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राज्यपाल की केंद्रीय सहकारिता और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल से मुलाकात

जयपुर, राज्यपाल  हरिभाऊ बागडे की शुक्रवार को नई  दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल से मुलाकात हुई।  इस दौरान दोनों ने विभिन्न विषयो पर चर्चा की। राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री श्री मोहोल की यह शिष्टाचार भेंट थी।

घरेलू विद्युत उपकरण सुधार व चार पहिया वाहन का निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए 15 अप्रैल तक करा सकते है पंजीयन

महासमुंद बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुन्द द्वारा जिले के 18 से 45 वर्ष के युवाओं के लिए घरेलू विद्युत उपकरण सुधार व चार पहिया वाहन का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इच्छुक हितग्राही 15 अप्रैल तक पंजीयन करा कर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में बी.पी.एल. राशन कार्ड की दो फोटो कॉपी, आधार कार्ड की दो फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज की 5 फोटो, शैक्षणिक योग्यता की अंकसूची की फोटो कॉपी शामिल है। प्रशिक्षण से संबंधित अधिक जानकारी के लिए प्रतीक साहेब गुप्ता के मोबाइल नंबर +91-93402-81974 पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व में ऐतिहासिक सफलता

 वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद के निर्देशन में छत्तीसगढ़  ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व प्राप्ति में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में संचालित खनन संक्रियाओं से 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विगत वर्ष 2023-24 के 12,795 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 11% की वृद्धि (1400 करोड़ रुपये अधिक) दर्शाता है। प्रदेश में खनिज राजस्व प्राप्ति में दंतेवाड़ा अव्वल वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खनिज राजस्व संग्रहण में जिला दंतेवाड़ा ने सर्वाधिक 6580 करोड़ रुपये का योगदान देकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा, कोरबा से 2148 करोड़, रायगढ़ से 2027 करोड़, बालोद से 1313 करोड़, सरगुजा से 585 करोड़, बलौदाबाजार से 354 करोड़, कांकेर से 328 करोड़, तथा सूरजपुर से 155 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय राजस्व भागीदारी दर्ज की गई है। खनिज संसाधनों में राष्ट्रीय भागीदारी छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र में मात्र 4% की हिस्सेदारी होते हुए भी छत्तीसगढ़ का  देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में 16% से अधिक की भागीदारी है। यहां मुख्य रूप से लौह अयस्क, कोयला, चूनापत्थर और बाक्साइट के विशाल भंडार हैं, जो खनिज राजस्व के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा, राज्य में सामरिक महत्व के खनिजों सहित कुल 28 प्रकार के खनिज भंडार की पुष्टि हुई है। ई-नीलामी प्रणाली से अतिरिक्त राजस्व वर्ष 2015 से खनिज विभाग द्वारा खनिजों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन की कार्यवाही की जा रही है, जिससे रॉयल्टी के अलावा प्रीमियम के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हो रही है। खनिज राजस्व में हो रही बढ़ोत्तरी में ई नीलामी के माध्यम से स्वीकृत खदानों का योगदान अब स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। खनिज विकास मद से अधोसंरचना को बल राज्य शासन द्वारा खनिज राजस्व की कुल प्राप्ति की 5% राशि “खनिज विकास मद” में अंतरित की जाती है। इससे प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में खनिज संसाधनों के विकास और अधोसंरचना निर्माण का कार्य किया जा रहा है। आगामी वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में केवल रेल कॉरिडोर निर्माण हेतु प्रावधानित किए गए हैं। समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान प्रदेश की खनन संक्रिया केवल औद्योगिक संस्थानों को कच्चा माल प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। “छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज संपदा से नहीं, विकास की असीम संभावनाओं और जनकल्याण के संकल्प से भी समृद्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त कर प्रदेश ने एक नई ऊँचाई को स्पर्श किया है। यह उपलब्धि हमारी दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शी प्रशासन, और ईमानदार कार्यसंस्कृति का प्रतिफल है। ई-नीलामी प्रणाली, तकनीकी नवाचार और सुशासन के माध्यम से हम खनिज क्षेत्र को केवल राजस्व संग्रहण का माध्यम नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों के लिए विकास के इंजन के रूप में परिवर्तित कर रहे हैं।”

सरकार द्वारा दी गई जानकारी, भारतीय रेलवे के ट्रैक नेटवर्क के विस्तार के लिए चार परियोजनाओं को दी मंजूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने भारतीय रेलवे के ट्रैक नेटवर्क के विस्तार के लिए 18,658 करोड़ रुपये के निवेश से चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। शुक्रवार को सरकार द्वारा यह जानकारी दी गई। तीन राज्यों (महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़) के 15 जिलों को कवर करने वाली चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 1,247 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में संबलपुर-जरापड़ा तीसरी और चौथी लाइन, झारसुगुड़ा-सासोन तीसरी और चौथी लाइन, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा पांचवीं और छठी लाइन और गोंदिया-बल्हारशाह रेलवे लाइन का दोहरीकरण शामिल हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया कि बढ़ी हुई लाइन क्षमता से मोबिलिटी में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की दक्षता बढ़ेगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्ततम खंडों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। ये परियोजनाएं पीएम मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र के लोगों को “आत्मनिर्भर” बनाएंगी, जिससे उनके लिए रोजगार/अवसरों में वृद्धि होगी। ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा हैं, जिसमें एकीकृत योजना की आवश्यकता होती है और ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इन परियोजनाओं के साथ, 19 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (गढ़चिरौली और राजनांदगांव) की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 3,350 गांवों और लगभग 47.25 लाख आबादी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा लाइन बलौदा बाजार जैसे नए क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और इससे क्षेत्र में सीमेंट संयंत्रों सहित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं पैदा होंगी। सरकार ने बयान में आगे कहा कि ये लाइनें कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट और चूना पत्थर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। नए ट्रैक बनने से 88.77 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी।

हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा स्थानीय विद्यालयों में स्कूली बच्चों को किया गया निःशुल्क स्कूल बैग वितरण

अनुपपुर,  हिंदुस्तान पावर के अधीनस्थ सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) विभाग द्वारा शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थानीय विद्यालयों में निःशुल्क स्कूल बैग वितरण का सत्र चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को अध्ययन में सहूलियत प्रदान करना और उनकी शिक्षा को सुगम बनाना है। बैग वितरण कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न स्थानीय विद्यालयों में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षकगण एवं अभिभावक उपस्थित रहे। बता दें अभी तक कंपनी द्वारा लगभग 10 स्थानीय स्कूलों में 1000 से अधिक विद्यार्थियों को निशुल्क बैग वितरण किया है और इसी सत्र में लगभग 30 से अधिक स्थानीय विद्यालयों में 3000 अन्य विद्यार्थियों को इसी सत्र में वितरण का लाभ दिलाया जाना है। वितरण कार्यक्रम के अवसर पर हिंदुस्तान पावर के अधिकारीगण  जिनमें मानव संसाधन विभाग के प्रमुख आर. के. खटाना, सीएसआर विभाग प्रमुख सत्यम सलील, जनसंपर्क अधिकारी गौरव पाठक, विभागीय अधिकारी रश्मि लखेरा, विकास राय आदि उपस्थित रहें। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, अध्यापक, एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी वितरण आयोजन में अपनी शिरकत की। इस अवसर पर मानव संसाधन विभाग प्रमुख आर. के. खटाना ने कहा, “शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है। हिंदुस्तान पावर हमेशा शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है, हमें उम्मीद है कि ऐसे प्रयासों से निश्चित ही बच्चों को शिक्षा में सहायता मिलेगी और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।” सीएसआर प्रमुख सत्यम सलील ने  कहा कि, “हमारा उद्देश्य केवल स्कूल बैग वितरित करना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक बेहतर शैक्षणिक अनुभव देना है, जिससे वे अपनी पढ़ाई में अधिक रुचि लें और आत्मनिर्भर बन सकें। मॉडल स्कूल, मुर्रा लहरपुर के प्रधानाध्यापक कमलेश सिंह राठौर ने हिंदुस्तान पावर की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह उपयोगी सहायता है, इससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम की पुस्तकों और अध्ययन सामग्रियों को व्यवस्थित तरीके से रखने और लाने जाने में मदद मिलेगी, निश्चित ही ऐसे प्रयासों से उनकी पढ़ाई अधिक प्रभावी हो सकेगी।” वितरण सत्र में उपस्थित सभी अभिभावकों ने हिंदुस्तान पावर के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे शिक्षा को गंभीरता से लेंगे। बता दें कि हिंदुस्तान पावर का सीएसआर विभाग समाजहित में निरंतर कई योजनाओं का संचालन कर रहा है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रमुख रूप से शामिल हैं। कंपनी प्रबंधन द्वारा उपस्थित  अतिथियों, स्थानीय नागरिकों को आश्वासन दिया कि कंपनी भविष्य में भी इस तरह की पहलों को जारी रखेगी ताकि क्षेत्र के बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके, और स्थानीय समुदाय को अधिकतम लाभ मिल सके।

आईपीएल: कलेक्टर ने ली बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को किया जायेगा तैनात

 जयपुर आईपीएल के दौरान जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मैचों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। आईपीएल मैचों के दौरान स्टेडियम में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को विशेष रूप से तैनात किया जाएगा। ये स्वयंसेवक स्टेडियम के अंदर और बाहर विभिन्न स्थानों पर निगरानी रखेंगे और पुलिस प्रशासन की सहायता करेंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में उन्हें भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा जैसी आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएंगी। इससे वे किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए प्रशासन ने रणनीति तैयार की है, जिसके तहत प्रवेश और निकास द्वार पर प्रत्येक दर्शक की गहन जांच सुनिश्चित की जाएगी, स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद ली जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पूरी तरह से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने और ट्रैफिक नियंत्रण में भी ये स्वयंसेवक सहायता करेंगे। आईपीएल के दौरान स्टेडियम में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की इस पहल से दर्शकों को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में मैच का आनंद उठाने का अवसर मिलेगा।

वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस और मतदान के वक्त तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसद अनुपस्थित थे, अब एक्शन लेंगी ममता बनर्जी!

कोलकाता बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) शुरू से ही वक्फ संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध करते हुए इस मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ मुखर रही है। इस बीच लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस और मतदान के वक्त तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसद अनुपस्थित थे। तृणमूल सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का एक वर्ग इसको लेकर नाराज है। पार्टी इनकी अनुपस्थिति पर तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी से चर्चा के बाद इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। पार्टी सूत्रों ने इसके संकेत दिए हैं। टीएमसी के ये सांसद रहे अनुपस्थित अनुपस्थित रहने वाले सदस्यों में घाटल के सांसद व अभिनेता दीपक अधिकारी उर्फ देव, बीरभूम की सांसद और अभिनेत्री शताब्दी राय और कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया शामिल हैं। इनमें बसुनिया ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कूचबिहार से पहली बार जीत दर्ज की थी।लोकसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने कहा कि ये तीनों सदस्य संसद में वक्फ पर बहस के दौरान मौजूद नहीं थे। तृणमूल सूत्रों के अनुसार, इनमें से केवल देव ने ही संसदीय दल के सदस्य को बताया था कि वह शूटिंग के लिए झारखंड में हैं। इसलिए वह संसद में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। बाकी दोनों सांसदों ने अपनी अनुपस्थिति को लेकर पार्टी को जानकारी नहीं दी थी। इस संबंध में कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने कहा कि अचानक एक अप्रैल को मुझे पता चला कि अगले दिन वक्फ विधेयक पेश किया जाएगा। मैं एक पारिवारिक समस्या में फंस गया था, इसलिए मैं नहीं जा सका। अगर मुझे थोड़ा पहले पता होता तो मैं निश्चित रूप से उस दिन संसद की कार्यवाही में शामिल हो जाता। सासंदों के उपस्थित ना रहने से नाराज हैं सीएम ममता इधर, अब पार्टी इन सांसदों के लिए क्या रास्ता अपनाती है, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। तृणमूल संसदीय दल के सूत्रों के अनुसार, तीनों सांसदों के संबंध में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से चर्चा के बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा। ममता लोकसभा और राज्यसभा में तृणमूल संसदीय दल की अध्यक्ष हैं।

सरकारी सहायता से बदली भुलऊ तकदीर

बेमेतरा छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के रहने वाले भुलऊ मेहर का जीवन वर्षों से मोची के काम पर निर्भर था। वे पिछले 16 वर्षों से यह कार्य कर रहे थे, लेकिन सीमित संसाधनों और पुराने औजारों के कारण उनका व्यवसाय सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार का भरण-पोषण कठिनाई से हो रहा था। उनके पास नई तकनीक और आधुनिक औजारों का अभाव था, जिससे उनकी आमदनी सीमित थी। लेकिन सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। छत्तीसगढ़ सरकार की संत रविदास चर्मशिल्प योजना ने भुलऊ मेहर के जीवन में नई रोशनी लाई। इस योजना के तहत उन्हें एक नई मोची पेटी और आधुनिक औजार प्रदान किए गए। इससे उनके काम की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार हुआ। अब वे अधिक ग्राहकों को सेवा दे पा रहे हैं और उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। आज, शुक्रवार को, जब कलेक्टर रणबीर शर्मा ने स्वयं भुलऊ मेहर को यह औजार सौंपे, तो उनके चेहरे पर एक नई खुशी की झलक साफ दिखाई दी। इस अवसर पर एडीएम अनिल वाजपेयी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अभिषेक जायसवाल भी उपस्थित थे। भुलऊ ने सभी का आभार व्यक्त किया और बताया कि अब उनका व्यवसाय बेहतर तरीके से चल रहा है। परिवार को भी मिल रहा लाभ भुलऊ मेहर को सिर्फ संत रविदास चर्मशिल्प योजना का ही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं का भी लाभ मिला है।     1.    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला, जिससे अब उनका परिवार सुरक्षित और आरामदायक जीवन जी रहा है।     2.    राशन कार्ड के माध्यम से उन्हें हर महीने उचित मूल्य पर खाद्य सामग्री मिलती है, जिससे भोजन की चिंता कम हो गई है।     3.    आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका आयुष्मान कार्ड बना है, जिससे वे और उनका परिवार अब मुफ्त में इलाज करवा सकते हैं। इन सभी योजनाओं ने मिलकर भुलऊ मेहर को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बना दिया है। प्रेरणा की मिसाल बने भुलऊ मेहर भुलऊ मेहर की सफलता की कहानी अन्य चर्मशिल्पकारों के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि मेहनत के साथ सही सहायता मिल जाए, तो जीवन में बदलाव आ सकता है। सरकार की योजनाओं ने उनकी राह को आसान बनाया, लेकिन उनकी अपनी मेहनत और लगन ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। आज वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए अपनी नई सफलता की कहानी लिख रहे हैं। उनके प्रयास और सरकार की सहायता ने मिलकर उनके जीवन को बदल दिया है। अब वे न केवल खुद सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं कि सही योजना और मेहनत से हर कोई आगे बढ़ सकता है। भुलऊ मेहर की यह नई उड़ान समाज के हर उस व्यक्ति के लिए संदेश है, जो संसाधनों की कमी के कारण आगे बढ़ने से डरता है। अगर इरादे मजबूत हों और सही अवसर मिले, तो सफलता निश्चित है!

देवबंद में शुद्धीकरण यज्ञ के बाद अपनाए हिंदू नाम, 10 मुस्लिमों ने इस्लाम छोड़ सनातन धर्म में की घर वापसी

देवबंद यूपी के देवबंद में योग साधना यशवीर आश्रम बघरा में गुरुवार को सहारनपुर जनपद के देवबंद के ही रहने वाले दस मुस्लिमों ने इस्लाम धर्म को छोड़कर सनातन धर्म में घर वापसी की। परिवार गुरुवार सुबह के समय बघरा स्थित स्वामी यशवीर जी मे आश्रम पहुंचे और स्वामी यशवीर महाराज से शुद्धिकरण यज्ञ करके सनातन धर्म में वापसी की बात कही। यज्ञ के बाद उन्होंने अपने हिंदू नाम रखे हैं। अपनी मर्जी से उन्होंने धर्म बदलने की बात कही है। परिवार ने बताया कि वे अपने पूर्वजों के सनातन धर्म में लौटना चाहते हैं, जिसे उनके परिवार र के के बड़े बड़े सदस्यों ने करीब चालीस पचास वर्ष पूर्व किसी कारण वश सनातन धर्म छोड़ छोड़ मुस्लिम इस्लाम धर्म अपना लिया था। आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज और आचार्य मृगेन्द्र ब्रह्मचारी ने वेद मंत्रों के साथ शुद्धिकरण यज्ञ संपन्न कराया। जिसके बाद मुस्लिम धर्म के परिवार ने श्रद्धा और आस्था के साथ घी और सामग्री की आहुतियां दी और परिवार के सभी दस सदस्यों ने अपने मुस्लिम नाम त्यागकर हिंदू नाम अपनाए। परिवार की मुखिया राजकुमारी कश्यप और मुखिया राजकुमाराव उनके बेटे बेटे बृजेश कश्यप ने इस घर वापसी पर प्रसन्नता जताई। यज्ञ के बाद सदस्यों पर पुष्प वर्षा की गई और उनका सनातन धर्म अपनाने पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्वामी यशवीर महाराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत में रहने वाले सभी मुसलमान पहले हिंदू थे। इस्लामिक हुकूमत में उनके पूर्वजों पर अत्याचार हुए या फिर किसी लालच में आकर उन्होंने सनातन धर्म छोड़ा था। उन्होंने सभी ऐसे लोगो व परिवारों से जो सनातन धर्म छोड़ कर इस्लाम धर्म अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब देश में किसी भी तरह का भय का माहौल नहीं है। सरकार अच्छा काम कर रही है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 की समीक्षा बैठक— परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश

जयपुर, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 (जल ग्रहण विकास घटक) की समीक्षा बैठक शुक्रवार शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भू-संसाधन विभाग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री नितिन खाड़े ने कहा कि पीएमकेएसवाई 2.0 जलग्रहण विकास योजना भूजल वृद्धि, जल उपलब्धता और गुणवत्ता में बढ़ोतरी के जरिए किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाने वाली महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य एकीकृत दृष्टिकोण में वाटरशेड विकास परियोजनाएं चलाकर देश के बंजर और वर्षा सिंचित क्षेत्रों का सतत विकास सुनिश्चित करना है। संयुक्त सचिव ने योजना अन्तर्गत केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश प्रदान किये जिससे योजना के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण किया जा सके। उन्होंने आशा जताई कि जून, 2025 तक राज्य अधिकतम राशि का उपयोग कर लेगा। उन्होंने जल ग्रहण परियोजनाओं में जन भागीदारिता के साथ अधिक से अधिक कार्य लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए एनजीओ की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला प्रभारियों को योजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों की स्वीकृति उनके क्रियान्वयन एवं प्रगति हेतु समय सारणी बनाकर उनके अनुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये। श्री खाड़े ने राजस्थान में जल ग्रहण विकास योजनाओं में तकनीक के बेहतरीन उपयोग की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकाधिक पौधारोपण के बारे में राजस्थान द्वारा तैयार किये गये विभिन्न पौधारोपण मॉडल, जिनमें पौधो के जीवित रहने एवं  ग्राम पंचायत की आय बढने की अधिक संभावना हैं, की भी प्रशंसा की। बैठक के प्रारंभ में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम ने श्री खाडे़ का स्वागत करते हुये राजस्थान में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 अन्तर्गत चल रही जल ग्रहण विकास योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी। अंत में मुहम्मद जुनैद, निदेशक एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया और केन्द्र सरकार द्वारा किये गये लक्ष्यों का तय समय सीमा में पूरी करने का आश्वासन दिया। बैठक में सभी जिलों से विभाग के प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से सम्मिलित हुए और योजना की प्रगति की जानकारी दी।

कोरबा में तेज रफ्तार ट्रेलर पलटने से साइकिल सवार की मौत

कोरबा दीपका थाना क्षेत्र अंतर्गत विजय नगर बाईपास मार्ग पर आज सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया. कोयला लोड कर एसईसीएल खदान से निकली एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हादसे की चपेट में सड़क किनारे चल रहा एक साइकिल सवार आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे में हाइवा चालक को भी मामूली चोंटे आई है. राहगिरों से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल पुलिस हाईवा चालक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. पुलिस ने मृतक की पहचान 40 वर्षीय धनसाय, निवासी जवाली गांव के रूप में की है. परिजनों को सूचना देने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला

लखनऊ लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच आईपीएल 2025 का 16वां मुकाबला शुक्रवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऋषभ पंत के नेतृत्व वाली लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने जारी सीजन में तीन मुकाबले खेले हैं और दो में उसे हार का सामना करना पड़ा। लखनऊ को दिल्ली कैपिटल्स ने एक करीबी मुकाबले में हराया था। इसके बाद टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद को 5 विकेट से हराया। लेकिन तीसरे मैच में पंजाब किंग्स से आठ विकेट से हार गए। वहीं पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाए थे। हार्दिक पांड्या के नेतृत्व वाली टीम को पहले मैच में चेन्नई और दूसरे मैच में गुजरात ने हराया था। मुंबई ने कोलकाता के खिलाफ 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। मुंबई ने जीता टॉस मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। रोहित शर्मा हुए चोटिल मुंबई इंडियंस के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा घुटने में लगी चोट के कारण लखनऊ के खिलाफ मैच से बाहर हो गए हैं। उन्हें शुक्रवार को प्रैक्टिस के दौरान चोट लगी। लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेइंग इलेवन लखनऊ सुपर जाइंट्स (प्लेइंग इलेवन): एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), आयुष बदोनी, डेविड मिलर, अब्दुल समद, शार्दुल ठाकुर, दिग्वेश सिंह राठी, आकाश दीप, अवेश खान मुंबई इंडियंस प्लेइंग इलेवन मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): विल जैक, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या (कप्तान), नमन धीर, राज बावा, मिशेल सेंटनर, ट्रेंट बोल्ट, अश्विनी कुमार, दीपक चाहर, विग्नेश पुथुर  

कंधे के दर्द काे दूर करने के ल‍िए अपनाएं ये तरीके

आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग अपनी सेहत का ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। न समय पर खाना हो पाता है और न ही सोना। लोग ऑफ‍िस में घंटों बैठकर काम करते हैं। इससे उन्‍हें कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। ऐसे में हमें थकान घेरे रहती है। जोड़ाें में दर्द होने लगता है। इनमें से एक आम समस्‍या है, और वो है कंधों का दर्द होना। आज के समय में ज्‍यादातर लोग कंधों के दर्द से परेशान हैं। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और कभी-कभी इतना तेज कि रोजमर्रा के कामों को करना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी कंधों के दर्द से परेशान हैं तो हम आपको इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं। इस लेख में हम ये भी जानेंगे क‍ि इस भयंकर दर्द से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से- गलत मुद्रा में बैठना अगर आप लंबे समय तक झुककर बैठते हैं या फ‍िर गलत तरीके से सोते हैं तो इससे कंधे की मांसपेशियों पर तनाव पड़ता है। यही कारण है क‍ि कंधों में दर्द शुरू हो जाता है। भारी सामान उठाना अगर आप जरूरत से ज्‍यादा भारी सामान उठाते हैं तो इससे भी कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है, जिससे दर्द हो सकता है। आपको भारी सामान उठाते समय ध्‍यान देने की जरूरत है। फ्रोजन शोल्डर जब कंधे के जोड़ के आसपास के कनेक्टिव टिश्यू (जो एक अंग को दूसरे अंग से जोड़ने का काम करते हैं) ठोस, संक्रमित और जाम हो जाते हैं, तो इससे भी कंधों को मूव करने में दर्द होने लगता है। इसे फ्रोजन शोल्डर के नाम से जाना जाता है। गठिया बढ़ती उम्र के साथ-साथ गठिया की समस्या हो सकती है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। ऐसे में कंधों में दर्द होने का आम कारण गठ‍िया भी हो सकता है। कंधे के दर्द से ऐसे पाएं राहत     गर्म और ठंडी सिकाई करें। दरअसल, बर्फ की सिकाई से सूजन कम होती है और दर्द में राहत मिलती है। वहीं गर्म पानी की सिकाई से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।     हल्के कंधे घुमाने वाले व्यायाम करने से जकड़न कम होती है। नियमित रूप से योग और स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं।     सरसों या नारियल के तेल से मालिश करने से भी मसल्‍स को आराम मिलता है। हालांक‍ि मसाज के लिए किसी एक्‍सपर्ट की मदद लें।     कंप्यूटर पर काम करते समय पीठ और गर्दन को सीधा रखें।     अगर दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।  

राज्यपाल के दंतेवाड़ा आगमन पर आत्मीय स्वागत

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका के आज दंतेवाड़ा आगमन पर कारली हैलीपेड में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक चैतराम अटामी, जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया । इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ सी.आर. प्रसन्ना एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हिंदू संगठनों राम नवमी पर रैली निकालने की इजाजत तो मिल गई है लेकिन शर्तें भी लगाई, हाई कोर्ट ने अब आदेश जारी किया

कोलकाता पश्चिम बंगाल में राम नवमी के दिन रैली निकालने को लेकर कोलकाता पुलिस द्वारा इजाजत न मिलने पर आक्रोश दिख रहा था। इस मामले में हाई कोर्ट ने अब आदेश जारी किया है, जिसमें हिंदू संगठनों राम नवमी पर रैली निकालने की इजाजत तो मिल गई है लेकिन शर्तें भी लगाई गई हैं, जिसके तहत रैली में हथियार इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे। दरअसल, कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए जीटी रोड के रास्ते पिछले 15 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक रामनवमी शोभायात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। दूसरी ओर इसके जवाब में अंजनी पुत्र सेना नामक संगठन ने इस पारंपरिक मार्ग पर रैली निकालने की अनुमति के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और इसी पर अब कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। हिंदू संगठनों ने मांगी थी परमिशन जिस रूट से यात्रा के लिए पुलिस ने परमिशन दी थी, वह अंजनी पुत्र सेना, वीएचपी और दुर्गा वाहिनी के लोगों को मंजूर नहीं था। हिंदू संगठन पुराने रूट पर ही यात्रा की मांग कर रहे थे। ऐसे में कोर्ट ने हिदू संगठनों की मांगों को कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा मान लिया है। उन्हें उसी पुराने रूट से यात्रा की अनुमति दी गई गई है। हाई कोर्ट ने इजाजत के साथ लगाई हैं शर्तें हालांकि, हाई कोर्ट ने कई तरह की शर्तें भी लगाई हैं। इसके तहत लोगों को कहा गया है कि किसी भी तरह की कोई बाइक रैली नहीं होगी। कोर्ट ने हथियार या गोला-बारूद नहीं होगा। रैली में डीजे या बाइक नहीं होगी। सभी रैलियां जीटी रोड के एक ही मार्ग पर होंगी। पुलिस को स्थिति का ध्यान रखने को कहा गया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह लगातार दूसरा साल है, जब प्रशासन ने इस जुलूस पर रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को ‘जय श्री राम’ के नारे से परेशानी है। इन विवादों के बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रामनवमी के अवसर पर शांति की अपील करते हुए कहा कि सभी को पूजा करने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी दंगा जैसी स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए।

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