसला किया। उसने भारत आकर पत्नी के साथ इस गोरखधंधे को शुरू कर दिया। दोनों ने सबडिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी बनाई थी और इसके जरिए विदेशी पोर्न वेबसाइट्स को कंटेंट उपलब्ध करा रहा था। जांच में पता चला है कि दंपति ने माडलों की भर्ती के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का खुलकर इस्तेमाल किया। उन्होंने फेसबुक पर भी एक पेज बनाया और उसमें आकर्षक वेतन के वादे के साथ युवतियों को माडलिंग का ऑफर दिया जाता था। मॉडलिंग की प्रतियोगिता के लिए नोएडा स्थित फ्लैट पर पहुंचीं लड़कियों को पोर्न वीडियो में शामिल होने पर एक से दो लाख रुपये प्रति महीने कमाने का लालच दिया जाता था। खुद उज्ज्वल और उसकी पत्नी की 22 करोड़ से अधिक कमाई का पता चल चुका है। ईडी को पता चला है कि कंपनी और डायरेक्टर के खातों में विदेशों से 15.66 करोड़ रुपए आए, जबकि विदेश में मौजूद एक खाते में भी 7 करोड़ रुपए आए थे। इस रकम की कैश के रूप में निकासी की जा चुकी है। 75-25 का था फॉर्मूला ईडी को फ्लैट में एक वेबकैम स्टूडियो मिला था, जो अश्लील प्लेटफार्म पर मिलने वाले कंटेंट को को प्रसारित करता था। यहां मॉडल्स के साथ न्यूड वीडियो शूट किए जाते थे। मॉडल्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान कितने कपड़े उतारे उस आधार पर उन्हें पैसा दिया जाता था। पोर्न वीडियो के लिए मॉडल्स को आधा, कम और पूरी अश्लीलता के लिए अलग-अलग पैकेज देते थे, जिसमें 75 प्रतिशत दंपती के पास और 25 प्रतिशत रकम मॉडल को देते थे।

स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल – मुख्यमंत्री

रायपुर योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के पदभार ग्रहण हेतु अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में – श्री केदार कश्यप

रायपुर बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति की अनुपम छटा बस्तर पंडुम में बिखर रही है। बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने के लिए तीन दिवसीय बस्तर पंडुम 2025 आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने आज इस आयोजन का शुभारंभ किया। बस्तर पंडुम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा परंपरा रीति-रिवाज, खान-पान, दुर्लभ वाद्य यंत्र, विभिन्न नाट्य विधाओं आदि का प्रदर्शन किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है। बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जोे विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की  जा रही है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक श्री चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे। जनजातीय नृत्य और गीत की प्रस्तुति बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया जा रहा है। जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य की प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक वाद्य, वेशभूषा एवं आभूषण जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण प्रदर्शित किए गए। जनजातीय शिल्प, चित्रकला और व्यंजन जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन किया गया। जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, कोसरा, जोन्धरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा, मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर, बोबो इत्यादि का प्रदर्शन किया जा रहा है।

मनेंद्रगढ़ शहर में केवल एक ही कोरिया नीर जिंदा बाकि पड़े मुर्दा, इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का कब होगा जीणोद्धार

मनेंद्रगढ़ शहर में केवल एक ही कोरिया नीर जिंदा बाकि पड़े मुर्दा, इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का कब होगा जीणोद्धार जनता ने नगरपालिका अध्यक्षा प्रतिमा यादव से जताई उमीद की जल्द होगा बंद नीरो का जीणोद्धार   एमसीबी/मनेन्द्रगढ़  एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ शहर में जहां आम जनमानस के लिए पेय जल की उपलब्धता के लिए नगरपालिका प्रशासन ने नल टंकी में लाखों की पाइप लाइन, पेयजल को शुद्ध करने के लिए लाखों का ऐलम औऱ क्लोरीन में ख़र्च किये और आम जनमानस तक पेयजल पहुँचाया पर, नगरपालिका की लापरवाहियों के कारण ये व्यवस्था भी नाकाम होती चलीं गई औऱ आमजनमानस को इसके कारण पहले औऱ आज भी मानक स्तर  से पेयजल नही मिल रहा है। इस के लिए शाशन और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयासों से युद्ध स्तर पर कई प्रयास किये गए जिसमे भी लाखों का खर्च आया पर ये प्रयास कुछ हद तक ही सफल हो पाया। फिर इसी बीच में एक नई योजना की शुरुआत हुई जिसका नाम कोरिया नीर रखा गया और शहर में कई जगहों पर कोरिया नीर नगरपालिका प्रशासन ने लगवाया जिससे कि शहर की जनता को पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल सके। वो एक समय था जब इस योजना की शुरुवात हुई फिर क्या शहर में युद्ध स्तर पर कई वार्डो में इस कोरिया नीर की व्यवस्था नगरपालिका प्रसाशन ने की साथ ही साथ इस योजना का श्रेय लेने हेतु कई नेता और जनप्रतिनिधियों ने अगुवाई करते हुए खुब तस्वीरे खिछवाई और जनता को अपना हितैसी दिखाने के लिए इस मौके का भरपूर फायदा उठाया, उस दौरान सब को लगा कि अब तो शहर में सुध पेय जल न मिलने की समस्या से निदान मिल गया पर जानत को कहा मालूम था कि इस योजना का लाभ तो केवल और केवल इस योजना के पीछे लगे पैसे की बंदर बाट और कमीशनख़ोरी करना था।             आज शहर के लगभग सभी कोरिया नीर नगरपालिका प्रशासन की अव्यवस्थाओ और रखरखाओ के चलते बंद पड़े है। नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों गिरती कार्यछमता के कारण आज भी सभी नीर मुर्दा हालात में पड़े है। आज शहर में मात्र केवल एक कोरिया नीर जो शासकीय अस्पताल मनेंद्रगढ़ के बाजू में चालू स्थिति में है जोकि अकेले ही शहर के कई परिवारों को शुद्ध पेयजल देने का भार झेल रहा है। अब देखना है, कि नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कब इसपर अपना संज्ञान लेंगे और शहर में बंद पड़े बाकी कोरिया नीरो को आमलोगों के लिए कब चालू करवाते है। वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव से जनता ने उमीद जताई है कि शायद अब इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का जल्द ही जीणोद्धार करवाया जाएगा।

खंडवा में कुएं में जहरीली गैस से 8 लोगों की मौत, कोंडावत में मातम का माहौल, एक साथ जलीं 8 चिताएं

खंडवा खंडवा जिले के कोंडावद गांव में गणगौर माता के जवारे विसर्जन के लिए कुएं की सफाई के दौरान हादसे का शिकार हुए 8 ग्रामीणों के शव शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे जिला अस्पताल से गांव पहुंचे। एंबुलेंस का काफिला पहुंचते ही गांव में चीख पुकार और हर आंख नम हो गई। गांव में एक साथ आठ अर्थियां निकली गई। इसमें दो हजार से अधिक लोग शामिल हुए। कुंडावत गांव के श्मशान घाट पर पहली बार एक साथ आठ शवों का अंतिम संस्कार सुबह हुआ। यहां आठ आर्थियों को परिवार के लोगों द्वारा अग्नि देते ही माहौल गमगीन हो गया। गुरुवार दोपहर से गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला है। कुएं में सफाई करने उतरे थे आठ लोग बता दें कि गुरुवार शाम कुएं की सफाई करने उतरे आठ ग्रामीणों की मौत हो गई थी। गणगौर विसर्जन की तैयारी के तहत कुएं की सफाई करने के लिए आठ ग्रामीण नीचे उतरे थे। कुएं में जहरीली गैस होने के चलते ये सभी कुएं में फंस गए और सभी की मौत हो गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी आठों शव निकाले जा चुके थे। पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। दोपहर में गांव के चार लोगों ने गणगौर पर्व के लिए कुएं की सफाई का काम शुरू किया। कुएं में जमी भारी मात्रा में गाद और दलदल के बीच फंसे ये लोग शाम तक बाहर नहीं निकल पाए। इनको बचाने के लिए चार अन्य युवक भी कुएं में उतरे, वे भी कुएं में फंस गए। ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर बचाव का प्रयास शुरू किया। बाद में प्रशासन को सूचना दी गई। एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन घटना स्थल पर पहुंची एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम ने रस्सियों और जालों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि कुएं में गंदे पानी के जमाव के कारण जहरीली गैस बनने की आशंका है जिसके चलते युवकों का दम घुटने से मौत हुई होगी। इन्हें लील गया मौत का कुआं मृतकों में मोहन पिता मंशाराम पटेल (50), वासुदेव आशाराम पटेल (45), गजानंद पिता गोपाल पटेल (40), अनिल पिता आत्माराम (35), राकेश पिता हरिराम (26), अजय पिता मोहन पटेल (30), सरन पिता सुखराम पटेल (40), अर्जुन पिता गोविंद पटेल (35) हैं। सीएम ने किया 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि- खंडवा के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 8 व्यक्तियों के काल कवलित होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस, प्रशासन, होम गार्ड्स एवं एसडीईआरएफ की टीम ने जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दुख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजन के साथ मेरी गहरी शोक संवेदनाएं हैं। सभी मृतकों के परिवारजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि सभी पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजन को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए किया है पिछले बजट से 3000 करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन के दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता करें सुनिश्चित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हर विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में सभी जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ व शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्थाएं की जाएं। कोई भी शाला जर्जर हालत में न रहे। सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक अच्छा माहौल और प्रोत्साहन देने वाला परिवेश उपलब्ध करायें, ताकि बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय पहुंचे। विभागीय अधिकारी कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई जरूरतों के मुताबिक सुधार लाने के लिए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) जैसे क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश में एक आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) बनकर उभरें, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां और प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू नई शिक्षा नीति के मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य में स्थानीय पूर्व सांसद और पूर्व विधायक, समाजसेवी संस्थाओं, पूर्व छात्रों एवं सीएसआर फंड से भी सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को विधानसभा वार जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों के अधोसंरचना विकास कार्यों में विधायक निधि से भी सहयोग लिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है। नैतिक शिक्षा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए। बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए। समिति बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सुझावों का सरकार स्वागत करेगी। मिले सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास), जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रीगण की एक समिति बनाकर संयुक्त बैठक आयोजित करने और शैक्षिक सुधार की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज) संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के नवीन भवनों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी विद्यालय देश में ऐसे आदर्श विद्यालय बनाने हैं, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल-कूद, कला-संस्कृति एवं छात्रों के समग्र विकास का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सांदीपनी विद्यालयों में 145 बसें संचालित की जा रही हैं। बस संचालन में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और ड्रायवर-कंडक्टर के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग की अंतर्गत प्रदेश में 369 संदीपनी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 275 और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनी विद्यालय शामिल हैं। 8 संदीपनी विद्यालयों भवनों का लोकार्पण हो चुका है और 10 भवन बनकर लोकार्पण के लिए तैयार हैं। जून 2025 तक 34 नए सांदीपनी विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की भर्ती और अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में पूर्ण रूप से प्रदर्शित बरती जाए। लापरवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक का रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिये। प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल खुल चुके हैं और एडमिशन पोर्टल पर अबतक 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पहली कक्षा में बच्चों का प्रवेश घटने पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शासकीय स्कूलों में नर्सरी कक्षा भी शुरू करने की आवश्यकता है, क्योंकि एक बार कोई बच्चा प्राइवेट नर्सरी स्कूल में दाखिला ले लेता है, तो फिर उसका शासकीय स्कूल में लौटना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूलों में भारत स्काउट गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और मेधावी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में भी होंगे सम्मिलित

दतिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नवरात्रि के छठे दिन दतिया स्थित पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में शराबबंदी लागू होने के बाद किसी धार्मिक स्थल का ये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पहला दौरा होगा। लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में 24 जनवरी को हुई कैबिनेट में 19 धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में शराबबंदी के फैसले को मंजूरी दी गई थी। सभी 19 धार्मिक स्थलों पर एक अप्रैल से शराबबंदी लागू हो गई है। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त बार एवं मदिरा दुकानों को बंद किया जा चुका है। नशामुक्ति की दिशा में लिये गए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस फैसले के लिए प्रदेशवासियों ने उनका आभार भी जताया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार सुबह दतिया पहुंचकर मां पीताम्बरा पीठ के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल से दतिया के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह 10.45 बजे मुख्यमंत्री दतिया पहुंचकर पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के 11 अप्रैल को अशोकनगर प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियां का लेगें जायजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 04 अप्रैल को अशोकनगर जिले की तहसील ईसागढ़ की ग्राम पंचायत आनंदपुर स्थित आनंदपुर ट्रस्ट भी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.40 बजे हेलीकॉप्टर से दतिया से प्रस्थान कर दोपहर 01.10 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का अवलोकन करेगें। इसके बाद दोपहर 02 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगें।  

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